SCIENCE

NAD+ जैसे एंजाइम सहकारक मुख्य रूप से किस प्रकार कार्य करते हैं?

  • एंजाइम की समग्र सांद्रता में वृद्धि करके
  • प्रतिस्पर्धी अवरोधकों के लिए एक बंधन स्थल प्रदान करके
  • एंजाइम के स्थायी संरचनात्मक घटक के रूप में कार्य करके
  • संक्रमण अवस्था को स्थिर करके सक्रियण ऊर्जा को कम करके

Explanation:

  • NAD+ (Nicotinamide Adenine Dinucleotide) जैसे एंजाइम सहकारक (coenzymes) संक्रमण अवस्था (transition state) को स्थिर करके सक्रियण ऊर्जा (activation energy) को कम करते हैं।
  • सहकारक एंजाइम की सहायता करते हैं, परंतु एंजाइम का हिस्सा नहीं होते।
  • NAD+ एक इलेक्ट्रॉन वाहक (electron carrier) है जो ऑक्सीडोरिडक्टेस (oxidoreductases) एंजाइमों में हाइड्रोजन का स्थानांतरण करता है।
  • यह प्रोस्टेटिक समूह (prosthetic group) नहीं है, बल्कि एक सह-सब्सट्रेट (co-substrate) है।

निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ जैविक आवर्धन दर्शाता है?

  • रासायनिक कीटनाशक
  • अम्लीय धुएँ
  • कार्बन कालिख जमाव
  • ग्रीनहाउस गैसें

Explanation:

  • रासायनिक कीटनाशक (Chemical pesticides) जैविक आवर्धन (Biomagnification) दर्शाते हैं।
  • जैविक आवर्धन वह प्रक्रिया है जिसमें विषाक्त पदार्थ (toxic substances) खाद्य श्रृंखला में एक पोषी स्तर से दूसरे में बढ़ते जाते हैं।
  • उदाहरण: DDT, मर्करी (Mercury), PCB आदि।
  • शीर्ष परभक्षियों (top predators) में विषाक्त पदार्थों की सांद्रता सबसे अधिक होती है।

मधुमक्खी शहद का उत्पादन करती है। इसलिए, मधुमक्खी एक ______ है।

  • द्वितीयक उपभोक्ता
  • प्राथमिक उपभोक्ता
  • उत्पादक
  • अपघटक

Explanation:

  • मधुमक्खी प्राथमिक उपभोक्ता (Primary Consumer) है क्योंकि यह पौधों से पराग (pollen) और अमृत (nectar) ग्रहण करती है।
  • यह शाकाहारी (herbivore) है, जो उत्पादकों (producers) पर निर्भर करता है।
  • मधुमक्खी शहद का उत्पादन (produce) करती है, परंतु वह उत्पादक (producer) नहीं है क्योंकि यह प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) नहीं करती।
  • खाद्य श्रृंखला: पौधे (उत्पादक) → मधुमक्खी (प्राथमिक उपभोक्ता)

कार्बनिक पदार्थों के अपघटन द्वारा पृथ्वी की सतह के नीचे बने ईंधन को _______ ईंधन कहा जाता है।

  • चारकोल
  • जीवाश्म
  • बायोमास
  • लकड़ी

Explanation:

  • कार्बनिक पदार्थों के अपघटन (decomposition) द्वारा पृथ्वी की सतह के नीचे बने ईंधन को जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) कहा जाता है।
  • जीवाश्म ईंधन के उदाहरण: कोयला (Coal), पेट्रोलियम (Petroleum), प्राकृतिक गैस (Natural Gas)
  • ये लाखों वर्षों में उच्च तापमान और दाब के तहत बनते हैं।
  • ये गैर-नवीकरणीय (non-renewable) ऊर्जा स्रोत हैं।

वर्गीकरण विज्ञान का जनक किसे माना जाता है?

  • डार्विन
  • आइंस्टाइन
  • मैंडलब्रॉट
  • लीनियस

Explanation:

  • कार्ल लीनियस (Carl Linnaeus) को “वर्गीकरण विज्ञान का जनक” (Father of Taxonomy) माना जाता है।
  • उन्होंने द्विपद नामकरण (Binomial Nomenclature) प्रणाली दी।
  • उनकी पुस्तक “Systema Naturae” (1735) वर्गीकरण का आधार है।
  • अन्य वैज्ञानिक:
    • डार्विन – विकासवाद का सिद्धांत
    • मैंडलब्रॉट – फ्रैक्टल ज्यामिति

सामान्यतः किस पोषी स्तर पर जीवों की संख्या सबसे कम होती है?

  • द्वितीयक उपभोक्ता
  • तृतीयक उपभोक्ता
  • उत्पादक
  • प्राथमिक उपभोक्ता

Explanation:

  • तृतीयक उपभोक्ता (Tertiary Consumers) स्तर पर जीवों की संख्या सबसे कम (least) होती है।
  • यह ऊर्जा पिरामिड (Energy Pyramid) का नियम है – ऊर्जा 10% नियम के अनुसार, एक पोषी स्तर से अगले में केवल 10% ऊर्जा स्थानांतरित होती है।
  • जीवों की संख्या का क्रम: उत्पादक > प्राथमिक > द्वितीयक > तृतीयक
  • शीर्ष परभक्षी (Top Predators) की संख्या सबसे कम होती है।

मानव में, _______ का कंपन ध्वनि पैदा करता है।

  • ट्रैकियल कॉर्ड
  • वोकल कॉर्ड
  • बक्कल कैविटी
  • फैरिन्क्स

Explanation:

  • मानव में वोकल कॉर्ड (Vocal Cords) का कंपन ध्वनि (sound) पैदा करता है।
  • वोकल कॉर्ड स्वरयंत्र (Larynx) में स्थित होते हैं, जिसे एडम्स एप्पल (Adam’s apple) भी कहा जाता है।
  • ये दो पेशीय रज्जु (muscular folds) होते हैं जो हवा के गुजरने पर कंपन करते हैं।
  • अन्य भाग:
    • ट्रैकियल कॉर्ड – अस्तित्वहीन (श्वासनली में नहीं)
    • बक्कल कैविटी – मुख गुहा (ध्वनि उत्पादन में सहायक नहीं)
    • फैरिन्क्स – ग्रसनी (गूंज उत्पन्न करती है)

कार्ल लीनियस को किस रूप में जाना जाता है?

  • वर्गिकी के जनक
  • पादप जगत के जनक
  • परमाणु के जनक
  • प्राणी विज्ञान के जनक

Explanation:

  • कार्ल लीनियस (Carl Linnaeus) को “वर्गिकी के जनक” (Father of Taxonomy) के रूप में जाना जाता है।
  • उन्होंने द्विपद नामकरण (Binomial Nomenclature) प्रणाली विकसित की।
  • उन्होंने मनुष्य को Homo sapiens नाम दिया।
  • अन्य वैज्ञानिक:
    • प्राणी विज्ञान के जनक – अरस्तू (Aristotle)
    • परमाणु के जनक – डेमोक्रिटस (Democritus) / जॉन डाल्टन (John Dalton)

निम्नलिखित में से कौन सा पारिस्थितिकी तंत्र का जैविक घटक नहीं है?

  • मेंढक
  • फूल
  • कीड़ा
  • मिट्टी

Explanation:

  • मिट्टी (Soil) पारिस्थितिकी तंत्र का जैविक घटक (biotic component) नहीं है।
  • यह एक अजैविक घटक (abiotic component) है।
  • पारिस्थितिकी तंत्र के घटक:
    • जैविक (Biotic) – उत्पादक, उपभोक्ता, अपघटक (सभी जीवित जीव)
    • अजैविक (Abiotic) – प्रकाश, तापमान, जल, मिट्टी, हवा, खनिज

निम्नलिखित में से कौन-सा गैर-जैवनिम्नीकरणीय है?

  • कपास
  • ऊन
  • कॉफी पाउडर
  • नायलॉन

Explanation:

  • नायलॉन (Nylon) गैर-जैवनिम्नीकरणीय (non-biodegradable) पदार्थ है।
  • यह एक सिंथेटिक पॉलिमर (synthetic polymer) है जो सूक्ष्मजीवों (microorganisms) द्वारा नहीं तोड़ा जा सकता।
  • जैवनिम्नीकरणीय पदार्थ:
    • कपास (Cotton) – प्राकृतिक रेशा
    • ऊन (Wool) – प्राकृतिक रेशा
    • कॉफी पाउडर (Coffee powder) – जैविक पदार्थ
  • गैर-जैवनिम्नीकरणीय पदार्थ प्रदूषण का कारण बनते हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सा पोषण स्तर, तृतीयक उपभोक्ताओं द्वारा आच्छादित है?

  • पहला पोषण स्तर
  • तीसरा पोषण स्तर
  • दूसरा पोषण स्तर
  • चौथा पोषण स्तर

Explanation:

  • तृतीयक उपभोक्ता (Tertiary Consumers) चौथे पोषण स्तर (4th Trophic Level) द्वारा आच्छादित होते हैं।
  • पोषण स्तर (Trophic Levels):
    1. प्रथम स्तर – उत्पादक (पौधे)
    2. द्वितीय स्तर – प्राथमिक उपभोक्ता (शाकाहारी)
    3. तृतीय स्तर – द्वितीयक उपभोक्ता (मांसाहारी)
    4. चतुर्थ स्तर – तृतीयक उपभोक्ता (शीर्ष परभक्षी)
  • खाद्य श्रृंखला: घास (T1) → गाय (T2) → शेर (T3) → गिद्ध (T4)

निम्नलिखित में से कौन सी ग्रीनहाउस गैस का उदाहरण है?

  • फॉस्फोरस पेंटोक्साइड
  • कार्बन मोनोऑक्साइड
  • कार्बन डाइऑक्साइड
  • सल्फर डाइऑक्साइड

Explanation:

  • कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) एक ग्रीनहाउस गैस (Greenhouse Gas) का उदाहरण है।
  • ग्रीनहाउस गैसें पृथ्वी से निकलने वाली ऊष्मा को अवशोषित करती हैं और ग्रीनहाउस प्रभाव (Greenhouse Effect) उत्पन्न करती हैं।
  • मुख्य ग्रीनहाउस गैसें:
    1. CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड)
    2. CH₄ (मीथेन)
    3. N₂O (नाइट्रस ऑक्साइड)
    4. CFCs (क्लोरोफ्लोरोकार्बन)
    5. जल वाष्प
  • CO (कार्बन मोनोऑक्साइड) ग्रीनहाउस गैस नहीं है (हालाँकि यह प्रदूषक है)।

निम्नलिखित में से कौन-सा घटक पारिस्थितिकी तंत्र का जैविक घटक नहीं है?

  • मेंढक
  • फूल
  • मृदा
  • कीट

Explanation:

  • मृदा (Soil) पारिस्थितिकी तंत्र का जैविक घटक (biotic component) नहीं है।
  • यह एक अजैविक घटक (abiotic component) है।
  • जैविक घटक:
    • मेंढक – उपभोक्ता
    • फूल – उत्पादक
    • कीट – उपभोक्ता
  • अजैविक घटक: प्रकाश, तापमान, मृदा, जल, हवा

स्थलीय खाद्य श्रृंखलाओं में पोषण स्तरों की संख्या आमतौर पर 4-5 तक ही सीमित क्यों होती है?

  • पौधे कम ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं।
  • उच्च पोषण स्तरों पर उपलब्ध ऊर्जा कम होती जाती है।
  • अपघटक सभी ऊर्जा का पुनर्चक्रण करते हैं।
  • शीर्ष परभक्षी कम खाते हैं

Explanation:

  • स्थलीय खाद्य श्रृंखलाओं में पोषण स्तरों की संख्या 4-5 तक सीमित होती है क्योंकि उच्च पोषण स्तरों पर उपलब्ध ऊर्जा कम होती जाती है
  • यह ऊर्जा पिरामिड (Energy Pyramid) और 10% ऊर्जा नियम (10% Law) के कारण है।
  • लिंडमैन का 10% नियम – एक पोषी स्तर से अगले में केवल 10% ऊर्जा स्थानांतरित होती है।
  • इसलिए 5वें स्तर पर ऊर्जा इतनी कम हो जाती है कि कोई और जीव जीवित नहीं रह सकता।

उद्यान एक पारिस्थितिकी तंत्र है क्योंकि:

  • इसमें पौधे, पेड़ और कीड़े, मेंढक, पक्षी आदि जैसे जानवर जैविक घटक के रूप में हैं।
  • इसमें रहने वाले जीव एक-दूसरे के साथ अंतःक्रिया करते हैं और अजैविक घटकों से प्रभावित नहीं होते हैं।
  • इसमें रहने वाले जीव एक-दूसरे के साथ अंतःक्रिया करते हैं और अजैविक घटकों से प्रभावित होते हैं।
  • इसमें केवल जैविक घटक जैसे पौधे, पेड़ और फूल हैं।

Explanation:

  • उद्यान (Garden) एक पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) है क्योंकि इसमें रहने वाले जीव एक-दूसरे के साथ अंतःक्रिया करते हैं और अजैविक घटकों से प्रभावित होते हैं
  • पारिस्थितिकी तंत्र की परिभाषा: जैविक (biotic) और अजैविक (abiotic) घटकों के बीच अंतःक्रिया (interaction)
  • जैविक घटक: पौधे, जानवर, सूक्ष्मजीव
  • अजैविक घटक: प्रकाश, तापमान, मिट्टी, जल

अजैवनिम्नीकरणीय से क्या अभिप्राय है?

  • वे पदार्थ जो जैविक प्रक्रियाओं द्वारा विघटित होते हैं
  • वे पदार्थ जो जैविक प्रक्रियाओं द्वारा विघटित नहीं होते हैं
  • वे पदार्थ जो जैव रासायनिक अभिक्रियाओं द्वारा विघटित होते हैं।
  • वे पदार्थ जो रासायनिक प्रक्रियाओं द्वारा विघटित नहीं होते हैं

Explanation:

  • अजैवनिम्नीकरणीय (Non-biodegradable) का अर्थ है वे पदार्थ जो जैविक प्रक्रियाओं (biological processes) द्वारा विघटित नहीं (not decomposed) होते हैं।
  • ये पदार्थ सूक्ष्मजीवों (microorganisms) द्वारा नहीं तोड़े जा सकते।
  • उदाहरण: प्लास्टिक, नायलॉन, डीडीटी, PVC, सिंथेटिक रबर
  • जैवनिम्नीकरणीय पदार्थ: कागज, भोजन के अवशेष, कपास, ऊन, लकड़ी
  • अजैवनिम्नीकरणीय पदार्थ प्रदूषण और पारिस्थितिकीय असंतुलन का कारण बनते हैं।

मनुष्य की आवाज़ _____ के द्वारा वाकतंतु से उत्पादित होती है।

  • स्थानांतरण
  • हलचल
  • कम्पन
  • गति

Explanation:

  • मनुष्य की आवाज़ कम्पन (Vibration) के द्वारा वाकतंतु (Vocal Cords) से उत्पादित होती है।
  • वाकतंतु स्वरयंत्र (Larynx) में स्थित होते हैं।
  • जब हवा स्वरयंत्र से होकर गुजरती है, तो वाकतंतु कंपन करते हैं और ध्वनि उत्पन्न होती है।
  • ध्वनि की तीव्रता (pitch) वाकतंतु के तनाव (tension) पर निर्भर करती है।

निम्नलिखित में से किस तत्व के लिए, चिह्न में केवल एक अक्षर होता है?

  • कैल्शियम
  • क्लोरीन
  • कार्बन
  • ताँबा

Explanation:

  • कार्बन (Carbon) का रासायनिक चिह्न C है, जिसमें केवल एक अक्षर है।
  • अन्य तत्वों के चिह्न:
    • कैल्शियम (Calcium) – Ca (2 अक्षर)
    • क्लोरीन (Chlorine) – Cl (2 अक्षर)
    • ताँबा (Copper) – Cu (2 अक्षर) [लैटिन: Cuprum]
  • एक अक्षर वाले अन्य चिह्न: H (हाइड्रोजन), O (ऑक्सीजन), N (नाइट्रोजन), S (सल्फर), P (फास्फोरस), K (पोटैशियम), F (फ्लोरीन), I (आयोडीन), U (यूरेनियम), V (वैनेडियम), W (टंगस्टन)

निम्नलिखित में से कौन मानव उत्सर्जन तंत्र का हिस्सा नहीं है?

  • मूत्रमार्ग
  • मूत्राशय
  • श्वसनिका
  • मूत्रवाहिनी

Explanation:

  • श्वसनिका (Trachea) मानव उत्सर्जन तंत्र (excretory system) का हिस्सा नहीं है।
  • यह श्वसन तंत्र (respiratory system) का हिस्सा है।
  • उत्सर्जन तंत्र के अंग:
    • वृक्क (Kidney) – युग्म
    • मूत्रवाहिनी (Ureter) – युग्म
    • मूत्राशय (Urinary Bladder) – अयुग्म
    • मूत्रमार्ग (Urethra) – अयुग्म

निम्नलिखित में से कौन सा सतत विकास के लिए आवश्यक 5 R का हिस्सा नहीं है?

  • पुनरुद्धवन (रिजेनरेशन)
  • पुनः प्रयोजन (रीपर्पस)
  • पुनः चक्रण (रीसाइकिल)
  • अस्वीकार करना (रीप्यूज)

Explanation:

  • पुनरुद्धवन/रिजेनरेशन (Regeneration) 5 R (5 R’s) का हिस्सा नहीं है।
  • सतत विकास के लिए 5 R:
    1. Refuse (अस्वीकार करना) – अनावश्यक वस्तुओं को नकारना
    2. Reduce (कम करना) – उपयोग कम करना
    3. Reuse (पुनः उपयोग) – वस्तुओं का पुनः उपयोग
    4. Repurpose (पुनः प्रयोजन) – नए उद्देश्य से उपयोग
    5. Recycle (पुनः चक्रण) – पुनर्चक्रण
  • Regeneration जीव विज्ञान की प्रक्रिया है, 5 R का हिस्सा नहीं।

जैविक आवर्धन द्वारा पीड़कनाशियों की अधिकतम सांद्रता किस पोषण स्तर में पाई जाती है?

  • तृतीयक उपभोक्ता (Tertiary Consumer)
  • द्वितीयक उपभोक्ता (Secondary Consumer)
  • प्राथमिक उपभोक्ता (Primary Consumer)
  • उत्पादक (Producer)

Explanation:

  • जैविक आवर्धन (Biomagnification) द्वारा पीड़कनाशियों की अधिकतम सांद्रता (maximum concentration) तृतीयक उपभोक्ता (Tertiary Consumer) में पाई जाती है।
  • जैविक आवर्धन में विषाक्त पदार्थ खाद्य श्रृंखला के शीर्ष पर सबसे अधिक होते हैं।
  • सांद्रता का क्रम: उत्पादक < प्राथमिक उपभोक्ता < द्वितीयक उपभोक्ता < तृतीयक उपभोक्ता
  • उदाहरण: DDT मछलियों में और फिर उन्हें खाने वाले पक्षियों में अधिक मात्रा में पाया जाता है।

खाद्य शृंखलाएं सामान्यतः चार पोषण स्तरों से आगे क्यों नहीं बढ़ती हैं?

  • क्योंकि मांसाहारी केवल उत्पादकों को ही खाते हैं।
  • क्योंकि अपघटकों की संख्या उपभोक्ताओं से अधिक होती है।
  • क्योंकि उत्पादकों की संख्या सीमित होती है।
  • क्योंकि प्रत्येक स्तर पर ऊर्जा की अधिक हानि होती है।

Explanation:

  • खाद्य शृंखलाएँ सामान्यतः 4 पोषण स्तरों से आगे नहीं बढ़ती हैं क्योंकि प्रत्येक स्तर पर ऊर्जा की अधिक हानि (energy loss) होती है।
  • 10% ऊर्जा नियम (10% Law) – लिंडमैन: एक पोषी स्तर से अगले में केवल 10% ऊर्जा स्थानांतरित होती है।
  • इसलिए 5वें स्तर पर ऊर्जा इतनी कम हो जाती है कि कोई और जीव जीवित नहीं रह सकता।

वे पदार्थ जो बैक्टीरिया या सैप्रोफाइट्स की क्रिया द्वारा विघटित नहीं हुए हैं, लेकिन भौतिक प्रक्रियाओं द्वारा किसी तरह से विघटित हो गए हैं, उन्हें कहा जाता है।

  • क्षयमान
  • अजैविनम्नीकरणीय
  • विभाज्य
  • जैव निम्नीकरणीय

Explanation:

  • वे पदार्थ जो बैक्टीरिया या सैप्रोफाइट्स (saprophytes) की क्रिया द्वारा विघटित नहीं होते, उन्हें अजैवनिम्नीकरणीय (Non-biodegradable) कहा जाता है।
  • ये पदार्थ सूक्ष्मजीवों द्वारा नहीं तोड़े जा सकते।
  • उदाहरण: प्लास्टिक, नायलॉन, पॉलीथीन, काँच
  • ये वातावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं और प्रदूषण का कारण बनते हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सा खट्टेकर द्वारा प्रस्तावित 5-जगत वर्गीकरण का भाग नहीं है?

  • एनिमेलिया
  • प्रोटिस्टा
  • फंगी
  • प्रोटोजोआ

Explanation:

  • प्रोटोजोआ (Protozoa) खट्टेकर (R.H. Whittaker) द्वारा प्रस्तावित 5-जगत वर्गीकरण (Five Kingdom Classification) का हिस्सा नहीं है।
  • खट्टेकर (1969) के 5 जगत:
    1. मोनेरा (Monera) – जीवाणु
    2. प्रोटिस्टा (Protista) – एककोशिकीय यूकेरियोट्स
    3. फंगी (Fungi) – कवक
    4. प्लांटी (Plantae) – पौधे
    5. एनिमेलिया (Animalia) – जानवर
  • प्रोटोजोआ प्रोटिस्टा जगत के अंतर्गत आता है।

निम्नलिखित का मिलान कीजिए: i. लाल पत्तागोभी के पत्ते a. प्राण सूचक ii. मिथाइल औरज b. अम्ल-क्षारक सूचक iii. प्याज, लौंग c. प्राकृतिक अम्ल-क्षारक सूचक

  • (i) – (c), (ii) – (a), (iii) – (b)
  • (i) – (a), (ii) – (c), (iii) – (b)
  • (i) – (a), (ii) – (b), (iii) – (c)
  • (i) – (c), (ii) – (b), (iii) – (a)

Explanation:

  • सही मिलान:
    • (i) लाल पत्तागोभी के पत्ते – (c) प्राकृतिक अम्ल-क्षारक सूचक
    • (ii) मिथाइल औरज – (a) प्राण सूचक
    • (iii) प्याज, लौंग – (b) अम्ल-क्षारक सूचक
  • प्राकृतिक सूचक – पौधों से प्राप्त (लाल पत्तागोभी, हल्दी, चाय)
  • प्राण सूचक (Olfactory Indicator) – गंध से pH बताता है (मिथाइल औरज, प्याज, लौंग, वेनिला)
  • अम्ल-क्षारक सूचक (Acid-Base Indicator) – रंग परिवर्तन से pH बताता है (लिटमस, फिनोल्फथेलिन)

निम्नलिखित में से कौन सा समूह सभी जैव निम्नीकरणीय पदार्थों को शामिल करता है?

  • फूल, लकड़ी, बैटरियाँ
  • सब्जी का छिलका, लकड़ी, रबर
  • घास, प्लास्टिक, फूल
  • घास, लकड़ी, संतरे के छिलके

Explanation:

  • जैव निम्नीकरणीय (Biodegradable) पदार्थों का सही समूह: घास (Grass), लकड़ी (Wood), संतरे के छिलके (Orange peels)
  • ये सभी सूक्ष्मजीवों द्वारा विघटित (decomposed) हो सकते हैं।
  • अन्य विकल्पों में गैर-जैवनिम्नीकरणीय पदार्थ शामिल हैं:
    • बैटरियाँ – भारी धातुएँ
    • रबर – सिंथेटिक रबर (कुछ प्रकार)
    • प्लास्टिक – गैर-जैवनिम्नीकरणीय

अभिप्रेरण के मनोविज्ञान में, संतुलन सिद्धांत अभिवृत्ति परिवर्तन का एक सिद्धांत है, जिसे ______ द्वारा प्रस्तावित किया गया है।

  • जॉन ए. लिस्ट
  • फ्रिट्ज हाइडर
  • मिल्टन फ्राइडमैन
  • एडम स्मिथ

Explanation:

  • संतुलन सिद्धांत (Balance Theory) फ्रिट्ज हाइडर (Fritz Heider) द्वारा प्रस्तावित किया गया था।
  • यह अभिवृत्ति परिवर्तन (attitude change) का एक सिद्धांत है।
  • यह संज्ञानात्मक संतुलन (cognitive balance) पर आधारित है।
  • अन्य मनोवैज्ञानिक:
    • मिल्टन फ्राइडमैन – अर्थशास्त्री (मुद्रावाद)
    • एडम स्मिथ – अर्थशास्त्र के जनक
    • जॉन ए. लिस्ट – अर्थशास्त्री

तालाब पारितंत्र में, पादपलवक को हटा देने पर सबसे प्रत्यक्ष रूप से ______ प्रभावित होगा।

  • केवल अपघटक
  • अजैविक घटक
  • प्राथमिक उपभोक्ता जैसे प्राणिप्लवक
  • द्वितीयक उपभोक्ता जैसे मछली खाने वाले पक्षी

Explanation:

  • तालाब पारितंत्र (pond ecosystem) में पादपलवक (Phytoplankton) को हटा देने पर प्राथमिक उपभोक्ता (Primary Consumers) जैसे प्राणिप्लवक (Zooplankton) सबसे प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगे।
  • खाद्य श्रृंखला: पादपलवक (उत्पादक) → प्राणिप्लवक (प्राथमिक उपभोक्ता) → मछली (द्वितीयक) → पक्षी (तृतीयक)
  • पादपलवक के हटने से प्राणिप्लवक को भोजन नहीं मिलेगा और वे समाप्त हो जाएँगे।

गैर-जैविनिम्नीकरणीय प्लास्टिक से संबंधित निम्नलिखित कथनों में से तीन कथन जानवरों, पौधों और हमारे आस-पास के वातावरण पर उनके प्रभाव को दर्शाते हैं। बेमेल को चुनें।

  • प्लास्टिक बैग टिकाऊ कैरी बैग हैं
  • नालियों को जाम कर देना
  • मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है
  • जानवरों द्वारा खाया जाने पर घातक साबित हो सकता है

Explanation:

  • प्लास्टिक बैग टिकाऊ कैरी बैग हैं (Plastic bags are durable carry bags)यह बेमेल (mismatched) है क्योंकि यह प्लास्टिक का लाभ बताता है, प्रभाव (effect) नहीं।
  • गैर-जैवनिम्नीकरणीय प्लास्टिक के नकारात्मक प्रभाव:
    1. नालियों को जाम करना – जल निकासी बाधित
    2. मिट्टी की उर्वरता कम होना – पारिस्थितिकीय असंतुलन
    3. जानवरों द्वारा खाने पर घातक – मृत्यु का कारण

निम्नलिखित में से कौन सी सामग्री बायोडिग्रेडेबल नहीं है?

  • एक ऊनी कम्बल और एक जूट की रस्सी
  • शीशे की प्लेट और प्लास्टिक कवर
  • एक चमड़े की बेल्ट और एक कैनवास जूता
  • एक गत्ते का डिब्बा और एक पेपर बैग

Explanation:

  • शीशे की प्लेट (Glass plate) और प्लास्टिक कवर (Plastic cover) बायोडिग्रेडेबल (biodegradable) नहीं हैं।
  • ये गैर-जैवनिम्नीकरणीय (non-biodegradable) पदार्थ हैं।
  • जैवनिम्नीकरणीय पदार्थ:
    • ऊन (Wool), जूट (Jute) – प्राकृतिक रेशे
    • चमड़ा (Leather), कैनवास (Canvas) – प्राकृतिक
    • गत्ता (Cardboard), कागज (Paper) – सेल्यूलोज

रक्त के तरल भाग को क्या कहा जाता है?

  • सीरम
  • जल
  • लसीका
  • प्लाज्मा

Explanation:

  • रक्त के तरल भाग (liquid part) को प्लाज्मा (Plasma) कहा जाता है।
  • प्लाज्मा में 90% जल और 10% घुले हुए पदार्थ होते हैं (प्रोटीन, इलेक्ट्रोलाइट्स, हार्मोन, अपशिष्ट)।
  • अन्य:
    • सीरम (Serum) – प्लाज्मा – फाइब्रिनोजेन (थक्का जमाने के बाद)
    • लसीका (Lymph) – ऊतक द्रव

जीवों का कौन सा समूह शवों और अपशिष्ट पदार्थों को सरल पदार्थों में विघटित करने के लिए होता है जो मृदा में वापस मिल जाते हैं?

  • अपघटक (Decomposers)
  • उपभोक्ता (Consumers)
  • उत्पादक (Producers)
  • केवल परजीवी (Parasite only)

Explanation:

  • अपघटक (Decomposers) शवों और अपशिष्ट पदार्थों को सरल पदार्थों (simple substances) में विघटित करते हैं जो मृदा में वापस मिल जाते हैं।
  • अपघटकों के उदाहरण: बैक्टीरिया (Bacteria), कवक (Fungi), केंचुए (Earthworms)
  • अन्य:
    • उत्पादक (Producers) – भोजन बनाते हैं (पौधे)
    • उपभोक्ता (Consumers) – भोजन ग्रहण करते हैं (जानवर)
  • अपघटक पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण (nutrient cycling) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

किसी निश्चित स्थान पर पाए जाने वाले पौधों और जानवरों की प्रजातियों को सामान्यतः क्या कहा जाता है?

  • विशिष्ट प्रजातियाँ
  • लुप्तप्राय प्रजातियां
  • संक्रामक प्रजातियाँ
  • स्थानिक प्रजाति

Explanation:

  • किसी निश्चित स्थान (specific location) पर पाए जाने वाले पौधों और जानवरों की प्रजातियों को स्थानिक प्रजाति (Endemic Species) कहा जाता है।
  • ये केवल उसी क्षेत्र में पाई जाती हैं, दुनिया में कहीं और नहीं।
  • उदाहरण: निलगिरी तहर (Nilgiri Tahr), हुड्ड (Great Indian Bustard), असम के एक सींग वाले गैंडे
  • अन्य:
    • लुप्तप्राय (Endangered) – विलुप्त होने के खतरे में
    • संक्रामक (Infectious) – रोग फैलाने वाली

नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए और सही उत्तर की पहचान कीजिए। कथन-I: प्राण सूचक एक ऐसा पदार्थ है, जिसकी गंध इस बात पर निर्भर करती है कि यह अम्लीय या क्षारकीय विलयन के साथ मिलाया गया है या नहीं। कथन-II: प्याज, लौंग का तेल और वैनिला सत (अर्क) कुछ प्राण सूचकों के उदाहरण हैं।

  • दोनों ही कथन असत्य हैं।
  • कथन-I सत्य है और कथन-II असत्य है।
  • दोनों कथन सत्य हैं।
  • कथन-I असत्य है और कथन-II सत्य है।

Explanation:

  • दोनों कथन सत्य हैं।
  • कथन-I: प्राण सूचक (Olfactory Indicator) वह पदार्थ है जिसकी गंध इस बात पर निर्भर करती है कि यह अम्लीय या क्षारकीय विलयन (acidic or basic solution) के साथ मिलाया गया है या नहीं।
  • कथन-II: प्याज (Onion), लौंग का तेल (Clove oil) और वैनिला सत (Vanilla extract) प्राण सूचकों के उदाहरण हैं।
  • प्राण सूचक का उपयोग उन विलयनों के लिए किया जाता है जहाँ रंग परिवर्तन नहीं देखा जा सकता।

अजैविनिमीकरणीय प्लास्टिक से संबंधित निम्नलिखित में से तीन कथन जंतुओं, पादपों और हमारे आसपास के वातावरण पर उनके प्रभाव को इंगित करते हैं। विषम कथन का चयन कीजिए।

  • नालियों को बंद करते हैं।
  • प्लास्टिक बैग मजबूत कैरी बैग हैं।
  • ये जंतुओं द्वारा निगले जाने पर घातक साबित हो सकते हैं।
  • मृदा की उर्वरता को कम करते हैं।

Explanation:

  • प्लास्टिक बैग मजबूत कैरी बैग हैं (Plastic bags are strong carry bags)यह विषम (odd one out) है क्योंकि यह प्लास्टिक का लाभ बताता है, नकारात्मक प्रभाव (negative impact) नहीं।
  • गैर-जैवनिम्नीकरणीय प्लास्टिक के नकारात्मक प्रभाव:
    1. नालियों को बंद करना – जल निकासी बाधित
    2. मृदा की उर्वरता कम करना – पारिस्थितिकीय असंतुलन
    3. जंतुओं द्वारा निगलने पर घातक – मृत्यु का कारण

पारिस्थितिकी तंत्र में किस कथन से अजैविक घटक और जैविक घटक के बीच परस्पर क्रिया प्रदर्शित होती है?

  • एक केंचुआ मिट्टी में बिल बना रहा है।
  • नल का पानी एक धारा में बह रहा है।
  • दो पक्षी भोजन के लिए एक-दूसरे से लड़ रहे हैं।
  • एक मेंढक एक टिड्डे को खा रहा है।

Explanation:

  • एक केंचुआ मिट्टी में बिल बना रहा है (An earthworm is burrowing in the soil) – यह अजैविक (मिट्टी/soil) और जैविक (केंचुआ/earthworm) घटकों के बीच परस्पर क्रिया (interaction) है।
  • अन्य विकल्प:
    • नल का पानी बहना – अजैविक प्रक्रिया
    • दो पक्षियों का लड़ना – जैविक-जैविक परस्पर क्रिया (प्रतिस्पर्धा)
    • मेंढक द्वारा टिड्डा खाना – जैविक-जैविक परस्पर क्रिया (परभक्षण/खाद्य श्रृंखला)
  • पारिस्थितिकी तंत्र में जैविक (जीवित) और अजैविक (निर्जीव) घटकों के बीच परस्पर क्रिया आवश्यक है।

गति (movement) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

  • पादपों में वृद्धि-संबंधी गति, जैसे प्रकाश की ओर झुकना, गति का एक रूप है।
  • जीवधारी आंतरिक या आणविक गति दर्शाते हैं, तब भी जब बाह्य गति दिखाई नहीं देती।
  • आणविक गति केवल प्राणियों में पाई जाती है, पादपों में नहीं।
  • गति जीवधारियों की एक विशेषता है।

Explanation:

  • आणविक गति (Molecular movement) केवल प्राणियों में पाई जाती है, पादपों में नहींयह कथन गलत है।
  • आणविक गति सभी जीवों (पौधों और जानवरों दोनों) में पाई जाती है।
  • पौधों में भी कोशिकीय स्तर पर आणविक गति होती है (जैसे साइटोप्लाज्मिक स्ट्रीमिंग, कोशिका विभाजन)।
  • पादपों में गति: प्रकाश की ओर झुकना (Phototropism), जड़ों का नीचे की ओर बढ़ना (Geotropism)।
  • गति जीवधारियों की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।

गलत जोड़ी का चयन करें।

  • प्राथमिक उपभोक्ता – द्वितीय पोषी
  • स्वपोषी – प्रथम पोषी स्तर
  • छोटा मांसाहारी – तृतीय पोषी स्तर
  • जीवाणु – चतुर्थ पोषी स्तर

Explanation:

  • जीवाणु (Bacteria) – चतुर्थ पोषी स्तर (4th Trophic Level)यह गलत जोड़ी है।
  • जीवाणु अपघटक (decomposers) हैं और वे किसी विशिष्ट पोषी स्तर (trophic level) पर नहीं होते।
  • सही जोड़ियाँ:
    • प्राथमिक उपभोक्ता – द्वितीय पोषी स्तर (शाकाहारी)
    • स्वपोषी – प्रथम पोषी स्तर (उत्पादक)
    • छोटा मांसाहारी – तृतीय पोषी स्तर (द्वितीयक उपभोक्ता)
  • अपघटक सभी पोषी स्तरों पर कार्य करते हैं।

घरेलू और औद्योगिक ठोस अपशिष्ट में प्राथमिक अंतर क्या है?

  • पूर्व की संरचना विविध है।
  • बाद वाला मौसमी प्रकृति का है।
  • पूर्व की मात्रा कम है।
  • बाद वाला प्रदूषकों का स्रोत है।

Explanation:

  • घरेलू ठोस अपशिष्ट (Domestic solid waste) और औद्योगिक ठोस अपशिष्ट (Industrial solid waste) में प्राथमिक अंतर यह है कि घरेलू अपशिष्ट की संरचना विविध (composition is diverse) होती है।
  • घरेलू अपशिष्ट में: खाद्य अवशेष, कागज, प्लास्टिक, कांच, धातु आदि शामिल हैं।
  • औद्योगिक अपशिष्ट में: विशिष्ट प्रकार के अपशिष्ट होते हैं (रासायनिक, भारी धातुएँ, राख आदि)।
  • दोनों ही प्रदूषण के स्रोत हो सकते हैं।

कौन-सा कथन सबसे सटीकता से वर्णन करता है, कि एकल खाद्य श्रृंखलाओं की तुलना में खाद्य जाल किसी पारिस्थितिकी तंत्र को अधिक स्थिरता क्यों प्रदान करते हैं?

  • उनमें केवल उत्पादक शामिल होते हैं।
  • उनमें जीवों की संख्या कम होती है।
  • वे केवल ऊर्जा का पुनर्चक्रण करते हैं।
  • वे संतुलन सुनिश्चित करते हुए, कई खाद्य संबंधों की सुविधा देते हैं।

Explanation:

  • खाद्य जाल (Food Web) एकल खाद्य श्रृंखलाओं की तुलना में पारिस्थितिकी तंत्र को अधिक स्थिरता (more stability) प्रदान करते हैं क्योंकि वे कई खाद्य संबंधों की सुविधा देते हैं
  • खाद्य जाल में एक जीव के नष्ट होने पर, अन्य विकल्प उपलब्ध होते हैं।
  • खाद्य श्रृंखला में एक कड़ी टूटने पर पूरी श्रृंखला प्रभावित होती है।
  • खाद्य जाल पारिस्थितिकीय संतुलन (ecological balance) बनाए रखता है।

जीव द्वारा पर्यावरण परिवर्तन के लिए शारीरिक समायोजन है।

  • जैव उपचारण
  • जैवसंचयन
  • सहजनन
  • पर्यावृकूलन

Explanation:

  • जीव द्वारा पर्यावरण परिवर्तन के लिए शारीरिक समायोजन (physiological adjustment) को पर्यावृकूलन (Acclimatisation) कहते हैं।
  • यह अल्पकालिक (short-term) अनुकूलन है।
  • अन्य शब्द:
    • जैव उपचारण (Bioremediation) – प्रदूषण को कम करने के लिए सूक्ष्मजीवों का उपयोग
    • जैवसंचयन (Bioaccumulation) – जीव में विषाक्त पदार्थों का संचय
    • सहजनन (Parthenogenesis) – बिना निषेचन के प्रजनन

शुक्राणु निर्माण के लिए वृषण उदर गुहा के बाहर स्क्रोटम में स्थित होते हैं क्योंकि इसके लिए आवश्यक है:

  • सामान्य शरीर के तापमान से कम तापमान
  • उच्च शरीर का तापमान
  • सामान्य शरीर के तापमान से अधिक तापमान
  • सामान्य शरीर का तापमान

Explanation:

  • शुक्राणु निर्माण (spermatogenesis) के लिए वृषण (testes) उदर गुहा के बाहर स्क्रोटम (scrotum) में स्थित होते हैं क्योंकि इसके लिए सामान्य शरीर के तापमान से कम तापमान (lower temperature than normal body temperature) की आवश्यकता होती है।
  • स्क्रोटम शरीर के तापमान से लगभग 2-3°C कम तापमान बनाए रखता है।
  • यह कम तापमान शुक्राणुजनन (spermatogenesis) के लिए आवश्यक है।
  • यदि तापमान अधिक हो तो शुक्राणु उत्पादन प्रभावित होता है।

पर्यावरण के विभिन्न घटकों के बीच ऊर्जा के प्रवाह के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा गलत है?

  • प्रत्येक पोषी स्तर पर कार्बनिक पदार्थ की मात्रा 10% होती है।
  • ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय होता है।
  • हरे पौधे पत्तियों पर पड़ने वाली सौर ऊर्जा का लगभग 10% ग्रहण कर लेते हैं।
  • प्रत्येक पोषी स्तर पर्यावरण में ऊष्मा के रूप में कुछ ऊर्जा खो देता है।

Explanation:

  • हरे पौधे पत्तियों पर पड़ने वाली सौर ऊर्जा का लगभग 10% ग्रहण कर लेते हैंयह कथन गलत है।
  • हरे पौधे पत्तियों पर पड़ने वाली सौर ऊर्जा का केवल 1-2% ही ग्रहण कर पाते हैं (प्रकाश संश्लेषण के लिए)।
  • 10% ऊर्जा नियम – एक पोषी स्तर से अगले पोषी स्तर तक केवल 10% ऊर्जा स्थानांतरित होती है।
  • ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय (unidirectional) है।

खाद्य श्रृंखला के उस संबंध को क्या कहा जाता है, जिन्हें शाखन रेखाओं की एक श्रृंखला के रूप में दर्शाया जा सकता है?

  • खाद्य जाल (Food web)
  • वल्डव वाइड वेब (World wide web)
  • मकड़ी जाल (Spider web)
  • पोषी स्तर (Trophic level)

Explanation:

  • खाद्य श्रृंखला के उस संबंध को जिसे शाखन रेखाओं (branching lines) की एक श्रृंखला के रूप में दर्शाया जा सकता है, खाद्य जाल (Food Web) कहा जाता है।
  • खाद्य जाल में कई खाद्य श्रृंखलाएँ एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं।
  • खाद्य श्रृंखला (Food Chain) – एक सीधी रेखा जो ऊर्जा के प्रवाह को दर्शाती है।
  • पोषी स्तर (Trophic Level) – खाद्य श्रृंखला में एक स्थान।

जब हम जैविनिमीकरणीय पदार्थों पर विचार करते हैं, तो हम देखते हैं कि उनका सामान्य गुण यह है कि ________.

  • वे विषाक्त नहीं होते हैं
  • वे सभी जैविक उत्पत्ति के होते हैं
  • वे सभी पादप उत्पाद हैं
  • वे सभी जल में घुलनशील होते हैं

Explanation:

  • जैवनिम्नीकरणीय (Biodegradable) पदार्थों का सामान्य गुण यह है कि वे सभी जैविक उत्पत्ति (organic origin) के होते हैं।
  • ये पदार्थ सूक्ष्मजीवों द्वारा विघटित (decomposed) किए जा सकते हैं।
  • उदाहरण: खाद्य अवशेष, कागज, लकड़ी, कपास, ऊन
  • सभी जैवनिम्नीकरणीय पदार्थ विषाक्त नहीं होते (कुछ विषाक्त भी हो सकते हैं)।
  • सभी पादप उत्पाद नहीं होते (जंतु उत्पाद भी होते हैं – ऊन, चमड़ा)।

झीलों में नाइट्रोजन और फॉस्फोरस की अत्यधिक मात्रा को क्या कहा जाता है?

  • परपोषी (Endotrophic)
  • सुपोषी (Eutrophic)
  • मध्यपोषी (Mesotrophic)
  • मितपोषी (Oligotrophic)

Explanation:

  • झीलों में नाइट्रोजन (Nitrogen) और फॉस्फोरस (Phosphorus) की अत्यधिक मात्रा को सुपोषी (Eutrophic) कहा जाता है।
  • यह स्थिति यूट्रोफिकेशन (Eutrophication) कहलाती है।
  • इससे शैवाल (algae) की अत्यधिक वृद्धि होती है (एल्गल ब्लूम/Algal Bloom)।
  • अन्य अवस्थाएँ:
    • मितपोषी (Oligotrophic) – पोषक तत्वों की कम मात्रा
    • मध्यपोषी (Mesotrophic) – मध्यम मात्रा

विविधताओं के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

  • आपदाओं के दौरान प्रजातियों के अस्तित्व को सुनिश्चित करता है।
  • विविधता के कारण प्रजातियाँ विलुप्त होने की ओर अग्रसर होती हैं।
  • विविधता बदलते वातावरण के अनुकूल ढलने में सक्षम बनाती है।
  • रोगों के प्रति लचीलापन प्रदान करता है।

Explanation:

  • विविधता के कारण प्रजातियाँ विलुप्त होने की ओर अग्रसर होती हैंयह कथन गलत है।
  • विविधता (Diversity/Variation) वास्तव में प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाती है।
  • विविधता के लाभ:
    1. आपदाओं के दौरान प्रजातियों के अस्तित्व को सुनिश्चित करता है
    2. बदलते वातावरण के अनुकूल ढलने में सक्षम बनाती है
    3. रोगों के प्रति लचीलापन प्रदान करता है
  • विविधता प्राकृतिक चयन (natural selection) के लिए आधार प्रदान करती है।

हम अजैविनमीकरणीय उत्पादों के उपयोग को कैसे कम कर सकते हैं?

  • बिस्कुट आदि खाने की चीजें प्लास्टिक के डिब्बे और रैपर में पैक करके खरीदी जा सकती हैं।
  • फलों और सब्जियों को सुन्दर पॉलीस्टाइनिन और प्लास्टिक पैकेजिंग में पैक करके खरीदा जा सकता है।
  • दूध और जल को पॉलीबैग में पैक करके
  • पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग का उपयोग करके

Explanation:

  • हम अजैवनिम्नीकरणीय उत्पादों (non-biodegradable products) के उपयोग को पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग (eco-friendly packaging) का उपयोग करके कम कर सकते हैं।
  • पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग के उदाहरण:
    • कागज/गत्ते की पैकेजिंग
    • बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक
    • जूट की थैलियाँ
    • कपास की थैलियाँ
  • अन्य विकल्प प्लास्टिक के उपयोग को बढ़ावा देते हैं, जो गैर-जैवनिम्नीकरणीय है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अजैविनिमीकरणीय पदार्थों के बारे में सही है?

  • अजैविनिमीकरणीय पदार्थों को एंजाइमों द्वारा आसानी से अपघटित किया जा सकता है।
  • अजैविनिमीकरणीय पदार्थ पारिस्थितिकी तंत्र के सदस्यों को नुकसान नहीं पहुँचाते हैं।
  • अजैविनिमीकरणीय पदार्थ पर्यावरण में बने रहते हैं।
  • अजैविनिमीकरणीय पदार्थों को अपघटन के लिए कम समय लगता है।

Explanation:

  • अजैवनिम्नीकरणीय पदार्थ (Non-biodegradable substances) के बारे में सही कथन: ये पर्यावरण में बने रहते हैं (remain in the environment)
  • ये सूक्ष्मजीवों द्वारा नहीं तोड़े जा सकते।
  • इन्हें अपघटन के लिए लंबा समय (सदियों) लगता है।
  • ये पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुँचाते हैं (प्रदूषण, जैविक आवर्धन)।
  • उदाहरण: प्लास्टिक, पॉलीथीन, नायलॉन, काँच

लाइपेज का क्या कार्य है?

  • स्वाद की पहचान करना
  • पायसीकृत वसा को तोड़ना
  • प्रोटीन का पाचन करना
  • श्वसन संबंधी

Explanation:

  • लाइपेज (Lipase) का कार्य पायसीकृत वसा (emulsified fats) को तोड़ना (break down) है।
  • यह एक एंजाइम (enzyme) है जो वसा को ग्लिसरॉल (glycerol) और फैटी अम्ल (fatty acids) में विघटित करता है।
  • यह अग्नाशय (pancreas) द्वारा स्रावित होता है और छोटी आंत (small intestine) में कार्य करता है।
  • अन्य पाचन एंजाइम:
    • एमाइलेज (Amylase) – स्टार्च को तोड़ता है
    • प्रोटीएज (Protease) – प्रोटीन को तोड़ता है

आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र का क्या अर्थ है?

  • कार्बनिक पदार्थ पीढ़ी-दर-पीढ़ी लगभग स्थिर रहता है।
  • यह अपने रख-रखाव के लिए उज्ज्वल ऊर्जा पर निर्भर नहीं है।
  • जैविक घटक में किसी भी जीव को जोड़ा या हटाया नहीं जाता है।
  • जीव स्थानीय जैविक घटकों के प्रति अच्छी तरह अनुकूलित होते हैं।

Explanation:

  • आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र (Self-sustaining ecosystem) का अर्थ है कि जैविक घटक (biotic component) में किसी भी जीव को जोड़ा या हटाया नहीं जाता है।
  • इसमें सभी पोषी स्तर (उत्पादक, उपभोक्ता, अपघटक) संतुलित होते हैं।
  • यह बाहरी सहायता के बिना अपने आप बना रहता है।
  • उदाहरण: वन, झील, महासागर

निम्नलिखित में से कौन सा सतत विकास के लिए आवश्यक 5 R का हिस्सा नहीं है?

  • अस्वीकार करना (Refuse)
  • पुनर्जनन (Regeneration)
  • पुनः प्रयोजन (Repurpose)
  • अपनी बात दोहराना (Recycle)

Explanation:

  • पुनर्जनन/रिजेनरेशन (Regeneration) 5 R का हिस्सा नहीं है।
  • सतत विकास के लिए 5 R:
    1. Refuse (अस्वीकार करना)
    2. Reduce (कम करना)
    3. Reuse (पुनः उपयोग)
    4. Repurpose (पुनः प्रयोजन)
    5. Recycle (पुनः चक्रण)
  • Regeneration जीव विज्ञान की प्रक्रिया है।
  • कुछ स्रोत 5 R में Rethink भी शामिल करते हैं।

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