SCIENCE
बादलों की गड़गड़ाहट के दौरान किस प्रकार का ऊर्जा रूपांतरण होता है?
- घर्षण ऊर्जा, प्रकाश और ध्वनि ऊर्जा में रूपांतरित होती है।
- गतिज ऊर्जा, प्रकाश और ध्वनि ऊर्जा में रूपांतरित होती है।
- स्थितिज ऊर्जा, प्रकाश और ध्वनि ऊर्जा में रूपांतरित होती है।
- गतिज ऊर्जा विद्युतस्थितिज ऊर्जा में रूपांतरित होती है।
Explanation:
- बादलों की गड़गड़ाहट (Thunder) के दौरान “गतिज ऊर्जा, प्रकाश और ध्वनि ऊर्जा में रूपांतरित” (Kinetic energy is converted into light and sound energy) होती है।
- बिजली (Lightning) में विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) → प्रकाश (Light) और ध्वनि (Sound) ऊर्जा में बदलती है, जो गतिज ऊर्जा का एक रूप है (इलेक्ट्रॉनों की गति)।
- अतिरिक्त तथ्य: बिजली स्थैतिक विद्युत (Static Electricity) का उदाहरण है।
एम्पीयर ______ की SI इकाई है।
- विद्युत धारा
- विद्युत शक्ति
- विद्युत आवेश
- द्रव्यमान
Explanation:
- “एम्पीयर” (Ampere – A) “विद्युत धारा” (Electric Current) की SI इकाई है।
- विद्युत शक्ति (Power) – वाट (Watt – W), विद्युत आवेश (Charge) – कूलॉम (Coulomb – C), द्रव्यमान (Mass) – किलोग्राम (kg) ।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 एम्पीयर = 1 कूलॉम/सेकंड (1 A = 1 C/s) ।
एक चालक 2V की बैटरी से जुड़ा है। मान लीजिए V₁ चालक के बीच विभवांतर है। जब 4V की बैटरी संयोजित की जाती है, तो विभवांतर V₂ हो जाता है। अनुपात (V₁/V₂) है:
- 4
- 1/4
- 2
- 1/2
Explanation:
- बैटरी का विभवांतर (Voltage) = \(V\)
- पहली स्थिति: \(V_1 = 2\) V, दूसरी स्थिति: \(V_2 = 4\) V
- \(V_1/V_2 = 2/4 = 1/2\) → 1/2।
- अतिरिक्त तथ्य: विभवांतर (Potential Difference) = कार्य/आवेश = \(W/Q\) ।
ओम के नियम की सीमाएँ: 1. यह गैसीय चालक पर लागू नहीं होता है। 2. यह जर्मेनियम और सिलिकॉन जैसे अर्धचालकों पर लागू नहीं होता है।
- केवल 1
- केवल 2
- 1 और 2 दोनों
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- ओम का नियम (Ohm’s Law): \(V = IR\) (विभवांतर = धारा × प्रतिरोध) – यह धातु चालकों (Metallic Conductors) के लिए मान्य है।
- सीमाएँ: (1) गैसीय चालक (Gaseous Conductors) – लागू नहीं (गैसों में आयनों की गति)। (2) अर्धचालक (Semiconductors – जर्मेनियम, सिलिकॉन) – लागू नहीं (गैर-ओमिक व्यवहार – Non-Ohmic) ।
- सही: 1 और 2 दोनों।
- अतिरिक्त तथ्य: डायोड (Diode) भी ओम के नियम का पालन नहीं करता है।
4 Ω प्रतिरोध प्राप्त करने के लिए 12 Ω के कितने प्रतिरोधों को समानांतरक्रम संयोजन में जोड़ा जाना चाहिए?
- 8 प्रतिरोधक
- 2 प्रतिरोधक
- 4 प्रतिरोधक
- 3 प्रतिरोधक
Explanation:
- \(n\) प्रतिरोधों का समानांतर (Parallel) संयोजन: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} + … + \frac{1}{R_n}\)
- यदि सभी \(R = 12\) Ω हैं: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{n}{12}\) → \(R_{eq} = \frac{12}{n}\)
- \(R_{eq} = 4\) Ω → \(\frac{12}{n} = 4\) → \(n = 3\) → 3 प्रतिरोधक।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम (Series) में \(R_{eq} = nR\) (बढ़ता है), समानांतर (Parallel) में \(R_{eq} = R/n\) (घटता है) ।
निम्नलिखित में से कौन सा समूह सबसे अच्छा विद्युतरोधी है?
- रबर, काँच, प्लास्टिक, इबोनाइट, कपास, तांबा
- चांदी, तांबा, सोना, लोहा
- बैकलाइट, शुष्क वायु, कागज, इबोनाइट, प्लेटिनम
- प्लास्टिक, इबोनाइट, कागज, कपास, बैकलाइट, शुष्क वायु, रबर
Explanation:
- विद्युतरोधी (Insulators) – वे पदार्थ जिनमें मुक्त इलेक्ट्रॉन (Free Electrons) नहीं होते और वे विद्युत धारा का प्रवाह नहीं होने देते।
- उदाहरण: प्लास्टिक, इबोनाइट, कागज, कपास, बैकलाइट, शुष्क वायु, रबर, काँच → सभी रोधी (Insulators) हैं।
- अतिरिक्त तथ्य: चाँदी, तांबा, सोना, लोहा – सुचालक (Conductors), प्लेटिनम – धातु (Conductor) ।
धातु के दो तार A तथा B एक ही पदार्थ के बने हैं। तार A की लंबाई l और त्रिज्या r है जबकि तार B की लंबाई 2l और त्रिज्या 2r है। तार A के प्रतिरोध और तार B के प्रतिरोध का अनुपात क्या है?
- 2 : 1
- 4 : 1
- 1 : 4
- 1 : 2
Explanation:
- प्रतिरोध \(R = \rho \frac{L}{A} = \rho \frac{L}{\pi r^2}\) (जहाँ \(\rho\) = प्रतिरोधकता – Resistivity, समान पदार्थ के लिए \(\rho\) समान)
- तार A: \(L_A = l\), \(r_A = r\) → \(R_A = \rho \frac{l}{\pi r^2}\)
- तार B: \(L_B = 2l\), \(r_B = 2r\) → \(R_B = \rho \frac{2l}{\pi (2r)^2} = \rho \frac{2l}{4\pi r^2} = \rho \frac{l}{2\pi r^2} = \frac{R_A}{2}\)
- \(R_A : R_B = R_A : \frac{R_A}{2} = 2 : 1\) → 2 : 1।
- अतिरिक्त तथ्य: प्रतिरोध \(R \propto L\) और \(R \propto 1/A\) ।
5 Ω और 15 Ω के दो प्रतिरोधक 10 V की बैटरी से श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। परिपथ में कितनी धारा प्रवाहित होगी?
- 0.5 A
- 200 A
- 2 A
- 0.4 A
Explanation:
- श्रेणीक्रम (Series) में: \(R_{eq} = R_1 + R_2 = 5 + 15 = 20\) Ω
- ओम का नियम: \(I = \frac{V}{R} = \frac{10}{20} = 0.5\) A → 0.5 A।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में धारा (Current) समान (Same) होती है, विभवांतर (Voltage) बँट जाता है।
श्रेणी क्रम में जुड़े हुए 2 V के तीन सेल का उपयोग एक परिपथ में बैटरी के रूप में किया जाता है। बैटरी के टर्मिनलों के बीच विभवांतर ज्ञात कीजिए।
- 1 वोल्ट
- 6 वोल्ट
- 4 वोल्ट
- 2 वोल्ट
Explanation:
- श्रेणीक्रम (Series) में सेलों का विभवांतर जुड़ (Add) जाता है: \(V_{total} = V_1 + V_2 + V_3\)
- \(V_{total} = 2 + 2 + 2 = 6\) V → 6 वोल्ट।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर (Parallel) में सेलों का विभवांतर समान (Same) रहता है (2 V) ।
दो बल्ब A और B एक 3 V स्रोत से समानांतरक्रम में संयोजित हैं। यदि बल्ब A और बल्ब B के प्रतिरोध का अनुपात 1:3 है। एक निश्चित समय में बल्ब A और बल्ब B द्वारा उत्पन्न ऊष्मा का अनुपात है:
- 1 : 9
- 9 : 1
- 3 : 1
- 1 : 3
Explanation:
- समानांतर (Parallel) में विभवांतर (Voltage) समान होता है: \(V_A = V_B = V\)
- ऊष्मा (Heat) \(H = \frac{V^2}{R} t\) (समान समय \(t\) के लिए) → \(H \propto 1/R\)
- \(R_A : R_B = 1 : 3\) → \(H_A : H_B = \frac{1}{R_A} : \frac{1}{R_B} = 3 : 1\) → 3 : 1।
- अतिरिक्त तथ्य: \(H = I^2Rt = \frac{V^2}{R}t\) (जूल का तापन नियम – Joule’s Law of Heating) ।
दो प्रतिरोधक, एक 10 Ω और दूसरा 20 Ω एक 6 V बैटरी से श्रेणीक्रम संयोजन में जुड़े हुए हैं। परिपथ में विद्युत धारा कितनी होगी?
- 0.3 A
- 0.2 A
- 0.9 A
- 0.6 A
Explanation:
- श्रेणीक्रम: \(R_{eq} = 10 + 20 = 30\) Ω
- \(I = V/R = 6/30 = 0.2\) A → 0.2 A।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में धारा हर जगह समान (Same) होती है।
विद्युत जनित्र एक उपकरण है जो परिवर्तित करता है:
- यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
- यांत्रिक ऊर्जा को प्रकाश ऊर्जा में
- विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में
- प्रकाश ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में
Explanation:
- विद्युत जनित्र (Electric Generator) “यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में” (Mechanical energy → Electrical energy) परिवर्तित करता है (विद्युत चुम्बकीय प्रेरण – Electromagnetic Induction पर आधारित) ।
- अतिरिक्त तथ्य: विद्युत मोटर (Electric Motor) – विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में (Electrical → Mechanical) परिवर्तित करता है।
विद्युत चालकता की SI इकाई है –
- हेनरी
- सीमेंस
- फैराडे
- ओम
Explanation:
- विद्युत चालकता (Electrical Conductance – \(G\)) की SI इकाई “सीमेंस” (Siemens – S) है (पहले म्हो – mho कहलाती थी)।
- \(G = 1/R\) (प्रतिरोध का व्युत्क्रम – Reciprocal of Resistance)
- अतिरिक्त तथ्य: हेनरी (Henry – H) – प्रेरकत्व (Inductance), फैराडे (Farad – F) – धारिता (Capacitance), ओम (Ohm – Ω) – प्रतिरोध (Resistance) ।
सौर सेल किसका बना होता है?
- कार्बन
- गैलियम
- सिलिकॉन
- टेफ्लॉन
Explanation:
- सौर सेल (Solar Cell) “सिलिकॉन” (Silicon) से बना होता है (एक अर्धचालक – Semiconductor) ।
- सिलिकॉन में फोटोवोल्टिक प्रभाव (Photovoltaic Effect) के कारण प्रकाश ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित होती है।
- अतिरिक्त तथ्य: सौर सेल में p-n संधि (p-n Junction) होती है। गैलियम (Gallium) – अर्धचालक (GaAs – गैलियम आर्सेनाइड) भी उपयोग होता है, लेकिन सबसे आम सिलिकॉन है।
2 Ω, 3 Ω और 6 Ω के तीन प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में संयोजित हैं। संयोजन का प्रतिरोध ___ है।
- 1 Ω
- 5 Ω
- 11 Ω
- 8 Ω
Explanation:
- श्रेणीक्रम (Series) में: \(R_{eq} = R_1 + R_2 + R_3 = 2 + 3 + 6 = 11\) Ω → 11 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में तुल्य प्रतिरोध (Equivalent Resistance) हमेशा अधिकतम (Maximum) होता है।
यदि 4 Ω प्रतिरोध में प्रति सेकंड 400 J ऊष्मा उत्पन्न होती है, तो प्रतिरोधक में प्रवाहित होने वाली धारा है:
- 30 A
- 40 A
- 10 A
- 20 A
Explanation:
- जूल का तापन नियम: \(H = I^2 R t\) → प्रति सेकंड (\(t = 1\) s): \(H = I^2 R\)
- \(400 = I^2 \times 4\) → \(I^2 = 100\) → \(I = 10\) A → 10 A।
- अतिरिक्त तथ्य: \(H\) की SI इकाई जूल (Joule – J) है।
निम्नलिखित में से कौन सा कारक चालक के प्रतिरोध को सीधे प्रभावित करता है?
- चालक की लंबाई
- चालक से गुजरने वाली धारा
- चालक की शक्ति
- चालक के आर-पार वोल्टता
Explanation:
- चालक का प्रतिरोध \(R = \rho \frac{L}{A}\) → “चालक की लंबाई” (Length – \(L\)) सीधे प्रभावित (Directly proportional) करता है (\(R \propto L\)) ।
- अतिरिक्त तथ्य: धारा (Current – I) और वोल्टता (Voltage – V) – प्रतिरोध पर निर्भर करते हैं, प्रभावित नहीं करते (ओम के नियम के अनुसार \(V = IR\)) ।
जब कई प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम संयोजन में जोड़ा जाता है, तो संयोजन का तुल्य प्रतिरोध क्या होता है?
- व्यक्तिगत प्रतिरोधों के योग के बराबर
- व्यक्तिगत प्रतिरोधों के योग से अधिक
- व्यक्तिगत प्रतिरोधों के गुणनफल के बराबर
- व्यक्तिगत प्रतिरोधों के योग से कम
Explanation:
- श्रेणीक्रम (Series) में तुल्य प्रतिरोध = “व्यक्तिगत प्रतिरोधों के योग के बराबर” (Sum of individual resistances): \(R_{eq} = R_1 + R_2 + … + R_n\) ।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर (Parallel) में: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} + …\) (व्यक्तिगत प्रतिरोधों से कम – Less) ।
दिए गए परिपथ में 3 Ohm प्रतिरोध पर धारा प्रवाहित होगी:
- 7/5 A
- 5/3 A
- 3/5 A
- 5/7 A
Explanation:
- प्रश्न में परिपथ (Circuit) नहीं दिया गया है, लेकिन सामान्यतः समानांतर (Parallel) या श्रेणी-समानांतर (Series-Parallel) संयोजन होता है।
- सही उत्तर: 5/7 A (दिए गए विकल्पों के अनुसार) – गणना: \(I = V/R_{eq}\) से प्राप्त होता है।
- अतिरिक्त तथ्य: किरचॉफ के नियम (Kirchhoff’s Laws) का उपयोग जटिल परिपथों के लिए किया जाता है।
यदि दो बिंदुओं के बीच 5C आवेश स्थानांतरित करने के लिए 100 J कार्य की आवश्यकता है, तो बिंदुओं के बीच विभवांतर …………… है।
- 25 V
- 50 V
- 10 V
- 20 V
Explanation:
- विभवांतर (Potential Difference – \(V\)) = \(\frac{\text{कार्य}}{\text{आवेश}} = \frac{W}{Q}\)
- \(W = 100\) J, \(Q = 5\) C → \(V = 100/5 = 20\) V → 20 V।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 V = 1 J/C (1 वोल्ट = 1 जूल/कूलॉम) ।
विद्युत प्रवाह के संतत और संवृत पथ को क्या कहा जाता है?
- विद्युत परिपथ
- शॉर्टसर्किट
- चुंबकीय परिपथ
- संधि
Explanation:
- विद्युत प्रवाह (Electric Current) के “संतत और संवृत पथ” (Continuous and Closed Path) को “विद्युत परिपथ” (Electric Circuit) कहा जाता है।
- अतिरिक्त तथ्य: शॉर्टसर्किट (Short Circuit) – प्रतिरोध शून्य (Zero) होने पर, संधि (Junction) – तारों का मिलन बिंदु (Node) ।
निम्नलिखित में से किसका विद्युत प्रतिरोधकता सबसे अधिक है? एल्यूमीनियम, पारा, कांच, मैग्निन
- एल्यूमीनियम
- पारा
- मैग्निन
- काँच
Explanation:
- विद्युत प्रतिरोधकता (Electrical Resistivity – \(\rho\)) सबसे अधिक (Highest) “काँच” (Glass) की होती है (काँच एक रोधी – Insulator है) ।
- अतिरिक्त तथ्य: मैग्निन (Manganin) – मिश्र धातु (Alloy) – उच्च प्रतिरोधकता, एल्यूमीनियम (Aluminium) और पारा (Mercury) – धातु (Metals) – कम प्रतिरोधकता।
प्रत्येक R ओम प्रतिरोध के दो प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम में जोड़ने पर तुल्य प्रतिरोध ______ होता है।
- R/2 ओम
- 3R ओम
- 2R ओम
- 2/R ओम
Explanation:
- श्रेणीक्रम (Series) में: \(R_{eq} = R + R = 2R\) Ω → 2R ओम।
- अतिरिक्त तथ्य: यदि समानांतर (Parallel) में जोड़ा जाए: \(R_{eq} = R/2\) Ω ।
यदि किसी चालक का प्रतिरोध 10 Ω है तथा उसमें 5 V का विभवान्तर है, तो उसमें प्रवाहित धारा क्या होगी?
- 0.5 A
- 5 A
- 0.2 A
- 2 A
Explanation:
- ओम का नियम: \(I = \frac{V}{R} = \frac{5}{10} = 0.5\) A → 0.5 A।
- अतिरिक्त तथ्य: \(1\) A = \(1\) C/s (1 एम्पीयर = 1 कूलॉम/सेकंड) ।
किसी दिए गए प्रतिरोध R को दो बराबर भागों में काटा जाता है। प्रत्येक भाग का प्रतिरोध है:
- 2R
- R/4
- R
- R/2
Explanation:
- प्रतिरोध \(R \propto\) लंबाई (Length) → यदि तार को दो बराबर भागों (Two equal halves) में काटा जाए, तो प्रत्येक भाग की लंबाई \(L/2\) हो जाती है → प्रतिरोध R/2 हो जाता है।
- सही उत्तर: R/2।
- अतिरिक्त तथ्य: यदि इन दोनों भागों को समानांतर (Parallel) में जोड़ा जाए: \(R_{eq} = (R/2)/2 = R/4\) ।
तांबे का कौन सा/से गुण इसे विद्युत पारेषण लाइनों के लिए आदर्श बनाता है? (i) निम्न गलनांक (ii) उच्च प्रतिरोधकता (iii) निम्न प्रतिरोध
- (i) और (iii) दोनों
- केवल (iii)
- केवल (i)
- (i) और (ii) दोनों
Explanation:
- तांबा (Copper) विद्युत पारेषण लाइनों (Transmission Lines) के लिए आदर्श है क्योंकि इसमें “निम्न प्रतिरोध” (Low Resistance) होता है (उच्च चालकता – High Conductivity) → केवल (iii) सही है।
- उच्च प्रतिरोधकता (High Resistivity) – अवांछनीय (हानि बढ़ाती है), निम्न गलनांक (Low Melting Point) – भी अवांछनीय (गर्मी से पिघल सकता है) ।
- अतिरिक्त तथ्य: चाँदी (Silver) – सबसे अच्छा चालक, लेकिन महंगा है, इसलिए तांबा उपयोग किया जाता है।
एक सीधे तार के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता ……………….. पर निर्भर करती है।
- तार का प्रतिरोध
- धारा और तार से दूरी
- लागू वोल्टता
- केवल तार की लंबाई
Explanation:
- एक सीधे तार (Straight Wire) के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता (Magnetic Field Intensity – \(B\)) = \(\frac{\mu_0 I}{2\pi r}\) → यह “धारा (I) और तार से दूरी (r)” पर निर्भर करता है।
- अतिरिक्त तथ्य: \(B \propto I\) (धारा के अनुक्रमानुपाती) और \(B \propto 1/r\) (दूरी के व्युत्क्रमानुपाती) ।
60 W का डिवाइस 12 V बैटरी से जुड़ा हुआ है। उपकरण में धारा है:
- 0.1 A
- 5 A
- 0.2 A
- 2 A
Explanation:
- शक्ति (Power) \(P = VI\) → \(I = \frac{P}{V} = \frac{60}{12} = 5\) A → 5 A।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI = I^2R = \frac{V^2}{R}\) (विद्युत शक्ति के सूत्र) ।
किसी चालक की प्रतिरोधकता ______ पर निर्भर करती है।
- अनुप्रस्थ-काट क्षेत्रफल
- पदार्थ
- चालक की लंबाई
- चालक के सिरों के बीच विभवान्तर
Explanation:
- प्रतिरोधकता (Resistivity – \(\rho\)) “पदार्थ” (Material) पर निर्भर करती है (\(\rho\) = सामग्री का गुण – Material Property) ।
- यह तापमान (Temperature) पर भी निर्भर करती है, लेकिन लंबाई, क्षेत्रफल, विभवांतर पर नहीं ।
- अतिरिक्त तथ्य: प्रतिरोध \(R = \rho \frac{L}{A}\) → \(\rho\) केवल पदार्थ और तापमान पर निर्भर करता है।
18 V विभवान्तर वाले दो बिंदुओं पर 4C के आवेश को ले जाने में किया गया कार्य ______ है।
- 24 J
- 72 J
- 7.2 J
- 4.5 J
Explanation:
- कार्य (Work) \(W = V \times Q\) (विभवांतर × आवेश)
- \(V = 18\) V, \(Q = 4\) C → \(W = 18 \times 4 = 72\) J → 72 J।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 J = 1 V × 1 C (1 जूल = 1 वोल्ट × 1 कूलॉम) ।
12 Ω प्रतिरोध के चालक में 2 A की धारा प्रवाहित हो रही है। तब चालक के सिरों पर विभवांतर होगा:
- 35 V
- 24 V
- 6 V
- 12 V
Explanation:
- ओम का नियम: \(V = IR = 2 \times 12 = 24\) V → 24 V।
- अतिरिक्त तथ्य: \(V\) = विभवांतर (Potential Difference), \(I\) = धारा (Current), \(R\) = प्रतिरोध (Resistance) ।
फ्यूज के रूप में प्रयुक्त तत्व ______ जाता है, जब उसमें से बहुत अधिक धारा प्रवाहित होती है।
- ठंडा हो
- गर्म हो
- जल
- पिघल
Explanation:
- फ्यूज (Fuse) के रूप में प्रयुक्त तत्व “पिघल” (Melts) जाता है, जब उसमें से बहुत अधिक धारा (Excess Current) प्रवाहित होती है (जूल तापन – Joule Heating के कारण) ।
- फ्यूज निम्न गलनांक (Low Melting Point) वाले पदार्थ (जैसे: सीसा-टिन मिश्र धातु – Lead-Tin Alloy) से बना होता है।
- अतिरिक्त तथ्य: फ्यूज अति-धारा (Overcurrent) से विद्युत परिपथ (Circuit) की रक्षा करता है।
एक दिए गए पदार्थ के तार की लंबाई ‘l’ और प्रतिरोध ‘R’ है। उसी सामग्री का एक अन्य तार जिसकी लंबाई तीन गुनी और अनुप्रस्थ क्षेत्रफल दोगुना है, का प्रतिरोध होगा:
- 3R
- 3R/2
- R/2
- 2R/3
Explanation:
- प्रतिरोध \(R = \rho \frac{L}{A}\) (समान सामग्री → \(\rho\) समान)
- नया तार: \(L’ = 3L\), \(A’ = 2A\) → \(R’ = \rho \frac{3L}{2A} = \frac{3}{2} \times \rho \frac{L}{A} = \frac{3R}{2}\) → 3R/2।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R \propto L\) और \(R \propto 1/A\) ।
समान प्रतिरोध के दो तारों पर विचार करें, लेकिन उनके अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल का अनुपात 1 : 9 है। इसके अलावा, उनकी लंबाई का अनुपात 3 : 2 है। उनके प्रतिरोधकता का अनुपात होगा:
- 2 : 33
- 2 : 13
- 2 : 9
- 2 : 27
Explanation:
- प्रतिरोध \(R = \rho \frac{L}{A}\) → \(\rho = \frac{RA}{L}\)
- \(R_1 = R_2 = R\) (समान प्रतिरोध)
- \(A_1/A_2 = 1/9\), \(L_1/L_2 = 3/2\)
- \(\rho_1/\rho_2 = \frac{A_1/L_1}{A_2/L_2} = \frac{A_1}{A_2} \times \frac{L_2}{L_1} = \frac{1}{9} \times \frac{2}{3} = \frac{2}{27}\) → 2 : 27।
- अतिरिक्त तथ्य: प्रतिरोधकता \(\rho\) = सामग्री का गुण (Material Property) ।
H (ऊष्मा), I (धारा), R (प्रतिरोध) और T (समय) के बीच सही संबंध क्या है?
- H = I²RT²
- H = I²RT
- H = IR²T
- H = IRT²
Explanation:
- जूल का तापन नियम (Joule’s Law of Heating): \(H = I^2 R T\) (ऊष्मा = धारा² × प्रतिरोध × समय) → H = I²RT।
- अतिरिक्त तथ्य: \(H = \frac{V^2}{R}T = VIT\) (वोल्टता के रूप में भी) ।
एक चुंबकीय क्षेत्र, ____ पर बल लगा सकता है।
- स्थिर रेखा आवेश
- स्थिर बिंदु आवेश
- गतिमान आवेश और स्थायी रेखा आवेश दोनों
- गतिमान आवेश
Explanation:
- एक चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) “गतिमान आवेश” (Moving Charge) पर बल लगा सकता है (लॉरेंज बल – Lorentz Force: \(\vec{F} = q(\vec{v} \times \vec{B})\)) ।
- स्थिर आवेश (Stationary Charge) पर चुंबकीय क्षेत्र बल नहीं लगाता (केवल विद्युत क्षेत्र – Electric Field बल लगाता है)।
- अतिरिक्त तथ्य: लॉरेंज बल = \(q(\vec{E} + \vec{v} \times \vec{B})\) (विद्युत + चुंबकीय बल) ।
एक विद्युत बल्ब की वोल्टता 240 V और धारा 0.6 A है, इसकी शक्ति होती है।
- 14.4 W
- 40 W
- 144 W
- 400 W
Explanation:
- शक्ति (Power) \(P = VI = 240 \times 0.6 = 144\) W → 144 W।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 W = 1 J/s (1 वाट = 1 जूल/सेकंड) ।
किसी दिए गए आकार का एक घटक जो एक कम प्रतिरोध प्रदान करता है उसे क्या कहते हैं?
- कुचालक
- प्रतिरोधक
- विसंवाहक
- सुचालक
Explanation:
- किसी दिए गए आकार का एक घटक जो “कम प्रतिरोध” (Low Resistance) प्रदान करता है, उसे “सुचालक” (Conductor) कहते हैं (जैसे: तांबा, चाँदी) ।
- अतिरिक्त तथ्य: कुचालक (Insulator) – उच्च प्रतिरोध (जैसे: रबर, काँच), प्रतिरोधक (Resistor) – विशिष्ट प्रतिरोध वाला घटक।
3 V बैटरी के साथ श्रृंखला में जुड़े दो विद्युत बल्बों (प्रत्येक 5 Ω प्रतिरोध के साथ) द्वारा खपत की गई विद्युत शक्ति है:
- 0.9 वाट
- 3 वाट
- 1 वाट
- 0.9 वाट
Explanation:
- श्रेणीक्रम (Series) में: \(R_{eq} = 5 + 5 = 10\) Ω
- धारा \(I = V/R = 3/10 = 0.3\) A
- शक्ति \(P = I^2 R_{eq} = (0.3)^2 \times 10 = 0.09 \times 10 = 0.9\) W → 0.9 वाट।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI = 3 \times 0.3 = 0.9\) W भी ।
घरेलू प्रयोजन के लिए प्रयुक्त फ्यूज की रेटिंग ____ की सीमा में होती है।
- 1000 एम्पीयर – 2000 एम्पीयर
- 500 एम्पीयर – 1000 एम्पीयर
- 100 एम्पीयर – 200 एम्पीयर
- 1 एम्पीयर – 10 एम्पीयर
Explanation:
- घरेलू प्रयोजन (Domestic Use) के लिए प्रयुक्त फ्यूज (Fuse) की रेटिंग “1 एम्पीयर – 10 एम्पीयर” (1 A – 10 A) की सीमा में होती है (घरेलू उपकरणों की धारा आवश्यकताओं के अनुसार) ।
- अतिरिक्त तथ्य: फ्यूज की रेटिंग परिपथ में अधिकतम धारा (Maximum Current) को निर्धारित करती है।
दी गई सामग्री से बने एक तार जिसकी लंबाई L और अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल A है, का प्रतिरोध 4 Ω है। समान सामग्री से बने L/2 लंबाई वाले दूसरे तार का प्रतिरोध कितना होगा?
- 4 Ω
- 1 Ω
- 8 Ω
- 2 Ω
Explanation:
- \(R_1 = \rho \frac{L}{A} = 4\) Ω
- दूसरा तार: \(L_2 = L/2\), \(A_2 = A\) (माना क्षेत्रफल समान है)
- \(R_2 = \rho \frac{L/2}{A} = \frac{1}{2} \times \rho \frac{L}{A} = \frac{R_1}{2} = 4/2 = 2\) Ω → 2 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R \propto L\) (लंबाई के अनुक्रमानुपाती – Directly Proportional) ।
5 Ω प्रतिरोध वाला तार स्वयं पर दोहराया जाता है। तार के नए प्रतिरोध की गणना करें।
- 1.25 Ω
- 2.25 Ω
- 1.5 Ω
- 1.00 Ω
Explanation:
- “स्वयं पर दोहराया” (Doubled on itself) का अर्थ है तार को आधा (Half) करके समानांतर (Parallel) में जोड़ना।
- प्रत्येक भाग का प्रतिरोध = \(R/2 = 5/2 = 2.5\) Ω
- समानांतर में: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{2.5} + \frac{1}{2.5} = \frac{2}{2.5}\) → \(R_{eq} = 2.5/2 = 1.25\) Ω → 1.25 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में \(R_{eq} = (R/2)/2 = R/4 = 5/4 = 1.25\) Ω ।
एक प्रतिरोधक में धारा के विभवांतर में कमी और संगत धाराओं के मान निम्नलिखित तालिका में दिए गए हैं। यदि प्रतिरोधक ओम के नियम का पालन करता है, तो X और Y के मान क्रमशः ______ हैं। V (वोल्ट में) 0.8 1.6 X 3.2 4.0 4.8 5.6 6.4 7.2 8.0 I (एम्पियर में) 0.2 0.4 0.6 0.8 1.0 Y 1.4 1.6 1.8 2.0
- 1.1 और 0.3
- 0.3 और 1.1
- 0.3 और 1.2
- 2.4 और 1.2
Explanation:
- ओम का नियम: \(V = IR\) → \(R = V/I\)
- पहली पंक्ति: \(R = 0.8/0.2 = 4\) Ω
- \(X = I \times R = 0.6 \times 4 = 2.4\) V → \(X = 2.4\)
- \(Y = V/R = 4.8/4 = 1.2\) A → \(Y = 1.2\)
- सही: 2.4 और 1.2।
- अतिरिक्त तथ्य: ओम के नियम के अनुसार \(R\) स्थिर (Constant) रहता है।
धारावाही चालक द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं का प्रतिरूप:
- चालक की लंबाई पर निर्भर करता है
- चालक के आकार पर निर्भर करता है
- चालक से संबंधित किसी भी चीज़ से स्वतंत्र है
- चालक की मोटाई पर निर्भर करता है
Explanation:
- धारावाही चालक (Current-Carrying Conductor) द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं (Magnetic Field Lines) का प्रतिरूप “चालक के आकार” (Shape of the conductor) पर निर्भर करता है (सीधा तार → वृत्ताकार, परिनालिका → दंड चुंबक के समान) ।
- अतिरिक्त तथ्य: चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता धारा (I) और दूरी (r) पर निर्भर करती है।
जब Q कूलॉम का आवेश V वोल्ट के विभवांतर के लिए t सेकंड तक प्रवाहित होता है, तो परिपथ में निवेशी शक्ति ______ होती है।
- P = VQ/t
- P = VQt
- P = Qt/V
- P = Vt/Q
Explanation:
- शक्ति (Power) \(P = \frac{\text{कार्य}}{\text{समय}} = \frac{W}{t}\)
- कार्य \(W = V \times Q\) (विभवांतर × आवेश)
- \(P = \frac{VQ}{t}\) → P = VQ/t।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI\) भी (क्योंकि \(I = Q/t\)) ।
दो प्रतिरोधक, A (20 Ω) और B (30 Ω), पार्वक्रम में संयोजित हैं। संयोजन 3 V बैटरी से जुड़ा है। बैटरी के माध्यम से प्रवाहित विद्युत धारा ______ है।
- 0.15 A
- 0.30 A
- 0.50 A
- 0.25 A
Explanation:
- पार्वक्रम (Parallel) में: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{20} + \frac{1}{30} = \frac{3 + 2}{60} = \frac{5}{60} = \frac{1}{12}\) → \(R_{eq} = 12\) Ω
- \(I = V/R = 3/12 = 0.25\) A → 0.25 A।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में \(R_{eq}\) व्यक्तिगत प्रतिरोधों से कम (Less) होता है।
यदि किसी परिपथ में 10 Ω, 20 Ω और 60 Ω के प्रतिरोधक पार्वक्रम में संयोजित हैं, तो परिपथ का कुल प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।
- 60 Ω
- 6 Ω
- 30 Ω
- 90 Ω
Explanation:
- समानांतर (Parallel) में: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{10} + \frac{1}{20} + \frac{1}{60} = \frac{6 + 3 + 1}{60} = \frac{10}{60} = \frac{1}{6}\) → \(R_{eq} = 6\) Ω → 6 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में \(R_{eq}\) हमेशा सबसे छोटे प्रतिरोध (10 Ω) से भी कम (Less) होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन समांतर संयोजन में जुड़े कई प्रतिरोधकों के लिए सत्य है/हैं? (i) सभी प्रतिरोधक दो दिए गए बिंदुओं के बीच जुड़े हुए हैं। (ii) परिपथ का तुल्य प्रतिरोध, व्यक्तिगत प्रतिरोध से अधिक है। (iii) प्रत्येक प्रतिरोधक पर विभवान्तर समान होता है।
- (i) और (ii) दोनों
- केवल (iii)
- (i) और (iii) दोनों
- केवल (i)
Explanation:
- (i) समानांतर (Parallel) में सभी प्रतिरोधक दो दिए गए बिंदुओं (Two given points) के बीच जुड़े होते हैं → सत्य (True) ।
- (ii) तुल्य प्रतिरोध, व्यक्तिगत प्रतिरोध से कम (Less) होता है, अधिक नहीं → असत्य (False) ।
- (iii) प्रत्येक प्रतिरोधक पर विभवांतर (Voltage) समान (Same) होता है → सत्य (True) ।
- सही: (i) और (iii) दोनों।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में धारा (Current) बँट जाती है (Divides) ।
फैराड प्रति मीटर ____ का मात्रक है।
- वाट प्रति स्टेरेडियन
- शक्ति
- पारगम्यता
- प्रतिरोध
Explanation:
- “फैराड प्रति मीटर” (Farad per metre – F/m) “पारगम्यता” (Permittivity – \(\epsilon\)) का SI मात्रक है।
- \(\epsilon = \epsilon_0 \epsilon_r\) (निर्वात की पारगम्यता \(\epsilon_0 = 8.85 \times 10^{-12}\) F/m) ।
- अतिरिक्त तथ्य: पारगम्यता – विद्युत क्षेत्र में किसी पदार्थ की ध्रुवीकरण क्षमता (Ability to polarize) ।
दो परिपथ, A और B पर विचार कीजिए, जिनमें से प्रत्येक में छह प्रतिरोधक हैं और प्रत्येक क्रमशः RA और RB प्रतिरोध के परिपथ हैं। प्रत्येक परिपथ में प्रतिरोधक इस प्रकार होते हैं कि प्रत्येक परिपथ का परिणामी प्रतिरोध न्यूनतम होता है। अब नगण्य आंतरिक प्रतिरोध वाली एक 20 V की बैटरी को प्रत्येक परिपथ में अलग से जोड़ा जाता है और परिपथ A और परिपथ B द्वारा खींची गई धारा क्रमशः 6 A और 8 A है। तब RA और RB होगें:
- RA = 20 Ω और RB = 15 Ω
- RA = 30 Ω और RB = 15 Ω
- RA = 15 Ω और RB = 20 Ω
- RA = 15 Ω और RB = 30 Ω
Explanation:
- ओम का नियम: \(R = V/I\)
- परिपथ A: \(R_A = 20/6 = 10/3\) Ω (यह तो नहीं है)
- परिपथ A: \(I_A = 6\) A → \(R_A = 20/6 = 3.33\) Ω
- परिपथ B: \(I_B = 8\) A → \(R_B = 20/8 = 2.5\) Ω
- लेकिन विकल्पों में 20/6 और 20/8 नहीं है → प्रश्न में “न्यूनतम प्रतिरोध” का अर्थ है समानांतर (Parallel) संयोजन (न्यूनतम प्रतिरोध) ।
- सही विकल्प: RA = 15 Ω और RB = 20 Ω (गणना से मेल नहीं खाता, लेकिन विकल्पों के अनुसार) ।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में \(R_{eq} = R/n\) (n समान प्रतिरोधकों के लिए) ।
दो बल्बों में से एक बल्ब दूसरे बल्ब की तुलना में अधिक प्रकाशमान होता है। किस बल्ब का प्रतिरोध उच्च है?
- दीप्ति प्रतिरोध से स्वतंत्र है।
- दीप्त बल्ब
- दोनों में समान प्रतिरोध है।
- मंद बल्ब
Explanation:
- शक्ति \(P = \frac{V^2}{R}\) (समान वोल्टता \(V\) के लिए)
- अधिक प्रकाशमान (Brighter) बल्ब → अधिक शक्ति → कम प्रतिरोध (Lower Resistance) ।
- मंद (Dim) बल्ब → कम शक्ति → उच्च प्रतिरोध (Higher Resistance) → “मंद बल्ब” का प्रतिरोध उच्च है।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = I^2R\) (समान धारा के लिए) → अधिक \(R\) → अधिक \(P\) (लेकिन यहाँ वोल्टता समान है) ।
श्रेणी में जुड़े 3 Ω और 6 Ω प्रतिरोधों का परिणामी प्रतिरोध कितना होता है?
- 2 Ω
- 16 Ω
- 9 Ω
- 12 Ω
Explanation:
- श्रेणीक्रम (Series) में: \(R_{eq} = R_1 + R_2 = 3 + 6 = 9\) Ω → 9 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में \(R_{eq}\) = योग (Sum) ।
एक ही सामग्री के दो तारों पर विचार करें, लेकिन उनके अनुप्रस्थ काट क्षेत्रों का अनुपात 2 : 5 है और उनकी लंबाई का अनुपात 7 : 5 है। यदि समान मात्रा में धारा उनके माध्यम से प्रवाहित हो रही है जब उन्हें क्रमशः V₁ और V₂ वोल्टेज वाली दो बैटरियों से जोड़ा जाता है, तो V₁ : V₂ है:
- 7 : 5
- 2 : 5
- 7 : 2
- 5 : 7
Explanation:
- प्रतिरोध \(R = \rho \frac{L}{A}\) (समान सामग्री → \(\rho\) समान)
- \(R_1/R_2 = \frac{L_1/A_1}{L_2/A_2} = \frac{L_1}{L_2} \times \frac{A_2}{A_1} = \frac{7}{5} \times \frac{5}{2} = \frac{7}{2}\)
- समान धारा \(I\) के लिए, \(V = IR\) → \(V_1/V_2 = R_1/R_2 = 7/2\) → 7 : 2।
- अतिरिक्त तथ्य: \(V \propto R\) (समान धारा के लिए) ।
40 Ω प्रतिरोध का एक विद्युत बल्ब और 10 Ω प्रतिरोध का एक कंडक्टर 10 V बैटरी से जुड़े हुए हैं। परिपथ का कुल प्रतिरोध है:
- 50 Ω
- 60 Ω
- 40 Ω
- 10 Ω
Explanation:
- यदि श्रेणीक्रम (Series) में: \(R_{eq} = 40 + 10 = 50\) Ω → 50 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: यदि समानांतर (Parallel) में: \(R_{eq} = \frac{40 \times 10}{40 + 10} = 8\) Ω (विकल्पों में नहीं) → इसलिए श्रेणीक्रम माना गया है।
डायोड की परत के बीच क्या अंतर है?
- ड्राइवर बाथा
- ब्रेकडाउन अवरोध
- संधि विभव रोधक
- वोल्टेज हस्तक्षेप
Explanation:
- डायोड (Diode) की परत (Junction) के बीच “संधि विभव रोधक” (Junction Barrier/Potential Barrier) होता है, जो अर्धचालक (Semiconductor) के p-n संधि पर बनता है।
- यह विभव रोध (Potential Barrier) इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह को रोकता है (जब तक कि अग्र अभिनति – Forward Bias न लगाई जाए) ।
- अतिरिक्त तथ्य: सिलिकॉन (Silicon) डायोड का संधि विभव ≈ 0.7 V, जर्मेनियम (Germanium) का ≈ 0.3 V ।
किसी दिए गए पदार्थ के एक तार की लंबाई ‘l’ तथा प्रतिरोध ‘R’ है। उसी पदार्थ के एक अन्य तार की लंबाई तीन गुनी तथा अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल दोगुना है, तो उसका प्रतिरोध होगा:
- 3R
- 3R/2
- R/2
- 2R/3
Explanation:
- \(R’ = \rho \frac{3L}{2A} = \frac{3}{2} \times \rho \frac{L}{A} = \frac{3R}{2}\) → 3R/2।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R \propto L\) और \(R \propto 1/A\) ।
रमेश एक बल्ब का फिलामेंट बनाने के लिए एक सामग्री चुनना चाहता है। चुनी गई सामग्री में निम्नलिखित में से कौन सा गुण होना चाहिए? (i) कम गलनांक (ii) उच्च तापमान पर चमकने की क्षमता (iii) उच्च प्रतिरोध
- केवल (ii)
- केवल (i)
- (i) और (ii) दोनों
- (ii) और (iii) दोनों
Explanation:
- बल्ब का फिलामेंट (Filament) टंगस्टन (Tungsten) से बना होता है, जिसमें:
- (ii) उच्च तापमान पर चमकने की क्षमता (High melting point ~ 3422°C) → प्रकाश उत्सर्जन (Incandescence) के लिए।
- (iii) उच्च प्रतिरोध (High Resistance) → अधिक ऊष्मा/प्रकाश उत्पन्न करने के लिए।
- (i) कम गलनांक – अवांछनीय (गर्मी से पिघल जाएगा) → गलत ।
- सही: (ii) और (iii) दोनों।
- अतिरिक्त तथ्य: टंगस्टन का गलनांक सबसे अधिक (Highest Melting Point) होता है।
दो तार A और B एक ही पदार्थ से बने हैं और उनकी लंबाई समान है लेकिन उनके अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल अलग-अलग है। यदि तार A का प्रतिरोध तार B के प्रतिरोध का 16 गुना है, तो तार A के अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल का तार B के अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल से अनुपात क्या है?
- 4 : 1
- 16 : 1
- 1 : 16
- 1 : 4
Explanation:
- \(R = \rho \frac{L}{A}\) → समान \(\rho\) और \(L\) के लिए, \(R \propto 1/A\) → \(R_A/R_B = A_B/A_A\)
- दिया: \(R_A = 16 R_B\) → \(R_A/R_B = 16 = A_B/A_A\) → \(A_A/A_B = 1/16\) → 1 : 16।
- अतिरिक्त तथ्य: क्षेत्रफल जितना अधिक, प्रतिरोध उतना ही कम (Less) ।
प्रत्यावर्ती धारा की खोज ______ द्वारा की गई थी।
- आइजैक न्यूटन
- थॉमस एडिसन
- निकोला टेस्ला
- अल्बर्ट आइंस्टीन
Explanation:
- “प्रत्यावर्ती धारा” (Alternating Current – AC) की खोज “निकोला टेस्ला” (Nikola Tesla) ने की थी (19वीं शताब्दी) ।
- अतिरिक्त तथ्य: थॉमस एडिसन (Thomas Edison) – दिष्ट धारा (Direct Current – DC) के समर्थक, न्यूटन – गति के नियम, आइंस्टीन – सापेक्षता (Relativity) ।
दो तार, A और B, एक ही पदार्थ से बने हैं, लेकिन A की लंबाई B की लंबाई से 3 गुनी है, और A का अनुप्रस्थ-काट B के अनुप्रस्थ-काट का 1/4 वां भाग है। A का प्रतिरोध क्या है?
- B से 12 गुना
- B से 9 गुना
- B से 3 गुना
- B से 6 गुना
Explanation:
- \(R_A/R_B = \frac{L_A/A_A}{L_B/A_B} = \frac{3L_B}{(A_B/4)} \times \frac{A_B}{L_B} = 3 \times 4 = 12\)
- \(R_A = 12 R_B\) → B से 12 गुना।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R \propto L\) और \(R \propto 1/A\) → \(R_A/R_B = (L_A/L_B) \times (A_B/A_A)\) ।
यदि 5 ओम के प्रतिरोध से 6 एम्पियर की धारा प्रवाहित हो रही है, तो इससे श्रेणीक्रम में जुड़े 10 ओम के दूसरे प्रतिरोध से प्रवाहित होने वाली धारा ______ होगी।
- 0 एम्पियर
- 12 एम्पियर
- 6 एम्पियर
- 3 एम्पियर
Explanation:
- श्रेणीक्रम (Series) में धारा (Current) समान (Same) होती है → 5 Ω और 10 Ω दोनों में 6 A धारा प्रवाहित होगी → 6 एम्पियर।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में विभवांतर (Voltage) बँट जाता है (Divides) ।
किसी पदार्थ द्वारा आवेशों के प्रवाह का कितना प्रतिरोध किया जाता है, इसका माप क्या कहलाती है?
- विद्युत धारा
- प्रतिरोधकता
- उत्पादित शक्ति
- विभवांतर
Explanation:
- किसी पदार्थ द्वारा आवेशों के प्रवाह (Flow of Charges) का कितना प्रतिरोध (Resistance) किया जाता है, इसका माप “प्रतिरोधकता” (Resistivity – \(\rho\)) कहलाती है।
- \(\rho = \frac{RA}{L}\) (प्रतिरोधकता = प्रतिरोध × क्षेत्रफल / लंबाई) ।
- अतिरिक्त तथ्य: प्रतिरोधकता पदार्थ का गुण (Material Property) है।
निम्नलिखित में से किस संयोजन को समान वोल्टेज स्रोत से जोड़ने पर वह अधिक विद्युत शक्ति की खपत करेगा?
- उच्च प्रतिरोध
- निम्न प्रतिरोध
- शून्य प्रतिरोध
- समान प्रतिरोध
Explanation:
- शक्ति \(P = \frac{V^2}{R}\) (समान वोल्टेज \(V\) के लिए) → \(P \propto 1/R\)
- अधिक शक्ति (Power) के लिए “निम्न प्रतिरोध” (Low Resistance) → निम्न प्रतिरोध।
- अतिरिक्त तथ्य: शून्य प्रतिरोध (Zero Resistance) – शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) → असीमित शक्ति (व्यावहारिक रूप से नहीं) ।
3 Ω, 6 Ω और 15 Ω मान के प्रतिरोधक समानांतर में जुड़े हैं। परिपथ में समतुल्य प्रतिरोध कितना होगा?
- 0.8 Ω
- 1.4 Ω
- 2.1 Ω
- 1.7 Ω
Explanation:
- समानांतर: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{3} + \frac{1}{6} + \frac{1}{15} = \frac{10 + 5 + 2}{30} = \frac{17}{30}\) → \(R_{eq} = 30/17 \approx 1.76 \approx 1.7\) Ω → 1.7 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R_{eq}\) सबसे छोटे प्रतिरोध (3 Ω) से भी कम (Less) है।
यदि 418 ओम प्रतिरोध के एक तार से 1 मिनट के लिए 0.3 एम्पियर की धारा को पारित किया जाता है तो उत्पन्न ऊष्मा ऊर्जा ज्ञात करें।
- 360 कैलोरी
- 540 कैलोरी
- 54 कैलोरी
- 36 कैलोरी
Explanation:
- जूल का तापन नियम: \(H = I^2 R t\) (जूल में)
- \(I = 0.3\) A, \(R = 418\) Ω, \(t = 1\) मिनट = 60 s
- \(H = (0.3)^2 \times 418 \times 60 = 0.09 \times 25080 = 2257.2\) J
- 1 कैलोरी = 4.18 J → \(H = 2257.2/4.18 \approx 540\) कैलोरी → 540 कैलोरी।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 J = 0.24 cal (लगभग) ।
एक तार 10 सेकंड की अवधि के लिए 0.2 A की एक स्थिर विद्युत धारा प्रवाहित करता है। इस समयांतराल में तार से गुजरने वाला कुल आवेश है:
- 0.02 C
- 50 C
- 20 C
- 2.0 C
Explanation:
- आवेश (Charge) \(Q = I \times t\) (धारा × समय)
- \(I = 0.2\) A, \(t = 10\) s → \(Q = 0.2 \times 10 = 2.0\) C → 2.0 C।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 C = 1 A × 1 s (1 कूलॉम = 1 एम्पीयर × 1 सेकंड) ।
विद्युत प्रवाह का एक सतत और संवृत पथ क्या कहलाता है?
- विद्युत परिपथ
- लूप
- मेश
- पथ
Explanation:
- विद्युत प्रवाह (Electric Current) का एक “सतत और संवृत पथ” (Continuous and Closed Path) “विद्युत परिपथ” (Electric Circuit) कहलाता है।
- अतिरिक्त तथ्य: लूप (Loop) और मेश (Mesh) – परिपथ के भाग (Parts), पथ (Path) – सामान्य शब्द।
उस मुख्य कारण की पहचान कीजिए कि क्यों एमीटर में बहुत निम्न आंतरिक प्रतिरोध होना चाहिए।
- इसे अवमंदन प्रदान करना चाहिए।
- इसे परिपथ प्रतिरोध को कम करना चाहिए।
- इसे परिपथ प्रतिरोध को प्रभावित नहीं करना चाहिए।
- इसे जलना नहीं चाहिए।
Explanation:
- एमीटर (Ammeter) श्रेणीक्रम (Series) में जुड़ा होता है, इसलिए इसका आंतरिक प्रतिरोध (Internal Resistance) बहुत निम्न (Very Low) होना चाहिए ताकि यह परिपथ के कुल प्रतिरोध (Total Circuit Resistance) को प्रभावित न करे → “इसे परिपथ प्रतिरोध को प्रभावित नहीं करना चाहिए।”।
- अतिरिक्त तथ्य: वोल्टमीटर (Voltmeter) – समानांतर (Parallel) में जुड़ा होता है → उच्च प्रतिरोध (High Resistance) होना चाहिए।
जूल के तापन नियम के अनुसार, उत्पन्न ऊष्मा (H) निम्नलिखित में से किसके समानुपाती होती है?
- प्रतिरोध का वर्ग (R²)
- धारा का वर्ग (I²)
- समय का वर्ग (t²)
- धारा (I)
Explanation:
- जूल का तापन नियम (Joule’s Law of Heating): \(H = I^2 R t\) → उत्पन्न ऊष्मा (H) “धारा के वर्ग” (I²) के अनुक्रमानुपाती (Directly Proportional) है → धारा का वर्ग (I²)।
- अतिरिक्त तथ्य: \(H \propto I^2\), \(H \propto R\), \(H \propto t\) ।
विभवांतर (V) और धारा (I) के बीच का संबंध किसके द्वारा खोजा गया था?
- पास्कल
- टेस्ला
- न्यूटन
- ओम
Explanation:
- विभवांतर (Potential Difference – \(V\)) और धारा (Current – \(I\)) के बीच का संबंध ओम (Georg Simon Ohm) द्वारा खोजा गया था → ओम का नियम (Ohm’s Law): \(V = IR\) ।
- अतिरिक्त तथ्य: पास्कल (Pascal) – दाब (Pressure), टेस्ला (Tesla) – चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field), न्यूटन (Newton) – बल (Force) ।
प्रतिरोधकता के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
- प्रतिरोधकता इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमान के समानुपाती होती है।
- प्रतिरोधकता इलेक्ट्रॉनों के संख्या घनत्व के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
- प्रतिरोधकता धातु के अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
- प्रतिरोधकता इलेक्ट्रॉनों के विश्राम काल के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
Explanation:
- प्रतिरोधकता (Resistivity) \(\rho = \frac{m}{n e^2 \tau}\) (जहाँ \(m\) = इलेक्ट्रॉन द्रव्यमान, \(n\) = संख्या घनत्व, \(e\) = आवेश, \(\tau\) = विश्राम काल – Relaxation Time) ।
- \(\rho \propto 1/\tau\) → “प्रतिरोधकता इलेक्ट्रॉनों के विश्राम काल के व्युत्क्रमानुपाती होती है।” → यह कथन सही है।
- अतिरिक्त तथ्य: \(\rho \propto m\) और \(\rho \propto 1/n\) (लेकिन इलेक्ट्रॉन द्रव्यमान और संख्या घनत्व पर भी निर्भर करती है) ।
एक विद्युत हीटर को 220 V पर 2200 W रेट किया गया है। उपकरण से संयोजित होने वाले फ्यूज तार की न्यूनतम रेटिंग है:
- 22 A
- 10 A
- 20 A
- 5 A
Explanation:
- शक्ति \(P = VI\) → \(I = P/V = 2200/220 = 10\) A → 10 A।
- फ्यूज की न्यूनतम रेटिंग = धारा से थोड़ी अधिक (या बराबर) → 10 A।
- अतिरिक्त तथ्य: फ्यूज रेटिंग उपकरण की धारा आवश्यकता के अनुसार चुनी जाती है।
मान लीजिए 25 Ω का एक लैंप एक बैटरी से जुड़ा है। लैंप द्वारा प्रति सेकंड उत्पन्न ऊष्मा 100 J है। लैंप के बीच विभवांतर है:
- 50 V
- 40 V
- 30 V
- 60 V
Explanation:
- प्रति सेकंड ऊष्मा = शक्ति (Power) = \(P = 100\) W
- \(P = \frac{V^2}{R}\) → \(V^2 = P \times R = 100 \times 25 = 2500\) → \(V = 50\) V → 50 V।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI = I^2R = V^2/R\) ।
100 W का एक विद्युत बल्ब प्रति दिन 8 घंटे उपयोग किया जाता है। एक दिन में बल्ब द्वारा उपभुक्त ऊर्जा ______ यूनिट है।
- 800
- 80
- 8
- 0.80
Explanation:
- ऊर्जा (Energy) = शक्ति (Power) × समय (Time)
- \(E = 100\) W × \(8\) h = \(800\) Wh = \(0.8\) kWh
- 1 kWh = 1 यूनिट (Unit) → 0.80 यूनिट।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 यूनिट = 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J ।
यदि एक प्रतिरोधक की लंबाई दोगुनी कर दी जाए, तो उसके प्रतिरोध का क्या होता है, यह मानते हुए कि अन्य सभी कारक स्थिर रहते हैं?
- प्रतिरोध दोगुना हो जाता है।
- प्रतिरोध आधा हो जाता है।
- प्रतिरोध चौगुना हो जाता है।
- प्रतिरोध वही रहता है।
Explanation:
- \(R = \rho \frac{L}{A}\) → \(R \propto L\) (लंबाई के अनुक्रमानुपाती – Directly Proportional) ।
- यदि \(L\) दोगुनी (Doubled) हो जाती है, तो \(R\) भी दोगुना (Doubled) हो जाता है → प्रतिरोध दोगुना हो जाता है।।
- अतिरिक्त तथ्य: यदि क्षेत्रफल दोगुना हो, तो प्रतिरोध आधा हो जाता है।
यदि प्रतिरोध आधा हो जाता है, तो धारा –
- समान रहती है।
- दोगुनी हो जाती है।
- तीन गुनी हो जाती है।
- आधी हो जाती है।
Explanation:
- ओम का नियम: \(I = V/R\) → \(I \propto 1/R\) (धारा प्रतिरोध के व्युत्क्रमानुपाती – Inversely Proportional) ।
- यदि \(R\) आधा (Half) हो जाता है, तो \(I\) दोगुनी (Doubled) हो जाती है → दोगुनी हो जाती है।।
- अतिरिक्त तथ्य: \(V\) स्थिर (Constant) रहने पर ।
बिजली के वेग या आवृत्ति को बिना बदले प्राथमिक परिपथ से द्वितीय परिपथ में ले जाने के लिए ______ विद्युत स्थैतिक डिवाइस का उपयोग किया जाता है।
- ट्रांसफार्मर
- जेनरेटर
- ट्रांजिस्टर
- रेक्टिफायर
Explanation:
- ट्रांसफार्मर (Transformer) का उपयोग वोल्टता (Voltage) को बदलने के लिए किया जाता है, आवृत्ति (Frequency) को बिना बदले (Without changing) प्राथमिक परिपथ से द्वितीय परिपथ में ले जाने के लिए → ट्रांसफार्मर।
- अतिरिक्त तथ्य: ट्रांसफार्मर प्रत्यावर्ती धारा (AC) पर कार्य करता है, दिष्ट धारा (DC) पर नहीं।
विद्युत परिपथ में उत्पन्न ऊष्मा ______ के अनुक्रमानुपाती होती है।
- 1/(धारा)²
- (धारा)²
- 1/धारा
- धारा
Explanation:
- जूल का तापन नियम: \(H = I^2 R t\) → \(H \propto I^2\) → विद्युत परिपथ में उत्पन्न ऊष्मा “(धारा)²” के अनुक्रमानुपाती होती है।
- अतिरिक्त तथ्य: \(H \propto R\) और \(H \propto t\) भी ।
एक तांबे के तार में 3 वोल्ट का विभवांतर लगाकर 0.1 एम्पियर की स्थिर धारा प्रवाहित की जाती है। तार का प्रतिरोध है:
- 0.033 Ω
- 0.3 Ω
- 3 Ω
- 30 Ω
Explanation:
- ओम का नियम: \(R = V/I = 3/0.1 = 30\) Ω → 30 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R = V/I\) (प्रतिरोध = विभवांतर / धारा) ।
किसी दिए गए विद्युत परिपथ में धारा को बनाए रखने के लिए सेल को इसमें संग्रहीत ______ ऊर्जा का उपयोग करनी होती है।
- विद्युतीय
- गतिज
- रासायनिक
- स्थितिज
Explanation:
- सेल (Cell) “रासायनिक ऊर्जा” (Chemical Energy) को विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) में परिवर्तित करता है → धारा को बनाए रखने के लिए सेल को रासायनिक ऊर्जा का उपयोग करनी होती है।
- अतिरिक्त तथ्य: बैटरी (Battery) – एक या अधिक सेलों का समूह।
मान लीजिए कि एक लैंप 10 V की बैटरी से जुड़ा है और लैंप से होकर प्रवाहित होने वाली धारा 2 A है। 10 s में लैंप द्वारा उत्पन्न ऊष्मा ऊर्जा है:
- 175 J
- 200 J
- 100 J
- 50 J
Explanation:
- ऊष्मा ऊर्जा \(H = V I t = 10 \times 2 \times 10 = 200\) J → 200 J।
- अतिरिक्त तथ्य: \(H = I^2 R t = \frac{V^2}{R}t\) (सभी रूप) ।
दो प्रतिरोधों A तथा B का प्रतिरोध क्रमशः 5 ohm तथा 10 ohm है। यदि वे श्रेणीक्रम में 5 V के वोल्टता स्रोत से जुड़े होते हैं। प्रतिरोध A में विकसित शक्ति और प्रतिरोध B में विकसित शक्ति का अनुपात क्या होगा?
- 2:1
- 4:1
- 1:2
- 1:4
Explanation:
- श्रेणीक्रम (Series) में धारा (Current) समान होती है: \(I = V/(R_A + R_B) = 5/(5+10) = 1/3\) A
- शक्ति \(P = I^2 R\) → \(P_A/P_B = R_A/R_B = 5/10 = 1/2\) → 1:2।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में \(P \propto R\) (समान धारा के लिए) ।
चालक तार को जब बैटरी से जोड़ा जाता है तो इलेक्ट्रॉन गति करने लगते हैं, लेकिन जब तार को बिना किसी स्रोत के खुला छोड़ दिया जाता है, तब वे गति नहीं करते, इसका क्या कारण है?
- एक बैटरी विभवांतर उत्पन्न करती है, जो इलेक्ट्रॉनों को गति प्रदान करता है।
- तार में इलेक्ट्रॉनों पर गुरुत्वाकर्षण कार्य करता है।
- तार तांबे का बना होता है।
- इलेक्ट्रॉनों में गति के लिए नैज ऊर्जा होती है।
Explanation:
- बैटरी (Battery) विभवांतर (Potential Difference) उत्पन्न करती है, जो इलेक्ट्रॉनों को विद्युत क्षेत्र (Electric Field) में गति (Motion) प्रदान करता है → धारा (Current) प्रवाहित होती है।
- बिना स्रोत के, कोई विभवांतर नहीं → कोई विद्युत क्षेत्र नहीं → इलेक्ट्रॉन यादृच्छिक (Random) गति में होते हैं (कोई शुद्ध धारा नहीं) ।
- अतिरिक्त तथ्य: विद्युत क्षेत्र \(E = V/L\) (विभवांतर/लंबाई) ।
क्रमशः 10 Ω और 20 Ω के दो प्रतिरोध A और B, 6 V की बैटरी के साथ समानांतर क्रम संयोजित हैं। 1 सेकंड में बैटरी द्वारा परिपथ को आपूर्ति की गई कुल ऊर्जा ______ होगी।
- 1.2 J
- 3.6 J
- 5.4 J
- 1.8 J
Explanation:
- समानांतर में: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{10} + \frac{1}{20} = \frac{3}{20}\) → \(R_{eq} = 20/3\) Ω
- शक्ति \(P = \frac{V^2}{R_{eq}} = \frac{36}{20/3} = \frac{36 \times 3}{20} = 5.4\) W
- ऊर्जा \(E = P \times t = 5.4 \times 1 = 5.4\) J → 5.4 J।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = V^2/R_{eq}\) (समानांतर में) ।
तीन समान बल्ब 6 V की बैटरी के साथ पार्वत क्रम में संयोजित हैं। यदि परिपथ में धारा 0.6 A है, तो बैटरी द्वारा नष्ट की गई शक्ति कितनी है?
- 10 W
- 3.6 W
- 5 W
- 0.1 W
Explanation:
- शक्ति \(P = V \times I = 6 \times 0.6 = 3.6\) W → 3.6 W।
- अतिरिक्त तथ्य: तीन समान बल्ब समानांतर में → प्रत्येक में धारा \(0.6/3 = 0.2\) A ।
जब लोहे की बुरादे को चुम्बक के चारों ओर छिड़का जाता है, तो वे एक पैटर्न बनाते हैं। यह पैटर्न क्या दर्शाता है?
- विद्युत क्षेत्र रेखाएँ
- विद्युत और चुम्बकीय दोनों क्षेत्र रेखाएँ
- चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ
- न तो विद्युत और न ही चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ
Explanation:
- लोहे की बुरादे (Iron Filings) चुम्बक (Magnet) के चारों ओर “चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ” (Magnetic Field Lines) का पैटर्न बनाते हैं (N से S तक) ।
- अतिरिक्त तथ्य: यह प्रयोग चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) की दिशा और तीव्रता को दर्शाता है।
परिवर्तनशील चुंबकीय माध्यम से विद्युत धारा के उत्पादन की प्रक्रिया को ______ कहा जाता है।
- विद्युतीकरण
- सहनशीलता
- विद्युतचुंबकीय प्रेरण
- परावैद्युत
Explanation:
- परिवर्तनशील चुंबकीय माध्यम (Changing Magnetic Field) से विद्युत धारा (Electric Current) के उत्पादन की प्रक्रिया को “विद्युतचुंबकीय प्रेरण” (Electromagnetic Induction) कहा जाता है (फैराडे – Faraday द्वारा खोजा गया) ।
- अतिरिक्त तथ्य: इसी सिद्धांत पर विद्युत जनित्र (Electric Generator) और ट्रांसफार्मर (Transformer) कार्य करते हैं।
चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की निकटता चुंबकीय क्षेत्र के बारे में क्या दर्शाती है?
- विद्युत क्षेत्र की दिशा
- विद्युत आवेश की उपस्थिति
- चुंबकीय क्षेत्र की सापेक्षिक शक्ति
- चुंबकीय क्षेत्र की दिशा
Explanation:
- चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं (Magnetic Field Lines) की निकटता (Closeness) “चुंबकीय क्षेत्र की सापेक्षिक शक्ति” (Relative Strength of Magnetic Field) को दर्शाती है (जितनी अधिक निकटता → क्षेत्र उतना ही अधिक प्रबल – Stronger) ।
- अतिरिक्त तथ्य: रेखाओं की दिशा (Direction) – चुंबकीय क्षेत्र की दिशा (N से S तक) ।
निम्नलिखित में से कौन सा सूत्र धारा, विभवांतर और प्रतिरोध के बीच के संबंध को दर्शाता है?
- R = V/I
- R = V/I
- I = VR
- R = I/V
Explanation:
- धारा (I), विभवांतर (V) और प्रतिरोध (R) के बीच संबंध: R = V/I (ओम का नियम – Ohm’s Law) → R = V/I।
- अतिरिक्त तथ्य: \(V = IR\), \(I = V/R\) (तीनों रूप) ।
निम्नलिखित में से किस पदार्थ में सर्वाधिक उच्च प्रतिरोध होता है?
- प्रतिरोधक
- चालक
- विद्युतरोधी
- अतिचालक
Explanation:
- “विद्युतरोधी” (Insulator) में सर्वाधिक उच्च प्रतिरोध (Highest Resistance) होता है (जैसे: रबर, काँच, प्लास्टिक) ।
- अतिरिक्त तथ्य: चालक (Conductor) – निम्न प्रतिरोध, अतिचालक (Superconductor) – शून्य प्रतिरोध (बहुत कम तापमान पर) ।
घरेलू सर्किट में भूसंपर्क-तार का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
- विद्युत आघातों से बचाना
- वोल्टता बढ़ाना
- धारा की आपूर्ति करना
- प्रतिरोध को कम करना
Explanation:
- घरेलू सर्किट (Domestic Circuit) में भूसंपर्क-तार (Earth Wire) का मुख्य उद्देश्य “विद्युत आघातों से बचाना” (Protection from Electric Shocks) है (यह अतिरिक्त धारा को पृथ्वी में भेज देता है) ।
- अतिरिक्त तथ्य: भूसंपर्क-तार हरे/पीले (Green/Yellow) रंग का होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा उपकरण चूंबकीय क्षेत्र में धारावाही चालक का उपयोग नहीं करता है?
- विद्युत मोटर
- विद्युत पंखा
- विद्युत जनित्र
- विद्युत हीटर
Explanation:
- “विद्युत हीटर” (Electric Heater) चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) में धारावाही चालक (Current-Carrying Conductor) का उपयोग नहीं करता है; यह जूल तापन (Joule Heating) पर कार्य करता है।
- अतिरिक्त तथ्य: विद्युत मोटर, पंखा, जनित्र – चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग करते हैं।
निम्न में से क्या विद्युत धारा के ताप प्रभाव पर आधारित होता है?
- माइक्रोवेव
- विद्युत हीटर
- विद्युत पंखा
- विद्युत घंटी
Explanation:
- “विद्युत हीटर” (Electric Heater) विद्युत धारा के “ताप प्रभाव” (Heating Effect) पर आधारित होता है (\(H = I^2 R t\)) ।
- अतिरिक्त तथ्य: विद्युत पंखा – यांत्रिक प्रभाव (Mechanical Effect), विद्युत घंटी – चुंबकीय प्रभाव (Magnetic Effect), माइक्रोवेव – विद्युतचुंबकीय (Electromagnetic) ।
किसी चालक के प्रतिरोध पर निम्नलिखित में से किसका प्रभाव नहीं पड़ता है?
- मोटाई
- आकार
- लम्बाई
- तापमान
Explanation:
- चालक का प्रतिरोध \(R = \rho \frac{L}{A}\) → “मोटाई” (क्षेत्रफल – Area), “लम्बाई” (Length), “तापमान” (Temperature – \(\rho\) पर निर्भर) → प्रभावित करते हैं।
- “आकार” (Shape) – प्रतिरोध पर प्रभाव नहीं डालता (यदि लंबाई और क्षेत्रफल समान हैं) → आकार।
- अतिरिक्त तथ्य: प्रतिरोधकता \(\rho\) (Resistivity) – पदार्थ और तापमान पर निर्भर करती है।
यदि 3 एम्पियर की धारा 1 मिनट के लिए प्रवाहित होती है, तो इस समय में कितना आवेश प्रवाहित होता है?
- 60 कूलॉम
- 30 कूलॉम
- 90 कूलॉम
- 180 कूलॉम
Explanation:
- आवेश \(Q = I \times t = 3 \times 60 = 180\) C → 180 कूलॉम।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 मिनट = 60 सेकंड (Seconds) ।
पदार्थ की प्रतिरोधकता ______ पर निर्भर करती है।
- मोटाई
- लम्बाई
- दाब
- तापमान
Explanation:
- पदार्थ की प्रतिरोधकता (Resistivity – \(\rho\)) “तापमान” (Temperature) पर निर्भर करती है (\(\rho = \rho_0 [1 + \alpha (T – T_0)]\)) ।
- अतिरिक्त तथ्य: \(\rho\) – पदार्थ का गुण (Material Property), मोटाई और लंबाई पर निर्भर नहीं करती है।
प्रतिरोधों R₁, R₂ और R₃ के एक समानांतर संयोजन पर विचार करें, जिनमें क्रमशः धाराएं I₁, I₂ और I₃ प्रवाहित हो रही हैं। निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है? (I = कुल धारा, R_eq = परिपथ का तुल्य प्रतिरोध)
- I = I₁ + I₂ + I₃
- R_eq = R₃ + (R₂R₁)/(R₂+R₁)
- 1/R_eq = 1/R₁ + 1/R₂ + 1/R₃
- R_eq = R₁ + (R₂R₃)/(R₂+R₃)
Explanation:
- समानांतर (Parallel) संयोजन में कुल धारा (Total Current) = व्यक्तिगत धाराओं का योग → I = I₁ + I₂ + I₃ (सत्य) ।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में विभवांतर (Voltage) समान होता है: \(V = I_1 R_1 = I_2 R_2 = I_3 R_3\) ।
एक बल्ब 12-V आपूर्ति से जुड़ने पर 36 W बनाता है। यदि यह 6 V आपूर्ति से जुड़ा है तो खपत की गई बिजली:
- 6 W
- 24 W
- 12 W
- 9 W
Explanation:
- प्रतिरोध \(R = \frac{V^2}{P} = \frac{12^2}{36} = \frac{144}{36} = 4\) Ω
- 6 V पर: \(P = \frac{V^2}{R} = \frac{6^2}{4} = \frac{36}{4} = 9\) W → 9 W।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P \propto V^2\) (समान प्रतिरोध के लिए) ।
निम्नलिखित में से क्या घरेलू सर्किट में आमतौर पर श्रेणीक्रम में जुड़ा होता है?
- मुख्य फ्यूज
- सभी उपकरण
- पंखा
- बिजली का बल्ब
Explanation:
- घरेलू सर्किट (Domestic Circuit) में “मुख्य फ्यूज” (Main Fuse) श्रेणीक्रम (Series) में जुड़ा होता है (परिपथ की सुरक्षा के लिए) ।
- अतिरिक्त तथ्य: सभी उपकरण (Appliances) समानांतर (Parallel) में जुड़े होते हैं (ताकि प्रत्येक को पूर्ण वोल्टता मिले) ।
तापदीप बल्ब का फिलामेंट बनाने के लिए सबसे उपयुक्त पदार्थ है:
- टिन-सीसा मिश्र धातु
- नाइक्रोम
- मैंगनीन
- टंगस्टन
Explanation:
- तापदीप बल्ब (Incandescent Bulb) का फिलामेंट (Filament) “टंगस्टन” (Tungsten) से बना होता है (उच्च गलनांक ~ 3422°C, उच्च प्रतिरोध) ।
- अतिरिक्त तथ्य: नाइक्रोम (Nichrome) – हीटर (Heater) में उपयोग, मैंगनीन (Manganin) – प्रतिरोधक (Resistor) में, टिन-सीसा (Tin-Lead) – फ्यूज (Fuse) में।
एक सर्किट में तीन प्रतिरोधक, R₁, R₂ और R₃ होते हैं, और उनके मान क्रमशः 5 Ω, 10 Ω और 30 Ω, जिन्हें 10 V की बैटरी (नगण्य आंतरिक प्रतिरोध के साथ) से जोड़ा गया है। प्रतिरोधों में से प्रत्येक एक दूसरे के साथ समानांतर में है। सर्किट का कुल प्रतिरोध है –
- 5 Ω
- 3 Ω
- 6 Ω
- 1 Ω
Explanation:
- समानांतर में: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{5} + \frac{1}{10} + \frac{1}{30} = \frac{6 + 3 + 1}{30} = \frac{10}{30} = \frac{1}{3}\) → \(R_{eq} = 3\) Ω → 3 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में \(R_{eq}\) सबसे छोटे प्रतिरोध (5 Ω) से भी कम होता है।
एक चालक के दो सिरों के बीच विभवांतर बनाए रखने का सबसे सरल तरीका, जिससे धारा का निरंतर प्रवाह प्राप्त हो सके, चालक को ___ के सिरों के बीच जोड़ना है।
- वाल्टमीटर
- एमीटर
- धारा नियंत्रक
- बैटरी
Explanation:
- चालक के दो सिरों के बीच विभवांतर (Potential Difference) बनाए रखने का सबसे सरल तरीका चालक को “बैटरी” (Battery) के सिरों के बीच जोड़ना है (बैटरी विभवांतर उत्पन्न करती है) ।
- अतिरिक्त तथ्य: वोल्टमीटर – विभवांतर मापने के लिए, एमीटर – धारा मापने के लिए।
चालक के माध्यम से बिंदु A से B तक इलेक्ट्रॉन के प्रवाह के लिए कौन सा बल जिम्मेदार है?
- गुरुत्वाकर्षण
- घर्षण
- वोल्टेज
- प्रतिरोध
Explanation:
- चालक के माध्यम से बिंदु A से B तक इलेक्ट्रॉनों (Electrons) के प्रवाह (Flow) के लिए “वोल्टेज” (Voltage – विभवांतर) जिम्मेदार है (वोल्टेज विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करता है, जो इलेक्ट्रॉनों को गति प्रदान करता है) ।
- अतिरिक्त तथ्य: विद्युत धारा (Current) = इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह (Flow of Electrons) ।
ओम के नियम का गणितीय रूप ___ के रूप में दर्शाया गया है।
- I = R²/V
- I = V/R
- V = I/R
- I = R/V
Explanation:
- ओम के नियम (Ohm’s Law) का गणितीय रूप: I = V/R (धारा = विभवांतर / प्रतिरोध) → I = V/R।
- अतिरिक्त तथ्य: \(V = IR\) और \(R = V/I\) (तीनों रूप) ।
विद्युत धारा ___ के बराबर होती है।
- I = Q/t
- I = W/t
- I = π/t
- I = Ω/t
Explanation:
- विद्युत धारा (Electric Current) = आवेश (Charge) / समय (Time) → I = Q/t।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 A = 1 C/s (1 एम्पीयर = 1 कूलॉम/सेकंड) ।
इनमें से किसका उपयोग परिपथ को तोड़ने या विद्युत परिपथ को बंद करने के लिए किया जाता है?
- बल्ब
- सेल
- स्विच
- तार
Explanation:
- “स्विच” (Switch) का उपयोग परिपथ को तोड़ने (Break) या विद्युत परिपथ को बंद (Close) करने के लिए किया जाता है।
- अतिरिक्त तथ्य: स्विच ON (बंद – Closed) → धारा प्रवाह, OFF (खुला – Open) → धारा प्रवाह नहीं।
वह उपकरण जो यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है, वह है ___।
- विद्युत मोटर
- विद्युत डायनेमो
- दिशासूचक सुई
- शुष्क सेल
Explanation:
- “विद्युत डायनेमो” (Electric Dynamo/Generator) यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) को विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) में परिवर्तित करता है (विद्युतचुंबकीय प्रेरण – Electromagnetic Induction) ।
- अतिरिक्त तथ्य: विद्युत मोटर (Electric Motor) – विपरीत (विद्युत → यांत्रिक), शुष्क सेल – रासायनिक → विद्युत ।
एक 100 W का बल्ब 220 V की आपूर्ति से जुड़ा है। बल्ब से होकर प्रवाहित धारा लगभग कितनी है?
- 0.91 A
- 2.2 A
- 1.1 A
- 0.45 A
Explanation:
- \(P = VI\) → \(I = P/V = 100/220 = 0.4545 \approx 0.45\) A → 0.45 A।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI\) (शक्ति = विभवांतर × धारा) ।
एक ऐमीटर में 0 से 2 A के बीच 20 विभाजन होते हैं। ऐमीटर का अल्पतमांक ___ है।
- 0.2 A
- 0.1 A
- 1 A
- 2 A
Explanation:
- अल्पतमांक (Least Count) = \(\frac{\text{परास}}{\text{विभाजनों की संख्या}} = \frac{2}{20} = 0.1\) A → 0.1 A।
- अतिरिक्त तथ्य: अल्पतमांक – उपकरण द्वारा मापा जा सकने वाला न्यूनतम मान (Minimum Value) ।
6 Ω और 4 Ω के दो प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में 12 V की बैटरी से जुड़े हैं। परिपथ की प्रभावी धारा होगी:
- 0.5 एम्पियर
- 0.8 एम्पियर
- 2 एम्पियर
- 1.2 एम्पियर
Explanation:
- श्रेणीक्रम: \(R_{eq} = 6 + 4 = 10\) Ω
- \(I = V/R = 12/10 = 1.2\) A → 1.2 एम्पियर।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में धारा समान होती है।
निम्नलिखित में से किसे मापने के लिए व्हीटस्टोन सेतु विधि का उपयोग किया जाता है?
- प्रतिरोध
- वोल्टता
- शक्ति
- विद्युत धारा
Explanation:
- व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone Bridge) विधि का उपयोग “प्रतिरोध” (Resistance) को मापने के लिए किया जाता है (अज्ञात प्रतिरोध का सटीक माप) ।
- अतिरिक्त तथ्य: यह संतुलित (Balanced) होने पर काम करता है: \(\frac{R_1}{R_2} = \frac{R_3}{R_4}\) ।
यदि एक 1000W रेटेड इलेक्ट्रिक आयरन को 3 घंटे/दिन के लिए संचालित किया जाता है, तो kWh में 30 दिनों में कुल ऊर्जा खपत क्या होगी?
- 90000 kWh
- 9000 kWh
- 90 kWh
- 900 kWh
Explanation:
- प्रति दिन ऊर्जा = \(1000\) W × \(3\) h = \(3000\) Wh = \(3\) kWh
- 30 दिनों में = \(3 \times 30 = 90\) kWh → 90 kWh।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 kWh = 1 यूनिट (Unit) ।
यदि किसी चालक के सिरों के बीच विभवांतर 1 V है तथा उसमें से 1 A की धारा प्रवाहित होती है, तो चालक का प्रतिरोध कितना होगा?
- 0.5 Ω
- 2 Ω
- 10 Ω
- 1 Ω
Explanation:
- ओम का नियम: \(R = V/I = 1/1 = 1\) Ω → 1 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 Ω = 1 V/A (1 ओम = 1 वोल्ट/एम्पीयर) ।
धारावाही तार द्वारा किसी दिए गए बिंदु पर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र निम्नलिखित में से किस कारक पर निर्भर करता है?
- न तो तार से दूरी और न ही तार से प्रवाहित धारा
- केवल तार से प्रवाहित धारा
- केवल तार से दूरी
- तार से दूरी और तार से प्रवाहित धारा दोनों
Explanation:
- धारावाही तार (Current-Carrying Wire) द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र \(B = \frac{\mu_0 I}{2\pi r}\) → \(B\) “तार से दूरी (r)” और “तार से प्रवाहित धारा (I)” दोनों पर निर्भर करता है → तार से दूरी और तार से प्रवाहित धारा दोनों।
- अतिरिक्त तथ्य: \(B \propto I\) और \(B \propto 1/r\) ।
शक्ति (P), धारा (I), प्रतिरोध (R) और विभवांतर (V) के बीच गलत संबंध को पहचानें।
- P = I²R
- P = V²/R
- P = VI
- P = IR²
Explanation:
- विद्युत शक्ति (Power) के सूत्र:
- \(P = VI\) → सही
- \(P = I^2R\) (क्योंकि \(V = IR\)) → सही
- \(P = \frac{V^2}{R}\) (क्योंकि \(I = V/R\)) → सही
- \(P = IR^2\) → गलत (Correct formula is \(P = I^2R\)) ।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI = I^2R = V^2/R\) (तीनों सही रूप) ।
तीन ओमिक चालकों A, B और C के लिए I बनाम V के तीन ग्राफ एक छात्र बनाता है। उसने पाया कि इन तीन ग्राफों की प्रवणता क्रमशः 0.5, 0.1 और 0.2 हैं। यदि चालकों की लंबाई समान है और उनके अनुप्रस्थ-काट क्षेत्रफलों का अनुपात 1 : 2 : 3 है, तो उनके प्रतिरोधकता अनुपात अर्थात् ρA : ρB : ρC होगा:
- 2 : 20 : 15
- 4 : 20 : 15
- 3 : 20 : 15
- 1 : 20 : 15
Explanation:
- I बनाम V ग्राफ की प्रवणता (Slope) = \(\frac{I}{V} = \frac{1}{R}\) (चालकत्व – Conductance) → \(R = \frac{1}{\text{Slope}}\)
- \(R_A = 1/0.5 = 2\) Ω, \(R_B = 1/0.1 = 10\) Ω, \(R_C = 1/0.2 = 5\) Ω
- \(R = \rho \frac{L}{A}\) → समान \(L\) के लिए, \(\rho \propto R \times A\)
- \(A_A : A_B : A_C = 1 : 2 : 3\)
- \(\rho_A : \rho_B : \rho_C = R_A A_A : R_B A_B : R_C A_C = (2 \times 1) : (10 \times 2) : (5 \times 3) = 2 : 20 : 15\)
- सही उत्तर: 2 : 20 : 15।
- अतिरिक्त तथ्य: \(\rho\) = प्रतिरोधकता (Resistivity) – सामग्री का गुण।
समय t के दौरान तार में धारा द्वारा उत्पन्न ताप को ____ द्वारा निर्धारित किया जाता है।
- H = I²R
- H = IRt
- H = I²t
- H = I²Rt
Explanation:
- जूल का तापन नियम (Joule’s Law of Heating): \(H = I^2 R t\) → H = I²Rt।
- अतिरिक्त तथ्य: \(H\) = ऊष्मा (Joules में), \(I\) = धारा (Ampere), \(R\) = प्रतिरोध (Ohm), \(t\) = समय (Seconds) ।
एक प्रतिरोधक से गुजरने वाली धारा:
- प्रतिरोध के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
- प्रतिरोध के वर्ग के समानुपाती होती है।
- प्रतिरोध के वर्गमूल के समानुपाती होती है।
- प्रतिरोध के समानुपाती होती है।
Explanation:
- ओम का नियम: \(I = \frac{V}{R}\) (समान विभवांतर \(V\) के लिए) → \(I \propto \frac{1}{R}\) → धारा “प्रतिरोध के व्युत्क्रमानुपाती” (Inversely Proportional) होती है।
- अतिरिक्त तथ्य: यदि प्रतिरोध बढ़ता है, तो धारा घटती है और इसके विपरीत।
L लंबाई और A अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल वाले एक तार का प्रतिरोध 0.5 Ω है। समान पदार्थ से निर्मित, समान लंबाई (L) और 2A अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल वाले तार का प्रतिरोध ______ होगा।
- 0.5 Ω
- 0.25 Ω
- 4.0 Ω
- 1.0 Ω
Explanation:
- \(R = \rho \frac{L}{A}\) (समान पदार्थ → \(\rho\) समान, समान लंबाई → \(L\) समान)
- \(R \propto \frac{1}{A}\) → यदि \(A\) दोगुना (2A) हो जाता है, तो \(R\) आधा (1/2) हो जाता है → \(R’ = 0.5/2 = 0.25\) Ω → 0.25 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: क्षेत्रफल जितना अधिक, प्रतिरोध उतना ही कम।
दो प्रतिरोधक जिसमें से एक 10 Ω और एक 15 Ω एक दूसरे से समांतरक्रम संयोजन में जुड़े हुए हैं। यह संयोजन 24 Ω के प्रतिरोधक और 12 V बैटरी के साथ श्रेणीक्रम संयोजन में जुड़ा हुआ है। 15 Ω के प्रतिरोधक में धारा क्या है?
- 0.40 A
- 0.24 A
- 0.12 A
- 0.16 A
Explanation:
- 10 Ω और 15 Ω का समानांतर: \(\frac{1}{R_p} = \frac{1}{10} + \frac{1}{15} = \frac{3+2}{30} = \frac{5}{30} = \frac{1}{6}\) → \(R_p = 6\) Ω
- श्रेणीक्रम: \(R_{eq} = R_p + 24 = 6 + 24 = 30\) Ω
- कुल धारा: \(I = \frac{V}{R_{eq}} = \frac{12}{30} = 0.4\) A
- समानांतर में विभवांतर: \(V_p = I \times R_p = 0.4 \times 6 = 2.4\) V
- 15 Ω में धारा: \(I_{15} = \frac{V_p}{15} = \frac{2.4}{15} = 0.16\) A → 0.16 A।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में विभवांतर समान होता है।
ऊष्मा के जूल नियम के अनुसार, परिपथ में उत्पन्न ऊष्मा कुछ कारकों पर निर्भर होती है। इसमें निम्न में से किसे आरोपित किया जा सकता है?
- सर्किट में प्रवाहित हो रही धारा
- धारा, चालक का प्रतिरोध और इसमें धारा के प्रवाहित होने की समय अवधि
- चालक का प्रतिरोध
- धारा और धारा के प्रवाहित होने की समय अवधि
Explanation:
- जूल का तापन नियम: \(H = I^2 R t\) → ऊष्मा “धारा (I), चालक का प्रतिरोध (R) और समय (t)” तीनों पर निर्भर करती है → धारा, चालक का प्रतिरोध और इसमें धारा के प्रवाहित होने की समय अवधि।
- अतिरिक्त तथ्य: \(H \propto I^2\), \(H \propto R\), \(H \propto t\) ।
लंबाई l, त्रिज्या r और प्रतिरोधकता ρ वाले तार का प्रतिरोध ______ है।
- R = ρl/(2πr)
- R = ρl/(2πr²)
- R = ρl/(4πr²)
- R = ρl/(4πr)
Explanation:
- प्रतिरोध \(R = \rho \frac{L}{A}\), जहाँ \(A = \pi r^2\) (अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल – Cross-sectional Area) ।
- \(R = \rho \frac{l}{\pi r^2} = \frac{\rho l}{\pi r^2}\) → R = ρl/(πr²) (विकल्पों में नहीं है, लेकिन \(\pi\) के स्थान पर \(2\pi\) से भाग दिया गया है – सही सूत्र \(R = \rho l/(\pi r^2)\) है, लेकिन विकल्पों में \(2\pi r^2\) है, जो गलत है)
- सही उत्तर: R = ρl/(2πr²) (दिए गए विकल्पों के अनुसार) ।
- अतिरिक्त तथ्य: वास्तविक सूत्र \(R = \frac{\rho l}{\pi r^2}\) है।
कई प्रतिरोधकों को समान्तर क्रम में जोड़ना निम्नलिखित के समतुल्य माना जा सकता है:
- चालक का अनुप्रस्थ-काट क्षेत्र में वृद्धि
- चालक के अनुप्रस्थ-काट क्षेत्र में कमी
- चालक की लंबाई बढ़ाना
- चालक का प्रतिरोध बढ़ाना
Explanation:
- समानांतर (Parallel) में प्रतिरोधों को जोड़ना “चालक के अनुप्रस्थ-काट क्षेत्र में वृद्धि” (Increase in Cross-sectional Area) के समतुल्य है (क्योंकि \(R \propto 1/A\) और समानांतर में \(R_{eq}\) घटता है) ।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम (Series) में जोड़ना → लंबाई बढ़ाने के समतुल्य (\(R \propto L\)) ।
जब दो प्रतिरोधक श्रेणी में जुड़े होते हैं, तो उनका कुल प्रभावी प्रतिरोध 120Ω होता है। जब उन्हीं दो प्रतिरोधकों को समानांतर में जोड़ा जाता है तो उनका प्रभावी प्रतिरोध 30Ω होता है। दो प्रतिरोधकों के प्रतिरोध हैं:
- 70Ω और 50Ω
- 80Ω और 40Ω
- 90Ω और 30Ω
- 60Ω और 60Ω प्रत्येक
Explanation:
- श्रेणीक्रम: \(R_1 + R_2 = 120\) …(i)
- समानांतर: \(\frac{R_1 R_2}{R_1 + R_2} = 30\) → \(\frac{R_1 R_2}{120} = 30\) → \(R_1 R_2 = 3600\) …(ii)
- हल: \((R_1 – R_2)^2 = (R_1 + R_2)^2 – 4R_1R_2 = 120^2 – 4(3600) = 14400 – 14400 = 0\) → \(R_1 = R_2 = 60\) Ω → 60Ω और 60Ω प्रत्येक।
- अतिरिक्त तथ्य: दोनों प्रतिरोध बराबर हैं।
नियत प्रतिरोध वाले एक प्रतिरोधक के लिए, उत्पन्न ऊष्मा का परिमाण निम्नलिखित में से किसके अनुक्रमानुपाती होता है?
- पदार्थ के घनत्व
- प्रतिरोधक के माध्यम से प्रवाहित धारा
- प्रतिरोधक के माध्यम से प्रवाहित धारा के वर्ग
- प्रतिरोधक की लंबाई
Explanation:
- जूल का तापन नियम: \(H = I^2 R t\) → नियत \(R\) और \(t\) के लिए, \(H \propto I^2\) → “प्रतिरोधक के माध्यम से प्रवाहित धारा के वर्ग” के अनुक्रमानुपाती होता है।
- अतिरिक्त तथ्य: \(H \propto I^2\) (धारा का वर्ग) ।
माना एक परिपथ में, 220 V की विद्युत आपूर्ति लाइन पर कई विद्युत लैंपों (बल्बों) का उपयोग करने की आवश्यकता होती है और उन्हें 10 W के रूप में अंकित (रेट) किया जाता है। यदि अधिकतम अनुमत धारा 10 A है, तो 220 V लाइन के दो तारों के बीच एक दूसरे के समानांतर में जोड़े जा सकने वाले लैंपों की संख्या कितनी है?
- 110
- 220
- 55
- 165
Explanation:
- प्रत्येक लैंप की धारा: \(I = P/V = 10/220 = 1/22\) A
- अधिकतम धारा = 10 A → लैंपों की संख्या = \(10 / (1/22) = 10 \times 22 = 220\) → 220।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में लैंप जोड़े जाते हैं (प्रत्येक को पूर्ण वोल्टता मिलती है) ।
निम्नलिखित में से सही कथन को पहचानें। (a) किसी पदार्थ की प्रतिरोधकता उस पदार्थ की प्रकृति पर निर्भर करती है। (b) किसी पदार्थ की प्रतिरोधकता उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल से स्वतंत्र होती है। (c) शुद्ध धातु की प्रतिरोधकता उसकी मिश्रधातु से अधिक होती है।
- A और B दोनों
- (b) और (c) दोनों
- केवल (a)
- केवल (b)
Explanation:
- (a) प्रतिरोधकता (Resistivity – \(\rho\)) पदार्थ की प्रकृति (Nature of Material) पर निर्भर करती है → सत्य (True) ।
- (b) प्रतिरोधकता अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल (Area) से स्वतंत्र (Independent) होती है → सत्य (True) (\(\rho\) सामग्री का गुण है) ।
- (c) शुद्ध धातु की प्रतिरोधकता मिश्रधातु (Alloy) से कम होती है, अधिक नहीं → असत्य (False) (मिश्रधातुओं की प्रतिरोधकता अधिक होती है) ।
- सही: A और B दोनों।
- अतिरिक्त तथ्य: \(\rho\) तापमान पर भी निर्भर करता है।
220 V वर चालणारी विद्युत इस्की कमाल तापते, तेबा 840 W च्या दराने कार्य वापर होतो. इस्कीत वापरल्या जाणाऱ्या कॉइलचा रोध किती असेल?
- 47.6 Ω
- 50.6 Ω
- 55.6 Ω
- 57.6 Ω
Explanation:
- शक्ति \(P = \frac{V^2}{R}\) → \(R = \frac{V^2}{P} = \frac{220^2}{840} = \frac{48400}{840} = 57.619 \approx 57.6\) Ω → 57.6 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI = I^2R = V^2/R\) ।
निम्नलिखित में से कौन सा उपकरण विद्युत धारा के तापन प्रभाव पर कार्य करता है?
- विद्युत मोटर
- ट्रांसफार्मर
- जनरेटर
- इलेक्ट्रिक आयरन
Explanation:
- “इलेक्ट्रिक आयरन” (Electric Iron) विद्युत धारा के तापन प्रभाव (Heating Effect) पर कार्य करता है (\(H = I^2 R t\)) ।
- अतिरिक्त तथ्य: विद्युत मोटर – यांत्रिक प्रभाव, ट्रांसफार्मर – प्रेरण (Induction), जनरेटर – विद्युतचुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) ।
यदि 100 Ω प्रतिरोध वाले एक चालक में 2 A की स्थिर धारा प्रवाहित होती है, तो चालक के सिरों पर विभवांतर होगा:
- 200 V
- 0.02 V
- 50 V
- 20 V
Explanation:
- ओम का नियम: \(V = IR = 2 \times 100 = 200\) V → 200 V।
- अतिरिक्त तथ्य: \(V = IR\) (विभवांतर = धारा × प्रतिरोध) ।
यदि 6 Ω, 3 Ω और 2 Ω के तीन प्रतिरोधक समानांतर क्रम में जुड़े हुए हैं, तो कुल तुल्य प्रतिरोध ______ है।
- 2 Ω
- 1 Ω
- 0.5 Ω
- 11 Ω
Explanation:
- समानांतर: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{6} + \frac{1}{3} + \frac{1}{2} = \frac{1 + 2 + 3}{6} = \frac{6}{6} = 1\) → \(R_{eq} = 1\) Ω → 1 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में \(R_{eq}\) सबसे छोटे प्रतिरोध (2 Ω) से भी कम है।
एक विद्युत उपकरण 220 V आपूर्ति से संयोजित होने पर 5 A की करंट खींचता है। विद्युत उपकरण की शक्ति है:
- 0.44 kW
- 1.1 kW
- 110 W
- 440 W
Explanation:
- शक्ति \(P = VI = 220 \times 5 = 1100\) W = 1.1 kW → 1.1 kW।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 kW = 1000 W ।
120 वाट का एक विद्युत लैंप (बल्ब) प्रति दिन 8 घंटे के लिए उपयोग किया जाता है। एक दिन में लैंप द्वारा व्यय की गई ऊर्जा की इकाइयों की गणना कीजिए।
- 16.00 इकाई
- 1.50 इकाई
- 0.96 इकाई
- 2.00 इकाई
Explanation:
- ऊर्जा \(E = P \times t = 120\) W × 8 h = 960 Wh = 0.96 kWh = 0.96 इकाई।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 kWh = 1 यूनिट (Unit) ।
एक विद्युत परिपथ में चार समान बल्ब एक दूसरे के समानांतर 10 V (नगण्य आंतरिक प्रतिरोध) की बैटरी से जुड़े हैं। जब चारों बल्ब जलते हैं, तो 4 A की धारा रिकॉर्ड की जाती है। तब परिपथ में स्थित शक्ति और प्रत्येक बल्ब का प्रतिरोध क्रमशः ______ और ______ है।
- 50 W, 15 Ω
- 30 W, 15 Ω
- 25 W, 40 Ω
- 40 W, 10 Ω
Explanation:
- कुल शक्ति \(P = V \times I = 10 \times 4 = 40\) W → 40 W।
- प्रत्येक बल्ब में धारा: \(I_{each} = 4/4 = 1\) A
- प्रत्येक बल्ब का प्रतिरोध: \(R_{each} = V/I_{each} = 10/1 = 10\) Ω → 10 Ω।
- सही: 40 W, 10 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में विभवांतर समान होता है।
वे दो कारक कौन से हैं, जिन पर एक विद्युत उपकरण द्वारा उपभोग की जाने वाली विद्युत ऊर्जा निर्भर करती है?
- उपकरण की विद्युत की दर और वह समय जिसके लिए इसका उपयोग किया गया है।
- ऊर्जा और समय जिसके लिए इसका उपयोग किया गया है।
- विद्युत दाब और धारा
- विद्युत की दर और तापमान
Explanation:
- विद्युत ऊर्जा \(E = P \times t\) (शक्ति × समय) → यह “उपकरण की विद्युत की दर (P)” और “समय (t)” पर निर्भर करती है → उपकरण की विद्युत की दर और वह समय जिसके लिए इसका उपयोग किया गया है।।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI\) (शक्ति = विभवांतर × धारा) ।
6 V का स्रोत एक प्रतिरोधक में 0.5 A की धारा को बनाए रखता है। स्रोत से प्रतिरोधक को आपूर्ति की जाने वाली शक्ति ______ होगी।
- 0.5 W
- 3.0 W
- 1.0 W
- 1.5 W
Explanation:
- शक्ति \(P = V \times I = 6 \times 0.5 = 3.0\) W → 3.0 W।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI\) ।
2 Ω और 6 Ω के दो प्रतिरोध श्रेणीक्रम संयोजन में जुड़े हुए हैं और यह संयोजन 12 V बैटरी से जुड़ा हुआ है। 6 Ω प्रतिरोधक में धारा ज्ञात कीजिए।
- 3.5 A
- 1.5 A
- 0.5 A
- 2.5 A
Explanation:
- श्रेणीक्रम: \(R_{eq} = 2 + 6 = 8\) Ω
- धारा \(I = V/R = 12/8 = 1.5\) A → श्रेणीक्रम में धारा समान होती है, इसलिए 6 Ω में भी 1.5 A।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में धारा समान (Same) होती है।
एक परिपथ में, मान लीजिए कि 5, 10, 20 Ω मान वाले तीन प्रतिरोधक समानांतर में जुड़े हुए हैं; तब परिपथ का तुल्य प्रतिरोध ______ होगा।
- 35 Ω
- 20 Ω
- 40 Ω
- 20/7 Ω
Explanation:
- समानांतर: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{5} + \frac{1}{10} + \frac{1}{20} = \frac{4 + 2 + 1}{20} = \frac{7}{20}\) → \(R_{eq} = \frac{20}{7}\) Ω → 20/7 Ω।
एक परिपथ में, प्रत्येक 5 Ω के पाँच प्रतिरोधक हैं, और वे इस तरह से जोड़े गए हैं कि परिपथ का प्रतिरोध अधिकतम है। अब यह परिपथ 15 V की बैटरी से जोड़ा जाता है। परिपथ से प्रवाहित होने वाली धारा कितनी है?
- 0.6 A
- 0.9 A
- 0.8 A
- 0.4 A
Explanation:
- प्रतिरोध अधिकतम (Maximum) होने के लिए, सभी 5 प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम (Series) में जोड़ा जाना चाहिए: \(R_{eq} = 5 \times 5 = 25\) Ω
- धारा \(I = \frac{V}{R} = \frac{15}{25} = 0.6\) A → 0.6 A।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में \(R_{eq}\) = योग (Sum), समानांतर में \(R_{eq}\) = \(R/n\) (न्यूनतम) ।
विद्युत बल्ब के एक फिलामेंट में 10 मिनट में 0.75 A की विद्युत धारा प्रवाहित है। धारा के माध्यम से प्रवाहित होने वाले विद्युत आवेश की मात्रा ज्ञात कीजिए।
- 450 C
- 225 C
- 270 C
- 240 C
Explanation:
- आवेश \(Q = I \times t = 0.75 \times (10 \times 60) = 0.75 \times 600 = 450\) C → 450 C।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 C = 1 A × 1 s ।
गलत कथन की पहचान कीजिए। ओम के नियम के अनुसार:
- I/R = स्थिरांक
- V, I के अनुक्रमानुपाती होता है।
- V/I = स्थिरांक
- V = IR
Explanation:
- ओम का नियम: \(V = IR\) → \(V/I = R\) = स्थिरांक (Constant) → \(V \propto I\)
- “I/R = स्थिरांक” → \(I/R\) स्थिर नहीं है (यह \(I \times R = V\) होता है) → गलत (Incorrect) ।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R = V/I\) (प्रतिरोध = विभवांतर/धारा) ।
एक बल्ब 12 V की बैटरी से जोड़ने पर 5 A की धारा खींचता है। बल्ब की शक्ति है:
- 60 W
- 2.4 W
- 1.2 W
- 0.41 W
Explanation:
- शक्ति \(P = V \times I = 12 \times 5 = 60\) W → 60 W।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI\) (शक्ति = विभवांतर × धारा) ।
निम्नलिखित में से कौन 1 ओम के बराबर है (यदि V और A क्रमशः वोल्ट और एम्पियर हैं)?
- 1V/2A
- 1A/1V
- 1V/1A
- 1V × 1A
Explanation:
- ओम का नियम: \(R = V/I\) → 1 Ω = 1 V / 1 A → 1V/1A।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 Ω = 1 V/A (1 ओम = 1 वोल्ट/एम्पीयर) ।
टॉर्च का बल्ब केवल स्विच चालू करने पर ही क्यों जलता है?
- क्योंकि बल्ब कार्यात्मक है
- क्योंकि बल्ब सेल के साथ श्रेणी में जुड़ा हुआ है
- क्योंकि बैटरी चार्ज होती है
- क्योंकि स्विच परिपथ को पूर्ण कर देता है, जिससे विद्युत धारा प्रवाहित होने लगती है
Explanation:
- स्विच (Switch) परिपथ को पूर्ण (Complete) करता है, जिससे विद्युत धारा (Current) प्रवाहित होने लगती है और बल्ब जलता है → स्विच परिपथ को पूर्ण कर देता है, जिससे विद्युत धारा प्रवाहित होने लगती है।
- अतिरिक्त तथ्य: स्विच OFF → परिपथ खुला (Open) → धारा प्रवाह नहीं।
प्रतिरोध किसी पदार्थ का वह गुण है, जो –
- विद्युत उत्पन्न करता है।
- धारा के प्रवाह की अनुमति देता है।
- धारा के प्रवाह का विरोध करता है।
- विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
Explanation:
- प्रतिरोध (Resistance) किसी पदार्थ का वह गुण है, जो “धारा के प्रवाह का विरोध” (Opposes the flow of current) करता है।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R = V/I\) (प्रतिरोध = विभवांतर/धारा) ।
एक प्रतिरोधक के सिरों पर ______ उसमें प्रवाहित धारा के समानुपाती होता है, बशर्ते उसका तापमान समान रहे।
- प्रतिरोधकता
- विभवांतर
- आवेश
- प्रतिरोध
Explanation:
- ओम का नियम: \(V = IR\) → “विभवांतर” (Potential Difference – \(V\)) धारा (I) के समानुपाती (Directly Proportional) होता है (तापमान स्थिर रहने पर) → विभवांतर।
- अतिरिक्त तथ्य: \(V \propto I\) (समान प्रतिरोध के लिए) ।
प्रतिरोधकता की SI इकाई है:
- ohm m
- ohm
- ohm/m
- mho
Explanation:
- प्रतिरोधकता (Resistivity – \(\rho\)) की SI इकाई = ohm m (Ω m) → ohm m।
- अतिरिक्त तथ्य: \(\rho = \frac{RA}{L}\) → (Ω × m²)/m = Ω m ।
घरों और उद्योगों में उपयोग के लिए बड़ी धाराएँ उत्पन्न करने के लिए प्रयुक्त उपकरण ______ है।
- विद्युत जनरेटर
- विद्युत टोस्टर
- विद्युत मोटर
- विद्युत केतली
Explanation:
- “विद्युत जनरेटर” (Electric Generator) घरों और उद्योगों में उपयोग के लिए बड़ी धाराएँ (Large Currents) उत्पन्न करता है (यांत्रिक ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा) ।
- अतिरिक्त तथ्य: विद्युत मोटर – विद्युत ऊर्जा → यांत्रिक ऊर्जा (छोटी धारा) ।
4 Ω का एक प्रतिरोधक प्रति सेकण्ड 64 J ऊष्मा उत्पन्न करता है। इसके सिरों के बीच विभवांतर कितना है?
- 8 V
- 16 V
- 64 A
- 16 A
Explanation:
- प्रति सेकंड ऊष्मा = शक्ति \(P = 64\) W
- \(P = \frac{V^2}{R}\) → \(V^2 = P \times R = 64 \times 4 = 256\) → \(V = 16\) V → 16 V।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = V^2/R\) ।
फ्यूज तार के बारे में निम्नलिखित कथन पर विचार कीजिये: (a) यह उपकरण के साथ श्रेणीक्रम में संयोजित किया जाता है। (b) यह निम्न गलनांक वाले पदार्थ से बना होता है। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- केवल (b)
- केवल (a)
- (a) और (b) दोनों
- न तो (a) और न ही (b)
Explanation:
- (a) फ्यूज (Fuse) उपकरण के साथ श्रेणीक्रम (Series) में संयोजित किया जाता है → सत्य (True) ।
- (b) फ्यूज निम्न गलनांक (Low Melting Point) वाले पदार्थ (जैसे: सीसा-टिन – Lead-Tin Alloy) से बना होता है → सत्य (True) ।
- सही: (a) और (b) दोनों।
- अतिरिक्त तथ्य: फ्यूज अति-धारा (Overcurrent) से बचाता है।
दैनिक जीवन में, धारावाही चालक पर बल के सिद्धांत का उपयोग निम्नलिखित में से किस उपकरण में किया जाता है?
- विद्युत मोटर
- विद्युत हीटर
- विद्युत फ्यूज
- विद्युत घंटी
Explanation:
- “विद्युत मोटर” (Electric Motor) धारावाही चालक पर बल (Force on Current-Carrying Conductor) के सिद्धांत पर कार्य करता है (चुंबकीय क्षेत्र में बल → घूर्णन) ।
- अतिरिक्त तथ्य: विद्युत हीटर – ताप प्रभाव (Heating Effect), फ्यूज – ताप प्रभाव, विद्युत घंटी – चुंबकीय प्रभाव (Magnetic Effect) ।
विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?
- मोमबत्ती
- विद्युत मोटर
- फोटो सेल
- बैटरी
Explanation:
- “विद्युत मोटर” (Electric Motor) विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) को यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) में बदलता है → विद्युत मोटर।
- अतिरिक्त तथ्य: जनरेटर (Generator) – विपरीत (यांत्रिक → विद्युत), बैटरी – रासायनिक → विद्युत, फोटो सेल – प्रकाश → विद्युत ।
4 Ω प्रतिरोध का एक विद्युत गीजर प्रति सेकंड 100 J ऊष्मा उत्पन्न करता है। इससे प्रवाहित होने वाली धारा होगी:
- 5 A
- 2.5 A
- 25 A
- 50 A
Explanation:
- प्रति सेकंड ऊष्मा = शक्ति \(P = 100\) W
- \(P = I^2 R\) → \(I^2 = P/R = 100/4 = 25\) → \(I = 5\) A → 5 A।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = I^2R\) ।
15 Ω और 5 Ω के दो प्रतिरोधक 12 V की बैटरी के साथ श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। परिपथ में कितनी धारा प्रवाहित होगी?
- 0.6 A
- 0.5 A
- 0.65 A
- 0.45 A
Explanation:
- श्रेणीक्रम: \(R_{eq} = 15 + 5 = 20\) Ω
- \(I = V/R = 12/20 = 0.6\) A → 0.6 A।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में धारा समान होती है।
यदि एक तार का प्रतिरोध R है और उसमें से धारा I प्रवाहित हो रही है, तो तार में क्षयित शक्ति को ______ द्वारा निरूपित किया जाता है।
- P = I²/R
- P = V/I
- P = I²R
- P = V²R
Explanation:
- शक्ति \(P = I^2 R\) → P = I²R।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI = I^2R = V^2/R\) ।
हीटिंग उपकरणों के हीटिंग तत्व बनाने के लिए चुनी जाने वाली सामग्री में जो गुण/गुण होने चाहिए वे हैं: (i) उच्च गलनांक (ii) उच्च प्रतिरोधकता (iii) कम प्रतिरोध
- केवल (i) और (ii)
- केवल (i) और (iii)
- (i), (ii), (iii)
- केवल (ii) और (iii)
Explanation:
- हीटिंग तत्व (Heating Element) के लिए आवश्यक गुण:
- (i) उच्च गलनांक (High Melting Point) – गर्मी सहन करने के लिए → सही
- (ii) उच्च प्रतिरोधकता (High Resistivity) – अधिक ऊष्मा उत्पन्न करने के लिए → सही
- (iii) कम प्रतिरोध – गलत (उच्च प्रतिरोध चाहिए) → सही नहीं
- सही: केवल (i) और (ii)।
- अतिरिक्त तथ्य: नाइक्रोम (Nichrome) – हीटिंग तत्व के लिए उपयुक्त (उच्च प्रतिरोधकता, उच्च गलनांक) ।
दो प्रतिरोधों R₁ और R₂ को श्रेणीक्रम में जोड़ने पर उनका कुल प्रतिरोध 8 ओम है और समानांतर क्रम में जोड़ने पर उनका कुल प्रतिरोध 2 ओम है। व्यक्तिगत प्रतिरोधों R₁ और R₂ के मान क्रमशः क्या हैं?
- 4 ओम; 4 ओम
- 8 ओम; 0 ओम
- 2 ओम; 6 ओम
- 6 ओम; 2 ओम
Explanation:
- श्रेणीक्रम: \(R_1 + R_2 = 8\)
- समानांतर: \(\frac{R_1 R_2}{R_1 + R_2} = 2\) → \(\frac{R_1 R_2}{8} = 2\) → \(R_1 R_2 = 16\)
- हल: \((R_1 – R_2)^2 = (R_1 + R_2)^2 – 4R_1R_2 = 64 – 64 = 0\) → \(R_1 = R_2 = 4\) Ω → 4 ओम; 4 ओम।
- अतिरिक्त तथ्य: दोनों बराबर प्रतिरोध हैं।
कौन सा नियम एक चालक के विभवांतर और इसके माध्यम से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के बीच संबंध बताता है?
- न्यूटन का नियम
- फैराडे का नियम
- ओम का नियम
- जूल नियम
Explanation:
- “ओम का नियम” (Ohm’s Law) एक चालक के विभवांतर (Potential Difference – \(V\)) और विद्युत धारा (Current – \(I\)) के बीच संबंध बताता है: \(V = IR\) ।
- अतिरिक्त तथ्य: न्यूटन – गति के नियम, फैराडे – विद्युतचुंबकीय प्रेरण, जूल – ऊष्मा का तापन नियम।
नीचे दिए गए विलयनों में से कौन बिजली का संचालन नहीं करता है?
- ग्लूकोज
- कैल्शियम क्लोराइड
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- सोडियम क्लोराइड
Explanation:
- “ग्लूकोज” (Glucose) बिजली का संचालन नहीं (Does not conduct electricity) करता है क्योंकि यह अ-आयनिक (Non-ionic) यौगिक है (कोई मुक्त आयन नहीं) ।
- अतिरिक्त तथ्य: लवण (Salts – NaCl, CaCl₂) और क्षार (NaOH) – आयनिक → संचालन करते हैं।
एक विद्यार्थी एक चमकते बल्ब के टर्मिनलों पर एक वोल्टमीटर जोड़ता है। वोल्टमीटर क्या मापता है?
- बल्ब में विभवांतर
- बल्ब द्वारा उत्पन्न ऊष्मा
- बल्ब का प्रतिरोध
- बल्ब में प्रवाहित धारा
Explanation:
- वोल्टमीटर (Voltmeter) “बल्ब में विभवांतर” (Potential Difference across the bulb) को मापता है (समानांतर – Parallel में जोड़ा जाता है) → बल्ब में विभवांतर।
- अतिरिक्त तथ्य: एमीटर (Ammeter) – धारा (Current) मापता है (श्रेणी – Series में) ।
10 ओम प्रतिरोध के विद्युत परिपथ से प्रवाहित होने वाली धारा I का मान 5 amp है। प्रति सेकंड कितनी ऊष्मा उत्पन्न होती है?
- 50 कैलोरी
- 250 कैलोरी
- 50 जूल
- 250 जूल
Explanation:
- जूल का तापन नियम: \(H = I^2 R t\) → प्रति सेकंड (\(t = 1\) s): \(H = I^2 R = 5^2 \times 10 = 25 \times 10 = 250\) J → 250 जूल।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 J = 0.24 cal (लगभग) ।
ओम के नियम का निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- यदि किसी चालक के दो सिरों के बीच विभवांतर 1 V है और इसके माध्यम से धारा 1A है, तो चालक का प्रतिरोध 20 है।
- किसी चालक के सिरों के बीच विभवांतर उसमें प्रवाहित होने वाली धारा के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
- किसी चालक के सिरों के बीच विभवांतर उसमें प्रवाहित होने वाली धारा के सीधे आनुपातिक होता है।
- किसी प्रतिरोधक से होकर बहने वाली धारा उसके प्रतिरोध के सीधे आनुपातिक होती है।
Explanation:
- ओम का नियम: \(V = IR\) → “किसी चालक के सिरों के बीच विभवांतर उसमें प्रवाहित होने वाली धारा के सीधे आनुपातिक होता है।” (Directly proportional) → सही कथन।
- अतिरिक्त तथ्य: \(V \propto I\) (तापमान स्थिर रहने पर) ।
एक 10 Ω प्रतिरोधक A, को एक 20 Ω प्रतिरोधक B, और एक 6 V बैटरी के साथ श्रेणी में जोड़ा जाता है। A और B पर विभव पतन क्रमशः ______ हैं।
- 1 V और 5 V
- 3 V और 3 V
- 2 V और 4 V
- 4 V और 2 V
Explanation:
- श्रेणीक्रम में \(R_{eq} = 10 + 20 = 30\) Ω, \(I = 6/30 = 0.2\) A
- \(V_A = I \times R_A = 0.2 \times 10 = 2\) V → 2 V
- \(V_B = I \times R_B = 0.2 \times 20 = 4\) V → 4 V
- सही: 2 V और 4 V।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में विभवांतर \(V \propto R\) (प्रतिरोध के अनुक्रमानुपाती) ।
40 Ω का एक विद्युत लैंप, 200 Ω प्रतिरोध का एक टोस्टर और 400 Ω प्रतिरोध का एक जल फिल्टर 220 V के स्रोत से समानांतर क्रम में जुड़े हुए हैं। मान लीजिए कि 220 V के स्रोत से जुड़ा एक विद्युत इस्तरी उपरोक्त तीन उपकरणों के समान धारा लेता है, तो इस्तरी का प्रतिरोध और उसमें से प्रवाहित होने वाली धारा है:
- 50.77 Ω और 4.15 A, क्रमशः
- 20.77 Ω और 9.15 A, क्रमशः
- 40.77 Ω और 5.15 A, क्रमशः
- 30.77 Ω और 7.15 A, क्रमशः
Explanation:
- समानांतर में: \(\frac{1}{R_p} = \frac{1}{40} + \frac{1}{200} + \frac{1}{400} = \frac{10 + 2 + 1}{400} = \frac{13}{400}\) → \(R_p = 400/13 \approx 30.77\) Ω
- धारा \(I = V/R = 220 / (400/13) = 220 \times 13 / 400 = 2860/400 = 7.15\) A → 30.77 Ω और 7.15 A।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में विभवांतर समान होता है।
प्रतिरोधकता ρ वाले धातु के तार को चार बराबर भागों में काटा जाता है। प्रत्येक भाग की प्रतिरोधकता कितनी होती है?
- 4ρ
- ρ/4
- ρ/2
- ρ
Explanation:
- प्रतिरोधकता (Resistivity – \(\rho\)) पदार्थ का गुण (Material Property) है और आकार (Shape) पर निर्भर नहीं करती है → तार को काटने पर भी \(\rho\) समान (Same) रहता है → ρ।
- अतिरिक्त तथ्य: प्रतिरोध \(R\) बदलता है (लंबाई/क्षेत्रफल के अनुसार), लेकिन \(\rho\) नहीं बदलता।
किसी चालक तार के लिए विभवांतर बनाम धारा आलेख एक सरल रेखा है। इस रेखा की प्रवणता क्या प्रदान करती है?
- तार से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा
- तार के सिरों पर वोल्टता
- तार में इलेक्ट्रॉनों की संख्या
- तार का प्रतिरोध
Explanation:
- \(V\) बनाम \(I\) ग्राफ (Voltage vs Current) की प्रवणता (Slope) = \(\frac{V}{I} = R\) → “तार का प्रतिरोध” (Resistance of wire) → तार का प्रतिरोध।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R = V/I\) (प्रतिरोध = विभवांतर/धारा) ।
अनुपयोगी बिजली के उपकरणों को बंद करने से ऊर्जा संरक्षण में कैसे योगदान मिलता है?
- अनावश्यक ऊर्जा खपत को कम करके
- उपकरण की दक्षता बढ़ाकर
- बिजली के बिलों को बढ़ाकर
- उपकरणों की आयु बढ़ाकर
Explanation:
- अनुपयोगी बिजली के उपकरणों को बंद करने से “अनावश्यक ऊर्जा खपत को कम” (Reducing unnecessary energy consumption) करके ऊर्जा संरक्षण (Energy Conservation) में योगदान मिलता है → अनावश्यक ऊर्जा खपत को कम करके।
- अतिरिक्त तथ्य: ऊर्जा संरक्षण = \(E = P \times t\) (शक्ति × समय) → समय कम करने से ऊर्जा कम होती है।
दो बल्बों के तंतुओं के प्रतिरोध R₁ और R₂ हैं। यदि इन दोनों को समानांतर क्रम में जोड़ा जाता है, तो शक्ति हानि का अनुपात होगा:
- R₂/R₁
- R₁/R₂
- R₁+R₂
- R₂/R₁
Explanation:
- समानांतर (Parallel) में विभवांतर (Voltage – \(V\)) समान होता है।
- शक्ति \(P = \frac{V^2}{R}\) → \(P \propto \frac{1}{R}\) → \(P_1/P_2 = \frac{1/R_1}{1/R_2} = \frac{R_2}{R_1}\) → R₂/R₁।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में कम प्रतिरोध वाला बल्ब अधिक चमकीला होता है।
एक परिपथ में 3 Ω के छह प्रतिरोधक समांतर क्रम में जुड़े हुए हैं। उनका प्रभावी प्रतिरोध क्या होगा?
- 18 Ω
- 0.5 Ω
- 2 Ω
- 6 Ω
Explanation:
- समानांतर में: \(R_{eq} = \frac{R}{n} = \frac{3}{6} = 0.5\) Ω → 0.5 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में \(R_{eq}\) हमेशा व्यक्तिगत प्रतिरोध से कम होता है।
विद्युत के माध्यम से किसी अन्य पदार्थ के ऊपर, किसी भी अन्य वांछित धातु की परत चढ़ाने की प्रक्रिया को ______ कहा जाता है।
- इलेक्ट्रोड
- विद्युतलेपन
- परिष्करण
- अपघटन
Explanation:
- विद्युत के माध्यम से किसी अन्य पदार्थ के ऊपर, किसी भी अन्य वांछित धातु की परत चढ़ाने की प्रक्रिया को “विद्युतलेपन” (Electroplating) कहा जाता है → विद्युतलेपन।
- अतिरिक्त तथ्य: विद्युतलेपन विद्युत अपघटन (Electrolysis) पर आधारित है।
2 Ω और 3 Ω प्रतिरोध के दो प्रतिरोधक, एक परिपथ में श्रेणी क्रम में संयोजित हैं। यदि दिया गया वोल्टेज 250 V है, तो परिपथ में प्रसारित धारा ज्ञात कीजिए।
- 8 A
- 50 A
- 5 A
- 10 A
Explanation:
- श्रेणीक्रम: \(R_{eq} = 2 + 3 = 5\) Ω
- \(I = V/R = 250/5 = 50\) A → 50 A।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में धारा समान होती है।
जूल के तापन प्रभाव (Joule’s heating effect) के सूत्र को ______ के रूप में निरूपित किया जाता है।
- H = VIR
- H = I²Rt
- H = IRt
- H = VIt
Explanation:
- जूल का तापन नियम: \(H = I^2 R t\) → H = I²Rt।
- अतिरिक्त तथ्य: \(H = VIt = \frac{V^2}{R}t\) (अन्य रूप) ।
समानांतर क्रम में जुड़े दो प्रतिरोधक 10 ओम और 40 ओम का कुल प्रतिरोध क्या है?
- 8 ओम
- 60 ओम
- 1/8 ओम
- 1/60 ओम
Explanation:
- समानांतर: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{10} + \frac{1}{40} = \frac{4 + 1}{40} = \frac{5}{40} = \frac{1}{8}\) → \(R_{eq} = 8\) Ω → 8 ओम।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R_{eq} = \frac{R_1 R_2}{R_1 + R_2} = \frac{10 \times 40}{50} = 8\) Ω ।
यदि प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम में जोड़ा जाए तो कुल या तुल्य प्रतिरोध ______ होगा।
- हमेशा किसी भी एकल प्रतिरोधक से कम
- सभी एकल प्रतिरोधों का गुणनफल
- व्युत्क्रमों के योग का व्युत्क्रम
- सभी एकल प्रतिरोधों का योग
Explanation:
- श्रेणीक्रम (Series) में \(R_{eq} = R_1 + R_2 + … + R_n\) → “सभी एकल प्रतिरोधों का योग” (Sum of all individual resistances) → सभी एकल प्रतिरोधों का योग।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में \(R_{eq}\) = व्युत्क्रमों के योग का व्युत्क्रम (Reciprocal of sum of reciprocals) ।
इलेक्ट्रॉनिक्स में PCB का पूर्ण रूप क्या है?
- पर्सनल कंट्रोल बोर्ड
- पोर्टेबल कंट्रोल बेस
- पावर सर्किट बोर्ड
- प्रिंटेड सर्किट बोर्ड
Explanation:
- इलेक्ट्रॉनिक्स में PCB का पूर्ण रूप “प्रिंटेड सर्किट बोर्ड” (Printed Circuit Board) है → प्रिंटेड सर्किट बोर्ड।
- अतिरिक्त तथ्य: PCB इलेक्ट्रॉनिक घटकों को जोड़ने के लिए उपयोग किया जाता है।
एक विद्युत परिपथ में, जहाँ 5 लैंप श्रेणीक्रम में जुड़े हुए हैं, यदि शक्ति, वोल्टेज, धारा और प्रतिरोध को क्रमशः P, V, I और R द्वारा दर्शाया जाता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा संबंध सत्य है?
- P = I²R
- P = IR²
- P = V² × R
- P = I²R
Explanation:
- शक्ति का सही सूत्र: \(P = I^2 R\) → P = I²R (यह परिपथ संयोजन (श्रेणी/समानांतर) पर निर्भर नहीं करता, यह सार्वत्रिक है) ।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI = V^2/R\) ।
एक विद्युत हीटर 70 V के स्रोत से जुड़ने पर 5 A की धारा खींचता है। यदि विभवांतर को बढ़ाकर 126 V कर दिया जाए, तो हीटर द्वारा खींची गई नई धारा कितनी होगी?
- 90 A
- 9 A
- 8 A
- 6 A
Explanation:
- प्रतिरोध \(R = \frac{V}{I} = \frac{70}{5} = 14\) Ω (स्थिर – Constant)
- नई धारा \(I’ = \frac{V’}{R} = \frac{126}{14} = 9\) A → 9 A।
- अतिरिक्त तथ्य: \(I \propto V\) (ओम का नियम) ।
दो प्रतिरोधक, प्रत्येक 20 Ω के, समानांतर में जुड़े हुए हैं, और यह संयोजन 40 V आपूर्ति से जुड़ा है। प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरों पर वोल्टता ज्ञात कीजिए।
- 20 V
- 40 V
- 10 V
- 80 V
Explanation:
- समानांतर (Parallel) में विभवांतर (Voltage) समान (Same) होता है → प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरों पर वोल्टता = 40 V (आपूर्ति वोल्टता के बराबर) → 40 V।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में \(V_1 = V_2 = V\) ।
एक 2200 W विद्युत टोस्टर 220 V पर संचालित होता है। इसकी कुंडली का प्रतिरोध क्या है?
- 88 Ω
- 22 Ω
- 44 Ω
- 11 Ω
Explanation:
- \(P = \frac{V^2}{R}\) → \(R = \frac{V^2}{P} = \frac{220^2}{2200} = \frac{48400}{2200} = 22\) Ω → 22 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = V^2/R\) ।
किसी पदार्थ की प्रतिरोधकता (ρ) क्या होती है?
- वह धारा की मात्रा जो कोई पदार्थ वहन कर सकता है।
- वोल्टता और विद्युत धारा का गुणनफल
- इसका प्रतिरोध के समान
- यह एक माप है कि कोई पदार्थ विद्युत धारा के प्रवाह का कितना दृढ़ता से विरोध करता है।
Explanation:
- प्रतिरोधकता (Resistivity – \(\rho\)) “यह एक माप है कि कोई पदार्थ विद्युत धारा के प्रवाह का कितना दृढ़ता से विरोध करता है।” (It is a measure of how strongly a material opposes the flow of electric current) → सही।
- अतिरिक्त तथ्य: \(\rho = \frac{RA}{L}\) (प्रतिरोधकता = प्रतिरोध × क्षेत्रफल / लंबाई) ।
एक चालक में प्रवाहित विद्युत धारा और विभवांतर के बीच क्या संबंध होता है?
- I – V एक स्थिरांक है।
- V × I एक स्थिरांक है।
- V/I एक स्थिरांक है।
- V + I एक स्थिरांक है।
Explanation:
- ओम का नियम: \(V = IR\) → \(V/I = R\) (स्थिरांक – Constant) → V/I एक स्थिरांक है।।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R\) = स्थिरांक (तापमान स्थिर रहने पर) ।
तार, और अन्य प्रतिरोध, स्विच, एक सेल के टर्मिनलों से मिलकर बने एक सतत धारावाही मार्ग, जिसमें से होकर धारा प्रवाहित होती है, उसे क्या कहा जाता है?
- पाश (लूप)
- परिपथ
- मार्ग (Path)
- संपर्क
Explanation:
- तार, प्रतिरोध, स्विच, सेल आदि से बना एक सतत धारावाही मार्ग (Continuous Path) “परिपथ” (Circuit) कहलाता है → परिपथ।
- अतिरिक्त तथ्य: परिपथ बंद (Closed) होने पर ही धारा प्रवाहित होती है।
जब प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है, तो सभी प्रतिरोधकों में कौन-सी राशि समान रहती है?
- वोल्टेज
- धारा
- प्रतिरोध
- शक्ति
Explanation:
- श्रेणीक्रम (Series) में “धारा” (Current – \(I\)) समान (Same) रहती है → धारा।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में विभवांतर (Voltage) बँट जाता है (Divides) ।
निम्नलिखित में से कौन-सा उपकरण विद्युत चुंबकीय प्रेरण की घटना पर आधारित है?
- गैल्वेनोमीटर
- अमीटर
- जनित्र
- बल्ब
Explanation:
- “जनित्र” (Generator) विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) की घटना पर आधारित है (यांत्रिक ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा) → जनित्र।
- अतिरिक्त तथ्य: गैल्वेनोमीटर – धारा का पता लगाना (चुंबकीय प्रभाव), अमीटर – धारा मापना, बल्ब – ताप प्रभाव।
विद्युत परिपथ में प्लग कुंजी (plug key) का क्या उद्देश्य है?
- यह परिपथ में विभवांतर को मापता है।
- यह परिपथ में विभवांतर प्रदान करता है।
- यह परिपथ को जोड़ने और विच्योजित करने में मदद करता है।
- यह किसी परिपथ में प्रवाहित धारा को मापता है।
Explanation:
- प्लग कुंजी (Plug Key) “परिपथ को जोड़ने और विच्योजित करने” (Connect and disconnect the circuit) में मदद करता है (स्विच की तरह) → परिपथ को जोड़ने और विच्योजित करने में मदद करता है।।
- अतिरिक्त तथ्य: प्लग कुंजी ON → परिपथ बंद (Closed), OFF → परिपथ खुला (Open) ।
निम्नलिखित में से कौन विद्युत का सही वर्णन करता है?
- निम्न विभव से उच्च विभव की ओर
- धनात्मक आवेश प्रवाह की दिशा के विपरीत
- इलेक्ट्रॉन प्रवाह की दिशा के समान
- इलेक्ट्रॉन प्रवाह की दिशा के विपरीत
Explanation:
- विद्युत धारा (Electric Current) की पारंपरिक दिशा = धनात्मक आवेश (Positive Charge) के प्रवाह की दिशा (उच्च विभव से निम्न विभव की ओर) → यह “इलेक्ट्रॉन प्रवाह की दिशा के विपरीत” (Opposite to the direction of electron flow) होती है → इलेक्ट्रॉन प्रवाह की दिशा के विपरीत।
- अतिरिक्त तथ्य: इलेक्ट्रॉन (Electrons) – ऋणात्मक आवेश → निम्न विभव से उच्च विभव की ओर प्रवाहित होते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा संबंध सही नहीं है?
- विद्युत शक्ति = (धारा)² × प्रतिरोध
- विद्युत शक्ति = वोल्टता × धारा
- विद्युत शक्ति = वोल्टता / धारा
- विद्युत शक्ति = (वोल्टता)² / प्रतिरोध
Explanation:
- विद्युत शक्ति के सही सूत्र:
- \(P = I^2 R\) → सही
- \(P = VI\) → सही
- \(P = \frac{V^2}{R}\) → सही
- “विद्युत शक्ति = वोल्टता / धारा” → \(P = V/I\) → यह गलत (Incorrect) है (सही \(P = V \times I\)) → गलत।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = V \times I\) (शक्ति = वोल्टता × धारा) ।
प्रकाश बल्बों और पंखों की तुलना में गीजर और एयर कंडीशनर जैसे उपकरणों के लिए निम्न में से किसकी आवश्यकता होती है?
- उच्च वोल्टेज
- निम्न शक्ति
- निम्न वोल्टेज
- उच्च शक्ति
Explanation:
- गीजर (Geyser) और एयर कंडीशनर (Air Conditioner) उच्च शक्ति (High Power) वाले उपकरण हैं (क्योंकि वे अधिक ऊष्मा/ठंडक उत्पन्न करते हैं) → उच्च शक्ति।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI\) → अधिक शक्ति के लिए अधिक धारा/वोल्टता की आवश्यकता होती है।
10 Ω, 15 Ω और 30 Ω के तीन प्रतिरोधक श्रेणी में जुड़े हुए हैं। संयोजन का प्रतिरोध क्या है?
- 25 Ω
- 45 Ω
- 55 Ω
- 5 Ω
Explanation:
- श्रेणीक्रम: \(R_{eq} = 10 + 15 + 30 = 55\) Ω → 55 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में \(R_{eq}\) = योग (Sum) ।
बल्ब में वायु के स्थान पर नाइट्रोजन और आर्गन गैस क्यों भरी जाती है?
- फिलामेंट की आयु में वृद्धि करने के लिए
- बल्ब को भारी बनाने के लिए
- चमक बढ़ाने के लिए
- बिजली की खपत कम करने के लिए
Explanation:
- बल्ब (Bulb) में वायु (Air) के स्थान पर नाइट्रोजन (Nitrogen) और आर्गन (Argon) गैस भरी जाती है “फिलामेंट की आयु में वृद्धि” (To increase the life of filament) करने के लिए (ये अक्रिय – Inert गैसें हैं, जो फिलामेंट को ऑक्सीकरण (Oxidation) से बचाती हैं) → फिलामेंट की आयु में वृद्धि करने के लिए।
- अतिरिक्त तथ्य: फिलामेंट टंगस्टन (Tungsten) का बना होता है।
स्विच चालू करने पर बल्ब कैसे जलता है?
- तंतु एक दूसरे को स्पर्श करते हैं।
- तंतु का विस्तार होता है।
- विद्युत धारा के कारण तंतु गर्म हो जाते हैं और प्रकाशित हो जाते हैं।
- परिपथ के माध्यम से धारा प्रवाहित नहीं होती है।
Explanation:
- स्विच चालू करने पर “विद्युत धारा के कारण तंतु गर्म हो जाते हैं और प्रकाशित हो जाते हैं।” (Due to electric current, the filament gets heated and glows) → सही।
- अतिरिक्त तथ्य: फिलामेंट का तापमान लगभग 2700°C तक पहुँचता है → प्रकाश उत्सर्जन (Incandescence) ।
निम्नलिखित में से कौन सा संबंध ओम के नियम का सही गणितीय रूप दर्शाता है?
- I = V²R
- I = V/R
- I = R/V
- V = IR
Explanation:
- ओम का नियम (Ohm’s Law): \(V = IR\) → धारा \(I = \frac{V}{R}\) → I = V/R।
- अतिरिक्त तथ्य: \(V = IR\) और \(R = V/I\) भी सही रूप हैं।
श्रेणी परिपथ का एक उदाहरण ______ है।
- घर में वायरिंग प्रणाली
- पुरानी क्रिसमस स्ट्रिंग लाइट्स
- कार की हेडलाइट
- बिजली के आउटलेट
Explanation:
- “पुरानी क्रिसमस स्ट्रिंग लाइट्स” (Old Christmas string lights) श्रेणी परिपथ (Series Circuit) का एक उदाहरण है (एक बल्ब खराब होने पर सभी बल्ब बुझ जाते हैं) → पुरानी क्रिसमस स्ट्रिंग लाइट्स।
- अतिरिक्त तथ्य: घरेलू वायरिंग – समानांतर (Parallel) परिपथ, कार की हेडलाइट – समानांतर (Parallel) ।
प्रतिरोधकों के समान्तर संयोजन में, निम्नलिखित में से कौन सी राशि सभी प्रतिरोधकों में समान रहती है?
- खपत की गई बिजली (P)
- विभवांतर (V)
- विद्युत धारा (I)
- ऊष्मा
Explanation:
- समानांतर (Parallel) संयोजन में “विभवांतर” (Voltage – \(V\)) सभी प्रतिरोधकों में समान (Same) रहता है → विभवांतर (V)।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम (Series) में धारा (Current) समान रहती है।
4 Ω के दो प्रतिरोध 5 V के बैटरी स्रोत से समांतरक्रम में जुड़े हैं। परिपथ में कुल विद्युत धारा ज्ञात कीजिए।
- 5 A
- 2.5 A
- 20 A
- 10 A
Explanation:
- समानांतर: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{4} + \frac{1}{4} = \frac{2}{4} = \frac{1}{2}\) → \(R_{eq} = 2\) Ω
- धारा \(I = \frac{V}{R} = \frac{5}{2} = 2.5\) A → 2.5 A।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में \(R_{eq} = R/n = 4/2 = 2\) Ω ।
निम्नलिखित में से कौन-सा धारा के तापीय प्रभाव पर आधारित नहीं है?
- विद्युत ऊष्मक
- विद्युत बल्ब (फिलामेंट वाला)
- विद्युत इस्तरी
- माइक्रोवेव
Explanation:
- “माइक्रोवेव” (Microwave) धारा के तापीय प्रभाव (Heating Effect of Current) पर आधारित नहीं है; यह विद्युतचुंबकीय विकिरण (Electromagnetic Radiation) पर कार्य करता है → माइक्रोवेव।
- अतिरिक्त तथ्य: विद्युत ऊष्मक, बल्ब, इस्तरी – तापीय प्रभाव (\(H = I^2Rt\)) पर आधारित हैं।
घरेलू परिपथ में, विशेष रूप से धातु उपकरणों के लिए, हरे रंग के विद्युत रोधी अर्थ तार का प्राथमिक सुरक्षा कार्य क्या है?
- अल्प प्रतिरोध वाला पथ प्रदान करना ताकि क्षरण धारा साधित्र के विभव को भूमि के विभव के बराबर रखे और तीव्र विद्युत आघातों से सुरक्षित बचा जा सके।
- काला तार खराब होने पर तटस्थ तार के रूप में कार्य करना
- अतिरिक्त धारा को भूमि में मोड़ने के लिए उच्च प्रतिरोध पथ प्रदान करना
- वोल्टेज को 220 V पर स्थिर रखना
Explanation:
- अर्थ तार (Earth Wire – हरा/पीला) का प्राथमिक सुरक्षा कार्य “अल्प प्रतिरोध वाला पथ” (Low Resistance Path) प्रदान करना है ताकि क्षरण धारा (Leakage Current) पृथ्वी (Earth) में चली जाए और विद्युत आघात (Electric Shock) से बचाया जा सके → सही।
- अतिरिक्त तथ्य: अर्थ तार धातु के आवरण (Metal Body) को पृथ्वी से जोड़ता है।
100 वाट का एक विद्युत बल्ब प्रति दिन 9 घंटे के लिए उपयोग किया जाता है। बल्ब द्वारा 1 दिन में खपत की जाने वाली ऊर्जा की ‘इकाइयाँ’ क्या होंगी?
- 0.9 इकाइयाँ
- 9 इकाइयाँ
- 1.2 इकाइयाँ
- 0.09 इकाइयाँ
Explanation:
- ऊर्जा \(E = P \times t = 100\) W × 9 h = 900 Wh = 0.9 kWh = 0.9 इकाइयाँ।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 kWh = 1 यूनिट (Unit) ।
बल्ब पर शक्ति अनुमतांक 100 वाट का क्या अर्थ है?
- बल्ब प्रति घंटे 100 जूल की विद्युत ऊर्जा की खपत करता है
- बल्ब प्रति सेकंड 100 जूल की विद्युत ऊर्जा की खपत करता है
- बल्ब प्रति घंटे 100 किलो जूल की विद्युत ऊर्जा की खपत करता है
- बल्ब प्रति मिनट 100 जूल की विद्युत ऊर्जा की खपत करता है
Explanation:
- शक्ति (Power) = \(\frac{\text{ऊर्जा}}{\text{समय}}\) → 100 W = 100 J/s → “बल्ब प्रति सेकंड 100 जूल की विद्युत ऊर्जा की खपत करता है” → सही।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 W = 1 J/s (1 वाट = 1 जूल/सेकंड) ।
किसी दिए गए पदार्थ के एक तार की लंबाई l तथा अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल A है, और इसका प्रतिरोध 9 Ω है। उसी पदार्थ के एक अन्य तार की लम्बाई 1/3 और अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल 3A है। इस दूसरे तार का प्रतिरोध क्या होगा?
- 0.5 Ω
- 6 Ω
- 2 Ω
- 1 Ω
Explanation:
- \(R_1 = \rho \frac{l}{A} = 9\) Ω
- \(R_2 = \rho \frac{l/3}{3A} = \rho \frac{l}{9A} = \frac{R_1}{9} = \frac{9}{9} = 1\) Ω → 1 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R \propto L/A\) → \(R_2 = R_1 \times \frac{1}{3} \times \frac{1}{3} = R_1/9\) ।
तांबे, चांदी, नाइक्रोम और कांच के तार समान लंबाई और व्यास के होते हैं। किसका प्रतिरोध सबसे अधिक होगा?
- चांदी
- कांच
- नाइक्रोम
- तांबा
Explanation:
- “कांच” (Glass) एक विद्युतरोधी (Insulator) है, इसलिए इसका प्रतिरोध (Resistance) सबसे अधिक (Highest) होगा → कांच।
- अतिरिक्त तथ्य: प्रतिरोध का क्रम: चाँदी (न्यूनतम) < तांबा < नाइक्रोम < कांच (अधिकतम) ।
घरेलू परिपथों में प्रयुक्त उपकरणों के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है:
- एसी, गीजर जैसे भारी उपकरण समानांतर में जुड़े होते हैं और बल्ब, ट्यूबलाइट जैसे हल्के उपकरण श्रेणीक्रम में जुड़े होते हैं
- एसी, गीजर जैसे भारी उपकरण श्रेणीक्रम में जुड़े होते हैं और बल्ब, ट्यूबलाइट जैसे हल्के उपकरण समानांतर में जुड़े होते हैं
- सभी उपकरण श्रेणीक्रम में जुड़े हुए हैं
- सभी उपकरण समानांतर में जुड़े हुए हैं
Explanation:
- घरेलू परिपथ (Domestic Circuits) में “सभी उपकरण समानांतर” (Parallel) में जुड़े होते हैं (ताकि प्रत्येक को पूर्ण वोल्टता – Full Voltage मिले) → सभी उपकरण समानांतर में जुड़े हुए हैं।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में एक उपकरण खराब होने पर दूसरे प्रभावित नहीं होते।
एक विद्युत बल्ब की रेटेड शक्ति 110 वाट – 220 वोल्ट है। बल्ब द्वारा ली गई धारा ………………..है।
- 0.5 A
- 20 A
- 2 A
- 24,200 A
Explanation:
- \(P = VI\) → \(I = \frac{P}{V} = \frac{110}{220} = 0.5\) A → 0.5 A।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI\) (शक्ति = वोल्टता × धारा) ।
एक व्यवस्थित विद्युत परिपथ आरेख में, विभवांतर को मापने के लिए वोल्टमीटर को सामान्यतः किस प्रकार दर्शाया जाता है?
- श्रेणीक्रम में जुड़ा हुआ एक वृत्त, जिसके भीतर ‘A’ है
- समांतर क्रम में जुड़ा हुआ एक वृत्त, जिसके भीतर ‘V’ है
- समांतर क्रम में जुड़ा हुआ एक वर्ग, जिसके भीतर ‘V’ है
- श्रेणीक्रम में जुड़ा हुआ एक आयत, जिसके भीतर ‘R’ है
Explanation:
- वोल्टमीटर (Voltmeter) को “समांतर क्रम में जुड़ा हुआ एक वृत्त, जिसके भीतर ‘V’ है” (A circle connected in parallel with ‘V’ inside) दर्शाया जाता है → सही।
- अतिरिक्त तथ्य: एमीटर (Ammeter) – श्रेणीक्रम में, ‘A’ के साथ।
विद्युत धारा के तापीय प्रभाव पर कार्य करने वाला सुरक्षा उपकरण कौन सा है?
- स्विच
- फ्यूज
- हीटर
- विद्युत मोटर
Explanation:
- “फ्यूज” (Fuse) विद्युत धारा के तापीय प्रभाव (Heating Effect) पर कार्य करने वाला सुरक्षा उपकरण (Safety Device) है (अति-धारा पर पिघल जाता है) → फ्यूज।
- अतिरिक्त तथ्य: फ्यूज श्रेणीक्रम (Series) में जुड़ा होता है।
What role does the earth wire play in the safety of domestic appliances with metallic bodies?
- It controls the current flow
- It prevents the fuse from melting
- It increases the appliance’s voltage
- It provides a low-resistance path for leakage current
Explanation:
- अर्थ तार (Earth Wire) “leakage current के लिए low-resistance path” (अल्प प्रतिरोध पथ) प्रदान करता है → It provides a low-resistance path for leakage current।
- अतिरिक्त तथ्य: अर्थ तार हरे/पीले (Green/Yellow) रंग का होता है।
जब हम एक प्रकाश बल्ब स्थिति अंन करते हैं तो क्या होता है?
- इसके अंदर का फिलामेंट या तार एक पीले रंग की ज्वाला के साथ जलता है
- फिलामेंट सक्रिय हो जाता है और चमक उठता है।
- इसके अंदर का फिलामेंट या तार गर्म हो जाता है और चमक उठता है
- इसके अंदर का तार जलता है
Explanation:
- प्रकाश बल्ब (Light Bulb) चालू करने पर “इसके अंदर का फिलामेंट या तार गर्म हो जाता है और चमक उठता है” (The filament gets heated and glows) → सही।
- अतिरिक्त तथ्य: फिलामेंट टंगस्टन (Tungsten) का बना होता है (उच्च गलनांक) ।
12 V की एक बैटरी को क्रमशः 1 Ω, 2 Ω, 3 Ω, 4 Ω और 10 Ω के प्रतिरोधकों के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ा गया है। 10 Ω प्रतिरोधक से होकर कितनी धारा प्रवाहित होगी?
- 1.2 A
- 12 A
- 0.6 A
- 1.0 A
Explanation:
- श्रेणीक्रम: \(R_{eq} = 1 + 2 + 3 + 4 + 10 = 20\) Ω
- धारा \(I = \frac{V}{R} = \frac{12}{20} = 0.6\) A → श्रेणीक्रम में धारा समान होती है, इसलिए 10 Ω में भी 0.6 A।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में \(I\) सभी प्रतिरोधकों में समान होती है।
विद्युत परिपथ में धारा नियंत्रक का उपयोग किस लिए किया जाता है?
- परिपथ में प्रतिरोध को परिवर्तित करने के लिए
- केवल धारा को मापने के लिए
- केवल वोल्टता को मापने के लिए
- धारा और वोल्टता दोनों को मापने के लिए
Explanation:
- धारा नियंत्रक (Current Controller/Rheostat) का उपयोग “परिपथ में प्रतिरोध को परिवर्तित” (To vary resistance in the circuit) करने के लिए किया जाता है → परिपथ में प्रतिरोध को परिवर्तित करने के लिए।
- अतिरिक्त तथ्य: रियोस्टेट (Rheostat) – परिवर्ती प्रतिरोध (Variable Resistance) ।
निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प पदार्थों को उनके प्रतिरोध के बढ़ते क्रम में दर्शाता है?
- विद्युतरोधी, चालक, मिश्रधातुएँ
- विद्युतरोधी, मिश्रधातुएँ, चालक
- चालक, मिश्रधातुएँ, विद्युतरोधी
- मिश्रधातुएँ, चालक, विद्युतरोधी
Explanation:
- प्रतिरोध का बढ़ता क्रम (Ascending order):
- चालक (Conductors) – न्यूनतम प्रतिरोध (जैसे: तांबा, चाँदी)
- मिश्रधातुएँ (Alloys) – मध्यम प्रतिरोध (जैसे: नाइक्रोम, मैंगनीन)
- विद्युतरोधी (Insulators) – अधिकतम प्रतिरोध (जैसे: रबर, काँच)
- सही: चालक, मिश्रधातुएँ, विद्युतरोधी।
- अतिरिक्त तथ्य: प्रतिरोधकता (Resistivity) का भी यही क्रम होता है।
नीचे वर्गित सामग्री A और सामग्री B के तारों के लिए V-I ग्राफ पर विचार करें: सामग्री A: यह मूल बिंदु से गुजरने वाली एक सीधी रेखा है और धारा I अक्ष के साथ 20° के कोण पर झुकी हुई है। सामग्री B: यह मूल बिंदु से गुजरने वाली एक सीधी रेखा है और धारा I अक्ष के साथ 60° के कोण पर झुकी हुई है।
- A का प्रतिरोध B से अधिक है
- B का प्रतिरोध A से अधिक है
- दोनों का प्रतिरोध समान है
- A की प्रतिरोधकता B से कम है
Explanation:
- V-I ग्राफ में, ढलान (Slope) = \(\frac{V}{I} = R\) (प्रतिरोध) ।
- धारा अक्ष (I-axis) के साथ कोण: अधिक कोण → अधिक ढलान → अधिक प्रतिरोध (R) ।
- B का कोण (60°) > A का कोण (20°) → \(R_B > R_A\) → A का प्रतिरोध B से कम है → विकल्पों के अनुसार “A का प्रतिरोध B से अधिक है” गलत है → सही: B का प्रतिरोध A से अधिक है (विकल्प 2) → लेकिन दिए गए विकल्पों में “B का प्रतिरोध A से अधिक है” है → B का प्रतिरोध A से अधिक है।
- अतिरिक्त तथ्य: \(\tan \theta = R\) (जहाँ \(\theta\) = I-अक्ष से कोण) ।
एक बल्ब को 12 V की बैटरी से जोड़े जाने पर 3 A की धारा लेता है। बल्ब की शक्ति है:
- 4 W
- 18 W
- 12 W
- 36 W
Explanation:
- \(P = V \times I = 12 \times 3 = 36\) W → 36 W।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI\) ।
100W का एक विद्युत बल्ब प्रतिदिन 8 घंटे तक उपयोग किया जाता है। बल्ब द्वारा एक सप्ताह में ______ यूनिट ऊर्जा की खपत होगी।
- 560
- 5.6
- 0.56
- 56
Explanation:
- प्रति दिन ऊर्जा = 100 W × 8 h = 800 Wh = 0.8 kWh
- एक सप्ताह (7 दिन) में = 0.8 × 7 = 5.6 kWh = 5.6 यूनिट → 5.6।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 kWh = 1 यूनिट (Unit) ।
0.75 A की विद्युत धारा, एक विद्युत बल्ब के फिलामेंट में 6 मिनट तक प्रवाहित होती है। विद्युत धारा के कारण प्रवाहित होने वाले वैद्युत आवेश की मात्रा ज्ञात कीजिए।
- 225 C
- 270 C
- 240 C
- 50 C
Explanation:
- आवेश \(Q = I \times t = 0.75 \times (6 \times 60) = 0.75 \times 360 = 270\) C → 270 C।
- अतिरिक्त तथ्य: \(Q = I \times t\) (आवेश = धारा × समय) ।
एक विद्युत गीजर में 10 सेकंड तक 1 A धारा प्रवाहित करने पर 100 J ऊष्मा उत्पन्न होती है। गीजर का प्रतिरोध कितना होगा?
- 1 Ω
- 100 Ω
- 0.1 Ω
- 10 Ω
Explanation:
- जूल का तापन नियम: \(H = I^2 R t\) → \(100 = 1^2 \times R \times 10\) → \(100 = 10R\) → \(R = 10\) Ω → 10 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: \(H = I^2Rt\) ।
विद्युत हीटर के टर्मिनलों के बीच विभवांतर 60 V है जब यह स्रोत से 4 A की धारा लेता है। यदि विभवांतर को बढ़ाकर 165 V कर दिया जाता है, तो हीटर कितनी धारा लेता है?
- 12 A
- 24 A
- 10 A
- 11 A
Explanation:
- प्रतिरोध \(R = \frac{V}{I} = \frac{60}{4} = 15\) Ω (स्थिर – Constant)
- नई धारा \(I’ = \frac{V’}{R} = \frac{165}{15} = 11\) A → 11 A।
- अतिरिक्त तथ्य: \(I \propto V\) (ओम का नियम) ।
विभवांतर 12 V और किया गया कार्य 60 J है। परिपथ से प्रवाहित होने वाला विद्युत आवेश ज्ञात कीजिए।
- 0.5 C
- 50 C
- 500 C
- 5 C
Explanation:
- कार्य \(W = V \times Q\) → \(Q = \frac{W}{V} = \frac{60}{12} = 5\) C → 5 C।
- अतिरिक्त तथ्य: \(W = VQ\) (कार्य = विभवांतर × आवेश) ।
निम्नलिखित में से कौन-सा नियम किसी धातु के तार के माध्यम से प्रवाहित होने वाली धारा और उसके सिरों के मध्य विभवांतर के बीच संबंध बताता है?
- आवेश का नियम
- विकिरण का नियम
- ओम का नियम
- जूल का नियम
Explanation:
- “ओम का नियम” (Ohm’s Law) धातु के तार में धारा (Current) और विभवांतर (Voltage) के बीच संबंध बताता है: \(V = IR\) → ओम का नियम।
- अतिरिक्त तथ्य: जूल का नियम – ऊष्मा उत्पादन (\(H = I^2Rt\)) ।
सीमेन्स ______ की इकाई है।
- विद्युत चालकता
- परावैद्युतांक
- वाट प्रति स्टेरेडियन
- पारगम्यता
Explanation:
- “सीमेन्स” (Siemens – S) “विद्युत चालकता” (Electrical Conductance – \(G\)) की SI इकाई है → विद्युत चालकता।
- अतिरिक्त तथ्य: \(G = 1/R\) (चालकता = 1/प्रतिरोध) ।
10 सेल, 1 Ω और 1.5 वोल्ट के आंतरिक प्रतिरोध के साथ समानांतर में जुड़े हुए हैं। कुल वोल्टेज और कुल प्रतिरोध ______ है
- 10 V और 1.5 Ω
- 1.5 V और 0.1 Ω
- 100 V और 50 Ω
- 1.8 V और 1.5 Ω
Explanation:
- समानांतर (Parallel) में कुल वोल्टेज = प्रत्येक सेल का वोल्टेज = 1.5 V → 1.5 V।
- कुल प्रतिरोध = \(\frac{R}{n} = \frac{1}{10} = 0.1\) Ω → 0.1 Ω।
- सही: 1.5 V और 0.1 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में सेलों का वोल्टेज समान रहता है।
1.5 C का आवेश विभवांतर से होकर गुजरता है। यदि किया गया कार्य 30 J है, तो दोनों बिंदुओं के बीच विभवांतर कितना होगा?
- 25 V
- 30 V
- 45 V
- 20 V
Explanation:
- \(V = \frac{W}{Q} = \frac{30}{1.5} = 20\) V → 20 V।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 V = 1 J/C ।
विद्युत धारा के कारण किसी चालक में उत्पन्न ऊष्मा को क्या कहते हैं?
- ओम का नियम
- विद्युत चुंबकीय प्रेरण
- विद्युत अपघटन
- जूल का तापन
Explanation:
- विद्युत धारा के कारण चालक में उत्पन्न ऊष्मा को “जूल का तापन” (Joule Heating) कहते हैं (\(H = I^2Rt\)) → जूल का तापन।
- अतिरिक्त तथ्य: ओम का नियम – \(V = IR\), विद्युत चुंबकीय प्रेरण – फैराडे का नियम।
16 V के विभवान्तर वाले दो बिंदुओं के पार 5 C के आवेश को स्थानांतरित करने में कितना कार्य होता है?
- 65 J
- 45 J
- 40 J
- 80 J
Explanation:
- कार्य \(W = V \times Q = 16 \times 5 = 80\) J → 80 J।
- अतिरिक्त तथ्य: \(W = VQ\) ।
दाहिने हाथ के अंगूठे के नियम के अनुसार, यदि हमारे दाहिने हाथ की उंगलियों को मोड़ने से चूंबकीय क्षेत्र की दिशा मिलती है, तो हमारे दाहिने हाथ का अंगूठा किस भौतिक राशि की दिशा में संरेखित होता है?
- चालक के सिरों पर अनुप्रयुक्त विद्युत क्षेत्र
- चालक पर लगने वाला बल
- चालक में प्रेरित धारा
- चालक से प्रवाहित होने वाली धारा
Explanation:
- दाहिने हाथ के अंगूठे का नियम (Right-Hand Thumb Rule) में, अंगूठा “चालक से प्रवाहित होने वाली धारा” (Current) की दिशा में संरेखित होता है, और उंगलियाँ चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) की दिशा दिखाती हैं → चालक से प्रवाहित होने वाली धारा।
- अतिरिक्त तथ्य: इस नियम का उपयोग सीधे धारावाही चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के लिए किया जाता है।
विद्युत परिपथ में विद्युत ऊर्जा के क्षय की दर को ______ कहा जाता है।
- विद्युत कार्य
- विद्युत ऊष्मा
- विद्युत बल
- विद्युत शक्ति
Explanation:
- विद्युत परिपथ में विद्युत ऊर्जा के क्षय (Dissipation) की दर को “विद्युत शक्ति” (Electric Power – \(P\)) कहा जाता है → विद्युत शक्ति।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI = I^2R = V^2/R\) (शक्ति के सूत्र) ।
200 वाट का एक बल्ब 220 वोल्ट के स्रोत से जुड़ा है। बल्ब से गुजरने वाली धारा ज्ञात कीजिए।
- 0.91 A
- 1.1 A
- 0.45 A
- 2.2 A
Explanation:
- \(I = \frac{P}{V} = \frac{200}{220} = 0.909 \approx 0.91\) A → 0.91 A।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI\) ।
तांबे के तार में विभवांतर 5.0 V है जब इसमें 0.5 A विद्युत धारा प्रवाहित होती है। तार का प्रतिरोध ______ है।
- 10.0 Ω
- 2.5 Ω
- 0.1 Ω
- 5.0 Ω
Explanation:
- \(R = \frac{V}{I} = \frac{5.0}{0.5} = 10.0\) Ω → 10.0 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: ओम का नियम: \(R = V/I\) ।
एक बैटरी से 10 सेकंड में, 25 कूलाम का आवेश निकलता है। प्रवाहित होने वाली धारा का मान ज्ञात कीजिए।
- 0.25 एम्पियर
- 25 एम्पियर
- 250 एम्पियर
- 2.5 एम्पियर
Explanation:
- \(I = \frac{Q}{t} = \frac{25}{10} = 2.5\) A → 2.5 एम्पियर।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 A = 1 C/s ।
______ अत्यधिक उच्च विद्युत धारा के प्रवाह को रोककर परिपथों और उपकरणों की सुरक्षा करता है।
- फ्यूज
- स्विच
- ट्रांसफार्मर
- फ्यूज
Explanation:
- “फ्यूज” (Fuse) अत्यधिक उच्च विद्युत धारा (Excess Current) के प्रवाह को रोककर परिपथों और उपकरणों की सुरक्षा करता है (पिघल जाता है) → फ्यूज।
- अतिरिक्त तथ्य: फ्यूज निम्न गलनांक (Low Melting Point) वाले पदार्थ से बना होता है।
एक विद्युत मोटर एक उपकरण है जिसका उपयोग विद्युत ऊर्जा को ______ ऊर्जा में परिवर्तित करने के लिए किया जाता है।
- यांत्रिक
- प्रकाश
- ऊष्मा
- चुंबकीय
Explanation:
- विद्युत मोटर (Electric Motor) विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) को “यांत्रिक ऊर्जा” (Mechanical Energy) में परिवर्तित करता है → यांत्रिक।
- अतिरिक्त तथ्य: जनरेटर (Generator) – यांत्रिक → विद्युत, हीटर – विद्युत → ऊष्मा, बल्ब – विद्युत → प्रकाश + ऊष्मा।
एक कॉपर का तार AB तीन भागों, AC, CD और DB से बना है, जिनका प्रतिरोध 2 : 3 : 4 के अनुपात में है। तार एक बैटरी से जुड़ा है। यदि V₁, V₂ और V₃ क्रमशः AC, CD और DB पर विभव पात हैं, तो निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
- V₁ : V₂ : V₃ = 3 : 4 : 2
- V₁ : V₂ : V₃ = 1 : 1 : 1
- V₁ : V₂ : V₃ = 1 : 2 : 3
- V₁ : V₂ : V₃ = 2 : 3 : 4
Explanation:
- श्रेणीक्रम (Series) में धारा (Current) समान होती है: \(I_1 = I_2 = I_3 = I\)
- विभव पात (Voltage Drop) \(V = IR\) → \(V \propto R\) (समान धारा के लिए) → \(V_1 : V_2 : V_3 = R_1 : R_2 : R_3 = 2 : 3 : 4\) → V₁ : V₂ : V₃ = 2 : 3 : 4।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में \(V \propto R\) ।
निम्नलिखित में से कौन सा विद्युत शक्ति का गलत सूत्र है?
- P = I²R
- P = IV
- P = V/I
- P = V²/R
Explanation:
- विद्युत शक्ति के सही सूत्र:
- \(P = VI\) → सही
- \(P = I^2R\) → सही
- \(P = \frac{V^2}{R}\) → सही
- “P = V/I” → \(P = V/I\) गलत है (सही \(P = V \times I\)) → P = V/I।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = V \times I\) (शक्ति = वोल्टता × धारा) ।
एक समानांतर परिपथ में, प्रत्येक प्रतिरोधक पर वोल्टता बैटरी द्वारा आपूर्ति की गई कुल वोल्टता की तुलना में कैसे होता है?
- यह प्रतिरोध मानों के अनुसार विभाजित होता है।
- यह शून्य है।
- यह प्रतिरोध के व्युत्क्रमानुपाती है।
- यह प्रत्येक प्रतिरोधक के लिए समान है।
Explanation:
- समानांतर परिपथ (Parallel Circuit) में, “यह प्रत्येक प्रतिरोधक के लिए समान है।” (Voltage is the same across each resistor) → सही।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में \(V_1 = V_2 = V_3 = … = V\) (कुल वोल्टता) ।
मान लीजिए जब प्रतिरोधक पर वोल्टता 10 V है, तब प्रतिरोध R के एक तार से 0.05 A की विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है। जब प्रतिरोधक पर वोल्टता 20 V होगी, तब इस तार से कितनी विद्युत धारा प्रवाहित होगी?
- 0.02 A
- 0.1 A
- 0.01 A
- 0.2 A
Explanation:
- प्रतिरोध \(R = \frac{V}{I} = \frac{10}{0.05} = 200\) Ω (स्थिर – Constant)
- नई धारा \(I’ = \frac{V’}{R} = \frac{20}{200} = 0.1\) A → 0.1 A।
- अतिरिक्त तथ्य: \(I \propto V\) (ओम का नियम) ।
विद्युत शक्ति का SI मात्रक ______ है।
- न्यूटन
- वाट
- जूल
- कैलोरी
Explanation:
- विद्युत शक्ति (Electric Power) का SI मात्रक “वाट” (Watt – W) है → वाट।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 W = 1 J/s (1 वाट = 1 जूल/सेकंड) । न्यूटन – बल, जूल – ऊर्जा/कार्य, कैलोरी – ऊष्मा।
दिए गए परिपथ में 4Ω प्रतिरोध पर विभवपात है:
- 5V
- 3V
- 2V
- 0.5V
Explanation:
- प्रश्न में परिपथ (Circuit) नहीं दिया गया है, लेकिन सामान्यतः श्रेणीक्रम (Series) में विभव पात (Voltage Drop) \(V = IR\) होता है।
- सही उत्तर: 2V (दिए गए विकल्पों के अनुसार) → 2V।
- अतिरिक्त तथ्य: विभव पात = धारा × प्रतिरोध (\(V = IR\)) ।
विभवांतर के SI मात्रक, एक वोल्ट (1 V) को किस रूप में परिभाषित किया जाता है?
- जब 1 कूलॉम आवेश को स्थानांतरित करने में 1 जूल कार्य किया जाता है
- जब 1 ओम के प्रतिरोध से 1 मिलीएम्पियर धारा प्रवाहित होती है
- जब 1 सेकंड में 1 कूलॉम का आवेश प्रवाहित होता है
- जब 1 सेकंड में 1 जूल ऊर्जा क्षय हो जाती है
Explanation:
- 1 वोल्ट (1 V) = \(\frac{1 \text{ J}}{1 \text{ C}}\) → “जब 1 कूलॉम आवेश को स्थानांतरित करने में 1 जूल कार्य किया जाता है” → सही।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 V = 1 J/C (1 वोल्ट = 1 जूल/कूलॉम) ।
विद्युत परिपथ को विद्युत या संवृत्त करने के लिए किस घटक का उपयोग किया जाता है?
- स्विच
- एमीटर
- विद्युत बल्ब
- प्रतिरोधक
Explanation:
- विद्युत परिपथ (Electric Circuit) को “चालू” (ON) या “बंद” (OFF) करने के लिए “स्विच” (Switch) का उपयोग किया जाता है → स्विच।
- अतिरिक्त तथ्य: स्विच ON → परिपथ बंद (Closed), OFF → परिपथ खुला (Open) ।
l लंबाई और R प्रतिरोध वाले एक तार को इस प्रकार बदला जाता है कि इसकी लंबाई 50% बढ़ जाती है, जबकि इसका आयतन समान रहता है। नए तार का प्रतिरोध क्या होगा?
- R/4
- 9R/4
- R/2
- 3R/2
Explanation:
- लंबाई 50% बढ़ने पर: \(L’ = 1.5L = \frac{3L}{2}\)
- आयतन समान: \(A \times L = A’ \times L’\) → \(A’ = \frac{A L}{L’} = \frac{A L}{1.5L} = \frac{2A}{3}\)
- नया प्रतिरोध: \(R’ = \rho \frac{L’}{A’} = \rho \frac{1.5L}{2A/3} = \rho \frac{1.5L \times 3}{2A} = \rho \frac{4.5L}{2A} = 2.25 \times \rho \frac{L}{A} = 2.25R = \frac{9R}{4}\) → 9R/4।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R \propto L^2\) (जब आयतन स्थिर हो) ।
बल्ब के तंतु को अत्यंत पतला और लंबा बनाने का उद्देश्य क्या है?
- उच्च धारा
- उच्च प्रतिरोध
- उच्च प्रतिरोधकता
- उच्च वोल्टेज
Explanation:
- बल्ब के तंतु (Filament) को अत्यंत पतला और लंबा बनाने का उद्देश्य “उच्च प्रतिरोध” (High Resistance) प्राप्त करना है (क्योंकि \(R \propto L\) और \(R \propto 1/A\)) → उच्च प्रतिरोध।
- अतिरिक्त तथ्य: उच्च प्रतिरोध → अधिक ऊष्मा/प्रकाश (\(H = I^2Rt\)) ।
धात्विक तार का प्रतिरोध ______ होता है।
- इसकी लंबाई के समानुपाती और अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती
- अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल और लंबाई के गुणनफल के व्युत्क्रमानुपाती
- इसकी लंबाई के व्युत्क्रमानुपाती और अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के समानुपाती
- अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल और लंबाई के गुणनफल के समानुपाती
Explanation:
- धात्विक तार का प्रतिरोध \(R = \rho \frac{L}{A}\) → \(R \propto L\) (लंबाई के समानुपाती) और \(R \propto \frac{1}{A}\) (अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती) → सही।
- अतिरिक्त तथ्य: \(\rho\) = प्रतिरोधकता (Resistivity) – सामग्री का गुण।
तीन समान प्रतिरोधक, 6 Ω में से प्रत्येक समानांतर में जुड़े हुए हैं। संयोजन का समतुल्य प्रतिरोध ______ होगा।
- 6Ω
- 18Ω
- 2Ω
- 3Ω
Explanation:
- समानांतर में: \(R_{eq} = \frac{R}{n} = \frac{6}{3} = 2\) Ω → 2Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में \(R_{eq}\) हमेशा व्यक्तिगत प्रतिरोध से कम होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा घरेलू उपकरण विद्युत मोटर का उपयोग नहीं करता है?
- विद्युत पंखा
- विद्युत मिक्सर
- विद्युत इस्तरी
- विद्युत वाशिंग मशीन
Explanation:
- “विद्युत इस्तरी” (Electric Iron) विद्युत मोटर (Electric Motor) का उपयोग नहीं करता है; यह ताप प्रभाव (Heating Effect – \(H = I^2Rt\)) पर कार्य करता है → विद्युत इस्तरी।
- अतिरिक्त तथ्य: पंखा, मिक्सर, वाशिंग मशीन – विद्युत मोटर का उपयोग करते हैं (विद्युत → यांत्रिक) ।
एक विद्युत परिपथ में दो बिंदुओं के बीच विद्युत ______ एक आवेश को एक बिंदु से दूसरे तक ले जाने के लिए किया जाने वाला कार्य है।
- प्रतिरोध
- आवेश
- विभवांतर
- धारा
Explanation:
- एक विद्युत परिपथ में दो बिंदुओं के बीच “विभवांतर” (Potential Difference – \(V\)) एक आवेश (Charge – \(Q\)) को एक बिंदु से दूसरे तक ले जाने के लिए किया जाने वाला कार्य (Work – \(W\)) है: \(V = \frac{W}{Q}\) → विभवांतर।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 V = 1 J/C ।
गतिशील लौह मापयंत्र का प्रचालन ______ पर आधारित होता है।
- ऊष्मीय प्रभाव
- स्थिरवैद्युत प्रभाव
- विद्युत चुंबकीय प्रभाव
- प्रेरण प्रभाव
Explanation:
- गतिशील लौह मापयंत्र (Moving Iron Instrument) का प्रचालन “विद्युत चुंबकीय प्रभाव” (Electromagnetic Effect) पर आधारित होता है (धारा द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र) → विद्युत चुंबकीय प्रभाव।
- अतिरिक्त तथ्य: इसका उपयोग AC और DC दोनों को मापने के लिए किया जाता है।
समान मोटाई लेकिन क्रमशः लंबाइयाँ L और 4L के दो तारों A और B पर विचार करें। यदि A और B का प्रतिरोध क्रमशः 0.5 Ω और 2.0 Ω है, तो A की प्रतिरोधकता तथा B की प्रतिरोधकता का अनुपात है:
- 1/4
- 1/2
- 1
- 4
Explanation:
- प्रतिरोधकता \(\rho = \frac{R A}{L}\) (समान मोटाई → \(A_A = A_B = A\))
- \(\rho_A = \frac{0.5 A}{L}\), \(\rho_B = \frac{2.0 A}{4L} = \frac{0.5 A}{L}\)
- \(\rho_A : \rho_B = 1 : 1\) → 1।
- अतिरिक्त तथ्य: \(\rho\) सामग्री का गुण है (समान सामग्री के लिए समान) ।
दो प्रतिरोधक, 6 Ω का A और 12 Ω का B, 3 V की बैटरी के समानांतर जुड़े हुए हैं। 1 सेकंड में परिपथ को बैटरी द्वारा आपूर्ति की गई कुल ऊर्जा है:
- 2.25 J
- 1.5 J
- 4.5 J
- 0.75 J
Explanation:
- समानांतर: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{6} + \frac{1}{12} = \frac{2+1}{12} = \frac{3}{12} = \frac{1}{4}\) → \(R_{eq} = 4\) Ω
- शक्ति \(P = \frac{V^2}{R_{eq}} = \frac{3^2}{4} = \frac{9}{4} = 2.25\) W
- ऊर्जा \(E = P \times t = 2.25 \times 1 = 2.25\) J → 2.25 J।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = V^2/R\) (समानांतर में) ।
वह कौन-सा गुण है जो किसी चालक में इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह को रोकता है?
- प्रतिबाधा
- वोल्टेज
- प्रतिरोध
- आयाम
Explanation:
- किसी चालक (Conductor) में इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह (Flow of Electrons) को रोकने वाला गुण “प्रतिरोध” (Resistance – \(R\)) है → प्रतिरोध।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R = V/I\) (प्रतिरोध = विभवांतर/धारा) ।
किसी परिपथ में वोल्टमीटर को समानांतर में क्यों जोड़ा जाता है?
- वोल्टेज ड्रॉप को कम करने के लिए
- इसमें अधिकतम धारा प्रवाहित करने की अनुमति देने के लिए
- कुल प्रतिरोध को मापने के लिए
- दो बिंदुओं के बीच विभवांतर को मापने के लिए
Explanation:
- वोल्टमीटर (Voltmeter) को “दो बिंदुओं के बीच विभवांतर” (Potential Difference) मापने के लिए समानांतर (Parallel) में जोड़ा जाता है → सही।
- अतिरिक्त तथ्य: एमीटर (Ammeter) – धारा मापने के लिए श्रेणी (Series) में जोड़ा जाता है।
निम्नलिखित में से कौन सा प्रभाव धारा द्वारा उत्पन्न नहीं होता है?
- रासायनिक प्रभाव
- संकुचन प्रभाव
- ताप प्रभाव
- चुंबकीय प्रभाव
Explanation:
- विद्युत धारा (Electric Current) द्वारा उत्पन्न प्रभाव:
- ताप प्रभाव (Heating Effect) – \(H = I^2Rt\)
- चुंबकीय प्रभाव (Magnetic Effect) – विद्युतचुंबकत्व
- रासायनिक प्रभाव (Chemical Effect) – विद्युत अपघटन (Electrolysis)
- “संकुचन प्रभाव” (Contraction Effect) – धारा द्वारा उत्पन्न नहीं होता → संकुचन प्रभाव।
- अतिरिक्त तथ्य: धारा के प्रकाश (Light) प्रभाव भी होते हैं (बल्ब) ।
100 Ω प्रतिरोध के एक धातु के तार को तार की लंबाई के बराबर परिधि वाले एक वृत्त में मोड़ा जाता है। वृत्त के दो व्यासीय विपरीत बिंदुओं के बीच समतुल्य प्रतिरोध है:
- 75 Ω
- 50 Ω
- 100 Ω
- 25 Ω
Explanation:
- तार को वृत्त (Circle) में मोड़ा गया, परिधि = तार की लंबाई → प्रत्येक अर्ध-वृत्त (Semicircle) का प्रतिरोध = \(100/2 = 50\) Ω
- व्यासीय विपरीत बिंदुओं (Diametrically Opposite Points) के बीच, दो समानांतर (Parallel) पथ होंगे, प्रत्येक 50 Ω का।
- समतुल्य प्रतिरोध: \(R_{eq} = \frac{50 \times 50}{50 + 50} = \frac{2500}{100} = 25\) Ω → 25 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में \(R_{eq} = R/n\) (जब \(R\) समान हों) ।
विद्युत परिपथ में, यदि विद्युत, वोल्टता और प्रतिरोध का प्रतिनिधित्व क्रमशः P, V और R द्वारा किया जाता है, तो उनके बीच सही संबंध है:
- P = V²/R
- P = VR²
- P = V/R²
- P = V²R
Explanation:
- शक्ति (Power) \(P = \frac{V^2}{R}\) → P = V²/R (सही) ।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI = I^2R = V^2/R\) (तीनों सही रूप) ।
घरेलू विद्युत परिपथ में, फ्यूज (FUSE) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- बिजली का भंडारण करना
- वोल्टता कम करना
- धारा में वृद्धि करना
- ओवरलोडिंग रोकना और उपकरणों की सुरक्षा करना
Explanation:
- घरेलू विद्युत परिपथ (Domestic Circuit) में फ्यूज (Fuse) का मुख्य उद्देश्य “ओवरलोडिंग रोकना और उपकरणों की सुरक्षा करना” (Prevent overloading and protect appliances) है → सही।
- अतिरिक्त तथ्य: फ्यूज अति-धारा (Overcurrent) पर पिघल जाता है।
जैसा कि नीचे दिखाया गया है, तीन समान प्रकाश बल्ब एक बैटरी से संयोजित किए गए हैं। P, Q, X, Y और Z परिपथ में कई बिंदुओं को निरूपित करते हैं। इस परिपथ के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य है?
- Q पर धारा P पर धारा से अधिक है।
- P पर धारा Q पर धारा से अधिक है।
- केवल P और Q पर धाराएँ समान हैं।
- सभी स्थानों पर धारा समान है।
Explanation:
- प्रश्न में परिपथ (Circuit) नहीं दिया गया है, लेकिन सामान्यतः श्रेणी-समानांतर (Series-Parallel) संयोजन में, P (मुख्य धारा) > Q (शाखा धारा) हो सकती है (यदि बल्ब समानांतर में जुड़े हैं) → P पर धारा Q पर धारा से अधिक है। → सही।
- अतिरिक्त तथ्य: समानांतर में धारा बँट जाती है (Divides) ।
विद्युत धारा के संचालन की जांच के लिए रवि ने एक प्रयोग किया। उन्होंने अलग-अलग जलीय घोल या तरल पदार्थ (इलेक्ट्रोलाइट के रूप में) लिया और बिजली प्रवाहित करने की कोशिश की और सर्किट को एक बल्ब से जोड़ा। निम्नलिखित में से किसकी उपस्थिति में बल्ब चमकेगा नहीं?
- ऑक्टेन (1)
- कॉपर सल्फेट (जलीय)
- सोडियम क्लोराइड (जलीय)
- कैल्शियम क्लोराइड (जलीय)
Explanation:
- “ऑक्टेन” (Octane) गैर-आयनिक (Non-ionic) कार्बनिक यौगिक है → विद्युत का संचालन नहीं करता → बल्ब नहीं चमकेगा → ऑक्टेन (1)।
- अतिरिक्त तथ्य: जलीय लवण (Aqueous salts – CuSO₄, NaCl, CaCl₂) – आयनिक → विद्युत का संचालन करते हैं।
यदि किसी चालक की सामग्री और मोटाई को समान रखते हुए उसकी लंबाई पांच गुना बढ़ा दी जाए, तो उसका प्रतिरोध ______।
- मूल का पाँचवाँ हिस्सा होगा
- मूल से पाँच गुना होगा
- दोगुना होगा
- समान रहेगा
Explanation:
- \(R = \rho \frac{L}{A}\) → \(R \propto L\) (लंबाई के अनुक्रमानुपाती – Directly Proportional) ।
- यदि \(L\) पाँच गुना (5 times) बढ़ जाती है, तो \(R\) भी मूल से पाँच गुना (5 times) हो जाता है → मूल से पाँच गुना होगा।
- अतिरिक्त तथ्य: मोटाई (क्षेत्रफल – A) समान रखने पर \(R \propto L\) ।
2 Ω के प्रतिरोधक में 0.4 A की धारा बनाए रखी जाती है। 1 सेकंड में प्रतिरोधक में उत्पन्न ऊष्मा कितनी होती है?
- 1.6 J
- 0.80 J
- 0.32 J
- 0.16 J
Explanation:
- जूल का तापन नियम: \(H = I^2 R t = (0.4)^2 \times 2 \times 1 = 0.16 \times 2 = 0.32\) J → 0.32 J।
- अतिरिक्त तथ्य: \(H = I^2Rt\) ।
विद्युत परिपथों में अत्यधिक धारा प्रवाह को रोकने के लिए उपयोग किए जाने वाले सुरक्षा उपकरण में से कौन सा एक है?
- संधारित्र
- प्रतिरोधक
- फ़्यूज़
- ट्रांसफ़ॉर्मर
Explanation:
- विद्युत परिपथों में “फ़्यूज़” (Fuse) अत्यधिक धारा प्रवाह (Overcurrent) को रोकने के लिए उपयोग किए जाने वाले सुरक्षा उपकरण (Safety Device) में से एक है → फ़्यूज़।
- अतिरिक्त तथ्य: फ्यूज पिघल (Melts) कर परिपथ को तोड़ देता है।
विद्युत धारा (I), शक्ति (P) और वोल्टता (V) के बीच क्या संबंध है?
- I = PV
- I = P²V
- I = V ÷ P
- I = P ÷ V
Explanation:
- शक्ति \(P = V \times I\) → \(I = \frac{P}{V}\) → I = P ÷ V।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI\) (शक्ति = वोल्टता × धारा) ।
लंबाई L और प्रतिरोध R के एक तार को इस प्रकार सुधारा जाता है कि इसकी लंबाई 25% बढ़ जाती है और इसके आयतन में कोई परिवर्तन नहीं होता है। नए तार का प्रतिरोध है:
- 16R/25
- 25R/16
- 4R/5
- 5R/4
Explanation:
- लंबाई 25% बढ़ने पर: \(L’ = 1.25L = \frac{5L}{4}\)
- आयतन समान: \(A’ = \frac{A L}{L’} = \frac{4A}{5}\)
- नया प्रतिरोध: \(R’ = \rho \frac{L’}{A’} = \rho \frac{1.25L}{0.8A} = 1.5625 \times \rho \frac{L}{A} = \frac{25}{16}R\) → 25R/16।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R \propto L^2\) (जब आयतन स्थिर हो) ।
श्रृंखला में जुड़े दो प्रतिरोधकों का शुद्ध प्रतिरोध 6 ओम है। यदि प्रतिरोधों में से एक 2 ओम है, तो दूसरा प्रतिरोध क्या है यदि उनके माध्यम से प्रवाहित धारा 4 एम्पियर है?
- 3 ओम
- 12 ओम
- 4 ओम
- 8 ओम
Explanation:
- श्रेणीक्रम: \(R_{eq} = R_1 + R_2 = 6\) Ω
- \(R_1 = 2\) Ω → \(R_2 = 6 – 2 = 4\) Ω → 4 ओम।
- अतिरिक्त तथ्य: धारा (4 A) का मान यहाँ अप्रासंगिक (Irrelevant) है (प्रतिरोध ज्ञात करने के लिए) ।
एक धातु के तार के माध्यम से बहने वाली विद्युत धारा इसके सिरों पर संभावित अंतर V के सीधे आनुपातिक होती है, बशर्ते कि इसका ______ समान रहे।
- वोल्टता
- ऊर्जा
- आवेश
- तापमान
Explanation:
- ओम का नियम (Ohm’s Law): \(I \propto V\) (धारा विभवांतर के सीधे आनुपातिक है), बशर्ते “तापमान” (Temperature) समान (Constant) रहे → तापमान।
- अतिरिक्त तथ्य: तापमान बढ़ने पर प्रतिरोध बढ़ता है (धातुओं के लिए) ।
घरेलू बिजली आपूर्ति में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तारों के रंग कोड का सही वर्णन करता है?
- लाइव तार लाल होता है, न्यूट्रल तार काला होता है, और अर्थ तार हरा होता है।
- लाइव तार नीला होता है, न्यूट्रल तार हरा होता है, और अर्थ तार लाल होता है।
- लाइव तार काला होता है, न्यूट्रल तार हरा होता है, और अर्थ तार नीला होता है।
- लाइव तार हरा होता है, न्यूट्रल तार लाल होता है, और अर्थ तार काला होता है।
Explanation:
- घरेलू बिजली आपूर्ति (Domestic Supply) में तारों के रंग कोड:
- लाइव तार (Live Wire) – लाल (Red) या भूरा (Brown)
- न्यूट्रल तार (Neutral Wire) – काला (Black) या नीला (Blue)
- अर्थ तार (Earth Wire) – हरा (Green) या हरा-पीला (Green-Yellow)
- सही: “लाइव तार लाल होता है, न्यूट्रल तार काला होता है, और अर्थ तार हरा होता है।” → सही।
- अतिरिक्त तथ्य: नए मानकों में लाइव – भूरा (Brown), न्यूट्रल – नीला (Blue), अर्थ – हरा-पीला (Green-Yellow) ।
विद्युत में KCL का पूर्ण रूप क्या है?
- किरचॉफ का संवाही नियम
- किरचॉफ का परिवर्तक नियम
- किरचॉफ का परिपथ नियम
- किरचॉफ का धारा नियम
Explanation:
- विद्युत (Electrical) में KCL का पूर्ण रूप “किरचॉफ का धारा नियम” (Kirchhoff’s Current Law) है → किरचॉफ का धारा नियम।
- अतिरिक्त तथ्य: KCL – संधि (Junction) पर प्रवेश करने वाली धाराओं का योग = निकलने वाली धाराओं का योग। KVL – किरचॉफ का वोल्टता नियम (Kirchhoff’s Voltage Law) ।
12 V के विभावंतर वाले दो बिंदुओं पर 4C के विद्युत आवेश को स्थानांतरित करने में कितना कार्य होता है?
- 48 जूल
- 3 जूल
- 40 जूल
- 12 जूल
Explanation:
- कार्य \(W = V \times Q = 12 \times 4 = 48\) J → 48 जूल।
- अतिरिक्त तथ्य: \(W = VQ\) (कार्य = विभवांतर × आवेश) ।
निम्नलिखित में से कौन 1 mA की माप के बराबर है?
- 10⁻³ A
- 10³ A
- 10⁶ A
- 10⁻⁶ A
Explanation:
- 1 mA (मिलीएम्पीयर) = \(10^{-3}\) A → 10⁻³ A।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 µA (माइक्रोएम्पीयर) = \(10^{-6}\) A, 1 kA = \(10^3\) A ।
0.2 Ω, 0.4 Ω, 0.6 Ω, 0.8 Ω के प्रतिरोधक 20 V के वोल्टता श्रेणीक्रम में जुड़े हुए हैं। विद्युत परिपथ की नेट शक्ति क्या है?
- 800 W
- 20 J/s
- 200 W
- 80 J/s
Explanation:
- श्रेणीक्रम: \(R_{eq} = 0.2 + 0.4 + 0.6 + 0.8 = 2.0\) Ω
- शक्ति \(P = \frac{V^2}{R} = \frac{20^2}{2} = \frac{400}{2} = 200\) W → 200 W।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = V^2/R\) ।
वोल्टमीटर का उपयोग निम्नलिखित में से किसका मापन करने के लिए किया जाता है?
- विद्युत आवेश
- प्रतिरोध
- विद्युत धारा
- विभवांतर
Explanation:
- वोल्टमीटर (Voltmeter) का उपयोग “विभवांतर” (Potential Difference – Voltage) मापने के लिए किया जाता है → विभवांतर।
- अतिरिक्त तथ्य: एमीटर – धारा (Current), ओममीटर – प्रतिरोध (Resistance), गैल्वेनोमीटर – धारा का पता लगाना।
‘समय-परिवर्ती वैद्युत क्षेत्र, चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है।’ इस परिघटना को क्या कहा जाता है?
- किरचॉफ का नियम (Kirchhoff’s law)
- फैराडे का नियम (Faraday’s law)
- एम्पियर मैक्सवेल का नियम (Ampere Maxwell’s law)
- हर्ट्ज का नियम (Hertz’s law)
Explanation:
- “समय-परिवर्ती वैद्युत क्षेत्र, चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है” – इस परिघटना को “एम्पियर-मैक्सवेल का नियम” (Ampere-Maxwell’s Law) कहा जाता है → एम्पियर मैक्सवेल का नियम।
- अतिरिक्त तथ्य: फैराडे का नियम – समय-परिवर्ती चुंबकीय क्षेत्र → विद्युत क्षेत्र, एम्पियर-मैक्सवेल – समय-परिवर्ती विद्युत क्षेत्र → चुंबकीय क्षेत्र।
______ चालक के टर्मिनलों के बीच विभावांतर बनाए रखने में मददगार है।
- बैटरी
- प्लग कुंजी
- प्रतिरोध
- वोल्टमीटर
Explanation:
- “बैटरी” (Battery) चालक के टर्मिनलों के बीच विभवांतर (Potential Difference) बनाए रखने में मददगार है → बैटरी।
- अतिरिक्त तथ्य: बैटरी रासायनिक ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करती है।
एक धात्विक चालक, कक्ष तापमान पर ओम के नियम का पालन करता है। जब इस पर प्रयुक्त विभवांतर को V से 2V तक बढ़ा दिया जाता है और तापमान को स्थिर रखा जाता है, तो चालक में प्रवाहित धारा ______।
- प्रतिरोध स्थिर होने के कारण दोगुनी हो जाती है
- अपरिवर्तित रहती है क्योंकि धारा केवल प्रतिरोध पर निर्भर करती है
- ऊर्जाधर प्रभाव के कारण दोगुने से कम हो जाती है
- इलेक्ट्रॉन अपवाह वेग में वृद्धि के कारण दोगुने से अधिक हो जाती है
Explanation:
- ओम का नियम: \(I = \frac{V}{R}\) → तापमान स्थिर → \(R\) स्थिर → यदि \(V\) दोगुना (2V) हो जाता है, तो \(I\) भी दोगुना (2I) हो जाता है → प्रतिरोध स्थिर होने के कारण दोगुनी हो जाती है।
- अतिरिक्त तथ्य: \(I \propto V\) (समान प्रतिरोध के लिए) ।
एक विद्युत तंदूर को जब 100 V पर प्रचालित किया जाता है तो उसकी शक्ति 1200 W है। विद्युत तंदूर में से कितनी धारा प्रवाहित होगी?
- 12 A
- 8 A
- 1.2 A
- 0.08 A
Explanation:
- \(I = \frac{P}{V} = \frac{1200}{100} = 12\) A → 12 A।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI\) ।
एक विद्युत बल्ब, जिसमें 2 एम्पियर की धारा प्रवाहित होती है, जब इसे 220 V जनरेटर से जोड़ा जाता है, तो इसकी शक्ति ______ होती है।
- 440 जूल
- 120 जूल
- 120 वाट
- 440 वाट
Explanation:
- शक्ति \(P = V \times I = 220 \times 2 = 440\) W → 440 वाट।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI\) (शक्ति = वोल्टता × धारा) ।
एक चालक तार की लंबाई 1 किमी है और इसके अनुप्रस्थ काट की त्रिज्या 7 मिमी है। इस तार से 10 Ω प्रतिरोध का एक प्रतिरोधक बनाया गया है। इस चालक की प्रतिरोधकता ______ होगी।
- 7 × 10⁻⁶ Ω-m
- 1.54 × 10⁻⁶ Ω-m
- 2.22 × 10⁻⁶ Ω-m
- 1 × 10⁻⁶ Ω-m
Explanation:
- \(R = \rho \frac{L}{A}\) → \(\rho = \frac{R A}{L}\)
- \(L = 1\) km = 1000 m, \(r = 7\) mm = \(7 \times 10^{-3}\) m
- \(A = \pi r^2 = \pi (7 \times 10^{-3})^2 = 3.14 \times 49 \times 10^{-6} = 1.5386 \times 10^{-4}\) m²
- \(\rho = \frac{10 \times 1.5386 \times 10^{-4}}{1000} = 1.5386 \times 10^{-6} \approx 1.54 \times 10^{-6}\) Ω-m → 1.54 × 10⁻⁶ Ω-m।
- अतिरिक्त तथ्य: \(\rho\) = प्रतिरोधकता (Resistivity) ।
यदि वोल्टेज (V) स्थिर है, तो शक्ति निम्नलिखित में से किसके अनुक्रमानुपाती होगी?
- प्रतिरोध
- ऊर्जा
- धारा
- प्रतिरोध के वर्ग
Explanation:
- शक्ति \(P = V \times I\) → यदि \(V\) स्थिर (Constant) है, तो \(P \propto I\) (धारा के अनुक्रमानुपाती – Directly Proportional) → धारा।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = VI\) ।
एक सीधे धारावाही चालक के परितः चुंबकीय क्षेत्र, I
- चालक के अनुदिश इंगित करता है
- चालक के परितः संकेंद्रित वृत्त बनाता है
- अरीय रूप से बाहर की ओर इंगित करता है
- शून्य होता है
Explanation:
- एक सीधे धारावाही चालक (Straight Current-Carrying Conductor) के परितः चुंबकीय क्षेत्र “चालक के परितः संकेंद्रित वृत्त” (Concentric Circles) बनाता है → सही।
- अतिरिक्त तथ्य: दाएँ हाथ के अंगूठे का नियम (Right-Hand Thumb Rule) – अंगूठा → धारा, उंगलियाँ → चुंबकीय क्षेत्र की दिशा।
श्रेणी परिपथ में प्रतिरोधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
- कुल प्रतिरोध किसी भी व्यक्तिगत प्रतिरोध से कम होता है।
- कुल प्रतिरोध सभी प्रतिरोधों के गुणनफल के बराबर होता है।
- कुल प्रतिरोध प्रत्येक प्रतिरोध के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
- कुल प्रतिरोध सभी व्यक्तिगत प्रतिरोधों के योग के बराबर होता है।
Explanation:
- श्रेणी परिपथ (Series Circuit) में, “कुल प्रतिरोध सभी व्यक्तिगत प्रतिरोधों के योग के बराबर होता है।” (Total resistance is the sum of all individual resistances) → सही।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R_{eq} = R_1 + R_2 + … + R_n\) (श्रेणीक्रम) ।
क्रमशः 12 Ω और 24 Ω के दो प्रतिरोध A और B, 6V की बैटरी के साथ श्रेणी क्रम में संयोजित हैं। 1 सेकंड में प्रतिरोधों में क्षय होने वाली कुल ऊष्मा ______ होगी।
- 1.0 J
- 0.30 J
- 0.15 J
- 4.5 J
Explanation:
- श्रेणीक्रम: \(R_{eq} = 12 + 24 = 36\) Ω
- धारा \(I = \frac{V}{R_{eq}} = \frac{6}{36} = \frac{1}{6}\) A
- कुल ऊष्मा \(H = I^2 R_{eq} t = \left(\frac{1}{6}\right)^2 \times 36 \times 1 = \frac{1}{36} \times 36 = 1\) J → 1.0 J।
- अतिरिक्त तथ्य: \(H = I^2Rt\) (जूल का तापन नियम) ।
R Ω के एक प्रतिरोधक पर V वोल्ट का विभवांतर प्रयुक्त किया जाता है, फिर इसमें I एम्पियर की धारा प्रवाहित होती है। प्रतिरोध को समान रखते हुए, विभवांतर का मान किस प्रकार बदला जाए कि प्रतिरोध से प्रवाहित होने वाली धारा दोगुनी हो जाए? (अन्य सभी प्राचल समान रखें।)
- V वोल्ट
- 2V वोल्ट
- V/2 वोल्ट
- V/4 वोल्ट
Explanation:
- ओम का नियम: \(I = \frac{V}{R}\) → \(R\) स्थिर रखने पर, धारा \(I \propto V\) (विभवांतर के अनुक्रमानुपाती – Directly Proportional) ।
- धारा को दोगुना (2I) करने के लिए, विभवांतर को दोगुना (2V) करना होगा → 2V वोल्ट।
- अतिरिक्त तथ्य: \(V = IR\) ।
तीन प्रतिरोधकों के समांतर संयोजन में, कौन-सा कथन परिपथ में कुल विद्युत धारा को सही ढंग से वर्णित करता है?
- यह प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित होने वाली विद्युत धाराओं का औसत होती है
- यह प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के समान होती है
- यह न्यूनतम प्रतिरोध वाले प्रतिरोधक के माध्यम से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के बराबर होती है
- यह प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित होने वाली विद्युत धाराओं के योग के बराबर होती है।
Explanation:
- समानांतर (Parallel) संयोजन में, “यह प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित होने वाली विद्युत धाराओं के योग के बराबर होती है।” (Total current = sum of individual currents) → सही।
- अतिरिक्त तथ्य: \(I_{total} = I_1 + I_2 + I_3\) (समानांतर में) ।
क्रमशः 2 Ω और 3 Ω प्रतिरोध वाले दो प्रतिरोधकों के समान्तर संयोजन का प्रभावी प्रतिरोध है:
- 1.2 Ω
- 5 Ω
- 0.83 Ω
- 8.3 Ω
Explanation:
- समानांतर: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{2} + \frac{1}{3} = \frac{3+2}{6} = \frac{5}{6}\) → \(R_{eq} = \frac{6}{5} = 1.2\) Ω → 1.2 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R_{eq} = \frac{R_1 R_2}{R_1 + R_2} = \frac{2 \times 3}{5} = 1.2\) Ω ।
प्रति सेकेंड 200 जूल ऊष्मा उत्पन्न होने पर, 2 ओम के एक प्रतिरोध के टर्मिनलों के बीच विभवांतर ______ होगा।
- 10 वोल्ट
- 80 वोल्ट
- 40 वोल्ट
- 20 वोल्ट
Explanation:
- प्रति सेकंड ऊष्मा = शक्ति \(P = 200\) W
- \(P = \frac{V^2}{R}\) → \(V^2 = P \times R = 200 \times 2 = 400\) → \(V = 20\) V → 20 वोल्ट।
- अतिरिक्त तथ्य: \(P = V^2/R\) ।
मिश्रधातु की प्रतिरोधकता सामान्यतः इसके घटक धातुओं की तुलना में अधिक होती है, और यह गुण मिश्रधातुओं को ______ के लिए उपयुक्त बनाता है।
- तारों को जोड़ने (जैसे, तांबे की पारेषण लाइनें)
- विद्युत बल्बों के तंतु (जैसे, टंग्स्टन)
- तापन घटक (जैसे, नाइक्रोम)
- सर्किट फ्यूज (जैसे, लेड/टिन मिश्र धातु)
Explanation:
- मिश्रधातु (Alloys) की प्रतिरोधकता (Resistivity) अधिक होती है, जो उन्हें “तापन घटक” (Heating Elements) के लिए उपयुक्त बनाती है (जैसे: नाइक्रोम – Nichrome) → तापन घटक (जैसे, नाइक्रोम)।
- अतिरिक्त तथ्य: नाइक्रोम (Ni-Cr) – उच्च प्रतिरोधकता, उच्च गलनांक → हीटर, टोस्टर में उपयोग।
30 ओम, 20 ओम और 60 ओम के प्रतिरोध समानांतर में जुड़े हुए हैं। संयोजन का समतुल्य प्रतिरोध ______ है।
- 110 ओम
- 0.1 ओम
- 12 ओम
- 10 ओम
Explanation:
- समानांतर: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{30} + \frac{1}{20} + \frac{1}{60} = \frac{2 + 3 + 1}{60} = \frac{6}{60} = \frac{1}{10}\) → \(R_{eq} = 10\) Ω → 10 ओम।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R_{eq}\) सबसे छोटे प्रतिरोध (20 Ω) से भी कम है।
R ओम और 5 ओम के श्रेणीक्रम संयोजन का तुल्य प्रतिरोध 7 ओम है। यहाँ, R ______ है।
- 2 Ω
- 12 Ω
- 35 Ω
- 2 Ω
Explanation:
- श्रेणीक्रम: \(R_{eq} = R + 5 = 7\) → \(R = 7 – 5 = 2\) Ω → 2 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में \(R_{eq}\) = योग (Sum) ।
एक घर में 15A फ्यूज के माध्यम से विद्युत आपूर्ति की जाती है। एक 2KW प्रत्यावर्ती धारा (AC) के साथ-साथ 100 W लैंप (बल्ब) की संख्या एक साथ उपयोग की जा सकती है: (AC और लैंप दोनों को 220 V आपूर्ति के लिए रेट किया गया है।)
- 23
- 15
- 13
- 18
Explanation:
- AC की धारा: \(I_{AC} = \frac{P}{V} = \frac{2000}{220} \approx 9.09\) A
- बची हुई धारा: \(15 – 9.09 = 5.91\) A
- प्रत्येक 100 W लैंप की धारा: \(I_{lamp} = \frac{100}{220} \approx 0.4545\) A
- लैंपों की संख्या: \(\frac{5.91}{0.4545} \approx 13\) → 13।
- अतिरिक्त तथ्य: फ्यूज रेटिंग = कुल धारा (AC + लैंप) ≤ 15 A ।
एक 4 Ω प्रतिरोधक A, एक 6 Ω प्रतिरोधक B और एक 2 V बैटरी से श्रेणीक्रम संयोजन में जुड़ा हुआ है। A और B पर विभवपात क्रमशः ______ हैं।
- 0.8 V और 1.2 V
- 0.8 V और 1.2 V
- 1.2 V और 0.8 V
- 1 V और 1 V
Explanation:
- श्रेणीक्रम: \(R_{eq} = 4 + 6 = 10\) Ω, \(I = \frac{V}{R} = \frac{2}{10} = 0.2\) A
- \(V_A = I \times R_A = 0.2 \times 4 = 0.8\) V → 0.8 V
- \(V_B = I \times R_B = 0.2 \times 6 = 1.2\) V → 1.2 V
- सही: 0.8 V और 1.2 V।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में \(V \propto R\) (विभव पात प्रतिरोध के अनुक्रमानुपाती) ।
8 Ω, 12Ω और 24Ω के तीन प्रतिरोध समानांतर क्रम में संयोजित हैं। इस संयोजन का प्रतिरोध ______ होगा।
- 4.4Ω
- 8Ω
- 4.8Ω
- 4 Ω
Explanation:
- समानांतर: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{8} + \frac{1}{12} + \frac{1}{24} = \frac{3 + 2 + 1}{24} = \frac{6}{24} = \frac{1}{4}\) → \(R_{eq} = 4\) Ω → 4 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R_{eq} = 4\) Ω (सबसे छोटे प्रतिरोध 8 Ω से भी कम) ।
किसी पदार्थ की प्रतिरोधकता निम्नलिखित में से किस पर निर्भर करती है?
- इससे गुजरने वाली धारा
- चालक की आकृति
- सामग्री की प्रकृति
- चालक की लंबाई और क्षेत्रफल
Explanation:
- प्रतिरोधकता (Resistivity – \(\rho\)) “सामग्री की प्रकृति” (Nature of Material) पर निर्भर करती है → सामग्री की प्रकृति।
- अतिरिक्त तथ्य: \(\rho\) तापमान (Temperature) पर भी निर्भर करती है, लेकिन लंबाई, क्षेत्रफल, धारा पर नहीं ।
तांबे के तार में विभवांतर 2.0 V है, जब इसमें 0.4 A धारा प्रवाहित होती है। तार का प्रतिरोध क्या है?
- 5.0 Ω
- 0.5 Ω
- 0.2 Ω
- 5.0 Ω
Explanation:
- \(R = \frac{V}{I} = \frac{2.0}{0.4} = 5.0\) Ω → 5.0 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: ओम का नियम: \(R = V/I\) ।
13 V के विभवांतर वाले दो बिंदुओं के बीच 5 C के आवेश को प्रवाहित करने में किया गया कार्य कितना होगा?
- 5 J
- 13 J
- 2.4 J
- 65 J
Explanation:
- कार्य \(W = V \times Q = 13 \times 5 = 65\) J → 65 J।
- अतिरिक्त तथ्य: \(W = VQ\) (कार्य = विभवांतर × आवेश) ।
30 ओम, 20 ओम और 60 ओम के प्रतिरोध समानांतर में जुड़े हुए हैं। संयोजन का समतुल्य प्रतिरोध ______ है।
- 110 ओम
- 0.1 ओम
- 12 ओम
- 10 ओम
Explanation:
- समानांतर: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{30} + \frac{1}{20} + \frac{1}{60} = \frac{2+3+1}{60} = \frac{6}{60} = \frac{1}{10}\) → \(R_{eq} = 10\) Ω → 10 ओम।
- अतिरिक्त तथ्य: यह प्रश्न पहले भी आया था, उत्तर 10 ओम है।
श्रेणी परिपथ में प्रतिरोधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
- कुल प्रतिरोध किसी भी व्यक्तिगत प्रतिरोध से कम होता है।
- कुल प्रतिरोध सभी प्रतिरोधों के गुणनफल के बराबर होता है।
- कुल प्रतिरोध प्रत्येक प्रतिरोध के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
- कुल प्रतिरोध सभी व्यक्तिगत प्रतिरोधों के योग के बराबर होता है।
Explanation:
- श्रेणी परिपथ (Series Circuit) में, “कुल प्रतिरोध सभी व्यक्तिगत प्रतिरोधों के योग के बराबर होता है।” → सही।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R_{eq} = R_1 + R_2 + … + R_n\) (श्रेणीक्रम) ।
जब किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर 0.3 mV का वोल्टेज लगाया जाता है, तो उससे 15 mA की धारा प्रवाहित होती है। उपकरण का प्रतिरोध क्या है?
- 0.2 mΩ
- 20 mΩ
- 200 mΩ
- 2.0 mΩ
Explanation:
- \(V = 0.3\) mV = \(0.3 \times 10^{-3}\) V, \(I = 15\) mA = \(15 \times 10^{-3}\) A
- \(R = \frac{V}{I} = \frac{0.3 \times 10^{-3}}{15 \times 10^{-3}} = \frac{0.3}{15} = 0.02\) Ω = 20 mΩ → 20 mΩ।
- अतिरिक्त तथ्य: 1 mΩ = \(10^{-3}\) Ω ।
R ओम और 5 ओम के श्रेणीक्रम संयोजन का तुल्य प्रतिरोध 7 ओम है। यहाँ, R ______ है।
- 5 ओम
- 1 ओम
- 7 ओम
- 2 ओम
Explanation:
- श्रेणीक्रम: \(R_{eq} = R + 5 = 7\) → \(R = 2\) Ω → 2 ओम।
- अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में \(R_{eq} = R_1 + R_2\) ।
एक घर में 15A फ्यूज के माध्यम से विद्युत आपूर्ति की जाती है। एक 2KW प्रत्यावर्ती धारा (AC) के साथ-साथ 100 W लैंप (बल्ब) की संख्या एक साथ उपयोग की जा सकती है: (AC और लैंप दोनों को 220 V आपूर्ति के लिए रेट किया गया है।)
- 23
- 15
- 13
- 18
Explanation:
- AC की धारा: \(I_{AC} = 2000/220 \approx 9.09\) A
- बची हुई धारा: \(15 – 9.09 = 5.91\) A
- प्रत्येक 100 W लैंप की धारा: \(100/220 \approx 0.4545\) A
- लैंपों की संख्या: \(5.91/0.4545 \approx 13\) → 13।
- अतिरिक्त तथ्य: फ्यूज रेटिंग = कुल धारा ≤ 15 A ।
एक 4 Ω प्रतिरोधक A, एक 6 Ω प्रतिरोधक B और एक 2 V बैटरी से श्रेणीक्रम संयोजन में जुड़ा हुआ है। A और B पर विभवपात क्रमशः ______ हैं।
- 1.4 V और 0.6 V
- 1.2 V और 0.8 V
- 0.6 V और 1.4 V
- 0.8 V और 1.2 V
Explanation:
- श्रेणीक्रम: \(R_{eq} = 4 + 6 = 10\) Ω, \(I = 2/10 = 0.2\) A
- \(V_A = 0.2 \times 4 = 0.8\) V → 0.8 V
- \(V_B = 0.2 \times 6 = 1.2\) V → 1.2 V
- सही: 0.8 V और 1.2 V।
- अतिरिक्त तथ्य: \(V \propto R\) (श्रेणीक्रम में) ।
8Ω, 12Ω और 24Ω के तीन प्रतिरोध समानांतर क्रम में संयोजित हैं। इस संयोजन का प्रतिरोध ______ होगा।
- 44Ω
- 8Ω
- 4.8Ω
- 4 Ω
Explanation:
- समानांतर: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{8} + \frac{1}{12} + \frac{1}{24} = \frac{3+2+1}{24} = \frac{6}{24} = \frac{1}{4}\) → \(R_{eq} = 4\) Ω → 4 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: \(R_{eq} = 4\) Ω (सबसे छोटे प्रतिरोध से कम) ।
किसी पदार्थ की प्रतिरोधकता निम्नलिखित में से किस पर निर्भर करती है?
- इससे गुजरने वाली धारा
- चालक की आकृति
- सामग्री की प्रकृति
- चालक की लंबाई और क्षेत्रफल
Explanation:
- प्रतिरोधकता (Resistivity – \(\rho\)) “सामग्री की प्रकृति” पर निर्भर करती है → सामग्री की प्रकृति।
- अतिरिक्त तथ्य: \(\rho\) तापमान पर भी निर्भर करती है।
तांबे के तार में विभवांतर 2.0 V है, जब इसमें 0.4 A धारा प्रवाहित होती है। तार का प्रतिरोध क्या है?
- 5.0 Ω
- 0.5 Ω
- 0.2 Ω
- 2.5 Ω
Explanation:
- \(R = \frac{V}{I} = \frac{2.0}{0.4} = 5.0\) Ω → 5.0 Ω।
- अतिरिक्त तथ्य: ओम का नियम: \(R = V/I\) ।
13 V के विभवांतर वाले दो बिंदुओं के बीच 5 C के आवेश को प्रवाहित करने में किया गया कार्य कितना होगा?
- 5 J
- 13 J
- 2.4 J
- 65 J
Explanation:
- कार्य \(W = V \times Q = 13 \times 5 = 65\) J → 65 J।
- अतिरिक्त तथ्य: \(W = VQ\) (कार्य = विभवांतर × आवेश) ।
