SCIENCE
pH के बारे में, इनमें से कौन सा कथन सत्य नहीं है?
- जब pH 0 के बराबर हो, तो यह उदासीन है।
- जब pH 7 के बराबर हो, तो यह उदासीन है।
- जब pH 7 से अधिक हो तो यह क्षारीय होता है।
- जब pH 7 से कम हो तो यह अम्लीय है।
Explanation:
- pH पैमाने की खोज सोरेनसन (Sorensen) ने 1909 में की थी।
- pH स्केल का मान:
- pH = 7: उदासीन (Neutral) विलयन
- pH < 7: अम्लीय (Acidic) विलयन
- pH > 7: क्षारीय (Basic) विलयन
- जब pH = 0 होता है, तो विलयन अत्यधिक अम्लीय (Strongly Acidic) होता है, न कि उदासीन। उदाहरण के लिए, सांद्र HCl का pH मान 0 के आसपास होता है।
कौन सा अम्ल और उसके लवण व्यापक रूप से भोजन परिरक्षकों के रूप में मोल्ड, खमीर और कवक के विकास को रोकने के लिए उपयोग किए जाते हैं?
- परक्लोरिक अम्ल
- बोरिक अम्ल
- मैलिक अम्ल
- सोर्बिक अम्ल
Explanation:
- सोर्बिक अम्ल (Sorbic Acid) और इसके सोडियम या पोटेशियम लवण (सोर्बेट्स) का उपयोग प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, वाइन, पनीर और बेकरी उत्पादों में मोल्ड (फफूंद), यीस्ट और कवक के विकास को रोकने के लिए भोजन परिरक्षक (Food Preservative) के रूप में किया जाता है।
- यह भोजन की शेल्फ लाइफ को बढ़ाने में बहुत प्रभावी और सुरक्षित माना जाता है।
- अन्य प्रमुख परिरक्षक: बेंजोइक अम्ल (Benzoic Acid) और सोडियम बेंजोएट।
नायलॉन-66 के निर्माण में किस अम्ल का उपयोग किया जाता है?
- एथेनिक अम्ल
- बेंजोइक अम्ल
- एडिपिक अम्ल
- मेथेनोइक अम्ल
Explanation:
- नायलॉन-66 (Nylon-66) एक पॉलीमाइड बहुलक (Polymer) है।
- इसके निर्माण में एडिपिक अम्ल (Adipic Acid – HOOC-(CH₂)₄-COOH) और हेक्सामेथिलीन डायमाइन [H₂N-(CH₂)₆-NH₂] के संघनन बहुलकीकरण (Condensation Polymerization) की प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है।
- दोनों मोनोमर्स में 6-6 कार्बन परमाणु होते हैं, इसीलिए इसका नाम ‘नायलॉन-66’ रखा गया है।
निम्नलिखित में से कौन नीले लिटमस को लाल कर देगा?
- सिरका
- वाशिंग सोडा विलयन
- चूने का पानी
- बेकिंग सोडा विलयन
Explanation:
- अम्ल (Acids) नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं।
- सिरका (Vinegar) में एसिटिक अम्ल (CH₃COOH) पाया जाता है, इसलिए यह नीले लिटमस को लाल कर देता है।
- अन्य विकल्प: वाशिंग सोडा, चूने का पानी और बेकिंग सोडा विलयन क्षारीय प्रकृति के होते हैं, जो लाल लिटमस को नीला करते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सी अम्ल और क्षार के बीच समानता है?
- जल के साथ अम्ल अथवा क्षारक को मिलाने की प्रक्रिया ऊष्माक्षेपी होती है।
- इनका उपयोग परिरक्षकों के रूप में किया जाता है।
- ये कड़वे होते हैं।
- इनका pH 7 से कम होता है।
Explanation:
- जल में अम्ल या क्षार मिलाने पर बड़ी मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न होती है, इसलिए तनुकरण (Dilution) की यह प्रक्रिया ऊष्माक्षेपी (Exothermic Reaction) होती है।
- हमेशा जल में अम्ल को धीरे-धीरे हिलाते हुए मिलाना चाहिए, अम्ल में जल नहीं डालना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक ऊष्मा के कारण मिश्रण बाहर छलक सकता है।
लौह संक्षारण को सामान्यतः जंग लगना कहा जाता है, और इसके लिए ______ की आवश्यकता होती है।
- लवण और प्रबल अम्ल की उपस्थिति
- जल और वायुमंडलीय ऑक्सीजन
- नमी और उच्च अम्लता
- लोहा और अत्यधिक निम्न (cold) ताप
Explanation:
- लोहे पर जंग लगने (Rusting of Iron) की प्रक्रिया के लिए जल/नमी (Moisture) और वायुमंडलीय ऑक्सीजन (O₂) दोनों की उपस्थिति अनिवार्य है।
- जंग रासायनिक रूप से जलयोजित फेरिक ऑक्साइड [Fe₂O₃·xH₂O] होता है।
- यह एक विद्युत-रासायनिक और रासायनिक संक्षारण अभिक्रिया का उदाहरण है।
निम्नलिखित में से कौन सा द्वितीयक वायु प्रदूषक है?
- कार्बन डाईऑक्साइड
- ओजोन
- कार्बन मोनोऑक्साइड
- सल्फर डाइऑक्साइड
Explanation:
- द्वितीयक प्रदूषक (Secondary Pollutants): वे प्रदूषक होते हैं जो सीधे स्रोत से उत्सर्जित नहीं होते, बल्कि प्राथमिक प्रदूषकों के वातावरण में आपस में अभिक्रिया करने से बनते हैं।
- समताप मंडल के नीचे धरातलीय स्तर पर बनने वाली ओजोन (Ground-level Ozone – O₃), स्मॉग (Smog), और PAN (Peroxyacetyl Nitrate) द्वितीयक प्रदूषक हैं।
- प्राथमिक प्रदूषक: CO, CO₂, SO₂, NO₂ (जो सीधे स्रोत/चिमनियों से निकलते हैं)।
निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? A) लार का pH मान: 6.2 – 8 B) शुद्ध रक्त का pH मान: 7.35 – 7.45 C) शुद्ध जल का pH मान: 9
- केवल B
- केवल C
- B और C
- A और B
Explanation:
- कथन A: मानव लार का pH मान आमतौर पर 6.5 से 7.5 के बीच होता है (प्रश्नानुसार दिए गए विकल्पों में सबसे सटीक B को ही एकल सही माना गया है)।
- कथन B (सही): मानव के शुद्ध रक्त (Blood) का pH मान हल्का क्षारीय 7.35 से 7.45 (औसत 7.4) होता है।
- कथन C (गलत): शुद्ध जल का pH मान 7 (उदासीन) होता है, न कि 9।
कार्बोनिलीकरण द्वारा मुख्य रूप से कौन सा अम्ल निर्मित होता है?
- नाइट्रिक अम्ल
- सल्फ्यूरिक अम्ल
- एसितिक अम्ल
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
Explanation:
- औद्योगिक स्तर पर मिथेनॉल के कार्बोनिलीकरण (Carbonylation) द्वारा एसिटिक अम्ल (Acetic Acid – CH₃COOH) का उत्पादन किया जाता है (जैसे मॉन्सेंटो या कैटिवा प्रक्रम में)।
- इस अभिक्रिया में कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) को मेथनॉल (CH₃OH) के साथ मिलाया जाता है:
$$\text{CH}_3\text{OH} + \text{CO} \xrightarrow{\text{Catalyst}} \text{CH}_3\text{COOH}$$ - (नोट: आधिकारिक प्रश्न में उत्तर कुंजी में दिए गए विकल्पों में औद्योगिक विनिर्माण संदर्भ के तहत एसिटिक अम्ल इसका सटीक उत्तर है।)
इस यौगिक को कभी-कभी भोजन को जल्दी पकाने के लिए उसमें डाला जाता है। यह एक हल्का असंक्षारक क्षार है। नीचे दी गई अभिक्रिया इसके निर्माण की क्रिया दर्शाती है। NaCl + H₂O + CO₂ + NH₃ = ?
- सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
- अमोनियम कार्बोनेट
- सोडियम कार्बोनेट
- अमोनियम क्लोराइड
निम्नलिखित में से किस कच्चे माल का उपयोग धोने का सोडा बनाने के लिए किया जाता है?
- MgCO₃
- NaHCO₃
- NaOH
- NaCl
सामान्यतः इस्तेमाल किए जाने वाले टूथ पेस्ट की प्रकृति क्या होती है?
- उदासीन
- अम्लीय
- सभी विकल्प
- क्षारीय
हम जानते हैं कि यदि वर्षा जल का pH मान 5.6 से कम है, तो इसे ‘अम्लीय वर्षा’ कहा जाता है। जब यह अम्लीय जल नदियों में बहता है तो क्या होता है?
- जल थोड़ा क्षारीय हो जाता है।
- नदी के जल का pH कम हो जाता है।
- नदी के जल में मछलियों की संख्या बढ़ जाती है।
- नदी का जल पीने के लिए अधिक स्वस्थ हो जाता है।
कौन सा यौगिकों का युग्म, गुणित अनुपात के नियम को दर्शाता है?
- NaOH और NaCl
- CaCO₃ और CaCl₂
- HCl और HBr
- CO और CO₂
निम्नलिखित में से कौन-सा प्रेक्षण इस बात की पुष्टि करता है कि कोई विलयन अम्लीय है?
- मेथिल ऑरेंज: लाल, फीनॉलफ्थेलिन: रंगहीन, लिटमस: लाल
- मेथिल ऑरेंज: पीला, फीनॉलफ्थेलिन: गुलाबी, लिटमस: नीला
- मेथिल ऑरेंज: लाल, फीनॉलफ्थेलिन: गुलाबी, लिटमस: नीला
- मेथिल ऑरेंज: पीला, फीनॉलफ्थेलिन: रंगहीन, लिटमस: लाल
एथेनोइक अम्ल को सामान्यतः क्या कहा जाता है?
- सल्फोनिक अम्ल
- सल्फ्यूरिक अम्ल
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- एसिटिक अम्ल
गैर-आयनिक डिटर्जेंट प्रतिरूपों में सफाई गुणों को बेहतर बनाने और डिटर्जेंट को गाढ़ा करने के लिए किस अम्ल का उपयोग किया जाता है?
- स्टीयरिक अम्ल
- बार्बिट्यूरिक अम्ल
- प्रोपेनोइक अम्ल
- ऑक्सैलिक अम्ल
उदासीन लवण कब बनाते हैं?
- जब अम्ल धातु के साथ अभिक्रिया करता है
- जब प्रबल अम्ल दुर्बल क्षार के साथ अभिक्रिया करता है
- जब प्रबल अम्ल प्रबल क्षार के साथ अभिक्रिया करता है
- जब दुर्बल अम्ल प्रबल क्षार के साथ अभिक्रिया करता है
किस अम्ल के सोडियम या पोटेशियम लवणों को साबुन के रूप में परिभाषित किया जाता है?
- कार्बोक्सिलिक अम्ल
- सल्फ्यूरिक अम्ल
- नाइट्रिक अम्ल
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए और सही उत्तर की पहचान कीजिए। कथन – I: विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर) का उपयोग पेय जल को कीटाणुओं से मुक्त करने के लिए किया जाता है। कथन – II: विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर) का उपयोग कई रासायनिक उद्योगों में ऑक्सीकारक के रूप में किया जाता है।
- कथन – I सत्य है और कथन – II असत्य है।
- कथन – II सत्य है और कथन – I गलत है।
- दोनों ही कथन गलत हैं।
- दोनों कथन सत्य हैं।
निम्नलिखित में से किस विलयन में H⁺ आयनों की सांद्रता अधिकतम होगी?
- pH 7 वाला विलयन
- pH 13 वाला विलयन
- pH 10 वाला विलयन
- pH 3 वाला विलयन
उदासीनीकरण अभिक्रिया में अम्ल से ______ और क्षार से ______ का संयोजन होता है जिससे जल अणुओं का निर्माण होता है।
- क्रमशः, OH⁺ आयन और H⁻ आयन
- क्रमशः, H⁻ आयन और OH⁺ आयन
- क्रमशः, OH⁺ आयन और OH⁻ आयन
- क्रमशः, H⁺ आयन और OH⁻ आयन
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प जंतुओं में अवायवीय श्वसन के अंतिम उत्पाद को निर्दिष्ट करता है?
- ग्लूकोज
- ऑक्सीजन
- कार्बन मोनोऑक्साइड
- लैक्टिक अम्ल
______ को त्वरित चूना कहा जाता है।
- कैल्शियम कार्बोनेट
- कैल्शियम क्लोराइड
- कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड
- कैल्शियम ऑक्साइड
दिए गए रासायनिक समीकरण में क्रमशः ‘X’ और ‘Y’ उत्पादों की पहचान करें। NaOH + CH₃COOH → ‘X’ + ‘Y’
- CH₃COONa और H₂O
- CH₃CO₂H और NaOH₂
- Na₂OH और CO₂
- NaOH और CO₂
सोल्यूशन का pH दिया गया है। कौन सा सोल्यूशन उच्चतम सांद्रता युक्त हाइड्रोजन आयन है?
- 10.1
- 4.7
- 2.4
- 8.0
सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) में ______ ऋणायन के रूप में होता है।
- Na⁺
- NO₃⁻
- OH⁻
- H⁺
चींटी के डंक में कौन सा अम्ल होता है?
- मेथेनोइक अम्ल
- ऑक्सैलिक अम्ल
- लैक्टिक अम्ल
- सिट्रिक अम्ल
रोगाणु रहित पेयजल बनाने के लिए किस रसायन का उपयोग किया जा सकता है?
- Ca(OH)₂
- NaOH
- CaOCl₂
- NH₄OH
निम्नलिखित में से कौन सा एक दुर्बल क्षारक है?
- Ca(OH)₂
- KOH
- NH₄OH
- NaOH
शुद्ध जल में, ______ सांद्रता बराबर होती है।
- H⁺ आयन की ऑक्साइड आयन के बराबर होती है
- H⁺ और OH⁻ आयन की बराबर नहीं होती है
- OH⁻ आयन की, ऑक्साइड आयन से अधिक होती है
- H⁺ और OH⁻ आयन की बराबर होती है
इनमें से प्राण संबंधी सूचक कौन है?
- साबुन
- गुलाब
- लौंग
- हल्दी
निम्नलिखित में से कौन सा रसोई रसायन आमतौर पर अचार को संरक्षित करने के लिए उपयोग किया जाता है?
- सिरका
- खमीर
- बेकिंग सोडा
- चीनी
निम्नलिखित में से कौन एसिटिक अम्ल का प्राकृतिक स्रोत है?
- दूध
- नींबू
- आलू
- सिरका
गंधीय-सूचकों का कौन-सा युग्म क्षारीय विलयन में अपनी गंध खो देता है?
- वैनिला एसेंस और लौंग का तेल
- प्याज और नीला लिटमस
- हल्दी और प्याज
- फिनोलफथेलिन और प्याज
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन दैनिक जीवन में pH के महत्व को सही ढंग से समझाता है?
- जब बैक्टीरिया की सक्रियता के कारण मुंह का pH 7.5 से ऊपर बढ़ जाता है तो दांतों का इनेमल घुल जाता है।
- हमारा आमाशय pH को 2 के आसपास बनाए रखने के लिए हाइड्रोक्लोरिक एसिड का स्राव करता है, जिससे पाचन में सहायता मिलती है।
- मधुमक्खी के डंक से एक क्षारीय तरल पदार्थ निकलता है, इसलिए इसका उपचार सिरके जैसे कमजोर अम्ल से किया जाता है।
- अम्लीय वर्षा का pH मान 7 से अधिक होता है, जो जलीय जीवन को नुकसान पहुंचाता है।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए और सही उत्तर की पहचान कीजिए। कथन – I: विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर) का रासायनिक सूत्र Ca(OCl)₂ है। कथन – II: इसका उपयोग पेय जल को कीटाणुओं से मुक्त करने के लिए किया जाता है।
- दोनों ही कथन गलत है।
- कथन – II सत्य है और कथन – I गलत है।
- दोनों कथन सत्य हैं।
- कथन – I सत्य है और कथन – II असत्य है।
वाशिंग सोडा तैयार करने के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कच्चा माल सही है?
- NaCl, NH₃, CO₂
- NaCl, CO₂
- NaCl and H₂O
- NaCl, NH₃
निम्नलिखित में से किस प्रकार की दवाओं का उपयोग अपच के उपचार के लिए किया जाता है?
- एंटासिड (अम्लतानाशक)
- एंटीसेप्टिक
- एनाल्जेसिक
- प्रतिजैविक
चूना पत्थर, चाक और संगमरमर किसके विभिन्न रूप हैं?
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- अमोनियम हाइड्रॉक्साइड
- कैल्शियम कार्बोनेट
- कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड
प्राथमिक ऐमीन के साथ किस ब्रॉन्स्टेड अम्ल के उपचार से डाइएजोनियम लवण बनता है?
- नाइट्रस अम्ल
- फॉस्फोरस अम्ल
- सल्फ्यूरस अम्ल
- क्लोरस अम्ल
नेहा हाइपर एसिडिटी से पीड़ित है, इससे राहत के लिए निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक दिया जा सकता है?
- NaCl
- C₆H₁₂O₆
- NaOH
- Mg(OH)₂
ऐसे पदार्थ, जिनकी गंध अम्लीय या क्षारीय माध्यम में बदल जाती है, उन्हें क्या कहा जाता है?
- अम्लीय और क्षारीय सूचक दोनों
- अम्लीय सूचक
- प्राण सूचक
- क्षारीय सूचक
निम्नलिखित में से कौन-सा अम्ल-क्षारक युग्म अमोनियम क्लोराइड लवण का उत्पादन करेगा?
- HNO₃ – NH₄OH
- H₂SO₄ – NH₄OH
- HCl – NH₄OH
- HCl – NaOH
आशी ने गलती से डिटर्जेंट की जगह अपने कपड़े साफ करने के लिए एक अज्ञात घोल का इस्तेमाल किया, जिससे उसके कपड़े फीके पड़ गए। वह घोल हो सकता है:
- बेकिंग सोडा पाउडर
- टैल्कम पाउडर
- ब्लीचिंग पाउडर
- सामान्य नमक
चीनी नमक का रासायनिक नाम क्या है जिसका उपयोग हम चीनी व्यंजन तैयार करने में करते हैं?
- कैलियम हाइपोक्लोराइट
- कैलियम कार्बोनेट
- सोडियम बेंजोएट
- मोनोसोडियम ग्लूटामेट
Explanation:
- चीनी व्यंजनों (Chinese cuisine) में स्वाद बढ़ाने (flavor enhancer) के लिए उपयोग किए जाने वाले ‘चीनी नमक’ (Chinese salt) का रासायनिक नाम मोनोसोडियम ग्लूटामेट (Monosodium Glutamate, MSG) है।
- यह ग्लूटामिक अम्ल (एमिनो अम्ल) का सोडियम लवण है, जो ‘उमामी’ (umami) स्वाद प्रदान करता है।
Quick Facts:
- MSG का सूत्र: C₅H₈NO₄Na
- इसका उपयोग सूप, नूडल्स, चटनी आदि में होता है।
निम्नलिखित में से किस रसोई सामग्री में एसिटिक एसिड पाया जाता है?
- बेकिंग सोडा
- चीनी
- दूध
- सिरका
Explanation:
- सिरका (Vinegar) में 5-8% एसिटिक अम्ल (Acetic acid, CH₃COOH) होता है, जो इसे खट्टा स्वाद और तीखी गंध देता है।
- बेकिंग सोडा = NaHCO₃ (क्षार), चीनी = सुक्रोज (कार्बोहाइड्रेट), दूध = लैक्टिक अम्ल (पर एसिटिक नहीं)।
Quick Facts:
- एसिटिक अम्ल का IUPAC नाम: एथेनोइक अम्ल (Ethanoic acid)
- शुद्ध एसिटिक अम्ल को ‘ग्लेशियल एसिटिक अम्ल’ (glacial acetic acid) कहते हैं।
टूथपेस्ट आमतौर पर प्रकृति में ______ होता है।
- हानिकारक
- अम्लीय
- उदासीन
- क्षारीय
Explanation:
- टूथपेस्ट (toothpaste) सामान्यतः क्षारीय (basic/alkaline) होता है, क्योंकि इसमें मौजूद क्षार (जैसे NaHCO₃ या सोडियम फ्लोराइड) मुंह में बैक्टीरिया द्वारा उत्पादित अम्ल को उदासीन (neutralize) करने में मदद करते हैं, जिससे दांतों का क्षय (dental decay) रुकता है।
Quick Facts:
- pH पैमाने पर, टूथपेस्ट का pH ≈ 8-9 (क्षारीय) होता है।
- मुंह में अम्लीय वातावरण (pH < 5.5) दंतक्षय का कारण बनता है, इसलिए टूथपेस्ट क्षारीय होता है।
उदासीन विलयन का pH मान क्या होता है?
- 7
- 0
- 14
- 1
Explanation:
- उदासीन (neutral) विलयन का pH मान 7 होता है (25°C पर), जैसे शुद्ध जल (pure water) में [H⁺] = [OH⁻] = 10⁻⁷ M
- pH < 7 → अम्लीय, pH > 7 → क्षारीय
Quick Facts:
- pH = -log₁₀[H⁺] (हाइड्रोजन आयन सांद्रता)
- 0 (प्रबल अम्ल) से 14 (प्रबल क्षार) तक का पैमाना
जब एसिटिक अम्ल, सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ अभिक्रिया करता है, तो ______ और जल बनता है।
- सोडियम बाइकार्बोनेट
- सोडियम एसीटेट
- सोडियम कार्बोनेट
- लैक्टिक अम्ल
Explanation:
- यह एक उदासीनीकरण (neutralization) अभिक्रिया है:
- CH₃COOH (एसिटिक अम्ल) + NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड) → CH₃COONa (सोडियम एसीटेट) + H₂O
Quick Facts:
- सोडियम एसीटेट (Sodium acetate) एक लवण (salt) है, जिसका उपयोग खाद्य परिरक्षक और बफर विलयनों में होता है।
- यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी (exothermic) होती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा एथेनॉल के सेवन के प्रभाव का सही वर्णन करता है?
- परिशुद्ध ऐल्कोहॉल की कम मात्रा सुरक्षित होती है, लेकिन तनुकृत एथेनॉल सदैव घातक होता है।
- कम मात्रा में तनु एथेनॉल भी मत्तता का कारण बनता है, जबकि परिशुद्ध ऐल्कोहॉल घातक हो सकता है।
- तनुकृत एथेनॉल के दीर्घकालिक सेवन से मनुष्यों के स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
- किसी भी मात्रा में परिशुद्ध ऐल्कोहॉल से मामूली मादकता होती है, लेकिन इसके गंभीर दुष्प्रभाव नहीं होते हैं।
Explanation:
- एथेनॉल (C₂H₅OH) एक केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) अवसादक है।
- तनु (dilute) एथेनॉल (जैसे बीयर, वाइन) कम मात्रा में भी मत्तता (intoxication) का कारण बनता है, जबकि परिशुद्ध (pure) एथेनॉल उच्च सांद्रता पर विषाक्त (toxic) होता है और घातक हो सकता है।
Quick Facts:
- परिशुद्ध एथेनॉल (100%) का सेवन घातक हो सकता है (मेथनॉल विषाक्तता से भिन्न)।
- अल्कोहॉलिक पेय पदार्थों में एथेनॉल की मात्रा 5% (बीयर) से 40% (व्हिस्की) तक होती है।
अम्लों के अम्लीय गुणों के लिए कौन सा आयन उत्तरदायी है?
- H⁺
- OH⁻
- Cl⁻
- Na⁺
Explanation:
- अम्ल (acids) के अम्लीय गुण (जैसे खट्टा स्वाद, नीले लिटमस को लाल करना) H⁺ (हाइड्रोजन आयन) के कारण होते हैं, जो वे जलीय विलयन में मुक्त करते हैं (अरहेनियस सिद्धांत)।
- OH⁻ → क्षारों (bases) के लिए उत्तरदायी, Cl⁻ → क्लोराइड आयन (अम्ल/लवण का भाग), Na⁺ → सोडियम आयन (क्षार/लवण का भाग)
Quick Facts:
- अम्ल + जल → H⁺ (aq) + संयुग्मी क्षार
- जलीय विलयन में H⁺ आयन, H₃O⁺ (हाइड्रोनियम) के रूप में रहता है।
कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट ______ का रासायनिक नाम है।
- जिप्सम
- बेकिंग पाउडर
- प्लास्टर ऑफ पेरिस
- धावन सोडा
Explanation:
- कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट (CaSO₄·2H₂O) को जिप्सम (Gypsum) कहते हैं।
- जिप्सम को गर्म करने पर यह प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄·½H₂O) में बदल जाता है।
Quick Facts:
- जिप्सम का सूत्र: CaSO₄·2H₂O
- इसका उपयोग सीमेंट, प्लास्टर, उर्वरक आदि में होता है।
कास्टिक सोडा का प्रयोग सामान्यतः ______ में नहीं किया जाता है।
- डिटर्जेंट उद्योग
- कपड़ा उद्योग
- कागज और लुगदी उद्योग
- अमोनिया का निर्माण
Explanation:
- कास्टिक सोडा (NaOH) का उपयोग डिटर्जेंट, कपड़ा, कागज उद्योगों में होता है, पर अमोनिया (NH₃) का निर्माण हेबर प्रक्रिया (Haber process) द्वारा होता है, जिसमें NaOH का उपयोग नहीं होता।
Quick Facts:
- NaOH का उपयोग साबुन, कागज, एल्युमीनियम, पेट्रोलियम शोधन में होता है।
- अमोनिया: N₂ + 3H₂ ⇌ 2NH₃ (उत्प्रेरक: Fe, दाब: 200 atm, ताप: 450°C)
लौंग तेल का उपयोग प्राण सूचक (olfactory indicator) के रूप में क्यों किया जाता है?
- यह अम्लीय और क्षारकीय माध्यम में अलग-अलग गंध उत्पन्न करता है।
- अम्लीय और क्षारकीय माध्यम में अलग-अलग रंगों का प्रतिबल प्रदर्शित होता है।
- यह अम्लीय और क्षारकीय माध्यम में अलग-अलग रंग उत्पन्न करता है।
- यह अम्लीय माध्यम में गंध खो देता है।
Explanation:
- प्राण सूचक (olfactory indicators) वे पदार्थ हैं जिनकी गंध (smell) अम्लीय और क्षारीय माध्यम में बदल जाती है।
- लौंग तेल (clove oil) और प्याज (onion) इसके उदाहरण हैं – अम्ल में गंध बरकरार, क्षार में खो देते हैं (या विपरीत)।
Quick Facts:
- अन्य प्राण सूचक: वैनिला एसेंस (vanilla essence) – अम्ल में गंध खो देता है, क्षार में बरकरार रखता है।
- लिटमस, मिथाइल ऑरेंज – दृश्य (रंग) सूचक हैं, गंध वाले नहीं।
अम्ल, स्वाद में ______ होते हैं।
- नमकीन
- खट्टे
- मीठे
- कड़वे
Explanation:
- अम्ल (Acids) का स्वाद खट्टा (sour) होता है (जैसे नींबू, सिरका, इमली)।
- क्षार (Bases) का स्वाद कड़वा (bitter) होता है और वे चिकने (soapy) लगते हैं।
Quick Facts:
- अम्ल के स्वाद का कारण H⁺ आयन होते हैं, जो स्वाद कलिकाओं (taste buds) को उत्तेजित करते हैं।
- अम्लों का परीक्षण लिटमस पेपर से भी किया जाता है (नीला → लाल)।
दांतों की सफाई के लिए अतिरिक्त अम्ल को निष्क्रिय करने और दांतों के क्षय को रोकने के लिए, निम्नलिखित में से कौन सा घटक टूथपेस्ट में एक सामान्य घटक है?
- लवण
- हैलोजन
- अम्ल
- क्षार
Explanation:
- टूथपेस्ट में क्षार (base) मिलाया जाता है, जो मुंह में बैक्टीरिया द्वारा उत्पादित अम्ल (जो दाँतों के इनेमल को नष्ट करता है) को उदासीन (neutralize) करता है, जिससे दाँतों का क्षय (dental caries) रुकता है।
- उदाहरण: सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃) या मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड [Mg(OH)₂]
Quick Facts:
- दाँतों का क्षय pH < 5.5 पर शुरू होता है (इनेमल का विघटन)
- टूथपेस्ट में फ्लोराइड (F⁻) भी होता है, जो इनेमल को मजबूत करता है।
कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड का सही सूत्र है:
- CaOH₂
- Ca₂OH
- Ca(OH)₂
- CaOH
Explanation:
- कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (बुझा चूना, slaked lime) का सूत्र Ca(OH)₂ है, क्योंकि कैल्शियम (Ca²⁺) की संयोजकता +2 होती है और हाइड्रॉक्साइड (OH⁻) की -1, इसलिए दो OH⁻ आयन एक Ca²⁺ के साथ संयुक्त होते हैं।
Quick Facts:
- Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O (चूने के पानी का दूधिया होना)
- इसका उपयोग सफेदी (whitewash) और जल शुद्धिकरण में होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा अवलोकन, सर्वोत्तम रूप से पुष्टि करता है कि एक उदासीनीकरण अभिक्रिया हुई है?
- विलयन के तापमान में भारी कमी हो जाती है।
- विलयन नीले से लाल में परिवर्तित हो जाता है।
- विलयन का pH 7 के निकट हो जाता है।
- एक तीखी गंध वाली गैस विकसित होती है।
Explanation:
- उदासीनीकरण (neutralization) अभिक्रिया में अम्ल और क्षार परस्पर क्रिया करके लवण और जल बनाते हैं, जिससे विलयन का pH 7 के निकट (उदासीन) हो जाता है।
- यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी (exothermic) होती है, इसलिए तापमान बढ़ता है (भारी कमी नहीं)।
Quick Facts:
- पीएच मीटर या pH पेपर इसकी पुष्टि कर सकते हैं।
- उदाहरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O (pH = 7)
निम्नलिखित में से कौन-सा, सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO₃) का सही उपयोग या गुणधर्म नहीं है?
- इसका उपयोग अग्निशामकों में किया जाता है।
- इसका उपयोग बेकिंग में किण्वन कारक के रूप में किया जाता है।
- इसका उपयोग प्रबल अम्ल के रूप में किया जाता है।
- इसका उपयोग प्रतिअम्ल में किया जाता है।
Explanation:
- NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) एक दुर्बल क्षार (weak base) है, प्रबल अम्ल (strong acid) नहीं।
- इसका उपयोग अग्निशामक (सोडा-अम्ल अग्निशामक), बेकिंग (किण्वन), और एंटासिड (प्रतिअम्ल) में होता है।
Quick Facts:
- NaHCO₃ + अम्ल → CO₂ + जल + लवण
- यह जल में विलेय होता है और pH ≈ 8.3 (क्षारीय) होता है।
विज्ञान प्रयोगशाला से निम्नलिखित विलयनों के एकत्रित नमूनों से, सही अम्ल-क्षार युग्म को ______ के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।
- एसिटिक अम्ल (CH₃COOH) और सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH)
- मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड [Mg(OH)₂] और अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (NH₄OH)
- कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड [Ca(OH)₂] और पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड (KOH)
- सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) और नाइट्रिक अम्ल (HNO₃)
Explanation:
- अम्ल-क्षार युग्म (acid-base pair) में एक अम्ल और एक क्षार होना चाहिए।
- CH₃COOH (एसिटिक अम्ल, अम्ल) और NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड, क्षार) – यह एक सही अम्ल-क्षार युग्म है (उदासीनीकरण अभिक्रिया करेगा)।
- अन्य विकल्पों में या तो दोनों क्षार या दोनों अम्ल हैं।
Quick Facts:
- अम्ल: H⁺ दाता, क्षार: OH⁻ दाता (अरहेनियस)
- CH₃COOH + NaOH → CH₃COONa + H₂O
बेकिंग पाउडर बनाने के लिए बेकिंग सोडा में निम्नलिखित में से कौन-सा खाद्य अम्ल मिलाया जाता है?
- लैक्टिक अम्ल
- टार्टरिक अम्ल
- सिरका
- सोडियम क्लोराइड
Explanation:
- बेकिंग पाउडर (baking powder) = बेकिंग सोडा (NaHCO₃) + टार्टरिक अम्ल (tartaric acid, C₄H₆O₆) + एक स्टार्च (नमी अवशोषित करने के लिए)
- गर्म करने पर यह CO₂ गैस मुक्त करता है, जिससे केक/रोटी फूलती (rise) है।
Quick Facts:
- टार्टरिक अम्ल अंगूर, इमली, केले में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है।
- यदि केवल बेकिंग सोडा का उपयोग करें, तो उसे किसी अम्ल (नींबू का रस, छाछ) की आवश्यकता होती है।
वे पदार्थ जिनकी गंध अम्लीय या क्षारीय माध्यम में बदल जाती है उन्हें ______ कहा जाता है।
- प्राकृतिक संकेतक
- कृत्रिम संकेतक
- अम्ल-क्षार संकेतक
- प्राण संकेतक
Explanation:
- प्राण संकेतक (Olfactory indicators) वे पदार्थ हैं जिनकी गंध (odour) अम्लीय या क्षारीय माध्यम में बदल जाती है।
- उदाहरण: प्याज (onion), लौंग का तेल (clove oil), वैनिला एसेंस (vanilla essence)
Quick Facts:
- दृश्य सूचक (visual indicators) रंग बदलते हैं (जैसे लिटमस, फिनोल्फथेलिन)।
- प्राण सूचकों का उपयोग तब किया जाता है जब रंग परिवर्तन स्पष्ट न हो।
______ विलयन मधुमक्खी के डंक के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है।
- नींबू का रस
- दूध
- सिरका
- बेकिंग सोडा
Explanation:
- मधुमक्खी के डंक (bee sting) में मेथेनोइक अम्ल (formic acid) होता है, जो दर्द और जलन पैदा करता है।
- इसका उपचार बेकिंग सोडा (NaHCO₃, एक क्षार) के विलयन से किया जाता है, जो अम्ल को उदासीन (neutralize) करता है और दर्द से राहत देता है।
Quick Facts:
- चींटी के डंक में भी फॉर्मिक अम्ल (मेथेनोइक अम्ल) होता है, उपचार: बेकिंग सोडा।
- बिछुआ (nettle) में भी मेथेनोइक अम्ल होता है – उपचार: बेकिंग सोडा का लेप।
उस विकल्प का चयन करें जो दिए गए वाक्य को सही ढंग से पूरा करता है। pH पैमाने का उपयोग किसी विलयन के ______ के स्तर को मापने के लिए किया जाता है।
- अम्लता या क्षारकता
- घनत्व
- प्रदूषण
- आयतन
Explanation:
- pH पैमाना (pH scale) किसी विलयन की अम्लता (acidity) या क्षारकता (alkalinity) (बेसिसिटी) को मापता है, अर्थात हाइड्रोजन आयन (H⁺) सांद्रता।
- pH = -log₁₀[H⁺] (जलीय विलयन के लिए)
- घनत्व (density), प्रदूषण, आयतन – pH से संबंधित नहीं हैं।
Quick Facts:
- pH पैमाना 0-14 (25°C पर), 7 उदासीन, <7 अम्लीय, >7 क्षारीय
- pH मीटर का उपयोग सटीक माप के लिए किया जाता है।
कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट का दूसरा नाम है:
- बेकिंग पाउडर
- बेकिंग सोडा
- धावन सोडा
- प्लास्टर ऑफ पेरिस
Explanation:
- कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (CaSO₄·½H₂O) को प्लास्टर ऑफ पेरिस (Plaster of Paris, POP) कहते हैं।
- इसे जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) को 373 K (100°C) पर गर्म करके बनाया जाता है:
- CaSO₄·2H₂O — (373K) → CaSO₄·½H₂O + 1½ H₂O
Quick Facts:
- POP, जल के साथ मिलने पर जिप्सम में बदल जाता है (द्रव → ठोस, विस्तार के साथ) – इसलिए यह कास्टिंग/प्लास्टर में उपयोगी है।
- इसका उपयोग टूटी हड्डियों को सहारा देने, खिलौने बनाने, निर्माण में होता है।
______ एक अम्ल है जिसमें ऑक्सीजन का एक परमाणु हाइड्रोजन के एक परमाणु और कम से कम एक अन्य तत्व से जुड़ा होता है।
- ऑक्सीअम्ल
- हाइड्रॉक्सी
- हाइड्रोहेलिक अम्ल
- कार्बोक्सिलिक अम्ल
Explanation:
- ऑक्सीअम्ल (Oxyacid) वह अम्ल है जिसमें ऑक्सीजन परमाणु, हाइड्रोजन परमाणु से बंधा होता है, और कम से कम एक अन्य तत्व (जैसे S, N, Cl) भी उपस्थित होता है।
- उदाहरण: H₂SO₄ (सल्फ्यूरिक अम्ल), HNO₃ (नाइट्रिक अम्ल), H₃PO₄ (फॉस्फोरिक अम्ल)
- हाइड्रोहेलिक अम्ल (जैसे HCl) में ऑक्सीजन नहीं होता।
Quick Facts:
- ऑक्सीअम्लों में –OH समूह की उपस्थिति होती है, जो अम्लीय H⁺ प्रदान करता है।
- उदाहरण: H₂SO₄ → 2H⁺ + SO₄²⁻
क्लोरो-क्षार प्रक्रिया का उपयोग निम्नलिखित में से किसके निर्माण के लिए किया जाता है?
- सोडियम कार्बोनेट
- सोडियम क्लोराइड
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- सोडियम बाइकार्बोनेट
Explanation:
- क्लोरो-क्षार प्रक्रिया (Chlor-alkali process) में NaCl (ब्राइन, brine) के जलीय विलयन के विद्युत अपघटन (electrolysis) द्वारा NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड), Cl₂ (क्लोरीन गैस), और H₂ (हाइड्रोजन) बनते हैं:
- 2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂
Quick Facts:
- इस प्रक्रिया में क्लोरीन (क्लोर) और सोडियम हाइड्रॉक्साइड (क्षार) प्राप्त होते हैं, इसलिए नाम ‘क्लोर-क्षार’।
- NaOH का उपयोग साबुन, डिटर्जेंट, कागज उद्योग में होता है।
कभी-कभी, जब हमारी पेशी कोशिकाओं में ऑक्सीजन की कमी होती है, तो अवायवीय श्वसन द्वारा पाइरुविक अम्ल किसमें परिवर्तित हो जाता है?
- एसीटिक अम्ल
- लैक्टिक अम्ल
- एथिल अल्कोहल
- मेथिल अल्कोहल
Explanation:
- तीव्र व्यायाम (exercise) के दौरान, जब मांसपेशियों की कोशिकाओं में ऑक्सीजन की कमी (anaerobic condition) होती है, तो पाइरुविक अम्ल (pyruvic acid) का लैक्टिक अम्ल (lactic acid, C₃H₆O₃) में रूपांतरण होता है।
- इसी से मांसपेशियों में थकान (muscle fatigue) और दर्द (cramp) होता है।
Quick Facts:
- लैक्टिक अम्ल का प्राकृतिक स्रोत: दही (curd), खट्टा दूध।
- अवायवीय श्वसन का दूसरा उदाहरण: खमीर (yeast) में पाइरुविक अम्ल → एथेनॉल (अल्कोहल) + CO₂ (किण्वन, fermentation)।
डायबिटीज मेलिटस को नियंत्रित करने के लिए लैंगरहैंस कोशिका गुच्छ द्वारा किस हार्मोन का उत्पादन किया जाता है?
- टायलिन
- HCl
- रेनिन
- इंसुलिन
Explanation:
- अग्न्याशय (pancreas) में स्थित ‘आइलेट्स ऑफ लैंगरहैंस’ (Islets of Langerhans) की β-कोशिकाएँ इंसुलिन (Insulin) हार्मोन का उत्पादन करती हैं, जो रक्त में ग्लूकोज (शर्करा) के स्तर को नियंत्रित करता है।
- इंसुलिन की कमी से डायबिटीज मेलिटस (मधुमेह) होता है।
Quick Facts:
- टायलिन (Tyallin) → लार में एंजाइम (पाचन), HCl → आमाशय अम्ल, रेनिन (Renin) → वृक्क द्वारा स्रावित एंजाइम (रक्तचाप नियंत्रण)।
- इंसुलिन एक पेप्टाइड हार्मोन है, जो ग्लूकोज को कोशिकाओं में प्रवेश करने में सहायता करता है।
वाशिंग सोडा का उपयोग आमतौर पर निम्नलिखित में से किसके लिए किया जाता है?
- ग्रीस हटाने और जल को मृदु बनाने के लिए।
- मानव रक्त में अम्लता को प्रभावहीन करने के लिए।
- सिके हुए खाद्य पदार्थों में अम्लता बढ़ाने के लिए।
- मांस को लंबे समय तक संरक्षित रखने के लिए।
Explanation:
- वाशिंग सोडा (Washing soda, Na₂CO₃) का उपयोग ग्रीस (चिकनाई) हटाने और जल की स्थायी कठोरता (permanent hardness) को दूर करने के लिए किया जाता है (यह Ca²⁺/Mg²⁺ आयनों को अवक्षेपित करता है, जिससे जल मृदु (soft) हो जाता है)।
- इसका उपयोग डिटर्जेंट, कपड़ा, कांच उद्योग में भी होता है।
Quick Facts:
- Na₂CO₃ + CaSO₄ → CaCO₃↓ + Na₂SO₄ (कठोरता दूर करना)
- यह एक क्षार है (pH > 7), इसलिए ग्रीस (वसीय अम्ल) को साबुन में बदलता है।
प्रयोगशाळेतील एका प्रात्यक्षिकात, एक विद्यार्थी सोडियम हायड्रोजन कार्बोनेटमध्ये हायड्रोक्लोरिक आम्ल मिसळतो आणि वायू संचयित करतो. तो कार्बन डायऑक्साइड आहे याची खात्री विद्यार्थी कशी करू शकतो?
- यामुळे जळत असलेली पेटती काडी विझते.
- तो एक निळा अवक्षेप तयार करतो.
- ते चुन्याच्या निवळीला दुधाळ रूप देते.
- ते ज्वलनाला समर्थन देते.
Explanation:
- NaHCO₃ + HCl → NaCl + H₂O + CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड गैस)
- CO₂ की पहचान: इसे चूने के पानी (lime water, Ca(OH)₂) में प्रवाहित करने पर यह दूधिया (milky) हो जाता है, क्योंकि CaCO₃ (कैल्शियम कार्बोनेट) अवक्षेप बनता है:
- Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃↓ + H₂O
Quick Facts:
- CO₂ ज्वलन का समर्थन नहीं करती (अग्निशामक में उपयोग)।
- अधिक CO₂ प्रवाहित करने पर दूधियापन गायब हो जाता है (CaCO₃ + H₂O + CO₂ → Ca(HCO₃)₂ विलेय)।
Na₂O एक ______ ऑक्साइड है।
- क्षारीय
- निष्क्रिय
- अम्लीय
- उभयधर्मी
Explanation:
- Na₂O (सोडियम ऑक्साइड) एक धात्विक ऑक्साइड है, जो जल के साथ अभिक्रिया करके NaOH (क्षार) बनाता है – इसलिए यह क्षारीय ऑक्साइड (basic oxide) है।
- Na₂O + H₂O → 2NaOH (प्रबल क्षार)
- धातु ऑक्साइड → क्षारीय, अधातु ऑक्साइड → अम्लीय
Quick Facts:
- क्षारीय ऑक्साइड: Na₂O, MgO, CaO, K₂O
- अम्लीय ऑक्साइड: CO₂, SO₂, SO₃, N₂O₅
- उभयधर्मी (amphoteric): Al₂O₃, ZnO, PbO
सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ मिश्रित होने पर लिटमस विलयन का रंग कैसा बनेगा?
- नारंगी
- नीला
- लाल
- गुलाबी
Explanation:
- लिटमस (Litmus) एक प्राकृतिक संकेतक (indicator) है।
- अम्ल (जैसे H₂SO₄) में लिटमस लाल (red) हो जाता है (नीला लिटमस → लाल)।
- क्षार (जैसे NaOH) में लिटमस नीला (blue) हो जाता है (लाल लिटमस → नीला)।
Quick Facts:
- लिटमस लाइकेन (lichen) से प्राप्त होता है।
- उदासीन विलयन में लिटमस बैंगनी (purple) रहता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक सोडा-अम्ल अग्निशामक में प्रयुक्त होता है?
- NaHCO₃
- Na₂CO₃
- H₂CO₃
- Ca(OH)₂
Explanation:
- सोडा-अम्ल अग्निशामक (Soda-acid fire extinguisher) में NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) और H₂SO₄ (सल्फ्यूरिक अम्ल) होता है, जो आपस में अभिक्रिया करके CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) गैस उत्पन्न करते हैं, जो आग पर दबाव डालती है।
- 2NaHCO₃ + H₂SO₄ → Na₂SO₄ + 2H₂O + 2CO₂
Quick Facts:
- CO₂ गैस ज्वलन का समर्थन नहीं करती, इसलिए अग्निशामक में उपयोगी है।
- इसे ‘अग्निशामक यंत्र’ (fire extinguisher) भी कहते हैं।
एसिटिक एसिड का IUPAC नाम क्या है?
- ब्यूटेनोइक एसिड
- एथेनोइक एसिड
- प्रोपेनोइक एसिड
- मेथेनोइक एसिड
Explanation:
- एसिटिक एसिड (Acetic acid, CH₃COOH) का IUPAC नाम एथेनोइक एसिड (Ethanoic acid) है (कार्बन की संख्या = 2, ‘eth-‘, कार्बोक्सिलिक अम्ल के लिए ‘-oic acid’)।
- मेथेनोइक अम्ल = फॉर्मिक अम्ल (HCOOH), प्रोपेनोइक = प्रोपियोनिक अम्ल, ब्यूटेनोइक = ब्यूटिरिक अम्ल
Quick Facts:
- सामान्य नाम: एसिटिक अम्ल, IUPAC: एथेनोइक अम्ल
- सूत्र: CH₃COOH (या C₂H₄O₂)
एक विलयन का pH 12 है। इस विलयन में किस आयन की सांद्रता अधिक है?
- H⁺ और OH⁻ दोनों समान हैं
- अधिक संख्या में S²⁻ आयन और अधिक Cl⁻
- केवल OH⁻
- केवल H⁺
Explanation:
- pH = 12 (> 7) का अर्थ है कि विलयन क्षारीय (basic) है, इसलिए इसमें [OH⁻] > [H⁺] (हाइड्रॉक्साइड आयन की सांद्रता अधिक है)।
- H⁺ आयन की सांद्रता pH = -log[H⁺] से, [H⁺] = 10⁻¹² M, [OH⁻] = 10⁻² M (अतः OH⁻ अधिक)।
Quick Facts:
- pH = 12 का अर्थ है प्रबल क्षार (जैसे NaOH विलयन)।
- इस विलयन में फिनोल्फथेलिन गुलाबी हो जाएगा।
निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक प्रतिअम्ल (एंटासिड) के रूप में प्रयोग किया जाता है?
- सोडियम क्लोराइड
- मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड
- कैल्शियम ऑक्साइड
- कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड
Explanation:
- प्रतिअम्ल (Antacid) पेट में अतिरिक्त अम्ल (HCl) को उदासीन (neutralize) करने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
- मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड [Mg(OH)₂] एक सामान्य एंटासिड है (इसे ‘मिल्क ऑफ मैग्नीशिया’ भी कहते हैं)।
- अन्य: Al(OH)₃, NaHCO₃, CaCO₃ (एंटासिड)।
Quick Facts:
- Mg(OH)₂ + 2HCl → MgCl₂ + 2H₂O (उदासीनीकरण)
- अत्यधिक एंटासिड के उपयोग से एल्कालोसिस (alkalosis) हो सकता है।
कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट का रासायनिक नाम क्या है?
- धुलाई सोडा
- जिप्सम
- प्लास्टर ऑफ पेरिस
- बेकिंग पाउडर
Explanation:
- कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (CaSO₄·½H₂O) = प्लास्टर ऑफ पेरिस (Plaster of Paris, POP)।
- जिप्सम = CaSO₄·2H₂O (डाइहाइड्रेट)
Quick Facts:
- POP को जल से गूंथने पर यह जम कर कठोर हो जाता है (CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O → CaSO₄·2H₂O)।
एक रासायनिक यौगिक X जिप्सम को गर्म करके तैयार किया जाता है। यह एक सफेद पाउडर है और अग्निशामी सामग्री के रूप में प्रयोग किया जाता है। यौगिक X है:
- खाने का सोडा
- धुलाई सोडा
- प्लास्टर ऑफ पेरिस
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
Explanation:
- जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) को 373 K पर गर्म करने पर प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄·½H₂O) बनता है, जो एक सफेद पाउडर है।
- इसका उपयोग अग्निशामक सामग्री के रूप में भी होता है (हालाँकि मुख्यतः प्लास्टर/कास्टिंग में)।
Quick Facts:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस का जल के साथ मिश्रण सेट होकर जिप्सम में बदल जाता है (कठोर) – इसलिए निर्माण/मूर्तिकला में उपयोगी।
यदि किसी विलयन का pH मान 13 है, तो इसका अर्थ है कि यह है।
- प्रबल अम्लीय
- दुर्बल अम्लीय
- दुर्बल क्षारीय
- प्रबल क्षारीय
Explanation:
- pH = 13 (> 7) अत्यधिक क्षारीय (highly alkaline) है, जो प्रबल क्षार (strong base) को दर्शाता है (जैसे NaOH विलयन, pH ≈ 13-14)।
- pH के करीब 0 → प्रबल अम्ल, pH ≈ 7 → उदासीन, pH ≈ 14 → प्रबल क्षार।
Quick Facts:
- pH = 13, [H⁺] = 10⁻¹³ M, [OH⁻] = 10⁻¹ M (0.1 M OH⁻)।
जब फीनॉलफ्थेलिन को सिरके में मिलाया जाता है, तो विलयन ______ हो जाता है।
- नीला
- लाल
- गुलाबी
- रंगहीन
Explanation:
- फिनोल्फथेलिन (Phenolphthalein) एक संकेतक है जो अम्लीय (pH < 8.2) में रंगहीन (colourless) और क्षारीय (pH > 8.2) में गुलाबी (pink) होता है।
- सिरका (vinegar) में एसिटिक अम्ल (pH ≈ 2-3) होता है, इसलिए यह रंगहीन रहेगा।
Quick Facts:
- फिनोल्फथेलिन का रंग परिवर्तन: अम्ल → रंगहीन, क्षार → गुलाबी (8.2-10 की सीमा में)
- यह एक संश्लेषित (synthetic) संकेतक है।
जब हाइड्रोक्लोरिक अम्ल पानी के साथ अभिक्रिया करता है, तो निम्नलिखित में से क्या बनता है?
- H₃O⁺ और Cl⁻ दोनों
- HO⁻ और Cl⁻ दोनों
- केवल H₃O⁺
- केवल Cl⁻
Explanation:
- HCl (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) जल में विलेय होकर पूर्णतः आयनित (ionise) हो जाता है:
- HCl + H₂O → H₃O⁺ (हाइड्रोनियम) + Cl⁻ (क्लोराइड)
- अतः H₃O⁺ और Cl⁻ दोनों बनते हैं।
Quick Facts:
- जलीय विलयन में H⁺ आयन स्वतंत्र नहीं रहता; यह H₂O के साथ H₃O⁺ बनाता है।
- HCl एक प्रबल अम्ल है (100% आयनित)।
कैल्शियम ऑक्साइड का दूसरा नाम क्या है?
- लाइम सोडा
- बिना बुझा चूना
- सीमेंट
- बेकिंग सोडा
Explanation:
- कैल्शियम ऑक्साइड (CaO) को बिना बुझा चूना (Quicklime) कहते हैं।
- CaO + H₂O → Ca(OH)₂ (बुझा चूना, slaked lime) – इस प्रक्रिया को ‘बुझाना’ (slaking) कहते हैं।
Quick Facts:
- CaO का उपयोग चूने (lime) के रूप में निर्माण, सफेदी, जल शोधन में होता है।
- यह एक तीव्र ऊष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया है (ऊष्मा उत्पन्न होती है)।
चींटी के डंक में कौन सा अम्ल पाया जाता है?
- सल्फ्यूरिक अम्ल
- फॉर्मिक अम्ल
- एथेनोइक अम्ल
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
Explanation:
- चींटी (ant) के डंक में फॉर्मिक अम्ल (Formic acid, HCOOH) होता है, जिसे IUPAC में मेथेनोइक अम्ल (Methanoic acid) कहते हैं।
- यह दर्द और जलन का कारण बनता है, इसका उपचार बेकिंग सोडा (क्षार) से किया जाता है।
Quick Facts:
- फॉर्मिक अम्ल का नाम लैटिन ‘फॉर्मिका’ (चींटी) से लिया गया है।
- यह प्राकृतिक रूप से चींटियों, मधुमक्खियों, बिछुआ (nettle) में पाया जाता है।
एक घोल नीले लिटमस को लाल कर देता है, इसका pH ______ होने की संभावना है।
- 9
- 8
- 6
- 7
Explanation:
- नीला लिटमस → लाल होना यह दर्शाता है कि विलयन अम्लीय है (pH < 7)।
- pH = 6 (< 7) अम्लीय है (दुर्बल अम्ल), जबकि 7 उदासीन, 8 और 9 क्षारीय हैं (नीला लिटमस नीला ही रहेगा)।
Quick Facts:
- अम्ल: नीला लिटमस → लाल
- क्षार: लाल लिटमस → नीला
मांसपेशियों में थकान किसके जमा होने के कारण होती है?
- क्रिएटिन फॉस्फेट
- कार्बन डाइऑक्साइड
- लैक्टिक एसिड
- CO
Explanation:
- तीव्र व्यायाम (strenuous exercise) में ऑक्सीजन की कमी (अवायवीय श्वसन) के कारण मांसपेशियों में लैक्टिक अम्ल (lactic acid) जमा हो जाता है, जिससे थकान (fatigue), दर्द और ऐंठन (cramp) होती है।
- लैक्टिक अम्ल = C₃H₆O₃
Quick Facts:
- लैक्टिक अम्ल का निर्माण: पाइरुविक अम्ल → लैक्टिक अम्ल (अवायवीय स्थिति में)
- व्यायाम के बाद लैक्टिक अम्ल धीरे-धीरे कार्बन डाइऑक्साइड और जल में बदल जाता है।
NaOH के 5 ml घोल को HCl के दिए गए घोल के 5 ml द्वारा पूरी तरह से निष्प्रभावी पाया जाता है। यदि हम NaOH के उसी घोल के 10 ml लें, तो इसे निष्प्रभावी करने के लिए आवश्यक HCl घोल की मात्रा क्या होगी?
- 2.5 मिली
- 15 मिली
- 10 मिली
- 5 मिली
Explanation:
- उदासीनीकरण (neutralization) के लिए, अम्ल के मोल = क्षार के मोल (स्टॉइकियोमेट्री)।
- यदि 5 ml NaOH को 5 ml HCl द्वारा उदासीन किया जाता है, तो 10 ml NaOH (दोगुनी मात्रा) को उदासीन करने के लिए 10 ml HCl (दोगुनी मात्रा) की आवश्यकता होगी (सांद्रता समान रहने पर)।
Quick Facts:
- यह अनुपात/समानुपात का एक उदाहरण है – M₁V₁ = M₂V₂ (मोलरता × आयतन = मोल)
प्लास्टर ऑफ पेरिस का उपयोग ______ नहीं किया जाता है।
- भवन निर्माण सामग्री के रूप में
- टूटी हड्डियों को सहारा देने के लिए
- खिलौने बनाने के लिए
- खाना पकाने के लिए
Explanation:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) का उपयोग निर्माण, प्लास्टर (हड्डियों को सहारा), खिलौने/सजावटी सामग्री में होता है, पर खाना पकाने (cooking) में नहीं (यह विषैला/खाद्य नहीं है, बेकिंग सोडा/पाउडर खाने में उपयोग होता है)।
Quick Facts:
- POP का सूत्र: CaSO₄·½H₂O
- खाना पकाने में बेकिंग सोडा (NaHCO₃) या बेकिंग पाउडर का उपयोग होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा, जलीय विलयन में अम्लीय व्यवहार दर्शाता है?
- Ca(OH)₂
- NaOH
- HCl
- KOH
Explanation:
- जलीय विलयन (aqueous solution) में HCl (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) अम्लीय व्यवहार दर्शाता है (यह H⁺ आयन देता है)।
- Ca(OH)₂, NaOH, KOH – सभी क्षार (bases) हैं (जल में OH⁻ आयन देते हैं)।
Quick Facts:
- अम्ल: H⁺ दाता (HCl → H⁺ + Cl⁻)
- क्षार: OH⁻ दाता (NaOH → Na⁺ + OH⁻)
pH मान 7 से बढ़कर 14 हो जाता है, यह प्रतिनिधित्व करता है:
- OH⁻ आयन सांद्रता में वृद्धि
- H⁺ आयन सांद्रता में कोई परिवर्तन नहीं
- H⁺ आयन सांद्रता में वृद्धि
- OH⁻ आयन सांद्रता में कमी
Explanation:
- pH = -log[H⁺], pH बढ़ने का अर्थ है [H⁺] घटता है, और जल के आयनिक गुणनफल (Kw = [H⁺][OH⁻] = 10⁻¹⁴) के अनुसार [OH⁻] बढ़ता है।
- pH 7 (उदासीन) → 14 (प्रबल क्षारीय) में OH⁻ आयन सांद्रता में वृद्धि होती है।
Quick Facts:
- pH = 7, [H⁺] = [OH⁻] = 10⁻⁷ M
- pH = 14, [H⁺] = 10⁻¹⁴ M, [OH⁻] = 1 M
सूर्य के प्रकाश में शहरी वायुमंडल में ओजोन और परॉक्सीएसिटिल नाइट्रेट (peroxyacetyl nitrate) दोनों के निर्माण में कौन-से प्रदूषक योगदान करते हैं?
- नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
- हाइड्रोकार्बन
- सल्फर डाइऑक्साइड
- कार्बन मोनोऑक्साइड
Explanation:
- शहरी वायुमंडल में फोटोकैमिकल स्मॉग (photochemical smog) का निर्माण होता है, जिसमें ओजोन (O₃) और PAN (peroxyacetyl nitrate) मुख्य घटक हैं।
- इनके निर्माण में NO₂ (नाइट्रोजन डाइऑक्साइड) और VOCs (वाष्पशील कार्बनिक यौगिक) प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
Quick Facts:
- NO₂ + सूर्य का प्रकाश → NO + O (परमाणु ऑक्सीजन) → O₃
- PAN एक आँखों में जलन पैदा करने वाला (lacrimatory) यौगिक है।
निम्नलिखित में से बेकिंग सोडा का सामान्य उपयोग क्या है?
- जीवाणु अपघटन को रोकना
- ऐल्कोहॉल के साथ अभिक्रिया करके साबुन बनाना
- अतिरिक्त आमाशयी अम्ल को उदासीन करना
- मृदा संस्तर में अम्लता को बढ़ाना
Explanation:
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) एक दुर्बल क्षार है, इसका उपयोग अतिरिक्त आमाशयी अम्ल (पेट में HCl) को उदासीन (neutralize) करने के लिए एंटासिड (antacid) के रूप में किया जाता है, जिससे अपच (indigestion) से राहत मिलती है।
- NaHCO₃ + HCl → NaCl + H₂O + CO₂
Quick Facts:
- यह बेकिंग (किण्वन कारक) और अग्निशामक में भी उपयोग होता है।
- साबुन बनाना: वसा + NaOH (कास्टिक सोडा) → साबुन + ग्लिसरॉल (साबुनीकरण, saponification)।
______ की अभिक्रिया से ब्लीचिंग पाउडर तैयार किया जाता है।
- क्लोरीन गैस के साथ कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड
- हाइड्रोक्लोरिक एसिड के साथ कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड
- क्लोरीन गैस के साथ कैल्शियम कार्बोनेट
- क्लोरीन गैस के साथ सोडियम हाइड्रॉक्साइड
Explanation:
- ब्लीचिंग पाउडर (Bleaching powder, CaOCl₂) क्लोरीन गैस (Cl₂) को कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड [Ca(OH)₂] (बुझा चूना) के साथ अभिक्रिया कराकर बनाया जाता है:
- Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
Quick Facts:
- ब्लीचिंग पाउडर का रासायनिक सूत्र: CaOCl₂
- इसका उपयोग जल कीटाणुशोधन, कपास विरंजन में होता है।
pH पैमाना किसी विलयन में हाइड्रोजन आयन सांद्रता को मापता है। इसमें p का क्या अर्थ है?
- पावर
- पोटेंशियल, जिसका जर्मन में अर्थ शक्ति है।
- पोटेंसी, जिसका जर्मन में अर्थ शक्ति (पावर) है।
- पोर्टेज, जिसका जर्मन में अर्थ शक्ति (पावर) है।
Explanation:
- pH में ‘p’ का अर्थ जर्मन शब्द ‘Potenz’ (शक्ति/पोटेंशियल) से है, जिसका अर्थ ‘पावर’ (शक्ति) है।
- pH = -log₁₀[H⁺] – यह हाइड्रोजन आयन सांद्रता की ‘शक्ति’ (logarithmic scale) है।
Quick Facts:
- pH शब्द 1909 में सोरेनसेन (S.P.L. Sørensen) द्वारा गढ़ा गया था।
- pOH, pKa, pKb आदि में भी ‘p’ इसी अर्थ में प्रयुक्त होता है।
निम्नलिखित का मिलान करें।
- i-c, ii-a, iii-b
- i-c, ii-b, iii-a
- i-a, ii-b, iii-c
- i-a, ii-c, iii-b
Explanation:
- प्रश्न में सूची (i, ii, iii) और (a, b, c) का मिलान है, पर सूचियाँ नहीं दी गई हैं।
- दिए गए विकल्पों के अनुसार, सही मिलान i-c, ii-b, iii-a है (यह मानक अम्ल-क्षार/लवण सुमेलन हो सकता है, जैसे: (i) CaSO₄·½H₂O – (c) प्लास्टर ऑफ पेरिस, (ii) NaHCO₃ – (b) बेकिंग सोडा, (iii) Na₂CO₃·10H₂O – (a) वाशिंग सोडा)
Quick Facts:
- यह सुमेलन रसायन विज्ञान के महत्वपूर्ण यौगिकों पर आधारित है।
एक जलीय घोल X है, जिसका pH 2.6 है। यह दर्शाता है कि घोल है:
- प्रकृति में दृढ़ता से क्षारीय
- प्रकृति में अम्लीय
- प्रकृति में उदासीन
- प्रकृति में दुर्बल क्षारीय
Explanation:
- pH = 2.6 (< 7) का अर्थ है कि विलयन अम्लीय (acidic) है (प्रबल अम्ल की ओर)।
- pH जितना कम, अम्लता उतनी अधिक (2.6 अत्यधिक अम्लीय है)।
Quick Facts:
- pH = 2.6 → [H⁺] ≈ 2.5 × 10⁻³ M (प्रबल अम्ल, जैसे HCl/नींबू का रस)
मधुमक्खी के डंक से होने वाले दर्द से राहत पाने के लिए निम्नलिखित में से कौन सा रसायन लगाया जा सकता है?
- Na₂CO₃
- CaSO₄
- NaHCO₃
- CaCO₃
Explanation:
- मधुमक्खी के डंक में मेथेनोइक अम्ल (फॉर्मिक अम्ल) होता है, जो दर्द और जलन का कारण बनता है।
- इसे NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) के लेप से उदासीन (neutralize) किया जाता है, जिससे दर्द से राहत मिलती है।
Quick Facts:
- चींटी के डंक के लिए भी NaHCO₃ का उपयोग होता है।
- बिछुआ (nettle) के लिए भी बेकिंग सोडा लगाया जाता है।
शुक्र ग्रह के घने सफेद और पीले बादल निम्नलिखित में से किस अम्ल से बने होते हैं?
- एसिटिक अम्ल
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- नाइट्रिक अम्ल
- सल्फ्यूरिक अम्ल
Explanation:
- शुक्र ग्रह (Venus) के घने, सफेद-पीले बादल सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) की बूँदों से बने होते हैं, जो अत्यधिक संक्षारक (corrosive) होते हैं।
- यह अम्ल शुक्र के वायुमंडल में ज्वालामुखीय SO₂ और जल की अभिक्रिया से बनता है।
Quick Facts:
- शुक्र का वायुमंडल CO₂ (96.5%) और H₂SO₄ बादलों से भरा है, जो ग्रीनहाउस प्रभाव को बढ़ाते हैं।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए, और सही उत्तर का चयन कीजिए। कथन – I: ब्लीचिंग पाउडर का रासायनिक सूत्र CaOCl₂ है। कथन – II: ब्लीचिंग पाउडर तनु अम्लों के साथ अभिक्रिया करके क्लोरीन उत्पन्न करता है।
- दोनों कथन असत्य हैं।
- दोनों कथन सत्य हैं।
- कथन – I सत्य है, और कथन – II असत्य है।
- कथन – II सत्य है, और कथन – I असत्य है।
Explanation:
- कथन I: ब्लीचिंग पाउडर का सूत्र CaOCl₂ (कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड) है – सत्य।
- कथन II: CaOCl₂ + 2HCl (तनु) → CaCl₂ + H₂O + Cl₂ (क्लोरीन गैस) – सत्य।
- अतः दोनों कथन सत्य हैं।
Quick Facts:
- ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग विरंजन (bleaching) और कीटाणुशोधन (disinfection) में होता है।
- यह Cl₂ मुक्त करके कार्य करता है, जो एक ऑक्सीकारक है।
क्षार का रंग क्या होता है?
- फिनोलफ्थेलिन के साथ गुलाबी और मिथाइल ऑरेंज के साथ पीला
- फिनोलफ्थेलिन के साथ नीला और मिथाइल ऑरेंज के साथ पीला
- फिनोलफ्थेलिन के साथ पीला और मिथाइल ऑरेंज के साथ गुलाबी
- फिनोलफ्थेलिन के साथ पीला और मिथाइल ऑरेंज के साथ नीला
Explanation:
- क्षार (bases/alkali) की पहचान:
- फिनोल्फथेलिन (Phenolphthalein) – क्षार में गुलाबी (pink), अम्ल में रंगहीन (colourless)।
- मिथाइल ऑरेंज (Methyl orange) – क्षार में पीला (yellow), अम्ल में लाल (red)।
Quick Facts:
- लिटमस: क्षार में नीला, अम्ल में लाल
- सार्वभौमिक संकेतक (universal indicator) – pH के अनुसार रंग बदलता है।
यदि हाइड्रोजन आयन की सांद्रता में वृद्धि की जाए तब एक विलयन के pH में क्या परिवर्तन होगा?
- pH कम हो जाएगा।
- pH में पहले वृद्धि होगी और कुछ समय बाद, कमी होगी।
- pH समान रहेगा।
- pH में वृद्धि होगी।
Explanation:
- pH = -log₁₀[H⁺], इसलिए [H⁺] (हाइड्रोजन आयन सांद्रता) बढ़ने पर pH कम (decrease) हो जाता है (अधिक अम्लीय)।
- यदि [H⁺] घटता है, तो pH बढ़ता है (क्षारीयता बढ़ती है)।
Quick Facts:
- [H⁺] × [OH⁻] = 10⁻¹⁴ (25°C पर)
- pH = 1 → [H⁺] = 10⁻¹ M (प्रबल अम्ल), pH = 13 → [H⁺] = 10⁻¹³ M (प्रबल क्षार)
25 डिग्री सेल्सियस पर एक उदासीन विलयन के pH के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- pH, 7 से कम है
- pH, 7 से अधिक है
- pH, 7 के बराबर नहीं है
- pH, 7 के बराबर है
Explanation:
- 25°C पर शुद्ध जल (उदासीन) का pH 7 होता है (H⁺ = 10⁻⁷ M, OH⁻ = 10⁻⁷ M)।
- तापमान बदलने पर pH बदल सकता है (उदाहरण: 60°C पर pH ≈ 6.5, पर 25°C पर 7)।
Quick Facts:
- pH = 7 को ‘उदासीन’ (neutral) कहते हैं – न अम्लीय, न क्षारीय।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार करें और सही उत्तर की पहचान कीजिए। कथन-I: वाशिंग सोडा सोडियम क्लोराइड से निर्मित होता है। कथन-II: यह गंदगी और ग्रीस पर हमला करके पानी में घुलनशील उत्पाद बनाता है, जो पानी से धोने पर धुल जाते हैं।
- कथन-I सत्य है, और कथन-II असत्य है।
- दोनों कथन सत्य हैं।
- कथन-II सत्य है, और कथन-I असत्य है।
- दोनों कथन असत्य हैं।
Explanation:
- कथन I: वाशिंग सोडा (Na₂CO₃) NaCl (सोडियम क्लोराइड) से सॉल्वे प्रक्रिया (Solvay process) द्वारा बनाया जाता है – सत्य।
- कथन II: वाशिंग सोडा एक क्षार है, जो ग्रीस (वसीय अम्ल) को साबुन में बदलता है (जो पानी में घुलनशील होता है) और धुल जाता है – सत्य।
Quick Facts:
- सॉल्वे प्रक्रिया: NaCl + NH₃ + CO₂ + H₂O → NaHCO₃ → Na₂CO₃ (गर्म करने पर)
सोडियम सल्फेट का रासायनिक सूत्र है:
- Na₂SO₄
- NaSO₃
- NaSO₄
- Na(SO₄)₂
Explanation:
- सोडियम (Na⁺) की संयोजकता +1, सल्फेट (SO₄²⁻) की -2 होती है, इसलिए संतुलित सूत्र Na₂SO₄ है (Na₂SO₄ – सोडियम सल्फेट)।
- NaSO₃ = सोडियम सल्फाइट (SO₃²⁻), NaSO₄ = असंतुलित (सही नहीं)।
Quick Facts:
- Na₂SO₄ का उपयोग डिटर्जेंट, कागज, कांच उद्योग में होता है।
- इसे ‘ग्लौबर लवण’ (Glauber’s salt) भी कहते हैं (Na₂SO₄·10H₂O)।
अधातुओं के ऑक्साइड प्रकृति में ______ होते हैं।
- क्षार
- अम्ल और क्षार दोनों
- उभयधर्मी
- अम्लीय
Explanation:
- अधात्विक ऑक्साइड (Non-metallic oxides) प्रकृति में अम्लीय (acidic) होते हैं, क्योंकि वे जल के साथ अभिक्रिया करके अम्ल बनाते हैं (जैसे CO₂ + H₂O → H₂CO₃, SO₂ + H₂O → H₂SO₃)।
- धात्विक ऑक्साइड (Metallic oxides) क्षारीय होते हैं (जैसे Na₂O, MgO)।
Quick Facts:
- उभयधर्मी (amphoteric) ऑक्साइड: Al₂O₃, ZnO, PbO (अम्ल और क्षार दोनों से अभिक्रिया करते हैं)।
______ के एडमिनिस्ट्रेशन से मलेरिया को ठीक किया जा सकता है।
- स्ट्रेप्टोमाइसिन
- कुनैन
- पैरासिटामोल
- पेनिसिलिन
Explanation:
- मलेरिया (Malaria) प्लाज्मोडियम (Plasmodium) परजीवी के कारण होता है, जिसका उपचार कुनैन (Quinine) द्वारा किया जाता है (सिनकोना वृक्ष (Cinchona) की छाल से प्राप्त)।
- स्ट्रेप्टोमाइसिन → जीवाणु (जैसे TB), पैरासिटामोल → ज्वर/दर्द, पेनिसिलिन → जीवाणु संक्रमण (एंटीबायोटिक)।
Quick Facts:
- कुनैन एक एंटीमलेरियल दवा है, जो प्लाज्मोडियम के जीवनचक्र को बाधित करती है।
- आधुनिक उपचार: आर्टेमिसिनिन (Artemisinin), क्लोरोक्वीन (Chloroquine) आदि।
निम्नलिखित में से कौन सा अम्लों के बारे में सही नहीं है?
- जलीय माध्यम/द्रव अवस्था में विद्युत के सुचालक होते हैं
- जलीय माध्यम/द्रव अवस्था में H⁺ का निर्माण करते हैं
- धातुओं और बाइकार्बोनेट्स के साथ अभिक्रिया करने पर H₂O, CO₂ और लवणों का उत्पादन करने के लिए हैं
- स्वाद में खट्टे होते हैं
Explanation:
- अम्ल (acids) जलीय विलयन में H⁺ आयन देते हैं, विद्युत चालक होते हैं, स्वाद खट्टा होता है – ये सभी सही हैं।
- अम्ल + धातु → H₂ (हाइड्रोजन) + लवण (जैसे Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂) – H₂O नहीं बनता (जब तक कि अम्ल + धातु ऑक्साइड/हाइड्रॉक्साइड न हो)।
- अम्ल + बाइकार्बोनेट → CO₂ + H₂O + लवण (जैसे NaHCO₃ + HCl → NaCl + H₂O + CO₂) – यहाँ H₂O बनता है।
- अतः “धातुओं के साथ अभिक्रिया पर H₂O बनता है” गलत है (H₂ बनता है, H₂O नहीं)।
Quick Facts:
- अम्ल + धातु → लवण + H₂ (गैस)
- अम्ल + धातु ऑक्साइड/हाइड्रॉक्साइड → लवण + H₂O
अल्कोहॉलिक पेय पदार्थों में मुख्य तत्व कौन सा होता है?
- एथेनोइक अम्ल
- सोडियम एसीटेट
- एथेनॉल
- मैग्नीशिया
Explanation:
- अल्कोहॉलिक पेय पदार्थों (शराब, बीयर, व्हिस्की) में मुख्य सक्रिय घटक एथेनॉल (Ethanol, C₂H₅OH) होता है, जो किण्वन (fermentation) द्वारा प्राप्त होता है।
- एथेनोइक अम्ल (सिरका), सोडियम एसीटेट (लवण), मैग्नीशिया (क्षार) – अल्कोहॉल नहीं हैं।
Quick Facts:
- एथेनॉल का सामान्य नाम: एथिल अल्कोहॉल (ethyl alcohol)
- पेय पदार्थों में एथेनॉल %: बीयर (4-6%), वाइन (12-15%), व्हिस्की/रम (40-50%)
‘फिटकिरी’ इसका एक उदाहरण है:
- सेंधा नमक
- सादा नमक
- एकल लवण
- द्विक लवण
Explanation:
- फिटकिरी (Alum) एक द्विक लवण (Double salt) है, जैसे KAl(SO₄)₂·12H₂O (पोटैशियम ऐलुमिनियम सल्फेट डोडेकाहाइड्रेट), जिसमें दो अलग-अलग धनायन (K⁺ और Al³⁺) होते हैं।
- एकल लवण (Simple salt) में केवल एक प्रकार का धनायन होता है (जैसे NaCl)।
Quick Facts:
- फिटकिरी का उपयोग जल शोधन, रंगाई (dyeing), कागज उद्योग में होता है।
- यह क्रिस्टलीय (crystalline) ठोस होता है।
अम्लों के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
- कड़वे होते हैं और नीले लिटमस को लाल रंग में बदल देते हैं।
- कड़वे होते हैं और लाल लिटमस को नीले रंग में बदल देते हैं।
- खट्टे होते हैं और लाल लिटमस को नीले रंग में बदल देते हैं।
- खट्टे होते हैं और नीले लिटमस को लाल रंग में बदल देते हैं।
Explanation:
- अम्ल (Acids) का स्वाद खट्टा (sour) होता है, और ये नीले लिटमस (blue litmus) को लाल (red) कर देते हैं।
- क्षार (Bases) का स्वाद कड़वा (bitter) होता है और लाल लिटमस को नीला कर देते हैं।
Quick Facts:
- अम्ल के गुण: खट्टा, H⁺ आयन, लिटमस नीला→लाल, धातुओं से H₂, चालकता
- क्षार के गुण: कड़वा, चिकना, OH⁻ आयन, लिटमस लाल→नीला
1923 में किन दो शोधकर्ताओं ने स्वतंत्र रूप से सुझाव दिया कि अम्ल-क्षार अभिक्रियाओं को पहली बार प्रोटॉन-स्थानांतरण अभिक्रियाओं के रूप में माना जा सकता है?
- गुडल्यूम एफ रूपएल और हम्फ्री डेवी
- स्वान्टे अरहेनियस और पीटर वागे
- गिल्बर्ट एन लुईस और एस.पी.एल. सोरेनसेन
- जे.एन. ब्रॉन्स्टेड और थॉमस एम. लोरी
Explanation:
- 1923 में, जोहान्स निकोलस ब्रॉन्स्टेड (J.N. Brønsted) और थॉमस मार्टिन लोरी (T.M. Lowry) ने स्वतंत्र रूप से अम्ल-क्षार की ‘प्रोटॉन-स्थानांतरण’ (proton-transfer) परिभाषा दी: अम्ल = प्रोटॉन (H⁺) दाता, क्षार = प्रोटॉन ग्राही।
- अरहेनियस (1884) ने जलीय विलयन में H⁺/OH⁻ दिया, लुईस (1923) ने इलेक्ट्रॉन-युग्म ग्राही/दाता दिया।
Quick Facts:
- ब्रॉन्स्टेड-लोरी अम्ल: H⁺ दाता, क्षार: H⁺ ग्राही
- लुईस अम्ल: इलेक्ट्रॉन-युग्म ग्राही, क्षार: इलेक्ट्रॉन-युग्म दाता
निम्नलिखित में से कौन सा प्लास्टर ऑफ पेरिस का उपयोग नहीं है? (i) कांच, साबुन और कागज का निर्माण करना। (ii) टूटी हुई हड्डियों को सहारा देने के लिए प्लास्टर में उपयोग किया जाता है। (iii) खिलौने, सजावट के लिए सामग्री बनाना और सतहों को चिकना बनाना। (iv) रसायन विज्ञान प्रयोगशालाओं में उन उपकरणों में वायु अंतराल को सील करने के लिए उपयोग किया जाता है जहां वायुरोधी व्यवस्था की आवश्यकता होती है।
- केवल ii
- केवल iii
- ii और iii
- केवल i
Explanation:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) का उपयोग (ii) टूटी हड्डियों को सहारा, (iii) खिलौने/सजावट, (iv) वायुरोधी सीलिंग में होता है।
- कांच, साबुन और कागज का निर्माण (i) – इनमें POP का उपयोग नहीं होता (इनके लिए वाशिंग सोडा/NaOH/Na₂CO₃ का उपयोग होता है)।
Quick Facts:
- POP का सूत्र: CaSO₄·½H₂O
- कांच: SiO₂ + Na₂CO₃; साबुन: वसा + NaOH; कागज: लुगदी + Na₂CO₃/NaOH
जब pH पेपर को जठर रस में डुबोया जाता है, तो उसका रंग क्या होगा?
- लाल
- नील
- हरे-पीले रंग का
- पीला
Explanation:
- जठर रस (Gastric juice) में HCl (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) होता है, जिसका pH ≈ 1.5–2 (अत्यधिक अम्लीय)।
- pH पेपर अम्ल में लाल (red) हो जाता है (pH पैमाने पर 0-3 लाल रंग दिखाता है)।
Quick Facts:
- pH पेपर सार्वभौमिक संकेतक (universal indicator) से रंगा होता है, जो pH के अनुसार रंग बदलता है।
- जठर रस में HCl पेप्सिन एंजाइम को सक्रिय करता है और प्रोटीन पाचन में सहायक होता है।
सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट का सामान्य नाम क्या है?
- साधारण लवण
- एप्सम लवण
- मिल्क ऑफ मैग्नीशिया
- बेकिंग सोडा
Explanation:
- सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO₃) का सामान्य नाम बेकिंग सोडा (Baking soda) है।
- धावन सोडा = Na₂CO₃, एप्सम लवण = MgSO₄·7H₂O, मिल्क ऑफ मैग्नीशिया = Mg(OH)₂
Quick Facts:
- बेकिंग सोडा का उपयोग बेकिंग (किण्वन), एंटासिड, अग्निशामक में होता है।
- इसे ‘खाने का सोडा’ भी कहते हैं।
उदासीनीकरण अभिक्रिया के दौरान ______ से तथा ______ से क्रमशः H⁺ आयन तथा OH⁻ आयन मिलकर जल अणु बनाता है।
- अम्ल; लवण
- क्षारक; अम्ल
- अम्ल; क्षारक
- लवण; आधार
Explanation:
- उदासीनीकरण (neutralization) अभिक्रिया में, अम्ल (acid) H⁺ आयन देता है और क्षारक (base) OH⁻ आयन देता है, जो मिलकर जल (H₂O) बनाते हैं:
- H⁺ (अम्ल) + OH⁻ (क्षार) → H₂O
- साथ ही लवण (salt) भी बनता है।
Quick Facts:
- उदासीनीकरण: अम्ल + क्षार → लवण + जल
- यह एक ऊष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया है।
निम्नलिखित में से किस विलयन में हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता सर्वाधिक है?
- pH = 8
- pH = 10
- pH = 4
- pH = 5
Explanation:
- pH = -log₁₀[H⁺], इसलिए pH जितना कम, [H⁺] उतना अधिक (व्युत्क्रम संबंध)।
- pH = 4 → [H⁺] = 10⁻⁴ M (सबसे अधिक)
- pH = 5 → 10⁻⁵ M, pH = 8 → 10⁻⁸ M, pH = 10 → 10⁻¹⁰ M
Quick Facts:
- pH पैमाना लघुगणकीय (logarithmic) है – pH में 1 का परिवर्तन [H⁺] में 10 गुना परिवर्तन दर्शाता है।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए और सही उत्तर की पहचान कीजिए: कथन-I: pH में p का अर्थ जर्मन में ‘पोटेंज’ है, जिसका अर्थ शक्ति है। कथन-II: pH पैमाने पर हम pH को सामान्यतः 0 से 16 तक माप सकते हैं।
- कथन-I सत्य है और कथन-II असत्य है।
- दोनों कथन सत्य हैं।
- कथन-I असत्य है और कथन-II सत्य है।
- दोनों कथन असत्य हैं।
Explanation:
- कथन I: pH में ‘p’ का अर्थ जर्मन ‘Potenz’ (शक्ति) है – सत्य।
- कथन II: pH पैमाना सामान्यतः 0 से 14 तक होता है (25°C पर), 16 तक नहीं – असत्य।
- अतः कथन I सत्य, II असत्य।
Quick Facts:
- pH = -log₁₀[H⁺], [H⁺] = 1 M → pH = 0, [H⁺] = 10⁻¹⁴ M → pH = 14
- अत्यधिक सांद्र अम्ल/क्षार में pH 0 से कम या 14 से अधिक हो सकता है, पर सामान्य सीमा 0-14 है।
निम्नलिखित में से कौन सा लवण लगभग 7 pH वाला जलीय विलयन देगा? (i) NH₄Cl (ii) Na₂CO₃ (iii) K₂SO₄
- (i) और (ii) दोनों
- केवल (ii)
- केवल (i)
- केवल (iii)
Explanation:
- लवणों का जलीय विलयन pH:
- (i) NH₄Cl – प्रबल अम्ल (HCl) + दुर्बल क्षार (NH₄OH) → अम्लीय (pH < 7)
- (ii) Na₂CO₃ – दुर्बल अम्ल (H₂CO₃) + प्रबल क्षार (NaOH) → क्षारीय (pH > 7)
- (iii) K₂SO₄ – प्रबल अम्ल (H₂SO₄) + प्रबल क्षार (KOH) → उदासीन (pH ≈ 7)
Quick Facts:
- प्रबल अम्ल + प्रबल क्षार के लवण → उदासीन (pH = 7)
- प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षार → अम्लीय, दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षार → क्षारीय
बिछुआ बूटी (नेटल स्टिंग) में मौजूद अम्ल का नाम बताएं।
- ऑक्सैलिक अम्ल
- एसिटिक अम्ल
- सिट्रिक अम्ल
- मेथेनोइक अम्ल
Explanation:
- बिछुआ बूटी (Nettle) के डंक में मेथेनोइक अम्ल (Methanoic acid, HCOOH) होता है, जिसे ‘फॉर्मिक अम्ल’ भी कहते हैं (जो चींटियों में भी पाया जाता है)।
- यह दर्द, जलन और लालिमा का कारण बनता है।
Quick Facts:
- मेथेनोइक अम्ल (HCOOH) = फॉर्मिक अम्ल (formic acid)
- ऑक्सैलिक अम्ल (H₂C₂O₄) = टमाटर/पालक, सिट्रिक अम्ल (C₆H₈O₇) = नींबू, एसिटिक (CH₃COOH) = सिरका
मधुमक्खी के डंक से दर्द और जलन क्यों होती है?
- डंक से मेथेनोइक अम्ल इंजेक्ट होता है
- डंक से हल्का चीनी का विलयन इंजेक्ट किया जाता है
- डंक में एक प्रबल क्षारक होता है
- डंक से कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलती है
Explanation:
- मधुमक्खी (bee) के डंक में मेथेनोइक अम्ल (फॉर्मिक अम्ल, HCOOH) होता है, जो दर्द, जलन और सूजन का कारण बनता है।
- यह अम्लीय (acidic) होता है, इसलिए बेकिंग सोडा (क्षार) से उपचार किया जाता है।
Quick Facts:
- मधुमक्खी के डंक का उपचार: NaHCO₃ (क्षार) लगाना
- ततैया (wasp) के डंक में क्षार होता है – इसका उपचार सिरका (अम्ल) से किया जाता है।
______, अम्ल और क्षारक के साथ अभिक्रिया करता है।
- CuO
- Al₂O₃
- Na₂O
- K₂O
Explanation:
- Al₂O₃ (एल्यूमीनियम ऑक्साइड) एक उभयधर्मी (amphoteric) ऑक्साइड है, जो अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करता है:
- Al₂O₃ + 6HCl → 2AlCl₃ + 3H₂O (अम्ल के साथ)
- Al₂O₃ + 2NaOH → 2NaAlO₂ + H₂O (क्षार के साथ)
- CuO, Na₂O, K₂O → क्षारीय ऑक्साइड (केवल अम्ल से अभिक्रिया)।
Quick Facts:
- उभयधर्मी ऑक्साइड: Al₂O₃, ZnO, PbO, SnO
- धात्विक ऑक्साइड क्षारीय, अधात्विक अम्लीय, उभयधर्मी दोनों के साथ अभिक्रिया करते हैं।
लैक्टिक अम्ल का एक प्राकृतिक स्रोत है:
- दही
- टमाटर
- सिरका
- संतरा
Explanation:
- लैक्टिक अम्ल (Lactic acid, C₃H₆O₃) का एक प्राकृतिक स्रोत दही (curd) है, जो दूध के जीवाणु किण्वन (bacterial fermentation) द्वारा बनता है।
- टमाटर → मैलिक/सिट्रिक अम्ल, सिरका → एसिटिक अम्ल, संतरा → सिट्रिक अम्ल
Quick Facts:
- लैक्टिक अम्ल दूध में लैक्टोज के जीवाणु किण्वन से बनता है।
- मांसपेशियों में भी लैक्टिक अम्ल बनता है (व्यायाम के दौरान)।
डिटर्जेंट को क्या कहा जाता है?
- सोपलेस सोप
- सॉफ्ट सोप
- हार्ड सोप
- कार्बोलिक सोप
Explanation:
- डिटर्जेंट (Detergent) को ‘सोपलेस सोप’ (soapless soap) भी कहते हैं, क्योंकि ये साबुन के समान सफाई करते हैं, पर वसा (fat) से नहीं बनते (ये पेट्रोलियम/रसायन से बनते हैं, जैसे सोडियम लॉरिल सल्फेट, SLES)।
- डिटर्जेंट कठोर जल (hard water) में भी काम करते हैं, जबकि साबुन (soap) नहीं करता।
Quick Facts:
- साबुन: वसा + NaOH (साबुनीकरण) → सोडियम स्टीयरेट
- डिटर्जेंट: सल्फोनेटेड हाइड्रोकार्बन (जैसे SDS – सोडियम डोडेसिल सल्फेट)
अपच के उपचार के लिए इनमें से किस प्रकार की दवा का उपयोग किया जाता है?
- अम्लतानाशक
- पीड़ाहारी
- पूतिरोधी
- प्रतिजैविक
Explanation:
- अपच (indigestion) और अम्लता (acidity) के उपचार के लिए अम्लतानाशक (Antacids) का उपयोग किया जाता है, जो पेट में अतिरिक्त HCl को उदासीन (neutralize) करते हैं (जैसे Mg(OH)₂, Al(OH)₃, NaHCO₃)।
- पीड़ाहारी (Analgesic) → दर्द निवारक, पूतिरोधी (Antiseptic) → कीटाणुरोधी, प्रतिजैविक (Antibiotic) → जीवाणु संक्रमण
Quick Facts:
- अम्लतानाशक: मिल्क ऑफ मैग्नीशिया [Mg(OH)₂], बेकिंग सोडा (NaHCO₃), जेलूसिल (Al(OH)₃)
- ये दवाएँ pH को बढ़ाकर (क्षारीय) अम्लता कम करती हैं।
MgO का विलयन ______ होता है।
- अम्लीय
- उभयधर्मी
- उदासीन
- क्षारीय
Explanation:
- MgO (मैग्नीशियम ऑक्साइड) एक धात्विक ऑक्साइड है, जो जल के साथ अभिक्रिया करके Mg(OH)₂ (क्षार) बनाता है, इसलिए इसका विलयन क्षारीय (basic) होता है:
- MgO + H₂O → Mg(OH)₂ (दुर्बल क्षार)
- अधात्विक ऑक्साइड अम्लीय होते हैं, उभयधर्मी (जैसे Al₂O₃) अम्ल/क्षार दोनों से अभिक्रिया करते हैं।
Quick Facts:
- MgO का उपयोग एंटासिड (मिल्क ऑफ मैग्नीशिया) और रिफ्रैक्टरी (refractory) सामग्री में होता है।
शुष्क HCl गैस, शुष्क लिटमस पेपर का रंग परिवर्तित क्यों नहीं करती है, लेकिन जलीय HCl परिवर्तित करती है, का निम्नलिखित में से किस कथन में सटीक रूप से वर्णन किया गया है?
- शुष्क HCl गैस अम्लीय नहीं होती।
- HCl केवल जल में विलीन होने पर H⁺ आयन मुक्त करता है।
- जल लिटमस के साथ अभिक्रिया करता है, HCl के साथ नहीं।
- लिटमस पेपर केवल प्रकाश की उपस्थिति में कार्य करता है।
Explanation:
- शुष्क HCl गैस में कोई H⁺ आयन नहीं होते (यह सहसंयोजक अणु है)।
- जब HCl जल में विलीन होता है, तो यह आयनित (ionise) होता है और H⁺ (हाइड्रोनियम, H₃O⁺) आयन मुक्त करता है, जो लिटमस पेपर को लाल करता है:
- HCl + H₂O → H₃O⁺ + Cl⁻
- अतः केवल जलीय HCl (aqueous) अम्लीय गुण दिखाता है।
Quick Facts:
- अम्लीय गुण H⁺ आयनों के कारण होते हैं, जो जलीय विलयन में ही मुक्त होते हैं (अरहेनियस सिद्धांत)।
- शुष्क गैसें (जैसे HCl, NH₃) सूखे लिटमस को प्रभावित नहीं करतीं।
5 – 8% एसिटिक एसिड को कहा जाता है:
- लैस्टिक एसिटिक एसिड
- सिरका
- एस्टर
- इथेनॉल
Explanation:
- 5-8% एसिटिक अम्ल (CH₃COOH) के जलीय विलयन को सिरका (Vinegar) कहते हैं, जिसका उपयोग खाना पकाने, परिरक्षण (preservation), सलाद ड्रेसिंग में होता है।
- शुद्ध (लगभग 100%) एसिटिक अम्ल को ‘ग्लेशियल एसिटिक अम्ल’ (glacial acetic acid) कहते हैं।
Quick Facts:
- सिरका का pH ≈ 2.5-3 (अम्लीय)
- इसका उपयोग घरेलू क्लीनर, अचार (pickle) में भी होता है।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए और सही उत्तर पहचानिए। कथन – I: लिटमस विलयन बैंगनी रंग का रंजक होता है, जो थैलोफाइटा समूह से संबंधित पादप लाइकेन से निकाला जाता है। कथन – II: लाल पत्तागोभी के पत्ते, हल्दी, कुछ फूलों की रंगीन पंखुड़ियाँ जैसे कई प्राकृतिक पदार्थ हैं, जो किसी विलयन में अम्ल या क्षार की उपस्थिति का संकेत देते हैं।
- कथन-II सत्य है, और कथन-I असत्य है।
- दोनों कथन सत्य हैं।
- कथन-I सत्य है, और कथन-II असत्य है।
- दोनों कथन असत्य हैं।
Explanation:
- कथन I: लिटमस (litmus) एक बैंगनी रंग का रंजक है, जो लाइकेन (lichen) से प्राप्त होता है (लाइकेन थैलोफाइटा (Thallophyta) समूह से संबंधित है) – सत्य।
- कथन II: लाल पत्तागोभी (red cabbage), हल्दी (turmeric), फूलों की पंखुड़ियाँ (हिबिस्कस, रोज) प्राकृतिक संकेतक हैं – सत्य।
Quick Facts:
- प्राकृतिक संकेतक: लिटमस, हल्दी, लाल पत्तागोभी, हिबिस्कस
- कृत्रिम संकेतक: फिनोल्फथेलिन, मिथाइल ऑरेंज
पेयजल को कीटाणुओं से मुक्त करने के लिए क्या उपयोग किया जाता है?
- वाशिंग सोडा
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- मीठा सोडा
- ब्लीचिंग पाउडर
Explanation:
- पेयजल (drinking water) को कीटाणुओं (germs) से मुक्त करने के लिए ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) या ‘क्लोरीनयुक्त चूना’ (chlorinated lime) का उपयोग किया जाता है, क्योंकि यह Cl₂ गैस मुक्त करता है, जो जीवाणुओं को मारता है (कीटाणुशोधन, disinfection)।
- इसका उपयोग स्विमिंग पूल और नगर निगम के जल शोधन में होता है।
Quick Facts:
- ब्लीचिंग पाउडर का सूत्र: CaOCl₂
- इसका उपयोग विरंजन (bleaching) और कीटाणुशोधन (disinfection) में होता है।
बिना बुझे चूने का रासायनिक सूत्र ______ है।
- CaCO₃
- CaCl₂
- CaSO₄
- CaO
Explanation:
- बिना बुझा चूना (Quicklime) = कैल्शियम ऑक्साइड (CaO)
- इसे चूना पत्थर (CaCO₃) को गर्म करके बनाया जाता है: CaCO₃ → CaO + CO₂
- CaO + H₂O → Ca(OH)₂ (बुझा चूना, slaked lime)
Quick Facts:
- CaO का उपयोग सीमेंट, सफेदी, चूना मोर्टार (lime mortar) में होता है।
- यह अत्यंत ऊष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया है (जल मिलाने पर ऊष्मा निकलती है)।
6.0 – 7.6 के बीच pH मान वाले अम्ल की उपस्थिति में कौन-सा संवेदनशील डाई पीला हो जाता है?
- एलिजेरिन येलो R
- थाइमोल्फथेलिन
- मिथाइल ऑरेंज
- ब्रोमोथाइमोल ब्लू
Explanation:
- मिथाइल ऑरेंज (Methyl orange) एक संकेतक है, जो अम्लीय माध्यम (pH < 3.1) में लाल और pH 4.4 से अधिक पर पीला होता है।
- pH 6.0-7.6 पर यह पीला (yellow) रहता है (क्योंकि यह क्षारीय/उदासीन रेंज में पीला होता है)।
- प्रश्न में pH 6.0-7.6 ‘अम्ल’ नहीं है (यह उदासीन/दुर्बल अम्लीय है), पर विकल्पों में मिथाइल ऑरेंज ही इस रेंज में पीला होता है।
Quick Facts:
- मिथाइल ऑरेंज का रंग परिवर्तन: अम्ल (लाल) → क्षार (पीला), संक्रमण सीमा pH 3.1-4.4
- फिनोल्फथेलिन: अम्ल (रंगहीन) → क्षार (गुलाबी), सीमा pH 8.2-10
ऑक्सैलिक अम्ल का IUPAC नाम क्या है?
- ब्यूटेनोइक अम्ल
- मेथेनोइक अम्ल
- हेक्सेनडाइओइक अम्ल
- एथेनडाइओइक अम्ल
Explanation:
- ऑक्सैलिक अम्ल (Oxalic acid, H₂C₂O₄) का IUPAC नाम एथेनडाइओइक अम्ल (Ethanedioic acid) है, क्योंकि इसमें दो कार्बन और दो कार्बोक्सिल समूह (-COOH) होते हैं।
- सामान्य नाम: ऑक्सैलिक अम्ल (पालक, टमाटर, आलू में पाया जाता है)।
Quick Facts:
- H₂C₂O₄ → 2H⁺ + C₂O₄²⁻ (ऑक्सालेट)
- ऑक्सैलिक अम्ल का उपयोग ब्लीचिंग, धातु सफाई, स्याही हटाने में होता है।
pH स्केल में गहरा नीला रंग ______ को दर्शाता है।
- उदासीन विलयन
- प्रबल अम्लीय विलयन
- प्रबल क्षारीय विलयन
- दुर्बल क्षारीय विलयन
Explanation:
- pH पैमाने पर (सार्वभौमिक संकेतक, universal indicator), गहरा नीला (dark blue) रंग प्रबल क्षारीय (strongly alkaline) विलयन को दर्शाता है, जिसका pH ≈ 12-14 होता है।
- उदासीन (pH 7) → हरा (green), अम्लीय (pH 0-3) → लाल/नारंगी
Quick Facts:
- सार्वभौमिक संकेतक रंग: लाल (अम्ल) → नारंगी → पीला → हरा (उदासीन) → नीला → बैंगनी (क्षार)
- प्रबल क्षार: NaOH, KOH का pH ≈ 13-14
तीन विलयनों A, B और C के pH मान क्रमशः 3, 7 और 12 हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- विलयन A और C दोनों उदासीन हैं।
- विलयन B क्षारीय है और विलयन C अम्लीय है।
- विलयन C उदासीन है जबकि विलयन A क्षारीय है।
- विलयन A प्रबल अम्लीय है और विलयन C प्रबल क्षारीय है।
Explanation:
- pH = 3 (< 7) → अम्लीय (प्रबल अम्लीय), pH = 7 → उदासीन (neutral), pH = 12 (> 7) → क्षारीय (प्रबल क्षारीय)
- अतः विलयन A प्रबल अम्लीय, B उदासीन, C प्रबल क्षारीय है।
Quick Facts:
- pH < 7: अम्लीय (जितना कम, उतना अधिक अम्लीय)
- pH > 7: क्षारीय (जितना अधिक, उतना अधिक क्षारीय)
प्राण सूचकों (olfactory indicators) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- अम्लीय विलयनों में प्याज का अर्क अपनी विशिष्ट गंध बरकरार रखता है।
- क्षारीय विलयनों में प्याज के अर्क की गंध अपरिवर्तित रहती है।
- क्षारीय विलयनों में, वैनिला एसेंस अपनी मूल मीठी गंध बरकरार रखता है।
- प्याज और वैनिला दोनों अम्लीय परिस्थितियों में अपनी गंध खो देते हैं।
Explanation:
- प्राण सूचक (olfactory indicators):
- प्याज (onion) – अम्लीय विलयन में अपनी गंध खो देता है, क्षारीय में बरकरार रखता है।
- वैनिला एसेंस (vanilla essence) – अम्लीय विलयन में गंध खो देता है, क्षारीय में बरकरार रखता है।
- अतः दोनों अम्लीय परिस्थितियों में गंध खो देते हैं (सही)।
Quick Facts:
- प्राण सूचक: अम्ल/क्षार के साथ गंध बदलती है (दृश्य परिवर्तन नहीं)।
- अन्य: लौंग का तेल – अम्ल में गंध बरकरार, क्षार में खो देता है (विपरीत)।
निम्नलिखित में से कौन-सा धनायन है?
- नाइट्रेट
- हाइड्रॉक्साइड
- अमोनियम
- कार्बोनेट
Explanation:
- धनायन (Cation) = धनात्मक आवेश वाला आयन (positive ion)।
- अमोनियम (NH₄⁺) एक धनायन है (समूह आवेश +1)।
- नाइट्रेट (NO₃⁻), हाइड्रॉक्साइड (OH⁻), कार्बोनेट (CO₃²⁻) – सभी ऋणायन (anions) हैं (ऋणात्मक आवेश)।
Quick Facts:
- धनायन: Na⁺, K⁺, Ca²⁺, NH₄⁺
- ऋणायन: Cl⁻, SO₄²⁻, CO₃²⁻, NO₃⁻
जब एक अम्ल को एक क्षार के साथ अभिक्रिया करने दिया जाता है जिससे लवण और जल बनता है, तो इस रासायनिक अभिक्रिया को क्या कहा जाता है?
- संयोजन अभिक्रिया
- रेडॉक्स अभिक्रिया
- अम्ल-क्षार अभिक्रिया
- उदासीनीकरण अभिक्रिया
Explanation:
- अम्ल (acid) + क्षार (base) → लवण (salt) + जल (water) – इस अभिक्रिया को उदासीनीकरण (Neutralization) कहते हैं (क्योंकि H⁺ + OH⁻ → H₂O, जिससे अम्ल/क्षार के गुण समाप्त हो जाते हैं)।
- यह एक प्रकार की द्विविस्थापन अभिक्रिया भी है, पर विशेष रूप से उदासीनीकरण कहलाती है।
Quick Facts:
- उदाहरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O
- उदासीनीकरण अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी (exothermic) होती है।
उस सोडियम यौगिक का नाम बताइए जिसका उपयोग जल की कठोरता को स्थायी रूप से दूर करने के लिए किया जाता है?
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
- सोडियम कार्बोनेट
- सोडियम क्लोराइड
Explanation:
- जल की स्थायी कठोरता (permanent hardness) Ca²⁺/Mg²⁺ के सल्फेट/क्लोराइड के कारण होती है, इसे सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃, वाशिंग सोडा) मिलाकर दूर किया जाता है, जो Ca²⁺/Mg²⁺ को अवक्षेपित (precipitate) कर देता है:
- CaSO₄ + Na₂CO₃ → CaCO₃↓ + Na₂SO₄
- अस्थायी कठोरता (temporary hardness) उबालकर दूर होती है।
Quick Facts:
- Na₂CO₃ का उपयोग ‘जल मृदुकरण’ (water softening) में होता है।
- इसे ‘वाशिंग सोडा’ भी कहते हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग नहीं है? (i) पीने के पानी को कीटाणु मुक्त बनाना (ii) सोडा-अम्ल अग्निशामक यंत्रों में (iii) कई रासायनिक उद्योगों में ऑक्सीकारक एजेंट के रूप में (iv) केक पकाने के लिए
- iv
- i
- iii
- ii
Explanation:
- ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) का उपयोग (i) पीने के पानी कीटाणुशोधन, (iii) ऑक्सीकारक, (iv) विरंजन (bleaching) में होता है, पर सोडा-अम्ल अग्निशामक में इसका उपयोग नहीं होता (इसमें NaHCO₃ का उपयोग होता है)।
- ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग विरंजन और जल शोधन में होता है, न कि अग्निशामक में।
Quick Facts:
- सोडा-अम्ल अग्निशामक: NaHCO₃ + H₂SO₄ → CO₂ (आग बुझाने के लिए)
- ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग कपास, कागज, लिनन विरंजन में होता है।
हृदय कोषों को उनके द्वारा प्रहस्तित रुधिर के प्रकार से सुमेलित कीजिए: (A) दायां अलिंद (B) बायां अलिंद (C) दायां निलय (D) बायां निलय
- A- ऑक्सीजन युक्त, B- विऑक्सीजिनित, C- विऑक्सीजिनित, D- ऑक्सीजन युक्त
- A- विऑक्सीजिनित, B- विऑक्सीजिनित, C- ऑक्सीजन युक्त, D- ऑक्सीजन युक्त
- A- ऑक्सीजन युक्त, B- ऑक्सीजन युक्त, C- ऑक्सीजनित, D- ऑक्सीजनित
- A- विऑक्सीजिनित, B- ऑक्सीजन युक्त, C- ऑक्सीजन युक्त, D- विऑक्सीजिनित
Explanation:
- हृदय के कोष (chambers):
- दायां अलिंद (Right atrium) – विऑक्सीजिनित (deoxygenated) रक्त (शरीर से वापस)
- बायां अलिंद (Left atrium) – ऑक्सीजन युक्त (oxygenated) रक्त (फुफ्फुसों से)
- दायां निलय (Right ventricle) – विऑक्सीजिनित रक्त (फुफ्फुसों में भेजता है)
- बायां निलय (Left ventricle) – ऑक्सीजन युक्त रक्त (पूरे शरीर में)
Quick Facts:
- फुफ्फुसीय परिसंचरण (pulmonary circulation): दायां निलय → फुफ्फुस → बायां अलिंद
- शरीर परिसंचरण (systemic circulation): बायां निलय → शरीर → दायां अलिंद
निम्न में से कौन-सा कथन इस तथ्य की सर्वोत्तम व्याख्या करता है कि अधात्विक ऑक्साइड सामान्यतः क्षार के साथ अभिक्रिया क्यों करते हैं?
- अधात्विक ऑक्साइड क्षार के साथ अभिक्रिया नहीं करते हैं
- अधात्विक ऑक्साइड उदासीन प्रकृति के होते हैं
- अधात्विक ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं
- अधात्विक ऑक्साइड क्षारीय प्रकृति के होते हैं
Explanation:
- अधात्विक ऑक्साइड (Non-metallic oxides) अम्लीय (acidic) होते हैं (जैसे CO₂, SO₂, N₂O₅), इसलिए वे क्षार (bases) के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं:
- CO₂ + Ca(OH)₂ → CaCO₃ + H₂O
- SO₂ + 2NaOH → Na₂SO₃ + H₂O
Quick Facts:
- अधातु ऑक्साइड + क्षार → लवण + जल (उदासीनीकरण जैसी अभिक्रिया)
- धातु ऑक्साइड क्षारीय होते हैं, अम्ल के साथ अभिक्रिया करते हैं।
यौगिक X का उपयोग काँच और साबुन उद्योग में किया जाता है। इस यौगिक में क्रिस्टलीकरण के जल के दस अणु उपस्थित होते हैं। इसके विलयन का pH मान 7 से अधिक है। यौगिक X की पहचान कीजिये।
- धावन सोडा
- बेकिंग सोडा
- विरंजन चूर्ण
- साधारण नमक
Explanation:
- काँच (glass) और साबुन (soap) उद्योग में उपयोग होने वाला यौगिक, जिसमें क्रिस्टलीकरण के 10 जल अणु (10H₂O) होते हैं और जिसका pH > 7 (क्षारीय) है – वह धावन सोडा (Washing soda, Na₂CO₃·10H₂O) है।
- बेकिंग सोडा = NaHCO₃ (pH ≈ 8.3, पर काँच/साबुन उद्योग में नहीं)।
Quick Facts:
- धावन सोडा का सूत्र: Na₂CO₃·10H₂O
- इसका उपयोग काँच, साबुन, कागज, डिटर्जेंट, जल मृदुकरण में होता है।
जब कोई धातु किसी अम्ल के साथ अभिक्रिया करती है, तो सामान्यतः क्या उत्पादित होता है?
- केवल लवण
- लवण और ऑक्सीजन
- लवण और जल
- लवण और हाइड्रोजन गैस
Explanation:
- धातु (Metal) + अम्ल (Acid) → लवण (Salt) + हाइड्रोजन गैस (H₂)
- उदाहरण: Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂↑
- यह एक विस्थापन अभिक्रिया (displacement reaction) है, जिसमें धातु अम्ल के H⁺ को विस्थापित करती है।
Quick Facts:
- धातु + अम्ल → लवण + H₂ (जब तक धातु H से अधिक क्रियाशील हो, जैसे Zn, Mg, Fe)
- H₂ गैस का परीक्षण: जलती हुई काठी (pop sound) से पुष्टि।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य नहीं है?
- घरेलू उपयोग के लिए सफाई एजेंट के रूप में सोडियम कार्बोनेट का उपयोग किया जा सकता है
- केक बनाने में सोडियम कार्बोनेट का उपयोग किया जाता है।
- बेकिंग पाउडर बनाने के लिए सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट का उपयोग किया जाता है
- एंटासिड में सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट एक घटक है
Explanation:
- सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) का उपयोग सफाई एजेंट (वाशिंग सोडा) के रूप में होता है – सत्य।
- केक बनाने (baking/cooking) में सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO₃, बेकिंग सोडा) या बेकिंग पाउडर (NaHCO₃ + टार्टरिक अम्ल) का उपयोग होता है, Na₂CO₃ का नहीं (यह क्षारीय और खाने के लिए उपयुक्त नहीं)।
Quick Facts:
- केक/रोटी में NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) + अम्ल → CO₂ गैस (फूलने के लिए)
- Na₂CO₃ (वाशिंग सोडा) खाने योग्य नहीं (क्षारीय, कड़वा) – सफाई/औद्योगिक उपयोग।
वाशिंग सोडा के एक अणु में पानी के कितने अणु मौजूद होते हैं?
- 12
- 7
- 5
- 10
Explanation:
- वाशिंग सोडा (Washing soda) = सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट (Sodium carbonate decahydrate), सूत्र Na₂CO₃·10H₂O – इसमें क्रिस्टलीकरण के 10 जल अणु होते हैं।
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) में जल अणु नहीं होते।
Quick Facts:
- अन्य हाइड्रेट: CuSO₄·5H₂O (नीला थोथा), CaSO₄·2H₂O (जिप्सम), Na₂SO₄·10H₂O (ग्लौबर लवण)
नीचे दिए गए कथनों पर विचार करें और सही उत्तर की पहचान करें। कथन – I: धुलाई सोडा का रासायनिक सूत्र Na₂CO₃ है। कथन – II: इसका उपयोग पानी की स्थायी कठोरता को दूर करने के लिए किया जाता है।
- दोनों कथन सत्य हैं।
- कथन – II सत्य है, और कथन – I असत्य है।
- दोनों कथन असत्य हैं।
- कथन – I सत्य है, और कथन – II असत्य है।
Explanation:
- कथन I: धुलाई सोडा (वाशिंग सोडा) का सूत्र Na₂CO₃ (या Na₂CO₃·10H₂O) – सत्य।
- कथन II: Na₂CO₃ जल की स्थायी कठोरता (Ca²⁺/Mg²⁺) को अवक्षेपित करके दूर करता है – सत्य।
Quick Facts:
- Na₂CO₃ + CaSO₄ → CaCO₃↓ + Na₂SO₄ (कठोरता दूर करना)
- इसका उपयोग डिटर्जेंट और कपड़ा उद्योग में भी होता है।
मिल्क ऑफ मैग्नीशिया का रासायनिक सूत्र क्या है?
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- अमोनियम हाइड्रॉक्साइड
- मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड
- कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड
Explanation:
- मिल्क ऑफ मैग्नीशिया (Milk of Magnesia) का रासायनिक सूत्र Mg(OH)₂ (मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड) है, जिसका उपयोग एंटासिड (प्रतिअम्ल) के रूप में किया जाता है।
- विकल्पों में ‘मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड’ सही है, पर दिए गए विकल्पों में ‘कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड’ अंकित है – यह संभवतः त्रुटि है। सही उत्तर Mg(OH)₂ है।
Quick Facts:
- Mg(OH)₂ + 2HCl → MgCl₂ + 2H₂O (अम्ल को उदासीन करना)
- यह एक दुर्बल क्षार (weak base) है, जो पेट की अम्लता को कम करता है।
मुंह का pH स्तर कम होने पर दंतक्षय शुरू होता है:
- 5.5 – 6.5 के स्तर पर
- 5.5 से कम
- 8 – 9 की सीमा में
- 6.5 – 7.5 की सीमा में
Explanation:
- दाँतों का क्षय (dental caries/decay) तब शुरू होता है, जब मुंह का pH 5.5 से कम हो जाता है, क्योंकि इस pH पर दाँतों का इनेमल (enamel, मुख्यतः कैल्शियम फॉस्फेट) विघटित (dissolve) होने लगता है।
- बैक्टीरिया चीनी को अम्ल में बदलते हैं, जिससे pH घटता है।
Quick Facts:
- टूथपेस्ट (क्षारीय) pH को बढ़ाकर दंतक्षय को रोकता है।
- फ्लोराइड (F⁻) इनेमल को मजबूत करता है और अम्ल प्रतिरोध बढ़ाता है।
सामान्य रूप से, एक उदासीनीकरण अभिक्रिया को किस रूप में लिखा जा सकता है?
- क्षारक + अम्ल → जल + गैस
- क्षारक + अम्ल → लवण + जल
- क्षारक + अम्ल → लवण + गैस
- क्षारक + अम्ल → लवण + अवक्षेप
Explanation:
- उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization reaction) में, अम्ल (Acid) और क्षार (Base) परस्पर अभिक्रिया करके लवण (Salt) और जल (Water) बनाते हैं।
- सामान्य समीकरण: Acid + Base → Salt + Water
- उदाहरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O
Quick Facts:
- यह एक ऊष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया है।
- इसमें H⁺ (अम्ल से) और OH⁻ (क्षार से) मिलकर H₂O (जल) बनाते हैं।
सही विकल्प का चयन करें जो क्रमशः कथन A और B के उत्तरों को दर्शाता है: A. नमक के एक सूत्र इकाई में उपस्थित जल अणुओं की नियत संख्या कितनी होती है? B. CuSO₄·5H₂O में जल-अणुओं की संख्या क्या होती है?
- उदासीन जल, चार
- क्रिस्टलीकृत जल, पाँच
- उदासीन जल, पाँच
- क्रिस्टलीकृत जल, दो
Explanation:
- क्रिस्टलीकृत जल (Water of crystallization): यह लवण के क्रिस्टल में रासायनिक रूप से बंधे जल के अणुओं की निश्चित संख्या है।
- CuSO₄·5H₂O (कॉपर सल्फेट पेंटाहाइड्रेट) में 5 जल अणु होते हैं (पाँच)
- यह जल ‘अविभाज्य’ भाग नहीं है, पर क्रिस्टल संरचना का हिस्सा है – इसे ‘क्रिस्टलीकृत जल’ कहते हैं।
Quick Facts:
- निर्जल (anhydrous) कॉपर सल्फेट (CuSO₄) सफेद होता है, पानी में घोलने पर नीला हो जाता है (CuSO₄·5H₂O)।
- गर्म करने पर, क्रिस्टलीकृत जल निकल जाता है (रंग बदल जाता है)।
निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा अम्ल के बारे में सत्य नहीं है?
- यह जलीय माध्यम/तरल अवस्था में H⁺ का निर्माण करता है।
- यह स्वाद में कड़वा होता है।
- यह नीले लिटमस को लाल में परिवर्तित करता है।
- H₂, CO₂ और लवण का निर्माण करने के लिए धातुओं और बाइकार्बोनेट्स के साथ अभिक्रिया करता है।
Explanation:
- अम्ल (Acid) का स्वाद खट्टा (sour) होता है (जैसे नींबू, सिरका) – कड़वा नहीं।
- क्षार (Base) का स्वाद कड़वा होता है (जैसे साबुन, Mg(OH)₂)।
- अम्ल H⁺ आयन देते हैं, नीले लिटमस को लाल करते हैं, और धातुओं/बाइकार्बोनेट्स से H₂/CO₂ बनाते हैं – ये सभी सत्य हैं।
Quick Facts:
- अम्ल का pH < 7 होता है, क्षार का pH > 7
- सामान्य अम्ल: HCl, H₂SO₄, HNO₃, CH₃COOH
निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए:
- i – c, ii – b, iii – a
- i – b, ii – a, iii – c
- i – c, ii – a, iii – b
- i – a, ii – b, iii – c
Explanation:
- प्रश्न में सूची नहीं दी गई है, पर सामान्यतः pH पैमाने का मिलान किया जाता है:
- i. शुद्ध जल → c. pH = 7 (उदासीन)
- ii. नींबू का रस → a. pH < 7 (अम्लीय)
- iii. साबुन का विलयन → b. pH > 7 (क्षारीय)
- इसलिए i-c, ii-a, iii-b
Quick Facts:
- pH पैमाना: 0-14 (7 = उदासीन)
- प्राकृतिक संकेतक: लिटमस, हल्दी, लाल गोभी का रस
निम्नलिखित में से कौन-सा उद्योग वाशिंग सोडा का उपयोग नहीं करता है?
- कागज
- साबुन
- काँच
- सौन्दर्य-प्रसाधन (कॉस्मेटिक)
Explanation:
- वाशिंग सोडा (धावन सोडा, Na₂CO₃·10H₂O) का उपयोग कागज, साबुन, काँच, और जल शुद्धीकरण में होता है।
- सौन्दर्य-प्रसाधन (cosmetics) में मुख्यतः कार्बनिक यौगिक, तेल, खुशबू, परिरक्षकों का उपयोग होता है – वाशिंग सोडा का उपयोग सामान्यतः नहीं होता (यह क्षारीय होता है, त्वचा के लिए हानिकारक हो सकता है)।
Quick Facts:
- वाशिंग सोडा का उपयोग सोडियम सिलिकेट, बोरेक्स, आदि बनाने में भी होता है।
- यह पानी की स्थायी कठोरता दूर करता है (Ca²⁺/Mg²⁺ को अवक्षेपित करके)।
जब सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) को जल में घोला जाता है, तो परिणामी विलयन बन जाता है:
- उदासीन
- क्षारीय
- अम्लीय
- सोडियम क्लोराइड के साथ अत्यधिक अभिक्रियाशील
Explanation:
- Na₂CO₃ (सोडियम कार्बोनेट) एक प्रबल क्षार (NaOH) और दुर्बल अम्ल (H₂CO₃) का लवण है।
- जल में घोलने पर, यह जल अपघटन (hydrolysis) से OH⁻ आयन उत्पन्न करता है, जिससे विलयन क्षारीय हो जाता है (pH > 7)।
- Na₂CO₃ + 2H₂O → 2NaOH + H₂CO₃ (क्षारीय प्रकृति)
Quick Facts:
- Na₂CO₃ का जलीय विलयन साबुन जैसा स्पर्श देता है (क्षारीयता के कारण)।
- इसका उपयोग ‘वाशिंग सोडा’ (कपड़े धोने) में होता है।
निम्नलिखित में से कौन, जलीय विलयन में H⁺ आयन देता है?
- कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (Calcium hydroxide)
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (Hydrochloric acid)
- अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (Ammonium hydroxide)
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड (Sodium hydroxide)
Explanation:
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) एक अम्ल है, जो जलीय विलयन में H⁺ (प्रोटॉन) आयन देता है: HCl → H⁺ + Cl⁻
- Ca(OH)₂, NH₄OH, NaOH – ये क्षार हैं, जो OH⁻ आयन देते हैं (H⁺ नहीं)।
Quick Facts:
- अम्ल = H⁺ दाता (Arrhenius और Brønsted-Lowry परिभाषा)
- क्षार = OH⁻ दाता या H⁺ स्वीकर्ता
निम्नलिखित में से कौन-सा क्षार के लिए सत्य नहीं है?
- नीले लिटमस का लाल होना
- लाल लिटमस का नीला होना
- जलीय विलयन में OH⁻ विघटन होना
- स्वाद का कड़वा होना
Explanation:
- क्षार (Base) लाल लिटमस को नीला करता है, नीले को लाल नहीं।
- नीले लिटमस को लाल करना अम्ल का गुण है।
- क्षार के गुण: कड़वा स्वाद, OH⁻ आयन देना, लाल लिटमस → नीला।
Quick Facts:
- लिटमस एक प्राकृतिक संकेतक है (लाइकेन से प्राप्त)।
- अम्ल: नीला → लाल; क्षार: लाल → नीला
हमारे शरीर की कोशिकाओं में मौजूद अम्ल ______ है।
- सल्फ्यूरिक अम्ल
- डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल
- राइबोन्यूक्लिक अम्ल
- ऑक्सैलिक अम्ल
Explanation:
- हमारी कोशिकाओं के केंद्रक (nucleus) में डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल (DNA – Deoxyribonucleic Acid) मौजूद होता है, जो आनुवंशिक सूचना वहन करता है।
- RNA (राइबोन्यूक्लिक अम्ल) भी कोशिकाओं में होता है, पर DNA सबसे प्रमुख है (प्रश्न ‘अम्ल’ पूछता है, कोशिकाओं में DNA सभी जीवित कोशिकाओं में होता है)।
Quick Facts:
- DNA: डीऑक्सीराइबोज़ शर्करा + फॉस्फेट + नाइट्रोजनी क्षार
- यह एक ‘न्यूक्लिक अम्ल’ है, जो आनुवंशिकता का आधार है।
निम्नलिखित में से कौन-सा, क्षारीय लवण का एक उदाहरण है?
- सोडियम क्लोराइड (Sodium chloride)
- सोडियम बाइकार्बोनेट (Sodium bicarbonate)
- हाइड्रोजन क्लोराइड (Hydrogen chloride)
- अमोनियम क्लोराइड (Ammonium chloride)
Explanation:
- क्षारीय लवण (Basic salt) वे होते हैं, जो प्रबल क्षार और दुर्बल अम्ल से बनते हैं (जैसे NaHCO₃)।
- NaHCO₃ (सोडियम बाइकार्बोनेट) – NaOH (प्रबल क्षार) + H₂CO₃ (दुर्बल अम्ल) से बना है, इसका जलीय विलयन क्षारीय होता है (pH > 7)।
- NaCl (उदासीन), NH₄Cl (अम्लीय लवण), HCl (अम्ल) – ये क्षारीय नहीं हैं।
Quick Facts:
- लवण के प्रकार:
- उदासीन: प्रबल अम्ल + प्रबल क्षार (NaCl)
- अम्लीय: प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षार (NH₄Cl)
- क्षारीय: दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षार (NaHCO₃, Na₂CO₃)
धोने का सोडा प्रकृति में ______ होता है।
- अम्लीय
- क्षारीय
- खट्टा
- खाद्य
Explanation:
- धोने का सोडा (वाशिंग सोडा, Na₂CO₃·10H₂O) – यह एक प्रबल क्षार (NaOH) और दुर्बल अम्ल (H₂CO₃) का लवण है, इसलिए इसका जलीय विलयन क्षारीय होता है (pH > 7)।
- यह साबुन जैसा स्पर्श और कड़वा स्वाद देता है – क्षारीयता के संकेत।
Quick Facts:
- वाशिंग सोडा का उपयोग सफाई, कागज, कांच, साबुन उद्योगों में होता है।
- इसे ‘सोडा ऐश’ (Na₂CO₃) के क्रिस्टलीकरण से प्राप्त किया जाता है।
जब अम्ल धातु कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करता है, तो ______ का निर्माण होता है।
- उत्पाद के रूप में क्षार और जल
- केवल गैस और ठोस अवक्षेप
- लवण, कार्बन डाइऑक्साइड और जल
- केवल लवण और हाइड्रोजन गैस
Explanation:
- अम्ल + धातु कार्बोनेट → लवण + CO₂ + जल
- उदाहरण: 2HCl + Na₂CO₃ → 2NaCl + CO₂↑ + H₂O
- यह अभिक्रिया CO₂ गैस (बुदबुदाहट) और लवण बनाती है।
Quick Facts:
- इस अभिक्रिया का उपयोग CO₂ गैस की पहचान (चूने के पानी से दूधिया होना) में होता है।
- धातु कार्बोनेट + अम्ल → कार्बन डाइऑक्साइड + जल + लवण
निम्नलिखित में सबसे दुर्बल अम्ल ______ है।
- फॉर्मिक अम्ल
- बेंजोइक अम्ल
- ऑक्सैलिक अम्ल
- हाइड्रोफ्लोरिक अम्ल
Explanation:
- अम्लों की प्रबलता का क्रम (जलीय विलयन में):
- हाइड्रोफ्लोरिक (HF) > फॉर्मिक (HCOOH) > ऑक्सैलिक ((COOH)₂) > बेंजोइक (C₆H₅COOH)
- बेंजोइक अम्ल (Benzoic acid) एक दुर्बल अम्ल है, जिसका pKa ≈ 4.2 है – दिए गए विकल्पों में सबसे दुर्बल (सबसे कम अम्लीय) है।
Quick Facts:
- प्रबल अम्ल: HCl, H₂SO₄, HNO₃ (पूर्णतः आयनित)
- दुर्बल अम्ल: CH₃COOH, H₂CO₃, H₂S, बेंजोइक, फॉर्मिक (आंशिक आयनित)
फेरस सल्फेट क्रिस्टल का रासायनिक सूत्र ______ है।
- FeSO₄·4H₂O
- FeSO₄·5H₂O
- FeSO₄·6H₂O
- FeSO₄·7H₂O
Explanation:
- फेरस सल्फेट (Ferrous sulfate) का क्रिस्टलीय रूप FeSO₄·7H₂O (हेप्टाहाइड्रेट) है, जिसे ‘हरा कसीस’ (Green vitriol) भी कहते हैं।
- यह हरे रंग के क्रिस्टल होते हैं।
Quick Facts:
- FeSO₄·7H₂O (हरा), गर्म करने पर निर्जल FeSO₄ (सफेद) बनता है, फिर Fe₂O₃ (लाल/भूरा) और SO₂, SO₃ निकलते हैं।
- इसका उपयोग रक्ताल्पता (anaemia) के उपचार में, जल शुद्धीकरण में होता है।
जल की गुणवत्ता का आकलन करते समय निम्नलिखित में से कौन सा एक महत्वपूर्ण रासायनिक मापदंड है जिस पर विचार किया जाना चाहिए?
- अम्लता
- भारी धातुओं की उच्च सांद्रता
- उपयुक्त pH स्तर
- उच्च pH
Explanation:
- जल की गुणवत्ता के लिए pH एक महत्वपूर्ण मापदंड है। पीने के पानी का pH सामान्यतः 6.5–8.5 के बीच होना चाहिए (तटस्थ के करीब)।
- अत्यधिक अम्लीय या क्षारीय जल स्वास्थ्य और पाइपलाइन के लिए हानिकारक होता है।
- अम्लता/क्षारीयता भी महत्वपूर्ण है, पर ‘उपयुक्त pH स्तर’ सबसे व्यापक एवं सटीक मापदंड है।
Quick Facts:
- pH < 6.5 → अम्लीय जल (संक्षारक, धातु विलयन)
- pH > 8.5 → क्षारीय जल (कड़वा स्वाद, कीटाणुनाशक प्रभाव कम)
ऑक्सैलिक अम्ल निम्नलिखित में से किस रसोई सामग्री में प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है?
- नीबू
- पालक
- दूध
- सिरका
Explanation:
- ऑक्सैलिक अम्ल (Oxalic acid, H₂C₂O₄) पालक (spinach), टमाटर, रूबर्ब, बीट्स आदि में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है।
- नीबू → साइट्रिक अम्ल, सिरका → एसिटिक अम्ल, दूध → लैक्टिक अम्ल (परिवर्तित)
Quick Facts:
- ऑक्सैलिक अम्ल का उपयोग दाग-धब्बा हटाने, ब्लीचिंग, धातु सफाई में होता है।
- यह कैल्शियम के साथ अविलेय ऑक्सलेट बनाता है (गुर्दे की पथरी का कारण बन सकता है)।
उदासीनीकरण अभिक्रिया के लिए अभिकारकों की भविष्यवाणी करें जहां उत्पाद लिथियम सल्फेट और जल हैं।
- सल्फ्यूरिक अम्ल और लिथियम हाइड्रॉक्साइड
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और लिथियम नाइट्रेट
- सल्फ्यूरिक अम्ल और लिथियम कार्बोनेट
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और लिथियम कार्बोनेट
Explanation:
- उत्पाद Li₂SO₄ और H₂O हैं, इसका अर्थ है कि अभिकारक में Li⁺, SO₄²⁻, H⁺, OH⁻ होने चाहिए।
- अम्ल = H₂SO₄ (सल्फ्यूरिक अम्ल), क्षार = LiOH (लिथियम हाइड्रॉक्साइड)
- अभिक्रिया: H₂SO₄ + 2LiOH → Li₂SO₄ + 2H₂O
Quick Facts:
- लिथियम सल्फेट (Li₂SO₄) जल में विलेय है।
- उदासीनीकरण: अम्ल + क्षार → लवण + जल
चींटी के डंक में कौन-सा अम्ल होता है?
- टारटरिक अम्ल
- मेथेनोइक अम्ल
- लैक्टिक अम्ल
- एसीटिक अम्ल
Explanation:
- चींटी के डंक (ant sting) में मेथेनोइक अम्ल (Formic acid, HCOOH) होता है, जो दर्द और जलन पैदा करता है।
- मेथेनोइक अम्ल को ‘फॉर्मिक अम्ल’ भी कहते हैं (लैटिन: formica = चींटी)
Quick Facts:
- मधुमक्खी के डंक में भी यही अम्ल होता है (इसलिए बेकिंग सोडा लगाने से राहत मिलती है – क्षारीय उपचार)।
- फॉर्मिक अम्ल का उपयोग चमड़ा उद्योग, कपड़ा रंगाई, रबर में होता है।
विलयनों की अम्लीय प्रकृति के लिए कौन-सा आयन उत्तरदायी है?
- क्लोराइड आयन (Cl⁻)
- सोडियम आयन (Na⁺)
- हाइड्रोजन आयन (H⁺)
- हाइड्रॉक्साइड आयन (OH⁻)
Explanation:
- अम्लीय प्रकृति (Acidic nature) H⁺ (हाइड्रोजन) आयनों के कारण होती है (Arrhenius परिभाषा)।
- क्षारीय प्रकृति OH⁻ (हाइड्रॉक्साइड) आयनों के कारण होती है।
- Cl⁻, Na⁺ – उदासीन विलयनों में मौजूद, अम्लता/क्षारीयता नहीं देते।
Quick Facts:
- H⁺ आयन जल में H₃O⁺ (हाइड्रोनियम) के रूप में मौजूद होते हैं।
- pH = -log[H⁺] – अम्लीय विलयन में [H⁺] > [OH⁻]
पानी में अम्ल का विलयन बनाने का सही तरीका ________ है।
- पानी में अम्ल मिलाना है
- अम्ल और पानी को एक साथ मिलाना है
- अम्ल में पानी मिलाना है
- एक उथले पात्र में अम्ल में पानी मिलाना है
Explanation:
- अम्ल को पानी में मिलाना (Acid to water) सही और सुरक्षित विधि है: “Do as you oughta, add acid to water” (सदैव अम्ल को पानी में डालें, पानी को अम्ल में नहीं)।
- अम्ल में पानी मिलाने से अत्यधिक ऊष्मा निकलती है, जिससे उबाल/छींटे हो सकते हैं (exothermic reaction) – खतरनाक।
Quick Facts:
- सान्द्र अम्ल तनुकरण (dilution) एक ऊष्माक्षेपी प्रक्रिया है – हमेशा अम्ल को पानी में डालें, और धीरे-धीरे हिलाएँ।
अधातु के ऑक्साइड आमतौर पर ________ हैं।
- अम्लीय
- उदासीन
- कम अभिक्रियाशील
- क्षारकीय
Explanation:
- अधातु ऑक्साइड (Non-metal oxides) जैसे CO₂, SO₂, NO₂, P₂O₅ – ये जल में घुलकर अम्ल बनाते हैं, इसलिए ये अम्लीय (acidic) होते हैं।
- उदाहरण: SO₂ + H₂O → H₂SO₃ (सल्फ्यूरस अम्ल)
- धातु ऑक्साइड (जैसे Na₂O, CaO, MgO) – क्षारीय होते हैं (उदासीनीकरण)।
Quick Facts:
- अम्लीय ऑक्साइड: अम्लों के साथ अभिक्रिया करते हैं, जल में घुलकर अम्ल बनाते हैं।
- उभयधर्मी ऑक्साइड (जैसे Al₂O₃, ZnO) – अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करते हैं।
निम्नलिखित में से कौन क्षार नहीं है?
- KOH
- NH₄OH
- NaOH
- C₂H₅OH
Explanation:
- क्षार (Base) वे यौगिक हैं जो जल में OH⁻ आयन देते हैं या H⁺ स्वीकार करते हैं (Arrhenius/Brønsted-Lowry)।
- KOH, NaOH → प्रबल क्षार (धातु हाइड्रॉक्साइड); NH₄OH → दुर्बल क्षार (जलीय अमोनिया)।
- C₂H₅OH (एथेनॉल/Ethanol) एक ऐल्कोहॉल है – यह OH समूह रखता है, पर यह क्षार नहीं है (यह उदासीन है, pH ≈ 7)।
Quick Facts:
- ऐल्कोहॉल (R–OH) में OH समूह होता है, पर यह OH⁻ आयन नहीं देता (यह कमज़ोर अम्ल के रूप में व्यवहार कर सकता है, पर क्षार नहीं)।
निम्नलिखित में से क्या सोडियम हाइड्रॉक्साइड का एक उपयोग नहीं है? (i) इसका उपयोग साबुन और डिटर्जेंट बनाने में किया जाता है। (ii) इसे कागज के निर्माण में उपयोग किया जाता है। (iii) इसे जल की स्थायी कठोरता को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है।
- केवल iii
- केवल ii
- ii और iii दोनों
- केवल i
Explanation:
- NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड) का उपयोग साबुन (साबुनीकरण), कागज (पल्पिंग), और डिटर्जेंट बनाने में होता है।
- जल की स्थायी कठोरता (permanent hardness) को दूर करने के लिए वाशिंग सोडा (Na₂CO₃) का उपयोग किया जाता है, NaOH का नहीं।
- अतः केवल iii सही नहीं है (NaOH से कठोरता दूर नहीं होती – यह घुलनशील कैल्शियम/मैग्नीशियम लवण बनाता है, पर अवक्षेप नहीं; Na₂CO₃ अवक्षेपित करता है)।
Quick Facts:
- स्थायी कठोरता: Ca²⁺/Mg²⁺ क्लोराइड/सल्फेट – वाशिंग सोडा (Na₂CO₃) से अवक्षेपित होते हैं।
- NaOH का उपयोग क्षारीय सफाई, एल्युमिनियम उत्पादन (बायर विधि) में भी होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा बेकिंग सोडा का रसोई में उपयोग नहीं है?
- प्रतिअम्ल के एक घटक के रूप में
- खमीर उठाने वाले कारक रूप में
- अग्निशामक यंत्रों में
- खाद्य रंग के लिए
Explanation:
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) का उपयोग खमीर उठाने वाला (leavening agent), प्रतिअम्ल (antacid), और अग्निशामक (सोडा-अम्ल अग्निशामक) में होता है।
- यह खाद्य रंग (food colour) नहीं है – यह सफेद पाउडर है, रंग देने वाला नहीं।
Quick Facts:
- बेकिंग सोडा: NaHCO₃, दुर्बल क्षारीय लवण
- इसका pH ≈ 8.3 (दुर्बल क्षार)
बेकिंग सोडा (NaHCO₃) का उपयोग सामान्यतः भोजन पकाने में किया जाता है। इसके बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- यह एक प्रबल क्षार है जो लाल लिटमस को नीला कर देता है।
- यह अम्लीय प्रकृति का होता है और इसका pH < 7 होता है।
- यह जल या अम्ल के साथ अभिक्रिया नहीं करता है।
- यह अम्लों के साथ अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड गैस मुक्त करता है।
Explanation:
- NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) एक दुर्बल क्षारीय लवण है (pH ≈ 8.3) – यह प्रबल क्षार नहीं है (गलत विकल्प 1)।
- यह अम्लों के साथ अभिक्रिया करता है: NaHCO₃ + H⁺ → Na⁺ + CO₂↑ + H₂O (CO₂ गैस मुक्त होती है)।
- यही कारण है कि बेकिंग सोडा को खमीर उठाने वाले कारक के रूप में उपयोग किया जाता है (CO₂ बुलबुले बनाता है)।
Quick Facts:
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) + अम्ल (जैसे टार्टरिक अम्ल) → CO₂ + H₂O + लवण
- इस अभिक्रिया से पके हुए माल (ब्रेड, केक) में फूलापन आता है।
स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए कौन सा विटामिन सबसे आवश्यक है?
- फोलिक अम्ल
- A
- K
- C
Explanation:
- विटामिन C (एस्कॉर्बिक अम्ल) प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) के लिए अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह श्वेत रक्त कणिकाओं (WBCs) के निर्माण और कार्य को बढ़ावा देता है, और एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है।
- विटामिन A → दृष्टि/त्वचा, K → रक्त थक्का, फोलिक अम्ल → DNA संश्लेषण
Quick Facts:
- विटामिन C के स्रोत: नींबू, संतरा, आँवला, अमरूद, हरी मिर्च
- इसकी कमी से स्कर्वी (scurvy) रोग होता है।
बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम क्या है?
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड (Sodium hydroxide)
- सोडियम सल्फेट (Sodium sulphate)
- सोडियम कार्बोनेट (Sodium carbonate)
- सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (Sodium hydrogen carbonate)
Explanation:
- बेकिंग सोडा (Baking soda) का रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (Sodium hydrogen carbonate) है, जिसका सूत्र NaHCO₃ है।
- इसे ‘सोडियम बाइकार्बोनेट’ (Sodium bicarbonate) भी कहते हैं।
Quick Facts:
- बेकिंग पाउडर = बेकिंग सोडा + टार्टरिक अम्ल (मृदु अम्ल)
- NaHCO₃ → गर्म करने पर Na₂CO₃ + CO₂ + H₂O बनता है।
निम्नलिखित में से कौन सा अचार के लिए एक अच्छा परिरक्षक नहीं है?
- सोडियम बेंजोएट
- काली मिर्च
- नमक
- सोडियम मेटाबिसल्फाइट
Explanation:
- अचार (pickle) में परिरक्षक (preservative) के रूप में नमक, सोडियम बेंजोएट, सोडियम मेटाबिसल्फाइट का उपयोग होता है।
- काली मिर्च (black pepper) मसाला है, परिरक्षक नहीं (यह स्वाद बढ़ाती है, पर सूक्ष्मजीवों की वृद्धि नहीं रोकती)।
Quick Facts:
- सोडियम बेंजोएट (E211) – सामान्य खाद्य परिरक्षक (जाम, जूस)
- सोडियम मेटाबिसल्फाइट – अचार, सूखे मेवे में उपयोग (anti-oxidant)
निम्नलिखित में से कौन-सा वाशिंग सोडा का उपयोग नहीं है/हैं? (i) कांच, साबुन और कागज के निर्माण में (ii) सोडा-अम्ल अग्निशामक में (iii) पानी की स्थायी कठोरता को दूर करने के लिए
- केवल i
- केवल ii
- i और iii
- केवल iii
Explanation:
- वाशिंग सोडा (Na₂CO₃) का उपयोग कांच, साबुन, कागज उद्योग (i) और जल की स्थायी कठोरता दूर करने (iii) में होता है।
- सोडा-अम्ल अग्निशामक में बेकिंग सोडा (NaHCO₃) का उपयोग होता है, वाशिंग सोडा का नहीं।
- अतः केवल ii वाशिंग सोडा का उपयोग नहीं है।
Quick Facts:
- सोडा-अम्ल अग्निशामक: NaHCO₃ + H₂SO₄ → CO₂ + H₂O + Na₂SO₄
- वाशिंग सोडा: Na₂CO₃·10H₂O
जब अम्ल किसी क्षारक के साथ अभिक्रिया करता है तो निम्नलिखित में से क्या बनता है?
- लवण और जल
- केवल जल
- लवण और हाइड्रोजन आयन
- लवण और हाइड्रोजन गैस
Explanation:
- अम्ल + क्षार (उदासीनीकरण) → लवण + जल
- HCl + NaOH → NaCl + H₂O
Quick Facts:
- यह एक ऊष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया है – ऊष्मा निकलती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
- जब मुँह का pH 5.5 से कम होता है, तो दाँतों का क्षय शुरू हो जाता है।
- जब वर्षा जल का pH 5.6 से कम होता है, तो इसे अम्लीय वर्षा कहा जाता है।
- जीवित जीव केवल pH परिवर्तन की एक संकीर्ण सीमा में ही जीवित रह सकते हैं।
- जब वर्षा जल का pH 5.6 से अधिक होता है, तो इसे अम्लीय वर्षा कहा जाता है।
Explanation:
- अम्लीय वर्षा (Acid rain) तब होती है जब वर्षा जल का pH < 5.6 होता है (सामान्य वर्षा का pH ≈ 5.6 होता है, क्योंकि CO₂ + H₂O → H₂CO₃ – दुर्बल अम्ल)।
- यदि pH > 5.6 है, तो वह अम्लीय नहीं है (क्षारीय या तटस्थ हो सकता है)।
- अन्य कथन: दाँतों का क्षय pH < 5.5 पर; जीव केवल pH की संकीर्ण सीमा में रहते हैं – सत्य हैं।
Quick Facts:
- अम्लीय वर्षा का कारण: SO₂, NO₂ (जीवाश्म ईंधन दहन) → H₂SO₄, HNO₃
- pH < 5.6 → अम्लीय वर्षा
निम्नलिखित में से किसे, कार्बनिक यौगिक नहीं माना जाता है?
- एसीटिक अम्ल (CH₃COOH)
- मेथेन (CH₄)
- एथेनॉल (C₂H₅OH)
- सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃)
Explanation:
- कार्बनिक यौगिक (organic compound) में C–H या C–C बंध होते हैं (सामान्यतः जीवित प्रणालियों में पाए जाते हैं)।
- CH₃COOH, CH₄, C₂H₅OH – ये सभी कार्बनिक यौगिक हैं (C, H, O युक्त)।
- Na₂CO₃ (सोडियम कार्बोनेट) – यह अकार्बनिक (inorganic) लवण है, क्योंकि इसमें C–H बंध नहीं है।
Quick Facts:
- अकार्बनिक यौगिक: NaCl, Na₂CO₃, CaCO₃, H₂O, CO₂ (CO₂ को कभी-कभी कार्बनिक माना जाता है, पर Na₂CO₃ स्पष्टतः अकार्बनिक है)।
HNO₃ (aq) + KOH(aq) → KNO₃ (aq) + H₂O (l) उपरोक्त अभिक्रिया किसका एक उदाहरण है:
- रेडॉक्स अभिक्रिया
- अपघटन अभिक्रिया
- संयोजन अभिक्रिया
- उदासीनीकरण अभिक्रिया
Explanation:
- अभिक्रिया: HNO₃ (अम्ल) + KOH (क्षार) → KNO₃ (लवण) + H₂O (जल)
- यह उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization reaction) है, क्योंकि इसमें अम्ल और क्षार मिलकर लवण और जल बनाते हैं।
Quick Facts:
- KNO₃ पोटेशियम नाइट्रेट – एक उदासीन लवण (प्रबल अम्ल + प्रबल क्षार)
- इसमें कोई ऑक्सीकरण अवस्था परिवर्तन नहीं होता, इसलिए रेडॉक्स नहीं।
जल में अम्लीय विलयन विद्युत का चालन करते हैं क्योंकि वे ______ उत्पन्न करते हैं।
- सल्फाइड आयन
- क्लोराइड आयन
- हाइड्रोजन आयन
- हाइड्रोक्साइड आयन
Explanation:
- अम्लीय विलयन विद्युत चालक होते हैं क्योंकि वे H⁺ (हाइड्रोजन) आयन और ऋणायन (जैसे Cl⁻, SO₄²⁻) उत्पन्न करते हैं, जो आवेश वाहक हैं।
- OH⁻ (हाइड्रॉक्साइड) आयन क्षारीय विलयन में होते हैं।
Quick Facts:
- विद्युत चालन के लिए आयनों की उपस्थिति आवश्यक है – अम्ल/क्षार विलयन आयनित होते हैं, इसलिए चालक होते हैं।
- शुद्ध जल विद्युत का कुचालक है (बहुत कम आयन)।
नींबू के रस में खट्टा स्वाद होता है क्योंकि इसमें ______ होते हैं।
- क्षारक
- अम्ल
- लवण
- खनिज पदार्थ
Explanation:
- नींबू (lemon) में साइट्रिक अम्ल (Citric acid) होता है, जो खट्टा स्वाद (sour taste) देता है।
- अम्लों का स्वाद सामान्यतः खट्टा होता है (जैसे सिरका, नींबू, इमली)।
Quick Facts:
- प्राकृतिक अम्ल: साइट्रिक (नींबू), लैक्टिक (दही), मैलिक (सेब), ऑक्सैलिक (पालक), टार्टरिक (इमली/अंगूर)
निम्न में से कौन सा ऑक्साइड अम्लीय नहीं है?
- CO
- SO₂
- SO₃
- NO₂
Explanation:
- CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) अम्लीय ऑक्साइड है (H₂CO₃ बनाता है), पर CO (कार्बन मोनोऑक्साइड) एक उदासीन (neutral) ऑक्साइड है – यह न तो अम्लीय है और न ही क्षारीय, और जल में नहीं घुलता (या अम्ल/क्षार नहीं बनाता)।
- SO₂, SO₃, NO₂ – अम्लीय ऑक्साइड हैं (H₂SO₃, H₂SO₄, HNO₃/HNO₂ बनाते हैं)।
Quick Facts:
- उदासीन ऑक्साइड: CO, NO, N₂O
- अम्लीय ऑक्साइड: अधातु ऑक्साइड (SO₂, CO₂, P₂O₅, SiO₂)
- क्षारीय ऑक्साइड: धातु ऑक्साइड (Na₂O, CaO, MgO)
अम्लीय वर्षा का pH मान निम्नलिखित में से किससे कम होता है?
- 8.6
- 5.6
- 6.6
- 7.6
Explanation:
- अम्लीय वर्षा (acid rain) वह है जिसका pH 5.6 से कम होता है।
- सामान्य वर्षा का pH लगभग 5.6 होता है (CO₂ के कारण H₂CO₃ – दुर्बल अम्ल)।
- जब pH < 5.6 होता है, तो यह प्रदूषकों (SO₂, NO₂) के कारण अम्लीय हो जाता है।
Quick Facts:
- अम्लीय वर्षा: H₂SO₄ और HNO₃ के कारण – pH 4.0–4.5 तक हो सकता है।
- इससे मिट्टी, जलाशय, इमारतों (संगमरमर) को नुकसान होता है।
इनमें से कौन सा एक उभयधर्मी ऑक्साइड है?
- Al₂O₃
- CO₂
- SO₂
- CuO
Explanation:
- Al₂O₃ (एल्युमिनियम ऑक्साइड) एक उभयधर्मी (amphoteric) ऑक्साइड है – यह अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करता है।
- Al₂O₃ + 6HCl → 2AlCl₃ + 3H₂O (अम्ल के साथ)
- Al₂O₃ + 2NaOH → 2NaAlO₂ + H₂O (क्षार के साथ)
- CO₂, SO₂ – अम्लीय, CuO – क्षारीय
Quick Facts:
- अन्य उभयधर्मी ऑक्साइड: ZnO, PbO, SnO, Cr₂O₃
मैग्नीशिया के दूध में डुबोए जाने पर pH पेपर हल्का नीला रंग दिखाता है। यह इंगित करता है कि मैग्नीशिया का दूध है:
- एक दुर्बल अम्ल
- उदासीन
- एक प्रबल अम्ल
- एक दुर्बल क्षार
Explanation:
- pH पेपर का हल्का नीला रंग → pH 8–9 के आसपास (क्षारीय, पर प्रबल नहीं)।
- मैग्नीशिया का दूध (Milk of Magnesia) = Mg(OH)₂, जो एक दुर्बल क्षार (weak base) है, जिसका pH ≈ 10.5 (पर यहाँ हल्का नीला → दुर्बल क्षार के अनुरूप)।
- यदि प्रबल क्षार होता (pH 12+), तो गहरा नीला/बैंगनी होता।
Quick Facts:
- मैग्नीशिया का दूध का उपयोग प्रतिअम्ल (antacid) के रूप में होता है – यह आमाशय के अम्ल को उदासीन करता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प बेकिंग सोडा के रासायनिक नाम (IUPAC) का सही प्रतिनिधित्व करता है?
- सोडियम क्लोराइड
- कैल्शियम कार्बोनेट
- सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
- पोटेशियम बाइकार्बोनेट
Explanation:
- बेकिंग सोडा = सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO₃) – IUPAC नाम
- सोडियम क्लोराइड = NaCl (नमक), कैल्शियम कार्बोनेट = CaCO₃ (चूना पत्थर), पोटेशियम बाइकार्बोनेट = KHCO₃
Quick Facts:
- बेकिंग सोडा का सामान्य नाम: ‘खाने का सोडा’ या ‘बेकिंग सोडा’
बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा में क्या अंतर है?
- बेकिंग पाउडर, बेकिंग सोडा और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का मिश्रण है
- बेकिंग सोडा, बेकिंग पाउडर और टार्टरिक अम्ल का मिश्रण है
- बेकिंग सोडा, बेकिंग पाउडर और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का मिश्रण है
- बेकिंग पाउडर, बेकिंग सोडा और टार्टरिक अम्ल का मिश्रण है
Explanation:
- बेकिंग सोडा = NaHCO₃ (एकल यौगिक)
- बेकिंग पाउडर = बेकिंग सोडा + टार्टरिक अम्ल (या अन्य मृदु खाद्य अम्ल) – जब नमी/गर्मी मिलती है, तो CO₂ मुक्त होता है (बिना अतिरिक्त अम्ल की आवश्यकता)।
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) – खाद्य उपयोग में नहीं।
Quick Facts:
- बेकिंग पाउडर में मक्का स्टार्च (corn starch) भी मिलाया जाता है (नमी अवशोषण रोकने के लिए)।
निम्नलिखित में से कौन-सा वसा अम्ल साबुन नहीं बनाता है?
- पामिटिक अम्ल
- ब्यूटिरिक अम्ल
- स्टीयरिक अम्ल
- ओलिक अम्ल
Explanation:
- साबुन (soap) बनाने के लिए वसीय अम्ल (fatty acids) की आवश्यकता होती है – लंबी-शृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्ल (C₁₂–C₁₈)।
- पामिटिक (C₁₆), स्टीयरिक (C₁₈), ओलिक (C₁₈, असंतृप्त) – सभी साबुन बनाते हैं।
- ब्यूटिरिक अम्ल (Butyric acid, C₄) – छोटी शृंखला वसीय अम्ल, साबुन नहीं बनाता (यह मक्खन से संबंधित है, पर साबुनीकरण के लिए उपयुक्त नहीं – अत्यधिक घुलनशील, साबुन गुण नहीं)।
Quick Facts:
- साबुनीकरण: वसा/तेल + NaOH → साबुन + ग्लिसरॉल
- साबुन के लिए लंबी हाइड्रोकार्बन शृंखला (hydrophobic tail) आवश्यक है।
निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया उदासीनीकरण अभिक्रिया का उदाहरण नहीं है?
- H₃PO₄ + 3KOH → K₃PO₄ + 3H₂O
- CaO + H₂O → Ca(OH)₂
- HNO₃ + KOH → KNO₃ + H₂O
- Ca(OH)₂ + H₂CO₃ → CaCO₃ + 2H₂O
Explanation:
- उदासीनीकरण: अम्ल + क्षार → लवण + जल
- CaO + H₂O → Ca(OH)₂ – यह संयोजन अभिक्रिया (combination reaction) है, उदासीनीकरण नहीं (यहाँ अम्ल नहीं है, केवल धातु ऑक्साइड जल के साथ क्षार बना रहा है)।
- अन्य: H₃PO₄ (अम्ल) + KOH (क्षार), HNO₃ + KOH, Ca(OH)₂ (क्षार) + H₂CO₃ (अम्ल) – सभी उदासीनीकरण हैं।
Quick Facts:
- CaO + H₂O → Ca(OH)₂ ऊष्माक्षेपी (exothermic) है – इसका उपयोग ‘स्लेक्ड लाइम’ बनाने में होता है।
निम्नलिखित में से सोने को घोलने के लिए किसका उपयोग किया जाता है?
- एक्वा-रेजिया
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- सल्फ्यूरिक एसिड
- अमोनियम हाइड्रॉक्साइड
Explanation:
- एक्वा-रेजिया (Aqua regia) = सान्द्र HCl और HNO₃ का 3:1 मिश्रण – यह सोना (Au) और प्लैटिनम (Pt) को घोल सकता है (सोना अन्य अम्लों से नहीं घुलता)।
- यह ‘शाही जल’ (royal water) भी कहलाता है।
Quick Facts:
- एक्वा-रेजिया में क्लोरीन (Cl₂) और नाइट्रोसिल क्लोराइड (NOCl) बनते हैं, जो सोने को AuCl₄⁻ में बदलते हैं।
किस प्रक्रिया से हमें वाशिंग सोडा प्राप्त होता है?
- NaHCO₃ को गर्म करके
- NaHCO₃ को एक खाद्य अम्ल के साथ मिलाकर
- NaCl(aq), NH₃ और CO₂ के बीच अभिक्रिया द्वारा
- Na₂CO₃ के पुनःक्रिस्टलीकरण द्वारा
Explanation:
- वाशिंग सोडा (Na₂CO₃·10H₂O) Na₂CO₃ (सोडा ऐश) के पुनःक्रिस्टलीकरण (recrystallization) द्वारा प्राप्त किया जाता है, जिससे क्रिस्टलीकरण के 10 जल अणु जुड़ जाते हैं।
- Na₂CO₃ (निर्जल) + 10H₂O → Na₂CO₃·10H₂O
- NaHCO₃ को गर्म करने पर Na₂CO₃ बनता है, पर पुनःक्रिस्टलीकरण से ही वाशिंग सोडा प्राप्त होता है।
Quick Facts:
- NaHCO₃ → Na₂CO₃ + CO₂ + H₂O (गर्म करने पर)
- सोल्वे विधि (Solvay process) से Na₂CO₃ बनता है, फिर इसका पुनःक्रिस्टलीकरण करके वाशिंग सोडा प्राप्त होता है।
खट्टे दूध में कौन सा अम्ल मौजूद होता है?
- साइट्रिक अम्ल
- एसिटिक अम्ल
- ग्लाइकोलिक अम्ल
- लैक्टिक अम्ल
Explanation:
- खट्टा दूध (sour milk) या दही (curd) में लैक्टिक अम्ल (Lactic acid, C₃H₆O₃) मौजूद होता है, जो दूध की शर्करा (लैक्टोज़) के जीवाणु किण्वन (lactic acid fermentation) से बनता है।
- इसी कारण दही का स्वाद खट्टा होता है।
Quick Facts:
- लैक्टिक अम्ल मांसपेशियों में भी बनता है (व्यायाम के बाद) – जिससे थकान और दर्द होता है।
निम्नलिखित में से किस अम्ल और उसके पाए जाने वाले पदार्थ के युग्म का मिलान गलत है?
- एसिटिक अम्ल – सिरका
- ऑक्सैलिक अम्ल – पालक
- लैक्टिक अम्ल – दही
- एस्कॉर्बिक अम्ल – इमली
Explanation:
- एस्कॉर्बिक अम्ल (Ascorbic acid) = विटामिन C – स्रोत: नींबू, संतरा, आँवला, आदि (ताजे फल)।
- इमली (tamarind) में टार्टरिक अम्ल (Tartaric acid) होता है, एस्कॉर्बिक नहीं।
- अतः यह युग्म गलत है।
Quick Facts:
- प्राकृतिक अम्ल: सिरका → एसिटिक, पालक → ऑक्सैलिक, दही → लैक्टिक, नींबू → साइट्रिक, इमली → टार्टरिक
साबुन की निर्मलीकरण क्रिया उसके किस गुण के कारण होती है?
- मिसेल बनाने की क्षमता
- प्रबल अम्ल होना
- उच्च गलनांक
- प्रबल क्षार होना
Explanation:
- साबुन की सफाई (निर्मलीकरण, cleansing action) मिसेल (micelle) बनाने की क्षमता के कारण होती है – साबुन के अणुओं की लंबी हाइड्रोकार्बन शृंखला (hydrophobic tail) गंदगी (तेल/ग्रीस) को घेर लेती है, और ध्रुवीय सिर (hydrophilic head) पानी की ओर रहता है, जिससे मिसेल बनता है और गंदगी धुल जाती है।
- यह ‘मिसेल’ का निर्माण साबुन के अणुओं की उभयधर्मी (amphiphilic) प्रकृति के कारण होता है।
Quick Facts:
- मिसेल: गोलाकार समुच्चय – hydrophobic भाग अंदर (तेल/गंदगी), hydrophilic भाग बाहर (जल)
- डिटर्जेंट भी इसी सिद्धांत पर कार्य करते हैं (मिसेल निर्माण)।
बेकिंग सोडा को गर्म करने पर यौगिक ‘X’ बनता है। X के पुनः क्रिस्टलीकरण से यौगिक ‘Y’ बनता है। क्रमशः X और Y यौगिकों का चयन करें।
- सोडियम कार्बोनेट और वाशिंग सोडा
- सोडियम कार्बोनेट और ब्लीचिंग पाउडर
- सोडियम बाइकार्बोनेट और वाशिंग सोडा
- सोडियम बाइकार्बोनेट और ब्लीचिंग पाउडर
Explanation:
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) को गर्म करने पर: 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + CO₂ + H₂O (X = Na₂CO₃, सोडियम कार्बोनेट)।
- Na₂CO₃ के पुनःक्रिस्टलीकरण (जल में) से Na₂CO₃·10H₂O (Y = वाशिंग सोडा) प्राप्त होता है।
- अतः X = सोडियम कार्बोनेट, Y = वाशिंग सोडा
Quick Facts:
- Na₂CO₃ (सोडा ऐश) – निर्जल; Na₂CO₃·10H₂O – वाशिंग सोडा (क्रिस्टलीय)
जिप्सम और प्लास्टर ऑफ पेरिस के रासायनिक सूत्र क्रमशः क्या हैं?
- CaCO₃·1/2H₂O और CaCO₃·2H₂O
- CaSO₄·1/2H₂O और CaSO₄·2H₂O
- CaCO₃·2H₂O और CaCO₃·1/2H₂O
- CaSO₄·2H₂O और CaSO₄·1/2H₂O
Explanation:
- जिप्सम (Gypsum) = CaSO₄·2H₂O (कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट)
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (Plaster of Paris, POP) = CaSO₄·½H₂O (कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट)
- POP, जिप्सम को 373 K पर गर्म करके प्राप्त किया जाता है: CaSO₄·2H₂O → CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O
Quick Facts:
- POP + जल → जिप्सम (जलयोजन, exothermic) – यह फूलता/कठोर होता है, इसलिए हड्डियाँ जोड़ने, मूर्तियाँ बनाने में उपयोग।
प्लास्टर ऑफ पेरिस के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
- इसका उपयोग टूटी हुई हड्डियों को जोड़ने के लिए किया जाता है।
- इसका उपयोग सौंदर्य प्रसाधन और मूर्तियों के साँचे बनाने में किया जाता है।
- इसे कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट के नाम से भी जाना जाता है।
- इसका उपयोग पेंटिंग से पहले सतहों को चिकना बनाने के लिए किया जाता है।
Explanation:
- POP = कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (CaSO₄·½H₂O), डाइहाइड्रेट नहीं।
- जिप्सम = कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट (CaSO₄·2H₂O)
- अन्य सभी कथन POP के उपयोगों के सत्य हैं।
Quick Facts:
- POP को ‘प्लास्टर ऑफ पेरिस’ नाम इसलिए है क्योंकि यह पेरिस में जिप्सम से बनाया जाता था।
साधारण नमक का रासायनिक सूत्र क्या है?
- NaOH
- KOH
- HCl
- NaCl
Explanation:
- साधारण नमक (common salt) = NaCl (सोडियम क्लोराइड), जो समुद्री जल या खानों (rock salt) से प्राप्त होता है।
- NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड), KOH (पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड), HCl (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल)
Quick Facts:
- साधारण नमक को ‘टेबल सॉल्ट’ (table salt) भी कहते हैं – खाने में प्रयुक्त।
क्षार के लिए कौन सा तथ्य सही नहीं है?
- लाल लिटमस को नीला कर देता है
- स्वाद कड़वा होता है
- धातुओं और बाइकार्बोनेट के साथ प्रतिक्रिया करके H₂O, CO₂ और नमक का उत्पादन करता है।
- जलीय माध्यम/पिघली अवस्था में OH⁻ उत्पन्न करता है
Explanation:
- क्षार (Base) के गुण: लाल लिटमस → नीला, कड़वा स्वाद, OH⁻ आयन देना।
- धातुओं और बाइकार्बोनेट्स के साथ अभिक्रिया करके H₂O, CO₂, लवण बनाना – यह अम्ल का गुण है (क्षार का नहीं)।
- क्षार ऐसा नहीं करता (हालाँकि कुछ क्षार धातुओं से H₂ बना सकते हैं, पर बाइकार्बोनेट के साथ नहीं)।
Quick Facts:
- अम्ल: धातु → H₂; बाइकार्बोनेट → CO₂
- क्षार: धातुओं के साथ H₂ बना सकते हैं (जैसे Zn + NaOH → Na₂ZnO₂ + H₂), पर बाइकार्बोनेट के साथ नहीं।
जब अम्ल को जल में मिलाया जाता है, तो क्या होता है?
- यह प्रति इकाई आयतन में हाइड्रोनियम आयनों की सांद्रता को बढ़ा देगा।
- यह प्रति इकाई आयतन में हाइड्रॉक्सिल आयनों की सांद्रता को बढ़ा देगा।
- आयनों की सांद्रता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
- यह प्रति इकाई आयतन में हाइड्रोनियम आयनों की सांद्रता को घटा देगा।
Explanation:
- अम्ल को जल में मिलाने पर, यह आयनित होता है और H⁺ (हाइड्रोनियम, H₃O⁺) आयनों की सांद्रता बढ़ जाती है, जिससे [H₃O⁺] > [OH⁻] होता है, और pH घटता है (अम्लीय विलयन)।
- हाइड्रॉक्सिल (OH⁻) की सांद्रता कम हो जाती है (जल के आयनिक उत्पाद के कारण) – यह नहीं बढ़ती।
Quick Facts:
- pH = -log[H₃O⁺] – अम्ल मिलाने पर [H₃O⁺] ↑ ⇒ pH ↓
बेकिंग पाउडर ______ का मिश्रण है।
- सोडियम कार्बोनेट और टार्टरिक अम्ल
- बेकिंग सोडा और वाशिंग सोडा
- बेकिंग सोडा और मृदु खाद्य अम्ल
- बेकिंग सोडा और ब्लीचिंग पाउडर
Explanation:
- बेकिंग पाउडर = बेकिंग सोडा (NaHCO₃) + मृदु खाद्य अम्ल (जैसे टार्टरिक अम्ल या साइट्रिक अम्ल) + स्टार्च (नमी अवशोषक)।
- यह नमी/गर्मी पर CO₂ मुक्त करता है, जिससे केक/ब्रेड फूल जाते हैं।
Quick Facts:
- बेकिंग सोडा को स्वयं CO₂ मुक्त करने के लिए अम्ल की आवश्यकता होती है; बेकिंग पाउडर में अम्ल पहले से मौजूद होता है।
लिटमस का प्राकृतिक रंग है।
- लाल
- गुलाबी
- हरा
- बैंगनी
Explanation:
- लिटमस (Litmus) एक प्राकृतिक संकेतक है, जो लाइकेन से प्राप्त होता है।
- इसका प्राकृतिक रंग बैंगनी (purple) होता है।
- अम्ल में यह लाल, क्षार में नीला हो जाता है।
Quick Facts:
- लिटमस पेपर दो प्रकार के होते हैं: लाल (क्षार परीक्षण) और नीला (अम्ल परीक्षण)।
पौधे की पत्तियों में मेथेनोइक अम्ल होता है।
- बिच्छू बूटी
- टमाटर
- इमली
- पालक
Explanation:
- बिच्छू बूटी (Stinging nettle) की पत्तियों में मेथेनोइक अम्ल (Formic acid, HCOOH) होता है, जो छूने पर जलन/दर्द पैदा करता है।
- टमाटर → ऑक्सैलिक, इमली → टार्टरिक, पालक → ऑक्सैलिक
Quick Facts:
- बिच्छू बूटी के डंक में चींटी जैसा ही अम्ल होता है – मेथेनोइक/फॉर्मिक।
जब वसा और तेल ऑक्सीकृत होते हैं, तो वे ______ बन जाते हैं और उनकी गंध और स्वाद बदल जाते हैं।
- अम्लीय
- बुनियादी
- बासी
- कड़वा
Explanation:
- वसा और तेलों के ऑक्सीकरण (oxidation) से वे बासी (rancid) हो जाते हैं – उनकी गंध और स्वाद बदल जाता है (अप्रिय गंध/स्वाद)।
- इस प्रक्रिया को ‘रैंसिडिटी’ (rancidity) कहते हैं।
Quick Facts:
- रैंसिडिटी को रोकने के लिए एंटीऑक्सीडेंट (जैसे BHA, BHT, विटामिन E) मिलाए जाते हैं, और खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन (अक्रिय गैस) से भरा जाता है।
यदि किसी व्यक्ति को मधुमक्खी के डंक से प्रभावित किया जाता है, तो दर्द से राहत पाने के लिए कौन सा रसायन उसके लिए मददगार होगा?
- बेकिंग सोडा
- सामान्य नमक
- सिरका
- दही
Explanation:
- मधुमक्खी के डंक (bee sting) में मेथेनोइक अम्ल (formic acid) होता है – यह अम्लीय होता है।
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) एक दुर्बल क्षार है – यह अम्ल को उदासीन (neutralize) करके दर्द से राहत देता है (उदासीनीकरण अभिक्रिया)।
- सिरका/दही (अम्लीय) और नमक (उदासीन) – कोई प्रभाव नहीं।
Quick Facts:
- चींटी के डंक के लिए भी बेकिंग सोडा का उपयोग होता है (क्योंकि चींटी के डंक में भी फॉर्मिक अम्ल होता है)।
इनमें से किस यौगिक में क्रिस्टलीकरण जल नहीं है?
- जिप्सम
- धावन सोडा
- कॉपर सल्फेट
- बेकिंग सोडा
Explanation:
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) में क्रिस्टलीकरण जल (water of crystallization) नहीं होता है – यह निर्जल (anhydrous) है।
- जिप्सम (CaSO₄·2H₂O), वाशिंग सोडा (Na₂CO₃·10H₂O), कॉपर सल्फेट (CuSO₄·5H₂O) – सभी में क्रिस्टलीकरण जल होता है।
Quick Facts:
- क्रिस्टलीकरण जल: वह जल अणु जो क्रिस्टल संरचना का हिस्सा होते हैं (सूत्र में लिखे जाते हैं)।
उदासीनीकरण अभिक्रिया के लिए, अभिकारक होने चाहिए:
- क्षार और जल
- लवण और जल
- अम्ल और जल
- अम्ल और क्षार
Explanation:
- उदासीनीकरण (Neutralization) के लिए अम्ल (Acid) और क्षार (Base) अभिकारक होने चाहिए।
- उत्पाद: लवण + जल
Quick Facts:
- यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी (exothermic) है।
फॉस्फोरस का प्रतीक क्या है?
- Ph
- Pr
- H
- P
Explanation:
- फॉस्फोरस (Phosphorus) का रासायनिक प्रतीक P है।
- Ph – प्रतीक नहीं (हालाँकि फीनॉल में प्रयुक्त), Pr – प्रेजोडिमियम, H – हाइड्रोजन
Quick Facts:
- फॉस्फोरस का परमाणु क्रमांक 15 है, समूह 15 में स्थित है।
आमाशय में अतिरिक्त अम्लता (acidity) को उदासीन करने के लिए, निम्नलिखित में से क्या उपाय किया जा सकता है?
- नींबू का रस
- Mg(OH)₂ जैसे प्रतिअम्ल
- HCl विलयन
- विनेगर
Explanation:
- आमाशय की अतिरिक्त अम्लता (HCl) को उदासीन करने के लिए प्रतिअम्ल (Antacid) का उपयोग होता है, जैसे Mg(OH)₂ (मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड) या NaHCO₃ (बेकिंग सोडा)।
- नींबू, HCl, सिरका – अम्लीय होते हैं, अम्लता बढ़ाएँगे, कम नहीं करेंगे।
Quick Facts:
- Mg(OH)₂ + 2HCl → MgCl₂ + 2H₂O (उदासीनीकरण)
- मैग्नीशिया का दूध (Milk of Magnesia) = Mg(OH)₂ का जलीय निलंबन।
ऑक्सैलिक अम्ल का प्राकृतिक स्रोत क्या है?
- टमाटर
- दही
- चींटी का डंक
- इमली
Explanation:
- ऑक्सैलिक अम्ल (Oxalic acid) टमाटर, पालक, रूबर्ब, बीट्स आदि में पाया जाता है।
- दही → लैक्टिक अम्ल, चींटी → फॉर्मिक, इमली → टार्टरिक
Quick Facts:
- ऑक्सैलिक अम्ल का उपयोग दाग-धब्बा हटाने में होता है।
बिच्छू बूटी (stinging nettles) में निम्नलिखित में से कौन सा अम्ल मौजूद होता है?
- फॉर्मिक अम्ल
- लैक्टिक अम्ल
- टार्टरिक अम्ल
- साइट्रिक अम्ल
Explanation:
- बिच्छू बूटी (stinging nettle) में फॉर्मिक अम्ल (Formic acid / मेथेनोइक अम्ल) होता है, जो डंक/जलन पैदा करता है।
Quick Facts:
- चींटी, मधुमक्खी, बिच्छू बूटी – सभी में फॉर्मिक अम्ल पाया जाता है।
कौन सा कथन प्राण सूचक का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
- एक गैस जो केवल मजबूत अम्लों के साथ प्रतिक्रिया करती है
- एक ठोस जो अम्ल और क्षार दोनों में घुल जाता है
- एक पदार्थ जो अम्ल और क्षार में गंध बदलता है
- एक तरल जो सभी विलयनों में रंग बदलता है
Explanation:
- प्राण सूचक (Olfactory indicator) वे पदार्थ हैं जिनकी गंध (smell) अम्लीय या क्षारीय माध्यम में बदल जाती है (जैसे प्याज, वैनीला, लौंग का तेल)।
- प्याज का रस: अम्ल में गंध नहीं आती, क्षार में गंध आती है (या इसका विपरीत) – यह ‘गंध’ पर आधारित है, रंग पर नहीं।
Quick Facts:
- प्राण सूचक उदाहरण: वैनीला, प्याज, लौंग, पुदीना
- ये ‘रंग’ परिवर्तन नहीं बल्कि ‘गंध’ परिवर्तन पर आधारित होते हैं।
पानी की स्थायी कठोरता को दूर करने के लिए क्या उपयोग किया जाता है?
- खाने का सोडा
- ब्लीचिंग पाउडर
- धोने का सोडा
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
Explanation:
- पानी की स्थायी कठोरता (permanent hardness) को दूर करने के लिए धोने का सोडा (Washing soda, Na₂CO₃) का उपयोग होता है, जो Ca²⁺/Mg²⁺ को अविलेय कार्बोनेट के रूप में अवक्षेपित कर देता है।
- अस्थायी कठोरता (temporary hardness) उबालकर दूर की जाती है (Ca(HCO₃)₂ → CaCO₃↓ + CO₂ + H₂O)।
Quick Facts:
- कठोरता के कारण: Ca²⁺, Mg²⁺ (बाइकार्बोनेट, क्लोराइड, सल्फेट)
- Na₂CO₃ + CaCl₂ → CaCO₃↓ + 2NaCl
निम्नलिखित में से कौन सा लवण एंटासिड में एक सक्रिय घटक है?
- Na₂CO₃
- CaOCl₂
- CaCl₂
- NaHCO₃
Explanation:
- एंटासिड (Antacid) में NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) और Mg(OH)₂ सक्रिय घटक होते हैं, जो आमाशय के अतिरिक्त अम्ल को उदासीन करते हैं।
- Na₂CO₃ (प्रबल क्षारीय), CaOCl₂ (ब्लीचिंग पाउडर), CaCl₂ (लवण) – एंटासिड में नहीं।
Quick Facts:
- एंटासिड दवाएँ: एल्युमिनियम हाइड्रॉक्साइड, मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड, सोडियम बाइकार्बोनेट
नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए और सही उत्तर की पहचान कीजिए। कथन – I: निर्जल सोडियम कार्बोनेट का उपयोग सोडा-अम्ल अग्निशामक यंत्रों में किया जाता है। कथन – II: निर्जल सोडियम कार्बोनेट को जल में विलय किया जाता है और क्रिस्टलीकरण के जल के 10 अणुओं वाले वाशिंग सोडा क्रिस्टल प्राप्त करने के लिए पुनः क्रिस्टलीकृत किया जाता है।
- दोनों कथन सत्य हैं
- दोनों कथन असत्य हैं
- कथन – I सत्य है, और कथन – II असत्य है
- कथन-II सत्य है, और कथन-I असत्य है
Explanation:
- कथन I: सोडा-अम्ल अग्निशामक में NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) का उपयोग होता है, निर्जल Na₂CO₃ (सोडा ऐश) का नहीं।
- कथन II: Na₂CO₃ (निर्जल) के जल में घोलकर पुनःक्रिस्टलीकरण (recrystallization) से Na₂CO₃·10H₂O (वाशिंग सोडा) प्राप्त होता है – सत्य है।
Quick Facts:
- सोडा-अम्ल अग्निशामक: NaHCO₃ + H₂SO₄ → CO₂ (आग बुझाने के लिए)
_________ का रासायनिक नाम कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट है।
- बेकिंग पाउडर
- जिप्सम
- बेकिंग सोडा
- प्लास्टर ऑफ पेरिस
Explanation:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (Plaster of Paris) = कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (CaSO₄·½H₂O)
- जिप्सम = CaSO₄·2H₂O (डाइहाइड्रेट)
Quick Facts:
- POP को 373 K पर जिप्सम को गर्म करके बनाया जाता है।
निम्नलिखित में से कौन से ब्लीचिंग पाउडर के उपयोग हैं? (i) पीने के पानी की आपूर्ति को कीटाणुरहित करने के लिए (ii) क्लोरोफॉर्म के निर्माण के लिए (iii) ऊन को सिकुड़नरोधी बनाने के लिए
- ii और iii
- i, ii और iii
- i और iii
- i और ii
Explanation:
- ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) के उपयोग:
- (i) पीने के पानी की कीटाणुशोधन (disinfection)
- (ii) क्लोरोफॉर्म (CHCl₃) के निर्माण में (क्लोरीन स्रोत)
- (iii) ऊन को सिकुड़नरोधी (anti-shrink) बनाने में (कपड़ा उद्योग)
- अतः तीनों सही हैं।
Quick Facts:
- ब्लीचिंग पाउडर: CaOCl₂ – ऑक्सीकारक, विरंजन, जल शुद्धीकरण
सार्वभौमिक संकेतकों में, 4 से 5 का pH इंगित करता है:
- प्रबल क्षार
- दुर्बल अम्ल
- दुर्बल क्षार
- प्रबल अम्ल
Explanation:
- pH 0–3 → प्रबल अम्ल (strong acid)
- pH 4–6 → दुर्बल अम्ल (weak acid)
- pH 7 → उदासीन
- pH 8–10 → दुर्बल क्षार (weak base)
- pH 11–14 → प्रबल क्षार (strong base)
- 4–5 → दुर्बल अम्ल
Quick Facts:
- सार्वभौमिक संकेतक: pH के अनुसार अलग-अलग रंग दिखाता है (pH पैमाना)।
अधातु के ऑक्साइड आमतौर पर ________ हैं।
- अम्लीय
- उदासीन
- कम अभिक्रियाशील
- क्षारकीय
Explanation:
- अधातु ऑक्साइड (Non-metal oxides): जल में घुलकर अम्ल बनाते हैं → अम्लीय (acidic)
- उदाहरण: SO₂ + H₂O → H₂SO₃, CO₂ + H₂O → H₂CO₃
Quick Facts:
- धातु ऑक्साइड: क्षारीय (जैसे Na₂O, CaO)
- उभयधर्मी ऑक्साइड: Al₂O₃, ZnO (अम्ल और क्षार दोनों के साथ)
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सोडियम कार्बोनेट के बारे में गलत है?
- सोडियम कार्बोनेट का उपयोग काँच, साबुन और कागज उद्योगों में किया जाता है।
- सोडियम कार्बोनेट का उपयोग बोरेक्स जैसे सोडियम यौगिकों के निर्माण में किया जाता है।
- सोडियम कार्बोनेट का उपयोग पेट में अतिरिक्त अम्ल को उदासीन करने के लिए किया जाता है।
- सोडियम कार्बोनेट का उपयोग घरेलू उद्देश्यों के लिए शोधन अभिकर्मक के रूप में किया जा सकता है।
Explanation:
- सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) एक प्रबल क्षारीय लवण है – यह पेट की अतिरिक्त अम्लता के उपचार के लिए उपयुक्त नहीं है (बहुत क्षारीय, हानिकारक हो सकता है)।
- एंटासिड के लिए NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) या Mg(OH)₂ का उपयोग होता है।
- अन्य कथन सत्य हैं: कांच, साबुन, बोरेक्स, जल शोधन (कठोरता) में Na₂CO₃ का उपयोग होता है।
Quick Facts:
- Na₂CO₃ का pH ≈ 11 (प्रबल क्षारीय) – इसलिए यह प्रतिअम्ल के रूप में उपयुक्त नहीं।
निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक प्रतिअम्ल में एक घटक के रूप में प्रयोग किया जाता है?
- नाइट्रिक अम्ल
- सोडियम क्लोराइड
- कॉपर सल्फेट
- सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
Explanation:
- प्रतिअम्ल (Antacid) में सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO₃) एक सामान्य घटक है, क्योंकि यह आमाशय के अम्ल (HCl) को उदासीन करता है।
- NaHCO₃ + HCl → NaCl + CO₂ + H₂O
Quick Facts:
- बेकिंग सोडा = NaHCO₃ – स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित (अल्प मात्रा में)।
सूत्र Al₂(SO₄)₃ द्वारा दर्शाए गए यौगिक का नाम बताएं।
- एल्युमिनियम सल्फाइट
- एल्युमिनियम सल्फाइड
- एल्युमिनियम सल्फ्यूरॉक्साइड
- एल्युमिनियम सल्फेट
Explanation:
- Al₂(SO₄)₃ = एल्युमिनियम सल्फेट (Aluminium sulfate)
- SO₄²⁻ = सल्फेट, SO₃²⁻ = सल्फाइट, S²⁻ = सल्फाइड
Quick Facts:
- एल्युमिनियम सल्फेट का उपयोग जल शोधन (फ्लोक्कुलेशन) और मोर्डेंट (रंगाई) में होता है।
किसी व्यक्ति में एसिडिटी _______ के सेवन से ठीक हो सकती है।
- बेकिंग सोडा घोल
- सिरका घोल
- नींबू का रस
- छाछ
Explanation:
- एसिडिटी (अतिरिक्त अम्ल) को बेकिंग सोडा घोल (NaHCO₃) उदासीन कर सकता है, क्योंकि यह एक दुर्बल क्षार है।
- सिरका, नींबू, छाछ (अम्लीय) – एसिडिटी बढ़ाएँगे।
Quick Facts:
- अतिरिक्त अम्लता उदासीनीकरण (क्षार द्वारा) – आमाशय में HCl को निष्क्रिय करना।
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक सोडा-अम्ल अग्निशामक में प्रयुक्त होता है?
- विरंजक चूर्ण
- कैल्शियम क्लोराइड
- सोडियम बाइकार्बोनेट
- सोडियम कार्बोनेट
Explanation:
- सोडा-अम्ल अग्निशामक (soda-acid fire extinguisher) में सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃) और एक अम्ल (H₂SO₄) होता है।
- अभिक्रिया: 2NaHCO₃ + H₂SO₄ → Na₂SO₄ + 2CO₂↑ + 2H₂O – CO₂ गैस आग बुझाती है।
Quick Facts:
- यह अग्निशामक ‘अम्ल-क्षार’ (CO₂) प्रकार का है।
लिटमस विलयन ________ से निकाला जाता है।
- जिरेनियम
- पिटूनिया
- हाइड्रेंजिया
- लाइकेन
Explanation:
- लिटमस (Litmus) लाइकेन (Lichen) नामक सहजीवी (symbiotic) जीव से प्राप्त होता है, जो एक प्राकृतिक pH संकेतक है।
- हाइड्रेंजिया (Hydrangea) का फूल मिट्टी के pH के अनुसार रंग बदलता है – पर यह ‘लिटमस’ नहीं है।
Quick Facts:
- लिटमस को ‘Roccella tinctoria’ लाइकेन से निकाला जाता है।
अपच के दौरान, आमाशय बहुत अधिक अम्ल उत्पन्न करता है, जिसे निम्नलिखित में से किसके द्वारा निष्प्रभावित किया जा सकता है?
- मैग्नीशियम ऑक्साइड (मिल्क ऑफ मैग्नीशिया)
- मैग्नीशियम कार्बोनेट (मिल्क ऑफ मैग्नीशिया)
- मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड (मिल्क ऑफ मैग्नीशिया)
- मैग्नीशियम सल्फेट (मिल्क ऑफ मैग्नीशिया)
Explanation:
- मिल्क ऑफ मैग्नीशिया (Milk of Magnesia) = मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड (Mg(OH)₂) का जलीय निलंबन, जिसका उपयोग प्रतिअम्ल (antacid) के रूप में होता है।
- यह आमाशय के HCl को उदासीन करता है: Mg(OH)₂ + 2HCl → MgCl₂ + 2H₂O
Quick Facts:
- MgO (ऑक्साइड) भी प्रतिअम्ल है, पर ‘मिल्क ऑफ मैग्नीशिया’ विशेष रूप से Mg(OH)₂ है।
- MgSO₄ (एप्सम लवण) – रेचक (laxative) है, प्रतिअम्ल नहीं।
निम्नलिखित में से कौन-सा अम्लों का एक विशिष्ट गुण है?
- ये नीले लिटमस पेपर को लाल कर देते हैं।
- इनमें चिकना स्पर्श होता है।
- इनका pH 7 से अधिक होता है।
- ये लाल लिटमस पेपर को नीला कर देते हैं।
Explanation:
- अम्ल (Acid) का गुण: नीला लिटमस → लाल, खट्टा स्वाद, pH < 7
- क्षार (Base) का गुण: लाल लिटमस → नीला, कड़वा स्वाद, चिकना स्पर्श, pH > 7
टार्टरिक अम्ल ________ का एक घटक है।
- बेकिंग पाउडर
- बेकिंग सोडा
- धावन सोडा
- सिरका
Explanation:
- टार्टरिक अम्ल (Tartaric acid) बेकिंग पाउडर (baking powder) का एक घटक है, जो NaHCO₃ के साथ मिलकर CO₂ गैस मुक्त करता है (खमीर उठाने वाला)।
- बेकिंग सोडा = NaHCO₃ (एकल), धावन सोडा = Na₂CO₃·10H₂O, सिरका = एसिटिक अम्ल
उदासीनीकरण अभिक्रिया के उत्पाद क्या हैं?
- अम्ल और लवण
- क्षार और लवण
- लवण और जल
- अम्ल और क्षार
Explanation:
- उदासीनीकरण (Neutralization): अम्ल + क्षार → लवण + जल
यदि किसी लवण का pH मान 14 है, तो यह _______ का लवण है।
- प्रबल अम्ल और प्रबल क्षार
- दुर्बल अम्ल और दुर्बल क्षार
- दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार
- प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार
Explanation:
- लवण का pH 14 → अत्यंत क्षारीय (प्रबल क्षारीय लवण)
- यह दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षार से बने लवण की विशेषता है (जैसे Na₂CO₃, Na₃PO₄) – ये जल अपघटन (hydrolysis) से OH⁻ आयन देते हैं, जिससे pH > 7 (अत्यधिक 14 के करीब) होता है।
- प्रबल अम्ल + प्रबल क्षार → pH ≈ 7 (उदासीन)
कठोर जल को सामान्य बनाने के लिए निम्नलिखित में से किस सोडियम यौगिक का उपयोग किया जाता है?
- सोडियम क्लोराइड
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- सोडियम कार्बोनेट
- सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
Explanation:
- कठोर जल (स्थायी कठोरता) को सामान्य (soften) करने के लिए सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) का उपयोग होता है, जो Ca²⁺/Mg²⁺ को अवक्षेपित कर देता है।
- Na₂CO₃ + CaCl₂ → CaCO₃↓ + 2NaCl
- NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) कठोरता दूर नहीं करता।
निम्नलिखित में से कौन सा बेकिंग सोडा का उपयोग नहीं है? (i) पीने के जल को जीवाणुओं से मुक्त करने के लिए (ii) सोडा-अम्ल अग्निशामक में (iii) एंटासिड का एक घटक
- केवल ii
- ii तथा iii
- केवल iii
- केवल i
Explanation:
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) के उपयोग:
- (ii) सोडा-अम्ल अग्निशामक – हाँ
- (iii) एंटासिड – हाँ
- (i) पीने के जल को जीवाणुओं से मुक्त करना – नहीं (यह कार्य ब्लीचिंग पाउडर या क्लोरीन का है; NaHCO₃ कीटाणुनाशक नहीं है)।
सोडियम कार्बोनेट का रासायनिक सूत्र _____ है।
- Na₂CO₃
- NaCO₃
- Na₃CO₂
- NaCO₂
Explanation:
- सोडियम कार्बोनेट = Na₂CO₃ (सोडा ऐश)
- Na⁺ आयन (+1) और CO₃²⁻ आयन (-2) का अनुपात 2:1
जब सोडियम सल्फेट विलयन को बेरियम क्लोराइड विलयन में मिलाया जाता है, तो _____ का अवक्षेप बनता है।
- सोडियम क्लोराइड
- बेरियम हाइड्रोजन सल्फेट
- सोडियम हाइड्रोजन सल्फेट
- बेरियम सल्फेट
Explanation:
- अभिक्रिया: Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl
- BaSO₄ (बेरियम सल्फेट) एक सफेद अवक्षेप है, जो जल में अविलेय है – इसका उपयोग सल्फेट आयनों के परीक्षण में होता है।
एक विलयन का pH 8 है। यदि इसे जल के समान आयतन से तनुकृत किया जाता है, तो इसके pH पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- यह उदासीन हो जाएगा
- pH बढ़ जाएगा
- pH घट जाएगा
- pH समान रहेगा
Explanation:
- pH = 8 (दुर्बल क्षारीय) – तनुकरण (dilution) से [OH⁻] कम होगी, इसलिए pH 7 की ओर बढ़ेगा (घटेगा, क्योंकि pH 8 से 7 की ओर जाना ‘कम’ क्षारीयता है, संख्यात्मक रूप से घटता है)।
- तनुकरण: क्षारीय विलयन का pH घटता है (→ 7), अम्लीय विलयन का pH बढ़ता है (→ 7)।
कॉपर सल्फेट के एक अणु में पानी के कितने अणु मौजूद होते हैं?
- 4
- 3
- 6
- 5
Explanation:
- कॉपर सल्फेट का क्रिस्टलीय रूप CuSO₄·5H₂O (पेंटाहाइड्रेट) है – इसमें 5 जल अणु होते हैं।
क्या होता है जब कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड विलयन को वायु में खुला छोड़ दिया जाता है?
- CaCO₃ बनता है।
- O₂ मुक्त होता है।
- CaO बनता है।
- H₂O (गैस) उत्सर्जित होती है।
Explanation:
- चूने का पानी (Ca(OH)₂) वायु (CO₂) के संपर्क में आने पर CaCO₃ (कैल्शियम कार्बोनेट) बनाता है – यह दूधिया (milky) हो जाता है।
- Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃↓ + H₂O
निम्नलिखित में से कौन-सी रासायनिक अभिक्रिया बेकिंग सोडा के निर्माण की प्रक्रिया में सम्मिलित होती है?
- NaHCO₃ + H⁺ → CO₂ + H₂O + अल्का सोडियम नमक
- NaCl + H₂O + CO₂ + NH₃ → NH₄Cl + NaHCO₃
- Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
- 2NaCl (aq) + 2H₂O(l) → 2NaOH (aq) + Cl₂ (g) + H₂ (g)
Explanation:
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) सोल्वे विधि (Solvay process) द्वारा बनाया जाता है:
- NaCl (ब्राइन) + NH₃ + H₂O + CO₂ → NH₄Cl + NaHCO₃↓
- NaHCO₃ अवक्षेपित होता है, फिर गर्म करके Na₂CO₃ बनाया जाता है।
निम्नलिखित में से कौन सा/से दुर्बल अम्ल है/हैं? HCl, CH₃COOH, H₂SO₄, HNO₃, H₂CO₃, H₂SO₃
- CH₃COOH, H₂CO₃
- HCl, CH₃COOH, H₂SO₄
- CH₃COOH, H₂SO₄, HNO₃, H₂CO₃
- H₂SO₄, HNO₃, H₂CO₃
Explanation:
- प्रबल अम्ल (Strong acids): HCl, H₂SO₄, HNO₃ – ये जल में पूर्णतः आयनित होते हैं।
- दुर्बल अम्ल (Weak acids): CH₃COOH (एसिटिक), H₂CO₃ (कार्बोनिक), H₂SO₃ (सल्फ्यूरस) – आंशिक आयनित।
- अतः CH₃COOH, H₂CO₃ – दुर्बल अम्ल (H₂SO₃ भी है, पर विकल्पों में नहीं)।
यौगिक NaHCO₃ का सामान्य नाम क्या है?
- विरंजक चूर्ण
- पाक सोडा
- दाहक सोडा
- धावन सोडा
Explanation:
- NaHCO₃ = पाक सोडा (बेकिंग सोडा)
- विरंजक चूर्ण = CaOCl₂, दाहक सोडा = NaOH, धावन सोडा = Na₂CO₃·10H₂O
टमाटर में _____ उपस्थित है।
- टार्टरिक अम्ल
- ऑक्सैलिक अम्ल
- एसिटिक अम्ल
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- टमाटर (tomato) में ऑक्सैलिक अम्ल (Oxalic acid) होता है (साथ ही साइट्रिक और मैलिक अम्ल भी)।
सक्रियता श्रेणी में नीचे वाली धातुएं, जैसे सोना और चांदी, सामान्यतः प्रकृति में मुक्त अवस्था में पाई जाती हैं, क्योंकि _____।
- ये अम्लों के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करती हैं
- ये ऑक्सीजन और जल के साथ अत्यंत अभिक्रियाशील होती हैं
- इनका गलनांक अत्यधिक निम्न होता है
- ये अत्यधिक अनभिक्रिय होती हैं
Explanation:
- सोना (Au) और चांदी (Ag) अत्यधिक अनभिक्रिय (unreactive) धातुएँ हैं – ये ऑक्सीजन, जल, अम्लों से आसानी से अभिक्रिया नहीं करतीं, इसलिए प्रकृति में ‘मुक्त अवस्था’ (free state) में पाई जाती हैं।
pH में ‘p’ का अर्थ __________ होता है और इसका उपयोग _________________ सांद्रता को मापने के लिए किया जाता है।
- पोटेंशियल (Potential); हाइड्रॉक्साइड आयन
- पोटेंज (Potenz); हाइड्रॉक्साइड आयन
- पोटेंज (Potenz); हाइड्रोजन आयन
- पोटेंशियल (Potential); हाइड्रोजन आयन
Explanation:
- pH में ‘p’ जर्मन शब्द ‘Potenz’ (शक्ति/पावर) से आया है, और ‘H’ हाइड्रोजन आयन (H⁺) को दर्शाता है।
- pH = -log[H⁺] – यह हाइड्रोजन आयन सांद्रता को मापता है।
- कुछ स्रोत ‘पोटेंशियल’ (Potential) भी कहते हैं, पर ‘पोटेंज’ अधिक सटीक है (सोरेन्सन ने 1909 में यह शब्द गढ़ा था)।
पांच विलयनों A, B, C, D और E का जब सार्वभौमिक सूचक के साथ परीक्षण किया गया, तो pH क्रमशः 4, 1, 11, 7 और 9 दिखा। pH के बढ़ते क्रम में इन विलयनों के लिए H⁺ आयन सांद्रता है:
- C < D < E < A < B
- C < D < E < B < A
- C < E < D < A < B
- D < C < E < A < B
Explanation:
- pH = -log[H⁺] ⇒ [H⁺] ∝ 1/pH (जितना कम pH, उतना अधिक [H⁺])
- pH क्रम: B(1) < A(4) < D(7) < E(9) < C(11)
- [H⁺] का बढ़ता क्रम (न्यूनतम से अधिकतम): C < E < D < A < B (क्योंकि pH जितना अधिक, [H⁺] उतना कम)
चूना, क्लोरीन के साथ अभिक्रिया करके क्या बनाता है?
- बेकिंग सोडा
- प्लास्टर ऑफ पेरिस
- बेकिंग पाउडर
- ब्लीचिंग पाउडर
Explanation:
- चूना (स्लेक्ड लाइम, Ca(OH)₂) + क्लोरीन (Cl₂) → ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂)
- Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
पेलाग्रा किसकी कमी से होता है?
- एस्कॉर्बिक एसिड
- नियासिन
- राइबोफ्लेविन
- फोलिक एसिड
Explanation:
- पेलाग्रा (Pellagra) रोग नियासिन (विटामिन B₃, Nicotinic acid) की कमी से होता है।
- लक्षण: डर्मेटाइटिस, दस्त, डिमेंशिया (3 D’s)।
बाबू ने एक परखनली में तनु नाइट्रिक अम्ल की कुछ मात्रा ली और लगभग 10 मिनट के लिए परखनली को 70°C पर गर्म किया। नाइट्रिक अम्ल के pH पर इसका क्या प्रभाव पड़ा?
- यह घट जाता है।
- यह बढ़ जाता है।
- यह पहले बढ़ता है फिर घटता है।
- यह नियत रहता है।
Explanation:
- गर्म करने पर (70°C), नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) का आयनीकरण बढ़ता है (H⁺ आयन अधिक मुक्त होते हैं), जिससे [H⁺] बढ़ती है और pH घटता है (अम्लीयता बढ़ती है)।
- तापमान बढ़ने से अम्ल की आयनीकरण की मात्रा बढ़ सकती है (पर प्रबल अम्लों के लिए तापमान प्रभाव कम होता है, पर सामान्यतः pH घटता है)।
मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया का रासायनिक नाम क्या है?
- अमोनियम हाइड्रॉक्साइड
- मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड
- कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
Explanation:
- मिल्क ऑफ मैग्नीशिया = मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड (Mg(OH)₂)
निम्नलिखित में से कौन सा अम्ल-क्षारक सूचक नहीं है?
- मेथिल ऑरेंज
- स्टार्च पेपर
- लिटमस
- फीनॉलफ्थेलिन
Explanation:
- स्टार्च पेपर (Starch paper) – यह अम्ल-क्षार सूचक नहीं है; यह आयोडीन (I₂) की पहचान के लिए उपयोग होता है (आयोडीन/स्टार्च परीक्षण) – यह अम्ल/क्षार पर रंग नहीं बदलता।
- मिथाइल ऑरेंज, लिटमस, फिनोल्फथेलिन – सभी अम्ल-क्षार सूचक हैं।
प्रतिअम्ल के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
- Mg(OH)₂ एक प्रतिअम्ल है।
- NaHCO₃ एक प्रतिअम्ल है।
- प्रतिअम्ल आमाशय के अतिरिक्त अम्ल को निष्क्रिय करने में उपयोगी होते हैं।
- प्रतिअम्ल प्रबल अम्ल होते हैं।
Explanation:
- प्रतिअम्ल (Antacids) दुर्बल क्षार (weak bases) होते हैं (जैसे Mg(OH)₂, NaHCO₃, Al(OH)₃) – ये प्रबल अम्ल नहीं होते।
- प्रतिअम्ल आमाशय के HCl को उदासीन करते हैं, अम्लता को कम करते हैं।
नीचे दी गई अभिक्रिया में उत्पाद की पहचान कीजिए।
- एथेनॉइक अम्ल (Ethanoic acid)
- प्रोपेनैल (Propanal)
- एथैनल (Ethanal)
- प्रोपेनोन (Propanone)
Explanation:
- इथेनॉल (C₂H₅OH) के ऑक्सीकरण (K₂Cr₂O₇/H₂SO₄ या KMnO₄) से एथेनॉइक अम्ल (CH₃COOH) बनता है।
- एथेनॉइक अम्ल ही एसिटिक अम्ल है (सिरका का मुख्य घटक)।
अधात्विक ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के माने जाते हैं। जब कोई अधात्विक ऑक्साइड किसी प्रबल क्षार के साथ अभिक्रिया करता है, तो बनने वाले लवण का लगभग pH मान क्या होता है?
- अम्लीय
- क्षारीय
- उभयधर्मी
- उदासीन
Explanation:
- अधातु ऑक्साइड (जैसे CO₂, SO₂) अम्लीय होते हैं – प्रबल क्षार (NaOH) के साथ अभिक्रिया करके क्षारीय लवण (जैसे Na₂CO₃, Na₂SO₃) बनाते हैं, जिनका pH > 7 (क्षारीय) होता है।
- उदाहरण: CO₂ + 2NaOH → Na₂CO₃ + H₂O (Na₂CO₃ का pH ≈ 11, क्षारीय)
ग्लेशियल एसिटिक अम्ल ___________ है।
- पानी से मुक्त 100% एसिटिक अम्ल
- ठोसीय एसिटिक अम्ल
- फ्रोजेन एसिटिक अम्ल
- गैसीय एसिटिक अम्ल
Explanation:
- ग्लेशियल एसिटिक अम्ल (Glacial acetic acid) = 100% शुद्ध (निर्जल) एसिटिक अम्ल (CH₃COOH), जो 16.6°C पर जम जाता है (हिमनद/ग्लेशियर जैसा)।
- सामान्य एसिटिक अम्ल (सिरका) में 5-8% अम्ल + जल होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा अभिकारक A के स्थान पर आएगा और उदासीनीकरण अभिक्रिया देगा? Ca(OH)₂ + A → CaCl₂ + H₂O
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- नाइट्रिक अम्ल
- सल्फ्यूरिक अम्ल
- एसीटिक अम्ल
Explanation:
- उत्पाद CaCl₂ (कैल्शियम क्लोराइड) है – इसका अर्थ है कि अभिकारक A में Cl⁻ होना चाहिए।
- उदासीनीकरण: Ca(OH)₂ + 2HCl → CaCl₂ + 2H₂O
- अतः A = हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl)
एक धातु ऑक्साइड और एक अम्ल के बीच सामान्य अभिक्रिया निम्नानुसार लिखी जा सकती है:
- धातु ऑक्साइड + अम्ल ⇨ लवण + पानी
- धातु ऑक्साइड + अम्ल ⇨ लवण + अवक्षेप
- धातु ऑक्साइड + अम्ल ⇨ पानी + गैस
- धातु ऑक्साइड + अम्ल ⇨ लवण + गैस
Explanation:
- धातु ऑक्साइड (Metal oxide) मूल (basic) प्रकृति के होते हैं, इसलिए ये अम्ल (acid) के साथ अभिक्रिया करके लवण (salt) और पानी (water) बनाते हैं।
- सामान्य अभिक्रिया: MO + 2HCl → MCl₂ + H₂O (जहाँ M = धातु)
- यह एक उदासीनीकरण (neutralization) अभिक्रिया है, क्योंकि अम्ल + क्षार (धातु ऑक्साइड) → लवण + जल
Quick Facts:
- उदाहरण: CuO (कॉपर ऑक्साइड) + H₂SO₄ (सल्फ्यूरिक अम्ल) → CuSO₄ (कॉपर सल्फेट) + H₂O
- धातु ऑक्साइड को ‘क्षार’ (base) भी कहा जाता है, क्योंकि ये अम्लों को उदासीन करते हैं।
पेरिस प्लास्टर को ______ को गर्म करके तैयार किया जाता है।
- 273 K पर चूना पत्थर
- 373 K पर चूना पत्थर
- 273 K पर जिप्सम
- 373 K पर जिप्सम
Explanation:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (Plaster of Paris, POP) जिप्सम (Gypsum, CaSO₄·2H₂O) को लगभग 373 K (100°C) पर गर्म करके बनाया जाता है।
- इस प्रक्रिया में जिप्सम अपना क्रिस्टलीय जल (water of crystallization) का 3/4 भाग खो देता है।
- CaSO₄·2H₂O → CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O (373 K पर)
Quick Facts:
- POP का रासायनिक सूत्र: CaSO₄·½H₂O (कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट)
- जिप्सम को 373 K से अधिक गर्म करने पर निर्जल कैल्शियम सल्फेट (dead burnt plaster) बनता है, जो जल के साथ नहीं जमता।
दिए गए विकल्पों में से निम्नलिखित कथन के लिए सही विकल्प का प्रयोग करके रिक्त स्थान भरिए। ________ को गर्म करने पर, प्लास्टर ऑफ पेरिस प्राप्त किया जाता है।
- कार्बोनिक अम्ल
- बेकिंग सोडा
- जिप्सम
- कैल्शियम कार्बोनेट
Explanation:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) बनाने के लिए जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) को गर्म किया जाता है।
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃), कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO₃), कार्बोनिक अम्ल (H₂CO₃) – इनसे POP नहीं बनता।
Quick Facts:
- जिप्सम एक खनिज है, जिसका उपयोग प्लास्टर, सीमेंट, उर्वरक आदि में होता है।
- POP पानी में मिलाने पर फिर से जिप्सम (कठोर) बन जाता है, इसीलिए इसका उपयोग फ्रैक्चर (हड्डी टूटने) पर प्लास्टर के रूप में किया जाता है।
जब CO₂, कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड के साथ अभिक्रिया करती है, तो कैल्शियम कार्बोनेट और जल देती है। इस अभिक्रिया में CO₂ का कौन-सा गुण दिखाई देता है?
- क्षारीय गुण
- अम्लीय गुण
- ऑक्सीकारक गुण
- उदासीन गुण
Explanation:
- CO₂ एक अम्लीय ऑक्साइड (acidic oxide) है, क्योंकि यह क्षार (Base) के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल बनाता है।
- अभिक्रिया: Ca(OH)₂ (क्षार) + CO₂ (अम्लीय ऑक्साइड) → CaCO₃ (लवण) + H₂O
- यह उदासीनीकरण (neutralization) का एक उदाहरण है, जहाँ CO₂ अम्ल की तरह व्यवहार करता है।
Quick Facts:
- CO₂ + H₂O → H₂CO₃ (कार्बोनिक अम्ल) – यह भी CO₂ की अम्लीय प्रकृति दर्शाता है।
- चूने के पानी (Ca(OH)₂) से CO₂ गैस प्रवाहित करने पर यह दूधिया (milky) हो जाता है (CaCO₃ अवक्षेप) – यह CO₂ की पहचान के लिए उपयोग किया जाता है।
जल में विलेय किए जाने पर निम्न में से कौन सा अम्ल कम H⁺ आयन प्रदान करता है?
- HNO₃
- CH₃COOH
- H₂SO₄
- HCl
Explanation:
- CH₃COOH (एसिटिक अम्ल) एक दुर्बल अम्ल (weak acid) है, जो जल में आंशिक रूप से आयनित (ionise) होता है, इसलिए यह कम H⁺ आयन देता है।
- HCl, H₂SO₄, HNO₃ – ये सभी प्रबल अम्ल (strong acids) हैं, जो जल में पूर्णतः आयनित होते हैं, इसलिए अधिक H⁺ आयन देते हैं।
Quick Facts:
- प्रबल अम्ल: HCl, H₂SO₄, HNO₃ (pH ≈ 0-1)
- दुर्बल अम्ल: CH₃COOH (एसिटिक अम्ल), H₂CO₃ (कार्बोनिक अम्ल), H₃PO₄ (फॉस्फोरिक अम्ल)
एक दूधवाला बेकिंग सोडा की एक छोटी मात्रा ताजे दूध में किसलिए जोड़ता है?
- दूध के स्वाद को बेहतर बनाने के लिए
- दूध में क्रीम बढ़ाने के लिए
- दूध के अम्लीकरण को रोकने के लिए
- दूध के घनेपन में सुधार करने के लिए
Explanation:
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) एक क्षार (base) है, जो दूध में उत्पन्न होने वाले अम्ल (जो दूध को फटने (curdle) का कारण बनता है) को उदासीन (neutralize) करता है।
- इससे दूध के अम्लीकरण (acidification) में देरी होती है, और यह अधिक समय तक ताजा (अजमा हुआ) रहता है।
- ध्यान दें: यह कई देशों में अवैध/अनैतिक माना जाता है क्योंकि यह दूध की गुणवत्ता को छुपाता है।
Quick Facts:
- दूध का pH ≈ 6.5-6.7 (थोड़ा अम्लीय), जब यह अम्लीय होता है (pH ↓), तो प्रोटीन (केसीन) जम जाता है।
- बेकिंग सोडा (क्षार) मिलाने से pH बढ़ता है (अम्लीयता घटती है), जिससे दूध जमने से बचता है।
जब क्षार को अम्ल में मिलाया जाता है तब, जल और लवण बनते हैं। इस अभिक्रिया को _____ कहा जाता है।
- उदासीनीकरण
- हाइड्रोऑक्सोनियम आयनों का निर्माण
- उत्क्रमणीय अभिक्रियाएँ
- बहुलकीकरण
Explanation:
- अम्ल (Acid) और क्षार (Base) के बीच अभिक्रिया को ‘उदासीनीकरण’ (Neutralization) कहते हैं, जिसमें लवण (Salt) और जल (Water) बनते हैं।
- सामान्य समीकरण: अम्ल + क्षार → लवण + जल
- उदाहरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O
Quick Facts:
- यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी (exothermic) होती है (ऊष्मा निकलती है)।
- इस प्रक्रिया में H⁺ (अम्ल से) + OH⁻ (क्षार से) → H₂O (जल) बनता है।
अपच के उपचार के लिए निम्नलिखित में से किस प्रकार की दवा का उपयोग किया जाता है?
- पीड़ाहारी
- प्रतिअम्ल
- पूतिरोधी
- प्रतिजैविक
Explanation:
- अपच (indigestion) या अम्लपित्त (acidity) के कारण आमाशय में अतिरिक्त HCl उत्पन्न हो जाता है।
- प्रतिअम्ल (Antacids) – ये दुर्बल क्षार (जैसे Mg(OH)₂, Al(OH)₃) होते हैं, जो अतिरिक्त अम्ल को उदासीन कर देते हैं, जिससे राहत मिलती है।
- पीड़ाहारी (Analgesic) – दर्द निवारक, पूतिरोधी (Antiseptic) – जीवाणु रोधी, प्रतिजैविक (Antibiotic) – बैक्टीरिया के विरुद्ध – ये अपच के लिए नहीं हैं।
Quick Facts:
- सामान्य प्रतिअम्ल: मिल्क ऑफ मैग्नीशिया (Mg(OH)₂), एल्युमीनियम हाइड्रॉक्साइड (Al(OH)₃), सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃)
- प्रतिअम्ल दवाएँ क्षारीय होती हैं, इसलिए ये अम्ल को उदासीन करती हैं।
_____ का उपयोग प्राण संकेतक के रूप में किया जा सकता है।
- इमली
- आमला
- फिटकिरी
- वेनिला
Explanation:
- प्राण संकेतक (Olfactory indicators) – वे पदार्थ जो अम्ल या क्षार के संपर्क में आने पर अपनी गंध (smell) बदलते हैं।
- वेनिला (Vanilla) एक प्राण संकेतक है – इसकी गंध क्षारीय माध्यम में नष्ट हो जाती है (या बदल जाती है), जबकि अम्लीय माध्यम में बनी रहती है।
- इमली, आमला – अम्ल स्रोत, फिटकिरी – लवण (सूचक नहीं)।
Quick Facts:
- अन्य प्राण संकेतक: प्याज (onion), लौंग (clove) – इनकी गंध क्षारों में बदल जाती है या समाप्त हो जाती है।
- दृश्य संकेतक (visual indicators) – लिटमस, फीनॉलफ्थेलिन, मिथाइल ऑरेंज – रंग बदलते हैं।
शीतल पेय में ______ होता है:
- ऑक्सैलिक एसिड
- टारटरिक एसिड
- कार्बोनिक एसिड
- साइट्रिक एसिड
Explanation:
- शीतल पेय (soft drinks) में कार्बोनिक अम्ल (Carbonic acid, H₂CO₃) होता है, जो CO₂ गैस को पानी में घोलने से बनता है (CO₂ + H₂O ⇌ H₂CO₃)।
- यह अम्ल शीतल पेय को ‘फ़िज़’ (carbonation) और खट्टा स्वाद देता है।
- साइट्रिक अम्ल (नींबू), टारटरिक अम्ल (इमली) – प्राकृतिक अम्ल हैं, पर शीतल पेय में मुख्य रूप से कार्बोनिक अम्ल होता है (और कभी-कभी फॉस्फोरिक अम्ल भी मिलाया जाता है)।
Quick Facts:
- कार्बोनिक अम्ल एक दुर्बल अम्ल (weak acid) है, जो अस्थिर (unstable) है और आसानी से CO₂ और H₂O में विघटित हो जाता है (यही कारण है कि शीतल पेय में बुलबुले होते हैं)।
बासी मक्खन में दुर्गंध, _____ की वजह से आती है।
- ब्यूटिरिक अम्ल
- पामिटिक अम्ल
- स्टीयरिक अम्ल
- कैप्रोइक अम्ल
Explanation:
- बासी (rancid) मक्खन की दुर्गंध (bad smell) ब्यूटिरिक अम्ल (Butyric acid) के कारण होती है, जो वसा (triglycerides) के हाइड्रोलिसिस (hydrolysis) या ऑक्सीकरण (oxidation) से बनता है।
- ब्यूटिरिक अम्ल (C₃H₇COOH) एक अल्प-श्रृंखला वसीय अम्ल (short-chain fatty acid) है, जिसमें अप्रिय गंध होती है (जैसे बासी मक्खन, पसीना, उल्टी)।
- पामिटिक और स्टीयरिक अम्ल संतृप्त वसीय अम्ल (लंबी श्रृंखला) हैं, इनमें तीव्र गंध नहीं होती।
Quick Facts:
- ब्यूटिरिक अम्ल का रासायनिक सूत्र: CH₃CH₂CH₂COOH
- इसका उपयोग खाद्य स्वाद बढ़ाने (फलों की गंध) और प्लास्टिक उद्योग में होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा, जल में घुलने पर अम्ल और क्षार दोनों का एक उभयनिष्ठ लक्षण है?
- दोनों धातु कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड उत्पन्न करते हैं।
- दोनों जिंक जैसी धातुओं के साथ अभिक्रिया करने पर हाइड्रोजन गैस मुक्त करते हैं।
- दोनों नीले लिटमस को लाल कर देते हैं।
- दोनों ही आयन उत्पन्न करते हैं जो जलीय विलयन में विद्युत का चालन करते हैं।
Explanation:
- अम्ल (जल में) → H⁺ आयन, क्षार (जल में) → OH⁻ आयन (या अन्य आयन) – दोनों ही आयनों (ions) में वियोजित (dissociate) होते हैं, जो जलीय विलयन को विद्युत चालक (electrically conducting) बनाते हैं।
- यह अम्ल-क्षार का एक प्रमुख गुण है – आयनिक विलयन (electrolytes) होते हैं।
- अन्य विकल्प गलत हैं – केवल अम्ल (धातु के साथ H₂ देता है, धातु कार्बोनेट के साथ CO₂ देता है, नीले लिटमस को लाल करता है) – ये विशेषताएँ अम्ल की हैं, क्षार की नहीं।
Quick Facts:
- विद्युत चालन के लिए आयनों (मुक्त आवेशित कण) की उपस्थिति आवश्यक है – अम्ल (H⁺) और क्षार (OH⁻) दोनों यह प्रदान करते हैं।
हमारे शरीर का pH मान किस परास में रहता है?
- 8 से 8.7
- 7 से 7.8
- 6 से 7
- 7.8 से 8.0
Explanation:
- मानव शरीर (रक्त) का pH मान 7.35 – 7.45 (लगभग 7.4) होता है, जो सामान्यतः 7 से 7.8 के परास (range) में आता है (विकल्प B निकटतम है)।
- यह थोड़ा क्षारीय (slightly alkaline) होता है, जिसे होमियोस्टेसिस (homeostasis) द्वारा बनाए रखा जाता है।
- pH 7.35 से कम (एसिडोसिस) या 7.45 से अधिक (अल्कलोसिस) स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
Quick Facts:
- आमाशय का pH ≈ 1.5-3.5 (प्रबल अम्लीय, HCl के कारण)
- मानव रक्त का pH = 7.4 (थोड़ा क्षारीय)
- मूत्र का pH ≈ 6.0 (अम्लीय)
निम्नलिखित में से कौन-सा अम्ल-क्षार सूचक, अम्लीय माध्यम में रंगहीन और क्षारीय माध्यम में गुलाबी होता है?
- मेथिल ऑरेंज (Methyl orange)
- लिटमस (Litmus)
- फीनॉलफ्थेलिन (Phenolphthalein)
- ब्रोमोथाइमॉल ब्लू (Bromothymol blue)
Explanation:
- फीनॉलफ्थेलिन (Phenolphthalein) – एक सिंथेटिक सूचक (indicator) है, जो अम्लीय माध्यम (pH < 8) में रंगहीन (colourless) और क्षारीय माध्यम (pH > 10) में गुलाबी (pink) होता है।
- मेथिल ऑरेंज: अम्ल में लाल, क्षार में पीला
- लिटमस: अम्ल में लाल, क्षार में नीला
- ब्रोमोथाइमॉल ब्लू: अम्ल में पीला, क्षार में नीला
Quick Facts:
- फीनॉलफ्थेलिन का pH परास (range) = 8.2 – 10 (रंग परिवर्तन)।
- इसका उपयोग अम्ल-क्षार अनुमापन (titration) में किया जाता है।
यदि अम्ल वर्षा के पानी की एक बूंद नीले लिटमस पेपर पर डाली जाए तो क्या होगा?
- नीला लिटमस पेपर काला हो जाएगा।
- लिटमस पेपर का रंग नहीं बदलता।
- नीला लिटमस पेपर पीला हो जाएगा।
- नीला लिटमस पेपर लाल हो जाएगा।
Explanation:
- अम्ल वर्षा (Acid rain) का पानी अम्लीय होता है (pH < 5.6, H₂SO₄ और HNO₃ के कारण)।
- नीला लिटमस (Blue litmus) अम्ल के संपर्क में आने पर लाल (red) हो जाता है (यह अम्ल का गुण है)।
- लाल लिटमस क्षार के संपर्क में नीला हो जाता है।
Quick Facts:
- लिटमस (Litmus) – एक प्राकृतिक सूचक है, जो लाइकेन (lichen) से प्राप्त होता है।
- अम्ल → नीला लिटमस लाल; क्षार → लाल लिटमस नीला
______ क्षारक पानी में घुलने पर कम OH⁻ आयन देता है।
- NH₄OH
- Ba(OH)₂
- NaOH
- Ca(OH)₂
Explanation:
- NH₄OH (अमोनियम हाइड्रॉक्साइड) – एक दुर्बल क्षार (weak base) है, जो जल में आंशिक रूप से आयनित होता है, इसलिए यह कम OH⁻ आयन देता है।
- NaOH, Ba(OH)₂, Ca(OH)₂ – प्रबल क्षार (strong bases) हैं, पूर्णतः आयनित होते हैं, इसलिए अधिक OH⁻ आयन देते हैं।
Quick Facts:
- प्रबल क्षार: NaOH (कास्टिक सोडा), KOH (पोटाश), Ba(OH)₂, Ca(OH)₂ (चूना)
- दुर्बल क्षार: NH₄OH, Mg(OH)₂, Al(OH)₃
जलीय विलयन में क्षार के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- ये धातुओं के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करते हैं।
- इनका स्वाद खट्टा होता है।
- ये नीले लिटमस को लाल कर देते हैं।
- ये जल में OH⁻ आयन उत्पन्न करते हैं।
Explanation:
- क्षार (Base) जल में घुलकर OH⁻ आयन (हाइड्रॉक्साइड आयन) उत्पन्न करता है, जो उनका मूल गुण है (अरहेनियस सिद्धांत)।
- अम्ल H⁺ आयन, क्षार OH⁻ आयन – देते हैं।
- क्षार का स्वाद कड़वा (bitter) होता है (खट्टा – अम्ल), नीले लिटमस को लाल करना – अम्ल का गुण, धातुओं के साथ H₂ – अम्ल (क्षार के साथ धातु आमतौर पर H₂ नहीं देती, except amphoteric metals like Al, Zn with strong base)।
Quick Facts:
- क्षार (Alkali) – जल में घुलनशील क्षार (जैसे NaOH, KOH) – OH⁻ आयन देते हैं।
- जल में अघुलनशील क्षार (जैसे Cu(OH)₂) – OH⁻ नहीं देते (अत: इन्हें ‘क्षार’ नहीं, बल्कि ‘अघुलनशील क्षार’ कहते हैं)।
एक लवण का उदाहरण दें जो 7 से कम pH का एक जलीय विलयन देता है।
- अमोनियम क्लोराइड
- सोडियम कार्बोनेट
- सोडियम बाइकार्बोनेट
- सोडियम क्लोराइड
Explanation:
- अमोनियम क्लोराइड (NH₄Cl) – यह दुर्बल क्षार (NH₄OH) और प्रबल अम्ल (HCl) का लवण है, इसलिए इसका जलीय विलयन अम्लीय (pH < 7) होता है (हाइड्रोलिसिस के कारण)।
- Na₂CO₃ (सोडियम कार्बोनेट) – प्रबल क्षार + दुर्बल अम्ल → pH > 7 (क्षारीय)
- NaCl – प्रबल अम्ल + प्रबल क्षार → pH = 7 (उदासीन)
- NaHCO₃ – प्रबल क्षार + दुर्बल अम्ल → pH > 7 (थोड़ा क्षारीय)
Quick Facts:
- लवणों के जल-अपघटन (salt hydrolysis) के कारण pH भिन्न होता है।
- NH₄Cl विलयन pH ≈ 5.5 (अम्लीय)।
निम्नलिखित में से कौन-सा क्षार नहीं है?
- Ba(OH)₂
- NH₄OH
- Cu(OH)₂
- LiOH
Explanation:
- Cu(OH)₂ (कॉपर हाइड्रॉक्साइड) – यह जल में अघुलनशील (insoluble) है, इसलिए इसे ‘क्षार’ (alkali) नहीं कहते; यह एक ‘अघुलनशील क्षार’ (insoluble base) है, पर प्रश्न में ‘क्षार’ शब्द का अर्थ जल-विलेय (soluble) क्षार है।
- क्षार (Alkali) – जल में घुलनशील क्षार (जैसे NaOH, KOH, Ba(OH)₂, NH₄OH, LiOH) – ये सभी OH⁻ आयन जल में देते हैं।
- Cu(OH)₂ – एक अघुलनशील क्षार (base) है, पर ‘क्षार’ (alkali) नहीं।
Quick Facts:
- जल में घुलनशील क्षार: NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड), KOH, Ca(OH)₂ (आंशिक), NH₄OH
- अघुलनशील क्षार: Cu(OH)₂, Fe(OH)₃, Mg(OH)₂
मिथाइल ऑरेंज ______ होता है।
- अम्लीय माध्यम में पीला, क्षारीय माध्यम में गुलाबी
- अम्लीय माध्यम में रंगहीन, क्षारीय माध्यम में गुलाबी
- अम्लीय माध्यम में गुलाबी, क्षारीय माध्यम में रंगहीन
- अम्लीय माध्यम में लाल, क्षारीय माध्यम में पीला
Explanation:
- मिथाइल ऑरेंज (Methyl orange) – एक सिंथेटिक सूचक है, जो अम्लीय माध्यम (pH < 3.1) में लाल (red) और क्षारीय माध्यम (pH > 4.4) में पीला (yellow) होता है।
- pH 3.1-4.4 के बीच इसका रंग नारंगी (मध्यवर्ती) होता है।
Quick Facts:
- मिथाइल ऑरेंज का pH परास (range) = 3.1 – 4.4
- इसका उपयोग प्रबल अम्ल-दुर्बल क्षार अनुमापन (titration) में होता है।
सामान्य नमक का उपयोग मसाला और खाद्य परिरक्षक के रूप में करने के अलावा ______ बनाने के लिए कच्चे माल के रूप में भी किया जा सकता है।
- बेकिंग सोडा
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- सभी विकल्प
- विरंजक चूर्ण
Explanation:
- सामान्य नमक (NaCl) – एक महत्वपूर्ण कच्चा माल है, जिसका उपयोग निम्नलिखित के निर्माण में होता है:
- NaOH (कास्टिक सोडा) – क्लोर-क्षार प्रक्रिया (electrolysis of brine) द्वारा
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) – सोलवे प्रक्रिया (NaCl + NH₃ + CO₂ + H₂O) द्वारा
- ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) – NaCl (या Cl₂) से, पर मुख्य रूप से NaCl से नहीं (क्लोरीन से), लेकिन नमक कच्चा माल है।
Quick Facts:
- NaCl समुद्री जल, नमक की खानों (rock salt) से प्राप्त होता है।
- इसे ‘सेंधा नमक’ (rock salt) भी कहते हैं (अशुद्ध रूप)।
धातु अम्ल अभिक्रिया में निम्नलिखित में से कौन सी गैस उत्पन्न होती है?
- कोई गैस उत्पन्न नहीं होती है
- अम्ल पर निर्भर करता है
- ऑक्सीजन
- हाइड्रोजन
Explanation:
- धातु + अम्ल → लवण + हाइड्रोजन (H₂) गैस
- उदाहरण: Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂↑
- यह एक विस्थापन अभिक्रिया है, जहाँ धातु अम्ल में H को विस्थापित करती है।
Quick Facts:
- सभी धातुएँ अम्ल के साथ H₂ गैस नहीं देतीं – केवल सक्रिय धातुएँ (जैसे Zn, Fe, Mg, Al) – Cu, Ag, Au जैसी अक्रिय धातुएँ H₂ नहीं देतीं।
- H₂ गैस की पहचान: पॉप ध्वनि (जलती हुई माचिस की तीली से)।
निम्नलिखित में से किसके कारण से शीतल पेय में अतिरिक्त फ़िज़ (गैस) आता है?
- कार्बन डाइऑक्साइड
- सिट्रिक अम्ल
- एसिटिक अम्ल
- फॉस्फोरिक अम्ल
Explanation:
- शीतल पेय में कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) गैस को दबाव में घोला जाता है, जो बोतल खोलने पर बुलबुले (फ़िज़) के रूप में बाहर निकलती है।
- CO₂ जल में घुलकर कार्बोनिक अम्ल (H₂CO₃) बनाती है, जो पेय को खट्टा और फ़िज़ी बनाता है।
Quick Facts:
- CO₂ की घुलनशीलता दबाव बढ़ने पर बढ़ती है (हेनरी का नियम) – इसलिए शीतल पेय को दबाव वाली बोतलों में भरा जाता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से कौन सा विकल्प कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड का सही रासायनिक सूत्र दर्शाता है?
- Ca(OH)₂
- Mg(OH)₂
- KOH
- NaOH
Explanation:
- कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (Calcium hydroxide) – Ca(OH)₂, जिसे ‘चूना’ (Lime) या ‘बुझा हुआ चूना’ (Slaked lime) भी कहते हैं।
- Ca का संयोजकता (valency) = +2, OH⁻ (हाइड्रॉक्साइड आयन) की संयोजकता = -1, अतः सूत्र = Ca(OH)₂
- Mg(OH)₂ – मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड, KOH – पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड, NaOH – सोडियम हाइड्रॉक्साइड
Quick Facts:
- Ca(OH)₂ का उपयोग: चूने का पानी (lime water), सीमेंट निर्माण, जल उपचार, अम्ल उदासीनीकरण, पेंट्स में।
- यह एक प्रबल क्षार है, पर जल में आंशिक रूप से घुलनशील (sparingly soluble) है।
अमोनियम सल्फेट का रासायनिक सूत्र क्या है?
- (NH₄)₃SO₄
- NH₄(SO₄)
- (NH₄)₂SO₄
- NH₄(SO₂)₃
Explanation:
- अमोनियम सल्फेट (Ammonium sulfate) – (NH₄)₂SO₄
- NH₄⁺ (अमोनियम आयन) की संयोजकता = +1, SO₄²⁻ (सल्फेट आयन) की संयोजकता = -2
- सूत्र: 2 NH₄⁺ + SO₄²⁻ → (NH₄)₂SO₄
Quick Facts:
- अमोनियम सल्फेट एक नाइट्रोजन युक्त उर्वरक (fertilizer) है (21% N)।
- यह जल में विलेय (soluble) होता है, विद्युत अपघट्य (electrolyte) है।
बेकिंग सोडा के निर्माण के लिए किन यौगिकों की आवश्यकता होती है?
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड और जल
- जल और सोडियम कार्बोनेट
- जल और ब्लीचिंग पाउडर
- सामान्य लवण, कार्बन डाइऑक्साइड और अमोनिया
Explanation:
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) सोलवे प्रक्रिया (Solvay process) द्वारा बनाया जाता है, जिसमें NaCl (सामान्य नमक), NH₃ (अमोनिया), CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) और H₂O का उपयोग होता है।
- NaCl + NH₃ + CO₂ + H₂O → NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) + NH₄Cl
Quick Facts:
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) = सोडियम बाइकार्बोनेट – एक हल्का क्षारीय लवण।
- इसका उपयोग खाना पकाने, अग्निशामक, दवा (प्रतिअम्ल) में होता है।
निम्नलिखित में से किसमें एसिटिक अम्ल पाया जाता है?
- संतरा
- नींबू
- सिरका
- इमली
Explanation:
- एसिटिक अम्ल (Acetic acid, CH₃COOH) सिरके (vinegar) में पाया जाता है (सिरका में लगभग 5-8% एसिटिक अम्ल होता है)।
- संतरा/नींबू – साइट्रिक अम्ल (Citric acid)
- इमली – टारटरिक अम्ल (Tartaric acid)
Quick Facts:
- एसिटिक अम्ल को ‘एथेनोइक अम्ल’ (Ethanoic acid) भी कहते हैं।
- शुद्ध (निर्जल) एसिटिक अम्ल को ‘ग्लेशियल एसिटिक अम्ल’ (Glacial acetic acid) कहते हैं, क्योंकि यह 16.6°C पर जम जाता है (बर्फ की तरह)।
एनोडाइजिंग (Anodising) प्रक्रम में किस अम्ल का उपयोग किया जाता है?
- तनु एसिटिक अम्ल
- तनु नाइट्रिक अम्ल
- तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- तनु सल्फ्यूरिक अम्ल
Explanation:
- एनोडाइजिंग (Anodising) – एल्यूमीनियम (Al) की सतह पर ऑक्साइड परत (Al₂O₃) बनाने की प्रक्रिया है, जो इसे संक्षारण (corrosion) से बचाती है।
- इस प्रक्रिया में तनु सल्फ्यूरिक अम्ल (dilute H₂SO₄) या कभी-कभी ऑक्सैलिक अम्ल का उपयोग किया जाता है, जो एनोड (Al) के ऑक्सीकरण में सहायक होता है।
Quick Facts:
- एनोडाइजिंग में Al को एनोड (anode) बनाया जाता है, और H₂SO₄ विद्युत अपघट्य (electrolyte) के रूप में कार्य करता है।
- Al₂O₃ परत एल्यूमीनियम को आगे ऑक्सीकरण (रैपिंग) से बचाती है।
जब नींबू के रस की कुछ बूँदें शुद्ध जल में मिलाई जाती हैं, तो उसके pH पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- pH बढ़ जाता है
- pH समान रहता है
- pH उदासीन हो जाता है
- pH घट जाता है
Explanation:
- नींबू का रस अम्लीय (acidic) होता है (साइट्रिक अम्ल, pH ≈ 2-3), इसलिए इसे शुद्ध जल (pH = 7) में मिलाने पर विलयन अम्लीय हो जाता है, और pH घट जाता है (pH 7 से कम हो जाता है)।
- pH स्केल: pH < 7 = अम्लीय, pH = 7 = उदासीन, pH > 7 = क्षारीय
Quick Facts:
- नींबू का pH ≈ 2.2, संतरे का pH ≈ 3.5
- pH घटने का अर्थ है H⁺ आयन सांद्रता बढ़ना।
घरों में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाला बेकिंग सोडा, अपने रासायनिक नाम ______ से भी जाना जाता है।
- मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड
- सोडियम बाइकार्बोनेट
- कैल्शियम कार्बोनेट
- सोडियम कार्बोनेट
Explanation:
- बेकिंग सोडा (Baking soda) = सोडियम बाइकार्बोनेट (Sodium bicarbonate) – रासायनिक सूत्र NaHCO₃
- सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) = धावन सोडा (Washing soda) (क्रिस्टलीय रूप Na₂CO₃·10H₂O)
- मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड = Mg(OH)₂ (प्रतिअम्ल), कैल्शियम कार्बोनेट = CaCO₃ (चूना पत्थर/संगमरमर)
Quick Facts:
- बेकिंग सोडा का pH ≈ 8.3 (हल्का क्षारीय)
- गर्म करने पर: 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂ (इसी गुण के कारण इसे खाना पकाने में फूलाने (leavening) के लिए उपयोग किया जाता है)
आमाशय की दीवार में उपस्थित जठर ग्रंथियाँ किसका स्राव नहीं करती हैं?
- लार
- पेप्सिन
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- श्लेष्मा
Explanation:
- आमाशय (Stomach) की दीवार में जठर ग्रंथियाँ (Gastric glands) पेप्सिन (एंजाइम), HCl (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल), और श्लेष्मा (Mucus) का स्राव करती हैं।
- लार (Saliva) का स्राव लार ग्रंथियाँ (Salivary glands) करती हैं, जो मुंह में स्थित हैं – यह आमाशय (gastric) ग्रंथियों द्वारा नहीं किया जाता।
Quick Facts:
- लार में एंजाइम ‘एमाइलेस’ (Amylase) होता है, जो स्टार्च (carbohydrate) को पचाता है।
- HCl आमाशय में pH ≈ 1.5-2 बनाए रखता है, जो पेप्सिन को सक्रिय करता है और बैक्टीरिया को मारता है।
धावन सोडा की प्रकृति कैसी है?
- हल्का अम्लीय
- क्षारीय
- उदासीन
- उभयधर्मी
Explanation:
- धावन सोडा (Washing soda) = Na₂CO₃·10H₂O (सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट) – यह एक क्षारीय (basic) लवण है, क्योंकि यह प्रबल क्षार (NaOH) और दुर्बल अम्ल (H₂CO₃) से बना है, इसलिए इसका जलीय विलयन pH > 7 (क्षारीय) होता है।
- इसका उपयोग कपड़े धोने (ग्रीस हटाने), कांच उद्योग, जल मृदुकरण (water softening) में होता है।
Quick Facts:
- धावन सोडा का pH ≈ 11 (प्रबल क्षारीय)
- यह कठोर जल (hard water) में Ca²⁺/Mg²⁺ आयनों को अवक्षेपित (precipitate) करके जल को मृदु (soft) बनाता है।
निम्नलिखित में से किसका उपयोग सामान्यतः पेयजल के उपचार के लिए किया जाता है?
- अम्ल उदासीनीकरण
- क्लोरीनीकरण
- फ्लोराइडीकरण
- तेल निष्कंदन
Explanation:
- पेयजल (drinking water) के उपचार (disinfection) के लिए सबसे सामान्य विधि क्लोरीनीकरण (Chlorination) है, जिसमें Cl₂ (क्लोरीन) या ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) मिलाकर जल को कीटाणु-मुक्त (germ-free) किया जाता है।
- फ्लोराइडीकरण (Fluoridation) – दाँतों के क्षय (decay) को रोकने के लिए (F⁻ आयन मिलाना), पर यह कीटाणुशोधन के लिए नहीं है।
Quick Facts:
- क्लोरीनीकरण से हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस मर जाते हैं (यह एक मजबूत ऑक्सीकारक है)।
- ओज़ोन (O₃) और UV (पराबैंगनी) भी जल उपचार के विकल्प हैं।
प्राकृतिक अम्ल-क्षारक सूचकों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- लाल लिटमस अम्लों में नीला हो जाता है।
- हल्दी क्षारीय विलयन में लाल हो जाती है।
- मेथिल ऑरेंज हल्दी से निकाला गया एक प्राकृतिक सूचक है।
- गुड़हल (हिबिस्कस) का अर्क, क्षारों में हरा हो जाता है।
Explanation:
- हल्दी (Turmeric) – एक प्राकृतिक सूचक है, जो क्षारीय विलयन (base) में लाल (red) या लाल-भूरा (reddish-brown) हो जाती है, जबकि अम्लीय विलयन में पीली (yellow) बनी रहती है।
- लाल लिटमस: अम्ल में लाल ही रहता है (नीला नहीं होता – गलत)।
- मेथिल ऑरेंज – सिंथेटिक सूचक है, प्राकृतिक नहीं (हल्दी से नहीं बनता)।
- गुड़हल (Hibiscus) – अम्ल में गुलाबी/लाल, क्षार में हरा/पीला हो जाता है (विपरीत?) – वास्तव में, यह क्षारों में गहरा हरा या नीला हो सकता है, पर सटीक रंग पर निर्भर करता है – पर विकल्प B सटीक है।
Quick Facts:
- प्राकृतिक सूचक: लिटमस (लाइकेन से), हल्दी, लाल पत्तागोभी, गुड़हल (हिबिस्कस), गुलाब की पंखुड़ियाँ, आदि।
- हल्दी अम्ल में पीली, क्षार में लाल – इसका उपयोग घर पर क्षार की पहचान के लिए किया जा सकता है (जैसे साबुन के विलयन में लाल हो जाती है)।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, उदासीनीकरण अभिक्रिया को सर्वोत्तम रूप से वर्णन करता है?
- अम्ल + क्षार → लवण + जल
- क्षार + ऑक्साइड → लवण + जल
- अम्ल + धातु → लवण + हाइड्रोजन
- अम्ल + लवण → जल
Explanation:
- उदासीनीकरण (Neutralization) – वह अभिक्रिया है जिसमें अम्ल (Acid) और क्षार (Base) परस्पर अभिक्रिया करके लवण (Salt) और जल (Water) बनाते हैं।
- HCl + NaOH → NaCl + H₂O
- अन्य अभिक्रियाएँ: अम्ल + धातु → लवण + H₂ (विस्थापन), क्षार + ऑक्साइड → लवण + जल (यह उदासीनीकरण का एक रूप है, पर मानक परिभाषा अम्ल + क्षार है)।
Quick Facts:
- उदासीनीकरण अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी (exothermic) होती है (तापमान बढ़ता है)।
- इसका उपयोग अम्ल/क्षार स्पिल (spills) को उदासीन करने, प्रतिअम्ल दवाओं, मृदा के pH को सुधारने (चूना डालना) में होता है।
मधुमक्खी के डंक से दर्द और जलन क्यों होती है?
- डंक कार्बन डाइऑक्साइड गैस छोड़ता है
- डंक एक हल्का चीनी का विलयन इंजेक्ट करता है
- डंक मेथेनोइक अम्ल इंजेक्ट करता है
- डंक में एक प्रबल क्षारक होता है
Explanation:
- मधुमक्खी (Bee) के डंक में मेथेनोइक अम्ल (Formic acid, HCOOH) – एक अम्ल होता है, जो त्वचा में जलन (burning) और दर्द (pain) का कारण बनता है।
- इसका उपचार: क्षारीय पदार्थ (जैसे बेकिंग सोडा) लगाकर अम्ल को उदासीन किया जाता है।
- बिछुआ (Nettle) की पत्ती में भी मेथेनोइक अम्ल होता है।
Quick Facts:
- ततैया (Wasp) के डंक में क्षार (alkaline) होता है, इसलिए उसके उपचार के लिए अम्ल (जैसे सिरका) लगाया जाता है।
- मेथेनोइक अम्ल = फॉर्मिक अम्ल (Formic acid) – सबसे सरल कार्बोक्सिलिक अम्ल (HCOOH)।
निम्नलिखित में से कौन-सा हल्का गैर-संक्षारक क्षारीय लवण जलीय सोडियम क्लोराइड विलयन की अमोनिया और कार्बन डाइऑक्साइड के साथ अभिक्रिया द्वारा तैयार किया जाता है?
- बेकिंग सोडा
- वाशिंग सोडा
- बेकिंग पाउडर
- ब्लीचिंग पाउडर
Explanation:
- यह बेकिंग सोडा (NaHCO₃) के निर्माण की विधि है – सोलवे प्रक्रिया (Solvay process) – जिसमें NaCl (जलीय), NH₃ और CO₂ अभिक्रिया करके NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) बनाते हैं।
- यह एक हल्का क्षारीय (mildly basic) और गैर-संक्षारक (non-corrosive) लवण है।
Quick Facts:
- वाशिंग सोडा (Na₂CO₃·10H₂O) – बेकिंग सोडा को गर्म करके बनता है (2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂)
- ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) – क्लोरीन को चूने (Ca(OH)₂) से अभिक्रिया करके बनता है।
वह पदार्थ जो डॉक्टर भग्न हड्डियों को सही स्थिति में सहारा देने के लिए प्लास्टर के रूप में उपयोग करते हैं:
- Na₂CO₃·10H₂O
- CaSO₄·1/2H₂O
- CuSO₄·5H₂O
- CaSO₄·2H₂O
Explanation:
- भग्न हड्डियों (fractured bones) के लिए उपयोग होने वाला प्लास्टर – प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) – CaSO₄·½H₂O (कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट) – जो जल के साथ मिलाने पर जमकर (set) कठोर जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) में बदल जाता है।
- Na₂CO₃·10H₂O = धावन सोडा, CuSO₄·5H₂O = नीला थोथा (blue vitriol), CaSO₄·2H₂O = जिप्सम
Quick Facts:
- POP + H₂O → CaSO₄·2H₂O (जमने/कठोर होने की प्रक्रिया – ऊष्माक्षेपी)
- इसका उपयोग मूर्तियाँ, छत की सजावट (false ceiling) आदि में भी होता है।
क्या होगा जब किसी अम्ल या क्षार को जल में मिलाया जाए? (i) प्रति इकाई आयतन में आयनों की सांद्रता में वृद्धि। (ii) प्रति इकाई आयतन में आयनों की सांद्रता में कमी। (iii) विलयन तनु हो जाएगा। (iv) विलयन अधिक सांद्रित हो जाएगा।
- केवल (i) और (iv)
- केवल (ii)
- केवल (i)
- केवल (ii) और (iii)
Explanation:
- अम्ल/क्षार को जल में मिलाने पर (तनुकरण, dilution) – विलयन तनु (dilute) हो जाता है (iii) – आयतन बढ़ता है, इसलिए प्रति इकाई आयतन में आयनों की सांद्रता घटती है (ii) – (यदि मोलों की संख्या स्थिर रहे, पर आयतन बढ़े)।
- (i) और (iv) – सांद्रता बढ़ना और अधिक सांद्रित होना – तब होता है जब विलायक (जल) हटाया जाए या विलेय मिलाया जाए (यहाँ जल मिलाने पर उल्टा होता है)।
Quick Facts:
- तनुकरण (Dilution): विलेय (solute) की मात्रा स्थिर, विलायक (solvent) बढ़ाना → सांद्रता (concentration) घटती है।
- अम्ल को जल में मिलाते समय हमेशा अम्ल को जल में (acid to water) मिलाएँ, जल को अम्ल में नहीं (सुरक्षा कारण – तीव्र ऊष्मा उत्पादन)।
एक द्वितीय विलयन लाल लिटमस विलयन को नीला कर देता है। निम्न में से किसकी अतिरिक्त वृद्धि इस परिवर्तन को उलट देगी?
- अमोनियम हाइड्रॉक्साइड विलयन
- चूना
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- बेकिंग पाउडर
Explanation:
- लाल लिटमस को नीला करने वाला विलयन = क्षारीय (basic) है (लाल लिटमस → नीला, क्षार में)।
- इस परिवर्तन को उलटने (नीला → लाल) के लिए अम्ल (जैसे HCl) मिलाना होगा, क्योंकि अम्ल नीले लिटमस को लाल कर देता है।
- अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (NH₄OH) – क्षार, चूना (Ca(OH)₂) – क्षार, बेकिंग पाउडर – क्षारीय (NaHCO₃ + अम्ल) – ये सभी नीला रंग बनाए रखेंगे (या और क्षारीय करेंगे)।
Quick Facts:
- लिटमस परीक्षण: अम्ल – नीला → लाल; क्षार – लाल → नीला
- इसलिए, क्षारीय विलयन को अम्ल मिलाकर उदासीन/अम्लीय किया जा सकता है।
_____________ वाशिंग सोडा का रासायनिक नाम है।
- सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट
- सोडियम कार्बोनेट पेंटाहाइड्रेट
- सोडियम कार्बोनेट ट्राइहाइड्रेट
- सोडियम कार्बोनेट टेट्राहाइड्रेट
Explanation:
- वाशिंग सोडा (धावन सोडा) = सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट (Sodium carbonate decahydrate) – Na₂CO₃·10H₂O
- ‘डेका’ (deca) = 10, इसलिए इसमें 10 जल के अणु (water of crystallization) होते हैं।
- अन्य: पेंटा (5), ट्राई (3), टेट्रा (4) – सही नहीं हैं।
Quick Facts:
- वाशिंग सोडा को जल में घोलने पर यह क्षारीय विलयन देता है (pH ≈ 11)।
- इसका उपयोग कपड़े धोने, कांच निर्माण, जल मृदुकरण (softening) में होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा अम्ल का अभिलक्षण नहीं है?
- वे नीले लिटमस को लाल कर देते हैं।
- उनका स्वाद खट्टा होता है।
- वे पानी में OH⁻ आयन छोड़ते हैं।
- वे क्षार के साथ प्रतिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं।
Explanation:
- अम्ल (Acid) के गुण: (i) नीला लिटमस → लाल, (ii) स्वाद खट्टा (sour), (iii) क्षार के साथ → लवण + जल (उदासीनीकरण)।
- OH⁻ आयन छोड़ना – यह क्षार (Base) का गुण है, अम्ल का नहीं (अम्ल H⁺ आयन छोड़ते हैं)।
Quick Facts:
- अम्ल (Arrhenius): जल में H⁺ आयन देता है।
- क्षार: जल में OH⁻ आयन देता है।
जीवाश्म ईंधन के जलने पर निकलने वाले कार्बन, नाइट्रोजन और सल्फर के ऑक्साइड ______ होते हैं।
- अम्लीय ऑक्साइड
- तटस्थ ऑक्साइड
- उभयधर्मी ऑक्साइड
- मूल ऑक्साइड
Explanation:
- जीवाश्म ईंधन (fossil fuels – coal, petroleum) में C, N, S होते हैं, जो जलने पर CO₂, NO₂, SO₂ जैसे ऑक्साइड बनाते हैं।
- ये सभी ऑक्साइड अम्लीय (acidic) हैं, क्योंकि ये जल के साथ अम्ल बनाते हैं (जैसे CO₂ + H₂O → H₂CO₃, SO₂ + H₂O → H₂SO₃) – यही अम्ल वर्षा (acid rain) का कारण है।
Quick Facts:
- अम्लीय ऑक्साइड: गैर-धातु ऑक्साइड (CO₂, SO₂, NO₂) – जल में अम्ल बनाते हैं।
- मूल ऑक्साइड: धातु ऑक्साइड (Na₂O, CaO) – जल में क्षार बनाते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक फेरस सल्फेट को गर्म करने पर नहीं बनता है?
- सल्फ्यूरिक अम्ल
- सल्फर डाइऑक्साइड
- फेरिक ऑक्साइड
- सल्फर ट्राइऑक्साइड
Explanation:
- फेरस सल्फेट (FeSO₄·7H₂O) को गर्म करने पर: 2FeSO₄ → Fe₂O₃ + SO₂ + SO₃ (ऊपर) – फेरिक ऑक्साइड (Fe₂O₃), SO₂, SO₃ बनते हैं।
- H₂SO₄ (सल्फ्यूरिक अम्ल) – इस अभिक्रिया में नहीं बनता (SO₃ + H₂O से बन सकता है, पर यहाँ जल नहीं है – FeSO₄ में क्रिस्टलीय जल है, पर वह पहले निकल जाता है, पर H₂SO₄ मुख्य उत्पाद नहीं है)।
Quick Facts:
- FeSO₄ को गर्म करने पर हरे क्रिस्टल (हरा थोथा) → सफेद → फिर भूरा (Fe₂O₃) – SO₂ (दुर्गंध) निकलती है।
- यह एक विघटन अभिक्रिया (decomposition reaction) है।
निम्नलिखित में से कौन सा विलयन विद्युत का चालन नहीं करता है?
- ऐल्कोहॉल और अम्ल
- ग्लूकोज और क्षार
- अम्ल और क्षार
- ऐल्कोहॉल और ग्लूकोज
Explanation:
- ऐल्कोहॉल (Alcohol) और ग्लूकोज (Glucose) – ये अ-विद्युत अपघट्य (non-electrolytes) हैं – ये जल में आयन (ions) में नहीं टूटते, इसलिए विद्युत का चालन नहीं करते।
- अम्ल और क्षार – आयन (H⁺/OH⁻) देते हैं → विद्युत चालक (electrolytes)।
- अतः सही युग्म: ऐल्कोहॉल + ग्लूकोज (विद्युत चालन नहीं करते)।
Quick Facts:
- विद्युत चालकता के लिए आयनों (मुक्त आवेश) की उपस्थिति आवश्यक है।
- ऐल्कोहॉल और ग्लूकोज – सहसंयोजक (covalent) यौगिक, जल में आयनित नहीं होते।
निम्नलिखित में से किस अम्ल को वाणिज्यिक रूप से एसिटिक अम्ल के रूप में जाना जाता है?
- एथेनोइक अम्ल
- ब्यूटेनोइक अम्ल
- मेथेनोइक अम्ल
- प्रोपेनोइक अम्ल
Explanation:
- एसिटिक अम्ल (Acetic acid) का IUPAC नाम एथेनोइक अम्ल (Ethanoic acid) है – CH₃COOH
- मेथेनोइक अम्ल = फॉर्मिक अम्ल (HCOOH), प्रोपेनोइक = प्रोपियोनिक अम्ल, ब्यूटेनोइक = ब्यूटिरिक अम्ल
Quick Facts:
- एसिटिक अम्ल सिरके (vinegar) में पाया जाता है (5-8% सांद्रता)।
- शुद्ध (निर्जल) एसिटिक अम्ल – ‘ग्लेशियल एसिटिक अम्ल’ (जमने पर बर्फ जैसा दिखता है)।
निम्नलिखित में से कौन सा अम्ल मुख्य रूप से सिरके में पाया जाता है?
- ऑक्सैलिक अम्ल
- एसिटिक अम्ल
- साइट्रिक अम्ल
- लैक्टिक अम्ल
Explanation:
- सिरका (Vinegar) में मुख्यतः एसिटिक अम्ल (Acetic acid, CH₃COOH) होता है (लगभग 5-8%)।
- ऑक्सैलिक अम्ल – पालक/टमाटर, साइट्रिक अम्ल – नींबू/संतरा, लैक्टिक अम्ल – दूध/दही (खट्टा दूध)।
Quick Facts:
- सिरका खाना पकाने, परिरक्षण (preservation), सफाई (cleaning) में उपयोग होता है।
- यह एसिटिक अम्ल का तनु (dilute) विलयन है।
धावन सोडा (washing soda) का रासायनिक गुणधर्म क्या है?
- यह क्षारीय प्रकृति का होता है।
- यह अम्लीय प्रकृति का होता है।
- यह उदासीन होता है।
- यह उभयधर्मी प्रकृति का होता है।
Explanation:
- धावन सोडा (Na₂CO₃·10H₂O) – प्रबल क्षार (NaOH) और दुर्बल अम्ल (H₂CO₃) का लवण है – इसका जलीय विलयन क्षारीय (basic/pH > 7) होता है (हाइड्रोलिसिस के कारण)।
- यह क्षारीय गुण प्रदर्शित करता है (ग्रीस हटाना, अम्ल उदासीनीकरण)।
Quick Facts:
- धावन सोडा का pH ≈ 11 (प्रबल क्षारीय)
- उपयोग: कपड़े धोना, जल मृदुकरण, कांच उद्योग, साबुन बनाना।
निम्नलिखित का मिलान कीजिए:
- i – c, ii – a, iii – b
- i – a, ii – c, iii – b
- i – a, ii – b, iii – c
- i – c, ii – b, iii – a
Explanation:
- प्रश्न में मिलान (matching) के लिए सूचियाँ नहीं दी गई हैं, इसलिए सटीक स्पष्टीकरण संभव नहीं है।
- हालाँकि, विकल्पों के अनुसार, सही मिलान i → c, ii → a, iii → b है (जैसा कि हाइलाइट किए गए विकल्प में दिखाया गया है)।
- सामान्यतः यह अम्ल/क्षार/लवण या उनके स्रोतों/उपयोगों का मिलान हो सकता है।
Quick Facts:
- मिलान प्रश्नों में, संबंधित युग्मों (जैसे अम्ल – स्रोत, लवण – सूत्र) को सही ढंग से जोड़ना होता है।
वह अम्ल और क्षार कौन से हैं जो सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट बनाते हैं?
- HCl और NaCl
- HCl और NaOH
- H₂CO₃ और Na₂CO₃
- H₂CO₃ और NaOH
Explanation:
- सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट = NaHCO₃ (बेकिंग सोडा)
- यह क्षार (NaOH) और दुर्बल अम्ल (H₂CO₃ – कार्बोनिक अम्ल) के आंशिक उदासीनीकरण से बनता है: NaOH + H₂CO₃ → NaHCO₃ + H₂O
- अन्य: HCl + NaOH → NaCl (सामान्य नमक), HCl और NaCl – कोई अभिक्रिया नहीं (दोनों लवण/अम्ल नहीं), H₂CO₃ + Na₂CO₃ → NaHCO₃ (पर यह अम्ल-क्षार अभिक्रिया नहीं है, बल्कि लवण-अम्ल अभिक्रिया है, पर मूल रूप से NaOH + H₂CO₃ सही है)।
Quick Facts:
- सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃) – एक अम्लीय लवण (acidic salt) है, जो दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार से बना है।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए और सही उत्तर की पहचान कीजिए। कथन-I: बेकिंग सोडा का रासायनिक सूत्र NaHCO₃ है। कथन-II: इसका उपयोग सोडा-अम्ल अग्निशामक यंत्र में किया जाता है।
- कथन-I सत्य है, और कथन-II असत्य है।
- कथन-II सत्य है, और कथन-I असत्य है।
- दोनों कथन असत्य हैं।
- दोनों कथन सत्य हैं।
Explanation:
- कथन-I: बेकिंग सोडा (Baking soda) = सोडियम बाइकार्बोनेट (Sodium bicarbonate) – NaHCO₃ – सत्य।
- कथन-II: सोडा-अम्ल अग्निशामक (soda-acid fire extinguisher) में NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) और H₂SO₄ (या HCl) का उपयोग होता है – अभिक्रिया से CO₂ गैस निकलती है, जो आग बुझाने में सहायक होती है – सत्य।
Quick Facts:
- सोडा-अम्ल अग्निशामक: NaHCO₃ + H₂SO₄ → Na₂SO₄ + H₂O + CO₂↑ (CO₂ ऑक्सीजन को विस्थापित करता है और आग बुझाता है)।
- NaHCO₃ का उपयोग बेकिंग पाउडर, दवा (प्रतिअम्ल), अग्निशामक में होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है? a) मेथेनोइक अम्ल बिछुआ पौधे की पत्तियों द्वारा स्रावित होता है। b) एसिटिक अम्ल सिरके में पाया जाता है। c) जब मुंह का pH 5.5 से कम हो जाता है तो दांतों में सड़न शुरू हो जाती है। d) मुंह में मौजूद बैक्टीरिया मुंह में मौजूद बचे हुए भोजन कणों के विघटन से क्षार का उत्पादन करते हैं।
- a
- b
- c
- d
Explanation:
- a: बिछुआ (nettle) में मेथेनोइक अम्ल (Formic acid) होता है – सत्य।
- b: सिरका में एसिटिक अम्ल – सत्य।
- c: दाँतों की सड़न (tooth decay) तब शुरू होती है जब मुँह का pH < 5.5 (अम्लीय) होता है – सत्य (एनेमल (enamel) घुलना शुरू होता है)।
- d: मुँह में बैक्टीरिया भोजन कणों (चीनी) को तोड़कर अम्ल (लैक्टिक अम्ल) उत्पन्न करते हैं, क्षार नहीं – इसलिए गलत है।
Quick Facts:
- दाँतों के एनेमल (Ca₅(PO₄)₃OH) का क्षरण (demineralization) pH < 5.5 पर होता है।
- टूथपेस्ट (क्षारीय) का उपयोग मुँह के अम्ल को उदासीन करने के लिए किया जाता है।
विलयन A का pH 6 है, विलयन B का pH 8 है और विलयन C का pH 2 है, कौन सा विलयन सबसे अधिक हाइड्रोजन आयन सांद्रता वाला है?
- B
- A
- C
- किसी में हाइड्रोजन आयन नहीं है
Explanation:
- pH = -log[H⁺] – इसलिए, pH जितना कम होगा, [H⁺] (हाइड्रोजन आयन सांद्रता) उतनी ही अधिक होगी।
- विलयन C का pH = 2 (सबसे कम) – इसलिए इसमें सबसे अधिक H⁺ आयन होंगे।
- pH 6 → [H⁺] = 10⁻⁶ M, pH 8 → 10⁻⁸ M, pH 2 → 10⁻² M (सबसे अधिक)।
Quick Facts:
- pH स्केल लघुगणकीय (logarithmic) है – pH 2 का विलयन, pH 6 की तुलना में 10,000 गुना अधिक अम्लीय (H⁺ सांद्रता) होता है।
एथेनॉल द्वारा कौन-सा गुणधर्म प्रदर्शित किया जाता है?
- यह क्षारकीय प्रकृति का होता है
- यह कठोर जल के साथ मिलकर पृष्ठमल बनाता है
- यह कक्ष तापमान पर ठोस होता है
- इसकी गंध मीठी होती है और यह वाष्पशील होता है
Explanation:
- एथेनॉल (Ethanol, C₂H₅OH) – एक ऐल्कोहॉल है – इसकी मीठी गंध (sweet smell) होती है और यह वाष्पशील (volatile) होता है (कमरे के तापमान पर द्रव, आसानी से वाष्पित हो जाता है)।
- यह न तो क्षार है (पर यह उभयधर्मी (amphoteric) है – बहुत दुर्बल अम्ल/क्षार), कठोर जल से पृष्ठमल (scum) नहीं बनाता (साबुन बनाता है), कमरे के तापमान पर द्रव है (ठोस नहीं)।
Quick Facts:
- एथेनॉल का उपयोग: पेय पदार्थ, विलायक (solvent), ईंधन (ethanol blended petrol), कीटाणुनाशक (sanitizer) में।
- यह पानी में पूर्णतः घुलनशील (miscible) है।
संपर्क प्रक्रिया (Contact Process) का उपयोग निम्नलिखित में से किस रसायन के निर्माण के लिए किया जाता है?
- अमोनिया
- नाइट्रिक अम्ल
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- सल्फ्यूरिक अम्ल
Explanation:
- संपर्क प्रक्रिया (Contact Process) – इसका उपयोग सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) के निर्माण के लिए किया जाता है।
- इसमें SO₂ को V₂O₅ (उत्प्रेरक) की उपस्थिति में O₂ के साथ ऑक्सीकृत करके SO₃ बनाया जाता है, फिर SO₃ + H₂O → H₂SO₄
- अमोनिया – हैबर प्रक्रिया (Haber process), नाइट्रिक अम्ल – ओस्टवाल्ड प्रक्रिया (Ostwald process), HCl – संश्लेषण (direct combination) या मैनहाइम प्रक्रिया।
Quick Facts:
- संपर्क प्रक्रिया: 2SO₂ + O₂ ⇌ 2SO₃ (V₂O₅ उत्प्रेरक, 450°C, 2 atm)
- H₂SO₄ – ‘रसायनों का राजा’ (King of chemicals) कहा जाता है – व्यापक उपयोग (उर्वरक, बैटरी, डिटर्जेंट, रिफाइनिंग आदि)।
धावन सोडा के एक अणु में जल के कितने अणु मौजूद होते हैं?
- 8
- 5
- 7
- 10
Explanation:
- धावन सोडा (Washing soda) – Na₂CO₃·10H₂O – इसमें 10 जल के अणु (water of crystallization) होते हैं, इसलिए इसे ‘डेकाहाइड्रेट’ (decahydrate) कहते हैं।
Quick Facts:
- यह क्रिस्टलीय (crystalline) ठोस होता है, जो खुली हवा में जल खोकर सफेद पाउडर (Na₂CO₃) में बदल जाता है (अपघटन – efflorescence)।
बेकिंग पाउडर ____________ का मिश्रण है।
- बेकिंग सोडा + प्रबल क्षार
- बेकिंग सोडा + हल्का खाद्य अम्ल
- बेकिंग सोडा + प्रबल अम्ल
- बेकिंग सोडा + दुर्बल क्षार
Explanation:
- बेकिंग पाउडर (Baking powder) = बेकिंग सोडा (NaHCO₃) + हल्का खाद्य अम्ल (जैसे टारटरिक अम्ल – tartaric acid) – एक अम्लीय लवण (acid salt) भी हो सकता है।
- जब यह नमी (moisture) के संपर्क में आता है, तो अम्ल, बेकिंग सोडा के साथ अभिक्रिया करके CO₂ गैस उत्पन्न करता है, जो आटे (dough) को फूलाता (leavening) है।
- प्रबल अम्ल (जैसे HCl) – बहुत तीव्र अभिक्रिया, खाद्य के लिए उपयुक्त नहीं; क्षार – CO₂ नहीं देता।
Quick Facts:
- बेकिंग पाउडर में ‘दोहरी क्रिया’ (double-acting) – नमी पर और गर्म करने पर CO₂ देता है।
- बेकिंग सोडा अकेले (बिना अम्ल के) भी गर्म करने पर CO₂ देता है, पर बेकिंग पाउडर अधिक प्रभावी है (अम्ल अभिक्रिया के कारण)।
निम्नलिखित में से कौन सा सोडियम हाइड्रॉक्साइड का उपयोग नहीं है?
- धातुओं को ग्रीस से मुक्त करना
- कागज बनाना
- डिटर्जेंट बनाना
- मिठाई बनाना
Explanation:
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) – उपयोग: (i) धातुओं को ग्रीस/तेल से मुक्त करना (cleaning/degreasing), (ii) कागज उद्योग (pulp & paper), (iii) डिटर्जेंट (साबुन/डिटर्जेंट) के निर्माण में।
- मिठाई बनाना – इसमें NaOH का उपयोग नहीं होता (यह अत्यंत संक्षारक/caustic है, खाद्य के लिए सुरक्षित नहीं; बेकिंग सोडा (NaHCO₃) का उपयोग खाना पकाने में होता है)।
Quick Facts:
- NaOH को ‘कास्टिक सोडा’ (Caustic soda) भी कहते हैं – यह अत्यंत क्षारीय और संक्षारक होता है।
- उपयोग: साबुन, कागज, एल्युमीनियम (बॉक्साइट शोधन), पेट्रोलियम शोधन, जल उपचार।
जब अम्ल को जल में घोला जाता है, तो क्या होता है?
- यह लवण का निर्माण करता है।
- यह अपने अम्लीय गुणों का त्याग कर देता है।
- यह H⁺ आयन मुक्त करता है।
- यह OH⁻ आयन मुक्त करता है।
Explanation:
- अरहेनियस सिद्धांत (Arrhenius theory) के अनुसार, अम्ल जल में H⁺ आयन (हाइड्रोजन आयन) मुक्त करता है, जो इसके अम्लीय गुणों के लिए उत्तरदायी हैं।
- OH⁻ आयन – क्षार मुक्त करते हैं।
- लवण का निर्माण – अम्ल + क्षार (उदासीनीकरण) में होता है, केवल जल में घोलने पर नहीं।
Quick Facts:
- जल में HCl → H⁺ + Cl⁻ (H⁺ वास्तव में H₃O⁺ (हाइड्रोनियम आयन) के रूप में होता है)।
- H⁺ आयन ही अम्लीय स्वाद, लिटमस परिवर्तन, विद्युत चालकता आदि का कारण हैं।
निम्न में से गलत जोड़ी चुनें।
- मानव रक्त का pH – 7.4
- कास्टिक सोडा का pH – 5.0
- नींबू का रस का pH – 2.2
- सिरका का pH – 2.8
Explanation:
- कास्टिक सोडा (NaOH) – एक प्रबल क्षार (strong base) है, इसका pH ≈ 14 (या 13-14) होता है, न कि 5.0 (जो अम्लीय है) – इसलिए यह गलत जोड़ी है।
- मानव रक्त का pH = 7.4 (थोड़ा क्षारीय) – सही
- नींबू का रस = 2.2 (अम्लीय) – सही
- सिरका = 2.8 (अम्लीय) – सही
Quick Facts:
- pH स्केल: 0 (प्रबल अम्ल) – 7 (उदासीन) – 14 (प्रबल क्षार)
- NaOH (1M) का pH ≈ 14, HCl (1M) का pH ≈ 0
इनमें से कौन घ्राण संबंधी संकेतक है?
- फीनॉलफ्थेलिन
- शेवल-पत्र
- लाल पत्तागोभी का रस
- वेनिला
Explanation:
- घ्राण संकेतक (Olfactory indicator) – वे पदार्थ जिनकी गंध (smell) अम्ल/क्षार के संपर्क में बदल जाती है।
- वेनिला (Vanilla) – एक प्राकृतिक घ्राण संकेतक है – इसकी गंध क्षारीय माध्यम में समाप्त हो जाती है (या कम हो जाती है)।
- फीनॉलफ्थेलिन – दृश्य संकेतक (रंग परिवर्तन), शेवल-पत्र (litmus) – दृश्य, लाल पत्तागोभी का रस – प्राकृतिक दृश्य सूचक (रंग बदलता है)।
Quick Facts:
- अन्य घ्राण संकेतक: प्याज (onion), लौंग (clove) – इनकी गंध क्षारों में नष्ट हो जाती है।
- वेनिला की गंध वैनिलिन (vanillin) यौगिक के कारण होती है, जो क्षार में प्रतिक्रिया करके गंध खो देता है।
संयुग्मित अपकर्षी बेंज़ोकेन के निर्माण के लिए फिनोल को किस अम्ल के साथ ऑक्सीकृत किया जाता है?
- कार्बोक्सिलिक अम्ल
- क्रोमेटिक अम्ल
- बेंज़ोइक अम्ल
- सल्फ्यूरिक अम्ल
Explanation:
- बेंज़ोकेन (benzocaine) एक स्थानीय संवेदनाहारी (local anesthetic) है, जिसे ‘संयुग्मित अपकर्षी’ (conjugated reducing) बेंज़ोकेन के निर्माण में फिनोल का ऑक्सीकरण क्रोमेटिक अम्ल (chromic acid, H₂CrO₄) द्वारा किया जाता है।
- क्रोमेटिक अम्ल एक प्रबल ऑक्सीकारक है, जो फिनोल को ऑक्सीकृत करके संबंधित क्विनोन (quinone) या अन्य मध्यवर्ती उत्पाद बनाता है।
Quick Facts:
- क्रोमेटिक अम्ल = H₂CrO₄ (क्रोमियम ट्राइऑक्साइड + जल)
- फिनोल (C₆H₅OH) का ऑक्सीकरण बेंज़ोकेन संश्लेषण में एक प्रमुख चरण है।
निम्नलिखित में से किस यौगिक का जल में विलीन करने पर pH मान सबसे अधिक होगा?
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- सिरका विलयन
- नींबू का रस
- हाइड्रोजन क्लोराइड गैस
Explanation:
- pH पैमाना 0-14 होता है; pH > 7 क्षारीय (basic), pH = 7 उदासीन, pH < 7 अम्लीय (acidic)।
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) एक प्रबल क्षार (strong base) है, जो जल में पूर्णतः आयनित होकर OH⁻ आयन देता है, इसलिए इसका pH सबसे अधिक (≈ 13-14) होगा।
- सिरका (एसिटिक अम्ल), नींबू का रस (साइट्रिक अम्ल), HCl गैस (जल में → हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) – ये सभी अम्लीय हैं, pH < 7।
Quick Facts:
- NaOH → Na⁺ + OH⁻ (प्रबल क्षार)
- pH = 14 (NaOH के सान्द्र विलयन के लिए)
ब्लीचिंग पाउडर बनाने के लिए किन अभिकारकों का उपयोग किया जाता है?
- क्लोरीन और जल
- चूना और सल्फ्यूरिक अम्ल
- क्लोरीन गैस और शुष्क कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड
- कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
Explanation:
- ब्लीचिंग पाउडर (Bleaching powder, CaOCl₂) का निर्माण शुष्क बुझे चूने (स्लेक्ड लाइम, Ca(OH)₂) पर क्लोरीन गैस (Cl₂) की क्रिया द्वारा होता है।
- अभिक्रिया: Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
Quick Facts:
- ब्लीचिंग पाउडर = कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड (CaOCl₂)
- इसका उपयोग जल कीटाणुशोधन, विरंजन (bleaching) में होता है।
कौन सा अम्ल सामान्यतः एसिटिक अम्ल कहलाता है और कार्बोक्सिलिक अम्ल नामक समूह से संबंधित है?
- फॉर्मिक एसिड
- एथेनोइक एसिड
- ब्यूटेनिक एसिड
- प्रोपेनोइक एसिड
Explanation:
- एसिटिक अम्ल (Acetic acid) का IUPAC नाम एथेनोइक अम्ल (Ethanoic acid) है, जिसका सूत्र CH₃COOH है।
- यह कार्बोक्सिलिक अम्ल (carboxylic acid) समूह का दूसरा सदस्य है (मेथेनोइक → फॉर्मिक, एथेनोइक → एसिटिक)।
Quick Facts:
- एसिटिक अम्ल सिरके का मुख्य घटक है (5-8% CH₃COOH)
- IUPAC नाम: एथेनोइक अम्ल (Ethanoic acid)
खट्टे फल, जो रसोई के आवश्यक घटक हैं, में विटामिन C होता है। विटामिन C को ______ के रूप में भी जाना जाता है।
- एस्कॉर्बिक अम्ल
- साइट्रिक अम्ल
- लैक्टिक अम्ल
- फोलिक अम्ल
Explanation:
- विटामिन C (Vitamin C) का रासायनिक नाम एस्कॉर्बिक अम्ल (Ascorbic acid) है।
- यह खट्टे फलों (संतरा, नींबू, अमरूद) में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है और एक प्रबल एंटीऑक्सीडेंट है।
- साइट्रिक अम्ल (Citric acid) नींबू में, लैक्टिक अम्ल (Lactic acid) दूध में, फोलिक अम्ल (Folic acid) विटामिन B9 है।
Quick Facts:
- एस्कॉर्बिक अम्ल का सूत्र C₆H₈O₆
- यह जल में विलेय (water-soluble) विटामिन है।
चींटी के काटने की प्रकृति अम्लीय होती है। चींटी के काटने में कौन-सा अम्ल उपस्थित होता है?
- ऑक्सैलिक अम्ल
- फॉर्मिक अम्ल
- एसिटिक अम्ल
- लैक्टिक अम्ल
Explanation:
- चींटी (ant) के काटने में फॉर्मिक अम्ल (Formic acid, HCOOH) होता है, जो एक कार्बोक्सिलिक अम्ल है और त्वचा पर जलन/दर्द का कारण बनता है।
- इसे ‘मेथेनोइक अम्ल’ (Methanoic acid) भी कहते हैं (IUPAC नाम)।
Quick Facts:
- फॉर्मिक अम्ल का सूत्र: HCOOH
- यह कार्बोक्सिलिक अम्ल श्रृंखला का पहला सदस्य है।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए और सही उत्तर पहचानिए। कथन-I: प्रबल अम्ल और प्रबल क्षार के लवण 7 के pH मान के साथ उदासीन होते हैं। कथन-II: प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार के लवण अम्लीय होते हैं जिनका pH मान 7 से कम होता है।
- कथन-I सत्य है और कथन-II असत्य है।
- दोनों कथन सत्य हैं।
- कथन-II सत्य है और कथन-I असत्य है।
- दोनों ही कथन असत्य हैं।
Explanation:
- कथन-I: प्रबल अम्ल (Strong acid) + प्रबल क्षार (Strong base) → उदासीन (neutral) लवण, pH = 7 (जैसे NaCl, KNO₃)।
- कथन-II: प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षार (Weak base) → अम्लीय (acidic) लवण, pH < 7 (जैसे NH₄Cl)।
- दोनों कथन सत्य हैं।
Quick Facts:
- दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षार → क्षारीय लवण, pH > 7 (जैसे Na₂CO₃)
- दुर्बल अम्ल + दुर्बल क्षार → pH ≈ 7 (निकट उदासीन)
एथेनोइक एसिड को आमतौर पर एसिटिक एसिड के नाम से जाना जाता है और इसमें निम्नलिखित में से कौन-से गुण होते हैं?
- अम्लीय pH और कड़वा स्वाद
- क्षारीय pH और चिकनापन
- जल में फलों जैसी तेज़ सुगंध
- तीक्ष्ण, खट्टी गंध और स्वाद
Explanation:
- एसिटिक (एथेनोइक) अम्ल एक अम्ल है, इसलिए इसका स्वाद खट्टा (sour) और गंध तीक्ष्ण (sharp), सिरके जैसी होती है।
- यह अम्लीय (pH < 7) होता है, क्षारीय नहीं; फलों जैसी गंध एस्टर (esters) की होती है।
Quick Facts:
- सिरका (vinegar) में 5-8% एसिटिक अम्ल होता है।
- शुद्ध एसिटिक अम्ल को ‘ग्लेशियल एसिटिक अम्ल’ (glacial acetic acid) कहते हैं।
अधिकांश कार्बन यौगिकों के पूर्ण दहन के दौरान बनने वाले प्राथमिक उत्पाद कौन-से हैं?
- कज्जल और कार्बन डाइऑक्साइड
- कार्बन मोनोऑक्साइड और जल
- कार्बन डाइऑक्साइड, जल, और ऊर्जा
- ऐल्कोहॉल और कार्बोक्सिलिक अम्ल
Explanation:
- कार्बन यौगिकों (जैसे हाइड्रोकार्बन) का पूर्ण दहन (complete combustion) पर्याप्त ऑक्सीजन में होता है, जिससे CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड), H₂O (जल) और ऊर्जा (ऊष्मा/प्रकाश) उत्पन्न होते हैं।
- अपूर्ण दहन (incomplete combustion) में CO (कार्बन मोनोऑक्साइड) या कज्जल (soot) बनता है।
Quick Facts:
- पूर्ण दहन: CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O + ऊष्मा
- अपूर्ण दहन: 2CH₄ + 3O₂ → 2CO + 4H₂O
निम्नलिखित में से किस विलयन में एथेनॉल (C₂H₅OH) के एक गुणधर्म का वर्णन नहीं किया गया है?
- यह एक निर्मल, रंगहीन तरल है जिसकी गंध सुखद होती है।
- यह सोडियम के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करता है।
- यह सभी अनुपातों में जल में विलेय होता है।
- यह नीले लिटमस पेपर को लाल कर देता है।
Explanation:
- एथेनॉल (इथेनॉल/अल्कोहॉल) अम्ल नहीं है, इसलिए यह नीले लिटमस को लाल नहीं करता (यह गुण अम्लों का है)।
- एथेनॉल उदासीन (neutral) होता है, इसका pH ≈ 7 होता है।
- अन्य सभी गुण (रंगहीन, सुगंध, सोडियम से H₂, जल में विलेय) एथेनॉल के सही गुण हैं।
Quick Facts:
- एथेनॉल + Na → C₂H₅ONa + H₂ (सोडियम एथॉक्साइड + हाइड्रोजन)
- एथेनॉल जल के साथ अंतर-आण्विक हाइड्रोजन बंध (H-bonding) बनाता है, इसलिए सभी अनुपातों में विलेय है।
बेकिंग सोडा का वैज्ञानिक नाम क्या है?
- सोडियम कार्बोनेट (NaCO₃)
- सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃)
- सोडियम क्लोराइड (NaCl)
- सोडियम सल्फेट (Na₂SO₄)
Explanation:
- बेकिंग सोडा (Baking soda) का रासायनिक सूत्र NaHCO₃ (सोडियम बाइकार्बोनेट / सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) है।
- सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) = वाशिंग सोडा (washing soda) है।
Quick Facts:
- बेकिंग सोडा का उपयोग खाना पकाने (बेकिंग पाउडर), एंटासिड, अग्निशामक में होता है।
- यह गर्म करने पर CO₂ गैस मुक्त करता है (NaHCO₃ → Na₂CO₃ + CO₂ + H₂O)
पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में विकृतगंधिता (rancidity) से रोकथाम के लिए सामान्यतः निम्नलिखित में से किस विधि का उपयोग किया जाता है?
- खाद्य में अम्ल मिलाना
- पैक करने से पहले खाद्य को गर्म करना
- खाद्य का ऑक्सीजन-युक्त पात्रों में भंडारण करना
- सील करने से पहले नाइट्रोजन गैस द्वारा संप्रवहन करना (flushing)
Explanation:
- विकृतगंधिता (Rancidity) वसा/तेलों के ऑक्सीकरण (oxidation) के कारण होती है, जो O₂ (ऑक्सीजन) की उपस्थिति में होती है।
- इसे रोकने के लिए, पैकेट में नाइट्रोजन (N₂) (अक्रिय गैस) भरी जाती है, जो O₂ को विस्थापित कर देती है (flushing), जिससे ऑक्सीकरण धीमा हो जाता है।
Quick Facts:
- एंटीऑक्सीडेंट (जैसे BHA, BHT) भी rancidity को रोकते हैं।
- चिप्स के पैकेट में नाइट्रोजन भरी होती है।
बोरेक्स के निर्माण में निम्नलिखित में से किस यौगिक का उपयोग किया जाता है?
- वाशिंग सोडा
- क्लोरीन जल
- ब्लीचिंग पाउडर
- खारा पानी
Explanation:
- बोरेक्स (Borax, Na₂B₄O₇·10H₂O) के निर्माण में वाशिंग सोडा (Washing soda, Na₂CO₃·10H₂O) का उपयोग कच्चे माल (सोडियम स्रोत) के रूप में किया जाता है।
- बोरेक्स का उपयोग कांच, साबुन, दवाइयों आदि में होता है।
Quick Facts:
- बोरेक्स = सोडियम बोरेट (Sodium borate)
- इसका उपयोग फ्लक्स (flux), कीटाणुनाशक, सौंदर्य प्रसाधन में होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक, शुष्क बुझे चूने (Ca(OH)₂) पर क्लोरीन की क्रिया द्वारा निर्मित होता है?
- धावन सोडा (washing soda)
- ब्लीचिंग सोडा (bleaching soda)
- साधारण लवण (common salt)
- विरंजक चूर्ण (bleaching powder)
Explanation:
- शुष्क बुझे चूने (Ca(OH)₂) पर Cl₂ गैस की क्रिया से ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) बनता है।
- अभिक्रिया: Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
Quick Facts:
- ब्लीचिंग पाउडर को ‘क्लोरीनयुक्त चूना’ (chlorinated lime) भी कहते हैं।
- इसका उपयोग पानी की कीटाणुशोधन, विरंजन में होता है।
एक लिटमस पेपर का उपयोग एक विलयन के pH की जाँच करने के लिए किया गया था। विलयन नीले लिटमस को लाल कर देता है, इसका pH होने की संभावना है:
- 5
- 8
- 9
- 7
Explanation:
- नीला लिटमस → लाल होना = अम्लीय विलयन का संकेत है (pH < 7)।
- दिए गए विकल्पों में, 5 (< 7) अम्लीय है; 8, 9 (क्षारीय, pH > 7), 7 (उदासीन) है।
- अतः pH = 5 होने की सबसे अधिक संभावना है।
Quick Facts:
- लिटमस पेपर: अम्ल में लाल, क्षार में नीला हो जाता है।
- pH < 7 → अम्लीय, pH = 7 → उदासीन, pH > 7 → क्षारीय
______ अम्लीय नहीं है।
- SbCl₄
- CCl₄
- PCl₄
- PCl₃
Explanation:
- CCl₄ (कार्बन टेट्राक्लोराइड) एक उदासीन (neutral) कार्बनिक यौगिक है, जो जल में अम्लीय गुण नहीं दिखाता (यह जल के साथ हाइड्रोलिसिस नहीं करता)।
- SbCl₄ (एंटीमनी टेट्राक्लोराइड), PCl₃, PCl₄ (या PCl₅) – ये हैलाइड जल के साथ अभिक्रिया करके अम्ल (HCl) उत्पन्न करते हैं, इसलिए अम्लीय होते हैं।
Quick Facts:
- CCl₄ का उपयोग विलायक (solvent), अग्निशामक में होता है, पर यह अम्लीय नहीं है।
जल में घुलनशील क्षार को क्या कहते हैं?
- ऐल्कोहॉल
- ईधरीय
- अम्ल
- क्षार
Explanation:
- जल में घुलनशील (soluble) क्षार (base) को क्षार (alkali) कहते हैं।
- उदाहरण: NaOH, KOH – ये जल में घुलकर OH⁻ आयन देते हैं और क्षारीय गुण दिखाते हैं।
- जल में अघुलनशील क्षार (जैसे Cu(OH)₂) को ‘क्षार’ नहीं, बल्कि ‘अघुलनशील क्षार’ कहते हैं।
Quick Facts:
- क्षार (Alkali) = जल में घुलनशील क्षार (जैसे NaOH, KOH, Ca(OH)₂)
- सभी क्षार क्षारक (base) हैं, पर सभी क्षारक क्षार नहीं हैं।
पदार्थ X, जिसका उपयोग एंटासिड के रूप में किया जाता है, तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ प्रतिक्रिया करके गैस Y उत्पन्न करता है, जिसका उपयोग एक प्रकार के अग्निशामक यंत्र में किया जाता है। पदार्थ X और गैस Y क्रमशः हैं:
- NaHCO₃, CO
- NaCl, CO₂
- NaHCO₃, CO₂
- NaOH, CO₂
Explanation:
- एंटासिड (Antacid) के रूप में उपयोग किया जाने वाला पदार्थ NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) है।
- तनु HCl के साथ अभिक्रिया: NaHCO₃ + HCl → NaCl + H₂O + CO₂ (गैस Y = CO₂)
- CO₂ का उपयोग सोडा-अम्ल (soda-acid) अग्निशामक (fire extinguisher) में किया जाता है।
Quick Facts:
- NaHCO₃ + HCl → NaCl + H₂O + CO₂
- CO₂ आग पर ऑक्सीजन को रोककर (smothering) आग बुझाता है।
निम्नलिखित में से कौन सा घोल अधिक अम्लीय होगा?
- pH = 2
- pH = 6
- pH = 1
- pH = 0
Explanation:
- pH पैमाने पर, pH मान जितना कम होगा, विलयन उतना ही अधिक अम्लीय (acidic) होगा।
- pH = 0 सबसे प्रबल अम्लीय है (pH 0 → [H⁺] = 1 M), इसके बाद pH = 1, 2, … 6 (तनु अम्ल)।
Quick Facts:
- pH = -log[H⁺]
- pH 0-14 पैमाना: 0 = अत्यधिक अम्लीय, 7 = उदासीन, 14 = अत्यधिक क्षारीय
एस्टरों का निर्माण, ______ की अभिक्रिया द्वारा होता है।
- निर्जलन कर्मक की उपस्थिति में ऐल्कोहॉल और ऐल्डिहाइड
- निम्न दाब पर ऐल्कोहॉल और अम्ल
- अम्लीय माध्यम में ऐल्कोहॉल और अम्ल
- क्षारकीय माध्यम में ऐल्कोहॉल और अम्ल
Explanation:
- एस्टर (Ester) का निर्माण ऐल्कोहॉल (alcohol) और कार्बोक्सिलिक अम्ल (carboxylic acid) की अम्लीय माध्यम (सान्द्र H₂SO₄) में अभिक्रिया से होता है, जिसे एस्टरीफिकेशन (Esterification) कहते हैं।
- अभिक्रिया: R–COOH + R’–OH ⇌ R–COO–R’ + H₂O (अम्लीय माध्यम में)
Quick Facts:
- एस्टरों की गंध फलों जैसी (fruity) होती है।
- एस्टरीफिकेशन के लिए सान्द्र H₂SO₄ निर्जलन कर्मक (dehydrating agent) और उत्प्रेरक (catalyst) का कार्य करता है।
निम्नलिखित में से कौन से पदार्थ उदासीनीकरण अभिक्रिया में उत्पन्न होते हैं?
- अम्ल और जल
- अवक्षेप और क्षार
- लवण और जल
- लवण और अम्ल
Explanation:
- उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization reaction): अम्ल + क्षार → लवण (Salt) + जल (Water)
- उदाहरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O
Quick Facts:
- यह एक ऊष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया है (ऊष्मा उत्सर्जित होती है)।
- pH = 7 पर उदासीन विलयन प्राप्त होता है।
प्रयोगशालाओं में सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला सूचक ___ है।
- लिटमस
- फिनॉलफ्थेलिन
- सार्वत्रिक सूचक
- मेथिल ऑरेंज
Explanation:
- लिटमस (Litmus) प्रयोगशालाओं में सबसे सामान्य और व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला अम्ल-क्षार सूचक (indicator) है।
- यह लाइकेन (lichen) से प्राप्त एक प्राकृतिक सूचक है, जो अम्ल में लाल और क्षार में नीला हो जाता है।
Quick Facts:
- लिटमस पेपर दो रूपों में आता है: लाल और नीला।
- अन्य सूचक: फिनॉलफ्थेलिन (अम्ल में रंगहीन, क्षार में गुलाबी), मेथिल ऑरेंज (अम्ल में लाल, क्षार में पीला)।
निम्नलिखित में से किसे/किन्हें जैविक उत्प्रेरक कहा जाता है?
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- थ्लेफ्मा
- पाचक रस
- एंजाइम
Explanation:
- एंजाइम (Enzymes) को ‘जैविक उत्प्रेरक’ (biological catalysts) कहा जाता है, क्योंकि वे जीवित जीवों में रासायनिक अभिक्रियाओं (जैसे पाचन) की दर को बिना स्वयं उपभोग हुए बढ़ाते हैं।
- पाचक रस (digestive juices) में एंजाइम होते हैं, पर स्वयं एंजाइम ही उत्प्रेरक हैं।
Quick Facts:
- एंजाइम प्रोटीन (protein) होते हैं (कुछ RNA भी)।
- उदाहरण: एमाइलेस, पेप्सिन, लाइपेज
यदि HF एक दुर्बल अम्ल है, तो इसके संयुग्मी क्षार F⁻ की प्रबलता के बारे में क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
- यह एक प्रबल अम्ल है
- यह एक प्रबल क्षार है
- यह उदासीन है
- यह एक दुर्बल क्षार है
Explanation:
- संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म (conjugate acid-base pair) में: दुर्बल अम्ल (weak acid) का संयुग्मी क्षार (conjugate base) प्रबल क्षार (strong base) होता है, और प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार दुर्बल क्षार होता है।
- HF एक दुर्बल अम्ल है, इसलिए इसका संयुग्मी क्षार F⁻ एक प्रबल क्षार (strong base) होगा।
- लेकिन विकल्पों में “दुर्बल क्षार” क्यों? – वास्तव में, HF दुर्बल अम्ल है → F⁻ प्रबल क्षार होता है (जैसे CH₃COOH → CH₃COO⁻ प्रबल क्षार), पर विकल्पों में “दुर्बल क्षार” उपयुक्त नहीं है। सही उत्तर ‘प्रबल क्षार’ होना चाहिए, पर दिए गए विकल्पों में ‘दुर्बल क्षार’ है – यह एक विरोधाभास है। (नोट: वास्तव में, HF एक दुर्बल अम्ल है, और F⁻ एक प्रबल क्षार है।)
Quick Facts:
- HF ⇌ H⁺ + F⁻ (दुर्बल अम्ल, F⁻ प्रबल क्षार)
- प्रबल अम्ल (HCl) → Cl⁻ (दुर्बल क्षार, उदासीन)
निम्नलिखित में से कौन पदार्थ की अम्लीय या क्षारीय प्रकृति की जाँच करने के लिए प्राण सूचक है?
- वैनिला एसेंस
- फीनॉलफ्थेलिन
- लाल लिटमस
- मेथिल ऑरेंज
Explanation:
- प्राण सूचक (Olfactory indicator) वे पदार्थ हैं जिनकी गंध (smell) अम्लीय या क्षारीय माध्यम में बदल जाती है।
- वैनिला एसेंस (Vanilla essence) एक प्राण सूचक है – क्षारीय माध्यम में इसकी गंध नष्ट हो जाती है (या बदल जाती है), जबकि अम्लीय माध्यम में सामान्य गंध बनी रहती है।
- प्याज का अर्क, लौंग का तेल भी प्राण सूचक हैं।
Quick Facts:
- प्राण सूचक: प्याज, लौंग, वैनिला एसेंस – ये गंध में परिवर्तन दिखाते हैं।
- लिटमस, फिनॉलफ्थेलिन, मेथिल ऑरेंज – ये रंग परिवर्तन (color change) सूचक हैं।
निम्नलिखित को मिलाएं:
- i – c, ii – b, iii – d, iv – a
- i – d, ii – b, iii – c, iv – a
- i – c, ii – b, iii – a, iv – d
- i – a, ii – b, iii – c, iv – d
Explanation:
- यह एक मिलान प्रश्न है, परंतु सूची (वस्तु और विशेषताएँ) प्रश्न में नहीं दी गई है।
- सामान्यतः इस प्रकार के प्रश्न अम्ल, क्षार, लवण, सूचक आदि के मिलान पर आधारित होते हैं (जैसे: i. नींबू, ii. सिरका, iii. NaOH, iv. NaCl → a. क्षार, b. अम्ल, c. खट्टा, d. उदासीन, आदि)।
- दिए गए विकल्पों के अनुसार, i – c, ii – b, iii – d, iv – a सही माना जा सकता है (परंतु सूची के बिना सटीक पुष्टि संभव नहीं है)।
Quick Facts:
- मिलान प्रश्नों में, सही युग्मन (pairing) के लिए दोनों सूचियों (सूची-I और सूची-II) को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
प्लास्टर ऑफ पेरिस निम्नलिखित में से किसे गर्म करके विरचित किया जाता है?
- जिप्सम
- चूना पत्थर
- बुझा हुआ चूना
- बेकिंग सोडा
Explanation:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (Plaster of Paris, POP) का निर्माण जिप्सम (Gypsum, CaSO₄·2H₂O) को गर्म करके (लगभग 100°C-120°C) किया जाता है, जिससे क्रिस्टलीय जल (water of crystallization) का एक भाग निकल जाता है।
- CaSO₄·2H₂O → (गर्म करने पर) CaSO₄·½H₂O + 1½ H₂O
- यह कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (CaSO₄·½H₂O) होता है।
Quick Facts:
- POP का रासायनिक सूत्र: CaSO₄·½H₂O
- जिप्सम = CaSO₄·2H₂O (डाइहाइड्रेट)
- POP पानी में मिलाने पर जमकर (सेट) जिप्सम में बदल जाता है, इसी कारण इसका उपयोग फ्रैक्चर (हड्डी टूटने) में किया जाता है।
एक उदासीन लवण विलयन का सामान्य pH मान क्या होता है?
- तापमान पर निर्भर करता है
- 7 से कम
- 7 से अधिक
- 7 के बराबर
Explanation:
- उदासीन (neutral) लवण (जैसे NaCl, Na₂SO₄) का जलीय विलयन का pH = 7 होता है (प्रबल अम्ल + प्रबल क्षार से बने लवण)।
- तापमान पर pH थोड़ा निर्भर करता है (ताप बढ़ने पर pH घटता है), पर सामान्यतः 25°C पर pH = 7 ही उदासीन माना जाता है।
Quick Facts:
- NaCl (साधारण नमक) का जलीय विलयन pH = 7 (उदासीन) होता है।
निम्नलिखित में से प्लास्टर ऑफ पेरिस का उपयोग कौन सा है? (i) कांच, साबुन और कागज का निर्माण (ii) घरेलू प्रयोजनों के लिए सफाई एजेंट के रूप में (iii) खिलौने, सजावट की सामग्री और सतहों को चिकना बनाने के लिए सामग्री बनाना (iv) बेकिंग के लिए
- केवल i
- केवल ii
- केवल iii
- केवल iv
Explanation:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) का उपयोग खिलौने, सजावटी सामग्री, और दीवारों/छतों को चिकना (smooth) बनाने के लिए किया जाता है (iii)।
- कांच, साबुन, कागज के निर्माण में वाशिंग सोडा (washing soda) या सोडियम कार्बोनेट का उपयोग होता है (i – गलत)।
- घरेलू सफाई एजेंट: ब्लीचिंग पाउडर या वाशिंग सोडा (ii – गलत)।
- बेकिंग: बेकिंग सोडा (NaHCO₃) (iv – गलत)।
Quick Facts:
- POP का उपयोग फ्रैक्चर (हड्डी टूटने) में कास्ट (cast) बनाने, मूर्तियाँ, छत की सजावट में होता है।
ब्लीचिंग पाउडर का सही रासायनिक सूत्र निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- CaO
- CaCl₂
- CaOCl₂
- Ca(OH)₂
Explanation:
- ब्लीचिंग पाउडर (Bleaching powder) का रासायनिक सूत्र CaOCl₂ (कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड) है।
- इसे ‘क्लोरीनयुक्त चूना’ (chlorinated lime) भी कहते हैं।
- CaO = क्विक लाइम, CaCl₂ = कैल्शियम क्लोराइड, Ca(OH)₂ = बुझा हुआ चूना (स्लेक्ड लाइम)।
Quick Facts:
- CaOCl₂ का उपयोग जल कीटाणुशोधन, विरंजन (bleaching) में होता है।
- यह अम्लों के साथ अभिक्रिया करके Cl₂ गैस मुक्त करता है (CaOCl₂ + 2HCl → CaCl₂ + Cl₂ + H₂O)
2NaOH(aq) + H₂SO₄(aq) → Na₂SO₄(aq) + 2H₂O(l) दी गई अभिक्रिया किसका उदाहरण है?
- अवक्षेपण अभिक्रिया
- अपघटन अभिक्रिया
- उदासीनीकरण अभिक्रिया
- रेडॉक्स अभिक्रिया
Explanation:
- यह NaOH (क्षार) और H₂SO₄ (अम्ल) के बीच की अभिक्रिया है, जिसमें लवण (Na₂SO₄) और जल (H₂O) बनते हैं।
- अम्ल + क्षार → लवण + जल – यह उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization) है।
- इसमें कोई अवक्षेप (precipitate) नहीं बनता (अवक्षेपण नहीं), कोई अपघटन नहीं, और कोई ऑक्सीकरण अवस्था परिवर्तन नहीं (रेडॉक्स नहीं)।
Quick Facts:
- उदासीनीकरण अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी (exothermic) होती है।
जब अम्ल धातुओं के साथ अभिक्रिया करता है तो निम्नलिखित में से क्या बनता है?
- लवण और हाइड्रोजन गैस
- केवल लवण
- लवण और जल
- केवल हाइड्रोजन गैस
Explanation:
- अम्ल + धातु → लवण (Salt) + हाइड्रोजन गैस (H₂)
- उदाहरण: Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂
- लवण और जल अम्ल + क्षार (उदासीनीकरण) से बनते हैं।
Quick Facts:
- H₂ गैस का परीक्षण: पॉप (pop) ध्वनि के साथ जलती हुई माचिस पर H₂ जलता है।
- सभी अम्ल धातुओं के साथ H₂ नहीं देते (जैसे HNO₃ – ऑक्सीकारक होने के कारण H₂ नहीं देता)।
निम्नलिखित में से कौन सा तत्व खट्टे स्वाद का होता है और नीले लिटमस को लाल कर देता है?
- क्षार
- अम्ल
- लवण
- उदासीन
Explanation:
- अम्ल (Acids) खट्टे (sour) स्वाद वाले होते हैं और नीले लिटमस को लाल कर देते हैं।
- क्षार (Bases) कड़वे (bitter) होते हैं और लाल लिटमस को नीला करते हैं।
Quick Facts:
- अम्ल: HCl, H₂SO₄, CH₃COOH (सिरका – खट्टा)
- क्षार: NaOH, KOH (कड़वा, फिसलन)
जल का तापीय प्रदूषण जल की गुणवत्ता को किस प्रकार प्रभावित करता है?
- अवसाद जल्द ही जम जाता है।
- पानी का रंग बदल देता है।
- पानी का pH बढ़ाता है।
- पानी में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है।
Explanation:
- तापीय प्रदूषण (thermal pollution) में जल का तापमान बढ़ता है, जिससे जल में ऑक्सीजन (O₂) की विलेयता (solubility) घट जाती है।
- कम O₂ जलीय जीवन (मछलियों) के लिए हानिकारक होता है (जिससे उनकी मृत्यु हो सकती है)।
Quick Facts:
- ताप बढ़ने पर गैसों की विलेयता घटती है (हेनरी का नियम – विलेयता ∝ 1/ताप)।
- उद्योगों से गर्म पानी का नदियों/तालाबों में निकास तापीय प्रदूषण का मुख्य स्रोत है।
निम्नलिखित में से कौन सी उदासीनीकरण अभिक्रियाएं हैं? (i) NaOH (aq) + HCl (aq) → NaCl (aq) + H₂O (l) (ii) HNO₃ (aq) + KOH (aq) → KNO₃ (aq) + H₂O (l) (iii) HCl (aq) + NaOH (aq) → NaCl (aq) + H₂O (l)
- i, ii और iii
- i और iii
- i और ii
- ii और iii
Explanation:
- उदासीनीकरण अभिक्रिया = अम्ल + क्षार → लवण + जल
- सभी तीनों अभिक्रियाएँ इसी प्रकार की हैं (i: HCl + NaOH, ii: HNO₃ + KOH, iii: HCl + NaOH) – सभी उदासीनीकरण हैं।
Quick Facts:
- ये अभिक्रियाएँ pH = 7 (उदासीन) विलयन बनाती हैं।
कौन सा अम्ल अपनी ऑक्सीकारक प्रकृति के कारण धातु के साथ उपचारित किए जाने पर हाइड्रोजन गैस नहीं देता है?
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- सल्फ्यूरिक अम्ल
- नाइट्रिक अम्ल
- एसिटिक अम्ल
Explanation:
- नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) एक प्रबल ऑक्सीकारक (strong oxidizing agent) है, जो धातुओं के साथ अभिक्रिया करके H₂ नहीं बल्कि NO₂, NO, या N₂O जैसी गैसें बनाता है (क्योंकि HNO₃ स्वयं अपचयित हो जाता है)।
- उदाहरण: Cu + 4HNO₃ (सान्द्र) → Cu(NO₃)₂ + 2NO₂ + 2H₂O (H₂ नहीं)
- तनु HCl, H₂SO₄, एसिटिक अम्ल धातुओं के साथ H₂ गैस देते हैं।
Quick Facts:
- HNO₃ एक ऑक्सीकारक है, इसलिए धातु + HNO₃ → H₂ नहीं (जब तक अत्यंत तनु न हो और Mg/Zn जैसी सक्रिय धातुएँ न हों)।
प्रोटीन का सरल रूप क्या है?
- वसीय अम्ल
- ग्लूकोज
- ग्लिसरॉल
- एमिनो अम्ल
Explanation:
- प्रोटीन (Protein) का सरलतम (मोनोमर) रूप एमिनो अम्ल (Amino acids) है।
- प्रोटीन एमिनो अम्लों की लंबी शृंखलाएँ (पॉलीपेप्टाइड) होते हैं, जो पेप्टाइड बंध (peptide bond) द्वारा जुड़े होते हैं।
- वसीय अम्ल (Fatty acids) → वसा (lipids) के, ग्लूकोज → कार्बोहाइड्रेट के, ग्लिसरॉल → वसा के घटक हैं।
Quick Facts:
- प्रोटीन के उदाहरण: केराटिन (बाल, नाखून), कोलेजन, एंजाइम
- 20 मानक एमिनो अम्ल होते हैं।
साधारण नमक जिसे हम खाते हैं, उसका रासायनिक नाम क्या है?
- सोडियम फ्लोराइड
- सोडियम क्लोराइड
- सोडियम सैलिसाइलेट
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
Explanation:
- साधारण नमक (Table salt/Common salt) का रासायनिक नाम सोडियम क्लोराइड (Sodium chloride) है, जिसका सूत्र NaCl है।
- यह समुद्री जल, नमक की खानों से प्राप्त होता है।
Quick Facts:
- NaCl का उपयोग खाना पकाने, परिरक्षक, उद्योग में होता है।
- यह एक आयनिक (ionic) यौगिक है।
इनमें से किसका pH मान शुद्ध जल से कम होता है?
- मिल्क ऑफ मैग्नीशिया
- NaOH
- NH₄OH
- जठर रस
Explanation:
- शुद्ध जल (pure water) का pH = 7 (25°C पर) होता है।
- जठर रस (Gastric juice) में HCl (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) होता है, इसलिए यह अम्लीय होता है, pH ≈ 1-2 (< 7)।
- मिल्क ऑफ मैग्नीशिया (Mg(OH)₂) – क्षारीय (pH > 7), NaOH – प्रबल क्षार (pH ≈ 13), NH₄OH – दुर्बल क्षार (pH > 7)।
Quick Facts:
- जठर रस में HCl पाचन में सहायक होता है।
- pH < 7 → अम्लीय, pH > 7 → क्षारीय
नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए और सही उत्तर की पहचान कीजिए। कथन-I: सोडियम हाइड्रॉक्साइड क्लोर-क्षार प्रक्रिया द्वारा तैयार किया जाता है। कथन-II: सोडियम हाइड्रॉक्साइड का उपयोग कृत्रिम कपड़ा फाइबर (जैसे रेयॉन) बनाने के लिए किया जाता है।
- कथन-I सत्य है और कथन-II असत्य है।
- दोनों कथन असत्य हैं।
- कथन-II सत्य है और कथन-I असत्य है।
- दोनों कथन सत्य हैं।
Explanation:
- कथन-I: NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड) का निर्माण क्लोर-क्षार प्रक्रिया (chlor-alkali process) द्वारा NaCl (ब्राइन) के विद्युत अपघटन से होता है। (सत्य)
- कथन-II: NaOH का उपयोग कृत्रिम कपड़ा फाइबर (जैसे रेयॉन, rayon) बनाने, कागज, साबुन उद्योग में होता है। (सत्य)
Quick Facts:
- क्लोर-क्षार प्रक्रिया: 2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂
- NaOH को ‘कास्टिक सोडा’ (caustic soda) भी कहते हैं।
निम्नलिखित में से कौन क्षार का गुण नहीं है?
- ये पानी में हाइड्रोजन आयन उत्पन्न करते हैं।
- ये मोटी सामग्री को विघटित कर देते हैं।
- ये लाल लिटमस को नीला कर देते हैं।
- ये फिसलन युक्त, साबुन जैसे होते हैं।
Explanation:
- क्षार (Bases) OH⁻ (हाइड्रॉक्साइड) आयन उत्पन्न करते हैं, H⁺ (हाइड्रोजन) आयन नहीं (यह गुण अम्लों का है)।
- क्षार: लाल लिटमस → नीला, फिसलन (slippery), कड़वा स्वाद, मोटी सामग्री (जैसे वसा) को विघटित (saponification) करते हैं।
Quick Facts:
- अम्ल (Acids): H⁺ आयन देते हैं, नीला लिटमस → लाल, खट्टे स्वाद।
धावन सोडा का उपयोग निम्नलिखित में से किस यौगिक के निर्माण में किया जाता है?
- बोरेक्स
- विरंजक चूर्ण
- हरा कसीस
- नीला कसीस
Explanation:
- धावन सोडा (Washing soda, Na₂CO₃·10H₂O) का उपयोग बोरेक्स (Borax, Na₂B₄O₇·10H₂O) के निर्माण में किया जाता है (सोडियम स्रोत के रूप में)।
- विरंजक चूर्ण (Bleaching powder) – CaOCl₂, हरा/नीला कसीस (vitriol) – CuSO₄·5H₂O (नीला) और FeSO₄·7H₂O (हरा) हैं।
Quick Facts:
- धावन सोडा = सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट (Na₂CO₃·10H₂O)
- बोरेक्स का उपयोग कांच, साबुन, दवाइयों में होता है।
निम्नलिखित में से कौन लैक्टिक अम्ल का प्राकृतिक स्रोत है?
- इमली
- खट्टा दूध
- टमाटर
- चींटी का डंक
Explanation:
- लैक्टिक अम्ल (Lactic acid) का प्राकृतिक स्रोत खट्टा दूध (sour milk) है, जो दूध में मौजूद लैक्टोज़ के जीवाणु किण्वन (bacterial fermentation) से बनता है।
- इमली → टारटरिक अम्ल, टमाटर → साइट्रिक/मैलिक अम्ल, चींटी का डंक → फॉर्मिक अम्ल।
Quick Facts:
- लैक्टिक अम्ल का सूत्र: C₃H₆O₃
- यह पेशियों (muscles) में अवायवीय श्वसन (anaerobic respiration) के दौरान भी बनता है।
एसिटिक एसिड का व्यवस्थित IUPAC नाम क्या है?
- एथेनोइक एसिड
- ब्यूटेनोइक एसिड
- मेथेनोइक एसिड
- प्रोपेनोइक एसिड
Explanation:
- एसिटिक अम्ल (Acetic acid) का IUPAC नाम एथेनोइक अम्ल (Ethanoic acid) है, जिसका सूत्र CH₃COOH है।
- मेथेनोइक = फॉर्मिक अम्ल (HCOOH), प्रोपेनोइक = प्रोपियोनिक अम्ल, ब्यूटेनोइक = ब्यूटिरिक अम्ल।
Quick Facts:
- IUPAC नाम कार्बन परमाणुओं की संख्या पर आधारित होता है (एथेन = 2 कार्बन)।
ब्लीचिंग पाउडर तैयार करने के लिए किस यौगिक का उपयोग किया जाता है?
- अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (Ammonium Hydroxide)
- कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (Calcium Hydroxide)
- सोडियम कार्बोनेट (Sodium Carbonate)
- कैल्शियम क्लोराइड (Calcium Chloride)
Explanation:
- ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) का निर्माण कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड [Ca(OH)₂] (बुझा चूना) पर क्लोरीन गैस की क्रिया से होता है।
- अभिक्रिया: Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
Quick Facts:
- इसे ‘क्लोरीनयुक्त चूना’ (chlorinated lime) भी कहते हैं।
सोल्यूशन का pH दिया गया है। कौन सा सोल्यूशन उच्चतम सांद्रता युक्त हाइड्रोजन आयन है?
- 10.1
- 4.7
- 2.4
- 8.0
Explanation:
- H⁺ (हाइड्रोजन आयन) की सांद्रता pH के व्युत्क्रमानुपाती होती है: pH = -log[H⁺] ⇒ [H⁺] = 10⁻ᵖᴴ
- pH जितना कम होगा, [H⁺] उतना अधिक होगा।
- pH = 2.4 सबसे कम है, इसलिए इसमें H⁺ की सांद्रता सबसे अधिक है।
Quick Facts:
- pH = 0 → [H⁺] = 1 M (अत्यधिक अम्लीय)
- pH = 14 → [H⁺] = 10⁻¹⁴ M (अत्यधिक क्षारीय)
पेयजल कीटाणुरहित करने के लिए ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग क्यों किया जाता है?
- यह क्लोरीन विमोचित करता है, जो कीटाणुओं को मारता है
- यह पानी को उदासीन करता है
- यह पानी की कठोरता को कम करता है
- यह एक अम्लीय माध्यम प्रदान करता है
Explanation:
- ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) पानी में क्लोरीन (Cl₂) गैस मुक्त करता है, जो एक प्रबल ऑक्सीकारक है और जीवाणुओं/कीटाणुओं को मार देता है (कीटाणुशोधन, disinfection)।
- यह पानी की कठोरता (hardness) को नहीं हटाता (इसके लिए वाशिंग सोडा या आयन-एक्सचेंज का उपयोग होता है)।
Quick Facts:
- CaOCl₂ + H₂O → Ca(OH)₂ + Cl₂ (Cl₂ कीटाणुओं को मारता है)
- इसका उपयोग स्विमिंग पूल, पेयजल उपचार में होता है।
1845 में हरमन कोल्बे द्वारा अकार्बनिक पदार्थों से पहली बार कौन सा अम्ल बनाया गया था?
- सल्फ्यूरिक अम्ल
- फॉर्मिक अम्ल
- साइट्रिक अम्ल
- एसिटिक अम्ल
Explanation:
- 1845 में, जर्मन रसायनज्ञ हरमन कोल्बे (Hermann Kolbe) ने एसिटिक अम्ल (CH₃COOH) को अकार्बनिक पदार्थों (कार्बन डाइसल्फाइड, CS₂ → CCl₃COOH → CH₃COOH) से संश्लेषित (synthesize) किया था।
- यह कृत्रिम रूप से अकार्बनिक से कार्बनिक यौगिक बनाने का एक प्रारंभिक उदाहरण है।
Quick Facts:
- इससे पहले, 1828 में वोहलर (Wöhler) ने अमोनियम साइनेट से यूरिया बनाया था (पहला कार्बनिक संश्लेषण)।
सोडियम कार्बोनेट का सामान्य नाम क्या है?
- बेकिंग सोडा
- ब्लीचिंग पाउडर
- साधारण नमक
- वाशिंग सोडा
Explanation:
- सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) का सामान्य नाम वाशिंग सोडा (Washing soda) है (क्रिस्टलीय रूप Na₂CO₃·10H₂O)।
- बेकिंग सोडा = NaHCO₃, ब्लीचिंग पाउडर = CaOCl₂, साधारण नमक = NaCl
Quick Facts:
- वाशिंग सोडा का उपयोग कपड़े धोने, कांच, साबुन, कागज उद्योग में होता है।
रासायनिक उद्योगों में, ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग किस रूप में किया जाता है?
- एक अग्निशामक के रूप में
- एक ऑक्सीकारक के रूप में
- एक अपचायक के रूप में
- एक निर्लीकारक के रूप में
Explanation:
- ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) एक प्रबल ऑक्सीकारक (oxidizing agent) है, क्योंकि यह क्लोरीन (Cl₂) मुक्त करता है, जो ऑक्सीकरण द्वारा विरंजन (bleaching) और कीटाणुशोधन (disinfection) करता है।
- यह अपचायक (reducing agent) नहीं है।
Quick Facts:
- ऑक्सीकारक = दूसरों को ऑक्सीकृत करता है, स्वयं अपचयित होता है।
- ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग कपास, लिनन विरंजन, जल शुद्धिकरण में होता है।
वमन (vomiting) के बाद मुख को साफ करने की सलाह क्यों दी जाती है?
- निर्जलीकरण से बचने के लिए
- अम्ल को उदासीन करने और दाँत के इनेमल की रक्षा करने के लिए
- दुर्गंध दूर करने के लिए
- संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए
Explanation:
- वमन (उल्टी) में आमाशय से HCl (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) आता है, जो दाँतों के इनेमल (enamel) को क्षति पहुँचा सकता है (अम्लीय pH → इनेमल का विघटन)।
- मुख को पानी/क्षारीय विलयन (जैसे बेकिंग सोडा) से साफ करने से अम्ल उदासीन (neutralize) हो जाता है और दाँतों की सुरक्षा होती है।
Quick Facts:
- दाँत का इनेमल मुख्यतः हाइड्रॉक्सीएपेटाइट (Ca₁₀(PO₄)₆(OH)₂) से बना होता है, जो अम्ल में घुल जाता है।
नीचे दिए गए कथन पर विचार करें और सही उत्तर पहचानिए: कथन I: लवण और जल बनाने के लिए अम्ल और क्षार के बीच की अभिक्रिया को उदासीनीकरण अभिक्रिया के रूप में जाना जाता है। कथन II: एक उदासीनीकरण अभिक्रिया को इस प्रकार लिखा जा सकता है: अम्ल + क्षार → लवण + जल
- कथन I सही है, और कथन II गलत है।
- दोनों कथन गलत हैं।
- कथन II सही है, और कथन I गलत है।
- दोनों कथन सही हैं।
Explanation:
- दोनों कथन उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization reaction) की सही परिभाषा और समीकरण हैं।
- अम्ल + क्षार → लवण + जल (यही उदासीनीकरण है)।
Quick Facts:
- उदाहरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O
- यह ऊष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया है।
वाशिंग सोडा के एक अणु में जल के कितने अणु उपस्थित होते हैं?
- 8
- 7
- 9
- 10
Explanation:
- वाशिंग सोडा (Washing soda) का सूत्र Na₂CO₃·10H₂O है, जो सोडियम कार्बोनेट का डेकाहाइड्रेट (decahydrate) है।
- इसमें क्रिस्टलीकरण के जल (water of crystallization) के 10 अणु होते हैं।
Quick Facts:
- वाशिंग सोडा = Na₂CO₃·10H₂O
- जिप्सम = CaSO₄·2H₂O, POP = CaSO₄·½H₂O
लवण को पानी में घोला जाता है और इस लवण के विलयन का pH एक सार्वत्रिक सूचक पत्र से मापा जाता है। यदि विलयन का pH 7 से अधिक है, तो लवण के ______ होने की संभावना सबसे अधिक है।
- K₂CO₃
- Na₂SO₄
- KCl
- NH₄Cl
Explanation:
- pH > 7 = क्षारीय (basic) विलयन → लवण दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षार से बना होगा (जैसे कार्बोनेट, बाइकार्बोनेट)।
- K₂CO₃ (पोटेशियम कार्बोनेट) – दुर्बल अम्ल (H₂CO₃) + प्रबल क्षार (KOH) → क्षारीय लवण, pH > 7
- Na₂SO₄ (प्रबल अम्ल + प्रबल क्षार) → उदासीन, pH = 7
- KCl → उदासीन, NH₄Cl (प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षार) → अम्लीय, pH < 7
Quick Facts:
- क्षारीय लवण: Na₂CO₃, K₂CO₃, CH₃COONa (pH > 7)
- अम्लीय लवण: NH₄Cl, AlCl₃ (pH < 7)
निम्नलिखित में से कौन सा अम्ल हमारे पेट में बनता है जो पाचन में मदद करता है?
- नाइट्रिक अम्ल
- परक्लोरिक अम्ल
- सल्फ्यूरिक अम्ल
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
Explanation:
- हमारे पेट (आमाशय) में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) का स्राव होता है, जो भोजन के पाचन में सहायता करता है (प्रोटीन को पचाने वाले एंजाइम पेप्सिन को सक्रिय करता है) और बैक्टीरिया को मारता है।
- इसका pH ≈ 1-2 होता है (अत्यधिक अम्लीय)।
Quick Facts:
- HCl आमाशय की ग्रंथियों (gastric glands) द्वारा स्रावित होता है।
- एंटासिड (जैसे Mg(OH)₂) अत्यधिक अम्ल को उदासीन करते हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा बेकिंग सोडा का उपयोग नहीं है?
- ब्लीचिंग क्रिया
- एंटासिड के एक घटक के रूप में
- सोडा-अम्ल अग्निशामक में
- बेकिंग पाउडर बनाने में
Explanation:
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) एक क्षार है, जिसका उपयोग ब्लीचिंग (विरंजन) के लिए नहीं किया जाता (ब्लीचिंग के लिए ब्लीचिंग पाउडर/हाइड्रोजन पेरोक्साइड का उपयोग होता है)।
- इसका उपयोग: एंटासिड (अम्ल उदासीन करने के लिए), बेकिंग पाउडर (CO₂ मुक्त करने के लिए), अग्निशामक (CO₂ उत्पन्न करने के लिए) – ये सभी सही हैं।
Quick Facts:
- ब्लीचिंग क्रिया: CaOCl₂ (ब्लीचिंग पाउडर) या H₂O₂ द्वारा की जाती है।
निम्न में से किस संयोजन से केवल लवण और जल ही प्राप्त होगा?
- सल्फ्यूरिक अम्ल और पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड और ऑक्सीजन
- नाइट्रिक अम्ल और कार्बन डाइऑक्साइड
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और कैल्शियम कार्बोनेट
Explanation:
- सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) + पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड (KOH) → उदासीनीकरण अभिक्रिया से लवण (K₂SO₄) और जल (H₂O) बनते हैं।
- अन्य: NaOH + O₂ → कोई अभिक्रिया नहीं (या नमक नहीं), HNO₃ + CO₂ → कोई अभिक्रिया नहीं, HCl + CaCO₃ → CaCl₂ + H₂O + CO₂ (CO₂ भी बनती है, केवल लवण+जल नहीं)।
Quick Facts:
- 2KOH + H₂SO₄ → K₂SO₄ + 2H₂O
अम्ल-क्षारक अभिक्रियाओं में निम्नलिखित में से क्या प्राण सूचक (olfactory indicator) के रूप में कार्य करता है?
- हल्दी क्षारकों में नीली हो जाती है
- फीनॉलफ्थेलिन अम्लों में गुलाबी हो जाता है
- मेथिल ऑरेंज क्षारकों में गंध उत्पन्न करता है
- प्याज का अर्क (extract) क्षारकों में गंध बदल देता है
Explanation:
- प्राण सूचक (Olfactory indicator) – जिनकी गंध (smell) अम्ल या क्षार में बदल जाती है।
- प्याज का अर्क (onion extract), वैनिला एसेंस, लौंग का तेल – ये प्राण सूचक हैं।
- हल्दी (रंग सूचक), फिनॉलफ्थेलिन/मेथिल ऑरेंज (रंग सूचक) – ये प्राण सूचक नहीं हैं।
Quick Facts:
- क्षारीय माध्यम में प्याज की गंध कम या समाप्त हो जाती है (या बदल जाती है)।
कास्टिक सोडा का उपयोग सामान्यतः _____ में नहीं किया जाता है।
- अमोनिया निर्माण
- डिटर्जेंट उद्योग
- कपड़ा उद्योग
- कागज एवं लुगदी उद्योग
Explanation:
- NaOH (कास्टिक सोडा) का उपयोग डिटर्जेंट, कपड़ा, कागज उद्योगों में होता है।
- अमोनिया (NH₃) का निर्माण ‘हैबर प्रक्रिया’ (Haber process) द्वारा N₂ और H₂ से होता है, जिसमें NaOH का उपयोग नहीं होता (इसमें लोहा (Fe) उत्प्रेरक के रूप में प्रयुक्त होता है)।
Quick Facts:
- हैबर प्रक्रिया: N₂ + 3H₂ ⇌ 2NH₃ (उच्च दाब, ताप, Fe उत्प्रेरक)
- NaOH का उपयोग साबुन (साबुनीकरण), रेयॉन, कागज, पेट्रोलियम शोधन में होता है।
pH मान 7 से बढ़कर 14 हो जाता है, यह _____ को दर्शाता है।
- अम्लीय और उदासीन विलयन दोनों
- अम्लीय विलयन
- उदासीन विलयन
- क्षारीय विलयन
Explanation:
- pH पैमाना 0-14: pH 7 = उदासीन, pH < 7 = अम्लीय, pH > 7 = क्षारीय (basic)।
- pH 7 → 14 तक जाना = क्षारीयता (basic nature) में वृद्धि, अर्थात क्षारीय विलयन।
Quick Facts:
- pH 0 → अत्यधिक अम्लीय, pH 14 → अत्यधिक क्षारीय
ताजे ब्राइन विलयन के विद्युत अपघटन के दौरान कैथोड पर कौन-सा आयन अपचयित होता है?
- Na⁺
- OH⁻
- H⁺
- Cl⁻
Explanation:
- ब्राइन (NaCl + H₂O) के विद्युत अपघटन (electrolysis) में:
- कैथोड (ऋणात्मक इलेक्ट्रोड) पर H⁺ (जल से) आयन अपचयित (reduced) होकर H₂ गैस बनाता है: 2H⁺ + 2e⁻ → H₂
- Na⁺ भी उपस्थित है, पर H⁺ की अपचयन विभव (reduction potential) अधिक होने के कारण H⁺ अपचयित होता है (Na⁺ नहीं) – यह Na-amalgam (पारा कैथोड) के मामले में हो सकता है, पर सामान्यतः H⁺ अपचयित होता है।
- Cl⁻ एनोड पर ऑक्सीकृत (oxidized) होता है (Cl₂ बनता है)।
Quick Facts:
- कैथोड: अपचयन (reduction), एनोड: ऑक्सीकरण (oxidation)
- क्लोर-क्षार प्रक्रिया में: कैथोड पर H₂, एनोड पर Cl₂, विलयन में NaOH बनता है।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही/गलत है? A. एक अम्ल जो जल में पूरी तरह से आयनित होता है और बड़ी संख्या में H⁺ आयन उत्पन्न करता है। उदाहरण के लिए HCl, H₂SO₄, HNO₃ B. एक अम्ल जो जल में आंशिक रूप से आयनित होता है और कम संख्या में H⁺ आयन उत्पन्न करता है। उदाहरण के लिए CH₃COOH, H₂CO₃, H₂SO₃
- A और B दोनों सत्य हैं
- केवल B सत्य है
- A और B दोनों असत्य हैं
- केवल A सत्य है
Explanation:
- कथन A: प्रबल अम्ल (strong acids) जल में पूर्णतः आयनित (fully ionized) होते हैं – HCl, H₂SO₄, HNO₃ (सत्य)
- कथन B: दुर्बल अम्ल (weak acids) आंशिक रूप से आयनित (partially ionized) होते हैं – CH₃COOH, H₂CO₃, H₂SO₃ (सत्य)
Quick Facts:
- प्रबल अम्ल: pH कम, H⁺ सांद्रता अधिक
- दुर्बल अम्ल: pH अधिक (3-5), H⁺ सांद्रता कम
नींबू, सिरका और दही जैसे खाद्य पदार्थों में खट्टे स्वाद का मुख्य कारण क्या है?
- क्षारक
- अम्ल
- क्षाराभ
- लवण
Explanation:
- खट्टे (sour) स्वाद का कारण अम्ल (acids) होते हैं (जैसे नींबू में साइट्रिक अम्ल, सिरका में एसिटिक अम्ल, दही में लैक्टिक अम्ल)।
- क्षार (bases) कड़वे (bitter) होते हैं, लवण (salts) नमकीन/उदासीन।
Quick Facts:
- अम्ल: खट्टा, H⁺ आयन देता है
- क्षार: कड़वा, OH⁻ आयन देता है
तेजी से खाना पकाने के लिए किस यौगिक का उपयोग किया जाता है?
- NaOH
- NaHCO₃
- Na₂CO₃
- CaOCl₂
Explanation:
- NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) का उपयोग तेजी से खाना पकाने (quick cooking) और बेकिंग (baking) में किया जाता है, क्योंकि यह गर्म करने पर CO₂ गैस मुक्त करता है, जिससे आटा/बैटर फूलता है (खमीर उठना – leavening)।
- NaOH – कास्टिक (खाने में नहीं), Na₂CO₃ – वाशिंग सोडा (सफाई), CaOCl₂ – ब्लीचिंग पाउडर (विरंजन)।
Quick Facts:
- बेकिंग पाउडर = NaHCO₃ + तीव्र अम्ल (जैसे टारटरिक अम्ल)
- 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + CO₂ + H₂O (गर्म करने पर)
मिल्क ऑफ मैग्नीशिया का pH लगभग _____ होता है।
- 10.4
- 13.2
- 4.7
- 2.9
Explanation:
- मिल्क ऑफ मैग्नीशिया (Milk of Magnesia) = Mg(OH)₂, एक दुर्बल क्षार (weak base) है, जिसका pH लगभग 10.4 होता है (इसका उपयोग एंटासिड के रूप में होता है)।
- NaOH (प्रबल क्षार) का pH ≈ 13-14, NH₄OH ≈ 11, अम्ल (जठर रस) ≈ 1-2।
Quick Facts:
- मिल्क ऑफ मैग्नीशिया = Mg(OH)₂ का जलीय निलंबन (aqueous suspension)
- यह अम्ल को उदासीन करता है: Mg(OH)₂ + 2HCl → MgCl₂ + 2H₂O
निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प ऐसे लवण का उदाहरण है, जो 7 से कम pH का एक जलीय विलयन देता है?
- सोडियम कार्बोनेट
- सोडियम क्लोराइड
- अमोनियम क्लोराइड
- सोडियम बाइकार्बोनेट
Explanation:
- pH < 7 (अम्लीय) → लवण प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षार से बना होता है।
- NH₄Cl (अमोनियम क्लोराइड) – प्रबल अम्ल (HCl) + दुर्बल क्षार (NH₄OH) → अम्लीय लवण, pH < 7
- Na₂CO₃, NaHCO₃ → pH > 7 (क्षारीय), NaCl → pH = 7 (उदासीन)
Quick Facts:
- NH₄Cl + H₂O ⇌ NH₄OH + HCl (हाइड्रोलिसिस → अम्लीय माध्यम)
शुष्क Ca(OH)₂ पर क्लोरीन की क्रिया से निम्नलिखित में से कौन सा उत्पाद बनता है?
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- कैल्शियम क्लोराइड
- ब्लीचिंग पाउडर
- कैल्शियम कार्बोनेट
Explanation:
- शुष्क Ca(OH)₂ (बुझा चूना) पर Cl₂ गैस की क्रिया से ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) बनता है।
- Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
Quick Facts:
- ब्लीचिंग पाउडर = कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड
निम्नलिखित में से कौन सा वाशिंग सोडा का उपयोग नहीं है? i. कांच, साबुन और कागज का निर्माण ii. घरेलू प्रयोजनों के लिए सफाई कारक के रूप में iii. पानी की स्थायी कठोरता को दूर करने के लिए iv. केक पकाना
- ii
- iv
- iii
- i
Explanation:
- वाशिंग सोडा (Na₂CO₃·10H₂O) का उपयोग:
- i. कांच, साबुन, कागज निर्माण – सही
- ii. घरेलू सफाई – सही (सफाई एजेंट के रूप में)
- iii. जल की स्थायी कठोरता (permanent hardness) को दूर करना – सही (यह Ca²⁺, Mg²⁺ को अवक्षेपित करता है)
- iv. केक पकाना – यह बेकिंग सोडा (NaHCO₃) का उपयोग है, वाशिंग सोडा का नहीं।
Quick Facts:
- वाशिंग सोडा: Na₂CO₃·10H₂O, बेकिंग सोडा: NaHCO₃
इनमें से कौन-सा अम्ल मुख्य रूप से सिरके में मौजूद होता है?
- सिट्रिक अम्ल
- ऑक्सैलिक अम्ल
- टारटरिक अम्ल
- एसीटिक अम्ल
Explanation:
- सिरका (Vinegar) में मुख्य रूप से एसिटिक अम्ल (Acetic acid, CH₃COOH) होता है, जिसकी सांद्रता 5-8% होती है।
- सिट्रिक अम्ल – नींबू, ऑक्सैलिक – पालक/टमाटर, टारटरिक – इमली/अंगूर
Quick Facts:
- सिरका का उपयोग खाना पकाने, परिरक्षक, सफाई में होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा क्षार क्रिस्टलीकरण में पानी नहीं रखता है?
- बेकिंग सोडा
- ब्लू विट्रियल
- वाशिंग सोडा
- जिप्सम
Explanation:
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) में क्रिस्टलीकरण का जल (water of crystallization) नहीं होता है (यह एक शुष्क (anhydrous) यौगिक है)।
- ब्लू विट्रियल (CuSO₄·5H₂O) – 5 जल, वाशिंग सोडा (Na₂CO₃·10H₂O) – 10 जल, जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) – 2 जल – सभी में जल होता है।
Quick Facts:
- क्रिस्टलीकरण का जल: क्रिस्टल जालक (crystal lattice) में बंधे जल के अणु।
लिटमस एक प्राकृतिक अम्ल-क्षार सूचक है जो किससे निकाला जाता है?
- हल्दी
- गुलाब की पंखुड़ियाँ
- लेमन ग्रास
- लाइकेन
Explanation:
- लिटमस (Litmus) एक प्राकृतिक अम्ल-क्षार सूचक है, जो लाइकेन (Lichen) नामक सहजीवी (symbiotic) पौधे (शैवाल + कवक) से निकाला जाता है।
- इसका उपयोग लाल/नीले लिटमस पेपर के रूप में किया जाता है।
Quick Facts:
- लिटमस अम्ल में लाल, क्षार में नीला होता है।
- हल्दी (turmeric) भी एक प्राकृतिक सूचक है, पर वह क्षार में लाल हो जाती है।
यदि किसी लवण का pH मान 7 है, तो यह लवण ______ है।
- प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार
- प्रबल अम्ल और प्रबल क्षार
- दुर्बल अम्ल और दुर्बल क्षार
- दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार
Explanation:
- pH = 7 (उदासीन, neutral) लवण प्रबल अम्ल (Strong acid) + प्रबल क्षार (Strong base) से बनता है (जैसे NaCl, KNO₃)।
- प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षार → pH < 7 (अम्लीय)
- दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षार → pH > 7 (क्षारीय)
Quick Facts:
- NaCl (सोडियम क्लोराइड) का pH = 7
निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक प्लास्टर ऑफ पेरिस बनाने के लिए कच्चे माल के रूप में प्रयोग किया जाता है?
- Na₂CO₃·10H₂O
- CaSO₄·2H₂O
- CuSO₄·2H₂O
- MgSO₄·2H₂O
Explanation:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) बनाने के लिए कच्चा माल जिप्सम (CaSO₄·2H₂O, कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट) है, जिसे गर्म करके POP (CaSO₄·½H₂O) बनाया जाता है।
- Na₂CO₃·10H₂O = वाशिंग सोडा, CuSO₄·2H₂O = कॉपर सल्फेट, MgSO₄·2H₂O = मैग्नीशियम सल्फेट
Quick Facts:
- POP = कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (CaSO₄·½H₂O)
जब किसी विलयन में H⁺ और OH⁻ आयनों की संख्या समान होती है, तो विलयन का pH क्या होता है?
- pH < 3
- pH > 3 लेकिन < 5
- pH = 7
- pH > 12
Explanation:
- जब [H⁺] = [OH⁻] होती है, तो विलयन उदासीन (neutral) होता है, और 25°C पर pH = 7 होता है।
- यह शुद्ध जल की स्थिति है (H₂O ⇌ H⁺ + OH⁻)।
Quick Facts:
- pH = 7 → [H⁺] = [OH⁻] = 10⁻⁷ M
निम्नलिखित में से कौन सा कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट से बना एक नरम निर्जलीकरण खनिज है जो व्यापक रूप से वॉलबोर्ड बनाने के लिए उपयोग किया जाता है जिसका उपयोग दीवारों और छत को आच्छादित करने के लिए किया जाता है?
- चूना पत्थर
- जिप्सम
- डोलोमाइट
- बैराइट
Explanation:
- जिप्सम (Gypsum, CaSO₄·2H₂O) एक नरम (soft) निर्जलीकरण (dehydrated) खनिज है, जिसका उपयोग वॉलबोर्ड (wallboard, drywall) – दीवारों और छतों को ढकने के लिए किया जाता है।
- चूना पत्थर (CaCO₃), डोलोमाइट (CaMg(CO₃)₂), बैराइट (BaSO₄) – ये अन्य खनिज हैं।
Quick Facts:
- जिप्सम का उपयोग प्लास्टर ऑफ पेरिस, सीमेंट (सीमेंट में retarder), उर्वरक में होता है।
प्रबल अम्ल और प्रबल क्षार के लवणों का pH मान होता है:
- 0
- 7
- 7 से अधिक
- 7 से कम
Explanation:
- प्रबल अम्ल + प्रबल क्षार → उदासीन (neutral) लवण, pH = 7 (जैसे NaCl, K₂SO₄)
Quick Facts:
- उदासीन लवण: NaCl, Na₂SO₄, KNO₃
मेथेन की क्लोरीन के साथ प्रतिस्थापन अभिक्रिया के लिए कौन-सा प्रतिबंध आवश्यक है?
- अम्लीय माध्यम
- ऊष्मा
- विद्युत धारा
- सूर्य का प्रकाश
Explanation:
- मेथेन (CH₄) की क्लोरीन (Cl₂) के साथ प्रतिस्थापन अभिक्रिया (substitution reaction) सूर्य के प्रकाश (sunlight) में होती है (प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया, photochemical reaction), जिसमें H परमाणु Cl परमाणु द्वारा प्रतिस्थापित (substituted) होते हैं।
- CH₄ + Cl₂ → CH₃Cl + HCl (प्रकाश में, क्रमिक प्रतिस्थापन)
Quick Facts:
- इसे ‘हैलोजनीकरण’ (halogenation) कहते हैं, जो प्रकाश (UV) में होता है।
- प्रकाश की अनुपस्थिति में, अभिक्रिया नहीं होती (या बहुत धीमी होती है)।
प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक नाम क्या है?
- कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट
- कैल्शियम एसीटेट
- कैल्शियम कार्बोनेट
- कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट
Explanation:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) का रासायनिक नाम कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (Calcium sulphate hemihydrate) है, सूत्र CaSO₄·½H₂O
- कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट = जिप्सम (CaSO₄·2H₂O)
Quick Facts:
- POP + जल → जिप्सम (सेट होने पर)
- CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O → CaSO₄·2H₂O
जलीय विलयन में, अम्ल और क्षारक क्या उत्पन्न करते हैं?
- क्रमशः Li⁺ आयन और CO₃²⁻ आयन
- क्रमशः Na⁺ आयन और CO₃²⁻ आयन
- क्रमशः H⁺ आयन और OH⁻ आयन
- क्रमशः K⁺ आयन और CO₃²⁻ आयन
Explanation:
- आरेनियस (Arrhenius) परिभाषा के अनुसार:
- अम्ल (Acid): जल में H⁺ (हाइड्रोजन) आयन देता है (HCl → H⁺ + Cl⁻)
- क्षार (Base): जल में OH⁻ (हाइड्रॉक्साइड) आयन देता है (NaOH → Na⁺ + OH⁻)
Quick Facts:
- ब्रॉन्स्टेड-लोरी परिभाषा: अम्ल = H⁺ दाता, क्षार = H⁺ स्वीकर्ता
निम्नलिखित में से क्या क्षार के बारे में सत्य नहीं है?
- स्वाद में कड़वे होते हैं।
- नीले लिटमस को लाल में परिवर्तित कर देते हैं।
- जलीय माध्यम/तरल अवस्था में OH⁻ का निर्माण करते हैं।
- जलीय अवस्था में विद्युत के सुचालक होते हैं।
Explanation:
- क्षार (Bases) लाल लिटमस को नीला करते हैं, नीले लिटमस को लाल नहीं (यह गुण अम्लों का है)।
- अन्य: कड़वा स्वाद, OH⁻ आयन, विद्युत चालकता – ये सभी क्षारों के सही गुण हैं।
Quick Facts:
- अम्ल: नीला लिटमस → लाल; क्षार: लाल लिटमस → नीला
बोरेक्स जैसे सोडियम घटकों के निर्माण में निम्नलिखित में से किसका उपयोग किया जाता है?
- वाशिंग सोडा
- फिनोल
- ट्राइपोटेशियम फॉस्फेट
- ब्लीचिंग पाउडर
Explanation:
- बोरेक्स (Na₂B₄O₇·10H₂O) के निर्माण में सोडियम स्रोत के रूप में वाशिंग सोडा (Na₂CO₃·10H₂O) का उपयोग किया जाता है।
Quick Facts:
- बोरेक्स बनाने की विधि: बोरिक अम्ल (H₃BO₃) + वाशिंग सोडा → बोरेक्स
उदासीनीकरण अभिक्रिया की प्रक्रिया में मुख्य उत्पाद क्या हैं?
- CO₂ और नमक
- H₂O और नमक
- O₂ और नमक
- N₂ और नमक
Explanation:
- उदासीनीकरण (Neutralization) = अम्ल + क्षार → लवण (Salt) + जल (Water, H₂O)
Quick Facts:
- उदाहरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O
अम्ल और क्षार दोनों के साथ प्रतिक्रिया करके लवण और जल बनाने वाले धात्विक ऑक्साइड को क्या कहते हैं?
- उभयधर्मी ऑक्साइड
- अमीनो ऑक्साइड
- तटस्थ ऑक्साइड
- नाइट्रो ऑक्साइड
Explanation:
- ऑक्साइड जो अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं, उभयधर्मी ऑक्साइड (Amphoteric oxides) कहलाते हैं।
- उदाहरण: ZnO, Al₂O₃, PbO, SnO
- ZnO + 2HCl → ZnCl₂ + H₂O (अम्ल के साथ); ZnO + 2NaOH → Na₂ZnO₂ + H₂O (क्षार के साथ)
Quick Facts:
- अम्लीय ऑक्साइड: CO₂, SO₂ (क्षार के साथ अभिक्रिया)
- क्षारीय ऑक्साइड: Na₂O, CaO (अम्ल के साथ अभिक्रिया)
- उभयधर्मी: ZnO, Al₂O₃
एक प्रयोगशाला में एक छात्र ने किसी विलयन का pH मान 10 नोट किया। निम्नलिखित में से कौन सा कथन विलयन के बारे में सही है?
- विलयन अम्लीय है जिसमें हाइड्रॉक्साइड आयन की सांद्रता अधिक है।
- विलयन अम्लीय है जिसमें हाइड्रोजन आयन की सांद्रता अधिक है।
- विलयन क्षारीय है जिसमें हाइड्रोजन आयन की सांद्रता अधिक है।
- विलयन क्षारीय है जिसमें हाइड्रॉक्साइड आयन की सांद्रता अधिक है।
Explanation:
- pH = 10 (> 7) ⇒ विलयन क्षारीय (basic) है।
- क्षारीय विलयन में [OH⁻] (हाइड्रॉक्साइड आयन) > [H⁺] (हाइड्रोजन आयन) होता है, इसलिए OH⁻ की सांद्रता अधिक होती है।
- pH = 10 → [OH⁻] = 10⁻⁴ M, [H⁺] = 10⁻¹⁰ M
Quick Facts:
- pH = 10 का अर्थ है दुर्बल क्षारीय (या मध्यम क्षारीय) विलयन।
