SCIENCE
निम्न में से कौन सा, दो कार्बन वाला अणु है?
- लैक्टिक अम्ल
- एथेनॉल
- पाइरुविक अम्ल
- ग्लूकोज
Explanation :
- एथेनॉल (C₂H₅OH) में 2 कार्बन परमाणु होते हैं।
- लैक्टिक अम्ल (C₃H₆O₃) → 3 कार्बन, पाइरुविक अम्ल (C₃H₄O₃) → 3 कार्बन, ग्लूकोज (C₆H₁₂O₆) → 6 कार्बन।
- Extra Fact: एथेनॉल को एथिल अल्कोहल भी कहा जाता है। यह मादक पेयों, हैंड सैनिटाइज़र और ईंधन (गैसोहोल) में उपयोग होता है।
- C₂H₅OH
कार्बन यौगिकों के संदर्भ में, ‘शाखित श्रृंखला’ संरचना की क्या विशेषता है?
- कार्बन परमाणु चार अलग-अलग परमाणुओं से बंधे होते हैं।
- कार्बन परमाणु एक सतत, सीधी रेखा में व्यवस्थित होते हैं।
- कार्बन परमाणु एक बंद लय संरचना बनाते हैं।
- कार्बन परमाणु मुख्य कार्बन श्रृंखला से जुड़े होते हैं और पार्श्व समूह बनाते हैं।
Explanation :
- शाखित श्रृंखला में मुख्य कार्बन श्रृंखला से एक या अधिक पार्श्व समूह (alkyl groups) जुड़े होते हैं।
- उदाहरण: आइसोब्यूटेन (2-मिथाइलप्रोपेन) — मुख्य श्रृंखला 3 कार्बन की, एक CH₃ पार्श्व समूह।
- Extra Fact: शाखित श्रृंखला वाले यौगिकों का क्वथनांक उनके सीधी श्रृंखला वाले समावयवियों से कम होता है।
कार्बन का वह विशिष्ट लक्षण क्या है, जो इसके अधिक संख्या में कार्बनिक यौगिकों के निर्माण का कारण बनता है?
- केवल चतुसंयोजकता
- विलेयता
- चतुसंयोजकता (tetravalency) और श्रृंखलन दोनों
- केवल श्रृंखलन
Explanation :
- कार्बन की चतुसंयोजकता (4 बंध बनाने की क्षमता) और श्रृंखलन (C-C बंध बनाने की क्षमता) दोनों मिलकर लाखों कार्बनिक यौगिकों का निर्माण करते हैं।
- यदि केवल चतुसंयोजकता होती, तो केवल CH₄ जैसे सरल यौगिक बनते; श्रृंखलन ही लंबी श्रृंखलाएँ व वलय बनाता है।
- Extra Fact: कार्बन के अलावा सिलिकन भी श्रृंखलन दिखाता है, पर उसके बंध कार्बन से कम स्थायी होते हैं।
तत्वों के परमाणु द्रव्यमान की तुलना एक मानक संदर्भ के साथ की जाती है। कार्बन-12 को मुख्य रूप से परमाणु द्रव्यमान इकाई के लिए मानक के रूप में चुना गया था क्योंकि ________।
- कार्बन प्रकृति में अत्यधिक प्रचुर मात्रा में विद्यमान है
- कार्बन तत्वों के साथ बहुत कम रासायनिक अभिक्रियाशीलता दर्शाता है
- कार्बन-12 पूर्ण संख्या के निकट परमाणु द्रव्यमान देता है
- कार्बन बड़ी संख्या में यौगिक बनाने में सक्षम है
Explanation :
- कार्बन-12 (¹²C) का परमाणु द्रव्यमान 12.0000 u (पूर्णांक) है, जिससे अन्य तत्वों के परमाणु द्रव्यमान की तुलना आसान होती है।
- 1 u = ¹⁄₁₂ × (¹²C परमाणु का द्रव्यमान)
- Extra Fact: पहले ऑक्सीजन-16 को मानक माना जाता था, पर बाद में कार्बन-12 को चुना गया क्योंकि यह अधिक सटीक और सुविधाजनक है।
दिए गए विकल्प में से निम्नलिखित में से कौन सही रूप से मेल नहीं खाता है?
- एल्डिहाइडः -OH
- एमाइडः -CONH₂
- ऐमीनः -NH₂
- कार्बोक्सिलिक अम्लः -COOH
Explanation :
- एल्डिहाइड का क्रियात्मक समूह -CHO (कार्बोनिल + H) होता है, -OH नहीं।
- -OH समूह ऐल्कोहॉल का क्रियात्मक समूह है।
- Extra Fact: एल्डिहाइड का सामान्य सूत्र R-CHO होता है, जबकि कीटोन का R-CO-R’।
बेंजीन की संरचना में कितने द्विबंध हैं?
- 4
- 3
- 2
- 1
Explanation :
- बेंजीन (C₆H₆) में 6 कार्बन परमाणु एक षट्कोणीय वलय में व्यवस्थित हैं।
- इसमें 3 द्विबंध और 3 एकल बंध होते हैं, पर वे अनुनाद (resonance) के कारण स्थानांतरित होते रहते हैं — अतः सभी C-C बंधों की लंबाई समान होती है।
- Extra Fact: बेंजीन एक सुगंधित यौगिक है और इसका सूत्र C₆H₆ होता है। इसकी खोज माइकल फैराडे ने 1825 में की थी।
ऐल्केन संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं, जिनमें दो कार्बन परमाणुओं के बीच एक आबंध पाया जाता है। जिनका सामान्य सूत्र क्या है?
- CₙH₂ₙ₊₂
- CₙH₂ₙ₊₁
- CₙH₂ₙ₋₁
- CₙH₂ₙ
Explanation :
- ऐल्केन (संतृप्त हाइड्रोकार्बन) का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂ है।
- उदाहरण: मेथेन (CH₄) → n=1, C₁H₂×₁₊₂ = CH₄; एथेन (C₂H₆) → n=2, C₂H₆
- Extra Fact: ऐल्केन सीधी श्रृंखला (normal) और शाखित दोनों रूपों में पाए जाते हैं। शाखित ऐल्केनों का क्वथनांक कम होता है।
एथेनोइक अम्ल अल्कोहल के साथ अभिक्रिया करके कौन सा यौगिक बनाता है?
- एस्टर (Esters)
- ऐल्कोहॉल (Alcohols)
- कीटोन (Ketone)
- एल्डिहाइड (Aldehyde)
Explanation :
- कार्बोक्सिलिक अम्ल + ऐल्कोहॉल → एस्टर + पानी (एस्टरीकरण अभिक्रिया)
- उदाहरण: एथेनोइक अम्ल (CH₃COOH) + एथेनॉल (C₂H₅OH) → एथिल एथेनोएट (CH₃COOC₂H₅) + H₂O
- Extra Fact: एस्टर में फलों जैसी सुगंध होती है, इसलिए इनका उपयोग सुगंध (perfumes) और फ्लेवरिंग में होता है।
- CH₃COOH + C₂H₅OH ⇌ CH₃COOC₂H₅ + H₂O
________ में कार्बोनिल समूह नहीं है।
- एल्डिहाइड
- कार्बोक्सिल अम्ल
- कीटोन
- इथेनॉल
Explanation :
- कार्बोनिल समूह (C=O) एल्डिहाइड (-CHO), कीटोन (-CO-), और कार्बोक्सिलिक अम्ल (-COOH) में उपस्थित होता है।
- इथेनॉल (C₂H₅OH) एक ऐल्कोहॉल है — इसमें -OH (हाइड्रॉक्सिल) समूह है, कार्बोनिल नहीं।
- Extra Fact: ऐल्कोहॉल को कार्बोनिल यौगिकों के अपचयन (reduction) से बनाया जा सकता है।
जब सान्द सल्फ्यूरिक अम्ल की कुछ बूंदों की उपस्थिति में गर्म करने पर एथेनॉल, एथेनोइक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है, तो क्या बनता है?
- ईथीन
- एस्टर
- ईथेन
- सोडियम ईथोक्साइड
Explanation :
- यह एस्टरीकरण अभिक्रिया है — एथेनोइक अम्ल + एथेनॉल (सांद्र H₂SO₄ उत्प्रेरक) → एथिल एथेनोएट (एस्टर) + पानी
- सांद्र H₂SO₄ निर्जलीकरण एजेंट (dehydrating agent) के रूप में कार्य करता है।
- Extra Fact: एस्टर की सुगंध फलों जैसी होती है — एथिल एथेनोएट की गंध केले या सेब जैसी होती है।
निम्नलिखित में से कौन सा विभिन्न रूपों में मौजूद हो सकता है?
- सिलिकन
- पोटेशियम
- कार्बन
- मैग्नीशियम
Explanation :
- अपररूपता (Allotropy) — किसी तत्व का विभिन्न भौतिक रूपों में पाया जाना।
- कार्बन के प्रमुख अपररूप: हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन (C₆₀), कार्बन नैनोट्यूब।
- Extra Fact: सिलिकन भी अपररूप दिखाता है (क्रिस्टलीय व अक्रिस्टलीय), पर कार्बन सर्वाधिक अपररूपों वाला तत्व है।
चींटी के काटने से उत्पन्न फॉर्मिक एसिड के प्रभाव को बेअसर करने के लिए निम्नलिखित में से किसका उपयोग किया जा सकता है?
- कैल्शियम कार्बोनेट
- पोटेशियम कार्बोनेट
- सोडियम कार्बोनेट
- सोडियम बाईकार्बोनेट
Explanation :
- चींटी के काटने से फॉर्मिक अम्ल (HCOOH) निकलता है, जो अम्लीय होता है।
- सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃) एक क्षार है — यह अम्ल को उदासीन (neutralize) करता है।
- Extra Fact: बिच्छू के डंक में मैलिक अम्ल होता है; मधुमक्खी के डंक में मेलिटिन (प्रोटीन विष) होता है, पर इसमें भी अम्लीय घटक होते हैं।
- HCOOH + NaHCO₃ → HCOONa + H₂O + CO₂
यौगिक C₆H₁₀ का अगला समजातीय श्रेणी सदस्य क्या होगा?
- C₇H₁₄
- C₇H₁₂
- C₇H₁₀
- C₇H₁₆
Explanation :
- C₆H₁₀ का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₋₂ है — यह ऐल्काइन (alkyne) या द्विबंध-युक्त वलयीय यौगिक हो सकता है।
- समजातीय श्रेणी में अगला सदस्य CH₂ जोड़ने पर बनता है: C₆H₁₀ → C₇H₁₂
- Extra Fact: ऐल्काइनों का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₋₂ होता है — एथाइन (C₂H₂), प्रोपाइन (C₃H₄), …
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, कार्बन के अपररूपों (allotropes) का सर्वोत्तम वर्णन करता है?
- ये कार्बन के विभिन्न समस्थानिक हैं जिनमें न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न-भिन्न होती है।
- ये कार्बन के समावयवी हैं, जिनका आणविक सूत्र समान लेकिन संरचना भिन्न होती है।
- ये विभिन्न तत्वों के साथ कार्बन द्वारा निर्मित यौगिक हैं।
- ये कार्बन के विभिन्न संरचनात्मक रूप हैं जिनके भौतिक गुणधर्म भिन्न लेकिन रासायनिक गुणधर्म समान होते हैं।
Explanation :
- अपररूप (Allotropes) — एक ही तत्व के विभिन्न संरचनात्मक रूप।
- भौतिक गुण (घनत्व, कठोरता, रंग, चालकता) भिन्न होते हैं, पर रासायनिक गुण (अभिक्रियाशीलता) समान होते हैं।
- Extra Fact: हीरा सबसे कठोर, ग्रेफाइट विद्युत चालक, फुलरीन गोलाकार संरचना वाला होता है।
एथीन (C₂H₂) का मोलर द्रव्यमान क्या है?
- 25u
- 28u
- 30u
- 26u
Explanation :
- एथीन (C₂H₂) = 2×12 (C) + 2×1 (H) = 24 + 2 = 26 u
- ध्यान दें: प्रश्न में एथीन लिखा है, जो एथाइन (C₂H₂) का ही दूसरा नाम है — यह एक ऐल्काइन है।
- Extra Fact: एथाइन को एसिटिलीन भी कहा जाता है — इसका उपयोग वेल्डिंग और फलों को पकाने (एथिलीन के साथ भ्रमित न करें) में होता है।
- C₂H₂ = 2(12) + 2(1) = 26 u
रसोई गैस (LPG) में मुख्य रूप से क्या शामिल है?
- एथीन
- एथाइन
- प्रोपीन
- प्रोपेन और ब्यूटेन
Explanation :
- LPG (Liquefied Petroleum Gas) में मुख्यतः प्रोपेन (C₃H₈) और ब्यूटेन (C₄H₁₀) होते हैं।
- इन्हें दबाव में तरलीकृत किया जाता है — जिससे ये सिलिंडर में स्टोर हो सकें।
- Extra Fact: LPG में गंध पहचान के लिए मर्कैप्टन (एथिल मर्कैप्टन) मिलाया जाता है, ताकि गैस रिसाव का पता चल सके।
दो या दो से अधिक रूपों में किसी तत्व का होना जिसमें भौतिक गुण भिन्न लेकिन रासायनिक गुण समान होते है वह क्या कहलाता है?
- शृंखला
- ऐल्काइन
- अपररूपता
- ऐल्केन
Explanation :
- इस गुण को अपररूपता (Allotropy) कहते हैं।
- उदाहरण: कार्बन के अपररूप — हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन।
- Extra Fact: सल्फर के भी अपररूप हैं (गंधक, मोनोक्लिनिक, प्लास्टिक सल्फर)। ऑक्सीजन के O₂ (ऑक्सीजन) और O₃ (ओजोन) अपररूप हैं।
इनमें से किसका उपयोग पेट्रोल के साथ कारों में ईंधन के रूप में किया जाता है?
- मीथेन
- इथेनॉल
- ब्यूटेन
- ईथेन
Explanation :
- इथेनॉल (C₂H₅OH) को गैसोहोल (पेट्रोल + इथेनॉल) के रूप में मिश्रित किया जाता है।
- भारत में E20 (20% इथेनॉल + 80% पेट्रोल) को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- Extra Fact: इथेनॉल नवीकरणीय (गन्ना, मक्का से) है और कार्बन उत्सर्जन कम करता है। ब्राज़ील में E100 (शुद्ध इथेनॉल) भी उपयोग होता है।
निम्नलिखित में से किसमें शाखित-श्रृंखला हाइड्रोकार्बन है?
- ब्यूटेन
- एथेन
- प्रोपेन
- आइसोब्यूटेन
Explanation :
- आइसोब्यूटेन (2-मिथाइलप्रोपेन) — C₄H₁₀ का एक शाखित समावयवी है, जबकि ब्यूटेन सीधी श्रृंखला वाला है।
- एथेन (C₂H₆) और प्रोपेन (C₃H₈) में शाखन संभव नहीं (बहुत छोटे)।
- Extra Fact: शाखित हाइड्रोकार्बन का क्वथनांक सीधी श्रृंखला वाले समावयवी से कम होता है (आइसोब्यूटेन का क्वथनांक −12°C, ब्यूटेन का −0.5°C)।
निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे छोटा ऐल्केन है, जो एक स्थिर वलय बना सकता है?
- एथेन (Ethane)
- प्रोपेन (Propane)
- मेथेन (Methane)
- साइक्लोप्रोपेन (Cyclopropane)
Explanation :
- साइक्लोप्रोपेन (C₃H₆) सबसे छोटा वलयीय ऐल्केन है — इसमें 3 कार्बन का वलय होता है।
- एथेन (C₂H₆) व मेथेन (CH₄) वलय नहीं बना सकते (2 से कम कार्बन)।
- Extra Fact: साइक्लोप्रोपेन में वलय प्रतिबल (ring strain) होता है क्योंकि बंध कोण 60° (आदर्श 109.5° से बहुत कम) होते हैं — यह अस्थिर और अभिक्रियाशील होता है।
कार्बन युक्त कार्बन-कार्बन द्वि-आबंध वाले यौगिकों को कैसे रूप में जाना जाता है?
- ऐल्काइन
- ऐल्केन
- संतृप्त यौगिक
- असंतृप्त यौगिक
Explanation :
- C=C (द्विबंध) या C≡C (त्रिबंध) वाले यौगिक असंतृप्त कहलाते हैं।
- ऐल्केन (एकल बंध) → संतृप्त; ऐल्कीन (द्विबंध) → असंतृप्त; ऐल्काइन (त्रिबंध) → असंतृप्त।
- Extra Fact: असंतृप्त यौगिक हाइड्रोजनीकरण द्वारा संतृप्त हो सकते हैं (उदा. वनस्पति तेल → वनस्पति घी)।
कार्बन का निम्नलिखित में से कौन-सा अपररूप, विद्युत का चालन करता है?
- चारकोल
- फुलैरीन
- ग्रेफाइट
- हीरा
Explanation :
- ग्रेफाइट में कार्बन परमाणु षट्कोणीय परतों में व्यवस्थित होते हैं — प्रत्येक परत में मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं जो विद्युत चालन करते हैं।
- हीरा कुचालक है (सभी इलेक्ट्रॉन बंधों में locked), फुलरीन अर्धचालक है।
- Extra Fact: ग्रेफाइट का उपयोग बैटरी इलेक्ट्रोड, पेंसिल लेड, और घिसाव-रोधी स्नेहक के रूप में होता है।
प्रोपेनोन में कितने द्वि-आबंध उपस्थित हैं?
- 3
- 2
- 1
- 0
Explanation :
- प्रोपेनोन (एसीटोन) — CH₃-CO-CH₃, एक कीटोन है।
- इसमें 1 कार्बोनिल (C=O) द्विबंध होता है।
- Extra Fact: एसीटोन सबसे सरल कीटोन है — इसका उपयोग नेल पॉलिश रिमूवर, पेंट थिनर, और प्रयोगशाला विलायक के रूप में होता है।
इथेनॉल को एथीन में बदलने के लिए उपयोग किया जाने वाला निर्जलीकरण एजेंट है:
- उष्मा
- सांद्रित सल्फ्यूरिक अम्ल
- निकेल
- सूर्य की किरण
Explanation :
- एथेनॉल से एथीन बनाने के लिए सांद्र H₂SO₄ (निर्जलीकरण एजेंट) का उपयोग किया जाता है, लगभग 170°C पर।
- अभिक्रिया: C₂H₅OH + H₂SO₄ (conc.) → C₂H₄ + H₂O
- Extra Fact: यदि ताप 140°C पर रखा जाए तो ईथर (डाइएथिल ईथर) बनता है — यह अंतर-आण्विक निर्जलीकरण है।
निम्न में से किसका उपयोग मादक पेय में किया जाता है?
- मेथनॉल
- इथेनॉल
- प्रोपनॉल
- ब्यूटेनॉल
Explanation :
- इथेनॉल (C₂H₅OH) ही मादक पेयों (बियर, वाइन, व्हिस्की) में उपयोग होने वाला अल्कोहल है।
- मेथनॉल अत्यंत विषैला होता है — यह अंधापन व मृत्यु का कारण बन सकता है।
- Extra Fact: मेथनॉल को वुड अल्कोहल भी कहा जाता है, जबकि इथेनॉल को ग्रेन अल्कोहल।
एथेनॉइक अम्ल (Ethanoic acid), सांद्र H₂SO₄ की उपस्थिति में एथेनॉल के साथ अभिक्रिया करके बनाता है।
- सोडियम ऐसीटेट (sodium acetate)
- मेथेनॉल (methanol)
- ऐसीटोन (acetone)
- एथिल एथेनोएट (ethyl ethanoate)
Explanation :
- CH₃COOH + C₂H₅OH → CH₃COOC₂H₅ (एथिल एथेनोएट) + H₂O
- एथिल एथेनोएट एक एस्टर है — जिसकी सुगंध फलों जैसी होती है।
- Extra Fact: इस अभिक्रिया को एस्टरीकरण (Esterification) कहते हैं। यह प्रतिवर्ती अभिक्रिया है — एस्टर + पानी (अम्ल या क्षार के साथ) → अम्ल + ऐल्कोहॉल (जल-अपघटन)।
ईंधन के रूप में व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले कार्बन द्वारा निर्मित सबसे सरल यौगिक की पहचान करें।
- मेथिल
- मीथेन
- एथेन
- प्रोपेन
Explanation :
- मीथेन (CH₄) — कार्बन का सबसे सरल हाइड्रोकार्बन और प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक (≈ 85-90%)।
- यह CNG (Compressed Natural Gas) और LPG से अलग है — CNG मुख्यतः मीथेन है, LPG प्रोपेन-ब्यूटेन है।
- Extra Fact: मीथेन एक ग्रीनहाउस गैस है — यह CO₂ से लगभग 25 गुना अधिक शक्तिशाली है।
___ और पानी, वायु की उपस्थिति में अभिक्रिया करके कार्बोनिक अम्ल बनाते हैं।
- कार्बन मोनोऑक्साइड
- सभी विकल्प
- कार्बन डाईऑक्साइड
- कार्बन
Explanation :
- CO₂ + H₂O → H₂CO₃ (कार्बोनिक अम्ल) — यह वर्षा जल को अम्लीय बनाता है (pH ≈ 5.6)।
- कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) पानी के साथ कार्बोनिक अम्ल नहीं बनाता।
- Extra Fact: कार्बोनिक अम्ल एक दुर्बल अम्ल है — यह रक्त के pH को नियंत्रित करने (कार्बोनिक-बाइकार्बोनेट बफर) में महत्वपूर्ण है।
- CO₂ + H₂O ⇌ H₂CO₃
पाँच कार्बन परमाणु वाले यौगिक ‘पेंटेनल’ में क्रियात्मक समूह का चयन करें।
- कीटोन
- एल्डिहाइड
- ऐल्कोहॉल
- एल्कीन
Explanation :
- पेंटेनल (Pentanal) — नाम के अंत में “-al” प्रत्यय = एल्डिहाइड क्रियात्मक समूह (-CHO)।
- 5 कार्बन वाला एल्डिहाइड — C₅H₁₀O, सूत्र: CH₃-CH₂-CH₂-CH₂-CHO
- Extra Fact: -al प्रत्यय एल्डिहाइड को दर्शाता है; -one कीटोन, -ol ऐल्कोहॉल, -ene ऐल्कीन को।
आइसो ब्यूटेन का आण्विक सूत्र क्या है?
- C₄H₈
- C₄H₁₀
- C₃H₈
- C₃H₆
Explanation :
- आइसोब्यूटेन (2-मिथाइलप्रोपेन) — C₄H₁₀ (ब्यूटेन का समावयवी)।
- इसकी संरचना: CH(CH₃)₃ — 4 कार्बन, 10 हाइड्रोजन।
- Extra Fact: आइसोब्यूटेन का क्वथनांक −12°C (ब्यूटेन का −0.5°C) — शाखन के कारण कम आण्विक आकर्षण। इसका उपयोग प्रशीतक (refrigerant) के रूप में भी होता है (R-600a)।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार करें और सही उत्तर की पहचान कीजिए। कथन I: कार्बन में अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ बंध बनाने की अद्वितीय क्षमता होती है, जिससे बड़े अणु बनते हैं। कथन II: इस गुण को श्रृंखलन कहा जाता है।
- दोनों कथन गलत हैं।
- कथन I सही है, और कथन II गलत है।
- दोनों कथन सही हैं।
- कथन II सही है, और कथन I गलत है।
Explanation :
- कथन I — सही: कार्बन C-C बंध बनाकर लंबी श्रृंखलाएँ, वलय, शाखाएँ बनाता है।
- कथन II — सही: इसी गुण को श्रृंखलन (Catenation) कहते हैं।
- Extra Fact: कार्बन के अलावा सिलिकन और सल्फर भी श्रृंखलन दिखाते हैं, पर कार्बन सबसे अधिक (लाखों यौगिक) श्रृंखलन क्षमता वाला है।
- कार्बन की संयोजकता: 4 (चतुसंयोजक)
- श्रृंखलन (Catenation): C-C बंध बनाने की क्षमता
- अपररूप (Allotropes): हीरा (कुचालक, कठोर), ग्रेफाइट (चालक, मुलायम), फुलरीन (गोलाकार C₆₀)
- समजातीय श्रेणी (Homologous series): समान क्रियात्मक समूह, CH₂ का अंतर, समान रासायनिक गुण
- क्रियात्मक समूह:
- ऐल्कोहॉल — -OH (अंत: -ol)
- एल्डिहाइड — -CHO (अंत: -al)
- कीटोन — -CO- (अंत: -one)
- कार्बोक्सिलिक अम्ल — -COOH (अंत: -oic acid)
- एस्टर — -COOR (अंत: -oate)
- संतृप्त हाइड्रोकार्बन: ऐल्केन (CₙH₂ₙ₊₂) — केवल एकल बंध
- असंतृप्त हाइड्रोकार्बन: ऐल्कीन (CₙH₂ₙ) — द्विबंध; ऐल्काइन (CₙH₂ₙ₋₂) — त्रिबंध
- एस्टरीकरण: अम्ल + ऐल्कोहॉल → एस्टर + पानी (सांद्र H₂SO₄ उत्प्रेरक)
- निर्जलीकरण: ऐल्कोहॉल → ऐल्कीन + पानी (सांद्र H₂SO₄, 170°C)
फुलरीन ______ का एक अपरूप है।
- जिंक
- सल्फर
- गोल्ड
- कार्बन
Explanation :
- फुलरीन (Fullerene) कार्बन का एक अपरूप (allotrope) है, जिसमें कार्बन परमाणु खोखले गोले (C₆₀), ट्यूब (कार्बन नैनोट्यूब) या अंडाकार आकार में व्यवस्थित होते हैं।
- इसकी खोज 1985 में रिचर्ड स्मॉली, हेरोल्ड क्रोटो और रॉबर्ट कर्ल ने की थी (इसके लिए उन्हें 1996 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार मिला)।
- Extra Fact: कार्बन के अन्य अपरूप: हीरा (3D ठोस, sp³), ग्रेफाइट (2D षट्कोणीय, sp²), ग्राफीन (एकल परत), कार्बन नैनोट्यूब (बेलनाकार)।
- C₆₀ (बकीबॉल), C₇₀, CNT (कार्बन नैनोट्यूब)
रसायन विज्ञान की कौन-सी शाखा उन तत्वों और यौगिकों के अध्ययन से संबंधित है जिनमें कार्बन-हाइड्रोजन आबंध नहीं होते हैं?
- कार्बनिक रसायन
- जैव रसायन
- भौतिक रसायन
- अकार्बनिक रसायन
Explanation :
- अकार्बनिक रसायन (Inorganic Chemistry) — उन यौगिकों का अध्ययन जिनमें C-H आबंध नहीं होता (जैसे NaCl, H₂SO₄, Fe₂O₃)।
- कार्बनिक रसायन — C-H आबंध वाले यौगिक (हाइड्रोकार्बन, अल्कोहॉल, अम्ल आदि)।
- Extra Fact: कुछ कार्बन यौगिक (जैसे CO₂, Na₂CO₃, HCN) C-H आबंध नहीं रखते, इसलिए इन्हें अकार्बनिक माना जाता है, हालाँकि इनमें कार्बन होता है।
हाइड्रोकार्बन के एल्काइन समूह का पहला सदस्य कौन सा है?
- एथाइन
- ईथेन
- प्रोपाइन
- मीथेन
Explanation :
- एल्काइन (Alkyne) — सामान्य सूत्र CnH2n-2, त्रिबंध (≡) युक्त हाइड्रोकार्बन।
- पहला सदस्य: C₂H₂ (एथाइन / Acetylene)।
- Extra Fact: एथाइन का उपयोग ऑक्सी-एसिटिलीन टॉर्च (धातु काटने/वेल्डिंग) में होता है क्योंकि यह अत्यधिक ऊष्मा (≈ 3500°C) उत्पन्न करता है।
- एल्काइन: CnH2n-2, एथाइन: C₂H₂, HC≡CH
निम्नलिखित में से कौन-सा, चक्रीय हाइड्रोकार्बन का उदाहरण है?
- ब्यूटेन
- साइक्लोहेक्सेन
- एथीन
- मेथेन
Explanation :
- चक्रीय हाइड्रोकार्बन (Cyclic hydrocarbon) — कार्बन परमाणु एक वलय (ring) में व्यवस्थित होते हैं।
- साइक्लोहेक्सेन (C₆H₁₂) — 6 कार्बन वाला संतृप्त चक्रीय यौगिक।
- Extra Fact: चक्रीय यौगिक संतृप्त (साइक्लोअल्केन) या असंतृप्त (साइक्लोअल्कीन/साइक्लोअल्काइन) हो सकते हैं। बेंजीन एक सुगंधित चक्रीय यौगिक है।
- साइक्लोहेक्सेन: C₆H₁₂, साइक्लोप्रोपेन: C₃H₆
डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल (DNA) और राइबोन्यूक्लिक अम्ल (RNA), जैवअणुओं के किस वर्ग से संबंधित हैं?
- न्यूक्लिक अम्ल (Nucleic acids)
- प्रोटीन (Protein)
- लिपिड (Lipid)
- कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate)
Explanation :
- DNA और RNA — न्यूक्लिक अम्ल हैं, जो न्यूक्लियोटाइड की श्रृंखला से बने होते हैं।
- DNA — आनुवंशिक सूचना संग्रहीत करता है; RNA — प्रोटीन संश्लेषण में सहायक।
- Extra Fact: जैवअणुओं के चार मुख्य वर्ग: कार्बोहाइड्रेट (ऊर्जा), लिपिड (कोशिका झिल्ली), प्रोटीन (एंजाइम/संरचना), न्यूक्लिक अम्ल (आनुवंशिक सामग्री)।
कार्बन निम्नलिखित कारणों से स्थिर यौगिक बनाने में सक्षम है:
- सहसंयोजक बंधन बनाने की इसकी क्षमता
- इसके अपररूपीय रूप
- इसका छोटा परमाणु आकार
- p-ऑर्बिटल की उपस्थिति
Explanation :
- कार्बन का परमाणु आकार बहुत छोटा होता है, जिससे यह स्थिर और मजबूत सहसंयोजक बंध (C-C, C-H, C-O) बना सकता है।
- यह श्रृंखला (catenation) बनाने में सक्षम है — C-C बंध बहुत मजबूत (≈ 348 kJ/mol) होता है।
- Extra Fact: कार्बन की चार संयोजकता (tetravalency) और sp, sp², sp³ संकरण इसे विविध यौगिक बनाने में सक्षम बनाते हैं।
निम्नलिखित में से किस समूह में सभी हाइड्रोकार्बन एक ही समजातीय श्रेणी से संबंधित नहीं हैं?
- CH₄, C₂H₆, C₃H₆
- C₃H₆, C₅H₁₀, C₇H₁₄
- C₂H₄, C₃H₆, C₄H₈
- C₂H₂, C₃H₄, C₄H₆
Explanation :
- समजातीय श्रेणी (Homologous series) — समान सामान्य सूत्र और कार्यात्मक समूह वाले यौगिक, जो CH₂ समूह से भिन्न होते हैं।
- CH₄ (C₁), C₂H₆ (C₂) — अल्केन (CₙH₂ₙ₊₂), परन्तु C₃H₆ — अल्कीन (CₙH₂ₙ) या साइक्लोअल्केन (C₃H₆) है — यह अल्केन नहीं है।
- Extra Fact: अल्केन (CₙH₂ₙ₊₂), अल्कीन (CₙH₂ₙ), अल्काइन (CₙH₂ₙ₋₂) — तीन अलग-अलग श्रेणियाँ।
किण्वन प्रक्रिया में शर्करा का किस निम्नलिखित यौगिक में रूपांतरण होता है?
- एथीन
- मीथेन
- एथेनोइक अम्ल
- एथेनॉल
Explanation :
- किण्वन (Fermentation) — एंजाइमों की उपस्थिति में शर्करा (ग्लूकोज) का एथेनॉल (C₂H₅OH) और CO₂ में रूपांतरण।
- समीकरण: C₆H₁₂O₆ → 2C₂H₅OH + 2CO₂ + ऊर्जा
- Extra Fact: इस प्रक्रिया का उपयोग शराब, बीयर और ब्रेड (खमीर उठाने) में होता है। यह अवायवीय (anaerobic) प्रक्रिया है।
- C₆H₁₂O₆ → 2C₂H₅OH + 2CO₂
हाइड्रोकार्बन के परिवार का प्रत्येक क्रमिक सदस्य ______ समूह द्वारा पिछले सदस्य से भिन्न होता है।
- मैथिलीन
- एथिल
- मिथाइल
- एथिलीन
Explanation :
- समजातीय श्रेणी में प्रत्येक क्रमिक सदस्य पिछले सदस्य से CH₂ (मैथिलीन समूह) द्वारा भिन्न होता है।
- उदाहरण: CH₄ → C₂H₆ (+CH₂) → C₃H₈ (+CH₂)
- Extra Fact: इस अंतर के कारण गुणों में क्रमिक परिवर्तन आता है — जैसे क्वथनांक, गलनांक, घनत्व आदि बढ़ते हैं।
- +CH₂ (मैथिलीन)
निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक अल्कोहॉल के समजातीय श्रेणी से संबंधित नहीं है?
- C₃H₇OH
- CH₃OH
- C₄H₁₀OH
- C₂H₅OH
Explanation :
- अल्कोहॉल का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₁OH या CₙH₂ₙ₊₂O होता है।
- C₄H₁₀OH — H की संख्या गलत है (C₄H₉OH सही है, या C₄H₁₀O)।
- Extra Fact: अल्कोहॉल का कार्यात्मक समूह —OH (हाइड्रॉक्सिल) होता है। सबसे सरल अल्कोहॉल मेथनॉल (CH₃OH) और एथेनॉल (C₂H₅OH) हैं।
- CₙH₂ₙ₊₁OH (अल्कोहॉल का सामान्य सूत्र)
निम्नलिखित में से किस हाइड्रोकार्बन में शाखित श्रृंखला होती है?
- एथीन (Ethene)
- मेथेन (Methane)
- ब्यूटेन (Butane)
- आइसोब्यूटेन (Isobutane)
Explanation :
- आइसोब्यूटेन (C₄H₁₀) — ब्यूटेन का शाखित समावयव (isomer) है (2-मिथाइलप्रोपेन)।
- ब्यूटेन — सीधी (unbranched) श्रृंखला, मेथेन/एथीन — शाखित नहीं हो सकते।
- Extra Fact: शाखित यौगिकों का क्वथनांक सीधी श्रृंखला वाले समावयवों से कम होता है (कम सतह क्षेत्र, कम वान्डर वाल्स बल)।
- आइसोब्यूटेन: CH(CH₃)₃, n-ब्यूटेन: CH₃-CH₂-CH₂-CH₃
इनमें से कौन सा आणविक सूत्र चक्रीय हाइड्रोकार्बन से संबंधित है?
- C₆H₁₂
- C₅H₁₂
- C₄H₁₀
- C₇H₁₆
Explanation :
- चक्रीय संतृप्त हाइड्रोकार्बन (साइक्लोअल्केन) का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ होता है।
- C₆H₁₂ (n=6) — साइक्लोहेक्सेन (चक्रीय) है।
- Extra Fact: C₅H₁₂, C₄H₁₀, C₇H₁₆ — ये सभी अल्केन (CₙH₂ₙ₊₂) हैं — सीधी/शाखित श्रृंखला, चक्रीय नहीं।
- साइक्लोअल्केन: CₙH₂ₙ, साइक्लोहेक्सेन: C₆H₁₂
निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक, संतृप्त हाइड्रोकार्बन है?
- प्रोपीन (Propene)
- साइक्लोहेक्सेन (Cyclohexane)
- प्रोपाइन (Propyne)
- बेंजीन (Benzene)
Explanation :
- संतृप्त हाइड्रोकार्बन — केवल एकल आबंध (C-C) युक्त, सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂ (अल्केन) या CₙH₂ₙ (साइक्लोअल्केन)।
- साइक्लोहेक्सेन (C₆H₁₂) — संतृप्त (सभी एकल आबंध)।
- Extra Fact: प्रोपीन (C₃H₆) — असंतृप्त (द्विबंध), प्रोपाइन (C₃H₄) — त्रिबंध, बेंजीन (C₆H₆) — सुगंधित (असंतृप्त)।
निम्नलिखित में से कौन कार्बन का अपरूप नहीं है?
- हीरा
- कार्बन डाइ-ऑक्साइड
- फुलरीन
- ग्रेफाइट
Explanation :
- अपरूप (Allotrope) — शुद्ध तत्व के विभिन्न भौतिक रूप।
- हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन — कार्बन के अपरूप हैं।
- CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) — कार्बन और ऑक्सीजन का यौगिक है, अपरूप नहीं।
- Extra Fact: कार्बन के अन्य अपरूप: ग्राफीन, कार्बन नैनोट्यूब, लोन्सडेलाइट (हीरे का हेक्सागोनल रूप)।
ब्यूटाइन का आणविक सूत्र क्या है?
- C₂H₂
- C₄H₁₀
- C₃H₄
- C₄H₆
Explanation :
- ब्यूटाइन (Butyne) — 4 कार्बन वाला अल्काइन (CₙH₂ₙ₋₂)।
- n=4 ⇒ C₄H₂(4)-2 = C₄H₆
- Extra Fact: ब्यूटाइन के दो समावयव: 1-ब्यूटाइन (टर्मिनल) और 2-ब्यूटाइन (आंतरिक)।
- ब्यूटाइन: C₄H₆, HC≡C-CH₂-CH₃ (1-ब्यूटाइन)
4 कार्बन परमाणुओं के साथ हाइड्रोकार्बन के नाम में जोड़ा गया उपसर्ग है।
- प्रोप
- इथ
- हेट
- ब्यूट
Explanation :
- हाइड्रोकार्बन नामकरण में कार्बन परमाणुओं की संख्या के लिए उपसर्ग:
- 1 — मेथ (Meth), 2 — एथ (Eth), 3 — प्रोप (Prop), 4 — ब्यूट (But), 5 — पेंट (Pent), 6 — हेक्स (Hex)।
- Extra Fact: यह नामकरण IUPAC प्रणाली पर आधारित है।
एथेनॉल का एथेनोइक एसिड में रूपांतरण किसके द्वारा उत्प्रेरित होता है?
- अम्लीय K₂CrO₄ और क्षारीय K₂MnO₄
- क्षारीय KMnO₄ और अम्लीय K₂Cr₂O₇
- अम्लीय K₂CrO₄ और क्षारीय KMnO₄
- क्षारीय K₂MnO₄ और अम्लीय K₂Cr₂O₇
Explanation :
- एथेनॉल (C₂H₅OH) → एथेनोइक अम्ल (CH₃COOH) का ऑक्सीकरण।
- उत्प्रेरक: क्षारीय KMnO₄ (बेयर परीक्षण) या अम्लीय K₂Cr₂O₇ (ऑक्सीकारक)।
- Extra Fact: यह एक ऑक्सीकरण अभिक्रिया है — अल्कोहॉल → एल्डिहाइड → एसिड।
- C₂H₅OH + 2[O] → CH₃COOH + H₂O
इथेनॉल के एक अणु में कितने हाइड्रोजन परमाणु उपस्थित हैं?
- छः
- चार
- सात
- पाँच
Explanation :
- इथेनॉल (Ethanol) — C₂H₅OH, अणु सूत्र: C₂H₆O
- H परमाणुओं की संख्या = 6 (5 C-H + 1 O-H)
- Extra Fact: इथेनॉल के C₂H₆O सूत्र का एक अन्य समावयव डाइमेथाइल ईथर (CH₃-O-CH₃) है — क्रियात्मक समूह भिन्न।
- C₂H₅OH → H = 6
वह क्रियात्मक समूह जिसमें एक से अधिक ऑक्सीजन परमाणु होते हैं:
- अल्कोहॉल
- एल्डिहाइड
- कार्बोक्सिलिक अम्ल
- कीटोन
Explanation :
- कार्बोक्सिलिक अम्ल (Carboxylic acid) — क्रियात्मक समूह -COOH (कार्बोक्सिल) — इसमें 2 ऑक्सीजन परमाणु होते हैं।
- अल्कोहॉल (-OH) — 1 O; एल्डिहाइड (-CHO) — 1 O; कीटोन (>C=O) — 1 O
- Extra Fact: एस्टर (-COO-) में भी 2 O होते हैं, पर यह विकल्प में नहीं है।
- -COOH (कार्बोक्सिल समूह)
ऐल्कीन श्रेणी के पहले सदस्य का सही सूत्र कौन-सा है?
- C₅H₁₀
- C₂H₄
- C₃H₆
- C₄H₆
Explanation :
- ऐल्कीन (Alkene) — सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ, द्विबंध (C=C) युक्त।
- पहला सदस्य: C₂H₄ (एथीन / Ethylene)।
- Extra Fact: एथीन का उपयोग पॉलीथीन (प्लास्टिक) बनाने में, और फलों के पकने (पादप हार्मोन) में होता है।
- एथीन: C₂H₄, CH₂=CH₂
निम्न में से कौन सा पेन्टेन का समावयव नहीं है?
- 2,2-डाइमेथाइल प्रोपेन
- 2,2-डाइमेथाइल ब्यूटेन
- n-पेन्टेन
- 2-मिथाइल ब्यूटेन
Explanation :
- पेन्टेन (C₅H₁₂) के 3 समावयव: n-पेन्टेन, 2-मिथाइल ब्यूटेन, 2,2-डाइमेथाइल प्रोपेन।
- 2,2-डाइमेथाइल ब्यूटेन — C₆H₁₄ (हेक्सेन) का समावयव है, पेन्टेन का नहीं (क्योंकि कार्बनों की संख्या 6 है)।
- Extra Fact: C₅H₁₂ के 3 समावयव; C₆H₁₄ के 5 समावयव होते हैं।
निम्नलिखित में से किस समुच्चय के सभी यौगिक एक ही समजातीय श्रेणी के हैं?
- C₄H₈, C₅H₈, C₆H₁₀
- C₂H₆, C₂H₄, C₂H₂
- C₆H₁₀, C₆H₁₂, C₆H₁₄
- C₃H₈, C₄H₁₀, C₅H₁₂
Explanation :
- समजातीय श्रेणी — समान सामान्य सूत्र और +CH₂ अंतर।
- C₃H₈, C₄H₁₀, C₅H₁₂ — सभी अल्केन (CₙH₂ₙ₊₂) हैं।
- Extra Fact: अल्केन श्रेणी: CH₄, C₂H₆, C₃H₈, C₄H₁₀, C₅H₁₂… (प्रत्येक +CH₂)
ब्यूटेन का अणु सूत्र क्या है?
- C₅H₁₂
- C₂H₆
- C₃H₈
- C₄H₁₀
Explanation :
- ब्यूटेन (Butane) — 4 कार्बन वाला अल्केन (CₙH₂ₙ₊₂)।
- n=4 ⇒ C₄H₁₀
- Extra Fact: ब्यूटेन के दो समावयव: n-ब्यूटेन (सीधी) और आइसोब्यूटेन (शाखित)।
- ब्यूटेन: C₄H₁₀, CH₃-CH₂-CH₂-CH₃
निम्नलिखित कार्बनिक यौगिकों को उनके क्वथनांक के आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए। CH₄, CH₃COOH, CHCl₃, CH₃CH₂OH
- CH₃CH₂OH < CH₃COOH < CHCl₃ < CH₄
- CH₄ < CHCl₃ < CH₃COOH < CH₃CH₂OH
- CH₃COOH < CH₃CH₂OH < CHCl₃ < CH₄
- CH₄ < CHCl₃ < CH₃CH₂OH < CH₃COOH
Explanation :
- क्वथनांक (Boiling point) — अंतर-आणविक बलों (H-bonding, dipole-dipole, van der Waals) पर निर्भर करता है।
- CH₄ (मीथेन) — कमजोर vdW बल, सबसे कम (−161°C)
- CHCl₃ (क्लोरोफॉर्म) — द्विध्रुव-द्विध्रुव (dipole-dipole), ≈ 61°C
- CH₃CH₂OH (एथेनॉल) — H-बंधन, ≈ 78°C
- CH₃COOH (एथेनोइक अम्ल) — H-बंधन + द्विध्रुव, 118°C — सबसे अधिक।
- लेकिन RRB का उत्तर: CH₄ < CHCl₃ < CH₃COOH < CH₃CH₂OH — यह तकनीकी रूप से गलत है (CH₃COOH का क्वथनांक CH₃CH₂OH से अधिक होता है), पर परीक्षा के अनुसार यही उत्तर माना गया है (क्योंकि वे अणु आकार और ध्रुवता का भिन्न क्रम मानते हैं)।
- Extra Fact: वास्तविक क्रम: CH₄ (−161°C) < CHCl₃ (61°C) < C₂H₅OH (78°C) < CH₃COOH (118°C)
प्रोपेनोन किस समजातीय श्रेणी से संबंधित है?
- ऐल्कोहॉल
- कीटोन
- एल्डिहाइड
- एस्टर
Explanation :
- प्रोपेनोन (Propanone) — सामान्य नाम एसीटोन (Acetone), सूत्र CH₃-CO-CH₃।
- यह कीटोन (Ketone) है — क्रियात्मक समूह >C=O (कार्बोनिल) जो दो कार्बन श्रृंखलाओं से जुड़ा हो।
- Extra Fact: कीटोन का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙO, एल्डिहाइड का भी CₙH₂ₙO — लेकिन उनके गुण भिन्न हैं।
- प्रोपेनोन: CH₃-CO-CH₃
निम्नलिखित में से कौन-सा किण्वन से बनता है?
- प्रोपेनॉल
- एथेन
- मीथेन
- एथेनॉल
Explanation :
- किण्वन (Fermentation) — शर्करा (ग्लूकोज) से एथेनॉल (C₂H₅OH) और CO₂ बनता है।
- यह खमीर (यीस्ट) एंजाइमों द्वारा उत्प्रेरित होता है।
- Extra Fact: किण्वन अवायवीय (oxygen-free) प्रक्रिया है — इसका उपयोग शराब, बीयर, ब्रेड में होता है।
- C₆H₁₂O₆ → 2C₂H₅OH + 2CO₂
निम्नलिखित में से किस समुच्चय के सभी यौगिक एक ही समजातीय श्रेणी से संबंधित हैं?
- C₃H₈, C₄H₁₀, C₅H₁₂
- C₆H₁₀, C₆H₁₂, C₆H₁₄
- C₄H₈, C₅H₈, C₆H₁₀
- C₂H₆, C₂H₄, C₂H₂
Explanation :
- C₃H₈, C₄H₁₀, C₅H₁₂ — सभी अल्केन (CₙH₂ₙ₊₂) हैं — समान समजातीय श्रेणी।
- Extra Fact: अल्केन श्रेणी में C-C एकल आबंध होते हैं और ये संतृप्त होते हैं।
- अन्य विकल्पों में विभिन्न श्रेणियाँ या भिन्न असंतृप्तता स्तर हैं।
- कार्बन के अपरूप: हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन, ग्राफीन, कार्बन नैनोट्यूब।
- समजातीय श्रेणी: समान कार्यात्मक समूह, +CH₂ अंतर, समान रासायनिक गुण, क्रमिक भौतिक गुण।
- अल्केन (CₙH₂ₙ₊₂): संतृप्त, एकल आबंध (उदा: मीथेन, एथेन, प्रोपेन)
- अल्कीन (CₙH₂ₙ): असंतृप्त, द्विबंध (उदा: एथीन, प्रोपीन)
- अल्काइन (CₙH₂ₙ₋₂): असंतृप्त, त्रिबंध (उदा: एथाइन, प्रोपाइन)
- चक्रीय यौगिक: साइक्लोप्रोपेन (C₃H₆), साइक्लोहेक्सेन (C₆H₁₂), बेंजीन (C₆H₆)
- कार्यात्मक समूह: -OH (अल्कोहॉल), -CHO (एल्डिहाइड), >C=O (कीटोन), -COOH (कार्बोक्सिलिक अम्ल), -COO- (एस्टर)
- किण्वन: ग्लूकोज → एथेनॉल + CO₂ (खमीर, अवायवीय)
यौगिक CH₃–CH₃ का नाम क्या है?
- ब्यूटेन
- एथेन
- मीथेन
- प्रोपेन
Explanation :
- CH₃–CH₃ में दो कार्बन परमाणु हैं, जो एकल बंध (single bond) से जुड़े हैं।
- दो कार्बन वाले ऐल्केन को एथेन (Ethane) कहते हैं।
- Extra Fact: ऐल्केन का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂ है — यहाँ n = 2 ⇒ C₂H₆ (एथेन)।
- CH₃–CH₃ → C₂H₆ → एथेन
जब एथेनॉल को अतिरिक्त सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ 443 K पर गर्म किया जाता है, तो सही उत्पाद का चयन कीजिए।
- CH₂=CH₂
- CH₄
- CH₃–CH₃
- CH₃COOH
Explanation :
- यह निर्जलीकरण (Dehydration) अभिक्रिया है — एथेनॉल (C₂H₅OH) से पानी (H₂O) निकलता है।
- सांद्र H₂SO₄ उत्प्रेरक (catalyst) का कार्य करता है, और 443 K ताप पर एथीन (Ethene) बनता है।
- समीकरण: C₂H₅OH (conc. H₂SO₄, 443 K) → CH₂=CH₂ + H₂O
- Extra Fact: यदि ताप 413 K होता, तो डाइएथिल ईथर (C₂H₅–O–C₂H₅) बनता।
निम्नलिखित में से कौन-सा ऐल्कोहॉल, सामान्यतः ईंधन या ईंधन योज्य के रूप में उपयोग किया जाता है?
- प्रोपेनॉल (Propanol)
- ब्यूटेनॉल (Butanol)
- मेथेनॉल (Methanol)
- एथेनॉल (Ethanol)
Explanation :
- एथेनॉल (C₂H₅OH) का उपयोग व्यापक रूप से ईंधन के रूप में (गैसोलीन में मिश्रण) किया जाता है — इसे E10, E20, E85 के रूप में जाना जाता है।
- यह नवीकरणीय स्रोतों (गन्ना, मक्का) से प्राप्त होता है।
- Extra Fact: मेथेनॉल (वुड स्पिरिट) भी ईंधन है, लेकिन यह विषैला है — एथेनॉल मानव उपभोग के लिए सुरक्षित (पेय में) है।
निम्नलिखित में से कौन सा गुण समजातीय श्रेणी में समान रहता है?
- गलनांक
- क्वथनांक
- आणविक द्रव्यमान
- रासायनिक गुण
Explanation :
- समजातीय श्रेणी (Homologous series) के सभी सदस्यों के रासायनिक गुण समान होते हैं क्योंकि उनमें एक ही क्रियात्मक समूह (functional group) होता है।
- भौतिक गुण (गलनांक, क्वथनांक, घनत्व) क्रमबद्ध रूप से बदलते हैं।
- Extra Fact: उदाहरण — ऐल्केनों की श्रेणी: CH₄, C₂H₆, C₃H₈ … सभी दहन अभिक्रिया देते हैं और संतृप्त होते हैं।
परमाणु ऊर्जा संयंत्र में मंदक के रूप में किस सामग्री का उपयोग किया जाता है, जो न्यूट्रॉन को धीमा कर देता है और उन्हें विखंडन के लायक बनता है?
- बोरोन
- बेरिलियम
- सिलिकॉन
- ग्रेफाइट
Explanation :
- ग्रेफाइट का उपयोग परमाणु रिएक्टरों में मंदक (Moderator) के रूप में किया जाता है — यह तेज़ न्यूट्रॉन को धीमा करके थर्मल न्यूट्रॉन में बदलता है, जो विखंडन के लिए आवश्यक होते हैं।
- अन्य मंदक: भारी जल (D₂O), बेरिलियम, पैराफिन।
- Extra Fact: बोरोन और कैडमियम न्यूट्रॉन अवशोषक (नियंत्रण छड़) के रूप में उपयोग होते हैं — ये मंदक नहीं हैं।
जब एथीन (C₂H₄) निकल उत्प्रेरक की उपस्थिति में हाइड्रोजन (H₂) के साथ अभिक्रिया करता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा उत्पाद बनता है?
- प्रोपीन (C₃H₆)
- एथाइन (C₂H₂)
- प्रोपेन (C₃H₈)
- एथेन (C₂H₆)
Explanation :
- यह हाइड्रोजनीकरण (Hydrogenation) अभिक्रिया है — एथीन (द्विबंध) H₂ के साथ मिलकर एथेन (एकल बंध) बनाता है।
- समीकरण: CH₂=CH₂ + H₂ (Ni उत्प्रेरक) → CH₃–CH₃ (एथेन)
- Extra Fact: यह अभिक्रिया संतृप्ति (Saturation) कहलाती है — असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्कीन) संतृप्त (ऐल्केन) में बदल जाता है।
कार्यात्मक समूह -CHO निम्नलिखित में से किसमें मौजूद होता है?
- कीटोन
- एल्डिहाइड
- ऐल्कोहॉल
- कार्बोक्सिलिक अम्ल
Explanation :
- -CHO = एल्डिहाइड का क्रियात्मक समूह। इसे फॉर्माइल समूह भी कहते हैं।
- उदाहरण: HCHO (मेथेनल / फॉर्मल्डिहाइड), CH₃CHO (एथेनल / एसिटाल्डिहाइड)।
- Extra Fact: कीटोन में -CO- (कार्बोनिल) समूह होता है, ऐल्कोहॉल में -OH, और कार्बोक्सिलिक अम्ल में -COOH।
मिथाइल अल्कोहोल और एथिल अल्कोहोल ____ इकाइयाँ द्वारा आणविक द्रव्यमान में भिन्न होते हैं।
- 13
- 14
- 12
- 16
Explanation :
- मिथाइल अल्कोहॉल = CH₃OH (M = 12+4+16 = 32)
- एथिल अल्कोहॉल = C₂H₅OH (M = 24+6+16 = 46)
- अंतर = 46 – 32 = 14 (यह -CH₂- इकाई है)
- Extra Fact: समजातीय श्रेणी में दो क्रमागत सदस्य -CH₂- (14 u) से भिन्न होते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक संतृप्त हाइड्रोकार्बन के रूप में वर्गीकृत है?
- एथीन (Ethene)
- एथाइन (Ethyne)
- बेंजीन (Benzene)
- एथेन (Ethane)
Explanation :
- संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Saturated hydrocarbon) = केवल एकल बंध (C–C) वाले — ऐल्केन।
- एथेन (C₂H₆) — सभी बंध एकल हैं।
- Extra Fact: असंतृप्त = द्विबंध (ऐल्कीन) या त्रिबंध (ऐल्काइन) वाले। बेंजीन में अपचयनित (delocalized) π बंध होते हैं, यह भी असंतृप्त है।
कार्बन अन्य तत्वों के साथ प्रबल बंध बनाता है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन इसके लिए सही स्पष्टीकरण है?
- कार्बन नाभिक अपने छोटे आकार के कारण इलेक्ट्रॉनों के साझा युग्मों को दृढ़ता से धारण करता है।
- कार्बन नाभिक अपने छोटे आकार के कारण इलेक्ट्रॉनों के साझा युग्मों को कमजोर रूप से धारण करता है।
- कार्बन नाभिक अपने बड़े आकार के कारण इलेक्ट्रॉनों के साझा युग्मों को दृढ़ता से धारण करता है।
- कार्बन नाभिक अपने बड़े आकार के कारण इलेक्ट्रॉनों के साझा युग्मों को कमजोर रूप से धारण करता है।
Explanation :
- कार्बन का आकार बहुत छोटा होता है (परमाणु त्रिज्या छोटी), और इसके नाभिक में उच्च आवेश (Z=6) होता है।
- यह साझा इलेक्ट्रॉन युग्मों को दृढ़ता से आकर्षित करता है, जिससे प्रबल सहसंयोजक बंध बनते हैं।
- Extra Fact: यही कारण है कि कार्बन शृंखलन (catenation) और अपररूपता (allotropy) दिखाता है — C–C बंध बहुत स्थिर होते हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा गुण कार्बन द्वारा प्रदर्शित या दर्शाया नहीं जाता है?
- सहसंयोजकता
- धात्विक गुणधर्म
- शृंखलन
- अपररूपता
Explanation :
- कार्बन एक अधातु है — यह धात्विक गुण (चमक, तन्यता, विद्युत चालकता — धातुओं की तरह) प्रदर्शित नहीं करता।
- हाँ, ग्रेफाइट विद्युत का चालक है (लेकिन यह धात्विक गुण नहीं, बल्कि अपररूप का गुण है)।
- Extra Fact: कार्बन सहसंयोजक बंध बनाता है (इलेक्ट्रॉन साझा करता है), शृंखलन (C–C श्रृंखला) और अपररूपता (हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन) दिखाता है।
हीरे का बहुत अधिक गलनांक और क्वथनांक होता है क्योंकि:
- हीरा
- फुलरीन
- ग्रेफाइट
- कोयला
Explanation :
- इस प्रश्न का उत्तर हीरा (Diamond) है।
- हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु 4 अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ मजबूत सहसंयोजक बंध (sp³) बनाता है, जिससे तीन-आयामी नेटवर्क बनता है।
- इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा चाहिए, इसलिए गलनांक ≈ 3550°C और क्वथनांक ≈ 4830°C बहुत उच्च होते हैं।
- Extra Fact: ग्रेफाइट में परतों के बीच दुर्बल वान्डरवाल्स बल होते हैं, इसलिए यह नरम और स्नेहक (lubricant) के रूप में उपयोग होता है।
मैलोनिक अम्ल का IUPAC नाम क्या है?
- प्रोपेनेडीओइक अम्ल
- हेक्सेनडीओइक अम्ल
- इथेनेडीओइक अम्ल
- मेथेनोइक अम्ल
Explanation :
- मैलोनिक अम्ल का अणुसूत्र HOOC–CH₂–COOH (C₃H₄O₄) है — इसमें 3 कार्बन होते हैं (प्रोपेन) और दो -COOH समूह (डाइओइक अम्ल) होते हैं।
- IUPAC नाम: प्रोपेनेडीओइक अम्ल (Propanedioic acid)
- Extra Fact: अन्य डाइकार्बोक्सिलिक अम्ल: ऑक्सैलिक (C₂ → एथेनेडीओइक), सक्सिनिक (C₄ → ब्यूटेनेडीओइक), एडिपिक (C₆ → हेक्सेनेडीओइक)।
निम्नलिखित में से कौन-सा ऐल्कीन की समजातीय श्रेणी से संबंधित है?
- C₆H₁₄
- C₁₀H₁₈
- C₁₀H₂₂
- C₁₀H₂₀
Explanation :
- ऐल्कीन का सामान्य सूत्र = CₙH₂ₙ (जहाँ n ≥ 2)
- n = 10 के लिए: C₁₀H₂₀
- Extra Fact: ऐल्केन का सूत्र CₙH₂ₙ₊₂, ऐल्काइन का CₙH₂ₙ₋₂ होता है।
निम्नलिखित में से किस अणु में तीन कार्बन परमाणु हैं?
- ग्लूकोज
- पाइरुविक अम्ल
- कार्बन डाइऑक्साइड
- एथेनॉल
Explanation :
- पाइरुविक अम्ल (Pyruvic acid) का अणुसूत्र CH₃–CO–COOH (C₃H₄O₃) है — इसमें 3 कार्बन होते हैं।
- ग्लूकोज = C₆H₁₂O₆ (6 कार्बन), CO₂ = 1 कार्बन, एथेनॉल = C₂H₅OH (2 कार्बन)।
- Extra Fact: पाइरुविक अम्ल ग्लाइकोलिसिस (श्वसन) का अंतिम उत्पाद है और जैव रसायन में महत्वपूर्ण है।
कार्बन, अपने सभी अपररूपों में, ऑक्सीजन में जलकर ______ देता है।
- कार्बन मोनोऑक्साइड
- कार्बन डाइऑक्साइड
- कार्बोनिक अम्ल
- मीथेन
Explanation :
- कार्बन के सभी अपररूप (हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन) पूर्ण दहन (पर्याप्त O₂) पर CO₂ देते हैं।
- समीकरण: C + O₂ → CO₂ (पूर्ण दहन)
- Extra Fact: यदि ऑक्सीजन अपर्याप्त हो, तो CO (कार्बन मोनोऑक्साइड — जहरीली गैस) बनती है।
किसी कार्बनिक यौगिक में, क्रियात्मक समूह ______ निर्धारित करता है।
- इसके रासायनिक गुण
- कार्बन शृंखला की प्रकृति
- कार्बन शृंखला की लंबाई
- इसके आणविक द्रव्यमान
Explanation :
- क्रियात्मक समूह (Functional group) यौगिक के रासायनिक गुणों और अभिक्रियाशीलता को निर्धारित करता है।
- उदाहरण: -OH (ऐल्कोहॉल) → एस्टरीकरण, निर्जलीकरण; -COOH (अम्ल) → अम्लीय गुण।
- Extra Fact: कार्बन श्रृंखला की लंबाई भौतिक गुणों (गलनांक, क्वथनांक) को प्रभावित करती है, रासायनिक गुणों को नहीं।
समजातीय श्रेणी के सदस्यों में ______ का अंतर होता है।
- CH इकाई
- CH₂ इकाई
- C₂H इकाई
- C₂H₂ इकाई
Explanation :
- समजातीय श्रेणी में दो क्रमागत सदस्यों के बीच एक -CH₂- समूह का अंतर होता है (आण्विक द्रव्यमान में 14 u का अंतर)।
- उदाहरण: CH₄ (मीथेन), C₂H₆ (एथेन), C₃H₈ (प्रोपेन) — अंतर = CH₂
- Extra Fact: यह अंतर उन्हें समान रासायनिक गुण और क्रमबद्ध भौतिक गुण प्रदान करता है।
ऐल्काइनों का रासायनिक सूत्र क्या है?
- CₙH₂ₙ₋₁
- CₙH₂ₙ
- CₙH₂ₙ₋₂
- CₙH₂ₙ₊₁
Explanation :
- ऐल्काइन (Alkyne) = एक त्रिबंध वाले हाइड्रोकार्बन का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₋₂ है (n ≥ 2)।
- उदाहरण: C₂H₂ (एथाइन/एसिटिलीन), C₃H₄ (प्रोपाइन)।
- Extra Fact: ऐल्कीन का सूत्र CₙH₂ₙ, ऐल्केन का CₙH₂ₙ₊₂।
कार्बनिक यौगिकों की किसी भी समजातीय श्रेणी में बढ़ते हुए आण्विक द्रव्यमान के साथ कौन सा गुणधर्म क्रमबद्धता नहीं दिखाता है?
- क्वथनांक
- किसी विशेष विलायक में विलेयता
- गलनांक
- दहन
Explanation :
- दहन (Combustion) एक रासायनिक गुण है — यह समजातीय श्रेणी के सभी सदस्यों में समान होता है (सभी जलकर CO₂ और H₂O देते हैं)।
- भौतिक गुण (गलनांक, क्वथनांक, विलेयता) क्रमबद्ध रूप से बदलते हैं।
- Extra Fact: दहन अभिक्रिया में ऊष्मा निकलती है — जितने अधिक कार्बन, उतनी अधिक ऊष्मा (उच्च कैलोरी मान)।
निम्न में से कौन सजातीय श्रृंखला नहीं है?
- CH₄
- C₂H₆
- C₄H₉
- C₃H₈
Explanation :
- ऐल्केन का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂ है।
- C₄H₉ में n=4 ⇒ 2n+2 = 10 होना चाहिए, पर यहाँ H=9 है — यह सूत्र का पालन नहीं करता, इसलिए यह समजातीय श्रेणी का सदस्य नहीं है।
- Extra Fact: सही C₄ का ऐल्केन C₄H₁₀ (ब्यूटेन) होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म एक ही समजातीय श्रेणी में होगा?
- CH₃CHO और CH₃OH
- CH₃OH और HCOOH
- C₂H₅OH और CH₃COOH
- CH₃COCH₃ और C₂H₅COCH₃
Explanation :
- CH₃COCH₃ (एसीटोन/प्रोपेनोन) और C₂H₅COCH₃ (ब्यूटेनोन) — दोनों कीटोन हैं (कार्यात्मक समूह -CO-), इसलिए एक ही समजातीय श्रेणी (कीटोन) में हैं।
- Extra Fact: श्रेणी निर्धारण कार्यात्मक समूह पर आधारित होता है, कार्बन संख्या पर नहीं।
निम्नलिखित में से कौन-सा, इथेनॉल (C₂H₅OH) का सामान्य नाम है?
- आइसोप्रोपाइल अल्कोहल (Isopropyl alcohol)
- मेथिल अल्कोहल (Methyl alcohol)
- ब्यूटाइल अल्कोहल (Butyl alcohol)
- एथिल अल्कोहल (Ethyl alcohol)
Explanation :
- इथेनॉल (C₂H₅OH) का सामान्य नाम एथिल अल्कोहल है।
- यह मादक पेयों (शराब) में मुख्य अल्कोहल है और प्रयोगशाला में जीवाणुनाशक के रूप में उपयोग होता है।
- Extra Fact: मेथिल अल्कोहल (CH₃OH) विषैला होता है — इसे वुड स्पिरिट भी कहते हैं।
____ में, प्रत्येक कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ कठोर तीन आयामी संरचना बनाते हुए एक आबंध में होते हैं।
- ग्रेफाइट
- एथेन
- हीरा
- मीथेन
Explanation :
- हीरा (Diamond) — प्रत्येक कार्बन परमाणु sp³ संकरित है और चार अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा है, जिससे तीन-आयामी (3D) कठोर नेटवर्क बनता है।
- यही हीरे को सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ बनाता है।
- Extra Fact: ग्रेफाइट में कार्बन परमाणु 3 अन्य कार्बन से जुड़े होते हैं (sp²) — षट्कोणीय परतों में।
C₃H₈ और C₅H₁₂ युग्म के बीच आणविक द्रव्यमान में अंतर है:
- 28
- 42
- 56
- 14
Explanation :
- C₃H₈ का M = 3×12 + 8×1 = 44 u
- C₅H₁₂ का M = 5×12 + 12×1 = 72 u
- अंतर = 72 – 44 = 28 u (यह दो -CH₂- समूहों के बराबर है, क्योंकि C₃ से C₅ में 2 CH₂ अंतर है)।
- Extra Fact: प्रत्येक CH₂ = 14 u, इसलिए 2×14 = 28 u।
निम्नलिखित में से कौन सा ऐल्कीन की समजातीय श्रृंखला से संबंधित है?
- C₅H₁₂
- C₃H₈
- C₃H₄
- C₂H₆
Explanation :
- ऐल्कीन का सूत्र CₙH₂ₙ है। C₃H₄ में n=3 ⇒ 2n = 6, पर यहाँ H=4 — यह ऐल्कीन नहीं, ऐल्काइन (C₃H₄) है (CₙH₂ₙ₋₂, n=3 ⇒ H=4)।
- वास्तविक ऐल्कीन का उदाहरण: C₂H₄, C₃H₆, C₄H₈।
- Extra Fact: इस प्रश्न में दिए गए विकल्पों में कोई भी ऐल्कीन नहीं है! सभी या तो ऐल्केन हैं (C₅H₁₂, C₃H₈, C₂H₆) या ऐल्काइन (C₃H₄)। RRB द्वारा दिया गया उत्तर C₃H₄ है — संभवतः त्रुटि है, पर परीक्षा में इसी को याद रखें।
अणुसूत्र C₃H₄ वाला एक यौगिक ____ की समजातीय श्रृंखला से संबंधित है।
- केवल ऐल्कीन
- केवल ऐल्काइन
- केवल ऐल्केन
- अल्कोहॉल
Explanation :
- C₃H₄ = प्रोपाइन (Propyne) — एक ऐल्काइन (CₙH₂ₙ₋₂), क्योंकि n=3 ⇒ H=4 (2×3-2=4)।
- इसमें एक त्रिबंध (C≡C) होता है।
- Extra Fact: ऐल्कीन का सूत्र CₙH₂ₙ होता — C₃H₆ (प्रोपीन) होता, न कि C₃H₄।
कार्बन किसके कारण शृंखलन गुण प्रदर्शित करता है?
- इसका आकार छोटा है और कार्बन-कार्बन बंध की सामर्थ्य अधिक है।
- इसका आकार बड़ा है और कार्बन-कार्बन बंध की सामर्थ्य अधिक है।
- इसका आकार छोटा है और कार्बन-कार्बन बंध की सामर्थ्य दुर्बल है।
- इसका आकार बड़ा है और कार्बन-कार्बन बंध की सामर्थ्य दुर्बल है।
Explanation :
- शृंखलन (Catenation) = किसी तत्व की स्वयं के परमाणुओं के साथ श्रृंखला बनाने की क्षमता।
- कार्बन का आकार छोटा है और C–C बंध बहुत मजबूत (लगभग 348 kJ/mol) होता है, जिससे यह लंबी-लंबी श्रृंखलाएँ बना सकता है।
- Extra Fact: अन्य तत्व Si, S, B भी शृंखलन दिखाते हैं, पर कार्बन से बहुत कम।
किस कार्बन अपरूप में परमाणु षट्कोणीय परत संरचना में व्यवस्थित होते हैं, जिसमें परतों के बीच दुर्बल बल होते हैं?
- हीरा
- कोक
- ग्रेफाइट
- फुलरीन
Explanation :
- ग्रेफाइट (Graphite) — कार्बन परमाणु षट्कोणीय (हेक्सागोनल) परतों में व्यवस्थित होते हैं, परतों के बीच दुर्बल वान्डरवाल्स बल होते हैं।
- यही कारण है कि ग्रेफाइट नरम और स्नेहक (लुब्रिकेंट) के रूप में उपयोग होता है, और परतें एक-दूसरे पर फिसल सकती हैं (पेंसिल लेखनी)।
- Extra Fact: ग्रेफाइट विद्युत का चालक है (हीरा नहीं) क्योंकि प्रत्येक कार्बन में एक मुक्त इलेक्ट्रॉन (π) होता है।
निम्नलिखित में से किसे “वुड स्पिरिट” कहा जाता है?
- इथेनॉल
- फिनोल
- मेथनॉल
- ब्यूटेनॉल
Explanation :
- मेथनॉल (CH₃OH) को वुड स्पिरिट (Wood spirit) कहा जाता है क्योंकि यह लकड़ी के शुष्क आसवन (dry distillation) से प्राप्त होता है।
- यह अत्यंत विषैला है — अंधापन और मृत्यु का कारण बन सकता है।
- Extra Fact: एथेनॉल को स्पिरिट (Spirit) कहा जाता है, पर “वुड स्पिरिट” विशेष रूप से मेथनॉल के लिए है।
नेफ़थलीन की गोलियां _____ से तैयार की जाती हैं।
- कोक
- पेट्रोलियम
- कोलतार
- कोयला गैस
Explanation :
- नेफ़थलीन (Naphthalene) — एक सुगंधित हाइड्रोकार्बन (C₁₀H₈), जिसे कोलतार (Coal tar) के आसवन (distillation) से प्राप्त किया जाता है।
- इसका उपयोग मॉथबॉल (Mothballs) के रूप में कीटनाशक और विकर्षक (repellent) के रूप में होता है।
- Extra Fact: कोलतार के अन्य उत्पाद: बेंजीन, टोल्यूनि, एन्थ्रेसीन, फिनोल।
दो क्रमागत समजातीय श्रेणी सदस्यों के बीच आणविक द्रव्यमान में अंतर होगा:
- 12
- 08
- 16
- 14
Explanation :
- समजातीय श्रेणी में दो क्रमागत सदस्य -CH₂- समूह (कार्बन + 2 हाइड्रोजन) से भिन्न होते हैं।
- CH₂ का आणविक द्रव्यमान = 12 + 2×1 = 14 u
- Extra Fact: यह अंतर सभी समजातीय श्रेणियों (ऐल्केन, ऐल्कीन, ऐल्काइन, ऐल्कोहॉल, आदि) में समान होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा एक संतृप्त कार्बन यौगिक है?
- ऐल्केन
- ऐल्काइन
- ऐल्कीन
- एथिलीन
Explanation :
- संतृप्त (Saturated) = केवल एकल बंध (C–C) वाले हाइड्रोकार्बन → ऐल्केन (Alkanes)।
- ऐल्कीन (द्विबंध), ऐल्काइन (त्रिबंध), एथिलीन (C₂H₄ — एक ऐल्कीन) सभी असंतृप्त हैं।
- Extra Fact: संतृप्त यौगिक अभिक्रियाशीलता में कम होते हैं (जैसे — ब्रोमीन जल को रंगहीन नहीं करते)।
एल्डिहाइड के लिए गलत तथ्य का चयन करें:
- C₃H₇COH → ब्यूटेनल → ब्यूटिरिल्डिहाइड
- CH₃COH → एथेनल → एसिटाल्डिहाइड
- C₂H₅COH → प्रोपेनल → प्रोपियाल्डिहाइड
- CH₂COH → मेथनॉल → फॉर्मल्डिहाइड
Explanation :
- CH₂COH एक गलत सूत्र है — यह दो कार्बन वाला एल्डिहाइड CH₃CHO होता है (एथेनल/एसिटाल्डिहाइड)।
- सही: HCHO = मेथेनल (फॉर्मल्डिहाइड) — एक कार्बन वाला एल्डिहाइड।
- Extra Fact: एल्डिहाइड का IUPAC नाम — ऐल्केन के नाम में “-al” प्रत्यय जोड़ें।
एडिपिक अम्ल का IUPAC नाम क्या है?
- प्रोपेनडाइओइक अम्ल
- एथेनडाइओइक अम्ल
- हेक्सेनडाइओइक अम्ल
- ब्यूटेनोइक अम्ल
Explanation :
- एडिपिक अम्ल (Adipic acid) = HOOC–(CH₂)₄–COOH (C₆H₁₀O₄) — इसमें 6 कार्बन और दो -COOH समूह होते हैं।
- IUPAC नाम: हेक्सेनडाइओइक अम्ल (Hexanedioic acid)
- Extra Fact: इसका उपयोग नायलॉन-6,6 के निर्माण में होता है।
साइक्लोहेक्सेन का सूत्र क्या है?
- C₆H₁₂
- C₆H₁₄
- C₆H₆
- C₆H₁₀
Explanation :
- साइक्लोहेक्सेन (Cyclohexane) — एक वलयाकार (cyclic) संतृप्त हाइड्रोकार्बन है, सूत्र C₆H₁₂।
- यह एक चक्रीय ऐल्केन है (सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ, जहाँ n=6 ⇒ H=12)।
- Extra Fact: बेंजीन (C₆H₆) एक असंतृप्त सुगंधित यौगिक है, साइक्लोहेक्सेन नहीं।
इथेनॉल का सजातीय होता है।
- प्रोपेनल
- मेथनॉल
- एथेनल
- एथेन
Explanation :
- इथेनॉल (C₂H₅OH) — एक ऐल्कोहॉल है। इसकी समजातीय श्रेणी का अगला सदस्य मेथनॉल (CH₃OH) है (एक कार्बन कम)।
- दोनों में -OH (हाइड्रॉक्सिल) क्रियात्मक समूह है, इसलिए एक ही श्रेणी (ऐल्कोहॉल) में।
- Extra Fact: प्रोपेनल (एल्डिहाइड), एथेनल (एल्डिहाइड), एथेन (ऐल्केन) — ये सभी भिन्न क्रियात्मक समूहों वाले हैं।
एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन जिसमें द्विबंध होता है, वह है:
- C₃H₄
- C₃H₈
- C₂H₂
- C₃H₆
Explanation :
- द्विबंध (C=C) वाले हाइड्रोकार्बन = ऐल्कीन, सूत्र CₙH₂ₙ।
- C₃H₆ (n=3 ⇒ H=6) — प्रोपीन (Propene) — ऐल्कीन है, इसमें द्विबंध है।
- Extra Fact: C₃H₄ (ऐल्काइन — त्रिबंध), C₃H₈ (ऐल्केन — एकल बंध), C₂H₂ (एथाइन — त्रिबंध)।
समजातीय श्रृंखला के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
- सभी सदस्यों के अलग-अलग क्रियात्मक समूह होते हैं।
- सभी सदस्यों का अणुभार समान होता है।
- प्रत्येक उत्तरवर्ती सदस्य -CH₂- समूह द्वारा भिन्न होता है।
- सभी सदस्यों का क्वथनांक समान होता है।
Explanation :
- समजातीय श्रृंखला (Homologous series) में प्रत्येक क्रमागत सदस्य -CH₂- समूह से भिन्न होता है (आण्विक द्रव्यमान में 14 u का अंतर)।
- रासायनिक गुण समान होते हैं, भौतिक गुण क्रमबद्ध रूप से बदलते हैं।
- Extra Fact: यही -CH₂- अंतर उन्हें एक ही श्रेणी में रखता है — जैसे ऐल्केन: CH₄, C₂H₆, C₃H₈ …
निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व कार्बन की तरह शृंखलन गुण दर्शाता है?
- Ne
- Si
- O
- K
Explanation :
- सिलिकॉन (Si) भी शृंखलन (catenation) दिखाता है, हालाँकि कार्बन से बहुत कम — Si–Si बंध (≈ 222 kJ/mol) C–C बंध (≈ 348 kJ/mol) से कमजोर होता है।
- Si श्रृंखलाएँ सिलेन (Silanes) — SiₙH₂ₙ₊₂ बनाता है, पर ये कम स्थिर होती हैं।
- Extra Fact: अन्य तत्व S, B, Sn, Pb भी शृंखलन दिखाते हैं, पर बहुत सीमित।
निम्नलिखित में से किसका उपयोग इत्र और सुगंधित पदार्थ बनाने में किया जाता है?
- क्लोरीन
- इथेनॉल
- एस्टर
- कार्बन
Explanation :
- एस्टर (Esters) — सुगंधित यौगिक होते हैं, जो अल्कोहॉल + कार्बोक्सिलिक अम्ल (एस्टरीफिकेशन) से बनते हैं।
- इनमें मीठी/फलों जैसी गंध होती है — इसलिए इनका उपयोग इत्र, सुगंध, फ्लेवरिंग एजेंट में होता है।
- Extra Fact: उदाहरण — एथिल एसीटेट (CH₃COOC₂H₅) — केले/नाशपाती की गंध; मिथाइल सैलिसिलेट — विंटरग्रीन की गंध।
निम्नलिखित में से कौन सा एक संतृप्त कार्बन यौगिक है?
- एल्काइन
- एथिलीन
- एल्कीन
- एल्केन
Explanation :
- संतृप्त (Saturated) = केवल एकल बंध वाले हाइड्रोकार्बन → ऐल्केन (Alkanes)।
- ऐल्कीन (द्विबंध), ऐल्काइन (त्रिबंध), एथिलीन (C₂H₄ — ऐल्कीन) — सभी असंतृप्त हैं।
- Extra Fact: संतृप्त यौगिक ब्रोमीन जल (Br₂/H₂O) को रंगहीन नहीं करते, जबकि असंतृप्त करते हैं (यह परीक्षण है)।
- कार्बन की संयोजकता: 4 (टेट्रावैलेंट)
- कार्बन के अपररूप (Allotropes): हीरा (sp³, 3D, कठोर), ग्रेफाइट (sp², परतदार, स्नेहक), फुलरीन (C₆₀, गोलाकार)
- शृंखलन (Catenation): C–C बंध की सामर्थ्य (≈348 kJ/mol) और छोटा आकार
- संतृप्त हाइड्रोकार्बन: ऐल्केन (एकल बंध) — सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂
- असंतृप्त हाइड्रोकार्बन: ऐल्कीन (द्विबंध, CₙH₂ₙ) और ऐल्काइन (त्रिबंध, CₙH₂ₙ₋₂)
- समजातीय श्रेणी: समान क्रियात्मक समूह, -CH₂- अंतर, समान रासायनिक गुण
- क्रियात्मक समूह: -OH (ऐल्कोहॉल), -CHO (एल्डिहाइड), -COOH (कार्बोक्सिलिक अम्ल), -CO- (कीटोन), -COO- (एस्टर)
- एस्टर: सुगंधित, अल्कोहॉल + अम्ल से बनते हैं
वायुमंडल में ओजोन परत के क्षरण के लिए निम्नलिखित में से कौन सा/से उत्तरदायी हैं?
- इंडेन
- हाइड्रोफ्लोरोकार्बन
- मीथेन
- क्लोरोफ्लोरोकार्बन
Explanation :
- CFCs (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) ओजोन परत के क्षरण के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।
- ये UV विकिरण से टूटकर क्लोरीन परमाणु (Cl) छोड़ते हैं, जो ओजोन (O₃) को O₂ में तोड़ देते हैं।
- Extra Fact: एक Cl परमाणु 1,00,000 से अधिक ओजोन अणुओं को नष्ट कर सकता है। CFCs को मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) के तहत प्रतिबंधित किया गया था।
- Cl + O₃ → ClO + O₂, ClO + O → Cl + O₂
___ में प्रत्येक कार्बन परमाणु एक ही तल में तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से बंधे होते हैं जो षट्कोणीय सरणी प्रदान करते हैं।
- प्रोपीन
- ग्रेफाइट
- हीरा
- बेंजीन
Explanation :
- ग्रेफाइट में C परमाणु sp² संकरण में होते हैं और तीन C परमाणुओं से जुड़कर षट्कोणीय (हेक्सागोनल) परतें बनाते हैं।
- ये परतें कमजोर वान डेर वाल्स बलों से जुड़ी होती हैं, इसलिए ग्रेफाइट मुलायम होता है और पेंसिल में उपयोग होता है।
- Extra Fact: ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक है (हीरे के विपरीत) क्योंकि प्रत्येक C में एक मुक्त इलेक्ट्रॉन होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक असंतृप्त है?
- C₂H₆
- C₂H₄
- C₄H₁₀
- CH₄
Explanation :
- असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में द्विबंध (C=C) या त्रिबंध (C≡C) होता है।
- C₂H₄ (एथीन/एथिलीन) में C=C द्विबंध है — अतः असंतृप्त।
- CH₄, C₂H₆, C₄H₁₀ — सभी संतृप्त (एल्केन) हैं।
- Extra Fact: असंतृप्त यौगिक ब्रोमीन जल (Br₂/H₂O) को रंगहीन कर देते हैं — यह असंतृप्तता की पहचान है।
- C₂H₄ (H₂C=CH₂)
(CH₃)₃-C-CH₃ निम्नलिखित में से किस कार्बनिक यौगिक का संरचनात्मक सूत्र दर्शाता है?
- 3-मेथिल ब्यूटेन (3-methyl butane)
- 2,3-डाइमेथिल प्रोपेन (2,3-dimethyl propane)
- मेथिल ब्यूटेन (methyl butane)
- 2,2-डाइमेथिल प्रोपेन (2,2-dimethyl propane)
Explanation :
- (CH₃)₃-C-CH₃ की कुल C संख्या = (3+3) + 1 + 1 = 5 C
- मुख्य श्रृंखला: सबसे लंबी श्रृंखला में 3 C (प्रोपेन) + C-2 पर दो CH₃ समूह।
- IUPAC नाम: 2,2-डाइमेथिलप्रोपेन (नियोपेंटेन भी कहते हैं)।
- Extra Fact: नियोपेंटेन का गलनांक n-पेंटेन से अधिक होता है क्योंकि यह अधिक सममित होता है।
CH₃COCH₃ का IUPAC नाम क्या है?
- प्रोपेनोन
- एसीटोन
- प्रोपेन
- डाइमेथिल कीटोन
Explanation :
- CH₃COCH₃ = 3 C, कीटोन समूह (C=O) मध्य में।
- IUPAC नाम: प्रोपेनोन (प्रोपेन + -one)
- Extra Fact: सामान्य नाम एसीटोन है — यह सबसे सरल कीटोन है। इसका उपयोग नेलपॉलिश रिमूवर और विलायक के रूप में होता है।
- CH₃-CO-CH₃ (क्रियात्मक समूह: >C=O)
सिलिकॉन हाइड्रोजन के साथ वह यौगिक बनाता है जिसमें ___ परमाणुओं की शृंखला होती है।
- 8 या 9
- 5 या 6
- 6 या 7
- 7 या 8
Explanation :
- सिलिकॉन Si-H बंध (सिलेन्स) बनाता है।
- सिलिकॉन की श्रृंखला बनाने की क्षमता (कैटेनेशन) कार्बन से कम है।
- Si परमाणु 7 या 8 तक की श्रृंखला बना सकते हैं (Si₇H₁₆ से Si₈H₁₈ तक)।
- Extra Fact: सिलिकॉन-हाइड्रोजन यौगिक अत्यधिक ज्वलनशील होते हैं और वायु में स्वतः प्रज्वलित हो सकते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सी संरचना कार्बन परमाणुओं की बंद शृंखला से बनती है?
- सीधी शृंखला संरचना
- शाखित शृंखला संरचना
- वलय संरचना
- अवक्रीय संरचना
Explanation :
- वलय संरचना (चक्रीय/साइक्लिक) में C परमाणु एक बंद लूप (रिंग) बनाते हैं।
- उदाहरण: साइक्लोहेक्सेन (C₆H₁₂), बेंजीन (C₆H₆)
- Extra Fact: वलय यौगिक एलीसाइक्लिक (संतृप्त) या ऐरोमैटिक (असंतृप्त, जैसे बेंजीन) हो सकते हैं।
साइक्लोहेक्सेन में ___ C-C बंध और ___ C-H बंध होते हैं, इसलिए कुल ___ सहसंयोजक बंध होते हैं।
- 4, 8, 12
- 4, 12, 16
- 6, 10, 16
- 6, 12, 18
Explanation :
- साइक्लोहेक्सेन (C₆H₁₂): 6 C परमाणु वलय में ⇒ 6 C-C बंध
- प्रत्येक C पर 2 H ⇒ कुल 12 H ⇒ 12 C-H बंध
- कुल सहसंयोजक बंध = 6 + 12 = 18
- Extra Fact: साइक्लोहेक्सेन कुर्सी (chair) व नाव (boat) रूपों में पाया जाता है — कुर्सी अधिक स्थिर है।
___ अल्कोहल और कार्बोक्सिलिक अम्ल को वापस देने के लिए एक अम्ल या क्षार की उपस्थिति में प्रतिक्रिया करता है।
- इथेनॉल
- मेथेनॉल
- एस्टर
- कीटोन
Explanation :
- एस्टर (R-COOR’) अम्ल या क्षार की उपस्थिति में जल-अपघटन (हाइड्रोलिसिस) से अल्कोहल + कार्बोक्सिलिक अम्ल देता है।
- अम्लीय माध्यम: R-COOR’ + H₂O ⇌ R-COOH + R’-OH
- Extra Fact: एस्टर से फलों की सुगंध आती है और इसका उपयोग खुशबू व फ्लेवरिंग में होता है।
पर्याप्त ऑक्सीजन की उपस्थिति में मेथेन (CH₄) के पूर्ण दहन से कौन-से उत्पाद बनते हैं?
- कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन
- कार्बन और हाइड्रोजन
- कार्बन डाइऑक्साइड और जल
- कार्बन मोनोऑक्साइड और जल
Explanation :
- पूर्ण दहन में पर्याप्त O₂ मिलती है: CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O
- उत्पाद: CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) + H₂O (जल)
- Extra Fact: अपूर्ण दहन (O₂ कम) में CO (कार्बन मोनोऑक्साइड) + H₂O बनता है — CO जहरीली गैस है।
- CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O
ऐल्केन का सामान्य सूत्र क्या है?
- CₙH₂ₙ₋₂
- CₙH₂ₙ₊₂
- CₙH₃ₙ₋₃
- CₙH₂ₙ
Explanation :
- ऐल्केन (संतृप्त, एकल बंध) का सामान्य सूत्र: CₙH₂ₙ₊₂
- उदाहरण: CH₄ (n=1), C₂H₆ (n=2), C₃H₈ (n=3)
- Extra Fact: CₙH₂ₙ = ऐल्कीन (द्विबंध), CₙH₂ₙ₋₂ = ऐल्काइन (त्रिबंध)
- CₙH₂ₙ₊₂
निम्नलिखित में से कौन-सा कार्बन का अपरूप है, जिसकी संरचना पिंजरे-जैसी (cage-like structure) होती है?
- हीरा
- ग्रेफाइट
- चारकोल
- फुलरीन
Explanation :
- फुलरीन (C₆₀) में 60 C परमाणु पिंजरे (cage) जैसी संरचना में होते हैं, जो फुटबॉल (बकीबॉल) के समान होता है।
- इसमें 12 पंचकोण (pentagons) और 20 षट्कोण (hexagons) होते हैं।
- Extra Fact: फुलरीन की खोज 1985 में हुई थी और इसके लिए नोबेल पुरस्कार (1996) मिला।
निम्नलिखित रासायनिक प्रतिक्रिया पर विचार कीजिए। CO(g) + 2H₂(g) → P इस अभिक्रिया के उत्पाद (P) की भविष्यवाणी कीजिए।
- CH₃OH
- CH₄
- COOH + H₂
- C₂H₅OH
Explanation :
- CO + 2H₂ → CH₃OH (मेथेनॉल) — यह वाणिज्यिक मेथेनॉल बनाने की प्रक्रिया है।
- यह Cu/ZnO/Al₂O₃ उत्प्रेरक पर उच्च दाब (50-100 atm) और 250°C पर होती है।
- Extra Fact: मेथेनॉल का उपयोग ईंधन, विलायक व फॉर्मल्डिहाइड बनाने में होता है। यह जहरीला होता है और अंधापन का कारण बन सकता है।
प्रोपेनोन में ______ कार्बन परमाणु और ______ क्रियात्मक समूह होता है।
- 4, एल्डिहाइड
- 2, कीटोन
- 3, कीटोन
- 4, कीटोन
Explanation :
- प्रोपेनोन = CH₃COCH₃ — 3 कार्बन परमाणु, क्रियात्मक समूह कीटोन (>C=O)
- यह कीटोन समजातीय श्रेणी का प्रथम सदस्य है।
- Extra Fact: कीटोन में C=O समूह श्रृंखला के मध्य में होता है, जबकि एल्डिहाइड में अंत में (-CHO)।
निम्नलिखित में से पृथ्वी पर सबसे कठोर पदार्थ कौन सा है?
- एरोग्राफीन
- ग्रेफाइट
- डायमंड
- फुलरीन
Explanation :
- हीरा (डायमंड) पृथ्वी पर पाया जाने वाला सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है।
- इसमें प्रत्येक C परमाणु चार अन्य C से sp³ संकरण में जुड़ा होता है, जो 3D मजबूत नेटवर्क बनाता है।
- Extra Fact: हीरा विद्युत का कुचालक है, जबकि ग्रेफाइट सुचालक है।
निम्नलिखित में से कौन-सा, ऐल्काइन समूह से संबंधित है?
- C₃H₈
- C₂H₄
- C₆H₆
- C₃H₄
Explanation :
- ऐल्काइन का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₋₂ (त्रिबंध)
- n=3 के लिए: C₃H₄ = प्रोपाइन (CH≡C-CH₃)
- अन्य: C₃H₈ (ऐल्केन), C₂H₄ (ऐल्कीन), C₆H₆ (बेंजीन — ऐरोमैटिक)
- Extra Fact: ऐल्काइन शीर्ष-अंत (terminal) ऐल्काइन हो सकते हैं (जैसे प्रोपाइन) — इनमें अम्लीय H होता है।
यौगिक प्रोपीन की समजातीय श्रृंखला का चौथा अगला सदस्य कौन सा होगा?
- C₆H₁₂
- C₄H₈
- C₅H₁₀
- C₇H₁₄
Explanation :
- प्रोपीन (C₃H₆) ऐल्कीन श्रेणी (CₙH₂ₙ) का सदस्य है।
- समजातीय श्रृंखला में प्रत्येक अगला सदस्य +CH₂ से बढ़ता है।
- सदस्य: C₃H₆ (प्रोपीन) → C₄H₈ (ब्यूटीन) → C₅H₁₀ (पेंटीन) → C₆H₁₂ (हेक्सीन)
- Extra Fact: समजातीय सदस्यों के रासायनिक गुण समान होते हैं, पर भौतिक गुण (गलनांक, क्वथनांक) क्रमिक रूप से बदलते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक, असंतृप्त हाइड्रोकार्बन है?
- ब्यूटेन (Butane)
- एथीन (Ethene)
- प्रोपेन (Propane)
- मेथेन (Methane)
Explanation :
- एथीन (C₂H₄) में C=C द्विबंध है — असंतृप्त।
- ब्यूटेन, प्रोपेन, मेथेन — सभी एल्केन (संतृप्त, एकल बंध) हैं।
- Extra Fact: एथीन (इथिलीन) एक पादप हार्मोन है जो फल पकाने में सहायक होता है।
UV प्रकाश के अंतर्गत क्लोरीन (Cl₂) के साथ मेथेन (CH₄) की प्रतिस्थापन अभिक्रिया में, प्रथम उत्पाद क्या बनता है?
- मेथिल क्लोराइड (CH₃Cl)
- क्लोरोमेथेन (CHCl)
- डाइक्लोरोमेथेन (CH₂Cl₂)
- कार्बन टेट्राक्लोराइड (CCl₄)
Explanation :
- CH₄ + Cl₂ (UV प्रकाश में) → CH₃Cl (मेथिल क्लोराइड) + HCl
- यह प्रतिस्थापन अभिक्रिया है — एक H, Cl से प्रतिस्थापित होता है।
- आगे की अभिक्रियाएँ: CH₃Cl → CH₂Cl₂ → CHCl₃ → CCl₄ (यदि अधिक Cl₂ हो)।
- Extra Fact: इस अभिक्रिया को फ्री-रेडिकल हैलोजनीकरण कहते हैं — यह शृंखला अभिक्रिया है।
ऐल्काइन का सामान्य सूत्र क्या है?
- CₙH₃ₙ₋₃
- CₙH₂ₙ₋₂
- CₙH₂ₙ₊₂
- CₙH₂ₙ
Explanation :
- ऐल्काइन (त्रिबंध, असंतृप्त) का सामान्य सूत्र: CₙH₂ₙ₋₂
- उदाहरण: C₂H₂ (एथाइन/एसिटिलीन), C₃H₄ (प्रोपाइन)
- Extra Fact: एथाइन (C₂H₂) का उपयोग वेल्डिंग (ऑक्सी-एसिटिलीन टॉर्च) में होता है क्योंकि यह अत्यधिक ज्वलनशील है।
ऐल्कीन श्रेणी के दूसरे सदस्य का आणविक सूत्र क्या है?
- C₆H₁₂
- C₂H₄
- C₄H₈
- C₃H₆
Explanation :
- ऐल्कीन श्रेणी CₙH₂ₙ: पहला = C₂H₄ (एथीन), दूसरा = C₃H₆ (प्रोपीन)
- C₄H₈ = तीसरा (ब्यूटीन), C₆H₁₂ = पाँचवाँ (हेक्सीन)
- Extra Fact: प्रोपीन का उपयोग पॉलीप्रोपिलीन (PP) प्लास्टिक बनाने में होता है।
पृथ्वी पर जीवन समस्त जीवों के लिए ऊर्जा के मुख्य स्रोत के रूप में ________ अणुओं पर निर्भर करता है।
- नाइट्रोजन-आधारित
- कार्बन-आधारित
- प्रोटीन-आधारित
- ऑक्सीजन-आधारित
Explanation :
- जीवन कार्बन-आधारित है — सभी कार्बनिक अणु (प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, DNA/RNA) C पर आधारित हैं।
- कार्बन में चतुःसंयोजी और शृंखलन का गुण है, जो जटिल अणुओं को संभव बनाता है।
- Extra Fact: सिलिकॉन भी चतुःसंयोजी है, पर इसके बंध कम स्थिर हैं — इसलिए जीवन कार्बन-आधारित है, सिलिकॉन-आधारित नहीं।
यौगिक CH₃OH का अगला समजातीय सदस्य क्या होगा?
- C₃H₅OH
- C₂H₃OH
- C₃H₇OH
- C₂H₅OH
Explanation :
- CH₃OH = मेथेनॉल (अल्कोहल श्रेणी CₙH₂ₙ₊₁OH का n=1)
- अगला सदस्य +CH₂ से: C₂H₅OH = एथेनॉल
- Extra Fact: एथेनॉल (C₂H₅OH) पेयजल में अल्कोहल है, जबकि मेथेनॉल जहरीला है।
क्लोरोइथीन का सामान्य नाम क्या है?
- मिथाइलीन क्लोराइड
- विनाइल क्लोराइड
- क्लोरोफॉर्म
- कार्बन टेट्राक्लोराइड
Explanation :
- क्लोरोइथीन = CH₂=CHCl — IUPAC: क्लोरोइथीन, सामान्य: विनाइल क्लोराइड
- इसका उपयोग PVC (पॉलीविनाइल क्लोराइड) प्लास्टिक बनाने में होता है।
- Extra Fact: विनाइल क्लोराइड एक कार्सिनोजेन (कैंसरजनक) है, इसलिए इसके उत्पादन में सुरक्षा आवश्यक है।
________ यौगिक में एक क्रियात्मक समूह के रूप में -OH है।
- कार्बोक्सिलिक अम्ल
- ईथेनोइक अम्ल
- एसिटिक अम्ल
- अल्कोहॉल
Explanation :
- अल्कोहॉल का क्रियात्मक समूह -OH (हाइड्रॉक्सिल) है।
- कार्बोक्सिलिक अम्ल का समूह -COOH है (इसमें भी OH है, पर यह -COOH का भाग है)।
- Extra Fact: अल्कोहॉल NaOH से क्रिया नहीं करता (जबकि कार्बोक्सिलिक अम्ल करता है)।
कीटोन समजातीय श्रेणी के क्रमशः प्रथम और द्वितीय सदस्य हैं:
- प्रोपेनोन, ब्यूटेनोन
- इथेनोन, प्रोपेनोन
- ब्यूटेनोन, प्रोपेनोन
- प्रोपेनोन, ब्यूटेनोन
Explanation :
- कीटोन श्रेणी (CₙH₂ₙO): n=3 (प्रोपेनोन/एसीटोन) से प्रारंभ (n=2 असंभव — इथेनोन नहीं बनता)।
- प्रथम = प्रोपेनोन (C₃H₆O), द्वितीय = ब्यूटेनोन (C₄H₈O)
- Extra Fact: सबसे सरल कीटोन प्रोपेनोन है — कीटोन श्रेणी n≥3 से प्रारंभ होती है।
निम्नलिखित यौगिकों को उनके कार्बन बंध लंबाई के आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए: एथीन, एथाइन, ईथेन
- एथीन, एथाइन, ईथेन
- एथाइन, एथीन, ईथेन
- ईथेन, एथीन, एथाइन
- ईथेन, एथाइन, एथीन
Explanation :
- बंध लंबाई: एकल बंध (C-C) > द्विबंध (C=C) > त्रिबंध (C≡C)
- ईथेन (C-C) > एथीन (C=C) > एथाइन (C≡C)
- आरोही क्रम (सबसे छोटा से सबसे बड़ा): एथाइन < एथीन < ईथेन
- Extra Fact: त्रिबंध में अधिक s-कैरेक्टर (50%) होता है, जिससे बंध छोटा और मजबूत होता है।
- C≡C (121 pm) < C=C (134 pm) < C-C (154 pm)
निम्नलिखित में से कौनसा मिलान सही है?
- ब्यूटीन : CH₃-CH₂-CH=CH₂
- प्रोपेन : CH₃-CH₂=CH₂
- पेंटीन : CH₃-CH₂-CH-CH=CH₂
- इथेन : CH₂=CH₃
Explanation :
- ब्यूटीन (C₄H₈) का सूत्र CH₃-CH₂-CH=CH₂ — सही (ब्यूट-1-इन)।
- प्रोपेन: CH₃-CH₂-CH₃ होना चाहिए (CH₃-CH₂=CH₂ गलत है)।
- पेंटीन: CH₃-CH₂-CH₂-CH=CH₂ होना चाहिए।
- इथेन: CH₃-CH₃ होना चाहिए (CH₂=CH₃ गलत है)।
- Extra Fact: ऐल्कीन का अंत “-ene” होता है और सूत्र में C=C दिखना चाहिए।
C₂H₂, C₂H₄ और C₂H₆ हाइड्रोकार्बन के किस समूह से संबंधित हैं?
- क्रमशः ऐल्काइन, ऐल्कीन और ऐल्केन हाइड्रोकार्बन
- क्रमशः ऐल्केन, ऐल्कीन और ऐल्काइन हाइड्रोकार्बन
- क्रमशः ऐल्कीन, ऐल्काइन और ऐल्केन हाइड्रोकार्बन
- क्रमशः ऐल्केन, ऐल्काइन और ऐल्कीन हाइड्रोकार्बन
Explanation :
- C₂H₂ = एथाइन (एसिटिलीन) — ऐल्काइन (त्रिबंध)
- C₂H₄ = एथीन (इथिलीन) — ऐल्कीन (द्विबंध)
- C₂H₆ = एथेन — ऐल्केन (एकल बंध)
- अतः क्रम: ऐल्काइन, ऐल्कीन, ऐल्केन
- Extra Fact: इन तीनों का हाइड्रोजन/कार्बन अनुपात क्रमशः घटता है: ऐल्केन में अधिकतम H, ऐल्काइन में न्यूनतम।
निम्नलिखित में से कार्बन के किस यौगिक में पिंजरे जैसी बंद-रिंग संरचना होती है जो सॉकर बॉल के समान होती है?
- C-60 फुलरीन
- ग्राफीन
- हीरा
- ग्रेफाइट
Explanation :
- C₆₀ फुलरीन (बकीबॉल) में 60 कार्बन परमाणु होते हैं जो फुटबॉल की तरह पिंजरे (cage) में व्यवस्थित होते हैं।
- इसमें 12 पंचकोण और 20 षट्कोण होते हैं।
- Extra Fact: ग्राफीन एक 2D शीट है, हीरा 3D नेटवर्क है, ग्रेफाइट परतदार है।
2-मेथिलप्रोपेन का आण्विक सूत्र निम्नलिखित में से किसके समान है?
- पेंटीन (Pentene)
- पेंटेन (Pentane)
- ब्यूटीन (Butene)
- ब्यूटेन (Butane)
Explanation :
- 2-मेथिलप्रोपेन = C₄H₁₀ (शाखित ब्यूटेन)
- इसका आण्विक सूत्र C₄H₁₀ है — जो ब्यूटेन (n-ब्यूटेन) के समान है।
- दोनों संरचनात्मक समावयवी हैं (भिन्न संरचना, समान सूत्र)।
- Extra Fact: n-ब्यूटेन का क्वथनांक (-0.5°C), 2-मेथिलप्रोपेन का (-11.7°C) — शाखित का क्वथनांक कम होता है।
“कार्बनिक यौगिक केवल जीवित तंत्र के भीतर ही निर्मित हो सकते हैं” कथन का खंडन किसने किया?
- चाल्स
- डेवी
- वोहलर
- डाल्टन
Explanation :
- फ्रेडरिक वोहलर (1828) ने अमोनियम सायनेट (NH₄OCN) को गर्म करके यूरिया (NH₂CONH₂) बनाया।
- इससे जीवन शक्ति सिद्धांत (Vital Force Theory) का खंडन हुआ — कार्बनिक यौगिक प्रयोगशाला में भी बन सकते हैं।
- Extra Fact: वोहलर ने यूरिया बनाकर कार्बनिक रसायन की शुरुआत की।
यदि एथेन, हाइड्रोजन क्लोराइड और ग्लूकोज के आण्विक सूत्र क्रमशः C₂H₆, HCl और C₆H₁₂O₆ हैं तो इनके संबंधित अनुभविक सूत्र क्या होंगे?
- CH₃, HCl और CH₂O
- C₂H₆, HCl और C₆H₁₂O₆
- 2CH₃, HCl और 6CH₂O
- CH, HCl और CHO
Explanation :
- अनुभविक सूत्र (Empirical formula) = सरलतम पूर्णांक अनुपात।
- C₂H₆ → CH₃ (2:6 = 1:3)
- HCl → HCl (पहले से ही सरलतम)
- C₆H₁₂O₆ → CH₂O (6:12:6 = 1:2:1)
- Extra Fact: अनुभविक सूत्र तत्वों का अनुपात बताता है, आण्विक सूत्र वास्तविक संख्या।
443 K पर सांद्र H₂SO₄ के साथ एथेनॉल गर्म करने पर ______ मिलता है।
- एथेन
- एथीन
- एथाइन
- मीथेन
Explanation :
- एथेनॉल (C₂H₅OH) को 443 K (170°C) पर सांद्र H₂SO₄ के साथ गर्म करने पर निर्जलीकरण होता है।
- C₂H₅OH → C₂H₄ (एथीन) + H₂O
- Extra Fact: यदि 413 K (140°C) पर गर्म किया जाए, तो डाइएथिल ईथर (C₂H₅OC₂H₅) बनता है।
- C₂H₅OH → (H₂SO₄, 443K) → C₂H₄ + H₂O
निम्नलिखित में से कौन-सा ऋजु-श्रृंखला वाला संतृप्त हाइड्रोकार्बन है?
- साइक्लोहेक्सेन (Cyclohexane)
- प्रोपीन (Propene)
- बेंजीन (Benzene)
- ब्यूटेन (Butane)
Explanation :
- ब्यूटेन (C₄H₁₀) — ऋजु-श्रृंखला (straight chain), संतृप्त (एकल बंध)।
- साइक्लोहेक्सेन — वलय (चक्रीय) है, ऋजु नहीं।
- प्रोपीन — असंतृप्त (द्विबंध), बेंजीन — वलय एरोमैटिक।
- Extra Fact: ऋजु-श्रृंखला ऐल्केन का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂ है।
______ में कार्बन परमाणु फुटबॉल की आकृति में व्यवस्थित होते हैं।
- फुलरीन
- मीथेन
- बेंजीन
- एथेन
Explanation :
- फुलरीन (C₆₀) में C परमाणु फुटबॉल (बकीबॉल) की आकृति में व्यवस्थित होते हैं।
- यह बंद पिंजरे जैसी संरचना है।
- Extra Fact: C₇₀ (फुलरीन का बड़ा रूप) रग्बी बॉल के समान होता है।
निम्नलिखित में से किस रसायन में फलों की सुगंध आती है?
- फॉर्मल्डिहाइड
- थियोएस्टर
- एस्टर
- मेथॉल
Explanation :
- एस्टर (R-COOR’) में फलों जैसी सुगंध होती है — इन्हें सुगंधित एस्टर कहते हैं।
- उदाहरण: आइसोएमाइल एसीटेट (केले की सुगंध), एथिल ब्यूटिरेट (अनानास की सुगंध)।
- Extra Fact: एस्टर का उपयोग खाद्य फ्लेवरिंग और इत्र में होता है।
निम्नलिखित में से किस यौगिक में 7 सहसंयोजक बंध हैं?
- ब्यूटेन
- प्रोपेन
- ईथेन
- मीथेन
Explanation :
- ईथेन (C₂H₆): 1 C-C + 6 C-H = 7 सहसंयोजक बंध
- मीथेन (CH₄): 4 C-H = 4 बंध
- प्रोपेन (C₃H₈): 2 C-C + 8 C-H = 10 बंध
- ब्यूटेन (C₄H₁₀): 3 C-C + 10 C-H = 13 बंध
- Extra Fact: ऐल्केन CₙH₂ₙ₊₂ में कुल बंध = (n-1) + (2n+2) = 3n+1
ऐल्कीन, असंतृप्त हाइड्रोकार्बन है जिसमें दो कार्बन परमाणुओं के बीच एक द्विबंध होता है, इसका सामान्य सूत्र है:
- CₙH₂ₙ₊₂
- CₙH₂ₙ₋₁
- CₙH₂ₙ₊₁
- CₙH₂ₙ
Explanation :
- ऐल्कीन (द्विबंध) का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ
- उदाहरण: C₂H₄ (एथीन), C₃H₆ (प्रोपीन)
- Extra Fact: ऐल्कीन हाइड्रोजनीकरण (H₂, उत्प्रेरक) पर ऐल्केन (CₙH₂ₙ₊₂) में बदल जाते हैं।
बायोगैस मुख्य रूप से ______ और कार्बन डाइऑक्साइड से बना होता है।
- ईथेन
- क्लोरीन
- मिथाइल आइसोसाइनेट
- मीथेन
Explanation :
- बायोगैस (गोबर गैस) में मुख्यतः CH₄ (मीथेन) ~ 50-70% और CO₂ ~ 30-40% होता है।
- इसमें H₂S, N₂ और H₂ भी अल्प मात्रा में होते हैं।
- Extra Fact: मीथेन (ग्रीनहाउस गैस) का ग्लोबल वार्मिंग क्षमता CO₂ से 25 गुना अधिक है, इसलिए बायोगैस का उपयोग ऊर्जा स्रोत के रूप में किया जाता है।
निम्नलिखित का मिलान कीजिए:
- i – d, ii – c, iii – a, iv – b, v – e
- i – b, ii – d, iii – c, iv – e, v – a
- i – d, ii – c, iii – e, iv – b, v – a
- i – a, ii – b, iii – c, iv – e, v – d
Explanation :
- चूँकि प्रश्न में मिलान तालिका नहीं दी गई है, RRB के अनुसार सही उत्तर विकल्प 2 है।
- सामान्यतः ये प्रश्न कार्बनिक यौगिकों व उनके उपयोग पर आधारित होते हैं।
- Extra Fact: RRB परीक्षाओं में मिलान प्रश्नों में IUPAC नाम, सामान्य नाम, उपयोग, सूत्र आदि पूछे जाते हैं।
निम्नलिखित में से कौन प्रोपेनोन में क्रियात्मक समूह है?
- कीटोन
- कार्बोक्सिलिक अम्ल
- ऐल्कोहॉल
- एल्डिहाइड
Explanation :
- प्रोपेनोन (CH₃COCH₃) में क्रियात्मक समूह कीटोन (>C=O) है।
- एल्डिहाइड (-CHO) अंत में होता है, कीटोन मध्य में।
- Extra Fact: प्रोपेनोन (एसीटोन) एक अच्छा विलायक है और नेलपॉलिश रिमूवर में उपयोग होता है।
कार्बन का वह गुणधर्म जिसके कारण इसके अणु लंबी कार्बन शृंखला बनाने के लिए एक-दूसरे के साथ बंध सकते हैं, ______ कहलाता है।
- अपररूपता
- द्वि-सहसंयोजक
- एकल सहसंयोजक
- शृंखलन
Explanation :
- शृंखलन (Catenation) — किसी तत्व के परमाणुओं की श्रृंखला बनाने की क्षमता।
- कार्बन में यह गुण सबसे अधिक होता है (C-C बंध मजबूत)।
- Extra Fact: अपररूपता (Allotropy) — एक ही तत्व के विभिन्न भौतिक रूप (जैसे हीरा, ग्रेफाइट)।
एक चक्रीय यौगिक जिसमें केवल एकल बंध होते हैं, उसे किस रूप में वर्गीकृत किया जाता है?
- अलीफैटिक
- ऐरोमैटिक
- संतृप्त
- असंतृप्त
Explanation :
- चक्रीय यौगिक जिसमें केवल एकल बंध हो — संतृप्त (एलीसाइक्लिक) कहलाता है।
- उदाहरण: साइक्लोहेक्सेन (C₆H₁₂) — संतृप्त चक्रीय।
- Extra Fact: ऐरोमैटिक (जैसे बेंजीन) में एकांतर द्विबंध होते हैं (असंतृप्त)।
मीथेन और क्लोरीन गैस से मिथाइल क्लोराइड का निर्माण किस प्रकार की अभिक्रिया है?
- ऑक्सीकरण अभिक्रिया
- योग अभिक्रिया
- प्रतिस्थापन अभिक्रिया
- दहन अभिक्रिया
Explanation :
- CH₄ + Cl₂ (UV) → CH₃Cl + HCl — यह प्रतिस्थापन (substitution) है क्योंकि H, Cl से प्रतिस्थापित होता है।
- योग अभिक्रिया ऐल्कीन/ऐल्काइन में होती है (द्वि/त्रिबंध → एकल बंध)।
- Extra Fact: यह फ्री-रेडिकल तंत्र द्वारा होती है — सूर्य प्रकाश (UV) आवश्यक है।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार करें और सही उत्तर पहचानें। कथन I: ग्रेफाइट विद्युत का कुचालक है। कथन II: ग्रेफाइट में, प्रत्येक कार्बन परमाणु एक षट्कोणीय सरणी देते हुए एक ही तल में तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है।
- दोनों कथन सही हैं।
- दोनों कथन गलत हैं।
- कथन I सही है, और कथन II गलत है।
- कथन II सही है, और कथन I गलत है।
Explanation :
- कथन I — गलत है, क्योंकि ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक है (प्रत्येक C में एक मुक्त इलेक्ट्रॉन)।
- कथन II — सही है, ग्रेफाइट में C, तीन C से sp² में जुड़कर षट्कोणीय परतें बनाता है।
- Extra Fact: हीरा विद्युत का कुचालक है (सभी 4 इलेक्ट्रॉन बंधन में), जबकि ग्रेफाइट सुचालक।
- शृंखलन (Catenation): C की स्वयं से बंध बनाकर लंबी श्रृंखला बनाने की क्षमता।
- संतृप्त हाइड्रोकार्बन: केवल एकल बंध (C-C) — ऐल्केन (CₙH₂ₙ₊₂)
- असंतृप्त हाइड्रोकार्बन: द्विबंध (ऐल्कीन, CₙH₂ₙ) या त्रिबंध (ऐल्काइन, CₙH₂ₙ₋₂)
- ऐरोमैटिक यौगिक: बेंजीन (C₆H₆) — एकांतर द्विबंध, विशेष स्थायित्व।
- क्रियात्मक समूह: -OH (अल्कोहॉल), -CHO (एल्डिहाइड), >C=O (कीटोन), -COOH (कार्बोक्सिलिक अम्ल), -COO- (एस्टर)
- कार्बन के अपरूप: हीरा (3D, कठोर, कुचालक), ग्रेफाइट (2D परत, मुलायम, सुचालक), फुलरीन (पिंजरा, C₆₀)
- दहन: CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O (पूर्ण); अपूर्ण दहन में CO बनता है।
- निर्जलीकरण: एथेनॉल → (H₂SO₄, 443K) → एथीन + H₂O
- प्रतिस्थापन: CH₄ + Cl₂ (UV) → CH₃Cl + HCl
सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में ______ को अधिक तीव्र अभिक्रिया में हाइड्रोकार्बन में मिलाया जाता है।
- O₂
- Cl₂
- H₂
- N₂
Explanation :
- Concept: यह प्रकाश-रासायनिक हैलोजनीकरण (photochemical halogenation) अभिक्रिया है।
- सूर्य के प्रकाश (UV) में Cl₂ (क्लोरीन) हाइड्रोकार्बन के साथ अभिक्रिया करता है — जैसे CH₄ + Cl₂ → CH₃Cl + HCl (प्रकाश में)।
- Extra Fact: यह मुक्त मूलक (free radical) क्रियाविधि से होती है। F₂ बहुत तीव्र, Br₂ धीमी, I₂ अत्यंत धीमी अभिक्रिया देते हैं।
- CH₄ + Cl₂ →hν CH₃Cl + HCl
ऐल्केन की समजातीय श्रृंखला के निम्नलिखित सदस्यों में से किसका गलनांक सबसे अधिक है?
- C₄H₁₀
- C₂H₆
- C₃H₈
- CH₄
Explanation :
- Concept: समजातीय श्रृंखला में आण्विक द्रव्यमान बढ़ने पर गलनांक व क्वथनांक बढ़ते हैं।
- C₄H₁₀ (ब्यूटेन) का आण्विक द्रव्यमान सबसे अधिक (58) है, इसलिए गलनांक सबसे अधिक।
- Extra Fact: ऐल्केनों के गलनांक क्रम: CH₄ (-182°C) < C₂H₆ (-183°C) < C₃H₈ (-188°C) < C₄H₁₀ (-138°C) — यहाँ C₄H₁₀ का गलनांक सबसे अधिक है।
निम्न में से कौन एक कार्बनिक अम्ल है?
- कार्बोनिक अम्ल
- सल्फ्यूरिक अम्ल
- नाइट्रिक अम्ल
- ऑक्सैलिक अम्ल
Explanation :
- ऑक्सैलिक अम्ल (COOH–COOH) एक कार्बनिक अम्ल है — यह कार्बन परमाणु युक्त अम्ल है।
- कार्बोनिक (H₂CO₃), सल्फ्यूरिक (H₂SO₄), नाइट्रिक (HNO₃) — सभी अकार्बनिक अम्ल हैं।
- Extra Fact: ऑक्सैलिक अम्ल पालक, टमाटर व स्टारफ्रूट में पाया जाता है।
पतंगों और अन्य कीड़ों को भगाने के लिए इस्तेमाल होने वाली नेफ़थलीन बॉल्स किससे प्राप्त की जाती हैं:
- कोक
- कोयला गैस
- कोलतार
- कोयला
Explanation :
- नेफ़थलीन (C₁₀H₈) एक सुगंधित हाइड्रोकार्बन है, जो कोयला टार (कोलतार) के आसवन से प्राप्त होता है।
- इसका उपयोग मोथबॉल में कीटनाशक के रूप में होता है।
- Extra Fact: कोलतार के आसवन से बेंजीन, टोल्यून, जाइलीन, नेफ़थलीन व एन्थ्रासीन प्राप्त होते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म ऐल्कीन की समजातीय श्रेणी से संबंधित है?
- C₂H₆ और C₃H₁₀
- CH₄ और C₂H₄
- C₃H₆ और C₄H₈
- CH₄ और C₄H₈
Explanation :
- ऐल्कीन का सामान्य सूत्र: CₙH₂ₙ
- C₃H₆ (n=3) और C₄H₈ (n=4) दोनों CₙH₂ₙ को संतुष्ट करते हैं, इसलिए ये ऐल्कीन की समजातीय श्रृंखला के सदस्य हैं।
- Extra Fact: ऐल्कीनों में कम से कम एक द्वि-बंध (C=C) होता है। C₂H₄ (एथीन), C₃H₆ (प्रोपीन), C₄H₈ (ब्यूटीन) आदि।
- CₙH₂ₙ
निम्न में से किसमें त्रि-आबंध होता है?
- प्रोपीन
- प्रोपेनॉल
- प्रोपेनोइक अम्ल
- प्रोपाइन
Explanation :
- प्रोपाइन (C₃H₄) एक ऐल्काइन है — इसमें कार्बन-कार्बन त्रि-आबंध (C≡C) होता है।
- प्रोपीन (ऐल्कीन) → द्वि-बंध, प्रोपेनॉल (ऐल्कोहॉल) → एकल बंध + -OH, प्रोपेनोइक अम्ल → -COOH समूह।
- Extra Fact: ऐल्काइनों का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₋₂ होता है।
इथेनॉल का सूत्र ______ है।
- CH₅OH
- C₂H₆OH
- C₂H₅OH
- CH₃CH₂OH₂
Explanation :
- इथेनॉल (एथिल अल्कोहॉल) का सूत्र C₂H₅OH है।
- संरचना: CH₃–CH₂–OH
- Extra Fact: इथेनॉल को शराब में पाया जाता है। इसका क्वथनांक 78°C है। यह जल में पूर्णतः विलेय है।
संतृप्त कार्बनिक यौगिक सामान्यतः ______ होते हैं।
- कार्बन परमाणुओं के बीच द्वि-आबंध
- आकर्षण के कम विद्युत बल
- असंतृप्त यौगिकों की तुलना में कम अभिक्रियाशील
- असंतृप्त यौगिकों की तुलना में कम स्थिर
Explanation :
- संतृप्त यौगिक (ऐल्केन) में केवल एकल बंध (C–C) होते हैं — ये कम अभिक्रियाशील होते हैं।
- असंतृप्त (ऐल्कीन/ऐल्काइन) में द्वि/त्रि-बंध होते हैं — ये अधिक अभिक्रियाशील होते हैं (योगज अभिक्रियाएँ देते हैं)।
- Extra Fact: संतृप्त यौगिक संतृप्त इसलिए कहलाते हैं क्योंकि सभी कार्बन अधिकतम हाइड्रोजन से बँधे होते हैं।
आवर्त सारणी में कौन सा तत्व अधिकतम संख्या में यौगिक बनाता है?
- H
- O
- S
- C
Explanation :
- कार्बन (C) शृंखलन (catenation) के गुण के कारण सबसे अधिक (लगभग 1 करोड़+) यौगिक बनाता है।
- कार्बन की संयोजकता 4 है और यह स्वयं के साथ लंबी श्रृंखलाएँ बना सकता है।
- Extra Fact: कार्बनिक रसायन विज्ञान कार्बन यौगिकों का अध्ययन है।
योगज अभिक्रियाएं किस प्रकार के हाइड्रोकार्बन की विशेषताएं हैं?
- ऐल्काइन और ऐल्कीन दोनों
- केवल ऐल्काइन
- केवल ऐल्कीन
- केवल ऐल्केन
Explanation :
- योगज अभिक्रियाएँ (Addition reactions) — असंतृप्त यौगिकों (ऐल्कीन/ऐल्काइन) की विशेषता हैं।
- इनमें द्वि/त्रि-बंध टूटकर नए परमाणु जुड़ते हैं (जैसे हाइड्रोजनीकरण, हैलोजनीकरण)।
- Extra Fact: ऐल्केन प्रतिस्थापन (substitution) अभिक्रियाएँ देते हैं, योगज नहीं।
दिए गए यौगिकों में से, किसका उपयोग ईंधन योज्य के रूप में किया जाता है?
- एथेनल (Ethanal)
- एथेन (Ethane)
- एथेनॉल (Ethanol)
- एथेनॉइक अम्ल (Ethanoic acid)
Explanation :
- एथेनॉल (C₂H₅OH) का उपयोग गैसोलीन (पेट्रोल) में ईंधन योज्य के रूप में किया जाता है (अल्कोहल ईंधन / एथेनॉल ब्लेंडिंग)।
- यह ऑक्सीजन प्रदान करता है, जिससे दहन अधिक पूर्ण होता है और CO उत्सर्जन कम होता है।
- Extra Fact: भारत में E10 (10% एथेनॉल + 90% पेट्रोल) और E20 (20% एथेनॉल) मिश्रण उपयोग में है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कार्बन यौगिक शाखित श्रृंखला संरचना की उपस्थिति दर्शाता है?
- मेथेन (CH₄)
- एथेन (C₂H₆)
- ब्यूटेन (C₄H₁₀)
- आइसोब्यूटेन (C₄H₁₀)
Explanation :
- आइसोब्यूटेन (2-मेथिलप्रोपेन) — इसकी संरचना CH(CH₃)₃ है — एक शाखित श्रृंखला है।
- ब्यूटेन (CH₃–CH₂–CH₂–CH₃) — ऋजु श्रृंखला है।
- Extra Fact: C₄H₁₀ के दो समावयवी हैं — n-ब्यूटेन (ऋजु) और आइसोब्यूटेन (शाखित)। शाखित यौगिकों के क्वथनांक कम होते हैं।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार करें और सही उत्तर पहचानें। कथन I: अधिकांश कार्बनिक यौगिक विद्युत के सुचालक होते हैं। कथन II: कार्बनिक यौगिकों के अणुओं के बीच आकर्षण बल बहुत प्रबल नहीं होता है।
- कथन II सही है, और कथन I गलत है।
- कथन I सही है, और कथन II गलत है।
- दोनों कथन गलत हैं।
- दोनों कथन सही हैं।
Explanation :
- कथन I गलत: अधिकांश कार्बनिक यौगिक कुचालक होते हैं (सहसंयोजक बंध, आयन नहीं)।
- कथन II सही: कार्बनिक अणुओं के बीच दुर्बल वान डेर वाल्स बल होते हैं — इसलिए क्वथनांक कम होते हैं।
- Extra Fact: अपवाद: ग्रेफाइट (कार्बन का अपररूप) विद्युत का सुचालक है।
निम्नलिखित में से कौन-सा ऐल्कीन का सामान्य सूत्र है?
- CₙH₂ₙ₊₄
- CₙH₂ₙ₋₂
- CₙH₂ₙ₊₂
- CₙH₂ₙ
Explanation :
- ऐल्कीन (एल्केन्स) — सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ
- ऐल्केन → CₙH₂ₙ₊₂, ऐल्काइन → CₙH₂ₙ₋₂
- Extra Fact: ऐल्कीन में कम से कम एक द्वि-बंध (C=C) होता है। C₂H₄ (एथीन) इस श्रृंखला का पहला सदस्य है।
ऐल्केन की सही समजातीय श्रेणी का चयन कीजिए।
- CH₄, C₂H₄, C₃H₄, C₄H₁₀
- CH₄, C₂H₄, C₃H₈, C₄H₁₀
- CH₄, C₃H₈, C₂H₆, C₄H₁₀
- CH₄, C₂H₆, C₃H₈, C₄H₁₀
Explanation :
- ऐल्केन (संतृप्त हाइड्रोकार्बन) — सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂
- सही क्रम: CH₄ (मेथेन), C₂H₆ (एथेन), C₃H₈ (प्रोपेन), C₄H₁₀ (ब्यूटेन)
- Extra Fact: प्रत्येक अगले सदस्य में –CH₂– समूह का अंतर होता है।
इथेनोइक एसिड का एक सामान्य नाम है।
- पशुमिंग एसिड
- अल्कोहॉल
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- एसिटिक एसिड
Explanation :
- इथेनोइक अम्ल (CH₃COOH) का सामान्य नाम एसिटिक अम्ल है।
- यह सिरके (vinegar) का मुख्य घटक है (5-8% एसिटिक अम्ल)।
- Extra Fact: शुद्ध एसिटिक अम्ल को ग्लेशियल एसिटिक अम्ल कहते हैं (यह 16.6°C पर जम जाता है)।
इनमें से कौन सा एक असंतृप्त यौगिक है?
- C₂H₆
- C₂H₄
- CH₄
- C₃H₈
Explanation :
- C₂H₄ (एथीन) एक असंतृप्त यौगिक है — इसमें C=C द्वि-बंध है।
- C₂H₆, CH₄, C₃H₈ — सभी संतृप्त (ऐल्केन) हैं।
- Extra Fact: असंतृप्त यौगिक ब्रोमीन जल (red-brown) को रंगहीन कर देते हैं — यह परीक्षण है।
C₃H₆ किस समजातीय श्रेणी से संबंधित है?
- ऐल्केन
- साइक्लोएल्केन
- ऐल्कीन
- ऐल्काइन
Explanation :
- C₃H₆ सूत्र CₙH₂ₙ को संतुष्ट करता है (n=3) — यह ऐल्कीन है (प्रोपीन)।
- Extra Fact: C₃H₆ के दो समावयवी हैं — प्रोपीन (CH₂=CH–CH₃) और साइक्लोप्रोपेन (वलयिक)।
ग्लाइकोजन शरीर में ______ का संचय रूप है।
- लिपिड
- प्रोटीन
- विटामिन
- कार्बोहाइड्रेट
Explanation :
- ग्लाइकोजन कार्बोहाइड्रेट (ग्लूकोज) का संचय (storage) रूप है — यह यकृत व मांसपेशियों में पाया जाता है।
- यह जंतुओं में स्टार्च के समतुल्य है (पौधों में स्टार्च संचय रूप है)।
- Extra Fact: आवश्यकता पड़ने पर ग्लाइकोजन ग्लूकोज में टूटकर ऊर्जा प्रदान करता है।
कार्बन यौगिकों में सामान्यतः पाया जाने वाला बंधन कौन सा नहीं है?
- एकल बंधन
- द्वि-बंधन
- आयनिक बंधन
- त्रि-बंधन
Explanation :
- कार्बन यौगिकों में सहसंयोजक बंधन (एकल, द्वि, त्रि) पाए जाते हैं — आयनिक बंधन सामान्यतः नहीं पाया जाता।
- कार्बन की विद्युत ऋणात्मकता मध्यम है, इसलिए यह इलेक्ट्रॉन साझा करता है (सहसंयोजक), न कि स्थानांतरित (आयनिक)।
- Extra Fact: अपवाद — कार्बाइड (जैसे CaC₂) में आयनिक बंधन होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा समजातीय शृंखला के लिए सही युग्म है?
- C₃H₇OH और CH₃OH
- CH₃OH और C₃H₇OH
- CH₃OH और CH₄
- CH₃OH और C₂H₅OH
Explanation :
- CH₃OH (मेथेनॉल) और C₂H₅OH (इथेनॉल) — दोनों ऐल्कोहॉल हैं और एक ही समजातीय श्रृंखला के सदस्य हैं (अंतर –CH₂–)।
- इनमें –OH क्रियात्मक समूह समान है।
- Extra Fact: ऐल्कोहॉल समजातीय श्रृंखला का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₁OH है।
C₆H₁₄ में कितने समावयवी हैं?
- 3
- 6
- 4
- 5
Explanation :
- C₆H₁₄ (हेक्सेन) के 5 संरचनात्मक समावयवी हैं:
- 1. n-हेक्सेन, 2. 2-मेथिलपेंटेन, 3. 3-मेथिलपेंटेन, 4. 2,2-डाइमेथिलब्यूटेन, 5. 2,3-डाइमेथिलब्यूटेन
- Extra Fact: समावयवियों की संख्या कार्बन परमाणु बढ़ने पर बढ़ती है — C₇H₁₆ के 9, C₈H₁₈ के 18 समावयवी हैं।
संतृप्त कार्बन यौगिकों के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- इनमें केवल कार्बन-कार्बन द्वि-आबंध होता है।
- इनमें केवल कार्बन-कार्बन एकल आबंध होता है।
- इनमें केवल कार्बन-कार्बन त्रि-आबंध होता है।
- इनमें द्वि और त्रि दोनों आबंध होते हैं।
Explanation :
- संतृप्त यौगिकों में केवल एकल बंध (C–C) होते हैं — कोई द्वि या त्रि-बंध नहीं।
- ये ऐल्केन कहलाते हैं (जैसे CH₄, C₂H₆, C₃H₈)।
- Extra Fact: ये प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ देते हैं, योगज नहीं।
हीरे में, प्रत्येक कार्बन परमाणु ______ आबंध है:
- दो अन्य कार्बन परमाणु
- तीन अन्य कार्बन परमाणु
- चार अन्य कार्बन परमाणु
- पाँच अन्य कार्बन परमाणु
Explanation :
- हीरे में प्रत्येक C परमाणु sp³ संकरित होता है और 4 अन्य C परमाणुओं से एकल बंध द्वारा जुड़ा होता है।
- यह त्रिविमीय (3D) जालक संरचना है — यही कारण है कि हीरा अत्यंत कठोर होता है।
- Extra Fact: ग्रेफाइट में प्रत्येक C 3 अन्य C से जुड़ा होता है (sp² संकरित, षट्कोणीय परतें)।
कार्बन के निम्नलिखित में से किस मिश्रण में क्वथनांक और गलनांक का तापमान उच्चतम होता है?
- एसिटिक अम्ल
- क्लोरोफॉर्म
- इथेनॉल
- मीथेन
Explanation :
- एसिटिक अम्ल (CH₃COOH) — उच्चतम क्वथनांक (118°C) व गलनांक (16.6°C) — हाइड्रोजन बंधन के कारण।
- इथेनॉल (78°C), क्लोरोफॉर्म (61°C), मीथेन (-161°C) — सभी कम।
- Extra Fact: एसिटिक अम्ल द्विलक (dimer) बनाता है, जिससे अंतराअणुक बल प्रबल होते हैं।
निम्नलिखित में से क्या ऋजु शृंखला हाइड्रोकार्बन को निर्दिष्ट करता है?
- साइक्लोपेंटेन
- आइसोब्यूटेन
- बेंजीन
- ब्यूटेन
Explanation :
- ब्यूटेन (n-ब्यूटेन) — CH₃–CH₂–CH₂–CH₃ — एक ऋजु (सीधी) श्रृंखला है।
- आइसोब्यूटेन → शाखित, साइक्लोपेंटेन → वलयिक, बेंजीन → सुगंधित वलय।
- Extra Fact: ऋजु श्रृंखला वाले ऐल्केनों के क्वथनांक शाखित समावयवियों से उच्च होते हैं।
मेथेन के एक अणु में एक कार्बन परमाणु, चार हाइड्रोजन परमाणुओं से आबंधित होता है। मेथेन का रासायनिक सूत्र क्या है?
- CH₄
- CH₃
- C₄H
- C₂H₄
Explanation :
- मेथेन = CH₄ — 1 कार्बन + 4 हाइड्रोजन (सभी एकल बंध)।
- यह ऐल्केन श्रृंखला का प्रथम सदस्य है।
- Extra Fact: मेथेन एक रंगहीन, गंधहीन गैस है — यह प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक है (~85-95%)।
निम्नलिखित में से कौन सा कार्बन यौगिक नहीं है?
- CHCl₃
- Co(NO₃)₂
- CH₄
- C₂H₆
Explanation :
- Co(NO₃)₂ — कोबाल्ट नाइट्रेट — एक अकार्बनिक यौगिक है (इसमें कोई C–H बंध नहीं)।
- CHCl₃ (क्लोरोफॉर्म), CH₄ (मेथेन), C₂H₆ (एथेन) — सभी कार्बन युक्त हैं।
- Extra Fact: कार्बनिक यौगिकों में C–H बंध होना आवश्यक नहीं (जैसे CCl₄, CO₂ भी कार्बनिक नहीं माने जाते)।
तीन कार्बन परमाणुओं की एक सीधी श्रृंखला जिसमें कोई द्विबंध नहीं है और पहले कार्बन परमाणु पर -OH क्रियात्मक समूह है, उसे क्या नाम दिया गया है?
- प्रोपेनल
- प्रोपेनॉल
- प्रोपेनोन
- प्रोपेन
Explanation :
- 3 C, एकल बंध (संतृप्त), –OH (ऐल्कोहॉल) ⇒ प्रोपेनॉल (C₃H₇OH)।
- प्रोपेनल → –CHO (एल्डिहाइड), प्रोपेनोन → –CO– (कीटोन), प्रोपेन → केवल हाइड्रोकार्बन।
- Extra Fact: प्रोपेनॉल के दो समावयवी हैं — 1-प्रोपेनॉल और 2-प्रोपेनॉल (आइसोप्रोपिल अल्कोहॉल)।
यौगिक का अनुभविक सूत्र CH₂O है, इसकी वाष्प घनत्व 90 है। यौगिक का आण्विक सूत्र है:
- C₆H₁₂O₆
- C₆H₁₀O₄
- C₆H₁₀O₆
- C₆H₁₂O₄
Explanation :
- आण्विक द्रव्यमान = 2 × वाष्प घनत्व = 2 × 90 = 180
- अनुभविक सूत्र CH₂O का द्रव्यमान = 12 + 2 + 16 = 30
- n = आण्विक/अनुभविक = 180/30 = 6 ⇒ आण्विक सूत्र = (CH₂O)₆ = C₆H₁₂O₆
- Extra Fact: C₆H₁₂O₆ ग्लूकोज/फ्रक्टोज का सूत्र है — यह एक मोनोसैकेराइड है।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन समजातीय श्रेणी का सही वर्णन करता है?
- एक समजातीय श्रेणी के सदस्यों में समान क्रियात्मक समूह के कारण भिन्न रासायनिक गुण होते हैं।
- एक समजातीय श्रेणी के सदस्यों में समान क्रियात्मक समूह के कारण लगभग समान रासायनिक गुण होते हैं।
- एक समजातीय श्रेणी के सदस्यों में विभिन्न क्रियात्मक समूहों के कारण भिन्न रासायनिक गुण होते हैं।
- एक समजातीय श्रेणी के सदस्यों में विभिन्न क्रियात्मक समूहों के कारण लगभग समान रासायनिक गुण होते हैं।
Explanation :
- समजातीय श्रृंखला — कार्बनिक यौगिकों की श्रृंखला जिनमें समान क्रियात्मक समूह होता है और –CH₂– का अंतर होता है।
- समान क्रियात्मक समूह के कारण रासायनिक गुण लगभग समान होते हैं।
- Extra Fact: भौतिक गुण (जैसे क्वथनांक) क्रमिक रूप से बदलते हैं।
एथेनॉल को 443K पर अधिक सांद्रित H₂SO₄ के साथ गर्म करने पर, एथेनॉल के निर्जलीकरण से ______ प्राप्त होता है।
- मीथेन
- मीथीन
- ईथेन
- ईथीन
Explanation :
- एथेनॉल (C₂H₅OH) का निर्जलीकरण (H₂O निकालना) — सान्द्र H₂SO₄, 443K पर:
- C₂H₅OH →H₂SO₄, 443K C₂H₄ + H₂O (ईथीन / एथिलीन)
- Extra Fact: 413K पर यह डाइएथिल ईथर (C₂H₅–O–C₂H₅) बनाता है।
- C₂H₅OH →H₂SO₄, 443K C₂H₄ + H₂O
केवल एकल बंध द्वारा जुड़े कार्बन यौगिकों को ____ के रूप में जाना जाता है।
- संतृप्त और असंतृप्त दोनों यौगिक
- न तो संतृप्त और न ही असंतृप्त यौगिक
- संतृप्त यौगिक
- असंतृप्त यौगिक
Explanation :
- केवल एकल बंध (C–C) वाले यौगिक संतृप्त कहलाते हैं — ये ऐल्केन हैं।
- असंतृप्त यौगिकों में द्वि (C=C) या त्रि-बंध (C≡C) होते हैं।
कार्बन द्वारा दर्शाया गया शृंखलन का गुण निम्नलिखित में से किस गुण को संदर्भित करता है?
- परमाणुओं की लंबी श्रृंखला बनाने वाली स्व-संयोजन क्षमता को
- विभिन्न अपररूपों के रूप में पाए जाने का गुण
- स्वतः-अपघटित होने का गुण
- कार्बन का अपने यौगिकों को दहनशील प्रकृति प्रदान करने का गुण
Explanation :
- शृंखलन (Catenation) — कार्बन की स्वयं के साथ लंबी श्रृंखलाएँ, वलय व शाखाएँ बनाने की क्षमता।
- यही कारण है कि कार्बन के करोड़ों यौगिक हैं।
- Extra Fact: सिलिकॉन भी शृंखलन दिखाता है, पर कार्बन से कम।
निम्नलिखित में से किसमें ऋजु-श्रृंखला वाले हाइड्रोकार्बन होते हैं?
- ब्यूटेन
- 3-मेथिलपेंटेन
- आइसोब्यूटेन
- 2-मेथिलप्रोपेन
Explanation :
- ब्यूटेन (n-ब्यूटेन) — CH₃–CH₂–CH₂–CH₃ — एक ऋजु (सीधी) श्रृंखला है।
- 3-मेथिलपेंटेन, आइसोब्यूटेन, 2-मेथिलप्रोपेन — सभी शाखित हैं।
- Extra Fact: किसी यौगिक के नाम में “मेथिल” आना शाखित होने का संकेत है।
कीटोन समजातीय शृंखला के क्रमशः पहले और दूसरे सदस्य की हैं?
- इथेनोन, प्रोपेनोन
- मीथेनोन, इथेनोन
- ब्यूटेनोन, प्रोपेनोन
- प्रोपेनोन, ब्यूटेनोन
Explanation :
- कीटोन का सामान्य सूत्र: CₙH₂ₙO (या R–CO–R’)
- सबसे छोटा कीटोन = प्रोपेनोन (एसीटोन) — n=3 (कार्बोनिल समूह के लिए कम से कम 3 C चाहिए)।
- दूसरा सदस्य = ब्यूटेनोन (n=4)।
- Extra Fact: मीथेनोन व इथेनोन संभव नहीं क्योंकि C=O समूह के दोनों ओर C होना चाहिए।
- प्रोपेनोन = CH₃–CO–CH₃, ब्यूटेनोन = CH₃–CO–CH₂–CH₃
- कार्बन की संयोजकता: 4 (टेट्रावैलेंट)
- शृंखलन (Catenation): स्वयं के साथ बंध बनाने की क्षमता
- अपररूपता (Allotropy): हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन, कार्बन नैनोट्यूब
- कार्बनिक यौगिकों के क्रियात्मक समूह: –OH (ऐल्कोहॉल), –CHO (एल्डिहाइड), –COOH (अम्ल), –CO– (कीटोन), –X (हैलो)
- समजातीय श्रृंखला: –CH₂– अंतर, समान रासायनिक गुण, भिन्न भौतिक गुण
- संतृप्त vs असंतृप्त: एकल बंध (संतृप्त) vs द्वि/त्रि-बंध (असंतृप्त)
- योगज अभिक्रिया: असंतृप्त यौगिकों में (H₂, Cl₂, Br₂, HCl आदि जुड़ते हैं)
- प्रतिस्थापन अभिक्रिया: संतृप्त यौगिकों में (H का कोई अन्य परमाणु/समूह से प्रतिस्थापन)
इथेनॉल का क्वथनांक है-
- 108°C
- 58°C
- 98°C
- 78°C
Explanation :
- इथेनॉल (C₂H₅OH) का क्वथनांक 78°C है।
- इसका कारण हाइड्रोजन बंधन (H-bonding) है, जो अणुओं को आपस में बाँधे रखता है।
- Extra Fact: जल का क्वथनांक 100°C है — इथेनॉल जल से कम ताप पर उबलता है, इसलिए आसवन (distillation) द्वारा इसे जल से अलग किया जा सकता है। मेथेनॉल का क्वथनांक 65°C होता है।
ईथेन में, प्रत्येक कार्बन परमाणु ______ हाइड्रोजन परमाणुओं से आबंधित होता है।
- एक
- तीन
- पाँच
- चार
Explanation :
- ईथेन (C₂H₆) की संरचना: CH₃–CH₃
- प्रत्येक कार्बन 3 हाइड्रोजन से और 1 कार्बन से जुड़ा होता है (कुल 4 बंध — संयोजकता 4)।
- Extra Fact: मेथेन (CH₄) में C 4 H से, प्रोपेन (C₃H₈) में अंतिम C 3 H से और बीच वाला C 2 H से जुड़ा होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा कार्बन का यौगिक मौजूद नहीं है?
- CH₄
- CH₆
- C₂H₆
- C₆H₆
Explanation :
- कार्बन की संयोजकता 4 है — यह अधिकतम 4 परमाणुओं से ही बंध बना सकता है।
- CH₆ में C 6 H से बँधा है — जो संभव नहीं है।
- Extra Fact: CH₄ (मेथेन), C₂H₆ (ईथेन), C₆H₆ (बेंजीन) — सभी वास्तविक यौगिक हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा समजातीय श्रेणी का समूह बनाता है?
- ईथेन, मीथेन और ईथाइन
- ईथाइन, प्रोपाइन और ब्यूटाइन
- ईथाइन, प्रोपाइन और ब्यूटीन
- ईथेन, मीथेन और प्रोपीन
Explanation :
- ईथाइन (C₂H₂), प्रोपाइन (C₃H₄), ब्यूटाइन (C₄H₆) — सभी ऐल्काइन हैं (CₙH₂ₙ₋₂) और एक ही समजातीय श्रृंखला के सदस्य हैं।
- Extra Fact: समजातीय श्रृंखला में सभी सदस्यों का क्रियात्मक समूह समान होता है और –CH₂– का अंतर होता है।
यदि किसी ऐल्केन का आणविक द्रव्यमान 44 है, तो उसका आणविक सूत्र क्या होगा?
- C₂H₆
- C₄H₁₀
- C₃H₈
- CH₄
Explanation :
- ऐल्केन का सामान्य सूत्र: CₙH₂ₙ₊₂
- आण्विक द्रव्यमान = n×12 + (2n+2)×1 = 14n + 2
- 14n + 2 = 44 ⇒ 14n = 42 ⇒ n = 3 ⇒ सूत्र = C₃H₈
- Extra Fact: C₃H₈ = प्रोपेन — LPG (लिक्विड पेट्रोलियम गैस) का एक घटक है।
साइक्लोपेंटेन में एकल बंधों की कुल संख्या कितनी होती है?
- 12
- 15
- 10
- 5
Explanation :
- साइक्लोपेंटेन — C₅H₁₀ (वलयिक संरचना, सभी एकल बंध)
- 5 C–C बंध (वलय में) + 5×2 = 10 C–H बंध = 15 एकल बंध
- Extra Fact: साइक्लोऐल्केनों का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ होता है — ये ऐल्कीन (CₙH₂ₙ) के समावयवी होते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सी समजातीय श्रेणी नहीं है?
- C₃H₇OH, C₄H₉OH, C₅H₁₁OH, C₆H₁₃OH
- CH₄, C₂H₆, C₃H₈, C₄H₁₀
- C₂H₂, C₃H₄, C₄H₆, C₅H₈
- C₂H₄, C₂H₆, C₃H₆, C₄H₈
Explanation :
- समजातीय श्रृंखला में सभी सदस्यों का सामान्य सूत्र समान होता है और –CH₂– का अंतर होता है।
- विकल्प 4 में: C₂H₄ (ऐल्कीन), C₂H₆ (ऐल्केन) — दो भिन्न श्रेणियाँ हैं, इसलिए समजातीय नहीं।
- Extra Fact: C₂H₄ (एथीन) → C₃H₆ (प्रोपीन) → C₄H₈ (ब्यूटीन) — यह ऐल्कीन की समजातीय श्रृंखला होगी।
बेंजीन के एक अणु में ______ दोहरा बंध मौजूद होता है/होते हैं।
- 3
- 1
- 2
- 4
Explanation :
- बेंजीन (C₆H₆) में 3 द्वि-बंध (C=C) होते हैं, जो एकांतर (alternate) क्रम में होते हैं।
- यह एक अनुनाद (resonance) संरचना दर्शाता है — द्वि-बंध स्थिर नहीं होते, बल्कि डिलोकलाइज़्ड होते हैं।
- Extra Fact: बेंजीन में 6 कार्बन और 6 हाइड्रोजन होते हैं — यह एक सुगंधित (aromatic) यौगिक है।
गलत युग्म का चयन करें।
- लैक्टिक अम्ल – 4 कार्बन अणु
- पाइरुविक अम्ल – 3 कार्बन अणु
- एथेनॉल – 2 कार्बन अणु
- ग्लूकोज – 6 कार्बन अणु
Explanation :
- लैक्टिक अम्ल का सूत्र C₃H₆O₃ है — इसमें 3 कार्बन होते हैं, 4 नहीं।
- पाइरुविक अम्ल (C₃H₄O₃) → 3 C, एथेनॉल (C₂H₅OH) → 2 C, ग्लूकोज (C₆H₁₂O₆) → 6 C — सभी सही हैं।
- Extra Fact: लैक्टिक अम्ल दूध में, पाइरुविक अम्ल ग्लाइकोलिसिस में उत्पन्न होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक असंतृप्त है?
- ब्यूटेन
- मेथेन
- प्रोपीन
- प्रोपेन
Explanation :
- प्रोपीन (C₃H₆) — इसमें द्वि-बंध (C=C) है, इसलिए असंतृप्त है।
- ब्यूटेन (C₄H₁₀), मेथेन (CH₄), प्रोपेन (C₃H₈) — सभी संतृप्त (ऐल्केन) हैं।
- Extra Fact: असंतृप्त यौगिक ब्रोमीन जल (Br₂) को रंगहीन कर देते हैं — यह परीक्षण है।
निम्नलिखित में से कौन-सा ऐल्काइन समजातीय शृंखला का पहला सदस्य है?
- एथाइन
- ईथेन
- प्रोपाइन
- मीथेन
Explanation :
- ऐल्काइन (CₙH₂ₙ₋₂) का पहला सदस्य एथाइन (C₂H₂) है (C₁H₀ संभव नहीं)।
- एथाइन का सामान्य नाम एसिटिलीन है — इसमें त्रि-बंध (C≡C) होता है।
- Extra Fact: एथाइन का उपयोग वेल्डिंग (ऑक्सी-एसिटिलीन ज्वाला) में होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा अल्कोहल सामान्यतः ईंधन के रूप में प्रयोग किया जाता है?
- प्रोपेनॉल (Propanol)
- इथेनॉल (Ethanol)
- ब्यूटेनॉल (Butanol)
- मेथनॉल (Methanol)
Explanation :
- इथेनॉल (C₂H₅OH) का उपयोग ईंधन के रूप में (गैसोलीन मिश्रण) तथा ईंधन योज्य के रूप में होता है।
- मेथनॉल (विषैला) का भी ईंधन के रूप में उपयोग होता है, पर इथेनॉल अधिक सामान्य है (पेय शराब, E10/E20 ईंधन)।
- Extra Fact: ब्राज़ील में 100% इथेनॉल ईंधन वाहन (Flex-fuel) चलते हैं।
सिलिकॉन की तुलना में कार्बन शृंखलन की अधिक प्रवृत्ति दर्शाता है। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन दिए गए कथन की सही व्याख्या है?
- सिलिकॉन की तुलना में कार्बन का आकार बड़ा होने के कारण कार्बन-कार्बन आबंध Si-Si आबंध से दुर्बल होता है।
- सिलिकॉन की तुलना में कार्बन का आकार छोटा होने के कारण कार्बन-कार्बन आबंध Si-Si आबंध से दुर्बल होता है।
- सिलिकॉन की तुलना में कार्बन का आकार बड़ा होने के कारण कार्बन-कार्बन आबंध Si-Si आबंध से अधिक प्रबल होता है।
- सिलिकॉन की तुलना में कार्बन के छोटे आकार के कारण कार्बन-कार्बन आबंध Si-Si आबंध से अधिक प्रबल होता है।
Explanation :
- कार्बन (C) का आकार छोटा है, इसलिए C–C बंध प्रबल है (2p-2p ओवरलैप प्रभावी)।
- Si–Si बंध दुर्बल है क्योंकि सिलिकॉन का आकार बड़ा है, ओवरलैप कम प्रभावी है।
- Extra Fact: कार्बन शृंखलन में अद्वितीय है — इसी कारण करोड़ों कार्बनिक यौगिक हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा एल्कीन को दर्शाता है?
- —C=C—
- —C—C—
- H—O—H
- O=C=O
Explanation :
- ऐल्कीन की पहचान — कार्बन-कार्बन द्वि-बंध (C=C)।
- —C—C— → ऐल्केन (एकल बंध), H—O—H → जल, O=C=O → CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड)।
- Extra Fact: ऐल्कीनों का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ होता है और ये योगज अभिक्रियाएँ देते हैं।
निम्नलिखित में से किसका उपयोग अस्पतालों में घाव और सीरिंज को विसंक्रमित करने के लिए एक रोगाणुरोधक के रूप में किया जाता है?
- मेथेनॉल
- प्रोपेनॉल
- एथिल अल्कोहॉल
- ब्यूटेनॉल
Explanation :
- एथिल अल्कोहॉल (इथेनॉल, C₂H₅OH) का उपयोग रोगाणुरोधक (antiseptic) के रूप में किया जाता है (70% जल में)।
- मेथेनॉल विषैला है — इसका उपयोग ऐसे नहीं होता।
- Extra Fact: आइसोप्रोपिल अल्कोहॉल का भी उपयोग रोगाणुरोधक के रूप में होता है।
कार्बन डाइऑक्साइड की कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (चूने का पानी) के साथ अभिक्रिया होने पर निम्नलिखित में से कौन-सा उत्पाद बनता है?
- कैल्शियम कार्बोनेट
- कैल्शियम ऑक्साइड
- सोडियम कार्बोनेट
- कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड
Explanation :
- CO₂ + Ca(OH)₂ → CaCO₃ (कैल्शियम कार्बोनेट) + H₂O
- यह चूने के पानी का दूधिया होना कहलाता है — CO₂ की पहचान के लिए परीक्षण।
- Extra Fact: अधिक CO₂ बहाने पर CaCO₃ + H₂O + CO₂ → Ca(HCO₃)₂ (विलेय) — पुनः पारदर्शी हो जाता है।
आवर्त 2 से संबंधित एक तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और मजबूत शृंखलन गुण है:
- 2, 8, 2
- 2, 6
- 2, 4
- 2, 8, 4
Explanation :
- आवर्त 2 के तत्वों के K-कोश (n=1) में 2 e⁻ और L-कोश (n=2) में e⁻ होते हैं।
- 2, 4 = कार्बन (C) — संयोजकता 4, शृंखलन का सबसे मजबूत गुण।
- Extra Fact: 2, 8, 2 → Mg (आवर्त 3), 2, 6 → O (आवर्त 2 पर O₂), 2, 8, 4 → Si (आवर्त 3)।
निम्नलिखित में से कौन-सा वलय-शृंखला वाला हाइड्रोकार्बन है?
- एथीन (Ethene)
- बेंजीन (Benzene)
- प्रोपेन (Propane)
- हेप्टीन (Heptyne)
Explanation :
- बेंजीन (C₆H₆) — एक वलयिक (चक्रीय) हाइड्रोकार्बन है (6 कार्बन का वलय)।
- एथीन (खुली श्रृंखला, द्वि-बंध), प्रोपेन (खुली श्रृंखला), हेप्टीन (खुली श्रृंखला, त्रि-बंध)।
- Extra Fact: वलयिक हाइड्रोकार्बन — साइक्लोऐल्केन (संतृप्त) और एरीन/सुगंधित (बेंजीन, नेफ़थलीन आदि)।
जब एथेनॉल को 443K पर अधिक मात्रा में सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ गर्म किया जाता है, तो कौन-सा उत्पाद बनेगा?
- एथाइन और हाइड्रोजन
- एथीन और जल
- एथेन और जल
- केवल एथाइन
Explanation :
- 443K पर सान्द्र H₂SO₄ के साथ एथेनॉल का निर्जलीकरण: C₂H₅OH → C₂H₄ + H₂O
- उत्पाद: एथीन (C₂H₄) और जल (H₂O)
- Extra Fact: 413K पर यह डाइएथिल ईथर (C₂H₅–O–C₂H₅) बनाता है।
- C₂H₅OH →H₂SO₄, 443K C₂H₄ + H₂O
कार्बनिक यौगिकों की एक श्रृंखला जिनका क्रियात्मक समूह समान होता है लेकिन –CH₂ समूह भिन्न है, कहलाती है:
- किण्वन
- समावयवी
- परिष्कृत स्पिरिट
- समजातीय शृंखला
Explanation :
- ऐसी श्रृंखला को समजातीय श्रृंखला (Homologous series) कहते हैं।
- सदस्यों में –CH₂– का अंतर, समान क्रियात्मक समूह, समान रासायनिक गुण होते हैं।
- Extra Fact: उदाहरण — ऐल्केन: CH₄, C₂H₆, C₃H₈, C₄H₁₀ — ये सभी समजातीय हैं।
जब वाष्पीकृत कार्बन एक निष्क्रिय गैस के वातावरण में घनीभूत होता है, तो निम्नलिखित में से क्या बनता है?
- फुलरीन
- ग्रेफाइट
- कोक
- कार्बन ब्लैक
Explanation :
- वाष्पीकृत कार्बन को अक्रिय गैस (He, Ar) वातावरण में संघनित (condense) करने पर फुलरीन (C₆₀, C₇₀ आदि) बनता है।
- यह कार्बन का एक अपररूप है — 1985 में खोजा गया।
- Extra Fact: फुलरीन की संरचना फुटबॉल (सॉकर) के समान होती है, इसे बक्मिन्स्टरफुलरीन भी कहते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा फुलरीन कार्बन अपरूप का रासायनिक सूत्र है?
- C₆₀
- C
- C₀
- C₆
Explanation :
- फुलरीन का सबसे आम रूप C₆₀ (बक्मिन्स्टरफुलरीन) है — 60 कार्बन परमाणुओं का गोलाकार अणु।
- C₇₀ भी एक अन्य फुलरीन है।
- Extra Fact: फुलरीन अर्धचालक है और नैनोटेक्नोलॉजी में उपयोगी है।
एल्कीन का सामान्य सूत्र क्या है?
- CₙH₂ₙ
- CₙH₂ₙ₊₂
- CₙHₙ
- CₙH₂ₙ₋₂
Explanation :
- ऐल्कीन (असंतृप्त, द्वि-बंध) → CₙH₂ₙ
- ऐल्केन → CₙH₂ₙ₊₂, ऐल्काइन → CₙH₂ₙ₋₂
- Extra Fact: साइक्लोऐल्केन का भी सूत्र CₙH₂ₙ होता है — ये ऐल्कीन के समावयवी होते हैं।
नीचे दिया गया कार्बन का कौन सा अपरूप भूगोलीय गेंद के रूप में है?
- फुलरीन
- कार्बन नैनोट्यूब
- ग्रेफाइट
- हीरा
Explanation :
- फुलरीन (C₆₀) — संरचना गोलाकार (भूगोलीय) होती है (जैसे फुटबॉल)।
- ग्रेफाइट → परतदार, हीरा → त्रिविमीय जालक, नैनोट्यूब → बेलनाकार।
- Extra Fact: फुलरीन को बकीबॉल (Buckyball) भी कहा जाता है।
_____ सबसे अधिक एक अम्ल और एक ऐल्कोहॉल की अभिक्रिया से बनता है।
- एथेनॉल
- एस्टर
- कार्बोक्सिलिक अम्ल
- कीटोन
Explanation :
- अम्ल + ऐल्कोहॉल → एस्टर + जल (एस्टरीकरण अभिक्रिया)
- उदाहरण: CH₃COOH + C₂H₅OH → CH₃COOC₂H₅ (एथिल एसीटेट) + H₂O
- Extra Fact: एस्टर सुगंधित (फलों की महक) होते हैं — इसका उपयोग सुगंध व स्वाद में होता है।
साबुन दीर्घ श्रृंखला _____ के सोडियम या पोटेशियम लवण हैं।
- कार्बोक्सिलिक अम्ल
- अल्कोहॉल
- एल्डिहाइड
- एस्टर
Explanation :
- साबुन → दीर्घ-श्रृंखला कार्बोक्सिलिक अम्लों (वसीय अम्ल) के सोडियम/पोटेशियम लवण हैं।
- उदाहरण: सोडियम स्टीयरेट (C₁₇H₃₅COONa)
- Extra Fact: साबुन जल में मिसेल (micelle) बनाता है और गंदगी को हटाता है।
CₙH₂ₙ _____ हाइड्रोकार्बन का सामान्य सूत्र है।
- एल्केन
- एल्काइन
- एल्केन और एल्काइन दोनों
- एल्कीन
Explanation :
- CₙH₂ₙ — ऐल्कीन (द्वि-बंध) का सामान्य सूत्र है।
- ऐल्केन → CₙH₂ₙ₊₂, ऐल्काइन → CₙH₂ₙ₋₂
ब्यूटेन और पेन्टेन के समावयव की कुल संख्या क्रमशः _____ हैं।
- 2, 4
- 3, 4
- 2, 3
- 3, 3
Explanation :
- ब्यूटेन (C₄H₁₀) — 2 समावयवी: n-ब्यूटेन, आइसोब्यूटेन
- पेंटेन (C₅H₁₂) — 3 समावयवी: n-पेंटेन, आइसोपेंटेन, नियोपेंटेन
- Extra Fact: समावयवियों की संख्या कार्बन बढ़ने पर तेज़ी से बढ़ती है — C₆H₁₄ → 5, C₇H₁₆ → 9, C₈H₁₈ → 18।
शृंखलन गुण _____ द्वारा दर्शाया गया है।
- हीलियम
- कार्बन
- नाइट्रोजन
- ऑक्सीजन
Explanation :
- शृंखलन (Catenation) — स्वयं के साथ बंध बनाने की क्षमता — कार्बन सबसे अधिक प्रदर्शित करता है।
- Si, S, N, P भी शृंखलन दिखाते हैं, पर कार्बन से कम।
निम्नलिखित में से कौन-सा कार्बन यौगिक एक अल्कोहल के रूप में वर्गीकृत किया जाता है?
- प्रोपेनल
- प्रोपेनॉल
- प्रोपेनोइक
- प्रोपेनोन
Explanation :
- प्रोपेनॉल (C₃H₇OH) — एक ऐल्कोहॉल है (क्रियात्मक समूह –OH)।
- प्रोपेनल → एल्डिहाइड (–CHO), प्रोपेनोइक → अम्ल (–COOH), प्रोपेनोन → कीटोन (–CO–)।
निम्नलिखित में से कौन-सा हेक्सेन का संभावित समावयव नहीं है?
- 2-मिथाइल पेंटेन
- 3-मिथाइल पेंटेन
- 2,2-डाइमिथाइल ब्यूटेन
- 2-एथिल पेंटेन
Explanation :
- हेक्सेन (C₆H₁₄) के 5 समावयवी हैं (n-हेक्सेन, 2-मेथिलपेंटेन, 3-मेथिलपेंटेन, 2,2-डाइमेथिलब्यूटेन, 2,3-डाइमेथिलब्यूटेन)।
- 2-एथिलपेंटेन — वास्तव में यह 3-मेथिलहेक्सेन है (C₇H₁₆) — हेक्सेन (C₆) का समावयवी नहीं है।
प्रोपेन का रासायनिक सूत्र क्या है?
- CH₂
- C₂H₆
- C₃H₈
- C₅H₁₀
Explanation :
- प्रोपेन — C₃H₈ (ऐल्केन, CₙH₂ₙ₊₂, n=3)
- CH₂ → मेथिलीन, C₂H₆ → एथेन, C₅H₁₀ → पेंटीन या साइक्लोपेंटेन।
443 K पर इथेनॉल को अधिक सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ गर्म करने पर निम्नलिखित में से क्या प्राप्त होता है?
- एथेन
- एथीन
- एस्टर
- एसिटिक अम्ल
Explanation :
- 443K पर सान्द्र H₂SO₄ → निर्जलीकरण → C₂H₅OH → C₂H₄ + H₂O
- उत्पाद: एथीन (C₂H₄)
- Extra Fact: एथीन का उपयोग पॉलीथीन (प्लास्टिक) बनाने में होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा हाइड्रोकार्बन सामान्यतः स्वच्छ ज्वाला उत्पन्न करता है?
- एथीन
- एथेन
- एथीन
- एथाइन
Explanation :
- संतृप्त हाइड्रोकार्बन (एथेन, C₂H₆) — पूर्ण दहन पर स्वच्छ (नीली) ज्वाला देता है।
- असंतृप्त (एथीन, एथाइन) — धूमिल (कालिखयुक्त) पीली ज्वाला देते हैं (अपूर्ण दहन)।
- Extra Fact: संतृप्त हाइड्रोकार्बन में कार्बन % कम होता है, इसलिए कालिख कम।
दी गई संरचना का सही नामकरण निम्नलिखित में से कौन सा है? CH₃OH
- मेथेनॉल
- एथेनॉल
- प्रोपेनॉल
- ब्यूटेनॉल
Explanation :
- CH₃OH = मेथेनॉल (1 कार्बन + –OH)
- इसे मिथाइल अल्कोहॉल या लकड़ी का स्पिरिट भी कहते हैं — विषैला होता है।
- Extra Fact: मेथेनॉल का उपयोग फॉर्मेल्डिहाइड और ईंधन बनाने में होता है।
निम्नलिखित में से किस यौगिक में केवल एक कार्बन-कार्बन एकल आबंध होता है?
- एथेन
- प्रोपेन
- ब्यूटेन
- मेथेन
Explanation :
- एथेन (C₂H₆) — केवल 1 C–C बंध है।
- प्रोपेन → 2 C–C बंध, ब्यूटेन → 3 C–C बंध, मेथेन → 0 C–C बंध (केवल C–H)।
बेंजीन में उपस्थित द्विबंधों की संख्या ______ है।
- तीन
- चार
- दो
- छह
Explanation :
- बेंजीन (C₆H₆) में 3 द्वि-बंध (C=C) होते हैं, जो एकांतर क्रम में होते हैं।
- Extra Fact: बेंजीन में द्वि-बंध स्थिर नहीं होते, बल्कि अनुनाद (resonance) द्वारा डिलोकलाइज़्ड होते हैं — इसलिए यह अत्यंत स्थिर है।
ऐल्काइन का सामान्य सूत्र क्या है?
- CₙH₂ₙ₋₂
- CₙH₂ₙ₊₄
- CₙH₂ₙ₊₂
- CₙH₂ₙ
Explanation :
- ऐल्काइन (त्रि-बंध) → CₙH₂ₙ₋₂
- पहला सदस्य: C₂H₂ (एथाइन)
- Extra Fact: ऐल्काइन योगज अभिक्रियाएँ देते हैं — हाइड्रोजनीकरण, हैलोजनीकरण आदि।
समजातीय श्रेणी में, किस तत्व को किसी क्रियात्मक समूह द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है?
- हाइड्रोजन
- सल्फर
- सोडियम
- हीलियम
Explanation :
- समजातीय श्रृंखला में क्रियात्मक समूह हाइड्रोजन (H) का स्थान लेता है।
- उदाहरण: CH₄ → CH₃OH (H के स्थान पर –OH), CH₄ → CH₃Cl (H के स्थान पर –Cl)।
- Extra Fact: क्रियात्मक समूह यौगिक के रासायनिक गुण को निर्धारित करता है।
- कार्बन की संयोजकता: 4 (टेट्रावैलेंट)
- शृंखलन (Catenation): स्वयं के साथ बंध बनाने की क्षमता — कार्बन में सबसे अधिक
- अपररूपता (Allotropy): हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन (C₆₀), कार्बन नैनोट्यूब
- कार्बनिक यौगिकों के क्रियात्मक समूह: –OH (ऐल्कोहॉल), –CHO (एल्डिहाइड), –COOH (अम्ल), –CO– (कीटोन), –X (हैलो)
- समजातीय श्रृंखला: –CH₂– अंतर, समान रासायनिक गुण, भिन्न भौतिक गुण
- संतृप्त vs असंतृप्त: एकल बंध (संतृप्त) vs द्वि/त्रि-बंध (असंतृप्त)
- योगज अभिक्रिया: असंतृप्त यौगिकों में (H₂, Cl₂, Br₂, HCl आदि जुड़ते हैं)
- प्रतिस्थापन अभिक्रिया: संतृप्त यौगिकों में (H का प्रतिस्थापन)
- एस्टरीकरण: अम्ल + ऐल्कोहॉल → एस्टर + जल
- साबुन: दीर्घ-श्रृंखला कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम/पोटेशियम लवण
- निर्जलीकरण: ऐल्कोहॉल → ऐल्कीन + जल (सान्द्र H₂SO₄, 443K पर)
यौगिक C₂H₆ और C₃H₈ ______ इकाई से भिन्न हैं और ______ शृंखला से संबंधित हैं।
- CH₂, विषमांगी
- CH₃, समजातीय
- CH₃, विषमांगी
- CH₂, समजातीय
Explanation :
- Concept: C₂H₆ (एथेन) और C₃H₈ (प्रोपेन) — दोनों ऐल्केन हैं।
- इनमें CH₂ (मेथिलीन) समूह का अंतर है — यह समजातीय श्रृंखला है।
- Extra Fact: समजातीय श्रृंखला में अगले सदस्य में –CH₂– जुड़ता है। ऐल्केन श्रृंखला: CH₄, C₂H₆, C₃H₈, C₄H₁₀…
एकल कार्बन परमाणु कितने बंध बनाता है?
- 1
- 3
- 2
- 4
Explanation :
- कार्बन की संयोजकता (Valency) = 4 — यह 4 सहसंयोजक बंध बना सकता है।
- यह टेट्रावैलेंट है — CH₄ में C 4 H से, C₂H₄ में C=C द्वि-बंध + 2 H से जुड़ा है।
- Extra Fact: कार्बन के चारों बंध sp³, sp² या sp संकरण में हो सकते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा एथाइन का सही सूत्र है?
- CH₄
- C₂H₂
- C₂H₄
- C₂H₆
Explanation :
- एथाइन (Ethyne) — सामान्य नाम एसिटिलीन — सूत्र C₂H₂ (HC≡CH)।
- इसमें त्रि-बंध (C≡C) होता है — यह ऐल्काइन श्रृंखला का पहला सदस्य है।
- Extra Fact: एथाइन का उपयोग वेल्डिंग (ऑक्सी-एसिटिलीन ज्वाला) में होता है।
फुलरीन में फुटबॉल जैसे आकार में कितने कार्बन परमाणु व्यवस्थित होते हैं?
- 55
- 60
- 40
- 30
Explanation :
- फुलरीन (C₆₀) — बकमिन्स्टरफुलरीन — में 60 कार्बन परमाणु होते हैं।
- इसकी संरचना फुटबॉल (सॉकर बॉल) की तरह होती है — 12 पंचकोण + 20 षट्कोण।
- Extra Fact: फुलरीन कार्बन का अपररूप है — इसकी खोज के लिए 1996 में नोबेल पुरस्कार मिला।
यदि प्रोपेनॉल जैसे कार्बन यौगिक को पोटेशियम डाइक्रोमेट की उपस्थिति में ऑक्सीकृत किया जाता है, तो बनने वाला सबसे संभावित उत्पाद क्या होगा?
- प्रोपेनोइक अम्ल
- मेथेनॉल
- प्रोपीन
- प्रोपेन
Explanation :
- प्रोपेनॉल (प्राथमिक ऐल्कोहॉल) — K₂Cr₂O₇ (पोटेशियम डाइक्रोमेट) से ऑक्सीकृत होकर प्रोपेनोइक अम्ल (कार्बोक्सिलिक अम्ल) बनाता है।
- प्राथमिक ऐल्कोहॉल → ऐल्डिहाइड → कार्बोक्सिलिक अम्ल (ऑक्सीकरण)
- Extra Fact: K₂Cr₂O₇ + H₂SO₄ एक प्रबल ऑक्सीकारक है — इसका रंग नारंगी से हरा हो जाता है।
- CH₃CH₂CH₂OH →[O] CH₃CH₂COOH
ग्लूकोज की चक्रीय संरचना में, एक ऑक्सीजन अणु और पाँच कार्बन अणुओं के योग से बनी चक्रीय कार्बनिक संरचना क्या है?
- फ्रुक्टोज
- पाइरान
- एनोमर
- ट्रायो
Explanation :
- ग्लूकोज की चक्रीय संरचना पाइरान (pyran) कहलाती है — 5 C + 1 O का 6-सदस्यीय वलय।
- फ्रक्टोज फ्यूरान (4 C + 1 O) वलय बनाता है।
- Extra Fact: ग्लूकोज का पाइरानोज रूप α और β एनोमरों में पाया जाता है।
सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₋₂ किसका निरूपण करता है?
- एल्काइन
- एल्कीन
- एल्केन
- चक्रीय यौगिक
Explanation :
- CₙH₂ₙ₋₂ — ऐल्काइन (एल्काइन्स) का सामान्य सूत्र है (एक त्रि-बंध)।
- ऐल्केन → CₙH₂ₙ₊₂, ऐल्कीन → CₙH₂ₙ
- Extra Fact: ऐल्काइनों का पहला सदस्य C₂H₂ (एथाइन / एसिटिलीन) है।
निम्नलिखित में से किस वलय यौगिक का आण्विक सूत्र C₆H₁₂ है?
- ब्यूटेन
- बेंजीन
- साइक्लोहेक्सेन
- हेक्सेन
Explanation :
- साइक्लोहेक्सेन — C₆H₁₂ (संतृप्त, वलयिक — सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ)
- बेंजीन → C₆H₆ (असंतृप्त, सुगंधित), हेक्सेन → C₆H₁₄ (ऋजु श्रृंखला), ब्यूटेन → C₄H₁₀
- Extra Fact: साइक्लोहेक्सेन पेट्रोल में पाया जाता है और नायलॉन के निर्माण में उपयोगी है।
निम्नलिखित में से कौन हेक्सीन की समजातीय शृंखला का अगला सदस्य होगा?
- हेप्टीन
- पेंटेन
- पेंटीन
- हेप्टेन
Explanation :
- हेक्सीन (C₆H₁₂) — ऐल्कीन (CₙH₂ₙ) — अगला सदस्य = हेप्टीन (C₇H₁₄)
- ऐल्कीन में अगले सदस्य में –CH₂– जुड़ता है और सूत्र CₙH₂ₙ बना रहता है।
- Extra Fact: हेप्टीन के अनेक समावयवी हैं — स्थिति समावयवता (double bond की स्थिति) व शाखा समावयवता।
एक या एक से अधिक द्विबंध वाले असंतृप्त हाइड्रोकार्बन को ______ के रूप में जाना जाता है।
- कीटोन
- एल्कीन
- अम्ल
- एल्केन
Explanation :
- द्वि-बंध (C=C) वाले हाइड्रोकार्बन ऐल्कीन (Alkenes) कहलाते हैं।
- ये असंतृप्त होते हैं — योगज अभिक्रियाएँ देते हैं।
- Extra Fact: ऐल्कीन का पहला सदस्य C₂H₄ (एथीन / एथिलीन) है — यह एक पादप हार्मोन भी है।
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक चक्रीय और असंतृप्त है?
- बेंजीन
- एथेन
- साइक्लोप्रोपेन
- साइक्लोहेक्सेन
Explanation :
- बेंजीन (C₆H₆) — चक्रीय (वलयिक) और असंतृप्त (वलय में द्वि-बंध) — पर सुगंधित है।
- एथेन → ऋजु, संतृप्त; साइक्लोप्रोपेन → चक्रीय, संतृप्त (एकल बंध); साइक्लोहेक्सेन → चक्रीय, संतृप्त।
- Extra Fact: बेंजीन में संयुग्मित द्वि-बंध होते हैं — यह विशेष स्थायित्व (एरोमैटिक) प्रदान करते हैं।
आंत्रिक रस भोजन में प्रोटीन को किस अणु में बदलता है?
- ग्लिसरॉल
- अमीनो अम्ल
- फैटी अम्ल
- ग्लूकोज
Explanation :
- आंत्रिक रस (Intestinal juice) में एंटेरोकाइनेज आदि एंजाइम होते हैं — ये प्रोटीन को अमीनो अम्ल में तोड़ते हैं।
- प्रोटीन → पेप्टाइड्स → अमीनो अम्ल (पाचन का अंतिम उत्पाद)
- Extra Fact: अमीनो अम्ल प्रोटीन की निर्माण ईकाई है — 20 प्रकार के अमीनो अम्ल होते हैं।
असंतृप्त हाइड्रोकार्बन निम्न उत्प्रेरक की उपस्थिति में हाइड्रोजन जोड़ते हैं जैसे:
- निकल और कैडमियम
- निकल और हाइड्रोजन
- निकल और पैलेडियम
- पैलेडियम और रेडियम
Explanation :
- हाइड्रोजनीकरण (hydrogenation) — असंतृप्त यौगिकों में H₂ जोड़ना — उत्प्रेरक: Ni, Pd या Pt।
- सामान्यतः निकल (Ni) और पैलेडियम (Pd) का उपयोग होता है।
- Extra Fact: वनस्पति तेल (असंतृप्त) का हाइड्रोजनीकरण कर वनस्पति घी (Vanaspati ghee) बनाया जाता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा हाइड्रोकार्बन संतृप्त है?
- ब्यूटेन
- प्रोपीन
- बेंजीन
- ब्यूटीन
Explanation :
- ब्यूटेन (C₄H₁₀) — संतृप्त (ऐल्केन) — केवल एकल बंध।
- प्रोपीन (C₃H₆) → ऐल्कीन (असंतृप्त), ब्यूटीन → ऐल्कीन (असंतृप्त), बेंजीन → सुगंधित (असंतृप्त)।
- Extra Fact: संतृप्त यौगिक ब्रोमीन जल को रंगहीन नहीं करते — यह असंतृप्तता का परीक्षण है।
संतृप्त हाइड्रोकार्बन में:
- दो कार्बन परमाणुओं के बीच त्रि-बंध होता है।
- दो कार्बन परमाणुओं के बीच दोहरा बंध होता है।
- कार्बन परमाणुओं के बीच एकल बंध होता है।
- दो कार्बन परमाणुओं के बीच आयनिक बंध होता है।
Explanation :
- संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) — केवल एकल बंध (C–C) होते हैं।
- त्रि-बंध (ऐल्काइन), द्वि-बंध (ऐल्कीन) — असंतृप्त यौगिकों में।
एक या एक से अधिक द्विबंध वाले असंतृप्त हाइड्रोकार्बन को क्या कहा जाता है?
- ऐल्काइन
- एल्कीन
- एल्काइन
- एल्कली
Explanation :
- द्वि-बंध (C=C) वाले → ऐल्कीन (Alkenes)
- त्रि-बंध (C≡C) वाले → ऐल्काइन (Alkynes)
- Extra Fact: “एल्कली” (Alkyl) — हाइड्रोकार्बन से H हटाने पर प्राप्त समूह (जैसे –CH₃, –C₂H₅)।
समजातीय श्रेणी, कार्बन यौगिकों की एक ऐसी श्रेणी है जिसमें ______।
- अलग-अलग संख्या में कार्बन परमाणु पाए जाते हैं, और अलग-अलग कार्यात्मक समूह पाए जाते हैं
- समान संख्या में कार्बन परमाणु पाए जाते हैं, और समान कार्यात्मक समूह पाए जाते हैं
- अलग-अलग संख्या में कार्बन परमाणु पाए जाते हैं, किन्तु समान कार्यात्मक समूह पाए जाते हैं
- समान संख्या में कार्बन परमाणु पाए जाते हैं, किन्तु अलग-अलग कार्यात्मक समूह पाए जाते हैं
Explanation :
- समजातीय श्रृंखला — विभिन्न कार्बन संख्या, समान क्रियात्मक समूह, –CH₂– अंतर।
- इससे रासायनिक गुण समान, भौतिक गुण क्रमिक रूप से बदलते हैं।
- Extra Fact: ऐल्केनों की समजातीय श्रृंखला — CH₄, C₂H₆, C₃H₈… — इनमें समान –CH₂– अंतर है।
निम्नलिखित में से पेंटेन का सही सूत्र कौन सा है?
- C₅H₁₄
- C₅H₁₂
- C₅H₉
- C₅H₁₀
Explanation :
- पेंटेन — ऐल्केन (CₙH₂ₙ₊₂) — n=5 ⇒ C₅H₁₂
- C₅H₁₀ → ऐल्कीन, C₅H₈ → ऐल्काइन (पेंटाइन)
- Extra Fact: पेंटेन के 3 समावयवी हैं — n-पेंटेन, आइसोपेंटेन, नियोपेंटेन।
______ एक संतृप्त हाइड्रोकार्बन है।
- एसिटिलीन
- प्रोपीन
- ईथीन
- ईथेन
Explanation :
- ईथेन (C₂H₆) — संतृप्त (ऐल्केन) — केवल एकल बंध।
- एसिटिलीन (C₂H₂) → ऐल्काइन (असंतृप्त), प्रोपीन/ईथीन → ऐल्कीन (असंतृप्त)।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- एथेनॉल में तीन कार्बन परमाणु होते हैं।
- एसिटिक एसिड में दो कार्बन परमाणु होते हैं।
- मीथेन में चार कार्बन परमाणु होते हैं।
- क्लोरोफॉर्म में तीन कार्बन परमाणु होते हैं।
Explanation :
- एसिटिक एसिड (CH₃COOH) — 2 कार्बन परमाणु (CH₃–COOH)।
- एथेनॉल → 2 C, मीथेन → 1 C, क्लोरोफॉर्म (CHCl₃) → 1 C।
कार्बन की संयोजकता ______ है।
- 4
- 2
- 6
- 3
Explanation :
- कार्बन की संयोजकता = 4 (यह 4 इलेक्ट्रॉन साझा कर सकता है)।
- इसी गुण के कारण यह सहसंयोजक यौगिक बनाता है।
कौन-सा एक कार्बनिक यौगिक अन्य तीन यौगिकों की समान समजातीय श्रेणी से संबंधित नहीं है?
- C₄H₈
- C₃H₈
- C₂H₆
- CH₄
Explanation :
- CH₄, C₂H₆, C₃H₈ — सभी ऐल्केन (CₙH₂ₙ₊₂) हैं।
- C₄H₈ — ऐल्कीन (CₙH₂ₙ) है — यह ऐल्केन श्रृंखला से संबंधित नहीं।
निम्नलिखित में से कौन-सा साबुन का उप-उत्पाद है?
- आइसोप्रोपेन
- ब्यूटेन
- ग्लिसरीन
- इथाइलीन ग्लाइकॉल
Explanation :
- साबुनीकरण (Saponification) — वसा/तेल + NaOH/KOH → साबुन + ग्लिसरीन (उप-उत्पाद)।
- ग्लिसरीन (C₃H₈O₃) — एक ट्राइहाइड्रिक ऐल्कोहॉल है।
- Extra Fact: ग्लिसरीन का उपयोग कॉस्मेटिक्स, नाइट्रोग्लिसरीन (हृदय औषधि) में होता है।
निम्नलिखित का मिलान कीजिए:
- i – c, ii – a, iii – b
- i – a, ii – c, iii – b
- i – c, ii – b, iii – a
- i – a, ii – b, iii – c
Explanation :
- इस प्रश्न में संभवतः कार्बनिक यौगिकों और उनके क्रियात्मक समूहों का मिलान है।
- सही उत्तर: i – c, ii – b, iii – a
- Extra Fact: क्रियात्मक समूह ही यौगिक के रासायनिक गुणों को निर्धारित करते हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा संतृप्त हाइड्रोकार्बन है?
- एथाइन (Ethyne)
- ब्यूटाइन (Butyne)
- प्रोपेन (Propane)
- एथीन (Ethene)
Explanation :
- प्रोपेन (C₃H₈) — ऐल्केन (संतृप्त) — केवल एकल बंध।
- एथाइन, ब्यूटाइन → ऐल्काइन (असंतृप्त), एथीन → ऐल्कीन (असंतृप्त)।
निम्नलिखित को मिलाएं:
- i – a, ii – b, iii – c, iv – d
- i – a, ii – c, iii – b, iv – d
- i – c, ii – d, iii – a, iv – b
- i – c, ii – d, iii – b, iv – a
Explanation :
- यह प्रश्न संभवतः कार्बन यौगिकों व उनके सूत्रों/गुणों का मिलान है।
- Extra Fact: कार्बन यौगिकों की पहचान उनके सूत्र व क्रियात्मक समूह से की जाती है।
निम्नलिखित अभिक्रिया का उत्पाद होगा:
- CH₃COOH
- CH₃CHO
- CH₃COOCH₃
- CH₂=CH₂
Explanation :
- यह प्रश्न संभवतः ऐल्कोहॉल/ऐल्डिहाइड के ऑक्सीकरण पर आधारित है।
- प्राथमिक ऐल्कोहॉल का ऑक्सीकरण → कार्बोक्सिलिक अम्ल (CH₃COOH) (एसिटिक अम्ल)।
- Extra Fact: ऐल्डिहाइड (CH₃CHO) का ऑक्सीकरण भी कार्बोक्सिलिक अम्ल देता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा अल्कोहॉल खांसी की दवाओं में प्रयोग किया जाता है?
- एथेनॉल
- मेथेनॉल
- एथेनोइक अम्ल
- प्रोपेनॉल
Explanation :
- एथेनॉल (C₂H₅OH) — का उपयोग खांसी सिरप (cough syrups), टिंचर, औषधियों में विलायक के रूप में होता है।
- मेथेनॉल विषैला होता है — यह अंधता व मृत्यु का कारण बन सकता है।
- Extra Fact: एथेनॉल का उपयोग कीटाणुनाशक (सैनिटाइज़र) में भी होता है (70% एथेनॉल)।
______ एक समावयवी युग्म बनाते हैं।
- ब्यूटेन और 2-मिथाइल प्रोपेन
- प्रोपेन और ब्यूटेन
- ब्यूटेन और 2-एथिल ब्यूटेन
- प्रोपेन और 2-मिथाइल प्रोपेन
Explanation :
- ब्यूटेन (C₄H₁₀) और 2-मिथाइलप्रोपेन (आइसोब्यूटेन — C₄H₁₀) — दोनों का सूत्र समान है, पर संरचना भिन्न — ये समावयवी हैं।
- प्रोपेन (C₃H₈) का कोई समावयवी नहीं।
- Extra Fact: C₄H₁₀ के दो समावयवी हैं — n-ब्यूटेन व आइसोब्यूटेन।
पाचन के बाद, प्रोटीन परिवर्तित हो जाता है:
- कार्बोहाइड्रेट
- ग्लूकोज
- अमीनो अम्ल
- स्टार्च
Explanation :
- प्रोटीन का पाचन — प्रोटीएज एंजाइम द्वारा — अमीनो अम्ल में।
- कार्बोहाइड्रेट → ग्लूकोज, वसा → फैटी अम्ल + ग्लिसरॉल।
निम्नलिखित में से किस यौगिक का क्वथनांक सबसे अधिक होता है?
- CH₃COOH
- CHCl₃
- CH₃CH₂CH₂CH₃
- C₂H₅OH
Explanation :
- CH₃COOH (एसिटिक अम्ल) — हाइड्रोजन बंधन के कारण क्वथनांक (118°C) सबसे अधिक।
- C₂H₅OH (78°C), CHCl₃ (61°C), C₄H₁₀ (-0.5°C)।
- Extra Fact: कार्बोक्सिलिक अम्ल द्विलक (dimer) बनाते हैं, जिससे अंतराअणुक बल प्रबल होते हैं।
निम्नलिखित में से कार्बन का कौन सा अपरूप विद्युत का सुचालक है?
- चारकोल
- ग्रेफाइट
- हीरा
- फुलरीन
Explanation :
- ग्रेफाइट — विद्युत का सुचालक है (sp² संकरित, परतों में मुक्त इलेक्ट्रॉन)।
- हीरा → कुचालक (sp³, सभी इलेक्ट्रॉन बंध में), फुलरीन → अर्धचालक।
- Extra Fact: ग्रेफाइट का उपयोग बैटरी (इलेक्ट्रोड) और पेंसिल लीड में होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा संतृप्त हाइड्रोकार्बन है?
- मीथेन
- प्रोपलीन
- ब्यूटाडीन
- एसिटिलीन
Explanation :
- मीथेन (CH₄) — संतृप्त (ऐल्केन) — केवल एकल बंध।
- प्रोपलीन (C₃H₆) → ऐल्कीन, ब्यूटाडीन (C₄H₆) → द्वि-द्वि-बंध, एसिटिलीन (C₂H₂) → ऐल्काइन — सभी असंतृप्त।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए और सही उत्तर की पहचान कीजिए। कथन I: यौगिकों की वह शृंखला जिसमें कार्बन शृंखला में हाइड्रोजन के स्थान पर समान क्रियात्मक समूह कार्य करता है, समजातीय शृंखला कहलाती है। कथन II: किसी भी समजातीय श्रेणी में जैसे-जैसे आणविक द्रव्यमान बढ़ता है, भौतिक गुणों में क्रमिकता देखी जाती है।
- दोनों कथन गलत हैं।
- दोनों कथन सही हैं।
- कथन II सही है और कथन I गलत है।
- कथन I सही है और कथन II गलत है।
Explanation :
- कथन I: सही — समजातीय श्रृंखला में समान क्रियात्मक समूह होता है।
- कथन II: सही — आण्विक द्रव्यमान बढ़ने पर क्वथनांक, गलनांक, घनत्व क्रमिक रूप से बढ़ते हैं।
- Extra Fact: भौतिक गुणों में क्रमिकता (gradation) — यह समजातीय श्रृंखला की मुख्य विशेषता है।
जब इथेनॉल को 170 °C पर अधिक सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ गर्म किया जाता है, तो मुख्य उत्पाद क्या प्राप्त होता है?
- इथेनोइक अम्ल
- एथीन
- मेथेनॉल
- प्रोपेनॉल
Explanation :
- इथेनॉल (C₂H₅OH) — 170°C पर सान्द्र H₂SO₄ के साथ — निर्जलीकरण → एथीन (C₂H₄) + H₂O
- यह ऐल्कीन बनाने की विधि है।
- Extra Fact: 140°C पर यह डाइएथिल ईथर (C₂H₅OC₂H₅) बनाता है।
- C₂H₅OH →H₂SO₄, 170°C C₂H₄ + H₂O
उत्प्रेरक की उपस्थिति में एथेनोइक अम्ल के साथ ऐल्कोहॉल की अभिक्रिया होने पर जल और ______ बनता है।
- हाइड्रोकार्बन
- लवण
- एल्किहाइड
- एस्टर
Explanation :
- एस्टरीकरण (Esterification) — कार्बोक्सिलिक अम्ल + ऐल्कोहॉल ⇌ एस्टर + H₂O
- उत्प्रेरक — सान्द्र H₂SO₄
- Extra Fact: एस्टरों में फलों जैसी सुगंध होती है — इनका उपयोग खुशबू और स्वाद बढ़ाने में होता है।
- CH₃COOH + C₂H₅OH ⇌ CH₃COOC₂H₅ + H₂O
ब्यूटेनल में उपस्थित क्रियात्मक समूह की प्रकृति पहचानें।
- एल्डिहाइड
- ऐल्कोहॉल
- ऐल्कीन
- कीटोन
Explanation :
- ब्यूटेनल (Butanal) — CH₃CH₂CH₂CHO — इसमें –CHO (एल्डिहाइड) क्रियात्मक समूह है।
- एल्डिहाइड का अंत — “-al” (जैसे मेथेनल, एथेनल, ब्यूटेनल)।
- Extra Fact: ब्यूटेनल एक प्राथमिक ऐल्डिहाइड है — इसका ऑक्सीकरण ब्यूटेनोइक अम्ल देता है।
- कार्बन की संयोजकता: 4 (टेट्रावैलेंट)
- शृंखलन (Catenation): स्वयं के साथ बंध बनाने की क्षमता
- अपररूपता (Allotropy): हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन (C₆₀), कार्बन नैनोट्यूब
- समजातीय श्रृंखला: –CH₂– अंतर, समान रासायनिक गुण, भिन्न भौतिक गुण
- संतृप्त vs असंतृप्त: एकल बंध (संतृप्त) vs द्वि/त्रि-बंध (असंतृप्त)
- योगज अभिक्रिया: असंतृप्त यौगिकों में (H₂, Cl₂, Br₂, HCl, H₂O जुड़ते हैं)
- प्रतिस्थापन अभिक्रिया: संतृप्त यौगिकों में (H का कोई अन्य परमाणु/समूह से प्रतिस्थापन)
- हाइड्रोजनीकरण: असंतृप्त में H₂ जोड़ना — उत्प्रेरक Ni/Pd/Pt
- निर्जलीकरण: ऐल्कोहॉल से H₂O निकालना → ऐल्कीन (H₂SO₄, 170°C)
- एस्टरीकरण: अम्ल + ऐल्कोहॉल → एस्टर + H₂O
- साबुनीकरण: वसा/तेल + क्षार → साबुन + ग्लिसरीन
