SCIENCE
फेफड़ों में कूपिका (एल्वियोली) के होने का क्या कारण है?
- पृष्ठीय क्षेत्रफल का बढ़ाना
- फेफड़ों के लिए पंपिंग क्रिया प्रदान करना
- फेफड़ों का आयतन बढ़ाना
- फेफड़ों को यांत्रिक सहारा देना
Explanation:
- फेफड़ों में कूपिका/एल्वियोली (Alveoli) होने का मुख्य कारण पृष्ठीय क्षेत्रफल (surface area) को बढ़ाना है।
- एल्वियोली सूक्ष्म वायु थैलियाँ (tiny air sacs) हैं जो गैसों के आदान-प्रदान (gas exchange) के लिए अधिकतम क्षेत्र प्रदान करती हैं।
- फेफड़ों का कुल सतह क्षेत्र लगभग 100 वर्ग मीटर होता है।
- यह ऑक्सीजन के अवशोषण और CO₂ के उत्सर्जन को कुशल बनाता है।
______ की अनुपस्थिति में अवायवीय श्वसन होता है।
- ऑक्सीजन
- ओजोन
- कार्बन मोनोऑक्साइड
- कार्बन डाइऑक्साइड
Explanation:
- ऑक्सीजन (Oxygen) की अनुपस्थिति में अवायवीय श्वसन (Anaerobic respiration) होता है।
- इसमें ग्लूकोज का आंशिक (partial) विखंडन होता है।
- इसमें कम ऊर्जा (less energy) मुक्त होती है (केवल 2 ATP)।
- उदाहरण: यीस्ट (Yeast) में किण्वन, मांसपेशियों में लैक्टिक अम्ल का निर्माण।
पौधे की पत्तियों में मौजूद रंधों के माध्यम से होने वाली जल हानि को क्या कहा जाता है?
- निश्वसन (Expiration)
- प्रवेदन (Perspiration)
- आवाज के साथ श्वसन (Suspiration)
- वाष्पोत्सर्जन (Transpiration)
Explanation:
- पौधे की पत्तियों में मौजूद रंध्रों (stomata) के माध्यम से होने वाली जल हानि को वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) कहा जाता है।
- यह जल वाष्प (water vapour) के रूप में होता है।
- यह जाइलम (xylem) में चूषण बल (suction force) उत्पन्न करता है।
- प्रवेदन (Perspiration) – मनुष्यों में पसीना आना।
पादपों में कार्बन डाईऑक्साइड और ऑक्सीजन का विनिमय ______ द्वारा होता है।
- जीवद्रव्यकुंचन
- किण्वन
- विसरण
- परासरण
Explanation:
- पादपों में कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) और ऑक्सीजन (O₂) का विनिमय विसरण (Diffusion) द्वारा होता है।
- गैसें उच्च सांद्रता (high concentration) से निम्न सांद्रता (low concentration) की ओर गति करती हैं।
- यह रंध्रों (stomata) के माध्यम से होता है।
- परासरण (Osmosis) – जल का विसरण
- किण्वन (Fermentation) – अवायवीय श्वसन
निम्नलिखित में से किस जीवन प्रक्रिया में DNA की प्रतिलिपि का निर्माण एक मूल घटना है?
- श्वसन
- प्रजनन
- उत्सर्जन
- परिसंचरण
Explanation:
- DNA की प्रतिलिपि (DNA replication) का निर्माण प्रजनन (Reproduction) में एक मूल घटना (essential event) है।
- यह सुनिश्चित करता है कि आनुवंशिक सूचना (genetic information) अगली पीढ़ी को स्थानांतरित (transferred) हो।
- यह कोशिका विभाजन (cell division) से पहले होता है।
श्वसन की निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया में ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है?
- पाइरुवेट का इथेनॉल में रूपांतरण
- ग्लूकोज का पाइरुवेट में रूपांतरण
- पाइरुवेट का CO2, H2O और ऊर्जा में रूपांतरण
- पाइरुवेट का CO2 में रूपांतरण
Explanation:
- पाइरुवेट (Pyruvate) का CO₂, H₂O और ऊर्जा में रूपांतरण (conversion) वायवीय श्वसन (aerobic respiration) है और इसमें ऑक्सीजन (O₂) की आवश्यकता होती है।
- यह माइटोकॉन्ड्रिया (mitochondria) में होता है।
- अन्य प्रक्रियाएँ अवायवीय (anaerobic) हैं (इथेनॉल, लैक्टिक अम्ल)।
वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें कोई पदार्थ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके ऊष्मा उत्पन्न करता है:
- दहन
- ऑक्सीकरण
- खंडन
- श्वसन
Explanation:
- वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें कोई पदार्थ ऑक्सीजन (oxygen) के साथ अभिक्रिया करके ऊष्मा (heat) उत्पन्न करता है, दहन (Combustion) कहलाती है।
- यह उष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया है।
- श्वसन भी ऑक्सीजन का उपयोग करता है परंतु ऊर्जा ATP के रूप में मुक्त होती है।
बड़े पौधों एवं वृक्षों के कठोर तने में उत्पन्न गैसीय अपशिष्ट उत्पादों को संयंत्र द्वारा किस प्रकार हटाया जाता है?
- वातरंधों के माध्यम से
- परासरण के माध्यम से
- वाष्पोत्सर्जन के माध्यम से
- रंधों के माध्यम से
Explanation:
- बड़े पौधों एवं वृक्षों के कठोर तने (hard stem) में उत्पन्न गैसीय अपशिष्ट उत्पादों को वातरंधों (Lenticels) के माध्यम से हटाया जाता है।
- वातरंध तने (stem) और जड़ों (roots) पर स्थित छोटे छिद्र (small pores) होते हैं।
- ये गैसों के आदान-प्रदान (gas exchange) के लिए होते हैं।
- रंध्र (Stomata) – पत्तियों पर (मुख्यतः)
पौधों में श्वसन के संबंध में गलत कथन का चयन करें।
- पौधे रंधों के माध्यम से गैसों का आदान-प्रदान करते हैं।
- ऑक्सीजन और CO2 का आदान-प्रदान विसरण द्वारा होता है।
- दिन के समय वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ जाती है।
- कोशिकाएँ बड़े अंतरकोशिकीय स्थानों के कारण वायु के संपर्क में रहती हैं।
Explanation:
- दिन के समय वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) बढ़ जाती है – यह कथन गलत है।
- दिन के समय प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) अधिक होता है, जो CO₂ का उपयोग करता है और O₂ छोड़ता है।
- अतः दिन में CO₂ घटती (decreases) है, बढ़ती नहीं।
- रात में CO₂ बढ़ती है (श्वसन)।
एक वयस्क मनुष्य विश्राम की अवस्था में प्रति मिनट कितनी बार सांस लेता है?
- 72-75
- 70-72
- 12-15
- 15-18
Explanation:
- एक वयस्क मनुष्य विश्राम की अवस्था (resting state) में प्रति मिनट 15-18 बार सांस लेता है।
- यह श्वसन दर (respiratory rate) है।
- शिशुओं में यह 30-40 होती है।
- 72-75 – हृदय स्पंदन दर (heart rate) है।
निम्नलिखित में से कौन से कथन सत्य हैं?
- ऑक्सीजन फेफड़ों से रक्त में फैलती है और कार्बन मोनोऑक्साइड रक्त से फेफड़ों में फैलती है।
- कार्बन डाइऑक्साइड फेफड़ों से रक्त में फैलती है और ऑक्सीजन रक्त से फेफड़ों में फैलती है।
- कार्बन मोनोऑक्साइड फेफड़ों से रक्त में फैलती है और ऑक्सीजन रक्त से फेफड़ों में फैलती है।
- ऑक्सीजन फेफड़ों से रक्त में फैलती है और कार्बन डाइऑक्साइड रक्त से फेफड़ों में फैलती है।
Explanation:
- ऑक्सीजन (O₂) फेफड़ों की एल्वियोली (alveoli) से रक्त (blood) में फैलती (diffuses) है और कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) रक्त से फेफड़ों में फैलती है।
- यह गैसों का आदान-प्रदान (gas exchange) है।
- O₂ उच्च सांद्रता (फेफड़ों) से निम्न सांद्रता (रक्त) की ओर जाती है।
- CO₂ उच्च सांद्रता (रक्त) से निम्न सांद्रता (फेफड़ों) की ओर जाती है।
निम्नलिखित में से क्या पौधों में श्वसन के अंतिम उत्पाद हैं?
- O2 और ऊर्जा
- CO2 और O2
- CO2, H2O और ऊर्जा
- ग्लूकोज और O2
Explanation:
- पौधों में वायवीय श्वसन (aerobic respiration) के अंतिम उत्पाद CO₂, H₂O और ऊर्जा (Energy) हैं।
- रासायनिक समीकरण: C₆H₁₂O₆ + 6O₂ → 6CO₂ + 6H₂O + ऊर्जा
- प्रकाश संश्लेषण के उत्पाद ग्लूकोज और O₂ हैं।
जीवन प्रक्रियाओं के लिए, जीव के शरीर के बाहर से ऊर्जा के स्रोत के स्थानांतरण को ______ कहा जाता है।
- श्वसन
- पोषण
- पाचन
- उत्सर्जन
Explanation:
- जीवन प्रक्रियाओं के लिए, जीव के शरीर के बाहर (outside) से ऊर्जा के स्रोत (energy source) के स्थानांतरण को पोषण (Nutrition) कहा जाता है।
- इसमें भोजन (food) का ग्रहण और उपयोग शामिल है।
- श्वसन – भोजन से ऊर्जा मुक्त करना
- पाचन – भोजन का विखंडन
पेशियों में ऐंठन किसके कारण होती है?
- रक्त में निम्न ग्लूकोज स्तर (हाइपोग्लाइसीमिया)
- तंत्रिका-पेशी संधियों की अत्यधिक उत्तेजना
- पेशियों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी
- शरीर में शिथिलता और कमजोरी
Explanation:
- पेशियों में ऐंठन (Cramp) पेशियों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी (lack of oxygen supply) के कारण होती है।
- इससे अवायवीय श्वसन (anaerobic respiration) होता है और लैक्टिक अम्ल (lactic acid) का निर्माण होता है।
- लैक्टिक अम्ल के संचय से पेशियों में दर्द (muscle pain) और ऐंठन (cramp) होती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प मानव में श्वसन के दौरान वायु के पथ को सटीक रूप से दर्शाता है?
- नासाद्वार → कंठ → फेफड़े → एल्वियोली
- नासाद्वार → खाद्य नली → हृदय → फेफड़े
- मुख → आमाशय → फेफड़े → एल्वियोली
- मुख → हृदय → फेफड़े → डायाफ्राम
Explanation:
- मानव में श्वसन के दौरान वायु का सही पथ:
नासाद्वार (Nostrils) → कंठ (Pharynx) → फेफड़े (Lungs) → एल्वियोली (Alveoli) - विस्तृत पथ: नासाद्वार → नासागुहा → कंठ → स्वरयंत्र → श्वासनली → ब्रांकाई → ब्रांकियोल → एल्वियोली
- खाद्य नली (Oesophagus) – पाचन तंत्र का हिस्सा
निम्न में से क्या श्वसन तंत्र का भाग नहीं है?
- श्वासनली
- ब्रांकाई
- अन्ननली
- एल्वियोली
Explanation:
- अन्ननली/ग्रासनली (Oesophagus) श्वसन तंत्र (respiratory system) का हिस्सा नहीं है – यह पाचन तंत्र (digestive system) का हिस्सा है।
- श्वसन तंत्र के अंग:
- नासाद्वार
- कंठ (Pharynx)
- स्वरयंत्र (Larynx)
- श्वासनली (Trachea)
- ब्रांकाई (Bronchi)
- ब्रांकियोल (Bronchioles)
- एल्वियोली (Alveoli)
किण्वन क्या है?
- समजात श्रेणी
- किण्वन
- परिशोधित स्पिरिट
- समावयव
Explanation:
- किण्वन (Fermentation) एक अवायवीय श्वसन (anaerobic respiration) की प्रक्रिया है।
- इसमें ग्लूकोज का आंशिक विखंडन (partial breakdown) होता है।
- इसमें एथेनॉल (ethanol) और CO₂ बनते हैं (यीस्ट में)।
- इससे कम ऊर्जा (2 ATP) मुक्त होती है।
पौधों की जड़ें ऑक्सीजन कहाँ से ग्रहण करती हैं?
- रंधों द्वारा ग्रहण ऑक्सीजन जड़ों तक पहुँचती है
- मृदा में उपस्थित जल से
- मृदा कणों के बीच वायु स्थानों से
- जड़ों को ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं होती
Explanation:
- पौधों की जड़ें ऑक्सीजन (O₂) मृदा कणों के बीच वायु स्थानों (air spaces in soil) से ग्रहण करती हैं।
- यह विसरण (diffusion) द्वारा होता है।
- यही कारण है कि जलजमाव (waterlogging) से जड़ों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और पौधा मर जाता है।
मनुष्यों में साँस लेने के संबंध में नीचे दिए गए एक को छोड़कर सभी कथन सही हैं। कौन सा सही नहीं है? a) पसलियां अंदर की ओर बढ़ती हैं और डायाफ्राम ऊपर उठता है। b) पसलियां ऊपर उठ जाती हैं और डायाफ्राम सपाट हो जाता है। c) छाती की गुहा बड़ी हो जाती है। d) हवा फेफड़ों में खींची जाती है।
- b
- d
- a
- c
Explanation:
- a) पसलियां अंदर की ओर बढ़ती हैं और डायाफ्राम ऊपर उठता है – यह कथन गलत है (यह श्वास छोड़ने (exhalation) की प्रक्रिया है, साँस लेने की नहीं)।
- साँस लेने (Inhalation) के दौरान:
- पसलियाँ (ribs) ऊपर उठती हैं
- डायाफ्राम (diaphragm) सपाट (flattens) हो जाता है
- छाती की गुहा बड़ी (enlarges) हो जाती है
- हवा फेफड़ों में खींची जाती है
400 मीटर की दौड़ में भाग लेने के बाद आपको ऐंठन होने लगती है। कौन-सा विकल्प इसका कारण सबसे अच्छी तरह बताता है?
- ऑक्सीजन की कमी और पाइरूवेट इथेनॉल में परिवर्तित हो जाता है
- पर्याप्त ऑक्सीजन और पाइरूवेट लैक्टिक अम्ल में परिवर्तित हो जाता है
- ऑक्सीजन की कमी और पाइरूवेट ग्लूकोज में परिवर्तित हो जाता है
- ऑक्सीजन की कमी और पाइरूवेट लैक्टिक अम्ल में परिवर्तित हो जाता है
Explanation:
- 400 मीटर की दौड़ में तीव्र गतिविधि (intense activity) के कारण ऑक्सीजन की कमी (lack of oxygen) होती है।
- इससे पाइरूवेट (Pyruvate) का लैक्टिक अम्ल (Lactic acid) में परिवर्तन होता है।
- लैक्टिक अम्ल के संचय से पेशियों में ऐंठन (muscle cramps) होती है।
- यह अवायवीय श्वसन (anaerobic respiration) का परिणाम है।
निम्नलिखित में से किसकी उपस्थिति मनुष्यों के श्वसन तंत्र में वायु मार्ग को ढहने से रोकती है, जब उसमें वायु कम होती है?
- कंडरा
- स्नायु
- उपास्थि के वलय
- मांसपेशियां
Explanation:
- उपास्थि के वलय (Cartilaginous rings) की उपस्थिति मनुष्यों के श्वसन तंत्र में वायु मार्ग (airway) को ढहने (collapse) से रोकती है, जब उसमें वायु कम होती है।
- ये श्वासनली (trachea) और ब्रांकाई (bronchi) में पाए जाते हैं।
- ये C-आकार (C-shaped) के होते हैं।
जंतु कोशिकाओं में वायवीय श्वसन के दौरान कौन-सा प्रक्रम नहीं होता है?
- किण्वन
- ग्लाइकोअपघटन
- इलेक्ट्रॉन अभिगमन शृंखला
- क्रेब चक्र
Explanation:
- किण्वन (Fermentation) जंतु कोशिकाओं में वायवीय श्वसन (aerobic respiration) के दौरान नहीं होता है।
- यह अवायवीय (anaerobic) प्रक्रिया है।
- वायवीय श्वसन के चरण:
- ग्लाइकोअपघटन (Glycolysis) – कोशिका द्रव्य में
- क्रेब चक्र (Krebs cycle) – माइटोकॉन्ड्रिया में
- इलेक्ट्रॉन अभिगमन शृंखला (ETS) – माइटोकॉन्ड्रिया में
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वोत्तम रूप से यह वर्णन करता है, कि अवायवीय श्वसन में वायवीय श्वसन की तुलना में कम ऊर्जा क्यों मुक्त होती है?
- इसमें एंजाइमों की आवश्यकता नहीं होती है।
- यह ग्लूकोज को आंशिक रूप से विखंडित करता है।
- यह कम ग्लूकोज का उपयोग करता है।
- यह वायवीय श्वसन की तुलना में मंद गति से होता है।
Explanation:
- अवायवीय श्वसन (Anaerobic respiration) में ग्लूकोज (glucose) का आंशिक (partial) विखंडन होता है, इसलिए कम ऊर्जा (less energy) मुक्त होती है।
- इसमें केवल 2 ATP बनते हैं (वायवीय में 36-38 ATP).
- अंतिम उत्पाद: लैक्टिक अम्ल (lactic acid) या एथेनॉल (ethanol) + CO₂.
माइटोकॉन्ड्रिया में ऑक्सीजन का उपयोग करके पाइरूवेट के विघटन के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड के कितने अणु बनते हैं?
- दो
- तीन
- छह
- पाँच
Explanation:
- माइटोकॉन्ड्रिया में ऑक्सीजन का उपयोग करके पाइरूवेट (Pyruvate) के विघटन के दौरान 3 कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) के अणु बनते हैं।
- प्रत्येक पाइरूवेट (3 कार्बन) का पूर्ण ऑक्सीकरण होता है।
- यह क्रेब चक्र (Krebs cycle) में होता है।
- 1 ग्लूकोज से 2 पाइरूवेट बनते हैं, जिससे कुल 6 CO₂ बनते हैं।
त्वचीय श्वसन किसमें होता है?
- केंचुआ
- मछली
- मानव
- पक्षी
Explanation:
- त्वचीय श्वसन (Cutaneous respiration) केंचुआ (Earthworm) में होता है।
- केंचुआ अपनी त्वचा (skin) के माध्यम से सांस लेता है।
- इसकी त्वचा नम (moist) और श्लेष्मा (mucus) युक्त होती है, जो O₂ को अवशोषित करने में सहायक होती है।
- मछली – क्लोम (gills)
- मानव/पक्षी – फेफड़े (lungs)
मेंढकों में मानवों की तरह फेफड़ों की एक जोड़ी होती है लेकिन ये _____ के माध्यम से भी सांस ले सकते हैं।
- श्वास रंध्र
- श्वासप्रणाल
- चिकनी और नम त्वचा
- क्लोम
Explanation:
- मेंढकों में मानवों की तरह फेफड़ों (lungs) की एक जोड़ी होती है लेकिन ये चिकनी और नम त्वचा (smooth and moist skin) के माध्यम से भी सांस ले सकते हैं।
- इसे त्वचीय श्वसन (cutaneous respiration) कहते हैं।
- यह उभयचर (amphibians) की विशेषता है।
मानव शरीर में अस्थमा _____ का विकार है।
- श्वसन तंत्र
- गति तंत्र
- परिसंचरण तंत्र
- पाचन तंत्र
Explanation:
- मानव शरीर में अस्थमा (Asthma) श्वसन तंत्र (respiratory system) का विकार है।
- इसमें श्वसन मार्ग (airways) संकीर्ण (narrow) हो जाते हैं।
- इससे सांस लेने में कठिनाई (breathing difficulty) होती है।
- यह श्वासनली (trachea) और ब्रांकाई (bronchi) को प्रभावित करता है।
प्रजनन के दौरान, DNA प्रतिकृति बनाना क्यों महत्वपूर्ण है?
- श्वसन के लिए
- लक्षणों की वंशागति के लिए
- पाचन के लिए
- रुधिर परिसंचरण के लिए
Explanation:
- प्रजनन के दौरान, DNA प्रतिकृति (DNA replication) बनाना लक्षणों की वंशागति (inheritance of traits) के लिए महत्वपूर्ण है।
- यह सुनिश्चित करता है कि आनुवंशिक सूचना संतति (offspring) को स्थानांतरित (transferred) हो।
- यह प्रजनन (reproduction) का मूल आधार है।
C6H12O6 (aq) + 6O2(aq) → 6CO2 (aq) + 6H2O (l) + ऊर्जा दी गई अभिक्रिया का विशेष नाम क्या है?
- चयापचय
- पाचन
- श्वसन
- ऊर्जा रूपांतरण
Explanation:
- दी गई अभिक्रिया C₆H₁₂O₆ + 6O₂ → 6CO₂ + 6H₂O + ऊर्जा श्वसन (Respiration) का रासायनिक समीकरण है।
- यह वायवीय श्वसन (aerobic respiration) है।
- इसमें ग्लूकोज का ऑक्सीजन के साथ ऑक्सीकरण होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
- पाइरूवेट लैक्टिक एसिड में परिवर्तित हो जाता है जो एक तीन कार्बन अणु है।
- कार्बन डाइऑक्साइड पानी में ऑक्सीजन से अधिक घुलनशील है।
- एल्वियोली की दीवारों में रक्त वाहिकाओं का एक विस्तृत नेटवर्क होता है।
- श्वसन वर्णक श्वेत रक्त कणिकाओं में मौजूद होता है।
Explanation:
- श्वसन वर्णक (Respiratory pigment) श्वेत रक्त कणिकाओं (WBCs) में नहीं होता है – यह लाल रक्त कणिकाओं (RBCs) में होता है (हीमोग्लोबिन/Hemoglobin). यह कथन गलत है।
- अन्य कथन सही हैं:
- लैक्टिक अम्ल – 3 कार्बन अणु
- CO₂ – O₂ से अधिक घुलनशील
- एल्वियोली – रक्त वाहिकाओं का विस्तृत नेटवर्क
फेफड़ों में श्वसन गैसों का आदान-प्रदान _____ में होता है।
- ट्रेकिआ
- कूपिका (एल्वियोली)
- ब्रांकाई
- श्वसनिका
Explanation:
- फेफड़ों में श्वसन गैसों (respiratory gases) का आदान-प्रदान कूपिका/एल्वियोली (Alveoli) में होता है।
- एल्वियोली पतली दीवारों (thin walls) वाली होती हैं और रक्त केशिकाओं (blood capillaries) से घिरी होती हैं।
- यहाँ O₂ रक्त में प्रवेश करती है और CO₂ रक्त से बाहर निकलती है।
मनुष्य के शरीर में वायु किस अंग के माध्यम से प्रवेश करती है?
- ब्रांकाई
- एल्वियोली
- सांस की नली
- नथुने
Explanation:
- मनुष्य के शरीर में वायु नथुने (Nostrils) के माध्यम से प्रवेश (enters) करती है।
- यह श्वसन तंत्र (respiratory system) का प्रवेश द्वार (entry point) है।
- फिर वायु नासागुहा → कंठ → स्वरयंत्र → श्वासनली → ब्रांकाई → एल्वियोली तक जाती है।
मानव शरीर में पाइरूवेट का वायवीय विघटन कहाँ होता है?
- केंद्रक
- माइटोकॉन्ड्रिया
- कोशिका द्रव्य
- मांसपेशियाँ
Explanation:
- मानव शरीर में पाइरूवेट (Pyruvate) का वायवीय विघटन (aerobic breakdown) माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) में होता है।
- यह कोशिका का पावरहाउस (powerhouse) है।
- इसमें क्रेब चक्र (Krebs cycle) और इलेक्ट्रॉन अभिगमन शृंखला (ETS) होती है।
- ग्लाइकोअपघटन (Glycolysis) – कोशिका द्रव्य (cytoplasm) में (अवायवीय)
श्वसन तंत्र का कौन सा भाग वायुमार्ग को ढहने से रोकता है?
- ट्रेकिया
- उपास्थि की वलय
- रीढ की हड्डी
- पसलियाँ
Explanation:
- श्वसन तंत्र में उपास्थि की वलय (Cartilaginous rings) वायुमार्ग (airway) को ढहने (collapse) से रोकती हैं।
- ये श्वासनली (trachea) में C-आकार की संरचनाएँ होती हैं।
- ये वायु मार्ग को खुला (open) रखती हैं।
- ट्रेकिया स्वयं श्वासनली है, परंतु यह उपास्थि वलयों द्वारा सहारा प्राप्त करती है।
जब पानी का उपयोग ATP के टर्मिनल लिंक को तोड़ने के लिए किया जाता है तो कितनी ऊर्जा मुक्त होती है?
- 31.5 kJ/mol
- 35.6 kJ/mol
- 37.2 kJ/mol
- 30.5 kJ/mol
Explanation:
- जब पानी (Water) का उपयोग ATP के टर्मिनल लिंक (terminal link) को तोड़ने के लिए किया जाता है, तो 30.5 kJ/mol ऊर्जा मुक्त होती है।
- ATP → ADP + Pi (अकार्बनिक फॉस्फेट) + 30.5 kJ/mol
- यह ATP का जल अपघटन (hydrolysis) है।
- यह जैविक ऊर्जा मुद्रा (biological energy currency) है।
सांस लेने के दौरान फेफड़ों के आयतन को मापने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?
- रेखिपोरीटर
- खिम्मोमैनोमीटर
- स्पाइरोमीटर
- बैरोमीटर
Explanation:
- सांस लेने के दौरान फेफड़ों के आयतन (lung volume) को मापने के लिए स्पाइरोमीटर (Spirometer) का उपयोग किया जाता है।
- यह श्वसन क्रिया (respiratory function) का परीक्षण करता है।
- बैरोमीटर – वायुमंडलीय दाब
- मैनोमीटर – गैस/द्रव दाब
एल्वियोली की कुछ विशेषताएं नीचे बताई गई हैं। गलत विकल्प चुने।
- रक्त वाहिकाओं का व्यापक नेटवर्क है
- पतली दीवार वाले हैं
- बड़ा सतह क्षेत्र है
- उंगली जैसी संरचनाएं हैं
Explanation:
- एल्वियोली (Alveoli) उंगली जैसी संरचनाएँ (finger-like structures) नहीं हैं – ये गुब्बारे जैसी (balloon-like) होती हैं।
- एल्वियोली की विशेषताएँ:
- रक्त वाहिकाओं का व्यापक नेटवर्क
- पतली दीवारें (एक कोशिका मोटी)
- बड़ा सतह क्षेत्र (~100 m²)
- उंगली जैसी संरचनाएँ – विलाई (Villi) छोटी आंत में होती हैं।
कीटों में गैसों के आदान-प्रदान के लिए वायु नलिकाओं का एक जाल होता है। इन्हें ______ कहा जाता है।
- रंध्र
- श्वासनली
- केशिकाएँ
- धमनियाँ
Explanation:
- कीटों में गैसों के आदान-प्रदान के लिए वायु नलिकाओं (air tubes) का एक जाल होता है, जिन्हें श्वासनली (Trachea/Tracheae) कहा जाता है।
- यह श्वास रंध्र (spiracles) के माध्यम से बाहर से जुड़ी होती हैं।
- यह प्रणाली ऑक्सीजन को सीधे ऊतकों तक पहुँचाती है।
हम बैठे या सोते समय भी श्वास क्यों लेते रहते हैं?
- जीवन प्रक्रियाओं हेतु ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए
- श्वसन क्रियाएँ करने के लिए
- हृदय को विश्राम देने के लिए
- पाचन क्रिया को जारी रखने के लिए
Explanation:
- हम बैठे या सोते समय भी श्वास लेते रहते हैं क्योंकि जीवन प्रक्रियाओं (life processes) हेतु ऑक्सीजन (oxygen) की आपूर्ति निरंतर (continuous) आवश्यक होती है।
- ऑक्सीजन ATP (ऊर्जा) के उत्पादन के लिए आवश्यक है।
- यह स्वचालित (automatic) प्रक्रिया है।
मांसपेशियों में ग्लूकोज के अवायवीय श्वसन से ______ बनता है।
- एसीटोएसीटिक अम्ल
- साइट्रिक अम्ल
- लैक्टिक अम्ल
Explanation:
- मांसपेशियों में ग्लूकोज के अवायवीय श्वसन (anaerobic respiration) से लैक्टिक अम्ल (Lactic acid) बनता है।
- रासायनिक समीकरण: ग्लूकोज → 2 लैक्टिक अम्ल + 2 ATP
- यह ऑक्सीजन की कमी में होता है।
- लैक्टिक अम्ल के संचय से पेशियों में दर्द (muscle pain) और ऐंठन (cramp) होती है।
जैसे-जैसे वक्ष गुहा बड़ी होती जाती है, हवा फेफड़ों में ______ है और विस्तारित ______ को भरती है।
- खींची जाती; कूपिका
- धकेली जाती; श्वसनी
- अवशोषित; डायाफ्राम
- बलपूर्वक; वायुकोश
Explanation:
- जैसे-जैसे वक्ष गुहा (chest cavity) बड़ी होती जाती है, हवा फेफड़ों में खींची जाती (drawn in) है और विस्तारित (expanded) कूपिका/एल्वियोली (alveoli) को भरती है।
- यह साँस लेने (inhalation) की प्रक्रिया है।
- वक्ष गुहा का विस्तार डायाफ्राम के सपाट होने और पसलियों के ऊपर उठने से होता है।
जलीय जीव, स्थलीय जीवों की तुलना में तेजी से श्वास क्यों लेते हैं?
- क्योंकि जल में घुली हुई ऑक्सीजन की मात्रा अत्यधिक निम्न होती है
- क्योंकि जल श्वसन अंगों पर कम प्रतिरोध डालता है
- क्योंकि जल में ऑक्सीजन का विसरण वायु की तुलना में तेजी से होता है
- क्योंकि वे गिल के माध्यम से सीधे सूर्य के प्रकाश से ऑक्सीजन अवशोषित करते हैं
Explanation:
- जलीय जीव स्थलीय जीवों की तुलना में तेजी से श्वास लेते हैं क्योंकि जल में घुली हुई ऑक्सीजन (dissolved oxygen) की मात्रा अत्यधिक निम्न (very low) होती है।
- वायु में O₂ ≈ 21%, जल में O₂ ≈ 0.005%
- इसलिए अधिक O₂ प्राप्त करने के लिए तेजी से श्वास लेते हैं।
उपरि श्वसन पथ के पक्ष्माभ (cilia) मुख्यतः ______ में सहायता करते हैं।
- ऑक्सीजन के अवशोषण
- गैस विनिमय
- फुंफुस में रक्त पंप करने
- अभिश्वसित वायु से हानिकारक कणों को हटाने
Explanation:
- उपरि श्वसन पथ के पक्ष्माभ (Cilia) मुख्यतः अभिश्वसित वायु (inhaled air) से हानिकारक कणों (harmful particles) को हटाने (remove) में सहायता करते हैं।
- ये श्लेष्मा (mucus) के साथ मिलकर धूल (dust) और रोगाणुओं (microbes) को बाहर निकालते हैं।
- इस प्रक्रिया को म्यूकोसिलियरी क्लीयरेंस (mucociliary clearance) कहते हैं।
निम्न कथनों में से कौन-से गलत हैं?
- पाइरुविक अम्ल श्वसन के प्रथम चरण में उत्पन्न होता है।
- किण्वन प्रक्रिया के लिए ऑक्सीजन आवश्यक नहीं है।
- माइटोकॉन्ड्रिया में, एसिटिक एसिड को ऑक्सीजन का उपयोग करके तोड़ा जाता है।
- श्वसन की प्रथम अवस्था में ग्लूकोज का विघटन होता है।
Explanation:
- माइटोकॉन्ड्रिया में, एसिटिक एसिड (Acetic acid) को ऑक्सीजन का उपयोग करके तोड़ा जाता है – यह कथन गलत है।
- वास्तव में एसिटाइल-CoA (Acetyl-CoA) को क्रेब चक्र (Krebs cycle) में तोड़ा जाता है, एसिटिक अम्ल नहीं।
- अन्य कथन सही हैं:
- पाइरुविक अम्ल प्रथम चरण (ग्लाइकोअपघटन) में बनता है
- किण्वन – ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं
- प्रथम अवस्था में ग्लूकोज का विघटन
प्रत्येक श्वसन चक्र के दौरान, जब वायु अंदर ली जाती है, और बाहर निकाली जाती है, तो फेफड़ों में हमेशा कुछ मात्रा में वायु होती ही है, ताकि ऑक्सीजन को अवशोषित करने और कार्बन डाइऑक्साइड को छोड़ने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। वायु की इस मात्रा को क्या कहा जाता है?
- अवशिष्ट मात्रा
- श्वसन मात्रा
- फुप्फुसीय मात्रा
- वायुकोशीय मात्रा
Explanation:
- फेफड़ों में वायु की इस मात्रा को अवशिष्ट मात्रा (Residual Volume) कहा जाता है।
- यह लगभग 1200 mL होती है।
- यह सुनिश्चित करती है कि फेफड़े कभी पूरी तरह खाली (completely empty) न हों।
- यह गैसों के आदान-प्रदान (gas exchange) के लिए निरंतर सतह (continuous surface) प्रदान करती है।
अधिकतम श्वास प्रभाव के बाद बाहर निष्कासित की सकने वाली वायु की अधिकतम मात्रा ______ है।
- श्वास आयतन
- फुप्फुस आयतन
- प्राणाधार आयतन
- अवशिष्ट आयतन
Explanation:
- अधिकतम श्वास (maximum inhalation) के बाद बाहर निष्कासित (exhaled) की सकने वाली वायु की अधिकतम मात्रा प्राणाधार आयतन (Vital Capacity) है।
- यह ≈ 4600 mL (पुरुषों में) होती है।
- इसकी गणना: प्राणाधार आयतन = प्रश्वसन आरक्षित मात्रा + प्रश्वसन आयतन + निःश्वसन आरक्षित मात्रा
पाइरुवेट कोशिका के ______ में ग्लूकोज से बनता है।
- माइटोकॉन्ड्रिया
- कोशिका द्रव्य
- नाभिक
- राइबोसोम
Explanation:
- पाइरुवेट (Pyruvate) कोशिका के कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) में ग्लूकोज (glucose) से बनता है।
- यह ग्लाइकोअपघटन (Glycolysis) की प्रक्रिया है।
- इस चरण में ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं होती।
- पाइरुवेट कोशिका द्रव्य में 2 ATP बनाता है।
निम्नलिखित में से किस प्रक्रिया में पाइरुवेट का इथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड में रूपांतरण होता है?
- विसरण
- स्थानांतरण
- किण्वन
- वाष्पोत्सर्जन
Explanation:
- पाइरुवेट (Pyruvate) का इथेनॉल (Ethanol) और कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) में रूपांतरण किण्वन (Fermentation) में होता है।
- यह अवायवीय श्वसन (anaerobic respiration) है।
- यह यीस्ट (yeast) में होता है।
- इसमें 2 ATP मुक्त होते हैं।
आरंभ में पहले चरण में वायवीय और अवायवीय श्वसन के दौरान उत्पन्न होने वाला सामान्य उत्पाद निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- पानी
- पाइरुवेट
- दुग्धाम्ल
- इथेनॉल
Explanation:
- आरंभ में पहले चरण (glycolysis) में वायवीय (aerobic) और अवायवीय (anaerobic) श्वसन के दौरान उत्पन्न होने वाला सामान्य उत्पाद (common product) पाइरुवेट (Pyruvate) है।
- ग्लूकोज → 2 पाइरुवेट + 2 ATP
- बाद में पाइरुवेट का विखंडन O₂ की उपस्थिति/अनुपस्थिति पर निर्भर करता है।
मानव कोशिकाओं में ऊर्जा प्रदान करने के लिए ग्लूकोज के टूटने के लिए निम्नलिखित में से क्या आवश्यक है?
- हाइड्रोजन
- नाइट्रोजन
- कार्बन डाईऑक्साइड
- ऑक्सीजन
Explanation:
- मानव कोशिकाओं में ऊर्जा प्रदान करने के लिए ग्लूकोज (glucose) के टूटने (breakdown) के लिए ऑक्सीजन (Oxygen) आवश्यक है।
- यह वायवीय श्वसन (aerobic respiration) है।
- ग्लूकोज + 6O₂ → 6CO₂ + 6H₂O + 36-38 ATP
फेफड़ों में उपस्थित गुब्बारे जैसी संरचना, जहाँ गैस विनिमय होता है, क्या कहलाता हैं?
- ब्रॉन्कस
- ट्रेकिआ
- एल्वियोलस
- ब्रॉन्किओल
Explanation:
- फेफड़ों में उपस्थित गुब्बारे जैसी संरचना (balloon-like structure), जहाँ गैस विनिमय (gas exchange) होता है, एल्वियोलस/एल्वियोली (Alveolus/Alveoli) कहलाती है।
- ये सूक्ष्म वायु थैलियाँ (tiny air sacs) हैं।
- ये पतली दीवारों वाली और रक्त केशिकाओं से घिरी होती हैं।
प्रक्रिया के दौरान, कार्बनिक अम्ल का निर्माण होता है।
- परिसंचरण
- उत्सर्जन
- पाचन
- श्वसन
Explanation:
- श्वसन (Respiration) के दौरान कार्बनिक अम्ल (organic acid) का निर्माण होता है।
- ग्लाइकोअपघटन (Glycolysis) में पाइरुविक अम्ल (Pyruvic acid) बनता है।
- क्रेब चक्र (Krebs cycle) में साइट्रिक अम्ल (Citric acid) आदि बनते हैं।
- यह ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया है।
वायवीय श्वसन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- वायवीय श्वसन ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है।
- वायवीय श्वसन में ऊर्जा का उत्सर्जन अवायवीय श्वसन की तुलना में कम होता है।
- माइटोकॉन्ड्रिया में, पाइरूवेट का एक अणु तीन कार्बन डाइऑक्साइड अणुओं में खंडित हो जाता है।
- वायवीय श्वसन की प्रक्रिया में केवल कार्बन डाइऑक्साइड निकलता है।
Explanation:
- माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) में, पाइरूवेट (Pyruvate) का एक अणु 3 कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) अणुओं में खंडित (breaks down) हो जाता है। यह कथन सही है।
- अन्य कथन गलत हैं:
- वायवीय श्वसन O₂ की उपस्थिति में
- इसमें अधिक ऊर्जा (36-38 ATP)
- उत्पाद: CO₂ + H₂O + ऊर्जा
प्रकाश संश्लेषण के बिना, ____ का निष्कासन रात में मुख्य विनिमय गतिविधि होती है।
- जल
- कार्बन डाइऑक्साइड
- हाइड्रोजन
- ऑक्सीजन
Explanation:
- प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) के बिना (रात में), कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का निष्कासन (श्वसन द्वारा) मुख्य विनिमय गतिविधि होती है।
- रात में प्रकाश संश्लेषण नहीं होता, केवल श्वसन होता है।
- इसलिए CO₂ बाहर निकलती है और O₂ अंदर ली जाती है।
निम्नलिखित में से कौन सा यह सुनिश्चित करता है कि श्वसन के दौरान वायुमार्ग का संकुचन नहीं होता है?
- डायफ्राम
- सिलिया
- उपास्थि के वलय
- एपिग्लॉटिस
Explanation:
- उपास्थि के वलय (Cartilaginous rings) यह सुनिश्चित करते हैं कि श्वसन के दौरान वायुमार्ग (airway) का संकुचन (collapse) नहीं होता है।
- ये श्वासनली (trachea) में स्थित C-आकार की संरचनाएँ हैं।
- एपिग्लॉटिस – भोजन को श्वासनली में जाने से रोकता है
- डायाफ्राम – श्वसन की मुख्य पेशी
मानव ध्वनियों का उत्पादन ____ में कंपन के कारण होता है।
- श्वासनली
- स्वरयंत्र
- फेफड़े
- नासिका
Explanation:
- मानव ध्वनियों का उत्पादन स्वरयंत्र (Larynx) में वाकतंतु/वोकल कॉर्ड (vocal cords) के कंपन (vibration) के कारण होता है।
- स्वरयंत्र को एडम्स एप्पल (Adam’s apple) भी कहा जाता है।
- वोकल कॉर्ड पेशीय रज्जु (muscular folds) हैं।
जलीय जीवों की श्वसन दर स्थलीय जीवों की तुलना में बहुत अधिक क्यों होती है?
- क्योंकि पानी प्रदूषित होता है
- क्योंकि पानी में अधिक O2 होता है
- क्योंकि पानी में कम CO2 होता है
- क्योंकि पानी में कम O2 होता है
Explanation:
- जलीय जीवों की श्वसन दर स्थलीय जीवों की तुलना में बहुत अधिक होती है क्योंकि पानी में O₂ की मात्रा कम (less) होती है।
- वायु में O₂ ≈ 21%, जल में O₂ ≈ 0.005%
- इसलिए अधिक O₂ प्राप्त करने के लिए तेज श्वसन आवश्यक है।
पर्यावरण में ऑक्सीजन की उपलब्धता में कमी सबसे पहले जंतु कोशिकाओं में वायवीय श्वसन के किस चरण को प्रभावित कर सकती है?
- इलेक्ट्रॉन अभिगमन शृंखला (Electron transport chain)
- ग्लाइकोलिसिस (Glycolysis)
- क्रेब चक्र (Krebs cycle)
- लैक्टिक अम्ल किण्वन (Lactic acid fermentation)
Explanation:
- पर्यावरण में ऑक्सीजन की उपलब्धता में कमी सबसे पहले जंतु कोशिकाओं में वायवीय श्वसन के इलेक्ट्रॉन अभिगमन शृंखला (Electron Transport Chain – ETC) चरण को प्रभावित करती है।
- ETC में O₂ अंतिम इलेक्ट्रॉन स्वीकर्ता (final electron acceptor) है।
- O₂ के बिना, ETC रुक (stops) जाती है।
- ग्लाइकोलिसिस और क्रेब चक्र प्रत्यक्ष रूप से O₂ पर निर्भर नहीं हैं।
सामान्य श्वसन के दौरान जब हम सांस छोड़ते (निःश्वसन) हैं, तो क्या होता है?
- फेफड़ों में वायु की अवशिष्ट मात्रा शेष रहती है।
- डायाफ्राम चपटा हो जाता है।
- फेफड़े सिकुड़ जाते हैं।
- संपूर्ण कार्बन डाइऑक्साइड शरीर से बाहर निकल जाती है।
Explanation:
- सामान्य श्वसन के दौरान सांस छोड़ने (exhalation) पर फेफड़ों में वायु की अवशिष्ट मात्रा (residual volume) शेष रहती है।
- अवशिष्ट मात्रा ≈ 1200 mL होती है।
- डायाफ्राम चपटा नहीं होता (यह साँस लेने में होता है)।
- संपूर्ण CO₂ कभी बाहर नहीं निकलती (कुछ अवशिष्ट रहती है)।
पौधों में प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के संबंध में सही कथन का चयन कीजिए।
- यह प्रक्रिया मुख्यतः रात के समय जल के संरक्षण के लिए की जाती है।
- यह प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करती है।
- यह पादप कोशिकाओं के माइटोकॉन्ड्रिया में होती है।
- इसमें ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए ग्लूकोज का भंजन शामिल है।
Explanation:
- प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) प्रकाश ऊर्जा (light energy) को रासायनिक ऊर्जा (chemical energy) में परिवर्तित (converts) करता है। यह कथन सही है।
- यह दिन के समय होता है, रात में नहीं।
- यह क्लोरोप्लास्ट (chloroplast) में होता है, माइटोकॉन्ड्रिया में नहीं।
- ग्लूकोज का भंजन श्वसन (respiration) है, प्रकाश संश्लेषण नहीं।
कीट किसके द्वारा सांस लेते हैं?
- फेफड़े
- गिल्स
- श्वसन छिद्र
- त्वचा
Explanation:
- कीट श्वसन छिद्र/स्पाइरेकल्स (Spiracles) द्वारा सांस लेते हैं।
- ये श्वासनली (tracheae) से जुड़े होते हैं।
- यह प्रणाली ऑक्सीजन को सीधे ऊतकों तक पहुँचाती है।
- कीटों में फेफड़े (lungs) नहीं होते।
कौन-सा श्वसन जीव अधिक ऊर्जा प्रदान करता है?
- वायवीय श्वसन
- समजातीय श्वसन
- अवायवीय श्वसन
- विषमजनित श्वसन
Explanation:
- वायवीय श्वसन (Aerobic respiration) अधिक ऊर्जा (more energy) प्रदान करता है।
- इसमें 36-38 ATP (ग्लूकोज प्रति) बनते हैं।
- अवायवीय श्वसन में केवल 2 ATP बनते हैं।
वायवीय श्वसन क्या है?
- आणविक ऑक्सीजन के बिना श्वसन
- त्वचा के माध्यम से श्वसन
- ऑक्सीजन की उपस्थिति में श्वसन
- गलफड़ों के माध्यम से श्वसन
Explanation:
- वायवीय श्वसन (Aerobic respiration) ऑक्सीजन (O₂) की उपस्थिति में होता है।
- इसमें ग्लूकोज का पूर्ण (complete) विखंडन होता है।
- उत्पाद: CO₂ + H₂O + 36-38 ATP
स्थलीय जानवरों में गैसों का आदान-प्रदान विसरण द्वारा होता है। इन जानवरों में श्वसन के बारे में निम्नलिखित में से कौन से कथन सत्य हैं? a. अपनी सतह के माध्यम से विसरण b. उनके पास गैसों के आदान-प्रदान को सक्षम करने वाली कोमल और नाजुक सतह होती है c. उनके पास हवा के प्रवाह के लिए मार्ग हो सकते हैं d. उनके पास कम सतह क्षेत्र लेकिन श्वसन के लिए भारी रक्त प्रवाह होता है
- a, c और d
- a और d
- a और b
- a, b और c
Explanation:
- स्थलीय जानवरों में श्वसन के बारे में सत्य कथन:
- a. अपनी सतह के माध्यम से विसरण (diffusion)
- b. कोमल और नाजुक सतह (soft and delicate surface) – गैसों के आदान-प्रदान के लिए
- c. हवा के प्रवाह के लिए मार्ग (pathways) – श्वसन मार्ग
- d. गलत – उनके पास बड़ा सतह क्षेत्र होता है, कम नहीं।
जीव विज्ञान में निम्नलिखित में से कौन कोशिकाओं की क्रियाओं के लिए ऊर्जा का वाहक है?
- ADP
- PTA
- PAD
- ATP
Explanation:
- ATP (Adenosine Triphosphate) कोशिकाओं की क्रियाओं के लिए ऊर्जा का वाहक (energy carrier) है।
- इसे “जैविक ऊर्जा मुद्रा” (biological energy currency) भी कहा जाता है।
- ADP – ATP का निम्न-ऊर्जा रूप (Adenosine Diphosphate)
वायवीय श्वसन के लिए ____ की उपस्थिति की आवश्यकता होती है।
- कार्बन डाइऑक्साइड
- नाइट्रोजन
- ऑक्सीजन
- हाइड्रोजन
Explanation:
- वायवीय श्वसन (Aerobic respiration) के लिए ऑक्सीजन (O₂) की उपस्थिति आवश्यक होती है।
- O₂ अंतिम इलेक्ट्रॉन स्वीकर्ता (final electron acceptor) है।
- इसके बिना श्वसन शृंखला (ETS) कार्य नहीं करती।
निम्नलिखित में से कौन-सी जीवन प्रक्रिया, ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में ग्लूकोज के विघटन का कारण बनती है?
- वायवीय श्वसन
- उत्सर्जन
- किण्वन
- पाचन
Explanation:
- किण्वन (Fermentation) ऑक्सीजन (O₂) की अनुपस्थिति में ग्लूकोज (glucose) के विघटन का कारण बनता है।
- यह अवायवीय श्वसन (anaerobic respiration) है।
- इसमें 2 ATP बनते हैं।
प्रकाश संश्लेषण के दौरान अकार्बनिक CO2 को कार्बनिक रूप (शर्करा) में स्थिरीकरण की प्रक्रिया निम्नलिखित में से किस चरण में की जाती है?
- केल्विन-बेन्सन चक्र
- प्रकाश-निर्भर चरण
- ग्लाइकोलिसिस
- क्रेब चक्र
Explanation:
- प्रकाश संश्लेषण के दौरान अकार्बनिक CO₂ को कार्बनिक रूप (शर्करा) में स्थिरीकरण (fixation) की प्रक्रिया केल्विन-बेन्सन चक्र (Calvin-Benson cycle) में की जाती है।
- यह प्रकाश-स्वतंत्र (light-independent) चरण है।
- ग्लाइकोलिसिस/क्रेब चक्र – श्वसन की प्रक्रियाएँ।
द्वित्विका (एपिग्लॉटिस) का उद्देश्य क्या है?
- स्वाद पहचान
- श्वसन
- वसा का अपघटन
- पचा हुआ प्रोटीन
Explanation:
- द्वित्विका/एपिग्लॉटिस (Epiglottis) का उद्देश्य श्वसन (breathing) के दौरान भोजन को श्वासनली (trachea) में जाने से रोकना है।
- यह स्वरयंत्र (larynx) के ऊपर स्थित ढक्कन (flap) है।
- यह निगलने (swallowing) के दौरान श्वासनली को बंद करता है।
अंत:श्वसन के दौरान, फेफड़े _____ के कारण हवा से भर जाते हैं।
- फेफड़ों के रुक जाने
- फेफड़ों के संकुचन
- फेफड़ों के फैलाव
- फेफड़ों की स्थिति
Explanation:
- अंत:श्वसन (Inhalation) के दौरान, फेफड़े फैलाव (expansion) के कारण हवा से भर जाते हैं।
- डायाफ्राम सपाट (flattens) होता है और पसलियाँ (ribs) ऊपर उठती हैं।
- इससे वक्ष गुहा (chest cavity) का आयतन बढ़ता है।
______ छोटे गुब्बारे के आकार की संरचनाएं हैं और श्वसन तंत्र में इनका मार्ग सबसे कम होता है।
- डायाफ्राम
- श्वसनी
- वायु कूपिका
- श्वसनिका
Explanation:
- वायु कूपिका/एल्वियोली (Alveoli) छोटे गुब्बारे के आकार (small balloon-like) की संरचनाएँ हैं और श्वसन तंत्र में इनका मार्ग सबसे कम (shortest pathway) होता है।
- यहाँ गैसों का आदान-प्रदान (gas exchange) होता है।
- इनकी दीवारें एक कोशिका मोटी होती हैं।
क्लोरेला जैसी कई एककोशिकीय शैवाल जल में रहते हैं। वे श्वसन के लिए ऑक्सीजन कैसे ग्रहण करते हैं?
- वे अवायवीय श्वसन द्वारा जीवित रहते हैं।
- वे अमीबा की तरह विसरण द्वारा घुली हुई ऑक्सीजन को अवशोषित करते हैं।
- उनमें गैसों को ग्रहण करने के लिए छोटे छिद्र (रंध्र) होते हैं।
- वे प्रकाश संश्लेषण द्वारा उत्पन्न ऑक्सीजन को अपने रिक्तिकाओं में संग्रहीत करते हैं।
Explanation:
- क्लोरेला (Chlorella) जैसी एककोशिकीय शैवाल विसरण (diffusion) द्वारा घुली हुई ऑक्सीजन (dissolved oxygen) को अवशोषित (absorb) करती हैं।
- यह अमीबा (Amoeba) की तरह है।
- इनमें विशेष श्वसन अंग (respiratory organs) नहीं होते।
तंत्रिका तंत्र के अलावा, हमारे शरीर में नियंत्रण और समन्वय में कौन सा अन्य तंत्र मदद करता है?
- उत्सर्जन तंत्र
- अंत:स्रावी तंत्र
- श्वसन तंत्र
- पाचन तंत्र
Explanation:
- तंत्रिका तंत्र (Nervous system) के अलावा, हमारे शरीर में नियंत्रण और समन्वय (control and coordination) में अंत:स्रावी तंत्र (Endocrine system) मदद करता है।
- यह हार्मोन (hormones) के माध्यम से कार्य करता है।
- तंत्रिका तंत्र – तीव्र प्रतिक्रिया, अंत:स्रावी तंत्र – धीमी लेकिन दीर्घकालिक प्रतिक्रिया।
______ हमारे शरीर की कोशिकाओं में उपस्थित O2 के साथ संयोजित होकर ऊर्जा प्रदान करता है।
- ग्लाइकोजन
- ग्लूकोज
- पाइरूवेट
- अमीनो अम्ल
Explanation:
- ग्लूकोज (Glucose) हमारे शरीर की कोशिकाओं में उपस्थित O₂ के साथ संयोजित (combines) होकर ऊर्जा (energy) प्रदान करता है।
- रासायनिक समीकरण: C₆H₁₂O₆ + 6O₂ → 6CO₂ + 6H₂O + 36-38 ATP
- ग्लूकोज श्वसन (respiration) का मुख्य सब्सट्रेट है।
निम्नलिखित में से कौन-सा जीवित होने का एक सामान्य प्रमाण है?
- हमारी आँखों के सामने पौधों की दिखाई देने वाली वृद्धि।
- दिखाई देने वाली गति के बिना कुछ जानवर साँस ले सकते हैं।
- पौधों की दिखाई देने वाली गतिविधि।
- किसी प्रकार की गति, या तो वृद्धि से संबंधित या श्वसन से।
Explanation:
- जीवित होने का एक सामान्य प्रमाण (common proof) किसी प्रकार की गति (some kind of movement) है, या तो वृद्धि (growth) से संबंधित या श्वसन (respiration) से।
- पौधों में स्पष्ट गति नहीं होती, परंतु वृद्धि होती है।
- जानवरों में स्पष्ट गति होती है।
पादप जड़ कोशिकाओं को भी ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। अतः, जड़ें _____ से वायु ग्रहण करती हैं।
- रंध्र
- जल
- मृदा कणों के बीच वायु स्थान
- कोशिका द्रव्य
Explanation:
- पादप जड़ कोशिकाओं को ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए O₂ की आवश्यकता होती है।
- जड़ें मृदा कणों के बीच वायु स्थान (air spaces between soil particles) से वायु ग्रहण करती हैं।
- यह विसरण (diffusion) द्वारा होता है।
- इसी कारण जलजमाव (waterlogging) से जड़ों को O₂ नहीं मिलती।
O2 का उपयोग करके पाइरुवेट का टूटना _____ में होता है।
- लाइसोसोम
- केंद्रक
- रिक्तिका
- सूत्रकणिका
Explanation:
- O₂ का उपयोग करके पाइरुवेट (Pyruvate) का टूटना सूत्रकणिका/माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) में होता है।
- यह क्रेब चक्र (Krebs cycle) और ETS का स्थल है।
- इसमें CO₂, H₂O और 36-38 ATP बनते हैं।
कोशिका के किस कोशिकांग में कोशिकीय श्वसन का पहला चरण होता है, जिसमें ग्लूकोज, एक छह-कार्बन अणु, का तीन-कार्बन अणु पाइरुवेट में टूटना होता है?
- कोशिका द्रव्य
- माइटोकॉन्ड्रिया
- केन्द्रक
- लाइसोसोम
Explanation:
- कोशिकीय श्वसन का पहला चरण (glycolysis) कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) में होता है।
- इसमें ग्लूकोज (6 कार्बन) → 2 पाइरुवेट (3 कार्बन प्रत्येक) + 2 ATP
- यह ऑक्सीजन पर निर्भर नहीं है।
मानव द्वारा सामान्य रूप से अंदर ली जाने वाली और बाहर छोड़ी जाने वाली हवा में ऑक्सीजन का प्रतिशत क्या होता है?
- अंदर ली गई हवा में लगभग 21% और बाहर छोड़ी गई हवा में 16%
- अंदर ली गई हवा में लगभग 18% और बाहर छोड़ी गई हवा में 10%
- अंदर ली गई हवा में लगभग 19% और बाहर छोड़ी गई हवा में 17%
- अंदर ली गई हवा में लगभग 20% और बाहर छोड़ी गई हवा में 2%
Explanation:
- मानव द्वारा सामान्य रूप से अंदर ली जाने वाली हवा में O₂ ≈ 21% और बाहर छोड़ी जाने वाली हवा में O₂ ≈ 16% होती है।
- लगभग 5% O₂ शरीर द्वारा अवशोषित (absorbed) हो जाती है।
- CO₂ बाहर छोड़ी गई हवा में ≈ 4% (अंदर ली गई में 0.04%)।
जंतुओं में श्वसन सतह की कुछ विशेषताएं निम्न उल्लिखित हैं। गलत विकल्प का चयन कीजिए।
- श्वसन सतह सामान्यतः शरीर के अंदर होती है
- इस क्षेत्र में वायु को अंदर और बाहर ले जाने के लिए एक तंत्र की उपस्थिति होती है
- श्वसन सतह बहुत मोटी होती है
- इसका सतह क्षेत्रफल अधिक होता है
Explanation:
- श्वसन सतह (Respiratory surface) बहुत मोटी (very thick) होती है – यह कथन गलत है।
- श्वसन सतह बहुत पतली (very thin) होती है ताकि विसरण (diffusion) आसान हो सके।
- श्वसन सतह की विशेषताएँ:
- पतली दीवारें
- बड़ा सतह क्षेत्र
- नम (moist)
- रक्त वाहिकाओं का व्यापक नेटवर्क
निम्नलिखित में से क्या हमारी पेशियों में ऐंठन का कारण बन सकता है?
- CO2 का आभाव
- O2 का आभाव
- CO2 का आधिक्य
- O2 का आधिक्य
Explanation:
- O₂ का आभाव (lack of O₂) हमारी पेशियों में ऐंठन (cramp) का कारण बन सकता है।
- O₂ की कमी में अवायवीय श्वसन (anaerobic respiration) होता है।
- इससे लैक्टिक अम्ल (lactic acid) बनता है, जो दर्द और ऐंठन का कारण बनता है।
अस्थमा मुख्यतः श्वसन तंत्र के किस भाग को प्रभावित करता है?
- एल्वियोली (Alveoli)
- ब्रॉन्की और ब्रॉन्किओल्स (Bronchi and bronchioles)
- डायाफ्राम (Diaphragm)
- श्वासनली (Trachea)
Explanation:
- अस्थमा (Asthma) मुख्यतः श्वसन तंत्र के ब्रॉन्की (bronchi) और ब्रॉन्किओल्स (bronchioles) को प्रभावित करता है।
- इनमें सूजन (inflammation) और संकुचन (constriction) होता है।
- इससे सांस लेने में कठिनाई (breathing difficulty) होती है।
ऑक्सीजन का उपयोग करके पाइरुवेट का टूटना कहाँ होता है?
- माइटोकॉन्ड्रिया
- क्लोरोप्लास्ट
- न्यूक्लियोप्लाज्म
- साइटोप्लाज्म
Explanation:
- O₂ का उपयोग करके पाइरुवेट (Pyruvate) का टूटना माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) में होता है।
- यह वायवीय श्वसन (aerobic respiration) का स्थल है।
- साइटोप्लाज्म – ग्लाइकोलिसिस (अवायवीय)
- क्लोरोप्लास्ट – प्रकाश संश्लेषण
एक पादप कोशिका में, ऑक्सीजन ग्रहण करने और भोजन से ऊर्जा और कार्बन डाइऑक्साइड मुक्त करने की श्वसन क्रिया ______ में होती है।
- माइटोकॉन्ड्रिया
- पेरोक्सिसोम्स
- क्लोरोप्लास्ट और माइटोकॉन्ड्रिया
- रिक्तिकाएँ
Explanation:
- एक पादप कोशिका में, O₂ ग्रहण करने और भोजन से ऊर्जा (energy) और CO₂ मुक्त करने की श्वसन क्रिया (respiration) माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) में होती है।
- क्लोरोप्लास्ट – प्रकाश संश्लेषण (O₂ मुक्त करता है, ग्रहण नहीं)
सामान्य श्वसन में अन्दर जाने और निकलने वाली वायु की मात्रा को किस रूप में जाना जाता है?
- अल्प आयतन
- अवशिष्ट आयतन
- जीवद आयतन
- श्वसन आयतन
Explanation:
- सामान्य श्वसन में अंदर जाने (inhaled) और निकलने (exhaled) वाली वायु की मात्रा को श्वसन आयतन (Tidal Volume) कहा जाता है।
- यह लगभग 500 mL होता है।
- अवशिष्ट आयतन – फेफड़ों में हमेशा बची हुई वायु (~1200 mL)
निम्नलिखित में से किसकी श्वास दर सबसे तेज़ है?
- मछली
- मानव
- हाथी
- कबूतर
Explanation:
- मछली (Fish) की श्वास दर सबसे तेज़ होती है।
- कारण: पानी में O₂ की मात्रा बहुत कम होती है।
- मछलियाँ गिल्स (gills) के माध्यम से सांस लेती हैं और तेजी से पानी को बहाती हैं।
पौधों की पत्तियों से रंध्रों द्वारा पानी निकल जाने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
- अपवाह
- वाष्पोत्सर्जन
- वर्षण
- वाष्पन
Explanation:
- पौधों की पत्तियों से रंध्रों (stomata) द्वारा पानी निकल जाने की प्रक्रिया वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) कहलाती है।
- यह जल वाष्प (water vapour) के रूप में होता है।
- यह जाइलम (xylem) में चूषण बल (suction force) उत्पन्न करता है।
- वाष्पन (Evaporation) – किसी भी सतह से जल का वाष्पीकरण
