SCIENCE

जब हम किसी बस में ड्राइवर की ओर मुँह करके खड़े होते हैं और बस अचानक सीधी चलना शुरू करती है, तो हम गिरने लगते हैं:

  • दाहिनी ओर
  • बायीं ओर
  • आगे
  • पीछे

Explanation:

  • जब बस अचानक सीधी चलना शुरू (Suddenly starts moving) करती है, तो हम “पीछे” (Backward) गिरने लगते हैं।
  • यह जड़त्व (Inertia) के कारण होता है – हमारा शरीर विराम अवस्था (Rest) में बने रहना चाहता है, जबकि बस गति (Motion) में आ जाती है।
  • यह न्यूटन का पहला नियम (Newton’s First Law – Law of Inertia) है: “बाहरी बल के अभाव में कोई वस्तु अपनी विराम अवस्था या एकसमान गति की अवस्था में बनी रहती है।”
  • अतिरिक्त तथ्य: यदि बस अचानक रुकती (Stops) है, तो हम आगे (Forward) गिरते हैं।

कोई कण एक सरल रेखा में गतिमान है। कण 8 सेकंड में 40 m का विस्थापन तय करता है। इसका औसत वेग कितना है?

  • 40 m/s
  • 8 m/s
  • 4 m/s
  • 5 m/s

Explanation:

  • औसत वेग (Average Velocity) = कुल विस्थापन / कुल समय
  • \(v_{avg} = \frac{40}{8} = 5\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: औसत चाल (Average Speed) = कुल दूरी/कुल समय, जबकि औसत वेग = कुल विस्थापन/कुल समय (सदिश राशि – Vector Quantity)।

जब कोई वस्तु एकसमान वेग से गतिमान होती है, तो उसका त्वरण कितना होता है?

  • असमान
  • ऋणात्मक
  • धनात्मक
  • शून्य

Explanation:

  • जब कोई वस्तु “एकसमान वेग” (Uniform Velocity) से गतिमान होती है, तो उसका त्वरण (Acceleration) “शून्य” (Zero) होता है।
  • त्वरण = वेग में परिवर्तन की दर: \(a = \frac{\Delta v}{\Delta t}\)
  • एकसमान वेग में \(\Delta v = 0\) → \(a = 0\)
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान त्वरित गति (Uniformly Accelerated Motion) में त्वरण स्थिर (Constant) होता है (धनात्मक/ऋणात्मक)।

______ को किसी वस्तु द्वारा तय की गई कुल पथ लंबाई और गति के कुल समयांतराल के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है।

  • तात्कालिक त्वरण
  • तात्कालिक वेग
  • औसत चाल
  • एकसमान त्वरण

Explanation:

  • “औसत चाल” (Average Speed) को किसी वस्तु द्वारा तय की गई कुल पथ लंबाई (Total Path Length) और गति के कुल समयांतराल (Total Time Interval) के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है।
  • औसत चाल = \(\frac{\text{कुल दूरी}}{\text{कुल समय}}\)
  • यह एक अदिश राशि (Scalar Quantity) है (दिशा की आवश्यकता नहीं)।
  • अतिरिक्त तथ्य: औसत वेग (Average Velocity) – सदिश राशि (Vector Quantity) – दिशा की आवश्यकता होती है।

एक ध्वनि तरंग की तरंगदैर्घ्य 0.5 m और आवृत्ति 680 Hz है। ध्वनि की चाल कितनी है?

  • 340 m/s
  • 1360 m/s
  • 680 m/s
  • 170 m/s

Explanation:

  • तरंग समीकरण: \(v = f \times \lambda\)
  • दिया गया: \(f = 680\) Hz, \(\lambda = 0.5\) m
  • \(v = 680 \times 0.5 = 340\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: ध्वनि की चाल माध्यम (Medium) पर निर्भर करती है – वायु में ~340 m/s, जल में ~1480 m/s, इस्पात में ~5000 m/s।

समय ‘t’ में किसी वस्तु द्वारा तय की गई दूरी x = a + bt + ct² द्वारा दी गई है। ‘c’ को पहचानें।

  • वेग
  • चाल
  • दूरी
  • त्वरण

Explanation:

  • दूरी का समीकरण: \(x = a + bt + ct^2\)
  • वेग (v) = \(\frac{dx}{dt} = b + 2ct\)
  • त्वरण (a) = \(\frac{dv}{dt} = 2c\)
  • इसलिए, ‘c’ “त्वरण” (Acceleration) से संबंधित है (अर्ध-त्वरण: \(a = 2c\) → \(c = a/2\)।
  • अतिरिक्त तथ्य: यह गति के समीकरण (Equations of Motion) का एक रूप है: \(s = ut + \frac{1}{2}at^2\) (a = प्रारंभिक स्थिति, b = प्रारंभिक वेग, c = a/2) ।

निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इधर-उधर दोलन करते हुए लोलक की गति को परिभाषित नहीं करता है?

  • लोलक त्वरित गति प्रदर्शित करता है
  • लोलक आवर्ती गति प्रदर्शित करता है
  • लोलक एकसमान दोलन गति प्रदर्शित करता है
  • लोलक असमान दोलन गति प्रदर्शित करता है

Explanation:

  • “लोलक एकसमान दोलन गति प्रदर्शित करता है” – यह कथन सही नहीं है, क्योंकि लोलक की गति एकसमान (Uniform) नहीं होती है।
  • लोलक की गति:
    • आवर्ती (Periodic) – नियमित अंतराल पर दोहराव।
    • असमान दोलन (Non-uniform Oscillation) – वेग स्थिर नहीं (चरम बिंदु पर शून्य, मध्य बिंदु पर अधिकतम)।
    • त्वरित (Accelerated) – त्वरण स्थिर नहीं (सरल आवर्त गति – SHM)।
  • अतिरिक्त तथ्य: लोलक की गति सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion – SHM) का एक उदाहरण है (छोटे कोणों के लिए)।

एक दौड़ में, एक लड़का विरामावस्था से दौड़ना शुरू करता है और 5 मिनट में 60 m/s के वेग तक पहुंच जाता है। यदि त्वरण एकसमान है, तो इस अवधि के दौरान लड़के द्वारा तय की गई दूरी और त्वरण क्रमशः ______ और ______ हैं।

  • 9 km और 0.2 m/s²
  • 9000 m और 12 m/s²
  • 600 m और 0.2 m/s²
  • 9 km और 20 m/s²

Explanation:

  • प्रारंभिक वेग (u) = 0, अंतिम वेग (v) = 60 m/s, समय (t) = 5 मिनट = 300 s
  • त्वरण: \(a = \frac{v – u}{t} = \frac{60 – 0}{300} = 0.2\) m/s²
  • दूरी: \(s = ut + \frac{1}{2}at^2 = 0 + \frac{1}{2}(0.2)(300)^2 = 0.1 \times 90000 = 9000\) m = 9 km
  • अतिरिक्त तथ्य: गति के समीकरण: \(v = u + at\), \(s = ut + \frac{1}{2}at^2\), \(v^2 = u^2 + 2as\)

एक कार का ओडोमीटर यात्रा की शुरुआत में 3000 km और अंत में 3200 km दिखाता है। यदि यात्रा में 4 घंटे लगते हैं, तो कार की औसत चाल कितनी है?

  • 25 km/hr
  • 75 km/hr
  • 50 km/hr
  • 100 km/hr

Explanation:

  • ओडोमीटर (Odometer) दूरी (Distance) मापता है।
  • तय की गई दूरी = 3200 – 3000 = 200 km
  • समय = 4 घंटे
  • औसत चाल = \(\frac{200}{4} = 50\) km/hr
  • अतिरिक्त तथ्य: स्पीडोमीटर (Speedometer) चाल (Speed) मापता है, जबकि ओडोमीटर दूरी (Distance) मापता है।

0.5 kg द्रव्यमान की एक गेंद ऊर्ध्वाधर रूप से ऊपर की ओर फेंकी जाती है और 20 m की ऊँचाई तक पहुँचती है। गेंद का प्रारंभिक वेग है:

  • 20 m/s
  • 15 m/s
  • 25 m/s
  • 10 m/s

Explanation:

  • गति का तीसरा समीकरण: \(v^2 = u^2 + 2as\)
  • उच्चतम बिंदु पर अंतिम वेग \(v = 0\)
  • त्वरण \(a = -g = -10\) m/s² (गुरुत्व के विपरीत)
  • ऊँचाई \(s = 20\) m
  • \(0 = u^2 – 2 \times 10 \times 20\)
  • \(u^2 = 400\) → \(u = 20\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: द्रव्यमान (0.5 kg) गणना में उपयोगी नहीं है (ऊर्जा संरक्षण: \(mgh = \frac{1}{2}mu^2\) → \(u = \sqrt{2gh}\))।

किसी कण का वेग-समय ग्राफ, ऋणात्मक प्रवणता वाली एक सरल रेखा है। यह कण की गति के बारे में क्या इंगित करती है?

  • कण, विराम में है।
  • यदि कण, धनात्मक दिशा में गति कर रहा है, तो उसकी गति धीमी हो रही है।
  • कण, बढ़ते त्वरण के साथ गति कर रहा है।
  • कण, धनात्मक दिशा में शीघ्रता से बढ़ रहा है।

Explanation:

  • वेग-समय (v-t) ग्राफ की ऋणात्मक प्रवणता (Negative Slope) → ऋणात्मक त्वरण (Negative Acceleration – मंदन/Retardation)।
  • यदि कण धनात्मक दिशा (Positive Direction) में गति कर रहा है और त्वरण ऋणात्मक है, तो “उसकी गति धीमी हो रही है” (Slowing down) – \(v\) घट रहा है।
  • अतिरिक्त तथ्य: धनात्मक प्रवणता (Positive Slope) → धनात्मक त्वरण (गति तेज हो रही है), शून्य प्रवणता (Zero Slope) → शून्य त्वरण (एकसमान गति)।

यदि वेग और चुंबकीय क्षेत्र दोनों एक दूसरे के लंबवत हैं, तो कणों की गति का पथ है:

  • भंवर
  • वृत्ताकार
  • सीधा
  • कुंडलित

Explanation:

  • यदि वेग (Velocity) और चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) एक दूसरे के लंबवत (Perpendicular) हैं, तो कणों की गति का पथ “वृत्ताकार” (Circular) होता है।
  • यह लॉरेंज बल (Lorentz Force) के कारण होता है: \(\vec{F} = q(\vec{v} \times \vec{B})\)
  • जब \(\vec{v} \perp \vec{B}\), तो बल अभिकेन्द्री (Centripetal) होता है, जो कण को वृत्ताकार पथ (Circular Path) पर गति कराता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: यदि वेग और चुंबकीय क्षेत्र समानांतर (Parallel) हैं, तो पथ सीधा (Straight) होता है।

एक वस्तु को 14 ms⁻¹ की चाल से ऊपर की ओर फेंका गया और यह 10 m ऊपर गया। उच्चतम बिंदु तक पहुँचने के लिए वस्तु द्वारा लिए गए समय की गणना करें।

  • 1.63 s
  • 1.43 s
  • 1.53 s
  • 1.33 s

Explanation:

  • गति का पहला समीकरण: \(v = u – gt\) (उर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंके जाने पर)
  • उच्चतम बिंदु पर अंतिम वेग \(v = 0\), प्रारंभिक वेग \(u = 14\) m/s, \(g = 9.8\) m/s²
  • \(0 = 14 – 9.8t\) → \(t = 14/9.8 = 1.4286 \approx 1.43\) s
  • अतिरिक्त तथ्य: उच्चतम बिंदु (Highest Point) – वह बिंदु जहाँ वेग शून्य होता है और वस्तु क्षण भर के लिए रुकती है।

औसत वेग का सूत्र क्या है?

  • Vav = (u – v)/2
  • Vav = (u + v)/2
  • Vav = u + v
  • V = S × t

Explanation:

  • औसत वेग (Average Velocity) का सूत्र (एकसमान त्वरण के लिए): \(V_{av} = \frac{u + v}{2}\)
  • जहाँ \(u\) = प्रारंभिक वेग (Initial Velocity), \(v\) = अंतिम वेग (Final Velocity)
  • यह गति के समीकरणों (Equations of Motion) से व्युत्पन्न होता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: \(V_{av} = \frac{\text{कुल विस्थापन}}{\text{कुल समय}}\) – यह सामान्य परिभाषा है (हर स्थिति में सत्य)।

निम्नलिखित में से कौन सा वेग-समय संबंध के लिए समीकरण है?

  • s = ut + ½at²
  • u = v + at
  • 2as = v² – u²
  • v = u + at

Explanation:

  • वेग-समय संबंध (Velocity-Time Relation) के लिए समीकरण: v = u + at
  • यह गति का पहला समीकरण (First Equation of Motion) है।
  • अन्य समीकरण: s = ut + ½at² (दूरी-समय संबंध), v² = u² + 2as (वेग-दूरी संबंध)।
  • अतिरिक्त तथ्य: ये समीकरण एकसमान त्वरण (Uniform Acceleration) के लिए मान्य हैं।

धारावाही परिनालिका के अन्दर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ किस प्रकार विन्यासित होती है?

  • केंद्र से अरीय
  • समानांतर और समान दूरी पर
  • असमानांतर
  • वृत्ताकार

Explanation:

  • धारावाही परिनालिका (Current-carrying Solenoid) के अंदर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ (Magnetic Field Lines) “समानांतर और समान दूरी पर” (Parallel and equally spaced) विन्यासित होती हैं।
  • यह एकसमान चुंबकीय क्षेत्र (Uniform Magnetic Field) को दर्शाता है।
  • बाहर क्षेत्र रेखाएँ दंड चुंबक (Bar Magnet) की तरह होती हैं (N से S तक)।
  • अतिरिक्त तथ्य: परिनालिका के अंदर \(B = \mu_0 n I\) (n = फेरों की संख्या/मीटर, I = धारा)।

एकसमान वृत्तीय गतीत वेगाची दिशा काय असते?

  • वृत्ताच्या स्पर्शिकासह
  • वृत्ताच्या त्रिज्यासह
  • वृत्ताच्या मध्यभागी
  • वृत्तापासून दूर

Explanation:

  • एकसमान वृत्तीय गति (Uniform Circular Motion) में वेग (Velocity) की दिशा “वृत्त की स्पर्शिका के साथ” (Tangential to the circle) होती है।
  • गति एकसमान (चाल स्थिर) है, लेकिन दिशा (Direction) निरंतर बदलती (Continuously changes) रहती है, इसलिए यह त्वरित गति (Accelerated Motion) है।
  • अतिरिक्त तथ्य: अभिकेन्द्री त्वरण (Centripetal Acceleration) – हमेशा केंद्र की ओर (Towards Centre) होता है: \(a_c = \frac{v^2}{r}\)।

यदि एक सीधी रेखा में गतिमान आवेश के वेग के लंबवत एक चुंबकीय क्षेत्र लगाया जाता है, तो आवेश का प्रक्षेप पथ होगा:

  • रैखिक
  • सर्पिल
  • दीर्घवृत्ताकार
  • वृत्ताकार

Explanation:

  • यदि सीधी रेखा में गतिमान आवेश (Charge) के वेग (Velocity) के लंबवत (Perpendicular) एक चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) लगाया जाता है, तो आवेश का प्रक्षेप पथ “वृत्ताकार” (Circular) होगा।
  • यह लॉरेंज बल (Lorentz Force) के कारण है: \(\vec{F} = q(\vec{v} \times \vec{B})\)
  • बल अभिकेन्द्री (Centripetal) होता है, जो आवेश को वृत्ताकार पथ (Circular Path) पर घुमाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: यदि वेग और चुंबकीय क्षेत्र समानांतर हैं, तो पथ रैखिक (Linear) होता है।

मोटर द्वारा प्रति इकाई समय में किया गया कार्य ______ कहलाता है।

  • शक्ति
  • ऊर्जा
  • त्वरण
  • गति

Explanation:

  • मोटर (Motor) द्वारा प्रति इकाई समय (Per Unit Time) में किया गया कार्य (Work) “शक्ति” (Power) कहलाता है।
  • शक्ति (P) = \(\frac{\text{कार्य}}{\text{समय}} = \frac{W}{t}\)
  • शक्ति का SI मात्रक वाट (Watt – W) है: 1 W = 1 J/s
  • अतिरिक्त तथ्य: अश्वशक्ति (Horsepower – hp) – शक्ति का एक अन्य मात्रक: 1 hp = 746 W

वेग और समय का गुणनफल ______ प्रदान करता है।

  • दूरी
  • चाल
  • विस्थापन
  • संवेग

Explanation:

  • वेग (Velocity) और समय (Time) का गुणनफल “विस्थापन” (Displacement) प्रदान करता है।
  • विस्थापन = वेग × समय = \(s = v \times t\) (एकसमान वेग के लिए)
  • दूरी (Distance) = चाल × समय (चाल = सदिश नहीं, अदिश)
  • संवेग (Momentum) = द्रव्यमान × वेग = \(p = mv\)
  • अतिरिक्त तथ्य: विस्थापन सदिश (Vector) राशि है, जबकि दूरी अदिश (Scalar) राशि है।

सीधी सड़क पर 123 km/hr की स्थिर चाल से गतिमान कार ______ का उदाहरण है।

  • एकसमान गति
  • घूर्णन गति
  • यादृच्छिक गति
  • असमान गति

Explanation:

  • सीधी सड़क पर 123 km/hr की स्थिर चाल (Constant Speed) से गतिमान कार “एकसमान गति” (Uniform Motion) का उदाहरण है।
  • एकसमान गति में चाल (Speed) स्थिर (Constant) और दिशा (Direction) सीधी (Straight) होती है।
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान गति में त्वरण शून्य (Zero) होता है।

जल में स्याही की एक बूंद डालकर यदि उसे बिना हिलाए छोड़ दिया जाए, तो स्याही धीरे-धीरे पूरे जल में प्रसरित हो जाती है। यह प्रेक्षण द्रव्य के किस गुणधर्म को सर्वोत्तम रूप से प्रदर्शित करता है?

  • कणों के सतत संचलन
  • कणों की स्थिर स्थिति
  • कणों के बीच के स्थान
  • कणों के बीच आकर्षण

Explanation:

  • जल में स्याही (Ink) का प्रसार (Diffusion) “कणों के सतत संचलन” (Continuous motion of particles) को प्रदर्शित करता है।
  • यह ब्राउनियन गति (Brownian Motion) और विसरण (Diffusion) का एक उदाहरण है।
  • स्याही के कण निरंतर (Continuously) गति करते हैं और पूरे जल में समान रूप से (Uniformly) फैल जाते हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: यह द्रव्य के कण सिद्धांत (Kinetic Theory of Matter) का समर्थन करता है – कण हमेशा गति में (Always in motion) होते हैं।

‘द्रव्य के कणों’ के संबंध में सही कथन का चयन कीजिए।

  • द्रव्य के कण निरंतर गति करते रहते हैं।
  • द्रव्य के कण स्थायी होते हैं।
  • ठोसों में, कणों के बीच अधिक अंतराल होता है।
  • द्रव में, कणों के बीच कोई अंतराल नहीं होता है।

Explanation:

  • “द्रव्य के कण निरंतर गति करते रहते हैं” – यह सही (Correct) कथन है।
  • ठोस (Solid) – कणों के बीच कम अंतराल (Less space) और अधिक आकर्षण (More attraction) होता है।
  • द्रव (Liquid) – कणों के बीच अंतराल (Space) होता है (मध्यम)।
  • गैस (Gas) – कणों के बीच अधिक अंतराल (More space) और कम आकर्षण (Less attraction) होता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: द्रव्य के कणों की गति को ऊष्मा (Heat) बढ़ाती है (तापमान → गतिज ऊर्जा → गति)।

यदि एक चुंबकीय क्षेत्र को एक सीधी रेखा में गतिमान आवेश के समानांतर लगाया जाता है, तो आवेश की दिशा होगी:

  • रेखीय
  • दीर्घवृत्ताकार
  • वृत्ताकार
  • सर्पिल

Explanation:

  • यदि चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) को सीधी रेखा में गतिमान आवेश (Charge moving in a straight line) के समानांतर (Parallel) लगाया जाता है, तो आवेश की दिशा “रेखीय” (Linear/Straight) होगी।
  • चूँकि \(\vec{v} \parallel \vec{B}\), लॉरेंज बल \(\vec{F} = q(\vec{v} \times \vec{B}) = 0\) (क्योंकि \(\sin 0° = 0\))
  • कोई अभिकेन्द्री बल (Centripetal Force) नहीं होता, इसलिए आवेश सीधी रेखा (Straight Line) में गति करता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: यदि \(\vec{v} \perp \vec{B}\), तो पथ वृत्ताकार (Circular) होता है।

कोई वस्तु 5 s तक एक सीधे पथ पर गतिमान है। इसका प्रारंभिक वेग 10 m s⁻¹ है और अंतिम वेग -2 m s⁻¹ है। औसत वेग का परिमाण कितना होगा?

  • 8 m/s
  • 4 m/s
  • 6 m/s
  • 5 m/s

Explanation:

  • औसत वेग (Average Velocity) = \(\frac{u + v}{2}\) (एकसमान त्वरण के लिए)
  • \(v_{avg} = \frac{10 + (-2)}{2} = \frac{8}{2} = 4\) m/s
  • ऋणात्मक चिह्न (Negative Sign) दिशा (Direction) को दर्शाता है (विपरीत दिशा)।
  • अतिरिक्त तथ्य: औसत वेग का परिमाण (Magnitude) = 4 m/s (दिशा – प्रारंभिक दिशा के विपरीत)।

एकसमान गति के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • दूरी-समय ग्राफ का ढलान बढ़ रहा है।
  • दूरी-समय ग्राफ का ढलान स्थिर है।
  • दूरी-समय ग्राफ का ढलान घट रहा है।
  • दूरी-समय ग्राफ का ढलान शून्य है।

Explanation:

  • एकसमान गति (Uniform Motion) के लिए “दूरी-समय ग्राफ” (Distance-Time Graph) का ढलान (Slope) “स्थिर” (Constant) होता है।
  • ढलान = चाल = स्थिर (Constant) → ग्राफ सीधी रेखा (Straight Line) होता है।
  • यदि ढलान शून्य (Zero) है, तो वस्तु विराम (Rest) में है।
  • अतिरिक्त तथ्य: त्वरित गति (Accelerated Motion) में दूरी-समय ग्राफ वक्र (Curve) होता है (ढलान बदलता रहता है)।

औसत चाल के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य नहीं है?

  • चाल ज्ञात करने के लिए, हमें वस्तु के विस्थापन और दिशा दोनों की आवश्यकता होती है।
  • औसत चाल के लिए केवल विस्थापन की आवश्यकता होती है, दिशा की नहीं।
  • इसका SI मात्रक मीटर प्रति सेकंड (m/s) है।
  • चाल की गणना दूरी को समय से भाग देकर की जाती है।

Explanation:

  • “चाल ज्ञात करने के लिए, हमें वस्तु के विस्थापन और दिशा दोनों की आवश्यकता होती है” – यह कथन सत्य नहीं (Not True) है, क्योंकि चाल (Speed) अदिश राशि (Scalar Quantity) है और इसके लिए दिशा (Direction) की आवश्यकता नहीं होती है।
  • वेग (Velocity) – सदिश (Vector) राशि है (दिशा की आवश्यकता होती है)।
  • चाल = दूरी/समय (दिशा की आवश्यकता नहीं)
  • अतिरिक्त तथ्य: औसत चाल = कुल दूरी/कुल समय, औसत वेग = कुल विस्थापन/कुल समय।

समय t₁ पर किसी वस्तु का वेग v₁ है, और समय t₂ पर यह v₂ हो जाता है। उस समय-अंतराल में वस्तु का औसत त्वरण है:

  • (v₂ – v₁)/t₂
  • v₂/t₂
  • (v₂ – v₁)/(t₂ – t₁)
  • v₂/(t₂ – t)

Explanation:

  • औसत त्वरण (Average Acceleration) = \(\frac{\text{वेग में परिवर्तन}}{\text{समय में परिवर्तन}}\)
  • \(a_{avg} = \frac{v_2 – v_1}{t_2 – t_1}\)
  • यह त्वरण (Acceleration) की मूल परिभाषा है (वेग के परिवर्तन की दर)।
  • अतिरिक्त तथ्य: त्वरण का SI मात्रक m/s² है।

कोई वस्तु विरामावस्था से गति करना शुरू करती है। यह 2 sec में 5 m/s की चाल प्राप्त कर लेती है। इसका त्वरण ______ होगा।

  • 2.5 m/s²
  • 1 m/s²
  • 2 m/s²
  • 0.4 m/s²

Explanation:

  • प्रारंभिक वेग (u) = 0 (विरामावस्था से), अंतिम वेग (v) = 5 m/s, समय (t) = 2 s
  • त्वरण (a) = \(\frac{v – u}{t} = \frac{5 – 0}{2} = 2.5\) m/s²
  • अतिरिक्त तथ्य: विरामावस्था (Rest) – प्रारंभिक वेग शून्य (u = 0) । धनात्मक त्वरण (Positive Acceleration) – चाल बढ़ रही है।

निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प प्रकाश की किरण के पथ का सबसे अच्छा वर्णन करता है, जब वह वायु से कांच के स्लैब में प्रवेश करती है और फिर उससे बाहर निकलती है?

  • बिल्कुल भी बंकित नहीं लेकिन एक तरफ स्थानांतरित
  • दोनों सतहों पर अभिलंब की ओर बंकित
  • अभिलंब से दूर बंकित, फिर अभिलंब की ओर बंकित
  • अभिलंब की ओर बंकित, फिर अभिलंब से दूर

Explanation:

  • जब प्रकाश वायु (Air) से कांच के स्लैब (Glass Slab) में प्रवेश करता है, तो यह “अभिलंब की ओर” (Towards the Normal) बंकित (Bent) होता है (क्योंकि कांच सघन माध्यम है → \(\mu > 1\) → \(i > r\))।
  • जब प्रकाश कांच से वायु में बाहर निकलता है, तो यह “अभिलंब से दूर” (Away from the Normal) बंकित होता है (\(r > i\))।
  • स्नेल का नियम: \(\mu_1 \sin i = \mu_2 \sin r\)
  • अतिरिक्त तथ्य: पार्श्व विस्थापन (Lateral Shift) – निकास किरण आपतित किरण के समानांतर (Parallel) होती है, लेकिन कुछ दूरी पर स्थानांतरित (Shifted) हो जाती है।

समयांतराल द्वारा विभाजित वेग में परिवर्तन होने पर क्या परिवर्तन प्राप्त होता है?

  • औसत विस्थापन
  • औसत त्वरण
  • औसत गति
  • औसत वेग

Explanation:

  • “समयांतराल द्वारा विभाजित वेग में परिवर्तन” (Change in velocity divided by time interval) = “औसत त्वरण” (Average Acceleration)।
  • त्वरण = \(\frac{\Delta v}{\Delta t} = \frac{v_2 – v_1}{t_2 – t_1}\)
  • अतिरिक्त तथ्य: त्वरण का SI मात्रक m/s² है। यह सदिश (Vector) राशि है।

एक कार विरामावस्था से चलना प्रारंभ करती है और 5 सेकंड के लिए 2 m/sec² पर समान रूप से त्वरित होती है। 5 सेकंड के अंत में कार का वेग कितना होगा?

  • 5 m/sec
  • 15 m/sec
  • 20 m/sec
  • 10 m/sec

Explanation:

  • गति का पहला समीकरण: \(v = u + at\)
  • प्रारंभिक वेग \(u = 0\) (विरामावस्था), त्वरण \(a = 2\) m/s², समय \(t = 5\) s
  • \(v = 0 + 2(5) = 10\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान त्वरण (Uniform Acceleration) – त्वरण स्थिर रहता है।

एकसमान त्वरण के लिए v-t ग्राफ में, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही नहीं है?

  • v-t ग्राफ सदैव वक्रत होता है।
  • v-t ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल विस्थापन देता है।
  • v-t ग्राफ की प्रवणता नियत होती है।
  • धनात्मक प्रवणता त्वरण को इंगित करती है।

Explanation:

  • “v-t ग्राफ सदैव वक्रत होता है” – यह कथन सही नहीं है, क्योंकि एकसमान त्वरण (Uniform Acceleration) के लिए v-t ग्राफ सीधी रेखा (Straight Line) होता है (प्रवणता स्थिर)।
  • सही कथन: v-t ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल विस्थापन (Displacement) देता है, प्रवणता (Slope) नियत (Constant) होती है, धनात्मक प्रवणता → धनात्मक त्वरण।
  • अतिरिक्त तथ्य: असमान त्वरण (Non-uniform Acceleration) के लिए v-t ग्राफ वक्र (Curve) होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प असमान रैखिक वेग को दर्शाता है?

  • स्थिर गति से चल रही एक कार
  • विराम अवस्था से स्टार्ट होती हुई रेलगाड़ी
  • एक समान गति से लुढ़कती गेंद
  • एक सीधी रेखा में निश्चित गति से गतिमान एक पिंड

Explanation:

  • “विराम अवस्था से स्टार्ट होती हुई रेलगाड़ी” (Train starting from rest) असमान रैखिक वेग (Non-uniform linear velocity) को दर्शाती है, क्योंकि उसका वेग बदल रहा है (त्वरण)।
  • एकसमान वेग (Uniform Velocity) – स्थिर चाल और दिशा (त्वरण शून्य)।
  • अतिरिक्त तथ्य: त्वरित गति (Accelerated Motion) – वेग बदलता है, एकसमान गति (Uniform Motion) – वेग स्थिर।

गति का दूसरा समीकरण ______ और समय के बीच संबंध प्रदान करता है।

  • त्वरण
  • स्थान
  • आवेग
  • गति

Explanation:

  • गति का दूसरा समीकरण (Second Equation of Motion): \(s = ut + \frac{1}{2}at^2\)
  • यह “स्थान” (Position/Displacement – \(s\)) और समय (Time – \(t\)) के बीच संबंध प्रदान करता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: पहला समीकरण \(v = u + at\) (वेग-समय संबंध), तीसरा समीकरण \(v^2 = u^2 + 2as\) (वेग-स्थान संबंध)।

विरामावस्था से एक कार, एक सीधी सड़क पर 8 s तक 3.0 m s⁻² की एक नियत दर से त्वरित होती है। इस समयावधि में कार द्वारा तय की गई दूरी ज्ञात कीजिए।

  • 75 m
  • 86 m
  • 96 m
  • 100 m

Explanation:

  • गति का दूसरा समीकरण: \(s = ut + \frac{1}{2}at^2\)
  • \(u = 0\) (विरामावस्था), \(a = 3\) m/s², \(t = 8\) s
  • \(s = 0 + \frac{1}{2}(3)(8)^2 = 1.5 \times 64 = 96\) m
  • अतिरिक्त तथ्य: दूरी (Distance) – अदिश राशि, विस्थापन (Displacement) – सदिश राशि (यहाँ दोनों समान हैं क्योंकि गति सीधी रेखा में है)।

द्रव्यमान ‘m’ kg के पिंड को रैंप पर उतारा गया। रैंप के तल पर इसकी गतिज ऊर्जा 10 kJ थी और वेग 20 m/s था। यदि इसकी प्रारंभिक गतिज ऊर्जा 625 J थी तो किस वेग के साथ (m/s में) इसे रैंप से नीचे धकेला गया था?

  • 5 m/s
  • 7.5 m/s
  • 10 m/s
  • 2.5 m/s

Explanation:

  • गतिज ऊर्जा: \(KE = \frac{1}{2}mv^2\)
  • रैंप के तल पर: \(10000 = \frac{1}{2}m(20)^2\) → \(\frac{1}{2}m = 10000/400 = 25\)
  • प्रारंभिक: \(625 = 25 \times u^2\) → \(u^2 = 25\) → \(u = 5\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) – गति के कारण ऊर्जा, \(KE = \frac{1}{2}mv^2\)।

निम्नलिखित में से कौन-सा समीकरण एकसमान त्वरण से गतिमान वस्तु के लिए भौतिक राशियों के बीच संबंध को सही ढंग से नहीं दर्शाता है?

  • v = u + at
  • 2as = v² + u²
  • s = ut + ½at²
  • v² – u² = 2as

Explanation:

  • “2as = v² + u²” – यह समीकरण गलत (Incorrect) है।
  • सही समीकरण: v² – u² = 2as या v² = u² + 2as
  • अतिरिक्त तथ्य: गति के तीनों समीकरण एकसमान त्वरण (Uniform Acceleration) के लिए मान्य हैं:
    1. \(v = u + at\)
    2. \(s = ut + \frac{1}{2}at^2\)
    3. \(v^2 = u^2 + 2as\)

एक बस 100 s में 1000 m की सरल रेखीय सड़क के एक सिरे A से दूसरे सिरे B तक जाती है और दूसरे 100 s में 500 m दूरी तय करके C बिंदु पर वापस आती है। औसत वेग (m/s में) क्या होगा और बिंदु A से बिंदु C तक जाने में बस की गति का प्रकार क्या होगा?

  • 0.4 m/s और असमान गति
  • 0.4 m/s और एकसमान गति
  • 2.5 m/s और असमान गति
  • 2.5 m/s और एकसमान गति

Explanation:

  • औसत वेग = \(\frac{\text{कुल विस्थापन}}{\text{कुल समय}}\)
  • विस्थापन = A से C तक = 1000 – 500 = 500 m (A→B→C, C, B और A के बीच है)
  • कुल समय = 100 + 100 = 200 s
  • औसत वेग = 500/200 = 2.5 m/s
  • गति असमान (Non-uniform) है क्योंकि बस दिशा बदलती है (A→B फिर B→C)।
  • अतिरिक्त तथ्य: दूरी = 1500 m, औसत चाल = 1500/200 = 7.5 m/s।

किसी भी समय कार की ______ गति उसके स्पीडोमीटर द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।

  • औसत
  • तात्क्षणिक
  • अधिकतम
  • प्राकृतिक

Explanation:

  • “तात्क्षणिक” (Instantaneous) गति को स्पीडोमीटर (Speedometer) द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
  • स्पीडोमीटर किसी भी समय (At any instant) कार की चाल (Speed) दिखाता है।
  • औसत गति (Average Speed) – कुल दूरी/कुल समय (स्पीडोमीटर नहीं दिखाता)।
  • अतिरिक्त तथ्य: ओडोमीटर (Odometer) – कुल दूरी (Total Distance) मापता है।

रेशमा 120 m लंबे पूल में तैरकर आगे जाती है और वापस आती है तथा 1 मिनट में कुल 240 m की दूरी तय करती है। उसका औसत वेग ज्ञात कीजिए।

  • 0 m/s
  • 4 m/s
  • 5 m/s
  • 2 m/s

Explanation:

  • औसत वेग (Average Velocity) = \(\frac{\text{कुल विस्थापन}}{\text{कुल समय}}\)
  • रेशमा आगे जाती है और वापस आती है, इसलिए विस्थापन = 0 (प्रारंभिक और अंतिम स्थिति समान)।
  • औसत वेग = 0/60 = 0 m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: औसत चाल (Average Speed) = 240/60 = 4 m/s (दूरी/समय)।

एकांक समय में किसी वस्तु द्वारा तय की गई दूरी को ______ कहा जाता है।

  • चाल
  • दूरी
  • विस्थापन
  • त्वरण

Explanation:

  • एकांक समय (Unit Time) में किसी वस्तु द्वारा तय की गई दूरी को “चाल” (Speed) कहा जाता है।
  • चाल = \(\frac{\text{दूरी}}{\text{समय}}\)
  • अतिरिक्त तथ्य: वेग (Velocity) – एकांक समय में विस्थापन (दिशा सहित) – सदिश राशि (Vector Quantity)।

एक वेग-समय आरेख के अंतर्गत क्षेत्र ______ प्रदान करता है।

  • विस्थापन
  • वेग में परिवर्तन
  • त्वरण
  • गति

Explanation:

  • एक वेग-समय (Velocity-Time) आरेख के अंतर्गत क्षेत्र “विस्थापन” (Displacement) प्रदान करता है।
  • यह समाकलन (Integration) का आधार है: \(\text{विस्थापन} = \int v \, dt\)
  • अतिरिक्त तथ्य: त्वरण-समय (Acceleration-Time) ग्राफ के अंतर्गत क्षेत्र → वेग में परिवर्तन (Change in Velocity) देता है।

एक सीधी रेखा के अनुदिश गति के लिए वेग-समय ग्राफ के अधीन क्षेत्रफल क्या दर्शाता है?

  • त्वरण में परिवर्तन
  • दो बिंदुओं के बीच की कुल दूरी
  • वस्तु का अंतिम वेग
  • वस्तु का कुल विस्थापन

Explanation:

  • वेग-समय (v-t) ग्राफ के अधीन क्षेत्रफल (Area under the curve) “वस्तु का कुल विस्थापन” (Total Displacement) दर्शाता है।
  • यह दो बिंदुओं के बीच (Between two points) विस्थापन को मापता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: यदि वेग ऋणात्मक (Negative) है, तो क्षेत्रफल ऋणात्मक विस्थापन देता है (विपरीत दिशा में)।

10 km/hr का मान SI मात्रक में क्या होगा?

  • 10 m/s
  • 0.16 m/s
  • 2.7 m/s
  • 1000 m/s

Explanation:

  • 1 km/hr = \(\frac{1000}{3600}\) m/s = \(\frac{5}{18}\) m/s
  • 10 km/hr = \(10 \times \frac{5}{18} = \frac{50}{18} = 2.77 \approx 2.7\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: 1 m/s = 3.6 km/hr, 1 km/hr = \(\frac{5}{18}\) m/s

एक साइकिल चालक, एक-समान वृत्तीय गति करते हुए अपनी गति की दिशा में एक सेब फेंकता है, सेब ______ में गति करेगा।

  • उस बिंदु पर वृत्तीय पथ के स्पर्श-रेखीय पथ
  • साइकिल चालक के विपरीत वृत्तीय पथ
  • साइकिल चालक के विपरीत सरल रेखीय पथ
  • साइकिल चालक की तरह वृत्तीय पथ

Explanation:

  • जब साइकिल चालक एकसमान वृत्तीय गति (Uniform Circular Motion) करते हुए सेब (Apple) फेंकता है, तो सेब “उस बिंदु पर वृत्तीय पथ के स्पर्श-रेखीय पथ” (Tangential path at that point) में गति करेगा।
  • यह जड़त्व (Inertia) के कारण है – सेब फेंकने के समय की दिशा में स्पर्शरेखीय (Tangential) गति करता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: न्यूटन का पहला नियम (Law of Inertia) – कोई वस्तु अपनी गति की अवस्था में तब तक रहती है जब तक बाहरी बल न लगे।

एक आदर्श गैस प्रणाली पर विचार करें। स्थिर दाब पर होने वाली ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया के लिए, एन्थैल्पी परिवर्तन कैसे होता है?

  • पथ पर निर्भर
  • शून्य
  • धनात्मक
  • ऋणात्मक

Explanation:

  • ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction) में ऊष्मा (Heat) मुक्त (Released) होती है।
  • स्थिर दाब (Constant Pressure) पर, एन्थैल्पी परिवर्तन (Enthalpy Change – ΔH) = ऋणात्मक (Negative) होता है (ΔH < 0)।
  • अतिरिक्त तथ्य: ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction) – ΔH > 0 (धनात्मक), ऊष्मा अवशोषित होती है।

जैसे-जैसे हाइड्रोनियम आयनों की सांद्रता बढ़ती है, pH मान ______।

  • घटता है और फिर बढ़ता है
  • घटता है
  • समान रहता है
  • बढ़ता है

Explanation:

  • pH = \(-\log[H_3O^+]\) (हाइड्रोनियम आयन सांद्रता का ऋणात्मक लघुगणक)
  • जैसे-जैसे \([H_3O^+]\) बढ़ती (Increases) है, \(-\log[H_3O^+]\) घटता (Decreases) है।
  • pH मान घटता है → विलयन अधिक अम्लीय (More Acidic) हो जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: pH स्केल: 0-7 (अम्लीय), 7 (उदासीन), 7-14 (क्षारीय)।

ऊपर की ओर ऊर्ध्वार्ध रूप से फेंकी गयी एक गेंद वापस जमीन पर 12.5 सेकंड के बाद आती है। उसे फेंकने का वेग ज्ञात कीजिये।

  • 61 मी/सेकंड
  • 51 मी/सेकंड
  • 65 मी/सेकंड
  • 40 मी/सेकंड

Explanation:

  • कुल उड़ान समय (Total Flight Time) = 12.5 s
  • उच्चतम बिंदु तक पहुँचने में समय \(t = 12.5/2 = 6.25\) s
  • \(v = u – gt\) → \(0 = u – 9.8(6.25)\) → \(u = 61.25 \approx 61\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: ऊर्ध्वाधर गति (Vertical Motion) – समीकरण \(h = ut – \frac{1}{2}gt^2\)।

किसी सीमित द्रव्यमान वाले तरल में तरल दाब किस दिशा में संचरित होता है?

  • केवल एक दिशा में
  • सभी दिशाओं में बिना कम हुए
  • केवल दो दिशाओं में
  • केवल तीन दिशाओं में

Explanation:

  • किसी सीमित द्रव्यमान वाले तरल (Confined Liquid) में तरल दाब (Liquid Pressure) “सभी दिशाओं में बिना कम हुए” (In all directions without decrease) संचरित होता है।
  • यह पास्कल का नियम (Pascal’s Law) है: “बंद द्रव में किसी बिंदु पर लगाया गया दाब सभी दिशाओं में समान रूप से संचारित होता है।”
  • अतिरिक्त तथ्य: इसी सिद्धांत पर द्रवचालित लिफ्ट (Hydraulic Lift) और द्रवचालित ब्रेक (Hydraulic Brake) कार्य करते हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सा, एकसमान वेग से गतिमान वस्तु के लिए वेग-समय ग्राफ की प्रमुख विशेषता का सबसे अच्छा वर्णन करता है?

  • यह समय अक्ष की ओर झुकी हुई एक सीधी रेखा है।
  • यह वेग अक्ष के समानांतर एक सीधी रेखा है।
  • यह एक वक्र रेखा है।
  • यह समय अक्ष के समानांतर एक सीधी रेखा है।

Explanation:

  • एकसमान वेग (Uniform Velocity) से गतिमान वस्तु के लिए वेग-समय (v-t) ग्राफ “समय अक्ष के समानांतर एक सीधी रेखा” (Straight line parallel to the time axis) होता है।
  • इसका कारण: वेग स्थिर (Constant) है → ग्राफ क्षैतिज (Horizontal) रेखा।
  • अतिरिक्त तथ्य: त्वरित गति (Accelerated Motion) में v-t ग्राफ झुकी हुई (Sloped) रेखा होती है।

एक कार की चाल 5 मी.से⁻¹ से 36 मी.से⁻¹ हो जाती है। त्वरण क्या होगा?

  • 1 ms⁻²
  • गणना संभव नहीं है।
  • 1.5 ms⁻²
  • 0.11 ms⁻²

Explanation:

  • त्वरण (Acceleration) = \(\frac{\text{वेग में परिवर्तन}}{\text{समय}}\)
  • यहाँ समय (Time) नहीं दिया गया है, इसलिए “गणना संभव नहीं है” (Not possible to calculate)।
  • अतिरिक्त तथ्य: यदि समय (t) दिया होता, तो \(a = \frac{36 – 5}{t} = \frac{31}{t}\) m/s²।

यदि कोई वस्तु बिंदु A से बिंदु B (50 m पूर्व) तक जाती है और 10 सेकंड में बिंदु A पर वापस आती है, तो इसका औसत वेग ……………है।

  • 5 m/s
  • 0 m/s
  • -10 m/s
  • 10 m/s

Explanation:

  • औसत वेग = \(\frac{\text{कुल विस्थापन}}{\text{कुल समय}}\)
  • वस्तु A से B तक जाती है और वापस A पर आती है → विस्थापन = 0 (प्रारंभिक और अंतिम स्थिति समान)।
  • औसत वेग = 0/10 = 0 m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: औसत चाल (Average Speed) = \(\frac{50 + 50}{10} = 10\) m/s (दूरी/समय)।

निम्नलिखित में से किस स्थिति में असंतुलित बल शामिल है?

  • सीधी सड़क पर एकसमान गति से चलती एक कार
  • जमीन पर लुढ़कती और अंततः रुकती एक गेंद
  • मेज पर रखी एक किताब
  • जमीन पर स्थिर खड़ा एक व्यक्ति

Explanation:

  • “जमीन पर लुढ़कती और अंततः रुकती एक गेंद” – इसमें असंतुलित बल (Unbalanced Force) शामिल है (घर्षण बल के कारण गेंद धीमी होकर रुकती है)।
  • संतुलित बल (Balanced Force) – वस्तु विराम में है या एकसमान गति में है (शुद्ध बल = 0)।
  • अतिरिक्त तथ्य: न्यूटन का पहला नियम – संतुलित बल → शुद्ध बल शून्य → वस्तु अपनी स्थिति बनाए रखती है।

विरामवस्था में स्थित एक गेंद को 20 m ऊँची इमारत के शीर्ष से गिराया जाता है। गणना करें कि यह धरती से किस चाल से टकराएगी। (g = 10 m/s²)

  • 40 m/s
  • 14 m/s
  • 10 m/s
  • 20 m/s

Explanation:

  • गति का तीसरा समीकरण: \(v^2 = u^2 + 2gh\)
  • प्रारंभिक वेग \(u = 0\) (विरामावस्था), \(g = 10\) m/s², \(h = 20\) m
  • \(v^2 = 0 + 2(10)(20) = 400\) → \(v = 20\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: मुक्त पतन (Free Fall) – गुरुत्व के अंतर्गत गति, प्रारंभिक वेग \(u = 0\), त्वरण \(a = g\)।

मुक्त रूप से गिरते हुए पिंड की गति किसका उदाहरण है?

  • एकसमान त्वरित गति
  • एकसमान वेग गति
  • एकसमान चाल गति
  • असमान त्वरित गति

Explanation:

  • मुक्त रूप से गिरते हुए पिंड (Freely Falling Body) की गति “एकसमान त्वरित गति” (Uniformly Accelerated Motion) का उदाहरण है।
  • गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में त्वरण स्थिर (Constant) होता है: \(a = g = 9.8\) m/s² (पृथ्वी की सतह के निकट)।
  • गति के समीकरण: \(v = u + gt\), \(s = ut + \frac{1}{2}gt^2\), \(v^2 = u^2 + 2gs\)
  • अतिरिक्त तथ्य: मुक्त पतन (Free Fall) – कोई वायु प्रतिरोध (Air Resistance) नहीं, केवल गुरुत्व बल कार्य करता है।

निम्नलिखित में से कौन सा समीकरण वेग – समय संबंध का प्रतिनिधित्व करता है?

  • v = u – at
  • s = ut + ½at²
  • 2as = v² – u²
  • v = u + at

Explanation:

  • वेग-समय संबंध (Velocity-Time Relation) का समीकरण: v = u + at
  • यह गति का पहला समीकरण (First Equation of Motion) है।
  • अतिरिक्त तथ्य: s = ut + ½at² – स्थान-समय संबंध, 2as = v² – u² – वेग-स्थान संबंध।

एक कार 50 km h⁻¹ की औसत चाल से 100 km की यात्रा करती है और तुरंत उसी मार्ग से 1 घंटे में दूरी तय करके वापस आती है। पूरी यात्रा के लिए कार की औसत चाल m s⁻¹ में कितनी है?

  • 20.0 m s⁻¹
  • 18.52 m s⁻¹
  • 13.9 m s⁻¹
  • 16.67 m s⁻¹

Explanation:

  • जाने का समय: \(t_1 = 100/50 = 2\) घंटे
  • वापस आने का समय: \(t_2 = 1\) घंटा
  • कुल दूरी = 100 + 100 = 200 km
  • कुल समय = 2 + 1 = 3 घंटे
  • औसत चाल = 200/3 = 66.67 km/h = 66.67 × (5/18) = 18.52 m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: औसत चाल (Average Speed) = कुल दूरी/कुल समय (अदिश राशि)।

किसी भी तरह से घुमाए गए या स्थिर किए गए दृढ़ पिंड की गति पर विचार करें। इस तरह की प्रणाली के लिए संभव गति को सबसे अच्छी तरह से किसके द्वारा वर्णित किया गया है?

  • वृत्ताकार गति
  • घूर्णन और स्थानांतरण का संयोजन
  • स्थानांतरण
  • घूर्णन

Explanation:

  • दृढ़ पिंड (Rigid Body) की गति जिसमें उसे “किसी भी तरह से घुमाया गया” (Rotated) या “स्थिर किया गया” (Fixed), “घूर्णन” (Rotation) द्वारा सर्वोत्तम रूप से वर्णित किया जाता है।
  • स्थानांतरण (Translation) – पिंड का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना (बिना घूर्णन के)।
  • अतिरिक्त तथ्य: घूर्णन में पिंड के सभी कण एक अक्ष (Axis) के परितः गति करते हैं।

अवतल लेंस की फोकस दूरी के लिए चिह्न परिपाटी ___________।

  • वस्तु की स्थिति पर निर्भर करती है
  • ऋणात्मक होती है
  • शून्य होती है
  • धनात्मक होती है

Explanation:

  • अवतल लेंस (Concave Lens) की फोकस दूरी (Focal Length) “ऋणात्मक” (Negative) होती है (चिह्न परिपाटी के अनुसार)।
  • अवतल लेंस अपसारी (Diverging) लेंस होता है, जिसका फोकस आभासी (Virtual) होता है (लेंस के उसी तरफ जहाँ से प्रकाश आता है)।
  • उत्तल लेंस (Convex Lens) की फोकस दूरी धनात्मक (Positive) होती है।
  • अतिरिक्त तथ्य: लेंस का सूत्र: \(\frac{1}{f} = \frac{1}{v} – \frac{1}{u}\) (चिह्न परिपाटी के अनुसार)।

एक वस्तु स्थिर पर x = 0 और t = 0 से शुरू होती है, यह x अक्ष के समानांतर 3 मी/से² के निरंतर त्वरण के साथ चलती है। 4 सेकंड से 8 सेकंड के बीच इसका औसत वेग क्या है?

  • 12 मी/से
  • 3 मी/से
  • 6 मी/से
  • 18 मी/से

Explanation:

  • \(v = u + at = 0 + 3t = 3t\)
  • 4 s पर \(v_1 = 3(4) = 12\) m/s
  • 8 s पर \(v_2 = 3(8) = 24\) m/s
  • औसत वेग = \(\frac{v_1 + v_2}{2} = \frac{12 + 24}{2} = 18\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: औसत वेग (Average Velocity) = \(\frac{विस्थापन}{समय} = \frac{u + v}{2}\) (एकसमान त्वरण के लिए)।

वेग-समय ग्राफ में, ऋणात्मक प्रवणता को निरूपित करती है।

  • दूरी
  • मंदन
  • विस्थापन
  • त्वरण

Explanation:

  • वेग-समय (v-t) ग्राफ में ऋणात्मक प्रवणता (Negative Slope) “मंदन” (Retardation/Negative Acceleration) को निरूपित करती है।
  • ढलान = \(\frac{\Delta v}{\Delta t} =\) त्वरण (Acceleration)
  • ऋणात्मक ढलान → ऋणात्मक त्वरण → मंदन (वेग घट रहा है)।
  • अतिरिक्त तथ्य: धनात्मक प्रवणता → त्वरण (Acceleration – वेग बढ़ रहा है), शून्य प्रवणता → एकसमान वेग (Uniform Velocity)।

निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति, न्यूटन के गति के दूसरे नियम को प्रदर्शित करती है?

  • सड़क पर तेज रफ्तार से दौड़ती हुई कार
  • लिफ्ट के अंदर खड़ा हुआ आदमी
  • मेज पर विरामवस्था में रखी हुई एक पुस्तक
  • पृथ्वी के चारों ओर घूमता हुआ उपग्रह

Explanation:

  • “सड़क पर तेज रफ्तार से दौड़ती हुई कार” न्यूटन का गति का दूसरा नियम (Newton’s Second Law) प्रदर्शित करती है: \(F = ma\) (बल = द्रव्यमान × त्वरण)।
  • पहला नियम (जड़त्व) – विराम में या एकसमान गति में वस्तु (पुस्तक, लिफ्ट में आदमी) ।
  • अतिरिक्त तथ्य: उपग्रह (Satellite) – अभिकेन्द्री बल (Centripetal Force) द्वारा वृत्तीय गति।

निम्नलिखित में से कौन-सा स्थिति-समय संबंध के लिए समीकरण को दर्शाता है?

  • 2as = v² – u²
  • s = ut + (1/2)at²
  • v = u – at
  • v = u + at

Explanation:

  • स्थिति-समय संबंध (Position-Time Relation) के लिए समीकरण: s = ut + ½at²
  • यह गति का दूसरा समीकरण (Second Equation of Motion) है।
  • अतिरिक्त तथ्य: v = u + at – वेग-समय संबंध, 2as = v² – u² – वेग-स्थान संबंध।

एक वस्तु 3 s में 23 m और फिर अगले 2 s में 15 m की यात्रा करती है। वस्तु की औसत चाल कितनी है?

  • 7.6 ms⁻¹
  • 7.6 s⁻¹
  • 8.0 ms⁻¹
  • 7.6 m

Explanation:

  • औसत चाल = \(\frac{\text{कुल दूरी}}{\text{कुल समय}}\)
  • कुल दूरी = 23 + 15 = 38 m
  • कुल समय = 3 + 2 = 5 s
  • औसत चाल = 38/5 = 7.6 m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: औसत चाल – अदिश राशि (Scalar), औसत वेग – सदिश राशि (Vector)।

एकसमान वृत्तीय गति के संदर्भ में, दैनिक जीवन का निम्नलिखित में से कौन-सा उदाहरण इस अवधारणा को सर्वोत्तम रूप से स्पष्ट करता है?

  • एक वृत्तीय कक्षा में निश्चित चाल से पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा करता हुआ उपग्रह
  • दोलन करता हुआ सरल लोलक का गोलक
  • एक वृत्ताकार पथ पर परिवर्ती चाल से गतिमान कार
  • पार्क में यादृच्छिक रूप से भ्रमण करता हुआ एक व्यक्ति

Explanation:

  • “एक वृत्तीय कक्षा में निश्चित चाल से पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा करता हुआ उपग्रह” एकसमान वृत्तीय गति (Uniform Circular Motion) का सर्वोत्तम उदाहरण है।
  • इसमें चाल (Speed) स्थिर है, लेकिन वेग (Velocity) बदलता है (दिशा बदलती है)।
  • त्वरण अभिकेन्द्री (Centripetal) होता है: \(a_c = \frac{v^2}{r}\)
  • अतिरिक्त तथ्य: परिवर्ती चाल (Variable Speed) से वृत्तीय गति असमान (Non-uniform) होती है।

निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प न्यूटन के गति के तीसरे नियम को सर्वोत्तम रूप से दर्शाता है?

  • गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में गिरती हुई गेंद।
  • एक रॉकेट जो गैसों को नीचे की ओर फेंककर ऊपर की ओर बढ़ता है।
  • इंजन की शक्ति के कारण सड़क पर तेजी से त्वरित होती कार।
  • एक पेंडुलम आगे-पीछे दोलन कर रहा है।

Explanation:

  • “एक रॉकेट जो गैसों को नीचे की ओर फेंककर ऊपर की ओर बढ़ता है” न्यूटन का गति का तीसरा नियम (Newton’s Third Law) प्रदर्शित करता है: “प्रत्येक क्रिया की समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है।”
  • रॉकेट गैसों को नीचे (Downward) फेंकता है → गैसें रॉकेट को ऊपर (Upward) धकेलती हैं (प्रतिक्रिया बल)।
  • अतिरिक्त तथ्य: पहला नियम – जड़त्व, दूसरा नियम – \(F = ma\)

कोई पिंड 1 घंटे में पूर्व दिशा की ओर 6 km और अगले 1 घंटे में पश्चिम दिशा की ओर 8 km की दूरी तय करता है। संपूर्ण यात्रा के दौरान पिंड का औसत वेग ______ है।

  • 0
  • 7 km/h पूर्व
  • 1 km/h पूर्व
  • 1 km/h पश्चिम

Explanation:

  • औसत वेग = \(\frac{\text{कुल विस्थापन}}{\text{कुल समय}}\)
  • विस्थापन = 6 (पूर्व) – 8 (पश्चिम) = -2 km (पश्चिम दिशा में)
  • कुल समय = 1 + 1 = 2 घंटे
  • औसत वेग = -2/2 = -1 km/h = 1 km/h पश्चिम (West)
  • अतिरिक्त तथ्य: औसत चाल = (6+8)/2 = 7 km/h (अदिश)।

तात्क्षणिक वेग और औसत वेग तब बराबर होते हैं, जब वस्तु –

  • विराम में हो
  • एकसमान वेग से गति कर रही हो
  • त्वरित हो रही हो
  • वृत्तीय पथ पर गति कर रही हो

Explanation:

  • “तात्क्षणिक वेग” (Instantaneous Velocity) और “औसत वेग” (Average Velocity) तब बराबर होते हैं जब वस्तु “एकसमान वेग” (Uniform Velocity) से गति कर रही हो।
  • एकसमान वेग में वेग (Velocity) स्थिर (Constant) होता है, इसलिए किसी भी क्षण का वेग = औसत वेग।
  • अतिरिक्त तथ्य: त्वरित गति (Accelerated Motion) में तात्क्षणिक और औसत वेग अलग-अलग हो सकते हैं।

यदि कोई वस्तु एक सीधी रेखा में गतिमान है और किसी संदर्भ बिंदु के सापेक्ष, इसका समय t₁ पर स्थिति x₁ है और समय t₂ पर x₂ हो जाती है।

  • औसत वेग = (x₂ – x₁)/(t₂ – t₁)
  • औसत वेग = (x₂ – x₁)/(t₂ – t₁)
  • औसत वेग = (x₁ – x₂)/(t₂ – t₁)
  • औसत वेग = (t₂ – t₁)/(x₂ – x₁)

Explanation:

  • औसत वेग (Average Velocity) = \(\frac{\text{विस्थापन}}{\text{समय अंतराल}}\) = \(\frac{x_2 – x_1}{t_2 – t_1}\)
  • यह सदिश (Vector) राशि है, इसलिए दिशा महत्वपूर्ण है।
  • अतिरिक्त तथ्य: यदि \(x_2 – x_1\) धनात्मक है → धनात्मक दिशा में गति, ऋणात्मक → विपरीत दिशा।

दूरी-समय ग्राफ से, बिंदु A से बिंदु B तक गति करने वाली एक वस्तु (t₂ – t₁) समय में (s₂ – s₁) दूरी तय करती है। निम्नलिखित में से कौन-सा व्यंजक वस्तु की गति (v) का सही रूप निरूपित करता है?

  • v = (s₂ – s₁)/(t₂ – t₁)
  • v = (s₂ – s₁)(t₂ – t₁)
  • v = (t₂ – t₁)/(s₂ – s₁)
  • v = (s₁ – s₂)(t₁ – t₂)

Explanation:

  • गति (Speed) = \(\frac{\text{दूरी में परिवर्तन}}{\text{समय में परिवर्तन}}\) = \(\frac{s_2 – s_1}{t_2 – t_1}\)
  • यह दूरी-समय ग्राफ (Distance-Time Graph) की प्रवणता (Slope) के बराबर है।
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान गति (Uniform Motion) में यह अनुपात स्थिर (Constant) होता है।

एक वस्तु को एक मीनार के ऊपर से ऊर्ध्वाधर रूप से फेंका जाता है और यह 5 sec के बाद जमीन पर पहुँच जाती है। वस्तु का प्रारंभिक वेग 12 m/s है। मीनार की ऊँचाई कितनी है?

  • 55 m
  • 75 m
  • 62.5 m
  • 45 m

Explanation:

  • गति का दूसरा समीकरण (ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर): \(s = ut + \frac{1}{2}gt^2\)
  • \(u = 12\) m/s (नीचे की ओर), \(t = 5\) s, \(g = 10\) m/s²
  • \(s = 12(5) + \frac{1}{2}(10)(5)^2 = 60 + 125 = 185\) m (नीचे की ओर दूरी)
  • लेकिन प्रारंभिक वेग ऊपर की ओर है: \(s = -ut + \frac{1}{2}gt^2 = -12(5) + 125 = -60 + 125 = 65\) m
  • विकल्पों में 65 नहीं है, निकटतम 62.5 m (g = 9.8 लेने पर: \(s = -12(5) + ½(9.8)(25) = -60 + 122.5 = 62.5\) m)।
  • अतिरिक्त तथ्य: चिह्न परिपाटी: ऊपर = ऋणात्मक, नीचे = धनात्मक (g के लिए)।

निम्नलिखित में से कौन एकसमान वृत्ताकार गति का उदाहरण है?

  • आकाश में उड़ता हुआ पक्षी
  • फुटपाथ पर चलता हुआ व्यक्ति
  • पृथ्वी के चारों ओर वृत्ताकार कक्षा में घूमता हुआ उपग्रह
  • राजमार्ग पर सीधे चलती हुई कार

Explanation:

  • “पृथ्वी के चारों ओर वृत्ताकार कक्षा में घूमता हुआ उपग्रह” एकसमान वृत्ताकार गति (Uniform Circular Motion) का उदाहरण है (लगभग निश्चित चाल से)।
  • इसमें चाल (Speed) स्थिर है, लेकिन वेग (Velocity) निरंतर बदलता है (दिशा बदलती है)।
  • अतिरिक्त तथ्य: अभिकेन्द्री बल (Centripetal Force) – गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force) उपग्रह को वृत्ताकार कक्षा में बनाए रखता है।

विरामावस्था से प्रारंभ करते हुए राजू अपनी साइकिल से एक मिनट में 24 मीटर/सेकंड का वेग प्राप्त कर लेता है। साइकिल का त्वरण है:

  • 0 मीटर/सेकंड²
  • 24 मीटर/सेकंड²
  • 0.4 मीटर/सेकंड²
  • 1.4 मीटर/सेकंड²

Explanation:

  • प्रारंभिक वेग \(u = 0\) (विरामावस्था), अंतिम वेग \(v = 24\) m/s, समय \(t = 1\) मिनट = 60 s
  • त्वरण \(a = \frac{v – u}{t} = \frac{24 – 0}{60} = 0.4\) m/s²
  • अतिरिक्त तथ्य: त्वरण (Acceleration) – वेग के परिवर्तन की दर, \(a = \frac{\Delta v}{\Delta t}\)

संवेग =

  • द्रव्यमान × त्वरण
  • द्रव्यमान/आयतन
  • द्रव्यमान × वेग
  • द्रव्यमान × घनत्व

Explanation:

  • संवेग (Momentum) = द्रव्यमान × वेग = \(p = mv\)
  • यह एक सदिश (Vector) राशि है (दिशा और परिमाण दोनों)।
  • SI मात्रक: kg m/s या kg m s⁻¹
  • अतिरिक्त तथ्य: बल (Force) = द्रव्यमान × त्वरण = \(F = ma\) (न्यूटन का दूसरा नियम)।

25 m/s से गतिमान एक वस्तु 5 सेकंड में विरामावस्था में आ जाती है। अंतिम वेग ______ होगा।

  • 20 m/s
  • 0 m/s
  • 25 m/s
  • 5 m/s

Explanation:

  • “विरामावस्था” (Rest) का अर्थ है अंतिम वेग = 0 m/s
  • वस्तु 25 m/s से रुक (Stops) जाती है, इसलिए अंतिम वेग 0 m/s है।
  • अतिरिक्त तथ्य: मंदन (Retardation) = \(\frac{0 – 25}{5} = -5\) m/s² (ऋणात्मक त्वरण)।

यदि कोई कण प्रत्येक 3 सेकंड में 12 m की दूरी तय करता है, तो उसके दूरी-समय ग्राफ की प्रवणता क्या होगी?

  • 12.0 m/s
  • 3.0 m/s
  • 4.0 m/s
  • 9.0 m/s

Explanation:

  • दूरी-समय ग्राफ (Distance-Time Graph) की प्रवणता (Slope) = चाल (Speed)।
  • चाल = \(\frac{दूरी}{समय} = \frac{12}{3} = 4\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान गति (Uniform Motion) में दूरी-समय ग्राफ सीधी रेखा (Straight Line) होता है (प्रवणता स्थिर)।

किसी वस्तु की सीधी रेखा के अनुदिश एकसमान गति के दौरान ______।

  • वेग का मान विभिन्न क्षणों पर तथा पथ के विभिन्न बिंदुओं पर भिन्न-भिन्न होता है।
  • किसी भी समय अंतराल में वेग में परिवर्तन शून्य होता है।
  • किसी भी समय अंतराल में वेग में परिवर्तन शून्य नहीं होता है।
  • वेग समय के साथ लगातार बदलता रहता है।

Explanation:

  • एकसमान गति (Uniform Motion) में “किसी भी समय अंतराल में वेग में परिवर्तन शून्य होता है” (Change in velocity is zero in any time interval)।
  • इसका अर्थ है: त्वरण = 0, \(v = \text{constant}\)
  • अतिरिक्त तथ्य: असमान गति (Non-uniform Motion) में वेग बदलता है (त्वरण ≠ 0)।

एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में गतिमान आवेशित कण के प्रक्षेप पथ का आकार क्या हो सकता है?

  • कुंडलित पथ
  • परवलयिक पथ
  • वृत्ताकार पथ
  • सीधा पथ

Explanation:

  • एकसमान चुंबकीय क्षेत्र (Uniform Magnetic Field) में गतिमान आवेशित कण (Charged Particle) का प्रक्षेप पथ “कुंडलित पथ” (Helical/Spiral Path) हो सकता है।
  • यह तब होता है जब वेग का एक घटक चुंबकीय क्षेत्र के समानांतर (Parallel) हो और दूसरा लंबवत (Perpendicular) हो।
  • लंबवत घटक → वृत्ताकार गति, समानांतर घटक → रेखीय गति (संयोजन → कुंडलित पथ)।
  • अतिरिक्त तथ्य: \(\vec{v} \perp \vec{B}\) → वृत्ताकार पथ, \(\vec{v} \parallel \vec{B}\) → सीधा पथ।

यह मानते हुए कि एक पत्थर को एक तार के माध्यम से क्षैतिज तल में एक समान गति से घुमाया जाता है, सही विकल्प का चयन करें।

  • संवेग की दिशा बदलती है लेकिन वेग नहीं।
  • पत्थर का वेग निश्चित है।
  • संवेग का परिमाण निश्चित है।
  • संवेग की दिशा निश्चित है।

Explanation:

  • एकसमान वृत्तीय गति (Uniform Circular Motion) में चाल (Speed) स्थिर है, इसलिए संवेग का परिमाण (Magnitude of Momentum – \(p = mv\)) “निश्चित” (Fixed) है।
  • लेकिन दिशा (Direction) निरंतर बदलती रहती है (क्योंकि वेग की दिशा बदलती है)।
  • अतिरिक्त तथ्य: वेग (Velocity) – सदिश राशि (दिशा बदलती है), चाल (Speed) – अदिश राशि (स्थिर)।

विरामावस्था से शुरू होने वाली कार 2 min के लिए 1 ms⁻² के एकसमान त्वरण से चलती है। कार द्वारा प्राप्त चाल ज्ञात कीजिए।

  • 120 ms⁻¹
  • 60 ms⁻¹
  • 120 km/h
  • 2 ms⁻¹

Explanation:

  • \(u = 0\) (विरामावस्था), \(a = 1\) m/s², \(t = 2\) मिनट = 120 s
  • \(v = u + at = 0 + 1(120) = 120\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: 120 m/s = 432 km/h (बहुत तेज), \(1 \text{m/s} = 3.6 \text{km/h}\)

एक बस 5s में 36 kmh⁻¹ से 72 kmh⁻¹ तक समान रूप से गति करती है। बस के त्वरण की गणना कीजिए।

  • 2 ms⁻²
  • 7.2 ms⁻²
  • 2 ms⁻¹
  • 36 kmh⁻²

Explanation:

  • 36 km/h = 36 × (5/18) = 10 m/s
  • 72 km/h = 72 × (5/18) = 20 m/s
  • त्वरण \(a = \frac{v – u}{t} = \frac{20 – 10}{5} = 2\) m/s²
  • अतिरिक्त तथ्य: \(\text{km/h} \to \text{m/s}\) का रूपांतरण: \(\times \frac{5}{18}\)

यदि वेग-समय ग्राफ एक क्षैतिज सरल रेखा को दर्शाता है, तो वस्तु ______ के साथ गतिमान है।

  • बिना किसी वेग
  • अचर वेग
  • असमान त्वरण
  • शून्य विस्थापन

Explanation:

  • यदि वेग-समय (v-t) ग्राफ क्षैतिज सरल रेखा (Horizontal Straight Line) है, तो वस्तु “अचर वेग” (Constant Velocity) से गतिमान है।
  • क्षैतिज रेखा → ढलान = 0 → त्वरण = 0 → वेग स्थिर (Constant)।
  • अतिरिक्त तथ्य: यदि ग्राफ झुकी हुई (Sloped) है → त्वरण (Acceleration), शून्य (Zero) पर → विराम (Rest) में।

एकसमान वेग के वेग-समय ग्राफ के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

  • ढलान = त्वरण = 0
  • वक्र के अधीन क्षेत्रफल = गति, विस्थापन नहीं
  • ग्राफ एक वक्र है
  • ढलान = त्वरण ≠ 0

Explanation:

  • एकसमान वेग (Uniform Velocity) के लिए v-t ग्राफ क्षैतिज रेखा (Horizontal Line) होता है।
  • ढलान (Slope) = \(\frac{\Delta v}{\Delta t} = 0\) → त्वरण = 0
  • ग्राफ के अधीन क्षेत्रफल = विस्थापन (Displacement), गति (Speed) नहीं।
  • अतिरिक्त तथ्य: त्वरित गति (Accelerated Motion) में ढलान ≠ 0 (झुकी हुई या वक्र रेखा)।

किसी अणु द्वारा बिना टक्कर के मापी गई औसत दूरी को कहते हैं –

  • माध्य मुक्त पथ
  • पथ की लंबाई
  • माध्य मुक्त वेग
  • औसत मुक्त चाल

Explanation:

  • किसी अणु (Molecule) द्वारा बिना टक्कर (Without Collision) के मापी गई औसत दूरी को “माध्य मुक्त पथ” (Mean Free Path) कहते हैं।
  • इसे \(\lambda\) (Lambda) से दर्शाया जाता है।
  • माध्य मुक्त पथ \(\lambda = \frac{1}{\sqrt{2} \pi d^2 n}\) (जहाँ \(d\) = अणु का व्यास, \(n\) = प्रति इकाई आयतन अणुओं की संख्या)।
  • अतिरिक्त तथ्य: माध्य मुक्त पथ तापमान (Temperature) के बढ़ने पर बढ़ता है (क्योंकि \(n\) घटता है) और दाब (Pressure) बढ़ने पर घटता है।

किसी पिंड का औसत वेग, किसी निश्चित समयावधि के लिए प्रारंभिक वेग और अंतिम वेग के अंकगणितीय माध्य द्वारा दिया जा सकता है, जब पिंड ______ हो।

  • एकसमान त्वरण से गतिमान
  • असमान त्वरण से गतिमान
  • एकसमान गति से चल रहा
  • एकसमान वेग से गतिमान

Explanation:

  • किसी पिंड का औसत वेग (Average Velocity) प्रारंभिक वेग (u) और अंतिम वेग (v) के अंकगणितीय माध्य (Arithmetic Mean) \( \frac{u+v}{2} \) द्वारा तब दिया जा सकता है, जब पिंड “एकसमान त्वरण” (Uniform Acceleration) से गतिमान हो।
  • \(v_{avg} = \frac{u+v}{2}\) (केवल एकसमान त्वरण के लिए सत्य)
  • अतिरिक्त तथ्य: असमान त्वरण के लिए औसत वेग \(\frac{कुल विस्थापन}{कुल समय}\) द्वारा दिया जाता है।

एक पिंड 5 s में बिंदु A से B तक 10 m की सरल रेखीय दूरी तय करता है और फिर सरल रेखीय पथ के साथ वापस बिंदु B से बिंदु A तक की दूरी को 5 s में तय करता है। पिंड की औसत चाल कितनी होगी?

  • 0 m/s
  • 2 m/s
  • 4 m/s
  • 1 m/s

Explanation:

  • औसत चाल (Average Speed) = \(\frac{\text{कुल दूरी}}{\text{कुल समय}}\)
  • कुल दूरी = 10 (A→B) + 10 (B→A) = 20 m
  • कुल समय = 5 + 5 = 10 s
  • औसत चाल = 20/10 = 2 m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: औसत वेग (Average Velocity) = कुल विस्थापन/कुल समय = 0/10 = 0 m/s (क्योंकि प्रारंभिक और अंतिम स्थिति समान)।

औसत चाल और औसत वेग, ______ वस्तु की गति दर्शाता है।

  • समय की एक विशेष अवस्था में
  • लंबी दूरी में
  • कम दूरी में
  • दिए गए अंतराल के दौरान

Explanation:

  • औसत चाल (Average Speed) और औसत वेग (Average Velocity), “दिए गए अंतराल के दौरान” (During a given interval) वस्तु की गति दर्शाते हैं।
  • ये किसी विशेष क्षण (Instant) की गति नहीं दर्शाते, बल्कि पूरे समय अंतराल (Entire Time Interval) की गति दर्शाते हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: तात्क्षणिक चाल (Instantaneous Speed) – किसी विशेष क्षण पर चाल।

निम्नलिखित में से कौन-सा, एकसमान वृत्तीय गति का सर्वोत्तम उदाहरण है?

  • एक लूप पर एक रोलर कोस्टर
  • एक वक्रित ट्रैक पर धीमी होती हुई रेसिंग कार
  • चंद्रमा, पृथ्वी के परितः वृत्तीय कक्षा में घूम रहा है
  • एक यो-यो की चाल बदलते हुए ऊर्ध्वाधर वृत्त में घुमाया जा रहा है

Explanation:

  • “चंद्रमा, पृथ्वी के परितः वृत्तीय कक्षा में घूम रहा है” एकसमान वृत्तीय गति (Uniform Circular Motion) का सर्वोत्तम उदाहरण है (लगभग नियत चाल से)।
  • इसमें चाल (Speed) स्थिर है, लेकिन वेग (Velocity) निरंतर बदलता है (दिशा बदलती है)।
  • अतिरिक्त तथ्य: अभिकेन्द्री बल (Centripetal Force) – गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force) चंद्रमा को कक्षा में बनाए रखता है।

किसी वस्तु के स्थान का वर्णन सदैव निर्देश बिंदु को निर्दिष्ट करके किया जाता है जिसे ______ के रूप में जाना जाता है।

  • मूल-बिंदु
  • विस्थापन
  • अंतिम स्थिति
  • अक्ष

Explanation:

  • किसी वस्तु के स्थान (Position) का वर्णन सदैव निर्देश बिंदु (Reference Point) को निर्दिष्ट करके किया जाता है, जिसे “मूल-बिंदु” (Origin) के रूप में जाना जाता है।
  • मूल-बिंदु (Origin) – वह बिंदु जहाँ से दूरी (Distance) या विस्थापन (Displacement) मापा जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: निर्देश तंत्र (Coordinate System) – मूल-बिंदु और अक्ष (Axes) को परिभाषित करता है।

ऋणात्मक त्वरण में एक निकाय का वेग ______

  • स्थिर रहता है।
  • शून्य होता है।
  • कम हो जाता है।
  • बढ़ जाता है।

Explanation:

  • ऋणात्मक त्वरण (Negative Acceleration / Retardation) में एक निकाय का वेग (Velocity) “कम हो जाता है” (Decreases)।
  • ऋणात्मक त्वरण → \(a < 0\) → \(v = u + at\) में \(v\) घटता है (मंदन - Deceleration) ।
  • अतिरिक्त तथ्य: धनात्मक त्वरण (Positive Acceleration) में वेग बढ़ता (Increases) है, शून्य त्वरण में वेग स्थिर (Constant) है।

प्रतिध्वनि 6 सेकंड में सुनाई देती है। यदि स्रोत से परावर्ती पृष्ठ की दूरी 990 m है, तो ध्वनि की चाल कितनी होगी?

  • 660 m/s
  • 165 m/s
  • 330 m/s
  • 1320 m/s

Explanation:

  • प्रतिध्वनि (Echo) के लिए: ध्वनि को स्रोत से परावर्तक सतह तक और वापस जाना होता है।
  • कुल दूरी = \(2 \times d = 2 \times 990 = 1980\) m
  • समय \(t = 6\) s
  • चाल \(v = \frac{2d}{t} = \frac{1980}{6} = 330\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: प्रतिध्वनि (Echo) सुनने के लिए न्यूनतम दूरी (Minimum Distance) = 17 m (श्रवण सीमा 0.1 s)।

जैसे ही हम आवर्त सारणी के समूह को नीचे की ओर स्थानांतरित करते हैं, इलेक्ट्रॉन बंधुता-

  • बढ़ती है और फिर घटती है
  • समान रहती है
  • घटती है
  • बढ़ती है

Explanation:

  • जैसे-जैसे हम आवर्त सारणी (Periodic Table) के समूह (Group) में नीचे (Downwards) जाते हैं, इलेक्ट्रॉन बंधुता (Electron Affinity) “घटती” (Decreases) है।
  • कारण: परमाणु आकार (Atomic Size) बढ़ता है, प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) घटता है, जिससे इलेक्ट्रॉन को जोड़ना कठिन हो जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: आवर्त (Period) में बाएँ से दाएँ → इलेक्ट्रॉन बंधुता बढ़ती (Increases) है (हैलोजन में सबसे अधिक)।

गति के समीकरणों के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन सा गलत है?

  • 2as = u² − v²
  • s = ut + ½at²
  • 2as = v² − u²
  • v = u + at

Explanation:

  • “2as = u² − v²” – यह समीकरण गलत (Incorrect) है।
  • सही समीकरण: v² – u² = 2as या 2as = v² – u²
  • गति के तीन समीकरण:
    1. \(v = u + at\)
    2. \(s = ut + \frac{1}{2}at^2\)
    3. \(v^2 = u^2 + 2as\)
  • अतिरिक्त तथ्य: ये समीकरण एकसमान त्वरण (Uniform Acceleration) के लिए मान्य हैं।

एक लिफ्ट 7.5 मीटर/मिनट की दर से एक खदान में नीचे की ओर गति करती है। यदि वह लिफ्ट खदान से 35 मीटर ऊँचाई से शुरू होती है, तो 430 मीटर गहरी खदान के धरातल तक पहुँचने में उसे कितना समय लगेगा?

  • 57.33 मिनट
  • 66 मिनट
  • 62 मिनट
  • 52.67 मिनट

Explanation:

  • खदान की गहराई = 430 m, लिफ्ट की प्रारंभिक ऊँचाई = 35 m
  • तय की जाने वाली दूरी = 430 – 35 = 395 m
  • चाल = 7.5 m/min
  • समय = दूरी/चाल = 395/7.5 = 52.666… ≈ 52.67 मिनट
  • अतिरिक्त तथ्य: सही उत्तर 52.67 मिनट है (दिए गए विकल्पों में 52.67 मिनट ही सही है, 62 नहीं) ।

किसी वस्तु की सीधी रेखा के अनुदिश असमान गति के दौरान ______।

  • किसी भी समय अंतराल में वेग में परिवर्तन शून्य होता है।
  • किसी भी समय अंतराल में वेग में परिवर्तन शून्य नहीं होता है।
  • वेग समय के साथ स्थिर रहता है।
  • पथ के विभिन्न बिंदुओं पर वेग का मान समान होता है।

Explanation:

  • असमान गति (Non-uniform Motion) के दौरान “किसी भी समय अंतराल में वेग में परिवर्तन शून्य नहीं होता है।” (Change in velocity is not zero in any time interval)
  • इसमें वेग (Velocity) बदलता (Changes) है → त्वरण (Acceleration) ≠ 0
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान गति (Uniform Motion) में वेग स्थिर होता है (त्वरण = 0)।

किसी वस्तु पर लगने वाले असंतुलित बल सदैव ______ बनते हैं।

  • द्रव्यमान में वृद्धि का कारण
  • वस्तु के विराम अवस्था में रहने का कारण
  • गति में कोई परिवर्तन न होने का कारण
  • गति में परिवर्तन का कारण

Explanation:

  • किसी वस्तु पर लगने वाले असंतुलित बल (Unbalanced Force) सदैव “गति में परिवर्तन” (Change in Motion) का कारण बनते हैं।
  • यह न्यूटन का पहला नियम (First Law) और दूसरा नियम (Second Law) का आधार है: \(F = ma\) (बल → त्वरण → वेग में परिवर्तन)।
  • अतिरिक्त तथ्य: संतुलित बल (Balanced Force) → कोई गति परिवर्तन नहीं (विराम या एकसमान गति)।

एक व्यस्त सड़क पर एक बस की गति, ______ गति का एक उदाहरण है।

  • असमान
  • एकसमान
  • वृत्तीय
  • रेखीय

Explanation:

  • एक व्यस्त सड़क (Busy Road) पर एक बस की गति “असमान” (Non-uniform) गति का उदाहरण है, क्योंकि चाल बदलती (Changes) रहती है (ट्रैफिक, सिग्नल आदि के कारण)।
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान गति (Uniform Motion) – सीधी सड़क पर स्थिर चाल से चलती कार (बिना ट्रैफिक)।

एकसमान त्वरित गति के लिए, वेग-समय ग्राफ के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

  • ग्राफ सदैव वक्राकार होता है क्योंकि वेग अनियमित रूप से बदलता है।
  • ग्राफ एक ऋजु रेखा है क्योंकि वेग समान समयांतराल में समान परिमाण में बदलता है।
  • ग्राफ क्षैतिज है क्योंकि वेग स्थिर रहता है।
  • ग्राफ के आधार पर ग्राफ का कोई भी आकार हो सकता है।

Explanation:

  • एकसमान त्वरित गति (Uniformly Accelerated Motion) के लिए, वेग-समय (v-t) ग्राफ “एक ऋजु रेखा” (Straight Line) होता है, क्योंकि वेग समान समयांतराल में समान परिमाण में बदलता है (Equal change in equal time intervals)।
  • ढलान (Slope) = \(a\) (स्थिर) → रेखा सीधी (Straight) होती है।
  • अतिरिक्त तथ्य: असमान त्वरण (Non-uniform Acceleration) में v-t ग्राफ वक्र (Curve) होता है।

एक चिकनी गेंद दोनों ओर आनत आदर्श घर्षणरहित तल पर विरामवस्था में है। गेंद को बाई ओर से छोड़ा जाता है और स्थिति-I में दाएं तल का आनति कोण छोटा होता है और स्थिति-II (समतल) में आनति कोण शून्य होता है। गेंद समान रूप से आनत वाली स्थिति की तुलना में ______।

  • स्थिति-I में अधिक दूरी तय करती है और स्थिति-II में सदैव गतिमान रहती है
  • स्थिति-I में समान दूरी तय करती है और स्थिति-II में सदैव गतिमान रहती है
  • स्थिति-I में समान दूरी और स्थिति-II में अधिक दूरी तय करती है
  • स्थिति-I में कम दूरी और स्थिति-II में समान दूरी तय करती है

Explanation:

  • स्थिति-I (छोटा आनति कोण – Small Inclination) में गेंद अधिक दूरी (More Distance) तय करती है (क्योंकि कम ढलान → कम मंदन → अधिक दूरी)।
  • स्थिति-II (समतल – Plane, θ = 0°) में गेंद सदैव गतिमान (Always in Motion) रहती है (घर्षणरहित तल पर → कोई मंदन नहीं → न्यूटन का पहला नियम – जड़त्व)।
  • अतिरिक्त तथ्य: यह गैलीलियो का प्रयोग (Galileo’s Experiment) है, जिसने जड़त्व के नियम को सिद्ध किया।

असमान गति (non-uniform motion) से गतिमान किसी वस्तु के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

  • विभिन्न बिंदुओं पर इसकी चाल भिन्न होती है
  • यह असमान समय अंतरालों में असमान दूरी तय करता है
  • इसका वेग समय के साथ बदलता है
  • समय अंतराल में वेग में परिवर्तन शून्य होता है

Explanation:

  • “समय अंतराल में वेग में परिवर्तन शून्य होता है” – यह कथन सत्य नहीं (Not True) है, क्योंकि असमान गति (Non-uniform Motion) में वेग बदलता (Changes) है, इसलिए \(\Delta v \neq 0\)।
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान गति (Uniform Motion) में \(\Delta v = 0\) (त्वरण = 0)।

मुक्त रूप से गिरती हुई किसी वस्तु की गति, ______ का उदाहरण है।

  • रेखिक गति
  • असमान त्वरित गति
  • समान त्वरित गति
  • वृत्तीय गति

Explanation:

  • मुक्त रूप से गिरती हुई (Freely Falling) वस्तु की गति “समान त्वरित गति” (Uniformly Accelerated Motion) का उदाहरण है।
  • गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण स्थिर (Constant) होता है: \(a = g = 9.8\) m/s²।
  • अतिरिक्त तथ्य: मुक्त पतन (Free Fall) – वायु प्रतिरोध (Air Resistance) को नगण्य माना जाता है।

एखाद्या वस्तूची स्थितीज ऊर्जा कशावर अवलंबून असते?

  • तिच्या तापमान
  • तिची स्थिती किंवा रचना
  • गतिमान असताना तिचा वेग
  • तिचा रंग आणि आकार

Explanation:

  • किसी वस्तु की स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) “तिची स्थिती किंवा रचना” (Its position or configuration) पर निर्भर करती है।
  • गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (Gravitational PE) = \(mgh\) (ऊँचाई पर निर्भर), प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (Elastic PE) = \(\frac{1}{2}kx^2\) (विकृति पर निर्भर)।
  • अतिरिक्त तथ्य: गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) – गति पर निर्भर (\(KE = \frac{1}{2}mv^2\) )।

एक उपग्रह पृथ्वी के परितः एक समान वृत्तीय कक्षा में घूम रहा है। इसकी गति के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • उपग्रह की चाल स्थिर है, लेकिन इसका वेग स्थिर नहीं है।
  • उपग्रह का वेग स्थिर है, लेकिन इसकी चाल स्थिर नहीं है।
  • उपग्रह का वेग एवं त्वरण स्थिर है।
  • उपग्रह की चाल स्थिर है तथा इसमें कोई त्वरण नहीं है।

Explanation:

  • “उपग्रह की चाल स्थिर है, लेकिन इसका वेग स्थिर नहीं है” (Satellite’s speed is constant, but its velocity is not constant) – यह कथन सही (Correct) है।
  • चाल (Speed) – अदिश (Scalar) → स्थिर (Constant)।
  • वेग (Velocity) – सदिश (Vector) → दिशा बदलती है (Direction changes), इसलिए वेग स्थिर नहीं है।
  • त्वरण (Acceleration) – अभिकेन्द्री (Centripetal) → शून्य नहीं है।
  • अतिरिक्त तथ्य: अभिकेन्द्री त्वरण \(a_c = \frac{v^2}{r}\) (हमेशा केंद्र की ओर)।

एक वस्तु विराम से x = 0 मीटर से शुरू होती है और x-अक्ष के साथ 3 m/s² के नियत त्वरण के साथ चलती है। इसकी यात्रा के दौरान x = 13.5 m से x = 54 m तक, इसका औसत वेग है:

  • 13.5 m/s
  • 12.0 m/s
  • 8.5 m/s
  • 10.0 m/s

Explanation:

  • \(v^2 = u^2 + 2as\), \(u = 0\), \(a = 3\) m/s²
  • \(x = 13.5\) m पर: \(v_1 = \sqrt{2 \times 3 \times 13.5} = \sqrt{81} = 9\) m/s
  • \(x = 54\) m पर: \(v_2 = \sqrt{2 \times 3 \times 54} = \sqrt{324} = 18\) m/s
  • औसत वेग = \(\frac{v_1 + v_2}{2} = \frac{9 + 18}{2} = 13.5\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: गणना से 13.5 m/s आता है (विकल्पों में 13.5 m/s है, 12 नहीं)।

चाल, दूरी और समय के बीच सही संबंध ______ है।

  • S = T/D
  • S = D/T
  • S = D × T
  • S = D – T

Explanation:

  • चाल (Speed – S), दूरी (Distance – D) और समय (Time – T) के बीच सही संबंध: S = D/T
  • चाल = \(\frac{दूरी}{समय}\)
  • अतिरिक्त तथ्य: वेग (Velocity) = विस्थापन/समय (दिशा सहित)।

एक वस्तु विराम अवस्था x = 0 मीटर और t = 0 s से शुरू होती है। यह x-अक्ष के साथ 2 m/s² के निरंतर त्वरण के साथ चलता है। 1 s और 5 s के बीच इसका औसत वेग क्या है?

  • 2 m/s
  • 8 m/s
  • 6 m/s
  • 4 m/s

Explanation:

  • \(v = u + at = 0 + 2t = 2t\)
  • 1 s पर: \(v_1 = 2(1) = 2\) m/s
  • 5 s पर: \(v_2 = 2(5) = 10\) m/s
  • औसत वेग = \(\frac{v_1 + v_2}{2} = \frac{2 + 10}{2} = 6\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: यह एकसमान त्वरण (Uniform Acceleration) के लिए मान्य है।

निम्नलिखित में से कौन सा एकसमान गति का उदाहरण है?

  • एक वाहन जो भीड़भाड़ वाले इलाके से गुजर रहा है
  • एक ट्रेन जो सीधी पटरी पर एक समान गति से चल रही है
  • एक स्प्रिंटर जो 100 मीटर की दौड़ अलग-अलग गति से दौड़ रहा है
  • एक गेंद जो ढलान पर लुढ़क रही है

Explanation:

  • “एक ट्रेन जो सीधी पटरी पर एक समान गति से चल रही है” एकसमान गति (Uniform Motion) का उदाहरण है।
  • इसमें चाल (Speed) और दिशा (Direction) दोनों स्थिर (Constant) हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान गति में त्वरण = 0 (Zero Acceleration)।

पृथ्वी की परिक्रमा एक वृत्तीय पथ पर नियत गति से करने वाले उपग्रह की गति एकसमान वृत्तीय गति का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इस गति का कौन-सा गुण इसके त्वरण को शून्य होने से रोकता है?

  • कक्षीय गतिकी के कारण वस्तु का द्रव्यमान निरंतर बदलता रहता है।
  • गति की दिशा प्रत्येक बिंदु पर निरंतर बदलती रहती है, अर्थात वेग परिवर्तित हो रहा है।
  • गुरुत्वाकर्षण बल के लिए गति इतनी अधिक है कि वह स्थिर वेग बनाए नहीं रख सकता।
  • कुल यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है, जिससे त्वरण आवश्यक हो जाता है।

Explanation:

  • “गति की दिशा प्रत्येक बिंदु पर निरंतर बदलती रहती है, अर्थात वेग परिवर्तित हो रहा है” – यही कारण है कि त्वरण (Acceleration) शून्य नहीं (Not zero) होता है।
  • एकसमान वृत्तीय गति में चाल (Speed) स्थिर है, लेकिन वेग (Velocity) बदलता है (दिशा बदलती है) → त्वरण = \(\frac{\Delta v}{\Delta t} \neq 0\) → अभिकेन्द्री त्वरण (Centripetal Acceleration)।
  • अतिरिक्त तथ्य: अभिकेन्द्री बल (Centripetal Force) – \(F_c = \frac{mv^2}{r}\) (हमेशा केंद्र की ओर)।

किसी वस्तु की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा किस पर निर्भर करती है?

  • केवल उसके त्वरण
  • उसके वेग और द्रव्यमान
  • केवल उसकी चाल
  • उसके द्रव्यमान और ऊँचाई

Explanation:

  • किसी वस्तु की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (Gravitational Potential Energy) = \(U = mgh\)
  • यह द्रव्यमान (Mass – m) और ऊँचाई (Height – h) पर निर्भर करती है।
  • अतिरिक्त तथ्य: गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) – \(KE = \frac{1}{2}mv^2\) (द्रव्यमान और वेग पर निर्भर)।

यदि हवा का तापमान बढ़ता है, तो ध्वनि की गति और प्रतिध्वनि सुनने की न्यूनतम दूरी पर क्या प्रभाव पड़ता है?

  • गति घटती है, न्यूनतम दूरी बढ़ती है।
  • गति बढ़ती है, न्यूनतम दूरी घटती है।
  • गति बढ़ती है, न्यूनतम दूरी बढ़ती है।
  • गति घटती है, न्यूनतम दूरी घटती है।

Explanation:

  • हवा का तापमान (Temperature) बढ़ने पर ध्वनि की गति (Speed of Sound) बढ़ती (Increases) है (\(v \propto \sqrt{T}\))।
  • प्रतिध्वनि (Echo) सुनने की न्यूनतम दूरी (Minimum Distance) = \(\frac{v \times t}{2}\) (जहाँ \(t = 0.1\) s मानव श्रवण सीमा है)।
  • जैसे \(v\) बढ़ती है, न्यूनतम दूरी भी बढ़ती (Increases) है।
  • अतिरिक्त तथ्य: ध्वनि की चाल का सूत्र: \(v = 331 + 0.6T\) m/s (T = तापमान °C में)।

एक ऐसी स्थिति पर विचार करें जहाँ एक व्यक्ति कार में बैठा है और एक सीधी रेखा में एक समान वेग से गाड़ी चला रहा है। यदि कार तेजी से बाई ओर मुड़ती है, तो व्यक्ति को निम्नलिखित में से किस दिशा में धकेला जाएगा?

  • आगे
  • पीछे
  • दाएं
  • बाएं

Explanation:

  • जब कार तेजी से बाई ओर मुड़ती (Turns sharply left) है, तो व्यक्ति को “दाएं” (Right) दिशा में धकेला जाएगा।
  • यह जड़त्व (Inertia) के कारण है: व्यक्ति का शरीर सीधी रेखा (Straight Line) में गति जारी रखना चाहता है, जबकि कार बाई ओर (Left) मुड़ती है → सापेक्ष गति दाई ओर (Right) होती है।
  • अतिरिक्त तथ्य: जड़त्व (Inertia) – न्यूटन का पहला नियम (First Law)।

एक कार विरामावस्था से चलना शुरू करती है और 5 सेकंड तक समान रूप से 2 m/s² पर त्वरित होती है। कार का अंतिम वेग क्या है?

  • 10 m/s
  • 15 m/s
  • 20 m/s
  • 5 m/s

Explanation:

  • \(u = 0\) (विरामावस्था), \(a = 2\) m/s², \(t = 5\) s
  • \(v = u + at = 0 + 2(5) = 10\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान त्वरण (Uniform Acceleration) – त्वरण स्थिर (Constant)।

मुक्त पतन (Free fall) किस प्रकार की गति से संबंधित है?

  • असमान गति
  • एकसमान गति
  • एकसमान रूप से त्वरित गति
  • आवर्त गति

Explanation:

  • मुक्त पतन (Free Fall) “एकसमान रूप से त्वरित गति” (Uniformly Accelerated Motion) से संबंधित है।
  • गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण स्थिर (Constant) होता है: \(a = g = 9.8\) m/s²।
  • अतिरिक्त तथ्य: गति के समीकरण: \(v = u + gt\), \(s = ut + \frac{1}{2}gt^2\), \(v^2 = u^2 + 2gs\)

‘प्रकाश वर्ष’ एक इकाई है जिसका उपयोग ______ मापने के लिए किया जाता है।

  • दूरी
  • चाल
  • गति
  • समय

Explanation:

  • “प्रकाश वर्ष” (Light Year) एक इकाई है जिसका उपयोग “दूरी” (Distance) मापने के लिए किया जाता है।
  • 1 प्रकाश वर्ष = प्रकाश द्वारा 1 वर्ष में तय की गई दूरी = \(9.46 \times 10^{15}\) m ≈ \(9.46\) ट्रिलियन किमी।
  • इसका उपयोग खगोलीय दूरियों (Astronomical Distances) को मापने के लिए किया जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: खगोलीय इकाई (Astronomical Unit – AU) = पृथ्वी-सूर्य की औसत दूरी ≈ 1.5 × 10⁸ किमी।

निम्नलिखित में से कौन-सा एकसमान वृत्तीय गति कर रही वस्तु का उदाहरण है?

  • एकसमान चाल से पृथ्वी की परिक्रमा करता एक उपग्रह
  • पार्क में जॉगिंग करता एक व्यक्ति
  • सीधी पटरी पर अलग-अलग चाल से चलती एक रेलगाड़ी
  • भीड़-भाड़ वाली सड़क पर चलती एक कार

Explanation:

  • “एकसमान चाल से पृथ्वी की परिक्रमा करता एक उपग्रह” एकसमान वृत्तीय गति (Uniform Circular Motion) का उदाहरण है।
  • चाल (Speed) स्थिर है, लेकिन दिशा (Direction) निरंतर बदलती है (वेग स्थिर नहीं)।
  • अतिरिक्त तथ्य: अभिकेन्द्री त्वरण (Centripetal Acceleration) – \(a_c = \frac{v^2}{r}\) (शून्य नहीं) ।

निम्नलिखित में से किस उदाहरण द्वारा एकसमान वृत्ताकार गति का वर्णन किया जाता है?

  • आकाश से गिरती हुई वर्षा की बूंद
  • सीधी सड़क पर चलती हुई कार
  • एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर कूदता हुआ बंदर
  • घड़ी की सुइयों की गति

Explanation:

  • “घड़ी की सुइयों की गति” (Motion of clock hands) एकसमान वृत्ताकार गति (Uniform Circular Motion) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
  • घड़ी की सुइयाँ नियत चाल (Constant Speed) से वृत्ताकार पथ पर गति करती हैं।
  • वर्षा की बूंद – मुक्त पतन (एकसमान त्वरित गति), सीधी सड़क पर कार – रैखिक गति (Linear Motion), बंदर का कूदना – प्रक्षेप्य गति (Projectile Motion) ।
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान वृत्ताकार गति में चाल स्थिर, लेकिन वेग बदलता है (दिशा बदलती है) → अभिकेन्द्री त्वरण (Centripetal Acceleration) होता है।

किसी वस्तु के वेग के परिवर्तन की दर स्थिर होती है। इसका औसत वेग है:

  • प्रारंभिक और अंतिम वेग का उत्पाद
  • अंतिम और प्रारंभिक वेग के अंतर का आधा
  • प्रारंभिक और अंतिम वेग के योग का आधा
  • प्रारंभिक और अंतिम वेग का योग

Explanation:

  • यदि वेग के परिवर्तन की दर स्थिर (Constant) है → एकसमान त्वरण (Uniform Acceleration) → औसत वेग = \(\frac{u + v}{2}\)
  • \(\text{औसत वेग} = \frac{u + v}{2}\) (प्रारंभिक और अंतिम वेग के योग का आधा)
  • अतिरिक्त तथ्य: असमान त्वरण (Non-uniform Acceleration) के लिए औसत वेग = \(\frac{\text{कुल विस्थापन}}{\text{कुल समय}}\)

स्थितिज ऊर्जा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

  • यह वस्तु की गति पर निर्भर करती है।
  • इसे ऊर्जा के अन्य रूपों में परिवर्तित नहीं किया जा सकता है।
  • यह स्थिति या अवस्था के कारण संचित ऊर्जा है।
  • यह केवल तभी विद्यमान होती है जब कोई वस्तु गतिमान हो।

Explanation:

  • स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) “स्थिति या अवस्था के कारण संचित ऊर्जा” (Stored energy due to position or configuration) है।
  • उदाहरण: गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (\(U = mgh\) – ऊँचाई के कारण), प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (\(U = \frac{1}{2}kx^2\) – विकृति के कारण)।
  • अतिरिक्त तथ्य: गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) – गति के कारण ऊर्जा, \(KE = \frac{1}{2}mv^2\)।

घर्षण बल की दिशा क्या होती है?

  • संपर्क सतह के अभिलंब के साथ
  • सापेक्ष गति की दिशा के विपरीत
  • गति के लंबवत
  • लगाए गए बल की दिशा के समान

Explanation:

  • घर्षण बल (Friction Force) की दिशा “सापेक्ष गति की दिशा के विपरीत” (Opposite to the direction of relative motion) होती है।
  • यह गति का विरोध (Opposes motion) करता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: घर्षण के प्रकार: स्थैतिक, गतिज, लोटनिक (Static, Kinetic, Rolling)।

गैसें पात्र की दीवारों पर दाब क्यों डालती हैं?

  • गैस के कण पात्र की दीवारों को प्रबलता से आकर्षित करते हैं।
  • गैस के कण यादृच्छिक रूप से गति करते हैं और दीवारों से टकराते हैं।
  • गैस के कण पात्र के अंदर स्थिर रहते हैं।
  • गैस के कणों में बहुत कम गतिज ऊर्जा होती है।

Explanation:

  • गैसें पात्र की दीवारों पर दाब (Pressure) डालती हैं क्योंकि “गैस के कण यादृच्छिक रूप से गति करते हैं और दीवारों से टकराते हैं” (Gas particles move randomly and collide with walls)।
  • यह गतिज सिद्धांत (Kinetic Theory) का आधार है: गैस के कण निरंतर गति (Continuous Motion) में होते हैं और उनकी टक्कर के कारण दाब उत्पन्न होता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: दाब \(P = \frac{1}{3}\rho \overline{v^2}\) (गैस के कणों की माध्य वर्ग चाल से संबंधित)।

जब कोई वस्तु किसी सरल पथ के अनुदिश गति करती है लेकिन उसकी चाल परिवर्तित होती है, तो हम उसकी गति की दर का वर्णन कैसे कर सकते हैं?

  • इसके एकसमान वेग को मापकर
  • कुल समय में औसत वेग का उपयोग करके
  • यह जाँच कर कि यह प्रति सेकंड कितनी दूरी तय करती है
  • औसत वेग पर कुल समय का उपयोग करके

Explanation:

  • जब वस्तु की चाल परिवर्तित (Speed changes) होती है (असमान गति), तो गति की दर का वर्णन “कुल समय में औसत वेग” (Average velocity over total time) का उपयोग करके किया जाता है।
  • औसत वेग = \(\frac{\text{कुल विस्थापन}}{\text{कुल समय}}\)
  • अतिरिक्त तथ्य: तात्क्षणिक वेग (Instantaneous Velocity) – किसी विशेष क्षण पर वेग।

जब किसी वस्तु पर संतुलित बल कार्य करते हैं, तो उसकी गति का क्या होता है?

  • उसकी गति की अवस्था अपरिवर्तित रहती है।
  • वह अपनी गति की दिशा बदलती है।
  • वह गतिमान होती है।
  • वह धीमी हो जाती है।

Explanation:

  • जब किसी वस्तु पर संतुलित बल (Balanced Forces) कार्य करते हैं, तो “उसकी गति की अवस्था अपरिवर्तित” (State of motion remains unchanged) रहती है (न्यूटन का पहला नियम – Law of Inertia)।
  • वस्तु विराम (Rest) में रहेगी या एकसमान वेग (Uniform Velocity) से गति करती रहेगी (त्वरण = 0)।
  • अतिरिक्त तथ्य: असंतुलित बल (Unbalanced Forces) → त्वरण (गति में परिवर्तन)।

संवेग के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

  • संवेग में परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।
  • संवेग की SI इकाई किलोग्राम प्रति सेकंड है।
  • संवेग द्रव्यमान और वेग का योग है।
  • संवेग में केवल परिमाण होता है, दिशा नहीं होती।

Explanation:

  • “संवेग” (Momentum) = \(\vec{p} = m\vec{v}\) (द्रव्यमान × वेग)।
  • यह एक सदिश राशि (Vector Quantity) है, इसलिए “संवेग में परिमाण और दिशा दोनों होते हैं” (Momentum has both magnitude and direction)।
  • SI इकाई: kg m/s (kg m s⁻¹)।
  • अतिरिक्त तथ्य: संवेग संरक्षण (Conservation of Momentum) – बंद निकाय में कुल संवेग स्थिर रहता है।

एक कार सीधी सड़क पर एकसमान चाल से चल रही है। इसका दूरी-समय ग्राफ …………… है।

  • समय-अक्ष की ओर आनत एक सीधी रेखा
  • ऊपर की ओर अवतल वक्र
  • नीचे की ओर अवतल वक्र
  • समय-अक्ष के समानांतर एक सीधी रेखा

Explanation:

  • एकसमान चाल (Uniform Speed) के लिए दूरी-समय (Distance-Time) ग्राफ “समय-अक्ष की ओर आनत एक सीधी रेखा” (Straight line inclined to the time axis) होता है।
  • ढलान (Slope) = चाल (Speed) = स्थिर (Constant)।
  • अतिरिक्त तथ्य: विराम (Rest) में → समय-अक्ष के समानांतर क्षैतिज रेखा, त्वरित गति → वक्र (Curve)।

नेहा 50 मीटर लंबे एक पूल में तैरती है। वह उसी सीधे रास्ते पर पूल के एक छोर से दूसरे छोर तक और वापस तैरकर 1 मिनट में 100 मीटर की दूरी तय करती है। उसका औसत वेग (m/s में) ज्ञात कीजिए।

  • 3.2 m/s
  • 1.7 m/s
  • 2.5 m/s
  • 0 m/s

Explanation:

  • औसत वेग = \(\frac{\text{कुल विस्थापन}}{\text{कुल समय}}\)
  • नेहा एक छोर से दूसरे छोर तक और वापस आती है → विस्थापन = 0 (प्रारंभिक और अंतिम स्थिति समान)।
  • औसत वेग = 0/60 = 0 m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: औसत चाल (Average Speed) = 100/60 = 1.67 m/s।

निम्नलिखित में से किस स्थिति में किसी वस्तु के विस्थापन का मान शून्य होता है?

  • जब वस्तु की प्रारंभिक और अंतिम स्थिति समान हो
  • जब तय की गई दूरी वस्तु के विस्थापन के बराबर हो
  • जब तय की गई दूरी वस्तु के विस्थापन से कम हो
  • जब तय की गई दूरी वस्तु के विस्थापन से अधिक हो

Explanation:

  • विस्थापन (Displacement) = प्रारंभिक और अंतिम स्थिति के बीच की न्यूनतम दूरी (Shortest distance)।
  • यदि प्रारंभिक और अंतिम स्थिति समान (Same initial and final position) हैं, तो विस्थापन का मान शून्य (Zero) होता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: दूरी (Distance) – अदिश राशि (Scalar) → हमेशा धनात्मक या शून्य, विस्थापन (Displacement) – सदिश राशि (Vector) → शून्य हो सकता है।

एक वस्तु को सीधे ऊपर की ओर फेंका जाता है और वह अधिकतम 20 m की ऊँचाई तक पहुँचती है। यदि हम g = 10 m/sec² लें, तो उस वस्तु को फेंके जाने के समय उसकी प्रारंभिक चाल कितनी थी?

  • 40 m/sec
  • 30 m/sec
  • 10 m/sec
  • 20 m/sec

Explanation:

  • गति का तीसरा समीकरण: \(v^2 = u^2 + 2as\)
  • उच्चतम बिंदु पर \(v = 0\), \(a = -g = -10\) m/s², \(s = 20\) m
  • \(0 = u^2 – 2(10)(20)\) → \(u^2 = 400\) → \(u = 20\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: अधिकतम ऊँचाई (Maximum Height) = \(h = \frac{u^2}{2g}\) → \(u = \sqrt{2gh}\)

एक वस्तु अपनी विराम स्थिति से 5 m/s² के त्वरण से आगे बढ़ रही है। 5s बाद इस वस्तु का वेग क्या है?

  • 15 m/s
  • 20 m/s
  • 5 m/s
  • 25 m/s

Explanation:

  • \(u = 0\) (विरामावस्था), \(a = 5\) m/s², \(t = 5\) s
  • \(v = u + at = 0 + 5(5) = 25\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: विरामावस्था (Rest) → \(u = 0\)।

किसी वस्तु की प्रारंभिक से अंतिम स्थिति तक मापी गई सबसे छोटी दूरी को के रूप में जाना जाता है।

  • त्वरण
  • चाल
  • वेग
  • विस्थापन

Explanation:

  • किसी वस्तु की प्रारंभिक से अंतिम स्थिति (Initial to Final Position) तक मापी गई सबसे छोटी दूरी (Shortest Distance) को “विस्थापन” (Displacement) के रूप में जाना जाता है।
  • यह एक सदिश राशि (Vector Quantity) है (परिमाण + दिशा)।
  • अतिरिक्त तथ्य: दूरी (Distance) – पथ की कुल लंबाई (अदिश – Scalar)।

एक पिंड को ऊँचाई से गिराया जाता है। यदि यह 3.0 s तक गिरता है और g = 10 m/s² है, तो इसका अंतिम वेग (v) कितना होगा?

  • 30 m/s
  • 40 m/s
  • 10 m/s
  • 20 m/s

Explanation:

  • मुक्त पतन में: \(v = u + gt\), \(u = 0\) (विराम से गिराया)
  • \(v = 0 + 10(3) = 30\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: मुक्त पतन (Free Fall) – \(a = g = 9.8\) m/s² (या 10 m/s² सरलीकृत)।

गति का दूसरा समीकरण ______ के बीच संबंध दर्शाता है।

  • स्थिति-समय
  • वेग-संवेग
  • स्थिति-वेग
  • वेग-समय

Explanation:

  • गति का दूसरा समीकरण (Second Equation of Motion): \(s = ut + \frac{1}{2}at^2\)
  • यह “स्थिति-समय” (Position-Time) के बीच संबंध दर्शाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: पहला (वेग-समय – \(v = u + at\)), तीसरा (वेग-स्थान – \(v^2 = u^2 + 2as\))।

20 kg द्रव्यमान के एक ब्लॉक को 200 m की ऊँचाई वाली इमारत के शीर्ष से नीचे गिराया जाता है। वह ब्लॉक किस वेग से धरातल से टकराएगा? (मान लीजिए g = 10 m/s²)

  • 20√5 m/s
  • 40 m/s
  • 20√10 m/s
  • 20 m/s

Explanation:

  • \(v^2 = u^2 + 2gh = 0 + 2(10)(200) = 4000\)
  • \(v = \sqrt{4000} = \sqrt{400 \times 10} = 20\sqrt{10}\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: द्रव्यमान (Mass – 20 kg) इस गणना में उपयोगी नहीं है (सभी वस्तुएँ समान त्वरण \(g\) से गिरती हैं)।

निम्नलिखित में से कौन असमान गति का उदाहरण नहीं है?

  • व्यस्त सड़क पर गतिमान कार
  • एक पार्क में टहलता हुआ व्यक्ति
  • 800 m की दौड़ लगाने वाला व्यक्ति
  • छत के पंखे के ब्लेड परिक्रमण

Explanation:

  • “छत के पंखे के ब्लेड परिक्रमण” (Rotation of ceiling fan blades) असमान गति (Non-uniform Motion) का उदाहरण नहीं है; यदि पंखा नियत चाल (Constant Speed) से घूम रहा है, तो यह एकसमान वृत्तीय गति (Uniform Circular Motion) है।
  • अन्य विकल्प: व्यस्त सड़क पर कार (चाल बदलती है), टहलता हुआ व्यक्ति (चाल बदलती है), 800 m की दौड़ (चाल बदलती है) – सभी असमान गति हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान गति (Uniform Motion) – चाल और दिशा दोनों स्थिर (जैसे: नियत चाल से घूमता पंखा, सीधी सड़क पर नियत चाल से कार)।

एक सीधी रेखा के अनुदिश किसी वस्तु की एकसमान गति के दौरान इसका ______ समय के साथ स्थिर रहता है।

  • त्वरण
  • मंदन
  • बल
  • वेग

Explanation:

  • एक सीधी रेखा के अनुदिश एकसमान गति (Uniform Motion) के दौरान इसका “वेग” (Velocity) समय के साथ स्थिर (Constant) रहता है।
  • त्वरण = 0 (वेग में कोई परिवर्तन नहीं)।
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान गति – समान समय अंतराल में समान दूरी तय करना।

5 kg द्रव्यमान का एक पिंड आरंभ में विरामावस्था में है। इस पर 4 s तक 20 N का एक नियत बल कार्य करता है। पिंड का अंतिम वेग क्या है?

  • 12 m/s
  • 16 m/s
  • 8 m/s
  • 20 m/s

Explanation:

  • न्यूटन का दूसरा नियम: \(F = ma\) → \(a = F/m = 20/5 = 4\) m/s²
  • \(u = 0\) (विरामावस्था), \(a = 4\) m/s², \(t = 4\) s
  • \(v = u + at = 0 + 4(4) = 16\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: बल का SI मात्रक न्यूटन (N) है, 1 N = 1 kg m/s²।

समय t₁ और t₂ के बीच वेग-समय वक्र के अंतर्गत क्षेत्र समय के उस अंतराल के दौरान वस्तु के ______ के बराबर है।

  • विस्थापन के परिमाण
  • बल
  • औसत वेग
  • त्वरण

Explanation:

  • वेग-समय (v-t) वक्र के अंतर्गत क्षेत्र (Area under the curve) = “विस्थापन के परिमाण” (Magnitude of displacement) के बराबर है।
  • \(\text{विस्थापन} = \int_{t_1}^{t_2} v \, dt\) (क्षेत्रफल = समाकलन)।
  • अतिरिक्त तथ्य: त्वरण-समय (a-t) वक्र के अंतर्गत क्षेत्र = वेग में परिवर्तन (Change in velocity)।

असमान गति में किसी वस्तु के लिए दूरी-समय ग्राफ की प्रकृति क्या है?

  • एक ऊर्ध्वाधर रेखा
  • एक सीधी रेखा
  • एक क्षैतिज रेखा
  • एक वक्र रेखा

Explanation:

  • असमान गति (Non-uniform Motion) में दूरी-समय (Distance-Time) ग्राफ की प्रकृति “एक वक्र रेखा” (Curved Line) होती है।
  • कारण: चाल बदलती (Changes) है, इसलिए ढलान (Slope) स्थिर नहीं (Not Constant) होता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान गति (Uniform Motion) में दूरी-समय ग्राफ सीधी रेखा (Straight Line) होता है।

एक सीधी सड़क पर चलती हुई कार धीमी होकर रुक जाती है। कार किस प्रकार की गति में है?

  • एकसमान गति
  • असमान गति
  • वृत्ताकार गति
  • आवर्ती गति

Explanation:

  • एक सीधी सड़क पर चलती हुई कार धीमी होकर रुकती (Slows down and stops) है → चाल बदल रही (Speed is changing) है → “असमान गति” (Non-uniform Motion)।
  • इसमें मंदन (Retardation/Negative Acceleration) होता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान गति (Uniform Motion) – चाल स्थिर (जैसे: सीधी सड़क पर स्थिर चाल से चलती कार)।

यदि एक आदमी 5 किमी/घंटा की गति से एक निश्चित दूरी तय करने में 36 मिनट लेता है, तो उसके द्वारा तय की गई दूरी है:

  • 3 किमी
  • 3.5 किमी
  • 2 किमी
  • 2.5 किमी

Explanation:

  • दूरी = चाल × समय
  • चाल = 5 km/h, समय = 36 मिनट = 36/60 = 0.6 घंटे
  • दूरी = 5 × 0.6 = 3 km
  • अतिरिक्त तथ्य: 1 घंटा = 60 मिनट, मिनटघंटे में बदलने के लिए 60 से भाग दें।

टावर के शीर्ष से शून्य वेग के साथ एक पत्थर छोड़े जाने पर यह 4 सेकंड में जमीन तक पहुंचता है, बताइए टावर की ऊँचाई क्या है? (मान लीजिए g = 10 m/s²)

  • 40 मीटर
  • 80 मीटर
  • 400 मीटर
  • 20 मीटर

Explanation:

  • \(h = ut + \frac{1}{2}gt^2\), \(u = 0\) (शून्य वेग से छोड़ा)
  • \(h = 0 + \frac{1}{2}(10)(4)^2 = \frac{1}{2}(10)(16) = 80\) m
  • अतिरिक्त तथ्य: मुक्त पतन (Free Fall) – \(h = \frac{1}{2}gt^2\) (जब \(u = 0\))।

एक गेंद को विरामावस्था से गिराया जाता है। 20 m गिरने के बाद गेंद का वेग कितना होगा? (g = 10 m/s² मानिए)

  • 40.0 m/s
  • 50.0 m/s
  • 10.0 m/s
  • 20.0 m/s

Explanation:

  • \(v^2 = u^2 + 2gh\), \(u = 0\) (विरामावस्था से गिराया)
  • \(v^2 = 0 + 2(10)(20) = 400\) → \(v = 20\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: मुक्त पतन में वेग \(v = \sqrt{2gh}\) (जब \(u = 0\))。

एक गेंद 20 m/s के वेग के साथ ऊर्ध्वाधर रूप से ऊपर की ओर फेंकी जाती है। 3 s के बाद इसके विस्थापन का परिमाण क्या है? (g = 10 m/s² लीजिए।)

  • 15 m
  • 5 m
  • 10 m
  • 20 m

Explanation:

  • ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर गति: \(s = ut – \frac{1}{2}gt^2\)
  • \(s = 20(3) – \frac{1}{2}(10)(9) = 60 – 45 = 15\) m
  • विस्थापन का परिमाण = 15 m (ऊपर की ओर)
  • अतिरिक्त तथ्य: उच्चतम बिंदु (Highest Point) पर \(v = 0\) → \(t = u/g = 20/10 = 2\) s (3 s में गेंद नीचे आना शुरू हो चुकी है)।

किसी पिंड के विस्थापन में परिवर्तन की दर को क्या कहा जाता है?

  • वेग
  • संवेग
  • आवेग
  • त्वरण

Explanation:

  • किसी पिंड के विस्थापन (Displacement) में परिवर्तन की दर (Rate of Change) को “वेग” (Velocity) कहा जाता है।
  • वेग = \(\frac{\text{विस्थापन}}{\text{समय}}\) = \(\frac{ds}{dt}\)
  • अतिरिक्त तथ्य: त्वरण (Acceleration) – वेग के परिवर्तन की दर, संवेग (Momentum) – द्रव्यमान × वेग, आवेग (Impulse) – बल × समय।

v-t ग्राफ में, यदि प्रवणता बदलती रहती है, तो इसका अर्थ है कि ______

  • गति नियत है
  • त्वरण असमान है
  • त्वरण एकसमान है
  • विस्थापन शून्य है

Explanation:

  • v-t ग्राफ में, यदि प्रवणता (Slope) बदलती रहती (Changing) है, तो “त्वरण असमान” (Non-uniform Acceleration) है।
  • ढलान = त्वरण (Acceleration) → बदलता ढलान → बदलता त्वरण → असमान त्वरण (Non-uniform Acceleration)।
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान त्वरण (Uniform Acceleration) → v-t ग्राफ सीधी रेखा (प्रवणता स्थिर)।

रदरफोर्ड के परमाणु के नाभिकीय मॉडल के अनुसार परमाणु अस्थिर होते हैं क्योंकि नाभिक के चारों ओर घूमने वाले त्वरित इलेक्ट्रॉन नाभिक में ______ होने चाहिए।

  • सर्पिल
  • दीर्घवृत्ताकार
  • वृत्ताकार
  • रैखिक

Explanation:

  • रदरफोर्ड के परमाणु के नाभिकीय मॉडल (Rutherford’s Nuclear Model) के अनुसार, परमाणु अस्थिर (Unstable) होते हैं क्योंकि नाभिक के चारों ओर घूमने वाले त्वरित इलेक्ट्रॉन (Accelerated Electrons) को “सर्पिल” (Spiral) होना चाहिए (ऊर्जा विकिरण के कारण नाभिक में गिर जाते हैं)।
  • यही कारण था कि रदरफोर्ड मॉडल असफल (Failed) रहा।
  • अतिरिक्त तथ्य: बोर मॉडल (Bohr Model) ने इस समस्या को क्वांटम सिद्धांत (Quantum Theory) से हल किया (स्थिर कक्षाएँ – Stationary Orbits)।

एक कार पहाड़ से निकली चट्टान से गिरती है और 0.6 s में जमीन पर पहुंचती है। मान लीजिए g = 10 m/s² है। जमीन पर टकराने पर कार की चाल कितनी होगी?

  • 10 m/s
  • 3 m/s
  • 12 m/s
  • 6 m/s

Explanation:

  • मुक्त पतन (Free Fall) में: \(v = u + gt\), प्रारंभिक वेग \(u = 0\)
  • \(v = 0 + 10(0.6) = 6\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: गुरुत्वीय त्वरण (g) = 9.8 m/s² (लगभग 10 m/s² सरलीकृत)।

एक धागे से बंधे और वृत्तीय पथ पर घूमते हुए पत्थर पर क्या प्रभाव पड़ता है जब धागे को अचानक छोड़ दिया जाता है?

  • यह तुरंत रुक जाता है
  • यह उसी दिशा में आगे बढ़ना जारी रखता है जिस दिशा में यह छोड़े जाने के समय जा रहा था
  • यह दिशा बदलता है और टेढ़े-मेढे रास्ते पर चलता है
  • यह अपने प्रारंभिक बिंदु पर लौटता है

Explanation:

  • जब धागे को अचानक छोड़ (Suddenly Released) दिया जाता है, तो अभिकेन्द्री बल (Centripetal Force) समाप्त हो जाता है और पत्थर जड़त्व (Inertia) के कारण उसी दिशा में आगे बढ़ना (Continue in the same direction) जारी रखता है, जिस दिशा में वह छोड़े जाने के समय जा रहा था (स्पर्शरेखीय – Tangential)।
  • यह न्यूटन का पहला नियम (Law of Inertia) है।
  • अतिरिक्त तथ्य: यह एकसमान वृत्तीय गति में जड़त्व का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

निम्नलिखित में से कौन-सा प्रतीक रियोस्टेट को निरूपित करता है?

  • एक टेढी-मेढी रेखा जिस पर एक तीर खींचा गया है।
  • एक वृत्त जिसके अन्दर एक ‘V’ अक्षर है।
  • एक वृत्त के अंदर एक ‘A’
  • एक टेढी-मेढी रेखा।

Explanation:

  • रियोस्टेट (Rheostat) का प्रतीक “एक टेढी-मेढी रेखा जिस पर एक तीर खींचा गया है” (A zigzag line with an arrow drawn across it) है।
  • रियोस्टेट एक परिवर्ती प्रतिरोध (Variable Resistance) है, जिसका उपयोग परिपथ में धारा (Current) को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: प्रतिरोध (Resistance) का प्रतीक – टेढी-मेढी रेखा (Zigzag Line)।

यदि एक कार 5 सेकंड में 100 m चलती है, तो उसका रैखिक वेग कितना है?

  • 20 m/s
  • 25 m/s
  • 10 m/s
  • 15 m/s

Explanation:

  • रैखिक वेग (Linear Velocity) = \(\frac{\text{दूरी}}{\text{समय}} = \frac{100}{5} = 20\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: वेग (Velocity) – सदिश राशि (Vector), चाल (Speed) – अदिश राशि (Scalar)।

यदि कोई वस्तु एकसमान गति में है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य सही है?

  • वस्तु अलग-अलग चालों से चलती है
  • वस्तु स्थिर चाल से चलती है
  • वस्तु समान समय अंतरालों के संबंध में समान दूरी तय नहीं करती है
  • वस्तु अलग-अलग त्वरण से चलती है

Explanation:

  • एकसमान गति (Uniform Motion) में “वस्तु स्थिर चाल से चलती है” (Object moves with constant speed)।
  • त्वरण \(= 0\) (वेग में कोई परिवर्तन नहीं)।
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान गति – समान समय अंतराल में समान दूरी तय करना।

जब कोई ठोस पिघलकर द्रव में परिवर्तित होता है तो अंतर-कणीय स्थान पर क्या प्रभाव पड़ता है?

  • यह बढ़ता है
  • यह समान रहता है
  • यह शून्य हो जाता है
  • यह घटता है

Explanation:

  • जब कोई ठोस (Solid) पिघलकर द्रव (Liquid) में परिवर्तित होता है, तो अंतर-कणीय स्थान (Inter-particle space) “बढ़ता” (Increases) है (क्योंकि कणों के बीच आकर्षण बल कम हो जाता है और वे दूर हो जाते हैं)।
  • इससे घनत्व (Density) कम हो जाता है (अधिकांश पदार्थों के लिए)।
  • अतिरिक्त तथ्य: अपवाद (Exception) – जल (Water) जमने पर फैलता है (बर्फ का घनत्व जल से कम होता है)।

जब किसी वस्तु पर असंतुलित बल कार्य करता है तो क्या होता है?

  • वस्तु स्थायी रूप से विरामावस्था में रहती है
  • वस्तु सदैव वृत्तीय पथ पर गति करती है
  • वस्तु बिना किसी त्वरण के गति करती है
  • वस्तु की गति या गति की दिशा में परिवर्तन होता है

Explanation:

  • जब किसी वस्तु पर असंतुलित बल (Unbalanced Force) कार्य करता है, तो “वस्तु की गति या गति की दिशा में परिवर्तन” (Change in motion or direction of motion) होता है।
  • यह न्यूटन का दूसरा नियम (Second Law) है: \(F = ma\) → बल → त्वरण → वेग में परिवर्तन।
  • अतिरिक्त तथ्य: संतुलित बल (Balanced Force) → कोई परिवर्तन नहीं (विराम या एकसमान गति)।

एक विद्यार्थी एक वर्तुळाकार मार्गावर स्थिर गतीने फिरणाऱ्या वस्तूचे निरीक्षण करत आहे. खालीलपैकी कोणता पर्याय एका पूर्ण भ्रमणासाठी त्या वस्तूची गती आणि वेळेतील आलेखात्मक संबंध सर्वोत्तम प्रकारे दर्शवतो?

  • काल अक्षाला समांतर असलेली आडवी सरळ रेषा
  • एक वक्र रेषा कालानुरूप वाढत जाते
  • कालानुरूप वर जाणारी प्रवणी रेषा
  • काल अक्षावरील एक वक्रीय वक्र

Explanation:

  • एक वृत्ताकार मार्गावर स्थिर गतीने (Constant Speed on a Circular Path) फिरणाऱ्या वस्तूची चाल (Speed) स्थिर (Constant) राहते, इसलिए गती-वेळ (Speed-Time) आलेख “काल अक्षाला समांतर असलेली आडवी सरळ रेषा” (Horizontal straight line parallel to time axis) असते।
  • धी एकसमान वृत्तीय गती (Uniform Circular Motion) चे उदाहरण आहे।
  • अतिरिक्त तथ्य: वेग (Velocity) – सदिश राशि (Vector) → दिशा बदलते, म्हणून वेग-वेळ आलेख स्थिर नसतो।

सूर्य की ओर मुख किए हुए सूरजमुखी की गति कहलाती है।

  • प्रकाशानुवर्तन (फोटोट्रोपिज्म)
  • घूर्णन
  • चलन
  • गति

Explanation:

  • सूर्य की ओर मुख किए हुए सूरजमुखी (Sunflower) की गति “प्रकाशानुवर्तन” (Phototropism) कहलाती है।
  • यह प्रकाश (Light) की दिशा में पौधों की वृद्धि (Plant Growth) है।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुरुत्वानुवर्तन (Geotropism) – गुरुत्वाकर्षण की दिशा में वृद्धि, जलानुवर्तन (Hydrotropism) – जल की दिशा में वृद्धि।

धारावाही परिनालिका के अंदर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

  • परिनालिका के अंदर एकसमान
  • दीर्घवृत्ताकार और एक दूसरे को प्रतिच्छेद करती हैं
  • अक्ष के साथ और एक दूसरे के समानांतर
  • परिनालिका के अंदर सभी बिंदुओं पर समान

Explanation:

  • “दीर्घवृत्ताकार और एक दूसरे को प्रतिच्छेद करती हैं” – यह कथन सत्य नहीं (Not True) है, क्योंकि चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ कभी भी एक दूसरे को प्रतिच्छेद (Intersect) नहीं करती हैं।
  • धारावाही परिनालिका (Current-carrying Solenoid) के अंदर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ समानांतर (Parallel), एकसमान (Uniform) और अक्ष के साथ (Along the axis) होती हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: परिनालिका के अंदर \(B = \mu_0 n I\) (एकसमान क्षेत्र)।

एक ग्रह की परिधि 36,000 km है। यदि ग्रह कोई अन्य गति नहीं करता है और एक पूर्ण घूर्णन के लिए 20 घंटे का समय लेता है तो उसके भूमध्य रेखा पर स्थित एक बिंदु की गति क्या होगी?

  • 400 m/s
  • 500 m/s
  • 200 m/s
  • 300 m/s

Explanation:

  • चाल = \(\frac{\text{परिधि}}{\text{समय}} = \frac{36000 \text{ km}}{20 \text{ h}} = 1800\) km/h
  • 1800 km/h = \(1800 \times \frac{5}{18} = 500\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: \(\text{km/h} \to \text{m/s}\) का रूपांतरण: \(\times \frac{5}{18}\)

यदि दो प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में जुड़े हुए हैं, तो परिपथ के समतुल्य प्रतिरोध के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • यह समान रहेगा।
  • यह पहले बढ़ेगा और फिर घटेगा।
  • यह घटेगा।
  • यह बढ़ेगा।

Explanation:

  • श्रेणीक्रम (Series) में प्रतिरोध: \(R_{eq} = R_1 + R_2 + R_3 + \dots\)
  • इसलिए, समतुल्य प्रतिरोध “बढ़ेगा” (Increases)।
  • समानांतर (Parallel) में: \(\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} + \dots\) → प्रतिरोध घटता (Decreases) है।
  • अतिरिक्त तथ्य: श्रेणीक्रम में धारा (Current) समान रहती है, विभवान्तर (Voltage) बँट जाता है।

किसी ध्वनि तरंग की आवृत्ति 2000 हर्ट्ज है और उसकी तरंग दैर्घ्य 0.2 मीटर है, ध्वनि तरंग की चाल ज्ञात करें।

  • 400 मीटर/सेकंड
  • 200 मीटर/सेकंड
  • 450 मीटर/सेकंड
  • 300 मीटर/सेकंड

Explanation:

  • तरंग समीकरण: \(v = f \times \lambda\)
  • \(f = 2000\) Hz, \(\lambda = 0.2\) m
  • \(v = 2000 \times 0.2 = 400\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: चाल (Speed) = आवृत्ति × तरंगदैर्घ्य (Frequency × Wavelength) – सभी तरंगों के लिए मान्य।

20 N का एक नेट क्षैतिज बल 4 kg के एक ब्लॉक पर जो प्रारम्भ में 5 s तक विरामावस्था में है, कार्यरत है। ब्लॉक की अंतिम चाल ज्ञात कीजिए।

  • 30 m/s
  • 50 m/s
  • 20 m/s
  • 25 m/s

Explanation:

  • त्वरण: \(a = \frac{F}{m} = \frac{20}{4} = 5\) m/s²
  • \(u = 0\) (विरामावस्था), \(a = 5\) m/s², \(t = 5\) s
  • अंतिम चाल: \(v = u + at = 0 + 5(5) = 25\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: न्यूटन का दूसरा नियम (Second Law): \(F = ma\)

असमान त्वरण से गतिमान किसी वस्तु के वेग-समय ग्राफ के आकार के बारे में क्या कहा जा सकता है?

  • यह एक वक्र रेखा होती है।
  • यह सदैव नीचे की ओर झुकी हुई रेखा होती है।
  • यह सदैव एक सीधी रेखा होती है।
  • यह सदैव एक क्षैतिज रेखा होती है।

Explanation:

  • असमान त्वरण (Non-uniform Acceleration) से गतिमान वस्तु के वेग-समय (v-t) ग्राफ का आकार “एक वक्र रेखा” (Curved Line) होता है।
  • ढलान (Slope) = त्वरण (Acceleration) → बदलता ढलान → बदलता त्वरण → असमान त्वरण
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान त्वरण (Uniform Acceleration) → v-t ग्राफ सीधी रेखा (Straight Line)।

न्यूटन के गति के दूसरे नियम के अनुसार, जब किसी वस्तु पर असंतुलित बल लगाया जाता है, तो क्या होता है?

  • वस्तु का संवेग अपरिवर्तित रहता है
  • वस्तु एक वृत्तीय पथ पर गति करती है
  • वस्तु का संवेग लगाए गए बल की दिशा में बदल जाता है
  • वस्तु तत्काल विराम में आ जाती है

Explanation:

  • न्यूटन का दूसरा नियम (Second Law): \(F = \frac{dp}{dt}\) (बल = संवेग के परिवर्तन की दर)।
  • जब असंतुलित बल लगाया जाता है, तो “वस्तु का संवेग लगाए गए बल की दिशा में बदल जाता है” (Momentum changes in the direction of the applied force)।
  • अतिरिक्त तथ्य: संवेग (Momentum) = \(p = mv\) → बल \(F = ma\) (जब द्रव्यमान स्थिर हो)।

14 मीटर प्रति सेकंड की गति ___ के समान है।

  • 50.4 किमी/घंटा
  • 70 किमी/घंटा
  • 28 किमी/घंटा
  • 46.6 किमी/घंटा

Explanation:

  • \(1\) m/s = \(3.6\) km/h
  • \(14\) m/s = \(14 \times 3.6 = 50.4\) km/h
  • अतिरिक्त तथ्य: \(\text{m/s} \to \text{km/h}\) का रूपांतरण: \(\times 3.6\) या \(\times \frac{18}{5}\)

निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, औसत चाल की प्रकृति का वर्णन करता है?

  • यह एक सदिश राशि (परिमाण और दिशा) है।
  • यह ऋणात्मक हो सकती है।
  • यह सदैव औसत वेग के बराबर या उससे कम होती है।
  • यह एक अदिश राशि (केवल परिमाण) है।

Explanation:

  • औसत चाल (Average Speed) “एक अदिश राशि” (Scalar Quantity) है (केवल परिमाण, कोई दिशा नहीं) → \(\frac{\text{कुल दूरी}}{\text{कुल समय}}\)।
  • अतिरिक्त तथ्य: औसत वेग (Average Velocity) – सदिश राशि (Vector) → \(\frac{\text{कुल विस्थापन}}{\text{कुल समय}}\)।

रैखिक गति में, वस्तु ___ के अनुदिश गति करेगी।

  • सीधी रेखा
  • दीर्घवृत्त
  • परवलय
  • वृत्त

Explanation:

  • रैखिक गति (Linear Motion) में, वस्तु “सीधी रेखा” (Straight Line) के अनुदिश गति करेगी।
  • अतिरिक्त तथ्य: वृत्तीय गति (Circular Motion) – वृत्ताकार पथ, प्रक्षेप्य गति (Projectile Motion) – परवलयिक पथ।

यदि कोई वस्तु सीधी रेखा में गति कर रही है और बिंदु A से बिंदु B तक 10 km की दूरी तय करती है, तो बिंदु A से बिंदु B तक वस्तु के विस्थापन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

  • विस्थापन 10 km के बराबर होगा
  • विस्थापन सदैव शून्य होगा
  • विस्थापन हमेशा 10 km से कम होगा
  • विस्थापन 10 km से अधिक होगा

Explanation:

  • सीधी रेखा में गति (Straight Line Motion) के लिए, दूरी (Distance) = विस्थापन (Displacement) = 10 km (क्योंकि कोई दिशा परिवर्तन नहीं है)।
  • अतिरिक्त तथ्य: दूरी (Distance) – पथ की कुल लंबाई, विस्थापन (Displacement) – प्रारंभिक और अंतिम स्थिति के बीच की न्यूनतम दूरी।

निम्नलिखित में से कौन-सी राशि, विस्थापन-समय ग्राफ में ढाल को निरूपित करती है?

  • रैखिक वेग
  • त्वरण
  • दूरी
  • चाल

Explanation:

  • विस्थापन-समय (Displacement-Time) ग्राफ में ढाल (Slope) = “रैखिक वेग” (Linear Velocity) = \(\frac{\Delta s}{\Delta t}\)
  • अतिरिक्त तथ्य: वेग-समय (v-t) ग्राफ का ढाल = त्वरण (Acceleration)।

प्रकाश की किरणें वायु से कांच के प्रिज्म में जाते हुए किस प्रकार बंकित होती हैं?

  • अभिलंब के साथ लगभग 90 डिग्री पर
  • अभिलंब की ओर
  • अभिलंब की ओर
  • अभिलंब पर

Explanation:

  • जब प्रकाश वायु (Air – विरल माध्यम) से कांच (Glass – सघन माध्यम) में जाता है, तो यह “अभिलंब की ओर” (Towards the Normal) बंकित होता है।
  • स्नेल का नियम: \(\mu_1 \sin i = \mu_2 \sin r\), \(\mu_{glass} > \mu_{air}\) → \(r < i\)
  • अतिरिक्त तथ्य: अपवर्तन (Refraction) – प्रकाश का दिशा परिवर्तन जब वह एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है।

60 मीटर लंबे पूल में उमा तैरती है। वह एक मिनट में एक छोर से दूसरे छोर तक और उसी सीधे रास्ते से वापस तैरकर 120 मीटर की दूरी तय करती है। उमा का औसत वेग है:

  • 0 m/s
  • 2 m/s
  • 1 m/s
  • 3 m/s

Explanation:

  • औसत वेग = \(\frac{\text{कुल विस्थापन}}{\text{कुल समय}}\)
  • उमा एक छोर से दूसरे छोर तक और वापस आती है → विस्थापन = 0 (प्रारंभिक और अंतिम स्थिति समान)।
  • औसत वेग = 0/60 = 0 m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: औसत चाल (Average Speed) = 120/60 = 2 m/s।

जब कोई वस्तु उसी गति से वृत्ताकार पथ में चलती है तो उसकी गति कहलाती है –

  • समान वृत्तीय गति
  • समान रेखीय गति
  • समान त्वरण
  • अर्धवृत्ताकार गति

Explanation:

  • जब कोई वस्तु उसी गति (Constant Speed) से वृत्ताकार पथ (Circular Path) में चलती है, तो उसकी गति “समान वृत्तीय गति” (Uniform Circular Motion) कहलाती है।
  • अतिरिक्त तथ्य: असमान वृत्तीय गति (Non-uniform Circular Motion) – चाल बदलती है।

जब हम किसी गुब्बारे को दबाते हैं (जिससे उसकी आकृति बदल जाती है) या जब हम किसी खिलौने की कार के अंदर स्प्रिंग को घुमाते हैं तो उसके द्वारा अर्जित स्थितिज ऊर्जा, वस्तु के कारण होती है।

  • निरंतर चाल
  • विन्यास
  • द्रव्यमान और आयतन
  • त्वरण दर

Explanation:

  • गुब्बारे को दबाने या स्प्रिंग को घुमाने पर अर्जित स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) वस्तु के “विन्यास” (Configuration) के कारण होती है।
  • यह प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (Elastic Potential Energy) है: \(U = \frac{1}{2}kx^2\)।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (Gravitational PE) – \(U = mgh\) (स्थिति के कारण)।

रॉकेट की उड़ान के दौरान किसी समय जमीन के ऊपर रॉकेट की ऊँचाई निर्धारित करने का सूत्र इस प्रकार दिया जाता है: h = 119t – 7t² जहाँ, t = समय (सेकंड में), जो रॉकेट लॉन्च होने में लिया गया समय है और h = ऊँचाई (मीटर में), समय t में जमीन से ऊपर रॉकेट द्वारा तय की गई दूरी है। जब रॉकेट जमीन से टकराया तो h का मान 0 था। रॉकेट लॉन्च होने के कितने सेकंड बाद यह जमीन पर गिरा?

  • 17
  • 10
  • 7
  • 0

Explanation:

  • h = 0 (जमीन पर टकराने पर)
  • \(119t – 7t^2 = 0\) → \(t(119 – 7t) = 0\)
  • \(t = 0\) (प्रारंभिक समय) या \(t = 119/7 = 17\) s
  • रॉकेट 17 सेकंड के बाद जमीन पर गिरा।
  • अतिरिक्त तथ्य: यह एक द्विघात समीकरण (Quadratic Equation) है, जो गति के समीकरण (Equation of Motion) से मेल खाता है: \(s = ut + \frac{1}{2}at^2\) (यहाँ \(u = 119\), \(a = -14\) m/s²)।

एक ध्वनि तरंग की आवृत्ति 50 Hz है और इसकी तरंग दैर्घ्य 4 मीटर है। ध्वनि तरंग की गति कितनी है?

  • 400 मीटर/सेकंड
  • 80 मीटर/सेकंड
  • 100 मीटर/सेकंड
  • 200 मीटर/सेकंड

Explanation:

  • \(v = f \times \lambda = 50 \times 4 = 200\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: ध्वनि की चाल (Speed of Sound) माध्यम पर निर्भर करती है।

किसी विशिष्ट दिशा में गतिमान वस्तु की चाल के लिए वैज्ञानिक पद क्या है?

  • समय
  • त्वरण
  • वेग
  • गति

Explanation:

  • किसी विशिष्ट दिशा (Specific Direction) में गतिमान वस्तु की चाल (Speed) के लिए वैज्ञानिक पद “वेग” (Velocity) है।
  • वेग = \(\frac{\text{विस्थापन}}{\text{समय}}\) (दिशा सहित – सदिश राशि)
  • अतिरिक्त तथ्य: चाल (Speed) – अदिश राशि (Scalar – केवल परिमाण)।

किसी गेंद को किसी ऊंचाई से गिराया जाता है और वह 2 सेकंड तक मुक्त रूप से गिरती है। इस काल के दौरान उसकी औसत चाल कितनी होगी? (मान लीजिए: गुरुत्वीय त्वरण = 10 m/s²)

  • 20 m/s
  • 10 m/s
  • 5 m/s
  • 15 m/s

Explanation:

  • \(u = 0\), \(a = g = 10\) m/s², \(t = 2\) s
  • अंतिम वेग: \(v = u + gt = 0 + 10(2) = 20\) m/s
  • औसत चाल = \(\frac{u + v}{2} = \frac{0 + 20}{2} = 10\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: मुक्त पतन में औसत चाल = \(\frac{1}{2}gt\) (जब u = 0) = \(\frac{1}{2}(10)(2) = 10\) m/s।

एक पत्थर को 5 m/s के प्रारंभिक वेग से नीचे की ओर फेंका जाता है। 2 सेकंड बाद, इसका अंतिम वेग ज्ञात कीजिए। (g = 10 m/s² लीजिए)

  • 25 m/s
  • 5 m/s
  • 10 m/s
  • 20 m/s

Explanation:

  • नीचे की ओर फेंका गया: \(v = u + gt\)
  • \(u = 5\) m/s, \(g = 10\) m/s², \(t = 2\) s
  • \(v = 5 + 10(2) = 25\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: नीचे की ओर (Downward) – गुरुत्वीय त्वरण \(g\) धनात्मक (+g) लिया जाता है।

एक गतिमान पिंड एक सीधी रेखा में प्रत्येक सेकंड में 10 मीटर की दूरी तय करता है। पिंड किस प्रकार की गति में है?

  • असमान रूप से त्वरित गति
  • समान रूप से त्वरित गति
  • वृत्ताकार गति
  • एकसमान गति

Explanation:

  • प्रत्येक सेकंड में 10 मीटर की दूरी तय करना → चाल स्थिर (Constant Speed) → “एकसमान गति” (Uniform Motion)।
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान गति – समान समय अंतराल में समान दूरी (त्वरण = 0)।

क्या किसी वस्तु का विस्थापन तय की गई दूरी से अधिक हो सकता है?

  • केवल तभी जब वस्तु सरल रेखा में गति करती है
  • हां, सदैव
  • हां, कभी-कभी
  • नहीं, विस्थापन कभी भी दूरी से अधिक नहीं हो सकता है

Explanation:

  • विस्थापन (Displacement) – प्रारंभिक और अंतिम स्थिति के बीच की न्यूनतम दूरी (Shortest Distance) → दूरी (Distance) – पथ की कुल लंबाई।
  • विस्थापन हमेशा दूरी से कम या बराबर (Less than or equal to distance) होता है, कभी भी अधिक नहीं (Never greater)।
  • अतिरिक्त तथ्य: सीधी रेखा (Straight Line) में गति के लिए, विस्थापन = दूरी।

यदि संपर्क का क्षेत्रफल स्थिर प्रणोद को बनाए रखते हुए बढ़ता है, तो दाब होगा।

  • बढ़ेगा
  • समान रहेगा
  • पहले बढ़ेगा, फिर घटेगा
  • घटेगा

Explanation:

  • दाब (Pressure) = \(\frac{\text{बल}}{\text{क्षेत्रफल}} = \frac{F}{A}\)
  • यदि बल (Force) स्थिर है और क्षेत्रफल (Area) बढ़ता (Increases) है, तो दाब (Pressure) “घटेगा” (Decreases)।
  • अतिरिक्त तथ्य: दाब (Pressure) – बल/क्षेत्रफल (SI मात्रक: पास्कल – Pa)।

यदि पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी (d) धीरे-धीरे कम होती जाती है, तो उनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल (F) पर क्या प्रभाव पड़ता है?

  • बढ़ता है
  • घटता है
  • स्थिर रहता है
  • पहले बढ़ता है और फिर घटता है

Explanation:

  • गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force): \(F = \frac{G M_1 M_2}{d^2}\) (न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम)।
  • यदि \(d\) घटती (Decreases) है, तो \(F\) “बढ़ता” (Increases) है (\(F \propto 1/d^2\))।
  • अतिरिक्त तथ्य: व्युत्क्रम वर्ग नियम (Inverse Square Law) – बल दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती।

यदि दूरी-समय ग्राफ की प्रवणता निरंतर बदलती है, तो यह क्या इंगित करती है?

  • स्थिर वस्तु
  • असमान चाल
  • तात्क्षणिक विराम
  • एकसमान चाल

Explanation:

  • दूरी-समय (s-t) ग्राफ की प्रवणता (Slope) = चाल (Speed)।
  • यदि प्रवणता निरंतर बदलती (Continuously changing) है, तो चाल बदल रही है → “असमान चाल” (Non-uniform Speed)।
  • अतिरिक्त तथ्य: एकसमान चाल (Uniform Speed) में s-t ग्राफ सीधी रेखा (प्रवणता स्थिर) होता है।

औसत गति के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

  • इसे m/s में मापा जाता है।
  • यह गति की दिशा पर निर्भर नहीं करती है।
  • यह दूरी में परिवर्तन को वेग में परिवर्तन से विभाजित करने पर प्राप्त परिणाम है।
  • यह कुल दूरी को कुल समय से विभाजित करने पर प्राप्त होती है।

Explanation:

  • “यह दूरी में परिवर्तन को वेग में परिवर्तन से विभाजित करने पर प्राप्त परिणाम है” – यह कथन गलत (False) है, क्योंकि औसत चाल (Average Speed) = \(\frac{\text{कुल दूरी}}{\text{कुल समय}}\)।
  • अतिरिक्त तथ्य: त्वरण (Acceleration) = \(\frac{\text{वेग में परिवर्तन}}{\text{समय}}\)।

निम्नलिखित में से कौन-सा उदाहरण, सरल रेखा के अनुदिश गति को दर्शाता है?

  • सीधी पटरी पर चलती हुई एक रेलगाड़ी
  • दोलन करता हुआ एक पेंडुलम
  • पार्क में दौड़ रहा एक बच्चा
  • घूर्णन करता हुआ एक पंखे का ब्लेड

Explanation:

  • “सीधी पटरी पर चलती हुई एक रेलगाड़ी” सरल रेखा के अनुदिश गति (Motion along a straight line) को दर्शाती है (यदि चाल स्थिर हो तो रैखिक एकसमान गति)।
  • पेंडुलम – दोलन गति (Oscillatory Motion), पंखे का ब्लेड – घूर्णन गति (Rotational Motion), दौड़ता बच्चा – असमान गति (Non-uniform Motion)।
  • अतिरिक्त तथ्य: सरल रेखीय गति (Linear Motion) – वस्तु सीधी रेखा में गति करती है।

एक दृढ़ पिंड की गतिशीलता का परीक्षण करें जो किसी तरह से धुरी पर टिका हुआ है या स्थिर है। निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प ऐसी प्रणाली के लिए संभावित गति का सबसे अच्छा वर्णन करता है?

  • रेखीय गति
  • केवल स्थानांतरण
  • घूर्णन और स्थानांतरण का संयोजन
  • केवल घूर्णन

Explanation:

  • एक दृढ़ पिंड (Rigid Body) जो धुरी पर टिका (Pivoted) है या स्थिर (Fixed) है, उसकी गति “केवल घूर्णन” (Only Rotation) होती है (स्थानांतरण नहीं, क्योंकि धुरी स्थिर है)।
  • अतिरिक्त तथ्य: स्थानांतरण (Translation) – पिंड का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना (बिना घूर्णन के)।

एक लड़का 10 m त्रिज्या वाले वृत्तीय पथ पर दौड़ रहा है। वह 1 मिनट में एक चक्कर पूरा करता है। उसकी औसत चाल कितनी है?

  • 5.2 m/s
  • 10.4 m/s
  • 1.04 m/s
  • 0 m/s

Explanation:

  • परिधि (Circumference) = \(2\pi r = 2 \times 3.14 \times 10 = 62.8\) m
  • समय = 1 मिनट = 60 s
  • औसत चाल (Average Speed) = \(\frac{\text{कुल दूरी}}{\text{कुल समय}} = \frac{62.8}{60} = 1.046 \approx 1.04\) m/s
  • अतिरिक्त तथ्य: औसत वेग (Average Velocity) = 0 m/s (क्योंकि विस्थापन = 0, एक पूर्ण चक्कर के बाद प्रारंभिक और अंतिम स्थिति समान)।

किसी वस्तु की उस गति को क्या कहा जाता है, जो समान समय अंतरालों में समान दूरी तय करती है, भले ही समय अंतराल अत्यधिक कम हों?

  • एकसमान गति
  • त्वरित गति
  • असमान गति
  • वृत्तीय गति

यांत्रिकी में आवेग को निम्नलिखित में से कौन सबसे अच्छी तरह से परिभाषित करता है?

  • द्रव्यमान और वेग का गुणनफल।
  • बल और वह समय जिसके लिए वह कार्य करता है, का गुणनफल।
  • दूरी से गुणा किए गए संवेग के परिवर्तन की दर
  • समय के साथ बल के परिवर्तन की दर

कुल तय की गई दूरी को कुल समय से विभाजित करने पर क्या प्राप्त होता है?

  • औसत चाल
  • औसत विस्थापन
  • औसत वेग
  • औसत त्वरण

यदि 20 मी/से के वेग से यात्रा कर रही एक ट्रेन 4 मी/से² के एकसमान त्वरण से गुजरती है, तो 5 सेकंड में इसके वेग का मान क्या होगा?

  • 60 मी/से
  • 16 मी/से
  • 40 मी/से
  • 80 मी/से

Equation: v = u + at = 20 + 4(5) = 40 m/s

एक कार की गति में 5 s में 18 kmh⁻¹ से 72 kmh⁻¹ तक एकसमान रूप से त्वरित होती है। कार का त्वरण क्या है?

  • 3 ms⁻²
  • 10.8 ms⁻²
  • 10.8 ms⁻²
  • 3 ms⁻²

Equation: u = 18 × 5/18 = 5 m/s, v = 72 × 5/18 = 20 m/s, a = (20-5)/5 = 3 m/s²

एकसमान वेग से गतिमान वस्तु के लिए वेग-समय ग्राफ कैसा दिखता है?

  • धीरे-धीरे ऊपर उठती एक वक्र रेखा
  • नीचे की ओर झुकी हुई एक सीधी रेखा
  • समय अक्ष के समानांतर एक सीधी रेखा
  • ऊपर की ओर झुकी हुई एक सीधी रेखा

पदार्थ के कणों के बारे में कौन-सा कथन असत्य है?

  • पदार्थ के कण एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
  • पदार्थ के कण लगातार गतिमान रहते हैं।
  • पदार्थ के कणों के बीच स्थान होता है।
  • पदार्थ के कणों की गति किसी भी बाहरी बल से अप्रभावित रहती है।

यदि समान प्रणोद (बल) के लिए सतह का क्षेत्रफल बढ़ा दिया जाए, तो सतह पर दाब ________।

  • बढ़ता है
  • समान रहता है
  • शून्य हो जाता है
  • घटता है

एक लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन, वस्तु-दूरी u और प्रतिबिम्ब-दूरी v से संबंधित है। यह संबंध किस प्रकार दिया जाता है?

  • v/u
  • v – u
  • u/v
  • u – v

2 kg द्रव्यमान वाले एक पिंड की गतिज ऊर्जा 100 J है। पिंड का वेग होगा:

  • 10 m/s
  • 0 m/s
  • 50 m/s
  • 20 m/s

Equation: KE = ½mv² → 100 = ½(2)v² → v² = 100 → v = 10 m/s

तीसरे कोण प्रक्षेपण में, ____।

  • वस्तु पर्यवेक्षक और प्रक्षेपण के विमान के बीच स्थित होता है
  • प्रक्षेपण का तल वस्तु और प्रक्षेक के बीच स्थित होता है
  • वस्तु पहले चतुर्थांश में है
  • वस्तु दूसरे चतुर्थांश में है

निम्न में से कौन सा गति-समय संबंध का समीकरण है?

  • s = ut + ½at²
  • 2as = v² – u²
  • u = v + at
  • v = u + at

किसी वस्तु पर दाब बढ़ाने पर वस्तु का आयतन ______ है और फिर उसका घनत्व ______ है।

  • बढ़ता, बढ़ता
  • बढ़ता, घटता
  • घटता, बढ़ता
  • घटता, घटता

एक कार की चाल 5 सेकंड में 40 m/s से घटकर 20 m/s हो जाती है। कार का त्वरण ज्ञात कीजिए।

  • 4 m/s²
  • -4 m/s²
  • 12 m/s²
  • 2 m/s²

Equation: a = (20-40)/5 = -4 m/s²

निम्नलिखित में से कौन-सा एकसमान वृत्तीय गति का उदाहरण है?

  • ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंकी गई एक गेंद
  • सीधी सड़क पर चलती एक कार
  • पृथ्वी की परिक्रमा करता एक उपग्रह
  • सीधी रेखा में चलता एक व्यक्ति

किसी निर्दिष्ट दिशा में किसी वस्तु की गति को क्या कहा जाता है?

  • गति
  • विस्थापन
  • वेग
  • चाल

एक कण की गतिज ऊर्जा शून्य है। कण की गति के बारे में क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?

  • यह उच्च त्वरण के साथ गतिमान है
  • यह विरामावस्था में होना चाहिए
  • इसका संवेग अधिकतम है
  • यह एकसमान वेग से गतिमान है

उपकला ऊतक का प्राथमिक कार्य क्या है?

  • सुरक्षा
  • सहारा
  • नियंत्रण
  • संचलन

एक लंबे सीधे चालक में धारा ऊर्ध्वाधर रूप से ऊपर की ओर प्रवाहित हो रही है। तार के पूर्व दिशा में स्थित किसी बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा क्या होगी?

  • उत्तर की ओर
  • पूर्व की ओर
  • पश्चिम की ओर
  • दक्षिण की ओर

कंपन किसी वस्तु की किस प्रकार की गति को दर्शाता है?

  • बहुत तीव्र
  • बहुत तीव्र
  • तीव्र कंपन
  • तीव्र आगे-पीछे

निम्नलिखित विवरणों में से सही जोड़ी का चयन करें।

  • मुक्त रूप से गिरते हुए पिंड की गति – असमान त्वरण
  • प्रति इकाई समय में वेग में परिवर्तन – त्वरण
  • वेग समय के साथ नहीं बदलता – असमान गति
  • वेग समय के साथ बदलता है – एकसमान गति

20 मीटर ऊंचे टॉवर के शीर्ष पर खड़ा एक लड़का एक पत्थर गिराता है। माना g = 10 मीटर/सेकंड² है, वह वेग कितना है जिसके साथ पत्थर जमीन पर गिरता है:

  • 10 मीटर/सेकंड
  • 20 मीटर/सेकंड
  • 15 मीटर/सेकंड
  • 25 मीटर/सेकंड

Equation: v² = u² + 2gh = 0 + 2(10)(20) = 400 → v = 20 m/s

एक वस्तु को ऊर्ध्वाधर रूप से ऊपर की ओर फेंका जाता है और वह 20 m की ऊंचाई तक जाती है। वस्तु को किस वेग से फेंका गया था? (g = 10 m/s² लीजिए।)

  • 30 m/s
  • 40 m/s
  • 20 m/s
  • 10 m/s

Equation: v² = u² + 2as → 0 = u² – 2(10)(20) → u = 20 m/s

रेखा 40 मीटर लंबे पूल में तैरती है। यह एक सीधे पथ पर एक मिनट में एक छोर से दूसरे छोर तक जाने और वापस आने में 80 मीटर की दूरी तय करती है। उसका औसत वेग कितना है?

  • 20 m/min
  • 40 m/min
  • 80 m/min
  • 0 m/min

वेग-समय ग्राफ के अंतर्गत क्षेत्र क्या दर्शाता है?

  • वस्तु द्वारा लिया गया समय
  • वस्तु की चाल
  • उस समय अंतराल के दौरान वस्तु का विस्थापन
  • वस्तु का त्वरण

किसी ऊँचाई पर स्थित वस्तु की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा, उसे भूमि से उस ऊँचाई तक उठाने में किए गए कार्य के बराबर होती है।

  • नियत वेग के साथ
  • एक वक्रित पथ के अनुदिश
  • गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध
  • गुरुत्वाकर्षण की दिशा में

गतिज ऊर्जा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

  • यह एक अदिश राशि है।
  • यह गति की दिशा पर निर्भर करती है।
  • यह गति पर निर्भर करती है।
  • यह कभी भी ऋणात्मक नहीं हो सकती।

बोर के अनुसार, इलेक्ट्रॉन ___________।

  • कोश कहलाने वाले निश्चित वृत्ताकार कक्षाओं में परिक्रमण करते हैं
  • दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में यादृच्छिक रूप से परिक्रमण करते हैं
  • केवल तभी परिक्रमण करते हैं जब ऊर्जा अवशोषित होती है
  • परमाणु के नाभिक के अंदर परिक्रमण करते हैं

एक उपग्रह 42,250 km त्रिज्या वाली वृत्ताकार कक्षा में घूमता है और 24 घंटे में एक चक्र पूरा करता है। यदि एक नया उपग्रह इस त्रिज्या के आधे पर परिक्रमा करता है, लेकिन समान अवधि बनाए रखता है, तो उसकी चाल (vnew) की तुलना मूल चाल (vorig) से कैसे की जाएगी?

  • vnew = 0.5vorig
  • vnew = vorig
  • vnew = 2vorig
  • vnew = 4vorig

वेग-समय ग्राफ में, ऋणात्मक ढलान ______ दर्शाता है।

  • मंदता
  • दूरी
  • विस्थापन
  • त्वरण

एक वस्तु 2 सेकंड में 10 m चलती है। दूरी-समय ग्राफ पर, ढलान क्या है?

  • 20 m/s
  • 5 m/s
  • 10 m/s
  • 8 m/s

Equation: slope = distance/time = 10/2 = 5 m/s

निम्नलिखित में से कौन-सी एक विमाहीन राशि है?

  • वेग
  • त्वरण
  • अपवर्तक सूचकांक
  • गुरुत्वाकर्षण बल

एक एथलीट एकसमान चाल से एक वृत्ताकार पथ पर चलता है और निश्चित समय में एक चक्कर पूरा करता है। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • एथलीट निरंतर चाल से चलता है, जो एक चक्कर में तय की गई दूरी को उस चक्कर में लगे समय से विभाजित करने के बराबर होती है।
  • जैसे-जैसे एथलीट पथ पर आगे बढ़ता है उसकी चाल लगातार कम होती जाती है।
  • एथलीट का वेग परिमाण और दिशा दोनों में स्थिर रहता है।
  • यह गति असमान वृत्तीय गति है।

प्रक्षेपण का कोण क्या है जिसके लिए सीमा और अधिकतम ऊंचाई बराबर हो जाती है?

  • tan⁻¹ 4
  • tan⁻¹ (1/4)
  • tan⁻¹ 2
  • tan⁻¹ (1/8)

यात्रा की शुरुआत में कार का ओडोमीटर 2,000 km और यात्रा की समाप्ति पर 2,400 km बताता है। यदि इस यात्रा में 8 घंटे का समय लगता है, तो कार की औसत चाल (m s⁻¹) ज्ञात कीजिए।

  • 14.9 ms⁻¹
  • 13.9 ms⁻¹
  • 15.9 ms⁻¹
  • 12.9 ms⁻¹

Equation: speed = 400/8 = 50 km/h = 50 × 5/18 = 13.88 ≈ 13.9 m/s

रेखीय वेग के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  • रेखीय वेग विस्थापन और समय पर निर्भर करता है।
  • यह विस्थापन में परिवर्तन की दर है।
  • एकसमान गति के लिए रेखीय वेग स्थिर रहता है।
  • रेखीय वेग की SI इकाई m/s² है।

एक साइकिल सवार एक सीधी सड़क पर 3 सेकंड में अपनी चाल 6 m/s से बढ़ाकर 12 m/s कर लेती है। इस समयांतराल में उसका त्वरण ज्ञात कीजिए।

  • 2 m/s²
  • 3 m/s²
  • 6 m/s²
  • 0.5 m/s²

Equation: a = (12-6)/3 = 2 m/s²

एक कार एकसमान वेग v से चलती है। इसके वेग-समय ग्राफ के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

  • ग्राफ का ढलान = 0
  • ग्राफ केवल मूल बिंदु से होकर गुजरता है
  • ग्राफ का ढलान = विस्थापन
  • ग्राफ का ढलान = वेग

रदरफोर्ड परमाणु मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन _____ पथ में नाभिक के चारों ओर परिक्रमा करते हैं।

  • दीर्घवृत्तीय
  • वृत्ताकार
  • रैखिक
  • अर्धव्यास

जब कोई वस्तु एक वृत्तीय पथ पर नियत चाल से गमन करती है, तो उसकी गति को क्या कहते हैं?

  • अरेखिक गति
  • एकसमान वृत्तीय गति
  • रैखिक गति
  • असमान वृत्तीय गति

निम्नलिखित में से कौन-सी भौतिक राशि वेग परिवर्तन की दर को दर्शाती है?

  • चाल
  • वेग
  • त्वरण
  • दूरी

जब कोई पिंड गति में हो तब भी कौन-सी भौतिक राशि शून्य हो सकती है?

  • दूरी
  • चाल
  • विस्थापन
  • वेग

एक कार विरामावस्था से गति करना शुरू करती है और 4 सेकंड में 20 m/s का वेग प्राप्त कर लेती है। कार का त्वरण कितना है?

  • 5 m/s²
  • 4 m/s²
  • 80 m/s²
  • 100 m/s²

Equation: a = (20-0)/4 = 5 m/s²

पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव में एक विशाल वस्तु के मुक्त रूप से गिरने के दौरान क्या होगा?

  • विशाल वस्तु का वेग बढ़ता है
  • विशाल वस्तु का वेग घटता है
  • वस्तु का द्रव्यमान बढ़ता है
  • वस्तु का द्रव्यमान घटता है

ध्वनि उत्पन्न करने वाले कंपन को एक प्रकार की _____ के रूप में परिभाषित किया जाता है।

  • तीव्र एकल दिशात्मक विस्थापन
  • तीव्र रैखिक अग्र गति
  • किसी पिंड की तीव्र आगम-आगम गति
  • धीमी पार्वीय गति

स्वतंत्र रूप से गिरते पत्थर की गति किसका उदाहरण है?

  • असमान गति
  • शून्य त्वरण के साथ गति
  • निश्चित चाल के साथ सरल रेखीय गति
  • एकसमान गति

नियत बल द्वारा किए गए कार्य के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

  • यह विस्थापन पर निर्भर नहीं करता है।
  • यह गति के पथ पर निर्भर करता है।
  • यह केवल प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों पर निर्भर करता है।
  • यह सदैव धनात्मक होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा दैनिक जीवन में एकसमान वृत्तीय गति का उदाहरण है?

  • एक बस सीधी सड़क पर त्वरित गति से चल रही है
  • एक गेंद एक आनत तल पर लुढ़क रही है
  • एक व्यक्ति सीधी रेखा में चल रहा है
  • एक छत का पंखा अपरिवर्ती गति से घूम रहा है

एक कार 2.5 घंटे तक 62 km/hr की चाल से और फिर 1.5 घंटे तक 48 km/hr की चाल से चलती है। इसकी औसत चाल लगभग _____ है।

  • 55 km/hr
  • 27.5 km/hr
  • 56.8 km/hr
  • 58 km/hr

Equation: total distance = 62×2.5 + 48×1.5 = 155 + 72 = 227 km, total time = 4h, avg = 227/4 = 56.75 ≈ 56.8 km/h

निम्नलिखित में से कौन-सा, एकसमान वृत्तीय गति का एक उदाहरण प्रस्तुत करता है?

  • नियत चाल से घूर्णन करती पंखे की ब्लेड
  • ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंकी गई गेंद
  • अपने मार्ग पर त्वरित होती एक कार
  • अपनी पटरी पर गतिमान एक ट्रेन

प्रारंभ में विरामावस्था में स्थित एक गेंद को जब एक ऊँचाई से गिराया जाता है, तो पृथ्वी की सतह तक पहुँचने में उसे 5 सेकंड लगते हैं। पतन के दौरान इसकी औसत चाल क्या है? (g = 10 m/s²)

  • 20 m/s
  • 10 m/s
  • 50 m/s
  • 25 m/s

Equation: v_final = gt = 10×5 = 50 m/s, v_avg = (0+50)/2 = 25 m/s

2.5 ms⁻² के एक मंदन से गतिमान वस्तु 20 s के बाद विरामावस्था पर आती है। इसका प्रारंभिक वेग कितना है?

  • 20 ms⁻¹
  • 50 ms⁻¹
  • 0 ms⁻¹
  • 10 ms⁻¹

Equation: v = u – at → 0 = u – 2.5(20) → u = 50 m/s

एक ध्वनि तरंग की आवृत्ति 50 हर्ट्ज है और इसकी तरंग दैर्ध्य 4 मीटर है। 3 सेकंड में ध्वनि तरंग द्वारा कितनी दूरी तय की जाती है?

  • 100 मीटर
  • 600 मीटर
  • 200 मीटर
  • 300 मीटर

Equation: v = fλ = 50×4 = 200 m/s, distance = v×t = 200×3 = 600 m

निम्नलिखित में से किसकी इकाई ms⁻¹ समान है?

  • गति और संवेग
  • त्वरण और संवेग
  • वेग और त्वरण
  • गति और वेग

यदि किसी वस्तु का वेग-समय ग्राफ वक्राकार है, तो यह ______ को इंगित करता है।

  • असमान त्वरण
  • नियत गति
  • शून्य वेग
  • एकसमान गति

ठोस और गैस के कणों में प्राथमिक अंतर क्या है?

  • ठोस कण गैस कणों की तुलना में अधिक स्वतंत्र रूप से गति करते हैं।
  • ठोस कण गैस कणों की तुलना में अधिक निकटता से पैक होते हैं।
  • ठोस कणों में गैस कणों की तुलना में अधिक ऊर्जा होती है।
  • ठोस कण गैस कणों की तुलना में विभिन्न तत्वों से बने होते हैं।

डोरी में तरंगों के उत्पन्न होने के लिए कौन सी गति जिम्मेदार है?

  • अन-त्वरित स्थानांतरीय गति
  • रेखीय गति
  • आवर्ती दोलनी गति
  • यादृच्छिक गति

15 किलोग्राम द्रव्यमान वाली बिल्ली को 120 जूल की गतिज ऊर्जा प्राप्त करने के लिए कितनी तेजी से दौड़ना चाहिए?

  • 40 मीटर/सेकंड
  • 4 मीटर/सेकंड
  • 16 मीटर/सेकंड
  • 0.16 मीटर/सेकंड

Equation: KE = ½mv² → 120 = ½(15)v² → v² = 16 → v = 4 m/s

एकसमान त्वरण से गतिमान एक पिंड के लिए, औसत वेग ______ के बराबर होता है।

  • शून्य
  • (प्रारंभिक वेग + अंतिम वेग)/2
  • प्रारंभिक वेग
  • अंतिम वेग

कौन-सा अभिलक्षण असमान गति को परिभाषित करता है?

  • समान समय अंतरालों में असमान दूरी तय करना
  • समान समय अंतरालों में समान दूरी तय करना
  • नियत चाल
  • शून्य त्वरण

सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में, क्लोरीन बहुत तीव्र अभिक्रिया में हाइड्रोकार्बन में जोड़ी जाती है। क्लोरीन एक-एक करके हाइड्रोजन परमाणुओं को प्रतिस्थापित कर सकती है। इसे ______ अभिक्रिया कहा जाता है।

  • प्रतिस्थापन
  • विलोपन
  • योगात्मक
  • विस्थापन

एक धावक 175 m त्रिज्या वाले वृत्तीय पथ का एक चक्कर 35 सेकंड में पूरा करता है। एक चक्कर के बाद औसत वेग ______ होगा।

  • 0 m/s
  • 5 m/s
  • 20 m/s
  • 10 m/s

दो अलग-अलग द्रव्यमान वाले पिंडों को निर्वात में समान ऊँचाई से गिराया जाता है। कौन-सा पिंड पहले पहुँचेगा?

  • दोनों पिंड एक ही समय पर जमीन पर पहुंचते हैं।
  • दोनों आकार और आमाप के आधार पर अलग-अलग समय पर पहुंचते हैं।
  • भारी पिंड पहले पहुंचता है।
  • हल्का पिंड पहले पहुँचता है।

धनात्मक त्वरण का अर्थ ______ है।

  • वस्तु का वेग कम होता है।
  • वस्तु का वेग स्थिर होता है।
  • वस्तु का वेग शून्य है।
  • वस्तु का वेग बढ़ जाता है।

एक कार सड़क के किनारे से 0.5 s में जमीन पर गिरती है। माना g = 10 ms⁻² है। सड़क का किनारा जमीन से कितने ऊपर है?

  • 1.5 m
  • 2 m
  • 1.25 m
  • 1 m

Equation: h = ½gt² = ½(10)(0.5)² = 1.25 m

यदि u, g और h क्रमशः गुरुत्वाकर्षण बल के अधीन गिरने वाली वस्तु का प्रारंभिक वेग, गुरुत्वाकर्षण त्वरण और ऊँचाई है, तो इसका अंतिम वेग v किससे प्राप्त किया जा सकता है?

  • v² – u² = 2gh
  • v²u² = 2gh
  • v² + u² = 2gh
  • v²/u² = 2gh

जब किसी वस्तु को अनंत से ध्रुव (P) की ओर धीरे-धीरे उत्तल दर्पण के निकट ले जाया जाता है, तो हम प्रतिबिंब के संबंध में क्या कह सकते हैं?

  • मुख्य फोकस (F) से ध्रुव (P) की ओर गति करता है
  • ध्रुव से दूर जाता है
  • अनंत पर बनता है
  • आकार बढ़ता है

यदि एक कार अपनी प्रारम्भिक स्थिति से 20 सेकेंड में 144 किमी/घंटा की गति तक समान रूप से त्वरित होती है, तो यह कितनी दूरी तय करेगी?

  • 400 मीटर
  • 280 मीटर
  • 800 मीटर
  • 200 मीटर

Equation: v = 144 × 5/18 = 40 m/s, a = 40/20 = 2 m/s², s = ½(2)(20)² = 400 m

एक अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र दर्पण के ______ स्थित होते हैं, जबकि उत्तल दर्पण के लिए यह ______ स्थित होते हैं।

  • पीछे, सामने
  • सामने, सामने
  • सामने, पीछे
  • पीछे, पीछे

एकसमान गति के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

  • वेग अपरिवर्तित रहता है
  • गति समय के साथ लगातार बदलती रहती है
  • त्वरण शून्य होता है
  • पिंड समान समय अंतराल में समान दूरी तय करता है

निम्नलिखित में से कौन-सा गति समीकरण, कण के अंतिम वेग से संबंधित है?

  • v = u + at
  • s = ut + ½at²
  • v² – u² = 2as
  • v = ut + a

एक कार का वेग-समय ग्राफ, 40 km/h पर x-अक्ष के समांतर एक सरल रेखा है। t = 0 से t = 3 घंटे तक ग्राफ और समय अक्ष के बीच परिवद्ध क्षेत्रफल क्या निरूपित करेगा?

  • कार की औसत चाल
  • कार का अंतिम वेग
  • कार का त्वरण
  • 3 घंटे में कार का विस्थापन

वेग में परिवर्तन / लिया गया समय क्या है = ?

  • संवेग
  • विस्थापन
  • गति
  • त्वरण

किसी तरल पदार्थ में, डूबी हुई या तैरती हुई वस्तु पर लगने वाला उत्पादन बल सदैव ______ कार्य करता है।

  • वस्तु की गति की दिशा में
  • ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर
  • वस्तु के आकार के आधार पर एक दिशा में
  • ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर

एक ध्वनि तरंग की आवृत्ति 200 Hz है और इसकी तरंगदैर्घ्य 2 m है। ध्वनि तरंग की चाल कितनी है?

  • 400 m/s
  • 200 m/s
  • 80 m/s
  • 100 m/s

Equation: v = fλ = 200 × 2 = 400 m/s

एक ऊर्ध्वाधर तार से धारा ऊपर की ओर बहती है। तार के दक्षिण में एक बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा होगी:

  • नीचे की ओर
  • उत्तर की ओर
  • पूर्व की ओर
  • पश्चिम की ओर

निम्नलिखित में से किस घटना को सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण के नियम से नहीं समझाया जा सकता है?

  • सूर्य के चारों ओर ग्रहों की गति
  • पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा की गति
  • ज्वार-भाटा
  • बंदूक चलाना

यदि किसी वस्तु का वेग समय (t) में प्रारंभिक मान u से अंतिम मान v तक परिवर्तित हो जाता है, तो त्वरण (a) क्या होगा?

  • a = v/(u – t)
  • a = (v – u)/t
  • a = t/(v – u)
  • a = (v – u)×t

धारावाही वृत्तीय तार का प्रत्येक खंड लूप के केंद्र पर ______ में चुंबकीय क्षेत्र में योगदान देता है।

  • समान दिशा
  • लम्बवत दिशा
  • विपरीत दिशा
  • यादृच्छिक दिशा

विरामवस्था से चलना प्रारंभ करने वाली एक रेलगाड़ी 10 मिनट में 40 km/h की चाल प्राप्त कर लेती है। इसका अंतिम वेग (m/s में) कितना होगा?

  • 4 m/s
  • 6.67 m/s
  • 6.67 m/s
  • 11.11 m/s

Equation: v = 40 × 5/18 = 11.11 m/s

निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, ओम के नियम के आलेखी निरूपण का सही वर्णन करता है?

  • एक दीर्घवृत्ताकार वक्र
  • x-अक्ष के समांतर एक सरल रेखा
  • एक अतिपरवलयिक वक्र
  • मूल बिंदु से होकर जाने वाली एक सरल रेखा

अधिकांश वाणिज्यिक पवन टरबाइनों के कुशल संचालन के लिए आवश्यक पवन चाल की विशिष्ट परास (m/s में) क्या है?

  • 12 – 25 m/s
  • 0 – 2 m/s
  • 5 – 15 m/s
  • 3 – 5 m/s

एक वस्तु को सीधे ऊर्ध्वमुखी प्रक्षेपित किया जाता है तथा वह 1000 cm की अधिकतम ऊँचाई तक पहुँचती है। वस्तु का प्रारंभिक वेग कितना था? (g = 9.8 m/s² लीजिए)

  • 6 m/s
  • 2 m/s
  • 14 m/s
  • 10 m/s

Equation: h = 1000 cm = 10 m, v² = u² + 2as → 0 = u² – 2(9.8)(10) → u = √196 = 14 m/s

प्रक्षेपित किये जाने पर किसी वस्तु द्वारा अपनी प्रारंभिक स्थिति से तय की गई दूरी क्या होती है?

  • ऊर्ध्वाधर रेंज
  • प्रतार
  • प्रक्षेपवक्र
  • क्षैतिज रेंज

4 kg द्रव्यमान की किसी वस्तु पर 2 s की अवधि के लिए एक नियत बल कार्य करता है, जिससे उसका वेग 2 m/s से बढ़कर 8 m/s हो जाता है। यदि यही बल 4 s की अवधि के लिए प्रयुक्त किया जाए, तो वस्तु का अंतिम वेग कितना होगा?

  • 14 m/s
  • 10 m/s
  • 20 m/s
  • 12 m/s

Equation: a = (8-2)/2 = 3 m/s², v = 2 + 3(4) = 14 m/s

एकसमान वृत्तीय गति में, निम्नलिखित में से कौन-सी भौतिक राशि नियत रहती है?

  • वेग
  • अभिकेंद्री बल
  • त्वरण
  • चाल

चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ चुंबकीय क्षेत्र का निरूपण करती हैं। वे उस पथ का प्रतिनिधित्व करती हैं जिसके अनुदिश:

  • एक मुक्त इलेक्ट्रॉन गति करने की प्रवृत्ति रखता है
  • एक काल्पनिक मुक्त उत्तरी ध्रुव गति करने की प्रवृत्ति रखता है
  • एक काल्पनिक मुक्त दक्षिणी ध्रुव गति करने की प्रवृत्ति रखता है
  • एक मुक्त प्रोटॉन गति करने की प्रवृत्ति रखता है

2 kg द्रव्यमान के एक बॉक्स पर 4 N का एक नियत बल 2 s की अवधि के लिए कार्य करता है। यदि इसका प्रारंभिक वेग 2 m/s है, तो इस बॉक्स का अंतिम वेग होगा:

  • 2 m/s
  • 4 m/s
  • 6 m/s
  • 3 m/s

Equation: a = F/m = 4/2 = 2 m/s², v = u + at = 2 + 2(2) = 6 m/s

प्रत्येक इकाई समय में किसी वस्तु के वेग में परिवर्तन को कहा जाता है।

  • कोणीय विस्थापन
  • त्वरण
  • कोणीय संवेग
  • विस्थापन

हवा में ध्वनि तरंगें अनुदैर्घ्य होती हैं क्योंकि…………..

  • कण संचरण की दिशा में गति करते हैं
  • कण अनियमित रूप से गति करते हैं
  • वायु के अणु कंपन नहीं करते
  • कण संचरण की दिशा के लंबवत गति करते हैं

वेग-समय ग्राफ में, ऋणात्मक ढलान को दर्शाता है।

  • त्वरण
  • मंदता
  • विस्थापन
  • दूरी

सीधी रेखा के सापेक्ष वस्तुओं की गति क्या है?

  • समान गति
  • अनुप्रस्थ गति
  • विस्थापन की गति
  • रेखिक गति

घर्षण के बिना निम्नलिखित में से कौन सा कठिन है?

  • कांच का गिलास पकड़ना
  • दरवाजे की हलचल
  • किसी भारी बक्से को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना
  • कैरम खेलना

जब कोई पिंड एक वृत्ताकार पथ पर गति करता है, तो केंद्र की ओर परिक्रमी पिंड पर कार्यरत बल ______ कहलाता है।

  • सामान्य बल
  • गुरुत्वाकर्षण बल
  • अभिकेंद्री बल
  • कोणीय बल

प्रारंभ में विराम अवस्था में रखी 3 kg द्रव्यमान की किसी वस्तु पर 2 सेकंड के लिए 9 N का एक स्थिर बल लगाया जाता है। वस्तु का अंतिम वेग क्या होगा?

  • 3 m/s
  • 18 m/s
  • 9 m/s
  • 6 m/s

Equation: a = F/m = 9/3 = 3 m/s², v = u + at = 0 + 3(2) = 6 m/s

किसी पिंड की वृत्ताकार पथ में नियत चाल से गति कहलाती है:

  • वृत्तीय गति
  • दोलनी गति
  • असमान वृत्तीय गति
  • एकसमान वृत्तीय गति

किसी वस्तु द्वारा तय की गई दूरी का वर्णन करने के लिए क्या आवश्यक है?

  • केवल संख्यात्मक मान, जो इसका परिमाण है
  • केवल आरंभिक और अंतिम बिंदु
  • परिमाण और दिशा दोनों
  • केवल गति की दिशा

यदि किसी पिंड को लंबवत ऊर्ध्व दिशा में प्रक्षेपित किया जाए, तो गति के उच्चतम बिंदु पर पिंड का वेग क्या होगा? (g = गुरूत्वीय त्वरण, h = ऊंचाई, t = समय)

  • शून्य
  • -g
  • -g/h
  • gt

एक पत्थर को एक धागे से बांधकर गोल घुमाने पर ______ प्रदर्शित होती है।

  • बढ़ती चाल के साथ रेखिक गति
  • एकसमान ऋजु-रेखीय गति
  • वृत्तीय गति
  • असमान गति

निम्नलिखित में से कौन-सा स्थितिज ऊर्जा का एक स्पष्ट उदाहरण है?

  • जलती हुई मोमबत्ती
  • गतिमान कार
  • गिरती हुई चट्टान
  • खींचा हुआ रबर बैंड

यदि किसी वस्तु की चाल समय के साथ बदलती है, तो दूरी-समय ग्राफ होगी।

  • काल अक्ष के समांतर एक सीधी रेखा
  • काल अक्ष पर आनत एक सीधी रेखा
  • एक वक्र रेखा
  • एक क्षैतिज सीधी रेखा

जब प्रकाश की एक किरण वायु से एक आयताकार काँच के स्लैब में तिरछी प्रवेश करती है, तो प्रथम अंतरपृष्ठ पर इसकी दिशा में क्या परिवर्तन होता है?

  • यह अभिलंब से परे झुक जाती है।
  • यह सीधी यात्रा करती है।
  • यह अभिलंब की ओर झुक जाती है।
  • यह वापस परावर्तित हो जाती है।

एक प्रक्षेप्य (projectile) द्वारा चले गए पथ को क्या कहा जाता है?

  • भू-भाग
  • प्रक्षेप पथ
  • स्थांतरीय
  • ट्रैजरी

त्वरण के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • त्वरण तब ऋणात्मक होता है जब यह वेग की दिशा के विपरीत कार्य करता है।
  • त्वरण की SI इकाई m/s है।
  • दिशा चाहे जो भी हो, त्वरण सदैव धनात्मक होता है।
  • त्वरण तब धनात्मक होता है जब वह वेग की दिशा के विपरीत होता है।

जब कोई वस्तु एकसमान चाल से वृत्ताकार पथ पर गति करती है, तो उसकी गति को ______ कहा जाता है।

  • एकसमान वृत्तीय गति
  • अन्योन्य के अनुदिश गति
  • एक सीधी रेखा के अनुदिश गति
  • रेखीय गति

एक वस्तु 16 m की दूरी 4 s में तय करती है और फिर अगली 16 m की दूरी 2 s में तय करती है। वस्तु की औसत चाल ज्ञात कीजिए।

  • 5.33 m/s
  • 2.67 m/s
  • 8 m/s
  • 4 m/s

Equation: total distance = 32 m, total time = 6 s, avg speed = 32/6 = 5.33 m/s

4 kg द्रव्यमान वाले किसी स्थिर पिंड पर एक बल कार्य करता है और 3 m/s² का त्वरण उत्पन्न करता है। 5 सेकंड के बाद अंतिम वेग ______ होगा।

  • 20 m/s
  • 10 m/s
  • 12 m/s
  • 15 m/s

Equation: v = u + at = 0 + 3(5) = 15 m/s

निम्नलिखित में से कौन सी भौतिक राशि गतिमान पिंड द्वारा तय किए गए कुल पथ की लंबाई के समतुल्य है?

  • दूरी
  • विस्थापन
  • वेग
  • त्वरण

2 kg वस्तुमानाची एक वस्तू 10 m/s या वेगाने सरकत आहे. तिच्यावर 5 s साठी 4 N बल लागू केले, तर अंतिम वेग किती असेल?

  • 15 m/s
  • 35 m/s
  • 25 m/s
  • 20 m/s

Equation: a = F/m = 4/2 = 2 m/s², v = u + at = 10 + 2(5) = 20 m/s

2 kg द्रव्यमान के एक पिंड पर 10 N का बल कार्य करता है। उत्पन्न त्वरण ………….है।

  • 2 m/s²
  • 5 m/s²
  • 20 m/s²
  • 10 m/s²

Equation: a = F/m = 10/2 = 5 m/s²

यदि एक सीधी सड़क पर चल रही कार समान समय अंतराल में असमान मात्रा में अपनी गति बढ़ाती है, तो कार किस गति से चल रही होती है?

  • असमान त्वरण
  • एकसमान वेग
  • एकसमान चाल
  • एकसमान त्वरण

यदि कोई वस्तु गति आरंभ करती है और यदि बिल्कुल भी घर्षण नहीं होता है, तो क्या होता है?

  • वस्तु कभी रुक नहीं सकती है।
  • वस्तु तुरंत रुक जाती है।
  • वस्तु कुछ समय बाद रुक जाती है।
  • वस्तु उड़ने लगती है।

यदि एक कार का वेग 4 सेकंड में 20 m/s से बढ़कर 40 m/s हो जाता है, तो कार का त्वरण ______ होगा।

  • 5 m/s
  • 10 m/s²
  • 10 m/s
  • 5 m/s²

Equation: a = (40-20)/4 = 5 m/s²

कुल समय में तय की गई कुल दूरी कहलाती है:

  • औसत चाल
  • परिवर्ती चाल
  • एकसमान चाल
  • तात्क्षणिक चाल

एक पिंड, विराम अवस्था से गिरना शुरू करता है और 2 सेकंड में जमीन पर पहुँच जाता है। जमीन पर पहुँचने पर पिंड का वेग क्या होगा? (गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण = 10 ms⁻²)

  • 10 m/s
  • 15 m/s
  • 5 m/s
  • 20 m/s

Equation: v = u + gt = 0 + 10(2) = 20 m/s

एक गेंद को प्रारंभिक वेग (u) से ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर उछाला जाता है। समय (t) के बाद, इसका वेग (v) ______ हो जाता है।

  • v = u – gt
  • v = gt – uv
  • v = u – gtv
  • v = u + gt

एक गेंद 12.5 सेकंड के बाद जमीन पर लंब रूप से वापिस आती है। वह वेग ज्ञात कीजिए जिसके साथ इसे फेंका गया था? (g = 10 मीसेक²)

  • 62.5 मीसेक⁻¹
  • 65 मीसेक⁻¹
  • 12.5 मीसेक⁻¹
  • 10 मीसेक⁻¹

Equation: T = 2u/g → u = gT/2 = 10 × 12.5/2 = 62.5 m/s

जब किसी वस्तु को ऊपर की ओर फेंका जाता है, तो गुरुत्वाकर्षण बल ______ होता है।

  • गति की दिशा के समान
  • शून्य
  • गति की दिशा के विपरीत
  • गति की दिशा से स्वतंत्र

किसी वस्तु की प्रारंभिक और अंतिम स्थिति के बीच की सबसे छोटी दूरी को ______ कहा जाता है।

  • त्वरण
  • विस्थापन
  • चाल
  • दूरी

एक गेंद को 12 m/s के प्रारंभिक वेग से ऊपर की ओर फेंका जाता है। 1 सेकंड बाद इसका वेग कितना होगा? (g = 9.8 m/s² लीजिए)

  • 21.8 m/s
  • 0 m/s
  • 12 m/s
  • 2.2 m/s

Equation: v = u – gt = 12 – 9.8(1) = 2.2 m/s

जब 1 लीटर जल को 4°C से 0°C तक ठंडा किया जाता है, तो इसका आयतन ______।

  • पहले घटता है फिर बढ़ जाता है
  • समान रहता है
  • बढ़ता है
  • घटता है

निम्नलिखित में से कौन सा समीकरण स्थिति – समय संबंध के लिए है?

  • s = ut + ½at²
  • v = u + at
  • u = v + at
  • 2as = v² – u²

एक तरंग की तरंगदैर्घ्य 0.5 m है और आवृत्ति 200 Hz है। इसकी चाल ______ होगी।

  • 400 m/s
  • 200 m/s
  • 50 m/s
  • 100 m/s

Equation: v = fλ = 200 × 0.5 = 100 m/s

विस्थापन के परिवर्तन की दर को ______ के रूप में जाना जाता है।

  • त्वरण
  • वेग
  • गति
  • दूरी

यह मानते हुए कि वस्तु का द्रव्यमान स्थिर रहता है, यदि प्रयुक्त बल को चार गुना कर दिया जाए, तो वस्तु के त्वरण में क्या परिवर्तन होगा?

  • त्वरण 4 के गुणक में घट जाएगा।
  • त्वरण समान रहेगा, लेकिन परिवर्तन की अवधि घट जाएगी।
  • त्वरण 2 के गुणक में बढ़ जाएगा।
  • त्वरण 4 के गुणक में बढ़ जाएगा।

4 kg द्रव्यमान वाले एक पिंड की गतिज ऊर्जा 72 J है। उसकी चाल ज्ञात कीजिए।

  • 4 m/s
  • 3 m/s
  • 9 m/s
  • 6 m/s

Equation: KE = ½mv² → 72 = ½(4)v² → v² = 36 → v = 6 m/s

एक पिंड एक सरल रेखा में परिवर्तनशील चाल से गतिमान है। 10 s में इसका विस्थापन 50 m है। औसत वेग कितना होगा?

  • 5 m/s
  • 25 m/s
  • 50 m/s
  • 10 m/s

Equation: v_avg = displacement/time = 50/10 = 5 m/s

निम्नलिखित में से कौन सी एक प्रतिवर्ती क्रिया है?

  • एक बच्चे से बात करना
  • आग से हाथ हटाना
  • सड़क पर चलना
  • मंच पर नृत्य करना

निम्नलिखित में से कौन-सा, एकसमान वृत्तीय गति का उदाहरण है?

  • सीधी पटरी पर चलती हुई रेलगाड़ी
  • ऊँचाई से गिराया गया एक पत्थर
  • पृथ्वी के चारों ओर घूमता चंद्रमा
  • एक सीधी सड़क पर चलती कार

नियत वेग-समय वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल किसी दिए गए समय अंतराल में वस्तु के ______ के बराबर होता है।

  • विस्थापन
  • त्वरण
  • अंतिम वेग
  • संवेग

जब किसी वस्तु का दूरी-समय ग्राफ एक वक्र रेखा है, तो यह क्या दर्शाता है?

  • वस्तु नियत चाल से चल रही है।
  • गति में कोई त्वरण नहीं है।
  • वस्तु की चाल समय के साथ परिवर्तित हो रही है।
  • वस्तु स्थिर अवस्था में हैं।

संवेग (p) एक सदिश राशि है। इसका अर्थ है कि संवेग में ______ दोनों होते हैं।

  • परिमाण और दिशा
  • चाल और समय
  • द्रव्यमान और वेग
  • बल और त्वरण

गति के निम्नलिखित समीकरण में से कौन सा किसी पिंड द्वारा सीधे तय की गई दूरी या विस्थापन को निर्धारित करने के लिए उपयोग किया जा सकता है?

  • v² – u² = 2as
  • s = ut + ½at²
  • v = u + at
  • दोनों v² – u² = 2as और s = ut + ½at²

रात्रि में आकाश में तारे टिमटिमाते हुए प्रतीत होते हैं क्योंकि ______।

  • तारे आकाश में तेज़ी से गति करते हैं
  • तारों से आने वाला प्रकाश वायुमंडलीय अपवर्तन से गुजरता है
  • वे अपनी चमक लगातार बदलते रहते हैं
  • तारों और पृथ्वी के बीच की दूरी बदलती रहती है

दूरी-समय ग्राफ एक सीधी रेखा न होकर एक वक्र है। यह क्या दर्शाता है?

  • पिंड एकसमान त्वरण से गतिमान है।
  • पिंड विरामावस्था में है।
  • पिंड एकसमान गति से गतिमान है।
  • पिंड असमान गति से गतिमान है।

एकसमान वेग के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  • v-t ग्राफ के अधीन क्षेत्रफल त्वरण देता है।
  • v-t ग्राफ एक क्षैतिज रेखा है।
  • v-t ग्राफ में रेखा का ढलान शून्य है।
  • वेग स्थिर है और त्वरण शून्य है।

जब कोई पिंड त्वरित नहीं हो रहा है, तो दूरी, समय और चाल के बीच संबंध को निम्नलिखित में से कौन सबसे अच्छा वर्णन करता है?

  • गति = समय/दूरी
  • दूरी = गति/समय
  • दूरी = समय/गति
  • समय = दूरी/गति

बोर (Bohr’s) के परमाणु मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर परिक्रमण करते हैं।

  • विविक्त कक्षाओं में
  • दीर्घवृत्ताकार पथ पर
  • यादृच्छिक पथ पर
  • सरल रेखाओं में

ठोस पदार्थों के ताप को बढ़ाने पर कणों की गतिज ऊर्जा ______।

  • पहले बढ़ती है और फिर घटती है।
  • स्थिर रहती है।
  • बढ़ती है।
  • घटती है।

सिमरन एक मिनट में 60 मीटर की दूरी तय करती है और फिर उसी सीधे रास्ते पर वापस लौटती है। उसकी सवारी का औसत वेग __________ है।

  • 0 मीटर/सेकंड
  • 2 मीटर/सेकंड
  • 1 मीटर/सेकंड
  • 60 मीटर/सेकंड
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