SCIENCE

हृदय की पेशियां ______ होती हैं।

  • ऐच्छिक
  • अनैच्छिक
  • रेखित
  • अरेखित

Explanation:

  • हृदय की पेशियां (Cardiac muscles) अनैच्छिक (involuntary) होती हैं।
  • ये रेखित (striated) होती हैं, परंतु अनैच्छिक रूप से कार्य करती हैं।
  • हृदय पेशी हृदय (heart) में पाई जाती है और जीवन भर संकुचन करती है।
  • ये अत्यधिक सहनशील (highly resistant) होती हैं और थकती (fatigue) नहीं हैं।

बांस में पर्ण शिराविन्यास और जड़ संरचना का एक विशिष्ट प्रकार पाया जाता है। इन विशेषताओं की क्या पहचान है?

  • जालिकाभ पी शिराविन्यास और झकड़ा जड़
  • समांतर शिराविन्यास और झकड़ा जड़
  • समांतर शिराविन्यास और मूसला जड़
  • जालिकाभ पी शिराविन्यास और मूसला जड़

Explanation:

  • बांस (Bamboo) में समांतर शिराविन्यास (parallel venation) और झकड़ा जड़ (fibrous root) पाई जाती है।
  • बांस एकबीजपत्री (monocot) पौधा है।
  • एकबीजपत्री पौधों की विशेषताएँ:
    • समांतर शिराविन्यास (पत्तियों में)
    • झकड़ा जड़ (तंतुमय जड़)
    • अपस्थानिक जड़ें
  • द्विबीजपत्री में जालिकाभ शिराविन्यास और मूसला जड़ होती है।

सरल स्थायी ऊतक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

  • यह बाह्यत्वचा के नीचे कुछ परतें बनाता है।
  • भोजन भंडारण सरल स्थायी ऊतक में होता है।
  • दृढोतक सबसे उभयनिष्ठ सरल स्थायी ऊतक है।
  • सरल स्थायी ऊतक सामान्यत: जीवित कोशिकाओं से बना होता है।

Explanation:

  • दृढोतक (Sclerenchyma) सबसे उभयनिष्ठ (most common) सरल स्थायी ऊतक नहीं है। यह कथन गलत है।
  • मृदूतक (Parenchyma) सबसे उभयनिष्ठ सरल स्थायी ऊतक है।
  • सरल स्थायी ऊतक के प्रकार:
    1. मृदूतक (Parenchyma) – जीवित, पतली दीवारें, भोजन भंडारण
    2. कोलेन्काइमा (Collenchyma) – जीवित, कोनों पर मोटी दीवारें, लचीली सहायता
    3. दृढोतक (Sclerenchyma) – मृत, मोटी लिग्निफाइड दीवारें, यांत्रिक सहायता

नारियल का जटा (भूसी) किस प्रकार के ऊतक बनाता है?

  • कोलेनकाइमा
  • पैरेकाइमा
  • फ्लोएम पैरेकाइमा
  • स्क्लेरेन्काइमेटस फाइबर

Explanation:

  • नारियल का जटा (भूसी/Coir) स्क्लेरेन्काइमेटस फाइबर (Sclerenchymatous fibres) द्वारा बनता है।
  • ये मृत कोशिकाएँ हैं जिनमें लिग्निन (lignin) जमा होता है।
  • नारियल का रेशा मजबूत और जल प्रतिरोधी होता है।
  • इसका उपयोग रस्सी, चटाई, ब्रश आदि बनाने में होता है।

पादपों में भोजन का परिवहन करने वाले जटिल ऊतक को ______ कहा जाता है, और इसमें चालनी नलिकाएँ (sieve tubes) और ______ जैसी जीवित कोशिकाएँ होती हैं।

  • जाइलम, जाइलम तंतु
  • जाइलम, वाहिनिकाएँ
  • स्थूलकोण ऊतक, दृढोतक
  • फ्लोएम, सहचर कोशिकाएँ

Explanation:

  • पादपों में भोजन का परिवहन करने वाला जटिल ऊतक फ्लोएम (Phloem) है, और इसमें चालनी नलिकाएँ (sieve tubes) और सहचर कोशिकाएँ (companion cells) जैसी जीवित कोशिकाएँ होती हैं।
  • फ्लोएम कार्बनिक पदार्थों (सुक्रोज) का परिवहन करता है।
  • फ्लोएम के घटक:
    • चालनी नलिकाएँ – जीवित, केन्द्रक रहित
    • सहचर कोशिकाएँ – जीवित, चालनी नलिकाओं के साथ जुड़ी
    • फ्लोएम तंतु, फ्लोएम मृदूतक

निम्नलिखित में से कौन-सा मानव शरीर में एरियोलर संयोजी ऊतकों से संबंधित नहीं है?

  • अंगों के भीतर की जगह भरना
  • ऊष्णीकरण के लिए वसा कणों का भंडारण करना
  • आंतरिक अंगों को सपोर्ट देना
  • ऊतकों को ठीक करने में सहायता करना

Explanation:

  • ऊष्णीकरण (insulation) के लिए वसा कणों (fat globules) का भंडारण करना एरियोलर संयोजी ऊतक (areolar connective tissue) से संबंधित नहीं है।
  • यह कार्य एडिपोज (वसा) ऊतक (adipose tissue) द्वारा किया जाता है।
  • एरियोलर ऊतक के कार्य:
    1. अंगों के भीतर जगह भरना
    2. आंतरिक अंगों को सहारा देना
    3. ऊतकों की मरम्मत में सहायता

मानव आंत्र में किस प्रकार का उपकला ऊतक मुख्यतः अवशोषण के लिए विशिष्ट होता है?

  • सरल घनाभाकार उपकला (Simple cuboidal epithelium)
  • सरल शल्की उपकला (Simple squamous epithelium)
  • स्तरित पट्टकी उपकला (Stratified squamous epithelium)
  • सरल स्तंभाकार उपकला (Simple columnar epithelium)

Explanation:

  • मानव आंत्र (intestine) में सरल स्तंभाकार उपकला (Simple columnar epithelium) मुख्यतः अवशोषण (absorption) के लिए विशिष्ट होता है।
  • इसमें माइक्रोविली (microvilli) होते हैं जो अवशोषण क्षेत्र को बढ़ाते हैं।
  • अन्य उपकला ऊतक:
    • सरल घनाभाकार – ग्रंथियों में स्राव
    • सरल शल्की – रक्त वाहिकाएँ, फेफड़े (गैसों का आदान-प्रदान)
    • स्तरित पट्टकी – त्वचा (सुरक्षा)

द्विबीजपत्री पौधों की पत्तियों में सामान्यतः किस प्रकार की शिरा संरचना पाई जाती है?

  • छीलने शिरा संरचना
  • वृत्ताकार शिरा संरचना
  • जालीदार शिरा संरचना
  • समानांतर शिरा संरचना

Explanation:

  • द्विबीजपत्री (Dicot) पौधों की पत्तियों में जालीदार/जालिकाभ शिरा संरचना (Reticulate venation) पाई जाती है।
  • इसमें जाल जैसा पैटर्न होता है।
  • अन्य शिराविन्यास:
    • समांतर शिराविन्यास (Parallel venation) – एकबीजपत्री (monocot) पौधे (जैसे: गेहूँ, मक्का, बांस)
  • द्विबीजपत्री के अन्य लक्षण: मूसला जड़, दो बीजपत्र, कैम्बियम।

दारु (जाइलम) एक जटिल स्थायी ऊतक है। इसके संघटन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

  • वाहिनिका, जाइलम मृदूतक और जाइलम रेशा
  • वाहिनिका, चालनी (सीव) कोशिका और फ्लोएम मृदूतक
  • वाहिका, जाइलम स्थूल कोणोतक (कोलेनकाइमा) और जाइलम रेशा
  • सहकोशिकाएं, वाहिनिका और जाइलम रेशा

Explanation:

  • दारु (जाइलम/Xylem) के घटक: वाहिनिका (Tracheids), जाइलम मृदूतक (Xylem parenchyma) और जाइलम रेशा (Xylem fibres) (सहित वाहिकाएँ/Vessels)।
  • जाइलम के सभी घटक:
    1. वाहिकाएँ (Vessels)
    2. वाहिनिकाएँ (Tracheids)
    3. जाइलम तंतु (Xylem fibres)
    4. जाइलम मृदूतक (Xylem parenchyma)
  • अन्य विकल्पों में फ्लोएम के घटक या गलत पदार्थ शामिल हैं।

निम्न में लाल संवहनीय संयोजी उतक है:

  • लाल रुधिर कणिकाएं
  • रुधिर
  • श्वेत रुधिर कणिकाएं
  • प्लाज्मा

Explanation:

  • रुधिर (Blood) एक लाल (red) संवहनीय संयोजी ऊतक (vascular connective tissue) है।
  • यह तरल संयोजी ऊतक (fluid connective tissue) है।
  • रक्त का लाल रंग लाल रुधिर कणिकाओं (RBCs) में उपस्थित हीमोग्लोबिन (hemoglobin) के कारण होता है।
  • रक्त ऑक्सीजन, CO₂, हार्मोन, पोषक तत्व, अपशिष्ट का परिवहन करता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा पादपों में सबसे उभयनिष्ठ सरल स्थायी ऊतक है?

  • दृढोतक (Sclerenchyma)
  • वायूलक (Aerenchyma)
  • हरित ऊतक (Chlorenchyma)
  • मृदूतक (Parenchyma)

Explanation:

  • मृदूतक (Parenchyma) पादपों में सबसे उभयनिष्ठ (most common) सरल स्थायी ऊतक है।
  • यह जीवित कोशिकाओं से बना होता है, पतली दीवारें होती हैं और अंतरकोशिकीय स्थान होते हैं।
  • अन्य सरल स्थायी ऊतक:
    • कोलेन्काइमा – लचीली सहायता
    • स्क्लेरेन्काइमा – यांत्रिक सहायता
    • हरित ऊतक (Chlorenchyma) – प्रकाश संश्लेषण (विशेष मृदूतक)
    • वायूलक (Aerenchyma) – वायु भंडारण (जलीय पौधे)

निम्नलिखित में से कौन-सा पादप ऊतक उन कोशिकाओं से बनता है जो परिपक्वता पर मृत हो जाती हैं?

  • कोलेनकाइमा (Collenchyma)
  • स्क्लेरेनकाइमा (Sclerenchyma)
  • एरेनकाइमा (Aerenchyma)
  • पैरेकाइमा (Parenchyma)

Explanation:

  • स्क्लेरेनकाइमा (Sclerenchyma) उन कोशिकाओं से बनता है जो परिपक्वता पर मृत (dead at maturity) हो जाती हैं।
  • इनमें मोटी लिग्निफाइड दीवारें (thick lignified walls) होती हैं।
  • अन्य ऊतक:
    • पैरेन्काइमा – जीवित
    • कोलेन्काइमा – जीवित
    • एरेन्काइमा – जीवित (विशेष पैरेन्काइमा)

बाह्य त्वचा किस प्रकार के उपकला ऊतक से बनी होती है?

  • स्तरीकृत पट्टकी उपकला (Stratified squamous epithelium)
  • स्तंभाकार उपकला (Columnar epithelium)
  • घनाभाकार उपकला (Cuboidal epithelium)
  • सरल पट्टकी उपकला (Simple squamous epithelium)

Explanation:

  • बाह्य त्वचा (Skin epidermis) स्तरीकृत पट्टकी उपकला (Stratified squamous epithelium) से बनी होती है।
  • यह बहु-परत (multilayered) होता है, जो सुरक्षा (protection) प्रदान करता है।
  • अन्य उपकला ऊतक:
    • सरल पट्टकी – फेफड़े, रक्त वाहिकाएँ
    • स्तंभाकार – आंत (अवशोषण)
    • घनाभाकार – ग्रंथियाँ

निम्नलिखित में से कौन-सा, सरल स्थायी ऊतक पैरेन्काइमा का सही वर्णन करता है?

  • पैरेनकाइमा मृत, मोटी भित्ति वाली कोशिकाओं से बना होता है जिनमें अंतरकोशिकीय स्थान नहीं होता।
  • पैरेनकाइमा जीवित, शिथिल रूप से व्यवस्थित कोशिकाओं से बना होता है, जिनकी भित्तियां पतली होती हैं और जो भोजन का भंडारण करती हैं।
  • पैरेन्काइमा कोशिकाएं अत्यधिक विशिष्ट होती हैं तथा एक दूसरे से कसकर भरी होती हैं तथा उनके बीच कोई स्थान नहीं होता।
  • पैरेन्काइमा एक जटिल ऊतक है जो केवल संवहनी बंडलों में पाया जाता है।

Explanation:

  • पैरेन्काइमा (Parenchyma) जीवित (living), शिथिल रूप से व्यवस्थित (loosely arranged) कोशिकाओं से बना होता है, जिनकी पतली (thin) भित्तियाँ होती हैं और जो भोजन का भंडारण (food storage) करती हैं।
  • इसमें अंतरकोशिकीय स्थान (intercellular spaces) होते हैं।
  • यह पौधों का सबसे उभयनिष्ठ ऊतक है।

निम्नलिखित में से कौन सा प्राकृतिक विभागों पॉलीसेकेराइड, मध्य लैमेलला में उपस्थित होता है, जो आसन्न पादप कोशिकाओं को मजबूत करता है और पादप ऊतकों को संसंजन प्रदान करता है?

  • काइटिन
  • एल्जिन
  • पेक्टिन
  • म्यूसिन

Explanation:

  • पेक्टिन (Pectin) एक प्राकृतिक पॉलीसेकेराइड (natural polysaccharide) है जो मध्य लैमेल्ला (middle lamella) में उपस्थित होता है।
  • यह आसन्न पादप कोशिकाओं को मजबूत (strengthens) करता है और पादप ऊतकों को संसंजन (cohesion) प्रदान करता है।
  • अन्य पॉलीसेकेराइड:
    • काइटिन (Chitin) – कवक, कीटों के बाह्यकंकाल
    • एल्जिन (Algin) – शैवाल
    • म्यूसिन (Mucin) – जंतुओं में श्लेष्म

ऊतक हमारे मुख की आंतरिक आस्तर का निर्माण करता है।

  • पक्ष्माभी स्तंभाकार उपकला
  • सरल शल्की उपकला
  • स्तरीकृत शल्की उपकला
  • स्तंभाकार उपकला

Explanation:

  • सरल शल्की उपकला (Simple squamous epithelium) हमारे मुख की आंतरिक आस्तर (lining of mouth) का निर्माण करता है।
  • यह पतला (thin) होता है और सुरक्षा प्रदान करता है।
  • अन्य स्थान:
    • स्तरीकृत शल्की उपकला – त्वचा, ग्रासनली
    • स्तंभाकार उपकला – आंत (अवशोषण)
    • पक्ष्माभी स्तंभाकार – श्वसन नलिका

निम्नलिखित में से कौन हृदय से शरीर के विभिन्न भागों तक जाता है?

  • ऊतक
  • शिराएँ (नसें)
  • लसीका (लिम्फ)
  • धमनियां

Explanation:

  • धमनियां (Arteries) हृदय (heart) से शरीर के विभिन्न भागों तक ऑक्सीजन युक्त रक्त ले जाती हैं (फुफ्फुसीय धमनी को छोड़कर)।
  • शिराएँ (Veins) – शरीर से हृदय तक रक्त लाती हैं।
  • लसीका (Lymph) – ऊतक द्रव
  • ऊतक (Tissue) – कोशिकाओं का समूह

भोजन के संग्रहण के लिए जाइलम की कौन-सी कोशिकाएं उत्तरदायी हैं?

  • वाहिका
  • पैरेकाइमा
  • वाहिनिकी
  • जाइलम तंतु

Explanation:

  • जाइलम पैरेन्काइमा (Xylem parenchyma) भोजन के संग्रहण (food storage) के लिए उत्तरदायी है।
  • यह जाइलम का एकमात्र जीवित घटक है।
  • अन्य जाइलम घटक:
    • वाहिकाएँ (Vessels) – जल परिवहन (मृत)
    • वाहिनिकाएँ (Tracheids) – जल परिवहन (मृत)
    • जाइलम तंतु (Xylem fibres) – यांत्रिक सहायता (मृत)

एक विशेष जंतु ऊतक द्वारा किए जाने वाले कुछ कार्यों का उल्लेख नीचे किया गया है: a. यह अंगों के अंदर के अवकाश को भर देता है b. यह आंतरिक अंगों का सहारा देता है c. यह ऊतकों की मरम्मत में सहायक होता है नीचे दिए गए विकल्पों में से इस ऊतक की पहचान कीजिए।

  • वसा ऊतक (Adipose tissue)
  • उपकला ऊतक (Epithelial Tissue)
  • पेशी ऊतक (Muscular tissue)
  • अवकाशी ऊतक (Areolar tissue)

Explanation:

  • अवकाशी ऊतक (Areolar tissue):
    1. अंगों के अंदर के अवकाश (spaces) को भरता है
    2. आंतरिक अंगों का सहारा (support) देता है
    3. ऊतकों की मरम्मत (repair) में सहायक होता है
  • यह एक संयोजी ऊतक (connective tissue) है।
  • वसा ऊतक – वसा भंडारण, ऊष्मीकरण
  • उपकला ऊतक – सुरक्षा, अवशोषण
  • पेशी ऊतक – संकुचन, गति

नीचे दी गई तालिका पौधों और जंतुओं की संरचना और कार्य के बीच अंतर को दर्शाती है। कौनसा विकल्प गलत कथन दर्शाता है?

  • c
  • a
  • b
  • d

Explanation:

  • पौधों और जंतुओं के ऊतकों में बुनियादी अंतर:
    • पौधों में विभज्योतक (meristematic) और स्थायी (permanent) ऊतक होते हैं।
    • जंतुओं में उपकला (epithelial), संयोजी (connective), पेशी (muscular), तंत्रिका (nervous) ऊतक होते हैं।
    • पौधों में क्रमिक वृद्धि होती है, जंतुओं में सीमित वृद्धि।
    • पौधों में अधिकांश कोशिकाएँ मृत होती हैं, जंतुओं में अधिकांश जीवित।
  • विकल्प ‘d’ में गलत तुलना हो सकती है (तालिका के अनुसार)।

जीव विज्ञान की वह शाखा कौन-सी है जिसके अंतर्गत ऊतकों का अध्ययन किया जाता है?

  • ऊतक विज्ञान
  • टिशियोलॉजी
  • शरीर रचना
  • विकृत विज्ञान

Explanation:

  • जीव विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत ऊतकों (tissues) का अध्ययन किया जाता है, ऊतक विज्ञान (Histology) कहलाती है।
  • अन्य शाखाएँ:
    • शरीर रचना (Anatomy) – शरीर की संरचना
    • विकृत विज्ञान (Pathology) – रोगों का अध्ययन
    • कोशिका विज्ञान (Cytology) – कोशिकाओं का अध्ययन

पादपों में जल और खनिजों के ऊर्ध्वाधर परिवहन के लिए जाइलम की कौन-सी कोशिकाएं मुख्यतः जिम्मेदार होती हैं?

  • जाइलम फाइबर (Xylem fibres)
  • चालनी नलिकाएं (Sieve tubes)
  • सहचर कोशिकाएं (Companion cells)
  • वाहिनिकाएं और वाहिकाएं (Tracheids and vessels)

Explanation:

  • पादपों में जल और खनिजों के ऊर्ध्वाधर परिवहन (vertical transport) के लिए वाहिनिकाएं (Tracheids) और वाहिकाएं (Vessels) मुख्यतः जिम्मेदार होती हैं।
  • ये मृत कोशिकाएँ हैं जो जल-वाहक चैनल बनाती हैं।
  • अन्य जाइलम घटक:
    • जाइलम फाइबर – यांत्रिक सहायता (परिवहन में नहीं)
  • चालनी नलिकाएं और सहचर कोशिकाएं फ्लोएम के घटक हैं (भोजन परिवहन)।

द्रव संयोजी ऊतक के लिए सही विकल्प का चयन करें।

  • उपास्थि
  • वसा संयोजी ऊतक
  • रक्त
  • एरियोलर संयोजी ऊतक

Explanation:

  • रक्त (Blood) एक द्रव संयोजी ऊतक (fluid connective tissue) है।
  • इसमें रक्त कोशिकाएँ (RBCs, WBCs, Platelets) और प्लाज्मा (plasma) (तरल माध्यम) होते हैं।
  • अन्य संयोजी ऊतक:
    • उपास्थि (Cartilage) – ठोस संयोजी ऊतक
    • वसा ऊतक (Adipose) – ठोस संयोजी ऊतक
    • एरियोलर ऊतक – ढीला संयोजी ऊतक

जल और खनिजों का परिवहन मुख्यतः पौधे के किस भाग के माध्यम से होता है?

  • रंध्र
  • जाइलम
  • फ्लोएम
  • पंखुड़ियाँ

Explanation:

  • जल और खनिजों का परिवहन मुख्यतः पौधे के जाइलम (Xylem) के माध्यम से होता है।
  • यह एकदिशीय (unidirectional) परिवहन है: जड़ → तना → पत्तियाँ
  • फ्लोएम – भोजन का परिवहन
  • रंध्र – गैसों का आदान-प्रदान
  • पंखुड़ियाँ – आकर्षण और प्रजनन

निम्नलिखित में से किस ऊतक में धारीदार, छोटी और शाखित कोशिकाएँ होती हैं जो आपस में जुड़ी हुई डिस्क द्वारा एक साथ जुड़ती हैं?

  • रेखीय पेशी उतक
  • अरेखीय पेशी उतक
  • कार्डियक पेशी उतक
  • उपकला उतक

Explanation:

  • कार्डियक पेशी उतक (Cardiac muscle tissue) में धारीदार (striated), छोटी (short) और शाखित (branched) कोशिकाएँ होती हैं।
  • ये अंतरालेय डिस्क (Intercalated discs) द्वारा आपस में जुड़ी होती हैं।
  • यह अनैच्छिक (involuntary) होता है और हृदय में पाया जाता है।
  • रेखीय पेशी – लंबी, बेलनाकार, बहुकेन्द्रकी (ऐच्छिक)
  • अरेखीय पेशी – अशाखित, एककेन्द्रकी (अनैच्छिक)

दो हड्डियों के बीच गतिशील जोड़ पर पाए जाने वाले स्नेहक द्रव को क्या कहते हैं?

  • इंटरस्टीशियल फ्लूड
  • साइनोवियल फ्लूड
  • सेरेब्रिस्पाइनल फ्लूड
  • एम्नियोटिक फ्लूड

Explanation:

  • दो हड्डियों के बीच गतिशील जोड़ (movable joint) पर पाए जाने वाले स्नेहक द्रव (lubricating fluid) को साइनोवियल द्रव (Synovial fluid) कहते हैं।
  • यह घर्षण (friction) को कम करता है और गति को सुगम बनाता है।
  • अन्य द्रव:
    • इंटरस्टीशियल द्रव – ऊतकों के बीच
    • सेरेब्रिस्पाइनल द्रव – मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी
    • एम्नियोटिक द्रव – गर्भाशय में भ्रूण के चारों ओर

निम्नलिखित में से कौन संयोजी ऊतक का उदाहरण नहीं है?

  • ट्रेकिड
  • अस्थि
  • रक्त
  • उपास्थि

Explanation:

  • ट्रेकिड (Tracheid) संयोजी ऊतक (connective tissue) का उदाहरण नहीं है।
  • यह पादप ऊतक (plant tissue) है – जाइलम (xylem) का एक घटक।
  • संयोजी ऊतक के उदाहरण:
    • अस्थि (Bone)
    • रक्त (Blood)
    • उपास्थि (Cartilage)
    • एडिपोज (Adipose)
    • एरियोलर (Areolar)

निम्नलिखित में से कौन जाइलम का हिस्सा नहीं है?

  • जाइलम तंतु
  • चालनी ट्यूब
  • वाहिकाएं
  • ट्रेकीड

Explanation:

  • चालनी ट्यूब (Sieve tube) जाइलम (xylem) का हिस्सा नहीं है।
  • यह फ्लोएम (phloem) का एक घटक है।
  • जाइलम के घटक:
    1. वाहिकाएँ (Vessels)
    2. ट्रेकीड/वाहिनिकाएँ (Tracheids)
    3. जाइलम तंतु (Xylem fibres)
    4. जाइलम मृदूतक (Xylem parenchyma)

तनों और जड़ों के ______ पोषक तत्वों और पानी को भी संग्रहित करते हैं।

  • मृदूतक
  • जाइलम
  • स्थूलकोण ऊतक
  • दृढ ऊतक

Explanation:

  • तनों और जड़ों के मृदूतक (Parenchyma) पोषक तत्वों और पानी को संग्रहित (store) करते हैं।
  • यह जीवित (living) ऊतक है जिसमें पतली कोशिका भित्तियाँ होती हैं।
  • अन्य ऊतक:
    • जाइलम – जल और खनिजों का परिवहन
    • स्थूलकोण (Collenchyma) – लचीली सहायता
    • दृढ ऊतक (Sclerenchyma) – यांत्रिक सहायता

पौधों में लचीलापन किसके कारण होता है?

  • स्क्लेरेनकाइमा
  • कोलेनकाइमा
  • कैम्बियम
  • पेरेनकाइमा

Explanation:

  • पौधों में लचीलापन (flexibility) कोलेन्काइमा (Collenchyma) के कारण होता है।
  • इसमें जीवित कोशिकाएँ होती हैं जिनमें कोनों पर मोटी दीवारें होती हैं।
  • यह यांत्रिक सहायता और लचीलापन प्रदान करता है।
  • अन्य ऊतक:
    • स्क्लेरेन्काइमा – कठोरता (lignin)
    • पैरेन्काइमा – भोजन भंडारण
    • कैम्बियम – द्वितीयक वृद्धि

सबसे छोटी रक्त वाहिकाओं की कोशिका भित्ति की मोटाई कहलाती है।

  • प्लेटलेट्स
  • केशिकाएँ
  • अंग
  • ऊतक

Explanation:

  • सबसे छोटी रक्त वाहिकाओं (smallest blood vessels) को केशिकाएँ (Capillaries) कहते हैं।
  • इनकी कोशिका भित्ति एक कोशिका मोटी होती है, जो पदार्थों के आदान-प्रदान को सुगम बनाती है।
  • रक्त वाहिकाओं का क्रम: धमनी → धमनीका → केशिका → शिराका → शिरा

वृक्क की नलिकाओं और लार ग्रंथि नलिकाओं का अस्तर बनाने वाला उपकला ऊतक निम्नलिखित में से कौन-सा है?

  • स्तरीकृत उपकला (Stratified epithelium)
  • पक्ष्माभी उपकला (Ciliated epithelium)
  • घनाभाकार उपकला (Cuboidal epithelium)
  • स्तंभाकार उपकला (Columnar epithelium)

Explanation:

  • वृक्क की नलिकाएँ (Kidney tubules) और लार ग्रंथि नलिकाएँ (Salivary gland ducts) का अस्तर घनाभाकार उपकला (Cuboidal epithelium) द्वारा बनता है।
  • यह स्राव (secretion) और अवशोषण (absorption) के लिए अनुकूलित होता है।
  • अन्य उपकला:
    • स्तरीकृत – सुरक्षा (त्वचा)
    • स्तंभाकार – अवशोषण (आंत)
    • पक्ष्माभी – श्वसन नलिका (कणों को हटाना)

कौन-सा ऊतक तीव्र विद्युत आवेगों को संचारित करने में विशेषीकृत है जो पेशियों के संचलन को सक्षम बनाता है?

  • संयोजी ऊतक
  • तंत्रिका ऊतक
  • वसा ऊतक
  • उपकला ऊतक

Explanation:

  • तंत्रिका ऊतक (Nervous tissue) तीव्र विद्युत आवेगों (electrical impulses) को संचारित करने में विशेषीकृत है।
  • यह न्यूरॉन्स (neurons) से बना होता है।
  • यह पेशियों के संचलन (muscle movement), संवेदन (sensation) और प्रतिक्रिया (response) को सक्षम बनाता है।

______ मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ता है।

  • उपास्थि
  • एरिओलर
  • स्नायु
  • कंडरा

Explanation:

  • कंडरा (Tendon) मांसपेशियों (muscles) को हड्डियों (bones) से जोड़ता है।
  • यह सघन संयोजी ऊतक (dense connective tissue) है।
  • स्नायु (Ligament) – हड्डी को हड्डी से जोड़ता है।
  • उपास्थि (Cartilage) – हड्डियों के बीच घर्षण कम करती है।

स्क्लेरेकाइमा कोशिकाओं की भित्ति ______ के कारण मोटी हो जाती हैं।

  • हेमीसेलुलोज
  • लिग्निन
  • सेल्यूलोज
  • पेक्टिन

Explanation:

  • स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma) कोशिकाओं की भित्ति लिग्निन (Lignin) के कारण मोटी (thick) हो जाती हैं।
  • लिग्निन एक जटिल कार्बनिक बहुलक (complex organic polymer) है जो कठोरता (hardness) और जल प्रतिरोध प्रदान करता है।
  • यह मृत कोशिकाओं में पाया जाता है।
  • अन्य पदार्थ:
    • सेल्यूलोज – कोशिका भित्ति का मुख्य घटक
    • पेक्टिन – मध्य लैमेल्ला

निम्नलिखित में से क्या वृक्क नलिकाओं और लार ग्रंथियों के युग्मों का अस्तर बनाता है?

  • शल्की उपकला
  • स्तंभाकार उपकला
  • ग्रंथिल उपकला
  • घनाकार उपकला

Explanation:

  • घनाकार उपकला (Cuboidal epithelium) वृक्क नलिकाओं (kidney tubules) और लार ग्रंथियों (salivary glands) के अस्तर (lining) का निर्माण करता है।
  • यह स्राव (secretion) और अवशोषण (absorption) के लिए उपयुक्त है।
  • अन्य उपकला:
    • शल्की (Squamous) – सरल या स्तरीकृत (सुरक्षा)
    • स्तंभाकार (Columnar) – अवशोषण (आंत)

हमारे शरीर में वसा संचय करने वाला ऊतक कौन सा है?

  • संयोजक ऊतक
  • वसा ऊतक
  • उपकला ऊतक
  • संवहनी ऊतक

Explanation:

  • हमारे शरीर में वसा संचय (fat storage) करने वाला ऊतक वसा ऊतक (Adipose tissue) है।
  • यह एक संयोजी ऊतक है।
  • इसके कार्य:
    1. ऊर्जा भंडारण (ट्राइग्लिसराइड्स)
    2. ऊष्मीकरण (insulation)
    3. अंगों की सुरक्षा (कुशनिंग)

द्विबीजपत्री जड़ में, जाइलम और प्लोएम के बीच कौन सा/से ऊतक पाया/पाए जाते हैं?

  • रोम
  • सहायक कोशिकाएँ
  • रक्षक कोशिकाएँ
  • संयोजी ऊतक

Explanation:

  • द्विबीजपत्री जड़ (dicot root) में, जाइलम (xylem) और फ्लोएम (phloem) के बीच संयोजी ऊतक (connective tissue) पाया जाता है।
  • यह कैम्बियम (cambium) भी कहलाता है।
  • यह द्वितीयक वृद्धि (secondary growth) के लिए जिम्मेदार है।
  • एकबीजपत्री जड़ों में कैम्बियम नहीं होता।

त्वचा किस प्रकार की कोशिकाओं से बनी होती है?

  • उपकला कोशिका
  • संयोजी ऊतक
  • स्थायी ऊतक
  • मृदूतक

Explanation:

  • त्वचा (skin) उपकला कोशिकाओं (epithelial cells) से बनी होती है।
  • यह स्तरीकृत पट्टकी उपकला (stratified squamous epithelium) है।
  • यह सुरक्षा (protection) का मुख्य कार्य करती है।
  • त्वचा के नीचे संयोजी ऊतक भी पाया जाता है।

निम्नलिखित में से कौन सा ऊतक पौधों को कठोरता प्रदान करता है?

  • पैरेकाइमा
  • कोलेनकाइमा
  • स्क्लेरेनकाइमा
  • उपकला ऊतक

Explanation:

  • स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma) पौधों को कठोरता (rigidity) प्रदान करता है।
  • इसमें मृत कोशिकाएँ होती हैं जिनमें लिग्निन (lignin) जमा होता है।
  • यह यांत्रिक सहायता (mechanical support) प्रदान करता है।
  • कोलेन्काइमा – लचीली सहायता
  • पैरेन्काइमा – भोजन भंडारण

कौन सा ऊतक पौधे को कठोर और सख्त बनाता है?

  • पैरेकाइमा
  • स्क्लेरेनकाइमा
  • कोलेनकाइमा
  • जाइलम

Explanation:

  • स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma) पौधे को कठोर और सख्त (hard and stiff) बनाता है।
  • इसमें लिग्निफाइड (lignified) मृत कोशिकाएँ होती हैं।
  • यह यांत्रिक सहायता और सुरक्षा प्रदान करता है।
  • जाइलम – जल परिवहन (परंतु यह भी कठोरता प्रदान कर सकता है, परंतु स्क्लेरेन्काइमा विशिष्ट ऊतक है)।

पौधों में, कुछ अपशिष्ट उत्पादों को रेजिन और गोंद के रूप में विशेष रूप से किसमें संग्रहीत किया जाता है?

  • कोशिकीय रसधानियाँ
  • पत्तियाँ
  • पुरानी जाइलम
  • मृत कोशिकाओं वाले ऊतक

Explanation:

  • पौधों में कुछ अपशिष्ट उत्पादों को रेजिन (resin) और गोंद (gum) के रूप में पुरानी जाइलम (old xylem) में संग्रहीत किया जाता है।
  • पुरानी जाइलम निष्क्रिय (non-functional) हो जाती है और अपशिष्टों के भंडारण स्थान के रूप में कार्य करती है।
  • अन्य भंडारण स्थान:
    • रसधानियाँ (Vacuoles) – कुछ अपशिष्ट
    • पत्तियाँ – कैल्शियम ऑक्सालेट

निम्न में से कौन संयोजी ऊतक का उदाहरण है?

  • संवहनी बंडल
  • ऊतक की छाल
  • हड्डी
  • त्वचा

Explanation:

  • हड्डी (Bone) संयोजी ऊतक (connective tissue) का एक उदाहरण है।
  • यह कठोर संयोजी ऊतक (hard connective tissue) है।
  • अन्य संयोजी ऊतक: रक्त, उपास्थि, एडिपोज, एरियोलर
  • अन्य विकल्प:
    • संवहनी बंडल – पादप ऊतक (जाइलम + फ्लोएम)
    • ऊतक की छाल – पादप ऊतक (बाह्यत्वचा)
    • त्वचा – उपकला ऊतक

जटिल स्थायी ऊतक के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • जटिल ऊतक, एकसमान कोशिकाओं से बने होते हैं जो विभिन्न कार्य करते हैं।
  • जटिल ऊतक केवल ऑक्सीजन के परिवहन के लिए जंतुओं में पाए जाते हैं।
  • जाइलम और फ्लोएम जटिल ऊतक हैं जो संवहन में मदद करते हैं और संवहनी बंडल बनाते हैं।
  • जटिल ऊतक, भंडारण के लिए शिथिल रूप से पैक पैरेकाइमा कोशिकाओं से बने होते हैं।

Explanation:

  • जाइलम (Xylem) और फ्लोएम (Phloem) जटिल ऊतक (complex tissues) हैं जो संवहन (conduction) में मदद करते हैं और संवहनी बंडल (vascular bundles) बनाते हैं।
  • जटिल ऊतक विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं जो साथ मिलकर एक कार्य करती हैं।
  • सरल ऊतक – एक प्रकार की कोशिकाएँ (जैसे मृदूतक, कोलेन्काइमा, स्क्लेरेन्काइमा)

पौधों में कौन-सा ऊतक मुख्य रूप से संग्रहण और परिपक्व अंगों में मूल चयापचय कार्यों के लिए उत्तरदायी होता है?

  • दृढोतक (Sclerenchyma)
  • मृदूतक (Parenchyma)
  • स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma)
  • बाह्यत्वचा (Epidermis)

Explanation:

  • मृदूतक (Parenchyma) पौधों में मुख्य रूप से संग्रहण (storage) और परिपक्व अंगों (mature organs) में मूल चयापचय कार्यों (basic metabolic functions) के लिए उत्तरदायी होता है।
  • यह सबसे उभयनिष्ठ ऊतक है।
  • अन्य ऊतक:
    • स्थूलकोण – लचीली सहायता
    • दृढोतक – यांत्रिक सहायता
    • बाह्यत्वचा – सुरक्षा

छलनी पिटिकाएँ ______ में पाई जाती हैं।

  • प्लोएम पैरेन्काइमा कोशिकाएँ
  • प्लोएम सह कोशिकाएँ
  • प्लोएम नलिका कोशिकाएँ
  • प्लोएम तंतु कोशिकाएँ

Explanation:

  • छलनी पिटिकाएँ (Sieve plates) फ्लोएम नलिका कोशिकाओं (phloem sieve tube cells) में पाई जाती हैं।
  • ये छिद्रित (perforated) दीवारें हैं जो चालनी नलिकाओं (sieve tubes) के सिरों पर स्थित होती हैं।
  • ये भोजन के परिवहन में सहायक होती हैं।
  • फ्लोएम की कोशिकाएँ जीवित होती हैं, परंतु चालनी नलिकाओं में केन्द्रक (nucleus) नहीं होता।

कितने प्रकार के तत्व जाइलम ऊतक बनाते हैं?

  • दो प्रकार
  • तीन प्रकार
  • एक प्रकार
  • चार प्रकार

Explanation:

  • जाइलम ऊतक (Xylem tissue) चार (4) प्रकार के तत्वों से बना होता है:
    1. वाहिकाएँ (Vessels)
    2. वाहिनिकाएँ/ट्रेकिड्स (Tracheids)
    3. जाइलम तंतु (Xylem fibres)
    4. जाइलम मृदूतक (Xylem parenchyma)
  • फ्लोएम भी चार प्रकार के तत्वों से बना होता है:
    • चालनी नलिकाएँ (Sieve tubes)
    • सहचर कोशिकाएँ (Companion cells)
    • फ्लोएम तंतु (Phloem fibres)
    • फ्लोएम मृदूतक (Phloem parenchyma)

दिए गए कथन की पुष्टि कीजिएः पौधों को ऊर्जा की कम आवश्यकता होती है।

  • पौधों के शरीर में कई ऊतकों में मृत कोशिकाओं का अनुपात कम होता है।
  • क्योंकि पौधे अपेक्षाकृत तेज परिवहन तंत्र का उपयोग करते हैं।
  • क्योंकि पौधे स्वपोषी जीव हैं और अपना भोजन स्वयं तैयार करते हैं।
  • विभिन्न शरीर संरचनाओं के बीच ऊर्जा आवश्यकताएँ भिन्न होती हैं। पौधे गति नहीं करते हैं और कई ऊतकों में मृत कोशिकाओं का एक बड़ा अनुपात होता है।

Explanation:

  • पौधों को ऊर्जा की कम आवश्यकता (less energy requirement) होती है क्योंकि:
    1. पौधे गति (movement) नहीं करते हैं (स्थिर होते हैं)
    2. कई ऊतकों में मृत कोशिकाओं (dead cells) का बड़ा अनुपात होता है
  • जंतुओं को गति और तापमान नियंत्रण के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता मृदूतक का सर्वोत्तम वर्णन करती है?

  • सुरक्षात्मक कार्य करने वाली एकल परत में व्यवस्थित कोशिकाएं
  • पतली भित्ति वाली सजीव कोशिकाएं, जो युवा ऊतकों (young tissues) में विभाजन करने में सक्षम होती हैं
  • दृढ़ कोशिकाएं जो झुकने का प्रतिरोध (withstand) कर सकती हैं
  • परिपक्वता पर मृत, जिनमें मोटी द्वितीयक भित्ति होती है

Explanation:

  • मृदूतक (Parenchyma): पतली भित्ति (thin-walled) वाली सजीव कोशिकाएँ (living cells), जो युवा ऊतकों (young tissues) में विभाजन (division) करने में सक्षम होती हैं।
  • ये कोशिकाएँ अविभेदित (undifferentiated) होती हैं और विभज्योतक (meristematic) बन सकती हैं।
  • अन्य विकल्प:
    • सुरक्षात्मक – बाह्यत्वचा (epidermis)
    • दृढ़, मोटी द्वितीयक भित्ति – स्क्लेरेन्काइमा
    • झुकने का प्रतिरोध – कोलेन्काइमा

तनों और जड़ों के बढ़ते हुए सिरों पर कौन सा/से उपस्थित होता है/होते हैं और तने और जड़ की लंबाई में वृद्धि करता/करते हैं?

  • केवल पार्श्व विभज्योतक
  • केवल अंतरापर्वीय विभज्योतक
  • केवल शीर्षस्थ विभज्योतक
  • पार्श्व विभज्योतक और अंतरापर्वीय विभज्योतक

Explanation:

  • शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical meristem) तनों और जड़ों के बढ़ते हुए सिरों (growing tips) पर उपस्थित होता है और लंबाई में वृद्धि (increase in length) करता है।
  • विभज्योतक के प्रकार:
    1. शीर्षस्थ – लंबाई में वृद्धि (जड़, तने के सिरे)
    2. पार्श्विक – चौड़ाई में वृद्धि (कैम्बियम)
    3. अंतर्वेशी – अंतरापर्वीय वृद्धि (घास, बांस)

विभिन्न प्रकार के स्थाई ऊतकों के निर्माण के लिए ______ ऊतक की कोशिकाओं को अलग किया जाता है।

  • पैरेकाइमा
  • कोलेनकाईमा
  • स्क्लेरेनकाईमा
  • मेरिस्टेमेटिक

Explanation:

  • विभिन्न प्रकार के स्थायी ऊतकों (permanent tissues) के निर्माण के लिए मेरिस्टेमेटिक (विभज्योतकीय) ऊतक की कोशिकाओं को अलग (differentiate) किया जाता है।
  • मेरिस्टेमेटिक कोशिकाएँ विभाजन (division) करने में सक्षम होती हैं।
  • विभाजन के बाद, ये कोशिकाएँ परिपक्व (mature) होकर स्थायी ऊतक बन जाती हैं:
    • सरल – पैरेन्काइमा, कोलेन्काइमा, स्क्लेरेन्काइमा
    • जटिल – जाइलम, फ्लोएम

पौधों में लचीलापन किस स्थायी ऊतक के कारण होता है जो पौधे के विभिन्न भागों जैसे प्रतान और लताओं के तने को बिना टूटे झुकने के सक्षम बनाता है?

  • क्लोरेन्काइमा
  • कोलेन्काइमा
  • एरेन्काइमा
  • पेरेन्काइमा

Explanation:

  • पौधों में लचीलापन (flexibility) कोलेन्काइमा (Collenchyma) के कारण होता है।
  • यह प्रतान (tendrils) और लताओं (creepers) के तने को बिना टूटे झुकने (bend without breaking) के सक्षम बनाता है।
  • इसमें कोनों पर मोटी सेल्यूलोज दीवारें होती हैं।
  • अन्य ऊतक:
    • क्लोरेन्काइमा – प्रकाश संश्लेषण
    • एरेन्काइमा – वायु भंडारण

______ को मूल शिखा की लगातार विभाजित होने वाली कोशिकाओं द्वारा दर्शाया जाता है।

  • हार्मोनल स्तर वृद्धि
  • अंकुरण
  • परिपक्वता
  • विभज्योतक वृद्धि

Explanation:

  • विभज्योतक वृद्धि (Meristematic growth) को मूल शिखा (root tip) की लगातार विभाजित होने वाली कोशिकाओं (continuously dividing cells) द्वारा दर्शाया जाता है।
  • यह कोशिकाएँ विभज्योतक (meristem) कहलाती हैं।
  • ये कोशिकाएँ विभाजन (division) और विभेदन (differentiation) द्वारा पौधे की वृद्धि (growth) में योगदान करती हैं।

एरिओलर ऊतक, ______ के बीच एक भराव ऊतक का कार्य करता है।

  • त्वचा और पेशियों
  • त्वचा और अस्थियों
  • रक्त और त्वचा
  • अस्थियों और पेशियों

Explanation:

  • एरियोलर ऊतक (Areolar tissue) त्वचा (skin) और पेशियों (muscles) के बीच एक भराव ऊतक (filler tissue) का कार्य करता है।
  • यह एक ढीला संयोजी ऊतक (loose connective tissue) है।
  • इसके कार्य:
    1. अंगों के बीच स्थान भरना
    2. आंतरिक अंगों को सहारा देना
    3. ऊतकों की मरम्मत में सहायता

______ मिट्टी से प्राप्त जल और खनिजों को स्थानांतरित करता है जबकि ______ प्रकाश संश्लेषण के उत्पादों को पत्तियों से, जहाँ उनका संश्लेषण होता है, पौधे के अन्य भागों तक पहुँचाता है।

  • कॉलेन्काइमा, पैरेन्काइमा
  • फ्लोएम, जाइलम
  • पैरेन्काइमा, कॉलेन्काइमा
  • जाइलम, फ्लोएम

Explanation:

  • जाइलम (Xylem) मिट्टी से प्राप्त जल (water) और खनिजों (minerals) को स्थानांतरित (transport) करता है।
  • फ्लोएम (Phloem) प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) के उत्पादों (भोजन) को पत्तियों से पौधे के अन्य भागों तक पहुँचाता है।
  • ये दोनों संवहनी ऊतक (vascular tissues) हैं।
  • अन्य ऊतक:
    • पैरेन्काइमा – भोजन भंडारण
    • कोलेन्काइमा – लचीली सहायता

निम्नलिखित में से कौन-सा एक जटिल स्थायी ऊतक है जो पादपों में जल के परिवहन के लिए उत्तरदायी है?

  • श्लेषोतक (Collenchyma)
  • जाइलम (Xylem)
  • मृदूतक (Parenchyma)
  • फ्लोएम (Phloem)

Explanation:

  • जाइलम (Xylem) एक जटिल स्थायी ऊतक (complex permanent tissue) है जो पादपों में जल (water) के परिवहन के लिए उत्तरदायी है।
  • यह एकदिशीय (unidirectional) परिवहन करता है: जड़ → तना → पत्तियाँ
  • अन्य ऊतक:
    • फ्लोएम – भोजन का परिवहन (जटिल स्थायी)
    • मृदूतक/कोलेन्काइमा – सरल स्थायी ऊतक

जाइलम एक ______ ऊतक है।

  • सरल स्थायी
  • जटिल स्थायी
  • उपकला
  • संयोजी

Explanation:

  • जाइलम (Xylem) एक जटिल स्थायी ऊतक (complex permanent tissue) है।
  • यह विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं (वाहिकाएँ, वाहिनिकाएँ, जाइलम तंतु, जाइलम मृदूतक) से बना होता है।
  • सरल स्थायी ऊतक – एक प्रकार की कोशिकाएँ (मृदूतक, कोलेन्काइमा, स्क्लेरेन्काइमा)
  • उपकला/संयोजी – जंतु ऊतक

______, एक प्रकार के संयोजी ऊतक की उपस्थिति के कारण, हमारे कानों को मोड़ा जा सकता है।

  • अस्थि
  • उपास्थि
  • टेंडन
  • स्नायुबंधन

Explanation:

  • उपास्थि (Cartilage) की उपस्थिति के कारण हमारे कानों (ears) को मोड़ा जा सकता है।
  • उपास्थि एक लचीला (flexible) संयोजी ऊतक है।
  • यह कान, नाक, श्वासनली और जोड़ों में पाया जाता है।
  • अन्य संयोजी ऊतक:
    • अस्थि – कठोर
    • टेंडन – मांसपेशी से हड्डी
    • स्नायुबंधन – हड्डी से हड्डी

बाह्य कर्ण, नासाग्र और लंबी अस्थियों के सिरों की संरचना किस संयोजी ऊतक से निर्मित होती है?

  • एरियोली ऊतक (Areolar tissue)
  • अस्थि (Bone)
  • उपास्थि (Cartilage)
  • वसा ऊतक (Adipose tissue)

Explanation:

  • बाह्य कर्ण (outer ear), नासाग्र (nose tip) और लंबी अस्थियों के सिरे (ends of long bones) उपास्थि (Cartilage) से निर्मित होते हैं।
  • उपास्थि लचीली (flexible) और मजबूत (strong) होती है।
  • यह घर्षण (friction) कम करती है और सदमा अवशोषक (shock absorber) का कार्य करती है।

संयुक्त संवहनी बंडल को क्या परिभाषित करता है?

  • जाइलम और फ्लोएम त्रिज्या के साथ वैकल्पिक होते हैं
  • जाइलम केवल बाहर की तरफ होता है
  • जाइलम और फ्लोएम एक ही त्रिज्या पर उपस्थित होते हैं
  • वैक्वियम अनुपस्थित है

Explanation:

  • संयुक्त संवहनी बंडल (Conjoint vascular bundle) में जाइलम (xylem) और फ्लोएम (phloem) एक ही त्रिज्या (same radius) पर उपस्थित होते हैं।
  • यह तनों (stems) में पाया जाता है।
  • अन्य प्रकार:
    • संयुक्त-संपार्श्विक (Conjoint-collateral) – जाइलम और फ्लोएम एक ही त्रिज्या पर
    • संयुक्त-द्विपार्श्विक (Conjoint-bicollateral) – दोनों तरफ फ्लोएम
    • वैकल्पिक (Radial) – जाइलम और फ्लोएम त्रिज्या के साथ वैकल्पिक (जड़ों में)

प्रमुख प्रकार के पादप ऊतकों में पाए जाने वाले पादप कोशिकाओं का प्रकार है।

  • सभी विकल्प
  • संवहनी
  • चर्म
  • भूमि

Explanation:

  • पादप ऊतकों में सभी तीन प्रकार की कोशिकाएँ पाई जाती हैं:
    1. संवहनी ऊतक (Vascular) – जाइलम, फ्लोएम (परिवहन)
    2. चर्म ऊतक (Dermal/Epidermal) – बाह्यत्वचा (सुरक्षा)
    3. भूमि ऊतक (Ground tissue) – मृदूतक, कोलेन्काइमा, स्क्लेरेन्काइमा (भंडारण, सहायता)

जीवों की मूल इकाइयाँ क्या हैं?

  • कोशिकाएँ
  • हड्डियाँ
  • रेशे
  • ऊतक

Explanation:

  • कोशिकाएँ (Cells) जीवों की मूल इकाइयाँ (basic units) हैं।
  • कोशिकाएँ ऊतक (tissues) बनाती हैं, ऊतक अंग (organs) बनाते हैं, अंग अंग तंत्र (organ systems) बनाते हैं।
  • यह जीवन के संगठन (organization of life) का सबसे छोटा स्तर है।

निम्नलिखित में से कौन-सा, जटिल स्थायी ऊतक का एक उदाहरण है?

  • स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma)
  • वायुतक (Aerenchyma)
  • पार्श्व विभज्योतक (Lateral meristem)
  • फ्लोएम (Phloem)

Explanation:

  • फ्लोएम (Phloem) जटिल स्थायी ऊतक (complex permanent tissue) का एक उदाहरण है।
  • यह विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं (चालनी नलिकाएँ, सहचर कोशिकाएँ, फ्लोएम तंतु, फ्लोएम मृदूतक) से बना होता है।
  • अन्य विकल्प सरल स्थायी (कोलेन्काइमा, वायुतक) या विभज्योतक (पार्श्व) हैं।

आमाशय की भित्ति में किस प्रकार का पेशीय ऊतक मौजूद होता है?

  • चिकनी पेशी ऊतक
  • कंकाल पेशी ऊतक
  • तरल संयोजी ऊतक
  • हृदय पेशी ऊतक

Explanation:

  • आमाशय (stomach) की भित्ति में चिकनी पेशी ऊतक (smooth muscle tissue) मौजूद होता है।
  • यह अरेखित (non-striated) और अनैच्छिक (involuntary) होता है।
  • अन्य पेशी ऊतक:
    • कंकाल पेशी – ऐच्छिक, रेखित (हाथ, पैर)
    • हृदय पेशी – अनैच्छिक, रेखित (हृदय)

इनमें से कौन सा एक सरल स्थायी ऊतक नहीं है?

  • दृढोतक
  • मृदूतक
  • जाइलम
  • श्लेषोतक

Explanation:

  • जाइलम (Xylem) सरल स्थायी ऊतक (simple permanent tissue) नहीं है – यह जटिल स्थायी ऊतक है।
  • सरल स्थायी ऊतक:
    1. मृदूतक (Parenchyma)
    2. श्लेषोतक/कोलेन्काइमा (Collenchyma)
    3. दृढोतक/स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma)
  • सरल ऊतक एक प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं।

पौधों में लचीलापन ______ ऊतक के कारण होता है।

  • जाइलम
  • प्लोएम
  • स्क्लेरेनकाइमा
  • कोलेनकाइमा

Explanation:

  • पौधों में लचीलापन (flexibility) कोलेन्काइमा (Collenchyma) ऊतक के कारण होता है।
  • इसमें कोनों पर मोटी सेल्यूलोज दीवारें होती हैं।
  • यह जीवित (living) ऊतक है और यांत्रिक सहायता प्रदान करता है।
  • स्क्लेरेन्काइमा – कठोरता

इनमें से किस प्रकार की कोशिकाएं पादपों में संवहनी ऊतक का भाग नहीं होती हैं?

  • कोलेनकाइमा (Collenchyma)
  • वाहिका (Vessels)
  • वाहिनिकी (Tracheids)
  • पैरेकाइमा (Parenchyma)

Explanation:

  • कोलेन्काइमा (Collenchyma) पादपों में संवहनी ऊतक (vascular tissue) का भाग नहीं है।
  • यह सरल स्थायी ऊतक है।
  • संवहनी ऊतक के घटक:
    • जाइलम – वाहिकाएँ, वाहिनिकाएँ, जाइलम तंतु, जाइलम मृदूतक
    • फ्लोएम – चालनी नलिकाएँ, सहचर कोशिकाएँ, फ्लोएम तंतु, फ्लोएम मृदूतक

निम्नलिखित में से कौन जाइलम का घटक नहीं है?

  • सहयोगी कोशिकाएं
  • वाहिका
  • ट्रैकिड
  • पैरेकाइमा

Explanation:

  • सहयोगी/सहचर कोशिकाएँ (Companion cells) जाइलम (xylem) का घटक नहीं हैं।
  • ये फ्लोएम (phloem) के घटक हैं।
  • जाइलम के घटक:
    1. वाहिकाएँ (Vessels)
    2. ट्रैकिड/वाहिनिकाएँ (Tracheids)
    3. जाइलम तंतु (Xylem fibres)
    4. जाइलम मृदूतक (Xylem parenchyma)

निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजी ऊतक का प्रकार नहीं है?

  • उपास्थि
  • रक्त
  • अस्थि
  • उपकला

Explanation:

  • उपकला (Epithelium) संयोजी ऊतक (connective tissue) का प्रकार नहीं है।
  • यह उपकला ऊतक (epithelial tissue) है – सुरक्षा, अवशोषण, स्राव के लिए।
  • संयोजी ऊतक के प्रकार:
    1. उपास्थि (Cartilage)
    2. रक्त (Blood)
    3. अस्थि (Bone)
    4. एडिपोज (Adipose)
    5. एरियोलर (Areolar)

कौन-सा संयोजी ऊतक अस्थियों के जोड़ो को चिकना बनाता है तथा कान और श्वासनली में उपस्थित होता है?

  • स्नायु (Ligament)
  • उपास्थि (Cartilage)
  • एरिओलर (Areolar)
  • वसामय (Adipose)

Explanation:

  • उपास्थि (Cartilage) अस्थियों के जोड़ों को चिकना (smooth) बनाती है तथा कान (ears) और श्वासनली (trachea) में उपस्थित होती है।
  • यह लचीला (flexible) और मजबूत (strong) होता है।
  • अन्य संयोजी ऊतक:
    • स्नायु (Ligament) – हड्डी से हड्डी
    • एरिओलर – ढीला संयोजी ऊतक
    • वसामय – वसा भंडारण

तने या जड़ के व्यास में वृद्धि किसके कारण होती है?

  • अधःस्थ मृदूतक
  • शीर्षस्थ मृदूतक
  • अंतराकलीय मृदूतक
  • कैम्बियम

Explanation:

  • तने या जड़ के व्यास (diameter) में वृद्धि कैम्बियम (Cambium) के कारण होती है।
  • कैम्बियम एक पार्श्विक विभज्योतक (lateral meristem) है।
  • यह द्वितीयक वृद्धि (secondary growth) के लिए जिम्मेदार है।
  • इससे चौड़ाई (width) में वृद्धि होती है।

माइटोकॉन्ड्रिया, राइबोसोम, आदि जैसे विभिन्न कोशिका अंगक मिलकर जीवन की मूल इकाई का निर्माण करते हैं, जिसे ______ कहते हैं।

  • अंग
  • अंग तंत्र
  • ऊतक
  • कोशिका

Explanation:

  • माइटोकॉन्ड्रिया, राइबोसोम आदि विभिन्न कोशिका अंगक मिलकर कोशिका (Cell) बनाते हैं, जो जीवन की मूल इकाई (basic unit of life) है।
  • जीवन का संगठन: कोशिका → ऊतक → अंग → अंग तंत्र → जीव

हमारे शरीर में गति के लिए कौन सा ऊतक उत्तरदायी है?

  • उपकला ऊतक
  • उपास्थि
  • पेशीय ऊतक
  • एरियोलर ऊतक

Explanation:

  • हमारे शरीर में गति (movement) के लिए पेशीय ऊतक (Muscular tissue) उत्तरदायी है।
  • पेशीय ऊतक संकुचन (contraction) और शिथिलन (relaxation) द्वारा गति उत्पन्न करता है।
  • अन्य ऊतक:
    • उपकला – सुरक्षा, अवशोषण
    • उपास्थि – लचीला सहारा
    • एरियोलर – भराव ऊतक

कुछ पौधों में, पत्तियों के आधार पर या नोड्स के पास एक विभज्योतक ऊतक पाया जाता है, जो परिपक्व ऊतक के क्षेत्रों को पृथक करता है। यह कौन-सा ऊतक है?

  • अंतर्विष्ट विभज्योतक (Intercalary meristem)
  • विभेदित ऊतक (Differentiated tissue)
  • शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical meristem)
  • पार्श्व विभज्योतक (Lateral meristem)

Explanation:

  • अंतर्विष्ट/अंतर्वेशी विभज्योतक (Intercalary meristem) पत्तियों के आधार (leaf base) या नोड्स (nodes) के पास पाया जाता है।
  • यह परिपक्व ऊतक (mature tissue) के क्षेत्रों को पृथक (isolate) करता है।
  • यह घास (grasses), बांस (bamboo) में पाया जाता है।

पौधों की ऊँचाई में वृद्धि के लिए किस प्रकार का विभज्योतक ऊतक उत्तरदायी होता है?

  • शीर्षस्थ विभज्योतक
  • पार्श्विक विभज्योतक
  • एथा (Cambium)
  • द्वितीयक विभज्योतक

Explanation:

  • पौधों की ऊँचाई (height) में वृद्धि शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical meristem) के कारण होती है।
  • यह जड़ों (roots) और तनों (stems) के बढ़ते हुए सिरों (growing tips) पर स्थित होता है।
  • यह प्राथमिक वृद्धि (primary growth) के लिए उत्तरदायी है।

एक वनस्पतिज्ञ किसी पादप के प्ररोह पर तीव्र वृद्धि का अवलोकन करता है। इस वृद्धि के लिए किस प्रकार का पादप ऊतक सर्वाधिक उत्तरदायी है?

  • अंतर्वेशी विभज्योतक
  • स्थायी ऊतक
  • पार्श्विक विभज्योतक
  • शीर्षस्थ विभज्योतक

Explanation:

  • पादप के प्ररोह (shoot) पर तीव्र वृद्धि (rapid growth) के लिए शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical meristem) सर्वाधिक उत्तरदायी है।
  • यह लंबाई (length) में वृद्धि करता है।
  • अन्य विभज्योतक:
    • अंतर्वेशी – अंतरापर्वीय वृद्धि
    • पार्श्विक – चौड़ाई में वृद्धि

निम्नलिखित में से कौन सा ऊतक तनों में, संवहन बंडलों के चारों ओर, पत्तियों की शिराओं में और बीजों और नटों के कठोर आवरण में मौजूद होता है?

  • शीर्षस्थ विभज्योतक
  • एपिडर्मिस
  • पैरेनकाइमा
  • स्क्लेरेनकाइमा

Explanation:

  • स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma) तनों में संवहन बंडलों (vascular bundles) के चारों ओर, पत्तियों की शिराओं (veins) में और बीजों (seeds) तथा नटों (nuts) के कठोर आवरण में मौजूद होता है।
  • यह यांत्रिक सहायता (mechanical support) और कठोरता (hardness) प्रदान करता है।

नारियल के छिलके में कौन-सा ऊतक उसे कठोर और कड़ा बनाता है?

  • कोलेनकाइमा
  • स्क्लेरेनकाइमा
  • पैरेकाइमा
  • रक्षक कोष

Explanation:

  • स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma) नारियल के छिलके (coconut husk) को कठोर (hard) और कड़ा (tough) बनाता है।
  • ये लिग्निफाइड (lignified) मृत कोशिकाएँ हैं।
  • नारियल का रेशा स्क्लेरेन्काइमेटस फाइबर है।

रक्त _____ प्रकार के ऊतक का एक उदाहरण है।

  • उपकला
  • तंत्रिका
  • पेशीय
  • संयोजी

Explanation:

  • रक्त (Blood) संयोजी ऊतक (connective tissue) का एक उदाहरण है।
  • यह एक तरल संयोजी ऊतक (fluid connective tissue) है।
  • यह पूरे शरीर में पदार्थों (ऑक्सीजन, CO₂, हार्मोन, पोषक तत्व, अपशिष्ट) का परिवहन करता है।

निम्नलिखित में से कौन सी मानव त्वचा का सबसे बाहरी हिस्सा है?

  • एपिडर्मिस
  • डर्मिस
  • हाइपोडर्मिस
  • तंत्रिका फाइबर

Explanation:

  • एपिडर्मिस (Epidermis) मानव त्वचा (skin) का सबसे बाहरी (outermost) हिस्सा है।
  • यह उपकला ऊतक (epithelial tissue) से बना होता है।
  • त्वचा की परतें:
    1. एपिडर्मिस – बाहरी (सुरक्षा)
    2. डर्मिस – मध्य (संयोजी ऊतक, रक्त वाहिकाएँ)
    3. हाइपोडर्मिस – अंतरतम (वसा)

निम्नलिखित में से कौन-सा जंतु ऊतक नहीं है?

  • उपकला ऊतक
  • पेशी ऊतक
  • पैरेकाइमा
  • संयोजी ऊतक

Explanation:

  • पैरेकाइमा (Parenchyma) जंतु ऊतक (animal tissue) नहीं है – यह पादप ऊतक (plant tissue) है।
  • जंतु ऊतक के चार मुख्य प्रकार:
    1. उपकला ऊतक
    2. संयोजी ऊतक
    3. पेशी ऊतक
    4. तंत्रिका ऊतक

प्रजनन की वह प्रक्रिया क्या है जिसके द्वारा उच्च विटामिन या प्रोटीन और उच्च वसा वाली फसलें उगाई जाती हैं?

  • अंतिनिमित
  • ऊतक संवर्धन
  • अंतरस्थान संकरण
  • जैव सुदृढीकरण

Explanation:

  • जैव सुदृढीकरण (Biofortification) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा उच्च विटामिन (high vitamins) या प्रोटीन (protein) और उच्च वसा (high fat) वाली फसलें उगाई जाती हैं।
  • यह पोषण गुणवत्ता बढ़ाने के लिए की जाती है।
  • उदाहरण: आयरन-युक्त चावल, विटामिन A-युक्त शकरकंद

_____ पत्तियों के आधार या टहनियों की गांठों पर उपस्थित विभज्योतक।

  • कैलरी
  • अन्तरीय
  • शीर्षस्थ
  • पार्श्व

Explanation:

  • अन्तरीय/अंतर्वेशी विभज्योतक (Intercalary meristem) पत्तियों के आधार (leaf base) या टहनियों की गांठों (nodes) पर उपस्थित होता है।
  • यह घास (grasses) और बांस (bamboo) में पाया जाता है।
  • यह अंतरापर्वीय वृद्धि (intermodal growth) के लिए उत्तरदायी है।

मानव शरीर के लैरिक्स (larynx) में निम्नलिखित में से किस प्रकार का संयोजी ऊतक उपस्थित होता है?

  • एरिओलर (Areolar)
  • एडिपोस (Adipose)
  • स्नायु (Ligament)
  • उपास्थि (Cartilage)

Explanation:

  • मानव शरीर के लैरिक्स/स्वरयंत्र (Larynx) में उपास्थि (Cartilage) उपस्थित होता है।
  • यह एडम्स एप्पल (Adam’s apple) थायरॉयड उपास्थि से बना होता है।
  • उपास्थि वायुमार्ग (airway) को खुला रखने में सहायक है।

कुछ पौधों में नोड्स के पास कौन-सा विभज्योतक (मेरिस्टेम) होता है?

  • अंतर्वेशी विभज्योतक (Intercalary meristem)
  • स्तम्भ विभज्योतक (Root meristem)
  • पार्श्वीय विभज्योतक (Lateral meristem)
  • शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical meristem)

Explanation:

  • कुछ पौधों में नोड्स (nodes) के पास अंतर्वेशी विभज्योतक (Intercalary meristem) होता है।
  • यह अंतरापर्वीय क्षेत्रों (intermodal regions) में वृद्धि करता है।
  • यह एकबीजपत्री (monocots) जैसे घास, बांस में पाया जाता है।

कौन सा ऊतक जटिल पौधों की एक विशिष्ट विशेषता है, जिसने स्थलीय वातावरण में उनके अस्तित्व को संभव बनाया है?

  • संवहन ऊतक
  • मेरिस्टेमेटिक ऊतक
  • संयोजी ऊतक
  • उपकला ऊतक

Explanation:

  • संवहन ऊतक (Vascular tissue) जटिल पौधों (complex plants) की एक विशिष्ट विशेषता है, जिसने स्थलीय वातावरण (terrestrial environment) में उनके अस्तित्व (survival) को संभव बनाया है।
  • संवहन ऊतक जाइलम (xylem) और फ्लोएम (phloem) से बना है।
  • यह जल, खनिजों और भोजन के परिवहन में सहायक है।

निम्नलिखित में से कौन-सा ऊतक, पादप को दृढ और दृढ़ बनाता है?

  • दृढोतक (Sclerenchyma)
  • स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma)
  • वायूतक (Aerenchyma)
  • हरित ऊतक (Chlorenchyma)

Explanation:

  • दृढोतक/स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma) पादप को दृढ (rigid) और दृढ़ (stiff) बनाता है।
  • इसमें लिग्निफाइड (lignified) मृत कोशिकाएँ होती हैं।
  • अन्य ऊतक:
    • स्थूलकोण – लचीली सहायता
    • वायूतक – वायु भंडारण (जलीय पौधे)
    • हरित ऊतक – प्रकाश संश्लेषण

निम्नलिखित में से कौन-सा विभज्योतक, प्ररोहों और मूलों के सिरों (ends) पर लंबाई में वृद्धि के लिए उत्तरदायी है?

  • शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical meristem)
  • अंतर्वेशी विभज्योतक (Intercalary meristem)
  • पार्श्विक विभज्योतक (Lateral meristem)
  • स्थायी विभज्योतक (Permanent meristem)

Explanation:

  • शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical meristem) प्ररोहों (shoots) और मूलों (roots) के सिरों (ends) पर लंबाई (length) में वृद्धि के लिए उत्तरदायी है।
  • यह प्राथमिक वृद्धि (primary growth) का कारण है।
  • यह पौधे को ऊँचा और जड़ों को गहरा बनाता है।

ऊतक जो पौधे को कठोर और मजबूत बनाता है उसे कहा जाता है:

  • स्क्लेरेनकाइमा
  • एरेनकाइमा
  • कोलेनकाइमा
  • पैरेन्काइमा

Explanation:

  • ऊतक जो पौधे को कठोर (hard) और मजबूत (strong) बनाता है, उसे स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma) कहा जाता है।
  • इसमें लिग्निन (lignin) के कारण मोटी कोशिका भित्ति होती है।
  • यह यांत्रिक सहायता (mechanical support) प्रदान करता है।

उपकला ऊतक के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • उपकला ऊतक एक सुरक्षात्मक आवरण बनाता है और पदार्थ विनिमय को नियमित करता है।
  • उपकला ऊतक कोशिकाओं में बृहत अंतर-कोशिकीय अवकाश होते हैं और शिथिल शीट बनाते हैं।
  • उपकला ऊतक, शरीर में पदार्थ विनिमय में कोई भूमिका नहीं निभाता है।
  • उपकला ऊतक मुख्य रूप से अस्थियों और पेशियों को जोड़ता है।

Explanation:

  • उपकला ऊतक (Epithelial tissue) एक सुरक्षात्मक आवरण (protective covering) बनाता है और पदार्थ विनिमय (substance exchange) को नियमित (regulate) करता है।
  • यह त्वचा, आंत, रक्त वाहिकाओं आदि की परत बनाता है।
  • अन्य कथन गलत हैं:
    • उपकला में बड़े अंतर-कोशिकीय अवकाश नहीं होते (यह संयोजी ऊतक की विशेषता है)
    • यह पदार्थ विनिमय में भूमिका निभाता है
    • यह अस्थियों और पेशियों को नहीं जोड़ता (यह संयोजी ऊतक करता है)

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सरल स्थायी ऊतक और जटिल स्थायी ऊतक के बीच मुख्य अंतर को दर्शाता है?

  • सरल स्थायी ऊतक केवल भोजन का भंडारण करता है, जबकि जटिल स्थायी ऊतक केवल प्रकाश संश्लेषण करता है।
  • सरल स्थायी ऊतक एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बना होता है, जबकि जटिल स्थायी ऊतक विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं से बना होता है।
  • सरल स्थायी ऊतक केवल पत्तियों में पाया जाता है, जबकि जटिल स्थायी ऊतक केवल जड़ों में पाया जाता है।
  • सरल स्थायी ऊतक सदैव मृत होता है, जबकि जटिल स्थायी ऊतक सदैव जीवित होता है।

Explanation:

  • सरल स्थायी ऊतक (Simple permanent tissue) एक ही प्रकार की कोशिकाओं (one type of cells) से बना होता है।
  • जटिल स्थायी ऊतक (Complex permanent tissue) विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं (different types of cells) से बना होता है।
  • उदाहरण:
    • सरल – मृदूतक, कोलेन्काइमा, स्क्लेरेन्काइमा
    • जटिल – जाइलम, फ्लोएम

कोलेन्काइमा ऊतक की कोशिकाएँ ______ के संचय के कारण मोटी हो जाती हैं।

  • सेल्युलोज और पेक्टिन
  • लिग्निन और क्यूटिन
  • पेक्टिन और काइटिन
  • सुबेरिन और सेलुलोज

Explanation:

  • कोलेन्काइमा (Collenchyma) ऊतक की कोशिकाएँ सेल्युलोज (cellulose) और पेक्टिन (pectin) के संचय के कारण मोटी (thick) हो जाती हैं।
  • ये कोशिकाएँ जीवित (living) होती हैं और कोनों पर मोटी दीवारें होती हैं।
  • लिग्निन – स्क्लेरेन्काइमा में
  • सुबेरिन – बाह्यत्वचा में (जल प्रतिरोध)
  • क्यूटिन – क्यूटिकल में

निम्नलिखित में से किस जंतु ऊतक में चपटी कोशिकाएँ पाई जाती हैं?

  • प्लाज्मा कोशिकाएँ
  • मास्ट कोशिकाएँ
  • घनाभ उपकला
  • शल्की उपकला

Explanation:

  • शल्की उपकला (Squamous epithelium) में चपटी (flattened) कोशिकाएँ पाई जाती हैं।
  • ये कोशिकाएँ पतली (thin) होती हैं और पदार्थों के परिवहन (विसरण) के लिए उपयुक्त होती हैं।
  • यह रक्त वाहिकाओं, फेफड़ों (alveoli) और मुख गुहा में पाई जाती है।
  • घनाभ उपकला – घन के आकार की कोशिकाएँ

निम्नलिखित में से कौन-सा मुख्य ऊतक है जो पौधे में पानी को उसकी जड़ों से पत्तियों तक पहुँचाता है?

  • कोलेनकाइमा
  • पैरेन्काइमा
  • प्लोएम
  • जाइलम

Explanation:

  • जाइलम (Xylem) मुख्य ऊतक है जो पौधे में पानी (water) को उसकी जड़ों (roots) से पत्तियों (leaves) तक पहुँचाता है।
  • यह एकदिशीय (unidirectional) परिवहन है: जड़ → तना → पत्तियाँ
  • फ्लोएम – भोजन का परिवहन
  • कोलेन्काइमा/पैरेन्काइमा – सरल स्थायी ऊतक (सहायता, भंडारण)

स्नायु और कंडरा ______ के बने होते हैं।

  • तंत्रिका तंत्र
  • मांसपेशी ऊतक
  • उपकला ऊतक
  • संयोजी ऊतक

Explanation:

  • स्नायु (Ligaments) और कंडरा (Tendons) संयोजी ऊतक (connective tissue) के बने होते हैं।
  • स्नायु – हड्डी को हड्डी से जोड़ता है
  • कंडरा – मांसपेशी को हड्डी से जोड़ता है
  • ये सघन संयोजी ऊतक (dense connective tissue) हैं।

किस विभज्योतकी ऊतक में ऑक्सिन (Auxin) का स्तर सर्वाधिक होता है?

  • अंतर्वेशी विभज्योतकी ऊतक (Intercalary Meristematic tissue)
  • पार्श्वीय विभज्योतकी ऊतक (Lateral Meristematic tissue)
  • जाइलम (Xylem)
  • शीर्षस्थ विभज्योतकी ऊतक (Apical Meristematic tissue)

Explanation:

  • शीर्षस्थ विभज्योतकी ऊतक (Apical meristem) में ऑक्सिन (Auxin) का स्तर सर्वाधिक (highest) होता है।
  • ऑक्सिन एक पादप हार्मोन (plant hormone) है जो कोशिका विस्तार (cell elongation) को बढ़ावा देता है।
  • यह प्ररोहों (shoots) के सिरों पर संश्लेषित होता है।

_____ प्रकार के ऊतक ग्रंथियों का निर्माण करते हैं।

  • तंत्रिका
  • उपकला
  • पेशी
  • संयोजी

Explanation:

  • उपकला ऊतक (Epithelial tissue) ग्रंथियों (glands) का निर्माण करता है।
  • यह ग्रंथिल उपकला (glandular epithelium) कहलाता है।
  • ग्रंथियाँ स्राव (secretion) का कार्य करती हैं (जैसे लार ग्रंथि, पसीना ग्रंथि)।

निम्नलिखित में से कौन सा एक संयोजी ऊतक नहीं है?

  • तंत्रिका कोशिका
  • उपास्थि
  • अस्थि
  • रक्त

Explanation:

  • तंत्रिका कोशिका (Nerve cell/Neuron) संयोजी ऊतक (connective tissue) नहीं है।
  • यह तंत्रिका ऊतक (nervous tissue) की इकाई है।
  • संयोजी ऊतक के उदाहरण:
    • उपास्थि (Cartilage)
    • अस्थि (Bone)
    • रक्त (Blood)
    • एडिपोज, एरियोलर, स्नायु, कंडरा

निम्नलिखित में से किस ऊतक में बड़े अंतरकोशिकीय स्थान होते हैं?

  • कोलेन्काइमा
  • पैरेन्काइमा
  • स्क्लेरेन्काइमा
  • जाइलम

Explanation:

  • पैरेन्काइमा (Parenchyma) में बड़े अंतरकोशिकीय स्थान (large intercellular spaces) होते हैं।
  • यह शिथिल रूप से व्यवस्थित (loosely arranged) कोशिकाओं से बना होता है।
  • अन्य ऊतक:
    • कोलेन्काइमा – कोनों पर मोटी दीवारें, कम अंतरकोशिकीय स्थान
    • स्क्लेरेन्काइमा – कोई अंतरकोशिकीय स्थान नहीं

निम्नलिखित में से कौन-सा ऊतक पौधों में पाया जाने वाला एक जटिल स्थायी ऊतक है?

  • क्लोरेन्काइमा
  • पैरेन्काइमा
  • जाइलम
  • स्क्लेरेन्काइमा

Explanation:

  • जाइलम (Xylem) पौधों में पाया जाने वाला एक जटिल स्थायी ऊतक (complex permanent tissue) है।
  • अन्य विकल्प सरल स्थायी ऊतक हैं:
    • पैरेन्काइमा
    • कोलेन्काइमा
    • स्क्लेरेन्काइमा
    • क्लोरेन्काइमा (विशेष पैरेन्काइमा – प्रकाश संश्लेषण)

_____ में पतली कोशिका भित्ति के साथ अपेक्षाकृत अनिर्दिष्ट कोशिका होती है।

  • फ्लोएम
  • स्क्लेरेन्काइमा
  • पैरेन्काइमा
  • क्लोनेन्काइमा

Explanation:

  • पैरेन्काइमा (Parenchyma) में पतली कोशिका भित्ति (thin cell wall) के साथ अपेक्षाकृत अनिर्दिष्ट (relatively undifferentiated) कोशिकाएँ होती हैं।
  • ये कोशिकाएँ जीवित (living) होती हैं और विभाजन (division) करने में सक्षम होती हैं।
  • यह सबसे उभयनिष्ठ (most common) पादप ऊतक है।

पादपों में वृद्धि केवल विशिष्ट क्षेत्रों में ही क्यों होती है?

  • क्योंकि सभी पादप ऊतक केवल एक बार विभाजित हो सकते हैं
  • क्योंकि स्थायी ऊतक पूरे पौधे में विभाजित होते रहते हैं
  • क्योंकि सभी पादप कोशिकाएं परिपक्वता के बाद बढ़ना बंद कर देती हैं
  • क्योंकि विभज्योतक केवल विशिष्ट क्षेत्रों में ही स्थित होते हैं

Explanation:

  • पादपों में वृद्धि केवल विशिष्ट क्षेत्रों (specific regions) में होती है क्योंकि विभज्योतक (meristems) केवल इन्हीं क्षेत्रों में स्थित (located) होते हैं।
  • विभज्योतक विभाजन (division) करने में सक्षम कोशिकाएँ हैं।
  • स्थायी ऊतक (permanent tissues) विभाजन नहीं करते।

नीचे दिए गए दोनों चित्र A और B पादपों में स्क्लेरेनकाइमा ऊतक के हैं, फिर भी वे अलग दिखते हैं। ऐसा क्यों है?

  • A – अनुदैर्ध्य काट; B – तिर्यक काट
  • A – अनुदैर्ध्य काट; B – अनुप्रस्थ काट
  • A – अरीय काट; B – अनुप्रस्थ काट
  • A – अनुप्रस्थ काट; B – अनुदैर्ध्य काट

Explanation:

  • A – अनुप्रस्थ काट (Transverse section – TS) और B – अनुदैर्ध्य काट (Longitudinal section – LS) होने के कारण दोनों चित्र अलग दिखते हैं।
  • अनुप्रस्थ काट (TS) – ऊतक को आड़ा (across) काटना
  • अनुदैर्ध्य काट (LS) – ऊतक को लंबाई में (lengthwise) काटना
  • स्क्लेरेन्काइमा की कोशिकाएँ मृत (dead) और लिग्निफाइड (lignified) होती हैं।

रेखित पेशियों के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

  • कोशिकाएँ लंबी, बेलनाकार, बिना नुकीली और बिना शाखाओं वाली होती हैं
  • प्रमुख हल्के और गहरे बैंड मौजूद हैं
  • कोशिकाएँ लंबी होती हैं जिनके सिरे नुकीले होते हैं और बिना शाखाओं वाली होती हैं
  • कोशिकाएँ बिना नुकीली और बेलनाकार आकार की होती हैं और शाखित होती हैं

Explanation:

  • रेखित पेशियों (Striated/Skeletal muscles) में प्रमुख हल्के और गहरे बैंड (light and dark bands) मौजूद होते हैं।
  • ये ऐच्छिक (voluntary) पेशियाँ हैं।
  • अन्य विशेषताएँ:
    • कोशिकाएँ लंबी, बेलनाकार, बहुकेन्द्रकी
    • नुकीली नहीं और शाखित नहीं
  • हृदय पेशी – शाखित, अंतरालेय डिस्क
  • चिकनी पेशी – अरेखित, एककेन्द्रकी

एरिओलर ऊतक अंग के _____ रिक्त स्थान को भरता है, _____ अंगों की सहायता करता है और ऊतकों की मरम्मत करता है।

  • बाहर; आंतरिक
  • बाहर; बाह्य
  • अंदर; आंतरिक
  • अंदर; बाह्य

Explanation:

  • एरियोलर ऊतक (Areolar tissue) अंग के अंदर (inside) के रिक्त स्थान (spaces) को भरता है, आंतरिक अंगों (internal organs) की सहायता करता है और ऊतकों की मरम्मत (repair) करता है।
  • यह एक ढीला संयोजी ऊतक (loose connective tissue) है।
  • यह त्वचा के नीचे और आंतरिक अंगों के बीच पाया जाता है।

जल से भरे एक जार और जड़ों के साथ एक बीज को लंबवत ऊपर की ओर रखते हुए प्रयोगात्मक सेटअप का अध्ययन कीजिए। जड़ों के शीर्ष भाग A में किस प्रकार का ऊतक उपस्थित है?

  • विभज्योतकी ऊतक (Meristematic tissue)
  • मृदूतक (Parenchyma)
  • दृढोतक (Sclerenchyma)
  • स्थूल कोण ऊतक (Collenchyma)

Explanation:

  • जड़ों के शीर्ष भाग (tip portion) A में विभज्योतकी ऊतक (Meristematic tissue) उपस्थित होता है।
  • यह शीर्षस्थ विभज्योतक (apical meristem) है जो जड़ की लंबाई (root length) में वृद्धि करता है।
  • यह कोशिकाएँ सक्रिय रूप से विभाजित (actively dividing) होती हैं।

निम्नलिखित में से किस ऊतक में संकुचनशील प्रोटीन होते हैं जिसके संकुचन और शिथिलन से संचलन होता है?

  • तंत्रिका ऊतक (Nervous tissue)
  • पेशीय ऊतक (Muscular tissue)
  • घनाभीय उपकला ऊतक (Cuboidal epithelium tissue)
  • शल्की उपकला ऊतक (Squamous epithelium tissue)

Explanation:

  • पेशीय ऊतक (Muscular tissue) में संकुचनशील प्रोटीन (contractile proteins) होते हैं (एक्टिन और मायोसिन/Actin & Myosin), जिनके संकुचन (contraction) और शिथिलन (relaxation) से संचलन (movement) होता है।
  • यह गति (movement) के लिए उत्तरदायी है।

पौधे के विकासशील भागों को नय आधार (flexible support) ______ द्वारा प्रदान किया जाता है।

  • हरित ऊतक (Chlorenchyma)
  • स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma)
  • जाइलम (Xylem)
  • फ्लोएम (Phloem)

Explanation:

  • पौधे के विकासशील भागों (developing parts) को नय आधार/लचीला सहारा (flexible support) स्थूलकोण/कोलेन्काइमा (Collenchyma) द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • यह जीवित (living) ऊतक है और कोनों पर मोटी दीवारें होती हैं।
  • यह प्रतान (tendrils), लताएँ (creepers) और युवा तनों (young stems) में पाया जाता है।

पौधों में गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध जल की ऊपर की ओर गति के लिए मुख्य रूप से कौन-सी संरचनात्मक विशेषता उत्तरदायी है?

  • स्पंजी (spongy) मेसोफिल में बड़े अंतरकोशिकीय स्थान
  • निरंतर स्तंभों का निर्माण करने वाली लिग्निनयुक्त (Lignified) जाइलम वाहिकाएं
  • सक्रिय रूप से विभाजित होने वाले विभज्योतकी (meristematic) ऊतक
  • साथी कोशिकाओं के साथ पतली दीवार वाली छलनी (sieve) नलिकाएँ

Explanation:

  • पौधों में गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध (against gravity) जल की ऊपर की ओर गति (upward movement) के लिए निरंतर स्तंभों (continuous columns) का निर्माण करने वाली लिग्निनयुक्त जाइलम वाहिकाएँ (lignified xylem vessels) मुख्य रूप से उत्तरदायी हैं।
  • लिग्निन मजबूती (strength) और जल प्रतिरोध (water resistance) प्रदान करता है।
  • आसंजन-संसंजन बल (Cohesion-Tension) इस प्रक्रिया में सहायक हैं।

निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ एक इलास्टोमर के रूप में वर्गीकृत है?

  • शिराओं में ऊतक
  • गुर्दों में ऊतक
  • अमाशय में ऊतक
  • महाधमनी का ऊतक

Explanation:

  • महाधमनी (Aorta) का ऊतक एक इलास्टोमर (elastomer) के रूप में वर्गीकृत है।
  • इसमें इलास्टिन (elastin) प्रोटीन होता है जो लोच (elasticity) प्रदान करता है।
  • महाधमनी को रक्त के दाब (blood pressure) को सहन करने के लिए लोच की आवश्यकता होती है।

दो हड्डियों को एक दूसरे से जोड़ने वाले संयोजी ऊतक का नाम क्या है?

  • वसा ऊतक
  • उपास्थि
  • कंडरा
  • स्नायु

Explanation:

  • दो हड्डियों को एक दूसरे से जोड़ने (connect) वाले संयोजी ऊतक को स्नायु (Ligament) कहते हैं।
  • कंडरा (Tendon) – मांसपेशी को हड्डी से जोड़ता है
  • उपास्थि – लचीला संयोजी ऊतक
  • वसा ऊतक – वसा भंडारण

स्पाइरोगाइरा की कौन-सी विशेषता खंडन (fragmentation) को सफल बनाती है?

  • सरल तंतुमय काय
  • जटिल ऊतक
  • एककोशिकीय संरचना
  • बीजों की उपस्थिति

Explanation:

  • स्पाइरोगाइरा (Spirogyra) की सरल तंतुमय काय (simple filamentous body) विशेषता खंडन (fragmentation) को सफल बनाती है।
  • यह एक हरा शैवाल (green alga) है।
  • इसका तंतु किसी भी स्थान से टूट सकता है और प्रत्येक टुकड़ा नया जीव बना सकता है।

पादपों में मृदूतक कोशिकाएं कैसी होती हैं?

  • जीवित तथा अंतरकोशिकीय स्थानों के साथ शिथिल रूप से व्यवस्थित होती हैं
  • लिग्नीफाइड भित्तियों के साथ मृत तथा लम्बी होती हैं
  • मृत तथा बिना स्थानों के सघन रूप से व्यवस्थित होती हैं
  • जीवित तथा कोनों पर बिना स्थानों के मोटी होती हैं

Explanation:

  • पादपों में मृदूतक कोशिकाएँ (Parenchyma cells) जीवित (living) तथा अंतरकोशिकीय स्थानों (intercellular spaces) के साथ शिथिल रूप से व्यवस्थित (loosely arranged) होती हैं।
  • इनमें पतली कोशिका भित्ति (thin cell wall) होती है।
  • अन्य विकल्प:
    • लिग्नीफाइड, मृत – स्क्लेरेन्काइमा
    • कोनों पर मोटी – कोलेन्काइमा

निम्नलिखित में से कौन-सा ऊतक त्वचा के नीचे तथा आंतरिक अंगों के बीच में पाया जाता है?

  • उपकला ऊतक
  • तंत्रिका ऊतक
  • पेशी ऊतक
  • एडिपोज (वसा) ऊतक

Explanation:

  • एडिपोज (वसा) ऊतक (Adipose tissue) त्वचा के नीचे (under skin) तथा आंतरिक अंगों के बीच (between internal organs) पाया जाता है।
  • इसके कार्य:
    1. ऊर्जा भंडारण (ट्राइग्लिसराइड्स)
    2. ऊष्मीकरण (insulation)
    3. अंगों की सुरक्षा (कुशनिंग)

निम्नलिखित में से कौन-सी उपकला, श्वसन मार्ग के अस्तर के साथ श्लेष्मा की गति में सहायक होती है?

  • स्तरीकृत पट्टकी उपकला (stratified squamous epithelium)
  • पक्ष्माभी स्तंभाकार उपकला (ciliated columnar epithelium)
  • सरल पट्टकी उपकला (simple squamous epithelium)
  • घनाभाकार उपकला (cuboidal epithelium)

Explanation:

  • पक्ष्माभी स्तंभाकार उपकला (Ciliated columnar epithelium) श्वसन मार्ग (respiratory tract) के अस्तर के साथ श्लेष्मा (mucus) की गति में सहायक होती है।
  • इसकी कोशिकाओं पर पक्ष्माभ (cilia) होते हैं जो तरंग जैसी गति (wave-like movement) करते हैं।
  • यह धूल कणों (dust particles) और रोगाणुओं (pathogens) को बाहर निकालने में सहायक है।

वसा को संचित करने वाले ऊतक को क्या कहा जाता है?

  • वसा ऊतक
  • उपकला ऊतक
  • संयोजी ऊतक
  • एरियोलर ऊतक

Explanation:

  • वसा (एडिपोज) ऊतक (Adipose tissue) को वसा संचित (store fat) करने वाला ऊतक कहा जाता है।
  • यह एक संयोजी ऊतक (connective tissue) है।
  • यह एडिपोसाइट्स (adipocytes) नामक कोशिकाओं से बना होता है।

______ ऊतक में, कोशिकाएँ जीवित, लंबी और कोनों पर अनियमित रूप से मोटी होती हैं।

  • स्क्लेरेन्काइमा
  • आयरनकाइमा
  • कोलेन्काइमा
  • पैरेन्काइमा

Explanation:

  • कोलेन्काइमा (Collenchyma) ऊतक में कोशिकाएँ जीवित (living), लंबी (long) और कोनों पर अनियमित रूप से मोटी (irregularly thickened at corners) होती हैं।
  • यह लचीली सहायता (flexible support) प्रदान करता है।
  • यह युवा पौधों (young plants) और प्रतानों (tendrils) में पाया जाता है।

पेशियों / पेशीय ऊतक हमारे शरीर में ______ के लिए उत्तरदायी है।

  • वृद्धि
  • गति
  • श्वसन
  • पीने

Explanation:

  • पेशीय ऊतक (Muscular tissue) हमारे शरीर में गति (movement) के लिए उत्तरदायी है।
  • यह संकुचन (contraction) और शिथिलन (relaxation) द्वारा कार्य करता है।
  • तीन प्रकार: कंकालीय, चिकनी, हृदय पेशी

निम्नलिखित में से कौन-सा, मृदूतक का वह प्रकार है जो जलीय पादपों में मौजूद होता है, जिसमें उनके तैरने में सहायता करने के लिए बृहत वायु गुहाएं होती हैं?

  • सहकोशिका (Companion cell)
  • वायूतक (Aerenchyma)
  • हरित ऊतक (Chlorenchyma)
  • वाहिनिका (Tracheid)

Explanation:

  • वायूतक (Aerenchyma) मृदूतक (parenchyma) का वह प्रकार है जो जलीय पादपों (aquatic plants) में मौजूद होता है, जिसमें उनके तैरने (float) में सहायता करने के लिए बृहत वायु गुहाएं (large air cavities) होती हैं।
  • यह ऑक्सीजन के लिए भंडारण स्थान भी प्रदान करता है।
  • उदाहरण: जलकुंभी (Water hyacinth)

नीचे दी गई तालिका पौधों और जानवरों की संरचना और कार्य के बीच अंतर दर्शाती है। कौन सा विकल्प गलत कथन दर्शाता है?

  • b
  • d
  • c
  • a

Explanation:

  • पौधों और जंतुओं के ऊतकों में बुनियादी अंतर (basic differences):
    • पौधों में विभज्योतक (meristematic) और स्थायी (permanent) ऊतक होते हैं।
    • जंतुओं में चार प्रकार के ऊतक होते हैं (उपकला, संयोजी, पेशी, तंत्रिका)।
    • पौधों में अधिकांश कोशिकाएँ मृत होती हैं, जंतुओं में अधिकांश जीवित।
    • पौधों में क्रमिक वृद्धि (growth throughout life), जंतुओं में सीमित वृद्धि (limited growth)।
  • विकल्प ‘d’ में गलत तुलना हो सकती है (तालिका के अनुसार)।

______ में, कोशिकाओं को शिथिल रूप से पैक किया जाता है ताकि बड़े अंतरकोशिकीय स्थान प्राप्त हो सकें।

  • पैरेन्काइमा
  • वाहिनिका
  • क्लोरेन्काइमा
  • कोलेन्काइमा

Explanation:

  • पैरेन्काइमा (Parenchyma) में कोशिकाओं को शिथिल रूप से पैक (loosely packed) किया जाता है ताकि बड़े अंतरकोशिकीय स्थान (large intercellular spaces) प्राप्त हो सकें।
  • यह गैसों के आदान-प्रदान (gas exchange) और भोजन भंडारण (food storage) में सहायक है।
  • कोलेन्काइमा – कम अंतरकोशिकीय स्थान
  • स्क्लेरेन्काइमा – कोई अंतरकोशिकीय स्थान नहीं

कई तंत्रिका तंतु किस ऊतक द्वारा एक साथ बंधे होते हैं और एक तंत्रिका बनाते हैं?

  • संवहनी ऊतक
  • मेरिस्टेमेटिक ऊतक
  • संयोजी ऊतक
  • उपकला ऊतक

Explanation:

  • कई तंत्रिका तंतु (nerve fibres) संयोजी ऊतक (connective tissue) द्वारा एक साथ बंधे (bound) होते हैं और एक तंत्रिका (nerve) बनाते हैं।
  • यह तंत्रिकाओं को सहारा (support) और सुरक्षा (protection) प्रदान करता है।
  • तंत्रिका आवरण (nerve sheath) संयोजी ऊतक से बना होता है।

नारियल के हस्क (husk of a coconut) में अधिकांशतः कौन-सा पादप ऊतक पाया जाता है, और इसका मुख्य कार्य क्या है?

  • जाइलम – जल और खनिजों का संवहन करना
  • स्क्लेरेनकाइमा – सामर्थ्य और दृढ़ता प्रदान करना
  • पैरेकाइमा – भोजन का भंडारण करना
  • कोलेनकाइमा – नम्यता प्रदान करना

Explanation:

  • नारियल के हस्क/भूसी (husk) में अधिकांशतः स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma) पाया जाता है।
  • इसका मुख्य कार्य सामर्थ्य (strength) और दृढ़ता (rigidity) प्रदान करना है।
  • यह लिग्निफाइड (lignified) मृत कोशिकाओं से बना होता है।
  • नारियल का रेशा (coir) स्क्लेरेन्काइमेटस फाइबर है।

पादपों में, पत्तियों में बना भोजन नामक जटिल ऊतक द्वारा अन्य भागों में पहुँचाया जाता है।

  • फ्लोएम (Phloem)
  • जाइलम (Xylem)
  • कोलेनकाइमा (Collenchyma)
  • दृढोतक (Sclerenchyma)

Explanation:

  • पादपों में, पत्तियों में बना भोजन फ्लोएम (Phloem) नामक जटिल ऊतक (complex tissue) द्वारा अन्य भागों में पहुँचाया जाता है।
  • यह द्विदिशीय (bidirectional) परिवहन है।
  • जाइलम – जल और खनिजों का परिवहन

कार्य के आधार पर, निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन मनुष्यों में पाए जाने वाले सभी प्रकार के जंतु ऊतकों को निरूपित करता है?

  • उपकला ऊतक, पेशी ऊतक और ग्रंथिल ऊतक
  • उपकला ऊतक, संयोजी ऊतक और जनन ऊतक
  • उपकला ऊतक, संयोजी ऊतक और कंकाल ऊतक
  • उपकला ऊतक, संयोजी ऊतक, पेशी ऊतक और तंत्रिका ऊतक

Explanation:

  • मनुष्यों में पाए जाने वाले सभी प्रकार के जंतु ऊतक:
    1. उपकला ऊतक – सुरक्षा, अवशोषण, स्राव
    2. संयोजी ऊतक – जोड़ना, सहारा, परिवहन
    3. पेशी ऊतक – गति, संकुचन
    4. तंत्रिका ऊतक – आवेगों का संचार

स्क्लेरेनकाइमा ______ से बना होता है।

  • श्वेत रक्त कोशिका
  • निर्जीव कोशिका
  • जीवित कोशिका
  • जीवद्रव्य

Explanation:

  • स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma) निर्जीव कोशिकाओं (dead cells) से बना होता है।
  • इन कोशिकाओं में लिग्निन (lignin) जमा होता है।
  • ये यांत्रिक सहायता (mechanical support) प्रदान करती हैं।
  • पैरेन्काइमा/कोलेन्काइमा – जीवित कोशिकाएँ

______ ऊतक एकमात्र पादप ऊतक है जो कोशिका विभाजन द्वारा नई कोशिकाओं का उत्पादन करता है।

  • पेरेनकाइमा
  • कोलेनकाइमा
  • स्क्लेरेनकाइमा
  • विभज्योतक

Explanation:

  • विभज्योतक (Meristematic tissue) एकमात्र पादप ऊतक है जो कोशिका विभाजन (cell division) द्वारा नई कोशिकाओं (new cells) का उत्पादन करता है।
  • ये कोशिकाएँ सक्रिय रूप से विभाजित (actively dividing) होती हैं।
  • स्थायी ऊतक (permanent tissues) विभाजन नहीं करते।

______ ऊतक त्वचा के नीचे और आंतरिक अंगों के बीच बनता है।

  • उपकला
  • पेशीय
  • वसा
  • तंत्रिका

Explanation:

  • वसा (एडिपोज) ऊतक (Adipose tissue) त्वचा के नीचे (under skin) और आंतरिक अंगों के बीच (between internal organs) बनता है।
  • यह वसा (fat) संचित करता है और ऊष्मीकरण (insulation) प्रदान करता है।
  • यह एक संयोजी ऊतक (connective tissue) है।

पादप में लचीलापन प्रदान करने वाले स्थायी ऊतक को क्या कहते हैं?

  • पैरेकाइमा
  • स्क्लेरेनकाइमा
  • कोलेनकाइमा
  • जाइलम

Explanation:

  • पादप में लचीलापन (flexibility) प्रदान करने वाले स्थायी ऊतक को कोलेन्काइमा (Collenchyma) कहते हैं।
  • इसमें जीवित (living) कोशिकाएँ होती हैं जिनमें कोनों पर मोटी दीवारें होती हैं।
  • यह युवा पौधों (young plants) और प्रतानों (tendrils) में पाया जाता है।

निम्नलिखित में से किस सरल स्थायी ऊतक में कोशिका भित्तियां, लिग्निफाइड (lignified) होती है?

  • श्लेषोतक (Collenchyma)
  • मृदूतक (Parenchyma)
  • दृढोतक (Sclerenchyma)
  • फ्लोएम (Phloem)

Explanation:

  • दृढोतक (Sclerenchyma) में कोशिका भित्तियाँ लिग्निफाइड (lignified) होती हैं।
  • लिग्निन एक जटिल कार्बनिक बहुलक है जो कठोरता और जल प्रतिरोध प्रदान करता है।
  • अन्य ऊतक:
    • मृदूतक – पतली सेल्यूलोज भित्ति (जीवित)
    • कोलेन्काइमा – कोनों पर मोटी (सेल्यूलोज + पेक्टिन)
    • फ्लोएम – जटिल ऊतक (सरल नहीं)

______ ऊतक त्वचा के नीचे, गुर्दे के आसपास और आंतरिक अंगों के बीच पाया जाता है।

  • लिगमेंट
  • अरेओलर
  • टेंडन
  • एडिपोस

Explanation:

  • एडिपोस (वसा) ऊतक त्वचा के नीचे, गुर्दे के आसपास और आंतरिक अंगों के बीच पाया जाता है।
  • यह वसा (fat) संचित करता है और ऊष्मीकरण (insulation) प्रदान करता है।
  • यह एक संयोजी ऊतक (connective tissue) है।

जाइलम वाहिकाओं को जलरोधी क्या बनाता है?

  • सुबेरिन
  • सेलूलोज
  • क्यूटीन
  • लिग्निन

Explanation:

  • लिग्निन (Lignin) जाइलम वाहिकाओं (xylem vessels) को जलरोधी (waterproof) बनाता है।
  • यह एक जटिल पॉलीमर है जो कोशिका भित्ति में जमा होता है।
  • अन्य पदार्थ:
    • सुबेरिन – कॉर्क कोशिकाओं में (जलरोधी)
    • क्यूटीन – क्यूटिकल में
    • सेल्यूलोज – कोशिका भित्ति का मुख्य घटक

निम्नलिखित में से कौन-सा पेशी ऊतक का एक अभिलक्षण नहीं है?

  • ऐच्छिक पेशियों को कंकाल पेशियां भी कहा जाता है।
  • अंगों में पेशियां, ऐच्छिक पेशियां होती हैं।
  • पेशी ऊतक पेशी तंतुओं से बने होते हैं।
  • हृदय पेशियां, ऐच्छिक पेशियां होती हैं।

Explanation:

  • हृदय पेशियाँ (Cardiac muscles) ऐच्छिक (voluntary) नहीं होतीं – ये अनैच्छिक (involuntary) होती हैं। यह कथन गलत है।
  • हृदय पेशियाँ रेखित (striated) होती हैं परंतु अनैच्छिक रूप से कार्य करती हैं।
  • अन्य कथन सही हैं:
    • कंकाल पेशियाँ – ऐच्छिक, रेखित
    • चिकनी पेशियाँ – अनैच्छिक, अरेखित

______ ऊतक की कोशिकाएँ अलग-अलग प्रकार के स्थायी ऊतक के निर्माण के लिए पृथक होती है।

  • पैरेकाइमा
  • कोलेनकाइमा
  • विभज्योतक
  • स्क्लेरेनकाइमा

Explanation:

  • विभज्योतक (Meristematic) ऊतक की कोशिकाएँ अलग-अलग प्रकार के स्थायी ऊतक (permanent tissues) के निर्माण के लिए पृथक (differentiate) होती हैं।
  • ये कोशिकाएँ विभाजन (division) करने में सक्षम होती हैं।
  • स्थायी ऊतक विभेदित (differentiated) कोशिकाओं से बने होते हैं।

जब कोई क्रिया या गति करनी होती है, तो जानवरों में अंतिम कार्य कौन सा ऊतक करेगा?

  • उपकला ऊतक
  • विभज्योतक ऊतक
  • पेशीय ऊतक
  • संयोजी ऊतक

Explanation:

  • जब कोई क्रिया या गति करनी होती है, तो जानवरों में अंतिम कार्य (final action) पेशीय ऊतक (muscular tissue) करता है।
  • पेशीय ऊतक संकुचन (contraction) और शिथिलन (relaxation) द्वारा गति (movement) उत्पन्न करता है।
  • तंत्रिका ऊतक आवेग (impulse) भेजता है, पेशीय ऊतक कार्यान्वित (executes) करता है।

पेशियों के संकुचन और शिथिलन के लिए कौन-से प्रोटीन आवश्यक हैं?

  • केराटिन और कोलेजन (Keratin and collagen)
  • मायोग्लोबिन और हीमोग्लोबिन (Myoglobin and haemoglobin)
  • इलास्टिन और फाइब्रिन (Elastin and fibrin)
  • संकुचनशील प्रोटीन (Contractile proteins)

Explanation:

  • पेशियों के संकुचन (contraction) और शिथिलन (relaxation) के लिए संकुचनशील प्रोटीन (contractile proteins) आवश्यक हैं।
  • मुख्य संकुचनशील प्रोटीन: एक्टिन (Actin) और मायोसिन (Myosin)
  • अन्य प्रोटीन:
    • केराटिन – त्वचा, बाल
    • कोलेजन – संयोजी ऊतक
    • हीमोग्लोबिन – RBCs में ऑक्सीजन परिवहन

सरल स्थायी ऊतक जो पौधे के भागों जैसे तने और प्रतान को यांत्रिक आलंब (mechanical support) और लचीलापन प्रदान करता है, है।

  • कोलेनकाइमा (Collenchyma)
  • स्क्लेरेनकाइमा (Sclerenchyma)
  • पैरेकाइमा (parenchyma)
  • जाइलम (xylem)

Explanation:

  • कोलेन्काइमा (Collenchyma) पौधे के भागों जैसे तने (stem) और प्रतान (tendrils) को यांत्रिक आलंब (mechanical support) और लचीलापन (flexibility) प्रदान करता है।
  • यह जीवित (living) ऊतक है।
  • स्क्लेरेन्काइमा – कठोरता (लिग्निफाइड, मृत)
  • पैरेन्काइमा – भोजन भंडारण

ग्रासनली और मूत्राशय के अस्तर को भी किससे ढका जाता है?

  • शल्की उपकला
  • घनाकार उपकला
  • पक्ष्माभी स्तंभ उपकला
  • ग्रंथि उपकला

Explanation:

  • ग्रासनली (Oesophagus) और मूत्राशय (Urinary bladder) का अस्तर शल्की उपकला (Squamous epithelium) से ढका होता है।
  • यह स्तरीकृत शल्की उपकला (stratified squamous epithelium) होती है।
  • यह सुरक्षा (protection) प्रदान करती है।

पादप कोशिका भित्ति का मुख्य संरचनात्मक घटक क्या है?

  • कोलेजन (Collagen)
  • सेल्यूलोज (Cellulose)
  • पेप्टिडोलाइकन (Peptidoglycan)
  • काइटिन (Chitin)

Explanation:

  • पादप कोशिका भित्ति का मुख्य संरचनात्मक घटक सेल्यूलोज (Cellulose) है।
  • यह एक पॉलीसेकेराइड (polysaccharide) है।
  • अन्य कोशिका भित्ति घटक:
    • कोलेजन – जंतु कोशिका बाह्य मैट्रिक्स
    • काइटिन – कवक, कीटों का बाह्य कंकाल
    • पेप्टिडोलाइकन – जीवाणु कोशिका भित्ति

यदि रक्त :: संयोजी ऊतक, तो हड्डियाँ :: ______।

  • पेशीय ऊतक
  • उपकला ऊतक
  • तंत्रिका ऊतक
  • संयोजी ऊतक

Explanation:

  • रक्त (Blood) :: संयोजी ऊतक (Connective tissue)
  • इसी प्रकार, हड्डियाँ (Bones) भी संयोजी ऊतक (Connective tissue) हैं।
  • हड्डी एक कठोर संयोजी ऊतक (hard connective tissue) है।

हमारी अस्थियाँ किस प्रकार के ऊतक हैं?

  • पैरेकाइमा
  • स्थायी ऊतक
  • बाह्य त्वचीय
  • संयोजी

Explanation:

  • हमारी अस्थियाँ (Bones) संयोजी ऊतक (connective tissue) हैं।
  • ये कठोर संयोजी ऊतक (hard connective tissue) हैं।
  • इनमें अस्थि कोशिकाएँ (osteocytes), खनिज (minerals) और कोलेजन (collagen) होते हैं।

शरीर के निम्नलिखित अंगों में से किसमें उपास्थि ऊतक अनुपस्थित होता है?

  • वृक्क
  • नाक
  • स्वरयंत्र
  • कर्ण

Explanation:

  • वृक्क (Kidney) में उपास्थि ऊतक (cartilage tissue) अनुपस्थित (absent) होता है।
  • वृक्क उत्सर्जन (excretion) का अंग है।
  • उपास्थि पाए जाने वाले स्थान:
    • नाक (Nose)
    • स्वरयंत्र (Larynx)
    • कर्ण (Ear)
    • श्वासनली (Trachea)

निम्नलिखित में से कौन एक संयोजी ऊतक है?

  • पराध्यक्षीय उपकला
  • पेशी
  • रक्त
  • स्तंभाकार उपकला

Explanation:

  • रक्त (Blood) एक संयोजी ऊतक (connective tissue) है।
  • यह तरल संयोजी ऊतक (fluid connective tissue) है।
  • अन्य विकल्प उपकला ऊतक हैं:
    • पराध्यक्षीय उपकला
    • स्तंभाकार उपकला
  • पेशी – पेशीय ऊतक

मुंह की ग्रासनी और अस्तर भी ______ के साथ ढके होते हैं।

  • पपड़ीदार उपकला
  • रोमक उपकला
  • स्तंभकार उपकला
  • ग्रंथि उपकला

Explanation:

  • मुंह (Mouth) और ग्रासनी (Pharynx) का अस्तर पपड़ीदार/शल्की उपकला (Squamous epithelium) से ढका होता है।
  • यह स्तरीकृत शल्की उपकला (stratified squamous epithelium) है।
  • यह घर्षण (friction) और रासायनिक क्षति से सुरक्षा प्रदान करती है।

______ ऊतक में कोशिकाएँ व्यापक रूप से फैली होती हैं।

  • कंडरा (टेंडन)
  • उपास्थि
  • अस्थि
  • स्नायु (लिगामेंट)

Explanation:

  • उपास्थि (Cartilage) में कोशिकाएँ व्यापक रूप से फैली (widely spread) होती हैं।
  • इसकी कोशिकाएँ लैकुने (lacunae) में स्थित होती हैं।
  • उपास्थि का मैट्रिक्स अर्ध-पारदर्शी (translucent) होता है।

निम्नलिखित में से कौन एक संयोजी ऊतक नहीं है?

  • उपास्थि ऊतक
  • पेशी ऊतक
  • वसा ऊतक
  • अस्थि मज्जा

Explanation:

  • पेशी ऊतक (Muscular tissue) संयोजी ऊतक नहीं है।
  • यह गति (movement) के लिए उत्तरदायी है।
  • संयोजी ऊतक के उदाहरण:
    • उपास्थि
    • वसा ऊतक
    • अस्थि मज्जा
    • रक्त, अस्थि, स्नायु, कंडरा

पौधों में वृद्धि केवल विशिष्ट क्षेत्रों में ही क्यों होती है?

  • मेरिस्टेमेटिक ऊतक केवल विशिष्ट क्षेत्रों में ही स्थित होता है।
  • गुरुत्वाकर्षण कुछ क्षेत्रों में वृद्धि को रोकता है।
  • पौधे के केवल कुछ भागों को ही सूर्य का प्रकाश प्राप्त होता है।
  • जल केवल पौधे के ऊपरी भाग तक ही पहुंचता है।

Explanation:

  • पौधों में वृद्धि केवल विशिष्ट क्षेत्रों (specific regions) में होती है क्योंकि मेरिस्टेमेटिक/विभज्योतकी ऊतक (meristematic tissue) केवल इन्हीं क्षेत्रों में स्थित (located) होता है।
  • ये कोशिकाएँ विभाजन (division) करने में सक्षम हैं।
  • स्थायी ऊतक (permanent tissue) विभाजन नहीं करते।

सादृश्यता को पूरा करने के लिए उचित विकल्प चुनें। कंकाल पेशी : ऐच्छिक :: हृदय पेशी : ______

  • बहुकेंद्रीक (Multinucleate)
  • अनैच्छिक (Involuntary)
  • रेखित (Striated)
  • अशाखित (Unbranched)

Explanation:

  • कंकाल पेशी (Skeletal muscle) :: ऐच्छिक (Voluntary)
  • इसी प्रकार, हृदय पेशी (Cardiac muscle) :: अनैच्छिक (Involuntary)
  • हृदय पेशी रेखित (striated) होती है परंतु अनैच्छिक है।
  • चिकनी पेशी – अरेखित, अनैच्छिक

जंतुओं के संयोजी ऊतकों में, वसा कोशिकाएं लोब्यूल्स में व्यवस्थित होती हैं, जो ______ के विभाजन द्वारा पृथक होती हैं।

  • कोलेजन और इलास्टिन तंतु (collagen and elastin fibres)
  • पीत तंतु और लसीका (yellow fibres and lymph)
  • रेटिकुल तंतु और प्लाज्मा (reticular fibres and plasma)
  • कंकाल तंतु और कंडरा (skeletal fibres and tendons)

Explanation:

  • जंतुओं के संयोजी ऊतकों में, वसा कोशिकाएँ (fat cells) लोब्यूल्स (lobules) में व्यवस्थित होती हैं, जो कोलेजन (collagen) और इलास्टिन तंतु (elastin fibres) के विभाजन द्वारा पृथक (separated) होती हैं।
  • कोलेजन मजबूती (strength) प्रदान करता है, इलास्टिन लोच (elasticity) प्रदान करता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा पादप ऊतक सरल ऊतक का एक प्रकार नहीं है?

  • जाइलम (Xylem)
  • दृढ ऊतक (Sclerenchyma)
  • मृदूतक (Parenchyma)
  • स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma)

Explanation:

  • जाइलम (Xylem) सरल ऊतक (simple tissue) का एक प्रकार नहीं है – यह जटिल ऊतक (complex tissue) है।
  • सरल ऊतक के प्रकार:
    1. मृदूतक (Parenchyma)
    2. स्थूलकोण/कोलेन्काइमा (Collenchyma)
    3. दृढ/स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma)
  • जटिल ऊतक: जाइलम और फ्लोएम

मेरुरज्जु किस ऊतक से बना होता है?

  • तंत्रिका ऊतक
  • संयोजी ऊतक
  • उपकला ऊतक
  • पेशीय ऊतक

Explanation:

  • मेरुरज्जु (Spinal cord) तंत्रिका ऊतक (nervous tissue) से बना होता है।
  • यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) का हिस्सा है।
  • तंत्रिका ऊतक न्यूरॉन्स (neurons) और ग्लियाल कोशिकाओं (glial cells) से बना होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा, ऊतक प्रकार और उसके उदाहरण का सही मेल है?

  • उपकला ऊतक – रुधिर
  • तंत्रिका ऊतक – पेशी
  • पेशी ऊतक – न्यूरॉन्स
  • संयोजी ऊतक – रुधिर

Explanation:

  • संयोजी ऊतक (Connective tissue) – रुधिर (Blood) – सही मेल है।
  • अन्य विकल्प गलत हैं:
    • उपकला – रुधिर (गलत, रुधिर संयोजी ऊतक है)
    • तंत्रिका – पेशी (गलत, तंत्रिका ऊतक न्यूरॉन्स से बना है)
    • पेशी – न्यूरॉन्स (गलत, पेशी ऊतक पेशी तंतुओं से बना है)

फुफ्फुस के अंदर, वायु और रुधिर के बीच गैसों का तीव्र आदान-प्रदान होता है। इस प्रक्रिया में किस प्रकार का उपकला ऊतक सहायक होता है?

  • क्यूबॉइडल उपकला (Cuboidal epithelium)
  • पक्ष्माभी स्तंभाकार उपकला (Ciliated columnar epithelium)
  • एकस्तरी शल्की उपकला (Simple squamous epithelium)
  • स्तरीकृत शल्की उपकला (Stratified squamous epithelium)

Explanation:

  • फुफ्फुस (Lungs) के अंदर, वायु और रुधिर के बीच गैसों का तीव्र आदान-प्रदान एकस्तरी शल्की उपकला (Simple squamous epithelium) द्वारा सहायक होता है।
  • यह पतला (thin) होता है और विसरण (diffusion) को सुगम बनाता है।
  • यह फुफ्फुस वायुकोषों (alveoli) में पाया जाता है।

मानव शरीर के निम्नलिखित में से कौन सा भाग स्क्वैमस एपिथीलियम से आस्तरित नहीं है?

  • मुंह
  • त्वचा
  • ग्रासनली
  • वृक्क नलिकाएँ

Explanation:

  • वृक्क नलिकाएँ (Kidney tubules) स्क्वैमस एपिथीलियम (squamous epithelium) से आस्तरित नहीं हैं।
  • वृक्क नलिकाएँ घनाभाकार उपकला (cuboidal epithelium) से आस्तरित होती हैं।
  • स्क्वैमस एपिथीलियम पाया जाता है:
    • मुंह (Mouth)
    • त्वचा (Skin) – स्तरीकृत
    • ग्रासनली (Oesophagus) – स्तरीकृत

निम्नलिखित में से कौन सा ऊतक मुख्य रूप से मृत कोशिकाओं से बना है?

  • पैरेकाइमा
  • कोलेनकाइमा
  • एरेनकाइमा
  • जाइलम

Explanation:

  • जाइलम (Xylem) मुख्य रूप से मृत कोशिकाओं (dead cells) से बना है।
  • इसके घटक वाहिकाएँ (vessels) और वाहिनिकाएँ (tracheids) मृत होते हैं।
  • अन्य ऊतक:
    • पैरेन्काइमा – जीवित
    • कोलेन्काइमा – जीवित
    • एरेन्काइमा – जीवित (जलीय पौधे)

विभज्योतक ऊतक कोशिकाओं में ______ की कमी होती है।

  • कोशिका द्रव्य
  • रिक्तिकाएँ
  • कोशिका भित्ति
  • केन्द्रक

Explanation:

  • विभज्योतक ऊतक (Meristematic tissue) कोशिकाओं में रिक्तिकाएँ (vacuoles) की कमी (absence) होती है।
  • ये कोशिकाएँ छोटी (small), घनी (dense) और सक्रिय रूप से विभाजित (actively dividing) होती हैं।
  • इनमें कोशिका द्रव्य (cytoplasm), केन्द्रक (nucleus) और पतली कोशिका भित्ति (thin cell wall) होती है।

यदि एक स्नायु दो हड्डियों को जोड़ता है, तो निम्नलिखित में से कौन सी संरचना पेशियों को हड्डियों से जोड़ती है?

  • रक्त
  • उपास्थि
  • कंडरा
  • रेशकोरक

Explanation:

  • स्नायु (Ligament) – दो हड्डियों को जोड़ता है
  • कंडरा (Tendon) – पेशियों (muscles) को हड्डियों (bones) से जोड़ता है।
  • ये दोनों संयोजी ऊतक (connective tissue) हैं।

जाइलम और फ्लोएम को “जटिल स्थायी ऊतक (complex permanent tissues)” क्यों कहा जाता है?

  • इनमें एक ही कार्य करने के लिए केवल एक ही प्रकार की कोशिका होती है
  • इनका कार्य अस्थायी होता है और वृद्धि के बाद ये विलुप्त हो जाती हैं
  • इनमें परिवहन के लिए एक साथ कार्य करने वाली विभिन्न प्रकार की कोशिकाएं होती हैं
  • इनकी कोशिकाएं विभाजित होकर नए ऊतक का निर्माण कर सकती हैं

Explanation:

  • जाइलम (Xylem) और फ्लोएम (Phloem) को “जटिल स्थायी ऊतक” कहा जाता है क्योंकि इनमें परिवहन (transport) के लिए एक साथ कार्य करने वाली विभिन्न प्रकार की कोशिकाएँ (different types of cells) होती हैं।
  • सरल ऊतक – एक प्रकार की कोशिकाएँ
  • जटिल ऊतक – विभिन्न प्रकार की कोशिकाएँ (जो एक साथ कार्य करती हैं)

निम्नलिखित में से कौन-सा पादप ऊतक, दोनों दिशाओं में पदार्थों के संचलन को होने देता है?

  • जाइलम (Xylem)
  • दृढ़ोतक (Sclerenchyma)
  • पोषवाह (Phloem)
  • फाइबर (Fibres)

Explanation:

  • पोषवाह/फ्लोएम (Phloem) दोनों दिशाओं (both directions) में पदार्थों (भोजन) के संचलन को होने देता है।
  • यह द्विदिशीय (bidirectional) परिवहन है।
  • जाइलम – एकदिशीय (जड़ → ऊपर)

इनमें से कौन सा ऊतक कोशिका विभाजन में सक्षम है?

  • मेरिस्टेमेटिक ऊतक
  • दृढोतक
  • मृदूतक
  • कोलेन्काइमा

Explanation:

  • मेरिस्टेमेटिक/विभज्योतकी ऊतक (Meristematic tissue) कोशिका विभाजन (cell division) में सक्षम है।
  • ये कोशिकाएँ सक्रिय रूप से विभाजित (actively dividing) होती हैं।
  • स्थायी ऊतक (दृढोतक, मृदूतक, कोलेन्काइमा) विभाजन नहीं करते।

________, सामान्य स्थायी ऊतक नहीं है।

  • स्क्लेरेनकाइमा
  • पैरेनकाइमा
  • कोलेन्काइमा
  • जाइलम

Explanation:

  • जाइलम (Xylem) सामान्य स्थायी ऊतक (simple permanent tissue) नहीं है – यह जटिल स्थायी ऊतक (complex permanent tissue) है।
  • सामान्य/सरल स्थायी ऊतक:
    1. स्क्लेरेन्काइमा
    2. पैरेन्काइमा
    3. कोलेन्काइमा

निम्नलिखित में से कौन सा उपकला ऊतक की विशेषता नहीं है?

  • अंतरकोशिकीय स्थान नहीं होते हैं
  • शरीर के अधिकांश अंगों और गुहाओं को ढँकते हैं
  • घनीभूत रूप से संकुलित होते हैं
  • एक कोशिकीय, तंतु रहित आधार झिल्ली द्वारा अंतर्निहित ऊतक से अलग होते हैं

Explanation:

  • एक कोशिकीय, तंतु रहित आधार झिल्ली उपकला ऊतक (epithelial tissue) की विशेषता नहीं है।
  • उपकला ऊतक एक कोशिकीय नहीं होता – यह बहु-परत (multilayered) या एक-परत (single-layered) हो सकता है।
  • उपकला की विशेषताएँ:
    • अंतरकोशिकीय स्थान नहीं (सघन रूप से संकुलित)
    • शरीर के अंगों और गुहाओं को ढकता है
    • आधार झिल्ली (basement membrane) द्वारा अलग होता है

आहार नाल में भोजन की गति शरीर की चिकनी मांसपेशियाँ द्वारा होती है। निम्नलिखित में से किस विकल्प में सभी अंगों में चिकनी मांसपेशियां होती हैं?

  • रक्त वाहिकाएँ, मूत्रवाहिनी, हड्डियाँ
  • हृदय, आँख की पुतली, हड्डियाँ
  • आँख की पुतली, फेफड़ों की श्वसनी, मूत्रवाहिनी
  • हड्डियाँ, मूत्रवाहिनी, फेफड़ों की श्वसनी

Explanation:

  • चिकनी मांसपेशियाँ (Smooth muscles) आँख की पुतली (iris), फेफड़ों की श्वसनी (bronchi), मूत्रवाहिनी (ureter) में होती हैं।
  • अन्य विकल्पों में हड्डियाँ (संयोजी ऊतक) और हृदय (हृदय पेशी) शामिल हैं।
  • चिकनी पेशी अनैच्छिक (involuntary) और अरेखित (non-striated) होती है।

निम्नलिखित में से कौन-से ऊतक, जंतु काय (animal body) में आच्छादी या रक्षी ऊतक होते हैं?

  • तंत्रिका ऊतक
  • उपकला ऊतक
  • मृदूतक
  • दृढोतक

Explanation:

  • उपकला ऊतक (Epithelial tissue) जंतु काय में आच्छादी (covering) या रक्षी (protective) ऊतक होते हैं।
  • ये शरीर की सतह, अंगों और गुहाओं को ढकते हैं।
  • अन्य विकल्प:
    • तंत्रिका – आवेगों का संचार
    • मृदूतक/दृढोतक – पादप ऊतक

मानव शरीर में कौन सा ऊतक सबसे कठोर और अस्थिल ऊतक के रूप में पाया जाता है?

  • उपास्थि
  • कोलेजन
  • अस्थि
  • उपकला ऊतक

Explanation:

  • मानव शरीर में अस्थि (Bone) सबसे कठोर और अस्थिल ऊतक (hardest and skeletal tissue) के रूप में पाया जाता है।
  • यह कैल्शियम फॉस्फेट और कोलेजन से बना होता है।
  • उपास्थि – लचीला (अस्थि से नरम)
  • कोलेजन – प्रोटीन (संयोजी ऊतक का घटक)

जब कोई व्यक्ति किसी गर्म वस्तु को छूता है, तो पेशियों की अनुक्रिया में देरी होती है। तंत्रिका ऊतक का कौन-सा भाग सीधे तौर पर तंत्रिका आवेग को पेशियों तक पहुँचाने और त्वरित गति उत्पन्न करने के लिए जिम्मेदार होता है?

  • संयोजी ऊतक (Connective tissue)
  • केंद्रक (Nucleus)
  • द्रुमाश्म (Dendrite)
  • तंत्रिकाश (Axon)

Explanation:

  • तंत्रिकाश (Axon) तंत्रिका आवेग (nerve impulse) को पेशियों (muscles) तक सीधे पहुँचाने और त्वरित गति (quick movement) उत्पन्न करने के लिए जिम्मेदार होता है।
  • न्यूरॉन के भाग:
    1. द्रुमाश्म (Dendrite) – आवेग ग्रहण करता है
    2. कोशिका काय (Cell body) – प्रसंस्करण
    3. तंत्रिकाश (Axon) – आवेग का संचार (दूर तक)

कौन-सा संयोजी ऊतक, आंतरिक अंगों को सपोर्ट प्रदान करता है?

  • एरियोली ऊतक
  • शल्की उपकला
  • कंडरा
  • स्नायु

Explanation:

  • एरियोली ऊतक (Areolar tissue) आंतरिक अंगों (internal organs) को सपोर्ट (support) प्रदान करता है।
  • यह एक ढीला संयोजी ऊतक (loose connective tissue) है।
  • अन्य विकल्प:
    • शल्की उपकला – उपकला ऊतक (सुरक्षा)
    • कंडरा – मांसपेशी से हड्डी
    • स्नायु – हड्डी से हड्डी

निम्न में से कौन सा एक सरल स्थायी ऊतक है?

  • शीर्षस्थ विभज्योतक
  • कोलेनकाइमा
  • कैंबियम
  • जाइलम

Explanation:

  • कोलेन्काइमा (Collenchyma) एक सरल स्थायी ऊतक (simple permanent tissue) है।
  • अन्य विकल्प:
    • शीर्षस्थ विभज्योतक – विभज्योतक ऊतक
    • कैम्बियम – पार्श्व विभज्योतक
    • जाइलम – जटिल स्थायी ऊतक

पौधों में जल का परिवहन _____ के माध्यम से होता है।

  • जाइलम
  • प्लोएम
  • दृढोतक
  • मृदूतक

Explanation:

  • पौधों में जल (water) का परिवहन जाइलम (Xylem) के माध्यम से होता है।
  • यह जड़ों से पत्तियों तक एकदिशीय (unidirectional) परिवहन है।
  • फ्लोएम – भोजन का परिवहन
  • दृढोतक/मृदूतक – सरल स्थायी ऊतक (जल परिवहन में नहीं)

_____ और _____ ऊतकों की कोशिकाएँ जीवित कोशिकाएँ होती हैं।

  • पैरेन्काइमा और स्क्लेरेनकाइमा
  • स्क्लेरेनकाइमा और वाहिनिका
  • कोलेनकाइमा और स्क्लेरेनकाइमा
  • पैरेन्काइमा और कोलेनकाइमा

Explanation:

  • पैरेन्काइमा (Parenchyma) और कोलेन्काइमा (Collenchyma) ऊतकों की कोशिकाएँ जीवित कोशिकाएँ (living cells) होती हैं।
  • स्क्लेरेन्काइमा – मृत कोशिकाएँ
  • वाहिनिका – मृत कोशिकाएँ (जाइलम का घटक)

निम्नलिखित में से किसके कारण पेशीय ऊतकों में संचलन होता है?

  • संकुचनशील प्रोटीन
  • एंजाइम
  • उपास्थि
  • स्नायु

Explanation:

  • संकुचनशील प्रोटीन (Contractile proteins) के कारण पेशीय ऊतकों में संचलन (movement) होता है।
  • मुख्य संकुचनशील प्रोटीन: एक्टिन (Actin) और मायोसिन (Myosin)
  • ये प्रोटीन संकुचन (contraction) और शिथिलन (relaxation) उत्पन्न करते हैं।

फ्लोएम का कौन-सा घटक पौधों में खाद्य के परिवहन के लिए उत्तरदायी है?

  • फ्लोएम पैरेन्काइमा
  • सहकोशिका
  • चालनी नलिका
  • फ्लोएम तंतु

Explanation:

  • फ्लोएम का चालनी नलिका (Sieve tube) घटक पौधों में खाद्य (food) के परिवहन के लिए उत्तरदायी है।
  • ये जीवित (living) कोशिकाएँ हैं (परंतु केन्द्रक रहित)।
  • सहकोशिका (Companion cell) – चालनी नलिका के साथ जुड़ी, परिवहन में सहायक
  • फ्लोएम तंतु – यांत्रिक सहायता
  • फ्लोएम पैरेन्काइमा – भोजन भंडारण

मानव शरीर में कौन-सा अंग स्तरीकृत शल्की उपकला से बना होता है?

  • वृक्क नलिकाओं की परत
  • त्वचा
  • आंत की परत
  • ग्रासनली

Explanation:

  • मानव शरीर में त्वचा (Skin) स्तरीकृत शल्की उपकला (stratified squamous epithelium) से बनी होती है।
  • अन्य विकल्प:
    • वृक्क नलिकाएँ – घनाभाकार उपकला
    • आंत – स्तंभाकार उपकला
    • ग्रासनली – स्तरीकृत शल्की उपकला (त्वचा के समान)

निम्नलिखित में से कौन सा एक जटिल संवहनी ऊतक है?

  • स्केलेरेन्काइमा
  • फ्लोएम
  • पैरेन्काइमा
  • कोलेन्काइमा

Explanation:

  • फ्लोएम (Phloem) एक जटिल संवहनी ऊतक (complex vascular tissue) है।
  • अन्य विकल्प सरल स्थायी ऊतक हैं:
    • स्क्लेरेन्काइमा
    • पैरेन्काइमा
    • कोलेन्काइमा
  • जटिल संवहनी ऊतक: जाइलम और फ्लोएम

निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजी ऊतक का उदाहरण नहीं है?

  • उपास्थि
  • रक्त
  • त्वचा
  • अस्थि

Explanation:

  • त्वचा (Skin) संयोजी ऊतक (connective tissue) का उदाहरण नहीं है – यह उपकला ऊतक (epithelial tissue) है।
  • संयोजी ऊतक के उदाहरण:
    • उपास्थि (Cartilage)
    • रक्त (Blood)
    • अस्थि (Bone)
    • एडिपोज, एरियोलर, स्नायु, कंडरा

निम्न में कौन सा स्थायी ऊतक का एक उदाहरण है?

  • रक्त
  • जाइलम
  • हड्डी
  • त्वचा

Explanation:

  • जाइलम (Xylem) स्थायी ऊतक (permanent tissue) का एक उदाहरण है (जटिल स्थायी ऊतक)।
  • अन्य विकल्प जंतु ऊतक हैं:
    • रक्त – संयोजी ऊतक
    • हड्डी – संयोजी ऊतक
    • त्वचा – उपकला ऊतक

निम्नलिखित में से कौन सा सबसे सामान्य सरल स्थायी ऊतक है?

  • एपिडर्मिस
  • पेरेन्काइमा
  • फ्लोएम
  • स्क्लेरेन्काइमा

Explanation:

  • पेरेन्काइमा/मृदूतक (Parenchyma) सबसे सामान्य (most common) सरल स्थायी ऊतक है।
  • यह पौधों के सभी अंगों में पाया जाता है।
  • अन्य विकल्प:
    • एपिडर्मिस – बाह्य सुरक्षात्मक परत
    • फ्लोएम – जटिल स्थायी ऊतक
    • स्क्लेरेन्काइमा – यांत्रिक सहायता

निम्नलिखित तालिका जंतुओं में उपस्थित विभिन्न उपकला ऊतकों और उनके शरीर के विभिन्न भागों में उनके स्थान (स्थिति) को दर्शाती है। इसके लिए सही विकल्प पहचान करें-

  • A – iii, B – iv, C – ii, D – i
  • A – i, B – ii, C – iii, D – iv
  • A – ii, B – iii, C – iv, D – i
  • A – iii, B – iv, C – i, D – ii

Explanation:

  • उपकला ऊतक और उनके स्थान:
    • शल्की उपकला (Squamous) – रक्त वाहिकाओं की परत
    • घनाभाकार उपकला (Cuboidal) – वृक्क नलिकाएँ
    • स्तंभाकार उपकला (Columnar) – आंत की परत
    • पक्ष्माभी स्तंभाकार (Ciliated columnar) – श्वसन मार्ग
  • सही मिलान A – iii, B – iv, C – i, D – ii है (तालिका के अनुसार)।

______ में फाइबर अनुपस्थित होते हैं।

  • यकृत
  • हृदय
  • वृक्क
  • रक्त

Explanation:

  • रक्त (Blood) में फाइबर (fibres) अनुपस्थित (absent) होते हैं।
  • यह तरल संयोजी ऊतक (fluid connective tissue) है।
  • रक्त का मैट्रिक्स प्लाज्मा (plasma) है, जिसमें फाइबर नहीं होते।
  • हृदय, वृक्क, यकृत में संयोजी ऊतक फाइबर होते हैं।

जटिल स्थायी ऊतकों की परिभाषा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • जटिल स्थायी ऊतक विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं जो समान कार्य करते हैं।
  • जटिल स्थायी ऊतक विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं जो अलग-अलग कार्य करते हैं।
  • जटिल स्थायी ऊतक सरल स्थायी ऊतकों से बने होते हैं।
  • जटिल स्थायी ऊतक समान प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं।

Explanation:

  • जटिल स्थायी ऊतक (Complex permanent tissues) विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं (different types of cells) से बने होते हैं जो अलग-अलग कार्य (different functions) करते हैं।
  • उदाहरण: जाइलम और फ्लोएम
  • सरल स्थायी ऊतक – एक प्रकार की कोशिकाएँ (पैरेन्काइमा, कोलेन्काइमा, स्क्लेरेन्काइमा)

दो अस्थियों को एक दूसरे से अन्य प्रकार के संयोजी ऊतक द्वारा जोड़ा जा सकता है जिसे ___________ कहा जाता है।

  • कंडरा
  • उपास्थि
  • आधात्री
  • स्नायु

Explanation:

  • दो अस्थियों को एक दूसरे से जोड़ने वाले संयोजी ऊतक को स्नायु (Ligament) कहा जाता है।
  • कंडरा (Tendon) – मांसपेशी से हड्डी
  • उपास्थि – लचीला संयोजी ऊतक

ऊतकों के अध्ययन को कहा जाता है।

  • वर्गीकरण
  • शुक्राणु विज्ञान
  • ऊतक विज्ञान
  • ओफ़ियोलॉजी

Explanation:

  • ऊतकों के अध्ययन को ऊतक विज्ञान (Histology) कहा जाता है।
  • अन्य शाखाएँ:
    • वर्गीकरण (Taxonomy) – जीवों का वर्गीकरण
    • शुक्राणु विज्ञान (Spermatology) – शुक्राणुओं का अध्ययन
    • ओफ़ियोलॉजी (Ophiology) – साँपों का अध्ययन

निम्नलिखित में से किसके संकुचन और शिथिलन से अंग की गति होती है?

  • तंत्रिका कोशिकाएँ
  • उपास्थि
  • पेशी कोशिकाएँ
  • हड्डियाँ

Explanation:

  • पेशी कोशिकाओं (Muscle cells) के संकुचन (contraction) और शिथिलन (relaxation) से अंग की गति (organ movement) होती है।
  • पेशी कोशिकाएँ संकुचनशील प्रोटीन (एक्टिन और मायोसिन) से युक्त होती हैं।
  • तंत्रिका कोशिकाएँ – आवेग संचारित करती हैं
  • हड्डियाँ – कंकाल का निर्माण करती हैं

पौधों की वृद्धि केवल कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में ही होती है क्योंकि:

  • विभाजित ऊतक, जिसे मेरिस्टेमेटिक ऊतक भी कहा जाता है, केवल इन्हीं क्षेत्रों में स्थित होता है
  • जटिल स्थायी ऊतक केवल इन्हीं क्षेत्रों में स्थित होता है
  • संयोजी ऊतक केवल इन्हीं क्षेत्रों में स्थित होता है
  • सरल स्थायी ऊतक केवल इन्हीं क्षेत्रों में स्थित होता है

Explanation:

  • पौधों की वृद्धि केवल कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में होती है क्योंकि विभाजित ऊतक/मेरिस्टेमेटिक ऊतक (meristematic tissue) केवल इन्हीं क्षेत्रों में स्थित (located) होता है।
  • ये कोशिकाएँ विभाजन करने में सक्षम हैं।
  • स्थायी ऊतक (सरल और जटिल) विभाजन नहीं करते।

वनस्पति उतक का _____ परिपक्वता पर जीवित प्रोटोप्लाज्म धारण नहीं करता।

  • श्वासनलिका
  • पृष्ठीय ऊतक
  • कठोर ऊतक
  • स्थूल

Explanation:

  • कठोर ऊतक/स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma) परिपक्वता (maturity) पर जीवित प्रोटोप्लाज्म (living protoplasm) धारण नहीं करता।
  • ये मृत (dead) कोशिकाएँ होती हैं।
  • इनमें लिग्निन (lignin) जमा होता है।
  • पैरेन्काइमा/कोलेन्काइमा – जीवित प्रोटोप्लाज्म धारण करते हैं।

विभज्योतक ऊतक केवल विशिष्ट क्षेत्र में पाए जाते हैं। स्थिति के आधार पर, कौन-सा विभज्योतक ऊतक का प्रकार नहीं है?

  • आधारी (Basal)
  • शीर्षस्थ (Apical)
  • अंतर्विष्ट (Intercalary)
  • पार्श्व (Lateral)

Explanation:

  • आधारी (Basal) विभज्योतक ऊतक (meristematic tissue) का प्रकार नहीं है।
  • स्थिति के आधार पर विभज्योतक के प्रकार:
    1. शीर्षस्थ (Apical) – जड़/तने के सिरों पर
    2. अंतर्विष्ट (Intercalary) – नोड्स के पास
    3. पार्श्व (Lateral) – कैम्बियम (चौड़ाई में वृद्धि)

हमारे शरीर में गति के लिए कौन सा ऊतक जिम्मेदार है?

  • तंत्रिका ऊतक
  • पेशीय ऊतक
  • उपकला ऊतक
  • संयोजी ऊतक

Explanation:

  • हमारे शरीर में गति (movement) के लिए पेशीय ऊतक (Muscular tissue) जिम्मेदार है।
  • पेशीय ऊतक संकुचन (contraction) और शिथिलन (relaxation) द्वारा गति उत्पन्न करता है।
  • तंत्रिका ऊतक – आवेगों का संचार
  • संयोजी/उपकला – सहारा/सुरक्षा

RRB SCIENCE -BIOLOGY BANK – Tissues