SCIENCE
बार-बार परावर्तन के कारण ध्वनि की तीव्रता को ______ कहा जाता है।
- सरूप
- गूंज
- अनुनाद
- लचीलापन
Explanation:
- बार-बार परावर्तन के कारण ध्वनि की तीव्रता में वृद्धि को ‘अनुनाद’ (Resonance) कहते हैं, जब किसी वस्तु की प्राकृतिक आवृत्ति से मेल खाने वाली ध्वनि तीव्र हो जाती है।
- गूंज (Reverberation) = ध्वनि के कई परावर्तनों के कारण मूल ध्वनि के बाद भी ध्वनि का बने रहना (तीव्रता नहीं, बल्कि कालावधि)।
Quick Facts:
- अनुनाद: जब बल की आवृत्ति प्राकृतिक आवृत्ति से मेल खाती है, तो आयाम अधिकतम हो जाता है (जैसे झूला, ट्यूनिंग फोर्क)।
- गूंज (Reverberation) = ध्वनि का बहु-परावर्तन के कारण कुछ समय तक बने रहना।
यदि पत्तियों की सरसराहट की तीव्रता 10⁻¹¹ Wm⁻² है, तो उक्त सरसराहट के कारण तीव्रता का स्तर क्या होगा?
- 8 dB
- 10 dB
- 5 dB
- 12 dB
Equation: L = 10 log₁₀(I/I₀) = 10 log₁₀(10⁻¹¹/10⁻¹²) = 10 log₁₀(10) = 10 dB
Explanation:
- ध्वनि तीव्रता स्तर (Sound Intensity Level) = 10 log₁₀(I/I₀) dB, जहाँ I₀ = 10⁻¹² W/m² (श्रव्यता सीमा, threshold of hearing)
- I = 10⁻¹¹ W/m² ⇒ L = 10 log₁₀(10⁻¹¹/10⁻¹²) = 10 log₁₀(10) = 10 dB
Quick Facts:
- श्रव्यता सीमा (0 dB) = 10⁻¹² W/m²
- प्रत्येक 10 dB की वृद्धि का अर्थ है तीव्रता में 10 गुना वृद्धि।
मनुष्यों के लिए ध्वनि की श्रव्य सीमा लगभग ______ तक होती है।
- 20 Hz से 2000 Hz
- 20 Hz से 200 Hz
- 20 Hz से 20000 Hz
- 2 Hz से 2000 Hz
Explanation:
- मानव कान 20 Hz से 20,000 Hz (20 kHz) तक की आवृत्ति सुन सकता है।
- 20 Hz से कम = अवश्रव्य (Infrasound), 20 kHz से अधिक = पराश्रव्य (Ultrasound)।
Quick Facts:
- विभिन्न जीवों की श्रव्य सीमा भिन्न होती है (जैसे कुत्ते 40 kHz तक, चमगादड़ 100 kHz तक)।
- उम्र बढ़ने के साथ उच्च आवृत्तियों की श्रव्यता कम हो जाती है।
एक पराश्रव्य ध्वनि तरंग की आवृत्ति ______ से अधिक होती है।
- 20 Hz
- 200 Hz
- 20000 Hz
- 2000 Hz
Explanation:
- पराश्रव्य (Ultrasound) तरंगों की आवृत्ति 20,000 Hz (20 kHz) से अधिक होती है।
- ये मानव कान को सुनाई नहीं देतीं।
Quick Facts:
- पराश्रव्य का उपयोग चिकित्सा (अल्ट्रासाउंड), सोनार, औद्योगिक परीक्षण में होता है।
- अवश्रव्य (Infrasound) = 20 Hz से कम आवृत्ति।
प्रति सेकेंड इकाई क्षेत्र से गुजरने वाली ध्वनि ऊर्जा की मात्रा को क्या कहा जाता है?
- पिच
- संगीत
- तीव्रता
- नोट
Explanation:
- ध्वनि की तीव्रता (Intensity) = प्रति सेकंड प्रति इकाई क्षेत्र से गुजरने वाली ध्वनि ऊर्जा (W/m²)
- पिच (Pitch) = आवृत्ति पर निर्भर, संगीत = सुखद ध्वनि, नोट = संगीत का स्वर।
Quick Facts:
- तीव्रता (I) = P/A (शक्ति/क्षेत्रफल), I ∝ A² (आयाम का वर्ग)
- प्रबलता (Loudness) = तीव्रता का श्रवणीय संवेदन, dB में मापी जाती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन 25°C पर अलग-अलग माध्यम में ध्वनि की गति के बारे में सत्य है/हैं?
- A. ऑक्सीजन गैस में ध्वनि की गति 316 km/s है।
- B. पानी (आसुत) में ध्वनि की गति 1498 km/s है।
- केवल A सत्य है
- A और B दोनों सत्य हैं
- ना तो A और ना ही B सत्य है
- केवल B सत्य है
Explanation:
- 25°C पर ऑक्सीजन में ध्वनि की चाल ≈ 316 m/s (km/s नहीं, m/s है), इसलिए A गलत है (316 km/s बहुत अधिक है)।
- 25°C पर जल में ध्वनि की चाल ≈ 1498 m/s (km/s नहीं, m/s है), इसलिए B भी गलत है (1498 km/s ≈ 1500 km/s, जो बहुत अधिक है, वास्तविक 1498 m/s है)।
Quick Facts:
- ध्वनि की चाल: ठोस > द्रव > गैस
- वायु में 25°C पर ≈ 346 m/s, जल में ≈ 1498 m/s, इस्पात में ≈ 5960 m/s
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- ध्वनि तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं और उन्हें एक माध्यम की आवश्यकता होती है।
- ध्वनि को गमन करने के लिए एक माध्यम की आवश्यकता होती है, और यह अनुदैर्ध्य होती है।
- ध्वनि निर्वात में गमन कर सकती है, क्योंकि यह अनुदैर्ध्य होती हैं।
- ध्वनि वायु की अपेक्षा निर्वात में अधिक तेजी से गमन करती है।
Explanation:
- ध्वनि एक यांत्रिक तरंग (Mechanical wave) है, जिसे संचरण के लिए माध्यम (ठोस, द्रव, गैस) की आवश्यकता होती है।
- ध्वनि अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंग है (कणों का विस्थापन तरंग संचरण की दिशा में होता है)।
- निर्वात में ध्वनि संचरित नहीं होती (क्योंकि वहाँ कण नहीं हैं)।
Quick Facts:
- अनुप्रस्थ तरंग (Transverse): कणों का विस्थापन संचरण दिशा के लंबवत (जैसे प्रकाश, तरंग)।
- ध्वनि तरंगों में संपीडन (Compression) और विरलन (Rarefaction) होते हैं।
एक व्यक्ति ने चट्टान के पास ताली बजाई और उसे 4 सेकेण्ड बाद गूंज सुनाई दी। तो व्यक्ति से चट्टान की दूरी क्या है? (ध्वनि की गति = 346m/s)
- 1384 m
- 173 m
- 692 m
- 346 m
Equation: d = v × t/2 = 346 × 4/2 = 692 m
Explanation:
- प्रतिध्वनि (Echo) में ध्वनि स्रोत से परावर्तक तक और वापस आती है, इसलिए कुल दूरी = 2 × (स्रोत से परावर्तक तक की दूरी)
- d = v × t / 2 = 346 × 4 / 2 = 692 m
Quick Facts:
- प्रतिध्वनि सुनने के लिए न्यूनतम दूरी = v × 0.1 / 2 ≈ 17 m (344 m/s पर)
- यहाँ d = 692 m, जो 17 m से बहुत अधिक है, इसलिए प्रतिध्वनि स्पष्ट सुनी जाएगी।
निम्नलिखित में से कौन-सा, बड़े हॉल की छत को वक्राकार (curved shape) बनाने का सही कारण है?
- छत के ऊपर अधिक भंडारण स्थान प्रदान करने के लिए
- निर्माण लागत को कम करने के लिए
- हॉल की समग्र ऊंचाई कम करने के लिए
- हॉल में ध्वनि को समान रूप से वितरित करने के लिए
Explanation:
- बड़े हॉल (जैसे सभागार, सिनेमा हॉल) की छतें वक्राकार (गुम्बदनुमा) बनाई जाती हैं ताकि ध्वनि का बहु-परावर्तन (multiple reflection) हो और ध्वनि हॉल के सभी कोनों में समान रूप से पहुँच सके।
- यह ध्वनि के बहु-परावर्तन (multiple reflection) का उपयोग है।
Quick Facts:
- वक्राकार छत ध्वनि को केंद्रित करने और फैलाने में सहायक होती है।
- इससे ‘गूंज’ (reverberation) भी कम होती है, जिससे भाषण स्पष्ट सुनाई देता है।
एकल आवृत्ति और कई आवृत्तियों के मिश्रण की ध्वनियों को क्रमशः ______ के रूप में जाना जाता है।
- स्वर और नोट
- स्वर और रव
- रव और स्वर
- नोट और स्वर
Explanation:
- एकल आवृत्ति (single frequency) की ध्वनि को ‘स्वर’ (Tone) कहते हैं।
- कई आवृत्तियों के मिश्रण को ‘नोट’ (Note) कहते हैं (संगीत में, एक नोट कई आवृत्तियों का मिश्रण होता है, पर संगीत के संदर्भ में ‘नोट’ एक विशिष्ट स्वर होता है, पर भौतिकी में: शुद्ध स्वर = एकल आवृत्ति, संगीतमय स्वर = मूल आवृत्ति + हार्मोनिक्स)।
Quick Facts:
- शुद्ध स्वर (Pure tone) = एकल आवृत्ति (जैसे ट्यूनिंग फोर्क)
- संगीतमय स्वर (Musical note) = मूल आवृत्ति + ओवरटोन (हार्मोनिक्स)
एक ध्वनि स्रोत जिसकी आवृत्ति 400 Hz और तरंग दैर्घ्य 2.5 m है, तरंगें भेजता है। ध्वनि तरंगों की चाल कितनी होगी?
- 1000 m/s
- 1000 m/s
- 100 m/s
- 10 m/s
Equation: v = f × λ = 400 × 2.5 = 1000 m/s
Explanation:
- तरंग चाल (v) = आवृत्ति (f) × तरंगदैर्घ्य (λ) = 400 × 2.5 = 1000 m/s
Quick Facts:
- ध्वनि की चाल माध्यम और तापमान पर निर्भर करती है, आवृत्ति/तरंगदैर्घ्य पर नहीं (एक माध्यम में)।
- यहाँ v = 1000 m/s, जो वायु में ध्वनि से अधिक है (संभवतः किसी अन्य माध्यम में)।
100 Hz वाली ध्वनि की तुलना 500 Hz वाली ध्वनि से की जाती है। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- पिच की तुलना नहीं की जा सकती।
- दोनों की पिच समान है।
- 100 Hz वाली ध्वनि की पिच उच्च है।
- 500 Hz वाली ध्वनि की पिच उच्च है।
Explanation:
- पिच (Pitch) आवृत्ति (Frequency) पर निर्भर करती है – आवृत्ति जितनी अधिक, पिच उतनी ही उच्च (तीखी) होती है।
- 500 Hz > 100 Hz, अतः 500 Hz वाली ध्वनि की पिच उच्च है।
Quick Facts:
- पिच → आवृत्ति (उच्च आवृत्ति = उच्च पिच, जैसे बच्चों की आवाज़)
- प्रबलता (Loudness) → आयाम (Amplitude) पर निर्भर।
निम्नलिखित में से कौन-सा, अनुरणन को कम करने का सही तरीका है?
- कठोर कंक्रीट फर्श का उपयोग करना
- संगमरमर की दीवारों का उपयोग
- ध्वनि-अवशोषक सामग्री का उपयोग
- फर्नीचर हटाना
Explanation:
- अनुरणन (Reverberation) = ध्वनि का बार-बार परावर्तन के कारण बने रहना।
- इसे कम करने के लिए ध्वनि-अवशोषक (sound-absorbing) सामग्री (जैसे फेल्ट, कार्पेट, कॉर्क, खिड़की के पर्दे) का उपयोग किया जाता है।
- कठोर/परावर्तक सतहें (संगमरमर, कंक्रीट) अनुरणन को बढ़ाती हैं।
Quick Facts:
- अच्छी ध्वनिकी (acoustics) के लिए अनुरणन काल (reverberation time) उचित (≈ 1-2 सेकंड) होना चाहिए।
- ऑडिटोरियम में ध्वनि-अवशोषक पैनल, पर्दे, फर्नीचर का उपयोग किया जाता है।
25°C पर विभिन्न माध्यमों में ध्वनि की गति के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही/गलत है/है?
- A. ऑक्सीजन गैस में ध्वनि की चाल 316 मीटर/मिनट होती है।
- B. जल (आसुत) में ध्वनि की चाल 1498 मीटर/मिनट है।
- केवल B सही है।
- केवल A सही है।
- न तो A और न ही B सही हैं।
- A और B दोनों सही हैं।
Explanation:
- 25°C पर ऑक्सीजन में ध्वनि की चाल ≈ 316 m/s (मीटर प्रति सेकंड), न कि 316 m/min (मीटर प्रति मिनट) – 316 m/min ≈ 5.27 m/s (अत्यंत कम)।
- जल में ध्वनि की चाल ≈ 1498 m/s (मीटर प्रति सेकंड), न कि 1498 m/min (≈ 25 m/s), अतः B भी गलत है।
Quick Facts:
- ध्वनि की चाल: m/s (SI) या km/h में मापी जाती है।
- m/min बहुत छोटी इकाई है (1 m/min = 1/60 m/s)।
वह पदार्थ या वस्तु जिसमें ध्वनि का संचार होता है, उसे ______ कहा जाता है।
- निर्वात
- माध्यम
- अदिश
- परिवहन
Explanation:
- ध्वनि के संचरण के लिए आवश्यक पदार्थ को ‘माध्यम’ (Medium) कहते हैं (ठोस, द्रव, गैस)।
- निर्वात (Vacuum) में ध्वनि का संचार नहीं होता क्योंकि वहाँ कण नहीं हैं।
Quick Facts:
- ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है, इसलिए इसे माध्यम की आवश्यकता होती है।
- प्रकाश को माध्यम की आवश्यकता नहीं होती (विद्युत-चुंबकीय तरंग)।
मानवों के लिए, श्रव्य तरंगें वे होती हैं जो:
- 20 Hz से कम आवृत्ति वाली होती हैं
- 20 Hz से 2000 Hz तक की आवृत्ति सीमा वाली होती हैं
- 2000 Hz से ऊपर की आवृत्ति वाली होती हैं
- 20 Hz से 20000 Hz तक की आवृत्ति सीमा वाली होती हैं
Explanation:
- मानव श्रव्य सीमा: 20 Hz से 20,000 Hz (20 kHz)।
- इस सीमा से कम = अवश्रव्य (infrasound), अधिक = पराश्रव्य (ultrasound)।
Quick Facts:
- श्रव्यता सीमा उम्र, स्वास्थ्य आदि पर निर्भर करती है।
- बच्चे 20 kHz तक सुन सकते हैं, वयस्कों में यह घट जाती है (≈ 15-17 kHz)।
कोई ध्वनि स्रोत 600 हर्ट्ज की तरंगें भेजता है। यह 3 मीटर की तरंग दैर्ध्य पैदा करता है। प्रश्न में ध्वनि तरंग का वेग कितना है?
- 1800 ms⁻¹
- 1800 ms⁻²
- 1800 ms⁻¹
- 1800 ms + 1
Equation: v = f × λ = 600 × 3 = 1800 m/s
Explanation:
- v = f × λ = 600 Hz × 3 m = 1800 m/s
Quick Facts:
- v = fλ (तरंग समीकरण)
- SI मात्रक: m/s (ms⁻¹)
______, इको लोकेशन का एक प्रकार है।
- कंपन
- आवृत्ति
- रडार
- सोनार
Explanation:
- सोनार (SONAR) = Sound Navigation And Ranging, जो इको लोकेशन (echo location) का एक प्रकार है।
- इसमें अल्ट्रासोनिक तरंगें भेजी जाती हैं और उनके परावर्तन (echo) से वस्तुओं की दूरी/स्थिति ज्ञात की जाती है।
Quick Facts:
- सोनार का उपयोग पनडुब्बियों, मछली पकड़ने, समुद्र की गहराई मापने में होता है।
- रडार (RADAR) = Radio Detection And Ranging, यह रेडियो तरंगों का उपयोग करता है।
ध्वनि निम्न में से किस माध्यम में सबसे तेज यात्रा करती है?
- ठोस पदार्थ
- वायु
- तरल पदार्थ
- निर्वात
Explanation:
- ध्वनि की चाल का क्रम: ठोस > द्रव > गैस
- ठोस में अणु निकट होते हैं और अंतराबल प्रबल होते हैं, जिससे ध्वनि तीव्र संचरित होती है।
- निर्वात में ध्वनि चलती ही नहीं (शून्य)।
Quick Facts:
- इस्पात में ध्वनि की चाल ≈ 5960 m/s, जल में ≈ 1498 m/s, वायु में ≈ 346 m/s (25°C पर)
- चाल ∝ माध्यम की प्रत्यास्थता (elasticity) और ∝ 1/√(घनत्व)
निम्नलिखित में से क्या ध्वनि तरंग की एक विशेषता नहीं है?
- आयाम
- आवर्तकाल और आवृत्ति
- घनत्व
- गति
Explanation:
- ध्वनि तरंग की विशेषताएँ: आयाम (Amplitude), आवृत्ति (Frequency), आवर्तकाल (Time Period), तरंगदैर्घ्य (Wavelength), चाल (Speed), पिच (Pitch), प्रबलता (Loudness), गुणवत्ता (Quality)।
- घनत्व (Density) माध्यम का गुण है, तरंग की विशेषता नहीं (हालाँकि तरंग संचरण घनत्व पर निर्भर करता है)।
Quick Facts:
- आयाम → प्रबलता (Loudness)
- आवृत्ति → पिच (Pitch)
SONAR का पूर्ण रूप क्या है?
- साउंड इन नैवी एंड इन रिसीवर
- साउंड नैविगेशन एंड रेंजिंग
- साउंड नॉट इन एयरक्राफ्ट रेंज
- साउंड नैविगेशन एंड रिसीविंग
Explanation:
- SONAR = Sound Navigation And Ranging
- यह ध्वनि तरंगों (अल्ट्रासाउंड) का उपयोग करके पानी के अंदर वस्तुओं का पता लगाने और दूरी मापने की तकनीक है।
Quick Facts:
- SONAR का उपयोग समुद्र विज्ञान, नौसेना, मछली पकड़ने में होता है।
- RADAR (Radio Detection And Ranging) – रेडियो तरंगों के लिए।
जब कोई कंपमान पिंड ध्वनि उत्पन्न करता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा घटनाओं की सही श्रृंखला को दर्शाता है?
- कंपन → विद्युत → ध्वनि
- कंपन → माध्यम के कणों में कंपन → ध्वनि तरंग का संचरण → ध्वनि सुनाई देना
- कंपन → प्रकाश → ऊष्मा → ध्वनि
- ध्वनि → कंपन → माध्यम में कंपन → कान द्वारा पता लगना
Explanation:
- ध्वनि उत्पादन: स्रोत (कंपन) → माध्यम के कणों में कंपन (संपीडन-विरलन) → तरंग का संचरण → कान द्वारा ग्रहण (ध्वनि की अनुभूति)।
- यह सही क्रम है: कंपन → माध्यम → संचरण → श्रवण।
Quick Facts:
- ध्वनि यांत्रिक तरंग है, जो माध्यम के कणों के कंपन से उत्पन्न होती है।
- प्रत्यास्थ माध्यम में संपीडन और विरलन बनते हैं।
पानी के अंदर मौजूद वस्तुओं की दूरी, दिशा और गति को मापने के लिए अल्ट्रासोनिक तरंगों का उपयोग करने वाले उपकरण को क्या कहा जाता है?
- RADAR
- SONAR
- MASER
- CRO
Explanation:
- SONAR (Sound Navigation And Ranging) जल के अंदर अल्ट्रासोनिक तरंगों का उपयोग करके वस्तुओं की दूरी, दिशा और गति का पता लगाता है।
- RADAR – रेडियो तरंगें (हवा में), MASER – माइक्रोवेव प्रवर्धन, CRO – कैथोड रे ऑसिलोस्कोप।
Quick Facts:
- SONAR सक्रिय (सिग्नल भेजता है) और निष्क्रिय (ध्वनि सुनता है) दोनों प्रकार का हो सकता है।
- समुद्र की गहराई मापने के लिए भी SONAR का उपयोग होता है।
विभिन्न माध्यमों में 25°C पर ध्वनि की चाल के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
- A. स्टील में, ध्वनि की चाल 5960 m/s है।
- B. निकिल में, ध्वनि की चाल 6040 m/s है।
- A और B दोनों सत्य है।
- केवल B ही सत्य है।
- न तो A, न ही B सत्य है।
- केवल A ही सत्य है।
Explanation:
- 25°C पर स्टील में ध्वनि की चाल ≈ 5960 m/s, निकिल में ≈ 6040 m/s (लगभग मान) – दोनों कथन सत्य हैं।
- धातुओं में ध्वनि की चाल अधिक होती है (उच्च प्रत्यास्थता/घनत्व अनुपात)।
Quick Facts:
- ध्वनि की चाल: स्टील (5960), निकिल (6040), एल्युमीनियम (6420) m/s (लगभग)
- तापमान बढ़ने पर ध्वनि की चाल बढ़ती है (v ∝ √T)।
ध्वनि हवा से होकर हमारे कानों तक पहुँचती है और हमें _______ प्रदान करती है।
- ध्वनि की जोर
- संगीत
- ध्वनि की आवृत्ति
- ध्वनि की अनुभूति
Explanation:
- ध्वनि तरंगें हवा में संचरित होकर हमारे कानों तक पहुँचती हैं, जहाँ मस्तिष्क उन्हें ‘ध्वनि की अनुभूति’ (sensation of sound) के रूप में व्याख्या करता है।
- जोर/प्रबलता (loudness), संगीत (music), आवृत्ति (frequency) ध्वनि के गुण हैं, पर मूल अनुभूति ‘ध्वनि’ है।
Quick Facts:
- ध्वनि → कान (कर्णपटह) → विद्युत संकेत → मस्तिष्क (अनुभूति)
- श्रवण प्रक्रिया में मस्तिष्क ध्वनि की व्याख्या करता है।
स्रोत का कंपन शीघ्रता से होने पर ध्वनि पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- ध्वनि, संपीडन और विरलन उत्पन्न करना बंद कर देती है।
- आवृत्ति और तारत्व अधिक हो जाते हैं।
- आवृत्ति और तारत्व कम हो जाते हैं।
- तारत्व वही रहता है, लेकिन आवृत्ति कम हो जाती है।
Explanation:
- तेज कंपन (higher frequency) का अर्थ है अधिक आवृत्ति, और आवृत्ति बढ़ने पर तारत्व (पिच) उच्च (higher pitch) हो जाती है।
- धीमा कंपन → कम आवृत्ति → निम्न पिच (गंभीर स्वर)।
Quick Facts:
- आवृत्ति = प्रति सेकंड कंपनों की संख्या (Hz)
- पिच (Pitch) आवृत्ति का श्रवणीय अनुभव है – जितनी अधिक आवृत्ति, उतनी उच्च पिच।
________ की घटना के कारण प्रतिध्वनि सुनाई देती है।
- ध्वनि तरंगों के परावर्तन
- अनुनाद
- ध्वनि तरंगों के व्यतिकरण
- ध्वनि तरंगों के अपवर्तन
Explanation:
- प्रतिध्वनि (Echo) ध्वनि तरंगों के परावर्तन (reflection) के कारण होती है, जब ध्वनि किसी बड़ी कठोर सतह (जैसे चट्टान, इमारत) से टकराकर वापस आती है।
- अनुरणन (reverberation) = कई परावर्तन, व्यतिकरण = दो तरंगों का अध्यारोपण, अपवर्तन = माध्यम बदलने पर दिशा बदलना।
Quick Facts:
- प्रतिध्वनि सुनने के लिए परावर्तक सतह से दूरी ≥ 17 m (344 m/s पर) होनी चाहिए।
- प्रतिध्वनि और मूल ध्वनि के बीच न्यूनतम समय अंतराल = 0.1 s
मेगाफोन, लाउडस्पीकर और कुछ संगीत वाद्ययंत्रों को एक ट्यूब के बाद एक शंक्वाकार छिद्र के साथ क्यों डिजाइन किया जाता है?
- ध्वनि को शांत करने के लिए
- ध्वनि तरंगों को अवशोषित करने के लिए
- ध्वनि तरंगों को बिना फैलाए अधिकांशतः श्रोताओं की ओर आगे की ओर निर्देशित करने के लिए
- ध्वनि को सभी दिशाओं में फैलाने के लिए
Explanation:
- मेगाफोन, लाउडस्पीकर, शहनाई आदि में शंक्वाकार (conical) आकार ध्वनि तरंगों को बहु-परावर्तन (multiple reflections) द्वारा एक विशेष दिशा (आगे) में केंद्रित (focus) करता है, जिससे ध्वनि दूर तक स्पष्ट जाती है।
- यह ध्वनि के बहु-परावर्तन का एक उपयोगी अनुप्रयोग है।
Quick Facts:
- मेगाफोन में ध्वनि का बहु-परावर्तन (multiple reflection) होता है।
- इसके विपरीत, स्टेथोस्कोप में भी बहु-परावर्तन से ध्वनि निर्देशित होती है।
ध्वनि की माप के लिए किस मात्रक का उपयोग किया जाता है?
- डेसिबेल
- हर्टज़
- ओम
- वोल्ट
Explanation:
- ध्वनि की प्रबलता (loudness) को डेसिबेल (dB) में मापा जाता है (यह तीव्रता स्तर है)।
- हर्टज़ (Hz) = आवृत्ति (frequency) का मात्रक, ओम = प्रतिरोध, वोल्ट = विभवांतर।
Quick Facts:
- dB एक लघुगणकीय (logarithmic) मात्रक है, जो ध्वनि दाब या तीव्रता के अनुपात को दर्शाता है।
- 0 dB = श्रव्यता सीमा (threshold of hearing), 120 dB = दर्द सीमा (threshold of pain) के निकट।
निम्नलिखित में से कौन-सी एक अनुप्रस्थ तरंग नहीं है?
- प्रकाश तरंग
- रेडियो तरंग
- विद्युत-चुंबकीय तरंग
- ध्वनि तरंग
Explanation:
- ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य (Longitudinal) होती हैं (कणों का विस्थापन तरंग संचरण की दिशा में)।
- प्रकाश, रेडियो, विद्युत-चुंबकीय तरंगें अनुप्रस्थ (Transverse) होती हैं (दोलन संचरण दिशा के लंबवत)।
Quick Facts:
- अनुप्रस्थ तरंगों को माध्यम की आवश्यकता नहीं होती (विद्युत-चुंबकीय तरंगें निर्वात में भी चलती हैं)।
- ध्वनि को माध्यम की आवश्यकता होती है और यह अनुदैर्ध्य है।
मेगाफोन, लाउडहेलर (भोंपू) और शहनाई को किस उद्देश्य हेतु डिजाइन किया गया है?
- ध्वनि तरंगों को सभी दिशाओं में समान रूप से फैलाना
- ध्वनि तरंगों की तीव्रता को कम करना
- ध्वनि तरंगों को एक विशेष दिशा में केंद्रित करना
- ध्वनि तरंगों को विद्युत संकेतों में परिवर्तित करना
Explanation:
- इन उपकरणों (मेगाफोन, लाउडहेलर, शहनाई) का आकार (शंक्वाकार/ट्यूब) ध्वनि तरंगों को बहु-परावर्तन द्वारा एक विशेष दिशा (आगे) में केंद्रित करता है, ताकि ध्वनि दूर तक स्पष्ट पहुँच सके।
Quick Facts:
- यह ध्वनि के बहु-परावर्तन (multiple reflection) का अनुप्रयोग है।
- यह प्राचीन काल से (शहनाई, तुरही) और आधुनिक (मेगाफोन) में प्रयोग होता है।
ध्वनि के बहु-परावर्तन का उपयोग किसके लिए किया जा सकता है?
- लंबी दूरी पर स्पष्ट रूप से ध्वनि सुनने के लिए
- प्रबलता कम करने के लिए
- ध्वनि की आवृत्ति बढ़ाने के लिए
- ध्वनि का तारत्व (pitch) बदलने के लिए
Explanation:
- ध्वनि के बहु-परावर्तन (multiple reflection) का उपयोग मेगाफोन, लाउडस्पीकर, स्टेथोस्कोप, बड़े हॉलों में ध्वनि को दूर तक और स्पष्ट रूप से पहुँचाने के लिए किया जाता है।
- यह ध्वनि को एक निश्चित दिशा में निर्देशित करता है, जिससे प्रबलता बढ़ती है (तीव्रता कम नहीं होती)।
Quick Facts:
- बहु-परावर्तन (multiple reflection) = ध्वनि का कई सतहों से परावर्तित होना, जैसे सभागार की छत, दीवारें।
- स्टेथोस्कोप में हृदय की ध्वनि बहु-परावर्तन द्वारा कानों तक पहुँचती है।
जब किसी वस्तु की चाल ध्वनि की चाल से अधिक हो जाती है तो उसकी चाल को क्या कहते हैं?
- अवध्वानिक
- अतिध्वानिक
- अतिपराध्वनिक
- अपश्रव्य
Explanation:
- जब किसी वस्तु की चाल ध्वनि की चाल (≈ 343 m/s) से अधिक हो जाती है, तो उसे ‘अतिध्वानिक’ (Supersonic) कहते हैं।
- ध्वनि की चाल से 5 गुना अधिक = ‘अतिपराध्वनिक’ (Hypersonic) (≈ Mach 5+)।
- अवध्वानिक (Subsonic) = ध्वनि की चाल से कम।
Quick Facts:
- Mach संख्या = वस्तु की चाल / ध्वनि की चाल
- Mach 1 = ध्वनि की चाल, Mach > 1 = अतिध्वानिक (Supersonic)।
कौन-सा यंत्र ध्वनि तरंगों को विद्युत संकेतों में परिवर्तित करता है?
- लाउड-स्पीकर
- हेड फोन
- माइक्रोफ़ोन
- एम्पलीफायर
Explanation:
- माइक्रोफोन (Microphone) ध्वनि तरंगों (यांत्रिक ऊर्जा) को विद्युत संकेतों (electrical signals) में परिवर्तित करता है।
- लाउडस्पीकर विद्युत संकेतों को ध्वनि में बदलता है (विपरीत क्रिया)।
- एम्पलीफायर विद्युत संकेतों की तीव्रता बढ़ाता है।
Quick Facts:
- माइक्रोफोन एक ट्रांसड्यूसर (transducer) है।
- इसका उपयोग रिकॉर्डिंग, संचार, PA सिस्टम में होता है।
_______ अपरिवर्तित रहता/रहती है जब एक ध्वनि तरंग एक माध्यम में यात्रा करती है।
- आयाम
- आवृत्ति
- गति
- तरंग दैर्ध्य
Explanation:
- जब ध्वनि तरंग एक माध्यम में यात्रा करती है, तो उसकी आवृत्ति (frequency) अपरिवर्तित रहती है (स्रोत द्वारा निर्धारित होती है)।
- आयाम (Amplitude) माध्यम के अवशोषण/प्रकीर्णन के कारण घट सकता है (प्रबलता कम हो जाती है)।
- चाल (speed) और तरंगदैर्घ्य (wavelength) माध्यम पर निर्भर करते हैं (v = fλ, यदि f स्थिर है और v बदलता है, तो λ भी बदलता है)।
Quick Facts:
- आवृत्ति स्रोत का गुण है, माध्यम बदलने पर नहीं बदलती (जब तक स्रोत न बदले)।
- चाल और तरंगदैर्घ्य माध्यम के गुणों (प्रत्यास्थता, घनत्व) पर निर्भर करते हैं।
अल्ट्रासाउंड तरंगों के संबंध में कौन सा कथन गलत है?
- अल्ट्रासाउंड को दोषपूर्ण स्थानों से वापस परावर्तित नहीं किया जा सकता
- वे उच्च आवृत्ति तरंगें हैं
- वे बाधाओं की उपस्थिति में भी सुपरिभाषित पथों पर यात्रा करते हैं
- इनका उपयोग उद्योगों और चिकित्सा प्रयोजनों के लिए किया जाता है
Explanation:
- अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) तरंगें दोषपूर्ण स्थानों (जैसे धातु में दरार) से परावर्तित (reflect) होती हैं, इसी सिद्धांत पर उनका उपयोग औद्योगिक परीक्षण (NDT) में होता है।
- इसलिए कथन “अल्ट्रासाउंड को दोषपूर्ण स्थानों से वापस परावर्तित नहीं किया जा सकता” गलत है।
- अन्य कथन: अल्ट्रासाउंड उच्च आवृत्ति (>20 kHz), सुपरिभाषित पथ, चिकित्सा (अल्ट्रासोनोग्राफी, पथरी तोड़ना) – सभी सत्य हैं।
Quick Facts:
- अल्ट्रासाउंड का उपयोग: चिकित्सा (अल्ट्रासाउंड स्कैन), उद्योग (दोष परीक्षण), सोनार, सफाई (कीमती वस्तुएँ)।
- ध्वनि का परावर्तन (echo) अल्ट्रासाउंड के लिए भी लागू होता है।
रोगी के हृदय स्पंद की ध्वनि स्टेथोस्कोप के माध्यम से डॉक्टर के कानों तक कैसे पहुंचती है?
- ध्वनि बिना किसी परावर्तन के सीधे स्टेथोस्कोप से होकर गुज़रती है।
- स्टेथोस्कोप हृदय स्पंद की ध्वनि को प्रवर्धित करने के लिए विद्युत का उपयोग करता है।
- ध्वनि, छाती से वायु के माध्यम से डॉक्टर के कानों तक पहुंचाती है।
- स्टेथोस्कोप में, ध्वनि के बहु परावर्तन द्वारा रोगी के हृदय स्पंद की ध्वनि डॉक्टर के कानों तक पहुँचती है।
Explanation:
- स्टेथोस्कोप (Stethoscope) में ध्वनि तरंगें नली की दीवारों से बार-बार परावर्तित (multiple reflection) होती हैं, जिससे वे कानों तक पहुँचती हैं।
- यह ध्वनि के बहु-परावर्तन (multiple reflection) का एक महत्वपूर्ण अनुप्रयोग है।
Quick Facts:
- स्टेथोस्कोप में ध्वनि का बहु-परावर्तन (multiple reflections) होता है, कोई विद्युत प्रवर्धन नहीं।
- इससे हृदय, फेफड़ों की ध्वनियाँ स्पष्ट सुनाई देती हैं।
किसी सभागार (हॉल) की चौड़ाई के अनुदिश ध्वनि को समान रूप से प्रसारित करने के लिए मंच के पीछे क्या रखा जाता है?
- वक्रित ध्वनि बोर्ड
- माइक्रोफ़ोन
- प्रवर्धक
- प्रकाश बोर्ड
Explanation:
- बड़े सभागारों में मंच के पीछे वक्रित ध्वनि बोर्ड (Curved sound board) लगाया जाता है, जो ध्वनि को हॉल की चौड़ाई में समान रूप से परावर्तित (reflect) करके फैलाता है।
- यह ध्वनि के परावर्तन (reflection) का अनुप्रयोग है।
Quick Facts:
- ध्वनि बोर्ड (sound board) ध्वनि को सभागार के कोनों तक पहुँचाता है।
- यह ‘गूंज’ (reverberation) को नियंत्रित करने में भी सहायक होता है।
ध्वनि तरंगों के परावर्तन द्वारा उत्पन्न ध्वनि की पुनरावृत्ति क्या कहलाती है?
- शोर
- स्वर
- दोहराव
- प्रतिध्वनि
Explanation:
- ध्वनि के परावर्तन (reflection) द्वारा उत्पन्न पुनरावृत्ति को ‘प्रतिध्वनि’ (Echo) कहते हैं।
- यह तब होता है जब ध्वनि किसी दूर की कठोर सतह से टकराकर वापस आती है और मूल ध्वनि से विलंबित (delayed) होती है।
Quick Facts:
- प्रतिध्वनि सुनने के लिए मूल और परावर्तित ध्वनि के बीच न्यूनतम 0.1 s का अंतर होना चाहिए।
- इसके विपरीत, गूंज (Reverberation) = ध्वनि का कई परावर्तनों के कारण बने रहना (समय अंतर 0.1 s से कम)।
ध्वनि की वह विशेषता जिसके द्वारा हम एक ही प्रबलता और स्वरमान की दो ध्वनियों के बीच अंतर कर सकते हैं:
- गुणवत्ता
- आयाम
- स्वरमान
- प्रबलता
Explanation:
- गुणवत्ता (Quality or Timbre) ध्वनि की वह विशेषता है जिससे हम एक ही प्रबलता (loudness) और पिच (pitch) वाली दो ध्वनियों के बीच अंतर कर सकते हैं (जैसे सितार और वायलिन की ध्वनि)।
- यह तरंग के रूप (waveform) पर निर्भर करती है (हार्मोनिक्स/ओवरटोन की संख्या और तीव्रता)।
Quick Facts:
- प्रबलता (Loudness) → आयाम (Amplitude)
- पिच (Pitch) → आवृत्ति (Frequency)
- गुणवत्ता (Timbre) → तरंग का आकार (waveform, harmonics)
हवा में ध्वनि के वेग से अधिक की गति से यात्रा करने वाले पदार्थ को ________ कहा जाता है।
- पराश्रव्य
- अपश्रव्य
- पराध्वनिक
- अतिपराध्वनिक
Explanation:
- हवा में ध्वनि की चाल से अधिक गति से यात्रा करने वाली वस्तु को ‘पराध्वनिक’ (Supersonic) कहते हैं (Mach > 1)।
- पराश्रव्य (Ultrasonic) = आवृत्ति पर आधारित (>20 kHz), पराध्वनिक (Supersonic) = चाल पर आधारित (> ध्वनि की चाल)।
- अतिपराध्वनिक (Hypersonic) = Mach 5+
Quick Facts:
- Mach 1 = 343 m/s (हवा में, 20°C पर)
- पराध्वनिक विमान (Supersonic aircraft) उदा. कॉनकॉर्ड (Mach 2), SR-71 ब्लैकबर्ड (Mach 3+)।
निम्नलिखित में से किस ध्वनि का तारत्व (pitch) सबसे कम होगा?
- एक बच्चे की आवाज़ (350 Hz)
- एक पक्षी की चहचहाहट (1500 Hz)
- एक आदमी की गंभीर आवाज (100 Hz)
- एक ट्यूनिंग फ़ोर्क (512 Hz)
Explanation:
- पिच (Pitch) आवृत्ति (Frequency) पर निर्भर करती है – आवृत्ति जितनी कम, पिच उतनी ही निम्न (गंभीर)।
- 100 Hz (आदमी की गंभीर आवाज़) सबसे कम आवृत्ति है, इसलिए इसका तारत्व सबसे कम होगा।
Quick Facts:
- उच्च आवृत्ति → उच्च पिच (जैसे बच्चे, पक्षी, ट्यूनिंग फोर्क)
- निम्न आवृत्ति → निम्न पिच (गंभीर, भारी आवाज़, जैसे आदमी की आवाज़, ढोल)
______ की परिवर्तनशीलता के कारण संपीडन और विरलीकरण होता है।
- चुंबकीय अंतर
- किरण अपवर्तन
- वायुदाब
- तापमान अंतर
Explanation:
- ध्वनि तरंगों में संपीडन (Compression) और विरलन (Rarefaction) वायु दाब (pressure) में परिवर्तन के कारण होते हैं।
- संपीडन में दाब अधिक, विरलन में दाब कम होता है।
- यह परिवर्तन ध्वनि के संचरण के दौरान माध्यम के कणों के कंपन से उत्पन्न होता है।
Quick Facts:
- ध्वनि एक अनुदैर्ध्य तरंग है जिसमें दाब में आवधिक परिवर्तन होता है।
- संपीडन = उच्च दाब क्षेत्र, विरलन = निम्न दाब क्षेत्र।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- प्रतिध्वनि ध्वनि के एकाधिक परावर्तनों के कारण होती है।
- अत्यधिक प्रतिध्वनि से भाषण में बाधा आ सकती है।
- प्रतिध्वनि ध्वनि की स्पष्टता में सुधार करने में मदद करती है।
- कठोर दीवारों वाले बड़े हॉलों में प्रतिध्वनि होना आम बात है।
Explanation:
- प्रतिध्वनि (Reverberation) ध्वनि के कई परावर्तनों के कारण होती है, जिससे भाषण अस्पष्ट (muffled) हो सकता है – यह स्पष्टता में सुधार नहीं करती, बल्कि बाधा उत्पन्न करती है।
- अत्यधिक प्रतिध्वनि श्रवण अनुभव को खराब करती है, इसलिए हॉलों में ध्वनि-अवशोषक सामग्री का उपयोग किया जाता है।
Quick Facts:
- प्रतिध्वनि (Reverberation) ≠ प्रतिध्वनि (Echo)
- प्रतिध्वनि (Echo) स्पष्ट पुनरावृत्ति है, जबकि प्रतिध्वनि (Reverberation) ध्वनि का बने रहना है।
संचार के लिए हाथी 103 डेसिबल जितनी ऊँची आवाज निकाल सकते हैं, लेकिन वे अक्सर कम आवृत्ति वाली ध्वनि का उपयोग करते हैं, जिनमें से कुछ जमीन से होकर गुजरती हैं। इन ध्वनियों को कहा जाता है:
- सुपरसोनिक ध्वनि
- अल्ट्रासाउंड
- प्लोसिल्स
- इन्फ्रासाउंड
Explanation:
- हाथियों द्वारा उपयोग की जाने वाली कम आवृत्ति वाली ध्वनियाँ (20 Hz से कम) ‘इन्फ्रासाउंड’ (Infrasound) कहलाती हैं।
- ये तरंगें जमीन और वायु में दूर तक संचरित हो सकती हैं, जिससे हाथी संचार कर सकते हैं।
Quick Facts:
- इन्फ्रासाउंड = 20 Hz से कम आवृत्ति (मानव को सुनाई नहीं देती)
- हाथी, व्हेल, जिराफ़ आदि इन्फ्रासाउंड का उपयोग संचार में करते हैं।
समुद्र की गहराई निर्धारित करने के लिए, जल के नीचे की पहाड़ियों, घाटियों, पनडुब्बी, हिमशैल आदि का स्थान निर्दिष्ट करने के लिए किस तकनीक का उपयोग किया जाता है?
- ध्वनि का अवशोषण
- अवश्रव्य
- ध्वनिक
- MRI
Explanation:
- समुद्र की गहराई और पानी के नीचे की वस्तुओं का पता लगाने के लिए ‘ध्वनिक’ (Acoustic) तकनीक, विशेष रूप से SONAR, का उपयोग किया जाता है।
- ध्वनिक तरंगें (अल्ट्रासाउंड) भेजकर और उनके परावर्तन (echo) के समय से दूरी मापी जाती है।
Quick Facts:
- ध्वनिक (Acoustic) = ध्वनि से संबंधित
- इको-साउंडिंग (Echo-sounding) = SONAR का मूल सिद्धांत
____ की आवृत्ति मनुष्य के लिए श्रव्य नहीं है।
- 100 हर्ट्ज
- 18000 हर्ट्ज
- 20000 हर्ट्ज
- 22000 हर्ट्ज
Explanation:
- मानव श्रव्य सीमा 20 Hz से 20,000 Hz (20 kHz) तक है।
- 22,000 Hz (> 20,000 Hz) श्रव्य सीमा से अधिक है, इसलिए यह मनुष्य को सुनाई नहीं देती (पराश्रव्य, Ultrasound)।
Quick Facts:
- 20,000 Hz (20 kHz) ठीक सीमा पर है – कुछ लोग सुन सकते हैं, पर 22,000 Hz निश्चित रूप से सुनाई नहीं देता।
- उम्र के साथ उच्च आवृत्तियों की श्रव्यता कम हो जाती है।
वायु में ध्वनि की चाल ज्ञात कीजिए।
- 331 ms⁻¹
- 331 ms⁻¹
- 331 ms⁻²
- 331 ms⁻²
Explanation:
- 0°C पर वायु में ध्वनि की चाल ≈ 331 m/s (ms⁻¹) है।
- 20°C पर ≈ 343 m/s, 25°C पर ≈ 346 m/s होती है।
Quick Facts:
- v = 331 + 0.6 × T (T = तापमान °C में) – अनुमानित सूत्र
- ध्वनि की चाल तापमान के साथ बढ़ती है।
स्टेथोस्कोप में, हृदयस्पंद की ध्वनि डॉक्टर के कानों तक इसलिए पहुंचती है, क्योंकि ______।
- ध्वनि तरंगें विद्युत द्वारा प्रवर्धित होती हैं
- ध्वनि तरंगें नली में क्रमिक अपवर्तन से गुजरती हैं
- ध्वनि तरंगें नली की दीवारों द्वारा अवशोषित होती हैं
- ध्वनि तरंगें नली में होने वाले अनेक परावर्तनों द्वारा निर्देशित होती हैं
Explanation:
- स्टेथोस्कोप (Stethoscope) में ध्वनि तरंगें नली (tube) की दीवारों से बार-बार परावर्तित (multiple reflections) होती हैं, जिससे वे कानों तक पहुँचती हैं।
- इसमें कोई विद्युत प्रवर्धन (amplification) नहीं होता (इलेक्ट्रॉनिक स्टेथोस्कोप को छोड़कर)।
Quick Facts:
- स्टेथोस्कोप ध्वनि के बहु-परावर्तन (multiple reflection) का उत्कृष्ट उदाहरण है।
- इसके अलावा, मेगाफोन, शहनाई, तुरही भी इसी सिद्धांत पर कार्य करते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा ध्वनि स्तर, दीर्घकालिक समय तक अनुभव किए जाने पर मानव स्वास्थ्य के लिए संभावित रूप से हानिकारक माना जाता है?
- 70 dB
- 90 dB
- 30 dB
- 50 dB
Explanation:
- दीर्घकालिक (long-term) ध्वनि जोखिम के लिए 90 dB से ऊपर का स्तर हानिकारक माना जाता है (श्रवण हानि का कारण बन सकता है)।
- 70 dB सामान्य टेलीविजन/बातचीत, 30-50 dB शांत वातावरण – ये अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं।
Quick Facts:
- व्यावसायिक सुरक्षा मानक: 85 dB से अधिक पर सुरक्षात्मक उपाय आवश्यक हैं।
- 120 dB से अधिक = दर्द सीमा (pain threshold), तात्कालिक क्षति संभव।
निम्नलिखित में से कौन इमारतों को नुकसान पहुंचा सकता है?
- अवश्रव्य
- लगभग 10kHz की ध्वनि
- अतिध्वानिक विमान द्वारा निर्मित प्रघाती तरंगें
- अवध्वानिक ध्वनि
Explanation:
- अतिध्वानिक (supersonic) विमानों द्वारा उत्पन्न ‘प्रघाती तरंगें’ (shock waves, sonic booms) अत्यधिक उच्च दबाव की तरंगें होती हैं, जो इमारतों की खिड़कियाँ तोड़ सकती हैं और कंपन पैदा कर सकती हैं।
- अवश्रव्य (infrasound) और अवध्वानिक (subsonic) ध्वनि का ऐसा प्रभाव नहीं होता (जब तक अत्यंत उच्च तीव्रता न हो)।
Quick Facts:
- सोनिक बूम (Sonic boom) = अतिध्वानिक गति पर उत्पन्न प्रघाती तरंगों का श्रवणीय प्रभाव।
- इसी कारण, अतिध्वानिक उड़ानें आबादी वाले क्षेत्रों पर प्रतिबंधित हैं।
SONAR का पूर्ण रूप है:
- साउंड नैविगेशन एंड रेंजिंग
- साउंड नोटिफिकेशन एंड रेंजिंग
- साउंड नैविगेशन एंड रेंटिंग
- साउंड ऑब्जरवेशन नैविगेशन एंड रेंजिंग
Explanation:
- SONAR = Sound Navigation And Ranging
- यह ध्वनि तरंगों (अल्ट्रासाउंड) का उपयोग करके जल के अंदर वस्तुओं का पता लगाने और दूरी मापने की तकनीक है।
Quick Facts:
- RADAR = Radio Detection And Ranging (रेडियो तरंगें)
- LIDAR = Light Detection And Ranging (प्रकाश/लेज़र)
गुर्दे में बनने वाले छोटे पत्थरों (पथरी) को बारीक कणों में तोड़ने के लिए निम्नलिखित में से किस विधि का उपयोग किया जाता है?
- अवश्रव्य ध्वनि
- अल्ट्रासाउंड
- विद्युत चुम्बकीय तरंगें
- परावर्तनी किरणें
Explanation:
- गुर्दे की पथरी (kidney stones) को तोड़ने के लिए ‘अल्ट्रासाउंड’ (उच्च आवृत्ति ध्वनि तरंगें) का उपयोग किया जाता है – इस प्रक्रिया को ‘लिथोट्रिप्सी’ (Lithotripsy) कहते हैं।
- अल्ट्रासाउंड तरंगें पथरी को बिना सर्जरी के बारीक कणों में तोड़ देती हैं, जो बाद में मूत्र के साथ बाहर निकल जाते हैं।
Quick Facts:
- लिथोट्रिप्सी (Lithotripsy) = ‘लिथो’ (पत्थर) + ‘ट्रिप्सी’ (तोड़ना)
- अल्ट्रासाउंड का उपयोग चिकित्सा में अल्ट्रासोनोग्राफी, दंत सफाई, कैंसर उपचार (हाई-इंटेंसिटी फोकस्ड अल्ट्रासाउंड) में भी होता है।
जो धातुएं बजने जैसी ध्वनि उत्पन्न करती हैं उन्हें ______ कहा जाता है।
- मेलिसियस
- ध्वन्यात्मक (सोनोरस)
- ट्रेडिंस (खींचने योग्य)
- चमकदार
Explanation:
- धातुओं का वह गुण जिसके कारण वे टकराने पर बजने जैसी (ringing) ध्वनि उत्पन्न करती हैं, ‘ध्वन्यात्मक’ (Sonorous) कहलाता है।
- अधातुएँ (non-metals) आमतौर पर ध्वन्यात्मक नहीं होतीं (अपवाद: ग्रेफाइट, आदि)।
Quick Facts:
- धातुओं के अन्य गुण: आघातवर्धनीयता (malleable), तन्यता (ductile), उष्मा/विद्युत चालकता।
- सोनोरस (Sonorous) = बजने वाली ध्वनि, जैसे घंटी, बर्तन।
किसी दिए गए तापमान पर, ध्वनि की गति ______ में अधिकतम होती है।
- झूसात
- निकेल
- आयरन
- एल्युमीनियम
Explanation:
- 25°C पर विभिन्न माध्यमों में ध्वनि की चाल: एल्युमीनियम (6420 m/s) > निकिल (6040) > इस्पात (5960) > लोहा (5950) (लगभग)
- एल्युमीनियम में ध्वनि की चाल सबसे अधिक होती है (दिए गए विकल्पों में)।
Quick Facts:
- ध्वनि की चाल माध्यम की प्रत्यास्थता (elasticity) पर निर्भर करती है – उच्च प्रत्यास्थता → उच्च चाल
- हीरा (Diamond) में ध्वनि की चाल ≈ 12,000 m/s (अत्यधिक उच्च)।
ध्वनि तरंग का आयाम क्या निर्धारित करता है?
- प्रबलता
- पिच
- आवृत्ति
- आयाम
Explanation:
- ध्वनि तरंग का आयाम (Amplitude) ध्वनि की ‘प्रबलता’ (Loudness) निर्धारित करता है – आयाम जितना अधिक, ध्वनि उतनी ही प्रबल (तेज़)।
- पिच (Pitch) → आवृत्ति (Frequency) द्वारा, गुणवत्ता (Quality) → तरंग रूप (waveform) द्वारा निर्धारित होती है।
Quick Facts:
- प्रबलता ∝ (आयाम)² (तीव्रता के समानुपाती)
- dB (डेसिबेल) में प्रबलता मापी जाती है (लघुगणकीय पैमाना)।
अंतरिक्ष में अंतरिक्ष यात्री रेडियो लिंक द्वारा एक दूसरे के साथ संवाद करते हैं क्योंकि ______
- ध्वनि तरंगें अंतरिक्ष में भ्रमण नहीं कर सकती हैं।
- ध्वनि तरंगों की आवृत्ति कम होती है।
- ध्वनि तरंगें अंतरिक्ष में धीरे-धीरे भ्रमण करती हैं।
- ध्वनि तरंगें अंतरिक्ष में शीघ्रता से भ्रमण करती हैं।
Explanation:
- ध्वनि एक यांत्रिक तरंग (mechanical wave) है, जिसे संचरण के लिए माध्यम (medium) की आवश्यकता होती है।
- अंतरिक्ष निर्वात (vacuum) है, जहाँ ध्वनि संचरण हेतु कोई कण नहीं हैं, इसलिए ध्वनि वहाँ यात्रा नहीं कर सकती।
- रेडियो तरंगें विद्युत-चुंबकीय तरंगें (electromagnetic waves) हैं, जिन्हें माध्यम की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए अंतरिक्ष यात्री रेडियो का उपयोग करते हैं।
Quick Facts:
- ध्वनि को संचरण के लिए माध्यम (ठोस, द्रव, गैस) की आवश्यकता होती है।
- प्रकाश और रेडियो तरंगें निर्वात में यात्रा कर सकते हैं (विद्युत-चुंबकीय तरंगें)।
हम मेघगर्जन की ध्वनि सुनने से पहले बिजली की चमक क्यों देखते हैं?
- ध्वनि, प्रकाश से धीमी चाल से गमन करती है
- प्रकाश और ध्वनि समान चाल से गमन करते हैं
- प्रकाश ध्वनि से अधिक चमकीला होता है
- प्रकाश, ध्वनि से धीमी चाल से गमन करता है
Explanation:
- प्रकाश की चाल (3 × 10⁸ m/s) ध्वनि की चाल (≈ 340 m/s) से बहुत अधिक होती है।
- बिजली की चमक लगभग तुरंत दिखाई देती है, जबकि ध्वनि को आने में समय लगता है, इसलिए हम पहले चमक देखते हैं और बाद में गर्जन सुनते हैं।
Quick Facts:
- प्रकाश की चाल ≈ 3 × 10⁸ m/s (निर्वात में)
- वायु में ध्वनि की चाल ≈ 343 m/s (20°C पर)
निम्नलिखित में से क्या ध्वनि तरंगों के एकाधिक परावर्तन की अवधारणा का उपयोग नहीं करता है?
- स्टेथोस्कोप
- मेगाफोन
- कंपनकारी ट्यूनिंग काँटा
- लाउडहेलर
Explanation:
- स्टेथोस्कोप, मेगाफोन और लाउडहेलर ध्वनि के एकाधिक परावर्तन (multiple reflection) के सिद्धांत पर काम करते हैं।
- ट्यूनिंग काँटा (tuning fork) कंपन (vibration) द्वारा ध्वनि उत्पन्न करता है, परावर्तन का उपयोग नहीं करता (यह स्वयं ध्वनि का स्रोत है)।
Quick Facts:
- स्टेथोस्कोप: हृदय/फेफड़ों की ध्वनि को सुनने के लिए कई परावर्तनों का उपयोग करता है।
- मेगाफोन/लाउडहेलर: ध्वनि को एक दिशा में केंद्रित करने के लिए परावर्तन का उपयोग करते हैं।
25°C पर विभिन्न माध्यमों में ध्वनि की गति के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य/असत्य हैं।
- A. जल (समुद्र) में ध्वनि की गति 1531 मीटर/सेकंड होती है।
- B. इथेनॉल में ध्वनि की गति 1200 मीटर/सेकंड होती है।
- केवल A सही हैं।
- न तो A और न ही B सही है।
- केवल B सही है।
- A और B दोनों सही हैं।
Explanation:
- 25°C पर समुद्री जल में ध्वनि की चाल ≈ 1531 m/s (सही)।
- इथेनॉल (C₂H₅OH) में ध्वनि की चाल ≈ 1207 m/s (25°C पर) होती है, 1200 m/s नहीं (अत: B पूर्णतः सत्य नहीं है)।
- अतः केवल A सही है।
Quick Facts:
- ध्वनि की चाल: ठोस > द्रव > गैस (सामान्यतः)
- समुद्री जल में ध्वनि की चाल ≈ 1531 m/s, आसुत जल में ≈ 1498 m/s
ध्वनि, ______ द्वारा निर्मित होती है।
- कंपित वस्तुओं
- गतिमान वस्तुओं
- बोलते हुए लोगों
- दोलायमान पिंडों
Explanation:
- ध्वनि कंपन (vibration) द्वारा उत्पन्न होती है। जब कोई वस्तु कंपन करती है, तो वह अपने आस-पास के माध्यम (वायु) में संपीडन (compression) और विरलन (rarefaction) उत्पन्न करती है, जो ध्वनि तरंग के रूप में संचरित होती है।
- कंपन रहित वस्तु ध्वनि उत्पन्न नहीं कर सकती।
Quick Facts:
- ध्वनि उत्पन्न करने वाली वस्तुएँ: तार, झिल्ली, वायु स्तंभ, ट्यूनिंग काँटा आदि सभी कंपन करते हैं।
- कंपन की आवृत्ति (frequency) पिच (pitch) निर्धारित करती है, आयाम (amplitude) प्रबलता (loudness) निर्धारित करता है।
एक बड़े सभागार की दीवारों से ध्वनि का पुनरावर्ती परावर्तन क्या है जिसके परिणामस्वरूप ध्वनि की दृढ़ता बनी रहती है?
- संगीत
- पिच
- नोट
- अनुरणन
Explanation:
- अनुरणन (Reverberation) = ध्वनि का बार-बार परावर्तन जिससे ध्वनि की तीव्रता (persistence) बनी रहती है, भले ही मूल स्रोत बंद हो चुका हो।
- यह सभागारों में ध्वनि को कुछ समय तक बनाए रखता है, पर अत्यधिक अनुरणन से ध्वनि अस्पष्ट हो जाती है।
Quick Facts:
- अनुरणन समय (reverberation time) = ध्वनि को 60 dB तक क्षय होने में लगा समय।
- अत्यधिक अनुरणन से बचने के लिए अवशोषक पदार्थों (जैसे फोम, पर्दे) का उपयोग किया जाता है।
एक ध्वनि तरंग 340 ms⁻¹ की गति से यात्रा करती है। यदि इसकी तरंग दैर्घ्य 2 cm है, तो तरंग की आवृत्ति कितनी है?
- 170 हर्ट्ज
- 17000 हर्ट्ज
- 1700 हर्ट्ज
- 170000 हर्ट्ज
Equation: f = v/λ = 340/0.02 = 17000 Hz
Explanation:
- तरंग वेग (v) = आवृत्ति (f) × तरंगदैर्घ्य (λ)
- f = v/λ = 340 / 0.02 = 17000 Hz (चूँकि 2 cm = 0.02 m)
- यह आवृत्ति मानव श्रव्य सीमा (20 Hz – 20 kHz) के अंतर्गत है (17 kHz)
Quick Facts:
- मानव श्रव्य सीमा: 20 Hz से 20,000 Hz (20 kHz)
- f = v/λ (मूल सूत्र)
पराश्रव्य (अल्ट्रासाउंड) की आवृत्ति सीमा कितनी है?
- 20 हर्ट्ज और 20 किलोहर्ट्ज के बीच
- 200 हर्ट्ज से 2000 हर्ट्ज के बीच
- 20 हर्ट्ज से कम
- 20 किलोहर्ट्ज से अधिक
Explanation:
- पराश्रव्य (Ultrasound) वे ध्वनि तरंगें हैं, जिनकी आवृत्ति 20 kHz (20,000 Hz) से अधिक होती है।
- ये मानव कान के लिए अश्रव्य (inaudible) होती हैं।
- अवश्रव्य (Infrasound) = 20 Hz से कम
Quick Facts:
- श्रव्य ध्वनि: 20 Hz – 20 kHz
- अल्ट्रासाउंड का उपयोग: चिकित्सा (सोनोग्राफी), धातु दोष परीक्षण, SONAR, चमगादड़ द्वारा संचार।
कॉन्सर्ट हॉल में वक्रित छतों (curved ceilings) का उपयोग करने का प्राथमिक कारण क्या है?
- हॉल को सजाना
- शोर को अवरुद्ध करना
- ध्वनि को अवशोषित करना
- ध्वनि को समान रूप से परावर्तित करना
Explanation:
- वक्रित छत (curved ceiling) ध्वनि को परावर्तित करके पूरे हॉल में समान रूप से फैलाती है, ताकि सभी स्थानों पर ध्वनि की तीव्रता एकसमान रहे।
- यह ध्वनि को एक बिंदु पर केंद्रित न करके व्यापक क्षेत्र में वितरित करती है।
Quick Facts:
- वक्रित परावर्तक: ध्वनि को फोकस करने (जैसे सुनने वाले क्षेत्र) या वितरित करने के लिए उपयोग किया जाता है।
- समतल छतें ध्वनि को एक ही दिशा में परावर्तित कर सकती हैं, जिससे असमानता हो सकती है।
स्टेथोस्कोप का कार्य सिद्धांत ______ पर आधारित है।
- ध्वनि के केवल विद्युत संकेतों में रूपांतरण
- ध्वनि के परावर्तन
- उच्च आवृत्ति वाली ध्वनि के अवशोषण
- अवलोकन के लिए ध्वनि के प्रकाश में रूपांतरण
Explanation:
- स्टेथोस्कोप (stethoscope) ध्वनि के एकाधिक परावर्तन (multiple reflections) के सिद्धांत पर कार्य करता है, जिससे हृदय या फेफड़ों की ध्वनि कान तक स्पष्ट रूप से पहुँचती है।
- ध्वनि ट्यूब के भीतर कई बार परावर्तित होकर प्रवर्धित होती है।
Quick Facts:
- स्टेथोस्कोप में ध्वनि परावर्तन द्वारा उसकी तीव्रता बनाए रखी जाती है।
- इसे ‘ध्वनि का बहु-परावर्तन’ (multiple reflection of sound) कहते हैं।
25°C पर विभिन्न माध्यमों में ध्वनि की चाल के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
- A. हीलियम गैस में ध्वनि की चाल 965 मीटर/सेकंड है।
- B. हाइड्रोजन गैस में ध्वनि की चाल 1284 मीटर/सेकंड है।
- न तो A और न ही B सही है
- केवल A सही है।
- केवल B सही है।
- A और B दोनों ही सही हैं।
Explanation:
- 25°C पर, हीलियम (He) में ध्वनि की चाल ≈ 965 m/s (सही)।
- हाइड्रोजन (H₂) में ध्वनि की चाल ≈ 1284 m/s (सही) (हल्की गैसों में ध्वनि की चाल अधिक होती है)।
- अतः A और B दोनों सत्य हैं।
Quick Facts:
- ध्वनि की चाल ∝ 1/√ρ (घनत्व के व्युत्क्रमानुपाती) (गैसों में)
- हाइड्रोजन की चाल सबसे अधिक (लगभग 1284 m/s), हीलियम 965 m/s
जब ध्वनि ठोस सतह से टकराती है तो क्या होगा?
- ध्वनि अवशोषित और परावर्तित हो जाती है।
- ध्वनि अवशोषित हो जाती है।
- ध्वनि परावर्तित होती है।
- ध्वनि अपवर्तित हो जाती है।
Explanation:
- जब ध्वनि किसी सतह से टकराती है, तो उसका एक भाग परावर्तित (reflected) होता है और कुछ भाग अवशोषित (absorbed) हो जाता है।
- परावर्तित ध्वनि ही प्रतिध्वनि (echo) या अनुरणन (reverberation) का कारण बनती है।
Quick Facts:
- कठोर सतहें (जैसे दीवार) ध्वनि को अधिक परावर्तित करती हैं।
- मृदु सतहें (जैसे पर्दे, फोम) ध्वनि को अधिक अवशोषित करती हैं।
25°C पर विभिन्न माध्यम में ध्वनि की गति के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा/से सत्य/असत्य है/है?
- A. ऑक्सीजन गैस में, ध्वनि की गति 316 मी/से है
- B. जल (आसुत) में, ध्वनि की गति 1498 मी/से है
- केवल A सत्य है
- केवल B सत्य है
- न तो A और न ही B सत्य है
- A और B दोनों सत्य हैं
Explanation:
- O₂ गैस में ध्वनि की चाल ≈ 316 m/s (25°C पर) – सत्य।
- आसुत जल (distilled water) में ध्वनि की चाल ≈ 1498 m/s (25°C पर) – सत्य।
- अतः A और B दोनों सत्य हैं।
Quick Facts:
- ऑक्सीजन (O₂) अणु का घनत्व हवा से अधिक है, इसलिए ध्वनि की चाल कम (316 m/s) है।
- जल में ध्वनि की चाल 1498 m/s, वायु में ≈ 346 m/s (25°C पर)
वक्राकार दीवारों और छत के साथ किसी हॉल डिजाइन करने का मुख्य उद्देश्य ______ है।
- ध्वनि की चाल को कम करना
- केवल मंच के पास ही ध्वनि को अपेक्षाकृत तेज करना
- हॉल को सुंदर बनाना
- एकसमान ध्वनि वितरण सुनिश्चित करना
Explanation:
- वक्राकार दीवारें और छत ध्वनि को परावर्तित करके पूरे हॉल में समान रूप से फैलाती हैं, जिससे एकसमान ध्वनि वितरण (uniform sound distribution) होता है।
- यह सुनिश्चित करता है कि हॉल के सभी कोनों में ध्वनि की तीव्रता समान रहे।
Quick Facts:
- वक्राकार सतह: ध्वनि को फोकस या विसरित करने के लिए प्रयुक्त होती है।
- अच्छा ध्वनि अभिकल्प (acoustic design) अनुरणन और प्रतिध्वनि को भी नियंत्रित करता है।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन 25°C पर विभिन्न माध्यमों में ध्वनि की गति के बारे में सत्य/असत्य है?
- A. ऑक्सीजन गैस में, ध्वनि की गति 316 m/s है
- B. जल (आसुत) में, ध्वनि की गति 1498 m/s है
- केवल A सत्य है
- न तो A और न ही B सत्य हैं
- A और B दोनों सत्य हैं
- केवल B सत्य है
Explanation:
- 25°C पर O₂ में ध्वनि की चाल ≈ 316 m/s (सत्य)
- आसुत जल में ध्वनि की चाल ≈ 1498 m/s (सत्य)
- अतः दोनों सत्य हैं।
Quick Facts:
- ये मानक पाठ्यपुस्तकीय मान हैं (NCERT आदि में उल्लिखित)।
- तापमान बढ़ने पर ध्वनि की चाल बढ़ती है (v ∝ √T)
श्रवण सहायता यंत्र में उपस्थित कौन सा उपकरण ध्वनि ग्रहण करता है?
- साउंड एडॉप्टर
- सीकर
- एम्पलीफायर
- माइक्रोफोन
Explanation:
- श्रवण सहायता यंत्र (hearing aid) में माइक्रोफोन (microphone) ध्वनि को ग्रहण (receive) करता है, फिर एम्पलीफायर (amplifier) इसे प्रवर्धित (amplify) करता है, और रिसीवर (स्पीकर) कान में ध्वनि भेजता है।
Quick Facts:
- माइक्रोफोन = ध्वनि को विद्युत संकेत में बदलता है (ट्रांसड्यूसर)।
- स्पीकर = विद्युत संकेत को ध्वनि में बदलता है।
कांच के टूटने और इमारतों को नुकसान पहुंचाने का कारण क्या हो सकता है?
- इन्फ्रासाउंड
- सबसोनिक ध्वनि
- लगभग 10 kHz की ध्वनि
- सुपरसोनिक विमान द्वारा उत्पन्न शॉक वेव
Explanation:
- सुपरसोनिक (supersonic) विमान (ध्वनि से अधिक चाल) ‘शॉक वेव’ (shock wave) उत्पन्न करता है, जिसमें अत्यधिक ऊर्जा होती है और यह कांच तोड़ने तथा इमारतों को नुकसान पहुँचाने में सक्षम होती है।
- इसे ‘सोनिक बूम’ (sonic boom) भी कहते हैं।
Quick Facts:
- सुपरसोनिक चाल = ध्वनि की चाल से अधिक (Mach 1 से अधिक)
- शॉक वेव: अत्यधिक दाब और ताप उत्पन्न करती है।
निम्नलिखित में से किसका उपयोग धातु के ब्लॉकों में दरारों और दोषों का पता लगाने के लिए किया जाता है?
- साउंड नैविगेशन एंड रेंजिंग (SONAR)
- प्रतिध्वनि
- पराश्रव्य
- अनुरणन
Explanation:
- धातु ब्लॉकों (metal blocks) में दरारें (cracks) और दोष (defects) का पता लगाने के लिए पराश्रव्य (ultrasound) तरंगों का उपयोग किया जाता है (नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग, NDT)।
- अल्ट्रासाउंड धातु में प्रवेश करता है और दोष से परावर्तित होकर डिटेक्टर तक पहुँचता है, जिससे दोष का पता चलता है।
Quick Facts:
- SONAR: पानी के अंदर वस्तुओं का पता लगाने के लिए (पनडुब्बी)।
- अल्ट्रासाउंड का उपयोग: चिकित्सा (सोनोग्राफी), उद्योग (NDT), सफाई (कीमती वस्तुएँ)।
निम्नलिखित में से कौन सी एकल आवृत्ति की ध्वनि है?
- नोट
- शोर
- ध्वनि की विशेषता या गुण
- स्वर
Explanation:
- स्वर (tone) = एकल आवृत्ति (single frequency) वाली शुद्ध ध्वनि (pure sound) है।
- नोट (note) = एक या अधिक आवृत्तियों (स्वरों) का संयोजन, शोर (noise) = अव्यवस्थित, अनियमित कंपन।
Quick Facts:
- स्वर: नियत आवृत्ति, आयाम और तरंगरूप (जैसे ट्यूनिंग काँटा)।
- शोर: अनेक अनियमित आवृत्तियाँ (जैसे यातायात, मशीनरी)।
बड़े हॉल या ऑडिटोरियम में ध्वनि के कई परावर्तनों का प्रभाव क्या होता है?
- यह ध्वनि को ऊष्मा में रूपांतरित करता है
- यह ध्वनि के एकसमान वितरण में मदद करता है
- यह सभी प्रतिध्वनियों को समाप्त कर देता है
- यह ध्वनि प्रसार को अवरुद्ध करता है
Explanation:
- बड़े हॉल में ध्वनि के कई परावर्तन (multiple reflections) उचित रूप से व्यवस्थित होने पर ध्वनि को पूरे हॉल में समान रूप से वितरित करने में मदद करते हैं।
- यह अनुरणन (reverberation) का सकारात्मक पहलू है (अत्यधिक न हो)।
Quick Facts:
- अत्यधिक अनुरणन ध्वनि को धुंधला (muffled) बना देता है।
- इसे नियंत्रित करने के लिए अवशोषक पदार्थों (पर्दे, फोम, कार्पेट) का उपयोग किया जाता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- कंपन की आवृत्ति ध्वनि की पिच को निर्धारित करती है
- कंपन वायु में संपीडन और विरलन उत्पन्न करते हैं
- कंपन का आयाम ध्वनि की तीव्रता को प्रभावित करता है
- ध्वनि अकंपित पिंडों द्वारा उत्पन्न की जा सकती है
Explanation:
- ध्वनि केवल कंपित (vibrating) पिंडों द्वारा उत्पन्न होती है।
- ‘अकंपित पिंड’ (non-vibrating objects) ध्वनि उत्पन्न नहीं कर सकते, इसलिए यह कथन गलत है।
- अन्य कथन सत्य हैं: आवृत्ति → पिच, आयाम → तीव्रता, कंपन → संपीडन/विरलन।
Quick Facts:
- पिच (Pitch) = आवृत्ति (frequency) पर निर्भर, प्रबलता (Loudness) = आयाम (amplitude) पर।
- संपीडन = उच्च दाब क्षेत्र, विरलन = निम्न दाब क्षेत्र (अनुदैर्घ्य तरंगें)।
निम्नलिखित में से कौन-सी यांत्रिक तरंगें हैं?
- X किरणें
- रेडियो तरंगें
- माइक्रोवेव
- ध्वनि तरंगें
Explanation:
- यांत्रिक तरंगें (mechanical waves) = जिन्हें संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है (जैसे ध्वनि, जल तरंग, भूकंपीय तरंग)।
- X-किरणें, रेडियो तरंगें, माइक्रोवेव = विद्युत-चुंबकीय तरंगें (electromagnetic waves) हैं, जिन्हें माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।
Quick Facts:
- यांत्रिक तरंगें: अनुदैर्घ्य (longitudinal) या अनुप्रस्थ (transverse) हो सकती हैं।
- ध्वनि वायु में अनुदैर्घ्य (longitudinal) तरंग है।
परावर्तन के कारण ध्वनि की पुनरावृत्ति को क्या कहते हैं?
- प्रतिध्वनि
- प्रकीर्णन
- ध्वनि का अपवर्तन
- ध्वनि का परावर्तन
Explanation:
- प्रतिध्वनि (Echo) = ध्वनि के परावर्तन (reflection) के कारण मूल ध्वनि की पुनरावृत्ति (repetition)।
- प्रतिध्वनि सुनने के लिए, ध्वनि स्रोत और परावर्तक सतह के बीच की दूरी कम से कम 17.2 m (ध्वनि की चाल ≈ 344 m/s पर 0.1 s के लिए) होनी चाहिए।
Quick Facts:
- प्रतिध्वनि और मूल ध्वनि के बीच न्यूनतम समय अंतराल = 0.1 s
- प्रतिध्वनि सुनने के लिए न्यूनतम दूरी = 17.2 m (344 m/s पर)
ध्वनि ______ में अधिकतम प्रसारित होती है।
- गैस
- निर्वात
- ठोस
- द्रव
Explanation:
- ध्वनि की चाल माध्यम की प्रत्यास्थता (elasticity) और घनत्व (density) पर निर्भर करती है।
- ठोसों में अंतर-आण्विक बल सबसे अधिक होते हैं, इसलिए ध्वनि की चाल सबसे अधिक होती है (ठोस > द्रव > गैस)।
Quick Facts:
- इस्पात (steel) में ध्वनि की चाल ≈ 5000 m/s
- वायु में ध्वनि की चाल ≈ 340 m/s, जल में ≈ 1480 m/s
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- प्रबलता आयाम पर निर्भर करती है
- मृदु ध्वनि का आयाम कम होता है
- तेज ध्वनि का आयाम अधिक होता है
- प्रबलता आवृत्ति पर निर्भर करती है
Explanation:
- प्रबलता (Loudness) = ध्वनि का तीव्रता (intensity) स्तर, जो आयाम (amplitude) पर निर्भर करता है (तीव्रता ∝ आयाम²)
- आवृत्ति (frequency) पिच (pitch) निर्धारित करती है, प्रबलता नहीं।
Quick Facts:
- प्रबलता का SI मात्रक: डेसिबल (dB)
- पिच: आवृत्ति पर, प्रबलता: आयाम पर, गुणवत्ता (timbre): तरंगरूप पर।
सभागार (ऑडिटोरियम) में अवांछनीय अत्यधिक प्रतिध्वनि से बचने के लिए छत और दीवारों को किस सामग्री के साथ ढका जाता है?
- कठोर
- पारभासी
- ध्वनि-अवशोषक
- अपारदर्शी
Explanation:
- अत्यधिक प्रतिध्वनि (echo) और अनुरणन (reverberation) से बचने के लिए, छतों और दीवारों को ध्वनि-अवशोषक (sound-absorbing) सामग्री (जैसे फोम, पर्दे, कार्पेट, ऐक्रेलिक पैनल) से ढका जाता है।
- ये सामग्रियाँ ध्वनि ऊर्जा को अवशोषित कर लेती हैं, जिससे परावर्तन कम होता है।
Quick Facts:
- ध्वनि अवशोषक: रूई, फोम, पर्दे, चटाई, फाइबरग्लास।
- ध्वनि परावर्तक: कठोर सतहें (टाइल, लकड़ी, काँच)।
कॉन्सर्ट हॉल की छतें अक्सर घुमावदार क्यों बनाई जाती हैं?
- प्रतिध्वनि को पूरी तरह से रोकने के लिए
- हवा में ध्वनि की गति को कम करने के लिए
- ध्वनि को सभी दिशाओं में समान रूप से परावर्तित करने के लिए
- ध्वनि को अवशोषित करने और उसकी तीव्रता को कम करने के लिए
Explanation:
- घुमावदार (curved) छतें ध्वनि को सभी दिशाओं में समान रूप से परावर्तित (reflect) करती हैं, जिससे हॉल के हर कोने में ध्वनि की तीव्रता एकसमान रहती है।
- यह ध्वनि को एक बिंदु पर केंद्रित नहीं होने देती (जैसे अवतल परावर्तक से होता है)।
Quick Facts:
- यह ध्वनि के प्रसार में ‘विसरण’ (diffusion) की तकनीक है।
- अत्यधिक परावर्तन से प्रतिध्वनि हो सकती है, जिसे अवशोषक पदार्थों द्वारा नियंत्रित किया जाता है।
गैंडे, जेब्रा और हाथी संचार के लिए किस श्रेणी की ध्वनि आवृत्ति का उपयोग करते हैं?
- पराध्वनिक ध्वनि
- अतिश्रव्य ध्वनि (Ultrasound)
- अवश्रव्य ध्वनि (Infrasound)
- श्रव्य ध्वनि (Audible sound)
Explanation:
- गैंडा, ज़ेबरा, हाथी जैसे बड़े जानवर अवश्रव्य (infrasound, < 20 Hz) तरंगों का उपयोग संचार के लिए करते हैं, जो लंबी दूरी तक यात्रा कर सकती हैं।
- ये मानव कान के लिए अश्रव्य (inaudible) होती हैं।
Quick Facts:
- इन्फ्रासाउंड का उपयोग: भूकंप, ज्वालामुखी, बड़े जानवर (व्हेल, हाथी) संचार में।
- अल्ट्रासाउंड: चमगादड़, डॉल्फ़िन, सोनार, चिकित्सा में।
स्टेथोस्कोप डॉक्टर को मरीज़ की दिल की धड़कन साफ़ सुनने में मदद करता है। इस काम के लिए स्टेथोस्कोप किस सिद्धांत का इस्तेमाल करता है?
- ध्वनि का अपवर्तन
- ध्वनि का एकाधिक परावर्तन
- ध्वनि का अंतरक्षेप
- ध्वनि का विवर्तन
Explanation:
- स्टेथोस्कोप ध्वनि के एकाधिक परावर्तन (multiple reflection) के सिद्धांत पर काम करता है।
- ध्वनि ट्यूब की दीवारों से बार-बार परावर्तित होकर कान तक पहुँचती है, जिससे उसकी तीव्रता बनी रहती है।
Quick Facts:
- स्टेथोस्कोप: 1816 में रेने लाएनेक (René Laennec) द्वारा आविष्कार किया गया।
- यह ध्वनि के परावर्तन का व्यावहारिक अनुप्रयोग है।
कॉन्सर्ट हॉल में वक्रित छत (curved ceiling) का मुख्य उद्देश्य ___________ है।
- संगीत की आवाज बढ़ाना
- समस्त ध्वनि को अवशोषित करना
- ध्वनि को हॉल में प्रवेश करने से रोकना
- ध्वनि तरंगों को हॉल के सभी भागों तक समान रूप से पहुंचाने के लिए उन पर ध्यान केंद्रित करना
Explanation:
- वक्रित छत ध्वनि को परावर्तित करके उसे पूरे हॉल में समान रूप से फैलाती है (sound distribution)।
- यह ‘ध्वनि फोकस’ (sound focusing) का कार्य करती है, पर इसे इस प्रकार डिजाइन किया जाता है कि कोई एक बिंदु अत्यधिक तीव्र न हो।
Quick Facts:
- यह वास्तुशिल्प ध्वनिकी (architectural acoustics) का हिस्सा है।
- उदाहरण: अवतल छत ध्वनि को फोकस कर सकती है (जैसे पैराबोलिक माइक्रोफोन), वक्रित छत विसरित करती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा, उद्योग में अल्ट्रासाउंड का अनुप्रयोग है?
- धातु ब्लॉकों में दरारों का पता लगाना
- रेफ्रिजरेटर में ठंडा करने के लिए उपयोग किया जाता है
- वस्तुओं को वजन में हल्का बनाना
- ठोस पदार्थों में ध्वनि की गति बढ़ाना
Explanation:
- उद्योग में अल्ट्रासाउंड का प्रमुख अनुप्रयोग: धातु ब्लॉकों में दरारें (cracks) और दोष (defects) का पता लगाना (NDT – Non-Destructive Testing)।
- अन्य अनुप्रयोग: चिकित्सा (सोनोग्राफी), सफाई (ज्वैलरी), SONAR, दूरी मापना।
Quick Facts:
- अल्ट्रासाउंड में 20 kHz से अधिक आवृत्ति होती है।
- यह मानव कान के लिए अश्रव्य है, पर उच्च ऊर्जा वहन करता है।
एक SONAR में मौजूद मुख्य उपकरण क्या हैं, जिसका उपयोग पानी के नीचे मौजूद वस्तुओं की दूरी, दिशा और गति का पता लगाने के लिए किया जाता है?
- स्पीकर और माइक्रोफोन
- एम्पलीफायर और माइक्रोफोन
- ट्रांसमीटर और डिटेक्टर
- एम्पलीफायर और स्पीकर
Explanation:
- SONAR (Sound Navigation And Ranging) में ट्रांसमीटर (transmitter) अल्ट्रासाउंड तरंगें भेजता है, और डिटेक्टर (detector) उनके परावर्तन (echo) को ग्रहण करता है।
- समय और चाल के आधार पर दूरी, दिशा और गति का पता लगाया जाता है।
Quick Facts:
- SONAR का उपयोग पनडुब्बियों, समुद्र तल मानचित्रण, मछली पकड़ने में होता है।
- यह ध्वनि के परावर्तन (echo) के सिद्धांत पर कार्य करता है।
किसी हॉल या कमरे में अनुरणन (reverberation) का मुख्य कारण क्या है?
- वायु तापमान में परिवर्तन
- मृदु पदार्थों द्वारा ध्वनि का अवशोषण
- ध्वनि तरंगों का बंकन
- कठोर पृष्ठों से ध्वनि का बहु परावर्तन
Explanation:
- अनुरणन (reverberation) = कठोर सतहों (दीवार, छत, फर्श) से ध्वनि के बार-बार परावर्तन (multiple reflections) के कारण ध्वनि का कुछ समय तक बने रहना।
- यह तब अधिक होता है जब सतहें ध्वनि को अवशोषित करने के बजाय परावर्तित करती हैं।
Quick Facts:
- अत्यधिक अनुरणन → ध्वनि अस्पष्ट (मफल) हो जाती है।
- उपचार: ध्वनि-अवशोषक सामग्री (पर्दे, कार्पेट, फोम) लगाना।
मेगाफोन, लाउडहेलर, हॉर्न तथा तुरही एवं शहनाई जैसे वायु यंत्रों को निम्नलिखित में से किस उद्देश्य के लिए डिज़ाइन किया गया है?
- ध्वनि तरंगों को अवशोषित करने के लिए
- ध्वनि को एक विशिष्ट दिशा में भेजने के लिए
- ध्वनि का सभी दिशाओं में समान रूप से प्रसारण करने के लिए
- ध्वनि की प्रबलता को कम करने के लिए
Explanation:
- मेगाफोन, लाउडहेलर, हॉर्न और वायु यंत्र (तुरही, शहनाई) ध्वनि को एक विशिष्ट दिशा (specific direction) में केंद्रित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
- ये ध्वनि के एकाधिक परावर्तन (multiple reflections) का उपयोग करके उसे आगे की ओर प्रेषित करते हैं, जिससे वह सभी दिशाओं में बिखरती नहीं है।
Quick Facts:
- ये उपकरण ध्वनि को दिशात्मक (directional) बनाते हैं, जिससे वह लंबी दूरी तक जा सकती है।
- इनका आकार शंक्वाकार (conical) होता है, जो ध्वनि को परावर्तित करके केंद्रित करता है।
ध्वनि तरंग का आयाम निम्नलिखित में से किस पर निर्भर करता है?
- वस्तु की गुणवत्ता
- वस्तु की सामग्री
- वस्तु का तापमान
- वह बल जिसके साथ कोई वस्तु कंपन करती है।
Explanation:
- ध्वनि तरंग का आयाम (amplitude) उस बल (force) पर निर्भर करता है, जिससे वस्तु कंपन करती है (अधिक बल → अधिक आयाम → तेज ध्वनि)।
- यह ध्वनि की प्रबलता (loudness) को निर्धारित करता है।
Quick Facts:
- आयाम = संतुलन स्थिति से अधिकतम विस्थापन।
- प्रबलता ∝ आयाम² (तीव्रता = (आयाम)²)
अनुरणन क्या है?
- सभी दिशाओं में ध्वनि का प्रसार होना
- ध्वनि के तारत्व में परिवर्तन होना
- वायु में ध्वनि ऊर्जा का क्षय होना
- ध्वनि तरंगों के बहुपरावर्तनों के कारण ध्वनि-निर्वध होना
Explanation:
- अनुरणन (Reverberation) = ध्वनि तरंगों के बहु-परावर्तन (multiple reflections) के कारण ध्वनि का कुछ समय तक बने रहना (persistence of sound)।
- यह मूल ध्वनि बंद होने के बाद भी बनी रहती है, जिससे ध्वनि अस्पष्ट हो सकती है।
Quick Facts:
- अनुरणन और प्रतिध्वनि (echo) में अंतर: अनुरणन बार-बार परावर्तन, प्रतिध्वनि एकल स्पष्ट पुनरावृत्ति।
- अत्यधिक अनुरणन को नियंत्रित करने के लिए अवशोषक सामग्रियों का उपयोग किया जाता है।
एक लड़के ने एक चट्टान के पास ताली बजाई और 3 सेकंड के बाद उसे प्रतिध्वनि सुनाई दिया। यदि ध्वनि की गति 346 मीटरसेकंड⁻¹ है तो वह लड़का चट्टान से कितनी दूर है?
- 219 मीटर
- 341 मीटर
- 346 मीटर
- 519 मीटर
Equation: d = v × t/2 = 346 × 3/2 = 519 m
Explanation:
- ध्वनि को चट्टान तक जाने और वापस आने में t = 3 s लगता है।
- कुल दूरी = v × t = 346 × 3 = 1038 m
- लड़के और चट्टान के बीच की दूरी = कुल दूरी / 2 = 1038 / 2 = 519 m
Quick Facts:
- प्रतिध्वनि (echo) में तय की गई दूरी = 2 × (स्रोत और परावर्तक के बीच की दूरी)
- d = v × t / 2 (मूल सूत्र)
कौन-सा उपकरण दिल की धड़कन का पता लगाने में सहायता करता है?
- श्वसनमापी
- थर्मामीटर
- स्टेथोस्कोप
- रक्तदाबमापी
Explanation:
- स्टेथोस्कोप (stethoscope) का उपयोग हृदय की धड़कन (heartbeat) और फेफड़ों की आवाज़ सुनने के लिए किया जाता है।
- यह ध्वनि के परावर्तन (reflection) के सिद्धांत पर कार्य करता है।
Quick Facts:
- श्वसनमापी (spirometer): फेफड़ों की क्षमता मापता है।
- रक्तदाबमापी (sphygmomanometer): रक्तचाप मापता है।
ध्वनि तरंग __________ पर यात्रा करती है।
- विभिन्न माध्यमों में भिन्न चाल
- विभिन्न माध्यमों में समान चाल
- लकड़ी में 10 मी/सेकंड
- एक ही माध्यम में भिन्न चाल
Explanation:
- ध्वनि की चाल माध्यम पर निर्भर करती है: ठोस > द्रव > गैस (सामान्यतः)।
- यह तापमान, घनत्व, प्रत्यास्थता आदि पर भी निर्भर करती है, इसलिए विभिन्न माध्यमों में भिन्न-भिन्न चाल होती है।
Quick Facts:
- वायु में चाल ≈ 340 m/s, जल में ≈ 1480 m/s, इस्पात में ≈ 5000 m/s
- एक ही माध्यम में भी, तापमान बदलने पर चाल बदलती है (v ∝ √T)
चमगादड़ परावर्तित ____ प्राप्त कर रास्ते की रुकावटों का पता लगाते हैं।
- अवध्वनिक तरंगें
- रेडियो तरंगें
- पराश्रव्य तरंगें
- विद्युत-चुंबकीय तरंगें
Explanation:
- चमगादड़ (bats) पराश्रव्य (ultrasound, > 20 kHz) तरंगें उत्सर्जित करते हैं और उनके परावर्तन (echo) को ग्रहण करके रास्ते में आने वाली बाधाओं (obstacles) और शिकार (prey) का पता लगाते हैं।
- इसे ‘इकोलोकेशन’ (echolocation) कहते हैं।
Quick Facts:
- इकोलोकेशन: SONAR का जैविक संस्करण (डॉल्फ़िन, व्हेल भी उपयोग करती हैं)।
- अल्ट्रासाउंड की उच्च आवृत्ति छोटी वस्तुओं का पता लगाने में सहायक होती है।
अलग-अलग प्रतिध्वनि सुनने के लिए, बाधा की न्यूनतम दूरी ध्वनि का स्रोत ____ होनी चाहिए।
- 17.2 m
- 172 m
- 34.4 m
- 344 m
Explanation:
- प्रतिध्वनि (echo) को अलग से सुनने के लिए, मूल ध्वनि और परावर्तित ध्वनि के बीच न्यूनतम समय अंतराल 0.1 s होना चाहिए।
- ध्वनि की चाल ≈ 344 m/s (22°C पर) लेने पर, न्यूनतम दूरी = v × t / 2 = 344 × 0.1 / 2 = 17.2 m
Quick Facts:
- यह मान 22°C पर वायु में ध्वनि की चाल पर आधारित है (344 m/s)
- यदि ध्वनि की चाल 340 m/s लें, तो न्यूनतम दूरी ≈ 17 m होगी।
निम्नलिखित में से कौन सा निर्वात में यात्रा नहीं कर सकता है?
- ऊष्मा
- ध्वनि
- प्रकाश
- UV किरणें
Explanation:
- ध्वनि एक यांत्रिक तरंग (mechanical wave) है, जिसे संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है।
- निर्वात (vacuum) में कोई कण नहीं हैं, इसलिए ध्वनि वहाँ यात्रा नहीं कर सकती।
- ऊष्मा (विकिरण द्वारा), प्रकाश और UV किरणें विद्युत-चुंबकीय तरंगें हैं, जो निर्वात में यात्रा कर सकती हैं।
Quick Facts:
- विद्युत-चुंबकीय तरंगें: प्रकाश, रेडियो, X-किरणें, UV, IR – सभी निर्वात में यात्रा कर सकते हैं।
- ध्वनि: माध्यम (ठोस, द्रव, गैस) अनिवार्य।
25°C पर विभिन्न माध्यमों में ध्वनि की चाल के बारे में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही/गलत है?
- A. जल (समुद्री जल) में, ध्वनि की चाल 1531 m/s होती है।
- B. हवा में, ध्वनि की चाल 346 m/s होती है।
- केवल B सही है।
- केवल A सही है।
- न तो A और न ही B सही है।
- A और B दोनों सही है।
Explanation:
- 25°C पर समुद्री जल (sea water) में ध्वनि की चाल ≈ 1531 m/s (सत्य)।
- 25°C पर वायु (air) में ध्वनि की चाल ≈ 346 m/s (सत्य) (0°C पर 331 m/s, 20°C पर 343 m/s, 25°C पर ≈ 346 m/s)।
- अतः A और B दोनों सत्य हैं।
Quick Facts:
- वायु में ध्वनि की चाल: 0°C पर 331 m/s, 20°C पर 343 m/s, 25°C पर 346 m/s
- तापमान बढ़ने पर चाल बढ़ती है (v = v₀ + 0.61 × T, T = °C)
समुद्र में वस्तुओं का पता लगाने के लिए कौन सी तकनीक ध्वनिक तरंगों का उपयोग करती है?
- सोनार
- लिडार
- इको-साउंडर
- एसएआर
Explanation:
- सोनार (SONAR – Sound Navigation and Ranging) ध्वनिक तरंगों (अल्ट्रासाउंड) का उपयोग समुद्र में वस्तुओं की दूरी, दिशा और गति का पता लगाने के लिए करता है।
- लिडार (LIDAR) प्रकाश (लेजर) का उपयोग करता है, SAR (Synthetic Aperture Radar) रेडार का उपयोग करता है। इको-साउंडर भी ध्वनि का उपयोग करता है, पर सोनार अधिक सामान्य और व्यापक तकनीक है।
Quick Facts:
- सोनार का उपयोग नौसेना (पनडुब्बी), मछली पकड़ने और समुद्र तल मानचित्रण में किया जाता है।
- यह ध्वनि के परावर्तन (echo) के सिद्धांत पर कार्य करता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- ध्वनि वायु की तुलना में जल में तेजी से चलती है।
- ध्वनि द्रवों की तुलना में गैसों में मंद गति से चलती है।
- ध्वनि निर्वात में भी चल सकती है।
- ध्वनि ठोस पदार्थों में सबसे तेज चलती है।
Explanation:
- ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है, जिसे संचरण के लिए माध्यम (ठोस, द्रव, गैस) की आवश्यकता होती है।
- निर्वात (vacuum) में कोई माध्यम नहीं होता, इसलिए ध्वनि निर्वात में नहीं चल सकती।
- अन्य कथन सत्य हैं: ध्वनि ठोस > द्रव > गैस (चाल का क्रम)।
Quick Facts:
- ध्वनि की चाल: ठोस (≈ 5000 m/s) > द्रव (≈ 1500 m/s) > गैस (≈ 340 m/s)
- निर्वात में प्रकाश चल सकता है, ध्वनि नहीं।
ध्वनि तरंगों की गति 700 मीटर सेकंड⁻¹ है। 7 किमी की यात्रा में ध्वनि तरंगों को कितना समय लगेगा?
- 5 सेकंड
- 100 सेकंड
- 10 सेकंड
- 50 सेकंड
Equation: t = d/v = 7000/700 = 10 s
Explanation:
- दूरी (d) = 7 km = 7000 m, चाल (v) = 700 m/s
- समय (t) = d/v = 7000/700 = 10 s
Quick Facts:
- समय = दूरी / चाल
- यह ध्वनि की गति का सरल अनुप्रयोग है।
ध्वनि संचरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- ध्वनि ठोसों की तुलना में गैसों में अधिक तेजी से यात्रा करती है।
- ध्वनि संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है।
- ध्वनि निर्वात में यात्रा कर सकती है।
- ध्वनि वायु में अनुप्रस्थ तरंगों के रूप में यात्रा करती है।
Explanation:
- ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है, जिसे संचरण के लिए माध्यम (medium) की आवश्यकता होती है (यह निर्वात में नहीं चल सकती)।
- यह वायु में अनुदैर्ध्य (longitudinal) तरंग के रूप में चलती है, अनुप्रस्थ (transverse) नहीं।
Quick Facts:
- प्रकाश (विद्युत चुम्बकीय तरंग) निर्वात में चल सकता है, ध्वनि नहीं।
- ध्वनि ठोस में सबसे तेज (कण निकट होते हैं)।
एकल आवृत्ति की ध्वनि को ________ कहा जाता है।
- नोट
- स्वर
- श्वेत शोर
- गुलाबी शोर
Explanation:
- एकल आवृत्ति (single frequency) की ध्वनि को ‘स्वर’ (Tone) कहते हैं।
- ‘नोट’ (Note) एक विशिष्ट आवृत्ति का संगीत स्वर होता है, पर ‘स्वर’ अधिक सटीक है।
- श्वेत/गुलाबी शोर कई आवृत्तियों का मिश्रण होते हैं।
Quick Facts:
- स्वर (Tone) = शुद्ध आवृत्ति (जैसे ट्यूनिंग फोर्क)
- शोर (Noise) = अव्यवस्थित मिश्रण
स्टेथोस्कोप किस सिद्धांत पर कार्य करता है?
- ध्वनि का अपवर्तन
- ध्वनि का बहु परावर्तन
- ध्वनि का विक्षेपण
- ध्वनि का विवर्तन
Explanation:
- स्टेथोस्कोप (Stethoscope) ध्वनि के बहु-परावर्तन (multiple reflection) के सिद्धांत पर कार्य करता है।
- हृदय या फेफड़ों की ध्वनि ट्यूब की दीवारों से बार-बार परावर्तित होकर कान तक पहुँचती है।
Quick Facts:
- स्टेथोस्कोप में ध्वनि का क्षय कम करने के लिए ट्यूब को छोटा और चिकना रखा जाता है।
- इसका आविष्कार रेने लेनेक (René Laennec) ने किया था।
मेगाफोन, हॉर्न और स्टेथोस्कोप वे उपकरण हैं, जिनका उपयोग ________ के लिए किया जाता है।
- ध्वनि के आयाम को नियंत्रित करने
- तारत्व बदलने
- ध्वनि का उत्पादन, संचरण और प्रवर्धन करने
- ध्वनि को अवशोषित करने
Explanation:
- मेगाफोन (Megaphone), हॉर्न (Horn) और स्टेथोस्कोप (Stethoscope) का उपयोग ध्वनि के उत्पादन, संचरण और प्रवर्धन (amplification) के लिए किया जाता है।
- ये उपकरण ध्वनि को एक दिशा में निर्देशित करते हैं और इसकी तीव्रता बढ़ाते हैं (बहु-परावर्तन द्वारा)।
Quick Facts:
- मेगाफोन: ध्वनि को दूर तक ले जाने के लिए।
- स्टेथोस्कोप: शरीर के आंतरिक ध्वनियों को सुनने के लिए (विपरीत दिशा में प्रवर्धन)।
निम्नलिखित में से कौन सा उपधातुओं का गुण है?
- अर्धचालक
- तन्य
- ध्वनिक
- आघातवर्ध्य
Explanation:
- उपधातु (Metalloids) (जैसे Si, Ge, As, Sb) अर्धचालक (semiconductor) होते हैं (इनकी विद्युत चालकता धातु और अधातु के बीच होती है)।
- तन्य, आघातवर्ध्य (धातुओं के गुण), ध्वनिक (ध्वनि उत्पन्न करने वाला) – ये धातुओं के गुण हैं।
Quick Facts:
- उपधातु: Si, Ge, As, Sb, Te, B (सीमांत मामले)
- अर्धचालकों का उपयोग ट्रांजिस्टर, चिप्स आदि में होता है।
मरीज के दिल की धड़कन की आवाज छाती से स्टेथोस्कोप के माध्यम से डॉक्टर के कान तक कैसे पहुंचती है?
- विद्युत संकेतों में परिवर्तित करके
- ध्वनि तरंगों के अपवर्तन द्वारा
- बिना परावर्तन के प्रत्यक्ष संचरण द्वारा
- ध्वनि के बहु-परावर्तन द्वारा
Explanation:
- स्टेथोस्कोप में, हृदय की ध्वनि ट्यूब के अंदर बार-बार परावर्तित (multiple reflections) होती है और कान तक पहुँचती है।
- यही बहु-परावर्तन का सिद्धांत है।
Quick Facts:
- स्टेथोस्कोप ट्यूब का व्यास और लंबाई ध्वनि की गुणवत्ता को प्रभावित करती है।
- यह एक ‘ध्वनिक तरंग’ का अनुप्रयोग है।
मानव कान ________ आवृत्ति से अधिक की ध्वनियों को नहीं सुन सकता है।
- 2 kHz
- 100 Hz
- 20 kHz
- 300 Hz
Explanation:
- मानव कान की श्रव्य सीमा (audible range) 20 Hz से 20,000 Hz (20 kHz) तक होती है।
- 20 kHz से अधिक आवृत्ति की ध्वनियाँ ‘अल्ट्रासाउंड’ (ultrasonic) कहलाती हैं, जिन्हें मनुष्य नहीं सुन सकता।
Quick Facts:
- 20 Hz से कम: इन्फ्रासाउंड (infrasound)
- अल्ट्रासाउंड का उपयोग चिकित्सा (अल्ट्रासोनोग्राफी), सोनार, सफाई आदि में होता है।
एक माध्यम में एक ध्वनि तरंग की तरंगदैर्घ्य कितनी है, जिसकी आवृत्ति 840 Hz और गति 380 m/s सेकंड है?
- 5.45 मी
- 1.45 मी
- 0.45 मी
- 2.45 मी
Equation: λ = v/f = 380/840 ≈ 0.45 m
Explanation:
- तरंगदैर्घ्य (λ) = चाल (v) / आवृत्ति (f)
- λ = 380 / 840 = 0.45238 ≈ 0.45 m
Quick Facts:
- v = fλ (तरंग समीकरण)
- आवृत्ति (Hz) = 1/आवर्तकाल (T)
कॉन्सर्ट हॉल और सिनेमा हॉल जैसे स्थानों की छतें प्रायः वक्रित क्यों बनाई जाती है?
- इमारत का आकार कम करने के लिए
- हॉल को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए
- ध्वनि को परावर्तित होने से रोकने के लिए
- ध्वनि को परावर्तित करने और हॉल के सभी भागों तक पहुँचने में मदद करने के लिए
Explanation:
- वक्रित (धनुषाकार) छतें ध्वनि को परावर्तित (reflect) करके हॉल के सभी कोनों तक पहुँचाती हैं, जिससे ध्वनि की गुणवत्ता (acoustics) बेहतर होती है।
- यह ध्वनि के परावर्तन के सिद्धांत पर आधारित है।
Quick Facts:
- अवशोषक पदार्थ (जैसे पर्दे, कार्पेट) का उपयोग अनावश्यक प्रतिध्वनि (echo) को कम करने के लिए किया जाता है।
- वक्रित सतहें ध्वनि को केंद्रित (focus) करती हैं।
मनुष्यों के लिए ध्वनि की श्रव्य परास ________ होती है।
- 10 Hz से 10000 Hz तक
- 10 Hz से 1000 Hz तक
- 20 Hz से 20000 Hz तक
- 10 Hz से 2000 Hz तक
Explanation:
- मानव कान 20 Hz से 20,000 Hz (20 kHz) तक की ध्वनियाँ सुन सकता है।
- यह श्रव्य परास (audible range) कहलाती है।
Quick Facts:
- बच्चे वयस्कों की तुलना में अधिक उच्च आवृत्ति (≈ 20 kHz) सुन सकते हैं।
- उम्र बढ़ने के साथ श्रव्य परास घटती है (प्रेसबायकुसिस)।
जब ध्वनि उत्पन्न करने वाला स्रोत ध्वनि से अधिक गति के साथ चलता है, तो हवा में प्रघाती तरंगें उत्पन्न होती हैं। इन प्रघाती तरंगों द्वारा निर्मित बहुत तेज और जोरदार ध्वनि क्या कहलाती है?
- ध्वनि बूम
- सामान्य ध्वनि
- अवरक्त ध्वनि
- ध्वनि गरज
Explanation:
- जब कोई वस्तु ध्वनि की चाल (≈ 340 m/s) से अधिक गति से चलती है (सुपरसोनिक), तो वह ‘ध्वनि बूम’ (Sonic boom) उत्पन्न करती है।
- यह प्रघाती तरंगें (shock waves) के कारण होता है, जो एक जोरदार विस्फोट जैसी ध्वनि उत्पन्न करती हैं।
Quick Facts:
- सुपरसोनिक विमान (जैसे कॉनकॉर्ड) ध्वनि बूम उत्पन्न करते हैं।
- यह ध्वनि के डॉप्लर प्रभाव से संबंधित है, पर इससे अलग है।
छोटे कमरे में प्रतिध्वनि स्पष्ट रूप से न सुनाई देने का मुख्य कारण क्या होता है?
- ध्वनि की आवृत्ति बहुत अधिक है
- ध्वनि बहुत धीमी गति से यात्रा करती है
- कम दूरी पर ध्वनि की तीव्रता बहुत तेजी से कम हो जाती है
- मूल ध्वनि और प्रतिध्वनि के बीच का समय अंतराल बहुत छोटा है
Explanation:
- प्रतिध्वनि (echo) सुनने के लिए, मूल ध्वनि और परावर्तित ध्वनि के बीच न्यूनतम 0.1 सेकंड का अंतर होना चाहिए।
- छोटे कमरे में, दूरी कम होने के कारण, यह अंतर 0.1 s से कम होता है, इसलिए प्रतिध्वनि स्पष्ट नहीं सुनाई देती (मानव कान उन्हें पृथक नहीं कर पाता)।
Quick Facts:
- प्रतिध्वनि के लिए न्यूनतम दूरी = v × t / 2 = 344 × 0.1 / 2 = 17.2 m
- छोटे कमरे की दूरी इससे कम होती है, इसलिए प्रतिध्वनि नहीं सुनाई देती।
मानव कान की सामान्य श्रव्य सीमा क्या है?
- 20 हर्ट्ज से 20 किलोहर्ट्ज
- 40 हर्ट्ज से 4000 हर्ट्ज
- 25 हर्ट्ज से 1500 हर्ट्ज
- 35 हर्ट्ज से 3400 हर्ट्ज
Explanation:
- मानव कान की श्रव्य सीमा 20 Hz से 20,000 Hz (20 kHz) है।
- यह सभी आयु वर्गों के लिए औसत है (बच्चों में अधिक, वृद्धों में कम)।
Quick Facts:
- कुत्ते 40 kHz तक, चमगादड़ 100 kHz तक सुन सकते हैं।
- श्रव्य सीमा से ऊपर: अल्ट्रासाउंड, नीचे: इन्फ्रासाउंड।
निम्नलिखित में से किस माध्यम में ध्वनि सबसे तेज यात्रा करती है?
- गैस
- निर्वात
- तरल
- ठोस
Explanation:
- ध्वनि की चाल: ठोस > द्रव > गैस
- ठोस में कण सबसे निकट होते हैं, जिससे विक्षोभ (disturbance) तेजी से संचरित होता है।
- निर्वात में ध्वनि चल ही नहीं सकती।
Quick Facts:
- इस्पात में ध्वनि की चाल ≈ 5000 m/s, जल में ≈ 1480 m/s, वायु में ≈ 340 m/s
- चाल = √(प्रत्यास्थता / घनत्व) (E/ρ)
धातुओं को पीटकर पतली धातु बनाने की क्षमता कहलाती है-
- आघातवर्ध्य
- सोनोरस
- प्रवाहक
- लचीलापन
Explanation:
- धातुओं को पीटकर पतली चादर (sheet) बनाने की क्षमता ‘आघातवर्ध्यता’ (Malleability) कहलाती है।
- सोनोरस (Sonorous) = ध्वनि उत्पन्न करना (बजना), प्रवाहक = विद्युत/ऊष्मा चालन, लचीलापन = तन्यता (Ductility) – पतले तार में खींचना।
Quick Facts:
- सोना (Au) सबसे अधिक आघातवर्ध्य धातु है।
- आघातवर्ध्यता = पीटना, तन्यता = खींचना।
जब कोई ध्वनि उत्पन्न होती है, तो माध्यम से क्या यात्रा करता है?
- कण और विक्षोभ दोनों
- न तो कण और न ही विक्षोभ
- माध्यम के कण
- ध्वनि स्रोत द्वारा उत्पन्न विक्षोभ
Explanation:
- ध्वनि तरंग में, माध्यम के कण अपनी स्थिति के चारों ओर दोलन (vibrate) करते हैं, पर वे एक स्थान से दूसरे स्थान तक नहीं जाते (विक्षोभ (disturbance) यात्रा करता है)।
- यह विक्षोभ (ऊर्जा) कणों के बीच संघट्ट द्वारा संचरित होती है।
Quick Facts:
- ध्वनि तरंग अनुदैर्ध्य (longitudinal) होती है – कण तरंग के समानांतर दोलन करते हैं।
- उदाहरण: स्लिंकी (स्प्रिंग) में संपीडन और विरलन चलते हैं।
ध्वनि संचरण के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- ध्वनि गैसों में सबसे तेज, द्रवों में धीमी तथा ठोसों में सबसे धीमी होती है।
- ध्वनि ठोस पदार्थों में सबसे तेज, द्रव पदार्थों में धीमी तथा गैसों में सबसे धीमी होती है।
- ध्वनि सभी माध्यमों में समान गति से यात्रा करती है।
- ध्वनि निर्वात में भी यात्रा कर सकती है।
Explanation:
- ध्वनि की चाल का क्रम: ठोस > द्रव > गैस
- ऐसा इसलिए क्योंकि ठोसों में अणुओं के बीच आकर्षण बल अधिक होता है, जिससे विक्षोभ तेजी से संचरित होता है।
Quick Facts:
- ध्वनि चाल = √(प्रत्यास्थता मापांक / घनत्व)
- तापमान बढ़ने पर गैसों में ध्वनि की चाल बढ़ती है (v ∝ √T)।
निम्नलिखित में से कौन ध्वनि की विशेषता नहीं है?
- तारत्व
- कंपन
- प्रबलता
- गुणता
Explanation:
- ध्वनि की विशेषताएँ (characteristics) हैं: तारत्व (Pitch), प्रबलता (Loudness), गुणता (Quality/Timbre)।
- कंपन (Vibration) ध्वनि उत्पन्न करने का कारण है, न कि ध्वनि की विशेषता।
Quick Facts:
- तारत्व → आवृत्ति (frequency) पर निर्भर
- प्रबलता → आयाम (amplitude) पर निर्भर
- गुणता → तरंगरूप (waveform) पर निर्भर
एक व्यक्ति ने चट्टान के पास अपने हाथों से ताली बजाई और 6 s के बाद उसे प्रतिध्वनि सुनाई दी। व्यक्ति से चट्टान की दूरी ज्ञात कीजिए? (v = 346 ms⁻¹ मान लें)
- 1038 m
- 1083 m
- 2076 m
- 2706 m
Equation: d = v × t/2 = 346 × 6/2 = 1038 m
Explanation:
- प्रतिध्वनि (echo) में, ध्वनि स्रोत से चट्टान तक और वापस आने में कुल समय t = 6 s लगता है।
- एक तरफ की दूरी (d) = v × t / 2 = 346 × 6 / 2 = 1038 m
Quick Facts:
- प्रतिध्वनि की दूरी = (चाल × समय) / 2
- यह सूत्र परावर्तन (echo) पर आधारित है।
