SCIENCE
डीएनए में विशेष स्थानों पर कटौती किसके द्वारा की जाती है?
- एंडोन्यूक्लिएस
- प्लास्मिड
- एक्सोन्यूक्लिएस
- रिकॉम्बिनेंट डीएनए
Explanation: एंडोन्यूक्लिएस (Endonuclease) एंजाइम DNA अणु के भीतर विशिष्ट न्यूक्लियोटाइड अनुक्रमों (Restriction Sites) को पहचानकर उन स्थानों पर कटौती (Cleavage) करते हैं। ये प्रतिबंध एंजाइम (Restriction Enzymes) कहलाते हैं और आनुवंशिक इंजीनियरिंग (Recombinant DNA तकनीक) में महत्वपूर्ण हैं। एक्सोन्यूक्लिएस DNA के सिरों से न्यूक्लियोटाइड्स को हटाते हैं, जबकि प्लास्मिड और रिकॉम्बिनेंट DNA उपकरण हैं, एंजाइम नहीं।
Quick Facts:
- एंडोन्यूक्लिएस: DNA के अंदर विशिष्ट स्थानों पर कटौती करते हैं, यह सही है।
- प्लास्मिड: जीवाणुओं में पाए जाने वाले वृत्ताकार DNA खंड हैं, एंजाइम नहीं, गलत है।
- एक्सोन्यूक्लिएस: DNA के सिरों से न्यूक्लियोटाइड्स हटाते हैं, विशिष्ट स्थानों पर नहीं, गलत है।
- रिकॉम्बिनेंट डीएनए: दो भिन्न DNA खंडों के संयोजन से बना DNA है, एंजाइम नहीं, गलत है।
DNA का एक भाग है, जो एक प्रोटीन के लिए जानकारी प्रदान करता है।
- गुणसूत्र
- केंद्रक
- लक्षण
- जीन
Explanation: जीन (Gene) DNA का वह भाग है जो किसी विशेष प्रोटीन (Protein) के संश्लेषण के लिए आनुवंशिक जानकारी (Genetic Information) प्रदान करता है। जीन गुणसूत्रों (Chromosomes) पर स्थित होते हैं और किसी विशेष लक्षण (Trait) को नियंत्रित करते हैं। केंद्रक (Nucleus) कोशिका का नियंत्रण केंद्र है, जहाँ DNA स्थित होता है।
Quick Facts:
- गुणसूत्र: DNA और प्रोटीन से बनी संरचना, जिसमें कई जीन होते हैं, गलत है।
- केंद्रक: कोशिका का नियंत्रण केंद्र, जहाँ DNA/गुणसूत्र स्थित होते हैं, गलत है।
- लक्षण: जीन के कारण प्रकट होने वाली विशेषता है, जीन नहीं, गलत है।
- जीन: प्रोटीन के लिए जानकारी प्रदान करता है, यह सही है।
लैंगिक जनन करने वाले प्राणियों में दो अलग-अलग व्यक्तियों (individuals) के DNA के संयोजन का क्या लाभ है?
- यह DNA प्रतिलिपीयन में त्रुटियों को समाप्त करता है।
- यह समाज के भीतर आनुवंशिक विभेद को बढ़ाता है।
- यह जनन प्रक्रिया को तीव्र करता है।
- यह विशेषीकृत जननांगों की आवश्यकता को कम करता है।
Explanation: लैंगिक जनन (Sexual Reproduction) में दो भिन्न व्यक्तियों के DNA के संयोजन से संतति में आनुवंशिक विभेदता (Genetic Variation) उत्पन्न होती है। यह विभेदता प्रजातियों को पर्यावरणीय परिवर्तनों के अनुकूल बनने और विकास (Evolution) में सहायता करती है। यह DNA प्रतिलिपि त्रुटियों को समाप्त नहीं करता, प्रक्रिया को तीव्र नहीं करता, और जननांगों की आवश्यकता को कम नहीं करता।
Quick Facts:
- DNA प्रतिलिपि त्रुटियों को समाप्त करना: यह गलत है, त्रुटियाँ उत्परिवर्तन का कारण बनती हैं।
- आनुवंशिक विभेद को बढ़ाना: लैंगिक जनन का मुख्य लाभ, यह सही है।
- जनन प्रक्रिया को तीव्र करना: लैंगिक जनन धीमा होता है, गलत है।
- विशेषीकृत जननांगों की आवश्यकता कम करना: विपरीत, इसकी आवश्यकता बढ़ती है, गलत है।
इनमें से कौन सा केवल मानव मादा में पाया जाता है?
- XX गुणसूत्र
- X-गुणसूत्र
- XYY-गुणसूत्र
- Y-गुणसूत्र
Explanation: मानव मादा (Female) में लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosomes) XX होते हैं। पुरुष (Male) में XY होते हैं। Y-गुणसूत्र केवल पुरुषों में पाया जाता है, जबकि X-गुणसूत्र दोनों लिंगों में पाया जाता है। XYY एक असामान्य पुरुष गुणसूत्र पूरक है।
Quick Facts:
- XX गुणसूत्र: केवल मादा में पाया जाता है, यह सही है।
- X-गुणसूत्र: दोनों लिंगों में पाया जाता है, गलत है।
- XYY-गुणसूत्र: यह पुरुष में (असामान्य) पाया जाता है, गलत है।
- Y-गुणसूत्र: केवल पुरुष में पाया जाता है, गलत है।
मानव में लिंग गुणसूत्र के कितने युग्म उपस्थित होते हैं?
- 2 युग्म
- 1 युग्म
- 3 युग्म
- 4 युग्म
Explanation: मानव में गुणसूत्रों के 23 युग्म (23 Pairs) होते हैं, जिनमें 22 युग्म ऑटोसोम (Autosomes) और 1 युग्म लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosomes) होते हैं। मादा में यह युग्म XX और नर में XY होता है। इस प्रकार लिंग गुणसूत्रों का केवल 1 युग्म होता है।
Quick Facts:
- 2 युग्म: गलत, मानव में लिंग गुणसूत्रों का केवल 1 युग्म होता है।
- 1 युग्म: सही, मानव में 23वाँ युग्म लिंग गुणसूत्र है।
- 3 युग्म: गलत, यह किसी अन्य प्रजाति में हो सकता है, मानव में नहीं।
- 4 युग्म: गलत, मानव में नहीं।
मनुष्य में बच्चे का लिंग (sex) निर्धारण किससे होता है?
- ऑटोसोम की संख्या
- माइटोकॉन्ड्रियल DNA
- माता का अंडाणु
- पिता का शुक्राणु
Explanation: मनुष्य में लिंग निर्धारण (Sex Determination) पिता के शुक्राणु (Sperm) द्वारा होता है। मादा अंडाणु (Ovum) में हमेशा X गुणसूत्र होता है, जबकि शुक्राणु में X या Y गुणसूत्र हो सकता है। यदि X वाला शुक्राणु अंडाणु से निषेचित होता है तो संतति मादा (XX) और Y वाला शुक्राणु निषेचित करता है तो संतति नर (XY) होती है।
Quick Facts:
- ऑटोसोम की संख्या: यह लिंग निर्धारण में शामिल नहीं, गलत है।
- माइटोकॉन्ड्रियल DNA: यह माता से प्राप्त होता है, लिंग निर्धारण नहीं करता, गलत है।
- माता का अंडाणु: अंडाणु में हमेशा X होता है, इसलिए यह लिंग निर्धारण नहीं करता, गलत है।
- पिता का शुक्राणु: X या Y गुणसूत्र के कारण यह लिंग निर्धारण करता है, सही है।
मानव युग्मकों (अंडाणु और शुक्राणु) में गुणसूत्रों की संख्या क्या होती है?
- गुणसूत्रों का एक समूह
- गुणसूत्रों के 22 जोड़े
- एक भी गुणसूत्र नहीं
- गुणसूत्रों के तीन समूह
Explanation: मानव युग्मकों (Gametes) में गुणसूत्रों की संख्या अगुणित (Haploid – n) होती है, अर्थात् गुणसूत्रों का एक समूह (23 गुणसूत्र) होता है। दैहिक कोशिकाएँ (Somatic Cells) द्विगुणित (2n = 46) होती हैं। युग्मकों में 22 ऑटोसोम + 1 लिंग गुणसूत्र (X या Y) होता है, परंतु ‘गुणसूत्रों का एक समूह’ सही शब्दावली है।
Quick Facts:
- गुणसूत्रों का एक समूह: युग्मक अगुणित होते हैं, यह सही है।
- गुणसूत्रों के 22 जोड़े: यह दैहिक कोशिकाओं में होता है, युग्मकों में नहीं, गलत है।
- एक भी गुणसूत्र नहीं: गलत, युग्मकों में 23 गुणसूत्र होते हैं।
- तीन समूह: गलत, युग्मकों में एक समूह (अगुणित) होता है।
पॉलीपेप्टाइड से अमीनो अम्ल बनने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किसने किया?
- अनुवाद
- लिप्यंतरण
- अमीनोएसिलेशन
- विनियमन
Explanation: अनुवाद (Translation) वह प्रक्रिया है जिसमें mRNA पर मौजूद आनुवंशिक कोड (Genetic Code) का उपयोग करके राइबोसोम पर पॉलीपेप्टाइड (Polypeptide) श्रृंखला (अमीनो अम्लों की श्रृंखला) बनाई जाती है। लिप्यंतरण (Transcription) DNA से RNA बनने की प्रक्रिया है, अमीनोएसिलेशन अमीनो अम्लों को tRNA से जोड़ने की प्रक्रिया है, और विनियमन जीन अभिव्यक्ति का नियंत्रण है।
Quick Facts:
- अनुवाद: mRNA से प्रोटीन (पॉलीपेप्टाइड) का निर्माण, यह सही है।
- लिप्यंतरण: DNA से RNA का निर्माण, पॉलीपेप्टाइड से अमीनो अम्ल नहीं, गलत है।
- अमीनोएसिलेशन: tRNA पर अमीनो अम्ल का जुड़ाव, पॉलीपेप्टाइड से नहीं, गलत है।
- विनियमन: जीन अभिव्यक्ति का नियंत्रण, गलत है।
मानव नर द्वारा उत्पन्न आधे युग्मकों में कौन सा गुणसूत्र पूरक होगा?
- 22 + XY
- 22 + XX
- 22 + X
- 23 + X
Explanation: मानव नर (Male) का गुणसूत्र पूरक 44 + XY (22 जोड़े ऑटोसोम + XY) होता है। अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) के दौरान, युग्मक (शुक्राणु) बनते हैं, जिनमें आधे शुक्राणुओं में 22 + X और आधे में 22 + Y गुणसूत्र होते हैं। इसलिए सही विकल्प 22 + X है (22 ऑटोसोम + 1 X गुणसूत्र)।
Quick Facts:
- 22 + XY: यह दैहिक कोशिका (नर) का पूरक है, युग्मक नहीं, गलत है।
- 22 + XX: यह मादा दैहिक कोशिका या अंडाणु होगा, नर युग्मक नहीं, गलत है।
- 22 + X: नर के आधे शुक्राणुओं में यह पूरक होता है, सही है।
- 23 + X: गलत, मानव में 23 गुणसूत्र होते हैं, परंतु 22 ऑटोसोम + X (23 कुल) लिखा जाता है, 23+X अतिरिक्त है, गलत है।
मोनोहाइब्रिड क्रॉस में ___ युग्म विषम स्वरूप होते हैं।
- केवल दो
- आठ
- केवल एक
- तीन
Explanation: मोनोहाइब्रिड क्रॉस (Monohybrid Cross) में केवल एक लक्षण (Trait) का अध्ययन किया जाता है, इसलिए इसमें एक युग्म (One Pair) विषम स्वरूप (Contrasting Characters) होते हैं (जैसे- लंबा/बौना, पीला/हरा)। दो युग्म द्विसंकर (Dihybrid) में होते हैं, आठ या तीन युग्म असंगत हैं।
Quick Facts:
- केवल दो: यह द्विसंकर (Dihybrid) क्रॉस में होता है, गलत है।
- आठ: गलत, इतने युग्म मोनोहाइब्रिड में नहीं होते।
- केवल एक: मोनोहाइब्रिड में केवल एक लक्षण/युग्म होता है, सही है।
- तीन: गलत, त्रिसंकर (Trihybrid) में होता है, मोनोहाइब्रिड में नहीं।
लिंग गुणसूत्रों का पूर्ण युग्म ___ में पाया जाता है।
- मानव मादा
- स्टारफिश
- मानव नर
- सांप
Explanation: मानव मादा (Female) में लिंग गुणसूत्रों का पूर्ण युग्म (Complete Pair) XX होता है, अर्थात् दोनों गुणसूत्र समरूप (Homologous) होते हैं। मानव नर में XY होता है, जो असमरूप (Non-homologous) है, क्योंकि X और Y आकार में भिन्न होते हैं। स्टारफिश और सांप में भिन्न लिंग निर्धारण प्रणालियाँ हैं।
Quick Facts:
- मानव मादा: XX, पूर्ण युग्म, सही है।
- स्टारफिश: इनमें लिंग गुणसूत्रों की भिन्न व्यवस्था हो सकती है, गलत है।
- मानव नर: XY असमरूप है, पूर्ण युग्म नहीं, गलत है।
- सांप: इनमें ZW/ZZ प्रणाली होती है, पूर्ण युग्म नहीं, गलत है।
यदि किसी मनुष्य में गुणसूत्र संख्या 46 है, तो मनुष्य की दैहिक कोशिकाओं में कितने गुणसूत्र मौजूद हैं?
- 24
- 46
- 23
- 48
Explanation: मानव की दैहिक (Somatic) कोशिकाओं (जैसे- त्वचा, मांसपेशी, रक्त कोशिकाएँ) में गुणसूत्रों की संख्या 46 (2n) होती है। यह संख्या सभी दैहिक कोशिकाओं में समान होती है। युग्मकों (शुक्राणु/अंडाणु) में 23 (n) गुणसूत्र होते हैं। अतः यदि मनुष्य में गुणसूत्र संख्या 46 है, तो दैहिक कोशिकाओं में भी 46 गुणसूत्र मौजूद हैं।
Quick Facts:
- 24: गलत, यह संख्या किसी अन्य जीव की हो सकती है।
- 46: दैहिक कोशिकाओं में सही संख्या, यही उत्तर है।
- 23: यह युग्मकों (Gametes) की संख्या है, दैहिक में नहीं, गलत है।
- 48: गलत, यह कुछ अन्य प्रजातियों में हो सकता है।
डीएनए और RNA के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- वायरस में डीएनए मौजूद नहीं होता है
- डीएनए केवल एक संदेशवाहक अणु के रूप में कार्य करता है
- RNA की कई भूमिकाएँ हैं जिनमें उत्प्रेरक कार्य भी शामिल हैं
- RNA सभी जीवित जीवों में केवल आनुवंशिक पदार्थ के रूप में कार्य करता है
Explanation: RNA (Ribonucleic Acid) की कई भूमिकाएँ होती हैं: mRNA संदेशवाहक, tRNA संवाहक, rRNA संरचनात्मक, और कुछ RNA (जैसे- राइबोजाइम – Ribozymes) उत्प्रेरक (Catalytic) कार्य भी करते हैं। वायरस में DNA या RNA दोनों में से कोई भी आनुवंशिक पदार्थ हो सकता है। DNA संदेशवाहक नहीं है, यह आनुवंशिक पदार्थ है। RNA सभी जीवों में आनुवंशिक पदार्थ नहीं है (कुछ वायरसों में होता है)।
Quick Facts:
- वायरस में DNA नहीं: गलत, कुछ वायरस में DNA होता है (जैसे- बैक्टीरियोफेज)।
- DNA केवल संदेशवाहक: गलत, DNA आनुवंशिक पदार्थ है, mRNA संदेशवाहक है।
- RNA की कई भूमिकाएँ (उत्प्रेरक सहित): सही है, RNA एंजाइम (राइबोजाइम) के रूप में भी कार्य कर सकता है।
- RNA सभी जीवों में आनुवंशिक पदार्थ: गलत, अधिकांश जीवों में DNA आनुवंशिक पदार्थ है।
मानव नर गुणसूत्र का निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म, आमाप में बेमेल होता है?
- अलिंगसूत्र का तेरहवां युग्म
- अलिंगसूत्र का प्रथम युग्म
- अलिंगसूत्र का बीसवां युग्म
- लिंग गुणसूत्र
Explanation: मानव नर (Male) में लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosomes) XY होते हैं, जो आकार (Size) और आनुवंशिक सामग्री में बेमेल (Non-homologous) होते हैं। X-गुणसूत्र बड़ा और Y-गुणसूत्र छोटा होता है। सभी ऑटोसोम (अलिंगसूत्र) के युग्म समरूप (Homologous) और आकार में समान होते हैं, चाहे वे किसी भी संख्या (1, 13, 20) के हों।
Quick Facts:
- तेरहवां युग्म: ऑटोसोम, समरूप, आकार में मेल खाते हैं, गलत है।
- प्रथम युग्म: ऑटोसोम, समरूप, गलत है।
- बीसवां युग्म: ऑटोसोम, समरूप, गलत है।
- लिंग गुणसूत्र: XY, आकार में बेमेल, यह सही है।
कोशिकाओं में RNA अणुओं की कार्यात्मक विविधता की सबसे अच्छी व्याख्या कौन सी है?
- डीऑक्सीराइबोन्यूक्लियोटाइड्स का उनका रैखिक क्रम
- एडाप्टर, संरचनात्मक और उत्प्रेरक अणुओं के रूप में कार्य करने की उनकी क्षमता
- आनुवंशिक पदार्थ के रूप में उनकी स्थायी भूमिका
- द्वि-सूत्रीय कुंडली संरचनाएँ बनाने की उनकी क्षमता
Explanation: RNA अणु विभिन्न प्रकार के होते हैं और अलग-अलग कार्य करते हैं: mRNA (संदेशवाहक), tRNA (संवाहक/एडाप्टर), rRNA (संरचनात्मक – राइबोसोम का भाग), और कुछ RNA (राइबोजाइम) उत्प्रेरक (Catalytic) के रूप में भी कार्य करते हैं। DNA की तुलना में RNA की कार्यात्मक विविधता अधिक है। RNA सामान्यतः एकल-सूत्री (Single-stranded) होता है, द्वि-सूत्रीय नहीं।
Quick Facts:
- डीऑक्सीराइबोन्यूक्लियोटाइड्स का क्रम: यह DNA की विशेषता है, RNA की विविधता की व्याख्या नहीं, गलत है।
- एडाप्टर, संरचनात्मक, उत्प्रेरक: RNA की विभिन्न भूमिकाएँ, सही है।
- आनुवंशिक पदार्थ के रूप में स्थायी भूमिका: यह DNA की विशेषता है, RNA की नहीं, गलत है।
- द्वि-सूत्रीय कुंडली: RNA प्रायः एकल-सूत्री होता है, गलत है।
गुणसूत्र संख्या 2n = 18 वाले लैंगिक प्रजनन करने वाले जीव में कितने ऑटोसोम मौजूद होंगे?
- 17
- 16
- 18
- 15
Explanation: यदि किसी जीव की गुणसूत्र संख्या 2n = 18 है, तो इसमें कुल 18 गुणसूत्र होते हैं। इसमें से 2 गुणसूत्र लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosomes) होते हैं (मान लिया गया है कि जीव में लिंग गुणसूत्र मौजूद हैं)। शेष 18 – 2 = 16 गुणसूत्र ऑटोसोम (Autosomes) होते हैं। (सामान्यतः द्विगुणित कोशिका में 2 लिंग गुणसूत्र होते हैं)।
Quick Facts:
- 17: गलत, एक लिंग गुणसूत्र निकालने पर यह संख्या आती है, लेकिन दो होते हैं।
- 16: सही, 18 – 2 (लिंग गुणसूत्र) = 16 ऑटोसोम।
- 18: गलत, यह कुल गुणसूत्र हैं, ऑटोसोम नहीं।
- 15: गलत, गणना त्रुटि।
सूत्रीविभाजन में पश्चावस्था-अंत्यावस्था संक्रमण का क्या कार्य है?
- अर्धगुणसूत्र का पृथक्करण और केन्द्रीय आवरण में सुधार करना
- गुणसूत्रों का संघनन करना
- DNA प्रतिकृतियों का संश्लेषण करना
- DNA पुनरावृत्ति की शुरुआत करना
Explanation: समसूत्री विभाजन (Mitosis) के पश्चावस्था (Anaphase) से अंत्यावस्था (Telophase) में संक्रमण के दौरान, अर्धगुणसूत्र (Chromatids) विपरीत ध्रुवों (Poles) पर पहुँच जाते हैं, फिर केंद्रक आवरण (Nuclear Envelope) का पुनर्निर्माण होता है, गुणसूत्र विघटित (Decondense) होते हैं, और साइटोकाइनेसिस (Cytokinesis) की शुरुआत होती है। यह संक्रमण गुणसूत्रों के पृथक्करण और केंद्रक आवरण के पुनर्निर्माण को सुनिश्चित करता है।
Quick Facts:
- अर्धगुणसूत्र का पृथक्करण और केंद्रीय आवरण में सुधार: यह अनाफेज-टेलोफेज संक्रमण का कार्य है, सही है।
- गुणसूत्रों का संघनन: यह प्रोफेज (Prophase) में होता है, गलत है।
- DNA प्रतिकृतियों का संश्लेषण: यह इंटरफेज़ (Interphase) के S चरण में होता है, गलत है।
- DNA पुनरावृत्ति की शुरुआत: यह भी इंटरफेज़ में होता है, गलत है।
किसी व्यक्ति की पूर्ण अनुवांशिक संरचना क्या है?
- समलक्षणी
- संकर
- जीनोटाइप
- द्विसंकर संकरण
Explanation: किसी व्यक्ति की पूर्ण आनुवंशिक संरचना (Complete Genetic Makeup) को जीनोटाइप (Genotype) कहा जाता है। यह व्यक्ति के जीनों (Alleles) के समुच्चय को दर्शाता है। फेनोटाइप (Phenotype) जीनोटाइप और पर्यावरण के कारण प्रकट होने वाले भौतिक लक्षण होते हैं। समलक्षणी (Homozygous) और संकर (Heterozygous) जीनोटाइप के प्रकार हैं, और द्विसंकर संकरण (Dihybrid Cross) एक क्रॉस विधि है।
Quick Facts:
- समलक्षणी: यह जीनोटाइप का एक प्रकार है (जैसे- TT, tt), पूर्ण संरचना नहीं, गलत है।
- संकर: यह विषमयुग्मजी (Heterozygous) है, जीनोटाइप का प्रकार, गलत है।
- जीनोटाइप: व्यक्ति की पूर्ण आनुवंशिक संरचना, सही है।
- द्विसंकर संकरण: यह प्रयोगात्मक क्रॉस है, जीनोटाइप नहीं, गलत है।
DNA अणु का दोहरा कुंडलित मॉडल किसके द्वारा प्रस्तावित किया गया था?
- खुराना
- वॉटसन और क्रिक
- मॉर्गन
- निरेनबर्ग
Explanation: DNA अणु का दोहरा कुंडलित (Double Helix) मॉडल जेम्स वॉटसन (James Watson) और फ्रांसिस क्रिक (Francis Crick) ने 1953 में प्रस्तावित किया था। उन्होंने रोज़ालिंड फ्रैंकलिन (Rosalind Franklin) के X-किरण विवर्तन (X-ray Diffraction) डेटा का उपयोग करके यह मॉडल दिया। खुराना (Khorana) ने आनुवंशिक कोड पर कार्य किया, मॉर्गन (Morgan) ने फल मक्खी (Drosophila) पर, और निरेनबर्ग (Nirenberg) ने भी आनुवंशिक कोड को डिकोड करने में योगदान दिया।
Quick Facts:
- खुराना: आनुवंशिक कोड पर कार्य, DNA मॉडल नहीं, गलत है।
- वॉटसन और क्रिक: DNA दोहरा कुंडलित मॉडल, सही है।
- मॉर्गन: गुणसूत्र सिद्धांत और फल मक्खी पर कार्य, गलत है।
- निरेनबर्ग: आनुवंशिक कोड, DNA मॉडल नहीं, गलत है।
निम्नलिखित में से कौन सा सबसे अच्छा स्पष्टीकरण देता है कि थाइमिन के बजाय RNA में यूरेसिल का उपयोग क्यों किया जाता है?
- थाइमिन को राइबोसोम द्वारा पहचाना नहीं जाता है।
- यूरेसिल RNA स्प्लिसिंग को बढ़ाता है।
- थाइमिन ट्रांसक्रिप्शन को रोकता है।
- यूरेसिल का संश्लेषण ऊर्जा की दृष्टि से सस्ता है।
Explanation: RNA में थाइमिन (Thymine) के स्थान पर यूरेसिल (Uracil) का उपयोग होता है क्योंकि यूरेसिल का संश्लेषण ऊर्जा की दृष्टि से कम खर्चीला (Less Energy Cost) होता है। इसके अलावा, RNA का कार्य अस्थायी (Temporary) होता है, इसलिए इसमें यूरेसिल का उपयोग किया जाता है, जबकि DNA अधिक स्थायी (Permanent) होता है और इसमें थाइमिन (जो साइटोसिन के डीमिनेशन से उत्पन्न होने वाली त्रुटियों का पता लगाने में मदद करता है) का उपयोग होता है। अन्य विकल्प गलत हैं।
Quick Facts:
- थाइमिन को राइबोसोम द्वारा पहचाना नहीं: राइबोसोम mRNA को पहचानता है, थाइमिन से संबंधित नहीं, गलत है।
- यूरेसिल RNA स्प्लिसिंग बढ़ाता है: गलत, स्प्लिसिंग स्प्लिसियोसोम द्वारा होती है।
- थाइमिन ट्रांसक्रिप्शन रोकता है: गलत, ट्रांसक्रिप्शन में थाइमिन शामिल नहीं है।
- यूरेसिल का संश्लेषण ऊर्जा सस्ता: यह सही है, यूरेसिल थाइमिन से सरल है।
पीले बीजों वाले शुद्ध प्रजनन वाले एक लंबे मटर के पौधे का संकरण हरे बीजों वाले शुद्ध प्रजनन वाले बौने मटर के पौधे के साथ कराया जाता है। F1 पौधों में, सभी पौधे लंबे थे। इस प्रयोग से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
- यह जीनों के स्वतंत्र अपव्यूहन को दर्शाता है।
- लंबाई, बौनेपन पर प्रभावी थी।
- एक जनक पौधा समयुग्मजी था, और दूसरा विषमयुग्मजी था।
- जनक पौधे विषमयुग्मजी थे।
Explanation: मेंडल के प्रभाविता (Dominance) के नियम के अनुसार, जब शुद्ध (Pure) लंबे (TT) और शुद्ध बौने (tt) पौधों का क्रॉस किया जाता है, तो F1 पीढ़ी में सभी संतति विषमयुग्मजी (Tt) होती हैं और प्रभावी (Dominant) लक्षण (लंबाई) व्यक्त होता है। इससे सिद्ध होता है कि लंबाई (Tallness) बौनेपन (Dwarfness) पर प्रभावी है। बीज का रंग (पीला/हरा) इस प्रयोग में असंबंधित है क्योंकि प्रश्न में केवल लंबाई पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
Quick Facts:
- स्वतंत्र अपव्यूहन: यह द्विसंकर क्रॉस में देखा जाता है, मोनोहाइब्रिड में नहीं, गलत है।
- लंबाई, बौनेपन पर प्रभावी: यह सही निष्कर्ष है (F1 सभी लंबे हैं)।
- एक समयुग्मजी, एक विषमयुग्मजी: यदि ऐसा होता, तो F1 में 1:1 अनुपात होता, परंतु सभी लंबे हैं, गलत है।
- दोनों विषमयुग्मजी: यदि ऐसा होता, तो 3:1 अनुपात होता, परंतु सभी लंबे हैं, गलत है।
प्रभावशीलता के नियम में लक्षणों को नियंत्रित करने वाली पृथक इकाई का नाम बताइए?
- परीक्षण क्रॉस
- फेनोटाइप
- कारक
- जीनोटाइप
Explanation: मेंडल (Mendel) ने अपने प्रभाविता (Law of Dominance) और पृथक्करण (Law of Segregation) के नियमों में लक्षणों (Characters) को नियंत्रित करने वाली इकाई (Unit) को ‘कारक’ (Factor) कहा था। आधुनिक आनुवंशिकी में इसे ‘जीन’ (Gene) कहते हैं। फेनोटाइप (Phenotype) प्रकट लक्षण है, जीनोटाइप (Genotype) आनुवंशिक संरचना है, और परीक्षण क्रॉस (Test Cross) एक आनुवंशिक क्रॉस विधि है।
Quick Facts:
- परीक्षण क्रॉस: जीनोटाइप ज्ञात करने की विधि, कारक नहीं, गलत है।
- फेनोटाइप: प्रकट लक्षण, नियंत्रित करने वाली इकाई नहीं, गलत है।
- कारक: मेंडल द्वारा प्रयुक्त शब्द, सही है।
- जीनोटाइप: आनुवंशिक संरचना, कारक नहीं, गलत है।
एक मानव महिला की जनन कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या है:
- 24
- 46
- 23
- 48
Explanation: मानव महिला की जनन कोशिका (अंडाणु – Ovum) में गुणसूत्रों की संख्या 23 (अगुणित – Haploid) होती है, जिसमें 22 ऑटोसोम + X (लिंग गुणसूत्र) होते हैं। दैहिक कोशिकाओं (Somatic Cells) में 46 गुणसूत्र होते हैं। युग्मकों (Gametes) में हमेशा अगुणित संख्या (n) होती है।
Quick Facts:
- 24: गलत, यह संख्या मानव युग्मकों में नहीं है।
- 46: यह दैहिक कोशिकाओं की संख्या है, जनन कोशिका (युग्मक) की नहीं, गलत है।
- 23: अंडाणु (मादा युग्मक) में 23 गुणसूत्र होते हैं, सही है।
- 48: गलत, यह किसी अन्य प्रजाति की संख्या हो सकती है।
कोशिका में राइबोसोम की खोज किसने की?
- दिमित्री इवानोस्की
- स्टीफन हेल्स
- जॉर्ज एमिल पलाडे
- एलके जेफ्रीस
Explanation: राइबोसोम (Ribosomes) की खोज 1955 में जॉर्ज एमिल पलाडे (George Emil Palade) ने की थी, जो एक रोमानियाई-अमेरिकी कोशिका जीवविज्ञानी थे। उन्होंने इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी (Electron Microscope) का उपयोग करके राइबोसोम को देखा था। उन्हें 1974 में नोबेल पुरस्कार मिला था। दिमित्री इवानोस्की ने विषाणु (वायरस) की खोज, स्टीफन हेल्स ने माइक्रोस्कोपी तकनीक, और एलके जेफ्रीस ने DNA फिंगरप्रिंटिंग की खोज की।
Quick Facts:
- दिमित्री इवानोस्की: विषाणु (Virus) की खोज, राइबोसोम नहीं, गलत है।
- स्टीफन हेल्स: माइक्रोस्कोपी, राइबोसोम नहीं, गलत है।
- जॉर्ज एमिल पलाडे: राइबोसोम की खोज, सही है।
- एलके जेफ्रीस: DNA फिंगरप्रिंटिंग, राइबोसोम नहीं, गलत है।
वाक्यांश “बनने वाली DNA प्रतिकृतियाँ एकसमान तो होगी, परंतु मौलिक DNA के समरूप नहीं होगी” का क्या अर्थ है?
- प्रत्येक DNA प्रतिकृतित पूरी तरह से असंबंधित होती है।
- DNA प्रतिकृतियों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
- सभी DNA प्रतिकृतियाँ समरूप प्रतियाँ हैं।
- प्रतिकृति बनने के बाद मौलिक DNA नष्ट हो जाता है।
Explanation: DNA प्रतिकृति (Replication) के दौरान, नवनिर्मित DNA अणु मूल (Parental) DNA के समान होते हैं, लेकिन प्रतिकृति में छोटी-छोटी त्रुटियाँ (Mutations) हो सकती हैं। इसलिए संतति DNA, मूल DNA की पूर्ण समरूप (Identical) प्रतिकृति नहीं होती, बल्कि उसमें थोड़ा अंतर (Minor Variations) हो सकता है। यह विकास (Evolution) का आधार है। अन्य विकल्प गलत हैं।
Quick Facts:
- पूरी तरह असंबंधित: गलत, DNA प्रतिकृति मूल DNA पर आधारित होती है।
- थोड़ा अंतर हो सकता है: सही, उत्परिवर्तन के कारण अंतर हो सकता है।
- सभी समरूप प्रतियाँ: गलत, उत्परिवर्तन अंतर उत्पन्न कर सकते हैं।
- मूल DNA नष्ट: गलत, मूल DNA बना रहता है।
किस प्रकार का RNA, केंद्रक में DNA से कोशिका द्रव्य में राइबोसोम तक आनुवंशिक सूचना का परिवहन करता है, जहाँ यह प्रोटीन संश्लेषण का निर्देशन करता है?
- tRNA
- snRNA
- mRNA
- rRNA
Explanation: mRNA (Messenger RNA) केंद्रक (Nucleus) में DNA से आनुवंशिक जानकारी (Genetic Information) को कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) में राइबोसोम (Ribosomes) तक पहुँचाता है, जहाँ यह प्रोटीन संश्लेषण (Protein Synthesis) का निर्देशन करता है। tRNA अमीनो अम्लों को राइबोसोम तक लाता है, rRNA राइबोसोम का संरचनात्मक भाग है, और snRNA (Small Nuclear RNA) स्प्लिसिंग में सहायता करता है।
Quick Facts:
- tRNA: अमीनो अम्लों का परिवहन करता है, आनुवंशिक जानकारी नहीं, गलत है।
- snRNA: स्प्लिसिंग में, संदेशवाहक नहीं, गलत है।
- mRNA: DNA से राइबोसोम तक आनुवंशिक जानकारी पहुँचाता है, सही है।
- rRNA: राइबोसोम का भाग, संदेशवाहक नहीं, गलत है।
मानव में अन्य गुणसूत्रों की तुलना में लिंग गुणसूत्रों की क्या अनूठी विशेषता है?
- वे शरीर के सबसे बड़े गुणसूत्र होते हैं।
- वे हमेशा पूर्ण रूप से युग्मित होते हैं।
- वे पुरुषों में हमेशा पूर्ण युग्म नहीं होते हैं।
- वे पुरुषों और महिलाओं में समान होते हैं।
Explanation: मानव में लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosomes) पुरुषों (Males) में XY होते हैं, जो असमरूप (Non-homologous) होते हैं, अर्थात् ये पूर्ण युग्म (Complete Pair) नहीं होते (X और Y आकार और जीन सामग्री में भिन्न होते हैं)। महिलाओं में XX होते हैं, जो पूर्ण युग्म होते हैं। लिंग गुणसूत्र सबसे बड़े नहीं होते (गुणसूत्र 1 सबसे बड़ा है), और ये पुरुषों व महिलाओं में भिन्न होते हैं।
Quick Facts:
- सबसे बड़े गुणसूत्र: गलत, गुणसूत्र 1 सबसे बड़ा है, लिंग गुणसूत्र नहीं।
- हमेशा पूर्ण युग्मित: गलत, पुरुषों में XY असमरूप है।
- पुरुषों में हमेशा पूर्ण युग्म नहीं: सही, XY असमरूप हैं।
- पुरुषों और महिलाओं में समान: गलत, XX और XY भिन्न हैं।
प्लाज्मा झिल्ली ______ से बनी होती है।
- DNA और लिपिड
- लिपिड और प्रोटीन
- शर्करा और लिपिड
- प्रोटीन और शर्करा
Explanation: प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) मुख्यतः लिपिड (Lipids) और प्रोटीन (Proteins) से बनी होती है। यह फॉस्फोलिपिड द्वि-परत (Phospholipid Bilayer) पर आधारित होती है, जिसमें प्रोटीन अंतर्निहित (Integral) या सतही (Peripheral) होते हैं। इसमें कार्बोहाइड्रेट (शर्करा) भी अल्प मात्रा में होते हैं (ग्लाइकोप्रोटीन/ग्लाइकोलिपिड के रूप में), लेकिन DNA नहीं होता।
Quick Facts:
- DNA और लिपिड: DNA झिल्ली में नहीं होता, गलत है।
- लिपिड और प्रोटीन: प्लाज्मा झिल्ली के मुख्य घटक, सही है।
- शर्करा और लिपिड: शर्करा अल्प मात्रा में, मुख्य नहीं, गलत है।
- प्रोटीन और शर्करा: लिपिड मुख्य घटक है, गलत है।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प यह सुनिश्चित करता है, कि प्रत्येक पीढ़ी में DNA की मात्रा दोगुनी न हो?
- DNA की युग्मकों में संगति (Consistency)
- देह कोशिकाओं का विभाजन
- DNA का युग्मकों में अपचयन (Reduction)
- न्यूरॉन्स का विभाजन
Explanation: लैंगिक प्रजनन में, प्रत्येक पीढ़ी में DNA की मात्रा को स्थिर बनाए रखने के लिए युग्मकों (Gametes) के निर्माण के दौरान अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) द्वारा DNA की मात्रा आधी (Reduction) कर दी जाती है। निषेचन (Fertilization) के दौरान दो युग्मकों के मिलने से द्विगुणित (2n) संख्या बहाल हो जाती है। यह अपचयन (Reduction) ही सुनिश्चित करता है कि DNA की मात्रा प्रत्येक पीढ़ी में दोगुनी न हो।
Quick Facts:
- DNA की युग्मकों में संगति: गलत, युग्मकों में DNA अर्ध होता है।
- देह कोशिकाओं का विभाजन: माइटोसिस, DNA मात्रा समान रहती है, गलत है।
- DNA का युग्मकों में अपचयन: सही, अर्धसूत्रीविभाजन DNA मात्रा आधी करता है।
- न्यूरॉन्स का विभाजन: न्यूरॉन्स विभाजित नहीं होते, गलत है।
उस विकल्प का चयन कीजिए, जो अभिकथन (A) और कारण (R) नामक निम्नलिखित दो कथनों के संबंध में सत्य है। अभिकथन (A): कायिक प्रवर्धन उन पौधों को उगाने में सहायता करता है जो बीज उत्पन्न नहीं करते हैं। कारण (R): यह नए पौधे उगाने के लिए पुष्पों का उपयोग करता है।
- A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
- A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
- A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
Explanation: अभिकथन (A) सत्य है: कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation) उन पौधों को उगाने में सहायता करता है जो बीज (Seeds) नहीं बनाते या बीजों का अंकुरण (Germination) कठिन होता है (जैसे- गन्ना, केला, आलू)। कारण (R) असत्य है: कायिक प्रवर्धन पुष्पों (Flowers) का उपयोग नहीं करता, बल्कि यह पौधों के कायिक भागों (Vegetative Parts) जैसे- जड़, तना, पत्ती, प्रकंद (Rhizome) आदि का उपयोग करता है। यह अलैंगिक प्रजनन (Asexual Reproduction) है, जबकि पुष्प लैंगिक प्रजनन (Sexual Reproduction) में उपयोग होते हैं।
Quick Facts:
- A सत्य, R असत्य: यह सही है, क्योंकि कायिक प्रवर्धन में पुष्पों का उपयोग नहीं होता।
- दोनों सत्य परंतु R सही व्याख्या नहीं: R असत्य है, इसलिए यह गलत है।
- A असत्य, R सत्य: A सत्य है, इसलिए गलत है।
- दोनों सत्य और R सही व्याख्या: R असत्य है, इसलिए गलत है।
असंगुणितों (एनीप्लॉइड्स) के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
- गुणसूत्र समुच्चय के एक या अधिक गुणसूत्र या तो अनुपस्थित होते हैं या उनकी अधिक प्रतियाँ होती हैं
- विपरीत ध्रुवों पर गुणसूत्रों का अपूर्ण पृथक्करण
- वे अगुणित या त्रिगुणित से भिन्न होते हैं
- वे अर्धसूत्री विभाजन के दौरान असंयोजन के कारण होते हैं
Explanation: असंगुणित (Aneuploidy) वह स्थिति है जिसमें गुणसूत्रों की सामान्य संख्या (2n) से एक या कुछ गुणसूत्र अधिक या कम हो जाते हैं (जैसे- 2n+1, 2n-1)। यह अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) के दौरान असंयोजन (Non-disjunction) के कारण होता है। ‘विपरीत ध्रुवों पर गुणसूत्रों का अपूर्ण पृथक्करण’ यह सही कारण नहीं है, बल्कि यह असंयोजन का ही परिणाम है। अगुणित (Haploid) और त्रिगुणित (Triploid) पॉलीप्लॉइडी (Polyploidy) हैं, जो एनीप्लॉइडी से भिन्न हैं।
Quick Facts:
- एक या अधिक गुणसूत्र अनुपस्थित/अतिरिक्त: यह एनीप्लॉइडी की परिभाषा है, सत्य है।
- विपरीत ध्रुवों पर अपूर्ण पृथक्करण: यह असत्य/गलत कथन है, यही उत्तर है।
- अगुणित या त्रिगुणित से भिन्न: सत्य, पॉलीप्लॉइडी भिन्न है।
- अर्धसूत्री विभाजन में असंयोजन: यह एनीप्लॉइडी का मुख्य कारण है, सत्य है।
1950 के दशक से पहले संरचनात्मक अध्ययन के लिए इंटैक्ट DNA को अलग करने में असमर्थता मुख्य रूप से किस आणविक विशेषता के कारण थी?
- DNA का उच्च गलनांक
- DNA की वृहद बहुलक प्रकृति और भंगुरता
- हिस्टोन प्रोटीन के साथ DNA की अन्योन्यक्रिया
- UV क्षरण के प्रति DNA की संवेदनशीलता
Explanation: 1950 के दशक से पहले, DNA की वृहद बहुलक प्रकृति (Huge Polymeric Nature) और भंगुरता (Fragility) के कारण इसे अक्षुण्ण (Intact) रूप में अलग करना कठिन था। DNA बहुत लंबा और नाजुक अणु है, जो अलग करने की प्रक्रिया में टूट जाता था। बाद में, नई तकनीकों (जैसे- कोमल निष्कर्षण विधियाँ) ने इस समस्या को हल किया। उच्च गलनांक, हिस्टोन अन्योन्यक्रिया, UV संवेदनशीलता मुख्य कारण नहीं थे।
Quick Facts:
- उच्च गलनांक: DNA का गलनांक अधिक होता है, परंतु यह अलग करने में बाधा नहीं था, गलत है।
- वृहद बहुलक प्रकृति और भंगुरता: यह मुख्य कारण था, सही है।
- हिस्टोन प्रोटीन के साथ अन्योन्यक्रिया: यह यूकैरियोटिक DNA में होती है, परंतु अलग करने में मुख्य बाधा नहीं थी, गलत है।
- UV क्षरण: UV संवेदनशीलता एक समस्या थी, परंतु मुख्य नहीं, गलत है।
रूक्ष अन्तर्द्रव्यी जालिका (rough endoplasmic reticulum) निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
- लिपिड संश्लेषण
- DNA प्रतिकृति
- प्रोटीन संश्लेषण
- एंजाइम विखंडन
Explanation: रूक्ष अन्तर्द्रव्यी जालिका (Rough Endoplasmic Reticulum – RER) की सतह पर राइबोसोम (Ribosomes) जुड़े होते हैं, जो इसे ‘रूक्ष’ (Rough) रूप देते हैं। राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण (Protein Synthesis) का स्थल होते हैं, इसलिए RER प्रोटीन संश्लेषण से संबंधित है। लिपिड संश्लेषण चिकनी अन्तर्द्रव्यी जालिका (SER) का कार्य है, DNA प्रतिकृति केंद्रक में होती है, और एंजाइम विखंडन लाइसोसोम का कार्य है।
Quick Facts:
- लिपिड संश्लेषण: यह SER का कार्य है, RER का नहीं, गलत है।
- DNA प्रतिकृति: यह केंद्रक (Nucleus) में होती है, RER में नहीं, गलत है।
- प्रोटीन संश्लेषण: RER पर राइबोसोम होते हैं, यह सही है।
- एंजाइम विखंडन: लाइसोसोम का कार्य, RER का नहीं, गलत है।
अधिकांश कोशिकीय प्रक्रियाओं के लिए ऊर्जा मुद्रा क्या है?
- NAD
- DNA
- ATP
- RNA
Explanation: ATP (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट – Adenosine Triphosphate) को कोशिका की ‘ऊर्जा मुद्रा’ (Energy Currency) कहा जाता है क्योंकि यह अधिकांश कोशिकीय प्रक्रियाओं (जैसे- मांसपेशी संकुचन, सक्रिय परिवहन, प्रोटीन संश्लेषण) के लिए ऊर्जा प्रदान करता है। NAD (Nicotinamide Adenine Dinucleotide) एक सह-एंजाइम है, DNA/RNA आनुवंशिक पदार्थ हैं।
Quick Facts:
- NAD: सह-एंजाइम (Coenzyme), ऊर्जा मुद्रा नहीं, गलत है।
- DNA: आनुवंशिक पदार्थ, ऊर्जा मुद्रा नहीं, गलत है।
- ATP: कोशिका की ऊर्जा मुद्रा, सही है।
- RNA: आनुवंशिक/कार्यात्मक अणु, ऊर्जा मुद्रा नहीं, गलत है।
गुणसूत्र संख्या 2n = 18 के साथ लैंगिक रूप से प्रजनन करने वाले जीव में कितने अलिंग गुणसूत्र (ऑटोसोम) उपस्थित होंगे?
- 18
- 16
- 15
- 17
Explanation: यदि 2n = 18 है, तो कुल गुणसूत्र 18 हैं। इनमें से 2 गुणसूत्र लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosomes) होते हैं (माना गया कि जीव में लिंग गुणसूत्र हैं)। शेष 18 – 2 = 16 ऑटोसोम (Autosomes) होते हैं। (सामान्यतः सभी द्विगुणित जीवों में 2 लिंग गुणसूत्र होते हैं)।
Quick Facts:
- 18: यह कुल गुणसूत्र हैं, ऑटोसोम नहीं, गलत है।
- 16: सही, 18 – 2 = 16 ऑटोसोम।
- 15: गलत, गणना त्रुटि।
- 17: गलत, एक लिंग गुणसूत्र निकालने पर आता है, लेकिन दो होते हैं।
माइटोकॉन्ड्रिया के समान प्लास्टिडों में भी स्वयं के/की ______ और ______ होती/होते हैं।
- DNA; राइबोसोम
- पुटिकाएं; प्रोटीन
- न्यूक्लियस; गुणसूत्र
- एंजाइम; रसधानी
Explanation: माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) और प्लास्टिड्स (Plastids) (जैसे- क्लोरोप्लास्ट) अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं, जिनमें अपना स्वयं का DNA (वृत्ताकार) और राइबोसोम (70S) होते हैं। इससे वे कुछ प्रोटीनों का स्वयं संश्लेषण कर सकते हैं। इनमें न्यूक्लियस नहीं होता, और रसधानी (Vacuole) अलग अंगक है।
Quick Facts:
- DNA; राइबोसोम: माइटोकॉन्ड्रिया और प्लास्टिड्स में ये होते हैं, सही है।
- पुटिकाएं; प्रोटीन: यह गॉल्जी बॉडी या अन्य अंगकों की विशेषता, गलत है।
- न्यूक्लियस; गुणसूत्र: इनमें न्यूक्लियस नहीं होता, गलत है।
- एंजाइम; रसधानी: प्लास्टिड्स में रसधानी नहीं, गलत है।
मानव जीनोम अनुक्रमण के प्रभाव का सबसे अच्छा वर्णन निम्नलिखित में से कौन सा करता है?
- इनसे ट्रांसक्रिप्शनल रेगुलेशन की दिशा में एक मील का पत्थर स्थापित किया।
- इनसे शास्त्रीय आनुवंशिकी की आवश्यकता को समाप्त कर दिया।
- इनसे सभी RNA-संबंधित कार्यों को स्पष्ट किया।
- इनसे एक नए वैज्ञानिक क्षेत्र की शुरुआत की।
Explanation: मानव जीनोम अनुक्रमण (Human Genome Sequencing) ने जीनोमिक्स (Genomics) नामक एक नए वैज्ञानिक क्षेत्र (Scientific Field) की शुरुआत की, जो जीनोम की संरचना, कार्य और विकास का अध्ययन करता है। इसने ट्रांसक्रिप्शनल रेगुलेशन में महत्वपूर्ण योगदान दिया, परंतु यह ‘एक नए क्षेत्र की शुरुआत’ सबसे व्यापक और सटीक विवरण है। इसने शास्त्रीय आनुवंशिकी को समाप्त नहीं किया, और RNA-संबंधित सभी कार्यों को स्पष्ट नहीं किया।
Quick Facts:
- ट्रांसक्रिप्शनल रेगुलेशन में मील का पत्थर: यह एक योगदान है, परंतु मुख्य प्रभाव नहीं, गलत है।
- शास्त्रीय आनुवंशिकी समाप्त: गलत, शास्त्रीय आनुवंशिकी अभी भी महत्वपूर्ण है।
- RNA कार्यों को स्पष्ट: गलत, यह जीनोमिक्स का मुख्य उद्देश्य नहीं है।
- नए वैज्ञानिक क्षेत्र की शुरुआत: सही, जीनोमिक्स का आरंभ।
जीन उत्परिवर्तन निम्न में से किसके कारण होता है?
- प्रजनन
- प्रोटीन के अनुक्रम में परिवर्तन
- नाइट्रोजनी क्षारों के अनुक्रम में परिवर्तन
- हार्मोन एवं एंजाइमों का स्राव
Explanation: जीन उत्परिवर्तन (Gene Mutation) DNA में नाइट्रोजनी क्षारों (Nitrogenous Bases) (A, T, G, C) के अनुक्रम (Sequence) में परिवर्तन के कारण होता है। यह परिवर्तन एक या अधिक क्षारों के जुड़ने, हटने या प्रतिस्थापित होने से हो सकता है। प्रोटीन अनुक्रम में परिवर्तन उत्परिवर्तन का परिणाम है, कारण नहीं। प्रजनन और हार्मोन/एंजाइम स्राव उत्परिवर्तन से संबंधित नहीं हैं।
Quick Facts:
- प्रजनन: उत्परिवर्तन का कारण नहीं, गलत है।
- प्रोटीन अनुक्रम में परिवर्तन: यह उत्परिवर्तन का परिणाम है, कारण नहीं, गलत है।
- नाइट्रोजनी क्षारों के अनुक्रम में परिवर्तन: यह उत्परिवर्तन का मुख्य कारण है, सही है।
- हार्मोन एवं एंजाइमों का स्राव: उत्परिवर्तन से संबंधित नहीं, गलत है।
चार रक्त समूह हैं: A, B, AB और O। इन रक्त समूहों के वंशानुक्रम को नियंत्रित करने वाले जीन को IA, IB और i के रूप में नामित किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा जीन संयोजन परिणामी रक्त समूह ‘A’ होगा?
- IAIA या ii
- IAIA या IAi
- IAIB
- IAIB या IAi
Explanation: ABO रक्त समूह प्रणाली में, IA और IB सह-प्रभावी (Co-dominant) हैं, जबकि i अप्रभावी (Recessive) है। रक्त समूह A के लिए जीनोटाइप IAIA (समयुग्मजी – Homozygous) या IAi (विषमयुग्मजी – Heterozygous) हो सकता है। ii रक्त समूह O, IAIB रक्त समूह AB, और IAIB/IAi में से IAIB रक्त समूह AB और IAi रक्त समूह A होता है (IAIB रक्त समूह AB देता है)।
Quick Facts:
- IAIA या ii: ii रक्त समूह O देता है, A नहीं, गलत है।
- IAIA या IAi: दोनों रक्त समूह A देते हैं, सही है।
- IAIB: रक्त समूह AB देता है, A नहीं, गलत है।
- IAIB या IAi: IAIB AB देता है, A नहीं, गलत है।
समसूत्री विभाजन में, संतति कोशिकाओं के गुणसूत्रों की तुलना जनक कोशिका के गुणसूत्रों से किस प्रकार की जाती है?
- संतति कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या जनक कोशिका के समान होती है।
- संतति कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या जनक कोशिका की तुलना में आधी होती है।
- संतति कोशिकाएँ विभाजन के दौरान सभी गुणसूत्रों का त्याग कर देती हैं।
- संतति कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या जनक कोशिका की तुलना में दोगुनी होती है।
Explanation: समसूत्री विभाजन (Mitosis) में, एक जनक कोशिका (Parent Cell) से दो संतति कोशिकाएँ (Daughter Cells) बनती हैं, जिनमें गुणसूत्रों की संख्या जनक कोशिका के समान (2n) होती है। यह एक समान (Equational) विभाजन है। अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) में संख्या आधी हो जाती है। दोगुनी या त्यागना सही नहीं है।
Quick Facts:
- समान: माइटोसिस में गुणसूत्र संख्या समान रहती है, सही है।
- आधी: यह अर्धसूत्री (Meiosis) की विशेषता है, गलत है।
- त्याग: गलत, गुणसूत्र विभाजित होते हैं, त्याग नहीं।
- दोगुनी: गलत, माइटोसिस में दोगुनी नहीं होती।
उस अर्ध-संरक्षी प्रक्रिया का नाम क्या है जिसमें DNA, दो समरूप अणुओं में द्विगुणित होता है?
- ट्रांस्लेशन (Translation)
- उत्परिवर्तन (Mutation)
- अनुलेखन (Transcription)
- प्रतिकृति (Replication)
Explanation: DNA प्रतिकृति (Replication) अर्ध-संरक्षी (Semi-conservative) प्रक्रिया है, जिसमें मूल DNA अणु के दो सूत्र (Strands) अलग होकर प्रत्येक के साथ नया पूरक (Complementary) सूत्र बनता है। इससे दो समरूप (Identical) DNA अणु बनते हैं। ट्रांस्लेशन (Translation) प्रोटीन संश्लेषण, ट्रांसक्रिप्शन (Transcription) DNA से RNA बनने की प्रक्रिया, और उत्परिवर्तन (Mutation) आनुवंशिक पदार्थ में परिवर्तन है।
Quick Facts:
- ट्रांस्लेशन: mRNA से प्रोटीन बनना, DNA प्रतिकृति नहीं, गलत है।
- उत्परिवर्तन: DNA अनुक्रम में परिवर्तन, प्रतिकृति नहीं, गलत है।
- अनुलेखन: DNA से RNA बनना, प्रतिकृति नहीं, गलत है।
- प्रतिकृति: DNA की अर्ध-संरक्षी प्रतिकृति, सही है।
मानव जीनोम के पूर्ण अनुक्रमण ने किसकी शुरुआत को चिह्नित किया है?
- जीनोमिक्स
- इम्यूनोलॉजी
- साइटोजेनेटिक्स
- स्ट्रक्चरल बायोलॉजी
Explanation: मानव जीनोम के पूर्ण अनुक्रमण (Human Genome Sequencing) ने जीनोमिक्स (Genomics) नामक क्षेत्र की शुरुआत को चिह्नित किया। जीनोमिक्स जीनोम (जीव के सभी जीनों का संपूर्ण समुच्चय) की संरचना, कार्य, विकास और मानचित्रण का अध्ययन करता है। इम्यूनोलॉजी प्रतिरक्षा तंत्र, साइटोजेनेटिक्स गुणसूत्रों का अध्ययन, और स्ट्रक्चरल बायोलॉजी अणुओं की 3D संरचना का अध्ययन है।
Quick Facts:
- जीनोमिक्स: जीनोम अनुक्रमण ने इस क्षेत्र की शुरुआत की, सही है।
- इम्यूनोलॉजी: प्रतिरक्षा, जीनोम से संबंधित नहीं, गलत है।
- साइटोजेनेटिक्स: गुणसूत्र अध्ययन, जीनोम अनुक्रमण से नया क्षेत्र नहीं, गलत है।
- स्ट्रक्चरल बायोलॉजी: अणु संरचना, जीनोम अनुक्रमण से नहीं, गलत है।
आनुवंशिकता और भिन्नता के अध्ययन को क्या कहा जाता है?
- विकास
- उत्परिवर्तन
- आनुवंशिकी
- जीव विज्ञान
Explanation: आनुवंशिकता (Heredity) और भिन्नता (Variation) के अध्ययन को आनुवंशिकी (Genetics) कहा जाता है। यह जीव विज्ञान (Biology) की वह शाखा है जो जीनों, गुणसूत्रों, DNA और वंशागति (Inheritance) के पैटर्न का अध्ययन करती है। विकास (Evolution) समय के साथ प्रजातियों में परिवर्तन है, उत्परिवर्तन (Mutation) आनुवंशिक परिवर्तन है, और जीव विज्ञान (Biology) सामान्य अध्ययन है।
Quick Facts:
- विकास: प्रजातियों में समय के साथ परिवर्तन, आनुवंशिकता+भिन्नता का अध्ययन नहीं, गलत है।
- उत्परिवर्तन: आनुवंशिक परिवर्तन, अध्ययन का विषय नहीं, गलत है।
- आनुवंशिकी: सही, यह आनुवंशिकता और भिन्नता का अध्ययन है।
- जीव विज्ञान: व्यापक, आनुवंशिकी इसकी एक शाखा है, गलत है।
केंद्रक में क्रोमोसोम होते हैं, जो केवल कोशिका विभाजन के समय ही छड़ाकार (rod-shaped) संरचनाओं के रूप में दिखाई पड़ते हैं। ये क्रोमोसोम ______ से बने होते हैं।
- आरएनए और लिपिड
- अमीनो अम्ल और कार्बोहाइड्रेट
- डीएनए और प्रोटीन
- ग्लूकोज और एंजाइम
Explanation: गुणसूत्र (Chromosomes) डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल (DNA) और प्रोटीन (हिस्टोन प्रोटीन) से बने होते हैं। DNA आनुवंशिक सूचना वहन करता है, जबकि प्रोटीन DNA को संरचनात्मक सहारा प्रदान करते हैं और उसे व्यवस्थित रखते हैं। कोशिका विभाजन के दौरान DNA कुंडलित होकर सघन छड़ाकार गुणसूत्र बनाता है।
Quick Facts:
- आरएनए और लिपिड: RNA आनुवंशिक सूचना वहन करता है, लेकिन गुणसूत्र का मुख्य भाग DNA है, लिपिड झिल्ली में होते हैं, गलत है।
- अमीनो अम्ल और कार्बोहाइड्रेट: प्रोटीन अमीनो अम्लों से बनते हैं, लेकिन कार्बोहाइड्रेट गुणसूत्र का भाग नहीं, गलत है।
- डीएनए और प्रोटीन: गुणसूत्र DNA और हिस्टोन प्रोटीन से बने होते हैं, यह सही है।
- ग्लूकोज और एंजाइम: ग्लूकोज ऊर्जा स्रोत है, एंजाइम प्रोटीन हैं, लेकिन गुणसूत्र का घटक नहीं, गलत है।
DNA पॉलीमरेज़ DNA प्रतिकृति के दौरान न्यूक्लियोटाइड्स के जुड़ने को उत्प्रेरित करता है। इसकी मुख्य भूमिका है:
- ओकाजाकी खंडों को एक साथ जोड़ना
- टेम्पलेट के पूरक नए DNA स्ट्रैंड्स का संश्लेषण करना
- DNA डबल हेलिक्स को खोलना
- लैगिंग स्ट्रैंड से RNA प्राइमरों को हटाना
Explanation: DNA पॉलीमरेज़ (DNA Polymerase) DNA प्रतिकृति (Replication) के दौरान टेम्पलेट स्ट्रैंड के पूरक नए DNA स्ट्रैंड का संश्लेषण करने वाला मुख्य एंजाइम है। यह न्यूक्लियोटाइड्स को 5’→3′ दिशा में जोड़ता है। DNA हेलिकेज़ DNA को खोलता है, DNA लाइगेज़ ओकाजाकी खंडों को जोड़ता है, और RNA प्राइमरों को DNA पॉलीमरेज़ I (प्रोकैरियोट्स में) हटाता है।
Quick Facts:
- ओकाजाकी खंडों को जोड़ना: यह DNA लाइगेज़ (Ligase) का कार्य है, पॉलीमरेज़ का नहीं, गलत है।
- नए DNA स्ट्रैंड्स का संश्लेषण: DNA पॉलीमरेज़ का मुख्य कार्य, यह सही है।
- DNA डबल हेलिक्स को खोलना: यह DNA हेलिकेज़ (Helicase) का कार्य है, गलत है।
- RNA प्राइमरों को हटाना: यह DNA पॉलीमरेज़ I और RNase H का कार्य है, मुख्य भूमिका नहीं, गलत है।
किसी लक्षण को नियंत्रित करने वाले जीन के दो रूपों को क्या कहा जाता है?
- गुणसूत्र
- प्रोटीन
- उत्परिवर्तन
- एलील
Explanation: किसी विशिष्ट लक्षण (जैसे- ऊँचाई, रक्त समूह) को नियंत्रित करने वाले जीन के विभिन्न रूपों को एलील (Alleles) कहा जाता है। उदाहरण के लिए, मटर के पौधे में ऊँचाई के लिए दो एलील होते हैं: T (लंबा) और t (बौना)। ये एक ही जीन के वैकल्पिक रूप हैं जो एक ही लक्षण के विभिन्न अभिव्यक्तियाँ उत्पन्न करते हैं।
Quick Facts:
- गुणसूत्र: यह DNA और प्रोटीन की संरचना है, जीन का रूप नहीं, गलत है।
- प्रोटीन: यह जीन अभिव्यक्ति का परिणाम है, जीन का रूप नहीं, गलत है।
- उत्परिवर्तन: यह जीन अनुक्रम में परिवर्तन है, जीन का रूप नहीं, गलत है।
- एलील: जीन के वैकल्पिक रूप, यह सही है।
किसी जीव के गुणसूत्रों पर विशिष्ट जीन स्थानों पर एलील्स का संयोजन, जो इसके आनुवंशिक संविधान का प्रतिनिधित्व करता है, ______ के रूप में जाना जाता है।
- जीनप्ररूप
- डीएनए
- द्वि कुंडलिनी
- फीनोटाइप
Explanation: जीनोटाइप (Genotype) किसी जीव की आनुवंशिक संरचना (Genetic Constitution) होती है, जो उसके गुणसूत्रों पर स्थित एलील्स के संयोजन को दर्शाती है। यह जीव के आंतरिक आनुवंशिक कोड को निरूपित करता है। फीनोटाइप (Phenotype) जीनोटाइप और पर्यावरण के अंतःक्रिया से उत्पन्न बाहरी दृश्यमान लक्षण होते हैं।
Quick Facts:
- जीनप्ररूप (जीनोटाइप): आनुवंशिक संविधान, यह सही है।
- डीएनए: आनुवंशिक पदार्थ, पूरे संविधान का प्रतिनिधित्व नहीं, गलत है।
- द्वि कुंडलिनी: DNA की संरचना, आनुवंशिक संविधान नहीं, गलत है।
- फीनोटाइप: दृश्यमान लक्षण, आनुवंशिक संविधान नहीं, गलत है।
डीऑक्सीराइबोन्यूक्लियोटाइड्स के एक लंबे बहुलक के रूप में DNA का उल्लेख किस संरचनात्मक विशेषता का संकेत देता है?
- यह एक शर्करा-फॉस्फेट बैकबोन और नाइट्रोजनी क्षारों से बना होता है।
- प्रत्येक न्यूक्लियोटाइड समानांतर फैशन में हाइड्रोजन बंधों द्वारा जुड़ा होता है।
- अणु में कई स्वतंत्र छोटी श्रृंखलाएँ होती हैं।
- अनुक्रम वृत्तीय और स्व-प्रतिकृति है।
Explanation: DNA डीऑक्सीराइबोन्यूक्लियोटाइड्स (Deoxyribonucleotides) की एक लंबी बहुलक (Polymer) श्रृंखला है। प्रत्येक न्यूक्लियोटाइड में एक शर्करा (डीऑक्सीराइबोस), एक फॉस्फेट समूह और एक नाइट्रोजनी क्षार (A, T, G, C) होता है। शर्करा-फॉस्फेट बैकबोन (Sugar-phosphate backbone) श्रृंखला को संरचनात्मक स्थायित्व प्रदान करता है, जबकि नाइट्रोजनी क्षार आनुवंशिक जानकारी वहन करते हैं।
Quick Facts:
- शर्करा-फॉस्फेट बैकबोन और नाइट्रोजनी क्षार: यह DNA की सही संरचना है, यह सही है।
- हाइड्रोजन बंधों द्वारा जुड़ा: न्यूक्लियोटाइड्स के बीच फॉस्फोडाइएस्टर बंध होते हैं, हाइड्रोजन बंध क्षारों के बीच होते हैं, गलत है।
- कई स्वतंत्र श्रृंखलाएँ: DNA दो पूरक स्ट्रैंड्स से बना है, कई नहीं, गलत है।
- वृत्तीय और स्व-प्रतिकृति: वृत्तीय DNA प्रोकैरियोट्स में होता है, लेकिन यह सामान्य विशेषता नहीं, गलत है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
- सभी बच्चों को उनकी माँ से Y गुणसूत्र विरासत में मिलेगा।
- सभी मानव गुणसूत्र युग्मित नहीं होते हैं।
- घोंघे जैसे जानवरों में, व्यक्ति लिंग बदल सकते हैं।
- विभिन्न प्रजातियों में लिंग विभिन्न कारकों द्वारा निर्धारित होता है।
Explanation: मनुष्यों में, माता (Mother) के पास XX गुणसूत्र होते हैं, इसलिए वह केवल X गुणसूत्र ही संतानों को दे सकती है। Y गुणसूत्र (Y Chromosome) पिता (Father) से प्राप्त होता है, जिसमें XY गुणसूत्र होते हैं। अतः सभी बच्चों को माँ से X गुणसूत्र मिलता है, Y नहीं। यह कथन पूर्णतः गलत है।
Quick Facts:
- सभी बच्चों को माँ से Y गुणसूत्र: यह गलत है, माँ केवल X देती है, यही उत्तर है।
- सभी गुणसूत्र युग्मित नहीं: मानव में 23 जोड़े होते हैं, 22 ऑटोसोम + 1 लिंग, यह सही है।
- घोंघे में लिंग बदलना: कुछ प्रजातियों (जैसे- Crepidula) में उभयलिंगीत्व और लिंग परिवर्तन होता है, सही है।
- विभिन्न प्रजातियों में लिंग कारक: XY (मानव), ZW (पक्षी), पर्यावरणीय (कछुआ) आदि, सही है।
सुकेंद्रकी कोशिकाओं में, चिकनी अन्तर्द्रव्यी जालिका पर मुख्य रूप से क्या जिम्मेदारी होती है?
- प्रोटीन संश्लेषण
- लिपिड संश्लेषण और विषैले पदार्थों को निष्क्रिय करना
- शर्करा का विघटन
- आनुवंशिक जानकारी का भंडारण
Explanation: चिकनी अन्तर्द्रव्यी जालिका (Smooth Endoplasmic Reticulum – SER) का मुख्य कार्य लिपिड (वसा) और स्टेरॉयड हार्मोन का संश्लेषण करना, कार्बोहाइड्रेट चयापचय, और यकृत कोशिकाओं में विषैले पदार्थों (दवाओं, जहरों) को निष्क्रिय (Detoxification) करना है। प्रोटीन संश्लेषण खुरदुरी ER (Rough ER) का कार्य है, शर्करा विघटन और आनुवंशिक जानकारी भंडारण अन्य अंगों के कार्य हैं।
Quick Facts:
- प्रोटीन संश्लेषण: यह RER (Rough ER) का कार्य है, SER का नहीं, गलत है।
- लिपिड संश्लेषण और विषहरण: SER का मुख्य कार्य, यह सही है।
- शर्करा का विघटन: यह कोशिकाद्रव्य और अन्य अंगों में होता है, SER नहीं, गलत है।
- आनुवंशिक जानकारी का भंडारण: यह केंद्रक (Nucleus) का कार्य है, गलत है।
DNA का वह खंड जो प्रोटीन को जानकारी प्रदान करता है, उस प्रोटीन का ______ कहलाता है।
- जीन
- गुणसूत्र
- एंजाइम
- DNA
Explanation: जीन (Gene) DNA का एक विशिष्ट खंड (Segment) होता है, जो किसी विशेष प्रोटीन (या पॉलीपेप्टाइड) के संश्लेषण की जानकारी रखता है। यह आनुवंशिकता की मूलभूत इकाई है और किसी लक्षण को नियंत्रित करता है। गुणसूत्रों में अनेक जीन होते हैं, एंजाइम प्रोटीन होते हैं, और DNA संपूर्ण आनुवंशिक पदार्थ है।
Quick Facts:
- जीन: DNA का प्रोटीन-कोडिंग खंड, यह सही है।
- गुणसूत्र: DNA और प्रोटीन की संरचना, इसमें कई जीन होते हैं, गलत है।
- एंजाइम: प्रोटीन होते हैं, DNA का खंड नहीं, गलत है।
- DNA: संपूर्ण आनुवंशिक पदार्थ, विशिष्ट खंड जीन कहलाता है, गलत है।
उत्पादकता में सुधार के लिए भारतीय कुक्कुट नस्लों का विदेशी नस्लों के साथ संकरण क्यों किया जाता है?
- उच्च उपज और स्थानीय अनुकूलन क्षमता वाली कुक्कुट पालन पद्धति को विकसित करने के लिए
- आनुवंशिक रूप से एकसमान पक्षियों का उत्पादन करने के लिए, जिससे फ्लॉक में विभिन्नता समाप्त हो जाए
- पक्षियों की अनुकूलन क्षमता पर विचार किए बिना, केवल उनकी भोजन की आवश्यकता में कमी करने हेतु उनके आनुवंशिकी में परिवर्तन करने के लिए
- पारंपरिक कुक्कुट पालन प्रथाओं को बदलने के लिए पूर्ण रूप से नई पक्षी प्रजातियाँ सृजित करने के लिए
Explanation: भारतीय कुक्कुट नस्लों (जैसे- Aseel, Kadaknath) में रोग प्रतिरोधक क्षमता और स्थानीय अनुकूलन अच्छा होता है, लेकिन अंडा/मांस उत्पादन कम होता है। विदेशी नस्लों (जैसे- White Leghorn) में उत्पादकता अधिक होती है। संकरण (Cross-breeding) से ऐसी नस्लें विकसित होती हैं जिनमें उच्च उत्पादन और स्थानीय अनुकूलन दोनों गुण होते हैं। यह एक संतुलित दृष्टिकोण है, न कि विविधता समाप्त करना या केवल आहार में कमी करना।
Quick Facts:
- उच्च उपज और स्थानीय अनुकूलन: यह संकरण का मुख्य उद्देश्य है, यह सही है।
- आनुवंशिक रूप से एकसमान पक्षी: संकरण विविधता बढ़ाता है, समरूपता नहीं, गलत है।
- केवल भोजन की आवश्यकता में कमी: यह उद्देश्य नहीं है, गलत है।
- पूर्ण रूप से नई प्रजातियाँ: संकरण से नई प्रजातियाँ नहीं बनतीं, नस्लें (Breeds) बनती हैं, गलत है।
______ उत्परिवर्तन आनुवंशिक नहीं है।
- विलोपन
- अंतःक्षेपण
- दैहिक
- बिंदु
Explanation: दैहिक उत्परिवर्तन (Somatic Mutation) शरीर की गैर-जनन कोशिकाओं (Non-reproductive cells) में होता है, इसलिए यह अगली पीढ़ी को विरासत में नहीं मिलता (आनुवंशिक नहीं है)। विलोपन (Deletion), अंतःक्षेपण (Insertion) और बिंदु (Point) उत्परिवर्तन जनन कोशिकाओं (Germline cells) में होने पर आनुवंशिक हो सकते हैं।
Quick Facts:
- विलोपन: DNA अनुक्रम से एक या अधिक क्षारों को हटाना, यह आनुवंशिक हो सकता है, गलत है।
- अंतःक्षेपण: DNA अनुक्रम में क्षारों को जोड़ना, यह आनुवंशिक हो सकता है, गलत है।
- दैहिक: गैर-जनन कोशिकाओं में, विरासत में नहीं मिलता, यह सही है।
- बिंदु: एकल क्षार परिवर्तन, यह आनुवंशिक हो सकता है, गलत है।
निम्नलिखित में से कौन तकनीक की एक शाखा है जो 100 नैनोमीटर से कम के आयामों और सहनशीलताओं पर काम करती है, विशेष रूप से व्यक्तिगत परमाणुओं और अणुओं के हेरफेर के ऊपर?
- जैव प्रौद्योगिकी
- सूचना प्रौद्योगिकी
- नैनो प्रौद्योगिकी
- आनुवंशिकी
Explanation: नैनो प्रौद्योगिकी (Nanotechnology) विज्ञान और तकनीक की वह शाखा है जो 1 से 100 नैनोमीटर (nm) के आकार की सामग्रियों और संरचनाओं का अध्ययन और हेरफेर करती है। यह व्यक्तिगत परमाणुओं और अणुओं को नियंत्रित करने पर केंद्रित है। जैव प्रौद्योगिकी जीवों का, सूचना प्रौद्योगिकी कंप्यूटर और डेटा का, और आनुवंशिकी जीन और आनुवंशिक पदार्थ का अध्ययन है।
Quick Facts:
- जैव प्रौद्योगिकी: जीवों और उनके घटकों का प्रौद्योगिकी उपयोग, नैनो स्तर पर कार्य नहीं, गलत है।
- सूचना प्रौद्योगिकी: कंप्यूटर और संचार से संबंधित, परमाणुओं से नहीं, गलत है।
- नैनो प्रौद्योगिकी: नैनोमीटर स्केल पर कार्य, यह सही है।
- आनुवंशिकी: जीन और DNA का अध्ययन, नैनो प्रौद्योगिकी नहीं, गलत है।
अगस्त 2025 में, BioE3 नीति के तहत भारत का प्रथम नेशनल बायोफाउंड्री नेटवर्क लॉन्च करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- बायो विनिर्माण (Biomanufacturing)
- कौशल प्रशिक्षण (Skill training)
- वन्यजीव अध्ययन (Wildlife study)
- जीन एडिटिंग (Gene editing)
Explanation: BioE3 (Biotechnology for Economy, Environment and Employment) नीति के तहत भारत का पहला नेशनल बायोफाउंड्री नेटवर्क (National Biofoundry Network) बायो विनिर्माण (Biomanufacturing) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लॉन्च किया गया है। इसका लक्ष्य जैव-आधारित उत्पादों (जैव ईंधन, जैव प्लास्टिक, फार्मास्यूटिकल्स) के औद्योगिक उत्पादन को प्रोत्साहित करना है, जो भारत को जैव-अर्थव्यवस्था में आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा।
Quick Facts:
- बायो विनिर्माण: यह BioE3 नीति का मुख्य उद्देश्य है, यह सही है।
- कौशल प्रशिक्षण: यह सहायक घटक हो सकता है, परंतु मुख्य उद्देश्य नहीं, गलत है।
- वन्यजीव अध्ययन: यह BioE3 नीति का उद्देश्य नहीं, गलत है।
- जीन एडिटिंग: यह एक उपकरण है, मुख्य उद्देश्य नहीं, गलत है।
यदि कोशिका विभाजन द्वारा उत्पादित दो संतति कोशिकाओं की संरचना में मामूली अंतर दिखाई देता है, तो DNA प्रतिलिपीयन की प्रक्रिया के दौरान कौन-सी प्रक्रिया इन भिन्नताओं का सबसे संभावित कारण है?
- DNA प्रतिलिपियन के बाद प्रोटीन संश्लेषण में त्रुटियां
- जैव रासायनिक अभिक्रियाओं की अंतर्निहित अविश्वसनीयता के कारण DNA प्रतिलिपियन के दौरान मामूली भिन्नताएं
- DNA प्रतिलिपि का नई कोशिकाओं में अपूर्ण पृथक्करण
- केंद्रक में DNA ब्लूप्रिंट की अनुपस्थिति
Explanation: DNA प्रतिलिपि (Replication) पूर्णतः त्रुटि-रहित (Error-free) नहीं होती है। जैव रासायनिक अभिक्रियाओं की अंतर्निहित अविश्वसनीयता के कारण कभी-कभी मामूली त्रुटियाँ (Mutations) हो जाती हैं, जो संतति कोशिकाओं में भिन्नता उत्पन्न करती हैं। ये भिन्नताएँ विकास और विविधता का आधार हैं। प्रोटीन संश्लेषण में त्रुटि, अपूर्ण पृथक्करण, या DNA की अनुपस्थिति सामान्य कारण नहीं हैं।
Quick Facts:
- प्रोटीन संश्लेषण में त्रुटि: यह DNA प्रतिलिपि के बाद होता है, विविधता का प्राथमिक कारण नहीं, गलत है।
- DNA प्रतिलिपि में मामूली भिन्नता: यह सही है, प्रतिलिपि त्रुटियाँ भिन्नता का कारण हैं।
- DNA का अपूर्ण पृथक्करण: यह कोशिका विभाजन में त्रुटि है, सामान्य नहीं, गलत है।
- DNA ब्लूप्रिंट की अनुपस्थिति: सभी कोशिकाओं में DNA होता है, यह गलत है।
आनुवंशिक जानकारी अणुओं की लंबी शृंखलाओं द्वारा ले जाया जाता है। इन अणुओं को क्या कहा जाता है?
- फॉस्फेट
- नाइट्रोजनयुक्त गैसें
- आर.एन.ए
- न्यूक्लियोटाइड
Explanation: आनुवंशिक जानकारी (Genetic Information) न्यूक्लियोटाइड्स (Nucleotides) की लंबी श्रृंखलाओं (जैसे- DNA या RNA) द्वारा वहन की जाती है। न्यूक्लियोटाइड DNA और RNA के मूलभूत निर्माण खंड (Building Blocks) हैं, जिनमें शर्करा, फॉस्फेट और नाइट्रोजनी क्षार होते हैं। RNA भी न्यूक्लियोटाइड्स की एक श्रृंखला है, लेकिन प्रश्न मूल अणुओं के बारे में है, इसलिए न्यूक्लियोटाइड अधिक सटीक उत्तर है।
Quick Facts:
- फॉस्फेट: न्यूक्लियोटाइड का एक घटक, पूरा अणु नहीं, गलत है।
- नाइट्रोजनयुक्त गैसें: असंबंधित, गलत है।
- आर.एन.ए: न्यूक्लियोटाइड्स की एक श्रृंखला है, लेकिन मूल अणु ‘न्यूक्लियोटाइड’ है, गलत है।
- न्यूक्लियोटाइड: यह DNA/RNA की इकाई है, आनुवंशिक जानकारी वहन करता है, यह सही है।
मानव में लिंग गुणसूत्रों की वंशानुगतता के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- सभी बच्चे अपने पिता से एक Y गुणसूत्र प्राप्त करते हैं, और लिंग उनकी माता से प्राप्त गुणसूत्र द्वारा निर्धारित होता है।
- सभी बच्चे अपनी माता से एक X गुणसूत्र प्राप्त करते हैं, और लिंग उनके पिता से प्राप्त गुणसूत्र द्वारा निर्धारित होता है।
- सभी बच्चे अपनी माता से एक Y गुणसूत्र प्राप्त करते हैं, और लिंग उनके पिता से प्राप्त गुणसूत्र द्वारा निर्धारित होता है।
- सभी बच्चे अपने पिता से एक X गुणसूत्र प्राप्त करते हैं, और लिंग उनकी माता से प्राप्त गुणसूत्र द्वारा निर्धारित होता है।
Explanation: मनुष्यों में, माता (Mother) में XX और पिता (Father) में XY गुणसूत्र होते हैं। माता से सभी बच्चों को X गुणसूत्र (अंडाणु) मिलता है। पिता से एक बच्चे को X (यदि शुक्राणु X वाला हो) या Y (यदि शुक्राणु Y वाला हो) मिल सकता है। पिता का शुक्राणु बच्चे के लिंग (Sex) का निर्धारण करता है: XX → मादा, XY → नर।
Quick Facts:
- सभी बच्चे पिता से Y: गलत, बेटियों को X मिलता है, गलत है।
- माता से X, लिंग पिता से: यह सही है, पिता का शुक्राणु लिंग निर्धारित करता है।
- माता से Y: गलत, माता के पास Y नहीं है, गलत है।
- पिता से X, लिंग माता से: गलत, पिता X या Y देता है, लिंग पिता से निर्धारित होता है, गलत है।
वह प्राथमिक तंत्र क्या है जिसके माध्यम से लैंगिक प्रजनन संततियों में आनुवंशिक विविधता उत्पन्न करता है?
- युग्मक निर्माण के दौरान बार-बार कोशिका विभाजन
- मातृज और पैतृक माता-पिता में युग्मक निर्माण के दौरान DNA प्रतिलिपिकरण में अशुद्धियां
- प्रत्येक गुणसूत्र युग्म से युग्मकों में मातृज या पैतृक गुणसूत्रों का यादृच्छिक वितरण
- युग्मकों के बीच गुणसूत्र संख्या में भिन्नता
Explanation: लैंगिक प्रजनन (Sexual Reproduction) में आनुवंशिक विविधता का प्राथमिक कारण अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) के दौरान गुणसूत्रों का स्वतंत्र अपव्यूहन (Independent Assortment) है। प्रत्येक युग्मक (Gamete) को प्रत्येक समजात गुणसूत्र युग्म (Homologous Pair) से यादृच्छिक रूप से एक गुणसूत्र (मातृज या पैतृक) मिलता है, जिससे विभिन्न संयोजन बनते हैं। इसके अतिरिक्त, संकरण (Fertilization) दो भिन्न युग्मकों को मिलाता है, जिससे विविधता और बढ़ जाती है।
Quick Facts:
- बार-बार कोशिका विभाजन: यह विविधता नहीं बढ़ाता, केवल कोशिकाएँ बनाता है, गलत है।
- DNA प्रतिलिपि में अशुद्धियाँ: यह उत्परिवर्तन का कारण है, मुख्य तंत्र नहीं, गलत है।
- गुणसूत्रों का यादृच्छिक वितरण: यह स्वतंत्र अपव्यूहन है, विविधता का प्राथमिक कारण, यह सही है।
- गुणसूत्र संख्या में भिन्नता: यह असामान्यता है, विविधता का सामान्य तंत्र नहीं, गलत है।
नीचे जीन की कुछ विशेषताओं का उल्लेख किया गया है। कौन सा विकल्प जीन की गलत विशेषता बताता है?
- उनमें कोई परिवर्तन नहीं होता।
- वे DNA के खंड हैं।
- प्रत्येक जनन कोशिका में एक जीन सेट होता है।
- वे प्रोटीन का उत्पादन करके लक्षणों को नियंत्रित करते हैं।
Explanation: जीन (Genes) में परिवर्तन (उत्परिवर्तन – Mutations) हो सकते हैं। उत्परिवर्तन जीन के अनुक्रम में परिवर्तन है, जो नए एलील्स को जन्म देता है और आनुवंशिक विविधता का स्रोत है। यह कथन कि जीनों में कोई परिवर्तन नहीं होता, पूर्णतः गलत है। जीन DNA के खंड होते हैं, प्रत्येक युग्मक में एक जीन सेट (हैप्लॉइड) होता है, और जीन प्रोटीन के माध्यम से लक्षणों को नियंत्रित करते हैं, ये सभी सही कथन हैं।
Quick Facts:
- उनमें कोई परिवर्तन नहीं: यह गलत है, जीन उत्परिवर्तित हो सकते हैं, यही उत्तर है।
- DNA के खंड: यह सही है, जीन DNA का भाग है।
- जनन कोशिका में एक जीन सेट: यह सही है, युग्मकों में हैप्लॉइड सेट होता है।
- प्रोटीन उत्पादन द्वारा लक्षण नियंत्रण: यह सही है, जीन प्रोटीन बनाते हैं जो लक्षण दिखाते हैं।
लैंगिक प्रजनन के परिणामस्वरूप संततियों में अधिक विविधता क्यों पाई जाती है?
- क्योंकि यह जनक की सटीक प्रतिकृतियां उत्पन्न करता है।
- क्योंकि इसमें दो व्यक्तियों से आनुवंशिक पदार्थ का संयोजन होता है।
- क्योंकि यह केवल मनुष्यों में ही होता है।
- क्योंकि इसमें समरूप DNA का प्रतिलिपिकरण शामिल है।
Explanation: लैंगिक प्रजनन (Sexual Reproduction) में दो माता-पिता (युग्मकों) से आनुवंशिक पदार्थ (Genetic Material) का संयोजन होता है। यह संयोजन नए जीन संयोजन (New Gene Combinations) उत्पन्न करता है, जिससे संततियाँ जनकों से भिन्न और आपस में भिन्न होती हैं, जिससे विविधता (Variation) बढ़ती है। अलैंगिक प्रजनन सटीक प्रतिकृतियाँ (Clones) उत्पन्न करता है।
Quick Facts:
- सटीक प्रतिकृतियाँ: यह अलैंगिक जनन की विशेषता है, लैंगिक की नहीं, गलत है।
- दो व्यक्तियों से आनुवंशिक संयोजन: यह लैंगिक जनन में विविधता का कारण, यह सही है।
- केवल मनुष्यों में: लैंगिक जनन कई जीवों में होता है, यह गलत है।
- समरूप DNA प्रतिलिपिकरण: यह अलैंगिक जनन में होता है, विविधता नहीं बढ़ाता, गलत है।
जीन अभिव्यक्ति का पहला चरण क्या है, जिसमें एंजाइम RNA पॉलीमरेज़ DNA के किसी विशेष खंड को RNA (विशेष रूप से mRNA) में कॉपी करता है?
- डीएनए प्रतिकृति
- केंद्रीय हठधर्मिता
- कोडोन
- प्रतिलिपि
Explanation: जीन अभिव्यक्ति (Gene Expression) का पहला चरण प्रतिलिपि (Transcription) है, जिसमें RNA पॉलीमरेज़ (RNA Polymerase) एंजाइम DNA के एक विशिष्ट खंड (जीन) को mRNA (संदेशवाहक RNA) में कॉपी करता है। इसके बाद अनुवाद (Translation) होता है, जिसमें mRNA से प्रोटीन बनता है। DNA प्रतिकृति (Replication) DNA की प्रतिलिपि बनाना है, कोडोन (Codon) mRNA पर तीन-क्षार समूह है, और केंद्रीय हठधर्मिता (Central Dogma) DNA → RNA → प्रोटीन का पूरा सिद्धांत है।
Quick Facts:
- डीएनए प्रतिकृति: DNA की नई प्रतिलिपि बनाना, जीन अभिव्यक्ति का चरण नहीं, गलत है।
- केंद्रीय हठधर्मिता: DNA→RNA→प्रोटीन का संपूर्ण मॉडल, पहला चरण नहीं, गलत है।
- कोडोन: mRNA पर तीन न्यूक्लियोटाइड्स का समूह, अभिव्यक्ति का चरण नहीं, गलत है।
- प्रतिलिपि: DNA से mRNA बनने का चरण, जीन अभिव्यक्ति का पहला चरण, यह सही है।
चिकनी अन्तर्द्रव्यी जालिका (SER) ______ के निर्माण में सहायक होती है।
- प्रोटीन
- लिपिड (वसा)
- डीएनए
- स्टार्च
Explanation: चिकनी अन्तर्द्रव्यी जालिका (Smooth Endoplasmic Reticulum – SER) लिपिड (Lipids) और स्टेरॉयड हार्मोन के संश्लेषण (Synthesis) में सहायक होती है। यह कार्बोहाइड्रेट चयापचय और विषहरण (Detoxification) में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रोटीन संश्लेषण खुरदुरी ER (Rough ER) में होता है, DNA केंद्रक में, और स्टार्च प्लास्टिड्स (हरितलवक) में बनता है।
Quick Facts:
- प्रोटीन: RER (Rough ER) द्वारा संश्लेषित, SER नहीं, गलत है।
- लिपिड (वसा): SER लिपिड संश्लेषण के लिए जिम्मेदार, यह सही है।
- डीएनए: केंद्रक में, SER नहीं बनाता, गलत है।
- स्टार्च: हरितलवक में बनता है, SER नहीं, गलत है।
एक लंबे पौधे (TT) और एक छोटे पौधे (tt) के बीच संकरण से F1 संतति प्राप्त हुई जो सभी लंबे पौधे थे, क्योंकि:
- पौधे की ऊँचाई T और t द्वारा नियंत्रित होती है।
- पौधे की ऊँचाई केवल t द्वारा नियंत्रित होती है।
- पौधे की ऊँचाई केवल T द्वारा नियंत्रित होती है।
- पौधे की ऊँचाई T या t द्वारा नियंत्रित होती है।
Explanation: मेंडल के प्रयोग में, T (लंबाई) प्रभावी (Dominant) एलील है और t (बौनापन) अप्रभावी (Recessive) एलील है। जब TT × tt का संकरण किया गया, तो F1 पीढ़ी में सभी पौधे Tt (विषमयुग्मजी – Heterozygous) थे। चूँकि T प्रभावी है, यह t को दबा देता है, इसलिए सभी F1 पौधे लंबे (Tall) थे। ऊँचाई T और t दोनों द्वारा नियंत्रित होती है, लेकिन फीनोटाइप में केवल T (प्रभावी) अभिव्यक्त होता है, इसलिए सही कथन “पौधे की ऊँचाई केवल T द्वारा नियंत्रित होती है” (अभिव्यक्ति में) है।
Quick Facts:
- T और t द्वारा नियंत्रित: यह सही है (जीनोटाइप में), परंतु फीनोटाइप T द्वारा, इसलिए गलत है।
- केवल t द्वारा: यह गलत है, t अप्रभावी है, गलत है।
- केवल T द्वारा: T प्रभावी है, इसलिए फीनोटाइप T द्वारा, यह सही है।
- T या t द्वारा: यह अस्पष्ट है, सही नहीं, गलत है।
आनुवंशिकी में पनेट वर्ग (Punnett square) का उद्देश्य क्या है?
- किसी व्यक्ति के लक्षणप्ररूप का निर्धारण करना
- आनुवंशिक क्रॉस के परिणामों की भविष्यवाणी करना
- गुणसूत्र पर जीन के स्थान की पहचान करना
- DNA पुनरावृत्ति का विश्लेषण करना
Explanation: पनेट वर्ग (Punnett Square) एक आरेख (Diagram) है जिसका उपयोग आनुवंशिकी (Genetics) में किसी विशिष्ट क्रॉस (Cross) के संभावित जीनोटाइपिक और फीनोटाइपिक अनुपातों की भविष्यवाणी (Prediction) करने के लिए किया जाता है। यह माता-पिता के युग्मकों के संयोजन को दर्शाता है। व्यक्ति के फीनोटाइप का निर्धारण, जीन स्थान की पहचान (जीन मैपिंग), और DNA पुनरावृत्ति का विश्लेषण पनेट वर्ग के उद्देश्य नहीं हैं।
Quick Facts:
- लक्षणप्ररूप का निर्धारण: यह अवलोकन द्वारा होता है, पनेट वर्ग नहीं, गलत है।
- आनुवंशिक क्रॉस के परिणामों की भविष्यवाणी: पनेट वर्ग का मुख्य उद्देश्य, यह सही है।
- जीन स्थान की पहचान: यह जीन मैपिंग है, पनेट वर्ग नहीं, गलत है।
- DNA पुनरावृत्ति का विश्लेषण: यह प्रतिकृति (Replication) है, पनेट वर्ग नहीं, गलत है।
देशी और विदेशी कुक्कुट (Poultry) नस्लों के बीच संकरण कार्यक्रम क्यों चलाए जाते हैं?
- कम आकर्षक विशेषताओं वाले संकर बनाने के लिए।
- अपने पूर्वजों के साथ समानता दर्शाने वाले संकर बनाने के लिए
- वांछनीय गुणवत्ता वाली नयी-नयी किस्मों का विकास करने के लिए।
- केवल अंडे का आकार बढ़ाने के लिए
Explanation: संकरण (Cross-breeding) कार्यक्रम देशी नस्लों (स्थानीय अनुकूलन, रोग प्रतिरोधक क्षमता) और विदेशी नस्लों (उच्च उत्पादन, तीव्र वृद्धि) के बीच कराए जाते हैं ताकि वांछनीय गुणों (Desirable Traits) वाली नई नस्लें (New Breeds) विकसित की जा सकें। उद्देश्य केवल अंडे का आकार बढ़ाना नहीं, बल्कि समग्र गुणवत्ता सुधार है। ‘कम आकर्षक’ या ‘पूर्वजों के समान’ संकर बनाना उद्देश्य नहीं है।
Quick Facts:
- कम आकर्षक विशेषताएँ: यह उद्देश्य नहीं, गलत है।
- पूर्वजों के साथ समानता: यह अलैंगिक जनन की विशेषता, संकरण नहीं, गलत है।
- वांछनीय गुणों वाली नई किस्में: यह संकरण का मुख्य उद्देश्य, यह सही है।
- केवल अंडे का आकार: आकार के अलावा अन्य गुण भी, यह आंशिक/गलत है।
आनुवंशिक अभियांत्रिकी के लिए अन्य शब्द क्या है?
- DNA अंगुल छापन (फिंगरप्रिंटिंग)
- पुनः संयोजक DNA तकनीक
- जैव विकास
- प्राकृतिक चयन
Explanation: आनुवंशिक अभियांत्रिकी (Genetic Engineering) को पुनः संयोजक DNA तकनीक (Recombinant DNA Technology) भी कहा जाता है। इसमें विभिन्न स्रोतों से DNA को काटकर (Cut) और जोड़कर (Paste) नया DNA (Recombinant DNA) बनाया जाता है, जिसे किसी जीव में प्रविष्ट किया जाता है। DNA फिंगरप्रिंटिंग (Fingerprinting) पहचान के लिए है, जैव विकास (Evolution) प्रजातियों का समय के साथ परिवर्तन है, और प्राकृतिक चयन (Natural Selection) विकास का एक तंत्र है।
Quick Facts:
- DNA फिंगरप्रिंटिंग: व्यक्ति की पहचान के लिए, आनुवंशिक अभियांत्रिकी नहीं, गलत है।
- पुनः संयोजक DNA तकनीक: आनुवंशिक अभियांत्रिकी का दूसरा नाम, यह सही है।
- जैव विकास: प्रजातियों का परिवर्तन, तकनीक नहीं, गलत है।
- प्राकृतिक चयन: विकास का कारक, आनुवंशिक अभियांत्रिकी नहीं, गलत है।
1960 के दशक में जीवित कोशिकाओं में आनुवंशिक कोड को समझने की प्रक्रिया को किस वैज्ञानिक ने विकसित किया था?
- आर्चीबाल्ड गैरोड
- मार्शल निरेनबर्ग
- विल्हेल्म जोहानसेन
- एरिक वॉन चेमैक
Explanation: मार्शल निरेनबर्ग (Marshall Nirenberg) ने 1960 के दशक में जीवित कोशिकाओं में आनुवंशिक कोड (Genetic Code) को समझने की प्रक्रिया विकसित की। उन्होंने यह पता लगाया कि कौन-से कोडन (Codons) किस अमीनो अम्ल को निर्दिष्ट करते हैं, जिसके लिए उन्हें 1968 में नोबेल पुरस्कार मिला। आर्चीबाल्ड गैरोड ने चयापचय रोगों, जोहानसेन ने ‘जीन’ शब्द दिया, और चेमैक ने मेंडल के कार्य को पुनः खोजा।
Quick Facts:
- आर्चीबाल्ड गैरोड: जन्मजात चयापचय त्रुटियाँ, आनुवंशिक कोड नहीं, गलत है।
- मार्शल निरेनबर्ग: आनुवंशिक कोड को समझा, यह सही है।
- विल्हेल्म जोहानसेन: ‘जीन’ शब्द दिया, कोड नहीं, गलत है।
- एरिक वॉन चेमैक: मेंडल के कार्य को पुनः खोजा, कोड नहीं, गलत है।
सजीवों में रासायनिक बंधों के रूप में ऊर्जा के भण्डार पाए जाते हैं, ऊर्जा के इन रसायनों को कहते हैं –
- उपापचय
- डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल
- एडेनोसिन ट्राई-फॉस्फेट
- राइबोन्यूक्लिक अम्ल
Explanation: सजीवों में ऊर्जा का मुख्य रासायनिक भंडार एडेनोसिन ट्राई-फॉस्फेट (Adenosine Triphosphate – ATP) है। ATP में उच्च-ऊर्जा फॉस्फेट बंध (High-energy phosphate bonds) होते हैं, जिनके टूटने पर ऊर्जा निर्मुक्त होती है, जिसे कोशिका विभिन्न कार्यों के लिए उपयोग करती है। उपापचय (Metabolism) प्रक्रिया है, DNA आनुवंशिक सामग्री, और RNA प्रोटीन संश्लेषण में सहायक है।
Quick Facts:
- उपापचय: रासायनिक प्रक्रियाओं का समूह, ऊर्जा का भंडार नहीं, गलत है।
- DNA: आनुवंशिक जानकारी, ऊर्जा भंडार नहीं, गलत है।
- ATP: ऊर्जा का मुख्य भंडार (कोशिका की मुद्रा), यह सही है।
- RNA: प्रोटीन संश्लेषण में, ऊर्जा भंडार नहीं, गलत है।
किसी जीव में प्रत्येक लक्षण किसके द्वारा प्रभावित होता है?
- केवल मातृ DNA
- मातृ और पितृ दोनों DNA द्वारा समान रूप से
- मातृ DNA की तुलना में पितृ DNA द्वारा अधिक
- केवल पितृ DNA
Explanation: एक जीव (डिप्लॉइड) में प्रत्येक लक्षण के लिए दो एलील होते हैं, एक माता (Mother) से और एक पिता (Father) से प्राप्त होता है। अतः प्रत्येक लक्षण मातृ और पितृ दोनों DNA द्वारा समान रूप से (लगभग) प्रभावित होता है। हालाँकि, कुछ लक्षण (जैसे- लिंग-संबद्ध) असमान हो सकते हैं, लेकिन सामान्यतः दोनों का योगदान समान होता है। केवल एक जनक का DNA प्रभावी नहीं होता।
Quick Facts:
- केवल मातृ DNA: गलत, पितृ DNA भी योगदान देता है।
- मातृ और पितृ दोनों समान रूप से: यह सही है, दोनों जनक समान योगदान देते हैं।
- पितृ DNA अधिक: गलत, दोनों समान योगदान (लगभग) देते हैं।
- केवल पितृ DNA: गलत, मातृ DNA भी योगदान देता है।
बच्चों का लिंग यह निर्धारित करेगा कि उन्हें क्या वंशानुक्रम में मिला है:
- स्वभाव
- पिता
- माता
- माता और पिता
Explanation: मनुष्यों में बच्चे का लिंग (Sex) पिता (Father) के शुक्राणु (Sperm) द्वारा निर्धारित होता है, क्योंकि पिता X या Y गुणसूत्र वाला शुक्राणु प्रदान करता है। यदि शुक्राणु X है → बच्ची (XX), यदि Y है → बच्चा (XY)। माता (Mother) के अंडाणु में हमेशा X गुणसूत्र होता है, इसलिए लिंग का निर्धारण पिता के योगदान पर निर्भर करता है। स्वभाव (Temperament) आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारकों से प्रभावित होता है, लिंग से नहीं।
Quick Facts:
- स्वभाव: यह आनुवंशिक नहीं है, लिंग निर्धारक नहीं, गलत है।
- पिता: पिता का शुक्राणु लिंग निर्धारित करता है, यह सही है।
- माता: माता केवल X देती है, लिंग निर्धारण नहीं, गलत है।
- माता और पिता: दोनों गुणसूत्र देते हैं, लेकिन लिंग पिता से, गलत है।
निम्नलिखित में से कौन-सा हरितलवक और माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) के बीच समानता को निरूपित करता है?
- दोनों प्रकाश संश्लेषण करते हैं।
- दोनों श्वसन करते हैं।
- दोनों में अपना स्वयं का DNA और 70S राइबोसोम होता है।
- दोनों में क्लोरोफिल होता है।
Explanation: हरितलवक (Chloroplast) और माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) दोनों अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं, क्योंकि इनमें अपना स्वयं का DNA (वृत्ताकार) और 70S राइबोसोम (बैक्टीरिया के समान) होते हैं। हरितलवक प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) करता है, माइटोकॉन्ड्रिया श्वसन (Respiration) करता है, इसलिए ये अलग कार्य हैं। क्लोरोफिल केवल हरितलवक में होता है।
Quick Facts:
- दोनों प्रकाश संश्लेषण: केवल हरितलवक, माइटोकॉन्ड्रिया नहीं, गलत है।
- दोनों श्वसन: केवल माइटोकॉन्ड्रिया (कोशिकीय श्वसन), हरितलवक नहीं, गलत है।
- DNA और 70S राइबोसोम: दोनों में होते हैं, यह सही है (समानता)।
- दोनों में क्लोरोफिल: केवल हरितलवक में, माइटोकॉन्ड्रिया में नहीं, गलत है।
निम्नलिखित में से किस विधि में पुनः संयोजक DNA को सीधे जंतु कोशिकाओं के नाभिक में प्रविष्ट कराया जाता है?
- आंतरिक निष्क्रिय
- माइक्रो इंजेक्शन
- जैव संशोधन
- जीन स्पाइक
Explanation: माइक्रो इंजेक्शन (Microinjection) एक विधि है जिसमें पुनः संयोजक DNA (Recombinant DNA) को एक अत्यंत पतली कांच की सुई (Micropipette) के माध्यम से सीधे जंतु कोशिका के केंद्रक (Nucleus) में प्रविष्ट किया जाता है। इसका उपयोग ट्रांसजेनिक (Transgenic) जंतु बनाने में किया जाता है। अन्य विकल्प इस संदर्भ में मान्य विधियाँ नहीं हैं (जीन स्पाइक एक काल्पनिक शब्द है)।
Quick Facts:
- आंतरिक निष्क्रिय: यह एक मान्य शब्द नहीं है, गलत है।
- माइक्रो इंजेक्शन: DNA को सीधे नाभिक में इंजेक्ट करना, यह सही है।
- जैव संशोधन: एक सामान्य शब्द है, विशिष्ट विधि नहीं, गलत है।
- जीन स्पाइक: यह एक मान्य शब्द नहीं है, गलत है।
एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक विरासत में मिलने वाली आनुवंशिक सामग्री क्या है?
- RNA
- प्रोटीन
- DNA
- एंजाइम
Explanation: DNA (डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल) एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक विरासत में मिलने वाली (Heritable) आनुवंशिक सामग्री (Genetic Material) है। DNA में आनुवंशिक जानकारी एन्कोडेड होती है, जो प्रजनन के दौरान संतानों में स्थानांतरित होती है। कुछ वायरस में RNA होता है, लेकिन अधिकांश जीवों में DNA ही वंशानुगत सामग्री है।
Quick Facts:
- RNA: कुछ वायरस में, परंतु अधिकांश जीवों में DNA, गलत है।
- प्रोटीन: DNA के निर्देशों पर बनते हैं, आनुवंशिक सामग्री नहीं, गलत है।
- DNA: मुख्य आनुवंशिक सामग्री, यह सही है।
- एंजाइम: प्रोटीन होते हैं, आनुवंशिक सामग्री नहीं, गलत है।
वंशानुगत इकाइयाँ, जिन्हें मेंडल ने ‘कारक’ कहा था, अब क्या कहलाती हैं?
- गुणसूत्र
- DNA
- जीन
- लक्षण
Explanation: ग्रेगर मेंडल (Gregor Mendel) ने वंशानुगत इकाइयों (Hereditary Units) को ‘कारक’ (Factors) कहा था। बाद में, इन्हें ‘जीन’ (Genes) नाम दिया गया। जीन DNA के खंड होते हैं जो किसी विशिष्ट लक्षण को नियंत्रित करते हैं। गुणसूत्र (Chromosomes) जीनों के वाहक हैं, और DNA आनुवंशिक पदार्थ है, जबकि लक्षण (Traits) जीन की अभिव्यक्ति हैं।
Quick Facts:
- गुणसूत्र: जीनों के वाहक, वंशानुगत इकाई नहीं, गलत है।
- DNA: आनुवंशिक पदार्थ, इकाई जीन है, गलत है।
- जीन: मेंडल के ‘कारक’ को जीन कहते हैं, यह सही है।
- लक्षण: जीन की अभिव्यक्ति, इकाई नहीं, गलत है।
अगर युग्मज में ___________ संयोजन होता है तो बच्चा एक पुरुष होगा।
- XO
- XX
- XY
- XXY
Explanation: मनुष्यों में, यदि युग्मज (Zygote) में XY गुणसूत्र संयोजन (Combination) होता है, तो बच्चा पुरुष (Male) होता है। XX होने पर बच्ची (Female) होती है। XO (टर्नर सिंड्रोम) और XXY (क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम) असामान्य गुणसूत्र संयोजन हैं। XY सामान्य पुरुष का गुणसूत्र सेट है।
Quick Facts:
- XO: टर्नर सिंड्रोम (मादा, अविकसित), सामान्य पुरुष नहीं, गलत है।
- XX: सामान्य मादा, पुरुष नहीं, गलत है।
- XY: सामान्य पुरुष, यह सही है।
- XXY: क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम (पुरुष, लेकिन असामान्य), गलत है।
भारत में डी. एन. ए. फिंगरप्रिंटिंग के पिता के रूप में किसे जाना जाता है?
- पी. एस. राव
- मुकेश शर्मा
- सर एलेक जेफ्रीज
- लालजी सिंह
Explanation: डॉ. लालजी सिंह (Dr. Lalji Singh) को भारत में DNA फिंगरप्रिंटिंग (DNA Fingerprinting) के पिता (Father) के रूप में जाना जाता है। उन्होंने भारत में DNA फिंगरप्रिंटिंग तकनीक की स्थापना की और इसे फोरेंसिक विज्ञान और वन्यजीव संरक्षण में लागू किया। सर एलेक जेफ्रीज (Sir Alec Jeffreys) ने DNA फिंगरप्रिंटिंग की खोज की थी, लेकिन भारत में लालजी सिंह को इसका जनक माना जाता है।
Quick Facts:
- पी. एस. राव: भारतीय वैज्ञानिक, लेकिन DNA फिंगरप्रिंटिंग से संबंधित नहीं, गलत है।
- मुकेश शर्मा: इस क्षेत्र में उतने प्रसिद्ध नहीं, गलत है।
- सर एलेक जेफ्रीज: DNA फिंगरप्रिंटिंग के आविष्कारक (वैश्विक), भारत में नहीं, गलत है।
- लालजी सिंह: भारत में DNA फिंगरप्रिंटिंग के पिता, यह सही है।
A रक्त समूह वाले एक व्यक्ति ने B रक्त समूह वाली महिला से विवाह किया, उनका AB रक्त समूह वाला बच्चा हुआ। आनुवंशिकी के संदर्भ में इसका क्या अर्थ है?
- रक्त समूह A के लिए जीन प्रभावी है और रक्त समूह B के लिए जीन अप्रभावी है।
- रक्त समूह B के लिए जीन प्रभावी है और रक्त समूह A के लिए जीन अप्रभावी है।
- रक्त प्रकार A के लिए जीन और रक्त प्रकार B के लिए जीन अप्रभावी हैं।
- रक्त प्रकार A के लिए जीन और रक्त प्रकार B के लिए जीन प्रभावी हैं।
Explanation: ABO रक्त समूह (Blood Group) में A और B एलील सहप्रभावी (Codominant) होते हैं। जब एक व्यक्ति को माता-पिता से A और B दोनों एलील मिलते हैं (जीनोटाइप AB), तो दोनों समान रूप से अभिव्यक्त होते हैं, जिससे AB रक्त समूह बनता है। यहाँ A या B में से कोई भी एक-दूसरे पर प्रभावी (Dominant) या अप्रभावी (Recessive) नहीं है; दोनों प्रभावी हैं। इसलिए, A और B दोनों प्रभावी हैं, जो AB रक्त समूह की व्याख्या करता है।
Quick Facts:
- A प्रभावी, B अप्रभावी: यह गलत है, दोनों सहप्रभावी हैं।
- B प्रभावी, A अप्रभावी: यह गलत है, दोनों सहप्रभावी हैं।
- दोनों अप्रभावी: यह गलत है, यदि दोनों अप्रभावी होते तो O समूह होता।
- दोनों प्रभावी: यह सही है, सहप्रभाविता (Codominance) का उदाहरण।
एक ही जनक (parents) के दो बच्चे एक दूसरे के समरूप होते हैं परंतु बिल्कुल एक जैसे नहीं होते क्योंकि ___________।
- वे अपने माता-पिता में विद्यमान आनुवंशिक भिन्नता के विभिन्न संयोजन दर्शाते हैं।
- उनके माता-पिता अति निम्न आनुवंशिक भिन्नता दर्शाते हैं।
- उनमें से प्रत्येक को सभी आनुवंशिक लक्षण केवल एक ही जनक से प्राप्त होते हैं।
- उनमें से प्रत्येक अपने DNA प्रतिनिधिकरण प्रक्रिया में भिन्नता दर्शाता है।
Explanation: एक ही माता-पिता के दो बच्चे (जुड़वाँ न होने पर) समरूप (Similar) तो होते हैं, लेकिन बिल्कुल एक जैसे (Identical) नहीं होते, क्योंकि लैंगिक प्रजनन के दौरान माता-पिता से आनुवंशिक भिन्नता (आनुवंशिक पुनर्संयोजन) के विभिन्न संयोजन (Different Combinations) बच्चों में प्राप्त होते हैं। अर्धसूत्री विभाजन में स्वतंत्र अपव्यूहन और संकरण के दौरान नए युग्मन से विविधता आती है। ‘सभी लक्षण एक ही जनक से’ या ‘अत्यंत निम्न भिन्नता’ सही नहीं हैं।
Quick Facts:
- आनुवंशिक भिन्नता के विभिन्न संयोजन: यह सही है, पुनर्संयोजन के कारण विविधता।
- अत्यंत निम्न भिन्नता: भिन्नता कम होने पर वे समान होते, परंतु ऐसा नहीं है, गलत है।
- सभी लक्षण एक ही जनक से: गलत, दोनों जनकों से लक्षण मिलते हैं।
- DNA प्रतिनिधिकरण में भिन्नता: यह एक अस्पष्ट शब्द है, गलत है।
किसी जीव में न्यूक्लियर DNA का पूरा सेट क्या कहलाता है?
- ऊतक
- गुणसूत्र
- अंगक
- जीनोम
Explanation: किसी जीव के केंद्रक (Nucleus) में मौजूद DNA का संपूर्ण सेट (Complete Set) जीनोम (Genome) कहलाता है। यह जीव की सभी आनुवंशिक जानकारी को समाहित करता है। गुणसूत्र (Chromosomes) जीनोम के भाग हैं, ऊतक (Tissue) कोशिकाओं का समूह है, और अंगक (Organelles) कोशिका के अंदर विशेष संरचनाएँ हैं।
Quick Facts:
- ऊतक: कोशिकाओं का समूह, DNA सेट नहीं, गलत है।
- गुणसूत्र: DNA और प्रोटीन की संरचना, पूरा सेट जीनोम है, गलत है।
- अंगक: कोशिकांग (जैसे- माइटोकॉन्ड्रिया), DNA का सेट नहीं, गलत है।
- जीनोम: DNA का पूरा सेट, यह सही है।
पादप संख्या में विभिन्नता उत्पन्न करने में, लैंगिक जनन का क्या महत्व है?
- यह DNA प्रतिलिपि त्रुटियों को बढ़ाता है।
- यह किसी भी प्रकार की विभिन्नता को उत्पन्न होने से रोकता है।
- यह DNA की प्रतिलिपि बिना किसी परिवर्तन के बनाता है।
- यह दो जनक पौधों के DNA को मिलाकर नई विभिन्नताएं उत्पन्न करता है।
Explanation: लैंगिक जनन (Sexual Reproduction) में दो जनक पौधों (माता और पिता) के DNA का संयोजन होता है, जिससे नए जीन संयोजन (New Gene Combinations) बनते हैं। यह विभिन्नता (Variation) उत्पन्न करने का प्राथमिक स्रोत है, जो पौधों को बदलते पर्यावरण के अनुकूल बनने में सहायता करता है। DNA प्रतिलिपि त्रुटियाँ (Mutations) विभिन्नता का एक और स्रोत हैं, लेकिन लैंगिक जनन दो जनकों के DNA को मिलाकर विभिन्नता बढ़ाता है, जबकि अलैंगिक जनन सटीक प्रतिकृतियाँ (Clones) उत्पन्न करता है।
Quick Facts:
- DNA प्रतिलिपि त्रुटियाँ बढ़ाना: यह विभिन्नता का कारण है, लेकिन लैंगिक जनन का मुख्य महत्व नहीं, गलत है।
- विभिन्नता को रोकना: गलत, लैंगिक जनन विभिन्नता बढ़ाता है।
- बिना परिवर्तन प्रतिलिपि: यह अलैंगिक जनन है, गलत है।
- दो जनकों का DNA मिलाकर नई विभिन्नताएँ: यह सही है, लैंगिक जनन का मुख्य महत्व।
जीव विज्ञान की कौन सी शाखा वंशागति प्रतिरूप के अध्ययन पर केंद्रित है?
- विकास जीवविज्ञान
- आनुवंशिकी
- जैव प्रौद्योगिकी
- मनुष्य जाति का विज्ञान
Explanation: आनुवंशिकी (Genetics) जीव विज्ञान (Biology) की वह शाखा है जो वंशागति (Heredity), वंशानुगत प्रतिरूप (Patterns of Inheritance), जीन, DNA, गुणसूत्रों और उनके कार्यों का अध्ययन करती है। विकास जीवविज्ञान (Evolutionary Biology) प्रजातियों के उद्भव और परिवर्तन का, जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) जीवों के प्रौद्योगिकीय उपयोग का, और मानवजाति विज्ञान (Anthropology) मानव के अध्ययन का क्षेत्र है।
Quick Facts:
- विकास जीवविज्ञान: प्रजातियों का समय के साथ परिवर्तन, वंशागति पैटर्न नहीं, गलत है।
- आनुवंशिकी: वंशागति और प्रतिरूपों का अध्ययन, यह सही है।
- जैव प्रौद्योगिकी: जीवों का प्रौद्योगिकी उपयोग, वंशागति अध्ययन नहीं, गलत है।
- मानवजाति विज्ञान: मानव संस्कृति और विकास, वंशागति नहीं, गलत है।
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द डीएनए अनुक्रम में परिवर्तन का वर्णन करता है जिसके परिणामस्वरूप जीव के जीनोटाइप और फेनोटाइप में परिवर्तन होता है?
- पृथकरण
- उत्परिवर्तन
- प्रभाविता
- अनुलेखन
Explanation: उत्परिवर्तन (Mutation) DNA अनुक्रम (Sequence) में एक स्थायी परिवर्तन है, जो जीनोटाइप (Genotype) और संभावित रूप से फीनोटाइप (Phenotype) में परिवर्तन ला सकता है। यह आनुवंशिक विविधता (Genetic Variation) का मूल स्रोत है। पृथकरण (Segregation) मेंडल का नियम है, प्रभाविता (Dominance) एलील्स की अभिव्यक्ति है, और अनुलेखन (Transcription) DNA से RNA बनने की प्रक्रिया है।
Quick Facts:
- पृथकरण: मेंडल का नियम, DNA अनुक्रम परिवर्तन नहीं, गलत है।
- उत्परिवर्तन: DNA अनुक्रम में परिवर्तन, जीनोटाइप/फीनोटाइप प्रभावित, यह सही है।
- प्रभाविता: एलील की अभिव्यक्ति, अनुक्रम परिवर्तन नहीं, गलत है।
- अनुलेखन: DNA से mRNA बनना, अनुक्रम परिवर्तन नहीं, गलत है।
जब मेंडल ने मटर के पौधे में दो लक्षणों के वंशानुगत को अध्ययन किया, तो F2 पीढ़ी में पौधों के लिए उसे किस फेनोटाइपिक अनुपात में मिला?
- 9 : 3 : 3 : 1
- 9 : 7
- 9 : 3 : 2 : 2
- 9 : 4 : 2 : 1
Explanation: मेंडल के द्विसंकर क्रॉस (Dihybrid Cross) (जैसे- RRYY × rryy) में F2 पीढ़ी में फेनोटाइपिक अनुपात (Phenotypic Ratio) 9:3:3:1 होता है। यह स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम (Law of Independent Assortment) का पालन करता है। 9:3:3:1 में, 9 दोनों प्रभावी लक्षण, 3 पहला प्रभावी-दूसरा अप्रभावी, 3 पहला अप्रभावी-दूसरा प्रभावी, और 1 दोनों अप्रभावी को दर्शाता है। अन्य अनुपात (9:7, 9:3:2:2, 9:4:2:1) अन्य प्रकार के आनुवंशिक अंतःक्रियाओं (जैसे- सहकारिता, एपिस्टेसिस) में होते हैं, न कि मेंडल के द्विसंकर क्रॉस में।
Quick Facts:
- 9:3:3:1: द्विसंकर क्रॉस का मानक अनुपात, यह सही है।
- 9:7: सहकारिता (पूरक जीन) में, मेंडल में नहीं, गलत है।
- 9:3:2:2: यह मानक नहीं, गलत है।
- 9:4:2:1: यह मानक नहीं, गलत है।
जैविक विविधता का मूल स्रोत ______ है।
- उत्परिवर्तन
- अनुवांशिकी
- वंशागति
- प्राकृतिक चयन
Explanation: जैविक विविधता (Biological Diversity/Variation) का मूल स्रोत उत्परिवर्तन (Mutations) है। उत्परिवर्तन DNA अनुक्रम में परिवर्तन हैं, जो नए एलील्स और जीन उत्पन्न करते हैं। यह विविधता प्राकृतिक चयन (Natural Selection) और विकास (Evolution) का आधार है। आनुवंशिकी (Genetics) विविधता का अध्ययन है, वंशागति (Heredity) विविधता का संचरण है, और प्राकृतिक चयन विविधता का चयन है, ये स्वयं स्रोत नहीं हैं।
Quick Facts:
- उत्परिवर्तन: नई विविधता का मूल स्रोत, यह सही है।
- आनुवंशिकी: विविधता का अध्ययन, स्रोत नहीं, गलत है।
- वंशागति: विविधता का संचरण, स्रोत नहीं, गलत है।
- प्राकृतिक चयन: विविधता पर कार्य करता है, उत्पन्न नहीं करता, गलत है।
युग्म विकल्पी क्या होते हैं?
- एंजाइमों के वैकल्पिक रूप
- जीन के वैकल्पिक रूप
- गुणसूत्र के वैकल्पिक रूप
- अपूर्ण प्रबलता के रूप
Explanation: युग्म विकल्पी (Alleles) एक ही जीन (Gene) के वैकल्पिक रूप (Alternative Forms) होते हैं, जो एक विशिष्ट लक्षण (Trait) के विभिन्न अभिव्यक्तियों को नियंत्रित करते हैं। उदाहरण के लिए, ऊँचाई के लिए जीन के दो एलील T (लंबा) और t (बौना) हैं। एंजाइम, गुणसूत्र और अपूर्ण प्रबलता एलील से संबंधित नहीं हैं।
Quick Facts:
- एंजाइमों के वैकल्पिक रूप: एंजाइम प्रोटीन हैं, जीन के रूप नहीं, गलत है।
- जीन के वैकल्पिक रूप: यह एलील की सही परिभाषा है, यह सही है।
- गुणसूत्र के वैकल्पिक रूप: गुणसूत्र के रूप नहीं होते, गलत है।
- अपूर्ण प्रबलता के रूप: यह एक आनुवंशिक अंतःक्रिया है, एलील नहीं, गलत है।
जीवों में प्रोटीन बनाने के लिए सूचना का स्रोत क्या है?
- राइबोसोम
- DNA
- गुणसूत्र
- RNA
Explanation: जीवों में प्रोटीन (Proteins) बनाने के लिए सूचना का स्रोत (Source of Information) DNA (डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल) है। DNA में आनुवंशिक कोड (Genetic Code) होता है, जो प्रोटीन के अमीनो अम्ल अनुक्रम को निर्धारित करता है। यह जानकारी प्रतिलिपि (Transcription) द्वारा mRNA में, और फिर अनुवाद (Translation) द्वारा राइबोसोम में प्रोटीन में परिवर्तित होती है। RNA मध्यवर्ती है, राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण का स्थल है, और गुणसूत्र DNA के वाहक हैं, परंतु स्रोत DNA ही है।
Quick Facts:
- राइबोसोम: प्रोटीन संश्लेषण का स्थल, सूचना का स्रोत नहीं, गलत है।
- DNA: प्रोटीन के लिए सूचना का स्रोत, यह सही है।
- गुणसूत्र: DNA के वाहक, स्वयं स्रोत नहीं, गलत है।
- RNA: मध्यवर्ती संदेशवाहक, स्रोत नहीं, गलत है।
बच्चे का लिंग कौन निर्धारित करता है?
- पिता का रक्त समूह
- पिता का शुक्राणु
- माता का रक्त समूह
- माता का अंडाणु
Explanation: मनुष्यों में, बच्चे का लिंग (Sex) पिता (Father) के शुक्राणु (Sperm) द्वारा निर्धारित होता है। माता का अंडाणु (Egg) हमेशा X गुणसूत्र वहन करता है, जबकि पिता का शुक्राणु X या Y गुणसूत्र वहन करता है। यदि X-युक्त शुक्राणु अंडाणु को निषेचित करता है → बच्ची (XX); यदि Y-युक्त शुक्राणु → बच्चा (XY)। रक्त समूह (Blood Group) का लिंग निर्धारण से कोई संबंध नहीं है।
Quick Facts:
- पिता का रक्त समूह: लिंग निर्धारण से असंबंधित, गलत है।
- पिता का शुक्राणु: लिंग निर्धारण में निर्णायक, यह सही है।
- माता का रक्त समूह: असंबंधित, गलत है।
- माता का अंडाणु: हमेशा X, लिंग निर्धारण नहीं, गलत है।
______ लिंग निर्धारण के लिए उत्तरदायी होते हैं।
- ऑटोसोम
- लिंग गुणसूत्र
- बहुप्रभावी जीन
- सहप्रभावी जीन
Explanation: लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosomes) (X और Y) किसी जीव के लिंग (Sex) के निर्धारण (Determination) के लिए उत्तरदायी होते हैं। मानव में, XX मादा और XY नर होता है। ऑटोसोम (Autosomes) शरीर के अन्य लक्षणों को नियंत्रित करते हैं, लिंग नहीं। बहुप्रभावी (Pleiotropic) और सहप्रभावी (Codominant) जीन अन्य आनुवंशिक घटनाएँ हैं, लिंग निर्धारण नहीं।
Quick Facts:
- ऑटोसोम: लिंग के अलावा अन्य गुण, लिंग निर्धारण नहीं, गलत है।
- लिंग गुणसूत्र: X और Y, लिंग निर्धारण के लिए, यह सही है।
- बहुप्रभावी जीन: एक जीन के अनेक प्रभाव, लिंग निर्धारण नहीं, गलत है।
- सहप्रभावी जीन: दो एलील की समान अभिव्यक्ति, लिंग निर्धारण नहीं, गलत है।
वह शब्द जो शारीरिक विशेषताओं को दर्शाता है-
- पर्यावरण द्वारा नियंत्रित
- जीनोटाइप
- मोनोटाइप
- फीनोटाइप
Explanation: फीनोटाइप (Phenotype) किसी जीव की बाहरी, दृश्यमान शारीरिक विशेषताओं (Physical Characteristics) को दर्शाता है, जैसे- ऊँचाई, रंग, आकार आदि। यह जीनोटाइप (Genotype) और पर्यावरण (Environment) की अंतःक्रिया से उत्पन्न होता है। जीनोटाइप आनुवंशिक संविधान है, जबकि मोनोटाइप (Monotype) एक अल्प प्रयुक्त शब्द है, और ‘पर्यावरण द्वारा नियंत्रित’ फीनोटाइप का एक कारक है, स्वयं फीनोटाइप नहीं।
Quick Facts:
- पर्यावरण द्वारा नियंत्रित: यह फीनोटाइप का एक कारक है, स्वयं नहीं, गलत है।
- जीनोटाइप: आनुवंशिक संविधान, शारीरिक विशेषता नहीं, गलत है।
- मोनोटाइप: यह एक शब्द है, परंतु फीनोटाइप का पर्याय नहीं, गलत है।
- फीनोटाइप: शारीरिक विशेषताएँ, यह सही है।
मेंडल के प्रयोग में, जब F1 पीढ़ी के पादप को स्वपरागित किया गया था, तब जीन प्ररूप का अनुपात क्या था?
- 1 : 2 : 3
- 1 : 2 : 1
- 2 : 2 : 1
- 3 : 1
Explanation: मेंडल के एकसंकर क्रॉस (Monohybrid Cross) में, जब F1 (Tt) पौधों को स्वपरागित (Self-pollinated) किया गया, तो F2 पीढ़ी में जीनोटाइपिक अनुपात (Genotypic Ratio) 1:2:1 (TT : Tt : tt) प्राप्त हुआ। फीनोटाइपिक अनुपात (Phenotypic Ratio) 3:1 (लंबा : बौना) था, लेकिन प्रश्न जीनोटाइपिक अनुपात के बारे में है, इसलिए 1:2:1 सही है। 1:2:3, 2:2:1, और 3:1 मेंडल के एकसंकर क्रॉस के जीनोटाइपिक अनुपात नहीं हैं।
Quick Facts:
- 1:2:3: यह मानक नहीं, गलत है।
- 1:2:1: एकसंकर क्रॉस का जीनोटाइपिक अनुपात, यह सही है।
- 2:2:1: यह मानक नहीं, गलत है।
- 3:1: यह फीनोटाइपिक अनुपात है, जीनोटाइपिक नहीं, गलत है।
मेंडल के स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम किस आधार पर था, जहाँ उन्होंने मटर के पौधों में कितने लक्षणों में अंतर लिया?
- दो
- एक
- तीन
- चार
Explanation: मेंडल का स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम (Law of Independent Assortment) दो (Two) लक्षणों (Traits) पर आधारित है, जिसे द्विसंकर क्रॉस (Dihybrid Cross) कहा जाता है। उन्होंने एक साथ दो लक्षणों (जैसे- बीज का रंग और बीज की आकृति) के वंशानुगत का अध्ययन किया। एक लक्षण पर एकसंकर क्रॉस (Monohybrid) पृथक्करण के नियम (Law of Segregation) के लिए था। तीन या चार लक्षण ट्राइहाइब्रिड या पॉलीहाइब्रिड क्रॉस होते, जो मेंडल ने अध्ययन नहीं किए।
Quick Facts:
- दो: द्विसंकर क्रॉस, स्वतंत्र अपव्यूहन का आधार, यह सही है।
- एक: एकसंकर क्रॉस, पृथक्करण के नियम के लिए, गलत है।
- तीन: ट्राइहाइब्रिड, मेंडल ने अध्ययन नहीं किया, गलत है।
- चार: पॉलीहाइब्रिड, मेंडल ने अध्ययन नहीं किया, गलत है।
जीन के विभिन्न रूपों को क्या कहा जाता है?
- गुणसूत्र
- एलील
- फीनोटाइप
- जीनोटाइप
Explanation: जीन के विभिन्न रूपों (Different Forms of a Gene) को एलील (Alleles) कहा जाता है। ये एक ही जीन के वैकल्पिक संस्करण हैं, जो एक विशिष्ट लक्षण के विभिन्न अभिव्यक्तियों को जन्म देते हैं। गुणसूत्र (Chromosomes) जीनों के वाहक हैं, फीनोटाइप (Phenotype) बाहरी लक्षण है, और जीनोटाइप (Genotype) आनुवंशिक संविधान है।
Quick Facts:
- गुणसूत्र: जीन के वाहक, विभिन्न रूप नहीं, गलत है।
- एलील: जीन के वैकल्पिक रूप, यह सही है।
- फीनोटाइप: बाहरी लक्षण, जीन का रूप नहीं, गलत है।
- जीनोटाइप: आनुवंशिक संविधान, रूप नहीं, गलत है।
______ वंशानुगत सामग्री का वहन करता है/करते हैं।
- बीजांड
- गुणसूत्र
- आरएनए
- राइबोसोम
Explanation: गुणसूत्र (Chromosomes) वंशानुगत सामग्री (Hereditary Material) का वहन करते हैं, क्योंकि ये DNA और प्रोटीन से बने होते हैं। DNA में आनुवंशिक जानकारी होती है। बीजांड (Ovule) प्रजनन अंग है, RNA आनुवंशिक जानकारी का मध्यवर्ती वाहक है, और राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण का स्थल है, ये स्वयं वंशानुगत सामग्री के वाहक नहीं हैं।
Quick Facts:
- बीजांड: प्रजनन कोशिका, वंशानुगत सामग्री रखता है, लेकिन वाहक गुणसूत्र हैं, गलत है।
- गुणसूत्र: DNA का वाहक, यह सही है।
- आरएनए: प्रोटीन संश्लेषण में मध्यवर्ती, वंशानुगत सामग्री नहीं, गलत है।
- राइबोसोम: RNA और प्रोटीन से बना, वंशानुगत सामग्री नहीं, गलत है।
एक अनिषेचित मानव अंडाणु में ________ होता है।
- XY गुणसूत्र
- एक Y गुणसूत्र
- एक X गुणसूत्र
- XX गुणसूत्र
Explanation: एक अनिषेचित (Unfertilized) मानव अंडाणु (Egg/Ovum) में एक X गुणसूत्र होता है। मानव मादा (Female) में XX गुणसूत्र होते हैं, और अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) के दौरान प्रत्येक अंडाणु को एक X गुणसूत्र मिलता है। XY पुरुष में होता है, XX निषेचित अंडाणु (मादा) में, और Y गुणसूत्र अंडाणु में नहीं होता (यह शुक्राणु में होता है)।
Quick Facts:
- XY: यह पुरुष युग्मज (Zygote) में होता है, अंडाणु में नहीं, गलत है।
- एक Y: अंडाणु में Y नहीं होता, गलत है।
- एक X: अंडाणु में एक X होता है, यह सही है।
- XX: यह निषेचित अंडाणु (मादा) में होता है, अनिषेचित में नहीं, गलत है।
आधुनिक आनुवंशिकी के ‘जनक’ के रूप में किसे जाना जाता है?
- रॉबर्ट ब्राउन
- रोज़ालिंड फ्रैंकलिन
- जेम्स वॉटसन
- ग्रेगर मेंडल
Explanation: ग्रेगर मेंडल (Gregor Mendel) को आधुनिक आनुवंशिकी (Modern Genetics) का जनक (Father) कहा जाता है। उन्होंने मटर के पौधों पर प्रयोग करके वंशागति के मूलभूत नियम (प्रभाविता, पृथक्करण, स्वतंत्र अपव्यूहन) प्रतिपादित किए। रॉबर्ट ब्राउन ने नाभिक की खोज की, रोज़ालिंड फ्रैंकलिन ने DNA की X-रे क्रिस्टलोग्राफी की, और जेम्स वॉटसन ने DNA की द्विकुंडली संरचना की खोज में योगदान दिया।
Quick Facts:
- रॉबर्ट ब्राउन: नाभिक की खोज, आनुवंशिकी के जनक नहीं, गलत है।
- रोज़ालिंड फ्रैंकलिन: DNA संरचना अध्ययन, जनक नहीं, गलत है।
- जेम्स वॉटसन: DNA द्विकुंडली मॉडल, जनक नहीं, गलत है।
- ग्रेगर मेंडल: आनुवंशिकी के जनक, यह सही है।
प्रोटीन संश्लेषण में मुख्य घटना ____ का निर्माण है।
- DNA प्रति
- RNA प्रति
- mRNA कॉपी
- DNA और RNA प्रति
Explanation: प्रोटीन संश्लेषण (Protein Synthesis) की मुख्य घटना mRNA (messenger RNA) कॉपी (Copy) का निर्माण है, जो प्रतिलिपि (Transcription) के दौरान DNA से बनती है। यह mRNA फिर राइबोसोम में जाकर अनुवाद (Translation) द्वारा प्रोटीन बनाती है। DNA प्रतिकृति (Replication) DNA की प्रतिलिपि बनाना है, RNA प्रति प्रतिलिपि है (लेकिन mRNA विशिष्ट है), और DNA+RNA प्रति सही नहीं है।
Quick Facts:
- DNA प्रति: प्रतिकृति (Replication), प्रोटीन संश्लेषण नहीं, गलत है।
- RNA प्रति: प्रतिलिपि (Transcription), परंतु mRNA विशिष्ट है, गलत है।
- mRNA कॉपी: प्रोटीन संश्लेषण के लिए आवश्यक, यह सही है।
- DNA और RNA प्रति: दोनों नहीं, केवल mRNA, गलत है।
मानव कोशिकाओं के नाभिक में ________ गुणसूत्र पाए जाते हैं?
- 23 गुणसूत्र
- 100 गुणसूत्र
- 46 जोड़ी गुणसूत्र
- 23 जोड़ी गुणसूत्र
Explanation: मानव कोशिकाओं (दैहिक – Somatic) के नाभिक (Nucleus) में 23 जोड़े (23 Pairs) गुणसूत्र होते हैं, जो कुल 46 गुणसूत्र बनाते हैं। इनमें 22 जोड़े ऑटोसोम (Autosomes) और 1 जोड़ा लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosomes) (XX या XY) होते हैं। 23 गुणसूत्र युग्मकों (Gametes – अंडाणु/शुक्राणु) में होते हैं (हैप्लॉइड – Haploid), 46 जोड़े (92) गलत है, और 100 गुणसूत्र मानव में नहीं होते।
Quick Facts:
- 23 गुणसूत्र: युग्मकों (Gametes) में, दैहिक में नहीं, गलत है।
- 100 गुणसूत्र: मानव में नहीं, गलत है।
- 46 जोड़ी: 92 गुणसूत्र, मानव में नहीं, गलत है।
- 23 जोड़ी: मानव दैहिक कोशिकाओं में, यह सही है।
RNA का अर्थ क्या है?
- राइबो न्यूक्लिक अम्ल
- राइबो न्यूक्लियर अम्ल
- रेटिनल न्यूक्लिक अम्ल
- रॉबर्ट न्यूक्लियर अम्ल
Explanation: RNA का पूरा नाम राइबो न्यूक्लिक अम्ल (Ribonucleic Acid) है। यह एक न्यूक्लिक अम्ल है जो प्रोटीन संश्लेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसमें राइबोस शर्करा (Ribose Sugar) होती है, जो DNA (डीऑक्सीराइबोस) से भिन्न है। ‘राइबो न्यूक्लियर’, ‘रेटिनल न्यूक्लिक’ और ‘रॉबर्ट न्यूक्लियर’ गलत शब्द हैं।
Quick Facts:
- राइबो न्यूक्लिक अम्ल: RNA का सही पूरा नाम, यह सही है।
- राइबो न्यूक्लियर अम्ल: गलत वर्तनी/नाम, गलत है।
- रेटिनल न्यूक्लिक अम्ल: असंबंधित, गलत है।
- रॉबर्ट न्यूक्लियर अम्ल: असंबंधित, गलत है।
प्रजनन की प्रक्रिया के दौरान उत्पादित DNA प्रतिलिपिकरण के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
- DNA प्रतिलिपिकरण पूर्णतः त्रुटि-रहित प्रक्रिया है।
- प्रजनन के लिए DNA की प्रतिलिपि बनना एक पूर्वापेक्षा है।
- उत्पन्न DNA प्रतिलिपियां समान होती हैं लेकिन समरूप नहीं होती हैं।
- DNA प्रतिलिपियां एकल-रज्जुक होती हैं।
Explanation: DNA प्रतिलिपिकरण (Replication) पूर्णतः त्रुटि-रहित (Error-free) नहीं होती है; इसमें कभी-कभी मामूली त्रुटियाँ (Mutations) होती हैं, जो आनुवंशिक विविधता का कारण हैं। यह कथन गलत है। अन्य कथन सही हैं: प्रजनन के लिए DNA प्रतिलिपि आवश्यक है, उत्पन्न प्रतिलिपियाँ समान होती हैं (लेकिन पूर्णतः समरूप नहीं), और DNA प्रतिलिपियाँ एकल-रज्जुक (Single-stranded) होती हैं (दो स्ट्रैंड्स अलग होकर प्रतिलिपि बनाते हैं, प्रत्येक नई द्विकुंडली का एक स्ट्रैंड होता है)।
Quick Facts:
- पूर्णतः त्रुटि-रहित: यह गलत है, त्रुटियाँ होती हैं, यही उत्तर है।
- प्रजनन के लिए पूर्वापेक्षा: सही, DNA प्रतिलिपि आवश्यक है।
- समान लेकिन समरूप नहीं: सही, मामूली भिन्नताएँ होती हैं।
- एकल-रज्जुक: सही, प्रतिलिपि में एकल स्ट्रैंड टेम्पलेट होता है।
एकसंकर क्रॉस दो पौधों को एक विशेष के _____ विभिन्न संयोजनों के साथ संयोजित करता है।
- चार
- छह
- दो
- आठ
Explanation: एकसंकर क्रॉस (Monohybrid Cross) दो पौधों को एक विशेष लक्षण (जीन) के दो (Two) विभिन्न संयोजनों (जैसे- TT × tt या Tt × Tt) के साथ संयोजित करता है। इसमें केवल एक जीन (एक लक्षण) का अध्ययन किया जाता है, जिसके दो एलील (T और t) होते हैं, इसलिए संयोजनों की संख्या दो होती है। चार, छह, और आठ द्विसंकर या बहुसंकर क्रॉस में हो सकते हैं, एकसंकर में नहीं।
Quick Facts:
- चार: द्विसंकर या अन्य, एकसंकर में नहीं, गलत है।
- छह: एकसंकर में नहीं, गलत है।
- दो: एकसंकर में दो एलील, यह सही है।
- आठ: बहुसंकर, एकसंकर नहीं, गलत है।
DNA अणु, कोशिका के शेष भाग से संचार (communicate) करने के लिए जिस मध्यवर्ती का उपयोग करता है, वह निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- miRNA
- tRNA
- mRNA
- rRNA
Explanation: DNA अणु, कोशिका के शेष भाग (साइटोप्लाज्म और राइबोसोम) से संचार (Communicate) करने के लिए mRNA (messenger RNA) का उपयोग करता है। DNA में आनुवंशिक जानकारी mRNA में प्रतिलिपित (Transcribed) होती है, और यह mRNA राइबोसोम तक संदेश (Message) पहुँचाता है, जहाँ प्रोटीन संश्लेषण होता है। tRNA अमीनो अम्ल लाता है, rRNA राइबोसोम का भाग है, और miRNA (microRNA) जीन अभिव्यक्ति को विनियमित करता है।
Quick Facts:
- miRNA: जीन अभिव्यक्ति नियमन, मुख्य संचार माध्यम नहीं, गलत है।
- tRNA: अमीनो अम्ल वाहक, संचार माध्यम नहीं, गलत है।
- mRNA: DNA से संदेश वाहक, यह सही है।
- rRNA: राइबोसोमल RNA, संरचनात्मक, संचार नहीं, गलत है।
ब्यूटेन (C₄H₁₀) दो अलग-अलग रूपों में पाया जाता है: एक सीधी श्रृंखला वाला और दूसरा शाखित श्रृंखला वाला। इस परिघटना को क्या कहते हैं?
- समावयवता
- श्रृंखलन
- बहुलकीकरण
- ऊर्ध्वपातन
Explanation: एक ही आण्विक सूत्र (Molecular Formula) वाले, लेकिन भिन्न संरचनात्मक व्यवस्था (Structural Arrangement) वाले यौगिकों की परिघटना को समावयवता (Isomerism) कहते हैं। ब्यूटेन (C₄H₁₀) के दो समावयव (Isomers) हैं: n-ब्यूटेन (सीधी श्रृंखला) और आइसोब्यूटेन (शाखित श्रृंखला)। श्रृंखलन (Catenation) कार्बन की श्रृंखला बनाने की क्षमता है, बहुलकीकरण (Polymerization) बड़े अणु बनाना है, और ऊर्ध्वपातन (Sublimation) ठोस से गैस में सीधा परिवर्तन है।
Quick Facts:
- समावयवता: एक सूत्र, विभिन्न संरचनाएँ, यह सही है।
- श्रृंखलन: कार्बन की श्रृंखला बनाने की क्षमता, परिघटना नहीं, गलत है।
- बहुलकीकरण: छोटे अणुओं से बड़े अणु, गलत है।
- ऊर्ध्वपातन: अवस्था परिवर्तन, गलत है।
बिल्ली में गुणसूत्रों की संख्या होती है
- 12 युग्म
- 19 युग्म
- 14 युग्म
- 23 युग्म
Explanation: बिल्ली (Cat – Felis catus) में गुणसूत्रों (Chromosomes) की संख्या 19 जोड़े (19 Pairs) होती है, जो कुल 38 गुणसूत्र होते हैं। यह एक सामान्य स्तनधारी (Mammalian) गुणसूत्र संख्या है। 12, 14, और 23 जोड़े अन्य प्रजातियों में पाए जाते हैं (जैसे- 23 जोड़े मानव में, 39 जोड़े कुत्ते में, 20 जोड़े मुर्गी में)।
Quick Facts:
- 12 युग्म: फल मक्खी (Drosophila) में 4 जोड़े, बिल्ली में नहीं, गलत है।
- 19 युग्म: बिल्ली में 19 जोड़े (38 कुल), यह सही है।
- 14 युग्म: कुछ जीवों में, बिल्ली में नहीं, गलत है।
- 23 युग्म: मानव में, बिल्ली में नहीं, गलत है।
