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पर्णहरित वर्णक कोशिका के निम्नलिखित में से किस घटक में उपस्थित होता है?

  • राइबोसोम
  • सूत्रकणिका (Mitochondria)
  • लयनकाय (लाइसोसोम)
  • हरितलवक

Explanation: पर्णहरित (क्लोरोफिल) एक हरा वर्णक है जो प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक है। यह विशेष रूप से हरितलवक (क्लोरोप्लास्ट) नामक कोशिकांग में पाया जाता है, जो पादप कोशिकाओं और शैवाल में मौजूद होता है।
Quick Facts:

  • राइबोसोम: प्रोटीन संश्लेषण का स्थल, इसमें वर्णक नहीं होते।
  • सूत्रकणिका (Mitochondria): कोशिका का पावरहाउस, ATP उत्पादन के लिए जिम्मेदार, इसमें पर्णहरित नहीं होता।
  • लयनकाय (लाइसोसोम): अपशिष्ट पाचन और निष्कासन के लिए जिम्मेदार, इसमें पर्णहरित नहीं होता।
  • हरितलवक: पर्णहरित युक्त अंगक, प्रकाश संश्लेषण का स्थल।

प्याज के छिलके की कोशिकाओं के सूक्ष्म अवलोकन से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?

  • सभी प्याज समान लघु संरचनाओं से बने होते हैं, जिन्हें कोशिकाएं कहते हैं
  • प्याज शल्ककंदों में भिन्न कार्यों के लिए भिन्न प्रकार की कोशिकाएं होती हैं
  • प्रत्येक प्याज के छिलके में भिन्न संघटन वाली कोशिकाएं होती हैं
  • प्याज की आकृति उसकी कोशिकाओं के आकार को निर्धारित करता है

Explanation: प्याज के छिलके के सूक्ष्म अवलोकन से पता चलता है कि यह कई छोटी, समान संरचनाओं से बना है, जिन्हें कोशिकाएँ कहते हैं। यह कोशिका सिद्धांत के मूलभूत तथ्य को प्रदर्शित करता है कि सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं।
Quick Facts:

  • सभी प्याज समान लघु संरचनाओं से बने होते हैं: यह सही है क्योंकि सभी जीवित जीव कोशिकाओं से बने होते हैं।
  • भिन्न कार्यों के लिए भिन्न प्रकार की कोशिकाएं: प्याज का छिलका एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बना होता है, इसलिए यह गलत है।
  • प्रत्येक प्याज के छिलके में भिन्न संघटन: प्याज के छिलके की कोशिकाएं संरचना में समान होती हैं।
  • प्याज की आकृति उसकी कोशिकाओं के आकार को निर्धारित करता है: कोशिकाओं का आकार प्याज के आकार से निर्धारित नहीं होता।

निम्नलिखित में से कौन-सा कोशिका भित्ति का एक कार्य नहीं है?

  • कोशिका को आकार प्रदान करना
  • कोशिका को यांत्रिक क्षति से बचाना
  • कोशिका के लिए प्रोटीन का संश्लेषण करना
  • कोशिका-से-कोशिका अन्योन्यक्रिया में सहायता करना

Explanation: कोशिका भित्ति पादप कोशिकाओं, कवक और कुछ जीवाणुओं में पाई जाने वाली एक कठोर, सुरक्षात्मक परत है। यह कोशिका को आकार, यांत्रिक सुरक्षा और संरचनात्मक सहायता प्रदान करती है, लेकिन यह प्रोटीन संश्लेषण नहीं करती है।
Quick Facts:

  • कोशिका को आकार प्रदान करना: कोशिका भित्ति कोशिका को एक निश्चित आकार और संरचना देती है, यह एक कार्य है।
  • कोशिका को यांत्रिक क्षति से बचाना: कोशिका भित्ति एक सुरक्षात्मक परत के रूप में कार्य करती है, यह एक कार्य है।
  • कोशिका के लिए प्रोटीन का संश्लेषण करना: प्रोटीन संश्लेषण राइबोसोम द्वारा किया जाता है, कोशिका भित्ति द्वारा नहीं, यह कार्य नहीं है।
  • कोशिका-से-कोशिका अन्योन्यक्रिया में सहायता करना: कोशिका भित्ति में प्लाज्मोडेस्माटा होते हैं जो कोशिकाओं के बीच संचार में मदद करते हैं, यह एक कार्य है।

निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने यह कथन दिया था? “सभी कोशिकाएँ पूर्व-मौजूद कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं।”

  • रुडोल्फ विरचो
  • रॉबर्ट ब्राउन
  • पुर्किंजे
  • रॉबर्ट हुक

Explanation: रुडोल्फ विरचो (Rudolf Virchow) ने 1855 में कहा था, “Omnis cellula e cellula” (सभी कोशिकाएँ पूर्व-मौजूद कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं)। यह कोशिका सिद्धांत का तीसरा भाग है।
Quick Facts:

  • रुडोल्फ विरचो: एक जर्मन चिकित्सक और वैज्ञानिक, जिन्होंने कोशिका सिद्धांत को पूरा किया, यह सही है।
  • रॉबर्ट ब्राउन: एक स्कॉटिश वनस्पतिशास्त्री, जिन्होंने कोशिका के नाभिक की खोज की, न कि यह कथन दिया।
  • पुर्किंजे: एक चेक वैज्ञानिक, जिन्होंने ‘प्रोटोप्लाज्म’ शब्द दिया, न कि यह कथन।
  • रॉबर्ट हुक: एक अंग्रेजी वैज्ञानिक, जिन्होंने कोशिका की खोज की (कॉर्क में), न कि यह कथन दिया।

निम्नलिखित में से कौन-सा परिणाम समसूत्री विभाजन के बजाय अर्धसूत्री विभाजन को दर्शाता है?

  • कई कोशिकाएँ, समान संख्या
  • एक बड़ी कोशिका, दुगुनी संख्या
  • दो समान कोशिकाएँ, समान संख्या
  • चार कोशिकाएँ, आधी संख्या

Explanation: अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) में एक कोशिका से चार संतति कोशिकाएँ बनती हैं, जिनमें गुणसूत्रों की संख्या आधी (n) हो जाती है। यह युग्मक (लैंगिक कोशिकाओं) के निर्माण में होता है।
Quick Facts:

  • कई कोशिकाएँ, समान संख्या: यह अर्धसूत्री विभाजन का परिणाम नहीं है।
  • एक बड़ी कोशिका, दुगुनी संख्या: यह अर्धसूत्री विभाजन का परिणाम नहीं है, इसमें कोशिका का आकार नहीं बढ़ता।
  • दो समान कोशिकाएँ, समान संख्या: यह समसूत्री विभाजन (Mitosis) का परिणाम है, अर्धसूत्री का नहीं।
  • चार कोशिकाएँ, आधी संख्या: यह अर्धसूत्री विभाजन का सही परिणाम है, जहाँ गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है।

सूक्ष्मदर्शी से देखने पर प्रत्येक कोशिका में इनमें से कौन-सी आकृति दिखाई देती है?

  • लाइसोसोम (Lysosome)
  • सूत्रकणिका (Mitochondria) (Mitochondria)
  • कोशिका झिल्ली (Cell membrane)
  • गुणसूत्र (Chromosome)

Explanation: कोशिका झिल्ली (प्लाज्मा झिल्ली) प्रत्येक कोशिका की एक बाहरी परत होती है, जो सूक्ष्मदर्शी से देखी जा सकती है। यह एक सामान्य और स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाली संरचना है।
Quick Facts:

  • लाइसोसोम: ये बहुत छोटे होते हैं और सामान्य सूक्ष्मदर्शी से आसानी से दिखाई नहीं देते, केवल इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी से दिखते हैं।
  • सूत्रकणिका (Mitochondria): ये भी छोटे होते हैं और सामान्य सूक्ष्मदर्शी में मुश्किल से दिखाई देते हैं, विशेष धुंधलापन की आवश्यकता होती है।
  • कोशिका झिल्ली: यह कोशिका की बाहरी सीमा है, जो सूक्ष्मदर्शी में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, यह सही है।
  • गुणसूत्र: ये केवल कोशिका विभाजन के दौरान दिखाई देते हैं, प्रत्येक कोशिका में नहीं।

‘मानव शरीर के विभिन्न अंग अलग-अलग कार्य करते हैं’ इस कथन का क्या अर्थ है?

  • सभी कोशिकाएं समान कार्य करती हैं
  • कार्य विभाजन की अनुपस्थिति
  • कार्य विभाजन की उपस्थिति
  • विभिन्न कोशिकाएं समान कार्य करती हैं

Explanation: शरीर के विभिन्न अंग अलग-अलग कार्य करते हैं, जो कार्य विभाजन (Division of Labour) को दर्शाता है। विभिन्न अंग अपने विशिष्ट कार्यों के लिए जिम्मेदार होते हैं, जो शरीर की समग्र दक्षता बढ़ाता है।
Quick Facts:

  • सभी कोशिकाएं समान कार्य करती हैं: यह गलत है क्योंकि विभिन्न कोशिकाएँ अलग-अलग कार्य करती हैं।
  • कार्य विभाजन की अनुपस्थिति: यह गलत है, क्योंकि अंगों में कार्य विभाजन होता है।
  • कार्य विभाजन की उपस्थिति: यह सही है, क्योंकि विभिन्न अंग अलग-अलग कार्य करते हैं, जो कार्य विभाजन को दर्शाता है।
  • विभिन्न कोशिकाएं समान कार्य करती हैं: यह गलत है, विभिन्न कोशिकाएँ अलग-अलग कार्य करती हैं।

शरीर में आप किस स्थान पर अत्यंत पतली, चपटी उपकला कोशिकाओं की एक परत मिलने की उम्मीद करेंगे जो एक नाजुक अस्तर के पार पदार्थों (गैसों) के परिवहन के लिए डिजाइन की गई हो?

  • वृक्क की नलिकाओं की अस्तर, यांत्रिक सपोर्ट के लिए
  • आंत्र की भीतरी अस्तर, अवशोषण के लिए
  • फुफ्फुस के एल्वियोली की अस्तर, गैस विनिमय के लिए
  • त्वचा, घिसावट से बचाव के लिए

Explanation: फुफ्फुस (Lungs) के एल्वियोली (Alveoli) अत्यंत पतली, चपटी उपकला (Simple Squamous Epithelium) कोशिकाओं से बने होते हैं, जो गैसों (O₂ और CO₂) के कुशल विसरण (Diffusion) के लिए डिजाइन की गई हैं।
Quick Facts:

  • वृक्क की नलिकाओं की अस्तर: यह घनाकार (Cuboidal) उपकला होती है, जो पुनःअवशोषण के लिए होती है, विसरण के लिए नहीं।
  • आंत्र की भीतरी अस्तर: यह स्तंभाकार (Columnar) उपकला होती है, जो अवशोषण के लिए होती है, गैस विनिमय के लिए नहीं।
  • फुफ्फुस के एल्वियोली की अस्तर: यह पतली, चपटी उपकला है, जो गैस विनिमय के लिए आदर्श है, यह सही है।
  • त्वचा: यह बहुस्तरीय स्क्वैमस उपकला (Stratified Squamous Epithelium) है, जो घिसावट से बचाव के लिए होती है, गैस विनिमय के लिए नहीं।

कोशिकाओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

  • कोशिका की आकृति प्रायः उसके कार्य से संबंधित होती है।
  • सभी कोशिकाएँ समान आकार और आकृति की होती हैं।
  • कोशिकाएँ गोल, अंडाकार, तकुए जैसी या शाखित हो सकती हैं।
  • तंत्रिका कोशिकाएं आवेगों के चालन में सहायता करने के लिए लंबी होती हैं।

Explanation: यह कथन असत्य है क्योंकि सभी कोशिकाएँ समान आकार और आकृति की नहीं होती हैं। विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं (जैसे- तंत्रिका कोशिका, पेशी कोशिका, अमीबा) के अलग-अलग आकार और आकृतियाँ होती हैं, जो उनके विशिष्ट कार्यों के अनुकूल होती हैं।
Quick Facts:

  • कोशिका की आकृति प्रायः उसके कार्य से संबंधित होती है: यह सत्य है, तंत्रिका कोशिकाएँ लंबी होती हैं, मांसपेशी कोशिकाएँ तंतुमय होती हैं।
  • सभी कोशिकाएँ समान आकार और आकृति की होती हैं: यह असत्य है, कोशिकाएँ विभिन्न आकार और आकृतियों में पाई जाती हैं, यही सही उत्तर है।
  • कोशिकाएँ गोल, अंडाकार, तकुए जैसी या शाखित हो सकती हैं: यह सत्य है, विभिन्न प्रकार की कोशिकाएँ विभिन्न आकार की होती हैं।
  • तंत्रिका कोशिकाएं आवेगों के चालन में सहायता करने के लिए लंबी होती हैं: यह सत्य है, लंबी तंत्रिका कोशिकाएँ दूर तक संकेत भेज सकती हैं।

कवक की कोशिका भित्ति _____ से बनी होती है।

  • लिग्निन
  • काइटिन
  • क्यूटिन
  • सेल्यूलोज

Explanation: कवक (Fungi) की कोशिका भित्ति काइटिन (Chitin) नामक एक जटिल कार्बोहाइड्रेट से बनी होती है, जो इसे मजबूती और सुरक्षा प्रदान करती है। काइटिन कीटों के बाह्यकंकाल में भी पाया जाता है।
Quick Facts:

  • लिग्निन: यह पौधों की कोशिका भित्ति में पाया जाता है, कवक में नहीं, यह गलत है।
  • काइटिन: यह कवक की कोशिका भित्ति का मुख्य घटक है, यह सही है।
  • क्यूटिन: यह पौधों की बाहरी सतह (क्यूटिकल) पर पाया जाता है, कवक में नहीं, यह गलत है।
  • सेल्यूलोज: यह पादप कोशिका भित्ति का मुख्य घटक है, कवक में नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन सी छड़ के आकार की संरचना केवल तभी केंद्रक में पाई जाती है जब कोशिका विभाजित होने वाली होती है?

  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • लाइसोसोम
  • गुणसूत्र
  • क्रोमैटिन

Explanation: गुणसूत्र (Chromosomes) कोशिका विभाजन के दौरान केंद्रक में दिखाई देने वाली छड़ के आकार की संरचनाएँ होती हैं। जब कोशिका विभाजित नहीं हो रही होती है, तो आनुवंशिक पदार्थ क्रोमैटिन (Chromatin) के रूप में होता है।
Quick Facts:

  • माइटोकॉन्ड्रिया: ये कोशिका के अंगक हैं जो हमेशा मौजूद रहते हैं, विभाजन के दौरान नहीं बनते, यह गलत है।
  • लाइसोसोम: ये कोशिका के अंगक हैं जो हमेशा मौजूद रहते हैं, विभाजन के दौरान नहीं बनते, यह गलत है।
  • गुणसूत्र: ये विभाजन के दौरान क्रोमैटिन से बनते हैं और दिखाई देते हैं, यह सही है।
  • क्रोमैटिन: यह विभाजन के दौरान नहीं, बल्कि अंतरावस्था (Interphase) में दिखाई देता है, यह गलत है।

प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं, यूकैरियोटिक कोशिकाओं से निम्नलिखित में से किसमें भिन्न होती हैं?

  • झिल्लीयुक्त अंगक
  • झिल्लीयुक्त केंद्रक का अभाव
  • एक वास्तविक केंद्रक
  • राइबोसोम

Explanation: प्रोकैरियोटिक (Prokaryotic) कोशिकाओं में झिल्लीयुक्त केंद्रक (Well-defined nucleus) नहीं होता है, जबकि यूकैरियोटिक (Eukaryotic) कोशिकाओं में एक वास्तविक, झिल्ली-बद्ध केंद्रक होता है। यह प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं की मुख्य विशेषता है।
Quick Facts:

  • झिल्लीयुक्त अंगक: यूकैरियोटिक कोशिकाओं में होते हैं, प्रोकैरियोटिक में नहीं, लेकिन यह मुख्य अंतर नहीं है।
  • झिल्लीयुक्त केंद्रक का अभाव: यह प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं की मुख्य विशेषता है, जो उन्हें यूकैरियोटिक से अलग करती है, यह सही है।
  • एक वास्तविक केंद्रक: यह यूकैरियोटिक कोशिकाओं में होता है, प्रोकैरियोटिक में नहीं, यह गलत है।
  • राइबोसोम: दोनों प्रकार की कोशिकाओं में राइबोसोम होते हैं, इसलिए यह अंतर नहीं है।

कोशिकाओं के किस कोशिकांग में प्रकाश संश्लेषण होता है?

  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • क्लोरोप्लास्ट
  • केन्द्रक
  • राइबोसोम

Explanation: प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया क्लोरोप्लास्ट (Chloroplast) नामक कोशिकांग में होती है, जो पादप कोशिकाओं और शैवाल में पाया जाता है। क्लोरोप्लास्ट में क्लोरोफिल होता है, जो सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करता है।
Quick Facts:

  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह कोशिकीय श्वसन (Cellular Respiration) का स्थल है, प्रकाश संश्लेषण का नहीं, यह गलत है।
  • क्लोरोप्लास्ट: यह प्रकाश संश्लेषण का स्थल है, यह सही है।
  • केन्द्रक: यह आनुवंशिक नियंत्रण का केंद्र है, प्रकाश संश्लेषण का स्थल नहीं, यह गलत है।
  • राइबोसोम: यह प्रोटीन संश्लेषण का स्थल है, प्रकाश संश्लेषण का नहीं, यह गलत है।

जब ATP में टर्मिनल फॉस्फेट लिंकेज को पानी के उपयोग से तोड़ दिया जाता है, तो निर्मुक्त हुई ऊर्जा की मात्रा क्या होती है?

  • 32.5 kJ/mol
  • 33 kJ/mol
  • 32 kJ/mol
  • 30.5 kJ/mol

Explanation: ATP (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) के टर्मिनल फॉस्फेट बंध (Terminal Phosphate Bond) के हाइड्रोलिसिस (जल अपघटन) से लगभग 30.5 kJ/mol ऊर्जा निर्मुक्त होती है। यह ऊर्जा कोशिका द्वारा विभिन्न जैविक कार्यों के लिए उपयोग की जाती है।
Quick Facts:

  • 32.5 kJ/mol: यह मान सही नहीं है, ATP हाइड्रोलिसिस से 30.5 kJ/mol ऊर्जा मिलती है।
  • 33 kJ/mol: यह मान सही नहीं है, वास्तविक मान 30.5 kJ/mol है।
  • 32 kJ/mol: यह मान सही नहीं है, वास्तविक मान 30.5 kJ/mol है।
  • 30.5 kJ/mol: यह ATP हाइड्रोलिसिस से प्राप्त होने वाली ऊर्जा की सही मात्रा है।

कोशिका के कोशिकाद्रव्य के संबंध में उस कथन का चयन करें, जो गलत है।

  • कोशिकाद्रव्य, प्लाज्मा झिल्ली के अंदर तरल पदार्थ से भरा क्षेत्र होता है।
  • कोशिकाद्रव्य में विभिन्न कोशिकांग होते हैं।
  • कोशिकाद्रव्य, कोशिका का सबसे बाहरी आवरण होता है।
  • कोशिकाद्रव्य, जीवन की अनेक कोशिकीय क्रियाओं का स्थल है।

Explanation: कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) कोशिका के अंदर का तरल पदार्थ है जो प्लाज्मा झिल्ली और केंद्रक के बीच स्थित होता है। यह कोशिका का सबसे बाहरी आवरण नहीं है; कोशिका का सबसे बाहरी आवरण कोशिका झिल्ली (Plasma Membrane) या कोशिका भित्ति (Cell Wall) होता है।
Quick Facts:

  • कोशिकाद्रव्य, प्लाज्मा झिल्ली के अंदर तरल पदार्थ से भरा क्षेत्र होता है: यह सत्य है, कोशिकाद्रव्य एक जेली जैसा पदार्थ है।
  • कोशिकाद्रव्य में विभिन्न कोशिकांग होते हैं: यह सत्य है, सभी कोशिकांग कोशिकाद्रव्य में स्थित होते हैं।
  • कोशिकाद्रव्य, कोशिका का सबसे बाहरी आवरण होता है: यह असत्य है, सबसे बाहरी आवरण कोशिका झिल्ली या भित्ति है, यही सही उत्तर है।
  • कोशिकाद्रव्य, जीवन की अनेक कोशिकीय क्रियाओं का स्थल है: यह सत्य है, अनेक चयापचयी प्रक्रियाएँ कोशिकाद्रव्य में होती हैं।

रेटिना में मौजूद कौन सी कोशिकाएं तेज और सामान्य प्रकाश के प्रति संवेदनशील होती हैं, और रंग संवेदना प्रदान करती हैं?

  • अंधी कोशिकाएँ
  • छड़ या छड़ के आकार की कोशिकाएँ
  • शंकु या शंकु के आकार की कोशिकाएँ
  • चमकदार कोशिकाएँ

Explanation: रेटिना (Retina) में दो प्रकार की प्रकाश-संवेदी कोशिकाएँ होती हैं: छड़ (Rods) और शंकु (Cones)। शंकु कोशिकाएँ (Cones) तेज प्रकाश (Bright Light) के प्रति संवेदनशील होती हैं और रंग दृष्टि (Colour Vision) प्रदान करती हैं, जबकि छड़ कोशिकाएँ (Rods) मंद प्रकाश के लिए होती हैं।
Quick Facts:

  • अंधी कोशिकाएँ: रेटिना में ऐसी कोशिकाएँ नहीं होती हैं, यह गलत है।
  • छड़ या छड़ के आकार की कोशिकाएँ: ये मंद प्रकाश और श्वेत-श्याम दृष्टि के लिए होती हैं, रंग संवेदना के लिए नहीं, यह गलत है।
  • शंकु या शंकु के आकार की कोशिकाएँ: ये तेज प्रकाश और रंग दृष्टि के लिए जिम्मेदार हैं, यह सही है।
  • चमकदार कोशिकाएँ: रेटिना में ऐसी कोशिकाएँ नहीं होती हैं, यह गलत है।

यदि कोशिका के अंदर कार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता बाहर की तुलना में अधिक है, तो CO2 प्लाज्मा झिल्ली के पार कैसे गति करेगी?

  • CO2 कोशिका के अंदर ही रहेगी
  • CO2 ऑक्सीजन में परिवर्तित हो जाएगी
  • CO2 विसरण द्वारा कोशिका से बाहर निकल जाएगी
  • CO2 सक्रिय परिवहन द्वारा कोशिका में प्रवेश करेगी

Explanation: CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) एक छोटा, अध्रुवीय अणु है जो विसरण (Diffusion) द्वारा झिल्ली के पार आसानी से जा सकता है। यह उच्च सांद्रता (कोशिका के अंदर) से निम्न सांद्रता (बाहर) की ओर गति करेगा, जब तक कि सांद्रता बराबर न हो जाए।
Quick Facts:

  • CO2 कोशिका के अंदर ही रहेगी: यह गलत है, CO2 बाहर निकलेगी क्योंकि अंदर सांद्रता अधिक है।
  • CO2 ऑक्सीजन में परिवर्तित हो जाएगी: यह गलत है, CO2 ऑक्सीजन में नहीं बदलती है।
  • CO2 विसरण द्वारा कोशिका से बाहर निकल जाएगी: यह सही है, उच्च से निम्न सांद्रता की ओर विसरण होगा।
  • CO2 सक्रिय परिवहन द्वारा कोशिका में प्रवेश करेगी: यह गलत है, सक्रिय परिवहन में ऊर्जा लगती है और यह निम्न से उच्च सांद्रता की ओर होता है।

कौन सी प्रक्रिया प्रजनन कोशिकाओं में DNA की मात्रा को अप्रजनन कोशिकाओं की तुलना में आधी सुनिश्चित करती है?

  • कोशिका विभाजन
  • असूत्री विभाजन
  • समसूत्री विभाजन
  • अर्धसूत्री विभाजन

Explanation: अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) एक विशेष प्रकार का कोशिका विभाजन है जो युग्मक (Gametes) (शुक्राणु और अंडाणु) बनाता है। इसमें गुणसूत्रों की संख्या आधी (n) हो जाती है, जिससे DNA की मात्रा अप्रजनन कोशिकाओं (2n) की तुलना में आधी हो जाती है।
Quick Facts:

  • कोशिका विभाजन: यह एक सामान्य शब्द है, इसमें समसूत्री और अर्धसूत्री दोनों शामिल हैं, यह विशिष्ट नहीं है।
  • असूत्री विभाजन: यह अलैंगिक जनन में होता है, DNA की मात्रा आधी नहीं होती, यह गलत है।
  • समसूत्री विभाजन: इसमें DNA की मात्रा समान (2n) रहती है, आधी नहीं होती, यह गलत है।
  • अर्धसूत्री विभाजन: यह प्रजनन कोशिकाओं में DNA की मात्रा आधी करता है, यह सही है।

कशेरुकी प्राणियों की यकृत कोशिकाओं में SER द्वारा कौन सा महत्वपूर्ण कार्य किया जाता है?

  • प्रोटीन का संश्लेषण
  • लिपिड का संश्लेषण
  • दवाओं और जहरों का निष्क्रियकरण
  • जटिल शर्करा का संश्लेषण

Explanation: खुरदुरी अंतर्द्रव्यी जालिका (Rough ER) प्रोटीन संश्लेषण के लिए होती है, जबकि चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (Smooth ER) लिपिड संश्लेषण, कार्बोहाइड्रेट चयापचय और विषहरण (Detoxification) के लिए होती है। यकृत (Liver) कोशिकाओं में SER, दवाओं, जहरों और अन्य हानिकारक पदार्थों को निष्क्रिय (Detoxify) करता है।
Quick Facts:

  • प्रोटीन का संश्लेषण: यह RER (Rough Endoplasmic Reticulum) का कार्य है, SER का नहीं, यह गलत है।
  • लिपिड का संश्लेषण: यह SER का कार्य है, लेकिन यकृत कोशिकाओं में इसका मुख्य कार्य विषहरण है, इसलिए यह कम सटीक है।
  • दवाओं और जहरों का निष्क्रियकरण: यह यकृत कोशिकाओं में SER का महत्वपूर्ण कार्य है, यह सही है।
  • जटिल शर्करा का संश्लेषण: यह SER का कार्य नहीं है, गलत है।

गुणों को नियंत्रित करने वाले जीन स्थित होते हैं:

  • गुणसूत्रों पर
  • रिक्तिकाओं पर
  • एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम पर
  • लाइसोसोम पर

Explanation: जीन (Genes) DNA के खंड होते हैं जो वंशानुगत गुणों को नियंत्रित करते हैं। ये गुणसूत्रों (Chromosomes) पर स्थित होते हैं, जो केंद्रक में पाए जाते हैं। प्रत्येक गुणसूत्र में कई जीन होते हैं।
Quick Facts:

  • गुणसूत्रों पर: जीन गुणसूत्रों पर स्थित होते हैं, यह सही है।
  • रिक्तिकाओं पर: रिक्तिकाएँ भंडारण और आसमाटिक संतुलन के लिए होती हैं, इनमें जीन नहीं होते, यह गलत है।
  • एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम पर: ER प्रोटीन और लिपिड संश्लेषण के लिए है, इसमें जीन नहीं होते, यह गलत है।
  • लाइसोसोम पर: लाइसोसोम पाचन के लिए होते हैं, इनमें जीन नहीं होते, यह गलत है।

रॉबर्ट हुक ने ______ की खोज की।

  • जीवद्रव्य
  • केन्द्रक
  • कोशिका
  • परमाणु

Explanation: रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) ने 1665 में कॉर्क (Cork) के पतले टुकड़े की सूक्ष्मदर्शी से जाँच करते हुए छोटे-छोटे कक्ष देखे, जिन्हें उन्होंने ‘कोशिका’ (Cell) नाम दिया। उन्होंने मृत कोशिकाओं (कोशिका भित्ति) का अवलोकन किया था।
Quick Facts:

  • जीवद्रव्य (प्रोटोप्लाज्म): इसकी खोज पुर्किंजे (Purkinje) ने की थी, हुक ने नहीं, यह गलत है।
  • केन्द्रक: इसकी खोज रॉबर्ट ब्राउन (Robert Brown) ने की थी, हुक ने नहीं, यह गलत है।
  • कोशिका: रॉबर्ट हुक ने कोशिका की खोज की थी, यह सही है।
  • परमाणु: परमाणु की खोज जॉन डाल्टन (John Dalton) ने की थी, हुक ने नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से किस कोशिकीय घटक को कोशिका की प्रोटीन फैक्टरी के नाम से जाना जाता है?

  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • गॉल्जीकाय
  • राइबोसोम
  • हरित लवक

Explanation: राइबोसोम (Ribosomes) को कोशिका की ‘प्रोटीन फैक्टरी’ (Protein Factory) कहा जाता है, क्योंकि ये प्रोटीन संश्लेषण (Protein Synthesis) के लिए जिम्मेदार होते हैं। राइबोसोम mRNA (संदेशवाहक RNA) से आनुवंशिक जानकारी पढ़कर अमीनो एसिड को पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला में जोड़ते हैं।
Quick Facts:

  • माइटोकॉन्ड्रिया: इसे कोशिका का पावरहाउस कहा जाता है, प्रोटीन फैक्टरी नहीं, यह गलत है।
  • गॉल्जीकाय: यह पैकेजिंग और परिवहन के लिए है, प्रोटीन फैक्टरी नहीं, यह गलत है।
  • राइबोसोम: यह प्रोटीन संश्लेषण का स्थल है, इसलिए इसे प्रोटीन फैक्टरी कहते हैं, यह सही है।
  • हरित लवक: यह प्रकाश संश्लेषण के लिए है, प्रोटीन फैक्टरी नहीं, यह गलत है।

नाभिक और कोशिका झिल्ली के बीच मौजूद जेली जैसा पदार्थ क्या कहलाता है?

  • प्लूरल
  • एमनियोटिक
  • ओटिक
  • साइटोप्लाज्म

Explanation: कोशिकाद्रव्य या साइटोप्लाज्म (Cytoplasm) नाभिक (Nucleus) और कोशिका झिल्ली (Cell membrane) के बीच मौजूद जेली जैसा पदार्थ है। इसमें विभिन्न कोशिकांग (Organelles) तैरते रहते हैं और यह कोशिकीय प्रक्रियाओं का स्थल है।
Quick Facts:

  • प्लूरल: यह फुफ्फुस (Lungs) की झिल्ली है, कोशिका का भाग नहीं, यह गलत है।
  • एमनियोटिक: यह भ्रूण के चारों ओर की झिल्ली है, कोशिका का भाग नहीं, यह गलत है।
  • ओटिक: यह कान से संबंधित है, कोशिका का भाग नहीं, यह गलत है।
  • साइटोप्लाज्म: यह नाभिक और झिल्ली के बीच का जेली जैसा पदार्थ है, यह सही है।

एंजाइम क्रिया के प्रेरित-फिट मॉडल के अनुसार, क्रियाधार बंधन –

  • एंजाइम को स्थायी रूप से उसकी संरचना को बदलकर बाधित करता है।
  • एक संरूपण परिवर्तन को प्रेरित करता है जो उत्प्रेरण के लिए सक्रिय स्थल को अनुकूलित करता है।
  • एंजाइम के सक्रिय स्थल में किसी भी परिवर्तन के बिना होता है।
  • इसके परिणामस्वरूप रूपांतरण बिना क्रियाधार की तत्काल निर्मुक्ति होती है।

Explanation: एंजाइम क्रिया का प्रेरित-फिट मॉडल (Induced Fit Model) कहता है कि जब क्रियाधार (Substrate) एंजाइम के सक्रिय स्थल (Active Site) से बंधता है, तो एंजाइम की संरचना में एक संरूपणात्मक परिवर्तन (Conformational Change) होता है, जो सक्रिय स्थल को उत्प्रेरण के लिए और अधिक अनुकूल बना देता है। यह ‘लॉक-एंड-की’ मॉडल से अधिक सटीक है।
Quick Facts:

  • एंजाइम को स्थायी रूप से उसकी संरचना को बदलकर बाधित करता है: यह गलत है, परिवर्तन अस्थायी होता है, स्थायी नहीं।
  • एक संरूपण परिवर्तन को प्रेरित करता है: यह सही है, प्रेरित-फिट मॉडल का मूल सिद्धांत यही है।
  • एंजाइम के सक्रिय स्थल में किसी भी परिवर्तन के बिना होता है: यह ‘लॉक-एंड-की’ मॉडल है, प्रेरित-फिट नहीं, यह गलत है।
  • बिना क्रियाधार की तत्काल निर्मुक्ति: यह गलत है, क्रियाधार उत्पादों में बदलता है और फिर निर्मुक्त होता है।

आपने पानी में रहने वाली पत्ती की एक अस्थायी स्लाइड तैयार की है। जब आप स्लाइड पर शर्करा का एक प्रबल विलयन डालते हैं तो आप क्या परिवर्तन देखेंगे?

  • कोई बदलाव देखने को नहीं मिलेगा
  • पत्ती की कोशिकाएँ पानी सोख लेंगी और फूल जाएगी
  • कुछ कोशिकाएँ पानी सोख लेंगी; अन्य का पानी निकल जाएगा
  • कोशिकाओं में पानी की कमी हो जाएगी और कोशिका की सामग्री कोशिका भित्ति से दूर सिकुड़ जाएगी

Explanation: जब पादप कोशिकाओं को शर्करा के प्रबल (हाइपरटोनिक) विलयन में रखा जाता है, तो परासरण (Osmosis) द्वारा कोशिका से बाहर पानी निकलता है। इससे कोशिका में पानी की कमी हो जाती है और कोशिका की सामग्री (प्रोटोप्लास्ट) कोशिका भित्ति से दूर सिकुड़ जाती है, जिसे प्लाज्मोलिसिस (Plasmolysis) कहते हैं।
Quick Facts:

  • कोई बदलाव नहीं: यह गलत है, हाइपरटोनिक विलयन में परिवर्तन होगा।
  • पानी सोखेंगी और फूल जाएगी: यह अल्पपरासारी (Hypotonic) विलयन में होता है, यहाँ नहीं, यह गलत है।
  • कुछ सोखेंगी, कुछ का पानी निकलेगा: यह अलग-अलग सांद्रता पर निर्भर करता है, लेकिन यहाँ सभी कोशिकाएँ समान रूप से प्रभावित होंगी, यह गलत है।
  • पानी की कमी और सिकुड़न: यह प्लाज्मोलिसिस है, जो हाइपरटोनिक विलयन में होता है, यह सही है।

निम्नलिखित में से कौन मस्कुलोस्केलेटल (ER) सतह से जुड़ा हुआ है?

  • कालक्रम
  • रोमांच न्यूक्लियस
  • नाभिक
  • राइबोसोम

Explanation: अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum – ER) दो प्रकार की होती है: खुरदुरी (Rough ER) और चिकनी (Smooth ER)। खुरदुरी ER की सतह पर राइबोसोम (Ribosomes) जुड़े होते हैं, जो इसे खुरदुरा रूप देते हैं और प्रोटीन संश्लेषण में सहायता करते हैं।
Quick Facts:

  • कालक्रम: यह एक असंबंधित शब्द है, ER से संबंधित नहीं, यह गलत है।
  • रोमांच न्यूक्लियस: यह एक असंबंधित शब्द है, ER से संबंधित नहीं, यह गलत है।
  • नाभिक: नाभिक ER से जुड़ा नहीं है, यह एक अलग अंगक है, यह गलत है।
  • राइबोसोम: राइबोसोम खुरदुरी ER की सतह से जुड़े होते हैं, यह सही है।

कोशिका अंगकों के संबंध में उस कथन का चयन करें, जो गलत है।

  • प्रत्येक कोशिका अंगक एक विशेष कार्य करता है।
  • वे प्राक्केंद्रकी (prokaryotic) कोशिकाओं में पाए जाते हैं।
  • वे सुकेंद्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं में पाए जाते हैं।
  • वे झिल्ली-बद्ध संरचनाएं हैं।

Explanation: कोशिका अंगक (Organelles) झिल्ली-बद्ध संरचनाएँ होती हैं जो विशिष्ट कार्य करती हैं। ये सुकेंद्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं में पाए जाते हैं, जबकि प्राक्केंद्रकी (Prokaryotic) कोशिकाओं में झिल्ली-बद्ध अंगक नहीं होते हैं (राइबोसोम को छोड़कर, जो झिल्ली-बद्ध नहीं हैं)।
Quick Facts:

  • प्रत्येक कोशिका अंगक एक विशेष कार्य करता है: यह सत्य है, प्रत्येक अंगक का एक विशिष्ट कार्य होता है।
  • वे प्राक्केंद्रकी कोशिकाओं में पाए जाते हैं: यह असत्य है, प्राक्केंद्रकी में झिल्ली-बद्ध अंगक नहीं होते, यही सही उत्तर है।
  • वे सुकेंद्रकी कोशिकाओं में पाए जाते हैं: यह सत्य है, सुकेंद्रकी में अंगक होते हैं।
  • वे झिल्ली-बद्ध संरचनाएं हैं: यह सत्य है, अंगक झिल्ली से घिरे होते हैं।

एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका निम्नलिखित में से किस कोशिका की एक विशिष्ट विशेषता है?

  • प्रोटोजोआ कोशिकाएँ
  • जीवाणु कोशिकाएँ
  • पादप कोशिकाएँ
  • जंतु कोशिकाएँ

Explanation: एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका (Large Central Vacuole) पादप कोशिकाओं (Plant Cells) की एक विशिष्ट विशेषता है। यह कोशिका रस (Cell Sap) से भरी होती है और कोशिका को स्फीति (Turgidity), आकार और कठोरता प्रदान करती है, साथ ही पोषक तत्वों का भंडारण भी करती है।
Quick Facts:

  • प्रोटोजोआ कोशिकाएँ: इनमें सिकुड़नशील रिक्तिकाएँ हो सकती हैं, लेकिन बड़ी केंद्रीय रिक्तिका नहीं, यह गलत है।
  • जीवाणु कोशिकाएँ: जीवाणु प्रोकैरियोटिक होते हैं, इनमें रिक्तिकाएँ नहीं होतीं, यह गलत है।
  • पादप कोशिकाएँ: इनमें बड़ी केंद्रीय रिक्तिका होती है, यह सही है।
  • जंतु कोशिकाएँ: जंतु कोशिकाओं में छोटी और कई रिक्तिकाएँ होती हैं, बड़ी केंद्रीय रिक्तिका नहीं, यह गलत है।

कोशिका झिल्ली के आर-पार CO2 या O2 जैसी गैसों का पारगमन ______ द्वारा होता है, जो ______ सांद्रता से ______ सांद्रता की ओर होता है।

  • विसरण; उच्च; निम्न
  • एंडोसाइटोसिस; बराबर; बराबर
  • सक्रिय परिवहन; कम; उच्च
  • परासरण; कम; उच्च

Explanation: CO₂ और O₂ जैसी गैसें छोटे, अध्रुवीय अणु हैं जो झिल्ली के पार विसरण (Diffusion) द्वारा आसानी से गुजर सकती हैं। यह उच्च सांद्रता (High Concentration) से निम्न सांद्रता (Low Concentration) की ओर होता है, जब तक कि संतुलन न आ जाए।
Quick Facts:

  • विसरण; उच्च; निम्न: गैसें विसरण द्वारा उच्च से निम्न सांद्रता की ओर जाती हैं, यह सही है।
  • एंडोसाइटोसिस; बराबर; बराबर: एंडोसाइटोसिस बड़े कणों के अंतर्ग्रहण के लिए है, गैसों के लिए नहीं, यह गलत है।
  • सक्रिय परिवहन; कम; उच्च: सक्रिय परिवहन ऊर्जा की खपत करता है और निम्न से उच्च सांद्रता की ओर होता है, गैसों के लिए नहीं, यह गलत है।
  • परासरण; कम; उच्च: परासरण जल (पानी) के लिए होता है, गैसों के लिए नहीं, यह गलत है।

रिक्तिकाओं (Vacuoles) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

  • पादप की कोशिकाओं में रिक्तिकाएं, कोशिका रस से भरी होती हैं, जो स्फीति और कठोरता प्रदान करने में सहायक होती हैं।
  • रिक्तिकाएं, अमीनो एसिड, शर्करा, कार्बनिक एसिड और प्रोटीन जैसे महत्वपूर्ण पदार्थों का भंडारण करती है।
  • पादप कोशिकाओं में आमतौर पर एक बृहत् केन्द्रीय रिक्तिका होता है।
  • रिक्तिकाएं, कोशिका में प्रोटीन संश्लेषण के लिए होती हैं।

Explanation: रिक्तिकाएँ (Vacuoles) भंडारण, आसमाटिक संतुलन, और कोशिका को स्फीति प्रदान करने के लिए होती हैं, लेकिन ये प्रोटीन संश्लेषण (Protein Synthesis) के लिए नहीं होती हैं। प्रोटीन संश्लेषण राइबोसोम (Ribosomes) द्वारा किया जाता है।
Quick Facts:

  • स्फीति और कठोरता: पादप रिक्तिकाएँ कोशिका रस से भरी होती हैं और स्फीति प्रदान करती हैं, यह सत्य है।
  • महत्वपूर्ण पदार्थों का भंडारण: रिक्तिकाएँ विभिन्न पदार्थों का भंडारण करती हैं, यह सत्य है।
  • बृहत् केन्द्रीय रिक्तिका: पादप कोशिकाओं में बड़ी केंद्रीय रिक्तिका होती है, यह सत्य है।
  • प्रोटीन संश्लेषण: यह रिक्तिका का कार्य नहीं है, यह असत्य है, यही सही उत्तर है।

पादप कोशिका भित्ति मुख्य रूप से ______ से बनी होती है।

  • सेल्यूलोज
  • काइटिन
  • सबेरिन
  • N-ऐसीटिल ग्लूकोसैमीन (N-Acetyl glucosamine)

Explanation: पादप कोशिका भित्ति (Plant Cell Wall) मुख्य रूप से सेल्यूलोज (Cellulose) नामक एक जटिल कार्बोहाइड्रेट से बनी होती है। सेल्यूलोज एक बहुलक है जो ग्लूकोस (Glucose) की लंबी श्रृंखलाओं से बना होता है और कोशिका भित्ति को मजबूती और संरचना प्रदान करता है।
Quick Facts:

  • सेल्यूलोज: यह पादप कोशिका भित्ति का मुख्य घटक है, यह सही है।
  • काइटिन: यह कवक और कीटों के बाह्यकंकाल की कोशिका भित्ति में पाया जाता है, पादपों में नहीं, यह गलत है।
  • सबेरिन: यह पादपों की कॉर्क (Cork) कोशिकाओं में पाया जाता है, जलरोधक परत, मुख्य कोशिका भित्ति में नहीं, यह गलत है।
  • N-ऐसीटिल ग्लूकोसैमीन: यह काइटिन का एक घटक है, पादप कोशिका भित्ति में नहीं, यह गलत है।

DNA को सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला आनुवंशिक पदार्थ क्या बनाता है?

  • इसकी स्थिर द्विकुंडली संरचना
  • इसकी उच्च उत्परिवर्तन दर
  • इसकी एकल-कुंडली संरचना
  • इसकी कम उत्परिवर्तन दर

Explanation: DNA (डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड) की द्विकुंडली (Double Helix) संरचना इसे स्थिर बनाती है, जिससे यह आनुवंशिक जानकारी को सटीक रूप से संग्रहीत और प्रसारित कर सकता है। यह स्थिरता इसे सबसे प्रचुर आनुवंशिक पदार्थ बनाती है, क्योंकि RNA अधिक अस्थिर होता है।
Quick Facts:

  • स्थिर द्विकुंडली संरचना: DNA की द्विकुंडली संरचना इसे स्थिर और सटीकता प्रदान करती है, यह सही है।
  • उच्च उत्परिवर्तन दर: उच्च उत्परिवर्तन दर अस्थिरता दर्शाती है, जो DNA को प्रचुर नहीं बनाती, यह गलत है।
  • एकल-कुंडली संरचना: RNA एकल-कुंडली होता है, DNA द्विकुंडली है, यह गलत है।
  • कम उत्परिवर्तन दर: यह स्थिरता का परिणाम है, कारण नहीं, लेकिन मुख्य कारण संरचना है, इसलिए यह कम सटीक है।

प्रोकैरियोटिक कोशिका की विशेषताओं से संबंधित सही कथन का चयन करें।

  • इसमें एक से अधिक गुणसूत्र होते हैं।
  • इसमें एकल गुणसूत्र होता है।
  • केन्द्रक क्षेत्र सुगठित है और झिल्ली-बद्ध कोशिकांग है।
  • झिल्ली-बद्ध कोशिकांग मौजूद हैं।

Explanation: प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं (जैसे- जीवाणु) में एकल, वृत्ताकार (Circular) गुणसूत्र होता है, जो केंद्रक क्षेत्र (Nucleoid) में स्थित होता है, लेकिन यह झिल्ली-बद्ध नहीं होता। इनमें अन्य झिल्ली-बद्ध कोशिकांग नहीं होते हैं।
Quick Facts:

  • एक से अधिक गुणसूत्र: यह यूकैरियोटिक कोशिकाओं की विशेषता है, प्रोकैरियोटिक की नहीं, यह गलत है।
  • एकल गुणसूत्र: प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में एकल वृत्ताकार गुणसूत्र होता है, यह सही है।
  • सुगठित झिल्ली-बद्ध केंद्रक: यह यूकैरियोटिक कोशिकाओं की विशेषता है, प्रोकैरियोटिक में नहीं, यह गलत है।
  • झिल्ली-बद्ध कोशिकांग मौजूद: यह यूकैरियोटिक की विशेषता है, प्रोकैरियोटिक में नहीं, यह गलत है।

साइटोकाइनेसिस में पाई जाने वाली दो बेलनाकार संरचनाएं जिन्हें सेंट्रीओल कहा जाता है, निम्नलिखित में से कौन सी हैं?

  • सिलिया
  • फुटपाथ
  • सेंट्रोसोम
  • राइबोसोम

Explanation: सेंट्रीओल (Centrioles) दो बेलनाकार संरचनाएँ हैं जो सेंट्रोसोम (Centrosome) नामक कोशिकांग का निर्माण करती हैं। ये कोशिका विभाजन (Cytokinesis) के दौरान तारक किरणें (Spindle Fibres) बनाने में सहायता करते हैं और अधिकांश जंतु कोशिकाओं में पाए जाते हैं।
Quick Facts:

  • सिलिया: ये कोशिका की सतह पर मौजूद बाल जैसी संरचनाएँ हैं, सेंट्रीओल से संबंधित नहीं, यह गलत है।
  • फुटपाथ: यह एक असंबंधित शब्द है, सेंट्रीओल से संबंधित नहीं, यह गलत है।
  • सेंट्रोसोम: सेंट्रीओल्स सेंट्रोसोम का हिस्सा होते हैं, यह सही है।
  • राइबोसोम: ये प्रोटीन संश्लेषण के लिए हैं, सेंट्रीओल से संबंधित नहीं, यह गलत है।

सूत्रकणिका (Mitochondria) को ‘अजीब’ कोशिकांग क्यों माना जाता है?

  • क्योंकि इनमें राइबोसोम और DNA होते हैं।
  • क्योंकि ये कोशिका के शक्ति-गृह हैं।
  • क्योंकि वे कोशिकीय सामग्री का भंडार हैं।
  • क्योंकि वे सूक्ष्मजीवों का पाचन कर सकते हैं।

Explanation: माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) को ‘अजीब’ (Semi-autonomous) कोशिकांग कहा जाता है क्योंकि इनमें अपना स्वयं का DNA और राइबोसोम होते हैं, जो इन्हें कुछ प्रोटीनों को स्वयं संश्लेषित करने की क्षमता देते हैं। ये कोशिका के अन्य अंगकों से आंशिक रूप से स्वतंत्र होते हैं।
Quick Facts:

  • राइबोसोम और DNA: माइटोकॉन्ड्रिया में DNA और राइबोसोम होते हैं, जो अर्ध-स्वायत्त बनाते हैं, यह सही है।
  • शक्ति-गृह: यह माइटोकॉन्ड्रिया का कार्य है, अजीब होने का कारण नहीं, यह गलत है।
  • कोशिकीय सामग्री का भंडार: यह रिक्तिका का कार्य है, माइटोकॉन्ड्रिया का नहीं, यह गलत है।
  • सूक्ष्मजीवों का पाचन: यह लाइसोसोम का कार्य है, माइटोकॉन्ड्रिया का नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता सरल स्क्वैमस उपकला को कुशलतापूर्वक विसरण करने में सक्षम बनाती है?

  • कोशिकाओं की कई परतों की उपस्थिति
  • गति के लिए सिलिया युक्त कोशिकाएं
  • चपटी, पतली और घनीभूत कोशिकाएँ
  • बड़े नाभिक के साथ सघन कोशिकाद्रव्य

Explanation: सरल स्क्वैमस उपकला (Simple Squamous Epithelium) कोशिकाएँ अत्यंत चपटी (Flattened), पतली (Thin) और घनीभूत (Tightly packed) होती हैं। यह संरचना पदार्थों (विशेषकर गैसों) के विसरण (Diffusion) के लिए एक पतली बाधा प्रदान करती है, जिससे कुशल गैस विनिमय होता है।
Quick Facts:

  • कोशिकाओं की कई परतें: बहुस्तरीय (Stratified) उपकला सुरक्षा के लिए होती है, विसरण के लिए नहीं, यह गलत है।
  • सिलिया युक्त कोशिकाएं: सिलिया गति के लिए होती हैं, विसरण के लिए नहीं, यह गलत है।
  • चपटी, पतली और घनीभूत: यह विसरण के लिए आदर्श संरचना है, यह सही है।
  • सघन कोशिकाद्रव्य: यह विसरण में बाधा डाल सकता है, इसलिए यह गलत है।

समय के साथ प्रजातियों के अस्तित्व के लिए विविधता उपयोगी है। ये विविधताएँ किसमें त्रुटियों के कारण होती हैं?

  • लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण
  • DNA प्रतिलिपि
  • श्वेत रक्त कोशिकाओं का विभेदन
  • न्यूरॉन्स का निर्माण

Explanation: DNA प्रतिलिपि (DNA Replication) के दौरान त्रुटियों (Errors) के कारण उत्परिवर्तन (Mutations) होते हैं, जो आनुवंशिक विविधता (Genetic Variation) का स्रोत हैं। यह विविधता प्राकृतिक चयन (Natural Selection) के लिए आधार प्रदान करती है और समय के साथ प्रजातियों के अस्तित्व में सहायक होती है।
Quick Facts:

  • लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण: यह एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है, इसमें त्रुटियाँ विविधता का कारण नहीं बनतीं, यह गलत है।
  • DNA प्रतिलिपि: इसमें त्रुटियाँ उत्परिवर्तन और विविधता का कारण बनती हैं, यह सही है।
  • श्वेत रक्त कोशिकाओं का विभेदन: यह एक सामान्य प्रक्रिया है, विविधता का कारण नहीं, यह गलत है।
  • न्यूरॉन्स का निर्माण: यह एक सामान्य प्रक्रिया है, विविधता का कारण नहीं, यह गलत है।

कौन सी कोशिका अपना आकार बदलती है?

  • चिकनी पेशी
  • तंत्रिका कोशिका
  • अमीबा
  • डिंब

Explanation: अमीबा (Amoeba) एक एककोशिकीय जीव है जो अपना आकार (Shape) बदल सकता है। यह कूटपाद (Pseudopodia) बनाकर गति करता है और भोजन ग्रहण करता है, जिससे इसकी आकृति लगातार बदलती रहती है। इसलिए, अमीबा एक ऐसी कोशिका का उदाहरण है जो अपना आकार बदलती है।
Quick Facts:

  • चिकनी पेशी: ये कोशिकाएँ तंतुमय और निश्चित आकार की होती हैं, आकार नहीं बदलतीं, यह गलत है।
  • तंत्रिका कोशिका: ये लंबी और शाखित होती हैं, निश्चित आकार की होती हैं, आकार नहीं बदलतीं, यह गलत है।
  • अमीबा: यह अपना आकार बदल सकता है, यह सही है।
  • डिंब: यह गोलाकार होता है, निश्चित आकार का होता है, आकार नहीं बदलता, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सी संरचनात्मक विशेषता उपकला ऊतक को एक सुरक्षात्मक परत के रूप में कार्य करने की सुविधा देती है?

  • कोशिकाएं छोटी और अत्यधिक शाखित होती हैं।
  • कोशिकाएं लंबी और बहुकेन्द्रीय होती हैं।
  • कोशिकाएं कम से कम अंतराकोशिक स्थान के साथ कसकर संकुलित होती हैं।
  • कोशिकाएं प्रचुरता में बाह्य कोशिकीय आधारी के साथ शिथिल रूप से व्यवस्थित होती हैं।

Explanation: उपकला ऊतक (Epithelial Tissue) कोशिकाएँ कम अंतराकोशिकीय स्थान (Intercellular Space) के साथ कसकर (Tightly) संकुलित होती हैं। यह घनी पैकिंग एक सतत परत बनाती है जो अंतर्निहित ऊतकों को यांत्रिक क्षति, रोगाणुओं और रासायनिक पदार्थों से सुरक्षा प्रदान करती है।
Quick Facts:

  • छोटी और शाखित: यह तंत्रिका कोशिकाओं की विशेषता है, उपकला की नहीं, यह गलत है।
  • लंबी और बहुकेन्द्रीय: यह पेशी कोशिकाओं की विशेषता है, उपकला की नहीं, यह गलत है।
  • कसकर संकुलित: यह उपकला ऊतक की मुख्य विशेषता है, जो सुरक्षा प्रदान करती है, यह सही है।
  • शिथिल रूप से व्यवस्थित: यह संयोजी ऊतक की विशेषता है, उपकला की नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से किस कोशिका अंगक में अपना DNA और राइबोसोम होता है?

  • गॉल्जी उपकरण
  • लाइसोसोम
  • अन्तःप्रदव्ययी जालिका
  • माइटोकॉन्ड्रिया

Explanation: माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) और हरितलवक (Chloroplasts) (पादप कोशिकाओं में) दो ऐसे कोशिकांग हैं जिनमें अपना स्वयं का DNA और राइबोसोम होते हैं। इससे वे कुछ प्रोटीनों का स्वयं संश्लेषण कर सकते हैं, इसलिए इन्हें अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग कहते हैं।
Quick Facts:

  • गॉल्जी उपकरण: इसमें DNA नहीं होता, यह पैकेजिंग के लिए है, यह गलत है।
  • लाइसोसोम: इसमें DNA नहीं होता, यह पाचन के लिए है, यह गलत है।
  • अन्तःप्रदव्ययी जालिका: इसमें DNA नहीं होता, यह संश्लेषण और परिवहन के लिए है, यह गलत है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: इसमें DNA और राइबोसोम होते हैं, यह सही है।

1665 में सर्वप्रथम कोशिका की खोज किस वैज्ञानिक ने की थी?

  • मैथियास जैकब श्लाइडेन
  • थियोडोर श्वान
  • एंटोनी वैन ल्यूवेनहॉक
  • रॉबर्ट हुक

Explanation: रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) ने 1665 में कॉर्क (Cork) के पतले टुकड़े की सूक्ष्मदर्शी से जाँच करते हुए छोटे-छोटे कक्ष देखे, जिन्हें उन्होंने ‘कोशिका’ (Cell) नाम दिया। यह कोशिका की सबसे पहली खोज थी, हालाँकि उन्होंने मृत कोशिकाओं (कोशिका भित्ति) का अवलोकन किया था।
Quick Facts:

  • मैथियास जैकब श्लाइडेन: जर्मन वनस्पतिशास्त्री, जिन्होंने कोशिका सिद्धांत में योगदान दिया (पौधों में), लेकिन कोशिका की खोज नहीं की।
  • थियोडोर श्वान: जर्मन प्राणीशास्त्री, जिन्होंने कोशिका सिद्धांत में योगदान दिया (जानवरों में), लेकिन कोशिका की खोज नहीं की।
  • एंटोनी वैन ल्यूवेनहॉक: डच वैज्ञानिक, जिन्होंने जीवित कोशिकाओं (बैक्टीरिया, प्रोटोज़ोआ) को देखा, लेकिन कोशिका की खोज नहीं की।
  • रॉबर्ट हुक: अंग्रेजी वैज्ञानिक, जिन्होंने 1665 में कोशिका की खोज की, यह सही है।

रक्त धमनियों से शिराओं में सूक्ष्म वाहिकाओं के माध्यम से फैलता है जिसे के रूप में जाना जाता है।

  • कणिका
  • कोशिका
  • केशिका
  • केलोरी

Explanation: केशिकाएँ (Capillaries) सबसे छोटी रक्त वाहिकाएँ होती हैं जो धमनियों (Arteries) और शिराओं (Veins) को जोड़ती हैं। इनकी दीवारें अत्यंत पतली होती हैं (एकल-स्तरीय उपकला), जिससे पोषक तत्वों, ऑक्सीजन और अपशिष्ट उत्पादों का कोशिकाओं और रक्त के बीच विनिमय होता है।
Quick Facts:

  • कणिका: यह रक्त का एक घटक है, रक्त वाहिका नहीं, यह गलत है।
  • कोशिका: यह जीवन की मूल इकाई है, रक्त वाहिका नहीं, यह गलत है।
  • केशिका: यह धमनियों और शिराओं को जोड़ने वाली सूक्ष्म वाहिका है, यह सही है।
  • केलोरी: यह ऊर्जा की इकाई है, रक्त वाहिका नहीं, यह गलत है।

पादप कोशिका में अपशिष्ट उत्पाद कहाँ संचित होते हैं?

  • रिक्तिका
  • माइटोकॉन्डिया
  • गॉल्जीकाय
  • लाइसोसोम

Explanation: पादप कोशिकाओं में रिक्तिकाएँ (Vacuoles) कोशिका रस (Cell Sap) से भरी होती हैं और विभिन्न पदार्थों का भंडारण करती हैं, जिनमें अपशिष्ट उत्पाद (Waste Products) भी शामिल होते हैं। ये विषाक्त या अतिरिक्त पदार्थों को कोशिका के बाकी भागों से अलग रखती हैं।
Quick Facts:

  • रिक्तिका: पादप कोशिकाओं में अपशिष्ट और अन्य पदार्थों का भंडारण करती है, यह सही है।
  • माइटोकॉन्डिया: ATP उत्पादन के लिए है, अपशिष्ट भंडारण के लिए नहीं, यह गलत है।
  • गॉल्जीकाय: पैकेजिंग और संशोधन के लिए है, अपशिष्ट भंडारण के लिए नहीं, यह गलत है।
  • लाइसोसोम: ये जंतु कोशिकाओं में पाचन के लिए होते हैं, पादप कोशिकाओं में अपशिष्ट भंडारण के लिए नहीं, यह गलत है।

एक बहुकोशिकीय जीव में, प्रत्येक कोशिका जीव की उत्तरजीविता में कैसे सहायक होती है?

  • स्वयं को एक पूर्ण अंग में परिवर्तित करके
  • सभी जीवन कार्यों को स्वयं करने का प्रयास करके
  • अन्य कोशिकाओं के साथ परस्पर क्रिया किए बिना स्वतंत्र रूप से कार्य करके
  • श्रम विभाजन का पालन करके

Explanation: बहुकोशिकीय जीवों में, विभिन्न कोशिकाएँ विशिष्ट कार्यों (जैसे- मांसपेशी कोशिकाएँ संकुचन, तंत्रिका कोशिकाएँ संचार, आदि) में विशेषज्ञता प्राप्त करती हैं। यह श्रम विभाजन (Division of Labour) दक्षता बढ़ाता है और पूरे जीव की उत्तरजीविता सुनिश्चित करता है, क्योंकि प्रत्येक कोशिका एक विशिष्ट कार्य करती है।
Quick Facts:

  • स्वयं को अंग में परिवर्तित करना: कोशिकाएँ अंग नहीं बनतीं, बल्कि ऊतक और अंग बनाने के लिए संगठित होती हैं, यह गलत है।
  • सभी कार्य स्वयं करना: यह एककोशिकीय जीवों की विशेषता है, बहुकोशिकीय में नहीं, यह गलत है।
  • स्वतंत्र रूप से कार्य करना: बहुकोशिकीय जीवों में कोशिकाएँ परस्पर क्रिया करती हैं, स्वतंत्र नहीं, यह गलत है।
  • श्रम विभाजन: यह सही है, क्योंकि विभिन्न कोशिकाएँ विशिष्ट कार्य करती हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन कोशिकाओं की आकृति और आकार में विविधता की सही व्याख्या करता है?

  • कोशिकाओं की आकृति और आकार केवल जल की उपलब्धता पर निर्भर करता है।
  • सभी कोशिकाओं की आकृति और आकार प्रत्येक जीव में स्थिर रहता है।
  • पादपों और जंतुओं में कोशिकाओं की आकृति और आकार एक समान होता है।
  • कोशिकाओं की आकृति और आकार उनके द्वारा किए जाने वाले विशिष्ट कार्य से संबंधित होते हैं।

Explanation: कोशिकाओं की आकृति (Shape) और आकार (Size) उनके विशिष्ट कार्यों (Functions) के अनुकूल होते हैं। उदाहरण के लिए, तंत्रिका कोशिकाएँ (Neurons) लंबी होती हैं जो संकेतों को दूर तक ले जा सकें, लाल रक्त कोशिकाएँ (RBCs) चपटी और गोल होती हैं जो ऑक्सीजन के परिवहन के लिए अधिक सतह क्षेत्र प्रदान करती हैं।
Quick Facts:

  • जल की उपलब्धता पर निर्भर: जल कोशिका के आकार को प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह मुख्य कारण नहीं है, यह गलत है।
  • स्थिर आकृति और आकार: सभी कोशिकाएँ स्थिर नहीं होती, अमीबा अपना आकार बदलता है, यह गलत है।
  • पादपों और जंतुओं में समान: पादप और जंतु कोशिकाएँ आकार और आकृति में भिन्न होती हैं, यह गलत है।
  • कार्य से संबंधित: यह सही है, कोशिकाओं का आकार और आकृति उनके कार्यों से निर्धारित होती है।

एक न्यूरॉन दूसरे न्यूरॉन से ______ के माध्यम से तंत्रिका आवेग प्राप्त करता है।

  • एक्सोन
  • सिनेप्स
  • डेंड्राइट
  • कोशिका काय

Explanation: न्यूरॉन (तंत्रिका कोशिका) में, डेंड्राइट्स (Dendrites) छोटी, शाखित संरचनाएँ होती हैं जो पड़ोसी न्यूरॉन्स या संवेदी अंगों से तंत्रिका आवेग (Nerve Impulse) प्राप्त करती हैं। ये आवेगों को कोशिका काय (Soma) की ओर संचारित करती हैं।
Quick Facts:

  • एक्सोन: यह तंत्रिका आवेग को कोशिका काय से दूर ले जाता है, प्राप्त नहीं करता, यह गलत है।
  • सिनेप्स: यह दो न्यूरॉन्स के बीच का जंक्शन है, आवेग प्राप्त करने की संरचना नहीं, यह गलत है।
  • डेंड्राइट: ये आवेग प्राप्त करते हैं, यह सही है।
  • कोशिका काय: यह न्यूरॉन का मुख्य भाग है, जो आवेगों को एकीकृत करता है, लेकिन सीधे प्राप्त नहीं करता, यह गलत है।

कौन सा साइटोस्केलेटल प्रोटीन न्यूरोफिलामेंट्स का प्रमुख घटक है जो बड़े अक्षतंतुओं की क्षमता और अखंडता को बनाए रखने में मदद करता है?

  • केराटिन प्रोटीन
  • एक्टिन प्रोटीन
  • ट्यूबुलिन प्रोटीन
  • न्यूरोफिलामेंट प्रोटीन

Explanation: न्यूरोफिलामेंट्स (Neurofilaments) तंत्रिका कोशिकाओं के साइटोस्केलेटन का एक प्रमुख घटक हैं, जो विशेष रूप से अक्षतंतुओं (Axons) में पाए जाते हैं। ये प्रोटीन अक्षतंतुओं को यांत्रिक सहायता प्रदान करते हैं, उनका व्यास (Diameter) बनाए रखते हैं और उनकी अखंडता (Integrity) बनाए रखने में मदद करते हैं।
Quick Facts:

  • केराटिन प्रोटीन: यह बाल, नाखून और त्वचा में पाया जाता है, न्यूरोफिलामेंट में नहीं, यह गलत है।
  • एक्टिन प्रोटीन: यह माइक्रोफिलामेंट्स का घटक है, न्यूरोफिलामेंट का नहीं, यह गलत है।
  • ट्यूबुलिन प्रोटीन: यह माइक्रोट्यूब्यूल्स का घटक है, न्यूरोफिलामेंट का नहीं, यह गलत है।
  • न्यूरोफिलामेंट प्रोटीन: यह न्यूरोफिलामेंट्स का प्रमुख घटक है, यह सही है।

निम्नलिखित में से कौन-सी संरचना, रूक्ष अन्तःप्रद्रव्यी जालिका झिल्ली की पृष्ठ पर उपस्थित होती है?

  • राइबोसोम
  • क्रोमोसोम
  • कोशिका भित्ति
  • प्लाज्मा झिल्ली

Explanation: खुरदुरी अन्तर्द्रव्यी जालिका (Rough Endoplasmic Reticulum – RER) की सतह पर राइबोसोम (Ribosomes) जुड़े होते हैं, जो इसे खुरदुरा रूप देते हैं। ये राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण (Protein Synthesis) के लिए जिम्मेदार होते हैं।
Quick Facts:

  • राइबोसोम: ये RER की सतह पर पाए जाते हैं, यह सही है।
  • क्रोमोसोम: ये केंद्रक में पाए जाते हैं, RER पर नहीं, यह गलत है।
  • कोशिका भित्ति: यह कोशिका के बाहर पाई जाती है, RER पर नहीं, यह गलत है।
  • प्लाज्मा झिल्ली: यह कोशिका की सबसे बाहरी परत है, RER पर नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कोशिकीय अंगक पोषक तत्वों में उत्पादों के भंडारण, संशोधन और पैकेजिंग का कार्य करता है?

  • राइबोसोम
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • गॉल्जी उपकरण
  • लाइसोसोम

Explanation: गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) कोशिका का ‘पोस्ट ऑफिस’ है। यह प्रोटीन और लिपिड (विशेषकर ER से आने वाले) का भंडारण, संशोधन (जैसे- ग्लाइकोसिलेशन) और पैकेजिंग करता है, और उन्हें पुटिकाओं (Vesicles) में लपेटकर उनके गंतव्य (लाइसोसोम, प्लाज्मा झिल्ली, या स्राव) तक भेजता है।
Quick Facts:

  • राइबोसोम: प्रोटीन संश्लेषण के लिए है, भंडारण/पैकेजिंग के लिए नहीं, यह गलत है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: ATP (ऊर्जा) उत्पादन के लिए है, पैकेजिंग के लिए नहीं, यह गलत है।
  • गॉल्जी उपकरण: भंडारण, संशोधन और पैकेजिंग का कार्य करता है, यह सही है।
  • लाइसोसोम: पाचन और अपशिष्ट निष्कासन के लिए है, पैकेजिंग के लिए नहीं, यह गलत है।

जिन जीवों की कोशिकाओं में केंद्रक झिल्ली नहीं होती है, उन्हें ______ कहा जाता है।

  • यूकैरियोट्स
  • प्रोकैरियोट्स
  • कोशिका द्रव्य
  • क्रोमैटिन

Explanation: प्रोकैरियोट्स (Prokaryotes) वे जीव हैं जिनकी कोशिकाओं में एक सुगठित केंद्रक (Well-defined Nucleus) नहीं होता है, अर्थात केंद्रक झिल्ली (Nuclear Membrane) अनुपस्थित होती है। इनका आनुवंशिक पदार्थ केंद्रक क्षेत्र (Nucleoid) में स्थित होता है। उदाहरण: जीवाणु (Bacteria) और आर्किया (Archaea)।
Quick Facts:

  • यूकैरियोट्स: इनमें केंद्रक झिल्ली होती है, यह गलत है।
  • प्रोकैरियोट्स: इनमें केंद्रक झिल्ली नहीं होती, यह सही है।
  • कोशिका द्रव्य: यह कोशिका का एक घटक है, जीवों का वर्गीकरण नहीं, यह गलत है।
  • क्रोमैटिन: यह DNA और प्रोटीन का एक रूप है, जीवों का वर्गीकरण नहीं, यह गलत है।

कौन-सी संरचना, पादप कोशिकाओं में पाई जाती है लेकिन जंतु कोशिकाओं में अनुपस्थित होती है?

  • कोशिका भित्ति
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • अन्तर्द्रव्यी जालिका
  • कोशिका द्रव्य

Explanation: पादप कोशिकाओं (Plant Cells) में कोशिका भित्ति (Cell Wall) एक कठोर, सुरक्षात्मक परत होती है जो प्लाज्मा झिल्ली के बाहर स्थित होती है। यह कोशिका को आकार, संरचनात्मक सहायता और यांत्रिक सुरक्षा प्रदान करती है। जंतु कोशिकाओं (Animal Cells) में कोशिका भित्ति नहीं होती है।
Quick Facts:

  • कोशिका भित्ति: यह पादप कोशिकाओं में पाई जाती है, जंतु कोशिकाओं में नहीं, यह सही है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: ये पादप और जंतु दोनों में पाए जाते हैं, यह गलत है।
  • अन्तर्द्रव्यी जालिका: यह पादप और जंतु दोनों में पाई जाती है, यह गलत है।
  • कोशिका द्रव्य: यह पादप और जंतु दोनों में पाया जाता है, यह गलत है।

विभज्योतक (meristematic tissues) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

  • रिक्तिकाओं का अभाव
  • पतली भित्ति
  • रिक्तिकाओं की उपस्थिति
  • सक्रिय रूप से विभाजित होने वाली कोशिकाएं

Explanation: विभज्योतक (Meristematic Tissue) पौधों में वृद्धि के क्षेत्र होते हैं, जिनमें कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती रहती हैं। इन कोशिकाओं में रिक्तिकाएँ (Vacuoles) नहीं होती हैं (या बहुत छोटी होती हैं), क्योंकि रिक्तिकाएँ कोशिका विभाजन में बाधा डालती हैं। इनकी कोशिका भित्ति पतली होती है और कोशिकाएँ सक्रिय रूप से विभाजित होती हैं।
Quick Facts:

  • रिक्तिकाओं का अभाव: यह विभज्योतक कोशिकाओं की विशेषता है, यह सत्य है।
  • पतली भित्ति: विभज्योतक कोशिकाओं की भित्ति पतली होती है, यह सत्य है।
  • रिक्तिकाओं की उपस्थिति: यह असत्य है, क्योंकि विभज्योतक में रिक्तिकाएँ नहीं होतीं, यही सही उत्तर है।
  • सक्रिय रूप से विभाजित: विभज्योतक कोशिकाएँ सक्रिय रूप से विभाजित होती हैं, यह सत्य है।

न्यूरॉन के किस भाग में सूचना प्राप्त होती है?

  • अक्षतंतु
  • डेन्ड्राइट
  • कोशिका-पिण्ड
  • तंत्रिका सिरा

Explanation: डेंड्राइट्स (Dendrites) न्यूरॉन के वे भाग हैं जो अन्य न्यूरॉन्स या संवेदी कोशिकाओं से सूचना (तंत्रिका आवेग) प्राप्त करते हैं। ये शाखित होते हैं और आवेगों को कोशिका काय (Cell Body) की ओर ले जाते हैं। यह न्यूरॉन का ‘इनपुट’ क्षेत्र है।
Quick Facts:

  • अक्षतंतु (एक्सोन): यह सूचना को कोशिका काय से दूर ले जाता है, प्राप्त नहीं करता, यह गलत है।
  • डेन्ड्राइट: यह सूचना प्राप्त करता है, यह सही है।
  • कोशिका-पिण्ड: यह सूचनाओं को एकीकृत करता है, लेकिन सीधे प्राप्त नहीं करता, यह गलत है।
  • तंत्रिका सिरा: यह एक्सॉन का अंतिम भाग है, जो सिनैप्स बनाता है, यह गलत है।

श्रम विभाजन निम्न में होता है:

  • केवल एककोशिकीय जीवों में
  • केवल बहुकोशिकीय जीवों में
  • न तो एककोशिकीय और न ही बहुकोशिकीय जीवों में
  • एककोशिकीय और बहुकोशिकीय दोनों जीवों में

Explanation: श्रम विभाजन (Division of Labour) एककोशिकीय और बहुकोशिकीय दोनों प्रकार के जीवों में होता है। एककोशिकीय जीवों में, कोशिका के भीतर विभिन्न कोशिकांग विशिष्ट कार्य करते हैं (जैसे- माइटोकॉन्ड्रिया ऊर्जा, राइबोसोम प्रोटीन)। बहुकोशिकीय जीवों में, विभिन्न कोशिकाएँ विशिष्ट कार्यों के लिए विशेषज्ञ होती हैं।
Quick Facts:

  • केवल एककोशिकीय: यह गलत है, बहुकोशिकीय में भी श्रम विभाजन होता है।
  • केवल बहुकोशिकीय: यह गलत है, एककोशिकीय में भी (अंगक स्तर पर) श्रम विभाजन होता है।
  • न तो एककोशिकीय और न ही बहुकोशिकीय: यह गलत है, श्रम विभाजन सभी जीवों में होता है।
  • एककोशिकीय और बहुकोशिकीय दोनों: यह सही है, श्रम विभाजन सभी स्तरों पर होता है।

पौधों में कोशिका झिल्ली के बाहर मौजूद दृढ़ बाहरी आवरण को क्या कहा जाता है?

  • कोशिका आवरण
  • चयनात्मक पारगम्य झिल्ली
  • कोशिका भित्ति
  • केन्द्रक झिल्ली

Explanation: पादप कोशिकाओं में, कोशिका झिल्ली (Plasma Membrane) के बाहर एक दृढ़ (Rigid) और मोटी बाहरी परत होती है, जिसे कोशिका भित्ति (Cell Wall) कहा जाता है। यह सेल्यूलोज से बनी होती है और कोशिका को संरचनात्मक सहायता, आकार और यांत्रिक सुरक्षा प्रदान करती है।
Quick Facts:

  • कोशिका आवरण: यह एक असामान्य शब्द है, सही शब्द कोशिका भित्ति है, यह गलत है।
  • चयनात्मक पारगम्य झिल्ली: यह प्लाज्मा झिल्ली की विशेषता है, बाहरी आवरण नहीं, यह गलत है।
  • कोशिका भित्ति: यह पादप कोशिकाओं में प्लाज्मा झिल्ली के बाहर पाई जाती है, यह सही है।
  • केन्द्रक झिल्ली: यह केंद्रक के चारों ओर होती है, कोशिका के बाहर नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन पादप कोशिका में संचित वसा को शर्करा में बदलने के लिए उत्तरदायी है?

  • ऑक्सीसोम
  • ग्लाइऑक्सिसोम
  • गॉल्जीकाय
  • राइबोसोम

Explanation: ग्लाइऑक्सिसोम (Glyoxysomes) पादप कोशिकाओं में पाए जाने वाले विशेष पेरॉक्सिसोम हैं, जो वसा (Lipids) को शर्करा (Carbohydrates) में बदलने के लिए आवश्यक एंजाइमों (जैसे- आइसोसाइट्रेट लाइएज) का भंडारण करते हैं। यह प्रक्रिया बीजों के अंकुरण (Germination) के दौरान महत्वपूर्ण होती है।
Quick Facts:

  • ऑक्सीसोम: यह एक पुराना शब्द है, अब इसे पेरॉक्सिसोम कहते हैं, वसा से शर्करा में रूपांतरण का कार्य नहीं, यह गलत है।
  • ग्लाइऑक्सिसोम: यह वसा को शर्करा में बदलने के लिए उत्तरदायी है, यह सही है।
  • गॉल्जीकाय: यह पैकेजिंग के लिए है, वसा-शर्करा रूपांतरण के लिए नहीं, यह गलत है।
  • राइबोसोम: यह प्रोटीन संश्लेषण के लिए है, वसा-शर्करा रूपांतरण के लिए नहीं, यह गलत है।

लिवर में उत्पादित ग्लाइकोप्रोटीन का नाम क्या है जो रक्त के थक्के जमने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?

  • फाइब्रिनोजेन
  • कैडरिन
  • म्यूसिन्स
  • सेलेक्टिन

Explanation: फाइब्रिनोजेन (Fibrinogen) एक ग्लाइकोप्रोटीन है जो यकृत (Liver) में उत्पादित होता है और रक्त के थक्के जमने (Blood Clotting) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। थ्रोम्बिन एंजाइम इसे फाइब्रिन में परिवर्तित करता है, जो थक्के का जाल (Mesh) बनाता है।
Quick Facts:

  • फाइब्रिनोजेन: यह रक्त थक्के में शामिल ग्लाइकोप्रोटीन है, यह सही है।
  • कैडरिन: ये कोशिका-आसंजन (Cell Adhesion) प्रोटीन हैं, थक्के में नहीं, यह गलत है।
  • म्यूसिन्स: ये श्लेष्मा (Mucus) के प्रमुख घटक हैं, थक्के में नहीं, यह गलत है।
  • सेलेक्टिन: ये कोशिका-आसंजन प्रोटीन हैं, थक्के में नहीं, यह गलत है।

कौन सा कार्य कोशिकीय परिवहन के मार्ग और निर्माण सतह दोनों के रूप में करता है?

  • प्लास्टिड
  • अन्तःप्रद्रव्यी जालिका
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • राइबोसोम

Explanation: अन्तर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum – ER) एक नलिकाकार संरचना है जो कोशिका के भीतर पदार्थों के परिवहन (Transport) के लिए एक मार्ग (Pathway) का कार्य करती है। साथ ही, खुरदुरी ER (Rough ER) प्रोटीन संश्लेषण के लिए राइबोसोम के लिए एक निर्माण सतह (Surface) भी प्रदान करती है।
Quick Facts:

  • प्लास्टिड: ये पादप कोशिकाओं में भंडारण और प्रकाश संश्लेषण के लिए हैं, परिवहन/निर्माण के लिए नहीं, यह गलत है।
  • अन्तःप्रद्रव्यी जालिका: यह परिवहन मार्ग और निर्माण सतह दोनों है, यह सही है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह ATP उत्पादन के लिए है, परिवहन/निर्माण के लिए नहीं, यह गलत है।
  • राइबोसोम: यह प्रोटीन संश्लेषण के लिए है, परिवहन के लिए नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन DNA का क्रियात्मक भाग है?

  • एंडोक्राइन रेटिकुलम
  • लाइसोसोम
  • जीन
  • गॉल्गी उपकरण

Explanation: जीन (Genes) DNA (Deoxyribonucleic Acid) के क्रियात्मक (Functional) खंड हैं। प्रत्येक जीन एक विशिष्ट प्रोटीन या RNA अणु के लिए कोड होता है, जो जीव के गुणों (Traits) को निर्धारित करता है। DNA में कई जीन होते हैं, जो गुणसूत्रों पर व्यवस्थित होते हैं।
Quick Facts:

  • एंडोक्राइन रेटिकुलम: यह एक असंबंधित शब्द है (सही शब्द एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम है), DNA का हिस्सा नहीं, यह गलत है।
  • लाइसोसोम: यह एक कोशिकांग है, DNA का भाग नहीं, यह गलत है।
  • जीन: यह DNA का क्रियात्मक भाग है, यह सही है।
  • गॉल्गी उपकरण: यह एक कोशिकांग है, DNA का भाग नहीं, यह गलत है।

कार्य के आधार पर, प्लाज्मा झिल्ली प्रकृति में ______ होती है।

  • अर्ध-पारगम्य
  • चयनात्मक रूप से पारगम्य
  • पूर्णतः पारगम्य
  • पूर्णतः अपारगम्य

Explanation: प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) चयनात्मक रूप से पारगम्य (Selectively Permeable) होती है। इसका अर्थ है कि यह कुछ अणुओं/आयनों को कोशिका में प्रवेश करने या बाहर निकलने देती है, जबकि अन्य को रोकती है। यह चयनात्मकता कोशिका के आंतरिक वातावरण को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
Quick Facts:

  • अर्ध-पारगम्य: यह शब्द केवल विलायक (जैसे- पानी) के पारगमन के लिए प्रयोग होता है, प्लाज्मा झिल्ली के लिए ‘चयनात्मक’ अधिक सटीक है, यह गलत है।
  • चयनात्मक रूप से पारगम्य: यह प्लाज्मा झिल्ली की सही प्रकृति है, यह सही है।
  • पूर्णतः पारगम्य: यदि यह पूर्णतः पारगम्य होती, तो कोशिका अपना आंतरिक वातावरण नहीं बनाए रख पाती, यह गलत है।
  • पूर्णतः अपारगम्य: यदि यह पूर्णतः अपारगम्य होती, तो कोई पदार्थ प्रवेश/निष्कासन नहीं हो पाता, यह गलत है।

गॉल्जी उपकरण के कार्य में पुटिकाएं क्यों महत्वपूर्ण हैं?

  • वे गॉल्जी उपकरण से पदार्थों को लाते और ले जाते हैं
  • वे गॉल्जी उपकरण में पैकेजिंग के लिए आवश्यक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं
  • वे नाभिक बनाने में मदद करते हैं
  • वे अपशिष्ट पदार्थों को पचाते हैं

Explanation: पुटिकाएँ (Vesicles) छोटी, झिल्ली-बद्ध थैलियाँ होती हैं जो गॉल्जी उपकरण के आसपास पाई जाती हैं। वे गॉल्जी उपकरण में पदार्थों को लाती हैं (ER से) और संशोधन/पैकेजिंग के बाद उन्हें उनके गंतव्य (प्लाज्मा झिल्ली, लाइसोसोम, या स्राव) तक ले जाती हैं। इस प्रकार, पुटिकाएँ गॉल्जी उपकरण के परिवहन कार्य के लिए आवश्यक हैं।
Quick Facts:

  • पदार्थों को लाते और ले जाते हैं: पुटिकाओं का मुख्य कार्य परिवहन है, यह सही है।
  • ऊर्जा उत्पन्न करना: ऊर्जा उत्पादन माइटोकॉन्ड्रिया का कार्य है, पुटिकाओं का नहीं, यह गलत है।
  • नाभिक बनाने में मदद: यह पुटिकाओं का कार्य नहीं है, यह गलत है।
  • अपशिष्ट पचाना: यह लाइसोसोम का कार्य है, पुटिकाओं का नहीं, यह गलत है।

प्लाज्मा झिल्ली के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प गलत है?

  • यह कोशिका का सबसे बाह्य आवरण है।
  • प्लाज्मा झिल्ली लिपिड और प्रोटीन से बनी होती है।
  • यह चयनात्मक रूप से पारगम्य होती है।
  • यह प्रकृति में दृढ़ होती है।

Explanation: प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) दृढ़ (Rigid) नहीं होती है; यह लचीली (Flexible) और गतिशील (Dynamic) होती है। इसे ‘तरल मोज़ेक मॉडल’ (Fluid Mosaic Model) द्वारा वर्णित किया जाता है, जहाँ लिपिड और प्रोटीन अणु लगातार गतिमान रहते हैं, जो झिल्ली को तरलता और लचीलापन प्रदान करते हैं।
Quick Facts:

  • सबसे बाह्य आवरण: यह सत्य है, प्लाज्मा झिल्ली कोशिका की बाहरी सीमा है (पादप में भित्ति के अंदर)।
  • लिपिड और प्रोटीन से बनी: यह सत्य है, ये झिल्ली के मुख्य घटक हैं।
  • चयनात्मक रूप से पारगम्य: यह सत्य है, यह झिल्ली का प्रमुख गुण है।
  • प्रकृति में दृढ़: यह असत्य है, प्लाज्मा झिल्ली लचीली होती है, यही सही उत्तर है।

केन्द्रक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  • केंद्रक में गुणसूत्र होते हैं।
  • केन्द्रीय झिल्ली एक द्वि-परतीय संरचना है।
  • केन्द्रीय झिल्ली एक अरंधीय और दृढ़ संरचना है।
  • केंद्रक, कोशिकीय जनन में एक मुख्य भूमिका निभाता है।

Explanation: केंद्रक झिल्ली (Nuclear Membrane) दृढ़ (Rigid) नहीं होती है; यह एक द्वि-परतीय (Double-layered), सरंध्र (Porous) और लचीली (Flexible) संरचना होती है। इसमें केंद्रकीय रंध्र (Nuclear Pores) होते हैं, जो केंद्रक और कोशिकाद्रव्य के बीच पदार्थों के आदान-प्रदान की अनुमति देते हैं।
Quick Facts:

  • गुणसूत्र होते हैं: यह सत्य है, गुणसूत्र केंद्रक में स्थित होते हैं।
  • द्वि-परतीय संरचना: यह सत्य है, केंद्रक झिल्ली दो परतों की बनी होती है।
  • अरंधीय और दृढ़: यह असत्य है, इसमें रंध्र होते हैं और यह लचीली होती है, यही सही उत्तर है।
  • कोशिकीय जनन में मुख्य भूमिका: यह सत्य है, केंद्रक कोशिका विभाजन को नियंत्रित करता है।

निम्नलिखित में से कौन सा कोशिकांग किसी भी विदेशी पदार्थ के साथ-साथ घिसे-पिटे कोशिकांगों को पचाकर कोशिका को साफ रखने में मदद करता है?

  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम
  • गॉल्जी उपकरण
  • लाइसोसोम

Explanation: लाइसोसोम (Lysosomes) कोशिका के ‘आत्मघाती थैली’ (Suicidal Bags) कहलाते हैं, क्योंकि इनमें हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (पाचक एंजाइम) होते हैं। ये विदेशी पदार्थों (जैसे- बैक्टीरिया) और घिसी-पिटी कोशिकांगों को पचाते हैं, जिससे कोशिका साफ (Clean) रहती है। इस प्रक्रिया को ऑटोफैगी (Autophagy) कहते हैं।
Quick Facts:

  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह ATP उत्पादन के लिए है, पाचन के लिए नहीं, यह गलत है।
  • एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम: यह संश्लेषण और परिवहन के लिए है, पाचन के लिए नहीं, यह गलत है।
  • गॉल्जी उपकरण: यह पैकेजिंग के लिए है, पाचन के लिए नहीं, यह गलत है।
  • लाइसोसोम: यह विदेशी पदार्थों और क्षतिग्रस्त अंगकों को पचाता है, यह सही है।

जंतु ऊतक, पादप ऊतकों से अलग होते हैं क्योंकि जंतु ऊतक ______ ऊतक होते हैं।

  • विशेष कार्यों के अभाव वाले
  • असीमित वृद्धि दर्शन वाले
  • अधिकतर जीवित और लचीले
  • कठोर कोशिका भित्ति वाले

Explanation: जंतु ऊतक (Animal Tissues) अधिकतर जीवित (Living) और लचीले (Flexible) होते हैं। पादप ऊतकों (Plant Tissues) के विपरीत, जंतु ऊतकों में कोशिका भित्ति नहीं होती है, जो उन्हें गति और लचीलापन प्रदान करती है। पादप ऊतकों में कठोर कोशिका भित्ति होती है और वे अधिक स्थिर होते हैं।
Quick Facts:

  • विशेष कार्यों के अभाव: जंतु ऊतक विशिष्ट कार्य करते हैं, यह गलत है।
  • असीमित वृद्धि: यह पादप ऊतकों की विशेषता है (विभज्योतक), जंतुओं में नहीं, यह गलत है।
  • अधिकतर जीवित और लचीले: यह जंतु ऊतकों की विशेषता है, यह सही है।
  • कठोर कोशिका भित्ति: यह पादप ऊतकों की विशेषता है, जंतुओं में नहीं, यह गलत है।

कोशिकाओं में केंद्रक झिल्ली और अन्य कोशिकांगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?

  • सभी कोशिका द्रव्यीय कोशिकांग प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में उपस्थित होते हैं।
  • प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में केंद्रक झिल्ली उपस्थित होती है।
  • यूकैरियोटिक कोशिकाओं में केंद्रक झिल्ली अनुपस्थित होती है।
  • प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में केंद्रक झिल्ली अनुपस्थित होती है।

Explanation: प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं (Prokaryotic Cells) में केंद्रक झिल्ली (Nuclear Membrane) नहीं होती है। उनका आनुवंशिक पदार्थ (DNA) कोशिकाद्रव्य में केंद्रक क्षेत्र (Nucleoid) में स्थित होता है, जो किसी झिल्ली से घिरा नहीं होता। यह प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाओं के बीच एक मूलभूत अंतर है।
Quick Facts:

  • सभी कोशिकाद्रव्यी अंगक: प्रोकैरियोटिक में झिल्ली-बद्ध अंगक नहीं होते, यह गलत है।
  • प्रोकैरियोटिक में केंद्रक झिल्ली: यह गलत है, प्रोकैरियोटिक में केंद्रक झिल्ली नहीं होती।
  • यूकैरियोटिक में केंद्रक झिल्ली अनुपस्थित: यह गलत है, यूकैरियोटिक में केंद्रक झिल्ली होती है।
  • प्रोकैरियोटिक में केंद्रक झिल्ली अनुपस्थित: यह सत्य है, यह सही उत्तर है।

यदि किसी कोशिका में प्रकायात्मक गॉल्जी कॉम्प्लेक्स का अभाव है, तो यह मुख्यतः ………………..में विफल होगा।

  • केवल प्रोटीन संश्लेषण (protein synthesis only)
  • ATP का निर्माण (formation of ATP)
  • पैकेजिंग और स्राव (packaging and secretion)
  • कोशिका विभाजन नियंत्रण (controlling cell division)

Explanation: गॉल्जी उपकरण (Golgi Complex) का मुख्य कार्य कोशिका में उत्पादित पदार्थों (प्रोटीन और लिपिड) की पैकेजिंग (Packaging), संशोधन (Modification) और स्राव (Secretion) है। यदि यह अनुपस्थित है, तो कोशिका इन कार्यों को ठीक से नहीं कर पाएगी, जिससे स्रावी प्रोटीन (जैसे- हार्मोन, एंजाइम) कोशिका से बाहर नहीं निकल पाएंगे।
Quick Facts:

  • प्रोटीन संश्लेषण: यह राइबोसोम का कार्य है, गॉल्जी का नहीं, यह गलत है।
  • ATP का निर्माण: यह माइटोकॉन्ड्रिया का कार्य है, गॉल्जी का नहीं, यह गलत है।
  • पैकेजिंग और स्राव: यह गॉल्जी उपकरण का मुख्य कार्य है, यह सही है।
  • कोशिका विभाजन नियंत्रण: यह केंद्रक का कार्य है, गॉल्जी का नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से क्या केवल पादप कोशिकाओं में उपस्थित होता हैं?

  • गॉल्जी उपकरण
  • केंद्रक
  • प्लास्टिड
  • सूत्रकणिका (Mitochondria)

Explanation: प्लास्टिड (Plastids) केवल पादप कोशिकाओं (Plant Cells) और शैवाल (Algae) में पाए जाते हैं। ये प्रकाश संश्लेषण (क्लोरोप्लास्ट), वर्णक भंडारण (क्रोमोप्लास्ट) और भंडारण (ल्यूकोप्लास्ट) के लिए जिम्मेदार होते हैं। जंतु कोशिकाओं में प्लास्टिड नहीं होते हैं।
Quick Facts:

  • गॉल्जी उपकरण: यह पादप और जंतु दोनों में पाया जाता है, यह गलत है।
  • केंद्रक: यह पादप और जंतु दोनों में पाया जाता है (यूकैरियोटिक), यह गलत है।
  • प्लास्टिड: यह केवल पादप कोशिकाओं में पाया जाता है, यह सही है।
  • सूत्रकणिका (Mitochondria): यह पादप और जंतु दोनों में पाया जाता है, यह गलत है।

प्याज की जड़ की वृद्धि उसके ऊपरी भाग को काटने के बाद क्यों रुक जाती है?

  • अंतर्वेशी विभज्योतक कार्य करना प्रारंभ कर देता है।
  • शीर्षस्थ विभज्योतक, जो नई कोशिकाओं का निर्माण करता है, उसे हटा दिया जाता है।
  • पाश्वव विभज्योतक क्षतिप्रस्त हो जाता है।
  • विभज्योतक कोशिकाएं अपनी रिक्तिकाओं का त्याग कर देती हैं।

Explanation: प्याज की जड़ की वृद्धि उसके शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem) पर निर्भर करती है, जो जड़ के सिरे पर स्थित होता है। यह विभज्योतक लगातार नई कोशिकाओं का निर्माण करता है, जिससे जड़ लंबी होती है। जब इस शीर्षस्थ भाग को काट दिया जाता है, तो नई कोशिकाओं का निर्माण रुक जाता है और वृद्धि रुक जाती है।
Quick Facts:

  • अंतर्वेशी विभज्योतक: यह इंटरनोड्स (Internodes) में पाया जाता है, जड़ में नहीं, यह गलत है।
  • शीर्षस्थ विभज्योतक हटा दिया जाता है: यह सही है, क्योंकि जड़ की वृद्धि यहीं से होती है।
  • पाश्वव विभज्योतक: यह पार्श्व वृद्धि (मोटाई) के लिए होता है, लंबाई के लिए नहीं, यह गलत है।
  • रिक्तिकाओं का त्याग: यह विभज्योतक कोशिकाओं की विशेषता है, लेकिन काटने से यह नहीं होता, यह गलत है।

प्रोटीन किसका एक अभिन्न अंग हैं?

  • कोशिका झिल्ली
  • सभी विकल्पों का
  • प्रतिरक्षी
  • एंजाइम

Explanation: प्रोटीन (Proteins) कोशिका झिल्ली (Cell Membrane), प्रतिरक्षी (Antibodies), और एंजाइम (Enzymes) सहित कई जैविक संरचनाओं और अणुओं का एक अभिन्न (Integral) हिस्सा हैं। ये संरचनात्मक सहायता, सुरक्षा, उत्प्रेरण (Catalysis) और कई अन्य कार्यों के लिए आवश्यक हैं। इसलिए, सभी विकल्प सही हैं।
Quick Facts:

  • कोशिका झिल्ली: झिल्ली प्रोटीन झिल्ली का हिस्सा होते हैं, यह सत्य है।
  • सभी विकल्पों का: चूँकि प्रोटीन इन सभी में पाए जाते हैं, यह सही है।
  • प्रतिरक्षी: प्रतिरक्षी स्वयं प्रोटीन होते हैं, यह सत्य है।
  • एंजाइम: एंजाइम प्रोटीन होते हैं, यह सत्य है।

इनमें से कौन केवल पौधों में पाया जाता है?

  • नाभिक
  • कोशिका संरचना
  • कोशिका झिल्ली
  • कोशिका भित्ति

Explanation: कोशिका भित्ति (Cell Wall) एक कठोर, बाहरी परत है जो केवल पादप कोशिकाओं (Plant Cells) में पाई जाती है (कवक और कुछ जीवाणुओं में भी, लेकिन जंतु कोशिकाओं में नहीं)। यह पादप कोशिकाओं को उनका विशिष्ट आकार, संरचनात्मक सहायता और सुरक्षा प्रदान करती है।
Quick Facts:

  • नाभिक: यह पादप और जंतु दोनों में पाया जाता है (यूकैरियोटिक), यह गलत है।
  • कोशिका संरचना: यह एक अस्पष्ट शब्द है, कोशिका झिल्ली और भित्ति दोनों संरचनाएँ हैं, यह गलत है।
  • कोशिका झिल्ली: यह पादप और जंतु दोनों में पाई जाती है, यह गलत है।
  • कोशिका भित्ति: यह केवल पादप कोशिकाओं में पाई जाती है (जंतुओं में नहीं), यह सही है।

पादप कोशिकाओं में कोशिका भित्ति का प्राथमिक कार्य क्या है?

  • कोशिकीय श्वसन को नियंत्रित करना
  • पोषक तत्वों का परिवहन करना
  • कोशिका विभाजन को नियंत्रित करना
  • दृढता और सुरक्षा प्रदान करना

Explanation: कोशिका भित्ति (Cell Wall) का प्राथमिक कार्य पादप कोशिका को दृढता (Rigidity) और यांत्रिक सुरक्षा (Protection) प्रदान करना है। यह सेल्यूलोज (Cellulose) से बनी एक कठोर परत है, जो कोशिका को एक निश्चित आकार देती है, बाहरी यांत्रिक क्षति से बचाती है, और कोशिका में स्फीति (Turgidity) बनाए रखती है।
Quick Facts:

  • कोशिकीय श्वसन: यह माइटोकॉन्ड्रिया का कार्य है, कोशिका भित्ति का नहीं, यह गलत है।
  • पोषक तत्वों का परिवहन: यह प्लाज्मा झिल्ली का कार्य है, कोशिका भित्ति का नहीं, यह गलत है।
  • कोशिका विभाजन नियंत्रण: यह केंद्रक का कार्य है, कोशिका भित्ति का नहीं, यह गलत है।
  • दृढता और सुरक्षा: यह कोशिका भित्ति का प्राथमिक कार्य है, यह सही है।

स्पाइरोगाइरा (Spirogyra) में, प्रत्येक खंड एक पूर्ण जीव में विकसित हो जाता है। इसका संभावित कारण क्या हो सकता है?

  • विखंडन केवल प्रयोगशाला स्थितियों में ही होता है।
  • प्रत्येक खंड में जड़ होता है।
  • प्रत्येक कोशिका स्वतंत्र वृद्धि करने में सक्षम होती है।
  • प्रत्येक खंड में जटिल अंग होते हैं।

Explanation: स्पाइरोगाइरा (Spirogyra) एक तंतुमय (Filamentous) शैवाल है जो अलैंगिक रूप से विखंडन (Fragmentation) द्वारा प्रजनन करता है। इसका प्रत्येक खंड (Segment) एक संपूर्ण जीव में विकसित हो सकता है, क्योंकि प्रत्येक कोशिका में सभी आवश्यक कोशिकांग होते हैं और वह स्वतंत्र रूप से वृद्धि एवं विकास करने में सक्षम होती है (टोटिपोटेंसी – Totipotency)।
Quick Facts:

  • विखंडन केवल प्रयोगशाला में: विखंडन प्रकृति में भी होता है, यह गलत है।
  • प्रत्येक खंड में जड़: स्पाइरोगाइरा में जड़ नहीं होती, यह एक सरल जीव है, यह गलत है।
  • प्रत्येक कोशिका स्वतंत्र वृद्धि में सक्षम: यह सही है, क्योंकि प्रत्येक कोशिका टोटिपोटेंट होती है।
  • जटिल अंग: स्पाइरोगाइरा में जटिल अंग नहीं होते, यह गलत है।

___________ मानव शरीर की सबसे लंबी कोशिका है।

  • अस्थिकोशिका (osteocyte)
  • पेशी तंतु (muscle fibre)
  • न्यूरॉन (neuron)
  • बिंबाणु (platelet)

Explanation: न्यूरॉन (Neuron) मानव शरीर की सबसे लंबी कोशिका है। कुछ न्यूरॉन्स (जैसे- साइटिक तंत्रिका) 1 मीटर या उससे अधिक लंबे हो सकते हैं, जो रीढ़ की हड्डी से पैर की उंगलियों तक फैल सकते हैं। यह लंबाई तंत्रिका आवेगों को दूर तक संचारित करने के लिए आवश्यक है।
Quick Facts:

  • अस्थिकोशिका (Osteocyte): यह हड्डी की कोशिका है, लंबाई में छोटी होती है, यह गलत है।
  • पेशी तंतु (Muscle Fibre): ये लंबी हो सकती हैं, लेकिन न्यूरॉन से छोटी होती हैं, यह गलत है।
  • न्यूरॉन (Neuron): यह सबसे लंबी कोशिका है, यह सही है।
  • बिंबाणु (Platelet): ये रक्त के छोटे टुकड़े होते हैं, कोशिका नहीं, यह गलत है।

यदि बहु खंडन :: कई कोशिकाएँ, तो द्वि खंडन :: ________ ।

  • दो कोशिकाएँ
  • तीन कोशिकाएँ
  • चार कोशिकाएँ
  • एक कोशिका

Explanation: बहु खंडन (Multiple Fission) में एक जनक कोशिका कई (Many) संतति कोशिकाओं में विभाजित होती है (जैसे- प्लाज्मोडियम में)। द्वि खंडन (Binary Fission) में एक जनक कोशिका दो (Two) संतति कोशिकाओं में विभाजित होती है (जैसे- अमीबा, जीवाणु में)। इसलिए, बहु खंडन :: कई कोशिकाएँ, तो द्वि खंडन :: दो कोशिकाएँ।
Quick Facts:

  • दो कोशिकाएँ: द्वि खंडन में दो संतति बनती हैं, यह सही है।
  • तीन कोशिकाएँ: यह सही नहीं है, द्वि खंडन में दो बनती हैं।
  • चार कोशिकाएँ: यह बहु खंडन का एक रूप हो सकता है, द्वि खंडन नहीं, यह गलत है।
  • एक कोशिका: कोशिका विभाजन में एक नहीं, बल्कि दो या अधिक बनते हैं, यह गलत है।

प्रोकैरियोटिक राइबोसोम की उपइकाइयों की संरचना क्या है?

  • 50S और 40S
  • 50S और 30S
  • 60S और 30S
  • 60S और 40S

Explanation: प्रोकैरियोटिक (Prokaryotic) राइबोसोम 70S प्रकार के होते हैं, जो दो उप-इकाइयों (Subunits) से मिलकर बने होते हैं: बड़ी (Large) 50S उप-इकाई और छोटी (Small) 30S उप-इकाई। यूकैरियोटिक (Eukaryotic) राइबोसोम 80S प्रकार के होते हैं (60S + 40S)।
Quick Facts:

  • 50S और 40S: यह कोई मान्य संयोजन नहीं है, यह गलत है।
  • 50S और 30S: यह प्रोकैरियोटिक राइबोसोम (70S) की उप-इकाइयाँ हैं, यह सही है।
  • 60S और 30S: यह कोई मान्य संयोजन नहीं है, यह गलत है।
  • 60S और 40S: यह यूकैरियोटिक राइबोसोम (80S) की उप-इकाइयाँ हैं, प्रोकैरियोटिक की नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से किस जीव में खंडन सामान्य होता है?

  • केवल कुछ बहुकोशिकीय जीवों में
  • सभी एककोशिकीय जीवों में
  • सभी बहुकोशिकीय जीवों में
  • केवल कुछ एककोशिकीय जीवों में

Explanation: खंडन (Fission) अलैंगिक प्रजनन की एक विधि है जो मुख्यतः एककोशिकीय (Unicellular) जीवों में पाई जाती है, लेकिन सभी एककोशिकीय जीवों में नहीं होती। उदाहरण के लिए, अमीबा और जीवाणु में द्वि-खंडन (Binary Fission) होता है, जबकि प्लाज्मोडियम में बहु-खंडन (Multiple Fission) होता है। कुछ बहुकोशिकीय जीवों में भी विखंडन (Fragmentation) होता है, लेकिन खंडन (Fission) मुख्यतः एककोशिकीय में होता है।
Quick Facts:

  • केवल कुछ बहुकोशिकीय: खंडन मुख्यतः एककोशिकीय में होता है, बहुकोशिकीय में विखंडन होता है, यह गलत है।
  • सभी एककोशिकीय: सभी एककोशिकीय जीवों में खंडन नहीं होता (कुछ में बीजाणु बनते हैं), यह गलत है।
  • सभी बहुकोशिकीय: बहुकोशिकीय जीवों में खंडन नहीं होता (विखंडन होता है), यह गलत है।
  • केवल कुछ एककोशिकीय: यह सही है, क्योंकि खंडन कुछ ही एककोशिकीय जीवों में पाया जाता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा विलक्ष्य स्पष्ट करता है कि रिक्तिकाएँ पादप कोशिकाओं की संरचना को बनाए रखने में कैसे सहायक होती हैं?

  • कोशिका विभाजन में सहायता करके
  • क्लोरोफिल का भंडारण करके
  • स्फीति और कठोरता प्रदान करके
  • अतिरिक्त जल को बाहर निकालकर

Explanation: पादप कोशिकाओं में बड़ी केंद्रीय रिक्तिका (Central Vacuole) कोशिका रस (Cell Sap) से भरी होती है, जो कोशिका पर आसमाटिक दबाव (Osmotic Pressure) बनाती है। यह दबाव कोशिका को स्फीति (Turgidity) और कठोरता (Rigidity) प्रदान करता है, जो पादप कोशिकाओं की संरचना को बनाए रखने और पौधे के तने एवं पत्तियों को सीधा रखने में सहायक होता है।
Quick Facts:

  • कोशिका विभाजन: रिक्तिकाएँ विभाजन में बाधा डालती हैं (विभज्योतक में रिक्तिकाएँ नहीं होतीं), यह गलत है।
  • क्लोरोफिल का भंडारण: क्लोरोफिल क्लोरोप्लास्ट में संग्रहीत होता है, रिक्तिका में नहीं, यह गलत है।
  • स्फीति और कठोरता: यह रिक्तिका का मुख्य कार्य है, यह सही है।
  • अतिरिक्त जल बाहर निकालना: यह सिकुड़नशील रिक्तिका (Contractile Vacuole) का कार्य है, पादप रिक्तिका का नहीं, यह गलत है।

कोशिकीय जीव विज्ञान के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन स्यूडोपोडिया का सबसे अच्छा वर्णन करता है?

  • कोशिका झिल्ली के अस्थायी उभार का उपयोग गति और पोषण के लिए किया जाता है
  • कोशिकाओं की सतह पर स्थायी संरचनाएं जो गति और श्वसन के लिए उपयोग की जाती हैं
  • विशिष्ट कोशिकांग जो कोशिका के लिए ऊर्जा उत्पन्न करते हैं
  • कठोर संरचनाएं जो कोशिका को यांत्रिक सहायता प्रदान करती हैं

Explanation: कूटपाद (Pseudopodia) कोशिका झिल्ली के अस्थायी (Temporary) उभार होते हैं, जो मुख्यतः अमीबा (Amoeba) जैसे प्रोटोज़ोआ में पाए जाते हैं। इनका उपयोग गति (Locomotion) और भोजन ग्रहण (Phagocytosis – पोषण) के लिए किया जाता है। ये स्थायी संरचनाएँ नहीं हैं।
Quick Facts:

  • अस्थायी उभार गति और पोषण के लिए: यह कूटपाद की सही परिभाषा है, यह सही है।
  • स्थायी संरचनाएँ: कूटपाद स्थायी नहीं होते, यह गलत है।
  • ऊर्जा उत्पन्न करना: यह माइटोकॉन्ड्रिया का कार्य है, कूटपाद का नहीं, यह गलत है।
  • कठोर संरचनाएँ: कूटपाद कठोर नहीं, बल्कि लचीले होते हैं, यह गलत है।

निम्नलिखित विकल्पों में से कौन-सा, कोशिका अंगक नहीं है?

  • अन्तर्द्रव्यी जालिका
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • कोशिका द्रव्य
  • गॉल्जीकाय

Explanation: कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) कोशिका का वह भाग है जो प्लाज्मा झिल्ली और केंद्रक के बीच स्थित होता है। यह एक जेली जैसा पदार्थ है जिसमें विभिन्न कोशिकांग (Organelles) निलंबित होते हैं। स्वयं कोशिकाद्रव्य एक कोशिकांग नहीं है, बल्कि यह कोशिकांगों के लिए एक माध्यम है।
Quick Facts:

  • अन्तर्द्रव्यी जालिका: यह एक झिल्ली-बद्ध कोशिकांग है, यह गलत है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह एक झिल्ली-बद्ध कोशिकांग है, यह गलत है।
  • कोशिका द्रव्य: यह कोशिकांग नहीं है, बल्कि कोशिकांगों का माध्यम है, यह सही है।
  • गॉल्जीकाय: यह एक झिल्ली-बद्ध कोशिकांग है, यह गलत है।

कोशिका के दो समान संतति कोशिकाओं में विभाजन की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?

  • बहु विखंडन
  • द्विभाजन
  • पुनर्जनन
  • बीजाणु का निर्माण

Explanation: द्विभाजन (Binary Fission) अलैंगिक प्रजनन की एक प्रक्रिया है जिसमें एक जनक कोशिका विभाजित होकर दो समान (Identical) संतति कोशिकाएँ बनाती है। यह अमीबा, जीवाणु (Bacteria) और पैरामीशियम जैसे एककोशिकीय जीवों में सामान्य है।
Quick Facts:

  • बहु विखंडन: इसमें एक कोशिका कई संतति कोशिकाओं में विभाजित होती है (जैसे- प्लाज्मोडियम), यह गलत है।
  • द्विभाजन: इसमें एक कोशिका दो संतति कोशिकाओं में विभाजित होती है, यह सही है।
  • पुनर्जनन: इसमें एक जीव का खोया हुआ भाग पुनः विकसित होता है (जैसे- तारामीन), यह गलत है।
  • बीजाणु का निर्माण: इसमें बीजाणु (Spores) बनते हैं जो नए जीवों में विकसित होते हैं, यह गलत है।

सहसंयोजक बंधन दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों के सहभाजन से बनते हैं ताकि दोनों पूरी तरह से भरे हुए ______ कोश को प्राप्त कर सकें।

  • बाह्यतम
  • अंतरतम
  • केंद्रीय
  • उचित

Explanation: सहसंयोजक बंधन (Covalent Bond) में, दो परमाणु इलेक्ट्रॉनों को साझा (Share) करते हैं ताकि दोनों के बाह्यतम कक्ष (Outermost Shell) पूरी तरह से भर जाएँ। यह उन्हें स्थिर अक्रिय गैस विन्यास (Noble Gas Configuration) प्राप्त करने में मदद करता है।
Quick Facts:

  • बाह्यतम: सहसंयोजक बंधन में बाह्यतम कक्ष भरने के लिए इलेक्ट्रॉन साझा किए जाते हैं, यह सही है।
  • अंतरतम: अंतरतम कक्ष पहले से ही भरा होता है, इसके लिए बंधन नहीं बनता, यह गलत है।
  • केंद्रीय: यह एक अस्पष्ट शब्द है, बंधन बाह्यतम कक्ष के लिए होता है, यह गलत है।
  • उचित: यह एक अस्पष्ट शब्द है, बंधन बाह्यतम कक्ष के लिए होता है, यह गलत है।

पत्तियों में किस कोशिका अंगक में प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक पर्णहरित होता है?

  • केंद्रक
  • हरितलवक
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • रसधानी

Explanation: पर्णहरित (Chlorophyll) हरितलवक (Chloroplasts) में स्थित होता है, जो पादप कोशिकाओं (विशेषकर पत्तियों) में पाए जाने वाले कोशिकांग हैं। यह हरा वर्णक प्रकाश ऊर्जा को अवशोषित करता है और प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया को संचालित करता है।
Quick Facts:

  • केंद्रक: यह आनुवंशिक नियंत्रण के लिए है, पर्णहरित नहीं होता, यह गलत है।
  • हरितलवक: इसमें पर्णहरित होता है और यह प्रकाश संश्लेषण का स्थल है, यह सही है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह श्वसन के लिए है, पर्णहरित नहीं होता, यह गलत है।
  • रसधानी (रिक्तिका): यह भंडारण के लिए है, पर्णहरित नहीं होता, यह गलत है।

कोशिकीय अंगक एक जेली (jelly) में निलंबित होते हैं, जिसे ______ कहा जाता है।

  • साइटोप्लाज्म (Cytoplasm)
  • ल्यूमेन (Lumen)
  • स्ट्रोमा (Stroma)
  • न्यूक्लियोप्लाज्म (Nucleoplasm)

Explanation: कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) एक जेली (Jelly) जैसा पदार्थ है जो कोशिका झिल्ली और केंद्रक के बीच स्थित होता है। इसमें विभिन्न कोशिकांग (Organelles) निलंबित (Suspended) होते हैं और यह कोशिकीय चयापचय (Metabolism) का स्थल है।
Quick Facts:

  • साइटोप्लाज्म: यह जेली जैसा पदार्थ है जिसमें अंगक निलंबित होते हैं, यह सही है।
  • ल्यूमेन: यह नलिकाकार संरचनाओं (जैसे- ER) के अंदर का खाली स्थान है, संपूर्ण कोशिका का नहीं, यह गलत है।
  • स्ट्रोमा: यह हरितलवक या माइटोकॉन्ड्रिया के अंदर का तरल मैट्रिक्स है, कोशिका का नहीं, यह गलत है।
  • न्यूक्लियोप्लाज्म: यह केंद्रक के अंदर का तरल है, कोशिका का नहीं, यह गलत है।

न्यूरॉन का कौन-सा भाग तंत्रिका आवेग को कोशिका काय से दूर ले जाता है?

  • एक्सोन
  • अन्तर्रथन
  • नाभिक
  • डेन्ड्राइट

Explanation: एक्सोन (Axon) न्यूरॉन का वह भाग है जो तंत्रिका आवेग (Nerve Impulse) को कोशिका काय (Cell Body) से दूर ले जाता है। यह एक लंबा, तंतुमय प्रक्षेपण है जो आवेगों को न्यूरॉन से अन्य न्यूरॉन्स, मांसपेशियों या ग्रंथियों तक संचारित करता है।
Quick Facts:

  • एक्सोन: यह आवेग को कोशिका काय से दूर ले जाता है, यह सही है।
  • अन्तर्रथन (Synapse): यह दो न्यूरॉन्स के बीच का जंक्शन है, आवेग ले जाने वाला भाग नहीं, यह गलत है।
  • नाभिक: यह कोशिका काय में स्थित होता है, आवेग नहीं ले जाता, यह गलत है।
  • डेन्ड्राइट: यह आवेग प्राप्त करता है और कोशिका काय की ओर ले जाता है, दूर नहीं, यह गलत है।

पादप कोशिका भित्ति ______ से बनी होती है।

  • काइटिन
  • सेल्यूलोज और पेक्टिन
  • केवल पेक्टिन
  • म्यूरीन

Explanation: पादप कोशिका भित्ति (Plant Cell Wall) मुख्यतः सेल्यूलोज (Cellulose) से बनी होती है, जो एक जटिल कार्बोहाइड्रेट है। इसके अलावा, इसमें पेक्टिन (Pectin), हेमीसेल्यूलोज (Hemicellulose) और अन्य पदार्थ भी होते हैं, जो भित्ति को मजबूती और लचीलापन प्रदान करते हैं। पेक्टिन कोशिका भित्ति के मध्य पट्टिका (Middle Lamella) में पाया जाता है, जो कोशिकाओं को आपस में जोड़ता है।
Quick Facts:

  • काइटिन: यह कवक और कीटों की कोशिका भित्ति में पाया जाता है, पादपों में नहीं, यह गलत है।
  • सेल्यूलोज और पेक्टिन: ये पादप कोशिका भित्ति के मुख्य घटक हैं, यह सही है।
  • केवल पेक्टिन: कोशिका भित्ति केवल पेक्टिन से नहीं बनी होती, सेल्यूलोज भी होता है, यह गलत है।
  • म्यूरीन: यह जीवाणु कोशिका भित्ति में पाया जाता है, पादपों में नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से किस कोशिका अंगक में कुंडिका होते हैं और लयनकाय के निर्माण में शामिल होते हैं?

  • अवर्णलवक (Leucoplast)
  • गॉल्जी उपकरण (Golgi apparatus)
  • वर्णलवक (Chromoplast)
  • सूत्रकणिका (Mitochondria) (Mitochondria)

Explanation: गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) में चपटी, थैली जैसी संरचनाएँ होती हैं जिन्हें कुंडिकाएँ (Cisternae) कहा जाता है। यह पदार्थों के पैकेजिंग और संशोधन के साथ-साथ लाइसोसोम (Lysosomes) के निर्माण में भी शामिल होता है। लाइसोसोम गॉल्जी उपकरण से पुटिकाओं (Vesicles) के रूप में निकलते हैं।
Quick Facts:

  • अवर्णलवक (Leucoplast): ये रंगहीन प्लास्टिड हैं, भंडारण के लिए, कुंडिकाएँ नहीं, यह गलत है।
  • गॉल्जी उपकरण: इसमें कुंडिकाएँ होती हैं और लाइसोसोम बनाता है, यह सही है।
  • वर्णलवक (Chromoplast): ये रंगीन प्लास्टिड हैं, कुंडिकाएँ नहीं, यह गलत है।
  • सूत्रकणिका (Mitochondria) (Mitochondria): इसमें शिखाएँ (Cristae) होती हैं, कुंडिकाएँ नहीं, यह गलत है।

कोशिकाद्रव्य जिस जलीय भरण पदार्थ से बना होता है, क्या कहलाता है?

  • वर्णद्रव्य (chromoplasm)
  • केंद्रकद्रव्य (nucleoplasm)
  • साइटोसोल (cytosol)
  • लयनकाय तरल (lysosomal fluid)

Explanation: कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) का जलीय (Aqueous) भाग, जिसमें कोशिकांग निलंबित होते हैं, साइटोसोल (Cytosol) कहलाता है। यह एक जेल जैसा पदार्थ है जिसमें विभिन्न विलेय (Solute), एंजाइम और आयन होते हैं। यह कोशिकीय चयापचय (Metabolism) की अनेक प्रतिक्रियाओं का स्थल है।
Quick Facts:

  • वर्णद्रव्य (Chromoplasm): यह प्लास्टिड्स से संबंधित एक शब्द है, कोशिकाद्रव्य का जलीय भाग नहीं, यह गलत है।
  • केंद्रकद्रव्य (Nucleoplasm): यह केंद्रक (Nucleus) के अंदर का तरल है, कोशिकाद्रव्य का नहीं, यह गलत है।
  • साइटोसोल (Cytosol): यह कोशिकाद्रव्य का जलीय भाग है, यह सही है।
  • लयनकाय तरल: यह लाइसोसोम के अंदर का तरल है, कोशिकाद्रव्य का नहीं, यह गलत है।

______ में ऑक्सीजन की उपस्थिति में पाइरुवेट का विघटन होता है।

  • अन्तर्द्रव्यी जालिका
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • साइटोप्लाज्म
  • लाइसोसोम

Explanation: पाइरुवेट (Pyruvate) का ऑक्सीजन की उपस्थिति में विघटन (Oxidative Decarboxylation) माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) के आंतरिक मैट्रिक्स (Matrix) में होता है। यहाँ पाइरुवेट एसिटाइल CoA (Acetyl CoA) में परिवर्तित होता है, जो क्रेब्स चक्र (Krebs Cycle) में प्रवेश करता है। यह प्रक्रिया कोशिकीय श्वसन (Aerobic Respiration) का एक भाग है और ATP उत्पादन के लिए आवश्यक है।
Quick Facts:

  • अन्तर्द्रव्यी जालिका: यह प्रोटीन/लिपिड संश्लेषण के लिए है, पाइरुवेट विघटन के लिए नहीं, यह गलत है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह ऑक्सीजन की उपस्थिति में पाइरुवेट का विघटन करता है, यह सही है।
  • साइटोप्लाज्म: ग्लाइकोलिसिस (Glycolysis) साइटोप्लाज्म में होता है, जहाँ पाइरुवेट बनता है, लेकिन इसका विघटन माइटोकॉन्ड्रिया में होता है, यह गलत है।
  • लाइसोसोम: यह पाचन के लिए है, पाइरुवेट विघटन के लिए नहीं, यह गलत है।

मगरमच्छ का हृदय ______ होता है।

  • छह-कक्षीय
  • चार-कक्षीय
  • एक-कक्षीय
  • दो-कक्षीय

Explanation: मगरमच्छ (Crocodile) का हृदय चार-कक्षीय (Four-chambered) होता है, जिसमें दो अलिंद (Atria) और दो निलय (Ventricles) होते हैं। यह संरचना ऑक्सीजन युक्त और ऑक्सीजन रहित रक्त को पूरी तरह से अलग रखती है, जो उच्च चयापचय दर वाले जानवरों की विशेषता है।
Quick Facts:

  • छह-कक्षीय: किसी भी कशेरुकी (Vertebrate) का हृदय छह-कक्षीय नहीं होता, यह गलत है।
  • चार-कक्षीय: मगरमच्छ, पक्षियों और स्तनधारियों का हृदय चार-कक्षीय होता है, यह सही है।
  • एक-कक्षीय: यह मछलियों (जैसे- मछली) में पाया जाता है, मगरमच्छ में नहीं, यह गलत है।
  • दो-कक्षीय: यह उभयचर (Amphibians) और सरीसृप (Reptiles) (मगरमच्छ को छोड़कर) में पाया जाता है, मगरमच्छ में नहीं, यह गलत है।

प्लाज्मा झिल्ली को चयनात्मक रूप से पारगम्य (selectively permeable) क्यों कहा जाता है?

  • यह केवल कुछ पदार्थों को ही भीतर या बाहर जाने देती है।
  • यह अवांछित पदार्थों को विलीन कर देती है।
  • यह सभी पदार्थों को स्वतंत्र रूप से गुजरने देती है।
  • यह सभी पदार्थों को प्रवेश करने से रोकती है।

Explanation: प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) को चयनात्मक रूप से पारगम्य (Selectively Permeable) कहा जाता है क्योंकि यह कुछ पदार्थों (जैसे- पानी, ऑक्सीजन, CO₂) को आसानी से पार करने देती है, जबकि अन्य पदार्थों (जैसे- बड़े अणु, आयन) के प्रवेश को नियंत्रित या अवरुद्ध करती है।
Quick Facts:

  • केवल कुछ पदार्थों को ही भीतर या बाहर जाने देती है: यह चयनात्मक पारगम्यता (Selective Permeability) की सही परिभाषा है, यह सही है।
  • अवांछित पदार्थों को विलीन कर देती है: झिल्ली पदार्थों को विलीन नहीं करती, यह गलत है।
  • सभी पदार्थों को स्वतंत्र रूप से गुजरने देती है: यह पूर्णतः पारगम्य (Freely Permeable) होगी, चयनात्मक नहीं, यह गलत है।
  • सभी पदार्थों को प्रवेश करने से रोकती है: यह अभेद्य (Impermeable) होगी, चयनात्मक नहीं, यह गलत है।

हाइड्रा जैसे जीवों द्वारा किस प्रकार की कोशिकाओं का उपयोग मुकुलन प्रक्रिया में प्रजनन के लिए किया जाता है?

  • प्रकाशसंश्लेषी कोशिका
  • पुनरुत्पादक कोशिका
  • रंध्री कोशिका
  • युग्मकी कोशिका

Explanation: हाइड्रा (Hydra) जैसे अलैंगिक प्रजनन (Asexual Reproduction) करने वाले जीवों में मुकुलन (Budding) पुनरुत्पादक कोशिकाओं (Reproductive Cells) द्वारा होता है। ये कोशिकाएँ विभाजित होकर एक नया अंकुर (Bud) बनाती हैं, जो बाद में मूल जीव से अलग होकर नया जीव बनता है।
Quick Facts:

  • प्रकाशसंश्लेषी कोशिका: ये प्रकाश संश्लेषण के लिए होती हैं, प्रजनन के लिए नहीं, यह गलत है।
  • पुनरुत्पादक कोशिका: ये कोशिकाएँ अलैंगिक प्रजनन (मुकुलन) के लिए उत्तरदायी होती हैं, यह सही है।
  • रंध्री कोशिका: ये पौधों की पत्तियों में रंध्र (Stomata) बनाती हैं, प्रजनन में नहीं, यह गलत है।
  • युग्मकी कोशिका: ये लैंगिक प्रजनन (Sexual Reproduction) में शामिल होती हैं (शुक्राणु/अंडाणु), मुकुलन में नहीं, यह गलत है।

प्लास्टिड और माइटोकॉन्ड्रिया में क्या समानताएँ हैं?

  • दोनों में अपना DNA और राइबोसोम होते हैं।
  • दोनों ATP का उत्पादन करते हैं।
  • दोनों केवल पादप कोशिकाओं में मौजूद होते हैं।
  • दोनों में क्लोरोफिल होता है।

Explanation: प्लास्टिड (Plastids) और माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) दोनों ही अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं क्योंकि दोनों में अपना स्वयं का DNA (आनुवंशिक पदार्थ) और राइबोसोम (Ribosomes) होते हैं, जो उन्हें कुछ प्रोटीनों का स्वयं संश्लेषण करने की क्षमता देते हैं।
Quick Facts:

  • दोनों में अपना DNA और राइबोसोम होते हैं: यह दोनों की सबसे महत्वपूर्ण समानता है, यह सही है।
  • दोनों ATP का उत्पादन करते हैं: ATP का उत्पादन माइटोकॉन्ड्रिया करता है, प्लास्टिड (क्लोरोप्लास्ट) प्रकाश संश्लेषण में ऊर्जा का उपयोग करते हैं, सभी प्लास्टिड ATP नहीं बनाते, यह पूरी तरह सही नहीं है।
  • दोनों केवल पादप कोशिकाओं में मौजूद होते हैं: माइटोकॉन्ड्रिया जंतु कोशिकाओं में भी होते हैं, यह गलत है।
  • दोनों में क्लोरोफिल होता है: क्लोरोफिल केवल क्लोरोप्लास्ट में होता है, माइटोकॉन्ड्रिया में नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से क्या जंतु कोशिकाओं में उपस्थित नहीं होता है?

  • प्लाज्मा झिल्ली
  • न्यूक्लियस
  • क्लोरोप्लास्ट
  • साइटोप्लाज्म

Explanation: क्लोरोप्लास्ट (Chloroplast) एक प्रकार का प्लास्टिड है जो प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) के लिए जिम्मेदार होता है। यह केवल पादप कोशिकाओं (Plant Cells) और शैवाल (Algae) में पाया जाता है, जंतु कोशिकाओं (Animal Cells) में नहीं, क्योंकि जंतु प्रकाश संश्लेषण नहीं करते हैं।
Quick Facts:

  • प्लाज्मा झिल्ली: सभी प्रकार की कोशिकाओं में पाई जाती है, जंतु कोशिकाओं में भी, यह उपस्थित है।
  • न्यूक्लियस: यूकैरियोटिक कोशिकाओं (जंतु सहित) में केंद्रक होता है, यह उपस्थित है।
  • क्लोरोप्लास्ट: यह जंतु कोशिकाओं में अनुपस्थित होता है, यही सही उत्तर है।
  • साइटोप्लाज्म: सभी कोशिकाओं में कोशिकाद्रव्य होता है, जंतु कोशिकाओं में भी, यह उपस्थित है।

निम्नलिखित में से कौन सा विभज्योतकी ऊतक की कोशिकाओं में अनुपस्थित होता है?

  • केन्द्रक
  • रिक्तिकाएँ
  • कोशिका भित्तियाँ
  • कोशिका द्रव्य

Explanation: विभज्योतकी ऊतक (Meristematic Tissue) की कोशिकाएँ निरंतर विभाजित होने वाली कोशिकाएँ होती हैं। इनमें बड़ी केंद्रीय रिक्तिकाएँ (Large Central Vacuoles) नहीं होती हैं, क्योंकि रिक्तिकाएँ परिपक्व (Mature) कोशिकाओं की विशेषता होती हैं। विभज्योतकी कोशिकाओं में रिक्तिकाएँ छोटी या अनुपस्थित होती हैं ताकि विभाजन में बाधा न आए।
Quick Facts:

  • केन्द्रक: विभज्योतकी कोशिकाओं में बड़ा और प्रमुख केंद्रक होता है, यह उपस्थित होता है।
  • रिक्तिकाएँ: विभज्योतकी कोशिकाओं में रिक्तिकाएँ नहीं होतीं (या बहुत छोटी होती हैं), यही सही उत्तर है।
  • कोशिका भित्तियाँ: इनमें पतली सेल्यूलोज भित्तियाँ होती हैं, यह उपस्थित होती हैं।
  • कोशिका द्रव्य: इनमें सघन कोशिकाद्रव्य होता है, यह उपस्थित होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कोशिका के संरचनात्मक संगठन का एक भाग नहीं है?

  • कोशिका द्रव्य
  • हृदय
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • कोशिका भित्ति

Explanation: कोशिका (Cell) के संरचनात्मक संगठन में कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm), माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) और कोशिका भित्ति (Cell Wall) जैसे घटक शामिल होते हैं। हृदय (Heart) एक अंग (Organ) है, जो कई कोशिकाओं से मिलकर बना होता है, इसलिए यह कोशिका का भाग नहीं है, बल्कि ऊतकों और अंगों के स्तर पर आता है।
Quick Facts:

  • कोशिका द्रव्य: कोशिका का एक महत्वपूर्ण भाग है, यह संरचनात्मक संगठन का हिस्सा है।
  • हृदय: यह एक अंग है, कोशिका नहीं, इसलिए यह कोशिका के संरचनात्मक संगठन का भाग नहीं है, यह सही है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: कोशिका का एक कोशिकांग है, संरचनात्मक संगठन का हिस्सा है।
  • कोशिका भित्ति: पादप कोशिका का एक बाहरी आवरण है, संरचनात्मक संगठन का हिस्सा है।

ऑक्सीजन जैसे सूक्ष्म अणु, कोशिका झिल्ली से आसानी से क्यों गुजर सकते हैं, लेकिन स्टार्च या प्रोटीन जैसे बड़े अणु नहीं गुजर सकते?

  • छोटे अणुओं में आगे बढ़ने के लिए विशेष ऊर्जा होती है।
  • प्रवेश के लिए बड़े अणुओं को टूटना पड़ता है।
  • कोशिका झिल्ली, चयनात्मक पदार्थों के लिए पारगम्य होती है।
  • कोशिका झिल्ली पूरी तरह से ठोस होती है।

Explanation: कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) चयनात्मक रूप से पारगम्य (Selectively Permeable) होती है, जिसका अर्थ है कि यह छोटे, अध्रुवीय अणुओं (जैसे O₂, CO₂, H₂O) को विसरण (Diffusion) द्वारा गुजरने देती है, जबकि बड़े, ध्रुवीय अणुओं (जैसे स्टार्च, प्रोटीन) के लिए बाधा उत्पन्न करती है।
Quick Facts:

  • छोटे अणुओं में विशेष ऊर्जा होती है: यह गलत है, विसरण के लिए ऊर्जा की आवश्यकता नहीं होती।
  • प्रवेश के लिए बड़े अणुओं को टूटना पड़ता है: यह आंशिक रूप से सही हो सकता है (एंजाइम द्वारा पाचन), लेकिन मुख्य कारण चयनात्मक पारगम्यता है, यह कम सटीक है।
  • कोशिका झिल्ली, चयनात्मक पदार्थों के लिए पारगम्य होती है: यही मुख्य कारण है, यह सही है।
  • कोशिका झिल्ली पूरी तरह से ठोस होती है: यह गलत है, झिल्ली द्रव मोज़ेक (Fluid Mosaic) मॉडल पर आधारित है।

विभज्योतक ऊतक की कोशिकाएं बहुत सक्रिय होती हैं, लेकिन उनमें क्या कमी होती है?

  • सघन कोशिकाद्रव्य
  • रसधानियाँ
  • पतली सेल्यूलोज भित्तियाँ
  • प्रमुख केंद्रक

Explanation: विभज्योतकी ऊतक (Meristematic Tissue) की कोशिकाएँ निरंतर विभाजित होती हैं, इसलिए उनमें बड़ी रिक्तिकाएँ (Vacuoles) नहीं होती हैं (या बहुत छोटी होती हैं)। बड़ी रिक्तिकाएँ स्थायी ऊतकों (Permanent Tissues) की विशेषता होती हैं जो विभाजित नहीं होते।
Quick Facts:

  • सघन कोशिकाद्रव्य: विभज्योतकी कोशिकाओं में सघन कोशिकाद्रव्य होता है, यह कमी नहीं है।
  • रसधानियाँ (रिक्तिकाएँ): विभज्योतकी कोशिकाओं में बड़ी रिक्तिकाएँ नहीं होतीं, यही सही उत्तर है।
  • पतली सेल्यूलोज भित्तियाँ: इनमें पतली कोशिका भित्तियाँ होती हैं, यह कमी नहीं है।
  • प्रमुख केंद्रक: इनमें बड़ा और प्रमुख केंद्रक होता है, यह कमी नहीं है।

निम्नलिखित में से कौन-सी झिल्ली-बद्ध थैली पाचन एंजाइमों से भरी होती है?

  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • लाइसोसोम
  • गॉल्जीकाय
  • रिक्तिकाएं

Explanation: लाइसोसोम (Lysosomes) झिल्ली-बद्ध (Membrane-bound) थैली होती हैं जिनमें हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (Hydrolytic Enzymes) होते हैं। ये एंजाइम कोशिका के अंदर पाचन (Digestion) का कार्य करते हैं, जिसमें पुरानी कोशिकाओं, विदेशी कणों और सूक्ष्मजीवों को तोड़ना शामिल है।
Quick Facts:

  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह ATP उत्पादन के लिए है, इसमें पाचन एंजाइम नहीं होते, यह गलत है।
  • लाइसोसोम: ये पाचन एंजाइमों (हाइड्रोलेस) से भरी थैली होती हैं, यह सही है।
  • गॉल्जीकाय: यह पैकेजिंग और परिवहन के लिए है, इसमें पाचन एंजाइम नहीं होते, यह गलत है।
  • रिक्तिकाएं: ये भंडारण के लिए हैं, पाचन एंजाइमों से नहीं भरी होतीं (कुछ अपवादों को छोड़कर), यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?

  • जंतु कोशिकाओं में प्लास्टिड नहीं होते हैं।
  • पादप कोशिकाओं में कोशिका भित्ति होती है, जबकि जंतु कोशिकाओं में नहीं होती है।
  • पादप कोशिकाएँ सामान्यतः जंतु कोशिकाओं की तुलना में बड़ी होती हैं।
  • पादप कोशिकाओं में जंतु कोशिकाओं की तुलना में छोटी रिक्तिकाएँ होती हैं।

Explanation: यह कथन गलत है क्योंकि पादप कोशिकाओं (Plant Cells) में आमतौर पर एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका (Large Central Vacuole) होती है, जबकि जंतु कोशिकाओं (Animal Cells) में छोटी और कई रिक्तिकाएँ होती हैं। इसलिए, पादप कोशिकाओं में जंतु कोशिकाओं की तुलना में बड़ी रिक्तिकाएँ होती हैं, छोटी नहीं।
Quick Facts:

  • जंतु कोशिकाओं में प्लास्टिड नहीं होते: यह सत्य है, प्लास्टिड केवल पादप कोशिकाओं में होते हैं।
  • पादप कोशिकाओं में कोशिका भित्ति होती है, जंतु में नहीं: यह सत्य है, पादपों में सेल्यूलोज भित्ति होती है।
  • पादप कोशिकाएँ सामान्यतः बड़ी होती हैं: यह सत्य है, पादप कोशिकाएँ आमतौर पर जंतु कोशिकाओं से बड़ी होती हैं।
  • पादप कोशिकाओं में छोटी रिक्तिकाएँ: यह असत्य है, पादप कोशिकाओं में बड़ी केंद्रीय रिक्तिका होती है, यही सही उत्तर है।

लवकों (Plastids) को सूक्ष्मदर्शी से आसानी से देखा जा सकता है क्योंकि

  • ये बड़े होते हैं और इनमें वर्णक होते हैं
  • इनमें DNA होता है
  • ये बहुत छोटे होते हैं
  • ये रंगहीन होते हैं

Explanation: लवक (Plastids), विशेष रूप से क्लोरोप्लास्ट (Chloroplasts), सूक्ष्मदर्शी (Microscope) से आसानी से दिखाई देते हैं क्योंकि वे अपेक्षाकृत बड़े होते हैं और इनमें वर्णक (Pigments) जैसे क्लोरोफिल (Chlorophyll) होते हैं, जो उन्हें हरा रंग देते हैं और आसानी से पहचाने जा सकते हैं।
Quick Facts:

  • बड़े होते हैं और इनमें वर्णक होते हैं: यही कारण है कि लवक आसानी से दिखाई देते हैं, यह सही है।
  • इनमें DNA होता है: DNA सूक्ष्मदर्शी से दिखाई नहीं देता, यह गलत है।
  • बहुत छोटे होते हैं: छोटे होने पर दिखना मुश्किल होगा, यह गलत है।
  • रंगहीन होते हैं: रंगहीन होने पर दिखना मुश्किल होगा, यह गलत है (अवर्णलवक रंगहीन होते हैं, लेकिन वे आसानी से नहीं दिखते)।

मेरिस्टेमेटिक ऊतक पौधे की वृद्धि में योगदान देता है क्योंकि

  • इसकी कोशिकाओं में स्थूल द्वितीयक भित्तियाँ होती हैं
  • इसकी कोशिकाएं जीवन भर निरंतर विभाजित होती रहती हैं
  • इसकी कोशिकाओं में बड़ी केंद्रीय रिक्तिकाएँ होती हैं
  • इसकी कोशिकाएं स्थायी रूप से विभेदित होती हैं

Explanation: विभज्योतकी ऊतक (Meristematic Tissue) पौधे की वृद्धि (Growth) में योगदान देता है क्योंकि इसकी कोशिकाएँ जीवन भर निरंतर विभाजित (Continuously Divide) होती रहती हैं। ये विभाजन पौधे में नई कोशिकाओं को जोड़ते हैं, जिससे पौधे की लंबाई और चौड़ाई बढ़ती है।
Quick Facts:

  • स्थूल द्वितीयक भित्तियाँ: यह स्थायी ऊतकों (जैसे- दृढ़ोतक) की विशेषता है, विभज्योतकी की नहीं, यह गलत है।
  • निरंतर विभाजित होती रहती हैं: यही विभज्योतकी ऊतक की मुख्य विशेषता है, जो वृद्धि का कारण है, यह सही है।
  • बड़ी केंद्रीय रिक्तिकाएँ: यह स्थायी ऊतकों की विशेषता है, विभज्योतकी की नहीं, यह गलत है।
  • स्थायी रूप से विभेदित: विभज्योतकी कोशिकाएँ अविभेदित (Undifferentiated) होती हैं, विभेदित नहीं, यह गलत है।

कौन सा कोशिकांग प्रकाश संश्लेषण के दौरान प्रकाश ऊर्जा का उपयोग करता है?

  • गॉल्जीकाय
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • राइबोसोम
  • क्लोरोप्लास्ट

Explanation: क्लोरोप्लास्ट (Chloroplast) प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया के दौरान सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा (Light Energy) को रासायनिक ऊर्जा (Chemical Energy) (ग्लूकोज के रूप में) में परिवर्तित करता है। इसमें क्लोरोफिल (Chlorophyll) होता है, जो प्रकाश को अवशोषित करता है।
Quick Facts:

  • गॉल्जीकाय: यह पैकेजिंग और परिवहन के लिए है, प्रकाश ऊर्जा का उपयोग नहीं करता, यह गलत है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह कोशिकीय श्वसन (Cellular Respiration) में ऊर्जा (ATP) का उत्पादन करता है, प्रकाश का नहीं, यह गलत है।
  • राइबोसोम: यह प्रोटीन संश्लेषण के लिए है, प्रकाश का उपयोग नहीं करता, यह गलत है।
  • क्लोरोप्लास्ट: यह प्रकाश संश्लेषण का स्थल है और प्रकाश ऊर्जा का उपयोग करता है, यह सही है।

निम्नलिखित में से कौन-सा, यूकेरियोटिक कोशिकाओं में झिल्ली-परिबद्ध अंगक नहीं है?

  • लाइसोसोम (Lysosome)
  • रिक्तिका (Vacuole)
  • राइबोसोम (Ribosome)
  • क्रोमोप्लास्ट (Chromoplast)

Explanation: राइबोसोम (Ribosomes) झिल्ली-परिबद्ध (Membrane-bound) अंगक नहीं हैं। वे प्रोटीन संश्लेषण (Protein Synthesis) के लिए जिम्मेदार छोटे कण होते हैं और या तो मुक्त (Free) रूप में कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) में पाए जाते हैं या खुरदुरी अंतर्द्रव्यी जालिका (Rough ER) से जुड़े होते हैं, लेकिन उनके चारों ओर कोई झिल्ली नहीं होती है।
Quick Facts:

  • लाइसोसोम: एक झिल्ली-बद्ध अंगक है, जो पाचन एंजाइमों से भरा होता है, यह झिल्ली-बद्ध है।
  • रिक्तिका: एक झिल्ली-बद्ध अंगक है (टोनोप्लास्ट से घिरी), यह झिल्ली-बद्ध है।
  • राइबोसोम: झिल्ली-बद्ध नहीं है, यही सही उत्तर है।
  • क्रोमोप्लास्ट: एक झिल्ली-बद्ध प्लास्टिड है, यह झिल्ली-बद्ध है।

निम्नलिखित में से कौन पादप कोशिका में स्टार्च, प्रोटीन और तेल कणिकाओं को संग्रहीत करता है?

  • अवर्णलवक
  • क्लोरोप्लास्ट
  • प्रोटोप्लास्ट
  • क्रोमोप्लास्ट

Explanation: अवर्णलवक (Leucoplasts) रंगहीन (Colourless) प्लास्टिड होते हैं जो पादप कोशिकाओं में भंडारण (Storage) का कार्य करते हैं। ये स्टार्च (Starch) (एमाइलोप्लास्ट), प्रोटीन (Protein) (प्रोटीनोप्लास्ट) और तेल (Oil) (एलायोप्लास्ट) के कणिकाओं को संग्रहीत करते हैं।
Quick Facts:

  • अवर्णलवक: ये रंगहीन प्लास्टिड होते हैं और भंडारण के लिए जिम्मेदार होते हैं, यह सही है।
  • क्लोरोप्लास्ट: ये हरे रंग के होते हैं और प्रकाश संश्लेषण के लिए होते हैं, भंडारण के लिए नहीं, यह गलत है।
  • प्रोटोप्लास्ट: यह कोशिका का जीवित भाग है (कोशिका भित्ति को छोड़कर), प्लास्टिड नहीं, यह गलत है।
  • क्रोमोप्लास्ट: ये रंगीन प्लास्टिड होते हैं (पीले, नारंगी, लाल), फलों और फूलों को रंग देते हैं, भंडारण के लिए नहीं, यह गलत है।

कौन-सा विवरण कोशिकाद्रव्य को सर्वोत्तम रूप से परिभाषित करता है?

  • प्लाज्मा झिल्ली के बाहर दृढ़ परत जो आलंब प्रदान करती है
  • क्रोमेटिन के रूप में उपस्थित आनुवंशिक पदार्थ
  • प्लाज्मा झिल्ली के अंदर तरल पदार्थ की मात्रा जिसमें कोशिकांग होते हैं
  • कोशिका के भीतर प्रोटीन परिवहन में शामिल नलिकाओं का जाल

Explanation: कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) और केंद्रक (Nucleus) के बीच मौजूद जेली जैसा (Jelly-like) तरल पदार्थ है। इसमें विभिन्न कोशिकांग (Organelles) (जैसे- माइटोकॉन्ड्रिया, ER, राइबोसोम) तैरते रहते हैं और यह कोशिकीय प्रक्रियाओं का स्थल है।
Quick Facts:

  • प्लाज्मा झिल्ली के बाहर दृढ़ परत: यह कोशिका भित्ति (Cell Wall) की परिभाषा है, कोशिकाद्रव्य की नहीं, यह गलत है।
  • क्रोमेटिन के रूप में आनुवंशिक पदार्थ: यह केंद्रक (Nucleus) का वर्णन है, कोशिकाद्रव्य का नहीं, यह गलत है।
  • प्लाज्मा झिल्ली के अंदर तरल पदार्थ, जिसमें कोशिकांग होते हैं: यह कोशिकाद्रव्य की सटीक परिभाषा है, यह सही है।
  • प्रोटीन परिवहन में शामिल नलिकाओं का जाल: यह अंतर्द्रव्यी जालिका (ER) का वर्णन है, कोशिकाद्रव्य का नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सा विवरण परिपक्व तने के मज्जा में मृदूतक कोशिकाओं का सही वर्णन करता है?

  • संग्रहण के लिए बड़ी, शिथिल रूप से व्यवस्थित जीवित कोशिकाएं।
  • दृढता से संकुलित मृत कोशिकाएं, जो संबल और चालन में सहायता करती हैं।
  • यांत्रिक सामर्थ्य के लिए मोटी दीवारों वाली लिग्निफाइड कोशिकाएं।
  • सुरक्षात्मक सिलेंडर बनाने वाले दृढोतक फाइबर।

Explanation: मज्जा (Pith) परिपक्व तने (Stem) के केंद्र में मृदूतक (Parenchyma) कोशिकाओं से बना होता है। ये कोशिकाएँ बड़ी (Large), शिथिल रूप से व्यवस्थित (Loosely Arranged), जीवित (Living) होती हैं और इनमें अंतराकोशिकीय स्थान (Intercellular Spaces) होते हैं। इनका मुख्य कार्य भोजन और पानी का भंडारण (Storage) करना है।
Quick Facts:

  • बड़ी, शिथिल रूप से व्यवस्थित जीवित कोशिकाएं: यह मृदूतक (Parenchyma) की विशेषता है, जो मज्जा में पाई जाती हैं, यह सही है।
  • दृढता से संकुलित मृत कोशिकाएं: यह कोलेनकाइमा (Collenchyma) या स्क्लेरेनकाइमा (Sclerenchyma) की विशेषता है, मृदूतक की नहीं, यह गलत है।
  • मोटी दीवारों वाली लिग्निफाइड कोशिकाएं: यह स्क्लेरेनकाइमा (जाइलम) की विशेषता है, मृदूतक की नहीं, यह गलत है।
  • दृढोतक फाइबर: यह स्क्लेरेनकाइमा फाइबर का वर्णन है, मृदूतक का नहीं, यह गलत है।

सेना पनडुब्बियों में प्रमुखतः किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?

  • सूक्ष्मदर्शी
  • अन्तःदर्शी
  • परिदर्शी
  • दूरदर्शी

Explanation: सेना की पनडुब्बियों (Submarines) में परिदर्शी (Periscope) का उपयोग किया जाता है। यह एक ऑप्टिकल उपकरण है जो पनडुब्बी को पानी के अंदर रहते हुए सतह के ऊपर के दृश्य को देखने की अनुमति देता है। यह प्रिज्म और दर्पणों के माध्यम से काम करता है।
Quick Facts:

  • सूक्ष्मदर्शी: यह बहुत छोटी वस्तुओं को देखने के लिए है, पनडुब्बी में नहीं, यह गलत है।
  • अन्तःदर्शी: यह चिकित्सा में शरीर के अंदर देखने के लिए है, पनडुब्बी में नहीं, यह गलत है।
  • परिदर्शी: यह पनडुब्बियों में सतह देखने के लिए उपयोग किया जाता है, यह सही है।
  • दूरदर्शी: यह खगोलीय पिंडों को देखने के लिए है, पनडुब्बी में नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन पादप कोशिकाओं में लवक का सही वर्णन करता है?

  • वे पौधे और जंतु कोशिकाओं दोनों में समान मात्रा में मौजूद होते हैं।
  • वे प्रकाश संश्लेषण के लिए बैक्टीरिया जैसी प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में पाए जाते हैं।
  • वे केवल पादप कोशिकाओं में मौजूद होते हैं और जंतु कोशिकाओं में अनुपस्थित होते हैं।
  • वे केवल जंतु कोशिकाओं में मौजूद होते हैं और पादप कोशिकाओं में अनुपस्थित होते हैं।

Explanation: लवक (Plastids) विशेष रूप से पादप कोशिकाओं (Plant Cells) और शैवाल (Algae) में पाए जाने वाले कोशिकांग हैं। ये जंतु कोशिकाओं (Animal Cells) में पूरी तरह से अनुपस्थित होते हैं। लवक तीन प्रकार के होते हैं: क्लोरोप्लास्ट (हरा), क्रोमोप्लास्ट (रंगीन), और अवर्णलवक (रंगहीन)।
Quick Facts:

  • पौधे और जंतु कोशिकाओं दोनों में: यह गलत है, लवक जंतु कोशिकाओं में नहीं होते।
  • प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में: प्रोकैरियोट में प्लास्टिड नहीं होते, केवल यूकैरियोटिक पादप कोशिकाओं में, यह गलत है।
  • केवल पादप कोशिकाओं में, जंतु में अनुपस्थित: यह सही कथन है, लवक पादप कोशिकाओं की विशेषता है।
  • केवल जंतु कोशिकाओं में: यह गलत है, लवक जंतु कोशिकाओं में नहीं होते।

उस प्रक्रिया का नाम बताइए, जिसके कारण अल्पपरासारी विलयन में रखे जाने पर जीवित कोशिकाएँ आकार और आकृति में विस्तारित हो जाती हैं।

  • विसरण
  • परासरण
  • वाष्पोत्सर्जन
  • प्रकाश संश्लेषण

Explanation: जब जीवित कोशिकाओं को अल्पपरासारी (Hypotonic) विलयन में रखा जाता है, तो बाहर से कोशिका के अंदर पानी का प्रवेश परासरण (Osmosis) द्वारा होता है। इससे कोशिका में पानी की मात्रा बढ़ जाती है और कोशिका आकार (Size) और आकृति (Shape) में विस्तारित (Swollen) हो जाती है।
Quick Facts:

  • विसरण: यह अणुओं (गैसों) के उच्च से निम्न सांद्रता की ओर जाने की प्रक्रिया है, पानी के लिए नहीं, यह गलत है।
  • परासरण: यह पानी के अणुओं की अर्ध-पारगम्य झिल्ली के पार उच्च से निम्न सांद्रता की ओर गति है, जो कोशिका को फूलाता है, यह सही है।
  • वाष्पोत्सर्जन: यह पौधों द्वारा पानी के वाष्प के रूप में निष्कासन है, कोशिका को नहीं फूलाता, यह गलत है।
  • प्रकाश संश्लेषण: यह भोजन बनाने की प्रक्रिया है, कोशिका को नहीं फूलाती, यह गलत है।

अग्न्याशय की आइलेट कोशिकाओं में से कौन सी कोशिका प्रकार उस हार्मोन का स्राव करती है जो मुख्य रूप से रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ाता है?

  • अल्फा कोशिकाएँ
  • अल्फा कोशिकाएँ
  • बीटा कोशिकाएँ
  • डेल्टा कोशिकाएँ

Explanation: अग्न्याशय (Pancreas) की आइलेट ऑफ लैंगरहैंस (Islets of Langerhans) में अल्फा कोशिकाएँ (Alpha Cells) ग्लूकागन (Glucagon) हार्मोन का स्राव करती हैं, जो रक्त शर्करा (Blood Sugar) के स्तर को बढ़ाती है। बीटा कोशिकाएँ (Beta Cells) इंसुलिन (Insulin) का स्राव करती हैं, जो शर्करा को कम करती है।
Quick Facts:

  • अल्फा कोशिकाएँ: ये ग्लूकागन का स्राव करती हैं, जो रक्त शर्करा बढ़ाता है, यह सही है।
  • अल्फा कोशिकाएँ: यह भी सही है (संभवतः डुप्लिकेट है, लेकिन यही उत्तर है)।
  • बीटा कोशिकाएँ: ये इंसुलिन स्रावित करती हैं, जो शर्करा घटाती है, यह गलत है।
  • डेल्टा कोशिकाएँ: ये सोमैटोस्टैटिन (Somatostatin) स्रावित करती हैं, जो शर्करा को नियंत्रित करता है, लेकिन बढ़ाती नहीं, यह गलत है।

जीवद्रव्य झिल्ली (plasma membrane) के भीतर जो तरल सामग्री होती है, उसे क्या कहा जाता है?

  • राइबोसोम
  • केंद्रीय झिल्ली
  • कोशिकाद्रव्य
  • कोशिका भित्ति

Explanation: प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) के भीतर मौजूद तरल सामग्री को कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) कहा जाता है। यह एक जेली जैसा पदार्थ है जो कोशिका के अंदर सभी कोशिकांगों (Organelles) को घेरे रहता है और कोशिकीय प्रक्रियाओं (Cellular Processes) का स्थल है।
Quick Facts:

  • राइबोसोम: ये प्रोटीन संश्लेषण के लिए छोटे कण हैं, तरल सामग्री नहीं, यह गलत है।
  • केंद्रीय झिल्ली: यह कोई मानक कोशिकीय संरचना नहीं है, यह गलत है।
  • कोशिकाद्रव्य: यह प्लाज्मा झिल्ली के भीतर का तरल पदार्थ है, यह सही है।
  • कोशिका भित्ति: यह प्लाज्मा झिल्ली के बाहर की दृढ़ परत है, अंदर नहीं, यह गलत है।

हरितलवक, कोशिका के निम्नलिखित में से किस भाग में पाया जाता है?

  • केन्द्रक द्रव्य
  • परऑक्सीसोम
  • कोशिका द्रव्य
  • अन्तर्द्रव्यी जालिका

Explanation: हरितलवक (Chloroplast) एक प्रकार का प्लास्टिड है जो पादप कोशिकाओं के कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) में पाया जाता है। यह प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) का स्थल है और इसमें क्लोरोफिल (Chlorophyll) होता है, जो इसे हरा रंग देता है।
Quick Facts:

  • केन्द्रक द्रव्य: यह केंद्रक के अंदर का तरल पदार्थ है (न्यूक्लियोप्लाज्म), क्लोरोप्लास्ट वहाँ नहीं होता, यह गलत है।
  • परऑक्सीसोम: ये एक अन्य प्रकार के कोशिकांग हैं, क्लोरोप्लास्ट नहीं, यह गलत है।
  • कोशिका द्रव्य: क्लोरोप्लास्ट कोशिकाद्रव्य में स्थित होते हैं, यह सही है।
  • अन्तर्द्रव्यी जालिका: क्लोरोप्लास्ट ER का हिस्सा नहीं हैं, यह गलत है।

कोशिका की खोज किसने की?

  • थियोडोर श्वान
  • मैथियास स्लेडेन
  • रॉबर्ट हुक
  • रुडोल्फ विरचो

Explanation: रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) ने 1665 में कॉर्क (Cork) के पतले टुकड़े की सूक्ष्मदर्शी से जाँच करते हुए कोशिका (Cell) की खोज की थी। उन्होंने छोटे-छोटे कक्ष (Chambers) देखे, जिन्हें उन्होंने ‘कोशिका’ (Cell) नाम दिया।
Quick Facts:

  • थियोडोर श्वान: एक जूलॉजिस्ट, जिन्होंने कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) में योगदान दिया, लेकिन कोशिका की खोज नहीं की, यह गलत है।
  • मैथियास स्लेडेन: एक बॉटनिस्ट, जिन्होंने कोशिका सिद्धांत में योगदान दिया, लेकिन खोज नहीं की, यह गलत है।
  • रॉबर्ट हुक: इन्होंने कोशिका की खोज की, यह सही है।
  • रुडोल्फ विरचो: इन्होंने कोशिका सिद्धांत को पूरा किया (सभी कोशिकाएँ पूर्व-मौजूद कोशिकाओं से), खोज नहीं की, यह गलत है।

बहुकोशिकीय जीवों में, केवल सरल विसरण (simple diffusion) ही सभी कोशिकाओं की आवश्यकताओं को पूर्ण क्यों नहीं कर सकता?

  • क्योंकि सभी कोशिकाएं प्रत्यक्ष रूप से वायु के संपर्क में होती हैं
  • क्योंकि विसरण केवल ऑक्सीजन का परिवहन करता है
  • क्योंकि विसरण के लिए प्रकाश की आवश्यकता होती है
  • क्योंकि शरीर का आकार और जटिलता बढ़ जाती है

Explanation: बहुकोशिकीय जीवों (Multicellular Organisms) में, केवल सरल विसरण (Simple Diffusion) ही पर्याप्त नहीं होता क्योंकि शरीर का आकार (Size) और जटिलता (Complexity) बढ़ जाती है। विसरण केवल छोटी दूरी तक प्रभावी होता है, इसलिए बड़े जीवों को पदार्थों के परिवहन के लिए विशेष ऊतकों (जैसे- रक्त परिसंचरण, जाइलम, फ्लोएम) की आवश्यकता होती है।
Quick Facts:

  • सभी कोशिकाएं प्रत्यक्ष रूप से वायु के संपर्क में होती हैं: यह गलत है, बहुकोशिकीय जीवों की गहरी कोशिकाएँ सीधे संपर्क में नहीं होतीं।
  • विसरण केवल ऑक्सीजन का परिवहन करता है: यह गलत है, विसरण कई पदार्थों का परिवहन करता है।
  • विसरण के लिए प्रकाश की आवश्यकता होती है: यह गलत है, विसरण के लिए प्रकाश की आवश्यकता नहीं होती।
  • शरीर का आकार और जटिलता बढ़ जाती है: यही मुख्य कारण है कि विसरण पर्याप्त नहीं होता, यह सही है।

एक कोशिका में सबसे बड़ा कोशिकांग कौन-सा होता है?

  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • अन्तद्रव्यी जालिका
  • केन्द्रक
  • गॉल्जीकाय

Explanation: एक कोशिका (Cell) में केंद्रक (Nucleus) सबसे बड़ा कोशिकांग (Largest Organelle) होता है। यह कोशिका के आनुवंशिक पदार्थ (DNA) को संग्रहीत करता है और कोशिकीय गतिविधियों (Cellular Activities) को नियंत्रित करता है। केंद्रक स्पष्ट रूप से सूक्ष्मदर्शी (Microscope) में दिखाई देता है।
Quick Facts:

  • माइटोकॉन्ड्रिया: ये छोटे, छड़ के आकार के अंगक होते हैं, केंद्रक से छोटे, यह गलत है।
  • अन्तद्रव्यी जालिका: यह एक नलिकाकार नेटवर्क है, लेकिन एकल अंगक के रूप में केंद्रक से छोटा, यह गलत है।
  • केन्द्रक: यह कोशिका का सबसे बड़ा अंगक है, यह सही है।
  • गॉल्जीकाय: यह केंद्रक से छोटा होता है, यह गलत है।

पौधों में रंधों के खुलने और बंद होने के लिए कौन सा अंग जिम्मेदार है?

  • वातकाय
  • रक्षी कोशिकाएँ
  • पत्तियाँ
  • रंध्र

Explanation: पौधों में रंध्र (Stomata) के खुलने और बंद होने के लिए रक्षी कोशिकाएँ (Guard Cells) जिम्मेदार होती हैं। ये बीन के आकार की (Bean-shaped) कोशिकाएँ होती हैं जो रंध्र के द्वार (Pore) को घेरे रहती हैं। इनके जल की मात्रा (Turgor Pressure) में परिवर्तन से रंध्र खुलता या बंद होता है।
Quick Facts:

  • वातकाय: यह पत्ती के ऊतकों का भाग है, रंध्र खोलने/बंद करने के लिए नहीं, यह गलत है।
  • रक्षी कोशिकाएँ: ये रंध्र के खुलने और बंद होने को नियंत्रित करती हैं, यह सही है।
  • पत्तियाँ: पत्तियाँ रंध्र रखती हैं, लेकिन स्वयं उन्हें नियंत्रित नहीं करतीं, यह गलत है।
  • रंध्र: यह छिद्र (Pore) है, जो खुलता/बंद होता है, लेकिन नियंत्रक नहीं, यह गलत है।

हरे शैवाल में ________ होता है।

  • लाइसोसोम
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • थायलेकॉइड झिल्ली (Thylakoid membranes)
  • गॉल्जीकाय

Explanation: हरे शैवाल (Green Algae) में क्लोरोप्लास्ट (Chloroplasts) होते हैं, जिनमें थायलेकॉइड झिल्ली (Thylakoid Membranes) होती हैं। थायलेकॉइड झिल्ली क्लोरोफिल (Chlorophyll) युक्त होती हैं और प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) के प्रकाश-निर्भर अभिक्रिया (Light-dependent Reactions) का स्थल होती हैं।
Quick Facts:

  • लाइसोसोम: ये जंतु कोशिकाओं में अधिक सामान्य हैं, शैवाल में कम, यह गलत है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह शैवाल में मौजूद होते हैं, लेकिन यह विशेष रूप से हरे शैवाल की पहचान नहीं है, यह गलत है।
  • थायलेकॉइड झिल्ली: यह क्लोरोप्लास्ट का हिस्सा है और हरे शैवाल में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है, यह सही है।
  • गॉल्जीकाय: यह शैवाल में मौजूद हो सकता है, लेकिन यह विशेषता नहीं है, यह गलत है।

अधिकांश प्रोकैरियोट में निम्नलिखित में से कौन-सा कोशिकीय घटक अनुपस्थित होता है?

  • केंद्रक झिल्ली
  • राइबोसोम
  • कोशिका भित्ति
  • कोशिका झिल्ली

Explanation: प्रोकैरियोटिक (Prokaryotic) कोशिकाओं (जैसे- जीवाणु) में केंद्रक झिल्ली (Nuclear Membrane) नहीं होती है, इसलिए उनका आनुवंशिक पदार्थ (DNA) केंद्रकाभ (Nucleoid) नामक क्षेत्र में झिल्ली के बिना स्थित होता है। यह उन्हें यूकैरियोटिक (Eukaryotic) कोशिकाओं से अलग करता है।
Quick Facts:

  • केंद्रक झिल्ली: प्रोकैरियोट में झिल्ली-बद्ध केंद्रक नहीं होता, यह अनुपस्थित है, यह सही है।
  • राइबोसोम: प्रोकैरियोट में राइबोसोम होते हैं (70S), यह उपस्थित है।
  • कोशिका भित्ति: प्रोकैरियोट में कोशिका भित्ति (पेप्टिडोग्लाइकन) होती है, यह उपस्थित है।
  • कोशिका झिल्ली: सभी कोशिकाओं में कोशिका झिल्ली होती है, प्रोकैरियोट में भी, यह उपस्थित है।

कोशिका में निम्नलिखित अभिक्रिया कहाँ होती है? छह-कार्बन अणु, ग्लूकोज का, तीन-कार्बन अणु में टूटना।

  • माइटोकॉन्ड्रिया में
  • केन्द्रक में
  • गॉल्जी उपकरण में
  • कोशिका द्रव्य में

Explanation: ग्लूकोज (6-कार्बन अणु) का तीन-कार्बन अणु (पाइरुवेट, Pyruvate) में टूटना ग्लाइकोलाइसिस (Glycolysis) की प्रक्रिया है, जो कोशिका के कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) में होती है। यह प्रक्रिया एरोबिक (O₂ की उपस्थिति) और एनेरोबिक (O₂ की अनुपस्थिति) दोनों स्थितियों में होती है।
Quick Facts:

  • माइटोकॉन्ड्रिया में: यहाँ क्रेब्स चक्र (Krebs Cycle) और इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला (ETC) होती है, ग्लाइकोलाइसिस नहीं, यह गलत है।
  • केन्द्रक में: केंद्रक DNA और RNA के संश्लेषण के लिए है, ग्लूकोज का टूटना नहीं, यह गलत है।
  • गॉल्जी उपकरण में: यह पैकेजिंग के लिए है, ग्लूकोज का टूटना नहीं, यह गलत है।
  • कोशिका द्रव्य में: ग्लाइकोलाइसिस कोशिकाद्रव्य में होती है, यह सही है।

किस कोशिकांग को, कोशिका की ‘आत्मघाती थैली’ कहा जाता है?

  • राइबोसोम
  • गोल्जी पिंड
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • लाइसोसोम

Explanation: लाइसोसोम (Lysosomes) को कोशिका की ‘आत्मघाती थैली’ (Suicidal Bags) कहा जाता है क्योंकि इनमें हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (Hydrolytic Enzymes) होते हैं जो कोशिका के अपने ही घटकों (जैसे- क्षतिग्रस्त अंगक) को पचा सकते हैं। यदि लाइसोसोम फट जाए, तो एंजाइम पूरी कोशिका को पचा सकते हैं, इसलिए इन्हें आत्मघाती थैली कहते हैं।
Quick Facts:

  • राइबोसोम: यह प्रोटीन फैक्टरी है, आत्मघाती थैली नहीं, यह गलत है।
  • गोल्जी पिंड: यह पैकेजिंग और परिवहन के लिए है, आत्मघाती नहीं, यह गलत है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह पावरहाउस है, आत्मघाती नहीं, यह गलत है।
  • लाइसोसोम: इसे आत्मघाती थैली कहते हैं, यह सही है।

प्रोकैरियोटिक कोशिका की कुछ विशेषताएँ नीचे दी गई हैं। गलत विकल्प का चयन कीजिए।

  • आकार में बहुत छोटा होता है
  • झिल्ली द्वारा परिबद्ध कोशिकांग उपस्थित होते हैं।
  • एकल गुणसूत्र होता है।
  • केंद्रक क्षेत्र को केंद्रकाभ के रूप में जाना जाता है।

Explanation: प्रोकैरियोटिक (Prokaryotic) कोशिकाओं में झिल्ली-बद्ध कोशिकांग (Membrane-bound Organelles) नहीं होते हैं (जैसे- माइटोकॉन्ड्रिया, ER, गॉल्जीकाय)। यह यूकैरियोटिक (Eukaryotic) कोशिकाओं की विशेषता है। इसलिए, यह कथन गलत है।
Quick Facts:

  • आकार में बहुत छोटा: प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ (1-10 µm) यूकैरियोटिक से छोटी होती हैं, यह सत्य है।
  • झिल्ली द्वारा परिबद्ध कोशिकांग उपस्थित: यह गलत है, प्रोकैरियोट में झिल्ली-बद्ध अंगक नहीं होते, यही सही उत्तर है।
  • एकल गुणसूत्र: प्रोकैरियोट में एकल वृत्ताकार गुणसूत्र होता है, यह सत्य है।
  • केंद्रक क्षेत्र को केंद्रकाभ कहते हैं: प्रोकैरियोट के DNA क्षेत्र को न्यूक्लियॉइड (Nucleoid) कहते हैं, यह सत्य है।

आंत्र श्लैष्मिक उपकला में कौन-सी कोशिका बलगम का स्राव करती है?

  • द्वार कोशिका
  • गॉब्लेट कोशिका
  • रक्त कोशिका
  • तंत्रिका कोशिका

Explanation: आंत्र श्लैष्मिक उपकला (Intestinal Epithelium) में गॉब्लेट कोशिकाएँ (Goblet Cells) पाई जाती हैं, जो बलगम (Mucus) का स्राव करती हैं। बलगम एक चिकना पदार्थ है जो आंत्र की दीवार को चिकना करता है और पाचन में मदद करता है, साथ ही आंत्र को यांत्रिक क्षति से बचाता है।
Quick Facts:

  • द्वार कोशिका: यह पौधों (रंध्र) में पाई जाती है, मानव आंत्र में नहीं, यह गलत है।
  • गॉब्लेट कोशिका: यह बलगम स्रावित करती है, यह सही है।
  • रक्त कोशिका: यह रक्त में पाई जाती है, आंत्र उपकला में नहीं, यह गलत है।
  • तंत्रिका कोशिका: यह तंत्रिका तंत्र में पाई जाती है, बलगम नहीं स्रावित करती, यह गलत है।

पादप एवं जंतु कोशिकाओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?

  • लवक- जंतु कोशिकाओं में अनुपस्थित होते हैं
  • रिक्तिकाएँ – बहुत बड़ी एवं पादप कोशिकाओं में उपस्थित होती है
  • लवक- पादप कोशिकाओं में उपस्थित होते हैं
  • कोशिका भित्ति – जंतु कोशिकाओं में उपस्थित होती है

Explanation: कोशिका भित्ति (Cell Wall) पादप कोशिकाओं (Plant Cells) में पाई जाती है, लेकिन जंतु कोशिकाओं (Animal Cells) में अनुपस्थित होती है। जंतु कोशिकाओं में केवल प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) होती है। इसलिए, ‘कोशिका भित्ति – जंतु कोशिकाओं में उपस्थित’ सही सुमेलित नहीं है।
Quick Facts:

  • लवक- जंतु कोशिकाओं में अनुपस्थित: यह सही है, लवक केवल पादपों में होते हैं।
  • रिक्तिकाएँ – बहुत बड़ी एवं पादप कोशिकाओं में: यह सही है, पादपों में बड़ी केंद्रीय रिक्तिका होती है।
  • लवक- पादप कोशिकाओं में उपस्थित: यह सही है, पादपों में लवक होते हैं।
  • कोशिका भित्ति – जंतु कोशिकाओं में उपस्थित: यह गलत है, जंतु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं होती, यही उत्तर है।

पानी के नुकसान के कारण कोशिका भित्ति से कोशिका के संकुचन की प्रक्रिया को हम क्या कहते हैं?

  • DE प्लास्मोलिसिस
  • प्लास्मोलिसिस
  • प्रकाश संश्लेषण
  • साइटोलिसिस

Explanation: जब पादप कोशिका को हाइपरटोनिक (Hypertonic) विलयन में रखा जाता है, तो परासरण (Osmosis) द्वारा कोशिका से पानी बाहर निकलता है, जिससे कोशिका की सामग्री (प्रोटोप्लास्ट) कोशिका भित्ति (Cell Wall) से दूर सिकुड़ जाती है। इस प्रक्रिया को प्लास्मोलिसिस (Plasmolysis) कहते हैं।
Quick Facts:

  • DE प्लास्मोलिसिस: यह एक गलत शब्द है, सही शब्द प्लास्मोलिसिस है, यह गलत है।
  • प्लास्मोलिसिस: यह पानी के नुकसान से कोशिका के सिकुड़ने की प्रक्रिया है, यह सही है।
  • प्रकाश संश्लेषण: यह भोजन बनाने की प्रक्रिया है, सिकुड़न से संबंधित नहीं, यह गलत है।
  • साइटोलिसिस: यह कोशिका के फटने की प्रक्रिया है (हाइपोटोनिक विलयन में), सिकुड़न नहीं, यह गलत है।

तंत्रिका आवेग संचरण के दौरान, न्यूरोट्रांसमीटर एक तंत्रिकोशिका से निकलते हैं और दूसरी तंत्रिकोशिका द्वारा ग्रहण किए जाते हैं। तंत्रिकोशिका का कौन-सा भाग मुख्यतः इस रासायनिक संचार में शामिल होता है?

  • तंत्रिकाश्र अंत → अभ्यतंत्रिकोशिका की दुमाकृति
  • तंत्रिकाक्ष → तंत्रिकाक्ष का माइलिन आच्छद
  • दुमाकृति → समान तंत्रिकोशिका का तंत्रिकाश्र अंत
  • कोशिका काय → समान तंत्रिकोशिका का तंत्रिकाक्ष

Explanation: न्यूरोट्रांसमीटर (Neurotransmitters) रासायनिक संदेशवाहक होते हैं जो एक तंत्रिकोशिका (Neuron) के तंत्रिकाश्र अंत (Axon Terminal) से निकलते हैं और अगली तंत्रिकोशिका की दुमाकृति (Dendrites) पर रिसेप्टर्स से बंधते हैं, जिससे तंत्रिका आवेग (Nerve Impulse) का संचरण होता है। यह रासायनिक सिनैप्स (Chemical Synapse) पर होता है।
Quick Facts:

  • तंत्रिकाश्र अंत → दुमाकृति: यह सही है, न्यूरोट्रांसमीटर अक्षतंतु अंत से निकलकर दूसरी कोशिका के दुमिका पर जाते हैं।
  • तंत्रिकाक्ष → माइलिन आच्छद: माइलिन आच्छद विद्युत इन्सुलेशन के लिए है, रासायनिक संचार में नहीं, यह गलत है।
  • दुमाकृति → तंत्रिकाश्र अंत: यह उल्टा है, न्यूरोट्रांसमीटर दुमिका से नहीं निकलते, यह गलत है।
  • कोशिका काय → तंत्रिकाक्ष: यह विद्युत आवेग (एक्शन पोटेंशियल) का मार्ग है, रासायनिक संचार का नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन सा अणु प्रोटीन बनाने के लिए सूचना स्रोत का कार्य करता है?

  • डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल
  • कार्बोहाइड्रेट
  • राइबोन्यूक्लिक अम्ल
  • फॉस्फोलिपिड

Explanation: डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल (DNA) आनुवंशिक सूचना (Genetic Information) का भंडार है। यह प्रोटीन संश्लेषण (Protein Synthesis) के लिए आवश्यक सभी निर्देश प्रदान करता है। DNA से mRNA बनता है, जो राइबोसोम तक यह जानकारी पहुँचाता है, और फिर प्रोटीन का निर्माण होता है।
Quick Facts:

  • डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल (DNA): यह प्रोटीन के लिए सूचना स्रोत है, यह सही है।
  • कार्बोहाइड्रेट: यह ऊर्जा का स्रोत है, सूचना स्रोत नहीं, यह गलत है।
  • राइबोन्यूक्लिक अम्ल (RNA): यह DNA से सूचना लेता है और प्रोटीन संश्लेषण में मदद करता है, लेकिन मुख्य स्रोत DNA है, यह कम सटीक है।
  • फॉस्फोलिपिड: यह कोशिका झिल्ली का घटक है, सूचना स्रोत नहीं, यह गलत है।

प्लाज्मा झिल्ली के भीतर तरल पदार्थ सामग्री को क्या कहा जाता है?

  • न्यूक्लियोप्लाज्म
  • साइटोप्लाज्म
  • कोशिका भित्ति
  • रिक्तिका

Explanation: प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) के भीतर मौजूद तरल पदार्थ को कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) कहा जाता है। यह एक जेली जैसा पदार्थ है जो कोशिका के सभी कोशिकांगों (Organelles) को घेरे रहता है और कोशिकीय प्रक्रियाओं (Cellular Processes) का स्थल है।
Quick Facts:

  • न्यूक्लियोप्लाज्म: यह केंद्रक (Nucleus) के अंदर का तरल पदार्थ है, कोशिकाद्रव्य नहीं, यह गलत है।
  • साइटोप्लाज्म: यह प्लाज्मा झिल्ली के भीतर का तरल पदार्थ है, यह सही है।
  • कोशिका भित्ति: यह प्लाज्मा झिल्ली के बाहर की दृढ़ परत है, अंदर नहीं, यह गलत है।
  • रिक्तिका: यह एक कोशिकांग है, कोशिकाद्रव्य नहीं, यह गलत है।

पादप कोशिका भित्ति किससे बनी होती है?

  • साइटोसोल
  • साइटोप्लाज्म
  • ग्लूकोज
  • सेल्यूलोज

Explanation: पादप कोशिका भित्ति (Plant Cell Wall) मुख्य रूप से सेल्यूलोज (Cellulose) नामक एक जटिल कार्बोहाइड्रेट (Complex Carbohydrate) से बनी होती है। सेल्यूलोज ग्लूकोस (Glucose) की लंबी श्रृंखलाओं (Polymers) से बना होता है और कोशिका भित्ति को मजबूती और संरचनात्मक सहायता (Structural Support) प्रदान करता है।
Quick Facts:

  • साइटोसोल: यह कोशिकाद्रव्य का तरल भाग है, कोशिका भित्ति का घटक नहीं, यह गलत है।
  • साइटोप्लाज्म: यह कोशिका का आंतरिक भाग है, भित्ति नहीं, यह गलत है।
  • ग्लूकोज: यह एक सरल शर्करा (Monosaccharide) है, जो सेल्यूलोज का निर्माण खंड है, लेकिन भित्ति ग्लूकोज से नहीं बनी होती, यह गलत है।
  • सेल्यूलोज: यह पादप कोशिका भित्ति का मुख्य घटक है, यह सही है।

एक न्यूरॉन में एक कोशिका काय, एक केंद्रक और कई छोटे, शाखित भाग होते हैं, जिन्हें ________ कहा जाता है।

  • दुमिका (dendrites)
  • अंकुर (villi)
  • कशाभ (flagella)
  • पक्ष्माभ (cilia)

Explanation: एक न्यूरॉन (Neuron) की कोशिका काय (Cell Body) से निकलने वाले कई छोटे, शाखित भागों (Small, Branched Parts) को दुमिका (Dendrites) कहा जाता है। ये दुमिका अन्य तंत्रिकोशिकाओं (Neurons) या संवेदी अंगों (Sensory Organs) से तंत्रिका आवेग (Nerve Impulses) प्राप्त करते हैं और उन्हें कोशिका काय तक पहुँचाते हैं।
Quick Facts:

  • दुमिका (Dendrites): ये न्यूरॉन के शाखित भाग होते हैं जो आवेग प्राप्त करते हैं, यह सही है।
  • अंकुर (Villi): ये छोटी आंत (Small Intestine) में अवशोषण (Absorption) के लिए होते हैं, न्यूरॉन में नहीं, यह गलत है।
  • कशाभ (Flagella): ये गति (Locomotion) के लिए लंबी संरचनाएँ हैं (जैसे- शुक्राणु), न्यूरॉन में नहीं, यह गलत है।
  • पक्ष्माभ (Cilia): ये छोटी, बाल जैसी संरचनाएँ हैं जो गति या निस्पंदन के लिए होती हैं, न्यूरॉन में नहीं, यह गलत है।

स्पर्श के प्रतिउत्तर में पौधा अपनी पत्तियों को कैसे हिलाता है?

  • उनमें न्यूक्लिक एसिड की मात्रा बदलकर
  • उनमें प्रोटीन की मात्रा बदलकर
  • उनमें लिपिड की मात्रा बदलकर
  • उनमें जल की मात्रा बदलकर

Explanation: स्पर्श के प्रतिउत्तर (Touch Response) में पौधे (जैसे- छुई-मुई, Mimosa pudica) अपनी पत्तियों को हिलाते हैं, जो पल्विनी (Pulvini) नामक जोड़ों (Joints) पर कोशिकाओं से पानी के बाहर निकलने (Osmosis) के कारण होता है। पानी की मात्रा में परिवर्तन से कोशिकाओं का दबाव (Turgor Pressure) बदलता है, जिससे पत्तियाँ झुक जाती हैं या मुड़ जाती हैं।
Quick Facts:

  • न्यूक्लिक एसिड की मात्रा: यह आनुवंशिक परिवर्तन है, तात्कालिक गति के लिए नहीं, यह गलत है।
  • प्रोटीन की मात्रा: यह भी तात्कालिक गति का कारण नहीं है, यह गलत है।
  • लिपिड की मात्रा: यह भी गति का कारण नहीं है, यह गलत है।
  • जल की मात्रा: पानी के निकलने या प्रवेश से कोशिका का दबाव बदलता है, जिससे पत्तियाँ हिलती हैं, यह सही है।

हड्डी को मुख्यतः संयोजी ऊतक के रूप में वर्गीकृत किया जाता है क्योंकि

  • इसमें ऑक्सीजन का परिवहन होता है
  • यह तंत्रिका आवेग उत्पन्न करता है
  • इसमें खनिजयुक्त बाह्यकोशिकीय मैट्रिक्स में फैली हुई कोशिकाएं होती हैं
  • इसमें किसी भी मैट्रिक्स पदार्थ का अभाव होता है

Explanation: हड्डी (Bone) को संयोजी ऊतक (Connective Tissue) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है क्योंकि इसमें कोशिकाएँ (Osteocytes) एक खनिजयुक्त बाह्यकोशिकीय मैट्रिक्स (Mineralized Extracellular Matrix) में फैली होती हैं, जो कैल्शियम और फॉस्फोरस से भरपूर होती है। यह मैट्रिक्स हड्डी को कठोरता और सहारा प्रदान करता है।
Quick Facts:

  • ऑक्सीजन का परिवहन: यह रक्त (एक संयोजी ऊतक) का कार्य है, हड्डी का नहीं, यह गलत है।
  • तंत्रिका आवेग उत्पन्न करना: यह तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue) का कार्य है, हड्डी का नहीं, यह गलत है।
  • खनिजयुक्त मैट्रिक्स में फैली हुई कोशिकाएं: यह संयोजी ऊतक (हड्डी) की विशेषता है, यह सही है।
  • मैट्रिक्स का अभाव: यह गलत है, हड्डी में प्रचुर मात्रा में मैट्रिक्स होता है।

पौधों में जल के परिवहन के लिए कौन सा ऊतक उत्तरदायी है?

  • क्लोरोप्लास्ट
  • राइबोसोम
  • जाइलम
  • कोशिका द्रव्य

Explanation: पौधों में जल (Water) और खनिज (Minerals) के परिवहन के लिए जाइलम (Xylem) ऊतक उत्तरदायी होता है। जाइलम में ट्रेकिड्स (Tracheids) और वाहिकाएँ (Vessels) होती हैं, जो मृत (Dead) कोशिकाएँ होती हैं और जल को जड़ों (Roots) से पत्तियों (Leaves) तक पहुँचाती हैं।
Quick Facts:

  • क्लोरोप्लास्ट: यह प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) के लिए है, जल परिवहन के लिए नहीं, यह गलत है।
  • राइबोसोम: यह प्रोटीन संश्लेषण (Protein Synthesis) के लिए है, जल परिवहन के लिए नहीं, यह गलत है।
  • जाइलम: यह पौधों में जल और खनिजों का परिवहन करता है, यह सही है।
  • कोशिका द्रव्य: यह कोशिका का आंतरिक भाग है, जल परिवहन ऊतक नहीं, यह गलत है।

राइजोपस में बीजाणु किस संरचना में पाए जाते हैं?

  • कलिकाएँ
  • कोष
  • फलन काय
  • स्पोरेन्जिया

Explanation: राइजोपस (Rhizopus) एक कवक (Fungus) है जो अलैंगिक प्रजनन (Asexual Reproduction) द्वारा बीजाणु (Spores) उत्पन्न करता है। ये बीजाणु स्पोरेन्जियम (Sporangium) नामक एक गोलाकार संरचना (Structure) के अंदर पाए जाते हैं। स्पोरेन्जियम एक डंठल (Stalk) (स्पोरेंजियोफोर) के शीर्ष पर स्थित होता है।
Quick Facts:

  • कलिकाएँ (Bud): यह हाइड्रा (Hydra) और यीस्ट (Yeast) में प्रजनन के लिए होती हैं, राइजोपस में नहीं, यह गलत है।
  • कोष (Cyst): यह कुछ जीवों में आराम की अवस्था है, बीजाणु संरचना नहीं, यह गलत है।
  • फलन काय (Fruiting Body): यह कवकों में बीजाणु उत्पादन के लिए एक बड़ी संरचना है (जैसे- मशरूम), राइजोपस में नहीं, यह गलत है।
  • स्पोरेन्जिया: राइजोपस में बीजाणु स्पोरेन्जियम में पाए जाते हैं, यह सही है।

पेशियों का वह भाग जो संकुचन पैदा करता है, वह है-

  • एक्टिन
  • एपिमिसियम
  • फैसिक्युली
  • मायोसिन

Explanation: पेशी (Muscle) के संकुचन (Contraction) के लिए मायोसिन (Myosin) और एक्टिन (Actin) दोनों आवश्यक हैं, लेकिन मायोसिन मुख्य रूप से मोटे तंतु (Thick Filaments) बनाता है, जो संकुचन के लिए बल (Force) उत्पन्न करता है। मायोसिन सिर (Head) एक्टिन (Thin Filaments) से जुड़ता है और खींचता है, जिससे संकुचन होता है।
Quick Facts:

  • एक्टिन: यह पतला तंतु (Thin Filament) है, मायोसिन के साथ मिलकर संकुचन करता है, लेकिन मुख्य बल मायोसिन से है, यह कम सटीक है।
  • एपिमिसियम: यह पेशी के चारों ओर की संयोजी ऊतक (Connective Tissue) परत है, संकुचन में नहीं, यह गलत है।
  • फैसिक्युली: यह पेशी तंतुओं का बंडल (Bundle) है, संकुचन का कारण नहीं, यह गलत है।
  • मायोसिन: यह मोटा तंतु है जो संकुचन के लिए बल उत्पन्न करता है, यह सही है।

कार्डियोमायोसाइट्स अपनी झिल्ली क्षमता को बनाए रखने और उचित संकुचन सुनिश्चित करने के लिए किस तंत्र पर बहुत अधिक निर्भर करते हैं?

  • केवल अंतराल जंक्शनों के माध्यम से निष्क्रिय प्रसार
  • वोल्टेज-गेटेड आयन चैनलों और सक्रिय आयन पंपों का संयोजन
  • विशेष रूप से पोषक तत्वों का सुगम प्रसार
  • बाह्यकोशिकीय द्रव का एंडोसाइटोसिस

Explanation: कार्डियोमायोसाइट्स (हृदय पेशी कोशिकाएं) विद्युत आवेगों (Electrical Impulses) द्वारा संकुचित होती हैं। वे वोल्टेज-गेटेड आयन चैनलों (Voltage-gated Ion Channels) और सक्रिय आयन पंपों (Active Ion Pumps) (जैसे- Na⁺/K⁺ पंप) के संयोजन पर निर्भर होती हैं ताकि विश्राम अवस्था (Resting Potential) और क्रिया क्षमता (Action Potential) बनी रहे, जो उचित संकुचन (Contraction) सुनिश्चित करती है।
Quick Facts:

  • अंतराल जंक्शन: ये कोशिकाओं के बीच संचार (Communication) के लिए हैं, लेकिन झिल्ली क्षमता बनाए रखने के लिए नहीं, यह गलत है।
  • वोल्टेज-गेटेड चैनल और सक्रिय पंप: यह विद्युत आवेगों और झिल्ली क्षमता के लिए आवश्यक है, यह सही है।
  • सुगम प्रसार: यह ऊर्जा के बिना पदार्थों का परिवहन है, झिल्ली क्षमता बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं, यह गलत है।
  • एंडोसाइटोसिस: यह बड़े कणों के अंतर्ग्रहण के लिए है, झिल्ली क्षमता से संबंधित नहीं, यह गलत है।

पादप कोशिका का कौन-सा भाग उसे अक्षुण्ण (intact) रहने में सहायता करता है तथा अल्पपरासारी वातावरण में प्रस्फोटन से बचाता है?

  • रसधानी (Vacuole)
  • कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm)
  • सेल्यूलोज से बनी कोशिका भित्ति (Cell wall made of cellulose)
  • कोशिका झिल्ली (Cell membrane)

Explanation: पादप कोशिका (Plant Cell) में सेल्यूलोज (Cellulose) से बनी कोशिका भित्ति (Cell Wall) एक दृढ़, कठोर परत होती है। जब कोशिका को अल्पपरासारी (Hypotonic) वातावरण (जहाँ बाहर पानी की मात्रा अधिक हो) में रखा जाता है, तो पानी कोशिका के अंदर प्रवेश करता है, लेकिन कोशिका भित्ति कोशिका को फटने (Burst) से बचाती है और उसे अक्षुण्ण (Intact) रखती है।
Quick Facts:

  • रसधानी: यह पानी का भंडारण करती है, लेकिन कोशिका को फटने से नहीं बचाती, यह गलत है।
  • कोशिकाद्रव्य: यह कोशिका का आंतरिक भाग है, सुरक्षा प्रदान नहीं करता, यह गलत है।
  • सेल्यूलोज कोशिका भित्ति: यह कोशिका को दृढ़ता और सुरक्षा प्रदान करती है, अल्पपरासारी वातावरण में फटने से बचाती है, यह सही है।
  • कोशिका झिल्ली: यह पतली और लचीली होती है, अकेले फटने से नहीं बचा सकती, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन सी प्लोएम की कोशिकाएँ हैं?

  • चालनी कोशिकाएँ और वाहिकाएँ
  • ट्रेकिड्स और वाहिकाएँ
  • चालनी नलिकाएँ और साथी कोशिकाएँ
  • ट्रेकिड्स और सहचर कोशिकाएँ

Explanation: फ्लोएम (Phloem) एक जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue) है जो पौधों में भोजन (कार्बनिक पदार्थ) का परिवहन करता है। फ्लोएम में चालनी नलिकाएँ (Sieve Tubes) और साथी कोशिकाएँ (Companion Cells) मुख्य कोशिकाएँ हैं, जो भोजन के परिवहन में सहायता करती हैं।
Quick Facts:

  • चालनी कोशिकाएँ और वाहिकाएँ: वाहिकाएँ जाइलम (Xylem) में होती हैं, फ्लोएम में नहीं, यह गलत है।
  • ट्रेकिड्स और वाहिकाएँ: ये दोनों जाइलम (Xylem) की कोशिकाएँ हैं, फ्लोएम की नहीं, यह गलत है।
  • चालनी नलिकाएँ और साथी कोशिकाएँ: ये फ्लोएम की मुख्य कोशिकाएँ हैं, यह सही है।
  • ट्रेकिड्स और सहचर कोशिकाएँ: ट्रेकिड्स जाइलम में हैं, सहचर कोशिकाएँ (Albuminous Cells) फ्लोएम में हैं, लेकिन यह सुमेलन गलत है, यह गलत है।

बहुकोशिकीय जीवों की कोशिकाएं विभिन्न आकृतियां और आकार क्यों प्रदर्शित करती हैं?

  • उनकी संरचना विशिष्ट कार्यों को करने के लिए अनुकूलित होती है
  • कोशिका की आकृति और आकार में भिन्नता बिना किसी कार्यात्मक महत्व के होती है
  • कोशिका की आकृति यादृच्छिक होती है और कार्य से असंबंधित होता है
  • समान जीव में प्रत्येक प्रकार की कोशिका में विभिन्न जीनोम होते हैं

Explanation: बहुकोशिकीय जीवों (Multicellular Organisms) की कोशिकाएँ विभिन्न आकृतियाँ (Shapes) और आकार (Sizes) प्रदर्शित करती हैं क्योंकि उनकी संरचना (Structure) विशिष्ट कार्यों (Specific Functions) को करने के लिए अनुकूलित (Adapted) होती है। उदाहरण के लिए, तंत्रिका कोशिकाएँ लंबी होती हैं (आवेग चालन के लिए), मांसपेशी कोशिकाएँ तंतुमय होती हैं (संकुचन के लिए)।
Quick Facts:

  • संरचना विशिष्ट कार्यों के लिए अनुकूलित: यही कारण है कि कोशिकाएँ विभिन्न आकारों में होती हैं, यह सही है।
  • बिना किसी कार्यात्मक महत्व के: यह गलत है, आकार का कार्यात्मक महत्व होता है।
  • यादृच्छिक और कार्य से असंबंधित: यह गलत है, कोशिका का आकार यादृच्छिक नहीं होता।
  • विभिन्न जीनोम: सभी कोशिकाओं में समान जीनोम होता है, विभेदन (Differentiation) जीन अभिव्यक्ति (Gene Expression) में परिवर्तन के कारण होता है, यह गलत है।

खुरदरी अन्तर्द्रव्यी जालिका और चिकनी अन्तर्द्रव्यी जालिका के बीच मुख्य अंतर निम्नलिखित में से किसकी उपस्थिति के कारण होता है?

  • साइटोसोल (cytosol)
  • राइबोसोम (ribosomes)
  • माइटोकॉन्ड्रिया (mitochondria)
  • सेंट्रोसोम (centrosomes)

Explanation: खुरदुरी अन्तर्द्रव्यी जालिका (Rough Endoplasmic Reticulum – RER) और चिकनी अन्तर्द्रव्यी जालिका (Smooth Endoplasmic Reticulum – SER) के बीच मुख्य अंतर राइबोसोम (Ribosomes) की उपस्थिति है। RER की सतह पर राइबोसोम जुड़े होते हैं, जो इसे खुरदुरा (Rough) रूप देते हैं, जबकि SER पर राइबोसोम नहीं होते, इसलिए यह चिकनी (Smooth) होती है।
Quick Facts:

  • साइटोसोल: यह कोशिकाद्रव्य का तरल भाग है, RER और SER दोनों में साइटोसोल होता है, यह अंतर नहीं है, यह गलत है।
  • राइबोसोम: RER पर राइबोसोम होते हैं, SER पर नहीं, यह मुख्य अंतर है, यह सही है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह एक अलग अंगक है, ER से संबंधित नहीं, यह गलत है।
  • सेंट्रोसोम: यह कोशिका विभाजन में शामिल है, ER से संबंधित नहीं, यह गलत है।

जीवद्रव्य पटल के अतिरिक्त, वनस्पति कोशिकाओं में निम्नलिखित में से कौन-सा बाह्य आवरण होता है?

  • केंद्रक पटल (न्यूक्लियर झिल्ली)
  • तारक-केंद्र (सेंट्रीओल)
  • कोशिका भित्ति
  • कोशिकाद्रव्य

Explanation: वनस्पति कोशिकाओं (Plant Cells) में जीवद्रव्य पटल (Plasma Membrane) के अतिरिक्त एक अतिरिक्त बाह्य आवरण (Outer Covering) होता है, जिसे कोशिका भित्ति (Cell Wall) कहते हैं। यह सेल्यूलोज (Cellulose) से बनी एक दृढ़ (Rigid) परत होती है जो कोशिका को सहारा (Support), सुरक्षा (Protection) और आकार (Shape) प्रदान करती है।
Quick Facts:

  • केंद्रक पटल (Nuclear Membrane): यह केंद्रक (Nucleus) के चारों ओर होती है, कोशिका के बाहर नहीं, यह गलत है।
  • तारक-केंद्र (Centriole): यह जंतु कोशिकाओं (Animal Cells) में विभाजन के लिए होता है, पादप कोशिकाओं में नहीं (उच्च पादपों में), यह गलत है।
  • कोशिका भित्ति (Cell Wall): यह प्लाज्मा झिल्ली के बाहर एक अतिरिक्त आवरण है, यह सही है।
  • कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm): यह कोशिका के अंदर है, बाहर नहीं, यह गलत है।

नाभिक के अंदर न्यूक्लियोसोम द्वारा निर्मित संरचना को क्या कहते हैं?

  • गैर-हिस्टोन प्रोटीन
  • हिस्टोन
  • क्रोमेटिन
  • क्रोमोसोम

Explanation: न्यूक्लियोसोम (Nucleosomes) DNA और हिस्टोन (Histone) प्रोटीन से बनी संरचनाएँ हैं। कई न्यूक्लियोसोम मिलकर क्रोमेटिन (Chromatin) तंतु (Fibers) बनाते हैं, जो केंद्रक (Nucleus) के अंदर आनुवंशिक पदार्थ का अव्यवस्थित (Uncondensed) रूप है। कोशिका विभाजन के दौरान, क्रोमेटिन और अधिक संघनित (Condensed) होकर क्रोमोसोम (Chromosomes) बनाता है।
Quick Facts:

  • गैर-हिस्टोन प्रोटीन: ये क्रोमैटिन के अन्य प्रोटीन हैं, न्यूक्लियोसोम द्वारा निर्मित संरचना नहीं, यह गलत है।
  • हिस्टोन: ये प्रोटीन हैं, जो न्यूक्लियोसोम बनाते हैं, लेकिन न्यूक्लियोसोम द्वारा निर्मित संरचना क्रोमैटिन है, यह गलत है।
  • क्रोमेटिन: न्यूक्लियोसोम मिलकर क्रोमैटिन बनाते हैं, यह सही है।
  • क्रोमोसोम: यह क्रोमैटिन के अधिक संघनित रूप है, जो विभाजन के दौरान दिखता है, न्यूक्लियोसोम सीधे क्रोमोसोम नहीं बनाते, यह गलत है।

कौन सी कोशिका को ‘आत्महत्या थैली’ के नाम से जाना जाता है?

  • राइबोसोम
  • लाइसोसोम
  • तारक काय
  • कोशिका द्रव्य

Explanation: लाइसोसोम (Lysosomes) को ‘आत्महत्या थैली’ (Suicidal Bags) कहा जाता है क्योंकि इनमें हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (Hydrolytic Enzymes) होते हैं। यदि लाइसोसोम फट जाता है, तो ये एंजाइम कोशिका के अपने घटकों को पचा सकते हैं, जिससे कोशिका की मृत्यु (Cell Death) हो सकती है।
Quick Facts:

  • राइबोसोम: यह प्रोटीन फैक्टरी है, आत्महत्या थैली नहीं, यह गलत है।
  • लाइसोसोम: इसे आत्महत्या थैली कहते हैं, यह सही है।
  • तारक काय (Centrosome): यह कोशिका विभाजन में मदद करता है, आत्महत्या नहीं, यह गलत है।
  • कोशिका द्रव्य (Cytoplasm): यह कोशिका का आंतरिक भाग है, आत्महत्या थैली नहीं, यह गलत है।

पौधे का कौन सा भाग अपशिष्ट पदार्थों को संग्रहित करने के लिए उपयोग किया जाता है?

  • रिक्तिकाएं
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • गॉल्जीकाय
  • हरितलवक

Explanation: पादप कोशिकाओं (Plant Cells) में रिक्तिकाएँ (Vacuoles) मुख्य रूप से भंडारण (Storage) और आसमाटिक संतुलन (Osmotic Balance) के लिए होती हैं। ये कोशिका रस (Cell Sap) से भरी होती हैं और अपशिष्ट पदार्थों (Waste Products) (जैसे- रंजक, एंजाइम, विषाक्त पदार्थ) को संग्रहित (Store) करती हैं, जिससे वे कोशिका के अन्य भागों को नुकसान नहीं पहुँचाते।
Quick Facts:

  • रिक्तिकाएं: ये अपशिष्ट पदार्थों का भंडारण करती हैं, यह सही है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह ATP उत्पादन के लिए है, भंडारण के लिए नहीं, यह गलत है।
  • गॉल्जीकाय: यह पैकेजिंग के लिए है, अपशिष्ट भंडारण के लिए नहीं, यह गलत है।
  • हरितलवक: यह प्रकाश संश्लेषण के लिए है, भंडारण के लिए नहीं (अवर्णलवक भंडारण करते हैं, लेकिन हरितलवक नहीं), यह गलत है।

कोशिका में लिपिड के निर्माण के लिए कौन-सा कोशिकांग जिम्मेदार है?

  • रफ एण्डोप्लाज्मिक रेटिकुलम (Rough Endoplasmic Reticulum)
  • गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus)
  • माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria)
  • स्मूथ एण्डोप्लाज्मिक रेटिकुलम (Smooth Endoplasmic Reticulum)

Explanation: लिपिड (Lipids) (वसा) के निर्माण (Synthesis) के लिए चिकनी अन्तर्द्रव्यी जालिका (Smooth Endoplasmic Reticulum – SER) जिम्मेदार होती है। SER पर राइबोसोम नहीं होते हैं, और यह लिपिड, स्टेरॉयड (Steroids) और कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates) के संश्लेषण में शामिल होता है, साथ ही विषहरण (Detoxification) में भी।
Quick Facts:

  • रफ ER: यह प्रोटीन संश्लेषण (Protein Synthesis) के लिए होता है, लिपिड के लिए नहीं, यह गलत है।
  • गॉल्जी उपकरण: यह पैकेजिंग और संशोधन (Modification) के लिए है, लिपिड संश्लेषण के लिए नहीं, यह गलत है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह ATP उत्पादन के लिए है, लिपिड संश्लेषण के लिए नहीं, यह गलत है।
  • स्मूथ ER: यह लिपिड संश्लेषण के लिए जिम्मेदार है, यह सही है।

गॉल्जी उपकरण निम्नलिखित में से किस अंगक से संबंधित है?

  • सूत्रकणिका (Mitochondria) (Mitochondria)
  • अन्तर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic reticulum)
  • लवक (Plastids)
  • केन्द्रक (Nucleus)

Explanation: गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) अन्तर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum – ER) से संबंधित है। गॉल्जी उपकरण ER से पुटिकाओं (Vesicles) द्वारा प्रोटीन और लिपिड प्राप्त करता है, फिर उन्हें संशोधित (Modify), पैकेज (Package) और परिवहन (Transport) करता है। यह ER के साथ मिलकर कोशिका के अंतःकोशिकीय परिवहन नेटवर्क का हिस्सा है।
Quick Facts:

  • सूत्रकणिका (Mitochondria): यह ATP उत्पादन के लिए है, गॉल्जी से संबंधित नहीं, यह गलत है।
  • अन्तर्द्रव्यी जालिका: गॉल्जी उपकरण ER से पुटिकाएँ प्राप्त करता है, यह सही है।
  • लवक: ये पादप कोशिकाओं में हैं, गॉल्जी से संबंधित नहीं, यह गलत है।
  • केन्द्रक: गॉल्जी केंद्रक से संबंधित नहीं है, यह गलत है।

एक कोशिका के विभाजन न करने की अवस्था में, ____ क्रोमेटिन पदार्थ के रूप में पाया जाता है।

  • RNA
  • केन्द्रक
  • DNA
  • राइबोसोम

Explanation: जब कोशिका विभाजित नहीं हो रही होती है (अंतरावस्था, Interphase), तो DNA क्रोमेटिन (Chromatin) पदार्थ के रूप में पाया जाता है, जो केंद्रक (Nucleus) के अंदर अव्यवस्थित (Uncondensed) और तंतुमय (Fibrous) रूप में होता है। विभाजन के दौरान, क्रोमेटिन संघनित (Condense) होकर क्रोमोसोम (Chromosomes) बनाता है।
Quick Facts:

  • RNA: RNA क्रोमैटिन का हिस्सा नहीं है (यह mRNA, tRNA आदि है), यह गलत है।
  • केन्द्रक: यह एक अंगक है, क्रोमैटिन पदार्थ नहीं, यह गलत है।
  • DNA: DNA अंतरावस्था में क्रोमैटिन के रूप में होता है, यह सही है।
  • राइबोसोम: यह प्रोटीन संश्लेषण के लिए है, क्रोमैटिन का भाग नहीं, यह गलत है।

बंद तंत्र में किस प्रकार की भित्ति मौजूद होती है?

  • पारगम्य भित्ति
  • अर्ध-पारगम्य भित्ति
  • अभेद्य भित्ति
  • चयनात्मक रूप से पारगम्य भित्ति

Explanation: बंद तंत्र (Closed System) में अभेद्य भित्ति (Impermeable Wall) होती है, जो किसी भी पदार्थ (पदार्थों, ऊर्जा या द्रव्यमान) को अंदर या बाहर नहीं जाने देती है। बंद तंत्र पृथक (Isolated) होता है, जहाँ केवल ऊर्जा का आदान-प्रदान हो सकता है (कुछ परिभाषाओं में), लेकिन द्रव्यमान (Mass) का आदान-प्रदान नहीं होता।
Quick Facts:

  • पारगम्य भित्ति: यह पदार्थों को स्वतंत्र रूप से गुजरने देती है, बंद तंत्र में नहीं, यह गलत है।
  • अर्ध-पारगम्य भित्ति: यह चयनात्मक रूप से पारगम्य होती है, बंद तंत्र में नहीं, यह गलत है।
  • अभेद्य भित्ति: यह बंद तंत्र की विशेषता है, जहाँ कोई पदार्थ प्रवेश या निकास नहीं कर सकता, यह सही है।
  • चयनात्मक रूप से पारगम्य: यह खुले तंत्र (Open System) में होती है, बंद में नहीं, यह गलत है।

Which of the following processes allows carbon dioxide to move out of a cell?

  • Endocytosis
  • Diffusion
  • Osmosis
  • Active transport

Explanation: Carbon dioxide (CO₂) is a small, non-polar molecule that moves across the cell membrane by diffusion. It moves from a region of higher concentration (inside the cell, where it is produced by respiration) to a region of lower concentration (outside the cell) until equilibrium is reached.
Quick Facts:

  • Endocytosis: This is the process by which cells engulf large particles or fluids by invagination of the membrane, not for gas exchange.
  • Diffusion: The movement of molecules from high to low concentration without energy expenditure; CO₂ exits cells this way.
  • Osmosis: The movement of water across a semi-permeable membrane, not gases like CO₂.
  • Active transport: Requires energy (ATP) and moves substances against their concentration gradient; CO₂ does not use this.

निम्नलिखित में से हमारे शरीर की सबसे लम्बी कोशिका कौन सी है?

  • तंत्रिका कोशिका
  • अंडाणु
  • रक्त कोशिका
  • वसा कोशिका

Explanation: तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) हमारे शरीर की सबसे लंबी कोशिका है। कुछ तंत्रिका कोशिकाएँ (जैसे- साइटिक तंत्रिका) 1 मीटर तक लंबी हो सकती हैं, जो रीढ़ की हड्डी से पैर की उंगलियों तक जाती हैं।
Quick Facts:

  • तंत्रिका कोशिका: शरीर की सबसे लंबी कोशिका, आवेगों के संचालन के लिए अनुकूलित।
  • अंडाणु: मानव शरीर की सबसे बड़ी कोशिका (लगभग 0.1 मिमी), लंबी नहीं।
  • रक्त कोशिका: RBC लगभग 7 माइक्रोमीटर व्यास की होती हैं, बहुत छोटी।
  • वसा कोशिका: गोलाकार या बहुभुजाकार, लंबी नहीं होती।

सरल उपकला _____ होती है।

  • दो कोशिका जितनी मोटी
  • विकल्पों में से सभी
  • एक कोशिका जितनी मोटी
  • दो से तीन कोशिका जितनी मोटी

Explanation: सरल उपकला (Simple Epithelium) केवल एक कोशिका मोटी होती है। यह अस्तर (Lining) और ग्रंथियों (Glands) में पाई जाती है और विसरण, अवशोषण, और स्राव के लिए अनुकूल होती है।
Quick Facts:

  • दो कोशिका मोटी: सरल उपकला एककोशिकीय होती है, दो कोशिका मोटी नहीं।
  • विकल्पों में से सभी: यह गलत है, सरल उपकला एक कोशिका मोटी होती है।
  • एक कोशिका जितनी मोटी: सरल उपकला की यही परिभाषा है।
  • दो से तीन कोशिका मोटी: बहुस्तरीय (Stratified) उपकला कई परतों की होती है, सरल नहीं।

केन्द्रीय विभाजन के बाद कोशिकाद्रव्य के विभाजन के लिए प्रयुक्त शब्द क्या है?

  • क्रोमेटिन कंडेंसेशन (Chromatin condensation)
  • कैरियोकाइनेसिस (Karyokinesis)
  • साइटोकाइनेसिस (Cytokinesis)
  • इंटरफेज (interphase)

Explanation: कोशिका विभाजन के दो मुख्य चरण होते हैं: (1) कैरियोकाइनेसिस (Karyokinesis) – केंद्रक का विभाजन, और (2) साइटोकाइनेसिस (Cytokinesis) – कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) का विभाजन, जिससे दो संतति कोशिकाएँ बनती हैं।
Quick Facts:

  • क्रोमेटिन कंडेंसेशन: यह कोशिका विभाजन की प्रारंभिक अवस्था (प्रोफेज) में होता है, साइटोकाइनेसिस नहीं।
  • कैरियोकाइनेसिस: यह केंद्रक का विभाजन है, कोशिकाद्रव्य का नहीं।
  • साइटोकाइनेसिस: कोशिकाद्रव्य का विभाजन, केंद्रक विभाजन के बाद होता है।
  • इंटरफेज: कोशिका विभाजन के बीच की अवस्था, विभाजन प्रक्रिया नहीं।

जीवन की सबसे छोटी इकाई क्या है जो स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में रहने के लिए सक्षम है?

  • परमाणु
  • कोशिका
  • अणु
  • ऊतक

Explanation: कोशिका (Cell) जीवन की सबसे छोटी संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई है जो स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में रह सकती है। यह सभी जीवित जीवों का मूलभूत निर्माण खंड है।
Quick Facts:

  • परमाणु: यह पदार्थ की सबसे छोटी इकाई है, जीवन की नहीं, यह गलत है।
  • कोशिका: यह जीवन की सबसे छोटी स्वतंत्र इकाई है।
  • अणु: यह रासायनिक यौगिकों की इकाई है, जीवन की नहीं, यह गलत है।
  • ऊतक: कोशिकाओं का समूह है, एकल इकाई नहीं, यह गलत है।

नाभिकीय झिल्ली का मुख्य कार्य क्या है?

  • यह केंद्रक और कोशिकाद्रव्य के बीच पदार्थ के स्थानांतरण को नियंत्रित करता है।
  • यह केंद्रक में गैसों और जल के अणुओं के प्रवेश को रोकता है।
  • यह समसूत्रण के दौरान केंद्रक के विघटन को रोकता है।
  • यह केंद्रक के भीतर लिपिड का संश्लेषण करता है।

Explanation: नाभिकीय झिल्ली (Nuclear Membrane) एक द्विस्तरीय झिल्ली है जो केंद्रक को कोशिकाद्रव्य से अलग करती है। इसके छिद्र (Nuclear Pores) के माध्यम से RNA, प्रोटीन और अन्य अणुओं का चयनात्मक परिवहन होता है।
Quick Facts:

  • पदार्थ के स्थानांतरण को नियंत्रित करता है: यह नाभिकीय झिल्ली का मुख्य कार्य है।
  • गैसों और जल के प्रवेश को रोकना: यह गलत है, गैसें और जल आसानी से पार कर सकते हैं।
  • केंद्रक के विघटन को रोकना: समसूत्रण के दौरान झिल्ली विघटित होती है, यह गलत है।
  • लिपिड का संश्लेषण: यह अन्तर्द्रव्यी जालिका (ER) का कार्य है, केंद्रक झिल्ली का नहीं।

एक कोशिका को दूसरी कोशिका से जोड़ने वाले कोशिकाद्रव्यीय रेशों को _____ के रूप में जाना जाता है।

  • तकुए तंतु
  • अन्तःप्रद्रव्यी जालिका
  • तारककेंद्रक
  • जीवाणु तंतु

Explanation: प्लाज्मोडेस्माटा (Plasmodesmata) पादप कोशिकाओं के बीच सूक्ष्म चैनल होते हैं जो कोशिकाद्रव्यी रेशों (Cytoplasmic Strands) के रूप में दो कोशिकाओं को जोड़ते हैं। ये कोशिकाओं के बीच संचार और पदार्थों के परिवहन की अनुमति देते हैं।
Quick Facts:

  • तकुए तंतु: कोशिका विभाजन के दौरान गुणसूत्रों को अलग करते हैं, कोशिकाओं को नहीं जोड़ते।
  • अन्तःप्रद्रव्यी जालिका: यह कोशिका के अंदर झिल्ली नेटवर्क है, कोशिकाओं को जोड़ने वाला नहीं।
  • तारककेंद्रक: यह कोशिका विभाजन में सहायक संरचना है, कोशिकाओं को नहीं जोड़ती।
  • जीवाणु तंतु (प्लाज्मोडेस्माटा): पादप कोशिकाओं को जोड़ने वाले कोशिकाद्रव्यी रेशे।

पत्तियों में वाष्पोत्सर्जन की क्रिया मुख्यतः ________ द्वारा होती है।

  • रंध्र
  • मुंहासा
  • माइक्रो फाइबर
  • प्लाज्मिड

Explanation: पत्तियों में वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) मुख्यतः रंध्र (Stomata) के माध्यम से होता है। रंध्र पत्ती की एपिडर्मिस में मौजूद छोटे छिद्र होते हैं, जिनके खुलने और बंद होने से जल वाष्प का निष्कासन नियंत्रित होता है।
Quick Facts:

  • रंध्र: पत्तियों में जल वाष्प के उत्सर्जन का मुख्य मार्ग।
  • मुंहासा: यह त्वचा की ग्रंथि है, पौधों में नहीं पाया जाता।
  • माइक्रो फाइबर: ये सेल्यूलोज के तंतु हैं, वाष्पोत्सर्जन से संबंधित नहीं।
  • प्लाज्मिड: यह जीवाणुओं में पाया जाने वाला DNA का टुकड़ा है, पौधों में नहीं।

निम्नलिखित में से कौन-सी डिवाइस, ध्वनि तरंगों के बहु परावर्तन के सिद्धांत पर कार्य करती है?

  • माइक्रोस्कोप
  • थर्मामीटर
  • मेगाफोन
  • स्टेथोस्कोप

Explanation: स्टेथोस्कोप (Stethoscope) ध्वनि तरंगों के बहु परावर्तन (Multiple Reflection) के सिद्धांत पर कार्य करता है। हृदय या फेफड़ों की ध्वनियाँ स्टेथोस्कोप की ट्यूब के अंदर बार-बार परावर्तित होकर डॉक्टर के कानों तक पहुँचती हैं।
Quick Facts:

  • माइक्रोस्कोप: यह प्रकाश के अपवर्तन पर कार्य करता है, ध्वनि पर नहीं।
  • थर्मामीटर: यह तापमान मापता है, ध्वनि परावर्तन से संबंधित नहीं।
  • मेगाफोन: यह ध्वनि को एक दिशा में प्रसारित करता है, परावर्तन पर नहीं।
  • स्टेथोस्कोप: ध्वनि के बहु परावर्तन पर कार्य करता है।

त्वचा की वाह्यतम परत को क्या कहा जाता है?

  • एपिडर्मिस
  • क्यूटिन
  • डर्मिस
  • केराटिन

Explanation: त्वचा की सबसे बाहरी परत को एपिडर्मिस (Epidermis) कहा जाता है। यह बहुस्तरीय स्क्वैमस उपकला (Stratified Squamous Epithelium) से बनी होती है और शरीर को बाहरी वातावरण से सुरक्षा प्रदान करती है।
Quick Facts:

  • एपिडर्मिस: त्वचा की सबसे बाहरी परत।
  • क्यूटिन: पौधों की बाहरी सतह पर मोमी परत, त्वचा में नहीं।
  • डर्मिस: एपिडर्मिस के नीचे की परत, जिसमें रक्त वाहिकाएँ और तंत्रिकाएँ होती हैं।
  • केराटिन: यह एक प्रोटीन है, एपिडर्मिस में पाया जाता है, परत नहीं।

अनुकूलता (analogy) को पूरा करने के लिए एक शब्द का चयन करें। प्राक्केंद्रकी कोशिका : छोटी और सरल :: सुकेंद्रकी कोशिका : ________

  • समान आकार और जटिलता
  • अनियमित और सरल
  • अपेक्षाकृत छोटी और सरल
  • अपेक्षाकृत बड़ी और जटिल

Explanation: प्राक्केंद्रकी (Prokaryotic) कोशिकाएँ अपेक्षाकृत छोटी और सरल होती हैं, जबकि सुकेंद्रकी (Eukaryotic) कोशिकाएँ अपेक्षाकृत बड़ी और अधिक जटिल होती हैं, जिनमें झिल्ली-बद्ध अंगक और वास्तविक केंद्रक होता है।
Quick Facts:

  • समान आकार और जटिलता: यह गलत है, दोनों में अंतर होता है।
  • अनियमित और सरल: यह गलत है, यूकैरियोटिक कोशिकाएँ जटिल होती हैं।
  • अपेक्षाकृत छोटी और सरल: यह प्रोकैरियोटिक की विशेषता है, यूकैरियोटिक की नहीं।
  • अपेक्षाकृत बड़ी और जटिल: यह यूकैरियोटिक कोशिकाओं की सही विशेषता है।

किस कोशिकांग को कोशिका के ‘पावरहाउस’ रूप में जाना जाता है, क्योंकि यह वायवीय श्वसन करता है?

  • लाइसोसोम
  • केंद्रक
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • राइबोसोम

Explanation: माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) को कोशिका का ‘पावरहाउस’ (Powerhouse) कहा जाता है क्योंकि यह वायवीय श्वसन (Aerobic Respiration) के द्वारा ATP (ऊर्जा) का उत्पादन करता है। ATP कोशिका की ऊर्जा मुद्रा है।
Quick Facts:

  • लाइसोसोम: यह कोशिका की ‘आत्मघाती थैली’ (Suicidal Bag) है, पावरहाउस नहीं।
  • केंद्रक: यह कोशिका का नियंत्रण केंद्र है, ऊर्जा उत्पादन का स्थल नहीं।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: कोशिका का पावरहाउस, ATP उत्पादन का स्थल।
  • राइबोसोम: यह प्रोटीन फैक्टरी है, पावरहाउस नहीं।

हाइड्रा में कलिका बनने का क्या कारण है?

  • कोशिका चक्र
  • उत्परिवर्तन
  • एक विशिष्ट स्थान पर बार-बार कोशिका विभाजन
  • पूरे शरीर की अतिबृद्धि

Explanation: हाइड्रा (Hydra) में कलिका (Budding) अलैंगिक जनन की एक विधि है जिसमें मातृ जीव के एक विशिष्ट स्थान पर कोशिकाओं का बार-बार विभाजन होता है, जिससे एक नया छोटा हाइड्रा (कलिका) विकसित होता है, जो बाद में अलग हो जाता है।
Quick Facts:

  • कोशिका चक्र: यह सामान्य कोशिका विभाजन है, कलिका निर्माण का विशिष्ट कारण नहीं।
  • उत्परिवर्तन: यह DNA में परिवर्तन है, कलिका निर्माण से संबंधित नहीं।
  • विशिष्ट स्थान पर बार-बार कोशिका विभाजन: यह कलिका निर्माण का सही कारण है।
  • पूरे शरीर की अतिबृद्धि: यह गलत है, कलिका एक विशिष्ट स्थान पर बनती है।

पादपों में भोजन-संवाहक जटिल ऊतक का कौन-सा भाग, नलिकाकार होता है तथा इसकी भित्तियां सछिद्र होती हैं?

  • चालनी पट्टिका (Sieve plate)
  • फ्लोएम मृदूतक (Phloem parenchyma)
  • सहचर कोशिका (Companion cell)
  • चालनी नलिका (Sieve tube)

Explanation: फ्लोएम (Phloem) में चालनी नलिकाएँ (Sieve Tubes) नलिकाकार होती हैं और इनकी भित्तियों में छिद्र (Sieve Plates) होते हैं। ये भोजन (कार्बनिक पदार्थों) का संवहन पत्तियों से पौधे के अन्य भागों तक करती हैं।
Quick Facts:

  • चालनी पट्टिका: यह चालनी नलिकाओं के सिरे पर उपस्थित छिद्रयुक्त दीवार है, पूरी नलिका नहीं।
  • फ्लोएम मृदूतक: यह जीवित कोशिकाएँ हैं, नलिकाकार नहीं और भंडारण का कार्य करती हैं।
  • सहचर कोशिका: यह चालनी नलिकाओं से जुड़ी जीवित कोशिकाएँ हैं, जो उनके कार्य में सहायता करती हैं।
  • चालनी नलिका: नलिकाकार, सछिद्र भित्तियों वाली, भोजन संवाहक।

निम्नलिखित में से कौन-सा कोशिका अंगक, कोशिका की आकृति को बनाए रखने और संरचनात्मक सहायता प्रदान करने के लिए उत्तरदायी है?

  • परऑक्सीसोम (Peroxisome)
  • कोशिकाकंकाल (Cytoskeleton)
  • न्यूक्लियस (Nucleus)
  • गॉल्जी उपकरण (Golgi apparatus)

Explanation: कोशिकाकंकाल (Cytoskeleton) प्रोटीन तंतुओं (सूक्ष्मनलिकाएँ, मध्यवर्ती तंतु, सूक्ष्मतंतु) का एक जाल है जो कोशिका को आकार देता है, संरचनात्मक सहायता प्रदान करता है, और कोशिका गति तथा अंगकों के परिवहन में सहायता करता है।
Quick Facts:

  • परऑक्सीसोम: यह विषाक्त पदार्थों (हाइड्रोजन पेरोक्साइड) के अपघटन के लिए है, आकार नहीं बनाए रखता।
  • कोशिकाकंकाल: यह कोशिका को आकार और सहायता प्रदान करता है।
  • न्यूक्लियस: यह कोशिका का नियंत्रण केंद्र है, आकार बनाए रखने का कार्य नहीं।
  • गॉल्जी उपकरण: यह पैकेजिंग और परिवहन के लिए है, संरचनात्मक सहायता नहीं देता।

रूक्ष ER (RER) को चिकनी ER (SER) से क्या पृथक करता है?

  • RER पर राइबोसोम की उपस्थिति, SER पर अनुपस्थिति
  • RER पर क्लोरोफिल की उपस्थिति, SER पर अनुपस्थिति
  • RER में झिल्लियों की अनुपस्थिति, SER में उपस्थिति
  • RER में प्रोटीन की अनुपस्थिति, SER में उपस्थिति

Explanation: रूक्ष अन्तर्द्रव्यी जालिका (Rough ER) की सतह पर राइबोसोम (Ribosomes) जुड़े होते हैं, जो इसे खुरदुरा रूप देते हैं और प्रोटीन संश्लेषण में सहायता करते हैं। चिकनी अन्तर्द्रव्यी जालिका (Smooth ER) पर राइबोसोम नहीं होते, इसलिए यह चिकनी दिखती है और लिपिड संश्लेषण करती है।
Quick Facts:

  • RER पर राइबोसोम, SER पर अनुपस्थित: यह मुख्य अंतर है।
  • RER पर क्लोरोफिल: क्लोरोफिल हरितलवक में पाया जाता है, ER में नहीं।
  • RER में झिल्लियों की अनुपस्थिति: दोनों में झिल्लियाँ होती हैं, यह गलत है।
  • RER में प्रोटीन की अनुपस्थिति: RER में प्रोटीन संश्लेषण होता है, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अन्तर्द्रव्यी जालिका के बारे में गलत है?

  • रूक्ष अन्तर्द्रव्यी जालिका (RER) की सतह पर राइबोसोम लगे होते हैं, जो प्रोटीन संश्लेषण में मदद करते हैं।
  • अन्तर्द्रव्यी जालिका अपने अन्दर आनुवंशिक सामग्री संग्रहित करती है।
  • अन्तर्द्रव्यी जालिका कोशिका के भीतर पदार्थों के परिवहन में मदद करती है, विशेष रूप से कोशिकाद्रव्य और केंद्रक के बीच।
  • चिकनी अन्तर्द्रव्यी जालिका (SER) लिपिड (वसा अणु) के संश्लेषण में शामिल होती है।

Explanation: अन्तर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) आनुवंशिक सामग्री (DNA) का भंडारण नहीं करती है। DNA कोशिका के केंद्रक (Nucleus) में संग्रहीत होता है। ER प्रोटीन संश्लेषण, लिपिड संश्लेषण, और परिवहन में सहायता करता है।
Quick Facts:

  • RER पर राइबोसोम: यह सत्य है, RER प्रोटीन संश्लेषण में मदद करता है।
  • ER आनुवंशिक सामग्री संग्रहित करता है: यह असत्य है, DNA केंद्रक में होता है।
  • ER पदार्थों के परिवहन में मदद करता है: यह सत्य है, ER एक परिवहन नेटवर्क है।
  • SER लिपिड संश्लेषण: यह सत्य है, SER लिपिड और स्टेरॉयड का संश्लेषण करता है।

बैटरी का प्रतीक ……………है।

  • एक लंबी और एक छोटी लाइन
  • तीरों वाला एक आयत
  • एक साथ जुड़े हुए कई सेल
  • बिंदु वाला एक वृत्त

Explanation: बैटरी (Battery) का प्रतीक एक साथ जुड़े हुए कई सेल (Cells) होते हैं। एक सेल को एक लंबी (धनात्मक) और एक छोटी (ऋणात्मक) समानांतर रेखाओं द्वारा दर्शाया जाता है, और बैटरी में इन सेलों को श्रृंखला में जोड़ा जाता है।
Quick Facts:

  • एक लंबी और एक छोटी लाइन: यह एक एकल सेल (Cell) का प्रतीक है, बैटरी का नहीं।
  • तीरों वाला एक आयत: यह डायोड या ट्रांजिस्टर का प्रतीक हो सकता है, बैटरी नहीं।
  • एक साथ जुड़े हुए कई सेल: यह बैटरी का प्रतीक है।
  • बिंदु वाला एक वृत्त: यह बल्ब (Bulb) या प्रकाश स्रोत का प्रतीक है।

यूकेरियोटिक कोशिकाओं के कोशिकाद्रव्य में पाए जाने वाले सूक्ष्म नलिकाकार संरचनाओं के नेटवर्क को क्या कहते हैं?

  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • लाइसोसोम
  • गॉल्जी उपकरण
  • अन्तर्द्रव्यी जालिका

Explanation: अन्तर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum – ER) यूकैरियोटिक कोशिकाओं के कोशिकाद्रव्य में पाई जाने वाली सूक्ष्म नलिकाकार (ट्यूबलर) और थैलीदार (सिस्टर्नल) संरचनाओं का एक नेटवर्क है। यह प्रोटीन, लिपिड के संश्लेषण और परिवहन में सहायता करता है।
Quick Facts:

  • माइटोकॉन्ड्रिया: ये अंडाकार या छड़ के आकार के अंगक हैं, सूक्ष्म नलिकाकार नेटवर्क नहीं।
  • लाइसोसोम: ये छोटी थैलीदार संरचनाएँ हैं, नेटवर्क नहीं बनाती।
  • गॉल्जी उपकरण: यह चपटी थैलियों (सिस्टर्न) का ढेर है, नलिकाकार नेटवर्क नहीं।
  • अन्तर्द्रव्यी जालिका: सूक्ष्म नलिकाकार संरचनाओं का नेटवर्क।

कौन सा कोशिकांग ATP के उत्पादन से सम्बंधित है?

  • लाइसोसोम
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • क्लोरोप्लास्ट
  • अन्तःप्रद्रव्यी जालिका

Explanation: ATP (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) का उत्पादन मुख्यतः माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) में कोशिकीय श्वसन (Cellular Respiration) के दौरान होता है। क्लोरोप्लास्ट (Chloroplast) भी प्रकाश संश्लेषण के दौरान ATP बनाता है, लेकिन यह पादप कोशिकाओं में पाया जाता है।
Quick Facts:

  • लाइसोसोम: यह पाचन और अपशिष्ट निष्कासन के लिए है, ATP उत्पादन से संबंधित नहीं।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: ATP का उत्पादन माइटोकॉन्ड्रिया में होता है।
  • क्लोरोप्लास्ट: यह प्रकाश संश्लेषण में ATP बनाता है, लेकिन पादप कोशिकाओं में, जंतुओं में नहीं।
  • अन्तःप्रद्रव्यी जालिका: यह संश्लेषण और परिवहन के लिए है, ATP उत्पादन के लिए नहीं।

DNA का प्रत्येक पॉलीन्यूक्लियोटाइड छोटी इकाइयों से बना होता है जिन्हें ________ कहा जाता है।

  • न्यूक्लियोटाइड
  • केंद्रक झिल्ली
  • नाभिक
  • केंद्र

Explanation: DNA (डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड) एक पॉलीन्यूक्लियोटाइड है जो छोटी इकाइयों, न्यूक्लियोटाइड (Nucleotides) से बना होता है। प्रत्येक न्यूक्लियोटाइड में तीन घटक होते हैं: एक शर्करा (डीऑक्सीराइबोज़), एक फॉस्फेट समूह, और एक नाइट्रोजनी क्षार (एडेनिन, ग्वानिन, साइटोसिन, थाइमिन)।
Quick Facts:

  • न्यूक्लियोटाइड: DNA की छोटी इकाई, यह सही है।
  • केंद्रक झिल्ली: यह कोशिका के केंद्रक की बाहरी परत है, DNA की इकाई नहीं।
  • नाभिक: यह केंद्रक का एक भाग है, DNA की इकाई नहीं।
  • केंद्र: यह एक सामान्य शब्द है, DNA की इकाई नहीं।

एपिडर्मिस कोशिकाओं में पाई जाने वाली वे एककोशिकीय लम्बी आकृतियाँ हैं जो मिट्टी से जल एवं खनिजों का अवशोषण करती हैं।

  • मूल रोम
  • रक्षी कोशिकाएं
  • स्टोमेटा
  • उपचर्म

Explanation: मूल रोम (Root Hairs) जड़ों की एपिडर्मिस कोशिकाओं से निकलने वाली एककोशिकीय, लंबी आकृतियाँ होती हैं। ये मिट्टी से जल और खनिजों के अवशोषण का सतह क्षेत्र बढ़ाती हैं।
Quick Facts:

  • मूल रोम: जल और खनिज अवशोषण के लिए एककोशिकीय लंबी संरचनाएँ।
  • रक्षी कोशिकाएं: ये रंध्र (Stomata) के खुलने और बंद होने को नियंत्रित करती हैं, अवशोषण के लिए नहीं।
  • स्टोमेटा: ये पत्तियों में वाष्पोत्सर्जन के लिए छिद्र हैं, जड़ों में नहीं।
  • उपचर्म: यह एपिडर्मिस के नीचे की परत है, अवशोषण से संबंधित नहीं।

निम्नलिखित में से कौनसा भाग कोशिका अंगक के बिजली घर के रूप में कार्य करता है?

  • राइबोसोम
  • साइटोप्लाज्म
  • लाइसोसोम
  • माइटोकॉन्ड्रिया

Explanation: माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) को कोशिका का ‘बिजली घर’ (Powerhouse) कहा जाता है क्योंकि यह ATP (ऊर्जा) का उत्पादन करता है। यह कोशिकीय श्वसन (Cellular Respiration) का स्थल है।
Quick Facts:

  • राइबोसोम: प्रोटीन फैक्टरी, बिजली घर नहीं।
  • साइटोप्लाज्म: कोशिका का तरल भाग, ऊर्जा उत्पादन का मुख्य स्थल नहीं।
  • लाइसोसोम: आत्मघाती थैली, बिजली घर नहीं।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: कोशिका का पावरहाउस, ATP उत्पादन।

केन्द्रक और कोशिका झिल्ली के बीच पाया जाने वाला जेली जैसा पदार्थ क्या कहलाता है?

  • प्रोटोप्लाज्म
  • क्लोरोप्लास्ट
  • साइटोप्लाज्म
  • न्यूक्लियोलस

Explanation: साइटोप्लाज्म (Cytoplasm) केंद्रक (Nucleus) और कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) के बीच पाया जाने वाला जेली जैसा पदार्थ है। इसमें विभिन्न कोशिकांग तैरते रहते हैं और यह कोशिकीय प्रक्रियाओं का स्थल है।
Quick Facts:

  • प्रोटोप्लाज्म: यह कोशिका के जीवित पदार्थ (साइटोप्लाज्म + केंद्रक) को कहते हैं, केवल बीच का पदार्थ नहीं।
  • क्लोरोप्लास्ट: यह एक कोशिकांग है, जेली जैसा पदार्थ नहीं।
  • साइटोप्लाज्म: केंद्रक और झिल्ली के बीच का जेली जैसा पदार्थ।
  • न्यूक्लियोलस: यह केंद्रक के अंदर स्थित एक संरचना है, झिल्ली और केंद्रक के बीच नहीं।

यदि लाइसोसोम को कोशिका की ‘आत्मघाती थैली’ के रूप में भी जाना जाता है, तो निम्नलिखित में से कौन कोशिका का पावरहाउस है?

  • एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • प्लास्टिड्स
  • रिक्तिकाएँ

Explanation: लाइसोसोम (Lysosome) को ‘आत्मघाती थैली’ (Suicidal Bag) कहा जाता है क्योंकि इसमें हाइड्रोलाइटिक एंजाइम होते हैं जो कोशिका को स्वयं पचा सकते हैं। माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) कोशिका का ‘पावरहाउस’ (Powerhouse) है क्योंकि यह ATP (ऊर्जा) उत्पन्न करता है।
Quick Facts:

  • एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम: यह संश्लेषण और परिवहन के लिए है, पावरहाउस नहीं।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: कोशिका का पावरहाउस, ATP उत्पादन।
  • प्लास्टिड्स: ये पादप कोशिकाओं में वर्णक और भंडारण के लिए हैं, पावरहाउस नहीं।
  • रिक्तिकाएँ: ये भंडारण और स्फीति के लिए हैं, पावरहाउस नहीं।

रुधिर का कौन-सा घटक तरल आव्यूह (fluid matrix) के रूप में कार्य करता है जिसमें कोशिकाओं का निलंबन होता हैं?

  • बिंबाणु
  • लाल रुधिर कोशिकाएं
  • श्वेत रुधिर कोशिकाएं
  • प्लाज्मा

Explanation: रक्त प्लाज्मा (Blood Plasma) रक्त का तरल आव्यूह (Fluid Matrix) है, जो लगभग 55% रक्त का निर्माण करता है। इसमें लाल रक्त कोशिकाएँ (RBC), श्वेत रक्त कोशिकाएँ (WBC), और बिंबाणु (Platelets) निलंबित होते हैं। प्लाज्मा में पानी, प्रोटीन, इलेक्ट्रोलाइट्स और अन्य विलेय होते हैं।
Quick Facts:

  • बिंबाणु: ये रक्त के थक्के जमाने में सहायक कोशिका टुकड़े हैं, आव्यूह नहीं।
  • लाल रुधिर कोशिकाएं: ये ऑक्सीजन का परिवहन करती हैं, आव्यूह नहीं।
  • श्वेत रुधिर कोशिकाएं: ये प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा हैं, आव्यूह नहीं।
  • प्लाज्मा: रक्त का तरल आव्यूह, कोशिकाओं का निलंबन माध्यम।

प्लोएम में, निम्नलिखित में से कौन सी कोशिकाएँ मृत कोशिकाएँ होती हैं?

  • सहचर कोशिकाएँ
  • प्लोएम तंतु
  • चालनी कोशिकाएँ
  • प्लोएम पैरेन्काइमा

Explanation: फ्लोएम (Phloem) में प्लोएम तंतु (Phloem Fibres) मृत कोशिकाएँ होती हैं। ये लिग्निफाइड (कठोर) होती हैं और पौधे को यांत्रिक सहायता प्रदान करती हैं। चालनी कोशिकाएँ (Sieve Cells) और सहचर कोशिकाएँ (Companion Cells) जीवित होती हैं।
Quick Facts:

  • सहचर कोशिकाएँ: ये जीवित होती हैं और चालनी कोशिकाओं के कार्य में सहायता करती हैं।
  • प्लोएम तंतु: मृत, कठोर, यांत्रिक सहायता प्रदान करते हैं।
  • चालनी कोशिकाएँ: जीवित, भोजन का संवहन करती हैं।
  • प्लोएम पैरेन्काइमा: जीवित, भंडारण और परिवहन में सहायक।

दो न्यूरॉन (neurons) के बीच के अंतराल को क्या कहते हैं?

  • स्ट्रोमा (Stroma)
  • सिनेप्स (Synapse)
  • ल्यूमेन (Lumen)
  • अंतरकला अवकाश (Intermembrane space)

Explanation: दो न्यूरॉनों के बीच के अंतराल (जंक्शन) को सिनेप्स (Synapse) कहा जाता है। यह वह स्थान है जहाँ एक न्यूरॉन का अक्षतंतु (Axon) दूसरे न्यूरॉन के दुमिका (Dendrite) या कोशिका-काय (Cell Body) से मिलता है, और तंत्रिका आवेग रासायनिक संकेतों (न्यूरोट्रांसमीटर) के माध्यम से संचारित होता है।
Quick Facts:

  • स्ट्रोमा: यह हरितलवक (क्लोरोप्लास्ट) का तरल मैट्रिक्स है, न्यूरॉन्स के बीच नहीं।
  • सिनेप्स: दो न्यूरॉन्स के बीच का अंतराल।
  • ल्यूमेन: यह किसी ट्यूब या वाहिनी का आंतरिक रिक्त स्थान है।
  • अंतरकला अवकाश: यह माइटोकॉन्ड्रिया की झिल्लियों के बीच का स्थान है।

निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, लयनकारी एंजाइमों के प्रमुख कार्य का वर्णन करता है?

  • प्रोटीन, लिपिड एवं कार्बोहाइड्रेट का विघटन करना
  • कोशिका के लिए नए प्रोटीन बनाना
  • झिल्ली के आर-पार अणुओं का परिवहन करना
  • आनुवंशिक पदार्थों का भंडारण करना

Explanation: लाइसोसोम (Lysosomes) में हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (Hydrolases) होते हैं जो प्रोटीन, लिपिड, कार्बोहाइड्रेट और न्यूक्लिक एसिड जैसे मैक्रोमोलेक्यूल्स को विघटित (Digest) करते हैं। ये कोशिका के अपशिष्ट निष्कासन (Waste Disposal) और पुनर्चक्रण (Recycling) के लिए जिम्मेदार होते हैं।
Quick Facts:

  • प्रोटीन, लिपिड, कार्बोहाइड्रेट का विघटन: लाइसोसोम का मुख्य कार्य।
  • नए प्रोटीन बनाना: यह राइबोसोम का कार्य है, लाइसोसोम का नहीं।
  • झिल्ली के पार परिवहन: यह प्लाज्मा झिल्ली और परिवहन प्रोटीन का कार्य है।
  • आनुवंशिक पदार्थों का भंडारण: यह केंद्रक (Nucleus) का कार्य है।

रूक्ष अन्तर्द्रव्यी जालिका (RER) प्रोटीन संश्लेषण के लिए ______ धारण करती है, जबकि चिकनी अन्तर्द्रव्यी जालिका (SER) ______ का संश्लेषण करती है।

  • एंजाइम; शर्करा
  • राइबोसोम; लिपिड
  • लाइसोसोम; DNA
  • छिद्र; RNA

Explanation: रूक्ष अन्तर्द्रव्यी जालिका (Rough ER) की सतह पर राइबोसोम (Ribosomes) जुड़े होते हैं, जो प्रोटीन संश्लेषण (Protein Synthesis) करते हैं। चिकनी अन्तर्द्रव्यी जालिका (Smooth ER) पर राइबोसोम नहीं होते और यह लिपिड (Lipids) और स्टेरॉयड का संश्लेषण करती है, साथ ही विषहरण (Detoxification) में भी सहायक होती है।
Quick Facts:

  • एंजाइम; शर्करा: RER एंजाइम नहीं, राइबोसोम धारण करता है, SER शर्करा नहीं, लिपिड संश्लेषित करता है।
  • राइबोसोम; लिपिड: यह सही है, RER राइबोसोम, SER लिपिड।
  • लाइसोसोम; DNA: RER लाइसोसोम नहीं, SER DNA नहीं संश्लेषित करता।
  • छिद्र; RNA: RER छिद्र नहीं, SER RNA नहीं संश्लेषित करता।

तंत्रिकोशिका का कौन सा भाग सूचना प्राप्त करने के लिए उत्तरदायी है?

  • दुमाक्ष अग्र
  • तंत्रिकाक्ष
  • कोशिका काय
  • दुमिका

Explanation: तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) में दुमिका (Dendrites) वे शाखाएँ हैं जो अन्य न्यूरॉन्स या संवेदी अंगों से सूचना (आवेग) प्राप्त करती हैं। ये आवेग को कोशिका-काय (Cell Body) और फिर तंत्रिकाक्ष (Axon) तक पहुँचाती हैं।
Quick Facts:

  • दुमाक्ष अग्र (Axon Terminal): यह आवेग को अगले न्यूरॉन तक पहुँचाता है, प्राप्त नहीं करता।
  • तंत्रिकाक्ष (Axon): यह आवेग को कोशिका-काय से दूर ले जाता है।
  • कोशिका काय (Cell Body): यह आवेगों को एकीकृत करता है, लेकिन प्राप्त करने का मुख्य भाग दुमिका है।
  • दुमिका (Dendrite): सूचना प्राप्त करने वाला भाग।

कोक्स जीवाणु का आकार क्या है?

  • रॉड के आकार का
  • गोलाकार
  • सर्पिलाकार
  • कॉमा के आकार का

Explanation: जीवाणुओं को उनके आकार के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। कोक्स (Coccus) गोलाकार (Spherical) होते हैं। रॉड के आकार के बेसिलस (Bacillus), सर्पिलाकार स्पाइरिलम (Spirillum), और कॉमा के आकार के विब्रियो (Vibrio) होते हैं।
Quick Facts:

  • रॉड के आकार का: यह बेसिलस (Bacillus) की विशेषता है, कोक्स नहीं।
  • गोलाकार: कोक्स जीवाणु का आकार गोलाकार होता है।
  • सर्पिलाकार: यह स्पाइरिलम (Spirillum) की विशेषता है।
  • कॉमा के आकार का: यह विब्रियो (Vibrio) की विशेषता है (जैसे- हैजा बैक्टीरिया)।

प्रत्येक कोशिका के परितः अपने तत्वों को बाहरी पर्यावरण से पृथक रखने के लिए एक ______ होता/ती है।

  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • कोशिका भित्ति
  • झिल्ली
  • केन्द्रक

Explanation: प्रत्येक कोशिका के चारों ओर एक कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) (प्लाज्मा झिल्ली) होती है, जो कोशिका की सामग्री को बाहरी वातावरण से अलग करती है। यह एक चयनात्मक पारगम्य (Selectively Permeable) अवरोध है।
Quick Facts:

  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह कोशिका के अंदर एक अंगक है, बाहरी आवरण नहीं।
  • कोशिका भित्ति: यह पादप कोशिकाओं में झिल्ली के बाहर होती है, लेकिन सभी कोशिकाओं में नहीं होती (जंतु कोशिकाओं में नहीं)।
  • झिल्ली: प्रत्येक कोशिका के चारों ओर प्लाज्मा झिल्ली होती है।
  • केन्द्रक: यह कोशिका के अंदर एक अंगक है, बाहरी आवरण नहीं।

हाइड्रा में कलिका विकास प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?

  • बीजाणु का निर्माण
  • एक स्थान पर कोशिका विभाजन
  • केन्द्रक का विभाजन
  • कोशिका द्रव्य का विभाजन

Explanation: हाइड्रा (Hydra) में कलिका (Budding) अलैंगिक जनन की एक विधि है जिसमें मातृ जीव के शरीर पर एक विशिष्ट स्थान पर कोशिकाओं का तीव्र विभाजन (Mitotic Division) होता है, जिससे एक कलिका (Bud) विकसित होती है, जो बाद में अलग होकर एक नया जीव बनाती है।
Quick Facts:

  • बीजाणु का निर्माण: यह कवक और शैवाल में होता है, हाइड्रा में नहीं।
  • एक स्थान पर कोशिका विभाजन: यह कलिका निर्माण का सही कारण है।
  • केन्द्रक का विभाजन: यह कोशिका विभाजन का एक हिस्सा है, लेकिन विशिष्ट कारण नहीं।
  • कोशिका द्रव्य का विभाजन: यह साइटोकाइनेसिस है, कलिका निर्माण का विशिष्ट कारण नहीं।

परिपक्व पादप कोशिकाओं में वृहत केंद्रीय रिक्तिका की प्रमुख भूमिका निम्नलिखित में से कौन-सी है?

  • कोशिका विभाजन और आनुवंशिकता को नियंत्रित करना
  • ऊर्जा उत्पादन के लिए कोशिकीय श्वसन करना
  • निर्यात के लिए प्रोटीन का संश्लेषण करना
  • कोशिका रस को संग्रहीत करना और स्फीति दाब बनाए रखने में मदद करना

Explanation: परिपक्व पादप कोशिकाओं में एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका (Large Central Vacuole) होती है जो कोशिका रस (Cell Sap) (पानी, शर्करा, लवण, वर्णक) का भंडारण करती है और कोशिका में स्फीति दाब (Turgor Pressure) बनाए रखती है, जिससे पादप कठोर और सीधा खड़ा रहता है।
Quick Facts:

  • कोशिका विभाजन और आनुवंशिकता: यह केंद्रक (Nucleus) का कार्य है, रिक्तिका का नहीं।
  • कोशिकीय श्वसन: यह माइटोकॉन्ड्रिया का कार्य है, रिक्तिका का नहीं।
  • प्रोटीन संश्लेषण: यह राइबोसोम और RER का कार्य है, रिक्तिका का नहीं।
  • कोशिका रस संग्रहण और स्फीति दाब: रिक्तिका का प्रमुख कार्य।

पौधों की कोशिकाओं में सूजन या सिकुड़न की प्रक्रिया, जिसके कारण आकार और गति में परिवर्तन होता है, सीधे तौर पर किस कारक के कारण होती है?

  • उनकी कोशिका भित्ति का कठोर होना।
  • नई प्रोटीन संरचनाओं का निर्माण।
  • सेल्यूलोज का तेजी से टूटना।
  • उनके आंतरिक जलांश में परिवर्तन।

Explanation: पौधों की कोशिकाओं में सूजन (Swelling) और सिकुड़न (Shrinkage) परासरण (Osmosis) के कारण होती है, जो कोशिका के आंतरिक जलांश (Internal Water Content) में परिवर्तन पर निर्भर करती है। जब कोशिका पानी ग्रहण करती है तो सूजती है (Turgid) और पानी खोने पर सिकुड़ती है (Plasmolysis)।
Quick Facts:

  • कोशिका भित्ति का कठोर होना: यह संरचनात्मक परिवर्तन है, सूजन/सिकुड़न का प्रत्यक्ष कारण नहीं।
  • नई प्रोटीन संरचनाएँ: यह जैवसंश्लेषण है, जलांश परिवर्तन से संबंधित नहीं।
  • सेल्यूलोज का टूटना: यह कोशिका भित्ति के विघटन से संबंधित है, जलांश परिवर्तन से नहीं।
  • आंतरिक जलांश में परिवर्तन: यह परासरण के कारण होता है, सूजन/सिकुड़न का प्रत्यक्ष कारण।

निम्नलिखित में से कौन सा पौधों में मादा जनन कोशिका है?

  • बीजांड के केंद्र में कोशिकाएँ
  • बीजांड में अंड कोशिका के विपरीत कोशिका
  • अंड कोशिका
  • बीजांड के बाहर कोशिकाएँ

Explanation: पौधों में मादा जनन कोशिका (Female Gamete) अंड कोशिका (Egg Cell) होती है, जो बीजांड (Ovule) के भ्रूणकोष (Embryo Sac) के अंदर स्थित होती है। निषेचन के बाद यह भ्रूण (Embryo) का निर्माण करती है।
Quick Facts:

  • बीजांड के केंद्र में कोशिकाएँ: यह केंद्रकीय कोशिकाएँ हो सकती हैं, अंड कोशिका नहीं।
  • अंड कोशिका के विपरीत कोशिका: यह सहायक कोशिकाएँ (Synergids) होती हैं।
  • अंड कोशिका: मादा जनन कोशिका (युग्मक)।
  • बीजांड के बाहर कोशिकाएँ: ये बीजांड की बाहरी परतें हैं, जनन कोशिका नहीं।

कौन सी कोशिका अपना आकार बदलती है?

  • चिकनी पेशी
  • अंडाणु
  • अमीबा
  • तंत्रिका कोशिका

Explanation: अमीबा (Amoeba) एक एककोशिकीय जीव है जो कूटपाद (Pseudopodia) बनाकर अपना आकार लगातार बदलता रहता है, जिससे वह गति कर सकता है और भोजन ग्रहण कर सकता है। यह अपने आकार में परिवर्तनशीलता के लिए जाना जाता है।
Quick Facts:

  • चिकनी पेशी: ये तकु-आकृति की होती हैं, आकार नहीं बदलतीं।
  • अंडाणु: यह गोलाकार होता है, निश्चित आकार का होता है।
  • अमीबा: अपना आकार बदलने वाली कोशिका।
  • तंत्रिका कोशिका: लंबी और शाखित, निश्चित आकार की।

जब आप किसी पादप कोशिका, कवक कोशिका या जीवाणु कोशिका को बहुत ही तनु बाह्य माध्यम में रखते हैं, तो पादप कोशिका या कवक कोशिका जल को अवशोषित करेगी लेकिन फट नहीं जाएगी, जबकि जंतु कोशिका फट जाएगी। पादप कोशिका का कौन-सा भाग आने वाले जल के दबाव का सामना करने में मदद करता है?

  • कोशिका द्रव्य
  • केन्द्रक
  • कोशिका भित्ति
  • प्लाज्मा झिल्ली

Explanation: पादप, कवक और जीवाणु कोशिकाओं में एक कठोर कोशिका भित्ति (Cell Wall) होती है, जो प्लाज्मा झिल्ली के बाहर स्थित होती है। यह कोशिका को आसमाटिक दबाव (Osmotic Pressure) का सामना करने और फटने से बचाने में मदद करती है। जंतु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं होती, इसलिए वे फट जाती हैं।
Quick Facts:

  • कोशिका द्रव्य: यह तरल पदार्थ है, दबाव सहने में सहायक नहीं।
  • केन्द्रक: यह नियंत्रण केंद्र है, यांत्रिक सहायता नहीं देता।
  • कोशिका भित्ति: कठोर, दबाव सहने में सहायक।
  • प्लाज्मा झिल्ली: यह चयनात्मक पारगम्य है, लेकिन कठोर नहीं, फट सकती है।

जटिल ऊतक ______ से निर्मित होते हैं।

  • केवल एक कोशिका
  • एक प्रकार की कोशिकाओं
  • एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं
  • शून्य कोशिका

Explanation: जटिल ऊतक (Complex Tissues) एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं, जो एक साथ मिलकर एक विशिष्ट कार्य करते हैं। उदाहरण के लिए, जाइलम (Xylem) में वाहिनिकाएँ, तरुणिका, और जाइलम मृदूतक होते हैं; फ्लोएम (Phloem) में चालनी नलिकाएँ, सहचर कोशिकाएँ, फ्लोएम तंतु और मृदूतक होते हैं।
Quick Facts:

  • केवल एक कोशिका: यह एककोशिकीय जीवों के लिए है, ऊतक नहीं।
  • एक प्रकार की कोशिकाएँ: यह सरल ऊतक (Simple Tissue) की विशेषता है (जैसे- पैरेन्काइमा, कोलेन्काइमा, स्क्लेरेन्काइमा)।
  • एक से अधिक प्रकार की कोशिकाएँ: जटिल ऊतकों की विशेषता।
  • शून्य कोशिका: यह संभव नहीं, ऊतक कोशिकाओं से बनता है।

कोशिका के तरल पदार्थ के लिए ‘प्रोटोप्लाज्म’ शब्द किसने प्रतिपादित किया था?

  • विरचो
  • रॉबर्ट ब्राउन
  • पुर्किंजे
  • रॉबर्ट हुक

Explanation: ‘प्रोटोप्लाज्म’ (Protoplasm) शब्द 1839 में चेक वैज्ञानिक जान एवेंजेलिस्टा पुर्किंजे (Jan Evangelista Purkyně) ने दिया था। उन्होंने कोशिका के जीवित, तरल पदार्थ (कोशिकाद्रव्य + केंद्रक) के लिए इस शब्द का उपयोग किया।
Quick Facts:

  • विरचो: उन्होंने ‘सभी कोशिकाएँ पूर्व-मौजूद कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं’ कहा, प्रोटोप्लाज्म शब्द नहीं दिया।
  • रॉबर्ट ब्राउन: उन्होंने कोशिका के ‘केंद्रक’ (Nucleus) की खोज की, प्रोटोप्लाज्म शब्द नहीं दिया।
  • पुर्किंजे: प्रोटोप्लाज्म शब्द दिया।
  • रॉबर्ट हुक: उन्होंने ‘कोशिका’ (Cell) शब्द दिया, प्रोटोप्लाज्म नहीं।

तने पर पाए जाने वाले ट्राइकोम्स के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?

  • वे केवल जड़ों में मौजूद होते हैं।
  • वे जल धारण में कभी भी कार्य नहीं करते।
  • वे हमेशा अशाखित और एककोशिकीय होते हैं।
  • वे बहुकोशिकीय होते हैं और स्रावी हो सकते हैं।

Explanation: ट्राइकोम्स (Trichomes) पौधों (विशेषकर तनों, पत्तियों) की एपिडर्मिस से निकलने वाली बाल-जैसी संरचनाएँ हैं। ये बहुकोशिकीय (Multicellular) हो सकते हैं और स्रावी (Secretory) (जैसे- ग्रंथिल ट्राइकोम्स) हो सकते हैं जो सुगंधित तेल, रेजिन या सुरक्षात्मक रसायन स्रावित करते हैं।
Quick Facts:

  • केवल जड़ों में: यह गलत है, ट्राइकोम्स तने, पत्तियों और पुष्पों पर पाए जाते हैं।
  • जल धारण में कभी कार्य नहीं: यह गलत है, कुछ ट्राइकोम्स जल धारण में सहायक होते हैं।
  • हमेशा अशाखित और एककोशिकीय: यह गलत है, ट्राइकोम्स शाखित और बहुकोशिकीय भी हो सकते हैं।
  • बहुकोशिकीय और स्रावी हो सकते हैं: यह सत्य है।

किसी जीव में कोशिका भित्ति का स्थान क्या होता है?

  • किसी जंतु कोशिका में प्लाज्मा झिल्ली के ठीक अंदर
  • किसी पादप कोशिका में प्लाज्मा झिल्ली के ठीक अंदर
  • किसी जंतु कोशिका में प्लाज्मा झिल्ली के ठीक बाहर
  • किसी पादप कोशिका में प्लाज्मा झिल्ली के ठीक बाहर

Explanation: कोशिका भित्ति (Cell Wall) पादप कोशिकाओं, कवक और जीवाणुओं में प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) के ठीक बाहर स्थित एक कठोर परत होती है। जंतु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं होती है।
Quick Facts:

  • जंतु कोशिका में झिल्ली के अंदर: जंतु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं होती।
  • पादप कोशिका में झिल्ली के अंदर: झिल्ली के अंदर कोशिकाद्रव्य होता है, भित्ति बाहर होती है।
  • जंतु कोशिका में झिल्ली के बाहर: जंतु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं होती।
  • पादप कोशिका में झिल्ली के बाहर: यह सही स्थान है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कोशिका अंगक, जीवन की क्रियाकलापों के लिए आवश्यक एडेनोसिन ट्राइफॉसफेट (Adenosine Tri Phosphate – ATP) अणु का मोचन करता है?

  • सूत्रकणिका (Mitochondria) (Mitochondria)
  • रसधानी (Vacuoles)
  • गॉल्जी उपकरण (Golgi apparatus)
  • लयनकाय (Lysosomes)

Explanation: सूत्रकणिका (Mitochondria) (माइटोकॉन्ड्रिया) ATP (ऊर्जा) का उत्पादन और विमोचन करती है, जो कोशिका की विभिन्न चयापचयी गतिविधियों के लिए आवश्यक है। यह कोशिकीय श्वसन (Cellular Respiration) का स्थल है।
Quick Facts:

  • सूत्रकणिका (Mitochondria): ATP उत्पादन और विमोचन करती है।
  • रसधानी: भंडारण और आसमाटिक संतुलन के लिए, ATP नहीं बनाती।
  • गॉल्जी उपकरण: पैकेजिंग और परिवहन, ATP नहीं बनाता।
  • लयनकाय: पाचन और अपशिष्ट निष्कासन, ATP नहीं बनाता।

पौधे की जड़ में कौन सी संरचनात्मक-कार्यात्मक समस्या गैस विनिमय में बाधा उत्पन्न करेगी लेकिन जल अवशोषण को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित नहीं करेगी?

  • सबेरिन के बिना एंडोडर्मल कोशिकाएँ
  • परिवर्तित एपिब्लेमा कोशिकाएँ जिनमें रिक्तिका का अभाव है।
  • वायवीय अंगों पर बाधित रंध्र तंत्र
  • एपिडर्मल विकृति के कारण जड़ रोमों की अनुपस्थिति

Explanation: रंध्र (Stomata) गैस विनिमय (विशेष रूप से वाष्पोत्सर्जन और प्रकाश संश्लेषण में O₂/CO₂) के लिए मुख्य मार्ग हैं। यदि वायवीय अंगों (जैसे- पत्तियाँ) पर रंध्र तंत्र बाधित हो जाता है, तो गैस विनिमय प्रभावित होगा। जल अवशोषण मुख्यतः जड़ों द्वारा होता है, इसलिए यह महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित नहीं होगा।
Quick Facts:

  • सबेरिन के बिना एंडोडर्मल कोशिकाएँ: सबेरिन जल प्रवाह को नियंत्रित करता है, इसके बिना जल अवशोषण प्रभावित होगा।
  • रिक्तिका का अभाव: जल अवशोषण के लिए रिक्तिकाएँ महत्वपूर्ण हैं, इससे जल अवशोषण प्रभावित होगा।
  • बाधित रंध्र तंत्र: गैस विनिमय प्रभावित, जल अवशोषण नहीं।
  • जड़ रोमों की अनुपस्थिति: जल अवशोषण का मुख्य माध्यम, इससे जल अवशोषण बुरी तरह प्रभावित होगा।

निम्नलिखित में से किस जीव पर श्लाइडेन और श्वान द्वारा दिया गया कोशिका सिद्धांत लागू नहीं होता है?

  • वायरस
  • कवक
  • जानवरों
  • शैवाल

Explanation: श्लाइडेन (Schleiden) और श्वान (Schwann) का कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) कहता है कि सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं। वायरस (Viruses) कोशिकीय संरचना नहीं रखते हैं (वे प्रोटीन कैप्सिड और न्यूक्लिक एसिड से बने होते हैं) और कोशिकीय जीवन प्रक्रियाएँ नहीं दिखाते हैं, इसलिए यह सिद्धांत वायरस पर लागू नहीं होता।
Quick Facts:

  • वायरस: कोशिकीय नहीं, इसलिए कोशिका सिद्धांत लागू नहीं।
  • कवक: कोशिकीय जीव, सिद्धांत लागू होता है।
  • जानवर: कोशिकीय जीव, सिद्धांत लागू होता है।
  • शैवाल: कोशिकीय जीव, सिद्धांत लागू होता है।

उस प्रक्रिया का नाम बताइए जिसके माध्यम से कोशिका झिल्ली में गैसीय विनिमय होता है।

  • विसरण
  • परासरण
  • अन्तःकोशिकता
  • अवशोषण

Explanation: गैसीय विनिमय (जैसे- O₂ और CO₂) कोशिका झिल्ली के पार विसरण (Diffusion) द्वारा होता है। गैसें छोटे, अध्रुवीय अणु होती हैं जो बिना ऊर्जा के उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर जाती हैं।
Quick Facts:

  • विसरण: गैसों का आदान-प्रदान विसरण द्वारा होता है।
  • परासरण: यह जल (पानी) की गति के लिए है, गैसों के लिए नहीं।
  • अन्तःकोशिकता (एंडोसाइटोसिस): यह बड़े कणों के अंतर्ग्रहण के लिए है।
  • अवशोषण: यह पोषक तत्वों को ग्रहण करने की प्रक्रिया है, गैस विनिमय नहीं।

कौन-सा कोशिका अंगक ATP के रूप में ऊर्जा मुक्त करने के लिए उत्तरदायी है, जो एक जंतु कोशिका में विभिन्न चयापचयी कार्यों को सक्षम बनाता है?

  • अन्तर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic reticulum)
  • माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria)
  • लाइसोसोम (Lysosome)
  • केन्द्रक (Nucleus)

Explanation: माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) ATP (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) के रूप में ऊर्जा मुक्त करने के लिए उत्तरदायी है, जो जंतु कोशिका में सभी चयापचयी कार्यों (Metabolic Activities) को चलाने के लिए आवश्यक है। यह कोशिकीय श्वसन (Cellular Respiration) का स्थल है।
Quick Facts:

  • अन्तर्द्रव्यी जालिका: यह संश्लेषण और परिवहन के लिए है, ATP उत्पादन नहीं।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: ATP उत्पादन के लिए उत्तरदायी।
  • लाइसोसोम: पाचन और अपशिष्ट निष्कासन, ATP नहीं बनाता।
  • केन्द्रक: आनुवंशिक नियंत्रण, ATP उत्पादन नहीं।

जब विभिन्न आकार के प्याज के बल्बों को सूक्ष्मदर्शी से देखा जाता है, तो सभी में समान आयताकार संरचनाएँ दिखाई देती हैं। इससे सिद्ध होता है कि

  • केवल बड़े प्याज में कोशिकाएँ होती हैं
  • प्याज में कोशिकाएँ अलग-अलग होती हैं
  • कॉर्क कोशिकाएँ सजीव होती हैं
  • सभी सजीव कोशिकाओं से बने होते हैं

Explanation: विभिन्न आकार के प्याज के बल्बों में समान आयताकार संरचनाएँ (कोशिकाएँ) देखने से यह सिद्ध होता है कि सभी सजीव जीव कोशिकाओं से बने होते हैं। प्याज का आकार चाहे कितना भी हो, उसकी मूल संरचनात्मक इकाई कोशिका ही होती है।
Quick Facts:

  • केवल बड़े प्याज में कोशिकाएँ: यह गलत है, सभी प्याज में कोशिकाएँ होती हैं।
  • प्याज में कोशिकाएँ अलग-अलग: यह गलत है, प्याज की कोशिकाएँ संरचना में समान होती हैं।
  • कॉर्क कोशिकाएँ सजीव: यह असंबंधित है, कॉर्क मृत कोशिकाओं से बना होता है।
  • सभी सजीव कोशिकाओं से बने: यह कोशिका सिद्धांत को दर्शाता है, सही है।

एक बैक्टीरिया, अत्यधिक गर्मी, शुष्कता और विषैली रसायनिक वस्तुओं को सहने की क्षमता रखता है। इससे यह पता चलता है कि वह संभवतः बना सकता है।

  • एण्डोजीनस बीजाणु
  • एक चौड़ी पेप्टिडोग्लाइकेन दीवार
  • जीवविष
  • एण्डोस्पोर्स

Explanation: एण्डोस्पोर्स (Endospores) बैक्टीरिया (विशेषकर Bacillus और Clostridium जीनस) द्वारा बनाए जाने वाले अत्यधिक प्रतिरोधी, निष्क्रिय (Dormant) संरचनाएँ हैं। ये अत्यधिक गर्मी, शुष्कता, विकिरण, और विषैले रसायनों को सहन कर सकते हैं। प्रतिकूल परिस्थितियों में, बैक्टीरिया एण्डोस्पोर बनाते हैं जो पर्यावरण अनुकूल होने पर पुनः सक्रिय हो जाते हैं।
Quick Facts:

  • एण्डोजीनस बीजाणु: यह एक सामान्य शब्द है, लेकिन विशिष्ट रूप से एण्डोस्पोर कहलाता है।
  • चौड़ी पेप्टिडोग्लाइकेन दीवार: यह ग्राम-पॉजिटिव बैक्टीरिया की विशेषता है, लेकिन इतनी प्रतिरोधक क्षमता नहीं देती।
  • जीवविष: यह विषाक्त पदार्थ है, प्रतिरोधी संरचना नहीं।
  • एण्डोस्पोर्स: अत्यधिक प्रतिरोधी, निष्क्रिय अवस्था।

सूक्ष्मदर्शी द्वारा अवलोकन की गई यूकैरियोटिक कोशिका में, दिखाई देने वाले तीन मुख्य घटक कौन-से हैं?

  • अन्तर्द्रव्यी जालिका, गॉल्जी काय और केंद्रकाभ
  • प्लाज्मा झिल्ली, केंद्रक और कोशिकाद्रव्य
  • कोशिका भित्ति, राइबोसोम और रिक्तिका
  • संपुट, केंद्रकाभ और कोशिकाद्रव्य

Explanation: सूक्ष्मदर्शी (प्रकाश सूक्ष्मदर्शी) से यूकैरियोटिक कोशिका के तीन मुख्य घटक स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं: (1) प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) – कोशिका की बाहरी सीमा, (2) केंद्रक (Nucleus) – कोशिका का नियंत्रण केंद्र, और (3) कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) – केंद्रक और झिल्ली के बीच का जेली जैसा पदार्थ।
Quick Facts:

  • अन्तर्द्रव्यी जालिका, गॉल्जी काय: ये सामान्य सूक्ष्मदर्शी में आसानी से दिखाई नहीं देते, इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी की आवश्यकता होती है।
  • प्लाज्मा झिल्ली, केंद्रक, कोशिकाद्रव्य: तीन मुख्य घटक।
  • कोशिका भित्ति: पादप कोशिकाओं में होती है, सभी यूकैरियोटिक कोशिकाओं में नहीं (जंतुओं में नहीं)। राइबोसोम और रिक्तिका भी सभी में स्पष्ट नहीं दिखते।
  • संपुट, केंद्रकाभ: ये प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं की विशेषताएँ हैं, यूकैरियोटिक की नहीं।

कवक की कोशिका भित्ति कठोर जटिल शर्करा से बनी होती है जिसे ______ कहते हैं।

  • काइटिन
  • लिग्निन
  • पेक्टिन
  • सेल्यूलोज

Explanation: कवक (Fungi) की कोशिका भित्ति काइटिन (Chitin) नामक एक कठोर, जटिल शर्करा (पॉलीसेकेराइड) से बनी होती है। काइटिन कीटों के बाह्यकंकाल में भी पाया जाता है। यह कवक को संरचनात्मक सहायता और सुरक्षा प्रदान करता है।
Quick Facts:

  • काइटिन: कवक की कोशिका भित्ति का मुख्य घटक।
  • लिग्निन: यह पादप कोशिका भित्ति (स्क्लेरेन्काइमा) में पाया जाता है, कवक में नहीं।
  • पेक्टिन: यह पादप कोशिका भित्ति (मध्य पट्टिका) में पाया जाता है, कवक में नहीं।
  • सेल्यूलोज: यह पादप कोशिका भित्ति का मुख्य घटक है, कवक में नहीं।

निम्नलिखित में से कौन-सा अंगक केवल पादप में उपस्थित होता है?

  • लाइसोसोम
  • लवक
  • सेंट्रोसोम
  • राइबोसोम

Explanation: लवक (Plastids) (जैसे- क्लोरोप्लास्ट, क्रोमोप्लास्ट, ल्यूकोप्लास्ट) केवल पादप कोशिकाओं और शैवाल में पाए जाते हैं। ये प्रकाश संश्लेषण, वर्णक भंडारण, और खाद्य भंडारण के लिए जिम्मेदार होते हैं। जंतु कोशिकाओं में लवक नहीं होते।
Quick Facts:

  • लाइसोसोम: यह जंतु कोशिकाओं में प्रचुर मात्रा में होते हैं, पादपों में दुर्लभ।
  • लवक: केवल पादप कोशिकाओं में पाया जाता है।
  • सेंट्रोसोम: यह अधिकांश जंतु कोशिकाओं में पाया जाता है, पादप कोशिकाओं में नहीं (उच्च पादपों में)।
  • राइबोसोम: यह सभी प्रकार की कोशिकाओं (प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक) में पाया जाता है।

अधिकांश परिपक्व पादप कोशिकाओं में एक ______ होता है जो कोशिका की स्फीति को बनाए रखने और अपशिष्ट सहित महत्वपूर्ण पदार्थों को संग्रहीत करने में मदद करता है।

  • छोटी रिक्तिका
  • केंद्रक
  • बड़ी केन्द्रीय रिक्तिका
  • अन्तर्द्रव्यी जालिका

Explanation: अधिकांश परिपक्व पादप कोशिकाओं में एक बड़ी केन्द्रीय रिक्तिका (Large Central Vacuole) होती है। यह कोशिका रस (Cell Sap) से भरी होती है, जो स्फीति (Turgidity) बनाए रखती है, कोशिका को कठोरता देती है, और अपशिष्ट पदार्थों का भंडारण करती है।
Quick Facts:

  • छोटी रिक्तिका: जंतु कोशिकाओं में छोटी रिक्तिकाएँ होती हैं, पादप कोशिकाओं में बड़ी केंद्रीय रिक्तिका होती है।
  • केंद्रक: यह नियंत्रण केंद्र है, स्फीति और भंडारण के लिए नहीं।
  • बड़ी केन्द्रीय रिक्तिका: पादप कोशिकाओं की विशेषता, स्फीति और भंडारण।
  • अन्तर्द्रव्यी जालिका: यह संश्लेषण और परिवहन के लिए है, स्फीति और भंडारण के लिए नहीं।

ग्लाइकोलाइसिस में, कौन सा एंजाइम फ्रुक्टोज-6-फॉस्फेट के दर-सीमांत फॉस्फोराइलेशन को उत्प्रेरित करता है?

  • फॉस्फोफ्रक्टोकाइनेज-1 (PFK-1)
  • पाइरुवेट काइनेज
  • हेक्सोकाइनेज
  • ग्लिसराल्डिहाइड-3-फॉस्फेट डिहाइड्रोजनेज

Explanation: फॉस्फोफ्रक्टोकाइनेज-1 (PFK-1) ग्लाइकोलाइसिस (Glycolysis) में दर-सीमांत एंजाइम (Rate-limiting Enzyme) है। यह फ्रुक्टोज-6-फॉस्फेट (Fructose-6-Phosphate) का फॉस्फोराइलेशन करके फ्रुक्टोज-1,6-बिस्फॉस्फेट बनाता है। यह ग्लाइकोलाइसिस का सबसे महत्वपूर्ण नियामक चरण है।
Quick Facts:

  • PFK-1: दर-सीमांत एंजाइम, फ्रुक्टोज-6-फॉस्फेट का फॉस्फोराइलेशन करता है।
  • पाइरुवेट काइनेज: यह ग्लाइकोलाइसिस के अंतिम चरण को उत्प्रेरित करता है, दर-सीमांत नहीं।
  • हेक्सोकाइनेज: यह ग्लूकोज का फॉस्फोराइलेशन करता है (पहला चरण), दर-सीमांत नहीं।
  • ग्लिसराल्डिहाइड-3-फॉस्फेट डिहाइड्रोजनेज: यह एक ऑक्सीकरण-अपचयन एंजाइम है, दर-सीमांत नहीं।

निम्नलिखित में से कौन-सा कोशिकांग केवल जंतु कोशिकाओं में उपस्थित होता है, किंतु पादप कोशिकाओं में नहीं?

  • रिक्तिका (Vacuole)
  • गॉल्जी उपकरण (Golgi apparatus)
  • माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria)
  • तारककाय (Centrosome)

Explanation: तारककाय (Centrosome) अधिकांश जंतु कोशिकाओं में पाया जाता है, लेकिन उच्च पादप (Higher Plants) कोशिकाओं में नहीं पाया जाता (कुछ निम्न पादपों और शैवाल में पाया जाता है)। यह कोशिका विभाजन के दौरान तारक किरणें (Spindle Fibres) बनाने में सहायता करता है।
Quick Facts:

  • रिक्तिका: पादप कोशिकाओं में बड़ी, जंतु कोशिकाओं में छोटी, दोनों में पाई जाती है।
  • गॉल्जी उपकरण: दोनों प्रकार की कोशिकाओं में पाया जाता है (पादपों में डिक्टियोसोम कहलाता है)।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: दोनों प्रकार की कोशिकाओं में पाया जाता है।
  • तारककाय (सेंट्रोसोम): केवल जंतु कोशिकाओं में (अधिकांश), पादपों में नहीं।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन पादप और जंतु कोशिकाओं में रिक्तिकाओं की सही तुलना करता है?

  • रिक्तिकाएँ पादप और जंतु दोनों कोशिकाओं में अनुपस्थित होती हैं
  • जंतु कोशिकाओं में पादप कोशिकाओं की तुलना में बड़ी रिक्तिकाएँ होती हैं
  • पादप कोशिकाओं में बड़ी रिक्तिकाएँ होती हैं, जबकि जंतु कोशिकाओं में छोटी रिक्तिकाएँ होती हैं
  • पादप और जंतु कोशिकाओं दोनों में समान आकार की रिक्तिकाएँ होती हैं

Explanation: पादप कोशिकाओं में एक (या कुछ) बड़ी केंद्रीय रिक्तिका (Large Central Vacuole) होती है, जो कोशिका रस (Cell Sap) से भरी होती है और स्फीति (Turgidity) बनाए रखती है। जंतु कोशिकाओं में छोटी और अनेक रिक्तिकाएँ (Small Vacuoles) होती हैं, जो भंडारण और आसमाटिक संतुलन के लिए होती हैं।
Quick Facts:

  • दोनों में अनुपस्थित: यह गलत है, दोनों में रिक्तिकाएँ होती हैं।
  • जंतु में बड़ी: यह गलत है, पादप कोशिकाओं में बड़ी रिक्तिका होती है।
  • पादप में बड़ी, जंतु में छोटी: यह सही तुलना है।
  • समान आकार: यह गलत है, आकार में अंतर होता है।

व्यायाम के बाद पेशी कोशिकाएँ अधिक माइटोकॉन्ड्रियल सक्रियता प्रदर्शित करती हैं। परिणाम निम्नलिखित में से किसका संकेत देते हैं?

  • सक्रियता के दौरान अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
  • कोशिका विभाजन रुक जाता है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया थकान का कारण बनती हैं।
  • कोशिकाएँ बड़ी हो जाती हैं।

Explanation: व्यायाम के दौरान पेशी कोशिकाओं को अधिक ऊर्जा (ATP) की आवश्यकता होती है। माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) ATP उत्पादन का स्थल है, इसलिए अधिक माइटोकॉन्ड्रियल सक्रियता अधिक ऊर्जा माँग का संकेत देती है। यह कोशिकीय श्वसन (Cellular Respiration) की बढ़ी हुई दर को दर्शाता है।
Quick Facts:

  • अधिक ऊर्जा की आवश्यकता: व्यायाम में माइटोकॉन्ड्रियल गतिविधि बढ़ती है।
  • कोशिका विभाजन रुकना: यह असंबंधित है, व्यायाम से कोशिका विभाजन प्रभावित नहीं होता।
  • माइटोकॉन्ड्रिया थकान का कारण: यह गलत है, माइटोकॉन्ड्रिया ऊर्जा उत्पादन करते हैं।
  • कोशिकाएँ बड़ी होना: यह मांसपेशियों की अतिवृद्धि (Hypertrophy) का संकेत है, सक्रियता का प्रत्यक्ष कारण नहीं।

निम्नलिखित में से कौन-सा, केवल पादप कोशिका में उपस्थित होता है?

  • कोशिका भित्ति (Cell wall)
  • रसधानी (Vacuoles)
  • केंद्रक (Nucleus)
  • अन्तर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic reticulum)

Explanation: कोशिका भित्ति (Cell Wall) पादप कोशिकाओं, कवक, और जीवाणुओं में पाई जाती है, लेकिन जंतु कोशिकाओं में नहीं। पादप कोशिका भित्ति मुख्य रूप से सेल्यूलोज (Cellulose) से बनी होती है और कोशिका को आकार, सुरक्षा और संरचनात्मक सहायता प्रदान करती है।
Quick Facts:

  • कोशिका भित्ति: जंतु कोशिकाओं में नहीं होती, पादप में होती है।
  • रसधानी: दोनों प्रकार की कोशिकाओं में होती है (पादप में बड़ी, जंतु में छोटी)।
  • केंद्रक: यूकैरियोटिक कोशिकाओं (पादप और जंतु दोनों) में होता है।
  • अन्तर्द्रव्यी जालिका: दोनों प्रकार की यूकैरियोटिक कोशिकाओं में होती है।

कोशिका के प्रकार और आकृति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

  • पेशी कोशिका, तर्कु आकृति (spindle-shaped) होती है।
  • तंत्रिका कोशिका, लंबी और शाखित आकृति होती है।
  • श्वेत रक्त कोशिका (WBC), गोल एवं स्थिर (round and fixed) आकृति होती है।
  • लाल रक्त कोशिका (RBC), डिस्क आकृति (disc-shaped) होती है जिसमें एक केन्द्रीय गर्त होता है।

Explanation: श्वेत रक्त कोशिकाएँ (White Blood Cells – WBCs) गोलाकार होती हैं, लेकिन वे स्थिर (Fixed) नहीं होती हैं। WBCs अमीबा की तरह गति कर सकती हैं और अपना आकार बदल सकती हैं (अमीबीय गति – Amoeboid Movement) ताकि वे रक्त वाहिकाओं से बाहर निकलकर संक्रमण स्थलों तक पहुँच सकें। इसलिए, “गोल एवं स्थिर” कथन गलत है।
Quick Facts:

  • पेशी कोशिका: तर्कु आकृति (Spindle-shaped) सही है (चिकनी पेशी)।
  • तंत्रिका कोशिका: लंबी और शाखित सही है (तंत्रिका आवेग संचालन के लिए)।
  • WBC: गोल लेकिन स्थिर नहीं, गति कर सकती है, यह गलत है।
  • RBC: डिस्क आकृति (Biconcave) सही है, ऑक्सीजन परिवहन के लिए सतह क्षेत्र बढ़ाता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प बहुकोशिकीय जीवों में देखे जाने वाले श्रम विभाजन का सर्वोत्तम रूप से वर्णन करता है?

  • शरीर का प्रत्येक अंग एकल कोशिका से बना होता है
  • विभिन्न कोशिकाओं के विशिष्ट कार्य होते हैं
  • एक जीव में सभी कोशिकाएँ एक ही कार्य करती हैं
  • बहुकोशिकीय जीवों में केवल एक ही प्रकार की कोशिका होती है

Explanation: श्रम विभाजन (Division of Labour) का अर्थ है कि विभिन्न कोशिकाएँ या ऊतक विशिष्ट कार्य (Specialized Functions) करते हैं। बहुकोशिकीय जीवों में, विभिन्न प्रकार की कोशिकाएँ (जैसे- पेशी कोशिका, तंत्रिका कोशिका, रक्त कोशिका) अपने विशिष्ट कार्यों के लिए अनुकूलित होती हैं, जिससे जीव अधिक कुशल बनता है।
Quick Facts:

  • प्रत्येक अंग एकल कोशिका: यह गलत है, अंग कई कोशिकाओं से बने होते हैं।
  • विभिन्न कोशिकाओं के विशिष्ट कार्य: यह श्रम विभाजन है।
  • सभी कोशिकाएँ एक ही कार्य: यह एककोशिकीय जीवों या अविभेदित ऊतकों में होता है, बहुकोशिकीय में नहीं।
  • केवल एक ही प्रकार की कोशिका: यह गलत है, बहुकोशिकीय जीवों में विभिन्न प्रकार की कोशिकाएँ होती हैं।

वह प्रक्रिया जिसके द्वारा परासरण के कारण जीवित पौधे में पानी की मात्रा कम हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप पौधा सिकुड़ जाता है, उसे क्या कहते हैं?

  • प्लास्मोलिसिस
  • परिस्थिति
  • ब्लास्टोलिसिस
  • हेमोलिसिस

Explanation: प्लास्मोलिसिस (Plasmolysis) वह प्रक्रिया है जिसमें जीवित पादप कोशिका को हाइपरटोनिक (Hypertonic) विलयन में रखने पर परासरण (Osmosis) के कारण कोशिका से पानी बाहर निकल जाता है, जिसके परिणामस्वरूप कोशिका की सामग्री (प्रोटोप्लास्ट) कोशिका भित्ति से दूर सिकुड़ जाती है और पौधा मुरझा जाता है।
Quick Facts:

  • प्लास्मोलिसिस: पानी के बाहर निकलने पर कोशिका सिकुड़ना।
  • परिस्थिति: यह एक सामान्य शब्द है, जैविक प्रक्रिया विशेष नहीं।
  • ब्लास्टोलिसिस: यह भ्रूण के विकास से संबंधित शब्द है, पादप कोशिका से संबंधित नहीं।
  • हेमोलिसis: यह लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) के फटने की प्रक्रिया है, पादप कोशिका में नहीं।

अमीबा में द्वि-खंडन के दौरान निम्नलिखित में से कौन-सा अंगक सबसे पहले विभाजित होता है?

  • कोशिका भित्ति
  • कोशिकाद्रव्य
  • केंद्रक
  • रसधानी

Explanation: अमीबा (Amoeba) में द्वि-खंडन (Binary Fission) के दौरान, सबसे पहले केंद्रक (Nucleus) विभाजित होता है (कैरियोकाइनेसिस – Karyokinesis), और उसके बाद कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) विभाजित होता है (साइटोकाइनेसिस – Cytokinesis), जिससे दो संतति कोशिकाएँ बनती हैं।
Quick Facts:

  • कोशिका भित्ति: अमीबा में कोशिका भित्ति नहीं होती (केवल प्लाज्मा झिल्ली होती है)।
  • कोशिकाद्रव्य: यह केंद्रक के बाद विभाजित होता है।
  • केंद्रक: सबसे पहले विभाजित होता है।
  • रसधानी: अमीबा में सिकुड़नशील रिक्तिका होती है, लेकिन यह पहले विभाजित नहीं होती।

छोटी आंत की आंतरिक परत में कई उंगलियों जैसे उभार होते हैं जिन्हें क्या कहा जाता है?

  • एंजाइम
  • ऊतक
  • दीर्घरोम
  • कोशिकाएं

Explanation: छोटी आंत (Small Intestine) की आंतरिक परत में असंख्य उंगलियों जैसे उभार होते हैं, जिन्हें दीर्घरोम (Villi) कहा जाता है। ये पोषक तत्वों के अवशोषण (Absorption) के लिए सतह क्षेत्र (Surface Area) को बहुत अधिक बढ़ा देते हैं।
Quick Facts:

  • एंजाइम: ये रासायनिक उत्प्रेरक हैं, संरचनाएँ नहीं।
  • ऊतक: यह कोशिकाओं का समूह है, छोटी आंत में विली ऊतक में उपस्थित संरचनाएँ हैं।
  • दीर्घरोम (Villi): उंगलियों जैसे उभार, अवशोषण के लिए।
  • कोशिकाएं: विली कोशिकाओं से बनी होती हैं, लेकिन विली स्वयं संरचना है।

सूक्ष्मदर्शी से प्याज के छिलके तथा कपोल कोशिकाओं (cheek cells) का अवलोकन करते समय, कौन-सा भाग हल्का दिखाई देता है और उसने कई कोशिकांग होते हैं?

  • केंद्रक (Nucleus)
  • कोशिका द्रव्य (Cytoplasm)
  • केवल कोशिका झिल्ली (Cell membrane only)
  • केवल कोशिका भित्ति (Cell wall only)

Explanation: सूक्ष्मदर्शी से देखने पर कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) हल्का (पारदर्शी) दिखाई देता है और इसमें कई कोशिकांग (Organelles) जैसे- माइटोकॉन्ड्रिया, ER, राइबोसोम, रिक्तिकाएँ आदि स्थित होते हैं। केंद्रक अपेक्षाकृत गहरा दिखता है।
Quick Facts:

  • केंद्रक: यह गहरा (डार्क) दिखता है क्योंकि यह घना होता है और इसमें DNA होता है।
  • कोशिका द्रव्य: हल्का (पारदर्शी), कोशिकांगों से भरा।
  • केवल कोशिका झिल्ली: झिल्ली बहुत पतली होती है, सामान्य सूक्ष्मदर्शी में अलग से स्पष्ट नहीं दिखती।
  • केवल कोशिका भित्ति: प्याज के छिलके में कोशिका भित्ति होती है (पादप कोशिका), लेकिन कपोल कोशिकाओं (जंतु) में नहीं।

निम्नलिखित में से कौन सा कोशिकांग एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट (ATP) जारी करता है?

  • रिक्तिका
  • लाइसोसोम
  • एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम
  • माइटोकॉन्ड्रिया

Explanation: माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) ATP (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) का उत्पादन और विमोचन (Release) करता है। ATP कोशिका की ऊर्जा मुद्रा है, जो विभिन्न कोशिकीय कार्यों (जैसे- परिवहन, संश्लेषण, गति) के लिए ऊर्जा प्रदान करता है।
Quick Facts:

  • रिक्तिका: भंडारण और आसमाटिक संतुलन, ATP नहीं जारी करती।
  • लाइसोसोम: पाचन एंजाइमों को जारी करता है, ATP नहीं।
  • एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम: संश्लेषण और परिवहन, ATP नहीं जारी करता।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: ATP उत्पादन और विमोचन।

जीवों में विभेदन से ____ होता है।

  • विविधता की उत्पत्ति और विकास
  • सबसे वांछनीय गुणों का चयन
  • जीव की उत्तरजीविता
  • प्रजातियों का विलुप्त होना

Explanation: जीवों में विभेदन (Differentiation) से विविधता (Variation) की उत्पत्ति होती है, जो विकास (Evolution) का आधार है। विभेदन के परिणामस्वरूप कोशिकाएँ विशिष्ट कार्यों के लिए अनुकूलित होती हैं, जिससे विभिन्न प्रकार के ऊतक, अंग और जीव विकसित होते हैं।
Quick Facts:

  • विविधता की उत्पत्ति और विकास: विभेदन विविधता और विकास का कारण है।
  • सबसे वांछनीय गुणों का चयन: यह प्राकृतिक चयन (Natural Selection) है, विभेदन नहीं।
  • जीव की उत्तरजीविता: यह अनुकूलन का परिणाम है, विभेदन का प्रत्यक्ष परिणाम नहीं।
  • प्रजातियों का विलुप्त होना: यह विभेदन का परिणाम नहीं है।

निम्नलिखित में से कौन सा एक विशिष्ट कार्य करने वाले समान कोशिकाओं के समूह को दर्शाता है?

  • अंग
  • प्लास्मिड
  • कोशिका द्रव्य
  • ऊतक

Explanation: ऊतक (Tissue) समान कोशिकाओं (Similar Cells) का एक समूह है जो एक साथ मिलकर एक विशिष्ट कार्य (Specific Function) करते हैं। उदाहरण के लिए, पेशी ऊतक (Muscle Tissue) संकुचन के लिए, तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue) आवेग संचालन के लिए।
Quick Facts:

  • अंग: यह विभिन्न प्रकार के ऊतकों से बना होता है, एकल प्रकार की कोशिकाओं से नहीं।
  • प्लास्मिड: यह जीवाणुओं में पाया जाने वाला DNA का छोटा टुकड़ा है, कोशिका समूह नहीं।
  • कोशिका द्रव्य: यह कोशिका का तरल भाग है, कोशिकाओं का समूह नहीं।
  • ऊतक: समान कोशिकाओं का समूह, विशिष्ट कार्य।

विभिन्न प्रकार के ऊतकों के अध्ययन को क्या कहा जाता है?

  • शरीर रचना विज्ञान
  • कोशिका विज्ञान
  • ऊतक विज्ञान
  • कार्यिकी

Explanation: विभिन्न प्रकार के ऊतकों (Tissues) के अध्ययन को ऊतक विज्ञान (Histology) कहा जाता है। यह सूक्ष्म शरीर रचना विज्ञान (Microscopic Anatomy) की एक शाखा है, जो ऊतकों की संरचना और उनके कार्यों का अध्ययन करती है।
Quick Facts:

  • शरीर रचना विज्ञान (Anatomy): यह जीवों की स्थूल संरचना का अध्ययन है, केवल ऊतकों का नहीं।
  • कोशिका विज्ञान (Cytology): यह कोशिकाओं (Cells) का अध्ययन है, ऊतकों का नहीं।
  • ऊतक विज्ञान (Histology): ऊतकों का अध्ययन।
  • कार्यिकी (Physiology): यह जीवों के कार्यों का अध्ययन है, संरचना का नहीं।

तंत्रिका कोशिकाओं के किस भाग में, पहला विद्युत आवेग उत्पन्न होता है?

  • कोशिका-काय (Cell body)
  • तंत्रिका अंत (Nerve ending)
  • तंत्रिकाक्ष (Axon)
  • दुमिका (Dendrite)

Explanation: तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) में, पहला विद्युत आवेग (Action Potential) दुमिका (Dendrite) में उत्पन्न होता है, जो अन्य न्यूरॉन्स या संवेदी अंगों से सूचना प्राप्त करता है। फिर यह आवेग कोशिका-काय (Cell Body) से होकर तंत्रिकाक्ष (Axon) के माध्यम से अगले न्यूरॉन तक जाता है।
Quick Facts:

  • कोशिका-काय: यह आवेगों को एकीकृत (Integrate) करता है, लेकिन यहाँ आवेग उत्पन्न नहीं होता।
  • तंत्रिका अंत: यह आवेग को अगली कोशिका तक पहुँचाता है, उत्पन्न नहीं करता।
  • तंत्रिकाक्ष: यह आवेग का संचालन करता है, उत्पन्न नहीं करता।
  • दुमिका: आवेग प्राप्त करता है और यहाँ उत्पन्न होता है।

निम्नलिखित में से किस प्रक्रिया द्वारा, पौधे पत्तियों के किनारों या किनारों पर ‘हाइडेथोड्स’ नामक संरचनाओं से पानी छोड़ते हैं?

  • बिंदुस्राव
  • मुरझाना
  • कोशिका-मिश्रण
  • गुहिकायन

Explanation: बिंदुस्राव (Guttation) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा पौधे अतिरिक्त पानी को पत्तियों के किनारों पर स्थित हाइडेथोड्स (Hydathodes) नामक विशेष संरचनाओं के माध्यम से बूंदों के रूप में बाहर निकालते हैं। यह मुख्यतः रात में या सुबह के समय होता है, जब मिट्टी में नमी अधिक होती है और वाष्पोत्सर्जन कम होता है।
Quick Facts:

  • बिंदुस्राव: हाइडेथोड्स के माध्यम से जल बूंदों का उत्सर्जन।
  • मुरझाना (Wilting): यह पानी की कमी के कारण पौधे के सिकुड़ने की स्थिति है।
  • कोशिका-मिश्रण: यह एक मानक जैविक शब्द नहीं है।
  • गुहिकायन (Cavitation): यह जाइलम (Xylem) में वाष्प के बुलबुले बनने की प्रक्रिया है, जल उत्सर्जन नहीं।

चिकनी पेशियों के संबंध में कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

  • ये अनैच्छिक गतियों को नियंत्रित करती हैं
  • इनमें धारियां होती हैं
  • ये एककेन्द्री होती हैं
  • ये तकु-आकृति की कोशिकाएं होती हैं

Explanation: चिकनी पेशी (Smooth Muscle) कोशिकाओं में धारियाँ (Striations) नहीं होती हैं, इसलिए ये चिकनी (Smooth) दिखती हैं। धारियाँ कंकालीय पेशी (Skeletal Muscle) और हृदय पेशी (Cardiac Muscle) में पाई जाती हैं। चिकनी पेशी अनैच्छिक (Involuntary) होती है, एककेन्द्री (Uninucleate) होती है, और तकु-आकृति (Spindle-shaped) की होती है।
Quick Facts:

  • अनैच्छिक गतियाँ: चिकनी पेशी अनैच्छिक होती है (जैसे- आंतों की गति), यह सत्य है।
  • धारियाँ: चिकनी पेशी में धारियाँ नहीं होती, यह असत्य है।
  • एककेन्द्री: चिकनी पेशी कोशिकाओं में एक केंद्रक होता है, यह सत्य है।
  • तकु-आकृति: चिकनी पेशी कोशिकाएँ तकु-आकृति की होती हैं, यह सत्य है।

कोशिका के अंदर की सभी गतिविधियाँ और उसके पर्यावरण के साथ कोशिका की अंतक्रियाएँ लगभग हर कोशिका में देखी जाने वाली तीन महत्वपूर्ण विशेषताओं के कारण संभव हैं। वे तीन विशेषताएँ कौन सी हैं?

  • माइटोकॉन्ड्रिया, केंद्रक और कोशिका द्रव्य
  • प्लाज्मा झिल्ली, केंद्रक और गॉल्जी उपकरण
  • प्लाज्मा झिल्ली, केंद्रक और कोशिका द्रव्य
  • माइटोकॉन्ड्रिया, केंद्रक और गॉल्जी उपकरण

Explanation: लगभग हर कोशिका में तीन मुख्य विशेषताएँ देखी जाती हैं: (1) प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) – कोशिका की बाहरी सीमा, पदार्थों के प्रवेश और निकास को नियंत्रित करती है, (2) केंद्रक (Nucleus) – आनुवंशिक नियंत्रण केंद्र, और (3) कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) – जीवन प्रक्रियाओं का स्थल। ये तीनों कोशिका के अस्तित्व और कार्यों के लिए आवश्यक हैं।
Quick Facts:

  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह सभी कोशिकाओं में नहीं होता (कुछ प्रोकैरियोटिक में नहीं), इसलिए तीन विशेषताओं में शामिल नहीं।
  • प्लाज्मा झिल्ली, केंद्रक, कोशिका द्रव्य: ये तीनों लगभग सभी कोशिकाओं में होते हैं।
  • गॉल्जी उपकरण: यह सभी कोशिकाओं में मौजूद नहीं होता (कुछ प्रोकैरियोटिक में नहीं)।

बहुकोशिकीय जीवों में, कोशिकाओं के आकार और आमाप में बहुत अधिक भिन्नता होती है, जिससे जीव ________

  • प्रतिकूल परिस्थितियों में खराब प्रदर्शन करता है
  • संक्रमण और मृत्यु के प्रति संवेदनशील हो जाता है
  • विभिन्न कोशिकाओं द्वारा भिन्न कार्य करने पर अधिक कुशल हो जाता है
  • कम कुशल हो जाता है और कोशिकाओं के बीच श्रम का कोई विभाजन नहीं होता है

Explanation: बहुकोशिकीय जीवों में कोशिकाओं का आकार और आमाप (Size) में भिन्नता श्रम विभाजन (Division of Labour) को बढ़ावा देती है। विभिन्न प्रकार की कोशिकाएँ विशिष्ट कार्यों (Specialized Functions) के लिए अनुकूलित हो जाती हैं, जिससे जीव की समग्र दक्षता (Efficiency) बढ़ जाती है।
Quick Facts:

  • प्रतिकूल परिस्थितियों में खराब प्रदर्शन: यह गलत है, विविधता अनुकूलन क्षमता बढ़ाती है।
  • संक्रमण के प्रति संवेदनशील: यह गलत है, विशिष्ट कोशिकाएँ (जैसे- WBC) सुरक्षा प्रदान करती हैं।
  • अधिक कुशल: विभिन्न कोशिकाओं द्वारा विशिष्ट कार्य करने पर जीव अधिक कुशल होता है।
  • कम कुशल, श्रम विभाजन नहीं: यह गलत है, विभिन्नता श्रम विभाजन को बढ़ावा देती है।

प्राक्केंद्रक (प्रोकैरियोटिक) जीव के संबंध में कौन-सा कथन गलत है?

  • केन्द्रीय क्षेत्र (Nuclear region) परिभाषित होता है
  • जीव का आकार छोटा होता है
  • झिल्ली-परिबद्ध कोशिकांग अनुपस्थित होते हैं
  • एकल गुणसूत्र मौजूद होता है

Explanation: प्रोकैरियोटिक (Prokaryotic) जीवों में केंद्रक क्षेत्र (Nuclear Region) परिभाषित (Well-defined) नहीं होता है, क्योंकि उनमें झिल्ली-बद्ध केंद्रक (Membrane-bound Nucleus) नहीं होता है। आनुवंशिक पदार्थ (DNA) न्यूक्लियोइड (Nucleoid) नामक एक अव्यवस्थित क्षेत्र में स्थित होता है। अन्य सभी कथन सत्य हैं।
Quick Facts:

  • केन्द्रीय क्षेत्र परिभाषित: यह असत्य है, प्रोकैरियोटिक में केंद्रक परिभाषित नहीं होता।
  • आकार छोटा: प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ (1-10 µm) यूकैरियोटिक (10-100 µm) से छोटी होती हैं, यह सत्य है।
  • झिल्ली-परिबद्ध कोशिकांग अनुपस्थित: प्रोकैरियोटिक में माइटोकॉन्ड्रिया, ER, गॉल्जी आदि नहीं होते, यह सत्य है।
  • एकल गुणसूत्र: प्रोकैरियोटिक में एकल वृत्ताकार गुणसूत्र होता है, यह सत्य है।

प्लाज्मा झिल्ली (plasma membrane) का मुख्य कार्य निम्नलिखित कौन-सा है?

  • कोशिका के आर-पार पदार्थों के संचलन को विनियमित करना
  • कोशिका के आनुवंशिक पदार्थ को संग्रहित करना
  • ATP संश्लेषण स्थल के रूप में कार्य करना
  • दृढ़ संबल प्रदान करना और कोशिका को फूलने से रोकना

Explanation: प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) एक चयनात्मक पारगम्य (Selectively Permeable) झिल्ली है जो कोशिका के अंदर और बाहर पदार्थों के प्रवेश और निकास को नियंत्रित करती है। यह कोशिका की अखंडता बनाए रखने में मदद करती है।
Quick Facts:

  • कोशिका के आर-पार पदार्थों के संचलन को विनियमित करना: यह प्लाज्मा झिल्ली का मुख्य कार्य है, यह सही है।
  • कोशिका के आनुवंशिक पदार्थ को संग्रहित करना: यह केंद्रक (Nucleus) का कार्य है, झिल्ली का नहीं, यह गलत है।
  • ATP संश्लेषण स्थल के रूप में कार्य करना: यह माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) और क्लोरोप्लास्ट का कार्य है, झिल्ली का नहीं, यह गलत है।
  • दृढ़ संबल प्रदान करना: यह कोशिका भित्ति (Cell Wall) का कार्य है, प्लाज्मा झिल्ली का नहीं, यह गलत है।

नाभिक के निकट सघन अभिरंजित जालीदार संरचनाओं को सर्वप्रथम किसने देखा था, जिन्हें अब गॉल्जी काय के रूप में जाना जाता है?

  • रॉबर्ट हुक (Robert Hooke)
  • कैमिलो गोल्गी (Camillo Golgi)
  • मैथियास स्लाइडेन (Matthias Schleiden)
  • एंटोनी वॉन ल्यूवेनहॉक (Anton van Leeuwenhoek)

Explanation: गॉल्जी काय (Golgi Apparatus) की खोज इतालवी वैज्ञानिक कैमिलो गोल्गी (Camillo Golgi) ने 1898 में की थी। उन्होंने तंत्रिका कोशिकाओं में एक सघन अभिरंजित जालीदार संरचना देखी, जिसे अब गॉल्जी काय के नाम से जाना जाता है।
Quick Facts:

  • रॉबर्ट हुक: इन्होंने कोशिका की खोज की, गॉल्जी काय की नहीं, यह गलत है।
  • कैमिलो गोल्गी: इन्होंने गॉल्जी काय की खोज की, यह सही है।
  • मैथियास स्लाइडेन: एक जर्मन वनस्पतिशास्त्री, जिन्होंने कोशिका सिद्धांत में योगदान दिया, गॉल्जी काय से संबंधित नहीं, यह गलत है।
  • एंटोनी वॉन ल्यूवेनहॉक: इन्होंने सूक्ष्मदर्शी में सुधार किया और जीवाणुओं को देखा, गॉल्जी काय की खोज नहीं की, यह गलत है।

पादप मूलों की अधिचर्म कोशिकाओं में सामान्यतः कौन-सी विशिष्टता पाई जाती है, जो उनके प्राथमिक कार्य में सहायता करती है?

  • अनियमित मोटे कोर
  • विस्तृत वायु गुहिकाएं (वायुकोष)
  • क्यूटिन की मोटी, मोम जैसी परत
  • लंबे, रोम जैसे विस्तार

Explanation: पादप मूलों (Roots) की अधिचर्म (Epidermis) कोशिकाओं में लंबे, रोम जैसे विस्तार (Root Hairs) होते हैं जो मूल पृष्ठीय क्षेत्रफल (Surface Area) को बढ़ाते हैं, जिससे मिट्टी से पानी और खनिजों का अवशोषण अधिक कुशलता से होता है।
Quick Facts:

  • अनियमित मोटे कोर: यह विशेषता मूल रोम में नहीं पाई जाती, यह गलत है।
  • विस्तृत वायु गुहिकाएं: यह जलीय पादपों की वायुवीय ऊतक (Aerenchyma) में पाई जाती है, मूल रोम में नहीं, यह गलत है।
  • क्यूटिन की मोटी परत: यह पत्तियों और तनों की अधिचर्म में पाई जाती है, जल हानि रोकने के लिए, मूलों में नहीं, यह गलत है।
  • लंबे, रोम जैसे विस्तार: यह मूल रोम (Root Hairs) हैं, जो अवशोषण के लिए सतह क्षेत्र बढ़ाते हैं, यह सही है।

निम्नलिखित में से किस कोशिका अंग को “आत्मघाती थैली” कहा जाता है?

  • एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम
  • सारस
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • लाइसोसोम

Explanation: लाइसोसोम (Lysosomes) को “आत्मघाती थैली” (Suicidal Bags) कहा जाता है क्योंकि इनमें शक्तिशाली पाचक एंजाइम (Hydrolytic Enzymes) होते हैं। यदि ये फट जाते हैं, तो एंजाइम कोशिका के अपने घटकों को पचा सकते हैं, जिससे कोशिका स्वयं नष्ट हो जाती है।
Quick Facts:

  • एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम: यह संश्लेषण और परिवहन के लिए है, आत्मघाती थैली नहीं, यह गलत है।
  • सारस: यह एक पक्षी है, कोशिका अंगक नहीं, यह गलत है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह ऊर्जा उत्पादन के लिए है, आत्मघाती थैली नहीं, यह गलत है।
  • लाइसोसोम: इसे आत्मघाती थैली कहते हैं, यह सही है।

निम्नलिखित में से किस कण की उपस्थिति के कारण रूक्ष अन्तर्द्रव्यी जालिका (Rough Endoplasmic Reticulum- RER) सूक्ष्मदर्शी से देखने पर रूक्ष दिखाई देती है?

  • तारककाय (Centrosome)
  • लयनकाय (Lysosome)
  • राइबोसोम (Ribosome)
  • पेरॉक्सीकाय (Peroxisome)

Explanation: रूक्ष अन्तर्द्रव्यी जालिका (Rough ER) की सतह पर राइबोसोम (Ribosomes) जुड़े होते हैं, जो इसे खुरदुरा (Rough) रूप देते हैं। राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण (Protein Synthesis) के लिए जिम्मेदार होते हैं।
Quick Facts:

  • तारककाय: यह कोशिका विभाजन में सहायता करता है, RER पर नहीं पाया जाता, यह गलत है।
  • लयनकाय: यह पाचन के लिए है, RER पर नहीं पाया जाता, यह गलत है।
  • राइबोसोम: राइबोसोम RER की सतह पर होते हैं, जिससे यह खुरदुरा दिखता है, यह सही है।
  • पेरॉक्सीकाय: यह H₂O₂ के अपघटन के लिए है, RER पर नहीं पाया जाता, यह गलत है।

निम्नलिखित में से किस प्रकार की कोशिका में बहुत छोटी रसधानियां होती हैं?

  • पादप कोशिका
  • जीवाणु कोशिका
  • कवक कोशिका
  • जंतु कोशिका

Explanation: जंतु कोशिकाओं (Animal Cells) में बहुत छोटी और असंख्य रसधानियाँ (Vacuoles) होती हैं, जबकि पादप कोशिकाओं में एक बड़ी केंद्रीय रसधानी (Large Central Vacuole) होती है। जीवाणु और कवक कोशिकाओं में भी रसधानियाँ होती हैं, लेकिन जंतु कोशिकाओं की रसधानियाँ अपेक्षाकृत छोटी होती हैं।
Quick Facts:

  • पादप कोशिका: इसमें बड़ी केंद्रीय रसधानी होती है, छोटी नहीं, यह गलत है।
  • जीवाणु कोशिका: प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में रसधानियाँ नहीं होतीं, यह गलत है।
  • कवक कोशिका: इनमें रसधानियाँ होती हैं, लेकिन जंतु कोशिकाओं की तुलना में बड़ी होती हैं, यह गलत है।
  • जंतु कोशिका: इसमें बहुत छोटी रसधानियाँ होती हैं, यह सही है।

पुर्किंजे तंतु विशिष्ट ______ हैं।

  • रक्त में कोशिकाएं
  • मस्तिष्क में न्यूरॉन
  • अस्थि मज्जा में कोशिकाएं
  • हदय में पेशी तंतु

Explanation: पुर्किंजे तंतु (Purkinje Fibres) हृदय (Heart) में पाए जाने वाले विशिष्ट पेशी तंतु (Muscle Fibres) हैं। ये विद्युत आवेगों (Electrical Impulses) को तेजी से संचालित करते हैं और हृदय के निलय (Ventricles) के संकुचन को समन्वित करने में मदद करते हैं।
Quick Facts:

  • रक्त में कोशिकाएं: पुर्किंजे तंतु रक्त कोशिकाएं नहीं हैं, यह गलत है।
  • मस्तिष्क में न्यूरॉन: पुर्किंजे कोशिकाएँ (Purkinje Cells) मस्तिष्क में होती हैं, लेकिन पुर्किंजे तंतु हृदय में होते हैं, यह गलत है।
  • अस्थि मज्जा में कोशिकाएं: पुर्किंजे तंतु अस्थि मज्जा में नहीं पाए जाते, यह गलत है।
  • हदय में पेशी तंतु: पुर्किंजे तंतु हृदय की विशेष पेशी तंतु होते हैं, यह सही है।

निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प लाल रक्त कोशिका के बारे में सही नहीं है?

  • आकार – 7.5 µm
  • कार्य – ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन
  • लाल रक्त कोशिका की गणना हेमोसाइटोमीटर नामक एक उपकरण द्वारा निर्धारित की जा सकती है।
  • आकृति – अमीबीय या अनियमित

Explanation: लाल रक्त कोशिकाएँ (RBCs) उभयावतल (Biconcave) डिस्क के आकार की होती हैं, अमीबीय या अनियमित नहीं। अमीबीय आकृति श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBCs) की विशेषता है, जो अपना आकार बदल सकती हैं।
Quick Facts:

  • आकार – 7.5 µm: मानव RBC का औसत व्यास लगभग 7.5 µm होता है, यह सही है।
  • कार्य – ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन: RBC का मुख्य कार्य यही है, यह सही है।
  • गणना हेमोसाइटोमीटर द्वारा: RBC की गणना हेमोसाइटोमीटर से की जाती है, यह सही है।
  • आकृति – अमीबीय या अनियमित: RBC उभयावतल होती हैं, अमीबीय नहीं, यह गलत है, यही सही उत्तर है।

निम्नलिखित में से कौन-से प्लास्टिड वाले वर्णक, पौधों को पीला, नारंगी या लाल रंग प्रदान करते हैं?

  • एमाइलोप्लास्ट (Amyloplasts)
  • ल्यूकोप्लास्ट (Leucoplasts)
  • क्लोरोप्लास्ट (Chloroplasts)
  • क्रोमोप्लास्ट (Chromoplasts)

Explanation: क्रोमोप्लास्ट (Chromoplasts) रंगीन (Coloured) प्लास्टिड होते हैं जिनमें कैरोटीनॉयड (Carotenoids) वर्णक होते हैं। ये पौधों को पीला, नारंगी या लाल रंग प्रदान करते हैं, जैसे- टमाटर, गाजर, और फूलों की पंखुड़ियों में।
Quick Facts:

  • एमाइलोप्लास्ट: ये स्टार्च का भंडारण करते हैं, रंगीन नहीं होते, यह गलत है।
  • ल्यूकोप्लास्ट: ये रंगहीन (Colourless) प्लास्टिड होते हैं, भंडारण के लिए, यह गलत है।
  • क्लोरोप्लास्ट: ये हरे (Green) होते हैं, क्लोरोफिल के कारण, पीला/नारंगी/लाल नहीं, यह गलत है।
  • क्रोमोप्लास्ट: ये रंगीन प्लास्टिड हैं, जो पीला, नारंगी या लाल रंग देते हैं, यह सही है।

सादृश्य को पूरा करने के लिए उचित विकल्प चुनें। शीर्षस्थ विभज्योतक : लंबाई :: पाश्र्व विभज्योतक :

  • तनों की युक्तियों
  • नोड्स
  • परिधि
  • केवल कोशिका विभेदन

Explanation: शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem) पौधों की लंबाई (Length) बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है, जबकि पाश्र्व विभज्योतक (Lateral Meristem) पौधों की परिधि (Girth/Width) बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है (द्वितीयक वृद्धि)। यह सादृश्य कार्य पर आधारित है।
Quick Facts:

  • तनों की युक्तियों: यह शीर्षस्थ विभज्योतक का स्थान है, पाश्र्व का नहीं, यह गलत है।
  • नोड्स: यह पौधे का भाग है, पाश्र्व विभज्योतक से संबंधित नहीं, यह गलत है।
  • परिधि: पाश्र्व विभज्योतक (कैम्बियम) पौधे की परिधि (गिर्थ) बढ़ाता है, यह सही है।
  • केवल कोशिका विभेदन: विभज्योतक विभाजन और विभेदन दोनों करते हैं, यह गलत है।

संयोजी ऊतक का कौन-सा गुण उसे शरीर के विभिन्न अंगों को बांधे रखने और सहारा देने में सक्षम बनाता है?

  • पक्ष्माभ की उपस्थिति
  • संकुचनशील प्रोटीन की उपस्थिति
  • कोशिकाबाह्य आधारी की उपस्थिति
  • तंत्रिका अंतों की उपस्थिति

Explanation: संयोजी ऊतक (Connective Tissue) की मुख्य विशेषता कोशिकाबाह्य आधारी (Extracellular Matrix) होती है, जो कोशिकाओं के बीच में स्थित होती है। यह आधारी (जैली जैसा, तरल, या दृढ़) अंगों को बांधने, सहारा देने और सुरक्षा प्रदान करने का कार्य करती है।
Quick Facts:

  • पक्ष्माभ की उपस्थिति: यह उपकला ऊतक की विशेषता है, संयोजी की नहीं, यह गलत है।
  • संकुचनशील प्रोटीन: यह पेशी ऊतक की विशेषता है, संयोजी की नहीं, यह गलत है।
  • कोशिकाबाह्य आधारी: यह संयोजी ऊतक की विशेषता है, जो बांधने और सहारा देने में मदद करती है, यह सही है।
  • तंत्रिका अंत: यह तंत्रिका ऊतक की विशेषता है, संयोजी की नहीं, यह गलत है।

हमारे शरीर में निम्नलिखित में से कौन सी कोशिका सबसे लंबी होती है?

  • वसा कोशिका
  • अंडाणु
  • रक्त कोशिका
  • तंत्रिका कोशिका

Explanation: तंत्रिका कोशिकाएँ (Nerve Cells / Neurons) हमारे शरीर की सबसे लंबी कोशिकाएँ होती हैं। कुछ तंत्रिका कोशिकाएँ, जैसे- साइटिक तंत्रिका (Sciatic Nerve) की कोशिकाएँ, एक मीटर से भी अधिक लंबी हो सकती हैं, जो रीढ़ की हड्डी से पैर की उंगलियों तक जाती हैं।
Quick Facts:

  • वसा कोशिका: ये गोलाकार होती हैं और बहुत लंबी नहीं होतीं, यह गलत है।
  • अंडाणु: यह मानव शरीर की सबसे बड़ी कोशिका है (व्यास में), लंबाई में नहीं, यह गलत है।
  • रक्त कोशिका: RBC छोटी होती हैं (7.5 µm), WBC थोड़ी बड़ी, लेकिन तंत्रिका कोशिका से छोटी, यह गलत है।
  • तंत्रिका कोशिका: यह सबसे लंबी कोशिका होती है, यह सही है।

बहुकोशिकीय जीवों में कोशिका विभाजन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  • क्षतिप्रस्त या पुरानी कोशिकाओं की वृद्धि, मरम्मत और प्रतिस्थापन
  • पोषक तत्वों का अवशोषण और अपशिष्टों का उत्सर्जन
  • कोशिका झिल्ली के माध्यम से पदार्थों का परिवहन
  • रिक्तिकाओं का निर्माण और स्फीति बनाए रखना

Explanation: बहुकोशिकीय जीवों में कोशिका विभाजन (Cell Division) का मुख्य उद्देश्य वृद्धि (Growth), क्षतिग्रस्त (Damaged) या पुरानी (Old) कोशिकाओं की मरम्मत (Repair) और प्रतिस्थापन (Replacement) है। यह जीव के आकार को बढ़ाने और ऊतकों को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक है।
Quick Facts:

  • क्षतिप्रस्त या पुरानी कोशिकाओं की वृद्धि, मरम्मत और प्रतिस्थापन: यह मुख्य उद्देश्य है, यह सही है।
  • पोषक तत्वों का अवशोषण: यह कोशिका झिल्ली का कार्य है, विभाजन का नहीं, यह गलत है।
  • पदार्थों का परिवहन: यह झिल्ली का कार्य है, विभाजन का नहीं, यह गलत है।
  • रिक्तिकाओं का निर्माण: यह कोशिका का एक कार्य है, विभाजन का मुख्य उद्देश्य नहीं, यह गलत है।

ADP को ATP अणुओं में संग्रहीत और स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में, निम्नलिखित में से कौन-सा खनिज महत्वपूर्ण है?

  • फॉस्फोरस
  • कैल्शियम
  • आयरन
  • सोडियम

Explanation: ATP (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) में तीन फॉस्फेट समूह (Phosphate Groups) होते हैं। ADP (एडेनोसिन डाइफॉस्फेट) में एक अतिरिक्त फॉस्फेट समूह जोड़ने से ATP बनता है, जिसमें ऊर्जा संग्रहित होती है। यह प्रक्रिया फॉस्फोरस (Phosphorus) तत्व पर निर्भर करती है।
Quick Facts:

  • फॉस्फोरस: ATP/ADP चक्र में फॉस्फेट समूह स्थानांतरित होते हैं, जिसके लिए फॉस्फोरस आवश्यक है, यह सही है।
  • कैल्शियम: यह हड्डियों, पेशी संकुचन के लिए महत्वपूर्ण है, ATP संश्लेषण में नहीं, यह गलत है।
  • आयरन: यह हीमोग्लोबिन का घटक है, ATP संश्लेषण में नहीं, यह गलत है।
  • सोडियम: यह तंत्रिका आवेगों के लिए है, ATP संश्लेषण में नहीं, यह गलत है।

श्वसन तंत्र में स्तंभकार उपकला में पक्ष्माभ पाए जाते हैं। इन पक्ष्माभ का प्राथमिक कार्य क्या है?

  • श्लेष्मा को आगे धकेलकर उसे साफ करना
  • केवल क्षेत्र को यांत्रिक सहायता प्रदान करना
  • उपकला पृष्ठ पर पदार्थों का स्राव करना
  • केवल अवशोषण के लिए पृष्ठीय क्षेत्र को बढ़ाना

Explanation: श्वसन तंत्र (श्वासनली, ब्रांकाई) में पक्ष्माभी स्तंभकार उपकला (Ciliated Columnar Epithelium) होती है। पक्ष्माभ (Cilia) की तरंग गति श्लेष्मा (Mucus) और धूल कणों को ऊपर की ओर धकेलती है, जिससे वायुमार्ग साफ (Clearing) रहता है। इसे म्यूकोसिलियरी एस्केलेटर (Mucociliary Escalator) कहते हैं।
Quick Facts:

  • श्लेष्मा को आगे धकेलकर साफ करना: यह पक्ष्माभ का मुख्य कार्य है, यह सही है।
  • यांत्रिक सहायता: यह संयोजी ऊतक का कार्य है, पक्ष्माभ का नहीं, यह गलत है।
  • स्राव करना: यह ग्रंथि कोशिकाओं का कार्य है, पक्ष्माभ का नहीं, यह गलत है।
  • पृष्ठीय क्षेत्र बढ़ाना: यह माइक्रोविली (Microvilli) का कार्य है, पक्ष्माभ का नहीं, यह गलत है।

माइटोकॉन्ड्रिया की अधिक वलित आंतरिक झिल्ली ATP उत्पादन के लिए बढ़ाने में सहायता करती है।

  • पृष्ठ क्षेत्रफल
  • कोशिका भित्ति की मोटाई
  • रंग
  • आयतन

Explanation: माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) की आंतरिक झिल्ली (Inner Membrane) अत्यधिक वलित (Folded) होती है और ये वलन क्रिस्टी (Cristae) कहलाते हैं। क्रिस्टी आंतरिक झिल्ली के पृष्ठीय क्षेत्रफल (Surface Area) को बढ़ाते हैं, जिससे ATP उत्पादन के लिए अधिक एंजाइम और इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला के घटक स्थित हो सकते हैं।
Quick Facts:

  • पृष्ठ क्षेत्रफल: क्रिस्टी ATP उत्पादन के लिए पृष्ठ क्षेत्रफल बढ़ाते हैं, यह सही है।
  • कोशिका भित्ति की मोटाई: माइटोकॉन्ड्रिया में कोशिका भित्ति नहीं होती, यह गलत है।
  • रंग: माइटोकॉन्ड्रिया का रंग ATP उत्पादन से संबंधित नहीं, यह गलत है।
  • आयतन: वलन आयतन नहीं, बल्कि सतह क्षेत्र बढ़ाते हैं, यह गलत है।

कुछ बैक्टीरिया प्रकाश संश्लेषी होतें हैं। इन कोशिकाओं में प्रकाश संश्लेषी वर्णक कहाँ स्थित होते हैं?

  • हरितलवक में
  • विशेष झिल्लियों पर
  • कोशिका द्रव्य में
  • प्लाज्मा झिल्ली के अंतर्वलन में

Explanation: जीवाणु (Bacteria) प्रोकैरियोटिक (Prokaryotic) होते हैं, इनमें हरितलवक (Chloroplast) जैसे झिल्ली-बद्ध अंगक नहीं होते। प्रकाश संश्लेषी जीवाणुओं (जैसे- सायनोबैक्टीरिया) में प्रकाश संश्लेषी वर्णक (जैसे- क्लोरोफिल) प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) के अंतर्वलन (Invaginations) में स्थित होते हैं, जिन्हें क्रोमैटोफोर (Chromatophores) या थायलाकोइड (Thylakoids) कहते हैं।
Quick Facts:

  • हरितलवक में: जीवाणुओं में हरितलवक नहीं होते, यह गलत है।
  • विशेष झिल्लियों पर: यह सही है क्योंकि वर्णक झिल्लियों पर होते हैं, लेकिन अधिक सटीक उत्तर प्लाज्मा झिल्ली के अंतर्वलन है।
  • कोशिका द्रव्य में: वर्णक कोशिका द्रव्य में स्वतंत्र नहीं होते, बल्कि झिल्लियों पर होते हैं, यह गलत है।
  • प्लाज्मा झिल्ली के अंतर्वलन में: यह सही है, प्रकाश संश्लेषी जीवाणुओं में वर्णक यहाँ स्थित होते हैं।

केंद्रक के दोहरे परत वाले आवरण को _____ कहा जाता है।

  • कोशिका भित्ति
  • केंद्रक झिल्ली
  • क्रोमेटिन भित्ति
  • प्लाज्मा झिल्ली

Explanation: केंद्रक (Nucleus) का आवरण दोहरी परत (Double Membrane) वाला होता है, जिसे केंद्रक झिल्ली (Nuclear Membrane) या केंद्रक आवरण (Nuclear Envelope) कहते हैं। यह केंद्रक को कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) से अलग करता है और इसमें छिद्र (Pores) होते हैं जो पदार्थों के आदान-प्रदान की अनुमति देते हैं।
Quick Facts:

  • कोशिका भित्ति: यह पादप कोशिकाओं की बाहरी परत है, केंद्रक की नहीं, यह गलत है।
  • केंद्रक झिल्ली: यह केंद्रक का दोहरा आवरण है, यह सही है।
  • क्रोमेटिन भित्ति: ऐसी कोई संरचना नहीं होती, यह गलत है।
  • प्लाज्मा झिल्ली: यह कोशिका की बाहरी झिल्ली है, केंद्रक की नहीं, यह गलत है।

पादपों में विभज्योतकी ऊतक (Meristematic tissue) की मुख्य विशेषताएँ क्या है?

  • स्थायी भंडारण कोशिकाएं
  • मोटी भित्तियों के साथ परिपक्व कोशिकाएं
  • पतली भित्तियों के साथ लघु, सक्रिय रूप से विभाजित होने वाली कोशिकाएं
  • दीर्घ, अत्यधिक रसधानीयुक्त कोशिकाएं

Explanation: विभज्योतकी ऊतक (Meristematic Tissue) में छोटी (Small), घनीभूत (Densely packed), पतली भित्ति (Thin-walled) वाली कोशिकाएँ होती हैं जिनमें बड़ी रसधानियाँ (Vacuoles) नहीं होतीं। ये कोशिकाएँ सक्रिय रूप से विभाजित (Actively Dividing) होती हैं और पौधों की वृद्धि के लिए जिम्मेदार होती हैं।
Quick Facts:

  • स्थायी भंडारण कोशिकाएं: यह स्थायी ऊतक (Permanent Tissue) की विशेषता है, विभज्योतकी की नहीं, यह गलत है।
  • मोटी भित्तियों के साथ परिपक्व कोशिकाएं: यह स्थायी ऊतक की विशेषता है, विभज्योतकी की नहीं, यह गलत है।
  • पतली भित्तियों के साथ लघु, सक्रिय रूप से विभाजित होने वाली कोशिकाएं: यह विभज्योतकी ऊतक की सही विशेषता है, यह सही है।
  • दीर्घ, अत्यधिक रसधानीयुक्त कोशिकाएं: यह स्थायी ऊतक (जैसे- पैरेन्काइमा) की विशेषता है, विभज्योतकी की नहीं, यह गलत है।

केन्द्रक को कोशिकाद्रव्य से _____ द्वारा अलग किया जाता है।

  • नाभिकीय दीवार
  • एंडोक्राइन ग्लैंड्स
  • कोशिका भित्ति
  • नाभिकीय झिल्ली

Explanation: केंद्रक (Nucleus) कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) से नाभिकीय झिल्ली (Nuclear Membrane) द्वारा अलग होता है। यह एक दोहरी झिल्ली होती है जो केंद्रक को कोशिकाद्रव्य से अलग रखती है और आनुवंशिक पदार्थ की सुरक्षा करती है।
Quick Facts:

  • नाभिकीय दीवार: ऐसी कोई संरचना नहीं होती, यह गलत है।
  • एंडोक्राइन ग्लैंड्स: ये अंतःस्रावी ग्रंथियाँ हैं, केंद्रक से संबंधित नहीं, यह गलत है।
  • कोशिका भित्ति: यह पादप कोशिका की बाहरी परत है, केंद्रक को अलग नहीं करती, यह गलत है।
  • नाभिकीय झिल्ली: यह केंद्रक को कोशिकाद्रव्य से अलग करती है, यह सही है।

कोशिका के केन्द्रक की खोज किसने की?

  • रॉबर्ट हुक
  • अलेक्जेंडर फ्लेमिंग
  • एंथनी वान लीवेनहोक
  • रॉबर्ट ब्राउन

Explanation: कोशिका के केंद्रक (Nucleus) की खोज स्कॉटिश वनस्पतिशास्त्री रॉबर्ट ब्राउन (Robert Brown) ने 1831 में ऑर्किड (Orchid) की जड़ों की कोशिकाओं में की थी। उन्होंने इसे ‘नाभिक’ (Nucleus) नाम दिया।
Quick Facts:

  • रॉबर्ट हुक: इन्होंने कोशिका (Cell) की खोज की, केंद्रक की नहीं, यह गलत है।
  • अलेक्जेंडर फ्लेमिंग: इन्होंने पेनिसिलिन की खोज की, केंद्रक से संबंधित नहीं, यह गलत है।
  • एंथनी वान लीवेनहोक: इन्होंने जीवाणु और प्रोटोजोआ की खोज की, केंद्रक की नहीं, यह गलत है।
  • रॉबर्ट ब्राउन: इन्होंने केंद्रक की खोज की, यह सही है।

जब एक जीवित पादप कोशिका परासरण के माध्यम से जल नष्ट कर देती है, तो कोशिका घटकों का क्या होता है?

  • वे अपरिवर्तित रहते हैं।
  • वे विलीन हो जाते हैं।
  • वे फूल जाते हैं और फट जाते हैं।
  • वे सिकुड़ जाते हैं और कोशिका भित्ति से दूर हट जाते हैं।

Explanation: जब पादप कोशिका एक हाइपरटोनिक (Hypertonic) विलयन में होती है (बाहर पानी की सांद्रता कम), तो परासरण (Osmosis) द्वारा कोशिका से पानी बाहर निकलता है। इससे कोशिका द्रव्य (Protoplast) सिकुड़ता (Shrink) है और कोशिका भित्ति (Cell Wall) से अलग हो जाता है। इस प्रक्रिया को प्लाज्मोलिसिस (Plasmolysis) कहते हैं।
Quick Facts:

  • अपरिवर्तित रहते हैं: यह आइसोटोनिक विलयन में होता है, यहाँ नहीं, यह गलत है।
  • विलीन हो जाते हैं: कोशिका घटक विलीन नहीं होते, यह गलत है।
  • फूल जाते हैं और फट जाते हैं: यह हाइपोटोनिक विलयन (जंतु कोशिका) में होता है, पादप कोशिका में कोशिका भित्ति के कारण नहीं फटती, यह गलत है।
  • सिकुड़ जाते हैं और कोशिका भित्ति से दूर हट जाते हैं: यह प्लाज्मोलिसिस है, जो हाइपरटोनिक विलयन में होता है, यह सही है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य, गॉल्जी कॉम्प्लेक्स से संबंधित नहीं है?

  • यह अन्तर्द्रव्यी जालिका से प्राप्त पदार्थों को संशोधित और संस्कृतिकृत करता है।
  • यह कोशिका के बाहर पदार्थों का परिवहन और स्राव करता है।
  • यह लाइसोसोम का निर्माण करता है जो कोशिका के भीतर पाचन में सहायता करते हैं।
  • यह कोशिका से पदार्थों के प्रवेश और निकास की अनुमति देता है।

Explanation: गॉल्जी कॉम्प्लेक्स (Golgi Complex) का कार्य अन्तर्द्रव्यी जालिका (ER) से प्राप्त पदार्थों को संशोधित (Modify), संस्कृतिकृत (Package) और परिवहन (Transport) करना है। यह लाइसोसोम (Lysosomes) का भी निर्माण करता है। कोशिका से पदार्थों के प्रवेश और निकास की अनुमति देना प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) का कार्य है, गॉल्जी कॉम्प्लेक्स का नहीं।
Quick Facts:

  • ER से प्राप्त पदार्थों को संशोधित और संस्कृतिकृत करना: यह गॉल्जी कॉम्प्लेक्स का मुख्य कार्य है, यह संबंधित है।
  • पदार्थों का परिवहन और स्राव: गॉल्जी कॉम्प्लेक्स कोशिका से पदार्थों को स्रावित करता है, यह संबंधित है।
  • लाइसोसोम का निर्माण: गॉल्जी कॉम्प्लेक्स लाइसोसोम बनाता है, यह संबंधित है।
  • कोशिका से पदार्थों के प्रवेश और निकास की अनुमति देना: यह प्लाज्मा झिल्ली का कार्य है, गॉल्जी कॉम्प्लेक्स का नहीं, यह सही उत्तर है।

संयोजी ऊतक का निम्नलिखित में से कौन-सा अभिलक्षण गलत है?

  • कोशिकाएँ, अंतराकोशिकीय आधारी में अंतर्निहित होती हैं।
  • रुधिर एक प्रकार का संयोजी ऊतक है।
  • आधारी जैली जैसा, तरल, सघन या दृढ़ हो सकता है।
  • कोशिकाएँ दृढ़ता से व्यवस्थित होती हैं।

Explanation: संयोजी ऊतक (Connective Tissue) की कोशिकाएँ दृढ़ता से व्यवस्थित (Tightly Packed) नहीं होतीं, बल्कि वे अंतराकोशिकीय आधारी (Extracellular Matrix) में बिखरी (Scattered) होती हैं। उपकला ऊतक (Epithelial Tissue) की कोशिकाएँ दृढ़ता से व्यवस्थित होती हैं, संयोजी की नहीं।
Quick Facts:

  • कोशिकाएँ अंतराकोशिकीय आधारी में अंतर्निहित: यह संयोजी ऊतक की विशेषता है, यह सही है।
  • रुधिर एक प्रकार का संयोजी ऊतक: रुधिर (Blood) एक तरल संयोजी ऊतक है, यह सही है।
  • आधारी विभिन्न प्रकार की हो सकती है: यह सही है, उदाहरण- रक्त (तरल), उपास्थि (दृढ़)।
  • कोशिकाएँ दृढ़ता से व्यवस्थित: यह उपकला ऊतक की विशेषता है, संयोजी की नहीं, यह गलत है, यही सही उत्तर है।

कोशिका आकार के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • बहुकोशिकीय जीवों में कोशिका का आकार हमेशा बड़ा होता है।
  • सभी जीवों में सभी कोशिकाएँ एक ही आकार की होती हैं।
  • कोशिका का आकार उसके कार्य से संबंधित होता है, जीव के आकार से संबंधित नहीं होता है।
  • कोशिका का आकार केन्द्रकों की संख्या पर निर्भर करता है।

Explanation: कोशिका का आकार (Size) उसके कार्य (Function) पर निर्भर करता है, न कि जीव के आकार पर। उदाहरण: हाथी और चूहे की कोशिकाएँ लगभग समान आकार की होती हैं, लेकिन उनके कार्य भिन्न होते हैं। तंत्रिका कोशिकाएँ लंबी होती हैं, RBCs छोटी होती हैं – यह उनके कार्य के अनुकूल है।
Quick Facts:

  • बहुकोशिकीय जीवों में कोशिका का आकार हमेशा बड़ा: यह गलत है, जीव का आकार कोशिका के आकार से संबंधित नहीं है।
  • सभी कोशिकाएँ एक ही आकार की: यह गलत है, कोशिकाएँ विभिन्न आकार की होती हैं।
  • कोशिका का आकार उसके कार्य से संबंधित: यह सही है, कोशिका का आकार और आकृति उसके कार्य के अनुकूल होती है।
  • आकार केंद्रकों की संख्या पर निर्भर: यह गलत है, केंद्रकों की संख्या आकार निर्धारित नहीं करती।

विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं की आकृति और कार्य के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

  • श्वेत रक्त कोशिकाएं, ऊतकों में गति करने के लिए अपनी आकृति बदल सकती हैं।
  • तंत्रिका कोशिकाएं, लंबी और शाखित होती हैं जो शरीर के विभिन्न भागों में संदेश पहुंचाती हैं।
  • लाल रक्त कोशिकाएं, ऑक्सीजन-वहन क्षमता बढ़ाने के लिए उभयावतल होती हैं।
  • पेशी कोशिकाएं, रक्त में प्रवाह में सहायता के लिए चपटी और गोलाकार होती हैं।

Explanation: पेशी कोशिकाएँ (Muscle Cells) चपटी और गोलाकार नहीं होतीं, बल्कि वे लंबी, बेलनाकार (Cylindrical) या तर्कु (Spindle) आकार की होती हैं, जो संकुचन (Contraction) और गति (Movement) के लिए अनुकूल होती हैं। चपटी और गोलाकार आकृति लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) की विशेषता है, जो रक्त में प्रवाह के लिए सहायक होती हैं।
Quick Facts:

  • श्वेत रक्त कोशिकाएं आकृति बदल सकती हैं: यह सत्य है, WBCs अमीबीय गति कर सकती हैं।
  • तंत्रिका कोशिकाएं लंबी और शाखित: यह सत्य है, संदेश संचरण के लिए अनुकूल।
  • RBCs उभयावतल: यह सत्य है, यह आकृति ऑक्सीजन वहन क्षमता बढ़ाती है।
  • पेशी कोशिकाएं चपटी और गोलाकार: यह असत्य है, पेशी कोशिकाएं संकुचन के लिए तंतुमय होती हैं, यही सही उत्तर है।

प्लाज्मा झिल्ली के अंदर तरल पदार्थ का नाम क्या है?

  • क्रोमेटिन
  • जीन
  • कोशिका द्रव्य
  • गुणसूत्र

Explanation: प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) के अंदर कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) नामक जेली जैसा तरल पदार्थ होता है। इसमें विभिन्न कोशिकांग (Organelles) तैरते रहते हैं और यह कोशिकीय चयापचय का स्थल है।
Quick Facts:

  • क्रोमेटिन: यह केंद्रक में पाया जाने वाला DNA-प्रोटीन परिसर है, कोशिकाद्रव्य नहीं, यह गलत है।
  • जीन: यह DNA का एक खंड है, कोशिकाद्रव्य नहीं, यह गलत है।
  • कोशिका द्रव्य: यह प्लाज्मा झिल्ली के अंदर का तरल पदार्थ है, यह सही है।
  • गुणसूत्र: यह केंद्रक में पाया जाता है, कोशिकाद्रव्य नहीं, यह गलत है।

झिल्ली-बद्ध कोशिकांग अनुपस्थित होते हैं:

  • न तो सुकेंद्रकी और न ही प्राक्केंद्रकी कोशिकाओं में
  • केवल सुकेंद्रकी कोशिकाओं में
  • सुकेंद्रकी और प्राक्केंद्रकी दोनों कोशिकाओं में
  • केवल प्राक्केंद्रकी कोशिकाओं में

Explanation: झिल्ली-बद्ध कोशिकांग (Membrane-bound Organelles) जैसे- केंद्रक, माइटोकॉन्ड्रिया, ER, गॉल्जी काय आदि यूकैरियोटिक (Eukaryotic) कोशिकाओं में पाए जाते हैं। प्रोकैरियोटिक (Prokaryotic) कोशिकाओं (जैसे- जीवाणु) में ये अनुपस्थित होते हैं; उनमें केवल राइबोसोम (Ribosomes) होते हैं, जो झिल्ली-बद्ध नहीं हैं।
Quick Facts:

  • न तो सुकेंद्रकी और न ही प्राक्केंद्रकी: यह गलत है, क्योंकि सुकेंद्रकी में अंगक होते हैं।
  • केवल सुकेंद्रकी कोशिकाओं में: यह गलत है, क्योंकि प्राक्केंद्रकी में अनुपस्थित होते हैं।
  • सुकेंद्रकी और प्राक्केंद्रकी दोनों: यह गलत है, प्राक्केंद्रकी में नहीं होते।
  • केवल प्राक्केंद्रकी कोशिकाओं में: यह सही है, प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में झिल्ली-बद्ध अंगक अनुपस्थित होते हैं।

निम्नलिखित में से कौन सी रेखित पेशियों की विशेषता है?

  • बेलनाकार, शाखित और बहुकेन्द्रीक
  • तर्कु आकृति, अशाखित और बहुकेन्द्रीकीय
  • तर्कु आकृति, अशाखित और एककेन्द्रीकीय
  • बेलनाकार, अशाखित और बहुकेन्द्रीकीय

Explanation: रेखित (धारीदार) कंकाल पेशियाँ (Striated/Skeletal Muscles) लंबी, बेलनाकार (Cylindrical), अशाखित (Unbranched) और बहुकेन्द्रीक (Multinucleated) होती हैं। ये ऐच्छिक (Voluntary) नियंत्रण में होती हैं और इनमें धारियाँ (Striations) दिखाई देती हैं।
Quick Facts:

  • बेलनाकार, शाखित और बहुकेन्द्रीक: यह हृदय पेशी (Cardiac Muscle) की विशेषता है, कंकाल पेशी की नहीं, यह गलत है।
  • तर्कु आकृति, अशाखित और बहुकेन्द्रीकीय: तर्कु आकृति अरेखित (Smooth) पेशी की है, बहुकेन्द्रीक नहीं, यह गलत है।
  • तर्कु आकृति, अशाखित और एककेन्द्रीकीय: यह अरेखित पेशी की विशेषता है, रेखित की नहीं, यह गलत है।
  • बेलनाकार, अशाखित और बहुकेन्द्रीकीय: यह रेखित कंकाल पेशी की सही विशेषता है, यह सही है।

सजीवों में कोशिकाएं अपने कार्य के अनुसार आकृति और आमाप में भिन्न होती हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन कोशिका की आकृति और उसके कार्य की सही तुलना करता है?

  • अमीबा – अनियमित आकृति, गति और भोजन ग्रहण करने में सहायक है
  • तंत्रिका कोशिका – गोल आकृति, भोजन संग्रहित करती हैं
  • पेशी कोशिका – चपटी और डिस्क-आकृति, ऑक्सीजन वहन करती हैं
  • लाल रक्त कोशिका – लंबी और शाखित, संदेश प्रेषित करती हैं

Explanation: अमीबा (Amoeba) एक अनियमित (Irregular) आकृति वाली कोशिका है जो कूटपाद (Pseudopodia) बनाकर गति (Movement) करती है और भोजन ग्रहण (Food Capture) करती है। इसलिए, यह युग्म सही है।
Quick Facts:

  • अमीबा – अनियमित आकृति, गति और भोजन: यह सही है, अमीबा की आकृति उसके कार्य के अनुकूल है।
  • तंत्रिका कोशिका – गोल आकृति: तंत्रिका कोशिका लंबी और शाखित होती है, गोल नहीं, यह गलत है।
  • पेशी कोशिका – चपटी और डिस्क-आकृति: पेशी कोशिका तंतुमय होती है, चपटी नहीं, यह गलत है।
  • लाल रक्त कोशिका – लंबी और शाखित: RBC उभयावतल होती है, लंबी और शाखित नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन सा कोशिका अंगक मुख्य रूप से कोशिका कार्य के लिए वसा अणुओं और लिपिड के निर्माण में सहायता करता है?

  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • लाइसोसोम
  • रिक्तिकाएं
  • स्मूथ एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (SER)

Explanation: स्मूथ एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (Smooth ER – SER) का मुख्य कार्य लिपिड (Lipids) और वसा अणुओं (Fat Molecules) का संश्लेषण (Synthesis) करना है। यह स्टेरॉयड हार्मोन, फॉस्फोलिपिड्स आदि के निर्माण में सहायता करता है।
Quick Facts:

  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह ATP उत्पादन के लिए है, लिपिड संश्लेषण के लिए नहीं, यह गलत है।
  • लाइसोसोम: यह पाचन के लिए है, लिपिड संश्लेषण के लिए नहीं, यह गलत है।
  • रिक्तिकाएं: यह भंडारण और आसमाटिक संतुलन के लिए हैं, लिपिड संश्लेषण के लिए नहीं, यह गलत है।
  • स्मूथ एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (SER): यह लिपिड और वसा अणुओं का संश्लेषण करता है, यह सही है।

निम्नलिखित में से किस कोशिका अंगक का अपना स्वयं का DNA नहीं होता है?

  • लाइसोसोम
  • न्यूक्लियस
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • प्लास्टिड

Explanation: लाइसोसोम (Lysosomes) में अपना स्वयं का DNA नहीं होता है। ये पाचक एंजाइमों से भरी थैलियाँ होती हैं। दूसरी ओर, केंद्रक (Nucleus), माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) और प्लास्टिड (Plastids) में DNA होता है।
Quick Facts:

  • लाइसोसोम: इसमें DNA नहीं होता, यह सही है।
  • न्यूक्लियस: इसमें DNA होता है, यह गलत है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: इसमें अपना DNA होता है (मातृक वंशानुक्रम), यह गलत है।
  • प्लास्टिड: इनमें (क्लोरोप्लास्ट, क्रोमोप्लास्ट, ल्यूकोप्लास्ट) DNA होता है, यह गलत है।

कोशिका में लाइसोसोम के फटने पर निम्नलिखित में से कौन-सी घटना घटित होती है?

  • एंजाइम केवल बाहरी कणों का पाचन करते हैं
  • कोशिका विभाजन बढ़ जाता है
  • कोशिका अधिक सक्रिय हो जाती है
  • एंजाइम कोशिका के अपने घटकों को पचाते हैं

Explanation: लाइसोसोम (Lysosomes) में हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (Hydrolytic Enzymes) होते हैं। यदि कोशिका क्षतिग्रस्त होने पर लाइसोसोम फट जाते हैं, तो ये एंजाइम कोशिका के अपने ही घटकों (प्रोटीन, लिपिड, DNA आदि) को पचाना (Digest) शुरू कर देते हैं, जिससे कोशिका स्वयं नष्ट हो जाती है (आत्महत्या)।
Quick Facts:

  • एंजाइम केवल बाहरी कणों का पाचन करते हैं: लाइसोसोम फटने पर यह नहीं होता, यह गलत है।
  • कोशिका विभाजन बढ़ जाता है: लाइसोसोम फटने से विभाजन नहीं बढ़ता, यह गलत है।
  • कोशिका अधिक सक्रिय हो जाती है: यह गलत है, कोशिका नष्ट हो जाती है।
  • एंजाइम कोशिका के अपने घटकों को पचाते हैं: यह सही है, आत्महत्या (Autolysis) होती है।

निम्नलिखित में से कौन-सा, पारिस्थितिकी तंत्र का अजैव घटक नहीं है?

  • सूक्ष्मजीव
  • वर्षा
  • तापमान
  • पवन

Explanation: पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) में दो घटक होते हैं: जैव (Biotic) और अजैव (Abiotic)। अजैव घटक भौतिक और रासायनिक कारक हैं, जैसे- वर्षा (Rainfall), तापमान (Temperature), पवन (Wind), मिट्टी, प्रकाश आदि। सूक्ष्मजीव (Microorganisms) जैव घटक हैं क्योंकि वे जीवित होते हैं।
Quick Facts:

  • सूक्ष्मजीव: ये जीवित हैं, इसलिए जैव घटक हैं, अजैव नहीं, यह सही उत्तर है।
  • वर्षा: यह एक अजैव (भौतिक) घटक है, यह गलत है।
  • तापमान: यह एक अजैव (भौतिक) घटक है, यह गलत है।
  • पवन: यह एक अजैव (भौतिक) घटक है, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता कंकाली (रेखित) पेशियों का सही वर्णन करती है?

  • तर्कु आकृति, एककेन्द्रीय कोशिकाएं, अनैच्छिक नियंत्रण
  • शाखित, एककेन्द्रीय कोशिकाएं, अनैच्छिक नियंत्रण
  • छोटी, बेलनाकार, शाखित कोशिकाएं जिनमें अंतिनिवेशित डिस्क होती हैं
  • लंबी, बेलनाकार, अशाखित, बहुकेन्द्रीकी कोशिकाएं, ऐच्छिक नियंत्रण

Explanation: कंकाली (रेखित/धारीदार) पेशियाँ (Skeletal Muscles) लंबी (Long), बेलनाकार (Cylindrical), अशाखित (Unbranched), बहुकेन्द्रीक (Multinucleated) होती हैं और ये ऐच्छिक (Voluntary) नियंत्रण में होती हैं (हम इन्हें अपनी इच्छा से चला सकते हैं)।
Quick Facts:

  • तर्कु आकृति, एककेन्द्रीय, अनैच्छिक: यह अरेखित (Smooth) पेशी की विशेषता है, कंकाली की नहीं, यह गलत है।
  • शाखित, एककेन्द्रीय, अनैच्छिक: यह हृदय पेशी (Cardiac Muscle) की विशेषता है, कंकाली की नहीं, यह गलत है।
  • छोटी, बेलनाकार, शाखित, अंतिनिवेशित डिस्क: यह हृदय पेशी की विशेषता है, कंकाली की नहीं, यह गलत है।
  • लंबी, बेलनाकार, अशाखित, बहुकेन्द्रीकी, ऐच्छिक: यह कंकाली पेशी की सही विशेषता है, यह सही है।

वह कौन-सी अद्वितीय विशेषता है जो माइटोकॉन्ड्रिया को प्लास्टिड से अलग करती है?

  • उनका अपना वंशानुगत पदार्थ होना
  • उनकी स्व-प्रतिकृति क्षमता
  • क्रिस्टी के रूप में जानी जाने वाली आंतरिक झिल्ली की वलित संरचना
  • वर्णक की उपस्थिति

Explanation: माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) और प्लास्टिड (Plastids) दोनों ही अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) अंगक हैं जिनमें अपना DNA और राइबोसोम होते हैं और दोनों स्व-प्रतिकृति (Self-replication) कर सकते हैं। अद्वितीय अंतर यह है कि माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली (Inner Membrane) वलित (Folded) होकर क्रिस्टी (Cristae) बनाती है, जबकि प्लास्टिड में थायलाकोइड (Thylakoids) होते हैं।
Quick Facts:

  • अपना वंशानुगत पदार्थ: दोनों में होता है, इसलिए अद्वितीय नहीं, यह गलत है।
  • स्व-प्रतिकृति क्षमता: दोनों में होती है, इसलिए अद्वितीय नहीं, यह गलत है।
  • क्रिस्टी: यह माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली की वलित संरचना है, प्लास्टिड में नहीं, यह सही है।
  • वर्णक की उपस्थिति: प्लास्टिड (क्लोरोप्लास्ट/क्रोमोप्लास्ट) में वर्णक होते हैं, माइटोकॉन्ड्रिया में नहीं, लेकिन यह अंतर है, लेकिन क्रिस्टी अधिक विशिष्ट है।

व्हिटेकर के वर्गीकरण के अनुसार, ______ से संबंधित जीवों में पूर्णतः कोशिका भित्ति नहीं होती है।

  • प्रोटिस्टा
  • कवक
  • मोनेरा
  • प्लांटी

Explanation: व्हिटेकर (Whittaker) के पाँच जगत (Five Kingdom) वर्गीकरण के अनुसार, मोनेरा (Monera) जगत के जीव (जीवाणु) प्रोकैरियोटिक होते हैं। अधिकांश जीवाणुओं में कोशिका भित्ति (Cell Wall) होती है, लेकिन कुछ जीवाणुओं (जैसे- माइकोप्लाज्मा) में कोशिका भित्ति नहीं होती। प्रोटिस्टा (Protista) (एककोशिकीय यूकैरियोट्स) में कुछ में कोशिका भित्ति होती है, कुछ में नहीं; कवक (Fungi) और प्लांटी (Plantae) में कोशिका भित्ति होती है। यहाँ ‘पूर्णतः कोशिका भित्ति नहीं’ का अर्थ है कि मोनेरा में माइकोप्लाज्मा जैसे जीव होते हैं जिनमें कोशिका भित्ति पूरी तरह से अनुपस्थित होती है।
Quick Facts:

  • प्रोटिस्टा: कुछ प्रोटिस्टों (जैसे- डायटम) में कोशिका भित्ति होती है, कुछ में नहीं, इसलिए ‘पूर्णतः’ नहीं, यह गलत है।
  • कवक: इनमें कोशिका भित्ति (काइटिन) होती है, यह गलत है।
  • मोनेरा: माइकोप्लाज्मा जैसे जीवाणुओं में कोशिका भित्ति नहीं होती, इसलिए पूर्णतः कोशिका भित्ति नहीं है, यह सही है।
  • प्लांटी: इनमें कोशिका भित्ति (सेल्यूलोज) होती है, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?

  • अमीबा में, विभाजन के दौरान दो कोशिकाओं का विभाजन किसी भी तल में हो सकता है।
  • यीस्ट छोटी कलिकाएँ निकाल सकता है जो अलग हो जाती हैं और आगे बढ़ती हैं।
  • प्लास्मोडियम द्वि-विभाजन द्वारा एक साथ कई संतति कोशिकाओं में विभाजित होता है।
  • लीशमैनिया में निर्धारित अभिविन्यास में द्वि-विभाजन होता है।

Explanation: प्लास्मोडियम (Plasmodium) (मलेरिया परजीवी) में बहु-विखंडन (Multiple Fission) होता है, द्वि-विभाजन (Binary Fission) नहीं। बहु-विखंडन में एक कोशिका एक साथ कई संतति कोशिकाओं (Merozoites) में विभाजित होती है। द्वि-विभाजन में केवल दो संतति कोशिकाएँ बनती हैं।
Quick Facts:

  • अमीबा में दो कोशिकाओं का विभाजन किसी भी तल में: यह सत्य है, अमीबा में द्वि-विभाजन किसी भी तल में होता है।
  • यीस्ट कलिकाएँ निकालता है: यह सत्य है, यीस्ट में नवोदित (Budding) होता है।
  • प्लास्मोडियम द्वि-विभाजन द्वारा: यह असत्य है, इसमें बहु-विखंडन होता है, यही सही उत्तर है।
  • लीशमैनिया में निर्धारित अभिविन्यास में द्वि-विभाजन: यह सत्य है, लीशमैनिया में एक निश्चित तल (अनुदैर्ध्य) में द्वि-विभाजन होता है।

निम्नलिखित में से किसमें झिल्ली से बंधे कोशिका अंग नहीं होते हैं?

  • यूकैरियोट्स
  • प्रोकैरियोट्स
  • प्रोकैरियोट्स और यूकैरियोट्स
  • उपरोक्त में से कोई नहीं

Explanation: प्रोकैरियोट्स (Prokaryotes) (जैसे- जीवाणु और आर्किया) में झिल्ली-बद्ध (Membrane-bound) कोशिका अंगक (Organelles) नहीं होते हैं, जैसे- केंद्रक, माइटोकॉन्ड्रिया, ER, गॉल्जी काय आदि। उनमें केवल राइबोसोम (Ribosomes) होते हैं, जो झिल्ली-बद्ध नहीं हैं।
Quick Facts:

  • यूकैरियोट्स: इनमें झिल्ली-बद्ध अंगक होते हैं, यह गलत है।
  • प्रोकैरियोट्स: इनमें झिल्ली-बद्ध अंगक नहीं होते, यह सही है।
  • प्रोकैरियोट्स और यूकैरियोट्स: यह गलत है, क्योंकि यूकैरियोट्स में होते हैं।
  • उपरोक्त में से कोई नहीं: यह गलत है, क्योंकि प्रोकैरियोट्स सही उत्तर है।

निम्नलिखित में से कौन-सी गतिविधि को जीवन की परिभाषित विशेषता के रूप में नहीं लिया जा सकता है?

  • चलने या दौड़ने जैसी दृश्यमान गतिविधि
  • श्वसन और कोशिकाओं का आंतरिक रखरखाव
  • कोशिकाओं के भीतर आणविक गति
  • पौधों की वृद्धि-संबंधी गति

Explanation: जीवन की परिभाषित विशेषताएँ (Defining Characteristics of Life) वे हैं जो सभी जीवित जीवों में होती हैं, जैसे- चयापचय (Metabolism), श्वसन (Respiration), वृद्धि (Growth), प्रजनन (Reproduction) आदि। चलना या दौड़ना (Visible Movement) सभी जीवों (जैसे- पौधे) में नहीं होता, इसलिए इसे जीवन की परिभाषित विशेषता नहीं माना जा सकता। आणविक गति (Molecular Movement) और वृद्धि-संबंधी गति (Growth-related Movement) जीवन की विशेषताएँ हैं।
Quick Facts:

  • चलने या दौड़ने जैसी दृश्यमान गतिविधि: यह सभी जीवों में नहीं होती (पौधे), इसलिए परिभाषित विशेषता नहीं, यह सही है।
  • श्वसन और आंतरिक रखरखाव: यह जीवन की परिभाषित विशेषताएँ हैं, यह गलत है।
  • आणविक गति: यह सभी जीवित कोशिकाओं में होती है, यह गलत है।
  • पौधों की वृद्धि-संबंधी गति: यह जीवन की विशेषता है, यह गलत है।

विज्ञान की वह शाखा जो कोशिकाओं का अध्ययन करती है, उसे ______ कहते हैं।

  • साइटोलॉजी (कोशिकाविज्ञान)
  • एंटोमोलॉजी (कीटविज्ञान)
  • होमोलॉजी
  • होमोनोलॉजी

Explanation: कोशिकाओं (Cells) के अध्ययन को साइटोलॉजी (Cytology) या कोशिका विज्ञान (Cell Biology) कहते हैं। यह कोशिकाओं की संरचना, कार्य, और जीवन चक्र का अध्ययन करती है।
Quick Facts:

  • साइटोलॉजी: यह कोशिकाओं का अध्ययन है, यह सही है।
  • एंटोमोलॉजी: यह कीटों (Insects) का अध्ययन है, कोशिकाओं का नहीं, यह गलत है।
  • होमोलॉजी: यह समान संरचनाओं के अध्ययन से संबंधित है, कोशिका विज्ञान नहीं, यह गलत है।
  • होमोनोलॉजी: यह एक असंबंधित शब्द है, यह गलत है।

प्रोकैरियोटिक कोशिका की विशेषताओं से संबंधित सही कथन का चयन करें।

  • नाभिकीय क्षेत्र सुपरिभाषित है और नाभिकीय झिल्ली से घिरा हुआ है।
  • इसमें एक से अधिक गुणसूत्र होते हैं।
  • इसमें एक गुणसूत्र होता है।
  • झिल्ली से बंधे कोशिका अंग उपस्थित हैं।

Explanation: प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं (Prokaryotic Cells) में एकल, वृत्ताकार (Circular) गुणसूत्र (Chromosome) होता है, जो न्यूक्लियॉइड (Nucleoid) क्षेत्र में स्थित होता है, लेकिन यह झिल्ली-बद्ध नहीं होता। इनमें झिल्ली-बद्ध अंगक (Organelles) अनुपस्थित होते हैं।
Quick Facts:

  • सुपरिभाषित नाभिकीय क्षेत्र: यह यूकैरियोटिक कोशिका की विशेषता है, प्रोकैरियोटिक की नहीं, यह गलत है।
  • एक से अधिक गुणसूत्र: यह यूकैरियोटिक कोशिका की विशेषता है, प्रोकैरियोटिक की नहीं, यह गलत है।
  • इसमें एक गुणसूत्र होता है: यह प्रोकैरियोटिक कोशिका की सही विशेषता है, यह सही है।
  • झिल्ली-बद्ध अंगक: ये प्रोकैरियोटिक में नहीं होते, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सी, उपकला ऊतक की विशेषता नहीं है?

  • कोशिकाओं में कोई अंतराकोशिकीय स्थान नहीं होता है।
  • त्वचा, वृक्क नलिका दोनों उपकला ऊतक से बने होते हैं।
  • कोशिकाएं, शिथिल रूप से व्यवस्थित होती हैं।
  • कोशिकाएं, सतत शीट बनाती हैं।

Explanation: उपकला ऊतक (Epithelial Tissue) की कोशिकाएँ शिथिल रूप से व्यवस्थित (Loosely Arranged) नहीं होतीं, बल्कि वे कसकर (Tightly) संकुलित (Packed) होती हैं, जिनमें बहुत कम अंतराकोशिकीय स्थान (Intercellular Space) होता है। यह एक सतत शीट (Continuous Sheet) बनाती हैं। शिथिल व्यवस्था संयोजी ऊतक (Connective Tissue) की विशेषता है।
Quick Facts:

  • कोई अंतराकोशिकीय स्थान नहीं: यह उपकला ऊतक की विशेषता है, यह सही है।
  • त्वचा, वृक्क नलिका: ये उपकला ऊतक से बने होते हैं, यह सही है।
  • कोशिकाएं शिथिल रूप से व्यवस्थित: यह संयोजी ऊतक की विशेषता है, उपकला की नहीं, यह सही उत्तर है।
  • सतत शीट बनाती हैं: यह उपकला ऊतक की विशेषता है, यह सही है।

किस कोशिकांग में DNA की दोहरी कुंडली होती है?

  • गॉल्जी उपकरण
  • प्लास्टिड
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • अन्तःप्रद्रव्यी जालिका

Explanation: DNA (डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड) एक द्विकुंडली (Double Helix) संरचना है। यह केंद्रक (Nucleus), माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) और प्लास्टिड (Plastids) (क्लोरोप्लास्ट, क्रोमोप्लास्ट, ल्यूकोप्लास्ट) में पाया जाता है। गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) और अन्तःप्रद्रव्यी जालिका (ER) में DNA नहीं होता है। (नोट: प्लास्टिड में भी DNA होता है, लेकिन माइटोकॉन्ड्रिया एक अधिक सामान्य उत्तर है; प्रश्न के अनुसार माइटोकॉन्ड्रिया सही है।)
Quick Facts:

  • गॉल्जी उपकरण: इसमें DNA नहीं होता, यह गलत है।
  • प्लास्टिड: इसमें DNA होता है, लेकिन प्रश्न में माइटोकॉन्ड्रिया को सही माना गया है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: इसमें DNA (द्विकुंडली) होता है, यह सही है।
  • अन्तःप्रद्रव्यी जालिका: इसमें DNA नहीं होता, यह गलत है।

जब पादप कोशिकाएँ परासरण द्वारा जल खो देती हैं, तो उसमें उपस्थित तत्व कोशिका भित्ति से दूर सिकुड़ जाते हैं; इस प्रक्रिया को ______ के रूप में जाना जाता है।

  • विसरण
  • प्लास्मोलिसिस
  • सक्रिय परिवहन
  • निष्क्रिय परिवहन

Explanation: जब पादप कोशिका (Plant Cell) हाइपरटोनिक विलयन (बाहर पानी कम) में होती है, तो परासरण (Osmosis) द्वारा कोशिका से पानी बाहर निकलता है। इससे कोशिका द्रव्य (Protoplast) सिकुड़ता है और कोशिका भित्ति (Cell Wall) से अलग हो जाता है। इस प्रक्रिया को प्लास्मोलिसिस (Plasmolysis) कहते हैं।
Quick Facts:

  • विसरण: यह गैसों और छोटे अणुओं की गति है, पानी के लिए परासरण होता है, यह गलत है।
  • प्लास्मोलिसिस: यह पानी निकलने पर कोशिका द्रव्य के सिकुड़ने की प्रक्रिया है, यह सही है।
  • सक्रिय परिवहन: इसमें ऊर्जा लगती है, यहाँ ऊर्जा नहीं लगती, यह गलत है।
  • निष्क्रिय परिवहन: यह एक व्यापक शब्द है, विशिष्ट नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कोशिका अंगक स्टार्च, तेल और प्रोटीन कणिकाओं का भंडारण करता है?

  • सभी लवक (plastids)
  • अवर्णलवक (Leucoplast)
  • वर्णलवक (Chromoplast)
  • हरितलवक (Chloroplast)

Explanation: अवर्णलवक (Leucoplast) रंगहीन (Colourless) प्लास्टिड होते हैं जो भंडारण (Storage) के लिए होते हैं। ये स्टार्च (Starch) (एमाइलोप्लास्ट), तेल (Oils) (एलायोप्लास्ट) और प्रोटीन (Proteins) (प्रोटीनोप्लास्ट) का भंडारण करते हैं।
Quick Facts:

  • सभी लवक: सभी प्लास्टिड भंडारण नहीं करते (क्लोरोप्लास्ट प्रकाश संश्लेषण के लिए है), यह गलत है।
  • अवर्णलवक: यह भंडारण के लिए है, यह सही है।
  • वर्णलवक: ये रंगीन होते हैं और रंग प्रदान करते हैं, भंडारण नहीं, यह गलत है।
  • हरितलवक: यह प्रकाश संश्लेषण के लिए है, भंडारण मुख्य कार्य नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन सा प्राथमिक कारण है कि सभी बहुकोशिकीय जीव विखंडन द्वारा प्रजनन नहीं करते हैं?

  • उनकी कोशिकाएँ शिथिल रूप से संगठित होती हैं।
  • वे एककोशिकीय हैं।
  • उनके कोशिकाओं का एक यादृच्छिक क्रम होता है।
  • उनके पास ऊतकों और अंगों में व्यवस्थित विशिष्ट कोशिकाएँ होती हैं।

Explanation: बहुकोशिकीय (Multicellular) जीवों में विशिष्टीकृत (Specialized) कोशिकाएँ होती हैं जो ऊतकों (Tissues) और अंगों (Organs) में व्यवस्थित होती हैं। विखंडन (Fragmentation) (जिसमें एक जीव टुकड़ों में बंट जाता है) केवल कुछ सरल बहुकोशिकीय जीवों (जैसे- स्पाइरोगाइरा, समुद्री तारे) में होता है। अधिकांश बहुकोशिकीय जीवों में जटिल संरचना के कारण यह संभव नहीं होता।
Quick Facts:

  • कोशिकाएँ शिथिल रूप से संगठित: अधिकांश बहुकोशिकीय जीवों में कोशिकाएँ संगठित होती हैं, यह गलत है।
  • एककोशिकीय: बहुकोशिकीय जीव एककोशिकीय नहीं होते, यह गलत है।
  • यादृच्छिक क्रम: कोशिकाओं का क्रम यादृच्छिक नहीं होता, यह गलत है।
  • विशिष्ट कोशिकाएँ: यह सही है, जटिलता के कारण विखंडन द्वारा प्रजनन नहीं होता।

कंकाल और हृदय पेशियों दोनों में धारियाँ होती हैं। कौन-सी विशेषता हृदय पेशियों को कंकाल पेशियों से पृथक करती है?

  • स्वैच्छिक नियंत्रण (Voluntary control)
  • प्रति कोशिका एकाधिक केंद्रक (Multiple nuclei per cell)
  • केंद्रक की अनुपस्थिति (Absence of nucleus)
  • एककेन्द्रीय (Uninucleate)

Explanation: कंकाल पेशियाँ (Skeletal Muscles) बहुकेन्द्रीक (Multinucleated) होती हैं, जबकि हृदय पेशियाँ (Cardiac Muscles) एककेन्द्रीक (Uninucleate) होती हैं। दोनों में धारियाँ (Striations) होती हैं, लेकिन कंकाल पेशियाँ ऐच्छिक (Voluntary) होती हैं, जबकि हृदय पेशियाँ अनैच्छिक (Involuntary) होती हैं।
Quick Facts:

  • स्वैच्छिक नियंत्रण: यह कंकाल पेशी की विशेषता है, हृदय पेशी की नहीं (अनैच्छिक), यह गलत है।
  • एकाधिक केंद्रक: यह कंकाल पेशी की विशेषता है, हृदय पेशी की नहीं, यह गलत है।
  • केंद्रक की अनुपस्थिति: दोनों में केंद्रक होता है, यह गलत है।
  • एककेन्द्रीय: हृदय पेशी एककेन्द्रीय होती है, कंकाल पेशी बहुकेन्द्रीय, यह सही है।

पादप कोशिकाओं में कोशिका भित्ति होती है क्योंकि ______ ।

  • वे विभिन्न बाह्य प्रभावों से पादप कोशिकाओं की रक्षा करती हैं
  • वे प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक हैं
  • उनमें कोशिका द्रव्य नहीं होता है
  • उनमें उचित आनुवंशिक पदार्थ नहीं होता है

Explanation: पादप कोशिकाओं में कोशिका भित्ति (Cell Wall) होती है, जो उन्हें यांत्रिक क्षति, रोगाणुओं और बाहरी दबाव से सुरक्षा (Protection) प्रदान करती है। यह कोशिका को आकार और कठोरता भी देती है। प्रकाश संश्लेषण क्लोरोप्लास्ट में होता है, कोशिका भित्ति में नहीं।
Quick Facts:

  • बाह्य प्रभावों से रक्षा: यह कोशिका भित्ति का मुख्य कार्य है, यह सही है।
  • प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक: प्रकाश संश्लेषण क्लोरोप्लास्ट में होता है, भित्ति में नहीं, यह गलत है।
  • कोशिका द्रव्य नहीं होता: पादप कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य होता है, यह गलत है।
  • आनुवंशिक पदार्थ नहीं: पादप कोशिकाओं में आनुवंशिक पदार्थ होता है, यह गलत है।

यूकैरियोटिक कोशिकाओं के केंद्रक के भीतर, निम्नलिखित में से कौन सी संरचना में कसकर कुंडलित आनुवंशिक पदार्थ होता है?

  • राइबोसोम
  • गुणसूत्र
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • गॉल्जी उपकरण

Explanation: गुणसूत्र (Chromosomes) कसकर कुंडलित (Tightly Coiled) DNA और प्रोटीन (हिस्टोन) से बनी संरचनाएँ होती हैं, जो कोशिका विभाजन के दौरान केंद्रक (Nucleus) में दिखाई देती हैं। ये आनुवंशिक जानकारी को संग्रहीत और स्थानांतरित करते हैं।
Quick Facts:

  • राइबोसोम: ये प्रोटीन संश्लेषण के लिए हैं, DNA नहीं रखते, यह गलत है।
  • गुणसूत्र: ये कसकर कुंडलित DNA हैं, यह सही है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह केंद्रक के बाहर होता है, इसमें DNA होता है लेकिन कुंडलित नहीं, यह गलत है।
  • गॉल्जी उपकरण: इसमें DNA नहीं होता, यह गलत है।

मेरिस्टेमेटिक ऊतक की कोशिकाओं में रिक्तिकाओं का अभाव होता है क्योंकि ______ ।

  • मेरिस्टेमेटिक कोशिकाएं सक्रिय रूप से विभाजित होती हैं और उन्हें सघन कोशिकाद्रव्य की आवश्यकता होती है
  • रिक्तिकाएँ कोशिका मृत्यु का कारण बनती हैं
  • मेरिस्टेमेटिक कोशिकाएं मृत होती हैं और उन्हें रिक्तिकाओं की आवश्यकता नहीं होती
  • रिक्तिकाएँ श्वसन एंजाइमों को अवरुद्ध करती हैं

Explanation: विभज्योतकी (मेरिस्टेमेटिक) ऊतक की कोशिकाएँ सक्रिय रूप से विभाजित (Actively Dividing) होती हैं, इसलिए उनमें बड़ी रसधानियाँ (Vacuoles) नहीं होतीं क्योंकि वे कोशिका में स्थान घेरती हैं और कोशिका विभाजन में बाधा डालती हैं। इन कोशिकाओं में सघन कोशिकाद्रव्य (Dense Cytoplasm) होता है, जो विभाजन के लिए आवश्यक होता है।
Quick Facts:

  • सक्रिय विभाजन और सघन कोशिकाद्रव्य: यह सही है, विभज्योतकी कोशिकाओं में रिक्तिकाएँ नहीं होतीं।
  • रिक्तिकाएँ मृत्यु का कारण: यह गलत है, रिक्तिकाएँ मृत्यु का कारण नहीं बनतीं।
  • मेरिस्टेमेटिक कोशिकाएं मृत: यह गलत है, ये जीवित और सक्रिय कोशिकाएँ हैं।
  • श्वसन एंजाइमों को अवरुद्ध: यह गलत है, रिक्तिकाएँ ऐसा नहीं करतीं।

सादृश्यता को पूरा करने के लिए उचित विकल्प चुनें। तंत्रिकाक्ष : एकल दीर्घ प्रक्रम :: दुमाकृति :

  • कई छोटे, शाखाओं वाले भाग
  • सुरक्षात्मक संयोजी ऊतक
  • केंद्रक युक्त कोशिका काय
  • उत्तेजनाओं का तीव्र संचरण

Explanation: तंत्रिकाक्ष (Axon) एक लंबा (Long) प्रक्रम (Process) होता है, जबकि दुमाकृति (Dendrites) कई छोटे (Short), शाखाओं (Branched) वाले प्रक्रम होते हैं। दोनों तंत्रिका कोशिका (Neuron) के भाग हैं। Axon संदेश को कोशिका काय से बाहर ले जाता है, जबकि Dendrites संदेश प्राप्त करते हैं।
Quick Facts:

  • कई छोटे, शाखाओं वाले भाग: यह दुमाकृति (Dendrites) की सही विशेषता है, यह सही है।
  • सुरक्षात्मक संयोजी ऊतक: यह तंत्रिका कोशिका का भाग नहीं है, यह गलत है।
  • केंद्रक युक्त कोशिका काय: यह कोशिकाकाय (Soma) है, दुमाकृति नहीं, यह गलत है।
  • उत्तेजनाओं का तीव्र संचरण: यह तंत्रिका कोशिका का कार्य है, संरचना नहीं, यह गलत है।

एक प्रयोग के दौरान, एक कोशिका क्षतिग्रस्त हो जाती है और उसके लाइसोसोम फट जाते हैं, जिससे पाचक एंजाइम कोशिकाद्रव्य में मुक्त हो जाते हैं। आगे क्या होने की सबसे अधिक संभावना है?

  • कोशिका का आकार बढ़ेगा।
  • माइटोकॉन्ड्रिया अधिक ऊर्जा उत्पन्न करेगा।
  • केंद्रक तेजी से विभाजित होगा।
  • कोशिका स्वयं नष्ट हो जाएगी और मर जाएगी।

Explanation: लाइसोसोम (Lysosomes) में हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (Hydrolytic Enzymes) होते हैं। यदि कोशिका क्षतिग्रस्त होने पर लाइसोसोम फट जाते हैं, तो ये एंजाइम कोशिका के अपने घटकों को पचाना (Digest) शुरू कर देते हैं, जिससे कोशिका स्वयं नष्ट (Self-destruction) हो जाती है और अंततः मर (Death) जाती है। इस प्रक्रिया को आत्महत्या (Autolysis) कहते हैं।
Quick Facts:

  • कोशिका का आकार बढ़ेगा: लाइसोसोम फटने से आकार नहीं बढ़ता, यह गलत है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया अधिक ऊर्जा: लाइसोसोम फटने से यह नहीं होता, यह गलत है।
  • केंद्रक तेजी से विभाजित: लाइसोसोम फटने से विभाजन नहीं बढ़ता, यह गलत है।
  • कोशिका स्वयं नष्ट हो जाएगी: यह सही है, एंजाइम कोशिका को पचा देंगे।

सूक्ष्मदर्शी के नीचे खुरदरी अन्तःप्रद्रव्यी जालिका खुरदरी दिखाई देती है क्योंकि इसके पृष्ठ पर ____ नामक कण लगे होते हैं।

  • राइबोसोम
  • क्रोमोसोम
  • लाइसोसोम
  • प्रोटीन कण

Explanation: खुरदरी अन्तःप्रद्रव्यी जालिका (Rough Endoplasmic Reticulum – RER) की सतह पर राइबोसोम (Ribosomes) जुड़े होते हैं, जो इसे खुरदुरा (Rough) रूप देते हैं। राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण (Protein Synthesis) के लिए जिम्मेदार होते हैं।
Quick Facts:

  • राइबोसोम: यह RER की सतह पर होते हैं, जिससे यह खुरदुरी दिखती है, यह सही है।
  • क्रोमोसोम: ये केंद्रक में होते हैं, RER पर नहीं, यह गलत है।
  • लाइसोसोम: ये कोशिका में अन्यत्र होते हैं, RER पर नहीं, यह गलत है।
  • प्रोटीन कण: यह एक सामान्य शब्द है, राइबोसोम विशिष्ट कण हैं, यह गलत है।

कौन सा कोशिकांग कोशिका द्रव्य के विभिन्न क्षेत्रों के बीच पदार्थों के परिवहन के लिए एक चैनल का कार्य करता है?

  • सूत्रकणिका (Mitochondria)
  • लाइसोसोम
  • अन्तर्द्रव्यी जालिका
  • हरितलवक

Explanation: अन्तर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum – ER) कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) में एक नेटवर्क (Network) जैसी संरचना है। यह कोशिका के विभिन्न भागों के बीच पदार्थों (जैसे- प्रोटीन, लिपिड) के परिवहन (Transport) के लिए एक चैनल (Channel) का कार्य करती है।
Quick Facts:

  • सूत्रकणिका (Mitochondria): यह ATP उत्पादन के लिए है, परिवहन चैनल नहीं, यह गलत है।
  • लाइसोसोम: यह पाचन के लिए है, परिवहन चैनल नहीं, यह गलत है।
  • अन्तर्द्रव्यी जालिका: यह परिवहन चैनल का कार्य करती है, यह सही है।
  • हरितलवक: यह प्रकाश संश्लेषण के लिए है, परिवहन चैनल नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से किस कोशिका अंगक में ATP-जनरेटिंग रासायनिक अभिक्रियाओं हेतु पर्याप्त पृष्ठीय क्षेत्रफल होता है?

  • सूत्रकणिका (Mitochondria) (Mitochondria)
  • लयनकाय (Lysosomes)
  • रसधानी (Vacuoles)
  • कोशिका भित्ति (Cell wall)

Explanation: सूत्रकणिका (Mitochondria) (Mitochondria) में आंतरिक झिल्ली (Inner Membrane) अत्यधिक वलित (Folded) होती है, जिससे क्रिस्टी (Cristae) बनते हैं। ये वलन आंतरिक झिल्ली का पृष्ठीय क्षेत्रफल (Surface Area) बढ़ाते हैं, जिससे एंजाइमों (जैसे- ATP सिंथेज़) और इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला के घटकों को स्थान मिलता है, जो ATP उत्पादन के लिए आवश्यक होते हैं।
Quick Facts:

  • सूत्रकणिका (Mitochondria): क्रिस्टी बड़ा पृष्ठीय क्षेत्रफल प्रदान करते हैं, ATP उत्पादन के लिए, यह सही है।
  • लयनकाय: इनमें ATP उत्पादन नहीं होता, यह गलत है।
  • रसधानी: ये भंडारण के लिए हैं, ATP उत्पादन नहीं, यह गलत है।
  • कोशिका भित्ति: इसमें ATP उत्पादन नहीं होता, यह गलत है।

पौधे की कोशिकाओं में कोशिका भित्ति क्यों होती है?

  • वे पौधे की कोशिकाओं को विभिन्न पर्यावरणीय कारकों से बचाते हैं
  • उनमें कोशिका झिल्ली नहीं होती है
  • वे जीवित प्राणी हैं
  • वे प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक हैं

Explanation: पादप कोशिका भित्ति (Cell Wall) एक कठोर, सुरक्षात्मक परत है जो कोशिका को यांत्रिक क्षति, रोगाणुओं, अत्यधिक तापमान और सूखे जैसे विभिन्न पर्यावरणीय कारकों से बचाती है। यह कोशिका को आकार और संरचनात्मक सहायता भी प्रदान करती है।
Quick Facts:

  • पर्यावरणीय कारकों से बचाते हैं: कोशिका भित्ति एक सुरक्षात्मक कवच की तरह कार्य करती है, यह सही है।
  • उनमें कोशिका झिल्ली नहीं होती: पादप कोशिकाओं में कोशिका झिल्ली (Plasma Membrane) होती है, कोशिका भित्ति इसके बाहर होती है, यह गलत है।
  • वे जीवित प्राणी हैं: यह कथन सामान्य है और कोशिका भित्ति का कारण नहीं है, यह गलत है।
  • प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक: प्रकाश संश्लेषण क्लोरोप्लास्ट में होता है, कोशिका भित्ति आवश्यक नहीं है, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सा उदाहरण, वास्तविक जीवन में लाइसोसोम की भूमिका को सर्वोत्तम रूप से दर्शाता है?

  • दर्द महसूस करने में सहायता करने हेतु संकेत भेजने वाली एक तंत्रिका कोशिका
  • हानिकारक जीवाणुओं को निगलने तथा विघटित करने वाली एक श्वेत रुधिर कोशिका
  • प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन बनाने वाली एक हरी पत्ती
  • पेशियों तक ऑक्सीजन पहुँचाने वाली एक लाल रुधिर कोशिका

Explanation: लाइसोसोम (Lysosomes) कोशिका की ‘पाचन तंत्र’ हैं। इनमें हाइड्रोलाइटिक एंजाइम होते हैं जो बाहरी पदार्थों (जैसे- जीवाणु), क्षतिग्रस्त कोशिकांगों और कोशिका के अपशिष्ट को पचाते हैं। श्वेत रुधिर कोशिका (WBC) द्वारा जीवाणुओं को निगलना और विघटित करना लाइसोसोम की क्रिया का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
Quick Facts:

  • तंत्रिका कोशिका: यह संकेत संचरण का कार्य करती है, लाइसोसोम की भूमिका नहीं दर्शाती, यह गलत है।
  • श्वेत रुधिर कोशिका: WBC फागोसाइटोसिस द्वारा जीवाणुओं को निगलती है और लाइसोसोम उन्हें पचाते हैं, यह सही है।
  • हरी पत्ती: यह प्रकाश संश्लेषण का उदाहरण है, लाइसोसोम से संबंधित नहीं, यह गलत है।
  • लाल रुधिर कोशिका: यह ऑक्सीजन परिवहन का कार्य करती है, लाइसोसोम से संबंधित नहीं, यह गलत है।

हाइपोटोनिक विलयन में, पादप ऊतकों की तुलना में जंतु ऊतकों के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

  • जंतु कोशिकाएं कठोर भित्ति के कारण सूजन का प्रतिरोध करती हैं।
  • जंतु कोशिकाओं में पौधों की तुलना में सेल्यूलोज की भित्ति अधिक मोटी होती हैं।
  • जंतु कोशिकाओं में बाह्य भित्ति के बिना लयन की संभावना अधिक होती है।
  • जंतु कोशिकाएं तनु माध्यम में पादप कोशिकाओं की तुलना में अधिक सिकुड़ती हैं।

Explanation: हाइपोटोनिक विलयन (कम विलेय सांद्रता) में, परासरण (Osmosis) द्वारा पानी कोशिका के अंदर प्रवेश करता है। जंतु कोशिकाओं में कठोर कोशिका भित्ति नहीं होती, इसलिए वे अत्यधिक पानी लेने पर फूल सकती हैं और फट (Lysis) सकती हैं। पादप कोशिकाओं में कठोर कोशिका भित्ति होती है जो उन्हें फटने से बचाती है।
Quick Facts:

  • जंतु कोशिकाएं कठोर भित्ति के कारण सूजन का प्रतिरोध करती हैं: जंतु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं होती, यह गलत है।
  • जंतु कोशिकाओं में सेल्यूलोज की भित्ति अधिक मोटी: जंतु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति ही नहीं होती, यह गलत है।
  • जंतु कोशिकाओं में बाह्य भित्ति के बिना लयन की संभावना अधिक: यह सही है, कोशिका भित्ति के अभाव में वे फट सकती हैं।
  • जंतु कोशिकाएं अधिक सिकुड़ती हैं: हाइपोटोनिक विलयन में कोशिकाएँ सिकुड़ती नहीं, बल्कि फूलती हैं, यह गलत है।

डेंड्रोन ____ के भाग हैं।

  • नेफ्रॉन
  • उपास्थि
  • पेशी-कोशिका
  • न्यूरॉन

Explanation: डेंड्रोन (Dendron) या डेंड्राइट (Dendrite) न्यूरॉन (तंत्रिका कोशिका) के वे शाखित भाग हैं जो अन्य न्यूरॉन्स या संवेदी अंगों से संकेत (आवेग) प्राप्त करते हैं और उन्हें कोशिका शरीर (Soma) की ओर संचारित करते हैं।
Quick Facts:

  • नेफ्रॉन: यह गुर्दे (किडनी) की कार्यात्मक इकाई है, डेंड्रोन इसका भाग नहीं, यह गलत है।
  • उपास्थि: यह एक प्रकार का संयोजी ऊतक है, डेंड्रोन इसका भाग नहीं, यह गलत है।
  • पेशी-कोशिका: यह मांसपेशियों की कोशिका है, डेंड्रोन इसका भाग नहीं, यह गलत है।
  • न्यूरॉन: डेंड्रोन तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) के भाग हैं, यह सही है।

निम्नलिखित चित्र में दर्शाई गई पादप कोशिका में हम अपशिष्ट उत्पाद कहां पा सकते हैं?

  • तीर 1 द्वारा दर्शाया गया क्षेत्र
  • तीर 4 द्वारा दर्शाया गया क्षेत्र
  • तीर 3 द्वारा दर्शाया गया क्षेत्र
  • तीर 2 द्वारा दर्शाया गया क्षेत्र

Explanation: पादप कोशिका में, रिक्तिकाएँ (Vacuoles) अपशिष्ट उत्पादों, विषाक्त पदार्थों और अतिरिक्त पानी को संग्रहीत करती हैं। ये कोशिका को स्वच्छ बनाए रखने में मदद करती हैं। चित्र में, तीर 4 रिक्तिका (Vacuole) को दर्शाता है, इसलिए अपशिष्ट उत्पाद वहाँ पाए जाएँगे।
Quick Facts:

  • तीर 1: यह सामान्यतः कोशिका भित्ति या झिल्ली हो सकती है, अपशिष्ट का स्थान नहीं, यह गलत है।
  • तीर 4: यह रिक्तिका को दर्शाता है, जो अपशिष्ट भंडारण का स्थान है, यह सही है।
  • तीर 3: यह केंद्रक या अन्य अंगक हो सकता है, अपशिष्ट का स्थान नहीं, यह गलत है।
  • तीर 2: यह कोशिकाद्रव्य या अन्य संरचना हो सकती है, अपशिष्ट का मुख्य स्थान नहीं, यह गलत है।

वायुकोषिका (alveoli) में गैस विनिमय की दक्षता मुख्य रूप से किस संरचनात्मक विशेषता के कारण होती है?

  • रोगजनकों से बचाने के लिए मोटी उपकला परत
  • म्यूकस-स्रावित कोशिकाओं की प्रचुरता
  • कोषिका के आकार को बनाए रखने के लिए एक मजबूत प्रत्यास्थ नेटवर्क
  • एक पतली कोषिका-केशिका अवरोध के साथ संयुक्त बड़ा सतही क्षेत्रफल

Explanation: एल्वियोली (Alveoli) फेफड़ों में गैस विनिमय के स्थल हैं। इनकी दक्षता दो मुख्य कारणों से होती है: (1) एल्वियोली की बड़ी संख्या और गोलाकार आकार के कारण बहुत बड़ा सतही क्षेत्रफल (Surface Area), और (2) एल्वियोली और केशिकाओं (Capillaries) के बीच अत्यंत पतली दीवार (एक कोशिका मोटी), जो गैसों के तीव्र विसरण (Diffusion) की अनुमति देती है।
Quick Facts:

  • मोटी उपकला परत: मोटी परत विसरण में बाधा डालती है, इसलिए यह गलत है।
  • म्यूकस-स्रावित कोशिकाएं: म्यूकस धूल कणों को रोकता है, गैस विनिमय में सहायक नहीं, यह गलत है।
  • प्रत्यास्थ नेटवर्क: यह एल्वियोली के विस्तार-संकुचन में सहायक है, लेकिन दक्षता का मुख्य कारण नहीं, यह गलत है।
  • पतली अवरोध + बड़ा सतही क्षेत्रफल: यह गैस विनिमय की दक्षता का मुख्य कारण है, यह सही है।

कोशिका में लाइसोसोम का प्राथमिक कार्य क्या है?

  • कोशिका झिल्लियों के लिए प्रोटीन और लिपिड का संश्लेषण
  • बाहरी पदार्थों और घिसे हुए कोशिकांगों का पाचन
  • ATP अणुओं के रूप में ऊर्जा का उत्पादन
  • कोशिकाद्रव्य में जल और खनिज संतुलन का नियमन

Explanation: लाइसोसोम (Lysosomes) कोशिका के पाचन तंत्र हैं। इनमें हाइड्रोलाइटिक एंजाइम होते हैं जो बाहर से आने वाले पदार्थों (जैसे- जीवाणु), पुराने/क्षतिग्रस्त कोशिकांगों और कोशिका के अपशिष्ट को पचाते (Digest) हैं। इन्हें ‘आत्मघाती थैली’ (Suicidal Bags) भी कहा जाता है।
Quick Facts:

  • प्रोटीन और लिपिड का संश्लेषण: यह ER और राइबोसोम का कार्य है, लाइसोसोम का नहीं, यह गलत है।
  • बाहरी पदार्थों और घिसे हुए कोशिकांगों का पाचन: यह लाइसोसोम का प्राथमिक कार्य है, यह सही है।
  • ATP ऊर्जा का उत्पादन: यह माइटोकॉन्ड्रिया का कार्य है, लाइसोसोम का नहीं, यह गलत है।
  • जल और खनिज संतुलन: यह रिक्तिका (Vacuole) का कार्य है, लाइसोसोम का नहीं, यह गलत है।

तालाब के पानी में पहली बार मुक्त जीवित कोशिकाओं की खोज किसने की थी?

  • रॉबर्ट हुक ने 1665 में
  • ल्यूवेनहुक ने 1674 में
  • रॉबर्ट ब्राउन ने 1831 में
  • विरचो ने 1855 में

Explanation: एंटोनी वैन ल्यूवेनहुक (Antonie van Leeuwenhoek) ने 1674 में तालाब के पानी में पहली बार मुक्त-जीवित (Free-living) कोशिकाओं को देखा, जिन्हें उन्होंने ‘एनिमलक्यूल्स’ (Animalcules) कहा। वे एक सूक्ष्मदर्शी के अग्रणी उपयोगकर्ता थे।
Quick Facts:

  • रॉबर्ट हुक (1665): उन्होंने कॉर्क में मृत कोशिकाओं (कोशिका भित्ति) की खोज की, मुक्त-जीवित कोशिकाओं की नहीं, यह गलत है।
  • ल्यूवेनहुक (1674): उन्होंने जीवित कोशिकाओं (जैसे- बैक्टीरिया, प्रोटोजोआ) की खोज की, यह सही है।
  • रॉबर्ट ब्राउन (1831): उन्होंने कोशिका में नाभिक की खोज की, मुक्त-जीवित कोशिकाओं की नहीं, यह गलत है।
  • विरचो (1855): उन्होंने कोशिका सिद्धांत दिया, कोशिका की खोज नहीं की, यह गलत है।

कौन-सा कोशिकांग कोशिका के भीतर या बाहर द्रव्य को संवेधित करने (packaging) तथा प्रेषण (dispatching) के लिए उत्तरदायी है?

  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • राइबोसोम
  • नाभिक
  • गॉल्जी उपकरण

Explanation: गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) कोशिका का ‘डाकघर’ (Post Office) है। यह ER से आने वाले प्रोटीन और लिपिड को संशोधित, क्रमबद्ध (Sort), पैक (Pack) करता है, और उन्हें कोशिका के अंदर या बाहर विभिन्न स्थानों पर भेजता है (Dispatch)।
Quick Facts:

  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह ATP ऊर्जा उत्पादन के लिए है, पैकेजिंग के लिए नहीं, यह गलत है।
  • राइबोसोम: यह प्रोटीन संश्लेषण के लिए है, पैकेजिंग के लिए नहीं, यह गलत है।
  • नाभिक: यह आनुवंशिक नियंत्रण के लिए है, पैकेजिंग के लिए नहीं, यह गलत है।
  • गॉल्जी उपकरण: यह पैकेजिंग और प्रेषण के लिए उत्तरदायी है, यह सही है।

जब उबले हुए प्याज पत्ती के छिलकों पर नमक का विलयन लगाया जाता है, तो यह जीवद्रव्यकुंचन दिखाने में विफल हो जाता है, क्योंकि ___________ ।

  • क्लोरोप्लास्ट जल सोख लेता है
  • कोशिका भित्तियाँ लवणों को अवरुद्ध करती हैं
  • केंद्रक विसरण को रोकते हैं
  • मृत कोशिकाएं परासरण नहीं कर सकती

Explanation: प्लास्मोलिसिस (Plasmolysis) या जीवद्रव्यकुंचन एक जीवित कोशिका में होने वाली प्रक्रिया है जिसमें हाइपरटोनिक विलयन के कारण कोशिका से पानी बाहर निकलता है और प्रोटोप्लास्ट सिकुड़ता है। उबालने से कोशिकाएँ मर जाती हैं, और मृत कोशिकाओं में परासरण (Osmosis) या प्लास्मोलिसिस नहीं होता है।
Quick Facts:

  • क्लोरोप्लास्ट जल सोख लेता है: यह गलत है, प्लास्मोलिसिस क्लोरोप्लास्ट पर निर्भर नहीं है।
  • कोशिका भित्तियाँ लवणों को अवरुद्ध करती हैं: यह गलत है, कोशिका भित्ति पारगम्य है।
  • केंद्रक विसरण को रोकते हैं: यह गलत है, केंद्रक प्लास्मोलिसिस को नहीं रोकता।
  • मृत कोशिकाएं परासरण नहीं कर सकती: यह सही है, क्योंकि परासरण के लिए जीवित, चयनात्मक रूप से पारगम्य झिल्ली आवश्यक है।

निम्नलिखित में से क्या एक मानव कोशिका का उदाहरण है जो अपने आकार को रूपांतरित करने की क्षमता रखता है?

  • WBC
  • RBC
  • यकृत कोशिकाएँ
  • तंत्रिका कोशिकाएँ

Explanation: श्वेत रुधिर कोशिकाएँ (WBCs – White Blood Cells) अमीबा की तरह अपना आकार बदल सकती हैं। वे कूटपाद (Pseudopodia) बनाकर रोगाणुओं को निगलने (फागोसाइटोसिस) के लिए अपनी आकृति बदलते हैं, जिससे वे शरीर में संक्रमण से लड़ने में सक्षम होती हैं।
Quick Facts:

  • WBC: श्वेत रुधिर कोशिकाएँ आकार बदलती हैं, यह सही है।
  • RBC: लाल रुधिर कोशिकाएँ द्विअवतल (Biconcave) निश्चित आकार की होती हैं, आकार नहीं बदलतीं, यह गलत है।
  • यकृत कोशिकाएँ: ये निश्चित आकार की होती हैं, आकार नहीं बदलतीं, यह गलत है।
  • तंत्रिका कोशिकाएँ: ये लंबी, शाखित निश्चित आकार की होती हैं, आकार नहीं बदलतीं, यह गलत है।

संयुक्त सूक्ष्मदर्शी से देखने पर मानव गाल की कोशिकाओं की स्लाइड और प्याज के छिलके की स्लाइड के बीच मुख्य अंतर क्या है?

  • मानव गाल की कोशिकाओं में कोशिका भित्ति की उपस्थिति
  • गाल की कोशिकाओं में लवक (प्लास्टिड) की उपस्थिति
  • प्याज के छिलके की कोशिकाओं में सूत्रकणिका की उपस्थिति
  • प्याज के छिलके की कोशिकाओं में कोशिका भित्ति की उपस्थिति

Explanation: प्याज के छिलके की कोशिकाएँ पादप कोशिकाएँ हैं, इसलिए उनमें कोशिका भित्ति (Cell Wall) होती है। मानव गाल की कोशिकाएँ जंतु कोशिकाएँ हैं, जिनमें कोशिका भित्ति नहीं होती (केवल प्लाज्मा झिल्ली होती है)। यह दोनों के बीच मुख्य अंतर है।
Quick Facts:

  • मानव गाल की कोशिकाओं में कोशिका भित्ति: मानव कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं होती, यह गलत है।
  • गाल की कोशिकाओं में लवक: जंतु कोशिकाओं में प्लास्टिड नहीं होते, यह गलत है।
  • प्याज के छिलके में माइटोकॉन्ड्रिया: पादप कोशिकाओं में माइटोकॉन्ड्रिया होते हैं, लेकिन यह मुख्य अंतर नहीं है, यह गलत है।
  • प्याज के छिलके में कोशिका भित्ति: यह पादप कोशिकाओं की विशेषता है, जो जंतु कोशिकाओं में नहीं होती, यह सही है।

निम्नलिखित में से कौन-सा, पादप कोशिका में गॉल्जी काय का सही कार्य है?

  • कोशिका को सुरक्षा प्रदान करना
  • लाइसोसोम के निर्माण में सहायता करना
  • कोशिका का आकार बनाए रखना
  • प्रोटीन के संश्लेषण में सहायता करना

Explanation: गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) का मुख्य कार्य ER से आने वाले प्रोटीन और लिपिड को संशोधित, पैक और भेजना है। यह लाइसोसोम (Lysosomes) के निर्माण में भी सहायता करता है, क्योंकि लाइसोसोम गॉल्जी से पुटिकाओं (Vesicles) के रूप में निकलते हैं जिनमें पाचक एंजाइम होते हैं।
Quick Facts:

  • कोशिका को सुरक्षा: यह कोशिका भित्ति का कार्य है, गॉल्जी का नहीं, यह गलत है।
  • लाइसोसोम के निर्माण में सहायता: गॉल्जी लाइसोसोम बनाता है, यह सही है।
  • कोशिका का आकार: यह कोशिका भित्ति और झिल्ली का कार्य है, गॉल्जी का नहीं, यह गलत है।
  • प्रोटीन का संश्लेषण: यह राइबोसोम और RER का कार्य है, गॉल्जी का नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित कोशिका की पहचान करें।

  • तंत्रिका कोशिका
  • अस्थि कोशिका
  • वृक्ष कोशिका
  • पेशी कोशिका

Explanation: चित्र (यदि होता) तंत्रिका कोशिका (Neuron) को दर्शाता है, जिसकी विशेषता लंबे अक्षतंतु (Axon) और शाखित डेंड्राइट (Dendrites) होते हैं। यह संरचना आवेगों (Impulses) को संचारित करने के लिए अनुकूलित होती है। (यह प्रश्न चित्र-आधारित है, और दिए गए विकल्पों में से तंत्रिका कोशिका सबसे उपयुक्त है।)
Quick Facts:

  • तंत्रिका कोशिका: लंबी, शाखित संरचना, आवेग संचरण, यह सही है।
  • अस्थि कोशिका: कठोर, गोल/तारकीय, मजबूत, यह गलत है।
  • वृक्ष कोशिका: पादप कोशिका, कोशिका भित्ति, आयताकार, यह गलत है।
  • पेशी कोशिका: लंबी, तंतुमय, बहुकेन्द्रीय, यह गलत है।

लाइसोसोम को निम्नलिखित में से किस नाम से भी जाना जाता है?

  • नियंत्रण केंद्र
  • ऊर्जा पावरहाउस
  • कोशिका की आत्मघाती थैली
  • प्रोटीन कारखाने

Explanation: लाइसोसोम (Lysosomes) को ‘कोशिका की आत्मघाती थैली’ (Suicidal Bags) कहा जाता है, क्योंकि यदि वे फट जाते हैं (या कोशिका क्षतिग्रस्त हो जाती है), तो उनमें मौजूद हाइड्रोलाइटिक एंजाइम कोशिका को स्वयं पचा सकते हैं (Autolysis)। यह एक सुरक्षात्मक तंत्र भी है।
Quick Facts:

  • नियंत्रण केंद्र: यह केंद्रक (Nucleus) का नाम है, लाइसोसोम का नहीं, यह गलत है।
  • ऊर्जा पावरहाउस: यह माइटोकॉन्ड्रिया का नाम है, लाइसोसोम का नहीं, यह गलत है।
  • कोशिका की आत्मघाती थैली: यह लाइसोसोम का सही नाम है, यह सही है।
  • प्रोटीन कारखाने: यह राइबोसोम का नाम है, लाइसोसोम का नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कोशिका अंगक, पाचक एंजाइम से भरा होता है जो खराब हुए कोशिका अंगकों को हटाने एवं किसी भी बाहरी पदार्थ का पाचन करके कोशिका को स्वच्छ बनाए रखने में सहायता करता है?

  • राइबोसोम (Ribosome)
  • लयनकाय (Lysosomes)
  • हरितलवक (Chloroplast)
  • वर्णलवक (Chromoplast)

Explanation: लाइसोसोम (Lysosomes) में हाइड्रोलाइटिक (पाचक) एंजाइम होते हैं। ये क्षतिग्रस्त कोशिकांगों, विदेशी पदार्थों (जैसे- जीवाणु) और कोशिका के अपशिष्ट को पचाते (Digest) हैं, जिससे कोशिका स्वच्छ और कार्यशील बनी रहती है। यह कोशिका के ‘अपशिष्ट निपटान तंत्र’ (Waste Disposal System) की तरह कार्य करते हैं।
Quick Facts:

  • राइबोसोम: ये प्रोटीन संश्लेषण के लिए हैं, पाचक एंजाइम नहीं रखते, यह गलत है।
  • लयनकाय (लाइसोसोम): ये पाचक एंजाइम से भरे होते हैं, यह सही है।
  • हरितलवक: यह प्रकाश संश्लेषण के लिए है, पाचक एंजाइम नहीं रखता, यह गलत है।
  • वर्णलवक: यह रंगद्रव्य (वर्णक) भंडारण के लिए है, पाचक एंजाइम नहीं रखता, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, रूक्ष अन्तर्द्रव्य जालिका को चिकनी अन्तर्द्रव्य जालिका से विभेदित करता है?

  • RER लिपिड संग्रहित करता है।
  • RER में राइबोसोम होते हैं।
  • SER केवल प्रोटीन संश्लेषण करता है।
  • SER में राइबोसोम प्रचुर मात्रा में होते हैं।

Explanation: खुरदुरी अंतर्द्रव्यी जालिका (Rough ER – RER) और चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (Smooth ER – SER) के बीच मुख्य अंतर यह है कि RER की सतह पर राइबोसोम (Ribosomes) जुड़े होते हैं, जो इसे खुरदुरा रूप देते हैं और प्रोटीन संश्लेषण में सहायता करते हैं। SER में राइबोसोम नहीं होते।
Quick Facts:

  • RER लिपिड संग्रहित करता है: यह SER का कार्य है, RER का नहीं, यह गलत है।
  • RER में राइबोसोम होते हैं: यह सही है, यही मुख्य अंतर है।
  • SER केवल प्रोटीन संश्लेषण करता है: SER लिपिड संश्लेषण और विषहरण करता है, प्रोटीन नहीं, यह गलत है।
  • SER में राइबोसोम प्रचुर मात्रा में: SER में राइबोसोम नहीं होते, यह गलत है।

निम्नलिखित में से किन कोशिकाओं में लवक (Plastids) अनुपस्थित होते हैं?

  • पेशी कोशिका
  • स्टेम कोशिका
  • मूल कोशिका
  • पत्ती कोशिका

Explanation: प्लास्टिड (Plastids) – जैसे क्लोरोप्लास्ट, क्रोमोप्लास्ट, ल्यूकोप्लास्ट – पादप कोशिकाओं की विशेषता हैं। वे जंतु कोशिकाओं में अनुपस्थित होते हैं। पेशी कोशिका (Muscle Cell) एक जंतु कोशिका है, इसलिए इसमें प्लास्टिड नहीं होते।
Quick Facts:

  • पेशी कोशिका: जंतु कोशिका, प्लास्टिड नहीं होते, यह सही है।
  • स्टेम कोशिका: पादप तना कोशिका, प्लास्टिड हो सकते हैं, यह गलत है (यदि जंतु स्टेम सेल है तो भी नहीं होते, लेकिन विकल्प स्पष्ट नहीं है; ‘स्टेम’ शब्द पादप को संदर्भित करता है)।
  • मूल कोशिका: पादप जड़ कोशिका, प्लास्टिड (ल्यूकोप्लास्ट) हो सकते हैं, यह गलत है।
  • पत्ती कोशिका: पादप पत्ती कोशिका, क्लोरोप्लास्ट (हरितलवक) होते हैं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कोशिका में उपस्थित झिल्लीयुक्त छोटी-छोटी संरचनाओं का एक उदाहरण है?

  • कोशिकाद्रव्य
  • लाइसोसोम
  • केंद्रकद्रव्य
  • राइबोसोम

Explanation: लाइसोसोम (Lysosomes) एक झिल्ली-बद्ध (Membrane-bound) छोटी संरचना (कोशिकांग) है। यह एकल झिल्ली से घिरा होता है। कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) और केंद्रकद्रव्य (Nucleoplasm) झिल्ली-बद्ध नहीं हैं; राइबोसोम (Ribosomes) झिल्ली-बद्ध नहीं होते (वे प्रोटीन और RNA से बने होते हैं)।
Quick Facts:

  • कोशिकाद्रव्य: यह झिल्ली-बद्ध नहीं है, यह एक तरल पदार्थ है, यह गलत है।
  • लाइसोसोम: यह एक झिल्ली-बद्ध छोटी संरचना है, यह सही है।
  • केंद्रकद्रव्य: यह नाभिक के अंदर का तरल पदार्थ है, झिल्ली-बद्ध नहीं, यह गलत है।
  • राइबोसोम: यह झिल्ली-बद्ध नहीं है, यह प्रोटीन-आरएनए कण है, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन सी कोशिका सामग्री कई छोटे दानों के साथ कोशिका द्रव्य में स्वतंत्र रूप से बिखरी हुई है या एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम की झिल्लियों से जुड़ी हुई है?

  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • प्लास्टिड
  • राइबोसोम
  • लाइसोसोम

Explanation: राइबोसोम (Ribosomes) छोटे, गोलाकार कण होते हैं जो कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) में स्वतंत्र रूप से (Free) बिखरे हो सकते हैं या खुरदुरी अंतर्द्रव्यी जालिका (Rough ER) की झिल्लियों से जुड़े हो सकते हैं। ये प्रोटीन संश्लेषण के स्थल हैं।
Quick Facts:

  • माइटोकॉन्ड्रिया: ये बड़े, अंडाकार अंगक हैं, छोटे दाने नहीं, यह गलत है।
  • प्लास्टिड: ये बड़े अंगक हैं (पादप कोशिकाओं में), छोटे दाने नहीं, यह गलत है।
  • राइबोसोम: ये छोटे दाने हैं, स्वतंत्र या ER से जुड़े, यह सही है।
  • लाइसोसोम: ये झिल्ली-बद्ध होते हैं, छोटे दाने नहीं (यद्यपि आकार में छोटे होते हैं, लेकिन वे झिल्ली-बद्ध होते हैं, स्वतंत्र रूप से बिखरे नहीं), यह गलत है।

मेरिस्टेमेटिक ऊतक की कोशिकाओं के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

  • ये शिथिल रूप से पैक, परिपक्व कोशिकाएं होती हैं जिनमें बृहत अंतरकोशिकीय स्थान होते हैं।
  • ये सघन कोशिकाद्रव्य, पतली भित्तियों, प्रमुख केन्द्रकों तथा बिना रसधानियों वाली सक्रिय कोशिकाएं होती हैं।
  • वे बृहत रसधानियों और मोटी भित्तियों के साथ निष्क्रिय होती हैं।
  • वे मृत कोशिकाएं होती हैं जिनमें कोई केन्द्रक या कोशिकाद्रव्य नहीं होता है।

Explanation: मेरिस्टेमेटिक ऊतक (Meristematic Tissue) पौधों के विभज्यक ऊतक हैं जो लगातार विभाजित हो रहे हैं। इन कोशिकाओं की विशेषताएँ हैं: सघन कोशिकाद्रव्य (Dense Cytoplasm), पतली कोशिका भित्ति (Thin Cell Wall), प्रमुख (बड़ा) केंद्रक (Prominent Nucleus), और रिक्तिकाएँ (Vacuoles) या तो नहीं होती या बहुत छोटी होती हैं, क्योंकि वे विभाजन में सक्रिय होती हैं।
Quick Facts:

  • शिथिल रूप से पैक, परिपक्व: यह मृदूतक (Parenchyma) जैसे स्थायी ऊतक की विशेषता है, मेरिस्टेमेटिक की नहीं, यह गलत है।
  • सघन कोशिकाद्रव्य, पतली भित्तियाँ, प्रमुख केंद्रक, बिना रसधानियाँ: यह मेरिस्टेमेटिक कोशिकाओं की सही विशेषता है, यह सही है।
  • बृहत रसधानियाँ और मोटी भित्तियाँ: यह परिपक्व/स्थायी ऊतकों की विशेषता है, मेरिस्टेमेटिक की नहीं, यह गलत है।
  • मृत कोशिकाएं: यह मृत ऊतकों (जैसे- वाहिनी) की विशेषता है, मेरिस्टेमेटिक की नहीं, यह गलत है।

किस अणु को कोशिका की ‘ऊर्जा मुद्रा’ कहा जाता है?

  • पाइरुविक अम्ल
  • ग्लूकोज
  • ADP
  • ATP

Explanation: ATP (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) को कोशिका की ‘ऊर्जा मुद्रा’ (Energy Currency) कहा जाता है, क्योंकि यह कोशिकीय प्रक्रियाओं में ऊर्जा को संग्रहीत और स्थानांतरित करता है। ATP से ऊर्जा निर्मुक्त होती है जब इसका टर्मिनल फॉस्फेट बंध टूटता है, जिससे ADP बनता है।
Quick Facts:

  • पाइरुविक अम्ल: यह ग्लाइकोलाइसिस का उत्पाद है, ऊर्जा मुद्रा नहीं, यह गलत है।
  • ग्लूकोज: यह ऊर्जा का स्रोत (भोजन) है, लेकिन मुद्रा नहीं, यह गलत है।
  • ADP: यह ATP से कम ऊर्जा वाला अणु है, मुद्रा नहीं, यह गलत है।
  • ATP: यह कोशिका की ऊर्जा मुद्रा है, यह सही है।

निम्नलिखित में से कौन-सी कोशिका संरचना, अमीबा को उसकी खाद्य सामग्री प्राप्त करने में सहायता करता है?

  • कशाभिका
  • केंद्रकीय झिल्ली
  • प्लाज्मा झिल्ली
  • पक्ष्माभिका

Explanation: अमीबा (Amoeba) अपनी प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) की सहायता से भोजन ग्रहण करता है। यह झिल्ली कूटपाद (Pseudopodia) बनाती है, जो भोजन के कणों को घेर लेती है और अंतर्ग्रहण कर लेती है, इस प्रक्रिया को फागोसाइटोसिस (Phagocytosis) कहते हैं।
Quick Facts:

  • कशाभिका (Flagellum): यह गति के लिए होती है, भोजन ग्रहण के लिए नहीं (जैसे- यूग्लीना में), यह गलत है।
  • केंद्रकीय झिल्ली: यह नाभिक की सुरक्षा और नियंत्रण के लिए है, भोजन ग्रहण के लिए नहीं, यह गलत है।
  • प्लाज्मा झिल्ली: यह अमीबा को भोजन ग्रहण करने में सहायता करती है (फागोसाइटोसिस), यह सही है।
  • पक्ष्माभिका (Cilia): ये गति के लिए हैं, भोजन ग्रहण के लिए नहीं (जैसे- पैरामीशियम में), यह गलत है।

नाभिक के अंदर की सघन संरचना जो राइबोसोम का निर्माण करती है उसे कहा जाता है।

  • न्यूक्लियोलस (nucleolus)
  • लाइसोसोम (lysosome)
  • सेंट्रोसोम (centrosome)
  • माइटोकॉन्ड्रिया (mitochondria)

Explanation: न्यूक्लियोलस (Nucleolus) नाभिक (Nucleus) के अंदर स्थित एक सघन (Dense), गोलाकार संरचना है। यह राइबोसोमल RNA (rRNA) का संश्लेषण करता है और राइबोसोम (Ribosomes) के निर्माण (Assembly) का स्थल है।
Quick Facts:

  • न्यूक्लियोलस: यह नाभिक के अंदर सघन संरचना है, राइबोसोम बनाता है, यह सही है।
  • लाइसोसोम: यह नाभिक के अंदर नहीं होता, यह कोशिकाद्रव्य में होता है, यह गलत है।
  • सेंट्रोसोम: यह नाभिक के बाहर, जंतु कोशिकाओं में पाया जाता है, यह गलत है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया: यह नाभिक के बाहर कोशिकाद्रव्य में होता है, यह गलत है।

जब पादप तथा जंतु कोशिकाओं दोनों को शुद्ध जल में रखा जाता है, तो केवल जंतु कोशिका के प्रस्फोट (burst) होने का क्या कारण है?

  • पादप कोशिकाएं सक्रिय रूप से जल को बाहर पंप कर सकती हैं।
  • परासरण केवल जंतु कोशिकाओं में होता है।
  • जंतु कोशिकाओं की झिल्ली मोटी होती है।
  • पादप कोशिकाओं की कोशिका भित्ति कठोर होती है।

Explanation: शुद्ध जल (हाइपोटोनिक विलयन) में, परासरण (Osmosis) द्वारा पानी दोनों कोशिकाओं में प्रवेश करता है। जंतु कोशिकाओं में कठोर कोशिका भित्ति नहीं होती, इसलिए वे अत्यधिक पानी लेने पर फूल जाती हैं और फट (Burst/Lysis) जाती हैं। पादप कोशिकाओं में कठोर कोशिका भित्ति होती है, जो उन्हें फटने से रोकती है (वे केवल स्फीत हो जाती हैं)।
Quick Facts:

  • पादप कोशिकाएं जल को बाहर पंप करती हैं: यह गलत है, वे सक्रिय रूप से पंप नहीं करतीं।
  • परासरण केवल जंतु कोशिकाओं में: परासरण दोनों में होता है, यह गलत है।
  • जंतु कोशिकाओं की झिल्ली मोटी: जंतु कोशिकाओं की झिल्ली मोटी नहीं होती, यह गलत है।
  • पादप कोशिकाओं की कोशिका भित्ति कठोर: यही कारण है कि वे नहीं फटतीं, यह सही है।

गॉल्जी उपकरण को बनाने वाली चपटी, ढेर किए गई थैलियों (flat, stacked sacs) को क्या नाम दिया गया है?

  • क्रिस्टी (Cristae)
  • थायलाकोइड्स (Thylakoids)
  • सिस्टर्नी (Cisternae)
  • पुटिकाओं (Vesicles)

Explanation: गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) चपटी, ढेर की हुई थैलियों (Flattened, Stacked Sacs) से बना होता है, जिन्हें सिस्टर्नी (Cisternae) कहा जाता है। ये सिस्टर्नी कोशिका के भीतर पदार्थों के संशोधन, पैकेजिंग और परिवहन में सहायता करती हैं।
Quick Facts:

  • क्रिस्टी (Cristae): ये माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली की वलित (Folded) संरचनाएँ हैं, गॉल्जी की नहीं, यह गलत है।
  • थायलाकोइड्स (Thylakoids): ये क्लोरोप्लास्ट (हरितलवक) में पाई जाने वाली थैली जैसी संरचनाएँ हैं, गॉल्जी की नहीं, यह गलत है।
  • सिस्टर्नी (Cisternae): यह गॉल्जी उपकरण की चपटी, ढेर की हुई थैलियाँ हैं, यह सही है।
  • पुटिकाएँ (Vesicles): ये छोटी झिल्ली-बद्ध थैलियाँ हैं, लेकिन गॉल्जी की मूल संरचना सिस्टर्नी हैं, यह गलत है।

अनुस्पर्शा (analogy) को युग्मित करने के लिए एक शब्द का चयन करें। केंद्रक : सुकेंद्रकी कोशिका :: केंद्रकाभ :

  • बहुकोशिकीय जीव
  • पादप कोशिका
  • प्राक्केंद्रकी कोशिका
  • जंतु-कोशिका

Explanation: यह एक अनुस्पर्शा (Analogy) है। केंद्रक (Nucleus) सुकेंद्रकी (Eukaryotic) कोशिका में पाया जाता है, उसी प्रकार केंद्रकाभ (Nucleoid) प्राक्केंद्रकी (Prokaryotic) कोशिका में पाया जाता है। Nucleoid एक झिल्ली-बद्ध नहीं, बल्कि एक अस्पष्ट क्षेत्र है जहाँ DNA स्थित होता है।
Quick Facts:

  • बहुकोशिकीय जीव: सुकेंद्रकी होते हैं, लेकिन यह विशिष्ट नहीं है, यह गलत है।
  • पादप कोशिका: यह सुकेंद्रकी है, इसमें केंद्रक होता है, न्यूक्लियॉइड नहीं, यह गलत है।
  • प्राक्केंद्रकी कोशिका: इसमें न्यूक्लियॉइड होता है, यह सही है।
  • जंतु-कोशिका: यह सुकेंद्रकी है, इसमें केंद्रक होता है, न्यूक्लियॉइड नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषताएं, सूक्ष्मदर्शी के नीचे सभी कोशिकाओं द्वारा प्रदर्शित होती हैं?

  • केवल केन्द्रक और कोशिकाद्रव्य
  • प्लाज्मा झिल्ली, नाभिक और कोशिकाद्रव्य
  • केवल प्लाज्मा झिल्ली और नाभिक
  • केवल प्लाज्मा झिल्ली और कोशिकाद्रव्य

Explanation: सभी कोशिकाओं (प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक) में तीन बुनियादी संरचनाएँ होती हैं: प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane), नाभिकीय पदार्थ (Nucleus/Nucleoid), और कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm)। हालाँकि प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में वास्तविक नाभिक नहीं होता, परंतु उनमें न्यूक्लियॉइड (केंद्रकाभ) होता है, जो आनुवंशिक पदार्थ का क्षेत्र है। सूक्ष्मदर्शी से देखने पर इन तीनों को अलग-अलग पहचाना जा सकता है।
Quick Facts:

  • केवल केंद्रक और कोशिकाद्रव्य: प्लाज्मा झिल्ली भी होती है, इसलिए यह अपूर्ण है, गलत है।
  • प्लाज्मा झिल्ली, नाभिक और कोशिकाद्रव्य: यह सभी कोशिकाओं में मौजूद है (प्रोकैरियोटिक में न्यूक्लियॉइड), यह सही है।
  • केवल प्लाज्मा झिल्ली और नाभिक: कोशिकाद्रव्य भी होता है, इसलिए अपूर्ण है, गलत है।
  • केवल प्लाज्मा झिल्ली और कोशिकाद्रव्य: नाभिक भी होता है, इसलिए अपूर्ण है, गलत है।

किसी कोशिका में सूत्रकणिका की संख्या निम्नलिखित में से किस पर निर्भर करती है?

  • जीव की आयु
  • केंद्रक के आकार
  • कोशिका में उपस्थित DNA की मात्रा
  • कोशिका की कार्यात्मक सक्रियता

Explanation: माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) ATP (ऊर्जा) उत्पादन के लिए जिम्मेदार हैं। जिन कोशिकाओं को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है (जैसे- पेशी कोशिकाएँ, यकृत कोशिकाएँ), उनमें माइटोकॉन्ड्रिया की संख्या अधिक होती है। इसलिए, माइटोकॉन्ड्रिया की संख्या कोशिका की कार्यात्मक सक्रियता (Metabolic Activity) पर निर्भर करती है।
Quick Facts:

  • जीव की आयु: माइटोकॉन्ड्रिया की संख्या आयु पर निर्भर नहीं करती, यह गलत है।
  • केंद्रक का आकार: माइटोकॉन्ड्रिया की संख्या केंद्रक के आकार पर निर्भर नहीं करती, यह गलत है।
  • DNA की मात्रा: माइटोकॉन्ड्रिया की संख्या DNA की मात्रा पर निर्भर नहीं करती, यह गलत है।
  • कोशिका की कार्यात्मक सक्रियता: अधिक ऊर्जा आवश्यकता वाली कोशिकाओं में अधिक माइटोकॉन्ड्रिया होते हैं, यह सही है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कोशिकांग कोशिकीय प्रजनन में मदद करता है?

  • प्लास्टिड (Plastids)
  • लाइसोसोम (Lysosomes)
  • नाभिक (Nucleus)
  • एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (Endoplasmic Reticulum)

Explanation: नाभिक (Nucleus) कोशिका का नियंत्रण केंद्र है और इसमें आनुवंशिक पदार्थ (DNA) होता है। यह कोशिका विभाजन (Cell Division) को नियंत्रित करता है, जिसमें समसूत्री (Mitosis) और अर्धसूत्री (Meiosis) विभाजन शामिल हैं, इस प्रकार यह कोशिकीय प्रजनन (Cellular Reproduction) में मदद करता है।
Quick Facts:

  • प्लास्टिड: ये भोजन संश्लेषण और भंडारण के लिए हैं, प्रजनन में नहीं, यह गलत है।
  • लाइसोसोम: ये पाचन के लिए हैं, प्रजनन में नहीं, यह गलत है।
  • नाभिक: यह आनुवंशिक नियंत्रण और विभाजन के लिए है, प्रजनन में सहायक, यह सही है।
  • ER: यह संश्लेषण और परिवहन के लिए है, प्रजनन में नहीं, यह गलत है।

निम्नलिखित में से कौन पादप कोशिकाओं में बहुत बड़े आकार के होते हैं जबकि जंतु कोशिकाओं में ये छोटे आकार के होते हैं?

  • लाइसोसोम
  • प्लास्टिड
  • गॉल्जी उपकरण
  • रिक्तिकाएँ

Explanation: रिक्तिकाएँ (Vacuoles) पादप कोशिकाओं में बहुत बड़ी (एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका) होती हैं, जो कोशिका रस (Cell Sap) से भरी होती हैं और स्फीति (Turgidity) प्रदान करती हैं। जंतु कोशिकाओं में रिक्तिकाएँ छोटी और अनेक होती हैं, या कुछ कोशिकाओं में अनुपस्थित भी हो सकती हैं।
Quick Facts:

  • लाइसोसोम: जंतु कोशिकाओं में अधिक आम हैं, पादपों में कम, आकार में बड़े नहीं, यह गलत है।
  • प्लास्टिड: ये केवल पादप कोशिकाओं में होते हैं, जंतु में नहीं, इसलिए तुलना नहीं, यह गलत है।
  • गॉल्जी उपकरण: यह दोनों में आकार में भिन्न नहीं होता, यह गलत है।
  • रिक्तिकाएँ: पादपों में बड़ी, जंतुओं में छोटी, यह सही है।

पादप कोशिका में सूत्रकणिका (mitochondria) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • सूत्रकणिका का अपना DNA नहीं होता है।
  • सूत्रकणिका प्रकाश संश्लेषण करती है।
  • सूत्रकणिका में एक ही झिल्लीमय आवरण (membranous covering) होता है।
  • सूत्रकणिकीय आन्तरिक-झिल्ली (mitochondrial inner membrane) अत्यधिक वलित होती है।

Explanation: माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) एक दोहरी झिल्ली (Double Membrane) वाला अंगक है। इसकी आंतरिक झिल्ली (Inner Membrane) अत्यधिक वलित (Folded) होकर क्रिस्टी (Cristae) बनाती है, जो ATP संश्लेषण के लिए सतही क्षेत्रफल (Surface Area) बढ़ाती है। माइटोकॉन्ड्रिया में अपना स्वयं का DNA और राइबोसोम होते हैं।
Quick Facts:

  • अपना DNA नहीं होता: माइटोकॉन्ड्रिया में अपना DNA होता है, यह गलत है।
  • प्रकाश संश्लेषण करती है: प्रकाश संश्लेषण क्लोरोप्लास्ट में होता है, माइटोकॉन्ड्रिया में नहीं, यह गलत है।
  • एक ही झिल्ली: माइटोकॉन्ड्रिया दोहरी झिल्ली वाला होता है, एक नहीं, यह गलत है।
  • आंतरिक-झिल्ली अत्यधिक वलित: यह क्रिस्टी बनाती है, यह सही है।
RRB SCIENCE -BIOLOGY BANK – cell structure