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बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025 के अनुसार, बैंक में ‘सब्स्टेंशियल इंटरेस्ट (substantial interest)’ की सीमा को ₹5 लाख से संशोधित करके निम्नलिखित में से कितनी राशि किया गया है?
- ₹5 करोड़
- ₹50 लाख
- ₹2 करोड़
- ₹1 करोड़
Explanation:
- बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025 ने बैंकों में ‘सब्स्टेंशियल इंटरेस्ट’ की सीमा को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹2 करोड़ कर दिया है।
- ‘सब्स्टेंशियल इंटरेस्ट’ का तात्पर्य किसी बैंक में किसी व्यक्ति या संस्था की वित्तीय हिस्सेदारी से है, जो उसे बैंक के संचालन या निर्णयों में प्रभावी भूमिका दे सकती है।
- यह संशोधन बैंकिंग प्रणाली में अधिक पारदर्शिता और विनियमन को बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।
- अतिरिक्त तथ्य: यह अधिनियम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को बैंकों के प्रबंधन और कार्यप्रणाली में सुधार हेतु अधिक शक्तियाँ भी प्रदान करता है।
नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत, जब कोई नया क्षेत्र भारत का हिस्सा बनता है, तो कौन-सी धारा नागरिकता की स्वीकृति का प्रबंध करती है?
- धारा 5
- धारा 6
- धारा 7
- धारा 9
Explanation:
- नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7 उस स्थिति से संबंधित है, जब कोई नया क्षेत्र भारत का हिस्सा बनता है।
- यह धारा राष्ट्रपति को यह निर्धारित करने का अधिकार देती है कि उस क्षेत्र के निवासियों को भारत की नागरिकता किन शर्तों पर प्रदान की जाएगी।
- धारा 5 – पंजीकरण द्वारा नागरिकता, धारा 6 – प्राकृतिकीकरण द्वारा नागरिकता, धारा 9 – विदेशी नागरिकता ग्रहण करने पर नागरिकता का त्याग।
- अतिरिक्त तथ्य: यह प्रावधान गोवा, दादरा-नागर हवेली, पांडिचेरी जैसे क्षेत्रों के भारत में विलय के समय महत्वपूर्ण रहा है।
भारतीय संविधान का निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद, नगरपालिकाओं को वित्तीय शक्तियां प्रदान करता है?
- अनुच्छेद 243P
- अनुच्छेद 243ZB
- अनुच्छेद 243U
- अनुच्छेद 243X
Explanation:
- अनुच्छेद 243X नगरपालिकाओं को वित्तीय शक्तियाँ प्रदान करता है, जिसके तहत राज्य विधानमंडल करों, शुल्कों, टोलों आदि को लागू करने के लिए विधि बना सकता है।
- यह अनुच्छेद नगरपालिकाओं के लिए वित्तीय स्रोतों को सुनिश्चित करता है ताकि वे अपने कार्यों (जलापूर्ति, सफाई, सड़कें आदि) का निर्वहन कर सकें।
- अन्य अनुच्छेद: 243P – परिभाषाएँ, 243U – नगरपालिकाओं की अवधि, 243ZB – जनजातीय क्षेत्रों में अनुप्रयोग।
- अतिरिक्त तथ्य: अनुच्छेद 243X 74वें संविधान संशोधन (1992) द्वारा जोड़ा गया था, जिसने नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया।
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कथनों का चयन कीजिए। 1. यह लोक सेवकों की भर्ती और सेवा शर्तों से संबंधित मामलों में मूल अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करता है। 2. रक्षा बलों के सदस्य, उच्चतम न्यायालय के अधिकारी और संसदीय कर्मचारी भी इसमें शामिल होते हैं। 3. CAT के सदस्यों की नियुक्ति प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति की अनुशंसा के आधार पर की जाती है।
- केवल 1
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 4
Explanation:
- केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) की स्थापना प्रशासनिक अधिकरण अधिनियम, 1985 के तहत की गई थी।
- यह लोक सेवकों (केंद्र सरकार के कर्मचारियों) की भर्ती और सेवा शर्तों से संबंधित मामलों में मूल अधिकार क्षेत्र रखता है – इसलिए कथन 1 सही है।
- कथन 2 गलत है क्योंकि रक्षा बलों, उच्चतम न्यायालय के अधिकारियों और संसदीय कर्मचारियों को CAT के अधिकार क्षेत्र से बाहर रखा गया है।
- कथन 3 गलत है – CAT के सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जो कि मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली एक समिति की अनुशंसा पर होती है (प्रधानमंत्री नहीं)।
- अतः केवल कथन 1 सही है।
विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम कब लागू हुआ था?
- 9 नवंबर 1995
- 15 अगस्त 1947
- 1 अप्रैल 1988
- 26 जनवरी 1950
Explanation:
- विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम (Legal Services Authorities Act) 9 नवंबर 1995 को लागू हुआ था।
- इस अधिनियम ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की स्थापना की।
- इसका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाएं, बच्चे, विकलांग आदि) को न्याय की पहुंच प्रदान करना है।
- अतिरिक्त तथ्य: इस अधिनियम में लोक अदालतों (Lok Adalats) की स्थापना का भी प्रावधान है, जो वैकल्पिक विवाद समाधान का एक सस्ता और त्वरित माध्यम है।
भारत में निम्नलिखित में से किस आयोग ने ‘सूचना का अधिकारः सुशासन की मास्टर कुंजी (Right to Information: Master Key to Good Governance)’ शीर्षक से एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है?
- प्रशासनिक सुधार आयोग (ARC) – 1
- सरकारिया आयोग
- पुंछी आयोग
- प्रशासनिक सुधार आयोग (ARC) – 2
Explanation:
- प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग (ARC – 1) (1966-1970) ने “सूचना का अधिकार: सुशासन की मास्टर कुंजी” शीर्षक से एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।
- इस रिपोर्ट ने सूचना के अधिकार को सुशासन और पारदर्शिता के लिए आवश्यक बताया, जिसने बाद में RTI अधिनियम, 2005 के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।
- ARC-1 की अध्यक्षता मोरारजी देसाई ने की थी (बाद में के. हनुमंतैया ने)।
- अतिरिक्त तथ्य: द्वितीय ARC (2005-2009) ने भी सूचना के अधिकार पर रिपोर्ट दी, परन्तु यह शीर्षक प्रथम ARC की रिपोर्ट से संबंधित है।
निम्न में से कौन-सा संवैधानिक प्रावधान भारत सरकार को कुछ मामलों में किसी राज्य को निर्देश देने का अधिकार देता है?
- अनुच्छेद 256
- अनुच्छेद 248
- अनुच्छेद 262
- अनुच्छेद 265
Explanation:
- अनुच्छेद 256 केंद्र सरकार को राज्यों को निर्देश देने का अधिकार प्रदान करता है ताकि राज्य अपनी कार्यकारी शक्ति का प्रयोग केंद्र के कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए करें।
- यह अनुच्छेद केंद्र-राज्य संबंधों में केंद्र की प्रधानता स्थापित करता है और राज्यों को केंद्र के प्रति उत्तरदायी बनाता है।
- अनुच्छेद 248 – अवशिष्ट विधायी शक्तियाँ, 262 – अंतर-राज्यीय नदी जल विवाद, 265 – कराधान का विधिक आधार।
- अतिरिक्त तथ्य: अनुच्छेद 256 के तहत यदि कोई राज्य निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो केंद्र अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) लागू करने की सिफारिश कर सकता है।
मराठी भाषा के प्रथम उपन्यास ‘यमुना पर्यटन’ की विषय-वस्तु के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही है?
- हिंदू रीति-रिवाजों की प्रशंसा की गई
- यमुना क्षेत्र के राजनीतिक जीवन पर केंद्रित
- विधवाओं के संबंध में हिंदू प्रथाओं की आलोचना की गई
- साहसिक कहानियों पर केंद्रित
Explanation:
- ‘यमुना पर्यटन’ (1858) मराठी भाषा का प्रथम उपन्यास है, जिसे बाबा पद्मनजी ने लिखा था।
- इसकी विषय-वस्तु विधवाओं के प्रति हिंदू रीति-रिवाजों और सामाजिक कुरीतियों की आलोचना है, जिसने उस समय सामाजिक सुधार आंदोलनों को प्रभावित किया।
- यह उपन्यास विधवाओं की दयनीय स्थिति, पुनर्विवाह पर प्रतिबंध और सामाजिक बहिष्कार जैसे मुद्दों को उठाता है।
- अतिरिक्त तथ्य: इस उपन्यास को मराठी साहित्य में प्रगतिशील लेखन का प्रारंभिक उदाहरण माना जाता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी सूचना, RTI अधिनियम, 2005 के अंतर्गत सूचना के प्रकटीकरण से छूट का आधार नहीं है?
- संसद के विशेषाधिकार का उल्लंघन
- विचार-विमर्श के रिकॉर्ड सहित कैबिनेट के कागजात
- भारत की संप्रभुता और अखंडता
- जनहित
Explanation:
- सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 की धारा 8 सूचना प्रकटीकरण से छूट की शर्तों को सूचीबद्ध करती है, जिसमें जनहित (public interest) शामिल नहीं है।
- वास्तव में, RTI अधिनियम का उद्देश्य ही जनहित में पारदर्शिता और सूचना के प्रवाह को बढ़ावा देना है।
- छूट की श्रेणियों में संप्रभुता, कैबिनेट पेपर्स, संसदीय विशेषाधिकार, सुरक्षा, व्यापारिक गोपनीयता, व्यक्तिगत गोपनीयता आदि शामिल हैं।
- अतिरिक्त तथ्य: धारा 8(2) के अनुसार, यदि सार्वजनिक हित में प्रकटीकरण आवश्यक है, तो सूचना देने से इंकार नहीं किया जा सकता, भले ही वह छूट की श्रेणी में आती हो।
कौन-सा संवैधानिक या सांविधिक प्रावधान, भारत सरकार को देश के हितों के विरुद्ध कार्य करने वाले किसी व्यक्ति की नागरिकता का प्रतिसंहरण करने का अधिकार प्रदान करता है?
- नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 6A
- नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 10
- संविधान का अनुच्छेद 5
- संविधान का अनुच्छेद 11
Explanation:
- नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 10 केंद्र सरकार को नागरिकता का प्रतिसंहरण (revocation) करने का अधिकार देती है।
- यह प्रतिसंहरण तब किया जा सकता है जब कोई व्यक्ति भारत के हितों के विरुद्ध कार्य करता है, धोखाधड़ी से नागरिकता प्राप्त करता है, या किसी विदेशी देश के साथ संपर्क रखता है।
- धारा 6A – असम के लिए विशेष प्रावधान, अनुच्छेद 5 – संविधान प्रारंभ में नागरिकता, अनुच्छेद 11 – नागरिकता विधायी शक्ति।
- अतिरिक्त तथ्य: प्रतिसंहरण से पहले व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिया जाना अनिवार्य है।
निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद राष्ट्रपति को विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अनुसूचित जातियों को निर्दिष्ट करने का अधिकार देता है?
- अनुच्छेद 330
- अनुच्छेद 341
- अनुच्छेद 342
- अनुच्छेद 344
Explanation:
- अनुच्छेद 341 राष्ट्रपति को अनुसूचित जातियों (SC) को निर्दिष्ट करने का अधिकार देता है, जो कि विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होता है।
- राष्ट्रपति, राज्यपाल से परामर्श के बाद, SC सूची में संशोधन भी कर सकता है (परन्तु संसद के अधिनियम के माध्यम से ही बदलाव संभव है)।
- अनुच्छेद 342 – अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए, 330 – SC/ST के लिए लोकसभा में सीटों का आरक्षण, 344 – राजभाषा आयोग।
- अतिरिक्त तथ्य: अनुच्छेद 341(2) के अनुसार, केवल संसद ही कानून द्वारा SC सूची को परिवर्तित कर सकती है, न कि राज्य विधानमंडल।
भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद, सहकारी समितियों के बोर्डों के नियमित चुनावों को अनिवार्य बनाता है?
- अनुच्छेद 243Z1
- अनुच्छेद 243ZL
- अनुच्छेद 243ZG
- अनुच्छेद 243ZK
Explanation:
- अनुच्छेद 243ZK सहकारी समितियों के बोर्ड के नियमित चुनावों को अनिवार्य बनाता है, जो 97वें संविधान संशोधन (2011) के माध्यम से जोड़ा गया।
- यह अनुच्छेद सहकारी समितियों के प्रबंधन में लोकतांत्रिक पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करता है।
- अन्य अनुच्छेद: 243Z1 – प्रावधानों का अनुप्रयोग, 243ZL – राज्य विधानमंडल की शक्तियाँ, 243ZG – न्यायालयों में हस्तक्षेप पर प्रतिबंध।
- अतिरिक्त तथ्य: 97वें संशोधन ने सहकारी समितियों को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया और इसे मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 19(1)(c)) के अंतर्गत भी सुरक्षित किया।
अनुच्छेद 243Q के अनुसार, संक्रमणकालीन क्षेत्र के लिए नगरपालिका को किस रूप में नामित किया जाएगा?
- नगर निगम
- टाउनशिप
- नगर परिषद
- नगर पंचायत
Explanation:
- अनुच्छेद 243Q के अनुसार, संक्रमणकालीन (transitional) क्षेत्र के लिए नगरपालिका को ‘नगर पंचायत’ के रूप में नामित किया जाएगा।
- नगर पंचायत उन क्षेत्रों के लिए होती है जो शहरीकरण की प्रक्रिया में हैं, परन्तु अभी पूर्णतः शहरी नहीं बन पाए हैं।
- इसके अलावा: नगर परिषद – छोटे शहरी क्षेत्रों के लिए, नगर निगम – बड़े शहरी क्षेत्रों के लिए।
- अतिरिक्त तथ्य: यह प्रावधान 74वें संविधान संशोधन (1992) द्वारा जोड़ा गया था, जिसने नगरपालिकाओं को संवैधानिक सुरक्षा प्रदान की।
भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किसके अनुसार, संसद कानून बनाकर, किसी केंद्र शासित प्रदेश के लिए हाई कोर्ट बना सकती है?
- अनुच्छेद 239
- अनुच्छेद 238
- अनुच्छेद 240
- अनुच्छेद 241
Explanation:
- अनुच्छेद 241 संसद को कानून बनाकर किसी केंद्र शासित प्रदेश के लिए हाई कोर्ट स्थापित करने का अधिकार देता है।
- इसके तहत, संसद किसी केंद्र शासित प्रदेश के लिए हाई कोर्ट बना सकती है या किसी मौजूदा हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को उस केंद्र शासित प्रदेश तक विस्तारित कर सकती है।
- अनुच्छेद 239 – केंद्र शासित प्रदेशों का प्रशासन, 238 – (निरस्त), 240 – राष्ट्रपति की कुछ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए विनियम बनाने की शक्ति।
- अतिरिक्त तथ्य: दिल्ली उच्च न्यायालय इसी अनुच्छेद के तहत स्थापित किया गया है।
भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से कौन-से अनुच्छेद पंचायतों और नगरपालिकाओं के लेखापरीक्षा से संबंधित हैं?
- अनुच्छेद 243 G और अनुच्छेद 243 ZB
- अनुच्छेद 243 I और अनुच्छेद 243 Y
- अनुच्छेद 243 J और अनुच्छेद 243 Z
- अनुच्छेद 243 M और अनुच्छेद 243 ZA
Explanation:
- अनुच्छेद 243J पंचायतों के लेखापरीक्षा (audit) से संबंधित है, जबकि अनुच्छेद 243Z नगरपालिकाओं के लेखापरीक्षा से संबंधित है।
- इन अनुच्छेदों के अनुसार, राज्य विधानमंडल पंचायतों और नगरपालिकाओं के खातों की जाँच के लिए विधि बना सकता है।
- अन्य अनुच्छेद: 243G – पंचायतों की शक्तियाँ, 243I – पंचायत वित्त आयोग, 243Y – नगरपालिका वित्त आयोग, 243ZB – जनजातीय क्षेत्रों में अनुप्रयोग।
- अतिरिक्त तथ्य: लेखापरीक्षा पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करती है, और CAG भी इनके खातों की जाँच कर सकता है।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आरक्षण को सक्षम बनाने हेतु 103वें संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा संविधान में कौन-से प्रावधान सम्मिलित किए गए थे?
- अनुच्छेद 15(6) और 16(6)
- अनुच्छेद 15(2) और 16(2)
- अनुच्छेद 15(5) और 16(5)
- अनुच्छेद 15(4) और 16(4)
Explanation:
- 103वें संविधान संशोधन (2019) ने संविधान में अनुच्छेद 15(6) और 16(6) जोड़े, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10% आरक्षण प्रदान करते हैं।
- अनुच्छेद 15(6) – शिक्षण संस्थानों (निजी सहित) में EWS के लिए विशेष प्रावधान, अनुच्छेद 16(6) – सरकारी नौकरियों में EWS के लिए आरक्षण।
- यह आरक्षण SC/ST/OBC आरक्षण के अतिरिक्त है और इसके लिए वार्षिक पारिवारिक आय ₹8 लाख से कम होनी चाहिए।
- अतिरिक्त तथ्य: EWS आरक्षण को उच्चतम न्यायालय द्वारा 2022 में 3:2 बहुमत से संवैधानिक रूप से वैध घोषित किया गया था।
निम्नलिखित मौलिक कर्तव्यों में से कौन-सा, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन से गलत संबंधित है?
- सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा को छोड़ना
- हमारी सामासिक संस्कृति की समृद्ध विरासत को महत्व देना और संरक्षित करना
- वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और जिज्ञासा एवं सुधार की भावना को विकसित करना
- व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करना
Explanation:
- मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51A) के तहत, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन से संबंधित कर्तव्य हैं – (h) वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना, (i) सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना, तथा (j) उत्कृष्टता के लिए प्रयास करना।
- ‘सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा को छोड़ना’ (k) एक अलग मौलिक कर्तव्य है, जो वैज्ञानिक/सांस्कृतिक मूल्यों से संबंधित नहीं है।
- अतः यह विकल्प गलत संबंधित है।
प्रत्येक सामान्य निर्वाचन के पश्चात् प्रथम सत्र के आरंभ में और प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र के आरंभ में राष्ट्रपति द्वारा संसद के दोनों सदनों में दिया जाने वाला विशेष अभिभाषण, भारत के संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद के अंतर्गत उल्लिखित है?
- अनुच्छेद 85
- अनुच्छेद 86
- अनुच्छेद 88
- अनुच्छेद 87
Explanation:
- अनुच्छेद 87 राष्ट्रपति को प्रत्येक सामान्य निर्वाचन के बाद पहले सत्र की शुरुआत और प्रत्येक वर्ष के पहले सत्र में संसद के दोनों सदनों को संबोधित करने का प्रावधान करता है।
- इसे ‘राष्ट्रपति का अभिभाषण’ या ‘अंग्रेजी में ‘Address by the President’ कहा जाता है।
- अनुच्छेद 85 – संसद के सत्रावसान और सत्र, 86 – राष्ट्रपति को संदेश भेजने का अधिकार, 88 – राष्ट्रपति के संदर्भ में मंत्रियों और अटॉर्नी जनरल के अधिकार।
- अतिरिक्त तथ्य: यह अभिभाषण सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें। 1. अनुच्छेद 167 के अनुसार, यह मुख्यमंत्री का कर्तव्य है कि वह राज्यपाल को मंत्रिपरिषद के सभी निर्णयों से अवगत कराए। 2. अनुच्छेद 165 के अंतर्गत राज्यपाल, मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाता है। 3. अनुच्छेद 163 के अंतर्गत विवेकाधीन मामलों को छोड़कर राज्यपाल की सहायता और सलाह देने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिपरिषद का प्रावधान है। उपरोक्त में से कौन-सा कथन सही है?
- 1, 2 और 3
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
Explanation:
- सभी तीन कथन सही हैं:
- कथन 1: अनुच्छेद 167(2) के अनुसार, मुख्यमंत्री का कर्तव्य है कि वह राज्यपाल को मंत्रिपरिषद के सभी निर्णयों और विधायी प्रस्तावों से अवगत कराए।
- कथन 2: अनुच्छेद 165 राज्यपाल को मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाने का प्रावधान नहीं करता – वास्तव में, यह अनुच्छेद राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General) से संबंधित है। परन्तु प्रश्न के अनुसार, राज्यपाल मंत्रियों को शपथ दिलाता है – यह अनुच्छेद 164 के तहत होता है, न कि 165 के। हालाँकि, दिए गए विकल्पों के अनुसार कथन 2 को सही माना गया है (संभवतः टंकण त्रुटि या परीक्षा विशेष के अनुसार)।
- कथन 3: अनुच्छेद 163(1) के अनुसार, राज्यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद होगी (विवेकाधीन मामलों को छोड़कर)।
- अत: दिए गए विकल्प के अनुसार 1, 2 और 3 सही हैं।
कौन-सा अनुच्छेद राज्य को महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए विशेष प्रावधान करने का अधिकार देता है?
- अनुच्छेद 16(2)
- अनुच्छेद 23(2)
- अनुच्छेद 19(5)
- अनुच्छेद 15(3)
Explanation:
- अनुच्छेद 15(3) राज्य को महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष प्रावधान (special provisions) करने का अधिकार देता है, भले ही यह अनुच्छेद 15(1) (भेदभाव पर प्रतिबंध) का उल्लंघन हो।
- इसी अनुच्छेद के तहत महिलाओं के लिए मातृत्व लाभ, शिक्षा में आरक्षण, बाल श्रम निषेध जैसे कानून बनाए गए हैं।
- अन्य: 16(2) – रोजगार में भेदभाव नहीं, 23(2) – बाल श्रम का निषेध, 19(5) – अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध।
- अतिरिक्त तथ्य: इसी अनुच्छेद के आधार पर महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण और शिक्षण संस्थानों में विशेष कोटा लागू है।
भारतीय संविधान के किस संवैधानिक संशोधन के माध्यम से शिक्षण संस्थानों में OBC (OBC) के लिए 27% आरक्षण प्रदान किया गया था?
- 86वां संशोधन
- 93वां संशोधन
- 94वां संशोधन
- 97वां संशोधन
Explanation:
- 93वां संविधान संशोधन (2005) ने शिक्षण संस्थानों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27% आरक्षण का प्रावधान किया।
- इस संशोधन ने अनुच्छेद 15(5) जोड़ा, जिसने राज्य को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों (OBC सहित) के लिए निजी (अनुदान रहित) शिक्षण संस्थानों में आरक्षण का अधिकार दिया।
- 86वां संशोधन (2002) – शिक्षा का अधिकार (अनुच्छेद 21A), 94वां (2006) – बिहार का मंत्रियों की संख्या बढ़ाना, 97वां (2011) – सहकारी समितियाँ।
- अतिरिक्त तथ्य: इसे Mandal II के रूप में भी जाना जाता है और इसने केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में OBC को 27% आरक्षण दिया।
संविधान का निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद प्रशासक को केंद्र शासित प्रदेशों में विधानमंडल के अवकाश के दौरान अध्यादेश जारी करने का अधिकार देता है?
- 241
- 239
- 239AA
- 239B
Explanation:
- अनुच्छेद 239B प्रशासक (Administrator) को केंद्र शासित प्रदेशों में विधानमंडल के अवकाश के दौरान अध्यादेश जारी करने का अधिकार देता है।
- यह अध्यादेश राष्ट्रपति द्वारा जारी किए गए अध्यादेश के समान है और इसे विधानमंडल के पुनः सत्र आरंभ होने पर 6 सप्ताह के भीतर अनुमोदित करना होता है।
- अनुच्छेद 239 – केंद्र शासित प्रदेशों का प्रशासन, 239AA – दिल्ली के लिए विशेष प्रावधान, 241 – UT के लिए हाई कोर्ट।
- अतिरिक्त तथ्य: यह प्रावधान राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) की तरह है, पर केवल UT के लिए लागू होता है।
यदि लोकसभा भंग होने की स्थिति में आपातकाल की उद्घोषणा को केवल राज्यसभा द्वारा अनुमोदित किया जाता है, तो नव गठित लोकसभा की पहली बैठक से यह उद्घोषणा कितनी अवधि तक प्रभावी रहेगी?
- 60 दिन
- 14 दिन
- 30 दिन
- 21 दिन
Explanation:
- यदि राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) की उद्घोषणा लोकसभा के भंग होने के दौरान की जाती है और केवल राज्यसभा द्वारा अनुमोदित की जाती है, तो यह नवगठित लोकसभा की पहली बैठक से 30 दिन तक प्रभावी रहेगी।
- इसके बाद, नई लोकसभा को इसे अनुमोदित करना आवश्यक है, अन्यथा यह समाप्त हो जाएगी।
- अतिरिक्त तथ्य: सामान्य परिस्थितियों में, आपातकाल की उद्घोषणा को दोनों सदनों द्वारा 1 महीने के भीतर अनुमोदित किया जाना चाहिए, अन्यथा यह निरस्त हो जाती है।
वित्त आयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें। 1. यह एक अर्ध-न्यायिक निकाय है। 2. यह अनुच्छेद 280 से संबंधित है। 3. इसका गठन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है। 4. इसका गठन प्रत्येक 6 वर्ष के बाद किया जाता है। उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- केवल 4
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 2
- केवल 1, 2 और 3
Explanation:
- कथन 1 सही – वित्त आयोग एक अर्ध-न्यायिक (quasi-judicial) निकाय है, क्योंकि यह सिफारिशें करता है और इसमें न्यायिक सदस्य होते हैं।
- कथन 2 सही – यह अनुच्छेद 280 के तहत स्थापित किया जाता है।
- कथन 3 सही – इसका गठन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है, जो एक अध्यक्ष और चार सदस्यों की नियुक्ति करते हैं।
- कथन 4 गलत – इसका गठन प्रत्येक 5 वर्ष (या उससे पहले) किया जाता है, न कि 6 वर्ष के बाद।
- अत: सही कथन – 1, 2 और 3।
किस संवैधानिक संशोधन द्वारा आठवीं अनुसूची में ‘उड़िया’ को ‘ओड़िया’ से प्रतिस्थापित किया गया था?
- 96वां संशोधन
- 94वां संशोधन
- 97वां संशोधन
- 95वां संशोधन
Explanation:
- 96वां संविधान संशोधन (2011) ने आठवीं अनुसूची में ‘उड़िया’ (Oriya) को ‘ओड़िया’ (Odia) से प्रतिस्थापित किया।
- यह संशोधन ओडिशा राज्य के भाषाई पहचान को सही करने के लिए किया गया था, क्योंकि यह राज्य का आधिकारिक नाम है।
- 95वां (2009) – मराठी/कोंकणी आदि भाषाओं का विस्तार, 94वां (2006) – बिहार के मंत्रियों की संख्या, 97वां (2011) – सहकारी समितियाँ।
- अतिरिक्त तथ्य: आठवीं अनुसूची में वर्तमान में 22 आधिकारिक भाषाएँ शामिल हैं, जिनमें ओड़िया 2011 में जोड़ी गई थी (पहले उड़िया थी)।
निम्नलिखित में से किस मंत्रिमंडल समिति की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नहीं करते हैं?
- रोजगार और कौशल विकास की मंत्रिमंडल समिति
- आर्थिक कार्यों की मंत्रिमंडल समिति
- निवेश और वृद्धि की मंत्रिमंडल समिति
- संसदीय कार्यों की मंत्रिमंडल समिति
Explanation:
- संसदीय कार्यों की मंत्रिमंडल समिति की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि सामान्यतः गृह मंत्री (या कभी-कभी रक्षा मंत्री) करते हैं।
- प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समितियाँ – आर्थिक कार्य, सुरक्षा, निवेश और वृद्धि, रोजगार और कौशल विकास आदि।
- संसदीय कार्य समिति का मुख्य कार्य संसद में सरकारी कार्यवाही का समन्वय और विधेयकों की समय-सारणी निर्धारित करना है।
- अतिरिक्त तथ्य: प्रधानमंत्री कई मंत्रिमंडल समितियों के अध्यक्ष होते हैं, पर संसदीय कार्य समिति का अध्यक्ष आमतौर पर वरिष्ठ मंत्री होता है।
24वें संवैधानिक संशोधन ने संसद को निम्नलिखित में से कौन-सी शक्ति प्रदान की?
- न्यायिक पुनर्विलोकन का प्रत्यादेश
- उच्च न्यायालय के निर्णय का निलंबन
- निर्वाचन का निलंबन
- मूल अधिकारों में संशोधन
Explanation:
- 24वां संवैधानिक संशोधन (1971) ने संसद को मूल अधिकारों (Fundamental Rights) में संशोधन करने की शक्ति प्रदान की।
- इस संशोधन ने अनुच्छेद 13 और 368 में संशोधन किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि संसद किसी भी संवैधानिक प्रावधान (मूल अधिकारों सहित) को संशोधित कर सकती है, बशर्ते कि यह संविधान के ‘मूल ढाँचे’ (basic structure) का उल्लंघन न करे।
- यह संशोधन केशवानंद भारती मामले (1973) से पहले लाया गया था, जिसने मूल ढाँचा सिद्धांत स्थापित किया।
- अतिरिक्त तथ्य: इससे पहले, उच्चतम न्यायालय ने गोलकनाथ मामले (1967) में कहा था कि मूल अधिकारों में संशोधन नहीं किया जा सकता। 24वें संशोधन ने इस सीमा को हटाया।
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में यह निर्दिष्ट किया गया है कि केंद्र शासित प्रदेशों को राष्ट्रपति द्वारा प्रशासित किया जाएगा, जो उनकी देखरेख के लिए एक प्रशासक नियुक्त कर सकता है?
- अनुच्छेद 241
- अनुच्छेद 239
- अनुच्छेद 242
- अनुच्छेद 240
Explanation:
- अनुच्छेद 239 के अनुसार, प्रत्येक केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन राष्ट्रपति द्वारा किया जाएगा, जो कि अपने प्रतिनिधि (प्रशासक) को नियुक्त कर सकता है।
- यह अनुच्छेद केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्र सरकार की सीधी नियंत्रण सुनिश्चित करता है।
- अनुच्छेद 241 – UT के लिए हाई कोर्ट, 240 – राष्ट्रपति की UT के लिए विनियम बनाने की शक्ति, 242 – (निरस्त)।
- अतिरिक्त तथ्य: दिल्ली को अनुच्छेद 239AA के तहत विशेष दर्जा प्राप्त है, जहाँ विधानमंडल और मुख्यमंत्री होते हैं।
संसदीय अनुमोदनों और संवैधानिक शर्तों के अधीन, अनुच्छेद 356 के अंतर्गत किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन अधिकतम कुल कितनी अवधि तक जारी रह सकता है?
- दो वर्ष तक
- एक वर्ष तक
- तीन वर्ष तक
- चार वर्ष तक
Explanation:
- अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) की अधिकतम अवधि 3 वर्ष हो सकती है, परन्तु कुछ शर्तों के अधीन:
- पहले 6 महीने के लिए लागू होता है, फिर संसद द्वारा 6-6 महीने के अंतराल में बढ़ाया जा सकता है, पर अधिकतम 3 वर्ष।
- यदि राज्य में राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) लागू हो, तो इसे 3 वर्ष से अधिक भी बढ़ाया जा सकता है (परन्तु सामान्यतः अधिकतम 3 वर्ष माना जाता है)।
- अतिरिक्त तथ्य: 44वें संशोधन (1978) ने इसे 1 वर्ष तक सीमित कर दिया था, पर बाद में 3 वर्ष कर दिया गया।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, सही नहीं है?
- राज्य विधानमंडल, विद्युत की खपत या बिक्री पर कर नहीं लगा सकता है।
- अनुच्छेद 282 केंद्र और राज्यों दोनों को किसी भी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए अनुदान देने का अधिकार देता है, भले ही यह उनकी संबंधित विधायी क्षमता के दायरे में न हो।
- किसी राज्य विधानमंडल को वस्तुओं या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति पर कर लगाने से प्रतिबंधित किया गया है, यदि ऐसी आपूर्ति राज्य के बाहर होती है और यदि ऐसी आपूर्ति आयात या निर्यात के दौरान होती है।
- राज्य विधानमंडल व्यवसायों, व्यापारों, पेशों और रोजगारों पर कर लगा सकता है।
Explanation:
- पहला कथन गलत है – राज्य विधानमंडल विद्युत की खपत या बिक्री पर कर लगा सकता है, पर यह कर संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची (प्रविष्टि 53) के अंतर्गत आता है, अतः यह राज्य का विधायी विषय है।
- अनुच्छेद 282 – सही है, यह ‘सार्वजनिक उद्देश्य’ हेतु केंद्र और राज्यों को अनुदान देने की शक्ति देता है।
- तीसरा कथन – सही है, यह GST प्रणाली के अंतर्गत है (अनुच्छेद 246A के अनुसार राज्य अंतर-राज्यीय आपूर्ति पर कर नहीं लगा सकता)।
- चौथा कथन – सही है, यह राज्य सूची (प्रविष्टि 60) के अंतर्गत है – व्यवसायों, व्यापारों, पेशों और रोजगारों पर कर।
- अतः पहला कथन सही नहीं है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के संबंध में गलत है?
- केंद्रीय सूचना आयोग एक संवैधानिक निकाय है।
- इसमें राष्ट्रपति और सर्वोच्च न्यायालय सहित सभी संवैधानिक प्राधिकरण शामिल हैं।
- सरकार द्वारा वित्तपोषित सभी गैर-सरकारी संगठन (NGO) सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आते हैं।
- अधिनियम यह आदेश देता है कि सामान्य मामलों में अनुरोध के 30 दिनों के भीतर सूचना प्रदान की जानी चाहिए।
Explanation:
- केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) एक सांविधिक निकाय (statutory body) है, जो RTI अधिनियम, 2005 के तहत स्थापित किया गया है, न कि संवैधानिक (जैसे CAG या UPSC) – अतः यह कथन गलत है।
- RTI अधिनियम की धारा 2(e) के अनुसार, इसमें राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय सहित सभी संवैधानिक प्राधिकरण शामिल हैं – यह सही है।
- सरकार द्वारा वित्तपोषित NGO भी इसके दायरे में आते हैं (धारा 2(h)) – सही है।
- सामान्य अनुरोधों के लिए 30 दिन की समय-सीमा निर्धारित है (धारा 7(1)) – सही है।
किस संविधान संशोधन के तहत राष्ट्रीय आपातकाल के लिए संसद द्वारा अनुमोदन की अवधि दो महीने से घटाकर एक महीने कर दी गई?
- 38वां संशोधन अधिनियम, 1975
- 42वां संशोधन अधिनियम, 1976
- 52वां संशोधन अधिनियम, 1985
- 44वां संशोधन अधिनियम, 1978
Explanation:
- 44वें संविधान संशोधन (1978) ने राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) की संसदीय अनुमोदन अवधि को 2 महीने से घटाकर 1 महीने कर दिया।
- इस संशोधन ने आपातकाल के दुरुपयोग को रोकने के लिए कई सुरक्षा उपाय जोड़े, जैसे कि राष्ट्रपति को आपातकाल घोषित करने से पहले मंत्रिपरिषद की लिखित सिफारिश अनिवार्य करना।
- 38वां (1975) – आपातकाल की घोषणा को न्यायिक समीक्षा से मुक्त करना, 42वां (1976) – आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध, 52वां (1985) – दल-बदल विरोधी कानून।
- अतिरिक्त तथ्य: 44वां संशोधन जनता पार्टी सरकार द्वारा आपातकाल (1975-77) के दुरुपयोग के बाद लाया गया था।
भारत के संविधान का कौन-सा अनुच्छेद, राज्यपाल के कार्यकाल से संबंधित है, जिसमें राष्ट्रपति के स्वेच्छानिर्णय से सेवा करने और पद त्याग करने का तरीका शामिल है?
- अनुच्छेद 157
- अनुच्छेद 155
- अनुच्छेद 158
- अनुच्छेद 156
Explanation:
- अनुच्छेद 156 राज्यपाल के कार्यकाल से संबंधित है – राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (pleasure) पद धारण करता है, अर्थात राष्ट्रपति उसे किसी भी समय हटा सकता है (बिना कारण बताए)।
- इसमें राज्यपाल द्वारा त्यागपत्र देने का तरीका भी निर्दिष्ट है (त्यागपत्र राष्ट्रपति को दिया जाता है)।
- अनुच्छेद 157 – राज्यपाल की योग्यताएँ, 155 – राज्यपाल की नियुक्ति, 158 – राज्यपाल की पद शर्तें (वेतन, भत्ते आदि)।
- अतिरिक्त तथ्य: राज्यपाल सामान्यतः 5 वर्ष के लिए नियुक्त किया जाता है, पर राष्ट्रपति उसे इससे पहले भी हटा सकता है।
उच्चतम न्यायालय को किस अनुच्छेद के तहत न्यायिक समीक्षा का अधिकार प्राप्त है?
- अनुच्छेद 30
- अनुच्छेद 72
- अनुच्छेद 32
- अनुच्छेद 124
Explanation:
- अनुच्छेद 32 उच्चतम न्यायालय को संविधानिक उपचारों (writs) का अधिकार देता है – इसे ‘न्यायिक समीक्षा’ का आधार माना जाता है, क्योंकि यह न्यायालय को मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के मामलों में कानूनों/आदेशों की जाँच करने की शक्ति प्रदान करता है।
- अनुच्छेद 32 को डॉ. अम्बेडकर ने संविधान की आत्मा कहा है।
- अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालयों को समान शक्ति प्रदान करता है (परन्तु यह अनुच्छेद 32 नहीं है)।
- अनुच्छेद 30 – अल्पसंख्यकों के शिक्षण संस्थान स्थापित करने के अधिकार, 72 – राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति, 124 – उच्चतम न्यायालय की स्थापना।
निम्नलिखित में से किसने विषयों को आरक्षित और स्थानांतरित सूचियों में विभाजित करके द्वैध शासन की शुरुआत की?
- भारतीय परिषद अधिनियम, 1892
- भारत सरकार अधिनियम, 1909
- भारत सरकार अधिनियम, 1935
- भारत सरकार अधिनियम, 1919
Explanation:
- भारत सरकार अधिनियम, 1919 (मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार) ने प्रांतीय स्तर पर द्वैध शासन (Dyarchy) की शुरुआत की, जिसमें विषयों को आरक्षित (reserved) और स्थानांतरित (transferred) सूचियों में विभाजित किया गया।
- आरक्षित विषय (राजस्व, कानून-व्यवस्था) – गवर्नर के नियंत्रण में, स्थानांतरित विषय (शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि) – मंत्रियों के अधीन।
- 1892 – विधान परिषदों का विस्तार, 1909 – पृथक निर्वाचन मंडल, 1935 – प्रांतीय स्वायत्तता और संघीय संरचना।
- अतिरिक्त तथ्य: यह अधिनियम भारत में जिम्मेदार सरकार की दिशा में पहला कदम था।
निम्नलिखित में से कौन-सा अधिनियम, भारत में लोक अदालतों को वैधानिक दर्जा प्रदान करता है?
- माध्यस्थम् और सुलह अधिनियम, 1996
- भारतीय संविधान
- विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987
- सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908
Explanation:
- विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 (जो 1995 में लागू हुआ) ने लोक अदालतों को वैधानिक दर्जा प्रदान किया।
- लोक अदालतें वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) का एक सस्ता, त्वरित और सुलभ माध्यम हैं, जहाँ पक्षकारों की सहमति से मामलों का निपटारा किया जाता है।
- इस अधिनियम के तहत राष्ट्रीय, राज्य, जिला और तालुक स्तर पर विधिक सेवा प्राधिकरण स्थापित किए गए।
- अतिरिक्त तथ्य: लोक अदालत का निर्णय अंतिम होता है और सिविल कोर्ट के निर्णय के समान प्रभावी होता है, तथा इस पर कोई अपील नहीं होती (यदि पक्ष सहमत हैं)।
वित्त आयोग (प्रकीर्ण उपबंध) अधिनियम, 1951 के अनुसार, वित्त आयोग में कौन शामिल होंगे?
- एक अध्यक्ष और दो अन्य सदस्य
- एक अध्यक्ष और आठ अन्य सदस्य
- एक अध्यक्ष और छह अन्य सदस्य
- एक अध्यक्ष और चार अन्य सदस्य
Explanation:
- वित्त आयोग (प्रकीर्ण उपबंध) अधिनियम, 1951 के अनुसार, वित्त आयोग में एक अध्यक्ष और चार अन्य सदस्य होते हैं – कुल 5 सदस्य।
- इन सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और अध्यक्ष के पास अनुभवी व्यक्ति होता है (जो सार्वजनिक मामलों का ज्ञाता हो)।
- अतिरिक्त तथ्य: वित्त आयोग की सिफारिशें 5 वर्ष के लिए होती हैं, और इसका गठन अनुच्छेद 280 के तहत किया जाता है।
मार्च 2025 तक की स्थिति के अनुसार, भारतीय संविधान की बारहवीं अनुसूची शहरी स्थानीय निकायों के कार्यात्मक क्षेत्र में कितने नए कार्यों को परिभाषित करती है?
- 19
- 21
- 20
- 18
Explanation:
- भारतीय संविधान की बारहवीं अनुसूची (12th Schedule), जिसे 74वें संशोधन (1992) द्वारा जोड़ा गया, शहरी स्थानीय निकायों (नगरपालिकाओं) के लिए 18 कार्य परिभाषित करती है।
- इनमें शहरी नियोजन, भूमि उपयोग, जलापूर्ति, स्वच्छता, सड़कें, पार्क, अग्निशमन, आवास, सामाजिक कल्याण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, सड़क प्रकाश, कब्रिस्तान आदि शामिल हैं।
- 11वीं अनुसूची (73वां संशोधन) – पंचायतों के 29 कार्य।
- अतिरिक्त तथ्य: ये कार्य नगरपालिकाओं को विकेंद्रीकृत शासन सुनिश्चित करने में मदद करते हैं।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद ______ के अनुसार, संविधान (69वाँ संशोधन) अधिनियम, 1991 के लागू होने की तिथि से दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली कहा जाएगा।
- 239AC
- 239AD
- 239AB
- 239AA
Explanation:
- अनुच्छेद 239AA (69वें संशोधन, 1991 द्वारा जोड़ा गया) ने दिल्ली को “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली” (NCT of Delhi) नाम दिया और इसे विधानमंडल और मुख्यमंत्री के साथ एक विशेष दर्जा प्रदान किया।
- अनुच्छेद 239AB – दिल्ली में राष्ट्रपति शासन, 239AD – विधानमंडल की शक्तियाँ, 239AC – (लागू नहीं)।
- इस संशोधन ने दिल्ली को एक UT से अर्ध-राज्य का दर्जा दिया (पर पूर्ण राज्य नहीं)।
- अतिरिक्त तथ्य: दिल्ली का विधानमंडल भूमि, पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था (अनुच्छेद 239AA(3)) पर कानून नहीं बना सकता – ये केंद्र के अधीन हैं।
संविधान के अनुच्छेद 275 के अंतर्गत, संसद द्वारा राज्यों को सहायता अनुदान के रूप में दी गई धनराशियाँ किस निधि पर प्रभारित की जानी चाहिए?
- भारत का लोक लेखा
- भारत की आकस्मिकता निधि
- भारत की संचित निधि
- राज्य आपातकालीन निधि
Explanation:
- अनुच्छेद 275 के तहत, राज्यों को दी जाने वाली सहायता अनुदान (grants-in-aid) की धनराशियाँ भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) पर प्रभारित (charged) की जाती हैं।
- यह अनुदान विशेष रूप से उन राज्यों को दिए जाते हैं जिन्हें वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है (जैसे SC/ST क्षेत्रों के विकास हेतु या प्राकृतिक आपदाओं के बाद)।
- इसके अलावा, अनुच्छेद 275(1) के तहत संसद राज्यों को अनुदान देने के लिए कानून बना सकती है (यह संसद के विवेक पर निर्भर है)।
- अतिरिक्त तथ्य: ‘प्रभारित’ (charged) का अर्थ है कि यह धनराशि संसद के वोट के बिना ही खर्च की जा सकती है (जैसे कि राष्ट्रपति का वेतन, न्यायाधीशों का वेतन आदि)।
संविधान के भाग II में कौन-सा प्रावधान, संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता के एक आधार को परिभाषित करता है, विशेष रूप से यह कि व्यक्ति के माता या पिता में से किसी एक का जन्म भारत में हुआ था?
- अनुच्छेद 8
- अनुच्छेद 9
- अनुच्छेद 6
- अनुच्छेद 5
Explanation:
- अनुच्छेद 5 संविधान के प्रारंभ (26 जनवरी 1950) पर नागरिकता के आधारों को परिभाषित करता है, जिसमें कहा गया है कि जन्म से नागरिकता उस व्यक्ति को होगी जिसका जन्म भारत में हुआ था, या जिसके माता या पिता में से किसी एक का जन्म भारत में हुआ था, या जो 5 वर्ष से भारत में सामान्य निवासी रहा हो।
- यह अनुच्छेद भाग II (नागरिकता) के अंतर्गत आता है (अनुच्छेद 5-11)।
- अनुच्छेद 6 – पाकिस्तान से प्रवासित व्यक्ति, 8 – विदेशों में भारतीय मूल के व्यक्ति, 9 – विदेशी नागरिकता ग्रहण करने पर त्याग।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39 में निम्नलिखित में से कौन-सा उद्देश्य उल्लिखित है?
- कृषि और पशुपालन का संगठन करना
- समान न्याय सुनिश्चित करना और निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करना
- पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन को बढ़ावा देना
- ग्राम पंचायतों का संगठन करना
Explanation:
- अनुच्छेद 39 राज्य नीति निर्देशक सिद्धांतों (DPSP) के अंतर्गत समान कार्य के लिए समान वेतन (पुरुष और महिला दोनों के लिए) को बढ़ावा देने की बात करता है – विशेष रूप से अनुच्छेद 39(d)।
- इसमें अन्य उद्देश्य: 39(a) – जीवन-निर्वाह के पर्याप्त साधन, 39(b) – सामुदायिक संसाधनों का नियंत्रण, 39(c) – धन का केंद्रीकरण न होना, 39(e) – शोषण के विरुद्ध सुरक्षा, 39(f) – बच्चों का स्वस्थ विकास।
- ग्राम पंचायत – अनुच्छेद 40, कृषि-पशुपालन – अनुच्छेद 48, समान न्याय – अनुच्छेद 39A (44वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया)।
कौन-सा प्रावधान भारत के संविधान के लागू होने से पहले पाकिस्तान से आकर भारत में बसे व्यक्तियों की नागरिकता से संबंधित है?
- अनुच्छेद 5
- अनुच्छेद 8
- अनुच्छेद 10
- अनुच्छेद 6
Explanation:
- अनुच्छेद 6 संविधान के प्रारंभ पर पाकिस्तान से भारत आकर बसे व्यक्तियों की नागरिकता से संबंधित है, जिन्होंने 19 जुलाई 1948 के बाद और 26 जनवरी 1950 से पहले या बाद में भारत में प्रवास किया हो।
- ऐसे व्यक्तियों को नागरिकता तभी मिलती है यदि वे भारत सरकार के पंजीकरण अधिकारी के समक्ष पंजीकृत हों और वे कम से कम 6 महीने से भारत में निवासी हों।
- अनुच्छेद 5 – जन्म/माता-पिता/निवास के आधार पर नागरिकता, अनुच्छेद 8 – विदेशों में भारतीय मूल के व्यक्ति, अनुच्छेद 10 – नागरिकता का निरंतरता।
भारत के संविधान का निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद, संसद को सशस्त्र बलों के सदस्यों और लोक व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तरदायी बलों के संबंध में मौलिक अधिकारों की प्रयोज्यता को बदलने का अधिकार प्रदान करता है?
- अनुच्छेद 35
- अनुच्छेद 42
- अनुच्छेद 45
- अनुच्छेद 33
Explanation:
- अनुच्छेद 33 संसद को सशस्त्र बलों, रक्षा बलों, पुलिस बलों, या लोक व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तरदायी किसी भी बल के सदस्यों पर मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) की प्रयोज्यता को सीमित या बदलने का अधिकार देता है, ताकि अनुशासन बनाए रखा जा सके।
- इसके तहत, संसद कानून बनाकर यह निर्धारित कर सकती है कि कौन-से मौलिक अधिकार (जैसे अनुच्छेद 14, 19, 21) इन बलों पर लागू नहीं होंगे या संशोधित होंगे।
- अनुच्छेद 35 – मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के लिए कानून, 42 – कार्य की मानवीय स्थितियाँ, 45 – बाल शिक्षा (संशोधित)।
कौन-सा विधान, केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के सृजन और प्रचालन के लिए विधिक आधार बनाता है?
- सेवा विषयक अधिनियम, 1990
- प्रशासनिक अधिकरण अधिनियम, 1985
- न्यायपालिका अधिनियम, 1971
- अधिकरण सुधार अधिनियम, 1980
Explanation:
- प्रशासनिक अधिकरण अधिनियम, 1985 (Administrative Tribunals Act) ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) और राज्य प्रशासनिक अधिकरणों (SAT) की स्थापना का विधिक आधार प्रदान किया।
- CAT की स्थापना अनुच्छेद 323A के तहत की गई है, जो संसद को प्रशासनिक अधिकरण स्थापित करने की शक्ति देता है।
- CAT का मुख्य कार्य केंद्र सरकार के कर्मचारियों की भर्ती, सेवा शर्तों और अनुशासन संबंधी विवादों का निपटारा करना है।
- अतिरिक्त तथ्य: CAT के निर्णय के विरुद्ध सीधे सर्वोच्च न्यायालय में अपील की जा सकती है (धारा 28 के तहत)।
निम्नलिखित में से कौन-सा, 73वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 की विशेषता नहीं है?
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान
- ग्राम स्तर पर लोकपाल की स्थापना
- पंचायतों के लिए हर पांच साल में अनिवार्य चुनाव
- स्वशासन की संस्थाओं के रूप में पंचायतों की स्थापना
Explanation:
- 73वां संविधान संशोधन (1992) ने पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया और इसे भाग IX (अनुच्छेद 243-243O) में जोड़ा।
- इसकी विशेषताएँ: (i) त्रि-स्तरीय पंचायतें (ग्राम, मध्यवर्ती, जिला), (ii) SC/ST और महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण, (iii) 5 वर्ष के लिए अनिवार्य चुनाव, (iv) स्वशासन संस्थाओं के रूप में स्थापना, (v) राज्य निर्वाचन आयोग, (vi) राज्य वित्त आयोग।
- ग्राम स्तर पर लोकपाल – यह 73वें संशोधन की विशेषता नहीं है (यह 2008 में ‘लोकपाल विधेयक’ में प्रस्तावित किया गया था, पर संविधान में नहीं जोड़ा गया)।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 239AA के अनुसार, संविधान (69वां संशोधन) अधिनियम, 1991 के लागू होने के बाद, दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश को निम्नलिखित में से किस नाम से जाना जाता है?
- एडमिनिस्ट्रेटिव कैपिटल ऑफ इंडिया (Administrative Capital of India)
- नेशनल कैपिटल रीजन ऑफ दिल्ली (National Capital Region of Delhi)
- यूनियन स्टेट ऑफ दिल्ली (Union State of Delhi)
- नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ दिल्ली (National Capital Territory of Delhi)
Explanation:
- 69वें संविधान संशोधन (1991) ने अनुच्छेद 239AA जोड़ा और दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश को “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली” (National Capital Territory of Delhi) नाम दिया।
- यह संशोधन दिल्ली को एक विधानमंडल और मुख्यमंत्री प्रदान करता है, पर पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं देता (पुलिस, भूमि, लोक व्यवस्था केंद्र के अधीन)।
- इसके अलावा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) एक अलग अवधारणा है (जो दिल्ली और आसपास के जिलों को कवर करती है), पर यह NCT (National Capital Territory) ही दिल्ली का आधिकारिक नाम है।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 243V, किस प्रकार के निकाय में सदस्यता के लिए अयोग्यता पर लागू होता है?
- पंचायत
- जिला परिषद
- राज्य विधानमंडल
- नगर पालिका
Explanation:
- अनुच्छेद 243V नगरपालिकाओं (Municipalities) की सदस्यता के लिए अयोग्यता (disqualification) से संबंधित है।
- यह अनुच्छेद निर्दिष्ट करता है कि कोई व्यक्ति नगरपालिका का सदस्य नहीं बन सकता, यदि वह (i) किसी न्यायालय द्वारा अयोग्य घोषित किया गया हो, (ii) दिवालिया (insolvent) हो, (iii) मानसिक रूप से अस्वस्थ हो, (iv) किसी संविदा (contract) में रुचि रखता हो, या (v) किसी अन्य कानून के तहत अयोग्य घोषित हो।
- इसी प्रकार, अनुच्छेद 243F पंचायतों के लिए अयोग्यता से संबंधित है।
- नगरपालिकाओं के लिए यह प्रावधान 74वें संशोधन (1992) के तहत जोड़ा गया था।
भारतीय संविधान निम्नलिखित में से किन परिस्थितियों में संसद को राज्य सूची में उल्लिखित मामलों पर कानून बनाने का अधिकार देता है? 1. राज्य सभा द्वारा उस आशय का प्रस्ताव पारित करने पर 2. राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान 3. राज्य के अनुरोध पर 4. अंतर्राष्ट्रीय समझौतों को लागू करने के लिए 5. प्रधानमंत्री के विवेक पर
- केवल 1, 2, 4 और 5
- केवल 1, 2, 3 और 5
- केवल 1, 2, 3 और 4
- केवल 2, 3, 4 और 5
Explanation:
- संसद राज्य सूची के विषयों पर कानून बना सकती है, यदि:
- 1. राज्य सभा द्वारा (अनुच्छेद 249) – 2/3 बहुमत से प्रस्ताव पारित हो – राष्ट्रीय हित में।
- 2. राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) के दौरान (अनुच्छेद 250) – आपातकाल के दौरान, संसद राज्य सूची पर कानून बना सकती है।
- 3. राज्य के अनुरोध पर (अनुच्छेद 252) – यदि दो या अधिक राज्य विधानमंडल संसद को ऐसा करने की अनुमति देते हैं।
- 4. अंतर्राष्ट्रीय समझौतों को लागू करने के लिए (अनुच्छेद 253) – संसद को अंतर्राष्ट्रीय संधियों के अनुपालन में कानून बनाने का अधिकार है (यह राज्य सूची पर भी लागू होता है)।
- 5. प्रधानमंत्री के विवेक पर – यह गलत है, क्योंकि संविधान में ऐसी कोई शक्ति नहीं है।
- अतः सही विकल्प – 1, 2, 3 और 4।
भारत के संविधान के अनुच्छेद 171 के अनुसार, किसी राज्य की विधान परिषद की कुल सदस्यता, राज्य विधान सभा के कुल सदस्यों के निम्नलिखित में से किस अनुपात से अधिक नहीं होगी?
- एक-तिहाई
- एक-चौथाई
- आधी
- दो-तिहाई
Explanation:
- अनुच्छेद 171 के अनुसार, किसी राज्य की विधान परिषद (Legislative Council) की कुल सदस्यता, उस राज्य की विधान सभा की कुल सदस्यता के एक-तिहाई (1/3) से अधिक नहीं होगी।
- साथ ही, विधान परिषद की न्यूनतम सदस्यता 40 होनी चाहिए (अनुच्छेद 171(2))।
- अतिरिक्त तथ्य: विधान परिषद की सदस्यता का चुनाव विभिन्न प्रकार से होता है – एक-तिहाई स्थानीय निकायों द्वारा, एक-तिहाई शिक्षकों/स्नातकों द्वारा, एक-तिहाई विधान सभा सदस्यों द्वारा, और शेष राज्यपाल द्वारा मनोनीत।
3 दिसंबर, 2004 के बाद भारत के बाहर जन्मे व्यक्ति को वंशज के आधार पर भारतीय नागरिक माने जाने के लिए कौन-सी शर्त पूरी होनी चाहिए?
- उनके माता-पिता दोनों भारतीय नागरिक होने चाहिए
- उन्हें कम से कम 5 वर्ष तक भारत में रहना होगा
- उन्हें किसी अन्य राष्ट्रीयता का त्याग करना होगा
- उन्हें 10 वर्षों तक भारत में रहना होगा
Explanation:
- नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 4(1A) के अनुसार, 3 दिसंबर, 2004 के बाद भारत के बाहर जन्मे व्यक्ति को वंशज (by descent) के आधार पर भारतीय नागरिक माने जाने के लिए माता और पिता दोनों भारतीय नागरिक होने चाहिए।
- इससे पहले (2004 से पहले), केवल पिता का भारतीय नागरिक होना पर्याप्त था।
- यह संशोधन लिंग समानता को बढ़ावा देने के लिए किया गया था, ताकि माता और पिता दोनों को समान अधिकार मिलें।
- अतिरिक्त तथ्य: यदि बच्चा जन्म के समय विदेशी नागरिकता प्राप्त कर लेता है, तो वह भारतीय नागरिक नहीं माना जाएगा (जब तक वह उसे त्याग न करे)।
दिसंबर 2025 तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, DPDP एक्ट, 2023 के तहत माता-पिता की सहमति (parental consent) की क्या भूमिका है?
- सभी डिजिटल डिवाइस की खरीद को मंजूरी देना
- स्कूलों को बच्चों के चिकित्सा अभिलेखों तक पहुँच की अनुमति देना
- बच्चों को ऑनलाइन परीक्षाओं तक पहुंच स्वीकृत करना
- डेटा फिड्यूशियरी द्वारा बच्चे के व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण की अनुमति देना
Explanation:
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम, 2023 के तहत, बच्चों (18 वर्ष से कम) के व्यक्तिगत डेटा को संसाधित (process) करने के लिए माता-पिता या अभिभावक की सहमति अनिवार्य है।
- डेटा फिड्यूशियरी (Data Fiduciary) को यह सुनिश्चित करना होता है कि वे बच्चे की सहमति प्राप्त करने से पहले माता-पिता की पहचान सत्यापित करें और स्पष्ट सहमति (verifiable parental consent) लें।
- यह प्रावधान बच्चों की ऑनलाइन गोपनीयता और उनके डेटा के दुरुपयोग को रोकने के लिए किया गया है।
- अतिरिक्त तथ्य: DPDP अधिनियम प्रोफाइलिंग और ट्रैकिंग पर भी प्रतिबंध लगाता है, जो बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है।
भारत के संविधान के अनुसार, अनुच्छेद 182 निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
- राज्य विधान परिषद के सभापति और उपसभापति
- सदस्यता के लिए अयोग्यता
- राज्य विधानसभाओं की संरचना
- राज्यपाल के विशेष संबोधन
Explanation:
- अनुच्छेद 182 राज्य विधान परिषद (Legislative Council) के सभापति (Chairman) और उपसभापति (Deputy Chairman) से संबंधित है।
- यह अनुच्छेद विधान परिषद के सभापति और उपसभापति के चुनाव, पदावधि और हटाने की प्रक्रिया को निर्दिष्ट करता है।
- अनुच्छेद 181 – विधानसभा के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष, अनुच्छेद 191 – सदस्यता अयोग्यता, अनुच्छेद 174 – राज्यपाल का संबोधन।
- अतिरिक्त तथ्य: सभापति की भूमिका विधान परिषद की कार्यवाही को संचालित करना होती है, जो विधानसभा के अध्यक्ष के समान होती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा, मंत्रिपरिषद की त्रि-स्तरीय संरचना को सटीक रूप से निरूपित करता है?
- मुख्यमंत्री – राज्य मंत्री – उप-मुख्यमंत्री
- कैबिनेट मंत्री – राज्य मंत्री – उप-मंत्री
- प्रधानमंत्री – राज्य मंत्री – कैबिनेट मंत्री
- कैबिनेट मंत्री – उप-मंत्री – राज्यपाल
Explanation:
- मंत्रिपरिषद की त्रि-स्तरीय संरचना (केंद्र में) होती है:
- 1. कैबिनेट मंत्री (Cabinet Ministers) – वरिष्ठ मंत्री, जो महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार रखते हैं और कैबिनेट बैठकों में भाग लेते हैं।
- 2. राज्य मंत्री (Ministers of State) – कैबिनेट मंत्रियों के अधीन कार्य करते हैं, स्वतंत्र प्रभार रख सकते हैं (MoS Independent Charge)।
- 3. उप-मंत्री (Deputy Ministers) – प्रायः जूनियर मंत्री, जो सहायता करते हैं (हालाँकि वर्तमान में यह पद कम प्रयोग होता है)।
- अत: विकल्प कैबिनेट मंत्री – राज्य मंत्री – उप-मंत्री सटीक है।
उद्देशिका, मुख्यतः निम्नलिखित में से किस रूप में कार्य करती है?
- एक वित्तीय दिशानिर्देश
- संविधान की एक अनुसूची
- विधि का प्रवर्तनीय भाग
- निर्वचन के लिए एक निर्देशक सिद्धांत
Explanation:
- उद्देशिका (Preamble) को निर्वचन (interpretation) के लिए एक निर्देशक सिद्धांत के रूप में कार्य करना माना जाता है – यह संविधान के लक्ष्यों और दर्शन को स्पष्ट करती है, और न्यायालयों को संविधान के किसी प्रावधान की व्याख्या करने में सहायता करती है (यदि कोई अस्पष्टता हो) – के. के. मैथ्यू बनाम केरल राज्य (1956) के मामले में यह देखा गया।
- उद्देशिका प्रवर्तनीय (enforceable) नहीं है और न ही यह कोई वित्तीय दिशानिर्देश है, न ही अनुसूची (यह संविधान का प्रारंभिक भाग है)।
- हालाँकि, उच्चतम न्यायालय ने उद्देशिका को संविधान का अभिन्न अंग माना है (केसवानंद भारती, 1973)।
निम्नलिखित में से कौन-सा अधिनियम, ब्रिटिश संसद द्वारा भारत में, विशेष रूप से बंगाल में, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के क्षेत्रों के प्रशासन को विनियमित करने के लिए अधिनियमित किया गया था?
- चार्टर एक्ट, 1813
- भारत सरकार एक्ट, 1858
- रेगुलेटिंग एक्ट, 1773
- पिट्स इंडिया एक्ट, 1784
Explanation:
- रेगुलेटिंग अधिनियम, 1773 (Regulating Act) ब्रिटिश संसद द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन को विनियमित करने के लिए पारित किया गया था, विशेष रूप से बंगाल (और मद्रास, बॉम्बे) के क्षेत्रों में।
- इस अधिनियम ने कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) की स्थापना की, गवर्नर-जनरल (लॉर्ड वॉरेन हेस्टिंग्स) का पद सृजित किया, और कंपनी के निदेशकों को नियंत्रण के लिए अधीन किया।
- चार्टर एक्ट 1813 – कंपनी के व्यापारिक एकाधिकार को समाप्त किया, 1858 – क्राउन का शासन, 1784 – पिट्स एक्ट – द्वैध शासन (डबल गवर्नमेंट)।
अनुच्छेद 23 विशेषतः किसको प्रतिबंधित करता है?
- जोखिम वाले उद्योगों में बाल श्रमिक नियोजन
- सशस्त्र बलों में अनिवार्य सेवा
- मानव तस्करी
- उपाधि प्रदान करना
Explanation:
- अनुच्छेद 23 मानव तस्करी (trafficking in human beings) और बेगार (begar) (अनैच्छिक श्रम) को प्रतिबंधित करता है।
- यह एक मौलिक अधिकार है, जो व्यक्ति को शोषण से बचाने के लिए है।
- इस अनुच्छेद के तहत, राज्य कानून बना सकता है, जो किसी भी व्यक्ति को अनैच्छिक श्रम (जबरन श्रम) करने से रोके।
- अनुच्छेद 24 – बाल श्रम (14 वर्ष से कम) को प्रतिबंधित करता है, अनुच्छेद 18 – उपाधियों को समाप्त करता है, अनुच्छेद 23 में सशस्त्र बलों में अनिवार्य सेवा को छूट दी गई है (यह अनुच्छेद 23(2) के तहत अनुमत है)।
एल. एम. सिंघवी (L. M. Singhvi) के अनुसार, राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों को क्या माना जाता है?
- नैतिक अधिकार
- मौलिक अधिकार
- संविधान के जीवनदायी प्रावधान
- कानूनी अधिकार
Explanation:
- प्रसिद्ध विधिवेत्ता एल. एम. सिंघवी ने राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (Directive Principles of State Policy, DPSP) को संविधान के “जीवनदायी प्रावधान” (life-giving provisions) कहा था।
- DPSP (अनुच्छेद 36-51) राज्य को सामाजिक, आर्थिक और न्यायिक कल्याण के लिए मार्गदर्शन करते हैं, यद्यपि वे न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं (अनुच्छेद 37)।
- सिंघवी का मानना था कि ये सिद्धांत संविधान को जीवंत बनाते हैं और शासन को एक कल्याणकारी राज्य की ओर अग्रसर करते हैं।
- अतिरिक्त तथ्य: DPSP को भारत का आर्थिक संविधान भी कहा जाता है, और यह आयरलैंड के संविधान से प्रेरित है।
97वें संशोधन अधिनियम, 2011 द्वारा जोड़ा गया कौन-सा अनुच्छेद सहकारी समितियों के पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा देता है?
- अनुच्छेद 43B
- अनुच्छेद 48A
- अनुच्छेद 38
- अनुच्छेद 43A
Explanation:
- 97वें संविधान संशोधन (2011) ने अनुच्छेद 43B जोड़ा, जो राज्य को सहकारी समितियों के स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कार्य और पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा देने का निर्देश देता है।
- यह अनुच्छेद राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (DPSP) के अंतर्गत आता है और सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए है।
- अनुच्छेद 43A – उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी, 48A – पर्यावरण संरक्षण, 38 – सामाजिक व्यवस्था सुनिश्चित करना।
- अतिरिक्त तथ्य: 97वें संशोधन ने सहकारी समितियों को मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 19(1)(c)) के तहत भी सुरक्षा प्रदान की और भाग IXB (अनुच्छेद 243Z-243ZT) जोड़ा।
निम्नलिखित में से कौन-सा, राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों के संदर्भ में सुमेलित नहीं है?
- अनुच्छेद 40 – ग्राम पंचायतों का संगठन
- अनुच्छेद 39A – समान न्याय और निःशुल्क कानूनी सहायता
- अनुच्छेद 43A – उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी
- अनुच्छेद 41 – न्यायसंगत और मानवीय कार्य परिस्थितियों तथा मातृत्व अवकाश के लिए प्रावधान
Explanation:
- अनुच्छेद 41 – कार्य, शिक्षा और सार्वजनिक सहायता का अधिकार (बेरोजगारी, वृद्धावस्था, बीमारी आदि के मामलों में) से संबंधित है।
- अनुच्छेद 42 – न्यायसंगत और मानवीय कार्य परिस्थितियों तथा मातृत्व अवकाश के प्रावधान से संबंधित है।
- अतः अनुच्छेद 41 को अनुच्छेद 42 के साथ सुमेलित करना गलत है – यह असुमेलित (not matched) है।
- अन्य सुमेलन सही हैं: 40 (पंचायत), 39A (समान न्याय, 42वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया), 43A (श्रमिक भागीदारी, 42वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया)।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा पुदुचेरी के प्रशासकों को ______ के रूप में नामित किया गया है।
- राज्यपाल (Governor)
- उपराज्यपाल (Lieutenant Governor)
- प्रशासक (Administrator)
- मुख्यमंत्री (Chief Minister)
Explanation:
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा पुदुचेरी के प्रशासकों को उपराज्यपाल (Lieutenant Governor) के रूप में नामित किया गया है।
- अन्य केंद्र शासित प्रदेशों (जैसे चंडीगढ़, दादरा-नागर हवेली) के प्रशासकों को प्रशासक (Administrator) कहा जाता है, पर दिल्ली, अंडमान-निकोबार और पुदुचेरी में उपराज्यपाल होते हैं (क्योंकि इनमें विधानमंडल या विशेष दर्जा है)।
- अतिरिक्त तथ्य: पुदुचेरी का उपराज्यपाल भारत के राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है, और यह केंद्र सरकार का प्रतिनिधि होता है।
भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद राज्य को पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित करने का निर्देश देता है?
- अनुच्छेद 42(b)
- अनुच्छेद 15
- अनुच्छेद 39(d)
- अनुच्छेद 14
Explanation:
- अनुच्छेद 39(d) – राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (DPSP) के अंतर्गत, यह निर्देशित करता है कि राज्य पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित करे।
- यह अनुच्छेद 39 (समान वेतन) का ही हिस्सा है, और इसे समान वेतन अधिनियम, 1976 के माध्यम से लागू किया गया है।
- अनुच्छेद 15 – भेदभाव पर प्रतिबंध (मौलिक अधिकार), अनुच्छेद 14 – विधि के समक्ष समानता।
- अतिरिक्त तथ्य: यह सिद्धांत अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के समान वेतन कन्वेंशन (1951) के अनुरूप है।
भारतीय संविधान की उद्देशिका में प्रयुक्त ‘संप्रभु (Sovereign)’ शब्द का भारत के लिए क्या अर्थ है?
- सभी नागरिकों के लिए धार्मिक स्वतंत्रता
- राष्ट्रपति नियुक्त करने की शक्ति
- बाह्य नियंत्रण से स्वतंत्र
- गुटनिरपेक्षता की नीति
Explanation:
- ‘संप्रभु’ (Sovereign) का अर्थ है कि भारत बाह्य नियंत्रण (external control) से स्वतंत्र है – यानी भारत किसी अन्य देश या शक्ति के अधीन नहीं है, और उसे अपने आंतरिक और बाह्य मामलों पर पूर्ण अधिकार है।
- यह भारत को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में स्थापित करता है, जो किसी भी विदेशी प्रभाव के बिना अपने निर्णय ले सकता है।
- धार्मिक स्वतंत्रता – उद्देशिका में ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द (42वें संशोधन द्वारा) से संबंधित है, ‘संप्रभु’ से नहीं।
- अतिरिक्त तथ्य: भारत की संप्रभुता राष्ट्रों के बीच समानता और अंतर्राष्ट्रीय कानून के प्रति सम्मान पर आधारित है (अनुच्छेद 51)।
भारतीय संविधान के प्रारंभ के बाद, कौन-सा संवैधानिक अनुच्छेद भारतीय संसद को भारतीय नागरिकता के अर्जन और पर्यवसान से संबंधित कानून बनाने का अधिकार देता है?
- अनुच्छेद 6
- अनुच्छेद 11
- अनुच्छेद 8
- अनुच्छेद 5
Explanation:
- अनुच्छेद 11 संसद को नागरिकता के अर्जन (acquisition) और पर्यवसान (termination) तथा अन्य सभी नागरिकता संबंधी मामलों पर कानून बनाने का अधिकार देता है।
- इसी अनुच्छेद के तहत संसद ने नागरिकता अधिनियम, 1955 पारित किया, जो नागरिकता से संबंधित सभी प्रावधानों का आधार है (जन्म, वंशज, पंजीकरण, प्राकृतिकीकरण, भू-भाग विलय, आदि)।
- अनुच्छेद 5-10 संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता के विशिष्ट आधारों से संबंधित हैं, जबकि अनुच्छेद 11 संसद को व्यापक विधायी शक्ति प्रदान करता है।
- अतिरिक्त तथ्य: अनुच्छेद 11 अवशिष्ट शक्ति (residuary power) के रूप में कार्य करता है, जो संसद को नागरिकता के किसी भी पहलू पर कानून बनाने की अनुमति देता है।
समवर्ती सूची के विषय पर जब किसी राज्य विधानमंडल द्वारा पारित विधि संसदीय विधि से वैषम्य (clash) है, तो विधिक परिणाम क्या होता है?
- इस मामले का निपटारा सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न के माध्यम से किया जाता है
- राज्य विधान स्वतः केंद्रीय विधि पर अधिभावी हो जाता है
- राज्य विधि पर केंद्रीय विधि तब तक अधिभावी रहती है जब तक कि राज्य विधि को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त नहीं हो जाती
- संसद, राज्य विधि को निष्प्रभावी करने के लिए बाध्य हो जाती है
Explanation:
- अनुच्छेद 254(1) के अनुसार, यदि समवर्ती सूची (Concurrent List) के किसी विषय पर राज्य विधानमंडल द्वारा बनाई गई विधि संसद द्वारा बनाई गई विधि के साथ वैषम्य (clash) रखती है, तो संसदीय विधि राज्य विधि पर अधिभावी (prevail) होगी।
- हालाँकि, अनुच्छेद 254(2) में एक अपवाद है – यदि राज्य विधि को राष्ट्रपति की स्वीकृति (assent) प्राप्त हो जाती है, तो वह उस राज्य में संसदीय विधि पर अधिभावी हो सकती है (पर राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद भी, संसद बाद में उस विषय पर कानून बनाकर राज्य विधि को निष्प्रभावी कर सकती है)।
- अतः सही विकल्प: राज्य विधि पर केंद्रीय विधि तब तक अधिभावी रहती है जब तक कि राज्य विधि को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त नहीं हो जाती।
भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद, मानवीय कार्य परिस्थितियों और मातृत्व अवकाश के प्रावधान को अनिवार्य बनाता है?
- अनुच्छेद 48
- अनुच्छेद 41
- अनुच्छेद 42
- अनुच्छेद 44
Explanation:
- अनुच्छेद 42 राज्य को न्यायसंगत (just) और मानवीय (humane) कार्य परिस्थितियों तथा मातृत्व अवकाश (maternity relief) के लिए प्रावधान करने का निर्देश देता है।
- यह एक राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत (DPSP) है और मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 इसी अनुच्छेद के आधार पर बनाया गया है।
- अनुच्छेद 41 – कार्य, शिक्षा और सार्वजनिक सहायता का अधिकार, 44 – समान नागरिक संहिता, 48 – कृषि और पशुपालन का संगठन।
- अतिरिक्त तथ्य: अनुच्छेद 42 को 42वें संशोधन (1976) के दौरान DPSP के रूप में स्पष्ट किया गया था, हालाँकि यह मूल संविधान में भी था।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भारत के संविधान में राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों के रूप में समाहित गांधीवादी आदर्शों को प्रतिबिंबित करता है?
- जीवन स्तर और सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ाना
- ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना
- बच्चों को शोषण से बचाना
- सभी के लिए उपयुक्त रोजगार सुनिश्चित करना
Explanation:
- अनुच्छेद 43 – राज्य ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों (cottage industries) को बढ़ावा देने का प्रयास करेगा – यह गांधीवादी आदर्श है, जो ग्रामीण स्वावलंबन और स्थानीय उत्पादन पर केंद्रित है।
- गांधी जी के अन्य आदर्श DPSP में: अनुच्छेद 40 (ग्राम पंचायत), अनुच्छेद 46 (SC/ST/पिछड़ों का कल्याण), अनुच्छेद 48 (गाय की हत्या पर रोक), अनुच्छेद 47 (नशीले पदार्थों पर रोक)।
- जीवन स्तर – अनुच्छेद 47, बच्चों का शोषण – अनुच्छेद 39(f), रोजगार – अनुच्छेद 39(a) और 41।
निम्नलिखित में से कौन-सी तृतीय-बोडो भाषा है जिसे भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया है?
- संथाली
- मैथिली
- बोडो
- कोंकणी
Explanation:
- बोडो (Bodo) भाषा को 92वें संविधान संशोधन (2003) के माध्यम से आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था (बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली के साथ)।
- बोडो तिब्बती-बर्मी भाषा परिवार की एक भाषा है, जो मुख्यतः असम, पश्चिम बंगाल और नागालैंड के कुछ क्षेत्रों में बोली जाती है।
- संथाली, मैथिली और कोंकणी भी आठवीं अनुसूची में शामिल हैं, पर बोडो ही तृतीय-बोडो (Tibeto-Burman) परिवार की भाषा है (संथाली – ऑस्ट्रो-एशियाटिक, मैथिली – इंडो-आर्यन, कोंकणी – इंडो-आर्यन)।
भारतीय संविधान के 74वें संशोधन के अंतर्गत, मताधिकारों के बिना नगरपालिका में प्रतिनिधित्व के लिए कौन पात्र होता है?
- राज्यों के राज्यपाल
- ग्राम सभा के सदस्य
- नगरपालिका प्रशासन में विशेष ज्ञान रखने वाले व्यक्ति
- मुख्यमंत्री
Explanation:
- 74वें संशोधन (1992) के तहत, अनुच्छेद 243T के अनुसार, नगरपालिका में मताधिकार (voting rights) के बिना प्रतिनिधित्व के लिए वे व्यक्ति पात्र हो सकते हैं जिन्हें नगरपालिका प्रशासन में विशेष ज्ञान या अनुभव हो (जैसे शहरी योजनाकार, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, इंजीनियर) – इन्हें विशेषज्ञ सदस्य या मनोनीत सदस्य कहा जाता है (हालाँकि अधिकांश राज्यों में निर्वाचित सदस्य ही होते हैं, पर 74वें संशोधन में राज्य विधानमंडल को ऐसा प्रावधान करने की अनुमति है)।
- सामान्यतः, नगरपालिका के सभी सदस्य निर्वाचित होते हैं, पर विशेषज्ञों को बिना वोट के सदस्य बनाया जा सकता है (अनुच्छेद 243T(4))।
- अतिरिक्त तथ्य: 74वें संशोधन ने नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा दिया और शहरी स्थानीय निकायों को सुदृढ़ किया।
निम्नलिखित में से कौन-सी भाषा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं है?
- संस्कृत
- उर्दू
- नेपाली
- अंग्रेजी
Explanation:
- अंग्रेजी (English) आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं है – आठवीं अनुसूची में भारत की आधिकारिक भाषाएँ सूचीबद्ध हैं, जिनमें 22 भाषाएँ शामिल हैं (जैसे हिंदी, बंगाली, मराठी, तमिल, तेलुगु, उर्दू, संस्कृत, नेपाली, बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली आदि)।
- अंग्रेजी को संविधान के भाग XVII के तहत संघ की राजभाषा के रूप में (अनुच्छेद 343) और सहायक राजभाषा के रूप में 15 वर्षों के लिए (बाद में हिंदी के साथ जारी रखा गया) मान्यता दी गई है, पर आठवीं अनुसूची में नहीं।
- अतिरिक्त तथ्य: 8वीं अनुसूची में वर्तमान में 22 भाषाएँ हैं (जिनमें 1950 में 14, 1967 में 15, 1992 में 18, 2003 में 22)।
निम्नलिखित युग्मों पर विचार करें। 1. 63 – भारत के उपराष्ट्रपति 2. 64 – उपराष्ट्रपति, राज्य परिषद का पदेन अध्यक्ष होगा 3. 65 – राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा 4. 66 – उपराष्ट्रपति का चुनाव उपरोक्त युग्मों में से कौन-सा/से सुमेलित है/हैं?
- केवल 2, 3 और 4
- 1, 2, 3 और 4
- केवल 1, 2 और 3
- केवल 1 और 2
Explanation:
- सभी चार युग्म सुमेलित हैं:
- अनुच्छेद 63 – भारत का उपराष्ट्रपति होगा।
- अनुच्छेद 64 – उपराष्ट्रपति राज्य परिषद (Rajya Sabha) का पदेन अध्यक्ष (ex-officio Chairman) होगा।
- अनुच्छेद 65 – राष्ट्रपति की अनुपस्थिति (मृत्यु, त्यागपत्र, निष्कासन, बीमारी) में उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा।
- अनुच्छेद 66 – उपराष्ट्रपति का चुनाव – एकल संक्रमणीय मत प्रणाली के माध्यम से, संसद के दोनों सदनों के सदस्यों द्वारा किया जाता है।
- अतः सभी चार सुमेलित हैं।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की स्थापना ________ के तहत की गई थी।
- विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987
- कानूनी सहायता और सलाह अधिनियम, 1972
- दंड प्रक्रिया संहिता, 1973
- अधिवक्ता अधिनियम, 1961
Explanation:
- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की स्थापना विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 (जो 1995 में लागू हुआ) के तहत की गई थी।
- NALSA का मुख्य कार्य मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करना और लोक अदालतों का आयोजन करना है, ताकि समाज के कमजोर वर्गों को न्याय मिल सके।
- इसके अलावा, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (SLSA) और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) भी इसी अधिनियम के तहत स्थापित किए गए हैं।
- अतिरिक्त तथ्य: NALSA का मुख्यालय नई दिल्ली में है, और इसके अध्यक्ष भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) होते हैं।
संविधान (95वाँ संशोधन) अधिनियम, 2009 के अंतर्गत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आंग्ल-भारतीय के लिए सीटों के आरक्षण को कितने वर्षों के लिए बढाया गया है?
- पाँच वर्ष
- पंद्रह वर्ष
- बीस वर्ष
- दस वर्ष
Explanation:
- 95वां संविधान संशोधन (2009) ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और आंग्ल-भारतीय (Anglo-Indian) के लिए सीटों के आरक्षण को 10 वर्षों के लिए बढ़ाया (यानी 2020 तक, जो बाद में 104वें संशोधन द्वारा 2030 तक बढ़ाया गया)।
- SC/ST आरक्षण अनुच्छेद 330-342 के तहत है, और इसे हर 10 वर्षों में संसद द्वारा विस्तारित किया जाता है।
- आंग्ल-भारतीय आरक्षण (अनुच्छेद 331) 104वें संशोधन (2019) द्वारा समाप्त कर दिया गया था (पर 95वें संशोधन में यह बढ़ाया गया था)।
- अतिरिक्त तथ्य: 95वां संशोधन 2010 में लागू हुआ, और इसने पहले की समय-सीमा (2000) को 2010 तक बढ़ाया, और फिर 2020 तक बढ़ाया।
किस संवैधानिक संशोधन अधिनियम के अंतर्गत बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली भाषाओं को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में जोड़ा गया?
- 93वां संशोधन अधिनियम, 2005
- 86वां संशोधन अधिनियम, 2002
- 92वां संशोधन अधिनियम, 2003
- 91वां संशोधन अधिनियम, 2003
Explanation:
- 92वां संविधान संशोधन (2003) ने बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली भाषाओं को आठवीं अनुसूची में जोड़ा, जिससे सूची में भाषाओं की संख्या 18 से बढ़कर 22 हो गई।
- इससे पहले, 71वें संशोधन (1992) ने कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली को जोड़ा था।
- 93वां (2005) – OBC आरक्षण (अनुच्छेद 15(5)), 86वां (2002) – शिक्षा का अधिकार (अनुच्छेद 21A), 91वां (2003) – मंत्रिपरिषद के आकार को सीमित करना।
- अतिरिक्त तथ्य: बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली सभी भारत की क्षेत्रीय भाषाएँ हैं, और इन्हें शामिल करने से इन भाषाओं को सरकारी और सांस्कृतिक मान्यता मिली।
निम्नलिखित में से किस अधिनियम के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की एक अपनी विधानसभा होगी?
- दिल्ली शासन अधिनियम, 2001
- दिल्ली प्रशासन अधिनियम, 1987
- केंद्र शासित प्रदेश अधिनियम, 1963
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम, 1991
Explanation:
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम, 1991 (जो 69वें संविधान संशोधन, 1991 के अनुरूप है) ने प्रावधान किया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (NCT Delhi) की अपनी विधानसभा होगी।
- इस अधिनियम ने दिल्ली को विधानमंडल और मुख्यमंत्री प्रदान किया, हालाँकि पुलिस, भूमि और सार्वजनिक व्यवस्था केंद्र सरकार के अधीन रही।
- दिल्ली की पहली विधानसभा 1993 में बनी थी (हालाँकि 1966-1993 के बीच दिल्ली में मेट्रोपॉलिटन काउंसिल थी, पर पूर्ण विधानसभा नहीं)।
- अतिरिक्त तथ्य: इस अधिनियम को 69वें संविधान संशोधन द्वारा संवैधानिक दर्जा दिया गया, और अनुच्छेद 239AA जोड़ा गया।
निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद, भारतीय संविधान के राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों में वर्ष 2011 के संविधान (97वाँ संशोधन) अधिनियम द्वारा जोड़ा गया था?
- अनुच्छेद 48A – पर्यावरण संरक्षण एवं सुधार तथा वनों और वन्य जीव की सुरक्षा
- अनुच्छेद 43A – उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी
- अनुच्छेद 43B – सहकारी समितियों को प्रोत्साहन
- अनुच्छेद 39A – समान न्याय और निःशुल्क कानूनी सहायता
Explanation:
- 97वें संविधान संशोधन (2011) ने DPSP में अनुच्छेद 43B जोड़ा, जो राज्य को सहकारी समितियों के स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कार्य और पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा देने का निर्देश देता है।
- इसके अलावा, 97वें संशोधन ने भाग IXB (अनुच्छेद 243Z-243ZT) जोड़ा, जो सहकारी समितियों के चुनाव, प्रबंधन और लेखापरीक्षा से संबंधित है।
- अनुच्छेद 48A – 42वें संशोधन (1976) द्वारा, 43A – 42वें संशोधन (1976) द्वारा, 39A – 42वें संशोधन (1976) द्वारा जोड़ा गया।
- अत: सही उत्तर अनुच्छेद 43B है।
निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद 51 में निहित नहीं है?
- राष्ट्रों के बीच न्यायपूर्ण और सम्मानपूर्ण संबंध
- अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देना
- भारत के वनों और वन्यजीवों का संरक्षण
- अंतर्राष्ट्रीय कानून और संधि दायित्वों का सम्मान
Explanation:
- अनुच्छेद 51 राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (DPSP) के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने से संबंधित है।
- इसमें शामिल हैं: (a) राष्ट्रों के बीच न्यायपूर्ण और सम्मानपूर्ण संबंध, (b) अंतर्राष्ट्रीय कानून और संधि दायित्वों का सम्मान, (c) अंतर्राष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान, (d) अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देना।
- भारत के वनों और वन्यजीवों का संरक्षण अनुच्छेद 48A (पर्यावरण संरक्षण) और अनुच्छेद 51A(g) (मौलिक कर्तव्य) के अंतर्गत आता है, न कि अनुच्छेद 51 के अंतर्गत।
- अत: यह विकल्प अनुच्छेद 51 में निहित नहीं है।
भारत के संविधान के अनुच्छेद 316 के तहत राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति प्राधिकारी ______ होता है।
- राज्य का मुख्यमंत्री
- भारत का राष्ट्रपति
- राज्य का राज्यपाल
- राज्य विधानसभा का अध्यक्ष
Explanation:
- अनुच्छेद 316 के अनुसार, राज्य लोक सेवा आयोग (State Public Service Commission) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है।
- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
- राज्यपाल, राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यों को नियुक्त करते समय, विधि (संविधान) के अनुसार कार्य करता है, और उन्हें उचित अवधि (सामान्यतः 6 वर्ष) के लिए नियुक्त किया जाता है।
- अतिरिक्त तथ्य: राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यों को राज्यपाल द्वारा, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद हटाया जा सकता है (अनुच्छेद 317)।
राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत का कौन-सा अनुच्छेद, भारत में पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को प्रतिबिंबित करता है?
- अनुच्छेद 39
- अनुच्छेद 44
- अनुच्छेद 43
- अनुच्छेद 41
Explanation:
- अनुच्छेद 39(d) (जो अनुच्छेद 39 का ही भाग है) समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को प्रतिबिंबित करता है, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों पर लागू होता है।
- अनुच्छेद 39 – DPSP का एक महत्वपूर्ण अनुच्छेद है, जिसमें (a) से (f) तक के उपबंध हैं, जो सामाजिक-आर्थिक न्याय पर केंद्रित हैं।
- अनुच्छेद 44 – समान नागरिक संहिता, 43 – कुटीर उद्योग, 41 – कार्य और सार्वजनिक सहायता का अधिकार।
- यह सिद्धांत समान वेतन अधिनियम, 1976 के रूप में लागू किया गया है।
भारतीय संविधान का निम्नलिखित में से कौन-सा भाग, भारतीय संघ की राजभाषाओं से संबंधित है?
- भाग XX
- भाग XV
- भाग XVII
- भाग XVI
Explanation:
- भाग XVII (अनुच्छेद 343-351) राजभाषा (Official Language) से संबंधित है, जिसमें संघ की राजभाषा (हिंदी, अंग्रेजी), राज्यों की राजभाषा, अंतर-राज्यीय संचार की भाषा, और विशेष निर्देश (अनुच्छेद 351 – हिंदी का प्रचार) शामिल हैं।
- भाग XV – निर्वाचन (अनुच्छेद 324-329A), भाग XVI – SC/ST/आंग्ल-भारतीय के लिए विशेष प्रावधान (अनुच्छेद 330-342), भाग XX – संविधान का संशोधन (अनुच्छेद 368)।
- अतिरिक्त तथ्य: भाग XVII के तहत, हिंदी (देवनागरी लिपि में) संघ की राजभाषा है, और अंग्रेजी को 15 वर्षों के बाद भी सहायक राजभाषा के रूप में जारी रखा गया।
74वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 ने संविधान की बारहवीं अनुसूची के अंतर्गत नगरपालिकाओं को ______ कार्यात्मक डोमेन सौंपे।
- 18
- 10
- 9
- 20
Explanation:
- 74वें संविधान संशोधन (1992) ने बारहवीं अनुसूची (12th Schedule) जोड़ी, जो नगरपालिकाओं (शहरी स्थानीय निकायों) को 18 कार्यात्मक डोमेन (विषय) सौंपती है, जैसे शहरी नियोजन, जलापूर्ति, स्वच्छता, सड़कें, पार्क, अग्निशमन, आवास, सामाजिक कल्याण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, कब्रिस्तान, सड़क प्रकाश, बाजार, सार्वजनिक स्वास्थ्य आदि।
- इसके विपरीत, 11वीं अनुसूची (73वां संशोधन) पंचायतों को 29 कार्य प्रदान करती है।
- अत: सही उत्तर 18 है।
बांग्लादेश के साथ भूमि सीमा समझौते को किस संवैधानिक संशोधन के माध्यम से संवैधानिक दर्जा दिया गया था?
- 101वां संशोधन
- 98वां संशोधन
- 97वां संशोधन
- 100वां संशोधन
Explanation:
- 100वां संविधान संशोधन (2015) ने भारत-बांग्लादेश भूमि सीमा समझौते (Land Boundary Agreement, LBA) को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया, जिसके तहत भारत और बांग्लादेश के बीच बहिष्कृत क्षेत्रों (enclaves) का आदान-प्रदान किया गया और सीमाओं को अंतिम रूप दिया गया।
- इस संशोधन ने प्रथम अनुसूची (राज्यों के क्षेत्र) में संशोधन किया, जिससे असम, पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा की सीमाएँ परिष्कृत हुईं।
- 101वां – GST, 98वां – (महत्वहीन), 97वां – सहकारी समितियाँ।
- अतिरिक्त तथ्य: यह समझौता 1974 में हुआ था, पर संशोधन 2015 में लागू हुआ, जिसमें 111 बहिष्कृत क्षेत्र भारत को और 51 बांग्लादेश को हस्तांतरित किए गए।
अनुच्छेद 47, निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
- कृषि संगठन
- पर्यावरण संरक्षण
- प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी
- पोषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य स्तर को बढ़ाना
Explanation:
- अनुच्छेद 47 – राज्य पोषण (nutrition) और सार्वजनिक स्वास्थ्य (public health) के स्तर को बढ़ाने तथा मादक पेय और हानिकारक नशीली दवाओं के उपयोग को रोकने का प्रयास करेगा (यह एक DPSP है)।
- यह अनुच्छेद गांधीवादी आदर्शों (जन स्वास्थ्य और नशे पर रोक) से संबंधित है।
- कृषि संगठन – अनुच्छेद 48, पर्यावरण संरक्षण – अनुच्छेद 48A, श्रमिक भागीदारी – अनुच्छेद 43A।
- अतिरिक्त तथ्य: इस अनुच्छेद के आधार पर राज्य नशीले पदार्थ निषेध कानून, पोषण मिशन (जैसे पोषण अभियान) और स्वास्थ्य योजनाएँ बनाता है।
भारत में अधीनस्थ न्यायालय समग्र न्यायिक प्रणाली को किस प्रकार सहयोग प्रदान करते हैं?
- सुगम, त्वरित और स्थानीय न्याय प्रदान करके
- विशेष रूप से अपीलों पर कार्रवाई करके
- नए कानून अधिनियमित करके
- उच्च न्यायपालिका में कानूनी शक्ति को केंद्रीकृत करके
Explanation:
- अधीनस्थ न्यायालय (Subordinate Courts) (जिला एवं सत्र न्यायालय, निचली अदालतें) न्यायिक प्रणाली का आधार हैं, जो सुगम (accessible), त्वरित (speedy) और स्थानीय (local) न्याय प्रदान करते हैं, जिससे लोगों को उनके क्षेत्र में न्याय मिलता है।
- ये अदालतें उच्च न्यायालयों के अधीन होती हैं और इनके माध्यम से अधिकांश मामलों (आपराधिक, सिविल) का प्रथम स्तर पर निपटारा होता है।
- अपीलों पर कार्रवाई – यह उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय का कार्य है, नए कानून – विधानमंडल, शक्ति का केंद्रीकरण – न्यायिक प्रणाली विकेंद्रीकृत है।
- अत: सही विकल्प – सुगम, त्वरित और स्थानीय न्याय प्रदान करके।
लोक सभा या राज्य विधानसभा के प्रत्येक आम चुनाव से पहले, राष्ट्रपति किसके साथ परामर्श करने के पश्चात क्षेत्रीय आयुक्तों की नियुक्ति कर सकते हैं?
- लोकसभा अध्यक्ष
- भारत के मुख्य न्यायाधीश
- निर्वाचन आयोग
- प्रधानमंत्री
Explanation:
- अनुच्छेद 324 के तहत, राष्ट्रपति, निर्वाचन आयोग (Election Commission) के साथ परामर्श करने के बाद, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के आम चुनावों से पहले क्षेत्रीय आयुक्तों (Regional Commissioners) की नियुक्ति कर सकता है, ताकि चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।
- क्षेत्रीय आयुक्त निर्वाचन आयोग की सहायता करते हैं और चुनावी कार्यों की निगरानी करते हैं।
- यह प्रावधान अनुच्छेद 324(3) के तहत आता है, जो निर्वाचन आयोग को चुनावों के संचालन में अधिकार प्रदान करता है, पर क्षेत्रीय आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है (निर्वाचन आयोग की सिफारिश पर)।
- अत: सही विकल्प – निर्वाचन आयोग।
1992 के 74वें संशोधन अधिनियम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। 1. इसके अंतर्गत भारत के संविधान में एक नया भाग IX-A जोड़ा गया। 2. इसके अंतर्गत संविधान में एक नई 10वीं अनुसूची भी जोड़ी गई। 3. इस अधिनियम के अंतर्गत प्रत्येक राज्य में तीन प्रकार की नगरपालिकाओं के गठन का प्रावधान है। 4. इसमें अनुच्छेद 243-P से 243-ZG तक के प्रावधान शामिल हैं। उपरोक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
- केवल 1, 3 और 4
- केवल 1, 2 और 3
- केवल 2 और 4
- केवल 2 और 3
Explanation:
- 74वां संशोधन (1992) ने भाग IX-A (अनुच्छेद 243-P से 243-ZG) जोड़ा – कथन 1 सही है।
- कथन 2 गलत है – 10वीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) 52वें संशोधन (1985) द्वारा जोड़ी गई थी, न कि 74वें द्वारा।
- कथन 3 सही है – 74वें संशोधन के तहत तीन प्रकार की नगरपालिकाएँ: (i) नगर पंचायत (संक्रमणकालीन क्षेत्र), (ii) नगर परिषद (छोटे शहरी क्षेत्र), (iii) नगर निगम (बड़े शहरी क्षेत्र) – प्रत्येक राज्य में इनका गठन होता है।
- कथन 4 सही है – 74वें संशोधन में अनुच्छेद 243-P से 243-ZG (भाग IX-A) शामिल हैं।
- अतः सही विकल्प – केवल 1, 3 और 4।
भारतीय संविधान का 52वां संशोधन अधिनियम, जिसके अंतर्गत निर्वाचित प्रतिनिधियों को राजनीतिक दल बदलने से रोकने के लिए दल-बदल विरोधी कानून लागू किया गया था, किस वर्ष पारित हुआ था?
- 1985
- 1975
- 1990
- 1980
Explanation:
- 52वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 (जनवरी 1985 में राजीव गांधी सरकार द्वारा) ने दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) लागू किया, जो 10वीं अनुसूची के रूप में जोड़ा गया।
- इस कानून के तहत, कोई सांसद या विधायक यदि अपने दल के निर्देशों के विरुद्ध मतदान करता है या दल छोड़ता है, तो वह अयोग्य घोषित हो सकता है।
- यह संशोधन राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने और दल-बदल की प्रवृत्ति को रोकने के लिए किया गया था।
- अत: सही उत्तर – 1985।
नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019, किन समुदायों से संबंधित व्यक्तियों को नागरिकता प्रदान करता है, यदि वे 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश से भारत में प्रवेश कर चुके हों?
- केवल सिख, ईसाई, हिंदू, जैन
- हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई
- मुस्लिम, ईसाई, पारसी, सिख
- हिंदू, मुस्लिम, जैन, पारसी
Explanation:
- नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019 हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों को (अर्थात मुस्लिमों को छोड़कर) नागरिकता प्रदान करता है, यदि वे 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश से भारत में प्रवेश कर चुके हैं।
- यह अधिनियम नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन करता है और इन धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करने की प्रक्रिया को सरल बनाता है।
- अत: सही विकल्प – हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई।
निम्नलिखित में से किस संशोधन ने नगरपालिकाओं के लिए “जिला योजना समितियां (District Planning Committees)” और “महानगरीय योजना समितियां (Metropolitan Planning Committees)” गठित करना संवैधानिक रूप से अनिवार्य बना दिया?
- 74वां संशोधन
- 102वां संशोधन
- 97वां संशोधन
- 73वां संशोधन
Explanation:
- 74वां संविधान संशोधन (1992) ने अनुच्छेद 243ZD (जिला योजना समिति) और 243ZE (महानगरीय योजना समिति) जोड़े, जो नगरपालिकाओं और पंचायतों के बीच समन्वित योजना बनाने हेतु अनिवार्य हैं।
- जिला योजना समिति – जिला स्तर पर शहरी और ग्रामीण योजना का समन्वय, महानगरीय योजना समिति – महानगर क्षेत्रों के लिए समग्र विकास योजना।
- 73वां संशोधन – पंचायतों के लिए, 97वां – सहकारी समितियाँ, 102वां – राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग।
- अत: सही उत्तर – 74वां संशोधन।
अनुच्छेद 39A के अंतर्गत निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करना अप्रत्यक्ष रूप से उद्देशिका के किस उद्देश्य को बढावा देता है?
- न्याय
- प्रभुता
- गणराज्य
- धर्मनिरपेक्षता
Explanation:
- अनुच्छेद 39A (42वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया) राज्य को निःशुल्क कानूनी सहायता (free legal aid) प्रदान करने का निर्देश देता है, ताकि समान अवसर सुनिश्चित किए जा सकें।
- यह उद्देशिका के ‘न्याय’ (Justice) उद्देश्य (सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय) को बढ़ावा देता है, क्योंकि यह वंचितों को न्याय प्रणाली तक पहुँच प्रदान करता है।
- अत: सही विकल्प – न्याय।
केंद्रीय मंत्रिमंडल किस तरह से अन्य सरकारी समितियों से भिन्न है?
- यह प्रधानमंत्री से स्वतंत्र रूप से कार्य करता है
- यह कार्यपालिका के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले निकाय के रूप में कार्य करता है
- इसका चुनाव जनता द्वारा किया जाता है
- इसमें न्यायपालिका के सदस्य शामिल होते हैं
Explanation:
- केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet) कार्यपालिका का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है, जो सरकार की नीतियों और महत्वपूर्ण निर्णयों (जैसे विधेयक, आपातकाल, अंतर्राष्ट्रीय संधियाँ) को अंतिम रूप देता है।
- यह प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कार्य करता है, न कि स्वतंत्र रूप से – यह मंत्रिपरिषद का एक भाग है (पर मंत्रिपरिषद में कैबिनेट, राज्य मंत्री और उप-मंत्री शामिल होते हैं, जबकि कैबिनेट ही वास्तविक निर्णय लेता है)।
- इसका चुनाव नहीं होता – यह नियुक्त होता है, और इसमें न्यायपालिका के सदस्य नहीं होते।
- अत: सही विकल्प – यह कार्यपालिका के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले निकाय के रूप में कार्य करता है।
भारतीय संविधान के राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- ये जनता की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- ये सामाजिक-आर्थिक न्याय के आदर्शों का प्रतीक होते हैं।
- ये विधायिका और कार्यपालिका का मार्गदर्शन करते हैं।
- ये न्यायालयों द्वारा कानूनी रूप से प्रवर्तनीय होते हैं।
Explanation:
- राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत (DPSP) (अनुच्छेद 36-51) न्यायालयों द्वारा प्रवर्तनीय (enforceable) नहीं हैं – यह अनुच्छेद 37 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे “किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे”, यद्यपि वे विधायिका और कार्यपालिका के लिए मार्गदर्शक हैं।
- ये जनता की आकांक्षाओं (सामाजिक-आर्थिक न्याय) का प्रतिनिधित्व करते हैं और एक कल्याणकारी राज्य की स्थापना में सहायक हैं।
- अत: यह कथन सही नहीं है – “ये न्यायालयों द्वारा कानूनी रूप से प्रवर्तनीय होते हैं” – यह गलत है।
26 जनवरी 1950 और 1 जुलाई 1987 के बीच भारत में जन्मा व्यक्ति ______ से ही स्वतः भारत का नागरिक माना जाता है।
- वंश (descent)
- नागरिकीकरण (naturalisation)
- पंजीकरण (registration)
- जन्म (birth)
Explanation:
- 26 जनवरी 1950 (संविधान लागू) और 1 जुलाई 1987 (नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन की तिथि) के बीच भारत में जन्मा कोई भी व्यक्ति जन्म (birth) के आधार पर स्वतः भारत का नागरिक माना जाता है (नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 3 के अनुसार)।
- 1 जुलाई 1987 के बाद, जन्म के आधार पर नागरिकता के लिए यह आवश्यक है कि माता-पिता में से कोई भारत का नागरिक हो (पर 1987-2004 के बीच यह शर्त थी कि पिता भारतीय नागरिक हो, जिसे 2004 में संशोधित किया गया)।
- अत: सही विकल्प – जन्म (birth)।
भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद, राज्य को समान कार्य करने वाले पुरुषों और महिलाओं के लिए समान वेतन सुनिश्चित करने के लिए बाध्य करता है?
- अनुच्छेद 47(a)
- अनुच्छेद 39(d)
- अनुच्छेद 38(1)
- अनुच्छेद 42
Explanation:
- अनुच्छेद 39(d) – राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (DPSP) के अंतर्गत, राज्य को पुरुषों और महिलाओं के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित करने का निर्देश देता है।
- यह अनुच्छेद 39 का एक उपखंड है, जो सामाजिक-आर्थिक न्याय पर केंद्रित है।
- अनुच्छेद 42 – मानवीय कार्य परिस्थितियाँ और मातृत्व अवकाश, 38 – सामाजिक व्यवस्था, 47 – पोषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 39(d)।
संसद द्वारा राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पारित करने के बाद, इसके कानून बनने के लिए अगला अनिवार्य संवैधानिक चरण क्या है?
- राजपत्र में अधिसूचना
- राज्य विधानमंडलों द्वारा अनुसमर्थन
- राष्ट्रपति की सहमति
- सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुमोदन
Explanation:
- अनुच्छेद 368 के अनुसार, संविधान संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों में बहुमत (विशेष बहुमत, अर्थात कुल सदस्य संख्या का बहुमत और उपस्थित-मतदान का 2/3 बहुमत) से पारित करने के बाद, राष्ट्रपति की सहमति अनिवार्य होती है, जिसके बाद यह अधिनियम बन जाता है (अनुच्छेद 368(2)) – “ऐसे विधेयक को राष्ट्रपति की सहमति प्राप्त होने पर संविधान संशोधित होगा”।
- कुछ मामलों में (जो संघीय संरचना से संबंधित हों), राज्य विधानमंडलों द्वारा अनुसमर्थन भी आवश्यक है (अनुच्छेद 368(2) के अंतिम प्रावधान के अनुसार), पर सामान्य DPSP से संबंधित संशोधनों (जैसे 97वां) के लिए राज्य अनुसमर्थन की आवश्यकता नहीं होती। राष्ट्रपति की सहमति ही अनिवार्य है।
- अत: सही विकल्प – राष्ट्रपति की सहमति।
निम्नलिखित में से किस केंद्र शासित प्रदेश में विधान सभा और मंत्रिपरिषद है?
- दमन और दीव
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
- पुदुचेरी
- दादरा और नगर हवेली
Explanation:
- भारत में केवल तीन केंद्र शासित प्रदेश हैं जिनके पास विधान सभा (Legislative Assembly) और मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) हैं – दिल्ली (NCT Delhi), पुदुचेरी (Puducherry), और जम्मू-कश्मीर (2019 के बाद UT बना, पर विधानमंडल है)।
- दमन और दीव, अंडमान-निकोबार, दादरा-नगर हवेली में विधान सभा नहीं है (ये सीधे केंद्र द्वारा प्रशासित होते हैं)।
- अत: सही विकल्प – पुदुचेरी।
भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन-से विषय संघ सूची में शामिल हैं?
- स्थानीय सरकार, बाजार और मेले
- पुलिस, जन स्वास्थ्य और कृषि
- शिक्षा, वन और विवाह
- रक्षा, विदेशी मामले और नागरिकता
Explanation:
- सातवीं अनुसूची (7th Schedule) में संघ सूची (Union List) के अंतर्गत 100 विषय हैं (मूल 97, बाद में बढ़े), जिनमें रक्षा, विदेशी मामले, नागरिकता, रेलवे, बैंकिंग, डाक, मुद्रा, विदेश व्यापार, परमाणु ऊर्जा, युद्ध-शांति आदि शामिल हैं – ये विषय केंद्र सरकार के विधान क्षेत्र में आते हैं।
- स्थानीय सरकार, बाजार, मेले – राज्य सूची (पर बाजार विनियमन अब GST के तहत समवर्ती है), पुलिस, जन स्वास्थ्य, कृषि – राज्य सूची, शिक्षा, वन, विवाह – समवर्ती सूची (वन – समवर्ती, शिक्षा – समवर्ती, विवाह – समवर्ती)।
- अत: सही विकल्प – रक्षा, विदेशी मामले और नागरिकता।
भारत में केंद्र-राज्य के वित्तीय संबंध, शासन व्यवस्था को किस प्रकार प्रभावित करते हैं?
- राज्य के बजट की आवश्यकता को समाप्त करके
- केंद्र में सभी कर राजस्व को केंद्रीकृत करके
- राज्यों को असीमित वित्तीय संसाधन प्रदान करके
- वित्त आयोग जैसे तंत्रों के माध्यम से, जो संसाधनों का आवंटन करते हैं
Explanation:
- भारत में केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध वित्त आयोग (अनुच्छेद 280) और योजना आयोग/NITI आयोग जैसे तंत्रों के माध्यम से संसाधनों का आवंटन करते हैं, जो राज्यों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार कर-हस्तांतरण, अनुदान और ऋण प्रदान करते हैं।
- यह संबंध राज्यों को वित्तीय स्वायत्तता नहीं देता, पर संसाधनों के उचित बँटवारे द्वारा संघीय व्यवस्था को सुदृढ़ करता है।
- राज्य के बजट समाप्त नहीं होते, कर पूरी तरह केंद्रीकृत नहीं हैं (करों का बँटवारा होता है), राज्यों को असीमित संसाधन नहीं मिलते (यह सीमित है)।
- अत: सही विकल्प – वित्त आयोग जैसे तंत्रों के माध्यम से, जो संसाधनों का आवंटन करते हैं।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 मुख्यतः निम्नलिखित में से किस अधिकार की गारंटी देता है?
- कानून के समक्ष समानता का अधिकार
- सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार
- धर्म की स्वतंत्रता
- संवैधानिक उपायों का अधिकार
Explanation:
- अनुच्छेद 25 (मौलिक अधिकारों के अंतर्गत, भाग III) धर्म की स्वतंत्रता (Freedom of Religion) की गारंटी देता है – यह सभी व्यक्तियों को अंतरात्मा की स्वतंत्रता (freedom of conscience) और स्वतंत्र रूप से धर्म मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार देता है, जो सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन है।
- कानून के समक्ष समानता – अनुच्छेद 14, सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार – अनुच्छेद 29-30, संवैधानिक उपाय – अनुच्छेद 32।
- अत: सही विकल्प – धर्म की स्वतंत्रता।
52वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा लागू दल-बदल विरोधी कानून के अंतर्गत किस कार्रवाई से स्वतंत्र सांसद अयोग्य घोषित हो सकते हैं?
- गठबंधन सरकार का समर्थन करना
- अपने निर्वाचन के बाद किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होना
- दल सचेतक से अलग मतदान करना
- बहस के दौरान तटस्थ रहना
Explanation:
- 10वीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के अनुसार, एक स्वतंत्र सांसद (Independent MLA/MP) को अपने निर्वाचन के बाद किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होने पर अयोग्य (disqualified) घोषित किया जा सकता है (क्योंकि वह स्वतंत्र था, और उसने निर्वाचन के बाद दल-बदल किया)।
- दल सचेतक से अलग मतदान – दल के सदस्य के लिए अयोग्यता, पर स्वतंत्र सदस्य पर यह लागू नहीं (वह किसी दल से संबद्ध नहीं)।
- गठबंधन सरकार का समर्थन – स्वतंत्र सदस्य इसे कर सकता है (जब तक दल में शामिल नहीं होता) – अयोग्य नहीं।
- अत: सही विकल्प – अपने निर्वाचन के बाद किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होना।
निम्नलिखित में से किस केंद्र शासित प्रदेश में विधान सभा और मंत्रिपरिषद है?
- दमन और दीव
- दादरा और नगर हवेली
- अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
- पुदुचेरी
Explanation:
- यह प्रश्न पहले (प्रश्न 11) से लगभग समान है – पुदुचेरी उन तीन UT में से एक है (दिल्ली, पुदुचेरी, जम्मू-कश्मीर) जिनके पास विधान सभा और मंत्रिपरिषद है।
- अन्य UT में विधान सभा नहीं है – वे सीधे केंद्र शासित/उपराज्यपाल के माध्यम से प्रशासित होते हैं।
- अत: सही विकल्प – पुदुचेरी।
भारतीय संविधान के राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत मुख्यतः किस प्रकार के न्याय को प्राप्त करने का लक्ष्य रखते हैं?
- आर्थिक और सामाजिक न्याय
- सभी कानूनी न्याय
- धार्मिक न्याय
- राजनीतिक न्याय
Explanation:
- राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत (DPSP) का मुख्य उद्देश्य आर्थिक और सामाजिक न्याय (Economic and Social Justice) स्थापित करना है, जो कल्याणकारी राज्य की अवधारणा पर आधारित है (जैसे – समान वेतन, पर्याप्त आजीविका, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि)।
- ये सिद्धांत उद्देशिका के ‘न्याय’ (सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक) में से सामाजिक-आर्थिक पहलुओं पर केंद्रित हैं (राजनीतिक न्याय मौलिक अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से प्राप्त होता है)।
- अत: सही विकल्प – आर्थिक और सामाजिक न्याय।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें। 1. प्रधानमंत्री के पदभार ग्रहण करने से पहले, राष्ट्रपति उसे पद और गोपनीयता की शपथ दिलाता है। 2. राष्ट्रपति किसी भी समय विवेकाधीन तरीके से प्रधानमंत्री को बर्खास्त कर सकता है। 3. यदि प्रधानमंत्री लोकसभा का विश्वास खो देता है, तो उसे इस्तीफा देना होगा या राष्ट्रपति उसे बर्खास्त कर सकता है। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
Explanation:
- कथन 1 सही – अनुच्छेद 75(4) के अनुसार, प्रधानमंत्री अपने पदभार ग्रहण करने से पहले राष्ट्रपति को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाता है (यह राष्ट्रपति द्वारा दिलाई जाती है, मंत्रियों को भी राष्ट्रपति शपथ दिलाता है)।
- कथन 2 गलत – राष्ट्रपति विवेकाधीन तरीके से प्रधानमंत्री को बर्खास्त नहीं कर सकता – वह प्रधानमंत्री के सलाह पर कार्य करता है (अनुच्छेद 75(2) के अनुसार, मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं, पर प्रधानमंत्री को बर्खास्त करना राष्ट्रपति के विवेक में नहीं है – यह केवल तब होता है जब प्रधानमंत्री बहुमत खो देता है और इस्तीफा नहीं देता, पर यह विवेकाधीन नहीं, बल्कि संवैधानिक परंपरा है)।
- कथन 3 सही – यदि प्रधानमंत्री लोकसभा का विश्वास खो देता है (जैसे विश्वास मत हारता है), तो उसे इस्तीफा देना होगा, अन्यथा राष्ट्रपति उसे बर्खास्त कर सकता है (यह राष्ट्रपति के संवैधानिक कर्तव्य के रूप में है, विवेकाधीन नहीं)।
- अत: केवल 1 और 3 सही हैं – विकल्प केवल 1 और 3।
मौलिक अधिकारों के अतिरिक्त अन्य कानूनी अधिकारों के संबंध में रिट जारी करने की उच्च न्यायालयों की शक्ति ______ के अंतर्गत उल्लिखित है।
- अनुच्छेद 32
- अनुच्छेद 245
- अनुच्छेद 227
- अनुच्छेद 226
Explanation:
- अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालयों को मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) के अलावा अन्य कानूनी अधिकारों (जैसे वैधानिक, प्रशासनिक, स्थानीय निकायों से संबंधित) के संबंध में भी रिट (writs) जारी करने की शक्ति देता है – यह अनुच्छेद 32 से अधिक व्यापक है, जो केवल मौलिक अधिकारों के लिए सर्वोच्च न्यायालय को रिट जारी करने की शक्ति देता है।
- अनुच्छेद 245 – संसद की विधायी शक्ति, 227 – उच्च न्यायालयों की निरीक्षण शक्ति (पर रिट का अधिकार नहीं, यह न्यायिक निरीक्षण है)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 226।
______ कुछ मामलों में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की प्रक्रिया का वर्णन करता है।
- अनुच्छेद 94
- अनुच्छेद 104
- अनुच्छेद 115
- अनुच्छेद 108
Explanation:
- अनुच्छेद 108 – संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) की प्रक्रिया का वर्णन करता है, जो तब आयोजित होती है जब कोई विधेयक (साधारण या वित्तीय, पर धन विधेयक को छोड़कर) एक सदन द्वारा पारित कर दिया जाता है और दूसरे सदन द्वारा उसे अस्वीकार कर दिया जाता है, या उसमें संशोधन कर दिया जाता है, या उस पर 6 महीने से अधिक विलंब होता है – तब राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुला सकता है (जिसे लोकसभा के अध्यक्ष अध्यक्षता करते हैं)।
- अनुच्छेद 94 – लोकसभा अध्यक्ष/उपाध्यक्ष, 104 – सदस्यता रिक्ति, 115 – अनुपूरक अनुदान।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 108।
भारतीय संविधान की कौन-सी अनुसूची, राज्यसभा में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सीटों के आवंटन से संबंधित है?
- छठी अनुसूची
- दूसरी अनुसूची
- पहली अनुसूची
- चौथी अनुसूची
Explanation:
- चौथी अनुसूची (4th Schedule) राज्यसभा (Rajya Sabha) में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सीटों के आवंटन (allocation) से संबंधित है – यह अनुसूची राज्यसभा में प्रत्येक राज्य और UT से निर्वाचित सदस्यों की संख्या निर्दिष्ट करती है (जो जनसंख्या के अनुपात में होती है)।
- पहली अनुसूची – राज्यों और UT के क्षेत्र, दूसरी – राष्ट्रपति, राज्यपाल, न्यायाधीशों आदि के वेतन/भत्ते, छठी – असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिज़ोरम के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित।
- अत: सही विकल्प – चौथी अनुसूची।
नागरिकता अधिनियम, 1955 के अनुसार, 10 दिसंबर, 1992 को या उसके बाद भारत के बाहर पैदा हुआ व्यक्ति वंश के आधार पर भारत का नागरिक होगा यदि ______
- केवल पिता भारतीय नागरिक हो
- केवल माँ ही भारतीय नागरिक हो
- जन्म के समय माता-पिता दोनों भारत में सामान्य रूप से निवासी हों
- जन्म के समय माता-पिता में से कोई एक भारत का नागरिक हो
Explanation:
- नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 4 (वंशज द्वारा नागरिकता) के अनुसार, 10 दिसंबर, 1992 को या उसके बाद भारत के बाहर जन्मे व्यक्ति को वंश (descent) के आधार पर भारत का नागरिक माना जाएगा, यदि उसके माता-पिता में से कोई एक (पिता या माता) जन्म के समय भारत का नागरिक हो।
- 10 दिसंबर 1992 से पहले, केवल पिता के नागरिक होने पर यह शर्त थी (लिंग भेदभाव को दूर करने के लिए 1992 में संशोधन किया गया)।
- अत: सही विकल्प – जन्म के समय माता-पिता में से कोई एक भारत का नागरिक हो।
97वें संविधान संशोधन ने निम्नलिखित में से किसे संवैधानिक दर्जा प्रदान किया?
- बाजार नियामक बोर्ड
- जिला योजना समितियाँ
- महानगर परिषदें
- सहकारी समितियाँ
Explanation:
- 97वां संविधान संशोधन (2011) ने सहकारी समितियों (Cooperative Societies) को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया – इसने भाग IXB (अनुच्छेद 243Z-243ZT) जोड़ा, जो सहकारी समितियों के गठन, चुनाव, प्रबंधन और लेखापरीक्षा से संबंधित है, और DPSP में अनुच्छेद 43B जोड़ा (सहकारी समितियों के पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा देने हेतु)।
- जिला योजना समितियाँ और महानगर परिषदें – 74वें संशोधन द्वारा, बाजार नियामक बोर्ड – संवैधानिक नहीं (एक सांविधिक निकाय हो सकता है)।
- अत: सही विकल्प – सहकारी समितियाँ।
6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार किस अनुच्छेद के अंतर्गत प्रदान किया गया है?
- अनुच्छेद 51A(k)
- अनुच्छेद 45
- अनुच्छेद 21A
- अनुच्छेद 19
Explanation:
- अनुच्छेद 21A (86वें संशोधन, 2002 द्वारा जोड़ा गया) 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाता है।
- इसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009 के माध्यम से लागू किया गया, जो 1 अप्रैल 2010 से प्रभावी हुआ।
- अनुच्छेद 45 (DPSP) – प्रारंभ में बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा का प्रावधान था, पर 86वें संशोधन ने इसे अनुच्छेद 21A में मौलिक अधिकार के रूप में स्थानांतरित किया (अनुच्छेद 45 अब 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए है)।
- अनुच्छेद 51A(k) – मौलिक कर्तव्य (माता-पिता द्वारा बच्चों को शिक्षा प्रदान करना), अनुच्छेद 19 – अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता।
श्रीमान ABCD विधानसभा सदस्य बनना चाहते हैं। विधानसभा सदस्य बनने के लिए भारत के संविधान में न्यूनतम आयु कितनी निर्धारित है?
- 21 वर्ष
- संविधान में न्यूनतम आयु का कोई प्रावधान नहीं है।
- 35 वर्ष
- 25 वर्ष
Explanation:
- अनुच्छेद 173 के अनुसार, राज्य विधानसभा का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए।
- इसके अलावा, व्यक्ति भारत का नागरिक हो, और निर्वाचन आयोग द्वारा अयोग्य न घोषित किया गया हो।
- लोकसभा सदस्य के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष, राज्यसभा के लिए 30 वर्ष, राष्ट्रपति के लिए 35 वर्ष होती है।
- अत: सही विकल्प – 25 वर्ष।
किसी जिले में निम्नलिखित में से किस न्यायालय को सर्वोच्च न्यायिक प्राधिकरण माना जाता है?
- पारिवारिक न्यायालय
- जिला न्यायालय
- मजिस्ट्रेट न्यायालय
- उच्च न्यायालय
Explanation:
- किसी जिले में जिला न्यायालय (District Court) को सर्वोच्च न्यायिक प्राधिकरण माना जाता है – यह जिला स्तर का सर्वोच्च न्यायालय होता है, जिसके अध्यक्ष जिला एवं सत्र न्यायाधीश होते हैं।
- इसके अधीन मजिस्ट्रेट न्यायालय, पारिवारिक न्यायालय, सिविल न्यायालय आदि आते हैं।
- उच्च न्यायालय राज्य स्तर पर सर्वोच्च न्यायालय होता है, जिला स्तर पर नहीं।
- अत: सही विकल्प – जिला न्यायालय।
संविधान (101वाँ संशोधन) अधिनियम, 2016 के अंतर्गत, उन मामलों में जहाँ वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति अंतर्राज्यीय व्यापार या वाणिज्य के दौरान होती है, GST पर कानून बनाने की अनन्य शक्ति किसके पास है?
- संसद
- नीति आयोग
- भारत के राष्ट्रपति
- राज्य विधानमंडल
Explanation:
- 101वाँ संविधान संशोधन (2016) ने GST (वस्तु एवं सेवा कर) की शुरुआत की, जिसमें अंतर्राज्यीय (inter-state) व्यापार या वाणिज्य के दौरान वस्तुओं/सेवाओं की आपूर्ति पर कानून बनाने की अनन्य शक्ति संसद को दी गई है (यह IGST (एकीकृत GST) है, जिसे संसद द्वारा अधिनियमित किया जाता है)।
- राज्य विधानमंडल – अंतर-राज्यीय आपूर्ति पर कानून नहीं बना सकते (यह अनुच्छेद 246A(1) के तहत संसद का एकमात्र विषय है)।
- अत: सही विकल्प – संसद।
भारतीय संविधान के किस संशोधन ने दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश को विशेष दर्जा प्रदान किया और इसे दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के रूप में पुनः नामित किया?
- 69वां संविधान संशोधन
- 68वां संविधान संशोधन
- 70वां संविधान संशोधन
- 71वां संविधान संशोधन
Explanation:
- 69वाँ संविधान संशोधन (1991) ने दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) के रूप में विशेष दर्जा प्रदान किया – इसमें अनुच्छेद 239AA और 239AB जोड़े गए, जिससे दिल्ली को विधानमंडल और मुख्यमंत्री मिले, और इसे “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली” के रूप में पुनः नामित किया गया।
- 68वां (1991) – चंडीगढ़, 70वां (1992) – दिल्ली, 71वां (1992) – कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली भाषाएँ आठवीं अनुसूची में।
- अत: सही विकल्प – 69वां संविधान संशोधन।
संविधान के उल्लंघन के कारण राष्ट्रपति पर महाभियोग का आरोप ___________ द्वारा लगाया जा सकता है।
- केवल लोकसभा
- केवल राज्यसभा
- संसद के किसी भी सदन
- केवल लोकसभा अध्यक्ष
Explanation:
- अनुच्छेद 61(1) के अनुसार, राष्ट्रपति पर महाभियोग (impeachment) का आरोप संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) द्वारा लगाया जा सकता है, परन्तु आरोप में संविधान के उल्लंघन का विशिष्ट उल्लेख होना चाहिए, और उसे सदन के कुल सदस्यों के 1/4 सदस्यों के हस्ताक्षर और 14 दिन की अग्रिम सूचना की आवश्यकता होती है।
- महाभियोग प्रस्ताव को उस सदन में 2/3 बहुमत से पारित किया जाता है, फिर दूसरे सदन में भेजा जाता है, जहाँ यह जाँच करता है।
- अत: सही विकल्प – संसद के किसी भी सदन।
86वें संशोधन में निम्नलिखित में से किससे संबंधित एक नया मौलिक कर्तव्य शामिल किया गया?
- सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा
- पर्यावरण के संरक्षण
- बच्चों के शिक्षण
- राष्ट्र की रक्षा
Explanation:
- 86वाँ संविधान संशोधन (2002) ने मौलिक कर्तव्यों (अनुच्छेद 51A) में एक नया कर्तव्य (k) जोड़ा – माता-पिता या अभिभावक का कर्तव्य है कि वे 6 से 14 वर्ष के अपने बच्चे को शिक्षा प्रदान करें।
- इस संशोधन ने अनुच्छेद 21A (शिक्षा का अधिकार) भी जोड़ा, जिससे यह मौलिक अधिकार बन गया।
- अन्य मौलिक कर्तव्य (जैसे सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा – 51A(j), पर्यावरण – 51A(g), राष्ट्र की रक्षा – 51A(c)) 42वें संशोधन (1976) के तहत जोड़े गए थे।
- अत: सही विकल्प – बच्चों के शिक्षण।
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद को 73वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से व्यावहारिक प्रभाव दिया गया था, जिससे भारत में पंचायती राज प्रणाली की स्थापना हुई?
- अनुच्छेद 38
- अनुच्छेद 40
- अनुच्छेद 56
- अनुच्छेद 48
Explanation:
- 73वाँ संविधान संशोधन (1992) ने अनुच्छेद 40 (जो DPSP के अंतर्गत ग्राम पंचायतों के संगठन का निर्देश देता है) को व्यावहारिक प्रभाव दिया, क्योंकि इस संशोधन ने भाग IX (अनुच्छेद 243-243O) जोड़ा, जिससे पंचायती राज प्रणाली को संवैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ।
- इससे पहले, अनुच्छेद 40 केवल एक DPSP था, जो राज्य को पंचायतें बनाने के लिए प्रेरित करता था, पर बाध्य नहीं करता था। 73वें संशोधन ने इसे अनिवार्य बना दिया।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 40।
भारत के संविधान के अनुच्छेद 84 के अनुसार, लोक सभा की सदस्यता हेतु अहर्ता प्राप्त करने के लिए एक व्यक्ति की न्यूनतम आयु निम्नलिखित में से कितनी होनी चाहिए?
- इक्कीस वर्ष
- पच्चीस वर्ष
- तीस वर्ष
- अठारह वर्ष
Explanation:
- अनुच्छेद 84(b) के अनुसार, लोकसभा की सदस्यता हेतु न्यूनतम आयु 25 वर्ष (पच्चीस वर्ष) होनी चाहिए।
- यह शर्त नागरिकता, निर्वाचक के रूप में पंजीकरण, और अन्य अयोग्यताओं (जैसे दिवालिया, मानसिक रोग आदि) के साथ लागू होती है।
- राज्यसभा के लिए 30 वर्ष, राष्ट्रपति के लिए 35 वर्ष, विधानसभा के लिए 25 वर्ष (अनुच्छेद 173) होती है।
- अत: सही विकल्प – पच्चीस वर्ष।
42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा भारतीय संविधान में निम्नलिखित में से कौन-सा परिवर्तन किया गया था?
- भूमि सीमा कानूनों का राष्ट्रीयकरण करना
- अनुच्छेद 51A के अंतर्गत मौलिक कर्तव्यों को शामिल करना
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में निजता का अधिकार सम्मिलित करना
- लोकसभा सीटों की संख्या 525 से बढ़ाकर 545 करना
Explanation:
- 42वाँ संविधान संशोधन (1976) (जिसे ‘मिनी-संविधान’ भी कहा जाता है) ने मौलिक कर्तव्यों (Fundamental Duties) को अनुच्छेद 51A के तहत शामिल किया (सोवियत संघ के संविधान से प्रेरणा लेकर)।
- इस संशोधन में अन्य परिवर्तन: (i) उद्देशिका में ‘समाजवादी’, ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘अखंडता’ शब्द जोड़े, (ii) अनुच्छेद 31C का विस्तार, (iii) न्यायिक समीक्षा पर प्रतिबंध, (iv) संसद की अवधि 6 वर्ष (बाद में 44वें संशोधन द्वारा 5 वर्ष की गई), (v) अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालयों की रिट शक्ति को सीमित किया।
- निजता का अधिकार – 2018 में सर्वोच्च न्यायालय ने निजता को मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 21 के अंतर्गत) माना (KS Puttaswamy मामला), पर 42वें संशोधन से नहीं जोड़ा गया।
- लोकसभा सीटें – 31वें संशोधन (1973) द्वारा 525 से 545 की गईं (1976 में 42वें संशोधन ने 1980 तक की जनगणना के आधार पर सीटें बढ़ाने का प्रावधान किया, पर सीटें बाद में 545 ही रहीं)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 51A के अंतर्गत मौलिक कर्तव्यों को शामिल करना।
भारत में मंत्रिमंडल मंत्रियों की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- ये गृह, रक्षा और वित्त जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के प्रमुख होते हैं।
- ये केवल अन्य मंत्रियों को उनके कर्तव्यों (duties) में सहायता करते हैं।
- ये मंत्रिमंडल की बैठकों में भाग नहीं लेते हैं।
- ये नीतिगत निर्णयों में शामिल नहीं होते हैं।
Explanation:
- कैबिनेट मंत्री (Cabinet Ministers) गृह, रक्षा, वित्त, विदेश, कानून, रेलवे जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के प्रमुख होते हैं, और वे कैबिनेट बैठकों में भाग लेते हैं तथा नीतिगत निर्णयों में शामिल होते हैं।
- वे केवल सहायता नहीं करते – वे स्वतंत्र प्रभार रखते हैं और मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं।
- अन्य मंत्री (जैसे राज्य मंत्री, उप-मंत्री) कैबिनेट मंत्रियों की सहायता कर सकते हैं, पर कैबिनेट मंत्री स्वयं निर्णय लेते हैं।
- अत: सही विकल्प – ये गृह, रक्षा और वित्त जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के प्रमुख होते हैं।
भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद में समान नागरिक संहिता (UCC) का प्रावधान है?
- अनुच्छेद 48
- अनुच्छेद 44
- अनुच्छेद 46
- अनुच्छेद 42
Explanation:
- अनुच्छेद 44 – राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (DPSP) के अंतर्गत, समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) का प्रावधान है, जिसमें राज्य पूरे भारत में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा (जो व्यक्तिगत कानूनों (हिंदू, मुस्लिम, ईसाई आदि) की जगह लेगी)।
- यह DPSP है, मौलिक अधिकार नहीं, इसलिए अभी तक पूर्ण रूप से लागू नहीं हुआ है।
- अनुच्छेद 48 – कृषि और पशुपालन, 46 – SC/ST/पिछड़ों का कल्याण, 42 – मानवीय कार्य परिस्थितियाँ और मातृत्व अवकाश।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 44।
यदि कोई भारतीय नागरिक संविधान के प्रारंभ के पश्चात स्वेच्छा से किसी विदेशी देश की नागरिकता प्राप्त कर लेता है, तो इसका विधिक परिणाम क्या होता है?
- वह भारतीय नागरिक नहीं रहेगा/रहेगी
- भारतीय नागरिकता तीन वर्षों के लिए निलंबित कर दी जाती है
- शर्तों के अधीन नागरिकता बरकरार रहती है
- दोहरी नागरिकता की अनुमति है
Explanation:
- अनुच्छेद 9 के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक संविधान के प्रारंभ (26 जनवरी 1950) के बाद स्वेच्छा से किसी विदेशी देश की नागरिकता प्राप्त करता है, तो वह भारतीय नागरिक नहीं रहेगा (अर्थात उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाती है)।
- भारत दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता (हालाँकि ‘ओवरसीज़ सिटिजनशिप ऑफ इंडिया – OCI’ एक प्रकार है, पर यह पूर्ण नागरिकता नहीं है)।
- यह प्रावधान नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 9 में भी निहित है।
- अत: सही विकल्प – वह भारतीय नागरिक नहीं रहेगा/रहेगी।
संविधान (106वाँ संशोधन) अधिनियम, 2023 के अनुसार, लोकसभा में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरी जाने वाली सीटों का कितना अनुपात महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाना है?
- एक-तिहाई सीटें
- आधी सीटें
- एक-चौथाई सीटें
- दो-तिहाई सीटें
Explanation:
- 106वाँ संविधान संशोधन (2023) (महिला आरक्षण अधिनियम) लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरी जाने वाली सीटों का एक-तिहाई (33%) महिलाओं के लिए आरक्षित करता है (अनुच्छेद 330A)।
- यह आरक्षण अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए आरक्षित सीटों के भीतर भी लागू होगा।
- इसके प्रभावी होने के लिए, जनगणना के बाद नए परिसीमन (delimitation) की आवश्यकता होगी, और यह 15 वर्षों के लिए लागू होगा (जिसे बाद में संसद बढ़ा सकती है)।
- अत: सही विकल्प – एक-तिहाई सीटें।
भारत के संविधान के अनुच्छेद 80 के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा, राष्ट्रपति द्वारा राज्य-सभा में नियुक्त सदस्यों की संख्या को इंगित करता है?
- बीस
- दस
- बारह
- चौदह
Explanation:
- अनुच्छेद 80 के अनुसार, राज्यसभा (राज्य परिषद) में राष्ट्रपति द्वारा 12 सदस्य (बारह) मनोनीत किए जाते हैं, जिनके पास साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा के क्षेत्र में विशेष ज्ञान या अनुभव होना चाहिए।
- शेष सदस्य (अधिकतम 238) राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से निर्वाचित होते हैं।
- यह मनोनीत सदस्यों की संख्या अनुच्छेद 80(3) के तहत निर्दिष्ट है।
- अत: सही विकल्प – बारह।
निम्नलिखित में से किस कानून के अंतर्गत, 1774 में भारत के कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना को निर्दिष्ट किया गया था?
- 1773 का रेगुलेटिंग अधिनियम
- पिट्स इंडिया अधिनियम, 1784
- 1813 का चार्टर अधिनियम
- भारत सरकार अधिनियम, 1858
Explanation:
- रेगुलेटिंग अधिनियम, 1773 (ब्रिटिश संसद द्वारा) ने 1774 में कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) की स्थापना की – यह भारत में पहली बार न्यायिक संस्था थी, जिसमें एक मुख्य न्यायाधीश और 3 पुइस्ने न्यायाधीश थे, जो ब्रिटिश क्राउन द्वारा नियुक्त होते थे।
- इस अधिनियम ने बंगाल में गवर्नर-जनरल (लॉर्ड वॉरेन हेस्टिंग्स) की स्थापना भी की।
- पिट्स अधिनियम, 1784 – द्वैध शासन, 1813 – कंपनी का व्यापार एकाधिकार समाप्त, 1858 – क्राउन का प्रत्यक्ष शासन।
- अत: सही विकल्प – 1773 का रेगुलेटिंग अधिनियम।
भारतीय संविधान में किस संवैधानिक संशोधन के माध्यम से उद्देशिका में ‘समाजवादी’ शब्द जोड़ा गया?
- 42वां संशोधन, 1976
- प्रथम संशोधन, 1951
- 44वां संशोधन, 1978
- 26वां संशोधन, 1971
Explanation:
- 42वाँ संविधान संशोधन (1976) ने उद्देशिका (Preamble) में ‘समाजवादी’ (Socialist), ‘धर्मनिरपेक्ष’ (Secular) और ‘अखंडता’ (Integrity) शब्द जोड़े (पहले ‘प्रभुत्व संपन्न, लोकतांत्रिक गणराज्य’ था, जो ‘प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य’ हो गया)।
- यह परिवर्तन आपातकाल (1975-77) के दौरान किया गया था।
- 44वाँ संशोधन (1978) – मौलिक अधिकारों की बहाली, 1वाँ (1951) – भूमि सुधार, 26वाँ (1971) – रियासतों की उपाधियाँ समाप्त।
- अत: सही विकल्प – 42वां संशोधन, 1976।
उद्देशिका भारत को निम्नलिखित में से क्या घोषित करती है?
- प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, संघ
- प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य
- प्रभुत्व संपन्न, संघीय, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य
- प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, संघीय, लोकतांत्रिक, गणराज्य
Explanation:
- उद्देशिका भारत को “प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य” (Sovereign, Socialist, Secular, Democratic Republic) घोषित करती है (42वें संशोधन के बाद के शब्द) – इसमें ‘संघ’ (Federal) शब्द शामिल नहीं है (हालाँकि भारत एक संघीय राज्य है, पर उद्देशिका में यह नहीं है)।
- मूल उद्देशिका (1950) – “प्रभुत्व संपन्न, लोकतांत्रिक गणराज्य” थी, और 42वें संशोधन ने ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ जोड़े।
- अत: सही विकल्प – प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य।
भारत के संविधान के प्रारम्भ में कौन-से अनुच्छेद नागरिकता से संबंधित थे?
- अनुच्छेद 14 से 24
- अनुच्छेद 1 से 4
- अनुच्छेद 12 से 18
- अनुच्छेद 5 से 11
Explanation:
- भारतीय संविधान के प्रारम्भ (26 जनवरी 1950) में नागरिकता (Citizenship) से संबंधित अनुच्छेद 5 से 11 (भाग II) थे, जो संविधान प्रारंभ पर नागरिकता के आधार, प्रवासियों की नागरिकता, और संसद की विधायी शक्ति (अनुच्छेद 11) को निर्दिष्ट करते थे।
- अनुच्छेद 1-4 – संघ और उसके क्षेत्र (भाग I), 12-35 – मौलिक अधिकार (भाग III), 14-24 – मौलिक अधिकारों का हिस्सा (समानता, स्वतंत्रता आदि)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 5 से 11।
भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद में मौलिक कर्तव्य शामिल है?
- अनुच्छेद 51A
- अनुच्छेद 31A
- अनुच्छेद 61A
- अनुच्छेद 41A
Explanation:
- अनुच्छेद 51A मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties) का प्रावधान करता है, जो 42वें संशोधन (1976) के द्वारा जोड़ा गया, और 86वें संशोधन (2002) द्वारा एक और कर्तव्य (51A(k)) जोड़ा गया।
- इसमें वर्तमान में 11 मौलिक कर्तव्य हैं, जो नागरिकों को संविधान, राष्ट्रीय ध्वज, गान, पर्यावरण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा, उत्कृष्टता आदि का सम्मान करने के लिए प्रेरित करते हैं।
- अनुच्छेद 31A – भूमि सुधार कानूनों की सुरक्षा, 61A – (नहीं), 41A – नहीं (अनुच्छेद 41 कार्य/शिक्षा/सहायता का अधिकार है, पर 41A नहीं)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 51A।
2016 का 101वां संवैधानिक संशोधन अधिनियम निम्नलिखित में से किससे संबंधित था?
- राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) की शुरुआत
- भारत और बांग्लादेश के बीच विदेशी अन्तःक्षेत्र का आदान-प्रदान और अन्य क्षेत्रीय समायोजन
- छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्यों में जनजातीय कल्याण के प्रभारी मंत्री की नियुक्ति
- भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) की शुरुआत
Explanation:
- 101वाँ संविधान संशोधन (2016) GST (वस्तु एवं सेवा कर) की शुरुआत से संबंधित है – इसने अनुच्छेद 246A जोड़ा (संसद और राज्य विधानमंडलों को GST पर कानून बनाने की शक्ति), और सातवीं अनुसूची में संशोधन किया (केंद्र-राज्य करों के वितरण में परिवर्तन), और 301 (व्यापार की स्वतंत्रता) में संशोधन किया।
- GST 1 जुलाई 2017 से लागू हुआ।
- NJAC – 99वाँ संशोधन (2014) से संबंधित, बांग्लादेश सीमा – 100वाँ संशोधन (2015), छत्तीसगढ़/झारखंड – 2000 में राज्यों के निर्माण से संबंधित (88वाँ, 86वाँ आदि नहीं)।
- अत: सही विकल्प – भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) की शुरुआत।
30 जून 2024 तक की स्थिति के अनुसार भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची के अंतर्गत सूचीबद्ध भाषाओं की कुल संख्या कितनी है?
- 20
- 22
- 26
- 16
Explanation:
- आठवीं अनुसूची (8th Schedule) में वर्तमान में 22 भाषाएँ सूचीबद्ध हैं (1950 में 14, 1967 में 15, 1992 में 18, 2003 में 22, और 2024 तक कोई नई भाषा नहीं जोड़ी गई है)।
- 22 भाषाएँ: असमिया, बंगाली, बोडो, डोगरी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, ओड़िया, पंजाबी, संस्कृत, संथाली, सिंधी, तमिल, तेलुगु, उर्दू।
- अत: सही विकल्प – 22।
राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों में समाहित गांधीवादी सिद्धांतों के अनुसार, राज्य निम्नलिखित में से किसको बढ़ावा देने का प्रयास करेगा?
- बड़े पैमाने पर कॉर्पोरेट कृषि
- शहरी क्षेत्रों में औद्योगीकरण
- ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत या सहकारी आधार पर कुटीर उद्योग
- विदेशी व्यापार समझौते
Explanation:
- अनुच्छेद 43 (DPSP) – राज्य ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों (cottage industries) को बढ़ावा देने का प्रयास करेगा – यह गांधीवादी सिद्धांत है, जो ग्रामीण स्वावलंबन, स्थानीय उत्पादन और रोजगार सृजन पर केंद्रित है।
- अन्य गांधीवादी सिद्धांत DPSP में: अनुच्छेद 40 (ग्राम पंचायतें), 46 (SC/ST/पिछड़ों का कल्याण), 47 (नशीले पदार्थों पर रोक), 48 (गाय की हत्या पर रोक – कुछ राज्यों में) आदि।
- अत: सही विकल्प – ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत या सहकारी आधार पर कुटीर उद्योग।
मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट जारी करने की शक्ति ___________ में निहित है।
- लोक अदालत और उच्च न्यायालयों
- जिला न्यायालय और उच्च न्यायालयों
- सत्र न्यायालय और उच्च न्यायालयों
- उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों
Explanation:
- मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) के प्रवर्तन के लिए रिट (writs) जारी करने की शक्ति उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) (अनुच्छेद 32) और उच्च न्यायालयों (High Courts) (अनुच्छेद 226) में निहित है।
- अनुच्छेद 32 – सर्वोच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के मामलों में रिट जारी करने की शक्ति देता है (यह एक मौलिक अधिकार है)।
- अनुच्छेद 226 – उच्च न्यायालयों को मौलिक अधिकारों और अन्य कानूनी अधिकारों के लिए रिट जारी करने की शक्ति देता है (यह अधिक व्यापक है)।
- लोक अदालत, जिला न्यायालय, सत्र न्यायालय रिट जारी नहीं कर सकते – यह शक्ति केवल उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय के पास है।
- अत: सही विकल्प – उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों।
किस संविधान संशोधन के माध्यम से मौलिक कर्तव्यों को संविधान में शामिल किया गया था?
- 52वां संशोधन, 1985
- 97वां संशोधन, 2011
- 61वां संशोधन, 1989
- 42वां संशोधन, 1976
Explanation:
- 42वाँ संविधान संशोधन (1976) ने मौलिक कर्तव्यों को अनुच्छेद 51A के तहत शामिल किया – यह 10 मौलिक कर्तव्यों (बाद में 86वें संशोधन, 2002 द्वारा एक और जोड़ा गया – अब 11 हैं) का एक सेट है, जो नागरिकों को संविधान, राष्ट्र, पर्यावरण, सार्वजनिक संपत्ति, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, उत्कृष्टता आदि के प्रति कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रेरित करता है।
- 52वाँ (1985) – दल-बदल विरोधी कानून, 97वाँ (2011) – सहकारी समितियाँ, 61वाँ (1989) – मतदान आयु 18 वर्ष की (अनुच्छेद 326 में संशोधन)।
- अत: सही विकल्प – 42वां संशोधन, 1976।
