SCIENCE
‘अनिश्चितता’ का सिद्धांत किसके द्वारा प्रतिपादित किया गया?
- वर्नर हाइजेनबर्ग
- आर.ए. मिलिकेन
- एस. एन. बोस
- आइजैक न्यूटन
Equation: Δx · Δp ≥ h/4π
Explanation:
- अनिश्चितता का सिद्धांत (Uncertainty Principle) 1927 में जर्मन भौतिक विज्ञानी वर्नर हाइजेनबर्ग (Werner Heisenberg) द्वारा प्रतिपादित किया गया था।
- इसके अनुसार, किसी कण की स्थिति (Δx) और संवेग (Δp) को एक साथ पूर्ण सटीकता से नहीं मापा जा सकता है; उनका गुणनफल h/4π से कम नहीं हो सकता।
- यह क्वांटम यांत्रिकी का एक मूलभूत सिद्धांत है।
Quick Facts:
- h = प्लैंक स्थिरांक (6.626 × 10⁻³⁴ J·s)
- यह सिद्धांत सूक्ष्म कणों (इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन आदि) पर लागू होता है, स्थूल वस्तुओं पर नहीं।
नाइट्रोजन परमाणु का कौन सा कोश N₂ अणु के निर्माण में भाग लेता है?
- M
- K
- L
- N
Explanation:
- नाइट्रोजन (N) का परमाणु क्रमांक 7 है, इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 5 है (K = 2, L = 5)।
- N₂ अणु (त्रिबंध, N≡N) बनाने के लिए, प्रत्येक N परमाणु अपने L कोश (बाहरी कोश) के 3 इलेक्ट्रॉन साझा करता है, जिससे त्रिबंध बनता है और दोनों के L कोश में 8 इलेक्ट्रॉन (अष्टक) पूरे हो जाते हैं।
Quick Facts:
- N₂ में त्रिबंध (N≡N) बहुत स्थिर होता है, इसलिए नाइट्रोजन अक्रियाशील है।
- सहसंयोजक बंध में भाग लेने वाले इलेक्ट्रॉन ‘संयोजी इलेक्ट्रॉन’ (valence electrons) कहलाते हैं, जो बाहरी कोश में होते हैं।
रेडियोधर्मिता की SI इकाई क्या है?
- फैराडे
- बेकरल
- रदरफोर्ड
- क्यूरी
Explanation:
- रेडियोधर्मिता (Radioactivity) की SI इकाई बेकरल (Becquerel, Bq) है, जो प्रति सेकंड विघटनों (disintegrations) की संख्या को मापती है।
- 1 Bq = 1 विघटन/सेकंड
- क्यूरी (Ci) और रदरफोर्ड (Rd) पुरानी (गैर-SI) इकाइयाँ हैं, जिनका SI में बेकरल उपयोग होता है।
Quick Facts:
- 1 Ci = 3.7 × 10¹⁰ Bq
- बेकरल का नाम हेनरी बेक्वेरेल (रेडियोधर्मिता के खोजकर्ता) के नाम पर रखा गया है।
परमाणु और अणु केवल ऊर्जा के अस्तित्त पैकेट के रूप में ऊर्जा उत्सर्जित या अवशोषित कर सकते हैं, जिसे कहा जाता है?
- पुनरावर्ती
- अजीमुखल
- क्वांटा
- प्लैंक स्थिरांक
Explanation:
- प्लैंक के क्वांटम सिद्धांत के अनुसार, ऊर्जा का उत्सर्जन/अवशोषण सतत (continuous) नहीं बल्कि असतत (discrete) पैकेटों (पैकेट) में होता है, जिन्हें क्वांटा (Quanta) कहते हैं।
- एकल क्वांटम को ‘फोटॉन’ (photon) कहते हैं (प्रकाश के लिए)।
Quick Facts:
- ऊर्जा का क्वांटम E = hν (जहाँ h = प्लैंक स्थिरांक, ν = आवृत्ति)
- यह अवधारणा क्वांटम यांत्रिकी की नींव है।
परदे पर बनने वाले प्रतिबिम्ब को क्या कहा जाता है?
- वास्तविक
- आभासी
- काल्पनिक
- कुछ मामलों में वास्तविक
Explanation:
- परदे (screen) पर बनने वाला प्रतिबिम्ब वास्तविक (real) कहलाता है, क्योंकि प्रकाश किरणें वास्तव में उस बिंदु पर अभिसरित होती हैं।
- आभासी (virtual) प्रतिबिम्ब को परदे पर नहीं लिया जा सकता (यह दर्पण/लेंस के पीछे बनता है, जैसे समतल दर्पण में)।
Quick Facts:
- वास्तविक प्रतिबिंब = प्रकाश किरणें वास्तव में मिलती हैं → परदे पर बनता है, उल्टा (inverted)।
- आभासी प्रतिबिंब = प्रकाश किरणें मिलती नहीं, पर पीछे बढ़ाने पर मिलती हैं → सीधा (erect)।
निम्न में से कौन-सा उपकरण उच्च चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करने के लिए उपयोग किया जाता है जिसमें सोलेनॉइड और टोरॉयड का संयोजन उपयोग किया जाता है?
- जनक
- सिंक्रोट्रॉन
- सही करनेवाला
- द्वि-पोल
Explanation:
- सिंक्रोट्रॉन (Synchrotron) एक प्रकार का कण त्वरक (particle accelerator) है, जो आवेशित कणों (जैसे इलेक्ट्रॉन) को उच्च ऊर्जा तक त्वरित करने के लिए सोलेनॉइड और टोरॉयड के संयोजन का उपयोग करके अत्यधिक उच्च चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है।
- इसका उपयोग उच्च-ऊर्जा भौतिकी और सिंक्रोट्रॉन विकिरण (प्रकाश स्रोत) के लिए किया जाता है।
Quick Facts:
- सोलेनॉइड → सीधा चुंबकीय क्षेत्र, टोरॉयड → वृत्ताकार चुंबकीय क्षेत्र
- सिंक्रोट्रॉन का उपयोग कण भौतिकी (जैसे CERN) में होता है।
नाभिकीय रिएक्टर में ऊर्जा इनमें से किस नाभिकीय अभिक्रिया द्वारा उत्पन्न होती है?
- नाभिकीय विखंडन
- नाभिकीय संलयन
- नाभिकीय भंजन
- नाभिकीय उत्पादन
Explanation:
- नाभिकीय रिएक्टर (Nuclear reactor) में ऊर्जा नाभिकीय विखंडन (Nuclear fission) द्वारा उत्पन्न होती है, जिसमें भारी नाभिक (जैसे U-235) न्यूट्रॉन से बमबारी करने पर दो छोटे नाभिकों में विभाजित हो जाता है, जिससे बहुत अधिक ऊर्जा निकलती है।
- नाभिकीय संलयन (Fusion) सूर्य/तारों में होता है, पर रिएक्टरों में अभी तक व्यावसायिक रूप से नहीं (प्रायोगिक)।
Quick Facts:
- विखंडन अभिक्रिया: ²³⁵U + n → ¹⁴¹Ba + ⁹²Kr + 3n + ऊर्जा
- रिएक्टर में नियंत्रित श्रृंखला अभिक्रिया (controlled chain reaction) होती है।
निम्नलिखित में से किसकी खोज हेनरी बेक्वेरेल ने की थी?
- पराबैंगनी प्रकाश
- अवरक्त विकिरण
- एक्स-रे
- रेडियोधर्मिता
Explanation:
- हेनरी बेक्वेरेल (Henri Becquerel) ने 1896 में रेडियोधर्मिता (Radioactivity) की खोज की थी, जब उन्होंने पाया कि यूरेनियम लवण स्वतः ही विकिरण उत्सर्जित करते हैं, जो फोटोग्राफिक प्लेट को प्रभावित करते हैं।
- इस खोज के लिए उन्हें 1903 में नोबेल पुरस्कार मिला (मैरी क्यूरी और पियरे क्यूरी के साथ)।
Quick Facts:
- एक्स-रे की खोज: रॉन्टजेन (1895)
- रेडियोधर्मिता शब्द: मैरी क्यूरी द्वारा गढ़ा गया।
हीलियम और आर्गन में क्या समानता है?
- दोनों तत्व द्रव धातु हैं
- दोनों का बाह्यतम कोश पूर्णतः भरा होता है
- दोनों में उच्च विसरण दर होती है
- दोनों धातुओं का प्रयोग गुब्बारों में किया जाता है
Explanation:
- हीलियम (He) और आर्गन (Ar) दोनों उत्कृष्ट गैसें (noble gases) हैं, जिनका बाह्यतम कोश (valence shell) पूर्णतः भरा होता है (He: 2, Ar: 2, 8, 8)।
- इसी कारण ये रासायनिक रूप से अत्यंत स्थिर (अक्रिय) होते हैं।
Quick Facts:
- उत्कृष्ट गैसें: He, Ne, Ar, Kr, Xe, Rn (सभी के बाहरी कोश में 8 इलेक्ट्रॉन, He में 2)
- गुब्बारों में He (हाइड्रोजन के बजाय) का उपयोग किया जाता है (सुरक्षित, ज्वलनशील नहीं)।
गति के नियम बताते हैं कि गति में वस्तुएँ कैसे व्यवहार करती हैं। निम्नलिखित में से किसे इन नियमों के निर्माण का श्रेय दिया जाता है?
- जे.जे. थॉमसन
- माइकल फैराडे
- आइजैक न्यूटन
- अल्बर्ट आइंस्टीन
Explanation:
- गति के तीन नियम (Laws of Motion) आइजैक न्यूटन (Isaac Newton) द्वारा दिए गए थे, जिन्हें उनकी पुस्तक ‘Philosophiæ Naturalis Principia Mathematica’ (1687) में प्रकाशित किया गया।
- ये नियम शास्त्रीय यांत्रिकी (Classical Mechanics) के आधार हैं।
Quick Facts:
- न्यूटन के नियम: (1) जड़त्व, (2) F = ma, (3) क्रिया-प्रतिक्रिया
- जे.जे. थॉमसन → इलेक्ट्रॉन की खोज, फैराडे → विद्युत चुंबकत्व, आइंस्टीन → सापेक्षता
एक्स-किरणों की खोज किसने की?
- जोहान विल्हेम रिटर
- विल्हेम रॉन्टजेन
- एंटोनी हेनरी बेकरेल
- आइजैक न्यूटन
Explanation:
- एक्स-किरणों (X-rays) की खोज 1895 में जर्मन भौतिक विज्ञानी विल्हेम रॉन्टजेन (Wilhelm Röntgen) ने की थी।
- उन्होंने इन्हें ‘X-किरणें’ (अज्ञात) नाम दिया। इस खोज के लिए उन्हें पहला नोबेल पुरस्कार (1901) मिला।
Quick Facts:
- X-रे विद्युत चुम्बकीय विकिरण हैं, जिनकी तरंगदैर्घ्य 0.01-10 nm (पराबैंगनी और गामा के बीच) होती है।
- इनका उपयोग चिकित्सा निदान (हड्डियों की छवि) में होता है।
यदि हाइड्रोजन की दूसरी कक्षा में इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा –3.4 eV है, तो चौथी कक्षा में ऊर्जा कितनी होगी?
- –1.7 eV
- –6.8 eV
- –13.6 eV
- –0.85 eV
Equation: Eₙ = -13.6/n² eV → E₄ = -13.6/16 = -0.85 eV
Explanation:
- हाइड्रोजन परमाणु के लिए, nth कक्षा की ऊर्जा: Eₙ = -13.6/n² eV
- E₂ = -13.6/4 = -3.4 eV (दिया है, सही)
- E₄ = -13.6/16 = -0.85 eV
- जैसे-जैसे n बढ़ता है, ऊर्जा कम ऋणात्मक (अधिक) होती जाती है।
Quick Facts:
- E₁ = -13.6 eV (मूल अवस्था, ground state)
- E = 0 eV (आयनीकरण, n = ∞)
मानव शरीर के आंतरिक अंगों की छवियाँ प्राप्त करने के लिए कौन-सा उपकरण पराश्रव्य तरंगों का उपयोग करता है?
- X-रे मशीन
- CT स्कैनर
- MRI स्कैनर
- अल्ट्रासाउंड स्कैनर
Explanation:
- अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) स्कैनर उच्च-आवृत्ति (पराश्रव्य) ध्वनि तरंगों (20 kHz से अधिक) का उपयोग करके शरीर के आंतरिक अंगों (गर्भस्थ शिशु, हृदय, गुर्दे आदि) की छवियाँ बनाता है।
- X-रे/CT → आयनकारी विकिरण (ionizing radiation), MRI → चुंबकीय क्षेत्र + रेडियो तरंगें
Quick Facts:
- अल्ट्रासाउंड में किसी विकिरण (radiation) का उपयोग नहीं होता, इसलिए यह सुरक्षित है (गर्भावस्था में उपयोग)।
- इसे ‘सोनोग्राफी’ (sonography) भी कहते हैं।
इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर निश्चित पथों पर परिक्रमण करते हैं जिन्हें कहा जाता है।
- न्यूक्लिऑन
- दीर्घवृत्तीय पथ
- कोश या कक्षक
- क्वार्क
Explanation:
- बोहर के परमाणु मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर निश्चित वृत्तीय पथों (कक्षाओं) में परिक्रमण करते हैं, जिन्हें कोश (shells) या कक्षक (orbits) कहा जाता है (K, L, M, N…)।
- प्रत्येक कक्षा में ऊर्जा का एक निश्चित मान होता है।
Quick Facts:
- Bohr मॉडल: इलेक्ट्रॉन क्वांटम संख्या (n) द्वारा निर्दिष्ट कक्षाओं में घूमते हैं।
- कक्षक (orbital) शब्द का प्रयोग आधुनिक क्वांटम यांत्रिकी (कक्षीय) में भी होता है, पर यहाँ ‘कोश’ (shell) सही है।
परमाणुओं से प्राप्त ऊर्जा को ______ के रूप में जाना जाता है।
- सौर ऊर्जा
- ऊष्मा ऊर्जा
- परमाणु ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा
Explanation:
- परमाणुओं (नाभिक) से प्राप्त ऊर्जा को परमाणु ऊर्जा (Nuclear energy) कहते हैं, जो नाभिकीय विखंडन या संलयन से उत्पन्न होती है।
- रासायनिक ऊर्जा परमाणुओं के बीच के बंधों में, परमाणु ऊर्जा नाभिक के बंधन ऊर्जा (binding energy) से आती है, जो लाखों गुना अधिक होती है।
Quick Facts:
- E = mc² (आइंस्टीन) – द्रव्यमान-ऊर्जा समतुल्यता
- परमाणु ऊर्जा संयंत्र (nuclear power plants) विखंडन का उपयोग करते हैं।
एक्स-रे, जो अब चिकित्सा पद्धति में निदान के लिए दिन-ब-दिन आधार पर उपयोग किए जाते हैं, की खोज किसके द्वारा की गई थी?
- विल्हेम रॉन्टजेन
- नील्स बोहर
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड
- मैक्स बॉर्न
Explanation:
- एक्स-रे की खोज विल्हेम रॉन्टजेन (Wilhelm Röntgen) ने 1895 में की थी।
- इस खोज के लिए उन्हें 1901 में भौतिकी में पहला नोबेल पुरस्कार मिला।
- अन्य: बोहर → परमाणु मॉडल, रदरफोर्ड → नाभिक की खोज, मैक्स बॉर्न → क्वांटम यांत्रिकी।
Quick Facts:
- X-रे एक प्रकार की विद्युत चुम्बकीय तरंग है, जिसकी तरंगदैर्घ्य 0.01–10 nm होती है।
- इनका उपयोग हड्डियों, दाँतों, चिकित्सीय इमेजिंग में होता है।
RADAR का पूरा नाम क्या है?
- रेडियो डिटेक्शन एंड रेंजिंग
- रेडियो डाइवर्जेन्स एंड रेंजिंग
- रेडियो डिटेक्शन एंड रेडिएशन
- रेडियल डिटेक्टर्स एंड रेंजिंग
Explanation:
- RADAR (Radar) का पूरा रूप Radio Detection And Ranging है, जो रेडियो तरंगों का उपयोग करके वस्तुओं (विमान, जहाज, मौसम) का पता लगाने और उनकी दूरी मापने के लिए एक प्रणाली है।
- यह ‘समय-विलंब’ (time delay) और ‘डॉप्लर प्रभाव’ पर कार्य करता है।
Quick Facts:
- RADAR का विकास द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुआ था।
- इसका उपयोग सैन्य, मौसम विज्ञान, एयर ट्रैफिक नियंत्रण में होता है।
कार्बन 14 से किस प्रकार का विकिरण उत्सर्जित होता है?
- बीटा
- अल्फा
- गामा
- विकल्पों में से सभी
Explanation:
- कार्बन-14 (¹⁴C) एक रेडियोधर्मी समस्थानिक है, जो β⁻ (बीटा) विकिरण उत्सर्जित करता है।
- ¹⁴C → ¹⁴N + β⁻ + न्यूट्रिनो (अर्ध-आयु ≈ 5730 वर्ष)
- इसका उपयोग रेडियोकार्बन डेटिंग (C-14 dating) में होता है।
Quick Facts:
- α-कण → He-4 नाभिक (द्वि-आवेशित), β-कण → इलेक्ट्रॉन (या पॉज़िट्रॉन), γ-कण → उच्च-ऊर्जा फोटॉन
- C-14 कॉस्मिक किरणों (cosmic rays) से नाइट्रोजन पर बमबारी से बनता है।
रदरफोर्डच्या कोणत्या प्रयोगामुळे अणु केंद्रकाचा शोध लागला?
- अल्फा-कणांचा विकिरण
- बीटा-कणांचा विकिरण
- प्रकाशविद्युत परिणाम
- कॅथोड किरणांचा प्रयोग
Explanation:
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड (Ernest Rutherford) ने 1911 में अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग (Gold foil experiment) किया, जिसमें उन्होंने स्वर्ण पत्री पर अल्फा कणों की बमबारी की।
- इस प्रयोग से यह निष्कर्ष निकला कि परमाणु में एक सघन, धनात्मक आवेशित केंद्र (नाभिक) होता है।
Quick Facts:
- अधिकांश α-कण सीधे गुजरे, कुछ छोटे कोणों पर विक्षेपित हुए, बहुत कम (≈ 1/20,000) 180° पर पीछे लौटे।
- इस मॉडल को ‘परमाणु का नाभिकीय मॉडल’ (nuclear model) कहते हैं।
नाभिक के सहज विघटन की प्रक्रिया क्या है?
- रेडियोधर्मिता
- परमाणु संलयन
- रेडियोआइसोटोप (विकिरण समस्थानिक)
- परमाणु विखंडन
Explanation:
- नाभिक का सहज (स्वतः) विघटन (spontaneous decay) रेडियोधर्मिता (Radioactivity) कहलाता है।
- इसमें अस्थिर नाभिक α, β, या γ विकिरण उत्सर्जित करके अधिक स्थिर नाभिक में बदल जाता है।
- यह प्रक्रिया बाहरी उत्तेजना के बिना होती है।
Quick Facts:
- रेडियोधर्मी क्षय एक सांख्यिकीय (statistical) प्रक्रिया है, जिसकी दर अर्ध-आयु (half-life) से निर्धारित होती है।
- इसकी खोज बेक्वेरेल ने की थी।
इंट्रिंसिक (intrinsic) अर्धचालक में-
- इलेक्ट्रॉन और होल्स दोनों वाहक होते हैं, जिसमें होल्स अल्पसंख्यक वाहक (minority carriers) होते हैं।
- केवल होल्स धारा का वाहक होता है।
- इलेक्ट्रॉन और होल्स दोनों धारा के वाहक होते हैं।
- केवल इलेक्ट्रॉन धारा का वाहक होता है।
Explanation:
- इंट्रिंसिक (शुद्ध) अर्धचालक (जैसे Si, Ge) में, ऊष्मीय ऊर्जा के कारण कुछ सहसंयोजक बंध टूट जाते हैं, जिससे समान संख्या में इलेक्ट्रॉन और होल (छिद्र) उत्पन्न होते हैं।
- अतः इलेक्ट्रॉन और होल्स दोनों धारा के वाहक होते हैं (बहुसंख्यक/अल्पसंख्यक का विभाजन एक्सट्रिंसिक अर्धचालक में होता है)।
Quick Facts:
- इंट्रिंसिक अर्धचालक: n = p (इलेक्ट्रॉन सांद्रता = होल सांद्रता)
- एक्सट्रिंसिक (अशुद्ध) अर्धचालक: p-type (होल बहुसंख्यक) या n-type (इलेक्ट्रॉन बहुसंख्यक)।
आधुनिक आवर्त सारणी में किसी आवर्त में गतिमान होने पर परमाणु क्रमांक की प्रवृत्ति क्या होती है?
- द्रव्यमान संख्या एक इकाई बढ़ जाती है।
- परमाणु संख्या एक इकाई घट जाती है।
- परमाणु संख्या में दो इकाई की वृद्धि होती है।
- परमाणु संख्या एक इकाई बढ़ जाती है।
Explanation:
- एक आवर्त (period) में बाएँ से दाएँ जाने पर, प्रत्येक तत्व की परमाणु संख्या (Z) एक इकाई बढ़ती है (क्योंकि नाभिक में एक अतिरिक्त प्रोटॉन जुड़ता है)।
- यही कारण है कि आवर्त सारणी को परमाणु क्रमांक के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित किया गया है (मोस्ले का नियम)।
Quick Facts:
- आवर्त में बाएँ से दाएँ: Z बढ़ता है, परमाणु त्रिज्या घटती है, विद्युत ऋणात्मकता बढ़ती है।
- समूह में ऊपर से नीचे: Z बढ़ता है, परमाणु त्रिज्या बढ़ती है, विद्युत ऋणात्मकता घटती है।
रदरफोर्ड के अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग से निम्नलिखित में से किस अवलोकन ने यह निष्कर्ष निकाला कि परमाणु का अधिकांश आयतन रिक्त है?
- कुछ अल्फा कण 180° से विक्षेपित हुए।
- अल्फा कण परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की ओर आकर्षित हुए।
- कुछ अल्फा कण छोटे कोणों से विक्षेपित हुए।
- अधिकांश अल्फा कण स्वर्ण पत्री से सीधे गुजर गए।
Explanation:
- रदरफोर्ड के प्रयोग में, अधिकांश (99% से अधिक) α-कण स्वर्ण पत्री (gold foil) से सीधे गुजर गए, जिससे यह निष्कर्ष निकला कि परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त (empty space) है।
- कुछ कण छोटे कोणों पर विक्षेपित हुए (धनात्मक नाभिक के निकट से गुजरने पर), और बहुत कम 180° पर (नाभिक से सीधे टकराने पर)।
Quick Facts:
- इस प्रयोग ने ‘नाभिकीय मॉडल’ (nuclear model) को जन्म दिया।
- नाभिक अत्यंत छोटा (≈ 10⁻¹⁵ m) और घना होता है, परमाणु का अधिकांश आयतन (≈ 10⁻¹⁰ m) रिक्त होता है।
निम्न ऊर्जा न्यूट्रॉन के द्वारा बमबारी करने पर रेडियोधर्मी परमाणु के भारी नाभिक का छोटे नाभिक में विभाजित होने की प्रक्रिया निम्नलिखित में से कौन सी है?
- नाभिकीय विखंडन
- नाभिकीय संलयन
- रेडियोआइसोटोप
- रेडियोधर्मी क्षय
Explanation:
- भारी नाभिक (जैसे U-235) का धीमे (निम्न ऊर्जा) न्यूट्रॉन से बमबारी करने पर छोटे नाभिकों में विभाजन नाभिकीय विखंडन (Nuclear fission) है।
- उदाहरण: ²³⁵U + n → ¹⁴¹Ba + ⁹²Kr + 3n + ऊर्जा
- यह प्रक्रिया नाभिकीय रिएक्टरों और परमाणु बमों का आधार है।
Quick Facts:
- न्यूट्रॉन ऊर्जा: थर्मल (≈ 0.025 eV) → धीमा, फास्ट (≈ MeV) → तीव्र
- विखंडन में द्रव्यमान क्षति (mass defect) होती है, जो ऊर्जा (E = mc²) में परिवर्तित हो जाती है।
‘इलेक्ट्रॉन’ की खोज किसके द्वारा की गई?
- माइकल फैराडे
- जे.जे. थॉमसन
- अल्बर्ट आइंस्टीन
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड
Explanation:
- इलेक्ट्रॉन (Electron) की खोज 1897 में ब्रिटिश भौतिक विज्ञानी जे.जे. थॉमसन (J.J. Thomson) ने कैथोड किरणों के प्रयोग के माध्यम से की थी।
- इस खोज के लिए उन्हें 1906 में नोबेल पुरस्कार मिला।
Quick Facts:
- थॉमसन ने ‘प्लम पुडिंग मॉडल’ (जिसे अब अस्वीकार कर दिया गया है) प्रस्तावित किया।
- इलेक्ट्रॉन का आवेश e = 1.6 × 10⁻¹⁹ C, द्रव्यमान m = 9.1 × 10⁻³¹ kg
1931 में किसने एक नए कण के अस्तित्व की भविष्यवाणी की थी, जिसे अब न्यूट्रिनो के रूप में जाना जाता है, β-क्षय के लिए ऊर्जा और संवेग के संरक्षण नियमों का उपयोग करते हुए?
- पॉल डिराक
- वोल्फगैंग पाउली
- एनरिको फर्मी
- नील्स बोहर
Explanation:
- न्यूट्रिनो (Neutrino) के अस्तित्व की भविष्यवाणी 1931 में वोल्फगैंग पाउली (Wolfgang Pauli) ने की थी, ताकि β-क्षय (बीटा क्षय) में ऊर्जा और संवेग के संरक्षण नियम को बनाए रखा जा सके।
- इसका प्रायोगिक सत्यापन 1956 में किया गया (काउन और रेइन्स)।
Quick Facts:
- न्यूट्रिनो एक अत्यंत हल्का, उदासीन (neutral) कण है, जो पदार्थ के साथ बहुत कम अंतःक्रिया करता है।
- पाउली ने इसे ‘एक छोटा, तटस्थ कण’ (small neutral particle) कहा था।
विद्युत चुम्बकीय विकिरण (प्रकाश) से संबंधित ऊर्जा का एक असतत पैकेट है, जिसमें ऊर्जा E होती है जो विकिरण की आवृत्ति v के समानुपाती होती है।
- इलेक्ट्रॉन
- प्रोटॉन
- न्यूट्रॉन
- फोटॉन
Equation: E = hv
Explanation:
- विद्युत चुम्बकीय विकिरण (प्रकाश) का ऊर्जा पैकेट फोटॉन (Photon) कहलाता है।
- फोटॉन की ऊर्जा E = hν (प्लैंक का संबंध), जहाँ h = प्लैंक स्थिरांक, ν = आवृत्ति।
- फोटॉन में द्रव्यमान और आवेश शून्य होते हैं, पर संवेग होता है (p = h/λ)।
Quick Facts:
- फोटॉन का प्रस्ताव मैक्स प्लैंक (1900) और आइंस्टीन (प्रकाश विद्युत प्रभाव, 1905) ने दिया था।
- प्रकाश का ‘द्वैत स्वभाव’ (wave-particle duality) – फोटॉन कण और तरंग दोनों गुण दिखाता है।
LASER का पूरा रूप क्या है?
- Lower Application of System Emission of Radioactivity
- Learning to Amplify and Stimulate Emission of Radiation
- Light Addition to Systematic Electromagnetic Radiation
- Light Amplification by Stimulated Emission of Radiation
Explanation:
- LASER का पूरा रूप Light Amplification by Stimulated Emission of Radiation (विकिरण के उद्दीप्त उत्सर्जन द्वारा प्रकाश प्रवर्धन) है।
- LASER एक ऐसा उपकरण है जो एकवर्णी (monochromatic), संगत (coherent), और अत्यधिक दिशात्मक (highly directional) प्रकाश उत्पन्न करता है।
Quick Facts:
- पहला LASER (रूबी लेजर) 1960 में थियोडोर मैमेन (Theodore Maiman) ने बनाया था।
- LASER का उपयोग चिकित्सा (LASIK), संचार, कटाई, मापन आदि में होता है।
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल में, निम्नलिखित में से कौन-से कण हीलियम आयनों पर दोहरे आवेशित होते हैं?
- गामा कण
- अल्फा कण
- डेल्टा कण
- बीटा कण
Explanation:
- अल्फा कण (α-particle) हीलियम नाभिक (⁴He²⁺) होते हैं, जिन पर दोहरा धनात्मक आवेश (+2e) होता है।
- रदरफोर्ड ने अपने प्रयोग में α-कणों (द्वि-आवेशित He आयनों) का उपयोग किया था।
- β-कण → इलेक्ट्रॉन (ऋणात्मक), γ-कण → विद्युत चुम्बकीय विकिरण (आवेशहीन)
Quick Facts:
- α-कण का आवेश +2e, द्रव्यमान ≈ 4 u (हीलियम नाभिक)
- α-कण सबसे कम भेदन (penetrating) क्षमता वाले होते हैं, पर आयनीकरण (ionizing) क्षमता उच्च होती है।
जब त्वरित इलेक्ट्रॉनों की धारा किसी धातु के लक्ष्य से टकराती है, तो कौन सी विकिरण उत्सर्जित होती है?
- Y-किरण
- कैथोड किरण
- एक्स-किरण
- α-किरण
Explanation:
- जब त्वरित (उच्च-वेग) इलेक्ट्रॉनों की धारा किसी धातु (जैसे टंगस्टन, W) के लक्ष्य से टकराती है, तो एक्स-किरणें (X-rays) उत्सर्जित होती हैं।
- यह ब्रेम्सस्ट्रालुंग (Bremsstrahlung) और अभिलाक्षणिक (characteristic) X-रे उत्पादन का सिद्धांत है (X-रे ट्यूब में)।
Quick Facts:
- X-रे विद्युत चुम्बकीय विकिरण हैं, जिनकी तरंगदैर्घ्य 0.01-10 nm होती है।
- इनका उपयोग मेडिकल इमेजिंग, खनिज विश्लेषण, सुरक्षा स्कैनिंग में होता है।
द्वि-आवेशित हीलियम आयन को निम्नलिखित में से किसके रूप में भी जाना जाता है?
- गामा कण
- एक्स-रे
- बीटा कण
- अल्फा कण
Explanation:
- द्वि-आवेशित हीलियम आयन (He²⁺) को अल्फा कण (α-particle) कहते हैं, क्योंकि यह हीलियम-4 नाभिक है, जिसमें 2 प्रोटॉन और 2 न्यूट्रॉन होते हैं, पर कोई इलेक्ट्रॉन नहीं होता।
- यह रेडियोधर्मी क्षय में उत्सर्जित होता है।
Quick Facts:
- α-कण का संकेत: ⁴He²⁺ या ⁴₂α
- α-कण की भेदन क्षमता न्यूनतम होती है (कागज की एक शीट से भी रुक जाता है), पर आयनीकरण क्षमता उच्चतम।
इकोकार्डियोग्राफी में _____ का उपयोग किया जाता है।
- जैवविद्युत
- विकिरण
- अल्ट्रासाउंड
- X-रे
Explanation:
- इकोकार्डियोग्राफी (Echocardiography) हृदय की छवियाँ बनाने के लिए अल्ट्रासाउंड (पराश्रव्य ध्वनि तरंगों) का उपयोग करती है।
- यह एक गैर-आक्रामक (non-invasive) तकनीक है, जो हृदय की संरचना और कार्य को दिखाती है।
Quick Facts:
- इसे ‘हृदय का अल्ट्रासाउंड’ (cardiac ultrasound) भी कहते हैं।
- यह X-रे या विकिरण का उपयोग नहीं करता, इसलिए सुरक्षित है।
प्रोटियम, ड्यूटेरियम और ट्राइटियम हाइड्रोजन परमाणु के _____ हैं।
- समस्थानिक
- संमोच्च रेखा
- समभारिक
- संतुलन
Explanation:
- प्रोटियम (¹H), ड्यूटेरियम (²H), ट्राइटियम (³H) हाइड्रोजन के समस्थानिक (Isotopes) हैं, क्योंकि इनकी परमाणु संख्या (Z=1) समान है, पर द्रव्यमान संख्या (1, 2, 3) भिन्न है।
- समभारिक (Isobars) में द्रव्यमान संख्या समान, परमाणु संख्या भिन्न होती है (जैसे ¹⁴C और ¹⁴N)।
Quick Facts:
- प्रोटियम: ¹H (1 प्रोटॉन, 0 न्यूट्रॉन)
- ड्यूटेरियम: ²H (1 प, 1 न), ट्राइटियम: ³H (1 प, 2 न) – ट्राइटियम रेडियोधर्मी है (β⁻ उत्सर्जक)।
बोहर के परमाणु मॉडल के अनुसार, परमाणु में इलेक्ट्रॉन………………..।
- परमाणु में स्थिर होते हैं और फोटॉनों से टकराने पर ऊर्जा उत्सर्जित करते हैं
- धनात्मक रूप से आवेशित गोले में खीर में आलूबुखारे की तरह अंतर्निहित होते हैं
- स्थिर वृत्तीय कक्षाओं में घूमते हैं और इन कक्षाओं में रहते हुए ऊर्जा का विकिरण नहीं करते हैं
- नाभिक के चारों ओर अंडाकार कक्षाओं में घूमते हैं और निरंतर ऊर्जा उत्सर्जित करते हैं
Explanation:
- बोहर (Bohr) मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर स्थिर वृत्तीय कक्षाओं (stationary orbits) में घूमते हैं, और इन कक्षाओं में रहते हुए वे ऊर्जा का विकिरण (radiation) नहीं करते।
- ऊर्जा का उत्सर्जन/अवशोषण तभी होता है जब इलेक्ट्रॉन एक कक्षा से दूसरी कक्षा में संक्रमण (transition) करता है।
Quick Facts:
- यह मॉडल थॉमसन (प्लम पुडिंग) और रदरफोर्ड (नाभिक) मॉडल की कमियों को दूर करता है।
- परमाणु का अंडाकार कक्षा मॉडल → सोमरफेल्ड (Sommerfeld) का था।
गर्म बर्तन से ऊष्मा हानि के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित में से कौन-सी प्रक्रिया उत्तरदायी है?
- विकिरण
- चालन
- अवशोषण
- संवहन
Explanation:
- गर्म बर्तन (गर्म वस्तु) से ऊष्मा हानि मुख्यतः विकिरण (Radiation) द्वारा होती है, क्योंकि यह माध्यम (वायु) के बिना भी विद्युत चुम्बकीय तरंगों के रूप में ऊष्मा का स्थानांतरण करती है।
- चालन (Conduction) और संवहन (Convection) के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है, पर विकिरण निर्वात में भी होता है (जैसे सूर्य से ऊष्मा)।
Quick Facts:
- विकिरण: ऊष्मा का स्थानांतरण विद्युत चुम्बकीय तरंगों (IR) द्वारा
- उदाहरण: गर्म लोहे का ताप (इंफ्रारेड विकिरण) – यही कारण है कि गर्म बर्तन को छुए बिना भी गर्मी महसूस होती है।
निम्नलिखित में से कौन सी परिकल्पना/सिद्धांत गैस और धूल के घूमने वाले बादल से सौर मंडल के निर्माण की व्याख्या करता है?
- बिग बैंग सिद्धांत
- नेब्यूलर परिकल्पना
- महाद्वीपीय बहाव सिद्धांत
- प्लेट टेक्टोनिक्स सिद्धांत
Explanation:
- नेब्यूलर परिकल्पना (Nebular hypothesis) – यह सिद्धांत (जो इमैनुएल कांट और पियरे-साइमन लाप्लास द्वारा प्रस्तावित किया गया था) सौर मंडल की उत्पत्ति को गैस और धूल के एक घूमते हुए बादल (नेब्यूला) से समझाता है, जो संकुचित होकर सूर्य और ग्रहों का निर्माण करता है।
- बिग बैंग → ब्रह्मांड की उत्पत्ति, महाद्वीपीय बहाव/प्लेट टेक्टोनिक्स → पृथ्वी की संरचना।
Quick Facts:
- नेब्यूलर परिकल्पना सौर मंडल निर्माण का सबसे स्वीकृत सिद्धांत है (आधुनिक रूप ‘सौर नेब्यूला सिद्धांत’)।
- यह कोणीय संवेग (angular momentum) के संरक्षण पर आधारित है।
______ अर्धचालक है।
- Ga
- Pb
- Ge
- Sn
Explanation:
- Ge (जर्मेनियम) एक अर्धचालक (semiconductor) है, जिसका उपयोग ट्रांजिस्टर, डायोड आदि में होता है (Si के साथ)।
- Ga (गैलियम) → धातु, Pb (लेड) → धातु, Sn (टिन) → धातु (हालाँकि Sn का ग्रे अलॉट्रोप अर्धचालक हो सकता है, पर Ge मुख्य अर्धचालक है)।
Quick Facts:
- अर्धचालक: Si (सिलिकॉन), Ge (जर्मेनियम) – समूह 14 के तत्व
- GaAs (गैलियम आर्सेनाइड) भी एक अर्धचालक है (III-V यौगिक)।
निम्नलिखित में से कौन-सी विद्युत चुम्बकीय तरंग है?
- एक्स-रे
- बीटा रे
- अल्फा रे
- श्रव्य तरंग
Explanation:
- एक्स-रे (X-rays) विद्युत चुम्बकीय तरंगें (electromagnetic waves) हैं, जिन्हें संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।
- α और β कण कणिका (particulate) विकिरण हैं (नाभिकीय कण), श्रव्य (audible) तरंगें यांत्रिक (mechanical) तरंगें हैं (माध्यम आवश्यक)।
Quick Facts:
- EM तरंगें: रेडियो, माइक्रोवेव, IR, दृश्य प्रकाश, UV, X-रे, γ-रे (आवृत्ति/ऊर्जा बढ़ते क्रम में)
- X-रे की चाल निर्वात में = 3 × 10⁸ m/s
ध्वनि की SI इकाई का नाम किस भौतिक वैज्ञानिक के सम्मान पर रखा गया था?
- हेनरिक रुडोल्फ हर्ट्ज
- अल्बर्ट आइंस्टीन
- जे.सी. मैक्सवेल
- वर्नर कार्ल हाइजेनबर्ग
Explanation:
- ध्वनि (आवृत्ति) की SI इकाई हर्ट्ज (Hz) है, जिसे जर्मन भौतिक विज्ञानी हेनरिक रुडोल्फ हर्ट्ज (Heinrich Rudolf Hertz) के सम्मान में नामित किया गया है।
- उन्होंने विद्युत चुम्बकीय तरंगों के अस्तित्व को प्रयोगात्मक रूप से सिद्ध किया (1887)।
Quick Facts:
- 1 Hz = 1 चक्र/सेकंड (cycle per second)
- हर्ट्ज ने रेडियो तरंगों की खोज की, और उनके नाम पर आवृत्ति की इकाई रखी गई।
SI इकाइयों में व्यक्त करने पर एक रॉन्टजेन (R) का मान क्या होता है?
- 1.0 × 10⁻³ ग्रे
- 2.58 × 10⁻⁴ कूलॉम प्रति किलोग्राम
- 1.6 × 10⁻¹⁹ कूलॉम
- 3.7 × 10¹⁰ विघटन प्रति सेकंड
Explanation:
- रॉन्टजेन (R) एक्स-रे और γ-रे के आयनीकरण प्रभाव की पुरानी (गैर-SI) इकाई है।
- 1 R = 2.58 × 10⁻⁴ C/kg (कूलॉम प्रति किलोग्राम) (SI मात्रक में)
- यह हवा में आयनों के आवेश को मापता है (विकिरण के परिणामस्वरूप)।
Quick Facts:
- अवशोषित खुराक (absorbed dose) की SI इकाई: ग्रे (Gray, Gy) = 1 J/kg
- समतुल्य खुराक (equivalent dose) की SI इकाई: सीवर्ट (Sievert, Sv)
