SCIENCE

निम्नलिखित समीकरण किस प्रकार की अभिक्रिया का उदाहरण है? CuSO₄ + 2NaOH → Cu(OH)₂ + Na₂SO₄

  • दहन अभिक्रिया
  • संयोजन अभिक्रिया
  • द्विविस्थापन अभिक्रिया
  • उदासीनीकरण अभिक्रिया

Explanation:

  • इस अभिक्रिया में, CuSO₄ और NaOH आपस में आयनों (Cu²⁺, Na⁺, SO₄²⁻, OH⁻) का आदान-प्रदान करके Cu(OH)₂ (अवक्षेप) और Na₂SO₄ बनाते हैं।
  • यह AB + CD → AD + CB प्रकार की अभिक्रिया है, जो द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double displacement reaction) है।
  • यह उदासीनीकरण नहीं है (क्योंकि इसमें अम्ल और क्षार नहीं हैं, बल्कि दो लवण हैं)।

Quick Facts:

  • द्विविस्थापन अभिक्रिया में प्रायः अवक्षेप (precipitate) बनता है (यहाँ Cu(OH)₂ नीला अवक्षेप है)।

फेरस सल्फेट को गर्म करने पर निम्नलिखित में से क्या प्राप्त होता है?

  • केवल फेरिक ऑक्साइड
  • फेरिक ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और सल्फर ट्राइऑक्साइड
  • फेरिक ऑक्साइड और सल्फर ट्राइऑक्साइड
  • फेरिक ऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड

Explanation:

  • फेरस सल्फेट (FeSO₄) को गर्म करने पर यह अपघटित (decompose) होता है, और फेरिक ऑक्साइड (Fe₂O₃), सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂), और सल्फर ट्राइऑक्साइड (SO₃) बनते हैं।
  • अभिक्रिया: 2FeSO₄ → Fe₂O₃ + SO₂ + SO₃

Quick Facts:

  • यह एक तापीय अपघटन (thermal decomposition) अभिक्रिया है।
  • गर्म करने पर FeSO₄ का रंग हरा से भूरा (Fe₂O₃) हो जाता है और SO₂/SO₃ गैसें निकलती हैं (गंधकयुक्त गंध)।

प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

  • POP का रसायनिक सूत्र CaSO₄·2H₂O है और यह पानी के साथ मिलाने पर यह शीघ्र जम जाता है।
  • POP का रसायनिक सूत्र CaSO₄·1/2H₂O है और यह पानी के साथ अभिक्रिया करके कठोर हो जाता है।
  • POP का रसायनिक सूत्र CaSO₄·2H₂O है और इसका उपयोग मुख्यतः उर्वरक के रूप में किया जाता है।
  • POP का रसायनिक सूत्र CaSO₄·1/2H₂O है और यह पानी के बिना धीरे-धीरे जम जाता है।

Explanation:

  • प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) = कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (CaSO₄·½H₂O)
  • यह पानी के साथ मिलाने पर जलयोजन (hydration) द्वारा जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) में बदल जाता है और कठोर (set) हो जाता है – जिससे यह फ्रैक्चर में कास्ट बनाने के लिए उपयोगी है।
  • CaSO₄·2H₂O = जिप्सम (Gypsum) है, जो उर्वरक/सीमेंट में उपयोग होता है, POP नहीं।

Quick Facts:

  • POP + 1½H₂O → CaSO₄·2H₂O (सेट होने पर ऊष्मा उत्सर्जित होती है)।

हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से जल बनाने की प्रक्रिया _________ का एक उदाहरण है।

  • संयोजन अभिक्रिया
  • ऑक्सीकरण और अपचयन
  • अपघटन अभिक्रिया
  • विस्थापन अभिक्रिया

Explanation:

  • 2H₂ + O₂ → 2H₂O: दो या अधिक अभिकारक (H₂ और O₂) मिलकर एक उत्पाद (H₂O) बनाते हैं – यह संयोजन अभिक्रिया (Combination reaction) है।
  • यह एक ऑक्सीकरण-अपचयन (redox) भी है, पर मूल प्रकार ‘संयोजन’ है (H₂ ऑक्सीकृत, O₂ अपचयित होता है)।

Quick Facts:

  • संयोजन अभिक्रिया: A + B → AB
  • यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी (exothermic) है (ऊष्मा उत्सर्जित होती है)।

एक द्रव्यमान m, वेग v से गतिमान है और इसकी गतिज ऊर्जा K है। यदि वेग दोगुना कर दिया जाए तो नई गतिज ऊर्जा क्या होगी?

  • 2K
  • K
  • 4K
  • K/2

Explanation:

  • गतिज ऊर्जा KE = ½mv²
  • यदि v → 2v, तो KE’ = ½m(2v)² = ½m × 4v² = 4 × (½mv²) = 4K

Quick Facts:

  • KE ∝ v² (वेग के वर्ग के समानुपाती)
  • वेग दोगुना → KE चार गुना, तिगुना → नौ गुना

स्तंभों का मिलान कीजिए।

  • A-P: B-R: C-Q: D-S
  • A-S: B-P: C-Q: D-R
  • A-S: B-R: C-Q: D-P
  • A-S: B-R: C-P: D-Q

Explanation:

  • यह एक मिलान प्रश्न है, परंतु सूची (स्तंभ I और II) प्रश्न में नहीं दी गई है।
  • सामान्यतः इस प्रकार के प्रश्न रासायनिक यौगिकों, उनके सूत्रों या अभिक्रियाओं के मिलान पर आधारित होते हैं (जैसे: A. बेकिंग सोडा, B. ब्लीचिंग पाउडर, C. वाशिंग सोडा, D. POP → उनके उपयोग/सूत्र)।
  • दिए गए विकल्पों के अनुसार, A-S, B-R, C-Q, D-P सही माना जा सकता है (यदि S = सोडियम बाइकार्बोनेट, R = CaOCl₂, Q = Na₂CO₃·10H₂O, P = CaSO₄·½H₂O) – पर सूची के बिना सटीक पुष्टि संभव नहीं है।

Quick Facts:

  • मिलान प्रश्नों में, दोनों सूचियों को ध्यानपूर्वक पढ़कर सही युग्मन (pairing) करना चाहिए।

उपयुक्त विकल्प के साथ रिक्त स्थान भरिएः _____ नीले लिटमस को लाल कर देता है और एक _____, _____ लिटमस को नीला कर देता है। A. क्षार, अम्ल, लाल B. अम्ल, क्षार, हरा C. क्षार, अम्ल, गुलाबी D. अम्ल, क्षार, लाल

  • C
  • A
  • D
  • B

Explanation:

  • अम्ल (Acid) नीले लिटमस को लाल करता है (नीला → लाल)।
  • एक क्षार (Base/Alkali) लाल लिटमस को नीला करता है (लाल → नीला)।
  • अतः सही क्रम: अम्ल, क्षार, लाल → विकल्प D

Quick Facts:

  • लिटमस एक प्राकृतिक सूचक (लाइकेन से प्राप्त) है।

_________ एक रासायनिक अपघटन प्रकार की अभिक्रिया है जिसमें एक यौगिक जल के साथ प्रतिक्रिया करता है और अन्य यौगिकों में विभाजित होता है।

  • विद्युत अपघटन
  • द्विविस्थापन अभिक्रिया
  • जलीय अपघटन
  • उत्प्रेरक (प्रेरण)

Explanation:

  • जलीय अपघटन (Hydrolysis) – एक यौगिक जल (H₂O) के साथ अभिक्रिया करके अपघटित हो जाता है (जैसे NaCl + H₂O → NaOH + HCl, या एस्टर का हाइड्रोलिसिस)।
  • विद्युत अपघटन (electrolysis) – विद्युत धारा द्वारा अपघटन, द्विविस्थापन – आयनों का आदान-प्रदान, उत्प्रेरक – अभिक्रिया की दर बढ़ाने वाला पदार्थ।

Quick Facts:

  • हाइड्रोलिसिस शब्द: ‘हाइड्रो’ (जल) + ‘लिसिस’ (तोड़ना)
  • उदाहरण: साबुनीकरण (saponification) – एस्टर + जल → अम्ल + अल्कोहॉल

तांबा सांद्रित नाइट्रिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करके क्यूप्रिक नाइट्रेट और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड बनाता है, जैसा कि नीचे दिखाया गया है। Cu + HNO₃ → Cu(NO₃)₂ + NO₂ + H₂O निम्नलिखित में से कौन सा संतुलित समीकरण सही है?

  • Cu + 4HNO₃ → Cu(NO₃)₂ + 2NO₂ + 2H₂O
  • 2Cu + 4HNO₃ → 2Cu(NO₃)₂ + 2NO₂ + 2H₂O
  • Cu + 2HNO₃ → Cu(NO₃)₂ + NO₂ + 2H₂O
  • Cu + 4HNO₃ → Cu(NO₃)₂ + 2NO₂ + H₂O

Explanation:

  • परमाणुओं की गणना: LHS: Cu=1, H=4, N=4, O=12; RHS: Cu=1, H=4 (2H₂O), N=2 (Cu(NO₃)₂ में 2 + 2NO₂ में 2 = 4), O=6+4+2=12।
  • Cu + 4HNO₃ → Cu(NO₃)₂ + 2NO₂ + 2H₂O – संतुलित है।
  • अन्य विकल्पों में परमाणु संतुलन सही नहीं है (H, O, N की संख्या मेल नहीं खाती)।

Quick Facts:

  • तनु HNO₃ के साथ Cu, NO (नाइट्रिक ऑक्साइड) बनाता है, सान्द्र HNO₃ के साथ NO₂ बनता है।

कोशिका विभाजन के बाद, बच्ची कोशिकाओं में मूल कोशिका की तुलना में _________ होता है।

  • दोगुना
  • बराबर
  • कम
  • अधिक

Explanation:

  • कोशिका विभाजन (cell division) के बाद, दो बच्ची कोशिकाएँ (daughter cells) बनती हैं, जिनमें गुणसूत्रों (chromosomes) की संख्या मूल कोशिका (parent cell) के बराबर होती है (माइटोसिस, mitosis में, जहाँ 2n → 2n)।
  • अर्धसूत्रीविभाजन (meiosis) में आधी हो जाती है (2n → n), पर सामान्यतः ‘कोशिका विभाजन’ का अर्थ माइटोसिस है (शरीरिक कोशिकाओं में)।

Quick Facts:

  • माइटोसिस: दैहिक (somatic) कोशिकाओं में, संख्या समान (2n → 2n)
  • मियोसिस: यौन (germ) कोशिकाओं में, संख्या आधी (2n → n)

लवण-जल से सोडियम हाइड्रॉक्साइड तैयार करने के लिए किस प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है?

  • लवण-जल का विद्युत अपघटन (Electrolysis of brine)
  • सॉल्वे प्रक्रम (Solvay process)
  • हाबर प्रक्रम (Haber process)
  • NaCl का ऊष्मीय अपघटन (Thermal decomposition of NaCl)

Explanation:

  • NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड) का निर्माण ब्राइन (NaCl विलयन) के विद्युत अपघटन (chlor-alkali process) द्वारा होता है।
  • सॉल्वे प्रक्रम → Na₂CO₃ (वाशिंग सोडा), हाबर प्रक्रम → NH₃ (अमोनिया), NaCl का ऊष्मीय अपघटन → संभव नहीं (NaCl अत्यधिक स्थिर है)।

Quick Facts:

  • क्लोर-क्षार प्रक्रिया: 2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂
  • NaOH को ‘कास्टिक सोडा’ भी कहते हैं।

किसी पदार्थ की अवस्था, चाहे वह ठोस हो, द्रव हो या गैस हो, किसके द्वारा निर्धारित होती है: a. तापमान b. दाब c. आयतन

  • केवल a और b
  • a, b और c
  • केवल b और c
  • केवल a और c

Explanation:

  • पदार्थ की अवस्था (ठोस/द्रव/गैस) मुख्यतः तापमान (Temperature) और दाब (Pressure) पर निर्भर करती है (जैसे कि अवस्था आरेख, phase diagram, में दिखाया गया है)।
  • आयतन (Volume) अवस्था का परिणाम है, निर्धारक कारक नहीं (यह तापमान और दाब पर निर्भर करता है)।

Quick Facts:

  • तापमान बढ़ने पर ठोस → द्रव → गैस (सामान्यतः)
  • दाब बढ़ने पर गैस → द्रव (द्रवीकरण) होता है।

_________ का उपयोग आइसक्रीम में स्टेबलाइजर के रूप में किया जाता है। A. जिलेटिन B. चीनी C. दूध D. स्ट्राबेरी

  • C
  • B
  • D
  • A

Explanation:

  • जिलेटिन (Gelatin) का उपयोग आइसक्रीम (ice cream) में स्टेबलाइजर (stabilizer) के रूप में किया जाता है, जो आइसक्रीम की बनावट (texture) को सुधारता है और बर्फ के क्रिस्टल (ice crystals) बनने को रोकता है।
  • चीनी (sweetener), दूध (base), स्ट्राबेरी (flavor) – ये स्टेबलाइजर नहीं हैं।

Quick Facts:

  • अन्य स्टेबलाइजर: कैराजेनन, ग्वार गम, सेल्यूलोज गम।

व्यतिकरण (interference) और विवर्तन (diffraction) में प्रकाश ऊर्जा का क्या होता है?

  • यह घटती है
  • यह बढ़ती है
  • यह पुनर्वितरित हो जाती है
  • इसका अपचयन हो जाता है

Explanation:

  • व्यतिकरण (interference) और विवर्तन (diffraction) में, प्रकाश ऊर्जा पुनर्वितरित (redistributed) होती है – अर्थात, यह न तो बढ़ती है और न ही घटती है, बल्कि कुछ स्थानों पर अधिक (संपोषी, constructive) और कुछ स्थानों पर कम (विनाशी, destructive) हो जाती है।
  • कुल ऊर्जा संरक्षित (conserved) रहती है।

Quick Facts:

  • व्यतिकरण: दो तरंगों का अध्यारोपण (superposition)
  • विवर्तन: तरंग का बाधा के किनारे मुड़ना

दिए गए कथन (A) और कारण (R) को पढ़ें और सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन करें। (A): महिलाओं में यौवन की शुरुआत पुरुषों की तुलना में पहले होती है, लेकिन दोनों 18-20 वर्ष की आयु तक अपनी अंतिम ऊंचाई तक पहुंच जाते हैं। (R): यद्यपि पुरुषों में यौवन देर से शुरू होता है, लेकिन उनकी वृद्धि महिलाओं की तुलना में अधिक तीव्र होती है।

  • (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
  • (A) सत्य है लेकिन (R) असत्य है
  • (A) असत्‍य है लेकिन (R) सत्‍य है
  • (A) और (R) दोनों सत्य हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है

Explanation:

  • (A) सत्य है: लड़कियों में यौवन (puberty) 8-13 वर्ष, लड़कों में 9-14 वर्ष (लड़कियों में पहले) – दोनों 18-20 वर्ष तक अंतिम ऊँचाई प्राप्त कर लेते हैं।
  • (R) सत्य है: पुरुषों में वृद्धि (growth spurt) अधिक तीव्र होती है (विकास हार्मोन, टेस्टोस्टेरोन के कारण), जिससे वे लम्बे हो जाते हैं।
  • पर (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है, क्योंकि (A) में कहा गया है कि दोनों 18-20 वर्ष की आयु तक अंतिम ऊँचाई पर पहुँचते हैं – (R) इस तथ्य की व्याख्या नहीं करता, बल्कि लिंग-आधारित वृद्धि में अंतर बताता है।

Quick Facts:

  • लड़कियों का यौवन 2-3 वर्ष पहले शुरू होता है, पर लड़कों की अंतिम ऊँचाई अधिक होती है।

निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं पर विचार कीजिए: I: BaCl₂(aq) + Na₂SO₄(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq) II: Pb(NO₃)₂(aq) + KI(aq) → PbI₂(s) + 2KNO₃(aq) निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प उपरोक्त अभिक्रियाओं को सही ढंग से वर्गीकृत करता है?

  • I: द्विविस्थापन अभिक्रिया; II: विस्थापन अभिक्रिया
  • I: द्विविस्थापन अभिक्रिया; II: उदासीनीकरण अभिक्रिया
  • I: विस्थापन अभिक्रिया; II: द्विविस्थापन अभिक्रिया
  • दोनों द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ हैं

Explanation:

  • दोनों अभिक्रियाओं में, दो यौगिक अपने आयनों का आदान-प्रदान करते हैं (AB + CD → AD + CB) और अवक्षेप (precipitate) बनता है (BaSO₄, PbI₂) – यह द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double displacement) है।
  • विस्थापन (single displacement) में एक तत्व दूसरे को विस्थापित करता है, जो यहाँ नहीं हो रहा है।

Quick Facts:

  • I: BaCl₂ + Na₂SO₄ → BaSO₄↓ (सफेद अवक्षेप) + NaCl
  • II: Pb(NO₃)₂ + 2KI → PbI₂↓ (पीला अवक्षेप) + 2KNO₃

द्विविस्थापन अभिक्रिया में सोडियम सल्फेट बेरियम क्लोराइड के साथ अभिक्रिया करता है तो क्या बनता है?

  • सोडियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइड
  • सोडियम क्लोराइड और बेरियम हाइड्रॉक्साइड
  • सोडियम क्लोराइड और बेरियम सल्फेट
  • सोडियम हाइड्रॉक्साइड और बेरियम क्लोराइड

Explanation:

  • Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄ (अवक्षेप) + 2NaCl
  • यह एक द्विविस्थापन अभिक्रिया है, जिसमें BaSO₄ (सफेद अवक्षेप) और NaCl (विलेय लवण) बनते हैं।

Quick Facts:

  • BaSO₄ जल में अविलेय (insoluble) होता है, इसलिए अवक्षेप बनता है।

यदि आपको प्रयोगशाला में लवण-जल के विलयन से लवण पुनर्प्राप्त करना हो, तो आपको किस प्रक्रिया का उपयोग करना होगा?

  • निस्यंदन
  • निस्तारण
  • आसवन
  • वर्णलेखिकी

Explanation:

  • लवण-जल (NaCl + H₂O) से लवण (NaCl) पुनर्प्राप्त (recover) करने के लिए आसवन (Distillation) का उपयोग होता है – पानी को वाष्पित (evaporate) करके संघनित (condense) किया जाता है, और लवण पीछे रह जाता है (या वाष्पीकरण द्वारा, पर आसवन अधिक सटीक है यदि हमें शुद्ध जल और लवण दोनों चाहिए)।
  • निस्यंदन (filtration) – अघुलनशील ठोस के लिए, निस्तारण (decantation) – निलंबन (suspension) के लिए, वर्णलेखिकी (chromatography) – मिश्रण के घटकों को अलग करने के लिए (जैसे रंजक, pigments)।

Quick Facts:

  • आसवन: विभिन्न क्वथनांक (boiling points) पर आधारित पृथक्करण विधि।

कार्बन डाइऑक्साइड से कार्बन मोनोऑक्साइड का निर्माण ________ का एक उदाहरण है।

  • उदासीनीकरण प्रतिक्रिया
  • अपघटन प्रतिक्रिया
  • विस्थापन प्रतिक्रिया
  • संयोजन प्रतिक्रिया

Explanation:

  • CO₂ → CO + O₂ (या CO₂ + C → 2CO) – यह एक अपघटन अभिक्रिया (Decomposition reaction) है, जिसमें एक यौगिक (CO₂) सरल पदार्थों (CO और O₂) में टूट जाता है (या C के साथ अपचयन – redox भी है, पर मूल प्रकार अपघटन है)।
  • वास्तव में, CO₂ से CO बनने के लिए, इसे अपचयित (reduced) किया जाता है (जैसे CO₂ + C → 2CO – यह संयोजन भी है, पर यहाँ ‘कार्बन डाइऑक्साइड से’ का अर्थ अपघटन/अपचयन है, पर विकल्पों में ‘अपघटन’ सबसे उपयुक्त है क्योंकि CO₂ अणु टूट रहा है)।

Quick Facts:

  • CO₂ → CO + ½O₂ (उच्च ताप पर)
  • यह एक अपचयन (reduction) भी है (C का ऑक्सीकरण अवस्था +4 से +2 हो जाती है)।

निम्नलिखित अपघटन अभिक्रिया में, p, q, r, s की पहचान करें: pFeSO₄(s) → qFe₂O₃(s) + rSO₂(g) + sSO₃(g)

  • 3,1,1,1
  • 1,1,1,1
  • 1,1,2,1
  • 2,1,1,1

Explanation:

  • FeSO₄ का अपघटन: 2FeSO₄ → Fe₂O₃ + SO₂ + SO₃
  • परमाणु संतुलन: LHS: Fe=2, S=2, O=8; RHS: Fe=2, S=2 (1+1), O=3+2+3=8 – संतुलित
  • अतः p=2, q=1, r=1, s=1

Quick Facts:

  • यह एक तापीय अपघटन (thermal decomposition) अभिक्रिया है।

निम्नलिखित में से कौन सी एक संतुलित रासायनिक समीकरण है?

  • Na + H₂O → NaOH + H₂
  • H₂ + O₂ → H₂O
  • Mg + O₂ → MgO
  • 2Mg + O₂ → 2MgO

Explanation:

  • 2Mg + O₂ → 2MgO – परमाणु संतुलन: Mg=2, O=2 (LHS और RHS दोनों पर) – संतुलित है।
  • Na + H₂O → NaOH + H₂: Na=1, H=3 (LHS 2, RHS 2? वास्तव में H₂O में 2 H, NaOH में 1 H, H₂ में 2 H – कुल RHS 3 H – असंतुलित)।
  • H₂ + O₂ → H₂O: H=2, O=2 → RHS में O=1 – असंतुलित।
  • Mg + O₂ → MgO: Mg=1, O=2 → RHS में O=1 – असंतुलित।

Quick Facts:

  • संतुलित समीकरण: परमाणुओं की संख्या दोनों ओर समान होनी चाहिए।

खालीलपैकी कोणते लेड (II) नायट्रेट आणि पोटॅशियम आयोडाइड यांच्या द्रावणांच्या मिश्रणाने होणार्‍या अभिक्रियेतून तयार होते?

  • लेड सल्फेटचा पिवळा अवक्षेप तयार होतो.
  • लेड आयोडाइडचा केशरी अवक्षेप तयार होतो.
  • लेड आयोडेटचा केशरी अवक्षेप तयार होतो.
  • लेड आयोडाइडचा पिवळा अवक्षेप तयार होतो.

Explanation:

  • Pb(NO₃)₂ + 2KI → PbI₂↓ + 2KNO₃
  • PbI₂ (लेड आयोडाइड) पीला (yellow) अवक्षेप बनाता है (सुनहरा-पीला भी कहते हैं)।

Quick Facts:

  • यह एक द्विविस्थापन अभिक्रिया है जिसमें PbI₂ अविलेय अवक्षेप बनता है।

सोडियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइड विलयन की अभिक्रिया ________ का एक उदाहरण है।

  • दोहरी विस्थापन अभिक्रिया
  • ऊष्माशोषी अभिक्रिया
  • एकल विस्थापन अभिक्रिया
  • ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया

Explanation:

  • Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl – यह द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double displacement) है, क्योंकि आयनों का आदान-प्रदान होता है।
  • यह ऊष्माक्षेपी/ऊष्माशोषी नहीं कहा जा सकता (सामान्यतः अवक्षेपण अभिक्रियाएँ ताप परिवर्तन दिखा सकती हैं, पर मुख्य प्रकार द्विविस्थापन है)।

Quick Facts:

  • BaSO₄ एक सफेद अवक्षेप है (जल में अविलेय)।

निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए अवस्था प्रतीकों के साथ एक संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड विलयन (जल में) नाइट्रिक अम्ल विलयन (जल में) के साथ अभिक्रिया करके पोटेशियम नाइट्रेट विलयन और जल बनाता है।

  • 2KOH + 2HNO₃ → 2KNO₃ + 2H₂O
  • 2KOH(aq) + 2HNO₃(aq) → 2KNO₃(aq) + 2H₂O(l)
  • 2KOH(l) + 2HNO₃(l) → 2KNO₃(l) + 2H₂O(l)
  • 2KOH(aq) + 2HNO₃(l) → 2KNO₃(aq) + 2H₂O(aq)

Explanation:

  • KOH (पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड) – जलीय विलयन (aq), HNO₃ (नाइट्रिक अम्ल) – जलीय (aq), KNO₃ – जलीय (aq) (विलेय), H₂O – द्रव (l)।
  • संतुलित समीकरण: 2KOH(aq) + 2HNO₃(aq) → 2KNO₃(aq) + 2H₂O(l)
  • अवस्था प्रतीक: (aq) = जलीय, (l) = द्रव, (s) = ठोस, (g) = गैस

Quick Facts:

  • यह एक उदासीनीकरण (Neutralization) अभिक्रिया है (अम्ल + क्षार → लवण + जल)।

अभिकथन-कारण कथन के संबंध में कृपया सही विकल्प का चयन कीजिए। अभिकथन: कॉन्फ्रेंस हॉल की छतें वक्रित बनाई जाती हैं। कारण: वक्रित छतें हॉल में ध्वनि को समान रूप से प्रसारित करने में सहायता करती हैं।

  • अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं तथा कारण, अभिकथन की सही व्याख्या है।
  • अभिकथन असत्य है और कारण सत्य है।
  • अभिकथन सत्य है लेकिन कारण असत्य है।
  • अभिकथन और कारण दोनों असत्य हैं।

Explanation:

  • अभिकथन (A): कॉन्फ्रेंस हॉल की छतें वक्रित (curved) बनाई जाती हैं – सत्य है (ध्वनि के परावर्तन/प्रतिध्वनि को नियंत्रित करने के लिए)।
  • कारण (R): वक्रित छतें ध्वनि को समान रूप से (uniformly) प्रसारित (distribute) करने में सहायता करती हैं – सत्य है (यह ध्वनि के परावर्तन और फोकसिंग को बेहतर बनाता है)।
  • R, A की सही व्याख्या है (वक्रित छतें ध्वनि को पूरे हॉल में समान रूप से फैलाती हैं, जिससे श्रव्यता बढ़ती है)।

Quick Facts:

  • ध्वनि के परावर्तन का उपयोग: श्रवण सभागार, कॉन्सर्ट हॉल में छतों/दीवारों को वक्रित बनाकर ध्वनि को समान रूप से फैलाया जाता है।

जल विद्युत की उपस्थिति में H₂ और O₂ में विघटित हो जाता है, तो इस प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?

  • प्रकाश-रसायनिक अपघटन
  • विद्युत अपघटन
  • तापीय अपघटन
  • विस्थापन अभिक्रिया

Explanation:

  • जल का विद्युत अपघटन (Electrolysis) – विद्युत धारा (electric current) प्रवाहित करके जल को H₂ और O₂ में अपघटित किया जाता है।
  • 2H₂O → 2H₂ + O₂ (विद्युत द्वारा)
  • प्रकाश-रासायनिक (photochemical) – प्रकाश द्वारा (जैसे AgBr), तापीय (thermal) – ऊष्मा द्वारा (जैसे CaCO₃ → CaO + CO₂)।

Quick Facts:

  • जल के विद्युत अपघटन में: कैथोड पर H₂, एनोड पर O₂ बनता है (2:1 आयतन अनुपात में)।

निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया विस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण नहीं है?

  • Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s)
  • Pb(s) + CuCl₂(aq) → PbCl₂(aq) + Cu(s)
  • 2AgBr(s) → 2Ag(s) + Br₂(g) (सूर्य के प्रकाश में)
  • Zn(s) + CuSO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + Cu(s)

Explanation:

  • विस्थापन अभिक्रिया (Single displacement) = A + BC → AC + B (एक तत्व दूसरे तत्व को विस्थापित करता है)।
  • Fe, Pb, Zn – सभी Cu को विस्थापित कर रहे हैं (धातुओं की क्रियाशीलता श्रेणी के अनुसार) – ये विस्थापन हैं।
  • 2AgBr → 2Ag + Br₂ – यह एक अपघटन अभिक्रिया (Decomposition) है (प्रकाश की उपस्थिति में, photolytic decomposition), विस्थापन नहीं।

Quick Facts:

  • AgBr का उपयोग फोटोग्राफी में होता है (यह प्रकाश में अपघटित हो जाता है)।

निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ पानी में घुलने पर हाइड्रॉक्साइड आयन उत्पन्न करता है?

  • अमोनिया
  • नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
  • कार्बन डाइऑक्साइड
  • सल्फर डाइऑक्साइड

Explanation:

  • अमोनिया (NH₃) पानी में घुलकर OH⁻ (हाइड्रॉक्साइड) आयन उत्पन्न करता है, क्योंकि यह एक दुर्बल क्षार (weak base) है: NH₃ + H₂O ⇌ NH₄⁺ + OH⁻
  • NO₂, CO₂, SO₂ – ये अम्लीय ऑक्साइड हैं, पानी में घुलकर H⁺ आयन (अम्ल) बनाते हैं (जैसे CO₂ + H₂O → H₂CO₃ → H⁺ + HCO₃⁻)।

Quick Facts:

  • NH₃ जल में मिलकर अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (NH₄OH) बनाता है, जो एक क्षार है।

निम्नलिखित में से कौन-सी अपचयन अभिक्रिया का उदाहरण है?

  • कॉपर का कॉपर ऑक्साइड में रूपांतरण
  • कार्बन का कार्बन डाइऑक्साइड में रूपांतरण
  • कॉपर ऑक्साइड का कॉपर में रूपांतरण
  • एथेनॉल का एसिटिक अम्ल में रूपांतरण

Explanation:

  • अपचयन (Reduction) = ऑक्सीजन का खोना या हाइड्रोजन का मिलना (या इलेक्ट्रॉन मिलना)।
  • CuO → Cu: CuO में Cu (+2) → Cu (0) हो जाता है (ऑक्सीजन खो देता है) – यह अपचयन है।
  • Cu → CuO (ऑक्सीकरण), C → CO₂ (ऑक्सीकरण), एथेनॉल → एसिटिक अम्ल (ऑक्सीकरण, O₂ मिलता है)।

Quick Facts:

  • अपचयन अभिक्रिया: CuO + H₂ → Cu + H₂O (यहाँ CuO अपचयित, H₂ ऑक्सीकृत)

निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया, उदासीनीकरण अभिक्रिया है?

  • अपघटन (Decomposition)
  • दहन (Combustion)
  • दोहरा विस्थापन (Double displacement)
  • एकल विस्थापन (Single displacement)

Explanation:

  • उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization) = अम्ल + क्षार → लवण + जल
  • यह एक विशेष प्रकार की द्विविस्थापन अभिक्रिया है, जिसमें H⁺ (अम्ल) और OH⁻ (क्षार) मिलकर H₂O बनाते हैं, और शेष आयन मिलकर लवण बनाते हैं।
  • अतः उदासीनीकरण को द्विविस्थापन के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है (यद्यपि यह एक विशेष उप-प्रकार है)।

Quick Facts:

  • उदासीनीकरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O

यौगिक सोडियम कार्बोनेट का रासायनिक सूत्र ______ होता है।

  • Na₃CO₂
  • Na₃CO₄
  • Na₂CO₃
  • Na₃CO₃

Explanation:

  • सोडियम कार्बोनेट (Sodium carbonate) = Na₂CO₃ (Na⁺ का आवेश +1, CO₃²⁻ का -2, इसलिए 2 Na⁺ + CO₃²⁻ → Na₂CO₃)

Quick Facts:

  • Na₂CO₃ का सामान्य नाम: वाशिंग सोडा (Washing soda)
  • क्रिस्टलीय रूप: Na₂CO₃·10H₂O

CaO(s) + H₂O(l) → Ca(OH)₂(aq) + ऊष्मा, इस अभिक्रिया को क्या कहते हैं?

  • बुझाने की अभिक्रिया
  • संयोजन अभिक्रिया
  • अपघटन अभिक्रिया
  • द्विविस्थापन अभिक्रिया

Explanation:

  • CaO + H₂O → Ca(OH)₂: दो अभिकारक (CaO और H₂O) मिलकर एक उत्पाद (Ca(OH)₂) बनाते हैं – यह संयोजन अभिक्रिया (Combination) है।
  • यह एक उष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया है (ऊष्मा उत्सर्जित होती है) – इसलिए ‘बुझाने’ (slaking) भी कहते हैं, पर मूल प्रकार संयोजन है।

Quick Facts:

  • CaO = क्विक लाइम (बिना बुझा चूना), Ca(OH)₂ = स्लेक्ड लाइम (बुझा चूना)

ब्लीचिंग पाउडर के निर्माण में क्लोरीन गैस की क्या भूमिका है?

  • यह अभिक्रिया के लिए उत्प्रेरक के रूप में प्रयोग किया जाता है
  • यह शुष्क बुझा हुआ चूना के साथ अभिक्रिया करके ब्लीचिंग पाउडर बनाता है
  • इसका उपयोग कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड को उदासीन करने के लिए किया जाता है
  • यह पानी के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन परॉक्साइड उत्पन्न करता है

Explanation:

  • ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) का निर्माण: Cl₂ गैस + शुष्क बुझा चूना [Ca(OH)₂] → CaOCl₂ + H₂O
  • Cl₂ यहाँ अभिकारक है, उत्प्रेरक नहीं (यह स्वयं उपभोग होता है)।

Quick Facts:

  • Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O

निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन अभिक्रिया का उदाहरण है?

  • HCl(aq) + NaOH(aq) → NaCl(aq) + H₂O(l)
  • 2HCl(aq) + 2Na(s) → NaCl(aq) + H₂(g)
  • 2H₂(g) + O₂(g) → 2H₂O(l)
  • CH₄(g) + 2O₂(g) → CO₂(g) + 2H₂O(g)

Explanation:

  • 2H₂ + O₂ → 2H₂O – दो अभिकारक (H₂ और O₂) मिलकर एक उत्पाद (H₂O) बनाते हैं – संयोजन अभिक्रिया
  • HCl + NaOH → उदासीनीकरण (द्विविस्थापन), HCl + Na → विस्थापन, CH₄ + O₂ → दहन (combustion)।

Quick Facts:

  • संयोजन अभिक्रिया: A + B → AB

निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? A) जब किसी यौगिक में एक धातु और एक अधातु होते हैं, तो धातु का नाम या प्रतीक पहले लिखा जाता है। B) जब किसी यौगिक में एक धातु और एक अधातु होते हैं, तो अधातु का नाम या प्रतीक पहले लिखा जाता है। C) आयन पर संयोजकता या आवेश संतुलित होना चाहिए।

  • केवल C
  • केवल A
  • A, B और C
  • केवल A और C

Explanation:

  • A सत्य है: आयनिक यौगिक (धातु + अधातु) में धातु का नाम/प्रतीक पहले लिखा जाता है (जैसे NaCl – Na (धातु) पहले, Cl (अधातु) बाद में)।
  • B असत्य है: अधातु का प्रतीक पहले नहीं लिखा जाता (व्युत्क्रम गलत है)।
  • C सत्य है: यौगिक में आयनों पर आवेश (वैलेंसी) संतुलित होना चाहिए (जैसे Na⁺ और Cl⁻ → NaCl)।

Quick Facts:

  • यौगिक सूत्र लिखने का नियम: धनायन (cation, धातु) पहले, ऋणायन (anion, अधातु) बाद में।

आयरन (III) ऑक्साइड का रासायनिक सूत्र ______ होता है।

  • FeO
  • Fe₃O₄
  • Fe₃O₃
  • Fe₂O₃

Explanation:

  • आयरन (III) ऑक्साइड: Fe³⁺ और O²⁻ → Fe₂O₃ (2 Fe³⁺ और 3 O²⁻ → कुल आवेश +6 और -6, संतुलित)।
  • FeO = आयरन (II) ऑक्साइड (Fe²⁺ + O²⁻), Fe₃O₄ = मैग्नेटाइट (FeO·Fe₂O₃), Fe₂O₃ = फेरिक ऑक्साइड (लाल/भूरा)।

Quick Facts:

  • Fe₂O₃ को ‘फेरिक ऑक्साइड’ या ‘हेमाटाइट’ (hematite) भी कहते हैं, जो लोहे का एक अयस्क (ore) है।

निम्नलिखित में से कौन-सा गुणधर्म यौगिकों से संबंधित नहीं है?

  • नए पदार्थ के गुणधर्म बिल्कुल भिन्न होते हैं।
  • घटकों को भौतिक विधियों द्वारा सुगमता से पृथक किया जा सकता है।
  • तत्व अभिक्रिया करके नए यौगिकों का निर्माण करते हैं।
  • प्रत्येक नए पदार्थ का संघटन सदैव स्थिर होता है।

Explanation:

  • यौगिक (Compounds) में घटक (तत्व) भौतिक विधियों (physical methods) द्वारा पृथक नहीं किए जा सकते (उन्हें रासायनिक विधियों की आवश्यकता होती है) – यह गुण मिश्रणों (mixtures) का है।
  • यौगिकों के अन्य गुण: नए गुण (जैसे NaCl – नमकीन, अलग-अलग Na/Cl के गुण नहीं), नियत संघटन (fixed composition), तत्वों की अभिक्रिया से बनते हैं – ये सभी सही हैं।

Quick Facts:

  • मिश्रण: घटक भौतिक विधियों (निस्यंदन, आसवन, आदि) द्वारा पृथक किए जा सकते हैं।

जब हम अपनी हथेली पर एसीटोन (नेल पॉलिश रिमूवर) डालते हैं, तो हमें ठंडक प्रतीत होती है क्योंकि ______।

  • यह ठंडी वायु मुक्त करता है
  • यह हथेली पर उपस्थित जल के साथ अभिक्रिया करता है
  • यह हथेली से ऊष्मा अवशोषित कर लेता है, तथा शीघ्रता से वाष्पित हो जाता है।
  • यह त्वचा पर तंत्रिका संकेतों को अवरुद्ध कर देता है

Explanation:

  • एसीटोन (acetone) एक अस्थिर (volatile) द्रव है – यह हथेली की ऊष्मा (त्वचा से) अवशोषित करके शीघ्रता से वाष्पित (evaporate) हो जाता है, जिससे त्वचा का तापमान घट जाता है और हमें ठंडक (cooling) महसूस होती है।
  • यह एक भौतिक परिवर्तन (वाष्पीकरण) है, रासायनिक अभिक्रिया नहीं।

Quick Facts:

  • वाष्पीकरण एक ऊष्माशोषी (endothermic) प्रक्रिया है (यह पर्यावरण से ऊष्मा लेता है)।
  • अन्य उदाहरण: पसीने का वाष्पित होना (ठंडक देता है)।

निम्नलिखित धात्विक ऑक्साइडों की प्रकृति और भूमिका का मिलान करें।

  • A – 3; B – 4; C – 1; D – 2
  • A – 4; B – 1; C – 2; D – 3
  • A – 3; B – 2; C – 1; D – 4
  • A – 2; B – 3; C – 4; D – 1

Explanation:

  • यह एक मिलान प्रश्न है, पर सूची प्रश्न में नहीं दी गई है।
  • सामान्यतः धात्विक ऑक्साइड: A. ZnO (उभयधर्मी), B. Na₂O (क्षारीय), C. CO₂ (अम्लीय – पर यह अधातु ऑक्साइड है), D. CaO (क्षारीय) – इनके मिलान के लिए सूची की आवश्यकता है।
  • दिए गए विकल्पों के अनुसार, A – 3, B – 2, C – 1, D – 4 सही माना जा सकता है (यदि 1=अम्लीय, 2=क्षारीय, 3=उभयधर्मी, 4=क्षारीय/भूमिका) – पर सूची के बिना पुष्टि संभव नहीं है।

Quick Facts:

  • क्षारीय ऑक्साइड: Na₂O, CaO (अम्ल के साथ अभिक्रिया)
  • अम्लीय ऑक्साइड: CO₂, SO₂ (क्षार के साथ अभिक्रिया)
  • उभयधर्मी: ZnO, Al₂O₃ (दोनों के साथ)

द्विविस्थापन अभिक्रियाओं के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • दो अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान
  • द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में केवल एक अभिकारक की आवश्यकता होती है
  • अभिकारक कार्बनिक होना चाहिए
  • उत्पादों की संख्या एक होनी चाहिए

Explanation:

  • द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double displacement) = दो अभिकारकों (यौगिकों) के बीच आयनों का आदान-प्रदान (exchange of ions) → AB + CD → AD + CB
  • इसमें दो अभिकारक होते हैं, उत्पादों की संख्या दो होती है (या अधिक), और अभिकारक अकार्बनिक/कार्बनिक दोनों हो सकते हैं।

Quick Facts:

  • उदाहरण: NaCl + AgNO₃ → AgCl↓ + NaNO₃

नियत अनुपात का नियम कहता है:

  • रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों का कुल द्रव्यमान उत्पादों के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है।
  • ऊर्जा को न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है, केवल रूपांतरित किया जा सकता है।
  • नियत आयतन पर किसी गैस का दाब उसके तापमान के समानुपाती होता है।
  • कोई भी रासायनिक यौगिक हमेशा अपने घटक तत्वों को द्रव्यमान के एक निश्चित अनुपात में रखता है।

Explanation:

  • नियत अनुपात का नियम (Law of Definite Proportions) – प्रूस्ट (Proust) द्वारा: एक शुद्ध रासायनिक यौगिक में, घटक तत्वों का द्रव्यमान अनुपात सदैव समान (नियत) होता है, चाहे उसे किसी भी विधि से बनाया गया हो।
  • उदाहरण: जल (H₂O) में H:O = 1:8 (द्रव्यमान से) सदैव समान रहता है।
  • अन्य विकल्प: द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Lavoisier), ऊर्जा संरक्षण, गैसों के नियम (चार्ल्स/गे-लुसाक) – ये अलग हैं।

Quick Facts:

  • यह रसायन विज्ञान का एक मूलभूत स्टोइकियोमेट्री (stoichiometry) नियम है।

निम्नलिखित में से कौन सा एक रासायनिक परिवर्तन है?

  • बर्फ का पिघलकर पानी बनना
  • जल का उबलकर वाष्प बनना
  • तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) का दहन
  • पानी में नमक का विघटन

Explanation:

  • रासायनिक परिवर्तन (Chemical change) – जिसमें नए पदार्थ (नए गुण) बनते हैं, और परिवर्तन स्थायी (irreversible) होता है।
  • LPG का दहन (combustion) – यह एक रासायनिक अभिक्रिया है (हाइड्रोकार्बन + O₂ → CO₂ + H₂O + ऊष्मा), जिसमें नए पदार्थ बनते हैं।
  • बर्फ पिघलना, जल उबलना, नमक घुलना – ये भौतिक परिवर्तन (physical changes) हैं (अवस्था परिवर्तन/विलयन, कोई नया पदार्थ नहीं बनता)।

Quick Facts:

  • रासायनिक परिवर्तन: दहन, जंग लगना, खाना पकना, पाचन
  • भौतिक परिवर्तन: काटना, पिघलना, वाष्पीकरण, विलयन

_____ एक प्रस्वेदी यौगिक है।

  • बुझा हुआ चूना
  • सल्फ्यूरिक अम्ल
  • फॉस्फोरस पेंटोक्साइड
  • सोडियम क्लोराइड

Explanation:

  • प्रस्वेदी (Hygroscopic) यौगिक वायु से नमी (जलवाष्प) अवशोषित करते हैं। फॉस्फोरस पेंटोक्साइड (P₂O₅) एक प्रबल प्रस्वेदी/निर्जलीकारक (dehydrating agent) है, जो वायु से जलवाष्प को अवशोषित करता है।
  • बुझा हुआ चूना (Ca(OH)₂) – थोड़ा प्रस्वेदी, सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) – प्रस्वेदी (हीड्रोस्कोपिक), पर P₂O₅ सबसे प्रबल है (इसे ‘प्रस्वेदी’ के रूप में विशेष रूप से जाना जाता है)।
  • NaCl – सामान्यतः प्रस्वेदी नहीं (पर खाने का नमक कभी-कभी नमी ग्रहण करता है, पर P₂O₅ अधिक विशिष्ट है)।

Quick Facts:

  • प्रस्वेदी पदार्थ: CaCl₂, P₂O₅, सान्द्र H₂SO₄
  • जलयोजन (deliquescent) – ये नमी अवशोषित करके स्वयं विलयन (solution) में बदल जाते हैं (जैसे NaOH, CaCl₂)।

निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक क्लोरीन के साथ अभिक्रिया करके ब्लीचिंग पाउडर बनाता है?

  • क्विकलाइम
  • कैल्शियम कार्बोनेट
  • बुझा हुआ चूना
  • कैल्शियम बाइकार्बोनेट

Explanation:

  • ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) बुझे हुए चूने (Ca(OH)₂) पर क्लोरीन गैस (Cl₂) की क्रिया से बनता है।
  • क्विकलाइम (CaO) – पानी के साथ मिलकर बुझा चूना बनता है, पर सीधे Cl₂ के साथ नहीं।

Quick Facts:

  • Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O

जिंक ऑक्साइड की कार्बन के साथ अभिक्रिया से निम्नलिखित में से क्या उत्पन्न होता है?

  • केवल CO
  • केवल Zn
  • Zn और CO दोनों
  • Zn और CO₂

Explanation:

  • ZnO + C → Zn + CO (यह एक अपचयन (reduction) अभिक्रिया है: ZnO अपचयित होकर Zn बनाता है, C ऑक्सीकृत होकर CO बनाता है)।
  • ZnO + C → Zn + CO (संतुलित: ZnO + C → Zn + CO) – Zn और CO दोनों बनते हैं।

Quick Facts:

  • यह एक धातु निष्कर्षण (metallurgical) अभिक्रिया है (ZnO से Zn प्राप्त करना) – यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया है।

भारी हाइड्रोकार्बन को हल्के हाइड्रोकार्बन में तोड़ने के लिए किस प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है?

  • एन्क्लोलीकरण
  • सुधार
  • आसवन
  • भंजन

Explanation:

  • भंजन (Cracking) – एक पेट्रोकेमिकल प्रक्रिया है, जिसमें भारी हाइड्रोकार्बन (लंबी शृंखला) को उच्च ताप और उत्प्रेरक (catalyst) की उपस्थिति में छोटे (हल्के) हाइड्रोकार्बन (जैसे पेट्रोल, डीजल) में तोड़ा (break) जाता है।
  • सुधार (reforming) – अणुओं की संरचना बदलना, आसवन (distillation) – अलग करना, एन्क्लोलीकरण – कोई मानक शब्द नहीं।

Quick Facts:

  • भंजन का उपयोग पेट्रोलियम शोधन (petroleum refining) में होता है।

दी गई अभिक्रिया _____ का एक उदाहरण है। Zn(s) + CuSO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + Cu(s)

  • द्विविस्थापन अभिक्रिया
  • विस्थापन अभिक्रिया
  • अपघटन अभिक्रिया
  • संयोजन अभिक्रिया

Explanation:

  • Zn (अधिक क्रियाशील) CuSO₄ में Cu को विस्थापित (displace) करता है, जिससे ZnSO₄ और Cu बनते हैं – यह विस्थापन अभिक्रिया (Single displacement) है।
  • Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu

Quick Facts:

  • Zn, Cu से अधिक क्रियाशील है (धातुओं की क्रियाशीलता श्रेणी में Zn > Cu)।

चांदी के आभूषण कुछ समय के बाद काले हो जाते हैं क्योंकि:

  • सिल्वर कार्बाइड बनाने के लिए सिल्वर हवा में कार्बन के साथ प्रतिक्रिया करता है।
  • सिल्वर सल्फाइड बनाने के लिए चांदी हवा में सल्फर के साथ प्रतिक्रिया करती है।
  • सिल्वर नाइट्राइड बनाने के लिए चांदी हवा में नाइट्रोजन के साथ प्रतिक्रिया करती है।
  • चांदी हवा में हाइड्रोजन के साथ अभिक्रिया करके सिल्वर हाइड्राइड बनाती है।

Explanation:

  • चाँदी (Ag) हवा में मौजूद सल्फर (S) (जो H₂S के रूप में होता है) के साथ अभिक्रिया करके सिल्वर सल्फाइड (Ag₂S) बनाती है, जो काले (black) रंग का होता है – इसी कारण चाँदी के आभूषण काले पड़ जाते हैं (tarnishing)।
  • 4Ag + 2H₂S + O₂ → 2Ag₂S + 2H₂O

Quick Facts:

  • Ag₂S काला होता है, इसे पॉलिश/सिल्वर क्लीनर (जैसे सोडियम बाइकार्बोनेट) से हटाया जा सकता है।

ऐल्युमीनियम की ऐनोडीकरण प्रक्रिया में सल्फ्यूरिक अम्ल की क्या भूमिका होती है?

  • यह ऐल्युमीनियम के साथ अभिक्रिया करके ऐल्युमीनियम क्लोराइड बनाता है।
  • यह ऐल्युमीनियम के ऑक्सीकरण को रोकता है।
  • यह ऐल्युमीनियम को पूरी तरह से विघटित कर देता है।
  • यह एक वैद्युत-अपघट्य के रूप में कार्य करता है जो मोटी ऑक्साइड परत बनाने में मदद करता है।

Explanation:

  • एनोडीकरण (Anodizing) – एल्यूमीनियम की सतह पर मोटी ऑक्साइड (Al₂O₃) परत बनाने की प्रक्रिया, जिसमें सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) एक विद्युत-अपघट्य (electrolyte) के रूप में कार्य करता है, जो विद्युत धारा को संचालित करता है और एल्यूमीनियम की सतह पर ऑक्साइड परत बनाने में सहायता करता है।
  • यह परत एल्यूमीनियम को संक्षारण (corrosion) से बचाती है और रंगों को अवशोषित कर सकती है (रंगाई के लिए)।

Quick Facts:

  • एनोडीकरण: Al को एनोड बनाकर, H₂SO₄ विलयन में विद्युत अपघटन किया जाता है।

विटामिन A किससे संबंधित है? A. कोबालामिन (Cobalamin) B. रेटिनॉल (Retinol) C. एस्कॉर्बिक एसिड (Ascorbic acid) D. एमिनो एसिड (Amino acid)

  • C
  • D
  • B
  • A

Explanation:

  • विटामिन A (Vitamin A) = रेटिनॉल (Retinol) – यह दृष्टि (vision), प्रतिरक्षा (immunity) और त्वचा के लिए आवश्यक है।
  • कोबालामिन = विटामिन B₁₂, एस्कॉर्बिक एसिड = विटामिन C, एमिनो एसिड – प्रोटीन के निर्माण खंड (विटामिन नहीं)।

Quick Facts:

  • विटामिन A के स्रोत: गाजर, शकरकंद, पालक, अंडे, दूध।
  • इसकी कमी से रतौंधी (night blindness) होती है।

इनमें से कौन विस्थापन प्रतिक्रिया का एक उदाहरण है?

  • Fe(s) + CuSO₄(aq) = FeSO₄(aq) + Cu(s)
  • 2FeSO₄(s) = Fe₂O₃(s) + SO₂(g) + SO₃(g)
  • CaO(s) + H₂O(l) = Ca(OH)₂(aq)
  • C(s) + O₂(g) = CO₂(g)

Explanation:

  • Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu – Fe (अधिक क्रियाशील) Cu को विस्थापित करता है – विस्थापन अभिक्रिया
  • 2FeSO₄ → अपघटन, CaO + H₂O → संयोजन, C + O₂ → संयोजन (दहन)।

Quick Facts:

  • विस्थापन अभिक्रिया: A + BC → AC + B

ब्लीचिंग पाउडर रासायनिक रूप से ……………….. द्वारा बनता है।

  • CaCl₂ की O₂ गैस के साथ अभिक्रिया
  • Ca(OH)₂ की Cl₂ गैस के साथ अभिक्रिया
  • NaOH की HCl अम्ल के साथ अभिक्रिया
  • CaCO₃ की CO₂ गैस के साथ अभिक्रिया

Explanation:

  • ब्लीचिंग पाउडर Ca(OH)₂ (बुझा चूना) और Cl₂ (क्लोरीन गैस) की अभिक्रिया से बनता है।
  • Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O

Quick Facts:

  • ब्लीचिंग पाउडर = CaOCl₂

निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया ऑक्सीकरण का उदाहरण नहीं है?

  • Mg + O₂ → 2MgO
  • 2Cu + O₂ → CuO
  • 2AgCl → 2Ag + Cl₂
  • C + O₂ → CO₂

Explanation:

  • ऑक्सीकरण (Oxidation) = ऑक्सीजन का मिलना या हाइड्रोजन का खोना (या इलेक्ट्रॉन खोना)।
  • Mg → MgO (O₂ मिला), Cu → CuO (O₂ मिला), C → CO₂ (O₂ मिला) – ये सभी ऑक्सीकरण हैं।
  • 2AgCl → 2Ag + Cl₂ – यह AgCl का अपघटन (decomposition) है (AgCl → Ag + Cl₂), और Cl⁻ (-1) → Cl₂ (0) ऑक्सीकरण है (Cl इलेक्ट्रॉन खो रहा है), पर Ag⁺ (+1) → Ag (0) अपचयन (reduction) है – यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया है, पर ‘ऑक्सीकरण का उदाहरण’ नहीं (यह अपघटन/रेडॉक्स है, और इसमें AgCl से Cl₂ बनता है – Cl⁻ ऑक्सीकृत होता है, लेकिन अभिक्रिया स्वयं ऑक्सीकरण नहीं है, यह एक विशेष मामला है)।

Quick Facts:

  • AgCl प्रकाश में अपघटित होता है (photolytic decomposition) – फोटोग्राफी में उपयोग।

जब फेरस सल्फेट को गर्म किया जाता है तो बनने वाला ठोस उत्पाद क्या होता है?

  • Fe₂O₃
  • FeO
  • Fe₃O₄
  • FeSO₄

Explanation:

  • फेरस सल्फेट (FeSO₄) के तापीय अपघटन से फेरिक ऑक्साइड (Fe₂O₃) ठोस उत्पाद के रूप में बनता है (लाल-भूरा रंग), और SO₂, SO₃ गैसें निकलती हैं।
  • 2FeSO₄ → Fe₂O₃ + SO₂ + SO₃

Quick Facts:

  • FeSO₄ हरा, Fe₂O₃ भूरा/लाल (जंग का रंग)।

Fe + H₂O → Fe₃O₄ + H₂ अभिक्रिया के लिए सही संतुलित समीकरण विकल्प चुनें।

  • 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 2H₂
  • 2Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂
  • 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂
  • 4Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂

Explanation:

  • संतुलन: LHS: Fe=3, H=8, O=4; RHS: Fe=3, H=8 (4H₂), O=4 – संतुलित है।
  • 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂

Quick Facts:

  • यह एक विस्थापन अभिक्रिया है (Fe, H₂O से H₂ विस्थापित करता है) – ‘लोहे पर जल की क्रिया’ (लाल तप्त लोहा + भाप → Fe₃O₄ + H₂)।

जब दो जलीय विलयन एक सीलबंद फ्लास्क के भीतर अभिक्रिया करते हैं और उत्पाद बनाते हैं, तो निकाय (system) के कुल द्रव्यमान पर क्या प्रभाव पड़ता है?

  • यह अभिक्रिया के दौरान घटता-बढ़ता रहता है।
  • गैस निर्माण के कारण इसमें वृद्धि होती है।
  • अवशेषण के कारण इसमें कमी आती है।
  • यह संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान अपरिवर्तित रहता है।

Explanation:

  • द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass) – रासायनिक अभिक्रिया में, बंद (सीलबंद) निकाय में कुल द्रव्यमान स्थिर (conserved) रहता है, भले ही गैस बने या अवक्षेप (precipitate)।
  • परमाणु पुनर्व्यवस्थित (rearranged) होते हैं, पर उनकी संख्या/द्रव्यमान नहीं बदलता।

Quick Facts:

  • यह नियम एंटोनी लवॉज़िए (Antoine Lavoisier) द्वारा प्रतिपादित किया गया था।

निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन अजैवनिम्नीकरणीय पदार्थों के बारे में सही है/हैं? A. ये पदार्थ जैविक प्रक्रियाओं द्वारा विघटित नहीं होते हैं। B. ये पदार्थ पर्यावरण में कम समय के लिए बने रहते हैं। C. ये पदार्थ पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न सदस्यों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

  • केवल B
  • B और C दोनों
  • A और C दोनों
  • A, B और C

Explanation:

  • A सत्य: अजैवनिम्नीकरणीय (non-biodegradable) पदार्थ सूक्ष्मजीवों (microbes) द्वारा विघटित (decompose) नहीं होते हैं (जैसे प्लास्टिक, DDT)।
  • B असत्य: ये लंबे समय (वर्षों/सदियों) तक पर्यावरण में बने रहते हैं, कम समय के लिए नहीं।
  • C सत्य: ये पर्यावरणीय क्षति (जैव आवर्धन, biomagnification) कर सकते हैं, पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुँचाते हैं।

Quick Facts:

  • जैवनिम्नीकरणीय (biodegradable): कागज, खाद्य अपशिष्ट, वनस्पति – सूक्ष्मजीवों द्वारा विघटित होते हैं।
  • अजैवनिम्नीकरणीय: प्लास्टिक, पॉलीथीन, DDT, धातुएँ।

वे अभिक्रियाएं जिनमें उत्पादों के साथ ऊष्मा उत्सर्जित होती है, उनको क्या कहा जाता है?

  • संयोजन अभिक्रियाएं
  • ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ
  • विस्थापन अभिक्रियाएं
  • ऊष्माशोषी अभिक्रियाएं

Explanation:

  • जिन अभिक्रियाओं में ऊष्मा उत्सर्जित (released) होती है, उन्हें उष्माक्षेपी (Exothermic) अभिक्रियाएँ कहते हैं (जैसे दहन, संयोजन अभिक्रियाएँ जैसे CaO + H₂O, तनु H₂SO₄ + Zn)।
  • उष्माशोषी (Endothermic) – ऊष्मा अवशोषित होती है (जैसे FeSO₄ का अपघटन, KNO₃ का विलयन)।

Quick Facts:

  • उष्माक्षेपी: ΔH (एन्थैल्पी परिवर्तन) ऋणात्मक होता है।
  • उष्माशोषी: ΔH धनात्मक होता है।

निम्नलिखित में से कौन सी अभिक्रिया तब होती है जब दो आयनों का आदान-प्रदान होता है?

  • विस्थापन अभिक्रिया
  • अपघटन अभिक्रिया
  • द्विविस्थापन अभिक्रिया
  • संयोजन अभिक्रिया

Explanation:

  • द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction) में दो यौगिक अपने आयनों (ions) का आदान-प्रदान (exchange) करते हैं, जिससे दो नए यौगिक बनते हैं।
  • सामान्य रूप: AB + CD → AD + CB (यहाँ A, B, C, D आयन हैं)।
  • उदाहरण: NaCl + AgNO₃ → NaNO₃ + AgCl↓

Quick Facts:

  • द्विविस्थापन अभिक्रिया में अक्सर अवक्षेप (precipitate) बनता है, या जल/गैस उत्पन्न होती है।
  • यह ‘मेटाथेसिस’ (metathesis) अभिक्रिया भी कहलाती है।

विरंजक चूर्ण सूखे चूने पर क्लोरीन की क्रिया द्वारा निर्मित होता है। निम्नलिखित में से कौन सा इसके लिए उपयुक्त समीकरण है?

  • Ca(OH)₂ + 2Cl = CaOCl₂ + H₂O
  • Ca(OH)₂ + Cl₂ = 2CaOCl₂ + H₂O
  • Ca(OH)₂ + Cl₂ = CaOCl₂ + H₂O
  • Ca(OH)₂ + Cl₂ = CaOCl₂ + 2H₂O

Explanation:

  • ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) शुष्क बुझे चूने (Ca(OH)₂) पर क्लोरीन (Cl₂) गैस की क्रिया से बनता है।
  • संतुलित समीकरण: Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
  • परमाणु संतुलन: बाएँ: Ca=1, O=2, H=2, Cl=2; दाएँ: Ca=1, O=2, H=2, Cl=2 – संतुलित है।

Quick Facts:

  • ब्लीचिंग पाउडर = कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड (CaOCl₂)
  • इसका उपयोग जल कीटाणुशोधन, विरंजन (bleaching) में होता है।

अवक्षेपण अभिक्रियाएँ ______ का एक विशिष्ट वर्ग है।

  • संयोजन अभिक्रियाओं
  • द्विविस्थापन अभिक्रियाओं
  • रेडॉक्स अभिक्रियाओं
  • अपघटन अभिक्रियाओं

Explanation:

  • अवक्षेपण (Precipitation) अभिक्रियाएँ आमतौर पर द्विविस्थापन (double displacement) अभिक्रियाओं का ही एक वर्ग हैं, जिनमें एक अविलेय (insoluble) लवण (अवक्षेप) बनता है।
  • उदाहरण: AgNO₃ + NaCl → AgCl↓ + NaNO₃ (AgCl अवक्षेप है)।
  • सभी द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ अवक्षेपण नहीं होतीं (जैसे उदासीनीकरण – लवण+जल, कोई अवक्षेप नहीं)।

Quick Facts:

  • अवक्षेप (Precipitate) = ठोस उत्पाद जो विलयन से अलग होकर नीचे बैठ जाता है।

बुझे चूने (slaked lime) के विलयन से दीवारों की पुताई/सफेदी करने के 2 से 3 दिन पश्चात, इनमें से कौन सा यौगिक निर्मित होता है, जो दीवारों को चमकदार परिष्करण प्रदान करता है?

  • कैल्शियम बाइकार्बोनेट
  • कैल्शियम कार्बोनेट
  • कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड
  • कैल्शियम डाइऑक्साइड

Explanation:

  • बुझा चूना (Ca(OH)₂) वायु के CO₂ के साथ अभिक्रिया करके कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO₃) बनाता है, जो एक कठोर, चमकदार परत (shine) प्रदान करता है।
  • अभिक्रिया: Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O
  • यही कारण है कि सफेदी करने के बाद दीवारें चमकदार हो जाती हैं (CaCO₃ का निर्माण)।

Quick Facts:

  • यह अभिक्रिया ‘कैल्शियम कार्बोनेट का निर्माण’ (सीमेंटीकरण) कहलाती है।
  • सफेदी (whitewashing) में Ca(OH)₂ का उपयोग होता है, जो CO₂ से CaCO₃ बनाता है।

इनमें से कौन सा सोडियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास है?

  • 2, 8
  • 2, 8, 1
  • 2, 7, 8
  • 2, 8, 7

Explanation:

  • सोडियम (Na) का परमाणु क्रमांक 11 है।
  • इलेक्ट्रॉन विन्यास: K=2, L=8, M=1 (2 + 8 + 1 = 11)
  • 2,7,8 (17 → Cl), 2,8,7 (17 → Cl), 2,8 (10 → Ne)

Quick Facts:

  • Na समूह 1 (क्षार धातु) का है, संयोजकता = 1
  • यह अत्यंत अभिक्रियाशील है, इलेक्ट्रॉन त्यागकर Na⁺ बनाता है।

एक कोश में मौजूद इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या किस सूत्र द्वारा ज्ञात की जाती है?

  • 2n
  • 2n²
  • 2n + 1
  • n

Explanation:

  • इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या (per shell) = 2n², जहाँ n = मुख्य क्वांटम संख्या (principal quantum number)।
  • K (n=1) → 2(1)² = 2, L (n=2) → 8, M (n=3) → 18, N (n=4) → 32
  • यह बोर-बरी नियम (Bohr-Bury rule) है।

Quick Facts:

  • बाहरी कोश में अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉन (अष्टक नियम) – पर यह सूत्र (2n²) किसी भी कोश के लिए है।

धृतिमान कार्बन का उपयोग करके मैग्नीशियम ऑक्साइड से मैग्नीशियम का निष्कर्षण करने का प्रयास करता है। यह प्रयास असफल रहता है। इसका कारण क्या है?

  • कार्बन, ऑक्सीजन के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करता है।
  • इस अभिक्रिया से केवल कार्बन मोनोऑक्साइड उत्पन्न होती है।
  • मैग्नीशियम कार्बन के साथ वाष्पशील यौगिक बनाता है।
  • कार्बन मैग्नीशियम से कम अभिक्रियाशील है।

Explanation:

  • MgO से Mg निकालने के लिए, कार्बन (C) को MgO का अपचयन (reduction) करना होगा, पर Mg, C की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील (reactive) है, इसलिए C MgO से ऑक्सीजन नहीं हटा पाता (C, Mg से कम अभिक्रियाशील है)।
  • Mg प्रबल अपचायक है, इसलिए इसके ऑक्साइड को C द्वारा अपचयित नहीं किया जा सकता (इसके लिए विद्युत अपघटन की आवश्यकता होती है)।

Quick Facts:

  • सक्रियता श्रेणी (Activity series): Mg > C (Mg अधिक अभिक्रियाशील)
  • धातु निष्कर्षण: Mg, Al, Na जैसी सक्रिय धातुओं के ऑक्साइड को कार्बन द्वारा अपचयित नहीं किया जा सकता, विद्युत अपघटन (electrolysis) आवश्यक है।

निम्नलिखित में से कौन-सा अपघटन अभिक्रिया का उदाहरण है?

  • H₂ + O₂ → H₂O
  • Mg + O₂ → MgO
  • CaCO₃ → CaO + CO₂
  • Na + Cl₂ → NaCl

Explanation:

  • अपघटन (Decomposition) अभिक्रिया: एक यौगिक टूटकर दो या अधिक सरल उत्पाद बनाता है।
  • CaCO₃ → CaO + CO₂ (कैल्शियम कार्बोनेट का ऊष्मीय अपघटन)
  • अन्य: संयोजन अभिक्रियाएँ हैं (H₂+O₂, Mg+O₂, Na+Cl₂)

Quick Facts:

  • अपघटन अभिक्रिया के प्रकार: ऊष्मीय (thermal), प्रकाशीय (photochemical), विद्युत (electrolytic)

निम्नलिखित में से कौन सी रासायनिक अभिक्रिया विस्थापन अभिक्रिया को दर्शाती है?

  • C(s) + O₂(g) → CO₂(g)
  • CaO(s) + H₂O(l) → Ca(OH)₂(aq)
  • 2AgCl(s) → 2Ag(s) + Cl₂(g)
  • Zn(s) + CuSO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + Cu(s)

Explanation:

  • विस्थापन (Displacement) अभिक्रिया: एक तत्व दूसरे तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित (displace) करता है।
  • Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu (Zn, Cu को विस्थापित करता है, क्योंकि Zn अधिक अभिक्रियाशील है)।
  • अन्य: संयोजन (C+O₂, CaO+H₂O), अपघटन (AgCl)

Quick Facts:

  • यह अभिक्रिया रेडॉक्स (redox) भी है (Zn ऑक्सीकृत, Cu²⁺ अपचयित)।

Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu दी गई अभिक्रिया, ______ का एक उदाहरण है।

  • विस्थापन अभिक्रिया
  • दहन अभिक्रिया
  • विघटन अभिक्रिया
  • संयोजन अभिक्रिया

Explanation:

  • Fe (आयरन) CuSO₄ (कॉपर सल्फेट) से Cu (कॉपर) को विस्थापित करता है, क्योंकि Fe, Cu से अधिक अभिक्रियाशील है (सक्रियता श्रेणी में Fe > Cu)।
  • यह एक विस्थापन अभिक्रिया है (और रेडॉक्स भी)।

Quick Facts:

  • इस अभिक्रिया में, Fe की कील पर Cu की भूरी (brown) परत जम जाती है, और CuSO₄ का नीला रंग फीका पड़ जाता है।

निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया एथेनोइक अम्ल की अम्लीय प्रकृति को प्रदर्शित करती है?

  • एथेनोइक अम्ल + एथेनॉल → एस्टर + जल
  • एथेनोइक अम्ल + सोडियम → सोडियम एथेनोएट + हाइड्रोजन गैस
  • एथेनोइक अम्ल + मेथेनॉल → मेथेनोइक अम्ल + एथेन
  • एथेनोइक अम्ल + सोडियम हाइड्रॉक्साइड → सोडियम एथेनोएट + जल

Explanation:

  • एथेनोइक अम्ल (CH₃COOH) एक कार्बोक्सिलिक अम्ल है, जो उदासीनीकरण (neutralization) अभिक्रिया में क्षार (NaOH) के साथ अभिक्रिया करके लवण (सोडियम एथेनोएट) और जल बनाता है – यह इसकी अम्लीय प्रकृति को दर्शाता है।
  • अम्ल + क्षार → लवण + जल (यह सामान्य अम्लीय गुण है)।
  • एस्टरीफिकेशन (अल्कोहॉल के साथ) अम्लीय गुण नहीं दिखाता, सोडियम के साथ H₂ निकलना भी अम्लीय गुण है, पर NaOH के साथ अभिक्रिया सबसे स्पष्ट अम्लीय गुण (उदासीनीकरण) है।

Quick Facts:

  • एथेनोइक अम्ल + NaOH → CH₃COONa + H₂O (सोडियम एथेनोएट)

2AgCl → 2Ag(s) + Cl₂(g) उपरोक्त अभिक्रिया घटित होने के लिए उपयुक्त स्थिति क्या है?

  • सूर्य का प्रकाश
  • सूर्य का प्रकाश + दाब
  • ऊष्मा + दाब
  • ऊष्मा

Explanation:

  • सिल्वर क्लोराइड (AgCl) सूर्य के प्रकाश (sunlight) में अपघटित (decompose) होकर चांदी (Ag) और क्लोरीन (Cl₂) गैस बनाता है – यह प्रकाशीय अपघटन (photochemical decomposition) का उदाहरण है।
  • अभिक्रिया: 2AgCl → (सूर्य प्रकाश) 2Ag + Cl₂
  • यही कारण है कि सिल्वर क्लोराइड/ब्रोमाइड का उपयोग फोटोग्राफी (photography) में होता है।

Quick Facts:

  • AgBr (सिल्वर ब्रोमाइड) भी प्रकाश में अपघटित होता है – फोटोग्राफिक फिल्मों में उपयोग।

निम्नलिखित में से कौन से उत्पाद बनते हैं जब सोडियम सल्फेट बेरियम क्लोराइड के साथ अभिक्रिया करता है?

  • BaSO₄ का सफेद अवशेष और 2NaCl(aq)
  • BaSO₄ का पीला अवशेष और 2NaCl(aq)
  • BaSO₄ का भूरा अवशेष और 2NaCl(aq)
  • BaSO₄ का काला अवशेष और 2NaCl(aq)

Explanation:

  • Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl
  • BaSO₄ (बेरियम सल्फेट) एक सफेद (white) अवक्षेप है, जो जल में अविलेय है।
  • NaCl विलयन में रहता है (aq)।
  • यह एक द्विविस्थापन अवक्षेपण अभिक्रिया है।

Quick Facts:

  • BaSO₄ अवक्षेप का उपयोग सल्फेट आयन (SO₄²⁻) के परीक्षण में होता है।

CuO + NH₃ → Cu + N₂ + H₂O के लिए सही संतुलित अभिक्रिया का चयन करें।

  • 2CuO + 3NH₃ → 3Cu + N₂ + 3H₂O
  • 3CuO + 2NH₃ → 3Cu + 2N₂ + 3H₂O
  • 3CuO + 2NH₃ → 3Cu + N₂ + 3H₂O
  • 3CuO + 2NH₃ → 3Cu + N₂ + 4H₂O

Explanation:

  • संतुलन जाँच: बाएँ: Cu=3, O=3, N=2, H=6; दाएँ: Cu=3, O=3, N=2, H=6 → संतुलित।
  • 3CuO + 2NH₃ → 3Cu + N₂ + 3H₂O
  • यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया है: CuO अपचयित (Cu), NH₃ ऑक्सीकृत (N₂)।

Quick Facts:

  • CuO + NH₃ → Cu + N₂ + H₂O – यह अमोनिया की अपचायक प्रकृति को दर्शाता है।

निम्नलिखित द्विविस्थापन अभिक्रिया को पूर्ण कीजिए। 2NaOH + CuSO₄ → X + Na₂SO₄, यहाँ X होगा।

  • CuCl₂
  • Ca(OH)₂
  • CaCl₂
  • Cu(OH)₂

Explanation:

  • 2NaOH + CuSO₄ → Cu(OH)₂ + Na₂SO₄
  • Cu(OH)₂ (कॉपर हाइड्रॉक्साइड) एक नीला (blue) अवक्षेप है (या हल्का नीला)।
  • यह एक द्विविस्थापन अवक्षेपण अभिक्रिया है।

Quick Facts:

  • Cu(OH)₂ → गर्म करने पर CuO + H₂O (काला अवक्षेप)

बर्फ को पिघलाने के लिए निम्नलिखित में से किस का प्रयोग किया जाता है? A. नमक B. हाइड्रोजन C. कॉस्टिक सोडा D. साइट्रिक एसिड

  • C
  • A
  • D
  • B

Explanation:

  • सड़कों पर बर्फ (ice) पिघलाने के लिए नमक (सोडियम क्लोराइड, NaCl) का उपयोग किया जाता है, क्योंकि यह बर्फ का गलनांक (freezing point) कम कर देता है (हिमांक अवनमन, freezing point depression)।
  • यह संपार्श्विक गुण (colligative property) है।

Quick Facts:

  • NaCl बर्फ के साथ मिलकर ‘नमक-बर्फ मिश्रण’ (salt-ice mixture) बनाता है, जिसका तापमान 0°C से कम होता है (≈ -21°C)।

द्विविस्थापन अभिक्रिया किसके बीच होती है?

  • न तो आयनिक और न ही सहसंयोजक यौगिक
  • आयनिक यौगिक
  • सहसंयोजक यौगिक
  • आयनिक और सहसंयोजक दोनों प्रकार के यौगिक

Explanation:

  • द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ मुख्यतः आयनिक यौगिकों (ionic compounds) के बीच होती हैं, जहाँ आयनों (ions) का आदान-प्रदान (exchange) होता है।
  • सहसंयोजक (covalent) यौगिकों में आयन नहीं होते, इसलिए वे इस प्रकार की अभिक्रिया नहीं दिखाते (जब तक कि ध्रुवीय न हों)।

Quick Facts:

  • आयनिक यौगिक → जल में विलेय होकर आयनों में विघटित (dissociate) होते हैं, जो द्विविस्थापन को संभव बनाता है।

सोडियम और ऐलुमिनियम जैसी धातुओं, जो कि सक्रियता श्रेणी में सबसे ऊपर हैं, के निष्कर्षण के लिए किस विधि का उपयोग किया जाता है?

  • उनके गलित क्लोराइड या ऑक्साइड का विद्युत अपघटनी अपचयन
  • कार्बन के साथ अपचयन
  • उनके कार्बोनेट अयस्कों का निस्तापन
  • उनके सल्फाइड अयस्कों का भर्जन

Explanation:

  • Na, Al, Mg जैसी अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुओं (सक्रियता श्रेणी के शीर्ष पर) को विद्युत अपघटनी (electrolytic reduction) विधि द्वारा निकाला जाता है, क्योंकि कार्बन (C) उनके ऑक्साइड को अपचयित नहीं कर सकता (वे C से अधिक अभिक्रियाशील हैं)।
  • उदाहरण: Al₂O₃ का विद्युत अपघटन (हॉल-हिरौल्ट प्रक्रिया)।
  • कार्बन अपचयन – Fe, Zn जैसी मध्यम सक्रिय धातुओं के लिए; भर्जन/निस्तापन – अयस्कों के पूर्व-उपचार के लिए।

Quick Facts:

  • सक्रियता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu > Ag > Au
  • शीर्ष की धातुएँ → विद्युत अपघटन; मध्य → कार्बन अपचयन; नीचे → प्राकृतिक अवस्था में।

एक फुटबॉल खिलाड़ी फुटबॉल खेलते समय फ्रैक्चर हो गया। वह अस्पताल गया। डॉक्टर ने टूटी हुई हड्डियों को सही स्थिति में सहारा देने के लिए ‘X’ पदार्थ लिया और उसे पानी में मिलाया। पदार्थ ‘X’ का नाम क्या है?

  • जिप्सम
  • सोडियम हाइड्रॉक्साइड
  • प्लास्टर ऑफ़ पेरिस
  • कैल्शियम सल्फेट

Explanation:

  • फ्रैक्चर (हड्डी टूटने) में टूटी हुई हड्डियों को सहारा देने के लिए प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP, CaSO₄·½H₂O) का उपयोग किया जाता है, जिसे पानी में मिलाने पर यह सेट (जम) कर कठोर हो जाता है (जिप्सम, CaSO₄·2H₂O में बदल जाता है)।
  • यह ‘कास्ट’ (cast) के रूप में हड्डी को स्थिर (immobilize) करता है।

Quick Facts:

  • POP + H₂O → CaSO₄·2H₂O (जिप्सम, सेट होने पर)

220 ग्राम कार्बन डाइऑक्साइड में ________ मोल होते हैं।

  • 5
  • 6
  • 3
  • 4

Explanation:

  • CO₂ का आण्विक द्रव्यमान = 12 + 2×16 = 44 g/mol
  • मोल्स (n) = दिया गया द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान = 220 g / 44 g/mol = 5 mol
  • सही उत्तर 5 mol है (विकल्पों में 5 नहीं, 4 है?) – वास्तव में 220/44 = 5, अतः 5 mol सही है, पर विकल्पों में 4 गलत है। (प्रश्न में त्रुटि हो सकती है, सही गणना 5 मोल है।)

Quick Facts:

  • 1 मोल CO₂ = 44 ग्राम (STP पर 22.4 L)

दिए गए रासायनिक समीकरण को संतुलित करने के लिए हाइड्रोजन सल्फाइड के कितने अणुओं की आवश्यकता है? SO₂ + H₂S → 3S + 2H₂O

  • चार
  • तीन
  • दो
  • एक

Explanation:

  • असंतुलित: SO₂ + H₂S → S + H₂O
  • संतुलन: SO₂ + 2H₂S → 3S + 2H₂O
  • H₂S के 2 अणु आवश्यक हैं (बाएँ: H=4, S=1+2=3; दाएँ: H=4, S=3) – संतुलित।

Quick Facts:

  • यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया है (SO₂ का S में अपचयन, H₂S का S में ऑक्सीकरण – दोनों S बनाते हैं)।

अपचयन से पहले जिंक कार्बोनेट अयस्क को जिंक ऑक्साइड में बदलने के लिए किस प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है?

  • वायु की सीमित मात्रा में अत्यधिक गर्म करना
  • एल्यूमीनियम चूर्ण के साथ गर्म करना
  • कार्बन चूर्ण के साथ गर्म करना
  • वायु की अतिरिक्त मात्रा में अत्यधिक गर्म करना

Explanation:

  • ZnCO₃ (जिंक कार्बोनेट) को भर्जन (roasting) या निस्तापन (calcination) द्वारा ZnO में बदला जाता है।
  • निस्तापन: वायु की अनुपस्थिति/सीमित मात्रा में गर्म करना (ZnCO₃ → ZnO + CO₂) – पर यहाँ विकल्प “वायु की अतिरिक्त मात्रा” दिया है, जो भर्जन (roasting) के लिए है (सल्फाइड अयस्कों के लिए)।
  • कार्बोनेट अयस्क (ZnCO₃) को निस्तापन (calcination) द्वारा ZnO में बदला जाता है (वायु की अनुपस्थिति में गर्म करना)।
  • दिए गए विकल्पों में “वायु की अतिरिक्त मात्रा” भर्जन है, पर ZnCO₃ के लिए निस्तापन उपयुक्त है।

Quick Facts:

  • ZnCO₃ → ZnO + CO₂ (निस्तापन, calcination)
  • फिर ZnO + C → Zn + CO (अपचयन)

लेड नाइट्रेट और पोटेशियम आयोडाइड के बीच की अभिक्रिया किसका उदाहरण है?

  • विस्थापन अभिक्रिया
  • द्वि-विस्थापन अभिक्रिया
  • अपघटन अभिक्रिया
  • संयोजन अभिक्रिया

Explanation:

  • Pb(NO₃)₂ + 2KI → PbI₂↓ + 2KNO₃
  • यहाँ आयनों (Pb²⁺, NO₃⁻, K⁺, I⁻) का आदान-प्रदान होता है, इसलिए यह द्वि-विस्थापन अभिक्रिया है।
  • PbI₂ एक पीला (yellow) अवक्षेप है, इसलिए यह अवक्षेपण अभिक्रिया भी है।

Quick Facts:

  • PbI₂ का रंग: पीला/सुनहरा-पीला
  • यह अभिक्रिया ‘पीला अवक्षेप’ (yellow precipitate) परीक्षण के रूप में जानी जाती है।

Al₂(SO₄)₃ में ऑक्सीजन का प्रतिशत कितना है?

  • 57.7%
  • 56.1%
  • 53.1%
  • 52.6%

Explanation:

  • Al₂(SO₄)₃ का आण्विक द्रव्यमान: Al=27, S=32, O=16
  • 2×27 + 3×(32 + 4×16) = 54 + 3×(32+64) = 54 + 3×96 = 54 + 288 = 342 g/mol
  • O का कुल द्रव्यमान = 3×4×16 = 192 g
  • %O = (192/342) × 100 = 56.14% ≈ 56.1%

Quick Facts:

  • Al₂(SO₄)₃ का उपयोग जल शोधन (फिटकरी, alum) में होता है।

जब लेड नाइट्रेट का एक अणु गरम किया जाता है, तब:

  • O₂ गैस के 2 मोल उत्पन्न होते हैं
  • NO₂ गैस के 1 मोल उत्पन्न होते हैं
  • NO₂ गैस के 2 मोल उत्पन्न होते हैं
  • NO₂ गैस के 3 मोल उत्पन्न होते हैं

Explanation:

  • लेड नाइट्रेट (Pb(NO₃)₂) का ऊष्मीय अपघटन:
  • 2Pb(NO₃)₂ → 2PbO + 4NO₂ + O₂
  • 1 अणु Pb(NO₃)₂ → 1 PbO + 2 NO₂ + ½ O₂
  • अतः NO₂ के 2 मोल उत्पन्न होते हैं (प्रति मोल Pb(NO₃)₂)।

Quick Facts:

  • Pb(NO₃)₂ गर्म करने पर भूरा (brown) धुआँ (NO₂) देता है – गुणात्मक परीक्षण में उपयोग।

पानी जैसे यौगिक में हाइड्रोजन के द्रव्यमान और ऑक्सीजन के द्रव्यमान का अनुपात हमेशा होता है –

  • 1 : 8
  • 1 : 16
  • 3 : 16
  • 2 : 8

Explanation:

  • स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions): H₂O में, H और O का द्रव्यमान अनुपात सदैव 1:8 होता है (2 g H : 16 g O = 1:8)।
  • H का परमाणु द्रव्यमान = 1, O = 16, H₂O में 2 H (2×1) और 1 O (16) → 2:16 = 1:8

Quick Facts:

  • यही नियम ‘प्राउस्ट का नियम’ (Proust’s law) कहलाता है।

कैल्शियम ऑक्साइड और पानी मिलकर कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड बनाते हैं। यह अभिक्रिया का एक उदाहरण है।

  • दोनों संयोजन अभिक्रिया और ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया
  • संयोजन अभिक्रिया
  • ऊष्माशोषी अभिक्रिया
  • ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया

Explanation:

  • CaO + H₂O → Ca(OH)₂ + ऊष्मा (बहुत अधिक ऊष्मा उत्सर्जित होती है)।
  • यह संयोजन (combination) अभिक्रिया है (दो अभिकारक → एक उत्पाद) और ऊष्माक्षेपी (exothermic) है (ऊष्मा मुक्त होती है)।
  • इसलिए ‘दोनों संयोजन और ऊष्माक्षेपी’ सही है।

Quick Facts:

  • यह अभिक्रिया ‘बुझे चूने’ (slaked lime) बनाने की है, जिसमें बहुत अधिक ऊष्मा निकलती है, इसलिए इसे ‘क्विक लाइम’ (CaO) ‘स्लेकिंग’ (slaking) कहते हैं।

______ पदार्थ की उन अवस्थाओं में से एक है जो बहुत कम घनत्व वाली गैस को अत्यंत निम्न तापमान पर ठंडा करके प्राप्त की जाती है। A. गैस B. प्लाज्मा C. बोस-आइंस्टीन कंडेनसेट (BEC) D. प्लाज्मा कंडेनसेट

  • A
  • B
  • C
  • D

Explanation:

  • प्रश्न में “बहुत कम घनत्व वाली गैस को अत्यंत निम्न तापमान पर ठंडा करके” – यह पदार्थ की बोस-आइंस्टीन कंडेनसेट (BEC) अवस्था की परिभाषा है, जो अत्यंत निम्न ताप (लगभग परम शून्य, 0 K) पर बनती है।
  • लेकिन विकल्प A (गैस) दिया है, जो गलत है। सही उत्तर C (BEC) होना चाहिए, पर यहाँ A दिया गया है, जो प्रश्न के अनुसार गलत है। (प्रश्न में त्रुटि हो सकती है)।

Quick Facts:

  • BEC – पदार्थ की पाँचवीं अवस्था (ठोस, द्रव, गैस, प्लाज्मा, BEC)

अपघटन अभिक्रिया तब होती है जब:

  • एक अभिकारक टूटकर सरल उत्पाद देता है।
  • एक तत्व दूसरे तत्व को विस्थापित कर उत्पाद देता है।
  • एक अभिकारक सरल उत्पादों और मुक्त ऊर्जा में टूट जाता है।
  • दो या दो से अधिक अभिकारक एक उत्पाद देते हैं।

Explanation:

  • अपघटन (Decomposition) अभिक्रिया: एक यौगिक (अभिकारक) टूटकर दो या अधिक सरल पदार्थ (उत्पाद) बनाता है।
  • सामान्य रूप: AB → A + B
  • विकल्प A सही है (एक अभिकारक → सरल उत्पाद)।

Quick Facts:

  • अपघटन अभिक्रिया को ऊष्मा (thermal), प्रकाश (photochemical), या विद्युत (electrolytic) द्वारा प्रेरित किया जा सकता है।

मीठा शीतल पेय का प्रमुख घटक है A. कार्बोनेटेड पानी B. हाइड्रोक्लोरिक एसिड C. फॉस्फोरिक एसिड D. कैफीन

  • C
  • B
  • D
  • A

Explanation:

  • मीठे शीतल पेय (soft drinks) का प्रमुख घटक कार्बोनेटेड पानी (carbonated water) है, जो CO₂ गैस से संतृप्त जल होता है, जिसमें चीनी, फ्लेवर आदि मिलाए जाते हैं।
  • फॉस्फोरिक अम्ल (H₃PO₄) भी मिलाया जाता है (खट्टापन/परिरक्षक), पर मुख्य घटक पानी है।

Quick Facts:

  • कार्बोनेटेड पानी में CO₂ दबाव में घुली होती है (H₂CO₃ बनती है)।

द्रव्यमान संरक्षण का नियम क्या बताता है?

  • अभिकारकों का द्रव्यमान हमेशा नष्ट हो जाता है
  • अभिक्रियाओं में द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है
  • ऊर्जा को द्रव्यमान में रूपांतरित किया जा सकता है
  • उत्पादों का द्रव्यमान हमेशा अधिक होता है

Explanation:

  • द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass): किसी रासायनिक अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान (अभिकारकों का = उत्पादों का) स्थिर (संरक्षित) रहता है – न तो उत्पन्न होता है, न नष्ट होता है।
  • इसे लैवोज़ियर (Lavoisier) ने प्रतिपादित किया था।

Quick Facts:

  • यह नियम रासायनिक अभिक्रियाओं को संतुलित (balanced) करने का आधार है।

संयोजन अभिक्रिया को किस प्रकार दर्शाया जा सकता है?

  • AB + C → ABC
  • ABC → AB + C
  • AB + CD → AD + CD
  • AB + C → CB + A

Explanation:

  • संयोजन (Combination) अभिक्रिया: दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं।
  • सामान्य रूप: A + B → AB
  • विकल्प AB + C → ABC (यह संयोजन है, पर ABC → AB + C अपघटन है, AB+CD → AD+CD द्विविस्थापन है, AB+C → CB+A विस्थापन है)।
  • दिए गए विकल्पों में AB + C → ABC सही संयोजन होता, पर वह नहीं दिया है, AB + C → CB + A विस्थापन है, इसलिए प्रश्न में त्रुटि है।

Quick Facts:

  • संयोजन अभिक्रिया: 2Mg + O₂ → 2MgO, CaO + H₂O → Ca(OH)₂

प्लास्टर ऑफ पेरिस का सूत्र क्या है?

  • CaSO₄·2H₂O
  • CaSO₄·1/2H₂O
  • CaSO₄
  • CaO

Explanation:

  • प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) का सूत्र CaSO₄·½H₂O (कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट) है।
  • CaSO₄·2H₂O = जिप्सम (gypsum)

Quick Facts:

  • POP पानी में मिलाने पर जिप्सम में बदल जाता है: CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O → CaSO₄·2H₂O

पोटेशियम की परमाणु त्रिज्या सोडियम ____ है।

  • से आधी
  • के बराबर
  • से कम
  • से अधिक

Explanation:

  • आवर्त सारणी में, समूह (group) में नीचे जाने पर परमाणु त्रिज्या (atomic radius) बढ़ती है, क्योंकि नए कोश (shell) जुड़ते हैं।
  • K (पोटेशियम) Na (सोडियम) के नीचे है (दोनों समूह 1 में, K तीसरा आवर्त, Na दूसरा आवर्त) – इसलिए K की त्रिज्या Na से अधिक है।

Quick Facts:

  • आवर्त में बाएँ से दाएँ त्रिज्या घटती है, समूह में नीचे बढ़ती है।

डोबेराइनर ने _____ पर एक उत्प्रेरक के रूप में पहला अवलोकन किया।

  • Au
  • Ni
  • Ag
  • Pt

Explanation:

  • जोहान वोल्फगैंग डोबेराइनर (Johann Wolfgang Döbereiner) ने 1823 में पाया कि प्लैटिनम (Pt) हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के संयोजन (पानी बनने) के लिए उत्प्रेरक (catalyst) के रूप में कार्य करता है।
  • इसे ‘डोबेराइनर का उत्प्रेरक’ (Döbereiner’s catalyst) भी कहा जाता है।

Quick Facts:

  • डोबेराइनर ने त्रिक (triads) का नियम (Law of Triads) भी प्रतिपादित किया (1829)।

जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के घोल में रखा जाता है तो क्या परिवर्तन दिखाई देते हैं?

  • लोहे की कील का रंग वैसा ही रहता है तथा कॉपर सल्फेट का नीला रंग फीका पड़ जाता है
  • लोहे की कील का रंग भूरा हो जाता है और कॉपर सल्फेट के घोल का नीला रंग फीका पड़ जाता है।
  • लोहे की कील का रंग भूरा हो जाता है तथा कॉपर सल्फेट के घोल का रंग नीला ही रहता है।
  • लोहे की कील का रंग भूरा हो जाता है और कॉपर सल्फेट के घोल का नीला रंग बदलकर पीला हो जाता है।

Explanation:

  • Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu
  • लोहे की कील पर Cu (कॉपर) की भूरी (brown) परत जम जाती है, जिससे कील का रंग भूरा हो जाता है।
  • CuSO₄ का रंग नीला (blue) होता है, और Cu²⁺ Fe द्वारा विस्थापित हो जाता है (Cu अवक्षेपित), इसलिए विलयन का नीला रंग फीका (fades) पड़ जाता है (हल्का हरा/हल्का नीला FeSO₄ बनता है)।

Quick Facts:

  • FeSO₄ (फेरस सल्फेट) का रंग हल्का हरा (light green) होता है।

इनमें से कौन सा एंटीबायोटिक नहीं है?

  • एरिथ्रोमाइसिन
  • पेनिसिलिन
  • स्ट्रेप्टोमाइसिन
  • टेट्रासाइक्लिन

Explanation:

  • पेनिसिलिन (Penicillin) – यह एंटीबायोटिक (antibiotic) है, पर प्रश्न ‘कौन सा एंटीबायोटिक नहीं है’ – वास्तव में पेनिसिलिन, एरिथ्रोमाइसिन, स्ट्रेप्टोमाइसिन, टेट्रासाइक्लिन – सभी एंटीबायोटिक हैं।
  • यदि कोई एक एंटीबायोटिक नहीं है, तो संभवतः ‘पेनिसिलिन’ प्रश्न में ‘नहीं’ पूछा है, पर सभी एंटीबायोटिक हैं।
  • शायद ‘पेनिसिलिन’ की खोज अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने की, पर यह एंटीबायोटिक है ही।

Quick Facts:

  • एंटीबायोटिक: बैक्टीरिया को मारने/रोकने वाली दवाएँ (जैसे पेनिसिलिन, स्ट्रेप्टोमाइसिन)

निम्नलिखित संयोजन अभिक्रिया का उत्पाद क्या है? SO₃ + H₂O → ?

  • H₂SO₄
  • H₂SO₃
  • H₂S
  • SO₂

Explanation:

  • SO₃ (सल्फर ट्राइऑक्साइड) + H₂O → H₂SO₄ (सल्फ्यूरिक अम्ल)
  • यह एक संयोजन अभिक्रिया है।
  • H₂SO₃ (सल्फरस अम्ल) SO₂ + H₂O से बनता है।

Quick Facts:

  • सल्फ्यूरिक अम्ल का औद्योगिक निर्माण: SO₃ + H₂O → H₂SO₄ (संपर्क प्रक्रिया, contact process)

जब एथेनॉल वायु में पूर्ण रूप से जलता है तो उससे बनने वाले मुख्य उत्पाद क्या हैं?

  • कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन (Carbon monoxide and hydrogen)
  • ऑक्सीजन और मेथेन (Oxygen and methane)
  • कार्बन डाइऑक्साइड और जल (Carbon dioxide and water)
  • एथेन और जल (Ethane and water)

Explanation:

  • एथेनॉल (C₂H₅OH) का पूर्ण दहन: C₂H₅OH + 3O₂ → 2CO₂ + 3H₂O + ऊष्मा
  • उत्पाद: CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) और H₂O (जल)
  • अपूर्ण दहन में CO (कार्बन मोनोऑक्साइड) बनता है।

Quick Facts:

  • एथेनॉल एक अच्छा ईंधन है, इसका दहन ऊष्माक्षेपी (exothermic) है।

निम्नलिखित में से कौन-सा रासायनिक समीकरण सही रूप से संतुलित है?

  • 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 2H₂
  • 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂
  • Fe + H₂O → Fe₃O₄ + H₂
  • 2Fe + 3H₂O → 2Fe₃O₄ + 3H₂

Explanation:

  • संतुलन: 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂
  • बाएँ: Fe=3, H=8, O=4; दाएँ: Fe=3, H=8, O=4 → संतुलित
  • अन्य विकल्प असंतुलित हैं।

Quick Facts:

  • यह अभिक्रिया लोहे पर जंग लगने (rusting) की अभिक्रिया है (Fe + H₂O) या स्टीम पर प्रतिक्रिया।

निम्नलिखित में से कौन सा संयोजन अभिक्रिया का उदाहरण नहीं है?

  • हाइड्रोजन गैस तथा ऑक्सीजन गैस से जल का निर्माण
  • कोयले का जलना
  • कैल्शियम कार्बोनेट को गर्म करना
  • बुझे हुए चूने का निर्माण

Explanation:

  • कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO₃) को गर्म करना – यह अपघटन (decomposition) अभिक्रिया है (CaCO₃ → CaO + CO₂), संयोजन नहीं।
  • अन्य: H₂+O₂ → H₂O (संयोजन), कोयला + O₂ → CO₂ (दहन/संयोजन), CaO+H₂O → Ca(OH)₂ (संयोजन)।

Quick Facts:

  • संयोजन अभिक्रिया: A + B → AB

निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन अपचयन के बारे में सही है/हैं? a) ऑक्सीजन का क्षय b) हाइड्रोजन का लाभ c) ऑक्सीजन का लाभ d) हाइड्रोजन का क्षय

  • केवल a और d
  • केवल d
  • केवल b और c
  • केवल a और b

Explanation:

  • अपचयन (Reduction) की पारंपरिक परिभाषा: ऑक्सीजन का क्षय (loss of oxygen) या हाइड्रोजन का लाभ (gain of hydrogen)
  • ऑक्सीजन का लाभ → ऑक्सीकरण (oxidation), हाइड्रोजन का क्षय → ऑक्सीकरण।
  • अतः a और b सही हैं।

Quick Facts:

  • आधुनिक परिभाषा: अपचयन = इलेक्ट्रॉनों का ग्रहण (gain of electrons)।

निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया, द्वि-विस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण है?

  • CaCO₃ → CaO + CO₂
  • AgNO₃ + NaCl → AgCl + NaNO₃
  • Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂
  • 2Mg + O₂ → 2MgO

Explanation:

  • AgNO₃ + NaCl → AgCl↓ + NaNO₃ – आयनों का आदान-प्रदान (Ag⁺, NO₃⁻, Na⁺, Cl⁻) – यह द्वि-विस्थापन है (और अवक्षेपण भी)।
  • CaCO₃ → अपघटन, Zn + H₂SO₄ → विस्थापन, 2Mg + O₂ → संयोजन

Quick Facts:

  • द्वि-विस्थापन अभिक्रिया में दो यौगिक अपने आयनों का आदान-प्रदान करते हैं।

प्रतिस्थापन अभिक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

  • वह अभिक्रिया जिसमें हाइड्रोजन किसी यौगिक से जुड़़ जाता है।
  • वह अभिक्रिया जिसमें कोई यौगिक सरल पदार्थों में टूट जाता है
  • वह अभिक्रिया जिसमें एक अणु के परमाणुओं या समूहों को किसी अन्य परमाणु या समूह द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है।
  • वह अभिक्रिया जिसमें दो यौगिक संयुक्त होकर एक यौगिक बनाते हैं।

Explanation:

  • प्रतिस्थापन (Substitution) अभिक्रिया: एक परमाणु/समूह को दूसरे परमाणु/समूह द्वारा प्रतिस्थापित (replace) किया जाता है।
  • उदाहरण: CH₄ + Cl₂ → CH₃Cl + HCl (प्रकाश में) – यहाँ Cl, H को प्रतिस्थापित करता है।
  • यह विस्थापन (displacement) से भिन्न है (जहाँ एक तत्व दूसरे तत्व को विस्थापित करता है, जैसे Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu)।

Quick Facts:

  • प्रतिस्थापन अभिक्रिया मुख्यतः कार्बनिक रसायन (organic chemistry) में होती है।

नाइट्रोजन से हाइड्रोजन में अभिक्रिया करके अमोनिया प्राप्त करने की विधि क्या है?

  • हैबर विधि
  • कैलगॉन की विधि
  • भस्मीकरण विधि
  • गर्मी-शावर विधि

Explanation:

  • अमोनिया (NH₃) का निर्माण हैबर विधि (Haber process) द्वारा किया जाता है: N₂ + 3H₂ ⇌ 2NH₃ (उच्च दाब, 400-500°C, Fe उत्प्रेरक)
  • यह विधि फ्रिट्ज हैबर (Fritz Haber) द्वारा विकसित की गई थी।

Quick Facts:

  • हैबर विधि में N₂ हवा से, H₂ प्राकृतिक गैस/जल से प्राप्त किया जाता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन स्थिर अनुपात के नियम का सर्वोत्तम रूप से वर्णन करता है?

  • किसी रासायनिक यौगिक में समान तत्व सदैव द्रव्यमान के समान अनुपात में होते हैं।
  • किसी अभिक्रिया के दौरान परमाणुओं को लघु कणों में विभाजित किया जा सकता है।
  • किसी यौगिक में तत्व सदैव यादृच्छिक अनुपात में पाए जाते हैं।
  • रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो निर्माण हो सकता है और न ही विनाश।

Explanation:

  • स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions / Proust’s Law): किसी रासायनिक यौगिक में तत्व हमेशा एक निश्चित (स्थिर) द्रव्यमान अनुपात में पाए जाते हैं, चाहे उसे किसी भी स्रोत से प्राप्त किया गया हो।
  • उदाहरण: H₂O में H:O = 1:8 (हमेशा)

Quick Facts:

  • यह नियम 1799 में जोसेफ प्राउस्ट (Joseph Proust) द्वारा दिया गया था।

मेयोनेज़ (Mayonnaise) को निम्नलिखित में से किस प्रक्रिया द्वारा तैयार किया जाता है?

  • ऑक्सीकरण (Oxidation)
  • पायसीकरण (Emulsification)
  • मैलाडे अभिक्रिया (Maillard reaction)
  • कैरामेलीकरण (Caramelisation)

Explanation:

  • मेयोनेज़ (Mayonnaise) तेल, अंडे की जर्दी और सिरका/नींबू के रस का पायस (emulsion) है। इसे बनाने की प्रक्रिया पायसीकरण (emulsification) कहलाती है, जिसमें दो अमिश्रणीय (immiscible) द्रव (तेल और जल) को एक साथ मिलाकर स्थिर पायस बनाया जाता है।
  • अंडे की जर्दी में लेसिथिन (lecithin) पायसीकारक (emulsifier) का कार्य करता है।

Quick Facts:

  • मेयोनेज़ एक तेल-जल (oil-in-water) पायस है।

निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ बनता है जब कार्बन डाइऑक्साइड कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड के साथ अभिक्रिया करता है?

  • CaO + H₂O
  • CaCO₃ + H₂O
  • CO + H₂O
  • H₂CO₃ + H₂

Explanation:

  • CO₂ + Ca(OH)₂ → CaCO₃ + H₂O
  • यह चूने के पानी (lime water) की CO₂ के साथ अभिक्रिया है, जिससे CaCO₃ (कैल्शियम कार्बोनेट) और H₂O बनते हैं (दूधिया (milky) अवक्षेप)।

Quick Facts:

  • CaCO₃ + CO₂ + H₂O → Ca(HCO₃)₂ (अतिरिक्त CO₂ पर घुल जाता है)

निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सत्य/असत्य है/हैं? A. निम्नलिखित अभिक्रिया उत्क्रमणीय अभिक्रिया का एक उदाहरण है: N₂(g) + 3H₂(g) ⇌ 2NH₃(g) B. निम्नलिखित अभिक्रिया ऊष्मीय अपघटन अभिक्रिया का एक उदाहरण है: CaCO₃(s) → CaO(s) + CO₂(g)

  • A और B दोनों ही असत्य है
  • केवल B सत्य है
  • A और B दोनों ही सत्य है
  • केवल A सत्य है

Explanation:

  • कथन A: N₂ + 3H₂ ⇌ 2NH₃ – यह उत्क्रमणीय (reversible) अभिक्रिया है (हैबर विधि में, अग्र और पश्च दोनों हो सकती हैं, ⇌ चिह्न द्वारा दर्शाया गया है) – सत्य।
  • कथन B: CaCO₃ → CaO + CO₂ – यह ऊष्मीय अपघटन (thermal decomposition) है (गर्म करने पर) – सत्य।

Quick Facts:

  • उत्क्रमणीय अभिक्रिया: ⇌, अपघटन अभिक्रिया: एक यौगिक टूटता है।

HCl के साथ कॉपर ऑक्साइड की अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

  • CuSO₄ बनता है।
  • Cu बनता है।
  • Cl₂ मुक्त होता है।
  • CuCl₂ बनता है।

Explanation:

  • CuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂O
  • CuO (कॉपर ऑक्साइड) HCl के साथ अभिक्रिया करके CuCl₂ (कॉपर क्लोराइड) और जल बनाता है।
  • CuSO₄ बनाने के लिए CuO + H₂SO₄ की आवश्यकता होती है।
  • Cu बनने के लिए अपचयन (H₂ या C) आवश्यक है।

Quick Facts:

  • CuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂O (यह एक अम्ल-धातु ऑक्साइड अभिक्रिया है, जो लवण+जल बनाती है, उदासीनीकरण के समान)।

इथेनॉल के ऑक्सीकरण के दौरान क्या होता है?

  • यह एथीन में परिवर्तित हो जाता है।
  • यह एस्टर बनाता है।
  • यह मीथेन में परिवर्तित हो जाता है।
  • यह एथेनोइक अम्ल में परिवर्तित हो जाता है।

Explanation:

  • इथेनॉल (C₂H₅OH) का ऑक्सीकरण (KMnO₄ या K₂Cr₂O₇ + अम्ल द्वारा) होने पर यह एथेनोइक अम्ल (CH₃COOH) में बदल जाता है।
  • यह एक ऑक्सीकरण अभिक्रिया है (ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है)।
  • एथीन (C₂H₄) – निर्जलीकरण (dehydration) से, एस्टर – अम्ल+अल्कोहॉल से, मीथेन – अपघटन से

Quick Facts:

  • इथेनॉल → एथेनॉल → एथेनोइक अम्ल (क्रमिक ऑक्सीकरण)

सिल्वर ब्रोमाइड का चांदी और ब्रोमीन में टूटना _______ का एक उदाहरण है।

  • संयोजन अभिक्रिया
  • रेडॉक्स अभिक्रिया
  • अपघटन अभिक्रिया
  • उदासीनता अभिक्रिया

Explanation:

  • AgBr → Ag + Br₂ (अपघटन – एक यौगिक टूटकर सरल पदार्थ बनाता है)।
  • यह प्रकाशीय अपघटन (photochemical decomposition) है, जो सूर्य के प्रकाश में होता है (फोटोग्राफी में उपयोग)।

Quick Facts:

  • 2AgBr → 2Ag + Br₂ (प्रकाश में)

निम्नलिखित में से किसमें ऑक्सीकरण अभिक्रिया शामिल नहीं है?

  • जल का विद्युतअपघटन
  • जल में नमक का घुलना
  • लकड़ी जलाना
  • लोहे में जंग लगना

Explanation:

  • जल में नमक (NaCl) का घुलना – यह भौतिक परिवर्तन (physical change) है (या विघटन, dissociation), इसमें कोई ऑक्सीकरण (oxidation) नहीं होता (ऑक्सीकरण अवस्था में कोई परिवर्तन नहीं)।
  • जल का विद्युतअपघटन – रेडॉक्स, लकड़ी जलाना – दहन (ऑक्सीकरण), लोहे में जंग – ऑक्सीकरण (Fe → Fe₂O₃)।

Quick Facts:

  • ऑक्सीकरण: ऑक्सीजन का लाभ, हाइड्रोजन का क्षय, या इलेक्ट्रॉन की हानि

एक जल शोधन संयंत्र हानिकारक आयनों को हटाने के लिए एक प्रक्रिया का उपयोग करता है। इस उद्देश्य के लिए किस प्रकार की अभिक्रिया का उपयोग किए जाने की सर्वाधिक संभावना है?

  • संश्लेषण अभिक्रिया
  • वियोजन अभिक्रिया
  • दहन अभिक्रिया
  • द्वि-विस्थापन अभिक्रिया

Explanation:

  • जल शोधन (water purification) में हानिकारक आयनों (जैसे Ca²⁺, Mg²⁺, Ba²⁺, आदि) को हटाने के लिए द्वि-विस्थापन (double displacement) अवक्षेपण अभिक्रियाओं का उपयोग किया जाता है, जिसमें अविलेय अवक्षेप बनता है और आयन विलयन से निकल जाते हैं (जैसे फिटकरी, Al₂(SO₄)₃ द्वारा अशुद्धियाँ हटाना)।
  • संश्लेषण, वियोजन, दहन – ये जल शोधन के लिए सामान्य नहीं हैं।

Quick Facts:

  • जल शोधन में ‘फ्लोक्यूलेशन’ (flocculation) – अवक्षेपण अभिक्रिया द्वारा अशुद्धियाँ हटाना।

निष्कर्षण से पहले अयस्क के संवर्धन (enrichment) का उद्देश्य क्या है?

  • अशुद्धियों को दूर करना
  • वजन बढ़ाना
  • इसे लवण में बदलना
  • नमी दूर करना

Explanation:

  • अयस्क (ore) का संवर्धन (enrichment/beneficiation) – इसमें अशुद्धियों (gangue/मैल) को दूर किया जाता है, ताकि धातु का प्रतिशत बढ़ जाए और निष्कर्षण (extraction) आसान हो जाए।
  • विधियाँ: चुंबकीय पृथक्करण, फ्लोटेशन, निस्तापन, भर्जन आदि।

Quick Facts:

  • संवर्धन के बाद अयस्क को ‘सांद्र अयस्क’ (concentrated ore) कहते हैं।

निम्नलिखित में से कौन सी एक संयोजन अभिक्रिया है? (i) ZnCO₃(s) → ZnO(s) + CO₂(g) (ii) Mg(s) + 2HCl(aq) → MgCl₂(aq) + H₂(g) (iii) 2KBr(aq) + BaI₂(aq) → 2KI(aq) + BaBr₂(s) (iv) H₂(g) + Cl₂(g) → 2HCl(g)

  • (ii)
  • (iv)
  • (i)
  • (iii)

Explanation:

  • संयोजन (combination) अभिक्रिया: दो या अधिक अभिकारक → एक उत्पाद
  • H₂ + Cl₂ → 2HCl – यह संयोजन है (दो गैसें मिलकर एक यौगिक बनाती हैं)।
  • (i) अपघटन, (ii) विस्थापन, (iii) द्वि-विस्थापन (अवक्षेपण)

Quick Facts:

  • संयोजन अभिक्रिया में उत्पाद की संख्या 1 होती है।

निम्नलिखित का मिलान कीजिए।

  • i – b, ii – a, iii – d, iv – c
  • i – d, ii – c, iii – b, iv – a
  • i – d, ii – a, iii – b, iv – c
  • i – d, ii – b, iii – a, iv – c

Explanation:

  • यह एक मिलान प्रश्न है, पर सूची (वस्तु और विशेषताएँ) प्रश्न में नहीं दी गई है।
  • सामान्यतः यह अभिक्रियाओं (संयोजन, अपघटन, विस्थापन, द्वि-विस्थापन) और उनके उदाहरणों का मिलान होता है।
  • दिए गए विकल्पों के अनुसार i – d, ii – a, iii – b, iv – c सही हो सकता है (पर सूची के बिना सटीक पुष्टि संभव नहीं है)।

Quick Facts:

  • मिलान प्रश्नों में, सही युग्मन (pairing) के लिए दोनों सूचियों को ध्यान से पढ़ना चाहिए।

अमोनियम सल्फेट के साथ करने पर बेरियम क्लोराइड, बेरियम सल्फेट और अमोनियम क्लोराइड बनाता है। निम्नलिखित में से कौन सही रूप से शामिल के प्रकार का प्रतिनिधित्व करता है?

  • ऑक्सीकरण अभिक्रिया
  • अवक्षेपण अभिक्रिया
  • संयुक्त अभिक्रिया
  • दहन अभिक्रिया

Explanation:

  • BaCl₂ + (NH₄)₂SO₄ → BaSO₄↓ + 2NH₄Cl
  • BaSO₄ एक अविलेय (insoluble) अवक्षेप (precipitate) है, इसलिए यह एक अवक्षेपण अभिक्रिया (precipitation reaction) है (जो द्वि-विस्थापन का ही एक प्रकार है)।

Quick Facts:

  • BaSO₄ का उपयोग सल्फेट आयन के परीक्षण में होता है।

ब्लीचिंग पाउडर तैयार करने के दौरान किस गैस का उपयोग किया जाता है?

  • हाइड्रोजन
  • कार्बन डाईऑक्साइड
  • क्लोरीन
  • ऑक्सीजन

Explanation:

  • ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) के निर्माण में क्लोरीन (Cl₂) गैस का उपयोग किया जाता है, जिसे शुष्क बुझे चूने (Ca(OH)₂) पर प्रवाहित किया जाता है।
  • अभिक्रिया: Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O

Quick Facts:

  • Cl₂ गैस का उपयोग जल कीटाणुशोधन, विरंजन में भी होता है।

कौन-सी अभिक्रिया, द्रव्यमान संरक्षण के नियम को सर्वोत्तम रूप से सपोर्ट करती है?

  • खुली हवा में कागज जलाना
  • खुली हवा में ऐल्कोहॉल का वाष्पीकरण
  • एक सीलबंद कंटेनर में सिरका और बेकिंग सोडा का मिश्रण
  • खुली हवा में लोहे को गर्म करना

Explanation:

  • द्रव्यमान संरक्षण का नियम: कुल द्रव्यमान स्थिर रहता है (कोई द्रव्यमान नष्ट/उत्पन्न नहीं)।
  • एक सीलबंद (closed) कंटेनर में, कोई द्रव्यमान बाहर नहीं जा सकता, इसलिए अभिक्रिया से पहले और बाद का द्रव्यमान समान रहेगा – यह नियम को सबसे अच्छी तरह सपोर्ट करता है।
  • खुली हवा में (open system) गैसें बाहर निकल जाती हैं, इसलिए द्रव्यमान घटता दिखता है (नियम का उल्लंघन नहीं, पर मापना मुश्किल)।

Quick Facts:

  • सीलबंद प्रणाली (closed system) में द्रव्यमान संरक्षण स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

निम्नलिखित में से कौन द्विविस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण है?

  • Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq)
  • 2FeSO₄(s) → Fe₂O₃(s) + SO₂(g) + SO₃(g)
  • CaO(s) + H₂O(l) → Ca(OH)₂(aq) + ऊष्मा
  • Zn(s) + CuSO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + Cu(s)

Explanation:

  • Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl – यह आयनों का आदान-प्रदान है (द्वि-विस्थापन)।
  • 2FeSO₄ → अपघटन, CaO + H₂O → संयोजन, Zn + CuSO₄ → विस्थापन

Quick Facts:

  • द्वि-विस्थापन: AB + CD → AD + CB

धातु ऑक्साइड को गर्म करके तांबा और चांदी जैसी धातुओं का निष्कर्षण करने के लिए किस प्रक्रम का उपयोग किया जाता है?

  • भर्जन (Roasting)
  • तापीय अपघटन (Thermal Decomposition)
  • प्रगलन (Smelting)
  • विद्युत अपघटन (Electrolysis)

Explanation:

  • Cu, Ag जैसी कम सक्रिय धातुओं के ऑक्साइड को तापीय अपघटन (thermal decomposition) द्वारा गर्म करके धातु प्राप्त की जाती है (क्योंकि उनके ऑक्साइड अस्थिर होते हैं और गर्म करने पर विघटित हो जाते हैं)।
  • 2CuO → 2Cu + O₂ (गर्म करने पर)
  • भर्जन → सल्फाइड अयस्कों के लिए, प्रगलन → कार्बन द्वारा अपचयन, विद्युत अपघटन → सक्रिय धातुओं के लिए।

Quick Facts:

  • HgO → Hg + O₂ (तापीय अपघटन का उत्कृष्ट उदाहरण)

जब गर्म काले कॉपर (II) ऑक्साइड में हाइड्रोजन गैस प्रवाहित की जाती है, तो यह:

  • भूरे रंग की कॉपर धातु बनाने के लिए अपचयित होता है
  • नीले रंग के कॉपर विलयन बनाने के लिए अपचयित होता है
  • भूरे रंग की कॉपर धातु बनाने के लिए ऑक्सीकृत होता है
  • नीले रंग के कॉपर विलयन बनाने के लिए ऑक्सीकृत होता है

Explanation:

  • CuO (काला) + H₂ → Cu (भूरा/लाल-भूरा) + H₂O
  • CuO अपचयित (reduced) होकर Cu (भूरी धातु) बनाता है (O₂ खो देता है), जबकि H₂ ऑक्सीकृत होता है।
  • कॉपर धातु का रंग भूरा (brown/copper-coloured) होता है।

Quick Facts:

  • यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया है: CuO (ऑक्सीकारक), H₂ (अपचायक)

यौगिक ‘A’ तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करके बुदबुदाहट उत्पन्न करता है। उत्सर्जित गैस चूने के पानी को दूधिया कर देती है। यौगिक A का चयन कीजिए।

  • Na₂CO₃
  • NaOH
  • NaCl
  • Zn धातु

Explanation:

  • तनु HCl के साथ अभिक्रिया करके CO₂ गैस उत्सर्जित करने वाला यौगिक Na₂CO₃ (सोडियम कार्बोनेट/वाशिंग सोडा) है।
  • Na₂CO₃ + 2HCl → 2NaCl + H₂O + CO₂
  • CO₂ चूने के पानी [Ca(OH)₂] को दूधिया (milky) कर देता है: Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃↓ + H₂O
  • NaOH (क्षार) HCl के साथ उदासीनीकरण करता है (कोई गैस नहीं), NaCl (लवण) अभिक्रिया नहीं करता, Zn धातु HCl के साथ H₂ गैस देती है (जो चूने के पानी को दूधिया नहीं करती)।

Quick Facts:

  • CO₂ गैस का परीक्षण: चूने के पानी को दूधिया करना (CaCO₃ अवक्षेप)।

निम्नलिखित में से कौन-सा उदाहरण संयोजन अभिक्रिया का उदाहरण नहीं है?

  • जल का निर्माण
  • कोयले का जलना
  • कॉपर सल्फेट और आयरन से आयरन सल्फेट का निर्माण
  • बिना बुझा चूना से बुझा हुए चूने का निर्माण

Explanation:

  • CuSO₄ + Fe → FeSO₄ + Cu – यह विस्थापन (displacement) अभिक्रिया है, संयोजन (combination) नहीं (क्योंकि एक तत्व दूसरे को विस्थापित कर रहा है)।
  • संयोजन अभिक्रिया: दो या अधिक अभिकारक → एक उत्पाद (जैसे H₂ + O₂ → H₂O, C + O₂ → CO₂, CaO + H₂O → Ca(OH)₂)।

Quick Facts:

  • संयोजन अभिक्रिया: A + B → AB
  • विस्थापन अभिक्रिया: A + BC → AC + B

सक्रियता श्रेणी के मध्य स्थित धातुओं को सामान्यतः कैसे निष्कर्षित किया जाता है?

  • कार्बन का उपयोग करके अपचयन द्वारा
  • जल में घोलकर
  • विद्युत अपघटन द्वारा
  • केवल तापन द्वारा

Explanation:

  • सक्रियता श्रेणी (activity series) के मध्य की धातुएँ (जैसे Zn, Fe, Pb, Cu) अपने ऑक्साइड से कार्बन (C) या कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) द्वारा अपचयित (reduced) की जाती हैं।
  • उदाहरण: ZnO + C → Zn + CO, Fe₂O₃ + 3CO → 2Fe + 3CO₂
  • शीर्ष की धातुएँ (Na, Al) → विद्युत अपघटन; नीचे की (Hg, Ag) → केवल तापन (thermal decomposition)।

Quick Facts:

  • कार्बन अपचयन को ‘प्रगलन’ (smelting) भी कहते हैं।

कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) में 12 g कार्बन (C), 32 g ऑक्सीजन (O) के साथ संयोजित होता है। यदि 36 g कार्बन का उपयोग किया जाता है, तो स्थिर अनुपात के नियम के अनुसार कितनी ऑक्सीजन संयोजित होगी?

  • 48 g
  • 64 g
  • 72 g
  • 96 g

Explanation:

  • स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions): CO₂ में C : O का द्रव्यमान अनुपात = 12 : 32 = 3 : 8 (सरलतम रूप)
  • यदि 36 g C उपयोग किया जाता है, तो O = (36 g C) × (8/3) = 96 g

Quick Facts:

  • यह नियम ‘प्राउस्ट का नियम’ (Proust’s law) कहलाता है।

जब कोई अम्ल धातु ऑक्साइड के साथ अभिक्रिया करता है, तब क्या होता है?

  • केवल लवण बनता है
  • लवण और हाइड्रोजन गैस बनते हैं
  • लवण और जल बनते हैं
  • केवल जल बनता है

Explanation:

  • अम्ल + धातु ऑक्साइड → लवण (Salt) + जल (Water)
  • उदाहरण: 2HCl + CuO → CuCl₂ + H₂O
  • यह अभिक्रिया उदासीनीकरण (neutralization) के समान है, क्योंकि धातु ऑक्साइड क्षारीय (basic) होता है।

Quick Facts:

  • अम्ल + धातु → लवण + H₂ (हाइड्रोजन गैस)
  • अम्ल + धातु ऑक्साइड → लवण + H₂O

एक लैंस में ______ मुख्य फोकस होते हैं।

  • 4
  • 3
  • 1
  • 2

Explanation:

  • एक लेंस (गोलीय) के दो (2) मुख्य फोकस (principal foci) होते हैं – एक दोनों तरफ (बाएँ और दाएँ) फोकस, क्योंकि प्रकाश दोनों ओर से आ सकता है (द्वि-फोकसी) – F₁ और F₂।
  • दर्पण (गोलीय) में एक फोकस होता है (क्योंकि केवल एक परावर्तक सतह)।

Quick Facts:

  • लेंस के दो फोकस – एक प्रत्येक ओर (सममित, यदि लेंस सममित हो)।

निम्नलिखित में से कौन-सी विघटन अभिक्रिया का उदाहरण है जो विद्युत धारा के प्रयोग से होती है?

  • कैल्शियम कार्बोनेट को गर्म करना
  • जल का विद्युत अपघटन
  • ऊष्मा द्वारा सोडियम बाइकार्बोनेट का अपघटन
  • ऊष्मा द्वारा पोटैशियम परमैंगनेट का अपघटन

Explanation:

  • जल का विद्युत अपघटन (electrolysis of water) – 2H₂O → 2H₂ + O₂ (विद्युत धारा द्वारा अपघटन) – यह विद्युत अपघटनी (electrolytic) अपघटन है।
  • अन्य: ऊष्मीय अपघटन (thermal decomposition) के उदाहरण हैं (CaCO₃ → CaO + CO₂; NaHCO₃ → Na₂CO₃ + CO₂ + H₂O; KMnO₄ → K₂MnO₄ + MnO₂ + O₂)।

Quick Facts:

  • अपघटन अभिक्रिया के प्रकार: ऊष्मीय (thermal), प्रकाशीय (photochemical), विद्युत (electrolytic)

जिप्सम से प्लास्टर ऑफ पेरिस बनाने के लिए कितने तापमान की आवश्यकता होगी?

  • 100°C
  • 373°C
  • 0°C
  • 173°C

Explanation:

  • जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) को लगभग 100°C (373 K) पर गर्म करने पर यह आंशिक रूप से निर्जलित (dehydrated) होकर प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄·½H₂O) बनता है।
  • CaSO₄·2H₂O → (100°C पर) CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O
  • इससे अधिक तापमान पर (120°C से ऊपर), यह पूर्णतः निर्जलित होकर ‘डेड बर्न्ट प्लास्टर’ (CaSO₄) बन जाता है, जो सेट नहीं होता।

Quick Facts:

  • POP = कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (CaSO₄·½H₂O)

सूचीबद्ध कोशिकीय कोशिकांगों में से कौन सा/से केवल पादप कोशिकाओं में पाया/पाये जाते हैं? a. माइटोकॉन्ड्रिया b. प्लास्टिड c. गॉल्जी उपकरण d. रिक्तिकाएँ e. कोशिका भित्ति f. लाइसोसोम

  • c और d
  • f
  • b, d और e
  • a और c

Explanation:

  • पादप कोशिका (plant cell) में विशेष रूप से पाए जाने वाले कोशिकांग: प्लास्टिड (b) (क्लोरोप्लास्ट, क्रोमोप्लास्ट), बड़ी रिक्तिका (d) (केंद्रीय रिक्तिका), और कोशिका भित्ति (e) (cell wall) – ये जंतु कोशिका में नहीं पाए जाते (रिक्तिकाएँ जंतु में छोटी होती हैं, लाइसोसोम जंतु कोशिका में पाए जाते हैं, माइटोकॉन्ड्रिया और गॉल्जी दोनों में)।
  • माइटोकॉन्ड्रिया (a) और गॉल्जी (c) दोनों प्रकार की कोशिकाओं में पाए जाते हैं।

Quick Facts:

  • पादप कोशिका: कोशिका भित्ति, प्लास्टिड, बड़ी रिक्तिका (केवल पादप में)
  • जंतु कोशिका: लाइसोसोम, सेंट्रियोल (केवल जंतु में)

क्लोरो-क्षार प्रक्रिया को दर्शाने वाली सही रासायनिक अभिक्रिया का चयन कीजिए।

  • 2NaCl(aq) + 2H₂O(l) → 2NaOH(aq) + Cl₂(g) + H₂(g)
  • 2CaCl₂(aq) + 2H₂O(l) → 2Ca(OH)₂(aq) + Cl₂(g) + H₂(g)
  • 2MgCl₂(aq) + 2H₂O(l) → 2Mg(OH)₂(aq) + Cl₂(g) + H₂(g)
  • 2KCl(aq) + 2H₂O(l) → 2KOH(aq) + Cl₂(g) + H₂(g)

Explanation:

  • क्लोर-क्षार प्रक्रिया (Chlor-alkali process) – NaCl (ब्राइन) के विद्युत अपघटन (electrolysis) से NaOH (कास्टिक सोडा), Cl₂ (क्लोरीन), और H₂ (हाइड्रोजन) बनते हैं।
  • समीकरण: 2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂
  • अन्य विकल्प: CaCl₂, MgCl₂, KCl – ये क्लोर-क्षार प्रक्रिया में उपयोग नहीं होते (व्यावसायिक रूप से NaCl का ही उपयोग होता है)।

Quick Facts:

  • क्लोर-क्षार: Cl₂ (क्लोर), NaOH (क्षार) – इसी से नाम ‘क्लोर-क्षार’ है।

जब लेड नाइट्रेट को पोटेशियम आयोडाइड के साथ मिलाया जाता है, तो बनने वाला अवक्षेप ______ होता है।

  • रंगहीन लेड आयोडाइड
  • पीले रंग का पोटैशियम नाइट्रेट
  • काले रंग का पोटैशियम नाइट्रेट
  • पीले रंग का लेड आयोडाइड

Explanation:

  • Pb(NO₃)₂ + 2KI → PbI₂↓ + 2KNO₃
  • PbI₂ (लेड आयोडाइड) एक पीला (yellow) अवक्षेप (precipitate) है।
  • KNO₃ विलयन में घुलनशील है, अवक्षेप नहीं।

Quick Facts:

  • PbI₂ का रंग: पीला/सुनहरा-पीला (कमरे के ताप पर), गर्म करने पर नारंगी हो सकता है।

उदासीनीकरण अभिक्रिया किस प्रकार की अभिक्रिया है?

  • द्विविस्थापन अभिक्रिया
  • अपघटन अभिक्रिया
  • विस्थापन अभिक्रिया
  • संयोजन अभिक्रिया

Explanation:

  • उदासीनीकरण (Neutralization) अभिक्रिया: अम्ल + क्षार → लवण + जल – इसमें अम्ल से H⁺ और क्षार से OH⁻ मिलकर H₂O बनाते हैं, और आयन (Na⁺, Cl⁻) मिलकर लवण बनाते हैं।
  • यह द्विविस्थापन (double displacement) अभिक्रिया है (आयनों का आदान-प्रदान होता है, पर अवक्षेप नहीं बनता, जल बनता है)।

Quick Facts:

  • उदासीनीकरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O (द्विविस्थापन)

अभिकथन और कारण नामक निम्नलिखित दो कथनों के संबंध में सही विकल्प का चयन कीजिए। अभिकथन: ध्वनि तरंगें, अनुप्रस्थ तरंगें हैं। कारण: ध्वनि तरंगों को संचरण के लिए एक भौतिक माध्यम की आवश्यकता होती है।

  • अभिकथन सत्य है लेकिन कारण असत्य है।
  • अभिकथन और कारण दोनों ही असत्य हैं।
  • अभिकथन असत्य है लेकिन कारण सत्य है।
  • अभिकथन और कारण दोनों ही सत्य हैं और कारण, अभिकथन की सही व्याख्या है।

Explanation:

  • अभिकथन (Assertion): ध्वनि तरंगें अनुप्रस्थ (transverse) नहीं, बल्कि अनुदैर्ध्य (longitudinal) होती हैं – अतः अभिकथन असत्य है।
  • कारण (Reason): ध्वनि तरंगों को संचरण (propagation) के लिए माध्यम (medium) की आवश्यकता होती है – यह सत्य है (ध्वनि निर्वात में नहीं चल सकती)।

Quick Facts:

  • ध्वनि = यांत्रिक (mechanical) अनुदैर्ध्य तरंग (longitudinal wave)
  • प्रकाश = विद्युत चुम्बकीय (electromagnetic) अनुप्रस्थ तरंग (transverse wave) – जिसे माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।

श्रेणी क्रम में जुड़े प्रतिरोधों का समतुल्य प्रतिरोध अलग-अलग प्रतिरोधों का ______ होता है।

  • गुणनफल
  • योग
  • अंतर
  • भागफल

Explanation:

  • श्रेणीक्रम (series) में, कुल प्रतिरोध R = R₁ + R₂ + R₃ + … (व्यक्तिगत प्रतिरोधों का योग, sum)।
  • समान्तर (parallel) में, 1/R = 1/R₁ + 1/R₂ + …

Quick Facts:

  • श्रेणी में समतुल्य प्रतिरोध = R₁ + R₂ (व्यक्तिगत से अधिक)
  • समान्तर में समतुल्य प्रतिरोध = R₁R₂/(R₁+R₂) (व्यक्तिगत से कम)

सीमेंट के निर्माण में निम्नलिखित रासायनिक यौगिकों में से किस का उपयोग किया जाता है?

  • Al₂O₃
  • Mg(OH)₂
  • CuO
  • CaO

Explanation:

  • सीमेंट (cement) के निर्माण में CaO (कैल्शियम ऑक्साइड, चूना) मुख्य कच्चा माल है (चूना पत्थर, CaCO₃ से प्राप्त होता है, जिसे गर्म करके CaO बनाया जाता है)।
  • अन्य: SiO₂, Al₂O₃, Fe₂O₃ भी सीमेंट में उपयोग होते हैं, पर CaO मुख्य (60-65%) है।

Quick Facts:

  • सीमेंट के मुख्य घटक: CaO, SiO₂, Al₂O₃, Fe₂O₃

कॉपर सल्फेट विलयन में लोहे की कील डुबोने पर उसका नीला रंग फीका क्यों पड़ जाता है?

  • तांबा जल में विलीन हो जाता है
  • आयरन सल्फेट रंगहीन होता है
  • कॉपर सल्फेट विघटित हो जाता है
  • कॉपर सल्फेट, आयरन सल्फेट में परिवर्तित हो जाता है

Explanation:

  • Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu
  • CuSO₄ का रंग नीला (blue) होता है, जबकि FeSO₄ (फेरस सल्फेट) का रंग हल्का हरा (light green) होता है।
  • इसलिए CuSO₄ के FeSO₄ में बदलने पर नीला रंग फीका पड़ जाता है (हरा हो जाता है)।

Quick Facts:

  • FeSO₄ (फेरस सल्फेट) – हल्का हरा, CuSO₄ (कॉपर सल्फेट) – नीला

POPs का पूर्ण रूप है –

  • निरंतर कार्बनिक कीटनाशक
  • स्थायी कार्बनिक कीटनाशक
  • निरंतर ऑक्सीकरण प्रदूषक
  • निरंतर कार्बनिक प्रदूषक

Explanation:

  • POPs = Persistent Organic Pollutants (निरंतर/स्थायी कार्बनिक प्रदूषक) – ये वे कार्बनिक यौगिक हैं जो पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं, जैव-संचय (bioaccumulate) होते हैं, और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं (जैसे DDT, डाइऑक्सिन, PCB) – इन्हें ‘डर्टी डज़न’ (dirty dozen) के रूप में भी जाना जाता है।

Quick Facts:

  • POPs का स्टॉकहोम कन्वेंशन (2004) द्वारा विनियमन किया जाता है।

निम्नलिखित में से कौन सा कथन अवक्षेपण अभिक्रिया के बारे में सत्य है?

  • केवल जल बनता है।
  • एक अघुलनशील लवण बनता है।
  • केवल हाइड्रोजन गैस बनती है।
  • केवल घुलनशील विलयन बनता है।

Explanation:

  • अवक्षेपण (Precipitation) अभिक्रिया में, दो विलेय (soluble) यौगिक मिलकर एक अघुलनशील (insoluble) लवण (ठोस अवक्षेप, precipitate) बनाते हैं।
  • उदाहरण: AgNO₃ + NaCl → AgCl↓ + NaNO₃ (AgCl अघुलनशील अवक्षेप है)।

Quick Facts:

  • अवक्षेपण अभिक्रिया द्वि-विस्थापन अभिक्रिया का एक उप-वर्ग है।

जब कार्बन डाइऑक्साइड को सोडियम हाइड्रॉक्साइड के जलीय विलयन में घोला जाता है, तो मिश्रण जलीय सोडियम कार्बोनेट और द्रव जल देने के लिए अभिक्रिया करता है। इस अभिक्रिया के लिए सही संतुलित समीकरण है:

  • CO₂(aq) + 2NaOH(aq) → NaCO₃(aq) + H₂O(l)
  • CO₂(aq) + 2NaOH(aq) → Na₂CO₃(aq) + H₂O(l)
  • 2CO₂(aq) + NaOH(aq) → 2NaCO₃(aq) + H₂O(l)
  • 2CO₂(aq) + NaOH(aq) → 2Na₂CO₃(aq) + H₂O(l)

Explanation:

  • CO₂ + 2NaOH → Na₂CO₃ + H₂O
  • संतुलन: बाएँ: C=1, O=2+2=4, Na=2, H=2; दाएँ: Na₂CO₃ में Na=2, C=1, O=3 + H₂O में O=1, H=2 → कुल O=4 – संतुलित।
  • NaCO₃ (गलत) – सोडियम कार्बोनेट का सूत्र Na₂CO₃ है, NaCO₃ नहीं (अस्थिर/अमान्य)।

Quick Facts:

  • यह CO₂ को अवशोषित करने की अभिक्रिया है (NaOH → Na₂CO₃ → NaHCO₃)।

जब लोहे के बुरादे को सल्फर पाउडर के साथ मिलाया जाता है और मिश्रण को गर्म किया जाता है, तो आयरन सल्फाइड नामक एक काला पदार्थ बनता है। परिवर्तनों का सबसे सटीक वर्णन इनमें से किस कथन में मिलता है?

  • रासायनिक परिवर्तन के परिणामस्वरूप एक नया पदार्थ बनता है।
  • लोहा सल्फर में घुल जाता है और एक विलयन बनता है।
  • पदार्थों को मिश्रित करने मात्र से ही भौतिक परिवर्तन होता है।
  • एक उत्क्रमणीय भौतिक परिवर्तन होता है।

Explanation:

  • Fe + S → (गर्म करने पर) FeS (आयरन सल्फाइड) – यह एक रासायनिक परिवर्तन (chemical change) है, क्योंकि एक नया पदार्थ (FeS) बनता है, जिसके गुण Fe और S से भिन्न होते हैं (FeS काला, चुंबकीय नहीं, विशेष गंध)।
  • यह अभिक्रिया संयोजन (combination) अभिक्रिया का उदाहरण है।

Quick Facts:

  • FeS (आयरन सल्फाइड) – काला ठोस, जल में अविलेय

बेकिंग सोडा निम्नलिखित में से किस प्रक्रम का उपयोग करके तैयार किया जाता है?

  • हाबर प्रक्रम (Haber process)
  • क्लोर-क्षार प्रक्रम (Chlor-alkali process)
  • सॉल्वे प्रक्रम (Solvay process)
  • डीकन प्रक्रम (Deacon’s process)

Explanation:

  • बेकिंग सोडा (NaHCO₃) का निर्माण सॉल्वे प्रक्रम (Solvay process) द्वारा होता है, जिसमें NaCl, NH₃, CO₂ और H₂O का उपयोग होता है (NaCl + NH₃ + CO₂ + H₂O → NaHCO₃ + NH₄Cl)।
  • हैबर प्रक्रम → NH₃, क्लोर-क्षार → NaOH + Cl₂ + H₂, डीकन प्रक्रम → Cl₂

Quick Facts:

  • सॉल्वे प्रक्रम में NaHCO₃ अवक्षेपित होता है, फिर गर्म करके Na₂CO₃ (वाशिंग सोडा) बनाया जाता है।

सोडियम हाइड्रॉक्साइड का निर्माण किस प्रकार किया जाता है?

  • लवण-जल के माध्यम से विद्युत प्रवाहित करके
  • एथेनॉल में सोडियम का विघटन करके
  • क्लोरीन को जल के माध्यम से प्रवाहित करके
  • सोडियम की कार्बन डाइऑक्साइड के साथ अभिक्रिया कराके

Explanation:

  • NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड) का निर्माण लवण-जल (ब्राइन, NaCl) के विद्युत अपघटन (electrolysis) द्वारा किया जाता है (क्लोर-क्षार प्रक्रिया)।
  • 2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂ (विद्युत अपघटन)

Quick Facts:

  • NaOH को ‘कास्टिक सोडा’ (caustic soda) भी कहते हैं।

निम्नलिखित में से क्या रासायनिक परिवर्तन का उदाहरण नहीं है?

  • जल का जल वाष्प में बदलना
  • हमारे शरीर में भोजन का पाचन
  • लोहे में जंग लगना
  • दूध का दही में बदलना

Explanation:

  • जल का वाष्प (steam/water vapour) में बदलना – यह एक भौतिक परिवर्तन (physical change) है (क्योंकि अवस्था (state) बदलती है, पर रासायनिक संरचना H₂O समान रहती है)।
  • पाचन, जंग लगना, दही बनना – ये रासायनिक परिवर्तन हैं (नए पदार्थ बनते हैं)।

Quick Facts:

  • भौतिक परिवर्तन: कोई नया पदार्थ नहीं बनता, उत्क्रमणीय हो सकता है (जैसे पिघलना, वाष्पीकरण)।

विरंजक चूर्ण का उपयोग किसके लिए नहीं किया जाता है?

  • जल को कीटाणुरहित करना
  • कपास को विरंजित करना
  • ऑक्सीकारक रसायन
  • रोटी तैयार करना

Explanation:

  • ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) का उपयोग जल कीटाणुशोधन, विरंजन (bleaching), और ऑक्सीकारक के रूप में होता है।
  • रोटी तैयार करना – इसमें बेकिंग सोडा (NaHCO₃) या बेकिंग पाउडर का उपयोग होता है, ब्लीचिंग पाउडर का नहीं (यह विषैला/अखाद्य है)।

Quick Facts:

  • ब्लीचिंग पाउडर → जल में क्लोरीन मुक्त करता है, जो कीटाणुओं को मारता है।

अभिक्रियाशीलता श्रृंखला, जिसे सक्रियता श्रृंखला के रूप में भी जाना जाता है, धातुओं की एक सूची है जो उनकी ______ के क्रम में व्यवस्थित होती है।

  • बढती अभिक्रियाशीलता
  • घटती अभिक्रियाशीलता
  • पहले घटती अभिक्रियाशीलता, फिर बढती अभिक्रियाशीलता
  • पहले बढती अभिक्रियाशीलता, फिर घटती अभिक्रियाशीलता

Explanation:

  • सक्रियता श्रृंखला (Reactivity series) धातुओं को उनकी घटती अभिक्रियाशीलता (decreasing reactivity) के क्रम में व्यवस्थित करती है – शीर्ष पर सबसे अधिक अभिक्रियाशील धातु (K, Na) और नीचे सबसे कम अभिक्रियाशील (Au, Pt)।
  • क्रम: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu > Hg > Ag > Au

Quick Facts:

  • यह श्रृंखला धातुओं की विस्थापन क्षमता (displacement) को दर्शाती है।

जब कोई छात्र दूध में कुछ बूँदें नींबू मिलाता है, तो कौन सी अभिक्रिया होती है?

  • अवक्षेपण अभिक्रिया
  • संयोजन अभिक्रिया
  • जल अपघटन
  • विस्थापन अभिक्रिया

Explanation:

  • दूध (दूध प्रोटीन, केसिन, और वसा का कोलॉइडी विलयन) में नींबू का रस (साइट्रिक अम्ल) मिलाने पर दूध का फटना (curdling) होता है – यह अवक्षेपण (precipitation) अभिक्रिया है, जिसमें केसिन प्रोटीन अम्ल द्वारा अवक्षेपित (precipitate) हो जाता है (दही/पनीर जैसा ठोस पदार्थ बनता है)।

Quick Facts:

  • दूध + अम्ल → केसिन अवक्षेप (पनीर/छेना)

उस विकल्प का चयन कीजिए, जो उत्पाद X और Y का सूत्र देकर निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रिया को पूर्ण करता है। 2Na + 2CH₃CH₂OH → X + Y

  • X = 2CH₃O⁻Na⁺; Y = H₂
  • X = CH₃CH₂O⁻Na⁺; Y = H₂O
  • X = 2CH₃CH₂O⁻Na⁺; Y = O₂
  • X = 2CH₃CH₂O⁻Na⁺; Y = H₂

Explanation:

  • 2Na + 2CH₃CH₂OH → 2CH₃CH₂ONa (सोडियम एथॉक्साइड, sodium ethoxide) + H₂
  • X = 2CH₃CH₂O⁻Na⁺ (सोडियम एथॉक्साइड), Y = H₂ (हाइड्रोजन गैस)
  • यह एक विस्थापन अभिक्रिया है (Na, H को विस्थापित करता है)।

Quick Facts:

  • एथेनॉल + Na → सोडियम एथॉक्साइड + H₂ (पॉप ध्वनि के साथ)

नीचे एक अभिकथन (A) और एक कारण (R) दिया गया हैं। अभिकथन (A): बिजली के तार आम तौर पर तांबे से बने होते हैं। कारण (R): तांबा एक सुचालक है। सही विकल्प का चयन कीजिए।

  • D
  • B
  • A
  • C

Explanation:

  • अभिकथन (A): सत्य – बिजली के तार (electrical wires) सामान्यतः तांबे (copper) से बनते हैं (क्योंकि यह अच्छा सुचालक है, सस्ता, और आघातवर्धनीय)।
  • कारण (R): सत्य – तांबा एक सुचालक (conductor) है (विद्युत चालकता उच्च)।
  • दोनों सत्य हैं, और कारण, अभिकथन की सही व्याख्या है (क्योंकि तांबे का उपयोग इसी गुण के कारण होता है) – विकल्प ‘A’ (यदि A = दोनों सत्य, R, A की सही व्याख्या है) सही है।

Quick Facts:

  • तांबा (Cu) – विद्युत चालकता = 5.96 × 10⁷ S/m (चांदी के बाद दूसरा), सस्ता, लचीला।

जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा प्रेक्षण इस बात की पुष्टि करता है कि विस्थापन अभिक्रिया हुई है?

  • विलयन रंगहीन हो जाता है और हाइड्रोजन गैस मुक्त होती है।
  • कॉपर सल्फेट के विलयन का नीला रंग फीका पड़ जाता है, और लोहे की कील पर लाल-भूरे रंग की परत जम जाती है।
  • विलयन का रंग नीला ही बना रहता है और लोहे की कील चमकदार बनी रहती है।
  • एक सफेद अवक्षेप बनता है।

Explanation:

  • Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu (विस्थापन)
  • प्रेक्षण (Observation): CuSO₄ का नीला रंग फीका पड़ता है (हल्का हरा हो जाता है, FeSO₄ के कारण), और लोहे की कील पर Cu (तांबे) की लाल-भूरी (reddish-brown) परत जम जाती है।

Quick Facts:

  • लाल-भूरा = कॉपर धातु का रंग

आयोडीन की कमी के कारण कौन-सा रोग होता है? A. रतौंधी B. घेंघा रोग C. स्कर्वी D. सुखंडी

  • C
  • A
  • B
  • D

Explanation:

  • आयोडीन (Iodine) की कमी से घेंघा रोग (Goitre) होता है (थायरॉयड ग्रंथि का बढ़ना)।
  • रतौंधी (Night blindness) – विटामिन A, स्कर्वी (Scurvy) – विटामिन C, सुखंडी (Rickets) – विटामिन D

Quick Facts:

  • आयोडीन युक्त नमक (iodized salt) घेंघा रोग से बचाता है।

कार्बन मोनोऑक्साइड हाइड्रोजन अणु के साथ अभिक्रिया करके निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक बनाता है?

  • H₂O(l)
  • CH₄(g) + O₂(g)
  • CH₃OH(l)
  • C(s) + H₂O(l)

Explanation:

  • CO + 2H₂ → (उच्च दाब, उत्प्रेरक, 300°C) CH₃OH (मेथेनॉल, methanol)
  • यह एक संयोजन अभिक्रिया है, जो औद्योगिक रूप से मेथेनॉल के निर्माण में उपयोग होती है।

Quick Facts:

  • मेथेनॉल = ‘वुड अल्कोहॉल’ (wood alcohol)

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन द्विविस्थापन अभिक्रिया में होने वाली घटना का सर्वोत्तम वर्णन करता है?

  • दो तत्व मिलकर एक यौगिक बनाते हैं
  • एक यौगिक सरल पदार्थों में टूट जाता है
  • परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण होता है
  • दो यौगिकों में आयन आपस में बदल जाते हैं जिससे दो नए यौगिक बनते हैं

Explanation:

  • द्विविस्थापन (Double displacement) – दो यौगिकों के आयन (ions) आपस में बदलते हैं (exchange) और दो नए यौगिक बनते हैं।
  • सामान्य रूप: AB + CD → AD + CB

Quick Facts:

  • उदाहरण: NaCl + AgNO₃ → NaNO₃ + AgCl↓

जब कैल्शियम कार्बोनेट को गर्म किया जाता है, तो यह अपघटित होकर ______ और ______ देता है।

  • Ca₂O₂, CO₂
  • CaO, CO₂
  • CaO, CO
  • Ca₂O, CO

Explanation:

  • CaCO₃ → (गर्म करने पर) CaO (कैल्शियम ऑक्साइड) + CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड)
  • यह एक ऊष्मीय अपघटन (thermal decomposition) अभिक्रिया है (चूना पत्थर का भट्टी में अपघटन) – जिससे क्विक लाइम (CaO) बनता है।

Quick Facts:

  • CaO (क्विक लाइम) + H₂O → Ca(OH)₂ (बुझा चूना)

प्राकृतिक गैस का जलना क्या है?

  • एक प्रतिस्थापन अभिक्रिया
  • एक अपघटन अभिक्रिया
  • एक ऊष्माशोषी अभिक्रिया
  • एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया

Explanation:

  • प्राकृतिक गैस (मुख्यतः मीथेन, CH₄) का जलना (दहन, combustion) – एक ऊष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया है, जिसमें ऊष्मा (heat) और प्रकाश (light) उत्सर्जित होते हैं।
  • CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O + ऊष्मा

Quick Facts:

  • दहन अभिक्रियाएँ सदैव ऊष्माक्षेपी होती हैं (ऊर्जा मुक्त करती हैं)।

कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट का औद्योगिक नाम क्या है?

  • जिप्सम
  • क्विक लाइम
  • प्लास्टर ऑफ पेरिस
  • स्लेक्ड लाइम

Explanation:

  • कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (CaSO₄·½H₂O) का औद्योगिक नाम प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) है।
  • जिप्सम = CaSO₄·2H₂O (डाइहाइड्रेट), क्विक लाइम = CaO, स्लेक्ड लाइम = Ca(OH)₂

Quick Facts:

  • POP + H₂O → जिप्सम (सेट होने पर)

अयस्कों को रोस्ट किया जाता है-

  • कार्बन डाइऑक्साइड और जल निकालने के लिए
  • सल्फर के निष्कासन के लिए
  • अयस्क के निर्जलीकरण करने के लिए
  • अयस्क को संलयित करने के लिए

Explanation:

  • भर्जन (Roasting) – सल्फाइड (sulphide) अयस्कों को वायु (ऑक्सीजन) की अतिरिक्त मात्रा में गर्म करना, ताकि सल्फर (S) ऑक्सीकृत होकर SO₂ गैस के रूप में निकल जाए (सल्फर का निष्कासन, removal of sulphur)।
  • उदाहरण: 2ZnS + 3O₂ → 2ZnO + 2SO₂
  • निस्तापन (Calcination) – कार्बोनेट अयस्कों को वायु की अनुपस्थिति में गर्म करना (CO₂ निकालने के लिए)।

Quick Facts:

  • भर्जन = सल्फाइड अयस्क → ऑक्साइड (SO₂ निकलता है)

निम्नलिखित में से कौन-सा, ब्लीचिंग पाउडर का एक उपयोग नहीं है?

  • पेय जल को रोगाणु मुक्त बनाना
  • जल की स्थायी कठोरता को दूर करना
  • कपड़ा उद्योग में कपास और लिनेन का विरंजन करना
  • कई रासायनिक उद्योगों में ऑक्सीकरण कारक के रूप में

Explanation:

  • ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) का उपयोग जल की स्थायी कठोरता (permanent hardness) को दूर करने के लिए नहीं किया जाता (इसके लिए वाशिंग सोडा, Na₂CO₃ या आयन-एक्सचेंज का उपयोग होता है)।
  • ब्लीचिंग पाउडर → कीटाणुशोधन, विरंजन, ऑक्सीकारक – ये सही उपयोग हैं।

Quick Facts:

  • स्थायी कठोरता → Ca²⁺, Mg²⁺ के क्लोराइड/सल्फेट के कारण → वाशिंग सोडा अवक्षेपित करता है।

बेरियम क्लोराइड और एल्युमीनियम सल्फेट के बीच अभिक्रिया में बनने वाले उत्पाद का चयन करें।

  • ठोस AlCl₃ बनता है।
  • AlCl₃ गैसीय रूप में मुक्त होता है।
  • BaSO₄ का जलीय विलयन बनता है।
  • ठोस BaSO₄ बनता है।

Explanation:

  • 3BaCl₂ + Al₂(SO₄)₃ → 3BaSO₄↓ + 2AlCl₃
  • BaSO₄ (बेरियम सल्फेट) – अघुलनशील ठोस अवक्षेप (white precipitate) है, जो अलग हो जाता है।
  • AlCl₃ विलयन में घुलनशील है (aqueous)।

Quick Facts:

  • BaSO₄ – जल में अविलेय, सफेद अवक्षेप

निम्नलिखित में से कौन-सा, योगज अभिक्रिया (addition reaction) का एक उदाहरण है?

  • ऐल्कोहॉल का निर्जलीकरण
  • एसिटिक अम्ल का जल अपघटन
  • एथीन (ethene) का हाइड्रोजनीकरण
  • मेथेन (methane) का क्लोरीनीकरण

Explanation:

  • योगज (Addition) अभिक्रिया – असंतृप्त यौगिक (जैसे ऐल्कीन, ऐल्काइन) में द्वि/त्रिबंध टूटकर नए परमाणु जुड़ते हैं।
  • एथीन (C₂H₄) + H₂ → (Ni उत्प्रेरक) एथेन (C₂H₆) – यह हाइड्रोजनीकरण (hydrogenation) है, जो योगज अभिक्रिया का उदाहरण है।
  • मेथेन का क्लोरीनीकरण – प्रतिस्थापन (substitution), ऐल्कोहॉल का निर्जलीकरण – अपघटन, एसिटिक अम्ल का जल अपघटन – अपघटन/हाइड्रोलिसिस।

Quick Facts:

  • योगज अभिक्रिया (addition): C₂H₄ + H₂ → C₂H₆ (Ni उत्प्रेरक, 300°C)

जब बेकिंग सोडा को गर्म किया जाता है तो यह _____, जल और कार्बन डाइऑक्साइड में परिवर्तित हो जाता है।

  • सोडियम हाइड्रॉक्साइड
  • सोडियम एसीटेट
  • सोडियम क्लोराइड
  • सोडियम कार्बोनेट

Explanation:

  • 2NaHCO₃ → (गर्म करने पर) Na₂CO₃ + H₂O + CO₂
  • बेकिंग सोडा (NaHCO₃) → सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) + जल + CO₂
  • यह एक ऊष्मीय अपघटन अभिक्रिया है।

Quick Facts:

  • इसी कारण बेकिंग सोडा का उपयोग बेकिंग में किया जाता है (CO₂ फूलने का कारण बनती है)।

धावन सोडा के उपयोग के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?

  • इसका उपयोग बोरेक्स जैसे सोडियम यौगिकों के निर्माण में किया जाता है।
  • इसका उपयोग कागज उद्योग में नहीं किया जाता है।
  • इसका उपयोग पानी की स्थायी कठोरता को दूर करने के लिए किया जाता है।
  • इसका उपयोग काँच उद्योग में किया जाता है।

Explanation:

  • वाशिंग सोडा (Na₂CO₃·10H₂O) का उपयोग कागज उद्योग में भी किया जाता है (लुगदी निर्माण में), इसलिए “इसका उपयोग कागज उद्योग में नहीं किया जाता” गलत है।
  • अन्य: बोरेक्स निर्माण, कठोरता दूर करना, काँच उद्योग – ये सभी सही उपयोग हैं।

Quick Facts:

  • वाशिंग सोडा = Na₂CO₃·10H₂O (कागज, काँच, डिटर्जेंट, जल मृदुकरण)

किस प्रकार की रासायनिक अभिक्रिया में एक यौगिक, दो या दो से अधिक सरल पदार्थों में विखंडित हो जाता है?

  • अपघटन अभिक्रिया
  • संयोजन अभिक्रिया
  • विस्थापन अभिक्रिया
  • द्विविस्थापन अभिक्रिया

Explanation:

  • अपघटन (Decomposition) अभिक्रिया – एक यौगिक टूटकर दो या अधिक सरल पदार्थ बनाता है (AB → A + B)।

Quick Facts:

  • उदाहरण: 2H₂O → 2H₂ + O₂ (विद्युत अपघटन)

निम्नलिखित में से कौन-सी ऊष्माक्षेपी प्रक्रिया है?

  • उपरोक्त सभी
  • कपूर का उर्ध्वपातन
  • जल का वाष्पीकरण
  • बिना बुझे चूने के साथ जल की अभिक्रिया

Explanation:

  • बिना बुझे चूने (CaO) के साथ जल की अभिक्रिया – अत्यधिक ऊष्माक्षेपी (exothermic) प्रक्रिया है (CaO + H₂O → Ca(OH)₂ + ऊष्मा)।
  • कपूर का उर्ध्वपातन (sublimation) – ऊष्माशोषी (endothermic), जल का वाष्पीकरण – ऊष्माशोषी (endothermic) (ऊष्मा अवशोषित होती है)।

Quick Facts:

  • ऊष्माक्षेपी: ऊष्मा निकलती है, ऊष्माशोषी: ऊष्मा अवशोषित होती है।

रासायनिक उद्योगों में, विरंजन चूर्ण (bleaching powder) मुख्य रूप से ______ के रूप में कार्य करता है।

  • एक अपचायी कर्मक
  • एक निष्प्रभावन कर्मक
  • एक ऑक्सीकारण कर्मक
  • एक उत्प्रेरक

Explanation:

  • ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) एक प्रबल ऑक्सीकारक (oxidizing agent) है, क्योंकि यह क्लोरीन (Cl₂) मुक्त करता है, जो ऑक्सीकरण द्वारा विरंजन (bleaching) और कीटाणुशोधन (disinfection) करता है।
  • यह अपचायक (reducing agent) नहीं है (यह स्वयं अपचयित नहीं होता, दूसरों को ऑक्सीकृत करता है)।

Quick Facts:

  • CaOCl₂ + 2HCl → CaCl₂ + Cl₂ + H₂O (क्लोरीन मुक्त करता है)

जब सीधे ऊपर की ओर फेंका गया एक पिंड शीर्ष पर पहुँचता है, तो इसका A. वेग एवं त्वरण शून्य होता है B. वेग शून्य होता है तथा त्वरण लगभग 10 मीटर/सेकेंड² होता है C. वेग लगभग 10 मीटर/सेकेंड होता है तथा त्वरण शून्य होता है D. वेग लगभग 10 मीटर/सेकेंड होता है तथा त्वरण समान बना रहता है

  • C
  • D
  • B
  • A

Explanation:

  • शीर्ष बिंदु (highest point) पर, पिंड का वेग (velocity) क्षणिक रूप से शून्य (0) होता है (क्योंकि यह ऊपर की दिशा से नीचे की दिशा में बदल रहा होता है)।
  • त्वरण (acceleration) हमेशा g ≈ 9.8 m/s² (≈ 10 m/s²) (नीचे की ओर) रहता है (गुरुत्वाकर्षण के कारण), क्योंकि गुरुत्वाकर्षण बल निरंतर कार्य करता है – यह शून्य नहीं होता।

Quick Facts:

  • गुरुत्वीय त्वरण (g) सदैव नीचे की ओर कार्य करता है, चाहे पिंड ऊपर जा रहा हो या नीचे।

जब सोडियम सल्फाइड तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है, तो एक अप्रिय गंध वाली गैस उत्पन्न होती है। अप्रिय गंध वाली यह गैस ___________ है।

  • H₂S
  • SO₃
  • SO₂
  • H₂

Explanation:

  • Na₂S + 2HCl → 2NaCl + H₂S (हाइड्रोजन सल्फाइड)
  • H₂S गैस में सड़े अंडे (rotten egg) जैसी अप्रिय गंध होती है।
  • SO₂ (तीखी गंध), SO₃ (तीखी), H₂ (गंधहीन) – ये सही नहीं हैं।

Quick Facts:

  • H₂S – विषैली गैस, जल में घुलकर सल्फ्यूरिक अम्ल बनाती है।

जब मैग्नीशियम तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है, तो उत्पाद ……………होते हैं।

  • मैग्नीशियम क्लोराइड और हाइड्रोजन
  • मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन
  • मैग्नीशियम क्लोराइड और ऑक्सीजन
  • मैग्नीशियम ऑक्साइड और पानी

Explanation:

  • Mg + 2HCl → MgCl₂ + H₂ (हाइड्रोजन गैस)
  • यह अम्ल + धातु → लवण + हाइड्रोजन अभिक्रिया है (विस्थापन)

Quick Facts:

  • Mg + HCl → MgCl₂ + H₂ (H₂ पॉप ध्वनि के साथ जलती है)

90 g जल में मौजूद मोल की संख्या ___________ है।

  • 4
  • 5
  • 7
  • 6

Explanation:

  • H₂O का आण्विक द्रव्यमान = 18 g/mol
  • मोल्स (n) = दिया गया द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान = 90 g / 18 g/mol = 5 mol

Quick Facts:

  • 1 मोल H₂O = 18 g = 6.022 × 10²³ अणु

निम्नलिखित में से किस प्रकार की अभिक्रिया में अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है?

  • अपघटन
  • द्विविस्थापन अभिक्रिया
  • विषमानुपातन अभिक्रिया
  • योगात्मक अभिक्रिया

Explanation:

  • द्विविस्थापन (Double displacement) – आयनों (ions) का आदान-प्रदान (exchange) होता है।

Quick Facts:

  • AB + CD → AD + CB

वह अभिक्रिया जिसमें एक एकल अभिकारक दो या अधिक सरल उत्पादों में विभाजित हो जाता है, कहलाती है:

  • अपघटन प्रतिक्रिया
  • संयोजन प्रतिक्रिया
  • विस्थापन प्रतिक्रिया
  • द्विविस्थापन अभिक्रिया

Explanation:

  • अपघटन (Decomposition) – एक अभिकारक (यौगिक) → दो या अधिक सरल उत्पाद

Quick Facts:

  • AB → A + B

क्लोरीन की ऐल्केन के साथ अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति आवश्यक है?

  • उच्च ताप
  • उच्च दाब
  • सूर्य का प्रकाश
  • ऑक्सीजन की उपस्थिति

Explanation:

  • ऐल्केन (जैसे मेथेन, CH₄) की क्लोरीन (Cl₂) के साथ प्रतिस्थापन (substitution) अभिक्रिया सूर्य के प्रकाश (sunlight/UV) में होती है – यह एक प्रकाश-रासायनिक (photochemical) अभिक्रिया है।
  • CH₄ + Cl₂ → (सूर्य प्रकाश) CH₃Cl + HCl

Quick Facts:

  • प्रकाश की अनुपस्थिति में, अभिक्रिया नहीं होती (या बहुत धीमी होती है)।

ताँबे के विद्युत अपघटनी परिष्करण में निम्नलिखित में से किस विद्युत अपघट्य का उपयोग किया जाता है?

  • CuO
  • Cu₂Cl₂
  • CuSO₄
  • Na₂SO₄

Explanation:

  • तांबे (Cu) के विद्युत अपघटनी परिष्करण (electrolytic refining) में CuSO₄ (कॉपर सल्फेट) का जलीय विलयन विद्युत अपघट्य (electrolyte) के रूप में उपयोग किया जाता है, जिसमें तनु H₂SO₄ मिला होता है।
  • शुद्ध Cu कैथोड पर जमा होता है, अशुद्ध Cu एनोड घुलता है।

Quick Facts:

  • विद्युत अपघट्य: CuSO₄ + H₂SO₄

संयोजन अभिक्रिया का सामान्य रूप क्या है?

  • A → B + C
  • AB → A + B
  • AB + CD → AC + BD
  • A + B → AB

Explanation:

  • संयोजन (Combination) – दो या अधिक अभिकारक → एक उत्पाद (A + B → AB)

Quick Facts:

  • उदाहरण: 2Mg + O₂ → 2MgO

NaCl और NH₄Cl के मिश्रण को अलग करने के लिए निम्नलिखित में से किस विधि का उपयोग किया जा सकता है?

  • क्रिस्टलीकरण
  • केंद्रापसरण
  • क्रोमैटोग्राफी
  • उर्ध्वपातन

Explanation:

  • NH₄Cl (अमोनियम क्लोराइड) उर्ध्वपातन (sublimation) करता है (गर्म करने पर सीधे गैस में बदल जाता है, फिर ठंडा होने पर ठोस में बदल जाता है), जबकि NaCl उर्ध्वपातन नहीं करता।
  • इस गुण के आधार पर, NaCl और NH₄Cl के मिश्रण को उर्ध्वपातन द्वारा अलग किया जा सकता है।

Quick Facts:

  • उर्ध्वपातन: ठोस → सीधे गैस (बिना द्रव हुए) – NH₄Cl, कपूर, आयोडीन (I₂) उर्ध्वपातन करते हैं।

वाशिंग सोडा के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

  • वाशिंग सोडा रासायनिक रूप से सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट (Na₂CO₃·10H₂O) है।
  • सोडियम बाइकार्बोनेट को 100°C तक गर्म करके इसे प्राप्त किया जाता है।
  • यह जल की स्थायी कठोरता को दूर नहीं करता है।
  • वाशिंग सोडा अम्लीय प्रकृति का होता है।

Explanation:

  • वाशिंग सोडा = Na₂CO₃·10H₂O (सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट) – सत्य।
  • यह जल की स्थायी कठोरता को दूर करता है, क्षारीय प्रकृति का है (Na₂CO₃ → pH > 7), और इसे NaCl, NH₃, CO₂ से सॉल्वे प्रक्रम द्वारा बनाया जाता है (NaHCO₃ को गर्म करके Na₂CO₃ बनता है, पर ‘100°C पर’ बेकिंग सोडा से Na₂CO₃ बनता है, पर वाशिंग सोडा = Na₂CO₃·10H₂O – यह क्रिस्टलीकरण से प्राप्त होता है)।

Quick Facts:

  • वाशिंग सोडा – क्षारीय (alkaline), जल मृदुकरण, काँच, कागज उद्योग

दी गई द्वि-विस्थापन अभिक्रिया में A और B के स्थान पर क्रमशः क्या आएगा? A + B → AgBr + KNO₃

  • Ag और HNO₃
  • HBr और NaOH
  • AgNO₃ और KBr
  • HBr और NaOH

Explanation:

  • AgNO₃ + KBr → AgBr↓ + KNO₃
  • यह द्वि-विस्थापन अभिक्रिया है (Ag⁺, NO₃⁻, K⁺, Br⁻ का आदान-प्रदान) – AgBr अवक्षेप (पीला-सफेद) बनता है।
  • A = AgNO₃, B = KBr

Quick Facts:

  • AgBr – सिल्वर ब्रोमाइड, प्रकाश में अपघटित होता है (फोटोग्राफी)।

कौन-सा गुण समांगी मिश्रण को विषमांगी मिश्रण से विभेदित करता है?

  • स्थिर क्वथनांक
  • रासायनिक अभिक्रिया
  • एकसमान संघटन
  • उच्च घनत्व

Explanation:

  • समांगी मिश्रण (Homogeneous mixture) – पूरे मिश्रण में एकसमान संघटन (uniform composition) होता है (जैसे नमक का जल में विलयन)।
  • विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous) – असमान संघटन (जैसे रेत और नमक का मिश्रण)।

Quick Facts:

  • समांगी: विलयन (solution) – एक ही चरण (phase)
  • विषमांगी: निलंबन, कोलॉइड – अलग-अलग चरण

प्लास्टर ऑफ पेरिस किसके कारण कठोर होता है?

  • कार्बन डाइऑक्साइड देकर
  • CaCO₃ में परिवर्तित होकर
  • पानी देकर
  • पानी के साथ संयोजन

Explanation:

  • प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄·½H₂O) पानी के साथ मिलकर जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) में बदल जाता है (CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O → CaSO₄·2H₂O), और इसके साथ ही यह कठोर (hardens) हो जाता है (सेट हो जाता है)।

Quick Facts:

  • यह एक ऊष्माक्षेपी (exothermic) प्रक्रिया है (थोड़ी ऊष्मा निकलती है)।

R त्रिज्या की एकल कुंडली अपने केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र B उत्पन्न करती है। यदि समान तार को समान धारा I वहन करने वाली n फेरों (प्रत्येक की त्रिज्या R/n है) की कुंडली में लपेटा जाए, तो केंद्र पर नए क्षेत्र का मान क्या होगा?

  • n²B
  • B/n
  • B
  • nB

Explanation:

  • एकल कुंडली के केंद्र पर B = μ₀I/(2R)
  • n फेरों वाली कुंडली, प्रत्येक की त्रिज्या R/n है (क्योंकि कुल तार की लंबाई 2πR = n × 2π(R/n) – यह समान रहेगी)।
  • नया क्षेत्र B’ = μ₀ n I / [2 (R/n)] = μ₀ n I × n / (2R) = n² × [μ₀ I/(2R)] = n² B

Quick Facts:

  • चुंबकीय क्षेत्र ∝ n (फेरों की संख्या) और ∝ 1/r (त्रिज्या के व्युत्क्रम) – दोनों प्रभावों से n² गुना बढ़ता है।

द्विविस्थापन अभिक्रिया का सही उदाहरण चुनिए।

  • CuSO₄ + H₂S → CuS + H₂SO₄
  • 2NaCl → 2Na + Cl₂
  • 2AgBr → 2Ag + Br₂
  • CaO + H₂O → Ca(OH)₂

Explanation:

  • CuSO₄ + H₂S → CuS↓ + H₂SO₄ – आयनों (Cu²⁺, SO₄²⁻, H⁺, S²⁻) का आदान-प्रदान – यह द्वि-विस्थापन (और अवक्षेपण) अभिक्रिया है।
  • NaCl → Na + Cl₂ (अपघटन), AgBr → Ag + Br₂ (अपघटन), CaO + H₂O → Ca(OH)₂ (संयोजन)

Quick Facts:

  • CuS – काला अवक्षेप (black precipitate)

अमोनियम डाइक्रोमेट को गर्म करने पर क्या बनता है?

  • क्रोमियम ऑक्साइड और जल
  • क्रोमियम और ऑक्सीजन
  • क्रोमियम ऑक्साइड और नाइट्रोजन
  • नाइट्रोजन, ऑक्सीजन और क्रोमियम ऑक्साइड

Explanation:

  • (NH₄)₂Cr₂O₇ → (गर्म करने पर) Cr₂O₃ (क्रोमियम ऑक्साइड) + N₂ + H₂O (या O₂?)
  • वास्तविक अभिक्रिया: (NH₄)₂Cr₂O₇ → Cr₂O₃ + N₂ + 4H₂O (आमतौर पर O₂ नहीं, पर कुछ संस्करणों में N₂ + O₂ + Cr₂O₃ + H₂O बताया जाता है – पर मुख्य उत्पाद Cr₂O₃ (हरा), N₂, H₂O हैं।
  • यह ‘ज्वालामुखी’ (volcano) प्रयोग के रूप में जाना जाता है।

Quick Facts:

  • (NH₄)₂Cr₂O₇ का अपघटन – अपघटन अभिक्रिया, ऊष्माक्षेपी, हरा Cr₂O₃ बनता है।

दी गई संतुलित रासायनिक अभिक्रिया में, x, y, और z के मान क्रमशः क्या होंगे? xS₈ + yC → zCS₂

  • 1, 4, 4
  • 2, 3, 6
  • 1, 3, 5
  • 2, 6, 3

Explanation:

  • S₈ + 4C → 4CS₂
  • संतुलन: S = 8 (बाएँ) → 4CS₂ में S = 4×2 = 8; C = 4 (बाएँ) → 4CS₂ में C = 4 – संतुलित।
  • अतः x=1, y=4, z=4

Quick Facts:

  • यह एक संयोजन अभिक्रिया है (कार्बन + सल्फर → कार्बन डाइसल्फाइड, CS₂)।

निम्नलिखित में से कौन-से, आयनिक यौगिकों के गुणधर्म हैं? A. उच्च गलनांक B. अध्रुवीय विलायकों में विलेय C. ठोस अवस्था में विद्युत चालक D. प्रकृति में भंगुर

  • केवल (C) और (B)
  • केवल (A) और (B)
  • केवल (C) और (D)
  • केवल (A) और (D)

Explanation:

  • आयनिक यौगिकों के गुण:
  • (A) उच्च गलनांक (high melting point) – सत्य (मजबूत आयनिक बंध)
  • (B) अध्रुवीय विलायकों (non-polar solvents) में विलेय – असत्य (वे जल (ध्रुवीय) में विलेय हैं, अध्रुवीय में अविलेय)
  • (C) ठोस अवस्था में विद्युत चालक – असत्य (वे गलित/जलीय विलयन में चालक होते हैं, पर ठोस में नहीं (आयन स्थिर होते हैं))
  • (D) प्रकृति में भंगुर (brittle) – सत्य (आयनिक क्रिस्टल भंगुर होते हैं)
  • अतः (A) और (D) सत्य हैं।

Quick Facts:

  • आयनिक यौगिक: NaCl, KCl – उच्च गलनांक, जल में विलेय, भंगुर, ठोस में कुचालक (insulator) पर द्रव/जलीय में चालक।

कैल्शियम धातु की एक स्वच्छ पट्टी को ठंडे पानी में डाला जाता है और अभिक्रिया का प्रेक्षण किया जाता है। सोडियम और मैग्नीशियम की तुलना में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन कैल्शियम की अभिक्रियाशीलता और निर्मित उत्पादों की प्रकृति का सही वर्णन करता है?

  • कैल्शियम, सोडियम की तुलना में कम तीव्रता से लेकिन मैग्नीशियम की तुलना में अधिक तीव्रता से अभिक्रिया करता है, जिससे कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस निर्मित होती है।
  • कैल्शियम, सोडियम की तरह ही विस्फोटक रूप से अभिक्रिया करता है, जिससे कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस निर्मित होती है।
  • कैल्शियम ठंडे जल के साथ मंद से अभिक्रिया करता है, जिससे कैल्शियम ऑक्साइड और ऑक्सीजन गैस उत्पन्न होती है।
  • कैल्शियम ठंडे जल के साथ अभिक्रिया नहीं करता है, बल्कि केवल भाप के साथ अभिक्रिया करके कैल्शियम ऑक्साइड और हाइड्रोजन गैस निर्मित करता है।

Explanation:

  • सक्रियता श्रेणी: Na > Ca > Mg (सोडियम > कैल्शियम > मैग्नीशियम)
  • Ca + 2H₂O → Ca(OH)₂ + H₂ (ठंडे जल के साथ अभिक्रिया करता है, पर Na की तुलना में कम तीव्र, Mg की तुलना में अधिक तीव्र – Mg ठंडे जल के साथ बहुत मंद अभिक्रिया करता है, भाप के साथ अधिक)।

Quick Facts:

  • Ca जल के साथ क्षार (Ca(OH)₂) और H₂ देता है।

वसा और तेल के ऑक्सीकृत होने पर निम्नलिखित में से कौन-सा परिवर्तन होता है?

  • वे बासी हो जाते हैं
  • वे घुलनशील हो जाते हैं
  • वे स्थिर हो जाते हैं
  • वे ठोस हो जाते हैं

Explanation:

  • वसा और तेलों का ऑक्सीकरण (oxidation) – विकृतगंधिता (rancidity) – वे बासी (rancid) हो जाते हैं, जिससे अप्रिय गंध और स्वाद आता है।
  • यह एक ऑक्सीकरण अभिक्रिया है, जो प्रकाश, ऊष्मा, या O₂ के संपर्क में आने से तीव्र होती है।

Quick Facts:

  • रैंसिडिटी को रोकने के लिए एंटीऑक्सीडेंट (BHA, BHT) या नाइट्रोजन फ्लशिंग का उपयोग किया जाता है।

जब सोडियम धातु जल के साथ अभिक्रिया करती है तो क्या होता है?

  • क्लोरीन गैस और सोडियम हाइड्रोक्साइड विलयन का उत्पादन होता है।
  • कोई प्रतिक्रिया नहीं होती.
  • केवल सोडियम हाइड्रोक्साइड विलयन का उत्पादन किया जाता है।
  • हाइड्रोजन गैस और सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन उत्पन्न होता है।

Explanation:

  • 2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂
  • Na जल के साथ तीव्र (ऊष्माक्षेपी) अभिक्रिया करता है, H₂ गैस और NaOH (क्षार) बनाता है।

Quick Facts:

  • Na + H₂O → NaOH + H₂ (हाइड्रोजन जलती है – पॉप ध्वनि)

अवक्षेपण अभिक्रिया के लिए सही विकल्प चुनें।

  • एक अभिकारक एक कार्बन यौगिक होना चाहिए।
  • सभी उत्पाद जल में घुलनशील होते हैं।
  • दो स्पष्ट विलयन मिलाने पर ठोस द्रव्यमान अलग हो जाता है।
  • यह हमेशा 80°C पर होता है।

Explanation:

  • अवक्षेपण (Precipitation) – दो स्पष्ट (clear) विलयनों को मिलाने पर एक ठोस (solid) अवक्षेप (precipitate) अलग हो जाता है (जो अघुलनशील होता है)।

Quick Facts:

  • उदाहरण: AgNO₃ + NaCl → AgCl↓ + NaNO₃ (AgCl सफेद ठोस)

जैवनिम्नीकरणीय पदार्थों की परिभाषा के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

  • जैविक प्रक्रम द्वारा विघटित होने वाले पदार्थ
  • रासायनिक प्रक्रम द्वारा विघटित होने वाले पदार्थ
  • यांत्रिक प्रक्रम द्वारा विघटित होने वाले पदार्थ
  • भौतिक प्रक्रम द्वारा विघटित होने वाले पदार्थ

Explanation:

  • जैवनिम्नीकरणीय (Biodegradable) पदार्थ – वे जिन्हें जैविक प्रक्रम (biological processes) (जैसे सूक्ष्मजीव – bacteria, fungi) द्वारा विघटित (decompose) किया जा सकता है (जैसे कागज, खाद्य अपशिष्ट, लकड़ी)।
  • गैर-जैवनिम्नीकरणीय (Non-biodegradable) – प्लास्टिक, पॉलीथीन (जो प्राकृतिक रूप से नहीं टूटते)।

Quick Facts:

  • जैवनिम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण के अनुकूल (eco-friendly) होते हैं।

निम्नलिखित में से कौन सा संयोजन अभिक्रिया का उदाहरण नहीं है?

  • प्राकृतिक गैस का जलना
  • कैल्शियम ऑक्साइड जल के साथ प्रबलता से अभिक्रिया करके बुझा हुआ चूना बनाता है।
  • H₂(g) और O₂(g) से जल का निर्माण
  • सिल्वर क्लोराइड सूर्य के प्रकाश में धूसर हो जाता है।

Explanation:

  • AgCl का सूर्य प्रकाश में धूसर (greyish) होना – यह अपघटन (decomposition) अभिक्रिया है (प्रकाशीय अपघटन – photochemical decomposition: 2AgCl → 2Ag + Cl₂)।
  • अन्य: प्राकृतिक गैस का जलना (दहन/संयोजन), CaO + H₂O → Ca(OH)₂ (संयोजन), H₂ + O₂ → H₂O (संयोजन)

Quick Facts:

  • AgCl प्रकाश में धूसर हो जाता है (Ag का निर्माण) – यही कारण है कि इसका उपयोग फोटोग्राफी में होता है।

कार्बन डाइऑक्साइड के सभी नमूनों में 3 : 8 के बड़े अनुपात में कार्बन और ऑक्सीजन होते हैं। यह सहमति ______ नियम के साथ है।

  • द्रव्यमान का संरक्षण
  • स्थिर अनुपात
  • गुणित अनुपात
  • ऊर्जा का संरक्षण

Explanation:

  • CO₂ में कार्बन (C) और ऑक्सीजन (O) का द्रव्यमान अनुपात सदैव 3:8 होता है (C का परमाणु द्रव्यमान 12, O का 16; CO₂ में 1 C और 2 O, इसलिए 12:32 = 3:8)।
  • यह स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions) है, जो कहता है कि किसी यौगिक में तत्व सदैव एक निश्चित द्रव्यमान अनुपात में होते हैं।

Quick Facts:

  • स्थिर अनुपात का नियम प्राउस्ट (Proust) द्वारा दिया गया था (1799)।
  • गुणित अनुपात का नियम (Dalton) – दो तत्वों के बीच एक से अधिक यौगिक बनने पर उनके अनुपात सरल पूर्णांकों में होते हैं।

सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल की उपस्थिति में एथेनॉल (Ethanol) और एथेनोइक (ethanoic) अम्ल अभिक्रिया करके एक सुगंधित यौगिक बनाते हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, अभिक्रिया के प्रकार और सांद्र H₂SO₄ की भूमिका को सही प्रकार से निरूपित करता है?

  • यह एक उदासीनीकरण अभिक्रिया है; H₂SO₄ अम्ल के रूप में कार्य करके क्षार को उदासीन करता है।
  • यह एक ऑक्सीकरण अभिक्रिया है; H₂SO₄ ऑक्सीकारक के रूप में कार्य करता है।
  • यह एक एस्टरीकरण अभिक्रिया है; H₂SO₄ उत्प्रेरक और निर्जलीकारक के रूप में कार्य करता है।
  • यह एक प्रतिस्थापन अभिक्रिया है; H₂SO₄ निर्जलीकारक के रूप में कार्य करके जल के अणुओं को हटाता है।

Explanation:

  • एथेनॉल (CH₃CH₂OH) और एथेनोइक अम्ल (CH₃COOH) की अभिक्रिया सांद्र H₂SO₄ की उपस्थिति में एस्टरीफिकेशन (esterification) कहलाती है, जिसमें सुगंधित एस्टर (एथिल एथेनोएट, CH₃COOC₂H₅) और जल बनता है।
  • सांद्र H₂SO₄ उत्प्रेरक (catalyst) और निर्जलीकारक (dehydrating agent) का कार्य करता है (यह जल को अवशोषित करता है, जिससे अभिक्रिया अग्र दिशा में बढ़ती है)।

Quick Facts:

  • एस्टर की गंध फलों जैसी (fruity) होती है।
  • CH₃COOH + C₂H₅OH ⇌ CH₃COOC₂H₅ + H₂O (सांद्र H₂SO₄ में)

तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया होने पर निम्नलिखित में से कौन-सा प्रेक्षण सही है?

  • केवल लवण और जल का निर्माण
  • एक रंगहीन गैस का त्वरित निर्माण, जो चूने का पानी दूधिया कर देती है
  • नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के भूरे धुएँ का निर्माण
  • पॉप ध्वनि के साथ हाइड्रोजन गैस का निर्माण

Explanation:

  • NaHCO₃ + HCl → NaCl + H₂O + CO₂ (गैस)
  • CO₂ एक रंगहीन (colourless) गैस है, जो चूने के पानी (Ca(OH)₂) को दूधिया (milky) कर देती है (CaCO₃ बनता है)।
  • यह अम्ल + बाइकार्बोनेट अभिक्रिया है, जिसमें CO₂ तेजी से निकलती है (उत्सर्जन, effervescence)।

Quick Facts:

  • CO₂ की पहचान: चूने के पानी को दूधिया करना (CaCO₃ अवक्षेप)।
  • H₂ पॉप ध्वनि (धातु + अम्ल) के साथ, NO₂ भूरा धुआँ (नाइट्रेट अपघटन) से बनता है।

निम्नलिखित अभिक्रिया पर विचार करें। Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq) यह अभिक्रिया किसका उदाहरण है?

  • अपघटन अभिक्रिया
  • अवक्षेपण अभिक्रिया
  • संयोजन अभिक्रिया
  • विस्थापन अभिक्रिया

Explanation:

  • इस अभिक्रिया में BaSO₄ (बेरियम सल्फेट) अविलेय (insoluble) ठोस (अवक्षेप, precipitate) बनता है, जो विलयन से अलग होकर नीचे बैठ जाता है।
  • यह अवक्षेपण अभिक्रिया (precipitation reaction) है (जो द्वि-विस्थापन का ही एक वर्ग है)।

Quick Facts:

  • BaSO₄ का रंग: सफेद (white)
  • यह अभिक्रिया सल्फेट आयन (SO₄²⁻) के परीक्षण में उपयोग होती है।

निम्नलिखित में से कौन सी अभिक्रिया उत्पादों के निर्माण के साथ ऊष्मा का उत्सर्जन करती है?

  • ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया
  • ऊष्माशोषी अभिक्रिया
  • सिम्मा ट्रोपिक अभिक्रियाएँ
  • पुनर्व्यवस्था अभिक्रियाएँ

Explanation:

  • जिस अभिक्रिया में ऊष्मा (heat) मुक्त (release) होती है, उसे ऊष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया कहते हैं।
  • उदाहरण: C + O₂ → CO₂ + ऊष्मा, CaO + H₂O → Ca(OH)₂ + ऊष्मा
  • ऊष्माशोषी (endothermic) – ऊष्मा अवशोषित होती है (जैसे CaCO₃ → CaO + CO₂)।

Quick Facts:

  • ऊष्माक्षेपी: ΔH = ऋणात्मक, ऊष्माशोषी: ΔH = धनात्मक

जब सिल्वर नाइट्रेट विलयन को सोडियम क्लोराइड विलयन में मिलाया जाता है, तो:

  • चांदी अभिक्रिया पात्र की सतह पर निक्षेपित हो जाएगी
  • कोई अभिक्रिया नहीं होती
  • सिल्वर क्लोराइड का एक सफेद अवक्षेप बनता है
  • सोडियम नाइट्रेट का एक सफेद अवक्षेप प्राप्त होता है

Explanation:

  • AgNO₃ + NaCl → AgCl↓ + NaNO₃
  • AgCl (सिल्वर क्लोराइड) जल में अविलेय है और सफेद (white) अवक्षेप के रूप में बनता है।
  • NaNO₃ विलेय है, इसलिए अवक्षेप नहीं बनता।

Quick Facts:

  • AgCl अवक्षेप प्रकाश में काला (grey/black) हो जाता है (फोटोग्राफी में उपयोग)।
  • यह एक द्वि-विस्थापन अवक्षेपण अभिक्रिया है।

रासायनिक अभिक्रिया Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s) किस प्रकार की अभिक्रिया को दर्शाती है?

  • दहन अभिक्रिया
  • विस्थापन अभिक्रिया
  • संयोजन अभिक्रिया
  • द्विविस्थापन अभिक्रिया

Explanation:

  • Fe (आयरन), Cu (कॉपर) को CuSO₄ (कॉपर सल्फेट) से विस्थापित (displace) करता है, क्योंकि Fe, Cu से अधिक अभिक्रियाशील है (सक्रियता श्रेणी में Fe > Cu)।
  • यह एक विस्थापन (displacement) अभिक्रिया है (और रेडॉक्स भी)।

Quick Facts:

  • इस अभिक्रिया में, Fe की कील पर Cu की भूरी (brown) परत जम जाती है, और CuSO₄ का नीला रंग फीका पड़ जाता है।

अयस्क से धातुओं के निष्कर्षण में निम्नलिखित में से कौन सा क्रम सही है?

  • अपचयन → शोधन → सांद्रण
  • शोधन → सांद्रण → अपचयन
  • सांद्रण → अपचयन → शोधन
  • सांद्रण → विद्युत-अपघटन → भर्जन

Explanation:

  • धातु निष्कर्षण (extraction) का सामान्य क्रम: (1) अयस्क का सांद्रण (concentration) (अशुद्धियाँ हटाना), (2) अपचयन (reduction) (धातु ऑक्साइड से धातु प्राप्त करना), (3) शोधन (refining) (शुद्ध धातु प्राप्त करना)।
  • विद्युत-अपघटन (electrolysis) – शोधन या अपचयन की विधि हो सकती है, पर क्रम सांद्रण → अपचयन → शोधन है।

Quick Facts:

  • सांद्रण: फ्लोटेशन, चुंबकीय पृथक्करण
  • अपचयन: कार्बन द्वारा, विद्युत अपघटन द्वारा
  • शोधन: आसवन, विद्युत शोधन

सोडियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइड के बीच की अभिक्रिया, द्वि-विस्थापन अभिक्रिया का एक उदाहरण है। यह ______ का भी एक उदाहरण है।

  • संयोजन अभिक्रिया
  • अवक्षेपण अभिक्रिया
  • अपघटन अभिक्रिया
  • विस्थापन अभिक्रिया

Explanation:

  • Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl
  • BaSO₄ अविलेय (insoluble) है, इसलिए यह अवक्षेपण (precipitation) अभिक्रिया भी है (और द्वि-विस्थापन भी)।

Quick Facts:

  • अवक्षेपण अभिक्रिया = द्वि-विस्थापन + अविलेय उत्पाद

निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया, अपचयन अभिक्रिया (reduction reaction) का उदाहरण है?

  • NaOH + HCl → NaCl + H₂O
  • 2Mg + O₂ → 2MgO
  • Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂
  • CuO + H₂ → Cu + H₂O

Explanation:

  • CuO + H₂ → Cu + H₂O – यहाँ CuO (Cu²⁺) से Cu (0) बनता है, अर्थात CuO अपचयित (reduced) होता है (ऑक्सीजन खो देता है) – यह अपचयन अभिक्रिया है (साथ ही रेडॉक्स, H₂ ऑक्सीकृत होता है)।
  • NaOH + HCl → उदासीनीकरण, Mg + O₂ → ऑक्सीकरण, Zn + H₂SO₄ → विस्थापन (Zn ऑक्सीकृत, H⁺ अपचयित – रेडॉक्स, पर CuO+H₂ स्पष्ट अपचयन उदाहरण है)।

Quick Facts:

  • अपचयन: ऑक्सीजन का क्षय या हाइड्रोजन का लाभ (पारंपरिक)
  • इलेक्ट्रॉन ग्रहण (आधुनिक)

द्रव्यमान संरक्षण का नियम कहता है:

  • किसी गैस का आयतन स्थिर तापमान पर उसके दाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
  • ऊर्जा संरक्षित रहती है और न तो इसे बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।
  • रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्य को न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।
  • रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों का कुल द्रव्यमान उत्पादों के कुल द्रव्यमान के बराबर नहीं होता है।

Explanation:

  • द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Lavoisier): रासायनिक अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान (mass) स्थिर (conserved) रहता है – न तो उत्पन्न होता है, न नष्ट होता है।
  • विकल्प C सही है: द्रव्य (matter) न तो बनाया जा सकता है, न नष्ट किया जा सकता है (केवल रूपांतरित हो सकता है)।

Quick Facts:

  • यह नियम रासायनिक समीकरणों को संतुलित करने का आधार है।
  • गैस का आयतन-दाब → बॉयल का नियम, ऊर्जा संरक्षण → ऊष्मागतिकी का पहला नियम।

किस प्रकार की रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है?

  • अपघटन अभिक्रिया
  • द्विविस्थापन अभिक्रिया
  • विस्थापन अभिक्रिया
  • संयोजन अभिक्रिया

Explanation:

  • द्विविस्थापन (double displacement) अभिक्रिया में दो आयनिक यौगिकों के आयनों (ions) का आदान-प्रदान (exchange) होता है: AB + CD → AD + CB
  • उदाहरण: NaCl + AgNO₃ → AgCl + NaNO₃

Quick Facts:

  • विस्थापन: एक तत्व दूसरे को विस्थापित करता है (A + BC → AC + B)
  • अपघटन: एक यौगिक टूटता है (AB → A + B)
  • संयोजन: दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक बनाते हैं (A + B → AB)

कपड़े प्रेस, इलेक्ट्रिक टोस्टर, इलेक्ट्रिक ओवन, इलेक्ट्रिक केतली और इलेक्ट्रिक हीटर जैसे विद्युत उपकरण विद्युत धारा के किस प्रभाव पर आधारित हैं?

  • रासायनिक प्रभाव
  • चुंबकीय प्रभाव
  • शारीरिक प्रभाव
  • तापन प्रभाव

Explanation:

  • ये सभी उपकरण विद्युत धारा के तापन प्रभाव (heating effect) पर आधारित हैं – जब धारा किसी प्रतिरोधक (जैसे नाइक्रोम तार) से प्रवाहित होती है, तो उसमें ऊष्मा उत्पन्न होती है (Joule heating: H = I²Rt)।
  • रासायनिक प्रभाव → विद्युत अपघटन, चुंबकीय प्रभाव → विद्युत चुंबक (इलेक्ट्रोमैग्नेट)।

Quick Facts:

  • जूल का तापन नियम: H = I²Rt (ऊष्मा = धारा² × प्रतिरोध × समय)
  • नाइक्रोम (Ni-Cr) का उपयोग उच्च प्रतिरोध के कारण तापन अवयव (heating element) में होता है।

निम्नलिखित में से कौन सी अभिक्रिया प्रतीकात्मक संयोजन अभिक्रिया का प्रतिनिधित्व करती है?

  • XY → X + Y
  • A + B → C
  • AB + CD → AC + BD
  • PQ + R → PR + Q

Explanation:

  • संयोजन (Combination) अभिक्रिया: दो या अधिक अभिकारक → एक उत्पाद (A + B → C)
  • XY → X + Y (अपघटन), AB + CD → AC + BD (द्वि-विस्थापन), PQ + R → PR + Q (विस्थापन)

Quick Facts:

  • संयोजन अभिक्रिया का उदाहरण: 2H₂ + O₂ → 2H₂O

सोडियम बाइकार्बोनेट से धावन सोडा तैयार करने का सबसे अच्छा तरीका पहचानें।

  • सोडियम बाइकार्बोनेट को फ्रीज करके
  • सोडियम बाइकार्बोनेट को सिरके में मिलाकर
  • सोडियम बाइकार्बोनेट को पानी में मिलाकर
  • सोडियम बाइकार्बोनेट को गर्म करके

Explanation:

  • सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃, बेकिंग सोडा) को गर्म करने पर सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃, धावन सोडा/वाशिंग सोडा), CO₂ और H₂O बनते हैं।
  • 2NaHCO₃ → (गर्म करने पर) Na₂CO₃ + CO₂ + H₂O
  • फिर Na₂CO₃ को क्रिस्टलीकृत (crystallized) करके Na₂CO₃·10H₂O (धावन सोडा) बनाया जाता है।

Quick Facts:

  • धावन सोडा = Na₂CO₃·10H₂O (सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट)

जब आप शक्कर को जल में घोलते हैं तो क्या होता है?

  • शक्कर के कण जल के कणों के बीच जगह बना लेते हैं
  • शक्कर के कण नीचे बैठ जाते हैं
  • जल वाष्पित हो जाता है
  • शक्कर, जल के साथ अभिक्रिया करती है

Explanation:

  • शक्कर (Sugar) जल में घुलकर एक विलयन (solution) बनाती है – इसमें शक्कर के अणु जल के अणुओं के बीच के रिक्त स्थानों (voids) में फैल जाते हैं (यह एक भौतिक परिवर्तन है, रासायनिक अभिक्रिया नहीं)।
  • यह अंतराकाशी (interstitial) विघटन (dissolution) है, जहाँ विलेय कण विलायक के रिक्त स्थानों में समा जाते हैं।

Quick Facts:

  • जल में शक्कर का घुलना एक भौतिक परिवर्तन है (कोई नया पदार्थ नहीं बनता)।

कॉपर सल्फेट के विलयन में जिंक को मिलाने पर ______ विस्थापित हो जाता है।

  • कॉपर
  • हाइड्रोजन
  • जिंक
  • सल्फेट

Explanation:

  • Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu
  • Zn, Cu से अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए यह Cu को CuSO₄ से विस्थापित (displace) करता है, और कॉपर (Cu) अवक्षेपित हो जाता है।

Quick Facts:

  • Zn की सक्रियता Cu से अधिक है (सक्रियता श्रेणी: Zn > Cu)।
  • ZnSO₄ रंगहीन (colourless) या हल्का हरा होता है, CuSO₄ का नीला रंग फीका पड़ जाता है।

निम्नलिखित अभिक्रिया के संतुलित उत्पाद क्या हैं? Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → ______ + ______

  • BaSO₄(s) + 2NaCl₂(aq)
  • BaSO₂(s) + NaCl(aq) + O₂(g)
  • BaSO₂(s) + NaCl(aq) + 2O₂(g)
  • BaSO₄(s) + 2NaCl(aq)

Explanation:

  • Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl
  • BaSO₄ (ठोस अवक्षेप), 2NaCl (विलयन में)
  • NaCl₂ गलत है (NaCl सही है), BaSO₂ गलत है (BaSO₄ सही है)।

Quick Facts:

  • यह एक द्वि-विस्थापन अवक्षेपण अभिक्रिया है।

______ कहलाती है।

  • ऊर्ध्वपातन (Sublimation)
  • आसवन (Distillation)
  • किण्वन (Fermentation)
  • निसादन (Sintering)

Explanation:

  • यह एक अधूरा प्रश्न है, परंतु दिए गए विकल्पों में से आसवन (Distillation) एक पृथक्करण विधि है जो द्रवों के क्वथनांक (boiling point) में अंतर पर आधारित है।
  • ऊर्ध्वपातन (Sublimation) – ठोस से सीधे गैस में बदलना (जैसे कपूर), किण्वन (Fermentation) – जैविक प्रक्रिया (शराब बनाना), निसादन – पाउडर/ठोस का संघनन (sintering) – धातु विज्ञान में।

Quick Facts:

  • आसवन का उपयोग शराब (ethanol) को जल से अलग करने में होता है।

सफेदी के दौरान Ca(OH)₂ दीवारों पर ______ का एक पतला परत बनाने के लिए CO₂ के साथ धीमी गति से प्रतिक्रिया करता है।

  • CaO
  • CaSO₄
  • CaCl₂
  • CaCO₃

Explanation:

  • Ca(OH)₂ (बुझा चूना) + CO₂ (वायु से) → CaCO₃ + H₂O
  • CaCO₃ (कैल्शियम कार्बोनेट) एक कठोर, चमकदार (shiny) परत बनाता है, जो दीवारों को चमक प्रदान करता है।

Quick Facts:

  • यही कारण है कि सफेदी (whitewash) करने के बाद दीवारें चमकदार हो जाती हैं।

मछली के हृदय में कितने कक्ष होते हैं?

  • 3
  • 4
  • 5
  • 2

Explanation:

  • मछलियों (fish) का हृदय 2-कक्षीय (two-chambered) होता है – 1 अलिंद (atrium) और 1 निलय (ventricle)।
  • उभयचर (amphibians) – 3-कक्षीय, पक्षी/स्तनधारी – 4-कक्षीय, सरीसृप (मगरमच्छ को छोड़कर) – 3-कक्षीय।

Quick Facts:

  • मछलियों में रक्त एक बार (single circulation) हृदय से होकर गुजरता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन अवक्षेप उत्पन्न करेगा?

  • NaCl + KNO₃
  • NaOH + Na₂SO₄
  • NaOH + NaCl
  • NaOH + FeCl₃

Explanation:

  • NaOH + FeCl₃ → Fe(OH)₃↓ + 3NaCl
  • Fe(OH)₃ (आयरन (III) हाइड्रॉक्साइड) एक भूरा (brown) अवक्षेप है, जो अविलेय है।
  • अन्य सभी संयोजनों में कोई अवक्षेप नहीं बनता (सभी उत्पाद विलेय हैं)।

Quick Facts:

  • Fe(OH)₃ का रंग: भूरा (brown)/लाल-भूरा
  • यह एक द्वि-विस्थापन अवक्षेपण अभिक्रिया है।

वनस्पति तेल के हाइड्रोजनीकरण में उत्प्रेरक के रूप में निम्नलिखित में से किसका उपयोग किया जाता है?

  • पैलेडियम
  • कार्बन
  • मैंगनीज
  • निकल

Explanation:

  • वनस्पति तेल (vegetable oil) का हाइड्रोजनीकरण (hydrogenation) – असंतृप्त वसा को संतृप्त वसा (घी/मार्जरीन) में बदलने के लिए – निकेल (Ni) उत्प्रेरक (catalyst) का उपयोग किया जाता है।
  • अभिक्रिया: वनस्पति तेल + H₂ → Ni (उत्प्रेरक) → संतृप्त वसा

Quick Facts:

  • यह एक योगात्मक (addition) अभिक्रिया है, जो हाइड्रोजन के द्विबंध (double bond) में जुड़ने से होती है।

जब लोहे की कीलें कॉपर सल्फेट के घोल के संपर्क में आती हैं, तो उनका रंग ______ में बदल जाता है।

  • भूरा
  • लाल
  • नीला
  • पीला

Explanation:

  • Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu
  • लोहे की कील पर Cu (कॉपर) की भूरी (brown) परत जम जाती है, इसलिए कील का रंग भूरा हो जाता है।

Quick Facts:

  • Cu का रंग: लाल-भूरा (reddish-brown)

लंबे समय तक नम हवा के संपर्क में आने पर तांबे के बर्तनों पर हरी परत किसके कारण बनती है?

  • कॉपर ऑक्साइड और नीले हरे वीलन
  • लाइकेन और कॉपर कार्बोनेट
  • कॉपर हाइड्रॉक्साइड और मैग्नीशियम कार्बोनेट
  • कॉपर हाइड्रॉक्साइड और कॉपर कार्बोनेट

Explanation:

  • तांबे (Cu) पर नम हवा (CO₂, O₂, H₂O) की क्रिया से बेसिक कॉपर कार्बोनेट [CuCO₃·Cu(OH)₂] (हरा रंग) बनता है, जिसे ‘हरा मोरचा’ (verdigris) कहते हैं।
  • यह Cu(OH)₂ (कॉपर हाइड्रॉक्साइड) और CuCO₃ (कॉपर कार्बोनेट) का मिश्रण है।

Quick Facts:

  • तांबे पर हरी परत = CuCO₃·Cu(OH)₂ (बेसिक कॉपर कार्बोनेट)
  • यह एक संक्षारण (corrosion) प्रक्रिया है।

______ स्लेक्ड लाइम बनाने के लिए जल के साथ प्रबलता से अभिक्रिया करता है।

  • CaCl₂
  • CaO
  • CaCO₃
  • Ca(OH)₂

Explanation:

  • CaO (क्विक लाइम, बिना बुझा चूना) + H₂O → Ca(OH)₂ (स्लेक्ड लाइम, बुझा चूना) + ऊष्मा
  • यह अभिक्रिया बहुत ऊष्माक्षेपी (exothermic) है और इसे ‘स्लेकिंग’ (slaking) कहते हैं।

Quick Facts:

  • CaO को ‘क्विक लाइम’ (quicklime) भी कहते हैं, Ca(OH)₂ को ‘बुझा चूना’ (slaked lime)।

टंगस्टन का प्रतीक क्या है?

  • Tn
  • Tu
  • Tg
  • W

Explanation:

  • टंगस्टन (Tungsten) का रासायनिक प्रतीक W है (जर्मन नाम ‘Wolfram’ से व्युत्पन्न)।
  • इसका परमाणु क्रमांक 74 है, जिसका उपयोग प्रकाश बल्ब के तंतु (filament) में होता है।

Quick Facts:

  • टंगस्टन का उच्च गलनांक (melting point) – 3422°C – इसे बल्बों के लिए उपयुक्त बनाता है।

दी गई अभिक्रिया को पूरा करें। 2AgBr(s) → 2Ag(s) + ?

  • Cl₂(g)
  • Br₂(g)
  • H₂(g)
  • O₂(g)

Explanation:

  • AgBr (सिल्वर ब्रोमाइड) प्रकाश में अपघटित होकर Ag (चाँदी) और Br₂ (ब्रोमीन) गैस बनाता है।
  • 2AgBr → (प्रकाश) 2Ag + Br₂
  • यह प्रकाशीय अपघटन (photochemical decomposition) है, जिसका उपयोग फोटोग्राफी में होता है।

Quick Facts:

  • AgCl भी इसी प्रकार विघटित होता है (Cl₂ गैस)।

क्रंटो द्वारा उत्पन्न की जाने वाली आवाज को क्या कहा जाता है? A. भौकना (Howl) B. गुरगुराहट (Grunt) C. मिमियाना (Bleat) D. बड़बड़ाना (Gibber)

  • C
  • B
  • A
  • D

Explanation:

  • ‘क्रंटो’ (Crunto) संभवतः किसी विशिष्ट जीव (जैसे बन्दर, बंदर) की आवाज़ है, जिसे बड़बड़ाना (Gibber) कहते हैं।
  • भौकना (Howl) → भेड़िया, गुरगुराहट (Grunt) → सूअर, मिमियाना (Bleat) → भेड़/बकरी

Quick Facts:

  • प्राणियों की आवाज़ों के अंग्रेजी शब्द: Howl (wolf), Grunt (pig), Bleat (sheep/goat), Gibber (monkey/ape)

निम्नलिखित अभिक्रिया का उत्पाद क्या है? 2NaOH(aq) + Zn(s) →

  • Na₂ZnO₂(s) और H₂O(l)
  • ZnO₂(s) और N₂O(g)
  • Na₂ZnO₂(s) और H₂(g)
  • ZnO₂(s) और H₂O(l)

Explanation:

  • Zn (जिंक) एक उभयधर्मी (amphoteric) धातु है, जो NaOH (क्षार) के साथ अभिक्रिया करके सोडियम जिंकेट (Na₂ZnO₂) और हाइड्रोजन (H₂) गैस बनाता है।
  • Zn + 2NaOH → Na₂ZnO₂ + H₂
  • यह एक विस्थापन/रेडॉक्स अभिक्रिया है (Zn ऑक्सीकृत, H⁺ अपचयित)।

Quick Facts:

  • Al, Zn, Pb जैसी उभयधर्मी धातुएँ क्षारों के साथ H₂ गैस देती हैं।

पौधों में परिवहन से संबंधित गलत कथन की पहचान करें। a. प्लोएम मिट्टी से खनिज और जल के अवशोषण में मदद करता है। b. रोम जल और खनिज अवशोषण के लिए जड़ के सतही क्षेत्र को बढ़ाते हैं। c. पौधों में विशेष संवहन ऊतक मिट्टी से जल और पोषक तत्वों का परिवहन करते हैं। d. जड़ें और पत्तियां जाइलम नलिकाओं के एक सतत तंत्र द्वारा जुड़ी होती हैं।

  • केवल d
  • केवल b
  • केवल a
  • केवल c

Explanation:

  • कथन a: प्लोएम (Phloem) भोजन (कार्बोहाइड्रेट) का परिवहन करता है, जल और खनिज का परिवहन जाइलम (Xylem) करता है। अतः ‘प्लोएम मिट्टी से खनिज और जल अवशोषण’ – गलत है।
  • अन्य कथन सत्य हैं: b (रोम/मूल रोम – surface area बढ़ाते हैं), c (संवहन ऊतक – जाइलम और प्लोएम), d (जाइलम सतत तंत्र है)।

Quick Facts:

  • जाइलम: जल + खनिज (एकदिशीय, root → shoot)
  • प्लोएम: भोजन (द्विदिशीय, source → sink)

निम्नलिखित में से किस यौगिक के निर्माण के लिए क्लोर-क्षार प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है?

  • NaOH + Cl₂
  • Na₂CO₃
  • NaHCO₃
  • NaCl

Explanation:

  • क्लोर-क्षार (Chlor-alkali) प्रक्रिया में NaCl (ब्राइन) के विद्युत अपघटन से NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड), Cl₂ (क्लोरीन), और H₂ गैस बनते हैं।
  • 2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂

Quick Facts:

  • इस प्रक्रिया का उपयोग कास्टिक सोडा (NaOH) और क्लोरीन गैस के औद्योगिक निर्माण में होता है।

जल में हाइड्रोजन के द्रव्यमान और ऑक्सीजन के द्रव्यमान का अनुपात हमेशा होता है।

  • 2 : 1
  • 1 : 8
  • 8 : 1
  • 1 : 2

Explanation:

  • H₂O में, H का परमाणु द्रव्यमान = 1, O = 16
  • H₂O में 2 H (2×1 = 2) और 1 O (16) → अनुपात = 2:16 = 1:8
  • यह स्थिर अनुपात का नियम है।

Quick Facts:

  • CO₂ में C:O = 12:32 = 3:8

हार्मोन और उनके कार्यों का मिलान कीजिए।

  • 1 – b, 2 – a, 3 – d, 4 – c
  • 1 – a, 2 – c, 3 – b, 4 – d
  • 1 – d, 2 – a, 3 – b, 4 – c
  • 1 – d, 2 – b, 3 – c, 4 – a

Explanation:

  • यह एक मिलान प्रश्न है, पर सूची (हार्मोन और उनके कार्य) प्रश्न में नहीं दी गई है।
  • सामान्य हार्मोन: i. एडेनालाईन (Adrenaline) – ‘लड़ो या भागो’ प्रतिक्रिया, ii. इंसुलिन (Insulin) – रक्त शर्करा नियंत्रण, iii. थायरोक्सिन (Thyroxine) – चयापचय, iv. ग्रोथ हार्मोन (Growth hormone) – वृद्धि।
  • दिए गए विकल्पों के अनुसार, 1-d, 2-a, 3-b, 4-c सही हो सकता है (पर सूची के बिना सटीक पुष्टि संभव नहीं)।

Quick Facts:

  • अंतःस्रावी ग्रंथियाँ (endocrine glands) हार्मोन स्रावित करती हैं (जैसे पिट्यूटरी, थायरॉयड, अग्न्याशय)।

कृषि अपशिष्ट सामग्री को कार्बनिक पदार्थों और पोषक तत्वों से भरपूर अपघटित पदार्थ में बदलने की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?

  • कम्पोस्टिंग (Composting)
  • रीन मैन्योरिंग (Green Manuring)
  • पॉलिनेशन (Pollination)
  • फर्टिलाइजेशन (Fertilization)

Explanation:

  • कम्पोस्टिंग (Composting) – कृषि/जैविक अपशिष्ट (खाद, पत्ते, फसल अवशेष) को सूक्ष्मजीवों (microbes) द्वारा विघटित (decompose) करके कार्बनिक पदार्थों और पोषक तत्वों (जैसे नाइट्रोजन, फॉस्फोरस) से भरपूर ‘खाद’ (compost) में बदलना।
  • ग्रीन मैन्योरिंग – हरी फसलों को जोतकर मिट्टी में मिलाना, परागण (pollination) – पराग का स्थानांतरण, निषेचन (fertilization) – युग्मकों का संलयन।

Quick Facts:

  • कम्पोस्टिंग जैविक खेती (organic farming) का एक महत्वपूर्ण अंग है।

भ्रूणों के औद्योगिक उपयोग के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

  • इसका उपयोग प्रशीतन और एरोसोल उत्पादन में किया जाता है।
  • इसका मुख्य रूप से खाद्य प्रसंस्करण और खाद्य परिरक्षक के रूप में उपयोग किया जाता है।
  • इसका उपयोग कीटनाशक और कीटनाशक के रूप में किया जाता है।
  • इसका उपयोग कपड़ा रंगाई के लिए किया जाता है।

Explanation:

  • यहाँ ‘भ्रूणों’ (embryos) शब्द गलत है, संभवतः ‘फ्रीऑन’ (Freon/CFC) या ‘फ्लोरोकार्बन’ का उल्लेख है, जिनका उपयोग प्रशीतन (refrigeration) और एरोसोल (aerosol) उत्पादन में होता है।
  • CFC (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) का उपयोग रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, एरोसोल स्प्रे में होता है।
  • खाद्य प्रसंस्करण/परिरक्षक, कीटनाशक, कपड़ा रंगाई – ये CFC के उपयोग नहीं हैं।

Quick Facts:

  • CFCs ओजोन परत को क्षति पहुँचाते हैं (मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल द्वारा प्रतिबंधित)।

दी गई अभिक्रिया ______ का एक उदाहरण है। 2Al + Fe₂O₃ → Al₂O₃ + 2Fe

  • द्विविस्थापन अभिक्रिया
  • संयोजन अभिक्रिया
  • विस्थापन अभिक्रिया
  • अपघटन अभिक्रिया

Explanation:

  • Al (ऐलुमिनियम), Fe₂O₃ (फेरिक ऑक्साइड) से Fe (लोहा) को विस्थापित (displace) करता है, क्योंकि Al, Fe से अधिक अभिक्रियाशील है (सक्रियता श्रेणी: Al > Fe)।
  • यह थर्माइट (thermite) अभिक्रिया है, जो अत्यधिक ऊष्माक्षेपी है और इसका उपयोग वेल्डिंग में होता है।
  • यह एक विस्थापन (displacement) अभिक्रिया है (और रेडॉक्स भी)।

Quick Facts:

  • 2Al + Fe₂O₃ → Al₂O₃ + 2Fe + ऊष्मा (थर्माइट अभिक्रिया)

दिए गए रासायनिक समीकरण के बाई ओर ऑक्सीजन के कितने अणु हैं? Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O

  • 4
  • 3
  • 2
  • 1

Explanation:

  • बाई ओर: Ca(OH)₂ में O = 2 (दो ऑक्सीजन परमाणु, पर एक O₂ अणु नहीं), CO₂ में O = 2 (पर एक O₂ अणु नहीं) – कुल O परमाणु = 4, पर O₂ अणुओं की संख्या = 2 (क्योंकि O₂ = 2 ऑक्सीजन परमाणुओं का एक अणु)।
  • प्रश्न ‘ऑक्सीजन के अणु’ – O₂ अणु की संख्या – बाई ओर O₂ अणु नहीं है (O परमाणु हैं), पर उत्तर 2 (O₂ के रूप में) या 4 (परमाणुओं के रूप में) – स्पष्टीकरण के अनुसार, बाई ओर O परमाणु 4 हैं, जो 2 O₂ अणुओं के बराबर हैं।

Quick Facts:

  • Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O (संतुलित: बाएँ: Ca=1, O=4, H=2; दाएँ: Ca=1, O=4, H=2)

जब किसी अपघटन अभिक्रिया को गर्म करके किया जाता है, तब उसे क्या कहा जाता है?

  • तापीय अपघटन
  • गैर-विद्युत अपघटनी अभिक्रिया
  • प्रकाश-अपघटन अभिक्रिया
  • विद्युत-अपघटनी अभिक्रिया

Explanation:

  • गर्म करके (ऊष्मा द्वारा) किया गया अपघटन तापीय अपघटन (thermal decomposition) कहलाता है।
  • उदाहरण: CaCO₃ → CaO + CO₂ (गर्म करने पर)
  • प्रकाश द्वारा → प्रकाशीय अपघटन (photochemical), विद्युत द्वारा → विद्युत अपघटन (electrolytic)।

Quick Facts:

  • तापीय अपघटन में अक्सर ऊष्मा अवशोषित होती है (ऊष्माशोषी) – जैसे CaCO₃ का अपघटन।

एक संतुलित रासायनिक अभिक्रिया में, जैसा कि नीचे दिखाया गया है, क्रमशः a, b, c और d के मान हैं: aFe + bH₂O → cFe₃O₄ + dH₂

  • 3, 4, 1, 4
  • 2, 4, 1, 3
  • 3, 4, 1, 4
  • 3, 4, 3, 4

Explanation:

  • 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂
  • बाएँ: Fe=3, H=8, O=4; दाएँ: Fe=3, H=8, O=4 → संतुलित
  • अतः a=3, b=4, c=1, d=4

Quick Facts:

  • यह अभिक्रिया लोहे के जंग लगने (rusting) या स्टीम के साथ अभिक्रिया से संबंधित है।

ब्लैक एंड व्हाइट फोटोग्राफी में निम्न में से किस लवण का उपयोग किया जाता है?

  • NaBr
  • AgCl
  • AgNO₃
  • AgBr

Explanation:

  • ब्लैक एंड व्हाइट (B&W) फोटोग्राफी में सिल्वर ब्रोमाइड (AgBr) और सिल्वर क्लोराइड (AgCl) का उपयोग फोटोसेंसिटिव (प्रकाश-संवेदी) सामग्री के रूप में किया जाता है, लेकिन AgNO₃ (सिल्वर नाइट्रेट) का उपयोग इन लवणों को बनाने के लिए होता है।
  • विकल्पों में AgBr (सिल्वर ब्रोमाइड) सही है – यह प्रकाश में अपघटित होकर Ag (चाँदी) बनाता है, जो फोटोग्राफिक इमेज बनाता है।

Quick Facts:

  • AgBr: प्रकाश में 2AgBr → 2Ag + Br₂
  • AgNO₃ का उपयोग AgBr बनाने के लिए कच्चे माल के रूप में होता है।

______ अभिक्रिया तब होती है जब सोडियम सल्फेट बेरियम क्लोराइड के साथ अभिक्रिया करता है।

  • एकल संयोजन
  • अपघटन
  • द्वि-विस्थापन
  • संयोजन

Explanation:

  • Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl – यह एक द्वि-विस्थापन (double displacement) अभिक्रिया है (आयनों का आदान-प्रदान)।

Quick Facts:

  • यह अवक्षेपण अभिक्रिया भी है (BaSO₄ अवक्षेप)।

निम्नलिखित में से कौन सा रासायनिक समीकरण गलत है?

  • 3Fe(s) + 4H₂O(l) → Fe₃O₄(s) + 4H₂(l)
  • 2Mg(s) + O₂(g) → 2MgO(s)
  • CO(g) + 2H₂(g) → CH₃OH(l)
  • CO(g) + H₂(g) → CH₂O(l)

Explanation:

  • CO + H₂ → CH₂O – यह संतुलित नहीं है और रासायनिक रूप से सही नहीं है (सामान्यतः CO + 2H₂ → CH₃OH, मेथेनॉल बनता है)।
  • CH₂O (फॉर्मल्डिहाइड) CO + H₂ से नहीं बनता (यह अलग प्रक्रिया है)।
  • अन्य समीकरण संतुलित और सही हैं।

Quick Facts:

  • CO + 2H₂ → CH₃OH (मेथेनॉल) – यह एक औद्योगिक अभिक्रिया है (ऑक्सो प्रक्रिया)।

जब मैग्नीशियम को हवा की उपस्थिति में जलाया जाता है, तो बनने वाला उत्पाद है:

  • मैग्नीशियम कार्बोनेट
  • मैग्नीशियम क्लोराइड
  • मैग्नीशियम सल्फेट
  • मैग्नीशियम ऑक्साइड

Explanation:

  • Mg + O₂ → 2MgO
  • Mg (मैग्नीशियम) हवा में ऑक्सीजन (O₂) के साथ अभिक्रिया करके मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) बनाता है, जो एक सफेद पाउडर/धुआँ है।
  • यह एक संयोजन और ऑक्सीकरण अभिक्रिया है, जो तेज सफेद रोशनी के साथ होती है।

Quick Facts:

  • MgO + H₂O → Mg(OH)₂ (क्षारीय ऑक्साइड)

किसी ठोस को गर्म करने पर कणों का क्या होता है?

  • वे टूटकर अन्य तत्वों में परिवर्तित हो जाते हैं।
  • वे अधिक ऊर्जा के साथ कंपन करते हैं।
  • वे जम जाते हैं और स्थिर हो जाते हैं।
  • वे आपस में अन्योन्यक्रिया पूरी तरह बंद कर देते हैं।

Explanation:

  • ठोस (solid) को गर्म करने पर, कणों की गतिज ऊर्जा (kinetic energy) बढ़ जाती है, जिससे वे अपनी स्थिर स्थितियों के चारों ओर अधिक तीव्रता से कंपन (vibrate) करने लगते हैं।
  • यह ठोस → द्रव (पिघलना, melting) की ओर पहला कदम है।

Quick Facts:

  • तापमान बढ़ने पर कणों की औसत गतिज ऊर्जा बढ़ती है।

जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड कॉपर (II) सल्फेट विलयन के साथ अभिक्रिया करता है, तो क्या होता है?

  • कॉपर (II) हाइड्रॉक्साइड अवक्षेपित होता है
  • सोडियम सल्फेट बनता है
  • कोई अभिक्रिया नहीं होती है
  • कॉपर धातु निक्षेपित होती है

Explanation:

  • 2NaOH + CuSO₄ → Cu(OH)₂↓ + Na₂SO₄
  • Cu(OH)₂ (कॉपर हाइड्रॉक्साइड) एक नीला (blue) अवक्षेप है, जो अविलेय है और विलयन से नीचे बैठ जाता है।
  • यह एक द्वि-विस्थापन अवक्षेपण अभिक्रिया है।

Quick Facts:

  • Cu(OH)₂ गर्म करने पर CuO + H₂O (काला) में बदल जाता है।

जब ताम्र धातु को तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के संपर्क में लाया जाता है, तो बनने वाले उत्पाद की पहचान कीजिए।

  • लवण और क्लोरीन गैस
  • कोई अभिक्रिया नहीं
  • लवण और हाइड्रोजन गैस
  • लवण और जल

Explanation:

  • Cu (तांबा) हाइड्रोजन (H) की तुलना में कम अभिक्रियाशील है (सक्रियता श्रेणी में H > Cu), इसलिए यह तनु HCl से H₂ नहीं विस्थापित कर पाता।
  • अतः कोई अभिक्रिया (no reaction) नहीं होती है।
  • Cu केवल HNO₃ या सान्द्र H₂SO₄ जैसे ऑक्सीकारक अम्लों के साथ अभिक्रिया करता है।

Quick Facts:

  • Cu + HCl → (कोई अभिक्रिया नहीं)
  • Cu + 2H₂SO₄ (सान्द्र) → CuSO₄ + SO₂ + 2H₂O

हमारी हथेली पर एसीटोन या पेट्रोल डालने पर हथेलियाँ ठंडा क्यों महसूस करती है?

  • द्रव वातावरण से ऊष्मा के प्रवाह को अवरुद्ध करता है
  • द्रव त्वचा की सतह पर नमी बढ़ाता है
  • द्रव त्वचा से ऊष्मा को अवशोषित कर वाष्पित हो जाता है
  • द्रव हमारी त्वचा की सतह के साथ रासायनिक रूप से अभिक्रिया करता है

Explanation:

  • एसीटोन (acetone) या पेट्रोल (petrol) वाष्पन (evaporate) होने वाले तरल हैं, जो वाष्पित होते समय त्वचा से ऊष्मा (latent heat) को अवशोषित कर लेते हैं, जिससे हथेली ठंडी (cool) महसूस होती है।
  • यह वाष्पीकरण (evaporation) के कारण ठंडक (cooling) का प्रभाव है।

Quick Facts:

  • एसीटोन/Petrol वाष्पन की गुप्त ऊष्मा (latent heat of vaporization) अधिक होती है, इसलिए अधिक ठंडक महसूस होती है।

जब किसी हाइड्रोकार्बन को वायु की अधिकता में जलाया जाता है, तो अंतिम उत्पाद सदैव ______ बनता है।

  • कार्बन डाइऑक्साइड और हाइड्रोजन
  • कार्बन मोनोऑक्साइड और जल
  • कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन
  • कार्बन डाइऑक्साइड और जल

Explanation:

  • हाइड्रोकार्बन (जैसे CH₄) का पूर्ण दहन (complete combustion) पर्याप्त ऑक्सीजन में होता है, जिससे CO₂ और H₂O बनते हैं, और ऊर्जा (ऊष्मा/प्रकाश) निकलती है।
  • अपूर्ण दहन (कम O₂) में CO (कार्बन मोनोऑक्साइड) या कज्जल (soot) बनता है।

Quick Facts:

  • CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O (पूर्ण दहन)

समुद्री जल के विलवणीकरण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तकनीकों में से एक है: A. निर्पंदन B. आसवन C. वाष्पीकरण D. संघनन

  • C
  • B
  • A
  • D

Explanation:

  • समुद्री जल का विलवणीकरण (desalination) – इसमें नमक को जल से अलग किया जाता है। आसवन (Distillation) इसके लिए एक प्रमुख तकनीक है, जिसमें जल को उबालकर वाष्पित किया जाता है और फिर संघनित (condense) करके शुद्ध जल प्राप्त किया जाता है (लवण पीछे रह जाता है)।
  • निर्पंदन (filtration) – नमक नहीं हटाता, वाष्पीकरण – केवल जल वाष्पित कर नमक छोड़ता है, पर शुद्ध जल प्राप्त नहीं, संघनन – वाष्प को द्रव में बदलना, आसवन में शामिल है।

Quick Facts:

  • आसवन: क्वथनांक (boiling point) में अंतर पर आधारित (जल का BP = 100°C, नमक का उच्च)।

अभिक्रिया KI(aq) + Pb(NO₃)₂(aq) → 2KNO₃(aq) + PbI₂(s) पर विचार करें। यह किसका उदाहरण है?

  • द्विविस्थापन अभिक्रिया
  • अपघटन अभिक्रिया
  • विस्थापन अभिक्रिया
  • संयोजन अभिक्रिया

Explanation:

  • KI + Pb(NO₃)₂ → PbI₂↓ + 2KNO₃
  • आयनों (K⁺, I⁻, Pb²⁺, NO₃⁻) का आदान-प्रदान होता है, जिससे PbI₂ (अवक्षेप) और KNO₃ बनते हैं – यह द्वि-विस्थापन (double displacement) है।
  • PbI₂ अविलेय है, इसलिए अवक्षेपण भी है।

Quick Facts:

  • PbI₂ का रंग: पीला (yellow) अवक्षेप

______ सीमेंट का मुख्य घटक है।

  • MgOH
  • CaCO₃
  • SiO₂
  • MnO

Explanation:

  • सीमेंट (Cement) का मुख्य घटक CaCO₃ (कैल्शियम कार्बोनेट) है, जो चूना पत्थर (limestone) के रूप में प्राप्त होता है। इसे मिट्टी (clay) के साथ गर्म करके सीमेंट बनाया जाता है।
  • SiO₂ (सिलिका) और Al₂O₃ (एल्यूमिना) भी सीमेंट के घटक हैं, पर मुख्य कच्चा माल CaCO₃ है।

Quick Facts:

  • सीमेंट: CaCO₃ + clay → (गर्म करके) क्लिंकर (clinker) → सीमेंट

‘द्रव्यमान संरक्षण का नियम’ के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? A) अभिक्रिया होने पर द्रव्यमान में परिवर्तन हो सकता है। B) रासायनिक अभिक्रिया के दौरान, परमाणु पुनर्व्यवस्थित हो जाते हैं। C) एक संवृत निकाय के भीतर द्रव्यमान, समय के साथ अपरिवर्ती रहता है।

  • केवल B और C
  • केवल C
  • केवल A और B
  • केवल A

Explanation:

  • कथन B: रासायनिक अभिक्रिया में परमाणु पुनर्व्यवस्थित (rearranged) होते हैं – सत्य (परमाणु नष्ट/उत्पन्न नहीं होते, केवल पुनर्व्यवस्थित होते हैं)।
  • कथन C: संवृत (closed) निकाय में द्रव्यमान समय के साथ अपरिवर्ती (constant) रहता है – सत्य (द्रव्यमान संरक्षण का नियम)।
  • कथन A: अभिक्रिया होने पर द्रव्यमान में परिवर्तन हो सकता है – गलत (द्रव्यमान संरक्षित रहता है)।

Quick Facts:

  • द्रव्यमान संरक्षण: लैवोज़ियर (1789)

खमीर में किण्वन के दौरान, पाइरूवेट किस उत्पाद में परिवर्तित होता है?

  • ग्लूकोज और कार्बन डाइऑक्साइड
  • लैक्टिक एसिड और कार्बन डाइऑक्साइड
  • पानी और कार्बन डाइऑक्साइड
  • एथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड

Explanation:

  • खमीर (yeast) में अवायवीय श्वसन (anaerobic respiration) / किण्वन (fermentation) के दौरान, पाइरूवेट (pyruvate) एथेनॉल (ethanol) और कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) में परिवर्तित होता है (अल्कोहलिक किण्वन, alcoholic fermentation)।
  • ग्लूकोज → 2 पाइरूवेट → 2 एथेनॉल + 2 CO₂
  • लैक्टिक अम्ल – जंतु कोशिकाओं (मांसपेशियों) में बनता है।

Quick Facts:

  • खमीर का उपयोग ब्रेड, शराब (alcohol) बनाने में होता है (CO₂ ब्रेड को फूलाती है, एथेनॉल शराब है)।

कोलॉइड को स्थिर क्यों माना जाता है?

  • इसके कण परिक्षेपण माध्यम में पूरी तरह से विलीन हो जाते हैं।
  • इसके कणों को निस्पंदन द्वारा आसानी से पृथक किया जा सकता है।
  • इसके कण अवसादित छोड़ने पर नीचे नहीं बैठते हैं।
  • इसके कण परिक्षेपण माध्यम के साथ रासायनिक अभिक्रिया करते हैं।

Explanation:

  • कोलॉइड (Colloid) के कण आकार में 1–100 nm होते हैं, जो अवसादित (settle) नहीं होते (अर्थात, वे गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में नीचे नहीं बैठते), इसलिए इसे स्थिर (stable) माना जाता है।
  • विलयन (solution) में कण पूरी तरह विलीन होते हैं; निलंबन (suspension) में कण नीचे बैठ जाते हैं (अस्थिर)।
  • कोलॉइड को निस्पंदन (filtration) द्वारा नहीं हटाया जा सकता।

Quick Facts:

  • कोलॉइड: टिंडल प्रभाव (Tyndall effect) दिखाते हैं, विलयन नहीं दिखाते।

मछलियों के हृदयों में ______ कक्ष होते हैं और उनका रक्त एक पूर्ण चक्र में केवल ______ हृदय से होकर गुजरता है।

  • तीन; दो बार
  • चार; एक बार
  • दो; दो बार
  • दो; एक बार

Explanation:

  • मछली का हृदय 2-कक्षीय (two-chambered) – 1 अलिंद, 1 निलय।
  • रक्त एक पूर्ण चक्र में (पूरे शरीर में) केवल एक बार (once) हृदय से होकर गुजरता है – इसे एकल परिसंचरण (single circulation) कहते हैं (हृदय → गलफड़े → शरीर → हृदय)।
  • स्तनधारी/पक्षी – 4-कक्षीय, दोहरा परिसंचरण (double circulation), उभयचर/सरीसृप – 3-कक्षीय (मगरमच्छ को छोड़कर)।

Quick Facts:

  • एकल परिसंचरण: मछलियों में, रक्त हृदय से एक बार गुजरता है।

संयोजन अभिक्रिया के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

  • केवल दो उत्पाद बनते हैं।
  • केवल दो तत्व अभिक्रिया करके उत्पाद देते हैं।
  • दो या दो से अधिक अभिकारकों से एक उत्पाद बनता है।
  • अभिकारकों की संख्या उत्पादों की संख्या के बराबर होती है।

Explanation:

  • संयोजन (Combination) अभिक्रिया: दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं (A + B → AB)।
  • उत्पादों की संख्या 1 होती है (एक उत्पाद)।

Quick Facts:

  • उदाहरण: 2H₂ + O₂ → 2H₂O (हालाँकि यहाँ 2 H₂O है, पर यह एक यौगिक H₂O है, पर 2 अणु)।

निम्नलिखित में से कौन सा वाशिंग सोडा का अनुप्रयोग नहीं है?

  • इसका उपयोग पानी की स्थायी कठोरता को दूर करने के लिए किया जाता है।
  • इसका उपयोग बोरेक्स जैसे सोडियम यौगिकों के निर्माण में किया जाता है।
  • पीने के पानी को कीटाणुरहित करने के लिए।
  • इसका उपयोग कांच, साबुन और कागज उद्योगों में किया जाता है।

Explanation:

  • वाशिंग सोडा (Na₂CO₃·10H₂O) का उपयोग: (i) जल की स्थायी कठोरता हटाना, (ii) बोरेक्स बनाना, (iii) कांच/साबुन/कागज उद्योग – ये सभी सही हैं।
  • पीने के पानी को कीटाणुरहित (disinfect) करने का काम ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) या क्लोरीन का है, वाशिंग सोडा का नहीं।

Quick Facts:

  • ब्लीचिंग पाउडर: CaOCl₂, जल कीटाणुशोधन, विरंजन (bleaching) के लिए उपयोग

निम्नलिखित में से कौन-सा, अवक्षेपण अभिक्रिया की व्याख्या करता है?

  • वह अभिक्रिया जिसमें ऊष्मा निकलती है
  • वह अभिक्रिया जिसमें केवल रंग परिवर्तन होता है
  • वह अभिक्रिया जिसमें एक गैस बनती है
  • वह अभिक्रिया जिसमें एक अघुलनशील ठोस बनता है

Explanation:

  • अवक्षेपण (Precipitation) अभिक्रिया: वह अभिक्रिया जिसमें एक अघुलनशील (insoluble) ठोस (अवक्षेप, precipitate) बनता है, जो विलयन से अलग होकर नीचे बैठ जाता है।
  • उदाहरण: AgNO₃ + NaCl → AgCl↓ + NaNO₃

Quick Facts:

  • अवक्षेप = ठोस उत्पाद जो विलयन से अलग हो जाता है (↓ चिह्न)।

वह कौन सा ज्ञात समीकरण है जो बफर विलयन के घटकों, कमजोर अम्ल/लवण या कमजोर क्षार/लवण, और इसके pH को जोड़ता है?

  • आहॅनियस समीकरण
  • नर्स्ट-बॉयल समीकरण
  • हॅन्डरसन-हैसलबाल्च समीकरण
  • वान्ट हॉफ समीकरण

Explanation:

  • हेंडरसन-हैसलबाल्च समीकरण (Henderson-Hasselbalch equation) – यह बफर विलयन (buffer solution) के pH को कमजोर अम्ल/लवण या कमजोर क्षार/लवण के अनुपात से संबंधित करता है।
  • pH = pKa + log([लवण]/[अम्ल]) (दुर्बल अम्ल + उसके लवण के लिए)
  • आरेनियस – अम्ल-क्षार सिद्धांत, नर्स्ट – विद्युत रसायन, वान्ट हॉफ – अभिक्रिया दर/अभिसरणी गुण।

Quick Facts:

  • बफर विलयन का pH = pKa + log (A⁻/HA) (दुर्बल अम्ल के लिए)

निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म ‘स्वयं किसी तत्व के अणु’ का उदाहरण है?

  • अमोनिया और ऑक्सीजन गैस
  • हाइड्रोजन गैस और ऑक्सीजन गैस
  • अमोनिया और सल्फर डाइऑक्साइड
  • हाइड्रोजन गैस और पानी

Explanation:

  • ‘स्वयं किसी तत्व के अणु’ (molecules of elements) – वे अणु जो एक ही तत्व के परमाणुओं से बने होते हैं (जैसे H₂, O₂, N₂, Cl₂, O₃)।
  • H₂ (हाइड्रोजन गैस) और O₂ (ऑक्सीजन गैस) – दोनों तत्वों के अणु हैं (H₂ – हाइड्रोजन, O₂ – ऑक्सीजन)।
  • अमोनिया (NH₃) – यौगिक, पानी (H₂O) – यौगिक, SO₂ – यौगिक

Quick Facts:

  • तत्वों के अणु: H₂, O₂, N₂, Cl₂ (द्विपरमाणुक), O₃ (त्रिपरमाणुक), P₄, S₈

कौन-सा समीकरण, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ ऐलुमिनियम की अभिक्रिया को सही ढंग से दर्शाता है?

  • Al + HCl → AlCl₃ + H₂
  • 2Al + 3HCl → 2AlCl₃ + 3H₂
  • Al + HCl → AlCl + H₂
  • 2Al + 6HCl → 2AlCl₃ + 3H₂

Explanation:

  • 2Al + 6HCl → 2AlCl₃ + 3H₂
  • संतुलन: बाएँ: Al=2, H=6, Cl=6; दाएँ: Al=2, Cl=6, H=6 → संतुलित
  • यह एक विस्थापन अभिक्रिया है (Al, H को विस्थापित करता है)।

Quick Facts:

  • Al + HCl → AlCl₃ + H₂ (असंतुलित), 2Al + 6HCl → 2AlCl₃ + 3H₂ (संतुलित)

निम्नलिखित में से कौन-सी संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) की एक विशिष्ट अभिक्रिया है?

  • उदासीनीकरण (Neutralisation)
  • प्रतिस्थापन अभिक्रिया (Substitution reaction)
  • योगात्मक अभिक्रिया (Addition reaction)
  • बहुलकीकरण (Polymerisation)

Explanation:

  • संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन, alkanes) में केवल एकल बंध (C–C) होते हैं, इसलिए उनमें प्रतिस्थापन (substitution) अभिक्रियाएँ होती हैं (जहाँ H परमाणु किसी दूसरे परमाणु/समूह द्वारा प्रतिस्थापित होता है, जैसे CH₄ + Cl₂ → CH₃Cl + HCl)।
  • असंतृप्त (ऐल्कीन, ऐल्काइन) में योगात्मक (addition) अभिक्रियाएँ होती हैं (जैसे C₂H₄ + H₂ → C₂H₆)।
  • उदासीनीकरण – अम्ल-क्षार, बहुलकीकरण – बहुलक (polymer) बनाना।

Quick Facts:

  • प्रतिस्थापन अभिक्रिया: C₂H₆ + Cl₂ → C₂H₅Cl + HCl (प्रकाश में)

ऑक्सीजन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (परमाणु क्रमांक = 8) क्या है?

  • 2, 6
  • 2, 4, 6
  • 2, 8
  • 4, 4

Explanation:

  • ऑक्सीजन (O) का परमाणु क्रमांक = 8
  • इलेक्ट्रॉन विन्यास: K=2, L=6 (2 + 6 = 8)
  • 2,8 – Ne (10), 2,4,6 – गलत (3 कोश नहीं), 4,4 – गलत।

Quick Facts:

  • ऑक्सीजन की संयोजकता = 2 (इसे 2 इलेक्ट्रॉन चाहिए)।

निम्नलिखित में से कौन से रोग/बीमारियाँ यौन संपर्क के माध्यम से फैलने वाला/वाले वायरल संक्रमण है/हैं? a. HIV b. मस्से c. गोनोरिया d. सिफलिस

  • केवल a
  • केवल c और d
  • केवल a और b
  • केवल c

Explanation:

  • HIV (ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस) – एक वायरल (viral) यौन संचारित संक्रमण (STI) है।
  • मस्से (Warts / HPV) – ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के कारण होते हैं, जो एक वायरल STI है।
  • गोनोरिया (Gonorrhea) – जीवाणु (bacterial) संक्रमण है (Neisseria gonorrhoeae), वायरल नहीं।
  • सिफलिस (Syphilis) – जीवाणु (Treponema pallidum) के कारण होता है, वायरल नहीं।

Quick Facts:

  • वायरल STI: HIV, HPV (मस्से), हर्पीज, हेपेटाइटिस B
  • जीवाणु STI: गोनोरिया, सिफलिस, क्लैमाइडिया

रासायनिक समीकरणों को संतुलित करने की क्या आवश्यकता है?

  • अभिकारकों और उत्पादों के द्रव्यमानों के अनुपात को इंगित करना जिनके साथ ये अभिक्रिया करते हैं।
  • अभिकारकों और उत्पादों के आयतन के अनुपात को इंगित करना जिसमें ये अभिक्रिया करते हैं।
  • द्रव्यमान संरक्षण के नियम को संतुष्ट करने के लिए।
  • स्थिर अनुपात के नियम को संतुष्ट करने के लिए।

Explanation:

  • रासायनिक समीकरणों को संतुलित करने का मुख्य उद्देश्य द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass) को संतुष्ट करना है, जिसके अनुसार अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो उत्पन्न होता है और न ही नष्ट होता है।
  • संतुलित समीकरण में, प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या अभिकारक (reactant) और उत्पाद (product) पक्षों पर समान होती है।

Quick Facts:

  • द्रव्यमान संरक्षण का नियम: अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = उत्पादों का कुल द्रव्यमान

दोहरी अपघटन अभिक्रिया के दौरान अभिकारकों के बीच क्या आदान-प्रदान होता है?

  • इलेक्ट्रॉन
  • परमाणु
  • आयन
  • अणु

Explanation:

  • द्विविस्थापन (Double displacement) अभिक्रिया में दो अभिकारक (आयनिक यौगिक) अपने आयनों (ions) का आदान-प्रदान (exchange) करते हैं, जिससे दो नए उत्पाद बनते हैं।
  • सामान्य रूप: AB + CD → AD + CB

Quick Facts:

  • इसे ‘मेटाथेसिस’ (metathesis) अभिक्रिया भी कहते हैं।

किसी संतुलित रासायनिक समीकरण में, प्रत्येक तत्व के परमाणु की कुल संख्या होती है।

  • सदैव परिवर्ती
  • दोनों पक्षों पर बराबर
  • अभिक्रियक पक्ष पर अधिक
  • उत्पाद पक्ष पर अधिक

Explanation:

  • संतुलित (balanced) समीकरण में, प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या अभिकारक (बायाँ पक्ष) और उत्पाद (दायाँ पक्ष) पर बराबर होती है।
  • यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन करता है।

Quick Facts:

  • असंतुलित समीकरण → परमाणु संख्या असमान → द्रव्यमान संरक्षण का उल्लंघन

निम्नलिखित अभिक्रिया पर विचार कीजिए: निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? (A) यह अभिक्रिया प्राथमिक ऐल्कोहॉल के कार्बोक्सिलिक अम्ल में ऑक्सीकरण को निरूपित करती है। (B) क्षारीय KMnO₄ ऑक्सीकरण कर्मक के रूप में कार्य करता है। (C) क्षारीय KMnO₄ अपचायी कर्मक के रूप में कार्य करता है।

  • केवल B
  • A, B और C
  • केवल A और C
  • केवल A और B

Explanation:

  • कथन A: क्षारीय KMnO₄ (बेयर अभिकर्मक) प्राथमिक ऐल्कोहॉल (जैसे इथेनॉल) को कार्बोक्सिलिक अम्ल (जैसे एथेनोइक अम्ल) में ऑक्सीकृत करता है – सत्य।
  • कथन B: क्षारीय KMnO₄ ऑक्सीकारक (oxidizing agent) है – सत्य (यह स्वयं अपचयित होता है, दूसरे को ऑक्सीकृत करता है)।
  • कथन C: क्षारीय KMnO₄ अपचायक (reducing agent) नहीं है – असत्य।

Quick Facts:

  • क्षारीय KMnO₄ (गुलाबी/बैंगनी) → MnO₂ (भूरा/काला) – रंग परिवर्तन ऑक्सीकरण का संकेत है।

जब बेरियम क्लोराइड एल्युमीनियम सल्फेट के साथ अभिक्रिया करता है, तो यह एल्युमीनियम क्लोराइड के साथ-साथ …………… देता है।

  • बेरियम ऑक्साइड का एक सफेद रंग का अवशेष
  • बेरियम सल्फेट का एक पीले रंग का अवशेष
  • बेरियम सल्फेट का एक सफेद रंग का अवशेष
  • बेरियम क्लोराइड का एक सफेद रंग का अवशेष

Explanation:

  • 3BaCl₂ + Al₂(SO₄)₃ → 3BaSO₄↓ + 2AlCl₃
  • BaSO₄ (बेरियम सल्फेट) एक सफेद (white) अवक्षेप (precipitate) है, जो अविलेय (insoluble) है।
  • यह एक द्विविस्थापन अवक्षेपण अभिक्रिया है।

Quick Facts:

  • BaSO₄ का उपयोग सल्फेट आयन (SO₄²⁻) के परीक्षण में होता है।

रासायनिक समीकरण को संतुलित करने की विधि क्या कहलाती है?

  • मोलर विधि
  • समतुल्य विधि
  • रासायनिक विधि
  • हिट एंड ट्रायल विधि

Explanation:

  • रासायनिक समीकरणों को संतुलित करने की सबसे सामान्य विधि हिट एंड ट्रायल विधि (Hit and Trial method) है, जिसमें गुणांक (coefficients) को समायोजित (adjust) करके परमाणुओं की संख्या को दोनों पक्षों पर बराबर किया जाता है।
  • इसे ‘परीक्षण और त्रुटि विधि’ भी कहते हैं।

Quick Facts:

  • अधिक जटिल समीकरणों के लिए ‘आयन-इलेक्ट्रॉन विधि’ (अर्ध-अभिक्रिया) या ‘ऑक्सीकरण संख्या विधि’ का उपयोग किया जाता है।

क्या होता है जब जिंक की छड़ को जलीय कॉपर सल्फेट विलयन में रखा जाता है?

  • विलयन का तापमान गिर जाता है।
  • कॉपर सल्फेट विलयन का नीला रंग फीका पड़ जाता है।
  • अभिक्रिया प्रारंभ करने के लिए ऊष्मा की आवश्यकता होती है।
  • कोई रासायनिक परिवर्तन नहीं देखा गया।

Explanation:

  • Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu
  • CuSO₄ का रंग नीला (blue) होता है, और Zn, Cu को विस्थापित कर देता है, जिससे Cu अवक्षेपित होता है और ZnSO₄ (रंगहीन) बनता है – इसलिए नीला रंग फीका पड़ जाता है
  • यह विस्थापन अभिक्रिया है (Zn > Cu सक्रियता श्रेणी में)।

Quick Facts:

  • जिंक की छड़ पर तांबे की भूरी परत जम जाती है।

दिए गए अभिकथन (A) और कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उसके आधार पर सही विकल्प का चयन कीजिए। (A): ध्वनि तरंगें, अनुप्रस्थ तरंगें हैं। (R): ध्वनि तरंगों को उनके प्रसार के लिए एक भौतिक माध्यम की आवश्यकता होती है।

  • अभिकथन और कारण दोनों ही असत्य हैं।
  • अभिकथन असत्य है और कारण सत्य है।
  • अभिकथन सत्य है लेकिन कारण असत्य है।
  • अभिकथन और कारण दोनों ही सत्य हैं और कारण, अभिकथन की सही व्याख्या है।

Explanation:

  • अभिकथन (A): ध्वनि तरंगें अनुप्रस्थ (transverse) नहीं, बल्कि अनुदैर्घ्य (longitudinal) होती हैं – इसलिए A असत्य है।
  • कारण (R): ध्वनि तरंगों को प्रसार के लिए माध्यम (medium) की आवश्यकता होती है (वे निर्वात में नहीं चलतीं) – यह सत्य है।

Quick Facts:

  • प्रकाश तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं और उन्हें माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।

कॉपर सल्फेट विलयन की जिंक धातु के साथ अभिक्रिया के फलस्वरूप इनमें से कौन सा जलीय विलयन बनता है?

  • जिंक सल्फाइड
  • जिंक सल्फेट
  • जिंक क्यूप्राइट
  • जिंक ऑक्साइड

Explanation:

  • Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ (जिंक सल्फेट) + Cu
  • ZnSO₄ एक जलीय (aqueous) विलयन (रंगहीन) बनाता है।

Quick Facts:

  • जिंक सल्फेट (ZnSO₄) का उपयोग कृषि, चिकित्सा में होता है।

बेकिंग सोडा का रासायनिक सूत्र क्या है?

  • NaCl
  • NaHCO₃
  • Na₂CO₃
  • NaOH

Explanation:

  • बेकिंग सोडा (Baking soda) = सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃)
  • NaCl = साधारण नमक, Na₂CO₃ = वाशिंग सोडा, NaOH = कास्टिक सोडा।

Quick Facts:

  • बेकिंग सोडा का उपयोग बेकिंग पाउडर, एंटासिड, अग्निशामक में होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया, विस्थापन अभिक्रिया नहीं है?

  • Na + H₂O → NaOH + H₂
  • HCl + NaOH → NaCl + H₂O
  • Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu
  • Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂

Explanation:

  • HCl + NaOH → NaCl + H₂O – यह उदासीनीकरण (neutralization) अभिक्रिया है, जो द्वि-विस्थापन का एक प्रकार है (विस्थापन नहीं, क्योंकि कोई तत्व किसी अन्य तत्व को विस्थापित नहीं कर रहा है – यह आयनों का आदान-प्रदान है)।
  • अन्य: Na + H₂O (Na H को विस्थापित करता है), Fe + CuSO₄ (Fe, Cu को), Zn + H₂SO₄ (Zn, H को) – ये सभी विस्थापन अभिक्रियाएँ हैं।

Quick Facts:

  • विस्थापन अभिक्रिया: A + BC → AC + B (एक तत्व दूसरे तत्व को विस्थापित करता है)

जब कैल्शियम ऑक्साइड पानी के साथ अभिक्रिया करता है, तो ____ का निर्माण उत्पाद के रूप में होता है-

  • तांबा
  • कैल्शियम
  • कास्टिक चूना
  • कैल्शियम ऑक्साइड

Explanation:

  • CaO (क्विक लाइम / बिना बुझा चूना) + H₂O → Ca(OH)₂ (बुझा चूना / स्लेक्ड लाइम)।
  • Ca(OH)₂ को कास्टिक चूना (slaked lime / calcium hydroxide) कहते हैं।
  • यह एक संयोजन और ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।

Quick Facts:

  • इस अभिक्रिया में बहुत अधिक ऊष्मा निकलती है (इसे ‘स्लेकिंग’ कहते हैं)।

निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सत्य/असत्य है? कथन: A. नीचे दिया गया उदाहरण उत्क्रमणीय अभिक्रिया का है: N₂(g) + 3H₂(g) ⇌ 2NH₃(g) B. नीचे दिया उदाहरण दोहरी विस्थापन अभिक्रिया का है: 2Mg(s) + O₂(g) → 2MgO(s)

  • केवल A ही सत्य है।
  • केवल B ही सत्य है।
  • A और B दोनों असत्य है।
  • A और B दोनों सत्य है।

Explanation:

  • कथन A: N₂ + 3H₂ ⇌ 2NH₃ – यह एक उत्क्रमणीय (reversible) अभिक्रिया है (⇌ चिह्न) – सत्य
  • कथन B: 2Mg + O₂ → 2MgO – यह एक संयोजन (combination) अभिक्रिया है, द्वि-विस्थापन नहीं – असत्य

Quick Facts:

  • उत्क्रमणीय अभिक्रिया: अग्र और पश्च दोनों दिशाओं में हो सकती है (⇌)
  • द्वि-विस्थापन: AB + CD → AD + CB

PbO + HCl → PbCl₂ + H₂O समीकरण पर विचार कीजिए। उक्त समीकरण के संतुलन हेतु HCl के ______ मोलों की आवश्यकता होती है।

  • 1
  • 4
  • 2
  • 3

Explanation:

  • PbO + 2HCl → PbCl₂ + H₂O
  • संतुलन: बाएँ: Pb=1, O=1, H=2, Cl=2; दाएँ: Pb=1, Cl=2, H=2, O=1 – संतुलित
  • अतः HCl के 2 मोल आवश्यक हैं।

Quick Facts:

  • यह एक उदासीनीकरण (अम्ल+धातु ऑक्साइड → लवण+जल) अभिक्रिया है।

संक्षारण क्या है?

  • ऊष्माशोषी अभिक्रिया
  • भौतिक परिवर्तन
  • उदासीनीकरण अभिक्रिया
  • रासायनिक परिवर्तन

Explanation:

  • संक्षारण (Corrosion) – धातुओं का उनके आसपास के वातावरण (नमी, ऑक्सीजन, अम्ल) के साथ अभिक्रिया करके ऑक्साइड/लवण बनाना – यह एक रासायनिक परिवर्तन (chemical change) है।
  • उदाहरण: लोहे का जंग लगना (Fe₂O₃·xH₂O), चांदी का काला पड़ना (Ag₂S), तांबे का हरा होना (CuCO₃·Cu(OH)₂)।

Quick Facts:

  • संक्षारण एक अपरिवर्तनीय (irreversible) रासायनिक परिवर्तन है।

निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया मीथेन के दहन को दर्शाती है?

  • CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O
  • CH₄ + Cl₂ → CH₃Cl + HCl
  • CH₄ + O₂ → CO + H₂O
  • CH₄ + H₂O → CO + H₂

Explanation:

  • मीथेन (CH₄) का पूर्ण दहन: CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O
  • यह एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है, जिसमें CO₂ और H₂O बनते हैं।
  • अपूर्ण दहन में CO बनता है (विकल्प C), Cl₂ के साथ प्रतिस्थापन (विकल्प B), जल के साथ अभिक्रिया (विकल्प D – पानी गैस)।

Quick Facts:

  • मीथेन (प्राकृतिक गैस) एक अच्छा ईंधन है।

Ni उत्प्रेरक की उपस्थिति में वनस्पति तेलों के हाइड्रोजनीकरण वाली रासायनिक अभिक्रिया को क्या कहा जाता है?

  • योगात्मक अभिक्रिया
  • पुनर्व्यवस्था अभिक्रिया
  • उन्मूलन अभिक्रिया
  • दहन अभिक्रिया

Explanation:

  • वनस्पति तेलों (असंतृप्त, unsaturated) में हाइड्रोजन (H₂) मिलाना हाइड्रोजनीकरण (hydrogenation) है, जो योगात्मक अभिक्रिया (addition reaction) है – इसमें द्विबंध (C=C) पर H₂ जुड़ता है, जिससे वे संतृप्त (saturated) हो जाते हैं (वनस्पति घी/वनस्पति वसा, vanaspati ghee)।
  • Ni उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है।

Quick Facts:

  • हाइड्रोजनीकरण: तरल वनस्पति तेल → ठोस वसा (मार्जरीन/वनस्पति घी)

औद्योगिक परिवेशों में, फ्रीऑन-12 का निर्माण किस रासायनिक अभिक्रिया द्वारा सबसे अधिक सामान्यतः किया जाता है?

  • स्वार्ट्स अभिक्रिया
  • प्रतिस्थापन अभिक्रिया
  • द्विघटन अभिक्रिया
  • निष्कासन अभिक्रिया

Explanation:

  • फ्रीऑन-12 (CCl₂F₂) का निर्माण स्वार्ट्स अभिक्रिया (Swarts reaction) द्वारा किया जाता है – इसमें CCl₄ को HF (हाइड्रोजन फ्लोराइड) या SbF₃ (एंटीमनी ट्राइफ्लोराइड) के साथ अभिक्रिया कराई जाती है, जिससे क्लोरीन परमाणु फ्लोरीन द्वारा प्रतिस्थापित (substituted) हो जाते हैं।
  • फ्रीऑन का उपयोग रेफ्रिजरेंट, एयरोसोल प्रणोदक के रूप में होता था (अब ओजोन क्षति के कारण प्रतिबंधित)।

Quick Facts:

  • स्वार्ट्स अभिक्रिया: CCl₄ + 2HF → CCl₂F₂ + 2HCl

निम्नलिखित में से कौन सा/से ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया का उदाहरण है/हैं? i. बुझा हुआ चूना बनाना ii. प्राकृतिक गैस का जलना iii. श्वसन

  • केवल ii
  • केवल i
  • सभी i, ii, iii
  • i और ii दोनों

Explanation:

  • i. बुझा हुआ चूना बनाना: CaO + H₂O → Ca(OH)₂ + ऊष्मा (ऊष्माक्षेपी)
  • ii. प्राकृतिक गैस का जलना: CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O + ऊष्मा (दहन – ऊष्माक्षेपी)
  • iii. श्वसन (Respiration): C₆H₁₂O₆ + 6O₂ → 6CO₂ + 6H₂O + ऊर्जा (ऊष्माक्षेपी – जैविक अभिक्रिया)
  • सभी तीन ऊष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रियाएँ हैं।

Quick Facts:

  • ऊष्माक्षेपी: ऊष्मा मुक्त होती है (ΔH = –ve)
  • ऊष्माशोषी: ऊष्मा अवशोषित होती है (ΔH = +ve)

लेड नाइट्रेट को गर्म करने पर निम्नलिखित में से कौन-सा ठोस यौगिक बनता है?

  • Pb
  • Pb(OH)₂
  • PbO
  • Pb(CO₃)₂

Explanation:

  • लेड नाइट्रेट (Pb(NO₃)₂) का ऊष्मीय अपघटन: 2Pb(NO₃)₂ → 2PbO + 4NO₂ + O₂
  • ठोस उत्पाद PbO (लेड ऑक्साइड / लिथार्ज) है, जो पीला/नारंगी ठोस होता है (गर्म करने पर भूरा NO₂ धुआँ निकलता है)।

Quick Facts:

  • PbO (लेड ऑक्साइड) का उपयोग कांच, बैटरी में होता है।
  • 2Pb(NO₃)₂ → 2PbO + 4NO₂ + O₂ (भूरा धुआँ NO₂)।

सिल्वर क्लोराइड को कुछ समय तक धूप में रखने पर उसका रंग बदल जाता है, इसका क्या कारण है?

  • सिल्वर क्लोराइड का ऊष्मीय अपघटन
  • सूर्य के प्रकाश द्वारा सिल्वर क्लोराइड का प्रकाश रासायनिक अपघटन
  • ऑक्सीजन और जल द्वारा विस्थापन अभिक्रिया
  • सिल्वर क्लोराइड की ऑक्सीजन के साथ संयोजन अभिक्रिया

Explanation:

  • AgCl (सफेद) सूर्य के प्रकाश (UV) में प्रकाशीय अपघटन (photochemical decomposition) द्वारा Ag (चांदी) और Cl₂ में टूट जाता है।
  • सिल्वर (Ag) एक काला/गहरा (dark grey/black) अवक्षेप बनाता है, इसलिए AgCl का रंग सफेद से गहरा हो जाता है।
  • अभिक्रिया: 2AgCl → (sunlight) 2Ag + Cl₂

Quick Facts:

  • AgBr (सिल्वर ब्रोमाइड) भी प्रकाश में अपघटित होता है – फोटोग्राफी में प्रयुक्त।

जब जस्ता (जिंक) के कण सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करते हैं, तो एक रंगहीन गैस उत्पन्न होती है जो ______ के साथ जलती है।

  • पॉप ध्वनि
  • पीली ज्वाला
  • हरी ज्वाला
  • लाल ज्वाला

Explanation:

  • Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂ (हाइड्रोजन गैस)
  • H₂ गैस रंगहीन, गंधहीन होती है और पॉप ध्वनि (pop sound) के साथ जलती है (हाइड्रोजन का परीक्षण)।

Quick Facts:

  • H₂ गैस का परीक्षण: जलती हुई माचिस के पास ले जाने पर ‘पॉप’ ध्वनि होती है।

हाइड्रोजन क्षय वाली अभिक्रियाओं को क्या कहा जाता है?

  • अपघटन अभिक्रिया
  • संयोजन अभिक्रिया
  • अपचयन अभिक्रिया
  • ऑक्सीकरण अभिक्रिया

Explanation:

  • पारंपरिक परिभाषा: हाइड्रोजन का क्षय (loss of hydrogen)ऑक्सीकरण (oxidation) है।
  • हाइड्रोजन का लाभ → अपचयन (reduction)।
  • आधुनिक परिभाषा: ऑक्सीकरण = इलेक्ट्रॉनों की हानि (loss of electrons)।

Quick Facts:

  • ऑक्सीकरण: ऑक्सीजन का लाभ, हाइड्रोजन का क्षय, या इलेक्ट्रॉन की हानि

अवक्षेपण अभिक्रियाएँ तब होती हैं जब जलीय विलयन में पाए जाने वाले एक अभिकारक का धनायन और दूसरे अभिकारक का ऋणायन मिलकर ______ बनाते हैं।

  • एक अघुलनशील अम्ल
  • एक अघुलनशील आयनिक ठोस
  • एक घुलनशील अम्ल
  • एक घुलनशील आयनिक ठोस

Explanation:

  • अवक्षेपण (precipitation) अभिक्रिया में, धनायन (cation) और ऋणायन (anion) मिलकर एक अघुलनशील (insoluble) आयनिक ठोस (अवक्षेप, precipitate) बनाते हैं।
  • उदाहरण: Ag⁺ + Cl⁻ → AgCl↓ (सफेद अवक्षेप)

Quick Facts:

  • अवक्षेप (↓) – ठोस उत्पाद जो विलयन से अलग हो जाता है।

Pb + CuCl₂ → PbCl₂ + Cu दी गई अभिक्रिया ______ अभिक्रिया का एक उदाहरण है।

  • संयोजन
  • विस्थापन
  • द्विविस्थापन
  • अपघटन

Explanation:

  • Pb (लेड) CuCl₂ (कॉपर क्लोराइड) से Cu (कॉपर) को विस्थापित (displace) करता है, क्योंकि Pb, Cu से अधिक अभिक्रियाशील है (सक्रियता श्रेणी में Pb > Cu)।
  • Pb + CuCl₂ → PbCl₂ + Cu – यह विस्थापन अभिक्रिया है।

Quick Facts:

  • सक्रियता श्रेणी: Zn > Fe > Pb > Cu > Ag > Au

क्या होता है जब तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को लोहे के बुरादे में मिलाया जाता है?

  • हाइड्रोजन गैस और आयरन क्लोराइड का उत्पादन होता है
  • केवल क्लोराइड का उत्पादन होता है
  • कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है
  • केवल हाइड्रोजन गैस का उत्पादन होता है

Explanation:

  • Fe + 2HCl → FeCl₂ (आयरन क्लोराइड) + H₂ (हाइड्रोजन गैस)
  • यह एक विस्थापन अभिक्रिया है (Fe, H को विस्थापित करता है)।

Quick Facts:

  • तनु HCl धातुओं (Zn, Fe, Mg) के साथ H₂ गैस देता है, पर HNO₃ (ऑक्सीकारक) नहीं।

पानी के घनत्व की तुलना में बर्फ का घनत्व ______ होता है।

  • कम
  • अधिक
  • नगण्य
  • बराबर

Explanation:

  • बर्फ (ice) का घनत्व ≈ 0.92 g/cm³, जबकि जल का घनत्व ≈ 1 g/cm³ (4°C पर) होता है।
  • इसलिए बर्फ का घनत्व कम होता है, जिससे वह जल पर तैरती है।

Quick Facts:

  • यह विशेष गुण जल को जीवों के लिए महत्वपूर्ण बनाता है (सर्दियों में झीलों की सतह जमती है, पर नीचे तरल रहता है)।

कॉपर सल्फेट के विलयन में जिंक मिलाने पर:

  • पानी का निर्माण होता है
  • जिंक सल्फेट का निर्माण होता है
  • जिंक ऑक्साइड का निर्माण होता है
  • कोई अभिक्रिया नहीं होती है

Explanation:

  • Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu
  • जिंक सल्फेट (ZnSO₄) का निर्माण होता है।

Quick Facts:

  • Zn, Cu से अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए यह Cu को विस्थापित करता है।

क्या होता है जब जलीय सिल्वर नाइट्रेट को सोडियम क्लोराइड विलयन में मिलाया जाता है?

  • सिल्वर क्लोराइड का भूरा अवक्षेप बनता है।
  • सिल्वर क्लोराइड का पीला अवक्षेप बनता है।
  • सिल्वर क्लोराइड का अवक्षेप नहीं बनता है।
  • सिल्वर क्लोराइड का सफेद अवक्षेप बनता है।

Explanation:

  • AgNO₃ + NaCl → AgCl↓ + NaNO₃
  • AgCl (सिल्वर क्लोराइड) एक सफेद (white) अवक्षेप है, जो जल में अविलेय है।
  • यह एक द्विविस्थापन अवक्षेपण अभिक्रिया है।

Quick Facts:

  • AgCl अवक्षेप प्रकाश में काला हो जाता है (प्रकाशीय अपघटन से Ag बनता है)।

कोई भी अभिक्रिया जो अघुलनशील अवक्षेप उत्पन्न करती है उसे कहा जा सकता है:

  • अपचयोपचय (रेडॉक्स) अभिक्रिया
  • विस्थापन अभिक्रिया
  • अवक्षेपण अभिक्रिया
  • अपघटन अभिक्रिया

Explanation:

  • जब किसी अभिक्रिया में अघुलनशील (insoluble) ठोस (अवक्षेप) बनता है, तो उसे अवक्षेपण अभिक्रिया (precipitation reaction) कहते हैं।
  • यह आमतौर पर द्वि-विस्थापन अभिक्रियाओं में होता है, पर इसे अलग से वर्गीकृत किया जाता है।

Quick Facts:

  • उदाहरण: BaCl₂ + Na₂SO₄ → BaSO₄↓ + 2NaCl

हाइड्रोकार्बन के पूर्ण दहन पर निम्नलिखित में से कौन-सा उत्पाद निर्मित होता है?

  • मेथेन और हाइड्रोजन
  • मेथेन और ऑक्सीजन
  • CO₂ और जल
  • CO और जल

Explanation:

  • हाइड्रोकार्बन (CₓHᵧ) के पूर्ण दहन (complete combustion) पर CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) और H₂O (जल) बनते हैं।
  • अपूर्ण दहन (incomplete) में CO (कार्बन मोनोऑक्साइड) या कार्बन (soot) बनता है।

Quick Facts:

  • पूर्ण दहन: CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O

कैल्शियम कार्बोनेट को गर्म करने पर कैल्शियम ऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड उत्पन्न होते हैं। यह किस प्रकार की रासायनिक अभिक्रिया का उदाहरण है?

  • अपघटन
  • संयोजन
  • विस्थापन
  • दोहरी विस्थापन

Explanation:

  • CaCO₃ → CaO + CO₂ (गर्म करने पर)
  • एक यौगिक (CaCO₃) टूटकर दो सरल उत्पाद (CaO और CO₂) देता है – यह अपघटन (decomposition) अभिक्रिया है (विशेष रूप से ऊष्मीय अपघटन)।

Quick Facts:

  • इस अभिक्रिया का उपयोग चूना (लाइम) बनाने में होता है (चूना भट्टी)।

निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सत्य/असत्य है/हैं? कथन: A. निम्न प्रतिवर्ती अभिक्रिया का एक उदाहरण है N₂(g) + 3H₂(g) ⇌ 2NH₃(g) B. निम्न प्रकाश अपघटन अभिक्रिया का एक उदाहरण है CaCO₃(s) → CaO(s) + CO₂(g)

  • A और B दोनों सत्य हैं
  • A और B दोनों असत्य हैं
  • केवल B सत्य है
  • केवल A सत्य है

Explanation:

  • कथन A: N₂ + 3H₂ ⇌ 2NH₃ – उत्क्रमणीय (reversible) अभिक्रिया – सत्य
  • कथन B: CaCO₃ → CaO + CO₂ – यह ऊष्मीय अपघटन (thermal decomposition) है, प्रकाश अपघटन (photochemical) नहीं (प्रकाश अपघटन के लिए AgCl/AgBr का उदाहरण है) – असत्य

Quick Facts:

  • प्रकाश अपघटन: 2AgCl → 2Ag + Cl₂ (प्रकाश में)

विस्थापन अभिक्रिया के पीछे प्राथमिक रासायनिकी क्या है?

  • यौगिक दो या अधिक घटकों में विघटित हो जाते हैं
  • एक तत्व यौगिक से दूसरे तत्व को विस्थापित करता है
  • दो अभिक्रियक मिलकर एक उत्पाद जनित करते हैं
  • दो पदार्थों के बीच आयन विनिमय होता है

Explanation:

  • विस्थापन (Displacement) अभिक्रिया: एक अधिक अभिक्रियाशील तत्व, यौगिक में उपस्थित कम अभिक्रियाशील तत्व को विस्थापित (displace) करता है।
  • सामान्य रूप: A + BC → AC + B (यदि A > B सक्रियता श्रेणी में)

Quick Facts:

  • यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया भी है (A ऑक्सीकृत, B²⁺ अपचयित)।

सोने और चांदी जैसी कम अभिक्रियाशील धातुओं का निष्कर्षण कैसे किया जाता है?

  • विस्थापन अभिक्रिया द्वारा
  • सरल तापन या रासायनिक विधियों द्वारा
  • वैद्युतअपघटनी अपचयन द्वारा
  • अम्लों के साथ अभिक्रिया द्वारा

Explanation:

  • Au, Ag, Pt जैसी कम अभिक्रियाशील धातुएँ (निष्क्रिय, नोबल) प्राकृतिक रूप से मुक्त अवस्था (native) में या हल्के तापन/रासायनिक उपचार (साइनाइड विधि, cyanide process) द्वारा निकाली जाती हैं, क्योंकि उनके ऑक्साइड अस्थिर होते हैं और सरलता से विघटित हो जाते हैं।
  • उदाहरण: 2Ag₂O → 4Ag + O₂ (गर्म करने पर)

Quick Facts:

  • Ag और Au का निष्कर्षण ‘सायनाइड विधि’ (cyanide leaching) द्वारा भी किया जाता है।

एक यौगिक में, तत्व _____ संयोजित होते हैं।

  • रासायनिक रूप से
  • वाष्पन द्वारा
  • भौतिक रूप से
  • निस्यंदन द्वारा

Explanation:

  • यौगिक (compound) में तत्व रासायनिक रूप से (chemically) एक निश्चित अनुपात में संयोजित (combined) होते हैं, जिससे नए गुण (properties) वाला पदार्थ बनता है।
  • मिश्रण (mixture) में तत्व/पदार्थ भौतिक रूप से (physically) संयोजित होते हैं, जिन्हें भौतिक विधियों द्वारा पृथक किया जा सकता है।

Quick Facts:

  • यौगिक: निश्चित अनुपात, रासायनिक बंध, नए गुण
  • मिश्रण: चर अनुपात, भौतिक संयोजन, मूल गुण बनाए रखता है

सूर्य से पराबैंगनी (UV) विकिरण से पृथ्वी की सतह को ओजोन परत ढालती है और निम्नलिखित में से किस संश्लेषित रसायन के कारण वायुमंडल में ओजोन की मात्रा तेजी से कम होने लगती है?

  • कीटनाशक
  • जंतुनाशक
  • कार्बन मोनोऑक्साइड
  • क्लोरोफ्लोरोकार्बन

Explanation:

  • ओजोन परत (Ozone layer) का क्षय (depletion) मुख्यतः क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) के कारण होता है, जो रेफ्रिजरेंट, एयरोसोल, फोम में उपयोग किए जाते हैं।
  • CFCs से Cl (क्लोरीन) मुक्त होता है, जो O₃ (ओजोन) को O₂ में बदल देता है (श्रृंखला अभिक्रिया)।
  • इस पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) द्वारा प्रतिबंध लगाया गया था।

Quick Facts:

  • ओजोन (O₃) – UV-B और UV-C विकिरण को अवशोषित करती है।

निम्नलिखित में से कौन-सा द्विविस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण है?

  • Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu
  • 2H₂ + O₂ → 2H₂O
  • CaCO₃ → CaO + CO₂
  • Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄ + 2NaCl

Explanation:

  • Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl – यह द्वि-विस्थापन (आयनों का आदान-प्रदान) है।
  • Fe + CuSO₄ – विस्थापन, 2H₂+O₂ – संयोजन, CaCO₃ → – अपघटन

Quick Facts:

  • द्वि-विस्थापन: AB + CD → AD + CB

जब लेड नाइट्रेट विलयन को सोडियम आयोडाइड विलयन के साथ मिलाया जाता है तो निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक अवक्षेपित हो जाता है?

  • सोडियम नाइट्राइट
  • लेड आयोडाइड
  • लेड नाइट्राइट
  • सोडियम नाइट्रेट

Explanation:

  • Pb(NO₃)₂ + 2NaI → PbI₂↓ + 2NaNO₃
  • PbI₂ (लेड आयोडाइड) – एक पीला (yellow) अवक्षेप बनता है।
  • यह एक द्वि-विस्थापन अवक्षेपण अभिक्रिया है।

Quick Facts:

  • PbI₂ का रंग: पीला/सुनहरा (golden yellow)

निम्नलिखित कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़ें तथा सही विकल्प का चयन करें। कथन 1: सजातीय श्रेणी के सदस्यों में एक –CH₂– समूह का अंतर होता है। कथन 2: सजातीय श्रेणी के प्रत्येक क्रमिक सदस्य का आणविक द्रव्यमान पूर्ववर्ती सदस्य से 12 u भिन्न होता है।

  • दोनों कथन असत्य हैं।
  • दोनों कथन सत्य हैं, लेकिन कथन 2, कथन 1 की सही व्याख्या नहीं है।
  • दोनों कथन सत्य हैं और कथन 2, कथन 1 की सही व्याख्या है।
  • कथन 1 सत्य है, लेकिन कथन 2 असत्य है।

Explanation:

  • कथन 1: सजातीय श्रेणी (homologous series) के क्रमागत सदस्यों में –CH₂– (1 कार्बन + 2 हाइड्रोजन) का अंतर होता है – सत्य
  • कथन 2: आण्विक द्रव्यमान में अंतर = CH₂ (12 + 2 = 14 u) होता है, 12 u नहीं (12 u केवल कार्बन का) – असत्य

Quick Facts:

  • सजातीय श्रेणी: ऐल्केन (CH₄, C₂H₆, C₃H₈…) – प्रत्येक अंतर CH₂ (14 u)

निम्नलिखित में से कौन सा उदाहरण दर्शाता है कि पदार्थ के कणों के बीच पर्याप्त स्थान होता है?

  • पानी का उबलना
  • पोटेशियम परमैंगनेट का पानी में समान रूप से वितरित होना
  • लोहे की कील का टूटना
  • अगरबत्ती जलाना

Explanation:

  • जब पोटेशियम परमैंगनेट (KMnO₄) के क्रिस्टल को पानी में डाला जाता है, तो वे समान रूप से वितरित (diffuse) हो जाते हैं – यह विसरण (diffusion) का उदाहरण है, जो दर्शाता है कि पदार्थ के कणों के बीच स्थान (space) होता है और वे गतिशील होते हैं।
  • अन्य विकल्प भौतिक/रासायनिक परिवर्तन दिखाते हैं, पर कणों के बीच स्थान का प्रमाण नहीं।

Quick Facts:

  • विसरण (Diffusion) – कणों का उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर जाना।

______ को समय के उपचार के रूप में संदर्भित किया जाता है, एक मनोरोग उपचार है जिसमें मनोरोग से होने वाली बीमारी से राहत प्रदान करने के लिए मरीजों में दौरे को प्रेरित किया जाता है। A. इलेक्ट्रोमायोग्राफी (EMG) B. इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) C. इलेक्ट्रोएन्सेफ्लोग्राफी (EEG) D. इलेक्ट्रोकन्वल्सिव थेरेपी (ECT)

  • C
  • D
  • A
  • B

Explanation:

  • इलेक्ट्रोकन्वल्सिव थेरेपी (ECT – Electroconvulsive Therapy) एक मनोरोग उपचार है, जिसमें रोगी के मस्तिष्क में विद्युत धारा (electrical current) प्रवाहित करके दौरे (seizures) उत्पन्न किए जाते हैं, जिससे गंभीर मानसिक बीमारियाँ (जैसे अवसाद) ठीक होती हैं।
  • EMG → मांसपेशी विद्युत, ECG → हृदय, EEG → मस्तिष्क तरंगें (मापन, चिकित्सा नहीं)।

Quick Facts:

  • ECT को ‘शॉक थेरेपी’ (shock therapy) भी कहते हैं (अब सुरक्षित, संवेदनाहारी के साथ)।

निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प संक्षारण को दर्शाता है?

  • पानी का उबलना
  • पानी में चीनी का घुलना
  • लोहे का जंग लगना
  • LPG का जलना

Explanation:

  • लोहे का जंग लगना (Rusting of iron) – Fe + O₂ + H₂O → Fe₂O₃·xH₂O (जंग/आयरन ऑक्साइड) – यह संक्षारण (corrosion) का एक सामान्य उदाहरण है।
  • पानी का उबलना / चीनी का घुलना → भौतिक परिवर्तन, LPG का जलना → दहन (combustion, जो संक्षारण नहीं है)।

Quick Facts:

  • संक्षारण: धातुओं का वातावरण के साथ अभिक्रिया करके ऑक्साइड/लवण बनाना।

अभिक्रियाशीलता श्रेणी के अनुसार, कौन-सी रासायनिक अभिक्रिया संभव है?

  • 3Ag + AlCl₃ → 3AgCl + Al
  • 3Cu + FeCl₃ → 3CuCl₂ + Fe
  • Cu + ZnCl₂ → CuCl₂ + Zn
  • Zn + CuCl₂ → ZnCl₂ + Cu

Explanation:

  • सक्रियता श्रेणी (Activity Series): Zn > Cu > Ag > Al? (वास्तव में Al > Zn > Fe > Cu > Ag)
  • Zn + CuCl₂ → ZnCl₂ + Cu – Zn (अधिक सक्रिय) Cu को विस्थापित करता है – संभव
  • Ag + AlCl₃ → Ag, Al से कम सक्रिय है, इसलिए नहीं
  • Cu + FeCl₃ → Cu, Fe से कम सक्रिय (Fe > Cu) – संभव नहीं
  • Cu + ZnCl₂ → Cu, Zn से कम सक्रिय – संभव नहीं

Quick Facts:

  • सक्रियता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu > Ag > Au

निम्नलिखित में से कौन-सा रासायनिक परिवर्तन है?

  • पेट्रोल का दहन
  • जल का वाष्पीकरण
  • नमक और जल का मिश्रण
  • बर्फ पिघलना

Explanation:

  • पेट्रोल का दहन (burning of petrol) – एक रासायनिक परिवर्तन (chemical change) है, क्योंकि इसमें नए पदार्थ (CO₂, H₂O, ऊष्मा) बनते हैं और यह अपरिवर्तनीय (irreversible) है।
  • जल का वाष्पीकरण, नमक+जल का मिश्रण, बर्फ पिघलना – ये भौतिक परिवर्तन (physical changes) हैं (आकार/अवस्था बदलती है, पर रासायनिक संरचना नहीं)।

Quick Facts:

  • रासायनिक परिवर्तन: नए पदार्थ बनते हैं, अपरिवर्तनीय
  • भौतिक परिवर्तन: केवल अवस्था/आकार बदलता है, प्रतिवर्ती

द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का सृजन किया जा सकता है लेकिन नष्ट नहीं किया जा सकता है।
  • रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।
  • रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान को नष्ट किया जा सकता है।
  • रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान को बनाया जा सकता है।

Explanation:

  • द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass): किसी रासायनिक अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान संरक्षित (conserved) रहता है – इसे न तो उत्पन्न (created) किया जा सकता है और न ही नष्ट (destroyed) किया जा सकता है।

Quick Facts:

  • यह नियम लैवोज़ियर (Lavoisier) ने दिया था (1789)।

द्विविस्थापन अभिक्रिया होती है: (i) अवक्षेप बनने के साथ (ii) गैस के विकास के साथ (iii) रंग में परिवर्तन के साथ

  • i, ii और iii
  • केवल i
  • केवल i और ii
  • केवल ii और iii

Explanation:

  • द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ विभिन्न प्रकार की हो सकती हैं:
  • i. अवक्षेप (precipitate) – BaCl₂ + Na₂SO₄ → BaSO₄↓ + 2NaCl
  • ii. गैस का विकास (gas evolution) – Na₂CO₃ + 2HCl → 2NaCl + H₂O + CO₂↑
  • iii. रंग परिवर्तन (colour change) – कुछ द्वि-विस्थापन अभिक्रियाओं में रंग बदलता है (जैसे फेरिक क्लोराइड + सोडियम थायोसाइनेट → लाल रंग)
  • अतः सभी तीन (i, ii, iii) द्वि-विस्थापन अभिक्रियाओं में हो सकते हैं।

Quick Facts:

  • द्वि-विस्थापन अभिक्रियाएँ उदासीनीकरण, अवक्षेपण, या गैस विसर्जन अभिक्रियाएँ हो सकती हैं।

द्रव्यमान संरक्षण के नियम में बताया गया है कि

  • अभिक्रियाओं के दौरान पदार्थ नष्ट हो सकता है
  • अभिक्रियाओं में पदार्थ का निर्माण किया जा सकता है
  • किसी भी अभिक्रिया के दौरान द्रव्यमान सदैव घटता है
  • रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है

Explanation:

  • यही द्रव्यमान संरक्षण का नियम है – द्रव्यमान स्थिर (constant) रहता है।

Quick Facts:

  • संतुलित रासायनिक समीकरण इसी नियम पर आधारित है।

निम्न में से कौन सी गैस एक अत्यधिक जहरीली, गंधहीन, स्वादहीन और रंगहीन गैस है?

  • कार्बन डाइऑक्साइड
  • कार्बन मोनोऑक्साइड
  • मीथेन
  • नाइट्रोजन डाइऑक्साइड

Explanation:

  • कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) – एक अत्यंत जहरीली (toxic), गंधहीन (odourless), स्वादहीन (tasteless), रंगहीन (colourless) गैस है।
  • यह अपूर्ण दहन (incomplete combustion) से उत्पन्न होती है और रक्त में हीमोग्लोबिन से बंधकर ऑक्सीजन परिवहन को रोकती है (जानलेवा)।
  • CO₂ (रंगहीन, गंधहीन, पर जहरीली नहीं), मीथेन (रंगहीन, गंधहीन, पर जहरीली नहीं), NO₂ (लाल-भूरी, तीखी गंध, जहरीली)।

Quick Facts:

  • CO को ‘साइलेंट किलर’ (silent killer) भी कहते हैं।

निम्नलिखित में से कौन ‘विद्युत अपघटन अभिक्रिया’ का उदाहरण है?

  • ZnCO₃ → ZnO + CO₂
  • 2KClO₃ → 2KCl + 3O₂
  • 2H₂O → 2H₂ + O₂
  • 2AgBr → 2Ag + Br₂

Explanation:

  • विद्युत अपघटन (Electrolysis) – विद्युत धारा द्वारा अपघटन।
  • 2H₂O → 2H₂ + O₂ – जल का विद्युत अपघटन (electrolysis of water) – विद्युत धारा प्रवाहित करने पर H₂ और O₂ गैसें निकलती हैं।
  • अन्य: ZnCO₃ → ऊष्मीय अपघटन, 2KClO₃ → ऊष्मीय (MnO₂ उत्प्रेरक), 2AgBr → प्रकाशीय अपघटन

Quick Facts:

  • जल का विद्युत अपघटन: 2H₂O → (विद्युत) 2H₂ + O₂ (कैथोड पर H₂, एनोड पर O₂)

रासायनिक अभिक्रिया में अवक्षेप की भौतिक अवस्था क्या होती है?

  • जलीय
  • ठोस
  • तरल
  • गैसीय

Explanation:

  • अवक्षेप (Precipitate) – एक ठोस (solid) पदार्थ है, जो विलयन में अघुलनशील (insoluble) होता है और विलयन से अलग होकर नीचे बैठ जाता है (या निलंबित रहता है)।
  • उदाहरण: AgCl (सफेद ठोस), BaSO₄ (सफेद ठोस), PbI₂ (पीला ठोस)।

Quick Facts:

  • अवक्षेप को (↓) चिह्न द्वारा दर्शाया जाता है।

Fe₃O₄ बनाने के लिए आयरन के तीन अणुओं के साथ कितने जल के अणुओं की अभिक्रिया करनी होगी?

  • 4
  • 3
  • 1
  • 2

Explanation:

  • 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂
  • Fe₃O₄ (मैग्नेटाइट / आयरन ऑक्साइड) बनाने के लिए, 3Fe परमाणुओं के साथ 4 H₂O अणुओं की अभिक्रिया होती है (संतुलित समीकरण)।

Quick Facts:

  • यह अभिक्रिया लोहे पर जलवाष्प (steam) की प्रतिक्रिया है।

कौन-सी संयोजन अभिक्रिया वायुमंडलीय प्रदूषण घटकों के उदासीनीकरण को भी दर्शाती है?

  • Fe + S → FeS
  • CO + O₂ → CO₂
  • CaO + CO₂ → CaCO₃
  • SO₂ + H₂O → H₂SO₃

Explanation:

  • CaO + CO₂ → CaCO₃ – यह संयोजन (combination) अभिक्रिया है, जिसमें CO₂ (एक प्रदूषक गैस, ग्रीनहाउस गैस) कैप्चर (capture) हो जाती है और CaCO₃ बनता है।
  • यह ‘कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन’ (carbon sequestration) का एक उदाहरण है – CO₂ को हटाकर प्रदूषण कम करना (उदासीनीकरण)।
  • SO₂ + H₂O → H₂SO₃ – यह अम्लीय वर्षा (acid rain) का कारण है, उदासीनीकरण नहीं।

Quick Facts:

  • CaO (क्विक लाइम) का उपयोग CO₂ अवशोषण के लिए होता है।

यदि A, B को विस्थापित करता है और C, A को विस्थापित करता है, तो अभिक्रियाशीलता का क्रम ________ है।

  • B > A > C
  • C > A > B
  • C > B > A
  • A > B > C

Explanation:

  • यदि A, B को विस्थापित करता है ⇒ A > B (अभिक्रियाशीलता में)
  • यदि C, A को विस्थापित करता है ⇒ C > A
  • इसलिए C > A > B

Quick Facts:

  • विस्थापन अभिक्रिया तभी होती है जब विस्थापित करने वाला तत्व अधिक अभिक्रियाशील हो।

निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया में अपघटन के दौरान रंग परिवर्तन, गैस का उत्सर्जन और ठोस अवशेष का निर्माण, तीनों एक साथ होते हैं?

  • Pb(NO₃)₂ → PbO + NO₂ + O₂
  • 2AgCl → 2Ag + Cl₂
  • CaCO₃ → CaO + CO₂
  • 2KClO₃ → 2KCl + 3O₂

Explanation:

  • Pb(NO₃)₂ का अपघटन:
  • रंग परिवर्तन: सफेद → पीला (PbO) (या भूरा NO₂ धुआँ)
  • गैस का उत्सर्जन: NO₂ (भूरा) और O₂
  • ठोस अवशेष: PbO (पीला/नारंगी ठोस)
  • तीनों एक साथ होते हैं।
  • अन्य: AgCl (प्रकाश – केवल रंग परिवर्तन + गैस), CaCO₃ (गैस + ठोस, कोई रंग परिवर्तन नहीं), KClO₃ (गैस + ठोस, कोई रंग परिवर्तन नहीं)।

Quick Facts:

  • Pb(NO₃)₂ को गर्म करने पर भूरे धुएँ (NO₂) के साथ विघटित होता है।

अभिकारकों को विभाजित करने के लिए ________ अभिक्रिया में ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

  • संयोजन
  • अपघटन
  • द्वि-विस्थापन
  • विस्थापन

Explanation:

  • अपघटन (Decomposition) अभिक्रिया में, एक यौगिक को उसके घटकों में विभाजित (break down) करने के लिए ऊर्जा (energy) की आवश्यकता होती है (बंध तोड़ने के लिए)।
  • यह ऊष्मा (thermal), प्रकाश (photochemical), या विद्युत (electrolytic) के रूप में हो सकती है।
  • संयोजन अभिक्रिया में ऊर्जा मुक्त होती है (आमतौर पर)।

Quick Facts:

  • अपघटन अभिक्रियाएँ ऊष्माशोषी (endothermic) होती हैं।

तेल और वसा युक्त खाद्य पदार्थ नाइट्रोजन से प्रवाहित होते हैं क्योंकि:

  • पैकेजिंग से हाइड्रोजन को विस्थापित करता है।
  • उत्पाद के स्वाद को बढ़ाता है।
  • उत्पाद में पोषण मूल्य जोड़ता है।
  • पैकेजिंग से ऑक्सीजन को विस्थापित करता है।

Explanation:

  • तेल और वसा युक्त खाद्य पदार्थ (जैसे चिप्स, नमकीन) नाइट्रोजन (N₂) गैस से भरे (flushed) जाते हैं, ताकि ऑक्सीजन (O₂) को विस्थापित (displace) किया जा सके, जिससे ऑक्सीकरण (rancidity / विकृतगंधिता) को रोका जा सके।
  • N₂ एक अक्रिय (inert) गैस है, जो ऑक्सीकरण को नहीं बढ़ाती।

Quick Facts:

  • यह विधि ‘संशोधित वातावरण पैकेजिंग’ (MAP) कहलाती है।

अभिक्रिया Al₂(SO₄)₃ + BaCl₂ → AlCl₃ + BaSO₄ के लिए सही संतुलित समीकरण चुनिए।

  • Al₂(SO₄)₃ + 3BaCl₂ → 3AlCl₃ + 2BaSO₄
  • 2Al₂(SO₄)₃ + 3BaCl₂ → 2AlCl₃ + 3BaSO₄
  • Al₂(SO₄)₃ + 2BaCl₂ → 2AlCl₃ + 3BaSO₄
  • Al₂(SO₄)₃ + 3BaCl₂ → 2AlCl₃ + 3BaSO₄

Explanation:

  • संतुलन: Al₂(SO₄)₃ + 3BaCl₂ → 2AlCl₃ + 3BaSO₄
  • बाएँ: Al=2, S=3, O=12, Ba=3, Cl=6; दाएँ: Al=2, Cl=6, Ba=3, S=3, O=12 – संतुलित

Quick Facts:

  • BaSO₄ एक सफेद अवक्षेप है।

कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट को जब जल में मिश्रित किया जाता है तब क्या होता है?

  • यह एक कठोर ठोस पिंड के रूप में जम जाता है।
  • SO₂ गैस मुक्त होती है।
  • एक स्वच्छ विलयन बनता है।
  • चूने का पानी बनता है।

Explanation:

  • प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄·½H₂O, कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट) को जल में मिलाने पर यह सेट (जम) कर कठोर ठोस (hard solid) बन जाता है, जो जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) में बदल जाता है।
  • यही गुण इसे फ्रैक्चर कास्ट, मूर्तियों के लिए उपयोगी बनाता है।

Quick Facts:

  • POP + H₂O → CaSO₄·2H₂O (जिप्सम) – ऊष्माक्षेपी (exothermic) सेटिंग अभिक्रिया

तरल अवस्था से गैसीय अवस्था में रूपांतरण को क्या कहा जाता है? A. ऑक्सीकरण (Oxidation) B. ऊर्ध्वपातन (Sublimation) C. वाष्पीकरण (Evaporation) D. संघनन (Condensation)

  • A
  • D
  • C
  • B

Explanation:

  • तरल (liquid) से गैस (gas) में परिवर्तन को वाष्पीकरण (Evaporation) कहते हैं (क्वथनांक पर यह ‘उबलना’ या ‘वाष्पन’)।
  • ऑक्सीकरण – रासायनिक अभिक्रिया, ऊर्ध्वपातन – ठोस→गैस (सीधे), संघनन – गैस→तरल
  • विकल्प A (ऑक्सीकरण) गलत है, C (वाष्पीकरण) सही है, पर दिए गए विकल्पों में C नहीं, A है – प्रश्न में त्रुटि है, सही उत्तर C होना चाहिए।

Quick Facts:

  • वाष्पीकरण – सतह पर, किसी भी तापमान पर होता है (उबलना – क्वथनांक पर)।

अम्ल-क्षारक अभिक्रिया किस प्रकार की अभिक्रिया है?

  • ऊष्माशोषी अभिक्रिया
  • वियोजन अभिक्रिया
  • ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया
  • रेडॉक्स अभिक्रिया

Explanation:

  • अम्ल + क्षार → लवण + जल (उदासीनीकरण) – यह ऊष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया है (ऊष्मा मुक्त होती है)।
  • उदाहरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O + ऊष्मा
  • रेडॉक्स अभिक्रिया नहीं है (ऑक्सीकरण अवस्था में कोई परिवर्तन नहीं)।

Quick Facts:

  • उदासीनीकरण अभिक्रिया हमेशा ऊष्माक्षेपी होती है।

निम्नलिखित में से कौन-सा विवरण मिश्रणों के लिए सही है किंतु यौगिकों के लिए नहीं?

  • घटक निश्चित अनुपात में उपस्थित होते हैं।
  • घटकों को भौतिक विधियों द्वारा पृथक किया जा सकता है।
  • नए पदार्थ बनते हैं।
  • घटक अपने व्यष्टिगत गुण खो देते हैं।

Explanation:

  • मिश्रण (Mixture): घटकों को भौतिक विधियों (जैसे छानना, वाष्पीकरण, आसवन) द्वारा पृथक (separate) किया जा सकता है – यह गुण मिश्रणों के लिए सही है, पर यौगिकों (compounds) के लिए नहीं (यौगिक के घटकों को रासायनिक विधियों द्वारा ही पृथक किया जा सकता है)।
  • यौगिक: निश्चित अनुपात, नए गुण, घटक अपने गुण खो देते हैं।

Quick Facts:

  • मिश्रण: चर अनुपात, भौतिक पृथक्करण, मूल गुण बनाए रखते हैं।

एक छात्र एक प्रयोग करता है जिसमें वह एल्युमीनियम सल्फेट में बेरियम क्लोराइड मिलाता है। निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया सही है?

  • 3BaCl₂(aq) + Al₂(SO₄)₃(aq) → 3BaSO₄(s) + 2AlCl₃(aq)
  • 3BaCl₂(aq) + Al₂(SO₄)₃(aq) → BaSO₄(s) + AlCl₃(aq)
  • BaCl₂(aq) + Al₂(SO₄)₃(aq) → 3BaSO₄(s) + Al(s) + Cl₂(g)
  • BaCl₂(aq) + Al₂(SO₄)₃(aq) → Ba(s) + SO₂(g) + 2AlCl₃(aq)

Explanation:

  • 3BaCl₂ + Al₂(SO₄)₃ → 3BaSO₄↓ + 2AlCl₃
  • यह एक संतुलित द्वि-विस्थापन अवक्षेपण अभिक्रिया है, जहाँ BaSO₄ (सफेद अवक्षेप) बनता है और AlCl₃ विलयन में रहता है।
  • अन्य विकल्प असंतुलित या रासायनिक रूप से असंगत हैं।

Quick Facts:

  • BaSO₄ अवक्षेप – सफेद, अविलेय
RRB SCIENCE Chemistry Bank – Chemical Reactions