SCIENCE
द्रवचालित लिफ्ट और द्रवचालित ब्रेक की कार्यप्रणाली निम्नलिखित में से किस पर आधारित है?
- फैराडे का नियम
- गे-लुसैक का नियम
- पास्कल का नियम
- कूलॉम का नियम
Explanation:
- हाइड्रोलिक लिफ्ट और हाइड्रोलिक ब्रेक पास्कल के नियम (Pascal’s law) पर काम करते हैं, जो कहता है कि किसी बंद द्रव में लगाया गया दाब समान रूप से सभी दिशाओं में संचारित होता है।
- इस सिद्धांत से छोटे बल से बड़ा बल प्राप्त किया जा सकता है (बल आवर्धन)।
Quick Facts:
- पास्कल का नियम: P = F/A (दाब = बल/क्षेत्रफल)
- हाइड्रोलिक प्रेस, जैक, ब्रेक सभी इसी पर आधारित हैं।
किसी वस्तु का द्रव्यमान सर्वत्र (पृथ्वी या चंद्रमा पर) नियत रहता है, जबकि उसका भार बदल जाता है क्योंकि ___________।
- भार का SI मात्रक न्यूटन है, जबकि द्रव्यमान का किलोग्राम है
- भार, ‘g’ के स्थानीय मान पर निर्भर करता है, जो स्थान के साथ बदलता रहता है
- द्रव्यमान, जड़त्व पर निर्भर है, लेकिन भार, जड़त्व पर निर्भर नहीं है
- भार एक अदिश राशि है, जबकि द्रव्यमान एक सदिश राशि है
Explanation:
- द्रव्यमान (mass) पदार्थ की मात्रा है, जो स्थान पर निर्भर नहीं करता।
- भार (weight) = द्रव्यमान × गुरुत्वीय त्वरण (mg), और g का मान स्थान (पृथ्वी/चंद्रमा) के अनुसार बदलता है, इसलिए भार बदलता है।
Quick Facts:
- पृथ्वी पर g ≈ 9.8 m/s², चंद्रमा पर g ≈ 1.6 m/s² (≈ 1/6)
- भार SI मात्रक: न्यूटन (N), द्रव्यमान SI मात्रक: किलोग्राम (kg)
निम्नलिखित में से किस क्रिया में वैज्ञानिक कार्य शामिल है?
- दोस्तों के साथ बातचीत करने में समय बिताना
- सीढ़ियाँ चढ़ना
- फिल्म देखना
- स्थिर खड़े रहते हुए सिर पर भारी भार उठाना
Explanation:
- वैज्ञानिक कार्य (work) = बल × विस्थापन (W = F × s)
- सीढ़ियाँ चढ़ने में गुरुत्वाकर्षण के विपरीत बल लगता है और विस्थापन होता है, इसलिए कार्य होता है।
- स्थिर खड़े रहने पर भार उठाने पर विस्थापन नहीं होता, इसलिए कार्य शून्य है (W = 0)।
Quick Facts:
- कार्य की SI इकाई जूल (J) है।
- यदि बल और विस्थापन के बीच कोण 90° है, तो कार्य शून्य होता है।
यदि आप किसी गैस पर दाब डालते हैं, तो अंतराआणविक अवकाशों और बलों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- अंतराआणविक अवकाश घटते हैं, अंतराआणविक बल बढ़ते हैं।
- अंतराआणविक अवकाश बढ़ते हैं, अंतराआणविक बल घटते हैं।
- अंतराआणविक अवकाश और बल दोनों बढ़ते हैं।
- अंतराआणविक अवकाश और बल दोनों अपरिवर्तित रहते हैं।
Explanation:
- गैस पर दाब बढ़ाने पर अणुओं के बीच की दूरी (अंतराआणविक अवकाश) घट जाती है, जिससे अणु निकट आ जाते हैं।
- निकटता बढ़ने पर अंतराआणविक आकर्षण बल (intermolecular forces) बढ़ जाते हैं।
Quick Facts:
- गैसों में अंतराआणविक अवकाश अधिकतम होते हैं, ठोसों में न्यूनतम।
- बॉयल का नियम: स्थिर ताप पर, गैस का दाब, आयतन के व्युत्क्रमानुपाती होता है (P ∝ 1/V)।
गति की निम्नलिखित समीकरणों में से किसका उपयोग किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा प्राप्त करने के लिए किया जाता है?
- a = (v – u)/t
- s = ut + ½at²
- v = u + at
- v² – u² = 2as
Explanation:
- गतिज ऊर्जा (KE) = ½ mv² प्राप्त करने के लिए, हम v² = u² + 2as (गति का तीसरा समीकरण) का उपयोग करते हैं।
- कार्य-ऊर्जा प्रमेय: W = ΔKE = ½ m(v² – u²) = F × s = ma × s
- इससे v² – u² = 2as प्राप्त होता है, जिससे KE = ½ mv² निकाला जाता है।
Quick Facts:
- गति के तीन समीकरण: v = u + at, s = ut + ½at², v² = u² + 2as
- KE की SI इकाई जूल (J) है।
किसी निकाय के संवेग के परिवर्तन की दर _____ के अनुक्रमानुपाती होती है।
- लागू स्थितिज ऊर्जा
- लागू बल
- लागू विस्थापन
- लागू दाब
Explanation:
- न्यूटन का दूसरा नियम: F = ma = m(v-u)/t = Δp/t (संवेग परिवर्तन की दर)
- अतः संवेग के परिवर्तन की दर, लागू बल (F) के अनुक्रमानुपाती होती है।
Quick Facts:
- संवेग (p) = द्रव्यमान × वेग (mv)
- F = dp/dt (बल, संवेग परिवर्तन की दर है)।
किसी वस्तु की स्थिर अवस्था या उसकी गति की अवस्था का विरोध करने की प्रवृत्ति ______ कहलाती है।
- बल
- संवेग
- गुरुत्वाकर्षण
- जड़त्व
Explanation:
- जड़त्व (inertia) किसी वस्तु का वह गुण है, जिसके कारण वह अपनी विराम या एकसमान गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है।
- यह न्यूटन के पहले नियम का आधार है।
Quick Facts:
- जड़त्व का माप = द्रव्यमान (अधिक द्रव्यमान = अधिक जड़त्व)
- जड़त्व दो प्रकार का होता है: विराम जड़त्व और गति जड़त्व।
न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार क्रिया और प्रतिक्रिया बलों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- वे एक ही वस्तु पर एक ही दिशा में कार्य करते हैं
- वे एक दूसरे को रद्द कर देते हैं क्योंकि वे एक ही वस्तु पर कार्य करते हैं
- वे एक ही वस्तु पर अलग-अलग समय पर कार्य करते हैं
- वे एक ही समय में दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं
Explanation:
- न्यूटन का तीसरा नियम: “प्रत्येक क्रिया के लिए एक समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है” (क्रिया और प्रतिक्रिया बल दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं)।
- यदि वे एक ही वस्तु पर कार्य करें, तो वे एक दूसरे को रद्द कर देंगे, जो नियम के विपरीत है।
Quick Facts:
- क्रिया-प्रतिक्रिया बल सदैव युग्म (pair) में आते हैं।
- ये बल परिमाण में बराबर, दिशा में विपरीत और विभिन्न वस्तुओं पर कार्य करते हैं।
जब एक बंदूक चलाई जाती है, तो गोली के आगे चलने पर बंदूक पीछे की ओर धक्का देती है। यह न्यूटन के गति के तीसरे नियम को कैसे प्रदर्शित करता है?
- गोली केवल इसलिए आगे बढ़ती है क्योंकि बंदूक में संरक्षित ऊर्जा होती है।
- बंदूक पीछे की ओर धक्का देती है क्योंकि यह गोली से भारी होती है।
- बंदूक पीछे की ओर धक्का देती है क्योंकि गोली, बंदूक की अपेक्षा तेजी से चलती है।
- बंदूक गोली को आगे धकेलती है, और गोली समान और विपरीत बल के साथ बंदूक को पीछे की ओर धकेलती है।
Explanation:
- बंदूक चलाने पर, बंदूक गोली पर आगे की ओर बल लगाती है (क्रिया)।
- गोली भी बंदूक पर उतने ही बल के साथ पीछे की ओर बल लगाती है (प्रतिक्रिया), जिससे बंदूक पीछे हटती है (रिकॉइल)।
- यह संवेग संरक्षण (conservation of momentum) का भी उदाहरण है।
Quick Facts:
- रिकॉइल (recoil) का वेग: V = (m/M)v (जहाँ m = गोली का द्रव्यमान, M = बंदूक का द्रव्यमान)
- यह न्यूटन के तीसरे नियम का व्यावहारिक उदाहरण है।
न्यूटन के गति के तीसरे नियम के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- क्रिया और प्रतिक्रिया बराबर और विपरीत होती हैं लेकिन दो अलग-अलग पिंडों पर कार्य करती हैं।
- क्रिया और प्रतिक्रिया असमान होती हैं और एक ही पिंड पर कार्य करती हैं।
- क्रिया और प्रतिक्रिया एक ही पिंड पर कार्य करती हैं और परिमाण में बराबर होती हैं।
- क्रिया और प्रतिक्रिया एक दूसरे को रद्द कर देती हैं क्योंकि वे एक ही पिंड पर कार्य करती हैं।
Explanation:
- न्यूटन का तीसरा नियम स्पष्ट रूप से कहता है: क्रिया और प्रतिक्रिया बराबर और विपरीत होती हैं, और वे दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करती हैं।
- इसलिए वे एक दूसरे को रद्द नहीं करतीं (क्योंकि विभिन्न वस्तुओं पर लगी होती हैं)।
Quick Facts:
- न्यूटन के तीन नियम: पहला (जड़त्व), दूसरा (F = ma), तीसरा (क्रिया-प्रतिक्रिया)।
- उदाहरण: चलने में पैर द्वारा पीछे धकेलना (क्रिया), और फर्श द्वारा आगे धकेलना (प्रतिक्रिया)।
पृथ्वी की सतह पर किसी वस्तु का भार 60 N मापा गया। चंद्रमा की सतह पर उसका भार क्या होगा?
- 10 N
- 60 N
- 39 N
- 30 N
Explanation:
- चंद्रमा पर g का मान पृथ्वी के g का लगभग 1/6 गुना होता है।
- चंद्रमा पर भार = पृथ्वी पर भार × (g_चंद्रमा / g_पृथ्वी) = 60 × (1/6) = 10 N
- द्रव्यमान स्थिर रहेगा (≈ 60/9.8 ≈ 6.12 kg)।
Quick Facts:
- चंद्रमा पर g = 1.6 m/s², पृथ्वी पर g = 9.8 m/s²
- भार (N) = द्रव्यमान (kg) × g (m/s²)
द्रव्यमान m का एक पत्थर रस्सी से बंधा हुआ एकसमान गति v से त्रिज्या r के ऊर्ध्वाधर वृत्ताकार पथ में घुमाया जाता है। सबसे निचले बिंदु पर पत्थर पर कार्य करने वाला कुल अधोमुखी बल है:
- mg
- mg – mv²/r
- mv²/r – mg
- mv²/r + mg
Explanation:
- ऊर्ध्वाधर वृत्ताकार गति में, निचले बिंदु पर अभिकेन्द्री बल (centripetal force) = T – mg = mv²/r (T = तनाव, ऊपर की ओर)
- कुल अधोमुखी बल = mg + mv²/r (चूँकि अभिकेन्द्री बल की दिशा ऊपर की ओर होती है, अधोमुखी बल का योगदान mg + mv²/r है?) वास्तव में, निचले बिंदु पर कुल बल = mg (नीचे) + mv²/r (ऊपर की ओर? नहीं, यहाँ अभिकेन्द्री बल ऊपर की ओर है, इसलिए T = mg + mv²/r, और अधोमुखी बल = mg है? प्रश्न में “अधोमुखी बल” = mg (गुरुत्व) है। पर विकल्पों में mv²/r + mg दिया है, जो कुल बल (T) का मान है, अधोमुखी नहीं।
- सबसे निचले बिंदु पर, कुल बल (नेट बल) ऊपर की ओर होता है, और उसका मान = mv²/r (अभिकेन्द्री)। पर अधोमुखी बल = mg ही है। विकल्पों में mv²/r + mg = T (तनाव) है, जो ऊपर की ओर बल है। प्रश्न “अधोमुखी बल” पूछ रहा है, तो mg सही होना चाहिए, पर विकल्पों में नहीं है। अतः प्रश्न में संभवतः “कुल बल” या “तनाव” पूछा गया है, और सही विकल्प mv²/r + mg है (यह तनाव है, जो ऊपर की ओर, अधोमुखी नहीं)।
Quick Facts:
- ऊर्ध्वाधर वृत्ताकार गति: निचले बिंदु पर T = mg + mv²/r, ऊपरी बिंदु पर T = mv²/r – mg
- अभिकेन्द्री बल = mv²/r (हमेशा केंद्र की ओर)
द्रव्यमान और जड़त्व के बीच संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही है?
- यहाँ दिए गए आंकड़े किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए पर्याप्त नहीं हैं
- जड़त्व द्रव्यमान से स्वतंत्र है
- जड़त्व द्रव्यमान के व्युत्क्रमानुपाती है
- जड़त्व द्रव्यमान के समानुपाती है
Explanation:
- जड़त्व (inertia) द्रव्यमान (mass) के अनुक्रमानुपाती (directly proportional) होता है।
- अधिक द्रव्यमान वाली वस्तु का जड़त्व अधिक होता है (उसे गति/विराम अवस्था में बदलना कठिन होता है)।
Quick Facts:
- जड़त्व का माप द्रव्यमान है (kg में)।
- न्यूटन का पहला नियम जड़त्व का नियम है।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, अविक्षुब्ध वस्तुओं को विरामावस्था में रहने या समान वेग से गतिमान रहने की प्रवृत्ति का सर्वोत्तम रूप से वर्णन करता है?
- बल
- त्वरण
- संवेग
- जड़त्व
Explanation:
- जड़त्व (inertia) वह गुण है जो किसी वस्तु को उसकी विराम या एकसमान गति की अवस्था में बनाए रखता है, जब तक कि बाहरी बल न लगाया जाए।
- यह न्यूटन के पहले नियम का सार है।
Quick Facts:
- विराम जड़त्व: वस्तु विराम में रहने की प्रवृत्ति।
- गति जड़त्व: वस्तु गति में रहने की प्रवृत्ति।
कौन-सा नियम काले पिंडों के रंगों की व्याख्या करता है, जिसमें सूर्य और अन्य तारे भी शामिल हैं, उनके तापमान के संदर्भ में?
- प्लैंक का नियम
- स्नेल का नियम
- वीन का नियम
- केप्लर के ग्रहों की गति के नियम
Explanation:
- वीन का नियम (Wien’s law) कहता है कि किसी ब्लैक बॉडी द्वारा उत्सर्जित विकिरण की तरंगदैर्घ्य (λ_max) उसके तापमान (T) के व्युत्क्रमानुपाती होती है: λ_max ∝ 1/T
- इससे तारों के रंग से उनके तापमान का अनुमान लगाया जाता है (नीले तारे → अधिक ताप, लाल तारे → कम ताप)।
Quick Facts:
- सूर्य का तापमान ≈ 5778 K, इसका रंग पीला-सफेद (λ_max ≈ 500 nm)।
- गर्म वस्तुएँ नीली/सफेद, ठंडी वस्तुएँ लाल दिखती हैं (वीन का विस्थापन नियम)।
कौन-सा नियम धारावाही लूप के अंदर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा निर्धारित करने में सहायता करता है?
- फ्लेमिंग का दायाँ हाथ का नियम
- बायाँ हाथ के अंगूठे का नियम
- दाहिने हाथ के अंगूठे का नियम
- फ्लेमिंग का बायाँ हाथ का नियम
Explanation:
- दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम (Right-hand thumb rule): यदि हम धारावाही चालक को दाहिने हाथ से पकड़ें, तो अंगूठा धारा की दिशा में और उंगलियाँ चुंबकीय क्षेत्र की दिशा दिखाती हैं (परिनालिका/लूप के लिए भी)।
- फ्लेमिंग के नियम (बाएँ/दाएँ) बल की दिशा बताते हैं, क्षेत्र की दिशा नहीं।
Quick Facts:
- दक्षिण हस्त नियम: अंगूठा = धारा (I), उंगलियाँ = चुंबकीय क्षेत्र (B) (चालक के चारों ओर)।
- परिनालिका के अंदर B की दिशा अक्ष के समानांतर होती है (धारा की दिशा पर निर्भर)।
दो वस्तुएँ त्वरित हो रही हैं – एक का द्रव्यमान 3 kg है और वह 4 m/s² की गति से त्वरित होती है, और दूसरी का द्रव्यमान 5 kg है और वह 2 m/s² की गति से त्वरित होती है। इनमें से किसको गति करने के लिए अधिक बल की आवश्यकता है?
- दोनों को समान बल की आवश्यकता होती है
- दूरी जाने बिना इसका निर्धारण नहीं किया जा सकता
- 3 kg की वस्तु
- 5 kg की वस्तु
Equation: F₁ = 3×4 = 12 N, F₂ = 5×2 = 10 N → F₁ > F₂
Explanation:
- F = ma (न्यूटन का दूसरा नियम)
- F₁ = 3 × 4 = 12 N
- F₂ = 5 × 2 = 10 N
- अतः 3 kg वाली वस्तु को अधिक बल (12 N) की आवश्यकता है।
Quick Facts:
- बल का SI मात्रक न्यूटन (N) है (1 N = 1 kg·m/s²)
- त्वरण वेग में परिवर्तन की दर है (a = Δv/t)।
15 kg द्रव्यमान का पिंड 5ms⁻² त्वरण से गतिमान है। तो उस पर कार्यरत बल होगा।
- 75 N
- 75 J
- -75 J
- 75 W
Equation: F = ma = 15 × 5 = 75 N
Explanation:
- न्यूटन का दूसरा नियम: F = m × a
- F = 15 kg × 5 m/s² = 75 N
- J (जूल) कार्य/ऊर्जा की इकाई है, W (वाट) शक्ति की।
Quick Facts:
- 1 N = 1 kg·m/s²
- बल, द्रव्यमान और त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है।
द्रव्यमान 80 kg की एक वस्तु 60 ms⁻¹ के वेग के साथ घूम रही है, तब वस्तु का संवेग ______ है।
- 4800 kgms²
- 4800 kgms⁻¹
- 4800 kg
- 4800 ms⁻¹
Equation: p = mv = 80 × 60 = 4800 kg m/s
Explanation:
- संवेग (momentum) p = द्रव्यमान × वेग = m × v
- p = 80 kg × 60 m/s = 4800 kg·m/s (kg m s⁻¹)
- संवेग एक सदिश राशि है, इसकी इकाई kg m s⁻¹ है।
Quick Facts:
- संवेग संरक्षण: बाह्य बल की अनुपस्थिति में कुल संवेग स्थिर रहता है।
- संवेग = बल × समय (आवेग, impulse)
यदि एक पुस्तक मेज पर रखी है और हिल नहीं रही है, तो कौन-से बल संतुलित है?
- पुस्तक का भार और मेज द्वारा सामान्य प्रतिक्रिया
- केवल पुस्तक का वजन ही कार्य करता है
- पुस्तक का भार और घर्षण
- सामान्य प्रतिक्रिया और घर्षण
Explanation:
- पुस्तक पर नीचे की ओर गुरुत्वाकर्षण बल (mg) और ऊपर की ओर मेज द्वारा सामान्य प्रतिक्रिया (N) कार्य कर रहे हैं।
- चूँकि पुस्तक स्थिर है, ये दोनों बल परिमाण में बराबर और विपरीत दिशा में हैं (N = mg), अतः संतुलित बल (balanced forces) हैं।
Quick Facts:
- संतुलित बल: शुद्ध बल (net force) = 0, वस्तु विराम या एकसमान गति में होती है।
- असंतुलित बल: शुद्ध बल ≠ 0, वस्तु त्वरित होती है।
निम्नलिखित में से कौन एक अदिश राशि है?
- द्रव्यमान
- वेग
- संवेग
- त्वरण
Explanation:
- अदिश (scalar) राशियाँ: केवल परिमाण (magnitude) होता है, दिशा नहीं (जैसे द्रव्यमान, चाल, दूरी, ऊर्जा, तापमान)।
- वेग (velocity), संवेग (momentum), त्वरण (acceleration) सदिश (vector) राशियाँ हैं (परिमाण + दिशा)।
Quick Facts:
- अदिश: द्रव्यमान, चाल, दूरी, समय, तापमान, ऊर्जा, कार्य, शक्ति
- सदिश: विस्थापन, वेग, त्वरण, बल, संवेग, आवेग
चलती बस में खड़ा एक यात्री अचानक बस के रुकने पर आगे की ओर गिर जाता है। यह निम्नलिखित में से किस नियम को दर्शाता है?
- न्यूटन का पहला नियम
- न्यूटन का दूसरा नियम
- गुरुत्व का नियम
- न्यूटन का तीसरा नियम
Explanation:
- बस के अचानक रुकने पर, यात्री का शरीर गति के जड़त्व (inertia of motion) के कारण आगे की ओर झुकता है।
- यह न्यूटन के पहले नियम (जड़त्व का नियम) को दर्शाता है: “बाह्य बल की अनुपस्थिति में कोई वस्तु अपनी गति की अवस्था में परिवर्तन नहीं करती।”
Quick Facts:
- इसी प्रकार, बस के अचानक चलने पर यात्री पीछे की ओर झुकता है (विराम जड़त्व)।
- यह न्यूटन के पहले नियम का दैनिक उदाहरण है।
क्रिया और प्रतिक्रिया बलों की मात्रा बराबर होने पर भी, वे बराबर त्वरण उत्पन्न नहीं कर सकते। क्यों?
- क्योंकि बल एक ही वस्तु पर कार्य करते हैं।
- क्योंकि प्रतिक्रिया बल हमेशा कम प्रभावी होते हैं।
- क्योंकि प्रत्येक बल एक अलग वस्तु पर कार्य करता है, और वस्तुओं का द्रव्यमान भिन्न हो सकता है।
- क्योंकि केवल अधिक बल ही त्वरण उत्पन्न करता है।
Explanation:
- न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, क्रिया और प्रतिक्रिया बल परिमाण में बराबर होते हैं, लेकिन वे भिन्न वस्तुओं पर कार्य करते हैं।
- त्वरण (a = F/m) वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है। चूँकि दोनों वस्तुओं के द्रव्यमान भिन्न हो सकते हैं, त्वरण भी भिन्न होंगे (F समान, m भिन्न ⇒ a भिन्न)।
Quick Facts:
- उदाहरण: छोटी गेंद और बड़ी गेंद के बीच टक्कर में, बल समान पर त्वरण भिन्न (क्योंकि द्रव्यमान भिन्न)।
- a = F/m, इसलिए कम द्रव्यमान पर अधिक त्वरण, अधिक द्रव्यमान पर कम त्वरण।
किसी पिंड के अंदर प्रति इकाई क्षेत्रफल पर स्थापित पुनर्स्थापन बल को कहा जाता है:
- प्रतिबल
- द्रव्यमान
- विकृति
- प्रत्यास्थता
Explanation:
- प्रतिबल (Stress) = बल / क्षेत्रफल (F/A), यह विकृत (deformed) पिंड के अंदर प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाला पुनर्स्थापन बल है।
- विकृति (Strain) = आयाम में परिवर्तन / मूल आयाम (विमाहीन)।
- प्रत्यास्थता (Elasticity) पिंड का गुण है, जो उसे विकृत होने के बाद पुनः मूल आकार में लौटने में मदद करता है।
Quick Facts:
- प्रतिबल की SI इकाई: पास्कल (Pa) = N/m²
- हूक का नियम: प्रतिबल ∝ विकृति (यांत्रिक सीमा के अंदर)
दाब का सूत्र क्या है?
- द्रव्यमान/क्षेत्रफल
- बल/क्षेत्रफल
- बल/द्रव्यमान
- बल/समय
Explanation:
- दाब (Pressure) = बल (Force) / क्षेत्रफल (Area) = F/A
- इसकी SI इकाई पास्कल (Pa) है (1 Pa = 1 N/m²)
Quick Facts:
- दाब एक अदिश राशि है (जबकि बल सदिश है)।
- उदाहरण: तीखी कील से दाब अधिक होता है (क्षेत्रफल कम)।
कॉर्क पानी में क्यों तैरती रहती है, जबकि लोहे की कील डूब जाती है?
- कॉर्क की तैरने की क्षमता के कारण
- दोनों पर समान बल लगने के कारण
- उनके रूपों में अंतर के कारण
- उनके घनत्व में अंतर के कारण
Explanation:
- कॉर्क का घनत्व (density) पानी से कम होता है, इसलिए वह तैरता है (उत्प्लावन बल > भार)।
- लोहे की कील का घनत्व पानी से अधिक होता है, इसलिए वह डूबती है (भार > उत्प्लावन बल)।
- यह आर्किमिडीज के सिद्धांत पर आधारित है।
Quick Facts:
- घनत्व = द्रव्यमान/आयतन (kg/m³)
- यदि वस्तु का घनत्व > द्रव का घनत्व, तो डूबती है; यदि <, तो तैरती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, द्रव्यमान और जड़त्व के बीच संबंध का सही तरीके से वर्णन करता है?
- द्रव्यमान, जड़त्व के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होता है।
- द्रव्यमान, जड़त्व के अनुक्रमानुपाती होता है।
- द्रव्यमान, जड़त्व से स्वतंत्र होता है।
- द्रव्यमान, जड़त्व के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
Explanation:
- जड़त्व का माप = द्रव्यमान। द्रव्यमान जितना अधिक, जड़त्व उतना अधिक।
- यह अनुक्रमानुपाती (directly proportional) संबंध है।
Quick Facts:
- जड़त्व = विरोध (resistance) करने की प्रवृत्ति।
- उदाहरण: भारी ट्रक को रोकना हल्की साइकिल से कठिन है (अधिक जड़त्व)।
दो पिंडों के बीच बल सदैव होते हैं:
- असमान बल
- असमान और विपरीत दिशा में
- समान और समान दिशा में
- समान और विपरीत दिशा में
Explanation:
- न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, दो पिंडों के बीच क्रिया-प्रतिक्रिया बल परिमाण में समान (equal) और दिशा में विपरीत (opposite) होते हैं।
- ये बल विभिन्न पिंडों पर कार्य करते हैं।
Quick Facts:
- क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म: F₁₂ = -F₂₁
- ये बल एक दूसरे को रद्द नहीं करते (क्योंकि भिन्न पिंडों पर हैं)।
जब कोई पिंड, दूसरे पिंड की सतह पर लुढ़कता है, तो इसकी गति का विरोध करने वाले बल को क्या कहा जाता है?
- बेल्लन घर्षण
- स्थिरवैद्युत घर्षण
- सर्पी घर्षण
- स्थैतिक घर्षण
Explanation:
- जब कोई पिंड किसी सतह पर लुढ़कता है, तो उसके गति का विरोध करने वाला बल ‘बेल्लन घर्षण’ (rolling friction) कहलाता है।
- यह सर्पी घर्षण (sliding friction) से कम होता है, और स्थैतिक घर्षण (static friction) से भी कम होता है (सामान्यतः)।
Quick Facts:
- घर्षण के प्रकार: स्थैतिक > सर्पी > बेल्लन (परिमाण में)
- बेल्लन घर्षण = μ_r × N (μ_r = बेल्लन घर्षण गुणांक)
एक वस्तु की संवेग ______ पर निर्भर करता है।
- वस्तु पर कार्य करने वाला बल
- वस्तु का द्रव्यमान
- पिंड का द्रव्यमान और वेग दोनों
- वस्तु का वेग
Explanation:
- संवेग (p) = द्रव्यमान (m) × वेग (v)
- यह द्रव्यमान और वेग दोनों पर निर्भर करता है।
Quick Facts:
- संवेग एक सदिश राशि है, इसकी दिशा वेग की दिशा में होती है।
- SI इकाई: kg·m/s (kg m s⁻¹)
आर्किमिडीज का सिद्धांत कहता है कि जब कोई पिंड किसी तरल पदार्थ में डूबा होता है, तो उसे ___________ का अनुभव होता है।
- पिंड द्वारा विस्थापित द्रव के भार के बराबर ऊपर की ओर बल
- पिंड के भार के बराबर ऊपर की ओर बल
- पिंड द्वारा विस्थापित द्रव के भार के बराबर नीचे की ओर बल
- इसके भार में कोई परिवर्तन नहीं
Explanation:
- आर्किमिडीज का सिद्धांत: किसी द्रव में डूबी वस्तु पर ऊपर की ओर उत्प्लावन बल (buoyant force) उस वस्तु द्वारा विस्थापित द्रव (displaced fluid) के भार के बराबर होता है।
- F_b = ρ × V × g (ρ = द्रव घनत्व, V = डूबा आयतन, g = गुरुत्वीय त्वरण)
Quick Facts:
- उत्प्लावन बल ऊपर की ओर कार्य करता है।
- यदि उत्प्लावन बल > भार, तो वस्तु तैरती है; यदि <, तो डूबती है।
जब एक खाली बोतल को हवा बंद करके पानी में डुबोया जाता है और फिर छोड़ा जाता है, तो वह वापस ऊपर उछलती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ________।
- पानी एक खाली बोतल पर बल नहीं लगाता है।
- बोतल पर गुरुत्वाकर्षण बल पानी के उत्प्लावन बल के बराबर है।
- बोतल पर पानी का उत्प्लावन बल बोतल पर कार्य करने वाले गुरुत्वाकर्षण बल से अधिक है।
- बोतल पर कार्य करने वाला गुरुत्वाकर्षण बल पानी के उत्प्लावन बल से अधिक है।
Explanation:
- खाली बोतल (हवा से भरी) का घनत्व पानी से कम होता है (क्योंकि हवा का घनत्व बहुत कम है)।
- इसलिए उत्प्लावन बल (F_b) > बोतल का भार (mg), और बोतल ऊपर उछलती है (तैरती है)।
Quick Facts:
- तैरने की शर्त: ρ_object < ρ_fluid
- पानी में खाली बोतल का डूबा हुआ आयतन कम होता है।
यह मानते हुए कि वस्तु एकसमान वेग से गतिमान है, किसी वस्तु के वेग को उसके यात्रा समय से गुणा करने पर कौन-सी भौतिक राशि प्राप्त होती है?
- विस्थापन
- संवेग
- त्वरण
- बल
Explanation:
- एकसमान वेग (uniform velocity) के लिए, विस्थापन (displacement) = वेग × समय (s = v × t)
- त्वरण (a) = Δv/t, संवेग (p) = m×v, बल (F) = m×a
Quick Facts:
- यदि वेग एकसमान नहीं है, तो विस्थापन = वेग-समय ग्राफ के अंतर्गत क्षेत्रफल।
- विस्थापन की SI इकाई मीटर (m) है।
निम्नलिखित आकर्षण बलों में से कौन-सा ग्रेफाइट की विभिन्न परतों के बीच मौजूद होता है?
- वांडरवाल्स बल
- कूलॉम बल
- गुरुत्वाकर्षण बल
- विद्युत-चुंबकीय बल
Explanation:
- ग्रेफाइट (graphite) में कार्बन परमाणु एक परत (sheet) में सहसंयोजक बंध (covalent bond) से जुड़े होते हैं, और विभिन्न परतों के बीच दुर्बल वांडरवाल्स (van der Waals) आकर्षण बल होते हैं।
- इस दुर्बल बल के कारण परतें एक-दूसरे पर फिसल सकती हैं, जिससे ग्रेफाइट एक स्नेहक (lubricant) के रूप में कार्य करता है।
Quick Facts:
- ग्रेफाइट में प्रति कार्बन परमाणु 3 सहसंयोजक बंध, एक मुक्त इलेक्ट्रॉन (विद्युत चालकता)।
- वांडरवाल्स बल दुर्बल (weak) होते हैं, जो अध्रुवीय अणुओं/परतों के बीच होते हैं।
एक तैराक पानी को पीछे की ओर धकेलता है। तैराक को आगे की ओर धकेलने वाला प्रतिक्रिया बल ………………….।
- गुरुत्वाकर्षण तैराक को आगे की ओर धकेलता है
- हवा तैराक को आगे की ओर धकेलती है
- पानी तैराक को पीछे की ओर धकेलता है
- पानी तैराक को आगे की ओर धकेलता है
Explanation:
- तैराक पानी पर पीछे की ओर बल लगाता है (क्रिया)।
- न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, पानी भी तैराक पर उतने ही बल के साथ आगे की ओर बल लगाता है (प्रतिक्रिया)।
- इसी प्रतिक्रिया बल के कारण तैराक आगे बढ़ता है।
Quick Facts:
- यह क्रिया-प्रतिक्रिया का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
- इसी प्रकार, नाव चलाने में चप्पू द्वारा पानी को पीछे धकेलना → नाव आगे बढ़ती है।
चलती कार में अचानक ब्रेक लगाने पर यात्री आगे की ओर झटका क्यों खाते हैं?
- गति के जड़त्व के कारण जो शरीर को आगे की ओर गतिमान रखता है
- इंजन द्वारा लगाए गए बल के कारण
- सीट और शरीर के बीच घर्षण के कारण
- ब्रेक यात्रियों को आगे की ओर धकेलते हैं
Explanation:
- ब्रेक लगाने पर कार रुकती है, परंतु यात्रियों का शरीर गति के जड़त्व (inertia of motion) के कारण आगे की ओर बढ़ता रहता है, इसलिए वे झटका (जर्क) महसूस करते हैं।
- यह न्यूटन के पहले नियम का उदाहरण है।
Quick Facts:
- सीट बेल्ट (seat belt) का उपयोग इसी जड़त्व के प्रभाव को कम करने के लिए किया जाता है।
- यदि कार अचानक चले, तो यात्री पीछे की ओर झुकते हैं (विराम जड़त्व)।
कारों, ट्रकों और बुलडोजरों के टायरों को क्यों ट्रेड किया जाता है?
- घर्षण को बढ़ाने के लिए और सड़क पर उन्हें बेहतर पकड़ प्रदान करने के लिए
- टायरों की बनावट इसके डिजाइन को सुंदर बनाने के लिए
- घर्षण को कम करने के लिए
- वाहन की चाल को बढ़ाने के लिए
Explanation:
- टायरों पर ट्रेड (खांचे) घर्षण (friction) बढ़ाते हैं, जिससे सड़क पर पकड़ (grip) बेहतर होती है और फिसलन (skidding) कम होती है।
- यह विशेष रूप से बरसात/कीचड़ में जल निकासी में भी सहायक होता है।
Quick Facts:
- घर्षण बढ़ाने के अन्य उपाय: सड़क पर खुरदरापन, जूतों के तलवों में खाँचे।
- वाहनों की चाल बढ़ाने के लिए घर्षण कम करना चाहिए (जैसे तेल/ग्रीस)।
धारावाही वृत्ताकार पाश के लिए, क्षेत्र की तीव्रता ______ होती है।
- केंद्र पर अधिकतम
- परिधि पर अधिकतम
- परिधि पर अनिश्चित
- केंद्र पर न्यूनतम
Explanation:
- धारावाही वृत्ताकार लूप (current-carrying circular loop) के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र अधिकतम होता है और अक्ष पर दूरी बढ़ने पर घटता है।
- केंद्र पर B = μ₀ I / (2r) (r = त्रिज्या)
Quick Facts:
- वृत्ताकार लूप के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा दक्षिण हस्त नियम से ज्ञात होती है।
- अक्ष पर दूर जाने पर B ∝ 1/r³ (द्विध्रुव की तरह)।
जब दो पिंड परस्पर क्रिया करते हैं, तो क्रिया और प्रतिक्रिया बल _________।
- विभिन्न पिंडों पर कार्य करते हैं
- समान दिशा में कार्य करते हैं
- दोनों पिंडों पर समान प्रभाव डालते हैं
- समान पिंड पर कार्य करते हैं
Explanation:
- न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, क्रिया और प्रतिक्रिया बल विभिन्न पिंडों (different bodies) पर कार्य करते हैं।
- वे परिमाण में बराबर और दिशा में विपरीत होते हैं।
Quick Facts:
- क्रिया-प्रतिक्रिया एक युग्म (pair) में होती है, एक दूसरे पर निर्भर होती है।
- यदि वे समान पिंड पर कार्य करें, तो वे संतुलित हो जाते (रद्द)।
लीवर के संचालन के लिए बाह्य रूप से लगाया गया बल क्या है?
- बल
- गति
- प्रयास
- भार
Explanation:
- लीवर (lever) में, बाह्य रूप से लगाया गया बल ‘प्रयास’ (effort) कहलाता है, और जिस बल को संतुलित करना होता है वह ‘भार’ (load) कहलाता है।
- प्रयास और भार के बीच का संबंध लीवर के प्रकार (उत्तोलक) पर निर्भर करता है।
Quick Facts:
- लीवर: आलम्ब (fulcrum), प्रयास (effort), भार (load)
- प्रथम श्रेणी: आलम्ब मध्य में (कैंची), द्वितीय: भार मध्य में (ठेला), तृतीय: प्रयास मध्य में (चिमटा)।
हाइड्रोलिक ब्रेक और हाइड्रोलिक लिफ्ट जैसे उपकरण किस भौतिक नियम या सिद्धांत पर काम करते हैं?
- फैराडे का नियम
- आर्किमिडीज का सिद्धांत
- न्यूटन का नियम
- पास्कल का नियम
Explanation:
- हाइड्रोलिक उपकरण (लिफ्ट, ब्रेक, प्रेस) पास्कल के नियम (Pascal’s law) पर आधारित हैं, जो कहता है कि एक सीमित द्रव (enclosed fluid) में लगाया गया दाब समान रूप से सभी दिशाओं में संचारित होता है।
Quick Facts:
- पास्कल का नियम: P = F₁/A₁ = F₂/A₂ ⇒ F₂ = F₁ × (A₂/A₁)
- इससे बल आवर्धन (force multiplication) संभव है।
_______ एक कारक है, जो किसी वस्तु को रोकने या गति देने का कार्य करता है।
- वाट
- कार्य
- बल
- जूल
Explanation:
- बल (Force) वह कारक है जो किसी वस्तु की गति की अवस्था में परिवर्तन (रोकना, गति देना, दिशा बदलना) करता है।
- वाट (W) = शक्ति की इकाई, जूल (J) = कार्य/ऊर्जा की इकाई।
Quick Facts:
- बल = द्रव्यमान × त्वरण (F = ma)
- बल एक सदिश राशि है, SI मात्रक न्यूटन (N) है।
“जब एक टम्बलर के ऊपर रखा गया कार्ड उंगली से झटकाया जाता है, तो उसके ऊपर रखा सिक्का टम्बलर में गिरता है”।
- ऊर्जा संरक्षण का नियम
- न्यूटन की गति का तीसरा नियम
- जड़त्व का नियम
- संवेग के संरक्षण का नियम
Explanation:
- कार्ड को झटके से हटाने पर, सिक्का विराम जड़त्व (inertia of rest) के कारण अपनी स्थिति में बना रहता है और फिर गुरुत्वाकर्षण के कारण नीचे टम्बलर में गिर जाता है।
- यह न्यूटन के पहले नियम (जड़त्व) का एक क्लासिक प्रदर्शन है।
Quick Facts:
- इसी प्रयोग को ‘सिक्का और कार्ड’ प्रयोग कहते हैं।
- यह विराम जड़त्व (inertia of rest) का उदाहरण है।
ग्रहों की गति के नियमों का प्रस्ताव किसने दिया?
- रोजर बेकन
- आइजैक न्यूटन
- जोहान्स केप्लर
- गैलीलियो
Explanation:
- जोहान्स केप्लर (Johannes Kepler) ने ग्रहों की गति के तीन नियम (Kepler’s laws of planetary motion) प्रस्तावित किए।
- न्यूटन ने बाद में गुरुत्वाकर्षण नियम से इन्हें व्युत्पन्न (derive) किया।
Quick Facts:
- केप्लर के नियम: (1) दीर्घवृत्तीय कक्षाएँ, (2) क्षेत्रफल नियम, (3) आवर्त नियम (T² ∝ R³)
- ये नियम सूर्य के चारों ओर ग्रहों की गति को समझाते हैं।
चंद्रमा पर किसी वस्तु का भार ______ होता है।
- वस्तु के घनत्व के आधार पर अधिक या कम हो सकता है
- पृथ्वी पर भार से कम
- पृथ्वी पर भार से अधिक
- पृथ्वी पर भार के बराबर
Explanation:
- चंद्रमा पर g का मान पृथ्वी के g का लगभग 1/6 गुना होता है।
- भार = mg, अतः चंद्रमा पर भार = (1/6) × पृथ्वी पर भार (कम होता है)।
Quick Facts:
- चंद्रमा पर द्रव्यमान स्थिर रहता है, केवल भार बदलता है।
- चंद्रमा पर g ≈ 1.6 m/s², पृथ्वी पर g ≈ 9.8 m/s²
यदि किसी पिंड का वेग 4 सेकंड में +20 m/s से -10 m/s हो जाता है, तो त्वरण _______ होगा।
- +7.5 m/s²
- –7.5 m/s²
- +5.0 m/s²
- –5.0 m/s²
Equation: a = (v-u)/t = (-10-20)/4 = -30/4 = -7.5 m/s²
Explanation:
- त्वरण (a) = (अंतिम वेग – प्रारंभिक वेग) / समय = (v – u)/t
- a = (-10 – 20)/4 = -30/4 = -7.5 m/s²
- ऋणात्मक चिह्न मंदन (retardation) को दर्शाता है (वेग घट रहा है/दिशा बदल रही है)।
Quick Facts:
- त्वरण की SI इकाई m/s² है।
- त्वरण एक सदिश राशि है (दिशा सहित)।
जब साइकिल में ब्रेक लगाया जाता है, तो ब्रेक पैड पहिए को स्पर्श करता है। अब पहिए को क्या रोकता है?
- पैड और रिम के बीच का घर्षण
- ब्रेक पैड गुरुत्वाकर्षण के कारण नीचे गिरता है और गति को रोकता है
- पैड और रिम के बीच चुंबकीय बल
- पैड और रिम के बीच विद्युतस्थैतिक बल
Explanation:
- साइकिल के ब्रेक लगाने पर, ब्रेक पैड (pad) और पहिए के रिम (rim) के बीच घर्षण (friction) उत्पन्न होता है, जो पहिए की गति का विरोध करता है और उसे रोकता है।
- यह सर्पी घर्षण (sliding friction) का उदाहरण है।
Quick Facts:
- ब्रेक पैड खुरदरे होते हैं ताकि घर्षण अधिक हो।
- इसी प्रकार, कार, ट्रेन आदि के ब्रेक घर्षण पर ही कार्य करते हैं।
एक भौतिक राशि की पहचान करें जो सदिश नहीं है।
- विस्थापन
- त्वरण
- दूरी
- बल
Explanation:
- दूरी (distance) एक अदिश (scalar) राशि है (केवल परिमाण, दिशा नहीं)।
- विस्थापन (displacement), त्वरण (acceleration), बल (force) सदिश (vector) राशियाँ हैं (परिमाण + दिशा)।
Quick Facts:
- अदिश: दूरी, चाल, द्रव्यमान, ऊर्जा, समय, तापमान
- सदिश: विस्थापन, वेग, त्वरण, बल, संवेग, आवेग
निम्न में से किसमें दिशा और परिमाण दोनों होते हैं?
- द्रव्यमान
- दूरी
- संवेग
- चाल
Explanation:
- संवेग (momentum) = द्रव्यमान × वेग (एक सदिश राशि है, क्योंकि वेग सदिश है और द्रव्यमान अदिश है, पर गुणनफल सदिश होता है)।
- द्रव्यमान, दूरी, चाल → अदिश (केवल परिमाण)।
Quick Facts:
- सदिश राशियाँ: परिमाण + दिशा (जैसे वेग, बल, संवेग, त्वरण, विस्थापन)
- अदिश राशियाँ: केवल परिमाण (जैसे चाल, दूरी, द्रव्यमान, ऊर्जा)
यदि हम पेड़ की शाखा को तेजी से हिलाएँ तो कुछ फलियाँ पेड़ से अलग हो जाती हैं। यह ________ के कारण होता है।
- वेग
- मुक्त पतन
- आवेग
- जड़त्व
Explanation:
- शाखा को हिलाने पर, फलियाँ विराम जड़त्व (inertia of rest) के कारण अपनी स्थिति में बनी रहती हैं, जबकि शाखा हिल जाती है, इसलिए फलियाँ अलग हो जाती हैं।
- यह न्यूटन के पहले नियम का उदाहरण है।
Quick Facts:
- इसी प्रकार, धूल भरे कालीन को पीटने पर धूल के कण अलग हो जाते हैं (जड़त्व)।
- विराम जड़त्व: वस्तु विराम में रहने की प्रवृत्ति।
एक स्थिर बल 2 सेकंड की अवधि के लिए 5 kg द्रव्यमान की वस्तु पर कार्य करता है। यह वस्तु के वेग को 4 ms⁻¹ से 7 ms⁻¹ तक बढ़ा देता है प्रयुक्त बल की मात्रा ज्ञात करें।
- 5.5 N
- 8.5 N
- 7.5 N
- 4.8 N
Equation: a = (7-4)/2 = 1.5 m/s², F = ma = 5 × 1.5 = 7.5 N
Explanation:
- त्वरण (a) = (v – u)/t = (7 – 4)/2 = 1.5 m/s²
- बल (F) = m × a = 5 × 1.5 = 7.5 N
Quick Facts:
- न्यूटन का दूसरा नियम: F = m × a
- बल की SI इकाई न्यूटन (N) है (1 N = 1 kg·m/s²)
जब कोई ठोस पिघलता है लेकिन उसका तापमान अपरिवर्तित रहता है, तो ऊष्मा ऊर्जा कहाँ जाती है?
- इसका उपयोग कणों के बीच के प्रतिकर्षण बल को दूर करने के लिए होता है।
- इसका उपयोग कणों के बीच के आकर्षण बल को दूर करने के लिए होता है।
- यह प्रतिकर्षण बल को दूर करने के दौरान परिवेश में विलीन हो जाती है।
- आकर्षण बल को दूर करने के दौरान यह ऊर्जा परिवेश में विलीन हो जाती है।
Explanation:
- जब कोई ठोस पिघलता है, तो दी गई ऊष्मा (गुप्त ऊष्मा, latent heat) कणों के बीच के आकर्षण बल (intermolecular attractive forces) को दूर करने में उपयोग होती है, जिससे कणों की व्यवस्था ढीली हो जाती है (ठोस → द्रव)।
- इस अवधि में तापमान स्थिर रहता है (गलनांक पर)।
Quick Facts:
- गुप्त ऊष्मा (Latent heat): बिना ताप परिवर्तन के अवस्था परिवर्तन के लिए आवश्यक ऊष्मा।
- गलन की गुप्त ऊष्मा = L_f (जूल/किग्रा)
‘पदार्थ के कणों के आकर्षण’ के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- विभिन्न कणों के लिए आकर्षण बल भिन्न-भिन्न होता है।
- गैसों की तुलना में द्रवों में आकर्षण बल कम होता है।
- विभिन्न कणों के लिए आकर्षण बल समान होता है।
- ठोस पदार्थों की तुलना में तरल पदार्थों में आकर्षण बल अधिक होता है।
Explanation:
- पदार्थ के कणों के बीच आकर्षण बल (intermolecular force) पदार्थ के प्रकार पर निर्भर करता है (ठोस > द्रव > गैस)।
- विभिन्न पदार्थों के लिए यह बल भिन्न-भिन्न होता है (उदाहरण: इस्पात में बल > रबर में)।
Quick Facts:
- ठोसों में आकर्षण बल अधिकतम, गैसों में न्यूनतम।
- यह बल पदार्थ की अवस्था (solid/liquid/gas) और रासायनिक प्रकृति पर निर्भर करता है।
द्रव्यमान के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- द्रव्यमान किसी पिंड के जड़त्व का माप है
- द्रव्यमान और भार बिल्कुल समान हैं
- द्रव्यमान किसी पिंड पर लगने वाले बल का माप है
- द्रव्यमान पिंड की अवस्थिति पर निर्भर करता है
Explanation:
- द्रव्यमान (mass) किसी पिंड के जड़त्व (inertia) का माप (measure) है (अधिक द्रव्यमान = अधिक जड़त्व)।
- द्रव्यमान और भार (weight) भिन्न हैं (भार = mg, g के साथ बदलता है, पर द्रव्यमान स्थिर है)।
- द्रव्यमान स्थान पर निर्भर नहीं करता।
Quick Facts:
- द्रव्यमान SI मात्रक: किलोग्राम (kg)
- द्रव्यमान एक अदिश राशि है।
किसी क्षैतिज मेज पर किसी वस्तु को गतिमान करने के लिए, हमें क्या लगाना होगा?
- वस्तु पर केवल नीचे की ओर बल
- वस्तु पर ऊपर और नीचे दोनों दिशाओं में समान मात्रा में लंबवत बल
- असंतुलित बल
- केवल एक एकल बल जो वस्तु के लंबवत हो
Explanation:
- किसी वस्तु को गतिमान करने के लिए, उस पर असंतुलित बल (unbalanced force) लगाना आवश्यक है (क्योंकि संतुलित बल से शुद्ध बल = 0, गति नहीं होगी)।
- क्षैतिज गति के लिए, बल क्षैतिज दिशा में होना चाहिए (लंबवत बल से कोई क्षैतिज गति नहीं होगी)।
Quick Facts:
- असंतुलित बल → त्वरण → गति (न्यूटन का दूसरा नियम)
- संतुलित बल → शुद्ध बल = 0 → स्थिर अवस्था या एकसमान गति
जब माध्यम का तापमान बढ़ता है, तो ध्वनि की गति
- प्रभावित नहीं होती है।
- घटती है।
- शून्य हो जाती है।
- बढ़ती है।
Explanation:
- ध्वनि की चाल (v) माध्यम के तापमान (T) के साथ बढ़ती है, क्योंकि v ∝ √T (निरपेक्ष तापमान के वर्गमूल के समानुपाती)।
- गर्म माध्यम में अणुओं की गति अधिक होती है, जिससे ध्वनि तीव्रता से संचारित होती है।
Quick Facts:
- वायु में ध्वनि की चाल: 0°C पर ≈ 331 m/s, 20°C पर ≈ 344 m/s, 40°C पर ≈ 355 m/s
- v = v₀ + 0.61 T (T = °C में)
10 m/s गति से चलने वाला 2,000 kg का ट्रक ट्रैफिक लाइट पर खड़ी कार से टकराता है। संघट्ट के बाद दोनों एक साथ 8 m/s से गति करते हैं। कार का द्रव्यमान ______ है अगर संघट्ट से पहले और बाद की कुल ऊर्जा संरक्षित रहती है।
- 250 kg
- 500 kg
- 750 kg
- 1,000 kg
Equation: m₁v₁ = (m₁+m₂)v₂ → 2000×10 = (2000+m₂)×8 → 20000 = 16000 + 8m₂ → m₂ = 500 kg
Explanation:
- संवेग संरक्षण (conservation of momentum): m₁u₁ + m₂u₂ = (m₁+m₂)v
- यहाँ u₂ = 0 (कार स्थिर है), u₁ = 10, v = 8
- 2000×10 = (2000 + m₂)×8 ⇒ 20000 = 16000 + 8m₂ ⇒ 8m₂ = 4000 ⇒ m₂ = 500 kg
Quick Facts:
- यह पूर्णतः अप्रत्यास्थ (perfectly inelastic) संघट्ट है (दोनों साथ चलते हैं)।
- संवेग संरक्षण: बाह्य बल की अनुपस्थिति में कुल संवेग स्थिर रहता है।
यदि कोई बल ‘F’ किसी पिंड पर इस प्रकार कार्य करता है कि पिंड बल की दिशा में ‘x’ दूरी तक विस्थापित हो जाता है, तो बल द्वारा किया गया कार्य ______ है।
- F/x
- x/F
- x²F
- Fx
Explanation:
- कार्य (W) = बल (F) × विस्थापन (s) (जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों)।
- यहाँ विस्थापन = x, अतः W = F × x
Quick Facts:
- कार्य की SI इकाई जूल (J) है (1 J = 1 N·m)
- यदि बल और विस्थापन के बीच कोण θ हो, तो W = F·s·cosθ
जूते के तलवों में खांचे क्यों बनाए जाते हैं?
- जूते के डिजाइन की सुंदरता बढ़ाने के लिए।
- जूते को फर्श पर आसानी से फिसलने लायक बनाने के लिए।
- घर्षण को कम करने के लिए।
- घर्षण को बढ़ाने और बेहतर पकड़ प्रदान करने के लिए।
Explanation:
- जूतों के तलवों में खांचे (treads) घर्षण (friction) बढ़ाते हैं, जिससे फिसलन (skidding) नहीं होती और पकड़ (grip) बेहतर होती है।
- यह सुरक्षा के लिए आवश्यक है, विशेषकर फिसलन वाली सतहों पर।
Quick Facts:
- घर्षण बढ़ाने के उपाय: खुरदरी सतह, खाँचे, रबरयुक्त तलवे।
- घर्षण कम करने के उपाय: चिकनी सतह, तेल/ग्रीस, बॉल बेयरिंग।
10 kg द्रव्यमान का एक पिंड 5 m/s के एकसमान वेग से गतिमान है। इस पर कार्य करने वाला कुल बल क्या है?
- 10 N
- 2 N
- 0 N
- 50 N
Explanation:
- एकसमान वेग (uniform velocity) से गतिमान पिंड का त्वरण (a) = 0
- कुल बल = m × a = 10 × 0 = 0 N (न्यूटन का पहला नियम: बाह्य बल की अनुपस्थिति में वस्तु एकसमान वेग से चलती है)।
Quick Facts:
- शुद्ध बल (net force) = 0 ⇒ संतुलित बल (balanced forces)
- यदि घर्षण मौजूद है, तो उसे संतुलित करने के लिए बल लगाना पड़ता है, पर कुल बल 0 ही होता है।
ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत ______ लागू होता है।
- केवल सभी रासायनिक प्रणालियों पर
- सामान्यतः सभी भौतिक प्रक्रियाओं में
- विशेष रूप से सभी विद्युत प्रणालियों पर
- केवल सभी यांत्रिक प्रणालियों पर
Explanation:
- ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत (conservation of energy) सभी भौतिक प्रक्रियाओं (यांत्रिक, विद्युत, रासायनिक, ऊष्मीय, प्रकाशिक, आदि) पर लागू होता है।
- यह ब्रह्मांड का एक मौलिक नियम है: ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट, केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित हो सकती है।
Quick Facts:
- ऊर्जा के रूप: गतिज, स्थितिज, ऊष्मीय, रासायनिक, विद्युत, प्रकाश, ध्वनि, नाभिकीय।
- ऊर्जा का SI मात्रक जूल (J) है।
10 kg द्रव्यमान वाले एक बॉक्स पर 20 s के लिए लगाए गए बल का परिमाण ज्ञात कीजिए। यह बॉक्स के वेग को 5 m s⁻¹ से 15 m s⁻¹ तक बढ़ाता है?
- 1 N
- 4 N
- 5 N
- 10 N
Equation: a = (15-5)/20 = 0.5 m/s², F = ma = 10 × 0.5 = 5 N
Explanation:
- त्वरण (a) = (v – u)/t = (15 – 5)/20 = 10/20 = 0.5 m/s²
- बल (F) = m × a = 10 × 0.5 = 5 N
Quick Facts:
- त्वरण वेग में परिवर्तन की दर है।
- बल का SI मात्रक न्यूटन (N) है।
तनाव जानने का सूत्र है:
- बल/क्षेत्र
- बल/द्रव्यमान
- द्रव्यमान/क्षेत्र
- बल/समय
Explanation:
- तनाव (Stress) = बल (Force) / क्षेत्रफल (Area) = F/A
- इसकी SI इकाई पास्कल (Pa) है (1 Pa = 1 N/m²)
Quick Facts:
- विकृति (Strain) = ΔL/L (विमाहीन)
- हूक का नियम: प्रतिबल ∝ विकृति (प्रत्यास्थ सीमा के अंदर)
20 m/s के वेग से गतिमान 1000 kg द्रव्यमान वाली कार ब्रेक लगाने के बाद 10 s में विराम अवस्था में आती है। ब्रेक द्वारा लगाए गए बल का मान क्या है?
- -2000 N
- -5000 N
- -500 N
- -200 N
Equation: a = (0-20)/10 = -2 m/s², F = ma = 1000 × (-2) = -2000 N
Explanation:
- त्वरण (a) = (v – u)/t = (0 – 20)/10 = -2 m/s² (ऋणात्मक = मंदन)
- बल (F) = m × a = 1000 × (-2) = -2000 N
- ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि बल गति की विपरीत दिशा में है (ब्रेकिंग बल)।
Quick Facts:
- ब्रेकिंग बल = -2000 N (परिमाण = 2000 N, दिशा विपरीत)
- मंदन (retardation) = -2 m/s²
वेग-समय ग्राफ के अंतर्गत क्षेत्रफल क्या दर्शाता है?
- विस्थापन
- त्वरण
- बल
- किया गया कार्य
Explanation:
- वेग-समय (v-t) ग्राफ के अंतर्गत क्षेत्रफल (area under curve) विस्थापन (displacement) को दर्शाता है (चूँकि विस्थापन = वेग × समय, जो ग्राफ के क्षेत्रफल के बराबर है)।
- त्वरण = v-t ग्राफ की ढाल (slope) है।
Quick Facts:
- v-t ग्राफ का ढाल = त्वरण (a = Δv/Δt)
- क्षेत्रफल = s = ∫v dt (आंकलन)
असंतुलित बल का गतिमान वस्तु पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- यह वस्तु को तुरंत रोक देता है।
- यह चाल या गति की दिशा में परिवर्तन करता है।
- यह वस्तु का भार बढ़ा देता है।
- यह वस्तु को विरामावस्था में रखता है।
Explanation:
- असंतुलित बल (unbalanced force) वस्तु के वेग (चाल या दिशा) में परिवर्तन करता है, अर्थात त्वरण उत्पन्न करता है।
- यह न्यूटन के दूसरे नियम (F = ma) के अनुरूप है।
Quick Facts:
- संतुलित बल: शुद्ध बल = 0 → वस्तु विराम या एकसमान गति में
- असंतुलित बल: शुद्ध बल ≠ 0 → त्वरण
वह बल जो किसी वस्तु की गति की अवस्था को परिवर्तित करता है, ……………….. कहलाता है।
- संतुलित बल
- घर्षण बल
- असंतुलित बल
- गुरुत्वाकर्षण बल
Explanation:
- गति की अवस्था में परिवर्तन (वेग में परिवर्तन) असंतुलित बल (unbalanced force) के कारण होता है।
- संतुलित बल से गति की अवस्था में कोई परिवर्तन नहीं होता।
Quick Facts:
- न्यूटन का पहला नियम: बाह्य बल की अनुपस्थिति में वस्तु अपनी अवस्था बनाए रखती है।
- असंतुलित बल = शुद्ध बल ≠ 0
यदि किसी वस्तु की चाल दोगुनी कर दी जाए, तो उसकी गतिज ऊर्जा ………………..
- चार गुनी हो जाती है
- अपरिवर्तित रहती है
- आधी हो जाती है
- दोगुनी हो जाती है
Explanation:
- गतिज ऊर्जा (KE) = ½ mv²
- यदि v → 2v, तो KE’ = ½ m (2v)² = ½ m × 4v² = 4 × (½ mv²) = 4 KE
- अतः चार गुनी (quadruple) हो जाती है।
Quick Facts:
- KE ∝ v² (वेग के वर्ग के समानुपाती)
- स्थितिज ऊर्जा (PE) = mgh (ऊँचाई पर निर्भर)
पृथ्वी और ‘m’ kg द्रव्यमान वाले किसी पिंड के बीच गुरुत्वाकर्षण बल ‘F’ N है। यदि पिंड का द्रव्यमान बढ़ाकर ‘4m’ kg कर दिया जाए, तो पिंड और पृथ्वी के बीच गुरुत्वाकर्षण बल क्या होगा? (अन्य सभी प्राचलों को समान रखें)
- F N
- F/4 N
- 4F N
- F/2 N
Explanation:
- न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम: F = G × M × m / R² (M = पृथ्वी का द्रव्यमान, R = दूरी)
- यदि m → 4m, तो F’ = G × M × (4m) / R² = 4 × (G M m / R²) = 4F
- अतः बल 4 गुना हो जाता है।
Quick Facts:
- गुरुत्वाकर्षण बल ∝ द्रव्यमान (पिंड का)
- G = 6.67 × 10⁻¹¹ N m²/kg² (सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक)
ब्रह्मांड में सभी द्रव्यमानों के बीच का आकर्षण बल विशेष रूप से पृथ्वी की सतह के पास के पिंडों के लिए पृथ्वी के द्रव्यमान के आकर्षण को ……………….. कहा जाता है।
- स्प्रिंग बल
- यांत्रिक बल
- गुरुत्वाकर्षण बल
- घर्षण बल
Explanation:
- ब्रह्मांड में सभी द्रव्यमानों के बीच आकर्षण बल को ‘गुरुत्वाकर्षण बल’ (Gravitational force) कहते हैं।
- पृथ्वी की सतह के निकट, पृथ्वी के द्रव्यमान के कारण वस्तुओं पर लगने वाले बल को ‘गुरुत्वाकर्षण बल’ या ‘भार’ (Weight) कहते हैं।
Quick Facts:
- गुरुत्वाकर्षण बल = mg (जहाँ g = गुरुत्वीय त्वरण)
- यह एक सार्वत्रिक बल है, जो सभी पदार्थों पर कार्य करता है।
जब आप कुर्सी पर बैठते हैं, तो कुर्सी आप पर ऊपर की ओर बल लगाती है। इस स्थिति में प्रतिक्रिया बल क्या होता है?
- कुर्सी पर नीचे की ओर लगने वाला आपका भार
- कुर्सी पर वायु का बल
- आपके कपड़ों और कुर्सी के बीच घर्षण
- पृथ्वी का गुरूत्वीय कर्षण
Explanation:
- न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, ‘क्रिया’ और ‘प्रतिक्रिया’ बल बराबर और विपरीत होते हैं, पर भिन्न-भिन्न वस्तुओं पर कार्य करते हैं।
- यहाँ ‘क्रिया’ = आपके भार द्वारा कुर्सी पर नीचे की ओर लगाया गया बल। ‘प्रतिक्रिया’ = कुर्सी द्वारा आप पर ऊपर की ओर लगाया गया बल (सामान्य बल)।
Quick Facts:
- यह ‘सामान्य बल’ (Normal reaction) का उदाहरण है।
- क्रिया-प्रतिक्रिया बल सदैव विभिन्न वस्तुओं पर लगते हैं, एक ही वस्तु पर नहीं।
धातुओं का वह गुण जिसके कारण उन्हें पीटकर पतली चादर बनाई जा सकती है, उनकी विशेषता क्या कहलाती है?
- प्रतिरोध
- आघातवर्धनीयता
- दीर्घायु
- खिंचाव
Explanation:
- धातुओं को पीटकर पतली चादर (sheet) बनाने की क्षमता को ‘आघातवर्धनीयता’ (Malleability) कहते हैं।
- तन्यता (Ductility) = पतले तार (wire) में खींचे जाने की क्षमता।
Quick Facts:
- उदाहरण: सोना (Au) सबसे अधिक आघातवर्धनीय धातु है (1 g सोने को 1 m² तक फैलाया जा सकता है)।
- आघातवर्धनीयता = पीटना, तन्यता = खींचना।
जब हवा का तापमान बढ़ता है, तो ध्वनि तरंगों की चाल ………………..।
- स्थिर रहती है
- घटती है
- बढ़ती है
- शून्य हो जाती है
Explanation:
- ध्वनि की चाल (v) ∝ √T (तापमान के वर्गमूल के समानुपाती)
- अतः तापमान बढ़ने पर ध्वनि की चाल बढ़ती है (v = √(γRT/M))।
Quick Facts:
- 0°C पर वायु में ध्वनि की चाल ≈ 331 m/s, 20°C पर ≈ 343 m/s
- तापमान बढ़ने पर अणुओं की गति बढ़ती है, जिससे ध्वनि तीव्र संचरित होती है।
बल / त्वरण =
- संवेग
- चाल
- द्रव्यमान
- दाब
Explanation:
- न्यूटन का द्वितीय नियम: F = ma ⇒ F/a = m (द्रव्यमान)
- संवेग (p) = mv, चाल = s/t, दाब = F/A
Quick Facts:
- द्रव्यमान (m) एक अदिश राशि है, जो जड़त्व का माप है।
- SI इकाई: किलोग्राम (kg)
न्यूटन का गति का पहला नियम ……………….. के लिए वैध नहीं है।
- जड़त्वीय तंत्र
- गैर-जड़त्वीय तंत्र
- जड़त्वीय और गैर-जड़त्वीय तंत्र दोनों
- उपरोक्त में से कोई नहीं
Explanation:
- न्यूटन के नियम ‘जड़त्वीय तंत्र’ (Inertial frame) में ही मान्य हैं (जहाँ त्वरण शून्य हो या नियत वेग हो)।
- गैर-जड़त्वीय तंत्र (Non-inertial frame) में त्वरण होता है (जैसे त्वरित लिफ्ट, घूमती हुई वस्तुएँ) – यहाँ छद्म बल (pseudo force) लागू करना पड़ता है।
Quick Facts:
- जड़त्वीय तंत्र: स्थिर या एकसमान गति में, त्वरण = 0
- गैर-जड़त्वीय तंत्र: त्वरित, में न्यूटन के नियम सीधे लागू नहीं होते।
यदि एक सीधे चालक में प्रवाहित धारा को दोगुना कर दिया जाए, तो उससे दी गई दूरी पर चुंबकीय क्षेत्र ………………..।
- दोगुना हो जाता है
- पूर्ववत रहता है
- आधा हो जाता है
- शून्य हो जाता है
Explanation:
- सीधे चालक के लिए चुंबकीय क्षेत्र B = μ₀I / (2πr)
- B ∝ I (धारा के समानुपाती), अतः धारा दोगुनी होने पर B भी दोगुना हो जाता है।
Quick Facts:
- B की दिशा: दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम (Right-hand thumb rule) द्वारा
- B का मान दूरी (r) के व्युत्क्रमानुपाती होता है (B ∝ 1/r)।
जब एक कार मुड़ती है, तो ……………….. हमें वक्र के बाहर धकेलता है।
- अभिकेन्द्रमुखी बल
- अपकेन्द्री बल
- घर्षण बल
- तन्य बल
Explanation:
- जब कार मुड़ती है, तो हमें वक्र के बाहर धकेलने वाला बल ‘अपकेन्द्री बल’ (Centrifugal force) कहलाता है।
- यह एक आभासी (pseudo) बल है, जो घूर्णी तंत्र (non-inertial frame) में महसूस होता है।
- वास्तविक बल ‘अभिकेन्द्रमुखी बल’ (Centripetal force) वक्र के केंद्र की ओर होता है।
Quick Facts:
- अभिकेन्द्रमुखी बल = mv²/r (केंद्र की ओर)
- अपकेन्द्री बल = -mv²/r (बाहर की ओर, आभासी)
एक कार 180 km/h की चाल से गतिमान है। ब्रेक लगाने पर यह 5 सेकंड में पूरी तरह रूक जाती है। यदि कार और उसके यात्रियों का कुल द्रव्यमान 4200 kg हो, तो कार को रोकने के लिए ब्रेक द्वारा लगाया गया बल ज्ञात करें।
- -42,000 N
- -15,120 N
- -50,000 N
- -36,000 N
Equation: u = 180×5/18 = 50 m/s, a = (0-50)/5 = -10 m/s², F = ma = 4200 × (-10) = -42000 N
Explanation:
- प्रारंभिक वेग (u) = 180 km/h = 50 m/s (1 km/h = 5/18 m/s)
- अंतिम वेग (v) = 0, समय (t) = 5 s, त्वरण (a) = (v-u)/t = (0-50)/5 = -10 m/s²
- बल (F) = m × a = 4200 × (-10) = -42,000 N (ऋणात्मक चिह्न मंदन (retardation) को दर्शाता है)।
Quick Facts:
- बल का परिमाण = 42,000 N, दिशा गति के विपरीत।
- यह न्यूटन के द्वितीय नियम (F = ma) का अनुप्रयोग है।
न्यूटन के गति के प्रथम नियम का अन्य नाम क्या है?
- गति का नियम
- विस्थापन का नियम
- जड़त्व का नियम
- संवेग का नियम
Explanation:
- न्यूटन का प्रथम नियम: ‘बाह्य बल की अनुपस्थिति में, वस्तु अपनी विराम या सरल रेखीय एकसमान गति की स्थिति में बनी रहती है।’
- इसे ‘जड़त्व का नियम’ (Law of Inertia) भी कहते हैं।
Quick Facts:
- जड़त्व (Inertia) = वस्तु का गति/विराम की स्थिति में परिवर्तन का विरोध करने का गुण।
- द्रव्यमान जड़त्व का माप है।
बर्फ, जल के पृष्ठ पर क्यों तैरती है?
- क्योंकि बर्फ का घनत्व जल के घनत्व से कम होता है
- क्योंकि बर्फ का भार बहुत कम होता है
- क्योंकि बर्फ का तापमान निम्न होता है
- क्योंकि यह अपने भार के बराबर जल को विस्थापित करती है
Explanation:
- बर्फ (ice) का घनत्व ≈ 0.92 g/cm³, जल का घनत्व ≈ 1 g/cm³ होता है।
- कम घनत्व होने के कारण बर्फ जल पर तैरती है (आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार)।
Quick Facts:
- जल का अधिकतम घनत्व 4°C पर होता है (1 g/cm³)।
- बर्फ का आयतन जल से लगभग 9% अधिक होता है (अतः यह तैरती है)।
निम्नलिखित में से कौन गतिज ऊर्जा वाली वस्तु का प्रतिनिधित्व करता है?
- एक खींचा हुआ रबर बैंड
- गति में एक पत्थर
- एक मेज पर रखी एक किताब
- एक संकुचित स्प्रिंग
Explanation:
- गतिज ऊर्जा (Kinetic energy) = गति (velocity) के कारण ऊर्जा, KE = ½mv²
- गति में पत्थर (moving stone) = गतिज ऊर्जा।
- खिंचा रबर/संकुचित स्प्रिंग = स्थितिज ऊर्जा (Potential energy), मेज पर रखी किताब = स्थितिज ऊर्जा (गुरुत्वीय)।
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा (PE) = mgh (गुरुत्वीय), ½kx² (स्प्रिंग)
- गतिज ऊर्जा = गति पर निर्भर, स्थितिज = स्थिति/विन्यास पर।
दो वृत्ताकार कुंडलियाँ A और B, समान त्रिज्या R रखती हैं, और समान धारा I ले जाती हैं, लेकिन क्रमशः 50 और 100 फेरे हैं। उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र?
- A द्वारा = B द्वारा
- B द्वारा > A द्वारा
- A और B द्वारा अनिश्चित है
- A द्वारा > B द्वारा
Explanation:
- वृत्ताकार कुंडली के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र B = μ₀ n I / (2R), जहाँ n = फेरों की संख्या।
- B ∝ n (फेरों की संख्या के समानुपाती)
- अतः B में 100 फेरे = 2 × (50 फेरे), इसलिए B द्वारा > A द्वारा।
Quick Facts:
- फेरे बढ़ने पर चुंबकीय क्षेत्र बढ़ता है (विद्युत चुंबक का सिद्धांत)।
- B का मान धारा (I) और त्रिज्या (R) पर भी निर्भर करता है (B ∝ I/R)।
घर्षण बल किसी वस्तु की गति को/का ______
- सहारा देता है।
- विरोध करता है।
- बढ़ाता है।
- कोई प्रभाव नहीं होता है।
Explanation:
- घर्षण (Friction) सदैव गति का विरोध (opposes) करता है, अर्थात यह गति की दिशा के विपरीत कार्य करता है।
- यह एक संपर्क बल (contact force) है।
Quick Facts:
- घर्षण के प्रकार: स्थैतिक (static), गतिज (kinetic), रोलिंग (rolling)
- घर्षण आवश्यक है (चलना, पकड़ना) पर कभी-कभी हानिकारक भी (यांत्रिक भागों में घिसाव)।
गति के प्रथम नियम के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
- इंजन चालू होने पर एक कार त्वरित हो जाती है।
- गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में स्वतंत्र रूप से गिरता हुआ एक पत्थर।
- जब एक कार अचानक रुक जाती है, तो भी व्यक्ति आगे बढ़ना जारी रखता है।
- ऊपर की ओर प्रक्षेपित होता एक रॉकेट।
Explanation:
- प्रथम नियम (जड़त्व): कार अचानक रुकने पर, व्यक्ति का शरीर जड़त्व के कारण आगे की ओर झुकता है (गति की स्थिति बनाए रखता है)।
- अन्य विकल्पों में बाह्य बल (त्वरण/गुरुत्वाकर्षण) कार्य कर रहे हैं।
Quick Facts:
- सीट बेल्ट (seat belt) का उपयोग इसी जड़त्व प्रभाव से बचाने के लिए होता है।
- जड़त्व = विराम या गति की स्थिति में परिवर्तन का विरोध।
400 kg द्रव्यमान की बंदूक के संवेग की गणना कीजिए, जब यह 0.25 ms⁻¹ के वेग से प्रतिक्षेपित होती है।
- 100 kg.ms⁻²
- 100 kg.ms⁻¹
- 100 kg.ms⁻³
- 100 kg.ms⁻¹
Equation: p = mv = 400 × 0.25 = 100 kg m/s
Explanation:
- संवेग (p) = द्रव्यमान (m) × वेग (v) = 400 × 0.25 = 100 kg·m/s
- SI इकाई: kg·m/s (या kg·m·s⁻¹)
Quick Facts:
- संवेग एक सदिश राशि है (दिशा सहित)।
- संवेग संरक्षण के अनुसार, गोली और बंदूक का कुल संवेग शून्य रहता है।
किसी वस्तु को केंद्र से दूर धकेलने के लिए कार्यरत बल को क्या कहते हैं?
- अनुभाग बल
- केंद्रीय बल
- अपकेन्द्री बल
- घर्षण बल
Explanation:
- वस्तु को केंद्र से दूर धकेलने वाला बल ‘अपकेन्द्री बल’ (Centrifugal force) है।
- यह एक आभासी बल है, जो घूर्णी तंत्र में महसूस होता है।
- केंद्र की ओर खींचने वाला बल ‘अभिकेन्द्रमुखी बल’ (Centripetal force) है।
Quick Facts:
- अपकेन्द्री बल = -mv²/r (दिशा: त्रिज्या के अनुदिश बाहर की ओर)
- इसे ‘छद्म बल’ (pseudo force) भी कहते हैं।
यदि एक बंदूक से गोली चलाई जाती है और बंदूक पीछे की ओर आती है तो बंदूक की गतिज ऊर्जा क्या होगी?
- गोली के बराबर
- शून्य
- गोली से अधिक
- गोली से कम
Explanation:
- संवेग संरक्षण: m_gun × v_gun = m_bullet × v_bullet
- चूँकि बंदूक का द्रव्यमान गोली से अधिक होता है, इसलिए बंदूक का वेग गोली से बहुत कम होता है।
- KE = ½mv², कम वेग के कारण बंदूक की KE गोली से कम होती है।
Quick Facts:
- KE ∝ v², इसलिए वेग में छोटा अंतर भी KE को बहुत प्रभावित करता है।
- प्रतिक्षेप (recoil) का अनुभव इसी कारण होता है, यद्यपि बंदूक की KE कम होती है।
निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति न्यूटन के तीसरे नियम को स्पष्ट रूप से दर्शाती है, जहाँ क्रिया और प्रतिक्रिया बल दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं और बराबर और विपरीत होते हैं?
- मेज पर रखी एक पुस्तक स्थिर अवस्था में रहती है।
- इंजन की शक्ति के कारण त्वरित होती है।
- नाविक आगे की ओर कूदते हुए नाव को पीछे की ओर धकेलता है और नाव उसे आगे की ओर धकेलती है।
- जमीन पर रखा एक पत्थर।
Explanation:
- तीसरा नियम: ‘प्रत्येक क्रिया के लिए समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है’ (क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म)।
- नाविक-नाव का उदाहरण स्पष्टतः क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म है (नाव पर बल, नाविक पर विपरीत बल)।
- पुस्तक-मेज (संतुलित बल, पर क्रिया-प्रतिक्रिया नहीं), पत्थर (गुरुत्वाकर्षण-सामान्य बल संतुलित)।
Quick Facts:
- क्रिया-प्रतिक्रिया सदैव भिन्न वस्तुओं पर कार्य करती है, इसलिए वे एक-दूसरे को संतुलित नहीं करतीं।
- उदाहरण: चलना, तैरना, रॉकेट प्रणोदन।
निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प न्यूटन के गति के दूसरे नियम के समान है?
- किसी पिंड पर लगाया गया बल, पिंड के त्वरण के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
- किसी वस्तु के संवेग परिवर्तन की दर, लगाए गए असंतुलित बल से स्वतंत्र होती है।
- विराम अवस्था में कोई वस्तु तब तक विराम अवस्था में रहेगी जब तक कि बाहरी बल लागू नहीं किया जाता है।
- यदि कोई वस्तु गति में है, तो लगाया गया बल त्वरण के समानुपाती होता है।
Explanation:
- न्यूटन का द्वितीय नियम: F = ma ⇒ F ∝ a (बल त्वरण के समानुपाती है, जब द्रव्यमान स्थिर हो)।
- पहला विकल्प: ‘व्युत्क्रमानुपाती’ गलत है (F ∝ a, a ∝ F)।
- दूसरा: संवेग परिवर्तन की दर = F (यह नियम का कथन है, पर F से स्वतंत्र नहीं)।
Quick Facts:
- द्वितीय नियम: F = dp/dt (संवेग परिवर्तन की दर = बल)
- यह नियम वास्तविक रूप में बल और त्वरण के बीच संबंध स्थापित करता है।
जब कोई ______ वस्तु पर कार्य नहीं कर रहा होता है, तो वस्तुएँ नियत चाल से गति करती हैं।
- वायु
- जड़त्व
- बल
- संवेग
Explanation:
- न्यूटन के प्रथम नियम के अनुसार, बाह्य बल (net force) की अनुपस्थिति में वस्तु नियत चाल से गति करती है (या विराम में रहती है)।
- यदि कोई बल नहीं है, तो त्वरण शून्य है, अतः चाल नियत है।
Quick Facts:
- यह ‘गैलिलियो का जड़त्व सिद्धांत’ पर आधारित है।
- वास्तविक जीवन में घर्षण आदि बलों के कारण चाल परिवर्तित होती है।
जब आप किसी वस्तु को जल में डुबाते हैं, तो उस वस्तु पर कितना बल लगता है?
- गुरुत्वाकर्षण बल
- प्रतिकर्षण बल
- उत्प्लावक बल
- आकर्षण बल
Explanation:
- जल (या किसी द्रव) में डूबी वस्तु पर ऊपर की ओर लगने वाला बल ‘उत्प्लावक बल’ (Buoyant force) कहलाता है।
- यह बल आर्किमिडीज के सिद्धांत पर आधारित है।
- गुरुत्वाकर्षण बल नीचे की ओर (भार) है, उत्प्लावक बल ऊपर की ओर।
Quick Facts:
- उत्प्लावक बल = विस्थापित द्रव का भार (आर्किमिडीज का सिद्धांत)
- यदि उत्प्लावक बल > भार, तो वस्तु तैरती है।
एकसमान वृत्तीय गति में, पिंड की चाल ______।
- प्रत्येक बिंदु पर शून्य हो जाती है
- केवल त्रिज्या पर निर्भर करती है
- निरंतर बदलती रहती है
- नियत रहती है
Explanation:
- एकसमान वृत्तीय गति (Uniform Circular Motion) में चाल (speed) नियत (constant) होती है, पर वेग (velocity) बदलता रहता है (क्योंकि दिशा बदलती है)।
- त्वरण (अभिकेन्द्रमुखी) की दिशा हमेशा केंद्र की ओर होती है, पर इसका परिमाण नियत होता है (a = v²/r)।
Quick Facts:
- इस गति में दिशा लगातार बदलती है, इसलिए वेग सदिश परिवर्तित होता है।
- यह ‘त्वरित गति’ (accelerated motion) है, यद्यपि चाल नियत है।
जब कोई स्थिर बल 3 s तक 8 kg द्रव्यमान की एक वस्तु पर कार्य करता है तो यह वस्तु के वेग को 4 ms⁻¹ से 6 ms⁻¹ तक बढ़ा देता है। लागू बल का परिमाण क्या है?
- 5.33 N
- 4.33 N
- 6.33 N
- 3.33 N
Equation: a = (6-4)/3 = 0.667 m/s², F = ma = 8 × 0.667 = 5.33 N
Explanation:
- त्वरण a = (v – u)/t = (6 – 4)/3 = 2/3 = 0.6667 m/s²
- बल F = ma = 8 × 0.6667 = 5.33 N
Quick Facts:
- यह न्यूटन के द्वितीय नियम का सीधा अनुप्रयोग है।
- बल = द्रव्यमान × त्वरण (F = ma)
न्यूटन के गति के दूसरे नियम का समीकरण क्या है?
- F = mc²
- F = ½mv²
- F = ma
- F = Δp/Δt
Explanation:
- न्यूटन का द्वितीय नियम: F = ma (जब द्रव्यमान स्थिर हो)।
- सामान्य रूप: F = dp/dt (संवेग परिवर्तन की दर = बल)।
- F = mc² (आइंस्टीन), ½mv² (गतिज ऊर्जा)।
Quick Facts:
- F = ma, जहाँ m = द्रव्यमान, a = त्वरण
- SI मात्रक: न्यूटन (N) = kg·m/s²
त्वरण का प्रतिरोध करने की पिंड की प्रवृत्ति को कहा जाता है।
- जड़त्व
- बल
- ऊर्जा
- संवेग
Explanation:
- जड़त्व (Inertia) वस्तु का वह गुण है, जो उसे गति या विराम की स्थिति में परिवर्तन (त्वरण) का प्रतिरोध करने के लिए प्रेरित करता है।
- द्रव्यमान जड़त्व का माप है।
Quick Facts:
- जड़त्व = विराम या गति की अवस्था को बनाए रखने की प्रवृत्ति।
- अधिक द्रव्यमान → अधिक जड़त्व (गति में परिवर्तन का अधिक प्रतिरोध)।
हाइड्रोमीटर द्रवों का घनत्व मापने के लिए प्रयुक्त उपकरण हैं। ये किस वैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित हैं?
- आर्किमिडीज के सिद्धांत
- गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम
- पास्कल के नियम
- न्यूटन के प्रथम नियम
Explanation:
- हाइड्रोमीटर (Hydrometer) आर्किमिडीज के सिद्धांत (Archimedes’ principle) पर कार्य करता है, जो कहता है कि डूबी हुई वस्तु पर उत्प्लावक बल = विस्थापित द्रव का भार।
- यह द्रव के घनत्व को मापने के लिए अंशांकित (calibrated) होता है।
Quick Facts:
- हाइड्रोमीटर का उपयोग दूध (लैक्टोमीटर), बैटरी अम्ल, पेट्रोल आदि के घनत्व मापने में होता है।
- यह तैरने (floating) के सिद्धांत पर आधारित है।
प्रकाश के प्रकीर्णन की घटना को सबसे पहले ______ द्वारा स्पष्ट किया गया था।
- अल्बर्ट आइंस्टीन
- क्रिस्टियान ह्यूजेंस
- आइजैक न्यूटन
- जेम्स क्लर्क मैक्सवेल
Explanation:
- आइजैक न्यूटन ने 1666 में प्रिज्म द्वारा श्वेत प्रकाश के प्रकीर्णन (dispersion) की घटना को स्पष्ट किया, जिसमें उन्होंने दिखाया कि श्वेत प्रकाश सात रंगों (VIBGYOR) से बना है।
- न्यूटन ने इसे ‘स्पेक्ट्रम’ नाम दिया।
Quick Facts:
- न्यूटन का प्रसिद्ध प्रिज्म प्रयोग: श्वेत प्रकाश → स्पेक्ट्रम
- प्रकीर्णन का कारण: विभिन्न रंगों के लिए अपवर्तनांक (μ) भिन्न होता है।
विज्ञान के अनुसार कार्य होने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी शर्त पूरी की जानी चाहिए?
- केवल बल आरोपित किया जाना चाहिए, भले ही वस्तु गतिमान न हो
- केवल वस्तु गतिमान होनी चाहिए, भले ही कोई बल आरोपित न हो
- बल किसी वस्तु पर कार्यरत होना चाहिए, और वस्तु का विस्थापन होना चाहिए
- वस्तु विराम में होनी चाहिए, और बल आरोपित किया जाना चाहिए
Explanation:
- कार्य (Work) की परिभाषा: W = F × s × cos θ (बल × विस्थापन × कोण की कोज्या)
- कार्य होने के लिए बल लगना चाहिए और वस्तु का विस्थापन (displacement) होना चाहिए (बल की दिशा में या उसके घटक में)।
- यदि बल है पर विस्थापन नहीं, तो कार्य शून्य है (जैसे दीवार पर बल लगाना)।
Quick Facts:
- कार्य की SI इकाई: जूल (J) = 1 N·m
- यदि θ = 0° (बल और विस्थापन समान दिशा) तो कार्य अधिकतम।
निम्नलिखित में से किस राशि का SI मात्रक न्यूटन (N) है?
- भार और बल
- आवेग और जड़त्व
- गति और त्वरण
- वेग और त्वरण
Explanation:
- न्यूटन (N) = बल (Force) का SI मात्रक है।
- भार (Weight) भी एक बल है (mg), इसलिए इसका भी मात्रक N है।
- आवेग (Impulse) = N·s, जड़त्व = kg (द्रव्यमान), चाल/वेग = m/s, त्वरण = m/s²
Quick Facts:
- 1 N = 1 kg·m/s²
- भार = mg, जहाँ g = 9.8 m/s² (पृथ्वी पर)
5 kg द्रव्यमान का एक पिंड 2 m/s² के त्वरण से गतिमान है। इस पर कार्यरत बल कितना होगा?
- 5 N
- 7 N
- 10 N
- 2 N
Equation: F = ma = 5 × 2 = 10 N
Explanation:
- न्यूटन का द्वितीय नियम: F = ma = 5 kg × 2 m/s² = 10 N
Quick Facts:
- बल = द्रव्यमान × त्वरण
- 10 N का बल 5 kg की वस्तु पर 2 m/s² का त्वरण उत्पन्न करेगा।
संवेग परिवर्तन की दर किसके समानुपाती होती है?
- जड़त्व आघूर्ण
- बल आघूर्ण
- कोणीय संवेग
- बल
Explanation:
- न्यूटन के द्वितीय नियम के अनुसार: F = dp/dt, अर्थात संवेग परिवर्तन की दर (dp/dt) लगाए गए बल (F) के समानुपाती होती है।
- यह नियम बल को परिभाषित करता है।
Quick Facts:
- संवेग (p) = mv, इसलिए dp/dt = m(dv/dt) = ma = F (जब m स्थिर हो)।
- यह न्यूटन के द्वितीय नियम का मूल रूप है।
चंद्रमा पर किसी वस्तु का भार 3 N है। पृथ्वी पर उस वस्तु का भार कितना होगा?
- 3 N
- 18 N
- 0.5 N
- 2 N
Explanation:
- चंद्रमा पर g = पृथ्वी के g का 1/6 (≈ 1.63 m/s²)
- भार (W) = mg, इसलिए W_moon = mg/6, W_earth = 6 × W_moon = 6 × 3 = 18 N
Quick Facts:
- चंद्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण ≈ 1.63 m/s² (पृथ्वी का 1/6)
- द्रव्यमान स्थिर रहता है (पृथ्वी और चंद्रमा पर समान), भार बदलता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा, क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म का उदाहरण नहीं है?
- कार पर इंजन का बल लगता है और कार आगे बढ़ती है
- बंदूक पीछे हटती है और गोली आगे बढ़ती है
- तैराक पानी को पीछे की ओर धकेलता है और पानी तैराक को आगे की ओर धकेलता है
- बल्ला गेंद पर बल लगाता है और गेंद बल्ले पर बल लगाती है
Explanation:
- क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म में बल दो भिन्न वस्तुओं पर कार्य करते हैं और बराबर/विपरीत होते हैं।
- कार पर इंजन का बल और कार का आगे बढ़ना एक ही वस्तु (कार) पर क्रिया-प्रतिक्रिया नहीं है (यह असंतुलित बल है, क्रिया-प्रतिक्रिया नहीं)।
- अन्य सभी विकल्प क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म हैं (न्यूटन का तीसरा नियम)।
Quick Facts:
- क्रिया-प्रतिक्रिया सदैव विभिन्न वस्तुओं पर लागू होती है।
- उदाहरण: चलना (पैर → जमीन, जमीन → पैर), रॉकेट (गैस → नीचे, गैस → रॉकेट ऊपर)।
30 kg द्रव्यमान का पिंड 20 m/s की प्रारंभिक चाल से चलता है। यदि 60 N का एक मंदक बल लागू किया जाता है, तो पिंड को रोकने में कितना समय लगता है?
- -10 s
- 10 s
- 9 s
- 0.10 s
Equation: a = F/m = -60/30 = -2 m/s², t = (0-20)/-2 = 10 s
Explanation:
- त्वरण a = F/m = -60/30 = -2 m/s² (मंदन)
- v = u + at ⇒ 0 = 20 + (-2) × t ⇒ t = 10 s
Quick Facts:
- यहाँ ऋणात्मक त्वरण (retardation) है, अतः समय धनात्मक है।
- बल का परिमाण = 60 N (विपरीत दिशा में)।
जब बंदूक से गोली चलाई जाती है तो गोली के आगे बढ़ने के बावजूद बंदूक में प्रतिक्षेप क्यों होता है?
- क्योंकि बंदूक गोली को कम बल से आगे धकेलती है
- क्योंकि बंदूक का द्रव्यमान गोली के द्रव्यमान से कम होता है
- क्योंकि गोली बंदूक पर समान और विपरीत बल लगाती है
- क्योंकि गोली का त्वरण बंदूक के त्वरण से कम होता है
Explanation:
- न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, गोली पर आगे की ओर बल लगता है, तो बंदूक पर गोली द्वारा पीछे की ओर समान बल लगता है (प्रतिक्षेप/रिकॉइल)।
- प्रतिक्षेप वेग: संवेग संरक्षण के कारण, बंदूक का वेग गोली से बहुत कम होता है (क्योंकि m_gun >> m_bullet)।
Quick Facts:
- प्रतिक्षेप (recoil) = संवेग संरक्षण का परिणाम
- बंदूक का प्रतिक्षेप वेग v_gun = (m_bullet/m_gun) × v_bullet
10 N का बल द्रव्यमान m₁ को 20 m/s² और द्रव्यमान m₂ को 40 m/s² की गति से त्वरित करता है। यदि दोनों द्रव्यमानों को एक साथ बांध दिया जाए, तो समान बल कितना त्वरण उत्पन्न करेगा?
- 6 m/s²
- 10 m/s²
- 13.3 m/s²
- 26.7 m/s²
Equation: m₁ = F/a₁ = 10/20 = 0.5 kg, m₂ = 10/40 = 0.25 kg, a = 10/(0.5+0.25) = 13.3 m/s²
Explanation:
- m₁ = F/a₁ = 10/20 = 0.5 kg, m₂ = F/a₂ = 10/40 = 0.25 kg
- कुल द्रव्यमान = 0.5 + 0.25 = 0.75 kg
- त्वरण a = F/m = 10/0.75 = 13.33 m/s²
Quick Facts:
- जब द्रव्यमान जुड़ते हैं, तो कुल द्रव्यमान बढ़ता है, इसलिए त्वरण घटता है।
- a ∝ 1/m (बल स्थिर होने पर)
निम्नलिखित में से कौन सी घटना न्यूटन के गति के तीसरे नियम को दर्शाती है?
- जब एक बस अचानक शुरू होती है, तो यात्री पीछे की ओर एक झटके का अनुभव करते हैं।
- तीव्र चाल वाली क्रिकेट गेंद को पकड़ने के दौरान, फील्डर अपने हाथ गतिमान गेंद के साथ-साथ धीरे-धीरे पीछे की ओर खींचता है।
- एक रॉकेट प्रणोदन
- जब हम पेडल मारना बंद करते हैं, तो साइकिल धीमी हो जाती है।
Explanation:
- रॉकेट प्रणोदन (Rocket propulsion) न्यूटन के तीसरे नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया) पर आधारित है: रॉकेट गैसों को नीचे धकेलता है (क्रिया), गैसें रॉकेट को ऊपर धकेलती हैं (प्रतिक्रिया)।
- अन्य: बस का झटका (जड़त्व, पहला नियम), गेंद पकड़ना (संवेग परिवर्तन, दूसरा नियम), साइकिल धीमी (घर्षण/बल)।
Quick Facts:
- रॉकेट का कार्य संवेग संरक्षण और क्रिया-प्रतिक्रिया पर आधारित है।
- यह अंतरिक्ष में भी कार्य करता है (क्योंकि उसे वायु की आवश्यकता नहीं, केवल गैसों का उत्सर्जन)।
आपतन कोण की ज्या और अपवर्तन कोण की ज्या का अनुपात दिए गए रंग और माध्यमों के जोड़े के लिए नियत है। यह कौन सा नियम है?
- ओम का नियम
- न्यूटन का नियम
- गॉस का नियम
- स्नेल का नियम
Explanation:
- स्नेल का नियम (Snell’s law): sin i / sin r = μ (अपवर्तनांक, स्थिरांक)
- यह प्रकाश के अपवर्तन (refraction) को नियंत्रित करता है।
Quick Facts:
- स्नेल का नियम: μ₁ sin i = μ₂ sin r
- यह नियम डच गणितज्ञ विलेब्रोर्ड स्नेलियस (Willebrord Snellius) के नाम पर है।
एक 96 kg का अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर खड़ा है। चंद्रमा पर उसका भार कितना होगा? (पृथ्वी पर g = 10 m/s²)
- 160 N
- 16 N
- 960 N
- 96 N
Equation: Weight on moon = (mg)/6 = (96×10)/6 = 160 N
Explanation:
- चंद्रमा पर g = पृथ्वी के g का 1/6 = 10/6 ≈ 1.67 m/s²
- भार = mg = 96 × (10/6) = 160 N
- द्रव्यमान स्थिर रहेगा (96 kg), पर भार घट जाएगा।
Quick Facts:
- चंद्रमा पर g ≈ 1.63 m/s² (यहाँ 10/6 = 1.67)
- द्रव्यमान (kg) स्थिर, भार (N) परिवर्तित होता है।
क्रिकेट खिलाड़ी तेज गति से आती गेंद को पकड़ते समय अपने हाथों को पीछे की ओर क्यों खींच लेता है?
- गेंद का संवेग कम करने के लिए
- गेंद पर कार्यरत बल को बढ़ाने के लिए
- संघट्ट का समय बढ़ाने के लिए ताकि हाथों पर लगने वाला बल कम हो जाए
- गेंद का त्वरण बढ़ाने के लिए
Explanation:
- हाथ पीछे खींचने से संपर्क समय (Δt) बढ़ जाता है।
- चूँकि F = Δp/Δt (संवेग परिवर्तन स्थिर है), समय बढ़ने पर बल (F) घट जाता है, जिससे हाथों को चोट कम लगती है।
- यह न्यूटन के द्वितीय नियम (आवेग-संवेग संबंध) का अनुप्रयोग है।
Quick Facts:
- आवेग (Impulse) = F × Δt = Δp (संवेग परिवर्तन)
- समय बढ़ाना = बल घटाना (चोट से बचाव)।
निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सही है?
- द्रव्यमान और जड़त्व असंबंधित हैं।
- अधिक द्रव्यमान वाले पिंड का जड़त्व कम होता है।
- एक हल्का पिंड गति में परिवर्तन का अधिक दृढ़ता से प्रतिरोध करता है।
- किसी वस्तु का जड़त्व उसके द्रव्यमान के साथ बढ़ता है।
Explanation:
- जड़त्व (Inertia) वस्तु का गुण है, जो गति/विराम में परिवर्तन का विरोध करता है।
- यह द्रव्यमान (mass) के अनुक्रमानुपाती होता है (अधिक द्रव्यमान → अधिक जड़त्व)।
- हल्का पिंड कम जड़त्व रखता है (आसानी से गति में परिवर्तन)।
Quick Facts:
- जड़त्व = द्रव्यमान का माप (quantitative measure)
- न्यूटन का पहला नियम जड़त्व पर आधारित है।
जब एक नाविक नाव से कूदता है, तो नाव पीछे की ओर चलती है’ यह गति के किस नियम का उदाहरण है?
- न्यूटन का गति का प्रथम नियम
- जड़त्व का नियम
- न्यूटन का गति का द्वितीय नियम
- न्यूटन का गति का तृतीय नियम
Explanation:
- नाविक नाव को पीछे धकेलता है (क्रिया), नाव नाविक को आगे धकेलती है (प्रतिक्रिया) – यह क्रिया-प्रतिक्रिया का उदाहरण है, जो न्यूटन के तीसरे नियम को दर्शाता है।
- नाव का पीछे हटना प्रतिक्रिया बल का परिणाम है।
Quick Facts:
- यह संवेग संरक्षण का भी उदाहरण है (नाविक + नाव का कुल संवेग शून्य)।
- जड़त्व (पहला नियम), संवेग परिवर्तन (दूसरा नियम) से अलग।
विज्ञान में, किए गए कार्य को किस रूप में परिभाषित किया जाता है?
- बल/दूरी
- बल/विस्थापन
- बल × विस्थापन
- बल × दूरी
Explanation:
- कार्य (Work) = बल × विस्थापन × cos θ (बल और विस्थापन के बीच कोण)
- सरल रूप में (जब बल और विस्थापन समान दिशा में): W = F × s
- यदि दूरी (distance) के स्थान पर विस्थापन (displacement) लिया जाता है, तो यह सही है (कार्य एक सदिश गुणन है)।
Quick Facts:
- कार्य की SI इकाई: जूल (J) = N·m
- यदि बल और विस्थापन लंबवत (θ=90°) हैं, तो W = 0 (जैसे वृत्तीय गति में अभिकेन्द्रमुखी बल कार्य नहीं करता)।
एक बंदूक क्षैतिज दिशा में गोली दागती है। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- प्रतिक्षेप गुरुत्वाकर्षण पर निर्भर करता है।
- बंदूक पर गोली के अग्र दिशा की ओर लगने वाले बल की तुलना में पश्च दिशा की ओर लगने वाला बल कम होता है।
- गोली बंदूक पर कोई बल नहीं लगाती है।
- बंदूक पर, गोली पर अग्र दिशा में लगने वाले बल के बराबर पश्च दिशा की ओर बल लगता है।
Explanation:
- न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, गोली पर बल (आगे) = बंदूक पर बल (पीछे) परिमाण में बराबर और विपरीत दिशा में।
- प्रतिक्षेप (recoil) इसी समान बल के कारण होता है, पर बंदूक का द्रव्यमान अधिक होने के कारण उसका त्वरण कम होता है।
Quick Facts:
- क्रिया-प्रतिक्रिया बल सदैव बराबर होते हैं (परिमाण में), भले ही द्रव्यमान भिन्न हों।
- प्रतिक्षेप वेग = (m_bullet/m_gun) × v_bullet
निम्नलिखित में से कौन-सा पद धातुओं की पतले तारों में खींचे जाने की क्षमता को परिभाषित करता है?
- आघातवर्धनीयता
- तन्यता
- न तो तन्यता और न ही आघातवर्धनीयता
- तन्यता और आघातवर्धनीयता दोनों
Explanation:
- तन्यता (Ductility) = धातुओं को पतले तारों (wires) में खींचने की क्षमता।
- आघातवर्धनीयता (Malleability) = पतली चादर (sheets) में पीटने की क्षमता।
Quick Facts:
- सोना (Au) सबसे अधिक तन्य धातु है (1 g सोना ≈ 2 km तार बनाया जा सकता है)।
- तन्यता = खींचना, आघातवर्धनीयता = पीटना।
अंतरिक्ष में रॉकेट निम्नलिखित में से किस सिद्धांत पर कार्य करता है?
- द्रव्यमान संरक्षण का सिद्धांत
- चाल संरक्षण का सिद्धांत
- संवेग संरक्षण का सिद्धांत
- ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत
Explanation:
- रॉकेट संवेग संरक्षण (Conservation of Momentum) के सिद्धांत पर कार्य करता है।
- रॉकेट दहन गैसों को पीछे (नीचे) धकेलता है, गैसें रॉकेट को आगे (ऊपर) धकेलती हैं।
- यह न्यूटन के तीसरे नियम का भी अनुप्रयोग है, पर मूल सिद्धांत संवेग संरक्षण है।
Quick Facts:
- रॉकेट की कार्यप्रणाली: ईंधन दहन → गैसें बाहर (क्रिया) → रॉकेट ऊपर (प्रतिक्रिया)
- यह अंतरिक्ष (निर्वात) में भी कार्य कर सकता है (वायु की आवश्यकता नहीं)।
एक वस्तु एकसमान चाल से चलती है, जब _______ का मान नगण्य होता है।
- दाब
- वेग
- बल
- द्रव्यमान
Explanation:
- न्यूटन के पहले नियम के अनुसार, यदि किसी वस्तु पर शुद्ध बल (net force) शून्य (या नगण्य) है, तो वह एकसमान चाल (नियत वेग) से चलती है।
- यदि बल है, तो त्वरण होगा और चाल बदलेगी।
Quick Facts:
- एकसमान चाल = त्वरण शून्य = शुद्ध बल शून्य
- वास्तविक जीवन में घर्षण आदि के कारण शुद्ध बल शून्य नहीं होता, अतः चाल बदलती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा न्यूटन के तृतीय नियम का उदाहरण नहीं है?
- एक पत्थर ज़मीन की ओर स्वतंत्र रूप से गिर रहा है
- एक रॉकेट ऊपर की ओर उठ रहा है जबकि गैसें नीचे की ओर निकल रही हैं
- गोली चलाने पर बंदूक का पीछे की ओर मूव होना
- एक घोड़ा भरी हुई गाड़ी खींच रहा है
Explanation:
- पत्थर का स्वतंत्र रूप से गिरना गुरुत्वाकर्षण बल के कारण है, जो क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म नहीं है (यह पृथ्वी और पत्थर के बीच गुरुत्वाकर्षण है, पर ‘गिरना’ क्रिया-प्रतिक्रिया नहीं दिखाता)।
- अन्य सभी विकल्प क्रिया-प्रतिक्रिया (तीसरा नियम) दर्शाते हैं।
Quick Facts:
- गुरुत्वाकर्षण बल भी एक क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म है (पृथ्वी पत्थर को खींचती है, पत्थर पृथ्वी को), पर ‘गिरना’ स्वयं क्रिया-प्रतिक्रिया का परिणाम नहीं है।
- क्रिया-प्रतिक्रिया: हमेशा दो भिन्न वस्तुओं पर समान परिमाण के विपरीत दिशा वाले बल।
किसी वस्तु पर लगने वाले असंतुलित बल के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- यह वस्तु को स्थिर रखता है।
- यह वस्तु को गति में लाता है।
- इसका वस्तु की गति की अवस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
- इससे वस्तु का द्रव्यमान हमेशा बढ़ जाता है।
Explanation:
- असंतुलित बल (Unbalanced force) वस्तु की गति की अवस्था को बदलता है (विराम से गति, गति से विराम, या गति की दिशा/चाल में परिवर्तन)।
- यह न्यूटन के पहले और दूसरे नियम का मूल है।
- संतुलित बल (Balanced force) वस्तु को स्थिर या एकसमान गति में रखता है।
Quick Facts:
- असंतुलित बल = शुद्ध बल ≠ 0 ⇒ त्वरण
- संतुलित बल = शुद्ध बल = 0 ⇒ त्वरण शून्य
इस तथ्य की खोज किसने की थी कि सूर्य के प्रकाश में सात रंग होते हैं?
- स्नेल
- ओर्स्टेड
- फैराडे
- न्यूटन
Explanation:
- आइजैक न्यूटन (Isaac Newton) ने प्रिज्म प्रयोग के माध्यम से सूर्य के प्रकाश (श्वेत प्रकाश) को सात रंगों (VIBGYOR) में विभाजित किया।
- इसे ‘प्रकाश का प्रकीर्णन’ (Dispersion of light) कहते हैं।
Quick Facts:
- VIBGYOR: वायलेट, इंडिगो, ब्लू, ग्रीन, येलो, ऑरेंज, रेड
- न्यूटन ने 1666 में यह खोज की।
एक इकाई बल (1 न्यूटन) की सही परिभाषा क्या है?
- किसी वस्तु को विरामावस्था में रखने के लिए आवश्यक बल
- 1 kg की वस्तु को 1 मीटर की दूरी तक ले जाने के लिए आवश्यक बल
- 1 g की वस्तु को 1 मीटर के त्वरण से गति प्रदान करने वाला बल
- 1 kg की वस्तु को 1 m/s² के त्वरण से गति प्रदान करने वाला बल
Explanation:
- 1 न्यूटन (N) = 1 kg·m/s², जो 1 kg द्रव्यमान पर 1 m/s² का त्वरण उत्पन्न करता है।
- यह न्यूटन के द्वितीय नियम (F = ma) से परिभाषित है।
Quick Facts:
- 1 N = 10⁵ dyne (CGS इकाई)
- 1 N ≈ 0.10197 kgf (किलोग्राम-बल)
जब प्रकाश की किरण, विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाती है, तो यह ________।
- अभिलंब से दूर मुड़ती है
- अभिलंब की ओर मुड़ती है
- बिल्कुल भी नहीं मुड़ती है
- 90° के कोण पर मुड़ती है
Explanation:
- जब प्रकाश विरल (rarer) से सघन (denser) माध्यम में जाता है, तो चाल घटती है (v = c/μ), इसलिए अपवर्तन कोण (r) आपतन कोण (i) से कम होता है (r < i), अर्थात किरण अभिलंब की ओर मुड़ती है।
- स्नेल के नियम के अनुसार, μ₂ > μ₁ ⇒ r < i
Quick Facts:
- उदाहरण: वायु → जल, वायु → काँच (अभिलंब की ओर)
- यदि सघन से विरल में, तो अभिलंब से दूर मुड़ती है।
निम्नलिखित में से कौन सा बल वस्तु पर सतह के लंबवत कार्य करता है?
- चुंबकीय बल
- प्रणोदन
- यांत्रिक बल
- स्प्रिंग बल
Explanation:
- प्रणोदन (Thrust) = सतह के लंबवत (perpendicular) लगने वाला बल।
- सामान्य बल (Normal reaction) भी सतह के लंबवत होता है, पर ‘प्रणोदन’ शब्द का प्रयोग द्रवों/गैसों में भी होता है (जैसे रॉकेट में प्रणोदन बल)।
Quick Facts:
- दाब (Pressure) = प्रणोदन / क्षेत्रफल (Thrust/Area)
- प्रणोदन एक सदिश राशि है, दाब अदिश है।
निम्नलिखित में से किस नियम का उपयोग धारावाही वृत्तीय लूप के कारण चुंबकीय क्षेत्र की दिशा निर्धारित करने के लिए किया जा सकता है?
- दक्षिणहस्त अंगुष्ठ नियम
- मैक्सवेल का वामहस्त नियम
- फ्लेमिंग का दक्षिणहस्त नियम
- फ्लेमिंग का वामहस्त नियम
Explanation:
- दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम (Right-hand thumb rule) का उपयोग धारावाही चालक/लूप के चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के लिए होता है (अंगुष्ठ → धारा की दिशा, मुड़ी हुई उंगलियाँ → क्षेत्र की दिशा)।
- फ्लेमिंग के नियम (बाएँ/दाएँ) चुंबकीय बल की दिशा के लिए हैं।
Quick Facts:
- दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम = मैक्सवेल का कॉर्कस्क्रू नियम भी कहलाता है।
- फ्लेमिंग का बायाँ हाथ: बल, चुंबकीय क्षेत्र, धारा (मोटर), दायाँ हाथ: प्रेरित धारा (जनरेटर)।
यदि एक फ़ुटबॉल का द्रव्यमान 3 किग्रा है, तो पृथ्वी पर उसका भार क्या होगा? (दिया गया है, g = 9.8 m s⁻²)
- 30.5 N
- 35 N
- 25 N
- 29.4 N
Equation: W = mg = 3 × 9.8 = 29.4 N
Explanation:
- भार (Weight) = द्रव्यमान × गुरुत्वीय त्वरण = 3 × 9.8 = 29.4 N
Quick Facts:
- भार की SI इकाई न्यूटन (N) है, द्रव्यमान की kg
- g = 9.8 m/s² (पृथ्वी की सतह पर)
हवा से गुजरने वाली वस्तुओं पर हवा द्वारा कौन सा बल लगाया जाता है?
- स्थिरवैद्युत बल
- चुंबकीय बल
- घर्षण बल
- गुरुत्वाकर्षण बल
Explanation:
- हवा (वायु) द्वारा गतिमान वस्तु पर लगने वाला बल ‘वायु घर्षण’ (Air friction) या ‘वायु प्रतिरोध’ (Air resistance) कहलाता है, जो एक प्रकार का घर्षण बल है।
- यह बल गति की विपरीत दिशा में कार्य करता है।
Quick Facts:
- वायु प्रतिरोध ∝ v² (वेग के वर्ग के समानुपाती)
- यही कारण है कि पैराशूट वायु प्रतिरोध बढ़ाकर गति कम करता है।
किसी वस्तु को लगाए गए बल के कारण क्षैतिज रूप से विस्थापित किया जाता है। इस क्रिया से क्या पता चलता है?
- बल वस्तु के द्रव्यमान को घटाता है
- बल वस्तु के द्रव्यमान को बढ़ाता है
- बल वस्तु के जड़त्व को बढ़ाता है
- बल द्वारा कार्य किया जाता है
Explanation:
- जब बल वस्तु पर कार्य करता है और वस्तु विस्थापित (क्षैतिज) होती है, तो बल द्वारा कार्य (Work) किया जाता है (W = F × s × cos θ)।
- बल द्रव्यमान या जड़त्व को नहीं बदलता (ये अंतर्निहित गुण हैं)।
Quick Facts:
- कार्य = बल × विस्थापन
- यदि विस्थापन शून्य है, तो कार्य शून्य है, भले ही बल लग रहा हो।
जब बंदूक से गोली चलाई जाती है, तो गोली आगे की ओर जाती है और बंदूक पीछे की ओर लौटती है। यह ______ का एक उदाहरण है।
- न्यूटन के गति के तृतीय नियम
- ऊर्जा संरक्षण के नियम
- न्यूटन के गति के प्रथम नियम
- न्यूटन के गति के द्वितीय नियम
Explanation:
- बंदूक-गोली उदाहरण न्यूटन के तीसरे नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया) का उत्कृष्ट उदाहरण है।
- गोली पर बल (आगे) = बंदूक पर बल (पीछे) (समान व विपरीत)।
Quick Facts:
- यह संवेग संरक्षण का भी उदाहरण है (पहले शून्य संवेग, बाद में गोली + बंदूक का कुल संवेग शून्य)।
- प्रतिक्षेप (recoil) का अनुभव इसी कारण होता है।
______ को उस समय दर के रूप में परिभाषित किया जाता है, जिस पर कार्य किया जाता है या ऊर्जा स्थानांतरित की जाती है।
- शक्ति
- बल
- त्वरण
- संवेग
Explanation:
- शक्ति (Power) = कार्य की दर (Rate of doing work) या ऊर्जा स्थानांतरण की दर।
- P = W/t, SI मात्रक: वाट (W) = J/s
Quick Facts:
- 1 वाट = 1 जूल/सेकंड
- 1 अश्वशक्ति (HP) = 746 W
किसी बल द्वारा किया गया कार्य कब ऋणात्मक माना जाता है?
- जब बल शून्य होता है
- जब बल, विस्थापन की दिशा के विपरीत कार्य करता है
- जब बल, विस्थापन की दिशा में कार्य करता है
- जब कोई विस्थापन नहीं होता है
Explanation:
- W = F × s × cos θ, यदि θ = 180° (बल और विस्थापन विपरीत दिशा), तो cos 180° = -1, इसलिए W ऋणात्मक (-ve) होता है।
- उदाहरण: घर्षण बल (गति के विपरीत) द्वारा किया गया कार्य ऋणात्मक होता है।
Quick Facts:
- धनात्मक कार्य: बल और विस्थापन समान दिशा (θ = 0°)
- शून्य कार्य: θ = 90° (बल और विस्थापन लंबवत)
जब किसी बिंदु की, सीधे, धारावाही चालक से दूरी दोगुनी कर दी जाती है, तो उस बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र के परिमाण पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- घटता है
- समान रहता है
- शून्य हो जाता है
- बढ़ता है
Explanation:
- सीधे चालक के लिए चुंबकीय क्षेत्र B = μ₀I/(2πr), अतः B ∝ 1/r
- यदि r (दूरी) दोगुनी हो जाती है, तो B आधा (घट) जाता है।
Quick Facts:
- B ∝ 1/r (दूरी के व्युत्क्रमानुपाती)
- B ∝ I (धारा के समानुपाती)
100 kg द्रव्यमान की दो वस्तुएँ एक-दूसरे से 1 m की दूरी पर स्थित हैं। दोनों वस्तुओं के बीच गुरुत्वाकर्षण बल का परिमाण क्या होगा? (G का मान 6.67 × 10⁻¹¹ Nm²/kg² लीजिए)
- 6.67 × 10⁻⁷ N
- 6.67 × 10⁻⁹ N
- 6.67 × 10⁻⁷ N
- 6.67 × 10⁻⁹ N
Equation: F = G(m₁m₂)/r² = 6.67×10⁻¹¹ × (100×100)/1² = 6.67×10⁻⁷ N
Explanation:
- न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम: F = G m₁m₂/r²
- G = 6.67 × 10⁻¹¹ N·m²/kg², m₁ = m₂ = 100 kg, r = 1 m
- F = 6.67 × 10⁻¹¹ × 10000 / 1 = 6.67 × 10⁻⁷ N
Quick Facts:
- गुरुत्वाकर्षण बल अत्यंत दुर्बल होता है (G का मान बहुत छोटा है)।
- यही कारण है कि दो सामान्य वस्तुओं के बीच बल अनुभव नहीं होता।
10 kg द्रव्यमान की एक वस्तु पर 2 sec की अवधि के लिए एक स्थिर बल कार्य करता है। यह वस्तु के वेग को 5 m/sec से बढ़ाकर 10 m/sec कर देता है। लगाए गए बल का परिमाण ज्ञात कीजिए। अब, यदि बल 5 sec की अवधि के लिए लगाया जाता है, तो वस्तु का अंतिम वेग क्या होगा?
- लगाया गया बल = 25 N, अंतिम वेग = 17.5 m/sec
- लगाया गया बल = 20 N, अंतिम वेग = 7.5 m/sec
- लगाया गया बल = 25 N, अंतिम वेग = 7.5 m/sec
- लगाया गया बल = 25 N, अंतिम वेग = 17.5 m/sec
Equation: a = (10-5)/2 = 2.5 m/s², F = ma = 10×2.5 = 25 N, v = 5 + 2.5×5 = 17.5 m/s
Explanation:
- त्वरण a = (v – u)/t = (10 – 5)/2 = 2.5 m/s²
- बल F = ma = 10 × 2.5 = 25 N
- यदि t = 5 s, तो v = u + at = 5 + 2.5 × 5 = 5 + 12.5 = 17.5 m/s
Quick Facts:
- त्वरण स्थिर है (समान बल के कारण)।
- v = u + at (गति का पहला समीकरण)।
घर्षण के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- स्थैतिक और गतिज घर्षण दोनों संपर्क के क्षेत्र पर निर्भर करते हैं।
- स्थैतिक घर्षण वास्तविक गति का विरोध करता है, जबकि गतिज घर्षण आसन्न गति का विरोध करता है।
- गतिज घर्षण हमेशा स्थैतिक घर्षण से अधिक होता है।
- स्थैतिक घर्षण आसन्न गति का विरोध करता है और गतिज घर्षण वास्तविक गति का विरोध करता है।
Explanation:
- स्थैतिक घर्षण (Static friction) वस्तु को गति प्रारंभ करने से रोकता है (आसन्न गति का विरोध)।
- गतिज घर्षण (Kinetic friction) गतिशील वस्तु की गति का विरोध करता है (वास्तविक गति का विरोध)।
- स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > रोलिंग घर्षण (अधिकतम से न्यूनतम क्रम)।
Quick Facts:
- घर्षण संपर्क क्षेत्र पर निर्भर नहीं करता (सामान्यतः)।
- घर्षण = μ × N (जहाँ μ = घर्षण गुणांक, N = सामान्य बल)
दो वस्तुओं के बीच ______ हमेशा समान और विपरीत होता हैं।
- जड़त्व
- बल
- दाब
- संवेग
Explanation:
- न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, दो वस्तुओं के बीच परस्पर बल (क्रिया-प्रतिक्रिया) सदैव समान परिमाण के और विपरीत दिशा में होते हैं।
- यह बल सदैव युग्म (pair) में आते हैं।
Quick Facts:
- क्रिया-प्रतिक्रिया बल सदैव भिन्न वस्तुओं पर कार्य करते हैं (संतुलित नहीं होते)।
- उदाहरण: चलना, रॉकेट प्रणोदन, तैरना।
निम्नलिखित कथनों में से कौन सा सही है?
- एक नीचे जाती हुई लिफ्ट में एक पिंड का भार घटता है, जबकि इसका द्रव्यमान समान रहता है।
- एक नीचे जाती हुई लिफ्ट में पिंड के द्रव्यमान के साथ-साथ नीचे की ओर बढ़ने वाले भार घटता है।
- नीचे की ओर जाती हुई एक लिफ्ट में पिंड का भार बढ़ जाता है जबकि इसका द्रव्यमान समान रहता है।
- नीचे की ओर जाती हुई एक लिफ्ट में पिंड का भार और द्रव्यमान नहीं बदलता है।
Explanation:
- नीचे जाती लिफ्ट में, आभासी भार (apparent weight) = mg – ma (जहाँ a = नीचे की ओर त्वरण), इसलिए भार घटता है।
- द्रव्यमान (mass) स्थिर रहता है (यह पदार्थ का गुण है)।
- यदि लिफ्ट मुक्त पतन (free fall) में हो (a = g), तो आभासी भार शून्य हो जाता है (भारहीनता)।
Quick Facts:
- ऊपर जाती लिफ्ट में आभासी भार बढ़ता है (mg + ma)।
- यह प्रभाव ‘गैर-जड़त्वीय तंत्र’ में देखा जाता है।
जब कोई वस्तु गुरुत्वाकर्षण के अंतर्गत गिरती है, तो वस्तु पर अनुभव करती है।
- एक त्वरण
- एक मंदन
- बल तभी लगता है जब वह पृथ्वी की सतह से टकराती है
- कोई बाहरी बल नहीं
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण के अंतर्गत गिरती हुई वस्तु पर गुरुत्वीय त्वरण (g) कार्य करता है (a = g = 9.8 m/s²) – यह एक त्वरण है।
- यह त्वरण नीचे की ओर होता है, मंदन नहीं (मंदन = त्वरण का विपरीत, जब वेग घट रहा हो)।
Quick Facts:
- गुरुत्वीय त्वरण g = 9.8 m/s² (पृथ्वी पर)
- सभी वस्तुओं पर समान त्वरण (वायु प्रतिरोध की अनुपस्थिति में)।
यदि दो वस्तुओं के बीच की दूरी दोगुनी कर दी जाए तथा शेष सब कुछ एक समान रहे, तो उनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- बल चार गुना हो जाएगा
- बल एक-चौथाई हो जाएगा
- बल दोगुना हो जाएगा
- बल आधा हो जाएगा
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण बल F = G m₁m₂/r², अतः F ∝ 1/r²
- यदि r → 2r, तो F’ = G m₁m₂/(2r)² = F/4
- अतः बल एक-चौथाई (1/4) हो जाता है।
Quick Facts:
- यह ‘व्युत्क्रम वर्ग नियम’ (Inverse square law) कहलाता है।
- यही नियम विद्युत बल (कूलॉम) और प्रकाश की तीव्रता पर भी लागू होता है।
किसी भी एक दिशा में द्रव्यमानों (अर्थात गतिशील निकायों) के एक निकाय का कुल संवेग तब तक नियत रहता है, जब तक उस दिशा में कोई बाह्य बल न लगाए जाए। इस कथन को क्या कहा जाता है?
- संवेग संरक्षण का सिद्धांत
- ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत
- न्यूटन का गति का पहला नियम
- बलों का संप्रेषणीयता का नियम
Explanation:
- संवेग संरक्षण का सिद्धांत (Law of Conservation of Momentum): किसी निकाय पर बाह्य बल की अनुपस्थिति में, उसका कुल संवेग स्थिर रहता है।
- यह न्यूटन के तीसरे नियम से व्युत्पन्न होता है।
Quick Facts:
- संवेग = द्रव्यमान × वेग (p = mv)
- उदाहरण: बंदूक-गोली, रॉकेट, टक्करें (collisions) – सभी में संवेग संरक्षण लागू होता है।
यदि पृथ्वी और एक सेब, जिनके बीच की दूरी ‘x’ है, के बीच आकर्षण बल ‘F’ है, तो उसी सेब पर ‘2x’ दूरी पर कार्य करने वाला बल ______ होगा।
- F/2
- F/4
- 4F
- 2F
Explanation:
- F = G M_earth × m_apple / x²
- यदि दूरी 2x हो, तो F’ = G M_earth × m_apple / (2x)² = F / 4
- अतः बल F/4 हो जाता है (व्युत्क्रम वर्ग नियम)।
Quick Facts:
- यह नियम गुरुत्वाकर्षण, विद्युत (कूलॉम), और प्रकाश की तीव्रता पर लागू होता है।
- दूरी दोगुनी → बल चौथाई (1/4)।
जब दो समान बल वस्तु पर कार्यरत होते हैं और विपरीत दिशा में होते हैं, तो वस्तु पर लगने वाला परिणामी बल ______ हो जाता है।
- तीन-गुना
- दो-गुना
- शून्य
- चार-गुना
Explanation:
- जब दो बल समान परिमाण के और विपरीत दिशा में हों, तो वे एक-दूसरे को निरस्त (cancel) कर देते हैं, जिससे परिणामी बल (net force) शून्य हो जाता है।
- यह ‘संतुलित बल’ (balanced force) की स्थिति है।
Quick Facts:
- संतुलित बल ⇒ त्वरण शून्य (वस्तु स्थिर या एकसमान वेग से गतिमान)
- असंतुलित बल ⇒ त्वरण उत्पन्न होता है (गति में परिवर्तन)।
चुंबकीय क्षेत्र को सदिश राशि के रूप में मान्य बनाने वाला मूलभूत गुण यह है कि इसमें ______ दोनों होते हैं।
- दिशा और परिमाण
- आवेश और विभवांतर
- द्रव्यमान और घनत्व
- बल और समय
Explanation:
- सदिश राशि (Vector quantity) वह होती है जिसमें परिमाण (magnitude) और दिशा (direction) दोनों होते हैं।
- चुंबकीय क्षेत्र (B) एक सदिश है क्योंकि इसका एक निश्चित परिमाण और दिशा होती है।
Quick Facts:
- सदिश राशि के उदाहरण: बल, वेग, त्वरण, चुंबकीय क्षेत्र।
- अदिश राशि: केवल परिमाण (जैसे द्रव्यमान, तापमान, समय)।
कोई वस्तु स्थिर है, तो उस पर लगने वाला बल है:
- भार
- संवेग
- त्वरण
- आवेग
Explanation:
- यदि वस्तु स्थिर है, तो इसका त्वरण (acceleration) शून्य है (क्योंकि वेग स्थिर = 0)।
- त्वरण शून्य होने का अर्थ है कि उस पर लगने वाला परिणामी बल शून्य है (संतुलित बल)।
- भार, संवेग, आवेग – ये स्थिर वस्तु पर भी हो सकते हैं (भार mg, संवेग = 0 क्योंकि v=0, आवेग = बल × समय)।
Quick Facts:
- न्यूटन का पहला नियम: यदि बाह्य बल शून्य है, तो वस्तु अपनी अवस्था (विराम या एकसमान गति) में बनी रहती है।
- त्वरण = बल/द्रव्यमान (F = ma)।
कार्य की इकाई ______ के समान होती है।
- संवेग
- बल
- त्वरण
- ऊर्जा
Explanation:
- कार्य (Work) और ऊर्जा (Energy) दोनों की SI इकाई ‘जूल’ (J) है (1 J = 1 N·m = 1 kg·m²/s²)।
- संवेग (kg·m/s), बल (N), त्वरण (m/s²) भिन्न इकाइयाँ हैं।
Quick Facts:
- कार्य-ऊर्जा प्रमेय: किया गया कार्य = गतिज ऊर्जा में परिवर्तन।
- 1 जूल = 1 न्यूटन × 1 मीटर
यदि 5 kg द्रव्यमान की वस्तु को 10 ms⁻² पर त्वरित करने के लिए F₁ बल की आवश्यकता है और 10 kg द्रव्यमान की वस्तु को 12 ms⁻² पर त्वरित करने के लिए F₂ बल की आवश्यकता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- F₁ > F₂
- F₁ = F₂
- F₂ > F₁
- F₂ = -2 × F₁
Equation: F₁ = 5×10 = 50 N, F₂ = 10×12 = 120 N → F₂ > F₁
Explanation:
- F = ma (न्यूटन का द्वितीय नियम)
- F₁ = 5 × 10 = 50 N
- F₂ = 10 × 12 = 120 N
- अतः F₂ > F₁ (120 > 50)
Quick Facts:
- बल = द्रव्यमान × त्वरण
- बल का SI मात्रक न्यूटन (N) है।
यदि गतिमान वस्तु पर कोई बल नहीं लगाया जाता है, तो यह ______ के कारण रुक जाएगी।
- तनाव
- संवेग
- आवेग
- घर्षण
Explanation:
- यदि कोई बाह्य बल नहीं है, तो न्यूटन के पहले नियम के अनुसार वस्तु एकसमान गति करती रहेगी।
- परंतु वास्तविक जीवन में, ‘घर्षण’ (friction) एक बल है जो गति का विरोध करता है, जिससे वस्तु रुक जाती है।
- यदि घर्षण न हो (आदर्श स्थिति), तो वस्तु कभी नहीं रुकेगी।
Quick Facts:
- घर्षण एक संपर्क बल है, जो गति की विपरीत दिशा में कार्य करता है।
- न्यूटन का पहला नियम: बाह्य बल की अनुपस्थिति में वस्तु अपनी गति की अवस्था में बनी रहती है।
m₁ और m₂ द्रव्यमान वाली दो वस्तुओं के बीच गुरूत्वीय बल (F) सदैव ______ होता है।
- आकर्षी
- प्रतिकर्षी
- कभी आकर्षी, कभी प्रतिकर्षी
- शून्य
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational force) सदैव आकर्षी (attractive) होता है।
- यह द्रव्यमानों के बीच एक-दूसरे को खींचने का बल है (कभी प्रतिकर्षी नहीं)।
- F = G m₁m₂/r² (न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम)
Quick Facts:
- गुरुत्वाकर्षण बल सबसे दुर्बल मूलभूत बल है, परंतु बड़े द्रव्यमान (ग्रह, तारे) के लिए महत्वपूर्ण है।
- यह सदैव आकर्षी होता है, प्रतिकर्षी नहीं (विद्युत बल के विपरीत)।
10 किग्रा द्रव्यमान वाले एक बॉक्स पर 2 सेकंड के लिए एक नियत बल F लगाया जाता है। इससे वस्तु का वेग 6 m/s से बढ़कर 10 m/s हो जाता है। लगाए गए बल F का परिमाण है:
- 20 N
- 50 N
- 25 N
- 10 N
Equation: a = (10-6)/2 = 2 m/s², F = ma = 10 × 2 = 20 N
Explanation:
- त्वरण a = (v – u)/t = (10 – 6)/2 = 2 m/s²
- बल F = m × a = 10 × 2 = 20 N
Quick Facts:
- त्वरण = वेग परिवर्तन की दर
- बल का SI मात्रक न्यूटन (N) है।
एक छात्र का दावा है कि पृथ्वी द्वारा चंद्रमा पर लगाया गया गुरुत्वाकर्षण बल, चंद्रमा द्वारा पृथ्वी पर लगाए गए बल की तुलना में बहुत अधिक प्रबल है। न्यूटन के गति के तीसरे नियम और सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण के नियम के आधार पर, क्या यह दावा सही है?
- नहीं, दोनों बल परिमाण में बराबर हैं लेकिन दिशा में विपरीत हैं।
- नहीं, पृथ्वी चंद्रमा पर बहुत कम बल लगाती है।
- हां, क्योंकि पृथ्वी अधिक विशाल है, इसलिए यह अधिक बल लगाती है
- नहीं, चंद्रमा एक मजबूत बल लगाता है क्योंकि यह पृथ्वी के करीब है
Explanation:
- न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, बल सदैव युग्मों में होते हैं (क्रिया-प्रतिक्रिया) और परिमाण में बराबर होते हैं।
- सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम: F = G m₁m₂/r², जो दोनों वस्तुओं पर समान परिमाण का बल दिखाता है (केवल दिशा विपरीत होती है)।
- अतः पृथ्वी और चंद्रमा पर बल समान हैं (परिमाण में)।
Quick Facts:
- क्रिया-प्रतिक्रिया बल सदैव भिन्न वस्तुओं पर कार्य करते हैं।
- गुरुत्वाकर्षण बल परिमाण में समान, पर दिशा में विपरीत होता है (आकर्षी)।
एक आवेशित कण के संवेग का परिमाण ______ पर निर्भर करता है।
- कण के द्रव्यमान और वेग दोनों पर
- कण के द्रव्यमान और त्वरण दोनों पर
- केवल कण के वेग पर
- केवल कण के द्रव्यमान पर
Explanation:
- संवेग (Momentum) p = m × v (द्रव्यमान × वेग)
- अतः संवेग द्रव्यमान और वेग दोनों पर निर्भर करता है।
- आवेशित/अनावेशित – संवेग का सूत्र समान है।
Quick Facts:
- संवेग एक सदिश राशि है (दिशा वेग के समान)।
- SI इकाई: kg·m/s (या kg·m·s⁻¹)
एक नियत बल द्वारा किया गया कार्य कब शून्य होता है?
- बल परिवर्तनशील है
- बल अधिक है
- विस्थापन शून्य है या बल के लंबवत है
- विस्थापन कम है
Explanation:
- कार्य W = F × s × cos θ
- W = 0 जब: (i) s = 0 (विस्थापन शून्य) या (ii) θ = 90° (बल और विस्थापन लंबवत, cos 90° = 0)
- उदाहरण: वृत्तीय गति में अभिकेन्द्रमुखी बल कार्य शून्य करता है (बल विस्थापन के लंबवत)।
Quick Facts:
- कार्य की SI इकाई जूल (J) है।
- यदि बल और विस्थापन एक ही दिशा में (θ=0°), तो कार्य धनात्मक अधिकतम होता है।
जब एक पेंसिल को आंशिक रूप से पानी में डुबोया जाता है, तो यह झुकी हुई प्रतीत होती है। यदि पानी की जगह एक घने तरल का उपयोग किया जाए, तो पेंसिल का झुकाव किस प्रकार बदलेगा?
- नहीं, पेंसिल सीधी दिखाई देगी।
- हाँ, विस्थापन समान होगा।
- हाँ, यह जल की तुलना में अधिक विस्थापित होगी।
- नहीं, विस्थापन अलग-अलग होगा।
Explanation:
- पेंसिल का मुड़ा (झुका) दिखना अपवर्तन (refraction) के कारण होता है, जो माध्यम के अपवर्तनांक (μ) पर निर्भर करता है।
- घने द्रव का μ जल से अधिक होता है, इसलिए अपवर्तन अधिक होगा, अर्थात पेंसिल अधिक विस्थापित (टेढ़ी) दिखेगी।
- विकल्प ‘हाँ, यह जल की तुलना में अधिक विस्थापित होगी’ सही है, पर दिए गए विकल्पों में ‘नहीं, विस्थापन अलग-अलग होगा’ संदर्भ में सही नहीं बैठता। वास्तव में सही है: ‘हाँ, यह अधिक विस्थापित होगी’।
Quick Facts:
- अपवर्तनांक μ = c/v, μ जितना अधिक, प्रकाश उतना अधिक मुड़ता है (अपवर्तन कोण कम होता है)।
- यह ‘आभासी गहराई’ (apparent depth) का उदाहरण है।
किसी वस्तु में कमी का कारण बनने वाले बल को क्या कहते हैं?
- चूंबकीय बल
- घर्षण
- विद्युत बल
- गुरुत्वाकर्षण
Explanation:
- वस्तु की गति में कमी (मंदन) का कारण ‘घर्षण’ (friction) बल होता है, जो गति के विपरीत दिशा में कार्य करता है।
- गुरुत्वाकर्षण (नीचे की ओर) त्वरण पैदा कर सकता है, पर गति में कमी का मुख्य कारण घर्षण है।
Quick Facts:
- घर्षण = μ × N (सामान्य बल)
- यह एक संपर्क बल है, जो सदैव गति का विरोध करता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति क्रिया और प्रतिक्रिया बलों का एक उदाहरण नहीं है?
- एक तैराक का पानी को पीछे की ओर धकेलना।
- बल्ले द्वारा क्रिकेट की गेंद को मारना।
- ऊपर फेंकी गई गेंद का गुरुत्वाकर्षण बल के कारण वापस नीचे आना।
- ऊपर की ओर प्रक्षेपित होता हुआ रॉकेट
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण बल गेंद पर नीचे की ओर कार्य करता है (यह क्रिया है), पर इसकी प्रतिक्रिया (गेंद द्वारा पृथ्वी पर बल) उतनी स्पष्ट नहीं है – यहाँ ‘गेंद का नीचे आना’ स्वयं क्रिया-प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि गुरुत्वाकर्षण का परिणाम है।
- तैराक, बल्ला-गेंद, रॉकेट-गैस – ये स्पष्ट क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म हैं।
Quick Facts:
- क्रिया-प्रतिक्रिया सदैव भिन्न वस्तुओं पर लागू होती है।
- गुरुत्वाकर्षण में भी क्रिया-प्रतिक्रिया है (पृथ्वी गेंद को खींचती है, गेंद पृथ्वी को खींचती है), पर ‘गेंद का नीचे आना’ क्रिया-प्रतिक्रिया नहीं है।
यदि पृथ्वी और चंद्रमा के बीच गुरुत्वीय बल ‘F’ N है, यदि पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी दोगुनी हो जाए तो उनके बीच का बल कितना होगा? (अन्य सभी प्राचलों को समान रखें।)
- 4F
- 2F
- F/2
- F/4
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण बल F ∝ 1/r² (व्युत्क्रम वर्ग नियम)
- यदि r → 2r, तो F’ = F / (2²) = F/4
Quick Facts:
- यह नियम न्यूटन के सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम से आता है।
- दूरी दोगुनी → बल चौथाई (1/4)।
जब कोई वस्तु पृथ्वी की सतह के पास मुक्त पतन में होती है और यदि वायु प्रतिरोध की उपेक्षा की जाए तो निम्नलिखित में से कौन-सी भौतिक राशि नियत रहती है?
- उर्जा नियत रहती है।
- संवेग नियत रहता है।
- गुरुत्वीय त्वरण नियत रहता है।
- वेग नियत रहता है।
Explanation:
- पृथ्वी की सतह के निकट, गुरुत्वीय त्वरण (g) लगभग स्थिर (9.8 m/s²) होता है।
- वेग (v = gt) बढ़ता है, संवेग (p = mgt) बढ़ता है, स्थितिज ऊर्जा घटती है, गतिज ऊर्जा बढ़ती है (ऊर्जा संरक्षित, पर नियत नहीं – रूप बदलता है)।
Quick Facts:
- g ≈ 9.8 m/s² (भूमध्य रेखा पर कम, ध्रुवों पर अधिक)।
- मुक्त पतन में, कुल ऊर्जा (PE + KE) स्थिर रहती है (यदि घर्षण न हो)।
60 N का एक बल (F) 6 kg द्रव्यमान (m) पर कार्य करता है। इस बल द्वारा उत्पन्न त्वरण (a) क्या होगा?
- 6.0 m/s²
- 0.10 m/s²
- 10.0 m/s²
- 360.0 m/s²
Equation: a = F/m = 60/6 = 10 m/s²
Explanation:
- न्यूटन का द्वितीय नियम: a = F/m = 60/6 = 10 m/s²
Quick Facts:
- त्वरण की SI इकाई m/s² है।
- बल (N) = kg × m/s²
निम्नलिखित में से कौन-सा, ऋणात्मक कार्य का एक उदाहरण है?
- गिरती हुई गेंद पर कार्यरत गुरुत्वाकर्षण
- बैग को ऊपर की ओर उठाना
- गतिमान कार को आगे धकेलना
- किसी गतिमान वस्तु पर लगने वाला घर्षण
Explanation:
- घर्षण बल गति की विपरीत दिशा में कार्य करता है (θ = 180°), इसलिए cos 180° = -1, अतः W = F × s × (-1) = ऋणात्मक।
- गुरुत्वाकर्षण (नीचे की ओर) धनात्मक कार्य करता है, बैग उठाना धनात्मक (बल और विस्थापन एक दिशा)।
Quick Facts:
- ऋणात्मक कार्य: बल और विस्थापन विपरीत दिशा में।
- उदाहरण: घर्षण, वायु प्रतिरोध, ब्रेक लगाना।
जब कोई मोटरगाड़ी तेज चाल से अचानक मोड़ लेती है, तो हम एक तरफ उछल जाते हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस परिघटना की व्याख्या करता है?
- जड़त्व नियम के कारण हमारा शरीर दिशा परिवर्तन का प्रतिरोध करता है।
- गुरुत्वीय बल विपरीत दिशा में कार्य करता है।
- कार के अंदर वायु दाब में परिवर्तन हमें बाहर की ओर धकेलता है।
- सड़क और टायरों के बीच घर्षण कम हो जाता है।
Explanation:
- जड़त्व (Inertia) के कारण हमारा शरीर अपनी मूल गति की दिशा में बने रहना चाहता है, जबकि कार मुड़ती है, इसलिए हमें बाहर की ओर धकेल (उछल) का अनुभव होता है।
- यह न्यूटन के पहले नियम (जड़त्व) का उदाहरण है।
Quick Facts:
- इसे ‘अपकेन्द्री बल’ (centrifugal force) का आभास भी कहते हैं।
- सीट बेल्ट इससे बचाती है।
जब कोई व्यक्ति भूमि पर स्थिर खड़ा होता है, तो पृथ्वी द्वारा व्यक्ति पर लगाया गया गुरुत्व बल (क्रिया) और भूमि द्वारा व्यक्ति पर लगाया गया अभिलंब बल (प्रतिक्रिया) बराबर और विपरीत होते हैं। क्या न्यूटन के तृतीय नियम के अनुसार यह क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म है?
- हां, क्योंकि ये एक-दूसरे को संतुलित करते हैं, गति को रोकते हैं।
- हां, क्योंकि दोनों बल परिमाण में बराबर और विपरीत हैं।
- नहीं, क्योंकि दोनों बल अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं।
- नहीं, क्योंकि दोनों बल समान वस्तु पर कार्य करते हैं।
Explanation:
- क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म में बल दो भिन्न वस्तुओं पर कार्य करते हैं (पृथ्वी व्यक्ति पर, व्यक्ति पृथ्वी पर)।
- यहाँ गुरुत्व बल और अभिलंब बल दोनों ‘व्यक्ति’ पर कार्य कर रहे हैं (संतुलित बल), अतः ये क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म नहीं हैं।
- क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म: पृथ्वी द्वारा व्यक्ति पर गुरुत्व बल और व्यक्ति द्वारा पृथ्वी पर गुरुत्व बल।
Quick Facts:
- संतुलित बल: एक ही वस्तु पर, बराबर व विपरीत ⇒ शुद्ध बल शून्य।
- क्रिया-प्रतिक्रिया: भिन्न वस्तुओं पर, बराबर व विपरीत ⇒ शुद्ध बल शून्य नहीं (वे एक-दूसरे को संतुलित नहीं करते)।
एक गोली, जिसका द्रव्यमान 20 g है, क्षैतिज रूप से 2.5 kg द्रव्यमान की पिस्तौल से 150 ms⁻¹ के वेग से दागी जाती है। पिस्तौल का प्रतिक्षेप वेग क्या है?
- -1.25 ms⁻¹
- -1.5 ms⁻¹
- -1.2 ms⁻¹
- -2.0 ms⁻¹
Equation: m₁v₁ + m₂v₂ = 0 → 0.02×150 + 2.5×v₂ = 0 → v₂ = -1.2 m/s
Explanation:
- संवेग संरक्षण: m₁v₁ + m₂v₂ = 0 (प्रारंभिक संवेग शून्य)
- m₁ = 0.02 kg, v₁ = 150 m/s, m₂ = 2.5 kg
- v₂ = -(m₁v₁)/m₂ = -(0.02×150)/2.5 = -3/2.5 = -1.2 m/s
- ऋणात्मक चिह्न विपरीत दिशा दर्शाता है (प्रतिक्षेप)।
Quick Facts:
- प्रतिक्षेप वेग = (m_bullet/m_gun) × v_bullet
- यह न्यूटन के तीसरे नियम और संवेग संरक्षण पर आधारित है।
एक द्विध्रुव एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में रखे जाने पर कैसे व्यवहार करता है?
- यह बल आघूर्ण का अनुभव करता है लेकिन कोई शुद्ध बल नहीं।
- यह शुद्ध बल और बल आघूर्ण दोनों का अनुभव करता है।
- यह शुद्ध बल का अनुभव करता है लेकिन कोई बल आघूर्ण नहीं।
- यह बिना किसी बल या बल आघूर्ण के स्थिर रहता है।
Explanation:
- एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में, द्विध्रुव पर शुद्ध बल (net force) शून्य होता है (क्योंकि N और S ध्रुवों पर बल बराबर व विपरीत होते हैं)।
- परंतु यह एक बल आघूर्ण (torque) अनुभव करता है, जो इसे क्षेत्र के साथ संरेखित (align) करने का प्रयास करता है।
- τ = M × B (चुंबकीय आघूर्ण × क्षेत्र)
Quick Facts:
- एकसमान क्षेत्र: शुद्ध बल = 0, बल आघूर्ण ≠ 0
- असमान क्षेत्र: शुद्ध बल ≠ 0, बल आघूर्ण ≠ 0
न्यूटन के दूसरे नियम की सबसे उपयुक्त परिभाषा कौन-सी है?
- विराम में स्थित वस्तु विराम में ही रहेगी, और गतिमान वस्तु समान चाल और सीधी रेखा में गतिमान रहेगी जब तक कि उस पर असंतुलित बल कार्य न करे।
- किसी वस्तु का त्वरण वस्तु के द्रव्यमान और लगाए गए बल की मात्रा पर निर्भर करता है।
- जब भी कोई वस्तु दूसरी वस्तु पर बल लगाती है, तो दूसरी वस्तु पहले पर समान और विपरीत बल लगाती है।
- किसी स्प्रिंग को किसी दूरी तक फैलाने या संपीडित करने के लिए आवश्यक बल उस दूरी के समानुपाती होता है।
Explanation:
- न्यूटन का द्वितीय नियम: F = ma, अर्थात त्वरण (a) बल (F) के समानुपाती और द्रव्यमान (m) के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
- पहला विकल्प → पहला नियम (जड़त्व), तीसरा → तीसरा नियम, चौथा → हुक का नियम (स्प्रिंग)।
Quick Facts:
- द्वितीय नियम: संवेग परिवर्तन की दर = बल (F = dp/dt)
- यह नियम बल, द्रव्यमान और त्वरण के बीच संबंध स्थापित करता है।
कार्य की दर को क्या कहा जाता है?
- प्रायिकता
- ऊर्जा
- शक्ति
- इलेक्ट्रोलाइट
Explanation:
- शक्ति (Power) = कार्य करने की दर (rate of doing work) = W/t
- SI इकाई: वाट (W) = J/s
Quick Facts:
- 1 वाट = 1 जूल/सेकंड
- 1 अश्वशक्ति (HP) = 746 W
निम्नलिखित में से कौन-सा, क्रिया और प्रतिक्रिया बल का उदाहरण नहीं है?
- पैर ज़मीन को पीछे की ओर धकेलता है और ज़मीन पैर को आगे की ओर धकेलती है
- नीचे की ओर उत्सर्जित गैसों के कारण ऊपर की ओर बढ़ता एक रॉकेट
- जब बस अचानक रुकती है, तो लोग आगे की ओर गिर जाते हैं
- तैराक अपने हाथों से पानी को पीछे की ओर धकेलता है
Explanation:
- बस के अचानक रुकने पर लोगों का आगे गिरना ‘जड़त्व’ (inertia) का उदाहरण है (न्यूटन का पहला नियम), क्रिया-प्रतिक्रिया नहीं।
- अन्य तीनों (पैर-ज़मीन, रॉकेट-गैस, तैराक-पानी) क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म हैं।
Quick Facts:
- क्रिया-प्रतिक्रिया: सदैव दो भिन्न वस्तुओं पर, समान परिमाण के, विपरीत दिशा में बल।
- जड़त्व: वस्तु का अपनी अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने का गुण।
गैसों की आसानी से संपीडित होने की क्षमता ______ के कारण होती है।
- कणों के बीच मजबूत बल
- कणों की कमी
- कणों के उच्च द्रव्यमान
- कणों के बीच विस्तृत स्थान
Explanation:
- गैसों में कणों के बीच बहुत अधिक खाली स्थान (intermolecular space) होता है, जिससे वे आसानी से संपीडित (compressible) हो जाती हैं।
- ठोस/द्रव में कण पास-पास होते हैं, इसलिए संपीड्यता कम होती है।
Quick Facts:
- गैसों की संपीड्यता सबसे अधिक, ठोसों की सबसे कम।
- यही कारण है कि गैसों को सिलेंडरों में भरा जा सकता है।
80 kg और 250 kg द्रव्यमान वाली दो वस्तुएं 200 m की दूरी पर रखी गई हैं। उनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल क्या है? (G = 6.7 × 10⁻¹¹ N.m²/kg²)
- 6.35 × 10⁻¹¹ N
- 5.75 × 10⁻¹¹ N
- 4.50 × 10⁻¹¹ N
- 3.35 × 10⁻¹¹ N
Equation: F = G(m₁m₂)/r² = 6.7×10⁻¹¹ × (80×250)/200² = 6.7×10⁻¹¹ × 20000/40000 = 3.35×10⁻¹¹ N
Explanation:
- F = G m₁m₂/r² = 6.7×10⁻¹¹ × (80×250) / (200)²
- = 6.7×10⁻¹¹ × 20000 / 40000 = 6.7×10⁻¹¹ × 0.5 = 3.35×10⁻¹¹ N
Quick Facts:
- गुरुत्वाकर्षण बल अत्यंत दुर्बल होता है (छोटे द्रव्यमानों के लिए)।
- G = 6.67 × 10⁻¹¹ N·m²/kg² (सार्वत्रिक नियतांक)
100 kg द्रव्यमान की एक वस्तु को 5 ms⁻¹ से 15 ms⁻¹ के वेग से एकसमान रूप से 5 s में त्वरित किया जाता है। वस्तु पर लगाए गए बल का परिमाण ज्ञात कीजिए।
- 200 J
- 200 Kg
- 200 Pa
- 200 N
Equation: a = (15-5)/5 = 2 m/s², F = ma = 100 × 2 = 200 N
Explanation:
- त्वरण a = (15-5)/5 = 2 m/s²
- बल F = m × a = 100 × 2 = 200 N
Quick Facts:
- बल का SI मात्रक न्यूटन (N) है।
- J (जूल) = कार्य/ऊर्जा, Pa = दाब, kg = द्रव्यमान।
निम्नलिखित में से किस सदिश राशि की विमाएँ अदिश राशि ‘कार्य’ के समान हैं?
- कोणीय संवेग
- बल आघूर्ण
- गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक
- बल
Explanation:
- कार्य (Work) की विमा: M L² T⁻²
- बल आघूर्ण (Torque) = बल × दूरी = M L² T⁻² (विमाएँ समान, पर यह सदिश है, कार्य अदिश है)।
- कोणीय संवेग: M L² T⁻¹, बल: M L T⁻², गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक: M⁻¹ L³ T⁻²
Quick Facts:
- कार्य और बल आघूर्ण की विमाएँ समान होती हैं, पर भौतिक अर्थ भिन्न है (कार्य अदिश, आघूर्ण सदिश)।
- 1 J = 1 N·m (कार्य), 1 N·m (आघूर्ण) – दोनों की इकाई समान, पर विमा समान।
एक वस्तु नियत वेग के साथ उत्तर की ओर जाती है। वस्तु पर कार्यरत परिणामी बल होगा:
- दक्षिण की ओर
- पूर्व की ओर
- शून्य
- उत्तर की ओर
Explanation:
- नियत वेग (constant velocity) का अर्थ है त्वरण (acceleration) शून्य है।
- F = ma, यदि a = 0, तो F = 0 (परिणामी बल शून्य)।
Quick Facts:
- नियत वेग: चाल (speed) और दिशा (direction) दोनों स्थिर।
- संतुलित बल (net force = 0) नियत वेग देता है (न्यूटन का पहला नियम)।
ला-शातेलिए के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी साम्यवस्था पर सांद्रता, दाब या तापमान में परिवर्तन किया जाता है, तो उस पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- तंत्र स्थायी रूप से अवस्था परिवर्तन से गुजरेगा
- तंत्र उस दिशा में विस्थापित होगा जो परिवर्तन का विरोध करता है ताकि पुनः साम्य स्थापित हो सके
- तंत्र हमेशा अभिकारकों के निर्माण का पक्षधर होगा
- तंत्र बिना किसी परिवर्तन के साम्य में रहेगा
Explanation:
- ला-शातेलिए का सिद्धांत (Le Chatelier’s principle): साम्यावस्था में कोई परिवर्तन करने पर, तंत्र उस दिशा में विस्थापित होता है जो परिवर्तन का विरोध करता है।
- उदाहरण: दाब बढ़ने पर, अभिक्रिया कम मोलों की ओर जाती है; ताप बढ़ने पर, ऊष्माशोषी दिशा में।
Quick Facts:
- यह सिद्धांत रासायनिक साम्य (chemical equilibrium) पर लागू होता है।
- इसे ‘साम्य का विस्थापन’ (shift in equilibrium) कहते हैं।
स्प्रिंग तुला A एक सिरे पर स्प्रिंग तुला B से जुड़ा है, जिसका दूसरा सिरा एक दृढ़ आधार पर स्थिर है। स्प्रिंग तुला A के मुक्त सिरे पर एक बल लगाया जाता है। दोनों तुला समान पाठ्यांक दर्शाती हैं। यह प्रेक्षण क्या दर्शाता है?
- A द्वारा B पर लगाया गया बल, B द्वारा A पर लगाए गए बल से अधिक है।
- A द्वारा B पर लगाया गया बल, B द्वारा A पर लगाए गए बल के बराबर और विपरीत है।
- दोनों तुला एक ही दिशा में बल लगाती हैं।
- केवल स्प्रिंग तुला A, B पर बल लगाता है
Explanation:
- यह न्यूटन के तीसरे नियम को प्रदर्शित करता है: क्रिया-प्रतिक्रिया बल समान और विपरीत होते हैं।
- स्प्रिंग तुला A और B पर बल बराबर हैं (पाठ्यांक समान), दिशा विपरीत है।
Quick Facts:
- तीसरा नियम: प्रत्येक क्रिया के लिए समान एवं विपरीत प्रतिक्रिया।
- यह प्रयोग क्रिया-प्रतिक्रिया बलों को मापने का एक तरीका है।
द्रव्यमान और वेग के गुणनफल को क्या कहा जाता है?
- स्थितिज ऊर्जा
- संवेग
- बल
- गतिज ऊर्जा
Explanation:
- संवेग (Momentum) p = m × v
- स्थितिज ऊर्जा = mgh, गतिज ऊर्जा = ½mv², बल = ma
Quick Facts:
- संवेग एक सदिश राशि है (दिशा वेग के अनुसार)।
- SI इकाई: kg·m/s
एक ही पदार्थ के अणुओं के बीच लगने वाले आकर्षण बल को क्या कहते हैं?
- आसंजक बल
- केशिकाल
- संसजक बल
- पृष्ठ तनाव
Explanation:
- संसजक बल (Cohesive force) = एक ही पदार्थ के अणुओं के बीच आकर्षण बल (जैसे जल के अणुओं के बीच)।
- आसंजक बल (Adhesive force) = भिन्न पदार्थों के अणुओं के बीच (जैसे जल और काँच के बीच)।
Quick Facts:
- संसजक बल के कारण पृष्ठ तनाव (surface tension) होता है।
- आसंजक बल के कारण केशिका क्रिया (capillarity) होती है।
संतुलन के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- संतुलन वह स्थिति है जहाँ परिवर्तन की प्रवृत्ति कम होती है।
- संतुलन वह स्थिति है जहाँ परिवर्तन की प्रवृत्ति अधिक होती है।
- संतुलन वह स्थिति है जहाँ किसी भी परिवर्तन की कोई प्रवृत्ति नहीं होती है।
- संतुलन वह स्थिति है जहाँ परिवर्तन की प्रवृत्ति होती है।
Explanation:
- संतुलन (Equilibrium) = वह अवस्था जहाँ शुद्ध बल/बल आघूर्ण शून्य होता है और कोई परिवर्तन की प्रवृत्ति (net tendency) नहीं होती।
- यांत्रिक संतुलन: F_net = 0, τ_net = 0
Quick Facts:
- संतुलन तीन प्रकार का होता है: स्थायी, अस्थायी, उदासीन (stable, unstable, neutral)।
- संतुलन में वस्तु स्थिर या एकसमान गति में हो सकती है।
गति के दूसरे नियम के अनुसार –
- प्रत्येक वस्तु तब तक विरामावस्था पर या एकसमान गति में रहेगी जब तक कि एक परिणामी बल के लगने से अपनी अवस्था को बदलने के लिए मजबूर न हो।
- परिणामी बल लागू होने पर प्रत्येक वस्तु एकसमान चाल से चलेगी।
- किसी वस्तु के संवेग के परिवर्तन की दर परिणामी बल की दिशा में वस्तु पर लगाए गए परिणामी बल के अनुक्रमानुपाती होती है।
- लागू बल के साथ वस्तु की चाल के परिवर्तन की दर बदल जाएगी।
Explanation:
- न्यूटन का द्वितीय नियम: F = dp/dt (संवेग परिवर्तन की दर = बल)
- पहला विकल्प → पहला नियम, दूसरा/चौथा → गलत कथन।
Quick Facts:
- द्वितीय नियम को F = ma (जब द्रव्यमान स्थिर) के रूप में भी लिखा जाता है।
- यह नियम बल का परिणामात्मक (quantitative) सूत्र देता है।
प्रणोद (थ्रस्ट) की SI इकाई ____ है।
- पास्कल
- ओम
- न्यूटन
- जूल
Explanation:
- प्रणोद (Thrust) = बल (Force) ही है, जो सतह के लंबवत कार्य करता है, अतः इसकी SI इकाई न्यूटन (N) है।
- दाब (Pressure) = थ्रस्ट/क्षेत्रफल, इसकी इकाई पास्कल (Pa) है।
Quick Facts:
- 1 N = 1 kg·m/s²
- थ्रस्ट एक सदिश राशि है, दाब अदिश है।
किसी वस्तु पर असंतुलित बलों के कार्य करने की स्थिति में, उत्पन्न त्वरण (a) की दिशा ______ में होता है।
- प्रारंभिक वेग
- घर्षण बल
- वस्तु पर कार्यरत निवल बल (परिणामी बल)
- अधिकतम बल
Explanation:
- न्यूटन का द्वितीय नियम: F = ma, अतः त्वरण (a) की दिशा हमेशा परिणामी बल (net force) की दिशा में होती है।
- यदि बल की दिशा बदलती है, तो त्वरण की दिशा भी बदलती है।
Quick Facts:
- त्वरण = वेग परिवर्तन की दर (सदिश)
- a = F/m (द्रव्यमान अदिश है, इसलिए a की दिशा F के समान होती है)।
कम द्रव्यमान और उच्च वेग वाली गोली, समान चाल से फेंके गए भारी पत्थर की तुलना में लक्ष्य को अधिक गहराई तक भेद सकती है, क्योंकि ___________।
- इसका जड़त्व कम होता है
- यह आकार में छोटी होती है
- यह अधिक तीक्ष्ण होती है
- इसका द्रव्यमान अधिक होता है
Explanation:
- गोली का द्रव्यमान कम होने पर उसका जड़त्व (inertia) कम होता है, जिससे वह अधिक तीव्रता से गति करती है और लक्ष्य को गहराई से भेदती है (गतिज ऊर्जा, KE = ½mv², उच्च v के कारण)।
- यह जड़त्व और गतिज ऊर्जा का संयुक्त प्रभाव है।
Quick Facts:
- जड़त्व ∝ द्रव्यमान (कम द्रव्यमान = कम जड़त्व, गति में परिवर्तन आसान)
- उच्च वेग → उच्च गतिज ऊर्जा → अधिक भेदन क्षमता
आयनिक यौगिकों में, आयन परस्पर आकर्षित करते हैं और मजबूत ______ द्वारा जुड़े होते हैं।
- स्थिरवैद्युत बलों
- चुंबकीय बलों
- गुरुत्वाकर्षण बलों
- विद्युत बलों
Explanation:
- आयनिक यौगिकों (जैसे NaCl) में धनात्मक और ऋणात्मक आयनों के बीच ‘स्थिरवैद्युत बल’ (Electrostatic force) कार्य करता है (कूलॉम का आकर्षण बल)।
- ये बल प्रबल होते हैं, इसलिए आयनिक यौगिकों का गलनांक/क्वथनांक उच्च होता है।
Quick Facts:
- आयनिक बंध (Ionic bond) = धातु + अधातु (इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण)
- स्थिरवैद्युत बल = k q₁q₂/r² (कूलॉम का नियम)
जब कोई पिंड किसी द्रव में डूबा होता है और द्रव को विस्थापित करता है, तो कौन सा बल उत्पन्न होता है?
- स्प्रिंग बल
- उत्प्लावन बल
- तनाव
- अभिलम्ब प्रतिक्रिया
Explanation:
- द्रव में डूबी वस्तु पर ऊपर की ओर लगने वाला बल ‘उत्प्लावन बल’ (Buoyant force) कहलाता है (आर्किमिडीज का सिद्धांत)।
- यह बल विस्थापित द्रव के भार के बराबर होता है।
Quick Facts:
- उत्प्लावन बल = ρ_द्रव × V_विस्थापित × g
- यदि उत्प्लावन बल > भार, तो वस्तु तैरती है (प्लवन)।
100 kg के द्रव्यमान वाली एक वस्तु को 6 s में 5 ms⁻¹ से 17 ms⁻¹ के वेग से एकसमान रूप से त्वरित किया जाता है। वस्तु पर लगाए गए बल का परिमाण ______ है।
- 200 ms⁻²
- 200 ms⁻¹
- 200 Pa
- 200 N
Equation: a = (17-5)/6 = 2 m/s², F = ma = 100 × 2 = 200 N
Explanation:
- त्वरण a = (17-5)/6 = 12/6 = 2 m/s²
- बल F = m × a = 100 × 2 = 200 N
Quick Facts:
- इकाई: N (न्यूटन) = बल, ms⁻² = त्वरण, ms⁻¹ = वेग, Pa = दाब
निम्नलिखित कथन दिए गए विकल्पों में से किस नियम पर लागू होता है? वह रेखा जो किसी ग्रह को सूर्य से जोड़ती है, समान समय अंतराल में समान क्षेत्रफल तय करती है।
- गति का नियम
- कक्षाओं का नियम
- आवर्त का नियम
- क्षेत्रफल का नियम
Explanation:
- केप्लर का द्वितीय नियम: ‘क्षेत्रफल का नियम’ (Law of Areas) – ग्रह की त्रिज्या सदिश समान समय में समान क्षेत्रफल तय करती है।
- यह कोणीय संवेग संरक्षण का परिणाम है।
Quick Facts:
- केप्लर के तीन नियम: (i) दीर्घवृत्तीय कक्षाएँ, (ii) क्षेत्रफल का नियम, (iii) आवर्त का नियम (T² ∝ r³)।
- ये नियम ग्रहों की गति को नियंत्रित करते हैं।
रोलिंग घर्षण और सर्पी घर्षण की तुलना कीजिए।
- रोलिंग घर्षण सर्पी घर्षण से अधिक होता है
- रोलिंग घर्षण या तो सर्पी घर्षण से अधिक या समान होता है
- रोलिंग घर्षण सर्पी घर्षण से कम होता है
- रोलिंग घर्षण हमेशा सर्पी घर्षण के समान होता है
Explanation:
- रोलिंग घर्षण (rolling friction) सर्पी घर्षण (sliding friction) से कम होता है, क्योंकि रोलिंग में संपर्क क्षेत्र कम होता है और विकृति कम होती है।
- यही कारण है कि पहिए (wheels) और बॉल बेयरिंग का उपयोग घर्षण कम करने के लिए किया जाता है।
Quick Facts:
- घर्षण क्रम: स्थैतिक > सर्पी > रोलिंग (अधिकतम से न्यूनतम)
- रोलिंग घर्षण का गुणांक (μ_rolling) सबसे कम होता है।
स्कू, बॉल बेयरिंग और जूतों के तलवों में घर्षण के कारण क्या होता है?
- इन पर घर्षण का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
- घर्षण इन सभी की रक्षा करता है।
- घर्षण उन सभी नुकसानों से बचाता है जो अन्य बलों के कारण इनकी वजह से हो सकते हैं।
- घर्षण इन सामग्रियों को घिसता है और उन्हें नुकसान पहुंचाता है।
Explanation:
- घर्षण के कारण सतहों पर घिसाव (wear and tear) होता है, जिससे सामग्री क्षतिग्रस्त होती है।
- इसलिए स्कू, बेयरिंग, जूतों के तलवे समय के साथ खराब हो जाते हैं।
Quick Facts:
- घर्षण के नुकसान: घिसाव, ऊष्मा उत्पादन, ऊर्जा की हानि।
- लाभ: चलना, पकड़ना, गाड़ी चलाना (टायर और सड़क के बीच घर्षण) संभव है।
न्यूटन के गति के तीसरे नियम के अनुसार, प्रत्येक क्रिया के लिए:
- एक समान और लंबवत प्रतिक्रिया होती है और वे दो अलग-अलग पिंडों पर कार्य करती हैं
- एक असमान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है और वे एक ही पिंड पर कार्य करती हैं
- एक समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है और वे दो अलग-अलग पिंडों पर कार्य करती हैं
- एक समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है और वे एक ही पिंड पर कार्य करती हैं
Explanation:
- तीसरा नियम: क्रिया-प्रतिक्रिया बल परिमाण में समान, दिशा में विपरीत और भिन्न वस्तुओं पर कार्य करते हैं।
- यही कारण है कि वे एक-दूसरे को संतुलित नहीं करते (क्योंकि विभिन्न वस्तुओं पर)।
Quick Facts:
- क्रिया-प्रतिक्रिया: सदैव युग्मों में, समान परिमाण, विपरीत दिशा।
- उदाहरण: चलना, तैरना, रॉकेट प्रणोदन।
भाप इंजन किस वैज्ञानिक सिद्धांत पर कार्य करता है?
- अतिचालकता
- प्रकाश वैद्युत प्रभाव
- ऊष्मागतिकी के नियम
- न्यूटन के गति के नियम
Explanation:
- भाप इंजन (Steam engine) ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) के नियमों पर कार्य करता है, विशेष रूप से ऊष्मा ऊर्जा को यांत्रिक कार्य में बदलने पर (ऊष्मागतिकी का दूसरा नियम)।
- यह भाप के विस्तार और संघनन (condensation) के सिद्धांत पर आधारित है।
Quick Facts:
- भाप इंजन का आविष्कार जेम्स वाट ने सुधारा था।
- यह कार्नोट इंजन के सिद्धांत पर आधारित है।
निम्नलिखित में से कौन सा प्रकृति में कभी अकेले नहीं होता है?
- बल
- संवेग
- वेग
- दाब
Explanation:
- न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, बल सदैव युग्मों (क्रिया-प्रतिक्रिया) में होते हैं, इसलिए बल कभी अकेले नहीं होता।
- संवेग, वेग, दाब एकाकी (अकेले) हो सकते हैं (किसी एक वस्तु का संवेग/वेग/दाब होता है)।
Quick Facts:
- बल = परस्पर क्रिया (interaction) का परिणाम है, इसलिए यह सदैव दो वस्तुओं के बीच होता है।
- एकाकी बल असंभव है (जैसे एक हाथ से ताली बजाना संभव नहीं)।
न्यूटन का गति का तीसरा नियम, ______ से संबंधित है।
- किसी एकल वस्तु द्वारा गति में परिवर्तन का विरोध करने की प्रकृति
- सदैव युग्मों में होने वाले बलों की प्रकृति
- द्रव्यमान और त्वरण के बीच संबंध की प्रकृति
- गिरती हुई वस्तु पर लगने वाले गुरुत्वाकर्षण बल की प्रकृति
Explanation:
- तीसरा नियम बलों की युग्म (pair) प्रकृति पर आधारित है (क्रिया-प्रतिक्रिया सदैव साथ-साथ होते हैं)।
- पहला नियम: जड़त्व (एकल वस्तु), दूसरा: बल-त्वरण संबंध, गुरुत्वाकर्षण अलग विषय है।
Quick Facts:
- तीसरा नियम: ‘प्रत्येक क्रिया की समान एवं विपरीत प्रतिक्रिया होती है।’
- यह बलों की परस्पर क्रिया (interaction) को दर्शाता है।
जब बंदूक से गोली चलाई जाती है तो बुलेट की गतिज ऊर्जा ______ होती है।
- बंदूक से कम
- अतुलनीय
- बंदूक से ज्यादा
- बंदूक के समान
Explanation:
- संवेग संरक्षण के अनुसार, m_bullet × v_bullet = m_gun × v_gun
- KE = ½mv², चूँकि v_bullet >> v_gun (क्योंकि m_gun >> m_bullet), इसलिए KE_bullet >> KE_gun
- अतः गोली की गतिज ऊर्जा बंदूक से अधिक होती है।
Quick Facts:
- KE ∝ v², इसलिए उच्च वेग वाली गोली की KE अधिक होती है।
- प्रतिक्षेप (recoil) के बावजूद बंदूक की KE कम होती है।
निम्नलिखित में से कौन सा कारक किसी वस्तु पर बल द्वारा किए गए कार्य को बढ़ा सकता है?
- द्रव्यमान को कम करना।
- विस्थापन को कम करना।
- बल को कम करना।
- विस्थापन को बढ़ाना।
Explanation:
- कार्य W = F × s (जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में), अतः कार्य बढ़ाने के लिए या तो बल (F) बढ़ाना होगा या विस्थापन (s) बढ़ाना होगा।
- द्रव्यमान कम करने से बल प्रभावित नहीं होता (बल अलग से दिया गया है)।
Quick Facts:
- कार्य = बल × विस्थापन (समान दिशा में)
- यदि विस्थापन शून्य है, तो कार्य शून्य है (बल लगने पर भी)।
एक ही पिंड में निहित गति की कुल मात्रा को ______ कहा जाता है।
- दाब
- बल
- संवेग
- जड़त्व
Explanation:
- संवेग (Momentum) = द्रव्यमान × वेग = ‘गति की कुल मात्रा’ (quantity of motion) – यह न्यूटन का शब्द है।
- यह वस्तु की गति की मात्रा को दर्शाता है।
Quick Facts:
- संवेग = p = mv
- SI इकाई: kg·m/s
सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत किसने दिया?
- गैलीलियो
- न्यूटन
- आइंस्टीन
- केप्लर
Explanation:
- सर आइजैक न्यूटन (Isaac Newton) ने 1687 में ‘सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम’ (Universal Law of Gravitation) प्रतिपादित किया।
- F = G m₁m₂/r²
Quick Facts:
- गैलीलियो: पिंडों का पतन, केप्लर: ग्रहों की गति के नियम, आइंस्टीन: सामान्य सापेक्षता (गुरुत्वाकर्षण का वक्रता सिद्धांत)।
एक पुस्तक मेज पर विरामावस्था में है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन न्यूटन के तृतीय नियम के अनुसार क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म का सही वर्णन करता है?
- मेज पर पुस्तक का बल और पुस्तक पर मेज का अभिलंबित बल, बलों का संतुलित युग्म नहीं हैं।
- मेज द्वारा पुस्तक पर लगाया गया अभिलंबित बल और पृथ्वी द्वारा पुस्तक पर लगाया गया गुरुत्वाकर्षण बल एक क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म है।
- पृथ्वी द्वारा पुस्तक पर तथा पुस्तक द्वारा पृथ्वी पर लगाया गया गुरुत्वाकर्षण बल एक क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म है।
- पृथ्वी द्वारा पुस्तक पर लगाया गया गुरुत्वाकर्षण बल और मेज द्वारा पुस्तक पर लगाया गया अभिलंबित बल एक क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म है।
Explanation:
- क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म: पृथ्वी पुस्तक पर बल (गुरुत्व) और पुस्तक पृथ्वी पर बल (गुरुत्व) – ये भिन्न वस्तुओं पर कार्य करते हैं और परिमाण में बराबर/विपरीत हैं।
- पुस्तक-मेज के बीच बल (गुरुत्व और अभिलंब) एक ही वस्तु (पुस्तक) पर हैं, इसलिए ये क्रिया-प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि संतुलित बल हैं।
Quick Facts:
- क्रिया-प्रतिक्रिया: भिन्न वस्तुओं पर, समान व विपरीत।
- संतुलित बल: एक ही वस्तु पर, समान व विपरीत (शुद्ध बल शून्य)।
जड़त्व और द्रव्यमान के बीच संबंध को दर्शाने के लिए, एक छात्र फुटबॉल को किक मारने की कठिनाई की तुलना समान आकार के पत्थर को किक मारने से करता है। कौन सा मूलभूत सिद्धांत पत्थर को किक मारने से जुड़ी अधिक कठिनाई और संभावित चोट को उचित ठहराता है?
- पत्थर पर लगाया गया बल उसके परमाणुओं को एक साथ बांधे रखने वाले अभिकेन्द्रीय बल से पार पाने के लिए अपर्याप्त है।
- पत्थर का द्रव्यमान अधिक होता है, जिसके परिणामस्वरूप अधिक जड़त्व होता है, अर्थात यह अपनी विरामावस्था को बदलने में अधिक प्रतिरोध करता है।
- पत्थर की सतह पर घर्षण कम होता है, जिसके कारण सारा बल संचारित हो जाता है।
- पत्थर गति के प्रथम नियम के अधीन है, जबकि फुटबॉल द्वितीय नियम द्वारा शासित है।
Explanation:
- जड़त्व (Inertia) द्रव्यमान के समानुपाती होता है: अधिक द्रव्यमान → अधिक जड़त्व → विराम/गति अवस्था में परिवर्तन का अधिक प्रतिरोध।
- पत्थर का द्रव्यमान फुटबॉल से अधिक होता है, इसलिए उसे गति में लाना कठिन और चोटिल होता है।
Quick Facts:
- जड़त्व = गति में परिवर्तन का विरोध करने का गुण।
- द्रव्यमान = जड़त्व का माप (quantitative measure)
यदि पृथ्वी की सतह पर द्रव्यमान ‘m’ वाले पिंड पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल ‘X’ N है। यदि पिंड का द्रव्यमान तीन गुना हो जाता है, तो पिंड पर लगने वाले गुरुत्वाकर्षण बल का मान क्या होगा?
- X/9 N
- X/3 N
- X N
- 3X N
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण बल (भार) W = mg (पृथ्वी की सतह पर)
- यदि m → 3m, तो W’ = (3m)g = 3mg = 3X
Quick Facts:
- भार (Weight) = द्रव्यमान × g (g स्थिर मानते हुए)
- द्रव्यमान बढ़ने पर भार उसी अनुपात में बढ़ता है।
किसी वस्तु के द्रव्यमान और वेग के गुणनफल को ______ कहा जाता है।
- सान्द्रण त्वरण
- आवेग
- संवेग
- जड़त्व
Explanation:
- संवेग p = m × v (द्रव्यमान × वेग)
- आवेग (Impulse) = बल × समय = संवेग परिवर्तन
Quick Facts:
- संवेग की SI इकाई: kg·m/s
- यह एक सदिश राशि है (दिशा वेग के अनुसार)।
दैनिक स्थलीय अन्योन्यक्रियाओं (everyday terrestrial interactions) जैसे कि आप और आपके निकट बैठे किसी मित्र के बीच, में गुरूत्वीय बल को एक दुर्बल बल क्यों माना जाता है?
- क्योंकि बल का अनुभव तभी होता है जब वस्तुएं मुक्त पतन में हों।
- क्योंकि वस्तुओं के बीच की दूरी नगण्य है।
- क्योंकि मानवीय वस्तुओं का द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान से बहुत अधिक होता है।
- क्योंकि बल केवल तभी महत्वपूर्ण होता है जब बड़े द्रव्यमान (जैसे ग्रह या खगोलीय पिंड) शामिल हों।
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण बल F = G m₁m₂/r², G = 6.67×10⁻¹¹ (अत्यंत छोटा)
- सामान्य वस्तुओं (मानव, कुर्सी) का द्रव्यमान छोटा होता है, इसलिए बल नगण्य (लगभग शून्य) होता है।
- बड़े द्रव्यमान (ग्रह, तारे) के लिए यह महत्वपूर्ण हो जाता है।
Quick Facts:
- गुरुत्वाकर्षण सबसे दुर्बल मूलभूत बल है (ग्रहीय स्तर पर प्रबल)।
- यही कारण है कि हमें आपसी गुरुत्वाकर्षण का अनुभव नहीं होता।
गतिशील वस्तुओं की गतिशील बने रहने की प्रवृत्ति क्या कहलाती है?
- जड़त्व
- घर्षण
- संवेग
- बल
Explanation:
- जड़त्व (Inertia) = वस्तु की अपनी गति या विराम की स्थिति में बने रहने की प्रवृत्ति (न्यूटन का पहला नियम)।
- गतिशील वस्तु गतिशील बनी रहती है (जब तक बाह्य बल न लगे)।
Quick Facts:
- विराम जड़त्व (rest inertia) = विराम में बने रहना
- गति जड़त्व (motion inertia) = गति में बने रहना
गति का पहला नियम, ______ और समय के बीच संबंध प्रदान करता है।
- वेग
- कला
- विस्थापन
- त्वरण
Explanation:
- गति का पहला नियम (जड़त्व) कहता है: बाह्य बल की अनुपस्थिति में वस्तु का वेग (velocity) नियत रहता है (शून्य या स्थिर)।
- यह वेग और समय (गति की अवधि) के बीच संबंध स्थापित करता है (चूँकि वेग स्थिर है, गति में कोई परिवर्तन नहीं)।
Quick Facts:
- पहला नियम: ‘बल न हो तो वेग स्थिर रहता है’ – यह वेग और समय (गति) को जोड़ता है।
- दूसरा नियम: त्वरण और बल/द्रव्यमान के बीच, तीसरा: क्रिया-प्रतिक्रिया।
जल जहाजों और पनडुब्बियों के डिजाइन में निम्नलिखित में से कौन सा नियम/ सिद्धांत प्रयोग किया जाता है?
- आर्किमिडीज सिद्धांत
- स्टीफन नियम
- यांत्रिक निरोधाभास सिद्धांत
- पाउली अपवर्जन सिद्धांत
Explanation:
- जल जहाजों (ships) और पनडुब्बियों (submarines) का डिजाइन आर्किमिडीज के सिद्धांत (Archimedes’ principle) पर आधारित है, जो उत्प्लावन (buoyancy) को नियंत्रित करता है।
- जहाज पानी पर तैरते हैं क्योंकि वे अपने भार के बराबर पानी विस्थापित करते हैं।
Quick Facts:
- पनडुब्बी अपने घनत्व को बदलकर (बैलास्ट टैंक) डूबती/तैरती है।
- आर्किमिडीज सिद्धांत: ‘किसी द्रव में डूबी वस्तु पर उत्प्लावन बल = विस्थापित द्रव का भार’।
एक चलती हुई कार में बैठे यात्री को कार के अचानक शुरू होने पर पीछे की ओर झटका महसूस होता है। गति का पहला नियम इस अनुभव की व्याख्या कैसे करता है?
- जब कार आगे की ओर बढ़ रही होती है, तो यात्री विराम की अवस्था में रहता है, जो जड़त्व दर्शाता है।
- सीट से होने वाले घर्षण से पीछे की ओर झटका महसूस होता है।
- कार के अंदर मौजूद हवा के द्वारा यात्री को पीछे की ओर धकेला जाता है।
- सीट यात्री को आगे की ओर धकेलती है, जिससे यह महसूस होता है।
Explanation:
- कार अचानक शुरू होने पर, यात्री का शरीर अपनी विराम अवस्था में बने रहना चाहता है (जड़त्व), जबकि कार आगे बढ़ जाती है, जिससे यात्री पीछे की ओर झटका अनुभव करता है।
- यह न्यूटन के पहले नियम (जड़त्व का नियम) का उदाहरण है।
Quick Facts:
- कार अचानक रुकने पर यात्री आगे की ओर झुकता है (जड़त्व)।
- सीट बेल्ट जड़त्व के प्रभाव को कम करती है।
किया गया कार्य ______ द्वारा परिभाषित किया जा सकता है।
- बल/विस्थापन
- बल × विस्थापन
- बल + विस्थापन
- बल – विस्थापन
Explanation:
- कार्य (Work) = बल × विस्थापन (जब बल और विस्थापन समान दिशा में हों) – W = F × s
- यह परिभाषा भौतिकी की मूल परिभाषा है।
Quick Facts:
- कार्य की SI इकाई: जूल (J) = N·m
- यदि θ = कोण (बल और विस्थापन के बीच), तो W = F s cos θ
यदि पृथ्वी द्वारा चंद्रमा पर लगाए गए बल का परिमाण 2.02 × 10²⁰ N है, तो चंद्रमा द्वारा पृथ्वी पर लगाए गए बल का परिमाण ______ है।
- 6.06 × 10²⁰ N
- 2.02 × 10²⁰ N
- 4.04 × 10²⁰ N
- 1.01 × 10²⁰ N
Explanation:
- न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, क्रिया-प्रतिक्रिया बल परिमाण में समान होते हैं।
- अतः चंद्रमा द्वारा पृथ्वी पर बल = 2.02 × 10²⁰ N (समान, विपरीत दिशा)
Quick Facts:
- क्रिया-प्रतिक्रिया: सदैव समान परिमाण, विपरीत दिशा।
- यहाँ पृथ्वी-चंद्रमा के बीच गुरुत्वाकर्षण बल समान है।
जब कोई व्यक्ति किसी वस्तु पर बल लगाता है और वस्तु विस्थापित होती है, तो क्या कहा जाता है?
- शक्ति
- कार्य
- बल
- ऊर्जा
Explanation:
- जब बल लगाने से वस्तु विस्थापित होती है, तो बल द्वारा ‘कार्य’ (Work) किया जाता है।
- शक्ति = कार्य की दर, ऊर्जा = कार्य करने की क्षमता, बल = धक्का/खिंचाव।
Quick Facts:
- कार्य = बल × विस्थापन (समान दिशा)
- यदि विस्थापन न हो, तो कार्य शून्य है।
किसी वस्तु के जड़त्व मापन की इकाई निम्न में से क्या है?
- द्रव्यमान
- घनत्व
- तापमान
- आयतन
Explanation:
- जड़त्व (Inertia) का माप ‘द्रव्यमान’ (Mass) है – अधिक द्रव्यमान, अधिक जड़त्व।
- SI इकाई: किलोग्राम (kg)
Quick Facts:
- द्रव्यमान = जड़त्व का मात्रात्मक (quantitative) माप
- यह पदार्थ की मात्रा है, जो स्थान/गुरुत्व से स्वतंत्र है।
किसी वस्तु के द्रव्यमान और भार के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- द्रव्यमान स्थिर है और भार परिवर्तनशील है
- द्रव्यमान और भार दोनों स्थिर हैं
- द्रव्यमान परिवर्तनशील है और भार स्थिर है
- द्रव्यमान और भार दोनों परिवर्तनशील हैं
Explanation:
- द्रव्यमान (Mass) स्थान/गुरुत्व से स्वतंत्र (स्थिर) है, जबकि भार (Weight) = mg, g बदलने पर भार बदलता है (चंद्रमा पर भार कम)।
- अतः द्रव्यमान स्थिर, भार परिवर्तनशील।
Quick Facts:
- द्रव्यमान: kg, भार: N (न्यूटन)
- चंद्रमा पर द्रव्यमान समान, भार 1/6 हो जाता है।
यदि पृथ्वी पर किसी का भार 66 N है, तब चाँद पर उसका भार कितना होगा?
- 55 N
- 11 N
- 132N
- 77 N
Explanation:
- चंद्रमा पर g = पृथ्वी के g का 1/6 (≈ 1/6)
- भार (चंद्रमा) = भार (पृथ्वी) / 6 = 66 / 6 = 11 N
Quick Facts:
- चंद्रमा पर g ≈ 1.63 m/s² (पृथ्वी का 1/6)
- द्रव्यमान स्थिर रहेगा (66/g = 66/9.8 ≈ 6.73 kg)
40 g द्रव्यमान वाले एक गोली को 3 kg द्रव्यमान वाले एक बंदूक से 150 ms⁻¹ के वेग से क्षैतिज रूप से चलाया जाता है। तो बंदूक का प्रतिघात वेग क्या है?
- -1.25 ms⁻¹
- -3.0 ms⁻¹
- -1.5 ms⁻¹
- -2.0 ms⁻¹
Equation: m₁v₁ + m₂v₂ = 0 → 0.04×150 + 3×v₂ = 0 → v₂ = -2.0 m/s
Explanation:
- संवेग संरक्षण: m₁v₁ + m₂v₂ = 0
- m₁ = 0.04 kg, v₁ = 150 m/s, m₂ = 3 kg
- v₂ = -(0.04×150)/3 = -6/3 = -2.0 m/s
Quick Facts:
- प्रतिक्षेप वेग (recoil velocity) विपरीत दिशा में होता है (ऋणात्मक चिह्न)।
- m₂v₂ = -m₁v₁ (संवेग संरक्षण)
जब हम बस में यात्रा कर रहे होते हैं, तो बस के अचानक रुकने पर हम आगे की ओर झुक जाते हैं। इसका कारण है ______।
- न्यूटन का गति का तीसरा नियम
- गुरुत्व के कारण त्वरण
- हमारे शरीर का जड़त्व
- न्यूटन का गति का दूसरा नियम
Explanation:
- बस अचानक रुकती है, पर हमारा शरीर अपनी गति (जड़त्व) के कारण आगे बढ़ना चाहता है।
- यह न्यूटन के गति के प्रथम नियम (जड़त्व का नियम) का उदाहरण है।
Quick Facts:
- जड़त्व (Inertia) = वस्तु का अपनी विराम या गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने का गुण।
- सीट बेल्ट का उपयोग इसी जड़त्व प्रभाव से बचाने के लिए किया जाता है।
जब 7 kg द्रव्यमान की एक वस्तु पर 3 s के लिए एक नियत बल कार्य करता है, तो यह वस्तु के वेग को 3 ms⁻¹ से 8 ms⁻¹ तक बढ़ा देता है। आरोपित बल का परिमाण ज्ञात करें।
- 10.66 N
- 11.66 N
- 13.66 N
- 12.66 N
Equation: a = (8-3)/3 = 1.667 m/s², F = ma = 7 × 1.667 = 11.67 N
Explanation:
- त्वरण a = (v – u)/t = (8 – 3)/3 = 5/3 = 1.667 m/s²
- बल F = ma = 7 × 1.667 = 11.67 N ≈ 11.66 N
Quick Facts:
- यह न्यूटन के द्वितीय नियम (F = ma) का अनुप्रयोग है।
- बल की SI इकाई न्यूटन (N) है।
जब 100 N का एक बल 50 kg द्रव्यमान की एक वस्तु पर लगाया जाता है, तो उत्पन्न त्वरण की गणना कीजिए।
- 0.2 ms⁻²
- 0.2 ms⁻²
- 2 ms⁻²
- 2 ms⁻²
Equation: a = F/m = 100/50 = 2 m/s²
Explanation:
- त्वरण a = F/m = 100 N / 50 kg = 2 m/s²
Quick Facts:
- त्वरण की SI इकाई m/s² है।
- F = ma (न्यूटन का द्वितीय नियम)
विद्युत परिपथ से जुड़े चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन होने पर एक विद्युत वाहक बल प्रेरित होता है। यह किसके द्वारा कहा गया है?
- ओम का नियम
- न्यूटन का नियम
- फैराडे का नियम
- गुरुत्वाकर्षण नियम
Explanation:
- फैराडे का विद्युत चुम्बकीय प्रेरण का नियम (Faraday’s Law): चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन के कारण परिपथ में विद्युत वाहक बल (EMF) प्रेरित होता है।
- यह विद्युत चुम्बकीय प्रेरण का मूल सिद्धांत है।
Quick Facts:
- फैराडे का नियम: EMF = -dΦ/dt (फ्लक्स परिवर्तन की दर)
- लेन्ज़ का नियम: प्रेरित धारा की दिशा फ्लक्स परिवर्तन का विरोध करती है।
जब कोई मोटरकार तेज चाल से तीव्र मोड़ लेती है, तो हम एक तरफ फेंके जाने लगते हैं। यह उदाहरण गति के किस नियम पर आधारित है?
- संवेग संरक्षण
- गति का द्वितीय नियम
- गति का तृतीय नियम
- गति का प्रथम नियम
Explanation:
- कार मोड़ लेती है (दिशा बदलती है), पर हमारा शरीर अपनी गति की दिशा (जड़त्व) को बनाए रखना चाहता है, इसलिए हम एक तरफ फेंके जाते हैं।
- यह न्यूटन के प्रथम नियम (जड़त्व) का उदाहरण है।
Quick Facts:
- इसे ‘अपकेन्द्री बल’ (Centrifugal force) का अनुभव भी कहते हैं, पर यह एक आभासी बल है।
- वास्तविक बल अभिकेन्द्रमुखी (केंद्र की ओर) होता है।
जब कोई मोटरकार तेज चाल से एक वृत्त में घूमती है, तो उसे वृत्तीय गति के दौरान सवारियों को सुरक्षित रखने के लिए किस अवधारणा को लागू करना होगा?
- यादृच्छिक रूप से चाल बढ़ाने से वे सुरक्षित रहेंगे।
- सवारियों को अपनी सीटों पर बांधे रखने के लिए केवल गुरुत्वाकर्षण ही पर्याप्त है।
- सवारियों को उनकी सीटों से बांधे रखने के लिए एक नियत बाह्य बल लगाना होगा।
- सवारियों को एक समान वृत्तीय गति में बनाए रखने के लिए उन पर एक नियत आंतरिक (अभिकेंद्र) बल लगाना होगा।
Explanation:
- वृत्तीय गति के लिए अभिकेन्द्रमुखी बल (Centripetal force) आवश्यक है, जो केंद्र की ओर कार्य करता है।
- सवारियों को सुरक्षित रखने के लिए यह बल सीट बेल्ट, दरवाज़े आदि द्वारा प्रदान किया जाता है।
Quick Facts:
- अभिकेन्द्रमुखी बल = mv²/r (केंद्र की ओर)
- यदि यह बल अपर्याप्त है, तो वस्तु स्पर्शरेखा (tangent) के अनुदिश बाहर निकल जाती है।
80 kg द्रव्यमान का एक व्यक्ति 240 N के बल से दौड़ता है। उसका त्वरण ______ होना चाहिए।
- 3 ms⁻²
- 8 ms⁻²
- 24 ms⁻²
- 4 ms⁻²
Equation: a = F/m = 240/80 = 3 m/s²
Explanation:
- त्वरण a = F/m = 240 N / 80 kg = 3 m/s²
Quick Facts:
- न्यूटन का द्वितीय नियम: F = ma
- त्वरण बल के समानुपाती और द्रव्यमान के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
पृथ्वी पर किसी वस्तु का भार 60 N है। चंद्रमा के पृष्ठ पर इसका भार कितना होगा?
- 600 N
- 10 N
- 6 N
- 60 N
Explanation:
- चंद्रमा पर g = पृथ्वी के g का 1/6, इसलिए भार भी 1/6 हो जाता है।
- W_moon = W_earth / 6 = 60 / 6 = 10 N
Quick Facts:
- द्रव्यमान स्थिर रहता है, भार परिवर्तित होता है।
- चंद्रमा पर g ≈ 1.63 m/s² (पृथ्वी का 1/6)।
एक राइफल से हल्की बुलेट चलाई जाती है, जिसके परिणामस्वरूप बुलेट का आगे की ओर त्वरण अधिक होता है और राइफल का पीछे की ओर प्रतिक्षेप त्वरण न्यूनतम होता है। यदि बल बराबर और विपरीत (क्रिया/प्रतिक्रिया) हैं, तो राइफल का त्वरण बुलेट के त्वरण से इतना कम क्यों होता है?
- त्वरण द्रव्यमान के व्युत्क्रमानुपाती होता है, और राइफल का द्रव्यमान बुलेट से बहुत अधिक होता है।
- बुलेट का प्रतिक्रिया बल, क्रिया बल की तुलना में कम समय के लिए कार्य करता है।
- क्रिया और प्रतिक्रिया बल रद्द हो जाते हैं क्योंकि ये तात्कालिक रूप से कार्य करते हैं।
- राइफल का बुलेट पर क्रिया बल, राइफल पर बुलेट के प्रतिक्रिया बल से अधिक होता है।
Explanation:
- न्यूटन का द्वितीय नियम: F = ma ⇒ a = F/m
- बल (F) समान है, पर राइफल का द्रव्यमान (m) बुलेट से अधिक है, अतः राइफल का त्वरण (a) कम है।
Quick Facts:
- a_gun / a_bullet = m_bullet / m_gun (व्युत्क्रमानुपाती)
- यही कारण है कि राइफल पीछे हटती है, पर उसका वेग बहुत कम होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
- क्रिया और प्रतिक्रिया बल विभिन्न पिंडों पर कार्यरत होते हैं।
- एक विलगित बल मौजूद नहीं होता है।
- बल युग्म में मौजूद होते हैं।
- क्रिया और प्रतिक्रिया बल एक ही पिंड पर कार्य करते हैं।
Explanation:
- न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, क्रिया और प्रतिक्रिया बल सदैव दो भिन्न वस्तुओं पर कार्य करते हैं (एक ही वस्तु पर नहीं)।
- यदि वे एक ही वस्तु पर होते, तो वे संतुलित हो जाते और कभी भी गति उत्पन्न नहीं होती।
Quick Facts:
- क्रिया-प्रतिक्रिया बल परिमाण में बराबर और दिशा में विपरीत होते हैं।
- वे सदैव भिन्न वस्तुओं पर कार्य करते हैं, इसलिए वे एक-दूसरे को संतुलित नहीं करते।
एक कार एक निश्चित दिशा में एक समान वेग (v) से बल (F) के प्रभाव में एक दूरी (S) तय करती है जो समान दिशा में कार्य कर रहा है। बल द्वारा किया गया कार्य होगा:
- -Fv
- Fs
- -Fs
- Fv
Explanation:
- कार्य (W) = F × S × cos θ, जहाँ θ = बल और विस्थापन के बीच कोण
- यहाँ बल और विस्थापन समान दिशा में हैं (θ = 0°), अतः W = FS
Quick Facts:
- कार्य की SI इकाई: जूल (J) = N·m
- यदि θ = 0°, तो W = FS (अधिकतम धनात्मक कार्य)
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प घर्षण का गलत उदाहरण है?
- कपड़े धोने की मशीन को फर्श पर धकेलना
- बर्फ पर स्लेड का फिसलना
- एक स्लाइड पर फिसलता एक व्यक्ति
- एक भारी वस्तु को उठाता एक व्यक्ति
Explanation:
- भारी वस्तु उठाना गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध कार्य है, इसमें घर्षण (friction) शामिल नहीं है (जब तक वस्तु सतह पर न खिसके)।
- अन्य सभी विकल्पों में गति का विरोध करने वाला घर्षण बल कार्य कर रहा है।
Quick Facts:
- घर्षण = संपर्क बल, जो गति का विरोध करता है।
- घर्षण के प्रकार: स्थैतिक, गतिज, रोलिंग
गुरुत्वाकर्षण का नियम किसने दिया था?
- गैलीलियो गैलीली
- चार्ल्स डार्विन
- अल्बर्ट आइंस्टीन
- आइजैक न्यूटन
Explanation:
- सर आइजैक न्यूटन (Isaac Newton) ने 1687 में ‘Philosophiæ Naturalis Principia Mathematica’ में गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम प्रतिपादित किया।
- F = G m₁m₂/r²
Quick Facts:
- न्यूटन को ‘शास्त्रीय यांत्रिकी का जनक’ भी कहा जाता है।
- गुरुत्वाकर्षण बल सदैव आकर्षक होता है।
20 ms⁻¹ के वेग से गति कर रहे 50 kg द्रव्यमान वाले एक पिंड का संवेग क्या होगा?
- 25 kg ms⁻¹
- 40 kg ms⁻¹
- 100 kg ms⁻¹
- 1000 kg ms⁻¹
Equation: p = mv = 50 × 20 = 1000 kg m/s
Explanation:
- संवेग (p) = द्रव्यमान (m) × वेग (v) = 50 × 20 = 1000 kg·m/s
Quick Facts:
- संवेग की SI इकाई: kg·m/s (या N·s)
- संवेग एक सदिश राशि है (दिशा सहित)।
पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा की गति किसके कारण होती है?
- अपकेंद्रीय बल
- कोरिओलिस बल
- कूलम्ब बल
- अभिकेंद्रीय बल
Explanation:
- चंद्रमा की वृत्तीय गति के लिए पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल अभिकेन्द्रमुखी बल (Centripetal force) प्रदान करता है, जो केंद्र (पृथ्वी) की ओर कार्य करता है।
Quick Facts:
- अभिकेन्द्रमुखी बल = mv²/r, जहाँ r = कक्षा की त्रिज्या
- यदि यह बल न होता, तो चंद्रमा स्पर्शरेखा के अनुदिश उड़ जाता।
विद्युत चुम्बकीय प्रेरण की खोज किसने की थी?
- एडिसन
- फैराडे
- न्यूटन
- आइंस्टाइन
Explanation:
- माइकल फैराडे (Michael Faraday) ने 1831 में विद्युत चुम्बकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) की खोज की।
- इस खोज ने विद्युत जनरेटर और ट्रांसफार्मर का मार्ग प्रशस्त किया।
Quick Facts:
- फैराडे का नियम: EMF = -dΦ/dt
- लेन्ज़ का नियम फैराडे के नियम का पूरक है।
किस बल के कारण चंद्रमा पृथ्वी के परितः अपनी गोलाकार कक्षा में घूमता है?
- यांत्रिक बल
- अपकेन्द्री बल
- घर्षण बल
- अभिकेंद्री बल
Explanation:
- चंद्रमा की कक्षीय गति के लिए आवश्यक अभिकेन्द्रमुखी बल पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण द्वारा प्रदान किया जाता है।
Quick Facts:
- अभिकेन्द्रमुखी बल = केंद्र की ओर कार्य करने वाला बल
- अपकेन्द्री बल (आभासी) बाहर की ओर महसूस होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा नियम बताता है कि धातु के तार के माध्यम से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा I, विभवांतर V के अनुक्रमानुपाती है और इसके सिरों पर इसका तापमान स्थिर रहता है?
- गॉस का नियम
- ओम का नियम
- न्यूटन का नियम
- पास्कल का नियम
Explanation:
- ओम का नियम (Ohm’s Law): V = IR, जहाँ V = विभवांतर, I = धारा, R = प्रतिरोध (ताप स्थिर रहने पर)।
- यह विद्युत परिपथों का मूल नियम है।
Quick Facts:
- ओम का नियम केवल धात्विक चालकों (ओमिक पदार्थ) के लिए मान्य है।
- प्रतिरोध (R) की SI इकाई ओम (Ω) है।
निम्नलिखित में से किस भौतिक राशि में द्रव्यमान और समय में शून्य विमा होती है?
- बल
- कार्य
- आयतन
- संवेग
Explanation:
- आयतन (Volume) की विमा = L³ (केवल लंबाई की), इसमें द्रव्यमान (M) और समय (T) शून्य हैं।
- बल: MLT⁻², कार्य: ML²T⁻², संवेग: MLT⁻¹
Quick Facts:
- विमाएँ भौतिक राशियों के मूल मात्रकों (M, L, T, A, K, mol, cd) पर निर्भरता दर्शाती हैं।
- आयतन की SI इकाई m³ है।
गति का प्रथम नियम किस रूप में जाना जाता है?
- रैखिक संवेग का नियम
- बल आघूर्ण का नियम
- जड़त्व का नियम
- कोणीय संवेग का नियम
Explanation:
- न्यूटन का प्रथम नियम: ‘बाह्य बल की अनुपस्थिति में, वस्तु अपनी विराम या एकसमान गति की स्थिति में बनी रहती है।’
- इसे ‘जड़त्व का नियम’ (Law of Inertia) कहते हैं।
Quick Facts:
- जड़त्व = विराम/गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध।
- द्रव्यमान जड़त्व का माप है।
बल के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- बल एक अदिश राशि है जिसे न्यूटन में मापा जाता है।
- बल एक सदिश राशि है जिसे जूल में मापा जाता है।
- बल एक सदिश राशि है जिसे न्यूटन में मापा जाता है।
- बल एक अदिश राशि है जिसे जूल में मापा जाता है।
Explanation:
- बल (Force) एक सदिश राशि है, क्योंकि इसका परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।
- SI मात्रक: न्यूटन (N) = kg·m/s²
Quick Facts:
- अदिश राशि: केवल परिमाण (जैसे द्रव्यमान, चाल)
- सदिश राशि: परिमाण + दिशा (जैसे बल, वेग, संवेग)
प्रत्यास्थ पदार्थों में हुक का नियम किन दो भौतिक राशियों के बीच संबंध स्थापित करता है?
- प्रतिबल और विकृति
- बल और योग
- दाब और आयतन
- तापमान और प्रतिरोध
Explanation:
- हुक का नियम (Hooke’s Law): किसी प्रत्यास्थ पदार्थ में प्रतिबल (Stress) और विकृति (Strain) अनुक्रमानुपाती होते हैं (जब तक प्रत्यास्थ सीमा पार न हो)।
- Stress = E × Strain, जहाँ E = यंग प्रत्यास्थता गुणांक
Quick Facts:
- प्रतिबल (Stress) = बल/क्षेत्रफल, विकृति (Strain) = विरूपण/मूल लंबाई (विमाहीन)
- हुक का नियम स्प्रिंग (F = -kx) पर भी लागू होता है।
जब तक किसी पिंड पर एक असंतुलित बल लागू होता है, तब तक इसके/इसकी में निरंतर परिवर्तन होता रहता है।
- वजन
- द्रव्यमान
- चाल
- आकार
Explanation:
- असंतुलित बल (Unbalanced force) के कारण त्वरण (acceleration) उत्पन्न होता है, जिससे चाल (speed) या दिशा में परिवर्तन होता है।
- द्रव्यमान स्थिर रहता है, भार तभी बदलता है जब g बदले, आकार बदलना प्रत्यास्थता पर निर्भर करता है।
Quick Facts:
- असंतुलित बल = शुद्ध बल ≠ 0 ⇒ त्वरण
- न्यूटन का द्वितीय नियम: F = ma
जब कोई पक्षी ऊपर की ओर उड़ने के लिए अपने पंख नीचे की ओर फड़फड़ाता (flaps) है, तो कौन-सा कथन उसमें शामिल बलों का सर्वोत्तम रूप से वर्णन करता है?
- पंखों का वायु पर नीचे की ओर धकेलना क्रिया है, और पंखों पर वायु द्वारा उत्पन्न उत्थापन प्रतिक्रिया है।
- पक्षी का भार क्रिया बल के रूप में कार्य करता है, और वायु प्रतिक्रिया बल प्रदान करती है।
- पंखों का फड़फड़ाना क्रिया है, और पक्षी को नीचे की ओर खींचने वाला गुरुत्वाकर्षण प्रतिक्रिया है।
- पक्षी वायु को नीचे की ओर धकेलता है, लेकिन उस पर कोई समान और विपरीत बल कार्य नहीं करता है।
Explanation:
- यह न्यूटन के तीसरे नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया) का उदाहरण है।
- पंख → वायु (नीचे) = क्रिया, वायु → पंख (ऊपर) = प्रतिक्रिया (उत्थापन, lift)
Quick Facts:
- पक्षियों की उड़ान, हवाई जहाज की उड़ान, सभी क्रिया-प्रतिक्रिया पर आधारित हैं।
- उत्थापन (lift) = वायुगतिकीय बल, जो भार का विरोध करता है।
किस नियम के अनुसार रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान को न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है?
- व्युत्क्रम अनुपात नियम
- द्रव्यमान संरक्षण नियम
- निश्चित अनुपात नियम
- ऊर्जा संरक्षण नियम
Explanation:
- द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass): रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो उत्पन्न होता है और न ही नष्ट होता है (अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = उत्पादों का कुल द्रव्यमान)।
- इसे लवॉज़िए (Lavoisier) ने प्रतिपादित किया था।
Quick Facts:
- यह नियम परमाणु सिद्धांत (डाल्टन) का आधार है।
- नाभिकीय अभिक्रियाओं में द्रव्यमान-ऊर्जा समतुल्यता (E=mc²) लागू होती है, पर रासायनिक अभिक्रियाओं में नहीं।
बल =
- द्रव्यमान × त्वरण
- द्रव्यमान × आयतन
- द्रव्यमान × दाब
- द्रव्यमान × वेग
Explanation:
- न्यूटन का गति का द्वितीय नियम: F = ma (बल = द्रव्यमान × त्वरण)
- द्रव्यमान × वेग = संवेग (p)
Quick Facts:
- F = ma की SI इकाई: kg·m/s² = N
- यह सूत्र तभी मान्य है जब द्रव्यमान स्थिर हो।
2 kg का एक पिंड 3 m/s² की गति से त्वरित होता है। इस पर कार्यरत बल ज्ञात कीजिए।
- 2 N
- 6 N
- 3 N
- 5 N
Equation: F = ma = 2 × 3 = 6 N
Explanation:
- F = ma = 2 kg × 3 m/s² = 6 N
Quick Facts:
- न्यूटन का द्वितीय नियम: F = ma
- 1 N = 1 kg·m/s²
न्यूटन के गति के दूसरे नियम के अनुसार, बल F = ma के संबंध द्वारा दिया जाता है। यदि किसी पिंड का वेग t समय में u (प्रारंभिक वेग) से v (अंतिम वेग) में बदल जाता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा व्यंजक पिंड पर लगने वाले बल को सही ढंग से दर्शाता है?
- F = t(v-u)/m
- F = mt/(v-u)
- F = m(u-v)/t
- F = m(v-u)/t
Explanation:
- त्वरण a = (v-u)/t, अतः F = ma = m(v-u)/t
- यह न्यूटन के द्वितीय नियम का सीधा अनुप्रयोग है।
Quick Facts:
- यह सूत्र संवेग परिवर्तन की दर (F = Δp/Δt) से भी प्राप्त होता है।
- यदि v < u, तो F ऋणात्मक (मंदन) होगा।
किसी वस्तु को किसी सतह पर समान चाल से विसर्पण रखने के लिए किस बल की आवश्यकता होती है?
- सर्पी घर्षण
- लोटनिक घर्षण
- स्थैतिक घर्षण
- गतिज घर्षण
Explanation:
- वस्तु को समान चाल (विराम) से रखने के लिए स्थैतिक घर्षण (Static friction) आवश्यक है, जो वस्तु को गति प्रारंभ करने से रोकता है।
- गतिज घर्षण (Kinetic friction) गतिशील वस्तु पर कार्य करता है।
Quick Facts:
- स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > रोलिंग घर्षण
- वस्तु को स्थिर रखने के लिए बाह्य बल, स्थैतिक घर्षण से कम होना चाहिए।
पृथ्वी के परितः चंद्रमा की वृत्तीय गति के लिए किस प्रकार का बल उत्तरदायी है?
- अभिलंब बल
- विद्युत चुम्बकीय बल
- पृथ्वी के गुरुत्व के कारण अभिकेन्द्रीय बल
- अपकेन्द्रीय बल
Explanation:
- चंद्रमा की वृत्तीय गति के लिए आवश्यक अभिकेन्द्रमुखी बल पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण द्वारा प्रदान किया जाता है।
Quick Facts:
- यह बल केंद्र (पृथ्वी) की ओर होता है।
- अपकेन्द्री बल एक आभासी बल है (बाहर की ओर)।
सापेक्ष गति में परस्पर क्रिया करने वाली दो सतहों के बीच कार्यरत घर्षण बल क्या है?
- रोलिंग घर्षण
- गतिशील घर्षण
- सीमांत घर्षण
- स्थैतिक घर्षण
Explanation:
- जब दो सतहें एक-दूसरे के सापेक्ष गति (relative motion) में होती हैं, तो उनके बीच कार्यरत घर्षण ‘गतिज घर्षण’ (Kinetic friction) कहलाता है।
- स्थैतिक घर्षण तब होता है जब सापेक्ष गति आसन्न (impending) हो, पर अभी प्रारंभ नहीं हुई हो।
Quick Facts:
- गतिज घर्षण का गुणांक (μk) स्थैतिक घर्षण (μs) से कम होता है।
- F_k = μ_k × N (N = सामान्य बल)
एक रेलगाड़ी सीधी पटरी पर 54 km/hr की चाल से चल रही है। यह 150 m चलने के बाद रुक जाती है। इसके त्वरण का परिमाण क्या है?
- 1 m/s²
- 0.75 m/s²
- 1.5 m/s²
- 2 m/s²
Equation: u = 54×5/18 = 15 m/s, v² = u² + 2as → 0 = 225 + 2a(150) → a = -225/300 = -0.75 m/s²
Explanation:
- u = 54 km/h = 15 m/s (1 km/h = 5/18 m/s)
- v = 0, s = 150 m, 2as = v² – u² ⇒ 2a(150) = 0 – 225 ⇒ a = -225/300 = -0.75 m/s²
- त्वरण का परिमाण = 0.75 m/s² (ऋणात्मक चिह्न मंदन दर्शाता है)
Quick Facts:
- गति का तीसरा समीकरण: v² = u² + 2as
- मंदन (retardation) = ऋणात्मक त्वरण
निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने सबसे पहले काँच के प्रिज्म का उपयोग करके सूर्य के प्रकाश के स्पेक्ट्रम की खोज की थी?
- सर आइजैक न्यूटन
- अल्बर्ट आइंस्टाइन
- प्रोफेसर सी.वी. रमन
- आर्किमिडीज
Explanation:
- आइजैक न्यूटन ने 1666 में प्रिज्म प्रयोग द्वारा श्वेत प्रकाश के वर्णक्रम (spectrum) की खोज की।
- इस प्रयोग से उन्होंने दिखाया कि श्वेत प्रकाश सात रंगों से बना है।
Quick Facts:
- VIBGYOR: Violet, Indigo, Blue, Green, Yellow, Orange, Red
- यह ‘प्रकाश का प्रकीर्णन’ (Dispersion) कहलाता है।
किसी दिए गए धात्विक तार के सिरों पर विभवांतर, V, उसमें प्रवाहित धारा के समानुपाती होता है, बशर्ते उसका तापमान समान रहे। इसे किस रूप में जाना जाता है?
- ओम का नियम
- एम्पियर का नियम
- न्यूटन का नियम
- प्रतिरोध नियम
Explanation:
- ओम का नियम: V ∝ I ⇒ V = IR (R = प्रतिरोध, स्थिर)
- तापमान स्थिर रहने पर यह नियम धातु चालकों पर लागू होता है।
Quick Facts:
- ओम का नियम जर्मन भौतिक विज्ञानी जॉर्ज साइमन ओम के नाम पर है।
- गैर-ओमिक पदार्थ (जैसे डायोड) इस नियम का पालन नहीं करते।
12 g द्रव्यमान की एक गोली राइफल से दागी जाती है। गोली को अपने बैरल से निकलने में 0.006 s का समय लगता है और इसे 300 m/s के वेग के साथ दागा जाता है। राइफल द्वारा गोली पर लगाया गया बल कितना है?
- 180 N
- 900 N
- 720 N
- 600 N
Equation: a = (300-0)/0.006 = 50000 m/s², F = ma = 0.012 × 50000 = 600 N
Explanation:
- u = 0, v = 300 m/s, t = 0.006 s
- a = (v-u)/t = 300/0.006 = 50000 m/s²
- m = 12 g = 0.012 kg, F = ma = 0.012 × 50000 = 600 N
Quick Facts:
- बल = द्रव्यमान × त्वरण (F = ma)
- गोली पर लगा बल बहुत अधिक होता है (600 N), जो उसे उच्च वेग देता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा, गति के तीसरे नियम का उदाहरण नहीं है?
- किसी स्थिर कार को धक्का देकर उसे गतिमान कर देना।
- पैर द्वारा जमीन को पीछे की ओर धकेलना और फलस्वरूप जमीन द्वारा पैर को आगे की ओर धकेलना।
- रॉकेट की नीचे की ओर उत्सर्जित गैसों के कारण ऊपर की ओर गति।
- तैराक द्वारा पानी को अपने हाथों से पीछे की ओर धकेलना।
Explanation:
- स्थिर कार को धक्का देना और उसका गतिमान होना न्यूटन के द्वितीय नियम (असंतुलित बल) का उदाहरण है, तीसरे नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया) का नहीं।
- अन्य सभी विकल्पों में क्रिया-प्रतिक्रिया युग्म स्पष्ट है (पैर-जमीन, रॉकेट-गैस, तैराक-पानी)।
Quick Facts:
- तीसरा नियम: प्रत्येक क्रिया के लिए समान एवं विपरीत प्रतिक्रिया।
- क्रिया-प्रतिक्रिया सदैव भिन्न वस्तुओं पर होती है।
रॉकेट किस सिद्धांत पर कार्य करता है?
- संवेग संरक्षण
- कूलम्ब का नियम
- न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का नियम
- केप्लर का नियम
Explanation:
- रॉकेट संवेग संरक्षण (Conservation of Momentum) के सिद्धांत पर कार्य करता है।
- यह न्यूटन के तीसरे नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया) का भी अनुप्रयोग है, पर मूल सिद्धांत संवेग संरक्षण है।
Quick Facts:
- रॉकेट दहन गैसों को पीछे धकेलता है, गैसें रॉकेट को आगे धकेलती हैं।
- यह अंतरिक्ष (निर्वात) में भी कार्य कर सकता है।
निम्नलिखित विवरणों में से कौन-सा, त्वरण के सही सूत्र को दर्शाता है?
- त्वरण = बल × द्रव्यमान
- त्वरण = दूरी/समय
- त्वरण = वेग में परिवर्तन × समय
- त्वरण = वेग में परिवर्तन / लिया गया समय
Explanation:
- त्वरण (a) = वेग में परिवर्तन (Δv) / समय (t) = (v – u)/t
- त्वरण = दूरी/समय (चाल), त्वरण ≠ बल × द्रव्यमान (F = ma)
Quick Facts:
- त्वरण की SI इकाई: m/s²
- त्वरण एक सदिश राशि है।
निम्नलिखित में से किस राशि में विमाएँ नहीं होती हैं?
- आवृत्ति
- कोण
- सापेक्ष पारगम्यता
- वेग
Explanation:
- सापेक्ष पारगम्यता (Relative permeability, μr) = μ/μ₀ (समान राशियों का अनुपात), अतः यह विमाहीन (dimensionless) है।
- कोण भी विमाहीन है (होता तो है, पर विकल्पों में μr विशेष है), आवृत्ति: T⁻¹, वेग: LT⁻¹
Quick Facts:
- विमाहीन राशियाँ: कोण, सापेक्ष घनत्व, अपवर्तनांक, μr, εr
- इनकी कोई इकाई नहीं होती।
ग्रहों की गति के नियम किसके द्वारा दिए गए थे?
- गैलीलियो
- आइंस्टीन
- केप्लर
- न्यूटन
Explanation:
- जोहान्स केप्लर (Johannes Kepler) ने ग्रहों की गति के तीन नियम (Kepler’s Laws of Planetary Motion) 17वीं शताब्दी में दिए।
- ये नियम सौर मंडल में ग्रहों की गति का वर्णन करते हैं।
Quick Facts:
- केप्लर के नियम: (1) दीर्घ वृत्ताकार कक्षाएँ, (2) क्षेत्रफल नियम, (3) आवर्त काल नियम (T² ∝ r³)
- न्यूटन ने बाद में गुरुत्वाकर्षण के नियम से इन्हें सिद्ध किया।
एक वस्तु को u वेग से ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंका जाता है। गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में, त्वरण ………………..।
- उच्चतम बिंदु पर शून्य हो जाता है
- उर्ध्वगामी वेग बढ़ाता है
- गति की दिशा के विपरीत कार्य करता है
- गति की दिशा में कार्य करता है
Explanation:
- जब वस्तु ऊपर जाती है, तो गुरुत्वीय त्वरण (g) नीचे की ओर होता है, अर्थात यह गति की दिशा (ऊपर) के विपरीत कार्य करता है (मंदन)।
- उच्चतम बिंदु पर v = 0, पर a = g ≠ 0 (हमेशा उपस्थित)।
Quick Facts:
- ऊपर जाते समय: a = -g (मंदन), नीचे आते समय: a = +g (त्वरण)
- गुरुत्वीय त्वरण सदैव नीचे की ओर होता है।
दो पिंडों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल F है; यदि उनमें से किसी एक पिंड का द्रव्यमान उसके प्रारंभिक मान से चार गुना बढ़ा दिया जाए, तो अब पिंडों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल होगा:
- F/4
- 2F
- 4F
- F
Explanation:
- F = G m₁m₂/r², यदि m₁ → 4m₁, तो F’ = G(4m₁)m₂/r² = 4F
- बल द्रव्यमान के समानुपाती होता है (F ∝ m)।
Quick Facts:
- गुरुत्वाकर्षण बल द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती होता है।
- दूरी दोगुनी करने पर बल 1/4 हो जाता है (व्युत्क्रम वर्ग नियम)।
व्यवहार में, कार्य इनपुट के कारण घर्षण के प्रभाव के कारण मशीन का कार्य आउटपुट होता है।
- हमेशा अधिक
- बराबर
- हमेशा कम
- परिवर्तनशील
Explanation:
- घर्षण के कारण कुछ ऊर्जा ऊष्मा के रूप में व्यय होती है, इसलिए मशीन का कार्य आउटपुट इनपुट से हमेशा कम होता है (दक्षता < 100%)।
- आदर्श मशीन (घर्षण रहित) में आउटपुट = इनपुट होता, पर वास्तविक मशीनों में नहीं।
Quick Facts:
- दक्षता = (कार्य आउटपुट / कार्य इनपुट) × 100%
- वास्तविक मशीनों की दक्षता हमेशा 100% से कम होती है।
न्यूटन के गति का प्रथम नियम निम्नलिखित में से कौन-सी अवधारणा को स्पष्ट करता है?
- निरंतर त्वरण
- संतुलित बल
- संवेग में परिवर्तन
- नेट बल का शून्यंतर होना
Explanation:
- प्रथम नियम (जड़त्व) बताता है कि यदि शुद्ध बल (net force) = 0 (संतुलित बल), तो वस्तु विराम में या एकसमान गति में रहेगी।
- यह नियम संतुलित बलों के अंतर्गत गति को स्पष्ट करता है।
Quick Facts:
- संतुलित बल = सभी बलों का सदिश योग शून्य (F_net = 0)
- असंतुलित बल = त्वरण (द्वितीय नियम)
जिम्नास्ट अपने हाथों पर कुछ खुरदरा पदार्थ क्यों लगाते हैं?
- बेहतर पकड़ के लिए घर्षण को बढ़ाने के लिए
- खुरदरा पदार्थ हाथों को जमीन पर आसानी से फिसलाता है।
- मोटे पदार्थ उनके हाथों को एक चमकदार, सुंदर रूप देते हैं।
- पदार्थ के कारण अधिक पसीना आता है और हाथ गीले हो जाते हैं।
Explanation:
- खुरदरा पदार्थ (जैसे मैग्नीशियम कार्बोनेट) घर्षण बढ़ाता है, जिससे बेहतर पकड़ (grip) मिलती है और हाथ फिसलते नहीं हैं।
Quick Facts:
- घर्षण = μN, खुरदरापन (roughness) μ को बढ़ाता है।
- इसका उपयोग भारोत्तोलन, जिमनास्टिक, रॉक क्लाइंबिंग में होता है।
1 किग्रा द्रव्यमान वाले एक धनाकार धातु के डिब्बे को मेज की क्षैतिज सतह पर रखा गया है। गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण 10 m/s² मानते हुए, मेज की सतह पर लगने वाला बल ______ है।
- 100 N
- 1 N
- 10 N
- 100 N
Equation: F = mg = 1 × 10 = 10 N
Explanation:
- मेज पर लगने वाला बल = डिब्बे का भार = mg = 1 × 10 = 10 N (नीचे की ओर)
- मेज डिब्बे पर 10 N का सामान्य बल (ऊपर) लगाती है (संतुलित बल)।
Quick Facts:
- भार (Weight) = mg, SI मात्रक: N
- यहाँ g = 10 m/s² दिया गया है (सामान्यतः 9.8 m/s²)
न्यूटन का गति का तीसरा नियम निम्नलिखित में से किस स्थिति में लागू होता है?
- जब कोई व्यक्ति नाव से नदी के किनारे की ओर छलांग लगाता है, तो नाव पीछे की ओर जाती है।
- एक बस में खड़े यात्री पीछे की दिशा में गिरते हैं, जब रुकी हुई बस अचानक चलती है।
- एक गेंद ऊपर फेंकी जाती है और वापस लौटती है।
- एक पत्थर जमीन पर गिरता है।
Explanation:
- व्यक्ति का नाव पर बल (पीछे) = क्रिया, नाव का व्यक्ति पर बल (आगे) = प्रतिक्रिया (तीसरा नियम)।
- अन्य: बस का झटका (प्रथम नियम), गेंद का गिरना (गुरुत्वाकर्षण), पत्थर का गिरना (गुरुत्वाकर्षण)।
Quick Facts:
- क्रिया-प्रतिक्रिया सदैव युग्म में आती है, विभिन्न वस्तुओं पर।
- यह संवेग संरक्षण का भी उदाहरण है।
यदि संतुलित बल लगाए जाते हैं, तो किसी वस्तु पर लगने वाला परिणामी बल क्या होता है?
- अगंत
- वस्तु के द्रव्यमान के बराबर
- शून्य
- त्वरण के बराबर
Explanation:
- संतुलित बल (Balanced forces) का सदिश योग शून्य होता है (F_net = 0)।
- इस स्थिति में वस्तु या तो विराम में होती है या एकसमान गति में (त्वरण = 0)।
Quick Facts:
- संतुलित बल = शुद्ध बल 0
- असंतुलित बल = शुद्ध बल ≠ 0, त्वरण उत्पन्न होता है।
गुरुत्वाकर्षण बल के अंतर्गत गतिमान और ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंकी गई वस्तु पर गति के समीकरणों को लागू करते समय, त्वरण (a) को किस रूप में लिया जाना चाहिए?
- धनात्मक, क्योंकि गुरुत्वाकर्षण नियत है।
- धनात्मक, क्योंकि यह वेग की दिशा में है।
- ऋणात्मक, क्योंकि यह प्रारंभिक गति का विरोध करता है।
- गति की दिशा से स्वतंत्र।
Explanation:
- ऊपर फेंकी गई वस्तु पर गुरुत्वीय त्वरण (g) नीचे की ओर होता है, जबकि प्रारंभिक वेग (u) ऊपर की ओर है।
- अतः a = -g (ऋणात्मक) लिया जाता है (मंदन)।
Quick Facts:
- ऊपर जाते समय: v = u – gt, s = ut – ½gt²
- उच्चतम बिंदु पर: v = 0, t = u/g
गोली चलाने पर बंदूक पीछे की ओर धक्का देती है। बंदूक की पश्च गति का कारण क्या है?
- बंदूक पर गोली का प्रतिक्रिया बल
- वायु प्रतिरोध
- बंदूक पर कार्यरत गुरुत्वाकर्षण
- बंदूक और व्यक्ति के बीच घर्षण
Explanation:
- न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, गोली पर आगे की ओर बल (क्रिया) और बंदूक पर पीछे की ओर समान बल (प्रतिक्रिया) कार्य करता है, जिससे प्रतिक्षेप (recoil) होता है।
Quick Facts:
- प्रतिक्षेप संवेग संरक्षण का परिणाम है (m_gun v_gun = m_bullet v_bullet)
- बंदूक का वेग कम होता है क्योंकि इसका द्रव्यमान अधिक होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा, जड़त्व का एक उदाहरण नहीं है?
- बस के अचानक रुकने पर यात्री का आगे की ओर गिरना
- एक गेंद का घर्षण रहित सतह पर सदैव लुढ़कते रहना
- पीटने पर कालीन से गिरती धूल
- एक किताब का खुरदरी सतह पर फिसल कर रुक जाना
Explanation:
- किताब का रुकना घर्षण (friction) के कारण है, जो एक बाह्य बल है।
- अन्य सभी जड़त्व (Inertia) के उदाहरण हैं: यात्री (गति बनाए रखना), गेंद (घर्षण रहित, जड़त्व), धूल (विराम में रहना)।
Quick Facts:
- जड़त्व: विराम या गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध।
- घर्षण जड़त्व नहीं है, यह एक बाह्य बल है।
जहाजों का निर्माण और आवागमन किस पर आधारित है?
- आर्किमिडीज सिद्धांत
- फैराडे का नियम
- फ्लेमिंग का दायाँ हाथ का नियम
- न्यूटन का द्वितीय गतिविषयक नियम
Explanation:
- आर्किमिडीज का सिद्धांत (Archimedes’ Principle): किसी द्रव में डूबी वस्तु पर उत्प्लावक बल = विस्थापित द्रव का भार।
- जहाजों का तैरना इसी सिद्धांत पर आधारित है (वे अपने भार के बराबर जल विस्थापित करते हैं)।
Quick Facts:
- उत्प्लावक बल = ρ_drav × V_विस्थापित × g
- जहाज का डिज़ाइन (खोखला) उसे अधिक आयतन विस्थापित करने योग्य बनाता है।
संवेग में थोड़े समय के परिवर्तन हेतु, थोड़े समय के लिए लगने वाले प्रबल बल को कहा जाता है।
- दबाव बल
- घर्षण बल
- प्रायोगिक बल
- आवेगी बल
Explanation:
- आवेग (Impulse) = बल × समय = संवेग में परिवर्तन (F × Δt = Δp)
- थोड़े समय (Δt) के लिए लगने वाले प्रबल बल को ‘आवेगी बल’ (Impulsive force) कहते हैं।
Quick Facts:
- उदाहरण: हथौड़े से कील ठोंकना, क्रिकेट की गेंद को बल्ले से मारना।
- आवेग की SI इकाई: N·s (या kg·m/s)
विमीय विश्लेषण का उपयोग करके, निम्नलिखित में से किस भौतिक राशियों के युग्म की विमाएँ समान हैं?
- रैखिक संवेग और कोणीय संवेग
- कार्य और शक्ति
- गुप्त ऊष्मा और गुरुत्वीय विभव
- बल और बल आघूर्ण
Explanation:
- गुप्त ऊष्मा (Latent heat) की विमा = L²T⁻² (Q/m = ML²T⁻²/M = L²T⁻²)
- गुरुत्वीय विभव (Gravitational potential) की विमा = L²T⁻² (GM/r)
- अतः दोनों की विमाएँ समान हैं (L²T⁻²)।
Quick Facts:
- विमीय सूत्र: M, L, T के घातांकों का समूह
- समान विमा वाली राशियाँ जोड़/घटा सकते हैं।
किसी पदार्थ के दिए गए क्रॉस-सेक्शन के साथ समतलीय रूप से कार्य करने वाले प्रतिबल के प्रकार को ______ के रूप में परिभाषित किया जाता है।
- अप्रत्यक्ष प्रतिबल
- त्रिज्यीय प्रतिबल
- संपीडन प्रतिबल
- आयतन प्रतिबल
Explanation:
- समतलीय (tangential) प्रतिबल = अपरूपण प्रतिबल (Shear stress), जो सतह के समानांतर कार्य करता है, इसे ‘अप्रत्यक्ष प्रतिबल’ (indirect stress) भी कहते हैं।
- अभिलंब (normal) प्रतिबल = सतह के लंबवत (तनन/संपीडन)।
Quick Facts:
- प्रतिबल (Stress) = बल/क्षेत्रफल, SI मात्रक: Pa (N/m²)
- अपरूपण प्रतिबल = F/A (समानांतर)
तापमान बढ़ाने पर सभी शुद्ध धातुओं के प्रतिरोध –
- कम हो जाता है।
- अप्रभावित रहता है।
- बढ़ जाता है।
- नगण्य हो जाता है।
Explanation:
- शुद्ध धातुओं का प्रतिरोध तापमान बढ़ने पर बढ़ता है (धनात्मक ताप गुणांक) क्योंकि परमाणुओं के कंपन बढ़ते हैं, जिससे इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह बाधित होता है।
- अर्धचालकों का प्रतिरोध ताप बढ़ने पर घटता है (ऋणात्मक ताप गुणांक)।
Quick Facts:
- प्रतिरोध R = R₀(1 + αΔT), α = ताप गुणांक (धातुओं के लिए α > 0)
- शुद्ध धातुओं के लिए α ≈ 0.0039/°C (ताँबा)
यदि किसी ध्वनि तरंग की आवृत्ति बढ़ जाती है, लेकिन उसकी चाल स्थिर रहती है, तो उसकी तरंगदैर्ध्य ___________।
- समान रहेगी
- शून्य हो जाएगी
- घट जाएगी
- बढ़ जाएगी
Explanation:
- तरंग समीकरण: v = fλ (चाल = आवृत्ति × तरंगदैर्ध्य)
- यदि v स्थिर है और f बढ़ता है, तो λ = v/f, अतः λ घटेगा (व्युत्क्रमानुपाती)।
Quick Facts:
- ध्वनि की चाल माध्यम पर निर्भर करती है, आवृत्ति पर नहीं।
- उच्च आवृत्ति = कम तरंगदैर्ध्य (विपरीत संबंध)
यदि किसी वस्तु का द्रव्यमान 74.5 kg है, तो पृथ्वी पर उसका अनुमानित भार क्या है? (g = 9.8 m/s² लीजिए)
- 730 N
- 447 N
- 7.6 N
- 74.5 N
Equation: W = mg = 74.5 × 9.8 ≈ 730 N
Explanation:
- भार W = mg = 74.5 × 9.8 = 730.1 N ≈ 730 N
Quick Facts:
- भार = द्रव्यमान × g
- 74.5 kg का भार पृथ्वी पर ≈ 730 N (लगभग 73 kgf)
जब किसी वस्तु को त्वरित किया जाता है, तब –
- उस पर हमेशा एक बल कार्य करता है।
- यह हमेशा नीचे की ओर जाती है।
- यह हमेशा ऊपर की ओर जाती है।
- यह हमेशा पृथ्वी की ओर गिरती है।
Explanation:
- न्यूटन के द्वितीय नियम के अनुसार, त्वरण (a) उत्पन्न करने के लिए शुद्ध बल (F) आवश्यक है (F = ma)।
- त्वरण की दिशा बल की दिशा पर निर्भर करती है (ऊपर/नीचे/अन्य)।
Quick Facts:
- यदि बल है, तो त्वरण है; यदि त्वरण है, तो बल है (शुद्ध बल ≠ 0)।
- त्वरण बल की दिशा में होता है।
एक बच्चा खिलौना कार को ज़मीन पर खींचता है। यदि बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों, तो किया गया कार्य ______ होगा।
- शून्य के बराबर
- कार की चाल के बराबर
- बल और विस्थापन के गुणनफल के बराबर
- ऋणात्मक
Explanation:
- W = F × s × cos θ, यदि θ = 0° (समान दिशा), तो W = Fs (धनात्मक, अधिकतम)
Quick Facts:
- कार्य = बल × विस्थापन × cos θ
- यदि θ = 0°, तो W = Fs (अधिकतम धनात्मक)
किसी वस्तु के संवेग में 0.02 सेकंड में 10 kg ms⁻¹ परिवर्तन होता है, तब वस्तु पर कार्यरत बल है:
- 200 N
- 550 N
- 500 N
- 100 N
Equation: F = Δp/Δt = 10/0.02 = 500 N
Explanation:
- न्यूटन का द्वितीय नियम: F = Δp/Δt (संवेग परिवर्तन की दर = बल)
- F = 10 / 0.02 = 500 N
Quick Facts:
- यह न्यूटन के द्वितीय नियम का मूल रूप है।
- बल की SI इकाई N = kg·m/s²
एक पत्थर स्वतंत्र रूप से गिरता है और 20 m की दूरी (s) को 2.0 s समय (t) में तय करता है। गुरुत्वीय त्वरण (g) का मान कितना होगा?
- 20.0 m/s²
- 8.0 m/s²
- 10.0 m/s²
- 12.0 m/s²
Equation: s = ut + ½gt² → 20 = 0 + ½ × g × 4 → g = 10 m/s²
Explanation:
- u = 0 (विराम से गिरता है), s = 20 m, t = 2 s
- s = ut + ½gt² ⇒ 20 = 0 + ½ × g × 4 ⇒ 20 = 2g ⇒ g = 10 m/s²
Quick Facts:
- मुक्त पतन के लिए गति के द्वितीय समीकरण का उपयोग
- g का मान पृथ्वी पर ≈ 9.8 m/s² (यहाँ 10 m/s² दिया है)
साइकिल और ऑटोमोबाइल की ब्रेक प्रणाली में ब्रेक पैड का उपयोग किस लिए किया जाता है?
- घर्षण को बढ़ाने के लिए
- जिससे वाहन अपनी गति को रोक न सके
- वाहन को एक समान गति से चलाते रहने के लिए
- घर्षण को कम करने के लिए
Explanation:
- ब्रेक पैड (Brake pads) उच्च घर्षण सामग्री से बने होते हैं, जो रोटर/ड्रम पर घर्षण बढ़ाकर वाहन को रोकते हैं।
Quick Facts:
- घर्षण = μN, ब्रेक पैड का μ उच्च होता है (0.3–0.5)
- ब्रेकिंग में गतिज ऊर्जा को ऊष्मा में परिवर्तित किया जाता है।
निम्नलिखित में से किस भौतिक वैज्ञानिक ने परावर्तक दूरदर्शी का आविष्कार किया था?
- जोहान्स केप्लर
- आइजैक न्यूटन
- क्रिस्टियान हाइगेंस
- गैलीलियो गैलीली
Explanation:
- आइजैक न्यूटन ने 1668 में परावर्तक दूरदर्शी (Reflecting telescope) का आविष्कार किया, जिसमें दर्पणों का उपयोग होता है (वर्णीय विपथन को दूर करने के लिए)।
- इसे ‘न्यूटोनियन दूरदर्शी’ भी कहते हैं।
Quick Facts:
- अपवर्तक दूरदर्शी (गैलीलियो/केप्लर) लेंस का उपयोग करते हैं।
- न्यूटन का दूरदर्शी अवतल दर्पण का उपयोग करता है।
एक स्थिर बल द्वारा किया गया कार्य निम्नलिखित में से किस पर निर्भर करता है?
- बल और विस्थापन दोनों, तथा उनके बीच का कोण
- केवल बल का परिमाण
- वस्तु का द्रव्यमान
- केवल विस्थापन
Explanation:
- कार्य W = F × s × cos θ, अतः यह बल (F), विस्थापन (s) और उनके बीच कोण (θ) पर निर्भर करता है।
- द्रव्यमान कार्य को सीधे प्रभावित नहीं करता (गति के समीकरणों में आता है, पर सूत्र में नहीं)।
Quick Facts:
- W = F·s = F s cos θ (सदिश डॉट गुणन)
- यदि θ = 90°, W = 0 (बल कार्य नहीं करता)
जब हम केले के छिलके पर कदम रखते हैं, तो हम नीचे क्यों गिरते हैं?
- केले का छिलका पैरों पर एक चुंबकीय खिंचाव बल लगाता है और हमें नीचे गिरा देता है।
- केले के छिलके की अच्छी पकड़ होती है।
- केले का छिलका चिकना होता है और इस पर घर्षण इतना कम होता है कि हमें खड़े होने के लिए पकड़ नहीं मिलती है।
- केले के छिलके में अधिक घर्षण होता है।
Explanation:
- केले का छिलका चिकना (smooth) होता है, जिससे घर्षण बहुत कम हो जाता है, जिससे पैर फिसलता है और हम गिर जाते हैं।
Quick Facts:
- घर्षण कम होने पर पकड़ (grip) नहीं मिलती।
- चिकनी सतहें घर्षण कम करती हैं (जैसे बर्फ, तेल)।
जब चलती कार में ब्रेक लगाए जाते हैं, तो कार धीमी हो जाती है, लेकिन भीतर बैठे यात्री आगे बढ़ने लगते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि:
- यात्रियों को गुरुत्वाकर्षण द्वारा आगे की ओर खींचा जाता है
- ब्रेक यात्रियों पर आगे की ओर बल प्रयुक्त करते हैं
- यात्रियों में जड़त्व होता है और वे अपनी गतिमान अवस्था में बने रहते हैं
- कार के भीतर की वायु यात्रियों को आगे की ओर धकेलती है
Explanation:
- यात्री अपनी गति (जड़त्व) को बनाए रखना चाहते हैं, जबकि कार रुक जाती है, इसलिए वे आगे की ओर झुकते हैं।
- यह न्यूटन के प्रथम नियम का उदाहरण है।
Quick Facts:
- सीट बेल्ट यात्री को इसी जड़त्व प्रभाव से बचाता है।
- यही कारण है कि बस अचानक चलने पर यात्री पीछे की ओर झुकते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सी राशि, किसी पिंड के जड़त्व की माप है?
- बल
- द्रव्यमान
- भार
- त्वरण
Explanation:
- जड़त्व (Inertia) = वस्तु का गति/विराम की स्थिति में परिवर्तन का विरोध करने का गुण।
- द्रव्यमान (Mass) जड़त्व का माप है (अधिक द्रव्यमान = अधिक जड़त्व)।
Quick Facts:
- द्रव्यमान की SI इकाई: किलोग्राम (kg)
- भार = mg (बल), जड़त्व नहीं
निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए और सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए –
- A. किसी कण निकाय का रैखिक संवेग, शून्य होता है।
- B. किसी कण निकाय की गतिज ऊर्जा, शून्य होती है।
- A का आशय B से नहीं है लेकिन B से A का आशय है।
- A का आशय B से नहीं है लेकिन B का आशय A से है।
- A का आशय B से है और B का आशय A से है।
- A का आशय B से नहीं है और B का आशय A से नहीं है।
Explanation:
- यदि गतिज ऊर्जा (KE) शून्य है (सभी कणों का v = 0), तो संवेग (p = mv) भी शून्य होगा (B ⇒ A)।
- पर यदि संवेग शून्य है, तो KE शून्य होना आवश्यक नहीं (जैसे दो बराबर विपरीत संवेग वाले कण, p_total = 0 पर KE ≠ 0)।
Quick Facts:
- संवेग = सदिश योग (शून्य हो सकता है, भले ही अलग-अलग गति हों)
- KE = अदिश योग (हमेशा धनात्मक, शून्य तभी जब सभी v=0)
जब OH⁻ आयनों को अम्लीय विलयन में मिलाया जाता है, तो pH ______।
- घटता है
- शून्य हो जाता है
- वही रहता है
- बढ़ता है
Explanation:
- OH⁻ (हाइड्रॉक्साइड) आयन मिलाने से अम्ल उदासीन (neutralize) होता है, H⁺ आयनों की सांद्रता घटती है, अतः pH बढ़ता है (अम्लीय से क्षारीय की ओर)।
Quick Facts:
- pH = -log[H⁺]
- OH⁻ मिलाने पर [H⁺] घटता है ⇒ pH बढ़ता है
______ प्रकृति में अकेले नहीं होता है।
- संवेग
- बल
- वेग
- दबाव
Explanation:
- न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, बल सदैव युग्म (क्रिया-प्रतिक्रिया) में आता है, अकेले नहीं होता।
- एक विलगित (isolated) बल संभव नहीं है।
Quick Facts:
- बल की SI इकाई: न्यूटन (N)
- प्रत्येक क्रिया के लिए समान एवं विपरीत प्रतिक्रिया होती है।
यदि एक वस्तु को दोनों सिरों से पकड़कर खींचा जाता है, तो उस पर लागू बल को कहा जाता है।
- आवेग
- घर्षण
- संवेग
- खिंचाव
Explanation:
- खिंचाव (Tension) = वस्तु पर विपरीत दिशाओं में लगने वाला बल (जब दोनों सिरों से खींचा जाए)।
- यह एक संपर्क बल है, जो डोरी, रस्सी आदि में उत्पन्न होता है।
Quick Facts:
- तनाव (Tension) = खिंचाव बल, दोनों सिरों पर समान परिमाण में (आदर्श डोरी के लिए)।
- SI मात्रक: न्यूटन (N)
किसी पिंड पर कार्य किए जाने के लिए निम्नलिखित में से क्या आवश्यक नहीं है?
- पिंड को विस्थापित होना होगा।
- पिंड पर बल लगाना होगा।
- पिंड को एक स्थिर चाल से चलना चाहिए।
- बल का एक घटक विस्थापन की दिशा में होना चाहिए।
Explanation:
- कार्य के लिए बल और विस्थापन आवश्यक हैं, पर चाल (speed) स्थिर होना आवश्यक नहीं है (त्वरित गति में भी कार्य हो सकता है)।
- कार्य = बल × विस्थापन × cos θ
Quick Facts:
- यदि बल है पर विस्थापन नहीं, तो W = 0
- यदि विस्थापन है पर बल नहीं, तो W = 0
यदि किसी परिपथ में प्रतिरोध बढ़ा दिया जाए जबकि वोल्टेज स्थिर रहे, तो धारा –
- दोगुनी हो जाएगी।
- बढ़ जाएगी।
- घट जाएगी।
- स्थिर रहेगी।
Explanation:
- ओम का नियम: V = IR ⇒ I = V/R
- यदि V स्थिर है और R बढ़ता है, तो I घटता है (व्युत्क्रमानुपाती)।
Quick Facts:
- ओम का नियम: V = IR
- प्रतिरोध बढ़ने पर धारा घटती है (वोल्टेज स्थिर रहने पर)।
मुक्त पतन के दौरान, जब किसी वस्तु को विरामावस्था से छोड़ा जाता है, तो पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल उसकी गति को कैसे प्रभावित करता है?
- यह वस्तु को तुरंत रोक देता है।
- यह वस्तु के वेग को कम करता है।
- यह वस्तु के वेग को बनाए रखता है।
- यह वस्तु के वेग को बढ़ाता है।
Explanation:
- मुक्त पतन (Free fall) में, गुरुत्वाकर्षण बल (mg) के कारण वस्तु का वेग नियत रूप से बढ़ता है (त्वरण g = 9.8 m/s²)।
- v = u + gt (u = 0 से प्रारंभ)
Quick Facts:
- गुरुत्वाकर्षण बल एक त्वरण (g) उत्पन्न करता है, जो वेग बढ़ाता है।
- वायु प्रतिरोध की अनुपस्थिति में, सभी वस्तुएँ समान त्वरण से गिरती हैं।
यदि दो वस्तुओं का द्रव्यमान दोगुना कर दिया जाए तो उनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- बल चार गुना बढ़ जाता है
- बल आधा हो जाता है
- बल चौगुना हो जाता है
- बल दोगुना हो जाता है।
Explanation:
- F = G m₁m₂/r², यदि m₁ → 2m₁ और m₂ → 2m₂, तो F’ = G(2m₁)(2m₂)/r² = 4F
- अतः बल चार गुना (4 गुना) हो जाता है।
Quick Facts:
- गुरुत्वाकर्षण बल द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती होता है (F ∝ m₁m₂)।
- यदि दोनों द्रव्यमान दोगुने होते हैं, तो बल 4 गुना होता है।
गुरुत्वाकर्षण बल के अधीन किसी वस्तु के मुक्त पतन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- वस्तु द्वारा अनुभव किया गया त्वरण उसके द्रव्यमान पर निर्भर करता है।
- मुक्त पतन के दौरान वस्तु का वेग स्थिर रहता है।
- वस्तु द्वारा अनुभव किया गया त्वरण उसके द्रव्यमान से स्वतंत्र है।
- वस्तु द्वारा अनुभव किया गया त्वरण गति की दिशा के विपरीत होता है।
Explanation:
- गैलिलियो के अनुसार, मुक्त पतन में त्वरण (g) द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता (वायु प्रतिरोध की अनुपस्थिति में)।
- a = g = 9.8 m/s² (सभी वस्तुओं के लिए समान)
Quick Facts:
- त्वरण = g (स्थिर), द्रव्यमान स्वतंत्र
- वेग समय के साथ बढ़ता है (v = gt)
चंद्रमा पर गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण का (1/6) है। इसलिए पृथ्वी पर 12 N वजन वाले वस्तु का चंद्रमा पर वजन ________ होगा।
- 72 N
- 12 N
- 2 N
- 6 N
Explanation:
- चंद्रमा पर भार = (1/6) × पृथ्वी पर भार = 12/6 = 2 N
Quick Facts:
- चंद्रमा पर g = g_earth / 6
- द्रव्यमान स्थिर है (पृथ्वी पर m = W/g = 12/9.8 ≈ 1.22 kg)
720 km/hr की चाल से चल रही एक कार ब्रेक लगाने के 4 सेकंड बाद रूक जाती है। यदि कार और यात्रियों का कुल द्रव्यमान 80 kg है, तो ब्रेक द्वारा अनुप्रयुक्त बल कितना होगा?
- 4000 N
- -14,400 N
- -4000 N
- -2000 N
Equation: u = 720×5/18 = 200 m/s, a = (0-200)/4 = -50 m/s², F = ma = 80 × (-50) = -4000 N
Explanation:
- u = 720 km/h = 200 m/s, v = 0, t = 4 s
- a = (0-200)/4 = -50 m/s², F = 80 × (-50) = -4000 N (ऋणात्मक = मंदन)
Quick Facts:
- ब्रेकिंग बल गति के विपरीत दिशा में कार्य करता है।
- बल का परिमाण 4000 N है।
द्रव्यमान 2 kg की एक वस्तु 4 m/s² के त्वरण के साथ गति कर रही है। इस पर कार्य करने वाला शुद्ध बल ________ है।
- 4.0 N
- 2.0 N
- 8.0 N
- 0.5 N
Equation: F = ma = 2 × 4 = 8 N
Explanation:
- F = ma = 2 × 4 = 8 N
Quick Facts:
- न्यूटन का द्वितीय नियम: F = ma
- शुद्ध बल = द्रव्यमान × त्वरण
एक व्यक्ति एक विशाल, स्थिर वस्तु (जैसे एक खड़ी ट्रक) को बल F से धक्का देता है। वस्तु –F बल से प्रतिकर्षण करती है। यदि प्रतिक्रिया बल समान और विपरीत हो, जैसा कि तृतीय नियम द्वारा सुझाया गया है, तो वस्तु त्वरित क्यों नहीं होती?
- वस्तु पर लगने वाला शुद्ध बल शून्य है क्योंकि क्रिया और प्रतिक्रिया बल रद्द हो जाते हैं।
- बल F का परिमाण वस्तु की अंतर्निहित स्थितिज ऊर्जा से पार पाने के लिए अपर्याप्त है।
- ये बल तत्क्षण कार्य करते हैं और संवेग परिवर्तन को रोकते हैं।
- क्रिया और प्रतिक्रिया बल अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं, लेकिन स्थिर वस्तु पर स्थैतिक घर्षण लागू बल F को संतुलित करता है।
Explanation:
- व्यक्ति द्वारा ट्रक पर लगाया गया बल (F) और ट्रक का प्रतिक्रिया बल (-F) भिन्न वस्तुओं पर हैं, इसलिए वे रद्द नहीं होते।
- ट्रक पर लगने वाला शुद्ध बल F – f_s (स्थैतिक घर्षण) है। यदि F ≤ f_s, तो शुद्ध बल शून्य है, अतः ट्रक त्वरित नहीं होता।
Quick Facts:
- क्रिया-प्रतिक्रिया भिन्न वस्तुओं पर, इसलिए संतुलित नहीं।
- स्थैतिक घर्षण अधिकतम बल = μ_s N, यदि F ≤ f_max, तो गति नहीं होती।
धारावाही वृत्तीय लूप के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा …………. के द्वारा निर्धारित की जा सकती है।
- दाहिने हाथ की हथेली के नियम
- वामहस्त अंगूष्ठ नियम
- फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम
- दाहिने हाथ के नियम (धारा के अनुदिश अंगुलियों को मोड़ना)
Explanation:
- वृत्तीय लूप के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ‘दाहिने हाथ के अंगुष्ठ नियम’ (Right-hand thumb rule) से ज्ञात होती है: अंगुष्ठ → धारा की दिशा, मुड़ी हुई उंगलियाँ → क्षेत्र की दिशा।
- फ्लेमिंग के नियम बल/प्रेरित धारा के लिए हैं।
Quick Facts:
- वृत्तीय लूप के केंद्र पर B = μ₀ I / (2R) (N फेरों के लिए N से गुणा)
- दिशा: दक्षिण-हस्त नियम (अंगुष्ठ = धारा, उंगलियाँ = B)
एक व्यक्ति बस में खड़ा है और अचानक बस रुक जाती है। वह व्यक्ति आगे की ओर गिरने लगता है। गति के निम्नलिखित नियमों में से कौन सा नियम इस घटना के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है?
- संवेग संरक्षण का नियम।
- न्यूटन का गति का पहला नियम।
- न्यूटन का गति का तीसरा नियम।
- न्यूटन का गति का दूसरा नियम।
Explanation:
- बस रुकती है, पर व्यक्ति का शरीर जड़त्व के कारण गति की अवस्था बनाए रखना चाहता है, इसलिए वह आगे की ओर गिरता है।
- यह न्यूटन के प्रथम नियम (जड़त्व का नियम) का उदाहरण है।
Quick Facts:
- जड़त्व: विराम या गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध।
- यही कारण है कि बस अचानक चलने पर व्यक्ति पीछे गिरता है।
10 m/s की चाल से चलती हुई 1000 kg की एक कार को एक स्थिर ब्रेकिंग बल द्वारा 5 सेकंड में विरामावस्था में लाया जाता है। बल का परिमाण क्या है?
- 2000 N
- 3000 N
- 1500 N
- 2500 N
Equation: a = (0-10)/5 = -2 m/s², F = ma = 1000 × (-2) = -2000 N (परिमाण 2000 N)
Explanation:
- u = 10 m/s, v = 0, t = 5 s, a = (0-10)/5 = -2 m/s²
- F = ma = 1000 × (-2) = -2000 N (ऋणात्मक = मंदन, परिमाण 2000 N)
Quick Facts:
- ब्रेकिंग बल = 2000 N (गति के विपरीत दिशा में)
- F = ma (न्यूटन का द्वितीय नियम)
एक पिंड पर ‘X’ N का एक नियत बल इस प्रकार कार्य करता है कि पिंड बल की दिशा में 5 m विस्थापित होता है। यदि बल के कारण किया गया कार्य 500 J है, तो X का मान क्या है?
- 2500 N
- 100 N
- 1/100 N
- 250 N
Equation: W = F × s → 500 = X × 5 → X = 100 N
Explanation:
- W = F × s (क्योंकि बल और विस्थापन समान दिशा में हैं)
- 500 = X × 5 ⇒ X = 100 N
Quick Facts:
- कार्य = बल × विस्थापन (जब समान दिशा)
- 1 J = 1 N·m
किसी निकाय का द्रव्यमान 5 किग्रा है और उसका संवेग 10 किग्रा मी/से है। यदि उस पर 10 सेकंड के लिए 0.1 N का बल लगाया जाता है, तब इसकी गतिज ऊर्जा में आने वाला परिवर्तन है:
- 1.1 जूल
- 4.4 जूल
- 2.1 जूल
- 1.4 जूल
Equation: u = p/m = 10/5 = 2 m/s, a = F/m = 0.1/5 = 0.02 m/s², v = u + at = 2 + 0.02×10 = 2.2 m/s, ΔKE = ½m(v²-u²) = 2.5(4.84-4) = 2.1 J
Explanation:
- प्रारंभिक वेग u = p/m = 10/5 = 2 m/s
- त्वरण a = F/m = 0.1/5 = 0.02 m/s²
- अंतिम वेग v = u + at = 2 + 0.02×10 = 2.2 m/s
- ΔKE = ½m(v² – u²) = 0.5 × 5 × (4.84 – 4) = 2.5 × 0.84 = 2.1 J
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा = ½mv²
- कार्य-ऊर्जा प्रमेय: ΔKE = किया गया कार्य
ग्रह-कक्षेच्या मोजणीत वैश्विक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांकाचे (G) मूल्य चुकून दहापट अधिक वापरले गेले, तर ग्रह आणि सूर्य यांच्यातील गुरुत्वाकर्षण बलावर काय परिणाम होईल?
- मोजलेले बल अपरिवर्तित राहील
- मोजलेले बल वास्तविक मूल्यापेक्षा दहापट अधिक असेल
- मोजलेले बल वास्तविक मूल्याच्या निम्मी असेल
- मोजलेले बल वास्तविक मूल्यापेक्षा दहापट कमी असेल
Explanation:
- F = G m₁m₂/r², G का मान 10 गुना अधिक लेने पर F भी 10 गुना अधिक होगा (F ∝ G)।
Quick Facts:
- G = 6.67 × 10⁻¹¹ N·m²/kg²
- यदि G गलत हो, तो बल का मान गलत आएगा।
यदि आप किसी स्थिर दीवार को 80 N से धक्का देते हैं, तो दीवार आपको ______ से पीछे धकेलती है।
- 160 N
- 0 N
- 40 N
- 80 N
Explanation:
- न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, क्रिया और प्रतिक्रिया बल परिमाण में बराबर होते हैं।
- आप दीवार पर 80 N लगाते हैं, तो दीवार आप पर 80 N का विपरीत बल लगाती है।
Quick Facts:
- क्रिया-प्रतिक्रिया: परिमाण बराबर, दिशा विपरीत, भिन्न वस्तुओं पर।
- दीवार स्थिर है क्योंकि उस पर अन्य बल (जमीन से) संतुलित हैं।
न्यूटन के गति के तीसरे नियम के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
- ये बल एक साथ दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं।
- बल परिमाण में बराबर लेकिन दिशा में विपरीत होते हैं।
- क्रिया और प्रतिक्रिया बल एक ही वस्तु पर कार्य करते हैं।
- जब एक वस्तु दूसरी वस्तु पर बल लगाती है, तो दूसरी वस्तु उस पर वापस बराबर एवं विपरीत बल लगाती है।
Explanation:
- क्रिया और प्रतिक्रिया बल सदैव दो भिन्न वस्तुओं पर कार्य करते हैं (एक ही वस्तु पर कभी नहीं)।
- अतः कथन “एक ही वस्तु पर कार्य करते हैं” गलत है।
Quick Facts:
- यदि वे एक ही वस्तु पर होते, तो वे संतुलित हो जाते और गति उत्पन्न नहीं होती।
- यह नियम न्यूटन के गति के तीनों नियमों में से एक है।
निम्न में से किस राशि का SI मात्रक कैंडिला होता है?
- बल
- आवेग
- वेग
- दीप्त तीव्रता
Explanation:
- कैंडेला (cd) = दीप्त तीव्रता (Luminous intensity) की SI इकाई है।
- यह SI की 7 मूल इकाइयों में से एक है।
Quick Facts:
- SI मूल इकाइयाँ: m, kg, s, A, K, mol, cd
- बल = N (kg·m/s²), आवेग = N·s, वेग = m/s
यांत्रिकी में कौन सा बल बिना भौतिक संपर्क के कार्य करता है और खगोलीय पिंडों की गति को नियंत्रित करता है?
- स्प्रिंग बल
- गुरुत्वाकर्षण बल
- घर्षण
- तनन
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational force) एक गैर-संपर्क (non-contact) बल है, जो दूर से कार्य करता है और खगोलीय पिंडों (ग्रह, तारे) की गति को नियंत्रित करता है।
Quick Facts:
- गैर-संपर्क बल: गुरुत्वाकर्षण, विद्युत चुम्बकीय, नाभिकीय
- संपर्क बल: घर्षण, तनाव, सामान्य बल, स्प्रिंग बल
किसी पिंड पर 10 Nm⁻² का दाब लगाया जाता है। यदि पिंड का क्षेत्रफल 2 m² है, तो पिंड पर लगने वाला प्रणोद होगा:
- 2 N
- 20 N
- 10 N
- 5 N
Equation: Thrust = Pressure × Area = 10 × 2 = 20 N
Explanation:
- दाब (Pressure) = प्रणोदन (Thrust) / क्षेत्रफल (Area)
- प्रणोदन = दाब × क्षेत्रफल = 10 × 2 = 20 N
Quick Facts:
- प्रणोदन (Thrust) = सतह के लंबवत बल
- दाब की SI इकाई: पास्कल (Pa) = N/m²
निम्नलिखित विवरणों में से सही युग्म का चयन करें।
- गति की अवस्था में परिवर्तन के प्रति किसी वस्तु का प्रतिरोध – गुरुत्वाकर्षण
- गति की अवस्था में परिवर्तन के प्रति किसी वस्तु का प्रतिरोध – जड़त्व
- गति की अवस्था में परिवर्तन के प्रति किसी वस्तु का प्रतिरोध – संवेग
- गति की अवस्था में परिवर्तन के प्रति किसी वस्तु का प्रतिरोध – त्वरण
Explanation:
- जड़त्व (Inertia) = वस्तु का विराम या गति की अवस्था में परिवर्तन का प्रतिरोध करने का गुण।
- गुरुत्वाकर्षण (आकर्षण बल), संवेग (गति की मात्रा), त्वरण (वेग परिवर्तन की दर) – ये जड़त्व के पर्याय नहीं हैं।
Quick Facts:
- जड़त्व का माप = द्रव्यमान (Mass)
- न्यूटन का पहला नियम ‘जड़त्व का नियम’ कहलाता है।
‘v’ वेग से गतिमान ‘m’ द्रव्यमान के एक पिंड का संवेग क्या होगा?
- m/v
- m/v²
- ½m/v²
- mv
Explanation:
- संवेग (p) = द्रव्यमान (m) × वेग (v) = mv
- ½mv² = गतिज ऊर्जा (KE)
Quick Facts:
- संवेग की SI इकाई: kg·m/s
- संवेग एक सदिश राशि है (दिशा वेग के समान)
कार्य को धनात्मक तब कहा जाता है, जब ________।
- कोई विस्थापन नहीं होता है
- बल विस्थापन के लंबवत होता है
- बल और विस्थापन एक ही दिशा में होते हैं
- बल और विस्थापन विपरीत होते हैं
Explanation:
- W = F × s × cos θ, यदि θ = 0° (समान दिशा), तो cos θ = +1, W धनात्मक
- यदि θ = 180° (विपरीत), तो W ऋणात्मक
Quick Facts:
- धनात्मक कार्य: बल द्वारा वस्तु को ऊर्जा प्रदान की जाती है।
- उदाहरण: पिंड को उठाना (गुरुत्व के विपरीत), कार को धकेलना।
लट्टू की गति किसका उदाहरण है?
- अभिकेन्द्रमुख बल
- अपकेन्द्र बल
- गुरुत्वाकर्षण बल
- घर्षण बल
Explanation:
- लट्टू (Spinning top) की गति घूर्णी (rotational) गति है, जिसमें अभिकेन्द्रमुखी बल (केंद्र की ओर) कार्य करता है (तनाव/सामान्य बल) जो इसे वृत्ताकार पथ पर रखता है।
- यह वृत्तीय गति का उदाहरण है।
Quick Facts:
- लट्टू का घूमना कोणीय संवेग संरक्षण का उदाहरण भी है।
- अभिकेन्द्रमुखी बल = mv²/r (केंद्र की ओर)
निम्नलिखित में से किस स्थिति में किया गया कार्य ऋणात्मक माना जाता है?
- जब बल विस्थापन की दिशा में हो
- जब बल विस्थापन की दिशा के लंबवत होता है
- जब बल विस्थापन की दिशा के विपरीत हो
- जब विस्थापन शून्य हो
Explanation:
- W = F × s × cos θ, यदि θ = 180° (बल और विस्थापन विपरीत), तो W ऋणात्मक
- उदाहरण: घर्षण बल (गति के विपरीत) द्वारा किया गया कार्य ऋणात्मक होता है।
Quick Facts:
- ऋणात्मक कार्य: वस्तु से ऊर्जा निकाली जाती है।
- यदि θ = 90°, तो W = 0 (बल कार्य नहीं करता)
2 kg द्रव्यमान के एक पिंड पर 4 s के लिए एक नियत बल कार्य करता है और इसका वेग 8 m/s से बदलकर 12 m/s हो जाता है। लगाए गए बल का परिमाण है:
- 2 N
- 1 N
- 3 N
- 4 N
Equation: a = (12-8)/4 = 1 m/s², F = ma = 2 × 1 = 2 N
Explanation:
- a = (v-u)/t = (12-8)/4 = 1 m/s², F = ma = 2 × 1 = 2 N
Quick Facts:
- न्यूटन का द्वितीय नियम: F = ma
- त्वरण = वेग परिवर्तन / समय
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
- उत्प्लावक बल द्रव के घनत्व पर निर्भर नहीं करता है।
- पूर्णतः निमग्न पिंड के लिए उत्प्लावक बल अधिकतम होता है।
- उत्प्लावक बल = विस्थापित तरल का भार
- उत्प्लावक बल ऊपर की ओर कार्य करता है।
Explanation:
- उत्प्लावक बल (Buoyant force) = ρ_drav × V_विस्थापित × g, अतः यह द्रव के घनत्व (ρ) पर निर्भर करता है।
- अतः कथन “उत्प्लावक बल द्रव के घनत्व पर निर्भर नहीं करता” गलत है।
Quick Facts:
- आर्किमिडीज सिद्धांत: उत्प्लावक बल = विस्थापित द्रव का भार
- द्रव का घनत्व अधिक होने पर उत्प्लावक बल अधिक होता है।
बल द्वारा धनात्मक कार्य तब होता है जब विस्थापन ________ होता है।
- बल के विपरीत
- शून्य
- बल की दिशा में
- बल की दिशा के लंबवत
Explanation:
- W = F × s × cos θ, धनात्मक कार्य के लिए cos θ > 0 ⇒ θ < 90° (अर्थात बल और विस्थापन एक ही दिशा में या न्यून कोण पर)।
- सर्वाधिक धनात्मक तब, जब θ = 0° (समान दिशा)।
Quick Facts:
- धनात्मक कार्य: वस्तु की ऊर्जा बढ़ती है।
- उदाहरण: किसी ब्लॉक को क्षैतिज रूप से धकेलना।
एक वस्तु पर लगाया जाना वाला बल 200 N है और इसका द्रव्यमान 100 kg है। तो वस्तु का त्वरण ज्ञात कीजिए।
- 2 ms⁻¹
- 2 ms⁻²
- 2 ms⁻¹
- 2 ms⁻²
Equation: a = F/m = 200/100 = 2 m/s²
Explanation:
- त्वरण a = F/m = 200 N / 100 kg = 2 m/s²
Quick Facts:
- त्वरण की SI इकाई: m/s²
- F = ma (न्यूटन का द्वितीय नियम)
कक्षा 3 लीवर के संबंध में कौन सा कथन सत्य है?
- आलम्ब भार और प्रयास के बीच है
- प्रयास भार और आलम्ब के बीच है
- भार प्रयास और आलम्ब के बीच है
- आलम्ब प्रयास के पास है
Explanation:
- कक्षा 3 (तीसरा श्रेणी) लीवर: प्रयास (Effort) भार (Load) और आलम्ब (Fulcrum) के बीच होता है (जैसे चिमटा, मछली पकड़ने वाली छड़)।
- कक्षा 1: आलम्ब बीच में (कैंची), कक्षा 2: भार बीच में (ठेला)।
Quick Facts:
- तीसरे श्रेणी लीवर में प्रयास बीच में होता है (E × EA = L × LA)
- इसमें प्रयास आमतौर पर भार से अधिक होता है (यांत्रिक लाभ < 1)
विद्युत चुम्बकीय प्रेरण की खोज का श्रेय किस वैज्ञानिक को जाता है?
- थॉमस एडिसन
- आइजैक न्यूटन
- माइकल फैराडे
- निकोला टेस्ला
Explanation:
- माइकल फैराडे (Michael Faraday) ने 1831 में विद्युत चुम्बकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) की खोज की।
- इस खोज ने विद्युत उत्पादन (जनरेटर) का मार्ग प्रशस्त किया।
Quick Facts:
- फैराडे के प्रेरण नियम: EMF = -dΦ/dt
- इसी सिद्धांत पर ट्रांसफार्मर, इंडक्शन कुकर आदि कार्य करते हैं।
किसी v गति से चलने वाले m द्रव्यमान का एक कण किसी दूसरे m द्रव्यमान वाले स्थिर कण के साथ सामने से टकराता है। टकराव के बाद पहले कण का वेग क्या होगा?
- v/2
- -v
- शून्य
- v
Explanation:
- पूर्णतः प्रत्यास्थ संघट्ट (Perfectly elastic collision) में, समान द्रव्यमान के कणों में वेगों का आदान-प्रदान होता है।
- गतिमान कण (v) का वेग स्थिर कण को (v) मिल जाता है, और पहला कण स्थिर हो जाता है (v = 0)।
Quick Facts:
- प्रत्यास्थ संघट्ट: KE और संवेग दोनों संरक्षित रहते हैं।
- अप्रत्यास्थ में KE संरक्षित नहीं रहती।
आवेग को _____ के रूप में परिभाषित किया गया है।
- बल में परिवर्तन की दर
- विस्थापन में परिवर्तन
- द्रव्यमान और वेग का गुणनफल
- बल और समय का गुणनफल
Explanation:
- आवेग (Impulse) = बल × समय = F × Δt = Δp (संवेग में परिवर्तन)
- द्रव्यमान × वेग = संवेग (p)
Quick Facts:
- आवेग की SI इकाई: N·s (या kg·m/s)
- आवेगी बल: थोड़े समय के लिए लगा प्रबल बल (जैसे हथौड़ा मारना)
अधिकांश चालकों के प्रतिरोध पर उनके तापमान में वृद्धि का क्या प्रभाव होता है?
- यह बढ़ जाता है।
- यह शून्य हो जाता है।
- यह घट जाता है।
- यह समान रहता है।
Explanation:
- अधिकांश धात्विक चालकों का प्रतिरोध ताप बढ़ने पर बढ़ता है (धनात्मक ताप गुणांक)।
- कारण: परमाणुओं का कंपन बढ़ता है, जिससे इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह बाधित होता है।
Quick Facts:
- अपवाद: अर्धचालक (Si, Ge) का प्रतिरोध ताप बढ़ने पर घटता है।
- R = R₀(1 + αΔT), α = ताप गुणांक (धातुओं के लिए α > 0)
वस्तुओं का अपनी स्थिर अवस्था या एकसमान गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने की प्राकृतिक प्रवृत्ति _____ कहलाती है।
- बल
- गति
- संवेग
- जड़त्व
Explanation:
- जड़त्व (Inertia) = वस्तु की विराम या गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति।
- यह न्यूटन के प्रथम नियम का मूल है।
Quick Facts:
- जड़त्व का माप = द्रव्यमान
- अधिक द्रव्यमान = अधिक जड़त्व (परिवर्तन का अधिक प्रतिरोध)
एक गिलास को कार्ड से ढक दिया जाता है तथा कार्ड पर एक सिक्का रखा जाता है। जब कार्ड को अंगुली से तीव्रता से झटका दिया जाता है, तो सिक्का गिलास में सीधा गिर जाता है। यह स्थिति क्या दर्शाती है?
- सिक्का और कार्ड दोनों जड़त्व के कारण आगे खिसक जाते हैं।
- झटका प्रत्यक्ष रूप से सिक्के पर बल प्रयुक्त करता है।
- सिक्का इसलिए खिसक जाता है क्योंकि कार्ड उसे धकेलता है।
- जब कार्ड आगे खिसक जाता है, तो जड़त्व के कारण सिक्का विराम में रहता है।
Explanation:
- यह जड़त्व (Inertia) का उत्कृष्ट उदाहरण है: कार्ड हट जाता है, पर सिक्का जड़त्व के कारण अपनी विराम अवस्था में रहता है और गिलास में गिर जाता है।
Quick Facts:
- यह प्रयोग ‘जड़त्व का नियम’ (न्यूटन का प्रथम नियम) को दर्शाता है।
- सिक्का विराम में रहना चाहता है (जड़त्व)।
मांसपेशियों की क्रिया से उत्पन्न बल को _____ कहा जाता है।
- रासायनिक बल
- शारीरिक बल
- पेशीय बल
- यांत्रिक बल
Explanation:
- मांसपेशियों (muscles) द्वारा उत्पन्न बल को ‘पेशीय बल’ (Muscular force) कहते हैं।
- यह एक संपर्क बल है, जो जैव रासायनिक ऊर्जा (ATP) से उत्पन्न होता है।
Quick Facts:
- पेशीय बल का उपयोग चलना, उठाना, खींचना आदि में होता है।
- यह एक आंतरिक बल (जीव के अंदर) है।
जिसमें के बाद दो कण एक साथ संचालित होते हैं उसे _____ कहा जाता है।
- प्रत्यास्थ संघट्ट
- अप्रत्यास्थ संघट्ट
- पूर्णतः प्रत्यास्थ संघट्ट
- पूर्णतः अप्रत्यास्थ संघट्ट
Explanation:
- पूर्णतः अप्रत्यास्थ संघट्ट (Perfectly inelastic collision) में टकराने के बाद दोनों कण एक साथ (जुड़कर) गति करते हैं।
- इसमें KE संरक्षित नहीं रहती (कुछ ऊष्मा/ध्वनि में बदल जाती है), पर संवेग संरक्षित रहता है।
Quick Facts:
- प्रत्यास्थ संघट्ट: KE और संवेग दोनों संरक्षित
- अप्रत्यास्थ: केवल संवेग संरक्षित, KE नहीं
यदि किसी चालक में धारा की दिशा उत्क्रमित कर दी जाए, तो उस पर लगने वाले बल की दिशा _____।
- दोगुनी हो जाएगी
- समान रहेगी
- उत्क्रमित हो जाएगी
- शून्य हो जाएगी
Explanation:
- चुंबकीय बल F = q(v × B) या F = I(L × B), अतः धारा (I) या वेग (v) की दिशा बदलने पर बल की दिशा भी उत्क्रमित (reverse) हो जाती है (क्योंकि यह सदिश गुणन है)।
- यदि धारा की दिशा विपरीत हो, तो बल की दिशा भी विपरीत हो जाती है।
Quick Facts:
- फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम: बल, धारा, चुंबकीय क्षेत्र की दिशा
- धारा उत्क्रमित करने पर बल की दिशा उत्क्रमित होती है (परिमाण समान)
निम्नलिखित में से किस युग्म की इकाई समान है?
- (i) बल और (ii) जड़त्व
- (i) ऊर्जा और (ii) जड़त्व
- (i) कार्य और (ii) ऊर्जा
- (i) बल और (ii) कार्य
Explanation:
- कार्य (Work) और ऊर्जा (Energy) दोनों की SI इकाई जूल (J) होती है।
- बल (N), जड़त्व (kg – द्रव्यमान) अलग हैं।
Quick Facts:
- 1 J = 1 N·m
- ऊर्जा = कार्य करने की क्षमता
एक कार विरामावस्था से चलना प्रारंभ करती है और 20 सेकंड में 72 km/hr की चाल प्राप्त कर लेती है। कार का त्वरण कितना है?
- 3 m/s²
- 1 m/s²
- 2 m/s²
- 4 m/s²
Equation: u = 72×5/18 = 20 m/s, a = (20-0)/20 = 1 m/s²
Explanation:
- u = 0 (विराम), v = 72 km/h = 20 m/s, t = 20 s
- a = (v-u)/t = (20-0)/20 = 1 m/s²
Quick Facts:
- त्वरण = वेग परिवर्तन / समय
- यह एकसमान त्वरण (uniform acceleration) है।
1752 में, किस अमेरिकी वैज्ञानिक ने दर्शाया कि तड़ित और आपके कपड़ों से निकलने वाली चिंगारी अनिवार्य रूप से समान परिघटना है?
- गैलीलियो गैलीली
- बेंजामिन फ्रैंकलिन
- थॉमस एडीसन
- आर्किमिडीज
Explanation:
- बेंजामिन फ्रैंकलिन (Benjamin Franklin) ने 1752 में पतंग प्रयोग (kite experiment) द्वारा दिखाया कि बिजली (lightning) और स्थैतिक विद्युत (static electricity) एक ही घटना है।
- उन्होंने बिजली की छड़ (lightning rod) का आविष्कार भी किया।
Quick Facts:
- फ्रैंकलिन एक अमेरिकी राजनेता, वैज्ञानिक और आविष्कारक थे।
- उन्होंने विद्युत आवेशों के लिए ‘+’ और ‘-‘ चिह्नों का प्रयोग किया।
निकाय पर लगाया जाने वाला कोई बाहरी धक्का या खींचना क्या कहलाता है?
- जड़त्व
- बल
- दबाव
- घर्षण
Explanation:
- बल (Force) = किसी वस्तु पर लगाया गया बाहरी धक्का (push) या खींच (pull) है।
- यह वस्तु की गति/आकार/दिशा को बदल सकता है।
Quick Facts:
- बल की SI इकाई: न्यूटन (N)
- बल एक सदिश राशि है (परिमाण + दिशा)
किसी बाह्य बल की अनुपस्थिति में, गतिमान वस्तु _____।
- निरंतर त्वरण के साथ आगे बढ़ती रहेंगी
- अपने जड़त्व के कारण रुक जाएगी
- धीमी हो जाएगी और अपना रास्ता बदल देंगी
- सीधी रेखा में स्थिर वेग बनाए रखेंगी
Explanation:
- न्यूटन के प्रथम नियम (जड़त्व) के अनुसार, बाह्य बल की अनुपस्थिति में वस्तु एकसमान वेग से सीधी रेखा में गति करती रहेगी।
Quick Facts:
- यह गैलिलियो के जड़त्व सिद्धांत पर आधारित है।
- यदि कोई बल नहीं, तो त्वरण शून्य (a = 0) ⇒ वेग स्थिर
एखाद्या वस्तूचे पृथ्वीच्या पृष्ठभागावर मोजलेले वजन 60 N असेल, तर चंद्राच्या पृष्ठभागावर तिचे वजन किती असेल?
- 10 N
- 6 N
- 60 N
- 360 N
Explanation:
- चंद्रमा पर g = पृथ्वी के g का 1/6
- W_moon = W_earth / 6 = 60/6 = 10 N
Quick Facts:
- द्रव्यमान स्थिर रहता है, भार बदलता है।
- चंद्रमा पर g ≈ 1.63 m/s² (पृथ्वी का 1/6)
कौन-सा समीकरण दर्शाता है कि विद्युत, चुंबकत्व और प्रकाश सभी विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र की अभिव्यक्तियाँ हैं?
- ओम का समीकरण
- लाप्लास समीकरण
- मैक्सवेल का समीकरण
- किरचॉफ का समीकरण
Explanation:
- मैक्सवेल के समीकरण (Maxwell’s equations) विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों को एकीकृत करते हैं और प्रकाश को विद्युत चुम्बकीय तरंग के रूप में परिभाषित करते हैं।
- उन्होंने दिखाया कि प्रकाश एक विद्युत चुम्बकीय तरंग है।
Quick Facts:
- मैक्सवेल के 4 समीकरण: गॉस, गॉस (चुंबकीय), फैराडे, एम्पियर-मैक्सवेल
- प्रकाश की चाल c = 1/√(μ₀ε₀) (मैक्सवेल ने निष्कर्ष निकाला)
द्रव्यमान M का एक ब्लॉक दो विपरीत बल F₁ और F₂ (F₁ > F₂) के अधीन हैं। यदि F₁ के विपरीत कार्य करने वाला घर्षण बल (Ff) इस प्रकार है कि ब्लॉक का नेट त्वरण, घर्षण शून्य होने की स्थिति में लगने वाले त्वरण का आधा है, तो Ff का संबंध क्या होगा?
- Ff = (F₁ – F₂)/2
- Ff = (F₁ – F₂)
- Ff = (F₁ + F₂)/2
- Ff = 2(F₁ – F₂)
Explanation:
- घर्षण के बिना: a = (F₁ – F₂)/M
- घर्षण सहित: a’ = (F₁ – F₂ – Ff)/M
- दिया है: a’ = a/2 ⇒ (F₁ – F₂ – Ff)/M = (F₁ – F₂)/(2M)
- ⇒ F₁ – F₂ – Ff = (F₁ – F₂)/2 ⇒ Ff = (F₁ – F₂)/2
Quick Facts:
- घर्षण बल गति के विपरीत दिशा में कार्य करता है।
- नेट बल = F₁ – F₂ – Ff (माना F₁ > F₂)
