SCIENCE
रसोई में उत्पन्न होने वाले उस पदार्थ की पहचान करें जो जैव-अपघट्य नहीं है।
- चाय की पत्तियाँ
- कागज का थैला
- सब्जी के छिलके
- दूध का पैकेट
Explanation:
- दूध का पैकेट पॉलिथीन (प्लास्टिक) से बना होता है, जो एक अजैव-अपघट्य (Non-biodegradable) पदार्थ है। इसे सूक्ष्मजीवों द्वारा प्राकृतिक रूप से विघटित नहीं किया जा सकता।
- चाय की पत्तियाँ, कागज का थैला और सब्जी के छिलके जैव-अपघट्य (Biodegradable) कचरा हैं, जो जीवाणुओं और कवक द्वारा सरलता से अपघटित हो जाते हैं।
- अन्य महत्वपूर्ण तथ्य –
- दूध के पैकेट आमतौर पर LDPE (Low-Density Polyethylene) से बनाए जाते हैं।
- प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने के लिए Single-Use Plastics के उपयोग को हतोत्साहित किया जा रहा है।
रसोई के बर्तनों पर नॉन-स्टिक कोटिंग के लिए उपयुक्त विशेष प्लास्टिक कौन सा है?
- बैकलाइट
- टेफ्लॉन
- फिनोल
- पॉलीथीन
Explanation:
- नॉन-स्टिक बर्तनों की कोटिंग के लिए टेफ्लॉन (Teflon) का उपयोग किया जाता है।
- टेफ्लॉन का रासायनिक नाम पॉलीटेट्राफ्लुओरोएथिलीन (PTFE) है।
- इस पर तेल और पानी नहीं चिपकता तथा इसका गलनांक और ऊष्मा प्रतिरोधकता बहुत अधिक होती है।
- अन्य बहुलक (Polymers) –
- बैकेलाइट (Bakelite): थर्मोसेटिंग प्लास्टिक, जो कुकर के हैंडल और बिजली के स्विच बनाने में काम आता है।
निम्नलिखित में से किसे जैविक प्रक्रियाओं द्वारा तोड़ा जा सकता है?
- एल्यूमीनियम पन्नी
- दूध के पैकेट
- प्लास्टिक की बोतलें
- सब्जियों के छिलके
Explanation:
- सब्जियों के छिलके कार्बनिक (Organic) पदार्थ हैं जिन्हें सूक्ष्मजीवों (बैक्टीरिया, कवक) द्वारा जैविक प्रक्रिया के माध्यम से सरलता से अपघटित किया जा सकता है।
- एल्यूमीनियम पन्नी, प्लास्टिक बोतलें और दूध के पैकेट अजैव-अपघट्य (Non-biodegradable) हैं जो पर्यावरण में सैकड़ों वर्षों तक बने रहते हैं।
- सब्जियों के छिलकों के अपघटन से जैविक खाद (Compost) का निर्माण होता है।
कौन सा लचीला और अनुकूलनीय बहुलक अक्सर औद्योगिक ब्रश, टूथब्रश और अन्य सफाई आपूर्ति में पाया जाता है?
- नियोप्रीन
- टेरीलीन
- टेफ्लॉन
- नायलॉन 6,6
Explanation:
- नायलॉन 6,6 (Nylon 6,6) एक सिंथेटिक पॉलियामाइड बहुलक है, जिसका उपयोग अपनी उच्च तन्यता शक्ति, लचीलेपन और घर्षण प्रतिरोध के कारण ब्रश के ब्रिसल्स (Toothbrush bristles) और सफाई की वस्तुओं में किया जाता है।
- यह हेक्सामेथिलीनडायमाइन और एडिपिक एसिड का बहुलक (Polymer) है।
- अन्य उपयोग – रस्सी, टायर के धागे, और पैराशूट फैब्रिक बनाने में।
निम्नलिखित में से कौन सा पॉलिएस्टर बोतलों और बटन बनाने के लिए उपयोग किया जाने वाला लोकप्रिय पॉलिएस्टर है?
- लेड
- नायलॉन
- एक्रेलिक
- पॉलीइथिलीन टेरेफ्थेलेट
Explanation:
- PET (Polyethylene Terephthalate) पॉलिएस्टर श्रेणी का एक बहुत ही लोकप्रिय बहुलक है।
- इसका उपयोग पानी की बोतलें, कोल्ड ड्रिंक बोतलें, बर्तन, बटन और पतली फिल्मों के निर्माण में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
- यह एथिलीन ग्लाइकोल और टेरेफ्थेलिक एसिड के संघनन (Condensation) से बनता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा उद्योग में प्रयुक्त सिंथेटिक बहुलक का उदाहरण है?
- स्टार्च
- नायलॉन-6,6
- सेल्यूलोज
- रबड़
Explanation:
- नायलॉन-6,6 एक कृत्रिम/सिंथेटिक (Man-made) बहुलक है जिसे रासायनिक प्रयोगशालाओं एवं उद्योगों में संश्लेषित किया जाता है।
- स्टार्च, सेल्यूलोज और प्राकृतिक रबड़ प्राकृतिक बहुलक (Natural Polymers) के उदाहरण हैं जो पेड़-पौधों और प्रकृति से प्राप्त होते हैं।
- प्राकृतिक बहुलक –
- सेल्यूलोज: पौधों की कोशिका भित्ति (Cell wall) में पाया जाता है।
- प्राकृतिक रबड़: आइसोप्रीन (Isoprene) का बहुलक होता है।
______ को PVC के साथ चालक तार पर परत चढ़ाकर रोका जाता है।
- फ्यूजिंग
- अतिभारण
- ड्रिपिंग
- शॉर्ट-सर्किट
Explanation:
- विद्युत तारों के ऊपर PVC (Polyvinyl Chloride) की परत चढ़ाई जाती है, क्योंकि PVC विद्युत का अच्छा कुचालक (Insulating Material) होता है।
- यह दो नग्न तारों को आपस में संपर्क में आने से रोकता है जिससे शॉर्ट-सर्किट (Short-circuit) की संभावना समाप्त हो जाती है।
- PVC का निर्माण विनाइल क्लोराइड (CH₂=CHCl) के बहुलकीकरण द्वारा किया जाता है।
पानी की पाइपों के निर्माण में किस बहुलक का उपयोग किया जाता है?
- बेकेलाइट
- ग्लाइप्टल
- पीवीसी
- पॉलीस्टाइरीन
Explanation:
- जल आपूर्ति एवं जल निकासी के पाइपों के निर्माण में PVC (पॉलीविनाइल क्लोराइड) का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
- यह हल्का, सस्ता, संक्षारण-रोधी और टिकाऊ थर्मोप्लास्टिक है।
- अन्य बहुलक उपयोग –
- पॉलीस्टाइरीन: थर्मोकोल, पैकेजिंग सामग्री और डिस्पोजेबल कप बनाने में।
- बेकेलाइट: विद्युत स्विच और कुकिंग बर्तनों के हैंडल बनाने में।
निम्नलिखित में से कौन ऊष्मारोधी नहीं है?
- रबर
- चांदी
- प्लास्टिक
- ऊन
Explanation:
- चांदी (Silver – Ag) ऊष्मा और विद्युत की सर्वश्रेष्ठ चालक (Best Conductor) है, यह ऊष्मारोधी (Insulator) नहीं है।
- रबर, प्लास्टिक और ऊन ऊष्मा तथा विद्युत के कुचालक / ऊष्मारोधी (Insulators) हैं।
- धातुओं की विद्युत एवं ऊष्मा चालकता का सही क्रम: Ag > Cu > Au > Al।
निम्नलिखित में से कौन-सा मानव निर्मित रेशा का उदाहरण है?
- रेशम
- जूट
- सन
- रेयॉन
Explanation:
- रेयॉन (Rayon) एक अर्द्ध-सिंथेटिक / मानव निर्मित रेशा है। इसे ‘कृत्रिम रेशम’ (Artificial Silk) भी कहा जाता है।
- यह लकड़ी की लुगदी (Wood Pulp / Cellulose) के रासायनिक उपचार द्वारा तैयार किया जाता है।
- रेशम (Silk), जूट (Jute) और सन (Flax) प्राकृतिक रेशे (Natural Fibres) हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा बहुलक विद्युत स्विच बनाने में उपयोग किया जाता है?
- बेकेलाइट
- फिनोल
- एपॉक्सी
- पॉलीइथिलीन
Explanation:
- बेकेलाइट (Bakelite) एक थर्मोसेटिंग प्लास्टिक (Thermosetting Plastic) है, जो ऊष्मा और विद्युत का कुचालक होता है।
- इसी गुण के कारण इसका उपयोग विद्युत स्विच, प्लग, सॉकेट और बर्तनों के हत्थे बनाने में किया जाता है।
- यह फिनोल (Phenol) और फॉर्मेल्डिहाइड (Formaldehyde) के संघनन बहुलकीकरण से बनता है।
निम्नलिखित में से कौन सा फाइबर लकड़ी की लुगदी पर रासायनिक प्रतिक्रियाओं द्वारा बनाया जाता है?
- पॉलिएस्टर
- नायलॉन
- टेरीलीन
- रेयॉन
Explanation:
- रेयॉन (Rayon) प्राकृतिक सेल्यूलोज (लकड़ी की लुगदी) पर रासायनिक प्रक्रियाओं द्वारा बनाया जाने वाला रेशा है।
- क्योंकि इसका स्रोत प्राकृतिक है (सेल्यूलोज) लेकिन निर्माण प्रक्रिया रासायनिक है, इसलिए इसे पुनर्निर्मित सेल्यूलोज रेशा (Regenerated Cellulose Fiber) भी कहते हैं।
- नायलॉन और पॉलिएस्टर पूर्णतः सिंथेटिक (रासायनिक) रेशे हैं।
IIT मंडी द्वारा विकसित उस स्थायी मिश्रित पदार्थ का प्राथमिक संघटन क्या है जो 2D अर्धचालकों को खराब होने से रोकता है?
- पॉलिमर मैट्रिक्स में अंतर्निहित कार्बन नैनोट्यूब
- एपॉक्सी रेजिन के साथ मिश्रित बोरॉन नाइट्राइड
- पॉलीडाइमिथाइलसिलोक्सेन (PDMS) में संपुटित टंगस्टन डाइसल्फाइड (WS₂)
- सिलिकॉन के साथ संयुक्त ग्राफीन
Explanation:
- IIT मंडी के शोधकर्ताओं ने 2D अर्धचालकों (Semiconductors) को पर्यावरण क्षरण से बचाने के लिए पॉलीडाइमिथाइलसिलोक्सेन (PDMS) में संपुटित टंगस्टन डाइसल्फाइड (WS₂) का विकास किया।
- WS₂ (Tungsten Disulfide) एक 2D ट्रांजिशन मेटल डिकैल्कोजेनाइड है जिसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में किया जाता है।
- PDMS एक सिलिकॉन-आधारित बहुलक है जो सुरक्षात्मक आवरण (Encapsulation) प्रदान करता है।
सिंथेटिक रेशे आसानी से आग पकड़ लेते हैं, हालाँकि, अग्निशामकों की वर्दियों में उन्हें आग प्रतिरोधी बनाने के लिए ___ प्लास्टिक की परत होती है।
- रेयॉन
- एक्रेलिक
- नायलॉन
- मेलमाइन
Explanation:
- मेलमाइन (Melamine) एक थर्मोसेटिंग प्लास्टिक है जो अग्नि-रोधी (Flame Resistant) और ऊष्मा-सहनशील होता है।
- यह अन्य प्लास्टिक की तुलना में आग का बेहतर प्रतिरोध करता है, इसलिए अग्निशामक दल (Firefighters) के कपड़ों पर इसकी परत चढ़ाई जाती है।
- इसका उपयोग टूटने न वाले बर्तन (Melamine Crockeries) और फर्श की टाइलें बनाने में भी होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ, प्रकृति में अक्रिय होता है और लंबी अवधि तक पर्यावरण में मौजूद रहता है तथा पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न अवयवों को क्षति पहुँचाता है?
- चाय पीने वाले मिट्टी के कुल्हड़
- चाय पत्ती
- डिस्पोजेबल प्लास्टिक कप
- डिस्पोजेबल पेपर कप
Explanation:
- डिस्पोजेबल प्लास्टिक कप प्रकृति में अजैव-अपघट्य (Non-biodegradable) और रासायनिक रूप से अक्रिय होते हैं।
- ये पर्यावरण में सैकड़ों वर्षों तक बिना अपघटित हुए बने रहते हैं और विघटित होकर माइक्रोप्लास्टिक में बदलकर पारिस्थितिकी तंत्र तथा वन्यजीवों को क्षति पहुँचाते हैं।
- मिट्टी के कुल्हड़, चाय पत्ती और पेपर कप जैविक रूप से आसानी से अपघटित (Biodegradable) हो जाते हैं।
- अन्य महत्वपूर्ण तथ्य –
- सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को कम करने के लिए पर्यावरण अनुकूल विकल्पों जैसे ‘कुल्हड़’ और बायो-डिग्रेडेबल बर्तनों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
किसी मशीन के गतिशील पुर्जों में प्रयुक्त तीन मुख्य स्नेहक कौन से हैं?
- तेल, रबर, गोंद
- ग्रीस, रेजिन और रेगमाल
- तेल, ग्रीस, ग्रेफाइट
- ग्रेफाइट, रेगमाल, रेजिन
Explanation:
- मशीनों के गतिशील भागों के बीच घर्षण और टूट-फूट को कम करने के लिए तेल (Liquid), ग्रीस (Semi-solid), और ग्रेफाइट (Solid) का उपयोग स्नेहक (Lubricant) के रूप में किया जाता है।
- स्नेहक के प्रकार:
- द्रव स्नेहक (Liquid Lubricants): खनिज तेल, वनस्पति तेल।
- अर्द्ध-ठोस स्नेहक (Semi-solid): ग्रीस (Grease)।
- ठोस स्नेहक (Solid Lubricants): ग्रेफाइट (Graphite) और मोलिब्डेनम डिसल्फाइड (MoS₂)।
- ग्रेफाइट का उपयोग उच्च तापमान और भारी दबाव वाली मशीनों में शुष्क स्नेहक (Dry lubricant) के रूप में होता है।
कौन-सा गुणधर्म कार्बन को दीर्घ शृंखलाएं बनाने में सक्षम बनाता है?
- बहुलकीकरण
- चतुः संयोजकता
- श्रृंखलन
- समावयवता
Explanation:
- कार्बन के परमाणुओं में आपस में सहसंयोजक आबंध (Covalent bonds) बनाकर लंबी सीधी, शाखित (branched) या चक्रीय (cyclic) श्रृंखलाएं बनाने का अद्वितीय गुण होता है, जिसे श्रृंखलन (Catenation) कहते हैं।
- कार्बन-कार्बन आबंध ऊर्जा (C-C bond energy ≈ 348 kJ/mol) अत्यधिक मजबूत और स्थिर होने के कारण यह गुण carbon में सबसे अधिक पाया जाता है।
- चतुःसंयोजकता (Tetravalency): कार्बन की संयोजकता 4 होती है, जिससे यह चार अन्य परमाणुओं के साथ आबंध बना सकता है।
कौन-सा उद्योग चूना पत्थर को कच्चे माल के रूप में उपयोग करता है?
- प्लास्टिक
- ऑटोमोबाइल
- बर्तन
- सीमेंट
Explanation:
- सीमेंट उद्योग में चूना पत्थर (Limestone – CaCO₃) मुख्य कच्चे माल के रूप में उपयोग किया जाता है।
- सीमेंट निर्माण में चूना पत्थर के साथ चिकनी मिट्टी (Clay/Silica), एल्युमिना और जिप्सम (Gypsum – CaSO₄·2H₂O) मिलाया जाता है।
- गणितीय सूत्र/रासायनिक संगठन: चूना पत्थर को गर्म करने पर $CaCO_3 \xrightarrow{\Delta} CaO + CO_2$ प्राप्त होता है।
- पोर्टलैंड सीमेंट का आविष्कार: जोसेफ एस्पडिन (Joseph Aspdin) ने 1824 में किया था।
निम्नलिखित तालिका में, एक टूटी हुई प्लास्टिक की बाल्टी को कहाँ रखा जाएगा?
- सेल A या B
- सेल A या C
- सेल B या D
- सेल C या D
Explanation:
- कचरा प्रबंधन वर्गीकरण तालिका के अनुसार, टूटी हुई प्लास्टिक बाल्टी एक अजैव-अपघट्य (Non-biodegradable) और पुनर्चक्रण योग्य (Recyclable) शुष्क अपशिष्ट पदार्थ है।
- इसलिए इसे वर्गीकरण तालिका में सेल B या D (अजैव-अपघट्य / शुष्क अपशिष्ट वर्ग) में रखा जाता है।
- प्लास्टिक को नीले रंग के डस्टबिन (Blue Bin) में एकत्र किया जाता है।
PVC का अर्थ है:
- पॉलीविनाइल क्लोराइड
- पॉलीविनाइल क्लोरेट
- पॉलीविनाइल कार्बन
- पॉलीविनाइल कार्बेनिट
Explanation:
- PVC का पूर्ण रूप पॉलीविनाइल क्लोराइड (Polyvinyl Chloride) है।
- यह विनाइल क्लोराइड (CH₂=CHCl) एकलक (Monomer) का बहुलकीकरण करके बनाया जाने वाला एक लोकप्रिय थर्मोप्लास्टिक बहुलक है।
- उपयोग: विद्युत तारों के इंसुलेशन, पाइप, रैनकोट, और मेडिकल बैग बनाने में।
______ को लपेटने के लिए एल्यूमीनियम फॉइल का इस्तेमाल किया जाता है।
- प्लास्टिक
- खाद्य वस्तुएं
- तार
- कपड़ा
Explanation:
- एल्यूमीनियम धातु की आघातवर्धनीयता (Malleability) के कारण इसे पीटकर पतली पन्नियों (Foils) में बदला जा सकता है।
- इसका उपयोग खाद्य वस्तुओं (Food items) को पैक करने और लपेटने के लिए किया जाता है क्योंकि यह भोजन को नमी, प्रकाश और बैक्टीरिया से बचाता है।
- एल्यूमीनियम भोजन के साथ सामान्य तापमान पर कोई विषैली प्रतिक्रिया नहीं करता है।
प्लास्टिक के संशोधित और पुनर्नवीनीकृत रूप से प्राप्त होने वाले महीन पाउडर को ______ कहा जाता है।
- पॉलीस्टाइरीन
- पॉलीथीन
- पॉलीप्रोपाइलीन
- पॉलीकार्बोनेट
Explanation:
- पुनर्चक्रित (Recycled) प्लास्टिक के महीन कणों या संशोधित रूप को सड़क निर्माण और डामर (Bitumen) संशोधन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पाउडर के रूप में पॉलीथीन (Polyethylene / Polyblend) आधारित पाउडर कहा जाता है।
- बेंगलुरु के प्रोफेसर अहमद खान ने रीसायकल किए गए प्लास्टिक पॉलीथीन के बारीक पाउडर (Polyblend) का आविष्कार सड़क निर्माण में बिटुमेन के साथ मिलाने के लिए किया था।
- यह सड़कों की जल-प्रतिरोधक क्षमता और टिकाऊपन को बढ़ाता है।
अक्टूबर 2018 में, भारतीय वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए विषैले कीटनाशकों से बचाव करने हेतु ______ नामक जेल विकसित किया।
- जिंक ऑक्साइड
- हाइड्रॉक्सीप्रोपाइल सेलुलोज
- पॉली-ऑक्साइम
- सोडियम पॉलीएक्रिलेट
Explanation:
- इनस्टिट्यूट फॉर स्टेम सेल साइंस एंड रीजेनरेटिव मेडिसिन (inStem) के भारतीय वैज्ञानिकों ने पॉली-ऑक्साइम (Poly-oxime) नामक एक स्किन जेल विकसित किया।
- यह जेल किसानों की त्वचा पर लगाने पर विषैले ऑर्गनोफॉस्फेट कीटनाशकों (Organophosphate Pesticides) को निष्क्रिय कर देता है और शरीर में अवशोषित होने से रोकता है।
- यह कीटनाशक से होने वाली न्यूरोलॉजिकल क्षति और मौतों से सुरक्षा प्रदान करता है।
कार्बन परमाणु का कौन-सा गुण, एक कार्बन परमाणु को अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ आबंध बनाने में सक्षम बनाता है?
- श्रृंखलन
- संयोजकता
- बहुलकन
- समावयवन
Explanation:
- कार्बन परमाणुओं का आपस में जुड़कर लंबे मजबूत आबंध (C-C Bonds) बनाने का गुण श्रृंखलन (Catenation) कहलाता है।
- कार्बन का छोटा परमाणु आकार (Atomic Size) इसके द्वारा बनाए गए सहसंयोजक बंधों को अत्यधिक स्थिर और मजबूत बनाता है।
- इसी गुण के कारण प्रकृति में लाखों की संख्या में कार्बनिक यौगिक (Organic Compounds) मौजूद हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा टेट्राफ्लोरोएथिलीन को मुक्त मूलक या आयनिक उत्प्रेरक के साथ उच्च दाब पर गर्म करने के लिए बनाया जाता है?
- पॉलिएस्टर
- रेयॉन
- टेफ्लॉन
- नायलॉन 6
Explanation:
- टेफ्लॉन (Teflon) या पॉलीटैट्राफ्लोरोएथिलीन (PTFE) का निर्माण टेट्राफ्लोरोएथिलीन (CF₂=CF₂) एकलक के बहुलकीकरण द्वारा किया जाता है।
- अभिक्रिया: $n(\text{CF}_2=\text{CF}_2) \xrightarrow[\text{Pressure}]{\text{Catalyst}} -(\text{CF}_2-\text{CF}_2)_n-$
- यह रासायनिक रूप से निष्क्रिय और ऊष्मा-रोधी होता है, जिसका उपयोग नॉन-स्टिक बर्तन और गास्केट (Gaskets) बनाने में होता है।
सिलिकॉन द्वारा निर्मित लंबी श्रृंखला वाले यौगिक ______ होते हैं।
- कम ध्रुवीकरण योग
- अति अभिक्रियाशील
- बहुत स्थिर
- अधिक आयनिक
Explanation:
- सिलिकॉन (Si) भी कार्बन की भांति वर्ग 14 का तत्व है और सिलानॉल/सिलीन (Si-Si) श्रृंखलाएं बनाता है।
- परंतु, सिलिकॉन परमाणुओं का बड़ा आकार होने के कारण Si-Si बंध कार्बन बंधों (C-C) की तुलना में कमजोर होते हैं, जिससे सिलिकॉन की लंबी श्रृंखला वाले यौगिक अति अभिक्रियाशील (Reactivity is high) और कम स्थिर होते हैं।
- सिलिकॉन आमतौर पर 7-8 परमाणुओं से अधिक लंबी स्थिर श्रृंखला नहीं बना पाता।
नायलॉन और पॉलिएस्टर जैसे रेशे, जो रासायनिक पदार्थों से बने होते हैं, कहलाते हैं:
- रेयॉन
- सिंथेटिक फाइबर
- ऊन
- प्राकृतिक रेशे
Explanation:
- पेट्रोकेमिकल्स और रसायनों से प्रयोगशालाओं में संश्लेषित किए जाने वाले रेशों को सिंथेटिक फाइबर (कृत्रिम / संश्लेषित रेशे) कहते हैं।
- उदाहरण: नायलॉन, पॉलिएस्टर, एक्रेलिक।
- नायलॉन पहला पूर्णतः संश्लेषित (Fully Synthetic) मानव निर्मित रेशा था, जिसे कोयला, जल और वायु से 1931 में बनाया गया था।
निम्नलिखित में से कौन सी सामग्री जैव-अपघट्य नहीं होने की संभावना है?
- लकड़ी
- सब्जियों के छिलके
- पॉलीथीन थैली
- कागज
Explanation:
- पॉलीथीन थैली (Polyethylene Bag) एक संश्लेषित प्लास्टिक बहुलक है जो अजैव-अपघट्य (Non-biodegradable) है।
- प्राकृतिक जीवाणु और एंजाइम प्लास्टिक के मजबूत C-C और C-H बॉन्ड को आसानी से तोड़ नहीं सकते, जिससे यह सैकड़ों सालों तक नष्ट नहीं होती।
- लकड़ी, कागज और सब्जियों के छिलके प्राकृतिक पौधे-आधारित सेल्यूलोज घटक होने के कारण जैव-अपघट्य हैं।
