SCIENCE
विपरीत दिशाओं में गतिमान दो समान तरंगों के व्यतिकरण (interference) से कौन-सी तरंगें उत्पन्न होती हैं? (22/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- आपतित तरंगें
- अग्रगामी तरंगें
- अनुदैर्ध्य तरंगें
- अनुप्रस्थ तरंगें
Explanation:
- विपरीत दिशाओं में गतिमान दो समान तरंगों के व्यतिकरण (Interference) से “अग्रगामी तरंगें” (Progressive/Standing waves) उत्पन्न होती हैं।
- जब दो तरंगें विपरीत दिशा में समान आवृत्ति और आयाम के साथ चलती हैं, तो वे स्थायी तरंगें (Standing waves) बनाती हैं।
- इन तरंगों में निस्पंद (Nodes) और अपनिस्पंद (Antinodes) बनते हैं, जहाँ कण क्रमशः स्थिर या अधिकतम विस्थापन पर होते हैं।
- सूत्र: स्थायी तरंग का विस्थापन: \(y = 2A \sin(kx) \cos(\omega t)\)
- अतिरिक्त तथ्य: स्थायी तरंगें तब बनती हैं जब तरंग किसी सीमा (Boundary) से परावर्तित होती है और आपतित तरंग से व्यतिकरण करती है।
ऊष्मागतिकी के खुले निकाय के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? (19/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- निकाय एवं परिवेश के बीच ऊर्जा और द्रव्य का विनिमय होता है।
- निकाय एवं परिवेश के बीच ऊर्जा का विनिमय नहीं होता, लेकिन द्रव्य का विनिमय संभव है।
- निकाय एवं परिवेश के बीच ऊर्जा या द्रव्य का विनिमय नहीं होता है।
- निकाय एवं परिवेश के बीच द्रव्य का विनिमय नहीं होता, लेकिन ऊर्जा का विनिमय संभव है।
Explanation:
- ऊष्मागतिकी का खुला निकाय (Open System) वह है जिसमें “निकाय एवं परिवेश के बीच ऊर्जा और द्रव्य का विनिमय होता है।”
- उदाहरण: उबलता पानी (Boiling water) – ऊष्मा (ऊर्जा) और भाप (द्रव्य) दोनों का विनिमय होता है।
- बंद निकाय (Closed System) – केवल ऊर्जा का विनिमय, द्रव्य का नहीं।
- विलगित निकाय (Isolated System) – न तो ऊर्जा और न ही द्रव्य का विनिमय।
- अतिरिक्त तथ्य: ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम के अनुसार: \(\Delta U = Q – W\) (आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन = ऊष्मा – कार्य)।
20 मीटर ऊंची झील के तल पर जल दाब कितना होगा? (g = 9.8m/s² और जल का घनत्व = 1 kg/litre) (16/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- 19,600 Pa
- 196 Pa
- 1,96,000 Pa
- 1960 Pa
Explanation:
- जल दाब का सूत्र: P = ρgh
- जल का घनत्व: \(\rho = 1\) kg/litre \(= 1000\) kg/m³
- ऊँचाई: \(h = 20\) m
- \(g = 9.8\) m/s²
- \(P = 1000 \times 9.8 \times 20 = 196000\) Pa
- अतः सही उत्तर 1,96,000 Pa है।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 Pa = 1 N/m², 1 atm = 101325 Pa ≈ 1.01 × 10⁵ Pa
ऊष्मागतिकी के किस निकाय में, निकाय एवं परिवेश के बीच ऊर्जा या द्रव्य का कोई विनिमय नहीं होता है? (24/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- आंशिक रूप से बंद
- विलगित
- खुले
- बंद
Explanation:
- ऊष्मागतिकी के विलगित निकाय (Isolated System) में “निकाय एवं परिवेश के बीच ऊर्जा या द्रव्य का कोई विनिमय नहीं होता” है।
- उदाहरण: थर्मस फ्लास्क (Thermos flask) – ऊष्मा और द्रव्य दोनों का विनिमय न्यूनतम होता है (लगभग विलगित)।
- बंद निकाय (Closed System) – केवल ऊर्जा का विनिमय (बिना द्रव्य)।
- खुला निकाय (Open System) – ऊर्जा और द्रव्य दोनों का विनिमय।
- अतिरिक्त तथ्य: ब्रह्मांड को एक विलगित निकाय (Isolated System) माना जाता है।
साधारण सूक्ष्मदर्शी में किस प्रकार के लेंस का उपयोग किया जाता है? (19/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- समतल-अवतल
- अवतल
- उभयोत्तल
- बेलनाकार
Explanation:
- साधारण सूक्ष्मदर्शी (Simple Microscope) में “उभयोत्तल लेंस” (Biconvex Lens) का उपयोग किया जाता है।
- उभयोत्तल लेंस अभिसारी (Converging) लेंस होता है जो वस्तु का आभासी, सीधा और आवर्धित (Virtual, Erect and Magnified) प्रतिबिंब बनाता है।
- लेंस सूत्र: \(\frac{1}{f} = \frac{1}{v} – \frac{1}{u}\) (चिह्न परिपाटी के अनुसार)
- आवर्धन: \(m = 1 + \frac{D}{f}\), जहाँ D = निकट बिंदु दूरी (25 cm)
- अतिरिक्त तथ्य: अवतल लेंस अपसारी होता है (आभासी, सीधा, छोटा प्रतिबिंब)।
कांच के प्रिज्म द्वारा स्पेक्ट्रम का निर्माण ______ के कारण होता है। (16/03/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
- प्रकीर्णन
- अपवर्तन
- परिक्षेपण
- परावर्तन
Explanation:
- कांच के प्रिज्म द्वारा स्पेक्ट्रम (Spectrum) का निर्माण “परिक्षेपण” (Dispersion) के कारण होता है।
- परिक्षेपण (Dispersion) – प्रिज्म में प्रवेश करने पर सफेद प्रकाश का अपने घटक रंगों (VIBGYOR) में विभाजित होना।
- यह इसलिए होता है क्योंकि अलग-अलग रंगों की तरंगदैर्ध्य अलग-अलग होती है, जिससे अलग-अलग अपवर्तनांक (Refractive Index) होते हैं।
- सूत्र: \(\mu = \frac{\sin i}{\sin r}\), \(\mu\) रंग के अनुसार बदलता है।
- अतिरिक्त तथ्य: बैंगनी (Violet) का अपवर्तनांक सबसे अधिक और लाल (Red) का सबसे कम होता है।
गैसों में संचरण करने वाली तरंगें निम्नलिखित में से कौन-सी हैं? (17/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- अनुप्रस्थ तरंगें
- गुरुत्वीय तरंगें
- अनुदैर्ध्य तरंगें
- अग्रगामी तरंगें
Explanation:
- गैसों में संचरण करने वाली तरंगें “अनुदैर्ध्य तरंगें” (Longitudinal Waves) होती हैं।
- अनुदैर्ध्य तरंगों में माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा के समानांतर (Parallel) गति करते हैं।
- गैसों में ध्वनि तरंगें (Sound Waves) अनुदैर्ध्य होती हैं क्योंकि गैसों में आयतन प्रत्यास्थता (Bulk Modulus) होती है।
- अनुप्रस्थ तरंगें (Transverse) गैसों में संचरण नहीं कर सकतीं क्योंकि गैसों में अपरूपण प्रत्यास्थता (Shear Modulus) नहीं होती।
- अतिरिक्त तथ्य: ध्वनि की चाल गैसों में: \(v = \sqrt{\frac{\gamma P}{\rho}}\), जहाँ \(\gamma\) = विशिष्ट ऊष्मा अनुपात, \(P\) = दाब, \(\rho\) = घनत्व।
जब एक स्प्रिंग को उसकी साम्यावस्था से संपीडित किया जाता है, तो इसकी स्थितिज ऊर्जा ___________। (19/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- अपरिवर्तित रहती है
- पहले घटती है, फिर बढ़ती है
- बढ़ जाती है
- घट जाती है
Explanation:
- जब एक स्प्रिंग को उसकी साम्यावस्था से संपीडित (Compressed) किया जाता है, तो इसकी स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) “बढ़ जाती है”।
- स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा का सूत्र: \(U = \frac{1}{2}kx^2\)
- जहाँ \(k\) = स्प्रिंग स्थिरांक (Spring Constant), \(x\) = विस्थापन (Displacement from equilibrium)
- जैसे \(x\) बढ़ता है (संपीडन या खिंचाव), \(U\) बढ़ता है।
- अतिरिक्त तथ्य: साम्यावस्था (Equilibrium) पर \(x = 0\), \(U = 0\) (न्यूनतम)। बल \(F = -kx\) (हुक का नियम)।
एक वस्तु को अवतल दर्पण के फोकस और ध्रुव के बीच रखा जाता है। निर्मित प्रतिबिंब ______ होगा। (17/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- वास्तविक और सीधा
- आभासी और उल्टा
- आभासी और सीधा
- वास्तविक और उल्टा
Explanation:
- जब वस्तु को अवतल दर्पण (Concave Mirror) के फोकस (F) और ध्रुव (P) के बीच रखा जाता है, तो निर्मित प्रतिबिंब “आभासी और सीधा” (Virtual and Erect) होता है।
- यह प्रतिबिंब दर्पण के पीछे (Behind the mirror) बनता है और आवर्धित (Magnified) होता है।
- अवतल दर्पण के लिए प्रतिबिंब बनने की स्थितियाँ:
- वस्तु अनंत पर → वास्तविक, उल्टा, बिंदु आकार (F पर)
- वस्तु F से परे → वास्तविक, उल्टा, छोटा/बड़ा
- वस्तु F और P के बीच → आभासी, सीधा, बड़ा
- अतिरिक्त तथ्य: दर्पण सूत्र: \(\frac{1}{f} = \frac{1}{v} + \frac{1}{u}\) (चिह्न परिपाटी के अनुसार) ।
समय t=0 पर, 1 Kg द्रव्यमान का एक पिंड 100 m की ऊंचाई से विराम अवस्था से मुक्त रूप से पतन शुरू करता है। 3 सेकंड पर गतिज ऊर्जा की तुलना में, 4 सेकंड पर गतिज ऊर्जा ________। (19/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- कम होती है
- समान रहती है
- अधिक होती है
- निर्धारित नहीं की जा सकती
Explanation:
- मुक्त पतन (Free Fall) में गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) समय के साथ बढ़ती है क्योंकि वेग बढ़ता है।
- गतिज ऊर्जा: \(K = \frac{1}{2}mv^2\)
- मुक्त पतन में \(v = gt\) (प्रारंभिक वेग \(u = 0\))
- \(K = \frac{1}{2}m(gt)^2 = \frac{1}{2}mg^2t^2\)
- \(t = 3\) s पर: \(K_3 \propto 9\)
- \(t = 4\) s पर: \(K_4 \propto 16\)
- \(K_4 > K_3\), अतः 4 सेकंड पर गतिज ऊर्जा “अधिक होती है”।
- अतिरिक्त तथ्य: \(K = \frac{1}{2}mgt^2 = \frac{1}{2}m(9.8)^2t^2\)।
निम्नलिखित में से किस प्रकार की तरंग में, माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा के समानांतर गति करते हैं? (22/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- अनुदैर्ध्य तरंग
- अनुप्रस्थ तरंग
- वैद्युतचुंबकीय तरंग
- पृष्ठीय तरंग
Explanation:
- “अनुदैर्ध्य तरंग” (Longitudinal Wave) में माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा के समानांतर (Parallel) गति करते हैं।
- इसमें संपीडन (Compression) और विरलन (Rarefaction) बनते हैं।
- उदाहरण: ध्वनि तरंगें (Sound Waves)।
- अनुप्रस्थ तरंग (Transverse) – कण संचरण दिशा के लंबवत (Perpendicular) गति करते हैं (उदाहरण: प्रकाश तरंगें, जल की तरंगें)।
- अतिरिक्त तथ्य: वैद्युतचुंबकीय तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं और इन्हें माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।
प्रकाश की समानांतर किरणों को फोकस करने के लिए मुख्यतः ___________ का उपयोग किया जाता है। (19/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- उत्तल लेंस
- बेलनाकार लेंस
- द्विपोकसी लेंस
- अवतल लेंस
Explanation:
- प्रकाश की समानांतर किरणों को फोकस (Focus) करने के लिए मुख्यतः “उत्तल लेंस” (Convex Lens) का उपयोग किया जाता है।
- उत्तल लेंस अभिसारी लेंस (Converging Lens) होता है जो समानांतर किरणों को फोकस (Focal Point) पर एकत्रित करता है।
- लेंस सूत्र: \(\frac{1}{f} = \frac{1}{v} – \frac{1}{u}\)
- अवतल लेंस (Concave Lens) अपसारी (Diverging) होता है, यह समानांतर किरणों को फैलाता है।
- अतिरिक्त तथ्य: द्विपोकसी लेंस (Bifocal Lens) – दो अलग-अलग फोकस दूरी वाला लेंस (दूरदर्शिता और निकटदर्शिता के लिए)।
किसी पदार्थ की अवस्था परिवर्तन के दौरान प्रति इकाई द्रव्यमान में स्थानांतरित ऊर्जा की मात्रा को क्या कहते हैं? (17/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- विशिष्ट ऊर्जा
- प्रेरित ऊर्जा
- गुप्त ऊर्जा
- तापीय ऊर्जा
Explanation:
- किसी पदार्थ की अवस्था परिवर्तन (Change of State) के दौरान प्रति इकाई द्रव्यमान में स्थानांतरित ऊर्जा की मात्रा को “गुप्त ऊष्मा” (Latent Heat) कहते हैं।
- इसे “गुप्त ऊर्जा” (Latent Energy) भी कहा जाता है क्योंकि यह तापमान में परिवर्तन (Temperature Change) के बिना अवशोषित/मुक्त होती है।
- गुप्त ऊष्मा के प्रकार: संगलन की गुप्त ऊष्मा (Latent Heat of Fusion) और वाष्पन की गुप्त ऊष्मा (Latent Heat of Vaporization)।
- सूत्र: \(Q = mL\), जहाँ \(m\) = द्रव्यमान, \(L\) = गुप्त ऊष्मा।
- अतिरिक्त तथ्य: बर्फ की गुप्त ऊष्मा \(= 336\) J/g, जल की गुप्त ऊष्मा \(= 2260\) J/g।
जूल के तापन नियम के अनुसार, किसी प्रतिरोधक में उत्पन्न ऊष्मा ________ होती है। (27/03/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
- धारा के वर्ग के अनुक्रमानुपाती
- प्रतिरोध के वर्ग के अनुक्रमानुपाती
- प्रतिरोध के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती
- धारा के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती
Explanation:
- जूल के तापन नियम (Joule’s Law of Heating) के अनुसार, किसी प्रतिरोधक में उत्पन्न ऊष्मा “धारा के वर्ग के अनुक्रमानुपाती” (Directly proportional to the square of current) होती है।
- जूल का नियम: \(H = I^2Rt\) (जहाँ \(H\) = ऊष्मा, \(I\) = धारा, \(R\) = प्रतिरोध, \(t\) = समय)
- इस प्रकार \(H \propto I^2\), \(H \propto R\), \(H \propto t\)
- अतिरिक्त तथ्य: यह नियम विद्युत बल्ब (Electric Bulb), हीटर (Heater), फ्यूज (Fuse) आदि के कार्य सिद्धांत का आधार है।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, वायु में ध्वनि की चाल के सबसे निकट है? (18/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- 12000 m/s
- 3400 km/s
- 340 m/s
- 3 x 10⁸ m/s
Explanation:
- वायु में ध्वनि की चाल (Speed of Sound in Air) लगभग “340 m/s” (कमरे के तापमान पर) होती है।
- यह तापमान पर निर्भर करती है: \(v = 331 + 0.6T\) m/s (जहाँ \(T\) = तापमान °C में)
- अतिरिक्त तथ्य:
- ध्वनि की चाल ठोस > द्रव > गैस (माध्यम के घनत्व के अनुसार)
- प्रकाश की चाल = \(3 \times 10^8\) m/s (वायु में)
- 3400 km/s = 34,00,000 m/s (बहुत अधिक)
निम्नलिखित में से किस भौतिक विज्ञानी के प्रयोगों के प्रयोग से जड़त्व नियम की मूलभूत समझ प्राप्त हुई? (27/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- आर्किमिडीज (Archimedes)
- अल्बर्ट आइंस्टीन (Albert Einstein)
- गैलीलियो गैलीली (Galileo Galilei)
- माइकल फैराडे (Michael Faraday)
Explanation:
- गैलीलियो गैलीली (Galileo Galilei) के प्रयोगों से “जड़त्व नियम” (Law of Inertia) की मूलभूत समझ प्राप्त हुई।
- उन्होंने झुके हुए तल (Inclined Plane) पर प्रयोग किए और यह निष्कर्ष निकाला कि बल (Force) के अभाव में वस्तु एकसमान गति (Uniform Motion) में रहती है।
- जड़त्व का नियम: “कोई वस्तु अपनी स्थिर अवस्था या एकसमान गति की अवस्था में तब तक रहती है जब तक उस पर कोई बाहरी बल न लगे।”
- यह न्यूटन का पहला नियम (Newton’s First Law) बन गया।
- अतिरिक्त तथ्य: आर्किमिडीज (उत्प्लावन बल), आइंस्टीन (सापेक्षता), फैराडे (विद्युत चुंबकत्व)।
व्यतिकरण (interference) और विवर्तन (diffraction) में प्रकाश ऊर्जा का क्या होता है? (27/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- यह घटती है
- यह बढ़ती है
- यह पुनर्वितरित हो जाती है
- इसका अपचयन हो जाता है
Explanation:
- व्यतिकरण (Interference) और विवर्तन (Diffraction) में प्रकाश ऊर्जा “पुनर्वितरित हो जाती है” (Redistributed) न कि नष्ट होती है।
- ऊर्जा अधिकतम (Maxima) और न्यूनतम (Minima) के बीच पुनर्वितरित होती है।
- कुल ऊर्जा संरक्षित (Conserved) रहती है – यह ऊर्जा संरक्षण नियम का पालन करती है।
- व्यतिकरण में दो तरंगें मिलकर रचनात्मक (Constructive) या विनाशी (Destructive) व्यतिकरण करती हैं।
- अतिरिक्त तथ्य: विवर्तन में तरंग किसी बाधा के किनारे से मुड़ती है। दोनों घटनाएँ प्रकाश की तरंग प्रकृति (Wave Nature of Light) को दर्शाती हैं।
मुक्त पतन (Free fall) किस प्रकार की गति से संबंधित है? (17/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- असमान गति
- एकसमान गति
- एकसमान रूप से त्वरित गति
- आवर्ती गति
Explanation:
- मुक्त पतन (Free Fall) “एकसमान रूप से त्वरित गति” (Uniformly Accelerated Motion) से संबंधित है।
- मुक्त पतन में त्वरण (Acceleration) स्थिर (\(g = 9.8\) m/s²) रहता है।
- इस गति के समीकरण: \(v = u + gt\), \(s = ut + \frac{1}{2}gt^2\), \(v^2 = u^2 + 2gs\)
- अतिरिक्त तथ्य: एकसमान गति (Uniform Motion) – त्वरण शून्य (\(a = 0\)), असमान गति (Non-uniform Motion) – त्वरण परिवर्ती, आवर्ती गति (Periodic Motion) – नियमित अंतराल पर दोहराव।
पोलेरॉइड ग्लास (Polaroid glass) का उपयोग फोटोग्राफिक कैमरों में क्यों किया जाता है? (24/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- यह कैमरे के रिज़ॉल्यूशन में सुधार करता है
- यह छवि प्रसंस्करण में सुधार करता है
- यह लेंस के ऑटो फोकस में सहायता करता है
- ध्रुवीकरण के कारण यह प्रकाश की तीव्रता को आधा कर देता है
Explanation:
- पोलेरॉइड ग्लास (Polaroid Glass) का उपयोग फोटोग्राफिक कैमरों में “ध्रुवीकरण” (Polarization) के कारण प्रकाश की तीव्रता को आधा (Halves the light intensity) करने के लिए किया जाता है।
- यह चकाचौंध (Glare) और परावर्तित प्रकाश (Reflected Light) को कम करता है, जिससे छवि की गुणवत्ता बेहतर होती है।
- ध्रुवीकरण (Polarization) – प्रकाश तरंगों का एक विशिष्ट दिशा में दोलन करना।
- पोलेरॉइड फ़िल्टर केवल एक दिशा (One Direction) में दोलन करने वाले प्रकाश को गुजरने देता है, शेष को अवशोषित कर लेता है।
- अतिरिक्त तथ्य: मैलस का नियम (Malus’s Law): \(I = I_0 \cos^2\theta\), जहाँ \(\theta\) ध्रुवीकरण की दिशा और फ़िल्टर के अक्ष के बीच का कोण है।
ऊष्मागतिक ताप को मापने के लिए प्रयुक्त SI मात्रक ______ है। (25/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- केल्विन (Kelvin)
- सेल्सियस (Celsius)
- फारेनहाइट (Fahrenheit)
- रैंकिन (Rankine)
Explanation:
- ऊष्मागतिक ताप (Thermodynamic Temperature) को मापने के लिए SI मात्रक “केल्विन” (Kelvin) है।
- केल्विन SI (International System of Units) का मूल मात्रक है, जिसे K से दर्शाया जाता है।
- केल्विन पैमाना निरपेक्ष तापमान (Absolute Temperature) पैमाना है, जिसका शून्य (0 K) परम शून्य (Absolute Zero) है।
- सेल्सियस और केल्विन में संबंध: \(K = °C + 273.15\)
- अतिरिक्त तथ्य: फारेनहाइट (F) और रैंकिन (Rankine) अन्य तापमान पैमाने हैं, जो SI में शामिल नहीं हैं।
जब प्रकाश एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में प्रवेश करता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सी परिघटना होती है? (25/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- अपवर्तन
- प्रकीर्णन
- विवर्तन
- परावर्तन
Explanation:
- जब प्रकाश एक पारदर्शी माध्यम (Transparent Medium) से दूसरे पारदर्शी माध्यम में प्रवेश करता है, तो “अपवर्तन” (Refraction) की परिघटना होती है।
- अपवर्तन – प्रकाश की दिशा में परिवर्तन जब वह एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है (माध्यमों के घनत्व भिन्न होने के कारण)।
- अपवर्तन का नियम (स्नेल का नियम – Snell’s Law): \(n_1 \sin i = n_2 \sin r\), जहाँ \(n_1, n_2\) = अपवर्तनांक, \(i\) = आपतन कोण, \(r\) = अपवर्तन कोण।
- अतिरिक्त तथ्य: परावर्तन (Reflection) – उसी माध्यम में वापस लौटना, प्रकीर्णन (Scattering) – प्रकाश का सभी दिशाओं में बिखरना, विवर्तन (Diffraction) – बाधा के किनारे से मुड़ना।
किसी वस्तु को भूमि से ऊपर उठाने पर किस प्रकार की ऊर्जा संग्रहित होती है? (17/03/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
- विद्युत ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
Explanation:
- किसी वस्तु को भूमि से ऊपर उठाने (Lifting from ground) पर “स्थितिज ऊर्जा” (Potential Energy) संग्रहित होती है।
- गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (Gravitational Potential Energy): \(U = mgh\)
- जहाँ \(m\) = द्रव्यमान, \(g\) = गुरुत्वीय त्वरण, \(h\) = ऊँचाई
- जैसे \(h\) बढ़ता है, \(U\) बढ़ता है।
- अतिरिक्त तथ्य: गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) – गति के कारण, \(K = \frac{1}{2}mv^2\)। ऊर्जा संरक्षण के अनुसार, स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदल सकती है।
जब कोई पिंड गति में हो तब भी कौन-सी भौतिक राशि शून्य हो सकती है? (18/03/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
- दूरी
- चाल
- विस्थापन
- वेग
Explanation:
- जब कोई पिंड गति (Motion) में हो तब भी “विस्थापन” (Displacement) शून्य (Zero) हो सकता है।
- यह तब होता है जब पिंड प्रारंभिक बिंदु (Starting Point) पर वापस आ जाता है (Returns to the starting point)।
- दूरी (Distance) – पथ की कुल लंबाई (हमेशा धनात्मक) | विस्थापन (Displacement) – प्रारंभिक और अंतिम बिंदु के बीच न्यूनतम दूरी (शून्य हो सकती है)।
- चाल (Speed) – दूरी/समय (हमेशा धनात्मक) | वेग (Velocity) – विस्थापन/समय (शून्य हो सकता है यदि विस्थापन शून्य है)।
- अतिरिक्त तथ्य: वृत्ताकार गति (Circular Motion) में एक पूरा चक्कर लगाने पर विस्थापन शून्य होता है।
एक वक्र दर्पण के उदाहरण की पहचान कीजिए। (27/03/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
- कार्डियक स्पैचुला
- लैडल
- चमकदार चम्मच
- प्रिज्म
Explanation:
- “चमकदार चम्मच” (Shiny Spoon) एक वक्र दर्पण (Curved Mirror) का उदाहरण है।
- चम्मच की अंदरूनी सतह (Inner Surface) अवतल दर्पण (Concave Mirror) की तरह कार्य करती है, जबकि बाहरी सतह (Outer Surface) उत्तल दर्पण (Convex Mirror) की तरह।
- अतिरिक्त तथ्य: वक्र दर्पण (Curved Mirror) – वह दर्पण जिसकी परावर्तक सतह गोलीय (Spherical) होती है। अवतल दर्पण – अभिसारी (Converging), उत्तल दर्पण – अपसारी (Diverging)।
किसी वस्तु के संवेग को उसके द्रव्यमान और वेग के गुणनफल के रूप में परिभाषित किया जाता है, तो उसकी SI इकाइयां क्या हैं? (22/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- kg m s⁻¹
- kg m s⁻²
- kg m s
- g m s⁻¹
Explanation:
- संवेग (Momentum) = द्रव्यमान × वेग = \(p = mv\)
- SI मात्रक: द्रव्यमान का SI मात्रक = kg, वेग का SI मात्रक = m/s
- अतः संवेग का SI मात्रक = kg × m/s = kg m s⁻¹
- अतिरिक्त तथ्य: बल (Force) का SI मात्रक = kg m s⁻² (न्यूटन – N), आवेग (Impulse) का SI मात्रक = kg m s⁻¹ (संवेग के समान)।
द्रवचालित लिफ्ट और द्रवचालित ब्रेक की कार्यप्रणाली निम्नलिखित में से किस पर आधारित है? (16/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- फैराडे का नियम (Faradays law)
- गे-लुसैक का नियम (Gay-Lussac’s law)
- पास्कल का नियम (Pascal’s law)
- कूलॉम का नियम (Coulombs law)
Explanation:
- द्रवचालित लिफ्ट (Hydraulic Lift) और द्रवचालित ब्रेक (Hydraulic Brake) की कार्यप्रणाली “पास्कल का नियम” (Pascal’s Law) पर आधारित है।
- पास्कल का नियम: “बंद द्रव में किसी बिंदु पर लगाया गया दाब सभी दिशाओं में समान रूप से (Equally in all directions) संचारित होता है।”
- इस नियम के अनुसार: \(P = \frac{F_1}{A_1} = \frac{F_2}{A_2}\) (दाब संचारित होता है)।
- द्रवचालित लिफ्ट छोटे पिस्टन पर लगाए गए बल को बड़े पिस्टन पर बढ़ा (Multiply) कर देती है।
- अतिरिक्त तथ्य: फैराडे का नियम (विद्युत चुंबकीय प्रेरण), गे-लुसैक का नियम (गैसों का दाब-तापमान संबंध), कूलॉम का नियम (आवेशों के बीच बल)।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, अचल वस्तुओं को विरामावस्था में रहने या समान वेग से गतिमान रहने की प्रवृत्ति का सर्वोत्तम रूप से वर्णन करता है? (25/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- बल
- त्वरण
- संवेग
- जड़त्व
Explanation:
- अचल वस्तुओं को विरामावस्था (Rest) में रहने या समान वेग (Uniform Velocity) से गतिमान रहने की प्रवृत्ति “जड़त्व” (Inertia) कहलाती है।
- यह न्यूटन का पहला नियम (Newton’s First Law) है: “बाहरी बल के अभाव में कोई वस्तु अपनी विराम अवस्था या एकसमान गति की अवस्था में बनी रहती है।”
- जड़त्व वस्तु के द्रव्यमान (Mass) पर निर्भर करता है – अधिक द्रव्यमान = अधिक जड़त्व।
- अतिरिक्त तथ्य: बल (Force) – जड़त्व में परिवर्तन का कारण, त्वरण (Acceleration) – वेग में परिवर्तन की दर, संवेग (Momentum) – द्रव्यमान × वेग।
निम्नलिखित में से कौन-सा स्थितिज ऊर्जा का एक स्पष्ट उदाहरण है? (22/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- जलती हुई मोमबत्ती
- गतिमान कार
- गिरती हुई चट्टान
- खींचा हुआ रबर बैंड
Explanation:
- “खींचा हुआ रबर बैंड” (Stretched Rubber Band) स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) का एक स्पष्ट उदाहरण है।
- यह प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (Elastic Potential Energy) है, जो विकृत (खिंचाव/संपीडन) होने पर संग्रहित होती है।
- प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा का सूत्र: \(U = \frac{1}{2}kx^2\) (हुक के नियम के अनुसार)।
- अतिरिक्त तथ्य: जलती हुई मोमबत्ती – रासायनिक ऊर्जा, गतिमान कार – गतिज ऊर्जा, गिरती हुई चट्टान – गतिज ऊर्जा (गिरते समय)।
पदार्थ की निम्नलिखित में से कौन-सी अवस्था में कण एक दूसरे से दूर होते हैं और यादृच्छिक रूप से तथा तेजी से गति करते हैं? (16/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- द्रव अवस्था
- गैसीय अवस्था
- प्लाज्मा अवस्था
- ठोस अवस्था
Explanation:
- “गैसीय अवस्था” (Gaseous State) में कण एक दूसरे से दूर (Far apart) होते हैं और यादृच्छिक रूप से (Randomly) तथा तेजी से (Rapidly) गति करते हैं।
- गैसों में अंतर-आणविक बल (Intermolecular Forces) बहुत कम होते हैं।
- अतिरिक्त तथ्य: ठोस (Solid) – कण निकट, निश्चित आकार/आयतन, द्रव (Liquid) – कण मध्यम दूरी, निश्चित आयतन लेकिन आकार नहीं, प्लाज्मा (Plasma) – आयनित गैस (अत्यधिक तापमान पर)।
जब कोई मोटरगाड़ी तेज चाल से अचानक मोड़ लेती है, तो हम एक तरफ उछल जाते हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस परिघटना की व्याख्या करता है? (18/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- जड़त्व नियम के कारण हमारा शरीर दिशा परिवर्तन का प्रतिरोध करता है।
- गुरुत्वीय बल विपरीत दिशा में कार्य करता है।
- कार के अंदर वायु दाब में परिवर्तन हमें बाहर की ओर धकेलता है।
- सड़क और टायरों के बीच घर्षण कम हो जाता है।
Explanation:
- जब मोटरगाड़ी तेज चाल से अचानक मोड़ (Turn) लेती है, तो हम एक तरफ उछल जाते हैं क्योंकि “जड़त्व नियम के कारण हमारा शरीर दिशा परिवर्तन का प्रतिरोध करता है।”
- हमारा शरीर सीधी रेखा (Straight Line) में गति जारी रखना चाहता है, जबकि कार दिशा बदलती (Changes Direction) है – यह जड़त्व (Inertia) का परिणाम है।
- इसे अभिकेन्द्री बल (Centripetal Force) की आवश्यकता होती है, जो घर्षण (Friction) द्वारा प्रदान किया जाता है।
- अतिरिक्त तथ्य: न्यूटन का पहला नियम (Law of Inertia) इस घटना की व्याख्या करता है।
किसी वस्तु की कुल यांत्रिक ऊर्जा किन दो प्रकार की ऊर्जाओं से मिलकर बनती है? (25/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- स्थितिज और गतिज ऊर्जा
- विद्युत और रासायनिक ऊर्जा
- ऊष्मा और ध्वनि ऊर्जा
- प्रकाश और ऊष्मा ऊर्जा
Explanation:
- किसी वस्तु की कुल यांत्रिक ऊर्जा (Total Mechanical Energy) “स्थितिज और गतिज ऊर्जा” (Potential and Kinetic Energy) से मिलकर बनती है।
- कुल यांत्रिक ऊर्जा: \(E = U + K\)
- जहाँ \(U\) = स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy), \(K\) = गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
- ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy): \(U + K = \text{constant}\) (यदि कोई अपव्ययी बल न हो)।
- अतिरिक्त तथ्य: विद्युत, रासायनिक, ऊष्मा, ध्वनि, प्रकाश – ये ऊर्जा के अन्य रूप हैं, जो यांत्रिक ऊर्जा के अंतर्गत नहीं आते।
निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ विद्युत का सुचालक है? (27/03/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
- रबर
- कांच
- तांबा
- लकड़ी
Explanation:
- “तांबा” (Copper) विद्युत का सुचालक (Good Conductor of Electricity) है।
- तांबे में मुक्त इलेक्ट्रॉन (Free Electrons) होते हैं, जो विद्युत धारा का सुचारु प्रवाह करते हैं।
- रबर, कांच, लकड़ी – कुचालक (Insulators) हैं, क्योंकि इनमें मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होते।
- अतिरिक्त तथ्य: विद्युत सुचालक: चाँदी, तांबा, एल्युमीनियम, सोना। चाँदी सबसे अच्छा सुचालक है।
______ को मात्रक “क्विंटल” का उपयोग करके मापा जाता है। (27/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- वजन
- तापमान
- लंबाई
- आयतन
Explanation:
- “वजन” (Weight/Mass) को मात्रक “क्विंटल” (Quintal) का उपयोग करके मापा जाता है।
- 1 क्विंटल = 100 किलोग्राम (kg)
- क्विंटल का उपयोग कृषि उत्पादों (Agricultural Products) जैसे गेहूँ, चावल आदि के वजन के लिए किया जाता है।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 टन (Tonne) = 10 क्विंटल = 1000 किलोग्राम। तापमान (केल्विन/सेल्सियस), लंबाई (मीटर), आयतन (लीटर) – इनके अलग मात्रक हैं।
