SCIENCE
उस प्रक्रिया का नाम बताइए जिसके द्वारा एक कोशिका स्वयं को 2 भागों में विभाजित करती है?
- दोहरी विखंडन
- द्विआधारी विखंडन
- एकवचन विखंडन
- एकाधिक विखंडन
Explanation:
- द्विआधारी विखंडन (Binary fission) वह प्रक्रिया है जिसमें एक जीव (या कोशिका) दो समान (या लगभग समान) संतति कोशिकाओं में विभाजित हो जाता है।
- यह अलैंगिक प्रजनन (asexual reproduction) का सबसे सामान्य रूप है, जो अमीबा, जीवाणु, यीस्ट आदि में पाया जाता है।
- एकाधिक विखंडन (Multiple fission) में एक कोशिका कई भागों में विभाजित होती है (जैसे प्लाज्मोडियम में)।
Quick Facts:
- द्विआधारी विखंडन में DNA प्रतिकृति (replication) पहले होती है, फिर कोशिका विभाजित होती है।
- यह प्रक्रिया बैक्टीरिया में बहुत तीव्र गति से होती है (हर 20 मिनट में)।
- इस विधि से उत्पन्न संतति आनुवंशिक रूप से माता-पिता के समान होती है (क्लोन)।
निम्नलिखित में सामान्यतः, हवा, पानी और कांच की तुलना में दृश्यता होती है।
- सघन माध्यम
- समान माध्यम
- दोहरीकरण से दोगुना
- विरल माध्यम
Explanation:
- प्रश्न अपूर्ण है, परंतु संदर्भ ‘दृश्यता’ (visibility) या ‘प्रकाश की गति’ से है।
- प्रकाश (और अन्य तरंगें) विरल माध्यम (rarer medium) में अधिक दृश्यता/गति रखते हैं।
- वायु (विरल) > जल > कांच (सघन) – क्रम में, विरल माध्यम में प्रकाश की चाल अधिक होती है और दृश्यता (पारदर्शिता) भी अधिक होती है।
Quick Facts:
- प्रकाश की चाल: निर्वात > वायु > जल > कांच (μ बढ़ने पर v घटती है)
- विरल माध्यम में अपवर्तनांक (μ) कम होता है।
- कांच की तुलना में वायु में प्रकाश लगभग 1.5 गुना तीव्र गति से चलता है।
डी ब्रॉग्ली परिकल्पना के अनुसार, पदार्थ में क्या होता है?
- सूक्ष्मकण प्रकृति
- कण और तरंग दोनों प्रकृति
- केवल कण प्रकृति
- केवल तरंग प्रकृति
Explanation:
- डी ब्रॉग्ली (Louis de Broglie, 1924) ने प्रस्तावित किया कि पदार्थ (जैसे इलेक्ट्रॉन) में भी तरंग-कण द्वैत (wave-particle duality) होता है।
- उनके अनुसार, प्रत्येक गतिशील कण से एक तरंग संबद्ध होती है, जिसे ‘डी ब्रॉग्ली तरंग’ (de Broglie wave) कहते हैं।
- λ = h / p (जहाँ p = संवेग, h = प्लांक नियतांक)
Quick Facts:
- डी ब्रॉग्ली ने इस परिकल्पना के लिए 1929 में नोबेल पुरस्कार जीता।
- इलेक्ट्रॉन विवर्तन प्रयोग (Davisson-Germer, 1927) ने इस परिकल्पना की पुष्टि की।
- यह क्वांटम यांत्रिकी (Quantum Mechanics) का आधार है।
