SCIENCE
पहाड़ी स्थानों जैसी उच्च ऊँचाइयों पर, जल 100°C से कम तापमान पर उबलता है, जबकि एक प्रेशर कुकर में यह 100°C से अधिक तापमान पर उबलता है। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस घटना की सही व्याख्या करता है?
- किसी द्रव का क्वथनांक वायुमंडलीय दाब में वृद्धि के साथ बढ़ता है और वायुमंडलीय दाब में कमी के साथ घटता है।
- किसी द्रव का क्वथनांक वायुमंडलीय दाब में वृद्धि के साथ घटता है और वायुमंडलीय दाब में कमी के साथ बढ़ता है।
- किसी द्रव का क्वथनांक बाह्य दाब से स्वतंत्र होता है और केवल तापमान पर निर्भर करता है।
- उच्च ऊँचाई पर जल के अणुओं की गतिज ऊर्जा, समुद्र तल की तुलना में कम होती है, इसलिए वे कम तापमान पर उबलते हैं।
Explanation:
- क्वथनांक (Boiling point) वह तापमान है जिस पर किसी द्रव का वाष्प दाब (vapour pressure) वायुमंडलीय दाब (atmospheric pressure) के बराबर हो जाता है।
- उच्च ऊँचाई पर वायुमंडलीय दाब कम होता है, इसलिए जल कम तापमान (100°C से कम) पर उबलता है।
- प्रेशर कुकर में दाब बढ़ जाता है, इसलिए जल 100°C से अधिक तापमान पर उबलता है (भोजन जल्दी पकता है)।
Quick Facts:
- पहाड़ों पर जल का क्वथनांक ≈ 70-80°C (ऊँचाई के अनुसार)
- प्रेशर कुकर में दाब ≈ 1.5 atm, क्वथनांक ≈ 120°C
तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करने पर निम्नलिखित में से कौन-सी गैस निकलती है?
- नाइट्रोजन
- ऑक्सीजन
- हाइड्रोजन
- कार्बन डाइऑक्साइड
Explanation:
- NaHCO₃ + HCl → NaCl + H₂O + CO₂
- सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃) तनु HCl के साथ अभिक्रिया करके CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) गैस मुक्त करता है।
- CO₂ का परीक्षण: चूने के पानी को दूधिया करना।
Quick Facts:
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) + अम्ल → लवण + जल + CO₂
जब वसा और तेल का ऑक्सीकरण होता है, तो उनमें एक गंध और स्वाद विकसित होता है, जो …………… होता है।
- विकृत गंधी
- सुखद
- मसालेदार
- फल जैसा
Explanation:
- वसा और तेलों के ऑक्सीकरण (oxidation) से विकृतगंधिता (rancidity) होती है, जिससे उनमें अप्रिय (bad) गंध और स्वाद आ जाता है।
- यह ऑक्सीजन (O₂) के साथ अभिक्रिया के कारण होता है।
Quick Facts:
- रैंसिडिटी को रोकने के लिए एंटीऑक्सीडेंट (जैसे BHA, BHT) मिलाए जाते हैं, या नाइट्रोजन (N₂) गैस से भरा जाता है।
निम्नलिखित में से कौन सा तत्व आमतौर पर अणु नहीं बनाता है और अपने परमाणु रूप में पाया जाता है?
- हाइड्रोजन
- ऑक्सीजन
- हीलियम
- नाइट्रोजन
Explanation:
- हीलियम (He) एक उत्कृष्ट गैस (noble gas) है, जिसका बाह्य कोश पूर्णतः भरा होता है (2 इलेक्ट्रॉन), इसलिए यह अत्यंत स्थिर है और एकपरमाणुक (monoatomic) होता है – यह अणु (जैसे He₂) नहीं बनाता।
- H₂, O₂, N₂ – ये सभी द्विपरमाणुक (diatomic) अणु बनाते हैं (H₂, O₂, N₂)।
Quick Facts:
- उत्कृष्ट गैसें: He, Ne, Ar, Kr, Xe, Rn – सभी एकपरमाणुक हैं (मोनोएटोमिक)।
सहसंयोजक अणुओं का गलनांक और क्वथनांक कम होता है क्योंकि:
- उनमें प्रबल स्थिरवैद्युत अंतराअणुक बल होते हैं
- उनमें दुर्बल अंतराअणुक बल होते हैं
- वे सामान्यतः गैसीय प्रकृति के होते हैं
- उनमें अणु के भीतर प्रबल आबंध होते हैं
Explanation:
- सहसंयोजक (covalent) अणुओं के बीच दुर्बल अंतराअणुक बल (जैसे वैन डर वाल्स बल, द्विध्रुव-द्विध्रुव) होते हैं, इसलिए उन्हें तोड़ने के लिए कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जिससे गलनांक/क्वथनांक कम होते हैं।
- आयनिक यौगिकों में प्रबल स्थिरवैद्युत बल होते हैं, इसलिए उनके गलनांक/क्वथनांक उच्च होते हैं।
Quick Facts:
- सहसंयोजक यौगिक: कम गलनांक/क्वथनांक, अधिकांशतः गैस/द्रव/निम्न गलनांक ठोस
इनमें से कौन-सी ऊष्माशोषी अभिक्रिया है?
- पानी का वाष्पीकरण
- सल्फ्यूरिक अम्ल का तनुकरण
- शुष्क बर्फ का उर्ध्वपातन
- शुष्क बर्फ का ऊर्ध्वपातन और पानी का वाष्पीकरण दोनों
Explanation:
- ऊष्माशोषी (Endothermic) अभिक्रियाएँ: ऊष्मा अवशोषित (absorb) करती हैं।
- पानी का वाष्पीकरण (Evaporation) – ऊष्मा अवशोषित करता है (ऊष्माशोषी)
- शुष्क बर्फ (ठोस CO₂) का उर्ध्वपातन (Sublimation) – ऊष्मा अवशोषित करता है (ऊष्माशोषी)
- सल्फ्यूरिक अम्ल का तनुकरण – ऊष्माक्षेपी (exothermic) – बहुत अधिक ऊष्मा निकलती है।
Quick Facts:
- वाष्पीकरण: ऊष्माशोषी (बाहरी ऊष्मा लेता है)
- संघनन: ऊष्माक्षेपी (ऊष्मा मुक्त करता है)
निम्नलिखित में से कौन-सा उपकला ऊतक अवशोषण के लिए विशिष्ट है और आंत्र की आंतरिक पृष्ठ को आस्तरित करता है?
- स्तंभाकार उपकला
- घनाभाकार उपकला
- स्तरित उपकला
- पक्ष्माभी उपकला
Explanation:
- स्तंभाकार उपकला (Columnar epithelium) – कोशिकाएँ स्तंभ (pillar) के आकार की होती हैं, जो अवशोषण (absorption) और स्राव (secretion) के लिए विशिष्ट होती हैं।
- यह आंत (intestine) की आंतरिक सतह को आस्तरित (line) करती है, जहाँ पोषक तत्वों का अवशोषण होता है।
- पक्ष्माभी (ciliated) – श्वसन मार्ग में, घनाभाकार (cuboidal) – ग्रंथियों/गुर्दे की नलिकाओं में, स्तरित (stratified) – त्वचा/सुरक्षा के लिए।
Quick Facts:
- स्तंभाकार उपकला में माइक्रोविली (microvilli) होते हैं, जो अवशोषण सतह क्षेत्र को बढ़ाते हैं।
250°C पर जल की भौतिक स्थिति क्या होती है?
- ठोस
- द्रव
- प्लाज्मा
- गैस
Explanation:
- जल (H₂O) का क्वथनांक 100°C (1 atm पर) होता है।
- 250°C > 100°C, इसलिए जल गैसीय (gas/vapour) अवस्था में होता है (भाप, steam)।
Quick Facts:
- 0°C से नीचे – ठोस (बर्फ), 0°C-100°C – द्रव, 100°C से ऊपर – गैस (भाप)
वे कौन-से दो भौतिक गुण हैं जो धातुओं को क्रमशः खींचकर पतले तार बनाने और पीटकर पतली चादरों के रूप में परिवर्तित करने की अनुमति देते हैं?
- ध्वानिक और चालकता
- दृढ़ता और कठोरता
- उच्च गलनांक और ठोस अवस्था
- तन्यता और आघातवर्धनीयता
Explanation:
- तन्यता (Ductility) – धातुओं को पतले तार (wires) में खींचने की क्षमता (जैसे Cu, Au तार)।
- आघातवर्धनीयता (Malleability) – धातुओं को पीटकर (hammering) पतली चादर (sheets) बनाने की क्षमता (जैसे Al पन्नी, सोने की पत्ती)।
Quick Facts:
- सोना (Au) सबसे अधिक तन्य और आघातवर्धनीय धातु है।
ठोसों को कठोर प्रकृति के रूप में क्यों वर्णित किया जाता है?
- बाहरी बल आरोपित होने पर इनके कण आसानी से फिसल जाते हैं।
- इनके कणों का द्रव्यमान और आयतन बहुत कम होता है।
- इनके कण प्रबल आकर्षण बल के साथ आपस में कसकर बंधे हुए होते हैं।
- इनके कण दुर्बल पारस्परिक आकर्षण के साथ स्वतंत्र रूप से गति करते रहते हैं।
Explanation:
- ठोसों (solids) में कण प्रबल अंतरआण्विक आकर्षण (strong intermolecular forces) के कारण कसकर (tightly) बंधे होते हैं, जिससे वे कठोर (rigid) और निश्चित आकार/आयतन वाले होते हैं।
- कण केवल अपनी स्थिर स्थितियों के चारों ओर कंपन (vibrate) करते हैं, फिसलते नहीं।
Quick Facts:
- ठोसों में संपीड्यता (compressibility) न्यूनतम होती है।
एक वस्तु के तरल अवस्था से गैसीय अवस्था में परिवर्तन को ______ के रूप में जाना जाता है।
- वाष्पीकरण
- अम्लीकरण
- द्विकरण
- ठोसीकरण
Explanation:
- द्रव (liquid) से गैस (gas) में परिवर्तन को वाष्पीकरण (Vaporization/Evaporation) कहते हैं (यह क्वथन या वाष्पन दोनों हो सकता है)।
- ठोसीकरण (Solidification) – द्रव से ठोस, द्विकरण (?) – कोई मानक शब्द नहीं।
Quick Facts:
- वाष्पीकरण के प्रकार: वाष्पन (evaporation) – सतह पर, क्वथन (boiling) – पूरे द्रव में (क्वथनांक पर)।
निम्नलिखित में से कौन-सा धातुओं का भौतिक गुणधर्म है?
- अत्यधिक तन्य और आघातवर्धनीय होती हैं
- मृदु होती है और हल्के बल से टूट जाती हैं
- ऊष्मा की कुचालक और भंगुर होती हैं
- कक्ष तापमान पर गैस उत्पन्न करती हैं
Explanation:
- धातुएँ (Metals) तन्य (ductile) और आघातवर्धनीय (malleable) होती हैं (इन्हें तार/चादर बनाया जा सकता है)।
- ये ऊष्मा और विद्युत की सुचालक (conductors) होती हैं, कुचालक (insulators) नहीं।
- धातुएँ कमरे के ताप पर ठोस (Hg को छोड़कर) होती हैं, गैस नहीं।
Quick Facts:
- अधातुएँ (Non-metals): भंगुर (brittle), कुचालक, तन्य/आघातवर्धनीय नहीं।
निम्नलिखित में से कौन सा सूक्ष्म पोषक तत्व है?
- वसा
- कार्बोहाइड्रेट
- खनिज पदार्थ
- प्रोटीन
Explanation:
- सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) – शरीर को कम मात्रा में आवश्यक (जैसे विटामिन, खनिज पदार्थ – Fe, Zn, Cu, I, आदि)।
- स्थूल पोषक तत्व (Macronutrients) – अधिक मात्रा में आवश्यक (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा)।
Quick Facts:
- खनिज पदार्थ: कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम, लोहा, आयोडीन, आदि
ऊर्ध्वपातन क्या है?
- यह एक द्रव को गैस में बदलने की प्रक्रिया है
- यह एक ठोस को द्रव में बदलने की प्रक्रिया है
- यह एक ठोस को वाष्प में बदलने की प्रक्रिया है
- यह एक गैस को द्रव में बदलने की प्रक्रिया है
Explanation:
- ऊर्ध्वपातन (Sublimation) – ठोस (solid) का मध्यवर्ती द्रव अवस्था से गुजरे बिना सीधे वाष्प (gas) में बदलना।
- उदाहरण: कपूर (camphor), नेफ़्थलीन (naphthalene), शुष्क बर्फ (dry ice, CO₂), अमोनियम क्लोराइड (NH₄Cl)।
Quick Facts:
- विपरीत प्रक्रिया (गैस → ठोस) को निक्षेपण (Deposition) कहते हैं।
जेली के मामले में, निम्नलिखित में से कौन-सी परिक्षिप्त प्रावस्था है?
- ठोस और द्रव दोनों प्रावस्थाएँ
- गैसीय प्रावस्था
- ठोस प्रावस्था
- द्रव प्रावस्था
Explanation:
- जेली (Jelly) एक कोलॉइडी (colloidal) विलयन है, जिसमें ठोस (solid) परिक्षिप्त (dispersed) प्रावस्था और द्रव (liquid) परिक्षेपण माध्यम (dispersion medium) होता है – यह एक ‘जैल’ (gel) है (ठोस-जैसी संरचना, पर द्रव युक्त)।
- परिक्षिप्त प्रावस्था (dispersed phase) = ठोस (जैल में), पर विकल्पों में ‘द्रव’ दिया है – वास्तव में जेली (जैल) में परिक्षिप्त प्रावस्था ठोस होती है, परिक्षेपण माध्यम द्रव होता है।
- यदि विकल्प ‘ठोस’ होता, तो वह सही था, पर यहाँ ‘द्रव’ दिया है, जो संभवतः त्रुटि है।
Quick Facts:
- जैल (Gel): परिक्षिप्त प्रावस्था = ठोस, परिक्षेपण माध्यम = द्रव (जैसे जेली, पनीर)
निम्नलिखित में से कौन सा अजैवनिम्नीकरणीय पदार्थ निष्क्रिय हो सकता है और लंबे समय तक पर्यावरण में बना रह सकता है या पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न सदस्यों को हानि पहुंचा सकता है?
- कागज़ से बना पदार्थ
- पौधे के पत्तों से बना पदार्थ
- मिट्टी से बना पदार्थ
- प्लास्टिक से बना पदार्थ
Explanation:
- अजैवनिम्नीकरणीय (Non-biodegradable) पदार्थ सूक्ष्मजीवों द्वारा विघटित (decompose) नहीं होते, इसलिए वे पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं और प्रदूषण/पारिस्थितिकी क्षति का कारण बनते हैं (जैसे प्लास्टिक, पॉलीथीन, सिंथेटिक फाइबर)।
- कागज़, पत्ते, मिट्टी – जैवनिम्नीकरणीय (biodegradable) हैं।
Quick Facts:
- प्लास्टिक के कारण माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण, समुद्री जीवन को खतरा, आदि।
पदार्थ की किस अवस्था में कणों की गतिज ऊर्जा सबसे अधिक होती है?
- द्रव
- ठोस
- गैस
- प्लाज्मा
Explanation:
- पदार्थ की अवस्थाओं (states) में, प्लाज्मा (Plasma) (अत्यधिक आयनित गैस, उच्च ताप पर) में कणों की गतिज ऊर्जा सबसे अधिक होती है।
- सामान्य अवस्थाओं में, गैस (Gas) में KE सबसे अधिक होती है (कण स्वतंत्र रूप से गति करते हैं), पर प्लाज्मा में KE और भी अधिक होती है।
Quick Facts:
- KE का क्रम: ठोस < द्रव < गैस < प्लाज्मा
जब चीनी को जल में विलीन किया जाता है तो चीनी के कण, ________________।
- जल के कणों के बीच के स्थान में चले जाते हैं
- अधिक स्थान घेरते हैं
- स्थायी रूप से गायब हो जाते हैं
- केवल छोटे टुकड़ों में विच्छेदित होते हैं
Explanation:
- विलयन (solution) में, चीनी (विलेय, solute) के कण जल (विलायक, solvent) के कणों के बीच रिक्त स्थान (intermolecular spaces) में चले जाते हैं, जिससे वे फैल (disperse) जाते हैं और समांगी (homogeneous) मिश्रण बनता है।
- कण गायब नहीं होते, वे अलग-अलग आण्विक रूप में बिखर जाते हैं।
Quick Facts:
- यह एक भौतिक परिवर्तन (physical change) है – चीनी को पुनः प्राप्त किया जा सकता है (वाष्पीकरण द्वारा)।
सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल को निर्जलीकरण कारक माना जा सकता है क्योंकि यह निम्नलिखित में से …………… से जल को हटाता है।
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- ग्लूकोज
- अमोनिया गैस
- प्रोपेन
Explanation:
- सांद्र H₂SO₄ (conc. sulphuric acid) एक प्रबल निर्जलीकरण कारक (dehydrating agent) है, जो कार्बनिक यौगिकों (जैसे ग्लूकोज, C₆H₁₂O₆) से जल (H₂O) निकाल देता है, जिससे कार्बन (C) बचता है।
- C₆H₁₂O₆ → (सांद्र H₂SO₄) 6C + 6H₂O
Quick Facts:
- यह ग्लूकोज का ‘चारकोल’ (कार्बन) में रूपांतरण है, जो H₂SO₄ की निर्जलीकरण क्षमता को दर्शाता है।
डेनियल सेल में प्रावस्था परिवर्तन अभिक्रिया किसका उदाहरण है?
- समआयतनिक प्रक्रिया
- चक्रीय प्रक्रिया
- उत्क्रमणीय प्रक्रिया
- अनुत्क्रमणीय प्रक्रिया
Explanation:
- डेनियल सेल (Daniel cell) – Zn/Zn²⁺ और Cu/Cu²⁺ अर्ध-सेलों से बनी विद्युत रासायनिक कोशिका (electrochemical cell) में अभिक्रिया उत्क्रमणीय (reversible) होती है, क्योंकि बाह्य विद्युत स्रोत लगाकर अभिक्रिया को पश्च दिशा में चलाया जा सकता है (विद्युत अपघटन, electrolysis)।
- Zn(s) + Cu²⁺(aq) ⇌ Zn²⁺(aq) + Cu(s)
Quick Facts:
- डेनियल सेल में विद्युत वाहक बल (EMF) ≈ 1.1 V
इनमें से कौन सी गैस चूने के जल को दूधिया करती है?
- ऑक्सीजन
- हाइड्रोजन
- ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों
- कार्बन डाइऑक्साइड
Explanation:
- CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) चूने के पानी [Ca(OH)₂] के साथ अभिक्रिया करके CaCO₃ (कैल्शियम कार्बोनेट) बनाता है, जो एक दूधिया (milky) अवक्षेप है – इसका उपयोग CO₂ के परीक्षण में होता है।
- Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃↓ + H₂O
Quick Facts:
- अतिरिक्त CO₂ प्रवाहित करने पर दूधियापन गायब हो जाता है: CaCO₃ + CO₂ + H₂O → Ca(HCO₃)₂ (विलेय)
किसी कार्बनिक यौगिक में ‘प्रकार्यात्मक समूह’ की प्राथमिक भूमिका क्या है?
- यौगिक का आण्विक द्रव्यमान बढ़ाना
- यौगिक के अभिलक्षणिक रासायनिक गुणधर्म प्रदान करना
- यौगिक की भौतिक अवस्था (ठोस, द्रव, गैस) निर्धारित करना
- कार्बन शृंखला को ऋजु से शाखित में बदलना
Explanation:
- प्रकार्यात्मक समूह (Functional group) कार्बनिक यौगिक का वह भाग है जो उसके अभिलक्षणिक रासायनिक गुणधर्म (characteristic chemical properties) और अभिक्रियाओं को निर्धारित करता है (जैसे –OH (ऐल्कोहॉल), –COOH (कार्बोक्सिलिक अम्ल), –CHO (ऐल्डिहाइड), –CO– (कीटोन), आदि)।
- आण्विक द्रव्यमान, अवस्था, शाखन – कार्बन शृंखला द्वारा प्रभावित होते हैं।
Quick Facts:
- उदाहरण: CH₃OH (मेथेनॉल) में –OH (हाइड्रॉक्सिल) समूह ऐल्कोहॉल गुण देता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन पृथक्करण के संबंध में मिश्रण और यौगिकों के बीच महत्वपूर्ण अंतर का सटीक वर्णन करता है?
- इनका गलनांक और क्वथनांक तीव्र होता है।
- उनके घटकों को भौतिक विधियों द्वारा अलग किया जा सकता है।
- मूल पदार्थों की पहचान खो जाती है।
- वे सदैव ऊष्मा के अवशोषण से बनते हैं।
Explanation:
- मिश्रण (Mixtures) के घटकों को भौतिक विधियों (जैसे निस्यंदन, वाष्पीकरण, आसवन, चुंबकीय पृथक्करण) द्वारा अलग किया जा सकता है, क्योंकि वे रासायनिक रूप से संयुक्त नहीं होते।
- यौगिक (Compounds) में तत्व रासायनिक रूप से बंधे होते हैं, जिन्हें केवल रासायनिक विधियों द्वारा ही अलग किया जा सकता है।
Quick Facts:
- मिश्रण: समांगी/विषमांगी, घटकों के गुण बने रहते हैं, अनिश्चित अनुपात।
- यौगिक: निश्चित अनुपात, नए गुण, रासायनिक संयोग।
बोस-आइंस्टीन संघनक (संघनन) गैस को बहुत कम तापमान पर लगभग ______ घनत्व तक ठंडा करके बनाया जाता है।
- बहुत कम
- उच्च
- उच्च तापमान
- उच्च आर्द्रता
Explanation:
- बोस-आइंस्टीन संघनक (Bose-Einstein Condensate, BEC) अत्यंत निम्न तापमान (परम शून्य, ≈ 0 K के निकट) पर बनता है, जहाँ गैस के कण अत्यंत कम घनत्व (very low density) पर एक साथ एकत्रित होकर एक ‘सुपरएटम’ (superatom) जैसा व्यवहार करते हैं।
- यह पदार्थ की पाँचवीं अवस्था है (ठोस, द्रव, गैस, प्लाज्मा, BEC)।
Quick Facts:
- BEC की खोज 1995 में की गई थी (कॉर्नेल, वीमन, केटरल)।
कौन-सी विशेषता, सभी ठोस पदार्थों के लिए समान है?
- दाब प्रयुक्त करने पर सुगमता से संपीड्य होने वाली संरचना
- ऊर्जा प्रयुक्त होने पर अनंत विस्तार क्षमता
- सामान्य परिस्थितियों में निश्चित आयतन और आकार
- खुले पात्रों में द्रव पदार्थों की तरह प्रवाह की क्षमता
Explanation:
- सभी ठोसों (solids) में निश्चित आकार (definite shape) और निश्चित आयतन (definite volume) होता है (सामान्य परिस्थितियों में)।
- ठोस संपीड्य (compressible) नहीं होते, प्रवाहित (flow) नहीं होते।
Quick Facts:
- ठोस: कणों के बीच प्रबल आकर्षण, कण केवल कंपन करते हैं।
रासायनिक अभिक्रिया होने पर निम्नलिखित में से क्या नहीं बदलता है?
- द्रव्यमान
- भौतिक गुण
- आयतन
- रासायनिक गुण
Explanation:
- द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass) – रासायनिक अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान (mass) अपरिवर्तित (conserved) रहता है (अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = उत्पादों का कुल द्रव्यमान)।
- भौतिक गुण, आयतन, रासायनिक गुण – अभिक्रिया के दौरान परिवर्तित हो सकते हैं।
Quick Facts:
- यह नियम लैवोज़ियर (Lavoisier) द्वारा प्रतिपादित किया गया था।
गैस स्थिरांक R का मान क्या है?
- 8.33 JK⁻¹ mol⁻¹
- 8.35 JK⁻¹ mol⁻¹
- 8.31 JK⁻¹ mol⁻¹
- 8.32 JK⁻¹ mol⁻¹
Explanation:
- गैस स्थिरांक (Universal Gas Constant) R = 8.314 J·mol⁻¹·K⁻¹ (≈ 8.31 J mol⁻¹ K⁻¹)
- इसे आदर्श गैस समीकरण (PV = nRT) में प्रयुक्त किया जाता है।
Quick Facts:
- R के अन्य मान: 0.0821 L·atm·mol⁻¹·K⁻¹, 1.987 cal·mol⁻¹·K⁻¹
__________ पदार्थ का वाष्पीकरण हो जाता है।
- इसके गलनांक से ऊपर
- इसके क्वथनांक से नीचे
- इसके क्वथनांक से ऊपर
- इसके गलनांक से नीचे
Explanation:
- वाष्पीकरण (Evaporation) किसी भी तापमान पर (क्वथनांक से नीचे) द्रव की सतह पर हो सकता है (कणों को पर्याप्त गतिज ऊर्जा मिलने पर)।
- क्वथन (Boiling) क्वथनांक पर होता है (पूरे द्रव में)।
Quick Facts:
- वाष्पीकरण दर तापमान, सतह क्षेत्र, वायु आर्द्रता, वायु गति पर निर्भर करती है।
___________ को नेफ्रॉन में फिल्ट्रेट से चयनात्मक रूप से पुनः अवशोषित नहीं किया जाता है।
- यूरिया
- ग्लूकोज
- लवण
- अमीनो एसिड
Explanation:
- नेफ्रॉन (nephron) में, ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, लवण (Na⁺, Cl⁻ आदि) को चयनात्मक पुनःअवशोषण (selective reabsorption) द्वारा रक्त में वापस अवशोषित किया जाता है।
- यूरिया (Urea) – एक नाइट्रोजनी अपशिष्ट है, जिसे पुनःअवशोषित नहीं किया जाता (थोड़ी मात्रा पुनःअवशोषित होती है, पर अधिकतर मूत्र में उत्सर्जित हो जाता है) – यही मुख्य उत्सर्जी पदार्थ है।
Quick Facts:
- ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, लवण – PCT (प्रॉक्सिमल कन्वोल्यूटेड ट्यूब्यूल) में पुनःअवशोषित होते हैं।
अपने क्वथनांक से नीचे किसी भी तापमान पर द्रव का वाष्प में परिवर्तन की घटना को ______ के रूप में जाना जाता है।
- उर्ध्वपातन
- निक्षेपण
- वाष्पीकरण
- संगलन
Explanation:
- द्रव का क्वथनांक से नीचे किसी भी तापमान पर वाष्प में परिवर्तन को वाष्पीकरण (Evaporation) कहते हैं (यह द्रव की सतह पर होता है)।
- उर्ध्वपातन (Sublimation) – ठोस → गैस (बिना द्रव), निक्षेपण (Deposition) – गैस → ठोस, संगलन (Melting) – ठोस → द्रव
Quick Facts:
- वाष्पीकरण एक शीतलन (cooling) प्रक्रिया है (बाहरी ऊष्मा अवशोषित होती है, ऊष्माशोषी, endothermic)।
LPG (द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस) को सिलेंडरों में ______ द्वारा रूप में संग्रहित किया जाता है।
- यह वायु के साथ अभिक्रिया करके द्रव बनाती है
- इसे उच्च दाब में ठंडा और संपीड़ित किया जाता है
- इसे उपयोग से पहले ठोस किया जाता है
- इसे निम्न दाब में गर्म करके विस्तारित किया जाता है
Explanation:
- LPG (Liquefied Petroleum Gas) – मुख्यतः प्रोपेन (propane) और ब्यूटेन (butane) का मिश्रण है।
- इसे उच्च दाब (high pressure) पर संपीड़ित (compressed) और ठंडा करके द्रव (liquid) अवस्था में सिलेंडरों में संग्रहित किया जाता है (ताकि अधिक मात्रा में भरा जा सके)।
- जब दाब कम किया जाता है, तो यह पुनः गैस में बदल जाता है (वाष्पीकरण)।
Quick Facts:
- LPG का उपयोग खाना पकाने, वाहन ईंधन के रूप में होता है।
विद्युत बल्ब आमतौर पर ______ जैसी रासायनिक-निष्क्रिय गैसों से भरे होते हैं।
- हाइड्रोजन
- ऑक्सीजन
- नाइट्रोजन
- क्लोरीन
Explanation:
- विद्युत बल्ब (electric bulbs) आमतौर पर नाइट्रोजन (N₂) या आर्गन (Ar) (अक्रिय/निष्क्रिय गैसों) से भरे होते हैं, ताकि टंगस्टन (W) फिलामेंट का ऑक्सीकरण (oxidation) न हो और वह जल्दी न जले (ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में)।
- ये गैसें रासायनिक रूप से निष्क्रिय (inert) होती हैं।
Quick Facts:
- पहले बल्बों में निर्वात (vacuum) होता था, पर आधुनिक बल्बों में निष्क्रिय गैस भरी जाती है (उच्च ताप पर फिलामेंट का वाष्पीकरण कम करने के लिए)।
निम्नलिखित में से कौन सा एक उर्ध्वपातन पदार्थ नहीं है?
- सोडियम सल्फेट
- अमोनियम क्लोराइड
- कपूर
- नेफ़्थलीन
Explanation:
- सोडियम सल्फेट (Na₂SO₄) एक आयनिक यौगिक है, जो ऊर्ध्वपातन (sublimation) नहीं करता (यह सामान्यतः द्रव/गैस में बिना विघटित हुए उर्ध्वपातन नहीं करता)।
- अमोनियम क्लोराइड (NH₄Cl), कपूर (camphor), नेफ़्थलीन (naphthalene) – ये सभी उर्ध्वपातन करने वाले पदार्थ हैं (गर्म करने पर सीधे वाष्प में बदल जाते हैं)।
Quick Facts:
- उर्ध्वपातन का उपयोग शुद्धिकरण (जैसे कपूर, अमोनियम क्लोराइड) के लिए किया जाता है।
संयोजी ऊतक में कोशिकाओं की एक-दूसरे के सापेक्ष संबंधित स्थिति क्या होती है?
- कसकर भरा हुआ (Tightly packed)
- एक के ऊपर एक (One above the other)
- एक दूसरे से बहुत दूर (Far away from each other)
- ढीला बंधा हुआ (Loosely packed)
Explanation:
- संयोजी ऊतक (Connective tissue) – कोशिकाएँ आपस में ढीली (loosely) व्यवस्थित होती हैं और एक-दूसरे से दूर (far away) होती हैं, जिनके बीच में बाह्यकोशिकीय मैट्रिक्स (extracellular matrix) होता है (जो प्रोटीन, फाइबर, और ग्राउंड पदार्थ से बना होता है)।
- उपकला ऊतक (Epithelial tissue) – कोशिकाएँ कसकर पैक (tightly packed) होती हैं।
Quick Facts:
- संयोजी ऊतक के उदाहरण: अस्थि, रक्त, उपास्थि, वसा, टेंडन, लिगामेंट
सभी द्रव और गैसें हैं:
- तरल
- अर्धचालक
- ठोस
- विद्युतरोधी
Explanation:
- द्रव (liquids) और गैसों (gases) को सामूहिक रूप से तरल (Fluids) कहा जाता है, क्योंकि वे प्रवाहित (flow) हो सकते हैं (कणों के बीच कम आकर्षण के कारण)।
- ठोस – निश्चित आकार, प्रवाहित नहीं; अर्धचालक/विद्युतरोधी – विद्युत गुण, अवस्था से संबंधित नहीं।
Quick Facts:
- तरल पदार्थ (Fluid) – ठोस (rigid) के विपरीत, वे बिना आकार बदले बल के अधीन नहीं रह सकते।
किसी पदार्थ के कणों की गति के कारण उसके दूसरे पदार्थ के साथ फैलने और मिश्रित होने की घटना निम्नलिखित में से क्या कहलाती है?
- विसरण (Diffusion)
- वाष्पन (Evaporation)
- संघनन (Condensation)
- ऊर्ध्वपातन (Sublimation)
Explanation:
- विसरण (Diffusion) – कणों की यादृच्छिक गति (random motion) के कारण पदार्थ का दूसरे पदार्थ के साथ फैलना और मिश्रित होना (जैसे वायु में इत्र की गंध फैलना, जल में चीनी/नमक घुलना)।
- यह उच्च सांद्रता (high concentration) से निम्न सांद्रता (low concentration) की ओर होता है।
Quick Facts:
- विसरण की दर गैसों में सबसे अधिक, द्रवों में मध्यम, ठोसों में सबसे कम होती है।
समान तापमान पर बर्फ के कणों की तुलना में 0°C पर द्रव जल के कणों में अधिक ऊर्जा क्यों होती है?
- क्योंकि बर्फ से द्रव जल में रूपांतरण की प्रक्रिया के दौरान जल के कण उष्मा ऊर्जा को अवशोषित करते हैं।
- क्योंकि बर्फ से जल वाष्प में रूपांतरण की प्रक्रिया के दौरान जल के कण उष्मा ऊर्जा को अवशोषित करते हैं।
- क्योंकि बर्फ से द्रव जल में रूपांतरण की प्रक्रिया के दौरान जल के कण ऊष्मा ऊर्जा को विकिरित करते हैं।
- क्योंकि बर्फ से द्रव जल में रूपांतरण की प्रक्रिया के दौरान बर्फ के कण उष्मा ऊर्जा को अवशोषित करते हैं।
Explanation:
- 0°C पर बर्फ (ठोस) → 0°C पर जल (द्रव) में रूपांतरण के दौरान, बर्फ के कण गुप्त ऊष्मा (latent heat of fusion) को अवशोषित (absorb) करते हैं, जो ऊर्जा के रूप में संग्रहीत हो जाती है, जिससे द्रव जल के कणों में बर्फ के कणों की तुलना में अधिक ऊर्जा होती है (हालाँकि तापमान समान है)।
- यह ऊर्जा अंतराआण्विक बलों को तोड़ने में व्यय होती है, गतिज ऊर्जा बढ़ाने में नहीं (इसलिए तापमान नहीं बदलता)।
Quick Facts:
- जल की गुप्त ऊष्मा: संगलन (fusion) ≈ 334 J/g, वाष्पन (vaporization) ≈ 2260 J/g
CuO + H₂ → Cu + H₂O अभिक्रिया में, अपचयित पदार्थ है:
- H₂
- H₂O
- Cu
- CuO
Explanation:
- अपचयन (Reduction) = ऑक्सीजन का क्षय (loss of oxygen) या ऑक्सीकरण अवस्था में कमी।
- CuO + H₂ → Cu + H₂O
- CuO (कॉपर ऑक्साइड) → Cu (कॉपर) – CuO में Cu की ऑक्सीकरण अवस्था +2 से 0 हो जाती है (ऑक्सीजन खो देता है) – इसलिए CuO अपचयित (reduced) होता है।
- H₂ → H₂O – H₂ ऑक्सीकृत (oxidized) होता है (ऑक्सीजन प्राप्त करता है)।
Quick Facts:
- इस अभिक्रिया में CuO ऑक्सीकारक (oxidizing agent) है, H₂ अपचायक (reducing agent) है।
नेप्चूनियम और प्लूटोनियम जैसे तत्व कहाँ पाए जाते हैं?
- पिचब्लेंड
- यूरेनाइट
- समुद्री जल
- कोयला
Explanation:
- नेप्चूनियम (Np) और प्लूटोनियम (Pu) – ये ट्रांसयूरेनिक (transuranic) तत्व हैं, जो प्राकृतिक रूप से अत्यंत कम मात्रा में पिचब्लेंड (pitchblende) (यूरेनियम अयस्क) में पाए जाते हैं (यूरेनियम के रेडियोधर्मी क्षय से)।
- ये कृत्रिम रूप से नाभिकीय रिएक्टरों में भी बनाए जाते हैं।
Quick Facts:
- पिचब्लेंड (यूरेनिनाइट) – यूरेनियम (U) का मुख्य अयस्क है।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
- पदार्थ के कणों के बीच आकर्षण बल की प्रबलता एक प्रकार के पदार्थ से दूसरे प्रकार के पदार्थ में भिन्न होती है।
- पदार्थ के कणों के बीच कार्य करने वाला बल उन्हें एक साथ रखता है।
- पदार्थ के कणों के बीच आकर्षण बल की प्रबलता स्थिर होती है, चाहे पदार्थ का प्रकार कुछ भी हो।
- पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होते हैं।
Explanation:
- पदार्थ के कणों के बीच आकर्षण बल (intermolecular force) पदार्थ के प्रकार (ठोस, द्रव, गैस) और उसकी प्रकृति के अनुसार भिन्न (different) होता है (ठोस > द्रव > गैस)।
- यह स्थिर (constant) नहीं है – अतः कथन “प्रबलता स्थिर होती है” गलत है।
Quick Facts:
- ठोस: प्रबल आकर्षण, कण कसकर बंधे; गैस: दुर्बल आकर्षण, कण स्वतंत्र।
मिश्रण प्रकृति में ______ हो सकता है।
- समांगी
- शुद्ध पदार्थ
- विषमांगी
- समांगी और विषमांगी दोनों
Explanation:
- मिश्रण (Mixtures) समांगी (homogeneous) (जैसे नमक का जल में विलयन, हवा) या विषमांगी (heterogeneous) (जैसे रेत और लोहे की फाइलिंग, तेल और जल) हो सकते हैं।
- शुद्ध पदार्थ (pure substances) – तत्व/यौगिक – न तो मिश्रण हैं।
Quick Facts:
- समांगी: संरचना पूरी तरह एक समान; विषमांगी: संरचना असमान, घटक दिखाई देते हैं।
ठोसों का कौन-सा गुण उन्हें द्रवों और गैसों की तुलना में सबसे कम संपीडित होने की अनुमति देता है?
- उच्च अंतराअणुक स्थान
- अन्य ठोसों में विसरित होने की क्षमता
- प्रबल अंतराअणुक बल और कणों का घनिष्ठ संकुलन
- कणों की उच्च गतिज ऊर्जा
Explanation:
- ठोसों में कण प्रबल अंतराअणुक बलों के कारण घनिष्ठ (close) रूप से संकुलित (packed) होते हैं, जिससे उनमें रिक्त स्थान (voids) बहुत कम होते हैं, इसलिए वे अत्यंत कम संपीड्य (least compressible) होते हैं।
- गैसों में रिक्त स्थान अधिकतम, इसलिए वे सबसे अधिक संपीड्य होती हैं।
Quick Facts:
- संपीड्यता क्रम: ठोस < द्रव < गैस
निम्नलिखित में से किस पदार्थ में दाब में परिवर्तन होने पर आकार में सबसे कम परिवर्तन होता है?
- द्रव
- प्लाज्मा
- गैस
- ठोस
Explanation:
- ठोस (Solids) – कणों के बीच अत्यंत प्रबल आकर्षण और न्यूनतम रिक्त स्थान के कारण, दाब परिवर्तन (pressure change) पर उनके आकार (volume/shape) में सबसे कम परिवर्तन होता है (वे लगभग असंपीड्य, incompressible होते हैं)।
- गैसें – दाब परिवर्तन पर आकार में सबसे अधिक परिवर्तन (बॉयल का नियम, Boyle’s law)।
Quick Facts:
- ठोसों की संपीड्यता (compressibility) नगण्य होती है।
जब परमाणु आपस में रासायनिक बंध बनाते हैं तो ______ का निर्माण होता है।
- तत्व
- मिश्र धातु
- अणु
- तत्व और मिश्रधातु दोनों
Explanation:
- जब दो या अधिक परमाणु (एक ही तत्व के या भिन्न तत्वों के) रासायनिक बंध (chemical bond) बनाते हैं, तो अणु (molecule) का निर्माण होता है (जैसे H₂, O₂, H₂O, CO₂)।
- तत्व – एक प्रकार के परमाणु, मिश्र धातु – धातुओं का मिश्रण।
Quick Facts:
- अणु: परमाणुओं का समूह जो रासायनिक बंधों से जुड़े होते हैं।
द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ सामान्यतः कहाँ होती हैं?
- जलीय विलयन में
- तीनों अवस्थाओं में
- गैसीय अवस्था में
- ठोस अवस्था में
Explanation:
- द्विविस्थापन (Double displacement) अभिक्रियाएँ सामान्यतः जलीय विलयन (aqueous solution) में होती हैं, क्योंकि यहाँ आयन (ions) स्वतंत्र रूप से गति करते हैं और आदान-प्रदान (exchange) कर सकते हैं (अवक्षेपण/उदासीनीकरण अभिक्रियाएँ)।
- ठोस अवस्था में आयन स्वतंत्र नहीं होते, इसलिए द्विविस्थापन नहीं होता।
Quick Facts:
- उदाहरण: NaCl (aq) + AgNO₃ (aq) → AgCl↓ + NaNO₃ (aq)
चाँदी के आभूषण कुछ समय के बाद काले हो जाते हैं क्योंकि चाँदी हवा में मौजूद ______ के साथ अभिक्रिया करती है।
- नाइट्रोजन
- कार्बन डाइऑक्साइड
- सल्फर
- ऑक्सीजन
Explanation:
- चाँदी (Ag) हवा में मौजूद सल्फर (S) (हाइड्रोजन सल्फाइड, H₂S) के साथ अभिक्रिया करके सिल्वर सल्फाइड (Ag₂S) (काला, black) बनाती है, जिससे आभूषण काले (tarnish) हो जाते हैं।
- 4Ag + 2H₂S + O₂ → 2Ag₂S (काला) + 2H₂O
Quick Facts:
- यह संक्षारण (corrosion) का उदाहरण है (धातुओं का वायु/नमी के साथ अभिक्रिया)।
निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ मूत्र के नलिकाओं में बहने पर चयनात्मक रूप से पुनःअवशोषित नहीं होता है?
- ग्लूकोज
- अमीनो अम्ल
- लवण
- यूरिया
Explanation:
- नेफ्रॉन (nephron) की नलिकाओं में, ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, लवण (Na⁺, Cl⁻) – चयनात्मक पुनःअवशोषण (selective reabsorption) द्वारा रक्त में वापस अवशोषित हो जाते हैं।
- यूरिया (Urea) – नाइट्रोजनी अपशिष्ट – मूत्र में उत्सर्जित होता है, इसे चयनात्मक रूप से पुनःअवशोषित नहीं किया जाता (थोड़ी मात्रा पुनःअवशोषित हो सकती है, पर मुख्यतः बाहर निकल जाता है)।
Quick Facts:
- पुनःअवशोषण मुख्यतः PCT (proximal convoluted tubule) और DCT (distal convoluted tubule) में होता है।
न्यूट्रॉन सभी परमाणुओं के नाभिक में मौजूद होते हैं, सिवाय-
- हाइड्रोजन
- कार्बन
- ऑक्सीजन
- नाइट्रोजन
Explanation:
- हाइड्रोजन (Hydrogen, ¹H) के नाभिक में कोई न्यूट्रॉन (neutron) नहीं होता – इसमें केवल 1 प्रोटॉन होता है (सामान्य हाइड्रोजन, प्रोटियम, ¹H)।
- ड्यूटेरियम (²H) और ट्राइटियम (³H) – हाइड्रोजन के समस्थानिक हैं, जिनमें क्रमशः 1 और 2 न्यूट्रॉन होते हैं, पर सामान्य हाइड्रोजन में न्यूट्रॉन नहीं होते।
- अन्य सभी तत्वों के नाभिक में न्यूट्रॉन होते हैं (कार्बन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन आदि में)।
Quick Facts:
- प्रोटियम (¹H) – 1 प्रोटॉन, 0 न्यूट्रॉन, 1 इलेक्ट्रॉन
लेड नाइट्रेट के अपघटन अभिक्रिया के दौरान, जो भूरे रंग का धुआं देखा जाता है, वह किस गैस का होता है?
- नाइट्रोजन डाइऑक्साइड गैस
- नाइट्रोजन गैस
- ओजोन गैस
- हाइड्रोजन गैस
Explanation:
- लेड नाइट्रेट (Pb(NO₃)₂) के ऊष्मीय अपघटन (thermal decomposition) पर नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂) गैस उत्पन्न होती है, जो भूरे रंग (brown) का धुआँ होता है।
- 2Pb(NO₃)₂ → 2PbO + 4NO₂ + O₂
Quick Facts:
- NO₂ एक विषैली, भूरी-लाल गैस है, जो श्वसन संबंधी समस्याएँ पैदा कर सकती है।
पदार्थ की निम्नलिखित में से किस अवस्था में कणों की तीव्र यादृच्छिक गति सबसे अधिक होती है?
- केवल तरल
- तरल और ठोस दोनों
- केवल ठोस
- गैस
Explanation:
- गैसीय अवस्था (gas) में कणों की तीव्र यादृच्छिक गति (rapid random motion) सबसे अधिक होती है, क्योंकि उनके बीच आकर्षण बल न्यूनतम होता है और वे स्वतंत्र रूप से गति करते हैं।
- द्रवों में मध्यम, ठोसों में न्यूनतम (केवल कंपन)।
Quick Facts:
- गैसों में विसरण (diffusion) सबसे तीव्र होता है।
यदि अस्थि कोशिकाओं के मैट्रिक्स में कैल्शियम और फॉस्फोरस यौगिक होते हैं, तो उपास्थि के मैट्रिक्स में हमें क्या मिलता है?
- प्रोटीन और शर्करा
- कैल्शियम और फॉस्फोरस
- प्रोटीन और वसा
- कैल्शियम और शर्करा
Explanation:
- अस्थि (bone) के मैट्रिक्स में कैल्शियम (Ca) और फॉस्फोरस (P) के यौगिक (हाइड्रॉक्सीएपेटाइट, Ca₁₀(PO₄)₆(OH)₂) होते हैं, जो इसे कठोरता प्रदान करते हैं।
- उपास्थि (cartilage) के मैट्रिक्स में प्रोटीन (collagen) और शर्करा (प्रोटीयोग्लाइकेन, chondroitin sulphate) होते हैं, जो इसे लचीलापन (flexibility) प्रदान करते हैं – कैल्शियम/फॉस्फोरस नहीं होते (या बहुत कम) – इसलिए यह नरम और लचीला होता है।
Quick Facts:
- उपास्थि कोशिकाओं को ‘कॉन्ड्रोसाइट्स’ (chondrocytes) कहते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा संलयन का उदाहरण है?
- मिल्क ऑफ मैग्नीशिया
- फेस क्रीम
- इंक
- रबर
Explanation:
- मिल्क ऑफ मैग्नीशिया (Milk of Magnesia) – Mg(OH)₂ का जल में निलंबन (suspension) – एक कोलॉइडी (colloidal) विलयन है, पर ‘संलयन’ (fusion) – ठोस-द्रव कोलॉइड (जैल) या द्रव-द्रव (इमल्शन) नहीं है।
- वास्तव में, ‘संलयन’ (fusion) शब्द का प्रयोग ‘पिघलना’ (melting) या ‘नाभिकीय संलयन’ (nuclear fusion) के लिए होता है – यहाँ कोई उपयुक्त विकल्प नहीं है।
- यदि ‘कोलॉइड’ का उदाहरण पूछा गया है, तो मिल्क ऑफ मैग्नीशिया एक निलंबन/कोलॉइड है, पर ‘संलयन’ शब्द सही नहीं है – प्रश्न में त्रुटि हो सकती है।
Quick Facts:
- कोलॉइड: मिल्क ऑफ मैग्नीशिया (ठोस-द्रव), फेस क्रीम (इमल्शन, द्रव-द्रव), इंक (ठोस-द्रव), रबर (ठोस-गैस?)
किसी संवृत तंत्र में, यदि 15 gm पदार्थ A, 10 gm पदार्थ B के साथ अभिक्रिया करता है, तो उत्पादों का कुल द्रव्यमान कितना होना चाहिए?
- 15 gm
- 25 gm
- 0 gm
- 10 gm
Explanation:
- द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass) – संवृत (closed) तंत्र में, अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = उत्पादों का कुल द्रव्यमान।
- अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = 15 g (A) + 10 g (B) = 25 g
- अतः उत्पादों का कुल द्रव्यमान = 25 g
Quick Facts:
- यह नियम लैवोज़ियर (Lavoisier) द्वारा दिया गया था।
निम्नलिखित में से कौन-सा एक तत्व है?
- सोडियम क्लोराइड
- ऑक्सीजन
- वायु
- जल
Explanation:
- ऑक्सीजन (Oxygen, O₂) – एक तत्व (element) है (रासायनिक रूप से शुद्ध पदार्थ, एक प्रकार के परमाणुओं से बना)।
- सोडियम क्लोराइड (NaCl) – यौगिक (compound), वायु – मिश्रण (mixture), जल (H₂O) – यौगिक (compound)।
Quick Facts:
- तत्व: शुद्ध पदार्थ, रासायनिक विधियों द्वारा सरल पदार्थों में नहीं तोड़ा जा सकता।
एक मिसेल (micelle) के जलविरागी छोर कहाँ निर्देशित होते हैं?
- सीधे जल अणुओं की ओर
- यादृच्छिक रूप से सभी संभावित दिशाओं में
- बाहर की ओर हाइड्रोजन आबंध बनाते हुए
- जल से दूर केंद्र की ओर
Explanation:
- मिसेल (Micelle) – साबुन/डिटर्जेंट के अणुओं का गोलाकार समूह, जिसमें जलविरागी (hydrophobic) पूँछ (tail) केंद्र की ओर (जल से दूर) और जलस्नेही (hydrophilic) सिर (head) बाहर की ओर (जल की ओर) निर्देशित होते हैं।
- यह व्यवस्था जल में साबुन/डिटर्जेंट को स्थिर करती है और गंदगी (तेल/वसा) को हटाने में सहायक होती है।
Quick Facts:
- मिसेल निर्माण तब होता है जब साबुन/डिटर्जेंट की सांद्रता क्रांतिक मिसेल सांद्रता (CMC) से अधिक होती है।
निम्नलिखित में से कौन सा ठोस, द्रव और गैसीय रूप में मौजूद हो सकता है?
- उपधातु
- अक्रिय तत्व
- अधातु
- धातु
Explanation:
- अधातु (Non-metals) – कुछ अधातु ठोस (जैसे कार्बन, सल्फर), द्रव (जैसे ब्रोमीन, Br₂), और गैस (जैसे ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, क्लोरीन) – तीनों अवस्थाओं में पाए जा सकते हैं (कक्ष ताप पर)।
- धातुएँ (Metals) – अधिकांश ठोस (Hg को छोड़कर द्रव), उपधातु (Metalloids) – ठोस (Si, Ge), अक्रिय गैसें – गैसीय।
Quick Facts:
- ब्रोमीन (Br₂) – एकमात्र अधातु जो कक्ष ताप पर द्रव है (पारा, Hg – धातु)।
यदि मशीन के पुर्जों में स्नेहक का उपयोग किया जाता है, तो गति कैसी हो जाती है?
- चिकनी
- अनियमित
- कठिन
- खुरदरी
Explanation:
- स्नेहक (Lubricant) – घर्षण (friction) को कम करता है, जिससे मशीन के पुर्जे चिकनी (smooth) गति करते हैं, घिसाव (wear and tear) कम होता है, और ऊर्जा की हानि कम होती है।
- स्नेहक (तेल, ग्रीस) पुर्जों के बीच एक परत बनाता है, जिससे सीधा संपर्क कम होता है।
Quick Facts:
- स्नेहन (Lubrication) – घर्षण को कम करने की तकनीक।
एक रासायनिक अभिक्रिया में, 5.6 g सोडियम 8.0 g क्लोरीन के साथ अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड बनाता है। द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार, निर्मित सोडियम क्लोराइड का द्रव्यमान कितना होगा?
- 8.0 g
- 12.4 g
- 13.6 g
- 14.4 g
Explanation:
- द्रव्यमान संरक्षण नियम: अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = उत्पादों का कुल द्रव्यमान
- Na का द्रव्यमान = 5.6 g, Cl₂ का द्रव्यमान = 8.0 g
- NaCl का द्रव्यमान = 5.6 + 8.0 = 13.6 g
Quick Facts:
- 2Na + Cl₂ → 2NaCl – संतुलित समीकरण के अनुसार, द्रव्यमान संरक्षित रहता है।
जब धावन सोडा को लंबे समय तक गर्म वातावरण में रखा जाता है, तो वह:
- जल के अणुओं को प्राप्त करता है और उनमें घुल जाता है
- सूर्य से ऊष्मा प्राप्त करता है और सूखा हो जाता है
- अपने क्रिस्टलीकरण जल को खो देता है और पाउडर बन जाता है
- अपने क्रिस्टलीकरण जल को अवशोषित करता है
Explanation:
- धावन सोडा (Washing soda, Na₂CO₃·10H₂O) – एक क्रिस्टलीय (crystalline) यौगिक है, जिसमें 10 जल अणु होते हैं।
- गर्म वातावरण में (या गर्म करने पर), यह अपना क्रिस्टलीकरण जल (water of crystallization) खो देता है और पाउडर (anhydrous) में बदल जाता है (Na₂CO₃) – इसे ‘सोडा ऐश’ (soda ash) कहते हैं।
- Na₂CO₃·10H₂O → Na₂CO₃ + 10H₂O (गर्म करने पर)
Quick Facts:
- यह प्रक्रिया ‘प्रशुष्कन’ (efflorescence) का उदाहरण है।
He में 54g में कितने मोल मौजूद हैं?
- 13.5 मोल
- 10 मोल
- 12 मोल
- 25 मोल
Explanation:
- He (हीलियम) का परमाणु द्रव्यमान = 4 g/mol
- मोल्स (n) = दिया गया द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान = 54 g / 4 g/mol = 13.5 mol
Quick Facts:
- 1 मोल He = 4 g (STP पर 22.4 L)
एक मिश्रधातु को समांगी मिश्रण माना जाता है क्योंकि:
- इसमें दो या दो से अधिक प्रावस्थाएँ होती हैं
- यह पूरे में एक समान संरचना प्रदर्शित करता है
- इसके घटकों को निस्यंदन द्वारा अलग किया जा सकता है
- इसके घटक निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से संयुक्त होते हैं
Explanation:
- मिश्रधातु (Alloy) – धातुओं का समांगी (homogeneous) मिश्रण है (जैसे पीतल – Cu + Zn, इस्पात – Fe + C), क्योंकि इसकी संरचना पूरे में एक समान (uniform) होती है (सूक्ष्म स्तर पर)।
- यह यौगिक नहीं है (निश्चित अनुपात नहीं), इसके घटकों को भौतिक विधियों से अलग नहीं किया जा सकता (मिश्रण की तरह)।
Quick Facts:
- मिश्रधातु के गुण शुद्ध धातुओं से भिन्न होते हैं (अधिक कठोर, संक्षारण प्रतिरोधी)।
निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ पादप कोशिकाओं की रसधानी में संचित नहीं होता है?
- शर्करा
- प्रोटीन
- अमीनो अम्ल
- उपयुक्त सभी
Explanation:
- पादप कोशिकाओं (plant cells) की रसधानी (vacuole) में शर्करा (sugars), प्रोटीन (proteins), अमीनो अम्ल (amino acids), लवण, रंगद्रव्य (pigments), और अपशिष्ट उत्पाद (waste products) संचित (stored) होते हैं।
- अतः ये सभी (शर्करा, प्रोटीन, अमीनो अम्ल) रसधानी में संचित होते हैं – इसलिए ‘उपयुक्त सभी’ सही है (अर्थात, इनमें से कोई भी संचित नहीं होता – यह कथन गलत है, क्योंकि ये सभी संचित होते हैं)।
- वास्तव में, ये सभी संचित होते हैं, इसलिए प्रश्न “संचित नहीं होता” – तो ‘उपयुक्त सभी’ (यानी, ये सभी नहीं होते) गलत है – सही उत्तर ‘उपयुक्त सभी’ नहीं होना चाहिए।
Quick Facts:
- रसधानी (Vacuole) – कोशिका द्रव्य (cell sap) से भरी, पादप कोशिका में बड़ी होती है (50-90% आयतन)।
विषमांगी मिश्रणों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- घटकों को अलग नहीं किया जा सकता
- इसकी संरचना पूरी तरह एक जैसी है
- अलग-अलग पदार्थ अपने गुणधर्म बनाए रखते हैं
- यह एक यौगिक की तरह व्यवहार करता है
Explanation:
- विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous mixture) – घटक (components) अपने मूल गुणधर्म (original properties) बनाए रखते हैं, क्योंकि वे रासायनिक रूप से संयुक्त नहीं होते।
- इन्हें भौतिक विधियों (जैसे निस्यंदन, चुंबकीय पृथक्करण) द्वारा अलग किया जा सकता है।
- संरचना एक समान (uniform) नहीं होती (जैसे रेत + लोहे की फाइलिंग, तेल + जल)।
Quick Facts:
- विषमांगी: अलग-अलग चरण (phases) दिखाई देते हैं।
एक ______ दो या दो से अधिक पदार्थों का समांगी मिश्रण है।
- अवयव
- विलयन
- अणु
- कण
Explanation:
- विलयन (Solution) – दो या अधिक पदार्थों का समांगी (homogeneous) मिश्रण है (जैसे नमक का जल में विलयन, चीनी का जल में विलयन, हवा – गैसीय विलयन)।
- अवयव (component) – मिश्रण/विलयन का भाग, अणु (molecule) – परमाणुओं का समूह, कण (particle) – सामान्य शब्द।
Quick Facts:
- विलयन: विलेय (solute) + विलायक (solvent)
द्रव्य (matter) की किस अवस्था में कणों के बीच का स्थान अधिकतम होता है?
- ठोस
- द्रव
- गैस
- सभी में समान स्थान होता है
Explanation:
- गैस (Gas) अवस्था में कणों के बीच का स्थान (intermolecular space) अधिकतम होता है, क्योंकि कणों के बीच आकर्षण बल न्यूनतम होता है और वे बहुत अधिक दूरी पर होते हैं।
- ठोस → न्यूनतम, द्रव → मध्यम, गैस → अधिकतम
Quick Facts:
- इसी कारण गैसें अत्यधिक संपीड्य (compressible) होती हैं।
जब इथेनॉल सोडियम के साथ अभिक्रिया करता है तो निम्नलिखित में से कौन-सी गैस बनती है?
- ऑक्सीजन
- क्लोरीन
- हाइड्रोजन
- मेथेन
Explanation:
- 2C₂H₅OH + 2Na → 2C₂H₅ONa (सोडियम एथॉक्साइड) + H₂
- इथेनॉल (एल्कोहॉल) सोडियम (Na) के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन (H₂) गैस मुक्त करता है (ऐल्कोहॉल का अम्लीय हाइड्रोजन)।
Quick Facts:
- H₂ गैस का परीक्षण: जलती हुई माचिस पर ‘पॉप’ (pop) ध्वनि।
निम्नलिखित में से किसे आमतौर पर उच्च दाब पर संग्रहित किया जाता है?
- N₂
- H₂
- ठोस CO₂
- NaCl
Explanation:
- NaCl (सोडियम क्लोराइड, साधारण नमक) को उच्च दाब पर संग्रहित नहीं किया जाता (यह ठोस है, सामान्य दाब पर संग्रहित होता है)।
- गैसें (N₂, H₂, CO₂) – इन्हें उच्च दाब पर द्रवीकृत (liquefied) करके सिलेंडरों में संग्रहित किया जाता है (LPG, CNG, O₂ सिलेंडर) – पर NaCl (ठोस) को उच्च दाब की आवश्यकता नहीं होती।
- ठोस CO₂ (शुष्क बर्फ) – उच्च दाब पर नहीं, बल्कि कम ताप पर संग्रहित की जाती है।
Quick Facts:
- गैसों को द्रवीकृत करने के लिए उच्च दाब और निम्न ताप की आवश्यकता होती है।
निम्नलिखित में से कौन सा एक कोलाइड (एरोसोल) प्रकार है?
- मक्खन
- मिट्टी
- कोहरा
- प्यूमिस
Explanation:
- एरोसोल (Aerosol) – कोलॉइड (colloid) जिसमें परिक्षिप्त प्रावस्था (dispersed phase) = ठोस या द्रव, और परिक्षेपण माध्यम (dispersion medium) = गैस होता है।
- कोहरा (Fog) – द्रव (जल की बूँदें) परिक्षिप्त, गैस (वायु) माध्यम – यह एक एरोसोल है।
- मक्खन – जैल (ठोस-द्रव), मिट्टी – ठोस-द्रव (सॉल), प्यूमिस – ठोस-गैस (फोम)।
Quick Facts:
- एरोसोल के उदाहरण: कोहरा, धुआँ (smoke), स्प्रे (spray)
कमरे के तापमान और वायुमंडलीय दाब पर निम्नलिखित में से किसकी विशिष्ट ऊष्मा धारिता सबसे अधिक होती है?
- जल
- काँच
- पारा
- लोहा
Explanation:
- जल (Water) की विशिष्ट ऊष्मा धारिता (specific heat capacity) सबसे अधिक होती है (≈ 4.18 J/g·°C या 4180 J/kg·K)।
- काँच ≈ 0.84 J/g·°C, पारा ≈ 0.14 J/g·°C, लोहा ≈ 0.45 J/g·°C
- यही कारण है कि जल धीरे-धीरे गर्म और ठंडा होता है (इसका उपयोग शीतलक के रूप में होता है)।
Quick Facts:
- विशिष्ट ऊष्मा: 1 g पदार्थ का तापमान 1°C बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा।
कौन सा तत्व कमरे के तापमान पर एक विशिष्ट गंध वाली हरे-पीले रंग की गैस है?
- क्लोरीन
- कार्बन मोनोऑक्साइड
- आयोडीन
- हाइड्रोजन सल्फाइड
Explanation:
- क्लोरीन (Cl₂) – कक्ष ताप पर हरे-पीले (greenish-yellow) रंग की गैस है, जिसकी तीक्ष्ण (pungent) और दम घुटने वाली गंध होती है।
- CO – रंगहीन, गंधहीन; I₂ – ठोस (गहरा बैंगनी), H₂S – रंगहीन, सड़े अंडे जैसी गंध।
Quick Facts:
- क्लोरीन का उपयोग जल कीटाणुशोधन, विरंजन में होता है।
किसी पदार्थ का सूत्र इकाई द्रव्यमान (formula unit mass) एक ______ की सूत्र इकाई में सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमान के योगफल के बराबर होता है।
- परमाणु
- यौगिक
- मिश्रण
- तत्व
Explanation:
- सूत्र इकाई द्रव्यमान (Formula unit mass) – आयनिक (ionic) यौगिकों (जैसे NaCl, CaO) के लिए प्रयोग किया जाता है – यह यौगिक (compound) की सूत्र इकाई में सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग होता है।
- उदाहरण: NaCl का सूत्र इकाई द्रव्यमान = 23 (Na) + 35.5 (Cl) = 58.5 u
Quick Facts:
- आण्विक द्रव्यमान (molecular mass) – सहसंयोजक यौगिकों के लिए; सूत्र इकाई द्रव्यमान – आयनिक यौगिकों के लिए।
उस गैस का नाम बताइए जो बाती-प्रकार के लाइटर में भरी जाती है।
- ब्यूटेन
- हीलियम
- नाइट्रोजन
- मीथेन
Explanation:
- बाती-प्रकार (wick-type) या डिस्पोजेबल लाइटर (disposable lighter) में ब्यूटेन (Butane, C₄H₁₀) गैस भरी जाती है, जो दाब में द्रवीकृत (liquefied) होती है और नोजल से निकलने पर गैस में बदल जाती है, जिसे जलाया जाता है।
- ब्यूटेन एक हाइड्रोकार्बन है, जिसका उपयोग ईंधन के रूप में होता है (LPG का एक घटक)।
Quick Facts:
- ब्यूटेन (C₄H₁₀) – ऐल्केन, कक्ष ताप पर गैस, आसानी से द्रवीकृत हो जाती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा भौतिक परिवर्तन नहीं है?
- गैसों का तरल पदार्थ में द्रवीकरण
- पदार्थ का किण्वन
- तरल पदार्थ का गैसों में वाष्पीकरण
- ठोस पदार्थ का तरल पदार्थ में पिघलना
Explanation:
- किण्वन (Fermentation) – यह एक रासायनिक परिवर्तन (chemical change) है, जिसमें कार्बनिक पदार्थ (जैसे चीनी) एंजाइम/सूक्ष्मजीवों द्वारा अल्कोहल/अम्ल में बदल जाते हैं (नए पदार्थ बनते हैं)।
- द्रवीकरण (liquefaction), वाष्पीकरण (evaporation), पिघलना (melting) – ये सभी भौतिक परिवर्तन (physical changes) हैं (अवस्था परिवर्तन, कोई नया पदार्थ नहीं बनता)।
Quick Facts:
- किण्वन: C₆H₁₂O₆ → 2C₂H₅OH + 2CO₂ (रासायनिक परिवर्तन)
एक खोल के अंदर से निकालने के लिए तकनीकी शब्द ‘नैके’ को किस रूप में जाना जाता है?
- गैनेट
- ओनेक्स
- मदर ऑफ पर्ल
- ओपल
Explanation:
- खोल (shell) के अंदर की चमकदार परत को मदर ऑफ पर्ल (Mother of Pearl) कहते हैं (जिसे ‘नैके’ (nacre) भी कहा जाता है)।
- यह कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO₃) की सूक्ष्म परतों से बना होता है, जो मोती (pearl) की चमक के लिए जिम्मेदार होता है।
Quick Facts:
- मोती (Pearl) – शंख (oyster) के अंदर नैके (nacre) के जमाव से बनता है।
बायोगैस एक उत्तम ईंधन है क्योंकि इसमें 75% तक ______ होता है।
- सल्फाइड
- हाइड्रोजन
- मेथेन
- ऑक्सीजन
Explanation:
- बायोगैस (Biogas) – मुख्यतः मेथेन (CH₄) गैस (50-75%) और CO₂ (25-50%) का मिश्रण है, जिसमें मेथेन का प्रतिशत ≈ 75% तक हो सकता है (यह ईंधन के रूप में उपयोगी है, क्योंकि CH₄ दहनशील है)।
- बायोगैस का उत्पादन जैविक अपशिष्ट के अवायवीय किण्वन (anaerobic fermentation) द्वारा होता है।
Quick Facts:
- बायोगैस के अन्य घटक: H₂S (हाइड्रोजन सल्फाइड), NH₃ (अमोनिया), H₂ (हाइड्रोजन) – पर मुख्य घटक मेथेन है।
ब्लास्ट फर्नेस में, लोहे के ऑक्साइड को ______ द्वारा कम किया जाता है।
- सिलिका
- कार्बन
- कार्बन मोनोऑक्साइड
- चूना पत्थर
Explanation:
- ब्लास्ट फर्नेस (Blast furnace) में लोहे (Fe) के ऑक्साइड (Fe₂O₃) को कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) द्वारा अपचयित (reduced) किया जाता है, जो कोक (C) से उत्पन्न होता है।
- Fe₂O₃ + 3CO → 2Fe + 3CO₂ (मुख्य अपचयन अभिक्रिया)
- कार्बन (C) भी ऑक्सीकृत होकर CO₂/CO बनाता है, पर अपचयन CO द्वारा होता है।
Quick Facts:
- ब्लास्ट फर्नेस में लोहा निष्कर्षण के चरण: भर्जन/निस्तापन, CO द्वारा अपचयन, गलन (smelting)।
CuO + H₂ → Cu + H₂O अभिक्रिया में, निम्न में से कौन-सा पदार्थ ऑक्सीकृत होता है?
- जल
- कॉपर ऑक्साइड
- हाइड्रोजन
- कॉपर
Explanation:
- ऑक्सीकरण (Oxidation) = ऑक्सीजन का लाभ (gain of oxygen) या हाइड्रोजन का क्षय (loss of hydrogen)।
- CuO + H₂ → Cu + H₂O
- H₂ (हाइड्रोजन) → H₂O (जल) – H₂ ऑक्सीजन प्राप्त करता है, इसलिए H₂ ऑक्सीकृत (oxidized) होता है (यह अपचायक, reducing agent है)।
- CuO → Cu – CuO का अपचयन होता है (ऑक्सीजन खो देता है)।
Quick Facts:
- इस अभिक्रिया में CuO ऑक्सीकारक (oxidizing agent) है, H₂ अपचायक (reducing agent) है।
निक्षेपण प्रक्रिया के दौरान, किस प्रकार का अवस्था परिवर्तन होगा?
- ठोस से गैसीय अवस्था में
- द्रव से ठोस अवस्था में
- गैसीय से ठोस अवस्था में
- ठोस से द्रव अवस्था में
Explanation:
- निक्षेपण (Deposition) – गैस (gas) का सीधे ठोस (solid) में परिवर्तन (मध्यवर्ती द्रव अवस्था के बिना) – यह गैसीय → ठोस अवस्था परिवर्तन है (ऊर्ध्वपातन का विपरीत) – जैसे बर्फ (snow) का वायुमंडल में जलवाष्प से बनना, पाले (frost) का निर्माण।
Quick Facts:
- निक्षेपण (Deposition) – उर्ध्वपातन (Sublimation) का विपरीत (ठोस → गैस)
एक यौगिक नहीं है।
- हाइड्रोजन गैस (Hydrogen gas)
- कार्बन डाईऑक्साइड (Carbon dioxide)
- कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (Calcium hydroxide)
- सोडियम ऑक्साइड (Sodium oxide)
Explanation:
- हाइड्रोजन गैस (H₂) – एक तत्व (element) है (एक ही प्रकार के परमाणु – हाइड्रोजन से बना), यौगिक (compound) नहीं है (यौगिक दो या अधिक विभिन्न तत्वों से बने होते हैं)।
- CO₂ – यौगिक (C + O), Ca(OH)₂ – यौगिक (Ca + O + H), Na₂O – यौगिक (Na + O)।
Quick Facts:
- यौगिक: दो या अधिक तत्वों का रासायनिक संयोजन (निश्चित अनुपात)।
जब लेड नाइट्रेट को गर्म किया जाता है, तो यह लेड मोनोऑक्साइड (PbO), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂), और ऑक्सीजन (O₂) बनाने के लिए विघटित होता है। अभिक्रिया के दौरान दिखाई देने वाली भूरी गैस है:
- नाइट्रिक ऑक्साइड (NO)
- लेड मोनोऑक्साइड (PbO)
- नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂)
- ऑक्सीजन (O₂)
Explanation:
- Pb(NO₃)₂ → PbO + NO₂ (भूरा) + O₂
- NO₂ (नाइट्रोजन डाइऑक्साइड) – एक भूरी (brown) गैस है, जो अभिक्रिया के दौरान दिखाई देती है।
- PbO – पीला/लाल ठोस, O₂ – रंगहीन गैस, NO – रंगहीन गैस।
Quick Facts:
- NO₂ प्रदूषक गैस है, अम्ल वर्षा (acid rain) का कारण बनती है।
धातु कार्बोनेट की हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया से निकलने वाली गैस चूने के पानी को दूधिया रंग में बदल देती है। निकलने वाली गैस …………… है।
- हाइड्रोजन (Hydrogen)
- कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon dioxide)
- क्लोरीन (Chlorine)
- कार्बन मोनोऑक्साइड (Carbon monoxide)
Explanation:
- धातु कार्बोनेट (जैसे CaCO₃, Na₂CO₃) + HCl → लवण + H₂O + CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड)
- CO₂ चूने के पानी [Ca(OH)₂] को दूधिया (milky) करता है (CaCO₃ अवक्षेप बनता है)।
- यह CO₂ गैस का पहचान परीक्षण (test) है।
Quick Facts:
- Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃↓ + H₂O (दूधिया)
- अतिरिक्त CO₂ पर दूधियापन गायब हो जाता है: CaCO₃ + CO₂ + H₂O → Ca(HCO₃)₂ (विलेय)
जब कोई अम्ल किसी क्षार के साथ अभिक्रिया करता है, तो निम्नलिखित में से क्या बनता है, चाहे प्रयुक्त विशिष्ट अम्ल या क्षार कुछ भी हो?
- ऑक्सीजन
- कार्बन डाइऑक्साइड
- लवण और जल
- हाइड्रोजन गैस
Explanation:
- अम्ल और क्षार के बीच की अभिक्रिया को उदासीनीकरण (Neutralization) कहते हैं, जिसमें सदैव लवण (Salt) और जल (Water) बनते हैं।
- सामान्य समीकरण: अम्ल + क्षार → लवण + जल
- उदाहरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O
Quick Facts:
- उदासीनीकरण अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी (exothermic) होती है।
- यह अम्ल और क्षार के H⁺ और OH⁻ आयनों के संयोग से जल बनाने की अभिक्रिया है।
किसी पदार्थ को द्रव अवस्था में लाए बिना उसे ठोस अवस्था से सीधे गैस अवस्था में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
- उर्ध्वपातन
- निक्षेप
- वाष्पीकरण
- संपीडन
Explanation:
- ठोस से सीधे गैस में बदलने की प्रक्रिया को उर्ध्वपातन (Sublimation) कहते हैं (बिना द्रव अवस्था में आए)।
- उदाहरण: कपूर (camphor), शुष्क बर्फ (dry ice, CO₂), नेफ़थलीन (मोथबॉल)।
- निक्षेपण (Deposition) – गैस से सीधे ठोस में परिवर्तन (उर्ध्वपातन का विपरीत)।
Quick Facts:
- उर्ध्वपातन के विपरीत प्रक्रिया को ‘निक्षेपण’ (Deposition) कहते हैं।
- शुष्क बर्फ (ठोस CO₂) कमरे के ताप पर सीधे गैस में बदल जाती है – उर्ध्वपातन।
उस प्रयोग से, जिसमें पोटेशियम परमैंगनेट का विलयन बार-बार तनु करने पर भी रंगीन बना रहता है, क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
- पदार्थ के कण अत्यंत छोटे होते हैं और निरंतर गतिशील रहते हैं।
- पदार्थ के कण निश्चित और स्थिर होते हैं।
- पदार्थ के कण बिना सूक्ष्मदर्शी के दिखाई देते हैं।
- पदार्थ के कण कोई भी रिक्त स्थान नहीं घेरते हैं।
Explanation:
- पोटेशियम परमैंगनेट (KMnO₄) का बार-बार तनुकरण (dilution) करने पर भी रंग बना रहता है, जो दर्शाता है कि पदार्थ के कण अत्यंत छोटे (बहुत सूक्ष्म) होते हैं और निरंतर गतिशील (moving) रहते हैं – विलयन में फैल जाते हैं (विसरण, diffusion)।
- यह पदार्थ के कणिका सिद्धांत (particulate nature of matter) का समर्थन करता है।
Quick Facts:
- यह ‘विसरण’ (diffusion) का उदाहरण है – कण उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर जाते हैं।
उच्च ऊष्मीय चालकता वाली सामग्री की पहचान कीजिए।
- लकड़ी
- जल
- बर्फ
- ऊष्मारोधी ईंट
Explanation:
- बर्फ (Ice) की ऊष्मीय चालकता (thermal conductivity) अन्य विकल्पों (लकड़ी, जल, ऊष्मारोधी ईंट) की तुलना में अधिक होती है (हालाँकि धातुओं से कम)।
- बर्फ ऊष्मा का अपेक्षाकृत अच्छा चालक है (तुलना में जल कुचालक है, लकड़ी/ईंट भी कुचालक हैं)।
- धातुएँ उच्चतम ऊष्मीय चालक होती हैं, पर विकल्पों में बर्फ सबसे उपयुक्त है।
Quick Facts:
- ऊष्मीय चालकता का क्रम: धातु > बर्फ > जल > लकड़ी
- बर्फ की चालकता ≈ 2.2 W/m·K, जल ≈ 0.6, लकड़ी ≈ 0.1-0.2
अभिक्रिया 2H₂ + O₂ → 2H₂O में, यदि 5 मोल H₂ और 2 मोल O₂ मिलाए जाते हैं, तो सीमाकारी अभिकर्मक है:
- H₂
- CO₂
- H₂O
- O₂
Explanation:
- समीकरण: 2H₂ + O₂ → 2H₂O (2 मोल H₂, 1 मोल O₂ अभिक्रिया करते हैं)
- 5 मोल H₂ के लिए आवश्यक O₂ = 5/2 = 2.5 मोल O₂
- पर उपलब्ध O₂ = 2 मोल (कम है), इसलिए O₂ सीमाकारी अभिकर्मक (limiting reagent) है।
- H₂ अतिरिक्त (excess) है (5 मोल में से 4 मोल उपयोग होंगे, 1 मोल बचेगा)।
Quick Facts:
- सीमाकारी अभिकर्मक वह है जो पहले समाप्त हो जाता है और उत्पाद की मात्रा निर्धारित करता है।
निम्नलिखित में से क्या क्षार के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल बनाता है?
- हाइड्रोजन सल्फाइड
- चाक
- सल्फर डाइऑक्साइड
- लेड
Explanation:
- क्षार (Base) के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल बनाने वाले पदार्थ अम्ल (Acids) या उभयधर्मी (amphoteric) पदार्थ होते हैं।
- लेड (Pb) एक उभयधर्मी धातु है, जो क्षार (जैसे NaOH) के साथ अभिक्रिया करके लेडेट (जैसे Na₂PbO₂) और जल बना सकता है (पर यह लवण+जल है?)
- वास्तव में, अम्ल + क्षार → लवण + जल – यहाँ ‘क्षार’ के साथ लवण+जल बनाने के लिए ‘अम्ल’ की आवश्यकता होती है।
- SO₂ (सल्फर डाइऑक्साइड) – अम्लीय ऑक्साइड है, क्षार के साथ अभिक्रिया करके लवण+जल बनाता है (SO₂ + 2NaOH → Na₂SO₃ + H₂O) – यह सही हो सकता है। पर विकल्पों में ‘लेड’ दिया है, जो उभयधर्मी है।
Quick Facts:
- अम्लीय ऑक्साइड (SO₂, CO₂) + क्षार → लवण + जल
- उभयधर्मी ऑक्साइड/धातु (ZnO, Al₂O₃, Pb) भी क्षार के साथ लवण+जल बनाते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, एक रासायनिक गुणधर्म को संदर्भित करता है?
- क्वथनांक
- गलनांक
- तरलता
- वायु में ज्वलन
Explanation:
- रासायनिक गुणधर्म (Chemical property) – वे गुण जो किसी पदार्थ की रासायनिक अभिक्रिया करने की क्षमता को दर्शाते हैं, जैसे ज्वलनशीलता (flammability), अभिक्रियाशीलता, विषाक्तता, आदि।
- क्वथनांक, गलनांक, तरलता – ये भौतिक गुणधर्म (Physical properties) हैं (बिना रासायनिक परिवर्तन के मापे जा सकते हैं)।
Quick Facts:
- रासायनिक गुण: ज्वलन, क्षरण (rusting), अम्ल/क्षार के साथ अभिक्रिया
- भौतिक गुण: रंग, घनत्व, गलनांक, क्वथनांक, चालकता
पोटेशियम और सोडियम जैसी धातुओं का ठंडे जल के साथ अभिक्रिया करने पर ______ के उत्सर्जन के साथ एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया घटित होती है।
- ऑक्सीजन गैस
- क्लोरीन गैस
- हाइड्रोजन गैस
- जल वाष्प
Explanation:
- सक्रिय धातुएँ (Na, K) ठंडे जल के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन (H₂) गैस उत्सर्जित करती हैं और ऊष्मा उत्पन्न होती है (ऊष्माक्षेपी)।
- 2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂ ↑
- 2K + 2H₂O → 2KOH + H₂ ↑
Quick Facts:
- ये धातुएँ जल पर तैरती हैं और H₂ गैस के साथ प्रज्वलित (ignite) हो सकती हैं।
निम्न में से किसका घनत्व सबसे कम होता है?
- तरल
- सोडियम
- पारा
- गैस
Explanation:
- गैसों (Gases) का घनत्व (density) सबसे कम होता है, क्योंकि उनके कणों के बीच बहुत अधिक रिक्त स्थान (inter-particle space) होता है।
- ठोस > द्रव > गैस (घनत्व का सामान्य क्रम)
- सोडियम (ठोस) का घनत्व ≈ 0.97 g/cm³, पारा (द्रव) ≈ 13.6 g/cm³, तरल (सामान्य) > गैस
Quick Facts:
- गैसों का घनत्व बहुत कम होता है (वायु ≈ 1.2 kg/m³, जल ≈ 1000 kg/m³)
निम्नलिखित विकल्पों में से कौन-सा, कार्बन का एक अपरूप है?
- हीरा
- क्वार्टज
- फिटकिरी
- चूना पत्थर
Explanation:
- कार्बन (Carbon) के अपरूप (allotropes): हीरा (Diamond), ग्रेफाइट (Graphite), फुलेरीन (Fullerenes), ग्राफीन (Graphene) आदि।
- क्वार्टज (SiO₂), फिटकिरी (Alum), चूना पत्थर (CaCO₃) – कार्बन के अपरूप नहीं हैं।
Quick Facts:
- अपरूप: एक ही तत्व के विभिन्न भौतिक रूप (जैसे C – हीरा, ग्रेफाइट)
- हीरा सबसे कठोर, ग्रेफाइट नरम और विद्युत चालक।
निम्नलिखित में से कौन सा कारक वाष्पीकरण की दर को कम करता है?
- तापमान में वृद्धि
- नमी
- सतह क्षेत्र में वृद्धि
- हवा की गति में वृद्धि
Explanation:
- नमी (Humidity) – वायु में जलवाष्प की मात्रा बढ़ने पर वाष्पीकरण (evaporation) की दर कम हो जाती है, क्योंकि वायु पहले से ही जलवाष्प से संतृप्त (saturated) होने की ओर होती है।
- तापमान बढ़ने, सतह क्षेत्र बढ़ने, हवा की गति बढ़ने – सभी वाष्पीकरण की दर बढ़ाते हैं।
Quick Facts:
- उच्च आर्द्रता (humidity) पर, पसीना कम वाष्पित होता है, इसलिए गर्मी अधिक महसूस होती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प विषमांगी मिश्रण को सर्वोत्तम रूप से परिभाषित करता है?
- एक शुद्ध पदार्थ जिसे रासायनिक तरीकों से और अधिक तोड़ा नहीं जा सकता।
- ऐसा मिश्रण जिसमें घटक समान रूप से वितरित नहीं होते हैं तथा उन्हें आसानी से अलग-अलग देखा जा सकता है।
- दो या अधिक तत्वों के रासायनिक संयोजन से बना यौगिक।
- ऐसा मिश्रण जिसमें घटक समान रूप से वितरित होते हैं और एक दूसरे से अलग नहीं हो सकते।
Explanation:
- विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous mixture) – जिसमें घटक समान रूप से वितरित नहीं होते, और उन्हें नग्न आँखों या सूक्ष्मदर्शी से अलग-अलग देखा जा सकता है (जैसे रेत+पानी, तेल+पानी)।
- समांगी (Homogeneous) – घटक समान रूप से वितरित (जैसे नमक+पानी, हवा)।
Quick Facts:
- विषमांगी: सलाद, मिट्टी, धूल; समांगी: विलयन, मिश्र धातुएँ।
द्रव अवस्था से ठोस अवस्था में बदलने की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
- वाष्पन
- हिमीकरण
- उर्ध्वपातन
- वाष्पीकरण
Explanation:
- द्रव (liquid) से ठोस (solid) में परिवर्तन को हिमीकरण (Solidification/Freezing) कहते हैं।
- जल → बर्फ (0°C पर) – हिमीकरण का उदाहरण है।
- वाष्पन/वाष्पीकरण – द्रव → गैस, उर्ध्वपातन – ठोस → गैस
Quick Facts:
- हिमीकरण के दौरान, कणों की गतिज ऊर्जा घटती है और वे व्यवस्थित हो जाते हैं।
वह कौन-सी प्रक्रिया है, जिसके द्वारा किसी गैस को ठोस में परिवर्तित किया जाता है?
- निक्षेपण
- उर्ध्वपातन
- वाष्पीकरण
- हिमकरण
Explanation:
- गैस (gas) से सीधे ठोस (solid) में परिवर्तन को निक्षेपण (Deposition) कहते हैं (उर्ध्वपातन का विपरीत)।
- उदाहरण: जलवाष्प (गैस) → बर्फ (ठोस) (तुषार, frost) – निक्षेपण।
- हिमीकरण – द्रव → ठोस, वाष्पीकरण – द्रव → गैस
Quick Facts:
- निक्षेपण = गैस → ठोस (उदा: CO₂ गैस → शुष्क बर्फ, पर यह उर्ध्वपातन का विपरीत है)।
निम्नलिखित में से कौन सा रसायन शुष्क बर्फ के नाम से जाना जाता है?
- लेड सल्फेट
- नाइट्रोजन
- सांद्र नाइट्रिक एसिड
- ठोस कार्बन डाइऑक्साइड
Explanation:
- शुष्क बर्फ (Dry ice) – ठोस कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) है, जो कमरे के ताप पर सीधे गैस में बदल जाती है (उर्ध्वपातन)।
- इसका उपयोग शीतलन (refrigeration) और विशेष प्रभावों (smoke) में होता है।
Quick Facts:
- शुष्क बर्फ का तापमान ≈ -78.5°C होता है।
निम्न में उच्च प्रतिरोधकता वाले कुचालक की पहचान कीजिये।
- कांच
- हीरा
- कठोर रबर
- सूखा कागज
Explanation:
- कठोर रबर (Hard rubber) एक उच्च प्रतिरोधकता (resistivity) वाला कुचालक (insulator) है, जिसका उपयोग विद्युत विद्युतरोधन (electrical insulation) में होता है।
- कांच, हीरा, सूखा कागज भी कुचालक हैं, पर कठोर रबर की प्रतिरोधकता सबसे अधिक होती है (≈ 10¹³ – 10¹⁵ Ω·m)।
Quick Facts:
- प्रतिरोधकता क्रम: कठोर रबर > कांच > हीरा (अर्धचालक भी हो सकता है)
जब मैग्नीशियम हवा में जलता है तो लौ का रंग क्या होता है?
- सफेद
- गुलाबी
- हरा
- लाल
Explanation:
- मैग्नीशियम (Mg) हवा में जलने पर तेज सफेद (dazzling white) लौ (flame) देता है और सफेद MgO (मैग्नीशियम ऑक्साइड) बनाता है।
- 2Mg + O₂ → 2MgO + प्रकाश/ऊष्मा
- इसका उपयोग फोटोग्राफिक फ्लैश में होता है।
Quick Facts:
- MgO सफेद रंग का होता है, और Mg की लौ सफेद होती है (अन्य धातुओं की तरह रंगीन नहीं)।
___ भरते समय, ___ को आसानी से संपीड़ित किया जा सकता है, इसलिए उन्हें उच्च दबाव पर एक पात्र में भरा जा सकता है।
- ठोस पदार्थ; ठोस; गैस
- गैस कंटेनर; पानी; गैस
- पानी का टैंकर; पानी; पानी
- गैस कंटेनर; गैस; गैस
Explanation:
- गैसों (Gases) को आसानी से संपीड़ित (compress) किया जा सकता है, क्योंकि उनके कणों के बीच बहुत अधिक रिक्त स्थान होता है।
- इसलिए गैसों को उच्च दबाव पर गैस कंटेनर (gas cylinder) में भरा जा सकता है (जैसे LPG, O₂ सिलेंडर)।
Quick Facts:
- ठोस और द्रव संपीड्य (compressible) नहीं होते (या बहुत कम)।
पदार्थ की एक अवस्था को दूसरी अवस्था में कैसे बदला जा सकता है?
- विकिरण ऊर्जा को अवशोषित करके
- विद्युतअपघट्यों का उपयोग करके
- दाब बढ़ाकर
- अम्ल और क्षारकों का उपयोग करके
Explanation:
- पदार्थ की अवस्था (state) को दाब (pressure) और तापमान (temperature) बदलकर परिवर्तित किया जा सकता है।
- दाब बढ़ाने पर गैस द्रव/ठोस में बदल सकती है (जैसे CO₂ को दबाव में तरल करना)।
- विकल्पों में ‘दाब बढ़ाकर’ सही है (तापमान भी एक कारक है, पर विकल्पों में दाब ही है)।
Quick Facts:
- अवस्था परिवर्तन: तापमान/दाब द्वारा (जैसे बर्फ → जल → भाप)
निम्नलिखित में से कौन सा कथन विभिन्न माध्यमों में ध्वनि की गति के बारे में सत्य है/हैं? A. इस्पात में, ध्वनि की गति 5960 मी/सेकंड होती है। B. निकल में, ध्वनि की गति 6240 किमी/सेकंड होती है।
- केवल A सत्य है
- न तो A और न ही B सत्य है
- A और B दोनों सत्य हैं
- केवल B सत्य है
Explanation:
- कथन A: इस्पात (Steel) में ध्वनि की गति ≈ 5960 m/s (लगभग 5.96 km/s) – यह सत्य है।
- कथन B: निकल (Nickel) में ध्वनि की गति ≈ 6240 m/s (लगभग 6.24 km/s) – पर यहाँ ‘6240 किमी/सेकंड’ (km/s) दिया है, जो गलत है (6240 m/s ≈ 6.24 km/s, 6240 km/s नहीं)।
- अतः केवल A सत्य है।
Quick Facts:
- ध्वनि की गति: ठोस > द्रव > गैस
- इस्पात में v ≈ 5960 m/s, निकल में ≈ 6240 m/s
निम्नलिखित में से किसके साथ शुष्क बुझा हुआ चूना [Ca(OH)₂] मिलाकर ब्लीचिंग पाउडर बनाया जाता है?
- हाइड्रोजन गैस
- कार्बन डाइऑक्साइड गैस
- जल
- क्लोरीन गैस
Explanation:
- ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) शुष्क बुझे चूने (Ca(OH)₂) पर क्लोरीन (Cl₂) गैस की क्रिया से बनता है।
- Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
Quick Facts:
- ब्लीचिंग पाउडर = कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड
निम्नलिखित में से कौन-सा शुद्ध पदार्थ केवल एक प्रकार के परमाणु से बना है?
- जल
- हवा
- सोडियम
- दूध
Explanation:
- शुद्ध पदार्थ (Pure substance) जो केवल एक प्रकार के परमाणु (atom) से बना हो – वह तत्व (Element) है।
- सोडियम (Na) – एक तत्व है, केवल Na परमाणुओं से बना है।
- जल (H₂O) – यौगिक (दो प्रकार के परमाणु), हवा – मिश्रण, दूध – मिश्रण।
Quick Facts:
- तत्व: शुद्ध पदार्थ, एक प्रकार के परमाणु (जैसे Na, Fe, O₂)
- यौगिक: दो या अधिक प्रकार के परमाणु (जैसे H₂O, NaCl)
पानी ठोस अवस्था में ___ के रूप में पाया जाता है।
- बर्फ
- वाष्प
- झाग
- बादल
Explanation:
- जल (H₂O) की ठोस अवस्था को बर्फ (Ice) कहते हैं।
- वाष्प – गैस अवस्था, बादल/झाग – द्रव/गैस मिश्रण (कोलॉइड)।
Quick Facts:
- बर्फ का घनत्व जल से कम होता है, इसलिए बर्फ तैरती है।
पैकेज्ड खाद्य पदार्थों को खराब होने से बचाने के लिए प्रायः किस गैस की फ्लशिंग (Flushing) को प्राथमिकता दी जाती है?
- नाइट्रोजन
- नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
- नाइट्रिक ऑक्साइड
- डाइनाइट्रोजन ट्राइऑक्साइड
Explanation:
- खाद्य पदार्थों को ऑक्सीकरण (rancidity) से बचाने के लिए पैकेटों में नाइट्रोजन (N₂) गैस भरी जाती है (flushing), क्योंकि N₂ अक्रिय (inert) है और O₂ को विस्थापित कर देती है, जिससे ऑक्सीकरण रुक जाता है।
- चिप्स के पैकेट में नाइट्रोजन भरी होती है।
Quick Facts:
- नाइट्रोजन का उपयोग ‘संशोधित वातावरण पैकेजिंग’ (Modified Atmosphere Packaging) में होता है।
पौधे की कोशिकाएँ अपने आकार में परिवर्तन किसकी मात्रा में परिवर्तन करके करती हैं, जिसके परिणामस्वरूप सूजन या सिकुड़न होती है, और इसलिए आकार में परिवर्तन होता है?
- कार्बन डाइऑक्साइड
- वसा
- क्लोरोफिल
- पानी
Explanation:
- पौधों की कोशिकाएँ जल (पानी) की मात्रा में परिवर्तन (परासरण, osmosis) के कारण सूजती (turgid) या सिकुड़ती (flaccid) हैं, जिससे उनका आकार बदलता है।
- रिक्तिका (vacuole) में जल का प्रवाह/बहिर्वाह कोशिका के आकार को नियंत्रित करता है।
Quick Facts:
- यह ‘परासरण’ (osmosis) की प्रक्रिया है – जल का अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से संचलन।
निम्नलिखित में से किस परिवर्तन में ऊष्मा अवशोषण और ठोस अवस्था से द्रव अवस्था में परिवर्तन दोनों शामिल हैं?
- भाप का संघनन
- जल का हिमीकरण
- कपूर का ऊर्ध्वपातन
- बर्फ का पिघलना
Explanation:
- बर्फ का पिघलना (Melting of ice) – इसमें ठोस → द्रव परिवर्तन होता है, और इसके लिए ऊष्मा अवशोषित (absorbed) होती है (गुप्त ऊष्मा, latent heat of fusion)।
- संघनन – गैस → द्रव (ऊष्मा उत्सर्जित), हिमीकरण – द्रव → ठोस (ऊष्मा उत्सर्जित), उर्ध्वपातन – ठोस → गैस (ऊष्मा अवशोषित, पर द्रव नहीं)।
Quick Facts:
- बर्फ का पिघलना ऊष्माशोषी (endothermic) है – 334 J/g (गुप्त ऊष्मा) की आवश्यकता होती है।
घर्षण कम करने के लिए किसी मशीन के गतिशील भागों के बीच क्या रखा जा सकता है?
- रेजिन
- एयर कुशन
- अपघर्षक
- खुरदरी सामग्री
Explanation:
- घर्षण (friction) कम करने के लिए एयर कुशन (air cushion) या स्नेहक (lubricants) का उपयोग किया जाता है, जो सतहों के बीच एक पतली परत बनाकर सीधे संपर्क को कम करते हैं।
- रेजिन (resin) – चिपकाने/बढ़ाने के लिए, अपघर्षक – घर्षण बढ़ाने के लिए, खुरदरी सामग्री – घर्षण बढ़ाती है।
Quick Facts:
- होवरक्राफ्ट (hovercraft) एयर कुशन पर चलता है, जिससे घर्षण बहुत कम हो जाता है।
कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड से कैल्शियम कार्बोनेट और जल बनाने के लिए कौन-सी गैस प्रवाहित की जाती है?
- हीलियम गैस
- ऑक्सीजन गैस
- कार्बन डाइऑक्साइड गैस
- हाइड्रोजन गैस
Explanation:
- Ca(OH)₂ (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड, बुझा चूना) + CO₂ → CaCO₃ (कैल्शियम कार्बोनेट) + H₂O
- यह चूने के पानी (lime water) को CO₂ के साथ दूधिया (milky) करने की अभिक्रिया है।
Quick Facts:
- यह CO₂ की पहचान (test) के लिए उपयोगी है।
रामू को जल से भरा एक टब दिया गया है जिसका अपवर्तनांक 1.33 है, तेल का एक मग जिसका अपवर्तनांक 1.46 है, ग्लिसरीन की एक बोतल जिसका अपवर्तनांक 1.5 है और एक काँच की पट्टी जिसका अपवर्तनांक 1.65 है। प्रकाश सबसे तेज किसमें गति करेगा:
- जल
- तेल
- ग्लिसरीन
- काँच
Explanation:
- प्रकाश की चाल (v) = c / μ (जहाँ c = निर्वात में चाल, μ = अपवर्तनांक)
- v ∝ 1/μ – अपवर्तनांक जितना कम, चाल उतनी अधिक।
- जल का μ = 1.33 (सबसे कम), इसलिए प्रकाश की चाल जल में सबसे अधिक होगी।
- तेल (1.46), ग्लिसरीन (1.5), काँच (1.65) – इनमें चाल कम है।
Quick Facts:
- निर्वात में प्रकाश की चाल सबसे अधिक (c = 3×10⁸ m/s) होती है, माध्यम में कम हो जाती है।
ठोस से गैस अवस्था में परिवर्तन पर कणों के बीच का स्थान किस प्रकार बदलता है?
- ठोस और गैस के कणों के बीच सदैव बराबर स्थान होता है
- ठोस से गैस अवस्था में परिवर्तन होने पर स्थान बढ़ता जाता है
- पदार्थ की अवस्था परिवर्तन के दौरान स्थान अपरिवर्तित रहता है
- ठोस से गैस अवस्था में परिवर्तन होने पर स्थान कम होता जाता है
Explanation:
- ठोस → द्रव → गैस: कणों के बीच का अंतर-कण स्थान (inter-particle space) बढ़ता जाता है (गैस में सबसे अधिक)।
- ठोस में कण निकट (close) होते हैं, गैस में बहुत दूर (far apart)।
Quick Facts:
- कणों के बीच आकर्षण बल: ठोस > द्रव > गैस
जैविक प्रक्रियाओं द्वारा आसानी से विघटित होने वाले पदार्थों को कहा जाता है।
- नरम पदार्थ
- जैवनिम्नीकरणीय
- कठोर पदार्थ
- अजैवनिम्नीकरणीय
Explanation:
- जो पदार्थ जैविक प्रक्रियाओं (सूक्ष्मजीवों, बैक्टीरिया) द्वारा आसानी से विघटित (decompose) हो जाते हैं, उन्हें जैवनिम्नीकरणीय (Biodegradable) कहते हैं (जैसे खाद्य अपशिष्ट, कागज)।
- अजैवनिम्नीकरणीय (Non-biodegradable) – प्लास्टिक, कांच – विघटित नहीं होते।
Quick Facts:
- जैवनिम्नीकरणीय कचरा पर्यावरण के लिए कम हानिकारक है (कम्पोस्टिंग)।
निम्नलिखित में से कौन सबसे कमजोर चालक है?
- बैकेलाइट
- पीतल
- डायमंड
- तरल हीलियम
Explanation:
- बैकेलाइट (Bakelite) – एक प्लास्टिक है, जो विद्युत का कुचालक (insulator) है, इसलिए यह सबसे कमजोर चालक है।
- पीतल (Brass) – धातु (सुचालक), डायमंड – कार्बन का अपरूप (कुचालक, पर बैकेलाइट से भी कमजोर), तरल हीलियम – अतिचालक (superconductor) बन सकता है (अत्यंत कम ताप पर)।
Quick Facts:
- बैकेलाइट का उपयोग विद्युत स्विच, प्लग में (कुचालक के रूप में) होता है।
जब धातु अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो प्रायः कौन सी गैस उत्पन्न होती है?
- कार्बन डाइऑक्साइड
- ऑक्सीजन
- हाइड्रोजन
- नाइट्रोजन
Explanation:
- धातु (Metal) + अम्ल (Acid) → लवण (Salt) + हाइड्रोजन (H₂) गैस
- उदाहरण: Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂↑
- हाइड्रोजन गैस का परीक्षण: पॉप (pop) ध्वनि के साथ जलती हुई माचिस पर H₂ जलता है।
Quick Facts:
- HNO₃ (नाइट्रिक अम्ल) H₂ नहीं देता (ऑक्सीकारक होने के कारण)।
उच्च सांद्रता वाले स्थान से कम सांद्रता वाले स्थानों पर अणुओं के आवागमन की प्रक्रिया को किस रूप में जाना जाता है?
- वाष्पन
- विसरण
- ऊर्ध्वपातन
- संघनन
Explanation:
- अणुओं (या कणों) का उच्च सांद्रता (high concentration) से निम्न सांद्रता (low concentration) की ओर जाना विसरण (Diffusion) कहलाता है।
- यह एक निष्क्रिय (passive) प्रक्रिया है, जो सांद्रता प्रवणता (concentration gradient) के कारण होती है।
Quick Facts:
- विसरण: गंध का फैलना, KMnO₄ का पानी में फैलना – उदाहरण हैं।
दो अलग-अलग प्रकार के पदार्थों के कणों का परस्पर मिलना कहलाता है।
- संघनन
- निसरण
- विखंडन
- विसरण
Explanation:
- दो अलग-अलग पदार्थों के कणों का आपस में मिलना (intermingling) विसरण (Diffusion) कहलाता है।
- उदाहरण: इत्र (perfume) की गंध का फैलना, पानी में डाई का फैलना।
Quick Facts:
- विसरण की दर गैसों में सबसे अधिक होती है (कण बहुत तेजी से चलते हैं)।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है/हैं? A. ठोस CO₂ को शुष्क बर्फ के रूप में जाना जाता है। B. द्रव के कण वाष्पीकरण के दौरान खोई हुई ऊर्जा को पुनः प्राप्त करने के लिए आसपास से ऊर्जा को अवशोषित करते हैं। C. ठोस CO₂ सीधे गैसीय अवस्था में परिवर्तित हो जाती है।
- सभी असत्य हैं
- A और C असत्य हैं, B सत्य है
- A और C सत्य हैं, B असत्य है
- सभी सत्य हैं
Explanation:
- कथन A: ठोस CO₂ = शुष्क बर्फ – सत्य
- कथन B: वाष्पीकरण (evaporation) में द्रव के कण ऊर्जा अवशोषित (absorb) करते हैं (आसपास से), खोती नहीं – यह गलत है (वाष्पीकरण ऊष्माशोषी, endothermic है, कण ऊर्जा प्राप्त करते हैं, खोते नहीं)।
- कथन C: ठोस CO₂ (शुष्क बर्फ) सीधे गैस में बदल जाती है (उर्ध्वपातन) – सत्य
- अतः A और C सत्य, B असत्य
Quick Facts:
- वाष्पीकरण के दौरान, द्रव के कण ऊर्जा अवशोषित करते हैं (आसपास से ऊष्मा लेते हैं, जिससे ठंडक महसूस होती है)।
लाल और नीले इन प्राथमिक रंगों को मिला कर हम कौन सा द्वितीयक रंग प्राप्त कर सकते हैं?
- सफेद
- पीला
- मजेंटा
- सियान
Explanation:
- प्रकाश (प्रकाशीय) रंगों में, लाल (Red) और नीला (Blue) (प्राथमिक रंग) मिलाने पर मजेंटा (Magenta) प्राप्त होता है (द्वितीयक रंग)।
- प्राथमिक रंग: लाल, हरा, नीला (RGB); द्वितीयक: सियान (हरा+नीला), मजेंटा (लाल+नीला), पीला (लाल+हरा)
- पिगमेंट (रंगद्रव्य) के लिए, लाल+नीला → बैंगनी (purple) या मजेंटा (magenta) – पर विकल्पों में मजेंटा है।
Quick Facts:
- प्रकाशीय रंग मॉडल (RGB): लाल+नीला = मजेंटा
प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक सूत्र क्या है?
- CaCO₃
- CaSO₄·½H₂O
- CaSO₄
- CaSO₄·2H₂O
Explanation:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) का सूत्र CaSO₄·½H₂O (कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट) है।
- CaSO₄·2H₂O = जिप्सम (Gypsum), CaCO₃ = चूना पत्थर, CaSO₄ = निर्जल कैल्शियम सल्फेट
Quick Facts:
- POP + जल → जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) – सेटिंग (setting) प्रक्रिया
तापमान बढ़ाने पर किस पदार्थ की अवस्था में सबसे अधिक प्रसार होता है?
- ठोस
- द्रव
- प्लाज्मा
- गैसें
Explanation:
- तापमान बढ़ाने पर गैसों (Gases) में सबसे अधिक प्रसार (expansion) होता है, क्योंकि गैसों के कणों के बीच अंतर-कण बल न्यूनतम होते हैं, और वे ताप के साथ बहुत अधिक गतिज ऊर्जा ग्रहण करते हैं, जिससे उनका आयतन अत्यधिक बढ़ जाता है।
- प्रसार क्रम: गैस > द्रव > ठोस
Quick Facts:
- गैसों का आयतन प्रसार गुणांक (coefficient of volume expansion) सबसे अधिक होता है।
निम्नलिखित में से कौन इस समूह से संबंधित नहीं है? a. पारा b. पैराफिन c. नारियल का तेल d. तलछट
- C
- B
- A
- D
Explanation:
- पारा (Mercury) – द्रव धातु, पैराफिन (Paraffin) – ठोस हाइड्रोकार्बन (मोम), नारियल का तेल (Coconut oil) – द्रव/वसा (तैलीय)।
- तलछट (Sediment) – यह एक अवक्षेप (precipitate) या जमा हुआ ठोस पदार्थ है, जो अन्य तीन (पारा, पैराफिन, तेल) से भिन्न है (ये सभी तरल/नरम ठोस हैं, तलछट कणिका है)।
Quick Facts:
- तलछट (Sediment) = निलंबन (suspension) में ठोस कण जो नीचे बैठ जाते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प द्रवों के गुण का प्रतिनिधित्व नहीं करता है?
- द्रवों का कोई निश्चित आकार नहीं होता है।
- द्रव बहते हैं और अपना आकार बदलते है।
- द्रवों का आयतन निश्चित नहीं होता है।
- द्रव जिस पात्र में रखें जाते हैं, उसका आकार ग्रहण करते हैं।
Explanation:
- द्रव (Liquids) का आयतन निश्चित (definite volume) होता है (वे संपीड्य नहीं होते), पर आकार निश्चित नहीं होता (वे पात्र का आकार ले लेते हैं)।
- गैसों का आयतन निश्चित नहीं होता (वे आयतन में फैल जाती हैं)।
- अतः “द्रवों का आयतन निश्चित नहीं होता है” – यह गलत कथन है, क्योंकि द्रवों का आयतन निश्चित होता है।
Quick Facts:
- द्रव: निश्चित आयतन, अनिश्चित आकार; गैस: अनिश्चित आयतन और आकार
कौन-सा कथन वाष्पीकरण की प्रक्रिया को सही ढंग से परिभाषित करता है?
- जैसे ही गर्म करने पर यह ठोस को सीधे वाष्प में परिवर्तित कर देता है।
- यह केवल द्रव के क्वथनांक पर ही होता है।
- यह क्वथनांक से नीचे पृष्ठ से द्रव को गैस में परिवर्तित कर देता है।
- गैसीय रूप में परिवर्तित होने से पूर्व द्रव का जमना इसके लिए आवश्यक है।
Explanation:
- वाष्पीकरण (Evaporation) – द्रव का क्वथनांक (boiling point) से नीचे तापमान पर, सतह (surface) से गैस में परिवर्तन है।
- यह पूरे द्रव में नहीं (जैसे क्वथन, boiling) होता, बल्कि सतह पर होता है।
- ठोस → वाष्प = उर्ध्वपातन (sublimation)।
Quick Facts:
- वाष्पीकरण की दर: तापमान, सतह क्षेत्र, वायु की गति, आर्द्रता पर निर्भर करती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा प्रदूषक, अम्ल वर्षा के निर्माण से सबसे निकटता से जुड़ा हुआ है?
- अमोनिया
- मीथेन
- ओजोन
- सल्फर डाइऑक्साइड
Explanation:
- अम्ल वर्षा (Acid rain) – वायुमंडल में SO₂ (सल्फर डाइऑक्साइड) और NOₓ (नाइट्रोजन ऑक्साइड) के जल/ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया से H₂SO₄ और HNO₃ बनने के कारण होती है।
- SO₂ मुख्यतः कोयला/तेल के दहन से निकलता है, इसलिए अम्ल वर्षा से निकटतम संबंध है।
Quick Facts:
- अम्ल वर्षा का pH < 5.6 होता है, जो पेड़ों, इमारतों, जल स्रोतों को नुकसान पहुँचाता है।
निम्नलिखित में से किस लवण में क्रिस्टलीकरण जल नहीं होता है?
- खाने का सोडा
- वॉशिंग सोडा
- नीला थोथा
- जिप्सम
Explanation:
- खाने का सोडा (Baking soda, NaHCO₃) – इसमें क्रिस्टलीकरण का जल (water of crystallization) नहीं होता है (यह एक जलरहित, anhydrous यौगिक है)।
- वाशिंग सोडा (Na₂CO₃·10H₂O) – 10 जल, नीला थोथा (CuSO₄·5H₂O) – 5 जल, जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) – 2 जल – सभी में क्रिस्टलीकरण जल होता है।
Quick Facts:
- क्रिस्टलीकरण का जल: क्रिस्टल जालक में बंधे जल के अणु (जैसे CuSO₄·5H₂O नीला, निर्जल CuSO₄ सफेद)।
एक प्रयोग में, 25 ग्राम अभिकारक A, 35 ग्राम अभिकारक B के साथ मिलकर 50 ग्राम उत्पाद C और कुछ मात्रा में उत्पाद D बनाता है। उत्पाद D का द्रव्यमान क्या है?
- 35 ग्राम
- 25 ग्राम
- 60 ग्राम
- 10 ग्राम
Explanation:
- द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass): अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = उत्पादों का कुल द्रव्यमान
- 25 g (A) + 35 g (B) = 50 g (C) + m (D)
- 60 = 50 + m ⇒ m = 10 g
Quick Facts:
- यह नियम लैवोज़ियर (Lavoisier) द्वारा दिया गया था।
जिसमें आलू तले जाते हैं, उसमें तेल की अशुद्धता (ऑक्सीकरण के कारण) को रोकने के लिए चिप्स की थैलियों को किस गैस से भरा जाता है?
- ऑक्सीजन
- हाइड्रोजन
- नाइट्रोजन
- क्लोरीन
Explanation:
- चिप्स की थैलियों में नाइट्रोजन (N₂) गैस भरी जाती है, ताकि ऑक्सीजन (O₂) न रहे और तेल का ऑक्सीकरण (rancidity) न हो, जिससे चिप्स खराब न हों।
- N₂ एक अक्रिय (inert) गैस है, जो ऑक्सीकरण को रोकती है।
Quick Facts:
- यह ‘संशोधित वातावरण पैकेजिंग’ (MAP) का एक उदाहरण है।
कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट के निर्माण में क्या उपयोग किया जाता है?
- सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
- सोडियम कार्बोनेट
- जिप्सम
- कॉपर सल्फेट
Explanation:
- कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (CaSO₄·½H₂O) = प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP)
- POP का निर्माण जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) को गर्म करके किया जाता है (CaSO₄·2H₂O → CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O)
Quick Facts:
- जिप्सम को 100°C-120°C पर गर्म करने पर POP बनता है।
पदार्थ के संदर्भ में निम्न में से कौन सा कथन सही नहीं है?
- पदार्थ कणों से बना होता है।
- पदार्थ के कणों के बीच अंतर होता है।
- पदार्थ के कणों के बीच कोई आकर्षण बल नहीं होता।
- पदार्थ के कण द्रव और वायु में सतत स्थानांतरित होते हैं।
Explanation:
- पदार्थ के कणों के बीच आकर्षण बल (intermolecular forces of attraction) होता है – यह सही है (यह बल ठोस में सबसे अधिक, गैस में सबसे कम होता है)।
- अतः “पदार्थ के कणों के बीच कोई आकर्षण बल नहीं होता” – यह गलत कथन है (आकर्षण बल विद्यमान है, पर गैसों में न्यूनतम)।
Quick Facts:
- अंतर-आण्विक बल: ठोस > द्रव > गैस
ओजोन का रासायनिक सूत्र क्या है?
- O₅
- O₂
- O₃
- O
Explanation:
- ओजोन (Ozone) का रासायनिक सूत्र O₃ है (ऑक्सीजन के तीन परमाणु)।
- O₂ = ऑक्सीजन गैस (डाइऑक्सीजन), O = परमाणु ऑक्सीजन
Quick Facts:
- ओजोन समताप मंडल (stratosphere) में UV विकिरण को अवशोषित करती है।
कार्बन यौगिकों का सहसंयोजक आबंधन आचरण इन यौगिकों की निम्नलिखित में से किस विशेषता से मेल खाता है?
- निम्न क्वथनांक
- निम्न गलनांक और निम्न क्वथनांक दोनों
- निम्न गलनांक
- उच्च चालकता
Explanation:
- सहसंयोजक (Covalent) यौगिकों में निम्न गलनांक (low melting point) और निम्न क्वथनांक (low boiling point) होते हैं, क्योंकि उनमें अंतर-आण्विक बल (van der Waals) दुर्बल होते हैं (आयनिक यौगिकों के विपरीत, जिनमें उच्च गलनांक होते हैं)।
- उच्च चालकता – आयनिक/धात्विक यौगिकों में होती है, सहसंयोजक में नहीं।
Quick Facts:
- सहसंयोजक यौगिक: कार्बनिक यौगिक, जैसे मीथेन, एथेन – कम गलनांक/क्वथनांक, विद्युत कुचालक।
निम्न में से कौन-सा/से कथन सत्य है? A. कठोरता: यह पदार्थ का ऐसा गुणधर्म है जो उसे उच्च दाब में भी मात्रा में कमी की अनुमति देता है और गैस यह गुणधर्म प्रदर्शित करते हैं। B. आकार: यह किसी पदार्थ का गुणधर्म है जो आसानी से प्रवाहित होता है और बाहरी बल देने पर यह अपना आकार में परिवर्तन होने देता है तथा यह गुणधर्म तरल पदार्थों और गैसों, दोनों द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
- A और B दोनों गलत हैं।
- केवल A सत्य है।
- केवल B सत्य है।
- A और B दोनों सच हैं।
Explanation:
- कथन A: “कठोरता” (hardness) का अर्थ संपीड्यता (compressibility) नहीं है। संपीड्यता (compressibility) गैसों का गुण है, पर “कठोरता” – विरूपण का प्रतिरोध करने की क्षमता (जैसे हीरा) – गलत परिभाषा है।
- कथन B: आकार बदलने का गुण (fluidity) द्रवों और गैसों में होता है, पर “आकार” (shape) – द्रव/गैस का कोई निश्चित आकार नहीं होता, वे पात्र का आकार ले लेते हैं – यह कथन भी स्पष्ट नहीं है, और इसे “आकार” कहना गलत है।
- अतः A और B दोनों गलत हैं।
Quick Facts:
- कठोरता – ठोसों का गुण; संपीड्यता – गैसों का गुण
- तरलता (fluidity) – द्रव/गैस का गुण (आकार बदलना)
निम्नलिखित में से कौन-सा ठोसों का सही गुणधर्म है?
- ठोस अत्यधिक संपीड्य होते हैं।
- ठोसों का कोई निश्चित आकार नहीं होता है।
- ठोसों में प्रबल अंतराआणविक बल होते हैं।
- ठोस आसानी से विसरित हो जाते हैं।
Explanation:
- ठोसों (Solids) में प्रबल अंतर-आणविक बल (strong intermolecular forces) होते हैं, जिससे उनके कण एक निश्चित स्थान पर बंधे रहते हैं और वे निश्चित आकार/आयतन रखते हैं।
- ठोस संपीड्य नहीं (अत्यल्प), उनका आकार निश्चित होता है, और वे विसरित (diffuse) नहीं होते।
Quick Facts:
- ठोस: निश्चित आकार, निश्चित आयतन, प्रबल आकर्षण बल, कम गतिज ऊर्जा
किसी द्रव के क्वथनांक पर क्या होता है?
- कण स्थिर रहते हैं और किसी भी प्रकार का संचलन नहीं करते।
- कण तरल रूप में रहते हुए थोड़ा सा प्रसार करते हैं।
- कण ऊर्जा का ह्रास करते हैं और एक-दूसरे के नजदीक आ जाते हैं।
- कण वाष्प में परिवर्तित होने के लिए पर्याप्त ऊर्जा प्राप्त करते हैं।
Explanation:
- क्वथनांक (Boiling point) पर, द्रव के कण इतनी ऊर्जा (गतिज ऊर्जा) प्राप्त कर लेते हैं कि वे अंतर-आण्विक बलों को तोड़कर वाष्प (गैस) में परिवर्तित हो जाते हैं (पूरे द्रव में, सतह के साथ-साथ अंदर भी)।
- यह एक अवस्था परिवर्तन है, जिसमें अतिरिक्त ऊर्जा (गुप्त ऊष्मा, latent heat of vaporization) की आवश्यकता होती है।
Quick Facts:
- क्वथनांक पर द्रव का वाष्प दाब (vapor pressure) वायुमंडलीय दाब के बराबर होता है।
ऊँट अपने कूबड़ में क्या संग्रहित करते हैं?
- जल
- वसा
- स्टार्च
- प्रोटीन
Explanation:
- ऊँट (Camel) अपने कूबड़ (hump) में वसा (fat) संग्रहित करता है, जो उसे ऊर्जा प्रदान करती है और पानी की कमी में जल का स्रोत भी बन सकती है (वसा का ऑक्सीकरण जल उत्पन्न करता है)।
- आम धारणा के विपरीत, ऊँट जल को कूबड़ में नहीं, बल्कि अपने पेट/रक्त में संग्रहित करता है।
Quick Facts:
- ऊँट का कूबड़ वसा का भंडार (energy reserve) है, जो उसे लंबे समय तक भोजन/जल के बिना जीने में मदद करता है।
समजातीय श्रेणी में यौगिकों के भौतिक गुणों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- उनके गलनांक और क्वथनांक समान होते हैं
- उनके गलनांक और क्वथनांक में नियमित परिवर्तन होता है
- कार्बन परमाणुओं की संख्या बढ़ने पर उनके क्वथनांक घटते हैं
- उनके भौतिक गुण नहीं बदलते हैं
Explanation:
- समजात श्रृंखला (Homologous series) में, गलनांक (melting point) और क्वथनांक (boiling point) में नियमित परिवर्तन (regular gradation) होता है – कार्बन परमाणुओं की संख्या बढ़ने पर गलनांक/क्वथनांक बढ़ते हैं (आण्विक द्रव्यमान बढ़ने पर अंतर-आण्विक बल बढ़ते हैं)।
- उनके भौतिक गुण समान नहीं होते, पर नियमित रूप से बदलते हैं।
Quick Facts:
- समजात श्रृंखला: सामान्य सूत्र, समान रासायनिक गुण, क्रमागत गलनांक/क्वथनांक में वृद्धि।
इनमें से किसके द्वारा लगाए जाने वाले घर्षण बलों को ‘ड्रैग’ नाम दिया गया है?
- जेल
- द्रव
- रेजिन
- रसायन
Explanation:
- ड्रैग (Drag) – किसी वस्तु की गति का विरोध करने वाला घर्षण बल, जो द्रव (fluids – तरल/गैस) द्वारा लगाया जाता है (जल प्रतिरोध, वायु प्रतिरोध)।
- इसे ‘द्रव घर्षण’ (fluid friction) या ‘वायु/जल प्रतिरोध’ भी कहते हैं।
Quick Facts:
- ड्रैग वेग, घनत्व, आकार आदि पर निर्भर करता है (F_drag ∝ v²)।
कौन-सा गुणधर्म सबसे अच्छी तरह से यह बताता है कि ठोस पदार्थों का एक निश्चित आकार और आयतन क्यों होता है?
- ये कण एक दूसरे के ऊपर से स्वतंत्र रूप से गुजर सकते हैं।
- इन कणों के बीच पर्याप्त रिक्त स्थान होता है।
- कण एक निश्चित नियम में सुव्यवस्थित रूप से पैक होते हैं।
- कण यादृच्छिक रूप से व्यवस्थित होते हैं।
Explanation:
- ठोसों में, कण एक निश्चित नियम (regular pattern) में सुव्यवस्थित (ordered arrangement) रूप से पैक (packed) होते हैं, जिससे उनका आकार और आयतन निश्चित होता है (कण मजबूती से बंधे होते हैं और केवल कंपन करते हैं)।
- द्रव/गैसों में कण यादृच्छिक (random) होते हैं, जिससे आकार अनिश्चित होता है।
Quick Facts:
- ठोस में कणों की व्यवस्था क्रिस्टलीय (crystalline) या आकारहीन (amorphous) हो सकती है।
कौन-सा शब्द ठोस पदार्थों में कणों की निकटता का वर्णन करता है?
- संपीड्यता
- अंतर-कण स्थान
- घनत्व
- दृढता
Explanation:
- ठोस पदार्थों में कणों की निकटता (closeness) को अंतर-कण स्थान (inter-particle space) द्वारा वर्णित किया जाता है – ठोस में अंतर-कण स्थान न्यूनतम होता है (कण बहुत निकट), इसलिए वे असंपीड्य होते हैं।
- संपीड्यता (compressibility) – आयतन में कमी, घनत्व (density) – द्रव्यमान/आयतन, दृढता (rigidity) – आकार बनाए रखना – ये सभी संबंधित हैं, पर ‘अंतर-कण स्थान’ सीधे निकटता को दर्शाता है।
Quick Facts:
- ठोस में अंतर-कण स्थान < द्रव < गैस
कौन-सा क्रियाकलाप दर्शाता है कि पदार्थ के कण निरंतर गतिमान रहते हैं?
- कमरे में इत्र की खुशबू फैल रही है
- जल को उसके क्वथनांक तक गर्म किया जा रहा है
- कक्ष तापमान पर बर्फ पिघल रही है
- जल से भरे गिलास के तल में चीनी जम रही है
Explanation:
- इत्र की खुशबू का कमरे में फैलना विसरण (diffusion) के कारण होता है, जो यह दर्शाता है कि पदार्थ के कण निरंतर गतिमान (moving continuously) रहते हैं।
- गर्म करना, पिघलना, चीनी का जमना – ये गति के बजाय ताप/अवस्था परिवर्तन या जमाव से संबंधित हैं।
Quick Facts:
- विसरण: कण उच्च सांद्रता (high concentration) से निम्न सांद्रता (low concentration) की ओर गति करते हैं।
- गंध का फैलना, दूध में चीनी का घुलना – ये सभी विसरण के उदाहरण हैं।
कौन सा कोशिकांग केवल पादप कोशिकाओं में पाया जाता है?
- सूत्रकणिका
- हरितलवक
- लयनकाय
- केन्द्रक
Explanation:
- हरितलवक (Chloroplast) केवल पादप कोशिकाओं (और कुछ शैवाल) में पाया जाता है, जिसमें क्लोरोफिल (chlorophyll) होता है और प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) होता है।
- सूत्रकणिका (Mitochondria) – सभी यूकेरियोटिक कोशिकाओं में, लयनकाय (Lysosomes) – जंतु कोशिकाओं में (पादपों में भी कुछ), केन्द्रक (Nucleus) – सभी यूकेरियोटिक कोशिकाओं में।
Quick Facts:
- हरितलवक में क्लोरोफिल होता है, जो प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलता है।
- पादप कोशिका में कोशिका भित्ति (cell wall) और रिक्तिका (vacuole) भी विशिष्ट होते हैं।
लवण (Salt) जल में घुल जाता है, क्योंकि
- जल के कणों के बीच आयनों के प्रवेश के लिए स्थान होता है
- जल में मिलाने पर यह शीघ्रता से बाष्पीकृत हो जाता है
- इसका घनत्व जल से कम होता है और यह आसानी से प्लवन करता है
- यह कक्ष तापमान पर पिघलकर द्रव बन जाता है
Explanation:
- लवण (NaCl) जल में घुलता है क्योंकि जल के कण (अणु) आपस में अंतराल (spaces) रखते हैं, और NaCl के आयन (Na⁺, Cl⁻) इन अंतरालों में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे वे विलयन (solution) बनाते हैं।
- यह विलयन (solution) निर्माण का सिद्धांत है – विलेय (solute) के कण विलायक (solvent) के कणों के बीच की रिक्तियों में समा जाते हैं।
Quick Facts:
- जल एक सार्वत्रिक विलायक (universal solvent) है क्योंकि इसके अणुओं के बीच पर्याप्त स्थान होता है।
- NaCl → Na⁺ + Cl⁻ (वियोजन, dissociation)
जब आप अपनी हथेली पर एसीटोन डालते हैं और आपकी हथेलियों में ठंडक महसूस होती है। दी गई अभिक्रियाओं में से ऐसा किस एक के कारण होता है?
- संलयन
- वाष्पीकरण
- संघनन
- उर्ध्वपातन
Explanation:
- एसीटोन (acetone) एक अस्थायी (volatile) द्रव है, जो हथेली पर वाष्पीकरण (evaporation) होते समय आसपास से ऊष्मा (गुप्त ऊष्मा, latent heat) अवशोषित करता है, जिससे हथेली ठंडी (cool) महसूस होती है।
- यह एक शीतलन प्रभाव (cooling effect) है, जो वाष्पीकरण के कारण होता है।
Quick Facts:
- वाष्पीकरण के दौरान ऊष्मा अवशोषित होती है (ऊष्माशोषी, endothermic)।
- अल्कोहॉल, ईथर, एसीटोन – ये सभी तीव्र वाष्पीकरण के कारण ठंडक देते हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
- आजकल वाहनों में ईंधन के रूप में संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG) का उपयोग किया जाता है।
- अस्पतालों में सिलेंडरों में आपूर्ति की जाने वाली ऑक्सीजन एक संपीडित गैस नहीं है।
- अस्पतालों में सिलेंडरों में आपूर्ति की जाने वाली ऑक्सीजन एक संपीडित गैस है।
- गैसीय अवस्था में, कण अत्यधिक चाल से अनियमित रूप से घूमते हैं।
Explanation:
- अस्पतालों में ऑक्सीजन (O₂) को संपीडित (compressed) करके सिलेंडरों में भरा जाता है (उच्च दाब पर), ताकि अधिक मात्रा में ऑक्सीजन को छोटे स्थान में संग्रहीत किया जा सके।
- इसलिए “ऑक्सीजन एक संपीडित गैस नहीं है” – यह कथन गलत है (क्योंकि यह संपीडित है)।
Quick Facts:
- CNG (Compressed Natural Gas), LPG (Liquefied Petroleum Gas) – संपीडित/द्रवीकृत गैसें हैं।
- गैसों को संपीडित किया जा सकता है क्योंकि उनके कणों के बीच अधिक अंतराल होते हैं।
गैस उस समय अपनी मुक्त अवस्था में मौजूद नहीं थी जब पृथ्वी पर जीवन उत्पन्न हुआ था।
- ऑक्सीजन
- मीथेन
- अमोनिया
- हाइड्रोजन
Explanation:
- प्रारंभिक पृथ्वी (early Earth) के वायुमंडल में ऑक्सीजन (O₂) मुक्त अवस्था में नहीं थी। यह मीथेन (CH₄), अमोनिया (NH₃), हाइड्रोजन (H₂) और जलवाष्प (H₂O) से बना था (अपचायी वातावरण, reducing atmosphere)।
- ऑक्सीजन बाद में प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) द्वारा (सायनोबैक्टीरिया) वायुमंडल में मुक्त हुई।
Quick Facts:
- ऑक्सीजन का संचय (Great Oxidation Event) लगभग 2.4 अरब वर्ष पहले हुआ था।
C₁₂H₂₂O₁₁ को और किस नाम से जाना जाता है:
- रेत
- शक्कर
- नमक
- मिट्टी
Explanation:
- C₁₂H₂₂O₁₁ = सुक्रोज (Sucrose) – जिसे सामान्यतः शक्कर (Sugar) कहते हैं (चीनी)।
- रेत – SiO₂, नमक – NaCl, मिट्टी – जटिल सिलिकेट मिश्रण।
Quick Facts:
- सुक्रोज एक डिसैकराइड (disaccharide) है, जो ग्लूकोज (C₆H₁₂O₆) और फ्रुक्टोज से बना होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन द्रव के गुणधर्मों का सर्वोत्तम रूप से वर्णन करता है?
- कोई निश्चित आकृति नहीं, कोई निश्चित आयतन नहीं
- कोई निश्चित आकृति नहीं, निश्चित आयतन
- निश्चित आकृति, कोई निश्चित आयतन नहीं
- निश्चित आकृति, निश्चित आयतन
Explanation:
- द्रव (Liquid) की विशेषताएँ: कोई निश्चित आकृति (no fixed shape) (यह बर्तन का आकार ले लेता है), पर निश्चित आयतन (fixed volume) (यह संपीडित नहीं होता) – यही गुण हैं।
- ठोस – निश्चित आकृति + निश्चित आयतन, गैस – कोई निश्चित आकृति + कोई निश्चित आयतन
Quick Facts:
- द्रव के कण आपस में संलग्न (close) होते हैं, पर उनमें ठोस की तुलना में अधिक गतिशीलता होती है।
जब कोई धातु सोडियम हाइड्रोक्साइड के साथ प्रतिक्रिया करती है तो निम्नलिखित में से कौन-सी गैस उत्सर्जित होती है?
- ऑक्सीजन
- अमोनिया
- नाइट्रोजन
- हाइड्रोजन
Explanation:
- धातु (जैसे Zn, Al) + NaOH (क्षार) → लवण + हाइड्रोजन (H₂) गैस
- उदाहरण: Zn + 2NaOH → Na₂ZnO₂ (सोडियम जिंकेट) + H₂
- यह अभिक्रिया उभयधर्मी (amphoteric) धातुओं (Zn, Al, Pb, Sn) के साथ होती है।
Quick Facts:
- सामान्यतः अधिकांश धातुएँ NaOH से अभिक्रिया नहीं करतीं (केवल उभयधर्मी धातुएँ करती हैं)।
निम्नलिखित में से कौन सा आयनिक यौगिक का गुण है?
- यह ठोस अवस्था में विद्युत का संचालन करता है।
- यह कठोर होता है और आसानी से टूटता नहीं है।
- इसका गलनांक और क्वथनांक उच्च होता है।
- यह मिट्टी के तेल और पेट्रोल जैसे विलायकों में घुलनशील है।
Explanation:
- आयनिक (Ionic) यौगिकों (जैसे NaCl, MgO) का गलनांक (melting point) और क्वथनांक (boiling point) उच्च होता है, क्योंकि उनके आयनों के बीच प्रबल स्थिरवैद्युत आकर्षण (electrostatic force) होते हैं, जिन्हें तोड़ने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
- ठोस अवस्था में विद्युत का चालन नहीं करते (क्योंकि आयन स्थिर होते हैं), पर जलीय या पिघली अवस्था में चालन करते हैं।
- ये कठोर होते हैं, पर भंगुर (brittle) – आघात पर टूटते हैं।
- जल में घुलनशील, पर मिट्टी के तेल/पेट्रोल में अविलेय।
Quick Facts:
- आयनिक यौगिकों में उच्च गलनांक → NaCl (801°C), MgO (2852°C)
दिए गए विकल्पों में से निम्नलिखित कथनों के लिए सही विकल्प का प्रयोग कर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए। _____ पदार्थों में वांडर वाल्स आकर्षण बल निहित होता है।
- हाइड्रोजन
- आर्गन
- कार्बन डाइऑक्साइड
- कार्बन मोनो ऑक्साइड
Explanation:
- वांडर वाल्स बल (Van der Waals forces) दुर्बल अंतर-आण्विक आकर्षण बल हैं, जो हाइड्रोजन (H₂) जैसी गैर-ध्रुवीय (non-polar) अणुओं में पाए जाते हैं।
- हाइड्रोजन (H₂) – गैर-ध्रुवीय, केवल वांडर वाल्स बल (और कोई हाइड्रोजन बंध नहीं, क्योंकि H किसी विद्युत ऋणात्मक तत्व से बंधा नहीं है) – वास्तव में हाइड्रोजन अणुओं में वांडर वाल्स बल होते हैं।
- आर्गन (Ar) – एकपरमाणुक (monatomic), CO₂ – रैखिक गैर-ध्रुवीय, CO – ध्रुवीय – इन सभी में वांडर वाल्स बल होते हैं, पर H₂ सबसे सरल उदाहरण है।
Quick Facts:
- वांडर वाल्स बल → कमजोर आकर्षण, गैसों के द्रवीकरण (liquefaction) के लिए जिम्मेदार।
एथेनॉल की सोडियम के साथ अभिक्रिया होने पर किस प्रकार की गैस मुक्त होती है?
- मेथेन
- हाइड्रोजन
- कार्बन डाइऑक्साइड
- ऑक्सीजन
Explanation:
- 2C₂H₅OH + 2Na → 2C₂H₅ONa (सोडियम एथॉक्साइड) + H₂ (हाइड्रोजन गैस)
- यह एक विस्थापन अभिक्रिया है, जहाँ Na, H को विस्थापित करता है।
Quick Facts:
- ऐल्कोहॉल (R–OH) + Na → ऐल्कॉक्साइड (R–ONa) + H₂
जिप्सम का रासायनिक सूत्र क्या है?
- CaSO₄·3H₂O
- Na₂CO₃·8H₂O
- Na₂CO₃·10H₂O
- CaSO₄·2H₂O
Explanation:
- जिप्सम (Gypsum) का रासायनिक सूत्र CaSO₄·2H₂O (कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट) है।
- Na₂CO₃·10H₂O = वाशिंग सोडा (washing soda), Na₂CO₃·8H₂O = सोडियम कार्बोनेट ऑक्टाहाइड्रेट
Quick Facts:
- जिप्सम को गर्म करने पर POP (CaSO₄·½H₂O) बनता है।
- जिप्सम का उपयोग सीमेंट (retarder), उर्वरक, प्लास्टर में होता है।
निम्नलिखित में से किस तत्व में धात्विक और गैर-धात्विक दोनों गुण उपस्थित होते हैं?
- कोलाइड
- उपधातु
- ग्लॉकोन
- ज़ियोन
Explanation:
- उपधातु (Metalloids) – ऐसे तत्व जिनमें धात्विक (metallic) और गैर-धात्विक (non-metallic) दोनों गुण होते हैं (जैसे Si, Ge, As, Sb, Te, B, Po)।
- कोलाइड (Colloid) – मिश्रण, ग्लॉकोन/ज़ियोन – मानक तत्व नहीं हैं।
Quick Facts:
- उपधातुएँ अर्धचालक (semiconductors) होती हैं (Si, Ge का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स में)।
निम्न में से क्या वाष्पीकरण के बारे में सत्य है?
- यह एक सतही परिघटना है
- यह केवल गर्मियों में घटित होता है
- यह ठोस और तरल पदार्थों में घटित होता है
- यह एक विस्तृत परिघटना है
Explanation:
- वाष्पीकरण (Evaporation) – यह सतही परिघटना (surface phenomenon) है, अर्थात यह द्रव की सतह (surface) से होता है (जैसे कपड़े सुखना, समुद्र से जल वाष्पीकरण)।
- यह सभी तापमानों पर होता है (न केवल गर्मियों में), यह केवल द्रवों में होता है (ठोस में ऊर्ध्वपातन, sublimation) और यह ‘विस्तृत’ नहीं (बल्कि सतही) है।
Quick Facts:
- वाष्पीकरण – ऊष्माशोषी (endothermic), शीतलन (cooling) प्रभाव उत्पन्न करता है।
- उबलना (boiling) – विस्तृत (bulk) परिघटना है, सतही नहीं।
किसी की गंध ________ प्रक्रिया के कारण हमारी नाक तक जल्दी पहुंचती है।
- विसरण
- संघनन
- वाष्पीकरण
- संलयन
Explanation:
- गंध (smell) का फैलना विसरण (diffusion) के कारण होता है – गंध के कण (वाष्प) हवा में फैलकर हमारी नाक तक पहुँचते हैं।
- विसरण – कणों का उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर गति (spontaneous movement)।
Quick Facts:
- गैसों का विसरण सबसे तीव्र होता है, द्रवों में मध्यम, ठोसों में सबसे धीमा।
निम्नलिखित में से कौन सा ऊर्ध्वपातन से गुजर सकता है?
- अमोनियम क्लोराइड
- अमोनियम क्लोराइड
- अमोनियम फॉस्फेट
- अमोनियम क्लोरेट
Explanation:
- अमोनियम क्लोराइड (NH₄Cl) – यह ऊर्ध्वपातन (sublimation) करता है, अर्थात बिना पिघले सीधे ठोस से गैस में बदल जाता है (और वापस ठोस में)।
- अन्य: अमोनियम फॉस्फेट, अमोनियम क्लोरेट – सामान्यतः ऊर्ध्वपातन नहीं करते (विघटित हो सकते हैं)।
Quick Facts:
- ऊर्ध्वपातन करने वाले पदार्थ: NH₄Cl, I₂ (आयोडीन), कपूर (camphor), नेफ़थलीन (naphthalene), सूखी बर्फ (dry ice, CO₂)।
निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक, स्थिर अनुपात के नियम का पालन करता है?
- पीतल
- वायु
- जल
- मृदा
Explanation:
- स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions) – किसी रासायनिक यौगिक (compound) में तत्व हमेशा एक निश्चित (स्थिर) द्रव्यमान अनुपात में होते हैं।
- जल (H₂O) – H:O = 1:8 (हमेशा) – एक यौगिक है, इसलिए इस नियम का पालन करता है।
- पीतल (Brass) – मिश्र धातु (alloy, मिश्रण), वायु – मिश्रण (mixture), मृदा – मिश्रण – ये नियम का पालन नहीं करते (क्योंकि इनका संघटन परिवर्तनशील होता है)।
Quick Facts:
- यह नियम ‘प्राउस्ट का नियम’ (Proust’s law) भी कहलाता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी घटना गर्मियों में सूती कपड़े पहनने के पीछे का कारण है?
- ऊर्ध्वपातन
- संघनन
- संलयन
- वाष्पीकरण
Explanation:
- गर्मियों में सूती (cotton) कपड़े पहनने का कारण – सूती कपड़ा पसीने (sweat) को वाष्पीकरण (evaporation) द्वारा अवशोषित करता है, जिससे शरीर से ऊष्मा निकलती है और ठंडक (cooling) मिलती है।
- वाष्पीकरण – शीतलन (cooling) प्रभाव उत्पन्न करता है, इसलिए सूती कपड़े गर्मियों में आरामदायक होते हैं।
Quick Facts:
- सूती कपड़े पसीने को अच्छी तरह सोखते (absorb) हैं और वाष्पीकरण को बढ़ावा देते हैं।
आयनिक यौगिकों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
- आयनिक यौगिक ठोस होते हैं।
- आयनिक यौगिकों का उच्च गलनांक होता है।
- ठोस अवस्था में आयनिक यौगिक विद्युत का चालन करते हैं।
- आयनिक यौगिक सामान्यतः जल में घुलनशील होते हैं।
Explanation:
- ठोस अवस्था में, आयनिक यौगिक विद्युत का चालन नहीं करते, क्योंकि आयन (ions) स्थिर (fixed) होते हैं और गतिशील (mobile) नहीं होते।
- वे पिघली (molten) या जलीय (aqueous) अवस्था में विद्युत का चालन करते हैं, क्योंकि तब आयन स्वतंत्र रूप से गति कर सकते हैं।
Quick Facts:
- आयनिक यौगिक → विद्युत अपघट्य (electrolytes) – जलीय/पिघली अवस्था में चालक।
बेकिंग सोडा को गर्म करने पर कौन-सी गैस मुक्त होती है?
- CO₂
- O₂
- H₂
- N₂
Explanation:
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) को गर्म करने पर: 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) + H₂O
- CO₂ गैस मुक्त होती है, जो बेकिंग (ब्रेड/केक) में खमीर उठाने (leavening) का कारण बनती है।
Quick Facts:
- NaHCO₃ का उपयोग बेकिंग पाउडर में, एंटासिड, अग्निशामक में होता है।
जब कॉपर ऑक्साइड को तनु सल्फ्यूरिक अम्ल में मिलाया जाता है, तो नील-हरा विलयन बनता है, उस समय कॉपर ऑक्साइड का रंग कैसा होता है?
- सफेद
- धूसर
- काला
- हरा
Explanation:
- कॉपर (II) ऑक्साइड (CuO) का रंग काला (black) होता है।
- CuO + H₂SO₄ → CuSO₄ (नील-हरा, blue-green) + H₂O
- CuO (काला) अम्ल के साथ अभिक्रिया करके नीला-हरा विलयन (CuSO₄) बनाता है।
Quick Facts:
- CuO एक क्षारीय ऑक्साइड (basic oxide) है, जो अम्लों के साथ लवण+जल बनाता है।
जब सल्फ्यूरिक एसिड को जिंक पर डाला जाता है, तो निम्नलिखित में से कौन सी गैस बनती है?
- हाइड्रोजन
- ऑक्सीजन
- जिंक डाइऑक्साइड
- सल्फर डाइऑक्साइड
Explanation:
- Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂ (हाइड्रोजन गैस)
- धातु + तनु अम्ल → लवण + H₂ (यह एक सामान्य अभिक्रिया है, जब अम्ल ऑक्सीकारक न हो – HNO₃ को छोड़कर)।
Quick Facts:
- H₂ गैस का परीक्षण – ‘पॉप’ (pop) ध्वनि के साथ जलती हुई माचिस पर जलता है।
पदार्थ की निम्नलिखित में से कौन-सी अवस्था में कण एक दूसरे से दूर होते हैं और यादृच्छिक रूप से तथा तेजी से गति करते हैं?
- द्रव अवस्था
- गैसीय अवस्था
- प्लाज्मा अवस्था
- ठोस अवस्था
Explanation:
- गैसीय अवस्था (Gaseous state) – कण एक-दूसरे से बहुत दूर होते हैं, उनके बीच अंतर-आण्विक बल (intermolecular forces) न्यूनतम होते हैं, और वे यादृच्छिक (random) तथा तेजी से (fast) गति करते हैं।
- द्रव – कण निकट होते हैं, पर गतिशील; ठोस – नियमित व्यवस्था, कंपन; प्लाज्मा – अत्यधिक ऊर्जावान, पर यहाँ गैस सर्वोत्तम है।
Quick Facts:
- गैसों में विसरण (diffusion) सबसे तीव्र होता है, क्योंकि कण स्वतंत्र रूप से गति करते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा पायस (इमल्शन) का उदाहरण है?
- फोम
- फेस क्रीम
- स्पंज
- रबर
Explanation:
- पायस (Emulsion) – दो अमिश्रणीय (immiscible) द्रवों (जैसे तेल और जल) का कोलाइडी विलयन (colloidal solution)।
- फेस क्रीम (Face cream) – यह एक पायस है (तेल + जल का मिश्रण, एक पायसीकारक (emulsifier) द्वारा स्थिर किया गया)।
- फोम – गैस + द्रव (जैसे शेविंग फोम), स्पंज – ठोस + गैस (ठोस फोम), रबर – ठोस + ठोस (या बहुलक)।
Quick Facts:
- पायस के उदाहरण: दूध, मक्खन, मेयोनेज़, फेस क्रीम, लोशन।
निम्नलिखित में से किस अवस्था में अति ऊर्जावान और अति उत्तेजित कण मौजूद होते हैं?
- द्रव
- गैस
- प्लाज्मा
- ठोस
Explanation:
- प्लाज्मा (Plasma) – पदार्थ की चौथी अवस्था, जिसमें कण अति ऊर्जावान (highly energetic) और अति उत्तेजित (highly excited) होते हैं (आयनित गैस, ionized gas) – इसमें मुक्त इलेक्ट्रॉन और धनायन होते हैं।
- उदाहरण: सूर्य, तारे, नीयन लैंप, विद्युत चमक (lightning) – प्लाज्मा अवस्था में होते हैं।
Quick Facts:
- प्लाज्मा – ब्रह्मांड में पदार्थ की सबसे सामान्य अवस्था (तारों में)।
एथेनॉल सोडियम के साथ अभिक्रिया करता है जिसके परिणामस्वरूप सोडियम एथॉक्साइड बनता है और …………… निर्मित होती है।
- क्लोरीन गैस (chlorine gas)
- हाइड्रोजन गैस (hydrogen gas)
- नाइट्रोजन गैस (nitrogen gas)
- ब्रोमीन गैस (bromine gas)
Explanation:
- 2C₂H₅OH + 2Na → 2C₂H₅ONa (सोडियम एथॉक्साइड) + H₂ (हाइड्रोजन गैस)
Quick Facts:
- यह अभिक्रिया ऐल्कोहॉल की अम्लीय प्रकृति (H⁺) को दर्शाती है (हालाँकि यह दुर्बल अम्ल है)।
निम्नलिखित में से किसका प्रकाशिक घनत्व उच्च परन्तु द्रव्यमान घनत्व कम हो सकता है?
- जल
- तारपीन
- जर्मेनियम
- कांच
Explanation:
- प्रकाशिक घनत्व (Optical density) – किसी माध्यम का अपवर्तनांक (refractive index) से संबंधित (प्रकाश को धीमा करने की क्षमता)।
- तारपीन (Turpentine) – इसका प्रकाशिक घनत्व (अपवर्तनांक ≈ 1.47) जल (1.33) से अधिक हो सकता है, पर इसका द्रव्यमान घनत्व (mass density) जल से कम हो सकता है (≈ 0.87 g/cm³)।
- जर्मेनियम, कांच – द्रव्यमान घनत्व अधिक; जल – द्रव्यमान और प्रकाशिक दोनों मध्यम।
Quick Facts:
- प्रकाशिक घनत्व ∝ 1/वेग (प्रकाश की चाल) – μ = c/v
निर्जलीकरण के दौरान शरीर द्वारा आमतौर पर खोया जाने वाला पदार्थ कौनसा है?
- सोडियम क्लोराइड
- शुगर
- पोटेशियम क्लोराइड
- कैल्शियम फॉस्फेट
Explanation:
- निर्जलीकरण (Dehydration) के दौरान शरीर जल (water) और सोडियम क्लोराइड (NaCl) (इलेक्ट्रोलाइट्स) खोता है (पसीना, उल्टी, दस्त के माध्यम से)।
- ORS (Oral Rehydration Solution) में NaCl, ग्लूकोज, KCl आदि होते हैं, पर सबसे महत्वपूर्ण NaCl है।
Quick Facts:
- निर्जलीकरण में जल और इलेक्ट्रोलाइट्स (मुख्यतः NaCl) की कमी होती है।
‘गैसीय अवस्था के गुण’ के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- गैसीय अवस्था में, अंतराआण्विक दूरी अत्यधिक निम्न होती है और अंतराआण्विक आकर्षण अत्यधिक होता है।
- गैसीय अवस्था में, अंतराआण्विक दूरी अत्यधिक होती है और अंतराआण्विक आकर्षण अत्यधिक निम्न होता है।
- गैसीय अवस्था में, अंतराआण्विक आकर्षण और अंतराआण्विक दूरी अत्यधिक होती है।
- गैसीय अवस्था में, अंतराआण्विक दूरी और अंतराआण्विक आकर्षण अत्यधिक निम्न होते हैं।
Explanation:
- गैसों में कणों के बीच की दूरी (अंतराआण्विक दूरी, intermolecular distance) अत्यधिक (very large) होती है, और उनके बीच आकर्षण बल (intermolecular attraction) अत्यधिक निम्न (very weak) होता है।
- इसी कारण गैसें संपीडित (compressible) होती हैं और बिना किसी निश्चित आकार/आयतन के फैलती हैं।
Quick Facts:
- ठोस: निकट दूरी, प्रबल बल; द्रव: मध्यम दूरी, मध्यम बल; गैस: अधिक दूरी, दुर्बल बल।
निम्नलिखित में से कौन-सी पदार्थ की अवस्थाओं के बीच चरण संक्रमण नहीं है?
- उर्ध्वपातन
- उत्सर्जन
- संघनन
- वाष्पीकरण
Explanation:
- उत्सर्जन (Emission) – यह चरण संक्रमण (phase transition) नहीं है; यह विकिरण (radiation) या उत्सर्जन से संबंधित है (जैसे प्रकाश/ऊष्मा उत्सर्जन)।
- उर्ध्वपातन (Sublimation) – ठोस → गैस, संघनन (Condensation) – गैस → द्रव, वाष्पीकरण (Evaporation) – द्रव → गैस – ये सभी चरण संक्रमण हैं।
Quick Facts:
- चरण संक्रमण: पिघलना (melting), जमना (freezing), वाष्पीकरण, संघनन, उर्ध्वपातन, हिमीकरण (deposition)।
जब मैग्नीशियम रिबन को हवा में जलाया जाता है, तो जो राख बनती है वह है-
- गुलाबी
- काला
- सफेद
- पीला
Explanation:
- मैग्नीशियम (Mg) के जलने पर मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) बनता है, जो एक सफेद (white) राख (ash) है।
- 2Mg + O₂ → 2MgO (सफेद पाउडर, जब जल में मिलाया जाता है तो Mg(OH)₂ बनाता है, जो क्षारीय है)।
Quick Facts:
- MgO का उपयोग दुर्दम्य (refractory) सामग्री, दवाइयों (एंटासिड) में होता है।
जब धातुएँ तनु अम्लों के साथ अभिक्रिया करती हैं तो निम्नलिखित में से कौन सी गैस प्राप्त होती है?
- हाइड्रोजन
- नाइट्रोजन
- ऑक्सीजन
- कार्बन डाइऑक्साइड
Explanation:
- धातु + तनु अम्ल (dilute acid) → लवण + हाइड्रोजन गैस (H₂) (जब तक कि अम्ल HNO₃ न हो, क्योंकि HNO₃ ऑक्सीकारक है और H₂ नहीं देता)।
- उदाहरण: Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂
Quick Facts:
- H₂ गैस का परीक्षण: जलती हुई माचिस के पास ले जाने पर ‘पॉप’ ध्वनि के साथ जलती है।
किस पदार्थ का आण्विक द्रव्यमान 44 u है?
- कार्बन मोनोऑक्साइड (Carbon monoxide)
- कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon dioxide)
- मेथेन (Methane)
- अमोनिया (Ammonia)
Explanation:
- CO₂ का आण्विक द्रव्यमान = 12 (C) + 2×16 (O) = 12 + 32 = 44 u
- CO = 12 + 16 = 28 u, CH₄ = 12 + 4 = 16 u, NH₃ = 14 + 3 = 17 u
Quick Facts:
- CO₂ का मोलर द्रव्यमान 44 g/mol है।
निम्नलिखित में से कौन-सा पोषक तत्व पौधों को मिट्टी से प्राप्त होता है?
- नाइट्रोजन
- कार्बन
- हाइड्रोजन
- ऑक्सीजन
Explanation:
- पौधों को नाइट्रोजन (N) मिट्टी से नाइट्रेट (NO₃⁻) या अमोनियम (NH₄⁺) के रूप में प्राप्त होता है (जड़ों द्वारा अवशोषित)।
- कार्बन (C) – वायु से CO₂ के रूप में, हाइड्रोजन (H) और ऑक्सीजन (O) – जल (H₂O) से (या वायु से CO₂/O₂ के रूप में) मिलते हैं।
Quick Facts:
- मिट्टी से प्राप्त प्रमुख पोषक तत्व: N, P, K, S, Ca, Mg (मैक्रोन्यूट्रिएंट्स)
- N पौधों के लिए आवश्यक है (प्रोटीन, क्लोरोफिल, न्यूक्लिक अम्ल)।
ऊष्मा हस्तांतरण की चालकत्व और संवहन प्रणाली ______ द्वारा विभाजित निकायों के बीच संचालित नहीं होती है।
- जल
- एल्यूमीनियम
- निर्वात
- वायु
Explanation:
- चालन (Conduction) और संवहन (Convection) – इनके लिए माध्यम (medium) (ठोस, द्रव, गैस) की आवश्यकता होती है।
- निर्वात (Vacuum) में कोई माध्यम नहीं होता, इसलिए चालन और संवहन नहीं हो सकते (इसमें केवल विकिरण (Radiation) द्वारा ऊष्मा स्थानांतरण होता है)।
Quick Facts:
- ऊष्मा स्थानांतरण के तीन तरीके: चालन (ठोस), संवहन (द्रव/गैस), विकिरण (निर्वात में भी)।
कौन-सा गुणधर्म किसी यौगिक को मिश्रण से विभेदित करता है?
- सदैव ठोस होता है
- एक से अधिक पदार्थों से निर्मित होता है
- निश्चित संघटन और गुणधर्म होते हैं
- किसी भी अवस्था में विद्यमान हो सकता है
Explanation:
- यौगिक (Compound) – तत्वों का एक निश्चित (fixed) अनुपात में संयोजन, इसलिए इसका संघटन (composition) और गुणधर्म (properties) निश्चित (स्थिर) होते हैं।
- मिश्रण (Mixture) – संघटन परिवर्तनशील (variable) होता है और गुणधर्म भी उसके घटकों के गुणों के अनुसार बदलते हैं।
Quick Facts:
- उदाहरण: H₂O (यौगिक) – H:O = 1:8 (हमेशा); हवा (मिश्रण) – संघटन परिवर्तनशील।
लेसेन परीक्षण में, आयरन (II) सल्फेट विलयन की उपस्थिति में विलयन के भाग को ऊष्मा देने पर प्रशियन नीले के अवक्षेप के निर्माण से कौन-सा तत्व प्रकट होता है?
- ऑक्सीजन
- कार्बन
- हाइड्रोजन
- नाइट्रोजन
Explanation:
- लेसेन परीक्षण (Lassaigne’s test) – कार्बनिक यौगिकों में नाइट्रोजन (N) का पता लगाने के लिए।
- जब कार्बनिक यौगिक को सोडियम के साथ गर्म किया जाता है, तो NaCN (सोडियम सायनाइड) बनता है। यह FeSO₄ के साथ अभिक्रिया करके प्रशियन नीला (Prussian blue, Fe₄[Fe(CN)₆]₃) अवक्षेप देता है, जो N की उपस्थिति दर्शाता है।
Quick Facts:
- प्रशियन नीला – गहरा नीला (deep blue) अवक्षेप, N (नाइट्रोजन) के परीक्षण के लिए।
एक विद्यार्थी एक बंद पात्र में 10 g कैल्शियम कार्बोनेट को गर्म करता है। यह अपघटित होकर 5.6 g कैल्शियम ऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनाता है। उत्पन्न कार्बन डाइऑक्साइड का द्रव्यमान कितना होगा?
- 5.0 g
- 15.6 g
- 4.4 g
- 10.0 g
Explanation:
- द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass): अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = उत्पादों का कुल द्रव्यमान।
- CaCO₃ → CaO + CO₂
- 10 g = 5.6 g + CO₂ ⇒ CO₂ = 10 – 5.6 = 4.4 g
Quick Facts:
- यह एक बंद पात्र (closed container) में है, इसलिए कोई द्रव्यमान बाहर नहीं जा सकता – संरक्षण स्पष्ट है।
पौधों में कोशिका भित्ति का निर्माण करने वाले जटिल कार्बोहाइड्रेट को क्या कहा जाता है?
- सुक्रोज
- सेल्यूलोज
- लैक्टोज
- माल्टोज
Explanation:
- सेल्यूलोज (Cellulose) – पौधों की कोशिका भित्ति (cell wall) का मुख्य संरचनात्मक घटक है, जो एक जटिल कार्बोहाइड्रेट (पॉलीसेकेराइड) है, जो ग्लूकोज की लंबी शृंखलाओं से बना होता है।
- सुक्रोज, लैक्टोज, माल्टोज – डिसैकराइड (शर्करा) हैं, संरचनात्मक नहीं।
Quick Facts:
- सेल्यूलोज मानव पाचन तंत्र में नहीं पचता (अघुलनशील फाइबर)।
एक ____ पदार्थ गैस की प्रकृति के आधार पर एक विशेष रंग के साथ चमकती है।
- द्रव्य
- प्लाज्मा
- ठोस
- अर्द्ध ठोस
Explanation:
- प्लाज्मा (Plasma) – आयनित गैस, जो अपनी गैस की प्रकृति (तत्व) के आधार पर विशिष्ट रंग (विशेष रंग) के साथ चमकती है (जैसे नीयन लैंप – नारंगी-लाल, हाइड्रोजन – गुलाबी, आदि)।
- यह पदार्थ की चौथी अवस्था है, जिसमें कण अत्यधिक ऊर्जावान होते हैं।
Quick Facts:
- प्लाज्मा का उपयोग नीयन संकेतों (neon signs), प्लाज्मा टीवी, तारों में होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प पदार्थ की तीन अवस्थाओं में कणों के बीच आकर्षण शक्ति को सही ढंग से दर्शाता है?
- गैस > द्रव > ठोस
- ठोस < द्रव < गैस
- गैस < द्रव < ठोस
- ठोस > गैस > द्रव
Explanation:
- कणों के बीच आकर्षण बल (interparticle forces) का क्रम: ठोस > द्रव > गैस (ठोस में सबसे अधिक, गैस में सबसे कम)।
- इसलिए गैस < द्रव < ठोस (आरोही क्रम) सही है।
Quick Facts:
- ठोस – प्रबल बल → निश्चित आकार, गैस – दुर्बल बल → कोई निश्चित आकार/आयतन।
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की कैल्सियम कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करवाने पर कौन-सी गैस मोचित होती है?
- हाइड्रोजन
- कार्बन डाइऑक्साइड
- अमोनिया
- नाइट्रोजन
Explanation:
- CaCO₃ + 2HCl → CaCl₂ + H₂O + CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड)
- कार्बोनेट + अम्ल → लवण + जल + CO₂
Quick Facts:
- CO₂ गैस चूने के पानी (Ca(OH)₂) को दूधिया (milky) करती है (CaCO₃ बनता है) – यह CO₂ का परीक्षण है।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प ठोसों के गुण को नहीं दर्शाता है?
- इनका आकार बदलना सरल है।
- इनका आकार बदलना सरल है।
- इनका आयतन निश्चित होता है।
- इनमें प्रबल अंतरआण्विक बल होते हैं।
Explanation:
- ठोसों (solids) का आकार बदलना सरल नहीं होता (वे कठोर, rigid होते हैं, क्योंकि कणों के बीच प्रबल बल होते हैं)।
- दोनों विकल्प एक ही हैं – “इनका आकार बदलना सरल है” – यह ठोसों का गुण नहीं है (यह द्रवों/गैसों का गुण है)।
- ठोसों के गुण: निश्चित आकार, निश्चित आयतन, प्रबल अंतरआण्विक बल, अत्यल्प संपीड्यता।
Quick Facts:
- ठोस – कण नियमित व्यवस्था में (जालक, lattice), केवल कंपन (vibration) करते हैं।
पानी का क्वथनांक बिंदु है:
- 100°C
- 50°C
- 0°C
- 10°C
Explanation:
- शुद्ध जल (pure water) का क्वथनांक (boiling point) 100°C (373.15 K) होता है (1 atm दाब पर)।
- 0°C – हिमांक (freezing point), 10°C/50°C – सामान्य तापमान।
Quick Facts:
- ऊँचाई पर, दाब कम होने के कारण जल का क्वथनांक 100°C से कम होता है।
निम्नलिखित में से कौन कार्बन का एक अपरूपी रूप है?
- हीरा
- जिप्सम
- चॉक
- संगमरमर
Explanation:
- हीरा (Diamond) – कार्बन (C) का एक अपरूप (allotrope) है (अन्य: ग्रेफाइट, फुलेरीन, ग्राफीन)।
- जिप्सम (CaSO₄·2H₂O), चॉक (CaCO₃), संगमरमर (CaCO₃) – कार्बन के यौगिक हैं, अपरूप नहीं।
Quick Facts:
- कार्बन के अपरूप: हीरा, ग्रेफाइट, फुलेरीन (C₆₀), ग्राफीन, नैनोट्यूब (CNT)।
कौन से जैव अणु जैव रासायनिक प्रतिक्रियाओं को उत्प्रेरित करने के लिए जिम्मेदार हैं?
- पॉलीसेकेराइड
- एंजाइम
- न्यूक्लियोटाइड
- फॉस्फोलिपिड
Explanation:
- एंजाइम (Enzymes) – जैविक उत्प्रेरक (biological catalysts), जो जैव रासायनिक अभिक्रियाओं (biochemical reactions) की दर को बढ़ाते हैं (स्वयं उपभोग नहीं होते)।
- पॉलीसेकेराइड – कार्बोहाइड्रेट, न्यूक्लियोटाइड – न्यूक्लिक अम्ल के घटक, फॉस्फोलिपिड – कोशिका झिल्ली के घटक।
Quick Facts:
- एंजाइम प्रोटीन (protein) होते हैं (कुछ RNA भी – राइबोजाइम) – वे पाचन, चयापचय आदि में भूमिका निभाते हैं।
निम्नलिखित में से किसे “ड्राई आइस” के रूप में जाना जाता है?
- कोई भी विकल्प नहीं
- तरल कार्बन डाइऑक्साइड
- ठोस कार्बन डाइऑक्साइड
- गैसीय कार्बन डाइऑक्साइड
Explanation:
- “ड्राई आइस” (Dry ice) – ठोस कार्बन डाइऑक्साइड (Solid CO₂) है, जो बिना पिघले सीधे गैस में बदल जाता है (ऊर्ध्वपातन, sublimation)।
- इसका उपयोग शीतलन (refrigeration), विशेष प्रभाव (smoke effects) में होता है।
Quick Facts:
- ड्राई आइस का तापमान -78.5°C होता है।
ग्रीनहाउस प्रभाव के लिए मुख्यतः कौन-सी गैस उत्तरदायी है और जीवाश्म ईंधनों के दहन पर उत्पन्न होती है?
- ऑक्सीजन
- नाइट्रोजन
- कार्बन डाइऑक्साइड
- हाइड्रोजन
Explanation:
- कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) – ग्रीनहाउस प्रभाव (greenhouse effect) के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी गैस है, जो जीवाश्म ईंधनों (coal, petroleum, natural gas) के दहन (combustion) से उत्पन्न होती है।
- अन्य ग्रीनहाउस गैसें: CH₄, N₂O, CFCs, आदि, पर CO₂ सबसे प्रमुख है।
Quick Facts:
- CO₂ वायुमंडल में ऊष्मा को अवशोषित करती है, जिससे वैश्विक तापन (global warming) होता है।
निम्नलिखित में से किसका उपयोग परमाणु रिएक्टरों में मंदक के रूप में नहीं किया जाता है?
- बोरोन
- ग्रेफाइट
- जल
- भारी जल
Explanation:
- बोरोन (Boron) – इसका उपयोग परमाणु रिएक्टरों में नियंत्रक (control rod) (न्यूट्रॉन अवशोषक) के रूप में किया जाता है, मंदक (moderator) के रूप में नहीं।
- मंदक (Moderator) – न्यूट्रॉन को मंद (slow) करने के लिए – उदाहरण: ग्रेफाइट (graphite), जल (H₂O), भारी जल (D₂O) – इनका उपयोग मंदक के रूप में होता है।
Quick Facts:
- मंदक – न्यूट्रॉन की गति घटाता है (विखंडन को बढ़ाने के लिए), नियंत्रक – न्यूट्रॉन को अवशोषित करता है (अभिक्रिया को नियंत्रित करने के लिए)।
धावन सोडा का सही सूत्र क्या है?
- Na₂CO₃·H₂O
- Na₂CO₃
- Na₂CO₃·6H₂O
- Na₂CO₃·10H₂O
Explanation:
- धावन सोडा (Washing soda) – सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट – सूत्र Na₂CO₃·10H₂O
- Na₂CO₃ (निर्जल, anhydrous) – सोडा ऐश (soda ash), Na₂CO₃·H₂O – मोनोहाइड्रेट, Na₂CO₃·6H₂O – हेक्साहाइड्रेट
Quick Facts:
- धावन सोडा का उपयोग कपड़े धोने, कांच, साबुन, कागज उद्योग में होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा मिश्रण का उदाहरण है?
- नमक (NaCl)
- वायु
- लोहा (Fe)
- पानी (H₂O)
Explanation:
- वायु (Air) – गैसों (O₂, N₂, CO₂, Ar, आदि) का एक मिश्रण (mixture) है, जिसका संघटन परिवर्तनशील होता है।
- NaCl (यौगिक), Fe (तत्व), H₂O (यौगिक) – शुद्ध पदार्थ हैं, मिश्रण नहीं।
Quick Facts:
- मिश्रण – संघटन परिवर्तनशील, घटकों के गुण बने रहते हैं (जैसे वायु में O₂, N₂ अलग-अलग गुण दिखाते हैं)।
1 मोल (6.022 x 10²³ पानी के अणु) से कितने ग्राम जल बनता है?
- 20 ग्राम
- 18 ग्राम
- 12 ग्राम
- 24 ग्राम
Explanation:
- H₂O का आण्विक द्रव्यमान = 2×1 + 16 = 18 u
- 1 मोल H₂O = 6.022 × 10²³ अणु = 18 ग्राम (मोलर द्रव्यमान)
Quick Facts:
- 1 मोल = 18 g (H₂O), 1 मोल CO₂ = 44 g, आदि।
निम्नलिखित में से कौन-सा अणु, एक ही तत्व के दो परमाणुओं से मिलकर बना है?
- H₂
- H₂O
- CO
- O₃
Explanation:
- H₂ – हाइड्रोजन का एक अणु है, जो एक ही तत्व (हाइड्रोजन) के दो (2) परमाणुओं से बना है (द्विपरमाणुक, diatomic)।
- H₂O – दो तत्व (H, O), CO – दो तत्व (C, O), O₃ – एक तत्व के 3 परमाणु (ओजोन, triatomic)।
Quick Facts:
- द्विपरमाणुक अणु: H₂, O₂, N₂, Cl₂, F₂, Br₂, I₂
निम्नलिखित में से कौन सा एक यौगिक है?
- ऑक्सीजन
- आयरन
- पानी
- सल्फर
Explanation:
- पानी (H₂O) – एक यौगिक (compound) है, क्योंकि यह दो अलग-अलग तत्वों (हाइड्रोजन और ऑक्सीजन) के एक निश्चित अनुपात में संयोजन से बना है।
- ऑक्सीजन (O₂), आयरन (Fe), सल्फर (S) – ये तत्व (elements) हैं, यौगिक नहीं।
Quick Facts:
- यौगिक – दो या अधिक तत्वों का रासायनिक संयोजन (जैसे NaCl, CO₂, H₂O)
निम्न में से कौन बहुपरमाणुक है?
- हाइड्रोजन
- आर्गन
- सल्फर
- ऑक्सीजन
Explanation:
- बहुपरमाणुक (Polyatomic) – अणु जिसमें दो से अधिक परमाणु होते हैं।
- सल्फर (S) – सामान्यतः S₈ (अष्टपरमाणुक, octatomic) – एक बहुपरमाणुक अणु है (अपरूप के रूप में रोम्बिक/मोनोक्लिनिक सल्फर में S₈ होता है)।
- हाइड्रोजन (H₂) – द्विपरमाणुक, आर्गन (Ar) – एकपरमाणुक, ऑक्सीजन (O₂) – द्विपरमाणुक।
Quick Facts:
- बहुपरमाणुक अणु: S₈, P₄, O₃ (ओजोन), आदि।
एक ही तत्व या अलग-अलग तत्वों के परमाणु एक साथ मिलकर ____ बना सकते हैं।
- तत्व
- अणु
- आयन
- मिश्रधातु
Explanation:
- एक ही तत्व या अलग-अलग तत्वों के परमाणु आपस में मिलकर अणु (molecules) बनाते हैं (जैसे H₂ – एक ही तत्व, H₂O – अलग-अलग तत्व)।
- आयन – आवेशित कण, मिश्रधातु – ठोस विलयन, तत्व – एक प्रकार के परमाणु।
Quick Facts:
- अणु – कणों का एक समूह जो एक साथ बंधे होते हैं और तत्व/यौगिक की पहचान बनाए रखते हैं।
द्रवों में विसरण की दर ठोसों की तुलना में अधिक होती है क्योंकि:
- द्रव अवस्था में, कण केवल स्वतंत्र रूप से गति करते हैं और उनके बीच अधिक स्थान नहीं होता है
- द्रव अवस्था में, कण स्वतंत्र रूप से गति करते हैं और उनके बीच अधिक स्थान होता है
- द्रव अवस्था में, कण स्वतंत्र रूप से गति नहीं करते हैं, लेकिन उनके बीच अधिक स्थान होता है
- द्रव अवस्था में, कण स्वतंत्र रूप से गति नहीं करते हैं और उनके बीच अधिक स्थान नहीं होता है
Explanation:
- द्रवों (liquids) में विसरण (diffusion) ठोसों (solids) की तुलना में अधिक होता है, क्योंकि द्रव के कण स्वतंत्र रूप से (freely) गति कर सकते हैं, और उनके बीच अधिक स्थान (more space) होता है (ठोसों की तुलना में, जहाँ कण नियमित व्यवस्था में होते हैं और अंतराल कम होते हैं)।
- गैसों में विसरण सबसे तीव्र होता है (क्योंकि कणों के बीच अधिकतम स्थान होता है और गति सबसे अधिक होती है)।
Quick Facts:
- विसरण की दर: गैस > द्रव > ठोस
पदार्थ की उस अवस्था का नाम क्या है, जिसमें उसका आकार और आयतन निश्चित होते हैं?
- द्रव
- प्लाज्मा
- ठोस
- गैस
Explanation:
- ठोस (Solid) – आकार (shape) और आयतन (volume) दोनों निश्चित (definite) होते हैं।
- द्रव – आयतन निश्चित, आकार नहीं; गैस – दोनों निश्चित नहीं; प्लाज्मा – आयनित गैस, निश्चित नहीं।
Quick Facts:
- ठोस – कणों के बीच प्रबल बल, केवल कंपन (vibration)।
निम्नलिखित में से कौन-सा, सबसे तेजी से विसरण दर्शाएगा?
- द्रव में ठोस
- गैस में द्रव
- ठोस में ठोस
- गैस में गैस
Explanation:
- विसरण (Diffusion) – गैसों में सबसे तीव्र होता है, क्योंकि गैस के कणों के बीच अंतराल सबसे अधिक होता है और वे सबसे तेजी से गति करते हैं।
- इसलिए गैस में गैस (gas into gas) सबसे तेजी से विसरण दर्शाएगा।
- क्रम: गैस-गैस > गैस-द्रव > द्रव-द्रव > द्रव-ठोस > ठोस-ठोस
Quick Facts:
- विसरण – कणों का उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर गति।
हम सभी अपने प्रेक्षणों में जानते हैं कि जल पदार्थ की तीन अवस्थाओं में उपस्थित हो सकता है। कथन: A. ठोस, बर्फ के रूप में B. तरल, पेट्रोल के रूप में और C. O₂, गैस के रूप में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- केवल A सत्य है, B और C गलत हैं।
- A और B सत्य हैं, C असत्य है।
- सभी असत्य हैं।
- सभी सत्य हैं।
Explanation:
- कथन A: जल ठोस अवस्था में बर्फ (ice) के रूप में होता है – सत्य।
- कथन B: जल तरल अवस्था में पेट्रोल (petrol) के रूप में नहीं होता (पेट्रोल एक हाइड्रोकार्बन मिश्रण है, जल नहीं) – असत्य।
- कथन C: जल गैस अवस्था में O₂ (ऑक्सीजन) के रूप में नहीं होता (जलवाष्प, H₂O(g) होता है, O₂ नहीं) – असत्य।
- अतः केवल A सत्य है।
Quick Facts:
- जल की तीन अवस्थाएँ: ठोस (बर्फ), द्रव (जल), गैस (जलवाष्प, भाप)।
निम्नलिखित में से कौन-सा, प्राण सूचक नहीं है?
- लौंग तेल (Clove oil)
- लिटमस (Litmus)
- प्याज (Onion)
- वैनिला (Vanilla)
Explanation:
- प्राण सूचक (Olfactory indicator) – वे पदार्थ जिनकी गंध (smell) अम्लीय या क्षारीय माध्यम में बदल जाती है (जैसे प्याज, वैनिला, लौंग तेल)।
- लिटमस (Litmus) – एक रंग सूचक (color indicator) है, प्राण सूचक नहीं (यह रंग बदलता है, गंध नहीं)।
Quick Facts:
- प्राण सूचक: प्याज, वैनिला, लौंग तेल – ये गंध में परिवर्तन दिखाते हैं।
- रंग सूचक: लिटमस, फिनॉलफ्थेलिन, मेथिल ऑरेंज।
निम्न में कणों की गतिज ऊर्जा अधिकतम होती है।
- द्रवों और ठोसों
- ठोसों
- द्रवों
- गैसों
Explanation:
- गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) कणों की गति के कारण होती है। गैसों में कण सबसे अधिक स्वतंत्र रूप से और तेजी से गति करते हैं, इसलिए उनकी गतिज ऊर्जा अधिकतम (maximum) होती है।
- ठोस – न्यूनतम (केवल कंपन), द्रव – मध्यम।
Quick Facts:
- तापमान (Temperature) कणों की औसत गतिज ऊर्जा का माप है।
एक पदार्थ X लाल लिटमस को नीला कर देता है, और यह नारंगी मिथाइल को _____ रंग में बदल देगा।
- पीला
- रंगहीन
- लाल
- गुलाबी
Explanation:
- लाल लिटमस को नीला करने वाला पदार्थ = क्षार (Base) (क्षारीय विलयन)
- मिथाइल ऑरेंज (Methyl orange) – अम्ल में लाल (red), क्षार में पीला (yellow) होता है।
- अतः क्षारीय माध्यम में, नारंगी मिथाइल (मिथाइल ऑरेंज) पीला हो जाता है।
Quick Facts:
- मिथाइल ऑरेंज (pH परास: 3.1-4.4) – अम्ल: लाल, क्षार: पीला
फेस क्रीम किस प्रकार के कोलाइड रूप से संबंधित है?
- ठोस
- जेल
- फोम
- इमल्शन
Explanation:
- फेस क्रीम (Face cream) – एक पायस (Emulsion) है, जो दो अमिश्रणीय द्रवों (तेल और जल) का कोलाइडी विलयन है।
- यह एक तेल-जल (oil-in-water) या जल-तेल (water-in-oil) पायस हो सकता है, जो पायसीकारक (emulsifier) द्वारा स्थिर किया जाता है।
Quick Facts:
- पायस के उदाहरण: दूध, मेयोनेज़, लोशन, फेस क्रीम
पृथ्वी से निकाले गए अयस्क मिट्टी, रेत आदि अशुद्धियों से दूषित होते हैं। उन्हें क्या कहा जाता है?
- फ्रैक्शन
- गैंग
- ऑक्साइड
- गैसें
Explanation:
- अयस्क (Ore) के साथ पाई जाने वाली अशुद्धियाँ (मिट्टी, रेत, चट्टानें) – गैंग (Gangue) या मैल (Matrix) कहलाती हैं।
- इन्हें निष्कर्षण (extraction) से पहले संवर्धन (enrichment) द्वारा हटाया जाता है।
Quick Facts:
- गैंग को हटाने की प्रक्रिया – अयस्क का संवर्धन (beneficiation) – उदाहरण: फ्लोटेशन, चुंबकीय पृथक्करण।
निम्नलिखित सहसंयोजक यौगिकों में से किसमें साझा इलेक्ट्रॉन युग्मों की संख्या सबसे कम होगी?
- H₂
- O₂
- CH₄
- N₂
Explanation:
- सहसंयोजक बंध (covalent bond) में, साझा इलेक्ट्रॉन युग्म (shared electron pairs) = बंधों की संख्या:
- H₂ – एकल बंध (1 साझा युग्म)
- O₂ – द्विबंध (2 साझा युग्म)
- CH₄ – 4 एकल बंध (4 साझा युग्म)
- N₂ – त्रिबंध (3 साझा युग्म)
- अतः H₂ में साझा युग्मों की संख्या सबसे कम (1) है।
Quick Facts:
- सहसंयोजक बंध में इलेक्ट्रॉन साझा होते हैं (एकल, द्वि, त्रि बंध)।
दही से मक्खन अलग करने की तकनीक का नाम बताइए।
- अपकेंद्रीकरण
- ऊर्ध्वपातन
- वाष्पीकरण
- निस्यंदन
Explanation:
- दही (curd) से मक्खन (butter) अलग करने के लिए अपकेंद्रीकरण (Centrifugation) का उपयोग किया जाता है (मक्खन मंथन, churning – जो अपकेंद्रीकरण का ही एक रूप है, जिसमें घूर्णन द्वारा भारी और हल्के घटक अलग हो जाते हैं)।
- इस विधि में मिश्रण को तीव्रता से घुमाया जाता है, जिससे मक्खन (हल्का) ऊपर आ जाता है और दही (भारी) नीचे रह जाता है।
Quick Facts:
- अपकेंद्रीकरण का उपयोग रक्त से प्लाज्मा अलग करने, दूध से मलाई निकालने में भी होता है।
कौन-सा क्रियाकलाप दर्शाता है कि पदार्थ के कण निरंतर गतिमान रहते हैं?
- कमरे में इत्र की खुशबू फैल रही है
- जल को उसके क्वथनांक तक गर्म किया जा रहा है
- कक्ष तापमान पर बर्फ पिघल रही है
- जल से भरे गिलास के तल में चीनी जम रही है
Explanation:
- इत्र की खुशबू का कमरे में फैलना विसरण (diffusion) के कारण होता है, जो यह दर्शाता है कि पदार्थ के कण निरंतर गतिमान (moving continuously) रहते हैं।
- गर्म करना, पिघलना, चीनी का जमना – ये गति के बजाय ताप/अवस्था परिवर्तन या जमाव से संबंधित हैं।
Quick Facts:
- विसरण: कण उच्च सांद्रता (high concentration) से निम्न सांद्रता (low concentration) की ओर गति करते हैं।
- गंध का फैलना, दूध में चीनी का घुलना – ये सभी विसरण के उदाहरण हैं।
कौन सा कोशिकांग केवल पादप कोशिकाओं में पाया जाता है?
- सूत्रकणिका
- हरितलवक
- लयनकाय
- केन्द्रक
Explanation:
- हरितलवक (Chloroplast) केवल पादप कोशिकाओं (और कुछ शैवाल) में पाया जाता है, जिसमें क्लोरोफिल (chlorophyll) होता है और प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) होता है।
- सूत्रकणिका (Mitochondria) – सभी यूकेरियोटिक कोशिकाओं में, लयनकाय (Lysosomes) – जंतु कोशिकाओं में (पादपों में भी कुछ), केन्द्रक (Nucleus) – सभी यूकेरियोटिक कोशिकाओं में।
Quick Facts:
- हरितलवक में क्लोरोफिल होता है, जो प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलता है।
- पादप कोशिका में कोशिका भित्ति (cell wall) और रिक्तिका (vacuole) भी विशिष्ट होते हैं।
लवण (Salt) जल में घुल जाता है, क्योंकि
- जल के कणों के बीच आयनों के प्रवेश के लिए स्थान होता है
- जल में मिलाने पर यह शीघ्रता से बाष्पीकृत हो जाता है
- इसका घनत्व जल से कम होता है और यह आसानी से प्लवन करता है
- यह कक्ष तापमान पर पिघलकर द्रव बन जाता है
Explanation:
- लवण (NaCl) जल में घुलता है क्योंकि जल के कण (अणु) आपस में अंतराल (spaces) रखते हैं, और NaCl के आयन (Na⁺, Cl⁻) इन अंतरालों में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे वे विलयन (solution) बनाते हैं।
- यह विलयन (solution) निर्माण का सिद्धांत है – विलेय (solute) के कण विलायक (solvent) के कणों के बीच की रिक्तियों में समा जाते हैं।
Quick Facts:
- जल एक सार्वत्रिक विलायक (universal solvent) है क्योंकि इसके अणुओं के बीच पर्याप्त स्थान होता है।
- NaCl → Na⁺ + Cl⁻ (वियोजन, dissociation)
जब आप अपनी हथेली पर एसीटोन डालते हैं और आपकी हथेलियों में ठंडक महसूस होती है। दी गई अभिक्रियाओं में से ऐसा किस एक के कारण होता है?
- संलयन
- वाष्पीकरण
- संघनन
- उर्ध्वपातन
Explanation:
- एसीटोन (acetone) एक अस्थायी (volatile) द्रव है, जो हथेली पर वाष्पीकरण (evaporation) होते समय आसपास से ऊष्मा (गुप्त ऊष्मा, latent heat) अवशोषित करता है, जिससे हथेली ठंडी (cool) महसूस होती है।
- यह एक शीतलन प्रभाव (cooling effect) है, जो वाष्पीकरण के कारण होता है।
Quick Facts:
- वाष्पीकरण के दौरान ऊष्मा अवशोषित होती है (ऊष्माशोषी, endothermic)।
- अल्कोहॉल, ईथर, एसीटोन – ये सभी तीव्र वाष्पीकरण के कारण ठंडक देते हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
- आजकल वाहनों में ईंधन के रूप में संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG) का उपयोग किया जाता है।
- अस्पतालों में सिलेंडरों में आपूर्ति की जाने वाली ऑक्सीजन एक संपीडित गैस नहीं है।
- अस्पतालों में सिलेंडरों में आपूर्ति की जाने वाली ऑक्सीजन एक संपीडित गैस है।
- गैसीय अवस्था में, कण अत्यधिक चाल से अनियमित रूप से घूमते हैं।
Explanation:
- अस्पतालों में ऑक्सीजन (O₂) को संपीडित (compressed) करके सिलेंडरों में भरा जाता है (उच्च दाब पर), ताकि अधिक मात्रा में ऑक्सीजन को छोटे स्थान में संग्रहीत किया जा सके।
- इसलिए “ऑक्सीजन एक संपीडित गैस नहीं है” – यह कथन गलत है (क्योंकि यह संपीडित है)।
Quick Facts:
- CNG (Compressed Natural Gas), LPG (Liquefied Petroleum Gas) – संपीडित/द्रवीकृत गैसें हैं।
- गैसों को संपीडित किया जा सकता है क्योंकि उनके कणों के बीच अधिक अंतराल होते हैं।
गैस उस समय अपनी मुक्त अवस्था में मौजूद नहीं थी जब पृथ्वी पर जीवन उत्पन्न हुआ था।
- ऑक्सीजन
- मीथेन
- अमोनिया
- हाइड्रोजन
Explanation:
- प्रारंभिक पृथ्वी (early Earth) के वायुमंडल में ऑक्सीजन (O₂) मुक्त अवस्था में नहीं थी। यह मीथेन (CH₄), अमोनिया (NH₃), हाइड्रोजन (H₂) और जलवाष्प (H₂O) से बना था (अपचायी वातावरण, reducing atmosphere)।
- ऑक्सीजन बाद में प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) द्वारा (सायनोबैक्टीरिया) वायुमंडल में मुक्त हुई।
Quick Facts:
- ऑक्सीजन का संचय (Great Oxidation Event) लगभग 2.4 अरब वर्ष पहले हुआ था।
C₁₂H₂₂O₁₁ को और किस नाम से जाना जाता है:
- रेत
- शक्कर
- नमक
- मिट्टी
Explanation:
- C₁₂H₂₂O₁₁ = सुक्रोज (Sucrose) – जिसे सामान्यतः शक्कर (Sugar) कहते हैं (चीनी)।
- रेत – SiO₂, नमक – NaCl, मिट्टी – जटिल सिलिकेट मिश्रण।
Quick Facts:
- सुक्रोज एक डिसैकराइड (disaccharide) है, जो ग्लूकोज (C₆H₁₂O₆) और फ्रुक्टोज से बना होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन द्रव के गुणधर्मों का सर्वोत्तम रूप से वर्णन करता है?
- कोई निश्चित आकृति नहीं, कोई निश्चित आयतन नहीं
- कोई निश्चित आकृति नहीं, निश्चित आयतन
- निश्चित आकृति, कोई निश्चित आयतन नहीं
- निश्चित आकृति, निश्चित आयतन
Explanation:
- द्रव (Liquid) की विशेषताएँ: कोई निश्चित आकृति (no fixed shape) (यह बर्तन का आकार ले लेता है), पर निश्चित आयतन (fixed volume) (यह संपीडित नहीं होता) – यही गुण हैं।
- ठोस – निश्चित आकृति + निश्चित आयतन, गैस – कोई निश्चित आकृति + कोई निश्चित आयतन
Quick Facts:
- द्रव के कण आपस में संलग्न (close) होते हैं, पर उनमें ठोस की तुलना में अधिक गतिशीलता होती है।
जब कोई धातु सोडियम हाइड्रोक्साइड के साथ प्रतिक्रिया करती है तो निम्नलिखित में से कौन-सी गैस उत्सर्जित होती है?
- ऑक्सीजन
- अमोनिया
- नाइट्रोजन
- हाइड्रोजन
Explanation:
- धातु (जैसे Zn, Al) + NaOH (क्षार) → लवण + हाइड्रोजन (H₂) गैस
- उदाहरण: Zn + 2NaOH → Na₂ZnO₂ (सोडियम जिंकेट) + H₂
- यह अभिक्रिया उभयधर्मी (amphoteric) धातुओं (Zn, Al, Pb, Sn) के साथ होती है।
Quick Facts:
- सामान्यतः अधिकांश धातुएँ NaOH से अभिक्रिया नहीं करतीं (केवल उभयधर्मी धातुएँ करती हैं)।
निम्नलिखित में से कौन सा आयनिक यौगिक का गुण है?
- यह ठोस अवस्था में विद्युत का संचालन करता है।
- यह कठोर होता है और आसानी से टूटता नहीं है।
- इसका गलनांक और क्वथनांक उच्च होता है।
- यह मिट्टी के तेल और पेट्रोल जैसे विलायकों में घुलनशील है।
Explanation:
- आयनिक (Ionic) यौगिकों (जैसे NaCl, MgO) का गलनांक (melting point) और क्वथनांक (boiling point) उच्च होता है, क्योंकि उनके आयनों के बीच प्रबल स्थिरवैद्युत आकर्षण (electrostatic force) होते हैं, जिन्हें तोड़ने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
- ठोस अवस्था में विद्युत का चालन नहीं करते (क्योंकि आयन स्थिर होते हैं), पर जलीय या पिघली अवस्था में चालन करते हैं।
- ये कठोर होते हैं, पर भंगुर (brittle) – आघात पर टूटते हैं।
- जल में घुलनशील, पर मिट्टी के तेल/पेट्रोल में अविलेय।
Quick Facts:
- आयनिक यौगिकों में उच्च गलनांक → NaCl (801°C), MgO (2852°C)
दिए गए विकल्पों में से निम्नलिखित कथनों के लिए सही विकल्प का प्रयोग कर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए। _____ पदार्थों में वांडर वाल्स आकर्षण बल निहित होता है।
- हाइड्रोजन
- आर्गन
- कार्बन डाइऑक्साइड
- कार्बन मोनो ऑक्साइड
Explanation:
- वांडर वाल्स बल (Van der Waals forces) दुर्बल अंतर-आण्विक आकर्षण बल हैं, जो हाइड्रोजन (H₂) जैसी गैर-ध्रुवीय (non-polar) अणुओं में पाए जाते हैं।
- हाइड्रोजन (H₂) – गैर-ध्रुवीय, केवल वांडर वाल्स बल (और कोई हाइड्रोजन बंध नहीं, क्योंकि H किसी विद्युत ऋणात्मक तत्व से बंधा नहीं है) – वास्तव में हाइड्रोजन अणुओं में वांडर वाल्स बल होते हैं।
- आर्गन (Ar) – एकपरमाणुक (monatomic), CO₂ – रैखिक गैर-ध्रुवीय, CO – ध्रुवीय – इन सभी में वांडर वाल्स बल होते हैं, पर H₂ सबसे सरल उदाहरण है।
Quick Facts:
- वांडर वाल्स बल → कमजोर आकर्षण, गैसों के द्रवीकरण (liquefaction) के लिए जिम्मेदार।
एथेनॉल की सोडियम के साथ अभिक्रिया होने पर किस प्रकार की गैस मुक्त होती है?
- मेथेन
- हाइड्रोजन
- कार्बन डाइऑक्साइड
- ऑक्सीजन
Explanation:
- 2C₂H₅OH + 2Na → 2C₂H₅ONa (सोडियम एथॉक्साइड) + H₂ (हाइड्रोजन गैस)
- यह एक विस्थापन अभिक्रिया है, जहाँ Na, H को विस्थापित करता है।
Quick Facts:
- ऐल्कोहॉल (R–OH) + Na → ऐल्कॉक्साइड (R–ONa) + H₂
जिप्सम का रासायनिक सूत्र क्या है?
- CaSO₄·3H₂O
- Na₂CO₃·8H₂O
- Na₂CO₃·10H₂O
- CaSO₄·2H₂O
Explanation:
- जिप्सम (Gypsum) का रासायनिक सूत्र CaSO₄·2H₂O (कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट) है।
- Na₂CO₃·10H₂O = वाशिंग सोडा (washing soda), Na₂CO₃·8H₂O = सोडियम कार्बोनेट ऑक्टाहाइड्रेट
Quick Facts:
- जिप्सम को गर्म करने पर POP (CaSO₄·½H₂O) बनता है।
- जिप्सम का उपयोग सीमेंट (retarder), उर्वरक, प्लास्टर में होता है।
निम्नलिखित में से किस तत्व में धात्विक और गैर-धात्विक दोनों गुण उपस्थित होते हैं?
- कोलाइड
- उपधातु
- ग्लॉकोन
- ज़ियोन
Explanation:
- उपधातु (Metalloids) – ऐसे तत्व जिनमें धात्विक (metallic) और गैर-धात्विक (non-metallic) दोनों गुण होते हैं (जैसे Si, Ge, As, Sb, Te, B, Po)।
- कोलाइड (Colloid) – मिश्रण, ग्लॉकोन/ज़ियोन – मानक तत्व नहीं हैं।
Quick Facts:
- उपधातुएँ अर्धचालक (semiconductors) होती हैं (Si, Ge का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स में)।
निम्न में से क्या वाष्पीकरण के बारे में सत्य है?
- यह एक सतही परिघटना है
- यह केवल गर्मियों में घटित होता है
- यह ठोस और तरल पदार्थों में घटित होता है
- यह एक विस्तृत परिघटना है
Explanation:
- वाष्पीकरण (Evaporation) – यह सतही परिघटना (surface phenomenon) है, अर्थात यह द्रव की सतह (surface) से होता है (जैसे कपड़े सुखना, समुद्र से जल वाष्पीकरण)।
- यह सभी तापमानों पर होता है (न केवल गर्मियों में), यह केवल द्रवों में होता है (ठोस में ऊर्ध्वपातन, sublimation) और यह ‘विस्तृत’ नहीं (बल्कि सतही) है।
Quick Facts:
- वाष्पीकरण – ऊष्माशोषी (endothermic), शीतलन (cooling) प्रभाव उत्पन्न करता है।
- उबलना (boiling) – विस्तृत (bulk) परिघटना है, सतही नहीं।
किसी की गंध ________ प्रक्रिया के कारण हमारी नाक तक जल्दी पहुंचती है।
- विसरण
- संघनन
- वाष्पीकरण
- संलयन
Explanation:
- गंध (smell) का फैलना विसरण (diffusion) के कारण होता है – गंध के कण (वाष्प) हवा में फैलकर हमारी नाक तक पहुँचते हैं।
- विसरण – कणों का उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर गति (spontaneous movement)।
Quick Facts:
- गैसों का विसरण सबसे तीव्र होता है, द्रवों में मध्यम, ठोसों में सबसे धीमा।
निम्नलिखित में से कौन सा ऊर्ध्वपातन से गुजर सकता है?
- अमोनियम क्लोराइड
- अमोनियम क्लोराइड
- अमोनियम फॉस्फेट
- अमोनियम क्लोरेट
Explanation:
- अमोनियम क्लोराइड (NH₄Cl) – यह ऊर्ध्वपातन (sublimation) करता है, अर्थात बिना पिघले सीधे ठोस से गैस में बदल जाता है (और वापस ठोस में)।
- अन्य: अमोनियम फॉस्फेट, अमोनियम क्लोरेट – सामान्यतः ऊर्ध्वपातन नहीं करते (विघटित हो सकते हैं)।
Quick Facts:
- ऊर्ध्वपातन करने वाले पदार्थ: NH₄Cl, I₂ (आयोडीन), कपूर (camphor), नेफ़थलीन (naphthalene), सूखी बर्फ (dry ice, CO₂)।
निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक, स्थिर अनुपात के नियम का पालन करता है?
- पीतल
- वायु
- जल
- मृदा
Explanation:
- स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions) – किसी रासायनिक यौगिक (compound) में तत्व हमेशा एक निश्चित (स्थिर) द्रव्यमान अनुपात में होते हैं।
- जल (H₂O) – H:O = 1:8 (हमेशा) – एक यौगिक है, इसलिए इस नियम का पालन करता है।
- पीतल (Brass) – मिश्र धातु (alloy, मिश्रण), वायु – मिश्रण (mixture), मृदा – मिश्रण – ये नियम का पालन नहीं करते (क्योंकि इनका संघटन परिवर्तनशील होता है)।
Quick Facts:
- यह नियम ‘प्राउस्ट का नियम’ (Proust’s law) भी कहलाता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी घटना गर्मियों में सूती कपड़े पहनने के पीछे का कारण है?
- ऊर्ध्वपातन
- संघनन
- संलयन
- वाष्पीकरण
Explanation:
- गर्मियों में सूती (cotton) कपड़े पहनने का कारण – सूती कपड़ा पसीने (sweat) को वाष्पीकरण (evaporation) द्वारा अवशोषित करता है, जिससे शरीर से ऊष्मा निकलती है और ठंडक (cooling) मिलती है।
- वाष्पीकरण – शीतलन (cooling) प्रभाव उत्पन्न करता है, इसलिए सूती कपड़े गर्मियों में आरामदायक होते हैं।
Quick Facts:
- सूती कपड़े पसीने को अच्छी तरह सोखते (absorb) हैं और वाष्पीकरण को बढ़ावा देते हैं।
आयनिक यौगिकों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
- आयनिक यौगिक ठोस होते हैं।
- आयनिक यौगिकों का उच्च गलनांक होता है।
- ठोस अवस्था में आयनिक यौगिक विद्युत का चालन करते हैं।
- आयनिक यौगिक सामान्यतः जल में घुलनशील होते हैं।
Explanation:
- ठोस अवस्था में, आयनिक यौगिक विद्युत का चालन नहीं करते, क्योंकि आयन (ions) स्थिर (fixed) होते हैं और गतिशील (mobile) नहीं होते।
- वे पिघली (molten) या जलीय (aqueous) अवस्था में विद्युत का चालन करते हैं, क्योंकि तब आयन स्वतंत्र रूप से गति कर सकते हैं।
Quick Facts:
- आयनिक यौगिक → विद्युत अपघट्य (electrolytes) – जलीय/पिघली अवस्था में चालक।
बेकिंग सोडा को गर्म करने पर कौन-सी गैस मुक्त होती है?
- CO₂
- O₂
- H₂
- N₂
Explanation:
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) को गर्म करने पर: 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) + H₂O
- CO₂ गैस मुक्त होती है, जो बेकिंग (ब्रेड/केक) में खमीर उठाने (leavening) का कारण बनती है।
Quick Facts:
- NaHCO₃ का उपयोग बेकिंग पाउडर में, एंटासिड, अग्निशामक में होता है।
जब कॉपर ऑक्साइड को तनु सल्फ्यूरिक अम्ल में मिलाया जाता है, तो नील-हरा विलयन बनता है, उस समय कॉपर ऑक्साइड का रंग कैसा होता है?
- सफेद
- धूसर
- काला
- हरा
Explanation:
- कॉपर (II) ऑक्साइड (CuO) का रंग काला (black) होता है।
- CuO + H₂SO₄ → CuSO₄ (नील-हरा, blue-green) + H₂O
- CuO (काला) अम्ल के साथ अभिक्रिया करके नीला-हरा विलयन (CuSO₄) बनाता है।
Quick Facts:
- CuO एक क्षारीय ऑक्साइड (basic oxide) है, जो अम्लों के साथ लवण+जल बनाता है।
जब सल्फ्यूरिक एसिड को जिंक पर डाला जाता है, तो निम्नलिखित में से कौन सी गैस बनती है?
- हाइड्रोजन
- ऑक्सीजन
- जिंक डाइऑक्साइड
- सल्फर डाइऑक्साइड
Explanation:
- Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂ (हाइड्रोजन गैस)
- धातु + तनु अम्ल → लवण + H₂ (यह एक सामान्य अभिक्रिया है, जब अम्ल ऑक्सीकारक न हो – HNO₃ को छोड़कर)।
Quick Facts:
- H₂ गैस का परीक्षण – ‘पॉप’ (pop) ध्वनि के साथ जलती हुई माचिस पर जलता है।
पदार्थ की निम्नलिखित में से कौन-सी अवस्था में कण एक दूसरे से दूर होते हैं और यादृच्छिक रूप से तथा तेजी से गति करते हैं?
- द्रव अवस्था
- गैसीय अवस्था
- प्लाज्मा अवस्था
- ठोस अवस्था
Explanation:
- गैसीय अवस्था (Gaseous state) – कण एक-दूसरे से बहुत दूर होते हैं, उनके बीच अंतर-आण्विक बल (intermolecular forces) न्यूनतम होते हैं, और वे यादृच्छिक (random) तथा तेजी से (fast) गति करते हैं।
- द्रव – कण निकट होते हैं, पर गतिशील; ठोस – नियमित व्यवस्था, कंपन; प्लाज्मा – अत्यधिक ऊर्जावान, पर यहाँ गैस सर्वोत्तम है।
Quick Facts:
- गैसों में विसरण (diffusion) सबसे तीव्र होता है, क्योंकि कण स्वतंत्र रूप से गति करते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा पायस (इमल्शन) का उदाहरण है?
- फोम
- फेस क्रीम
- स्पंज
- रबर
Explanation:
- पायस (Emulsion) – दो अमिश्रणीय (immiscible) द्रवों (जैसे तेल और जल) का कोलाइडी विलयन (colloidal solution)।
- फेस क्रीम (Face cream) – यह एक पायस है (तेल + जल का मिश्रण, एक पायसीकारक (emulsifier) द्वारा स्थिर किया गया)।
- फोम – गैस + द्रव (जैसे शेविंग फोम), स्पंज – ठोस + गैस (ठोस फोम), रबर – ठोस + ठोस (या बहुलक)।
Quick Facts:
- पायस के उदाहरण: दूध, मक्खन, मेयोनेज़, फेस क्रीम, लोशन।
निम्नलिखित में से किस अवस्था में अति ऊर्जावान और अति उत्तेजित कण मौजूद होते हैं?
- द्रव
- गैस
- प्लाज्मा
- ठोस
Explanation:
- प्लाज्मा (Plasma) – पदार्थ की चौथी अवस्था, जिसमें कण अति ऊर्जावान (highly energetic) और अति उत्तेजित (highly excited) होते हैं (आयनित गैस, ionized gas) – इसमें मुक्त इलेक्ट्रॉन और धनायन होते हैं।
- उदाहरण: सूर्य, तारे, नीयन लैंप, विद्युत चमक (lightning) – प्लाज्मा अवस्था में होते हैं।
Quick Facts:
- प्लाज्मा – ब्रह्मांड में पदार्थ की सबसे सामान्य अवस्था (तारों में)।
एथेनॉल सोडियम के साथ अभिक्रिया करता है जिसके परिणामस्वरूप सोडियम एथॉक्साइड बनता है और …………… निर्मित होती है।
- क्लोरीन गैस (chlorine gas)
- हाइड्रोजन गैस (hydrogen gas)
- नाइट्रोजन गैस (nitrogen gas)
- ब्रोमीन गैस (bromine gas)
Explanation:
- 2C₂H₅OH + 2Na → 2C₂H₅ONa (सोडियम एथॉक्साइड) + H₂ (हाइड्रोजन गैस)
Quick Facts:
- यह अभिक्रिया ऐल्कोहॉल की अम्लीय प्रकृति (H⁺) को दर्शाती है (हालाँकि यह दुर्बल अम्ल है)।
निम्नलिखित में से किसका प्रकाशिक घनत्व उच्च परन्तु द्रव्यमान घनत्व कम हो सकता है?
- जल
- तारपीन
- जर्मेनियम
- कांच
Explanation:
- प्रकाशिक घनत्व (Optical density) – किसी माध्यम का अपवर्तनांक (refractive index) से संबंधित (प्रकाश को धीमा करने की क्षमता)।
- तारपीन (Turpentine) – इसका प्रकाशिक घनत्व (अपवर्तनांक ≈ 1.47) जल (1.33) से अधिक हो सकता है, पर इसका द्रव्यमान घनत्व (mass density) जल से कम हो सकता है (≈ 0.87 g/cm³)।
- जर्मेनियम, कांच – द्रव्यमान घनत्व अधिक; जल – द्रव्यमान और प्रकाशिक दोनों मध्यम।
Quick Facts:
- प्रकाशिक घनत्व ∝ 1/वेग (प्रकाश की चाल) – μ = c/v
निर्जलीकरण के दौरान शरीर द्वारा आमतौर पर खोया जाने वाला पदार्थ कौनसा है?
- सोडियम क्लोराइड
- शुगर
- पोटेशियम क्लोराइड
- कैल्शियम फॉस्फेट
Explanation:
- निर्जलीकरण (Dehydration) के दौरान शरीर जल (water) और सोडियम क्लोराइड (NaCl) (इलेक्ट्रोलाइट्स) खोता है (पसीना, उल्टी, दस्त के माध्यम से)।
- ORS (Oral Rehydration Solution) में NaCl, ग्लूकोज, KCl आदि होते हैं, पर सबसे महत्वपूर्ण NaCl है।
Quick Facts:
- निर्जलीकरण में जल और इलेक्ट्रोलाइट्स (मुख्यतः NaCl) की कमी होती है।
‘गैसीय अवस्था के गुण’ के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- गैसीय अवस्था में, अंतराआण्विक दूरी अत्यधिक निम्न होती है और अंतराआण्विक आकर्षण अत्यधिक होता है।
- गैसीय अवस्था में, अंतराआण्विक दूरी अत्यधिक होती है और अंतराआण्विक आकर्षण अत्यधिक निम्न होता है।
- गैसीय अवस्था में, अंतराआण्विक आकर्षण और अंतराआण्विक दूरी अत्यधिक होती है।
- गैसीय अवस्था में, अंतराआण्विक दूरी और अंतराआण्विक आकर्षण अत्यधिक निम्न होते हैं।
Explanation:
- गैसों में कणों के बीच की दूरी (अंतराआण्विक दूरी, intermolecular distance) अत्यधिक (very large) होती है, और उनके बीच आकर्षण बल (intermolecular attraction) अत्यधिक निम्न (very weak) होता है।
- इसी कारण गैसें संपीडित (compressible) होती हैं और बिना किसी निश्चित आकार/आयतन के फैलती हैं।
Quick Facts:
- ठोस: निकट दूरी, प्रबल बल; द्रव: मध्यम दूरी, मध्यम बल; गैस: अधिक दूरी, दुर्बल बल।
निम्नलिखित में से कौन-सी पदार्थ की अवस्थाओं के बीच चरण संक्रमण नहीं है?
- उर्ध्वपातन
- उत्सर्जन
- संघनन
- वाष्पीकरण
Explanation:
- उत्सर्जन (Emission) – यह चरण संक्रमण (phase transition) नहीं है; यह विकिरण (radiation) या उत्सर्जन से संबंधित है (जैसे प्रकाश/ऊष्मा उत्सर्जन)।
- उर्ध्वपातन (Sublimation) – ठोस → गैस, संघनन (Condensation) – गैस → द्रव, वाष्पीकरण (Evaporation) – द्रव → गैस – ये सभी चरण संक्रमण हैं।
Quick Facts:
- चरण संक्रमण: पिघलना (melting), जमना (freezing), वाष्पीकरण, संघनन, उर्ध्वपातन, हिमीकरण (deposition)।
जब मैग्नीशियम रिबन को हवा में जलाया जाता है, तो जो राख बनती है वह है-
- गुलाबी
- काला
- सफेद
- पीला
Explanation:
- मैग्नीशियम (Mg) के जलने पर मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) बनता है, जो एक सफेद (white) राख (ash) है।
- 2Mg + O₂ → 2MgO (सफेद पाउडर, जब जल में मिलाया जाता है तो Mg(OH)₂ बनाता है, जो क्षारीय है)।
Quick Facts:
- MgO का उपयोग दुर्दम्य (refractory) सामग्री, दवाइयों (एंटासिड) में होता है।
जब धातुएँ तनु अम्लों के साथ अभिक्रिया करती हैं तो निम्नलिखित में से कौन सी गैस प्राप्त होती है?
- हाइड्रोजन
- नाइट्रोजन
- ऑक्सीजन
- कार्बन डाइऑक्साइड
Explanation:
- धातु + तनु अम्ल (dilute acid) → लवण + हाइड्रोजन गैस (H₂) (जब तक कि अम्ल HNO₃ न हो, क्योंकि HNO₃ ऑक्सीकारक है और H₂ नहीं देता)।
- उदाहरण: Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂
Quick Facts:
- H₂ गैस का परीक्षण: जलती हुई माचिस के पास ले जाने पर ‘पॉप’ ध्वनि के साथ जलती है।
किस पदार्थ का आण्विक द्रव्यमान 44 u है?
- कार्बन मोनोऑक्साइड (Carbon monoxide)
- कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon dioxide)
- मेथेन (Methane)
- अमोनिया (Ammonia)
Explanation:
- CO₂ का आण्विक द्रव्यमान = 12 (C) + 2×16 (O) = 12 + 32 = 44 u
- CO = 12 + 16 = 28 u, CH₄ = 12 + 4 = 16 u, NH₃ = 14 + 3 = 17 u
Quick Facts:
- CO₂ का मोलर द्रव्यमान 44 g/mol है।
निम्नलिखित में से कौन-सा पोषक तत्व पौधों को मिट्टी से प्राप्त होता है?
- नाइट्रोजन
- कार्बन
- हाइड्रोजन
- ऑक्सीजन
Explanation:
- पौधों को नाइट्रोजन (N) मिट्टी से नाइट्रेट (NO₃⁻) या अमोनियम (NH₄⁺) के रूप में प्राप्त होता है (जड़ों द्वारा अवशोषित)।
- कार्बन (C) – वायु से CO₂ के रूप में, हाइड्रोजन (H) और ऑक्सीजन (O) – जल (H₂O) से (या वायु से CO₂/O₂ के रूप में) मिलते हैं।
Quick Facts:
- मिट्टी से प्राप्त प्रमुख पोषक तत्व: N, P, K, S, Ca, Mg (मैक्रोन्यूट्रिएंट्स)
- N पौधों के लिए आवश्यक है (प्रोटीन, क्लोरोफिल, न्यूक्लिक अम्ल)।
ऊष्मा हस्तांतरण की चालकत्व और संवहन प्रणाली ______ द्वारा विभाजित निकायों के बीच संचालित नहीं होती है।
- जल
- एल्यूमीनियम
- निर्वात
- वायु
Explanation:
- चालन (Conduction) और संवहन (Convection) – इनके लिए माध्यम (medium) (ठोस, द्रव, गैस) की आवश्यकता होती है।
- निर्वात (Vacuum) में कोई माध्यम नहीं होता, इसलिए चालन और संवहन नहीं हो सकते (इसमें केवल विकिरण (Radiation) द्वारा ऊष्मा स्थानांतरण होता है)।
Quick Facts:
- ऊष्मा स्थानांतरण के तीन तरीके: चालन (ठोस), संवहन (द्रव/गैस), विकिरण (निर्वात में भी)।
कौन-सा गुणधर्म किसी यौगिक को मिश्रण से विभेदित करता है?
- सदैव ठोस होता है
- एक से अधिक पदार्थों से निर्मित होता है
- निश्चित संघटन और गुणधर्म होते हैं
- किसी भी अवस्था में विद्यमान हो सकता है
Explanation:
- यौगिक (Compound) – तत्वों का एक निश्चित (fixed) अनुपात में संयोजन, इसलिए इसका संघटन (composition) और गुणधर्म (properties) निश्चित (स्थिर) होते हैं।
- मिश्रण (Mixture) – संघटन परिवर्तनशील (variable) होता है और गुणधर्म भी उसके घटकों के गुणों के अनुसार बदलते हैं।
Quick Facts:
- उदाहरण: H₂O (यौगिक) – H:O = 1:8 (हमेशा); हवा (मिश्रण) – संघटन परिवर्तनशील।
लेसेन परीक्षण में, आयरन (II) सल्फेट विलयन की उपस्थिति में विलयन के भाग को ऊष्मा देने पर प्रशियन नीले के अवक्षेप के निर्माण से कौन-सा तत्व प्रकट होता है?
- ऑक्सीजन
- कार्बन
- हाइड्रोजन
- नाइट्रोजन
Explanation:
- लेसेन परीक्षण (Lassaigne’s test) – कार्बनिक यौगिकों में नाइट्रोजन (N) का पता लगाने के लिए।
- जब कार्बनिक यौगिक को सोडियम के साथ गर्म किया जाता है, तो NaCN (सोडियम सायनाइड) बनता है। यह FeSO₄ के साथ अभिक्रिया करके प्रशियन नीला (Prussian blue, Fe₄[Fe(CN)₆]₃) अवक्षेप देता है, जो N की उपस्थिति दर्शाता है।
Quick Facts:
- प्रशियन नीला – गहरा नीला (deep blue) अवक्षेप, N (नाइट्रोजन) के परीक्षण के लिए।
एक विद्यार्थी एक बंद पात्र में 10 g कैल्शियम कार्बोनेट को गर्म करता है। यह अपघटित होकर 5.6 g कैल्शियम ऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनाता है। उत्पन्न कार्बन डाइऑक्साइड का द्रव्यमान कितना होगा?
- 5.0 g
- 15.6 g
- 4.4 g
- 10.0 g
Explanation:
- द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass): अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = उत्पादों का कुल द्रव्यमान।
- CaCO₃ → CaO + CO₂
- 10 g = 5.6 g + CO₂ ⇒ CO₂ = 10 – 5.6 = 4.4 g
Quick Facts:
- यह एक बंद पात्र (closed container) में है, इसलिए कोई द्रव्यमान बाहर नहीं जा सकता – संरक्षण स्पष्ट है।
पौधों में कोशिका भित्ति का निर्माण करने वाले जटिल कार्बोहाइड्रेट को क्या कहा जाता है?
- सुक्रोज
- सेल्यूलोज
- लैक्टोज
- माल्टोज
Explanation:
- सेल्यूलोज (Cellulose) – पौधों की कोशिका भित्ति (cell wall) का मुख्य संरचनात्मक घटक है, जो एक जटिल कार्बोहाइड्रेट (पॉलीसेकेराइड) है, जो ग्लूकोज की लंबी शृंखलाओं से बना होता है।
- सुक्रोज, लैक्टोज, माल्टोज – डिसैकराइड (शर्करा) हैं, संरचनात्मक नहीं।
Quick Facts:
- सेल्यूलोज मानव पाचन तंत्र में नहीं पचता (अघुलनशील फाइबर)।
एक ____ पदार्थ गैस की प्रकृति के आधार पर एक विशेष रंग के साथ चमकती है।
- द्रव्य
- प्लाज्मा
- ठोस
- अर्द्ध ठोस
Explanation:
- प्लाज्मा (Plasma) – आयनित गैस, जो अपनी गैस की प्रकृति (तत्व) के आधार पर विशिष्ट रंग (विशेष रंग) के साथ चमकती है (जैसे नीयन लैंप – नारंगी-लाल, हाइड्रोजन – गुलाबी, आदि)।
- यह पदार्थ की चौथी अवस्था है, जिसमें कण अत्यधिक ऊर्जावान होते हैं।
Quick Facts:
- प्लाज्मा का उपयोग नीयन संकेतों (neon signs), प्लाज्मा टीवी, तारों में होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प पदार्थ की तीन अवस्थाओं में कणों के बीच आकर्षण शक्ति को सही ढंग से दर्शाता है?
- गैस > द्रव > ठोस
- ठोस < द्रव < गैस
- गैस < द्रव < ठोस
- ठोस > गैस > द्रव
Explanation:
- कणों के बीच आकर्षण बल (interparticle forces) का क्रम: ठोस > द्रव > गैस (ठोस में सबसे अधिक, गैस में सबसे कम)।
- इसलिए गैस < द्रव < ठोस (आरोही क्रम) सही है।
Quick Facts:
- ठोस – प्रबल बल → निश्चित आकार, गैस – दुर्बल बल → कोई निश्चित आकार/आयतन।
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की कैल्सियम कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करवाने पर कौन-सी गैस मोचित होती है?
- हाइड्रोजन
- कार्बन डाइऑक्साइड
- अमोनिया
- नाइट्रोजन
Explanation:
- CaCO₃ + 2HCl → CaCl₂ + H₂O + CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड)
- कार्बोनेट + अम्ल → लवण + जल + CO₂
Quick Facts:
- CO₂ गैस चूने के पानी (Ca(OH)₂) को दूधिया (milky) करती है (CaCO₃ बनता है) – यह CO₂ का परीक्षण है।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प ठोसों के गुण को नहीं दर्शाता है?
- इनका आकार बदलना सरल है।
- इनका आकार बदलना सरल है।
- इनका आयतन निश्चित होता है।
- इनमें प्रबल अंतरआण्विक बल होते हैं।
Explanation:
- ठोसों (solids) का आकार बदलना सरल नहीं होता (वे कठोर, rigid होते हैं, क्योंकि कणों के बीच प्रबल बल होते हैं)।
- दोनों विकल्प एक ही हैं – “इनका आकार बदलना सरल है” – यह ठोसों का गुण नहीं है (यह द्रवों/गैसों का गुण है)।
- ठोसों के गुण: निश्चित आकार, निश्चित आयतन, प्रबल अंतरआण्विक बल, अत्यल्प संपीड्यता।
Quick Facts:
- ठोस – कण नियमित व्यवस्था में (जालक, lattice), केवल कंपन (vibration) करते हैं।
पानी का क्वथनांक बिंदु है:
- 100°C
- 50°C
- 0°C
- 10°C
Explanation:
- शुद्ध जल (pure water) का क्वथनांक (boiling point) 100°C (373.15 K) होता है (1 atm दाब पर)।
- 0°C – हिमांक (freezing point), 10°C/50°C – सामान्य तापमान।
Quick Facts:
- ऊँचाई पर, दाब कम होने के कारण जल का क्वथनांक 100°C से कम होता है।
निम्नलिखित में से कौन कार्बन का एक अपरूपी रूप है?
- हीरा
- जिप्सम
- चॉक
- संगमरमर
Explanation:
- हीरा (Diamond) – कार्बन (C) का एक अपरूप (allotrope) है (अन्य: ग्रेफाइट, फुलेरीन, ग्राफीन)।
- जिप्सम (CaSO₄·2H₂O), चॉक (CaCO₃), संगमरमर (CaCO₃) – कार्बन के यौगिक हैं, अपरूप नहीं।
Quick Facts:
- कार्बन के अपरूप: हीरा, ग्रेफाइट, फुलेरीन (C₆₀), ग्राफीन, नैनोट्यूब (CNT)।
कौन से जैव अणु जैव रासायनिक प्रतिक्रियाओं को उत्प्रेरित करने के लिए जिम्मेदार हैं?
- पॉलीसेकेराइड
- एंजाइम
- न्यूक्लियोटाइड
- फॉस्फोलिपिड
Explanation:
- एंजाइम (Enzymes) – जैविक उत्प्रेरक (biological catalysts), जो जैव रासायनिक अभिक्रियाओं (biochemical reactions) की दर को बढ़ाते हैं (स्वयं उपभोग नहीं होते)।
- पॉलीसेकेराइड – कार्बोहाइड्रेट, न्यूक्लियोटाइड – न्यूक्लिक अम्ल के घटक, फॉस्फोलिपिड – कोशिका झिल्ली के घटक।
Quick Facts:
- एंजाइम प्रोटीन (protein) होते हैं (कुछ RNA भी – राइबोजाइम) – वे पाचन, चयापचय आदि में भूमिका निभाते हैं।
निम्नलिखित में से किसे “ड्राई आइस” के रूप में जाना जाता है?
- कोई भी विकल्प नहीं
- तरल कार्बन डाइऑक्साइड
- ठोस कार्बन डाइऑक्साइड
- गैसीय कार्बन डाइऑक्साइड
Explanation:
- “ड्राई आइस” (Dry ice) – ठोस कार्बन डाइऑक्साइड (Solid CO₂) है, जो बिना पिघले सीधे गैस में बदल जाता है (ऊर्ध्वपातन, sublimation)।
- इसका उपयोग शीतलन (refrigeration), विशेष प्रभाव (smoke effects) में होता है।
Quick Facts:
- ड्राई आइस का तापमान -78.5°C होता है।
ग्रीनहाउस प्रभाव के लिए मुख्यतः कौन-सी गैस उत्तरदायी है और जीवाश्म ईंधनों के दहन पर उत्पन्न होती है?
- ऑक्सीजन
- नाइट्रोजन
- कार्बन डाइऑक्साइड
- हाइड्रोजन
Explanation:
- कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) – ग्रीनहाउस प्रभाव (greenhouse effect) के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी गैस है, जो जीवाश्म ईंधनों (coal, petroleum, natural gas) के दहन (combustion) से उत्पन्न होती है।
- अन्य ग्रीनहाउस गैसें: CH₄, N₂O, CFCs, आदि, पर CO₂ सबसे प्रमुख है।
Quick Facts:
- CO₂ वायुमंडल में ऊष्मा को अवशोषित करती है, जिससे वैश्विक तापन (global warming) होता है।
निम्नलिखित में से किसका उपयोग परमाणु रिएक्टरों में मंदक के रूप में नहीं किया जाता है?
- बोरोन
- ग्रेफाइट
- जल
- भारी जल
Explanation:
- बोरोन (Boron) – इसका उपयोग परमाणु रिएक्टरों में नियंत्रक (control rod) (न्यूट्रॉन अवशोषक) के रूप में किया जाता है, मंदक (moderator) के रूप में नहीं।
- मंदक (Moderator) – न्यूट्रॉन को मंद (slow) करने के लिए – उदाहरण: ग्रेफाइट (graphite), जल (H₂O), भारी जल (D₂O) – इनका उपयोग मंदक के रूप में होता है।
Quick Facts:
- मंदक – न्यूट्रॉन की गति घटाता है (विखंडन को बढ़ाने के लिए), नियंत्रक – न्यूट्रॉन को अवशोषित करता है (अभिक्रिया को नियंत्रित करने के लिए)।
धावन सोडा का सही सूत्र क्या है?
- Na₂CO₃·H₂O
- Na₂CO₃
- Na₂CO₃·6H₂O
- Na₂CO₃·10H₂O
Explanation:
- धावन सोडा (Washing soda) – सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट – सूत्र Na₂CO₃·10H₂O
- Na₂CO₃ (निर्जल, anhydrous) – सोडा ऐश (soda ash), Na₂CO₃·H₂O – मोनोहाइड्रेट, Na₂CO₃·6H₂O – हेक्साहाइड्रेट
Quick Facts:
- धावन सोडा का उपयोग कपड़े धोने, कांच, साबुन, कागज उद्योग में होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा मिश्रण का उदाहरण है?
- नमक (NaCl)
- वायु
- लोहा (Fe)
- पानी (H₂O)
Explanation:
- वायु (Air) – गैसों (O₂, N₂, CO₂, Ar, आदि) का एक मिश्रण (mixture) है, जिसका संघटन परिवर्तनशील होता है।
- NaCl (यौगिक), Fe (तत्व), H₂O (यौगिक) – शुद्ध पदार्थ हैं, मिश्रण नहीं।
Quick Facts:
- मिश्रण – संघटन परिवर्तनशील, घटकों के गुण बने रहते हैं (जैसे वायु में O₂, N₂ अलग-अलग गुण दिखाते हैं)।
1 मोल (6.022 x 10²³ पानी के अणु) से कितने ग्राम जल बनता है?
- 20 ग्राम
- 18 ग्राम
- 12 ग्राम
- 24 ग्राम
Explanation:
- H₂O का आण्विक द्रव्यमान = 2×1 + 16 = 18 u
- 1 मोल H₂O = 6.022 × 10²³ अणु = 18 ग्राम (मोलर द्रव्यमान)
Quick Facts:
- 1 मोल = 18 g (H₂O), 1 मोल CO₂ = 44 g, आदि।
निम्नलिखित में से कौन-सा अणु, एक ही तत्व के दो परमाणुओं से मिलकर बना है?
- H₂
- H₂O
- CO
- O₃
Explanation:
- H₂ – हाइड्रोजन का एक अणु है, जो एक ही तत्व (हाइड्रोजन) के दो (2) परमाणुओं से बना है (द्विपरमाणुक, diatomic)।
- H₂O – दो तत्व (H, O), CO – दो तत्व (C, O), O₃ – एक तत्व के 3 परमाणु (ओजोन, triatomic)।
Quick Facts:
- द्विपरमाणुक अणु: H₂, O₂, N₂, Cl₂, F₂, Br₂, I₂
निम्नलिखित में से कौन सा एक यौगिक है?
- ऑक्सीजन
- आयरन
- पानी
- सल्फर
Explanation:
- पानी (H₂O) – एक यौगिक (compound) है, क्योंकि यह दो अलग-अलग तत्वों (हाइड्रोजन और ऑक्सीजन) के एक निश्चित अनुपात में संयोजन से बना है।
- ऑक्सीजन (O₂), आयरन (Fe), सल्फर (S) – ये तत्व (elements) हैं, यौगिक नहीं।
Quick Facts:
- यौगिक – दो या अधिक तत्वों का रासायनिक संयोजन (जैसे NaCl, CO₂, H₂O)
निम्न में से कौन बहुपरमाणुक है?
- हाइड्रोजन
- आर्गन
- सल्फर
- ऑक्सीजन
Explanation:
- बहुपरमाणुक (Polyatomic) – अणु जिसमें दो से अधिक परमाणु होते हैं।
- सल्फर (S) – सामान्यतः S₈ (अष्टपरमाणुक, octatomic) – एक बहुपरमाणुक अणु है (अपरूप के रूप में रोम्बिक/मोनोक्लिनिक सल्फर में S₈ होता है)।
- हाइड्रोजन (H₂) – द्विपरमाणुक, आर्गन (Ar) – एकपरमाणुक, ऑक्सीजन (O₂) – द्विपरमाणुक।
Quick Facts:
- बहुपरमाणुक अणु: S₈, P₄, O₃ (ओजोन), आदि।
एक ही तत्व या अलग-अलग तत्वों के परमाणु एक साथ मिलकर ____ बना सकते हैं।
- तत्व
- अणु
- आयन
- मिश्रधातु
Explanation:
- एक ही तत्व या अलग-अलग तत्वों के परमाणु आपस में मिलकर अणु (molecules) बनाते हैं (जैसे H₂ – एक ही तत्व, H₂O – अलग-अलग तत्व)।
- आयन – आवेशित कण, मिश्रधातु – ठोस विलयन, तत्व – एक प्रकार के परमाणु।
Quick Facts:
- अणु – कणों का एक समूह जो एक साथ बंधे होते हैं और तत्व/यौगिक की पहचान बनाए रखते हैं।
द्रवों में विसरण की दर ठोसों की तुलना में अधिक होती है क्योंकि:
- द्रव अवस्था में, कण केवल स्वतंत्र रूप से गति करते हैं और उनके बीच अधिक स्थान नहीं होता है
- द्रव अवस्था में, कण स्वतंत्र रूप से गति करते हैं और उनके बीच अधिक स्थान होता है
- द्रव अवस्था में, कण स्वतंत्र रूप से गति नहीं करते हैं, लेकिन उनके बीच अधिक स्थान होता है
- द्रव अवस्था में, कण स्वतंत्र रूप से गति नहीं करते हैं और उनके बीच अधिक स्थान नहीं होता है
Explanation:
- द्रवों (liquids) में विसरण (diffusion) ठोसों (solids) की तुलना में अधिक होता है, क्योंकि द्रव के कण स्वतंत्र रूप से (freely) गति कर सकते हैं, और उनके बीच अधिक स्थान (more space) होता है (ठोसों की तुलना में, जहाँ कण नियमित व्यवस्था में होते हैं और अंतराल कम होते हैं)।
- गैसों में विसरण सबसे तीव्र होता है (क्योंकि कणों के बीच अधिकतम स्थान होता है और गति सबसे अधिक होती है)।
Quick Facts:
- विसरण की दर: गैस > द्रव > ठोस
पदार्थ की उस अवस्था का नाम क्या है, जिसमें उसका आकार और आयतन निश्चित होते हैं?
- द्रव
- प्लाज्मा
- ठोस
- गैस
Explanation:
- ठोस (Solid) – आकार (shape) और आयतन (volume) दोनों निश्चित (definite) होते हैं।
- द्रव – आयतन निश्चित, आकार नहीं; गैस – दोनों निश्चित नहीं; प्लाज्मा – आयनित गैस, निश्चित नहीं।
Quick Facts:
- ठोस – कणों के बीच प्रबल बल, केवल कंपन (vibration)।
निम्नलिखित में से कौन-सा, सबसे तेजी से विसरण दर्शाएगा?
- द्रव में ठोस
- गैस में द्रव
- ठोस में ठोस
- गैस में गैस
Explanation:
- विसरण (Diffusion) – गैसों में सबसे तीव्र होता है, क्योंकि गैस के कणों के बीच अंतराल सबसे अधिक होता है और वे सबसे तेजी से गति करते हैं।
- इसलिए गैस में गैस (gas into gas) सबसे तेजी से विसरण दर्शाएगा।
- क्रम: गैस-गैस > गैस-द्रव > द्रव-द्रव > द्रव-ठोस > ठोस-ठोस
Quick Facts:
- विसरण – कणों का उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर गति।
हम सभी अपने प्रेक्षणों में जानते हैं कि जल पदार्थ की तीन अवस्थाओं में उपस्थित हो सकता है। कथन: A. ठोस, बर्फ के रूप में B. तरल, पेट्रोल के रूप में और C. O₂, गैस के रूप में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- केवल A सत्य है, B और C गलत हैं।
- A और B सत्य हैं, C असत्य है।
- सभी असत्य हैं।
- सभी सत्य हैं।
Explanation:
- कथन A: जल ठोस अवस्था में बर्फ (ice) के रूप में होता है – सत्य।
- कथन B: जल तरल अवस्था में पेट्रोल (petrol) के रूप में नहीं होता (पेट्रोल एक हाइड्रोकार्बन मिश्रण है, जल नहीं) – असत्य।
- कथन C: जल गैस अवस्था में O₂ (ऑक्सीजन) के रूप में नहीं होता (जलवाष्प, H₂O(g) होता है, O₂ नहीं) – असत्य।
- अतः केवल A सत्य है।
Quick Facts:
- जल की तीन अवस्थाएँ: ठोस (बर्फ), द्रव (जल), गैस (जलवाष्प, भाप)।
निम्नलिखित में से कौन-सा, प्राण सूचक नहीं है?
- लौंग तेल (Clove oil)
- लिटमस (Litmus)
- प्याज (Onion)
- वैनिला (Vanilla)
Explanation:
- प्राण सूचक (Olfactory indicator) – वे पदार्थ जिनकी गंध (smell) अम्लीय या क्षारीय माध्यम में बदल जाती है (जैसे प्याज, वैनिला, लौंग तेल)।
- लिटमस (Litmus) – एक रंग सूचक (color indicator) है, प्राण सूचक नहीं (यह रंग बदलता है, गंध नहीं)।
Quick Facts:
- प्राण सूचक: प्याज, वैनिला, लौंग तेल – ये गंध में परिवर्तन दिखाते हैं।
- रंग सूचक: लिटमस, फिनॉलफ्थेलिन, मेथिल ऑरेंज।
निम्न में कणों की गतिज ऊर्जा अधिकतम होती है।
- द्रवों और ठोसों
- ठोसों
- द्रवों
- गैसों
Explanation:
- गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) कणों की गति के कारण होती है। गैसों में कण सबसे अधिक स्वतंत्र रूप से और तेजी से गति करते हैं, इसलिए उनकी गतिज ऊर्जा अधिकतम (maximum) होती है।
- ठोस – न्यूनतम (केवल कंपन), द्रव – मध्यम।
Quick Facts:
- तापमान (Temperature) कणों की औसत गतिज ऊर्जा का माप है।
एक पदार्थ X लाल लिटमस को नीला कर देता है, और यह नारंगी मिथाइल को _____ रंग में बदल देगा।
- पीला
- रंगहीन
- लाल
- गुलाबी
Explanation:
- लाल लिटमस को नीला करने वाला पदार्थ = क्षार (Base) (क्षारीय विलयन)
- मिथाइल ऑरेंज (Methyl orange) – अम्ल में लाल (red), क्षार में पीला (yellow) होता है।
- अतः क्षारीय माध्यम में, नारंगी मिथाइल (मिथाइल ऑरेंज) पीला हो जाता है।
Quick Facts:
- मिथाइल ऑरेंज (pH परास: 3.1-4.4) – अम्ल: लाल, क्षार: पीला
फेस क्रीम किस प्रकार के कोलाइड रूप से संबंधित है?
- ठोस
- जेल
- फोम
- इमल्शन
Explanation:
- फेस क्रीम (Face cream) – एक पायस (Emulsion) है, जो दो अमिश्रणीय द्रवों (तेल और जल) का कोलाइडी विलयन है।
- यह एक तेल-जल (oil-in-water) या जल-तेल (water-in-oil) पायस हो सकता है, जो पायसीकारक (emulsifier) द्वारा स्थिर किया जाता है।
Quick Facts:
- पायस के उदाहरण: दूध, मेयोनेज़, लोशन, फेस क्रीम
पृथ्वी से निकाले गए अयस्क मिट्टी, रेत आदि अशुद्धियों से दूषित होते हैं। उन्हें क्या कहा जाता है?
- फ्रैक्शन
- गैंग
- ऑक्साइड
- गैसें
Explanation:
- अयस्क (Ore) के साथ पाई जाने वाली अशुद्धियाँ (मिट्टी, रेत, चट्टानें) – गैंग (Gangue) या मैल (Matrix) कहलाती हैं।
- इन्हें निष्कर्षण (extraction) से पहले संवर्धन (enrichment) द्वारा हटाया जाता है।
Quick Facts:
- गैंग को हटाने की प्रक्रिया – अयस्क का संवर्धन (beneficiation) – उदाहरण: फ्लोटेशन, चुंबकीय पृथक्करण।
निम्नलिखित सहसंयोजक यौगिकों में से किसमें साझा इलेक्ट्रॉन युग्मों की संख्या सबसे कम होगी?
- H₂
- O₂
- CH₄
- N₂
Explanation:
- सहसंयोजक बंध (covalent bond) में, साझा इलेक्ट्रॉन युग्म (shared electron pairs) = बंधों की संख्या:
- H₂ – एकल बंध (1 साझा युग्म)
- O₂ – द्विबंध (2 साझा युग्म)
- CH₄ – 4 एकल बंध (4 साझा युग्म)
- N₂ – त्रिबंध (3 साझा युग्म)
- अतः H₂ में साझा युग्मों की संख्या सबसे कम (1) है।
Quick Facts:
- सहसंयोजक बंध में इलेक्ट्रॉन साझा होते हैं (एकल, द्वि, त्रि बंध)।
दही से मक्खन अलग करने की तकनीक का नाम बताइए।
- अपकेंद्रीकरण
- ऊर्ध्वपातन
- वाष्पीकरण
- निस्यंदन
Explanation:
- दही (curd) से मक्खन (butter) अलग करने के लिए अपकेंद्रीकरण (Centrifugation) का उपयोग किया जाता है (मक्खन मंथन, churning – जो अपकेंद्रीकरण का ही एक रूप है, जिसमें घूर्णन द्वारा भारी और हल्के घटक अलग हो जाते हैं)।
- इस विधि में मिश्रण को तीव्रता से घुमाया जाता है, जिससे मक्खन (हल्का) ऊपर आ जाता है और दही (भारी) नीचे रह जाता है।
Quick Facts:
- अपकेंद्रीकरण का उपयोग रक्त से प्लाज्मा अलग करने, दूध से मलाई निकालने में भी होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा त्रि-परमाणुक अणु का एक उदाहरण है?
- नाइट्रोजन
- ओजोन
- हाइड्रोजन
- ऑक्सीजन
Explanation:
- त्रि-परमाणुक (triatomic) अणु – तीन परमाणुओं से बना अणु।
- ओजोन (O₃) – ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से बना है, इसलिए यह त्रि-परमाणुक है।
- नाइट्रोजन (N₂) – द्वि-परमाणुक, हाइड्रोजन (H₂) – द्वि-परमाणुक, ऑक्सीजन (O₂) – द्वि-परमाणुक।
Quick Facts:
- त्रि-परमाणुक अणु के उदाहरण: O₃, CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड), H₂O (जल), SO₂ (सल्फर डाइऑक्साइड)।
निम्नलिखित में से कौन-सा आयनिक यौगिकों का एक सामान्य गुण है?
- ये अणुओं के रूप में मौजूद होते हैं और इनमें दुर्बल अंतरापरमाणुक बल होते हैं।
- ये जल में अविलेय होते हैं और ठोस अवस्था में विद्युत का संचालन करते हैं।
- ये भंगुर होते हैं और गलित या जलीय अवस्था में विद्युत का संचालन करते हैं।
- ये मृदु होते हैं और इनका गलनांक निम्न होता है।
Explanation:
- आयनिक यौगिक (Ionic compounds) भंगुर (brittle) होते हैं (आघात पर टूटते हैं) और गलित (molten) या जलीय (aqueous) अवस्था में विद्युत का संचालन करते हैं (क्योंकि आयन स्वतंत्र रूप से गति करते हैं)।
- ठोस अवस्था में विद्युत का चालन नहीं करते, जल में विलेय होते हैं (सामान्यतः), गलनांक उच्च होता है।
Quick Facts:
- आयनिक यौगिक: NaCl, MgO, CaCO₃ – भंगुर, उच्च गलनांक, जलीय/गलित में चालक।
कणों का विसरण _____ में अधिक तीव्र होता है।
- उच्च तापमान पर गैसों
- प्रबल आकर्षण वाले ठोसों
- निम्न गतिज ऊर्जा वाले जल
- बड़े अणुओं वाले ठंडे तरल पदार्थों
Explanation:
- विसरण (Diffusion) – कणों की गति। यह तापमान (temperature) बढ़ने पर बढ़ता है (क्योंकि गतिज ऊर्जा बढ़ती है), और गैसों में सबसे तीव्र होता है (क्योंकि कणों के बीच अंतराल अधिक होता है)।
- इसलिए उच्च तापमान पर गैसों में विसरण अधिकतम होता है।
Quick Facts:
- विसरण की दर: गैस (तेज़) > द्रव > ठोस (धीमा)
- तापमान बढ़ने पर विसरण तीव्र होता है (अणुओं की गति बढ़ती है)।
बेकिंग चूर्ण में मौजूद तत्वों के नाम बताइए।
- पोटेशियम, सल्फर और ऑक्सीजन
- सल्फर, हाइड्रोजन, कार्बन और ऑक्सीजन
- हाइड्रोजन, पोटेशियम, सल्फर और ऑक्सीजन
- सोडियम, हाइड्रोजन, कार्बन और ऑक्सीजन
Explanation:
- बेकिंग चूर्ण (Baking powder) – इसमें बेकिंग सोडा (NaHCO₃) और एक दुर्बल अम्ल (जैसे टारटरिक अम्ल) होता है।
- NaHCO₃ में तत्व: सोडियम (Na), हाइड्रोजन (H), कार्बन (C), ऑक्सीजन (O)
Quick Facts:
- बेकिंग पाउडर – NaHCO₃ + अम्ल (खट्टा घटक) – गर्म करने पर CO₂ मुक्त करता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी गैस ग्रीनहाउस गैस नहीं है?
- कार्बन मोनोऑक्साइड
- कार्बन डाइऑक्साइड
- ओजोन
- नाइट्रस ऑक्साइड
Explanation:
- ग्रीनहाउस गैसें (Greenhouse gases) – CO₂, CH₄, N₂O, O₃, CFCs, जलवाष्प (H₂O) आदि।
- कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) – सामान्यतः ग्रीनहाउस गैस नहीं मानी जाती (यह प्रदूषक है, पर वैश्विक तापन में सीधी भूमिका नहीं)।
Quick Facts:
- CO एक विषैली गैस है, जो दहन के अपूर्ण होने पर बनती है।
जल के नीचे रहने के लिए जंतुओं द्वारा किस गैस का उपयोग किया जाता है?
- नाइट्रोजन
- कार्बन डाइऑक्साइड
- शुष्क कार्बन डाइऑक्साइड
- घुलित ऑक्सीजन
Explanation:
- जलीय जीव (जैसे मछलियाँ) जल में घुली हुई ऑक्सीजन (dissolved oxygen) का उपयोग श्वसन (respiration) के लिए करते हैं।
- यह ऑक्सीजन वायुमंडल से जल की सतह पर विसरण द्वारा या प्रकाश संश्लेषण द्वारा जल में आती है।
Quick Facts:
- जल में O₂ की मात्रा कम होने पर जलीय जीवन खतरे में पड़ जाता है (जलीय प्रदूषण)।
फीनॉलफ्थेलिन, क्षारीय विलयन में किस रंग में बदल जाता है?
- पीला
- गुलाबी
- लाल
- रंगहीन
Explanation:
- फीनॉलफ्थेलिन (Phenolphthalein) – एक अम्ल-क्षार सूचक (acid-base indicator)।
- यह अम्ल (acid) में रंगहीन (colourless) और क्षार (base) में गुलाबी (pink) हो जाता है (pH ≈ 8.2-10 पर)।
Quick Facts:
- क्षारीय माध्यम में गुलाबी, अम्लीय/उदासीन में रंगहीन।
निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ जैव निम्नीकरणीय नहीं है?
- कपास
- कागज
- लकड़ी
- टिन
Explanation:
- जैव निम्नीकरणीय (Biodegradable) – पदार्थ जो सूक्ष्मजीवों (microorganisms) द्वारा विघटित (decompose) किए जा सकते हैं (जैसे कपास, कागज, लकड़ी – सभी कार्बनिक)।
- टिन (Tin) – एक धातु है, जो जैव निम्नीकरणीय नहीं है (यह अकार्बनिक है और प्राकृतिक रूप से विघटित नहीं होता, हालाँकि यह संक्षारित (corrode) हो सकता है, पर जैविक रूप से नहीं)।
Quick Facts:
- गैर-जैव निम्नीकरणीय: प्लास्टिक, काँच, धातुएँ, सिंथेटिक फाइबर।
निम्नलिखित में से किस पर स्थिर अनुपात का नियम लागू नहीं होता है?
- यौगिकों (Compounds)
- मिश्रणों (Mixtures)
- तत्वों (Elements)
- आयनिक यौगिक (Ionic Compounds)
Explanation:
- स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions) – यौगिकों (compounds) पर लागू होता है (क्योंकि यौगिकों का संघटन निश्चित होता है)।
- यह मिश्रणों (mixtures) पर लागू नहीं होता, क्योंकि मिश्रणों का संघटन परिवर्तनशील (variable) होता है।
Quick Facts:
- उदाहरण: H₂O – हमेशा H:O = 1:8 (यौगिक), वायु – मिश्रण, संघटन बदलता है।
373 K पर जिप्सम को गर्म करने पर निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक प्राप्त होता है?
- CaO
- CaSO₄·(1/2H₂O)
- CaSO₄·2H₂O
- CaSO₄·5H₂O
Explanation:
- जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) को 373 K (100°C) पर गर्म करने पर, यह अपना क्रिस्टलीय जल (water of crystallization) खोकर प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄·½H₂O) में बदल जाता है।
- CaSO₄·2H₂O → (373 K) → CaSO₄·½H₂O + 1½ H₂O
Quick Facts:
- POP का सूत्र: CaSO₄·½H₂O (कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट)
- इसे पानी में मिलाने पर जिप्सम वापस बनता है (सेट होता है) – फ्रैक्चर में उपयोग।
जब बेकिंग सोडा एसिटिक अम्ल के साथ प्रतिक्रिया करता है तो निम्नलिखित में से कौन सी गैस निकलती है?
- CO₂
- H₂
- CH₄
- O₂
Explanation:
- NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) + CH₃COOH (एसिटिक अम्ल) → CH₃COONa (सोडियम एसीटेट) + H₂O + CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड)
- CO₂ गैस ही फूलने (leavening) का कारण है।
Quick Facts:
- यह अभिक्रिया बेकिंग पाउडर में होती है – CO₂ बुलबुले आटे को फूलाते हैं।
पेरिस प्लास्टर कब तैयार होता है?
- जब ब्राइन को 373 K पर गर्म किया जाता है और यह जल के अणुओं को खो देता है।
- जब अमोनिया को 373 K पर गर्म किया जाता है और यह जल के अणुओं को खो देता है।
- जब सोडा लाइम को 373 K पर गर्म किया जाता है और यह जल के अणुओं को खो देता है।
- जब जिप्सम को 373 K पर गर्म किया जाता है और यह जल के अणुओं को खो देता है।
Explanation:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) को 373 K (100°C) पर गर्म करके बनाया जाता है, जिससे क्रिस्टलीय जल का कुछ हिस्सा निकल जाता है।
- ब्राइन – NaCl विलयन (क्लोर-क्षार प्रक्रिया), अमोनिया – हैबर विधि, सोडा लाइम – NaOH + CaO मिश्रण।
Quick Facts:
- POP → CaSO₄·½H₂O
- पानी मिलाने पर POP सेट होकर जिप्सम बनाता है।
ठोसों में उनके सुसंकुलित कणों के कारण कौन-सा गुण विद्यमान होता है?
- दृढता
- पारदर्शिता
- तरलता
- संपीड्यता
Explanation:
- ठोसों (solids) के कण सुसंकुलित (closely packed) होते हैं और उनके बीच प्रबल अंतर-आण्विक बल होते हैं, जिसके कारण वे दृढ (rigid) होते हैं (अर्थात उनका आकार निश्चित होता है और उन्हें विकृत करना मुश्किल होता है)।
- तरलता – द्रवों का गुण, संपीड्यता – गैसों का।
Quick Facts:
- दृढता (rigidity) – बाहरी बल के प्रतिरोध करने की क्षमता, ठोसों की विशेषता।
सिलिका है।
- एक सिरेमिक पदार्थ
- एक धात्विक मिश्र धातु
- एक कार्बनिक बहुलक
- एक मिश्र पदार्थ
Explanation:
- सिलिका (Silica, SiO₂) – एक सिरेमिक पदार्थ (ceramic material) है, जिसका उपयोग कांच, सिरेमिक, कंक्रीट, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि में होता है।
- यह एक अकार्बनिक (inorganic) यौगिक है, धात्विक मिश्रधातु नहीं, कार्बनिक बहुलक नहीं, और शुद्ध यौगिक है (मिश्र नहीं)।
Quick Facts:
- SiO₂ रेत (sand), क्वार्ट्ज (quartz) का मुख्य घटक है।
निम्नलिखित में से कौन-सा, एक गंध सूचक (olfactory indicator) नहीं है?
- वनीला अर्क (Vanilla extract)
- लौंग का तेल (Clove oil)
- प्याज (Onion)
- हल्दी (Turmeric)
Explanation:
- गंध सूचक (Olfactory indicator) – वे पदार्थ जिनकी गंध (smell) अम्ल/क्षार में बदल जाती है (जैसे प्याज, वैनिला, लौंग तेल)।
- हल्दी (Turmeric) – एक रंग सूचक (color indicator) है (क्षार में लाल, अम्ल में पीला), गंध सूचक नहीं।
Quick Facts:
- हल्दी – प्राकृतिक सूचक, pH परिवर्तन पर रंग बदलती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इस अवधारणा का सबसे अच्छे से समर्थन करता है कि पदार्थ कणों से मिलकर बना होता है?
- स्याही की एक बूंद जल में एक समान रूप से फैलती है।
- जल 100°C पर उबलता है।
- बर्फ पिघलकर जल बनाती है।
- धातुएँ विद्युत की चालक हैं।
Explanation:
- स्याही (ink) की एक बूंद का जल में एकसमान रूप से फैलना (uniform spreading) – यह विसरण (diffusion) का उदाहरण है, जो यह दर्शाता है कि पदार्थ सूक्ष्म कणों (अणुओं) से बना है, जो गतिशील हैं और मिश्रित हो सकते हैं।
- उबलना, पिघलना, चालकता – ये पदार्थ के गुण हैं, पर कणों के अस्तित्व को सीधे नहीं दर्शाते।
Quick Facts:
- विसरण – पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान (space) और गति (motion) को दर्शाता है।
निम्नलिखित में से कौन सा ऑटोमोबाइल निकास का परिक्षिप्त प्रावस्था है?
- प्लाज्मा प्रावस्था
- ठोस प्रावस्था
- द्रव प्रावस्था
- गैसीय प्रावस्था
Explanation:
- ऑटोमोबाइल निकास (exhaust) में ठोस कण (particulate matter) – जैसे कालिख (soot), कार्बन कण – ठोस प्रावस्था (solid phase) में होते हैं।
- ये वायु प्रदूषण (air pollution) का कारण बनते हैं।
Quick Facts:
- PM (Particulate Matter) – ठोस और तरल कण, जो निकास में मौजूद होते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ जैवनिम्नीकरणीय है?
- प्लास्टिक की थैली
- मृत पौधा
- काँच
- बिजली का तार
Explanation:
- जैवनिम्नीकरणीय (Biodegradable) – सूक्ष्मजीवों द्वारा विघटित किया जा सकता है।
- मृत पौधा (dead plant) – कार्बनिक पदार्थ है, जो जीवाणुओं/कवकों द्वारा विघटित हो जाता है (जैवनिम्नीकरणीय)।
- प्लास्टिक, काँच, बिजली का तार (धातु) – गैर-जैवनिम्नीकरणीय।
Quick Facts:
- जैवनिम्नीकरणीय अपशिष्ट: खाद्य अपशिष्ट, कागज, लकड़ी, पत्तियाँ, मृत जीव।
गैसों और द्रव का सामान्य नाम क्या है?
- तरल (फ्लूड)
- जेल
- राल (रेजिन)
- रसायन (केमिकल)
Explanation:
- तरल (Fluid) – वह पदार्थ जो प्रवाहित (flow) हो सकता है। गैसें (gases) और द्रव (liquids) दोनों तरल हैं (क्योंकि उनका कोई निश्चित आकार नहीं होता और वे प्रवाहित होते हैं)।
- ठोस तरल नहीं हैं (क्योंकि वे प्रवाहित नहीं होते)।
Quick Facts:
- तरल (Fluid) – गैस + द्रव (दोनों में तरलता (fluidity) का गुण होता है)।
निम्न में से किसका घनत्व जल के घनत्व से अधिक होता है?
- लोहे की कील
- बर्फ
- कॉर्क
- थर्मोकोल
Explanation:
- जल का घनत्व ≈ 1 g/cm³ (या 1000 kg/m³) होता है।
- लोहे की कील (iron nail) – लोहे का घनत्व ≈ 7.8 g/cm³ (जल से अधिक), इसलिए यह जल में डूबती (sinks) है।
- बर्फ (0.92 g/cm³) – जल से कम, तैरती है; कॉर्क (≈ 0.24 g/cm³) – तैरता है; थर्मोकोल – बहुत कम घनत्व, तैरता है।
Quick Facts:
- घनत्व (Density) = द्रव्यमान/आयतन – अधिक घनत्व वाली वस्तु नीचे डूबती है, कम घनत्व वाली तैरती है।
ऑक्सीकरण से बचाने के लिए आलू के चिप्स को ______ गैस में संग्रहीत किया जाता है।
- नाइट्रोजन
- ऑक्सीजन
- CO₂
- हाइड्रोजन
Explanation:
- आलू के चिप्स (potato chips) में तेल/वसा होते हैं, जो ऑक्सीकरण (oxidation) (वायु की O₂ के साथ) से बासी (rancid) हो सकते हैं।
- इसे रोकने के लिए, पैकेट में नाइट्रोजन (N₂) (अक्रिय गैस) भरी जाती है, जो ऑक्सीजन को विस्थापित (displace) कर देती है (फ्लशिंग)।
Quick Facts:
- नाइट्रोजन – अक्रिय (inert), ऑक्सीकरण नहीं करती, इसलिए खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखती है।
किस पोषक तत्व की कमी से खांसी से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं?
- कैल्शियम
- प्रोटीन
- आयोडीन
- कार्बोहाइड्रेट
Explanation:
- आयोडीन (Iodine) की कमी से थायरॉयड ग्रंथि (thyroid gland) में विकार होता है, जिससे गण्डमाला (goiter) होता है – जो गले में सूजन (गांठ) के रूप में प्रकट होता है (खांसी से संबंधित नहीं, पर गले की बीमारी)।
- खांसी (cough) से संबंधित बीमारियाँ – श्वसन तंत्र से, आयोडीन की कमी गले की सूजन का कारण है।
Quick Facts:
- आयोडीन की कमी → गण्डमाला (goitre), हाइपोथायरायडिज्म (hypothyroidism)
- आयोडीन युक्त नमक (iodized salt) इस कमी को दूर करता है।
यदि किसी वस्तु को तारों के रूप में ढाला जा सकता है, तो उसे क्या कहा जाएगा?
- तन्य
- भंगुर
- नाजुक
- लचीला
Explanation:
- तन्यता (Ductility) – धातुओं का पतले तारों (wires) में खींचे जाने का गुण।
- यदि वस्तु को तारों के रूप में ढाला (खींचा) जा सकता है, तो उसे तन्य (ductile) कहते हैं।
- आघातवर्धनीयता (Malleability) – पतली चादर में पीटना; भंगुर (brittle) – आघात पर टूटना।
Quick Facts:
- सोना (Au) – सबसे अधिक तन्य धातु (1 g सोना → 2 km तार)
स्थिर अनुपात के नियम के अनुसार, जिस यौगिक में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन 1:8 के निश्चित द्रव्यमान अनुपात में विद्यमान होते हैं, वह क्या कहलाता है?
- मेथेन (Methane)
- अमोनिया (Ammonia)
- जल (Water)
- हाइड्रोजन परॉक्साइड (Hydrogen peroxide)
Explanation:
- H₂O में, H : O का द्रव्यमान अनुपात = 2×1 : 16 = 1 : 8 (हमेशा)।
- यह स्थिर अनुपात के नियम का पालन करता है, इसलिए यह जल (water) है।
- H₂O₂ में H:O = 2:32 = 1:16, मेथेन (CH₄) – H:C = 4:12 = 1:3, अमोनिया (NH₃) – H:N = 3:14 = 1:4.67
Quick Facts:
- जल – H₂O – 1:8 अनुपात (हाइड्रोजन:ऑक्सीजन)
गैस कणों की निरंतर गति के कारण निम्नलिखित में से क्या होता है?
- गलन
- विसरण
- वाष्पीकरण
- संघनन
व्याख्या: गैस कणों की निरंतर एवं तीव्र गति के कारण वे आपस में मिलकर पूरे स्थान में फैल जाते हैं, इस प्रक्रिया को विसरण (Diffusion) कहते हैं।
- गलन (Melting): ठोस का द्रव में बदलना, गति से सीधा संबंध नहीं।
- विसरण (Diffusion): गैसों के कणों की गति के कारण वे एक-दूसरे में मिल जाते हैं।
- वाष्पीकरण (Evaporation): द्रव का सतह से गैस में बदलना, यह गति का परिणाम है लेकिन विसरण मुख्यतः गैसों का गुण है।
- संघनन (Condensation): गैस का द्रव में बदलना, गति कम होने पर होता है।
त्वरित तथ्य (Quick Facts): गैसों में विसरण की दर सबसे अधिक होती है क्योंकि उनके कणों में अंतराण्विक आकर्षण न्यूनतम होता है और वे सदैव गतिशील रहते हैं।
निम्नलिखित में से किस कथन द्वारा संघनन की प्रक्रिया को सबसे अच्छी तरह से वर्णित किया गया है?
- ठोस को पिघलाकर द्रव बनाना
- गैसीय अवस्था से द्रव अवस्था में परिवर्तन
- द्रव अवस्था से गुजरे बिना गैस का सीधे ठोस में परिवर्तन
- द्रव अवस्था से गुजरे बिना ठोस का सीधे गैस में परिवर्तन
व्याख्या: संघनन (Condensation) वह प्रक्रिया है जिसमें गैस ठंडी होकर द्रव अवस्था में बदल जाती है।
- ठोस को पिघलाकर द्रव बनाना: यह गलन (Melting/Fusion) है।
- गैसीय से द्रव अवस्था में परिवर्तन: यह संघनन (Condensation) की सही परिभाषा है।
- गैस का सीधे ठोस में परिवर्तन: यह निक्षेपण (Deposition) है।
- ठोस का सीधे गैस में परिवर्तन: यह ऊर्ध्वपातन (Sublimation) है।
त्वरित तथ्य: वायु में जलवाष्प के ठंडा होकर पानी की बूंदों में बदलने की प्रक्रिया संघनन का ही उदाहरण है।
निम्नलिखित में से कौन-सी, आयनिक यौगिकों (ionic compound) की भौतिक विशेषता नहीं है?
- उच्च गलनांक
- उच्च क्वथनांक
- जल में अघुलनशील
- गलित अवस्था में विद्युत का संचालन करता है
व्याख्या: आयनिक यौगिक (Ionic compounds) प्रायः जल में घुलनशील होते हैं। अघुलनशील होना उनका गुण नहीं है।
- उच्च गलनांक/क्वथनांक: आयनिक यौगिकों में प्रबल विद्युत स्थैतिक बल होते हैं, इसलिए गलनांक उच्च होता है।
- जल में अघुलनशील: यह गलत है; अधिकांश आयनिक यौगिक जल में घुल जाते हैं।
- गलित अवस्था में विद्युत संचालन: गलित अवस्था में आयन मुक्त होकर विद्युत का संचालन करते हैं।
त्वरित तथ्य: आयनिक यौगिक जल में घुलकर आयनों में विभक्त हो जाते हैं, इसलिए वे विद्युत के सुचालक होते हैं।
द्रव अवस्था में बदले बिना गैस से सीधे ठोस अवस्था में परिवर्तन को क्या कहते हैं?
- संलयन
- पिंडन
- वाष्पीकरण
- निक्षेपण
व्याख्या: गैस का बिना द्रव अवस्था में गए सीधे ठोस में बदलना निक्षेपण (Deposition) कहलाता है (जैसे हिमीकरण)।
- संलयन (Fusion): ठोस का द्रव में बदलना।
- पिंडन (Sublimation): ठोस का सीधे गैस में बदलना।
- वाष्पीकरण (Evaporation): द्रव का गैस में बदलना।
- निक्षेपण (Deposition): गैस का सीधे ठोस में बदलना (सही उत्तर)।
त्वरित तथ्य: ठंडे मौसम में पेड़ों पर जमी बर्फ (हिम) निक्षेपण का एक उदाहरण है।
निम्नलिखित में से किस तापमान पर द्रव पदार्थ ठंडा होने पर ठोस में परिवर्तित हो जाता है?
- गलनांक
- संघनन बिंदु
- क्वथनांक
- हिमांक
व्याख्या: द्रव के ठोस में बदलने का तापमान हिमांक (Freezing point) कहलाता है।
- गलनांक (Melting Point): ठोस के द्रव में बदलने का तापमान।
- संघनन बिंदु (Condensation Point): गैस के द्रव में बदलने का तापमान।
- क्वथनांक (Boiling Point): द्रव के गैस में बदलने का तापमान।
- हिमांक (Freezing Point): द्रव के ठोस में बदलने का तापमान (सही उत्तर)।
त्वरित तथ्य: जल का हिमांक 0°C (273 K) होता है।
कोलॉइडी कण ______ द्वारा पृथक होते हैं।
- निस्यंदन
- अपकेंद्रण
- क्वथन
- पुनः क्रिस्टलन
व्याख्या: कोलॉइडी (Colloidal) कण निस्यंदन (Filtration) से नहीं रुकते, इन्हें अपकेंद्रण (Centrifugation) द्वारा पृथक किया जाता है।
- निस्यंदन (Filtration): अघुलनशील ठोस को द्रव से अलग करने के लिए।
- अपकेंद्रण (Centrifugation): कोलॉइडी कणों को अलग करने के लिए (सही उत्तर)।
- क्वथन (Boiling): द्रव को गैस में बदलना।
- पुनः क्रिस्टलन (Recrystallization): शुद्ध क्रिस्टल प्राप्त करने के लिए।
त्वरित तथ्य: दूध (एक कोलॉइड) से मलाई अलग करने के लिए अपकेंद्रण का उपयोग किया जाता है।
उस प्रक्रिया का नाम क्या है जिसमें ठोस सीधे गैस में परिवर्तित हो जाता है?
- ऊर्ध्वपातन
- निक्षेप
- संक्षेपण
- वाष्पीकरण
व्याख्या: ठोस का द्रव अवस्था में बदले बिना सीधे गैस में बदलना ऊर्ध्वपातन (Sublimation) कहलाता है।
- ऊर्ध्वपातन (Sublimation): ठोस → गैस (सही उत्तर)।
- निक्षेप (Deposition): गैस → ठोस।
- संक्षेपण (Condensation): गैस → द्रव।
- वाष्पीकरण (Evaporation): द्रव → गैस।
त्वरित तथ्य: कपूर, नेफ़थलीन (मोथबॉल) और सूखी बर्फ (ठोस CO₂) ऊर्ध्वपातन के उदाहरण हैं।
बर्फ का गलनांक क्या है?
- -273°C
- 273 K
- 273°C
- -273 K
व्याख्या: बर्फ (शुद्ध जल का ठोस रूप) 0°C पर पिघलता है, जो केल्विन पैमाने पर 273 K के बराबर है।
- -273°C: यह परम शून्य (Absolute Zero) तापमान है।
- 273 K: 0°C = 273 K (सही उत्तर)।
- 273°C: यह जल का क्वथनांक नहीं है।
- -273 K: केल्विन में ऋणात्मक तापमान संभव नहीं।
त्वरित तथ्य: केल्विन (K) = °C + 273.15 (लगभग 273)।
निम्नलिखित में से किस तत्व का परमाणु क्रमांक 8 है?
- हाइड्रोजन
- नाइट्रोजन
- कार्बन
- ऑक्सीजन
व्याख्या: परमाणु क्रमांक (Atomic number) प्रोटॉनों की संख्या को दर्शाता है। ऑक्सीजन (O) का परमाणु क्रमांक 8 है।
- हाइड्रोजन (H): परमाणु क्रमांक 1।
- नाइट्रोजन (N): परमाणु क्रमांक 7।
- कार्बन (C): परमाणु क्रमांक 6।
- ऑक्सीजन (O): परमाणु क्रमांक 8 (सही उत्तर)।
त्वरित तथ्य: ऑक्सीजन आवर्त सारणी (Periodic Table) के समूह 16 (VIA) में स्थित है।
इनमें से कौन सी गैस सल्फर डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड के साथ अम्ल वर्षा का कारण होती है?
- हाइड्रोजन
- ऑक्सीजन
- नाइट्रोजन ऑक्साइड
- कार्बन डाइऑक्साइड
व्याख्या: अम्ल वर्षा (Acid Rain) मुख्यतः सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂), नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) के वायुमंडल में जल के साथ मिलने से होती है।
- हाइड्रोजन: अम्ल वर्षा का कारण नहीं।
- ऑक्सीजन: स्वयं अम्ल नहीं बनाती।
- नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx): यह अम्ल वर्षा का प्रमुख कारण है (सही उत्तर)।
- कार्बन डाइऑक्साइड: यह ग्रीनहाउस गैस है, अम्ल वर्षा में कम योगदान।
त्वरित तथ्य: अम्ल वर्षा में नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) और सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) बनते हैं।
गैसों का कौन-सा गुण उन्हें किसी भी पात्र को पूर्णतः भरने की सुविधा प्रदान करता है?
- कण स्थिर रहते हैं और आसानी से गति नहीं कर सकते हैं।
- कण स्वतंत्र रूप से गति करते हैं और उनमें नगण्य आकर्षण होता है।
- कण निश्चित आयतन और निश्चित आकार घेरते हैं।
- कण पात्र की दीवारों के साथ मजबूत आबंध बनाते हैं।
व्याख्या: गैसों के कणों के बीच बहुत कम आकर्षण बल होता है और वे स्वतंत्र रूप से गति करते हैं, जिससे वे पूरे पात्र में फैल जाते हैं।
- स्थिर कण: यह ठोसों का गुण है।
- स्वतंत्र गति एवं नगण्य आकर्षण: यह गैसों का गुण है (सही उत्तर)।
- निश्चित आयतन/आकार: यह ठोसों का गुण है।
- प्रबल आबंध: यह ठोसों में होता है।
त्वरित तथ्य: गैसें अपने पात्र का आकार और आयतन ग्रहण कर लेती हैं।
द्रव कम संपीड्य होते हैं, क्योंकि
- उनका द्रव्यमान सदैव निश्चित रहता है
- उनमें घुलित गैसें होती हैं
- उनका घनत्व सदैव ठोसों से कम होता है
- कणों में मध्यम अंतराल होते हैं
व्याख्या: द्रवों के कणों के बीच अंतराल (Inter-particle spaces) मध्यम होते हैं, इसलिए वे गैसों की तरह अत्यधिक संपीड्य नहीं होते।
- द्रव्यमान निश्चित: यह संपीड्यता से संबंधित नहीं।
- घुलित गैसें: संपीड्यता का कारण नहीं।
- घनत्व कम: यह सामान्यतः सही है लेकिन संपीड्यता का मुख्य कारण अंतराल है।
- मध्यम अंतराल: यही कारण है कि द्रव कम संपीड्य होते हैं (सही उत्तर)।
त्वरित तथ्य: ठोसों में अंतराल न्यूनतम होने के कारण वे लगभग असंपीड्य होते हैं, जबकि गैसों में अंतराल अधिकतम होने के कारण वे अत्यधिक संपीड्य होते हैं।
दी गई अभिक्रिया में, निम्नलिखित में से क्या अपचयित होगा?
- H₂
- Cu
- O
- H₂O
व्याख्या: (प्रश्न में अभिक्रिया नहीं दी गई है, लेकिन सामान्यतः CuO + H₂ → Cu + H₂O में, Cu का अपचयन (Reduction) होता है क्योंकि यह ऑक्सीजन खो देता है)।
- H₂: ऑक्सीजन ग्रहण करता है (ऑक्सीकरण)।
- Cu: ऑक्सीजन खो देता है (अपचयन – सही उत्तर)।
- O: अभिक्रिया में मुक्त नहीं।
- H₂O: उत्पाद है।
त्वरित तथ्य: “ऑक्सीजन का निष्कासन” अपचयन है तथा “ऑक्सीजन का योग” ऑक्सीकरण है।
निम्नलिखित में से कौन-सी गैसों की विशेषता नहीं है?
- यह अत्यधिक संपीड्य है।
- विसरण की दर बहुत अधिक होती है।
- इसका आकार निश्चित होता है।
- कण बहुत ढीले ढंग से पैक किए जाते हैं।
व्याख्या: गैसों का आकार निश्चित नहीं होता, वे पात्र का आकार ग्रहण कर लेती हैं।
- अत्यधिक संपीड्य: गैसों का गुण है।
- विसरण दर अधिक: गैसों का गुण है।
- आकार निश्चित: यह गैसों का गुण नहीं है (सही उत्तर)।
- ढीले पैकिंग: गैसों का गुण है।
त्वरित तथ्य: गैसों का न तो निश्चित आकार होता है और न ही निश्चित आयतन।
ध्वनि तरंग की घाटी (सबसे निचला भाग) को क्या कहा जाता है?
- निम्नतम
- भृंग
- उच्चतम
- गर्त
व्याख्या: ध्वनि तरंग (Sound wave) में सबसे निचले बिंदु को गर्त (Trough) तथा सबसे ऊँचे बिंदु को शिखर (Crest) कहते हैं।
- निम्नतम: सामान्य शब्द, विशेष नहीं।
- भृंग: यह शिखर (Crest) का पर्याय नहीं है।
- उच्चतम: यह शिखर होता है।
- गर्त (Trough): तरंग का सबसे निचला बिंदु (सही उत्तर)।
त्वरित तथ्य: तरंगदैर्घ्य (Wavelength) एक शिखर से अगले शिखर या गर्त से गर्त की दूरी होती है।
मध्यवर्ती तरल अवस्था से गुजरे बिना सीधे ठोस से गैस अवस्था में पदार्थ का परिवर्तन कहलाता है।
- ऊर्ध्वपातन
- वाष्पीकरण
- संक्षेपण
- तरलीकरण
व्याख्या: ठोस का द्रव अवस्था को छोड़कर सीधे गैस में बदलना ऊर्ध्वपातन (Sublimation) है।
- ऊर्ध्वपातन (Sublimation): ठोस → गैस (सही उत्तर)।
- वाष्पीकरण (Evaporation): द्रव → गैस।
- संक्षेपण (Condensation): गैस → द्रव।
- तरलीकरण (Liquefaction): गैस → द्रव।
त्वरित तथ्य: ठोस कार्बन डाइऑक्साइड (सूखी बर्फ) ऊर्ध्वपातन द्वारा सीधे गैस बन जाती है।
निम्नलिखित में से किस अणु में एकल सहसंयोजक आबंधन होता है?
- N₂
- O₂
- H₂
- CO₂
व्याख्या: H₂ अणु में दो हाइड्रोजन परमाणु एक एकल सहसंयोजक आबंध (Single covalent bond) द्वारा जुड़े होते हैं।
- N₂: त्रिआबंध (Triple bond) – N≡N।
- O₂: द्विआबंध (Double bond) – O=O।
- H₂: एकल आबंध (Single bond) – H–H (सही उत्तर)।
- CO₂: द्विआबंध (O=C=O)।
त्वरित तथ्य: एकल आबंध में केवल एक इलेक्ट्रॉन युग्म साझा होता है।
सात रंगों वाले प्रकाश में से कौन-सा रंग प्रिज्म पर पड़ने के बाद सबसे अधिक विचलित होता है?
- नील
- पीला
- लाल
- बैंगनी
व्याख्या: प्रिज्म (Prism) से अपवर्तन पर बैंगनी (Violet) रंग सबसे अधिक विचलित (Deviated) होता है क्योंकि इसकी तरंगदैर्घ्य (Wavelength) सबसे कम होती है।
- नील (Indigo): मध्यम विचलन।
- पीला (Yellow): कम विचलन।
- लाल (Red): सबसे कम विचलन (तरंगदैर्घ्य अधिकतम)।
- बैंगनी (Violet): सबसे अधिक विचलन (सही उत्तर)।
त्वरित तथ्य: VIBGYOR (बैंगनी, नीला, नील, हरा, पीला, नारंगी, लाल) – बैंगनी विचलन अधिकतम तथा लाल न्यूनतम।
कौन-सा प्रक्रम सर्वोत्तम रूप से इसकी व्याख्या करता है कि गर्म दिन के दौरान ठंडे गिलास के बाह्य पृष्ठ पर पानी की बूंदें कैसे बनती हैं?
- द्रवीकरण
- संघनन
- ऊर्ध्वपातन
- वाष्पन
व्याख्या: ठंडे गिलास के बाहर वायु में उपस्थित जलवाष्प ठंडा होकर जल की बूंदों में बदल जाता है, यह संघनन (Condensation) है।
- द्रवीकरण (Liquefaction): गैस का द्रव में बदलना (सामान्यतः दबाव से)।
- संघनन (Condensation): वाष्प का द्रव में बदलना (सही उत्तर)।
- ऊर्ध्वपातन (Sublimation): ठोस का गैस में बदलना।
- वाष्पन (Evaporation): द्रव का गैस में बदलना।
त्वरित तथ्य: यही कारण है कि गर्मियों में ठंडी वस्तुओं की सतह पर “पसीना” (संघनन) आ जाता है।
पदार्थ की चौथी अवस्था ‘प्लाज्मा’ है
- उदासीन गैस जिसमें कम आयन होते हैं
- आयनीकृत गैस जिसमें लगभग समान संख्या में आयन और इलेक्ट्रॉन होते हैं
- द्रव और गैस के बीच की अवस्था
- आयनीकृत गैस
व्याख्या: प्लाज्मा (Plasma) आयनीकृत गैस की अवस्था है जिसमें धनात्मक आयनों और मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या लगभग समान होती है।
- उदासीन गैस: प्लाज्मा उदासीन नहीं होता।
- आयनीकृत गैस (समान आयन/इलेक्ट्रॉन): यह सही परिभाषा है (सही उत्तर)।
- द्रव-गैस के बीच: यह द्रव की अवस्था नहीं है।
- आयनीकृत गैस: अपूर्ण विवरण (बिना तटस्थता के)।
त्वरित तथ्य: सूर्य और तारों में प्लाज्मा अवस्था पाई जाती है।
उच्चतम विशिष्ट ऊष्मा धारिता वाला पदार्थ कौन सा है?
- बर्फ
- मिट्टी का तेल
- एल्युमीनियम
- जल
व्याख्या: जल (Water) की विशिष्ट ऊष्मा धारिता (Specific Heat Capacity) लगभग 4.18 J/g°C होती है, जो सामान्य पदार्थों में सबसे अधिक है।
- बर्फ (Ice): लगभग 2.1 J/g°C।
- मिट्टी का तेल: लगभग 2.0 J/g°C।
- एल्युमीनियम: लगभग 0.9 J/g°C।
- जल (Water): सबसे उच्च (सही उत्तर)।
त्वरित तथ्य: उच्च विशिष्ट ऊष्मा के कारण जल धीरे-धीरे गर्म होता है और धीरे-धीरे ठंडा होता है, इसलिए यह शीतलक (Coolant) के रूप में उपयोगी है।
निम्नलिखित में से किस माध्यम से ध्वनि यात्रा नहीं कर सकती है?
- निर्वात
- दूध
- वायु
- ईंट
व्याख्या: ध्वनि (Sound) के संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है। निर्वात (Vacuum) में कोई माध्यम नहीं होता, इसलिए ध्वनि वहाँ नहीं चल सकती।
- निर्वात (Vacuum): ध्वनि संचारित नहीं हो सकती (सही उत्तर)।
- दूध (Liquid): ध्वनि द्रव में चलती है।
- वायु (Gas): ध्वनि गैस में चलती है।
- ईंट (Solid): ध्वनि ठोस में सबसे तेज चलती है।
त्वरित तथ्य: ध्वनि की चाल ठोस > द्रव > गैस (निर्वात में शून्य)।
निम्नलिखित में से कौन-सा, जल को अवशोषित करके जेल बनाने की क्षमता के कारण सॉस और सूप को गाढ़ा करता है?
- चीनी (Sugar)
- तेल (Oil)
- मंड (Starch)
- लवण (Salt)
व्याख्या: मंड (Starch) में जल अवशोषित करके जेल (Gel) बनाने का गुण होता है, जिससे सॉस, सूप आदि गाढ़े (Thicken) हो जाते हैं।
- चीनी (Sugar): मिठास देती है, गाढ़ापन नहीं।
- तेल (Oil): जल में नहीं घुलता, गाढ़ापन नहीं लाता।
- मंड (Starch): जल अवशोषित कर जेल बनाता है (सही उत्तर)।
- लवण (Salt): स्वाद देता है, गाढ़ापन नहीं।
त्वरित तथ्य: मंड (कॉर्नफ्लोर) का उपयोग खाने में ग्रेवी को गाढ़ा करने के लिए किया जाता है।
आवर्त सारणी में पहला तत्व कौन सा है?
- ऑक्सीजन
- हाइड्रोजन
- कार्बन डाइ-ऑक्साइड
- नाइट्रोजन
व्याख्या: आवर्त सारणी (Periodic Table) में पहला तत्व हाइड्रोजन (Hydrogen) है जिसका परमाणु क्रमांक 1 है।
- ऑक्सीजन: परमाणु क्रमांक 8।
- हाइड्रोजन: परमाणु क्रमांक 1 (सही उत्तर)।
- कार्बन डाइ-ऑक्साइड: यौगिक है, तत्व नहीं।
- नाइट्रोजन: परमाणु क्रमांक 7।
त्वरित तथ्य: आवर्त सारणी का आधुनिक रूप में तत्वों को परमाणु क्रमांक के अनुसार व्यवस्थित किया गया है।
निम्नलिखित में से किसका संघटन परिवर्ती होता है?
- हाइड्रोजन क्लोराइड
- पीतल
- मेथेन
- जल
व्याख्या: पीतल (Brass) एक मिश्रधातु (Alloy) है, जिसमें तांबा और जस्ता परिवर्ती अनुपात में होते हैं, अतः इसका संघटन परिवर्ती (Variable composition) होता है।
- हाइड्रोजन क्लोराइड (HCl): शुद्ध यौगिक, निश्चित संघटन।
- पीतल (Brass): मिश्रण, परिवर्ती संघटन (सही उत्तर)।
- मेथेन (CH₄): शुद्ध यौगिक।
- जल (H₂O): शुद्ध यौगिक।
त्वरित तथ्य: मिश्रणों का संघटन परिवर्ती होता है जबकि यौगिकों का निश्चित होता है।
सेल्सियस और केल्विन तापमान के बीच क्या संबंध है?
- 37°C = 273 K
- 0°C = 273 K
- 98.6°C = 273 K
- 0 K = 273°C
व्याख्या: केल्विन (K) = °C + 273.15 (लगभग 273)। अतः 0°C = 273 K।
- 37°C = 273 K: गलत (37°C = 310 K)।
- 0°C = 273 K: सही (सही उत्तर)।
- 98.6°C = 273 K: गलत (शरीर का तापमान 310 K)।
- 0 K = 273°C: गलत (0 K = -273°C)।
त्वरित तथ्य: परम शून्य (0 K) –273.15°C होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी द्रव्य की अवस्थाएँ अत्यधिक संपीड्य हैं?
- ठोस अवस्था और द्रव अवस्था दोनों
- ठोस अवस्था
- गैसीय अवस्था
- द्रव अवस्था
व्याख्या: गैसों (Gaseous state) के कणों के बीच अधिकतम अंतराल होता है, इसलिए वे अत्यधिक संपीड्य (Highly compressible) होती हैं।
- ठोस एवं द्रव: संपीड्यता न्यूनतम।
- ठोस: लगभग असंपीड्य।
- गैसीय अवस्था: अत्यधिक संपीड्य (सही उत्तर)।
- द्रव: कम संपीड्य।
त्वरित तथ्य: गैसों को संपीडित करके उनका आयतन बहुत कम किया जा सकता है (जैसे – LPG सिलेंडर)।
ध्वनि के संचरण के लिए आवश्यक माध्यम ______ अवस्था में होना चाहिए।
- इनमें से सभी
- द्रव
- गैस
- ठोस
व्याख्या: ध्वनि ठोस, द्रव तथा गैस तीनों अवस्थाओं में संचरित हो सकती है, परंतु निर्वात में नहीं।
- इनमें से सभी: ध्वनि तीनों अवस्थाओं में चलती है (सही उत्तर)।
- द्रव: आंशिक सत्य।
- गैस: आंशिक सत्य।
- ठोस: आंशिक सत्य।
त्वरित तथ्य: ध्वनि की चाल ठोस > द्रव > गैस होती है।
पृष्ठीय क्षेत्रफल वाष्पीकरण की दर को कैसे प्रभावित करता है?
- वाष्पीकरण केवल बंद पात्रों में द्रव पदार्थों के साथ होता है
- बड़ा पृष्ठीय क्षेत्रफल वाष्पीकरण को बढ़ाता है
- छोटा पृष्ठीय क्षेत्रफल वाष्पीकरण को बढ़ाता है
- पृष्ठीय क्षेत्रफल का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है
व्याख्या: बड़ा पृष्ठीय क्षेत्रफल (Surface area) वाष्पीकरण (Evaporation) के लिए अधिक अणुओं को सतह पर लाता है, जिससे वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है।
- बंद पात्रों में: वाष्पीकरण सभी पात्रों में होता है।
- बड़ा पृष्ठीय क्षेत्रफल: दर बढ़ाता है (सही उत्तर)।
- छोटा क्षेत्रफल: दर घटाता है।
- कोई प्रभाव नहीं: गलत कथन।
त्वरित तथ्य: कपड़े को फैलाकर सुखाने से वाष्पीकरण तीव्र होता है।
शुद्ध ठोस पदार्थों को उनके विलयनों से अलग करने की प्रक्रिया को क्रिस्टल-कहा जाता है।
- विसरण
- कंपन
- क्रिस्टलीकरण
- संघनन
व्याख्या: विलयन से शुद्ध ठोस क्रिस्टल (Crystals) प्राप्त करने की प्रक्रिया क्रिस्टलीकरण (Crystallization) कहलाती है।
- विसरण (Diffusion): कणों का मिलना।
- कंपन (Vibration): कणों की गति।
- क्रिस्टलीकरण (Crystallization): शुद्ध ठोस प्राप्त करना (सही उत्तर)।
- संघनन (Condensation): गैस का द्रव बनना।
त्वरित तथ्य: समुद्री जल से नमक प्राप्त करने में क्रिस्टलीकरण का उपयोग होता है (वाष्पीकरण + क्रिस्टलीकरण)।
सभी अम्ल धातुओं के साथ अभिक्रिया करने पर ______ गैस का उत्पादन करते हैं।
- ऑक्सीजन
- हाइड्रोजन
- कार्बन डाइऑक्साइड
- नाइट्रोजन
व्याख्या: अम्ल (Acid) + धातु (Metal) → लवण (Salt) + हाइड्रोजन गैस (H₂)।
- ऑक्सीजन: अम्ल + धातु से O₂ नहीं बनती।
- हाइड्रोजन (H₂): यही उत्पन्न होती है (सही उत्तर)।
- कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂): अम्ल + कार्बोनेट से बनती है।
- नाइट्रोजन: अम्ल + धातु से नहीं बनती।
त्वरित तथ्य: Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂↑ (हाइड्रोजन गैस निकलती है)।
जब कोई धातु तनु अम्ल के साथ अभिक्रिया करती है तो कौन-सी गैस निकलती है?
- हाइड्रोजन (Hydrogen)
- ऑक्सीजन (Oxygen)
- कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon dioxide)
- नाइट्रोजन (Nitrogen)
व्याख्या: यह भी पिछले प्रश्न के समान है – धातु + तनु अम्ल → लवण + हाइड्रोजन गैस।
- हाइड्रोजन: सही उत्तर (सही)।
- ऑक्सीजन: गलत।
- कार्बन डाइऑक्साइड: गलत (यह कार्बोनेट से बनती है)।
- नाइट्रोजन: गलत।
त्वरित तथ्य: Mg + 2HCl → MgCl₂ + H₂↑
किसी ठोस को निरंतर गर्म करने पर क्या होता है?
- यह प्रसारित होकर गैस में बदल जाता है
- यह सीधे वाष्पीकृत हो जाता है
- यह संकुचित हो जाता है
- यह पिघल जाता है और बाद में वाष्पीकृत हो सकता है
व्याख्या: ठोस को गर्म करने पर पहले वह पिघलता (Melts) है (द्रव), फिर आगे गर्म करने पर वाष्पीकृत (Evaporates) हो जाता है।
- प्रसारित होकर गैस: सीधे गैस बनना ऊर्ध्वपातन है, सभी ठोसों के लिए नहीं।
- सीधे वाष्पीकृत: केवल ऊर्ध्वपाती पदार्थ।
- संकुचित: गर्म करने पर प्रसार होता है।
- पिघलना और फिर वाष्पीकरण: सामान्य व्यवहार (सही उत्तर)।
त्वरित तथ्य: अधिकांश ठोस गर्म करने पर पहले द्रव और फिर गैस में बदलते हैं (जैसे – बर्फ → जल → भाप)।
निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक का अणु है?
- He
- N₂
- CO₂
- H₂O
व्याख्या: यौगिक का अणु (Compound molecule) विभिन्न तत्वों के परमाणुओं से बना होता है। H₂O (जल) में H और O दो भिन्न तत्व हैं।
- He: एकपरमाणुक तत्व (गैस)।
- N₂: द्विपरमाणुक तत्व (नाइट्रोजन)।
- CO₂: यौगिक है, लेकिन H₂O अधिक उपयुक्त उदाहरण है (CO₂ भी यौगिक है, परंतु विकल्पों में H₂O स्पष्ट रूप से यौगिक है)।
- H₂O: यौगिक का अणु (सही उत्तर)।
त्वरित तथ्य: अणु दो या अधिक परमाणुओं का समूह है; यौगिक के अणु में भिन्न-भिन्न तत्व होते हैं।
स्कूल कैम्पस की सफाई करते समय, विद्यार्थियों को जैव-निम्नीकरणीय अपशिष्ट को पृथक करने के लिए कहा जाता है। निम्नलिखित में से किसे जैव-निम्नीकरणीय बिन में डाला जाना चाहिए?
- लकड़ी की पेंसिल की छीलन
- पॉलीथीन बैग
- एक क्रश किया हुआ कोल्ड ड्रिंक कैन
- काँच की बोतल
व्याख्या: जैव-निम्नीकरणीय (Biodegradable) अपशिष्ट वे हैं जो सूक्ष्मजीवों द्वारा विघटित हो जाते हैं। लकड़ी की छीलन (Wood shavings) जैव-निम्नीकरणीय है।
- लकड़ी की छीलन: जैव-निम्नीकरणीय (सही उत्तर)।
- पॉलीथीन बैग: गैर-जैव-निम्नीकरणीय (Non-biodegradable) – प्लास्टिक।
- कोल्ड ड्रिंक कैन: धातु, गैर-जैव-निम्नीकरणीय।
- काँच की बोतल: गैर-जैव-निम्नीकरणीय।
त्वरित तथ्य: जैव-निम्नीकरणीय कचरे से खाद (Compost) बनाई जा सकती है।
निम्नलिखित में से कौन सा द्रवों का गुण है?
- द्रवों का आकार निश्चित होता है।
- द्रवों का आयतन निश्चित नहीं होता है।
- द्रव दृढ़ होते हैं।
- द्रवों में विसरण की दर ठोसों की तुलना में अधिक होती है।
व्याख्या: द्रवों (Liquids) में कणों के बीच अंतराल ठोसों से अधिक होता है, इसलिए विसरण की दर ठोसों की तुलना में अधिक होती है।
- आकार निश्चित: द्रवों का आकार निश्चित नहीं (पात्र का आकार लेते हैं)।
- आयतन निश्चित नहीं: द्रवों का आयतन निश्चित होता है।
- दृढ़ (Rigid): द्रव दृढ़ नहीं होते, वे प्रवाहित होते हैं।
- विसरण दर अधिक: सही (सही उत्तर)।
त्वरित तथ्य: विसरण दर: गैस > द्रव > ठोस।
निम्नलिखित में से कौन-सी तकनीक का उपयोग मिश्रण से कोलाइडल कणों को अलग करने के लिए किया जाता है?
- आसवन
- निस्यंदन
- वाष्पीकरण
- अपकेंद्रण
व्याख्या: कोलाइडी (Colloidal) कण निस्यंदन से नहीं रुकते; इन्हें अपकेंद्रण (Centrifugation) द्वारा पृथक किया जाता है।
- आसवन (Distillation): वाष्पशील द्रवों को अलग करने के लिए।
- निस्यंदन (Filtration): अघुलनशील ठोस को अलग करने के लिए।
- वाष्पीकरण (Evaporation): घुलनशील ठोस को द्रव से अलग करने के लिए।
- अपकेंद्रण (Centrifugation): कोलाइडी कणों को अलग करने के लिए (सही उत्तर)।
त्वरित तथ्य: रक्त से प्लाज्मा या दूध से मलाई अलग करने में अपकेंद्रण का उपयोग होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन सत्य है/हैं? A. दृढ़ता: यह पदार्थ का अपनी आकृति को बनाए रखने का गुण है भले ही यदि इस पर बाहरी बल कार्यरत हो और ठोस इस गुण को दर्शाते हैं। B. तरलता: यह किसी बाहरी बल के प्रभाव में प्रवाहित होने का गुण है और द्रव यह गुण दर्शाते हैं।
- A और B दोनों गलत हैं।
- केवल A सत्य है।
- केवल B सत्य है।
- A और B दोनों सत्य हैं।
व्याख्या: A असत्य है क्योंकि ठोस बाहरी बल के प्रभाव में अपनी आकृति बदल सकता है (यदि बल अधिक हो)। दृढ़ता का अर्थ है आकृति बनाए रखना, परंतु प्रत्यास्थता सीमा तक। B सत्य है – द्रव प्रवाहित होते हैं। (अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं में A को गलत माना जाता है क्योंकि सभी ठोस अनंत बल सहन नहीं कर सकते; B सही है)।
- दोनों गलत: गलत (B सत्य है)।
- केवल A: गलत (A संशयास्पद है, B निश्चित रूप से सत्य है)।
- केवल B: सही (सही उत्तर)।
- दोनों सत्य: गलत (A को आमतौर पर गलत माना जाता है)।
त्वरित तथ्य: दृढ़ता (Rigidity) ठोसों का गुण है, परंतु बहुत अधिक बल लगाने पर वे टूट सकते हैं या विकृत हो सकते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा द्रव का अभिलक्षण है?
- यह अत्यधिक संपीड्य है।
- इसका आयतन निश्चित है लेकिन आकार निश्चित नहीं है।
- इसका आकार और आयतन दोनों निश्चित हैं।
- यह कठोर है।
व्याख्या: द्रव (Liquid) का आयतन तो निश्चित होता है, परंतु आकार निश्चित नहीं – वह पात्र का आकार लेता है।
- अत्यधिक संपीड्य: गैस का गुण।
- आयतन निश्चित, आकार अनिश्चित: द्रव का गुण (सही उत्तर)।
- आकार व आयतन निश्चित: ठोस का गुण।
- कठोर (Hard): ठोस का गुण।
त्वरित तथ्य: द्रव असंपीड्य (लगभग) होते हैं तथा प्रवाही होते हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा कार्बन का अपररूप है?
- चाक
- हीरा
- जिप्सम
- संगमरमर
व्याख्या: कार्बन के अपररूप (Allotropes) – हीरा (Diamond), ग्रेफाइट (Graphite), फुलरीन (Fullerene) आदि।
- चाक (Chalk): कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO₃) – कार्बन का अपररूप नहीं।
- हीरा (Diamond): कार्बन का शुद्ध अपररूप (सही उत्तर)।
- जिप्सम (Gypsum): कैल्शियम सल्फेट (CaSO₄·2H₂O)।
- संगमरमर (Marble): कैल्शियम कार्बोनेट।
त्वरित तथ्य: हीरा एवं ग्रेफाइट दोनों शुद्ध कार्बन के भिन्न-भिन्न रूप हैं।
निम्नलिखित में से किसमें फॉर्मेल्डिहाइड का उपयोग किया जाता है?
- इत्र
- एयर कंडीशनर
- अग्निशामक
- रेफ्रिजरेटर
व्याख्या: फॉर्मेल्डिहाइड (Formaldehyde) का उपयोग परिरक्षक (Preservative) के रूप में तथा इत्र (Perfumes) में सुगंध स्थिरीकरण हेतु किया जाता है।
- इत्र (Perfumes): फॉर्मेल्डिहाइड का उपयोग (सही उत्तर)।
- एयर कंडीशनर: प्रशीतक (Refrigerant) का उपयोग होता है।
- अग्निशामक (Fire extinguisher): CO₂ या फोम।
- रेफ्रिजरेटर: CFC या अन्य प्रशीतक।
त्वरित तथ्य: फॉर्मेल्डिहाइड एक विषैली गैस है, परंतु तनु रूप में परिरक्षक के रूप में प्रयुक्त होती है।
एक वस्तु पानी पर तैरती है यदि ________।
- इसका आयतन बहुत कम है
- इसका भार शून्य है
- इसका घनत्व पानी से अधिक है
- इसका घनत्व पानी से कम है।
व्याख्या: किसी वस्तु का तैरना उसके घनत्व (Density) पर निर्भर करता है। यदि वस्तु का घनत्व द्रव (पानी) के घनत्व से कम है, तो वह तैरेगी।
- आयतन बहुत कम: आयतन कम होने से तैरना सुनिश्चित नहीं होता, घनत्व मायने रखता है।
- भार शून्य: भार शून्य नहीं हो सकता, हर वस्तु का कुछ भार होता है।
- घनत्व पानी से अधिक: ऐसी वस्तु डूब जाएगी।
- घनत्व पानी से कम: यह तैरने की शर्त है (सही उत्तर)।
त्वरित तथ्य (Quick Facts): लकड़ी या तेल का घनत्व पानी से कम होता है, इसलिए वे तैरते हैं। पानी का घनत्व 1 g/cm³ होता है।
________ एक शुद्ध पदार्थ है।
- वायु
- शर्करा विलयन
- मीथेन
- दूध
व्याख्या: शुद्ध पदार्थ (Pure Substance) वह होता है जिसका संघटन एकसमान और निश्चित होता है। मीथेन (CH₄) एक यौगिक है, अतः शुद्ध पदार्थ है।
- वायु: गैसों का मिश्रण है।
- शर्करा विलयन: शर्करा और जल का मिश्रण।
- मीथेन: एक यौगिक, अतः शुद्ध पदार्थ (सही उत्तर)।
- दूध: जल, वसा, प्रोटीन आदि का मिश्रण।
त्वरित तथ्य: तत्व और यौगिक दोनों शुद्ध पदार्थ हैं।
तापमान बढ़ाने पर किस पदार्थ की अवस्था में सबसे अधिक प्रसार होता है?
- ठोस
- गैस
- द्रव
- प्लाज्मा
व्याख्या: गैसों (Gases) के कणों के बीच अंतराल सबसे अधिक होता है, इसलिए ताप बढ़ने पर उनके कण सबसे अधिक गतिज ऊर्जा ग्रहण करते हैं और प्रसार (Expansion) अधिकतम होता है।
- ठोस: प्रसार न्यूनतम।
- गैस: प्रसार अधिकतम (सही उत्तर)।
- द्रव: मध्यम प्रसार।
- प्लाज्मा: यह अत्यधिक ऊर्जा अवस्था है, परंतु सामान्य प्रश्नों में गैस का प्रसार सबसे अधिक माना जाता है।
त्वरित तथ्य: गर्म वायु ठंडी वायु की तुलना में अधिक स्थान घेरती है (गुब्बारा फूलना)।
द्रवों का ________।
- आकार निश्चित होता है और आयतन निश्चित होता है
- आकार निश्चित नहीं होता है और आयतन निश्चित नहीं होता है
- आकार निश्चित नहीं होता है, लेकिन आयतन निश्चित होता है
- आकार निश्चित होता है और आयतन निश्चित नहीं होता है
व्याख्या: द्रव (Liquid) का आयतन तो निश्चित होता है, परंतु आकार निश्चित नहीं होता, वे पात्र का आकार ले लेते हैं।
- आकार निश्चित और आयतन निश्चित: ठोस का गुण।
- दोनों अनिश्चित: गैस का गुण।
- आकार अनिश्चित, आयतन निश्चित: द्रव का गुण (सही उत्तर)।
- आकार निश्चित, आयतन अनिश्चित: ऐसी कोई अवस्था नहीं।
त्वरित तथ्य: द्रव में कणों के बीच ठोस की तुलना में अधिक, परंतु गैस की तुलना में कम अंतराल होता है।
द्रवों में, पृष्ठ पर कणों का वह लघु अंश जिसकी गतिज ऊर्जा उच्च होती है और अन्य कणों के आकर्षण बलों से अलग होने में सक्षम होता है, अंततः किस अवस्था में परिवर्तित हो जाएगा?
- ऊर्ध्वपातन
- निक्षेपण
- वाष्प
- ठोस
व्याख्या: द्रव की सतह पर उच्च गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) वाले कण आकर्षण बल को पार करके वाष्प (Vapour) अवस्था में चले जाते हैं – यह वाष्पीकरण (Evaporation) है।
- ऊर्ध्वपातन (Sublimation): ठोस से गैस में सीधा परिवर्तन।
- निक्षेपण (Deposition): गैस से ठोस में सीधा परिवर्तन।
- वाष्प (Vapour): द्रव से गैस में परिवर्तन (सही उत्तर)।
- ठोस: यह परिवर्तन ठंडा करने पर होता है।
त्वरित तथ्य: गर्मियों में पानी जल्दी वाष्पित हो जाता है क्योंकि कणों की गतिज ऊर्जा अधिक होती है।
वायुमंडल में उपस्थित निम्नलिखित में से कौन सी गैस स्थलीय जीवों द्वारा श्वसन के लिए उपयोग की जाती है?
- ऑक्सीजन
- नियॉन
- हाइड्रोजन
- नाइट्रोजन
व्याख्या: स्थलीय (Terrestrial) जीव वायुमंडल से ऑक्सीजन (O₂) ग्रहण करके श्वसन (Respiration) करते हैं।
- ऑक्सीजन: श्वसन के लिए आवश्यक (सही उत्तर)।
- नियॉन (Neon): अक्रिय गैस, श्वसन में अप्रयुक्त।
- हाइड्रोजन (H₂): श्वसन में उपयोगी नहीं।
- नाइट्रोजन (N₂): उपयोगी नहीं, निष्क्रिय है।
त्वरित तथ्य: वायुमंडल में ऑक्सीजन लगभग 21% तथा नाइट्रोजन 78% है।
निम्नलिखित में से कौन-सा, विषमांगी मिश्रण का सर्वोत्तम रूप से वर्णन करता है?
- इसका एक ही संघटन है।
- इसके घटक स्पष्ट रूप से भिन्न होते हैं।
- यह एक शुद्ध पदार्थ है।
- इसे भौतिक रूप से पृथक नहीं किया जा सकता है।
व्याख्या: विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture) में घटक स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं और भौतिक विधियों से पृथक किए जा सकते हैं।
- एक ही संघटन: यह समांगी मिश्रण या शुद्ध पदार्थ की विशेषता है।
- घटक स्पष्ट रूप से भिन्न: विषमांगी की विशेषता (सही उत्तर)।
- शुद्ध पदार्थ: यह मिश्रण नहीं है।
- भौतिक रूप से पृथक नहीं: यह यौगिकों की विशेषता है।
त्वरित तथ्य: रेत और पानी का मिश्रण, चावल और भूसी विषमांगी मिश्रण के उदाहरण हैं।
जेल्हा आम्ल मेटल कार्बोनेटशी अभिक्रिया करते तेल्हा सामान्यतः कोणता वायू तयार होतो?
- हायड्रोजन वायू
- ऑक्सिजन वायू
- कार्बन डायऑक्साइड वायू
- नायट्रोजन वायू
व्याख्या: अम्ल (Acid) + धातु कार्बोनेट (Metal Carbonate) → लवण (Salt) + जल (Water) + कार्बन डाइऑक्साइड गैस (CO₂)।
- हाइड्रोजन: अम्ल + धातु से बनती है, कार्बोनेट से नहीं।
- ऑक्सीजन: यह उत्पन्न नहीं होती।
- कार्बन डाइऑक्साइड: सही गैस (सही उत्तर)।
- नाइट्रोजन: उत्पन्न नहीं होती।
त्वरित तथ्य: CaCO₃ + 2HCl → CaCl₂ + H₂O + CO₂↑
निम्नलिखित में से क्या स्टार्च के रूप में संग्रहित होता है जो आंतरिक ऊर्जा भंडार के रूप में कार्य करता है जिसका उपयोग पादप द्वारा आवश्यकतानुसार किया जाता है?
- सूर्य का प्रकाश
- ऑक्सीजन
- कार्बोहाइड्रेट
- प्रोटीन
व्याख्या: पादप प्रकाश-संश्लेषण (Photosynthesis) द्वारा कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates) बनाते हैं, जो स्टार्च (Starch) के रूप में संग्रहित होते हैं और ऊर्जा भंडार का काम करते हैं।
- सूर्य का प्रकाश: ऊर्जा स्रोत है, भंडार नहीं।
- ऑक्सीजन: उपोत्पाद है, भंडार नहीं।
- कार्बोहाइड्रेट: स्टार्च के रूप में संग्रहित (सही उत्तर)।
- प्रोटीन: संरचनात्मक एवं एंजाइमी कार्य, मुख्य भंडार नहीं।
त्वरित तथ्य: आलू, चावल, गेहूँ में स्टार्च (कार्बोहाइड्रेट) प्रचुर मात्रा में होता है।
नामकरण में “पूर्वलग्न (prefix)” या “अनुलग्न (suffix)” के साथ मूल संशोधन किसका सूचक है?
- गलनांक की प्रकृति
- पृष्ठ क्षेत्र की प्रकृति
- क्वथनांक की प्रकृति
- प्रकार्यात्मक समूह की प्रकृति
व्याख्या: कार्बनिक रसायन (Organic Chemistry) में IUPAC नामकरण में उपसर्ग (Prefix) और प्रत्यय (Suffix) प्रकार्यात्मक समूह (Functional Group) को दर्शाते हैं।
- गलनांक/क्वथनांक: ये भौतिक गुण हैं, नामकरण से संबंधित नहीं।
- पृष्ठ क्षेत्र: यह भी असंबंधित।
- प्रकार्यात्मक समूह: IUPAC नाम में प्रत्यय/उपसर्ग इसी को दर्शाते हैं (सही उत्तर)।
त्वरित तथ्य: -OH समूह के लिए प्रत्यय “ol” (जैसे – एथेनॉल)।
निम्नलिखित में से कौन-सा, यौगिक का अणु है?
- N₂
- H₂O
- O₂
- H₂
व्याख्या: यौगिक (Compound) के अणु में विभिन्न तत्वों के परमाणु होते हैं। H₂O में H तथा O दो भिन्न तत्व हैं।
- N₂: तत्व (नाइट्रोजन) का अणु।
- H₂O: यौगिक (जल) का अणु (सही उत्तर)।
- O₂: तत्व (ऑक्सीजन) का अणु।
- H₂: तत्व (हाइड्रोजन) का अणु।
त्वरित तथ्य: यौगिक को रासायनिक विधि से ही तत्वों में विघटित किया जा सकता है।
जब जिप्सम को 373 K पर गर्म किया जाता है, तो यह क्रिस्टलन जल का त्याग कर देता है और _____ बनाता है।
- कैल्शियम सल्फेट पेंटाहाइड्रेट
- कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट
- कैल्शियम क्लोराइड पेंटाहाइड्रेट
- कैल्शियम क्लोराइड हेमीहाइड्रेट
व्याख्या: जिप्सम (Gypsum – CaSO₄·2H₂O) को 373 K पर गर्म करने पर यह अर्ध-जलयोजित (Plaster of Paris – CaSO₄·½H₂O) बनता है।
- कैल्शियम सल्फेट पेंटाहाइड्रेट: यह मौजूद नहीं है।
- कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट: यह प्लास्टर ऑफ पेरिस है (सही उत्तर)।
- कैल्शियम क्लोराइड: जिप्सम कैल्शियम सल्फेट है, क्लोराइड नहीं।
त्वरित तथ्य: प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक सूत्र (CaSO₄)·½H₂O है।
अधात्विक तत्व ब्रोमीन की भौतिक अवस्था क्या है?
- प्लाज्मा अवस्था
- द्रव अवस्था
- गैसीय अवस्था
- ठोस अवस्था
व्याख्या: ब्रोमीन (Bromine – Br₂) एकमात्र अधातु (Non-metal) है जो कमरे के तापमान पर द्रव (Liquid) अवस्था में पाया जाता है।
- प्लाज्मा: अत्यधिक उच्च ताप पर।
- द्रव अवस्था: ब्रोमीन द्रव है (सही उत्तर)।
- गैसीय: अधिकांश अधातु गैस या ठोस होते हैं।
- ठोस: आयोडीन ठोस है।
त्वरित तथ्य: पारा (Mercury) एकमात्र धातु है जो द्रव अवस्था में होती है।
ध्वनि _____ से होकर नहीं गुजर सकती।
- ग्रेनाइट
- आसुत जल
- निर्वात
- हीलियम गैस
व्याख्या: ध्वनि (Sound) के संचरण के लिए माध्यम (Medium) आवश्यक है। निर्वात (Vacuum) में कोई माध्यम नहीं, अतः ध्वनि नहीं चल सकती।
- ग्रेनाइट (ठोस): ध्वनि चल सकती है।
- आसुत जल (द्रव): ध्वनि चल सकती है।
- निर्वात: ध्वनि नहीं चल सकती (सही उत्तर)।
- हीलियम गैस: ध्वनि चल सकती है।
त्वरित तथ्य: ध्वनि की चाल: ठोस > द्रव > गैस; निर्वात में शून्य।
जब एथेनोइक अम्ल सोडियम कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करता है, तो सामान्यतः कौन सी गैस निकलती है?
- हाइड्रोजन गैस
- कार्बन डाइऑक्साइड गैस
- मेथेन गैस
- ऑक्सीजन गैस
व्याख्या: एथेनोइक अम्ल (Acetic Acid – CH₃COOH) + सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) → सोडियम एसीटेट + जल + CO₂ गैस।
- हाइड्रोजन: अम्ल + धातु से बनती है।
- कार्बन डाइऑक्साइड: अम्ल + कार्बोनेट से (सही उत्तर)।
- मेथेन: नहीं बनती।
- ऑक्सीजन: नहीं बनती।
त्वरित तथ्य: 2CH₃COOH + Na₂CO₃ → 2CH₃COONa + H₂O + CO₂↑
निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ की अवस्था में परिवर्तन और उसकी संगत प्रक्रिया का सही मिलान नहीं करता है?
- गैस से द्रव: ऊर्ध्वपातन
- गैस से ठोस: निक्षेपण
- ठोस से गैस: ऊर्ध्वपातन
- द्रव से गैस: वाष्पीकरण
व्याख्या: गैस से द्रव में परिवर्तन संघनन (Condensation) है, ऊर्ध्वपातन (Sublimation) नहीं। अतः यह मिलान गलत है।
- गैस → द्रव: संघनन (दिया है – ऊर्ध्वपातन – गलत, सही उत्तर)
- गैस → ठोस: निक्षेपण – सही।
- ठोस → गैस: ऊर्ध्वपातन – सही।
- द्रव → गैस: वाष्पीकरण – सही।
त्वरित तथ्य: ऊर्ध्वपातन ठोस→गैस है; संघनन गैस→द्रव है।
एक रासायनिक अभिक्रिया के दौरान, परमाणु क्रमांक –
- आयतन के साथ बदलती है।
- समान रहती है।
- बदलती है।
- तापमान के साथ बदलती है।
व्याख्या: रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction) में परमाणुओं का क्रमांक (Atomic Number) न तो बदलता है और न ही नष्ट होता है – यह स्थिर रहता है (नाभिकीय अभिक्रिया को छोड़कर)।
- आयतन/तापमान: इनसे परमाणु क्रमांक नहीं बदलता।
- बदलती है: गलत, क्योंकि परमाणु क्रमांक तत्व की पहचान है।
- समान रहती है: सही (सही उत्तर)।
त्वरित तथ्य: रासायनिक अभिक्रिया में केवल इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण/साझाकरण होता है, नाभिक नहीं बदलता।
निम्नलिखित में से कौन सा घटक पत्तियों को हरा रंग प्रदान करता है?
- नाइट्रोजन
- क्लोरोफिल
- यूरिया
- पानी
व्याख्या: पत्तियों का हरा रंग क्लोरोफिल (Chlorophyll) नामक वर्णक (Pigment) के कारण होता है, जो प्रकाश-संश्लेषण में सहायक है।
- नाइट्रोजन: एक पोषक तत्व है, रंग नहीं।
- क्लोरोफिल: हरा वर्णक (सही उत्तर)।
- यूरिया: उर्वरक।
- पानी: रंगहीन।
त्वरित तथ्य: क्लोरोफिल में मैग्नीशियम (Mg) पाया जाता है।
कोक के जलने पर मुख्य रूप से कौन सी गैस उत्पन्न होती है?
- नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
- कार्बन डाइऑक्साइड
- ऑक्सीजन
- सल्फर डाइऑक्साइड
व्याख्या: कोक (Coke) लगभग शुद्ध कार्बन (Carbon) होता है। इसके जलने (दहन) पर CO₂ गैस उत्पन्न होती है। C + O₂ → CO₂
- नाइट्रोजन डाइऑक्साइड: कोक में नाइट्रोजन नहीं।
- कार्बन डाइऑक्साइड: मुख्य दहन उत्पाद (सही उत्तर)।
- ऑक्सीजन: दहन में O₂ खर्च होती है, बनती नहीं।
- सल्फर डाइऑक्साइड: कोक में सल्फर बहुत कम होता है।
त्वरित तथ्य: कोक का उपयोग धातु निष्कर्षण (Metal Extraction) में ईंधन एवं अपचायक के रूप में होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन सत्य है/हैं? A. आकारः पदार्थ के प्रकार के अनुसार, कणों के स्थान के आधार पर आकार बदलता है। उदाहरण के लिए, ठोस पदार्थों का निश्चित आकार होता है, जबकि द्रव पदार्थ उनके पात्र का आकार प्राप्त करते हैं और देखा जाए तो, गैसों का कोई आकार नहीं होता है। B. संपीड्यता: यह पदार्थ के उच्च दबाव के तहत आयतन में कमी को दर्शाने का गुण है और गैस इस गुण को दर्शाती है।
- केवल B सत्य है
- A और B दोनों सत्य हैं
- A और B दोनों असत्य हैं
- केवल A सत्य है
व्याख्या: A में आकार की सही व्याख्या है (ठोस–निश्चित, द्रव–पात्रानुसार, गैस–अनिश्चित)। B में संपीड्यता (Compressibility) की सही व्याख्या है – गैस अत्यधिक संपीड्य है।
- केवल B: A भी सत्य है।
- दोनों सत्य: सही (सही उत्तर)।
- दोनों असत्य: गलत।
- केवल A: B भी सत्य है।
त्वरित तथ्य: संपीड्यता – गैस > द्रव > ठोस।
गैस से द्रव और द्रव से ठोस रूपांतरण है:
- क्रमशः पिंडन और संघनन
- क्रमशः संलयन और वाष्पीकरण
- क्रमशः संघनन और पिंडन
- क्रमशः ऊर्ध्वपातन और संलयन
व्याख्या: गैस→द्रव = संघनन (Condensation), द्रव→ठोस = पिंडन/हिमीकरण (Freezing/Solidification)।
- पिंडन और संघनन: क्रम गलत।
- संलयन और वाष्पीकरण: ये विपरीत प्रक्रियाएँ हैं।
- संघनन और पिंडन: सही क्रम (सही उत्तर)।
- ऊर्ध्वपातन और संलयन: गलत।
त्वरित तथ्य: पिंडन (Solidification) में द्रव से ठोस में परिवर्तन होता है।
निम्नलिखित में से कौन सी एक मुख्य ग्रीनहाउस गैस है जो ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार है?
- नाइट्रोजन
- हीलियम
- कार्बन डाइऑक्साइड
- ऑक्सीजन
व्याख्या: ग्रीनहाउस गैस (Greenhouse Gas) में CO₂ प्रमुख है, जो ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) का कारण बनती है।
- नाइट्रोजन: ग्रीनहाउस गैस नहीं (वायुमंडल में 78% परंतु निष्क्रिय)।
- हीलियम: अक्रिय गैस, ग्रीनहाउस नहीं।
- कार्बन डाइऑक्साइड: मुख्य ग्रीनहाउस गैस (सही उत्तर)।
- ऑक्सीजन: ग्रीनहाउस नहीं।
त्वरित तथ्य: अन्य ग्रीनहाउस गैसें – मीथेन (CH₄), नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O), जलवाष्प (H₂O)।
विसरण के संबंध में नीचे दिए गए कथनों में से कौन-सा कथन सच नहीं है?
- गैसों के विसरण की दर तरल या ठोस पदार्थों की तुलना में अधिक होती है
- विसरण तभी संभव है, जब पदार्थ के कण निरंतर गति कर रहे हों
- गैसों के विसरण की दर उनकी मात्रा पर निर्भर करती है
- विसरण, उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता तक कणों की गति को कहा जाता है
व्याख्या: विसरण (Diffusion) की दर गैस के अणुभार (Molecular Weight) पर निर्भर करती है, मात्रा (Quantity) पर नहीं। अतः यह कथन असत्य है।
- गैसों की दर अधिक: सत्य।
- कणों की निरंतर गति: सत्य।
- मात्रा पर निर्भर: असत्य (सही उत्तर)।
- उच्च से निम्न सांद्रता: सत्य।
त्वरित तथ्य: ग्राहम के विसरण नियम (Graham’s Law) के अनुसार, दर ∝ 1/√(अणुभार)।
विद्युत बल्ब में सामान्यतः गैस भरी रहती है
- कार्बन डाइऑक्साइड
- ऑक्सीजन
- हाइड्रोजन
- नाइट्रोजन
व्याख्या: विद्युत बल्ब (Electric Bulb) में फिलामेंट (Tungsten) को ऑक्सीकरण से बचाने के लिए नाइट्रोजन (Nitrogen) या अक्रिय गैस (Argon) भरी जाती है।
- CO₂: ऑक्सीकरण रोकने में सक्षम नहीं।
- O₂: फिलामेंट को जला देगी।
- H₂: ज्वलनशील।
- नाइट्रोजन: निष्क्रियता के कारण प्रयुक्त (सही उत्तर)।
त्वरित तथ्य: आधुनिक बल्बों में आर्गन (Argon) गैस का उपयोग अधिक होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कारक वाष्पीकरण की दर को प्रभावित नहीं करता है?
- आसपास की वायु की आर्द्रता
- द्रव का रंग
- द्रव का तापमान
- द्रव का पृष्ठीय क्षेत्रफल
व्याख्या: वाष्पीकरण (Evaporation) की दर तापमान, पृष्ठीय क्षेत्रफल, आर्द्रता एवं वायु के प्रवाह पर निर्भर करती है। रंग (Colour) का कोई प्रभाव नहीं होता।
- आर्द्रता: प्रभावित करती है (अधिक आर्द्रता पर वाष्पीकरण कम)।
- रंग: प्रभावित नहीं करता (सही उत्तर)।
- तापमान: बढ़ने पर वाष्पीकरण बढ़ता है।
- पृष्ठीय क्षेत्रफल: बढ़ने पर वाष्पीकरण बढ़ता है।
त्वरित तथ्य: श्याम (काला) रंग ऊष्मा अवशोषित करता है, परंतु रंग स्वयं वाष्पीकरण की दर को प्रभावित नहीं करता; तापमान अवशोषण से प्रभाव पड़ सकता है परंतु प्रश्न में रंग को सीधे कारक नहीं माना गया है।
निम्नलिखित में से कौन जैवनिम्नीकरणीय है?
- काँच
- पादप
- पॉलीथीन
- एल्यूमीनियम के डिब्बे
व्याख्या: जैव-निम्नीकरणीय (Biodegradable) पदार्थ वे हैं जो सूक्ष्मजीवों द्वारा विघटित हो जाते हैं। पादप (Plants) जैव-निम्नीकरणीय हैं।
- काँच (Glass): गैर-जैव-निम्नीकरणीय।
- पादप (Plants): जैव-निम्नीकरणीय (सही उत्तर)।
- पॉलीथीन (Plastic): गैर-जैव-निम्नीकरणीय।
- एल्यूमीनियम: गैर-जैव-निम्नीकरणीय।
त्वरित तथ्य: कागज, लकड़ी, खाद्य अपशिष्ट जैव-निम्नीकरणीय हैं।
प्रशीतक निम्नलिखित में से किस सिद्धांत पर काम करता है?
- परासरण
- अपकेंद्रण
- विक्षेपण
- वाष्पीकरण
व्याख्या: प्रशीतक (Refrigerator) वाष्पीकरण-संघनन (Evaporation-Condensation) चक्र पर काम करता है। द्रव का वाष्पीकरण ऊष्मा अवशोषित करता है, जिससे शीतलन होता है।
- परासरण (Osmosis): विलयन से संबंधित।
- अपकेंद्रण (Centrifugation): पृथक्करण विधि।
- विक्षेपण: प्रकाश/कणों का झुकना।
- वाष्पीकरण: शीतलन का सिद्धांत (सही उत्तर)।
त्वरित तथ्य: एयर कंडीशनर (AC) भी इसी सिद्धांत पर कार्य करता है।
निम्नलिखित में से किस विधि का उपयोग निलंबन से कणों को अलग करने के लिए किया जाता है?
- वाष्पीकरण
- निस्यंदन
- क्रिस्टलीकरण
- आसवन
व्याख्या: निलंबन (Suspension) में अघुलनशील ठोस कण होते हैं, जिन्हें निस्यंदन (Filtration) द्वारा अलग किया जा सकता है।
- वाष्पीकरण: घुलनशील ठोस को विलयन से अलग करना।
- निस्यंदन: निलंबन से कणों को अलग करना (सही उत्तर)।
- क्रिस्टलीकरण: शुद्ध ठोस क्रिस्टल प्राप्त करना।
- आसवन: वाष्पशील द्रवों को अलग करना।
त्वरित तथ्य: निस्यंदन में फिल्टर पेपर (Filter Paper) का उपयोग होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा, ठोस सोल (solid sol) का उदाहरण है?
- रंगीन रत्न
- जेली
- पनीर
- धुआँ
व्याख्या: ठोस सोल (Solid Sol) में परिक्षिप्त अवस्था (Dispersed Phase) ठोस तथा परिक्षेपण माध्यम (Dispersion Medium) ठोस होता है। रंगीन रत्न (जैसे – माणिक्य, नीलम) ठोस-ठोस कोलॉइड हैं।
- रंगीन रत्न: ठोस सोल (सही उत्तर)।
- जेली: द्रव सोल (ठोस में द्रव)।
- पनीर: जेल (द्रव में ठोस) – (कोलॉइड का भेद)।
- धुआँ: एरोसोल (गैस में ठोस)।
त्वरित तथ्य: कोलॉइड के प्रकार – सोल, जेल, एमल्शन, एरोसोल आदि।
किस तापमान पर पानी, तरल एवं ठोस दोनों स्थितियों में विद्यमान हो सकता है?
- 100°C
- 0°C
- −1°C
- −100°C
व्याख्या: 0°C (273 K) पर जल का हिमांक (Freezing Point) होता है, इस तापमान पर जल तरल और ठोस (बर्फ) दोनों अवस्थाओं में सह-अस्तित्व (Co-exist) रख सकता है।
- 100°C: क्वथनांक (द्रव और गैस)।
- 0°C: हिमांक (द्रव और ठोस) – सही उत्तर।
- −1°C: ठोस (बर्फ) अवस्था।
- −100°C: ठोस।
त्वरित तथ्य: त्रिबिंदु (Triple Point) पर जल तीनों अवस्थाओं में होता है (0.01°C)।
निम्नलिखित में से कौन-सा, कणों के मध्य प्रबलतम आकर्षण बल दर्शाता है?
- ऐल्कोहॉल
- जल
- लोहे की छड़
- ऑक्सीजन गैस
व्याख्या: ठोस (Solid) में कणों के बीच आकर्षण बल (Force of Attraction) सबसे अधिक होता है। लोहे की छड़ (Iron rod) एक ठोस है, अतः आकर्षण बल प्रबलतम है।
- ऐल्कोहॉल/जल: द्रव, मध्यम आकर्षण।
- लोहे की छड़: ठोस, प्रबलतम आकर्षण (सही उत्तर)।
- ऑक्सीजन गैस: न्यूनतम आकर्षण।
त्वरित तथ्य: आकर्षण बल: ठोस > द्रव > गैस।
रासायनिक अभिक्रियाओं द्वारा सरल पदार्थों में विघटित नहीं होने वाला पदार्थ क्या कहलाता है?
- तत्व
- यौगिक
- मिश्रण
- शुद्ध पदार्थ
व्याख्या: तत्व (Element) रासायनिक विधि द्वारा सरल पदार्थों में विघटित नहीं किए जा सकते।
- तत्व: सरलतम पदार्थ (सही उत्तर)।
- यौगिक: रासायनिक अभिक्रिया द्वारा तत्वों में विघटित हो सकता है।
- मिश्रण: भौतिक विधि से पृथक हो सकता है।
- शुद्ध पदार्थ: इसमें तत्व और यौगिक दोनों आते हैं।
त्वरित तथ्य: हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, लोहा, सोना – ये तत्व हैं।
निम्नलिखित में से किस विकल्प में SI आधार इकाई नहीं है?
- पदार्थ की मात्रा
- आयु
- ज्योति तीव्रता
- विद्युत धारा
व्याख्या: SI प्रणाली की 7 आधार इकाइयाँ (Base Units) हैं – मीटर, किलोग्राम, सेकंड, ऐम्पियर, केल्विन, मोल, कैंडेला। आयु (Age) कोई SI मात्रक (Unit) नहीं है (समय के लिए सेकंड है)।
- पदार्थ की मात्रा: मोल (SI Base Unit) है।
- आयु: SI इकाई नहीं (सही उत्तर)।
- ज्योति तीव्रता: कैंडेला (SI Base Unit) है।
- विद्युत धारा: ऐम्पियर (SI Base Unit) है।
त्वरित तथ्य: SI आधार इकाइयाँ – 7 हैं (m, kg, s, A, K, mol, cd)।
अम्लीय विलयन में फिनोलफ्थेलिन का रंग है-
- नारंगी
- गुलाबी
- रंगहीन
- पीला
व्याख्या: फिनोलफ्थेलिन (Phenolphthalein) एक सूचक (Indicator) है। अम्लीय विलयन (Acidic Solution) में यह रंगहीन (Colourless) होता है, तथा क्षारीय में गुलाबी (Pink)।
- नारंगी/पीला: मिथाइल ऑरेंज (Methyl Orange) के रंग हैं।
- गुलाबी: क्षारीय विलयन में।
- रंगहीन: अम्लीय विलयन में (सही उत्तर)।
त्वरित तथ्य: फिनोलफ्थेलिन का pH परास 8.2–10 है; 8.2 से कम पर रंगहीन।
निम्नलिखित में से किसका विसरण वायु में सबसे धीरे होगा?
- ऑक्सीजन
- हाइड्रोजन
- अमोनिया
- क्लोरीन
व्याख्या: ग्राहम के विसरण नियम (Graham’s Law) के अनुसार, विसरण की दर अणुभार (Molecular Mass) के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है। क्लोरीन (Cl₂) का अणुभार 71 सबसे अधिक है, अतः विसरण सबसे धीमा होगा।
- ऑक्सीजन (O₂): अणुभार 32।
- हाइड्रोजन (H₂): अणुभार 2 (सबसे तेज)।
- अमोनिया (NH₃): अणुभार 17।
- क्लोरीन (Cl₂): अणुभार 71 (सबसे धीमा – सही उत्तर)।
त्वरित तथ्य: हल्की गैसों का विसरण तीव्र, भारी गैसों का धीमा होता है।
मैग्नीशियम और मैंगनीज के नाइट्रिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करने पर कौन-सी गैस उत्सर्जित होती है?
- ऑक्सीजन गैस
- हीलियम गैस
- हाइड्रोजन गैस
- नाइट्रोजन गैस
व्याख्या: सक्रिय धातुएँ (जैसे Mg, Mn) तनु नाइट्रिक अम्ल (Dilute HNO₃) के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस (H₂) उत्सर्जित करती हैं। (सांद्र HNO₃ के साथ NO₂ बनता है)।
- ऑक्सीजन: उत्पन्न नहीं होती।
- हीलियम: अक्रिय गैस, उत्पन्न नहीं।
- हाइड्रोजन: सही (सही उत्तर)।
- नाइट्रोजन: सांद्र HNO₃ से NO₂ बनता है, H₂ नहीं।
त्वरित तथ्य: Mg + 2HNO₃ → Mg(NO₃)₂ + H₂↑
खाना बनाते समय, यदि पानी और सरसों के तेल को मिलाया जाए, तो तेल पानी के ऊपर तैरता है क्योंकि:
- सरसों के तेल का घनत्व पानी से कम होता है
- सरसों के तेल का घनत्व पानी से अधिक होता है
- सरसों के तेल की मात्रा कम प्रयोग की जाती है
- सरसों का तेल पानी में अमिश्रणीय है
व्याख्या: तेल का घनत्व (Density) पानी से कम होता है (लगभग 0.91 g/cm³), इसलिए वह पानी पर तैरता है। अमिश्रणीयता (Immiscibility) भी एक कारण है, परंतु मुख्य कारण घनत्व है।
- घनत्व कम: यही मुख्य कारण (सही उत्तर)।
- घनत्व अधिक: गलत, तब डूबेगा।
- मात्रा कम: मात्रा से तैरना प्रभावित नहीं होता।
- अमिश्रणीय: यह भी सही है, परंतु तैरने का मूल कारण घनत्व है।
त्वरित तथ्य: सभी वनस्पति तेलों का घनत्व जल से कम होता है।
माणिक्य रत्न की रासायनिक संरचना क्या है:
- कार्बन
- पोटैशियम
- एल्युमीनियम ऑक्साइड
- सोडियम क्लोराइड
व्याख्या: माणिक्य (Ruby) रत्न एल्युमीनियम ऑक्साइड (Al₂O₃) का क्रिस्टलीय रूप है, जिसमें क्रोमियम (Cr) अशुद्धि के कारण लाल रंग होता है।
- कार्बन: हीरा और ग्रेफाइट में होता है।
- पोटैशियम: असंबंधित।
- एल्युमीनियम ऑक्साइड: माणिक्य का आधार (सही उत्तर)।
- सोडियम क्लोराइड: सामान्य नमक।
त्वरित तथ्य: नीलम (Sapphire) भी Al₂O₃ है, परंतु उसमें Fe/Ti अशुद्धि होती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा एक यौगिक है?
- लवण (NaCl)
- वायु
- नींबू का रस
- गूदा
व्याख्या: यौगिक (Compound) विभिन्न तत्वों के निश्चित अनुपात में संयोग से बनता है। NaCl (सोडियम क्लोराइड) एक यौगिक है।
- लवण (NaCl): यौगिक (सही उत्तर)।
- वायु: गैसों का मिश्रण।
- नींबू का रस: जल, अम्ल, शर्करा आदि का मिश्रण।
- गूदा: कोशिकीय पदार्थों का मिश्रण।
त्वरित तथ्य: NaCl में Na तथा Cl का अनुपात 1:1 होता है।
निम्नलिखित में से क्या द्रव पदार्थ की विशेषता है?
- निश्चित आकार और आयतन
- निश्चित आकार लेकिन परिवर्तनशील आयतन
- कोई निश्चित आकार नहीं, लेकिन निश्चित आयतन
- कोई निश्चित आकार या आयतन नहीं
व्याख्या: द्रव (Liquid) का आयतन निश्चित होता है, परंतु आकार अनिश्चित (पात्र के अनुसार)।
- आकार व आयतन निश्चित: ठोस।
- आकार निश्चित, आयतन परिवर्तनशील: ऐसी अवस्था नहीं।
- आकार अनिश्चित, आयतन निश्चित: द्रव (सही उत्तर)।
- दोनों अनिश्चित: गैस।
त्वरित तथ्य: द्रव असंपीड्य होते हैं तथा प्रवाही होते हैं।
एक धातु के तार को खींचा जाता है, लेकिन यह आसानी से नहीं टूटता है। यह गुण किस रूप में जाना जाता है?
- कठोरता
- तन्यता
- आघातवर्धनीयता
- भंगुरता
व्याख्या: धातुओं का तार (Wire) में खींचे जाने का गुण तन्यता (Ductility) कहलाता है।
- कठोरता (Hardness): खरोंच प्रतिरोध।
- तन्यता (Ductility): तार खींचने का गुण (सही उत्तर)।
- आघातवर्धनीयता (Malleability): पतली चादर बनने का गुण।
- भंगुरता (Brittleness): आसानी से टूटना।
त्वरित तथ्य: सोना (Gold) सबसे अधिक तन्य धातु है – 1g सोने से 2 km तार खींचा जा सकता है।
किसी रासायनिक समीकरण में संकेताक्षर (g) का उपयोग किस अवस्था में मौजूद किसी विशेष तत्व या यौगिक को प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है?
- जलीय अवस्था
- गैस अवस्था
- द्रव अवस्था
- ठोस अवस्था
व्याख्या: रासायनिक समीकरण (Chemical Equation) में (g) गैसीय अवस्था (Gaseous state) को दर्शाता है।
- जलीय (Aqueous): (aq) से दर्शाया जाता है।
- गैस (Gas): (g) से (सही उत्तर)।
- द्रव (Liquid): (l) से।
- ठोस (Solid): (s) से।
त्वरित तथ्य: (aq) = aqueous (जलीय), (l) = liquid, (s) = solid, (g) = gas.
