SCIENCE

लैंगिक प्रजनन करने वाले जीवों में, किसी संतति को प्रत्येक गुण के कितने आनुवंशिक कारक (एलील) मिलते हैं?

  • केवल पिता से एक कारक
  • प्रत्येक माता-पिता से एक कारक
  • केवल माता से दो कारक
  • कुल मिलाकर एक कारक

Explanation: लैंगिक प्रजनन में संतति को प्रत्येक माता-पिता (Mother and Father) से एक-एक एलील (Allele) प्राप्त होता है, जिससे प्रत्येक गुण के लिए दो एलील बनते हैं। यह मेंडल के पृथक्करण (Segregation) के नियम का आधार है। संतति में कुल मिलाकर प्रत्येक गुण के दो एलील होते हैं — एक पिता से और एक माता से।
Quick Facts:

  • केवल पिता से एक कारक: यह गलत है, माता से भी एक कारक मिलता है।
  • प्रत्येक माता-पिता से एक कारक: यह सही है, लैंगिक प्रजनन में यही होता है।
  • केवल माता से दो कारक: यह गलत है, दोनों माता-पिता से एक-एक कारक मिलता है।
  • कुल मिलाकर एक कारक: यह गलत है, दो एलील होते हैं।

मटर का निम्नलिखित में से कौन-सा लक्षण एक प्रभावी विशेषक था, जिसका उपयोग मेंडल द्वारा अपने प्रयोगों में किया गया था?

  • झुर्रीदार बीज (Wrinkled Seeds)
  • लंबे पादप (Tall Plants)
  • छोटे पादप (Dwarf Plants)
  • हरे बीज (Green Seeds)

Explanation: मेंडल (Mendel) के प्रयोगों में लंबे पादप (Tall Plants) का लक्षण प्रभावी (Dominant) था, जबकि बौने पादप (Dwarf) अप्रभावी (Recessive) थे। इसी प्रकार, गोल बीज (Round) प्रभावी और झुर्रीदार बीज (Wrinkled) अप्रभावी, पीले बीज (Yellow) प्रभावी और हरे बीज (Green) अप्रभावी थे। लंबा पौधा प्रभावी लक्षण है।
Quick Facts:

  • झुर्रीदार बीज: यह अप्रभावी लक्षण है, गलत है।
  • लंबे पादप: यह प्रभावी लक्षण है, यह सही है।
  • छोटे पादप: यह अप्रभावी लक्षण है, गलत है।
  • हरे बीज: यह अप्रभावी लक्षण है, गलत है।

मेंडल ने किस आधार पर युग्मकों की शुद्धता का नियम दिया था?

  • प्रतीप संकरण (बैक क्रॉस)
  • द्विसंकर संकरण
  • परीक्षार्थ संकरण (टेस्ट क्रॉस)
  • एकसंकर संकरण

Explanation: युग्मकों की शुद्धता का नियम (Law of Purity of Gametes) मेंडल ने परीक्षार्थ संकरण (Test Cross) के आधार पर दिया था। टेस्ट क्रॉस में अज्ञात जीनोटाइप (Genotype) वाले व्यक्ति को अप्रभावी (Recessive) व्यक्ति से संकरण कराया जाता है, जिससे युग्मकों में एलील की शुद्धता सिद्ध होती है। एकसंकर (Monohybrid) और द्विसंकर (Dihybrid) क्रॉस से पृथक्करण और स्वतंत्र वर्गीकरण के नियम प्राप्त हुए थे।
Quick Facts:

  • प्रतीप संकरण (बैक क्रॉस): संतति का माता-पिता से संकरण, गलत है।
  • द्विसंकर संकरण: स्वतंत्र वर्गीकरण का नियम, गलत है।
  • परीक्षार्थ संकरण (टेस्ट क्रॉस): युग्मकों की शुद्धता का नियम, यह सही है।
  • एकसंकर संकरण: पृथक्करण का नियम, गलत है।

मेंडल के प्रयोगों में दो लक्षणों के बीच द्विसंकर क्रॉस के परिणामस्वरूप अनुपात क्या था?

  • 9 : 3 : 3 : 1
  • 3 : 1
  • 1 : 3 : 9 : 3
  • 9 : 7

Explanation: मेंडल के द्विसंकर क्रॉस (Dihybrid Cross) (जैसे- RRYY × rryy) के F2 पीढ़ी में लक्षणप्ररूपी (Phenotypic) अनुपात 9 : 3 : 3 : 1 होता है। 9 दोनों प्रभावी लक्षण, 3 पहला प्रभावी-दूसरा अप्रभावी, 3 पहला अप्रभावी-दूसरा प्रभावी, और 1 दोनों अप्रभावी लक्षणों के लिए होता है। 3 : 1 एकसंकर क्रॉस का अनुपात है।
Quick Facts:

  • 9 : 3 : 3 : 1: द्विसंकर क्रॉस का F2 अनुपात, यह सही है।
  • 3 : 1: एकसंकर क्रॉस का अनुपात, गलत है।
  • 1 : 3 : 9 : 3: गलत अनुपात, मेंडल का नहीं, गलत है।
  • 9 : 7: यह संपूरक जीन (Complementary Genes) का अनुपात है, मेंडल का नहीं, गलत है।

जीवों की आबादी में विविधता क्यों महत्वपूर्ण है?

  • यह पर्यावरणीय परिस्थितियों में बदलाव होने पर कुछ जीवों को जीवित रहने में सहायता करती है।
  • यह प्रजनन को रोकती है।
  • यह सभी जीवों के विलोपन का कारण बनती है।
  • यह जीवों को समरूप बनाती है।

Explanation: आबादी में विविधता (Variation) महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पर्यावरणीय परिवर्तनों (Environmental Changes) के दौरान कुछ जीवों को अनुकूलन (Adaptation) और जीवित रहने (Survival) में सहायता करती है। यह प्राकृतिक चयन (Natural Selection) का आधार है और विकास (Evolution) को संचालित करती है। विविधता प्रजनन नहीं रोकती, विलोपन नहीं कराती, और समरूपता नहीं लाती।
Quick Facts:

  • पर्यावरणीय परिवर्तनों में जीवित रहने में सहायता: यह सही है, विविधता अनुकूलन में मदद करती है।
  • प्रजनन को रोकना: विविधता प्रजनन नहीं रोकती, गलत है।
  • विलोपन का कारण: विविधता विलोपन नहीं, बल्कि अस्तित्व बनाए रखती है, गलत है।
  • समरूप बनाना: विविधता समरूपता नहीं, भिन्नता लाती है, गलत है।

मिलियन वर्षों से आदिम जीवों में होने वाले क्रमिक परिवर्तनों का अनुक्रम है, जिसके परिणामस्वरूप नई प्रजातियों का निर्माण होता है।

  • विकास
  • अनुवांशिकी
  • अनुरूप अंग
  • प्राकृतिक चयन

Explanation: विकास (Evolution) लाखों वर्षों में आदिम जीवों में होने वाले क्रमिक परिवर्तनों (Gradual Changes) की प्रक्रिया है, जिसके परिणामस्वरूप नई प्रजातियों (New Species) का निर्माण होता है। आनुवंशिकी (Genetics) वंशागति का अध्ययन है, अनुरूप अंग (Analogous Organs) विकास के प्रमाण हैं, और प्राकृतिक चयन (Natural Selection) विकास का एक तंत्र है।
Quick Facts:

  • विकास: क्रमिक परिवर्तन → नई प्रजातियाँ, यह सही है।
  • अनुवांशिकी: वंशागति का अध्ययन, विकास की प्रक्रिया नहीं, गलत है।
  • अनुरूप अंग: विकास के प्रमाण, प्रक्रिया नहीं, गलत है।
  • प्राकृतिक चयन: विकास का तंत्र, प्रक्रिया नहीं, गलत है।

मेंडल को वंशानुगत नियमों को प्राप्त करने में सफलता के पीछे मुख्य कारण क्या था?

  • उन्होंने मटर के पौधे का चयन किया।
  • उन्होंने अपने क्रॉस में एक समय में केवल एक ही लक्षण का अध्ययन किया।
  • उन्होंने ऐसे माता-पिता चुने जो समान थे।
  • उन्होंने प्रत्येक पीढ़ी में किसी विशेष लक्षण को प्रदर्शित करने वाले व्यक्तियों की गणना की।

Explanation: मेंडल की सफलता का मुख्य कारण यह था कि उन्होंने एक समय में केवल एक ही लक्षण (Trait) का अध्ययन किया, जिससे परिणामों को सरलता से समझा और गणितीय रूप से विश्लेषित किया जा सका। उन्होंने मटर का चयन किया, लेकिन यह एक सहायक कारण था। उन्होंने विपरीत (Contrasting) लक्षण वाले माता-पिता चुने, समान नहीं। गणना करना भी एक कारण था, परंतु मुख्य कारण एक लक्षण पर ध्यान केंद्रित करना था।
Quick Facts:

  • मटर का चयन: सहायक कारण, मुख्य नहीं, गलत है।
  • एक समय में एक लक्षण का अध्ययन: मुख्य कारण, यह सही है।
  • समान माता-पिता: मेंडल ने विपरीत लक्षण चुने, गलत है।
  • गणना करना: सहायक कारण, मुख्य नहीं, गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प मेंडल के प्रयोग में F1 पीढ़ी में अप्रभावी लक्षणों की अनुपस्थिति और F2 पीढ़ी में उनकी पुनः उपस्थिति की व्याख्या करता है?

  • अप्रभावी विशेषक F2 पीढ़ी में प्रभावी हो जाते हैं।
  • अप्रभावी एलील F1 में छिपे रहते हैं, लेकिन पृथक्करण के कारण F2 में पुनः प्रकट हो जाते हैं।
  • अप्रभावी विशेषक अनियमित रूप से पीढ़ियों को छोड़ देते हैं।
  • F1 पीढ़ी में अप्रभावी विशेषक पूर्ण रूप से नष्ट हो जाते हैं।

Explanation: मेंडल के एकसंकर क्रॉस में F1 पीढ़ी (जैसे Tt) में अप्रभावी (Recessive) लक्षण (t) दिखाई नहीं देता क्योंकि वह प्रभावी (Dominant) लक्षण (T) के साथ छिपा (Masked) रहता है। F2 पीढ़ी में एलीलों के पृथक्करण (Segregation) के कारण (Tt × Tt से TT, Tt, tt) अप्रभावी लक्षण (tt) पुनः प्रकट हो जाता है। अप्रभावी विशेषक नष्ट नहीं होते, वे छिपे रहते हैं।
Quick Facts:

  • F2 में प्रभावी हो जाते हैं: अप्रभावी प्रभावी नहीं होते, गलत है।
  • छिपे रहते हैं, पृथक्करण के कारण F2 में प्रकट: यह सही व्याख्या है।
  • अनियमित रूप से पीढ़ियों को छोड़ देते हैं: यह गलत है, यह नियमित रूप से होता है।
  • F1 में नष्ट हो जाते हैं: अप्रभावी नष्ट नहीं होते, वे छिपे रहते हैं, गलत है।

आनुवंशिकता का नियम किसने दिया?

  • वॉटसन और क्रिक
  • कार्ल लिनियस
  • ग्रेगर मेंडल
  • चार्ल्स डार्विन

Explanation: आनुवंशिकता (Heredity) के नियम (Law of Inheritance) ग्रेगर जोहान मेंडल (Gregor Johann Mendel) ने दिए थे। उन्होंने मटर के पौधों पर प्रयोग करके पृथक्करण (Segregation) और स्वतंत्र वर्गीकरण (Independent Assortment) के नियम प्रतिपादित किए। वॉटसन और क्रिक ने DNA की द्विकुंडली संरचना, लिनियस ने वर्गीकरण, और डार्विन ने विकास का सिद्धांत दिया।
Quick Facts:

  • वॉटसन और क्रिक: DNA संरचना, आनुवंशिकता नियम नहीं, गलत है।
  • कार्ल लिनियस: वर्गीकरण, आनुवंशिकता नियम नहीं, गलत है।
  • ग्रेगर मेंडल: आनुवंशिकता के नियम, यह सही है।
  • चार्ल्स डार्विन: विकास, आनुवंशिकता नियम नहीं, गलत है।

नीचे दी गई छवि दो पौधों के बीच F2 पीढ़ी तक के संकरण को दर्शाती है। इस संकरण से निकाले जा सकने वाले कुछ निष्कर्ष नीचे दिए गए हैं। कौन सा विकल्प गलत निष्कर्ष देता है?

  • लक्षणों को विरासत में मिला है लेकिन व्यक्त नहीं किया गया है।
  • लाल और हरा दोनों प्रभावी हैं, हालांकि हरे रंग की संख्या कम है।
  • केवल लाल रंग प्रभावी है।
  • हरा रंग अप्रभावी है।

Explanation: मेंडल के प्रयोगों में यदि F2 पीढ़ी में लाल और हरा रंग 3:1 के अनुपात में है, तो लाल रंग प्रभावी (Dominant) और हरा रंग अप्रभावी (Recessive) है। दोनों प्रभावी नहीं हो सकते। यह कथन “लाल और हरा दोनों प्रभावी हैं” गलत है क्योंकि यदि दोनों प्रभावी होते, तो अनुपात 3:1 नहीं आता। लक्षण विरासत में मिलते हैं, अप्रभावी छिप सकते हैं, और केवल लाल प्रभावी है, हरा अप्रभावी है।
Quick Facts:

  • लक्षण विरासत में मिले, व्यक्त नहीं: यह सही है (अप्रभावी छिपे रहते हैं)।
  • लाल और हरा दोनों प्रभावी: गलत है, यही गलत निष्कर्ष है।
  • केवल लाल प्रभावी है: सही है, यदि 3:1 अनुपात है।
  • हरा अप्रभावी है: सही है, 3:1 में अप्रभावी।

सरल अकार्बनिक पदार्थों से जीवन की उत्पत्ति का सुझाव किसने दिया था?

  • स्टेनली एल मिलर
  • ग्रेगर मेंडल
  • चार्ल्स डार्विन
  • जे.बी.एस. हाल्डेन

Explanation: जे.बी.एस. हाल्डेन (J.B.S. Haldane) ने 1929 में सुझाव दिया था कि जीवन की उत्पत्ति सरल अकार्बनिक पदार्थों (Inorganic Substances) से हुई होगी, जब पृथ्वी का वायुमंडल अक्सीकारी (Reducing) था। स्टेनली मिलर (Stanley Miller) ने 1953 में प्रयोगात्मक रूप से इसकी पुष्टि की (मिलर-यूरे प्रयोग)। मेंडल (Mendel) आनुवंशिकी और डार्विन (Darwin) विकास से संबंधित हैं।
Quick Facts:

  • स्टेनली एल मिलर: प्रयोगात्मक पुष्टि की, सुझाव नहीं, गलत है।
  • ग्रेगर मेंडल: आनुवंशिकी, जीवन उत्पत्ति नहीं, गलत है।
  • चार्ल्स डार्विन: विकास, जीवन उत्पत्ति नहीं, गलत है।
  • जे.बी.एस. हाल्डेन: सुझाव दिया, यह सही है।

मानव विकास में सबसे हाल में खोजी गई कड़ी किस जीवाश्म का अवशेष है?

  • लूसी
  • होमो नलेदी
  • होमो सेपियन्स
  • ऑस्ट्रेलोपिथेकस

Explanation: होमो नलेदी (Homo naledi) मानव विकास (Human Evolution) में सबसे हाल में खोजी गई कड़ी है, जिसके जीवाश्म 2013 में दक्षिण अफ्रीका के राइजिंग स्टार गुफा में मिले थे। लूसी (Lucy) (Australopithecus afarensis) 3.2 मिलियन वर्ष पुरानी है, होमो सेपियन्स (Homo sapiens) आधुनिक मानव हैं, और ऑस्ट्रेलोपिथेकस (Australopithecus) एक प्राचीन पूर्वज है।
Quick Facts:

  • लूसी: 1974 में खोजी गई, पुरानी, गलत है।
  • होमो नलेदी: हालिया खोज (2013), यह सही है।
  • होमो सेपियन्स: आधुनिक मानव, खोज नहीं, गलत है।
  • ऑस्ट्रेलोपिथेकस: पुराना, हालिया नहीं, गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सी संकरण क्रॉसिंग (hybridisation crossing) फसल किस्मों में सुधार के लिए उपयोग नहीं की जाती है?

  • अंतरवंशीय (Intergeneric)
  • अंतरास्पीशीज (Intraspecific)
  • अंतरस्पीशीज (Interspecific)
  • अंतरकिस्मीय (Intervarietal)

Explanation: फसल सुधार (Crop Improvement) में अंतरास्पीशीज (Intraspecific) क्रॉसिंग का उपयोग नहीं किया जाता क्योंकि यह एक ही प्रजाति (Same Species) के भीतर क्रॉसिंग है, जो नई विविधता नहीं लाता। अंतरवंशीय (Intergeneric – विभिन्न वंशों के बीच), अंतरस्पीशीज (Interspecific – विभिन्न प्रजातियों के बीच), और अंतरकिस्मीय (Intervarietal – विभिन्न किस्मों के बीच) क्रॉसिंग का उपयोग नए गुण लाने के लिए किया जाता है।
Quick Facts:

  • अंतरवंशीय: दो वंशों के बीच, उपयोगी, गलत है।
  • अंतरास्पीशीज: एक ही प्रजाति के भीतर, उपयोग नहीं, यह सही है।
  • अंतरस्पीशीज: दो प्रजातियों के बीच, उपयोगी, गलत है।
  • अंतरकिस्मीय: किस्मों के बीच, उपयोगी, गलत है।

मानव आनुवंशिकी का पता ______ से लगाया जा सकता है।

  • अफ्रीकी उत्पत्ति
  • अमेरिकी उत्पत्ति
  • दक्षिणी एशियाई उत्पत्ति
  • पूर्वी एशियाई उत्पत्ति

Explanation: मानव आनुवंशिकी (Human Genetics) का पता अफ्रीकी उत्पत्ति (African Origin) से लगाया जा सकता है, क्योंकि आधुनिक मानव (Homo sapiens) की उत्पत्ति अफ्रीका में हुई थी (आउट ऑफ अफ्रीका सिद्धांत)। माइटोकॉन्ड्रियल DNA (mtDNA) और Y-गुणसूत्र अध्ययनों से यह सिद्ध होता है कि सभी मानव एक अफ्रीकी पूर्वज (African Eve) से उत्पन्न हुए हैं।
Quick Facts:

  • अफ्रीकी उत्पत्ति: मानव की उत्पत्ति अफ्रीका में, यह सही है।
  • अमेरिकी उत्पत्ति: गलत, अमेरिका में मानव बाद में पहुँचे।
  • दक्षिणी एशियाई उत्पत्ति: गलत, अफ्रीका से प्रवास।
  • पूर्वी एशियाई उत्पत्ति: गलत, अफ्रीकी उत्पत्ति सर्वमान्य है।

वैज्ञानिक जीजे मेंडल का निधन कब हुआ:

  • 1884
  • 1874
  • 1879
  • 1901

Explanation: ग्रेगर जोहान मेंडल (Gregor Johann Mendel) का निधन 6 जनवरी 1884 को हुआ था। उनका जन्म 1822 में हुआ था। उनके कार्यों को उनके जीवनकाल में मान्यता नहीं मिली, बाद में 1900 के आसपास इन्हें पुनः खोजा गया। अन्य विकल्प (1874, 1879, 1901) गलत वर्ष हैं।
Quick Facts:

  • 1884: मेंडल का निधन वर्ष, यह सही है।
  • 1874: गलत वर्ष, मेंडल 1884 में मरे।
  • 1879: गलत वर्ष।
  • 1901: गलत, मेंडल 1884 में निधन हो गया था।

निम्नलिखित में से किसने पहली बार विज्ञान और गणित के अपने ज्ञान को मिलाकर प्रत्येक पीढ़ी में किसी विशेष लक्षण को प्रदर्शित करने वाले व्यक्तियों की गणना की?

  • चार्ल्स रॉबर्ट डार्विन
  • स्टेनली एल मिलर
  • ग्रेगर जोहान मेंडल
  • जेबीएस हाल्डेन

Explanation: ग्रेगर जोहान मेंडल (Gregor Johann Mendel) पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने विज्ञान और गणित (Science and Mathematics) को मिलाकर प्रत्येक पीढ़ी में लक्षणों की गणना (Counting) की और सांख्यिकीय विश्लेषण (Statistical Analysis) किया। उन्होंने अपने प्रयोगों में बड़ी संख्या में पौधों का उपयोग किया और अनुपात (Ratios) निकाले। डार्विन, मिलर और हाल्डेन ने ऐसा नहीं किया।
Quick Facts:

  • चार्ल्स डार्विन: विकास, गणितीय विश्लेषण नहीं, गलत है।
  • स्टेनली एल मिलर: प्रयोगात्मक जीवन उत्पत्ति, गणना नहीं, गलत है।
  • ग्रेगर जोहान मेंडल: गणितीय विश्लेषण, यह सही है।
  • जेबीएस हाल्डेन: जीवन उत्पत्ति सुझाव, गणना नहीं, गलत है।

निम्नलिखित में से कौन सा अणु संतति द्वारा किसी विशेषक की वंशागति को नियंत्रित करता है?

  • केवल मातृ DNA
  • पैतृक और मातृ DNA
  • प्रोटीन
  • केवल पैतृक DNA

Explanation: किसी विशेषक (Trait) की वंशागति (Inheritance) पैतृक (Paternal) और मातृ (Maternal) दोनों DNA द्वारा नियंत्रित होती है, क्योंकि संतति को माता और पिता दोनों से गुणसूत्र (Chromosomes) प्राप्त होते हैं। केवल मातृ या केवल पैतृक DNA से वंशागति नहीं होती। प्रोटीन (Protein) अभिव्यक्ति में सहायक होते हैं, लेकिन आनुवंशिक जानकारी DNA में होती है।
Quick Facts:

  • केवल मातृ DNA: संतति को पिता से भी मिलता है, गलत है।
  • पैतृक और मातृ DNA: दोनों से वंशागति, यह सही है।
  • प्रोटीन: लक्षण अभिव्यक्ति के लिए, नियंत्रण नहीं, गलत है।
  • केवल पैतृक DNA: माता से भी मिलता है, गलत है।

संतति कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या किस प्रक्रिया द्वारा आधी हो जाती है?

  • द्विखंडन
  • अर्धसूत्री विभाजन
  • समसूत्री विभाजन
  • असूत्री विभाजन

Explanation: अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) वह प्रक्रिया है जिसमें गुणसूत्रों (Chromosomes) की संख्या आधी (Haploid – n) हो जाती है। यह युग्मक (Gametes) (शुक्राणु और अंडाणु) के निर्माण में होता है। द्विखंडन (Binary Fission), समसूत्री विभाजन (Mitosis) और असूत्री विभाजन (Amitosis) में गुणसूत्रों की संख्या समान (Diploid – 2n) रहती है।
Quick Facts:

  • द्विखंडन: अलैंगिक जनन, संख्या समान रहती है, गलत है।
  • अर्धसूत्री विभाजन: गुणसूत्र आधे होते हैं, यह सही है।
  • समसूत्री विभाजन: संख्या समान (2n), गलत है।
  • असूत्री विभाजन: संख्या समान, गलत है।

मनुष्यों में लिंग निर्धारण का एक प्रवाह चार्ट नीचे दिखाया गया है। इससे जो निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं उनका उल्लेख विकल्पों में किया गया है। गलत विकल्प का चयन करें।

  • संतान का लिंग निर्धारण नर करता है।
  • सभी बच्चों को अपनी माँ से X गुणसूत्र विरासत में मिलता है।
  • बच्चे के पुरुष या महिला होने की संभावना 50% है।
  • मादा संतान का लिंग तय करती है।

Explanation: मनुष्यों में लिंग निर्धारण (Sex Determination) नर (पिता) द्वारा होता है क्योंकि नर में X और Y दोनों गुणसूत्र होते हैं, जबकि मादा में केवल X गुणसूत्र होता है। यदि शुक्राणु X लाता है → मादा (XX), Y लाता है → नर (XY)। मादा (माता) केवल X देती है, इसलिए मादा लिंग निर्धारण नहीं करती, यह कथन गलत है। 50% संभावना, X गुणसूत्र माता से, और नर द्वारा निर्धारण सही हैं।
Quick Facts:

  • संतान का लिंग निर्धारण नर करता है: सही, Y गुणसूत्र पिता से।
  • सभी बच्चों को माँ से X मिलता है: सही, माँ केवल X देती है।
  • 50% संभावना: सही, X या Y शुक्राणु की 50% संभावना।
  • मादा संतान का लिंग तय करती है: गलत, यही गलत निष्कर्ष है।

मेंडल द्वारा अध्ययन किए गए लक्षणों के विपरीत युग्मों में से एक ______ था।

  • नीले और सफेद फूल
  • बैंगनी और सफेद फूल
  • पीले और बैंगनी फूल
  • सफेद और पीले फूल

Explanation: मेंडल (Mendel) ने मटर के पौधों में फूलों के रंग (Flower Colour) के लिए बैंगनी (Violet/Purple) और सफेद (White) फूलों का अध्ययन किया। बैंगनी रंग प्रभावी (Dominant) था और सफेद अप्रभावी (Recessive) था। मेंडल ने नीले, पीले या अन्य रंगों का अध्ययन नहीं किया।
Quick Facts:

  • नीले और सफेद: मेंडल ने नीला नहीं लिया, गलत है।
  • बैंगनी और सफेद: मेंडल के प्रयोगों का लक्षण, यह सही है।
  • पीले और बैंगनी: मेंडल ने पीला बीज के लिए लिया, फूल नहीं, गलत है।
  • सफेद और पीले: मेंडल ने फूलों में सफेद-बैंगनी, गलत है।

मेंडल ने अपने प्रयोगों के लिए किस पौधे का उपयोग किया था?

  • बगीचे का मटर
  • लिली
  • गुलाब का पौधा
  • पांचवां

Explanation: मेंडल (Mendel) ने अपने आनुवंशिक प्रयोगों के लिए बगीचे के मटर (Garden Pea – Pisum sativum) का उपयोग किया। इस पौधे में आसानी से देखे जा सकने वाले सात विपरीत लक्षण (Contrasting Traits) थे, यह स्व-परागण (Self-pollination) और संकरण (Cross-pollination) दोनों कर सकता था, और इसकी पीढ़ी काल (Generation Time) कम था। लिली, गुलाब और पांचवां पौधा उनके प्रयोगों में उपयोग नहीं किया गया।
Quick Facts:

  • बगीचे का मटर: मेंडल का प्रयोग पौधा, यह सही है।
  • लिली: मेंडल ने उपयोग नहीं किया, गलत है।
  • गुलाब का पौधा: उपयोग नहीं किया, गलत है।
  • पांचवां: असंबंधित, गलत है।

सजीव जीवों के वर्गीकरण की मूल इकाई ______ है।

  • जगत
  • प्रजाति
  • वंश
  • कुल

Explanation: सजीव जीवों के वर्गीकरण (Classification) की मूल इकाई प्रजाति (Species) है। प्रजाति समान जीवों का एक समूह है जो आपस में प्रजनन करके उपजाऊ संतति उत्पन्न कर सकते हैं। जगत (Kingdom) सबसे बड़ी, वंश (Genus) और कुल (Family) उच्च श्रेणियाँ हैं, परंतु मूल इकाई प्रजाति है।
Quick Facts:

  • जगत: सबसे बड़ी इकाई, मूल नहीं, गलत है।
  • प्रजाति: वर्गीकरण की मूल इकाई, यह सही है।
  • वंश: प्रजाति से ऊपर, मूल नहीं, गलत है।
  • कुल: वंश से ऊपर, मूल नहीं, गलत है।

‘होमो सेपियन्स’ शब्द किसने दिया?

  • मिलर
  • डार्विन
  • जी. जे. मेंडल
  • सी. लिनियस

Explanation: ‘होमो सेपियन्स’ (Homo sapiens) शब्द कार्ल लिनियस (Carolus Linnaeus) ने दिया था, जिन्होंने द्विपद नामकरण (Binomial Nomenclature) प्रणाली विकसित की। उन्होंने मानव का वैज्ञानिक नाम Homo sapiens रखा (Homo = वंश, sapiens = बुद्धिमान)। मिलर, डार्विन, और मेंडल ने यह शब्द नहीं दिया।
Quick Facts:

  • मिलर: जीवन उत्पत्ति प्रयोग, नामकरण नहीं, गलत है।
  • डार्विन: विकास, नामकरण नहीं, गलत है।
  • जी. जे. मेंडल: आनुवंशिकी, नामकरण नहीं, गलत है।
  • सी. लिनियस: द्विपद नामकरण, Homo sapiens, यह सही है।

आज हम जिस वैज्ञानिक नामकरण या जीवों के नामकरण की प्रणाली का उपयोग करते हैं, उसे निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने प्रस्तुत किया था?

  • जॉर्ज वाशिंगटन कार्वर
  • कार्ल लिनियस
  • मैरी क्यूरी
  • चार्ल्स डार्विन

Explanation: आज उपयोग होने वाली वैज्ञानिक नामकरण (Binomial Nomenclature) प्रणाली कार्ल लिनियस (Carolus Linnaeus) ने प्रस्तुत की थी। इसमें प्रत्येक जीव का दो-भाग वाला नाम (जैसे- Homo sapiens) होता है, जो वंश (Genus) और प्रजाति (Species) को दर्शाता है। जॉर्ज वाशिंगटन कार्वर कृषि वैज्ञानिक, मैरी क्यूरी भौतिक विज्ञानी, और डार्विन विकासवादी जीवविज्ञानी थे।
Quick Facts:

  • जॉर्ज वाशिंगटन कार्वर: कृषि, नामकरण नहीं, गलत है।
  • कार्ल लिनियस: द्विपद नामकरण के जनक, यह सही है।
  • मैरी क्यूरी: रेडियोधर्मिता, नामकरण नहीं, गलत है।
  • चार्ल्स डार्विन: विकास, नामकरण नहीं, गलत है।

आनुवंशिकी में मेंडल का क्या योगदान था?

  • उपाजित लक्षणों की वंशागति
  • वंशागति के नियम
  • DNA की खोज
  • विकास का सिद्धांत

Explanation: मेंडल (Mendel) का आनुवंशिकी (Genetics) में मुख्य योगदान वंशागति के नियम (Laws of Inheritance) हैं — पृथक्करण का नियम (Law of Segregation) और स्वतंत्र वर्गीकरण का नियम (Law of Independent Assortment)। उपाजित लक्षणों (Acquired Traits) की वंशागति लैमार्क से संबंधित है, DNA की खोज वॉटसन और क्रिक/फ्रेडरिक मिशर ने की, और विकास का सिद्धांत डार्विन ने दिया।
Quick Facts:

  • उपाजित लक्षण: लैमार्क, मेंडल नहीं, गलत है।
  • वंशागति के नियम: मेंडल का योगदान, यह सही है।
  • DNA की खोज: वॉटसन-क्रिक/मिशर, मेंडल नहीं, गलत है।
  • विकास का सिद्धांत: डार्विन, मेंडल नहीं, गलत है।

एक आनुवंशिक प्रयोगशाला में, एक निषेचित मानव भ्रूण में XX गुणसूत्र पाए जाते हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

  • भ्रूण मानव मादा बन जाएगा।
  • भ्रूण में एक अतिरिक्त Y गुणसूत्र होता है।
  • भ्रूण मानव नर बन जायेगा।
  • भ्रूण में लिंग गुणसूत्रों का अभाव होता है।

Explanation: मानव में XX गुणसूत्र (Chromosomes) का संयोजन स्त्री (Female) लिंग का निर्धारण करता है, जबकि XY पुरुष (Male) लिंग का। इसलिए, XX गुणसूत्र वाला भ्रूण (Embryo) मादा (Female) होगा। इसमें Y गुणसूत्र नहीं है, नर नहीं होगा, और लिंग गुणसूत्र विद्यमान हैं (X और X)।
Quick Facts:

  • भ्रूण मादा होगा: XX → Female, यह सही है।
  • Y गुणसूत्र अतिरिक्त: XX में Y नहीं, गलत है।
  • नर बनेगा: XX → Female, Male नहीं, गलत है।
  • लिंग गुणसूत्र का अभाव: XX में गुणसूत्र हैं, गलत है।

कुछ सरीसृपों में, संतति का लिंग ______ द्वारा निर्धारित होता है।

  • Y गुणसूत्र की उपस्थिति या अनुपस्थिति
  • अंडों के ऊष्मायन के तापमान
  • माता में हार्मोन के स्तर
  • लिंग गुणसूत्र

Explanation: कुछ सरीसृपों (Reptiles) जैसे- मगरमच्छ (Crocodiles), कछुए (Turtles) में लिंग निर्धारण (Sex Determination) तापमान-निर्भर (Temperature-Dependent) होता है, जिसे TSD (Temperature-Dependent Sex Determination) कहते हैं। अंडों के ऊष्मायन (Incubation) तापमान के आधार पर संतति का लिंग निर्धारित होता है, न कि गुणसूत्रों (Chromosomes) द्वारा।
Quick Facts:

  • Y गुणसूत्र: स्तनधारियों में, सरीसृपों में नहीं, गलत है।
  • अंडों के ऊष्मायन का तापमान: TSD, यह सही है।
  • माता में हार्मोन: गलत, निर्धारण नहीं।
  • लिंग गुणसूत्र: कुछ सरीसृपों में नहीं, गलत है।

आनुवंशिकी के संदर्भ में, वंशावली विश्लेषण का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?

  • विकसी आबादी में व्यक्तियों के शारीरिक लक्षणों को मापना
  • विभिन्न जीवों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं का विश्लेषण करना
  • किसी परिवार के भीतर पीढ़ियों के पार विशिष्ट लक्षणों की वंशानुगतता का पता लगाना
  • किसी पर्यावरण में प्रजातियों के बीच पारिस्थितिक अंतक्रियाओं का अध्ययन करना

Explanation: वंशावली विश्लेषण (Pedigree Analysis) का प्राथमिक उद्देश्य किसी परिवार (Family) में पीढ़ियों (Generations) के पार विशिष्ट लक्षणों (Traits) या रोगों (Diseases) की वंशानुगतता (Inheritance) का पता लगाना है। यह आनुवंशिक रोगों की वंशागति पैटर्न को समझने में सहायक है। अन्य विकल्प आनुवंशिकी से संबंधित नहीं हैं।
Quick Facts:

  • शारीरिक लक्षण मापना: यह फेनोटाइप है, वंशावली का उद्देश्य नहीं, गलत है।
  • पोषण आवश्यकताएँ: पोषण, आनुवंशिकी नहीं, गलत है।
  • पीढ़ियों के पार वंशानुगतता: वंशावली विश्लेषण का उद्देश्य, यह सही है।
  • पारिस्थितिक अंतक्रियाएँ: पारिस्थितिकी, आनुवंशिकी नहीं, गलत है।

‘द ओरिजिन ऑफ़ स्पीशीज’ किसके द्वारा लिखी गई थी?

  • एलेटो
  • अरस्तू
  • कन्फ्यूशियस
  • चार्ल्स डार्विन

Explanation: ‘द ओरिजिन ऑफ स्पीशीज’ (On the Origin of Species) चार्ल्स डार्विन (Charles Darwin) द्वारा 1859 में लिखी गई थी। इस पुस्तक में प्राकृतिक चयन (Natural Selection) द्वारा विकास (Evolution) का सिद्धांत प्रस्तुत किया गया। एलेटो, अरस्तू और कन्फ्यूशियस प्राचीन दार्शनिक/लेखक हैं, जिन्होंने यह पुस्तक नहीं लिखी।
Quick Facts:

  • एलेटो: ग्रीक दार्शनिक, गलत है।
  • अरस्तू: ग्रीक दार्शनिक, गलत है।
  • कन्फ्यूशियस: चीनी दार्शनिक, गलत है।
  • चार्ल्स डार्विन: यह पुस्तक उन्होंने लिखी, यह सही है।

मेंडल द्वारा अपने प्रयोगों को संचालित करने के तरीके के आधार पर नीचे दिए गए कथनों में से सही कथन की पहचान कीजिए।

  • प्रारंभ में पौधों का स्व-निषेचन किया गया, उसके बाद पर-निषेचन किया गया।
  • प्रारंभ में पौधों का पर-निषेचन किया गया, उसके बाद स्व-निषेचन किया गया।
  • केवल स्व-निषेचन किया गया।
  • केवल पर-निषेचन किया गया।

Explanation: मेंडल (Mendel) ने अपने प्रयोगों में शुद्ध (Pure) पौधे प्राप्त करने के लिए प्रारंभ में स्व-निषेचन (Self-pollination) करके शुद्ध नस्लें (Pure lines) बनाईं, फिर उन शुद्ध नस्लों के बीच पर-निषेचन (Cross-pollination) करके संकर (Hybrid) पौधे प्राप्त किए। इसलिए, “प्रारंभ में स्व-निषेचन, फिर पर-निषेचन” सही है। केवल स्व-निषेचन या केवल पर-निषेचन उनके प्रयोग का पूरा विवरण नहीं है। दिए गए विकल्पों में ‘स्व-निषेचन प्रारंभ में, फिर पर-निषेचन’ सही है।
Quick Facts:

  • प्रारंभ में स्व-निषेचन, फिर पर-निषेचन: यह सही क्रम है, मेंडल ने यही किया।
  • प्रारंभ में पर-निषेचन, फिर स्व-निषेचन: गलत क्रम, पहले स्व-निषेचन करते थे।
  • केवल स्व-निषेचन: गलत, संकरण भी किया।
  • केवल पर-निषेचन: गलत, स्व-निषेचन भी किया।

प्रत्येक बच्चे को उसकी माता से एक X गुणसूत्र प्राप्त होता है। कौन-सा तर्क इस जैविक निश्चितता की सर्वोत्तम व्याख्या करता है?

  • माताएँ X और Y गुणसूत्र दोनों को पारित करती हैं।
  • माताएँ वरणात्मक रूप से X या Y गुणसूत्रों को पारित करती हैं।
  • माता से प्राप्त X गुणसूत्रों का वंशानुक्रम पर्यावरण पर निर्भर करता है।
  • माताएँ केवल X-गुणसूत्र वाले अंडे ही उत्पन्न करती हैं।

Explanation: माताएँ (Mothers) में XX गुणसूत्र होते हैं, इसलिए वे केवल X-गुणसूत्र (X-chromosome) वाले अंडे (Eggs) उत्पन्न करती हैं। इसलिए, प्रत्येक बच्चे को माता से एक X गुणसूत्र अवश्य मिलता है। पिता (Father) XY होता है, जो X या Y ला सकता है, जो बच्चे का लिंग निर्धारित करता है। माताएँ Y गुणसूत्र नहीं देतीं।
Quick Facts:

  • माताएँ X और Y दोनों: गलत, माता केवल X देती हैं।
  • वरणात्मक रूप से X या Y: गलत, माता केवल X देती हैं।
  • पर्यावरण पर निर्भर: गलत, आनुवंशिक निश्चितता है।
  • केवल X-गुणसूत्र वाले अंडे: यह सही है, इसलिए X मिलता है।

मेंडल ने कुछ अनुकूल कारणों से मटर का चयन किया था। निम्नलिखित में से कौन सा कारण उनके प्रयोगों के लिए आवश्यक चयन का कारण नहीं है?

  • उन्हें स्व-परागण और संकरण दोनों किया जा सकता है।
  • वे कई संतान उत्पन्न करते हैं।
  • उनमें आसानी से देखें जा सकने वाले लक्षण होते हैं।
  • उनका पीढ़ी काल लंबा होता है।

Explanation: मेंडल (Mendel) ने मटर (Pea) का चयन किया क्योंकि उनका पीढ़ी काल (Generation Time) कम (Short) था, जिससे कई पीढ़ियों का अध्ययन जल्दी किया जा सकता था। लंबा पीढ़ी काल (Long Generation Time) उपयुक्त नहीं होता, इसलिए यह कारण चयन का नहीं है। अन्य कारण — स्व-परागण और संकरण, कई संतान, और आसानी से देखे जाने वाले लक्षण — सही हैं।
Quick Facts:

  • स्व-परागण और संकरण: सही कारण, मेंडल ने दोनों किया।
  • कई संतान: सही, बड़ी संख्या में पौधे मिलते थे।
  • आसानी से देखे जाने वाले लक्षण: सही, 7 विपरीत लक्षण।
  • पीढ़ी काल लंबा: गलत, मटर का पीढ़ी काल कम था, यही उत्तर है।

जीवित जीवों के वर्गीकरण की मूल इकाई क्या कहलाती है?

  • क्रम
  • वंश
  • कुल
  • जाति

Explanation: जीवित जीवों के वर्गीकरण (Classification) की मूल इकाई जाति (Species) है। प्रजाति (Species) जीवों का ऐसा समूह है जो आपस में प्रजनन करके उपजाऊ संतति उत्पन्न कर सकते हैं। क्रम (Order), वंश (Genus), कुल (Family) उच्च श्रेणियाँ हैं, परंतु मूल इकाई प्रजाति/जाति है।
Quick Facts:

  • क्रम: उच्च श्रेणी, मूल नहीं, गलत है।
  • वंश: प्रजाति से ऊपर, मूल नहीं, गलत है।
  • कुल: वंश से ऊपर, मूल नहीं, गलत है।
  • जाति: वर्गीकरण की मूल इकाई, यह सही है।

दिए गए अभिकथन (A) और कारण (R) को पढ़िए और सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। अभिकथन (A): एक महिला में सामान्य अंडोत्सर्ग और निषेचन होता है, लेकिन रोपण विफल होने के कारण युग्मनज, गर्भाशय भित्ति से जुड़े बिना ही निष्कासित हो जाता है। कारण (R): रोपण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा ब्लास्टोसिस्ट, सगर्भता स्थापित करने के लिए गर्भाशय अंतरस्तर (endometrium) में अंतरस्थापित हो जाता है।

  • A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
  • A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
  • A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
  • A और R दोनों सत्य हैं, और R, A का सही स्पष्टीकरण है।

Explanation: अभिकथन (A) सत्य है कि युग्मनज (Zygote) गर्भाशय भित्ति (Uterine Wall) से जुड़े बिना निष्कासित हो सकता है यदि रोपण (Implantation) विफल हो। कारण (R) सत्य है कि रोपण वह प्रक्रिया है जिसमें ब्लास्टोसिस्ट (Blastocyst) गर्भाशय अंतरस्तर (Endometrium) में स्थापित होता है। R, A की सही व्याख्या है क्योंकि रोपण विफलता ही निष्कासन का कारण है।
Quick Facts:

  • A सत्य, R असत्य: R सत्य है, इसलिए गलत है।
  • A और R सत्य, R सही स्पष्टीकरण नहीं: R सही स्पष्टीकरण है, गलत है।
  • A असत्य, R सत्य: A सत्य है, गलत है।
  • A और R सत्य, R सही स्पष्टीकरण: यह सही है।

एक बच्चा माता से एक X गुणसूत्र और पिता से एक Y गुणसूत्र लेकर जन्म लेता है। कौन-सा कथन इस गुणसूत्र संयोजन के परिणाम का सटीक वर्णन करता है?

  • Y गुणसूत्र की उपस्थिति के कारण बच्चा लड़का होगा।
  • बच्चा लड़की होगा क्योंकि X गुणसूत्र हमेशा Y गुणसूत्र पर प्रभावी होता है।
  • दो Y गुणसूत्रों के बिना बच्चे में पुरुष लक्षण विकसित नहीं होगे।
  • बच्चे का लिंग माता द्वारा निर्धारित होता है, क्योंकि वह X गुणसूत्र प्रदान करती है।

Explanation: मनुष्यों में XY गुणसूत्र (X from mother, Y from father) वाला बच्चा लड़का (Male) होता है क्योंकि Y गुणसूत्र (Y-chromosome) में SRY जीन होता है जो पुरुष लक्षणों (Male Characteristics) के विकास को ट्रिगर करता है। X हमेशा Y पर प्रभावी नहीं होता, दो Y की आवश्यकता नहीं, और लिंग पिता (पिता का Y) द्वारा निर्धारित होता है, माता द्वारा नहीं।
Quick Facts:

  • Y की उपस्थिति → लड़का: यह सही है, XY = Male।
  • X प्रभावी: X पर Y प्रभावी होता है, गलत है।
  • दो Y की आवश्यकता: XY ही पर्याप्त है, गलत है।
  • माता द्वारा निर्धारण: लिंग पिता द्वारा (Y) निर्धारित, गलत है।

निम्नलिखित दो कथनों, अभिकथन (A) और कारण (R) के संबंध में सही विकल्प का चयन करें। कथन (A): इंसुलिन रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में सहायक होता है। कारण (R): इंसुलिन ग्लूकोज को ग्लाइकोजन में परिवर्तित करता है, जिसे यकृत में संग्रहित किया जाता है।

  • A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
  • A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
  • A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • A सत्य है, लेकिन R असत्य है।

Explanation: अभिकथन (A) सत्य है — इंसुलिन (Insulin) रक्त शर्करा (Blood Sugar) को कम करता है। कारण (R) भी सत्य है — इंसुलिन ग्लूकोज (Glucose) को ग्लाइकोजन (Glycogen) में परिवर्तित करता है, जो यकृत (Liver) में संग्रहित होता है। यह प्रक्रिया रक्त शर्करा को कम करती है, इसलिए R, A की सही व्याख्या है।
Quick Facts:

  • A और R सत्य, R सही व्याख्या: यह सही है।
  • A असत्य: A सत्य है, गलत है।
  • A और R सत्य, व्याख्या नहीं: R सही व्याख्या है, गलत है।
  • A सत्य, R असत्य: R सत्य है, गलत है।

एक पादप प्रजनक, मटर के दो शुद्ध-नस्ली पादपों —एक गोल बीज वाला और दूसरा झुर्रीदार बीज वाला — के बीच संकरण कराता है। मेंडल के निष्कर्षों के आधार पर, F1 पीढ़ी के सभी बीजों में कौन-सा लक्षणप्ररूप प्रदर्शित होगा?

  • आधे गोल, आधे झुर्रीदार
  • विभिन्न अनुपातों में गोल और झुर्रीदार का मिश्रण
  • गोल बीज
  • झुर्रीदार बीज

Explanation: मेंडल के नियमों के अनुसार, F1 पीढ़ी (First Filial Generation) में सभी संतानें एक समान (Uniform) होंगी और प्रभावी (Dominant) लक्षण (गोल बीज – Round) प्रदर्शित करेंगी। चूँकि गोल बीज (RR) प्रभावी और झुर्रीदार (rr) अप्रभावी है, RR × rr से सभी Rr (गोल) होंगे। F2 में 3:1 अनुपात होगा, लेकिन F1 में सभी गोल ही होंगे।
Quick Facts:

  • आधे गोल, आधे झुर्रीदार: यह F2 में होता है, F1 में नहीं, गलत है।
  • मिश्रण: F1 एक समान होता है, गलत है।
  • गोल बीज: F1 में सभी गोल, यह सही है।
  • झुर्रीदार: अप्रभावी, F1 में नहीं, गलत है।

यदि मेंडल ने F2 पीढ़ी का अध्ययन नहीं किया होता, तो क्या होता?

  • वे स्व-निषेचन नहीं कर पाते
  • उन्हें पता नहीं चल पाता कि कौन से लक्षण प्रभावी थे
  • वह संकर पौधे प्राप्त करने में सक्षम नहीं होते
  • उन्हें पता नहीं चल पाता कि अप्रभावी लक्षण नष्ट नहीं होते हैं

Explanation: F2 पीढ़ी (Second Filial Generation) का अध्ययन मेंडल के लिए महत्वपूर्ण था क्योंकि F1 में अप्रभावी (Recessive) लक्षण छिपे (Masked) रहते थे, लेकिन F2 में पुनः प्रकट होते थे। यदि मेंडल ने F2 का अध्ययन नहीं किया होता, तो उन्हें पता नहीं चलता कि अप्रभावी लक्षण नष्ट (Lost) नहीं होते, बल्कि छिपे रहते हैं। F1 से ही प्रभावी-अप्रभावी का पता चल जाता, संकर पौधे F1 में ही प्राप्त हो जाते, और स्व-निषेचन F2 के लिए किया गया था।
Quick Facts:

  • स्व-निषेचन नहीं कर पाते: गलत, वे कर सकते थे।
  • प्रभावी लक्षण नहीं पता चलता: F1 से पता चल जाता, गलत है।
  • संकर पौधे प्राप्त नहीं करते: F1 से प्राप्त हो जाते, गलत है।
  • अप्रभावी लक्षण नष्ट नहीं होते: F2 से पता चला, यह सही है।

कुत्ते में गुणसूत्र की संख्या कितनी होती है?

  • 23 जोड़ी
  • 12 जोड़ी
  • 32 जोड़ी
  • 39 जोड़ी

Explanation: कुत्ते (Dog – Canis familiaris) में गुणसूत्रों (Chromosomes) की संख्या 39 जोड़ी (78 गुणसूत्र) होती है। मनुष्य (Human) में 23 जोड़ी (46), मुर्गी में 39 जोड़ी (लेकिन कुत्ते में भी 39 जोड़ी), और कुछ अन्य जंतुओं में भिन्न संख्या होती है। 23 जोड़ी मानव की, 12 जोड़ी और 32 जोड़ी गलत संख्याएँ हैं।
Quick Facts:

  • 23 जोड़ी: मानव (Human) की संख्या, कुत्ते की नहीं, गलत है।
  • 12 जोड़ी: गलत संख्या, कुत्ते में नहीं।
  • 32 जोड़ी: गलत संख्या।
  • 39 जोड़ी: कुत्ते में गुणसूत्र संख्या, यह सही है।

______ विकासवादी संबंधों का प्रमाण देते हैं।

  • चट्टान
  • महासागरीय तल
  • नदी तल
  • जीवाश्म

Explanation: जीवाश्म (Fossils) विकासवादी संबंधों (Evolutionary Relationships) का प्रमाण (Evidence) देते हैं। वे प्राचीन जीवों के अवशेष (Remains) हैं, जो यह दर्शाते हैं कि जीवों में समय के साथ परिवर्तन हुए हैं और विभिन्न प्रजातियाँ आपस में कैसे संबंधित हैं। चट्टान (Rocks), महासागरीय तल (Ocean Floor), नदी तल (River Bed) जीवाश्मों के स्थान हो सकते हैं, परंतु स्वयं प्रमाण नहीं हैं।
Quick Facts:

  • चट्टान: जीवाश्मों का स्थान, प्रमाण नहीं, गलत है।
  • महासागरीय तल: जीवाश्मों का स्थान, प्रमाण नहीं, गलत है।
  • नदी तल: जीवाश्मों का स्थान, प्रमाण नहीं, गलत है।
  • जीवाश्म: विकासवादी संबंधों का प्रमाण, यह सही है।

मेंडल ने मटर के पौधों को चुना क्योंकि ______

  • उपरोक्त सभी विकल्प
  • वे सस्ते थे
  • वे आसानी से उपलब्ध थे
  • उनमें विषम दिखने वाले गुण थे

Explanation: मेंडल (Mendel) ने मटर (Pea) का चयन मुख्यतः इसलिए किया क्योंकि उनमें विषम दिखने वाले गुण (Contrasting Traits) थे — सात जोड़े विपरीत लक्षण (जैसे- लंबा/बौना, गोल/झुर्रीदार, पीला/हरा)। यही मुख्य कारण था। वे सस्ते और आसानी से उपलब्ध भी थे, लेकिन मुख्य कारण विपरीत लक्षण थे, इसलिए ‘उपरोक्त सभी’ सही नहीं है।
Quick Facts:

  • उपरोक्त सभी: सस्ते और उपलब्धता गौण कारण हैं, मुख्य नहीं, गलत है।
  • सस्ते: गौण कारण, मुख्य नहीं, गलत है।
  • आसानी से उपलब्ध: गौण कारण, गलत है।
  • विषम दिखने वाले गुण: मुख्य कारण, यह सही है।

उन्नीसवीं शताब्दी में, ______ प्राकृतिक वरण द्वारा प्रजातियों के विकास के विचार के साथ आया था।

  • जोहान मेंडल
  • जोहान डोबेरिनर
  • जॉन डाल्टन
  • चार्ल्स डार्विन

Explanation: 19वीं शताब्दी (1859) में चार्ल्स डार्विन (Charles Darwin) ने प्राकृतिक चयन (Natural Selection) द्वारा प्रजातियों के विकास (Evolution) का सिद्धांत प्रस्तुत किया। जोहान मेंडल आनुवंशिकी से, जोहान डोबेरिनर रसायन विज्ञान से, और जॉन डाल्टन परमाणु सिद्धांत से संबंधित हैं।
Quick Facts:

  • जोहान मेंडल: आनुवंशिकी, विकास नहीं, गलत है।
  • जोहान डोबेरिनर: रसायन विज्ञान (Dobereiner’s triads), गलत है।
  • जॉन डाल्टन: परमाणु सिद्धांत, गलत है।
  • चार्ल्स डार्विन: विकास और प्राकृतिक चयन, यह सही है।

डाई हाइब्रिड (संकर) क्रॉस में विपरीत लक्षणों की ______ जोड़ी पायी जाती है। विपरीत लक्षण से उत्पन्न जोड़े स्वतंत्र रूप से व्यवहार करते हैं, एक जोड़ा स्वतंत्र रूप से वर्गीकरण करता है-

  • एक
  • तीन
  • दो
  • आठ

Explanation: द्विसंकर क्रॉस (Dihybrid Cross) में विपरीत लक्षणों की दो (Two) जोड़ी होती हैं (जैसे- RRYY × rryy में बीज का आकार और रंग)। मेंडल के स्वतंत्र वर्गीकरण के नियम (Law of Independent Assortment) के अनुसार, ये जोड़े स्वतंत्र रूप से वर्गीकरण करते हैं। एक जोड़ी एकसंकर क्रॉस, तीन और आठ गलत संख्याएँ हैं।
Quick Facts:

  • एक: एकसंकर क्रॉस, द्विसंकर नहीं, गलत है।
  • तीन: गलत संख्या।
  • दो: द्विसंकर में दो जोड़ी, यह सही है।
  • आठ: गलत संख्या।

F2 पीढ़ी में लक्षण प्ररूपी अनुपात ______ होता है।

  • 1 : 2 : 3
  • 9 : 3 : 3 : 1
  • 1 : 3 : 3 : 9
  • 1 : 2 : 5

Explanation: F2 पीढ़ी में द्विसंकर क्रॉस (Dihybrid Cross) का लक्षणप्ररूपी (Phenotypic) अनुपात 9 : 3 : 3 : 1 होता है। 9 दोनों प्रभावी, 3 पहला प्रभावी-दूसरा अप्रभावी, 3 पहला अप्रभावी-दूसरा प्रभावी, और 1 दोनों अप्रभावी। एकसंकर में 3:1 होता है। अन्य अनुपात गलत हैं।
Quick Facts:

  • 1 : 2 : 3: गलत अनुपात।
  • 9 : 3 : 3 : 1: द्विसंकर F2 का सही अनुपात, यह सही है।
  • 1 : 3 : 3 : 9: गलत अनुपात (9:3:3:1 का उलटा नहीं) ।
  • 1 : 2 : 5: गलत अनुपात।

संतान का लिंग निम्नलिखित में से किसके द्वारा निर्धारित किया जाता है?

  • मादा युग्मक का DNA
  • नर और मादा युग्मक का DNA
  • न तो नर और न ही मादा युग्मक का DNA
  • नर युग्मक का DNA

Explanation: मनुष्यों में संतान का लिंग (Sex) नर युग्मक (Male Gamete – शुक्राणु/Sperm) के DNA द्वारा निर्धारित होता है, क्योंकि शुक्राणु में X या Y गुणसूत्र होता है, जबकि मादा युग्मक (अंडाणु/Ovum) में केवल X होता है। यदि शुक्राणु X लाता है → मादा (XX), Y लाता है → नर (XY)। मादा युग्मक का DNA लिंग निर्धारण नहीं करता।
Quick Facts:

  • मादा युग्मक का DNA: केवल X, लिंग निर्धारण नहीं, गलत है।
  • नर और मादा दोनों: लिंग नर का DNA तय करता है, गलत है।
  • न तो नर और न ही मादा: गलत, नर का DNA निर्धारित करता है।
  • नर युग्मक का DNA: X या Y निर्धारित करता है, यह सही है।

स्थायी परिस्थितियों में वर्धमान स्वीट पी (sweet pea) पादपों की बृहत् आबादी में, निम्नलिखित में से कौन-सा सर्वोत्तम तरीके से यह वर्णन करता है कि लैंगिक जनन के माध्यम से आनुवंशिक विविधता अब तक उनके दीर्घकालिक अतिजीविता के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

  • आनुवंशिक विविधता भावी पीढ़ियों में पुष्पों के रंग और ऊंचाई में एकरूपता सुनिश्चित करती है।
  • स्वीट पी में प्रच्छन्न (अप्रभावी) एलील भावी पर्यावरणीय तनावों के विरुद्ध प्रतिरोध प्रदान कर सकते हैं।
  • स्वीट पी के पादप अलैंगिक रूप से अधिक तेजी से लैंगिक रूप से जनन करते हैं, जिससे अधिक बायोमास उत्पादन सुनिश्चित होता है।
  • विविधता स्वीट पी के पादपों को पर-परागण से बचने में मदद करती है, जिससे पैतृक वंशक्रम की शुद्धता बनी रहती है।

Explanation: लैंगिक प्रजनन (Sexual Reproduction) आनुवंशिक विविधता (Genetic Variation) उत्पन्न करता है, जिसमें अप्रभावी एलील (Recessive Alleles) छिपे रह सकते हैं और भविष्य में पर्यावरणीय तनावों (Environmental Stresses) के विरुद्ध प्रतिरोध (Resistance) प्रदान कर सकते हैं। यही दीर्घकालिक अतिजीविता (Long-term Survival) के लिए महत्वपूर्ण है। एकरूपता (Uniformity) लाभदायक नहीं, अलैंगिक प्रजनन तेज लेकिन विविधता नहीं, और पर-परागण से बचना विविधता का कार्य नहीं है।
Quick Facts:

  • एकरूपता: विविधता एकरूपता नहीं लाती, गलत है।
  • अप्रभावी एलील प्रतिरोध प्रदान कर सकते हैं: यह सही है, विविधता का लाभ।
  • अलैंगिक तेज: अलैंगिक तेज है, लेकिन दीर्घकालिक लाभ विविधता से है, गलत है।
  • पर-परागण से बचना: विविधता पर-परागण को रोकती नहीं, गलत है।

स्थायी वातावरण में अलैंगिक जनन से क्या लाभ मिलता है?

  • आनुवंशिक विविधता
  • लैंगिक विविधता
  • तीव्र और एकसमान जनन
  • नए वातावरण के अनुकूलन

Explanation: स्थायी (Stable) वातावरण में अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction) से तीव्र (Rapid) और एकसमान (Uniform) जनन होता है, क्योंकि इसमें एक ही माता-पिता से समान संतति (Clones) बनती है, जो अनुकूल वातावरण में लाभदायक है। अलैंगिक जनन आनुवंशिक विविधता (Genetic Variation) नहीं लाता, नए वातावरण के अनुकूलन (Adaptation) में कम सक्षम है, और लैंगिक विविधता से संबंधित नहीं है।
Quick Facts:

  • आनुवंशिक विविधता: अलैंगिक में नहीं, गलत है।
  • लैंगिक विविधता: अलैंगिक से संबंधित नहीं, गलत है।
  • तीव्र और एकसमान जनन: यह सही है, अलैंगिक का लाभ।
  • नए वातावरण के अनुकूलन: अलैंगिक में कम, गलत है।

किसी प्रजाति के भीतर विविधता क्या सुनिश्चित करती है?

  • बेहतर अनुकूलनशीलता और जीवित रहने की संभावना
  • कोई उत्परिवर्तन नहीं
  • पर्यावरणीय परिवर्तनों के प्रति समान अनुक्रिया
  • कोई विकास नहीं

Explanation: किसी प्रजाति (Species) के भीतर विविधता (Variation) बेहतर अनुकूलनशीलता (Adaptability) और जीवित रहने की संभावना (Survival) सुनिश्चित करती है। विविधता प्राकृतिक चयन (Natural Selection) और विकास (Evolution) का आधार है, जो पर्यावरणीय परिवर्तनों (Environmental Changes) के प्रति विभिन्न अनुक्रियाएँ (Responses) प्रदान करती है। यह उत्परिवर्तन (Mutation) को रोकती नहीं, समान अनुक्रिया नहीं लाती, और विकास को संचालित करती है।
Quick Facts:

  • बेहतर अनुकूलनशीलता और जीवित रहने की संभावना: यह सही है, विविधता का लाभ।
  • कोई उत्परिवर्तन: विविधता उत्परिवर्तन से आती है, गलत है।
  • समान अनुक्रिया: विविधता भिन्न अनुक्रिया देती है, गलत है।
  • कोई विकास नहीं: विविधता विकास को बढ़ावा देती है, गलत है।

वर्गीकरण के विभिन्न पदानुक्रमों में, किस समूह में अधिकतम समान लक्षण वाले जीवों की संख्या सर्वाधिक है?

  • वंश
  • गण
  • कुल
  • जगत

Explanation: वर्गीकरण (Classification) के पदानुक्रम (Hierarchy) में जगत (Kingdom) सबसे बड़ा और सबसे व्यापक समूह है, जिसमें अधिकतम संख्या में जीव होते हैं। उच्च श्रेणी (Higher Category) में जीवों की संख्या अधिक होती है, लेकिन वे कम समान लक्षण साझा करते हैं। वंश (Genus), कुल (Family), गण (Order) जगत से छोटे समूह हैं, इसलिए उनमें जीवों की संख्या कम होती है।
Quick Facts:

  • वंश: जगत से छोटा, कम जीव, गलत है।
  • गण: जगत से छोटा, कम जीव, गलत है।
  • कुल: जगत से छोटा, कम जीव, गलत है।
  • जगत: सबसे बड़ा समूह, अधिकतम जीव, यह सही है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य समय के साथ प्रजातियों के अस्तित्व के लिए उत्तरदायी है?

  • संरक्षण
  • विविधता
  • प्रजनन
  • संघर्ष

Explanation: विविधता (Variation) ही समय के साथ प्रजातियों (Species) के अस्तित्व (Survival) के लिए उत्तरदायी है, क्योंकि यह पर्यावरणीय परिवर्तनों के अनुकूलन (Adaptation) में सहायता करती है। प्रजनन (Reproduction) संतति बनाता है, संरक्षण (Conservation) मानवीय प्रयास है, और संघर्ष (Struggle) अस्तित्व का हिस्सा है, परंतु दीर्घकालिक अस्तित्व विविधता पर निर्भर है।
Quick Facts:

  • संरक्षण: मानवीय क्रिया, प्राकृतिक कार्य नहीं, गलत है।
  • विविधता: अस्तित्व का मुख्य कारण, यह सही है।
  • प्रजनन: संतति बनाता है, लेकिन विविधता अस्तित्व सुनिश्चित करती है, गलत है।
  • संघर्ष: अस्तित्व का हिस्सा, लेकिन मुख्य कारण नहीं, गलत है।

यौवनारंभ में होने वाले परिवर्तन का एक उदाहरण बताइए जो यौन परिपक्वता का संकेत दे सकता है।

  • मूड में बदलाव
  • अलग तरह से व्यवहार करना
  • नए बालों की वृद्धि के पैटर्न
  • लम्बाई में वृद्धि

Explanation: यौवनारंभ (Puberty) में होने वाले परिवर्तनों में नए बालों की वृद्धि (New Hair Growth Patterns) (जैसे- जघन बाल, दाढ़ी, बगल के बाल) यौन परिपक्वता (Sexual Maturity) का एक स्पष्ट शारीरिक संकेत है। मूड में बदलाव (Mood Swings) और व्यवहार (Behaviour) मनोवैज्ञानिक हैं, लंबाई में वृद्धि (Height Increase) सामान्य वृद्धि है, लेकिन नए बालों का पैटर्न सीधे यौन परिपक्वता को दर्शाता है।
Quick Facts:

  • मूड में बदलाव: मनोवैज्ञानिक, यौन परिपक्वता का प्रत्यक्ष संकेत नहीं, गलत है।
  • अलग व्यवहार: मनोवैज्ञानिक, प्रत्यक्ष नहीं, गलत है।
  • नए बालों की वृद्धि: यौन परिपक्वता का संकेत, यह सही है।
  • लंबाई में वृद्धि: सामान्य वृद्धि, यौन परिपक्वता का विशिष्ट संकेत नहीं, गलत है।

बगीचे के मटर के पौधों में ______ गुण अप्रभावी होता है।

  • पीला बीज
  • हरी फली
  • झुर्रीदार बीज
  • गोल बीज

Explanation: मेंडल के प्रयोगों में मटर (Garden Pea) के बीजों में झुर्रीदार बीज (Wrinkled Seeds) अप्रभावी (Recessive) गुण था, जबकि गोल बीज (Round) प्रभावी (Dominant) था। पीला बीज (Yellow) प्रभावी, हरा (Green) अप्रभावी, और हरी फली (Green Pod) प्रभावी, पीली फली (Yellow Pod) अप्रभावी थी। इसलिए, झुर्रीदार बीज अप्रभावी है।
Quick Facts:

  • पीला बीज: प्रभावी, अप्रभावी नहीं, गलत है।
  • हरी फली: प्रभावी, अप्रभावी नहीं, गलत है।
  • झुर्रीदार बीज: अप्रभावी, यह सही है।
  • गोल बीज: प्रभावी, अप्रभावी नहीं, गलत है।

पौधों की जड़ों के आकार के लिए कौन सा ऊतक जिम्मेदार होता है?

  • शीर्षस्थ विभज्योतक
  • अंतर्विभज्योतक
  • पश्च
  • परविरश

Explanation: पौधों की जड़ों (Roots) के आकार (Length) के लिए शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem) जिम्मेदार होता है, जो जड़ और तने के सिरे (Tip) पर स्थित होता है और कोशिका विभाजन (Cell Division) द्वारा वृद्धि (Growth) करता है। अंतर्विभज्योतक (Intercalary Meristem) इंटरनोड्स में वृद्धि के लिए, पश्च (Posterior) और परविरश अन्य ऊतक हैं।
Quick Facts:

  • शीर्षस्थ विभज्योतक: जड़ की वृद्धि, यह सही है।
  • अंतर्विभज्योतक: तने के इंटरनोड्स में, जड़ नहीं, गलत है।
  • पश्च: असंबंधित, गलत है।
  • परविरश: असंबंधित, गलत है।

______ विशेषता प्रबल होती है और इसे F1 पीढ़ी में स्पष्ट रूप से देखा जाता है।

  • वंशगत
  • युग्म विकल्पी
  • प्रभावी
  • अप्रभावी

Explanation: प्रभावी (Dominant) विशेषता F1 पीढ़ी (First Filial Generation) में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जबकि अप्रभावी (Recessive) विशेषता छिपी (Masked) रहती है। वंशगत (Hereditary) और युग्म विकल्पी (Allelic) शब्द विशेषता के प्रकार (Type) नहीं हैं, बल्कि आनुवंशिकी के सामान्य शब्द हैं। F1 में प्रभावी लक्षण ही व्यक्त होता है।
Quick Facts:

  • वंशगत: विशेषता प्रकार नहीं, गलत है।
  • युग्म विकल्पी: एलील, विशेषता नहीं, गलत है।
  • प्रभावी: F1 में व्यक्त होता है, यह सही है।
  • अप्रभावी: F1 में छिपा रहता है, गलत है।

______ समवृत्ति अंग हैं।

  • एक झींगा मछली की पूंछ और एक बेले का फ्लूक
  • एक मानव हाथ और एक बैल का पैर
  • चमगादड़ का पंख और बेले का पंख
  • एक कुत्ते का पैर और एक डॉल्फिन का पाद

Explanation: समवृत्ति अंग (Analogous Organs) वे अंग हैं जिनकी उत्पत्ति (Origin) भिन्न होती है लेकिन कार्य (Function) समान होता है। झींगा मछली (Lobster) की पूँछ और बेले (Whale) का फ्लूक (Fluke) समवृत्ति हैं — दोनों तैराकी (Swimming) के लिए उपयोग होते हैं, परंतु उनकी उत्पत्ति भिन्न है (एक आर्थ्रोपोड, एक स्तनधारी)। अन्य विकल्प समजात अंग (Homologous Organs) हैं (समान उत्पत्ति)।
Quick Facts:

  • झींगा मछली की पूँछ और बेले का फ्लूक: समवृत्ति (भिन्न उत्पत्ति, समान कार्य), यह सही है।
  • मानव हाथ और बैल का पैर: समजात (पंचांगी संरचना), गलत है।
  • चमगादड़ का पंख और बेले का पंख: समजात (अग्रपाद), गलत है।
  • कुत्ते का पैर और डॉल्फिन का पाद: समजात (अग्रपाद), गलत है।

फसल सुधार कार्यक्रमों में संकरण (hybridisation) का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  • क्लोनिंग के माध्यम से आनुवंशिक रूप से समान पादपों का उत्पादन करना
  • आनुवंशिक रूप से भिन्न पादपों की क्रॉसिंग करके वांछनीय लक्षणों का संयोजन करना
  • उर्वरकों या सिंचाई का उपयोग किए बिना फसलें उगाना
  • फसल पादपों में प्राकृतिक उत्परिवर्तन दर में वृद्धि करना

Explanation: फसल सुधार (Crop Improvement) में संकरण (Hybridisation) का मुख्य उद्देश्य आनुवंशिक रूप से भिन्न (Genetically Different) पादपों को क्रॉस (Cross) करके वांछनीय लक्षणों (Desirable Traits) (जैसे- उच्च उपज, रोग प्रतिरोधक क्षमता) का संयोजन (Combination) करना है। क्लोनिंग (Cloning) समान पादप बनाता है, उर्वरक-सिंचाई का संबंध कृषि विधियों से है, और उत्परिवर्तन दर बढ़ाना उत्परिवर्तन प्रजनन है, संकरण का उद्देश्य नहीं।
Quick Facts:

  • समान पादप: क्लोनिंग, संकरण नहीं, गलत है।
  • वांछनीय लक्षणों का संयोजन: संकरण का मुख्य उद्देश्य, यह सही है।
  • बिना उर्वरक-सिंचाई: कृषि पद्धति, संकरण नहीं, गलत है।
  • उत्परिवर्तन दर बढ़ाना: उत्परिवर्तन प्रजनन, संकरण नहीं, गलत है।

पादप और जंतु जगत के संदर्भ में, कीमो-वर्गीकरण मुख्य रूप से किस पर केंद्रित है?

  • पारिस्थितिक भूमिकाओं के आधार पर जीवों का वर्गीकरण।
  • उनकी रासायनिक संरचना के आधार पर जीवों का वर्गीकरण।
  • माइटोकॉन्ड्रियल DNA में आनुवंशिक क्रमों की जांच।
  • उनकी रूपात्मक विशेषताओं के आधार पर जीवों का वर्गीकरण।

Explanation: कीमो-वर्गीकरण (Chemotaxonomy) जीवों का वर्गीकरण उनकी रासायनिक संरचना (Chemical Composition) — जैसे- प्रोटीन, एल्कलॉइड्स, टेरपेनोइड्स, आदि — के आधार पर करता है। यह रूपात्मक (Morphological) या आनुवंशिक (Genetic) वर्गीकरण से भिन्न है। पारिस्थितिक भूमिकाएँ (Ecological Roles) पारिस्थितिकी (Ecology) से संबंधित हैं, और mtDNA आणविक वर्गीकरण (Molecular Taxonomy) है।
Quick Facts:

  • पारिस्थितिक भूमिकाएँ: पारिस्थितिकी, कीमो-वर्गीकरण नहीं, गलत है।
  • रासायनिक संरचना: कीमो-वर्गीकरण का आधार, यह सही है।
  • mtDNA: आणविक वर्गीकरण, कीमो नहीं, गलत है।
  • रूपात्मक विशेषताएँ: रूपात्मक वर्गीकरण, कीमो नहीं, गलत है।

पेनिसिलिन की खोज किसने की?

  • चार्ल्स डार्विन
  • अलेक्जेंडर फ्लेमिंग
  • ग्रेगर मेंडल
  • लुई पाश्चर

Explanation: पेनिसिलिन (Penicillin) की खोज 1928 में अलेक्जेंडर फ्लेमिंग (Alexander Fleming) ने की थी, जब उन्होंने देखा कि एक कवक (Penicillium notatum) ने जीवाणुओं (Bacteria) को मार दिया। यह पहला एंटीबायोटिक (Antibiotic) था। डार्विन विकास, मेंडल आनुवंशिकी, और पाश्चर रोगाणु सिद्धांत से संबंधित हैं।
Quick Facts:

  • चार्ल्स डार्विन: विकास, पेनिसिलिन नहीं, गलत है।
  • अलेक्जेंडर फ्लेमिंग: पेनिसिलिन की खोज, यह सही है।
  • ग्रेगर मेंडल: आनुवंशिकी, पेनिसिलिन नहीं, गलत है।
  • लुई पाश्चर: रोगाणु सिद्धांत, पेनिसिलिन नहीं, गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सा क्रॉस, F1 पीढ़ी में सभी विषमयुग्मजी संतानें उत्पन्न करेगा?

  • TT × TT
  • Tt × Tt
  • TT × tt
  • tt × tt

Explanation: TT × tt क्रॉस से सभी संतानें विषमयुग्मजी (Heterozygous – Tt) होंगी। TT × TT से सभी समयुग्मजी प्रभावी (TT), Tt × Tt से 1 TT : 2 Tt : 1 tt (विषमयुग्मजी की संख्या आधी), और tt × tt से सभी समयुग्मजी अप्रभावी (tt) होंगी। विषमयुग्मजी सभी संतानों में केवल TT × tt से प्राप्त होते हैं।
Quick Facts:

  • TT × TT: सभी TT (समयुग्मजी प्रभावी), गलत है।
  • Tt × Tt: 50% Tt, 25% TT, 25% tt, सभी नहीं, गलत है।
  • TT × tt: सभी Tt (विषमयुग्मजी), यह सही है।
  • tt × tt: सभी tt (समयुग्मजी अप्रभावी), गलत है।

मेंडल के नियम केवल तभी लागू होते हैं जब:

  • जनक शुद्ध प्रजनक होते हैं।
  • जनक सहप्रभावी होते हैं।
  • लक्षण अप्रभावी होते हैं।
  • लक्षण जुड़े हुए होते हैं।

Explanation: मेंडल के नियम (Mendel’s Laws) केवल तभी लागू होते हैं जब जनक (Parents) शुद्ध प्रजनक (Pure Breeding – Homozygous) होते हैं, जिससे एकसमान F1 पीढ़ी प्राप्त होती है। सहप्रभाविता (Codominance) और जुड़े हुए लक्षण (Linked Traits) में मेंडल के नियम लागू नहीं होते (जुड़े लक्षण स्वतंत्र वर्गीकरण का पालन नहीं करते)। अप्रभावी लक्षण (Recessive) एकमात्र लक्षण नहीं हो सकते।
Quick Facts:

  • जनक शुद्ध प्रजनक: मेंडल के नियमों के लिए आवश्यक, यह सही है।
  • सहप्रभावी: मेंडल के नियम लागू नहीं, गलत है।
  • अप्रभावी लक्षण: केवल अप्रभावी नहीं, गलत है।
  • जुड़े लक्षण: मेंडल के नियम लागू नहीं, गलत है।

माता-पिता से संतान तक शारीरिक, मानसिक या मानसिक लक्षणों का संचरण ______ कहलाता है।

  • विकास
  • उत्परिवर्तन
  • आनुवंशिकता
  • प्राकृतिक चयन

Explanation: माता-पिता (Parents) से संतान (Offspring) तक शारीरिक (Physical), मानसिक (Mental) या अन्य लक्षणों (Traits) का संचरण (Transmission) आनुवंशिकता (Heredity/Inheritance) कहलाता है। विकास (Evolution) समय के साथ परिवर्तन, उत्परिवर्तन (Mutation) DNA में अचानक परिवर्तन, और प्राकृतिक चयन (Natural Selection) विकास का तंत्र है।
Quick Facts:

  • विकास: समय के साथ परिवर्तन, संचरण नहीं, गलत है।
  • उत्परिवर्तन: अचानक परिवर्तन, संचरण नहीं, गलत है।
  • आनुवंशिकता: माता-पिता से संतान में लक्षणों का संचरण, यह सही है।
  • प्राकृतिक चयन: विकास तंत्र, संचरण नहीं, गलत है।

घर्षण के कारण एक दूसरे के संपर्क में आने वाली दो सतहों की सापेक्ष गति है।

  • संलिप्त हो जाना
  • बढ़ती है
  • कोई परिणाम नहीं
  • संघर्ष

Explanation: यह प्रश्न ‘संघर्ष’ (Struggle) शब्द के अर्थ से संबंधित है। घर्षण (Friction) के कारण दो सतहों के बीच सापेक्ष गति (Relative Motion) को ‘संघर्ष’ कहा जाता है। ‘संलिप्त हो जाना’ (Adhesion) एक स्थिर स्थिति है, ‘बढ़ती है’ (Increases) क्रिया है, और ‘कोई परिणाम नहीं’ (No Result) गलत है।
Quick Facts:

  • संलिप्त हो जाना: चिपकना, गति नहीं, गलत है।
  • बढ़ती है: गति नहीं, गलत है।
  • कोई परिणाम नहीं: गलत, घर्षण गति का विरोध करता है।
  • संघर्ष: सापेक्ष गति को संघर्ष कहते हैं, यह सही है।

बच्चों का लिंग ______ से प्राप्त होने वाले आनुवंशिक गुणसूत्र द्वारा निर्धारित होता है।

  • पिता
  • प्रकृति
  • माता और पिता
  • माता

Explanation: बच्चों का लिंग (Sex) पिता (Father) से प्राप्त होने वाले गुणसूत्र (Chromosome) द्वारा निर्धारित होता है — यदि पिता X गुणसूत्र देता है → लड़की (XX), Y गुणसूत्र देता है → लड़का (XY)। माता (Mother) केवल X गुणसूत्र देती है, इसलिए लिंग निर्धारण माता द्वारा नहीं होता। प्रकृति और ‘माता और पिता’ गलत हैं।
Quick Facts:

  • पिता: लिंग निर्धारण में Y गुणसूत्र पिता से, यह सही है।
  • प्रकृति: असंबंधित, गलत है।
  • माता और पिता: लिंग पिता से, दोनों नहीं, गलत है।
  • माता: माता केवल X देती है, लिंग निर्धारण नहीं, गलत है।

ऊर्जा स्थानांतरण का दस प्रतिशत नियम किसने दिया था?

  • चार्ल्स डार्विन
  • थॉमस मॉर्गन
  • रेमंड लिंडमैन
  • वॉटसन और क्रिक

Explanation: ऊर्जा स्थानांतरण का दस प्रतिशत नियम (10% Law of Energy Transfer) रेमंड लिंडमैन (Raymond Lindeman) ने 1942 में दिया था। इस नियम के अनुसार, पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) की एक ट्रॉफिक स्तर (Trophic Level) से अगले स्तर तक केवल 10% ऊर्जा स्थानांतरित होती है। डार्विन विकास, मॉर्गन गुणसूत्र सिद्धांत, और वॉटसन-क्रिक DNA संरचना से संबंधित हैं।
Quick Facts:

  • चार्ल्स डार्विन: विकास, 10% नियम नहीं, गलत है।
  • थॉमस मॉर्गन: आनुवंशिकी (गुणसूत्र), 10% नियम नहीं, गलत है।
  • रेमंड लिंडमैन: 10% ऊर्जा स्थानांतरण नियम, यह सही है।
  • वॉटसन और क्रिक: DNA संरचना, 10% नियम नहीं, गलत है।

आनुवंशिकता को प्रभावित करने वाले कारकों के बारे में मेंडल ने क्या खोज की?

  • एक पौधे की सभी संतानें माता-पिता में से किसी एक जैसी ही प्रतीत होती हैं।
  • लक्षण हार्मोन के उत्पादन के कारण व्यक्त होते हैं।
  • स्व-निषेचन केवल पैतृक लक्षण दर्शाता है।
  • लैंगिक रूप से प्रजनन करने वाले जीवों में कारकों का एक जोड़ा उनकी विशेषताओं को परिभाषित करता है।

Explanation: मेंडल (Mendel) ने पाया कि प्रत्येक लक्षण (Trait) के लिए कारकों (Factors) का एक जोड़ा होता है, जिन्हें अब एलील (Alleles) कहते हैं। ये कारक युग्मक (Gametes) के निर्माण के दौरान अलग हो जाते हैं और निषेचन (Fertilization) के समय पुनः संयोजित होते हैं, जिससे संतानों में लक्षण व्यक्त होते हैं।
Quick Facts:

  • सभी संतानें एक जैसी: यह गलत है, संतानों में विविधता होती है।
  • हार्मोन के कारण लक्षण: हार्मोन लक्षणों को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन आनुवंशिकता कारकों (जीन) द्वारा निर्धारित होती है, गलत है।
  • स्व-निषेचन केवल पैतृक लक्षण: यह पूर्ण रूप से सत्य नहीं है, मेंडल ने स्व-निषेचन के बाद F2 में विविधता देखी, गलत है।
  • कारकों का एक जोड़ा लक्षणों को परिभाषित करता है: यह मेंडल का मुख्य निष्कर्ष है, सही है।

मेंडल (Mendel) ने अपने एकसंकर संकरण (monohybrid cross) से कौन-सा नियम व्युत्पन्न किया?

  • नियत अनुपात का नियम (Law of Constant Proportion)
  • विकास का नियम (Law of Evolution)
  • पृथक्करण नियम (Law of Segregation)
  • स्वतंत्र अपव्यूहन नियम (Law of Independent Assortment)

Explanation: एकसंकर संकरण (Monohybrid Cross) (एक लक्षण के लिए) से मेंडल ने पृथक्करण नियम (Law of Segregation) व्युत्पन्न किया। यह नियम कहता है कि युग्मक (Gametes) के निर्माण के दौरान, प्रत्येक लक्षण के लिए दो एलील (Alleles) एक-दूसरे से अलग (Segregate) हो जाते हैं, जिससे प्रत्येक युग्मक में केवल एक एलील प्राप्त होता है। स्वतंत्र अपव्यूहन नियम द्विसंकर संकरण (Dihybrid Cross) से व्युत्पन्न हुआ था।
Quick Facts:

  • नियत अनुपात का नियम: रसायन विज्ञान से संबंधित, आनुवंशिकी नहीं, गलत है।
  • विकास का नियम: डार्विन से संबंधित, मेंडल से नहीं, गलत है।
  • पृथक्करण नियम (Law of Segregation): यह एकसंकर संकरण से व्युत्पन्न नियम है, सही है।
  • स्वतंत्र अपव्यूहन नियम: यह द्विसंकर संकरण से व्युत्पन्न है, एकसंकर से नहीं, गलत है।

निम्नलिखित में से कौन सा कारक मुख्य रूप से प्रजातियों के अस्तित्व के लिए जिम्मेदार है?

  • विभिन्नताएँ
  • तापमान
  • निकेत
  • उत्परिवर्तन

Explanation: विभिन्नताएँ (Variations) प्रजातियों के अस्तित्व (Survival) के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक हैं, क्योंकि ये आनुवंशिक विविधता (Genetic Diversity) प्रदान करती हैं। विविधता प्राकृतिक चयन (Natural Selection) के लिए कच्चा माल है, जिससे जीव पर्यावरणीय परिवर्तनों के अनुकूल बन सकते हैं। तापमान, निकेत और उत्परिवर्तन भी प्रभाव डालते हैं, लेकिन विभिन्नताएँ मुख्य कारण हैं।
Quick Facts:

  • विभिन्नताएँ: प्राकृतिक चयन के लिए आधार, अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण, सही है।
  • तापमान: पर्यावरणीय कारक, प्रजातियों के वितरण को प्रभावित करता है, मुख्य नहीं, गलत है।
  • निकेत (Habitat): रहने का स्थान, अस्तित्व के लिए आवश्यक, लेकिन मुख्य कारक विविधता है, गलत है।
  • उत्परिवर्तन (Mutation): विविधता का स्रोत है, परंतु मुख्य रूप से अस्तित्व विविधता पर निर्भर है, गलत है।

निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने वंशागति के नियमों पर पहुंचने के लिए विज्ञान और गणित के अपने ज्ञान को मिश्रित किया?

  • ई. रदरफोर्ड (E Rutherford)
  • कैमिलो गोल्गी (Camillo Golgi)
  • ग्रेगर जोहान मेंडल (Gregor Johann Mendel)
  • जॉन डाल्टन (John Dalton)

Explanation: ग्रेगर जोहान मेंडल (Gregor Johann Mendel) ने अपने प्रयोगों में विज्ञान (जीव विज्ञान) और गणित (सांख्यिकी) के ज्ञान को मिश्रित किया। उन्होंने मटर के पौधों पर प्रयोग किए और परिणामों का गणितीय विश्लेषण करके वंशागति के नियम (Laws of Inheritance) प्रतिपादित किए। अन्य वैज्ञानिक भौतिकी या कोशिका जीव विज्ञान से संबंधित हैं।
Quick Facts:

  • ई. रदरफोर्ड: भौतिक विज्ञानी, परमाणु मॉडल, आनुवंशिकी नहीं, गलत है।
  • कैमिलो गोल्गी: कोशिका जीवविज्ञानी, गॉल्जी उपकरण, आनुवंशिकी नहीं, गलत है।
  • ग्रेगर जोहान मेंडल: आनुवंशिकी के जनक, विज्ञान+गणित मिश्रण, सही है।
  • जॉन डाल्टन: रसायन विज्ञानी, परमाणु सिद्धांत, आनुवंशिकी नहीं, गलत है।

जीवित जीवों के वर्गीकरण की मूल इकाई कौन सी है?

  • प्रजाति
  • वंश
  • कुल
  • गण

Explanation: जीवित जीवों के वर्गीकरण (Taxonomy) की मूल इकाई प्रजाति (Species) है। प्रजाति समान जीवों का एक समूह है जो आपस में प्रजनन करके उपजाऊ (Fertile) संतान उत्पन्न कर सकते हैं। वंश (Genus), कुल (Family) और गण (Order) उच्च श्रेणियाँ (Higher Taxa) हैं, जो कई प्रजातियों को समाहित करती हैं।
Quick Facts:

  • प्रजाति (Species): वर्गीकरण की मूल इकाई, सही है।
  • वंश (Genus): प्रजातियों का समूह, उच्च स्तर, मूल इकाई नहीं, गलत है।
  • कुल (Family): वंशों का समूह, और उच्च स्तर, गलत है।
  • गण (Order): कुलों का समूह, उच्चतम स्तरों में से एक, गलत है।

एक कोशिका या ऊतक द्वारा सम्पूर्ण पौधे को विकसित करने की क्षमता क्या कहलाती है?

  • टोटिपोटेंसी
  • उत्परिवर्तन प्रजनन
  • माइक्रोप्रोटेक्शन
  • भौतिक संकरण

Explanation: टोटिपोटेंसी (Totipotency) वह क्षमता है जिसमें एक एकल कोशिका या ऊतक (Tissue) पूर्णांग (Complete Organism) विकसित कर सकता है। यह पादप ऊतक संवर्धन (Plant Tissue Culture) का आधार है। उत्परिवर्तन, माइक्रोप्रोटेक्शन और भौतिक संकरण इससे संबंधित नहीं हैं।
Quick Facts:

  • टोटिपोटेंसी: कोशिका की पूर्ण पौधा विकसित करने की क्षमता, सही है।
  • उत्परिवर्तन प्रजनन: उत्परिवर्तन द्वारा नई किस्म, टोटिपोटेंसी नहीं, गलत है।
  • माइक्रोप्रोटेक्शन: संरक्षण तकनीक, टोटिपोटेंसी नहीं, गलत है।
  • भौतिक संकरण: संकरण विधि, टोटिपोटेंसी नहीं, गलत है।

निम्नलिखित में से कौन सा समसूत्री विभाजन के केंद्रक विभाजन का पहला चरण है जो अंतरप्रावस्था के S और G2 चरणों के बाद आता है?

  • अंत्यावस्था
  • पश्चावस्था
  • मध्यावस्था
  • पूर्वावस्था

Explanation: समसूत्री विभाजन (Mitosis) के केंद्रक विभाजन (Karyokinesis) का क्रम है: पूर्वावस्था (Prophase) → मध्यावस्था (Metaphase) → पश्चावस्था (Anaphase) → अंत्यावस्था (Telophase)। अंतरप्रावस्था (Interphase) के S और G2 चरणों के बाद सबसे पहले पूर्वावस्था (Prophase) आता है, जिसमें गुणसूत्र (Chromosomes) संघनित (Condense) होते हैं और केंद्रक झिल्ली विघटित होती है।
Quick Facts:

  • अंत्यावस्था (Telophase): अंतिम चरण, पहला नहीं, गलत है।
  • पश्चावस्था (Anaphase): तीसरा चरण, पहला नहीं, गलत है।
  • मध्यावस्था (Metaphase): दूसरा चरण, पहला नहीं, गलत है।
  • पूर्वावस्था (Prophase): पहला चरण, सही है।

वंशानुक्रम के नियम किस वैज्ञानिक ने स्थापित किए?

  • वॉटसन और क्रिक
  • ग्रेगर जोहान मेंडल
  • चार्ल्स डार्विन
  • थॉमस हंट मॉर्गन

Explanation: वंशानुक्रम के नियम (Laws of Inheritance) ग्रेगर जोहान मेंडल (Gregor Johann Mendel) ने स्थापित किए। उन्होंने मटर के पौधों पर प्रयोग करके पृथक्करण, प्रभाविता और स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम दिए। वॉटसन और क्रिक ने DNA संरचना, डार्विन ने विकास सिद्धांत, और मॉर्गन ने गुणसूत्र सिद्धांत में योगदान दिया।
Quick Facts:

  • वॉटसन और क्रिक: DNA की द्विकुंडली संरचना, वंशानुक्रम नियम नहीं, गलत है।
  • ग्रेगर जोहान मेंडल: वंशानुक्रम के नियमों के जनक, सही है।
  • चार्ल्स डार्विन: विकासवाद का सिद्धांत, वंशानुक्रम नहीं, गलत है।
  • थॉमस हंट मॉर्गन: गुणसूत्र सिद्धांत, लेकिन वंशानुक्रम नियम मेंडल ने दिए, गलत है।

______ ने जीवित चीजों में विशेषताओं की वंशागति के सिद्धांतों में योगदान दिया।

  • ग्रेगर मेंडल
  • जेबीएस हाल्डेन
  • चार्ल्स डार्विन
  • स्टैनली मिलर

Explanation: ग्रेगर मेंडल (Gregor Mendel) ने जीवित चीजों में विशेषताओं (Traits) की वंशागति (Inheritance) के सिद्धांतों में योगदान दिया। उन्होंने आनुवंशिकता के मूलभूत नियमों की खोज की। जेबीएस हाल्डेन ने जनसंख्या आनुवंशिकी, डार्विन ने विकास, और मिलर ने जीवन की उत्पत्ति के प्रयोगों में योगदान दिया।
Quick Facts:

  • ग्रेगर मेंडल: वंशागति के सिद्धांतों के जनक, सही है।
  • जेबीएस हाल्डेन: जनसंख्या आनुवंशिकी, वंशागति सिद्धांत नहीं, गलत है।
  • चार्ल्स डार्विन: विकासवाद, वंशागति सिद्धांत नहीं, गलत है।
  • स्टैनली मिलर: जीवन की उत्पत्ति, वंशागति नहीं, गलत है।

कृषि उद्देश्यों के लिए वानस्पतिक प्रवर्धन क्यों उपयोगी होता है?

  • यह आनुवंशिक भिन्नता को बढ़ाता है।
  • इसे हर पौधे के लिए बीज की आवश्यकता होती है।
  • यह तीव्रता से एकसमान पौधों का उत्पादन करता है।
  • यह प्राकृतिक रूप से बीमारियों को रोकता है।

Explanation: वानस्पतिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation) कृषि के लिए उपयोगी है क्योंकि यह तीव्रता से (Rapidly) एकसमान (Uniform) पौधों का उत्पादन करता है, जो आनुवंशिक रूप से मूल पौधे के समान (Clones) होते हैं। यह बीजों की आवश्यकता नहीं होती और आनुवंशिक भिन्नता कम होती है (विविधता नहीं बढ़ाता)। रोग प्रतिरोध स्वाभाविक नहीं होता।
Quick Facts:

  • आनुवंशिक भिन्नता बढ़ाता: गलत, वानस्पतिक प्रवर्धन में भिन्नता कम होती है।
  • बीज की आवश्यकता: गलत, इसके लिए बीज की आवश्यकता नहीं होती।
  • तीव्रता से एकसमान पौधे: सही, यह वानस्पतिक प्रवर्धन का मुख्य लाभ है।
  • बीमारियों को रोकता: गलत, प्राकृतिक रूप से नहीं रोकता।

दिए गए कथन (A) और कारण (R) को पढ़ें और सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन करें। (A): मौखिक गर्भनिरोधक गोलियां गर्भनिरोधक की एक स्थायी विधि है। (R): वे हार्मोन के स्तर को बदलती हैं और अण्डोत्सर्ग को रोकती हैं।

  • A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • A असत्य है, लेकिन R सत्य है
  • A और R दोनों असत्य हैं
  • A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है

Explanation: मौखिक गर्भनिरोधक गोलियाँ (Oral Contraceptive Pills) गर्भनिरोधक की अस्थायी (Temporary) विधि हैं, स्थायी (Permanent) नहीं। स्थायी विधियाँ नसबंदी (Sterilization) हैं। R सत्य है क्योंकि ये गोलियाँ हार्मोनल स्तर बदलकर अंडोत्सर्ग (Ovulation) को रोकती हैं। अतः A असत्य है, R सत्य है।
Quick Facts:

  • A और R सत्य, R व्याख्या नहीं: A असत्य है, इसलिए यह गलत है।
  • A असत्य, R सत्य: A गलत (स्थायी नहीं), R सही (हार्मोन बदलते हैं), सही उत्तर है।
  • A और R असत्य: R सत्य है, इसलिए गलत है।
  • A और R सत्य, R व्याख्या: A असत्य है, इसलिए गलत है।

प्रजनन के दौरान DNA प्रतियां बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  • कोशिकाओं की संरचना बदलना
  • संततियों को आनुवंशिक जानकारी प्रदान करना
  • जीवों को रोगों से प्रतिरक्षित बनाना
  • समरूप जुड़वाँ बच्चे पैदा करना

Explanation: प्रजनन (Reproduction) के दौरान DNA की प्रतियां (Copies) बनाने का मुख्य उद्देश्य संततियों (Offspring) को आनुवंशिक जानकारी (Genetic Information) प्रदान करना है, जिससे लक्षण अगली पीढ़ी में स्थानांतरित हो सकें। DNA प्रतिकृति (Replication) आनुवंशिकता (Heredity) का आधार है। अन्य विकल्प गौण हैं।
Quick Facts:

  • कोशिकाओं की संरचना बदलना: DNA का मुख्य उद्देश्य जानकारी देना है, संरचना नहीं, गलत है।
  • संततियों को आनुवंशिक जानकारी प्रदान करना: सही, यही DNA प्रतिकृति का मुख्य कार्य है।
  • रोगों से प्रतिरक्षित: प्रतिरक्षा प्रतिरक्षा तंत्र से संबंधित, DNA का मुख्य उद्देश्य नहीं, गलत है।
  • समरूप जुड़वाँ: यह एक विशेष स्थिति है, सामान्य उद्देश्य नहीं, गलत है।

वैज्ञानिकों के किस जोड़े ने सबसे पहले डीएनए की संरचना के लिए डबल-हेलिक्स मॉडल प्रस्तावित किया?

  • डार्विन और वालेस
  • मेंडल और एवरी
  • वॉटसन और क्रिक
  • मैकिलन और चार्गाफ

Explanation: जेम्स वॉटसन (James Watson) और फ्रांसिस क्रिक (Francis Crick) ने 1953 में DNA की डबल-हेलिक्स (Double Helix) संरचना का मॉडल प्रस्तावित किया। उन्होंने रोज़ालिंड फ्रैंकलिन (Rosalind Franklin) के X-रे क्रिस्टलोग्राफी डेटा और चार्गाफ (Chargaff) के नियमों का उपयोग किया। डार्विन-वालेस (विकास), मेंडल (आनुवंशिकी), और चार्गाफ (DNA आधार नियम) संबंधित हैं, लेकिन डबल-हेलिक्स मॉडल वॉटसन और क्रिक ने दिया।
Quick Facts:

  • डार्विन और वालेस: विकासवाद का सिद्धांत, DNA मॉडल नहीं, गलत है।
  • मेंडल और एवरी: आनुवंशिकता और DNA प्रयोग, लेकिन डबल-हेलिक्स नहीं, गलत है।
  • वॉटसन और क्रिक: DNA डबल-हेलिक्स मॉडल के प्रस्तोता, सही है।
  • मैकिलन और चार्गाफ: चार्गाफ नियम से संबंधित, लेकिन मॉडल नहीं, गलत है।

______ पैमाने और आकार में परिवर्तन की एक मात्रात्मक प्रक्रिया है, जिसे मापा जा सकता है और नैतिकता और मानदंडों द्वारा सहायता प्रदान की जा सकती है।

  • उद्भव
  • विकास
  • प्रगति
  • वृद्धि

Explanation: विकास (Development) पैमाने (Size) और आकार (Shape) में परिवर्तन की एक मात्रात्मक (Quantitative) प्रक्रिया है, जिसे मापा (Measured) जा सकता है (जैसे- ऊँचाई, वजन)। यह नैतिकता (Ethics) और मानदंडों (Norms) द्वारा निर्देशित हो सकता है। वृद्धि (Growth) केवल आकार में वृद्धि है, जबकि विकास गुणात्मक और मात्रात्मक दोनों होता है।
Quick Facts:

  • उद्भव (Emergence): नए गुणों का प्रकट होना, मापनीय नहीं, गलत है।
  • विकास (Development): आकार और आकृति में मापनीय परिवर्तन, सही है।
  • प्रगति (Progress): गुणात्मक सुधार, मात्रात्मक नहीं, गलत है।
  • वृद्धि (Growth): केवल आकार में वृद्धि, आकृति में नहीं, गलत है।

निम्नलिखित में से कौन सी विशेषता मटर के एक पौधे में अप्रभावी होती है?

  • लंबा तना
  • गोल बीज
  • झुर्रीदार बीज
  • बैंगनी फूल

Explanation: मेंडल के मटर (Pea Plant) के प्रयोगों में, झुर्रीदार बीज (Wrinkled Seeds) अप्रभावी (Recessive) लक्षण है, जबकि गोल बीज (Round Seeds) प्रभावी (Dominant) है। लंबा तना (Tall) प्रभावी है, और बौना (Dwarf) अप्रभावी है। बैंगनी फूल (Violet) प्रभावी है, सफेद (White) अप्रभावी है। अतः झुर्रीदार बीज सही उत्तर है।
Quick Facts:

  • लंबा तना: प्रभावी लक्षण (TT/Tt), अप्रभावी नहीं, गलत है।
  • गोल बीज: प्रभावी (RR/Rr), अप्रभावी नहीं, गलत है।
  • झुर्रीदार बीज: अप्रभावी (rr), सही है।
  • बैंगनी फूल: प्रभावी (VV/Vv), अप्रभावी नहीं, गलत है।

मटर के पौधों में बौनेपन के लिए’ t ‘ जैसे अप्रभावी विशेषक (recessive traits) केवल तभी दिखाई देते हैं जब दोनों एलील (alleles) अप्रभावी होते हैं?

  • प्रभावी एलील, अप्रभावी एलील को ढक लेते हैं।
  • अप्रभावी एलील अधिक प्रबल होते हैं।
  • अप्रभावी एलील को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है।
  • अप्रभावी एलील कभी व्यक्त नहीं होते हैं।

Explanation: प्रभावी एलील (Dominant Allele) अप्रभावी एलील (Recessive Allele) को मुखौटा (Mask) कर लेता है (ढक लेता है)। इसलिए अप्रभावी लक्षण (जैसे- बौनापन) तभी व्यक्त होता है जब दोनों एलील अप्रभावी (tt) हों। यदि एक भी प्रभावी एलील (T) उपस्थित है, तो पौधा लंबा (TT या Tt) होगा।
Quick Facts:

  • प्रभावी एलील, अप्रभावी को ढक लेते हैं: यह सही है, प्रभाविता का सिद्धांत।
  • अप्रभावी एलील अधिक प्रबल: गलत, प्रभावी अधिक प्रबल होते हैं।
  • अप्रभावी एलील आगे नहीं बढ़ाया: गलत, अप्रभावी एलील अगली पीढ़ी में जाता है।
  • अप्रभावी एलील कभी व्यक्त नहीं: गलत, होमोज़ीगस अवस्था (tt) में व्यक्त होते हैं।

वह प्रक्रिया जिसके द्वारा लक्षण माता-पिता से संतानों में स्थानांतरित होते हैं, _____ के रूप में जानी जाती है।

  • उत्परिवर्तन (Mutation)
  • वंशानुक्रम (Heredity)
  • संकरण (Hybridisation)
  • सहलग्नता (Linkage)

Explanation: वंशानुक्रम (Heredity) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा लक्षण (Traits) माता-पिता (Parents) से संतानों (Offspring) में स्थानांतरित (Transferred) होते हैं। यह आनुवंशिकी (Genetics) का मूल आधार है। उत्परिवर्तन (Mutation) आनुवंशिक पदार्थ में परिवर्तन है, संकरण (Hybridisation) दो अलग-अलग प्रजातियों के मिलन की प्रक्रिया है, और सहलग्नता (Linkage) गुणसूत्रों पर जीनों का एक साथ रहना है।
Quick Facts:

  • उत्परिवर्तन (Mutation): आनुवंशिक पदार्थ में परिवर्तन, स्थानांतरण नहीं, गलत है।
  • वंशानुक्रम (Heredity): लक्षणों का माता-पिता से संतानों में स्थानांतरण, सही है।
  • संकरण (Hybridisation): दो जातियों/प्रजातियों का मिलन, स्थानांतरण नहीं, गलत है।
  • सहलग्नता (Linkage): जीनों का एक साथ वंशानुगत होना, स्थानांतरण नहीं, गलत है।

मेंडल के प्रयोग में, जब उन्होंने एक लंबे (TT) और एक बौने मटर (tt) पौधे का संकरण किया तो F1 पीढ़ी में उन्होंने क्या देखा?

  • सभी बौने थे
  • सभी मध्यम लंबाई के थे
  • सभी लंबे थे
  • आधे लंबे थे, आधे बौने थे

Explanation: मेंडल ने एकसंकर संकरण (Monohybrid Cross) में लंबे (TT) और बौने (tt) मटर के पौधों का संकरण किया। F1 (प्रथम संतति पीढ़ी) में सभी पौधे लंबे (Tall) थे (Tt), क्योंकि लंबाई प्रभावी (Dominant) लक्षण है और बौनापन अप्रभावी (Recessive) है। अतः सभी लंबे (Tt) थे।
Quick Facts:

  • सभी बौने: गलत, क्योंकि T प्रभावी है।
  • सभी मध्यम: गलत, मेंडल के प्रयोग में मध्यम नहीं था।
  • सभी लंबे: सही, F1 में सभी Tt (लंबे) थे।
  • आधे-आधे: गलत, यह F2 पीढ़ी में दिखता है (3:1 अनुपात)।

किसने सुझाव दिया था कि जीवन सरल अकार्बनिक (अजैविक) अणुओं से विकसित हुआ है?

  • मिलर
  • डार्विन
  • हाल्डेन
  • मेंडल

Explanation: जे.बी.एस. हाल्डेन (J.B.S. Haldane) ने सुझाव दिया कि जीवन (Life) सरल अकार्बनिक (अजैविक – Abiogenic) अणुओं (जैसे- मीथेन, अमोनिया, जल) से विकसित हुआ है। उन्होंने ‘गरम पतला सूप’ (Hot Dilute Soup) सिद्धांत दिया। मिलर (Miller) ने इस सिद्धांत को प्रायोगिक रूप से सिद्ध किया। डार्विन ने विकासवाद, और मेंडल ने आनुवंशिकता पर कार्य किया।
Quick Facts:

  • मिलर: प्रयोग द्वारा अमीनो अम्ल बनाए, सिद्धांत नहीं दिया, गलत है।
  • डार्विन: विकासवाद का सिद्धांत, जीवन उत्पत्ति नहीं, गलत है।
  • हाल्डेन: जीवन की उत्पत्ति का सिद्धांत दिया, सही है।
  • मेंडल: आनुवंशिकी, जीवन उत्पत्ति नहीं, गलत है।

अपवर्तन के नियमों के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा/से सत्य है/हैं?

  • आपतित किरण, अपवर्तित किरण और दो पारदर्शी माध्यमों के अंतरापृष्ठ के अभिलंब एक ही तल में स्थित नहीं होते हैं।
  • प्रकाश के दिए गए रंग और माध्यमों की दी गई जोड़ी के लिए, आपतन कोण की ज्या के सापेक्ष अपवर्तन कोण की ज्या का अनुपात एक नियतांक होता है।
  • A’ असत्य है और ‘B’ सत्य है।
  • A’ और ‘B’ दोनों असत्य हैं।
  • A’ सत्य है और ‘B’ असत्य है।
  • A’ और ‘B’ दोनों सत्य हैं।

Explanation: अपवर्तन के दूसरे नियम (स्नेल का नियम – Snell’s Law) के अनुसार, आपतन कोण (i) की ज्या (sin i) और अपवर्तन कोण (r) की ज्या (sin r) का अनुपात एक नियतांक (Constant) होता है (sin i/sin r = μ)। पहला नियम कहता है कि आपतित किरण, अपवर्तित किरण और अभिलंब एक ही तल (Same Plane) में होते हैं, न कि नहीं। इसलिए A असत्य, B सत्य है। दिए गए विकल्पों में “A’ असत्य है और ‘B’ सत्य है” सही है।
Quick Facts:

  • A असत्य (क्योंकि अभिलंब, आपतित और अपवर्तित किरण एक ही तल में होती हैं)।
  • B सत्य (स्नेल का नियम) – sin i/sin r = नियतांक, सही है।
  • A’ असत्य और ‘B’ सत्य: यह सही मिलान है।

मेंडल से पहले कई वैज्ञानिकों ने मटर और अन्य जीवों में लक्षणों की वंशागति का अध्ययन करना शुरू किया था, लेकिन मेंडल वंशागति के नियम देने में सफल रहे। मेंडल की सफलता के कुछ तर्क नीचे दिए गए हैं। एक को छोड़कर सभी सही हैं। गलत तर्क का चयन कीजिए।

  • उन्होंने छोटे आकार के नमूने के साथ कार्य किया।
  • उन्होंने प्रत्येक पीढ़ी में एक विशेष विशेषता वाले व्यक्तियों की गणना रखी थी।
  • उन्होंने एक समय में एक ही लक्षण की वंशागति का अध्ययन किया, जबकि उनसे पहले के वैज्ञानिकों ने जीव को एक सम्पूर्ण जीव के रूप में माना था।
  • उन्होंने विज्ञान और गणित के ज्ञान को मिश्रित किया।

Explanation: मेंडल ने बड़े आकार के नमूनों (Large Sample Size) के साथ काम किया (लगभग 28,000 मटर के पौधे), छोटे नमूने के साथ नहीं। बड़े नमूने ने उनके सांख्यिकीय विश्लेषण को विश्वसनीय बनाया। शेष विकल्प सही हैं: उन्होंने गणना रखी, एक समय में एक लक्षण का अध्ययन किया, और विज्ञान-गणित का मिश्रण किया।
Quick Facts:

  • छोटे नमूने के साथ कार्य: गलत, मेंडल ने बड़े नमूने पर कार्य किया, यही उत्तर है।
  • व्यक्तियों की गणना: सही, उन्होंने सटीक गणना रखी।
  • एक समय में एक लक्षण: सही, यह उनकी सफलता का कारण था।
  • विज्ञान-गणित मिश्रण: सही, उन्होंने सांख्यिकी का उपयोग किया।

मानव में लिंग गुणसूत्रों के कितने युग्म होते हैं?

  • छत्तीस युग्म
  • एक युग्म
  • बाईस युग्म
  • तीस युग्म

Explanation: मानव (Human) में 23 युग्म (23 pairs) गुणसूत्र (Chromosomes) होते हैं: 22 युग्म अलिंग गुणसूत्र (Autosomes) और 1 युग्म (One Pair) लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosomes) (XX या XY)। लिंग गुणसूत्रों का केवल एक युग्म होता है, जो व्यक्ति का लिंग (Sex) निर्धारित करता है।
Quick Facts:

  • छत्तीस युग्म: गलत, मानव में 23 युग्म होते हैं।
  • एक युग्म: लिंग गुणसूत्रों का एक युग्म (23वाँ युग्म), सही है।
  • बाईस युग्म: ये अलिंग गुणसूत्र (Autosomes) हैं, लिंग गुणसूत्र नहीं, गलत है।
  • तीस युग्म: गलत, मानव में 23 युग्म होते हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सा, कायिक प्रवर्धन द्वारा उत्पन्न पादपों की विशिष्ट विशेषता नहीं है?

  • ये आनुवंशिक रूप से अपने जनक के समान होते हैं।
  • ये बीज से उगने वाले पादपों की तुलना में पुष्प और फल जल्दी देते हैं।
  • इन्हें परागण की आवश्यकता नहीं होती है।
  • ये संतानों (offspring) की विशेषताओं में भिन्नता दर्शाते हैं।

Explanation: कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation) द्वारा उत्पन्न पौधे क्लोन (Clones) होते हैं, जो आनुवंशिक रूप से मूल पौधे के समान (Genetically Identical) होते हैं, इसलिए इनमें विशेषताओं (Traits) में भिन्नता (Variation) नहीं होती। वे जल्दी फल-फूल देते हैं, बीज/परागण की आवश्यकता नहीं। विशेषताओं में भिन्नता कायिक प्रवर्धन की विशेषता नहीं है, बल्कि लैंगिक जनन की है।
Quick Facts:

  • आनुवंशिक रूप से समान: यह कायिक प्रवर्धन की विशेषता है, गलत है।
  • जल्दी फल-फूल: यह विशेषता है, गलत है।
  • परागण की आवश्यकता नहीं: यह विशेषता है, गलत है।
  • विशेषताओं में भिन्नता: यह कायिक प्रवर्धन में नहीं होती, सही है।

उस प्रसिद्ध जीवविज्ञानी का नाम बताइए जिसके साथ गैलापागोस द्वीप समूह जुड़ा हुआ है।

  • कार्ल लिनियस
  • अर्न्स्ट हेकल
  • जोहान ग्रेगर मेंडल
  • चार्ल्स डार्विन

Explanation: गैलापागोस द्वीप समूह (Galapagos Islands) चार्ल्स डार्विन (Charles Darwin) से जुड़ा है। डार्विन ने इन द्वीपों की यात्रा (बीगल जहाज पर) के दौरान फिंच पक्षियों (Finches) और कछुओं (Tortoises) में विविधताएँ देखीं, जिससे उन्हें प्राकृतिक चयन (Natural Selection) का सिद्धांत विकसित करने में मदद मिली।
Quick Facts:

  • कार्ल लिनियस: वर्गीकरण के जनक, गैलापागोस से नहीं, गलत है।
  • अर्न्स्ट हेकल: जर्मन जीवविज्ञानी, गैलापागोस से नहीं, गलत है।
  • जोहान ग्रेगर मेंडल: आनुवंशिकी के जनक, गैलापागोस से नहीं, गलत है।
  • चार्ल्स डार्विन: गैलापागोस यात्रा से जुड़े, सही है।

प्रत्येक जनन कोशिका प्रत्येक युग्म से एक गुणसूत्र लेती है और ये मातृ या पैतृक उत्पत्ति के हो सकते हैं। जब दो जनन कोशिकाएँ संयोजित होती हैं, तब वे संतति में गुणसूत्रों की सामान्य संख्या को पुनःस्थापित करती हैं, जिससे प्रजातियों के DNA की स्थिरता सुनिश्चित होती है। वंशागति के ऐसे कार्यतंत्र को ___________ में समझाया गया है।

  • प्रजातियों में उत्परिवर्तन
  • गुणसूत्र संख्या में भिन्नता
  • जीवों की प्रजाति उद्भवन
  • मेंडल के प्रयोगों के परिणाम

Explanation: वंशागति (Inheritance) का यह कार्यतंत्र जहाँ युग्मक (Gametes) में गुणसूत्रों की संख्या आधी (Haploid) हो जाती है और निषेचन (Fertilization) के बाद पुनः दुगुनी (Diploid) हो जाती है, मेंडल के प्रयोगों के परिणामों (Mendel’s Results) में समझाया गया है। मेंडल के पृथक्करण नियम (Law of Segregation) ने इसे स्पष्ट किया। उत्परिवर्तन, भिन्नता या उद्भवन से इसका संबंध नहीं है।
Quick Facts:

  • उत्परिवर्तन: DNA में परिवर्तन, कार्यतंत्र नहीं, गलत है।
  • गुणसूत्र संख्या में भिन्नता: यह विशेष स्थिति है, सामान्य कार्यतंत्र नहीं, गलत है।
  • प्रजाति उद्भवन: विकासवाद से संबंधित, वंशागति से नहीं, गलत है।
  • मेंडल के प्रयोगों के परिणाम: यह सही है, मेंडल ने इस कार्यतंत्र को समझाया।

___________ से कुछ सरीसृपों में निषेचित अंडों का लिंग निर्धारित होता है।

  • आर्द्रता
  • कायसूत्र
  • तापमान
  • लिंग गुण सूत्र

Explanation: कुछ सरीसृपों (Reptiles) में, जैसे- मगरमच्छ (Crocodile) और कुछ कछुओं (Turtles) में, निषेचित अंडों (Fertilized Eggs) का लिंग (Sex) ऊष्मायन (Incubation) तापमान (Temperature) द्वारा निर्धारित होता है। इसे तापमान-निर्भर लिंग निर्धारण (Temperature-Dependent Sex Determination – TSD) कहते हैं। आर्द्रता, कायसूत्र और लिंग गुणसूत्र (अधिकांश जंतुओं में) अन्य कारक हैं।
Quick Facts:

  • आर्द्रता: लिंग निर्धारण से संबंधित नहीं, गलत है।
  • कायसूत्र (Soma): शरीर की कोशिकाएँ, लिंग निर्धारण नहीं, गलत है।
  • तापमान: कुछ सरीसृपों में लिंग निर्धारण करता है, सही है।
  • लिंग गुण सूत्र: मनुष्यों में, कुछ सरीसृपों में नहीं (TSD), गलत है।

आनुवंशिकी के संदर्भ में वंशावली विश्लेषण का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?

  • किसी परिवार में पीढ़ियों के पार विशिष्ट लक्षणों के वंशानुक्रम को ट्रैक करना
  • विभिन्न जीवों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं का विश्लेषण करना
  • किसी पर्यावरण में प्रजातियों के बीच पारिस्थितिक अंतक्रियाओं का अध्ययन करना
  • किसी आबादी में व्यक्तियों के शारीरिक लक्षणों को मापना

Explanation: वंशावली विश्लेषण (Pedigree Analysis) का प्राथमिक उद्देश्य किसी परिवार (Family) में पीढ़ियों (Generations) के पार विशिष्ट लक्षणों (Traits) या रोगों (Diseases) के वंशानुक्रम (Inheritance) को ट्रैक (Track) करना है। इसका उपयोग वंशानुगत रोगों के स्वरूप (Pattern) को समझने और भविष्य के जोखिम का आकलन करने में होता है।
Quick Facts:

  • लक्षणों के वंशानुक्रम को ट्रैक करना: यह वंशावली का मुख्य उद्देश्य है, सही है।
  • पोषण संबंधी आवश्यकताएँ: यह पोषण विज्ञान से संबंधित, आनुवंशिकी नहीं, गलत है।
  • पारिस्थितिक अंतःक्रियाएँ: यह पारिस्थितिकी (Ecology) से संबंधित, गलत है।
  • शारीरिक लक्षण मापना: यह मानवमिति (Anthropometry) से संबंधित, गलत है।

लैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न आनुवंशिक विविधता का परिणाम निम्नलिखित में से क्या है?

  • आनुवंशिक रूप से समरूप संतति की उत्पत्ति
  • विकास
  • उत्तरजीविता की संभावना में कमी
  • समरूप यमज (twins) का निर्माण

Explanation: लैंगिक जनन (Sexual Reproduction) द्वारा उत्पन्न आनुवंशिक विविधता (Genetic Diversity) का परिणाम विकास (Evolution) होता है। विविधता प्राकृतिक चयन (Natural Selection) के लिए कच्चा माल प्रदान करती है, जिससे जीव पर्यावरणीय परिवर्तनों के अनुकूल बनते हैं और नई प्रजातियाँ (Species) उत्पन्न हो सकती हैं। यह उत्तरजीविता की संभावना बढ़ाता है, घटाता नहीं। समरूप जुड़वाँ (Identical Twins) अलैंगिक/विशेष स्थिति से बनते हैं।
Quick Facts:

  • समरूप संतति: यह अलैंगिक जनन में होता है, लैंगिक में नहीं, गलत है।
  • विकास: आनुवंशिक विविधता विकास का कारण है, सही है।
  • उत्तरजीविता में कमी: गलत, विविधता उत्तरजीविता बढ़ाती है।
  • समरूप जुड़वाँ: विविधता से संबंधित नहीं, गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प कायिक प्रवर्धन द्वारा उत्पन्न संतति की प्रमुख विशेषता को संदर्भित करता है?

  • वे मूल पौधे से आनुवंशिक रूप से भिन्न होती हैं।
  • उन्हें विकसित होने के लिए निषेचन की आवश्यकता होती है।
  • वे आनुवंशिक रूप से मूल पौधे के समान होती हैं।
  • वे बीज से उगाए गए पौधों की तुलना में सदैव धीमी गति से बढ़ती हैं।

Explanation: कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation) एक अलैंगिक प्रजनन विधि है, जिसमें संतति (Offspring) आनुवंशिक रूप से (Genetically) मूल पौधे (Parent Plant) के समान (Identical) होती हैं, क्योंकि ये माइटोसिस (Mitosis) द्वारा बनती हैं। इन्हें निषेचन (Fertilization) की आवश्यकता नहीं होती और ये प्रायः तीव्र गति से बढ़ती हैं। आनुवंशिक भिन्नता नहीं होती।
Quick Facts:

  • मूल पौधे से भिन्न: गलत, कायिक प्रवर्धन में समानता होती है।
  • निषेचन की आवश्यकता: गलत, अलैंगिक है, निषेचन नहीं चाहिए।
  • आनुवंशिक रूप से समान: सही, यह कायिक प्रवर्धन की मुख्य विशेषता है।
  • सदैव धीमी: गलत, ये तीव्र गति से बढ़ सकते हैं।

जीवों के वैज्ञानिक नामकरण की प्रणाली किसके द्वारा शुरू की गई थी?

  • एलेक्सिस कैरेल
  • कैरोलस लिनियस
  • एजेल कैबरेरा
  • जॉर्ज कैली

Explanation: जीवों के वैज्ञानिक नामकरण (Scientific Naming) की द्विनामकरण (Binomial Nomenclature) प्रणाली कैरोलस लिनियस (Carolus Linnaeus) द्वारा शुरू की गई थी। उन्होंने प्रत्येक जीव को दो भागों वाला नाम (जैसे- Homo sapiens) दिया, जिसमें पहला वंश (Genus) और दूसरा प्रजाति (Species) को दर्शाता है। इसे “वर्गीकरण का जनक” (Father of Taxonomy) भी कहा जाता है।
Quick Facts:

  • एलेक्सिस कैरेल: फ्रांसीसी शल्य चिकित्सक, नामकरण से नहीं, गलत है।
  • कैरोलस लिनियस: द्विनामकरण प्रणाली के जनक, सही है।
  • एजेल कैबरेरा: जीवविज्ञानी, नामकरण प्रणाली नहीं, गलत है।
  • जॉर्ज कैली: अमेरिकी गणितज्ञ, जीव नामकरण नहीं, गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-से युग्म संरचनात्मक समावयवों के रूप में सुमेलित हैं? A) पेंटेन – 2-मेथिलब्यूटेन B) ब्यूटेन – 2-मेथिलप्रोपेन C) बेंजीन – साइक्लोहेक्सीन

  • केवल A और B
  • केवल B और C
  • केवल A और C
  • A, B और C

Explanation: संरचनात्मक समावयव (Structural Isomers) वे यौगिक होते हैं जिनका आणविक सूत्र (Molecular Formula) समान होता है, लेकिन संरचना (Structure) भिन्न होती है। A) पेंटेन (C₅H₁₂) और 2-मेथिलब्यूटेन (C₅H₁₂) समावयवी हैं। B) ब्यूटेन (C₄H₁₀) और 2-मेथिलप्रोपेन (C₄H₁₀) समावयवी हैं। C) बेंजीन (C₆H₆) और साइक्लोहेक्सीन (C₆H₁₀) के आणविक सूत्र भिन्न हैं, इसलिए ये समावयवी नहीं हैं। अतः केवल A और B सही हैं।
Quick Facts:

  • A और B: दोनों समावयवी हैं, सही है।
  • B और C: C समावयवी नहीं, गलत है।
  • A और C: C समावयवी नहीं, गलत है।
  • A, B और C: C गलत है, इसलिए पूरा सेट गलत है।

पादपों में प्रजनन की एक विधि के रूप में खंडन (fragmentation) का क्या लाभ है?

  • तीव्र गुणन लाता है
  • आनुवंशिक विविधता बढ़ाता है।
  • मुकुल निर्माण को बढ़ावा देता है
  • परिक्षेपण के लिए बीजाणु बनाता है

Explanation: खंडन (Fragmentation) अलैंगिक प्रजनन की एक विधि है, जिसमें शरीर के टुकड़ों (Fragments) से नए जीव बनते हैं। इसका मुख्य लाभ तीव्र गुणन (Rapid Multiplication) है, क्योंकि एक ही मूल जीव से कई नए जीव बन सकते हैं। यह आनुवंशिक विविधता नहीं बढ़ाता (क्योंकि क्लोन बनते हैं), न ही मुकुल या बीजाणु बनाता है।
Quick Facts:

  • तीव्र गुणन: खंडन का मुख्य लाभ, सही है।
  • आनुवंशिक विविधता: गलत, अलैंगिक जनन में विविधता नहीं होती।
  • मुकुल निर्माण: यह मुकुलन (Budding) है, खंडन नहीं, गलत है।
  • बीजाणु: यह बीजाणु निर्माण (Spore Formation) है, खंडन नहीं, गलत है।

जब मेंडल ने लंबे मटर के पौधों को छोटे मटर के पौधों के साथ संकरित किया, तो संतति सभी लंबे पौधे थे। जब उन्होंने गोल बीज वाले पौधों को झुर्रीदार बीज वाले पौधों के साथ संकरित किया, तो संतति सभी गोल बीज वाले थे। यदि उन्होंने झुर्रीदार बीज वाले लंबे पौधों को गोल बीज वाले छोटे पौधों के साथ संकरित किया, तो संतति के पौधे कैसे दिखेंगे?

  • गोल बीज वाले छोटे पौधे
  • झुर्रीदार बीज वाले छोटे पौधे
  • गोल बीज वाले लंबे पौधे
  • झुर्रीदार बीज वाले लंबे पौधे

Explanation: मेंडल के प्रयोगों के अनुसार, गोल बीज (Round) झुर्रीदार (Wrinkled) पर प्रभावी (Dominant) है, और लंबा (Tall) बौने (Dwarf) पर प्रभावी है। यदि झुर्रीदार बीज वाले लंबे (rrTT) को गोल बीज वाले छोटे (RRtt) के साथ संकरित किया जाए, तो F1 संतति में सभी गोल बीज वाले लंबे (RrTt) होंगे, क्योंकि गोल और लंबा दोनों प्रभावी लक्षण हैं।
Quick Facts:

  • गोल बीज वाले छोटे: गलत, लंबा प्रभावी है।
  • झुर्रीदार बीज वाले छोटे: गलत, दोनों अप्रभावी होंगे।
  • गोल बीज वाले लंबे: सही, दोनों प्रभावी लक्षण व्यक्त होंगे।
  • झुर्रीदार बीज वाले लंबे: गलत, गोल प्रभावी है।

विकास का पहला मौलिक कारक है:

  • व्यष्टियों के बीच प्रतिस्पर्धा
  • आनुवंशिक विविधता
  • स्वस्थ संतान
  • विकास के लिए कोशिका विभाजन

Explanation: विकास (Evolution) का पहला और सबसे मौलिक कारक आनुवंशिक विविधता (Genetic Variation) है। विविधता के बिना प्राकृतिक चयन (Natural Selection) के लिए कोई आधार नहीं होता। विविधता उत्परिवर्तन (Mutations) और लैंगिक जनन (Sexual Reproduction) से उत्पन्न होती है। प्रतिस्पर्धा, स्वस्थ संतान और कोशिका विभाजन विकास के कारक हैं, लेकिन ये विविधता पर निर्भर हैं।
Quick Facts:

  • प्रतिस्पर्धा: विकास का कारक, परंतु पहला नहीं, गलत है।
  • आनुवंशिक विविधता: विकास का मूलभूत आधार, पहला कारक, सही है।
  • स्वस्थ संतान: उत्तरजीविता के लिए, विकास का मूल कारक नहीं, गलत है।
  • कोशिका विभाजन: वृद्धि के लिए, विकास नहीं, गलत है।

‘होमो सेपियन्स’ शब्द किसने दिया?

  • जी. जे. मेंडल
  • सी.लिनियस
  • मिलर
  • डार्विन

Explanation: ‘होमो सेपियन्स’ (Homo sapiens) शब्द कैरोलस लिनियस (Carolus Linnaeus) ने दिया। यह मानव (Human) का वैज्ञानिक नाम (Scientific Name) है, जिसमें ‘Homo’ वंश (Genus) और ‘sapiens’ प्रजाति (Species) को दर्शाता है। लिनियस ने द्विनामकरण (Binomial Nomenclature) प्रणाली के तहत यह नाम दिया।
Quick Facts:

  • जी. जे. मेंडल: आनुवंशिकी के जनक, नामकरण नहीं, गलत है।
  • सी.लिनियस: द्विनामकरण प्रणाली के जनक, Homo sapiens नाम दिया, सही है।
  • मिलर: जीवन उत्पत्ति के प्रयोग, नामकरण नहीं, गलत है।
  • डार्विन: विकासवाद, नामकरण नहीं, गलत है।

अमीबा में विखंडन (fission) की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप ___________ का निर्माण होता है।

  • दो समान आकार की, आनुवंशिक रूप से समान संतति कोशिकाएं
  • आनुवंशिक रूप से भिन्न एक छोटी संतति कोशिका तथा एक बड़ी मातृ कोशिका
  • चार आनुवंशिक रूप से भिन्न संतति कोशिकाएं
  • बड़ी संख्या में छोटी, आनुवंशिक रूप से समान संतति कोशिकाएं

Explanation: अमीबा (Amoeba) में द्विखंडन (Binary Fission) होता है, जिसमें एक कोशिका दो समान आकार की (Equal Sized) और आनुवंशिक रूप से समान (Genetically Identical) संतति कोशिकाओं (Daughter Cells) में विभाजित हो जाती है। यह एक अलैंगिक प्रजनन विधि है, इसलिए आनुवंशिक भिन्नता नहीं होती। चार कोशिकाएँ अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) में बनती हैं, और बड़ी संख्या में छोटी कोशिकाएँ बहुखंडन (Multiple Fission) में।
Quick Facts:

  • दो समान, आनुवंशिक रूप से समान: अमीबा में द्विखंडन, सही है।
  • भिन्न, एक छोटी और बड़ी: यह मुकुलन (Budding) जैसा है, अमीबा नहीं, गलत है।
  • चार भिन्न: अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis), अमीबा में नहीं, गलत है।
  • बड़ी संख्या में छोटी: बहुखंडन (Multiple Fission), जैसे- प्लाज्मोडियम, गलत है।

उस वैज्ञानिक का नाम बताइए जिसने तत्वों को ऐसे पदार्थों के रूप में परिभाषित किया जिन्हें रासायनिक अभिक्रियाओं द्वारा सरल रूप में तोड़ा नहीं जा सकता है।

  • रॉबर्ट बॉयल (Robert Boyle)
  • एंटोनी लॉरेंट लवॉज़िएर (Antoine Laurent Lavoisier)
  • रॉबर्ट हुक (Robert Hooke)
  • जॉन डाल्टन

Explanation: एंटोनी लॉरेंट लवॉज़िएर (Antoine Laurent Lavoisier) ने तत्वों (Elements) को ऐसे पदार्थों (Substances) के रूप में परिभाषित किया जिन्हें रासायनिक अभिक्रियाओं (Chemical Reactions) द्वारा सरल रूप में नहीं तोड़ा जा सकता। वे आधुनिक रसायन विज्ञान (Modern Chemistry) के जनक भी माने जाते हैं। रॉबर्ट बॉयल, रॉबर्ट हुक और जॉन डाल्टन ने भी योगदान दिया, लेकिन यह परिभाषा लवॉज़िएर ने दी।
Quick Facts:

  • रॉबर्ट बॉयल: गैस नियम, तत्व परिभाषा नहीं, गलत है।
  • एंटोनी लॉरेंट लवॉज़िएर: तत्वों की परिभाषा दी, सही है।
  • रॉबर्ट हुक: कोशिका की खोज, रसायन नहीं, गलत है।
  • जॉन डाल्टन: परमाणु सिद्धांत, तत्व परिभाषा नहीं, गलत है।

विकास का सिद्धांत हमें बताता है कि कैसे जीवन सरल से अधिक जटिल रूपों में कैसे विकसित हुआ है।

  • डार्विन
  • वैलेस
  • मेंडल
  • लैमार्क

Explanation: लैमार्क (Jean-Baptiste Lamarck) ने विकास का सिद्धांत (Theory of Evolution) प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने कहा कि जीवन सरल (Simple) से अधिक जटिल (Complex) रूपों में विकसित हुआ है (जटिलीकरण का सिद्धांत – Principle of Complexity)। डार्विन ने प्राकृतिक चयन (Natural Selection) का सिद्धांत दिया, जो विकास का तंत्र है, लेकिन यह कथन लैमार्क का है। वैलेस ने भी प्राकृतिक चयन पर कार्य किया, मेंडल आनुवंशिकी से संबंधित हैं।
Quick Facts:

  • डार्विन: प्राकृतिक चयन, सरल से जटिल नहीं (यह लैमार्क है), गलत है।
  • वैलेस: प्राकृतिक चयन, गलत है।
  • मेंडल: आनुवंशिकी, विकास नहीं, गलत है।
  • लैमार्क: सरल से जटिल विकास का सिद्धांत, सही है।

वंशानुक्रम के नियम शास्त्रीय आनुवंशिकी की नींव बनाते हैं। निम्नलिखित में से किसने सबसे पहले आनुवंशिकता के नियमों का वर्णन किया था?

  • ग्रेगर मेंडल
  • चार्ल्स डार्विन
  • दिमित्री मेंडेलीव
  • अल्फ्रेड रसेल वालेस

Explanation: ग्रेगर मेंडल (Gregor Mendel) ने सबसे पहले आनुवंशिकता (Heredity) के नियमों (Laws of Inheritance) का वर्णन किया। उन्होंने मटर के पौधों पर प्रयोग करके प्रभाविता, पृथक्करण और स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम दिए। डार्विन और वालेस ने विकासवाद पर, और मेंडेलीव ने रासायनिक तत्वों की आवर्त सारणी (Periodic Table) पर कार्य किया।
Quick Facts:

  • ग्रेगर मेंडल: आनुवंशिकी के नियमों के जनक, सही है।
  • चार्ल्स डार्विन: विकासवाद, आनुवंशिकता नहीं, गलत है।
  • दिमित्री मेंडेलीव: आवर्त सारणी, आनुवंशिकता नहीं, गलत है।
  • अल्फ्रेड रसेल वालेस: विकासवाद, आनुवंशिकता नहीं, गलत है।

लैंगिक जनन करने वाले पौधों में विविधता क्यों महत्वपूर्ण है?

  • इससे जनसंख्या में आनुवंशिक विविधता कम हो जाती है।
  • यह प्रजातियों की बदलते वातावरण के प्रति अनुकूलन क्षमता को सीमित करता है।
  • यह पर्यावरणीय परिवर्तनों के प्रति अनुकूलन को सक्षम बनाकर जीवित रहने की संभावनाओं को बढ़ाता है।
  • यह सुनिश्चित करता है कि सभी संतानें माता-पिता के समान हों, जिससे एकरूपता बनी रहे।

Explanation: लैंगिक जनन (Sexual Reproduction) द्वारा उत्पन्न विविधता (Variation) महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पौधों को पर्यावरणीय परिवर्तनों (Environmental Changes) के अनुकूल (Adapt) बनने में सक्षम बनाती है, जिससे उनकी उत्तरजीविता (Survival) की संभावना बढ़ जाती है। विविधता आनुवंशिक विविधता बढ़ाती है, कम नहीं, और संतानें माता-पिता से भिन्न होती हैं, समान नहीं।
Quick Facts:

  • आनुवंशिक विविधता कम: गलत, विविधता बढ़ाती है।
  • अनुकूलन क्षमता सीमित: गलत, विविधता अनुकूलन बढ़ाती है।
  • उत्तरजीविता बढ़ाती है: सही, विविधता का मुख्य लाभ।
  • संतानें समान: गलत, लैंगिक जनन में विविधता होती है।

जब मटर के पौधे जिनमें दो अलग-अलग लक्षण (लंबा/बौना लक्षण और गोल बीज/झुर्रीदार बीज लक्षण) हैं, केवल एक के बजाय एक-दूसरे के साथ प्रजनन करते हैं, तो क्या होता है?

  • लंबा/बौना लक्षण और गोल बीज/झुर्रीदार बीज लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशानुगत होते हैं।
  • F2 पीढ़ी में वे सभी लंबे और गोल बीज वाले होते हैं।
  • कुछ F1 संतति लंबे पौधे गोल बीजों के साथ होते हैं, और कुछ बौने पौधे झुर्रीदार बीजों के साथ होते हैं।
  • लंबा/बौना लक्षण और गोल बीज/झुर्रीदार बीज लक्षण आश्रित रूप से वंशानुगत होते हैं।

Explanation: मेंडल के स्वतंत्र अपव्यूहन नियम (Law of Independent Assortment) के अनुसार, जब दो अलग-अलग लक्षण (Traits) वाले पौधे प्रजनन करते हैं, तो ये लक्षण स्वतंत्र रूप से (Independently) वंशानुगत (Inherited) होते हैं, एक-दूसरे पर निर्भर (Dependent) नहीं। F2 पीढ़ी में सभी प्रकार के संयोजन (9:3:3:1) देखने को मिलते हैं। F1 में सभी लंबे गोल (प्रभावी) होते हैं, F2 में विविधता आती है।
Quick Facts:

  • स्वतंत्र रूप से वंशानुगत: स्वतंत्र अपव्यूहन नियम, सही है।
  • F2 में सभी लंबे गोल: गलत, F2 में विविधता (9:3:3:1) होती है।
  • F1 में कुछ-कुछ: गलत, F1 में सभी प्रभावी लक्षण (लंबा गोल) होते हैं।
  • आश्रित रूप से: गलत, यह स्वतंत्र अपव्यूहन का विपरीत है।

मेंडल ने बगीचे के मटर के पौधे के अनेक विपर्यासी लक्षणों के साथ प्रयोग किया। उनमें से कुछ निम्न थे। a) गोल और झुर्रीदार बीज b) लंबे और छोटे पौधे c) सफेद और बैंगनी फूल उपरोक्त में से कौन-से मटर के पौधे में अप्रभावी विशेषक हैं?

  • बैंगनी, छोटा और गोल
  • झुर्रीदार, छोटा और सफेद
  • झुर्रीदार, छोटा और बैंगनी
  • गोल, छोटा और सफेद

Explanation: मेंडल के प्रयोगों में अप्रभावी (Recessive) लक्षण हैं: झुर्रीदार बीज (Wrinkled Seeds), छोटा/बौना तना (Dwarf Stem), और सफेद फूल (White Flowers)। प्रभावी (Dominant) लक्षण हैं: गोल बीज, लंबा तना, और बैंगनी फूल। इसलिए झुर्रीदार, छोटा और सफेद तीनों अप्रभावी विशेषक हैं।
Quick Facts:

  • बैंगनी, छोटा, गोल: बैंगनी और गोल प्रभावी हैं, गलत है।
  • झुर्रीदार, छोटा, सफेद: तीनों अप्रभावी हैं, सही है।
  • झुर्रीदार, छोटा, बैंगनी: बैंगनी प्रभावी है, गलत है।
  • गोल, छोटा, सफेद: गोल प्रभावी है, गलत है।

निम्नलिखित कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़े और सही विकल्प चुनें। अभिकथन (A): ऑक्सीजन के साथ कॉपर की अभिक्रिया में, ऑक्सीजन अपचायक के रूप में कार्य करता है। कारण (R): ऑक्सीजन कॉपर से मिलकर कॉपर ऑक्साइड बनाता है।

  • A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
  • A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
  • A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
  • A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या नहीं है।

Explanation: ऑक्सीजन (Oxygen) कॉपर (Copper) के साथ अभिक्रिया करके कॉपर ऑक्साइड (CuO) बनाता है। इस अभिक्रिया में, ऑक्सीजन ऑक्सीकारक (Oxidizing Agent) है (क्योंकि यह ऑक्सीजन ग्रहण करता है या इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है), अपचायक (Reducing Agent) नहीं। कॉपर अपचायक है। अतः A असत्य है, लेकिन R सत्य है (क्योंकि R में कॉपर ऑक्साइड बनने की बात सही है)।
Quick Facts:

  • A और R सत्य, R व्याख्या: A असत्य है, इसलिए गलत है।
  • A सत्य, R असत्य: A असत्य है, गलत है।
  • A असत्य, R सत्य: सही, A (ऑक्सीजन अपचायक) गलत है, R (CuO बनता है) सही है।
  • A और R सत्य, R व्याख्या नहीं: A असत्य है, गलत है।

जीवाणु और प्रोटोजोआ जैसे एककोशिकीय जीवों में द्वि-खंडन की प्रक्रिया में, निम्नलिखित में से किसके घटित होने की संभावना सबसे कम होती है?

  • अनुकूल परिस्थितियों में जनसंख्या में तीव्र वृद्धि
  • आनुवंशिक पदार्थ का असमान विभाजन
  • दूसरे जनक की आवश्यकता नहीं
  • समान संतति कोशिकाओं का निर्माण

Explanation: द्विखंडन (Binary Fission) में आनुवंशिक पदार्थ (DNA) की प्रतिकृति (Replication) के बाद कोशिका विभाजित होती है, और आनुवंशिक पदार्थ समान रूप से (Equally) विभाजित होता है, न कि असमान (Unequally)। असमान विभाजन की संभावना सबसे कम होती है। तीव्र वृद्धि, दूसरे जनक की आवश्यकता नहीं, और समान संतति कोशिकाएँ द्विखंडन की विशेषताएँ हैं।
Quick Facts:

  • तीव्र वृद्धि: द्विखंडन में होती है, गलत है (होने की संभावना अधिक)।
  • असमान विभाजन: द्विखंडन में नहीं होता, संभावना सबसे कम, सही है।
  • दूसरे जनक की आवश्यकता नहीं: अलैंगिक जनन, होता है, गलत है।
  • समान संतति: होता है, गलत है।

मेंडल ने दो प्रयोग किए: (1) लंबे पौधों से पराग को छोटे पौधों के अंडाशय को निषेचित करने के लिए लिया गया, और (2) छोटे पौधों से पराग को लंबे पौधों के अंडाशय को निषेचित करने के लिए लिया गया। यदि हम इन दो प्रयोगों से उत्पन्न पौधों की तुलना करें, तो हम देखेंगे कि _________.

  • प्रयोग 1 लंबे पौधे उत्पन्न करेगा और प्रयोग 2 भी लंबे पौधे उत्पन्न करेगा
  • प्रयोग 1 लंबे पौधे उत्पन्न करेगा और प्रयोग 2 छोटे पौधे उत्पन्न करेगा
  • प्रयोग 1 छोटे पौधे उत्पन्न करेगा और प्रयोग 2 भी छोटे पौधे उत्पन्न करेगा
  • प्रयोग 1 छोटे पौधे उत्पन्न करेगा और प्रयोग 2 लंबे पौधे उत्पन्न करेगा

Explanation: मेंडल ने पाया कि प्रभावी लक्षण (Dominant Trait) (लंबाई) इस बात पर निर्भर नहीं करता कि पराग (Pollen) किस पौधे से आया है या अंडाशय (Ovary) किस पौधे का है। चूँकि लंबा (T) प्रभावी है और बौना (t) अप्रभावी है, दोनों प्रयोगों में संतति (F1) सभी लंबी (Tt) होंगी। यह प्रभाविता (Dominance) के नियम को दर्शाता है।
Quick Facts:

  • प्रयोग 1 लंबा, प्रयोग 2 भी लंबा: सही, क्योंकि T प्रभावी है।
  • एक लंबा, एक छोटा: गलत, दोनों में लंबा ही आएगा।
  • दोनों छोटे: गलत, छोटा अप्रभावी है।
  • एक छोटा, एक लंबा: गलत, दोनों में लंबा ही आएगा।

मेंडल के अनुसार, जब एक लंबे मटर के पौधे (TT) का संकरण एक बौने मटर के पौधे (tt) के साथ किया जाता है, तो F1 संतति में ________ होंगे।

  • 50% लंबे (Tt), 50% बौने (tt)
  • 75% लंबे (TT/Tt), 25% बौने (tt)
  • सभी लंबे (Tt)
  • सभी बौने (tt)

Explanation: TT × tt के संकरण में, सभी F1 संतति Tt होंगी (100% लंबे), क्योंकि T प्रभावी है। यह एकसंकर संकरण (Monohybrid Cross) का मूल परिणाम है। 50%-50%, 75%-25% और सभी बौने F2 पीढ़ी या अन्य संयोजनों में हो सकते हैं, F1 में नहीं।
Quick Facts:

  • 50% लंबे, 50% बौने: गलत, यह F2 में नहीं, F1 में सभी लंबे होते हैं।
  • 75% लंबे, 25% बौने: F2 पीढ़ी का अनुपात (3:1), F1 नहीं, गलत है।
  • सभी लंबे (Tt): F1 में सभी Tt (लंबे), सही है।
  • सभी बौने (tt): गलत, क्योंकि T प्रभावी है।

निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने अपनी पुस्तक “ओरिजिन ऑफ स्पीशीज” में जैविक विकास के एक तंत्र का सुझाव दिया।

  • कार्ल वोएस
  • चार्ल्स डार्विन
  • रॉबर्ट ब्लिटकर
  • अर्न्स्ट हेकल

Explanation: चार्ल्स डार्विन (Charles Darwin) ने अपनी पुस्तक “ऑन द ओरिजिन ऑफ स्पीशीज़” (On the Origin of Species – 1859) में प्राकृतिक चयन (Natural Selection) के तंत्र के माध्यम से जैविक विकास (Biological Evolution) का सिद्धांत प्रस्तुत किया। कार्ल वोएस (सूक्ष्म जीव विज्ञान), रॉबर्ट ब्लिटकर और अर्न्स्ट हेकल (जीवविज्ञानी) इस पुस्तक से संबंधित नहीं हैं।
Quick Facts:

  • कार्ल वोएस: आर्किया का वर्गीकरण, ओरिजिन नहीं, गलत है।
  • चार्ल्स डार्विन: ओरिजिन ऑफ स्पीशीज़ के लेखक, सही है।
  • रॉबर्ट ब्लिटकर: भारतीय मछलियों पर कार्य, गलत है।
  • अर्न्स्ट हेकल: जर्मन जीवविज्ञानी, डार्विन के समकालीन, लेकिन पुस्तक डार्विन की है, गलत है।

निम्नलिखित में से किसे “जीव विज्ञान का जनक” माना जाता है?

  • ल्यूवेनहॉक
  • अरस्तू
  • लैंकेस्टर
  • डार्विन

Explanation: अरस्तू (Aristotle) को “जीव विज्ञान का जनक” (Father of Biology) माना जाता है। उन्होंने जीवों के वर्गीकरण, शरीर रचना और प्रजनन पर गहन अध्ययन किया। ल्यूवेनहॉक (सूक्ष्मदर्शी), लैंकेस्टर (जीवविज्ञानी), और डार्विन (विकासवाद) अन्य विशेषज्ञ हैं, लेकिन “जीव विज्ञान का जनक” अरस्तू को कहा जाता है।
Quick Facts:

  • ल्यूवेनहॉक: सूक्ष्म जीव विज्ञान के जनक, जीव विज्ञान के नहीं, गलत है।
  • अरस्तू: जीव विज्ञान के जनक, सही है।
  • लैंकेस्टर: जीवविज्ञानी, लेकिन जनक नहीं, गलत है।
  • डार्विन: विकासवाद के जनक, जीव विज्ञान के नहीं, गलत है।

पौधों में विभिन्नता के संबंध में गलत कथन का चयन करें।

  • ये लैंगिक जनन के दौरान उत्पन्न होते हैं।
  • किसी समष्टि में सभी पौधे आनुवंशिक रूप से समरूप होते हैं।
  • ये अनुकूलन में सहायक होती हैं।
  • ये उत्परिवर्तन के कारण उत्पन्न हो सकती हैं।

Explanation: यह कथन गलत है क्योंकि किसी समष्टि (Population) में सभी पौधे आनुवंशिक रूप से समरूप (Genetically Identical) नहीं होते; उनमें विभिन्नताएँ (Variations) होती हैं, जो लैंगिक जनन, उत्परिवर्तन (Mutation) आदि से उत्पन्न होती हैं। ये विभिन्नताएँ अनुकूलन (Adaptation) में सहायक होती हैं। अन्य तीनों कथन सत्य हैं।
Quick Facts:

  • लैंगिक जनन में विभिन्नता: सत्य, गलत नहीं है।
  • सभी पौधे आनुवंशिक रूप से समरूप: असत्य, विभिन्नता होती है, यही सही उत्तर है।
  • अनुकूलन में सहायक: सत्य, विभिन्नता अनुकूलन में सहायक है।
  • उत्परिवर्तन से उत्पन्न: सत्य, उत्परिवर्तन विभिन्नता का स्रोत है।

निम्नलिखित में से किसमें जेनेटिक इंजीनियरिंग शामिल है?

  • जीन क्रांति
  • रक्तहीन क्रांति
  • भूमंडलीकरण
  • हरित क्रांति

Explanation: जीन क्रांति (Gene Revolution) में जेनेटिक इंजीनियरिंग (Genetic Engineering) शामिल है, जिसमें जीनों (Genes) में प्रत्यक्ष रूप से परिवर्तन किया जाता है (जैसे- जीन संपादन, ट्रांसजेनिक फसलें)। हरित क्रांति (Green Revolution) उच्च उपज वाली किस्मों, रक्तहीन क्रांति (Bloodless Revolution) पशु कल्याण, और भूमंडलीकरण (Globalization) आर्थिक एकीकरण से संबंधित है।
Quick Facts:

  • जीन क्रांति: जेनेटिक इंजीनियरिंग, सही है।
  • रक्तहीन क्रांति: पशु हिंसा रोधी, जेनेटिक इंजीनियरिंग नहीं, गलत है।
  • भूमंडलीकरण: अर्थशास्त्र, जेनेटिक नहीं, गलत है।
  • हरित क्रांति: कृषि उत्पादन, जेनेटिक इंजीनियरिंग नहीं (पारंपरिक संकरण), गलत है।

मानव में बच्चे का लिंग किससे निर्धारित होता है?

  • आनुवंशिक संरचना
  • पर्यावरणीय संकेत
  • निषेचित अंडों को रखे जाने वाले तापमान
  • भ्रूण की स्थिति

Explanation: मानव (Human) में बच्चे का लिंग (Sex) आनुवंशिक संरचना (Genetic Constitution) (गुणसूत्रों – Chromosomes) द्वारा निर्धारित होता है। पुरुष में XY और महिला में XX गुणसूत्र होते हैं। बच्चे का लिंग पिता के शुक्राणु (Sperm) के X या Y गुणसूत्र पर निर्भर करता है। पर्यावरण, तापमान और भ्रूण की स्थिति मानव में लिंग निर्धारण नहीं करते (कुछ सरीसृपों में तापमान निर्धारण होता है)।
Quick Facts:

  • आनुवंशिक संरचना: मानव में लिंग गुणसूत्रों द्वारा निर्धारण, सही है।
  • पर्यावरणीय संकेत: मानव में नहीं, कुछ जंतुओं में, गलत है।
  • तापमान: कुछ सरीसृपों में, मानव में नहीं, गलत है।
  • भ्रूण की स्थिति: लिंग निर्धारण से संबंधित नहीं, गलत है।

मेंडल ने ______ की विधि से F1 पीढ़ी के पौधों से F2 वंशज प्राप्त की।

  • पार परागण
  • वनस्पति प्रचार
  • अलैंगिक प्रजनन
  • स्वपरागण

Explanation: मेंडल ने F1 पीढ़ी के पौधों से F2 वंशज (Offspring) स्वपरागण (Self-Pollination) की विधि से प्राप्त किए। स्वपरागण में एक ही पौधे का पराग उसी पौधे के अंडाशय को निषेचित करता है। इससे F2 में 3:1 (लंबा:बौना) जैसे अनुपात प्राप्त हुए। पार परागण (Cross Pollination) दो अलग-अलग पौधों के बीच होता है।
Quick Facts:

  • पार परागण: दो भिन्न पौधों के बीच, F1 प्राप्त करने में उपयोग, F2 के लिए नहीं, गलत है।
  • वनस्पति प्रचार: अलैंगिक, मेंडल ने उपयोग नहीं किया, गलत है।
  • अलैंगिक प्रजनन: मेंडल ने नहीं, गलत है।
  • स्वपरागण: F1 से F2 प्राप्त करने के लिए सही विधि, मेंडल ने इसी का उपयोग किया।

K-शेल ______ ऊर्जा स्तर है।

  • चौथा
  • पहला
  • तीसरा
  • दूसरा

Explanation: K-शेल (K-shell) परमाणु (Atom) का पहला (First) ऊर्जा स्तर (Energy Level) होता है, जो नाभिक (Nucleus) के सबसे निकट होता है। इसकी इलेक्ट्रॉन धारण क्षमता 2 होती है। L-शेल दूसरा, M-शेल तीसरा, N-शेल चौथा होता है। अतः K-शेल पहला ऊर्जा स्तर है।
Quick Facts:

  • चौथा: N-शेल, K नहीं, गलत है।
  • पहला: K-शेल सबसे भीतरी, पहला ऊर्जा स्तर, सही है।
  • तीसरा: M-शेल, K नहीं, गलत है।
  • दूसरा: L-शेल, K नहीं, गलत है।

“प्राकृतिक वरण का सिद्धांत” किसके द्वारा प्रस्तावित किया गया था –

  • चार्ल्स हक्सले
  • चार्ल्स डार्विन
  • इरास्मस डार्विन
  • मॉर्गन

Explanation: “प्राकृतिक वरण का सिद्धांत” (Theory of Natural Selection) चार्ल्स डार्विन (Charles Darwin) द्वारा प्रस्तावित किया गया था। उन्होंने इसे अपनी पुस्तक “ऑन द ओरिजिन ऑफ स्पीशीज़” में विस्तार से वर्णित किया। चार्ल्स हक्सले (डार्विन के समर्थक), इरास्मस डार्विन (चार्ल्स के दादा), और मॉर्गन (आनुवंशिकी) इस सिद्धांत से संबंधित नहीं हैं।
Quick Facts:

  • चार्ल्स हक्सले: डार्विन के समर्थक, सिद्धांत प्रस्तावित नहीं, गलत है।
  • चार्ल्स डार्विन: प्राकृतिक वरण सिद्धांत के प्रस्तोता, सही है।
  • इरास्मस डार्विन: चार्ल्स के दादा, विकास पर विचार, लेकिन प्राकृतिक वरण नहीं, गलत है।
  • मॉर्गन: आनुवंशिकी, विकास नहीं, गलत है।

______ परिवर्तन की एक मात्रात्मक और गुणात्मक प्रक्रिया है जिसे मापा नहीं जा सकता है।

  • उन्नति
  • विकास
  • विकास
  • प्रगति

Explanation: विकास (Development) परिवर्तन (Change) की एक मात्रात्मक (Quantitative) और गुणात्मक (Qualitative) प्रक्रिया है, जिसे मापा (Measured) नहीं जा सकता क्योंकि इसमें गुणात्मक पहलू (जैसे- सोच, समझ) शामिल हैं। वृद्धि (Growth) केवल मात्रात्मक और मापनीय है। उन्नति (Progress) और विकास (Evolution) इस परिभाषा में बिल्कुल फिट नहीं बैठते।
Quick Facts:

  • उन्नति: गुणात्मक, मात्रात्मक नहीं, गलत है।
  • विकास (Development): मात्रात्मक+गुणात्मक, मापा नहीं जा सकता, सही है।
  • विकास (Growth): केवल मात्रात्मक, मापा जा सकता है, गलत है।
  • प्रगति: गुणात्मक, मात्रात्मक नहीं, गलत है।

मेंडल (Mendel) का कौन-सा नियम, युग्मक निर्माण के दौरान युग्मविकल्पी (allele) के पृथक्करण की व्याख्या करता है?

  • प्रभाविता नियम (Law of Dominance)
  • अपव्यूहन का नियम (Law of Assortment)
  • विसंयोजन नियम (Law of Segregation)
  • विविधता का नियम (Law of Variation)

Explanation: विसंयोजन नियम (Law of Segregation) यह बताता है कि युग्मक (Gamete) निर्माण के दौरान, प्रत्येक लक्षण (Trait) के लिए दो एलील (Alleles) एक-दूसरे से अलग (Segregate) हो जाते हैं, जिससे प्रत्येक युग्मक में केवल एक एलील पहुँचता है। प्रभाविता नियम (Dominance) प्रभावी/अप्रभावी के बारे में, अपव्यूहन (Assortment) दो या अधिक लक्षणों के स्वतंत्र वंशानुक्रम के बारे में है।
Quick Facts:

  • प्रभाविता नियम: प्रभावी एलील अप्रभावी को ढकता है, पृथक्करण नहीं, गलत है।
  • अपव्यूहन का नियम: दो लक्षणों के स्वतंत्र वंशानुक्रम, पृथक्करण नहीं, गलत है।
  • विसंयोजन नियम: युग्मक निर्माण में एलीलों का पृथक्करण, सही है।
  • विविधता का नियम: मेंडल का नियम नहीं, गलत है।

किस वैज्ञानिक ने ‘थ्योरी ऑफ इवोल्यूशन’ तैयार किया?

  • अरस्तू
  • अलेक्जेंडर फ्लेमिंग
  • चार्ल्स डार्विन
  • आइजैक न्यूटन

Explanation: चार्ल्स डार्विन (Charles Darwin) ने ‘थ्योरी ऑफ इवोल्यूशन’ (Theory of Evolution) तैयार की, जो प्राकृतिक चयन (Natural Selection) के सिद्धांत पर आधारित है। अरस्तू (जीव विज्ञान के जनक), अलेक्जेंडर फ्लेमिंग (पेनिसिलिन की खोज), और आइजैक न्यूटन (भौतिकी) विकास सिद्धांत से संबंधित नहीं हैं।
Quick Facts:

  • अरस्तू: जीव विज्ञान के जनक, विकास सिद्धांत नहीं, गलत है।
  • अलेक्जेंडर फ्लेमिंग: पेनिसिलिन की खोज, विकास नहीं, गलत है।
  • चार्ल्स डार्विन: विकास सिद्धांत के जनक, सही है।
  • आइजैक न्यूटन: भौतिकी, विकास नहीं, गलत है।

मेंडल ने सात अलग-अलग लक्षणों का अध्ययन क्यों किया?

  • वंशानुक्रम के सार्वभौमिक सिद्धांतों का पता लगाने के लिए
  • मटर के पौधों की कई नई किस्में बनाने के लिए
  • अपने मठ के लिए पर्याप्त मटर का उत्पादन करने के लिए
  • यह पता लगाने के लिए कि कौन से पौधे सबसे अच्छे थे

Explanation: मेंडल ने सात अलग-अलग लक्षणों (जैसे- पौधे की ऊँचाई, बीज का आकार, फूल का रंग) का अध्ययन इसलिए किया ताकि वंशानुक्रम (Inheritance) के सार्वभौमिक सिद्धांतों (Universal Principles) (प्रभाविता, पृथक्करण, स्वतंत्र अपव्यूहन) का पता लगाया जा सके। उनका लक्ष्य आनुवंशिकता के मूल नियमों को समझना था, न कि किस्में बनाना या फसल उगाना।
Quick Facts:

  • सार्वभौमिक सिद्धांत खोजना: मेंडल का मुख्य लक्ष्य, सही है।
  • नई किस्में बनाना: गलत, व्यावसायिक उद्देश्य नहीं था।
  • मठ के लिए मटर: गलत, कृषि उद्देश्य नहीं था।
  • सबसे अच्छे पौधे: गलत, वैज्ञानिक अध्ययन था।

निम्नलिखित कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और सही विकल्प चुनें। अभिकथन (A): तैलीय खाद्य पदार्थों को वायुरोधी बर्तनों में रखने से उनका खराब होना रुक जाता है। कारण (R): वायुरोधी बर्तन वसा और तेलों के ऑक्सीकरण को धीमा कर देते हैं।

  • A और R दोनों सत्य हैं, तथा R, A का सही स्पष्टीकरण है।
  • A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
  • A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
  • A और R दोनों सत्य हैं, तथा R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है।

Explanation: तैलीय खाद्य पदार्थ (Oily Foods) वायु (Oxygen) के संपर्क में आने पर ऑक्सीकरण (Oxidation) (रैंसिडिटी – Rancidity) के कारण खराब हो जाते हैं। वायुरोधी बर्तन (Air-tight Containers) ऑक्सीजन के प्रवेश को रोकते हैं, जिससे ऑक्सीकरण धीमा हो जाता है और भोजन खराब नहीं होता। इसलिए A सत्य है, R सत्य है और R, A की सही व्याख्या है।
Quick Facts:

  • A और R सत्य, R व्याख्या: सही, वायुरोधी बर्तन ऑक्सीकरण रोकते हैं।
  • A असत्य, R सत्य: A सत्य है, इसलिए गलत है।
  • A सत्य, R असत्य: R सत्य है, गलत है।
  • A और R सत्य, R व्याख्या नहीं: R सही व्याख्या है, इसलिए गलत है।

पौधों में, लैंगिक प्रजनन किस प्रकार संततियों की बेहतर उत्तरजीविता का कारण बनता है?

  • संततियां हमेशा क्लोन होती हैं
  • संततियों में कोई परिवर्तन नहीं दिखता है
  • संततियां जल्दी जल्दी जन्म लेती हैं
  • संततियों में नए आनुवंशिक पुनर्संयोजन दिखाई देते हैं

Explanation: लैंगिक प्रजनन (Sexual Reproduction) में युग्मक (Gametes) के संलयन से नए आनुवंशिक पुनर्संयोजन (Genetic Recombinations) होते हैं, जिससे संततियों (Offspring) में विविधता (Variation) आती है। यह विविधता पर्यावरणीय परिवर्तनों के अनुकूल बनने में सहायता करती है, जिससे उनकी उत्तरजीविता (Survival) बेहतर होती है। अलैंगिक जनन (Asexual) में क्लोन बनते हैं, जिसमें विविधता कम होती है।
Quick Facts:

  • संततियां क्लोन: अलैंगिक जनन में, लैंगिक में नहीं, गलत है।
  • कोई परिवर्तन नहीं: गलत, लैंगिक जनन में विविधता होती है।
  • जल्दी जन्म: यह अलैंगिक जनन की विशेषता है, लैंगिक की नहीं, गलत है।
  • नए आनुवंशिक पुनर्संयोजन: सही, यही लैंगिक जनन का मुख्य लाभ है।
RRB SCIENCE -BIOLOGY BANK – Heredity & Evolution