SCIENCE
भाप इंजन किस वैज्ञानिक सिद्धांत पर काम करता है?
- अतिचालकता
- ऊष्मागतिकी के नियम
- प्रकाश वैद्युत प्रभाव
- आर्किमिडीज का सिद्धांत
Explanation:
- भाप इंजन (steam engine) ऊष्मागतिकी के नियमों (Laws of Thermodynamics) पर कार्य करता है, विशेष रूप से ऊष्मा ऊर्जा को यांत्रिक कार्य में परिवर्तित करने के सिद्धांत पर।
- यह एक ऊष्मा इंजन (heat engine) है, जो भाप की ऊष्मा का उपयोग करके पिस्टन को गति देता है।
Quick Facts:
- पहला व्यावसायिक भाप इंजन: जेम्स वॉट (James Watt) द्वारा सुधारा गया।
- कार्नोट इंजन (Carnot engine) ऊष्मागतिकी का आदर्श मॉडल है।
एक तांबे के चम्मच को गर्म जल में डुबोया जाता है। इसके दूसरे सिरे पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- यह चालन द्वारा गर्म हो जाता है।
- यह चालन द्वारा ठंडा हो जाता है।
- यह संवहन द्वारा गर्म हो जाता है।
- यह संवहन द्वारा ठंडा हो जाता है।
Explanation:
- तांबा (copper) ऊष्मा का सुचालक (good conductor) है। गर्म पानी के संपर्क में आने पर, ऊष्मा चालन (conduction) द्वारा चम्मच के दूसरे सिरे तक पहुँचती है और वह भी गर्म हो जाता है।
- चालन: ऊष्मा का स्थानांतरण बिना माध्यम के गति के, पदार्थ के कणों के बीच टकराव द्वारा।
Quick Facts:
- धातुएँ ऊष्मा की अच्छी चालक होती हैं (Cu, Ag, Al)।
- लकड़ी, प्लास्टिक, काँच (अधिकतर) ऊष्मा के कुचालक (insulators) होते हैं।
केल्विन में 100 °C तापमान का मान ____ के बराबर होता है।
- -373 K
- 273 K
- 73 K
- 373 K
Equation: K = °C + 273 = 100 + 273 = 373 K
Explanation:
- केल्विन (K) और सेल्सियस (°C) के बीच संबंध: K = °C + 273.15 (लगभग 273)
- 100°C = 100 + 273 = 373 K
- जल का क्वथनांक (boiling point) = 100°C = 373 K
Quick Facts:
- 0°C = 273 K (लगभग), -273°C = 0 K (परम शून्य, absolute zero)
- केल्विन पैमाने पर ऋणात्मक तापमान नहीं होता।
कौन-सा कारक वाष्पीकरण की दर को नहीं बढ़ाता है?
- आर्द्रता में कमी
- वायु की गति में वृद्धि
- पृष्ठीय क्षेत्रफल में वृद्धि
- तापमान में कमी
Explanation:
- वाष्पीकरण (evaporation) की दर तापमान बढ़ने पर बढ़ती है, तापमान घटने पर घटती है।
- अन्य कारक: आर्द्रता कम होने पर दर बढ़ती है, वायु की गति बढ़ने पर बढ़ती है, पृष्ठीय क्षेत्रफल बढ़ने पर बढ़ती है।
Quick Facts:
- वाष्पीकरण एक सतही (surface) परिघटना है, जो सभी तापमानों पर होती है।
- क्वथन (boiling) द्रव का तापमान क्वथनांक (boiling point) पर पहुँचने पर होता है।
द्रवों में गैसों की विलेयता सामान्यतः ________।
- तापमान से अप्रभावित रहती है
- तापमान में वृद्धि के साथ बढ़ती है
- तापमान में वृद्धि के साथ घटती है
- तापमान में वृद्धि के साथ पहले बढ़ती है और फिर घटती है
Explanation:
- द्रवों में गैसों की विलेयता (solubility) तापमान बढ़ने पर घटती है, क्योंकि तापमान बढ़ने पर गैस के अणुओं की गतिज ऊर्जा बढ़ती है और वे द्रव से बाहर निकल जाते हैं।
- उदाहरण: गर्म जल में ऑक्सीजन की विलेयता कम होती है (इसलिए ठंडे जल में मछलियाँ अधिक सक्रिय होती हैं)।
Quick Facts:
- हेनरी का नियम (Henry’s law): गैस की विलेयता ∝ आंशिक दाब (तापमान स्थिर होने पर)
- तापमान बढ़ने पर गैसों की विलेयता घटती है, ठोसों की विलेयता सामान्यतः बढ़ती है।
एक स्वस्थ मानव शरीर के लिए तापमान की सामान्य परास केल्विन में क्या है?
- (301.15-323.15) K
- (283.15-323.15) K
- (308.15-315.15) K
- (293.15-323.15) K
Explanation:
- स्वस्थ मानव शरीर का तापमान ≈ 37°C = 310.15 K (98.6°F)
- सामान्य परास: 35°C – 42°C (लगभग) ⇒ 35+273 = 308 K, 42+273 = 315 K
- अतः सही परास (308.15-315.15) K है, जो 35°C-42°C के लगभग है।
Quick Facts:
- मानव शरीर का सामान्य तापमान 37°C (98.6°F) होता है।
- क्लीनिकल थर्मामीटर का परास: 35°C – 42°C
किसी पदार्थ की मोलर विशिष्ट ऊष्मा धारिता ________ होती है।
- (1/µ)(ΔQ/ΔT)
- µ(ΔQ)
- (1/µ)(ΔT)
- µ(ΔT)
Explanation:
- मोलर विशिष्ट ऊष्मा धारिता (Molar specific heat capacity) = (1/n) (ΔQ/ΔT), जहाँ n = मोलों की संख्या, ΔQ = ऊष्मा, ΔT = ताप परिवर्तन।
- इसे C_m से निरूपित करते हैं, इकाई: J mol⁻¹ K⁻¹
- यहाँ प्रश्न में µ = मोलों की संख्या (n) है, अतः सूत्र (1/µ)(ΔQ/ΔT) सही है।
Quick Facts:
- विशिष्ट ऊष्मा (specific heat) = (1/m)(ΔQ/ΔT), m = द्रव्यमान
- मोलर ऊष्मा धारिता: C = (1/n)ΔQ/ΔT
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- सभी धातुएँ ऊष्मा की खराब संवाहक होती हैं।
- प्लास्टिक और लकड़ी ऊष्मा को आसानी से गुजरने देते हैं।
- शुष्क हवा ऊष्मा का एक अच्छा संवाहक है।
- तांबा और एल्यूमीनियम ऊष्मा के अच्छे संवाहक हैं।
Explanation:
- धातुएँ (जैसे Cu, Al, Ag) ऊष्मा और विद्युत की सुचालक (good conductors) होती हैं।
- प्लास्टिक, लकड़ी, शुष्क हवा कुचालक (insulators) हैं (ऊष्मा को आसानी से नहीं गुजरने देतीं)।
Quick Facts:
- सुचालक: तांबा, एल्युमीनियम, चाँदी, लोहा (ऊष्मा/विद्युत)
- कुचालक: लकड़ी, रबर, प्लास्टिक, काँच
सामान्य वायुमंडलीय दाब पर पानी किस तापमान पर भाप में बदल जाता है?
- 100°C (212°F)
- 50°C (122°F)
- 80°C (176°F)
- 0°C (32°F)
Explanation:
- सामान्य वायुमंडलीय दाब (1 atm = 760 mm Hg) पर जल का क्वथनांक (boiling point) 100°C (212°F) होता है।
- इस तापमान पर जल का वाष्प दाब (vapour pressure) वायुमंडलीय दाब के बराबर हो जाता है और जल भाप में बदल जाता है।
Quick Facts:
- उच्च ऊँचाई पर (जैसे पहाड़ों पर) दाब कम होता है, इसलिए जल का क्वथनांक 100°C से कम होता है।
- जल का गलनांक (melting point) = 0°C (32°F)
एक प्रयोगशाला में एक छात्र ने पानी का तापमान केल्विन पैमाने पर 298K मापा। सेल्सियस पैमाने पर इस तापमान का सही रूपांतरण क्या है?
- 28 डिग्री सेल्सियस
- 30 डिग्री सेल्सियस
- 32 डिग्री सेल्सियस
- 25 डिग्री सेल्सियस
Equation: °C = K – 273 = 298 – 273 = 25°C
Explanation:
- केल्विन को सेल्सियस में बदलने का सूत्र: °C = K – 273
- 298 K = 298 – 273 = 25°C
Quick Facts:
- 25°C = 298 K (कमरे का तापमान)
- रूपांतरण: °C = K – 273, K = °C + 273
ओम का नियम किस स्थिति में मान्य है?
- केवल स्थिर तापमान पर धात्विक चालकों के लिए
- केवल अर्धचालकों के लिए
- केवल उच्च तापमान पर इन्सुलेटर के लिए
- किसी भी तापमान पर सभी सामग्रियों के लिए
Explanation:
- ओम का नियम (Ohm’s law): V = IR, यह स्थिर तापमान पर धात्विक चालकों (metallic conductors) के लिए मान्य है।
- अर्धचालक (semiconductors), इन्सुलेटर, गैर-ओमीय पदार्थ इस नियम का पालन नहीं करते (उनका प्रतिरोध तापमान और वोल्टेज के साथ बदलता है)।
Quick Facts:
- ओमीय (ohmic) पदार्थ: धातुएँ (स्थिर तापमान पर)
- गैर-ओमीय (non-ohmic): डायोड, थायरिस्टर, अर्धचालक
निम्न में से एक कप गर्म कॉफी के संबंध में क्या सही है?
- इसमें माइक्रोवेव ओवन द्वारा किए गए कार्य के माध्यम से प्राप्त ऊष्मीय ऊर्जा की एक मापनीय मात्रा है, जो बदले में विद्युत ग्रिड से स्थितिज ऊर्जा लेती है
- इसमें माइक्रोवेव ओवन द्वारा किए गए कार्य के माध्यम से प्राप्त ऊष्मीय ऊर्जा की एक मापनीय मात्रा है, जो बदले में विद्युत ग्रिड से विद्युत ऊर्जा लेती है।
- इसमें माइक्रोवेव ओवन द्वारा किए गए कार्य के माध्यम से अर्जित की जाने वाली गतिज ऊर्जा की मापनीय मात्रा होती है।
- इसमें माइक्रोवेव ओवन द्वारा किए गए कार्य के माध्यम से प्राप्त ऊष्मीय ऊर्जा की एक मापनीय मात्रा है, जो बदले में विद्युत ग्रिड से रासायनिक ऊर्जा लेती है
Explanation:
- माइक्रोवेव ओवन विद्युत ऊर्जा (electric energy) को ऊष्मीय ऊर्जा (thermal energy) में परिवर्तित करता है (माइक्रोवेव विकिरण के माध्यम से, जो पानी के अणुओं को गति प्रदान करता है)।
- विद्युत ग्रिड (electric grid) विद्युत ऊर्जा प्रदान करता है।
Quick Facts:
- माइक्रोवेव ओवन: विद्युत ऊर्जा → विद्युत चुम्बकीय तरंगें (माइक्रोवेव) → ऊष्मा
- विद्युत ऊर्जा → ऊष्मा (जूल का तापन नियम)
निम्नलिखित में से कौन सा कारक किसी द्रव के वाष्पीकरण की दर को कम करता है?
- तापमान में वृद्धि
- आर्द्रता में कमी
- सतह क्षेत्र में कमी
- वायु की गति में वृद्धि
Explanation:
- वाष्पीकरण (evaporation) एक सतही (surface) परिघटना है। सतह क्षेत्र (surface area) घटने पर वाष्पीकरण की दर कम हो जाती है (क्योंकि कम सतह से अणु वाष्पित हो सकते हैं)।
- तापमान बढ़ने, आर्द्रता घटने, वायु की गति बढ़ने पर वाष्पीकरण दर बढ़ती है।
Quick Facts:
- वाष्पीकरण बढ़ाने वाले कारक: उच्च तापमान, कम आर्द्रता, अधिक वायु की गति, अधिक सतह क्षेत्र
- यही कारण है कि गीले कपड़े फैलाकर (surface area बढ़ाकर) जल्दी सुखाए जाते हैं।
एक धात्विक चालक का प्रतिरोध, ________ के साथ बढ़ता है।
- तापमान में वृद्धि
- लंबाई में कमी
- अनुप्रस्थ-परिच्छेद क्षेत्रफल में वृद्धि
- तापमान में कमी
Explanation:
- धातुओं के लिए, प्रतिरोध (R) तापमान (T) के साथ बढ़ता है (धनात्मक ताप गुणांक, positive temperature coefficient) क्योंकि तापमान बढ़ने पर परमाणुओं के कंपन बढ़ते हैं, जिससे इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह बाधित होता है।
- R = ρ L / A, लंबाई कम होने पर R घटता है, क्षेत्रफल बढ़ने पर R घटता है।
Quick Facts:
- अर्धचालकों (Si, Ge) का प्रतिरोध तापमान बढ़ने पर घटता है (ऋणात्मक ताप गुणांक)।
- प्रतिरोधकता (resistivity) भी तापमान के साथ बदलती है।
उस ताप को क्या कहते हैं, जिस पर वायुमंडलीय दाब पर द्रव उबलना शुरू कर देता है?
- संलयन ऊष्मा
- उदासीनीकरण ऊष्मा
- क्वथनांक
- गलनांक
Explanation:
- वह तापमान जिस पर द्रव का वाष्प दाब (vapour pressure) वायुमंडलीय दाब के बराबर हो जाता है और द्रव उबलने लगता है, क्वथनांक (boiling point) कहलाता है।
- गलनांक (melting point): ठोस के द्रव में बदलने का तापमान; संलयन ऊष्मा (latent heat of fusion): ठोस को द्रव में बदलने के लिए आवश्यक ऊष्मा।
Quick Facts:
- जल का क्वथनांक = 100°C (1 atm पर)
- क्वथनांक दाब पर निर्भर करता है (पहाड़ों पर कम होता है)।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- रसोईघर में, एल्युमीनियम के बर्तनों का उपयोग किया जाता है क्योंकि एल्युमीनियम ऊष्मा का सुचालक है।
- ऊष्मारोधी और चालक दोनों ऊष्मा को अपने से आसानी से गुजरने देते हैं।
- प्लास्टिक ऊष्मा का सुचालक है।
- लकड़ी ऊष्मा की सुचालक है।
Explanation:
- एल्युमीनियम (Al) और तांबा (Cu) ऊष्मा के सुचालक (good conductors) होते हैं, इसलिए इनका उपयोग बर्तनों (cookware) में किया जाता है ताकि ऊष्मा तेजी से और समान रूप से फैले।
- प्लास्टिक, लकड़ी, काँच कुचालक (insulators) हैं।
Quick Facts:
- बर्तन का हैंडल प्लास्टिक/लकड़ी (कुचालक) का बना होता है, ताकि हाथ न जले।
- एल्युमीनियम: हल्का, अच्छा चालक, संक्षारण प्रतिरोधी (oxide layer के कारण)
ऊनी कपड़े सूती कपड़ों से गर्म होते हैं, क्योंकि-
- वे ताप के अच्छे सोखने वाले हैं।
- वे सूती कपड़े से भारी होते हैं।
- वे ताप के अच्छे रेडिएटर होते हैं।
- वे ताप के बुरे चालक होते हैं।
Explanation:
- ऊन (wool) ऊष्मा का कुचालक (bad conductor / insulator) है।
- ऊन के रेशों के बीच हवा फँस जाती है, जो स्वयं एक कुचालक है, इसलिए शरीर की ऊष्मा बाहर नहीं निकल पाती और व्यक्ति गर्म महसूस करता है।
Quick Facts:
- ऊन, पंख, फर, पॉलिएस्टर – सभी ऊष्मा के कुचालक हैं और शरीर की ऊष्मा को बनाए रखते हैं।
- सूती कपड़े भी कुचालक हैं, पर ऊन अधिक प्रभावी है (अधिक हवा फँसाता है)।
निम्नलिखित में से कौन-सा पर्यावरणीय संकेत कुछ सरीसृपों में निर्धारित अंडे के लिंग का निर्धारण करता है?
- तापमान
- जल
- स्पर्श
- वायु वेग
Explanation:
- कुछ सरीसृपों (जैसे मगरमच्छ, कछुए) में तापमान (temperature) अंडे के लिंग (sex) का निर्धारण करता है – इसे तापमान-निर्धारित लिंग निर्धारण (Temperature-dependent sex determination, TSD) कहते हैं।
- कछुओं में: कम तापमान पर नर, उच्च तापमान पर मादा (या विपरीत, प्रजाति पर निर्भर)।
Quick Facts:
- यह लिंग-निर्धारण (sex determination) का एक प्रकार है (अन्य: XY (मानव), ZW (पक्षी))
- TSD का उपयोग ग्लोबल वार्मिंग (जलवायु परिवर्तन) के संदर्भ में अध्ययन किया जाता है।
प्रतिरोधकता के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- यह अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के साथ बढ़ता है
- यह लंबाई बढ़ने पर घटता है
- यह केवल पदार्थ की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करता है
- यह चालक के आकार के साथ बदलता है
Explanation:
- प्रतिरोधकता (resistivity, ρ) किसी पदार्थ का अंतर्निहित (intrinsic) गुण है, जो केवल पदार्थ की प्रकृति (material) और तापमान (temperature) पर निर्भर करती है, न कि आकार (लंबाई, क्षेत्रफल) पर।
- R = ρ L/A, ρ = R A / L – जहाँ R, A, L से ρ प्रभावित नहीं होता (तापमान स्थिर होने पर)।
Quick Facts:
- प्रतिरोधकता की SI इकाई: Ω·m (ओम-मीटर)
- चांदी (Ag) की प्रतिरोधकता सबसे कम है (सबसे अच्छा चालक)।
कैलोरी सिद्धांत (caloric theory) ने ऊष्मा और दहन के किस पुराने सिद्धांत को प्रतिस्थापित किया?
- गतिज सिद्धांत
- ऊष्मागतिकी सिद्धांत
- एन्ट्रॉपी सिद्धांत
- फ्लॉजिस्टन सिद्धांत
Explanation:
- कैलोरी सिद्धांत (Caloric theory) 18वीं शताब्दी में फ्लॉजिस्टन सिद्धांत (Phlogiston theory) का प्रतिस्थापन था।
- फ्लॉजिस्टन सिद्धांत के अनुसार, दहन के दौरान ‘फ्लॉजिस्टन’ नामक पदार्थ निकलता है, जबकि कैलोरी सिद्धांत ने ऊष्मा को एक अदृश्य द्रव (कैलोरी) माना, जो गर्म वस्तुओं में प्रवाहित होता है।
- बाद में, कैलोरी सिद्धांत को गतिज सिद्धांत (kinetic theory) ने प्रतिस्थापित कर दिया।
Quick Facts:
- फ्लॉजिस्टन सिद्धांत: जॉन जोआचिम बेचर (जर्मनी) और गेओर्ग स्टाहल द्वारा प्रस्तावित।
- कैलोरी सिद्धांत: एंटोनी लावोज़िए (फ्रांस) ने इसे खारिज किया और दहन के ऑक्सीजन सिद्धांत को स्थापित किया।
द्रव नाइट्रोजन का क्वथनांक क्या है?
- -27°C
- -132°C
- -273°C
- -196°C
Explanation:
- द्रव नाइट्रोजन (Liquid nitrogen, LN₂) का क्वथनांक (boiling point) -196°C (77 K) होता है, जो बहुत कम तापमान है।
- इसका उपयोग क्रायोजेनिक्स (cryogenics) और प्रयोगशालाओं में शीतलन (cooling) के लिए किया जाता है।
Quick Facts:
- द्रव हीलियम का क्वथनांक: -268.9°C (4.2 K) – सबसे कम
- LN₂ का उपयोग खाद्य फ्रीजिंग, चिकित्सा (क्रायोसर्जरी) में होता है।
जब हथेली पर एसीटोन डाला जाता है तो इसे शीतल क्यों महसूस होता है?
- कण स्थिर रहते हैं और आसपास की ऊष्मा को परावर्तित करते हैं।
- कण हथेली से ऊर्जा अवशोषित करते हैं और वाष्पित हो जाते हैं।
- कण हथेली में ऊर्जा छोड़ते हैं और संघनित हो जाते हैं।
- कण फैलते हैं और त्वचा की परतों के बीच वायु को फंसा लेते हैं।
Explanation:
- एसीटोन (acetone) का वाष्पीकरण (evaporation) बहुत तेजी से होता है।
- वाष्पीकरण के दौरान, एसीटोन के अणु हथेली (त्वचा) से ऊष्मा (ऊर्जा) अवशोषित करते हैं, जिससे त्वचा ठंडी हो जाती है (शीतलन प्रभाव, cooling effect)।
- यह वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा (latent heat of vaporization) के कारण होता है।
Quick Facts:
- एसीटोन, अल्कोहल, पेट्रोल – अत्यधिक वाष्पशील (volatile) द्रव, तेजी से वाष्पित होते हैं।
- यह वाष्पीकरण के कारण शीतलन (cooling by evaporation) का उदाहरण है।
गर्म शुष्क वाले दिन के बाद, लोग छत या खुले मैदान पर जल का छिड़काव करते हैं क्योंकि:
- जल के वाष्पीकरण की उच्च गुप्त ऊष्मा ठंडी सतह को गर्म करने में मदद करती है
- जल के वाष्पीकरण की उच्च गुप्त ऊष्मा गर्म सतह को ठंडा करने में मदद नहीं करती है
- जल के वाष्पीकरण की उच्च गुप्त ऊष्मा गर्म सतह को ठंडा करने में मदद करती है
- जल के वाष्पीकरण की निम्न गुप्त ऊष्मा गर्म सतह को ठंडा करने में मदद करती है
Explanation:
- गर्म सतह पर जल छिड़कने पर, जल वाष्पित (evaporate) होता है और वाष्पीकरण की उच्च गुप्त ऊष्मा (high latent heat of vaporization) सतह से ऊष्मा अवशोषित करता है, जिससे सतह ठंडी हो जाती है।
- जल की गुप्त ऊष्मा ≈ 540 cal/g (2260 kJ/kg) – बहुत उच्च, इसलिए यह प्रभावी शीतलन (cooling) प्रदान करता है।
Quick Facts:
- वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा (Latent heat of vaporization) = द्रव को गैस में बदलने के लिए आवश्यक ऊष्मा (तापमान स्थिर रहने पर)
- पसीना (sweat) का वाष्पीकरण भी शरीर को ठंडा करता है।
एक उदासीन लवण विलयन का सटीक pH मान क्या होता है?
- 7 से कम
- तापमान पर निर्भर करता है
- 7 से अधिक
- 7 के बराबर
Explanation:
- एक उदासीन (neutral) लवण विलयन (जैसे NaCl, Na₂SO₄) का pH 7 होता है (25°C पर), क्योंकि यह प्रबल अम्ल और प्रबल क्षार से बनता है और जल में आयनित होने पर न तो H⁺ और न ही OH⁻ अधिक मात्रा में छोड़ता है।
- pH = 7 का अर्थ है [H⁺] = [OH⁻] = 10⁻⁷ M
- तापमान के साथ pH मान थोड़ा बदल सकता है, पर 25°C पर सटीक pH = 7 है।
Quick Facts:
- pH पैमाना: 0-14, pH < 7 (अम्लीय), pH = 7 (उदासीन), pH > 7 (क्षारीय)
- पानी का pH 25°C पर 7 होता है, जो तापमान बढ़ने पर घटता है (पर यह उदासीन ही रहता है)।
निम्नलिखित में से कौन-सा कारक वाष्पीकरण की दर को कम करता है?
- आर्द्रता में वृद्धि
- वायु की चाल में वृद्धि
- पृष्ठीय क्षेत्रफल में वृद्धि
- तापमान में वृद्धि
Explanation:
- आर्द्रता (humidity) बढ़ने पर वाष्पीकरण की दर कम हो जाती है, क्योंकि वायु में पहले से ही अधिक जल वाष्प (water vapour) उपस्थित होती है, इसलिए द्रव से अतिरिक्त वाष्प बनने की दर घट जाती है।
- अन्य कारक (वायु की चाल, सतह क्षेत्र, तापमान) वाष्पीकरण बढ़ाते हैं।
Quick Facts:
- आर्द्रता = वायु में जल वाष्प की मात्रा।
- आर्द्रता अधिक होने पर, पसीना कम सूखता है और व्यक्ति को अधिक गर्मी महसूस होती है।
______ एक सतही परिघटना है।
- पसीना
- क्वथन
- वाष्पन
- उत्सादन
Explanation:
- वाष्पन (Evaporation) एक सतही (surface) परिघटना है, क्योंकि यह केवल द्रव की सतह पर होता है (जहाँ अणुओं को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है और वे वाष्प अवस्था में जाते हैं)।
- क्वथन (Boiling) एक आयतनिक (bulk) परिघटना है (पूरे द्रव में होती है)।
Quick Facts:
- वाष्पन: किसी भी तापमान पर, सतह पर होता है, शीतलन प्रभाव होता है।
- क्वथन: निश्चित तापमान (क्वथनांक) पर, पूरे आयतन में होता है।
यदि किसी चालक का प्रतिरोध दोगुना कर दिया जाए, तो उसमें उत्पन्न ऊष्मा:
- कम ऊष्मा उत्पन्न करेगा
- अधिक ऊष्मा उत्पन्न करेगा
- कोई ऊष्मा उत्पन्न नहीं करेगा
- समान ऊष्मा उत्पन्न करेगा
Equation: H = I²Rt → R दोगुना → H दोगुना
Explanation:
- जूल का तापन नियम (Joule’s law of heating): H = I² R t, जहाँ I = धारा, R = प्रतिरोध, t = समय।
- यदि R दोगुना हो जाता है (I और t स्थिर), तो H भी दोगुना हो जाता है (H ∝ R)।
- अतः अधिक ऊष्मा उत्पन्न होगी (यदि धारा स्थिर हो)।
Quick Facts:
- यदि वोल्टेज (V) स्थिर है, तो H = V²t/R ⇒ R बढ़ने पर H घटता है।
- परंतु प्रश्न में कोई अतिरिक्त शर्त नहीं दी, इसलिए I स्थिर माना गया है (धारा स्थिर)।
ध्वनि की चाल माध्यम के ______ गुणों पर निर्भर करती है।
- सभी विकल्प
- घनत्व
- तापमान
- लोच
Explanation:
- ध्वनि की चाल (speed of sound) माध्यम के सभी गुणों पर निर्भर करती है: घनत्व (density), लोच (elasticity), और तापमान (temperature)।
- सूत्र: v = √(E/ρ) (ठोसों के लिए, E = प्रत्यास्थता गुणांक), v = √(γRT/M) (गैसों के लिए, R = गैस नियतांक, T = तापमान, M = मोलर द्रव्यमान)
Quick Facts:
- ध्वनि की चाल: ठोस > द्रव > गैस (सामान्यतः)
- तापमान बढ़ने पर ध्वनि की चाल बढ़ती है (गैसों में)।
वृषणकोष का तापमान, सामान्य शरीर के तापमान से कितने डिग्री सेल्सियस कम होता है?
- लगभग 3°C
- लगभग 7°C
- लगभग 6°C
- लगभग 12°C
Explanation:
- वृषणकोष (scrotum) का तापमान सामान्य शरीर के तापमान (37°C) से लगभग 2-3°C कम (≈ 34-35°C) होता है, जो शुक्राणुजनन (spermatogenesis) के लिए आवश्यक है।
- यह कम तापमान शुक्राणुओं की व्यवहार्यता (viability) और उत्पादन के लिए आवश्यक है।
Quick Facts:
- वृषणकोष का तापमान नियंत्रण: cremaster muscle और dartos fascia द्वारा
- यही कारण है कि अंडकोष उदर गुहा (abdominal cavity) के बाहर स्थित होते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही ढंग से बताता है कि हवादार दिन में कपड़े तेजी से क्यों सूखते हैं?
- वायु पानी के अणुओं का तापमान कम कर देती है
- वायु कपड़ों के आस-पास से जल वाष्प को हटा देती है
- वायु कपड़ों के सतह क्षेत्र को कम कर देती है
- वायु कपड़ों के आस-पास की आर्द्रता बढ़ा देती है
Explanation:
- हवादार दिन (windy day) में, वायु (हवा) कपड़ों के आसपास से जल वाष्प (water vapour) को हटा देती है, जिससे सतह पर नमी (moisture) की मात्रा कम हो जाती है और वाष्पीकरण (evaporation) की दर बढ़ जाती है।
- यह आर्द्रता कम करने (lowering humidity) के समतुल्य है, जो वाष्पीकरण को बढ़ाता है।
Quick Facts:
- हवा की गति (wind speed) वाष्पीकरण को बढ़ाती है (यह ‘संवहन’ (convection) का एक रूप है)।
- यही कारण है कि धुले हुए कपड़े हवादार स्थान पर तेजी से सूखते हैं।
निम्नलिखित में से किसका क्वथनांक सबसे अधिक है?
- NaCl
- LiCl
- CaCl₂
- CaO
Explanation:
- CaO (कैल्शियम ऑक्साइड) एक आयनिक यौगिक (ionic compound) है जिसमें Ca²⁺ और O²⁻ के बीच मजबूत आयनिक बंधन होता है, इसलिए इसका क्वथनांक (boiling point) ≈ 2850°C होता है, जो NaCl (1413°C), LiCl (~1380°C), CaCl₂ (~1935°C) से कहीं अधिक है।
- उच्च आवेश (charge) और छोटे आयन आकार के कारण CaO का क्वथनांक सबसे अधिक है।
Quick Facts:
- क्वथनांक ∝ आयनिक बंधन प्रबलता (ionic bond strength)
- आयनिक यौगिकों का क्वथनांक सामान्यतः उच्च होता है (जालक ऊर्जा, lattice energy के कारण)।
जब दो पिंड तापीय संपर्क में होते हैं, तब उनके बीच ऊष्मा का प्रवाह होगा, यदि वे _____ में भिन्न हों।
- घनत्व
- विशिष्ट ऊष्मा
- द्रव्यमान
- तापमान
Explanation:
- ऊष्मा (heat) सदैव उच्च तापमान (high temperature) वाले पिंड से निम्न तापमान (low temperature) वाले पिंड की ओर प्रवाहित होती है, जब तक कि दोनों का तापमान समान (तापीय साम्य, thermal equilibrium) न हो जाए।
- घनत्व, विशिष्ट ऊष्मा, द्रव्यमान ऊष्मा प्रवाह की दिशा निर्धारित नहीं करते।
Quick Facts:
- ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth law): यदि दो प्रणालियाँ तीसरी के साथ तापीय साम्य में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में हैं।
- ऊष्मा प्रवाह तापांतर (temperature difference) के कारण होता है।
एक प्रबल अम्ल और एक प्रबल क्षार से बने लवण विलयन का pH मान लगभग कितना होता है?
- तापमान के आधार पर 7 से कम या अधिक हो सकता है
- 7 से कम
- 7 से अधिक
- 7 के बराबर
Explanation:
- प्रबल अम्ल (HCl) और प्रबल क्षार (NaOH) से बने लवण (NaCl) का विलयन उदासीन (neutral) होता है, जिसका pH ≈ 7 (25°C पर)।
- यहाँ कोई अतिरिक्त H⁺ या OH⁻ आयन नहीं होते, क्योंकि दोनों प्रबल रूप से आयनित होते हैं और एक-दूसरे को उदासीन कर देते हैं।
Quick Facts:
- प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षार → अम्लीय लवण (pH < 7)
- दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षार → क्षारीय लवण (pH > 7)
पृथ्वी की सतह के अंदर संपाशित ऊष्मा को किस नाम से जाना जाता है?
- जीवाश्म उर्जा
- ज्वारीय उर्जा
- भू-तापीय
- परमाणु उर्जा
Explanation:
- पृथ्वी के आंतरिक भाग (core, mantle) में संचित ऊष्मा को भू-तापीय ऊर्जा (Geothermal energy) कहते हैं, जो रेडियोधर्मी क्षय और ग्रह निर्माण की अवशिष्ट ऊष्मा से उत्पन्न होती है।
- इसका उपयोग गीजर (geysers), गर्म झरने, और विद्युत उत्पादन (geothermal power plants) में किया जाता है।
Quick Facts:
- भू-तापीय ऊर्जा एक नवीकरणीय (renewable) स्रोत है।
- आइसलैंड, न्यूजीलैंड, फिलीपींस में भू-तापीय ऊर्जा का व्यापक उपयोग होता है।
वाष्पीकरण प्रक्रिया पर पृष्ठीय क्षेत्रफल का क्या प्रभाव होगा?
- पृष्ठीय क्षेत्रफल में कमी के साथ वाष्पीकरण बढ़ता है।
- वाष्पीकरण प्रक्रिया पर पृष्ठीय क्षेत्रफल का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
- पृष्ठीय क्षेत्रफल में वृद्धि के साथ वाष्पीकरण घटता है।
- पृष्ठीय क्षेत्रफल में वृद्धि के साथ वाष्पीकरण बढ़ता है
Explanation:
- वाष्पीकरण (evaporation) एक सतही (surface) परिघटना है। जैसे-जैसे पृष्ठीय क्षेत्रफल (surface area) बढ़ता है, अधिक अणु सतह पर आते हैं और वाष्पित हो सकते हैं, इसलिए वाष्पीकरण की दर बढ़ती है।
- उदाहरण: गीले कपड़े को फैलाकर (surface area बढ़ाकर) जल्दी सुखाया जाता है।
Quick Facts:
- वाष्पीकरण बढ़ाने वाले कारक: अधिक सतह क्षेत्र, उच्च तापमान, कम आर्द्रता, अधिक वायु गति
- यही कारण है कि चाय/कॉफी को ठंडा करने के लिए बड़े मुँह वाले बर्तन (ज्यादा सतह क्षेत्र) का उपयोग किया जाता है।
_____ समान तापमान और दाब में ठोस से तरल पदार्थ में बदलने के लिए आवश्यक प्रति इकाई द्रव्यमान ऊष्मा है।
- वाष्पीकरण
- द्रवण की गुप्त ऊष्मा
- पुनर्हिमापन
- ऊर्ध्वपातन
Explanation:
- द्रवण की गुप्त ऊष्मा (Latent heat of fusion) = ठोस को गलनांक (melting point) पर, बिना तापमान बदले, द्रव में बदलने के लिए प्रति इकाई द्रव्यमान आवश्यक ऊष्मा।
- संलयन (fusion) = ठोस → द्रव (गलन)
- वाष्पीकरण (vaporization) = द्रव → गैस (क्वथन)
Quick Facts:
- बर्फ (ice) के लिए संलयन की गुप्त ऊष्मा = 334 J/g (80 cal/g)
- पानी के लिए वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा = 2260 J/g (540 cal/g)
वाष्पन के दौरान, जब अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा घटती है, तो तापमान पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- यह घटता है।
- यह समान रहता है।
- यह बढ़ता है।
- तापमान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
Explanation:
- वाष्पन (evaporation) के दौरान, उच्च-गतिज-ऊर्जा (high KE) वाले अणु सतह से बाहर निकल जाते हैं, जिससे शेष अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा (average KE) घट जाती है।
- तापमान (temperature) औसत गतिज ऊर्जा का माप है, इसलिए वाष्पन के कारण तापमान घट जाता है (शीतलन प्रभाव, cooling effect)।
Quick Facts:
- KE_avg ∝ T (तापमान के अनुक्रमानुपाती)
- वाष्पीकरण के दौरान शीतलन (cooling) होता है – यही कारण है कि पसीने (sweat) से शरीर ठंडा होता है।
बर्फ पिघलने के दौरान बर्फ का तापमान स्थिर क्यों रहता है?
- ऊष्मा का उपयोग अणुओं के बीच के आबंधों को विच्छेदित करने के लिए किया जाता है
- बर्फ ऊष्मा को अवशोषित करती है लेकिन पिघलती नहीं है
- बर्फ ऊष्मा को परावर्तित करती है
- बर्फ सघन हो जाती है
Explanation:
- बर्फ (ice) पिघलते समय, प्रदान की गई ऊष्मा (गुप्त ऊष्मा, latent heat) का उपयोग अणुओं के बीच के आकर्षण बलों (intermolecular forces) को तोड़ने में होता है, न कि तापमान बढ़ाने में, इसलिए तापमान स्थिर रहता है (0°C पर जब तक सारी बर्फ न पिघल जाए)।
- यह ‘अवस्था परिवर्तन’ (phase change) के दौरान गुप्त ऊष्मा का प्रभाव है।
Quick Facts:
- संलयन की गुप्त ऊष्मा (Latent heat of fusion) = 334 J/g (80 cal/g) for ice
- अवस्था परिवर्तन के दौरान तापमान स्थिर रहता है (गलन/क्वथन के दौरान)।
ठोस के पिघलने के दौरान इसका तापमान-
- ठोस की प्रकृति के आधार पर बढ़ता या घटता है।
- कम हो जाता है।
- परिवर्तित नहीं होता है।
- बढ़ता है।
Explanation:
- ठोस (solid) के पिघलने (melting) के दौरान, तापमान स्थिर (constant) रहता है, क्योंकि प्रदान की गई ऊष्मा का उपयोग अवस्था परिवर्तन (solid → liquid) के लिए होता है (गुप्त ऊष्मा), न कि तापमान बढ़ाने में।
- जब तक सारा ठोस पिघल नहीं जाता, तापमान गलनांक (melting point) पर स्थिर रहता है।
Quick Facts:
- गलनांक (melting point): वह तापमान जिस पर ठोस द्रव में बदलता है (दाब पर निर्भर)
- बर्फ (0°C), सीसा (327°C), लोहा (1538°C)
स्थिर तापमान पर अवस्था परिवर्तन के दौरान अवशोषित ऊर्जा को क्या कहते हैं?
- ऊष्मीय ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
- गुप्त ऊष्मा
- विशिष्ट ऊष्मा
Explanation:
- अवस्था परिवर्तन (phase change) के दौरान, बिना तापमान बदले अवशोषित या मुक्त होने वाली ऊर्जा को गुप्त ऊष्मा (Latent heat) कहते हैं।
- यह ऊर्जा कणों के बीच आकर्षण बलों को बदलने (बंध तोड़ने/बनाने) में प्रयुक्त होती है।
- गुप्त ऊष्मा दो प्रकार की होती है: संलयन (fusion) और वाष्पीकरण (vaporization)।
Quick Facts:
- गुप्त = ‘छिपी हुई’ (hidden) – तापमान में परिवर्तन नहीं दिखाती
- विशिष्ट ऊष्मा (specific heat) तापमान बदलने के लिए आवश्यक ऊष्मा है।
समान परिस्थितियों के अंतर्गत, एक श्वेत पृष्ठ की तुलना में एक काला पृष्ठ _____ को अवशोषित करता है।
- समान ऊष्मा
- नगण्य ऊष्मा
- अधिक ऊष्मा
- कम ऊष्मा
Explanation:
- काला (black) पृष्ठ सभी रंगों को अवशोषित (absorb) करता है, जबकि श्वेत (white) पृष्ठ परावर्तित (reflect) करता है।
- इसलिए, काला पृष्ठ अधिक ऊष्मा (विकिरण) अवशोषित करता है (यही कारण है कि गर्मियों में हल्के रंग के कपड़े पहने जाते हैं)।
- यह ‘कृष्णिका’ (black body) के सिद्धांत पर आधारित है (काला पृष्ठ सभी विकिरण अवशोषित करता है)।
Quick Facts:
- अच्छा अवशोषक = अच्छा उत्सर्जक (Kirchhoff’s law)
- सौर कुकर (solar cooker) में काली सतह का उपयोग अधिक ऊष्मा अवशोषित करने के लिए किया जाता है।
सर्दियों में दो पतले कंबल एक मोटे कंबल की तुलना में आपको अधिक गर्म क्यों रखते हैं?
- दो पतले कंबल अधिक गर्मी निकलने देते हैं, जिससे आप गर्म रहते हैं।
- दो कंबल हवा की एक अतिरिक्त इन्सुलेट परत बनाते हैं, जिससे गर्मी का नुकसान कम होता है।
- दो पतले कंबल एक मोटे कंबल की तुलना में अधिक गर्मी उत्पन्न करते हैं।
- दो पतले कंबल एक मोटे कंबल की तुलना में परिवेश से अधिक गर्मी अवशोषित करते हैं।
Explanation:
- दो पतले कंबलों के बीच हवा की एक परत (air layer) फँस जाती है, जो ऊष्मा की कुचालक (insulator) होती है, इसलिए यह अतिरिक्त इन्सुलेशन (insulation) प्रदान करती है और ऊष्मा हानि (heat loss) कम होती है।
- एक मोटा कंबल भी इन्सुलेशन देता है, पर दो पतले कंबल अधिक हवा फँसाते हैं, जिससे ऊष्मा हानि और कम हो जाती है।
Quick Facts:
- कंबल, ऊन आदि स्वयं ऊष्मा उत्पन्न नहीं करते; वे शरीर की ऊष्मा को बाहर निकलने से रोकते हैं (इन्सुलेशन)।
- हवा एक अत्यंत कुचालक है – यही कारण है कि बुलबुले (foam) और रूई (cotton) भी गर्मी बनाए रखते हैं।
आदित्य सर्दियों में खुद को गर्म रखने के लिए एक मोटे कंबल के बजाय दो पतले कंबल का उपयोग कर रहा है क्योंकि _____।
- दोनों कंबलों के बीच घर्षण से गर्मी उत्पन्न होती है
- कंबलों के बीच फंसी हवा गर्मी का कुचालक है
- कंबल आसपास के वातावरण की तुलना में अधिक तापमान पर हैं
- दो कंबल एक मोटे कंबल से सस्ते होते हैं
Explanation:
- दो पतले कंबलों के बीच फंसी हवा (air) एक उत्कृष्ट ऊष्मारोधी (thermal insulator) है, जो शरीर की ऊष्मा को बाहर निकलने से रोकती है, इसलिए व्यक्ति अधिक गर्म महसूस करता है।
- घर्षण, अधिक तापमान, या लागत (cost) गर्म रखने के मुख्य कारण नहीं हैं।
Quick Facts:
- हवा ऊष्मा की कुचालक है (air is a bad conductor of heat)
- यही सिद्धांत ऊन, पंख, फोम, और दोहरी दीवारों (double glazing) में काम करता है।
किसी पदार्थ की विशिष्ट ऊष्मा धारिता को निम्न द्वारा परिभाषित किया जाता है:
- n(ΔQ/ΔT)
- m(ΔT/ΔQ)
- (1/m)(ΔQ/ΔT)
- (1/m)(ΔT/ΔQ)
Explanation:
- विशिष्ट ऊष्मा (Specific heat capacity) = (1/m) (ΔQ/ΔT), जहाँ m = द्रव्यमान, ΔQ = ऊष्मा, ΔT = ताप परिवर्तन।
- इसे c से निरूपित करते हैं, इकाई: J kg⁻¹ K⁻¹ (या cal g⁻¹ °C⁻¹)
- यह किसी पदार्थ की 1 kg (या 1 g) को 1°C (या 1 K) बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा है।
Quick Facts:
- पानी की विशिष्ट ऊष्मा = 4186 J/kg·K (1 cal/g·°C) – उच्च, इसलिए जल का तापमान धीरे-धीरे बदलता है।
- धातुओं की विशिष्ट ऊष्मा कम होती है (जल्दी गर्म/ठंडी होती हैं)।
निम्नलिखित में से कौन सा एक अच्छे ऊष्मारोधी का उदाहरण है?
- एल्यूमिनियम
- कांच
- तांबा
- इस्पात
Explanation:
- काँच (Glass) ऊष्मा का कुचालक (अच्छा ऊष्मारोधी, insulator) है, क्योंकि इसमें इलेक्ट्रॉन स्वतंत्र रूप से नहीं घूम सकते (अधातु, covalent network solid)।
- Al, Cu, Steel (इस्पात) सभी धातुएँ हैं और ऊष्मा के सुचालक (conductors) हैं।
Quick Facts:
- अच्छे ऊष्मारोधी (insulators): लकड़ी, रबर, प्लास्टिक, काँच, हवा, ऊन
- काँच का उपयोग थर्मस (वैक्यूम फ्लास्क) की दीवारों में, खिड़कियों में इन्सुलेशन के लिए किया जाता है (पर काँच स्वयं कुचालक है, पर दोहरी दीवारों में हवा/वैक्यूम भी काम करता है)।
प्रायः द्रवों में ऊष्मा अंतरण का प्रक्रम क्या है?
- केवल चालन
- चालन और विविरण दोनों
- संवहन
- केवल विविरण
Explanation:
- द्रवों (liquids) में ऊष्मा अंतरण (heat transfer) का मुख्य प्रक्रम संवहन (Convection) है, क्योंकि द्रव के कण गति कर सकते हैं और ऊष्मा के कारण घनत्व में परिवर्तन होता है, जिससे धाराएँ (currents) बनती हैं।
- चालन (Conduction) ठोसों में प्रमुख है, विकिरण (Radiation) बिना माध्यम के होता है।
Quick Facts:
- संवहन: गर्म करने पर द्रव का घनत्व कम हो जाता है और वह ऊपर उठता है, ठंडा द्रव नीचे आता है – यह चक्र (convection currents) बनता है।
- उदाहरण: पानी गर्म करना, वायु संवहन (हवा का बहाव)।
BTU किसका माप है।
- तापमान
- क्षेत्र
- आयतन
- ऊष्मा
Explanation:
- BTU (British Thermal Unit) ऊष्मा (heat) की एक इकाई है।
- 1 BTU = 1 पाउंड (lb) पानी का तापमान 1°F बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा = 1055 J (लगभग)
- इसका उपयोग मुख्यतः एयर कंडीशनिंग, हीटिंग, रेफ्रिजरेशन में होता है।
Quick Facts:
- 1 BTU = 252 cal = 1055 J
- 1 kWh = 3412 BTU (लगभग)
निम्नलिखित में से कौन सा क्लीनिकल थर्मामीटर में तापमान का परास है?
- 30°C से 43°C
- 35°C से 42°C
- 10°C से 45°C
- 31°C से 44°C
Explanation:
- क्लीनिकल थर्मामीटर (Clinical thermometer) का तापमान परास 35°C से 42°C (या 94°F – 108°F) होता है, जो मानव शरीर के तापमान (लगभग 35°C – 42°C) के लिए अंशांकित (calibrated) होता है।
- प्रयोगशाला थर्मामीटर का परास -10°C से 110°C होता है।
Quick Facts:
- सामान्य मानव शरीर का तापमान: 37°C (98.6°F)
- क्लीनिकल थर्मामीटर में ‘किंक’ (kink) होता है, जो पारा को वापस गिरने से रोकता है (ताकि तापमान मापने के बाद भी पढ़ा जा सके)।
पदार्थ के कणों की निरंतर गति के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- यदि हम तापमान घटाते हैं, तो कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है।
- तापमान में परिवर्तन का कणों की गतिज ऊर्जा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
- यदि हम तापमान बढ़ाते हैं, तो कणों की गतिज ऊर्जा घट जाती है।
- यदि हम तापमान बढ़ाते हैं, तो कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है।
Explanation:
- पदार्थ के कणों की औसत गतिज ऊर्जा (average kinetic energy) तापमान के अनुक्रमानुपाती (directly proportional) होती है।
- तापमान बढ़ने पर कणों की गति (और KE) बढ़ती है; तापमान घटने पर KE घटती है।
Quick Facts:
- KE_avg = (3/2) k_B T (गैसों के लिए), k_B = बोल्ट्जमान स्थिरांक
- यह ‘गतिज सिद्धांत’ (Kinetic theory) का मूल आधार है।
एक आदर्श गैस के रुद्धोष्म संपीडन के परिणामस्वरूप ______ होता है।
- तापमान में वृद्धि
- ऊष्मा प्रवाह में कमी
- तापमान में गिरावट
- कोई कार्य नहीं किया गया
Explanation:
- रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया में, प्रणाली और पर्यावरण के बीच ऊष्मा का आदान-प्रदान (heat exchange) नहीं होता (Q = 0)।
- रुद्धोष्म संपीडन (compression) में, गैस पर कार्य (work) किया जाता है, जिससे गैस की आंतरिक ऊर्जा (internal energy) बढ़ती है, और परिणामस्वरूप तापमान में वृद्धि (temperature increase) होती है।
- (रुद्धोष्म प्रसार (expansion) में तापमान घटता है।)
Quick Facts:
- रुद्धोष्म संपीडन का समीकरण: TV^(γ-1) = स्थिरांक (तापमान बढ़ता है)
- डीज़ल इंजन (Diesel engine) में रुद्धोष्म संपीडन द्वारा ईंधन प्रज्वलित (ignite) होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प आदर्श गैस नियम का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
- किसी निश्चित मात्रा में गैस के दाब (P), आयतन (V) और तापमान (T) समीकरण PV/T = स्थिरांक द्वारा संबंधित होते हैं।
- स्थिर आयतन पर किसी गैस का दाब उसके आयतन के समानुपाती होता है।
- गैसों के मिश्रण का कुल दाब व्यक्तिगत गैसों के आंशिक दबावों के योग के बराबर होता है।
- स्थिर दाब पर किसी गैस का आयतन उसके तापमान के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
Explanation:
- आदर्श गैस नियम (Ideal gas law): PV = nRT, या PV/T = स्थिरांक (nR) (किसी निश्चित मात्रा के लिए, n स्थिर)।
- विकल्प B: यह गलत है (चार्ल्स/बॉयल के नियमों का गलत मिश्रण)।
- विकल्प C: डाल्टन का आंशिक दाब नियम (Dalton’s law) – यह आदर्श गैस नियम नहीं।
- विकल्प D: चार्ल्स के नियम का गलत वर्णन (सही: V ∝ T, व्युत्क्रम नहीं)।
Quick Facts:
- आदर्श गैस नियम: PV = nRT, R = 8.314 J/mol·K
- बॉयल का नियम: P ∝ 1/V (T स्थिर), चार्ल्स का नियम: V ∝ T (P स्थिर)
द्रवों में, सतह पर कणों के एक छोटे से भाग की होती है:
- अधिक स्थितिज ऊर्जा
- अधिक गतिज ऊर्जा
- कम संभावित ऊर्जा
- कम गतिज ऊर्जा
Explanation:
- वाष्पीकरण (evaporation) के दौरान, सतह पर स्थित कण (surface particles) अधिक गतिज ऊर्जा (kinetic energy) रखते हैं, जिससे वे आकर्षण बलों पर काबू पाकर वाष्पित हो जाते हैं।
- यही कारण है कि वाष्पीकरण सतही (surface) परिघटना है – केवल उच्च KE वाले कण ही सतह से बाहर निकलते हैं।
Quick Facts:
- वाष्पीकरण के दौरान, उच्च KE वाले कण बाहर निकलते हैं, जिससे शेष कणों की औसत KE घटती है और तापमान कम हो जाता है (शीतलन)।
- यही कारण है कि पसीना (sweat) ठंडा करता है।
किसी दिए गए पदार्थ के लिए, प्रति इकाई लंबाई का प्रतिरोध निम्नलिखित में से किसके व्युत्क्रमानुपाती होता है?
- लंबाई
- तापमान
- अनुप्रस्थ-परिच्छेदीय क्षेत्रफल
- चालकता
Explanation:
- प्रतिरोध R = ρ L / A, जहाँ L = लंबाई, A = अनुप्रस्थ-परिच्छेद क्षेत्रफल (cross-sectional area)
- प्रति इकाई लंबाई प्रतिरोध (R/L) = ρ / A, अतः यह A (क्षेत्रफल) के व्युत्क्रमानुपाती होता है (R/L ∝ 1/A)।
- तापमान, लंबाई, चालकता (conductivity) भिन्न संबंध रखते हैं।
Quick Facts:
- मोटे तार (A अधिक) का प्रतिरोध कम होता है।
- चालकता (conductivity, σ) = 1/ρ
किसी पदार्थ की अवस्था परिवर्तन के दौरान प्रति इकाई द्रव्यमान में स्थानांतरित ऊष्मा की मात्रा को क्या कहते हैं?
- विशिष्ट ऊष्मा
- प्रेरित ऊष्मा
- गुप्त ऊष्मा
- तापीय ऊष्मा
Explanation:
- अवस्था परिवर्तन (phase change) के दौरान, प्रति इकाई द्रव्यमान स्थानांतरित ऊष्मा को गुप्त ऊष्मा (Latent heat) कहते हैं (तापमान स्थिर रहता है)।
- यह दो प्रकार की होती है: संलयन की गुप्त ऊष्मा (solid → liquid) और वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा (liquid → gas)।
- विशिष्ट ऊष्मा (specific heat) – तापमान बदलने के लिए आवश्यक ऊष्मा (अवस्था नहीं बदलती)।
Quick Facts:
- बर्फ के पिघलने की गुप्त ऊष्मा = 334 J/g
- पानी के वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा = 2260 J/g
निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
- ठोस पदार्थों में, ऊष्मा का स्थानांतरण आमतौर पर चालन के माध्यम से होता है।
- गर्म रेल पर पैर जलना चालन द्वारा ऊष्मा स्थानांतरण का एक उदाहरण है।
- चालन ऊष्मा स्थानांतरण की वह प्रक्रिया है जिसमें ऊष्मा को स्थानांतरित करने के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है।
- चालन ऊष्मा स्थानांतरण की वह प्रक्रिया है जिसमें ऊष्मा गर्म वस्तु से ठंडी वस्तु में स्थानांतरित होती है।
Explanation:
- चालन (Conduction) के लिए माध्यम (माध्यम) की आवश्यकता होती है (ठोस/द्रव/गैस), क्योंकि यह कणों के बीच टकराव (collisions) द्वारा होता है।
- ऊष्मा स्थानांतरण जिसके लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं होती, वह विकिरण (Radiation) है (जैसे सूर्य से ऊष्मा)।
- अतः कथन III गलत है (यह विकिरण की परिभाषा है, चालन की नहीं)।
Quick Facts:
- चालन: ठोसों में प्रमुख (जैसे लोहे की छड़ गर्म होना)
- संवहन: द्रवों/गैसों में (जैसे पानी गर्म होना)
- विकिरण: बिना माध्यम (जैसे सूर्य, अग्नि से ऊष्मा)
एक प्रयोगशाला थर्मामीटर में, सामान्य तापमान परास क्या होता है?
- 0 डिग्री सेल्सियस से 100 डिग्री सेल्सियस
- 212 डिग्री फारेनहाइट से 442 डिग्री फारेनहाइट
- -10 डिग्री सेल्सियस से 110 डिग्री सेल्सियस
- 94 डिग्री फारेनहाइट से 108 डिग्री फारेनहाइट
Explanation:
- प्रयोगशाला थर्मामीटर (Laboratory thermometer) का परास सामान्यतः -10°C से 110°C (या -10°C से 110°C) होता है, जो विभिन्न प्रयोगों के लिए उपयुक्त है (जल के हिमांक/क्वथनांक से अधिक)।
- क्लीनिकल थर्मामीटर: 35°C – 42°C
- 0-100°C सीमित है, 94-108°F क्लीनिकल के लिए है।
Quick Facts:
- प्रयोगशाला थर्मामीटर में पारा (mercury) या अल्कोहल (alcohol) का उपयोग होता है।
- इसमें कोई ‘किंक’ (kink) नहीं होता (क्लीनिकल के विपरीत)।
पानी की विशिष्ट ऊष्मा क्षमता के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
- पानी की विशिष्ट ऊष्मा 0°C से 100°C के तापमान सीमा में स्थिर रहती है।
- पानी की विशिष्ट ऊष्मा तापमान के साथ थोड़ी बदलती है।
- 0°C से तापमान में वृद्धि के साथ, यह बढ़ती है।
- 0°C से तापमान में वृद्धि के साथ, यह घटती है।
Explanation:
- पानी की विशिष्ट ऊष्मा (specific heat) तापमान के साथ थोड़ी (slightly) बदलती है – यह 0°C पर लगभग 4.217 J/g·K, 25°C पर 4.181 J/g·K, 100°C पर 4.216 J/g·K होती है (परिवर्तन नगण्य है, पर शून्य नहीं)।
- यह 0-100°C में पूर्णतः स्थिर नहीं है, पर लगभग स्थिर मानी जाती है (≈ 4.18 J/g·K)।
Quick Facts:
- पानी की विशिष्ट ऊष्मा उच्च होती है – यही कारण है कि इसका उपयोग शीतलक (coolant) के रूप में किया जाता है।
- अधिकांश पदार्थों की विशिष्ट ऊष्मा तापमान पर निर्भर करती है (हालाँकि कुछ श्रेणियों में लगभग स्थिर मानी जाती है)।
गर्म जलवायु वाले प्रदेशों में, घर की बाहरी दीवारों का रंग सफेद रखना पसंद किया जाता है क्योंकि:
- सफेद रंग सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करके घर आंतरिक वातावरण ठंडा रखता है।
- सफेद रंग दीवार को अधिक टिकाऊ बनाता है।
- सफेद रंग अधिक सूर्य का प्रकाश अवशोषित करके घर को गर्म बनाता है।
- सफेद रंग अच्छा दिखता है।
Explanation:
- सफेद (white) रंग सूर्य के अधिकांश प्रकाश को परावर्तित (reflect) करता है, इसलिए यह कम ऊष्मा अवशोषित करता है, जिससे घर ठंडा रहता है।
- काला रंग ऊष्मा अवशोषित करता है, जिससे घर गर्म हो जाता है – यही कारण है कि गर्म जलवायु में हल्के रंग पसंद किए जाते हैं।
Quick Facts:
- अच्छा अवशोषक = अच्छा उत्सर्जक (गर्मी में)
- सफेद रंग अवशोषण कम, परावर्तन अधिक करता है – इसलिए इसे ‘शीतल रंग’ (cool colour) कहते हैं।
फारेनहाइट तापमान बनाम सेल्सियस तापमान का ग्राफ एक सीधी रेखा है, जिसका अंतर्खंड ______ है।
- 32°F
- 0°F
- 100°C
- 32°C
Explanation:
- °F = (9/5)°C + 32, यह एक सरल रेखा (straight line) का समीकरण है, जिसका y-अंतर्खंड (intercept) 32 है (जब °C = 0, °F = 32)।
- अतः ग्राफ का अंतर्खंड 32°F है (यह जल का हिमांक, freezing point, 0°C के तुल्य है)।
Quick Facts:
- °F और °C के बीच संबंध: °F = (9/5)°C + 32
- जल का हिमांक: 32°F = 0°C, क्वथनांक: 212°F = 100°C
ठोसों का तापमान बढ़ाने पर क्या होता है?
- कणों की गतिज ऊर्जा घट जाएगी।
- ठोस का आकार समान रहेगा।
- कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ जाएगी।
- ठोसों पर तापमान का कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
Explanation:
- तापमान बढ़ाने पर, पदार्थ के कणों (परमाणु/अणु) की गतिज ऊर्जा (kinetic energy) बढ़ जाती है, जिससे वे अधिक तीव्र कंपन (vibration) करने लगते हैं (ठोसों में)।
- यह ‘गतिज सिद्धांत’ (Kinetic theory) का मूल सिद्धांत है: तापमान ∝ औसत गतिज ऊर्जा।
Quick Facts:
- ठोस में कण केवल अपनी स्थिति के चारों ओर कंपन करते हैं (दोलन, oscillation)।
- तापमान बढ़ने पर कंपन की आयाम (amplitude) और आवृत्ति (frequency) बढ़ती है।
सर्दियों में, लोग जैकेट पहनते हैं क्योंकि:
- यह अच्छा दिखता है
- जैकेट का कपड़ा ऊष्मा का सुचालक होता है इसलिए यह शरीर की गर्मी को रोकता है
- जैकेट का कपड़ा ऊष्मा का कुचालक होता है इसलिए यह शरीर की गर्मी को रोकता है
- जैकेट हमारे शरीर से गर्मी को आसपास के वातावरण में प्रवाहित करने की अनुमति देता है
Explanation:
- जैकेट का कपड़ा (ऊन, फर, सिंथेटिक फाइबर) ऊष्मा का कुचालक (insulator) होता है, जो शरीर की ऊष्मा को बाहर निकलने से रोकता है (ऊष्मा हानि को कम करता है)।
- यह सिद्धांत ‘इन्सुलेशन’ (insulation) पर आधारित है – हवा (जो स्वयं कुचालक है) कपड़े के रेशों के बीच फँस जाती है, जिससे ऊष्मा अंदर ही रहती है।
Quick Facts:
- जैकेट, कंबल, ऊनी कपड़े – सभी ऊष्मा के कुचालक हैं (वे ऊष्मा उत्पन्न नहीं करते, बल्कि उसे बनाए रखते हैं)।
- यही कारण है कि गर्मियों में सूती (हल्के) कपड़े पहने जाते हैं (वे हवा को गुजरने देते हैं, जिससे ऊष्मा बाहर निकलती है)।
सेल्सियस पैमाने पर जल के त्रिक बिंदु का तापमान क्या है?
- 100°C
- 0°C
- -273.15°C
- 0.01°C
Explanation:
- जल का त्रिक बिंदु (Triple point) वह तापमान और दाब है जिस पर जल ठोस, द्रव, और गैस तीनों अवस्थाओं में एक साथ संतुलन में होता है।
- जल का त्रिक बिंदु: 0.01°C (273.16 K) और 611.657 Pa दाब पर।
- सेल्सियस पैमाने पर यह 0.01°C है (0°C सामान्य हिमांक है, पर त्रिक बिंदु 0.01°C पर है)।
Quick Facts:
- त्रिक बिंदु का उपयोग केल्विन पैमाने के परिभाषित बिंदु (defining point) के रूप में किया जाता है (273.16 K)।
- त्रिक बिंदु दाब पर निर्भर नहीं (यह एक अद्वितीय बिंदु है)।
कणों के बीच आकर्षण बलों के आरोही क्रम में निम्नलिखित पदार्थों की व्यवस्था कीजिए:
- नाइट्रोजन, जल, मोम
- नाइट्रोजन, जल, मोम
- मोम, जल, नाइट्रोजन
- जल, मोम, नाइट्रोजन
Explanation:
- आकर्षण बल (intermolecular forces) की तीव्रता: गैस < द्रव < ठोस
- नाइट्रोजन (गैस) < जल (द्रव) < मोम (ठोस) – अतः यह आरोही क्रम (ascending order) है (न्यूनतम से अधिकतम)।
- मोम (wax) एक ठोस (कमरे के ताप पर) है, जल द्रव है, नाइट्रोजन गैस है।
Quick Facts:
- आकर्षण बल → अणुओं को बांधे रखता है, जिससे पदार्थ की अवस्था (state) निर्धारित होती है।
- गैस → अणुओं के बीच बहुत कम आकर्षण, द्रव → मध्यम, ठोस → अधिकतम।
0°C = ______ °F
- 32
- 180
- 23
- 273
Equation: °F = (°C × 9/5) + 32 = 0 + 32 = 32°F
Explanation:
- रूपांतरण सूत्र: °F = (°C × 9/5) + 32
- 0°C = (0 × 9/5) + 32 = 32°F
Quick Facts:
- °F = °C × 1.8 + 32
- 32°F = जल का हिमांक (freezing point)
निम्नलिखित कथन के लिए सही नियम का चयन करें। रासायनिक अभिक्रिया के दौरान द्रव्यमान न तो उत्पन्न होता है और न ही नष्ट होता है।
- ऊष्मागतिकी का नियम
- हेनरी का नियम
- चार्ल्स का नियम
- द्रव्यमान संरक्षण का नियम
Explanation:
- यह कथन द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass) है, जो कहता है कि किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो नष्ट होता है और न ही उत्पन्न होता है (केवल पुनर्व्यवस्थित होता है)।
- इसे एंटोनी लावोज़िए (Antoine Lavoisier) ने 1774 में प्रतिपादित किया था।
- ऊष्मागतिकी के नियम ऊर्जा से संबंधित हैं, हेनरी (गैसों की विलेयता), चार्ल्स (गैसों का आयतन-तापमान संबंध)।
Quick Facts:
- आधुनिक रूप: ऊर्जा-द्रव्यमान संरक्षण (E = mc²) – पर रासायनिक अभिक्रियाओं में द्रव्यमान संरक्षण मान्य है।
- यह रासायनिक समीकरणों को संतुलित (balancing) करने का आधार है।
तांबे की विशिष्ट ऊष्मा क्या है, जिसका उपयोग अक्सर बर्तन और पैन के लिए किया जाता है क्योंकि यह जल्दी गर्म हो जाता है?
- 604.2 J kg⁻¹ K⁻¹
- 239.3 J kg⁻¹ K⁻¹
- 712.1 J kg⁻¹ K⁻¹
- 386.4 J kg⁻¹ K⁻¹
Explanation:
- तांबे (Copper, Cu) की विशिष्ट ऊष्मा (specific heat) ≈ 385 J kg⁻¹ K⁻¹ (लगभग 386.4 J/kg·K), जो अपेक्षाकृत कम है, इसलिए यह जल्दी गर्म हो जाता है (कम ऊष्मा की आवश्यकता तापमान बढ़ाने के लिए)।
- पानी की विशिष्ट ऊष्मा ≈ 4186 J/kg·K (बहुत अधिक), इसलिए पानी धीरे-धीरे गर्म होता है।
Quick Facts:
- कम विशिष्ट ऊष्मा वाली धातुएँ (Cu, Al) रसोई के बर्तनों में उपयोगी होती हैं।
- चाँदी (Ag) की विशिष्ट ऊष्मा ≈ 235 J/kg·K (और भी कम)।
गीले कपड़े फैलाने पर जल्दी क्यों सूख जाते हैं?
- कपड़े गर्म हो जाते हैं।
- सूरज के प्रकाश के कारण पानी तेजी से निकलता है
- सतही क्षेत्रफल बढ़ जाता है।
- पानी वाष्पित हो जाता है।
Explanation:
- गीले कपड़े को फैलाने (spreading) से उसका सतही क्षेत्रफल (surface area) बढ़ जाता है, जिससे वाष्पीकरण (evaporation) की दर बढ़ जाती है और कपड़ा जल्दी सूख जाता है।
- यह वाष्पीकरण की सतही परिघटना (surface phenomenon) का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
Quick Facts:
- गीले कपड़े को मोड़ने (fold) के बजाय फैलाना (spread) चाहिए – अधिक सतह क्षेत्र → तेजी से सूखना।
- यही कारण है कि तौलिये (towels) बड़े और पतले होते हैं।
वायुमंडलीय दाब पर इसके गलनांक पर 1 किग्रा ठोस को द्रव में बदलने के लिए आवश्यक ऊष्मा ऊर्जा की मात्रा को ______ के रूप में जाना जाता है।
- संघनन की गुप्त ऊष्मा
- उदासीनीकरण की गुप्त ऊष्मा
- संलयन की गुप्त ऊष्मा
- वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा
Explanation:
- ठोस → द्रव अवस्था परिवर्तन के लिए आवश्यक ऊष्मा को संलयन की गुप्त ऊष्मा (Latent heat of fusion) कहते हैं (गलनांक पर, दाब स्थिर)।
- इसे ‘fusion’ (संलयन) कहते हैं क्योंकि यह पिघलने (melting) की प्रक्रिया है।
- वाष्पीकरण (vaporization) = द्रव → गैस, संघनन (condensation) = गैस → द्रव, उदासीनीकरण (neutralization) = अम्ल-क्षार अभिक्रिया।
Quick Facts:
- बर्फ के लिए संलयन की गुप्त ऊष्मा = 334 kJ/kg (334 J/g)
- यह ऊष्मा अणुओं के बीच आकर्षण बलों को तोड़ने में प्रयुक्त होती है (तापमान नहीं बदलता)।
ऊष्मागतिकीय प्रणाली में एक डायथर्मिक दीवार का क्या कार्य है?
- यह केवल कार्य के प्रवाह की अनुमति देता है।
- यह पदार्थ और ऊर्जा दोनों के आदान-प्रदान को रोकता है।
- यह केवल पदार्थ के आदान-प्रदान की अनुमति देता है।
- यह प्रणालियों के बीच ऊष्मा के प्रवाह की अनुमति देता है।
Explanation:
- डायथर्मिक (Diathermic) दीवार वह है जो ऊष्मा (heat) को दो प्रणालियों के बीच प्रवाहित होने की अनुमति देती है, परन्तु पदार्थ के आदान-प्रदान की अनुमति नहीं देती।
- यह तापीय चालक (thermal conductor) दीवार है, जो तापीय संपर्क (thermal contact) स्थापित करती है।
- रुद्धोष्म (Adiabatic) दीवार ऊष्मा को प्रवाहित नहीं होने देती (विपरीत)।
Quick Facts:
- डायथर्मिक दीवार: ऊष्मा संचरण (heat conduction) की अनुमति देती है, पर द्रव्यमान संचरण (mass transfer) नहीं।
- उदाहरण: पतली धातु की दीवार (ऊष्मा चालक), जो द्रव/गैस को नहीं गुजरने देती।
खाना पकाने के बर्तन की बॉडी धातु और हैंडल प्लास्टिक के होते हैं क्योंकि:
- धातु और प्लास्टिक दोनों ऊष्मा के सुचालक होते हैं।
- धातु ऊष्मा का सुचालक होता है और प्लास्टिक ऊष्मारोधी होता है।
- धातु ऊष्मारोधी होती है और प्लास्टिक ऊष्मा का सुचालक होता है।
- धातु और प्लास्टिक दोनों ऊष्मारोधी होते हैं।
Explanation:
- बर्तन का शरीर (body) धातु (जैसे Al, Cu) का बना होता है क्योंकि धातु ऊष्मा की सुचालक (conductor) होती है और खाना जल्दी पकता है।
- हैंडल प्लास्टिक/लकड़ी का बना होता है क्योंकि ये ऊष्मारोधी (insulator) होते हैं, जिससे हाथ नहीं जलता।
Quick Facts:
- सुचालक: धातुएँ (Al, Cu, Fe) – ऊष्मा को तेजी से पार करती हैं।
- कुचालक: प्लास्टिक, रबर, लकड़ी – ऊष्मा को नहीं पार करती (सुरक्षा के लिए)।
‘नाभिकीय संलयन’ दो या दो से अधिक हल्के नाभिकों के संयोजन की प्रक्रिया है। नाभिकीय संलयन के लिए आवश्यक तापमान (लगभग) क्या है?
- 100 मिलियन K
- 810 मिलियन K
- 812 मिलियन K
- 10 मिलियन K
Explanation:
- नाभिकीय संलयन (Nuclear fusion) में हल्के नाभिक (जैसे हाइड्रोजन) मिलकर भारी नाभिक (जैसे हीलियम) बनाते हैं, जिसके लिए अत्यधिक उच्च तापमान (≈ 100 मिलियन K) की आवश्यकता होती है, ताकि नाभिकों के बीच कूलॉम प्रतिकर्षण (Coulomb repulsion) पर काबू पाया जा सके।
- सूर्य में संलयन ≈ 15 मिलियन K पर होता है (प्रोटॉन-प्रोटॉन चक्र), पर पृथ्वी पर (टोकामक, ITER) ≈ 100 मिलियन K आवश्यक है (ड्यूटेरियम-ट्राइटियम संलयन के लिए)।
Quick Facts:
- संलयन: ²H + ³H → ⁴He + n + ऊर्जा (17.6 MeV)
- यह हाइड्रोजन बम (hydrogen bomb) और सूर्य (तारों) की ऊर्जा का स्रोत है।
वाष्पीकरण किस तापमान पर होता है?
- केवल हिमांक से नीचे
- केवल क्वथनांक पर
- केवल 100°C पर
- किसी भी तापमान पर
Explanation:
- वाष्पीकरण (evaporation) एक सतही (surface) परिघटना है, जो किसी भी तापमान पर हो सकती है (जब तक द्रव की सतह पर कणों को वायुमंडल में जाने के लिए पर्याप्त KE मिलती है)।
- क्वथन (boiling) केवल क्वथनांक (boiling point) पर होता है, जो पूरे आयतन (bulk) में होता है।
Quick Facts:
- वाष्पीकरण: सतह पर, किसी भी तापमान पर (धीरे-धीरे)
- क्वथन: निश्चित तापमान पर, पूरे द्रव में (तेज़ी से)
बल्बों में इस्तेमाल होने वाले टंगस्टन फिलामेंट का गलनांक क्या होता है?
- 1000°C
- 30°C
- 300°C
- 3422°C
Explanation:
- टंगस्टन (Tungsten, W) का गलनांक (melting point) ≈ 3422°C (3695 K) होता है, जो सभी धातुओं में सबसे अधिक है।
- यही कारण है कि इसका उपयोग विद्युत बल्बों (incandescent bulbs) में फिलामेंट (filament) के रूप में किया जाता है – यह बिना पिघले उच्च ताप (≈ 2500°C) तक गर्म होता है और प्रकाश उत्सर्जित करता है।
Quick Facts:
- टंगस्टन का प्रतीक: W (Wolfram)
- अत्यधिक उच्च गलनांक के कारण, इसका उपयोग मिश्र धातुओं (alloys) और उच्च-ताप अनुप्रयोगों में होता है।
लगातार लंबे समय तक उपयोग किए जाने पर एक विद्युत पंखा गर्म हो जाता है। ऐसा किस कारण से होता है?
- पंखे से होकर प्रवाहित होने वाली धारा के तापन प्रभाव के कारण
- पंखे के धीमे घूमने के कारण
- गर्मियों के दौरान उच्च तापमान के कारण
- पंखे के तेज़ घूमने के कारण
Explanation:
- विद्युत पंखे में धारा (I) प्रवाहित होती है, जिससे उसके कॉपर कुंडलियों (windings) में जूल तापन (Joule heating) होता है (H = I²Rt)।
- इसी कारण पंखा लगातार चलने पर गर्म हो जाता है (यह ‘तापन प्रभाव’ का उदाहरण है)।
- तेज़/धीमा घूमना या गर्मियाँ मुख्य कारण नहीं हैं (हालाँकि गर्मी में ताप अपव्यय कम होने से गर्मी अधिक महसूस हो सकती है)।
Quick Facts:
- जूल का तापन नियम: H = I²Rt (धारा, प्रतिरोध, समय)
- पंखे में ‘गर्म होना’ एक अवांछित ऊर्जा हानि है (इसे ऊष्मा-अपव्यय (heat dissipation) कहते हैं)।
निम्नलिखित में से किसकी माप के लिए मोल (mol) का उपयोग किया जाता है?
- किसी पदार्थ का तापमान
- किसी गैस का दाब
- किसी पदार्थ की चालकता
- पदार्थ की मात्रा
Explanation:
- मोल (mol) पदार्थ की मात्रा (amount of substance) की SI इकाई है।
- 1 मोल = 6.022 × 10²³ कण (अणु, परमाणु, आयन आदि) – यह एवोगाद्रो संख्या (Avogadro’s number) है।
- तापमान (K), दाब (Pa), चालकता (S/m) – इनकी भिन्न इकाइयाँ हैं।
Quick Facts:
- मोल को ‘पदार्थ की मात्रा’ का मात्रक कहते हैं।
- 1 मोल किसी भी पदार्थ में 6.022 × 10²³ कण होते हैं (गैसों के लिए STP पर 22.4 L आयतन)।
किसी गैस पर दाब अनुप्रयुक्त करने से, ___________।
- उसका तापमान घट जाता है
- उसके कण एक दूसरे के निकट आ जाते हैं
- उसका आयतन बढ़ जाता है
- उसके कणों की गति तेज हो जाती है
Explanation:
- गैस पर दाब (pressure) बढ़ाने पर, उसके कण एक-दूसरे के निकट आ जाते हैं (अंतर-आणविक दूरी (intermolecular distance) कम हो जाती है), जिससे आयतन (volume) घट जाता है (बॉयल के नियम के अनुसार, P ∝ 1/V, T स्थिर)।
- तापमान (T) स्थिर रहने पर, कणों की औसत गतिज ऊर्जा (KE) नहीं बदलती (गति नहीं बढ़ती), केवल आयतन घटता है और कण निकट आते हैं।
Quick Facts:
- बॉयल का नियम: PV = स्थिरांक (T स्थिर) – दाब बढ़ने पर आयतन घटता है।
- गैस के कणों के बीच दूरी (interparticle distance) घटती है।
जिंक का गलनांक कितना होता है?
- 787°F
- 2646°F
- 621°F
- 1204°F
Explanation:
- जिंक (Zinc, Zn) का गलनांक (melting point) ≈ 419.5°C, जो फारेनहाइट में ≈ 787°F (419.5 × 9/5 + 32 ≈ 787.1) होता है।
- अतः सही विकल्प 787°F है।
- यह अपेक्षाकृत कम गलनांक वाली धातु है, इसका उपयोग गैल्वनीकरण (galvanization) में होता है।
Quick Facts:
- Zn का गलनांक: 419.5°C (787°F), क्वथनांक: 907°C
- रूपांतरण: °F = °C × 9/5 + 32
बर्फ से जल में अवस्था का परिवर्तन ______ के साथ होता है?
- ऊष्मा की निर्मुक्तिकरण
- ऊष्मा के अवशोषण
- तापमान में कमी
- तापमान में वृद्धि
Explanation:
- बर्फ (ठोस) → जल (द्रव) – यह गलन (melting) है, जो ऊष्मा के अवशोषण (absorption of heat) के साथ होता है (यह ऊष्माशोषी (endothermic) प्रक्रिया है)।
- ऊष्मा अवशोषित होती है, पर तापमान गलनांक (0°C) पर स्थिर रहता है (गुप्त ऊष्मा)।
- ऊष्मा की निर्मुक्ति (exothermic) तब होती है जब जल → बर्फ (जमना, freezing)।
Quick Facts:
- संलयन की गुप्त ऊष्मा (बर्फ के लिए) = 334 J/g – ऊष्मा अवशोषित होती है।
- गलन के दौरान, आसपास से ऊष्मा अवशोषित होती है (शीतलन प्रभाव)।
जब किसी चालक से विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो उसमें ऊष्मा उत्पन्न होने का प्राथमिक कारण क्या है?
- इलेक्ट्रॉनों की गति ऊष्मा उत्पन्न करती है।
- प्रोटॉनों की गति ऊष्मा उत्पन्न करती है।
- चालक में विद्युत क्षेत्र ऊष्मा उत्पन्न करता है।
- चालक आसपास के वातावरण से ऊष्मा अवशोषित करता है।
Explanation:
- जब विद्युत धारा (इलेक्ट्रॉन) चालक (धातु) से प्रवाहित होती है, तो इलेक्ट्रॉन चालक के परमाणुओं/आयनों (जो कंपन कर रहे होते हैं) से टकराते (collide) हैं, जिससे गतिज ऊर्जा स्थानांतरित होती है और ऊष्मा (ताप) उत्पन्न होती है (जूल तापन, Joule heating)।
- प्रोटॉन गतिशील नहीं होते (स्थिर नाभिक में), विद्युत क्षेत्र कारण है पर मुख्य कारण इलेक्ट्रॉनों का टकराव (collisions) है।
Quick Facts:
- जूल का तापन नियम: H = I²Rt (ऊष्मा ∝ I², R, t)
- यही कारण है कि चालक (विशेषकर उच्च प्रतिरोध वाले) गर्म हो जाते हैं (जैसे तार, हीटर, बल्ब)।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- मानव शरीर का तापमान मापने के लिए प्रयोगशाला थर्मामीटर का उपयोग किया जाता है।
- तापमान को एक ताप पैमाने से दूसरे ताप पैमाने में परिवर्तित करने की कोई विधि नहीं है।
- सामान्य मानव शरीर का तापमान 45°C होता है।
- सामान्य मानव शरीर का तापमान 98.6°F होता है।
Explanation:
- सामान्य मानव शरीर का तापमान ≈ 37°C = 98.6°F (फारेनहाइट में)।
- मानव शरीर के तापमान के लिए क्लीनिकल थर्मामीटर (35-42°C) का उपयोग होता है, प्रयोगशाला थर्मामीटर का नहीं।
- तापमान रूपांतरण (conversion) के सूत्र मौजूद हैं (जैसे °F = 9/5°C + 32)।
- 45°C बहुत अधिक (असामान्य) है, यह बुखार की अत्यधिक अवस्था होती है।
Quick Facts:
- °C से °F: °F = °C × 9/5 + 32
- 37°C = 98.6°F (सामान्य मानव शरीर तापमान)
बर्फ के पिघलने के दौरान, ऊष्मा देने पर भी तापमान स्थिर क्यों रहता है?
- ऊष्मीय ऊर्जा सीधे कार्य में परिवर्तित हो जाती है।
- बर्फ से ऊष्मीय ऊर्जा परिवेश में स्थानांतरित हो जाती है।
- ऊष्मीय ऊर्जा, गतिज ऊर्जा को तुरंत बढ़ाती है।
- ऊष्मीय ऊर्जा का उपयोग बर्फ के कण के बीच आकर्षण को कम करने के लिए किया जाता है।
Explanation:
- बर्फ (ठोस) के पिघलने के दौरान, प्रदान की गई ऊष्मा (गुप्त ऊष्मा) का उपयोग अणुओं के बीच आकर्षण बलों (intermolecular forces) को कम करने / तोड़ने में होता है, न कि तापमान बढ़ाने (गतिज ऊर्जा बढ़ाने) में।
- इसलिए, तापमान स्थिर (0°C) रहता है जब तक कि सारी बर्फ न पिघल जाए।
Quick Facts:
- गुप्त ऊष्मा (Latent heat) = ‘छिपी हुई’ ऊष्मा, जो तापमान में परिवर्तन नहीं दिखाती।
- संलयन की गुप्त ऊष्मा बर्फ-जल अवस्था परिवर्तन में व्यय होती है।
निम्नलिखित में से कौन सा एक विद्युत उपकरण जूल के तापन नियम के सिद्धांत पर कार्य करता है?
- सीकर
- विद्युत चूंबक
- निम्नजन हीटर (इमरशन रॉड)
- विद्युत घंटी
Explanation:
- निम्नजन हीटर (Immersion rod) और अन्य तापन उपकरण (जैसे इलेक्ट्रिक हीटर, टोस्टर) जूल के तापन नियम (Joule’s law of heating) पर कार्य करते हैं, जो कहता है H = I²Rt (विद्युत ऊर्जा → ऊष्मा)।
- सीकर (seeker) – संभवतः ‘सर्चलाइट’ या ‘सीकर’ नहीं, विद्युत चुंबक (electromagnet) चुंबकीय प्रभाव पर, विद्युत घंटी (electric bell) चुंबकीय प्रभाव और यांत्रिक कंपन पर कार्य करती है।
Quick Facts:
- जूल तापन पर कार्य करने वाले उपकरण: हीटर, इमरशन रॉड, टोस्टर, इलेक्ट्रिक आयरन, बल्ब (प्रकाश + ऊष्मा)
- ये सभी विद्युत ऊर्जा को ऊष्मा में परिवर्तित करते हैं।
यदि बादल का तापमान ______ हो, तो बर्फ बनती है।
- हिमांक के बराबर
- हिमांक पर
- हिमांक के ठीक ऊपर
- हिमांक से कम
Explanation:
- बर्फ (snow/ice) तब बनती है जब बादलों (clouds) का तापमान हिमांक (freezing point, 0°C) से कम हो, क्योंकि तभी जल की बूँदें जमकर बर्फ के क्रिस्टल (ice crystals) में बदलती हैं।
- हिमांक पर (0°C) जल ठोस और द्रव दोनों अवस्थाओं में हो सकता है, पर बर्फ बनने के लिए 0°C से कम तापमान आवश्यक है (विशेषकर उप-हिमांक, sub-freezing temperatures)।
Quick Facts:
- बर्फ (वर्षण) तब होती है जब वायुमंडल का तापमान 0°C से कम हो।
- हिमांक: 0°C (273 K)
______ पदार्थ की वास्तविक गति द्वारा ऊष्मा अंतरण की एक प्रणाली है।
- चालन
- विकिरण
- संवहन
- उत्सर्जन
Explanation:
- संवहन (Convection) ऊष्मा स्थानांतरण की वह विधि है जिसमें पदार्थ (द्रव/गैस) की वास्तविक गति (bulk movement) होती है, जैसे गर्म करने पर द्रव का ऊपर उठना और ठंडा द्रव का नीचे आना (convection currents)।
- चालन (conduction) में पदार्थ की गति नहीं होती (कण टकराते हैं), विकिरण (radiation) में माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।
Quick Facts:
- संवहन द्रवों और गैसों में होता है (ठोसों में नहीं)।
- उदाहरण: पानी गर्म करना, वायु संवहन (हवा का बहाव), मैंटल संवहन (प्लेट टेक्टोनिक्स)
एक कक्ष तापक (room heater) और एक विद्युत बल्ब दोनों विद्युत ऊर्जा को ऊष्मा में परिवर्तित करते हैं, परंतु केवल बल्ब ही अधिक दृश्य प्रकाश क्यों उत्सर्जित करता है?
- बल्ब का फिलामेंट उच्च ताप पर पहुँचकर दृश्य प्रकाश उत्सर्जित करता है।
- तापक, ताप प्रभाव की अपेक्षा चुंबकीय प्रभाव का उपयोग करता है।
- तापक एक अलग पदार्थ से बना होता है।
- इनके परिपथ का डिजाइन अलग-अलग होता है।
Explanation:
- बल्ब (incandescent bulb) का टंगस्टन फिलामेंट अत्यधिक उच्च तापमान (≈ 2500°C) तक गर्म होता है, जिससे यह दृश्य प्रकाश (visible light) उत्सर्जित करता है (प्रकाश और ऊष्मा दोनों)।
- रूम हीटर (room heater) भी ऊष्मा उत्पन्न करता है, पर उसका तापमान उतना उच्च नहीं होता जितना बल्ब के फिलामेंट का, इसलिए यह अधिकतर अवरक्त (IR) विकिरण (ऊष्मा) उत्सर्जित करता है, दृश्य प्रकाश नहीं (या बहुत कम)।
Quick Facts:
- बल्ब में: विद्युत ऊर्जा → ऊष्मा → प्रकाश (उच्च ताप पर, incandescence)
- हीटर: विद्युत ऊर्जा → ऊष्मा (अवरक्त विकिरण), दृश्य प्रकाश बहुत कम (नाइक्रोम तार)।
किस तापमान पर जिप्सम प्लास्टर ऑफ पेरिस में परिवर्तित हो जाता है?
- 573 K
- 473 K
- 373 K
- 273 K
Explanation:
- जिप्सम (Gypsum, CaSO₄·2H₂O) को गर्म करने पर यह 373 K (लगभग 100°C) पर प्लास्टर ऑफ पेरिस (Plaster of Paris, CaSO₄·½H₂O) में परिवर्तित हो जाता है।
- अभिक्रिया: CaSO₄·2H₂O → CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O (373 K पर)
- यह एक निर्जलीकरण (dehydration) प्रक्रिया है।
Quick Facts:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस का उपयोग फ्रैक्चर (हड्डी) और निर्माण में होता है।
- यह जल मिलाने पर पुनः जिप्सम बन जाता है (सेट होता है) – यह एक एक्ज़ोथर्मिक (exothermic) अभिक्रिया है।
दो कंटेनर, एक काले रंग से रंगा हुआ और दूसरा सफेद रंग से रंगा हुआ, दोपहर में एक घंटे के लिए धूप में रखे गए हैं। सही अवलोकन चुनें।
- किसी भी कंटेनर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
- सफेद कंटेनर काले कंटेनर से अधिक गर्म हो जाता है।
- काला कंटेनर सफेद कंटेनर से अधिक गर्म हो जाता है।
- दोनों कंटेनर समान रूप से गर्म हो जाते हैं।
Explanation:
- काला (black) रंग सूर्य के अधिकांश विकिरण (प्रकाश/ऊष्मा) को अवशोषित (absorb) करता है, जबकि सफेद (white) रंग अधिकांश विकिरण को परावर्तित (reflect) करता है।
- इसलिए, काला कंटेनर सफेद कंटेनर की तुलना में अधिक ऊष्मा अवशोषित करता है और अधिक गर्म हो जाता है।
- यह ‘विकिरण अवशोषण’ (radiation absorption) का उदाहरण है।
Quick Facts:
- काले रंग का उपयोग सौर कुकर (solar cooker) में अधिक ऊष्मा अवशोषित करने के लिए किया जाता है।
- गर्मियों में हल्के (सफेद) रंग के कपड़े अधिक आरामदायक होते हैं (कम ऊष्मा अवशोषण)।
एक विद्युत बल्ब के तंतु से 5 मिनट के लिए 1 A की धारा प्रवाहित होती है। परिपथ से प्रवाहित होने वाले विद्युत आवेश की मात्रा ____ होगी।
- 5 C
- 150 C
- 300 C
- 10 C
Equation: Q = I × t = 1 × (5 × 60) = 300 C
Explanation:
- विद्युत आवेश (Q) = धारा (I) × समय (t), Q = I × t
- I = 1 A, t = 5 मिनट = 5 × 60 = 300 सेकंड
- Q = 1 × 300 = 300 C (कूलॉम)
Quick Facts:
- 1 A = 1 C/s (1 ऐम्पियर = 1 कूलॉम प्रति सेकंड)
- आवेश की SI इकाई: कूलॉम (C)
प्रीतिकाल में त्वचा पर जल डालने के बाद हमें ठंडक क्यों महसूस होती है?
- जल के वाष्पीकरण से त्वचा की सतह से ऊष्मा अवशोषित होती है।
- जल पसीना निकलने को कम करता है और शरीर की ऊष्मा को बनाए रखता है।
- जल सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करके शरीर का तापमान बढ़ाता है।
- जल के संघनन से त्वचा की सतह पर ऊर्जा निकलती है।
Explanation:
- त्वचा पर जल डालने पर, जल वाष्पित (evaporates) होता है और इस प्रक्रिया में यह त्वचा की सतह से ऊष्मा (latent heat of vaporization) अवशोषित करता है, जिससे त्वचा ठंडी हो जाती है (शीतलन प्रभाव, cooling effect)।
- यह वाष्पीकरण के कारण शीतलन का एक सामान्य उदाहरण है (जैसे पसीना, एसीटोन/अल्कोहल का वाष्पीकरण)।
Quick Facts:
- वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा (पानी) = 2260 kJ/kg – बहुत उच्च, इसलिए यह प्रभावी शीतलन है।
- जल का वाष्पीकरण त्वचा को ठंडा करता है (यही कारण है कि गर्मी में पानी से स्नान करना अच्छा लगता है)।
बर्फ का आंतरिक तापमान मापने के लिए किस प्रकार के थर्मामीटर का उपयोग किया जाता है?
- अंकीय थर्मामीटर
- डॉक्टरी थर्मामीटर
- इन्फ्रारेड थर्मामीटर
- प्रयोगशाला थर्मामीटर
Explanation:
- बर्फ (या कम तापमान) का आंतरिक तापमान मापने के लिए प्रयोगशाला थर्मामीटर (laboratory thermometer) का उपयोग किया जाता है, क्योंकि इसका परास -10°C से 110°C होता है और इसे बर्फ में डुबोया जा सकता है।
- क्लीनिकल/डॉक्टरी थर्मामीटर (35-42°C) केवल मानव शरीर के लिए है, इन्फ्रारेड थर्मामीटर सतही तापमान (non-contact) मापता है।
Quick Facts:
- प्रयोगशाला थर्मामीटर का परास: -10°C से 110°C (या -20°C से 110°C)
- इसका उपयोग प्रयोगों में ठोस/द्रव/गैस के तापमान मापने के लिए किया जाता है।
फारेनहाइट और सेल्सियस पैमाने ______ पर अभिसारित होते हैं।
- -30°
- -40°
- -50°
- -20°
Equation: °F = °C × 9/5 + 32 → -40°F = -40°C (दोनों पैमाने -40° पर समान होते हैं)
Explanation:
- सेल्सियस और फारेनहाइट पैमाने -40° पर अभिसारित (converge) होते हैं, अर्थात -40°C = -40°F
- इसे सूत्र द्वारा सत्यापित किया जा सकता है: °F = (9/5)(-40) + 32 = -72 + 32 = -40°F
Quick Facts:
- -40°C = -40°F (अभिसरण बिंदु, convergence point)
- दोनों पैमानों के बीच अंतर: °F = °C × 1.8 + 32
