SCIENCE
निम्नलिखित में से कौन-सा प्रेक्षण सर्वांगसम रूप से इसकी पुष्टि करता है कि द्रवों का आयतन निश्चित होता है लेकिन उनकी आकृति निश्चित नहीं होती?
- वायु पूरे पात्र में प्रसारित हो जाती है
- एक ठोस लोहे का टुकड़ा किसी भी पात्र में अपनी आकृति बनाए रखता है
- जल, अपने पात्र की आकृति को ग्रहण कर लेता है, लेकिन इसका आयतन वही बना रहता है
- एक स्पंज को निष्पीडित करने पर उसकी आकृति बदल जाती है
Explanation:
- जल (द्रव) का आयतन निश्चित होता है (यह संपीडित नहीं होता), परंतु यह पात्र की आकृति में ढल जाता है (अनिश्चित आकृति)।
- वायु (गैस) का न तो आयतन निश्चित है, न आकृति (यह पूरे पात्र में फैल जाती है)।
- ठोस का आयतन और आकृति दोनों निश्चित होते हैं।
- स्पंज ठोस है (छिद्रयुक्त), इसकी आकृति बदल सकती है पर यह द्रव का गुण नहीं है।
Quick Facts:
- ठोस: निश्चित आकार + आयतन
- द्रव: निश्चित आयतन + अनिश्चित आकार
- गैस: अनिश्चित आकार + अनिश्चित आयतन
निम्नलिखित में से कौन-सा आर्किमिडीज के सिद्धांत का अनुप्रयोग नहीं है?
- पनडुब्बी का तैरना और गोता लगाना
- द्रव में किसी पिंड पर उत्प्लावन बल की गणना करना
- किसी तार का विद्युत प्रतिरोध मापना
- एक अनियमित ठोस का घनत्व निर्धारित करना
Explanation:
- आर्किमिडीज का सिद्धांत द्रवों (fluids) के उत्प्लावन (buoyancy) से संबंधित है।
- पनडुब्बी, उत्प्लावन बल, घनत्व निर्धारण (density determination) सभी इसी सिद्धांत पर आधारित हैं।
- विद्युत प्रतिरोध (electrical resistance) मापना विद्युत (electricity) से संबंधित है, द्रवों से नहीं।
Quick Facts:
- आर्किमिडीज सिद्धांत: विस्थापित द्रव का भार = उत्प्लावन बल (upthrust)
- इसका उपयोग: जहाज, पनडुब्बी, हाइड्रोमीटर, लैक्टोमीटर आदि में होता है।
गैस के कणों की निरंतर अनियमित गति के कारण, कण पात्र की दीवारों से टकराते हैं। गैस द्वारा लगाया गया दाब, ______ के बराबर होता है।
- पात्र के प्रति इकाई आयतन पर गैस के कणों द्वारा लगाए गए बल
- गैस के कणों द्वारा पात्र की दीवारों पर लगाए गए बल
- पात्र के तल के प्रति इकाई क्षेत्रफल पर गैस के कणों द्वारा लगाए गए बल
- पात्र की दीवारों पर प्रति इकाई क्षेत्रफल पर गैस के कणों द्वारा लगाए गए बल
Explanation:
- दाब (Pressure) = बल (Force) / क्षेत्रफल (Area)
- गैस के कण पात्र की दीवारों से टकराते हैं, अतः बल दीवारों पर लगता है।
- अतः दाब = दीवारों पर प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाला बल।
Quick Facts:
- गैस का दाब (gas pressure) कणों की टक्कर (collision) के कारण होता है।
- दाब की SI इकाई पास्कल (Pa) = N/m² है।
किसी वस्तु द्वारा किसी सतह पर लंबवत लगाया गया बल कहलाता है:
- भार
- प्रणोद
- दाब
- उत्पादन
Explanation:
- प्रणोद (Thrust) = किसी सतह पर लंबवत (perpendicular) लगने वाला बल।
- भार (weight) = गुरुत्वाकर्षण बल (mg), जो ऊर्ध्वाधर (vertical) नीचे की ओर होता है, पर सतह पर लंबवत हो सकता है या नहीं।
- दाब (pressure) = प्रणोद / क्षेत्रफल
Quick Facts:
- प्रणोद एक सदिश (vector) राशि है (बल की तरह)।
- दाब एक अदिश (scalar) राशि है।
किसी लगाए गए बल के लिए, यदि क्षेत्रफल कम है तो दाब होगा-
- परिवर्तनशील
- कम
- अधिक
- स्थिर
Explanation:
- दाब (P) = बल (F) / क्षेत्रफल (A)
- यदि बल स्थिर है और क्षेत्रफल घटता है, तो दाब बढ़ता है (P ∝ 1/A)।
Quick Facts:
- उदाहरण: कील की नोक नुकीली होती है (क्षेत्रफल कम → दाब अधिक) ताकि वह लकड़ी में आसानी से घुस सके।
- दाब का SI मात्रक पास्कल (Pa) है।
एक ब्लॉक 0.25 m² क्षेत्रफल वाले पृष्ठ पर 500 N का प्रणोद (thrust) लगाता है। ब्लॉक द्वारा लगाया गया दाब ______ है।
- 2000 N/m²
- 125 N/m²
- 500 N/m²
- 250 N/m²
Explanation:
- दाब (P) = बल (F) / क्षेत्रफल (A) = 500 N / 0.25 m² = 2000 N/m²
- 1 N/m² = 1 पास्कल (Pa)
Quick Facts:
- यह दाब 2000 Pa के बराबर है।
- प्रणोद वह बल है जो सतह पर लंबवत लगता है।
दाब का SI मात्रक क्या है?
- पास्कल (Pascal)
- ऐटमॉस्फियर (Atmosphere)
- mmHg
- टॉर (Torr)
Explanation:
- दाब (Pressure) का SI मात्रक पास्कल (Pa) है, जो N/m² के बराबर है।
- 1 Pa = 1 N/m²
- अन्य मात्रक (atm, mmHg, Torr) गैर-SI हैं, पर व्यावहारिक रूप से प्रयुक्त होते हैं।
Quick Facts:
- 1 atm = 101325 Pa ≈ 1.01 × 10⁵ Pa
- 1 atm = 760 mm Hg = 760 Torr
कील की नोक नुकीली क्यों होती है?
- अपेक्षाकृत छोटे क्षेत्र पर लगने वाला बल कम दाब डालता है।
- अपेक्षाकृत बड़े क्षेत्र पर लगने वाला बल शून्य दाब डालता है।
- अपेक्षाकृत छोटे क्षेत्र पर लगने वाला बल, अधिक दाब डालता है।
- अपेक्षाकृत बड़े क्षेत्र पर लगने वाला बल अधिक दाब डालता है।
Explanation:
- कील की नोक नुकीली (sharp) होती है ताकि क्षेत्रफल (A) कम हो, जिससे समान बल (F) के लिए दाब (P = F/A) अधिक हो और वह आसानी से लकड़ी/दीवार में घुस सके।
Quick Facts:
- यही सिद्धांत: सुई, चाकू, ब्लेड आदि में लागू होता है।
- बड़े क्षेत्रफल पर दाब कम होता है (जैसे ट्रैक्टर के चौड़े टायर) – मिट्टी में न धँसने के लिए।
धारावाही परिनालिका के अंदर पाए जाने वाले चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता क्या है?
- मध्य में न्यूनतम
- केंद्र की तुलना में सिरों पर अधिक
- एक सिरे से दूसरे सिरे तक बढ़ता हुआ पाया गया
- सभी बिंदुओं पर समान
Explanation:
- एक लंबी परिनालिका (solenoid) के अंदर चुंबकीय क्षेत्र (B) एकसमान (uniform) होता है, अर्थात सभी बिंदुओं पर समान होता है।
- बाहर का क्षेत्र लगभग शून्य होता है।
Quick Facts:
- परिनालिका के अंदर B = μ₀ n I (n = फेरों की संख्या/मीटर, I = धारा)
- परिनालिका एक विद्युत चुंबक (electromagnet) की तरह कार्य करती है।
नल को अधिक चौड़ा खोलने पर जल का प्रवाह अपनी उिम्रहीन गति (smoothness) क्यों छोड़ देता है?
- जल का दाब घटता है।
- वेग बढ़ जाता है, जिससे प्रक्षोभ उत्पन्न होता है।
- जल का तापमान बदलता है।
- जल का घनत्व बदलता है।
Explanation:
- नल को अधिक खोलने पर जल का वेग (velocity) बढ़ जाता है, जिससे लामिना प्रवाह (laminar flow) अशांत (turbulent) हो जाता है (रेनॉल्ड्स संख्या बढ़ जाती है)।
- प्रक्षोभ (turbulence) के कारण प्रवाह चिकना (smooth) नहीं रहता।
Quick Facts:
- लामिना प्रवाह: सुव्यवस्थित, चिकना; प्रक्षोभी प्रवाह: अव्यवस्थित, उपद्रवी।
- रेनॉल्ड्स संख्या (Re) = ρvD/μ, Re > 4000 पर प्रवाह प्रक्षोभी हो जाता है।
प्रकाश की चाल ______ होती है।
- हवा की तुलना में पानी में अधिक
- हवा, काँच और पानी में समान
- काँच की तुलना में पानी में अधिक
- पानी की तुलना में काँच में अधिक
Explanation:
- प्रकाश की चाल (v) = c/μ (μ = अपवर्तनांक)
- μ_जल (1.33) < μ_काँच (≈1.5), अतः v_जल > v_काँच
- वायु में चाल सबसे अधिक (c), फिर जल, फिर काँच (घटते क्रम में)।
Quick Facts:
- निर्वात में प्रकाश की चाल c = 3 × 10⁸ m/s (अधिकतम)
- जल में v = c/1.33 ≈ 2.25 × 10⁸ m/s
वायु दाब को क्या कहा जाता है?
- वाथीकरण
- चनीकरण
- वायुमंडलीय दाब
- तापमान
Explanation:
- वायु का दाब = वायुमंडलीय दाब (Atmospheric pressure)।
- यह पृथ्वी के वायुमंडल द्वारा सतह पर प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगाया गया बल है।
Quick Facts:
- समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब = 1 atm = 101325 Pa
- बैरोमीटर (Barometer) वायुमंडलीय दाब मापता है।
गैस अणुओं की गतिज ऊर्जा किसके अनुक्रमानुपाती होती है-
- वायुमंडलीय दाब
- दाब
- ताप और दाब दोनों
- ताप
Explanation:
- गैस अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा (average kinetic energy) = (3/2) kT, अतः यह परम ताप (absolute temperature) के समानुपाती होती है।
- यह दाब पर निर्भर नहीं करती (आदर्श गैस के लिए)।
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा ∝ T (केल्विन में)
- यह गैसों के गतिज सिद्धांत (Kinetic Theory of Gases) का एक निष्कर्ष है।
यदि कोई पिंड सजातीय नहीं है, तो इसका घनत्व इसकी/इसके ______ का एक फलन है।
- द्रव्यमान
- आयतन
- स्थिति
- वेग
Explanation:
- असजातीय (non-homogeneous) पिंड में घनत्व (density) बिंदु-से-बिंदु पर बदलता है, अतः यह स्थिति (position) का फलन (function) है।
- सजातीय (homogeneous) पिंड में घनत्व स्थिर होता है।
Quick Facts:
- घनत्व = द्रव्यमान/आयतन (समग्र रूप से), पर असजातीय पिंड में ρ = ρ(x,y,z)।
- उदाहरण: पृथ्वी का आंतरिक भाग असजातीय है (घनत्व गहराई के साथ बदलता है)।
निम्नलिखित में से कौन सा गुण संयोजकता के साथ बदल जाता है?
- तुल्यांकी भार
- घनत्व
- आयतन
- दाब
Explanation:
- तुल्यांकी भार (Equivalent weight) = परमाणु भार / संयोजकता (valency)
- संयोजकता बदलने पर तुल्यांकी भार बदल जाता है (क्योंकि परमाणु भार स्थिर है)।
- घनत्व, आयतन, दाब भौतिक गुण हैं, संयोजकता से सीधे नहीं बदलते।
Quick Facts:
- उदाहरण: Al की संयोजकता 3 (AlCl₃ में), तुल्यांकी भार = 27/3 = 9
- यह रसायन विज्ञान की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है।
गतिशील द्रव में द्रव वेग और दाब के बीच संबंध किस नियम या सिद्धांत द्वारा समझाया गया है?
- पास्कल का नियम
- आर्किमिडीज का सिद्धांत
- बर्नोली का सिद्धांत
- बॉयल का नियम
Explanation:
- बर्नोली का सिद्धांत (Bernoulli’s principle): किसी गतिशील द्रव (fluid) में, वेग (velocity) बढ़ने पर दाब (pressure) घटता है (और इसके विपरीत)।
- इसका उपयोग: हवाई जहाज के पंख, वेंचुरी मीटर, स्प्रे आदि में होता है।
Quick Facts:
- बर्नोली समीकरण: P + ½ρv² + ρgh = स्थिरांक
- यह ऊर्जा संरक्षण (conservation of energy) पर आधारित है।
दबाव × क्षेत्र = ______.
- बल
- जड़त्व
- गति
- आयतन
Explanation:
- दाब (P) = बल (F) / क्षेत्रफल (A) ⇒ P × A = F
- अतः दबाव × क्षेत्र = बल
Quick Facts:
- दाब की SI इकाई N/m² (Pa), क्षेत्रफल m², बल N
- यह मूल सूत्र दाब (pressure) को परिभाषित करता है।
मनुष्य में सामान्य सिस्टोलिक और डायस्टोलिक दाब क्या है?
- 120 mm Hg / 80 mm Hg
- 120 mm Hg / 90 mm Hg
- 130 mm Hg / 90 mm Hg
- 130 mm Hg / 80 mm Hg
Explanation:
- सामान्य रक्तचाप (blood pressure) = 120/80 mm Hg (सिस्टोलिक/डायस्टोलिक)
- सिस्टोलिक (Systolic) = हृदय के संकुचन के समय दाब (120 mm Hg)
- डायस्टोलिक (Diastolic) = हृदय के शिथिलन के समय दाब (80 mm Hg)
Quick Facts:
- उच्च रक्तचाप (hypertension): > 140/90 mm Hg
- रक्तचाप मापने के लिए स्फिग्मोमैनोमीटर (sphygmomanometer) का उपयोग होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी राशि, किसी तरल में डूबे हुए पिंड पर लगने वाले उत्प्लावक बल को प्रभावित नहीं करती है?
- विस्थापित तरल का आयतन
- वस्तु का घनत्व
- गुरुत्वीय त्वरण
- तरल का घनत्व
Explanation:
- उत्प्लावन बल (Buoyant force) = विस्थापित द्रव का भार = ρ_द्रव × V_विस्थापित × g
- यह वस्तु के घनत्व (ρ_वस्तु) पर निर्भर नहीं करता (यह वस्तु के डूबने/तैरने को प्रभावित करता है, पर बल नहीं)।
Quick Facts:
- उत्प्लावन बल केवल द्रव के घनत्व, विस्थापित आयतन और g पर निर्भर करता है।
- यह आर्किमिडीज सिद्धांत का सार है।
निम्नलिखित में से कौन सा/से विधान सत्य है/हैं? A: संपीड्यता: द्रव्य का वह गुणधर्म जिसके कारण बाह्य बल लागू करने के उपरांत उसका आकार बदलता नहीं है। ठोस पदार्थ यह गुणधर्म दर्शाते हैं। B: तरलता: सरलता से बहना और बाह्य बल के अंतर्गत आकार में परिवर्तन करने वाला पदार्थ का गुणधर्म है। यह गुणधर्म द्रव और गैस दोनों द्वारा प्रदर्शित होता है।
- केवल A ही सत्य है।
- A और B दोनों सत्य हैं।
- केवल B ही सत्य है।
- A और B दोनों असत्य हैं।
Explanation:
- A (संपीड्यता, Compressibility): ठोसों में संपीड्यता नगण्य होती है, बाह्य बल लगाने पर उनका आकार/आयतन लगभग नहीं बदलता। (सत्य)
- B (तरलता, Fluidity): द्रव और गैस प्रवाहित (flow) हो सकते हैं और बाह्य बल के अधीन आकार बदल सकते हैं। (सत्य)
Quick Facts:
- ठोस: निश्चित आकार, न्यूनतम संपीड्यता
- द्रव: निश्चित आयतन, अनिश्चित आकार, मध्यम संपीड्यता
- गैस: अनिश्चित आकार, अनिश्चित आयतन, उच्च संपीड्यता
प्रति इकाई आयतन के द्रव्यमान को कहा जाता है
- बल
- कार्य
- घनत्व
- दबाव
Explanation:
- घनत्व (Density) = द्रव्यमान (Mass) / आयतन (Volume), अर्थात प्रति इकाई आयतन द्रव्यमान।
- इसे ρ (rho) से दर्शाते हैं, SI मात्रक kg/m³ है।
Quick Facts:
- जल का घनत्व = 1000 kg/m³ (4°C पर)
- घनत्व का व्युत्क्रम (reciprocal) = आपेक्षिक आयतन (specific volume) कहलाता है।
उत्सावन बल का परिमाण तरल पदार्थ के ______ पर निर्भर करता है।
- द्रव्यमान
- तापमान
- आयतन
- घनत्व
Explanation:
- उत्प्लावन बल (Buoyant force) = ρ_द्रव × V_विस्थापित × g
- यह तरल के घनत्व (ρ) पर निर्भर करता है (द्रव्यमान/आयतन नहीं सीधे)।
Quick Facts:
- तरल का घनत्व जितना अधिक, उत्प्लावन बल उतना अधिक (जैसे समुद्री जल में तैरना आसान)।
- तापमान बदलने पर घनत्व बदल सकता है, जिससे उत्प्लावन बल प्रभावित होता है (परोक्ष रूप से)।
एक लंबे धारावाही परिनालिका पर विचार कीजिए। यदि राहुल इस लंबे धारावाही परिनालिका के अंदर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं को आरेखित करता है, तो यह दिखाई देगा:
- सिरों पर सघन
- एक सिरे से दूसरे सिरे तक बढ़ने के लिए सघन
- सभी बिंदुओं पर एकसमान
- मध्य में सघन
Explanation:
- लंबी परिनालिका के अंदर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ (field lines) समानांतर (parallel) और एकसमान (uniform) होती हैं (घनत्व समान)।
- यह एक आदर्श परिनालिका की विशेषता है।
Quick Facts:
- परिनालिका के बाहर क्षेत्र रेखाएँ विरल (sparse) होती हैं और दिशा उल्टी होती है (चुंबक की तरह)।
- एकसमान चुंबकीय क्षेत्र वह होता है जहाँ B का परिमाण और दिशा स्थिर हो।
जब कोशिका के अन्दर और बाहर पानी का प्रवाह समान होता है, तो कोशिका को ______ कहा जाता है?
- शिशिल
- समपरासरणी
- स्फीति दाब
- अल्पपरासारी
Explanation:
- जब कोशिका के अंदर और बाहर जल का प्रवाह संतुलित होता है, तो कोशिका समपरासरणी (isotonic) कहलाती है (बाहरी विलयन की सांद्रता कोशिका द्रव के बराबर)।
- अल्पपरासारी (hypotonic): बाहर कम सांद्रता → जल अंदर जाता है (कोशिका स्फीत)।
- अतिपरासारी (hypertonic): बाहर अधिक सांद्रता → जल बाहर जाता है (कोशिका संकुचित)।
Quick Facts:
- परासरण (osmosis): अर्धपारगम्य झिल्ली (semipermeable membrane) के माध्यम से जल का प्रवाह।
- RBC को सामान्यतः isotonic विलयन (0.9% NaCl) में रखा जाता है।
दो सतहों के बीच घर्षण को कम करने का एक सामान्य तरीका क्या है?
- एक स्नेहक लगाना
- सतह को खुरदरा करना
- दबाव बढ़ाना
- सतह क्षेत्र को बढ़ाना
Explanation:
- स्नेहक (lubricant) जैसे तेल, ग्रीस आदि सतहों के बीच एक पतली परत बनाकर सीधे संपर्क को कम करते हैं, जिससे घर्षण (friction) घटता है।
- सतह को खुरदरा करने, दबाव बढ़ाने से घर्षण बढ़ता है।
Quick Facts:
- घर्षण कम करने के अन्य तरीके: रोलर्स, बॉल बेयरिंग, चिकनी सतह, वायु कुशन आदि।
- घर्षण बढ़ाने के तरीके: सतह खुरदरी करना (टायर के त्रेड, सैंडपेपर)।
निम्नलिखित में से कौन सा ऊष्मागतिक प्रणाली में एक अवस्था फलन या अवस्था चर नहीं है?
- दबाव
- एम्बीएमी (Entropy)
- कार्य (Work is a path function)
- आंतरिक ऊर्जा
Explanation:
- अवस्था फलन (State function) = केवल प्रणाली की वर्तमान अवस्था पर निर्भर करता है, पथ (path) पर नहीं (जैसे P, V, T, आंतरिक ऊर्जा U, एंट्रॉपी S, एन्थैल्पी H)।
- कार्य (Work) और ऊष्मा (Heat) पथ फलन (path functions) हैं – ये प्रक्रिया के मार्ग पर निर्भर करते हैं।
Quick Facts:
- अवस्था फलन: दाब (P), आयतन (V), ताप (T), आंतरिक ऊर्जा (U), एंट्रॉपी (S), एन्थैल्पी (H), गिब्स मुक्त ऊर्जा (G)।
- पथ फलन: कार्य (W), ऊष्मा (Q)
एक पास्कल = ?
- 1 N m⁻²
- 1 N m²
- 1 dyne cm⁻²
- 100 atmosphere
Explanation:
- 1 पास्कल (Pa) = 1 N/m² = 1 kg·m⁻¹·s⁻²
- 1 atm = 1.013 × 10⁵ Pa, अतः 1 Pa = 1/1.013 × 10⁵ atm
- 1 dyne/cm² = 0.1 Pa (CGS इकाई)
Quick Facts:
- पास्कल दाब की SI व्युत्पन्न इकाई है।
- व्यावहारिक रूप से: 1 Pa बहुत छोटा दाब है (1 N का बल 1 m² पर लगे)।
जब एक द्रव को एक पात्र से दूसरे में स्थानांतरित किया जाता है तो कौन-सी मापने योग्य राशि समान रहती है?
- द्रव का आयतन अपरिवर्तित रहता है।
- द्रव का घनत्व हमेशा बढ़ता है।
- द्रव का द्रव्यमान शून्य हो जाता है।
- द्रव का आकार अपरिवर्तित रहता है।
Explanation:
- द्रव (liquid) का आयतन (volume) निश्चित होता है, इसलिए पात्र बदलने पर भी आयतन समान रहता है (यदि कोई रिसाव/वाष्पीकरण न हो)।
- आकार (shape) बदल जाता है (द्रव पात्र की आकृति ग्रहण कर लेता है), घनत्व (density) स्थिर रहता है (तापमान/दाब में परिवर्तन न हो तो), द्रव्यमान भी स्थिर रहता है।
Quick Facts:
- द्रव असंपीड्य (incompressible) होते हैं (लगभग), इसलिए आयतन निश्चित होता है।
- गैस का आयतन पात्र के अनुसार बदलता है।
यदि 600 N भार वाला एक व्यक्ति दो पैरों पर खड़ा है, जिनका कुल संपर्क क्षेत्रफल 0.05 m² है, तो रेत पर लगाया गया दाब ज्ञात करें।
- 12,000 Pa
- 300 Pa
- 600 Pa
- 30,000 Pa
Explanation:
- भार (Weight) = बल (Force) = 600 N (गुरुत्वाकर्षण बल, नीचे की ओर)
- क्षेत्रफल A = 0.05 m²
- दाब P = F/A = 600 / 0.05 = 12,000 Pa (N/m²)
Quick Facts:
- यदि व्यक्ति एक पैर पर खड़ा होता, तो क्षेत्रफल आधा होता और दाब दोगुना (24,000 Pa) होता।
- दाब = प्रणोद/क्षेत्रफल (प्रणोद = लंबवत बल = भार)
गुरुत्वीय त्वरण के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- यह ऊँचाई के साथ घटता है
- यह पृथ्वी के भीतर जाने पर बढ़ता है
- यह गहराई के साथ स्थिर रहता है
- यह पृथ्वी पर हर जगह समान रहता है
Explanation:
- गुरुत्वीय त्वरण (g) = GM/r², जहाँ r = पृथ्वी के केंद्र से दूरी।
- ऊँचाई (altitude) बढ़ने पर r बढ़ता है, अतः g घटता है।
- गहराई (depth) बढ़ने पर g घटता है (r घटता है, पर प्रभावी द्रव्यमान भी घटता है, अतः g ∝ d, रैखिक रूप से घटता है)।
Quick Facts:
- पृथ्वी की सतह पर g = 9.8 m/s²
- ध्रुवों पर g अधिकतम, भूमध्य रेखा पर न्यूनतम (क्योंकि पृथ्वी चपटी है)।
इकाई क्षेत्र पर बल किसे कहा जाता है?
- आयतन
- पृष्ठीय क्षेत्रफल
- घनत्व
- दाब
Explanation:
- दाब (Pressure) = बल / क्षेत्रफल = प्रति इकाई क्षेत्र पर लगने वाला बल।
- यह दाब की मूल परिभाषा है।
Quick Facts:
- दाब की SI इकाई पास्कल (Pa) = N/m²
- घनत्व = द्रव्यमान/आयतन, बल = द्रव्यमान × त्वरण
निम्नलिखित विकल्पों में से कौन-सा सही नहीं है?
- दाब = बल/क्षेत्रफल
- किसी तरल में दाब गहराई के साथ बढ़ता है
- किसी तरल में दाब पात्र की आकृति पर निर्भर करता है
- किसी तरल में दाब सभी दिशाओं में कार्य करता है
Explanation:
- द्रव (तरल) में दाब गहराई (depth) पर निर्भर करता है (P = ρgh), न कि पात्र की आकृति (shape) पर (पास्कल का नियम कहता है कि द्रव में दाब सभी दिशाओं में समान रूप से संचरित होता है, पर आकृति पर निर्भर नहीं करता)।
- अतः “तरल में दाब पात्र की आकृति पर निर्भर करता है” गलत है।
Quick Facts:
- द्रव का दाब: P = P₀ + ρgh (P₀ = वायुमंडलीय दाब)
- द्रव में दाब सभी दिशाओं में समान होता है (पास्कल का नियम) – बशर्ते द्रव स्थिर हो।
बॉयल का नियम (Boyle’s law) ______ के बीच संबंध का वर्णन करता है। (RPF SI 2018 : 12 Jan 2019 Shift 2)
- ऊर्जा और आयतन
- आयतन और तापमान
- दाब और तापमान
- आयतन और दाब (PV = constant, at constant T and n)
Explanation:
- बॉयल का नियम: स्थिर तापमान (constant temperature) पर, किसी गैस का दाब (P) उसके आयतन (V) के व्युत्क्रमानुपाती होता है: PV = स्थिरांक
- यह आदर्श गैस समीकरण (PV = nRT) का एक भाग है।
Quick Facts:
- चार्ल्स का नियम: V ∝ T (स्थिर P पर)
- गे-लुसाक का नियम: P ∝ T (स्थिर V पर)
निम्न में से कौन सा कथन गलत है?
- यदि उत्प्लावक बल वस्तु के भार से कम हो, तो वस्तु डूब जाती है।
- यदि उत्प्लावक बल वस्तु के भार से अधिक हो, तो वस्तु तैरती है।
- यदि उत्प्लावक बल वस्तु के भार से कम हो, तो वस्तु तैरती है।
- यदि उत्प्लावक बल वस्तु के भार के बराबर हो, तो वस्तु तरल के अंदर तैरती है।
Explanation:
- यदि उत्प्लावन बल (upthrust) < भार (weight), तो वस्तु डूबती है (sinks), तैरती नहीं।
- अतः “यदि उत्प्लावक बल वस्तु के भार से कम हो, तो वस्तु तैरती है” गलत है।
- तैरने के लिए उत्प्लावन बल ≥ भार होना चाहिए (बराबर होने पर तैरती है, अधिक होने पर ऊपर उठती है)।
Quick Facts:
- डूबना: ρ_वस्तु > ρ_द्रव (उत्प्लावन बल < भार)
- तैरना: ρ_वस्तु < ρ_द्रव (उत्प्लावन बल > भार)
- लटकना (suspended): ρ_वस्तु = ρ_द्रव (उत्प्लावन बल = भार)
किसी पृष्ठ पर प्रणोद का प्रभाव उस क्षेत्रफल पर निर्भर करता है जिस पर वह कार्य करता है। बड़े क्षेत्रफल पर लगने वाले बल की तुलना में छोटे क्षेत्रफल पर लगने वाला बल ______ डालता है।
- शून्य दाब
- कम दाब
- कम प्रणोद
- अधिक दाब
Explanation:
- दाब (P) = बल (F) / क्षेत्रफल (A)
- यदि F स्थिर है, तो छोटे A पर P अधिक होता है, बड़े A पर P कम होता है।
- अतः छोटे क्षेत्रफल पर अधिक दाब (more pressure) डालता है।
Quick Facts:
- प्रणोद (thrust) = लंबवत बल, जो स्थिर रहता है (यदि बल नहीं बदलता)।
- यही कारण है कि सुई (needle) नुकीली होती है (छोटा क्षेत्र → अधिक दाब)।
समुद्र तल की तुलना में उच्च ऊँचाई पर साँस लेना अधिक कठिन होता है क्योंकि ______.
- उच्च ऊँचाई पर ऑक्सीजन की सांद्रता बहुत अधिक होती है
- ठंडा तापमान वायुमंडल को सिकोड़ता है
- उच्च ऊंचाई पर वायुमंडल कम घना होता है
- उच्च ऊंचाई पर गैसों के विसरण की दर कम हो जाती है
Explanation:
- उच्च ऊँचाई (high altitude) पर वायुमंडल का घनत्व (density) कम होता है, जिससे हवा में O₂ की मात्रा प्रति इकाई आयतन कम होती है, जिससे साँस लेना कठिन हो जाता है।
- यही कारण है कि पर्वतारोही ऑक्सीजन सिलिंडर का उपयोग करते हैं।
Quick Facts:
- ऊँचाई बढ़ने पर वायुमंडलीय दाब घटता है (P = P₀ e^{-Mgh/RT})
- O₂ का आंशिक दाब (partial pressure) कम हो जाता है, जिससे गैस विनिमय (gas exchange) प्रभावित होता है।
जब एक पिंड को किसी तरल में पूर्णतः या आंशिक रूप से डुबोया जाता है, तब उस पर ऊर्ध्व दिशा में एक बल प्रयुक्त होता है, जो उस पिंड द्वारा विस्थापित किए गए तरल के भार के बराबर होता है। इसकी पुष्टि किस नियम द्वारा होती है?
- आर्किमिडीज का सिद्धांत
- लेंज़ का नियम
- पाउली का अपवर्जन नियम
- फैराडे का नियम
Explanation:
- यह आर्किमिडीज के सिद्धांत (Archimedes’ principle) का सटीक कथन है।
- लेंज़ का नियम (Lenz’s law) विद्युत चुंबकत्व में, पाउली (Pauli) का अपवर्जन नियम क्वांटम यांत्रिकी में, फैराडे (Faraday) का नियम विद्युत चुंबकीय प्रेरण में लागू होते हैं।
Quick Facts:
- आर्किमिडीज सिद्धांत: विस्थापित द्रव का भार = उत्प्लावन बल
- इसका उपयोग: पनडुब्बी, जहाज, हाइड्रोमीटर, घनत्व मापन में होता है।
दाब = ______।
- बल × क्षेत्र
- क्षेत्र/बल
- बल/क्षेत्र
- क्षेत्र + बल
Explanation:
- दाब (Pressure) = बल (Force) / क्षेत्रफल (Area) = F/A
- यह दाब की मौलिक परिभाषा है।
Quick Facts:
- SI इकाई: N/m² = पास्कल (Pa)
- दाब अदिश (scalar) है, जबकि बल सदिश (vector) है।
एक वस्तु पानी में तैरती है जिसमें इसके आयतन का एक तिहाई हिस्सा पानी के नीचे होता है। वस्तु का घनत्व पानी के घनत्व का n गुना है जहां n ______ है।
- 1/6
- 1/3
- 1/4
- 2
Explanation:
- तैरने के लिए, वस्तु का भार = विस्थापित द्रव का भार
- m_object × g = ρ_water × V_submerged × g
- ρ_object × V_object = ρ_water × (V_object / 3)
- ρ_object / ρ_water = 1/3 ⇒ n = 1/3
Quick Facts:
- यदि वस्तु का आयतन का 1/3 भाग डूबा है, तो वस्तु का घनत्व = (1/3) × जल का घनत्व
- इसका अर्थ है कि वस्तु जल से हल्की है (घनत्व कम)।
ट्रक और मोटरबस के टायर, कार के टायरों की तुलना में ज्यादा चौड़े डिजाइन किए जाते हैं, जबकि कतरन औज़ारों (cutting tools) और कीलों के सिरे नुकीले और छोटे होते हैं। डिजाइन में यह अंतर इस सिद्धांत को दर्शाता है कि ______ ।
- समान प्रणोद छोटे क्षेत्रफल पर कार्य करते हुए अधिक दाब डालता है
- प्रणोद, संपर्क क्षेत्रफल के अनुक्रमानुपाती होता है
- दाब वस्तु के द्रव्यमान के व्युत्क्रमानुपाती होता है
- अधिक प्रणोद की परिणति सदैव कम दाब में होती है
Explanation:
- दाब (Pressure) = बल (Force) / क्षेत्रफल (Area) (P = F/A)
- चौड़े टायर क्षेत्रफल बढ़ाते हैं, जिससे दाब कम होता है (रेत/सड़क पर फंसने से बचने के लिए)।
- नुकीले औज़ार (चाकू, सुई) क्षेत्रफल कम करके दाब बढ़ाते हैं, जिससे काटना/छेदना आसान होता है।
Quick Facts:
- दाब का SI मात्रक: पास्कल (Pa) = N/m²
- एक ही बल के लिए, क्षेत्रफल कम → दाब अधिक, क्षेत्रफल अधिक → दाब कम
आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, ऊर्ध्वगामी बल (उत्प्लावन बल) का परिमाण क्या होता है?
- यह तरल द्वारा लगाए गए दाब के बराबर होता है।
- यह तरल के आयतन के बराबर होता है।
- यह निमज्जित पिंड के भार के बराबर होता है।
- यह पिंड द्वारा विस्थापित तरल के भार के बराबर होता है।
Explanation:
- आर्किमिडीज का सिद्धांत: जब कोई पिंड किसी तरल में पूर्णतः या आंशिक रूप से डूबता है, तो उस पर एक ऊर्ध्वगामी उत्प्लावन बल (buoyant force) लगता है, जो पिंड द्वारा विस्थापित तरल के भार (weight of displaced liquid) के बराबर होता है।
Quick Facts:
- उत्प्लावन बल = विस्थापित तरल का भार = V × ρ_liquid × g (V = विस्थापित आयतन)
- तैरने की शर्त: वस्तु का भार ≤ उत्प्लावन बल
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प उच्च दाब के अधीन गैसों के द्रवण का सर्वोत्तम रूप से वर्णन करता है?
- गैसें अनिश्चित रूप से प्रसार करती हैं, इसलिए दाब का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है
- उच्च दाब से कणों के बीच का अवकाश कम हो जाता है, जिससे द्रवण होता है
- बड़े हुए आणविक आकार से संघनन होता है
- उच्च दाब से तापमान बढ़ता है, जिससे प्रावस्था परिवर्तन होता है।
Explanation:
- गैसों में अणुओं के बीच बहुत अधिक खाली स्थान होता है। उच्च दाब लगाने पर यह अंतर-आणविक दूरी कम हो जाती है, और निम्न तापमान पर गतिज ऊर्जा कम होने से अणु निकट आ जाते हैं, जिससे गैस द्रव (liquid) में संघनित (condense) हो जाती है।
Quick Facts:
- गैसों का द्रवण (liquefaction) उच्च दाब + निम्न ताप पर होता है (क्रांतिक ताप से नीचे)।
- कार्बन डाइऑक्साइड, अमोनिया, ऑक्सीजन आदि को इसी विधि से द्रवित किया जाता है।
एक सीलबंद पैकेट का द्रव्यमान 500 g और आयतन 350 cm³ है। जल का घनत्व 1 g cm⁻³ दिया गया है। क्या पैकेट जल में प्लवन करेगा या डूबेगा, और क्यों?
- प्लवन करेगा, क्योंकि इसका द्रव्यमान निम्न है।
- प्लवन करेगा, क्योंकि इसका घनत्व जल से कम है।
- डूबेगा, क्योंकि इसका घनत्व जल के घनत्व से अधिक है।
- डूबेगा, क्योंकि इसका कुल आयतन उच्च है।
Explanation:
- घनत्व (Density) = द्रव्यमान/आयतन = 500/350 = 1.428 g/cm³
- जल का घनत्व = 1 g/cm³
- चूंकि पैकेट का घनत्व > जल का घनत्व, इसलिए यह डूबेगा (डूबने की शर्त: ρ_object > ρ_liquid)
Quick Facts:
- तैरने के लिए: ρ_object < ρ_liquid
- समान घनत्व होने पर वस्तु बिना डूबे/तैरे निलंबित (suspended) रहेगी।
जब वायुरोधी डाट वाली एक खाली प्लास्टिक की बोतल को जल से भरी बाल्टी में गहराई तक धकेला जाता है, तो अधोमुखी धक्के (downward push) का प्रतिरोध करने वाला वर्धमान ऊर्ध्वगामी बल, ______ कहलाता है।
- गुरुत्वाकर्षण बल
- पृष्ठ तनाव
- वायुमंडलीय दाब
- उत्प्लावन बल (या उत्प्लावक बल)
Explanation:
- जब बोतल को पानी में धकेला जाता है, तो पानी बोतल पर ऊपर की ओर एक बल लगाता है, जो उत्प्लावन बल (buoyant force) कहलाता है। यह बल बोतल द्वारा विस्थापित पानी के भार के बराबर होता है और गहराई बढ़ने पर (अधिक विस्थापन) बढ़ता है, जिससे अधोमुखी धक्के का प्रतिरोध होता है।
Quick Facts:
- उत्प्लावन बल की दिशा हमेशा ऊपर की ओर (गुरुत्व के विपरीत) होती है।
- यही कारण है कि जहाज और पनडुब्बियाँ तैरती/डूबती हैं।
एक लकड़ी के गुटके का द्रव्यमान 6 kg है और इसका आकार 40 cm × 30 cm × 20 cm है। इसे 30 cm × 20 cm भुजा पर रखी एक मेज पर रखा गया है। यदि g = 10 m/s² है, तो यह मेज पर कितना दाब डालता है?
- 100 Pa
- 300 Pa
- 1000 Pa
- 200 Pa
Explanation:
- भार (बल) = mg = 6 × 10 = 60 N
- संपर्क क्षेत्रफल = 30 cm × 20 cm = 600 cm² = 600 × 10⁻⁴ m² = 0.06 m²
- दाब P = F/A = 60 / 0.06 = 1000 Pa
Quick Facts:
- 1 cm² = 10⁻⁴ m²
- दाब का SI मात्रक पास्कल (Pa) = N/m²
निम्नलिखित में से किस घटना का उपयोग गैस को द्रवीभूत करने के लिए किया जाता है?
- दाब कम करना और तापमान कम करना
- दाब बढ़ाना और तापमान कम करना
- तापमान बढ़ाना और दाब कम करना
- दाब और तापमान दोनों बढ़ाना
Explanation:
- गैसों को द्रवीभूत (liquefy) करने के लिए उच्च दाब (अणुओं को निकट लाने) और निम्न ताप (गतिज ऊर्जा कम करने) की आवश्यकता होती है।
- यह संयोजन अंतर-आणविक बलों को प्रबल करता है, जिससे गैस द्रव में बदल जाती है।
Quick Facts:
- प्रत्येक गैस का एक क्रांतिक ताप (critical temperature) होता है, जिससे ऊपर द्रवित नहीं की जा सकती, चाहे कितना भी दाब लगाया जाए।
- उदाहरण: CO₂ को 1 atm पर सीधे ठोस बनाया जाता है (शुष्क बर्फ)।
कोई वस्तु कब द्रव में तैरती है?
- जब द्रव और वस्तु दोनों का घनत्व समान होता है।
- जब वस्तु का घनत्व अत्यधिक होता है।
- जब वस्तु का घनत्व द्रव से कम होता है।
- जब वस्तु का घनत्व, द्रव से अधिक होता है।
Explanation:
- तैरने की शर्त: वस्तु का घनत्व (ρ_object) < द्रव का घनत्व (ρ_liquid)।
- यदि ρ_object = ρ_liquid, तो वस्तु निलंबित (suspended) रहेगी।
- यदि ρ_object > ρ_liquid, तो वस्तु डूबेगी।
Quick Facts:
- लकड़ी (घनत्व < 1 g/cm³) पानी में तैरती है, जबकि लोहा (7.8 g/cm³) डूबता है।
- पनडुब्बी बैलस्ट टैंक में पानी भरकर/खाली करके घनत्व बदलती है।
गैसों को द्रवीभूत करने की स्थितियाँ ……………….. होंगी।
- बढ़ता दाब और बढ़ता तापमान
- घटता दाब और घटता तापमान
- बढ़ता दाब और घटता तापमान
- घटता दाब और बढ़ता तापमान
Explanation:
- गैसों के द्रवण (liquefaction) के लिए उच्च दाब (कणों को संपीड़ित करने) और निम्न ताप (गतिज ऊर्जा कम करने) की आवश्यकता होती है।
- यह स्थिति गैस के कणों को निकट लाकर आकर्षण बलों को प्रबल बनाती है।
Quick Facts:
- क्रांतिक ताप (Tc) से नीचे के ताप पर ही गैसें द्रवित हो सकती हैं।
- जूल-थॉमसन प्रभाव (आइसोएन्थैल्पिक प्रसार) का भी उपयोग गैसों के द्रवण में होता है।
अवोगाद्रो के नियम को निम्नलिखित में से किस कथन द्वारा सही ढंग से दर्शाया गया है?
- नियत दाब पर किसी गैस का आयतन उसके तापमान के समानुपाती होता है।
- नियत आयतन पर किसी गैस का दाब उसके परम तापमान के समानुपाती होता है।
- समान ताप और दाब पर गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है।
- गैसों के मिश्रण का कुल दाब, अलग-अलग गैसों के आंशिक दबावों के योग के बराबर होता है।
Explanation:
- अवोगाद्रो का नियम (Avogadro’s law): S.T.P. पर, किसी भी गैस के 1 मोल का आयतन 22.4 L होता है, और इसमें 6.022 × 10²³ अणु होते हैं।
- अर्थात समान ताप (T) और दाब (P) पर, V ∝ n (मोलों की संख्या), या V₁/n₁ = V₂/n₂
- अन्य विकल्प: बॉयल का नियम (P ∝ 1/V), चार्ल्स का नियम (V ∝ T), गे-लुसाक (P ∝ T), डाल्टन का नियम (आंशिक दाब) हैं।
Quick Facts:
- 1 मोल = 6.022 × 10²³ कण (अवोगाद्रो संख्या)
- STP (Standard Temperature and Pressure): 0°C (273.15 K) और 1 atm
2 मीटर भुजा वाले एक घनीय लकड़ी के ब्लॉक को एक मेज पर रखा गया है। यदि लकड़ी के ब्लॉक का द्रव्यमान 10 किग्रा है, तो मेज पर लकड़ी के ब्लॉक द्वारा लगाया गया दाब है:
- 25 N m⁻²
- 30 N m⁻²
- 20 N m⁻²
- 15 N m⁻²
Explanation:
- भार (बल) = mg = 10 × 10 (मान लें g = 10) = 100 N (यदि g = 10, पर विकल्प 25 Pa के लिए g = 10 है)
- क्षेत्रफल = भुजा² = 2 × 2 = 4 m²
- दाब P = F/A = 100/4 = 25 Pa (N/m²)
Quick Facts:
- यदि g = 9.8 लें, तो F = 98 N, P = 24.5 Pa ≈ 25 Pa
- घन का आधार वर्गाकार होता है, क्षेत्रफल = L²
ध्वनि की चाल प्राथमिक रूप से माध्यम की प्रकृति और ______ पर निर्भर करती है।
- आयतन
- दाब
- तापमान
- आयाम
Explanation:
- ध्वनि की चाल (v) = √(E/ρ) (E = प्रत्यास्थता गुणांक, ρ = घनत्व)
- माध्यम के अलावा, तापमान (T) का प्रभाव होता है: गैसों में v ∝ √T (परम ताप के वर्गमूल के समानुपाती)
- दाब (P) नियत ताप पर गैसों में चाल को प्रभावित नहीं करता (क्योंकि P और ρ का अनुपात स्थिर रहता है)।
Quick Facts:
- वायु में ध्वनि की चाल 0°C पर ≈ 331 m/s, 25°C पर ≈ 346 m/s
- ठोस > द्रव > गैस (चाल का क्रम)
निम्नलिखित में से किसके कारण मृदा से जल मूल रोम में प्रवेश करता है?
- मूल दाब
- केशिकत्व
- वायुमंडलीय दाब
- परासरण
Explanation:
- मूल रोम (root hair) कोशिकाओं में परासरण (osmosis) द्वारा जल अवशोषित होता है, क्योंकि मूल रोम कोशिका द्रव का सांद्रण मृदा के जल की तुलना में अधिक होता है, जिससे जल कोशिका के अंदर प्रवेश करता है।
- मूल दाब (root pressure) जल को ऊपर धकेलने में सहायता करता है, पर प्रवेश परासरण द्वारा होता है।
Quick Facts:
- परासरण: अर्धपारगम्य झिल्ली (semipermeable membrane) के माध्यम से विलायक (जल) का उच्च सांद्रण से निम्न सांद्रण की ओर प्रवाह।
- मूल रोम कोशिकाएँ बाह्य त्वचा (epidermis) की बहिर्वर्धी (extension) होती हैं।
जब एक कॉर्क और एक कील को जल से भरे बीकर में रखा जाता है, तो कॉर्क तैरता है जबकि कील डूब जाती है। इसके पीछे का कारण क्या है?
- कॉर्क का द्रव्यमान, लोहे की कील के द्रव्यमान से अधिक होता है।
- लोहे की कील का घनत्व, जल के घनत्व से अधिक होता है।
- लोहे की कील का द्रव्यमान, कॉर्क के द्रव्यमान से अधिक है।
- कॉर्क का घनत्व, जल के घनत्व से अधिक है।
Explanation:
- कॉर्क (cork) का घनत्व < जल का घनत्व (≈ 0.2-0.3 g/cm³), इसलिए तैरता है।
- लोहा (iron) का घनत्व ≈ 7.8 g/cm³ > जल का घनत्व (1 g/cm³), इसलिए डूबता है।
- तैरना/डूबना घनत्व (density) पर निर्भर करता है, न कि केवल द्रव्यमान पर (द्रव्यमान अधिक होने पर भी आयतन अधिक हो तो घनत्व कम हो सकता है)।
Quick Facts:
- कॉर्क का घनत्व जल से कम होता है (प्लवनशील पदार्थ)।
- लोहा सघन (dense) धातु है, इसलिए डूबता है।
यदि किसी पृष्ठ पर लगने वाला प्रणोद नियत रहता है, तो संपर्क क्षेत्रफल के साथ दाब किस प्रकार परिवर्तित होता है?
- क्षेत्रफल घटने पर दाब घटता है।
- दाब, क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करता है।
- क्षेत्रफल बढ़ने पर दाब बढ़ता है।
- क्षेत्रफल घटने पर दाब बढ़ता है।
Explanation:
- P = F/A (F = नियत)
- यदि A घटता है, तो P बढ़ता है (व्युत्क्रमानुपाती संबंध)।
- यही कारण है कि नुकीली वस्तुएँ (कम क्षेत्रफल) अधिक दाब डालती हैं।
Quick Facts:
- क्षेत्रफल दोगुना → दाब आधा (स्थिर बल के लिए)
- यह सिद्धांत सुई, चाकू, टायर आदि के डिजाइन में उपयोग होता है।
पादपों में प्रतान गति (tendril movement) अन्य अनुवर्तनी गतियों (tropic movements) से किस प्रकार समान है?
- यह सदैव रात के समय होती है।
- इसमें उद्दीपन की प्रतिक्रिया में दिशात्मक वृद्धि शामिल होती है।
- यह आंतरिक जल पर आधारित है।
- यह केवल यादृच्छिक और आकस्मात दाब होता है।
Explanation:
- प्रतान गति (tendril movement) एक अनुवर्तनी गति (tropic movement) है, जिसमें पौधे का अंग (प्रतान) किसी उद्दीपन (स्पर्श/प्रकाश) की दिशा में वृद्धि करता है।
- यह दिशात्मक (directional) होती है, अन्य अनुवर्तनी गतियों (जैसे प्रकाशानुवर्तन, भू-अनुवर्तन) की तरह।
Quick Facts:
- प्रतान गति एक स्पर्शानुवर्तन (thigmotropism) है (स्पर्श के प्रति अनुक्रिया)।
- अन्य अनुवर्तनी गतियाँ: प्रकाशानुवर्तन (phototropism), भू-अनुवर्तन (geotropism), जलानुवर्तन (hydrotropism) आदि।
एक लकड़ी के गुटके का भार 49 N (बल) है। यदि इस गुटके को 0.02 m² संपर्क क्षेत्रफल वाली मेज पर रखा जाए, तो मेज पर परिणामी दाब कितना होगा?
- 49 Pa
- 980 Nm⁻²
- 2450 Nm⁻²
- 612.5 Nm⁻²
Explanation:
- बल F = 49 N (भार)
- क्षेत्रफल A = 0.02 m²
- दाब P = F/A = 49 / 0.02 = 2450 N/m² = 2450 Pa
Quick Facts:
- 1 N/m² = 1 पास्कल (Pa)
- दाब का SI मात्रक Pa है, पर N/m² भी सही है।
0.1 m² क्षेत्रफल वाले एक पृष्ठ पर लंबवत 50 N का बल कार्य करता है। पृष्ठ पर लगने वाले प्रणोद और दाब के मान क्या हैं?
- प्रणोद = 25.0 N ; दाब = 100.0 Pa
- प्रणोद = 50.0 N ; दाब = 25.0 Pa
- प्रणोद = 50.0 N ; दाब = 500.0 Pa
- प्रणोद = 100.0 N ; दाब = 50.0 Pa
Explanation:
- प्रणोद (Thrust) = लंबवत बल (normal force) = 50 N
- दाब (Pressure) = प्रणोद/क्षेत्रफल = 50/0.1 = 500 Pa
Quick Facts:
- प्रणोद एक बल है, इसका SI मात्रक न्यूटन (N) है।
- दाब अदिश (scalar) है, प्रणोद सदिश (vector) है (दिशा लंबवत)।
किसी वस्तु का द्रव पर तैरना कब संभव है?
- यदि वस्तु का घनत्व द्रव के घनत्व से अधिक है।
- यदि वस्तु का घनत्व द्रव के घनत्व के बराबर है।
- यदि वस्तु का घनत्व द्रव के घनत्व का ठीक दोगुना है।
- यदि वस्तु का घनत्व द्रव के घनत्व से कम है।
Explanation:
- तैरने के लिए: वस्तु का घनत्व (ρ_object) < द्रव का घनत्व (ρ_liquid)
- यदि ρ_object = ρ_liquid, तो वस्तु पूरी तरह डूबी (पर निलंबित) रहेगी, न तैरेगी न डूबेगी।
- यह आर्किमिडीज के सिद्धांत का प्रत्यक्ष अनुप्रयोग है।
Quick Facts:
- तैरने की दूसरी शर्त: विस्थापित द्रव का भार = वस्तु का भार
- जहाज निर्माण में यही सिद्धांत प्रयुक्त होता है (खोखली संरचना से औसत घनत्व कम)।
कौन-सी राशि घन सेंटीमीटर (cm³) में मापी जाती है?
- तापमान
- द्रव्यमान
- आयतन
- दाब
Explanation:
- घन सेंटीमीटर (cm³) आयतन (volume) की एक इकाई है (1 cm³ = 1 mL)।
- तापमान: °C, K, °F; द्रव्यमान: g, kg; दाब: Pa, atm, bar
Quick Facts:
- 1 L = 1000 cm³ = 1000 mL
- आयतन की SI इकाई m³ है, पर cm³ प्रयोगशाला में प्रचलित है।
20 मीटर ऊंची झील के तल पर जल दाब कितना होगा? (g = 9.8 m/s² और जल का घनत्व = 1 kg/litre)
- 19,600 Pa
- 196 Pa
- 1,96,000 Pa
- 1960 Pa
Explanation:
- जल का घनत्व ρ = 1 kg/L = 1000 kg/m³ (क्योंकि 1 L = 10⁻³ m³)
- गहराई h = 20 m
- दाब P = ρgh = 1000 × 9.8 × 20 = 196,000 Pa
Quick Facts:
- 1 atm ≈ 101,325 Pa ≈ 10.3 m जल स्तंभ के बराबर
- 20 m जल स्तंभ का दाब ≈ 2 atm (वायुमंडलीय दाब को छोड़कर)
दाब की गणना के लिए सही सूत्र क्या है, जहां प्रणोद लगाया गया बल है और क्षेत्रफल वह सतह है जिस पर यह कार्य करता है?
- दाब = प्रणोद ÷ क्षेत्रफल
- दाब = क्षेत्रफल ÷ प्रणोद
- दाब = प्रणोद ÷ क्षेत्रफल
- दाब = प्रणोद × क्षेत्रफल
Explanation:
- दाब (Pressure) का सूत्र: P = बल (Thrust) / क्षेत्रफल (Area)
- P = F/A (F = प्रणोद, A = क्षेत्रफल)
Quick Facts:
- प्रणोद = पृष्ठ पर लंबवत बल (normal force)
- दाब अदिश राशि है (केवल परिमाण), जबकि बल सदिश है।
वास्तविक गैसें अपने अणुओं के बीच अंतर-आणविक क्रियाओं के कारण आदर्श गैस नियम से विचलित होती हैं। आदर्श गैस दाब की तुलना में वास्तविक गैस के दाब के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- वास्तविक गैस का दाब एक सुधार पद से बढ़ता है जो आयतन के वर्ग के सीधे आनुपातिक है।
- वास्तविक गैस का दाब एक सुधार पद से घटता है जो आयतन के वर्ग के सीधे आनुपातिक है।
- वास्तविक गैस का दाब एक सुधार पद से घटता है जो आयतन के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती है।
- वास्तविक गैस का दाब एक सुधार पद से बढ़ता है जो आयतन के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती है।
Explanation:
- वास्तविक गैसों के लिए वैन डेर वाल्स समीकरण: (P + a/V²) (V – b) = RT
- a/V² दाब सुधार पद है (अंतर-आणविक आकर्षण के कारण), जो आयतन के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है (1/V²)।
- इस सुधार पद से वास्तविक गैस का दाब (P) आदर्श गैस दाब से कम होता है (क्योंकि आकर्षण बल दाब कम करते हैं)।
Quick Facts:
- आदर्श गैस: कोई अंतर-आणविक बल नहीं, अणुओं का आयतन नगण्य (PV = nRT)
- वास्तविक गैस: निम्न दाब, उच्च ताप पर आदर्श व्यवहार के निकट
समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब ______ atm है।
- 0.1
- 0.001
- 1
- 0
Explanation:
- समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब 1 वायुमंडल (atm) होता है।
- 1 atm = 1.01325 × 10⁵ Pa = 760 mm Hg (Torr)
Quick Facts:
- बैरोमीटर से मापा गया मानक वायुमंडलीय दाब = 1 atm
- ऊँचाई बढ़ने पर वायुमंडलीय दाब घटता है।
एक बर्तन में भरा तरल पदार्थ समान गहराई पर ______ दाब डालता है।
- केवल किनारों पर
- केवल ऊपर की ओर
- केवल नीचे की ओर
- पात्र की सभी दिशाओं में समान रूप से (Pascal’s law)
Explanation:
- पास्कल का नियम (Pascal’s law): एक बंद पात्र में स्थिर द्रव (तरल) द्वारा लगाया गया दाब सभी दिशाओं में समान रूप से संचारित होता है।
- एक बिंदु पर, द्रव दाब सभी दिशाओं में समान होता है (हाइड्रोस्टैटिक दाब का गुण)।
Quick Facts:
- हाइड्रोलिक लिफ्ट, ब्रेक, प्रेस पास्कल के नियम पर कार्य करते हैं।
- द्रव दाब गहराई पर निर्भर करता है (P = ρgh), दिशा पर नहीं।
यदि आप एक गिलास को पानी और बर्फ से पूरी तरह भरते हैं और बर्फ पूरी तरह पिघल जाती है, तो क्या होगा?
- जलस्तर पूर्ववत रहेगा (∵ Ice displaces water equal to its own mass; when melts, volume decreases to same as displaced)
- सारी बर्फ तली में बैठ जायगी
- बर्फ गलने के साथ साथ जलस्तर कम होता जाएगा
- जल बाहर बहने लगेगा
Explanation:
- बर्फ (ice) पानी पर तैरती है। आर्किमिडीज के अनुसार, बर्फ अपने भार के बराबर पानी विस्थापित करती है।
- जब बर्फ पिघलती है, तो वह पानी में बदल जाती है, जिसका आयतन उसी विस्थापित पानी के आयतन के बराबर होता है (क्योंकि बर्फ का घनत्व पानी से कम होता है, पर द्रव्यमान समान रहता है)।
- अतः जल स्तर में कोई परिवर्तन नहीं होता।
Quick Facts:
- बर्फ का घनत्व ≈ 0.92 g/cm³, जल का घनत्व ≈ 1 g/cm³
- यही कारण है कि आर्कटिक में बर्फ पिघलने से समुद्र का स्तर सीधे नहीं बढ़ता (अंटार्कटिका पर बर्फ जमीन पर है, वहाँ पिघलने से स्तर बढ़ता है)।
0.02 m² क्षेत्रफल वाले जूते पहने एक व्यक्ति जमीन पर खड़ा है। यदि व्यक्ति का वजन 600 N है, तो जमीन पर दाब ______ है।
- 1200 N/m²
- 12,000 N/m²
- 30,000 N/m²
- 600 N/m²
Explanation:
- बल (F) = भार = 600 N
- क्षेत्रफल (A) = 0.02 m²
- दाब P = F/A = 600 / 0.02 = 30,000 Pa
Quick Facts:
- यदि दोनों पैरों का क्षेत्रफल लिया जाता, तो A = 2 × 0.02 = 0.04 m², P = 15,000 Pa
- पर प्रश्न में कुल क्षेत्रफल 0.02 m² दिया है (शायद एक जूता) या दोनों का योग।
समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब ______ एटीएम है।
- 0.1
- 0.001
- 1
- 0
Explanation:
- यह प्रश्न पहले की तरह ही है। समुद्र तल पर 1 atm दाब होता है।
Quick Facts:
- 1 atm = 1.013 × 10⁵ Pa = 760 Torr (mm Hg)
निम्नलिखित में से कौन-सा प्रतिरोधकता ‘ρ’, लम्बाई ‘L’, और अनुप्रस्थ काट ‘A’ के धातु के तार के पार विभवांतर ‘V’ के बीच सही संबंध क्या है जिसमें से आवेश ‘Q’, ‘t’ सेकंड में बहता है?
- VρQ = AtL
- VLt = AQρ
- VAt = QρL
- VQt = AρL
Explanation:
- प्रतिरोध R = ρL/A (ρ = प्रतिरोधकता, L = लंबाई, A = अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल)
- धारा I = Q/t
- ओम का नियम: V = IR = (Q/t) × (ρL/A) ⇒ VAt = QρL
Quick Facts:
- प्रतिरोधकता (resistivity) का SI मात्रक Ω·m है
- धारा (I) = आवेश प्रवाह दर (Q/t)
एक पत्थर एक कमानी संतुलन से बंधा है। निम्न में से किस परिस्थिति में कमानी संतुलन पर रीडिंग कम से कम वजन दिखाएगा?
- जब पत्थर एक बीकर के पानी में पूरी तरह से डूब जाता है। (∵ Buoyant force maximum ⇒ apparent weight minimum)
- जब पत्थर एक बीकर में लिए गए पानी की सतह पर होता है।
- जब पत्थर हवा में लटका हुआ होता है।
- जब पत्थर एक बीकर के पानी में आंशिक रूप से डूब जाता है।
Explanation:
- पानी में डूबने पर, पत्थर पर उत्प्लावन बल (buoyant force) लगता है, जो उसके आभासी वजन (apparent weight) को कम कर देता है (कमानी तुला में भार कम दिखता है)।
- पूर्णतः डूबने पर विस्थापित पानी का आयतन अधिकतम होता है, इसलिए उत्प्लावन बल अधिकतम होता है, और रीडिंग न्यूनतम होती है।
Quick Facts:
- आभासी वजन = वास्तविक वजन – उत्प्लावन बल
- यही कारण है कि पानी में वस्तुएँ हल्की लगती हैं।
किसी गैस को ______ द्वारा द्रवित किया जा सकता है।
- निम्न दाब और उच्च तापमान
- निम्न दाब और निम्न तापमान
- उच्च दाब और निम्न तापमान
- उच्च दाब और उच्च तापमान
Explanation:
- गैसों को द्रवित करने के लिए उच्च दाब (संपीड़न) और निम्न ताप (अणुओं की गतिज ऊर्जा कम) आवश्यक है।
- यह स्थिति अंतर-आणविक आकर्षण को बढ़ाकर गैस को द्रव में संघनित करती है।
Quick Facts:
- क्रांतिक ताप (Tc) से ऊपर, कोई भी दाब गैस को द्रवित नहीं कर सकता।
- उदाहरण: अमोनिया (NH₃) को 10 atm और 25°C पर द्रवित किया जा सकता है, CO₂ को 5.2 atm और 31°C (Tc) से नीचे।
मानव रक्त का सामान्य सिस्टोलिक दाब क्या होता है?
- 110 mmHg
- 120 mmHg
- 80 mmHg
- 130 mmHg
Explanation:
- मानव रक्तदाब (blood pressure) सिस्टोलिक/डायस्टोलिक mmHg में मापा जाता है।
- सामान्य सिस्टोलिक दाब ≈ 120 mmHg (हृदय के संकुचन पर)
- डायस्टोलिक दाब ≈ 80 mmHg (हृदय के शिथिलन पर)
Quick Facts:
- रक्तदाब = 120/80 mmHg (सामान्य)
- उच्च रक्तदाब (hypertension) ≥ 140/90 mmHg
लीशमैनिया किस प्रकार प्रजनन करता है?
- किसी भी तल में द्वि-खंडन
- केवल ऊर्ध्वाधर तलों में द्वि-खंडन
- दो समान भागों में द्वि-खंडन
- एक निश्चित तल में द्वि-खंडन
Explanation:
- लीशमैनिया (Leishmania) एक एककोशिकीय प्रोटोजोआ (protozoan) है, जो विषम द्विखंडन (binary fission) द्वारा प्रजनन करता है।
- यह एक निश्चित तल (definite plane) में विभाजित होता है (अमीबा के विपरीत, जो किसी भी तल में विभाजित होता है)।
Quick Facts:
- अमीबा: किसी भी तल में द्विखंडन
- लीशमैनिया: एक निश्चित तल (अनुदैर्ध्य) में द्विखंडन
- लीशमैनिया काला-अज़ार (Kala-azar) रोग का कारक है।
एयर ब्लास्ट सर्किट ब्रेकर ______ दबाव में संचालित होता है।
- 30 – 50 kg/cm²
- 20 – 30 kg/cm²
- 1 – 5 kg/cm²
- 10 – 20 kg/cm²
Explanation:
- एयर ब्लास्ट सर्किट ब्रेकर (Air Blast Circuit Breaker) उच्च दाब वाली संपीड़ित वायु (compressed air) का उपयोग करता है, जो 20-30 kg/cm² (≈ 2-3 MPa) पर संचालित होती है।
- इसका उपयोग उच्च वोल्टेज परिपथों में आर्क (arc) को बुझाने के लिए किया जाता है।
Quick Facts:
- विद्युत परिपथों में सर्किट ब्रेकर सुरक्षा उपकरण हैं।
- एयर ब्लास्ट, SF₆, वैक्यूम, ऑयल सर्किट ब्रेकर विभिन्न प्रकार हैं।
किसी विशेष विलायक में घुले हुए विलेय की मात्रा को ______ के रूप में परिभाषित किया जाता है।
- श्यानता (viscosity)
- पृष्ठीय तनाव (surface tension)
- सांद्रता (concentration)
- तरलता (fluidity)
Explanation:
- सांद्रता (Concentration) = किसी विलयन में विलेय (solute) की मात्रा (विलयन की एक निश्चित मात्रा में)।
- इसे द्रव्यमान %, मोलरता (M), मोललता (m), ppm आदि में व्यक्त किया जाता है।
Quick Facts:
- श्यानता: तरल का प्रवाह प्रतिरोध, पृष्ठीय तनाव: तरल सतह का संकुचन गुण, तरलता: प्रवाहित होने की क्षमता।
एक आदर्श गैस का घनत्व, ______ को आधा करके दोगुना किया जा सकता है।
- दाब
- द्रव्यमान
- परम ताप
- वेग
Explanation:
- आदर्श गैस समीकरण: PV = nRT ⇒ P = (m/M)RT/V ⇒ ρ = m/V = PM/RT
- अतः ρ ∝ 1/T (नियत P के लिए)
- यदि T आधा (T/2) करें, तो ρ दोगुना हो जाता है (ρ’ = PM/R(T/2) = 2PM/RT = 2ρ)
Quick Facts:
- आदर्श गैस का घनत्व: ρ = PM/RT
- यदि दाब (P) दोगुना करें, तो घनत्व भी दोगुना होगा (T स्थिर रहने पर)।
द्रव प्रवाहित क्यों हो सकते हैं, इसका सही स्पष्टीकरण कौन सा कथन देता है?
- द्रवों में कोई अंतराअणुक बल नहीं होता है
- द्रवों में शिथिल पैक किए गए अणु होते हैं जो एक-दूसरे के ऊपर से सरक जाते हैं
- द्रवों में गतिज ऊर्जा नहीं होती है
- द्रव अणु बिना किसी प्रतिबंध के यादृच्छिक रूप से गति करते हैं
Explanation:
- द्रव (liquid) में अणु ठोस की तुलना में शिथिल (loose) पैक होते हैं, जिससे वे एक-दूसरे के ऊपर से सरक (slide) सकते हैं, इसलिए द्रव प्रवाहित (flow) हो सकता है।
- द्रवों में अंतर-आणविक बल होते हैं (पर्याप्त मजबूत, पर ठोस से कम), और अणुओं में गतिज ऊर्जा होती है (कंपन/घूर्णन/स्थानांतरण)।
Quick Facts:
- द्रवों में आयतन निश्चित होता है, पर आकार अनिश्चित (बर्तन का आकार ले लेते हैं)।
- द्रवों की श्यानता (viscosity) उनके प्रवाह को सीमित करती है।
क्या किसी वस्तु का द्रव्यमान अलग-अलग स्थानों पर भिन्न होता है?
- यह अत्यधिक ऊँचाई पर भिन्न होता है।
- नहीं, यह हर जगह स्थिर रहता है।
- यह चंद्रमा पर भिन्न होता है।
- यह गहराई के साथ भिन्न होता है।
Explanation:
- द्रव्यमान (mass) पदार्थ की मात्रा है, जो स्थान (स्थान, पृथ्वी, चंद्रमा, अंतरिक्ष) के साथ नहीं बदलता।
- भार (weight) गुरुत्वीय त्वरण (g) पर निर्भर करता है, इसलिए स्थान बदलने पर बदलता है (जैसे चंद्रमा पर भार कम होता है)।
Quick Facts:
- द्रव्यमान अदिश (scalar), स्थानांतरित मात्रा (always constant)
- भार सदिश (vector), W = mg (g स्थान के साथ बदलता है)
दाब = ?
- बल/क्षेत्रफल
- बल × क्षेत्रफल
- कार्य/क्षेत्रफल
- कार्य × क्षेत्रफल
Explanation:
- दाब (Pressure) = बल (Force) / क्षेत्रफल (Area) (P = F/A)
- कार्य (Work) = बल × विस्थापन, इसलिए कार्य/क्षेत्रफल का मात्रक J/m² = N/m² (दाब के समान नहीं, क्योंकि J = N·m, J/m² = N/m = Pa·m, जो दाब नहीं है)।
Quick Facts:
- दाब का SI मात्रक: पास्कल (Pa) = N/m²
- दाब अदिश राशि है (केवल परिमाण)।
परिनालिका के अंदर चुंबकीय क्षेत्र:
- सभी बिंदुओं पर समान होता है।
- केंद्र पर अधिकतम और किनारे पर न्यूनतम होता है।
- केंद्र पर शून्य होता है।
- किनारे से दूरी के साथ बदलता रहता है।
Explanation:
- एक लंबी परिनालिका (solenoid) के अंदर चुंबकीय क्षेत्र (B) एकसमान (uniform) होता है, अर्थात सभी बिंदुओं पर परिमाण और दिशा समान होती है (अक्ष के समानांतर)।
- B = μ₀ n I (n = फेरों की संख्या/मीटर, I = धारा)
Quick Facts:
- परिनालिका के बाहर चुंबकीय क्षेत्र लगभग शून्य होता है (आदर्श स्थिति में)।
- परिनालिका का उपयोग विद्युत चुंबक बनाने में होता है।
किस दाब पर ठोस CO₂ सीधे गैसीय अवस्था में परिवर्तित हो जाता है?
- 10 वायुमंडल
- 5 वायुमंडल
- 1 वायुमंडल
- 0.5 वायुमंडल
Explanation:
- ठोस CO₂ (शुष्क बर्फ, dry ice) सामान्य वायुमंडलीय दाब (1 atm) पर ऊर्ध्वपातन (sublimation) करता है, अर्थात सीधे ठोस से गैस में बदल जाता है (बिना द्रव बने)।
- यही कारण है कि इसे ‘शुष्क बर्फ’ कहते हैं – यह पिघलता नहीं, बल्कि वाष्प बनता है।
Quick Facts:
- ठोस CO₂ का ऊर्ध्वपातन ताप = -78.5°C (1 atm पर)
- क्रांतिक दाब (73 atm) से ऊपर और क्रांतिक ताप (31°C) से ऊपर CO₂ द्रव अवस्था में हो सकती है।
निम्नलिखित में से कौन आर्किमिडीज के सिद्धांत पर आधारित नहीं है?
- लैक्टोमीटर
- हाइड्रोमीटर
- ओडोमीटर
- पनडुब्बी
Explanation:
- लैक्टोमीटर (दूध के घनत्व के लिए), हाइड्रोमीटर (द्रव घनत्व), पनडुब्बी (तैरना/डूबना) सभी आर्किमिडीज के सिद्धांत (उत्प्लावन) पर आधारित हैं।
- ओडोमीटर (Odometer) वाहन द्वारा तय की गई दूरी (distance) मापता है, यह उत्प्लावन पर आधारित नहीं है।
Quick Facts:
- ओडोमीटर एक यांत्रिक/इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जो पहिये के घूमने पर दूरी गणना करता है।
- हाइड्रोमीटर तरल के घनत्व (density) के लिए, लैक्टोमीटर दूध की शुद्धता के लिए।
निम्नलिखित में से कौन आर्किमिडीज के सिद्धांत पर आधारित नहीं है?
- लैक्टोमीटर
- हाइड्रोमीटर
- ओडोमीटर
- जहाज
Explanation:
- यह प्रश्न पिछले जैसा है। ओडोमीटर (दूरी माप) आर्किमिडीज पर आधारित नहीं है, जबकि जहाज, लैक्टोमीटर, हाइड्रोमीटर उत्प्लावन (buoyancy) पर आधारित हैं।
Quick Facts:
- जहाज खोखले होते हैं, औसत घनत्व जल से कम होता है, इसलिए तैरते हैं।
- आर्किमिडीज का सिद्धांत: विस्थापित द्रव का भार = उत्प्लावन बल
एक सीलबंद सिरिंज जिसमें वायु भरी हुई है, के एक सिरे पर दाब आरोपित किया जाता है जबकि दूसरे सिरे को बंद रखा जाता है। सिरिंज के अंदर वायु की स्थिति के संदर्भ में इस क्रिया का सबसे संभावित परिणाम क्या होगा?
- वायु का आयतन बढ़ जाता है और दाब कम हो जाता है।
- सिरिंज से वायु पूरी तरह से निकल जाती है।
- वायु का आयतन कम हो जाता है और उसका दाब बढ़ जाता है।
- उल्लेखनीय रूप से अंदर की वायु के तापमान का पतन हो जाता है।
Explanation:
- बॉयल के नियम (Boyle’s law) के अनुसार, नियत ताप (T) पर, गैस का दाब (P) आयतन (V) के व्युत्क्रमानुपाती होता है (P ∝ 1/V)।
- सिरिंज में दाब बढ़ाने पर (प्लंजर दबाने पर), आयतन घटता है और दाब बढ़ता है।
Quick Facts:
- बॉयल का नियम: P₁V₁ = P₂V₂ (T = नियत)
- यह गैसों का एक मूल नियम है (समतापी प्रक्रिया, isothermal process)
जब किसी वस्तु को किसी तरल में रखा जाता है, तो उस पर ऊपर की दिशा में एक बल लगता है जिसे उत्प्लावकता कहते हैं। इस उत्प्लावन बल का परिमाण किस कारक पर निर्भर करता है?
- वस्तु की आकृति पर
- केवल वस्तु के वजन पर
- तरल के घनत्व पर
- वस्तु के रंग पर
Explanation:
- उत्प्लावन बल (Buoyant force) = विस्थापित तरल का भार = V × ρ_liquid × g
- यह विस्थापित आयतन (V) और तरल के घनत्व (ρ_liquid) पर निर्भर करता है, वस्तु के आकार, रंग, या केवल वजन पर नहीं (हालाँकि वजन तैरने/डूबने का निर्णय करता है)।
Quick Facts:
- उत्प्लावन बल का सूत्र: F_b = ρ_liquid × V_displaced × g
- तरल का घनत्व जितना अधिक, उत्प्लावन बल उतना अधिक (जैसे समुद्री जल में तैरना आसान)।
एक ठोस लोहे की छड़ को पानी की सतह पर रखा गया है। क्या होगा यदि लोहे की छड़ पर पानी का ऊपर की ओर लगने वाला बल उस पर लगने वाले नीचे की ओर के बल से अधिक हो?
- लोहे की छड़ तेजी से डूबेगी।
- लोहे की छड़ धीरे-धीरे डूबेगी।
- लोहे की छड़ नीचे की ओर जाएगी।
- लोहे की छड़ पानी की सतह पर तैरेगी।
Explanation:
- यदि ऊपर की ओर उत्प्लावन बल (upward buoyant force) > नीचे की ओर गुरुत्वाकर्षण बल (downward weight) है, तो वस्तु पर परिणामी बल ऊपर की ओर होगा, और वस्तु तैरती रहेगी।
- सामान्यतः लोहे का घनत्व पानी से अधिक होता है, इसलिए यह डूबता है, परंतु यदि छड़ को इस प्रकार रखा जाए कि विस्थापित पानी का भार > लोहे का भार (जैसे खोखली नाव), तो यह तैर सकता है।
Quick Facts:
- तैरने की शर्त: F_buoyant > W (भार)
- यदि F_buoyant = W, तो वस्तु निलंबित (suspended) रहेगी।
यदि एक सामान्य मानव आँख की समंजन शक्ति अधिकतम है, तो सिलिअरी मांसपेशियों (ciliary muscles) के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- पूरी तरह से शिथिल
- पूरी तरह से संकुचित
- आंशिक रूप से संकुचित
- आंशिक रूप से शिथिल
Explanation:
- समंजन (accommodation) की अधिकतम शक्ति तब होती है जब आँख निकट की वस्तु (near point, ≈ 25 cm) पर फोकस करती है।
- इसके लिए सिलिअरी मांसपेशियाँ पूरी तरह संकुचित (contracted) होती हैं, जिससे लेंस अधिक उत्तल (convex) हो जाता है (फोकस दूरी कम होती है, क्षमता अधिक)।
- दूर की वस्तु के लिए (far point = ∞), सिलिअरी मांसपेशियाँ शिथिल (relaxed) होती हैं, लेंस पतला होता है।
Quick Facts:
- समंजन क्षमता = 1/D (D = निकट बिंदु दूरी, सामान्य = 25 cm)
- उम्र बढ़ने पर समंजन क्षमता घटती है (प्रेसबायोपिया)
आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- जब कोई पिंड किसी तरल में पूर्णतः या आंशिक रूप से डुबोया जाता है, तो उस पर ऊपर की ओर एक बल लगता है जो उसके द्वारा विस्थापित तरल के भार से बहुत कम होता है।
- जब कोई पिंड किसी तरल में पूर्णतः या आंशिक रूप से डुबोया जाता है, तो उस पर नीचे की ओर एक बल लगता है जो उसके द्वारा विस्थापित तरल के भार से बहुत कम होता है।
- जब कोई पिंड किसी तरल में पूर्णतः या आंशिक रूप से डुबोया जाता है, तो उस पर ऊपर की ओर एक बल लगता है जो उसके द्वारा विस्थापित तरल के भार के बराबर होता है।
- जब कोई पिंड किसी तरल में पूर्णतः या आंशिक रूप से डुबोया जाता है, तो उस पर नीचे की ओर एक बल लगता है जो उसके द्वारा विस्थापित तरल के भार के बराबर होता है।
Explanation:
- आर्किमिडीज सिद्धांत का सटीक कथन: ऊर्ध्वगामी उत्प्लावन बल (buoyant force) = विस्थापित तरल का भार।
- यह बल ऊपर की ओर (upward) होता है, नीचे की ओर नहीं।
Quick Facts:
- आर्किमिडीज (287–212 ईसा पूर्व) – यह सिद्धांत प्राचीन ग्रीक वैज्ञानिक द्वारा दिया गया था।
- इसका उपयोग जहाजों, पनडुब्बियों, हाइड्रोमीटर आदि में होता है।
शुद्ध कार्बन ______ के अंतर्गत हीरे के रूप में संश्लेषित हो सकता है।
- बहुत कम दाब और उच्च ताप
- बहुत उच्च दाब और कम ताप
- बहुत उच्च दाब और उच्च ताप
- बहुत कम दाब और कम ताप
Explanation:
- हीरा (diamond) कार्बन का सबसे कठोर अपरूप है। इसे प्रयोगशाला में अत्यंत उच्च दाब (HPHT, High Pressure High Temperature) पर ग्रेफाइट से संश्लेषित किया जाता है (≈ 50,000 atm और 1500°C)।
- प्राकृतिक हीरा भी पृथ्वी की गहराई में उच्च दाब-ताप पर बनता है।
Quick Facts:
- हीरा: sp³ संकरण, चतुष्फलकीय, सबसे कठोर
- ग्रेफाइट: sp² संकरण, षट्कोणीय स्तरित, विद्युत चालक
यदि 1000 cm² क्षेत्रफल वाली किसी वस्तु पर 50 N का बल लगता है, तो वस्तु पर लगाया गया दाब है:
- 500 Pa
- 500 Pa
- 30 Pa
- 5 Pa
Explanation:
- A = 1000 cm² = 1000 × 10⁻⁴ m² = 0.1 m²
- F = 50 N
- P = F/A = 50 / 0.1 = 500 Pa
Quick Facts:
- 1 cm² = 10⁻⁴ m² (रूपांतरण सही होना चाहिए)
- दाब = 500 Pa
एक कोशिका से दूसरी कोशिका में जल के अणुओं की गति किस पर निर्भर करती है?
- चित्त दाब
- स्फीति दाब
- प्लाज्मा दाब
- परासरणी सांद्रण
Explanation:
- कोशिकाओं के बीच जल के अणुओं की गति (परासरण) उनके परासरणी सांद्रण (osmotic concentration) पर निर्भर करती है – जल उच्च जल विभव (निम्न विलेय सांद्रण) से निम्न जल विभव (उच्च विलेय सांद्रण) की ओर बहता है।
- चित्त दाब (turgor pressure), स्फीति दाब (wall pressure) कोशिका दाब के घटक हैं, पर जल गति का कारण परासरणी सांद्रण अंतर है।
Quick Facts:
- परासरण: अर्धपारगम्य झिल्ली के आर-पार जल का प्रवाह
- परासरणी दाब (osmotic pressure) = विलेय सांद्रण के कारण उत्पन्न दाब
एक वायुमंडल किसके बराबर होता है?
- 1.01 × 10⁻⁵ Pa
- 1.01 × 10⁶ Pa
- 1.01 × 10⁵ Pa
- 1.01 × 10⁻⁶ Pa
Explanation:
- 1 मानक वायुमंडल (atm) = 1.01325 × 10⁵ Pa ≈ 1.01 × 10⁵ Pa
- यह समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब है।
Quick Facts:
- 1 atm = 760 Torr = 101.325 kPa
- अन्य इकाइयाँ: bar (1 bar ≈ 0.987 atm), psi (14.7 psi = 1 atm)
प्रणोद का प्रभाव निम्नलिखित में से किस पर निर्भर करता है?
- क्षेत्रफल
- द्रव्यमान
- आयतन
- वजन
Explanation:
- प्रणोद (thrust) का प्रभाव (pressure) = बल/क्षेत्रफल, इसलिए यह क्षेत्रफल (area) पर निर्भर करता है।
- एक ही बल के लिए, क्षेत्रफल बढ़ने पर दाब कम होता है, क्षेत्रफल घटने पर दाब बढ़ता है।
- द्रव्यमान, आयतन, वजन बल से संबंधित हो सकते हैं, पर दाब प्रत्यक्ष रूप से क्षेत्रफल पर निर्भर करता है।
Quick Facts:
- प्रणोद = पृष्ठ पर लंबवत बल
- दाब = प्रणोद/क्षेत्रफल
गे-लुसाक के नियम के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- गैसों के मिश्रण का कुल दबाव व्यक्तिगत गैसों के आंशिक दबावों के योग के बराबर होता है।
- गैस के दिए गए द्रव्यमान का दबाव स्थिर आयतन पर उसके निरपेक्ष तापमान के सीधे आनुपातिक होता है।
- गैस के दिए गए द्रव्यमान का आयतन स्थिर दबाव पर उसके तापमान के सीधे आनुपातिक होता है।
- गैस के दिए गए द्रव्यमान का दबाव स्थिर तापमान पर उसके आयतन के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
Explanation:
- गे-लुसाक का नियम (Gay-Lussac’s law): नियत आयतन (V) पर, किसी गैस के दिए गए द्रव्यमान का दाब (P) उसके परम ताप (T) के समानुपाती होता है: P ∝ T ⇒ P₁/T₁ = P₂/T₂
- अन्य विकल्प: डाल्टन (Dalton) का आंशिक दाब, चार्ल्स (Charles) का नियम (V ∝ T), बॉयल (Boyle) का नियम (P ∝ 1/V) हैं।
Quick Facts:
- गे-लुसाक का नियम ‘आइसोकोरिक’ (isochoric) प्रक्रम है (V = स्थिर)
- इस नियम के अनुसार, यदि T दोगुना हो जाता है, तो P भी दोगुना हो जाता है (यदि V स्थिर है)।
सतह के एक इकाई क्षेत्रफल पर लगाए गए बल को _____ कहा जाता है।
- दबाव
- दौड़ना
- टॉर्क
- घनत्व
Explanation:
- प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाले बल को दाब (pressure) कहते हैं।
- P = F/A
- टॉर्क (Torque) = बल × दूरी (घूर्णन बल), घनत्व (density) = द्रव्यमान/आयतन
Quick Facts:
- दाब की SI इकाई: पास्कल (Pa) = N/m²
- दाब अदिश राशि है (जबकि बल सदिश)।
