SCIENCE
मेयोनेज़ (Mayonnaise) को निम्नलिखित में से किस प्रक्रिया द्वारा तैयार किया जाता है? (18/03/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
- ऑक्सीकरण (Oxidation)
- पायसीकरण (Emulsification)
- मेलाड की अभिक्रिया (Maillard reaction)
- कैरामेलीकरण (Caramelisation)
Explanation:
- मेयोनेज़ (Mayonnaise) को “पायसीकरण” (Emulsification) प्रक्रिया द्वारा तैयार किया जाता है।
- पायसीकरण – दो अमिश्रणीय द्रवों (Immiscible Liquids) को एक साथ मिलाने की प्रक्रिया, जैसे तेल और पानी (Oil and Water)।
- मेयोनेज़ में तेल, अंडे की जर्दी, सिरका/नींबू का रस होते हैं। अंडे की जर्दी में लेसिथिन (Lecithin) पायसीकारी (Emulsifier) के रूप में कार्य करता है।
- अतिरिक्त तथ्य: मेलाड अभिक्रिया (Maillard Reaction) – खाना पकाने में ब्राउनिंग (ब्रेड टोस्ट, मांस भूनना), कैरामेलीकरण (Caramelisation) – चीनी का पिघलना/ब्राउन होना।
ऊष्मीय प्रदूषण मुख्यतः औद्योगिक प्रक्रियाओं से संबंधित किस क्रिया के परिणामस्वरूप होता है? (22/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- डिटर्जेंट का मिश्रण
- भारी धातुओं का उत्सर्जन
- शीतलक के रूप में जल का उपयोग
- निलंबित ठोस का संचयन
Explanation:
- ऊष्मीय प्रदूषण (Thermal Pollution) मुख्यतः औद्योगिक प्रक्रियाओं में “शीतलक के रूप में जल का उपयोग” (Use of water as coolant) के परिणामस्वरूप होता है।
- औद्योगिक संयंत्र (जैसे ताप विद्युत संयंत्र – Thermal Power Plants) गर्म जल (Hot Water) को नदियों/झीलों में छोड़ते हैं, जिससे जल का तापमान बढ़ जाता है।
- इससे जलीय जीवन (Aquatic Life) प्रभावित होता है – ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है।
- अतिरिक्त तथ्य: न्यूक्लियर संयंत्र (Nuclear Plants) और स्टील संयंत्र (Steel Plants) भी ऊष्मीय प्रदूषण के मुख्य स्रोत हैं।
सूर्य के प्रकाश में शहरी वायुमंडल में ओजोन और परॉक्सीएसिटिल नाइट्रेट (peroxyacetyl nitrate) दोनों के निर्माण में कौन-से प्रदूषक योगदान करते हैं? (27/03/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
- नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
- हाइड्रोकार्बन
- सल्फर डाइऑक्साइड
- कार्बन मोनोऑक्साइड
Explanation:
- शहरी वायुमंडल में सूर्य के प्रकाश में ओजोन (Ozone) और PAN (Peroxyacetyl Nitrate) के निर्माण में “नाइट्रोजन डाइऑक्साइड” (Nitrogen Dioxide – NO₂) योगदान करता है।
- यह प्रकाश रासायनिक स्मॉग (Photochemical Smog) का निर्माण करता है, जिसमें NO₂, O₃ और PAN शामिल हैं।
- अभिक्रिया: \(NO_2 + \text{सूर्य का प्रकाश} \rightarrow NO + O\) (ऑक्सीजन परमाणु), फिर \(O + O_2 \rightarrow O_3\)
- अतिरिक्त तथ्य: कार निकास (Vehicle Exhaust) NO₂ का प्रमुख स्रोत है। PAN आँखों में जलन और श्वसन समस्याओं का कारण बनता है।
अवपरमाणुक (subatomic) कणों की खोज से डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की कौन-सी अभिधारणा (postulate) गलत सिद्ध हुई? (16/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- समान तत्व के समस्थानिकों का द्रव्यमान भिन्न-भिन्न होता है।
- रासायनिक अभिक्रियाओं में परमाणु अपनी पहचान बनाए रखते हैं।
- विभिन्न तत्वों के परमाणुओं का द्रव्यमान भिन्न-भिन्न होता है।
- द्रव्य (Matter) अविभाज्य परमाणुओं से बना होता है।
Explanation:
- अवपरमाणुक कणों (Subatomic Particles) की खोज (इलेक्ट्रॉन – 1897, प्रोटॉन – 1919, न्यूट्रॉन – 1932) से डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की अभिधारणा “द्रव्य (Matter) अविभाज्य परमाणुओं से बना होता है” गलत सिद्ध हुई।
- डाल्टन का मानना था कि परमाणु अविभाज्य (Indivisible) हैं, लेकिन इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन की खोज ने साबित किया कि परमाणु विभाज्य (Divisible) है।
- अतिरिक्त तथ्य: समस्थानिक (Isotopes) – समान तत्व के परमाणु जिनके द्रव्यमान भिन्न होते हैं (जैसे H, D, T)।
निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व, कमरे के ताप पर गैस अवस्था में होता है और आवर्त सारणी के समूह 17 से संबंधित है? (22/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- आयोडीन (Iodine)
- एस्टेटीन (Astatine)
- ब्रोमीन (Bromine)
- फ्लुओरीन (Fluorine)
Explanation:
- फ्लुओरीन (Fluorine – F) कमरे के ताप पर गैस (Gas) अवस्था में होता है और आवर्त सारणी के समूह 17 (हैलोजन – Halogens) से संबंधित है।
- हैलोजन (Group 17) की अवस्थाएँ:
- F₂, Cl₂ – गैस (Gas)
- Br₂ – द्रव (Liquid)
- I₂, At₂ – ठोस (Solid)
- अतिरिक्त तथ्य: हैलोजन उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases – Group 18) से पहले आते हैं। फ्लुओरीन सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक (Most Electronegative) तत्व है।
निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने परमाणु द्रव्यमान की अवधारणा दी? (16/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड (Ernest Rutherford)
- जॉन डाल्टन (John Dalton)
- जे. जे. थॉमसन (J.J. Thomson)
- नील्स बोहर (Niels Bohr)
Explanation:
- जॉन डाल्टन (John Dalton) ने “परमाणु द्रव्यमान” (Atomic Mass) की अवधारणा दी।
- उन्होंने विभिन्न तत्वों के परमाणु द्रव्यमान को हाइड्रोजन (H) के सापेक्ष निर्धारित किया (हाइड्रोजन = 1)।
- उन्होंने “डाल्टन का परमाणु सिद्धांत” (Dalton’s Atomic Theory – 1808) प्रस्तावित किया।
- अतिरिक्त तथ्य: रदरफोर्ड (नाभिक की खोज), थॉमसन (इलेक्ट्रॉन की खोज), बोहर (परमाणु मॉडल) ।
बॉयल का नियम (Boyle’s law) ___________ के बीच संबंध का वर्णन करता है। (24/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- ऊर्जा और आयतन
- आयतन और तापमान
- दाब और तापमान
- आयतन और दाब
Explanation:
- बॉयल का नियम (Boyle’s Law) “आयतन और दाब” (Volume and Pressure) के बीच संबंध का वर्णन करता है।
- इसके अनुसार, स्थिर तापमान (Constant Temperature) पर किसी गैस का आयतन (Volume) उसके दाब (Pressure) के व्युत्क्रमानुपाती (Inversely Proportional) होता है: \(V \propto \frac{1}{P}\) या \(PV = \text{constant}\)
- चार्ल्स का नियम (Charles’s Law) – आयतन और तापमान (स्थिर दाब पर), गे-लुसैक का नियम (Gay-Lussac’s Law) – दाब और तापमान (स्थिर आयतन पर) ।
- अतिरिक्त तथ्य: बॉयल का नियम \(P_1V_1 = P_2V_2\) के रूप में लिखा जाता है।
घन वाद्य (Ghana Vadya) या इडियोफोन वाद्य यंत्र वे गैर-झिल्ली आघात वाद्य यंत्र हैं जिन्हें समस्वरण की आवश्यकता नहीं होती है। _________, घन वाद्य का एक उदाहरण है। (19/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- पुंगी
- सारंगी
- घटम
- शहनाई
Explanation:
- “घटम” (Ghatam) घन वाद्य (Ghana Vadya/Idiophone) का एक उदाहरण है।
- घन वाद्य – गैर-झिल्ली आघात वाद्य यंत्र जिन्हें समस्वरण (Tuning) की आवश्यकता नहीं होती है।
- यह मिट्टी (Clay) से बना एक बर्तन है, जिसे उंगलियों और हाथों से बजाया जाता है।
- अतिरिक्त तथ्य: पुंगी (सुषिर/वायु वाद्य), सारंगी (तत/तार वाद्य), शहनाई (सुषिर/वायु वाद्य)।
आर्द्र वायु के संपर्क में आने वाली आयरन की वस्तुओं पर बनने वाले रक्ताभ-भूरे आवरण का प्राथमिक घटक कौन-सा पदार्थ है? (17/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- आयरन सल्फेट (FeSO₄)
- आयरन (II) ऑक्साइड (FeO)
- आयरन (III) हाइड्रोक्साइड (Fe(OH)₃)
- हाइड्रेटेड आयरन (III) ऑक्साइड (Fe₂O₃·xH₂O)
Explanation:
- आर्द्र वायु (नमी/O₂) के संपर्क में आने वाली आयरन की वस्तुओं पर बनने वाले रक्ताभ-भूरे आवरण (Reddish-brown coating) का प्राथमिक घटक “हाइड्रेटेड आयरन (III) ऑक्साइड” (Hydrated Iron III Oxide – Fe₂O₃·xH₂O) है।
- यह जंग (Rust) कहलाता है।
- अभिक्रिया: \(4Fe + 3O_2 + 2xH_2O \rightarrow 2Fe_2O_3·xH_2O\)
- अतिरिक्त तथ्य: जंग लगने के लिए ऑक्सीजन और नमी (O₂ + H₂O) दोनों आवश्यक हैं। गैल्वनीकरण (Galvanisation – जिंक कोटिंग) जंग को रोकता है।
खाद्य उत्पादों में विकृतगंधिता (rancidity) का कारण क्या है? (19/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- किण्वन
- अपचयन
- वाष्पीकरण
- ऑक्सीकरण
Explanation:
- खाद्य उत्पादों में “विकृतगंधिता” (Rancidity) का कारण “ऑक्सीकरण” (Oxidation) है।
- यह वसा और तेल (Fats and Oils) के ऑक्सीकरण के कारण होता है, जिससे अप्रिय गंध (Unpleasant Odour) और स्वाद (Taste) उत्पन्न होता है।
- रोकथाम के तरीके: प्रतिऑक्सीकारक (Antioxidants – BHA, BHT) का उपयोग, वायुरोधी पैकेजिंग (Airtight Packaging), ठंडे स्थान (Cold Storage) पर रखना।
- अतिरिक्त तथ्य: किण्वन (Fermentation) – चीनी/कार्बोहाइड्रेट का परिवर्तन (जैसे शराब/दही)।
नल को अधिक चौड़ा खोलने पर जल का प्रवाह अपनी सुघड़ता (smoothness) क्यों छोड़ देता है? (22/03/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
- जल का दाब घटता है।
- प्रवाही चाल बढ़ जाती है, जिससे प्रक्षोभ उत्पन्न होता है।
- जल का तापमान बदलता है।
- जल का घनत्व बदलता है।
Explanation:
- नल को अधिक चौड़ा खोलने पर जल का प्रवाह अपनी सुघड़ता (Smoothness) छोड़ देता है क्योंकि “प्रवाही चाल बढ़ जाती है, जिससे प्रक्षोभ उत्पन्न होता है।”
- यह रेनॉल्ड्स संख्या (Reynolds Number) से संबंधित है: \(Re = \frac{\rho v D}{\mu}\)
- जब \(Re\) एक निश्चित मान (लगभग 2000-4000) से अधिक हो जाता है, तो प्रवाह प्रक्षुब्ध (Turbulent) हो जाता है, जबकि कम \(Re\) पर सुगठित (Laminar/Streamlined) होता है।
- अतिरिक्त तथ्य: सुगठित प्रवाह (Laminar Flow) – समानांतर परतें, प्रक्षुब्ध प्रवाह (Turbulent Flow) – अव्यवस्थित, मिश्रित परतें।
इलेक्ट्रॉन के लिए e/m अनुपात, किसके द्वारा निर्धारित किया गया? (19/03/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
- अल्बर्ट आइंस्टीन (Albert Einstein)
- नील्स बोहर (Niels Bohr)
- आइज़ैक न्यूटन (Isaac Newton)
- जे. जे. थॉमसन (J.J. Thomson)
Explanation:
- इलेक्ट्रॉन के लिए e/m अनुपात (Charge to Mass Ratio) जे. जे. थॉमसन (J.J. Thomson) द्वारा निर्धारित किया गया था (1897)।
- उन्होंने कैथोड किरणों (Cathode Rays) का उपयोग करके यह अनुपात मापा।
- e/m का मान ≈ \(1.76 \times 10^{11}\) C/kg
- इस प्रयोग ने इलेक्ट्रॉन (Electron) की खोज में मदद की।
- अतिरिक्त तथ्य: मिलिकन का तेल-बूंद प्रयोग (Oil Drop Experiment) ने इलेक्ट्रॉन के आवेश (Charge) को मापा।
परमाणु-नाभिक की खोज किस प्रयोग के माध्यम से की गई थी? (17/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- कैथोड किरण प्रयोग (Cathode ray experiment)
- तेल-बूंद प्रयोग (Oil drop experiment)
- कैनाल किरण प्रयोग (Canal ray experiment)
- स्वर्ण-पन्नी प्रयोग (Gold foil experiment)
Explanation:
- परमाणु-नाभिक (Atomic Nucleus) की खोज “स्वर्ण-पन्नी प्रयोग” (Gold Foil Experiment – 1911) के माध्यम से की गई थी।
- यह प्रयोग अर्नेस्ट रदरफोर्ड (Ernest Rutherford), हंस गीगर (Hans Geiger) और अर्नेस्ट मार्सडेन (Ernest Marsden) द्वारा किया गया था।
- इसमें स्वर्ण पन्नी (Gold Foil) पर \(\alpha\)-कणों (हीलियम नाभिक) की बमबारी की गई।
- अधिकांश \(\alpha\)-कण सीधे गुज़र गए, लेकिन कुछ विक्षेपित (Deflected) हुए, जिससे साबित हुआ कि परमाणु में एक घना, धनावेशित नाभिक (Dense, Positively Charged Nucleus) है।
- अतिरिक्त तथ्य: कैथोड किरण (Cathode Ray) – इलेक्ट्रॉन की खोज, कैनाल किरण (Canal Ray) – प्रोटॉन की खोज।
खाना पकाते समय यदि बर्तन की बाह्य सतह काली हो जाए, तो यह क्या इंगित करता है? (22/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- अंदर का भोजन अधपका है।
- ईंधन पूर्णतः जल गया है।
- ईंधन का दहन अपूर्ण है।
- ईंधन में नमी उपस्थित है।
Explanation:
- खाना पकाते समय यदि बर्तन की बाह्य सतह काली (Black) हो जाए, तो यह “ईंधन का दहन अपूर्ण” (Incomplete Combustion of Fuel) है, यह दर्शाता है।
- अपूर्ण दहन में कार्बन ब्लैक (Carbon Black/soot) बनता है, जो बर्तन पर जम जाता है।
- यह तब होता है जब ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी होती है।
- अपूर्ण दहन: \(\text{ईंधन} + O_2 \rightarrow CO + C + \text{जल}\) (कालिख + कार्बन मोनोऑक्साइड)
- अतिरिक्त तथ्य: ब्लू फ्लेम (Blue Flame) – पूर्ण दहन, येलो फ्लेम (Yellow Flame) – अपूर्ण दहन।
ब्रेड किण्वीकरण के लिए कौन-सी रासायनिक अभिक्रिया उत्तरदायी होती है, जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन होता है? (22/03/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
- ऑक्सीकरण-अपचयन अभिक्रिया
- एन्जाइमी अभिक्रिया
- अम्ल-क्षार अभिक्रिया
- किण्वन
Explanation:
- ब्रेड किण्वीकरण (Bread Fermentation) के लिए “किण्वन” (Fermentation) रासायनिक अभिक्रिया उत्तरदायी होती है, जिसमें CO₂ (Carbon Dioxide) का उत्पादन होता है।
- खमीर (Yeast) शर्करा (Sugar) का किण्वन (Fermentation) करता है: \(C_6H_{12}O_6 \rightarrow 2C_2H_5OH + 2CO_2\)
- उत्पन्न \(CO_2\) ब्रेड को फुलाता (Rise) है।
- अतिरिक्त तथ्य: अल्कोहलिक किण्वन (Alcoholic Fermentation) – शराब उत्पादन, लैक्टिक एसिड किण्वन (Lactic Acid Fermentation) – दही उत्पादन।
विलयनों की अम्लीय प्रकृति के लिए कौन-सा आयन उत्तरदायी है? (24/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- क्लोराइड आयन (Cl⁻)
- सोडियम आयन (Na⁺)
- हाइड्रोजन आयन (H⁺)
- हाइड्रॉक्साइड आयन (OH⁻)
Explanation:
- विलयनों की अम्लीय प्रकृति (Acidic Nature) के लिए “हाइड्रोजन आयन” (Hydrogen Ion – H⁺) उत्तरदायी है।
- अम्ल (Acid) वह पदार्थ है जो जल में H⁺ आयन देता है: \(HA \rightarrow H^+ + A^-\)
- क्षारीय प्रकृति (Basic/Alkaline Nature) के लिए हाइड्रॉक्साइड आयन (OH⁻) उत्तरदायी है: \(BOH \rightarrow B^+ + OH^-\)
- pH पैमाना: \(pH = -\log[H^+]\) (H⁺ सांद्रता को मापता है)।
- अतिरिक्त तथ्य: अरहेनियस सिद्धांत (Arrhenius Theory) – अम्ल H⁺ देते हैं, क्षार OH⁻ देते हैं।
हंस गीगर (Hans Geiger) और अर्नेस्ट मार्सडेन (Ernest Marsden) ने ______ के पर्यवेक्षण में प्रसिद्ध α-कण प्रकीर्णन प्रयोग किया। (25/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड (Ernest Rutherford)
- नील्स बोहर (Niels Bohr)
- जॉन डाल्टन (John Dalton)
- विलियम हेनरी (William Henry)
Explanation:
- हंस गीगर (Hans Geiger) और अर्नेस्ट मार्सडेन (Ernest Marsden) ने अर्नेस्ट रदरफोर्ड (Ernest Rutherford) के पर्यवेक्षण में प्रसिद्ध α-कण प्रकीर्णन प्रयोग (Alpha Particle Scattering Experiment – 1911) किया।
- इस प्रयोग ने परमाणु नाभिक (Atomic Nucleus) की खोज की।
- रदरफोर्ड ने इस प्रयोग के आधार पर परमाणु का नाभिकीय मॉडल (Nuclear Model of Atom) प्रस्तावित किया।
- अतिरिक्त तथ्य: गीगर काउंटर (Geiger Counter) – विकिरण मापने का उपकरण, रदरफोर्ड के नाम से रदरफोर्डियम (Rf – तत्व 104) नामित है।
निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने स्वर्ण पन्नी प्रयोग के परिणामों के आधार पर परमाणु के नाभिकीय मॉडल का प्रस्ताव रखा था? (18/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- जॉन डाल्टन (John Dalton)
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड (Ernest Rutherford)
- नील्स बोहर (Niels Bohr)
- जे. जे. थॉमसन (J.J. Thomson)
Explanation:
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड (Ernest Rutherford) ने स्वर्ण पन्नी प्रयोग (Gold Foil Experiment – 1911) के परिणामों के आधार पर परमाणु के नाभिकीय मॉडल (Nuclear Model of Atom) का प्रस्ताव रखा था।
- इस मॉडल के अनुसार:
- परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान नाभिक (Nucleus) में केंद्रित है।
- नाभिक धनावेशित (Positively Charged) है।
- इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर चक्कर लगाते हैं (ग्रह मॉडल) ।
- अतिरिक्त तथ्य: थॉमसन (प्लम पुडिंग मॉडल), बोहर (क्वांटम मॉडल), डाल्टन (ठोस गोला मॉडल)।
आवर्त सारणी में निम्नलिखित में से किस तत्व को धातु के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाता है? (27/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- सोडियम
- पोटैशियम
- सल्फर
- कैल्सियम
Explanation:
- “सल्फर” (Sulfur – S) को धातु (Metal) के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाता है; यह एक अधातु (Non-Metal) है।
- सोडियम (Na) और पोटैशियम (K) – क्षार धातु (Alkali Metals – Group 1), कैल्सियम (Ca) – क्षारीय पृथ्वी धातु (Alkaline Earth Metal – Group 2)।
- सल्फर (S) – अधातु (Non-Metal) जो समूह 16 (ऑक्सीजन समूह) में है।
- अतिरिक्त तथ्य: धातु – चमकीली, आघातवर्धनीय, तन्य, ऊष्मा/विद्युत की सुचालक। अधातु – विपरीत गुण।
ठोसों में उनके सुसंकुलित कणों के कारण कौन-सा गुण विद्यमान होता है? (24/03/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
- दृढ़ता
- पारदर्शिता
- तरलता
- संपीड्यता
Explanation:
- ठोसों में उनके सुसंकुलित कणों (Closely Packed Particles) के कारण “दृढ़ता” (Rigidity/Hardness) का गुण विद्यमान होता है।
- ठोस में कण निकट (Close) होते हैं और मजबूत अंतर-आणविक बल (Strong Intermolecular Forces) होते हैं, जो उन्हें निश्चित आकार (Fixed Shape) और आयतन (Fixed Volume) देते हैं।
- द्रव (Liquid) – कण मध्यम दूरी पर, तरलता (Fluidity) और निश्चित आयतन। गैस (Gas) – कण दूर, संपीड्यता (Compressibility) और कोई निश्चित आकार/आयतन नहीं।
- अतिरिक्त तथ्य: ठोस में सर्वोच्च घनत्व (Highest Density) और न्यूनतम संपीड्यता (Minimum Compressibility) होती है।
