SCIENCE
सल्फर परमाणु का द्रव्यमान संख्या क्या है?
- 35.5
- 32
- 37
- 31
Explanation:
- सल्फर (S) का सबसे सामान्य समस्थानिक S-32 है, जिसकी द्रव्यमान संख्या 32 है।
- 35.5 क्लोरीन (Cl) का परमाणु द्रव्यमान है, सल्फर का नहीं।
- सल्फर का परमाणु क्रमांक 16 है, द्रव्यमान संख्या 32 (प्रोटॉन 16 + न्यूट्रॉन 16)।
Quick Facts:
- सल्फर की परमाणु संख्या = 16, इलेक्ट्रॉन विन्यास = 2, 8, 6
- सल्फर एक अधातु है, समूह 16 (चाकोजेन) में स्थित है।
एम्पीयर का परिमाण प्राथमिक आवेश के संख्यात्मक मान को _____ के बराबर निर्धारित करके निर्धारित किया जाता है।
- 1.624432754 × 10⁻¹⁷ C
- 1.655908436 × 10⁻¹⁸ C
- 1.602176634 × 10⁻¹⁹ C
- 1.611547243 × 10⁻¹⁹ C
Explanation:
- प्राथमिक आवेश (elementary charge) का मान 1.602176634 × 10⁻¹⁹ C है, जो एक इलेक्ट्रॉन (या प्रोटॉन) पर आवेश है।
- यह मान SI में एम्पीयर की परिभाषा के लिए उपयोग किया जाता है।
Quick Facts:
- 1 C = 1/(1.602176634 × 10⁻¹⁹) ≈ 6.24 × 10¹⁸ इलेक्ट्रॉन
- प्राथमिक आवेश को ‘e’ से व्यक्त करते हैं।
बायो-गैस एक उत्कृष्ट ईंधन है क्योंकि इसमें मीथेन की मात्रा _____% तक होती है।
- 85
- 70
- 50
- 80
Explanation:
- बायो-गैस (biogas) में मुख्यतः मीथेन (CH₄) 50-75% (सामान्यतः 65-70%) होती है, साथ ही CO₂, H₂S, N₂ आदि भी होते हैं।
- दिए गए विकल्पों में 70% सबसे उपयुक्त है (सामान्यतः 65-70% मीथेन)।
Quick Facts:
- बायो-गैस कार्बनिक पदार्थों के अवायवीय किण्वन (anaerobic digestion) से बनती है।
- इसका उपयोग खाना पकाने, बिजली उत्पादन आदि में होता है।
निम्नलिखित विकल्पों में से कौन-सा, आवृत्ति (v) और समय अवधि (T) के बीच संबंध का सही वर्णन करता है?
- v = T
- v = T²
- v = 1/T
- v = 1/T²
Explanation:
- आवृत्ति (frequency, v) = 1 / समय अवधि (time period, T)
- यदि T = 0.1 s, तो v = 10 Hz
Quick Facts:
- आवृत्ति की SI इकाई हर्ट्ज़ (Hz) है, 1 Hz = 1 साइकिल/सेकंड।
- समय अवधि की SI इकाई सेकंड (s) है।
यदि एकल घुमाव वाली वृत्ताकार कुंडली के कारण चुंबकीय क्षेत्र B है। तब 10 घुमावों वाली वृत्ताकार कुंडली के कारण चुंबकीय क्षेत्र का मान क्या होगा? (अन्य प्राचल समान रखे जाने हैं)
- 10 B
- 5 B
- 100 B
- B
Explanation:
- वृत्ताकार कुंडली के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र B ∝ घुमावों की संख्या (N)।
- यदि N = 1 पर B है, तो N = 10 पर B’ = 10 B
- B = μ₀ N I / (2r), अतः N के अनुक्रमानुपाती।
Quick Facts:
- चुंबकीय क्षेत्र धारा (I) और घुमावों (N) के सीधे अनुपात में, त्रिज्या (r) के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
किसी ध्वनि स्रोत की आवृत्ति 50 Hz है। यह एक मिनट में कितने कंपन पूरे करता है?
- 5000
- 50
- 600
- 3000
Explanation:
- आवृत्ति (f) = 50 Hz = 50 कंपन/सेकंड
- 1 मिनट = 60 सेकंड, अतः कंपन = 50 × 60 = 3000
Quick Facts:
- कंपनों की संख्या = आवृत्ति × समय
- ध्वनि की आवृत्ति जितनी अधिक, स्वर उतना ही तीक्ष्ण (sharp) होता है।
एक ध्वनि तंत्र की आवृत्ति 250 Hz है। इसका आवर्तकाल कितना होगा?
- 0.004 s
- 0.25 s
- 25 s
- 40 s
Explanation:
- आवर्तकाल (T) = 1/आवृत्ति (f) = 1/250 = 0.004 s
Quick Facts:
- T = 1/f, f = 1/T
- 0.004 s = 4 ms (मिलीसेकंड)
यदि कोई मशीन ‘L’ भार उठाती है और भार द्वारा तय की गई दूरी ‘Ld’ है, तो भार द्वारा किया गया कार्य ______ होगा।
- L × Ld
- L/Ld
- Ld/L
- L + Ld
Explanation:
- कार्य (Work) = बल (Force) × विस्थापन (Displacement) = L × Ld
- यहाँ L भार (बल) है, Ld विस्थापन है।
Quick Facts:
- यदि बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों तो W = F × s
- कार्य की SI इकाई जूल (J) है।
एक उत्तल दर्पण बिंब के आकार का आधा प्रतिबिंब बनाता है। आवर्धन मान कितना है?
- -0.5
- 1
- 0.5
- 2
Explanation:
- उत्तल दर्पण सदैव आभासी, सीधा (erect) और छोटा (diminished) प्रतिबिंब बनाता है, अतः आवर्धन (m) धनात्मक और 1 से कम होता है।
- यदि प्रतिबिंब वस्तु का आधा है, तो m = +0.5 (या 1/2)
Quick Facts:
- m = -v/u (चिह्न परिपाटी), उत्तल दर्पण के लिए v धनात्मक, u ऋणात्मक, अतः m धनात्मक।
- |m| < 1 का अर्थ है प्रतिबिंब छोटा।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, क्रमशः विद्युत शक्ति के SI मात्रक (unit) और विद्युत ऊर्जा के वाणिज्यिक मात्रक (commercial unit) का सही वर्णन करता है?
- वाट (W); जूल (J)
- वाट (W); किलोवाट-घंटा (kWh)
- किलोवाट-घंटा (kWh); वाट (W)
- वोल्ट (V); जूल (J)
Explanation:
- विद्युत शक्ति (Power) की SI इकाई = वाट (W) = जूल/सेकंड
- विद्युत ऊर्जा (Energy) का वाणिज्यिक मात्रक = किलोवाट-घंटा (kWh)
- 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J
Quick Facts:
- विद्युत शक्ति = V × I = I²R = V²/R
- विद्युत ऊर्जा = शक्ति × समय
कैंसर के ऊतकों की जाँच के लिए ______ की जाती है। A. बायोप्सी B. बायोस्कोपी C. कोलेडोलोजी D. रेडियोग्राफी
- A
- B
- C
- D
Explanation:
- बायोप्सी (Biopsy) में ऊतक (tissue) का एक छोटा सा नमूना लेकर माइक्रोस्कोप से जाँच की जाती है, जिससे कैंसर का पता चलता है।
- बायोस्कोपी (Bioscopy) कोई मानक परीक्षण नहीं है, कोलेडोलोजी (Choledochology) पित्त नलिका से संबंधित है, रेडियोग्राफी (Radiography) X-ray आधारित इमेजिंग है।
Quick Facts:
- बायोप्सी कैंसर के निदान के लिए स्वर्ण मानक (gold standard) है।
- इसमें पैथोलॉजिस्ट द्वारा कोशिकाओं की जाँच की जाती है।
मानक तापमान और दबाव (STP) पर ऑक्सीजन गैस पर विचार करें। STP पर ऑक्सीजन अणुओं के एक मोल का अनुमानित भार (ग्राम में) क्या है?
- 64
- 8
- 32
- 16
Explanation:
- O₂ (ऑक्सीजन अणु) का मोलर द्रव्यमान = 2 × 16 = 32 g/mol
- STP पर किसी गैस के 1 मोल का द्रव्यमान उसका मोलर द्रव्यमान होता है।
Quick Facts:
- STP = 0°C (273.15 K) और 1 atm दबाव।
- STP पर 1 मोल गैस का आयतन 22.4 L होता है।
मानव में उत्सर्जन से संबंधित निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन गलत है/हैं? (i) मनुष्यों में, वृक्क वक्षीय क्षेत्र में स्थित होता है। (ii) मूत्र मूत्राशय में संग्रहीत होता है। (iii) CO₂ रक्त से फेफड़ों में हटा दिया जाता है।
- केवल (i) और (iii)
- केवल (i)
- (ii), (iii) और (iii)
- केवल (i) और (ii)
Explanation:
- कथन (i): मानव में वृक्क (kidney) वक्षीय (thoracic) क्षेत्र में नहीं, बल्कि उदर (abdominal) गुहा में, काठ (lumbar) क्षेत्र में स्थित होते हैं। अतः यह गलत है।
- कथन (ii): मूत्र (urine) मूत्राशय (urinary bladder) में संग्रहीत होता है। सत्य है।
- कथन (iii): CO₂ रक्त से फेफड़ों (lungs) में हटाया जाता है। सत्य है (श्वसन के दौरान)।
Quick Facts:
- वृक्क (kidney) उत्सर्जन (excretion) का मुख्य अंग है, जो मूत्र बनाता है।
- CO₂ को फेफड़ों द्वारा बाहर निकाला जाता है (श्वसन द्वारा)।
निम्नलिखित में से किस कारक द्वारा किसी तार का प्रतिरोध प्रभावित होता है?
- केवल तार की लंबाई और अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल
- तार की लंबाई, अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल और पदार्थ
- केवल तार का पदार्थ
- केवल तार की लंबाई
Explanation:
- प्रतिरोध R = ρ (L/A), जहाँ ρ = प्रतिरोधकता (पदार्थ पर निर्भर), L = लंबाई, A = अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल।
- अतः प्रतिरोध तार की लंबाई, क्षेत्रफल और पदार्थ (प्रतिरोधकता) पर निर्भर करता है।
Quick Facts:
- प्रतिरोधकता (ρ) तापमान पर भी निर्भर करती है (धातुओं के लिए तापमान बढ़ने पर ρ बढ़ता है)।
- R ∝ L, R ∝ 1/A
दिए गए परमाणु द्रव्यमान (N का परमाणु द्रव्यमान = 14 u और H = 1 u) का उपयोग करके अमोनिया, NH₃ का आणविक द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
- 21 u
- 42 u
- 10 u
- 17 u
Explanation:
- NH₃ = N (14 u) + 3 × H (1 u) = 14 + 3 = 17 u
Quick Facts:
- अमोनिया का आणविक सूत्र NH₃ है।
- मोलर द्रव्यमान = 17 g/mol
0.01 M HCl विलयन का pH कितना होगा?
- 8
- 18
- 2
- 12
Explanation:
- HCl एक प्रबल अम्ल है, इसलिए [H⁺] = 0.01 M = 10⁻² M
- pH = -log[H⁺] = -log(10⁻²) = 2
Quick Facts:
- pH = -log[H⁺] (जलीय विलयन के लिए 25°C पर)
- pH < 7 अम्लीय, pH = 7 उदासीन, pH > 7 क्षारीय
स्थानांतरित ऊष्मा ऊर्जा की SI मात्रक ______ में व्यक्त की जाती है।
- प्यूरियर
- जूल
- किलोवाट
- केल्विन
Explanation:
- ऊष्मा (heat) ऊर्जा का एक रूप है, इसका SI मात्रक जूल (J) है।
- प्यूरियर (Fourier) कोई मात्रक नहीं है, किलोवाट (kW) शक्ति (power) का मात्रक है, केल्विन (K) तापमान का मात्रक है।
Quick Facts:
- ऊष्मा को कैलोरी (cal) में भी मापा जाता है, 1 cal = 4.184 J
- ऊष्मा स्थानांतरण (heat transfer) तीन प्रकार का होता है: चालन, संवहन, विकिरण।
300 kg द्रव्यमान और 150 m³ आयतन वाली वस्तु का घनत्व ______ होगा।
- 2 kg/m³
- 2 kg/m³
- 2 kg/m²
- 2 kg/m²
Explanation:
- घनत्व (Density) = द्रव्यमान (Mass) / आयतन (Volume) = 300 kg / 150 m³ = 2 kg/m³
Quick Facts:
- घनत्व एक अदिश राशि है, इसका SI मात्रक kg/m³ है।
- घनत्व पदार्थ का अंतर्निहित गुण है।
असंपीडित तरल पदार्थ की प्रवाह गति मापने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?
- वेंचुरीमीटर
- ट्रांसड्यूसर
- एनिमोमीटर
- थर्मोकपल
Explanation:
- वेंचुरीमीटर (Venturimeter) असंपीड्य (incompressible) तरल (द्रव) की प्रवाह दर (flow rate) मापने के लिए उपयोग किया जाता है।
- एनिमोमीटर (Anemometer) वायु/गैस की गति मापता है, थर्मोकपल (Thermocouple) तापमान मापता है।
Quick Facts:
- वेंचुरीमीटर बर्नौली के सिद्धांत (Bernoulli’s principle) पर कार्य करता है।
- यह दबाव अंतर (pressure difference) के आधार पर प्रवाह मापता है।
गोलीय लेंसों के लिए चिह्न परिपाटी के अनुसार, उत्तल लेंस की फोकस दूरी का चिह्न क्या होता है?
- शून्य
- परिवर्तनीय
- ऋणात्मक
- धनात्मक
Explanation:
- उत्तल लेंस (अभिसारी) की फोकस दूरी (f) धनात्मक (+ve) होती है (प्रकाश की दिशा में) ।
- अवतल लेंस (अपसारी) की f ऋणात्मक होती है।
Quick Facts:
- चिह्न परिपाटी (Cartesian sign convention): सभी दूरियाँ प्रकाश की दिशा में धनात्मक, विपरीत ऋणात्मक।
- उत्तल लेंस के लिए f > 0, अवतल लेंस के लिए f < 0
कितने प्रकार की प्रकाशिक समतल पट्टिका उपस्थित होती है?
- 1
- 2
- 3
- 4
Explanation:
- प्रकाशिक समतल पट्टिका (optical flat plate) दो प्रकार की होती है: (i) एकल-पक्षीय (single-sided) और (ii) द्वि-पक्षीय (double-sided) या (i) संचरण (transmission) और (ii) परावर्तन (reflection) प्रकार।
- यह मुख्यतः प्रकाशिक इंजीनियरिंग में उपयोग होती है।
Quick Facts:
- प्रकाशिक पट्टिका का उपयोग प्रकाश की तरंग प्रकृति (हस्तक्षेप) के अध्ययन में होता है।
- यह अत्यंत सपाट (flat) सतह वाली होती है।
यदि y = 10x/z और x की इकाई cm है, तो z की इकाई होगी ____। x, y और z लंबाई को दर्शाते हैं।
- cm⁻¹
- cm⁻²
- cm²
- cm
Explanation:
- y = 10x/z, यहाँ 10 विमाहीन (dimensionless) है।
- विमीय रूप में: [y] = [x]/[z] ⇒ L = L/[z] ⇒ [z] = L, अतः z की इकाई cm है।
Quick Facts:
- विमीय विश्लेषण (dimensional analysis) भौतिक समीकरणों की सत्यता जाँचने में सहायक है।
- समीकरण में दोनों पक्षों की विमाएँ समान होनी चाहिए।
यदि विलेय और विलायक दोनों के द्रव्यमान दोनों के द्रव्यमान की सांद्रता (द्रव्यमान %) ______।
- उतनी ही रहेगी
- दोगुनी हो जाएगी
- आधी हो जाएगी
- 25% बढ़ जाएगी
Explanation:
- द्रव्यमान प्रतिशत = (विलेय का द्रव्यमान / विलयन का द्रव्यमान) × 100
- यदि विलेय और विलायक दोनों के द्रव्यमान समान अनुपात में बदलें (जैसे दोनों दोगुने हो जाएँ), तो द्रव्यमान % अपरिवर्तित रहता है।
Quick Facts:
- द्रव्यमान % = (m_solute / m_solution) × 100
- यह सांद्रता (concentration) व्यक्त करने की एक विधि है।
ऊर्जा का SI मात्रक क्या है?
- जूल
- वाट
- केल्विन
- न्यूटन
Explanation:
- ऊर्जा (Energy) का SI मात्रक जूल (J) है, 1 J = 1 N·m = 1 kg·m²/s²
- वाट (W) शक्ति का मात्रक है (1 W = 1 J/s), केल्विन (K) तापमान का, न्यूटन (N) बल का।
Quick Facts:
- ऊर्जा के अन्य मात्रक: कैलोरी, kWh, eV (इलेक्ट्रॉन वोल्ट) आदि।
- 1 cal = 4.184 J, 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J
क्राउन ग्लास का अपवर्तनांक क्या है?
- 1.97
- 1.32
- 1.09
- 1.52
Explanation:
- क्राउन ग्लास (crown glass) का अपवर्तनांक लगभग 1.52 (सामान्यतः 1.50–1.54) होता है।
- यह फ्लिंट ग्लास (≈1.65) से कम होता है।
Quick Facts:
- अपवर्तनांक प्रकाश के वेग पर निर्भर करता है (μ = c/v)
- क्राउन ग्लास का उपयोग लेंसों में किया जाता है।
एक कूलॉम आवेश में कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं?
- 625 × 10²³ इलेक्ट्रॉन
- 0.625 × 10³ इलेक्ट्रॉन
- 6.25 × 10¹⁸ इलेक्ट्रॉन
- 62.5 × 10¹³ इलेक्ट्रॉन
Explanation:
- 1 इलेक्ट्रॉन पर आवेश = 1.6 × 10⁻¹⁹ C
- 1 C में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 1 / (1.6 × 10⁻¹⁹) = 6.25 × 10¹⁸
Quick Facts:
- यह संख्या अवोगाद्रो संख्या (≈6.02 × 10²³) से संबंधित नहीं है (अवोगाद्रो 1 मोल के लिए है)।
- 1 C आवेश का परिमाण बहुत बड़ा होता है, 1 C ≈ 6.25 × 10¹⁸ इलेक्ट्रॉन।
निम्नलिखित में से कौन-सा, किसी पदार्थ की प्रतिरोधकता का सही मात्रक है?
- ओम/मीटर
- ओम
- ओम-मीटर
- मीटर/ओम
Explanation:
- प्रतिरोधकता (ρ) = R × A / L, अतः मात्रक = Ω × m² / m = Ω·m (ओम-मीटर)
- ओम (Ω) प्रतिरोध का मात्रक है।
Quick Facts:
- प्रतिरोधकता पदार्थ का अंतर्निहित गुण है, यह आकार पर निर्भर नहीं करती।
- चांदी की प्रतिरोधकता सबसे कम होती है (1.59 × 10⁻⁸ Ω·m)।
अवतल दर्पण के लिए, मुख्य अक्ष के ऊपर एक प्रतिबिंब की ऊंचाई ______।
- वस्तु की स्थिति पर निर्भर करती है
- को शून्य माना जाता है
- को धनात्मक माना जाता है
- को ऋणात्मक माना जाता है
Explanation:
- चिह्न परिपाटी के अनुसार, मुख्य अक्ष (principal axis) के ऊपर की ऊँचाई (प्रतिबिंब या वस्तु) को धनात्मक (+ve) माना जाता है, और नीचे की ऊँचाई को ऋणात्मक (-ve)।
- यह कार्तीय चिह्न परिपाटी का अनुसरण करता है।
Quick Facts:
- वास्तविक प्रतिबिंब (उल्टा) के लिए ऊँचाई ऋणात्मक, आभासी (सीधा) के लिए धनात्मक होती है।
- अवतल दर्पण में, वस्तु मुख्य अक्ष के ऊपर रखी जाती है (धनात्मक ऊँचाई)।
खालीलपैकी कोणत्या दोन ग्रहांमधील अंतर मोजण्यासाठी कोणती इकाई वापरली जाते?
- मीटर
- मील
- किलोमीटर
- प्रकाश वर्ष
Explanation:
- दो ग्रहों (या तारों) के बीच की दूरी खगोलीय (astronomical) होती है, जिसे प्रकाश-वर्ष (light year) या खगोलीय इकाई (AU) में मापा जाता है।
- 1 प्रकाश-वर्ष ≈ 9.46 × 10¹² km
Quick Facts:
- एक खगोलीय इकाई (AU) = पृथ्वी-सूर्य की दूरी ≈ 1.5 × 10⁸ km
- पारसेक (parsec) भी खगोलीय दूरी की इकाई है।
यदि एक बस, किसी उत्तल दर्पण से 5 मीटर की दूरी पर स्थित है और प्रतिबिंब दर्पण के पीछे 2.5 मीटर की दूरी पर बनता है, तो दर्पण का आवर्धन ज्ञात कीजिए।
- -0.2
- -0.5
- 0.2
- 0.5
Explanation:
- उत्तल दर्पण के लिए u = -5 m, v = +2.5 m (पीछे आभासी प्रतिबिंब)
- m = -v/u = -(+2.5)/(-5) = -2.5/-5 = 0.5
- m धनात्मक (आभासी, सीधा) और |m| < 1 (छोटा)।
Quick Facts:
- उत्तल दर्पण द्वारा बस का प्रतिबिंब छोटा और सीधा बनता है, इसलिए पीछे के दृश्य दर्पण में उपयोग होता है।
- m का मान 0.5 का अर्थ है प्रतिबिंब वस्तु का आधा आकार का है।
1 µA की माप के बराबर क्या है?
- 10⁻⁶ A
- 10⁶ A
- 10⁻³ A
- 10³ A
Explanation:
- µ (माइक्रो) = 10⁻⁶, अतः 1 µA = 10⁻⁶ A
- 1 mA = 10⁻³ A, 1 kA = 10³ A
Quick Facts:
- माइक्रोएम्पियर (µA) का उपयोग बहुत छोटी धाराओं को मापने के लिए होता है।
- धारा का SI मात्रक एम्पीयर (A) है।
मानव शरीर का सामान्य तापमान ______ होता है।
- 40°C
- 37°F
- 98.6°F
- 98.6°C
Explanation:
- मानव शरीर का सामान्य तापमान 37°C = 98.6°F होता है।
- 40°C बुखार (fever) की स्थिति है, 98.6°C असंभव है (जल का क्वथनांक), 37°F बहुत कम है।
Quick Facts:
- °F = (°C × 9/5) + 32, 37°C = 98.6°F
- शरीर का तापमान हाइपोथैलेमस (hypothalamus) द्वारा नियंत्रित होता है।
स्थिर अनुपात के नियम के अनुसार, जल (H₂O) में हमेशा हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात ______ होगा।
- 8:1
- 1:2
- 2:1
- 1:8
Explanation:
- H₂O में H का परमाणु द्रव्यमान = 1 × 2 = 2, O = 16
- H : O = 2 : 16 = 1 : 8
- यह स्थिर अनुपात का नियम (Law of Definite Proportions) दर्शाता है।
Quick Facts:
- स्थिर अनुपात का नियम: किसी यौगिक में तत्व सदैव एक निश्चित द्रव्यमान अनुपात में होते हैं।
- पानी में H : O = 1:8 (द्रव्यमान)
ऑक्सीजन के एक अणु में कितने परमाणु होते हैं?
- 3
- 4
- 2
- 5
Explanation:
- ऑक्सीजन गैस (O₂) एक द्विपरमाणुक (diatomic) अणु है, अतः इसमें 2 परमाणु होते हैं।
- ओज़ोन (O₃) में 3 परमाणु होते हैं।
Quick Facts:
- अधातु गैसें सामान्यतः द्विपरमाणुक होती हैं: H₂, N₂, O₂, F₂, Cl₂, Br₂, I₂
- O₂ का मोलर द्रव्यमान 32 g/mol है।
ऊष्मागतिक ताप को मापने के लिए प्रयुक्त SI मात्रक ______ है।
- केल्विन (Kelvin)
- सेल्सियस (Celsius)
- फारेनहाइट (Fahrenheit)
- रैंकिन (Rankine)
Explanation:
- ऊष्मागतिक (thermodynamic) ताप की SI इकाई केल्विन (K) है।
- सेल्सियस (°C) और फारेनहाइट (°F) व्यावहारिक इकाइयाँ हैं, SI नहीं।
Quick Facts:
- 0 K = -273.15°C (परम शून्य, absolute zero)
- केल्विन में ‘डिग्री’ (°) का प्रयोग नहीं होता, केवल ‘K’ लिखते हैं।
निम्नलिखित में से किनकी इकाईयां एक समान नहीं हैं?
- चाल और वेग
- त्वरण और गुरुत्व के कारण त्वरण
- संवेग और बल
- दूरी और विस्थापन
Explanation:
- चाल (speed) और वेग (velocity) दोनों की इकाई m/s है (एक अदिश, एक सदिश)।
- त्वरण (acceleration) और g दोनों की इकाई m/s² है।
- दूरी (distance) और विस्थापन (displacement) दोनों की इकाई m है (अदिश/सदिश)।
- संवेग (momentum) = द्रव्यमान × वेग, इकाई = kg·m/s, बल (force) = द्रव्यमान × त्वरण, इकाई = kg·m/s² (न्यूटन)। ये समान नहीं हैं।
Quick Facts:
- संवेग = kg·m/s, बल = kg·m/s² (N)
- बल = संवेग परिवर्तन की दर (F = Δp/Δt)
ध्वनि तरंग की आवृत्ति v और समयावधि T के बीच क्या संबंध है?
- v = T
- v = 1/T²
- v = 1/T
- v = 1/√T
Explanation:
- आवृत्ति (f) और समय अवधि (T) व्युत्क्रमानुपाती हैं: f = 1/T
- यह सभी आवर्ती गतियों (periodic motions) के लिए सत्य है।
Quick Facts:
- यदि T = 0.02 s, तो f = 50 Hz
- ध्वनि की आवृत्ति हर्ट्ज़ (Hz) में मापी जाती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा नाम अभिक्रिया और उसके उदाहरण का युग्म सही ढंग से सुमेलित है/हैं? (a) साबुनीकरण: एथेनॉल की सांद्र H₂SO₄ के साथ अभिक्रिया से एथीन का निर्माण। (b) एस्टरीकरण: एथेनोइक अम्ल की एथेनॉल के साथ अम्लीय उत्प्रेरक की उपस्थिति में अभिक्रिया से एस्टर का निर्माण। (c) निर्जलीकरण: एस्टर की सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ अभिक्रिया से कार्बोक्सिलिक अम्ल का सोडियम लवण बनना।
- (a), (b) और (c) सही हैं।
- केवल (a) सही है।
- केवल (b) सही है।
- केवल (c) सही है।
Explanation:
- (a) गलत: साबुनीकरण (saponification) एस्टर का क्षार के साथ अभिक्रिया कर साबुन बनाना है, एथेनॉल का निर्जलीकरण (dehydration) है (C₂H₅OH → C₂H₄ + H₂O) केंद्रित H₂SO₄ के साथ।
- (b) सही: एस्टरीकरण (esterification) = एथेनोइक अम्ल (acetic acid) + एथेनॉल (ethanol) → एस्टर (ethyl acetate) + H₂O, अम्लीय उत्प्रेरक के साथ।
- (c) गलत: एस्टर + NaOH → सोडियम लवण + अल्कोहल, यह साबुनीकरण है, निर्जलीकरण नहीं। निर्जलीकरण में जल निकलता है।
Quick Facts:
- एस्टरीकरण: RCOOH + R’OH ⇌ RCOOR’ + H₂O (अम्लीय माध्यम)
- साबुनीकरण: एस्टर + NaOH → सोडियम कार्बोक्सिलेट + अल्कोहल
- निर्जलीकरण: अल्कोहल से जल निकालना (जैसे एथेनॉल से एथीन) – सांद्र H₂SO₄ के साथ 170°C पर।
यदि एक ट्रॉली को 20 m धकेलने में 1,200 J कार्य किया जाता है, तो कार्यरत बल (N में) कितना था?
- 120
- 90
- 60
- 30
Explanation:
- कार्य (W) = बल (F) × विस्थापन (s) ⇒ F = W/s = 1200 J / 20 m = 60 N
Quick Facts:
- 1 J = 1 N·m
- यदि बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों तो कार्य धनात्मक होता है।
दशमलव 413 का बाइनरी समतुल्य क्या है?
- 110011101
- 100111111
- 110110111
- 111001001
Explanation:
- 413 को 2 से बार-बार विभाजित करें:
- 413 ÷ 2 = 206 शेष 1, 206 ÷ 2 = 103 शेष 0, 103 ÷ 2 = 51 शेष 1, 51 ÷ 2 = 25 शेष 1, 25 ÷ 2 = 12 शेष 1, 12 ÷ 2 = 6 शेष 0, 6 ÷ 2 = 3 शेष 0, 3 ÷ 2 = 1 शेष 1, 1 ÷ 2 = 0 शेष 1
- अवशेषों को उलटने पर: 110011101
Quick Facts:
- बाइनरी (Binary) में केवल 0 और 1 होते हैं।
- 413 = 256 + 128 + 0 + 0 + 16 + 8 + 4 + 0 + 1 = 2⁸ + 2⁷ + 2⁴ + 2³ + 2² + 2⁰
दाब का मात्रक है:
- न्यूटन/मीटर
- पास्कल
- न्यूटन
- एंगस्ट्रॉम
Explanation:
- दाब (Pressure) = बल/क्षेत्रफल, SI मात्रक = N/m² = पास्कल (Pa)
- न्यूटन (N) बल का मात्रक है, एंगस्ट्रॉम (Å) लंबाई का मात्रक है (10⁻¹⁰ m)।
Quick Facts:
- 1 Pa = 1 N/m²
- वायुमंडलीय दाब = 1 atm = 101325 Pa ≈ 1.013 × 10⁵ Pa
यदि द्रव्यमान m के किसी पिंड को त्वरण g के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में h ऊँचाई तक उठाया जाता है, तो उसकी स्थितिज ऊर्जा किस पर निर्भर करती है?
- केवल h
- केवल m
- केवल g
- m, g और h
Explanation:
- स्थितिज ऊर्जा (गुरुत्वीय) = mgh, अतः यह m, g और h तीनों पर निर्भर करती है।
- यदि कोई भी राशि बदलेगी, तो PE बदलेगी।
Quick Facts:
- PE = mgh, जहाँ g = 9.8 m/s² (पृथ्वी पर)
- यह ऊर्जा वस्तु की स्थिति के कारण होती है।
एक राजमार्ग पर गति सीमा का मात्रक क्या है?
- समय / लंबाई
- द्रव्यमान
- लंबाई / समय
- समय
Explanation:
- गति (speed) = दूरी / समय, अतः मात्रक = लंबाई / समय (जैसे km/h, m/s)
- राजमार्गों पर गति सीमा km/h या mph में होती है।
Quick Facts:
- गति सीमा का SI मात्रक m/s है, पर व्यवहार में km/h प्रचलित है।
- 1 km/h = 5/18 m/s
नीचे दी गई दो मात्राओं में से कौन सी समान SI इकाई से संबंधित है?
- वेग और विस्थापन
- चाल और वेग
- चाल और दूरी
- चाल और विस्थापन
Explanation:
- चाल (speed) और वेग (velocity) दोनों की SI इकाई m/s है (चाल अदिश, वेग सदिश है, पर इकाई समान)।
- वेग और विस्थापन: विस्थापन की इकाई m (मीटर) है, वेग की m/s, अतः भिन्न।
- चाल और दूरी: दूरी की इकाई m, चाल की m/s, भिन्न।
- चाल और विस्थापन: भिन्न (m/s बनाम m)।
Quick Facts:
- चाल = दूरी/समय, वेग = विस्थापन/समय
- दोनों की विमा LT⁻¹ समान है।
एक सीधी रेखा के अनुदिश गतिमान वस्तु पर विचार करें, यह बिंदु A से शुरू होती है, बिंदु B पर पहुँचती है और फिर बिंदु A पर वापस आ जाती है। यदि A और B के बीच की दूरी 20 मीटर है, तो वस्तु का कुल विस्थापन है:
- 20 मीटर
- 40 मीटर
- 10 मीटर
- 0 मीटर
Explanation:
- विस्थापन = अंतिम स्थिति – प्रारंभिक स्थिति
- वस्तु A से शुरू होकर B जाती है और फिर A वापस आती है, अतः अंतिम स्थिति = प्रारंभिक स्थिति (A)
- ∴ विस्थापन = 0 मीटर
Quick Facts:
- तय की गई कुल दूरी = 20 m + 20 m = 40 m (परंतु विस्थापन 0)
- विस्थापन एक सदिश राशि है।
180 डिग्री से अधिक के कोण को कहा जाता है।
- एक न्यून कोण
- एक अधिक कोण
- एक समकोण
- एक प्रतिवर्ती कोण
Explanation:
- 180° से अधिक और 360° से कम के कोण को प्रतिवर्ती कोण (reflex angle) कहते हैं।
- न्यून कोण (0–90°), समकोण (90°), अधिक कोण (90–180°)
Quick Facts:
- 360° का कोण पूर्ण कोण (complete angle) कहलाता है।
- प्रतिवर्ती कोण का उपयोग ज्यामिति (geometry) में होता है।
चुंबकीय फ्लक्स की इकाई है:
- फैराडे
- हेनरी
- वेबर
- पास्कल
Explanation:
- चुंबकीय फ्लक्स (magnetic flux) की SI इकाई वेबर (Wb) है।
- 1 Wb = 1 T·m² = 1 V·s
- हेनरी (H) प्रेरकत्व (inductance) की इकाई है, फैराडे (F) धारिता (capacitance) की, पास्कल (Pa) दाब की।
Quick Facts:
- चुंबकीय फ्लक्स = चुंबकीय क्षेत्र (B) × क्षेत्रफल (A) × cosθ
- फैराडे के विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के नियम में फ्लक्स का उपयोग होता है।
एक गेंद को 5 cm लंबे एक आनत चिकने तल के शीर्ष से विरामावस्था से छोड़ा जाता है। तली पर पहुँचने के बाद यह चिकनी सतह पर क्षैतिज दिशा में गति करती है। यह क्षैतिज दिशा में कितनी दूरी तय करेगी? (घर्षण बलों की उपेक्षा करें क्योंकि तल और सतह दोनों चिकने हैं)
- 5 cm
- 0 cm
- अनंत
- 2.5 cm
Explanation:
- जब गेंद चिकने आनत तल से नीचे आती है, तो यह गतिज ऊर्जा प्राप्त करती है।
- क्षैतिज चिकनी सतह पर कोई घर्षण नहीं है, अतः गेंद अपने वेग से निरंतर चलती रहेगी (न्यूटन का पहला नियम)।
- अतः यह अनंत दूरी तय करेगी (जब तक कोई बाहरी बल न लगे)।
Quick Facts:
- घर्षण की अनुपस्थिति में कोई वस्तु अपनी गति की अवस्था बनाए रखती है।
- यह गैलीलियो के जड़त्व (inertia) के सिद्धांत का उदाहरण है।
2 Ω और X Ω वाले दो प्रतिरोधक, 10 V बैटरी से श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। यदि प्रतिरोधकों में प्रवाहित धारा 2 A है, तो X का मान (ओम में) कितना होगा?
- 1/2
- 3
- 2
- 1/3
Explanation:
- श्रेणीक्रम में कुल प्रतिरोध R_total = V/I = 10 V / 2 A = 5 Ω
- R_total = 2 Ω + X Ω ⇒ 5 = 2 + X ⇒ X = 3 Ω
Quick Facts:
- श्रेणीक्रम में धारा समान होती है, विभवांतर विभाजित होता है।
- ओम का नियम: V = IR
तापमान की SI इकाई है/हैं ___________
- केल्विन
- केल्विन और सेल्सियस दोनों
- फारेनहाइट
- सेल्सियस
Explanation:
- तापमान की SI इकाई केल्विन (K) है, सेल्सियस (C) और फारेनहाइट (F) व्यावहारिक इकाइयाँ हैं।
- SI में केल्विन ही मूल (base) इकाई है।
Quick Facts:
- 0 K = -273.15°C, 273.15 K = 0°C
- केल्विन में पदार्थ की तापीय ऊर्जा शून्य होती है (परम शून्य)।
ऊष्मा के स्थानांतरण को किस उपकरण से मापा जाता है?
- हाइड्रोमीटर
- मैनोमीटर
- कैलोरीमीटर
- गैल्वेनोमीटर
Explanation:
- कैलोरीमीटर (Calorimeter) का उपयोग ऊष्मा स्थानांतरण (heat transfer) और विशिष्ट ऊष्मा (specific heat) मापने के लिए किया जाता है।
- हाइड्रोमीटर (Hydrometer) घनत्व/विशिष्ट गुरुत्व मापता है, मैनोमीटर (Manometer) दाब, गैल्वेनोमीटर (Galvanometer) धारा।
Quick Facts:
- कैलोरीमीटर ऊष्मा का आदान-प्रदान (exchange) मापता है, ऊष्मामिति (calorimetry) में प्रयुक्त होता है।
- इसमें जल के तापमान परिवर्तन से ऊष्मा की गणना की जाती है।
अंडाणु के साथ शुक्राणु का निषेचन ______ में होता है। A. गर्भाशय B. ग्रीवा C. डिंबवाहिनी नलिका D. अंडाशय
- B
- C
- A
- D
Explanation:
- निषेचन (fertilization) अंडाणु (ovum) और शुक्राणु (sperm) का संलयन, डिंबवाहिनी नलिका (fallopian tube) के ऐम्पुला (ampulla) भाग में होता है।
- गर्भाशय (uterus) में प्रत्यारोपण (implantation) होता है, अंडाशय (ovary) में अंडाणु परिपक्व होता है, ग्रीवा (cervix) गर्भाशय का मुख है।
Quick Facts:
- निषेचन के बाद युग्मनज (zygote) बनता है, जो कोशिका विभाजन द्वारा ब्लास्टोसिस्ट बनाता है।
- डिंबवाहिनी नलिका को फैलोपियन ट्यूब (Fallopian tube) भी कहते हैं।
एक लड़का 1000 m सीधी सड़क के एक छोर A से दूसरे छोर B तक 2 मिनट में चलता है और फिर मुड़कर 2 मिनट में 400 m चलकर बिंदु C पर वापस आता है। बिंदु A से बिंदु C तक जाने में लड़के का औसत वेग (m/s में) कितना होगा?
- 15
- 2.5
- 25
- 150
Explanation:
- A से B तक = 1000 m, B से C = 400 m (वापस A की ओर)
- विस्थापन A से C = 1000 – 400 = 600 m
- कुल समय = 2 min + 2 min = 4 min = 4 × 60 = 240 s
- औसत वेग (velocity) = विस्थापन / समय = 600 / 240 = 2.5 m/s
Quick Facts:
- औसत चाल (speed) = कुल दूरी / कुल समय = (1000+400)/240 = 1400/240 ≈ 5.83 m/s
- वेग सदिश है, चाल अदिश है।
एक वस्तु 20 cm फोकस दूरी वाले अवतल दर्पण से 30 cm की दूरी पर रखी गई है। दर्पण सूत्र का उपयोग करते हुए, प्रतिबिंब की दूरी क्या होगी?
- -40 cm
- -60 cm
- -2.5 cm
- -12 cm
Explanation:
- अवतल दर्पण: f = -20 cm, u = -30 cm
- दर्पण सूत्र: 1/f = 1/v + 1/u ⇒ 1/v = 1/f – 1/u = 1/(-20) – 1/(-30) = -1/20 + 1/30 = (-3+2)/60 = -1/60
- ∴ v = -60 cm (वास्तविक प्रतिबिंब, दर्पण के सामने)
Quick Facts:
- अवतल दर्पण के लिए f ऋणात्मक, u ऋणात्मक (चिह्न परिपाटी)
- v ऋणात्मक = वास्तविक प्रतिबिंब, v धनात्मक = आभासी
एक वस्तु बिंदु O से बिंदु A (100 m दूर) तक एक सीधे रास्ते पर चलती है, फिर तुरंत वापस मुड़ती है और वापस आते हुए बिंदु B पर रुक जाती है, जो कि O की ओर A से 30 m दूर है। तय की गई कुल दूरी और विस्थापन का परिमाण क्रमशः क्या है?
- 130 m, 30 m
- 130 m, 70 m
- 70 m, 70 m
- 100 m, 70 m
Explanation:
- O → A = 100 m, A → B = 30 m (वापस O की ओर)
- कुल दूरी = 100 + 30 = 130 m
- विस्थापन = O से B की दूरी = 100 – 30 = 70 m (O से A की ओर)
Quick Facts:
- विस्थापन का परिमाण = अंतिम और प्रारंभिक बिंदु के बीच की दूरी
- दूरी = पूरे पथ की लंबाई
श्रेणीक्रम में व्यवस्थित समान प्रतिरोध R वाले 10 प्रतिरोधकों का कुल प्रतिरोध है।
- R/10
- 10R
- R¹⁰
- 10/R
Explanation:
- श्रेणीक्रम (series) में R_eq = R₁ + R₂ + … + Rₙ
- 10 समान प्रतिरोधों के लिए, R_eq = 10R
Quick Facts:
- समान्तर (parallel) में R_eq = R/n (n समान प्रतिरोधों के लिए)
- श्रेणीक्रम में कुल प्रतिरोध हमेशा सबसे बड़े से अधिक होता है।
किसी पिंड की शक्ति को किलोवाट (kW) और वाट (W) दोनों में मापा जा सकता है। तो वाट के पदों में 1 kW का मान है:
- 10
- 1000
- 10000
- 100
Explanation:
- 1 kW (किलोवाट) = 1000 W (वाट)
- k (किलो) का अर्थ 10³ है।
Quick Facts:
- 1 MW = 10⁶ W, 1 GW = 10⁹ W
- शक्ति = कार्य/समय, इसका SI मात्रक W (J/s) है।
दो बिंदुओं के बीच विभवांतर K होने पर आवेश +Q को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक ले जाने में किया गया कार्य है:
- QK
- 2QK
- QK/4
- QK/2
Explanation:
- कार्य (W) = आवेश (Q) × विभवांतर (V) = Q × K
- यदि Q को कूलॉम (C) और V को वोल्ट (V) में लें, तो W जूल (J) में होगा।
Quick Facts:
- 1 V = 1 J/C, अतः 1 J = 1 C × 1 V
- यह विद्युत क्षेत्र में किए गए कार्य का सूत्र है।
विद्युत प्रतिरोध की SI इकाई है-
- ओम मीटर
- फैराडे मीटर
- वोल्टेज मीटर
- हेनरी मीटर
Explanation:
- विद्युत प्रतिरोध (Resistance) की SI इकाई ओम (Ω) है, न कि ओम-मीटर (Ω·m) (जो प्रतिरोधकता है)।
- दिए गए विकल्पों में “ओम मीटर” संभवतः ओम-मीटर है, जो प्रतिरोधकता है। प्रश्न में प्रतिरोध की इकाई पूछी है, तो ओम (Ω) होना चाहिए, पर विकल्पों में Ω·m है, इसलिए प्रश्न त्रुटिपूर्ण है। यदि “प्रतिरोध” पूछा है तो Ω, यदि “प्रतिरोधकता” तो Ω·m।
Quick Facts:
- प्रतिरोध = Ω, प्रतिरोधकता = Ω·m
- फैराडे (F) धारिता, हेनरी (H) प्रेरकत्व, वोल्टेज (V) विभवांतर की इकाई है।
निम्नलिखित विटामिन पर विचार करें। 1. विटामिन D 2. विटामिन B₁₂ 3. विटामिन K 4. विटामिन C इनमें से कौन से पानी में घुलनशील हैं?
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 2
- केवल 1, 2 और 3
- केवल 2 और 4
Explanation:
- जल-घुलनशील (water-soluble) विटामिन: B समूह (B₁₂ सहित) और विटामिन C
- वसा-घुलनशील (fat-soluble): विटामिन A, D, E, K
- अतः B₁₂ (2) और C (4) जल-घुलनशील हैं।
Quick Facts:
- जल-घुलनशील विटामिन शरीर में संग्रहित नहीं होते, अधिकता मूत्र से बाहर निकल जाती है।
- वसा-घुलनशील विटामिन वसा ऊतकों में संग्रहित होते हैं।
पारगम्यता का मात्रक क्या है?
- cm sec⁻¹
- sec⁻¹
- इसका कोई मात्रक नहीं है।
- cm⁻¹
Explanation:
- पारगम्यता (permeability) झिल्ली या माध्यम का गुण है, यह एक विमाहीन (dimensionless) राशि हो सकती है (सापेक्ष पारगम्यता), या इसके मात्रक हो सकते हैं (जैसे मी² या डार्सी), पर SI में यह कोई आधारभूत मात्रक नहीं है।
- प्रश्न में “पारगम्यता” का अर्थ स्पष्ट नहीं है (चुंबकीय पारगम्यता (μ) की इकाई H/m = N/A² है, पर यहाँ ‘permeability’ का सामान्य अर्थ विमाहीन है)।
- अतः “इसका कोई मात्रक नहीं है” सबसे उपयुक्त है (यदि सापेक्ष पारगम्यता हो) ।
Quick Facts:
- सापेक्ष पारगम्यता (relative permeability) विमाहीन होती है।
- चुंबकीय पारगम्यता (μ) की SI इकाई H/m (हेनरी/मीटर) है।
एकसमान गति के लिए दूरी-समय ग्राफ ______ से होकर गुजरना चाहिए।
- (0, 1)
- केवल (1, 1)
- किसी भी बिंदु
- मूल बिंदु
Explanation:
- एकसमान गति (uniform motion) के लिए दूरी (s) = वेग (v) × समय (t), अतः s = vt + 0 (प्रारंभिक दूरी शून्य होने पर)
- ग्राफ मूल बिंदु (0,0) से होकर गुजरता है, क्योंकि t=0 पर s=0
Quick Facts:
- एकसमान गति में ग्राफ एक आनत सरल रेखा (straight line) होती है जो मूल बिंदु से गुजरती है।
- ढाल (slope) = v (वेग)
एक एथलीट त्रिज्या r वाले एक वृत्तीय पथ पर t सेकंड में एक चक्कर पूरा करते हुए दौड़ता है। निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प एथलीट की चाल v को सही ढंग से दर्शाता है?
- v = r/2πt
- v = 2πr × t
- v = t/2πr
- v = 2πr/t
Explanation:
- वृत्तीय पथ पर एक चक्कर की दूरी = परिधि = 2πr
- चाल (speed) = दूरी / समय = 2πr / t
Quick Facts:
- यह एकसमान वृत्तीय गति (uniform circular motion) है, जिसमें चाल स्थिर रहती है, पर वेग बदलता है (दिशा बदलती है)।
- कोणीय वेग ω = 2π/t (rad/s)
हम निरपेक्ष त्रुटि कैसे ज्ञात करते हैं?
- निरपेक्ष त्रुटि = वास्तविक मान/प्रेक्षित मान
- निरपेक्ष त्रुटि = वास्तविक मान × प्रेक्षित मान
- निरपेक्ष त्रुटि = वास्तविक मान + प्रेक्षित मान
- निरपेक्ष त्रुटि = वास्तविक मान – प्रेक्षित मान
Explanation:
- निरपेक्ष त्रुटि (Absolute Error) मापी गई मान (प्रेक्षित मान) और वास्तविक मान के बीच का अंतर है।
- इसे |वास्तविक मान – प्रेक्षित मान| के रूप में व्यक्त किया जाता है, परंतु बिना मापांक के भी लिखा जाता है।
- अन्य विकल्प (भाग, गुणा, जोड़) गलत हैं क्योंकि त्रुटि अंतर होती है, अनुपात या गुणनफल नहीं।
Quick Facts:
- निरपेक्ष त्रुटि की इकाई मापी गई राशि के समान होती है।
- आपेक्षिक त्रुटि (Relative Error) = निरपेक्ष त्रुटि / वास्तविक मान (इकाईहीन)।
- प्रतिशत त्रुटि = आपेक्षिक त्रुटि × 100%।
स्टीफन-बोल्ट्जमान स्थिरांक (σ) का सैद्धांतिक मान क्या है जो एक ब्लैक बॉडी द्वारा उत्सर्जित शक्ति को उसके थर्मोडायनामिक तापमान के एक फंक्शन के रूप में परिभाषित करता है?
- 5.91 × 10⁻⁷ Wm⁻²K⁻⁴
- 5.17 × 10⁻⁹ Wm⁻²K⁻⁴
- 5.35 × 10⁻¹⁰ Wm⁻²K⁻⁴
- 5.67 × 10⁻⁸ Wm⁻²K⁻⁴
Explanation:
- स्टीफन-बोल्ट्जमान नियम के अनुसार, एक ब्लैक बॉडी द्वारा उत्सर्जित कुल ऊर्जा E = σ T⁴ होती है, जहाँ σ = 5.67 × 10⁻⁸ W m⁻² K⁻⁴ है।
- यह स्थिरांक ऊष्मा विकिरण (thermal radiation) के अध्ययन में मौलिक है।
Quick Facts:
- इस नियम को स्टीफन-बोल्ट्जमान नियम कहते हैं।
- σ का मान 5.670374419 × 10⁻⁸ W m⁻² K⁻⁴ है (CODATA 2018)।
किस तत्व की परमाणु संख्या 3 है? A. बोरॉन B. लिथियम C. बेरिलियम D. सोडियम
- A
- C
- D
- B
Explanation:
- परमाणु संख्या 3 = लिथियम (Li) है।
- बोरॉन (B) = 5, बेरिलियम (Be) = 4, सोडियम (Na) = 11
Quick Facts:
- लिथियम एक क्षार धातु है, जो समूह 1 में स्थित है।
- इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 1 है।
किसी स्थिर बल द्वारा किसी पिंड पर किया गया कार्य ______ होता है।
- या तो धनात्मक या ऋणात्मक
- हमेशा शून्य
- हमेशा धनात्मक
- हमेशा ऋणात्मक
Explanation:
- कार्य (W) = F · s · cos θ, जहाँ θ = बल और विस्थापन के बीच कोण।
- यदि θ < 90° (तीव्र कोण), W धनात्मक; θ = 90°, W = 0; θ > 90° (अधिक कोण), W ऋणात्मक।
- अतः कार्य धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकता है, पर ‘या तो धनात्मक या ऋणात्मक’ सबसे उपयुक्त है (शून्य भी संभव है, पर विकल्पों में सर्वश्रेष्ठ यही है)।
Quick Facts:
- धनात्मक कार्य: बल और विस्थापन एक ही दिशा में (जैसे गिरता हुआ पिंड)।
- ऋणात्मक कार्य: बल और विस्थापन विपरीत दिशा में (जैसे घर्षण बल)।
अपवर्तनांक की इकाई क्या है?
- m/s
- कोई इकाई नहीं
- m⁻¹
- डायोप्टर
Explanation:
- अपवर्तनांक (Refractive index) = c / v, जहाँ c और v दोनों चाल हैं।
- अतः यह एक विमाहीन (dimensionless) राशि है, इसकी कोई इकाई नहीं होती।
- डायोप्टर (D) लेंस की क्षमता (Power) की इकाई है (P = 1/f, f मीटर में)।
Quick Facts:
- अपवर्तनांक का मान सदैव 1 से अधिक (या 1 के बराबर) होता है (निर्वात के लिए 1)।
- यह माध्यम का घनत्व और प्रकाश की चाल पर निर्भर करता है।
तीव्र चाल से हवा में गतिमान गेंद को पकड़ते समय एक अच्छा क्रिकेट फील्डर (क्षेत्ररक्षक) गेंद के साथ अपने हाथ पीछे की ओर खींचता है क्योंकि ______ A. वह संपर्क का समय घटाता है, जिससे संपर्क का बल बढ़ जाता है। B. वह संपर्क के समय को बढ़ाता है, जिससे संपर्क बल कम हो जाता है। C. वह गेंद को पकड़ने से डरता है और इसलिए अपना हाथ पीछे खींच लेता है। D. वह संपर्क के समय को कम करता है, जिससे संपर्क बल कम हो जाता है।
- C
- D
- D
- B
Explanation:
- न्यूटन के द्वितीय नियम के अनुसार, F = Δp / Δt (बल = संवेग परिवर्तन / समय)
- हाथ पीछे खींचने से संपर्क समय (Δt) बढ़ जाता है, जिससे बल (F) कम हो जाता है, और चोट लगने की संभावना कम हो जाती है।
Quick Facts:
- इसे ‘संवेग संरक्षण’ या ‘आवेग’ (Impulse) का सिद्धांत कहते हैं।
- आवेग (Impulse) = F × Δt = Δp (संवेग परिवर्तन)।
कितने इलेक्ट्रॉनों पर आवेश 1 कूलम्ब विद्युत आवेश के समतुल्य है?
- 4.2 × 10¹⁶
- 6.25 × 10¹⁸
- 6 × 10¹⁸
- 9.1 × 10³¹
Explanation:
- एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश e = 1.6 × 10⁻¹⁹ C
- 1 C = 1 / (1.6 × 10⁻¹⁹) = 6.25 × 10¹⁸ इलेक्ट्रॉन
Quick Facts:
- 1 C बहुत बड़ा आवेश है, सामान्यतः स्थैतिक आवेश µC या nC में होते हैं।
- 1 A = 1 C/s, अतः 1 ऐम्पियर धारा 1 सेकंड में 6.25 × 10¹⁸ इलेक्ट्रॉन प्रवाहित करती है।
यदि एक गोलीय दर्पण द्वारा निर्मित प्रतिबिंब आभासी है, तो आवर्धन का मान ज्ञात कीजिए।
- ऋणात्मक
- शून्य
- धनात्मक
- अनंत
Explanation:
- आभासी (virtual) प्रतिबिंब सदैव सीधा (erect) होता है, अतः आवर्धन (m) धनात्मक होता है।
- वास्तविक (real) प्रतिबिंब उल्टा (inverted) होता है, m ऋणात्मक होता है।
- समतल दर्पण में m = +1 (आभासी, सीधा, समान आकार)।
Quick Facts:
- उत्तल दर्पण हमेशा आभासी, सीधा, छोटा प्रतिबिंब बनाता है (m धनात्मक, <1)।
- अवतल दर्पण आभासी प्रतिबिंब तभी बनाता है जब वस्तु फोकस के अंदर हो (m > 1, धनात्मक)।
लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन, वस्तु-दूरी (u) और प्रतिबिंब-दूरी (v) से किस सूत्र द्वारा संबंधित है?
- m = u + v
- m = v/u
- m = v/u
- m = v – u
Explanation:
- लेंस के लिए आवर्धन (m) = प्रतिबिंब-दूरी (v) / वस्तु-दूरी (u) (चिह्न परिपाटी के साथ)।
- उत्तल लेंस के लिए वास्तविक प्रतिबिंब पर m ऋणात्मक, आभासी पर धनात्मक।
- m = -v/u (चिह्न परिपाटी के अनुसार), पर विकल्पों में m = v/u दिया है (अत: विकल्प सही है)।
Quick Facts:
- m = h’/h = v/u (h’ = प्रतिबिंब ऊँचाई, h = वस्तु ऊँचाई)
- आवर्धन विमाहीन है।
320 g जल में 40 g साधारण नमक का विलयन है। द्रव्यमान से द्रव्यमान प्रतिशत के पदों में विलयन की सांद्रता क्या है?
- 11.0%
- 11.1% (40/(320+40) × 100 = 40/360 × 100 = 11.1%)
- 1.0%
- 11.1%
Explanation:
- द्रव्यमान % = (विलेय का द्रव्यमान / विलयन का कुल द्रव्यमान) × 100
- कुल द्रव्यमान = 320 + 40 = 360 g
- % = (40/360) × 100 = 11.11% ≈ 11.1%
Quick Facts:
- द्रव्यमान % = (w/w)% कहलाता है।
- अन्य सांद्रता मात्रक: मोलरता (M), मोललता (m), ppm आदि।
एक सीधे धारावाही चालक के साथ एक चुंबकीय क्षेत्र (B) जुड़ा है। चुंबकीय क्षेत्र (B) के मान के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है? (i) जैसे-जैसे हम चालक से दूर जाएंगे, चुंबकीय क्षेत्र बढ़ता जाएगा। (ii) जैसे-जैसे हम चालक से दूर जाएंगे, चुंबकीय क्षेत्र कम होता जाएगा। (iii) जब चालक में प्रवाहित धारा बढ़ेगी तो चुंबकीय क्षेत्र भी बढ़ेगा। (iv) जब चालक से प्रवाहित धारा बढ़ेगी तो चुंबकीय क्षेत्र सबसे पहले घटेगा।
- (i) और (iv) दोनों
- (iii) और (iv) दोनों
- (i) और (ii) दोनों
- (ii) और (iii) दोनों
Explanation:
- कथन (ii): सीधे धारावाही चालक के लिए B ∝ 1/r (r = दूरी), अतः दूर जाने पर B घटता है। (सत्य)
- कथन (iii): B ∝ I (धारा), अतः धारा बढ़ने पर B बढ़ता है। (सत्य)
- कथन (i) और (iv) असत्य हैं, क्योंकि B दूरी के साथ घटता है और धारा के साथ बढ़ता है।
Quick Facts:
- सीधे चालक के लिए चुंबकीय क्षेत्र की दिशा दक्षिण हस्त नियम (Right-hand thumb rule) से ज्ञात होती है।
- B = μ₀ I / (2π r) (अनंत लंबाई के चालक के लिए)
निम्नलिखित में से किस जोड़े में समान SI इकाइयाँ हैं?
- बल और दाब
- बल और दूरी
- कार्य और ऊर्जा
- संवेग और बल
Explanation:
- कार्य (Work) और ऊर्जा (Energy) दोनों की SI इकाई जूल (J) है।
- बल (N), दाब (Pa = N/m²), दूरी (m), संवेग (kg·m/s) भिन्न हैं।
Quick Facts:
- 1 J = 1 N·m = 1 kg·m²/s²
- ऊर्जा के अन्य रूप: गतिज, स्थितिज, ऊष्मा, आदि सभी जूल में मापी जाती हैं।
खाद्य ऊर्जा को कैसे मापा जाता है?
- मीटर
- किलोवाट
- कैलोरी
- किलोग्राम
Explanation:
- खाद्य ऊर्जा (food energy) को कैलोरी (cal) या किलोकैलोरी (kcal) में मापा जाता है।
- 1 किलोकैलोरी ≈ 4.184 kJ (किलोजूल)।
- SI इकाई जूल है, पर खाद्य उद्योग में कैलोरी प्रचलित है।
Quick Facts:
- खाद्य पैकेट पर ‘Calorie’ का अर्थ किलोकैलोरी (kcal) होता है।
- 1 cal = 4.184 J
एक सर्किट आरेख में, सेल के प्रतीक को निम्नलिखित में से किसके द्वारा दर्शाया जाता है?
- एक लंबी और एक छोटी रेखा एक-दूसरे के समानांतर
- एक आयत जिसके अंदर एक विकर्ण रेखा है
- एक वृत्त जिसके अंदर एक क्रॉस है
- दो बराबर रेखाएँ एक-दूसरे के समानांतर
Explanation:
- विद्युत सेल (cell) का प्रतीक: एक लंबी (धनात्मक) और एक छोटी (ऋणात्मक) रेखा एक-दूसरे के समानांतर।
- बैटरी के लिए एक से अधिक सेल होते हैं।
Quick Facts:
- लंबी रेखा = धनात्मक टर्मिनल, छोटी रेखा = ऋणात्मक टर्मिनल।
- प्रतिरोध का प्रतीक = आयत/दांतेदार रेखा, बल्ब = वृत्त + क्रॉस।
निम्नलिखित में से क्या बल की इकाई है?
- पास्कल
- वाट
- जूल
- न्यूटन
Explanation:
- बल (Force) का SI मात्रक न्यूटन (N) है।
- 1 N = 1 kg·m/s²
- पास्कल (Pa) = दाब, वाट (W) = शक्ति, जूल (J) = कार्य/ऊर्जा।
Quick Facts:
- न्यूटन का नाम सर आइज़ैक न्यूटन के नाम पर रखा गया है।
- 1 N ≈ 0.10197 kgf (किलोग्राम-बल)।
संवेग का SI मात्रक क्या है?
- kg m⁻¹ s⁻¹
- kg m
- kg m s
- kg m s⁻¹
Explanation:
- संवेग (Momentum) p = m × v
- इकाई: kg × (m/s) = kg·m·s⁻¹
- इसे ‘न्यूटन-सेकंड’ (N·s) भी कहते हैं।
Quick Facts:
- संवेग एक सदिश राशि है।
- संवेग संरक्षण का नियम: किसी निकाय पर बाह्य बल की अनुपस्थिति में कुल संवेग स्थिर रहता है।
चंद्रमा के पृष्ठ पर किसी पिंड का भार 60 kg wt है। पृथ्वी के पृष्ठ पर पिंड का द्रव्यमान और भार क्रमशः कितना होगा?
- 60 kg और 600 N
- 36 kg और 360 N
- 600 kg और 360 N
- 60 kg और 36 N
Explanation:
- द्रव्यमान स्थिर रहता है (चंद्रमा और पृथ्वी पर समान) = 60 kg
- चंद्रमा पर g’ = g/6, भार = m × g’ = 60 × (g/6) = 60 × 9.8/6 ≈ 98 N, पर प्रश्न में ’60 kg wt’ दिया है (जो kg-बल है), अतः चंद्रमा पर भार = 60 kgf
- पृथ्वी पर भार = 60 × 9.8 = 588 N ≈ 600 N
Quick Facts:
- 1 kg wt = 9.8 N
- गुरुत्वीय त्वरण: पृथ्वी पर 9.8 m/s², चंद्रमा पर 1.6 m/s² (लगभग 1/6)
किसी चालक के अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल A पर प्रतिरोध किस प्रकार निर्भर करता है?
- A के समानुपाती
- A के व्युत्क्रमानुपाती
- A पर निर्भर नहीं करता
- A² के समानुपाती
Explanation:
- प्रतिरोध R = ρ L / A, जहाँ L = लंबाई, A = अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल
- अतः R ∝ 1/A (A बढ़ने पर R घटता है)
Quick Facts:
- मोटे तार का प्रतिरोध कम होता है (A अधिक)।
- प्रतिरोधकता ρ पदार्थ का गुण है, आकार पर निर्भर नहीं।
जब बैरोमीटर के पाठ्यांक में अचानक गिरावट आ जाती है, तो यह इंगित करता है कि मौसम-
- बहुत गर्म हो जाएगा।
- बहुत सुखद हो जाएगा।
- अधिक ठंडा हो जाएगा।
- अधिक तूफानी हो जाएगा।
Explanation:
- बैरोमीटर का दबाव अचानक गिरना चक्रवाती तूफान (cyclone/storm) का संकेत है।
- उच्च दबाव → साफ मौसम, निम्न दबाव → बादल, वर्षा या तूफान।
Quick Facts:
- बैरोमीटर वायुमंडलीय दबाव मापता है।
- दबाव गिरने पर हवा ऊपर उठती है, जिससे बादल और वर्षा होती है।
निम्नलिखित में से किस राशि को ‘क्विंटल’ इकाई का उपयोग करके मापा जाता है?
- लंबाई
- आयतन
- भार
- तापमान
Explanation:
- क्विंटल (quintal) एक द्रव्यमान/भार (mass) की इकाई है।
- 1 क्विंटल = 100 kg (भारत में)
- लंबाई: मीटर, आयतन: लीटर, तापमान: केल्विन/°C
Quick Facts:
- 1 क्विंटल = 100 kg, 1 मीट्रिक टन = 1000 kg = 10 क्विंटल
- इसका उपयोग कृषि उपज, अनाज आदि के भार में होता है।
परिवहन से संबंधित निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? (i) धमनियाँ वे वाहिकाएँ हैं जो रक्त को हृदय से शरीर के विभिन्न अंगों तक ले जाती हैं। (ii) धमनियों की दीवारें पतली और लोचदार होती हैं। (iii) शिराओं में वाल्व होते हैं जो सुनिश्चित करते हैं कि रक्त केवल एक ही दिशा में प्रवाहित होता है।
- केवल (i) और (ii)
- केवल (i) और (ii)
- (i), (ii) और (iii)
- केवल (i)
Explanation:
- (i) सत्य: धमनियाँ (arteries) हृदय से रक्त को दूर ले जाती हैं (ऑक्सीजन युक्त, फुफ्फुसीय धमनी को छोड़कर)।
- (ii) सत्य: धमनियों की दीवारें मोटी और लोचदार होती हैं (उच्च दबाव सहने के लिए), पर ‘पतली’ शब्द गलत है (वास्तव में मोटी होती हैं)।
- (iii) सत्य: शिराओं (veins) में वाल्व होते हैं, जो रक्त को वापस बहने से रोकते हैं (एक दिशीय प्रवाह)।
Quick Facts:
- धमनियाँ: मोटी, लोचदार, वाल्व रहित (कुछ अपवाद), उच्च दबाव।
- शिराएँ: पतली, कम लोचदार, वाल्व युक्त, निम्न दबाव।
एक परमाणु में 11 प्रोटॉन, 11 इलेक्ट्रॉन और 12 न्यूट्रॉन हैं। उस परमाणु की द्रव्यमान संख्या कितनी है?
- 24
- 11
- 23 (11 + 12 = 23)
- 12
Explanation:
- द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन (Z) + न्यूट्रॉन (N) = 11 + 12 = 23
- यह सोडियम (Na) का समस्थानिक है (¹¹Na²³)।
Quick Facts:
- परमाणु संख्या (Z) = प्रोटॉन = इलेक्ट्रॉन (उदासीन परमाणु में)
- द्रव्यमान संख्या हमेशा पूर्णांक होती है।
तरंग वेग का SI मात्रक क्या है?
- सेकंड – s
- हर्ट्ज – Hz
- मीटर प्रति सेकंड – m s⁻¹
- मीटर – m
Explanation:
- तरंग वेग (v) = आवृत्ति (f) × तरंगदैर्घ्य (λ)
- इकाई: Hz × m = (1/s) × m = m/s = m s⁻¹
Quick Facts:
- आवृत्ति की SI इकाई हर्ट्ज (Hz) = s⁻¹
- तरंगदैर्घ्य की SI इकाई मीटर (m) है।
निम्नलिखित में से किस उपकरण का उपयोग यह पता लगाने के लिए किया जाता है कि कोई वस्तु आवेशित है या नहीं?
- माइक्रोस्कोप
- एमीटर
- मल्टीमीटर
- इलेक्ट्रोस्कोप
Explanation:
- इलेक्ट्रोस्कोप (electroscope) का उपयोग आवेश (charge) का पता लगाने के लिए किया जाता है।
- एमीटर धारा मापता है, मल्टीमीटर विभिन्न विद्युत राशियाँ मापता है।
Quick Facts:
- सरल इलेक्ट्रोस्कोप: दो पत्तियाँ (गोल्ड लीफ) जो आवेशित होने पर फैल जाती हैं।
- इलेक्ट्रोस्कोप आवेश की प्रकृति (धन/ऋण) भी बता सकता है।
जब किसी जीव को केन्द्रीय अक्ष से समतल द्वारा विभाजित किया जाता है, तो वह जीव दो सममित भागों में विभाजित हो जाता है, इसे ______ कहा जाता है।
- एकल समरूपता
- असममिति
- रेडियल सममिति
- द्विपार्श्व सममिति
Explanation:
- रेडियल सममिति (radial symmetry) में शरीर को केंद्रीय अक्ष से गुजरने वाले किसी भी समतल द्वारा दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है (जैसे तारामीन, जेलिफ़िश)।
- द्विपार्श्व सममिति (bilateral symmetry) में केवल एक ही समतल (मध्य) से दो समान भाग होते हैं (जैसे मानव, कीड़े)।
Quick Facts:
- रेडियल सममिति: जलीय जीवों में अधिक पाई जाती है।
- असममिति (asymmetry): किसी भी समतल से समान भाग नहीं (जैसे अमीबा, स्पंज)।
निम्नलिखित में से कौन सी लंबाई की इकाई है?
- प्रकाश वर्ष
- कैंडेला
- चंद्र माह
- केल्विन
Explanation:
- प्रकाश वर्ष (light year) दूरी की इकाई है।
- कैंडेला (cd) = दीप्त तीव्रता की SI इकाई, चंद्र माह = समय, केल्विन (K) = तापमान।
Quick Facts:
- 1 प्रकाश वर्ष ≈ 9.46 × 10¹² km
- खगोलीय इकाई (AU) भी दूरी की इकाई है (पृथ्वी-सूर्य दूरी)।
एक ध्वनि तरंग की आवृत्ति 25 Hz है और इसकी तरंग दैर्घ्य 4 m है। तरंग का वेग क्या होगा?
- 6.25 m/s
- 100 m/s (v = fλ = 25 × 4 = 100 m/s)
- 29 m/s
- 625 m/s
Explanation:
- तरंग वेग (v) = आवृत्ति (f) × तरंगदैर्घ्य (λ)
- v = 25 × 4 = 100 m/s
Quick Facts:
- ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य (longitudinal) होती हैं।
- वायु में ध्वनि की चाल ≈ 340 m/s, पर यहाँ तरंग के लिए अलग हो सकती है।
ग्लूकोस का आण्विक द्रव्यमान कितना है? (C = 12 u, H = 1 u, O = 16 u)
- 150 u
- 180 u (C₆H₁₂O₆ = 6×12 + 12×1 + 6×16 = 72 + 12 + 96 = 180)
- 120 u
- 160 u
Explanation:
- ग्लूकोस का सूत्र C₆H₁₂O₆
- आण्विक द्रव्यमान = 6(12) + 12(1) + 6(16) = 72 + 12 + 96 = 180 u
Quick Facts:
- ग्लूकोस एक मोनोसैकराइड है।
- इसका मोलर द्रव्यमान 180 g/mol है।
एल्यूमीनियम परमाणु के लिए इलेक्ट्रॉन वितरण निम्नलिखित में से क्या है?
- 2, 8, 3
- 8, 2, 3
- 2, 3, 8
- 2, 8, 2
Explanation:
- एल्यूमीनियम (Al) का परमाणु क्रमांक 13 है।
- इलेक्ट्रॉन विन्यास: K=2, L=8, M=3 (2 + 8 + 3 = 13)
Quick Facts:
- Al समूह 13 (IIIA) में है, संयोजकता 3 है।
- यह एक उभयधर्मी (amphoteric) धातु है।
मुख्य अक्ष पर वह बिंदु जहाँ मुख्य अक्ष के समानांतर किरणें दर्पण से परावर्तन के बाद अभिसरित होती हैं (या अपसरित होती हुई प्रतीत होती हैं), निम्नलिखित में से क्या कहलाता है?
- मुख्य फोकस
- ध्रुव
- द्वारक
- वक्रता केंद्र
Explanation:
- मुख्य फोकस (Principal Focus, F): वह बिंदु जहाँ मुख्य अक्ष के समानांतर किरणें परावर्तन के बाद अभिसरित (अवतल दर्पण) या अपसरित (उत्तल दर्पण) होती दिखती हैं।
- ध्रुव (P) = दर्पण का केंद्र, वक्रता केंद्र (C) = गोले का केंद्र, द्वारक (aperture) = दर्पण का खुला भाग।
Quick Facts:
- अवतल दर्पण का फोकस वास्तविक (real), उत्तल का आभासी (virtual) होता है।
- f = R/2, जहाँ R = वक्रता त्रिज्या।
ऊष्मा को मापने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?
- वाटमीटर
- ऊर्जा मीटर
- एमीटर
- कैलोरीमीटर
Explanation:
- कैलोरीमीटर (calorimeter) का उपयोग ऊष्मा (heat) को मापने के लिए किया जाता है।
- वाटमीटर = शक्ति, एमीटर = धारा, ऊर्जा मीटर = विद्युत ऊर्जा की खपत।
Quick Facts:
- कैलोरीमीटर में ऊष्मा की मात्रा = m c ΔT (m = द्रव्यमान, c = विशिष्ट ऊष्मा, ΔT = ताप परिवर्तन)।
- ऊष्मा की SI इकाई जूल (J) है, कैलोरी भी प्रचलित है (1 cal = 4.184 J)।
मैग्नीशियम ऑक्साइड का परमाणु द्रव्यमान कितना है?
- 40 (MgO = 24 + 16 = 40)
- 35
- 45
- 32
Explanation:
- Mg का परमाणु द्रव्यमान ≈ 24 u, O ≈ 16 u
- MgO = 24 + 16 = 40 u
Quick Facts:
- मैग्नीशियम ऑक्साइड एक क्षारीय ऑक्साइड है।
- इसका मोलर द्रव्यमान 40 g/mol है।
R Ω और 15 Ω के दो प्रतिरोधों को 12 Ω का प्रभावी प्रतिरोध प्राप्त करने के लिए समांतर क्रम में जोड़ा जाता है। R ज्ञात कीजिए।
- 75
- 30
- 60 (1/12 = 1/R + 1/15, 1/R = 1/12 – 1/15 = 1/60, R = 60)
- 45
Explanation:
- समान्तर में, 1/R_eq = 1/R₁ + 1/R₂
- 1/12 = 1/R + 1/15 ⇒ 1/R = 1/12 – 1/15 = (5-4)/60 = 1/60 ⇒ R = 60 Ω
Quick Facts:
- समान्तर में प्रभावी प्रतिरोध, व्यक्तिगत प्रतिरोधों से कम होता है।
- यदि R₂ = 15 Ω, तो R₁ = 60 Ω।
विद्युत विभवांतर की SI इकाई क्या है?
- वाट
- वोल्ट
- ओम
- कूलॉम
Explanation:
- विद्युत विभवांतर (voltage) की SI इकाई वोल्ट (V) है।
- 1 V = 1 J/C (जूल प्रति कूलॉम)
- वाट (W) = शक्ति, ओम (Ω) = प्रतिरोध, कूलॉम (C) = आवेश।
Quick Facts:
- वोल्ट का नाम एलेसान्द्रो वोल्टा के नाम पर रखा गया है।
- विभवांतर = कार्य/आवेश (V = W/Q)
दो प्रतिरोध, एक 12 Ω का और दूसरा 24 Ω का, समान्तर क्रम में जुड़े हैं। यह संयोजन 22 Ω प्रतिरोध और 12 V बैटरी के साथ श्रेणी क्रम में जुड़ा हुआ है। 12 Ω प्रतिरोधक में धारा ______ है।
- (8/15) A
- (2/15) A
- (6/15) A
- (4/15) A
Explanation:
- 12 Ω और 24 Ω का समान्तर प्रतिरोध: 1/R_p = 1/12 + 1/24 = 3/24 = 1/8 ⇒ R_p = 8 Ω
- कुल प्रतिरोध = R_p + 22 = 8 + 22 = 30 Ω
- कुल धारा I = V/R = 12/30 = 2/5 = 0.4 A
- समान्तर में, वोल्टेज = I × R_p = (2/5) × 8 = 16/5 = 3.2 V
- 12 Ω में धारा I₁ = V_p / 12 = (16/5)/12 = 16/60 = 4/15 A
Quick Facts:
- समान्तर में विभवांतर समान होता है।
- श्रेणी में धारा समान होती है।
मुक्त पतन के दौरान किसी वस्तु द्वारा अनुभव किया जाने वाला त्वरण निम्न में से किससे स्वतंत्र होता है?
- वेग
- दाब
- द्रव्यमान
- ऊर्जा
Explanation:
- गुरुत्वीय त्वरण (g) किसी भी द्रव्यमान के लिए समान होता है (गैलीलियो का नियम)।
- a = g = 9.8 m/s² (पृथ्वी पर), द्रव्यमान पर निर्भर नहीं।
- वायु प्रतिरोध की अनुपस्थिति में, सभी वस्तुएँ समान त्वरण से गिरती हैं।
Quick Facts:
- मुक्त पतन में वस्तु का वेग समय के साथ बढ़ता है (v = gt)।
- यह नियम न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम से प्राप्त होता है (F = mg, a = F/m = g)।
सापेक्ष घनत्व की इकाई क्या है?
- कोई इकाई नहीं
- kg m⁻¹
- kg m⁻²
- kg m⁻³
Explanation:
- सापेक्ष घनत्व (Relative density) = पदार्थ का घनत्व / जल का घनत्व (4°C पर)
- दो समान इकाइयों का अनुपात होने के कारण यह विमाहीन है, इसकी कोई इकाई नहीं होती।
- घनत्व की इकाई kg/m³ होती है।
Quick Facts:
- सापेक्ष घनत्व को विशिष्ट गुरुत्व (specific gravity) भी कहते हैं।
- जल का सापेक्ष घनत्व 1 है।
यदि किसी वस्तु को विराम अवस्था से गिराया जाता है, तो 15 सेकंड के बाद उसका वेग क्या होगा? (g = 9.8 m/s²)
- 143 m/s
- 149 m/s
- 145 m/s
- 147 m/s (v = u + at = 0 + 9.8 × 15 = 147 m/s)
Explanation:
- प्रारंभिक वेग u = 0 (विराम से)
- त्वरण a = g = 9.8 m/s²
- v = u + at = 0 + 9.8 × 15 = 147 m/s
Quick Facts:
- यह मान वायु प्रतिरोध की अनुपस्थिति में है।
- गिरती हुई वस्तु का वेग समय के साथ रैखिक रूप से बढ़ता है।
यदि धारा और प्रतिरोध दोनों को आधा कर दिया जाए, तो शक्ति घटकर ______ हो जाती है।
- प्रारंभिक मान की 1/8
- प्रारंभिक मान की आधी
- प्रारंभिक मान की एक तिहाई
- प्रारंभिक मान की एक-चौथाई
Explanation:
- शक्ति P = I² R
- यदि I → I/2 और R → R/2, तो P’ = (I/2)² × (R/2) = I²R / 8 = P/8
- अतः प्रारंभिक मान की 1/8 हो जाती है।
- विकल्पों में 1/8 है, पर दिए गए विकल्पों में ‘1/8’ नहीं है, ‘आधी’ गलत है। संभवतः प्रश्न में त्रुटि है, या विकल्प में 1/8 होना चाहिए था।
Quick Facts:
- P = V²/R = I²R = VI
- यदि V स्थिर हो, तो R आधा करने पर P दोगुनी होती है, पर यहाँ I और R दोनों बदल रहे हैं।
दूध के नमूने की शुद्धता निर्धारित करने के लिए निम्नलिखित में से किस यंत्र का उपयोग किया जाता है?
- बैरोमीटर
- लैक्टोमीटर
- हाइड्रोमीटर
- थर्मामीटर
Explanation:
- लैक्टोमीटर (lactometer) दूध की शुद्धता (सापेक्ष घनत्व) मापने के लिए उपयोग किया जाता है।
- यह एक प्रकार का हाइड्रोमीटर है, पर विशेष रूप से दूध के लिए अंशांकित (calibrated) होता है।
- शुद्ध दूध का घनत्व 1.026-1.034 g/cm³ होता है, मिलावट (जल मिलाने) पर घनत्व घटता है।
Quick Facts:
- हाइड्रोमीटर (hydrometer) द्रवों के घनत्व मापने के लिए है।
- लैक्टोमीटर दूध में जल की मात्रा बताता है।
शून्य स्थान में प्रकाश की गति अनुमानित ______ मीटर/सेकंड है।
- 3.00 × 10⁸
- 3.12 × 10⁸
- 3.12 × 10⁸
- 3.15 × 10⁸
Explanation:
- निर्वात में प्रकाश की चाल c = 2.99792458 × 10⁸ m/s ≈ 3.00 × 10⁸ m/s
- वायु में भी यह मान लगभग समान होता है।
Quick Facts:
- प्रकाश की चाल सबसे अधिक निर्वात में होती है।
- c = 3 × 10⁸ m/s (लगभग) सामान्यतः सभी गणनाओं में प्रयुक्त होता है।
L लंबाई और A अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल वाले चालक का प्रतिरोध ______ के समानुपाती होता है।
- A
- L²
- L/A
- A/L
Explanation:
- R = ρ L / A, अतः R ∝ L और R ∝ 1/A, जिसका अर्थ है R ∝ L/A
Quick Facts:
- प्रतिरोधकता ρ पदार्थ का गुण है, ताप पर निर्भर करती है।
- लंबाई बढ़ने पर प्रतिरोध बढ़ता है, क्षेत्रफल बढ़ने पर घटता है।
किया गया कार्य अधिकतम होता है, जब बल की दिशा और विस्थापन की दिशा के बीच का कोण ______ होता है?
- 0°
- 45°
- 60°
- 90°
Explanation:
- कार्य W = F · s · cos θ
- cos θ अधिकतम (1) तब होता है जब θ = 0°, अर्थात बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों।
- θ = 90° पर W = 0 (cos 90° = 0)
Quick Facts:
- θ = 0° पर कार्य धनात्मक और अधिकतम।
- θ = 180° पर कार्य ऋणात्मक और न्यूनतम (या अधिकतम ऋणात्मक)।
______ सोने को घोल सकता है। A. ग्लिसरीन B. पेट्रोलियम ईथर C. मेथेनॉल D. एक्वा रेजिया
- D
- C
- B
- A
Explanation:
- एक्वा रेजिया (Aqua regia, ‘राज जल’) एक्वा रेजिया, सोना और प्लैटिनम को घोल सकता है।
- यह सान्द्र HCl और HNO₃ का 3:1 मिश्रण है, जो क्लोरीन मुक्त करके सोने को घोलता है।
Quick Facts:
- एक्वा रेजिया किसी भी एक अम्ल से अधिक शक्तिशाली है।
- यह सोने को AuCl₄⁻ (क्लोरोऑरेट आयन) में बदल देता है।
किसी बाह्य चुंबकीय क्षेत्र में आवेशित कण पर लगने वाला बल निम्नलिखित में से किस कारक पर निर्भर नहीं करता है?
- चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण
- कण का आवेश
- कण का वेग
- कण का द्रव्यमान
Explanation:
- चुंबकीय बल F = q (v × B) (लोरेंत्ज़ बल का चुंबकीय भाग)
- यह q (आवेश), v (वेग), B (चुंबकीय क्षेत्र) पर निर्भर करता है, पर द्रव्यमान (m) पर नहीं।
- द्रव्यमान त्वरण (F = ma) में प्रभावित करता है, पर बल स्वयं द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता।
Quick Facts:
- चुंबकीय बल सदैव वेग के लंबवत होता है, इसलिए यह कार्य नहीं करता (गतिज ऊर्जा नहीं बदलती)।
- यह बल कण को वृत्ताकार या हेलिकल पथ पर गति करने देता है।
मीथेन के जलने पर क्या होता है? A. कार्बन मोनोऑक्साइड निकलती है। B. कार्बन राख शेष रह जाती है। C. कार्बाइड बनता है। D. कार्बन डाइऑक्साइड एवं जल निकलता है।
- D
- C
- A
- B
Explanation:
- मीथेन (CH₄) का दहन: CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O
- उत्पाद: कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) और जल (H₂O)।
- पूर्ण दहन में CO₂ बनती है, अपूर्ण में CO बन सकती है, पर सामान्यतः D सही है।
Quick Facts:
- मीथेन प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक है (~95%)।
- यह एक ग्रीनहाउस गैस भी है, पर CO₂ की तुलना में कम प्रभावी।
यदि V वोल्ट पर 2,000 कूलॉम के आवेश को स्थानांतरित करने में 90 J कार्य किया जाता है, तो V ज्ञात कीजिए।
- 180
- 0.045 (V = W/Q = 90/2000 = 0.045 V)
- 0.2
- 2,250
Explanation:
- विभवांतर V = W/Q (कार्य/आवेश)
- V = 90 J / 2000 C = 0.045 V
Quick Facts:
- 1 वोल्ट = 1 जूल/कूलॉम
- यहाँ विभवांतर बहुत कम है (45 mV), जो संभवतः एक छोटी सेल या थर्मोकपल हो सकता है।
मानव नाखून बना है A. वर्णक B. इलास्टिन C. एल्बुमिन D. केराटिन
- A
- D
- C
- B
Explanation:
- मानव नाखून, बाल, त्वचा की बाहरी परत, सींग आदि केराटिन (keratin) नामक प्रोटीन से बने होते हैं।
- इलास्टिन (elastin) त्वचा की लोच के लिए, एल्बुमिन (albumin) अंडे/रक्त में, वर्णक (pigment) रंग प्रदान करते हैं।
Quick Facts:
- केराटिन एक रेशेदार (fibrous) प्रोटीन है, जो सल्फर युक्त होता है।
- यह मृत कोशिकाओं से बना होता है, इसलिए नाखून काटने पर दर्द नहीं होता।
किसी वस्तु पर गुरुत्वाकर्षण द्वारा आरोपित बल क्या है?
- विस्थापन
- वजन
- द्रव्यमान
- वेग
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण बल (gravitational force) = m × g = भार (weight)
- भार एक बल है, इसकी दिशा पृथ्वी के केंद्र की ओर होती है।
Quick Facts:
- भार = द्रव्यमान × गुरुत्वीय त्वरण (W = mg)
- भार का SI मात्रक न्यूटन (N) है, द्रव्यमान का kg।
सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक का मान ______ है।
- 1 × 10⁻¹¹ N m² kg⁻²
- 6.7 N m² kg⁻²
- 5 × 10⁻¹ N m² kg⁻²
- 6.7 × 10⁻¹¹ N m² kg⁻²
Explanation:
- सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक G = 6.674 × 10⁻¹¹ N·m²/kg² (≈ 6.7 × 10⁻¹¹)
- यह न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम F = G m₁m₂/r² में प्रयुक्त होता है।
Quick Facts:
- G का मान कैवेंडिश प्रयोग द्वारा मापा गया था।
- यह एक मौलिक नियतांक है।
एवोगाद्रो स्थिरांक का मान ______ है।
- 6.023 × 10⁻²³
- 6.022 × 10⁻²¹
- 6.022 × 10⁻²²
- 6.022 × 10²³
Explanation:
- एवोगाद्रो स्थिरांक (N_A) = 6.02214076 × 10²³ mol⁻¹
- यह 1 मोल में कणों (अणु/परमाणु) की संख्या है।
- सामान्यतः 6.022 × 10²³ प्रयोग किया जाता है (पुराना मान 6.023 × 10²³ था)।
Quick Facts:
- 1 मोल = 6.022 × 10²³ कण
- इसका उपयोग परमाणु/आण्विक द्रव्यमान को ग्राम में बदलने में होता है।
200 g द्रव्यमान के एक पात्र की ऊष्मा धारिता ज्ञात कीजिए, यदि 2000 J ऊष्मा प्राप्त करने पर इसका तापमान 8°C बढ़ जाता है।
- 250 JK⁻¹ (C = Q/ΔT = 2000/8 = 250 J/K)
- 5 JK⁻¹
- 50 Jkg⁻¹K⁻¹
- 1.25 Jkg⁻¹K⁻¹
Explanation:
- ऊष्मा धारिता (Heat capacity) C = Q / ΔT
- C = 2000 J / 8 K = 250 J/K
- ध्यान दें: यह विशिष्ट ऊष्मा (specific heat) नहीं है, बल्कि पूरे पात्र की ऊष्मा धारिता है।
Quick Facts:
- विशिष्ट ऊष्मा c = C/m = 250 / 0.2 = 1250 J/kg·K
- ऊष्मा धारिता की इकाई J/K (जूल प्रति केल्विन) है।
जब श्वेत प्रकाश किसी कांच के प्रिज्म पर तिर्यक् रूप से आपतित होता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सत्य नहीं है/हैं? (i) लाल रंग का विचलन न्यूनतम होता है। (ii) प्रिज्म से गुजरते समय बैंगनी रंग की चाल सबसे कम होती है। (iii) हरे रंग का अपवर्तनांक बैंगनी रंग से अधिक होता है। (iv) लाल रंग का अपवर्तनांक नीले रंग से अधिक होता है।
- (i) और (ii) दोनों
- (i) और (iv) दोनों
- (ii) और (iii) दोनों
- (iii) और (iv) दोनों
Explanation:
- कथन (iii): हरे रंग का अपवर्तनांक बैंगनी से कम होता है (बैंगनी > नीला > हरा > पीला > नारंगी > लाल), अतः यह असत्य है।
- कथन (iv): लाल रंग का अपवर्तनांक नीले से कम होता है, अधिक नहीं, अतः असत्य है।
- कथन (i) और (ii) सत्य हैं: लाल का विचलन न्यूनतम, बैंगनी की चाल सबसे कम (μ अधिकतम, v = c/μ, अतः v न्यूनतम)।
Quick Facts:
- प्रिज्म में वर्ण विक्षेपण: बैंगनी (सबसे अधिक विचलित) → लाल (सबसे कम विचलित)
- μ ∝ 1/λ (तरंगदैर्घ्य जितनी कम, μ उतना अधिक)
द्रव्यमान ‘m’ वाले किसी पिंड पर बल ‘F’ कार्य करता है, जिससे त्वरण ‘a’ उत्पन्न होता है। यदि यही बल द्रव्यमान ‘2m’ वाले किसी पिंड पर कार्य करे, तो उत्पन्न त्वरण कितना होगा?
- a/4
- 2a
- a/2 (a = F/m, if mass doubles, acceleration halves)
- a
Explanation:
- न्यूटन का द्वितीय नियम: F = ma ⇒ a = F/m
- यदि m’ = 2m, तो a’ = F/(2m) = a/2
Quick Facts:
- बल स्थिर रहने पर त्वरण द्रव्यमान के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
- यह न्यूटन के गति के द्वितीय नियम का सार है।
एक निकटदृष्टि दोष से ग्रस्त व्यक्ति की दृष्टि में दूर का बिंदु नेत्र के 80 cm आगे होता है। सामान्य दृष्टि के लिए दूर बिंदु को अनंत में मानते हुए, संशोधक लेंस की आवश्यक शक्ति (P) कितनी होगी?
- +0.80 D
- +1.25 D
- -0.80 D
- -1.25 D (P = -1/f = -1/0.8 = -1.25 D)
Explanation:
- निकटदृष्टि (myopia) में दूर बिंदु (far point) अनंत से कम हो जाता है।
- संशोधन के लिए अवतल लेंस का उपयोग होता है, जिसकी फोकस दूरी f = – (दूर बिंदु दूरी) = -80 cm = -0.8 m
- शक्ति P = 1/f (मीटर में) = 1/(-0.8) = -1.25 D
Quick Facts:
- निकटदृष्टि में दूर की वस्तु स्पष्ट नहीं दिखती, उपचार: अवतल लेंस (ऋणात्मक शक्ति)।
- दूरदृष्टि (hypermetropia) में उत्तल लेंस (धनात्मक शक्ति) प्रयुक्त होता है।
एक ध्वनि तरंग की आवृत्ति 1600 Hz है। यदि तरंग की तरंगदैर्घ्य 0.2 m है, तो तरंग की चाल कितनी होगी?
- 32 m/s
- 320 m/s (v = fλ = 1600 × 0.2 = 320 m/s)
- 800 m/s
- 8000 m/s
Explanation:
- v = f × λ = 1600 × 0.2 = 320 m/s
Quick Facts:
- ध्वनि की चाल माध्यम पर निर्भर करती है।
- वायु में 20°C पर ≈ 344 m/s, यहाँ 320 m/s संभव है (तापमान कम होने पर)।
हवा से तिरछी दिशा में चलकर काँच के एक स्लैब पर पड़ने वाली प्रकाश की किरण पर विचार करें। निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं? (i) आपतन कोण अपवर्तन कोण से छोटा होता है। (ii) आपतन कोण, निर्गमन कोण से बड़ा होता है। (iii) जैसे ही प्रकाश की किरण वायु से कांच में प्रवेश करती है, प्रकाश की चाल कम हो जाती है। (iv) आपतित किरण और निर्गत किरण एक दूसरे के समान्तर होती हैं।
- (i) और (iv) दोनों
- (iii) और (iv) दोनों
- (ii) और (iii) दोनों
- (i) और (ii) दोनों
Explanation:
- कथन (iii): वायु से काँच में प्रवेश पर, μ बढ़ता है (μ > 1), अतः v = c/μ कम हो जाती है। सत्य।
- कथन (iv): काँच के स्लैब से निकलने पर, आपतित किरण और निर्गत किरण समान्तर होती हैं (विस्थापन होता है, पर दिशा नहीं बदलती)। सत्य।
- कथन (i): वायु (μ₁) से काँच (μ₂) में, μ₂ > μ₁, अतः आपतन कोण > अपवर्तन कोण (स्नेल का नियम: μ₁ sin i = μ₂ sin r)। गलत (यहाँ i > r, अतः i छोटा नहीं है)।
- कथन (ii): आपतन कोण, निर्गमन कोण के बराबर होता है (समान्तर स्लैब के लिए), बड़ा नहीं। गलत।
Quick Facts:
- स्नेल का नियम: μ₁ sin i = μ₂ sin r
- प्रकाश सघन माध्यम (काँच) में धीमा हो जाता है, पर स्लैब से निकलने पर पुनः तीव्र हो जाता है।
एक कार की चाल 25 m/s से घटकर 15 m/s हो जाने पर उसकी गतिज ऊर्जा 200 kJ कम हो जाती है। टन में इसका द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
- 2.5
- 1.5
- 1 (ΔKE = ½m(v₁² – v₂²) = 200000 = ½m(625 – 225) = 200m, m = 1000 kg = 1 ton)
- 2
Explanation:
- प्रारंभिक KE₁ = ½ m (25)² = 312.5 m
- अंतिम KE₂ = ½ m (15)² = 112.5 m
- ΔKE = KE₁ – KE₂ = 200 m = 200000 J ⇒ m = 1000 kg = 1 टन
Quick Facts:
- 1 टन = 1000 kg (मीट्रिक टन)
- गतिज ऊर्जा में परिवर्तन = कार्य-ऊर्जा प्रमेय द्वारा किए गए कार्य के बराबर।
आधार राशियों की मात्रकों को क्या कहा जाता है?
- मानक मूल मात्रक
- मौलिक या मूल मात्रक
- मूल नियतांक
- व्युत्पन्न मूल मात्रक
Explanation:
- आधार (मूल) राशियों की इकाइयाँ ‘मूल मात्रक’ (Base units) कहलाती हैं।
- SI में 7 मूल मात्रक: मीटर (m), किलोग्राम (kg), सेकंड (s), ऐम्पियर (A), केल्विन (K), मोल (mol), कैंडेला (cd)।
Quick Facts:
- व्युत्पन्न मात्रक (derived units) मूल मात्रकों के संयोजन से बनते हैं (जैसे N = kg·m/s²)।
- मूल राशियाँ 7 हैं, अन्य सभी व्युत्पन्न हैं।
इनमें से कौन सा क्लोरीन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास है?
- 2, 7
- 2, 8, 7
- 2, 8, 7, 8
- 2, 7, 8
Explanation:
- क्लोरीन (Cl) का परमाणु क्रमांक 17 है।
- इलेक्ट्रॉन विन्यास: K=2, L=8, M=7 (2 + 8 + 7 = 17)
- समूह 17 (हैलोजन), संयोजकता = 1
Quick Facts:
- Cl⁻ आयन का विन्यास 2, 8, 8 (अर्गॉन जैसा) होता है।
- Cl₂ एक द्विपरमाणुक गैस है, जो पीली-हरी होती है।
एक वस्तु को 78.4 m की ऊंचाई से गिराया जाता है। भूतल तक पहुँचने में उसके द्वारा लिया गया समय ज्ञात कीजिए। (g = 9.8 m/s² का उपयोग कीजिए)
- 2 s
- 5 s
- 6 s
- 4 s (s = ½gt², 78.4 = ½ × 9.8 × t², t² = 16, t = 4 s)
Explanation:
- मुक्त पतन के लिए दूरी का सूत्र: s = ½gt², जहाँ s = ऊँचाई, g = गुरुत्वीय त्वरण, t = समय
- 78.4 = ½ × 9.8 × t² ⇒ 78.4 = 4.9 t² ⇒ t² = 16 ⇒ t = 4 s
Quick Facts:
- मुक्त पतन में प्रारंभिक वेग u = 0 होता है।
- गुरुत्वीय त्वरण g = 9.8 m/s² (पृथ्वी की सतह पर)
एल्युमीनियम तत्व का परमाणु क्रमांक कितना है?
- 15
- 17
- 13
- 19
Explanation:
- एल्युमीनियम (Al) का परमाणु क्रमांक 13 है।
- इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 8, 3 है।
Quick Facts:
- Al समूह 13 (IIIA) में स्थित है, संयोजकता 3 है।
- यह एक हल्की धातु है, जिसका उपयोग विमान निर्माण में होता है।
भार का SI मात्रक क्या है?
- किलोग्राम
- सेकंड
- न्यूटन
- मीटर
Explanation:
- भार (Weight) एक बल है, इसका SI मात्रक न्यूटन (N) है।
- W = mg, जहाँ m = द्रव्यमान (kg), g = गुरुत्वीय त्वरण (m/s²)
- 1 N = 1 kg·m/s²
Quick Facts:
- द्रव्यमान का SI मात्रक किलोग्राम (kg) है।
- भार सदिश राशि है, द्रव्यमान अदिश राशि है।
ध्वनि की माप की इकाई क्या है? A. न्यूटन B. डेसिबल C. सोन्स D. फॉन्स
- B
- A
- C
- D
Explanation:
- ध्वनि की तीव्रता (प्रबलता) को डेसिबल (dB) में मापा जाता है।
- यह एक लघुगणकीय इकाई है, जो ध्वनि दाब स्तर (SPL) को मापती है।
Quick Facts:
- न्यूटन (N) बल की, फॉन्स (phon) और सोन्स (sone) प्रबलता की अन्य इकाइयाँ हैं, पर प्रचलित dB है।
- 0 dB सुनने की सीमा (hearing threshold) है, 120 dB दर्द की सीमा (pain threshold) है।
निम्नलिखित में से कौन सा गुणसूत्र समूह बालिका के जन्म का कारण बनता है?
- YY
- XX
- XY
- XZ
Explanation:
- मानव में लिंग निर्धारण XX (स्त्री) और XY (पुरुष) गुणसूत्रों द्वारा होता है।
- बालिका (female) के लिए XX गुणसूत्र समूह होता है।
Quick Facts:
- पिता का शुक्राणु X या Y गुणसूत्र ले जाता है, माता का अंडाणु X ले जाता है।
- XX → लड़की, XY → लड़का
कौन सा विकल्प 27°C को केल्विन पैमाने में बदलने पर सही उत्तर दिखाता है?
- -246 K
- -300 K
- 246 K
- 300 K (27 + 273 = 300 K)
Explanation:
- सेल्सियस से केल्विन में बदलने का सूत्र: K = °C + 273
- 27°C = 27 + 273 = 300 K
Quick Facts:
- 0 K = -273°C (परम शून्य)
- केल्विन पैमाने पर ऋणात्मक तापमान नहीं होता।
एक श्रेणी परिपथ में, यदि एक प्रतिरोधक हटा दिया जाता है या टूट जाता है, तो परिपथ में धारा ________ हो जाएगी।
- घट जाएगी।
- बढ़ जाएगी।
- शून्य हो जाएगी।
- वही रहेगी।
Explanation:
- श्रेणी परिपथ (series circuit) में एक ही पथ होता है, अतः एक प्रतिरोधक टूटने पर परिपथ खुल जाता है (open circuit)।
- इसलिए धारा शून्य हो जाती है।
Quick Facts:
- समान्तर (parallel) परिपथ में एक प्रतिरोधक टूटने पर अन्य पथों में धारा प्रवाहित होती रहती है।
- श्रेणी परिपथ में कुल प्रतिरोध = R₁ + R₂ + …
किसी तत्व की परमाणु संख्या के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? कथन I: किसी तत्व की परमाणु संख्या, परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या को दर्शाती है। कथन II: किसी तत्व की परमाणु संख्या, परमाणु के नाभिक में उपस्थित न्यूट्रॉनों की संख्या को दर्शाती है।
- न तो कथन I और न ही कथन II सही है।
- कथन I और II दोनों सही हैं।
- केवल कथन I सही है।
- केवल कथन II सही है।
Explanation:
- परमाणु संख्या (Z) = प्रोटॉनों की संख्या (उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या के बराबर)
- न्यूट्रॉनों की संख्या = द्रव्यमान संख्या (A) – परमाणु संख्या (Z)
- अतः कथन I सत्य है, कथन II असत्य है।
Quick Facts:
- द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन
- समस्थानिक: एक ही Z, भिन्न A (भिन्न न्यूट्रॉन)
प्रतिरोधक 25 kΩ के एक तार से प्रवाहित होने वाली धारा को (mA में) ज्ञात कीजिए, जब 12.5 V का एक विभवांतर इसके सिरों पर लगाया जाता है।
- 0.5 (I = V/R = 12.5/25000 = 0.0005 A = 0.5 mA)
- 2
- 5
- 0.2
Explanation:
- ओम का नियम: I = V/R
- R = 25 kΩ = 25000 Ω, V = 12.5 V
- I = 12.5 / 25000 = 0.0005 A = 0.5 mA
Quick Facts:
- 1 kΩ = 1000 Ω
- 1 mA = 10⁻³ A
ध्वनि तरंगें किस माध्यम में यात्रा नहीं कर सकती हैं? A. वायु B. पानी C. निर्वात D. इस्पात
- B
- A
- C
- D
Explanation:
- ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है, जिसे संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है।
- निर्वात (vacuum) में कोई माध्यम नहीं होता, इसलिए ध्वनि वहाँ संचरित नहीं हो सकती।
Quick Facts:
- प्रकाश विद्युत चुम्बकीय तरंग है, यह निर्वात में चल सकता है।
- ध्वनि की चाल: ठोस > द्रव > गैस
यदि 750 N का एक बल 30 kg की गाड़ी को 16 m की दूरी पर धकेलता है, तो किया गया कार्य (kJ) में ज्ञात कीजिए।
- 24
- 12 (W = F × s = 750 × 16 = 12000 J = 12 kJ)
- 36
- 48
Explanation:
- कार्य (Work) = बल (F) × विस्थापन (s) (जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों)
- W = 750 × 16 = 12000 J = 12 kJ
- यहाँ द्रव्यमान (30 kg) अप्रासंगिक है (जब तक घर्षण न हो) — प्रश्न में केवल बल और दूरी दी गई है।
Quick Facts:
- 1 kJ = 1000 J
- यदि बल और विस्थापन के बीच कोण हो, तो W = F·s·cos θ
गैसों के मापन में प्रयुक्त दाब की SI इकाई क्या है?
- पास्कल
- जूल
- न्यूटन
- केल्विन
Explanation:
- दाब (Pressure) की SI इकाई पास्कल (Pa) है।
- 1 Pa = 1 N/m² = 1 kg·m⁻¹·s⁻²
- गैसों के दाब के लिए अन्य इकाइयाँ: atm, bar, mmHg, torr आदि।
Quick Facts:
- 1 atm = 101325 Pa ≈ 101 kPa
- दाब = बल / क्षेत्रफल (P = F/A)
एक ऑक्सीजन परमाणु में न्यूट्रॉनों की संख्या कितनी होती है?
- 8 (Oxygen-16 has 8 neutrons)
- 16
- 32
- 7
Explanation:
- सामान्य ऑक्सीजन (¹⁶O) में प्रोटॉन = 8, परमाणु द्रव्यमान = 16
- न्यूट्रॉन = द्रव्यमान संख्या – प्रोटॉन = 16 – 8 = 8
Quick Facts:
- ऑक्सीजन के अन्य समस्थानिक: ¹⁷O (9 न्यूट्रॉन), ¹⁸O (10 न्यूट्रॉन)
- प्रोटॉन की संख्या = परमाणु क्रमांक (Z) = 8
एक अवतल दर्पण के सामने 20 cm की दूरी पर एक वस्तु रखी जाती है और उसका प्रतिबिम्ब वस्तु के समान ही और 60 cm की दूरी पर बनता है, दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन होगा:
- +3
- -1/3
- +1/3
- -3 (m = -v/u = -60/20 = -3)
Explanation:
- अवतल दर्पण के लिए, u = -20 cm (चिह्न परिपाटी के अनुसार), v = -60 cm (वास्तविक, उल्टा, इसलिए v ऋणात्मक)
- m = -v/u = -(-60)/(-20) = 60/(-20) = -3
- ऋणात्मक चिह्न उल्टा (inverted) प्रतिबिंब दर्शाता है, |m| > 1 आवर्धित (enlarged)।
Quick Facts:
- m = -v/u, यह दर्पण सूत्र से व्युत्पन्न है।
- आभासी प्रतिबिंब के लिए m धनात्मक होता है।
ज्योति तीव्रता का SI मात्रक है:
- वाट
- मोल
- मीटर
- कैंडेला
Explanation:
- ज्योति तीव्रता (Luminous intensity) की SI इकाई कैंडेला (cd) है।
- यह 7 मूल SI इकाइयों में से एक है।
Quick Facts:
- अन्य मूल इकाइयाँ: मीटर (m), किलोग्राम (kg), सेकंड (s), ऐम्पियर (A), केल्विन (K), मोल (mol)
- कैंडेला का उपयोग प्रकाश स्रोतों की तीव्रता मापने में होता है।
नींबू के रस का pH लगभग ________ होता है।
- 2
- 9
- 12
- 7
Explanation:
- नींबू के रस में साइट्रिक अम्ल होता है, इसका pH लगभग 2 (1.8-2.4) होता है।
- pH < 7 अम्लीय, pH = 7 उदासीन, pH > 7 क्षारीय।
Quick Facts:
- pH पैमाना 0-14 होता है।
- नींबू का रस अम्लीय होने के कारण खट्टा होता है।
एक पास्कल (Pa) निम्नलिखित में से किसके बराबर होता है?
- न्यूटन मीटर² (N m²)
- न्यूटन प्रति वर्ग मीटर (N/m²)
- न्यूटन मीटर (N m)
- न्यूटन प्रति मीटर (N/m)
Explanation:
- 1 Pa = 1 N/m² (1 न्यूटन प्रति वर्ग मीटर)
- N·m = जूल (J), N/m = पृष्ठ तनाव/स्प्रिंग स्थिरांक की इकाई
Quick Facts:
- पास्कल का नाम ब्लेज़ पास्कल (Blaise Pascal) के नाम पर रखा गया है।
- वायुमंडलीय दाब ≈ 101325 Pa
एक विद्युत लैंप, जिसका प्रतिरोध 10 Ω है, और 2 Ω प्रतिरोध का एक चालक श्रेणीक्रम में 24 V की बैटरी से जुड़े हैं। तब परिपथ में धारा होगी ________।
- 3 A
- 2 A (I = V/R = 24/(10+2) = 24/12 = 2 A)
- 1 A
- 4 A
Explanation:
- श्रेणीक्रम में कुल प्रतिरोध R = 10 + 2 = 12 Ω
- ओम के नियम से I = V/R = 24/12 = 2 A
Quick Facts:
- श्रेणी में धारा समान होती है, विभवांतर भिन्न होता है।
- प्रतिरोधकों पर वोल्टेज विभाजन: V₁ = IR₁, V₂ = IR₂
यदि नियत आयतन पर किसी गैस का दाब दो गुना बढ़ा दिया जाए, तो गैस द्वारा किया गया कार्य ______ होगा।
- चार गुना
- शून्य
- तीन गुना
- दोगुना
Explanation:
- कार्य (W) = P × ΔV (गैस द्वारा किया गया कार्य)
- यदि आयतन (V) स्थिर है, तो ΔV = 0, अतः W = 0
- चाहे दाब बढ़े या घटे, आयतन परिवर्तन न होने पर कार्य शून्य होता है।
Quick Facts:
- समदाबी (isobaric) प्रक्रम: W = PΔV
- समआयतनिक (isochoric) प्रक्रम: W = 0
एक परिपथ के चारों ओर 5 एम्पीयर की धारा 10 सेकंड के लिए प्रवाहित होती है। इतने समय में परिपथ एक बिंदु से कितना आवेश प्रवाहित होगा?
- 0.5 कूलम्ब
- 50 कूलम्ब (Q = It = 5 × 10 = 50 C)
- 2 कूलम्ब
- 25 कूलम्ब
Explanation:
- आवेश Q = धारा (I) × समय (t)
- Q = 5 A × 10 s = 50 C
Quick Facts:
- 1 C = 1 A × 1 s
- 1 एम्पीयर = 1 कूलॉम/सेकंड
500 ग्राम द्रव्यमान के धातु के एक ब्लॉक का आपेक्षिक घनत्व 2.5 है। पानी में पूरी तरह डुबाने पर इसका स्पष्ट द्रव्यमान कितना होगा?
- 400 g
- 250 g
- 300 g
- 200 g
Explanation:
- आपेक्षिक घनत्व (RD) = घनत्व(धातु) / घनत्व(जल) = 2.5
- अतः धातु का घनत्व = 2.5 g/cm³ (जल का घनत्व = 1 g/cm³)
- ब्लॉक का आयतन V = द्रव्यमान/घनत्व = 500/2.5 = 200 cm³
- पानी में डूबने पर उत्प्लावन बल = V × ρ_water × g = 200 × 1 = 200 g (भार के रूप में)
- स्पष्ट द्रव्यमान = वास्तविक द्रव्यमान – उत्प्लावन बल = 500 – 200 = 300 g
Quick Facts:
- आपेक्षिक घनत्व विमाहीन है (कोई इकाई नहीं)।
- आर्किमिडीज का सिद्धांत: डूबी हुई वस्तु पर उत्प्लावन बल = विस्थापित द्रव का भार।
निम्नलिखित में से कौन सा बर्फ का गलनांक है?
- 300.15 K
- 273.15 K
- 373.15 K
- 200.15 K
Explanation:
- बर्फ का गलनांक 0°C = 273.15 K है।
- जल का क्वथनांक 100°C = 373.15 K है।
Quick Facts:
- K = °C + 273.15
- मानक दाब पर बर्फ का गलनांक 273.15 K (0°C) होता है।
तरंग का शिखर वह बिंदु है जहाँ विक्षोभ होता है:
- न्यूनतम बिंदु
- शून्य बिंदु
- नियत बिंदु
- अधिकतम बिंदु
Explanation:
- तरंग का शिखर (crest) वह बिंदु है जहाँ विक्षोभ (विस्थापन) अधिकतम होता है (धनात्मक आयाम)।
- गर्त (trough) वह बिंदु है जहाँ विस्थापन न्यूनतम (ऋणात्मक आयाम) होता है।
Quick Facts:
- शिखर और गर्त अनुप्रस्थ तरंगों (transverse waves) की विशेषता हैं।
- अनुदैर्ध्य तरंगों में संपीडन (compression) और विरलन (rarefaction) होते हैं।
प्रणोद की SI इकाई क्या है?
- न्यूटन मीटर (N m)
- न्यूटन (N)
- न्यूटन प्रति मीटर (N/m)
- जूल (J)
Explanation:
- प्रणोद (Thrust) = बल (Force) है, अतः इसकी SI इकाई न्यूटन (N) है।
- दाब = बल/क्षेत्रफल, जिसकी इकाई पास्कल (Pa = N/m²) है।
Quick Facts:
- प्रणोद किसी सतह पर लंबवत लगने वाला बल है।
- 1 N = 1 kg·m/s²
मूर का नियम इंटेल के सह-संस्थापक गॉर्डन मूर द्वारा बताया गया अंगूठे का एक सामान्य नियम है कि एक चिप पर ट्रांजिस्टर की संख्या हर ______ महीने में दोगुनी हो जाती है।
- 18
- 30
- 12
- 24
Explanation:
- मूर का नियम (Moore’s law) कहता है कि एक एकीकृत सर्किट (IC) पर ट्रांजिस्टर की संख्या लगभग हर 18 महीने (या 2 वर्ष) में दोगुनी हो जाती है।
- यह अवलोकन 1965 में गॉर्डन मूर ने दिया था।
Quick Facts:
- हालाँकि यह एक ‘नियम’ नहीं है, बल्कि एक अवलोकन है, पर यह लंबे समय तक सटीक रहा है।
- आधुनिक चिप्स में अरबों ट्रांजिस्टर होते हैं।
1 kW = ?
- 1000 W
- 10 W
- 100 W
- 10000 W
Explanation:
- 1 kW (किलोवाट) = 1000 W (वाट)
- यह शक्ति (power) की इकाई है।
Quick Facts:
- 1 MW = 10⁶ W, 1 GW = 10⁹ W
- विद्युत ऊर्जा खपत का मात्रक kWh है (1 kWh = 3.6 × 10⁶ J)
द्रव्यमान M और m की दो वस्तुओं के बीच आकर्षण बल जो एक दूसरे से d दूरी पर स्थित है, ______ के व्युत्क्रमानुपाती है।
- उनके बीच की दूरी के वर्गमूल: d¹/²
- उनके बीच की दूरी के घन: d³
- उनके बीच की दूरी के वर्ग: d²
- उनके बीच की दूरी: d
Explanation:
- न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम: F = G M m / d²
- अतः F ∝ 1/d² (दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती)
Quick Facts:
- यह ‘व्युत्क्रम वर्ग नियम’ (inverse square law) का उदाहरण है।
- विद्युत बल (कूलॉम नियम) भी दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी एक सदिश राशि है? A. समय B. तापमान C. दूरी D. वेग
- C
- A
- D
- B
Explanation:
- सदिश राशि (vector) में परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।
- वेग (velocity) सदिश है (चाल + दिशा)।
- समय, तापमान, दूरी अदिश (scalar) राशियाँ हैं (केवल परिमाण)।
Quick Facts:
- अन्य सदिश: बल, संवेग, त्वरण, विस्थापन
- अन्य अदिश: चाल, कार्य, ऊर्जा, द्रव्यमान
यदि किसी इंजन की शक्ति दोगुनी कर दी जाए जबकि समय स्थिर रहे, तो किया गया कार्य ______।
- समान बना रहेगा
- आधा हो जाएगा
- चौगुना हो जाएगा
- दोगुना हो जाएगा
Explanation:
- शक्ति (P) = कार्य (W) / समय (t)
- यदि P दोगुनी हो और t स्थिर हो, तो W = P × t, अतः W दोगुना हो जाएगा।
Quick Facts:
- 1 W = 1 J/s (1 वाट = 1 जूल/सेकंड)
- शक्ति = कार्य करने की दर
एक गेंद को पृथ्वी की सतह से 10 m की ऊँचाई से गिराया जाता है। गेंद किस चाल से ज़मीन से टकराएगी?
- 5 m/s
- 14.14 m/s (v = √(2gh) = √(2×10×10) = √200 = 14.14 m/s)
- 10 m/s
- 20 m/s
Explanation:
- गति के तृतीय समीकरण: v² = u² + 2gh, यहाँ u = 0 (विराम से), g = 10 m/s²
- v² = 2 × 10 × 10 = 200 ⇒ v = √200 = 10√2 ≈ 14.14 m/s
Quick Facts:
- यह गतिज ऊर्जा = स्थितिज ऊर्जा (mgh = ½mv²) से भी प्राप्त होता है।
- वायु प्रतिरोध को नजरअंदाज किया गया है।
निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन से पारिस्थितिकी तंत्र से संबंधित है/हैं? (i) इसमें जीवित जीवों से मिलकर बने जैविक घटक होते हैं। (ii) सभी हरे पौधे और कुछ बैक्टीरिया उत्पादक होते हैं। (iii) अपघटक जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल कार्बनिक पदार्थों में तोड़ते हैं।
- केवल (i) और (ii)
- (i), (ii) और (iii)
- केवल (i) और (ii)
- केवल (i)
Explanation:
- पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) में जैविक (biotic) और अजैविक (abiotic) घटक होते हैं।
- उत्पादक (producers) = स्वपोषी (autotrophs) जैसे हरे पौधे, कुछ बैक्टीरिया।
- अपघटक (decomposers) = जैसे कवक, जीवाणु, जो जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल में तोड़ते हैं।
- तीनों कथन सत्य हैं।
Quick Facts:
- उत्पादक → उपभोक्ता (primary, secondary) → अपघटक
- पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह एक दिशीय (unidirectional) होता है।
फोकस दूरी 1 मीटर वाले एक लेंस की क्षमता क्या होगी?
- 1D (P = 1/f = 1/1 = 1 D)
- 2D
- 3D
- 4D
Explanation:
- लेंस की क्षमता (Power) P = 1/f (f मीटर में)
- P = 1/1 = 1 D (डायोप्टर)
Quick Facts:
- उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक, अवतल की ऋणात्मक होती है।
- 1 D = 1 m⁻¹
ईंधन का ऊष्मीय मान कैसे व्यक्त किया जाता है?
- किलोजूल प्रति किलोग्राम
- किलोमीटर प्रति किलोग्राम
- किलोन्यूटन प्रति किलोग्राम
- किलोवाट प्रति किलोग्राम
Explanation:
- ईंधन का ऊष्मीय मान (Calorific value) = प्रति इकाई द्रव्यमान (kg) में उत्पन्न ऊष्मा (J या kJ)।
- इकाई: kJ/kg (किलोजूल प्रति किलोग्राम)
Quick Facts:
- हाइड्रोजन का ऊष्मीय मान ≈ 141,800 kJ/kg (सबसे उच्च)
- पेट्रोल ≈ 45,000 kJ/kg, कोयला ≈ 30,000 kJ/kg
जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, पदार्थ के कणों की गतिज ऊर्जा ______ होती है।
- शून्य हो जाता है।
- कम हो जाती है।
- बढ़ती है।
- समान रहता है।
Explanation:
- तापमान कणों की औसत गतिज ऊर्जा का माप है (गतिज सिद्धांत के अनुसार)।
- तापमान बढ़ने पर कणों की गति बढ़ती है, अतः गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
Quick Facts:
- परम शून्य (0 K) पर कणों की गतिज ऊर्जा न्यूनतम (शून्य नहीं, पर न्यूनतम) होती है।
- KE_avg = ½ m v² ∝ T (केल्विन में)
एक रेलगाड़ी 180 km/hr की चाल से यात्रा कर रही है। इसमें ब्रेक इस प्रकार लगाए जाते हैं कि (-1 m/s²) का एकसमान त्वरण उत्पन्न हो। विरामावस्था में पहुंचने से पूर्व रेलगाड़ी द्वारा तय की गई दूरी कितनी होगी?
- 1620 m
- 125 m
- 1250 m (v² = u² + 2as, 0 = 50² + 2(-1)s, s = 2500/2 = 1250 m)
- 16,200 m
Explanation:
- प्रारंभिक वेग u = 180 km/hr = 180 × (5/18) = 50 m/s
- अंतिम वेग v = 0, त्वरण a = -1 m/s²
- v² = u² + 2as ⇒ 0 = 50² + 2(-1)s ⇒ s = 2500/2 = 1250 m
Quick Facts:
- km/hr को m/s में बदलने के लिए 5/18 से गुणा करें।
- यह दूरी ‘रोकने की दूरी’ (stopping distance) कहलाती है।
2500 वाट = ______ kW
- 250
- 0.25
- 25
- 2.5 (2500/1000 = 2.5 kW)
Explanation:
- 1 kW = 1000 W
- 2500 W = 2500/1000 = 2.5 kW
Quick Facts:
- शक्ति की बड़ी इकाइयाँ: MW (मेगावाट), GW (गीगावाट)
- 1 MW = 10⁶ W, 1 GW = 10⁹ W
जीका विषाणु जो तंत्रिका संबंधी जन्मजात विकारों का कारण बनता है, ______ से फैलता है। A. चूहे के काटने B. मच्छर के काटने C. सांप के काटने D. बंदर के काटने
- A
- B
- D
- C
Explanation:
- जीका विषाणु (Zika virus) मुख्यतः एडीज (Aedes) मच्छर के काटने से फैलता है।
- यह माइक्रोसेफली (microcephaly) सहित जन्मजात विकारों से जुड़ा है।
Quick Facts:
- एडीज मच्छर डेंगू, चिकनगुनिया, जीका का वाहक है।
- यह दिन में काटता है (day-biting mosquito)।
सामान्य स्थितियों में मानव रक्त का pH मान कितना होता है?
- 7.4
- 6.4
- 6.8
- 10.5
Explanation:
- मानव रक्त का pH सामान्यतः 7.35-7.45 के बीच होता है, औसत ≈ 7.4
- यह थोड़ा क्षारीय (slightly alkaline) होता है।
Quick Facts:
- pH < 7.35 → अम्लीय (acidosis), pH > 7.45 → क्षारीय (alkalosis)
- रक्त में बाइकार्बोनेट बफर सिस्टम pH को बनाए रखता है।
हाइड्रोजन परमाणु की अनुमानित त्रिज्या ______ होती है।
- 10⁻¹⁰ m
- 10⁻⁷ m
- 10⁻⁸ m
- 10⁻⁹ m
Explanation:
- हाइड्रोजन परमाणु की त्रिज्या (बोर त्रिज्या) ≈ 5.29 × 10⁻¹¹ m ≈ 0.529 Å
- 10⁻¹⁰ m (1 Å) के क्रम की होती है।
- 1 Å = 10⁻¹⁰ m
Quick Facts:
- बोर त्रिज्या (a₀) = 0.529 × 10⁻¹⁰ m
- परमाणुओं का आकार Å (एंग्स्ट्रॉम) में मापा जाता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा व्युत्पन्न मात्रक नहीं है?
- वोल्ट
- मोल
- रेडियन
- ल्यूमेन
Explanation:
- मोल (mol) पदार्थ की मात्रा का SI मूल मात्रक (base unit) है, व्युत्पन्न नहीं।
- वोल्ट (V), रेडियन (rad), ल्यूमेन (lm) व्युत्पन्न मात्रक (derived units) हैं।
Quick Facts:
- 7 मूल मात्रक: m, kg, s, A, K, mol, cd
- व्युत्पन्न मात्रक इन्हीं के संयोजन से बनते हैं।
ब्रेक लगाने पर एक कार एकसमान रूप से धीमी होती है, जिससे उसकी गति की विपरीत दिशा में 8 m/s² का त्वरण उत्पन्न होता है। यदि कार 2s में विरामावस्था में आती है, तो रुकने से पहले वह कितनी दूरी तय करती है?
- 8 m
- 16 m (s = ut + ½at², u = at = 8×2 = 16, s = 16×2 + ½(-8)(4) = 32 – 16 = 16 m)
- 12 m
- 20 m
Explanation:
- u = at = 8 × 2 = 16 m/s (v = u + at, 0 = u – 8×2 ⇒ u = 16)
- s = ut + ½at² = 16×2 + ½(-8)(4) = 32 – 16 = 16 m
Quick Facts:
- त्वरण ऋणात्मक (मंदन) है, इसलिए a = -8 m/s²
- यह गति का द्वितीय समीकरण है: s = ut + ½at²
जब दूध खट्टा हो जाता है, तब ______ का उत्पादन होता है। A. लैक्टोज B. लैक्टिक अम्ल C. सैलिसिलिक अम्ल D. लिनोलिक अम्ल
- A
- D
- C
- B
Explanation:
- दूध में लैक्टोज (दूध शर्करा) होती है, जो लैक्टिक अम्ल बैक्टीरिया द्वारा लैक्टिक अम्ल (lactic acid) में बदल जाती है, जिससे दूध खट्टा होता है।
- लैक्टिक अम्ल का रासायनिक सूत्र C₃H₆O₃ है।
Quick Facts:
- दही (curd) भी लैक्टिक अम्ल किण्वन (fermentation) से बनता है।
- लैक्टिक अम्ल पेशियों में थकान (muscle fatigue) का भी कारण बनता है।
यदि किसी परमाणु के K और L कोश पूर्णतया भरे हुए हैं, तो परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या कितनी होगी?
- 11
- 10 (K = 2, L = 8, total = 10)
- 12
- 9
Explanation:
- K कोश (n=1) में अधिकतम 2 इलेक्ट्रॉन, L कोश (n=2) में अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉन।
- पूर्ण भरे होने पर कुल = 2 + 8 = 10
- यह नियॉन (Ne) का इलेक्ट्रॉन विन्यास है (परमाणु क्रमांक 10)।
Quick Facts:
- M कोश (n=3) में अधिकतम 18 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं, पर बाहरी कोश 8 तक ही स्थिर होता है।
- 2n² नियम: n = 1 → 2, n = 2 → 8, n = 3 → 18
गोलीय दर्पणों के लिए चिह्न परिपाटी (sign convention) का उपयोग करते समय, मुख्य अक्ष के अनुदिश किस दिशा को धनात्मक माना जाता है?
- मूल बिन्दु के दाई ओर (+x-अक्ष के अनुदिश)
- मूल बिन्दु के बाई ओर (-x-अक्ष के अनुदिश)
- मुख्य अक्ष से ऊपर की ओर
- मुख्य अक्ष से नीचे की ओर
Explanation:
- नई कार्तीय चिह्न परिपाटी में, मूल बिंदु (ध्रुव) से दाईं ओर (आपतित प्रकाश की दिशा में) की दूरियाँ धनात्मक होती हैं।
- बाईं ओर की दूरियाँ (वस्तु की ओर) ऋणात्मक होती हैं।
- मुख्य अक्ष के ऊपर की दूरियाँ धनात्मक, नीचे की ऋणात्मक होती हैं।
Quick Facts:
- यह परिपाटी लेंस और दर्पण दोनों के लिए समान है।
- v, u, f के चिह्न इसी परिपाटी पर निर्भर करते हैं।
अधिक _______ वाली वस्तु का जड़त्व अधिक होता है।
- वेग
- त्वरण
- आयतन
- द्रव्यमान
Explanation:
- जड़त्व (inertia) किसी वस्तु के द्रव्यमान का माप है।
- अधिक द्रव्यमान → अधिक जड़त्व (स्थिति या गति में परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति)
Quick Facts:
- न्यूटन का प्रथम नियम ‘जड़त्व का नियम’ है।
- द्रव्यमान अदिश है, जड़त्व भी अदिश ही है।
निम्नलिखित में से कौन-सा उपकरण प्रत्यावर्ती धारा को दिष्ट धारा में परिवर्तित करने के लिए उपयोग किया जाता है?
- कैलोरीमीटर
- संधारित्र
- रेक्टिफायर
- धारा-नियंत्रक
Explanation:
- रेक्टिफायर (Rectifier) AC (प्रत्यावर्ती) को DC (दिष्ट) में बदलता है।
- इन्वर्टर (Inverter) DC को AC में बदलता है।
- संधारित्र (capacitor) विद्युत ऊर्जा संग्रहीत करता है।
Quick Facts:
- रेक्टिफायर डायोड का उपयोग करते हैं।
- इसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बिजली आपूर्ति में होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा त्वरण का मात्रक है?
- ms
- ms²
- m/s²
- m/s
Explanation:
- त्वरण (a) = वेग में परिवर्तन / समय = (m/s) / s = m/s²
- इसे ‘मीटर प्रति सेकंड वर्ग’ कहते हैं।
Quick Facts:
- त्वरण की विमा L T⁻² है।
- गुरुत्वीय त्वरण g = 9.8 m/s²
विद्युत प्रतिरोधकता की SI इकाई ________ है।
- टेस्ला
- एम्पियर/मीटर
- वोल्ट/मीटर
- ओम-मीटर
Explanation:
- प्रतिरोधकता (ρ) = R A / L, जहाँ R = प्रतिरोध (Ω), A = क्षेत्रफल (m²), L = लंबाई (m)
- इकाई: Ω·m²/m = Ω·m (ओम-मीटर)
Quick Facts:
- प्रतिरोधकता ताप पर निर्भर करती है।
- चालकों की प्रतिरोधकता कम, कुचालकों की बहुत अधिक होती है।
15 cm फोकस दूरी वाले उत्तल दर्पण से 30 cm की दूरी पर एक वस्तु रखी गई है। दर्पण सूत्र का उपयोग करके प्रतिबिंब दूरी (v) की गणना कीजिए।
- -10 cm
- 10 cm (1/f = 1/v + 1/u, 1/15 = 1/v + 1/(-30), v = 10 cm)
- 15 cm
- -15 cm
Explanation:
- उत्तल दर्पण: f = +15 cm (धनात्मक), u = -30 cm (चिह्न परिपाटी)
- 1/f = 1/v + 1/u ⇒ 1/15 = 1/v + 1/(-30) ⇒ 1/v = 1/15 + 1/30 = 3/30 = 1/10 ⇒ v = 10 cm
Quick Facts:
- उत्तल दर्पण हमेशा आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
- v धनात्मक है (दर्पण के पीछे, आभासी प्रतिबिंब)।
यदि किसी वस्तु का पृथ्वी पर द्रव्यमान 100 kg है, तो चंद्रमा पर उसका द्रव्यमान क्या होगा?
- 0 kg
- 100 kg
- 16.7 kg
- 980 kg
Explanation:
- द्रव्यमान (mass) स्थान के साथ नहीं बदलता, यह पदार्थ की मात्रा है।
- चंद्रमा पर भार (weight) बदलता है (गुरुत्वीय त्वरण कम होने के कारण), पर द्रव्यमान समान रहता है।
- अतः 100 kg ही रहेगा।
Quick Facts:
- चंद्रमा पर g = g_p/6 ≈ 1.63 m/s²
- चंद्रमा पर भार = 100 × 1.63 = 163 N, जबकि पृथ्वी पर 980 N
यदि किसी कंपनशील वस्तु की आवृत्ति 50 Hz है, तो उसका आवर्तकाल कितना होगा?
- 0.2 s
- 2 s
- 0.02 s (T = 1/50 = 0.02 s)
- 5 s
Explanation:
- आवर्तकाल T = 1 / आवृत्ति (f)
- T = 1/50 = 0.02 s
Quick Facts:
- Hz = s⁻¹ (प्रति सेकंड)
- 50 Hz का अर्थ है प्रति सेकंड 50 कंपन (oscillations)।
निम्नलिखित में से कौन नाइट्रोजन-फिक्सिंग बैक्टीरिया है? A. साल्मोनेला B. राइजोबियम C. ई. कोलाई D. स्यूडोमोनास
- D
- A
- C
- B
Explanation:
- राइजोबियम (Rhizobium) नाइट्रोजन-फिक्सिंग (nitrogen-fixing) बैक्टीरिया है, जो फलीदार पौधों (legumes) की जड़ों में गांठ (nodules) बनाता है।
- यह वायुमंडलीय N₂ को अमोनिया (NH₃) में बदलता है, जिसे पौधे उपयोग कर सकते हैं।
Quick Facts:
- अन्य N₂-फिक्सिंग बैक्टीरिया: Azotobacter, Azospirillum, Frankia (एक्टिनोबैक्टीरिया)
- नाइट्रोजन स्थिरीकरण (fixation) जैविक (जीवाणु) या अजैविक (उदा. विद्युत निर्वहन) हो सकता है।
प्रश्नों को हल करने के लिए दर्पण सूत्र में दूरियों (u, v, f) के संख्यात्मक मानों को प्रतिस्थापित करते समय, किस आवश्यक शर्त (prerequisite) का कठोरता से पालन किया जाना चाहिए?
- फोकस दूरी (f) को सदैव धनात्मक लिया जाना चाहिए।
- सभी मानों को मीटर में परिवर्तित किया जाना चाहिए।
- सभी माप वक्रता केंद्र से लिए जाने चाहिए।
- नई कार्तीय चिह्न परिपाटी का उपयोग किया जाना चाहिए।
Explanation:
- दर्पण सूत्र (1/f = 1/v + 1/u) में, सभी दूरियों के चिह्न (sign) नई कार्तीय परिपाटी के अनुसार होने चाहिए।
- इसके बिना परिणाम गलत हो सकता है।
Quick Facts:
- इस परिपाटी में, मूल बिंदु (ध्रुव) से दाईं ओर धनात्मक, बाईं ओर ऋणात्मक होता है।
- अवतल दर्पण की f ऋणात्मक, उत्तल की धनात्मक होती है।
आधार और व्युत्पन्न मात्रकों के संपूर्ण समुच्चय को क्या कहा जाता है?
- वैज्ञानिक मॉडल
- सार्वभौमिक स्थिरांक प्रणाली
- मात्रकों की प्रणाली
- मापन समुच्चय
Explanation:
- सभी मूल और व्युत्पन्न मात्रकों को मिलाकर ‘मात्रकों की प्रणाली’ (System of Units) कहते हैं, जैसे SI, CGS, FPS आदि।
- SI में 7 मूल और अनेक व्युत्पन्न मात्रक हैं।
Quick Facts:
- SI = Système International d’Unités (अंतर्राष्ट्रीय मात्रक प्रणाली)
- इसे 1960 में अपनाया गया था।
आवर्धन की इकाई क्या है?
- डायोप्टर
- न्यूटन
- cm
- इसकी कोई इकाई नहीं है।
Explanation:
- आवर्धन (Magnification) = प्रतिबिंब ऊँचाई / वस्तु ऊँचाई = v/u, यह एक अनुपात है।
- अतः यह विमाहीन (dimensionless) है, इसकी कोई इकाई नहीं होती।
Quick Facts:
- डायोप्टर (D) लेंस की क्षमता की इकाई है।
- आवर्धन धनात्मक (सीधा) या ऋणात्मक (उल्टा) हो सकता है।
कॉन्सर्ट हॉल और सिनेमा हॉल की छत को कैसे बनाया जाता है ताकि परावर्तन के बाद हॉल के सभी कोनों तक ध्वनि पहुंचाई जा सके?
- वक्र
- समतल
- सीधा
- खुली छत वाला
Explanation:
- कॉन्सर्ट हॉल, सभागार आदि की छतें वक्र (curved) बनाई जाती हैं, ताकि ध्वनि का परावर्तन समूचे हॉल में फैल सके।
- इससे ध्वनि सभी कोनों तक पहुँचती है और प्रतिध्वनि (echo) भी नियंत्रित रहती है।
Quick Facts:
- ध्वनि का परावर्तन (reflection) प्रकाश के समान नियमों का पालन करता है।
- सभागारों में ध्वनि-अवशोषक पदार्थ (sound-absorbing materials) भी प्रयोग किए जाते हैं।
पृष्ठ तनाव की विमा ______ है।
- M L² T⁻²
- M L⁰ T⁻²
- M L T⁻²
- M L⁰ T
Explanation:
- पृष्ठ तनाव (Surface tension) = बल / लंबाई = (M L T⁻²) / L = M T⁻²
- या ऊर्जा/क्षेत्रफल = (M L² T⁻²) / L² = M T⁻²
- ∴ विमा M L⁰ T⁻² (या M T⁻²)
Quick Facts:
- पृष्ठ तनाव का SI मात्रक N/m (न्यूटन/मीटर) है।
- जल का पृष्ठ तनाव ≈ 0.072 N/m (20°C पर)
1.25 g नाइट्रोजन (Jg⁻¹ में) के वाष्पीकरण की विशिष्ट गुप्त ऊष्मा ज्ञात कीजिए, यदि यह 196°C के क्वथनांक पर संघनित होने पर 250 जूल ऊष्मा मुक्त करती है।
- 469
- 500
- 312.5
- 200 (L = Q/m = 250/1.25 = 200 J/g)
Explanation:
- गुप्त ऊष्मा L = Q / m (जहाँ Q = ऊष्मा, m = द्रव्यमान)
- L = 250 J / 1.25 g = 200 J/g
Quick Facts:
- गुप्त ऊष्मा वह ऊष्मा है जो ताप परिवर्तन के बिना अवस्था परिवर्तन (change of state) के दौरान अवशोषित या मुक्त होती है।
- जल की वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा ≈ 2260 J/g (बहुत अधिक)।
किसी वस्तु के संवेग को उसके द्रव्यमान और वेग के गुणनफल के रूप में परिभाषित किया जाता है, तो उसकी SI इकाइयां क्या हैं?
- kg m s⁻¹
- kg m s⁻²
- kg m s
- g m s⁻¹
Explanation:
- संवेग p = m × v, SI इकाई: kg × (m/s) = kg·m·s⁻¹
- इसे N·s (न्यूटन-सेकंड) भी कहा जा सकता है, क्योंकि N = kg·m·s⁻², अतः N·s = kg·m·s⁻¹
Quick Facts:
- संवेग संरक्षण का नियम बंद निकाय (closed system) में लागू होता है।
- संवेग एक सदिश राशि है।
200 ग्राम की एक गेंद को 20 m/s की गति के साथ लंबवत ऊपर की ओर फेंका जाता है। इसके पथ के उच्चतम बिंदु पर गेंद का संवेग है (g का मान = 10 m/s² लीजिए):
- 200 kgm/s
- 100 kgm/s
- 40
- 0
Explanation:
- उच्चतम बिंदु पर वेग v = 0 (क्षणिक विराम)
- संवेग p = m × v = 0.2 kg × 0 = 0
- अतः संवेग शून्य है।
Quick Facts:
- उच्चतम बिंदु पर वेग शून्य होता है, पर त्वरण g (9.8 m/s²) नीचे की ओर होता है।
- इस बिंदु पर स्थितिज ऊर्जा अधिकतम, गतिज ऊर्जा न्यूनतम (शून्य) होती है।
किसी पिंड पर कुछ समय तक नियत बल लगाने पर निम्नलिखित में से कौन-सी राशि परिवर्तित होती है?
- केवल संवेग
- केवल भार
- केवल घनत्व
- केवल द्रव्यमान
Explanation:
- न्यूटन के द्वितीय नियम: F = dp/dt, अर्थात बल संवेग परिवर्तन की दर है।
- नियत बल लगाने पर संवेग (p = mv) परिवर्तित होता है।
- द्रव्यमान, घनत्व, भार (गुरुत्व के अलावा) परिवर्तित नहीं होते (जब तक द्रव्यमान न बदले)।
Quick Facts:
- आवेग (Impulse) = F × Δt = Δp (संवेग परिवर्तन)
- यदि बल स्थिर है, तो संवेग में परिवर्तन समानुपाती होता है।
एक स्पष्ट प्रतिध्वनि सुनने के लिए, मूल ध्वनि और परावर्तित ध्वनि के बीच न्यूनतम समय अंतराल लगभग ________ होना चाहिए।
- 0.5 s
- 0.1 s
- 1 s
- 0.01 s
Explanation:
- मानव कान दो ध्वनियों को अलग-अलग सुन सकता है, यदि उनके बीच न्यूनतम 0.1 s का अंतराल हो।
- इसके कम होने पर दोनों ध्वनियाँ मिल जाती हैं (प्रतिध्वनि स्पष्ट नहीं सुनाई देती)।
Quick Facts:
- प्रतिध्वनि के लिए न्यूनतम दूरी = v × t / 2 = 344 × 0.1 / 2 = 17.2 m (22°C पर)
- यह दूरी स्रोत और परावर्तक सतह के बीच होनी चाहिए।
वर्ष 2009 में, उत्तरी अमेरिका के लिए बेहतर संचार के लिए टेरेस्टार-1 (TerreStar-1) का प्रक्षेपण किया गया था। इसे किस देश से प्रक्षेपित किया गया था? A. फ्रांस B. अमेरिका C. चीन D. रूस
- A
- B
- D
- C
Explanation:
- टेरेस्टार-1 (TerreStar-1) को 2009 में एक एरियन 5 रॉकेट (Ariane 5) द्वारा फ्रेंच गुयाना (French Guiana) से प्रक्षेपित किया गया था, जो फ्रांस का अंतरिक्ष केंद्र है।
- अतः देश फ्रांस (A) है।
Quick Facts:
- यह एक संचार उपग्रह (communications satellite) था।
- फ्रेंच गुयाना दक्षिण अमेरिका में स्थित है, पर यह फ्रांस का ही भाग है।
निम्नलिखित में से कौन-सा दिए गए समय अंतराल में प्रारंभिक वेग u और अंतिम वेग v के साथ कण का औसत वेग क्या होगा?
- (u + v)/2
- u + v
- 0
- (u – v)/2
Explanation:
- एकसमान त्वरण (uniform acceleration) के लिए, औसत वेग v_avg = (u + v)/2
- यह तब मान्य है जब त्वरण स्थिर हो (एकसमान रूप से त्वरित गति)।
Quick Facts:
- यदि त्वरण असमान है, तो औसत वेग = कुल विस्थापन / कुल समय
- एकसमान वेग के लिए v_avg = v (u = v)
यदि कोई व्यक्ति रिकेट्स से पीड़ित है, तो व्यक्ति में ________ की कमी होती है। A. विटामिन K B. विटामिन A C. विटामिन D D. विटामिन B
- C
- A
- D
- B
Explanation:
- रिकेट्स (Rickets) विटामिन D की कमी से होता है, जिससे बच्चों में हड्डियाँ नरम (soft) और कमजोर हो जाती हैं।
- विटामिन D कैल्शियम अवशोषण में सहायता करता है।
Quick Facts:
- विटामिन D का स्रोत: सूर्य का प्रकाश (UV), मछली, अंडे, फोर्टिफाइड दूध
- वयस्कों में विटामिन D की कमी से ‘ओस्टियोमलेशिया’ (osteomalacia) होता है।
निम्न कथनों में से कौन सा गलत है? 1. उत्तल लेंस की फोकस दूरी धनात्मक होती है। 2. अवतल लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है। 3. प्रकाशिक केन्द्र के बाएं सभी माप धनात्मक होती है।
- केवल कथन 2
- केवल कथन 3
- केवल कथन 4
- केवल कथन 1
Explanation:
- उत्तल लेंस (convex) की f धनात्मक (सही)
- अवतल लेंस (concave) की f ऋणात्मक (सही)
- चिह्न परिपाटी के अनुसार, प्रकाशिक केंद्र (optical center) के बाईं ओर की दूरियाँ ऋणात्मक होती हैं (क्योंकि आपतित प्रकाश बाईं ओर से आता है और दाईं ओर को धनात्मक माना जाता है)।
- अतः कथन 3 गलत है (बायाँ ऋणात्मक होता है, धनात्मक नहीं)।
Quick Facts:
- यही चिह्न परिपाटी दर्पणों के लिए भी लागू होती है।
- लेंस सूत्र: 1/f = 1/v – 1/u
प्रति सेकंड एक कूलम्ब विद्युत आवेश ________ होता है।
- 1 एम्पियर
- 1 वोल्ट
- 1 जूल
- 1 सेकंड
Explanation:
- 1 एम्पियर (A) = 1 कूलॉम / 1 सेकंड (C/s)
- यह विद्युत धारा की SI इकाई है।
Quick Facts:
- 1 C ≈ 6.25 × 10¹⁸ इलेक्ट्रॉन
- 1 A की धारा में 1 सेकंड में 1 C आवेश प्रवाहित होता है।
m द्रव्यमान की एक गेंद को H ऊंचाई से गिराया जाता है। H/3 ऊंचाई पर, अपनी स्थितिज ऊर्जा (PE) और गतिज ऊर्जा (KE) का अनुपात बराबर होता है:
- 1/4
- 1
- 1/3
- 1/2
Explanation:
- शीर्ष पर कुल ऊर्जा E = mgH
- H/3 ऊँचाई पर PE = mg(H/3) = mgH/3
- KE = E – PE = mgH – mgH/3 = 2mgH/3
- अनुपात PE/KE = (mgH/3) / (2mgH/3) = 1/2
Quick Facts:
- यह ऊर्जा संरक्षण (conservation of energy) का सिद्धांत है।
- मुक्त पतन में PE घटता है और KE बढ़ता है, कुल ऊर्जा स्थिर रहती है।
औसत चाल की SI इकाई …………… है।
- cm/s
- m/s
- m/s²
- km/hr
Explanation:
- औसत चाल (average speed) = कुल दूरी / कुल समय
- SI इकाई: m/s (मीटर प्रति सेकंड)
- cm/s CGS, km/hr व्यावहारिक इकाई है, पर SI नहीं।
Quick Facts:
- चाल एक अदिश राशि है।
- औसत वेग (velocity) भी m/s में होता है, पर यह सदिश है।
दो बिंदुओं के बीच वोल्टेज को मापने के लिए सभी परिपथों में वोल्टमीटर को कैसे जोड़ा जाता है?
- समानांतर क्रम में
- पंक्ति में
- श्रेणीक्रम में
- एकॉलस (Across)
Explanation:
- वोल्टमीटर (voltmeter) को हमेशा उस अवयव के साथ समानांतर (parallel) में जोड़ा जाता है, जिसके सिरों पर वोल्टेज मापना है।
- इसका प्रतिरोध बहुत अधिक होता है, ताकि धारा में हस्तक्षेप न हो।
Quick Facts:
- एमीटर (ammeter) को श्रेणी (series) में जोड़ा जाता है (प्रतिरोध कम होता है)।
- समानांतर = समान विभव, श्रेणी = समान धारा
किसी पदार्थ का द्रव्यमान घनत्व या घनत्व उसके _____ के रूप में परिभाषित किया गया है।
- द्रव्यमान प्रति इकाई आयतन
- द्रव्यमान प्रति इकाई क्षेत्रफल
- द्रव्यमान प्रति एम्पीयर
- द्रव्यमान प्रति इकाई लंबाई
Explanation:
- घनत्व (ρ) = द्रव्यमान (m) / आयतन (V)
- SI इकाई: kg/m³
Quick Facts:
- जल का घनत्व ≈ 1000 kg/m³ (4°C पर)
- घनत्व = द्रव्यमान घनत्व (mass density)
SI प्रणाली में, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प मूल राशियों का सर्वोत्तम वर्णन करता है?
- लंबाई, द्रव्यमान, समय
- कार्य, शक्ति, ऊर्जा
- बल, शक्ति, ऊर्जा
- चाल, त्वरण, वेग
Explanation:
- SI में 7 मूल राशियाँ (base quantities): लंबाई (m), द्रव्यमान (kg), समय (s), विद्युत धारा (A), ताप (K), पदार्थ की मात्रा (mol), दीप्त तीव्रता (cd)
- इनमें से लंबाई, द्रव्यमान, समय मूल हैं।
- अन्य विकल्प व्युत्पन्न राशियाँ हैं।
Quick Facts:
- मूल राशियाँ एक-दूसरे पर निर्भर नहीं होतीं।
- व्युत्पन्न राशियाँ मूल राशियों के संयोजन से बनती हैं।
सूर्य एवं पृथ्वी के बीच की अनुमानित दूरी क्या है?
- 15.96 × 10⁷ किमी
- 14.96 × 10⁷ किमी
- 12.96 × 10⁷ किमी
- 11.96 × 10⁷ किमी
Explanation:
- सूर्य-पृथ्वी दूरी (खगोलीय इकाई, AU) ≈ 1.496 × 10⁸ km = 14.96 × 10⁷ km
- इसे 1 AU (Astronomical Unit) भी कहते हैं।
Quick Facts:
- 1 AU ≈ 149.6 मिलियन किमी
- प्रकाश को सूर्य से पृथ्वी तक आने में ≈ 8.3 मिनट (500 s) लगते हैं।
इनमें से कौन सा कथन गलत है? 1. अवतल दर्पण में, वक्रता केंद्र दर्पण के सामने होता है। 2. उत्तल दर्पण बाहर की ओर उभरा हुआ होता है। 3. उत्तल दर्पण में, वक्रता केंद्र दर्पण के सामने होता है। 4. अवतल दर्पण बाहर की ओर उभरा हुआ होता है।
- कथन (1) और (3)
- कथन (3) और (4)
- कथन (1) और (4)
- कथन (2) और (3)
Explanation:
- कथन 1: अवतल दर्पण में वक्रता केंद्र (C) दर्पण के सामने (परावर्तक सतह की ओर) होता है। (सत्य)
- कथन 2: उत्तल दर्पण बाहर की ओर उभरा होता है (परावर्तक सतह बाहर की ओर)। (सत्य)
- कथन 3: उत्तल दर्पण में C दर्पण के पीछे होता है, सामने नहीं। (असत्य)
- कथन 4: अवतल दर्पण अंदर की ओर धंसा होता है, बाहर नहीं उभरा। (असत्य)
- अतः कथन 3 और 4 गलत हैं।
Quick Facts:
- अवतल दर्पण: C और F सामने (वास्तविक), उत्तल: C और F पीछे (आभासी)
- उत्तल दर्पण का उपयोग रियरव्यू मिरर में होता है।
यदि किसी आवेश Q को 8 V के पार ले जाने में 36 J कार्य किया जाता है, तो Q (कूलॉम में) ज्ञात कीजिए।
- 288
- 5
- 4.5 (Q = W/V = 36/8 = 4.5 C)
- 16
Explanation:
- कार्य W = Q × V ⇒ Q = W/V
- Q = 36 J / 8 V = 4.5 C
Quick Facts:
- 1 J = 1 C × 1 V
- विद्युत विभवांतर 1 V पर 1 C आवेश को स्थानांतरित करने में 1 J कार्य होता है।
_____ वे विमाएँ हैं, जो चित्रण पर आवश्यक रूप से नहीं दिखाईने चाहिए।
- कार्यालयक विमाएँ
- गैर-कार्यालयक विमाएँ
- वस्तु विमाएँ
- गौण विमाएँ
Explanation:
- तकनीकी चित्रण (technical drawing) में, ‘गौण विमाएँ’ (auxiliary dimensions) वे होती हैं जो आवश्यक नहीं होतीं, परंतु जानकारी के लिए दी जा सकती हैं।
- कार्यालयक विमाएँ (functional) और वस्तु विमाएँ आवश्यक होती हैं।
Quick Facts:
- चित्रण में विमाएँ (dimensions) ISO मानकों के अनुसार दी जाती हैं।
- विमाएँ निर्माण (manufacturing) और निरीक्षण (inspection) के लिए आवश्यक होती हैं।
किसी चालक की प्रतिरोधकता निम्नलिखित में से किस कारक पर निर्भर करती है?
- लंबाई
- अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल
- तापमान
- आकार
Explanation:
- प्रतिरोधकता (ρ) पदार्थ का अंतर्निहित गुण है, जो तापमान पर निर्भर करती है।
- लंबाई, क्षेत्रफल, आकार प्रतिरोध (R) पर निर्भर करते हैं, प्रतिरोधकता पर नहीं।
Quick Facts:
- धातुओं की प्रतिरोधकता ताप बढ़ने पर बढ़ती है (धनात्मक ताप गुणांक)।
- अर्धचालकों की प्रतिरोधकता ताप बढ़ने पर घटती है (ऋणात्मक ताप गुणांक)।
190°C पर दो लीटर अतितप्त जल को 20°C के छह लीटर शीतल जल में मिलाया जाता है। अंतिम संतुलन तापमान (°C में) ज्ञात कीजिए यदि कोई ऊष्मा नष्ट नहीं होती है।
- 55
- 47.5
- 62.5
- 95
Explanation:
- ऊष्मामिति (calorimetry) का सिद्धांत: गर्म पानी द्वारा खोई गई ऊष्मा = ठंडे पानी द्वारा प्राप्त ऊष्मा
- m₁ = 2 L (गर्म), T₁ = 190°C; m₂ = 6 L (ठंडा), T₂ = 20°C
- m₁ c (T₁ – T) = m₂ c (T – T₂) ⇒ 2(190 – T) = 6(T – 20)
- 380 – 2T = 6T – 120 ⇒ 8T = 500 ⇒ T = 62.5°C
Quick Facts:
- जल की विशिष्ट ऊष्मा c = 4.184 J/g°C (लगभग 4.2)
- यहाँ आयतन (L) को द्रव्यमान (kg) के तुल्य माना गया (जल का घनत्व 1 kg/L)।
आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को _____ लंबवत स्तंभों में व्यवस्थित किया जाता है।
- 9
- 12
- 18
- 16
Explanation:
- आधुनिक आवर्त सारणी में 18 समूह (groups) हैं (लंबवत स्तंभ)।
- 7 आवर्त (periods) (क्षैतिज पंक्तियाँ) हैं।
Quick Facts:
- समूह 1-2 = s-ब्लॉक, 13-18 = p-ब्लॉक, 3-12 = d-ब्लॉक (संक्रमण धातुएँ), नीचे f-ब्लॉक (लैंथेनाइड/एक्टिनाइड)
- मेंडेलीफ की सारणी में 8 समूह थे (प्रारंभिक रूप में)।
नाइट्रोजन (N₂) के एक अणु के इकाई द्रव्यमान और ऑक्सीजन (O₂) के एक अणु के इकाई द्रव्यमान का अनुपात लगभग कितना है?
- 8:7
- 7:8 (N₂ = 28, O₂ = 32, ratio = 28:32 = 7:8)
- 14:32
- 28:16
Explanation:
- नाइट्रोजन (N₂) का आण्विक द्रव्यमान = 2 × 14 = 28 u
- ऑक्सीजन (O₂) का आण्विक द्रव्यमान = 2 × 16 = 32 u
- अनुपात = 28:32 = 7:8
Quick Facts:
- N₂ का मोलर द्रव्यमान = 28 g/mol, O₂ का = 32 g/mol
- हवा में नाइट्रोजन (≈78%) और ऑक्सीजन (≈21%) मुख्य घटक हैं।
गर्म करने पर कौन सा विटामिन नष्ट हो जाता है?
- D
- B₁
- E
- A
Explanation:
- विटामिन B₁ (थायमिन) ऊष्मा (गर्मी) के प्रति संवेदनशील है और पकाने पर नष्ट हो जाता है।
- विटामिन C भी ऊष्मा के प्रति संवेदनशील है, पर विकल्पों में B₁ दिया है।
- विटामिन A, D, E वसा में घुलनशील और तुलनात्मक रूप से अधिक स्थिर हैं।
Quick Facts:
- विटामिन B₁ (थायमिन) जल में घुलनशील है।
- इसकी कमी से बेरी-बेरी रोग होता है।
एक अनिषेचित अंडा सामान्यतः मादा जनन पथ में कितने समय तक जीवित रहता है?
- 60 घंटे
- 10 घंटे
- 72 घंटे
- 24 घंटे
Explanation:
- एक अनिषेचित अंडाणु (ovum) मादा जनन पथ में लगभग 24 घंटे (12-24 घंटे) तक जीवित रहता है।
- यदि इस अवधि में निषेचन नहीं होता, तो यह मर जाता है और मासिक धर्म के दौरान निष्कासित हो जाता है।
Quick Facts:
- शुक्राणु (sperm) मादा जनन पथ में 3-5 दिन तक जीवित रह सकते हैं।
- अंडाणु का जीवनकाल 24 घंटे होने के कारण, गर्भधारण की संभावना ओव्यूलेशन के आसपास कुछ दिनों तक सीमित होती है।
जब 1 ओम और 2 ओम के प्रतिरोधकों को पार्श्व क्रम में जोड़ा जाता है, तो उनके संयोजन का समतुल्य प्रतिरोध _____ होता है।
- 2/3 ohm (1/R = 1/1 + 1/2 = 3/2, R = 2/3)
- 2 ohm
- 3 ohm
- 3/2 ohm
Explanation:
- समान्तर (पार्श्व) संयोजन में: 1/R_eq = 1/R₁ + 1/R₂
- 1/R_eq = 1/1 + 1/2 = 1 + 0.5 = 1.5 = 3/2
- R_eq = 2/3 Ω
Quick Facts:
- समान्तर में प्रभावी प्रतिरोध, सबसे छोटे प्रतिरोध से भी कम होता है।
- यदि दो प्रतिरोध R₁ और R₂ हैं, तो R_eq = (R₁R₂)/(R₁+R₂) = (1×2)/(1+2) = 2/3 Ω
जड़त्व किसी वस्तु के किस गुण पर निर्भर करता है?
- आकार
- द्रव्यमान
- वेग
- त्वरण
Explanation:
- जड़त्व (inertia) किसी वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है।
- अधिक द्रव्यमान = अधिक जड़त्व (गति की स्थिति में परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति)।
- न्यूटन का पहला नियम जड़त्व का नियम है।
Quick Facts:
- जड़त्व अदिश राशि है।
- यह वस्तु के आकार, वेग या त्वरण पर निर्भर नहीं करता।
प्रतिबल (Stress) की SI इकाई ______ है।
- पास्कल (Pa)
- न्यूटन प्रति मीटर (N/m)
- न्यूटन (N)
- जूल प्रति वर्ग मीटर (J/m²)
Explanation:
- प्रतिबल (Stress) = बल/क्षेत्रफल (F/A), इसलिए SI इकाई N/m² = पास्कल (Pa) है।
- 1 Pa = 1 N/m²
- विकृति (Strain) विमाहीन होती है।
Quick Facts:
- प्रतिबल के प्रकार: अनुदैर्ध्य (tensile), संपीड़न (compressive), अपरूपण (shear) आदि।
- प्रतिबल का CGS मात्रक dyne/cm² है।
आधुनिक आवर्त सारणी में पोटेशियम (K) का परमाणु क्रमांक क्या है?
- 12
- 24
- 20
- 19
Explanation:
- पोटेशियम (Potassium) का परमाणु क्रमांक 19 है।
- यह समूह 1 (क्षार धातु) और आवर्त 4 में स्थित है।
- इलेक्ट्रॉन विन्यास: 2, 8, 8, 1
Quick Facts:
- K का रासायनिक प्रतीक लैटिन ‘Kalium’ से लिया गया है।
- यह एक अत्यंत अभिक्रियाशील धातु है, जल के साथ अभिक्रिया करता है।
निम्नलिखित में से कौन सा एजेंट पीने के पानी को शुद्ध करने के लिए अच्छा है? A. उत्प्रेरक एजेंट B. अपचायक एजेंट C. स्टरलाइज़ करने वाला एजेंट D. ऑक्सीकरण एजेंट
- B
- D
- C
- A
Explanation:
- पीने के पानी को शुद्ध करने के लिए ऑक्सीकरण एजेंट (जैसे क्लोरीन, ओज़ोन) का उपयोग किया जाता है, जो जीवाणुओं को मारते हैं।
- ऑक्सीकरण एजेंट बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति को ऑक्सीकृत करके नष्ट कर देते हैं।
- क्लोरीन एक प्रबल ऑक्सीकारक है, जिसका उपयोग जल कीटाणुशोधन में होता है।
Quick Facts:
- पानी शुद्ध करने के अन्य तरीके: UV, उबालना, RO आदि।
- ऑक्सीकरण एजेंट इलेक्ट्रॉन ग्रहण करते हैं, जिससे दूसरे पदार्थ ऑक्सीकृत होते हैं।
किसी ग्रह जिसका द्रव्यमान M है, पर सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक का मान G है। 4M द्रव्यमान वाले दूसरे ग्रह पर सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक का मान क्या होगा?
- शून्य
- G/2
- G
- 4G
Explanation:
- सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक G एक सार्वत्रिक स्थिरांक है, यह ग्रह के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता।
- इसका मान पूरे ब्रह्मांड में समान है (G = 6.67 × 10⁻¹¹ N·m²/kg²)।
- अतः 4M द्रव्यमान वाले ग्रह पर भी G का मान समान रहेगा।
Quick Facts:
- G एक सार्वत्रिक नियतांक है, जबकि g (गुरुत्वीय त्वरण) ग्रह के द्रव्यमान और त्रिज्या पर निर्भर करता है।
- G का मान कैवेंडिश प्रयोग द्वारा ज्ञात किया गया था।
ग्रहों की गति के बारे में निम्नलिखित कथनों में से कौन सा सत्य है? A. एक ग्रह की कक्षा दो केंद्र-बिंदु में से एक में सूर्य के साथ अंडाकार है। B. एक ग्रह की कक्षा, केंद्र में सूर्य के साथ गोलाकार है। C. एक ग्रह की कक्षा दो केंद्र-बिंदु में से एक में किसी अन्य ग्रह के साथ अंडाकार है। D. एक ग्रह की कक्षा, केंद्र में किसी अन्य ग्रह के साथ गोलाकार है।
- A
- B
- C
- D
Explanation:
- केप्लर का पहला नियम: सभी ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार (अंडाकार) कक्षाओं में घूमते हैं, जिनमें से एक नाभि पर सूर्य स्थित होता है।
- अतः विकल्प A सत्य है (ग्रह की कक्षा दीर्घवृत्त है, सूर्य एक नाभि पर है)।
Quick Facts:
- केप्लर के तीन नियम: (1) दीर्घवृत्तीय कक्षाएँ, (2) समान क्षेत्रफल का नियम, (3) T² ∝ R³ (आवर्तकाल का नियम)।
- सूर्य कक्षा के केंद्र में नहीं, बल्कि एक नाभि (focus) पर होता है।
शक्कर के विलयन में शक्कर एक ____ है। A. विलायक B. विलेय C. कोलॉइड D. निलंबन
- B
- A
- C
- D
Explanation:
- शक्कर (sugar) विलेय (solute) है, क्योंकि यह विलायक (जल) में घुल जाती है।
- विलेय वह पदार्थ है जो विलायक में घुलता है।
- जल विलायक (solvent) है, और शक्कर-जल का मिश्रण एक विलयन (solution) है।
Quick Facts:
- विलयन समांगी (homogeneous) मिश्रण होता है।
- कोलॉइड और निलंबन में कण बड़े होते हैं और टिंडल प्रभाव दिखाते हैं।
निम्न में से किस युग्म की इकाइयाँ समान नहीं होती हैं?
- चाल और वेग
- कार्य और ऊर्जा
- दूरी और विस्थापन
- बल और दाब
Explanation:
- बल (Force) की SI इकाई न्यूटन (N) है, दाब (Pressure) की SI इकाई पास्कल (Pa) है (N/m²)।
- चाल और वेग दोनों की इकाई m/s है (चाल अदिश, वेग सदिश है, पर इकाई समान)।
- कार्य और ऊर्जा दोनों की इकाई जूल (J) है।
- दूरी और विस्थापन दोनों की इकाई मीटर (m) है (दूरी अदिश, विस्थापन सदिश)।
Quick Facts:
- बल और दाब का संबंध: दाब = बल/क्षेत्रफल (P = F/A)
- 1 Pa = 1 N/m²
एक अवतल लेंस की फोकस दूरी 15 cm है। यदि यह लेंस से 10 cm की दूरी पर प्रतिबिंब बनाता है, तो वस्तु लेंस से कितनी दूरी पर रखी है?
- -25 cm
- -30 cm
- +30 cm
- +6 cm
Explanation:
- अवतल लेंस के लिए f = -15 cm, v = -10 cm (आभासी प्रतिबिंब)
- लेंस सूत्र: 1/f = 1/v – 1/u ⇒ 1/u = 1/v – 1/f = 1/(-10) – 1/(-15) = -1/10 + 1/15 = (-3+2)/30 = -1/30
- u = -30 cm
Quick Facts:
- अवतल लेंस सदैव आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है (v ऋणात्मक, m धनात्मक)।
- चिह्न परिपाटी: u सदैव ऋणात्मक (वस्तु लेंस के बाईं ओर), f ऋणात्मक (अवतल लेंस के लिए), v ऋणात्मक (आभासी प्रतिबिंब)।
______ डिग्री सेल्सियस = 167 फारेनहाइट
- 75 (C = (F-32)×5/9 = (167-32)×5/9 = 135×5/9 = 75°C)
- 198
- 348
- 103
Explanation:
- सूत्र: °C = (°F – 32) × 5/9
- °C = (167 – 32) × 5/9 = 135 × 5/9 = 75°C
Quick Facts:
- 167°F ≈ 75°C (यह पानी का क्वथनांक नहीं है, 75°C गर्म पानी है)।
- जल का क्वथनांक 212°F = 100°C, हिमांक 32°F = 0°C
अम्ल वर्षा का pH मान क्या होता है?
- 5.5 या उससे कम
- 12.5 या अधिक
- 10.5 या अधिक
- 8.5 या अधिक
Explanation:
- अम्ल वर्षा (Acid rain) का pH मान 5.6 से कम होता है (सामान्य वर्षा का pH ≈ 5.6, क्योंकि CO₂ जल में घुलकर H₂CO₃ बनाता है)।
- यह सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOₓ) के कारण होता है, जो H₂SO₄ और HNO₃ बनाते हैं।
- pH 5.5 या उससे कम को अम्ल वर्षा माना जाता है।
Quick Facts:
- अम्ल वर्षा के प्रभाव: इमारतों का क्षरण, जल निकायों का अम्लीकरण, वनों की हानि।
- pH पैमाना 0 से 14: <7 अम्लीय, =7 उदासीन, >7 क्षारीय।
अंडाशय से मुक्त होने के बाद, एक अनिषेचित अंडा कितने समय तक जीवित रहता है?
- लगभग एक दिन
- एक सप्ताह
- दो घंटे
- एक माह
Explanation:
- अंडाणु (ovum) अंडाशय से निकलने के बाद लगभग 24 घंटे (एक दिन) तक जीवित रहता है।
- यदि निषेचन नहीं होता, तो यह विघटित हो जाता है और मासिक धर्म के दौरान निकल जाता है।
Quick Facts:
- शुक्राणु मादा जनन पथ में 3-5 दिन जीवित रह सकते हैं, इसलिए ओव्यूलेशन से 5 दिन पहले तक संभोग करने पर गर्भधारण हो सकता है।
- ओव्यूलेशन आमतौर पर मासिक धर्म चक्र के 14वें दिन (28-दिवसीय चक्र में) होता है।
निम्नलिखित में से कौन केप्लर के ग्रहों की गति के नियमों में से एक नहीं है? A. सूर्य के चारों ओर प्रत्येक ग्रह की कक्षा एक दीर्घवृत्त है जिसका एक नाभि सूर्य पर स्थित है। B. सूर्य के चारों ओर सभी ग्रहों की कक्षाएँ समतलीय हैं। C. एक ग्रह और सूर्य को मिलाने वाला रेखाखंड समान समय अंतराल में समान क्षेत्रफल तय करता है। D. किसी ग्रह के कक्षीय आवर्तकाल का वर्ग उसकी कक्षा के अर्ध-प्रमुख अक्ष के घन के समानुपाती होता है।
- C
- D
- B
- A
Explanation:
- केप्लर के तीन नियम: (A) दीर्घवृत्तीय कक्षाएँ (पहला नियम), (C) समान क्षेत्रफल का नियम (दूसरा नियम), (D) T² ∝ R³ (तीसरा नियम)।
- B (सभी कक्षाएँ समतलीय) केप्लर का नियम नहीं है, यह सौर मंडल की एक विशेषता है (ग्रह लगभग एक ही तल में हैं), पर यह केप्लर का नियम नहीं है।
Quick Facts:
- केप्लर के नियम ग्रहों की गति का वर्णन करते हैं, पर कारण (गुरुत्वाकर्षण) न्यूटन ने दिया।
- तीसरा नियम: T² ∝ R³, जहाँ T = आवर्तकाल, R = अर्ध-प्रमुख अक्ष।
लंबाई ‘L’, अनुप्रस्थ-काट क्षेत्रफल ‘A’ और प्रतिरोधकता ‘ρ’ वाले एक तार का प्रतिरोध ‘R’ है। यदि इस तार का अनुप्रस्थ-काट क्षेत्रफल तीन गुना कर दिया जाए, तो इसका नया प्रतिरोध (अन्य सभी प्राचलों को समान रखते हुए) कितना होगा?
- R
- R/3 (R ∝ 1/A, so if A triples, R becomes R/3)
- R/9
- 3R
Explanation:
- प्रतिरोध R = ρ L / A
- यदि A’ = 3A, L और ρ समान रहें, तो R’ = ρ L / (3A) = R/3
- अतः प्रतिरोध एक-तिहाई हो जाता है।
Quick Facts:
- प्रतिरोध अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
- मोटा तार (A अधिक) कम प्रतिरोध देता है, इसलिए विद्युत लाइनों में मोटे तार का उपयोग होता है।
द्रव्यमान/आयतन = ?
- बल
- आवेग
- जड़त्व
- घनत्व
Explanation:
- घनत्व (Density) = द्रव्यमान / आयतन (ρ = m/V)
- इसका SI मात्रक kg/m³ है।
- बल = द्रव्यमान × त्वरण, आवेग = बल × समय, जड़त्व = द्रव्यमान का गुण।
Quick Facts:
- घनत्व एक अंतरंग (intrinsic) गुण है, जो पदार्थ के प्रकार पर निर्भर करता है।
- जल का घनत्व 1000 kg/m³ (1 g/cm³) है।
जिस प्रकार न्यूटन का संबंध भार से है, उसी प्रकार किसका संबंध दाब से है?
- किलोग्राम प्रति घन मीटर
- किलोग्राम
- केल्विन
- पास्कल
Explanation:
- भार (Weight) = m × g, इसका SI मात्रक न्यूटन (N) है।
- दाब (Pressure) = बल/क्षेत्रफल, इसका SI मात्रक पास्कल (Pa) है।
- अतः जिस प्रकार न्यूटन भार की इकाई है, उसी प्रकार पास्कल दाब की इकाई है।
Quick Facts:
- 1 Pa = 1 N/m²
- दाब के अन्य मात्रक: atm, bar, torr, mmHg आदि।
विद्युत वाहक बल (EMF) की इकाई क्या है?
- न्यूटन
- वोल्ट
- एम्पियर
- सेकंड
Explanation:
- विद्युत वाहक बल (EMF) की SI इकाई वोल्ट (V) है।
- EMF वह विभवांतर है जो सेल या जनरेटर धारा प्रवाहित करने के लिए उत्पन्न करता है।
- न्यूटन (N) = बल, एम्पियर (A) = धारा, सेकंड (s) = समय।
Quick Facts:
- EMF का मान विभवांतर से थोड़ा अधिक होता है (आंतरिक प्रतिरोध के कारण)।
- EMF = कार्य/आवेश = J/C = V
एक बस बिंदु A से बिंदु B तक 6 km की दूरी 20 मिनट में तय करती है। बस बिंदु B से बिंदु A तक 30 मिनट में पहुंचती है। बस की औसत चाल m/s में कितनी है?
- 2400
- 4 (कुल दूरी = 12 km = 12000 m, कुल समय = 50 min = 3000 s, चाल = 12000/3000 = 4 m/s)
- 400
- 24
Explanation:
- कुल दूरी = 6 km (A→B) + 6 km (B→A) = 12 km = 12000 m
- कुल समय = 20 + 30 = 50 मिनट = 50 × 60 = 3000 s
- औसत चाल = कुल दूरी / कुल समय = 12000 / 3000 = 4 m/s
- औसत वेग (विस्थापन) = 0 (क्योंकि प्रारंभिक और अंतिम बिंदु समान हैं)।
Quick Facts:
- औसत चाल = कुल दूरी/कुल समय (अदिश)
- औसत वेग = कुल विस्थापन/कुल समय (सदिश)
12 kg द्रव्यमान वाली एक वस्तु इस प्रकार स्थित है कि भूमि के सापेक्ष उसकी स्थितिज ऊर्जा 480 J है। यदि g = 10 m s⁻² मान लें, तो वस्तु की ऊँचाई (h) कितनी होगी?
- 120 m
- 2 m
- 40 m
- 4 m (PE = mgh, 480 = 12 × 10 × h, h = 480/120 = 4 m)
Explanation:
- स्थितिज ऊर्जा (PE) = m × g × h
- 480 = 12 × 10 × h ⇒ 480 = 120 × h ⇒ h = 480/120 = 4 m
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा = mgh (पृथ्वी के निकट)
- g का मान 9.8 m/s² भी हो सकता है, पर यहाँ 10 दिया गया है।
निम्नलिखित का मिलान कीजिए:
- (i)-(c), (ii)-(d), (iii)-(a), (iv)-(b)
- (i)-(a), (ii)-(d), (iii)-(c), (iv)-(b)
- (i)-(b), (ii)-(c), (iii)-(a), (iv)-(d)
- (i)-(c), (ii)-(b), (iii)-(a), (iv)-(d)
Explanation:
- प्रश्न में सूची नहीं दी गई है, इसलिए सटीक स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सकता।
- आमतौर पर यह भौतिक राशियों और उनके SI मात्रकों का मिलान होता है।
- सही विकल्प (i)-(c), (ii)-(d), (iii)-(a), (iv)-(b) है (मान लिया गया है)।
Quick Facts:
- मिलान वाले प्रश्नों में, प्रत्येक आइटम को उसकी सही विशेषता/इकाई/परिभाषा से मिलाना होता है।
- सूची के बिना यह प्रश्न अधूरा है।
मात्रक ‘फुट’ निम्नलिखित में से किस मात्रक पद्धति से संबंधित है?
- FPS पद्धति
- CGS पद्धति
- MKS पद्धति
- SI पद्धति
Explanation:
- FPS पद्धति (Foot-Pound-Second) में लंबाई का मात्रक ‘फुट’ (foot) है।
- CGS में लंबाई = सेंटीमीटर (cm), MKS/SI में = मीटर (m)।
Quick Facts:
- 1 फुट = 12 इंच = 0.3048 मीटर
- FPS पद्धति का उपयोग अंग्रेजी इकाइयों में होता है (अमेरिका/ब्रिटेन में कुछ स्थानों पर)।
एक हॉर्स-पावर (hp) 1 hp = _____ W
- 500
- 646
- 846
- 746
Explanation:
- 1 हॉर्स-पावर (hp) = 746 W (वाट)
- यह शक्ति की एक व्यावहारिक इकाई है, जिसे जेम्स वॉट ने परिभाषित किया था।
- SI इकाई वाट (W) है।
Quick Facts:
- 1 hp = 746 W = 0.746 kW
- मोटरों, इंजनों की शक्ति को hp में मापा जाता है।
किसी अवतल दर्पण के ध्रुव और फोकस के बीच की दूरी 30 cm है। इस दर्पण के ध्रुव से 40 cm दूर स्थित स्क्रीन पर एक वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब बनता है। बिंब की दूरी कितनी होगी?
- -120/7 cm
- +120/7 cm
- +120 cm
- -120 cm
Explanation:
- f = 30 cm (अवतल दर्पण के लिए f = R/2, पर यहाँ f दिया है)
- v = +40 cm (वास्तविक प्रतिबिंब, दर्पण के सामने, चिह्न परिपाटी के अनुसार v ऋणात्मक होना चाहिए? वास्तविक प्रतिबिंब के लिए v ऋणात्मक होता है अवतल दर्पण में।)
- चिह्न परिपाटी: अवतल दर्पण के लिए f = -30 cm, v = -40 cm (वास्तविक प्रतिबिंब)
- दर्पण सूत्र: 1/f = 1/v + 1/u ⇒ 1/u = 1/f – 1/v = 1/(-30) – 1/(-40) = -1/30 + 1/40 = (-4+3)/120 = -1/120 ⇒ u = -120 cm
Quick Facts:
- अवतल दर्पण के लिए, वास्तविक प्रतिबिंब हमेशा उल्टा होता है, u और v ऋणात्मक होते हैं (चिह्न परिपाटी)।
- f = R/2, जहाँ R = वक्रता त्रिज्या।
निम्नलिखित में से कौन-सा किसी मानक इंजीनियरिंग ड्राइंग शीट की लंबाई और चौड़ाई का अनुमानित अनुपात है?
- 1:√2
- 3:√3
- 1:√3
- √2:1
Explanation:
- ISO 216 मानक (जैसे A4, A3) के अनुसार, कागज की लंबाई और चौड़ाई का अनुपात √2:1 (≈1.414:1) होता है।
- A4 = 210 × 297 mm, अनुपात ≈ 297/210 = 1.414 = √2
- यह अनुपात शीट को आधा काटने पर भी समान रहता है।
Quick Facts:
- √2:1 अनुपात को ‘स्वर्णिम अनुपात’ नहीं, बल्कि ‘सिल्वर अनुपात’ कहते हैं।
- A0 शीट का क्षेत्रफल 1 m² होता है।
विद्युत धारा की SI इकाई है –
- एम्पियर
- हर्ट्ज
- वोल्ट
- कूलॉम
Explanation:
- विद्युत धारा (Current) की SI इकाई एम्पियर (A) है।
- यह 7 मूल SI इकाइयों में से एक है।
- हर्ट्ज (Hz) = आवृत्ति, वोल्ट (V) = विभवांतर, कूलॉम (C) = आवेश।
Quick Facts:
- 1 ऐम्पियर = 1 कूलॉम/सेकंड (1 A = 1 C/s)
- एम्पियर का नाम आंद्रे-मैरी एम्पियर के नाम पर रखा गया है।
5.6 kWh = ?
- 20.16 × 10⁶ J (5.6 × 3.6 × 10⁶ = 20.16 × 10⁶ J)
- 14.4 × 10⁶ J
- 14.4 × 10⁸ J
- 14.4 × 10⁵ J
Explanation:
- 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J (क्योंकि 1 kW = 1000 W, 1 h = 3600 s, 1 kWh = 1000 × 3600 = 3.6 × 10⁶ J)
- 5.6 kWh = 5.6 × 3.6 × 10⁶ = 20.16 × 10⁶ J
Quick Facts:
- kWh विद्युत ऊर्जा की एक व्यावहारिक इकाई है (जूल SI इकाई है)।
- 1 kWh = 1 बोर्ड ऑफ ट्रेड (BOT) इकाई = 3.6 MJ
__________ शून्य परिमाण वाला एक सदिश है।
- शून्य सदिश
- रैखिक सदिश
- इकाई सदिश
- अनंत सदिश
Explanation:
- शून्य सदिश (Null vector) का परिमाण 0 होता है और इसकी कोई निश्चित दिशा नहीं होती।
- इसे \vec{0} या 0 से निरूपित करते हैं।
- इकाई सदिश (Unit vector) का परिमाण 1 होता है।
Quick Facts:
- शून्य सदिश का योग/अंतर किसी भी सदिश को अपरिवर्तित रखता है: \vec{A} + \vec{0} = \vec{A}
- शून्य सदिश किसी भी सदिश के समानांतर होता है।
SI प्रणाली में कितनी आधार इकाइयाँ दी गई हैं?
- 9
- 7
- 3
- 11
Explanation:
- SI प्रणाली में 7 आधार (मूल) इकाइयाँ हैं: मीटर (m), किलोग्राम (kg), सेकंड (s), ऐम्पियर (A), केल्विन (K), मोल (mol), कैंडेला (cd)।
- ये सात मूल राशियों के मात्रक हैं।
Quick Facts:
- SI = Système International d’Unités (इंटरनेशनल सिस्टम ऑफ यूनिट्स)
- व्युत्पन्न इकाइयाँ इन्हीं 7 आधार इकाइयों के संयोजन से बनती हैं।
यदि एक कार की गति 54 किमी/घंटा से बढ़ाकर 90 किमी/घंटा कर दी जाती है, तो इसकी गतिज ऊर्जा ________ के अनुपात में बढ़ जाती है।
- 3/5
- 4/9
- 9/16
- 9/25
Explanation:
- गतिज ऊर्जा KE ∝ v²
- v₁ = 54 km/h = 15 m/s, v₂ = 90 km/h = 25 m/s
- KE₁ ∝ 15² = 225, KE₂ ∝ 25² = 625
- अनुपात = 225/625 = 9/25 (या KE₂/KE₁ = 625/225 = 25/9)
- प्रश्न ‘बढ़ जाती है’ के अनुपात के लिए, नई/पुरानी = 625/225 = 25/9, पर विकल्पों में 9/25 है, जो पुरानी/नई है।
- यदि ‘कम हो जाती है’ के अनुपात में, 9/25 सही है। पर प्रश्न ‘बढ़ जाती है’ में 25/9 होना चाहिए था।
Quick Facts:
- KE ∝ v², इसलिए वेग बढ़ने पर KE में वर्ग के समानुपाती वृद्धि होती है।
- यदि वेग 2 गुना हो, KE 4 गुना होती है (यहाँ 25/9 ≈ 2.78 गुना, या 9/25 ≈ 0.36 गुना घटी)।
निम्नलिखित में से कौन सा विकृति (Strain) से संबंधित है?
- रैस्टर
- विमाहीन
- अदिश
- सदिश
Explanation:
- विकृति (Strain) = ΔL/L (आयामी परिवर्तन/मूल आयाम), जो दो समान राशियों का अनुपात है, अतः यह विमाहीन (dimensionless) है।
- यह अदिश (scalar) राशि है, सदिश नहीं।
- प्रतिबल (Stress) = बल/क्षेत्रफल, इसकी इकाई Pa है।
Quick Facts:
- विकृति के प्रकार: अनुदैर्ध्य (longitudinal), अपरूपण (shear), आयतनी (volumetric)।
- हुक के नियम के अनुसार, प्रतिबल ∝ विकृति (प्रत्यास्थ सीमा के भीतर)।
फास्फोरस को पानी में रखा जाता है ताकि इसे _______। A. खराब होने से बचाया जा सके B. आग पकड़ने से बचाया जा सके C. स्थायित्व सुनिश्चित हो सके D. बच्चों की पहुँच से दूर रहे
- B
- D
- C
- A
Explanation:
- सफेद फास्फोरस (white phosphorus) अत्यंत अभिक्रियाशील है और वायु में स्वतः जल जाता है (autoignition)।
- इसे पानी में रखा जाता है ताकि यह वायु (ऑक्सीजन) के संपर्क में न आए और आग न पकड़े।
Quick Facts:
- सफेद फास्फोरस का ज्वलन तापमान लगभग 30°C (कमरे के ताप से थोड़ा अधिक) होता है।
- यह अत्यंत विषैला (poisonous) भी होता है।
सूर्य के फोटोस्फीयर (photosphere) से उत्पन्न होने वाली ऊर्जा के संक्षिप्त विस्फोटों को क्या कहते हैं? A. सौर ऊर्जा (Solar energy) B. सौर प्रज्वाल (Solar flares) C. सूर्य का धब्बा (Sunspots) D. सौर वायु (Solar wind)
- A
- D
- C
- B
Explanation:
- सूर्य के फोटोस्फीयर (Photosphere) से ऊर्जा के संक्षिप्त विस्फोटों को ‘सौर प्रज्वाल’ (Solar flares) कहते हैं, पर विकल्पों में B (Solar flares) है, पर C (Sunspots) नहीं।
- Sunspots (सूर्य के धब्बे) तापमान में कमी वाले क्षेत्र हैं, विस्फोट नहीं।
- सौर प्रज्वाल (Solar flare) एक अचानक, तीव्र ऊर्जा विस्फोट है।
- दिए गए विकल्पों में B (Solar flares) सही होना चाहिए, पर यहाँ C अंकित है, जो गलत है।
Quick Facts:
- सौर प्रज्वाल उच्च-ऊर्जा कणों और विकिरण को उत्सर्जित करते हैं, जो पृथ्वी के संचार को प्रभावित कर सकते हैं।
- सौर धब्बे (Sunspots) कम तापमान वाले क्षेत्र होते हैं, जो चुंबकीय गतिविधि से जुड़े होते हैं।
समदेशिक माध्यम में एक बिंदु स्रोत से तरंगों की प्रकृति क्या होती है?
- दीर्घवृत्ताकार
- बेलनाकार
- गोलाकार
- समतलीय
Explanation:
- समदेशिक (isotropic) माध्यम में, तरंगें सभी दिशाओं में समान चाल से फैलती हैं।
- एक बिंदु स्रोत से निकलने वाली तरंगें गोलाकार (spherical) तरंगाग्र बनाती हैं (जैसे ध्वनि, प्रकाश का एक बिंदु स्रोत)।
Quick Facts:
- तरंगाग्र (wavefront) वह सतह है जिस पर सभी बिंदुओं पर तरंग की कला समान होती है।
- दूर स्रोत से आने वाली तरंगें समतलीय (plane) तरंगाग्र बनाती हैं।
द्रव्यमान घनत्व (ρ) का आयामी समीकरण क्या है?
- [ML⁻³T²]
- [M⁰L³T⁰]
- [ML⁻³T⁰]
- [ML⁻²T⁰]
Explanation:
- घनत्व (ρ) = द्रव्यमान/आयतन = M / L³ = M L⁻³
- समय (T) का कोई योगदान नहीं, इसलिए T⁰
- आयाम = [ML⁻³T⁰]
Quick Facts:
- घनत्व का SI मात्रक kg/m³ है।
- आयामी विश्लेषण भौतिक समीकरणों की शुद्धता जाँचने में सहायक है।
10 m/s के प्रारंभिक वेग से, एक वस्तु को ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंका जाता है। वस्तु द्वारा प्राप्त अधिकतम ऊँचाई क्या है? (मान लीजिये g = 10 m/s²)
- 1 m
- 100 m
- 5 m (h = u²/2g = 100/20 = 5 m)
- 20 m
Explanation:
- अधिकतम ऊँचाई पर v = 0, u = 10 m/s, a = -g = -10 m/s²
- v² = u² + 2as ⇒ 0 = (10)² + 2(-10)h ⇒ 0 = 100 – 20h ⇒ h = 5 m
Quick Facts:
- प्रक्षेप्य की अधिकतम ऊँचाई h = u²/(2g)
- उड़ान का कुल समय T = 2u/g = 2 × 10/10 = 2 s
1 किलोवाट घंटे (kWh) को जूल में परिवर्तित कीजिए।
- 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J
- 1 kWh = 3.6 × 10⁷ J
- 1 kWh = 3.6 × 10⁵ J
- 1 kWh = 3.6 × 10³ J
Explanation:
- 1 kWh = 1 kW × 1 h = 1000 W × 3600 s = 3.6 × 10⁶ J
Quick Facts:
- kWh विद्युत ऊर्जा की वाणिज्यिक इकाई है, जूल SI इकाई है।
- 1 kWh = 1 यूनिट (बिजली बिल में)।
बहु उपयोग प्लास्टिक की जल की बोतलें ______ की बनी होती हैं। A. बेकेलाइट B. पॉलीस्टीरीन C. पॉलीथीन D. सिलिकॉन
- C
- B
- A
- D
Explanation:
- प्लास्टिक की पानी की बोतलें (जैसे PET बोतलें) पॉलीथीन (polyethylene) या PET (पॉलीएथिलीन टेरेफ्थेलेट) से बनी होती हैं।
- बेकेलाइट (Bakelite) थर्मोसेटिंग प्लास्टिक है, पॉलीस्टीरीन (Polystyrene) फोम/पैकेजिंग में उपयोग होता है।
Quick Facts:
- PET = पॉलीएथिलीन टेरेफ्थेलेट, पुनर्चक्रण कोड #1
- LDPE (Low-Density Polyethylene) और HDPE (High-Density Polyethylene) का उपयोग बोतलों में होता है।
एक परमाणु का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 7 है। इस तत्व का परमाणु क्रमांक क्या होगा?
- 20
- 17
- 16
- 18
Explanation:
- इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या = 2 + 8 + 7 = 17
- उदासीन परमाणु में, परमाणु क्रमांक = इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 17
- यह क्लोरीन (Cl) का विन्यास है (Z=17)।
Quick Facts:
- Cl का इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 8, 7 है (K=2, L=8, M=7)।
- यह समूह 17 (हैलोजन) का तत्व है, संयोजकता 1 है।
86°F ______ के बराबर है।
- 20°C
- 30°C (C = (86-32)×5/9 = 54×5/9 = 30°C)
- 34°C
- 10°C
Explanation:
- °C = (°F – 32) × 5/9 = (86 – 32) × 5/9 = 54 × 5/9 = 30°C
Quick Facts:
- 86°F = 30°C (गर्म दिन का तापमान)
- सूत्र याद रखें: C = (F – 32) × 5/9, F = (C × 9/5) + 32
यदि किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 8 है और प्रोटॉनों की संख्या भी 8 है, तो, परमाणु का परमाणु क्रमांक क्या है?
- 12
- 10
- 16
- 8
Explanation:
- परमाणु क्रमांक = प्रोटॉनों की संख्या = 8
- यह ऑक्सीजन (O) है, जिसका परमाणु क्रमांक 8 है।
Quick Facts:
- उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉन = प्रोटॉन
- यदि आयन हो, तो इलेक्ट्रॉन ≠ प्रोटॉन (जैसे O²⁻ में 10 e⁻, 8 p⁺)
यदि किसी चालक का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल दोगुना कर दिया जाए, अन्य कारक समान रहने पर, चालक का प्रतिरोधकता होगी:
- समान
- आधी
- एक चौथाई
- दुगुनी
Explanation:
- प्रतिरोधकता (resistivity) किसी पदार्थ का आंतरिक गुण है, यह अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल, लंबाई आदि पर निर्भर नहीं करती।
- यह केवल तापमान और पदार्थ के प्रकार पर निर्भर करती है।
- अतः क्षेत्रफल दोगुना करने पर प्रतिरोधकता अपरिवर्तित रहेगी।
Quick Facts:
- प्रतिरोध R = ρ L/A, ρ = R A/L
- तार खींचने पर (लंबाई बढ़ाने) ρ अपरिवर्तित रहता है, पर R बदल जाता है।
निम्नलिखित में से किसकी इकाई न्यूटन है?
- dyne cm⁻²
- Pa
- N m⁻²
- N
Explanation:
- न्यूटन (N) स्वयं बल (force) की SI इकाई है।
- dyne cm⁻² = CGS में दाब की इकाई (1 dyn/cm² = 0.1 Pa)
- Pa (पास्कल) = N/m² (दाब की इकाई)
- N m⁻² = Pa (दाब)
Quick Facts:
- 1 N = 1 kg·m/s²
- 1 N = 10⁵ dyne
जूल प्रति कूलम्ब की इकाई है-
- एम्पीयर (A)
- जूल (J)
- वोल्ट (V)
- कूलम्ब (C)
Explanation:
- विभवांतर (Voltage) = कार्य/आवेश = J/C = वोल्ट (V)
- 1 V = 1 J/C
Quick Facts:
- वोल्ट का नाम एलेसान्द्रो वोल्टा के नाम पर है।
- विद्युत क्षेत्र की तीव्रता = V/m (N/C के समतुल्य)
बेंजीन वलय में कितने कार्बन परमाणु मौजूद होते हैं?
- 6
- 5
- 4
- 8
Explanation:
- बेंजीन (C₆H₆) का अणुसूत्र 6 कार्बन परमाणु दर्शाता है।
- यह एक वलय (रिंग) संरचना है, जिसमें 6 कार्बन परस्पर एकल और द्विबंध (वैकल्पिक) से जुड़े होते हैं।
Quick Facts:
- बेंजीन एक सुगंधित (aromatic) हाइड्रोकार्बन है।
- इसका आण्विक सूत्र C₆H₆ है, मोलर द्रव्यमान = 78 g/mol
SI पद्धति में, गुण 10⁻¹⁵ ______ का उपसर्ग है।
- अट्टो
- फेम्टो
- योट्टा
- जेटो
Explanation:
- SI उपसर्ग: 10⁻¹⁵ = फेम्टो (f)
- 10⁻¹⁸ = अट्टो (a), 10²⁴ = योट्टा (Y), 10²¹ = जेट्टा (Z)
- फेम्टो का उपयोग फेम्टोमीटर (fm) में होता है, 1 fm = 10⁻¹⁵ m (नाभिकीय आकार)।
Quick Facts:
- SI उपसर्ग तालिका: p (पिको = 10⁻¹²), n (नैनो = 10⁻⁹), μ (माइक्रो = 10⁻⁶), m (मिली = 10⁻³), c (सेंटी = 10⁻²), d (डेसी = 10⁻¹), k (किलो = 10³), M (मेगा = 10⁶), G (गीगा = 10⁹), T (टेरा = 10¹²), P (पेटा = 10¹⁵), E (एक्सा = 10¹⁸), Z (जेट्टा = 10²¹), Y (योट्टा = 10²⁴)
लकड़ी का एक ब्लॉक पानी पर तैरता है, इसकी मात्रा का 65% पानी के नीचे है। इसका घनत्व (kg/m³ में) अनुमानित है:
- 0.25 × 10²
- 0.65 × 10³
- 0.55 × 10³
- 0.35 × 10²
Explanation:
- तैरते हुए पिंड के लिए, डूबे हुए आयतन का अंश = (पिंड का घनत्व) / (द्रव का घनत्व)
- डूबा हुआ अंश = 65% = 0.65
- जल का घनत्व = 1000 kg/m³
- ∴ पिंड का घनत्व = 0.65 × 1000 = 650 kg/m³ = 0.65 × 10³ kg/m³
Quick Facts:
- यह आर्किमिडीज के सिद्धांत पर आधारित है।
- लकड़ी का घनत्व जल से कम होता है, इसलिए यह तैरता है।
यदि किसी मोटर गाड़ी पर पश्च दृश्य के लिए प्रयुक्त उत्तल दर्पण की वक्रता त्रिज्या 4.00 m है, तो इसकी फोकस दूरी कितनी होगी?
- 8 m
- 4 m
- 2 m (f = R/2 = 4/2 = 2 m)
- 1 m
Explanation:
- फोकस दूरी f = R/2, जहाँ R = वक्रता त्रिज्या
- f = 4.00 / 2 = 2.00 m
- उत्तल दर्पण के लिए f धनात्मक होता है।
Quick Facts:
- उत्तल दर्पण का फोकस आभासी (virtual) होता है (दर्पण के पीछे)।
- यह सदैव आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
25 cm फोकस दूरी वाले उत्तल लेंस के सामने 15 cm की दूरी पर एक वस्तु रखी गई है। प्रतिबिंब की दूरी ______ होगी।
- -37.5 cm
- -10.0 cm
- -9.37 cm
- 17.5 cm
Explanation:
- उत्तल लेंस के लिए f = +25 cm, u = -15 cm (वस्तु लेंस के बाईं ओर)
- लेंस सूत्र: 1/f = 1/v – 1/u ⇒ 1/v = 1/f + 1/u = 1/25 + 1/(-15) = 1/25 – 1/15 = (3-5)/75 = -2/75
- v = -75/2 = -37.5 cm (ऋणात्मक, अर्थात वस्तु की ही दिशा में आभासी प्रतिबिंब)
Quick Facts:
- जब वस्तु फोकस (f) और लेंस के बीच हो (u < f), उत्तल लेंस आभासी, सीधा और बड़ा प्रतिबिंब बनाता है (जैसे आवर्धक लेंस)।
- यहाँ u = 15 cm, f = 25 cm, अतः u < f, v ऋणात्मक है।
एक रासायनिक अभिक्रिया के दौरान, 10 ग्राम पदार्थ A, 15 ग्राम पदार्थ B के साथ मिलकर एक नया यौगिक बनाता है। द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार, उत्पादों का कुल द्रव्यमान क्या होगा?
- 25 ग्राम
- 10 ग्राम
- 16 ग्राम
- 11 ग्राम
Explanation:
- द्रव्यमान संरक्षण का नियम: किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो उत्पन्न होता है और न ही नष्ट होता है।
- अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = उत्पादों का कुल द्रव्यमान
- 10 + 15 = 25 ग्राम
Quick Facts:
- यह नियम लैवोज़ियर (Antoine Lavoisier) ने प्रतिपादित किया था।
- परमाणु द्रव्यमान संरक्षण भी इसी पर आधारित है।
केल्विन पैमाने पर जल का हिमांक कितना होता है?
- 473.15 K
- 173.15 K
- 273.15 K
- 373.15 K
Explanation:
- जल का हिमांक (melting point of ice) 0°C = 273.15 K
- जल का क्वथनांक 100°C = 373.15 K
- K = °C + 273.15
Quick Facts:
- केल्विन पैमाना निरपेक्ष तापमान पैमाना है, 0 K = -273.15°C (परम शून्य)।
- केल्विन में डिग्री (°) का चिह्न नहीं लगाया जाता (केवल K)।
निम्नलिखित में से कौन-सी मूल राशि किसी यांत्रिक राशि को व्यक्त करने के लिए उपयोग की जाती है?
- लंबाई, द्रव्यमान, समय
- बल, त्वरण, वेग
- कार्य, शक्ति, ऊर्जा
- दाब, आयतन, तापमान
Explanation:
- यांत्रिकी (mechanics) में मूल राशियाँ: लंबाई (L), द्रव्यमान (M), समय (T) हैं।
- अन्य सभी (बल, वेग, कार्य, शक्ति, दाब, आदि) इन्हीं तीन से व्युत्पन्न हैं।
- तापमान, धारा आदि अन्य मूल राशियाँ हैं, पर यांत्रिकी के लिए L, M, T मुख्य हैं।
Quick Facts:
- MLT प्रणाली यांत्रिकी में प्रयुक्त होती है।
- ये तीन राशियाँ आधारभूत हैं, इन्हें अन्य राशियों से परिभाषित नहीं किया जा सकता।
निम्नलिखित में से कौन सा हर्ट्ज के बराबर है?
- ms⁻²
- s⁻¹
- s
- m/s
Explanation:
- हर्ट्ज (Hz) = s⁻¹ (प्रति सेकंड), यह आवृत्ति की SI इकाई है।
- 1 Hz = 1 चक्र/सेकंड
- m/s = चाल, s = समय, ms⁻² = त्वरण (m/s²) नहीं, m/s² = ms⁻²
Quick Facts:
- Hz = s⁻¹, SI व्युत्पन्न इकाई है।
- आवृत्ति = 1/आवर्तकाल (T), इसलिए Hz = 1/s
निम्नलिखित में से कौन ऊष्मा ऊर्जा की इकाई नहीं है?
- कैलोरी
- वाट सेकंड
- किलोवाट
- जूल
Explanation:
- किलोवाट (kW) शक्ति (Power) की इकाई है, ऊर्जा की नहीं।
- ऊर्जा की इकाइयाँ: जूल (J), कैलोरी (cal), वाट-सेकंड (W·s), kWh (किलोवाट-घंटा)।
- 1 W·s = 1 J, 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J
Quick Facts:
- शक्ति = ऊर्जा/समय, इसलिए W = J/s, W·s = J
- किलोवाट (kW) शक्ति है, किलोवाट-घंटा (kWh) ऊर्जा है।
NH₃ में नाइट्रोजन की संयोजकता है:
- 3
- 4
- 1
- 2
Explanation:
- NH₃ (अमोनिया) में, नाइट्रोजन 3 हाइड्रोजन परमाणुओं से बंधित है, इसलिए इसकी संयोजकता 3 है।
- N की ऑक्सीकरण अवस्था -3 है, पर संयोजकता 3 है (सहसंयोजक बंधों की संख्या)।
Quick Facts:
- नाइट्रोजन की संयोजकता 3 (NH₃, N₂ में 3 बंध) या 5 (N₂O₅) हो सकती है, पर NH₃ में 3 है।
- संयोजकता (valency) = बंध बनाने की क्षमता, ऑक्सीकरण अवस्था (oxidation state) भिन्न हो सकती है।
बल का SI मात्रक क्या है?
- डाइन
- m/s
- न्यूटन
- rad/s
Explanation:
- बल (Force) का SI मात्रक न्यूटन (N) है।
- डाइन (dyne) CGS मात्रक है (1 N = 10⁵ dyne)।
- m/s = चाल, rad/s = कोणीय वेग।
Quick Facts:
- 1 N = 1 kg·m/s²
- न्यूटन सर आइज़ैक न्यूटन के नाम पर है।
मानव शरीर का सामान्य ताप क्या है?
- 96.7°F
- 94.8°F
- 98.6°F
- 100°F
Explanation:
- मानव शरीर का सामान्य तापमान 98.6°F (37°C) होता है।
- यह मौखिक तापमान है, गुदा तापमान थोड़ा अधिक (~99.6°F) हो सकता है।
Quick Facts:
- शरीर का तापमान दिन में थोड़ा बदलता है (सुबह कम, शाम को अधिक)।
- 100°F (37.8°C) से अधिक बुखार (fever) माना जाता है।
सबसे बाहरी कक्षा में अधिकतम कितने इलेक्ट्रॉन समाहित हो सकते हैं?
- 2
- 8
- 16
- 5
Explanation:
- अष्टक नियम (octet rule) के अनुसार, सबसे बाहरी कक्षा में अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं (He को छोड़कर, जिसमें 2 होते हैं)।
- पहली कक्षा (K) में 2, दूसरी (L) में 8, तीसरी (M) में 18 (पर M बाहरी होने पर 8 ही स्थिर होते हैं)।
Quick Facts:
- 8 इलेक्ट्रॉन (ns²np⁶) वाला विन्यास उत्कृष्ट गैस (नोबल गैस) विन्यास है, जो अत्यंत स्थिर होता है।
- अपवाद: हाइड्रोजन (1), हीलियम (2), लिथियम (1), बेरिलियम (2), बोरॉन (3) आदि।
1 किलोवाट किसके बराबर है?
- 1000 J s⁻²
- 1000 J s⁻¹
- 1000 J
- 1000 J s
Explanation:
- शक्ति (Power) = कार्य/समय = J/s
- 1 kW = 1000 W = 1000 J/s = 1000 J s⁻¹
Quick Facts:
- 1 W = 1 J/s
- 1 kW = 1.341 hp (हॉर्सपावर)
लगभग किस तापमान पर पानी का घनत्व अधिकतम होगा? A. 0°C B. 4°C C. 39°C D. 100°C
- A
- B
- D
- C
Explanation:
- पानी का घनत्व अधिकतम 4°C (लगभग 3.98°C) पर होता है।
- इस तापमान पर जल का घनत्व 1 g/cm³ (1000 kg/m³) होता है।
- 0°C पर बर्फ का घनत्व कम होता है, इसलिए बर्फ पानी पर तैरती है।
Quick Facts:
- यह विलक्षण गुण (anomalous expansion of water) के कारण है।
- 4°C पर पानी का आयतन न्यूनतम और घनत्व अधिकतम होता है।
एक अवतल लेंस किसी वस्तु के आकार का एक-तिहाई प्रतिबिंब बनाता है। यदि फोकस दूरी 12 cm है, तो वस्तु की दूरी कितनी होगी?
- 18 cm
- 36 cm
- 24 cm
- 12 cm
Explanation:
- अवतल लेंस सदैव छोटा प्रतिबिंब बनाता है, m = +1/3 (आभासी, सीधा)
- m = v/u (चिह्न परिपाटी के अनुसार, अवतल लेंस के लिए v ऋणात्मक, u ऋणात्मक)
- 1/3 = v/u ⇒ v = u/3 (ऋणात्मक मान लेते हुए, v = -u/3)
- लेंस सूत्र: 1/f = 1/v – 1/u ⇒ 1/(-12) = 1/(-u/3) – 1/u = -3/u – 1/u = -4/u
- -1/12 = -4/u ⇒ u = 48 cm? यह गणना गलत है।
- सही विधि: f = -12 cm, m = 1/3 = v/u ⇒ v = u/3 (u और v दोनों ऋणात्मक, इसलिए u/3 धनात्मक नहीं होगा? सही: अवतल लेंस के लिए v = -u/3 (क्योंकि v ऋणात्मक है, m = -v/u = 1/3 ⇒ v = -u/3)
- 1/f = 1/v – 1/u = 1/(-u/3) – 1/u = -3/u – 1/u = -4/u ⇒ 1/(-12) = -4/u ⇒ -1/12 = -4/u ⇒ u = 48 cm? नहीं, u = 48 cm आता है, पर विकल्पों में 24 cm है।
- अतः m = -v/u = 1/3 ⇒ v = -u/3
- 1/f = 1/v – 1/u = -3/u – 1/u = -4/u ⇒ 1/(-12) = -4/u ⇒ u = 48 cm (यह सही गणना है, पर विकल्प 24 cm है, इसलिए संभवतः प्रश्न में f = -12 cm के स्थान पर f = -8 cm होना चाहिए था, या विकल्प गलत हैं।)
- यदि f = -12 cm, m = 1/3, तो u = 48 cm, पर विकल्प 24 cm है। संभवतः प्रश्न में ‘एक-तिहाई’ के स्थान पर ‘आधा’ या f भिन्न है।
- दिए गए विकल्प के अनुसार, u = 24 cm (यदि m = 1/3, तो v = -8 cm, 1/f = 1/v – 1/u = -1/8 – 1/24 = (-3-1)/24 = -4/24 = -1/6 ⇒ f = -6 cm, नहीं, -12 नहीं)।
- अतः प्रश्न में त्रुटि है।
Quick Facts:
- अवतल लेंस का आवर्धन m = v/u (v ऋणात्मक, u ऋणात्मक, m धनात्मक <1)
- इसका उपयोग निकट दृष्टि दोष के संशोधन में होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी आधार इकाई नहीं है?
- मोल
- एम्पियर
- रेडियन
- कैंडेला
Explanation:
- SI आधार इकाइयाँ: मीटर, किलोग्राम, सेकंड, ऐम्पियर, केल्विन, मोल, कैंडेला
- रेडियन (rad) एक व्युत्पन्न इकाई है, जिसका उपयोग कोण (angle) मापने में होता है, यह विमाहीन है।
Quick Facts:
- रेडियन = चाप की लंबाई/त्रिज्या, विमाहीन है।
- SI में पूरक इकाइयाँ: रेडियन (कोण), स्टेरेडियन (ठोस कोण) – अब व्युत्पन्न इकाइयाँ मानी जाती हैं।
1 वोल्ट विभवांतर के विपरीत एक कूलॉम आवेश के जाने पर कितना कार्य होता है?
- 1 वाट
- 1 एम्पियर
- 1 कूलॉम
- 1 जूल
Explanation:
- कार्य (W) = आवेश (Q) × विभवांतर (V)
- W = 1 C × 1 V = 1 J
- यह जूल (J) के बराबर है, क्योंकि 1 J = 1 C × 1 V
Quick Facts:
- 1 eV (इलेक्ट्रॉन-वोल्ट) = 1.6 × 10⁻¹⁹ J
- वोल्ट = J/C
एक UV प्रकाश एक ऑप्टिकल फाइबर से 45° के कोण पर हवा में गुजरता है और फाइबर का अपवर्तनांक √2 है। अपवर्तन कोण होगा:
- 90°
- 60°
- 30° (sin 45°/sin r = √2, sin r = 0.707/1.414 = 0.5, r = 30°)
- 0°
Explanation:
- स्नेल का नियम: μ₁ sin i = μ₂ sin r
- वायु μ₁ = 1, i = 45°, फाइबर μ₂ = √2
- 1 × sin 45° = √2 × sin r ⇒ (1/√2) = √2 × sin r ⇒ sin r = (1/√2)/√2 = 1/2 ⇒ r = 30°
Quick Facts:
- ऑप्टिकल फाइबर में प्रकाश पूर्ण आंतरिक परावर्तन (TIR) के सिद्धांत पर कार्य करता है।
- क्रांतिक कोण C = sin⁻¹(μ₂/μ₁) = sin⁻¹(1/√2) = 45° (यदि μ₂ = 1, μ₁ = √2 तो C = 45°)
पृथ्वी से सूर्य तक की दूरी की लगभग लंबाई की इकाई ______ होती है।
- किलोमीटर
- खगोलीय इकाई
- केल्विन
- जूल
Explanation:
- पृथ्वी से सूर्य की औसत दूरी को 1 खगोलीय इकाई (Astronomical Unit, AU) कहते हैं।
- 1 AU ≈ 1.496 × 10⁸ km ≈ 8.3 प्रकाश मिनट
- प्रकाश वर्ष भी दूरी की इकाई है, पर AU अधिक विशिष्ट है।
Quick Facts:
- 1 AU = 149,597,870.7 km (लगभग 150 मिलियन km)
- पारसेक (parsec) भी खगोलीय दूरी की इकाई है (1 pc ≈ 3.26 प्रकाश वर्ष ≈ 206265 AU)
1 डायोप्टर ______ के बराबर होता है।
- 1 cm⁻¹
- 1 mm⁻¹
- 1 dm⁻¹
- 1 m⁻¹
Explanation:
- लेंस की शक्ति (P) = 1/f, जहाँ f मीटर (m) में है।
- 1 D (डायोप्टर) = 1 m⁻¹
- यदि f = 1 m, P = 1 D
Quick Facts:
- उत्तल लेंस की शक्ति धनात्मक, अवतल की ऋणात्मक होती है।
- 1 D = 1 m⁻¹, चश्मों में D का उपयोग होता है।
जब किसी वस्तु को उत्तल लेंस से X cm की दूरी पर रखा जाता है, तो इस लेंस का आवर्धन (-2) होता है। यदि प्रतिबिंब की दूरी 40 cm है, तो X का मान क्या है?
- +80 cm
- -20 cm (m = v/u, -2 = 40/u, u = -20 cm)
- +20 cm
- -80 cm
Explanation:
- आवर्धन m = v/u (उत्तल लेंस के लिए, वास्तविक प्रतिबिंब के लिए m ऋणात्मक, v धनात्मक)
- m = -2, v = +40 cm (वास्तविक प्रतिबिंब, लेंस के दूसरी ओर)
- -2 = 40/u ⇒ u = -20 cm
- X = 20 cm (दूरी), पर चिह्न के साथ u = -20 cm
Quick Facts:
- उत्तल लेंस में, यदि m ऋणात्मक है, तो प्रतिबिंब वास्तविक और उल्टा होता है।
- m = -2 का अर्थ है आकार दोगुना बड़ा और उल्टा।
pH 2 वाले विलयन, pH 4 वाले विलयन की तुलना में कितने गुना अधिक अम्लीय होता है?
- 10 गुना
- 100 गुना (10⁴⁻² = 10² = 100)
- 100 गुना
- 200 गुना
Explanation:
- pH पैमाना लघुगणकीय (logarithmic) है: pH = -log[H⁺]
- pH 2 पर [H⁺] = 10⁻² M, pH 4 पर [H⁺] = 10⁻⁴ M
- अम्लीयता का अनुपात = 10⁻² / 10⁻⁴ = 10² = 100 गुना
Quick Facts:
- pH में 1 का अंतर = 10 गुना अम्लीयता का अंतर।
- pH 2 → pH 4 में 2 का अंतर = 10² = 100 गुना।
प्रतिरोध R वाले एक तार को सात बराबर भागों में काटा जाता है। फिर इन भागों को समांतर क्रम में जोड़ा जाता है। यदि इस नए संयोजन का तुल्य प्रतिरोध R’ है, तो अनुपात R/R’ का मान कितना है?
- 1/7
- 7
- 1/49
- 49 (प्रत्येक भाग = R/7, समानांतर में R’ = (R/7)/7 = R/49, R/R’ = 49)
Explanation:
- तार को 7 बराबर भागों में काटने पर, प्रत्येक भाग का प्रतिरोध = R/7 (R ∝ L)
- 7 भागों को समान्तर में जोड़ने पर: 1/R’ = 7/(R/7) = 49/R ⇒ R’ = R/49
- R/R’ = R / (R/49) = 49
Quick Facts:
- समान्तर में प्रतिरोध घटता है, श्रेणी में बढ़ता है।
- यदि n समान प्रतिरोध R₁ को समान्तर में जोड़ें, R_eq = R₁/n = (R/7)/7 = R/49
हीरे का अपवर्तनांक क्या है?
- 2.42
- 2.87
- 1.24
- 3.42
Explanation:
- हीरे (Diamond) का अपवर्तनांक 2.42 है (सामान्यतः 2.417)।
- यह उच्च अपवर्तनांक और उच्च विक्षेपण के कारण चमकदार दिखता है।
- इसका क्रांतिक कोण ≈ 24.4° है, जिससे पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है।
Quick Facts:
- हीरे का घनत्व ≈ 3.5 g/cm³
- यह कार्बन का सबसे कठोर रूप है, चमक (brilliance) उच्च अपवर्तनांक के कारण है।
______ को मात्रक “क्विंटल” का उपयोग करके मापा जाता है।
- वजन
- तापमान
- लंबाई
- आयतन
Explanation:
- क्विंटल (quintal) भार (weight) या द्रव्यमान की एक इकाई है, जो 100 किलोग्राम के बराबर होती है।
- तापमान के लिए केल्विन/सेल्सियस, लंबाई के लिए मीटर, आयतन के लिए लीटर/घन मीटर का उपयोग होता है।
Quick Facts:
- 1 क्विंटल = 100 kg
- 1 मीट्रिक टन = 1000 kg = 10 क्विंटल
- इसका उपयोग कृषि उपज, अनाज, सीमेंट आदि के वजन में होता है।
2Ω, 3Ω और 5Ω के तीन प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में जुड़े हुए हैं। कुल प्रतिरोध कितना होगा?
- 0.1 Ω
- 3.33 Ω
- 10 Ω (2 + 3 + 5 = 10 Ω)
- 1 Ω
Explanation:
- श्रेणीक्रम (series) में कुल प्रतिरोध = R₁ + R₂ + R₃
- R_total = 2 + 3 + 5 = 10 Ω
Quick Facts:
- श्रेणीक्रम में धारा सभी प्रतिरोधों में समान होती है।
- प्रतिरोध जितना अधिक, विभवान्तर उतना अधिक (V = IR)।
R Ω और 60 Ω के दो प्रतिरोधों को 24 Ω का प्रभावी प्रतिरोध प्राप्त करने के लिए समानांतर में जोड़ा जाता है। R ज्ञात कीजिए?
- 56
- 64
- 48
- 40 (1/24 = 1/R + 1/60, 1/R = 1/24 – 1/60 = 3/120, R = 40)
Explanation:
- समान्तर में 1/R_eq = 1/R₁ + 1/R₂
- 1/24 = 1/R + 1/60 ⇒ 1/R = 1/24 – 1/60 = (5-2)/120 = 3/120 = 1/40 ⇒ R = 40 Ω
Quick Facts:
- समान्तर में प्रभावी प्रतिरोध, सबसे छोटे प्रतिरोध से भी कम होता है।
- यदि R = 40 Ω, तो 40 || 60 = (40×60)/(40+60) = 2400/100 = 24 Ω (सत्यापित)
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, शीतल जल में CaCO₃, 0 से ____ मिलीग्राम प्रति लीटर होता है।
- 30
- 60
- 90
- 120
Explanation:
- WHO के अनुसार, शीतल जल (soft water) में CaCO₃ की मात्रा 0 से 60 mg/L तक होती है।
- 60-120 mg/L मध्यम कठोर (moderately hard), 120-180 mg/L कठोर (hard), >180 mg/L अत्यधिक कठोर (very hard) माना जाता है।
Quick Facts:
- जल की कठोरता CaCO₃ के समतुल्य में व्यक्त की जाती है।
- कठोर जल में साबुन झाग नहीं देता, और बॉयलर में पैमाना (scale) बनाता है।
एक आदर्श वोल्टमीटर का प्रतिरोध हमेशा ________ होता है।
- अनंत
- शून्य
- धनात्मक
- ऋणात्मक
Explanation:
- आदर्श वोल्टमीटर का प्रतिरोध अनंत (∞) होता है, ताकि वह परिपथ से कोई धारा न खींचे और मापन में त्रुटि न हो।
- आदर्श एमीटर का प्रतिरोध शून्य (0) होता है।
Quick Facts:
- वोल्टमीटर को सदैव समान्तर (parallel) में जोड़ा जाता है।
- व्यावहारिक वोल्टमीटरों का प्रतिरोध बहुत अधिक (MΩ) होता है, पर अनंत नहीं।
शक्ति (ताकत) की SI इकाई है-
- वाट
- जूल
- MP4
- वोल्ट
Explanation:
- शक्ति (Power) की SI इकाई वाट (W) है।
- 1 W = 1 J/s (जूल प्रति सेकंड)
- जूल (J) = ऊर्जा/कार्य, वोल्ट (V) = विभवांतर, MP4 = कोई मानक इकाई नहीं।
Quick Facts:
- शक्ति = कार्य / समय = F·v (बल × वेग)
- विद्युत शक्ति P = VI = I²R = V²/R
जठर रस का pH मान ______ होता है।
- 10.0
- 7.4
- 1.2
- 2.2
Explanation:
- जठर रस (gastric juice) में HCl होता है, जिसका pH लगभग 1.2 से 2.0 होता है (अत्यधिक अम्लीय)।
- यह अम्लीय वातावरण भोजन के पाचन एवं जीवाणुओं को मारने में सहायक है।
Quick Facts:
- pH < 7 अम्लीय, pH = 7 उदासीन, pH > 7 क्षारीय
- जठर रस में पेप्सिन एंजाइम अम्लीय माध्यम में सक्रिय होता है।
गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक (G) की इकाई क्या है?
- m² s⁻² kg⁻¹
- m³ s⁻² kg⁻¹
- m² s⁻¹ kg⁻¹
- m³ s⁻² kg⁻³
Explanation:
- न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम F = G m₁m₂ / r²
- G = F r² / (m₁m₂) ⇒ इकाई = N·m² / kg² = (kg·m/s²)·m²/kg² = m³ kg⁻¹ s⁻²
Quick Facts:
- G = 6.67 × 10⁻¹¹ N·m²/kg²
- G एक सार्वत्रिक नियतांक है, जो स्थान पर निर्भर नहीं करता।
दाब का SI मात्रक है-
- पास्कल
- Kgsm⁻¹
- डाइन
- न्यूटन
Explanation:
- दाब (Pressure) = बल / क्षेत्रफल, SI मात्रक N/m² = पास्कल (Pa) है।
- 1 Pa = 1 N/m²
- डाइन (dyne) CGS मात्रक है (1 N = 10⁵ dyne)।
Quick Facts:
- वायुमंडलीय दाब ≈ 1.013 × 10⁵ Pa
- 1 bar = 10⁵ Pa, 1 atm = 1.013 bar
जब किसी वस्तु की ऊँचाई दोगुनी कर दी जाती है, तो उसकी स्थितिज ऊर्जा ______ हो जाती है।
- शून्य
- तीन गुनी
- दोगुनी
- आधी
Explanation:
- स्थितिज ऊर्जा PE = mgh (m = द्रव्यमान, g = गुरुत्वीय त्वरण, h = ऊँचाई)
- यदि h → 2h, तो PE’ = mg(2h) = 2mgh = 2 PE
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा = गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध किया गया कार्य।
- गतिज ऊर्जा = ½ mv², जो वेग पर निर्भर करती है।
आधुनिक आवर्त सारणी में सोडियम (Na) की परमाणु संख्या कितनी है?
- 33
- 22
- 11
- 44
Explanation:
- सोडियम (Na) की परमाणु संख्या 11 है।
- यह समूह 1 (क्षार धातु) में स्थित है, आवर्त 3।
Quick Facts:
- Na का इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 8, 1 है।
- यह अत्यंत अभिक्रियाशील धातु है, जो जल से अभिक्रिया कर H₂ गैस मुक्त करती है।
काँच का सबसे महत्वपूर्ण घटक ____ है। A. अभ्रक B. क्वार्ट्ज C. सिलिका D. सोडियम बोरेट
- D
- B
- C
- A
Explanation:
- काँच का मुख्य घटक सिलिका (SiO₂, सिलिकन डाइऑक्साइड) है।
- सोडियम बोरेट (बोरेक्स) बोरोसिलिकेट काँच (पायरेक्स) में उपयोग होता है।
- अभ्रक (mica) और क्वार्ट्ज (quartz) काँच में योज्य (additives) के रूप में हो सकते हैं, पर मुख्य घटक सिलिका है।
Quick Facts:
- सामान्य काँच (सोडा-लाइम काँच): SiO₂ (75%), Na₂O (15%), CaO (10%)
- सिलिका का गलनांक उच्च होता है, इसलिए Na₂O और CaO मिलाकर गलनांक घटाया जाता है।
प्रकाश संश्लेषण के बारे में दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? 1. पत्तियों में रंध्र प्रकाश संश्लेषण के लिए सूर्य का प्रकाश अवशोषित करते हैं। 2. प्रकाश संश्लेषण के परिणामस्वरूप कार्बन डाइऑक्साइड का कार्बोहाइड्रेट में अपचयन होता है।
- केवल 1
- 1 और 2 दोनों
- केवल 2
- न तो 1 और न ही 2
Explanation:
- कथन 1: पत्तियों में रंध्र (stomata) CO₂ और O₂ के आदान-प्रदान के लिए हैं, प्रकाश अवशोषण के लिए नहीं। प्रकाश क्लोरोफिल (पर्णहरित) द्वारा अवशोषित होता है। अतः असत्य।
- कथन 2: प्रकाश संश्लेषण में CO₂ (कार्बन +4 अवस्था) → कार्बोहाइड्रेट (CH₂O, कार्बन 0 अवस्था) अपचयन (reduction) होता है। सत्य।
Quick Facts:
- प्रकाश संश्लेषण: 6CO₂ + 12H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O
- यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया है (CO₂ अपचयित, H₂O ऑक्सीकृत)।
फॉस्फोरस परमाणु का परमाणु क्रमांक क्या है?
- 16
- 17
- 14
- 15
Explanation:
- फॉस्फोरस (P) की परमाणु संख्या 15 है।
- सल्फर (S) = 16, क्लोरीन (Cl) = 17, सिलिकॉन (Si) = 14
Quick Facts:
- फॉस्फोरस का इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 8, 5 है, यह समूह 15 का है।
- यह दो रूपों (लाल, सफेद) में पाया जाता है, सफेद फॉस्फोरस अत्यंत अभिक्रियाशील और विषैला है।
आवर्तकाल की SI इकाई क्या है?
- हर्ट्ज (Hz)
- मीटर (m)
- सेकंड (s)
- किलोग्राम (kg)
Explanation:
- आवर्तकाल (Time period, T) = 1/आवृत्ति (f), इसकी इकाई सेकंड (s) है।
- हर्ट्ज (Hz) = आवृत्ति की इकाई (1/s), मीटर (m) = लंबाई, kg = द्रव्यमान।
Quick Facts:
- T = 1/f, जहाँ f = आवृत्ति (Hz)
- सरल लोलक का आवर्तकाल T = 2π√(L/g)
जब एक वस्तु को अवतल दर्पण के सामने 10 cm की दूरी पर रखा जाता है तब अवतल दर्पण 20 cm की दूरी पर एक प्रतिबिंब बनाता है। इस दर्पण की फोकस दूरी कितनी है?
- 30 cm
- 10 cm
- 40 cm
- 20 cm
Explanation:
- अवतल दर्पण के लिए u = -10 cm (वस्तु दूरी), v = -20 cm (वास्तविक प्रतिबिंब)
- दर्पण सूत्र: 1/f = 1/v + 1/u = 1/(-20) + 1/(-10) = -1/20 – 1/10 = -3/20 ⇒ f = -20/3 cm ≈ -6.67 cm (यह मान विकल्पों में नहीं है)
- यदि v = +20 cm (आभासी) मानें, तो 1/f = 1/20 + 1/(-10) = -1/20 ⇒ f = -20 cm (अवतल दर्पण के लिए f ऋणात्मक), परंतु विकल्पों में 20 cm दिया है (धनात्मक)। प्रश्न संभवतः उत्तल दर्पण के लिए है, या विकल्पों में त्रुटि है।
- दिए गए विकल्पों में 20 cm सबसे संभावित है (यदि f = -20 cm मानें तो परिमाण 20 cm)।
Quick Facts:
- अवतल दर्पण के लिए f ऋणात्मक, R = 2f
- यदि वस्तु फोकस से दूर है, तो वास्तविक प्रतिबिंब बनता है।
H₂O में ऑक्सीजन की संयोजकता कितनी होती है?
- 1
- 3
- 0
- 2
Explanation:
- जल H₂O में, H की संयोजकता 1 है, और O दो H से बंधा है, अतः O की संयोजकता 2 है।
- ऑक्सीजन की सामान्य संयोजकता 2 होती है (O²⁻ आयन बनाता है)।
Quick Facts:
- O की ऑक्सीकरण अवस्था -2 है।
- संयोजकता और ऑक्सीकरण अवस्था भिन्न हो सकते हैं, पर H₂O में दोनों 2 हैं।
2 cm त्रिज्या और 0.05 cm मोटाई वाले सोने के सिक्के का द्रव्यमान (gm में) ज्ञात कीजिए। (सोने का घनत्व 19.3 gm/cm³)
- 12.1
- 0.06
- 6.1
- 0.03
Explanation:
- सिक्के का आयतन V = πr²h = π × (2)² × 0.05 = 3.14 × 4 × 0.05 = 0.628 cm³
- द्रव्यमान = घनत्व × आयतन = 19.3 × 0.628 ≈ 12.12 g ≈ 12.1 g
Quick Facts:
- घनत्व = द्रव्यमान / आयतन
- सोना 19.3 g/cm³ (उच्च घनत्व)
‘f’ फोकस दूरी वाले लेंस की क्षमता ______ के समानुपाती होती है।
- 1/f
- f²
- f
- 1/f²
Explanation:
- लेंस की क्षमता (Power) P = 1/f (f मीटर में)
- अतः P ∝ 1/f
Quick Facts:
- P की इकाई डायोप्टर (D) है, 1 D = 1 m⁻¹
- उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक, अवतल की ऋणात्मक होती है।
समय t सेकंड में एक कण द्वारा तय की गई दूरी (सेमी में) x = 10t² + 6t + 3 द्वारा दी गई है। 2 सेकंड के बाद यह कितनी दूरी तय करेगा?
- 52 cm
- 55 cm (x = 10(4) + 6(2) + 3 = 40 + 12 + 3 = 55 cm)
- 3 cm
- 15 cm
Explanation:
- t = 2 पर, x = 10(2)² + 6(2) + 3 = 10×4 + 12 + 3 = 40 + 15 = 55 cm
Quick Facts:
- यह गति का समीकरण है, जहाँ प्रारंभिक स्थिति 3 cm है (t=0 पर)।
- वेग v = dx/dt = 20t + 6, त्वरण a = dv/dt = 20 cm/s² (एकसमान)
द्रव्यमान और भार के संबंध में कौन-सा कथन गलत है?
- द्रव्यमान स्थान-स्थान पर भिन्न होता है, भार स्थिर रहता है।
- द्रव्यमान अदिश है, भार सदिश है।
- द्रव्यमान जड़त्व का माप है, और भार गुरुत्वाकर्षण के कारण लगने वाला बल है।
- द्रव्यमान का SI मात्रक kg है, और भार का SI मात्रक न्यूटन है।
Explanation:
- गलत कथन: द्रव्यमान स्थिर रहता है (स्थान पर निर्भर नहीं), जबकि भार स्थान-स्थान पर बदलता है (g के साथ बदलता है)।
- अन्य सभी कथन सही हैं: द्रव्यमान अदिश (scalar), भार सदिश (vector); द्रव्यमान जड़त्व का माप, भार बल है; मात्रक सही हैं।
Quick Facts:
- भार = m × g, जहाँ g = 9.8 m/s² (पृथ्वी पर)
- चंद्रमा पर भार = 1/6 (पृथ्वी पर), पर द्रव्यमान समान रहता है।
कार के उस वेग को (m/s में) ज्ञात कीजिए जो उसके चलने के 20 सेकंड के बाद होगा यदि वह शुरू होती है और 3.2 m/s² से त्वरित होती है।
- 72
- 36
- 108
- 64 (v = at = 3.2 × 20 = 64 m/s)
Explanation:
- प्रारंभिक वेग u = 0 (शुरू होती है)
- v = u + at = 0 + 3.2 × 20 = 64 m/s
Quick Facts:
- यह मान 230.4 km/h के बराबर है (64 × 18/5 = 230.4 km/h), जो बहुत अधिक है, अतः यह एक सैद्धांतिक प्रश्न है।
- त्वरण 3.2 m/s² काफी उच्च है (स्पोर्ट्स कार के बराबर)।
N शेल में अधिकतम ______ इलेक्ट्रॉन होंगे।
- 2
- 8
- 16
- 32 (2n² = 2×4² = 32)
Explanation:
- किसी कोश (shell) में अधिकतम इलेक्ट्रॉन = 2n², जहाँ n = मुख्य क्वांटम संख्या
- N शेल के लिए n = 4, अतः अधिकतम = 2 × 4² = 32
Quick Facts:
- K (n=1) = 2, L (n=2) = 8, M (n=3) = 18, N (n=4) = 32
- यह नियम केवल मुख्य कोश के लिए है, उपकोश (subshell) के लिए अलग नियम है।
यदि पृष्ठीय क्षेत्रफल बढ़ाया जाता है, तो वाष्पीकरण की दर:
- पहले बढ़ती है फिर घटती है
- बढ़ जाती है
- नियत रहती है
- घट जाती है
Explanation:
- वाष्पीकरण (evaporation) एक पृष्ठीय घटना है, अतः पृष्ठीय क्षेत्रफल बढ़ने पर वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है।
- उदाहरण: कपड़ों को फैलाकर सुखाना।
Quick Facts:
- वाष्पीकरण को प्रभावित करने वाले कारक: तापमान, पृष्ठीय क्षेत्रफल, आर्द्रता, वायु की गति।
- वाष्पीकरण एक शीतलन प्रक्रिया है (ठंडक पैदा करती है)।
जब आप ब्रिटिश के इंच को SI इकाई में परिवर्तित करते हैं, तब यह _____ सेमी बन जाता है।
- 25.4
- 12
- 0.254
- 2.54
Explanation:
- 1 इंच (inch) = 2.54 सेमी (cm)
- 1 फुट = 12 इंच = 30.48 cm
Quick Facts:
- 1 cm = 0.3937 इंच
- 1 मीटर = 39.37 इंच
एक कोश में मौजूद अधिकतम इलेक्ट्रॉन की संख्या को _____ सूत्र द्वारा दर्शाया जाता है।
- n²
- 2n
- 3n²
- 2n²
Explanation:
- किसी कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉन = 2n² (n = मुख्य क्वांटम संख्या)
- यह बोर-बरी नियम (Bohr-Bury rule) पर आधारित है।
Quick Facts:
- n = 1 → 2, n = 2 → 8, n = 3 → 18, n = 4 → 32
- सबसे बाहरी कोश में अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉन (अष्टक नियम) हो सकते हैं।
बेसिली जीवाणु होते हैं।
- कॉमा के आकार के
- छड़ के आकार के
- सर्पिलाकार
- गोलाकार
Explanation:
- बेसिली (Bacilli) छड़ (rod) के आकार के जीवाणु होते हैं।
- गोलाकार = कोक्की (cocci), सर्पिलाकार = स्पिरिला (spirilla), कॉमा के आकार = विब्रियो (vibrio)।
Quick Facts:
- उदाहरण: Bacillus anthracis (एंथ्रेक्स), Escherichia coli (E. coli)
- जीवाणुओं के आकार के आधार पर वर्गीकरण में यह मुख्य श्रेणी है।
उत्तल दर्पण द्वारा निर्मित प्रतिबिंब का आकार _____ होता है।
- हमेशा वस्तु के बराबर होता है
- हमेशा वस्तु से बड़ा होता है
- हमेशा वस्तु से छोटा होता है
- वस्तु की स्थिति के आधार पर बड़ा या छोटा हो सकता है
Explanation:
- उत्तल दर्पण (convex mirror) सदैव आभासी (virtual), सीधा (erect) और छोटा (diminished) प्रतिबिंब बनाता है, चाहे वस्तु कहीं भी रखी हो।
- इसका उपयोग वाहनों के पीछे के दृश्य दर्पण (rearview mirror) में होता है।
Quick Facts:
- उत्तल दर्पण की फोकस दूरी धनात्मक होती है (चिह्न परिपाटी)।
- आवर्धन m = + (धनात्मक) और |m| < 1 (छोटा)
मुंह में pH मान _____ से कम होने पर कैल्शियम हाइड्रॉक्सीपेटाइट से बने दंतवल्क (Tooth enamel) का क्षय शुरू हो जाता है।
- 8.5
- 7.5
- 6.5
- 5.5
Explanation:
- दंतवल्क (enamel) का मुख्य घटक कैल्शियम हाइड्रॉक्सीपेटाइट [Ca₁₀(PO₄)₆(OH)₂] है, जो अम्लीय माध्यम में घुल जाता है।
- pH 5.5 से कम होने पर enamel का क्षय (क्षरण) शुरू हो जाता है।
Quick Facts:
- मुंह में बैक्टीरिया चीनी का अम्ल में रूपांतरण कर देते हैं, जिससे pH कम होता है।
- टूथपेस्ट क्षारीय होता है, जो अम्ल को उदासीन करता है।
दूसरे आवर्त में इलेक्ट्रॉनों की संख्या कितनी होती है?
- 8
- 6
- 4
- 2
Explanation:
- दूसरा आवर्त (period 2) में L-कोश (n=2) होता है, जिसमें अधिकतम 2n² = 8 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं।
- इस आवर्त में तत्व Li (Z=3) से Ne (Z=10) तक हैं, जिनमें बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉन 1 से 8 तक बढ़ते हैं।
Quick Facts:
- पहला आवर्त: 2 इलेक्ट्रॉन (H, He), दूसरा: 8 (Li-Ne), तीसरा: 8 (Na-Ar), चौथा: 18 (K-Kr) आदि।
- आवर्त संख्या = मुख्य क्वांटम संख्या (n)
समान्तर क्रम में जुड़े प्रतिरोधों के समतुल्य प्रतिरोधों का व्युत्क्रम, अलग अलग प्रतिरोधों के व्युत्क्रम के _____ के बराबर होता है।
- अन्तर
- वर्गों का योग
- योगफल
- गुणनफल
Explanation:
- समान्तर में, 1/R_eq = 1/R₁ + 1/R₂ + 1/R₃ + …
- अतः व्युत्क्रम का योग (sum of reciprocals) होता है।
Quick Facts:
- दो प्रतिरोधों के लिए R_eq = (R₁R₂)/(R₁ + R₂)
- श्रेणीक्रम में R_eq = R₁ + R₂ + … (सीधा योग)
रोलरकोस्टर की सवारी में कौन-सा बल कार्य करता है? A. अपकेंद्री B. अभिकेंद्री C. गुरुत्वाकर्षण D. अभिलंब
- B
- C
- A
- D
Explanation:
- रोलरकोस्टर वृत्ताकार पथ पर गति करता है, इसलिए अभिकेंद्री बल (centripetal force) आवश्यक है, जो गुरुत्वाकर्षण और अभिलंब बल के संयोजन से प्राप्त होता है।
- अपकेंद्री बल (centrifugal) एक आभासी बल (pseudo force) है।
- प्रश्न में सबसे उपयुक्त उत्तर अभिकेंद्री (B) है, क्योंकि यह वक्राकार गति के लिए आवश्यक है।
Quick Facts:
- अभिकेंद्री बल सदैव वृत्त के केंद्र की ओर होता है।
- F_c = mv²/r (m = द्रव्यमान, v = चाल, r = त्रिज्या)
द्रव्यमान और वजन के बारे में निम्नलिखित में से क्या सही है?
- द्रव्यमान एक सदिश राशि है और वजन एक अदिश राशि है।
- दोनों सदिश राशियाँ हैं।
- दोनों अदिश राशियाँ हैं।
- द्रव्यमान एक अदिश राशि है और वजन एक सदिश राशि है।
Explanation:
- द्रव्यमान (mass) = अदिश (scalar) क्योंकि इसमें केवल परिमाण है, दिशा नहीं।
- भार (weight) = सदिश (vector) क्योंकि यह एक बल है (दिशा पृथ्वी के केंद्र की ओर)।
Quick Facts:
- भार = m × g, जहाँ g एक सदिश है (नीचे की ओर)।
- अदिश राशियाँ: द्रव्यमान, चाल, ऊर्जा, तापमान; सदिश: वेग, बल, त्वरण, संवेग।
अंतर्राष्ट्रीय मात्रक प्रणाली (SI) में ऊर्जा की मानक मात्रक कौन-सी है?
- जूल (J)
- वाट (W)
- पास्कल (Pa)
- न्यूटन (N)
Explanation:
- ऊर्जा की SI इकाई जूल (J) है।
- 1 J = 1 N·m = 1 kg·m²/s²
- वाट (W) = शक्ति, पास्कल (Pa) = दाब, न्यूटन (N) = बल।
Quick Facts:
- ऊर्जा के अन्य मात्रक: कैलोरी (cal), इलेक्ट्रॉन-वोल्ट (eV), kWh (विद्युत ऊर्जा)।
- 1 cal = 4.184 J, 1 eV = 1.602 × 10⁻¹⁹ J
एक तांबे के तार का प्रतिरोध 10 Ω है। यदि इसे समान पदार्थ और लंबाई के, लेकिन दोगुने अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल वाले तार से बदल दिया जाए, तो इसका प्रतिरोध _____ होगा।
- 5 Ω (R ∝ 1/A, if A doubles, R halves)
- 10 Ω
- 2.5 Ω
- 20 Ω
Explanation:
- R = ρ L / A, यदि A → 2A, तो R’ = ρ L / (2A) = R/2 = 5 Ω
Quick Facts:
- प्रतिरोध अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
- मोटे तार का प्रतिरोध कम होता है (विद्युत धारा अधिक सुगमता से प्रवाहित होती है)।
निम्नलिखित में से कौन-सा उपकरण, आर्किमिडीज के सिद्धांत पर कार्य करता है?
- एनरॉइड वायुदाबमापी (Aneroid barometer)
- रक्तदाबमापी (Sphygmomanometer)
- आपेक्षिक घनत्वमापी (Hydrometer)
- ऊंचाईमापी (Altimeter)
Explanation:
- हाइड्रोमीटर (आपेक्षिक घनत्वमापी) आर्किमिडीज के सिद्धांत (उत्प्लावन बल) पर कार्य करता है।
- यह द्रव में डूबने की गहराई से द्रव के घनत्व को मापता है।
- एनरॉइड बैरोमीटर (वायुदाबमापी) दाब पर, स्फिग्मोमैनोमीटर (रक्तदाबमापी) दाब पर, ऑल्टीमीटर (ऊंचाईमापी) ऊँचाई पर कार्य करते हैं।
Quick Facts:
- आर्किमिडीज का सिद्धांत: कोई वस्तु द्रव में डूबने पर अपने द्वारा विस्थापित द्रव के भार के बराबर उत्प्लावन बल अनुभव करती है।
- हाइड्रोमीटर का उपयोग बैटरी एसिड, दूध, शराब आदि के घनत्व मापने में होता है।
पानी में पूरी तरह से डूब जाने पर धातु के टुकड़े का स्पष्ट द्रव्यमान 60 ग्राम होता है। यदि इस धातु के टुकड़े का सापेक्षिक घनत्व 2.5 है तो इसका वास्तविक द्रव्यमान (ग्राम में) ज्ञात कीजिए।
- 300
- 40
- 400
- 100
Explanation:
- स्पष्ट द्रव्यमान (apparent mass) = वास्तविक द्रव्यमान – विस्थापित जल का द्रव्यमान
- सापेक्ष घनत्व = वास्तविक द्रव्यमान / (वास्तविक द्रव्यमान – स्पष्ट द्रव्यमान)
- 2.5 = M / (M – 60) ⇒ 2.5(M – 60) = M ⇒ 2.5M – 150 = M ⇒ 1.5M = 150 ⇒ M = 100 g
Quick Facts:
- पानी में डूबने पर उत्प्लावन बल के कारण स्पष्ट द्रव्यमान कम हो जाता है।
- यदि सापेक्ष घनत्व > 1, वस्तु पानी में डूबती है; <1, तैरती है।
एक वस्तु को 10 cm फोकस दूरी वाले उत्तल लेंस से 40 cm की दूरी पर इस प्रकार रखा गया है कि उसका प्रतिबिंब लेंस से X cm की दूरी पर बनता है। X का मान कितना है?
- -40/3
- +40/3
- +8
- -8
Explanation:
- उत्तल लेंस के लिए f = +10 cm, u = -40 cm (चिह्न परिपाटी)
- लेंस सूत्र: 1/f = 1/v – 1/u ⇒ 1/10 = 1/v – 1/(-40) = 1/v + 1/40
- 1/v = 1/10 – 1/40 = 3/40 ⇒ v = 40/3 cm (धनात्मक, लेंस के दूसरी ओर)
Quick Facts:
- v धनात्मक → वास्तविक प्रतिबिंब (लेंस के दूसरी ओर)
- v = 13.33 cm, |v| > f, अतः वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब बनेगा।
एक तार के वृत्ताकार पाश का अग्र भाग उत्तरी ध्रुव है; इस लूप के इस फलक में धारा की दिशा होगी:
- दक्षिणावर्त
- दक्षिण की ओर
- उत्तर की ओर
- वामावर्त
Explanation:
- दाएं हाथ का नियम (Right-hand rule): यदि किसी वृत्ताकार लूप के अग्र फलक से धारा वामावर्त (anti-clockwise) दिशा में प्रवाहित होती है, तो वह फलक उत्तरी ध्रुव (N) के रूप में कार्य करता है।
- यदि धारा दक्षिणावर्त (clockwise) हो, तो वह फलक दक्षिणी ध्रुव होता है।
Quick Facts:
- यह नियम चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के लिए है।
- वामावर्त धारा का अर्थ है कि चुंबकीय क्षेत्र की रेखाएँ फलक से बाहर निकल रही हैं (उत्तरी ध्रुव)।
एक व्यक्ति द्वारा 2 N के बल से एक ईंट को जमीन के समानांतर धकेलने पर किया गया कार्य 3 J है। बल के कारण होने वाला विस्थापन _____ के बराबर है।
- 5 m
- 1.5 m (s = W/F = 3/2 = 1.5 m)
- 0.66 m
- 6 m
Explanation:
- कार्य W = F × s (जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों)
- s = W / F = 3 / 2 = 1.5 m
Quick Facts:
- यदि बल और विस्थापन के बीच कोण θ हो, तो W = F·s·cosθ
- यहाँ θ = 0° (समानांतर), अतः cos0° = 1
किसी वस्तु का भार पृथ्वी पर X इकाई है। यदि हम उसी वस्तु को चन्द्रमा पर ले जाएं तो वहाँ उसका भार _____ होगा।
- शून्य
- X से कम
- X के बराबर
- X से अधिक
Explanation:
- चंद्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण (g’) पृथ्वी के g का 1/6 है।
- भार = m × g, अतः चंद्रमा पर भार = m × (g/6) = X/6, जो X से कम है।
Quick Facts:
- द्रव्यमान दोनों स्थानों पर समान रहेगा (m = X/g पृथ्वी पर, चंद्रमा पर भी m ही)।
- यदि X = 60 kg wt, तो चंद्रमा पर 10 kg wt (लगभग 98 N)।
एक शकरामापी किस प्रकार का उपकरण है?
- दाब गेज
- विवर्तनमापी
- आपेक्षिक घनत्वमापी
- व्यतिकरणमापी
Explanation:
- शकरामापी (Saccharometer) एक प्रकार का हाइड्रोमीटर (आपेक्षिक घनत्वमापी) है, जिसका उपयोग चीनी के विलयन की सांद्रता (घनत्व) मापने के लिए किया जाता है।
- यह आर्किमिडीज के सिद्धांत पर कार्य करता है।
Quick Facts:
- शकरामापी ब्रिक्स (Brix) स्केल पर अंशांकित होता है, जो % चीनी (w/w) को दर्शाता है।
- इसका उपयोग फलों के रस, जैम, शराब आदि में चीनी की मात्रा ज्ञात करने में होता है।
पदार्थ के कणों के बीच की दूरी को _____ स्थान कहा जाता है।
- निर्वात
- अंतर-परमाणुक
- अंतरापरमाणुक
- अंतरा-अणुक
Explanation:
- अणुओं (molecules) के बीच की दूरी को ‘अंतरा-अणुक दूरी’ (intermolecular distance) कहते हैं।
- परमाणुओं के बीच की दूरी ‘अंतरापरमाणुक दूरी’ (interatomic distance) कहलाती है।
- प्रश्न में ‘कणों’ से अणुओं का अर्थ लिया गया है, अतः ‘अंतरा-अणुक’ सही है।
Quick Facts:
- गैसों में अंतरा-अणुक दूरी अधिकतम, ठोसों में न्यूनतम होती है।
- यह दूरी पदार्थ की अवस्था (ठोस, द्रव, गैस) निर्धारित करती है।
