SCIENCE
हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से जल का बनना किसका उदाहरण है?
- विस्थापन अभिक्रिया
- अपघटन अभिक्रिया
- ऑक्सीकरण और अपचयन
- संयोजन अभिक्रिया
Explanation:
- H₂ + O₂ → H₂O – दो तत्व (हाइड्रोजन और ऑक्सीजन) मिलकर एक यौगिक (जल) बनाते हैं, इसलिए यह संयोजन अभिक्रिया (combination reaction) है।
- यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी (exothermic) भी है (बहुत अधिक ऊष्मा निकलती है)।
Quick Facts:
- 2H₂ + O₂ → 2H₂O (संतुलित समीकरण)
- संयोजन अभिक्रिया: A + B → AB
जब एक लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के घोल में रखा जाता है, तो क्या देखा जाता है?
- लोहा घुल जाता है और कील पर तांबा जमा हो जाता है।
- हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।
- तांबा घुल जाता है और कील पर लोहा जमा हो जाता है।
- कोई प्रतिक्रिया नहीं होती।
Explanation:
- Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu
- Fe, Cu से अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए Fe घुलकर FeSO₄ बनाता है, और Cu (तांबा) कील पर जमा हो जाता है (भूरी परत)।
- CuSO₄ का नीला रंग फीका पड़ जाता है (FeSO₄ हल्का हरा होता है)।
Quick Facts:
- यह एक विस्थापन अभिक्रिया (displacement reaction) है।
- सक्रियता श्रेणी (activity series) में Fe > Cu (अधिक अभिक्रियाशील)।
जब दो तत्व मिलकर कोई यौगिक बनाते हैं, तो इसे किस प्रकार वर्गीकृत किया जा सकता है?
- द्विविस्थापन
- विस्थापन
- संयोजन
- अपघटन
Explanation:
- दो तत्व (A और B) मिलकर एक यौगिक (AB) बनाते हैं – यह संयोजन अभिक्रिया (combination) है।
- उदाहरण: 2Mg + O₂ → 2MgO
Quick Facts:
- संयोजन अभिक्रिया: A + B → AB
निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन अभिक्रिया का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
- एक अभिक्रिया जहाँ एक उत्पाद गैस विमोचित करता है
- दो तत्व मिलकर एक यौगिक बनाते हैं
- दो यौगिकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है
- एक यौगिक सरल पदार्थों में टूट जाता है
Explanation:
- संयोजन अभिक्रिया (combination reaction) की परिभाषा: दो या दो से अधिक अभिकारक (तत्व या यौगिक) मिलकर एक उत्पाद (यौगिक) बनाते हैं।
- सामान्य रूप: A + B → AB
Quick Facts:
- अपघटन: AB → A + B (विपरीत)
- द्विविस्थापन: AB + CD → AD + CB
चार टेस्ट ल्यूबों में CuSO₄, MgSO₄, ZnSO₄ और AgNO₃ के विलयन हैं। एक विद्यार्थी प्रत्येक टेस्ट ल्यूब में जिंक धातु मिलाता है। किस टेस्ट ल्यूब/ल्यूबों में अभिक्रिया होगी?
- सभी विलयनों में
- केवल CuSO₄
- केवल CuSO₄ और AgNO₃
- केवल ZnSO₄
Explanation:
- Zn, CuSO₄ से Cu को विस्थापित कर सकता है (Zn > Cu), और AgNO₃ से Ag को (Zn > Ag) – क्योंकि Zn, Cu और Ag से अधिक अभिक्रियाशील है।
- Zn, MgSO₄ से Mg को नहीं विस्थापित कर सकता (Mg > Zn), और ZnSO₄ में Zn पहले से है (कोई विस्थापन नहीं)।
- सक्रियता श्रेणी: Mg > Zn > Cu > Ag
Quick Facts:
- Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu
- Zn + 2AgNO₃ → Zn(NO₃)₂ + 2Ag
कौन-सा कथन संयोजन अभिक्रिया को सर्वोत्तम रूप से परिभाषित करता है?
- दो यौगिक आयनों का आदान-प्रदान करके नए यौगिकों का निर्माण करते हैं।
- एक तत्व अपने यौगिक से दूसरे तत्व को विस्थापित करता है।
- दो अभिकारक सरल उत्पादों में विघटित हो जाते हैं।
- दो या दो से अधिक अभिकारक संयोजित होकर एकल उत्पाद का निर्माण करते हैं।
Explanation:
- संयोजन अभिक्रिया (combination reaction) की सटीक परिभाषा: दो या अधिक अभिकारक (reactants) मिलकर एक उत्पाद (product) बनाते हैं।
- उदाहरण: 2H₂ + O₂ → 2H₂O
Quick Facts:
- संयोजन अभिक्रिया: A + B + … → AB…
निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रिया के लिए संतुलित अभिक्रिया ________ होगी। हाइड्रोजन + ब्रोमीन → हाइड्रोजन ब्रोमाइड
- H₂ + Br₂ → 2HBr
- H₂ + 2Br → 2HBr
- 2H + Br₂ → 2HBr
- H + Br → HBr
Explanation:
- हाइड्रोजन (H₂) + ब्रोमीन (Br₂) → हाइड्रोजन ब्रोमाइड (HBr)
- संतुलित समीकरण: H₂ + Br₂ → 2HBr (बाएँ: H=2, Br=2; दाएँ: H=2, Br=2)
- यह एक संयोजन अभिक्रिया है।
Quick Facts:
- हैलोजन (F₂, Cl₂, Br₂, I₂) हाइड्रोजन के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन हैलाइड (HX) बनाते हैं।
दी गई अभिक्रियाओं में से कौन-सी अभिक्रिया संयोजन अभिक्रिया के विपरीत है?
- विघटन
- अवक्षेपण
- प्रतिस्थापन
- द्विविस्थापन
Explanation:
- संयोजन (Combination) = A + B → AB
- इसका विपरीत = अपघटन (Decomposition) = AB → A + B
- संयोजन में दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक बनाते हैं, अपघटन में एक पदार्थ टूटकर दो या अधिक बनाते हैं।
Quick Facts:
- संयोजन और अपघटन एक-दूसरे के विपरीत (opposite) अभिक्रियाएँ हैं।
कैल्शियम ऑक्साइड और जल से बुझे हुए चूने के निर्माण को दर्शाने वाली अभिक्रिया का कौन सा प्रकार है?
- अपघटन अभिक्रिया
- अवक्षेपण अभिक्रिया
- विस्थापन अभिक्रिया
- संयोजन अभिक्रिया
Explanation:
- CaO + H₂O → Ca(OH)₂
- दो अभिकारक (CaO और H₂O) मिलकर एक उत्पाद (Ca(OH)₂) बनाते हैं – यह संयोजन अभिक्रिया है (और ऊष्माक्षेपी भी)।
Quick Facts:
- CaO = क्विक लाइम (quick lime), Ca(OH)₂ = बुझा चूना (slaked lime)
- इसे ‘चूने का स्लेकिंग’ (slaking of lime) कहते हैं।
वह अभिक्रिया क्या है जिसमें अम्ल और क्षार की अभिक्रिया से नमक और जल उत्पन्न होते हैं?
- संश्लेषण प्रतिक्रिया
- निराकरण प्रतिक्रिया
- अपघटन अभिक्रिया
- रेडॉक्स प्रतिक्रिया
Explanation:
- अम्ल (Acid) + क्षार (Base) → लवण (Salt) + जल (Water)
- इसे उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization reaction) कहते हैं।
- उदाहरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O
Quick Facts:
- उदासीनीकरण अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी (exothermic) होती है।
जिप्सम से प्लास्टर ऑफ पेरिस बनाने में कौन-सी रासायनिक अभिक्रिया शामिल है?
- CaSO₄·2H₂O → 2CaSO₄ + 2H₂O
- CaSO₄·2H₂O → 2CaSO₄·1/2H₂O + 1/2H₂O
- CaSO₄·1/2H₂O → 2CaSO₄·2H₂O
- CaCO₃ → 2CaO + CO₂
Explanation:
- जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) को 100°C पर गर्म करने पर यह क्रिस्टलीय जल का ¾ भाग खो देता है और प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄·½H₂O) बनता है।
- 2CaSO₄·2H₂O → 2CaSO₄·½H₂O + 3H₂O (या CaSO₄·2H₂O → CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O)
- यह एक निर्जलीकरण (dehydration) अभिक्रिया है (अपघटन का प्रकार)।
Quick Facts:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस = कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट
- POP + जल → जिप्सम (सेट होने पर)
जल में मिश्रित करने पर ______ जिप्सम में परिवर्तित हो जाता है।
- कैल्शियम फॉस्फेट
- सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
- कैल्शियम फॉस्फेट हेमीहाइड्रेट
- कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट
Explanation:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄·½H₂O) जल में मिलाने पर जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) में बदल जाता है, जो कठोर हो जाता है।
- यह अभिक्रिया: CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O → CaSO₄·2H₂O
Quick Facts:
- इसी गुण के कारण POP का उपयोग फ्रैक्चर (हड्डी टूटने) में कास्ट बनाने में होता है।
ब्लीचिंग पाउडर क्लोरीन की क्रिया से किस पर बनता है?
- Ca(OH)₂
- NaOH
- CaO
- CaCO₃
Explanation:
- ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) बुझे चूने (Ca(OH)₂) पर क्लोरीन (Cl₂) गैस की क्रिया से बनता है।
- Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
- NaOH (कास्टिक सोडा) – क्लोर-क्षार प्रक्रिया से, CaO (क्विक लाइम), CaCO₃ (चूना पत्थर) – अन्य यौगिक।
Quick Facts:
- ब्लीचिंग पाउडर = कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प नीचे दी गई अभिक्रिया के उत्पाद को दर्शाता है? MnO₂ + 4HCl →
- केवल MnCl₂
- MnCl₂, Cl₂ और 2H₂O
- केवल H₂O
- केवल Cl₂
Explanation:
- MnO₂ + 4HCl → MnCl₂ + Cl₂ + 2H₂O
- यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया है: MnO₂ अपचयित (MnCl₂), HCl ऑक्सीकृत (Cl₂)
- इस अभिक्रिया का उपयोग प्रयोगशाला में क्लोरीन गैस बनाने के लिए किया जाता है।
Quick Facts:
- MnO₂ + 4HCl → MnCl₂ + Cl₂ + 2H₂O
निम्नलिखित में से कौन सी अभिक्रिया अवक्षेपण अभिक्रिया है?
- CuO + H₂ → H₂O + Cu
- CuSO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + CuCl₂(aq)
- Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu
- Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄ + 2NaCl
Explanation:
- CuSO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + CuCl₂ – यहाँ BaSO₄ (बेरियम सल्फेट) एक सफेद अवक्षेप (white precipitate) है, इसलिए यह अवक्षेपण अभिक्रिया है (और द्विविस्थापन भी)।
- CuO + H₂ → रेडॉक्स, Zn + CuSO₄ → विस्थापन, Na₂SO₄ + BaCl₂ → यह भी अवक्षेपण है (BaSO₄ अवक्षेप), पर CuSO₄ वाला अधिक स्पष्ट है।
Quick Facts:
- अवक्षेपण अभिक्रिया: एक अविलेय ठोस (अवक्षेप) बनता है।
तापन पर सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट की अभिक्रिया क्या उत्पन्न करती है?
- सामान्य तापन में सोडियम क्लोराइड, जल और हाइड्रोजन गैस
- उच्च तापमान पर सोडियम हाइड्रोक्साइड, ऑक्सीजन और कार्बन मोनोऑक्साइड
- अभिक्रिया के दौरान सोडियम कार्बोनेट, जल और कार्बन डाइऑक्साइड गैस
- प्रबल तापन पर सोडियम सल्फेट, हाइड्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड
Explanation:
- 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂
- सोडियम बाइकार्बोनेट (बेकिंग सोडा) गर्म करने पर सोडियम कार्बोनेट, जल और CO₂ में अपघटित हो जाता है।
- यह एक ऊष्मीय अपघटन (thermal decomposition) अभिक्रिया है।
Quick Facts:
- NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂ (गर्म करने पर)
- यही कारण है कि बेकिंग सोडा बेकिंग में CO₂ मुक्त करके खमीर उठाता है।
निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सत्य/असत्य है/हैं? A. निम्नलिखित उत्क्रमणीय अभिक्रिया का एक उदाहरण है। N₂(g) + 3H₂(g) ⇌ 2NH₃(g) B. निम्नलिखित संयोजन अभिक्रिया का एक उदाहरण है। 2Mg(s) + O₂(g) → 2MgO(s)
- केवल A ही सत्य है
- A और B दोनों सत्य हैं
- A और B दोनों असत्य हैं
- केवल B ही सत्य है
Explanation:
- कथन A: N₂ + 3H₂ ⇌ 2NH₃ – यह उत्क्रमणीय (reversible) अभिक्रिया है (हैबर विधि) – सत्य।
- कथन B: 2Mg + O₂ → 2MgO – यह संयोजन (combination) अभिक्रिया है (दो तत्व → एक यौगिक) – सत्य।
Quick Facts:
- उत्क्रमणीय अभिक्रिया: ⇌ चिह्न, अग्र और पश्च दोनों दिशाओं में हो सकती है।
साबुन के अणु का जलविरोधी सिरा और जलरागी सिरा:
- क्रमशः हाइड्रोकार्बन के साथ और जल के साथ अंतःक्रिया करता है
- क्रमशः जल के साथ और अम्ल के साथ अंतःक्रिया करता है
- क्रमशः हाइड्रोकार्बन के साथ और क्षार के साथ अंतःक्रिया करता है
- क्रमशः जल के साथ और हाइड्रोकार्बन के साथ अंतःक्रिया करता है
Explanation:
- साबुन (सोडियम या पोटेशियम लवण) के अणु में एक जलरागी (hydrophilic, polar) सिरा (COO⁻Na⁺) और एक जलविरोधी (hydrophobic, non-polar) सिरा (लंबी हाइड्रोकार्बन श्रृंखला) होता है।
- जलविरोधी सिरा हाइड्रोकार्बन (ग्रीस/तेल) के साथ अंतःक्रिया करता है, जबकि जलरागी सिरा जल के साथ अंतःक्रिया करता है (इसी से साबुन मैल हटाता है – मिसेल (micelle) बनता है)।
Quick Facts:
- साबुन की क्रिया: मिसेल निर्माण (जलविरोधी सिरा मैल को घेरता है, जलरागी सिरा बाहर जल की ओर)।
चीनी के शराब में परिवर्तन की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
- संघनन
- निष्कासन
- किण्वन
- अवसादन
Explanation:
- चीनी (शर्करा, glucose) का शराब (एथेनॉल, alcohol) में परिवर्तन किण्वन (fermentation) कहलाता है, जो खमीर (yeast) एंजाइमों द्वारा किया जाता है।
- C₆H₁₂O₆ → 2C₂H₅OH + 2CO₂ (एंजाइम, anaerobic)
Quick Facts:
- किण्वन एक अवायवीय (anaerobic) प्रक्रिया है।
- इसका उपयोग मादक पेय, ब्रेड (CO₂) बनाने में होता है।
चूना Ca(OH)₂ हवा में ______ के साथ धीरे-धीरे प्रतिक्रिया करता है, ताकि दीवारों पर CaCO₃ की पतली परत बन सके।
- O₂
- CO
- CO₂
- SO₂
Explanation:
- बुझा चूना (Ca(OH)₂) हवा में मौजूद CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) के साथ धीरे-धीरे अभिक्रिया करके CaCO₃ (कैल्शियम कार्बोनेट) बनाता है, जो दीवारों पर चमकदार/कठोर परत बनाता है।
- Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O
Quick Facts:
- यही कारण है कि सफेदी (whitewash) करने के बाद दीवारें चमकती हैं (CaCO₃ बनता है)।
जब चूना पत्थर वियोजन अभिक्रिया से गुजरता है तो निम्नलिखित में से कौन-सी गैस निकलती है?
- हाइड्रोजन
- कार्बन डाईऑक्साइड
- ऑक्सीजन
- कार्बन मोनोऑक्साइड
Explanation:
- चूना पत्थर (CaCO₃) का ऊष्मीय अपघटन: CaCO₃ → CaO + CO₂
- इससे CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) गैस निकलती है, और CaO (क्विक लाइम) बचता है।
- यह एक महत्वपूर्ण औद्योगिक अभिक्रिया है (चूना भट्टी में)।
Quick Facts:
- CaCO₃ → CaO + CO₂ (1000°C पर)
काली और सफेद फोटोग्राफी में किन दो रसायनों का उपयोग किया जाता है?
- AgCl और AgBr
- AgNO₃ और AgBr
- AgBr और AgI
- AgCl और AgNO₃
Explanation:
- ब्लैक एंड व्हाइट फोटोग्राफी (black & white photography) में सिल्वर क्लोराइड (AgCl) और सिल्वर ब्रोमाइड (AgBr) का उपयोग होता है, क्योंकि ये प्रकाश के प्रति संवेदनशील (photosensitive) होते हैं और प्रकाश में अपघटित (decompose) होकर चांदी (Ag) और हैलोजन गैस देते हैं।
- 2AgCl → 2Ag + Cl₂ (प्रकाश में)
- AgNO₃ (सिल्वर नाइट्रेट) – अभिकर्मक, AgI – भी प्रकाश संवेदनशील, पर AgCl और AgBr मुख्य हैं।
Quick Facts:
- ये प्रकाशीय अपघटन (photochemical decomposition) अभिक्रियाएँ हैं।
उस विकल्प का चयन करें जो सही ढंग से इंगित करता है कि निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है। जब मैग्नीशियम धातु का एक टुकड़ा कॉपर सल्फेट के विलयन में रखा जाता है: (i) मैग्नीशियम कॉपर सल्फेट विलयन से कॉपर को विस्थापित कर देता है। (ii) कॉपर सल्फेट विलयन का नीला रंग फीका पड़ जाता है। (iii) मैग्नीशियम के टुकड़े पर तांबे की धातु का लाल भूरा जमाव बनता है।
- i और ii
- i और iii
- i, ii और iii
- ii और iii
Explanation:
- Mg + CuSO₄ → MgSO₄ + Cu
- Mg, Cu से अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए (i) Mg Cu को विस्थापित करता है – सत्य।
- CuSO₄ का नीला रंग (Cu²⁺) Mg द्वारा विस्थापित हो जाता है, इसलिए (ii) रंग फीका पड़ जाता है (MgSO₄ रंगहीन/हल्का) – सत्य।
- Cu (तांबा) Mg के टुकड़े पर जमा होता है, जो लाल-भूरा (reddish-brown) होता है – सत्य।
Quick Facts:
- यह एक विस्थापन अभिक्रिया है (Mg > Cu)।
दिए गए द्विविस्थापन अभिक्रिया में, उत्पाद X और Y की पहचान करें। Pb(NO₃)₂(aq) + 2KI(aq) → X + Y
- PbI₂(s) + 2KNO₃(aq)
- कोई अभिक्रिया नहीं होती
- PbI₂ + HNO₃
- PbI₂(s) + KCl(s)
Explanation:
- Pb(NO₃)₂ + 2KI → PbI₂↓ + 2KNO₃
- X = PbI₂ (लेड आयोडाइड, पीला अवक्षेप), Y = KNO₃ (पोटेशियम नाइट्रेट, जलीय विलयन में)
- यह एक द्विविस्थापन अवक्षेपण अभिक्रिया है।
Quick Facts:
- PbI₂ का रंग: पीला (yellow) / सुनहरा-पीला
निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया अवक्षेपण अभिक्रिया का उदाहरण है?
- HCl + NaOH → NaCl + H₂O
- CaCO₃ → CaO + CO₂
- 2H₂ + O₂ → 2H₂O
- NaCl + AgNO₃ → NaNO₃ + AgCl
Explanation:
- NaCl + AgNO₃ → NaNO₃ + AgCl↓
- AgCl (सिल्वर क्लोराइड) एक सफेद अवक्षेप (white precipitate) है, इसलिए यह अवक्षेपण अभिक्रिया है।
- HCl + NaOH → उदासीनीकरण, CaCO₃ → अपघटन, H₂+O₂ → संयोजन
Quick Facts:
- AgCl का उपयोग क्लोराइड आयन (Cl⁻) के परीक्षण में होता है।
जब सोडियम क्लोराइड और सिल्वर नाइट्रेट को एक द्विविस्थापन अभिक्रिया में मिलाया जाता है, तो क्या परिणाम होता है?
- जल का निर्माण
- अवक्षेप का निर्माण
- गैस का निर्माण
- लवण का निर्माण
Explanation:
- NaCl + AgNO₃ → AgCl↓ + NaNO₃
- AgCl एक सफेद अवक्षेप (precipitate) है, जो विलयन से अलग होकर नीचे बैठ जाता है।
- यह एक द्विविस्थापन अवक्षेपण अभिक्रिया है।
Quick Facts:
- अवक्षेपण अभिक्रिया: दो विलेय लवण मिलकर एक अविलेय लवण (अवक्षेप) बनाते हैं।
लोहे में जंग लगना किस प्रकार की अभिक्रिया है?
- विस्थापन
- रेडॉक्स
- संयोजन
- अपघटन
Explanation:
- लोहे में जंग (rusting) लगना: 4Fe + 3O₂ + xH₂O → 2Fe₂O₃·xH₂O (हाइड्रेटेड फेरिक ऑक्साइड)
- इसमें Fe (0) → Fe³⁺ (+3) (ऑक्सीकरण), O₂ (0) → O²⁻ (-2) (अपचयन) – अतः यह एक रेडॉक्स (redox) अभिक्रिया है (ऑक्सीकरण और अपचयन दोनों होते हैं)।
- यह एक धीमी ऑक्सीकरण (slow oxidation) है।
Quick Facts:
- जंग लगने के लिए O₂ और H₂O (नमी) दोनों आवश्यक हैं।
मिश्रण का निर्माण एक ______ परिवर्तन है जबकि यौगिक का निर्माण क्रमशः एक ______ परिवर्तन है।
- रासायनिक, भौतिक
- भौतिक, भौतिक
- रासायनिक, रासायनिक
- भौतिक, रासायनिक
Explanation:
- मिश्रण (mixture) का निर्माण – भौतिक परिवर्तन (physical change) है, क्योंकि पदार्थ अपनी पहचान बनाए रखते हैं (कोई नया यौगिक नहीं बनता) – इसे अलग किया जा सकता है (भौतिक विधियों द्वारा)।
- यौगिक (compound) का निर्माण – रासायनिक परिवर्तन (chemical change) है, क्योंकि नए पदार्थ (यौगिक) बनते हैं, जिनके गुण अलग होते हैं, और इसे रासायनिक विधि से ही अलग किया जा सकता है।
Quick Facts:
- मिश्रण: भौतिक संयोजन (हवा, मिट्टी)
- यौगिक: रासायनिक संयोजन (H₂O, NaCl)
मधुमक्खी के सामान्य नाम को उसके वैज्ञानिक नाम से सुमेलित कीजिए।
- 1-B, 2-C, 3-D, 4-A
- 1-C, 2-B, 3-A, 4-D
- 1-D, 2-A, 3-B, 4-C
- 1-A, 2-D, 3-C, 4-B
Explanation:
- यह एक मिलान प्रश्न है, पर सूची (मधुमक्खी के सामान्य नाम और वैज्ञानिक नाम) प्रश्न में नहीं दी गई है।
- सामान्य मधुमक्खी (honey bee) का वैज्ञानिक नाम Apis mellifera है।
- अन्य: भौंरा (bumblebee) – Bombus, यूरोपीय मधुमक्खी – Apis, आदि।
Quick Facts:
- मधुमक्खी का डंक (sting) फॉर्मिक अम्ल (formic acid) युक्त होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया बेरियम क्लोराइड और सोडियम सल्फेट के बीच अभिक्रिया का सबसे सटीक प्रतिनिधित्व करती है?
- Na₂SO₄ + BaCl → BaSO₄ + 2NaCl
- NaSO₄ + BaCl₂ → BaSO₄ + NaCl₂
- Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄ + 2NaCl
- NaSO₄ + BaCl → BaSO₄ + NaCl
Explanation:
- सही रासायनिक सूत्र: Na₂SO₄ (सोडियम सल्फेट), BaCl₂ (बेरियम क्लोराइड)
- अभिक्रिया: Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl
- BaSO₄ अवक्षेप (सफेद), NaCl जलीय विलयन में।
Quick Facts:
- यह एक द्विविस्थापन अवक्षेपण अभिक्रिया है।
निर्वात में प्रकाश की चाल का किसी माध्यम से अनुपात क्या है? A. परावर्तक सूचकांक B. अपवर्तक सूचकांक C. मेडिवेक सूचकांक D. वायु गुणवत्ता सूचकांक
- C
- B
- D
- A
Explanation:
- निर्वात में प्रकाश की चाल (c) और किसी माध्यम में प्रकाश की चाल (v) के अनुपात को अपवर्तनांक (Refractive index, μ) कहते हैं।
- μ = c / v
- इसे ‘अपवर्तक सूचकांक’ (refractive index) कहते हैं (परावर्तक सूचकांक – reflection index, गलत है)।
Quick Facts:
- अपवर्तनांक विमाहीन (dimensionless) है।
- जल का μ = 1.33, काँच का ≈ 1.5, हीरे का 2.42
निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया अपघटन अभिक्रिया का उदाहरण है?
- सिल्वर क्लोराइड सूर्य के प्रकाश में धूसर हो जाता है
- प्राकृतिक गैस का जलना
- H₂(g) और O₂(g) से जल का निर्माण
- कोयले का जलना
Explanation:
- AgCl (सिल्वर क्लोराइड) सूर्य के प्रकाश में अपघटित (decompose) होकर Ag (धूसर/काला) और Cl₂ गैस बनाता है – यह प्रकाशीय अपघटन (photochemical decomposition) है।
- अन्य: प्राकृतिक गैस/कोयला जलना – दहन (ऑक्सीकरण), H₂+O₂ → जल – संयोजन।
Quick Facts:
- 2AgCl → 2Ag + Cl₂ (प्रकाश में)
विस्थापन अभिक्रिया में वह प्रमुख कारक क्या है जो निर्धारित करता है कि क्या अधिक अभिक्रियाशील धातु अपने यौगिक से कम अभिक्रियाशील धातु को विस्थापित करेगी?
- अभिक्रिया का तापमान
- धातु परमाणुओं का आकार
- अभिक्रियाशीलता श्रेणी में धातुओं की स्थिति
- यौगिक की सांद्रता
Explanation:
- विस्थापन अभिक्रिया में, कोई धातु दूसरी धातु को उसके लवण से तभी विस्थापित कर सकती है जब वह अभिक्रियाशीलता श्रेणी (reactivity series) में उस धातु से ऊपर (अधिक अभिक्रियाशील) हो।
- उदाहरण: Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu (Zn > Cu), पर Cu + ZnSO₄ → कोई अभिक्रिया नहीं (Cu < Zn)।
Quick Facts:
- अभिक्रियाशीलता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu > Hg > Ag > Au
उस अभिक्रिया का नाम क्या है जिसमें अम्ल और क्षार की अभिक्रिया से लवण और जल उत्पन्न होते हैं?
- योगात्मक अभिक्रिया
- निराकरण प्रतिक्रिया
- विस्थापन प्रतिक्रिया
- अपघटन अभिक्रिया
Explanation:
- अम्ल (Acid) + क्षार (Base) → लवण (Salt) + जल (Water) – इसे उदासीनीकरण (Neutralization) अभिक्रिया कहते हैं।
- HCl + NaOH → NaCl + H₂O
Quick Facts:
- यह ऊष्माक्षेपी (exothermic) है।
जब m द्रव्यमान के एक पिंड को गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध H ऊँचाई तक उठाया जाता है, तो पिंड की स्थितिज ऊर्जा:
- mgH की मात्रा से घट जाती है
- mgH/2 की मात्रा से बढ़ जाती है
- mgH की मात्रा से बढ़ जाती है
- mgH/2 की मात्रा से घट जाती है
Explanation:
- स्थितिज ऊर्जा (PE) = mgh
- जब पिंड को H ऊँचाई तक उठाया जाता है, तो PE = mgH (बढ़ जाती है, क्योंकि h बढ़ती है)।
- गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध कार्य करना = स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि।
Quick Facts:
- PE = mgh (पृथ्वी की सतह के निकट)
एक ही ईंधन स्रोत से बिजली और तापीय ऊर्जा के एक साथ उत्पादन को क्या कहा जाता है?
- सह-उत्पादन
- हाइब्रिड तकनीक
- परासरण
- रिवर्स इंजीनियरिंग
Explanation:
- एक ही ईंधन स्रोत (जैसे कोयला, प्राकृतिक गैस) से एक साथ विद्युत (electricity) और तापीय ऊर्जा (thermal energy) का उत्पादन सह-उत्पादन (cogeneration) या ‘संयुक्त ताप और विद्युत (CHP – Combined Heat and Power)’ कहलाता है।
- इससे ऊर्जा दक्षता (energy efficiency) बढ़ती है।
Quick Facts:
- सह-उत्पादन में अपशिष्ट ऊष्मा (waste heat) का उपयोग तापन/औद्योगिक प्रक्रियाओं के लिए किया जाता है।
जब मैग्नीशियम रिबन एक चमकदार सफेद लौ के साथ जलता है और फिर किस रंग के पाउडर में बदल जाता है?
- सफेद
- पीला
- धूसर
- काला
Explanation:
- Mg + O₂ → MgO
- मैग्नीशियम रिबन जलने पर चमकदार सफेद लौ (dazzling white flame) देता है और सफेद (white) पाउडर (MgO – मैग्नीशियम ऑक्साइड) में बदल जाता है।
Quick Facts:
- MgO का उपयोग दुर्दम्य (refractory) सामग्री, एंटासिड में होता है।
- यह एक संयोजन (ऑक्सीकरण) अभिक्रिया है।
क्रियाशीलता श्रेणी में उच्च धातुओं को किस प्रक्रिया द्वारा निष्कर्षित किया जा सकता है?
- केवल तापन (heating)
- कार्बन के साथ तापन
- वैद्युतअपघटनी अपचयन (electrolytic reduction)
- निस्तापन (calcination)
Explanation:
- अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुएँ (जैसे Na, K, Ca, Mg, Al) – जो सक्रियता श्रेणी (reactivity series) में शीर्ष पर हैं – उन्हें विद्युत अपघटनी अपचयन (electrolytic reduction) द्वारा निकाला जाता है, क्योंकि कार्बन (C) उनके ऑक्साइड को अपचयित नहीं कर सकता (वे C से अधिक अभिक्रियाशील हैं)।
- मध्यम धातुएँ (Zn, Fe) → कार्बन अपचयन; निम्न धातुएँ (Cu, Hg) → केवल तापन।
Quick Facts:
- Al का निष्कर्षण: विद्युत अपघटन (हॉल-हिरौल्ट प्रक्रिया)
उस विकल्प का चयन करें जो अभिकथन (A) और कारण (R) नामक निम्नलिखित दो कथनों के संबंध में सत्य है। अभिकथन (A): यदि आप जल्दी में हैं तो निलंबित भार के नीचे काम करना सुरक्षित है। कारण (R): आपके द्वारा उपयोग किए जा रहे उपकरण की सुरक्षित कार्य भार (SWL) से कभी भी अधिक न हों।
- (A) और (R) दोनों सत्य हैं, और (R), (A) की सही व्याख्या है।
- (A) और (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
- अभिकथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सत्य है
- अभिकथन (A) सत्य है, परन्तु कारण (R) असत्य है।
Explanation:
- अभिकथन (A): “यदि आप जल्दी में हैं तो निलंबित भार के नीचे काम करना सुरक्षित है” – यह गलत है, क्योंकि निलंबित भार के नीचे काम करना हमेशा असुरक्षित होता है (भार गिरने का खतरा), चाहे जल्दी हो या नहीं।
- कारण (R): “सुरक्षित कार्य भार (SWL) से कभी अधिक न हों” – यह सत्य है, क्योंकि SWL से अधिक भार उठाना सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है और खतरनाक है।
- अतः (A) गलत, (R) सत्य है।
Quick Facts:
- SWL (Safe Working Load) – अधिकतम भार जिसे सुरक्षित रूप से उठाया जा सकता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया उदासीनीकरण अभिक्रिया को निरूपित नहीं करती है?
- Na₂CO₃ + HCl → NaCl + CO₂ + H₂O
- CH₃COOH + NaOH → CH₃COONa + H₂O
- H₂SO₄ + Ca(OH)₂ → CaSO₄ + 2H₂O
- HCl + NaOH → NaCl + H₂O
Explanation:
- उदासीनीकरण (Neutralization) = अम्ल + क्षार → लवण + जल (H₂O)
- Na₂CO₃ + 2HCl → 2NaCl + H₂O + CO₂ – यहाँ Na₂CO₃ एक लवण (कार्बोनेट) है, क्षार (base) नहीं (क्षार = OH⁻ देने वाला)। अतः यह उदासीनीकरण नहीं, बल्कि अम्ल-कार्बोनेट अभिक्रिया है (लवण + जल + CO₂)।
- अन्य सभी विकल्प अम्ल + क्षार → लवण + जल (उदासीनीकरण) हैं।
Quick Facts:
- अम्ल + धातु कार्बोनेट → लवण + जल + CO₂
हाइड्रोजन परॉक्साइड के अपघटन को दर्शाने वाला संतुलित समीकरण है:
- 2H₂O₂ → 2H₂O + O₂
- 2H₂O₂ → 2H₂O + O₂
- H₂O₂ → 2H₂O + O₂
- H₂O₂ → H₂O + O₂
Explanation:
- हाइड्रोजन परॉक्साइड (H₂O₂) का अपघटन (decomposition): 2H₂O₂ → 2H₂O + O₂
- यह एक अपघटन अभिक्रिया है, जो MnO₂ उत्प्रेरक की उपस्थिति में तीव्र हो जाती है।
Quick Facts:
- H₂O₂ का उपयोग विरंजक (bleaching agent), कीटाणुनाशक (disinfectant) के रूप में होता है।
एक काँच के गिलास में 1.7 ग्राम अमोनिया गैस होती है। काँच के गिलास में मौजूद मोल की संख्या की गणना कीजिए।
- 0.01 मोल
- 1 मोल
- 0.1 मोल
- 0.2 मोल
Explanation:
- अमोनिया (NH₃) का आण्विक द्रव्यमान = 14 + 3×1 = 17 g/mol
- मोल्स (n) = द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान = 1.7 g / 17 g/mol = 0.1 mol
Quick Facts:
- 1 मोल NH₃ = 17 g (STP पर 22.4 L)
अम्ल और क्षार के बीच होने वाली रासायनिक अभिक्रिया को क्या कहा जाता है?
- उदासीनीकरण अभिक्रिया
- ऊष्माशोषी अभिक्रिया
- संघनन अभिक्रिया
- अपघटन अभिक्रिया
Explanation:
- अम्ल + क्षार → लवण + जल – इसे उदासीनीकरण (Neutralization) अभिक्रिया कहते हैं।
Quick Facts:
- यह ऊष्माक्षेपी (exothermic) है।
एथेनॉइक अम्ल, सोडियम कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करके निम्नलिखित में से कौन-सा उत्पाद बनाता है?
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड और CO₂
- सोडियम ऐसीटेट, हाइड्रोजन और जल
- सोडियम ऐसीटेट और कार्बन मोनोऑक्साइड
- सोडियम ऐसीटेट, कार्बन डाइऑक्साइड और जल
Explanation:
- 2CH₃COOH + Na₂CO₃ → 2CH₃COONa + H₂O + CO₂
- उत्पाद: सोडियम एसीटेट (CH₃COONa), जल (H₂O), CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड)
- यह एक अम्ल-कार्बोनेट अभिक्रिया है, जिसमें CO₂ गैस निकलती है (और H₂O + लवण बनता है)।
Quick Facts:
- सोडियम एसीटेट का उपयोग खाद्य परिरक्षक (E262) के रूप में होता है।
तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ जिंक कणों की अभिक्रिया से कौन सा उत्पाद का निर्माण होता है?
- ZnCl₂
- ZnSO₄
- N₂ gas
- O₂ gas
Explanation:
- Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂
- जिंक सल्फेट (ZnSO₄) बनता है और H₂ गैस निकलती है (पॉप ध्वनि के साथ)।
Quick Facts:
- ZnSO₄ (सफेद क्रिस्टलीय ठोस) का उपयोग उर्वरक, कागज उद्योग में होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा एथेनॉल का उपयोग है?
- मादक पेय में
- खांसी के सिरप में
- पेंट निर्माण में
- सभी विकल्प
Explanation:
- एथेनॉल (C₂H₅OH) का उपयोग:
- मादक पेय (alcoholic beverages) – बीयर, वाइन, स्पिरिट
- खांसी के सिरप (cough syrups) – विलायक/जीवाणुरोधी
- पेंट, वार्निश, स्याही – विलायक (solvent) के रूप में
- इसके अलावा, ईंधन (ethanol blended fuel), कीटाणुनाशक (sanitizer) आदि में भी उपयोग होता है।
Quick Facts:
- एथेनॉल को ‘शराब’ (alcohol) भी कहते हैं।
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में से कौन उष्णाशोषी अभिक्रिया का एक उदाहरण है?
- फेरस सल्फेट का अपघटन
- सल्फ्यूरिक अम्ल का तनुकरण
- प्राकृतिक गैस का दहन
- जल में सोडियम हाइड्रोक्साइड का विघटन
Explanation:
- फेरस सल्फेट (FeSO₄) का अपघटन: 2FeSO₄ → Fe₂O₃ + SO₂ + SO₃
- यह अभिक्रिया ऊष्माशोषी (endothermic) है, क्योंकि इसमें ऊष्मा अवशोषित होती है (गर्म करने पर होती है, पर ऊष्मा अवशोषित होती है या उत्सर्जित? – वास्तव में, FeSO₄ का अपघटन ऊष्माशोषी है, क्योंकि बंध तोड़ने के लिए ऊष्मा की आवश्यकता होती है)।
- अन्य: सल्फ्यूरिक अम्ल का तनुकरण – ऊष्माक्षेपी, प्राकृतिक गैस दहन – ऊष्माक्षेपी, NaOH का जल में विघटन – ऊष्माक्षेपी।
Quick Facts:
- ऊष्माशोषी: ऊष्मा अवशोषित होती है (endothermic – ΔH > 0)
- ऊष्माक्षेपी: ऊष्मा उत्सर्जित होती है (exothermic – ΔH < 0)
ताजे पानी का घनत्व नमक के पानी के घनत्व से ______ है।
- से ज्यादा
- से कम
- के बराबर
- के साथ तुलना में नगण्य है
Explanation:
- नमकीन पानी (saltwater) का घनत्व ताजे पानी (freshwater) से अधिक होता है, क्योंकि घुले हुए लवण (NaCl) द्रव्यमान बढ़ाते हैं।
- अतः ताजे पानी का घनत्व नमक के पानी से कम होता है।
- यही कारण है कि मृत सागर (Dead Sea) में तैरना आसान होता है (घनत्व अधिक, उत्प्लावक बल अधिक)।
Quick Facts:
- ताजे पानी का घनत्व ≈ 1.0 g/cm³, समुद्री जल ≈ 1.025 g/cm³
250 g पानी में 25 g कॉपर क्लोराइड लवण का विलयन है। विलयन की द्रव्यमान प्रतिशतता के आधार पर सांद्रता की गणना करें।
- 9.09%
- 36.01%
- 18.01%
- 27.01%
Explanation:
- द्रव्यमान % (w/w) = (विलेय का द्रव्यमान / विलयन का कुल द्रव्यमान) × 100
- विलयन का कुल द्रव्यमान = 250 g (पानी) + 25 g (कॉपर क्लोराइड) = 275 g
- % = (25/275) × 100 = 9.09%
Quick Facts:
- यह ‘द्रव्यमान प्रतिशत’ (mass percent) सांद्रता है।
लेड ब्रोमाइड का लेड और ब्रोमीन में टूटना ______ का एक उदाहरण है।
- विस्थापन अभिक्रिया
- संकल्पन अभिक्रिया
- अपघटन प्रतिक्रिया
- उदासीनीकरण अभिक्रिया
Explanation:
- PbBr₂ → Pb + Br₂ – एक यौगिक (लेड ब्रोमाइड) टूटकर सरल पदार्थ (लेड और ब्रोमीन) बनाता है, इसलिए यह अपघटन (decomposition) अभिक्रिया है।
- यह विद्युत अपघटनी (electrolytic) अपघटन भी हो सकता है।
Quick Facts:
- PbBr₂ का विद्युत अपघटन: PbBr₂ (पिघला हुआ) → Pb + Br₂
जब कोई अम्ल किसी अभिक्रियाशील धातु के साथ अभिक्रिया करता है, तो किन उत्पादों का निर्माण होता है?
- क्षार और हाइड्रोजन परॉक्साइड का निर्माण होता है
- लवण और कार्बन डाइऑक्साइड गैस का निर्माण होता है
- लवण और हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है
- धातु ऑक्साइड और नाइट्रोजन गैस निकलती है
Explanation:
- अम्ल + धातु → लवण + H₂ (हाइड्रोजन गैस)
- उदाहरण: Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂
- H₂ गैस ‘पॉप’ (pop) ध्वनि के साथ जलती है।
Quick Facts:
- नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) H₂ नहीं देता (ऑक्सीकारक होने के कारण), यह NO₂/NO देता है।
अम्लीय माध्यम में, MnO₄⁻ + Fe²⁺ → Mn²⁺ + Fe³⁺ के लिए संतुलित अपचयोपचय अभिक्रिया है:
- MnO₄⁻ + 5Fe²⁺ + 8H⁺ → Mn²⁺ + 5Fe³⁺ + 4H₂O
- MnO₄⁻ + 3Fe²⁺ + 2H⁺ → MnO₂ + Fe³⁺ + H₂O
- MnO₄⁻ + Fe²⁺ → MnO₂ + Fe³⁺
- MnO₄⁻ + 2Fe²⁺ + H₂O → Mn²⁺ + Fe³⁺
Explanation:
- यह एक रेडॉक्स (redox) अभिक्रिया है (अम्लीय माध्यम में):
- MnO₄⁻ (Mn +7) → Mn²⁺ (+2) – 5 इलेक्ट्रॉन ग्रहण (अपचयन)
- Fe²⁺ (+2) → Fe³⁺ (+3) – 1 इलेक्ट्रॉन त्याग (ऑक्सीकरण)
- संतुलित समीकरण: MnO₄⁻ + 5Fe²⁺ + 8H⁺ → Mn²⁺ + 5Fe³⁺ + 4H₂O
Quick Facts:
- KMnO₄ एक प्रबल ऑक्सीकारक है, जो अम्लीय माध्यम में Mn²⁺ (रंगहीन) में अपचयित होता है।
संतुलित रासायनिक समीकरण के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य है?
- समीकरण के दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की कुल संख्या समान होती है
- उत्पादों में अभिकारकों की तुलना में अधिक परमाणु होते हैं
- अभिकारकों का द्रव्यमान हमेशा उत्पादों के द्रव्यमान से अधिक होता है
- प्रत्येक ओर अणुओं की संख्या हमेशा समान होती है
Explanation:
- संतुलित (balanced) रासायनिक समीकरण में, प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या अभिकारकों और उत्पादों दोनों ओर समान होती है (द्रव्यमान संरक्षण का नियम)।
- अणुओं (molecules) की संख्या समान नहीं होती (जैसे H₂ + Cl₂ → 2HCl, अणु: 2→2 है, पर सदैव नहीं – 2H₂ + O₂ → 2H₂O, अणु: 3→2)
Quick Facts:
- संतुलन: परमाणु संरक्षण (atom conservation)
निम्नलिखित में से कौन-सी द्विविस्थापन अभिक्रिया है?
- 2Mg + O₂ → 2MgO
- CaCO₃ → CaO + CO₂
- AgNO₃ + NaCl → AgCl + NaNO₃
- Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu
Explanation:
- AgNO₃ + NaCl → AgCl↓ + NaNO₃ – आयनों (Ag⁺, NO₃⁻, Na⁺, Cl⁻) का आदान-प्रदान – द्विविस्थापन (और अवक्षेपण)।
- 2Mg+O₂ → संयोजन, CaCO₃ → अपघटन, Zn+CuSO₄ → विस्थापन
Quick Facts:
- द्विविस्थापन: AB + CD → AD + CB
फेरस सल्फेट क्रिस्टल के पूर्ण अपघटन के दौरान कौन सी गैसें निकलती हैं?
- केवल SO₃
- SO₂ और SO₃ दोनों
- केवल SO₂
- O₂
Explanation:
- फेरस सल्फेट (FeSO₄) का ऊष्मीय अपघटन:
- 2FeSO₄ → Fe₂O₃ + SO₂ + SO₃
- इसमें SO₂ (सल्फर डाइऑक्साइड) और SO₃ (सल्फर ट्राइऑक्साइड) दोनों गैसें निकलती हैं (साथ ही Fe₂O₃ (लाल-भूरा) बचता है)।
Quick Facts:
- FeSO₄·7H₂O (हरा कसीस) गर्म करने पर भूरा (Fe₂O₃) हो जाता है – गुणात्मक विश्लेषण में उपयोग।
चिप्स जैसे खाद्य पदार्थों से भरे बैगों में ऑक्सीकरण को रोकने के लिए नाइट्रोजन गैस का उपयोग क्यों किया जाता है?
- नाइट्रोजन गैस चिप्स को कुरकुरा बनाती है।
- नाइट्रोजन गैस ऑक्सीजन को प्रतिस्थापित करके ऑक्सीकरण को रोकती है।
- नाइट्रोजन गैस ऑक्सीकरण को त्वरित करती है।
- नाइट्रोजन गैस खाने का स्वाद बढ़ाती है।
Explanation:
- चिप्स (वसा/तेल युक्त) का ऑक्सीकरण (रैंसिडिटी, rancidity) O₂ (ऑक्सीजन) की उपस्थिति में होता है।
- नाइट्रोजन (N₂) एक अक्रिय (inert) गैस है, जो पैकेट में O₂ को विस्थापित (displace) कर देती है, जिससे ऑक्सीकरण धीमा/रुक जाता है और खाना लंबे समय तक सुरक्षित/कुरकुरा रहता है।
Quick Facts:
- इसे ‘संशोधित वातावरण पैकेजिंग’ (Modified Atmosphere Packaging – MAP) कहते हैं।
दी गई संतुलित रासायनिक समीकरण में aHNO₃(aq) + bCa(OH)₂(aq) → Ca(NO₃)₂ + cH₂O, गुणांक a, b और c हैं:
- क्रमशः 1, 2 और 1
- क्रमशः 2, 1 और 1
- क्रमशः 2, 1 और 2
- क्रमशः 2, 2 और 2
Explanation:
- संतुलन: 2HNO₃ + Ca(OH)₂ → Ca(NO₃)₂ + 2H₂O
- a = 2, b = 1, c = 2
- यह एक उदासीनीकरण अभिक्रिया है।
Quick Facts:
- Ca(NO₃)₂ = कैल्शियम नाइट्रेट (उर्वरक)
उस अभिक्रिया को क्या कहते हैं जिसमें दो या अधिक अभिकारकों की अभिक्रिया के कारण केवल एक ही उत्पाद उत्पन्न होता है?
- विस्थापन प्रतिक्रिया
- प्रतिस्थापन प्रतिक्रिया
- अपघटन अभिक्रिया
- संयोजन प्रतिक्रिया
Explanation:
- संयोजन अभिक्रिया (combination reaction) – दो या अधिक अभिकारक → एक उत्पाद
- सामान्य रूप: A + B → AB
Quick Facts:
- उदाहरण: 2Mg + O₂ → 2MgO
SN2 तंत्र के माध्यम से एक एल्कोक्साइड आयन के प्राथमिक एल्काइल हैलाइड पर आक्रमण करने पर कौन सी प्रतिक्रिया होती है?
- आनंडूट-ईस्टर्ट संश्लेषण
- प्रीडलैंडर संश्लेषण
- विलियमसन संश्लेषण
- कीमारिन संश्लेषण
Explanation:
- एल्कोक्साइड आयन (R–O⁻) का प्राथमिक एल्काइल हैलाइड (R’–X) पर SN2 आक्रमण – यह विलियमसन ईथर संश्लेषण (Williamson ether synthesis) है, जिसमें ईथर (R–O–R’) बनता है।
- R–O⁻ + R’–X → R–O–R’ + X⁻
Quick Facts:
- SN2 तंत्र: द्विअणुक (bimolecular) न्यूक्लियोफिलिक प्रतिस्थापन (backside attack)
एक छात्र ने जिंक और सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ एक अभिक्रिया की। जिंक सल्फेट एक गैस के साथ बनता है। कौन-सी गैस उत्सर्जित होती है?
- हाइड्रोजन
- कार्बन डाइऑक्साइड
- ऑक्सीजन
- नाइट्रोजन
Explanation:
- Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂
- गैस = हाइड्रोजन (H₂), जो पॉप ध्वनि के साथ जलती है।
Quick Facts:
- यह एक विस्थापन अभिक्रिया है (धातु + अम्ल → लवण + H₂)।
पोलियो वैक्सीन की खोज किसके द्वारा की गई थी? A. आइजक न्यूटन (Issac Newton) B. मैरी क्यूरी (Marie Curie) C. जोनास सॉल्क (Jonas Salk) D. अल्बर्ट आइंस्टीन (Albert Einstein)
- C
- A
- B
- D
Explanation:
- पोलियो वैक्सीन (Polio vaccine) की खोज जोनास सॉल्क (Jonas Salk) ने 1955 में की थी।
- यह एक निष्क्रिय (inactivated) वैक्सीन थी, जिसे IPV (Inactivated Polio Vaccine) कहते हैं।
- बाद में, अल्बर्ट सेबिन (Albert Sabin) ने मौखिक (oral) पोलियो वैक्सीन (OPV) विकसित की।
Quick Facts:
- पोलियो एक वायरल रोग है, जो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है।
- सॉल्क ने अपनी वैक्सीन के लिए पेटेंट नहीं लिया, ताकि यह सभी के लिए सुलभ हो।
ऑक्सीजन (O₂) के अणु की परमाणुकता क्या है?
- 1
- 2
- 3
- 4
Explanation:
- परमाणुकता (Atomicity) = किसी अणु में उपस्थित परमाणुओं की संख्या।
- O₂ में 2 ऑक्सीजन परमाणु होते हैं, इसलिए इसकी परमाणुकता 2 है (द्विपरमाणुक, diatomic)।
- O₃ (ओजोन) की परमाणुकता 3 होती है (त्रिपरमाणुक, triatomic)।
Quick Facts:
- O₂ – ऑक्सीजन गैस (द्विपरमाणुक)
- He, Ne, Ar – एकपरमाणुक (monatomic)
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन एक यौगिक के बारे में सत्य है?
- घटकों को भौतिक प्रक्रिया द्वारा अलग किया जा सकता है।
- यह एक भौतिक परिवर्तन है।
- निर्मित नया उत्पाद घटक पदार्थ के समान गुण रखता है।
- निर्मित नया उत्पाद पूरी तरह से अलग गुण रखता है।
Explanation:
- यौगिक (Compound) दो या अधिक तत्वों के रासायनिक संयोजन से बनता है, जिसमें नए पदार्थ के गुण (properties) उसके घटक तत्वों से पूर्णतः भिन्न (completely different) होते हैं।
- उदाहरण: H₂O (जल) – H और O गैस हैं, पर जल द्रव है, आग बुझाता है (H₂ ज्वलनशील, O₂ दहन सहायक है)।
- घटकों को रासायनिक विधियों से ही अलग किया जा सकता है (भौतिक नहीं) – जो मिश्रण (mixture) के लिए सत्य है।
Quick Facts:
- यौगिक: रासायनिक बंध (chemical bond) द्वारा जुड़े होते हैं, निश्चित अनुपात में।
- मिश्रण: भौतिक रूप से मिश्रित, अनुपात परिवर्तनशील, गुण समान होते हैं।
एक रासायनिक अभिक्रिया में, अभिक्रिया शुरू होने से पहले शुरू में मौजूद पदार्थों को ____ कहा जाता है।
- अभिकारक
- उत्पाद
- मध्यवर्ती
- उत्प्रेरक
Explanation:
- रासायनिक अभिक्रिया में प्रारंभिक (initial) पदार्थों को अभिकारक (Reactants) कहते हैं (वे अभिक्रिया में भाग लेते हैं और उपभुक्त होते हैं)।
- अभिक्रिया के बाद बनने वाले पदार्थ उत्पाद (Products) कहलाते हैं।
- उत्प्रेरक (Catalyst) – अभिक्रिया की दर बढ़ाता है, पर स्वयं उपभुक्त नहीं होता।
Quick Facts:
- अभिकारक → तीर (→) → उत्पाद
- उदाहरण: CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O (CH₄, O₂ = अभिकारक; CO₂, H₂O = उत्पाद)
निम्नलिखित में कौन-सा, संयोजन अभिक्रिया का उदाहरण है?
- CaO + H₂O → Ca(OH)₂
- Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂
- 2KClO₃ → 2KCl + 3O₂
- CuSO₄ + BaCl₂ → BaSO₄ + CuCl₂
Explanation:
- संयोजन (Combination) अभिक्रिया: दो या अधिक अभिकारक → एक उत्पाद।
- CaO + H₂O → Ca(OH)₂ (दो पदार्थ मिलकर एक बनाते हैं) – यह संयोजन है।
- Zn + H₂SO₄ → विस्थापन, KClO₃ → अपघटन, CuSO₄ + BaCl₂ → द्वि-विस्थापन
Quick Facts:
- संयोजन अभिक्रिया: A + B → AB
- यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी (exothermic) है (ऊष्मा मुक्त होती है)।
जब कोई अम्ल धातु ऑक्साइड के साथ अभिक्रिया करता है, तो क्या होता है?
- केवल लवण बनता है
- एक लवण और हाइड्रोजन गैस बनते हैं
- एक लवण और जल बनते हैं
- केवल जल बनता है
Explanation:
- अम्ल + धातु ऑक्साइड → लवण (Salt) + जल (Water)
- उदाहरण: CuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂O
- यह उदासीनीकरण (neutralization) के समान है, क्योंकि धातु ऑक्साइड क्षारीय (basic) होता है।
Quick Facts:
- धातु ऑक्साइड + अम्ल → लवण + जल (यह एक प्रकार की उदासीनीकरण अभिक्रिया है)।
अवतल दर्पण द्वारा निर्मित प्रतिबिंब के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं? (i) अवतल दर्पण सदैव वास्तविक तथा उल्टा प्रतिबिंब बनाता है, चाहे बिंब की स्थिति कुछ भी हो। (ii) जब बिंब को अवतल दर्पण के फोकस और वक्रता केंद्र के बीच रखा जाता है, तो दर्पण वास्तविक, उल्टा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है। (iii) जब बिंब को अनंत पर रखा जाता है, तो अवतल दर्पण अपने फोकस पर वास्तविक, उल्टा और बिंदु साइज प्रतिबिंब बनाता है।
- केवल (iii)
- (ii) और (iii) दोनों
- (i) और (ii) दोनों
- केवल (i)
Explanation:
- कथन (i): अवतल दर्पण सदैव वास्तविक और उल्टा नहीं बनाता – यह तब आभासी (virtual) और सीधा (erect) बनाता है जब वस्तु फोकस (F) और ध्रुव (P) के बीच हो। अतः (i) असत्य है।
- कथन (ii): F और C के बीच वस्तु → प्रतिबिंब C से परे (beyond C), वास्तविक, उल्टा और बड़ा (magnified) होता है (छोटा नहीं) – अतः (ii) असत्य है।
- कथन (iii): अनंत पर वस्तु → प्रतिबिंब F पर, वास्तविक, उल्टा और बिंदु (point) आकार का – यह सत्य है।
- अतः केवल (iii) सत्य है।
Quick Facts:
- अवतल दर्पण: C पर → समान, C से परे → छोटा, F और C के बीच → बड़ा, F और P के बीच → आभासी बड़ा, अनंत → F पर बिंदु
कौन-सा कथन, यौगिक जल के स्थिर अनुपात के नियम का सर्वोत्तम वर्णन करता है?
- किसी अभिक्रिया में उत्पादों का कुल द्रव्यमान सदैव अभिक्रियाकों के कुल द्रव्यमान से अधिक होता है
- यौगिकों के गुणधर्म, तत्वों के गुणधर्मों के समान होते हैं
- एक रासायनिक यौगिक में सदैव वही तत्व होते हैं जो द्रव्यमान के एक निश्चित अनुपात में संयुक्त रहते हैं
- तत्व किसी भी अनुपात में मिलकर यौगिक बनाते हैं
Explanation:
- स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions): किसी यौगिक में तत्व सदैव एक निश्चित (fixed) द्रव्यमान अनुपात में होते हैं, चाहे उसे किसी भी स्रोत से प्राप्त किया गया हो।
- जल (H₂O) में H:O = 1:8 (हमेशा) – यही नियम है।
- अन्य विकल्प: द्रव्यमान संरक्षण (लैवोज़ियर), मिश्रण/यौगिक अंतर, यादृच्छिक अनुपात (गलत)
Quick Facts:
- प्राउस्ट का नियम (Proust’s Law) – 1799
- यौगिक: निश्चित अनुपात; मिश्रण: परिवर्तनशील अनुपात
कोयले का जलना किस प्रकार की रासायनिक अभिक्रिया का उदाहरण है?
- संयोजन अभिक्रिया
- द्विविस्थापन अभिक्रिया
- अपघटन अभिक्रिया
- विस्थापन अभिक्रिया
Explanation:
- कोयले (C) का जलना (दहन, combustion) – C + O₂ → CO₂
- यह संयोजन (combination) अभिक्रिया है (दो अभिकारक → एक उत्पाद) और ऊष्माक्षेपी (exothermic) भी है।
- यह ‘दहन’ (combustion) भी है, पर दहन एक विशेष प्रकार की संयोजन अभिक्रिया है (ऑक्सीजन के साथ तीव्र ऑक्सीकरण)।
Quick Facts:
- दहन अभिक्रिया में हमेशा ऑक्सीजन (O₂) भाग लेती है और CO₂ + H₂O (या CO) बनते हैं।
प्लास्टर ऑफ पेरिस के जमने के दौरान-
- द्रव्यमान का विस्तार होता है
- द्रव्यमान का विस्तार होता है और ऊष्मा मुक्त होती है
- ऊष्मा मुक्त होती है
- दहन होता है
Explanation:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP, CaSO₄·½H₂O) पानी में मिलाने पर जमता (सेट) है – यह एक ऊष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया है (ऊष्मा मुक्त होती है)।
- CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O → CaSO₄·2H₂O (जिप्सम) + ऊष्मा
- जमने पर द्रव्यमान में थोड़ा विस्तार (expansion) होता है, पर मुख्यतः ऊष्मा मुक्त होती है।
Quick Facts:
- POP जमने पर कठोर हो जाता है, इसका उपयोग फ्रैक्चर में कास्ट बनाने के लिए किया जाता है।
जब कैल्शियम ऑक्साइड पानी के साथ तेजी से अभिक्रिया करके बुझा हुआ चूना बनाता है, तो किस प्रकार की अभिक्रिया होती है?
- अपघटन अभिक्रिया
- द्विविस्थापन अभिक्रिया
- संयोजन अभिक्रिया
- विस्थापन अभिक्रिया
Explanation:
- CaO + H₂O → Ca(OH)₂ (बुझा चूना)
- दो पदार्थ मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं – यह संयोजन (combination) अभिक्रिया है।
- यह अत्यधिक ऊष्माक्षेपी (exothermic) है (बहुत अधिक ऊष्मा मुक्त होती है)।
Quick Facts:
- CaO = क्विक लाइम (चूना), Ca(OH)₂ = स्लेक्ड लाइम (बुझा चूना)
- इस अभिक्रिया को ‘स्लेकिंग’ (slaking) कहते हैं।
निकेल धातु के शोधन के लिए निम्नलिखित में से कौन सी विधि का उपयोग किया जाता है?
- मतदान
- पृथक्करण
- हैबर विधि
- मॉण्ड विधि
Explanation:
- निकेल (Ni) के शोधन (refining) के लिए मॉण्ड विधि (Mond’s process) का उपयोग किया जाता है, जिसमें अशुद्ध Ni को CO गैस के साथ गर्म करके Ni(CO)₄ (निकल कार्बोनिल) बनाया जाता है, जिसे फिर गर्म करके शुद्ध Ni प्राप्त किया जाता है।
- Ni + 4CO → (50°C) Ni(CO)₄ → (180°C) Ni + 4CO
- हैबर विधि → अमोनिया, मतदान → कोई मानक विधि नहीं, पृथक्करण → सामान्य
Quick Facts:
- मॉण्ड विधि: वाष्पशील (volatile) कार्बोनिल बनाकर धातु को शुद्ध करना।
कोई धातु जल से अभिक्रिया करती है तो कौन-सी गैस उत्पन्न होती है?
- ऑक्सीजन
- क्लोरीन
- हाइड्रोजन
- नाइट्रोजन
Explanation:
- सक्रिय धातुएँ (जैसे Na, K, Ca, Mg, Zn, Fe) जल के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन (H₂) गैस उत्पन्न करती हैं।
- 2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂
- धातु + जल → धातु हाइड्रॉक्साइड/ऑक्साइड + H₂
- सभी धातुएँ जल के साथ अभिक्रिया नहीं करतीं (Cu, Ag, Au – नहीं)।
Quick Facts:
- H₂ गैस का परीक्षण: ‘पॉप’ ध्वनि (pop sound) के साथ जलता है।
चूने के पत्थर का जलित चूने और कार्बन डाइऑक्साइड में अपघटन निम्नलिखित में से किस प्रकार की अभिक्रिया का उदाहरण है?
- प्रकाश रासायनिक अपघटन
- अपचयन अभिक्रिया
- तापीय अपघटन
- ऑक्सीकरण अभिक्रिया
Explanation:
- चूना पत्थर (CaCO₃) को गर्म करने पर (calcination) यह CaO (बुझा चूना) और CO₂ में विघटित हो जाता है:
- CaCO₃ → (ऊष्मा) CaO + CO₂
- यह तापीय अपघटन (thermal decomposition) है, क्योंकि अपघटन ऊष्मा (heat) द्वारा होता है।
Quick Facts:
- यह अभिक्रिया चूना भट्टी (lime kiln) में औद्योगिक स्तर पर की जाती है।
- CaO (क्विक लाइम) का उपयोग सीमेंट, कांच, कागज उद्योग में होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा/से द्विविस्थापन अभिक्रिया का/के उदाहरण है/हैं? (1) C(s) + O₂(g) → CO₂(g) (2) Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq) (3) Pb(s) + CuCl₂(aq) → PbCl₂(aq) + Cu(s) (4) CaCO₃(s) → CaO(s) + CO₂(g)
- केवल 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1, 2 और 3
- केवल 1 और 4
Explanation:
- द्विविस्थापन (Double displacement) – आयनों का आदान-प्रदान: AB + CD → AD + CB
- (2) Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl – यह द्विविस्थापन है (और अवक्षेपण भी)।
- (1) संयोजन, (3) विस्थापन (Pb, Cu को विस्थापित करता है), (4) अपघटन
Quick Facts:
- द्विविस्थापन में दोनों अभिकारक यौगिक (compounds) होते हैं (तत्व नहीं)।
दी गई अभिक्रिया किसका उदाहरण है? Na₂CO₃(aq) + CaCl₂(aq) → CaCO₃(s) + 2NaCl(aq)
- संयोजन और अपघटन अभिक्रिया
- विस्थापन और संयोजन अभिक्रिया
- केवल विस्थापन अभिक्रिया
- द्विविस्थापन और अवक्षेपण अभिक्रिया
Explanation:
- Na₂CO₃ + CaCl₂ → CaCO₃↓ + 2NaCl
- इसमें आयनों का आदान-प्रदान होता है (Na⁺, CO₃²⁻, Ca²⁺, Cl⁻) – द्विविस्थापन है।
- CaCO₃ अविलेय (insoluble) है, इसलिए यह अवक्षेपण (precipitation) अभिक्रिया भी है।
Quick Facts:
- CaCO₃ एक सफेद (white) अवक्षेप है।
कैल्शियम ऑक्साइड और जल मिलकर कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड बनाते हैं। यह ______ अभिक्रिया का उदाहरण है।
- ऊष्माशोषी अभिक्रिया
- संयोजन अभिक्रिया
- संयोजन अभिक्रिया और ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया दोनों
- ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया
Explanation:
- CaO + H₂O → Ca(OH)₂ + ऊष्मा (बहुत अधिक)
- यह संयोजन (दो अभिकारक → एक उत्पाद) और ऊष्माक्षेपी (ऊष्मा मुक्त होती है) दोनों है।
- इसलिए ‘संयोजन और ऊष्माक्षेपी दोनों’ सही है।
Quick Facts:
- इस अभिक्रिया में इतनी ऊष्मा निकलती है कि पानी उबल सकता है – इसलिए इसे ‘स्लेकिंग’ (slaking) कहते हैं।
दो पिंडों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं: (i) यह प्रतिकर्षी प्रकृति का है। (ii) इसका परिमाण पूरे ब्रह्मांड में समान है। (iii) यह पिंडों के द्रव्यमान के गुणनफल के समानुपाती है। (iv) इस बल के कारण पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है।
- केवल (iii)
- (i) और (ii) दोनों
- (ii) और (iii) दोनों
- (iii) और (iv) दोनों
Explanation:
- (i): गुरुत्वाकर्षण बल सदैव आकर्षण (attractive) होता है, प्रतिकर्षी (repulsive) नहीं – असत्य।
- (ii): बल का परिमाण स्थान पर निर्भर करता है (F = Gm₁m₂/r²) – पूरे ब्रह्मांड में समान नहीं – असत्य।
- (iii): F ∝ m₁ × m₂ – यह सत्य है (गुरुत्वाकर्षण नियम के अनुसार)।
- (iv): पृथ्वी सूर्य के चारों ओर गुरुत्वाकर्षण बल के कारण घूमती है – सत्य है।
- अतः (iii) और (iv) सत्य हैं।
Quick Facts:
- गुरुत्वाकर्षण बल: F = G × (M₁ × M₂) / r²
- यह प्रकृति का सबसे दुर्बल (weakest) बल है, पर सबसे लंबी दूरी तक प्रभावी।
दी गई रासायनिक अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा समीकरण संतुलित है? Fe + H₂O → Fe₃O₄ + H₂
- Fe(s) + 4H₂O(g) → 3Fe₃O₄(s) + H₂(g)
- 3Fe(s) + 4H₂O(g) → Fe₃O₄(s) + 4H₂(g)
- Fe(s) + 4H₂O(g) → Fe₃O₄(s) + 2H₂(g)
- 3Fe(s) + H₂O(g) → 3Fe₃O₄(s) + H₂(g)
Explanation:
- 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂
- बाएँ: Fe=3, H=8, O=4; दाएँ: Fe=3, H=8, O=4 – संतुलित
- यह अभिक्रिया लोहे पर जंग (rusting) या स्टीम के साथ अभिक्रिया है।
Quick Facts:
- संतुलित समीकरण में परमाणुओं की संख्या दोनों ओर समान होती है (द्रव्यमान संरक्षण)।
उन धातुओं के सल्फाइड अयस्क, जो सक्रियता श्रेणी के मध्य में स्थित होते हैं, पहले ऑक्साइड में रूपांतरित होते हैं। इस रूपांतरण के लिए आवश्यक शर्त ______ है।
- उच्च तापमान की उपस्थिति
- अधिक वायु की उपस्थिति
- ऑक्सीजन की अनुपस्थिति
- उच्च दाब की उपस्थिति
Explanation:
- सल्फाइड अयस्कों (जैसे ZnS, PbS) को ऑक्साइड में बदलने के लिए भर्जन (Roasting) किया जाता है, जिसमें अयस्क को अतिरिक्त वायु (ऑक्सीजन) की उपस्थिति में गर्म किया जाता है।
- 2ZnS + 3O₂ → 2ZnO + 2SO₂
- कार्बोनेट अयस्कों (जैसे ZnCO₃) के लिए निस्तापन (Calcination) (वायु की अनुपस्थिति) की आवश्यकता होती है।
Quick Facts:
- भर्जन (Roasting): सल्फाइड अयस्क + O₂ → ऑक्साइड + SO₂
- निस्तापन (Calcination): कार्बोनेट/हाइड्रॉक्साइड अयस्क → ऑक्साइड + CO₂/H₂O (O₂ की अनुपस्थिति)
निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? a) अपशिष्ट दो प्रकार के होते हैं: जैवनिम्नीकरणीय और अजैवनिम्नीकरणीय। b) हमें सूखे कचरे और गीले कचरे को अलग-अलग इकट्ठा करना चाहिए।
- न तो a) और न ही b)
- केवल b)
- दोनों a) और b)
- केवल a)
Explanation:
- a) सत्य: अपशिष्ट (waste) दो प्रकार के होते हैं – जैवनिम्नीकरणीय (biodegradable, जो सूक्ष्मजीवों द्वारा विघटित हो सकते हैं, जैसे किचन वेस्ट) और अजैवनिम्नीकरणीय (non-biodegradable, जो नहीं विघटित होते, जैसे प्लास्टिक)।
- b) सत्य: सूखा (dry) और गीला (wet) कचरा अलग-अलग (separate) एकत्र करना पुनर्चक्रण (recycling) और कम्पोस्टिंग (composting) के लिए आवश्यक है।
Quick Facts:
- जैवनिम्नीकरणीय (Biodegradable): कार्बनिक पदार्थ (भोजन, कागज)
- अजैवनिम्नीकरणीय (Non-biodegradable): प्लास्टिक, कांच, धातु – पर्यावरण को नुकसान
कैल्शियम ऑक्साइड की जल के साथ प्रतिक्रिया से बुझे चूने का निर्माण ______ का एक उदाहरण है।
- विस्थापन अभिक्रिया
- संयोजन अभिक्रिया
- ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया
- अपघटन अभिक्रिया
Explanation:
- CaO + H₂O → Ca(OH)₂ (संयोजन अभिक्रिया)
- यह ऊष्माक्षेपी भी है, पर मुख्य रूप से संयोजन है (दो पदार्थ मिलकर एक बनाते हैं)।
- विकल्पों में ‘संयोजन’ और ‘ऊष्माक्षेपी’ दोनों हैं, पर ‘संयोजन’ पहले आता है – सही उत्तर ‘संयोजन’ है (या ‘दोनों’ यदि विकल्प होता, पर यहाँ ‘संयोजन’ ही मुख्य है)।
Quick Facts:
- इस अभिक्रिया को ‘स्लेकिंग’ (slaking of lime) कहते हैं, जो संयोजन अभिक्रिया है।
जब एक धातु ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करती है, तो क्या बनता है?
- अधातु ऑक्साइड
- धात्विक हाइड्रॉक्साइड
- धात्विक ऑक्साइड
- अधातु हाइड्रॉक्साइड
Explanation:
- धातु + ऑक्सीजन → धात्विक ऑक्साइड (Metal oxide)
- उदाहरण: 2Mg + O₂ → 2MgO (मैग्नीशियम ऑक्साइड)
- धात्विक ऑक्साइड प्रकृति में क्षारीय (basic) होते हैं (जल में घुलकर क्षार बनाते हैं)।
Quick Facts:
- धातु + O₂ → धातु ऑक्साइड (संयोजन अभिक्रिया)
- MgO + H₂O → Mg(OH)₂ (क्षारीय)
संतुलित रासायनिक समीकरण द्वारा किस जानकारी को व्यक्त किया जाता है?
- अभिकारकों और उत्पादों के संबंधित सूत्र
- अभिकारकों और उत्पादों के संबंधित द्रव्यमान
- प्रक्रिया में शामिल अणुओं की कुल संख्या
- विकल्पों में से सभी
Explanation:
- एक संतुलित रासायनिक समीकरण (Balanced chemical equation) निम्नलिखित जानकारी देता है:
- 1. अभिकारकों (reactants) और उत्पादों (products) के रासायनिक सूत्र (formulas)
- 2. अभिकारकों और उत्पादों के द्रव्यमान (mass) (स्टॉइकियोमेट्री, stoichiometry)
- 3. अणुओं/मोल्स की संख्या (number of molecules/moles)
- अतः सभी विकल्प सही हैं।
Quick Facts:
- संतुलित समीकरण द्रव्यमान संरक्षण (Lavoisier) और स्थिर अनुपात (Proust) के नियमों का पालन करता है।
कठोर जल में साबुन के उपयोग का एक सामान्य दोष कौन-सा है?
- कठोर जल में साबुन बहुत जल्दी घुल जाता है।
- कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों के साथ अभिक्रिया के कारण साबुन का झाग नहीं बनना।
- साबुन बहुत अधिक झाग बनाता है।
- कठोर जल में साबुन अपना रंग खो देता है।
Explanation:
- कठोर जल (hard water) में Ca²⁺ और Mg²⁺ आयन होते हैं, जो साबुन (सोडियम या पोटेशियम फैटी एसिड लवण) के साथ अभिक्रिया करके अविलेय (insoluble) ‘स्कम’ (scum) या ‘चिकनाई’ (soap scum) बनाते हैं, जिससे झाग (lather) नहीं बनता।
- यही कारण है कि कठोर जल में साबुन व्यर्थ हो जाता है और सफाई अच्छी नहीं होती।
Quick Facts:
- कठोर जल: Ca²⁺, Mg²⁺ (बाइकार्बोनेट, क्लोराइड, सल्फेट)
- इसे डिटर्जेंट (syndet) का उपयोग करके हल किया जा सकता है, क्योंकि डिटर्जेंट कठोर जल में भी झाग बनाते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सी परिष्करण विधियां व्यावसायिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं?
- भौतिक विधियां
- विद्युत रासायनिक विधियां
- रासायनिक विधियां
- आयनिक विधियां
Explanation:
- धातुओं के निष्कर्षण (extraction) और शोधन (refining) में रासायनिक विधियाँ (Chemical methods) व्यावसायिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण हैं, जैसे – भर्जन (roasting), निस्तापन (calcination), अपचयन (reduction), विद्युत अपघटन (electrolysis), आदि।
- भौतिक विधियाँ (जैसे चुंबकीय पृथक्करण) – प्रारंभिक संवर्धन (enrichment) के लिए, पर व्यावसायिक दृष्टि से रासायनिक विधियाँ अधिक महत्वपूर्ण हैं।
Quick Facts:
- व्यावसायिक धातु निष्कर्षण: अयस्क → संवर्धन → धातु में रूपांतरण (रासायनिक) → शोधन
जब स्याही की एक बूंद को जल में डाला जाता है, तो वह बिना हिलाए समान रूप से फैल जाती है। इससे क्या सिद्ध होता है?
- कण विश्राम अवस्था में हैं
- कण निरंतर गतिमान हैं
- कण दृढ़ता से बंधे हैं
- कणों के बीच कोई आकर्षण बल नहीं है
Explanation:
- स्याही (ink) का जल में समान रूप से फैलना (diffusion) कणों की निरंतर गति (continuous motion) को दर्शाता है (यह ‘विसरण’, diffusion का उदाहरण है)।
- कणों के बीच रिक्त स्थान होते हैं, और वे लगातार गतिमान रहते हैं, जिससे वे मिश्रित हो जाते हैं।
- यह पदार्थ की कणिका प्रकृति (particulate nature) को सिद्ध करता है।
Quick Facts:
- विसरण (Diffusion): कण उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर जाते हैं।
- यह अणुओं की गतिज ऊर्जा (kinetic energy) के कारण होता है।
निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रिया के लिए संतुलित अभिक्रिया है: बेरियम सल्फेट + एल्युमीनियम क्लोराइड → बेरियम क्लोराइड + एल्युमीनियम सल्फेट
- BaSO₄ + AlCl₂ → BaCl₂ + AlSO₄
- 2BaSO₄ + 2AlCl₃ → 2BaCl₂ + Al₂(SO₄)₃
- 3BaSO₄ + 2AlCl₃ → 3BaCl₂ + Al₂(SO₄)₃
- BaSO₄ + AlCl₃ → BaCl₂ + Al₂(SO₄)₃
Explanation:
- BaSO₄ + AlCl₃ → BaCl₂ + Al₂(SO₄)₃
- संतुलन: 3BaSO₄ + 2AlCl₃ → 3BaCl₂ + Al₂(SO₄)₃
- बाएँ: Ba=3, SO₄=3, Al=2, Cl=6; दाएँ: Ba=3, Cl=6, Al=2, SO₄=3 – संतुलित
Quick Facts:
- यह एक द्विविस्थापन अभिक्रिया है (आयनों का आदान-प्रदान)।
यदि ऐलुमिनियम का एक टुकड़ा आयरन (II) सल्फेट (FeSO₄) के विलयन में मिला दिया जाए, तो क्या होगा?
- नीला विलयन बन जाएगा।
- कोई अभिक्रिया नहीं होगी।
- ऐलुमिनियम निक्षेपित हो जाएगा।
- लोहा निक्षेपित हो जाएगा।
Explanation:
- Al, Fe से अधिक अभिक्रियाशील है (सक्रियता श्रेणी में Al > Fe), इसलिए Al, FeSO₄ से Fe को विस्थापित कर देगा।
- 2Al + 3FeSO₄ → Al₂(SO₄)₃ + 3Fe (लोहा, Fe, निक्षेपित (deposited) हो जाएगा)।
- यह एक विस्थापन (displacement) अभिक्रिया है।
Quick Facts:
- सक्रियता श्रेणी: Al > Fe > Cu
- Al अधिक अभिक्रियाशील होने के कारण Fe को विस्थापित करता है।
एक पदार्थ जो बिना खपत किए एक अभिक्रिया की दर को बढ़ाता है उसे _____ कहा जाता है।
- उत्पाद
- अभिकारक
- अवरोधक
- उत्प्रेरक
Explanation:
- उत्प्रेरक (Catalyst) – वह पदार्थ जो अभिक्रिया की दर (rate) को बढ़ाता है, पर स्वयं (itself) अभिक्रिया में उपभुक्त (consumed) नहीं होता है।
- उदाहरण: MnO₂ (H₂O₂ के अपघटन में उत्प्रेरक), Fe (हैबर प्रक्रिया में), Pt (सल्फ्यूरिक अम्ल निर्माण में)।
- अवरोधक (Inhibitor) – अभिक्रिया की दर को कम करता है।
Quick Facts:
- एंजाइम (Enzymes) – जैविक उत्प्रेरक (biological catalysts) हैं।
- उत्प्रेरक अभिक्रिया के सक्रियण ऊर्जा (activation energy) को कम करता है।
जिंक के एक टुकड़े को तीन अलग-अलग विलयनों में रखा जाता है: लेड नाइट्रेट, एल्यूमीनियम सल्फेट और सिल्वर नाइट्रेट। कौन-से विलयन में जिंक धातु को उसके विलयन से विस्थापित कर पाएगा?
- एल्यूमीनियम सल्फेट और सिल्वर नाइट्रेट
- लेड नाइट्रेट और सिल्वर नाइट्रेट
- केवल सिल्वर नाइट्रेट
- लेड नाइट्रेट और एल्यूमीनियम सल्फेट
Explanation:
- Zn, Pb और Ag से अधिक अभिक्रियाशील है (सक्रियता श्रेणी: Zn > Pb > Cu > Ag), पर Al से कम अभिक्रियाशील है (Al > Zn)।
- Zn, Pb(NO₃)₂ से Pb को विस्थापित करेगा (Zn > Pb) – हाँ।
- Zn, AgNO₃ से Ag को विस्थापित करेगा (Zn > Ag) – हाँ।
- Zn, Al₂(SO₄)₃ से Al को विस्थापित नहीं करेगा, क्योंकि Zn, Al से कम अभिक्रियाशील है (Al > Zn) – नहीं।
- अतः लेड नाइट्रेट और सिल्वर नाइट्रेट – सही।
Quick Facts:
- सक्रियता श्रेणी: Al > Zn > Pb > Cu > Ag
- अधिक अभिक्रियाशील धातु, कम अभिक्रियाशील धातु को उसके लवण से विस्थापित करती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा, स्थिर अनुपात के नियम के अनुसार है? a. जल में, हाइड्रोजन के द्रव्यमान और ऑक्सीजन के द्रव्यमान का अनुपात हमेशा 1:8 होता है। b. कार्बन डाइऑक्साइड में कार्बन और ऑक्सीजन का अनुपात हमेशा द्रव्यमान के अनुसार 3:8 होता है। c. अमोनिया में, नाइट्रोजन और हाइड्रोजन हमेशा द्रव्यमान के अनुसार 14:1 के अनुपात में विद्यमान होते हैं।
- केवल b और c
- a, b और c
- केवल a
- केवल a और b
Explanation:
- स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions): एक यौगिक में तत्व सदैव निश्चित (fixed) द्रव्यमान अनुपात में होते हैं।
- a. H₂O: H (2×1=2) : O (16) = 2:16 = 1:8 – सही
- b. CO₂: C (12) : O (2×16=32) = 12:32 = 3:8 – सही
- c. NH₃: N (14) : H (3×1=3) = 14:3 (यहाँ 14:1 दिया है – 14:3 होना चाहिए। वास्तव में NH₃ में N:H = 14:3 होता है, 14:1 नहीं। अतः c गलत है?)
- प्रश्न में c में 14:1 दिया है, जो गलत है (NH₃ में H=3 है, इसलिए 14:3 होना चाहिए)। पर दिए गए विकल्पों में a, b, c सभी को सही माना गया है – संभवतः त्रुटि है। सही उत्तर केवल a और b होना चाहिए, पर विकल्पों में ‘a, b और c’ दिया है – इसलिए यदि प्रश्न में c 14:3 होता, तो सभी सही होते।
Quick Facts:
- NH₃ में N:H = 14:3 (द्रव्यमान अनुपात)
निम्नलिखित में से कौन सा रासायनिक परिवर्तन का उदाहरण है?
- कागज काटना
- लकड़ी जलाना
- बर्फ का पिघलना
- जल उबालना
Explanation:
- रासायनिक परिवर्तन (Chemical change) – नए पदार्थ (new substance) बनते हैं, जो अप्रतिवर्ती (irreversible) होता है, और ऊर्जा में परिवर्तन होता है।
- लकड़ी जलाना (burning of wood) – यह दहन (combustion) है, जिसमें CO₂, H₂O, राख (ash) बनते हैं – यह रासायनिक परिवर्तन है।
- अन्य: भौतिक परिवर्तन (physical change) – आकार/अवस्था बदलती है, पर रासायनिक संरचना नहीं बदलती (कागज काटना, बर्फ पिघलना, जल उबालना)।
Quick Facts:
- रासायनिक परिवर्तन के लक्षण: गैस निकलना, रंग बदलना, ऊष्मा/प्रकाश उत्पन्न होना, अवक्षेप बनना।
जब ठोस लेड (II) नाइट्रेट को गर्म किया जाता है, तो एक पीला अवशिष्ट (PbO) रह जाता है और दो गैसें निकलती हैं – एक लाल-भूरे रंग की होती है तथा दूसरी दहन में सहायक होती है। कौन-सी गैसें निकलती हैं?
- नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन
- नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और हाइड्रोजन
- नाइट्रोजन गैस और कार्बन डाइऑक्साइड
- नाइट्रिक ऑक्साइड और ऑक्सीजन
Explanation:
- Pb(NO₃)₂ → (ऊष्मा) PbO + 2NO₂ + ½O₂
- लाल-भूरी (reddish-brown) गैस = NO₂ (नाइट्रोजन डाइऑक्साइड)
- दहन में सहायक गैस = O₂ (ऑक्सीजन)
- PbO = पीला (yellow) अवशिष्ट (residue)
Quick Facts:
- NO₂ एक विषैली (toxic) लाल-भूरी गैस है, जो वायु प्रदूषण का कारण बनती है।
- यह अभिक्रिया ऊष्मीय अपघटन (thermal decomposition) का उदाहरण है।
निम्नलिखित में से कौन सी अभिक्रिया द्वि-विस्थापन अभिक्रिया है?
- Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s)
- Pb(s) + CuCl₂(aq) → PbCl₂(aq) + Cu(s)
- Zn(s) + CuSO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + Cu(s)
- Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq)
Explanation:
- द्वि-विस्थापन (Double displacement): दो यौगिक आयनों का आदान-प्रदान करते हैं।
- Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl – यह द्वि-विस्थापन है (आयनिक आदान-प्रदान)।
- अन्य सभी: विस्थापन (single displacement) अभिक्रियाएँ हैं (धातु → धातु को विस्थापित करती है)।
Quick Facts:
- द्वि-विस्थापन: AB + CD → AD + CB
- विस्थापन: A + BC → AC + B
किसी एंजाइम का माइकलिस-मेंटेन स्थिरांक (Kₘ) किस प्रकार परिभाषित किया जाता है?
- अर्ध-अधिकतम उत्प्रेरण के लिए आवश्यक एंजाइम सांद्रता
- अधिकतम अभिक्रिया दर (Vₘₐₓ)
- वह अवरोधक सांद्रता जो एंजाइम की गतिविधि को 50% तक कम कर देती है।
- वह क्रियाधार सांद्रता जिस पर अभिक्रिया दर Vₘₐₓ की आधी होती है।
Explanation:
- माइकलिस-मेंटेन स्थिरांक (Kₘ, Michaelis constant) – वह क्रियाधार (substrate) सांद्रता है, जिस पर अभिक्रिया की दर (velocity) अधिकतम दर (Vₘₐₓ) की आधी (half) होती है।
- यह एंजाइम की क्रियाधार के प्रति आत्मीयता (affinity) का माप है – Kₘ कम होने पर आत्मीयता अधिक होती है।
Quick Facts:
- माइकलिस-मेंटेन समीकरण: v = (Vₘₐₓ × [S]) / (Kₘ + [S])
- Kₘ = [S] जब v = Vₘₐₓ/2
विरंजक चूर्ण तैयार करने में शामिल सही रासायनिक अभिक्रिया की पहचान कीजिए।
- NaCl + H₂O + CO₂ + NH₃ → NH₄Cl + NaHCO₃
- Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
- NaHCO₃ + H⁺ → CO₂ + H₂O + अम्ल का सोडियम लवण
- 2NaCl(aq) + 2H₂O(l) → 2NaOH(aq) + Cl₂(g) + H₂(g)
Explanation:
- ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) का निर्माण: Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
- अन्य: (1) सोडियम बाइकार्बोनेट निर्माण, (3) बेकिंग सोडा + अम्ल, (4) क्लोर-क्षार प्रक्रिया
Quick Facts:
- ब्लीचिंग पाउडर = कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड (CaOCl₂)
- इसका उपयोग जल कीटाणुशोधन, विरंजन (bleaching) में होता है।
निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए, अवस्था प्रतीकों के साथ रासायनिक समीकरण को संतुलित कीजिए। CO₂ + H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O
- CO₂(g) + 6H₂O(l) → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O
- CO₂(g) + 12H₂O(l) → C₆H₁₂O₆(g) + 6O₂(g) + 6H₂O(l)
- 6CO₂(aq) + 12H₂O(l) → C₆H₁₂O₆(aq) + 6O₂(aq) + 6H₂O(l)
- 6CO₂(aq) + 6H₂O(l) → C₆H₁₂O₆(aq) + 6O₂(aq) + 6H₂O(l)
Explanation:
- प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की संतुलित अभिक्रिया:
- 6CO₂ + 12H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O (प्रकाश + क्लोरोफिल)
- यहाँ CO₂ (aq), H₂O (l), C₆H₁₂O₆ (aq), O₂ (aq) – सही अवस्था प्रतीकों के साथ संतुलित है।
- विकल्प 3 सही है (6CO₂, 12H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O)
Quick Facts:
- प्रकाश संश्लेषण: CO₂ + H₂O → ग्लूकोस + O₂ (सूर्य प्रकाश + क्लोरोफिल)
- यह एक ऊष्माशोषी (endothermic) अभिक्रिया है (ऊर्जा अवशोषित होती है)।
एस्टर में _____ गंध होती है।
- सड़ी हुई
- कड़वी
- रासायनिक
- फलों जैसी
Explanation:
- एस्टर (Esters) की गंध (odour) फलों जैसी (fruity) होती है, इसलिए इनका उपयोग कृत्रिम फलों के स्वाद (flavours) और सुगंध (perfumes) में किया जाता है।
- उदाहरण: एथिल एसीटेट (इत्र/नेलपॉलिश रिमूवर – फल जैसी गंध), मिथाइल ब्यूटिरेट (सेब की गंध), आइसोएमाइल एसीटेट (केले की गंध)।
Quick Facts:
- एस्टर = कार्बोक्सिलिक अम्ल + ऐल्कोहॉल (अम्लीय माध्यम में, एस्टरीफिकेशन)
वे अभिक्रियाएँ जिनमें अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है, कहलाती हैं:
- विनिमय प्रतिक्रियाएं
- विस्थापन अभिक्रियाएँ
- द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ
- अवक्षेपण अभिक्रियाएँ
Explanation:
- अभिकारकों के बीच आयनों (ions) का आदान-प्रदान (exchange) होने पर द्विविस्थापन (Double displacement) अभिक्रिया होती है।
- इसे ‘मेटाथेसिस’ (metathesis) भी कहते हैं।
- उदाहरण: NaCl + AgNO₃ → NaNO₃ + AgCl↓
Quick Facts:
- द्विविस्थापन: AB + CD → AD + CB
वह प्रक्रिया, जिसमें अम्ल और क्षार अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं, ______ अभिक्रिया कहलाती है।
- ऊर्ध्वपातन
- उदासीनीकरण
- हेलोजनीकरण
- हाइड्रोजनीकरण
Explanation:
- अम्ल + क्षार → लवण + जल – यह उदासीनीकरण (Neutralization) अभिक्रिया है।
- उदाहरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O
- इसमें pH 7 (उदासीन) प्राप्त होता है।
Quick Facts:
- उदासीनीकरण एक ऊष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया है (ऊष्मा मुक्त होती है)।
क्लोरोफॉर्म और HNO₃ की अभिक्रिया से कौन-सी गैस उत्सर्जित होती है?
- आँसू गैस
- मिथाइल आइसोसाइनेट
- क्लोरोपिक्रिन
- लुईसाइट
Explanation:
- क्लोरोफॉर्म (CHCl₃) + HNO₃ (नाइट्रिक अम्ल) → क्लोरोपिक्रिन (Cl₃CNO₂, Chloropicrin) उत्पन्न होती है, जो एक विषैली (toxic) पीली तैलीय गैस है, जिसका उपयोग कीटनाशक और रासायनिक युद्ध एजेंट के रूप में किया जाता था।
- यह एक नाइट्रीकरण (nitration) अभिक्रिया है।
Quick Facts:
- क्लोरोपिक्रिन = ट्राइक्लोरोनाइट्रोमेथेन (CCl₃NO₂)
- इसे ‘आँसू गैस’ (tear gas) भी कहा जाता है (हालाँकि आँसू गैस मुख्यतः CN यौगिक होती है)।
निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया ब्लीचिंग पाउडर के उत्पादन की ओर ले जाती है?
- CaCO₃ + HCl → CaCl₂ + CO₂ + H₂O
- CaO + H₂O → Ca(OH)₂
- Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O
- Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
Explanation:
- ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) – शुष्क Ca(OH)₂ पर Cl₂ गैस की क्रिया से बनता है:
- Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
- अन्य: (1) CO₂ निर्माण, (2) बुझा चूना, (3) CaCO₃ निर्माण
Quick Facts:
- ब्लीचिंग पाउडर को ‘क्लोरीनयुक्त चूना’ (chlorinated lime) भी कहते हैं।
निम्नलिखित में से कौन सी असमानुपातन अभिक्रिया है?
- Cu + HNO₃ → Cu(NO₃)₂ + NO₂ + H₂O
- Cl₂ + H₂O → HCl + HOCl
- Zn + HCl → ZnCl₂ + H₂
- 2Na + Cl₂ → 2NaCl
Explanation:
- असमानुपातन (Disproportionation) अभिक्रिया – जिसमें एक ही तत्व (same element) का ऑक्सीकरण और अपचयन (both oxidation and reduction) एक साथ होता है।
- Cl₂ + H₂O → HCl + HOCl
- Cl₂ (0) → HCl (Cl⁻, -1) अपचयन; HOCl (Cl⁺, +1) ऑक्सीकरण – Cl का दोनों होता है।
- अन्य: (1) रेडॉक्स (Cu ऑक्सीकृत, N अपचयित), (3) विस्थापन (Zn ऑक्सीकृत, H⁺ अपचयित), (4) संयोजन
Quick Facts:
- असमानुपातन: एक ही पदार्थ से दो अलग-अलग ऑक्सीकरण अवस्थाओं वाले उत्पाद बनते हैं।
- उदाहरण: 2H₂O₂ → 2H₂O + O₂ (O, -1 से -2 और 0)
खालीलपैकी कोणत्या प्रक्रियेद्वारे बेकिंग सोड्यापासून वॉशिंग सोडा प्राप्त केला जातो?
- लिंबाच्या पाण्यात बेकिंग सोडा मिसळणे
- सूर्यप्रकाशात बेकिंग सोड्याचे वाष्पीभवन
- बेकिंग सोडा तापवून त्यानंतर पाण्याद्वारे स्फटिकीकरण करणे
- बेकिंग सोड्यामध्ये हायड्रोक्लोरिक आम्ल घालणे
Explanation:
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) → वाशिंग सोडा (Na₂CO₃·10H₂O) – गर्म करने पर NaHCO₃ → Na₂CO₃ + CO₂ + H₂O, फिर Na₂CO₃ को जल में घोलकर क्रिस्टलीकरण (crystallization) करने पर Na₂CO₃·10H₂O (वाशिंग सोडा) प्राप्त होता है।
- यह ऊष्मीय अपघटन + क्रिस्टलीकरण है।
Quick Facts:
- 2NaHCO₃ → (ऊष्मा) Na₂CO₃ + CO₂ + H₂O
- Na₂CO₃ + 10H₂O → Na₂CO₃·10H₂O (वाशिंग सोडा)
निम्नलिखित में से कौन-सा एक रासायनिक परिवर्तन है?
- एक कैन को तोड़ना
- लोहे में जंग लगना
- अल्कोहल का वाष्पीकरण
- बर्फ का पिघलना
Explanation:
- लोहे में जंग लगना (Rusting of iron) – यह रासायनिक परिवर्तन है, क्योंकि Fe, O₂ और H₂O के साथ अभिक्रिया करके Fe₂O₃·xH₂O (जंग) बनाता है – नया पदार्थ बनता है, अप्रतिवर्ती (irreversible) है।
- अन्य: भौतिक परिवर्तन (shape/state change, no new substance) – कैन तोड़ना, अल्कोहल वाष्पीकरण, बर्फ पिघलना।
Quick Facts:
- जंग लगने की शर्तें: O₂ + H₂O (नमी) की उपस्थिति
- जंग को रोकने के लिए गैल्वनीकरण, पेंटिंग, ऑयलिंग, आदि।
CaO में, द्रव्यमान के अनुसार Ca और O का अनुपात होता है:
- 5 : 2
- 3 : 8
- 2 : 5
- 8 : 3
Explanation:
- CaO: Ca = 40 u, O = 16 u
- द्रव्यमान अनुपात Ca : O = 40 : 16 = 5 : 2
- 3:8 → CO₂ (12:32 = 3:8), 2:5 → अन्य, 8:3 → अन्य
Quick Facts:
- CaO (क्विक लाइम) – Ca और O का अनुपात 5:2 (द्रव्यमान अनुसार)
जस्ता जैसी धातुओं को उनके सल्फाइड या कार्बोनेट अयस्कों से निष्कर्षित करने की सही प्रक्रिया क्या है?
- प्रत्यक्ष तापन-शुद्धिकरण
- विद्युत अपघटन → भर्जन → शुद्धिकरण
- अम्ल में विघटन → निस्पंदन → तापन
- भर्जन या भूनना या निस्तापन → धातु में अपचयन → शुद्धिकरण
Explanation:
- Zn जैसी मध्यम सक्रियता (moderately reactive) वाली धातुओं के निष्कर्षण के चरण:
- 1. अयस्क का संवर्धन (enrichment)
- 2. भर्जन (roasting – सल्फाइड के लिए) या निस्तापन (calcination – कार्बोनेट के लिए) → ऑक्साइड में बदलना
- 3. कार्बन (C) द्वारा अपचयन (reduction) → धातु
- 4. शोधन (refining)
- यही क्रम सही है।
Quick Facts:
- ZnS → भर्जन → ZnO → C + ZnO → Zn + CO
- ZnCO₃ → निस्तापन → ZnO → C + ZnO → Zn + CO
सभी द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में एक उभयनिष्ठ विशेषता यह है कि ………………..
- केवल एक उत्पाद बनता है
- अभिक्रिया मिश्रण हमेशा रंगहीन होता है
- दो धातु लवणों के बीच धातु आयनों का आदान-प्रदान होता है
- अभिक्रिया आरंभ करने के लिए ऊष्मा की आवश्यकता होती है
Explanation:
- द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में, दो यौगिकों के बीच आयनों (ions) का आदान-प्रदान (exchange) होता है, जिसमें धातु आयन (metal ions) भी शामिल होते हैं (जैसे NaCl + AgNO₃ → AgCl + NaNO₃ – यहाँ Na⁺ और Ag⁺ का आदान-प्रदान)।
- दो उत्पाद बनते हैं (एक उत्पाद नहीं), रंग परिवर्तन हो सकता है या नहीं, ऊष्मा की आवश्यकता आमतौर पर नहीं होती (कुछ अपवाद)।
Quick Facts:
- द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ आमतौर पर कमरे के तापमान पर होती हैं।
ऐलुमिनियम धातुओं के ऐनोडीकरण करने का उद्देश्य क्या है?
- इसकी विद्युत चालकता बढ़ाना
- इसे वायु के साथ अधिक अभिक्रियाशील बनाना
- एक सुरक्षात्मक ऑक्साइड परत बनाना
- इसके गलनांक को कम करना
Explanation:
- ऐनोडीकरण (Anodising) – ऐलुमिनियम (Al) पर सुरक्षात्मक ऑक्साइड (Al₂O₃) परत चढ़ाने की विद्युत रासायनिक प्रक्रिया है, जो इसे जंग (corrosion) से बचाती है और इसे अधिक टिकाऊ (durable) बनाती है।
- Al₂O₃ परत एक अवरोधक (barrier) का कार्य करती है।
Quick Facts:
- ऐनोडीकरण में Al को ऐनोड (anode) के रूप में उपयोग किया जाता है और सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) विलयन में विद्युत अपघटन किया जाता है।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है/हैं? A. एक संतुलित रासायनिक समीकरण के अभिकारकों और उत्पादों में विभिन्न तत्वों के परमाणुओं की संख्या समान होती है। B. असंतुलित रासायनिक समीकरण के अभिकारकों और उत्पादों में एक या एक से अधिक तत्वों के परमाणुओं की असमान संख्या होती है।
- A और B दोनों असत्य हैं
- केवल A सत्य है
- केवल B सत्य है
- A और B दोनों सत्य हैं
Explanation:
- कथन A: संतुलित (balanced) समीकरण में, प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या अभिकारकों और उत्पादों में बराबर (equal) होती है (द्रव्यमान संरक्षण का नियम)। – सत्य
- कथन B: असंतुलित (unbalanced) समीकरण में, कम से कम एक तत्व की परमाणु संख्या अभिकारकों और उत्पादों में असमान (unequal) होती है। – सत्य
Quick Facts:
- संतुलन का उद्देश्य द्रव्यमान संरक्षण के नियम को संतुष्ट करना है।
निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया प्रतीकात्मक संयोजन अभिक्रिया का प्रतिनिधित्व करती है?
- A + B → C
- XY → X + Y
- AB + CD → AC + BD
- PQ + R → PR + Q
Explanation:
- संयोजन (Combination) अभिक्रिया: A + B → C (दो या अधिक अभिकारक → एक उत्पाद)
- XY → X + Y – अपघटन (decomposition)
- AB + CD → AC + BD – द्वि-विस्थापन (double displacement)
- PQ + R → PR + Q – विस्थापन (displacement)
Quick Facts:
- संयोजन अभिक्रिया में उत्पादों की संख्या 1 होती है।
Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu उपरोक्त अभिक्रिया _____ का एक उदाहरण है।
- अपघटन अभिक्रिया
- विस्थापन अभिक्रिया
- संयोजन अभिक्रिया
- द्विविस्थापन अभिक्रिया
Explanation:
- Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu – Fe, Cu को उसके लवण (CuSO₄) से विस्थापित (displace) करता है, क्योंकि Fe, Cu से अधिक अभिक्रियाशील है।
- यह विस्थापन (single displacement) अभिक्रिया है।
Quick Facts:
- इस अभिक्रिया में Fe की कील पर Cu की भूरी (brown) परत जम जाती है।
जब सिल्वर ब्रोमाइड को सूर्य की रोशनी में रखा जाता है, तब _____।
- सल्फाइड बनता है।
- आयोडीन गैस बनती है।
- क्लोरीन गैस बनती है।
- ब्रोमीन गैस बनती है।
Explanation:
- AgBr (सिल्वर ब्रोमाइड) सूर्य के प्रकाश (sunlight) में अपघटित (decompose) होकर Ag (चाँदी) और Br₂ (ब्रोमीन गैस) बनाता है।
- 2AgBr → (प्रकाश) 2Ag + Br₂
- यह प्रकाशीय अपघटन (photochemical decomposition) है, जिसका उपयोग फोटोग्राफी (photography) में होता है।
Quick Facts:
- AgCl, AgBr – प्रकाश-संवेदी (light-sensitive) हैं, इसलिए फोटोग्राफिक फिल्मों में उपयोग होते हैं।
रासायनिक समीकरण को संतुलित करने का पहला चरण निम्नलिखित में से कौन- सा है?
- ऑक्सीजन परमाणुओं को संतुलित करना
- गुणांकों को यादृच्छिक रूप से जोड़ना
- हाइड्रोजन परमाणुओं को संतुलित करना
- स्केलेटन समीकरण लिखना
Explanation:
- रासायनिक समीकरण को संतुलित (balance) करने का पहला चरण स्केलेटन समीकरण (skeleton equation) लिखना है, जिसमें अभिकारकों और उत्पादों के सूत्र (formulas) लिखे जाते हैं (बिना गुणांकों के)।
- फिर अलग-अलग तत्वों की संख्या गिनकर, गुणांक (coefficients) लगाकर संतुलित किया जाता है (सामान्यतः C, H, O, फिर अन्य)।
Quick Facts:
- संतुलन के चरण: स्केलेटन → संतुलन → अवस्था प्रतीक जोड़ना (वैकल्पिक)
मीथेन गैस के एक अणु के दहन से क्रमशः ______ कार्बन डाइऑक्साइड और ______ जल के अणु प्राप्त होते हैं।
- 2:3
- 2:1
- 1:2
- 3:2
Explanation:
- मीथेन (CH₄) का दहन: CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O
- 1 अणु CH₄ → 1 अणु CO₂ और 2 अणु H₂O
- अतः अनुपात CO₂ : H₂O = 1 : 2
Quick Facts:
- मीथेन एक ईंधन (fuel) है, इसका दहन ऊष्माक्षेपी (exothermic) है।
निम्नलिखित स्तंभों को सुमेलित कीजिए। उपकला ऊतक स्थान I घनाभाकार उपकला A. आंत्र का आस्तर II स्तंभाकार उपकला B. त्वचा III शल्की उपकला C. वृक्क नलिकाओं का आस्तर
- I-A; II-B; III-C
- I-A; II-C; III-B
- I-C; II-A; III-B
- I-B; II-C; III-A
Explanation:
- I. घनाभाकार उपकला (Cuboidal epithelium) – वृक्क नलिकाओं (kidney tubules) का आस्तर – अवशोषण/स्राव के लिए।
- II. स्तंभाकार उपकला (Columnar epithelium) – आंत्र (intestine) का आस्तर – अवशोषण/स्राव, जीवाणु-रोधी।
- III. शल्की उपकला (Squamous epithelium) – त्वचा (skin) की बाहरी परत – सुरक्षा (चपटी कोशिकाएँ) – पाया जाता है त्वचा, मुँह, रक्त वाहिकाओं में।
- अतः I-C, II-A, III-B सही है।
Quick Facts:
- उपकला ऊतक (Epithelial tissue) – शरीर की सतह, गुहाओं (cavities), अंगों (organs) का आस्तर (lining) बनाता है।
आयरन धातु और कॉपर सल्फेट विलयन के बीच विस्थापन अभिक्रिया में ______।
- आयरन, कॉपर सल्फेट विलयन से सल्फेट को विस्थापित कर देता है क्योंकि यह सल्फेट की तुलना में कम अभिक्रियाशील होता है।
- आयरन, कॉपर सल्फेट विलयन से कॉपर को विस्थापित कर देता है क्योंकि यह कॉपर की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील होता है।
- आयरन, कॉपर सल्फेट विलयन से सल्फेट को विस्थापित कर देता है क्योंकि यह सल्फेट की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील होता है।
- लोहा कॉपर सल्फेट विलयन से कॉपर को विस्थापित कर देता है क्योंकि यह कॉपर की तुलना में कम अभिक्रियाशील होता है।
Explanation:
- Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu
- Fe, Cu से अधिक अभिक्रियाशील (more reactive) है (सक्रियता श्रेणी: Fe > Cu), इसलिए Fe, CuSO₄ से Cu (कॉपर) को विस्थापित (displace) करता है, सल्फेट (SO₄²⁻) को नहीं।
Quick Facts:
- सक्रियता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu > Ag > Au
कार्बन के दहन से कार्बन डाइऑक्साइड का निर्माण होना ______ का एक उदाहरण है।
- ऊष्माशोषी अभिक्रिया
- प्रकाशरासायनिक अभिक्रिया
- ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया
- उत्क्रमणीय अभिक्रिया
Explanation:
- C + O₂ → CO₂ + ऊष्मा (बहुत अधिक ऊष्मा + प्रकाश)
- यह ऊष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया है (ऊष्मा मुक्त होती है)।
- दहन (combustion) हमेशा ऊष्माक्षेपी होता है (कार्बन, हाइड्रोकार्बन, लकड़ी, आदि)।
Quick Facts:
- ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया: ऊष्मा मुक्त होती है (जैसे दहन, उदासीनीकरण)
- ऊष्माशोषी: ऊष्मा अवशोषित होती है (जैसे प्रकाश संश्लेषण, CaCO₃ का अपघटन)
ब्रेड के किण्वन के लिए कौन-सी रासायनिक अभिक्रिया उत्तरदायी होती है, जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन होता है?
- ऑक्सीकरण-अपचयन अभिक्रिया
- एंजाइमी अभिक्रिया
- अम्ल-क्षार अभिक्रिया
- किण्वन
Explanation:
- ब्रेड (bread) बनाने में खमीर (yeast) के कारण किण्वन (fermentation) होता है, जिसमें शर्करा (sugar) → एथेनॉल + CO₂ (गैस) बनती है।
- CO₂ गैस आटे (dough) में फूले (leaven) का कारण बनती है, जिससे ब्रेड फूली (spongy) और हल्की (light) बनती है।
- यह एंजाइमी (enzymatic) अभिक्रिया है (खमीर में एंजाइम ज़ाइमेस (zymase) होता है), पर मुख्यतः इसे ‘किण्वन’ (fermentation) कहते हैं।
Quick Facts:
- किण्वन: C₆H₁₂O₆ → (खमीर, अवायवीय) 2C₂H₅OH + 2CO₂
- यह अवायवीय श्वसन (anaerobic respiration) है।
निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? A) जिंक और लेड, कॉपर से अधिक अभिक्रियाशील तत्व हैं। B) जिंक और लेड, कॉपर से कम अभिक्रियाशील तत्व हैं। C) एक लोहे की कील कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोने पर पीले रंग की हो जाती है।
- केवल C
- केवल A और C
- केवल A और B
- केवल A
Explanation:
- कथन A: सक्रियता श्रेणी: Zn > Pb > Cu – Zn और Pb, Cu से अधिक अभिक्रियाशील हैं – सत्य
- कथन B: Zn और Pb, Cu से कम अभिक्रियाशील – यह A के विपरीत है – असत्य
- कथन C: Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu – लोहे की कील पर Cu की भूरी (brown) परत जमती है, पीली (yellow) नहीं – असत्य
- अतः केवल A सत्य है।
Quick Facts:
- Fe > Cu (अधिक अभिक्रियाशील) – Fe, Cu को विस्थापित करता है, कील भूरी हो जाती है।
लोहे को जंग लगने से बचाने के लिए सामान्यतः किस विधि का उपयोग किया जाता है?
- चुंबकन (Magnetising)
- गलन (Melting)
- गैल्वनीकरण (Galvanisation)
- तापन (Heating)
Explanation:
- लोहे (iron) को जंग (rusting) से बचाने के लिए गैल्वनीकरण (Galvanisation) का उपयोग किया जाता है, जिसमें लोहे पर जस्ता (Zinc, Zn) की पतली परत चढ़ाई जाती है।
- Zn, Fe से अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए यह पहले जंग खाता है (अनोडिक सुरक्षा – sacrificial protection) और Fe को सुरक्षित रखता है।
- अन्य: पेंटिंग, ऑयलिंग, ग्रीसिंग, स्टेनलेस स्टील (Fe + Cr) – सभी जंग रोकते हैं, पर गैल्वनीकरण सबसे सामान्य है।
Quick Facts:
- जंग (Rust) = Fe₂O₃·xH₂O (हाइड्रेटेड आयरन ऑक्साइड)
- गैल्वनीकरण में Zn परत जंग को रोकती है क्योंकि Zn, Fe से अधिक अभिक्रियाशील है।
निम्नलिखित अभिक्रिया में उत्पाद (P) की पहचान करें: चूना पत्थर (s) → P + CO₂(g)
- CaO(s)
- Ca(OH)₂(l)
- CaCO₃(s)
- CaO(s) + O₂(g)
Explanation:
- चूना पत्थर (CaCO₃) का ऊष्मीय अपघटन:
- CaCO₃ (s) → CaO (s) + CO₂ (g)
- P = CaO (क्विक लाइम, quick lime) – जो ठोस (solid) है।
Quick Facts:
- CaO को ‘बिना बुझा चूना’ (quick lime) भी कहते हैं।
- इसका उपयोग सीमेंट, कांच, कागज उद्योग में होता है।
खमीर में अवायवीय श्वसन के दौरान, पाइरुवेट निम्नलिखित में से किस पदार्थ में परिवर्तित होता है?
- लैक्टिक अम्ल और जल
- ग्लूकोज और ऑक्सीजन
- कार्बन डाइऑक्साइड और जल
- एथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड
Explanation:
- खमीर (yeast) में अवायवीय श्वसन (anaerobic respiration) – ग्लूकोज → पाइरुवेट → एथेनॉल (Ethanol) + CO₂ (किण्वन, fermentation)
- यह प्रक्रिया है: C₆H₁₂O₆ → 2C₂H₅OH + 2CO₂
- लैक्टिक अम्ल (Lactic acid) – जंतु कोशिकाओं (मांसपेशियों) में अवायवीय श्वसन में बनता है।
Quick Facts:
- खमीर का उपयोग ब्रेविंग (शराब) और बेकिंग (ब्रेड) में होता है।
HF प्रतीक वाले तत्व हैफ्नियम का नाम निम्नलिखित में से किस स्थान पर दिया गया है। A. जर्मनी B. कोपेनहेगन C. स्वीडन D. फ्रांस
- C
- D
- B
- A
Explanation:
- हैफ्नियम (Hafnium, Hf) का नाम कोपेनहेगन (Copenhagen) के पुराने नाम ‘Hafnia’ पर रखा गया है, क्योंकि इसकी खोज कोपेनहेगन में हुई थी (1923 में)।
- यह एक संक्रमण धातु (transition metal) है, जिसका उपयोग नियंत्रण छड़ों (control rods) में होता है।
Quick Facts:
- हैफ्नियम की खोज: डिर्क कोस्टर (Dirk Coster) और जॉर्ज हेवेसी (George de Hevesy) ने की थी।
- यह जिरकोनियम (Zr) के समान रासायनिक गुण दिखाता है।
यदि हम ______ में अमोनिया विलयन मिलाएँ तो एक सफेद अवक्षेप बनेगा।
- Mg(NO₃)₂ विलयन
- KNO₃ विलयन
- AlCl₃ विलयन
- Ba(NO₃)₂ विलयन
Explanation:
- AlCl₃ + NH₄OH → Al(OH)₃↓ (सफेद अवक्षेप, white precipitate) + NH₄Cl
- Al(OH)₃ उभयधर्मी (amphoteric) है – यह अतिरिक्त NH₄OH में नहीं घुलता (पर NaOH में घुलता है)।
- Mg(NO₃)₂ + NH₄OH → Mg(OH)₂↓ (सफेद अवक्षेप) – यह भी सफेद अवक्षेप देता है, पर विकल्पों में AlCl₃ है, जो अधिक विशिष्ट है।
- KNO₃, Ba(NO₃)₂ – NH₄OH के साथ अवक्षेप नहीं बनाते (सभी नाइट्रेट विलेय होते हैं)।
Quick Facts:
- Al(OH)₃ का उपयोग फिटकरी (alum) के रूप में जल शोधन में होता है।
जब एस्टर की अभिक्रिया सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ कराई जाती है, तो कार्बोक्सिलिक अम्ल का सोडियम लवण और ऐल्कोहॉल बनता है। इस प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
- एस्टरीकरण (esterification)
- हाइड्रोजनीकरण (hydrogenation)
- साबुनीकरण (saponification)
- अम्लन (acidification)
Explanation:
- एस्टर (ester) + NaOH (क्षार) → कार्बोक्सिलिक अम्ल का सोडियम लवण (साबुन) + ऐल्कोहॉल – इस प्रक्रिया को साबुनीकरण (Saponification) कहते हैं।
- यह वसा/तेल (triglycerides) से साबुन बनाने की विधि है (औद्योगिक स्तर पर)।
- एस्टरीफिकेशन (esterification) – अम्ल + ऐल्कोहॉल → एस्टर (विपरीत प्रक्रिया)।
Quick Facts:
- साबुनीकरण – क्षारीय जल-अपघटन (alkaline hydrolysis) है, ऊष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया।
एक पंप की दक्षता 50% है। यह 20 मिनट में 2 टन पानी को 60 m की ऊंचाई तक उठाता है। पंप की इनपुट शक्ति (kW में) ज्ञात कीजिए।
- 4
- 1
- 2
- 3
Explanation:
- पानी का द्रव्यमान (m) = 2 टन = 2000 kg
- ऊँचाई (h) = 60 m, g = 10 m/s² (लगभग)
- आउटपुट कार्य (W_out) = mgh = 2000 × 10 × 60 = 1,200,000 J = 1200 kJ
- समय (t) = 20 मिनट = 1200 s
- आउटपुट शक्ति (P_out) = W_out/t = 1200 kJ / 1200 s = 1 kW
- दक्षता (η) = 50% = 0.5
- इनपुट शक्ति (P_in) = P_out / η = 1 kW / 0.5 = 2 kW
Quick Facts:
- दक्षता = (आउटपुट शक्ति / इनपुट शक्ति) × 100%
- 1 टन = 1000 kg
निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया को द्विविस्थापन अभिक्रिया माना जाएगा?
- Zn + FeCl₃ → ZnCl₂ + Fe
- H₂CO₃ → CO₂ + H₂O
- HCl + KOH → KCl + H₂O
- MgO + H₂O → Mg(OH)₂
Explanation:
- द्विविस्थापन (Double Displacement) अभिक्रिया: दो यौगिक आयनों का आदान-प्रदान करते हैं।
- HCl + KOH → KCl + H₂O – यहाँ H⁺ और K⁺, Cl⁻ और OH⁻ का आदान-प्रदान होता है (उदासीनीकरण, द्विविस्थापन का ही एक प्रकार है)।
- Zn + FeCl₃ → ZnCl₂ + Fe – विस्थापन, H₂CO₃ → CO₂ + H₂O – अपघटन, MgO + H₂O → Mg(OH)₂ – संयोजन
Quick Facts:
- उदासीनीकरण (Neutralization) अभिक्रिया द्विविस्थापन का ही एक विशेष मामला है (अम्ल + क्षार → लवण + जल)।
जब सोडियम सल्फेट विलयन बेरियम क्लोराइड के विलयन के साथ मिलाया जाता है, तो –
- कोई अभिक्रिया नहीं होती है।
- सल्फर डाइऑक्साइड बनता है।
- बेरियम क्लोराइड बनता है।
- बेरियम सल्फेट बनता है।
Explanation:
- Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl
- BaSO₄ (बेरियम सल्फेट) एक सफेद अवक्षेप (white precipitate) है, जो जल में अविलेय है।
- यह एक द्विविस्थापन अवक्षेपण अभिक्रिया है।
Quick Facts:
- BaSO₄ का उपयोग सल्फेट आयन (SO₄²⁻) के परीक्षण में होता है।
काले और सफेद फोटोग्राफी में निम्नलिखित में से कौन सा रसायन प्रयोग किया जाता है?
- सोडियम क्लोराइड
- सोडियम ऑक्साइड
- सिल्वर ऑक्साइड
- सिल्वर ब्रोमाइड
Explanation:
- काले और सफेद फोटोग्राफी (Black and White Photography) में सिल्वर ब्रोमाइड (AgBr) का उपयोग किया जाता है, क्योंकि यह प्रकाश के प्रति संवेदनशील (photosensitive) होता है और प्रकाश में अपघटित होकर Ag (चांदी) और Br₂ बनाता है, जिससे छवि (image) बनती है।
- AgBr → 2Ag + Br₂ (प्रकाश में)
Quick Facts:
- AgCl (सिल्वर क्लोराइड) और AgBr दोनों का उपयोग फोटोग्राफी में होता है, पर AgBr अधिक सामान्य है।
जब एक जलती हुई मोमबत्ती को कांच के गिलास से ढक दिया जाता है, तो कुछ समय बाद लौ बुझ जाती है। इसका क्या कारण है?
- सीमित ऑक्सीजन के कारण ढकी हुई मोमबत्ती कुछ समय बाद बुझ जाती है।
- सीमित कार्बन डाइऑक्साइड के कारण ढकी हुई मोमबत्ती कुछ समय बाद बुझ जाती है।
- सीमित सल्फर के कारण ढकी हुई मोमबत्ती कुछ समय बाद बुझ जाती है।
- सीमित नाइट्रोजन के कारण ढकी हुई मोमबत्ती कुछ समय बाद बुझ जाती है।
Explanation:
- मोमबत्ती के जलने के लिए ऑक्सीजन (O₂) आवश्यक है। जब मोमबत्ती को गिलास से ढक दिया जाता है, तो अंदर की ऑक्सीजन सीमित होती है, जो जलने में खपत हो जाती है, और जब ऑक्सीजन समाप्त हो जाती है, तो लौ बुझ जाती है।
- यह दर्शाता है कि दहन (combustion) के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है।
Quick Facts:
- दहन के लिए तीन चीज़ें आवश्यक हैं: ईंधन (fuel), ऑक्सीजन (oxygen), और इग्निशन तापमान (ignition temperature) – इन्हें ‘अग्नि त्रिभुज’ (fire triangle) कहते हैं।
सोडियम हाइड्रोक्साइड की जिंक (zinc) के साथ अभिक्रिया के फलस्वरूप _____ उत्पन्न होता है।
- जिंक ऑक्साइड
- अभिक्रिया संभव नहीं है
- सोडियम जिंकेट
- जिंक हाइड्रॉक्साइड
Explanation:
- Zn (जिंक) + 2NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड) → Na₂ZnO₂ (सोडियम जिंकेट) + H₂
- Zn एक उभयधर्मी (amphoteric) धातु है, जो क्षार (NaOH) के साथ अभिक्रिया करके सोडियम जिंकेट (Na₂ZnO₂) और हाइड्रोजन गैस बनाता है।
Quick Facts:
- Zn + 2NaOH → Na₂ZnO₂ + H₂
- उभयधर्मी धातुएँ: Zn, Al, Pb, Sn, आदि क्षारों के साथ अभिक्रिया करके संबंधित लवण (जैसे जिंकेट, एलुमिनेट) बनाती हैं।
ब्लीचिंग पाउडर के उत्पादन के लिए उपयोग किए जाने वाले अभिकारक हैं:
- CaO + Cl₂
- CaOH + Cl₂
- Ca(OH)₂ + Cl₂
- CaO + Cl
Explanation:
- ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) शुष्क बुझे चूने (Ca(OH)₂) पर क्लोरीन (Cl₂) गैस की क्रिया से बनता है।
- अभिक्रिया: Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
Quick Facts:
- ब्लीचिंग पाउडर = कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड
निम्नलिखित में से कौन सी अभिक्रिया विस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण है?
- 2FeSO₄(s) → Fe₂O₃(s) + SO₂(g) + SO₃(g)
- 3Fe(s) + 4H₂O(l) → Fe₃O₄(s) + 2H₂(l)
- Zn(s) + CuSO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + Cu(s)
- CaO(s) + H₂O(l) → Ca(OH)₂(aq) + Heat
Explanation:
- विस्थापन (Displacement) अभिक्रिया: एक तत्व दूसरे तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित (displace) करता है।
- Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu – Zn (अधिक अभिक्रियाशील) Cu को विस्थापित करता है।
- अन्य: FeSO₄ → अपघटन, Fe + H₂O → (Fe₃O₄ + H₂) – यह विस्थापन है, पर Zn+CuSO₄ अधिक स्पष्ट विस्थापन है, CaO+H₂O → संयोजन
Quick Facts:
- सक्रियता श्रेणी (Activity series): Zn > Cu, इसलिए Zn Cu को विस्थापित कर सकता है।
ऊष्मा के द्वारा की गई अपघटन अभिक्रिया को क्या कहते हैं?
- विद्युत अपघटन
- प्रकाश रासायनिक अपघटन
- ऊष्मीय अपघटन
- ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया
Explanation:
- ऊष्मा (heat) द्वारा होने वाली अपघटन (decomposition) अभिक्रिया को ऊष्मीय अपघटन (Thermal Decomposition) कहते हैं।
- उदाहरण: CaCO₃ → CaO + CO₂ (गर्म करने पर)
- विद्युत अपघटन – विद्युत द्वारा, प्रकाश रासायनिक – प्रकाश द्वारा, ऊष्माक्षेपी – ऊष्मा मुक्त करने वाली (अपघटन नहीं)।
Quick Facts:
- अपघटन अभिक्रिया के प्रकार: ऊष्मीय (thermal), प्रकाशीय (photochemical), विद्युत (electrolytic)
निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण पहचानें! Mg + O₂ → MgO
- 2Mg + 1/2O₂ → 2MgO
- Mg + 1/2O₂ → MgO
- Mg + 3/2O₂ → MgO
- 2Mg + O₂ → 2MgO
Explanation:
- Mg + O₂ → MgO – संतुलन के लिए: बाएँ Mg=1, O=2; दाएँ Mg=1, O=1 – O असंतुलित (2 बनाम 1)
- 2Mg + O₂ → 2MgO – बाएँ Mg=2, O=2; दाएँ Mg=2, O=2 – संतुलित
Quick Facts:
- संतुलित समीकरण में परमाणुओं की संख्या दोनों ओर समान होती है (द्रव्यमान संरक्षण)।
निम्नलिखित में से कौन-सी विधि सक्रियता श्रेणी में नीचे आने वाली पारा और कॉपर जैसी धातुओं को उनके अयस्क से निष्कर्षित करने के लिए सामान्यतः उपयोग की जाती है?
- कार्बन मोनोऑक्साइड गैस द्वारा विस्थापन
- एल्युमीनियम पाउडर के साथ अपचयन
- भर्जन
- गलित अयस्क का विद्युत-अपघटन
Explanation:
- Cu, Hg जैसी कम सक्रिय धातुएँ (सक्रियता श्रेणी में नीचे) अपने ऑक्साइड अयस्कों से तापीय अपघटन या अपचयन द्वारा निकाली जाती हैं, पर यहाँ विकल्प ‘एल्युमीनियम पाउडर के साथ अपचयन’ – यह ‘थर्माइट’ प्रक्रिया है, जो कुछ धातुओं (Cr, Mn) के लिए है, पर Cu/Hg के लिए सामान्यतः ऑक्साइड का ऊष्मीय अपघटन (2CuO → 2Cu + O₂) या CO द्वारा अपचयन होता है।
- Cu के लिए: Cu₂O + C → 2Cu + CO, या Cu₂S + O₂ → 2Cu + SO₂ (भर्जन/प्रगलन)
Quick Facts:
- HgO → Hg + O₂ (तापीय अपघटन)
- Cu₂S (कॉपर ग्लान्स) का निष्कर्षण: भर्जन (roasting) + प्रगलन (smelting)
जब कोई अम्ल किसी कार्बोनेट या धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करता है, तो तदनुसार लवण, कार्बन डाइऑक्साइड गैस और पानी बनाता है। इस रासायनिक अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन सा समीकरण सही है?
- Na₂CO₃(s) + HCl(aq) → 2NaCl(aq) + H₂O(l) + 2CO₂(g)
- Na₂CO₃(s) + HCl(aq) → NaCl(aq) + H₂O(l) + CO₂(g)
- Na₂CO₃(s) + 2HCl(aq) → 2NaCl(aq) + H₂O(l) + CO₂(g)
- Na₂CO₃(s) + 2HCl(aq) → 2NaCl(aq) + 2CO₂(g)
Explanation:
- Na₂CO₃ + 2HCl → 2NaCl + H₂O + CO₂
- संतुलन: बाएँ Na=2, C=1, O=3, H=2, Cl=2; दाएँ Na=2, Cl=2, H=2, O=1+2=3, C=1 → संतुलित
Quick Facts:
- कार्बोनेट + अम्ल → लवण + जल + CO₂ (यह एक पहचान परीक्षण है, CO₂ चूने के पानी को दूधिया करता है)
रासायनिक अभिक्रिया की दर को मंद करने वाले पदार्थ को किस नाम से जाना जाता है?
- उत्प्रेरक
- अभिकारक
- उत्पाद
- संदमक
Explanation:
- रासायनिक अभिक्रिया की दर को कम (मंद) करने वाले पदार्थ को संदमक (Inhibitor) या ‘निरोधक’ कहते हैं (हिंदी में ‘संदमक’ या ‘मंदक’)।
- उत्प्रेरक (Catalyst) – अभिक्रिया की दर बढ़ाता है (त्वरित करता है)।
- अभिकारक (Reactant) – अभिक्रिया में भाग लेने वाला, उत्पाद (Product) – अभिक्रिया से बनने वाला।
Quick Facts:
- संदमक (Inhibitor) का उपयोग खाद्य पदार्थों (rancidity) और संक्षारण (corrosion) को रोकने में किया जाता है।
धात्विक ऑक्साइड और अम्ल के बीच अभिक्रिया के लिए सही और संतुलित रासायनिक समीकरण कौन-सा विकल्प दर्शाता है? CuO + HCl → ______ + ______
- CuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂O
- CuO + 2HCl → CuCl₂ + O₂
- CuO + HCl → CuOH + HCl
- CuO + HCl → CuCl + H₂
Explanation:
- CuO (कॉपर ऑक्साइड) + HCl → CuCl₂ (कॉपर क्लोराइड) + H₂O (जल)
- संतुलित: CuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂O
- यह एक अम्ल-धातु ऑक्साइड अभिक्रिया है, जो लवण+जल बनाती है (उदासीनीकरण के समान)।
Quick Facts:
- धातु ऑक्साइड + अम्ल → लवण + जल (अम्लीय ऑक्साइड नहीं, बल्कि क्षारीय/उभयधर्मी ऑक्साइड)
बिना बुझा चूना (क्विकलाइम) का रासायनिक सूत्र ______ है।
- CaCO₃
- CaCl₂
- Ca(OH)₂
- CaO
Explanation:
- बिना बुझा चूना (Quicklime) = कैल्शियम ऑक्साइड (CaO)
- CaCO₃ (चूना पत्थर), CaCl₂ (कैल्शियम क्लोराइड), Ca(OH)₂ (बुझा चूना, slaked lime)
Quick Facts:
- CaO + H₂O → Ca(OH)₂ (बुझा चूना बनाने की अभिक्रिया, बहुत ऊष्माक्षेपी)
निम्नलिखित में से कौन सा सत्य/असत्य है? कथन: A. निम्नलिखित प्रतिवर्ती अभिक्रिया का एक उदाहरण है। N₂(g) + 3H₂(g) ⇌ 2NH₃(g) B. निम्नलिखित ऊष्मीय अपघटन का एक उदाहरण है। CaCO₃(s) → CaO(s) + CO₂(g)
- केवल A सत्य है।
- A और B दोनों सत्य है।
- केवल B सत्य है।
- A और B दोनों असत्य हैं।
Explanation:
- कथन A: N₂ + 3H₂ ⇌ 2NH₃ – यह उत्क्रमणीय (reversible) अभिक्रिया है (हैबर विधि में, ⇌ चिह्न द्वारा दर्शाया गया है) – सत्य।
- कथन B: CaCO₃ → CaO + CO₂ – यह ऊष्मीय अपघटन (thermal decomposition) है (गर्म करने पर) – सत्य।
Quick Facts:
- उत्क्रमणीय अभिक्रिया: ⇌, अपघटन अभिक्रिया: एक यौगिक टूटता है।
निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया में दो यौगिक मिलकर एक नया यौगिक बनाते हैं?
- Na + Cl₂ → NaCl
- Cl₂ + Cl₂ → HCl
- H₂ + O₂ → H₂O
- CaO + CO₂ → CaCO₃
Explanation:
- प्रश्न में “दो यौगिक” (compounds) पूछा है – Na तत्व है, Cl₂ तत्व है, NaCl यौगिक है – यह तो संयोजन है, पर “यौगिक” नहीं।
- H₂ + O₂ → H₂O – दो तत्व मिलकर यौगिक (H₂O) बनाते हैं – यह संयोजन है।
- CaO (यौगिक) + CO₂ (यौगिक) → CaCO₃ (यौगिक) – यह वास्तव में दो यौगिक मिलकर एक नया यौगिक बनाते हैं (संयोजन)।
- Na + Cl₂ → NaCl – तत्व+तत्व → यौगिक (संयोजन)
- H₂ + O₂ → H₂O भी संयोजन है, पर प्रश्न में “दो यौगिक” – CaO+CO₂ सही है।
Quick Facts:
- संयोजन अभिक्रिया: A + B → AB (तत्व या यौगिक दोनों हो सकते हैं)
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. कोलॉइड समांगी प्रतीत होते हैं क्योंकि उनके कण बहुत छोटे होते हैं। 2. आणविक स्तर पर कोलॉइड पूर्णतः समांगी होते हैं। 3. कोलॉइडी कण प्रकाश को प्रकीर्णित करते हैं। 4. दूध एक कोलॉइडी विलयन है।
- केवल 2 और 4
- 1, 2, 3 और 4
- केवल 1 और 2
- केवल 1, 3 और 4
Explanation:
- कथन 1: कोलॉइड (Colloids) समांगी (homogeneous) प्रतीत होते हैं (दिखने में) क्योंकि कण बहुत छोटे (1-100 nm) होते हैं – सत्य।
- कथन 2: आणविक स्तर पर कोलॉइड विषमांगी (heterogeneous) होते हैं (क्योंकि कण अलग-अलग होते हैं) – यह गलत है (पूर्णतः समांगी नहीं)।
- कथन 3: कोलॉइडी कण प्रकाश को प्रकीर्णित (scatter) करते हैं (टिंडल प्रभाव) – सत्य।
- कथन 4: दूध (Milk) एक कोलॉइडी विलयन है (वसा के कण पानी में निलंबित) – सत्य।
Quick Facts:
- कोलॉइड: विषमांगी (heterogeneous) मिश्रण, कण 1-100 nm, टिंडल प्रभाव दिखाते हैं।
किस यौगिक को निर्जलन अभिकर्मक माना जा सकता है?
- एथेनॉल
- सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल
- एथेनोइक अम्ल
- एथीन
Explanation:
- सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल (Conc. H₂SO₄) एक प्रबल निर्जलन अभिकर्मक (dehydrating agent) है, जो यौगिकों से जल (H₂O) निकाल देता है (जैसे एथेनॉल से एथीन बनाना)।
- उदाहरण: C₂H₅OH → (सांद्र H₂SO₄, 170°C) C₂H₄ + H₂O
Quick Facts:
- निर्जलन (dehydration) = जल अणुओं (H₂O) का निष्कासन
- सांद्र H₂SO₄ का उपयोग एस्टरीफिकेशन (निर्जलन कर्मक) में भी होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक कार्बन डाइऑक्साइड के साथ अभिक्रिया करके चूना पत्थर बनाता है?
- कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड
- कैल्शियम ऑक्साइड
- कैल्शियम
- कैल्शियम कार्बाइड
Explanation:
- Ca(OH)₂ (बुझा चूना) + CO₂ → CaCO₃ (चूना पत्थर/लाइमस्टोन) + H₂O
- यह चूने के पानी (lime water) की CO₂ के साथ अभिक्रिया है, जिससे CaCO₃ (दूधिया अवक्षेप) बनता है।
Quick Facts:
- CaCO₃ को ‘चूना पत्थर’ (limestone) कहते हैं, जो एक कार्बोनेट चट्टान है।
निम्नलिखित में से कौन सी प्रतिक्रिया अवक्षेपण अभिक्रिया है?
- कैल्शियम कार्बोनेट → कैल्शियम ऑक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड
- सोडियम सल्फेट + बेरियम क्लोराइड → बेरियम सल्फेट + सोडियम क्लोराइड
- लीड + कॉपर क्लोराइड → लीड क्लोराइड + कॉपर
- मीथेन + ऑक्सीजन → कार्बन डाइऑक्साइड + पानी
Explanation:
- Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl – BaSO₄ एक सफेद अवक्षेप (precipitate) है, इसलिए यह अवक्षेपण अभिक्रिया (precipitation reaction) है।
- यह द्वि-विस्थापन भी है।
Quick Facts:
- अवक्षेपण अभिक्रिया: विलयन में अविलेय (insoluble) ठोस (अवक्षेप) बनता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा द्विविस्थापन अभिक्रिया का एक उदाहरण है?
- Na₂O + H₂O → 2NaOH
- AgNO₃ + NaCl → AgCl + NaNO₃
- 2Mg + O₂ → 2MgO
- H₂ + Cl₂ → 2HCl
Explanation:
- AgNO₃ + NaCl → AgCl↓ + NaNO₃ – आयनों (Ag⁺, NO₃⁻, Na⁺, Cl⁻) का आदान-प्रदान – द्विविस्थापन (और अवक्षेपण भी)।
- Na₂O+H₂O → संयोजन, Mg+O₂ → संयोजन, H₂+Cl₂ → संयोजन
Quick Facts:
- AgCl एक सफेद (white) अवक्षेप है, जो जल में अविलेय है।
जब विद्युत को जलीय सोडियम क्लोराइड विलयन में से प्रवाहित किया जाता है, तो क्लोरो-क्षार प्रक्रिया में कौन-से उत्पाद बनते हैं? NaCl(aq) + H₂O(l) → उत्पाद
- NaCl + H₂
- NaHCO₃ + Cl₂
- H₂ + O₂
- NaOH + H₂ + Cl₂
Explanation:
- क्लोर-क्षार प्रक्रिया (Chlor-alkali process): NaCl (ब्राइन) के विद्युत अपघटन से NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड), H₂ (हाइड्रोजन), और Cl₂ (क्लोरीन) बनते हैं।
- 2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂
Quick Facts:
- इस प्रक्रिया का उपयोग NaOH, Cl₂, H₂ के औद्योगिक उत्पादन में होता है।
कार्बन यौगिक के पूर्ण दहन से निम्नलिखित में से क्या उत्पन्न होता है?
- कार्बन डाइऑक्साइड और जल
- कार्बन मोनोऑक्साइड और जल
- कार्बन और ऑक्सीजन
- कार्बन डाइऑक्साइड और हाइड्रोजन
Explanation:
- कार्बन यौगिकों (जैसे हाइड्रोकार्बन) का पूर्ण दहन (complete combustion) पर्याप्त ऑक्सीजन में होता है, जिससे CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) और H₂O (जल) बनते हैं।
- अपूर्ण दहन में CO (कार्बन मोनोऑक्साइड) बनती है।
Quick Facts:
- CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O (पूर्ण दहन)
एक रासायनिक अभिक्रिया जिसमें ऊष्मा उत्पन्न होती है उसे ______ कहा जाता है।
- ऊष्माशोषी अभिक्रिया
- ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया
- दहन अभिक्रिया
- विस्थापन अभिक्रिया
Explanation:
- ऊष्मा उत्पन्न (मुक्त) होने वाली अभिक्रिया को ऊष्माक्षेपी (Exothermic) कहते हैं (जैसे CaO + H₂O → Ca(OH)₂ + ऊष्मा)।
- ऊष्माशोषी (Endothermic) – ऊष्मा अवशोषित करती है (जैसे CaCO₃ → CaO + CO₂)।
Quick Facts:
- ऊष्माक्षेपी: ΔH = -ve (ऊष्मा उत्सर्जित), ऊष्माशोषी: ΔH = +ve (ऊष्मा अवशोषित)
वनस्पति तेल का हाइड्रोजनीकरण ______ के लिए एक उदाहरण है।
- विस्थापन अभिक्रिया
- योगज अभिक्रिया
- संयोजन अभिक्रिया
- प्रतिस्थापन अभिक्रिया
Explanation:
- वनस्पति तेल (असंतृप्त, unsaturated) का हाइड्रोजनीकरण (hydrogenation) – H₂ का योग (addition) – इसे योगज (Addition) अभिक्रिया कहते हैं, जिससे असंतृप्त बंध (C=C) संतृप्त (C-C) में बदल जाते हैं, और तेल वसा (मार्जरीन) में बदल जाता है।
- योगज अभिक्रिया संयोजन (combination) का एक प्रकार है, पर विशेष रूप से असंतृप्त यौगिकों में H₂, Cl₂, Br₂ आदि का योग ‘योगज’ कहलाता है।
Quick Facts:
- हाइड्रोजनीकरण में उत्प्रेरक (catalyst) Ni (निकल) का उपयोग होता है।
जीएल-नाटा उत्प्रेरक का उपयोग _____ के लिए किया जाता है।
- अपचयन अभिक्रिया
- निष्कासन अभिक्रिया
- प्रतिस्थापन अभिक्रिया
- बहुलकीकरण अभिक्रिया
Explanation:
- ज़ीग्लर-नाटा उत्प्रेरक (Ziegler-Natta catalyst) का उपयोग बहुलकीकरण (polymerization) अभिक्रियाओं में किया जाता है, विशेष रूप से पॉलीथीन (polyethylene) और पॉलीप्रोपाइलीन (polypropylene) बनाने के लिए।
- इस उत्प्रेरक के लिए कार्ल जीग्लर और गिउलिओ नाटा को नोबेल पुरस्कार मिला।
Quick Facts:
- बहुलकीकरण: मोनोमर्स (छोटे अणु) मिलकर बहुलक (polymer) (बड़ा अणु) बनाते हैं।
ओजोन के एक अणु में ऑक्सीजन के कितने परमाणु होते हैं?
- 3
- 1
- 4
- 2
Explanation:
- ओजोन (Ozone) का आण्विक सूत्र O₃ है, अर्थात इसमें ऑक्सीजन के 3 परमाणु होते हैं।
- ऑक्सीजन गैस (O₂) में 2 परमाणु होते हैं।
Quick Facts:
- ओजोन एक अपरूप (allotrope) है और यह समताप मंडल (stratosphere) में UV विकिरण को अवशोषित करती है।
लोहे जैसी मध्यम अभिक्रियाशील धातुओं को उनके अयस्कों से निष्कर्षित करने के लिए सामान्यतः किस विधि का उपयोग किया जाता है?
- धातु अयस्क को वायु की उपस्थिति में सीधे और प्रबलता से गर्म करना
- अयस्क पदार्थ का सांद्र अम्लों में घुलना और प्रगलित होना
- धातु ऑक्साइड अयस्कों के प्रगलित रूप पर विद्युत अपघटन किया जाता है
- कार्बन आधारित अपचायकों का उपयोग करके अयस्क का रासायनिक अपचयन
Explanation:
- Fe, Zn, Pb जैसी मध्यम सक्रिय धातुओं को कार्बन (C) या CO (कार्बन मोनोऑक्साइड) द्वारा अपचयन (reduction) किया जाता है, क्योंकि वे C से कम अभिक्रियाशील होती हैं।
- उदाहरण: Fe₂O₃ + 3CO → 2Fe + 3CO₂
- अत्यधिक सक्रिय धातुएँ (Na, Al) → विद्युत अपघटन; कम सक्रिय (Cu, Ag) → ऊष्मीय अपघटन या प्राकृतिक अवस्था।
Quick Facts:
- सक्रियता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu > Ag
भारत में सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम कब शुरू किया गया था?
- 1980
- 1974
- 1985
- 1991
Explanation:
- भारत में सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (Universal Immunization Programme, UIP) 1985 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य बच्चों को 6 घातक बीमारियों (टीबी, डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, पोलियो, खसरा) से बचाना था।
- बाद में इसे 1992 में ‘राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम’ में शामिल किया गया।
Quick Facts:
- UIP को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के Expanded Programme on Immunization (EPI) के तहत शुरू किया गया था।
एक रासायनिक समीकरण में, (aq) संकेतन किसका प्रतिनिधित्व करता है?
- ठोस
- गैस
- जलीय
- द्रव
Explanation:
- (aq) = aqueous (जलीय) – इसका अर्थ है कि पदार्थ जल (water) में घुला हुआ है (विलयन में)।
- (s) = ठोस (solid), (l) = द्रव (liquid), (g) = गैस (gas)
Quick Facts:
- ये संकेतन अवस्थाएँ (states) दर्शाते हैं: (s), (l), (g), (aq)
निम्नलिखित में से कौन सा अत्यधिक ऊष्माक्षेपी है?
- तांबे के सल्फेट को जल में घोलकर
- ब्लीचिंग पाउडर को जल में घोलकर
- जल में धोने का सोडा घोलकर
- जल में सल्फ्यूरिक अम्ल घोलकर
Explanation:
- सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) को जल में मिलाना अत्यधिक ऊष्माक्षेपी (exothermic) होता है (बहुत अधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है)।
- इसलिए हमेशा H₂SO₄ को जल में धीरे-धीरे मिलाना चाहिए (जल को H₂SO₄ में नहीं) – ‘अम्ल को जल में’ (Acid to water) – ताकि ऊष्मा नियंत्रित हो।
Quick Facts:
- H₂SO₄ का जल में घोलना अत्यधिक ऊष्माक्षेपी है, इसलिए इसे ‘सावधानी से’ करना चाहिए।
_____ का उपयोग वनस्पति तेल के हाइड्रोजनीकरण में उत्प्रेरक के रूप में किया जाता है।
- सीसा
- निकल
- हीलियम
- हाइड्रोजन
Explanation:
- वनस्पति तेल के हाइड्रोजनीकरण में उत्प्रेरक (catalyst) के रूप में निकल (Ni) का उपयोग किया जाता है (या कभी-कभी Pd, Pt)।
- यह हाइड्रोजनीकरण अभिक्रिया को तीव्र करता है, जिससे तरल तेल ठोस वसा (मार्जरीन) में बदल जाता है।
Quick Facts:
- Ni उत्प्रेरक का उपयोग ‘सबतीयर-सेंडरेंस’ अभिक्रिया में भी होता है।
जब लेड (II) नाइट्रेट और पोटेशियम आयोडाइड के विलयन एक साथ मिल जाते हैं, तो निम्नलिखित अवलोकनों में से कौन-सा सत्य होगा?
- पोटेशियम नाइट्रेट का सफेद अवक्षेप बनाया जाएगा।
- लेड आयोडाइड का पीला अवक्षेप बनाया जाएगा।
- कोई अभिक्रिया नहीं होगी।
- लेड आयोडाइड का सफेद अवक्षेप बनाया जाएगा।
Explanation:
- Pb(NO₃)₂ + 2KI → PbI₂↓ + 2KNO₃
- PbI₂ (लेड आयोडाइड) एक पीला (yellow) अवक्षेप है, जो सुनहरा-पीला (golden yellow) भी हो सकता है।
Quick Facts:
- यह एक द्वि-विस्थापन अवक्षेपण अभिक्रिया है।
CaO में पानी मिलाने पर _____ यौगिक प्राप्त होता है।
- बुझा चूना
- अनबुझा चूना
- वाशिंग सोडा
- बेक लाइम
Explanation:
- CaO (बिना बुझा चूना, quicklime) + H₂O → Ca(OH)₂ (बुझा चूना, slaked lime)
- यह एक संयोजन एवं ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है, जिसमें बहुत अधिक ऊष्मा निकलती है।
Quick Facts:
- Ca(OH)₂ का उपयोग सफेदी (whitewashing), ब्लीचिंग पाउडर बनाने में होता है।
सोडियम हाइड्रॉक्साइड किस प्रक्रिया द्वारा तैयार किया जाता है?
- सोल्वे प्रक्रिया
- क्लोर-क्षार प्रक्रिया
- संपर्क प्रक्रिया
- हाबर प्रक्रिया
Explanation:
- NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड) का निर्माण क्लोर-क्षार प्रक्रिया (Chlor-alkali process) द्वारा NaCl (ब्राइन) के विद्युत अपघटन से होता है।
- सोल्वे प्रक्रिया – Na₂CO₃ (वाशिंग सोडा) के लिए, संपर्क प्रक्रिया – H₂SO₄ के लिए, हाबर प्रक्रिया – NH₃ के लिए
Quick Facts:
- 2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂ (विद्युत अपघटन)
जिंक के साथ सल्फर डाइऑक्साइड के अभिक्रिया करने पर _____ गैस निर्मित होती है।
- ऑक्सीजन
- हाइड्रोजन
- कार्बन डाईऑक्साइड
- जिंक ऑक्साइड
Explanation:
- SO₂ (सल्फर डाइऑक्साइड) + Zn + H₂O → ZnSO₃ + H₂? या Zn + SO₂ → ZnO + S?
- वास्तव में, Zn + SO₂ → ZnO + S (अपचयन-ऑक्सीकरण) – पर गैस H₂ नहीं बनती।
- यदि Zn तनु H₂SO₄ के साथ, तो H₂ बनती है, पर SO₂ + Zn → जिंक सल्फाइट/सल्फेट + S/ZnO, H₂ नहीं।
- प्रश्न संभवतः त्रुटिपूर्ण है, क्योंकि SO₂ + Zn + H₂O → ZnSO₃ + H₂? (संतुलन नहीं)
Quick Facts:
- SO₂ एक ऑक्सीकारक है, धातुओं (Zn) के साथ अपचयित होकर S या सल्फाइड बना सकता है।
किसी दिए गए बिंब के गौण दृश्यों की अधिकतम संख्या क्या है?
- 6
- 1
- 3
- अनंत
Explanation:
- किसी वस्तु (बिंब) के गौण दृश्य (secondary views) – सैद्धांतिक रूप से, किसी वस्तु को अनंत दिशाओं से देखा जा सकता है, इसलिए गौण दृश्यों की संख्या अनंत हो सकती है।
- प्रायोगिक रूप से, इंजीनियरिंग ड्राइंग में मुख्य दृश्य (front, top, side) और गौण (auxiliary) सीमित होते हैं।
Quick Facts:
- तकनीकी चित्रण (technical drawing) में, मुख्य दृश्य 3 होते हैं: अग्र (front), शीर्ष (top), पार्श्व (side)।
ऊँचाई पर उड़ने वाले विमान के केबिन के अंदर दाब होता है: A. बाहर के समान B. बाहर से कम C. बाहर से अधिक D. समुद्र तल पर सामान्य वायुमंडलीय दाब
- C
- D
- A
- B
Explanation:
- हवाई जहाज के केबिन को दबावयुक्त (pressurized) किया जाता है, ताकि अंदर का दाब बाहर के वायुमंडलीय दाब से अधिक (higher than outside) बना रहे, जिससे यात्रियों को ऑक्सीजन की कमी (hypoxia) न हो।
- आमतौर पर केबिन का दाब लगभग 2400 मीटर (8000 ft) की ऊँचाई के बराबर रखा जाता है, जो समुद्र तल से कम, पर बाहर से अधिक होता है।
- अतः सही विकल्प C (बाहर से अधिक) है।
Quick Facts:
- ऊँचाई पर वायुमंडलीय दाब घटता है, इसलिए केबिन को दबावयुक्त किया जाता है।
कोशिकांगों का उनके संबंधित कार्यों से मिलान कीजिए।
- 1 – a, 2 – b, 3 – c, 4 – d
- 1 – b, 2 – c, 3 – a, 4 – d
- 1 – b, 2 – d, 3 – c, 4 – a
- 1 – c, 2 – a, 3 – d, 4 – b
Explanation:
- यह एक मिलान प्रश्न है, पर सूची (कोशिकांग और कार्य) प्रश्न में नहीं दी गई है।
- सामान्यतः कोशिकांग (organelles) और उनके कार्य: (1) माइटोकॉन्ड्रिया – ऊर्जा उत्पादन, (2) राइबोसोम – प्रोटीन संश्लेषण, (3) गॉल्जी तंत्र – स्राव/पैकेजिंग, (4) लाइसोसोम – पाचन/अपशिष्ट निपटान, आदि।
- दिए गए विकल्पों के अनुसार 1 – b, 2 – d, 3 – c, 4 – a सही हो सकता है, पर सूची के बिना सटीक पुष्टि संभव नहीं है।
Quick Facts:
- मिलान प्रश्नों में, सही युग्मन (pairing) के लिए दोनों सूचियों को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
रासायनिक अभिक्रिया N₂ + xH₂ → 2NH₃ में, x का मान क्या है?
- 1
- 4
- 3
- 2
Explanation:
- N₂ + 3H₂ → 2NH₃ (हैबर विधि का अभिक्रिया समीकरण)
- संतुलन: N=2, H=6 (बाएँ), दाएँ N=2, H=6 (2×3=6) – संतुलित।
- अतः x = 3
Quick Facts:
- हैबर विधि में N₂ और H₂ 1:3 मोल अनुपात में अभिक्रिया करते हैं।
जल के साथ कैल्शियम ऑक्साइड की संयोजन अभिक्रिया से निम्नलिखित में से कौन-सा सही उत्पाद बनता है?
- कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड
- कैल्शियम कार्बोनेट
- कैल्शियम बाइकार्बोनेट
- कोई अभिक्रिया नहीं होती
Explanation:
- CaO + H₂O → Ca(OH)₂ (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड, बुझा चूना)
- यह एक संयोजन अभिक्रिया है (और ऊष्माक्षेपी)।
Quick Facts:
- Ca(OH)₂ को ‘बुझा चूना’ (slaked lime) कहते हैं, और इसका उपयोग सफेदी, ब्लीचिंग पाउडर बनाने में होता है।
थोड़े समय के लिए वायु के एक लाख भागों में से _____ के लगभग 900 भागों को श्वास के रूप में अंदर लेने से थकान, चक्कर आना और सिरदर्द होता है।
- कीटनाशक
- अदह (एस्बेस्टॉस) कण
- क्लोरोफॉर्म
- आर्सेनिक
Explanation:
- वायु में क्लोरोफॉर्म (chloroform, CHCl₃) के 900 भाग प्रति मिलियन (ppm) (लगभग) का श्वसन थकान, चक्कर आना, सिरदर्द का कारण बन सकता है (क्लोरोफॉर्म एक विलायक और संवेदनाहारी है, पर उच्च सांद्रता में विषैली होती है)।
- कीटनाशक, एस्बेस्टॉस, आर्सेनिक – ये भी प्रदूषक हैं, पर 900 ppm की मात्रा क्लोरोफॉर्म से संबंधित है।
Quick Facts:
- क्लोरोफॉर्म (CHCl₃) – एक कार्बनिक विलायक, जिसका उपयोग पहले संवेदनाहारी (anesthetic) के रूप में होता था।
निम्नलिखित में से कौन सा/से यौगिक ब्लैक एंड व्हाइट फोटोग्राफी में प्रयुक्त होते हैं?
- सिल्वर क्लोराइड
- सिल्वर ऑक्साइड
- सिल्वर ब्रोमाइड
- सिल्वर क्लोराइड और सिल्वर ब्रोमाइड दोनों
Explanation:
- ब्लैक एंड व्हाइट फोटोग्राफी में सिल्वर क्लोराइड (AgCl) और सिल्वर ब्रोमाइड (AgBr) दोनों का उपयोग किया जाता है (AgBr अधिक सामान्य), क्योंकि ये प्रकाश के प्रति संवेदनशील (photosensitive) होते हैं।
- AgCl और AgBr दोनों प्रकाश में अपघटित होकर Ag (चांदी) बनाते हैं, जो छवि (image) बनाता है।
Quick Facts:
- AgBr → 2Ag + Br₂ (प्रकाश में)
- AgCl → 2Ag + Cl₂ (प्रकाश में)
एक विशिष्ट क्रम में इंट्रॉन को हटाने और शेष एक्सॉन को जोड़ने की प्रक्रिया, ताकि एक परिपक्व mRNA अणु बन सके, _____ के रूप में जानी जाती है।
- विभाजन (Splitting)
- कैपिंग (Capping)
- टेलिंग (Tailing)
- स्प्लिसिंग (Splicing)
Explanation:
- mRNA प्रसंस्करण (processing) में, इंट्रॉन (introns) (गैर-कोडिंग क्षेत्र) को हटा दिया जाता है और एक्सॉन (exons) (कोडिंग क्षेत्र) को जोड़ दिया जाता है – इस प्रक्रिया को स्प्लिसिंग (Splicing) कहते हैं।
- कैपिंग (5′ कैप) और टेलिंग (poly-A tail) – mRNA के सिरों पर जोड़े जाते हैं।
- यह प्रक्रिया यूकेरियोट्स (eukaryotes) में होती है।
Quick Facts:
- स्प्लिसिंग को ‘RNA स्प्लिसिंग’ भी कहते हैं, और यह स्प्लाइसोसोम (spliceosome) द्वारा किया जाता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प उदासीनीकरण अभिक्रिया के लिए सामान्य शब्द समीकरण को सही प्रकार से पूरा करता है? क्षार + अम्ल → ______ + ______
- लवण + जल
- धातु + कार्बन डाइऑक्साइड
- धातु + जल
- लवण + कार्बन डाइऑक्साइड
Explanation:
- उदासीनीकरण (Neutralization) अभिक्रिया: अम्ल (Acid) + क्षार (Base) → लवण (Salt) + जल (Water)
- उदाहरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O
Quick Facts:
- यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी (exothermic) होती है।
निम्नलिखित में से कौन सी अभिक्रिया द्विविस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण है?
- Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s)
- Pb(s) + CuCl₂(aq) → PbCl₂(aq) + Cu(s)
- Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq)
- Zn(s) + CuSO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + Cu(s)
Explanation:
- Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl – आयनों का आदान-प्रदान (द्विविस्थापन)
- अन्य सभी विस्थापन (single displacement) अभिक्रियाएँ हैं।
Quick Facts:
- द्विविस्थापन: AB + CD → AD + CB
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) के सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) के साथ उदासीनीकरण का उत्पाद निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- सोडियम क्लोराइड और हाइड्रोजन गैस
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड और जल
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- सोडियम क्लोराइड और जल
Explanation:
- HCl + NaOH → NaCl (सोडियम क्लोराइड) + H₂O (जल)
- यह एक उदासीनीकरण अभिक्रिया है (अम्ल + क्षार → लवण + जल)।
Quick Facts:
- NaCl = साधारण नमक (common salt), pH = 7 (उदासीन)
CaO + H₂O → Ca(OH)₂ किस प्रकार की अभिक्रिया है?
- अपघटन
- संयोजन
- उदासीनीकरण
- विस्थापन
Explanation:
- CaO + H₂O → Ca(OH)₂ – दो अभिकारक (CaO और H₂O) मिलकर एक उत्पाद (Ca(OH)₂) बनाते हैं – यह संयोजन (combination) अभिक्रिया है (और ऊष्माक्षेपी भी)।
Quick Facts:
- इस अभिक्रिया में बहुत अधिक ऊष्मा निकलती है, इसलिए इसे ‘स्लेकिंग’ (slaking) कहते हैं।
निम्नलिखित में से कौन से जीवाणु संक्रमण हैं जो यौन संपर्क के कारण होते हैं? A. गोनोरिया B. एड्स C. सिफलिस
- B और C दोनों
- A, B और C
- A और B दोनों
- A और C दोनों
Explanation:
- यौन संचारित रोग (STDs): गोनोरिया (Gonorrhea) – जीवाणु (bacterial), सिफलिस (Syphilis) – जीवाणु (बैक्टीरिया, Treponema pallidum)।
- एड्स (AIDS) – HIV (वायरस, viral) के कारण होता है, जीवाणु नहीं।
- अतः A (गोनोरिया) और C (सिफलिस) दोनों जीवाणु जनित STD हैं।
Quick Facts:
- STD के उदाहरण: गोनोरिया, सिफलिस, क्लैमाइडिया (जीवाणु), HIV/एड्स, हरपीज, HPV (वायरल)
प्रिज्म (Prism) क्या करता है? A. प्रकाश को प्रतिबिंबित करता है। B. यह प्रकाश को गुज़रने से रोकता है। C. यह उसके ज़रिए गुज़र रहे प्रकाश को तितर-बितर करता है। D. यह प्रकाश को उसके मार्ग से अपवर्तित करता है।
- C
- D
- B
- A
Explanation:
- प्रिज्म (Prism) श्वेत प्रकाश को अपवर्तित (refract) करता है, जिससे वह अपने घटक रंगों (VIBGYOR) में विभाजित (विक्षेपित, dispersed) हो जाता है।
- यह ‘प्रकाश का प्रकीर्णन’ (dispersion of light) कहलाता है, पर मूल रूप से प्रिज्म अपवर्तन (refraction) के सिद्धांत पर कार्य करता है (D) – यह प्रकाश को उसके मार्ग से अपवर्तित करता है।
Quick Facts:
- प्रिज्म द्वारा स्पेक्ट्रम (spectrum) प्राप्त होता है – प्रकीर्णन (dispersion)।
एक सफेद ठोस तनु HCl के साथ अभिक्रिया करके एक गैस बनाता है जो चूने के पानी को दूधिया कर देता है। इससे निश्चित रूप से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
- गैस कार्बन डाइऑक्साइड है; ठोस या तो कार्बोनेट या बाइकार्बोनेट है।
- ठोस कैल्शियम कार्बोनेट है।
- ठोस एक धातु कार्बोनेट है, जो कार्बन डाइऑक्साइड अवमुक्त करता है।
- गैस हाइड्रोजन है, जो एक अभिक्रियाशील धातु को इंगित करती है।
Explanation:
- तनु HCl के साथ अभिक्रिया करके CO₂ गैस देने वाले ठोस कार्बोनेट (carbonate, CO₃²⁻) या बाइकार्बोनेट (bicarbonate, HCO₃⁻) होते हैं (जैसे Na₂CO₃, NaHCO₃, CaCO₃)
- CO₂ चूने के पानी (Ca(OH)₂) को दूधिया (milky) करता है (CaCO₃ बनता है)।
- ठोस कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO₃) हो सकता है, पर यह निश्चित नहीं है – कोई भी धातु कार्बोनेट/बाइकार्बोनेट हो सकता है।
Quick Facts:
- CO₂ का परीक्षण: चूने के पानी को दूधिया करना (Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃↓ + H₂O)
जब किसी अधिक अभिक्रियाशील धातु को कम अभिक्रियाशील धातु वाले लवण विलयन में रखा जाता है, तो वह कम अभिक्रियाशील धातु को विस्थापित कर देती है। इस अभिक्रिया को _____ के रूप में जाना जाता है।
- विस्थापन अभिक्रिया
- संयोजन अभिक्रिया
- उदासीनीकरण अभिक्रिया
- अपघटन अभिक्रिया
Explanation:
- अधिक सक्रिय धातु (more reactive metal) द्वारा कम सक्रिय धातु (less reactive metal) को उसके लवण विलयन से विस्थापित (displace) करना – यह विस्थापन अभिक्रिया (Displacement reaction) है।
- उदाहरण: Zn (अधिक सक्रिय) + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu (Cu कम सक्रिय)
Quick Facts:
- यह सक्रियता श्रेणी (Activity series) पर आधारित है: अधिक सक्रिय धातु कम सक्रिय को विस्थापित करती है।
3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂, में, उपर्युक्त में परमाणुओं की कुल संख्या ज्ञात कीजिए।
- 10
- 08
- 15
- 04
Explanation:
- अभिक्रिया: 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂
- बाएँ (अभिकारक) में परमाणुओं की संख्या: Fe = 3, H = 4×2 = 8, O = 4 → कुल = 3 + 8 + 4 = 15
- दाएँ (उत्पाद) में: Fe = 3, O = 4, H = 4×2 = 8 → कुल = 3 + 4 + 8 = 15
- अतः कुल परमाणु = 15 (दोनों ओर समान, द्रव्यमान संरक्षण)
Quick Facts:
- यह एक संतुलित समीकरण है, इसलिए परमाणुओं की कुल संख्या दोनों ओर समान होती है।
नीचे दी गई अभिक्रिया निम्नलिखित में से किस प्रकार की अभिक्रिया का उदाहरण है? पोटेशियम ब्रोमाइड(aq) + बेरियम आयोडाइड(aq) → पोटेशियम आयोडाइड(aq) + बेरियम ब्रोमाइड(s)
- संयोजन अभिक्रिया
- द्विविस्थापन अभिक्रिया
- विस्थापन अभिक्रिया
- अपघटन अभिक्रिया
Explanation:
- 2KBr + BaI₂ → 2KI + BaBr₂↓
- यहाँ आयनों (K⁺, Br⁻, Ba²⁺, I⁻) का आदान-प्रदान होता है – द्विविस्थापन (double displacement) अभिक्रिया है।
- BaBr₂ (बेरियम ब्रोमाइड) अवक्षेप (s) है, इसलिए यह अवक्षेपण अभिक्रिया भी है।
Quick Facts:
- द्विविस्थापन: AB + CD → AD + CB
उस विकल्प का चयन कीजिए जो यह सही ढंग से इंगित करता है कि निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है। जब जिंक धातु की एक पट्टी को कॉपर सल्फेट के विलयन में रखा जाता है: (i) जिंक कॉपर सल्फेट से कॉपर को विस्थापित कर देता है। (ii) कॉपर सल्फेट विलयन का नीला रंग फीका नहीं पड़ता है। (iii) जिंक की पट्टी पर कॉपर की धातु का नीला निक्षेप बनता है। (iv) यह संयोजन अभिक्रिया का एक उदाहरण है।
- ii
- iii
- i
- iv
Explanation:
- Zn (जिंक) CuSO₄ (कॉपर सल्फेट) से Cu (कॉपर) को विस्थापित (displace) करता है, क्योंकि Zn, Cu से अधिक अभिक्रियाशील (reactive) है (सक्रियता श्रेणी में Zn > Cu)।
- अभिक्रिया: Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu
- (ii) गलत है – CuSO₄ का नीला रंग फीका पड़ जाता है (क्योंकि Cu²⁺ आयन Zn द्वारा विस्थापित हो जाते हैं, और ZnSO₄ रंगहीन होता है)।
- (iii) गलत है – Zn की पट्टी पर Cu का भूरा (brown) निक्षेप (deposit) बनता है, नीला नहीं।
- (iv) गलत है – यह विस्थापन अभिक्रिया है, संयोजन नहीं।
Quick Facts:
- Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu (विस्थापन अभिक्रिया)
- ZnSO₄ का विलयन रंगहीन (colourless) होता है, CuSO₄ का नीला (blue)।
अपघटन अभिक्रिया क्या है?
- दो यौगिक आयनों का आदान-प्रदान करते हैं
- दो या दो से अधिक पदार्थ मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं
- एक पदार्थ दो या दो से अधिक अभिकारकों से बनता है
- एक यौगिक दो या अधिक सरल पदार्थों में टूटता है
Explanation:
- अपघटन (Decomposition) अभिक्रिया: एक यौगिक (compound) टूटकर (break down) दो या अधिक सरल पदार्थ (simpler substances) बनाता है।
- सामान्य रूप: AB → A + B
- आयनों का आदान-प्रदान (exchange) → द्विविस्थापन, दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक उत्पाद → संयोजन (combination)
Quick Facts:
- उदाहरण: CaCO₃ → CaO + CO₂ (ऊष्मीय अपघटन)
- अपघटन अभिक्रिया के प्रकार: ऊष्मीय (thermal), प्रकाशीय (photochemical), विद्युत (electrolytic)
लोहे में जंग लगना _______ का एक उदाहरण है।
- रेडॉक्स अभिक्रिया
- संयोजन अभिक्रिया
- उदासीनीकरण अभिक्रिया
- वियोजन अभिक्रिया
Explanation:
- लोहे में जंग (rusting) लगना एक रेडॉक्स (redox) अभिक्रिया है, जिसमें Fe (लोहा) ऑक्सीकृत (oxidized) होता है (Fe → Fe³⁺) और O₂ (ऑक्सीजन) अपचयित (reduced) होती है (O₂ → O²⁻)।
- यह एक धीमी ऑक्सीकरण (slow oxidation) प्रक्रिया है, जिसमें नमी (moisture) और O₂ की उपस्थिति आवश्यक होती है।
- यह एक संयोजन अभिक्रिया भी हो सकती है (Fe + O₂ + H₂O → Fe₂O₃·xH₂O), पर मूल रूप से यह रेडॉक्स है।
Quick Facts:
- जंग लगना: 4Fe + 3O₂ + 6H₂O → 4Fe(OH)₃ (फिर Fe₂O₃·xH₂O)
- जंग को रोकने के लिए पेंटिंग, गैल्वनाइजेशन (जस्ता लेपन) आदि किए जाते हैं।
परमाणु के आकार के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: परमाणु का आकार लगभग 0.1 nm से 0.5 nm के परास में होता है। कथन 2: आवर्त सारणी के एक आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु का आकार बढ़ता जाता है। कथन 3: हाइड्रोजन परमाणु की त्रिज्या लगभग 10⁻¹⁰ मीटर होती है। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 2
- केवल 1, 2 और 3
- केवल 1 और 3
Explanation:
- कथन 1: परमाणु का आकार (atomic size) लगभग 0.1 nm (10⁻¹⁰ m) से 0.5 nm (5×10⁻¹⁰ m) के परास (range) में होता है – सत्य (हाइड्रोजन ≈ 0.053 nm, Cs ≈ 0.298 nm, आदि)।
- कथन 2: एक आवर्त (period) में बाएँ से दाएँ जाने पर, परमाणु का आकार घटता (decreases) है (क्योंकि नाभिकीय आवेश (nuclear charge) बढ़ता है, इलेक्ट्रॉन अधिक आकर्षित होते हैं) – यह असत्य है (आकार बढ़ता नहीं, घटता है)।
- कथन 3: हाइड्रोजन परमाणु की त्रिज्या (radius) ≈ 0.053 nm ≈ 5.3 × 10⁻¹¹ m ≈ 10⁻¹⁰ m (लगभग) – सत्य (वास्तव में 5.3×10⁻¹¹ m, पर 10⁻¹⁰ m के निकट)।
Quick Facts:
- आवर्त में आकार घटता है, समूह में नीचे आकार बढ़ता है।
- 1 nm = 10⁻⁹ m
निम्नलिखित में से किस प्रकार की अभिक्रिया में अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है?
- अपघटन
- योग अभिक्रिया
- द्विविस्थापन अभिक्रिया
- असमानुपातन अभिक्रिया
Explanation:
- द्विविस्थापन (Double Displacement) अभिक्रिया में दो यौगिकों के आयन (ions) आपस में आदान-प्रदान (exchange) करते हैं, जिससे दो नए यौगिक बनते हैं।
- सामान्य रूप: AB + CD → AD + CB
- अपघटन (decomposition) – एक यौगिक टूटता है, योग (addition) – योगज अभिक्रिया (असंतृप्त यौगिकों में), असमानुपातन (disproportionation) – एक ही तत्व का ऑक्सीकरण और अपचयन एक साथ।
Quick Facts:
- द्विविस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण: NaCl + AgNO₃ → AgCl↓ + NaNO₃
यदि 9 g जल में 1 g हाइड्रोजन और 8 g ऑक्सीजन है, तो 36 g जल में क्या होगा?
- 4 g हाइड्रोजन और 32 g ऑक्सीजन
- 3 g हाइड्रोजन और 32 g ऑक्सीजन
- 4 g हाइड्रोजन और 24 g ऑक्सीजन
- 3 g हाइड्रोजन और 24 g ऑक्सीजन
Explanation:
- जल (H₂O) में H और O का द्रव्यमान अनुपात (mass ratio) = 1 : 8 (स्थिर अनुपात का नियम, Law of Constant Proportions)
- 9 g जल में → 1 g H, 8 g O (अनुपात 1:8)
- 36 g जल = 4 × 9 g, इसलिए H = 4 × 1 = 4 g, O = 4 × 8 = 32 g
- अतः 36 g जल में 4 g हाइड्रोजन और 32 g ऑक्सीजन होगा।
Quick Facts:
- जल में H:O = 1:8 (द्रव्यमान से), 2:1 (परमाणु अनुपात)
सक्रियता शृंखला में सबसे नीचे पाई जाने वाली धातुएं (जैसे, सोना, चांदी, प्लैटिनम) आमतौर पर प्रकृति में किस अवस्था में पाई जाती हैं?
- अपनी मुक्त अवस्था में
- सल्फाइड के रूप में जिन्हें निस्तापन की आवश्यकता होती है
- कार्बोनेट के रूप में जिन्हें भर्जन की आवश्यकता होती है
- अत्यधिक अभिक्रियाशील ऑक्साइड के रूप में
Explanation:
- सक्रियता श्रेणी (Activity series) में नीचे की धातुएँ (Au, Ag, Pt, Cu) कम अभिक्रियाशील (less reactive) होती हैं, इसलिए वे प्रकृति में मुक्त अवस्था (free state) (तत्व रूप में) में पाई जाती हैं (जैसे सोना नदी की रेत में, चांदी कभी-कभी मुक्त)।
- अत्यधिक सक्रिय धातुएँ (Na, K, Ca) – यौगिक (ऑक्साइड/क्लोराइड) रूप में, मध्यम सक्रिय (Zn, Fe) – ऑक्साइड/सल्फाइड अयस्कों में।
Quick Facts:
- सक्रियता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu > Ag > Au (नीचे वाली कम अभिक्रियाशील)
जब पोटेशियम, जल के साथ अभिक्रिया करता है, तो हम क्या देखते हैं?
- कोई दृश्य परिवर्तन नहीं होता है
- हरे रंग के एक यौगिक का निर्माण
- धीरे-धीरे बुलबुले उठना और मंद अभिक्रिया
- चमकीली ज्वाला और तीव्र अभिक्रिया
Explanation:
- पोटेशियम (K) एक अत्यधिक अभिक्रियाशील क्षार धातु (alkali metal) है, जो जल (H₂O) के साथ तीव्रता से (vigorously) अभिक्रिया करता है, जिससे चमकीली ज्वाला (bright flame) (बैंगनी/ज्वाला) और ऊष्मा उत्पन्न होती है।
- अभिक्रिया: 2K + 2H₂O → 2KOH + H₂ (हाइड्रोजन गैस जलती है, ज्वाला देती है)
- यह अत्यंत ऊष्माक्षेपी (highly exothermic) है।
Quick Facts:
- Na (सोडियम) भी जल के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करता है, पर K अधिक तीव्रता से (ज्वाला सहित)।
एक अवक्षेपण अभिक्रिया वह होती है जिसमें:
- जल में घुलनशील लवण बनता है
- एक अवक्षेप बनता है
- जलीय विलयन में सभी अभिकारकों का एक समांगी मिश्रण बनता है
- जलीय विलयन में सभी उत्पादों का एक समांगी मिश्रण बनता है
Explanation:
- अवक्षेपण (Precipitation) अभिक्रिया में विलयन से एक अविलेय (insoluble) ठोस (solid) – जिसे अवक्षेप (precipitate) कहते हैं – बनता है, जो नीचे बैठ जाता है।
- उदाहरण: AgNO₃ + NaCl → AgCl↓ (अवक्षेप) + NaNO₃
- यह सामान्यतः द्विविस्थापन (double displacement) अभिक्रियाओं का एक वर्ग है।
Quick Facts:
- अवक्षेप (Precipitate) ठोस (solid) होता है, जो जल में अविलेय (insoluble) होता है।
फेरस सल्फेट को गर्म करने पर एक ठोस उत्पाद और दो अलग-अलग गैसें प्राप्त होती हैं। अभिक्रिया के दौरान निकलने वाली गैसों का चयन कीजिए।
- ऑक्सीजन और डाइसल्फर
- सल्फर ट्राइऑक्साइड और ऑक्सीजन
- सल्फर डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन
- सल्फर डाइऑक्साइड और सल्फर ट्राइऑक्साइड
Explanation:
- फेरस सल्फेट (FeSO₄) का ऊष्मीय अपघटन (thermal decomposition):
- 2FeSO₄ (s) → Fe₂O₃ (s) + SO₂ (g) + SO₃ (g)
- ठोस उत्पाद: Fe₂O₃ (फेरिक ऑक्साइड, लाल-भूरा), गैसें: SO₂ (सल्फर डाइऑक्साइड) और SO₃ (सल्फर ट्राइऑक्साइड)।
Quick Facts:
- FeSO₄ गर्म करने पर सफेद/हरे से लाल-भूरा (Fe₂O₃) हो जाता है, और SO₂/SO₃ गैसें निकलती हैं (तीखी गंध)।
पौधों द्वारा अपशिष्ट पदार्थों से छुटकारा पाने की तकनीक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा/से सही है/हैं? A. पौधे वाष्पोत्सर्जन द्वारा अतिरिक्त पानी से छुटकारा पाते हैं। B. अपशिष्ट उत्पादों को उन पत्तियों में संग्रहीत किया जा सकता है जो झड़ जाती हैं। C. अपशिष्ट उत्पादों को रेजिन और गोंद के रूप में संग्रहीत किया जाता है, विशेष रूप से पुराने जाइलम में।
- A और C दोनों
- A, B और C
- A और B दोनों
- B और C दोनों
Explanation:
- A: पौधे वाष्पोत्सर्जन (transpiration) द्वारा अतिरिक्त जल (पानी) को जलवाष्प (water vapour) के रूप में बाहर निकालते हैं – सत्य।
- B: अपशिष्ट उत्पादों (waste products) को पत्तियों (leaves) में संग्रहीत किया जाता है, जो बाद में झड़ (fall off) जाती हैं – सत्य (जैसे कुछ खनिज/अपशिष्ट पुरानी पत्तियों में)।
- C: अपशिष्ट उत्पादों को रेजिन (resin) और गोंद (gum) के रूप में संग्रहीत किया जाता है, विशेष रूप से पुराने जाइलम (old xylem) में – सत्य।
Quick Facts:
- पौधों में उत्सर्जन (excretion) के तरीके: वाष्पोत्सर्जन, रिक्तिका (vacuole) में संचय, पत्तियों का गिरना, रेजिन/गोंद के रूप में संचय।
जब तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को लोहे के भराव (iron fillings) वाले क्षेत्रों में डाला जाता है, तो क्या होता है?
- हाइड्रोजन गैस और आयरन क्लोराइड उत्पन्न होता है।
- क्लोरीन गैस और आयरन हाइड्रॉक्साइड उत्पन्न होता है।
- हाइड्रोजन गैस और पानी उत्पन्न होता है।
- फेरिक क्लोराइड और पानी उत्पन्न होता है।
Explanation:
- Fe (लोहा) + 2HCl (तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) → FeCl₂ (आयरन क्लोराइड/फेरस क्लोराइड) + H₂ (हाइड्रोजन गैस)
- यह धातु + अम्ल → लवण + हाइड्रोजन गैस अभिक्रिया है (विस्थापन प्रकार)।
- H₂ गैस पॉप (pop) ध्वनि के साथ जलती है (हाइड्रोजन परीक्षण)।
Quick Facts:
- Fe + 2HCl → FeCl₂ + H₂ (FeCl₂ का रंग हल्का हरा, light green)
किसी विलयन में धातु ‘A’ और धातु ‘B’ की अभिक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है, जिसमें धातु ‘A’ द्वारा धातु ‘B’ को विस्थापित किया जाता है?
- ‘A’ ‘B’ से अधिक अभिक्रियाशील है।
- ‘B’ ‘A’ से अधिक अभिक्रियाशील है।
- ‘A’ और ‘B’ दोनों की अभिक्रियाशीलता समान है।
- यह अभिक्रिया बिल्कुल भी नहीं हो सकती है।
Explanation:
- विस्थापन (Displacement) अभिक्रिया में, अधिक अभिक्रियाशील (more reactive) धातु (A) कम अभिक्रियाशील (less reactive) धातु (B) को उसके लवण (salt) विलयन से विस्थापित करती है।
- यह सक्रियता श्रेणी (Activity series) पर आधारित है: A > B (अधिक सक्रिय), तो A + B²⁺ → A²⁺ + B
Quick Facts:
- उदाहरण: Zn (अधिक सक्रिय) + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu (Cu कम सक्रिय)
रासायनिक समीकरण में अभिक्रिया की स्थितियाँ किस स्थान पर दर्शायी जाती हैं?
- समीकरण के आरंभ में
- केवल तीर के ऊपर
- तीर के ऊपर और/या नीचे
- केवल तीर के नीचे
Explanation:
- रासायनिक समीकरण में, अभिक्रिया की स्थितियाँ (conditions) जैसे तापमान (temperature), दाब (pressure), उत्प्रेरक (catalyst) आदि को तीर (arrow) के ऊपर (above) और/या नीचे (below) लिखा जाता है।
- उदाहरण: N₂ + 3H₂ → (ऊपर: Fe उत्प्रेरक, 400-500°C) 2NH₃
Quick Facts:
- तीर के ऊपर: उत्प्रेरक, तापमान, दाब, प्रकाश आदि लिखे जाते हैं।
चिप्स-निर्माता पैकिंग से पहले चिप्स के बैगों (पैकेट) को नाइट्रोजन से क्यों भरते हैं?
- नाइट्रोजन, तेल के अपचयन को रोकता है।
- नाइट्रोजन, परिरक्षक के रूप में कार्य करता है।
- नाइट्रोजन, विकृतगंधिता को रोकता है।
- नाइट्रोजन, स्वाद संवर्द्धक के रूप में कार्य करता है।
Explanation:
- चिप्स में वसा (fat) होती है, जो वायु (O₂) के संपर्क में आने पर ऑक्सीकृत (oxidized) होकर विकृतगंधिता (rancidity) (बासीपन) उत्पन्न करती है।
- पैकेट में नाइट्रोजन (N₂) (अक्रिय/निष्क्रिय गैस, inert gas) भरने से O₂ विस्थापित (displace) हो जाती है, जिससे ऑक्सीकरण (oxidation) रुक जाता है और विकृतगंधिता को रोका (prevents rancidity) जाता है।
Quick Facts:
- इसे ‘संशोधित वातावरण पैकेजिंग’ (Modified Atmosphere Packaging, MAP) कहते हैं।
- रैंसिडिटी को रोकने के लिए एंटीऑक्सीडेंट (antioxidants) भी मिलाए जाते हैं (जैसे BHA, BHT)।
जब सूखे बुझे चूने का क्लोरीनीकरण होता है, तो ______ मुख्य उत्पाद के रूप में बनेगा।
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड
- बिना बुझाया हुआ चूना
- एसीटिक अम्ल
Explanation:
- शुष्क बुझे चूने (Ca(OH)₂) का क्लोरीनीकरण (chlorination) – क्लोरीन (Cl₂) की क्रिया – से ब्लीचिंग पाउडर (bleaching powder) बनता है, जिसका रासायनिक नाम कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड (Calcium oxychloride, CaOCl₂) है।
- अभिक्रिया: Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
Quick Facts:
- ब्लीचिंग पाउडर = CaOCl₂ (कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड)
पोटेशियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइड के बीच अभिक्रिया होने पर कौन सा पदार्थ अवक्षेप बनाता है?
- बेरियम सल्फेट
- बेरियम क्लोराइड
- पोटेशियम क्लोराइड
- पोटेशियम सल्फेट
Explanation:
- K₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2KCl
- BaSO₄ (बेरियम सल्फेट) एक सफेद अवक्षेप (white precipitate) है, जो जल में अविलेय (insoluble) होता है।
- KCl (पोटेशियम क्लोराइड) विलयन में रहता है।
Quick Facts:
- BaSO₄ का उपयोग सल्फेट आयन (SO₄²⁻) के परीक्षण में होता है।
दी गई रासायनिक अभिक्रिया का अध्ययन करें और क्रमशः x, y और z के मान ज्ञात करें। xFe(s) + yH₂O(g) → Fe₃O₄ + zH₂(g)
- 2, 4, 3
- 4, 3, 4
- 4, 4, 3
- 3, 4, 4
Explanation:
- संतुलित समीकरण: 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂
- बाएँ: Fe=3, H=8, O=4; दाएँ: Fe=3, O=4, H=8 → संतुलित
- अतः x = 3, y = 4, z = 4
Quick Facts:
- यह अभिक्रिया लोहे और जलवाष्प (steam) के बीच होती है, जिससे Fe₃O₄ (मैग्नेटाइट) और H₂ बनते हैं।
निम्नलिखित में से कौन सी अभिक्रिया द्विविस्थापन का उदाहरण है?
- Pb(s) + CuCl₂(aq) → PbCl₂(aq) + Cu(s)
- Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s)
- Zn(s) + CuSO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + Cu(s)
- Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq)
Explanation:
- Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl – यह आयनों (Na⁺, SO₄²⁻, Ba²⁺, Cl⁻) का आदान-प्रदान (exchange) है – द्विविस्थापन (double displacement)।
- अन्य सभी: Pb+CuCl₂, Fe+CuSO₄, Zn+CuSO₄ – ये विस्थापन (single displacement) अभिक्रियाएँ हैं।
Quick Facts:
- द्विविस्थापन: AB + CD → AD + CB
अभिकथन (A) और कारण (R) से चिह्नित निम्नलिखित दो कथनों के संबंध में सही विकल्प का चयन कीजिए। अभिकथन (A): जिंक, कॉपर सल्फेट विलयन से कॉपर को विस्थापित कर सकता है। कारण (R): जिंक, कॉपर से कम अभिक्रियाशील है।
- A असत्य है, परन्तु R सत्य है।
- A और R दोनों सत्य हैं, तथा R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सत्य हैं, तथा R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सत्य है, परन्तु R असत्य है।
Explanation:
- अभिकथन (A): Zn, CuSO₄ से Cu को विस्थापित कर सकता है – सत्य (क्योंकि Zn, Cu से अधिक अभिक्रियाशील है)।
- कारण (R): Zn, Cu से कम अभिक्रियाशील है – असत्य (वास्तव में Zn, Cu से अधिक अभिक्रियाशील है)।
- अतः A सत्य, R असत्य है।
Quick Facts:
- सक्रियता श्रेणी: Zn > Cu, इसलिए Zn, Cu को विस्थापित कर सकता है।
सोडियम कार्बोनेट अणु में _____ परमाणु मौजूद होते हैं।
- 6
- 8
- 5
- 7
Explanation:
- सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) के एक अणु में:
- Na = 2, C = 1, O = 3 → कुल परमाणु = 2 + 1 + 3 = 6
Quick Facts:
- Na₂CO₃ का आण्विक द्रव्यमान = 2×23 + 12 + 3×16 = 106 g/mol
जब किसी समीकरण के दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान होती है, तो यह _____ कहलाता है।
- संतुलित समीकरण
- मिश्रित समीकरण
- स्केलेटन समीकरण
- असंतुलित समीकरण
Explanation:
- जब रासायनिक समीकरण (chemical equation) के दोनों ओर (बाएँ और दाएँ) प्रत्येक तत्व के परमाणुओं (atoms) की संख्या समान (equal) हो, तो वह संतुलित समीकरण (balanced equation) कहलाता है, जो द्रव्यमान संरक्षण (Law of Conservation of Mass) का पालन करता है।
- असंतुलित समीकरण = स्केलेटन (skeleton) समीकरण।
Quick Facts:
- संतुलित समीकरण में परमाणुओं की संख्या = दोनों ओर समान (mass conserved)
एकल संकर क्रॉस (monohybrid cross) की F₂ पीढ़ी सामान्यतः किस लक्षणप्ररूपी अनुपात को दर्शाती है?
- 2:1
- 3:1
- 1:2:1
- 1:1
Explanation:
- मेंडल (Mendel) के एकल संकर क्रॉस (monohybrid cross) में, F₂ पीढ़ी में लक्षणप्ररूपी अनुपात (phenotypic ratio) = 3 : 1 होता है (3 प्रभावी, 1 अप्रभावी)।
- जीनोटाइपी अनुपात (genotypic ratio) = 1 : 2 : 1 (होमोजाइगस प्रभावी : हेटेरोजाइगस : होमोजाइगस अप्रभावी)
Quick Facts:
- मेंडल के प्रयोग: लंबा (TT) × बौना (tt) → F₁ (Tt) → स्व-परागण → F₂ (TT:Tt:tt = 1:2:1, फेनोटाइप 3:1)
सिल्वर क्लोराइड सूर्य के प्रकाश में धूसर हो जाता है। दिए गए कथन के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सही स्पष्टीकरण है?
- प्रकाश द्वारा सिल्वर क्लोराइड का सिल्वर ऑक्साइड और क्लोरीन में विस्थापन।
- प्रकाश द्वारा सिल्वर क्लोराइड का सिल्वर और क्लोरीन में विस्थापन।
- प्रकाश द्वारा सिल्वर क्लोराइड का सिल्वर ऑक्साइड और क्लोरीन में अपघटन।
- प्रकाश द्वारा सिल्वर क्लोराइड का सिल्वर और क्लोरीन में अपघटन।
Explanation:
- AgCl (सिल्वर क्लोराइड) सूर्य के प्रकाश (sunlight) में अपघटित (decomposes) होकर चांदी (Ag, silver) (धूसर/grey) और क्लोरीन (Cl₂) गैस बनाता है – यह प्रकाशीय अपघटन (photochemical decomposition) है।
- 2AgCl → (प्रकाश में) 2Ag + Cl₂
- यह ‘विस्थापन’ (displacement) नहीं, बल्कि ‘अपघटन’ (decomposition) है।
Quick Facts:
- AgBr (सिल्वर ब्रोमाइड) भी प्रकाश में अपघटित होता है – फोटोग्राफी में उपयोग।
निम्नलिखित विकल्पों में से कौन-सी, संयोजन अभिक्रिया (combination reaction) नहीं है?
- C + O₂ → CO₂
- 2Mg + O₂ → 2MgO
- N₂ + 3H₂ → 2NH₃
- HCl + NaOH → NaCl + H₂O
Explanation:
- संयोजन (Combination) अभिक्रिया: दो या अधिक अभिकारक → एक उत्पाद (A + B → AB)
- C+O₂ → CO₂, 2Mg+O₂ → 2MgO, N₂+3H₂ → 2NH₃ – ये सभी संयोजन हैं (एक उत्पाद बनता है)।
- HCl + NaOH → NaCl + H₂O – यह उदासीनीकरण (neutralization) / द्विविस्थापन अभिक्रिया है, संयोजन नहीं (दो उत्पाद बनते हैं)।
Quick Facts:
- संयोजन: A + B → AB (एक उत्पाद)
CO₂ में, C और O₂ द्रव्यमान के अनुसार ______ के अनुपात में उपस्थित होते हैं।
- 1 : 8
- 8 : 1
- 8 : 3
- 3 : 8
Explanation:
- CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) में:
- C का परमाणु द्रव्यमान = 12 u, O = 16 u (O₂ = 32 u या 2×16 = 32)
- CO₂ में C : O (द्रव्यमान अनुपात) = 12 : 32 = 3 : 8 (12:32 को 4 से भाग देने पर 3:8)
- या C : O₂ = 12 : 32 = 3 : 8
Quick Facts:
- H₂O में H:O = 2:16 = 1:8
- CO₂ में C:O = 12:32 = 3:8
एथेनॉल के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- एथेनॉल एक अवाष्पशील ठोस होता है।
- एथेनॉल, जल में विलेय नहीं होता है।
- एथेनॉल एक सुखद गंध वाला द्रव होता है और यह जल में मिश्रणीय होता है।
- एथेनॉल और सोडियम की अभिक्रिया होने पर कार्बन डाइऑक्साइड का निर्माण होता है।
Explanation:
- एथेनॉल (C₂H₅OH) एक सुखद गंध (pleasant smell) वाला द्रव (liquid) है, जो जल में सभी अनुपातों में मिश्रणीय (miscible) है (हाइड्रोजन बंधन के कारण)।
- यह वाष्पशील (volatile) है, ठोस नहीं।
- एथेनॉल + Na → सोडियम एथॉक्साइड + H₂ (CO₂ नहीं बनती)।
Quick Facts:
- एथेनॉल का उपयोग पेय पदार्थों, ईंधन, विलायक में होता है।
संतुलित रासायनिक समीकरण के बारे में सही कथन का चयन कीजिए।
- समीकरण के दोनों ओर द्रव्यमान समान हो सकता है या नहीं भी हो सकता है।
- समीकरण के दोनों ओर आयतन समान होना चाहिए।
- समीकरण के दोनों ओर द्रव्यमान समान होना चाहिए।
- समीकरण के दोनों ओर अभिकारकों और उत्पादों की संख्या समान होनी चाहिए।
Explanation:
- संतुलित (Balanced) रासायनिक समीकरण के अनुसार, द्रव्यमान संरक्षण (Law of Conservation of Mass) के कारण दोनों ओर द्रव्यमान (mass) समान होना चाहिए (परमाणुओं की संख्या समान)।
- आयतन (volume) समान होना आवश्यक नहीं (क्योंकि गैसों के मोलों की संख्या भिन्न हो सकती है)।
- अभिकारकों/उत्पादों की संख्या समान होना आवश्यक नहीं (अणुओं की संख्या भिन्न हो सकती है)।
Quick Facts:
- संतुलित समीकरण: प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या दोनों ओर समान
किसी आवर्त में परमाणु क्रमांक में वृद्धि होने पर क्या होता है?
- रासायनिक अभिक्रियाशीलता में कमी होती है।
- धात्विक गुण में वृद्धि होती है।
- धात्विक गुण में कमी होती है।
- रासायनिक अभिक्रियाशीलता में वृद्धि होती है।
Explanation:
- एक आवर्त (period) में बाएँ से दाएँ जाने पर, परमाणु क्रमांक (atomic number) बढ़ता है, और धात्विक गुण (metallic character) घटता (decreases) है (धातुओं से अधातुओं की ओर)।
- अभिक्रियाशीलता (reactivity) – धातुओं के लिए घटती है, अधातुओं के लिए बढ़ती है, पर सामान्यतः ‘धात्विक गुण में कमी’ सही है।
Quick Facts:
- आवर्त में: धात्विक गुण ↓, विद्युत ऋणात्मकता ↑, परमाणु त्रिज्या ↓
- समूह में: धात्विक गुण ↑
जब चूना पत्थर की अपघटन अभिक्रिया गर्म करके की जाती है, तो उसे क्या कहा जाता है?
- ऊष्मीय अपघटन
- द्विविस्थापन अभिक्रिया
- ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया
- संयोजन अभिक्रिया
Explanation:
- चूना पत्थर (CaCO₃) को गर्म करने पर होने वाली अपघटन अभिक्रिया (decomposition) को ऊष्मीय अपघटन (Thermal Decomposition) कहते हैं, क्योंकि यह ऊष्मा (heat) द्वारा होती है।
- CaCO₃ → (गर्म करने पर) CaO + CO₂
Quick Facts:
- यह एक ऊष्माशोषी (endothermic) अभिक्रिया है (ऊष्मा अवशोषित होती है)।
ब्लीचिंग पाउडर तैयार करने में शामिल सही रासायनिक अभिक्रिया की पहचान करें।
- NaCl + H₂O + CO₂ + NH₃ → NH₄Cl + NaHCO₃
- 2NaCl(aq) + 2H₂O(l) → 2NaOH(aq) + Cl₂(g) + H₂(g)
- Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
- NaHCO₃ + H⁺ → CO₂ + H₂O + अम्ल का सोडियम लवण
Explanation:
- ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) का निर्माण: Ca(OH)₂ (बुझा चूना) + Cl₂ (क्लोरीन) → CaOCl₂ (ब्लीचिंग पाउडर) + H₂O
- अन्य: NaCl+H₂O+CO₂+NH₃ → सोल्वे प्रक्रिया (NaHCO₃), 2NaCl+2H₂O → क्लोर-क्षार प्रक्रिया (NaOH+Cl₂+H₂), NaHCO₃+H⁺ → बेकिंग सोडा + अम्ल अभिक्रिया।
Quick Facts:
- Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
असंतृप्त यौगिकों के जलने से निम्नलिखित में से कौन सा प्राप्त होता है?
- हरी ज्वाला
- लाल ज्वाला
- पीली ज्वाला
- स्वच्छ ज्वाला
Explanation:
- असंतृप्त (unsaturated) कार्बन यौगिकों (जैसे ऐल्कीन, ऐल्काइन) के जलने पर पीली (yellow) ज्वाला (flame) होती है, क्योंकि इनमें कार्बन की मात्रा अधिक होती है और ये अपूर्ण दहन (incomplete combustion) करते हैं, जिससे कार्बन कण (soot) उत्पन्न होते हैं जो पीली लौ देते हैं।
- संतृप्त (saturated) यौगिक (जैसे मीथेन) नीली (blue) या स्वच्छ (clean) ज्वाला देते हैं।
Quick Facts:
- पीली ज्वाला → अपूर्ण दहन (incomplete combustion), कालिख (soot) बनती है।
- नीली ज्वाला → पूर्ण दहन (complete combustion)
बेकिंग सोडा को गर्म करने पर निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक बनता है?
- कैल्शियम ऑक्साइड
- सोडियम ऑक्साइड
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- सोडियम कार्बोनेट
Explanation:
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) को गर्म करने पर (गरम करने पर) यह सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃), CO₂ और H₂O में अपघटित (decomposes) हो जाता है।
- 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂
- यह एक ऊष्मीय अपघटन अभिक्रिया है।
Quick Facts:
- बेकिंग सोडा = NaHCO₃ (सोडियम बाइकार्बोनेट)
निम्नलिखित में से कौन संयोजन अभिक्रिया का उदाहरण है?
- ZnCO₃ → ZnO + CO₂
- N₂ + H₂ → 2NH₃
- MgCl₂ + Na → 2NaCl + Mg
- 2NaCl → 2Na + Cl₂
Explanation:
- संयोजन (Combination) अभिक्रिया: दो या अधिक अभिकारक → एक उत्पाद
- N₂ + 3H₂ → 2NH₃ – यहाँ N₂ और H₂ मिलकर NH₃ बनाते हैं – संयोजन।
- ZnCO₃ → अपघटन, MgCl₂ + Na → विस्थापन, 2NaCl → अपघटन
Quick Facts:
- संयोजन अभिक्रिया: A + B → AB
अवायवीय श्वसन के दिए गए चरण को पूरा करें: ग्लूकोज (C₆H₁₂O₆) → ______ + कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) + ऊर्जा (ATP)
- पाइरुवेट
- पानी
- लैक्टिक एसिड
- इथेनॉल (C₂H₅OH)
Explanation:
- अवायवीय श्वसन (Anaerobic respiration) में (किण्वन, fermentation):
- ग्लूकोज (C₆H₁₂O₆) → एथेनॉल (C₂H₅OH) + CO₂ + ऊर्जा (ATP) (खमीर, yeast द्वारा)
- यह ‘अल्कोहलिक किण्वन’ (alcoholic fermentation) है।
- पाइरुवेट – मध्यवर्ती, लैक्टिक अम्ल – मांसपेशियों में अवायवीय श्वसन (जंतुओं में) से बनता है (लैक्टिक एसिड) – पर यहाँ CO₂ के साथ एथेनॉल बनता है।
Quick Facts:
- अवायवीय श्वसन (खमीर): C₆H₁₂O₆ → 2C₂H₅OH + 2CO₂ + ऊर्जा
निम्नलिखित रासायनिक समीकरण में x, y और z का मान क्या है? xPbO(s) + C(s) → yPb(s) + zCO₂(g)
- x = 2, y = 2, z = 1
- x = 2, y = 1, z = 2
- x = 2, y = 1, z = 1
- x = 1, y = 1, z = 2
Explanation:
- संतुलित समीकरण: 2PbO + C → 2Pb + CO₂
- बाएँ: Pb=2, O=2, C=1; दाएँ: Pb=2, O=2, C=1 → संतुलित
- अतः x = 2, y = 2, z = 1
Quick Facts:
- यह अपचयन (reduction) अभिक्रिया है: PbO को C द्वारा Pb में अपचयित किया जाता है (C ऑक्सीकृत होकर CO₂ बनाता है)।
धातुकर्म में कौन सी विधि विशेष रूप से कार्बोनेट अयस्कों को गर्म करके धातु ऑक्साइड के निर्माण का वर्णन करती है?
- कैल्सीकरण (Calcification)
- क्लोरीनीकरण (Chlorination)
- कैल्सीनेशन (Calcination)
- कार्बोनेशन (Carbonation)
Explanation:
- कैल्सीनेशन (Calcination) – कार्बोनेट अयस्कों (carbonate ores) को वायु की अनुपस्थिति (absence of air) में गर्म करके (गरम करके) उन्हें धातु ऑक्साइड (metal oxide) में बदलना।
- उदाहरण: ZnCO₃ → ZnO + CO₂ (निस्तापन/calcination)
- भर्जन (Roasting) – सल्फाइड अयस्कों के लिए (वायु में गर्म करना)।
Quick Facts:
- Calcination: वायु की अनुपस्थिति में गर्म करना (कार्बोनेट अयस्क)
- Roasting: वायु की उपस्थिति में गर्म करना (सल्फाइड अयस्क)
द्रव्यमान संरक्षण का नियम क्या वर्णन करता है?
- रासायनिक अभिक्रिया में आयतन को न तो निर्मित किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है
- रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान को न तो निर्मित किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है
- रासायनिक अभिक्रिया में दाब को न तो निर्मित किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है
- रासायनिक अभिक्रिया में तापमान को न तो निर्मित किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है
Explanation:
- द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass): किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान (mass) को न तो निर्मित (created) किया जा सकता है और न ही नष्ट (destroyed) किया जा सकता है, यह संरक्षित (conserved) रहता है।
- इसे 1789 में एंटोनी लैवोज़ियर (Antoine Lavoisier) ने प्रतिपादित किया।
Quick Facts:
- यह नियम रासायनिक समीकरणों को संतुलित (balanced) करने का आधार है।
निम्नलिखित में से कौन सी रासायनिक अभिक्रिया संतुलित समीकरण का प्रतिनिधित्व नहीं करती है?
- 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂
- 4Fe + 3H₂O → Fe₃O₄ + 2H₂
- Fe + H₂O → FeO + H₂
- 2Fe + 3H₂O → Fe₂O₃ + 3H₂
Explanation:
- 4Fe + 3H₂O → Fe₃O₄ + 2H₂ – संतुलन जाँच: बाएँ Fe=4, H=6, O=3; दाएँ Fe=3, O=4, H=4 – असंतुलित (Fe, H, O सभी असमान) – यह संतुलित नहीं है।
- 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂ – संतुलित (3,4,3,4)
- Fe + H₂O → FeO + H₂ – संतुलित (1,1,1,1)
- 2Fe + 3H₂O → Fe₂O₃ + 3H₂ – संतुलित (2,3,2,3)
Quick Facts:
- संतुलित समीकरण: प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या दोनों ओर समान होनी चाहिए।
वाहनों में कौन सा उपकरण पेट्रोल या डीजल में जहरीली गैसों को हानिरहित गैसों में परिवर्तित करता है?
- रेडियेटर
- उत्प्रेरक परिवर्तक
- कार्बुरेटर
- इन्वर्टर
Explanation:
- उत्प्रेरक परिवर्तक (Catalytic Converter) – यह उपकरण वाहनों (cars) में लगा होता है, जो इंजन से निकलने वाली जहरीली गैसों (CO, NOx, हाइड्रोकार्बन) को उत्प्रेरक (catalyst) (जैसे Pt, Pd, Rh) का उपयोग करके हानिरहित (harmless) गैसों (CO₂, N₂, H₂O) में परिवर्तित (convert) करता है।
Quick Facts:
- उत्प्रेरक परिवर्तक: 2CO + O₂ → 2CO₂ (Pt/Pd), 2NO + 2CO → N₂ + 2CO₂
वह रासायनिक अभिक्रिया, जिसमें दो या दो से अधिक पदार्थ मिलकर एकल उत्पाद बनाते हैं, ___________ कहलाती है।
- अपघटन अभिक्रिया
- संयोजन अभिक्रिया
- द्वि-विस्थापन अभिक्रिया
- विस्थापन अभिक्रिया
Explanation:
- दो या अधिक अभिकारक (reactants) मिलकर एक उत्पाद (product) बनाते हैं – यह संयोजन अभिक्रिया (Combination reaction) है।
- सामान्य रूप: A + B → AB
Quick Facts:
- उदाहरण: 2Mg + O₂ → 2MgO, CaO + H₂O → Ca(OH)₂
निम्नलिखित में से कौन सा एक शाकनाशी है?
- एल्ड्रिन
- DDT
- BHC
- 2,4-D
Explanation:
- 2,4-D (2,4-Dichlorophenoxyacetic acid) एक प्रसिद्ध शाकनाशी (herbicide) है, जिसका उपयोग खरपतवार (weeds) को नष्ट करने के लिए किया जाता है।
- एल्ड्रिन (Aldrin), DDT, BHC – ये कीटनाशक (insecticides) हैं (कीटों को मारने के लिए)।
Quick Facts:
- शाकनाशी (Herbicide) – खरपतवार नाशक, कीटनाशक (Insecticide) – कीट नाशक
मैग्नीशियम रिबन हवा (ऑक्सीजन) में चमकदार लौ के साथ जलता है और एक सफेद पदार्थ ‘X’ में बदल जाता है। X है:
- MgCO₃
- Mg
- Mg(OH)₂
- MgO
Explanation:
- Mg (मैग्नीशियम) रिबन हवा (O₂) में जलकर (बर्न) MgO (मैग्नीशियम ऑक्साइड) बनाता है, जो एक सफेद (white) पदार्थ है।
- 2Mg + O₂ → 2MgO (चमकदार सफेद लौ, white flame)
- MgCO₃ (मैग्नीशियम कार्बोनेट), Mg(OH)₂ (मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड) – ये अन्य यौगिक हैं।
Quick Facts:
- MgO एक क्षारीय (basic) ऑक्साइड है, जो जल में घुलकर Mg(OH)₂ बनाता है।
जब लेड नाइट्रेट को गर्म किया जाता है, तो लेड ऑक्साइड, ऑक्सीजन गैस और एक भूरे रंग की रहस्यमयी गैस बनती है। वह रहस्यमयी गैस कौन सी है?
- कार्बन मोनोऑक्साइड
- नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
- कार्बन डाइऑक्साइड
- नाइट्रस ऑक्साइड
Explanation:
- लेड नाइट्रेट (Pb(NO₃)₂) को गर्म करने पर:
- 2Pb(NO₃)₂ → 2PbO + 4NO₂ + O₂
- NO₂ (नाइट्रोजन डाइऑक्साइड) एक भूरी (brown) गैस है (तीखी गंध वाली), जो रहस्यमयी (mysterious) भूरी गैस है।
Quick Facts:
- Pb(NO₃)₂ का ऊष्मीय अपघटन – NO₂ (भूरा धुआँ) इसका गुणात्मक परीक्षण है।
वह अभिक्रिया जिसमें दो आयनिक यौगिकों के धनात्मक और ऋणात्मक आयन आपस में स्थान बदलकर दो नए यौगिक बनाते हैं, किसका उदाहरण है?
- विस्थापन अभिक्रिया
- संयोजन अभिक्रिया
- दोहरी विस्थापन अभिक्रिया
- अपघटन अभिक्रिया
Explanation:
- दो आयनिक यौगिकों (ionic compounds) के धनात्मक (positive) और ऋणात्मक (negative) आयनों का आपस में स्थान बदलना (exchange) – द्वि-विस्थापन (Double Displacement) अभिक्रिया कहलाती है।
- AB + CD → AD + CB
Quick Facts:
- उदाहरण: NaCl + AgNO₃ → NaNO₃ + AgCl↓
कपड़े धोते समय पानी में वाशिंग सोडा क्यों मिलाया जाता है?
- कपड़ों में खुशबू लाने के लिए।
- कपड़ों पर सिलवटें पड़ने से बचाने के लिए।
- कठोर जल को मृदु बनाने के लिए।
- कपड़ों को ब्लीच करने के लिए।
Explanation:
- वाशिंग सोडा (Na₂CO₃) कठोर जल (hard water) के Ca²⁺, Mg²⁺ आयनों को अवक्षेपित (precipitate) करके (CaCO₃, MgCO₃ बनाकर) कठोर जल को मृदु (soft) बनाता है, जिससे साबुन/डिटर्जेंट अच्छे से काम करते हैं।
- यह पानी की स्थायी कठोरता (permanent hardness) को दूर करता है।
Quick Facts:
- वाशिंग सोडा = Na₂CO₃·10H₂O
- कठोरता हटाना: Ca²⁺ + CO₃²⁻ → CaCO₃↓
निम्नलिखित जंतु ऊतकों को उनकी सही विशेषताओं से सुमेलित कीजिए।
- a i, b iv, c iii, d ii
- a i, b iii, c ii, d iv
- a iv, b i, c ii, d iii
- a iv, b i, c iii, d ii
Explanation:
- यह एक मिलान प्रश्न है, पर सूची (जंतु ऊतक और विशेषताएँ) प्रश्न में नहीं दी गई है।
- सामान्यतः जंतु ऊतक: (a) उपकला ऊतक (Epithelial) – सुरक्षा, (b) संयोजी ऊतक (Connective) – सहारा/जोड़, (c) पेशीय ऊतक (Muscular) – गति, (d) तंत्रिका ऊतक (Nervous) – संकेत संचरण, आदि।
- दिए गए विकल्पों के अनुसार a i, b iv, c iii, d ii सही हो सकता है, पर सूची के बिना सटीक पुष्टि संभव नहीं है।
Quick Facts:
- जंतु ऊतक: 4 प्रकार – उपकला, संयोजी, पेशीय, तंत्रिका
रात में पेड़ के नीचे नहीं सोना चाहिए, क्योंकि उससे ________ ।
- कार्बन मोनोऑक्साइड गैस उत्सर्जित होती है
- नाइट्रोजन गैस उत्सर्जित होती है
- कार्बन डाईऑक्साइड गैस उत्सर्जित होती है
- ऑक्सीजन गैस उत्सर्जित होती है
Explanation:
- रात में, पेड़ प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) नहीं करते (सूर्य की रोशनी न होने पर), केवल श्वसन (respiration) करते हैं, जिसमें O₂ अवशोषित (absorb) होती है और CO₂ उत्सर्जित (released) होती है।
- इसलिए रात में पेड़ के नीचे सोने से CO₂ की मात्रा अधिक हो सकती है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।
- दिन में पेड़ CO₂ अवशोषित कर O₂ मुक्त करते हैं।
Quick Facts:
- दिन में: प्रकाश संश्लेषण > श्वसन (O₂ मुक्त)
- रात में: केवल श्वसन (CO₂ मुक्त)
प्लास्टर ऑफ पेरिस का आणविक सूत्र क्या है?
- CaSO₄·2H₂O
- CaSO₄·H₂O
- CaOCl₂·H₂O
- CaSO₄·1/2H₂O
Explanation:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) का आण्विक सूत्र CaSO₄·½H₂O (कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट) है।
- CaSO₄·2H₂O = जिप्सम (gypsum)
- CaOCl₂ = ब्लीचिंग पाउडर
Quick Facts:
- POP + H₂O → CaSO₄·2H₂O (सेट होने पर जिप्सम बनता है)
