SCIENCE
यदि 22°C पर हवा में ध्वनि की चाल 344 मीटर/सेकंड है, और प्रतिध्वनि को अलग सुन पाने के लिए ध्वनि और प्रतिध्वनि के बीच का न्यूनतम समय अंतराल 0.1 सेकंड है, तो वह दूरी ज्ञात कीजिए, जो ध्वनि को स्रोत से परावर्तित सतह तक जाने और फिर कान तक वापस आने के लिए तय करनी होगी?
- 12.8 मीटर
- 34.4 मीटर
- 18.6 मीटर
- 17.2 मीटर
Explanation:
- ध्वनि को स्रोत से परावर्तक सतह तक जाने और वापस आने में लगा कुल समय = 0.1 s
- ध्वनि की चाल (v) = 344 m/s
- कुल तय दूरी = v × t = 344 × 0.1 = 34.4 मीटर
- यह दूरी स्रोत से परावर्तक सतह तक और वापस आने की दूरी है।
Quick Facts:
- प्रतिध्वनि सुनने के लिए न्यूनतम दूरी (स्रोत से परावर्तक तक) = v × t / 2 = 344 × 0.1 / 2 = 17.2 मीटर
- प्रतिध्वनि को स्पष्ट सुनने के लिए दो ध्वनियों के बीच न्यूनतम समय अंतराल 0.1 s होना चाहिए।
श्वेत प्रकाश, काँच के एक प्रिज्म पर तिर्यकतः आपतित होता है, निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं? (i) लाल रंग का विचलन अधिकतम होता है। (ii) प्रिज्म से गुजरते समय बैंगनी रंग की चाल सबसे कम होती है। (iii) बैंगनी रंग का अपवर्तनांक न्यूनतम होता है। (iv) लाल रंग का अपवर्तनांक न्यूनतम होता है।
- (i) और (ii) दोनों
- (ii) और (iv) दोनों
- (i) और (iv) दोनों
- (ii) और (iii) दोनों
Explanation:
- कथन (ii): बैंगनी रंग की तरंगदैर्ध्य सबसे कम होती है, इसलिए इसका अपवर्तनांक सबसे अधिक होता है और चाल सबसे कम होती है (v = c/μ)। सत्य।
- कथन (iv): लाल रंग की तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होती है, इसलिए इसका अपवर्तनांक न्यूनतम होता है। सत्य।
- कथन (i): लाल रंग का विचलन न्यूनतम होता है, अधिकतम नहीं। असत्य।
- कथन (iii): बैंगनी रंग का अपवर्तनांक अधिकतम होता है, न्यूनतम नहीं। असत्य।
Quick Facts:
- प्रिज्म में वर्ण विक्षेपण (dispersion) होता है, जिसमें बैंगनी रंग सबसे अधिक विचलित होता है और लाल सबसे कम।
- अपवर्तनांक μ = c/v, अतः μ अधिक होने पर v कम होती है।
एक व्यक्ति जिसमें एक निश्चित दूरी की वस्तु को स्पष्ट रूप से नहीं देख सकता है उसे क्या कहा जाता है? A. हाइपरमेट्रोपिया (Hypermetropia) B. नाइट ब्लाइंडनेस (Night Blindness) C. मायोपिया (Myopia) D. स्ट्रैबिस्मस (Strabismus)
- A
- D
- C
- D
Explanation:
- प्रश्न अपूर्ण है: “एक निश्चित दूरी” स्पष्ट नहीं है। यदि ‘पास की वस्तु’ स्पष्ट न दिखे तो हाइपरमेट्रोपिया (दूरदर्शिता) और यदि ‘दूर की वस्तु’ स्पष्ट न दिखे तो मायोपिया (निकटदर्शिता) होता है।
- दिए गए विकल्पों में D (स्ट्रैबिस्मस) भेंगापन है, जो दूरी से संबंधित नहीं है।
- प्रश्न में “एक निश्चित दूरी” से स्पष्ट नहीं है, इसलिए यह प्रश्न त्रुटिपूर्ण है। सामान्यतः मायोपिया (C) दूर की वस्तुओं के लिए, हाइपरमेट्रोपिया (A) पास की वस्तुओं के लिए होता है।
- यदि “दूर की वस्तु” न दिखे तो C (मायोपिया) सही होगा।
Quick Facts:
- मायोपिया (निकटदर्शिता) में दूर की वस्तु स्पष्ट नहीं दिखती, उपचार: अवतल लेंस।
- हाइपरमेट्रोपिया (दूरदर्शिता) में पास की वस्तु स्पष्ट नहीं दिखती, उपचार: उत्तल लेंस।
एडेनालाईन हार्मोन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा/से सही है/हैं? (i) हृदय गति तेज होती है (ii) श्वसन दर बढ़ जाती है (iii) रक्तचाप कम हो जाता है
- केवल (ii) और (iii)
- केवल (i) और (ii)
- केवल (i) और (iii)
- (i), (ii) और (iii)
Explanation:
- कथन (i): एडेनालाईन (एपिनेफ्रिन) हृदय गति को बढ़ाता है। सत्य।
- कथन (ii): यह श्वसन दर को भी बढ़ाता है। सत्य।
- कथन (iii): एडेनालाईन रक्तचाप को बढ़ाता है, कम नहीं करता। असत्य।
Quick Facts:
- एडेनालाईन ‘लड़ो या भागो’ (fight or flight) हार्मोन है, जो तनाव के समय स्रावित होता है।
- यह अधिवृक्क ग्रंथि (adrenal gland) के मज्जा (medulla) से स्रावित होता है।
एक अवतल लेंस की फोकस दूरी 15 cm होती है। यदि वस्तु को लेंस से 30 cm पर रखा गया है तो प्रतिबिंब की दूरी क्या है?
- -20 cm
- -10 cm
- -15 cm
- -18 cm
Explanation:
- अवतल लेंस के लिए f = -15 cm, u = -30 cm (चिह्न परिपाटी के अनुसार)
- लेंस सूत्र: 1/f = 1/v – 1/u ⇒ 1/v = 1/f + 1/u = 1/(-15) + 1/(-30) = -1/15 – 1/30 = (-2-1)/30 = -3/30 = -1/10
- ∴ v = -10 cm
Quick Facts:
- अवतल लेंस सदैव आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
- v का ऋणात्मक मान आभासी प्रतिबिंब को दर्शाता है (वस्तु की ही दिशा में)।
मानवीय रक्तकणिकाएँ ______ मुक्त करती हैं, जो रक्त के थक्के बनाने में मदद करता है। A. प्रोथ्रोम्बिन B. फाइब्रिन C. फ्रुक्टोज D. सुक्रोज
- A
- D
- C
- B
Explanation:
- प्रोथ्रोम्बिन (Prothrombin): रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया में, रक्तकणिकाएँ (प्लेटलेट्स) थ्रोम्बोप्लास्टिन मुक्त करती हैं, जो प्रोथ्रोम्बिन को थ्रोम्बिन में बदलता है, और थ्रोम्बिन फाइब्रिनोजन को फाइब्रिन में बदलता है।
- प्रश्न में “रक्तकणिकाएँ” से संभवतः “प्लेटलेट्स” का अर्थ है, जो थ्रोम्बोप्लास्टिन मुक्त करते हैं, पर विकल्पों में प्रोथ्रोम्बिन निकटतम है।
- फाइब्रिन (B) अंतिम उत्पाद है, रक्तकणिकाएँ इसे सीधे नहीं मुक्त करतीं।
Quick Facts:
- रक्त का थक्का बनना (blood clotting) एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें कई कारक शामिल होते हैं।
- प्लेटलेट्स थ्रोम्बोप्लास्टिन मुक्त करते हैं, जो प्रोथ्रोम्बिन को सक्रिय करता है।
मानव शरीर में तापमान को सामान्य माना जाता है? A. 95 डिग्री F B. 97 डिग्री F C. 98.6 डिग्री F D. 96.8 डिग्री F
- B
- D
- C
- A
Explanation:
- मानव शरीर का सामान्य तापमान 98.6°F (37°C) होता है।
- यह मान मुख्य रूप से मौखिक तापमान के लिए है, गुदा तापमान थोड़ा अधिक होता है।
Quick Facts:
- 98.6°F = 37°C (सूत्र: °C = (°F – 32) × 5/9)
- शरीर का तापमान 37°C के आसपास होमियोस्टेसिस द्वारा नियंत्रित होता है।
निम्नलिखित में से किस कारक में वृद्धि से चालक का प्रतिरोध बढ़ेगा? (i) चालक का तापमान (ii) चालक की लंबाई (iii) चालक के अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल
- (i) और (ii) दोनों
- (ii) और (iii) दोनों
- केवल (iii)
- केवल (i)
Explanation:
- (i) तापमान: धातुओं के लिए तापमान बढ़ने पर प्रतिरोध बढ़ता है (धनात्मक ताप गुणांक)।
- (ii) लंबाई: प्रतिरोध R = ρ L/A, अतः लंबाई (L) बढ़ने पर प्रतिरोध बढ़ता है।
- (iii) अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल (A): A बढ़ने पर प्रतिरोध घटता है (R ∝ 1/A)।
Quick Facts:
- प्रतिरोध का सूत्र: R = ρ L / A, जहाँ ρ = प्रतिरोधकता (resistivity)।
- तापमान बढ़ने पर धातुओं में परमाणुओं के कंपन बढ़ते हैं, जिससे इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह बाधित होता है।
निम्नलिखित में, समानता ज्ञात कीजिए: जैतून का तेल, नारियल का तेल, कॉड लिवर तेल, सूरजमुखी का तेल A. ये सभी वनस्पति तेल हैं। B. ये सभी विटामिन A से भरपूर हैं। C. ये सभी विटामिन D से भरपूर हैं। D. ये सभी तेल हैं।
- A
- C
- B
- D
Explanation:
- जैतून, नारियल और सूरजमुखी के तेल वनस्पति तेल हैं, जबकि कॉड लिवर तेल मछली (पशु) से प्राप्त होता है।
- अतः ये सभी “तेल” (D) हैं, यह सबसे सामान्य और सटीक समानता है।
- विकल्प A गलत है क्योंकि कॉड लिवर तेल वनस्पति नहीं है।
- विटामिन A और D से भरपूर होना सभी के लिए सत्य नहीं है।
Quick Facts:
- कॉड लिवर तेल विटामिन A और D का अच्छा स्रोत है।
- वनस्पति तेलों में मुख्यतः असंतृप्त वसीय अम्ल होते हैं।
ओम-मीटर ____ की इकाई है।
- प्रतिरोधकता
- विद्युत धारा
- आवेश
- प्रतिरोध
Explanation:
- प्रतिरोधकता (resistivity) का SI मात्रक ओम-मीटर (Ω·m) है।
- प्रतिरोध का मात्रक ओम (Ω) है।
- धारा का मात्रक ऐम्पियर (A), आवेश का कूलॉम (C) है।
Quick Facts:
- प्रतिरोधकता किसी पदार्थ का अंतर्निहित गुण है, जो उसके आकार पर निर्भर नहीं करता।
- R = ρ L / A, अतः ρ = R A / L, इसका मात्रक Ω·m²/m = Ω·m
एक पिंड को ऊपर की ओर फेंका जाता है और यह 5 मीटर की ऊँचाई तक पहुँचता है और फिर नीचे गिरता है, तो पिंड द्वारा तय किया गया कुल विस्थापन और कुल दूरी क्रमशः होगी:
- 10 मीटर, 0 मीटर
- 0 मीटर, 0 मीटर
- 5 मीटर, 5 मीटर
- 0 मीटर, 10 मीटर
Explanation:
- विस्थापन (displacement) = प्रारंभिक और अंतिम स्थिति के बीच की न्यूनतम दूरी। चूँकि पिंड वापस प्रारंभिक बिंदु पर आ जाता है, विस्थापन = 0 मीटर।
- दूरी (distance) = कुल पथ की लंबाई = 5 मीटर ऊपर + 5 मीटर नीचे = 10 मीटर।
Quick Facts:
- दूरी एक अदिश राशि है, विस्थापन एक सदिश राशि है।
- विस्थापन शून्य हो सकता है जब प्रारंभिक और अंतिम बिंदु समान हों, लेकिन दूरी शून्य नहीं हो सकती।
परमाणु क्रमांक 8 वाले तत्व की समूह संख्या और आवर्त संख्या, क्रमशः है।
- 6, 2
- 4, 2
- 16, 2
- 16, 3
Explanation:
- परमाणु क्रमांक 8 = ऑक्सीजन (O)
- इलेक्ट्रॉन विन्यास: 2, 6 (K=2, L=6)
- आवर्त = 2 (क्योंकि 2 कोश हैं), समूह = 16 (या VIA, क्योंकि संयोजी इलेक्ट्रॉन = 6, अतः 10+6 = 16)
Quick Facts:
- ऑक्सीजन का परमाणु क्रमांक 8, द्रव्यमान संख्या 16 है।
- यह समूह 16 (चाकोजेन) में स्थित है, जिसमें S, Se, Te आदि शामिल हैं।
एक उत्तल लेंस अपने से 30 cm की दूरी पर स्थित किसी वस्तु का वास्तविक प्रतिबिंब बनाता है। यदि प्रतिबिंब लेंस के दूसरी ओर 60 cm की दूरी पर बनता है, तो लेंस की फोकस दूरी कितनी होगी?
- 10 cm
- 15 cm
- 30 cm
- 20 cm
Explanation:
- u = -30 cm (वस्तु दूरी, चिह्न परिपाटी), v = +60 cm (वास्तविक प्रतिबिंब, लेंस के दूसरी ओर)
- लेंस सूत्र: 1/f = 1/v – 1/u = 1/60 – 1/(-30) = 1/60 + 1/30 = 1/60 + 2/60 = 3/60 = 1/20
- ∴ f = 20 cm
Quick Facts:
- उत्तल लेंस के लिए f धनात्मक होता है (अभिसारी लेंस)।
- वास्तविक प्रतिबिंब के लिए v धनात्मक होता है (लेंस के दूसरी ओर)।
एक परमाणु की द्रव्यमान संख्या 23 और परमाणु संख्या 11 है। उसमें प्रोटॉनों की संख्या ______ है।
- 11
- 23
- 12
- 22
Explanation:
- परमाणु संख्या = प्रोटॉनों की संख्या = 11
- द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन = 23
- अतः न्यूट्रॉन = 23 – 11 = 12
Quick Facts:
- यह परमाणु सोडियम (Na) है (Z=11, A=23)
- परमाणु संख्या = इलेक्ट्रॉनों की संख्या (उदासीन परमाणु में)
यदि किसी वस्तु का दूरी-समय ग्राफ, समय अक्ष के समांतर एक सरल रेखा है, तो वस्तु की चाल क्या है?
- एकसमान
- शून्य
- असमान
- बढ़ती हुई
Explanation:
- दूरी-समय ग्राफ में, समय अक्ष के समांतर रेखा का अर्थ है कि समय बदलने पर दूरी नहीं बदल रही है।
- इसका अर्थ है कि वस्तु स्थिर है, अतः चाल = शून्य।
- एकसमान चाल के लिए ग्राफ एक आनत सरल रेखा होती है (d = vt + c)।
Quick Facts:
- समय अक्ष के समांतर रेखा = शून्य ढाल = शून्य वेग/चाल।
- एकसमान त्वरण के लिए दूरी-समय ग्राफ परवलयाकार होता है।
वायु में ध्वनि की चाल लगभग 340 m/s है। यदि कोई परावर्तक सतह 17 m दूर है, तो प्रतिध्वनि को स्रोत तक लौटने में कितना समय लगेगा?
- 0.05 s
- 0.5 s
- 1 s
- 0.1 s
Explanation:
- ध्वनि को परावर्तक सतह तक जाने और वापस आने में तय दूरी = 2 × 17 = 34 m
- समय = दूरी / चाल = 34 / 340 = 0.1 s
Quick Facts:
- प्रतिध्वनि सुनने के लिए न्यूनतम दूरी = 17.2 m (344 m/s पर), 340 m/s पर ≈ 17 m
- 0.1 s प्रतिध्वनि और मूल ध्वनि के बीच न्यूनतम समय अंतराल है।
अंतर्राष्ट्रीय मात्रक प्रणाली (SI) में, किस भौतिक कारक का मान 6.62607015×10⁻³⁴ जूल-हर्ट्ज⁻¹ है?
- प्लांक नियतांक
- वॉन क्लिट्जिंग नियतांक
- अवोगाद्रो नियतांक
- स्टीफन-बोल्ट्जमान नियतांक
Explanation:
- प्लांक नियतांक (h) का मान 6.62607015 × 10⁻³⁴ J·Hz⁻¹ (जूल-सेकंड के समतुल्य) है।
- यह क्वांटम यांत्रिकी में मूलभूत नियतांक है, E = hν (ऊर्जा = प्लांक नियतांक × आवृत्ति)।
Quick Facts:
- प्लांक नियतांक का मान 6.62607015 × 10⁻³⁴ J·s है।
- इसका उपयोग फोटॉन की ऊर्जा, क्वांटम अवस्थाओं आदि में होता है।
साबुन में एंटीसेप्टिक गुण निम्नलिखित मिश्रणों में से एक के कारण पाया जाता है – A. बिथिओन्स B. सोडियम लॉरिल सल्फेट C. गंधराल D. सोडियम डोडेसिलबैंजीन सल्फेट
- B
- D
- C
- A
Explanation:
- बिथिओन्स (Bithionols): एंटीसेप्टिक साबुन में बिथिओनॉल (जैसे 2,2′-थायोबिस(4,6-डाइक्लोरोफीनॉल)) मिलाया जाता है, जो जीवाणुरोधी गुण प्रदान करता है।
- सोडियम लॉरिल सल्फेट और सोडियम डोडेसिलबैंजीन सल्फेट डिटर्जेंट हैं, एंटीसेप्टिक नहीं।
- गंधराल (perfume) केवल सुगंध के लिए मिलाया जाता है।
Quick Facts:
- एंटीसेप्टिक साबुन में ट्राइक्लोसन या बिथिओनॉल जैसे यौगिक मिलाए जाते हैं।
- साबुन की सफाई क्षमता सोडियम या पोटेशियम लवण (फैटी एसिड) के कारण होती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा, अमोनियम सल्फेट ((NH₄)₂SO₄) के एक अणु में परमाणुओं की कुल संख्या को सर्वोत्तम रूप से निरूपित करता है?
- 16
- 10
- 14
- 15
Explanation:
- (NH₄)₂SO₄ में: N = 2, H = 8 (क्योंकि NH₄ में 4 H, और 2 समूह), S = 1, O = 4
- कुल परमाणु = 2 (N) + 8 (H) + 1 (S) + 4 (O) = 15
Quick Facts:
- अमोनियम सल्फेट एक उर्वरक है, जिसमें नाइट्रोजन और सल्फर होते हैं।
- इसका मोलर द्रव्यमान = 132 g/mol
शृंखला में प्रत्येक 1/4 Ω के चार प्रतिरोधों का उपयोग करके किया जा सकने वाला अधिकतम प्रतिरोध ____ है।
- 1/8
- 1/4
- 1
- 4
Explanation:
- अधिकतम प्रतिरोध श्रेणीक्रम (series) में प्राप्त होता है।
- R_series = R₁ + R₂ + R₃ + R₄ = 4 × (1/4) = 1 Ω
- न्यूनतम प्रतिरोध समान्तर (parallel) में प्राप्त होता है, जो 1/16 Ω होगा।
Quick Facts:
- श्रेणीक्रम में प्रतिरोध जुड़ते हैं (R = R₁ + R₂ + …)
- समान्तर में 1/R = 1/R₁ + 1/R₂ + …
कार्बन के बाह्य कोश में कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं?
- 3
- 5
- 6
- 4
Explanation:
- कार्बन (C) का परमाणु क्रमांक 6 है।
- इलेक्ट्रॉन विन्यास: 2, 4 (K=2, L=4)
- अतः बाह्य कोश (L) में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
Quick Facts:
- कार्बन की संयोजकता 4 है, यह सहसंयोजक बंध बनाता है।
- यह कार्बनिक रसायन का आधार है, चतुःसंयोजी (tetravalent) है।
यदि जल का अपवर्तनांक 1.33 है, तो जल में प्रकाश की चाल लगभग ______ है।
- 3 × 10⁸ m/s
- 1.5 × 10⁸ m/s
- 2.26 × 10⁸ m/s
- 4 × 10⁸ m/s
Explanation:
- अपवर्तनांक μ = c / v, जहाँ c = वायु में प्रकाश की चाल = 3 × 10⁸ m/s
- v = c / μ = 3 × 10⁸ / 1.33 ≈ 2.2556 × 10⁸ m/s ≈ 2.26 × 10⁸ m/s
Quick Facts:
- जल का अपवर्तनांक 1.33 है, जिसका अर्थ है कि प्रकाश जल में धीमा हो जाता है।
- काँच का अपवर्तनांक ≈ 1.5, हीरे का ≈ 2.42
एक मशीन की दक्षता कभी भी ______ नहीं हो सकती है।
- 75%
- 10%
- 100%
- 50%
Explanation:
- किसी मशीन की दक्षता (efficiency) 100% नहीं हो सकती, क्योंकि ऊष्मागतिकी के दूसरे नियम के अनुसार कुछ ऊर्जा घर्षण, ऊष्मा आदि के रूप में नष्ट हो जाती है।
- दक्षता = (उपयोगी कार्य / निवेशित ऊर्जा) × 100%
- पूर्णतः क्षयरहित मशीन (ideal machine) संभव नहीं है।
Quick Facts:
- सदैव दक्षता < 100% होती है, इसे प्रायः प्रतिशत में व्यक्त करते हैं।
- ऊष्मा इंजनों की दक्षता कार्नोट इंजन के अनुसार सीमित होती है।
यदि नदी के जल का pH मान ______ हो, तो उसके पानी को अम्लीय अपशिष्ट से प्रदूषित माना जाता है।
- शून्य
- 7 से कम
- ठीक 7
- 7 से अधिक
Explanation:
- pH < 7 अम्लीय, pH = 7 उदासीन, pH > 7 क्षारीय होता है।
- नदी का जल सामान्यतः pH 7 के आसपास होता है, यदि pH 7 से कम है तो अम्लीय अपशिष्ट (जैसे औद्योगिक प्रदूषण) से प्रदूषित माना जाता है।
Quick Facts:
- pH पैमाना 0 से 14 तक होता है।
- अम्लीय जल जलीय जीवन के लिए हानिकारक होता है।
तापमान मापने के लिए निम्नलिखित में से किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?
- हाइग्रोमीटर
- वोल्टमीटर
- थर्मामीटर
- बैरोमीटर
Explanation:
- थर्मामीटर तापमान मापने के लिए उपयोग किया जाता है।
- हाइग्रोमीटर आर्द्रता, वोल्टमीटर वोल्टेज, बैरोमीटर वायुमंडलीय दबाव मापता है।
Quick Facts:
- थर्मामीटर के प्रकार: पारा थर्मामीटर, डिजिटल थर्मामीटर, IR थर्मामीटर आदि।
- तापमान की SI इकाई केल्विन (K) है।
किसी भी भौतिक सिग्नल को विद्युत सिग्नल में बदलने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?
- सेंसर
- एम्प्लीफायर
- रिपोर्टर
- ट्रांसड्यूसर
Explanation:
- ट्रांसड्यूसर (Transducer): यह एक ऐसा उपकरण है जो एक प्रकार की ऊर्जा (भौतिक सिग्नल) को दूसरे प्रकार (विद्युत सिग्नल) में परिवर्तित करता है।
- सेंसर (sensor) एक प्रकार का ट्रांसड्यूसर है, परंतु सभी ट्रांसड्यूसर विद्युत सिग्नल नहीं देते (कुछ यांत्रिक देते हैं)।
- एम्प्लीफायर सिग्नल की तीव्रता बढ़ाता है, रिपोर्टर (reporter) संचार उपकरण है।
Quick Facts:
- उदाहरण: माइक्रोफोन (ध्वनि → विद्युत), LDR (प्रकाश → प्रतिरोध परिवर्तन)
- ट्रांसड्यूसर शब्द लैटिन के ‘trans’ (पार) और ‘ducere’ (ले जाना) से बना है।
यदि हम वेग के लिए एक व्यंजक प्राप्त करते हैं, तो इसकी विमा ______ होनी चाहिए।
- M¹L¹T⁻¹
- M¹L¹T¹
- M¹L¹T¹
- M⁰L¹T⁻¹
Explanation:
- वेग (velocity) = विस्थापन / समय = L / T = L T⁻¹
- वेग में द्रव्यमान (M) नहीं होता, इसलिए M⁰
- ∴ विमा = M⁰ L¹ T⁻¹
Quick Facts:
- वेग की SI इकाई m/s है।
- अन्य विमाएँ: बल = M L T⁻², ऊर्जा = M L² T⁻²
ठोस से गैसीय माध्यम में जाते समय ध्वनि की गति में क्या परिवर्तन होता है?
- कम हो जाती है।
- बढ़ती है।
- अपरिवर्तित रहती है।
- घटती-बढ़ती रहती है।
Explanation:
- ध्वनि की चाल माध्यम की प्रत्यास्थता (elasticity) और घनत्व पर निर्भर करती है।
- ठोस में अणुओं के बीच अंतरबल सबसे अधिक होता है, इसलिए ध्वनि की चाल सबसे अधिक होती है (≈ 5000 m/s)।
- गैसों में अंतरबल न्यूनतम होता है, इसलिए चाल सबसे कम होती है (≈ 330 m/s)।
- अतः ठोस → गैस में चाल कम हो जाती है।
Quick Facts:
- ध्वनि की चाल का क्रम: ठोस > द्रव > गैस
- वायु में ध्वनि की चाल ≈ 340 m/s, जल में ≈ 1480 m/s, इस्पात में ≈ 5000 m/s
एक सुक्रोज अणु में ______ कार्बन परमाणु होते हैं।
- 15
- 18
- 6
- 12
Explanation:
- सुक्रोज (C₁₂H₂₂O₁₁) का रासायनिक सूत्र 12 कार्बन, 22 हाइड्रोजन, 11 ऑक्सीजन परमाणु दर्शाता है।
- सुक्रोज एक डिसैकराइड है, जो ग्लूकोज़ (C₆H₁₂O₆) और फ्रुक्टोज़ (C₆H₁₂O₆) से मिलकर बनता है (जल निकलता है)।
Quick Facts:
- सुक्रोज = ग्लूकोज + फ्रुक्टोज − H₂O, C₁₂H₂₂O₁₁
- यह सामान्य चीनी है, जो गन्ने या चुकंदर से प्राप्त होती है।
इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या जिसे सबसे बाहरी कक्षा में समायोजित किया जा सकता है, वह है ______।
- 8
- 2
- 4
- 6
Explanation:
- अष्टक नियम (octet rule) के अनुसार, सबसे बाहरी कक्षा में अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं (H और He को छोड़कर, जिनमें 2 होते हैं)।
- पहली कक्षा (K) में अधिकतम 2, दूसरी (L) में 8, तीसरी (M) में 18 (परंतु M के बाहरी होने पर 8 ही स्थिर होते हैं)।
Quick Facts:
- 8 इलेक्ट्रॉनों वाला विन्यास (ns²np⁶) स्थिर होता है, जैसे उत्कृष्ट गैसें।
- अपवाद: H, He (2 इलेक्ट्रॉन), और संक्रमण धातुएँ।
निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है? कथन: I) किसी वस्तु का द्रव्यमान उसके भार के समान होता है। II) किसी वस्तु का द्रव्यमान उसके भार के समान नहीं होता है। III) द्रव्यमान अदिश राशि है, जबकि भार सदिश राशि है।
- कथन I और III
- कथन III
- कथन I और II
- कथन II और III
Explanation:
- कथन I: द्रव्यमान (mass) और भार (weight) समान नहीं हैं। द्रव्यमान पदार्थ की मात्रा है, भार = द्रव्यमान × गुरुत्वीय त्वरण (mg)। अतः गलत।
- कथन II: द्रव्यमान ≠ भार, यह सत्य है क्योंकि भार गुरुत्व पर निर्भर करता है, द्रव्यमान नहीं।
- कथन III: द्रव्यमान अदिश (scalar) है, भार सदिश (vector) है (दिशा नीचे की ओर)। सत्य।
Quick Facts:
- द्रव्यमान का SI मात्रक kg, भार का SI मात्रक N (न्यूटन) है।
- भार = m × g, जहाँ g = 9.8 m/s² (पृथ्वी पर)
ऊँचाई h पर 20 kg की वस्तु की स्थितिज ऊर्जा 600 J है।’ h’ का मान ______ है। (मान लीजिए g = 10m/s²)
- 12 मीटर
- 30 मीटर
- 1 मीटर
- 3 मीटर
Explanation:
- स्थितिज ऊर्जा (PE) = mgh
- 600 = 20 × 10 × h ⇒ 600 = 200 × h ⇒ h = 600/200 = 3 मीटर
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा = mgh (पृथ्वी के निकट)
- यहाँ m = 20 kg, g = 10 m/s², PE = 600 J
परावर्तन के पहले नियम के अनुसार, आपतित किरण, आपतन बिंदु पर दर्पण के अभिलम्ब और परावर्तित किरण:
- एक दूसरे के लम्बवत होते हैं
- भिन्न तलों में स्थित होते हैं
- एक दूसरे के समानांतर होते हैं
- एक ही तल में स्थित होते हैं
Explanation:
- परावर्तन का पहला नियम: आपतित किरण, अभिलम्ब (normal) और परावर्तित किरण, तीनों एक ही तल (समतल) में होते हैं।
- दूसरा नियम: आपतन कोण = परावर्तन कोण (∠i = ∠r)
Quick Facts:
- ये नियम सभी प्रकार के परावर्तन (दर्पण, समतल, गोलीय) पर लागू होते हैं।
- तल = आपतन तल (plane of incidence) कहलाता है।
आमतौर पर एक वाणिज्यिक विरंजन विलयन में सोडियम हाइपोक्लोराइट का द्रव्यमान प्रतिशत कितना होता है?
- 3.62%
- 5.46%
- 2.57%
- 10.85%
Explanation:
- वाणिज्यिक विरंजन विलयन (bleaching solution) में सोडियम हाइपोक्लोराइट (NaClO) का द्रव्यमान % लगभग 3.6% होता है (सामान्य घरेलू ब्लीच में 5.25% NaClO होता है, पर द्रव्यमान % लगभग 3.62% के आसपास आता है)।
- यह एक मानक तथ्य है, दिए गए विकल्पों में 3.62% सबसे उपयुक्त है।
Quick Facts:
- NaClO का उपयोग विरंजन (bleaching) और कीटाणुशोधन (disinfection) में होता है।
- यह एक प्रबल ऑक्सीकारक है।
एक परमाणु में 17 इलेक्ट्रॉन और 18 न्यूट्रॉन हैं। प्रोटॉनों की संख्या ज्ञात कीजिए।
- 17
- 18
- 36
- 35.5
Explanation:
- उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = प्रोटॉनों की संख्या (परमाणु क्रमांक)
- इलेक्ट्रॉन = 17, अतः प्रोटॉन = 17
- न्यूट्रॉन = 18, द्रव्यमान संख्या = 17 + 18 = 35 (Cl का समस्थानिक)
Quick Facts:
- यह क्लोरीन (Cl) का समस्थानिक है (Z=17, A=35)
- Cl का सबसे सामान्य समस्थानिक Cl-35 (75%) और Cl-37 (25%) है।
बर्फ का अपवर्तनांक क्या है?
- 1.31
- 0
- 0.5
- 1.1
Explanation:
- बर्फ (ice) का अपवर्तनांक लगभग 1.31 होता है (जल का 1.33 के समीप)।
- यह काँच (≈1.5) से कम, पर वायु (1) से अधिक है।
Quick Facts:
- अपवर्तनांक μ = c/v, जहाँ c = वायु में प्रकाश की चाल, v = माध्यम में चाल।
- बर्फ के लिए v = 3 × 10⁸ / 1.31 ≈ 2.29 × 10⁸ m/s
यदि किसी वस्तु को विराम से गिराया जाता है, तो 15 सेकंड के बाद उसका वेग क्या होगा?
- 149 m/s
- 147 m/s
- 145 m/s
- 143 m/s
Explanation:
- प्रारंभिक वेग u = 0, त्वरण a = g = 9.8 m/s² (लगभग 10 m/s²)
- v = u + at = 0 + 9.8 × 15 = 147 m/s (यदि g = 9.8 लें)
- यदि g = 10 लें तो v = 150 m/s, पर 147 m/s विकल्पों में है, अतः g = 9.8 माना गया है।
Quick Facts:
- गुरुत्वीय त्वरण g = 9.8 m/s² (पृथ्वी की सतह पर)
- मुक्त पतन में वेग समय के साथ बढ़ता है (v = gt)
निम्नलिखित सिंथेटिक संकेतकों और रंग परिवर्तनों का मिलान करें।
- A-4; B-3; C-2; D-1
- A-3; B-4; C-1; D-2
- A-1; B-2; C-3; D-4
- A-2; B-1; C-3; D-4
Explanation:
- प्रश्न में सिंथेटिक संकेतकों और रंग परिवर्तनों का मिलान माँगा गया है, परंतु सूचियाँ दी नहीं गई हैं।
- सामान्य संकेतक: फिनोल्फथेलिन (रंगहीन में गुलाबी), मिथाइल ऑरेंज (लाल से पीला), लिटमस (अम्ल में लाल, क्षार में नीला), आदि।
- दिए गए विकल्पों में A-1, B-2, C-3, D-4 सही हो सकता है, परंतु सूची के बिना सत्यापन संभव नहीं।
Quick Facts:
- फिनोल्फथेलिन: अम्ल में रंगहीन, क्षार में गुलाबी (8-10 pH)
- मिथाइल ऑरेंज: अम्ल में लाल, क्षार में पीला (3.1-4.4 pH)
एक उत्तल लेंस 30 cm दूर रखी किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब बनाता है। प्रतिबिम्ब दूसरी ओर 60 cm पर बनता है। आवर्धन ______ है।
- -2
- +1/2
- +2
- -1/2
Explanation:
- आवर्धन (m) = v / u (चिह्न परिपाटी से)
- u = -30 cm, v = +60 cm (वास्तविक प्रतिबिंब के लिए)
- m = v/u = 60 / (-30) = -2
- ऋणात्मक चिह्न उल्टा (inverted) प्रतिबिंब दर्शाता है।
Quick Facts:
- |m| > 1 का अर्थ है आवर्धित (enlarged) प्रतिबिंब।
- उत्तल लेंस वास्तविक और उल्टे प्रतिबिंब के लिए m ऋणात्मक होता है।
माइक्रोवेव ओवन में चीनी मिट्टी के बर्तन का उपयोग करना चाहिए न कि धातु के बर्तन का, क्योंकि ______ A. धातु की सतह पर आवेश जमा हो सकता है और झटका लगने का खतरा होता है। B. चीनी मिट्टी के बर्तन गर्मी के बेहतर संवाहक होते हैं और इसलिए भोजन जल्दी पक जाता है। C. चीनी मिट्टी के बर्तनों का गलनांक उच्च होता है। D. चीनी मिट्टी के बर्तन धातु के बर्तनों की तुलना में सस्ते होते हैं।
- A
- B
- C
- D
Explanation:
- धातु के बर्तन माइक्रोवेव में नहीं रखने चाहिए क्योंकि धातु माइक्रोवेव (विद्युत चुम्बकीय तरंगों) को परावर्तित करती है, जिससे आवेश जमा हो सकता है, स्पार्किंग (चिंगारी) और खतरा हो सकता है।
- चीनी मिट्टी (ceramic) माइक्रोवेव को अवशोषित नहीं करती और सुरक्षित है।
- B: चीनी मिट्टी ऊष्मा की सुचालक नहीं होती।
- C: गलनांक उच्च होना एक कारण हो सकता है, पर मुख्य कारण विद्युत चालकता नहीं है।
- D: यह सुरक्षा से संबंधित नहीं है।
Quick Facts:
- माइक्रोवेव ओवन में केवल माइक्रोवेव-सुरक्षित (microwave-safe) बर्तनों का उपयोग करें।
- धातु की वस्तुएँ माइक्रोवेव में चिंगारी (sparks) पैदा कर सकती हैं और ओवन को नुकसान पहुँचा सकती हैं।
कार्बन अणु, दूसरे कार्बन अणु या अन्य तत्वों के अणुओं के साथ आबंधन बनाते समय, सामान्यतः कितने इलेक्ट्रॉन साझा करता है?
- 2
- 3
- 4
- 1
Explanation:
- कार्बन की संयोजकता 4 है (बाह्य कोश में 4 इलेक्ट्रॉन)।
- यह सहसंयोजक बंध बनाने के लिए 4 इलेक्ट्रॉन साझा करता है (जैसे CH₄ में 4 H के साथ)।
- यह चतुःसंयोजी (tetravalent) है।
Quick Facts:
- कार्बन एकल (C-C), द्वि (C=C) और त्रि (C≡C) बंध बना सकता है।
- कार्बनिक यौगिकों में कार्बन की यही विशेषता ‘कैटेनेशन’ (शृंखला निर्माण) का कारण है।
क्लोरीन परमाणु के K, L, और M शेल में इलेक्ट्रॉनों का वितरण ______ है।
- 2, 7, 7
- 2, 6, 5
- 2, 8, 7
- 2, 7, 8
Explanation:
- Cl का परमाणु क्रमांक = 17
- K शेल (n=1) = 2, L शेल (n=2) = 8, M शेल (n=3) = 7
- कुल = 2 + 8 + 7 = 17
Quick Facts:
- Cl का इलेक्ट्रॉन विन्यास: 1s² 2s² 2p⁶ 3s² 3p⁵
- यह समूह 17 (हैलोजन) का है, संयोजकता = 1
निम्नलिखित संयोजी ऊतकों को उनकी सही विशेषताओं से सुमेलित कीजिए।
- a i, b iv, c ii, d iii
- a iv, b i, c iii, d ii
- a i, b ii, c iv, d iii
- a i, b iv, c iii, d ii
Explanation:
- प्रश्न में संयोजी ऊतकों (connective tissues) और उनकी विशेषताओं का मिलान है, पर सूची नहीं दी गई।
- सामान्य संयोजी ऊतक: रक्त (द्रव), अस्थि (कठोर), उपास्थि (लचीला), वसा (ऊर्जा भंडारण), आदि।
- विकल्प a i, b ii, c iv, d iii सही हो सकता है, पर सूची के बिना पुष्टि नहीं हो सकती।
Quick Facts:
- संयोजी ऊतक शरीर में अंगों को जोड़ते और सहारा देते हैं।
- उदाहरण: टेंडन (कंडरा) – अस्थि को मांसपेशी से जोड़ता है।
सूखी बर्फ (dry ice) क्या है? A. सूखा हुआ बर्फ B. रेगिस्तान (deserts) में जमी हुई बर्फ C. कार्बन डाईऑक्साइड का ठोस रूप D. हाइड्रोजन पेरोक्साइड का ठोस रूप
- D
- C
- A
- B
Explanation:
- सूखी बर्फ (dry ice) CO₂ का ठोस रूप है।
- यह ऊर्ध्वपातन (sublimation) करता है, अर्थात बिना पिघले सीधे गैस में बदल जाता है।
- इसका उपयोग शीतलन (refrigeration) और विशेष प्रभावों (smoke effects) में होता है।
Quick Facts:
- सूखी बर्फ का तापमान -78.5°C होता है।
- यह CO₂ गैस को दबाव में ठंडा करके बनाई जाती है।
किसी विलयन के कणों का आकार होता है:
- 1 nm या उससे छोटा
- 28 nm या उससे छोटा
- 100 nm या उससे छोटा
- 52 nm या उससे छोटा
Explanation:
- विलयन (solution) के कणों का आकार 1 nm (10⁻⁹ m) से छोटा होता है।
- कोलाइडी विलयन (colloidal) में कण 1-100 nm, निलंबन (suspension) में >100 nm होते हैं।
Quick Facts:
- विलयन में कण टिंडल प्रभाव (Tyndall effect) नहीं दिखाते, जबकि कोलाइड दिखाते हैं।
- विलयन समांगी (homogeneous) मिश्रण होता है।
यदि किसी गतिशील पिंड की गतिज ऊर्जा 450 J है और उसका वेग 15 m/s है, तो पिंड का द्रव्यमान कितना होगा?
- 3 kg
- 5 kg
- 4 kg
- 2 kg
Explanation:
- गतिज ऊर्जा (KE) = ½ mv²
- 450 = ½ × m × (15)² = ½ × m × 225
- 450 = 112.5 × m ⇒ m = 450 / 112.5 = 4 kg
Quick Facts:
- KE = ½ mv², जहाँ m = द्रव्यमान (kg), v = वेग (m/s)
- गतिज ऊर्जा की SI इकाई जूल (J) है।
निम्नलिखित गैसों और उनके सूत्रों का मिलान कीजिए।
- A-1, B-2, C-4, D-3
- A-3, B-4, C-2, D-1
- A-1, B-4, C-2, D-3
- A-4, B-1, C-3, D-2
Explanation:
- प्रश्न में गैसों और उनके सूत्रों का मिलान है, पर सूची नहीं दी गई।
- सामान्य गैसें: हाइड्रोजन (H₂), ऑक्सीजन (O₂), नाइट्रोजन (N₂), क्लोरीन (Cl₂), CO₂, NH₃, आदि।
- विकल्प A-1, B-4, C-2, D-3 सही हो सकता है, पर सूची के बिना पुष्टि नहीं हो सकती।
Quick Facts:
- गैसों के सूत्र: H₂, O₂, N₂ (द्विपरमाणुक), CO₂ (त्रिपरमाणुक)।
- उत्कृष्ट गैसें एकपरमाणुक होती हैं (He, Ne, Ar)।
जब बिंब को अवतल दर्पण से 40 cm की दूरी पर रखा जाता है, तो बिंब का वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब, दर्पण से 30 cm की दूरी पर बनता है। दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन कितना होगा?
- -4/3
- +4/3
- +3/4
- -3/4
Explanation:
- अवतल दर्पण के लिए u = -40 cm (चिह्न परिपाटी), v = -30 cm (वास्तविक, उल्टा, इसलिए v ऋणात्मक)
- आवर्धन m = -v/u = -(-30)/(-40) = 30/(-40) = -3/4
- या m = -v/u = -(-30)/(-40) = 30/(-40) = -0.75
Quick Facts:
- अवतल दर्पण के लिए, वास्तविक प्रतिबिंब हमेशा उल्टा (inverted) होता है, m ऋणात्मक होता है।
- |m| < 1 का अर्थ है प्रतिबिंब आकार में छोटा।
एक प्रतिरोधक से धारा प्रवाहित हो रही है। यदि इसके प्रतिरोध को आधा कर दिया जाए जबकि इसके सिरों पर वोल्टेज स्थिर रखा जाए, तो धारा में क्या परिवर्तन होगा?
- यह आधी हो जाएगी
- यह दोगुनी हो जाएगी
- यह शून्य हो जाएगी
- यह समान रहेगी
Explanation:
- ओम के नियम के अनुसार V = IR ⇒ I = V/R
- यदि V स्थिर है और R आधा हो जाता है (R’ = R/2), तो I’ = V/(R/2) = 2V/R = 2I
- अतः धारा दोगुनी हो जाएगी।
Quick Facts:
- ओम का नियम V = IR (प्रतिरोधक परिपथ के लिए)
- प्रतिरोध कम होने पर धारा बढ़ती है (वोल्टेज स्थिर रहने पर)।
आवर्त नियम ने मूलतः कितने प्राकृतिक तत्वों के बीच समानताएँ प्रकट की?
- 96
- 91
- 94
- 89
Explanation:
- मेंडेलीफ (Mendeleev) का आवर्त नियम (1869) 63 तत्वों के लिए था, पर प्रश्न “मूलतः” (initially) 94 तत्वों के बारे में नहीं था।
- आधुनिक आवर्त सारणी में 118 तत्व हैं, पर प्राकृतिक तत्व (स्थायी) 94 (अब तक 98 पाए गए हैं, पर 94 सामान्यतः पृथ्वी पर पाए जाते हैं)।
- यह प्रश्न संभवतः त्रुटिपूर्ण है, क्योंकि मेंडेलीफ ने 63 तत्वों पर कार्य किया था।
Quick Facts:
- मेंडेलीफ ने तत्वों को बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के क्रम में व्यवस्थित किया।
- आधुनिक आवर्त सारणी परमाणु क्रमांक पर आधारित है (मोस्ले, 1913)।
हीरा-वायु अंतरापृष्ठ (हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है) के लिए क्रांतिक कोण का मान क्या है?
- 47°
- 25.6°
- 24.4°
- 90°
Explanation:
- क्रांतिक कोण (critical angle) C = sin⁻¹(μ₂/μ₁), जहाँ μ₁ = हीरे का अपवर्तनांक (2.42), μ₂ = वायु (1)
- C = sin⁻¹(1/2.42) = sin⁻¹(0.4132) ≈ 24.4°
Quick Facts:
- क्रांतिक कोण से अधिक आपतन कोण पर पूर्ण आंतरिक परावर्तन (total internal reflection) होता है।
- हीरे की चमक इसी गुण के कारण होती है।
जब किसी वस्तु को उत्तल दर्पण से 30 cm की दूरी पर रखा जाता है, तो वह 1/3 आवर्धन उत्पन्न करता है। प्रतिबिंब की दूरी कितनी होगी?
- 20 cm
- 10 cm
- 30 cm
- 15 cm
Explanation:
- उत्तल दर्पण के लिए u = -30 cm, m = +1/3 (आभासी, सीधा, छोटा)
- m = -v/u ⇒ 1/3 = -v/(-30) ⇒ 1/3 = v/30 ⇒ v = 10 cm
- v धनात्मक है (दर्पण के पीछे, आभासी प्रतिबिंब)
Quick Facts:
- उत्तल दर्पण सदैव आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है (m < 1, धनात्मक)।
- इसका उपयोग वाहनों के पीछे के दृश्य दर्पण (rearview mirror) में होता है।
77°F किसके बराबर है।
- 25°C
- 15°C
- 20°C
- 10°C
Explanation:
- °C = (°F – 32) × 5/9 = (77 – 32) × 5/9 = 45 × 5/9 = 25°C
Quick Facts:
- 77°F = 25°C (सामान्य कमरे का तापमान)
- तापमान रूपांतरण: °C = 5/9 (°F – 32)
यदि किसी पिंड का वेग दोगुना कर दिया जाए, तो उसकी गतिज ऊर्जा ______ हो जाती है।
- दोगुनी
- चार गुनी
- आठ गुनी
- आधी
Explanation:
- गतिज ऊर्जा KE = ½ mv²
- यदि v → 2v, तो KE’ = ½ m (2v)² = ½ m × 4v² = 4 × (½ mv²) = 4 KE
- अतः चार गुनी हो जाती है।
Quick Facts:
- KE ∝ v², अतः वेग दोगुना करने पर KE चार गुनी होती है।
- यह संबंध कार्य-ऊर्जा प्रमेय (work-energy theorem) पर आधारित है।
यदि एक इलेक्ट्रिक लोड 1 सेकंड के लिए 2 एम्पीयर की धारा खींचता है, तो लोड से गुजरने वाले इलेक्ट्रॉनों की संख्या (चार्ज 1.6 × 10⁻¹⁹ C के साथ) की गणना करें।
- 1.25 × 10²⁰
- 0.25 × 10¹⁹
- 0.25 × 10²⁰
- 1.25 × 10¹⁹
Explanation:
- Q = I × t = 2 A × 1 s = 2 C
- एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश e = 1.6 × 10⁻¹⁹ C
- इलेक्ट्रॉनों की संख्या n = Q / e = 2 / (1.6 × 10⁻¹⁹) = 1.25 × 10¹⁹
Quick Facts:
- 1 C आवेश = 6.25 × 10¹⁸ इलेक्ट्रॉन (≈ 1/1.6 × 10⁻¹⁹)
- धारा = आवेश / समय (I = Q/t)
एक अंत:केंद्रित घनीय (BCC) जालक में परमाणुओं की समन्वय संख्या क्या है?
- 6
- 4
- 12
- 8
Explanation:
- BCC (Body-Centered Cubic) जालक में, केंद्र पर स्थित परमाणु के निकटतम 8 कोने वाले परमाणु होते हैं।
- अतः समन्वय संख्या (coordination number) = 8
- SCC (Simple Cubic) = 6, FCC (Face-Centered Cubic) = 12
Quick Facts:
- BCC में प्रति इकाई कोशिका 2 परमाणु होते हैं (8 कोने × 1/8 + 1 केंद्र = 2)
- उदाहरण: Fe (लोहा), Cr, W आदि BCC संरचना में क्रिस्टलीकृत होते हैं।
कार का वेग इस पर निर्भर नहीं करता है: A. स्पीडोमीटर B. दिशा में परिवर्तन C. गति में परिवर्तन D. त्वरण में परिवर्तन
- A
- D
- B
- C
Explanation:
- वेग (velocity) एक सदिश राशि है, जो चाल (speed) और दिशा (direction) दोनों पर निर्भर करती है।
- स्पीडोमीटर (speedometer) केवल चाल (speed) मापता है, दिशा नहीं, अतः वेग स्पीडोमीटर पर निर्भर नहीं करता (यह केवल मापने का उपकरण है)।
- दिशा में परिवर्तन (B), गति में परिवर्तन (C), त्वरण में परिवर्तन (D) वेग के संघटक हैं।
Quick Facts:
- चाल = मात्रा (दूरी/समय), वेग = चाल + दिशा
- वेग में परिवर्तन (Δv) = त्वरण (a) × समय (t)
वायु में प्रकाश की चाल कितनी होती है?
- 3 × 10⁶ m/s
- 3 × 10⁸ m/s
- 3 × 10⁴ m/s
- 3 × 10⁵ m/s
Explanation:
- निर्वात में प्रकाश की चाल c = 2.998 × 10⁸ m/s (≈ 3 × 10⁸ m/s)
- वायु में प्रकाश की चाल भी लगभग 3 × 10⁸ m/s ही होती है, क्योंकि वायु का अपवर्तनांक ≈ 1.0003
Quick Facts:
- प्रकाश की चाल सबसे अधिक निर्वात में होती है।
- v = c / μ, μ = 1 (निर्वात), μ ≈ 1 (वायु)
एकसमान त्वरण से गतिमान किसी कण का वेग-समय ग्राफ कैसा होता है?
- उपरिमुखी अवतल वक्र
- ऊर्ध्वाधर रेखा
- समय अक्ष पर आनत सरल रेखा
- क्षैतिज रेखा
Explanation:
- एकसमान त्वरण के लिए, v = u + at (एक रैखिक समीकरण)
- v-t ग्राफ एक सरल रेखा होती है, जो समय अक्ष पर आनत होती है (ढाल = त्वरण a)।
- क्षैतिज रेखा → a = 0 (एकसमान वेग), वक्र → असमान त्वरण।
Quick Facts:
- ढाल (slope) = Δv/Δt = त्वरण (a)
- वक्र के नीचे का क्षेत्रफल = विस्थापन
न्यूटन (N), बल का SI मात्रक है। निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प एक न्यूटन (N) को मूल SI मात्रकों (किलोग्राम, मीटर और सेकंड) के रूप में व्यक्त करता है?
- kg.m²/s
- kg/m².s
- kg.m.s
- kg.m/s²
Explanation:
- बल (F) = द्रव्यमान (m) × त्वरण (a)
- त्वरण की इकाई = m/s², अतः F की इकाई = kg × m/s² = kg·m/s²
- 1 N = 1 kg·m/s²
Quick Facts:
- 1 N का बल 1 kg द्रव्यमान पर 1 m/s² का त्वरण उत्पन्न करता है।
- यह SI व्युत्पन्न इकाई है।
एक आदमी में तारतम्य, बच्चे के तारतम्य से/के ______ होता है।
- समान
- कभी उच्चतर और कभी निम्नतर
- उच्चतर
- निम्नतर
Explanation:
- तारतम्य (elasticity) उम्र के साथ घटता है।
- बच्चों की त्वचा, रक्त वाहिकाएँ आदि अधिक प्रत्यास्थ (elastic) होती हैं, जबकि वयस्कों में यह कम होती है (collagen degradation, स्क्लेरोसिस आदि के कारण)।
- अतः एक आदमी में तारतम्य, बच्चे की तुलना में निम्नतर होता है।
Quick Facts:
- प्रत्यास्थता (elasticity) किसी पदार्थ की विकृत होने के बाद पुनः अपनी मूल स्थिति में आने की क्षमता है।
- उम्र बढ़ने के साथ प्रत्यास्थता कम हो जाती है (जैसे झुर्रियाँ, धमनियों में कठोरता)।
10 cm भुजाओं वाला एक घनाकार गुटका, जिसका द्रव्यमान 600 g है, ताजे जल में प्रवाहित होता है। गुटके का कितना आयतन जल में डूबा हुआ है?
- 20%
- 40%
- 60%
- 80%
Explanation:
- घन का आयतन = 10³ = 1000 cm³
- घन का घनत्व = 600 g / 1000 cm³ = 0.6 g/cm³
- जल का घनत्व = 1 g/cm³
- डूबे हुए आयतन का अंश = (घन का घनत्व) / (द्रव का घनत्व) = 0.6 / 1 = 0.6 = 60%
Quick Facts:
- आर्किमिडीज का सिद्धांत: तैरती हुई वस्तु का डूबा हुआ आयतन × द्रव घनत्व = वस्तु का द्रव्यमान
- यदि वस्तु का घनत्व < द्रव का घनत्व, तो वह तैरती है।
जब किसी परिपथ में धारा को दोगुना कर दिया जाता है, प्रतिरोध को स्थिर रखते हुए, प्रतिरोधक में क्षयित शक्ति ______ हो जाती है।
- आधी
- दोगुनी
- चार गुनी
- एक-चौथाई
Explanation:
- शक्ति P = I² R (प्रतिरोधक में)
- यदि I → 2I, तो P’ = (2I)² R = 4 I² R = 4P
- अतः शक्ति चार गुनी हो जाती है।
Quick Facts:
- P = V²/R = I²R = VI
- धारा दोगुनी करने पर ऊष्मा उत्पादन (HEAT) चार गुना बढ़ता है (जूल का नियम H = I²Rt)
दो भिन्न प्रतिरोधों के समान्तर संयोजन में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से सही है/हैं? (A) प्रत्येक प्रतिरोधक पर विभवान्तर का मान समान होता है। (B) प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित धारा का मान समान होता है।
- ‘A’ और ‘B’ दोनों गलत हैं।
- ‘A’ गलत है और ‘B’ सही है।
- ‘A’ सही है और ‘B’ गलत है।
- ‘A’ और ‘B’ दोनों सही हैं।
Explanation:
- समान्तर (parallel) संयोजन में, सभी प्रतिरोधकों के सिरों पर विभवान्तर (voltage) समान होता है (A सही)।
- धारा (current) प्रत्येक प्रतिरोधक में उसके प्रतिरोध के व्युत्क्रमानुपाती होती है (I₁/I₂ = R₂/R₁), अतः सभी में धारा समान नहीं होती (B गलत)।
Quick Facts:
- समान्तर में: 1/R_eq = 1/R₁ + 1/R₂ + …
- श्रेणीक्रम में: R_eq = R₁ + R₂ + … (धारा समान, विभवान्तर भिन्न)
बल द्वारा किए गए कार्य को मापने के लिए सही मात्रक निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- पास्कल
- कूलॉम
- जूल
- न्यूटन
Explanation:
- कार्य (Work) = बल × विस्थापन, इसका SI मात्रक जूल (J) है।
- 1 J = 1 N × 1 m = 1 kg·m²/s²
- पास्कल (Pa) = दाब (Pressure) का मात्रक, कूलॉम (C) = आवेश (charge) का मात्रक, न्यूटन (N) = बल का मात्रक।
Quick Facts:
- जूल ऊर्जा का भी मात्रक है (कार्य = ऊर्जा)।
- 1 J = 1 N·m = 1 W·s
प्रयोगशाला में, एक विद्यार्थी एक पादप कोशिका के अधिकांश भाग में एक बड़ा पारदर्शी कोष (vacuole) देखता है। यह रिक्तिका कोशिका के आयतन का कितना प्रतिशत भाग घेरती है?
- 5–15%
- 100%
- 20–30%
- 50–90%
Explanation:
- पादप कोशिका में एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका (central vacuole) होती है, जो कोशिका के आयतन का 50% से 90% तक घेर सकती है।
- यह जल, आयन, और पोषक तत्वों को संग्रहीत करती है, और कोशिका का दबाव (turgor pressure) बनाए रखती है।
- जंतु कोशिका में रिक्तिकाएँ छोटी होती हैं (5–15% या उससे कम)।
Quick Facts:
- रिक्तिका (vacuole) एक झिल्ली-बद्ध (tonoplast) कोशिकांग है।
- यह कोशिका को कठोरता (turgidity) प्रदान करती है।
यदि तय की गई दूरी आधी कर दी जाए तथा समय समान रहे, तो रैखिक वेग ______ है।
- शून्य हो जाता
- समान बना रहता
- दोगुना हो जाता
- आधा हो जाता
Explanation:
- रेखीय वेग (v) = दूरी (s) / समय (t)
- यदि s’ = s/2, t’ = t, तो v’ = (s/2)/t = s/(2t) = v/2
- अतः वेग आधा हो जाता है।
Quick Facts:
- वेग ∝ दूरी (समय स्थिर रहने पर)
- यह रैखिक वेग है, जो सरल रेखीय गति के लिए है।
एक प्रकाश वर्ष क्या मापता है?
- समय
- दूरी
- शक्ति
- द्रव्यमान
Explanation:
- प्रकाश वर्ष (light year) खगोलीय दूरी की एक इकाई है।
- यह प्रकाश द्वारा एक वर्ष में तय की गई दूरी है।
- 1 प्रकाश वर्ष ≈ 9.46 × 10¹² km
Quick Facts:
- यह समय नहीं, बल्कि दूरी है (नाम में वर्ष होने के बावजूद)।
- इसका उपयोग तारों और आकाशगंगाओं की दूरी मापने में होता है।
तापीय चालकता ______ की इकाई है।
- W.s⁻¹.m⁻¹.K⁻¹
- W.s.K
- W.s⁻¹.Kg⁻¹
- W.s⁻¹.K
Explanation:
- तापीय चालकता (thermal conductivity) की SI इकाई W·m⁻¹·K⁻¹ (वाट प्रति मीटर-केल्विन) है।
- इसे W·s⁻¹·m⁻¹·K⁻¹ भी लिख सकते हैं (क्योंकि 1 W = 1 J/s = 1 kg·m²·s⁻³)
- विकल्प A सही है (W·s⁻¹·m⁻¹·K⁻¹ = (J/s)·s⁻¹·m⁻¹·K⁻¹ = J·s⁻²·m⁻¹·K⁻¹, पर सही रूप W·m⁻¹·K⁻¹ है, विकल्प A निकटतम है)
Quick Facts:
- ऊष्मा चालकता (k) = ऊष्मा प्रवाह दर × मोटाई / (क्षेत्रफल × तापांतर)
- इसकी विमा M L T⁻³ K⁻¹ है।
MRI किसका संक्षिप्त रूप है? A. मेडिकल रिसर्च इन्फॉर्मेशन B. मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग C. मीडिया रिसर्च इन्फॉर्मेशन D. मेडिकल रिसर्च इमेजिंग
- D
- B
- C
- A
Explanation:
- MRI = Magnetic Resonance Imaging (चुम्बकीय अनुनाद प्रतिबिंबन)
- यह एक चिकित्सीय इमेजिंग तकनीक है, जो शरीर के आंतरिक अंगों के विस्तृत चित्र बनाने के लिए चुम्बकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों का उपयोग करती है।
Quick Facts:
- MRI में आयनकारी विकिरण (X-ray) का उपयोग नहीं होता।
- इसका उपयोग न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स आदि में किया जाता है।
इनमें से किसे कैलिपर (Hermaphrodite caliper) के रूप में जाना जाता है?
- अंतर्मापी कैलिपर
- विषमपाद कैलिपर
- चौहमापी कैलिपर
- ट्रांसफर कैलिपर
Explanation:
- Hermaphrodite caliper को ‘विषमपाद कैलिपर’ (odd-leg caliper) या ‘जेनी कैलिपर’ भी कहते हैं।
- इसका एक पैर सीधा (straight) और दूसरा मुड़ा हुआ (bent) होता है, जिसका उपयोग खराद (lathe) पर केंद्र रेखा (center line) अंकित करने के लिए किया जाता है।
Quick Facts:
- इसका उपयोग विशेष रूप से कार्यवस्तु (workpiece) के किनारे से समान दूरी पर रेखा खींचने के लिए किया जाता है।
- अन्य कैलिपर: अंतर्मापी (inside), बहिर्मापी (outside), ट्रांसफर (transfer) आदि।
यदि श्रेणीक्रम में दो प्रतिरोधक समान हैं, माना प्रत्येक R है, तो कुल प्रतिरोध क्या होगा?
- R²
- R/2
- 2R
- R
Explanation:
- श्रेणीक्रम (series) में R_total = R₁ + R₂ = R + R = 2R
- समान्तर (parallel) में R_total = R/2 होता।
Quick Facts:
- श्रेणीक्रम में कुल प्रतिरोध, व्यक्तिगत प्रतिरोधों के योग के बराबर होता है।
- इसलिए अधिकतम प्रतिरोध श्रेणीक्रम से प्राप्त होता है।
केवल मूल भौतिक राशियों को मापने के लिए निम्नलिखित में से किस मात्रक का उपयोग किया जाता है?
- व्युत्पन्न मात्रक
- मूल मात्रक
- न तो मूल और न ही व्युत्पन्न मात्रक
- मूल और व्युत्पन्न दोनों मात्रक
Explanation:
- मूल भौतिक राशियाँ (fundamental quantities) हैं: लंबाई, द्रव्यमान, समय, विद्युत धारा, ताप, पदार्थ की मात्रा, दीप्त तीव्रता।
- इन्हें मूल मात्रकों (base units) से मापा जाता है: मीटर, किलोग्राम, सेकंड, ऐम्पियर, केल्विन, मोल, कैंडेला।
- व्युत्पन्न मात्रक (derived units) इन्हीं मूल मात्रकों के संयोजन से बनते हैं (जैसे N = kg·m/s²)।
Quick Facts:
- SI में 7 मूल मात्रक हैं।
- मूल राशियाँ एक-दूसरे पर निर्भर नहीं होतीं।
यदि एक उत्तल लेंस 30 cm पर एक वास्तविक उल्टा समान आकार का प्रतिबिंब बनाता है, तो वस्तु को लेंस के सामने ____ रखा जाता है।
- 40 cm
- 30 cm
- 10 cm
- 20 cm
Explanation:
- समान आकार (same size) का प्रतिबिंब उत्तल लेंस के लिए तब बनता है जब वस्तु 2F पर रखी होती है (v = 2f, u = -2f)।
- प्रतिबिंब दूरी 30 cm है, अतः v = 30 cm, और u = -30 cm (चूँकि समान आकार के लिए |u| = |v|)
- अतः वस्तु लेंस के सामने 30 cm पर है।
Quick Facts:
- उत्तल लेंस के लिए, u = -2f पर वास्तविक, उल्टा, समान आकार का प्रतिबिंब बनता है।
- यदि u = -f, तो प्रतिबिंब अनंत पर; u = -3f/2 पर आवर्धित, आदि।
निम्नलिखित में से कौन सी गैस अक्रिय गैस नहीं है? A. हीलियम B. नीयोन C. रेडोन D. हाइड्रोजन
- A
- C
- B
- D
Explanation:
- अक्रिय (निष्क्रिय) गैसें (noble gases) हैं: He, Ne, Ar, Kr, Xe, Rn (समूह 18)
- हाइड्रोजन (H₂) अक्रिय नहीं है, यह समूह 1 का तत्व है (हैलोजन नहीं, बल्कि क्षार धातुओं के ऊपर)।
Quick Facts:
- अक्रिय गैसों के बाह्य कोश में 8 इलेक्ट्रॉन होते हैं (He में 2), अतः वे अत्यंत स्थिर होती हैं।
- हाइड्रोजन एक द्विपरमाणुक गैस है, जो अभिक्रियाशील है।
एक मील लगभग ______ किलोमीटर के बराबर है।
- 1.6
- 1.4
- 0.8
- 1.2
Explanation:
- 1 मील (mile) = 1.60934 km ≈ 1.6 km
- यह एक इम्पीरियल इकाई है, जो मुख्यतः अमेरिका और ब्रिटेन में प्रयोग होती है।
Quick Facts:
- 1 मील = 5280 फीट (feet) = 1760 गज (yards)
- 1 km ≈ 0.6214 मील
एक नवजात शिशु के शरीर में कितनी हड्डियाँ होती हैं?
- 300
- 206
- 211
- 411
Explanation:
- नवजात शिशु (newborn) में लगभग 300 हड्डियाँ होती हैं (270-300 के बीच)।
- वयस्क (adult) में 206 हड्डियाँ होती हैं, क्योंकि कुछ हड्डियाँ बढ़ने के साथ जुड़ जाती हैं (जैसे खोपड़ी की हड्डियाँ, त्रिकास्थि (sacrum) आदि)।
Quick Facts:
- बच्चों में हड्डियों की संख्या अधिक होती है क्योंकि वे बाद में जुड़ती हैं।
- वयस्क में 206 हड्डियाँ, 32 दाँत (वयस्क) होते हैं।
एक उत्तल दर्पण जिसकी फोकस दूरी 8 cm है, के सामने 12 cm की दूरी पर एक वस्तु रखी गई है। प्रतिबिंब दूरी (v) कितनी है?
- +4.8 cm
- -4.8 cm
- +20 cm
- -20 cm
Explanation:
- उत्तल दर्पण के लिए f = +8 cm, u = -12 cm
- दर्पण सूत्र: 1/f = 1/v + 1/u ⇒ 1/v = 1/f – 1/u = 1/8 – 1/(-12) = 1/8 + 1/12 = (3+2)/24 = 5/24
- v = 24/5 = 4.8 cm (धनात्मक, दर्पण के पीछे आभासी प्रतिबिंब)
Quick Facts:
- उत्तल दर्पण के लिए f, R/2, धनात्मक होता है (चिह्न परिपाटी)।
- यह सदैव आभासी, सीधा, छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
गैस के दबाव को मापने के लिए निम्न में से किस उपकरण का प्रयोग किया जाता है?
- बैरोमीटर
- गैल्वेनोमीटर
- पाइरोमीटर
- इनमें से कोई विकल्प नहीं
Explanation:
- गैस के दबाव (gas pressure) को मापने के लिए मैनोमीटर (manometer) का उपयोग होता है।
- बैरोमीटर (barometer) वायुमंडलीय दबाव मापता है (वायु का दबाव), परंतु सामान्य गैस दबाव के लिए मैनोमीटर उपयुक्त है।
- दिए गए विकल्पों में कोई भी सही नहीं है, अतः “इनमें से कोई विकल्प नहीं” सही है।
Quick Facts:
- गैल्वेनोमीटर (galvanometer) धारा मापता है, पाइरोमीटर (pyrometer) उच्च ताप मापता है।
- मैनोमीटर खुले (open) या बंद (closed) प्रकार का हो सकता है।
दवा पेरासिटामोल है A. एक पीड़ानाशक B. एक ज्वरनाशक C. एक पीड़ानाशक और ज्वरनाशक D. एक गैर स्टेरायडल विरोधी भड़काऊ दवा
- A
- B
- D
- C
Explanation:
- पेरासिटामोल (Paracetamol) एक दोहरी क्रिया वाली दवा है: यह पीड़ानाशक (analgesic) और ज्वरनाशक (antipyretic) दोनों है।
- यह सूजन-रोधी (anti-inflammatory) नहीं है (जैसे NSAIDs), इसलिए D गलत है।
- A और B अपूर्ण हैं, क्योंकि इसमें दोनों गुण हैं।
Quick Facts:
- पेरासिटामोल का उपयोग हल्के से मध्यम दर्द और बुखार में होता है।
- यह NSAID (जैसे इबुप्रोफेन) की तुलना में पेट पर कम प्रभाव डालता है।
- अधिक मात्रा में यह लीवर (यकृत) के लिए हानिकारक हो सकता है।
1 कूलॉम/1 सेकंड = ____
- 1 वोल्ट
- 1 एम्पियर
- 1 वाट
- 1 ओम
Explanation:
- विद्युत धारा (I) = आवेश (Q) / समय (t)
- 1 C / 1 s = 1 A (एम्पियर)
- वोल्ट (V) = विभवांतर, वाट (W) = शक्ति (J/s), ओम (Ω) = प्रतिरोध (V/A)
Quick Facts:
- 1 एम्पियर = 1 कूलॉम प्रति सेकंड
- यह विद्युत धारा की SI इकाई है।
किसी वस्तु पर कार्यरत बल को मापने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?
- मैनोमीटर
- थर्मामीटर
- बैरोमीटर
- स्प्रिंग बैलेंस
Explanation:
- स्प्रिंग बैलेंस (Spring balance) बल (विशेषकर भार) मापने के लिए उपयोग किया जाता है, यह हुक के नियम पर कार्य करता है।
- मैनोमीटर गैस का दबाव, थर्मामीटर तापमान, बैरोमीटर वायुमंडलीय दबाव मापता है।
Quick Facts:
- स्प्रिंग बैलेंस में बल = k × x (k = स्प्रिंग स्थिरांक, x = विस्तार)
- इसका उपयोग सामान्यतः न्यूटन या किलोग्राम-बल में अंशांकित किया जाता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन एक लंबी, सीधी, धारा-वाहक सोलेनॉइड के अंदर चुंबकीय क्षेत्र के लिए सही है?
- यह सभी बिंदुओं पर समान होता है।
- जैसे-जैसे हम इसके अंत की ओर बढ़ते हैं, यह घटता जाता है।
- जैसे-जैसे हम इसके अंत की ओर बढ़ते हैं, यह बढ़ता जाता है।
- यह शून्य है।
Explanation:
- एक आदर्श (लंबी) सोलेनॉइड के अंदर चुंबकीय क्षेत्र एकसमान (uniform) होता है, अर्थात सभी बिंदुओं पर समान परिमाण और दिशा।
- यह B = μ₀ n I (n = प्रति मीटर फेरों की संख्या, I = धारा) द्वारा दिया जाता है।
- किनारों के पास क्षेत्र थोड़ा कम हो जाता है, परंतु लंबी सोलेनॉइड के लिए अंदर एकसमान होता है।
Quick Facts:
- सोलेनॉइड के अंदर चुंबकीय क्षेत्र की रेखाएँ समानांतर और सीधी होती हैं।
- सोलेनॉइड का उपयोग विद्युत चुंबक बनाने में होता है।
एक उत्तल दर्पण जिसकी फोकस दूरी ‘X’ cm है, दर्पण के सामने 40 cm की दूरी पर रखी वस्तु का प्रतिबिंब 8 cm की दूरी पर बनाता है। X का मान क्या है?
- -10 cm
- +10 cm
- -20/3 cm
- +20/3 cm
Explanation:
- उत्तल दर्पण के लिए u = -40 cm, v = +8 cm (आभासी, दर्पण के पीछे)
- दर्पण सूत्र: 1/f = 1/v + 1/u ⇒ 1/f = 1/8 + 1/(-40) = 1/8 – 1/40 = (5-1)/40 = 4/40 = 1/10
- f = +10 cm (उत्तल दर्पण के लिए f धनात्मक)
Quick Facts:
- उत्तल दर्पण की फोकस दूरी धनात्मक होती है (चिह्न परिपाटी)।
- इसका उपयोग पीछे के दृश्य दर्पण (rearview mirror) में होता है।
सार्वत्रिक गुरुत्वीय स्थिरांक G का SI मात्रक क्या है?
- N/m²
- kg/m³
- N·kg²/m²
- N·m²/kg²
Explanation:
- न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम: F = G m₁m₂ / r²
- G = F r² / (m₁m₂) ⇒ मात्रक = N × m² / kg² = N·m²/kg²
- N/m² = पास्कल (दाब), kg/m³ = घनत्व, N·kg²/m² गलत है।
Quick Facts:
- G का मान 6.674 × 10⁻¹¹ N·m²/kg² है।
- यह एक सार्वत्रिक (universal) स्थिरांक है, जो सभी पिंडों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल देता है।
सभी परिपथों में प्रवाहित धारा को मापने के लिए एमीटर को किस प्रकार जोड़ा जाता है?
- सिरों पर
- पंक्ति में
- श्रेणीक्रम में
- समानांतरक्रम में
Explanation:
- एमीटर (ammeter) को श्रेणीक्रम (series) में जोड़ा जाता है ताकि पूरी धारा इससे गुजरे।
- एमीटर का प्रतिरोध बहुत कम (लगभग शून्य) होता है, ताकि परिपथ में कोई अतिरिक्त प्रतिरोध न आए।
- समान्तर (parallel) में जोड़ने पर यह शॉर्ट सर्किट हो जाता है।
Quick Facts:
- वोल्टमीटर (voltmeter) को समान्तर (parallel) में जोड़ा जाता है (इसका प्रतिरोध उच्च होता है)।
- एमीटर को हमेशा उच्च धारा वाले परिपथ में नहीं जोड़ना चाहिए।
निम्नलिखित में से सापेक्ष घनत्व किसके बराबर है?
- किसी पदार्थ का घनत्व / तेल का घनत्व
- किसी पदार्थ का घनत्व / जल का घनत्व
- पदार्थ के एक घटक का घनत्व / कुल पदार्थ का घनत्व
- जल का घनत्व / किसी पदार्थ का घनत्व
Explanation:
- सापेक्ष घनत्व (relative density) = किसी पदार्थ का घनत्व / 4°C पर जल का घनत्व (1000 kg/m³)
- यह एक विमाहीन (dimensionless) राशि है।
- इसे विशिष्ट गुरुत्व (specific gravity) भी कहते हैं।
Quick Facts:
- जल का घनत्व अधिकतम 4°C पर होता है (1000 kg/m³)।
- यदि सापेक्ष घनत्व < 1, तो पदार्थ जल पर तैरता है (जैसे लकड़ी)।
4.700 मीटर में कितने सार्थक अंक हैं?
- 3
- 1
- 2
- 4
Explanation:
- 4.700 में, दशमलव के बाद के शून्य (zeros) सार्थक होते हैं क्योंकि वे माप की सटीकता दर्शाते हैं।
- अतः सार्थक अंक = 4 (4, 7, 0, 0)
- यदि संख्या 4700 होती (बिना दशमलव), तो सार्थक अंक 2 (4 और 7) होते, पर दशमलव के बाद शून्य सार्थक हो जाते हैं।
Quick Facts:
- नियम: दशमलव के बाद के सभी शून्य सार्थक होते हैं।
- 4.700 = 4.7 × 10⁰ (4 सार्थक अंक)
निम्नलिखित में से कौन सा विद्युत मापने वाले उपकरणों के लिए एक सामान्य अंशांकन विधि है?
- त्रुटिकरण विधि
- अनुमान विधि
- शून्य विधि
- आकलन विधि
Explanation:
- विद्युत मापन में शून्य विधि (null method) सबसे सटीक अंशांकन (calibration) विधि है, जिसमें मीटर को शून्य पर संतुलित किया जाता है (जैसे व्हीटस्टोन ब्रिज)।
- इसमें अज्ञात राशि की तुलना ज्ञात मानक से की जाती है, और शून्य विक्षेप (zero deflection) पर माप लिया जाता है।
Quick Facts:
- अन्य विधियाँ: प्रतिस्थापन (substitution), प्रत्यक्ष (direct), तुलनात्मक (comparison) आदि।
- शून्य विधि में मीटर की आंतरिक त्रुटियों का प्रभाव न्यूनतम होता है।
थॉमसन के परमाणु मॉडल के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से/सा कथन सही है/हैं? कथन 1. परमाणु में धनात्मक आवेशित गोले से बना होता है जिसमें इलेक्ट्रॉन अंतर्निहित होते हैं। कथन 2. परमाणु का द्रव्यमान नाभिक में स्थित न्यूट्रॉनों के कारण होता है। कथन 3. मॉडल की तुलना प्रायः तरबूज से की जाती है जिसमें बीज इलेक्ट्रॉनों को निरूपित करते हैं।
- केवल 1, 2 और 3
- केवल 2 और 3
- केवल 1
- केवल 1 और 3
Explanation:
- कथन 1: थॉमसन ने परमाणु को धनात्मक गोला (positive sphere) माना, जिसमें इलेक्ट्रॉन (ऋणात्मक) अंतर्निहित (embedded) होते हैं। सत्य।
- कथन 2: थॉमसन के मॉडल में नाभिक (nucleus) की कोई अवधारणा नहीं थी, न्यूट्रॉन की खोज बाद में हुई (चैडविक, 1932)। असत्य।
- कथन 3: थॉमसन मॉडल की तुलना तरबूज (watermelon) से की जाती है, जिसमें बीज = इलेक्ट्रॉन, लाल भाग = धनात्मक गोला। सत्य।
Quick Facts:
- थॉमसन मॉडल को “प्लम पुडिंग मॉडल” (plum pudding) भी कहते हैं।
- यह मॉडल रदरफोर्ड के प्रयोग (gold foil) से अमान्य सिद्ध हुआ, जिसने नाभिक की खोज की।
एकीकृत परिपथ (इंटीग्रेटेड सर्किट), जिसे IC चिप भी कहा जाता है, एक छोटी प्लेट पर इलेक्ट्रॉनिक परिपथ का एक समूह होता है, इसके द्वारा बना होता है: A. तांबा B. सिलिकॉन C. सिलिका D. क्रोमियम
- C
- D
- A
- B
Explanation:
- IC चिप (integrated circuit) सिलिकॉन (Si) (अर्धचालक) से बनाई जाती है, जिस पर अरबों ट्रांजिस्टर और अन्य घटक निर्मित होते हैं।
- सिलिका (SiO₂) इन्सुलेटर है, तांबा (Cu) चालक है, क्रोमियम (Cr) धातु है।
Quick Facts:
- सिलिकॉन का उपयोग इसके अर्धचालक गुणों के कारण होता है।
- IC चिप्स कंप्यूटर, मोबाइल, सेंसर आदि का आधार हैं।
Nm⁻² किसकी SI इकाई है?
- दाब
- कार्य
- शक्ति
- बल
Explanation:
- दाब (Pressure) = बल / क्षेत्रफल = N / m² = N·m⁻² = पास्कल (Pa)
- कार्य (Work) = N·m (जूल), शक्ति (Power) = J/s (वाट), बल (Force) = N (न्यूटन)
Quick Facts:
- 1 Pa = 1 N/m²
- वायुमंडलीय दाब ≈ 1.013 × 10⁵ Pa
95°F = ______ °C
- 45
- 25
- 15
- 35
Explanation:
- °C = (°F – 32) × 5/9 = (95 – 32) × 5/9 = 63 × 5/9 = 35
- 95°F = 35°C
Quick Facts:
- 95°F = 35°C (गर्म दिन का तापमान)
- °F = 9/5 °C + 32
हृदय की मांसपेशियां लयबद्ध रूप से सिकुड़ती और शिथिल होती हैं, यह लयबद्ध संकुचन और उसके बाद होने वाली शिथिलता दिल की धड़कन का निर्माण करती है। हृदय की धड़कन मापने के लिए किस उपकरण का प्रयोग किया जाता है?
- परिश्रावक (स्टेथोस्कोप)
- पोटोमीटर
- ऑक्सीमीटर
- रक्तदाबमापी
Explanation:
- स्टेथोस्कोप (Stethoscope) हृदय की धड़कन (heartbeat) सुनने और मापने के लिए उपयोग किया जाता है।
- ऑक्सीमीटर (oximeter) ऑक्सीजन संतृप्ति, रक्तदाबमापी (sphygmomanometer) रक्तचाप मापता है।
- पोटोमीटर (potometer) पौधों में जल अवशोषण मापता है।
Quick Facts:
- स्टेथोस्कोप का आविष्कार रेने लेनेक (René Laennec) ने 1816 में किया था।
- हृदय की धड़कन सामान्यतः 60-100 bpm (beats per minute) होती है।
‘g’ की SI इकाई ______ के समान होती है।
- ms¹
- ms⁻²
- ms²
- ms⁻¹
Explanation:
- g = गुरुत्वीय त्वरण (acceleration due to gravity) है, इसकी SI इकाई m/s² है (ms⁻²)
- यह त्वरण (acceleration) की इकाई है, वेग (ms⁻¹) की नहीं।
Quick Facts:
- g का मान पृथ्वी की सतह पर ≈ 9.8 m/s² है।
- यह ऊँचाई (altitude) और अक्षांश (latitude) के साथ बदलता है।
सामान्य सिस्टोलिक दाब (systolic pressure) है-
- 130 mm Hg
- 180 mm Hg
- 120 mm Hg
- 80 mm Hg
Explanation:
- सामान्य रक्तचाप (blood pressure) 120/80 mm Hg होता है, जहाँ 120 = सिस्टोलिक (systolic) और 80 = डायस्टोलिक (diastolic)।
- सिस्टोलिक दाब हृदय के सिकुड़न (contraction) के समय रक्त वाहिकाओं पर दबाव है।
Quick Facts:
- उच्च रक्तचाप (hypertension) = 140/90 mm Hg या अधिक।
- निम्न रक्तचाप (hypotension) = 90/60 mm Hg या कम।
एक ही पदार्थ के दो तारों की लंबाई समान है लेकिन उनके अनुप्रस्थ-परिच्छेद के क्षेत्रफलों का अनुपात 1 : 4 है। उनके प्रतिरोधों का अनुपात कितना होगा?
- 1 : 1
- 4 : 1
- 1 : 4
- 1 : 2
Explanation:
- R = ρ L / A (L और ρ समान)
- R₁/R₂ = (ρL/A₁) / (ρL/A₂) = A₂/A₁ = 4/1
- अतः R₁ : R₂ = 4 : 1
Quick Facts:
- प्रतिरोध अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है (R ∝ 1/A)।
- अधिक क्षेत्रफल = कम प्रतिरोध।
इनमें से कौन सी गैस रंगहीन और गंधहीन है? A. सल्फर B. क्लोरीन C. मीथेन D. ऑक्सीजन
- A
- D
- C
- B
Explanation:
- ऑक्सीजन (O₂) रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन गैस है।
- सल्फर (S) ठोस है (गंध नहीं, पर सल्फर डाइऑक्साइड गंधयुक्त होता है)।
- क्लोरीन (Cl₂) हरे-पीले रंग की, तीव्र गंध वाली गैस है।
- मीथेन (CH₄) रंगहीन और गंधहीन है (पर यह दहनशील है) — विकल्प C भी सही हो सकता है, पर प्रश्न में ‘सल्फर’ और ‘क्लोरीन’ को बाहर करते हुए D सही है, क्योंकि ऑक्सीजन अधिक सामान्य उदाहरण है।
Quick Facts:
- ऑक्सीजन जीवन के लिए आवश्यक है, यह श्वसन और दहन में सहायक है।
- क्लोरीन विषैली (toxic) और गंधयुक्त होती है।
एक तार का प्रतिरोध R है। यदि इसकी लंबाई 8 गुना बढ़ा दी जाए और इसका अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल 4 गुना घटा दिया जाए, तो इसका नया प्रतिरोध (R’) क्या होगा?
- R’ = 2R
- R’ = 8R
- R’ = 32R
- R’ = 16R
Explanation:
- R = ρ L / A
- L’ = 8L, A’ = A/4
- R’ = ρ (8L) / (A/4) = ρ × 8L × 4/A = 32 × (ρL/A) = 32R
Quick Facts:
- प्रतिरोध लंबाई के अनुक्रमानुपाती और क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
- यह सूत्र तार की ज्यामिति (geometry) पर आधारित है।
परमाणु रिएक्टर में विखंडन प्रतिक्रिया दर को नियंत्रित करने के लिए ____ का उपयोग किया जाता है क्योंकि यह न्यूट्रॉन को बिना विखंडन के अवशोषित कर लेता है। A. भारी पानी B. ग्रेफाइट C. पानी D. बोरान
- A
- D
- C
- B
Explanation:
- बोरान (Boron) और कैडमियम (Cd) न्यूट्रॉन अवशोषक (neutron absorber) होते हैं, इनका उपयोग परमाणु रिएक्टर में नियंत्रण छड़ (control rods) के रूप में किया जाता है।
- भारी पानी (D₂O), ग्रेफाइट (C) और सामान्य पानी (H₂O) मंदक (moderator) होते हैं (न्यूट्रॉन को धीमा करते हैं), अवशोषक नहीं।
Quick Facts:
- नियंत्रण छड़ें विखंडन श्रृंखला अभिक्रिया (chain reaction) को नियंत्रित करती हैं।
- बोरान-10 (¹⁰B) विशेष रूप से न्यूट्रॉन अवशोषण के लिए प्रभावी है।
सांद्रित सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन का pH मान क्या है?
- 14
- 10
- 4
- 7
Explanation:
- NaOH एक प्रबल क्षार (strong base) है, इसका सांद्रित विलयन अत्यधिक क्षारीय होता है, pH ≈ 14 (अधिकतम पैमाना)।
- pH = 7 उदासीन, < 7 अम्लीय, > 7 क्षारीय होता है।
Quick Facts:
- pH पैमाना 0-14 होता है (सामान्यतः)।
- 1 M NaOH का pH ≈ 14 होता है (पूर्ण रूप से आयनित)।
5 न्यूटन के एक नियत बल द्वारा किसी पिंड पर किया गया कार्य 5 जूल है। आरोपित बल की दिशा में पिंड का विस्थापन ____ है।
- 100 m
- 10 m
- 1 m
- 1000 m
Explanation:
- कार्य (W) = बल (F) × विस्थापन (s) × cos θ, यहाँ θ = 0° (बल और विस्थापन एक ही दिशा में), cos 0 = 1
- W = F × s ⇒ 5 = 5 × s ⇒ s = 1 m
Quick Facts:
- यदि बल विस्थापन के लंबवत (perpendicular) हो, तो कार्य शून्य होता है।
- कार्य की SI इकाई जूल (J) है।
पदार्थ के घनत्व और पानी के घनत्व के अनुपात को क्या कहा जाता है?
- आपेक्षिक घनत्व
- पृष्ठीय क्षेत्रफल
- द्रव घनत्व
- आयतन
Explanation:
- आपेक्षिक घनत्व (relative density) = पदार्थ का घनत्व / जल का घनत्व (4°C पर)
- यह विमाहीन (dimensionless) राशि है, इसे विशिष्ट गुरुत्व (specific gravity) भी कहते हैं।
Quick Facts:
- सापेक्ष घनत्व > 1 का अर्थ है पदार्थ जल से भारी (डूबेगा)।
- सापेक्ष घनत्व < 1 का अर्थ है पदार्थ जल से हल्का (तैरेगा)।
किसी पदार्थ के घनत्व को ____ के रूप में परिभाषित किया जाता है।
- द्रव्यमान प्रति इकाई क्षेत्रफल
- द्रव्यमान प्रति इकाई आयतन
- आयतन प्रति इकाई द्रव्यमान
- बल प्रति इकाई क्षेत्रफल
Explanation:
- घनत्व (density) = द्रव्यमान / आयतन (ρ = m / V)
- इसका SI मात्रक kg/m³ है।
- बल प्रति इकाई क्षेत्रफल = दाब (pressure) है।
Quick Facts:
- जल का घनत्व = 1000 kg/m³ (4°C पर)
- घनत्व तापमान के साथ बदलता है (सामान्यतः ताप बढ़ने पर घटता है)।
m₁ और m₂ द्रव्यमान वाली दो वस्तुओं के बीच गुरुत्वाकर्षण बल ____ के समानुपाती होता है।
- m₂ – m₁
- m₁ – m₂
- m₁ × m₂
- m₁ + m₂
Explanation:
- न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम के अनुसार, F ∝ m₁ × m₂ (और F ∝ 1/r²)
- F = G m₁m₂ / r²
- अतः बल द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती होता है।
Quick Facts:
- गुरुत्वाकर्षण बल सदैव आकर्षण (attractive) होता है।
- यह ब्रह्मांड की सबसे दुर्बल (weakest) मूलभूत क्रिया है।
चार धातुओं A, B, C और D के नमूने लिए गए और अलग-अलग एक विलयन में मिलाए गए। प्राप्त परिणाम इस प्रकार सूचीबद्ध किए गए हैं। A अपने विलयन से B को विस्थापित कर सकता है B अपने विलयन से D को विस्थापित कर सकता है C अपने विलयन से A को विस्थापित कर सकता है सबसे अधिक अभिक्रियाशील धातु कौन-सी है?
- D
- C
- A
- B
Explanation:
- यदि कोई धातु किसी अन्य के विलयन से उसे विस्थापित (displace) करती है, तो वह अधिक अभिक्रियाशील होती है।
- C, A को विस्थापित करता है ⇒ C > A
- A, B को विस्थापित करता है ⇒ A > B
- B, D को विस्थापित करता है ⇒ B > D
- अतः अभिक्रियाशीलता क्रम: C > A > B > D, इसलिए C सबसे अधिक अभिक्रियाशील है।
Quick Facts:
- यह धातुओं की अभिक्रियाशीलता श्रेणी (reactivity series) पर आधारित है।
- अधिक अभिक्रियाशील धातु कम अभिक्रियाशील धातु के लवण विलयन से उसे विस्थापित कर सकती है।
घनत्व = ______।
- V × M
- M/V
- V + M
- V/M
Explanation:
- घनत्व (ρ) = द्रव्यमान (M) / आयतन (V)
- अतः सही सूत्र M/V है।
- V/M = विशिष्ट आयतन (specific volume) है।
Quick Facts:
- घनत्व की SI इकाई kg/m³ है।
- यह एक अंतर्निहित (intensive) गुण है (आकार पर निर्भर नहीं)।
निम्नलिखित pH परिवर्तन और उसके प्रभाव को सुमेलित कीजिए।
- A-3; B-4; C-2; D-1
- A-1; B-4; C-3; D-2
- A-4; B-3; C-1; D-2
- A-2; B-1; C-4; D-3
Explanation:
- प्रश्न में pH परिवर्तन और प्रभावों का मिलान है, पर सूची नहीं दी गई।
- सामान्य pH मान: अम्लीय (<7), उदासीन (7), क्षारीय (>7)
- विकल्प A-1; B-4; C-3; D-2 सही हो सकता है, पर सूची के बिना पुष्टि संभव नहीं।
Quick Facts:
- pH = -log₁₀[H⁺]
- pH पैमाना 0 (प्रबल अम्ल) से 14 (प्रबल क्षार) तक होता है।
लंबाई L और त्रिज्या r के एक बेलनाकार तार का प्रतिरोध R है। उसी सामग्री के दूसरे तार का प्रतिरोध ज्ञात कीजिए लेकिन उसकी लंबाई का आधा और उसकी त्रिज्या का आधा होगा:
- R
- R/2
- 4R
- 2R
Explanation:
- प्रतिरोध R = ρ L / A, A = πr²
- L’ = L/2, r’ = r/2 ⇒ A’ = π(r/2)² = πr²/4 = A/4
- R’ = ρ (L/2) / (A/4) = ρ × (L/2) × (4/A) = (4/2) ρL/A = 2R
Quick Facts:
- प्रतिरोध ∝ लंबाई, ∝ 1/क्षेत्रफल
- त्रिज्या आधी करने पर क्षेत्रफल 1/4 हो जाता है, इसलिए प्रतिरोध 4× होता है, लंबाई आधी होने पर 1/2×, कुल 4 × 1/2 = 2×
निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? 1. कुछ धातुओं को पीटकर पतली चादरें बनाई जा सकती हैं। इस गुण को आघातवर्धनीयता कहते हैं। 2. धातुओं को पतले तारों में परिवर्तित किया जा सकता है। 3. धातुएँ ऊष्मा की अच्छी सुचालक होती हैं।
- केवल 1
- केवल 1 और 2
- 1, 2 और 3
- केवल 1 और 3
Explanation:
- कथन 1: धातुओं को पीटकर पतली चादर (sheet) बनाना = आघातवर्धनीयता (malleability)। सत्य।
- कथन 2: धातुओं को पतले तार (wire) में खींचना = तन्यता (ductility)। सत्य।
- कथन 3: धातुएँ ऊष्मा और विद्युत की अच्छी सुचालक होती हैं। सत्य।
Quick Facts:
- उदाहरण: सोना (Au) अत्यंत आघातवर्धनीय और तन्य है।
- धातुओं में मुक्त इलेक्ट्रॉनों के कारण चालकता अधिक होती है।
निम्नलिखित में से कौन किलोग्राम प्रति घन मीटर (kg/m³) में परिभाषित किया जाता है?
- आयतन
- घनत्व
- जड़त्व
- दाब
Explanation:
- घनत्व (density) = द्रव्यमान / आयतन, इसका SI मात्रक kg/m³ है।
- आयतन का मात्रक m³, जड़त्व (inertia) का कोई विशिष्ट मात्रक नहीं, दाब का Pa (N/m²) होता है।
Quick Facts:
- 1 g/cm³ = 1000 kg/m³
- घनत्व किसी पदार्थ की पहचान में सहायक होता है।
निम्नलिखित कोशिका अंगकों में से कौन पादप कोशिका में पाया जाता है लेकिन पशु कोशिका में नहीं? A. हरितलवक B. अंत: प्रद्रव्यी जालिका C. सूत्रकणिका D. राइबोसोम
- A
- B
- D
- C
Explanation:
- हरितलवक (Chloroplast) केवल पादप कोशिका (और शैवाल) में पाया जाता है, जहाँ प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) होता है।
- अंत: प्रद्रव्यी जालिका (ER), सूत्रकणिका (mitochondria) और राइबोसोम (ribosomes) दोनों (पादप और पशु) में पाए जाते हैं।
Quick Facts:
- हरितलवक में क्लोरोफिल (हरा वर्णक) होता है।
- पादप कोशिका में कोशिका भित्ति (cell wall) और बड़ी रिक्तिका (vacuole) भी होती है, जो पशु कोशिका में नहीं होती।
यदि एक पत्थर ऊपर की ओर फेंका जाता है, तो गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण ‘g’ का मान ______ लिया जाएगा।
- अनंत
- ऋणात्मक
- शून्य
- धनात्मक
Explanation:
- जब पत्थर ऊपर फेंका जाता है, तो गति की दिशा (ऊपर) और g की दिशा (नीचे) विपरीत होती हैं, इसलिए g को ऋणात्मक लिया जाता है (चिह्न परिपाटी के अनुसार)।
- यदि गति नीचे की ओर है, तो g धनात्मक होगा।
Quick Facts:
- अधिकतम ऊँचाई पर वेग = 0, g = -9.8 m/s² (ऊपर जाते समय)
- मुक्त पतन (free fall) में g = +9.8 m/s² (नीचे की ओर)
निम्नलिखित में से कौन-सा किए गए कार्य का SI मात्रक है?
- एर्ग
- मीटर
- न्यूटन
- जूल
Explanation:
- कार्य (Work) का SI मात्रक जूल (J) है।
- एर्ग (erg) CGS मात्रक है (1 J = 10⁷ erg)।
- मीटर (m) = दूरी, न्यूटन (N) = बल का मात्रक।
Quick Facts:
- 1 J = 1 N × 1 m = 1 kg·m²/s²
- जूल ऊर्जा का भी मात्रक है।
एक प्रतिरोधक की प्रतिरोधकता ρ है। इस प्रतिरोधक को अब तीन बराबर भागों में काटा जाता है। प्रत्येक भाग की प्रतिरोधकता होगी:
- ρ/3
- 3ρ
- ρ/9
- ρ
Explanation:
- प्रतिरोधकता (resistivity) किसी पदार्थ का अंतर्निहित (intrinsic) गुण है, जो उसके आकार (लंबाई, क्षेत्रफल) पर निर्भर नहीं करती।
- तार को काटने पर पदार्थ वही रहता है, अतः प्रतिरोधकता ρ ही रहेगी।
- प्रतिरोध (R) बदल जाएगा (R/3), पर ρ नहीं।
Quick Facts:
- प्रतिरोधकता तापमान पर निर्भर करती है, आकार पर नहीं।
- इसका SI मात्रक Ω·m है।
मोच, मरोड़ और धाव का प्राथमिक उपचार R.I.C.E. के संक्षिप्त रूप में सम्मिलित है, जिसका पूर्ण रूप है रेस्ट, आइसिंग, कम्प्रेशन और ______।
- एलिवेशन
- एक्सप्लेन
- एक्सपर्ट
- एक्सरसाइज
Explanation:
- R.I.C.E. का पूर्ण रूप: Rest, Ice, Compression, Elevation (आराम, बर्फ, संपीड़न, ऊँचाई)
- यह मोच (sprain), खिंचाव (strain) और चोटों के प्राथमिक उपचार में उपयोग किया जाता है।
Quick Facts:
- Elevation (ऊँचाई) = प्रभावित अंग को हृदय के स्तर से ऊपर रखना, सूजन कम करने के लिए।
- Ice = बर्फ से 15-20 मिनट ठंडक (cold therapy)।
कार्य की SI इकाई है
- जूल
- पास्कल
- हेनरी
- न्यूटन
Explanation:
- कार्य (Work) की SI इकाई = जूल (J)
- पास्कल (Pa) = दाब, हेनरी (H) = प्रेरकत्व, न्यूटन (N) = बल
Quick Facts:
- 1 J = 1 N·m
- जूल का नाम भौतिक विज्ञानी जेम्स प्रेस्कॉट जूल (James Prescott Joule) के नाम पर है।
निम्नलिखित में से कौन सा रूपांतरण सही है?
- 1 L = 1 dm³ और 1 mL = 1 cm³
- 1000 L = 1 dm³ और 1 mL = 1000 cm³
- 1000 L = 1 dm³ और 1000 mL = 1 cm³
- 1 L = 1000 dm³ और 1 mL = 1000 cm³
Explanation:
- 1 L = 1 dm³ (क्योंकि 1 dm = 10 cm, 1 dm³ = 1000 cm³ = 1 L)
- 1 mL = 1 cm³ (क्योंकि 1 mL = 1/1000 L = 1/1000 dm³ = 1 cm³)
- अतः विकल्प A सही है।
Quick Facts:
- 1 L = 1000 mL
- 1 m³ = 1000 L = 10⁶ cm³
वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय इकाई प्रणाली (SI) में कितनी परस्पर स्वतंत्र आधार राशियाँ हैं?
- 7
- 10
- 6
- 13
Explanation:
- SI में 7 मूल (आधार) राशियाँ हैं: लंबाई (m), द्रव्यमान (kg), समय (s), विद्युत धारा (A), ताप (K), पदार्थ की मात्रा (mol), दीप्त तीव्रता (cd)
- ये परस्पर स्वतंत्र (independent) हैं।
Quick Facts:
- इन 7 मूल राशियों से सभी व्युत्पन्न (derived) राशियाँ बनती हैं।
- 2019 में SI की नई परिभाषाएँ लागू हुईं।
एक कण 1.5 m त्रिज्या वाले वृत्त में 3 rad/s के कोणीय वेग से गति कर रहा है। इसके रैखिक वेग और कोणीय वेग का अनुपात क्या होगा?
- 2 : 1
- 1 : 2
- 3 : 2
- 2 : 3
Explanation:
- रैखिक वेग v = rω (r = त्रिज्या, ω = कोणीय वेग)
- v = 1.5 × 3 = 4.5 m/s
- v : ω = 4.5 : 3 = (4.5/1.5) : (3/1.5) = 3 : 2
- या v/ω = r = 1.5 = 3/2, अतः अनुपात 3 : 2
Quick Facts:
- v = rω (संबंध रैखिक और कोणीय वेग में)
- ω की SI इकाई rad/s है।
निम्नलिखित स्तंभों को सुमेलित कीजिए।
- A-2; B-4; C-1; D-3
- A-3; B-2; C-1; D-4
- A-1; B-2; C-3; D-4
- A-4; B-3; C-2; D-1
Explanation:
- प्रश्न में स्तंभों (columns) का मिलान है, परंतु सूची दी नहीं गई है।
- सामान्यतः भौतिक राशियों और उनके SI मात्रकों का मिलान होता है।
- विकल्प A-3; B-2; C-1; D-4 सही हो सकता है, पर सूची के बिना पुष्टि नहीं हो सकती।
Quick Facts:
- सुमेलित प्रश्नों में सही विकल्प चुनने के लिए सूचियों को देखना आवश्यक है।
सापेक्षता के विशिष्ट सिद्धांत के अभिगृहीत किसके लिए लागू होते हैं?
- गुरुत्वाकर्षण बल
- जड़त्वीय निर्देश तंत्र
- अजड़त्वीय निर्देश तंत्र
- विद्युत चुम्बकीय बल
Explanation:
- आइंस्टीन का विशेष आपेक्षिकता (Special Relativity) का सिद्धांत जड़त्वीय निर्देश तंत्र (inertial frames) में लागू होता है, जहाँ न्यूटन का पहला नियम मान्य है।
- यह सिद्धांत अजड़त्वीय (non-inertial) फ्रेम (जहाँ त्वरण हो) के लिए नहीं है (सामान्य आपेक्षिकता में विस्तार किया गया)।
Quick Facts:
- विशेष आपेक्षिकता के अभिगृहीत: (1) भौतिकी के नियम सभी जड़त्वीय फ्रेम में समान हैं, (2) निर्वात में प्रकाश की चाल c सभी फ्रेम में समान है।
- इसका उपयोग उच्च वेग (c के समीप) की गतियों के लिए होता है।
जड़त्व (इनर्शिया) का नियम किसके द्वारा प्रतिपादित किया गया था? A. आइजैक न्यूटन B. अल्बर्ट आइंस्टीन C. जॉन डाल्टन D. स्टीफन हॉकिंग
- A
- B
- C
- D
Explanation:
- जड़त्व (inertia) का नियम न्यूटन के गति के पहले नियम में वर्णित है: “कोई वस्तु अपनी स्थिति (विराम या एकसमान गति) में तब तक बनी रहती है, जब तक कि उस पर कोई बाहरी बल न लगे।”
- यह आइजैक न्यूटन (Isaac Newton) द्वारा प्रतिपादित किया गया था।
Quick Facts:
- जड़त्व किसी वस्तु की गति में परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति है।
- जड़त्व का संबंध द्रव्यमान (mass) से है: अधिक द्रव्यमान = अधिक जड़त्व।
यदि स्थिर आयतन पर किसी गैस का तापमान बढ़ाया जाता है, तो दाब पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- यह घटता है।
- यह बढ़ता है।
- यह समान रहता है।
- यह शून्य हो जाता है।
Explanation:
- गैसों के लिए, स्थिर आयतन पर, दाब (P) तापमान (T) के अनुक्रमानुपाती होता है (गे-लुसाक का नियम / चार्ल्स का नियम के अनुसार): P ∝ T (V स्थिर)
- अतः ताप बढ़ने पर दाब बढ़ता है।
Quick Facts:
- गे-लुसाक का नियम: P₁/T₁ = P₂/T₂ (V स्थिर, T केल्विन में)
- यह आदर्श गैस समीकरण (PV = nRT) का अनुसरण करता है।
सामान्य मानव हृदय की धड़कन औसतन ______ प्रति मिनट होती है।
- 50-100
- 90-100
- 100-120
- 60-100
Explanation:
- सामान्य वयस्क (विश्राम अवस्था में) की हृदय धड़कन 60-100 बीट प्रति मिनट (bpm) होती है।
- एथलीटों में यह 40-60 bpm तक कम हो सकती है।
- नवजात शिशुओं में 100-160 bpm होती है।
Quick Facts:
- हृदय धड़कन parasympathetic (कम) और sympathetic (बढ़ाता) तंत्रिका तंत्र द्वारा नियंत्रित होती है।
- तनाव, व्यायाम, बुखार आदि से धड़कन बढ़ सकती है।
किसी पदार्थ की मात्रा को मापने के लिए निम्नलिखित में से किस मात्रक का उपयोग किया जाता है?
- टेस्ला
- लक्स
- मोल
- हेनरी
Explanation:
- पदार्थ की मात्रा (amount of substance) की SI इकाई मोल (mol) है।
- टेस्ला (T) = चुंबकीय क्षेत्र, लक्स (lx) = दीप्त फ्लक्स प्रति इकाई क्षेत्र, हेनरी (H) = प्रेरकत्व (inductance) की इकाई।
Quick Facts:
- 1 मोल में 6.022 × 10²³ कण (अवोगाद्रो संख्या) होते हैं।
- मोल 7 SI आधार इकाइयों में से एक है।
जीवों में मुकुलन के क्रम के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सबसे उपयुक्त है? 1. मुकुल निर्माण 2. कोशिकाद्रव्य विभाजन 3. केन्द्रक विभाजन 4. मुकुल का पृथक्करण
- 3 – 1 – 2 – 4
- 1 – 2 – 3 – 4
- 1 – 3 – 2 – 4
- 3 – 2 – 1 – 4
Explanation:
- मुकुलन (budding) में पहले मुकुल (bud) का निर्माण होता है (1), फिर केन्द्रक विभाजन (nuclear division) (3) होता है (माइटोसिस), उसके बाद कोशिकाद्रव्य विभाजन (cytokinesis) (2), और अंत में मुकुल का पृथक्करण (separation) (4) होता है।
- अतः सही क्रम: 1 → 3 → 2 → 4 (विकल्प C)
- परंतु दिए गए विकल्पों में 1 – 2 – 3 – 4 दिया है, जो क्रम को पूरी तरह नहीं दर्शाता (केन्द्रक विभाजन कोशिकाद्रव्य विभाजन से पहले होता है)।
- विकल्प C (1 – 3 – 2 – 4) सबसे सही है, यदि उपलब्ध हो, अन्यथा प्रश्न में दिए गए अनुसार 1-2-3-4 को सही मान सकते हैं।
Quick Facts:
- मुकुलन खमीर (yeast) और हाइड्रा (Hydra) में होता है।
- यह अलैंगिक प्रजनन (asexual reproduction) का एक प्रकार है।
5000 kg/m³ घनत्व वाले धातु के टुकड़े का आयतन (cm³ में) ज्ञात करें जिसका भार 10.8 N है। (g = 10 m/s² का प्रयोग करें)
- 216
- 216
- 54
- 108
Explanation:
- भार W = mg ⇒ m = W/g = 10.8 / 10 = 1.08 kg
- घनत्व ρ = m/V ⇒ V = m/ρ = 1.08 / 5000 = 0.000216 m³
- 1 m³ = 10⁶ cm³, अतः V = 0.000216 × 10⁶ = 216 cm³
Quick Facts:
- भार = द्रव्यमान × g (g = 10 m/s²)
- घनत्व = द्रव्यमान / आयतन
निम्नलिखित में से कौन-सी संख्या कैल्शियम के परमाणु द्रव्यमान को दर्शाती है?
- 32 u
- 40 u
- 20 u
- 12 u
Explanation:
- कैल्शियम (Ca) का परमाणु क्रमांक 20 है, और परमाणु द्रव्यमान ≈ 40 u (गोल मान)।
- 32 u = सल्फर (S), 20 u = नियॉन (Ne) या कैल्शियम का परमाणु क्रमांक, 12 u = कार्बन (C)
Quick Facts:
- Ca का परमाणु द्रव्यमान 40.078 u ≈ 40 u
- यह आवर्त सारणी में समूह 2 (क्षारीय मृदा धातु) में है।
निम्नलिखित में से कौन-सा अल्ट्रासाउंड का अनुप्रयोग नहीं है?
- मेडिकल इमेजिंग
- वस्तुओं की सफाई
- धातु ब्लॉकों में दरारों का पता लगाना
- नियमित श्रवण परीक्षण
Explanation:
- नियमित श्रवण परीक्षण (regular hearing test) अल्ट्रासाउंड (20 kHz से अधिक आवृत्ति) का अनुप्रयोग नहीं है, इसमें श्रव्य (audible) ध्वनि (20 Hz – 20 kHz) का उपयोग होता है।
- अल्ट्रासाउंड का उपयोग: चिकित्सा इमेजिंग (सोनोग्राफी), सफाई (ज्वेलरी, सर्जिकल उपकरण), अनुप्रयोगों में दरार पता लगाना (NDT), भ्रूण की जाँच आदि।
Quick Facts:
- अल्ट्रासाउंड की आवृत्ति > 20,000 Hz (20 kHz) होती है।
- मनुष्य 20 Hz से 20 kHz तक की ध्वनि सुन सकता है।
ऊष्मागतिक तापमान को मापने के लिए निम्नलिखित में से कौन-से SI मात्रक का उपयोग किया जाता है?
- रैंकिन
- फारेनहाइट
- केल्विन
- सेल्सियस
Explanation:
- ऊष्मागतिक तापमान (thermodynamic temperature) की SI इकाई केल्विन (K) है।
- सेल्सियस (°C) और फारेनहाइट (°F) व्युत्पन्न (derived) इकाइयाँ हैं, SI में नहीं।
- रैंकिन (Rankine) अमेरिका में प्रयुक्त इकाई है।
Quick Facts:
- 0 K = -273.15°C (परम शून्य, absolute zero)
- °C = K – 273.15
एक कण विरामावस्था से गति करना शुरू करता है और एकसमान त्वरण से गति करता है। निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, कण के लिए सही वेग-समय ग्राफ दर्शाता है?
- एक परवलय
- एक क्षैतिज रेखा
- ऋणात्मक ढलान के साथ मूल बिंदु से होकर गुजरने वाली एक सरल रेखा
- धनात्मक ढलान के साथ मूल बिंदु से होकर गुजरने वाली एक सरल रेखा
Explanation:
- एकसमान त्वरण (a = स्थिर) के लिए v = u + at, यहाँ u = 0, अतः v = at (एक रैखिक समीकरण)
- ग्राफ मूल बिंदु (origin) से होकर गुजरने वाली सरल रेखा होगी, जिसका ढाल (slope) = a (त्वरण) धनात्मक है।
Quick Facts:
- क्षैतिज रेखा → a = 0 (एकसमान वेग)
- परवलय → असमान त्वरण
स्पष्ट और सुविधापूर्ण दृश्यता के लिए किसी वस्तु को नेत्र से न्यूनतम कितनी दूरी पर रखना चाहिए?
- 25 cm
- 15 cm
- 25 m
- 2.5 m
Explanation:
- स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी (least distance of distinct vision) = 25 cm (सामान्य नेत्र के लिए)।
- यह वह निकटतम दूरी है जिस पर वस्तु को बिना तनाव के स्पष्ट देखा जा सकता है।
Quick Facts:
- इसे D (near point) भी कहते हैं।
- दूरदर्शिता (hypermetropia) में यह दूरी बढ़ जाती है।
एक प्रणाली को आपूर्ति की गई ऊष्मा को ______ में मापा जाता है।
- किलोवाट
- डिग्री केल्विन
- एम्पियर
- जूल
Explanation:
- ऊष्मा (heat) ऊर्जा का एक रूप है, इसका SI मात्रक जूल (J) है।
- किलोवाट (kW) = शक्ति की इकाई, केल्विन (K) = तापमान, एम्पियर (A) = धारा
Quick Facts:
- ऊष्मा को कैलोरी (cal) में भी मापा जाता है (1 cal = 4.184 J)
- 1 J = 1 N·m = 1 kg·m²/s²
किसी परिनालिका के अन्दर चुम्बकीय क्षेत्र के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- यह यादृच्छिक पैटर्न बनाता है।
- यह शून्य होता है।
- यह एकसमान समान्तर सीधी रेखाओं के रूप में होता है।
- यह असमान होता है।
Explanation:
- एक लंबी परिनालिका (solenoid) के अंदर चुंबकीय क्षेत्र एकसमान (uniform) होता है, और क्षेत्र रेखाएँ समानांतर सीधी रेखाएँ होती हैं।
- बाहर क्षेत्र कमजोर और असमान होता है।
Quick Facts:
- B = μ₀ n I (n = प्रति मीटर फेरों की संख्या)
- सोलेनॉइड के अंदर क्षेत्र की दिशा अक्ष के अनुदिश होती है (दक्षिण-हस्त नियम से)।
यदि किसी वस्तु पर बल दोगुना हो जाता है जबकि उसका द्रव्यमान समान रहता है, तो त्वरण ______।
- शून्य हो जाता है
- आधा
- भी दोगुना हो जाता है
- समान रहता है
Explanation:
- न्यूटन का दूसरा नियम: F = ma ⇒ a = F/m
- यदि F → 2F, m = स्थिर, तो a’ = (2F)/m = 2(F/m) = 2a
- अतः त्वरण दोगुना हो जाता है।
Quick Facts:
- F ∝ a (द्रव्यमान स्थिर होने पर)
- यह न्यूटन के गति के दूसरे नियम का मूल है।
बल की SI इकाई क्या है?
- किलो
- पास्कल
- न्यूटन
- डाइन
Explanation:
- बल (Force) की SI इकाई न्यूटन (N) है।
- किलो (kg) = द्रव्यमान, पास्कल (Pa) = दाब, डाइन (dyne) = बल की CGS इकाई (1 N = 10⁵ dyne)
Quick Facts:
- 1 N = 1 kg·m/s²
- न्यूटन का नाम आइजैक न्यूटन के सम्मान में रखा गया है।
फुलरीन में ______ कार्बन परमाणु होते हैं।
- 32
- 48
- 60
- 4
Explanation:
- फुलरीन (Fullerene) का सबसे सामान्य रूप C₆₀ (बकीबॉल) है, जिसमें 60 कार्बन परमाणु होते हैं (12 पंचकोण और 20 षट्कोण)।
- अन्य फुलरीन: C₇₀, C₇₆, C₈₄ आदि भी ज्ञात हैं।
- कार्बन के अपरूप (allotropes): हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन।
Quick Facts:
- फुलरीन की खोज 1985 में हुई (नोबेल पुरस्कार 1996)।
- इसका आकार गेंद (football) जैसा होता है।
यदि एक कुली अपने सिर पर भार रखकर एक समान चाल से क्षैतिज सड़क पर चलता है, तो भार पर गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य ______ है।
- निर्धारित नहीं किया जा सकता
- शून्य होता
- अधिकतम होता
- न्यूनतम होता
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण बल (mg) नीचे की ओर कार्य करता है, जबकि विस्थापन क्षैतिज (horizontal) है।
- बल और विस्थापन के बीच कोण θ = 90°, cos 90° = 0
- कार्य W = F × s × cos θ = mg × s × 0 = 0
Quick Facts:
- यदि बल विस्थापन के लंबवत (perpendicular) हो, तो कार्य शून्य होता है।
- कुली द्वारा किया गया कार्य भी शून्य नहीं होता, क्योंकि वह भार को थामे रखने में मांसपेशियों का उपयोग करता है (आंतरिक ऊर्जा खर्च होती है)।
तापमान को केल्विन पैमाने से सेल्सियस के पैमाने पर बदलने के लिए, आपको दिए गए तापमान में ______ करना होगा।
- 273 का योग
- 273 का घटाव
- 273 से विभाजन
- 273 का गुणा
Explanation:
- °C = K – 273.15 (लगभग 273)
- अतः K को °C में बदलने के लिए 273 घटाएँ (या 273.15)।
- °C से K में बदलने के लिए 273 जोड़ें।
Quick Facts:
- 0 K = -273.15°C
- 0°C = 273.15 K
गोलीय लेंसों की चिह्न परिपाटी के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य नहीं हैं? (i) मुख्य अक्ष के समानांतर सभी दूरियां लेंस के फोकस से मापी जाती हैं। (ii) मूल-बिंदु के दाईं ओर मापी गई सभी दूरियां धनात्मक मानी जाती हैं। (iii) मुख्य अक्ष के लंबवत और ऊपर मापी गई दूरियां ऋणात्मक मानी जाती हैं। (iv) वस्तु हमेशा लेंस के बाईं ओर रखी जाती है।
- (i) और (ii) दोनों
- (ii) और (iii) दोनों
- (ii) और (iv) दोनों
- (i) और (iv) दोनों
Explanation:
- (i) मुख्य अक्ष के समानांतर दूरियाँ लेंस के केंद्र (optical centre) से मापी जाती हैं, फोकस से नहीं। असत्य।
- (ii) मूल-बिंदु के दाईं ओर दूरियाँ धनात्मक होती हैं (चिह्न परिपाटी के अनुसार)। सत्य (यह सत्य है, लेकिन प्रश्न में ‘सत्य नहीं’ पूछा गया है, इसलिए यह सत्य कथन है।)
- (iii) मुख्य अक्ष के लंबवत और ऊपर की दूरियाँ धनात्मक होती हैं, ऋणात्मक नहीं। असत्य।
- (iv) वस्तु हमेशा लेंस के बाईं ओर रखी जाती है (परंपरा)। सत्य (यह सत्य है, पर प्रश्न में ‘सत्य नहीं’ पूछा गया है, इसलिए यह सत्य कथन है।)
- अतः (i) और (iii) असत्य हैं, पर विकल्पों में (i) और (iii) नहीं है। (ii) और (iv) सत्य हैं, इसलिए ‘सत्य नहीं’ के लिए (i) और (iii) होना चाहिए, पर दिए गए विकल्पों में (i) और (ii) या (ii) और (iii) या (ii) और (iv) या (i) और (iv) हैं।
- यदि (ii) और (iv) सत्य हैं, तो वे ‘सत्य नहीं’ नहीं हो सकते। प्रश्न में ‘सत्य नहीं’ पूछा है, इसलिए (i) और (iii) सही होना चाहिए, पर विकल्प नहीं है। अतः इस प्रश्न में त्रुटि है।
Quick Facts:
- लेंसों के लिए चिह्न परिपाटी (Cartesian sign convention): दूरियाँ optical centre से मापी जाती हैं, v और u के लिए अलग नियम हैं।
- बाईं ओर की दूरियाँ ऋणात्मक, दाईं ओर धनात्मक होती हैं।
चांदी का घनत्व 10.8 × 10³ kg/m³ है और पानी का घनत्व 10³ kg/m³ है। Ag का सापेक्ष घनत्व क्या है?
- 0.108
- 1.08
- 108
- 10.8
Explanation:
- सापेक्ष घनत्व = (Ag का घनत्व) / (जल का घनत्व)
- = (10.8 × 10³) / (10³) = 10.8
Quick Facts:
- सापेक्ष घनत्व विमाहीन (dimensionless) होता है।
- Ag (चाँदी) का सापेक्ष घनत्व 10.8 है, अर्थात यह जल से 10.8 गुना भारी है।
बोर-बरी (Bohr-Bury) के अनुसार, M-कोश में अधिकतम कितने इलेक्ट्रॉन समायोजित हो सकते हैं?
- 2
- 18
- 8
- 20
Explanation:
- बोर-बरी नियम के अनुसार, किसी कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉन = 2n² (n = कोश संख्या)
- M-कोश के लिए n = 3 ⇒ 2 × 3² = 18
- K (n=1) = 2, L (n=2) = 8, N (n=4) = 32
Quick Facts:
- बाहरी कोश में अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं (अष्टक नियम)।
- M-कोश 18 इलेक्ट्रॉन धारण कर सकता है, परंतु बाहरी कोश होने पर 8 ही स्थिर होते हैं।
एक अवतल दर्पण अपने सामने 15 cm दूरी पर रखे बिंब का 2 गुना आवर्धित वास्तविक प्रतिबिंब बनाता है। प्रतिबिंब दर्पण के सामने से कितनी दूरी पर स्थित है?
- 25 cm
- 30 cm
- 15 cm
- 20 cm
Explanation:
- u = -15 cm, आवर्धन m = -2 (वास्तविक, उल्टा)
- m = -v/u ⇒ -2 = -v/(-15) ⇒ -2 = v/15 ⇒ v = -30 cm
- प्रतिबिंब दर्पण के सामने 30 cm दूरी पर है (v = -30 cm)।
Quick Facts:
- अवतल दर्पण के लिए वास्तविक प्रतिबिंब हमेशा उल्टा (inverted) और m ऋणात्मक होता है।
- |m| > 1 ⇒ आवर्धित (enlarged) प्रतिबिंब।
एक ध्वनि तरंग की आवृत्ति 4 kHz और तरंगदैर्घ्य 25 cm है। 2.5 km की दूरी तय करने में इसे कितना समय लगेगा?
- 2.6 s
- 2.2 s
- 2.0 s
- 2.5 s
Explanation:
- तरंग की चाल v = f × λ = 4000 × 0.25 = 1000 m/s (25 cm = 0.25 m)
- दूरी = 2.5 km = 2500 m
- समय = दूरी / चाल = 2500 / 1000 = 2.5 s
Quick Facts:
- v = f × λ (तरंग समीकरण)
- 4 kHz = 4000 Hz
जन्म के समय मनुष्य के शरीर में कितनी हड्डियाँ होती हैं? A. 206 B. 234 C. 300 D. 354
- D
- C
- B
- A
Explanation:
- नवजात शिशु (newborn) में लगभग 300 हड्डियाँ होती हैं (270-300 के बीच)।
- वयस्क (adult) में 206 होती हैं, क्योंकि कुछ हड्डियाँ बढ़ने के साथ जुड़ जाती हैं (जैसे कपाल (skull) की हड्डियाँ, त्रिकास्थि (sacrum) आदि)।
Quick Facts:
- बच्चों में हड्डियों की संख्या अधिक होती है क्योंकि वे बाद में जुड़ती हैं।
- वयस्क में 206 हड्डियाँ, 32 दाँत (वयस्क) होते हैं।
निम्नलिखित पदार्थों और उनके आयनों का मिलान करें।
- A-4; B-3; C-2; D-1
- A-3; B-4; C-1; D-2
- A-2; B-1; C-4; D-3
- A-1; B-2; C-3; D-4
Explanation:
- प्रश्न में पदार्थों और उनके आयनों (ions) का मिलान है, पर सूची नहीं दी गई।
- सामान्य आयन: NaCl → Na⁺ + Cl⁻, CaCl₂ → Ca²⁺ + 2Cl⁻, आदि।
- विकल्प A-1; B-2; C-3; D-4 सही हो सकता है, पर सूची के बिना पुष्टि नहीं हो सकती।
Quick Facts:
- धनायन (cation) = धनात्मक आयन, ऋणायन (anion) = ऋणात्मक आयन
- आयनिक यौगिकों में इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा आर्किमिडीज के सिद्धांत का अनुप्रयोग नहीं है?
- चालमापी
- उत्प्लावन घनत्वमापी
- दुग्धमापी
- पनडुब्बियों का अभिकल्पन
Explanation:
- आर्किमिडीज का सिद्धांत: किसी द्रव में डूबी वस्तु पर उत्प्लावन बल (buoyant force) = विस्थापित द्रव का भार।
- चालमापी (galvanometer) विद्युत धारा मापने का उपकरण है, यह आर्किमिडीज के सिद्धांत पर नहीं, बल्कि चुंबकीय प्रभाव पर कार्य करता है।
- उत्प्लावन घनत्वमापी (hydrometer), दुग्धमापी (lactometer), पनडुब्बियाँ (submarines) सभी आर्किमिडीज के सिद्धांत पर आधारित हैं।
Quick Facts:
- हाइड्रोमीटर द्रवों का घनत्व मापता है।
- लैक्टोमीटर दूध की शुद्धता मापता है (आर्किमिडीज सिद्धांत पर)।
इनमें से किस विधि का उपयोग एक इकाई से दूसरी इकाई में परिवर्तित करने के लिए किया जाता है?
- लौकिक मार्किंग
- परिशुद्धता
- विमीय विश्लेषण
- शुद्धता
Explanation:
- विमीय विश्लेषण (Dimensional analysis) का उपयोग इकाइयों को एक प्रणाली से दूसरी में बदलने (conversion) के लिए किया जाता है (जैसे m से cm, kg से g, आदि)।
- यह विमाओं के संतुलन (dimensional homogeneity) पर आधारित है।
- परिशुद्धता (precision) और शुद्धता (accuracy) मापन की गुणवत्ता से संबंधित हैं।
Quick Facts:
- विमीय विश्लेषण में गुणनखंड (conversion factors) का उपयोग होता है।
- यह भौतिक राशियों के संबंधों को व्युत्पन्न करने में भी सहायक है।
R Ω और 20 Ω के दो प्रतिरोधक 15 Ω के प्रभावी प्रतिरोध को प्राप्त करने के लिए समांतर क्रम में संयोजित हैं। R ज्ञात कीजिये।
- 40
- 60
- 50
- 30
Explanation:
- समान्तर (parallel) में: 1/R_eq = 1/R₁ + 1/R₂
- 1/15 = 1/R + 1/20
- 1/R = 1/15 – 1/20 = (4 – 3)/60 = 1/60
- R = 60 Ω
Quick Facts:
- समान्तर में प्रभावी प्रतिरोध, प्रत्येक व्यक्तिगत प्रतिरोध से कम होता है।
- यहाँ R_eq = 15 Ω, R₂ = 20 Ω, अतः R₁ = 60 Ω
एकसमान धात्विक चालक का प्रतिरोध ______ होता है।
- उसकी लंबाई के व्युत्क्रमानुपाती
- उसके क्षेत्रफल के समानुपाती
- उसके क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती
- उसके विद्युत प्रतिरोधकता के व्युत्क्रमानुपाती
Explanation:
- प्रतिरोध (R) = ρ L / A, जहाँ ρ = प्रतिरोधकता, L = लंबाई, A = अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल।
- R ∝ L (लंबाई के समानुपाती) और R ∝ 1/A (क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती)।
- अतः सही विकल्प: क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती।
Quick Facts:
- प्रतिरोध का SI मात्रक ओम (Ω) है।
- प्रतिरोधकता (ρ) का SI मात्रक Ω·m है।
- लंबाई बढ़ने पर प्रतिरोध बढ़ता है, क्षेत्रफल बढ़ने पर घटता है।
‘सीटी स्कैन’ (CT Scan) में ‘CT’ का अर्थ है ____। A. कैथोड रे ट्यूब (Cathode-ray Tube) B. कम्प्यूटरीकृत परीक्षण (Computerized Testing) C. कम्प्यूटेड टोमोग्राफी (Computed Tomography) D. कम्पार्टमेंट ट्रैकिंग (Compartment Tracking)
- B
- D
- C
- A
Explanation:
- CT का पूर्ण रूप Computed Tomography (कम्प्यूटेड टोमोग्राफी) है।
- यह एक चिकित्सीय इमेजिंग तकनीक है जो X-किरणों का उपयोग करके शरीर के क्रॉस-सेक्शनल चित्र बनाती है।
- CAT (Computed Axial Tomography) भी कहा जाता है।
Quick Facts:
- CT स्कैन में X-किरणों का उपयोग होता है, जो आयनकारी विकिरण है।
- MRI (Magnetic Resonance Imaging) चुम्बकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों का उपयोग करता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा एक जलजनित रोग है जो जठर आंत्रीय संक्रमण का कारण बनता है? A. हैजा B. रेबीज C. न्यूमोनिया D. कुछ रोग
- D
- B
- C
- A
Explanation:
- हैजा (Cholera) एक जलजनित रोग है, जो Vibrio cholerae नामक जीवाणु के कारण होता है।
- यह दूषित जल या भोजन के सेवन से फैलता है और गंभीर दस्त एवं निर्जलीकरण का कारण बनता है।
- रेबीज (जलजनित नहीं, जानवरों के काटने से), न्यूमोनिया (श्वसन संक्रमण) हैं।
Quick Facts:
- अन्य जलजनित रोग: टाइफाइड, पीलिया (हेपेटाइटिस A), अमीबियासिस, गियार्डियासिस।
- जलजनित रोगों की रोकथाम: स्वच्छ जल, उबालना, क्लोरीनीकरण।
श्वसन से संबंधित निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? (i) किण्वन के दौरान यीस्ट में पाइरूवेट का इथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड में रूपांतरण होता है। (ii) ऑक्सीजन का उपयोग करके पाइरूवेट का टूटना हरितलवक में होता है। (iii) पेशी कोशिकाओं में, पाइरूवेट का लैक्टिक अम्ल में रूपांतरण होता है।
- केवल (i)
- (i), (ii) और (iii)
- केवल (i) और (ii)
- केवल (i) और (iii)
Explanation:
- कथन (i): यीस्ट में अवायवीय श्वसन (किण्वन) के दौरान पाइरूवेट का इथेनॉल और CO₂ में रूपांतरण होता है। सत्य।
- कथन (ii): ऑक्सीजन का उपयोग करके पाइरूवेट का टूटना (वायवीय श्वसन) माइटोकॉन्ड्रिया में होता है, हरितलवक में नहीं। असत्य।
- कथन (iii): पेशी कोशिकाओं में अवायवीय स्थितियों में पाइरूवेट का लैक्टिक अम्ल में रूपांतरण होता है (लैक्टिक अम्ल किण्वन)। सत्य।
Quick Facts:
- ग्लाइकोलिसिस (कोशिका द्रव्य) में ग्लूकोज → 2 पाइरूवेट (2 ATP)
- वायवीय श्वसन: पाइरूवेट → CO₂ + H₂O (माइटोकॉन्ड्रिया, 36-38 ATP)
- अवायवीय श्वसन: यीस्ट में इथेनॉल किण्वन, पेशी में लैक्टिक अम्ल किण्वन।
मैग्नीशियम का परमाण्विक द्रव्यमान कितना होता है?
- 1
- 6
- 14
- 24
Explanation:
- मैग्नीशियम (Mg) का परमाणु द्रव्यमान ≈ 24 u (ग्राम/मोल)।
- इसका परमाणु क्रमांक 12 है, और सबसे सामान्य समस्थानिक Mg-24 (78.99%) है।
Quick Facts:
- Mg का इलेक्ट्रॉन विन्यास: 2, 8, 2 (आवर्त 3, समूह 2)
- यह एक हल्की धातु है, जो जलने पर तेज सफेद रोशनी देती है।
पीयूष ग्रंथि द्वारा निम्नलिखित में से कौन-सा हार्मोन स्रावित नहीं किया जाता है? A. थाइरॉइड-प्रेरक हार्मोन (TSH) B. प्रोलैक्टिन C. वैसोप्रेसिन D. सोमाटोट्रोपिन
- A
- C
- D
- B
Explanation:
- पीयूष ग्रंथि (Pituitary gland) ‘मास्टर ग्रंथि’ है, जो कई हार्मोन स्रावित करती है: TSH, प्रोलैक्टिन, सोमाटोट्रोपिन (GH), ACTH, FSH, LH, आदि।
- वैसोप्रेसिन (ADH) हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित होता है और पीयूष पश्च पालि (posterior pituitary) से संग्रहित/मुक्त होता है, परंतु पीयूष ग्रंथि द्वारा स्रावित नहीं होता।
- अतः सही उत्तर C (वैसोप्रेसिन) है।
Quick Facts:
- पीयूष ग्रंथि के दो पालियाँ: पूर्व पालि (TSH, GH, प्रोलैक्टिन) और पश्च पालि (ऑक्सीटोसिन, ADH – हाइपोथैलेमस से आते हैं)।
- TSH थाइरॉइड को उत्तेजित करता है, GH वृद्धि के लिए, प्रोलैक्टिन दूध उत्पादन के लिए।
एक सीधा चालक +x-दिशा में धारा वहन कर रहा है। इस चालक को +y-दिशा में स्थित एक चुंबकीय क्षेत्र में रखा गया है। चालक की गति की दिशा क्या होगी?
- धनात्मक x दिशा
- ऋणात्मक x दिशा
- ऋणात्मक y दिशा
- धनात्मक z दिशा
Explanation:
- चालक पर बल (F) = I (L × B), फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम (Fleming’s left-hand rule) के अनुसार।
- धारा (I) +x दिशा में, चुंबकीय क्षेत्र (B) +y दिशा में।
- F = I (x̂ × ŷ) = I (ẑ) [क्योंकि x̂ × ŷ = ẑ]
- अतः बल (गति) धनात्मक z दिशा में होगी।
Quick Facts:
- यह एक विद्युत मोटर का सिद्धांत है (धारावाही चालक पर चुंबकीय क्षेत्र में बल)।
- फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम: अंगूठा (बल), तर्जनी (क्षेत्र), मध्यमा (धारा)।
एक बफर विलयन में [CH₃COOH] = 0.1 M और [CH₃COO⁻] = 0.1 M है। यदि CH₃COOH का pKa 4.76 है, तो इसका pH क्या है?
- 5.76
- 7.00
- 3.76
- 4.76
Explanation:
- बफर विलयन के लिए हेंडरसन-हैसलबैक समीकरण (Henderson-Hasselbalch equation): pH = pKa + log([लवण]/[अम्ल])
- pH = 4.76 + log(0.1/0.1) = 4.76 + log(1) = 4.76 + 0 = 4.76
- जब [अम्ल] = [लवण], तो pH = pKa
Quick Facts:
- बफर विलयन की pH परिवर्तन प्रतिरोधक क्षमता होती है।
- इस अम्ल-लवण सांद्रता पर, बफर की अधिकतम बफर क्षमता होती है।
किसी दिए गए माध्यम में 220 Hz आवृत्ति और 440 m/s चाल वाली ध्वनि तरंग की तरंगदैर्घ्य क्या होगी?
- 440 m
- 220 m
- 2 m
- 0.5 m
Explanation:
- तरंगदैर्घ्य (λ) = चाल (v) / आवृत्ति (f)
- λ = 440 m/s / 220 Hz = 2 m
Quick Facts:
- ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य तरंगें होती हैं।
- आवृत्ति और तरंगदैर्घ्य व्युत्क्रमानुपाती होते हैं (v = fλ)
धारावाही परिनालिका के अंदर नर्म लोहे की एक छड़ रखी जाती है। नर्म लोहे की बनी छड़ को परिनालिका के अंदर रखने पर धारावाही परिनालिका के अंदर चुंबकीय क्षेत्र क्या होगा?
- समान रहेगा
- बढ़ जाएगा
- शून्य हो जाएगा
- घट जाएगा
Explanation:
- नर्म लोहा (soft iron) एक लौहचुंबकीय (ferromagnetic) पदार्थ है, जिसकी चुंबकीय पारगम्यता (μ) बहुत अधिक होती है।
- परिनालिका के अंदर चुंबकीय क्षेत्र B = μ₀ μ_r n I, जहाँ μ_r नर्म लोहे की सापेक्ष पारगम्यता है (≈ 1000 से अधिक)।
- इसलिए नर्म लोहा डालने पर चुंबकीय क्षेत्र बहुत बढ़ जाता है।
Quick Facts:
- इसी सिद्धांत पर विद्युत चुंबक (electromagnet) काम करता है।
- नर्म लोहा चुंबकीय क्षेत्र हटाने पर अपना चुंबकत्व खो देता है (नर्म लोहे की विशेषता)।
किसी वस्तु पर विद्युत आवेश की उपस्थिति की पहचान करने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?
- इलेक्ट्रोस्कोप
- ओममीटर
- मल्टीमीटर
- एम्पियर मीटर
Explanation:
- इलेक्ट्रोस्कोप (electroscope) एक उपकरण है जो किसी वस्तु पर आवेश की उपस्थिति और उसके प्रकार (धनात्मक/ऋणात्मक) का पता लगाता है।
- यह आवेश के कारण पत्तियों के विस्थापन (विकर्षण) के सिद्धांत पर काम करता है।
- ओममीटर (प्रतिरोध), मल्टीमीटर (बहु-कार्यी), एम्पियर मीटर (धारा) मापते हैं।
Quick Facts:
- सरल इलेक्ट्रोस्कोप में दो सोने की पत्तियाँ होती हैं, जो आवेशित होने पर अलग हो जाती हैं।
- आवेश का परिमाण पत्तियों के कोण से अनुमानित किया जा सकता है।
लैक्टोमीटर, जो दूध के नमूने की शुद्धता निर्धारित करने के लिए उपयोग किया जाता है, किस सिद्धांत पर काम करता है?
- आर्किमिडीज के सिद्धांत
- अदिश शृंखला के सिद्धांत
- पेरिस्कोप के सिद्धांत
- विभवमापी का सिद्धांत
Explanation:
- लैक्टोमीटर आर्किमिडीज के सिद्धांत (Archimedes’ principle) पर कार्य करता है, जो कहता है कि किसी द्रव में डूबी वस्तु पर उत्प्लावन बल (buoyant force) उसके द्वारा विस्थापित द्रव के भार के बराबर होता है।
- दूध के घनत्व (या विशिष्ट गुरुत्व) के आधार पर, लैक्टोमीटर दूध की शुद्धता (जल मिलावट) का पता लगाता है।
Quick Facts:
- लैक्टोमीटर एक प्रकार का हाइड्रोमीटर है।
- शुद्ध दूध का घनत्व ≈ 1.03 g/cm³, जल मिलाने पर घनत्व कम हो जाता है, जिससे लैक्टोमीटर अधिक डूबता है।
मानव शरीर का औसत तापमान _____ है। A. 34°C B. 35°C C. 36°C D. 37°C
- A
- D
- C
- B
Explanation:
- मानव शरीर का सामान्य तापमान 37°C (98.6°F) होता है।
- यह मान मौखिक तापमान है, गुदा (rectal) में 0.5°C अधिक, कांख (axillary) में 0.5°C कम हो सकता है।
Quick Facts:
- शरीर का तापमान दिन के समय, गतिविधि, और भोजन के सेवन से प्रभावित होता है।
- हाइपोथैलेमस (मस्तिष्क का भाग) शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है।
सार्वभौमिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक (G) की SI इकाई क्या है?
- N/kg²
- N m²/kg²
- N m/kg
- kg/N
Explanation:
- न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम: F = G (m₁ m₂) / r²
- G = F r² / (m₁ m₂)
- G की इकाई = (N) × (m²) / (kg²) = N m² / kg²
Quick Facts:
- G का मान = 6.674 × 10⁻¹¹ N m²/kg²
- G एक सार्वत्रिक स्थिरांक है, जो पृथ्वी, चंद्रमा, सूर्य आदि सभी के लिए समान है।
अंकन φ 7 का अर्थ क्या है?
- दीवार की गहराई 7 इकाई
- त्रिज्या 7 इकाई
- व्यास 7 इकाई
- किनारे की लंबाई 7 इकाई
Explanation:
- इंजीनियरिंग ड्राइंग में, φ (phi) चिह्न का उपयोग व्यास (diameter) को दर्शाने के लिए किया जाता है।
- φ 7 का अर्थ है कि वृत्ताकार वस्तु का व्यास 7 इकाई है।
Quick Facts:
- R या r का उपयोग त्रिज्या (radius) के लिए किया जाता है।
- φ का उपयोग आमतौर पर मशीनिंग, निर्माण, और डिजाइन रेखाचित्रों में होता है।
12 Ω, 6 Ω और 4 Ω के तीन प्रतिरोधक समानांतर क्रम में जुड़े हुए हैं। तुल्य प्रतिरोध _____ है।
- 2 Ω
- 1 Ω
- 0.05 Ω
- 22 Ω
Explanation:
- समानांतर (parallel) संयोजन के लिए: 1/R_eq = 1/R₁ + 1/R₂ + 1/R₃
- 1/R_eq = 1/12 + 1/6 + 1/4 = (1 + 2 + 3)/12 = 6/12 = 1/2
- R_eq = 2 Ω
Quick Facts:
- समानांतर में तुल्य प्रतिरोध सबसे छोटे प्रतिरोध से भी कम होता है (यहाँ 4Ω से कम, 2Ω)।
- समानांतर संयोजन में विभवान्तर समान होता है, धारा भिन्न।
एक अनुप्रस्थ तरंग में _____ होते हैं जो एक चक्र बनाते हैं।
- एक शिखर और दो गर्त
- एक शिखर और एक गर्त
- दो शिखर और दो गर्त
- दो शिखर और एक गर्त
Explanation:
- अनुप्रस्थ तरंग (transverse wave) में, एक पूर्ण चक्र (cycle) में एक शिखर (crest) और एक गर्त (trough) होता है।
- शिखर = अधिकतम विस्थापन (ऊपर), गर्त = न्यूनतम विस्थापन (नीचे)।
- एक तरंगदैर्घ्य (λ) में एक शिखर और एक गर्त शामिल होते हैं।
Quick Facts:
- अनुप्रस्थ तरंग के उदाहरण: प्रकाश, जल तरंगें, तार पर तरंगें।
- अनुदैर्ध्य तरंग में संपीडन (compression) और विरलन (rarefaction) होते हैं।
जब दो या दो से अधिक प्रतिरोधों को समान दो बिंदुओं के बीच जोड़ा जाता है, तो उन्हें ______ जुड़ा हुआ कहा जाता है।
- परस्पर
- श्रेणीक्रम में
- समानांतर में
- लंबवत
Explanation:
- जब प्रतिरोधों को समान दो बिंदुओं (उभयनिष्ठ सिरों) के बीच जोड़ा जाता है, तो वे समानांतर (parallel) में जुड़े होते हैं।
- श्रेणीक्रम (series) में एक के बाद एक जोड़ा जाता है, जिससे धारा समान होती है।
Quick Facts:
- समानांतर में: 1/R_eq = 1/R₁ + 1/R₂ + …
- श्रेणीक्रम में: R_eq = R₁ + R₂ + …
किसी वस्तु के द्रव्यमान का मापन किसका मापन कहलाता है?
- त्वरण
- बल
- जड़त्व
- संवेग
Explanation:
- जड़त्व (inertia) किसी वस्तु का वह गुण है जो उसकी गति की अवस्था (स्थिर या एकसमान गति) में परिवर्तन का विरोध करता है।
- द्रव्यमान (mass) जड़त्व का मापन है (अधिक द्रव्यमान = अधिक जड़त्व)।
- न्यूटन का पहला नियम (जड़त्व का नियम) इसी पर आधारित है।
Quick Facts:
- जड़त्व दो प्रकार का होता है: स्थिर जड़त्व (विराम अवस्था) और गतिशील जड़त्व (गति अवस्था)।
- द्रव्यमान अदिश राशि है, जड़त्व की मात्रा प्रदान करता है।
सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक G का SI मात्रक क्या है?
- N m²/kg⁻¹
- N m²/kg²
- N m²/kgs⁻¹
- N m/kg²
Explanation:
- G = F r² / (m₁ m₂)
- इकाई = N × m² / (kg × kg) = N m² kg⁻² या N m²/kg²
- यह प्रश्न पहले पूछे गए G के SI मात्रक के समान है।
Quick Facts:
- G का मान 6.674 × 10⁻¹¹ N m²/kg² है।
- G को ‘सार्वत्रिक’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह ब्रह्मांड में सभी पिंडों के लिए समान है।
मान लीजिए कि Wₑ और Wₘ क्रमशः पृथ्वी और चंद्रमा पर एक वस्तु का भार है, तो Wₑ/Wₘ का मान ___ होगा।
- 6
- 1/6
- 1
- 2
Explanation:
- चंद्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण (gₘ) ≈ पृथ्वी के g का 1/6 (g/6)
- भार W = m × g
- Wₑ/Wₘ = (m × g) / (m × g/6) = 6
Quick Facts:
- चंद्रमा पर g = 1.62 m/s² (पृथ्वी पर 9.8 m/s²)
- इसलिए चंद्रमा पर वस्तु का भार पृथ्वी के भार का 1/6 होता है।
बल की SI इकाई क्या है?
- m/s²
- kg m/s²
- न्यूटन
- जूल
Explanation:
- बल (Force) की SI इकाई न्यूटन (N) है।
- 1 N = 1 kg·m/s²
- m/s² त्वरण की इकाई है, जूल (J) ऊर्जा/कार्य की इकाई है।
Quick Facts:
- न्यूटन का नाम सर आइजैक न्यूटन के नाम पर रखा गया है।
- 1 N का बल 1 kg द्रव्यमान पर 1 m/s² का त्वरण उत्पन्न करता है।
जंगरीदी इस्तपात क्या होता है? A. एक यौगिक B. एक मिश्रण C. एक तत्व D. एक मिश्रधातु
- D
- D
- C
- A
Explanation:
- जंगरीदी इस्तपात (Stainless steel) एक मिश्रधातु (alloy) है, जो मुख्यतः लोहा (Fe), क्रोमियम (Cr) (≥10.5%), और निकेल (Ni) से बनता है।
- यह एक मिश्रण (homogeneous mixture) है, यौगिक नहीं, क्योंकि इसमें तत्वों का निश्चित अनुपात नहीं होता।
- D विकल्प दो बार दिया है, उत्तर D (मिश्रधातु) है।
Quick Facts:
- स्टेनलेस स्टील में क्रोमियम ऑक्साइड की परत बनने के कारण यह जंग प्रतिरोधी होता है।
- इसका उपयोग बर्तन, सर्जिकल उपकरण, निर्माण में होता है।
उस तार का प्रतिरोध (kΩ में) ज्ञात कीजिए, जिसमें 500 V का विभवांतर लगाने पर 5 mA की धारा प्रवाहित होती है।
- 1,00,000
- 1,00
- 100
- 2.5
Explanation:
- ओम के नियम के अनुसार R = V / I
- V = 500 V, I = 5 mA = 5 × 10⁻³ A
- R = 500 / (5 × 10⁻³) = 100,000 Ω = 100 kΩ
Quick Facts:
- 1 kΩ = 10³ Ω, 1 mA = 10⁻³ A
- यह मान 100 kΩ के बराबर है, विकल्प में 100 (kΩ में) सही है।
भुजा a वाला एक घन प्रतिरोधकता ρ वाले पदार्थ से बना है। घन के दो विपरीत फलकों के बीच प्रतिरोध कितना होगा?
- ρ/a
- ρa
- ρ/a
- ρ/a²
Explanation:
- प्रतिरोध R = ρ L / A, जहाँ L = a (घन की भुजा), A = a² (फलक का क्षेत्रफल)
- R = ρ × a / a² = ρ / a
- अतः R = ρ/a
Quick Facts:
- प्रतिरोधकता ρ पदार्थ का अंतर्निहित गुण है, जो आकार पर निर्भर नहीं करता।
- घन के विपरीत फलकों के बीच प्रतिरोध = ρ/a
किसी अवतल दर्पण के ध्रुव और उसके सामने रखी वस्तु की स्थिति के बीच की दूरी 120 cm है। इस दर्पण द्वारा ध्रुव से 40 cm की दूरी पर स्थित स्क्रीन पर एक वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब बनता है। इस दर्पण की फोकस दूरी कितनी होगी?
- -60 cm
- -30 cm
- +30 cm
- +60 cm
Explanation:
- वस्तु दूरी u = -120 cm (अवतल दर्पण के लिए ऋणात्मक)
- प्रतिबिंब दूरी v = -40 cm (वास्तविक, उल्टा, इसलिए ऋणात्मक)
- दर्पण सूत्र: 1/f = 1/v + 1/u = 1/(-40) + 1/(-120) = -1/40 – 1/120 = (-3 – 1)/120 = -4/120 = -1/30
- f = -30 cm
Quick Facts:
- अवतल दर्पण की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है (चिह्न परिपाटी)।
- वास्तविक प्रतिबिंब के लिए v ऋणात्मक होता है (दर्पण के सामने)।
ज्योति तीव्रता के लिए मानक इकाई क्या है?
- टेस्ला
- कैंडेला
- स्टेरेडियन
- ल्यूमेन
Explanation:
- ज्योति तीव्रता (luminous intensity) की SI मूल इकाई कैंडेला (cd) है।
- टेस्ला (T) चुंबकीय क्षेत्र, स्टेरेडियन (sr) ठोस कोण, ल्यूमेन (lm) दीप्त फ्लक्स की इकाई है।
Quick Facts:
- कैंडेला SI की 7 मूल इकाइयों में से एक है।
- 1 कैंडेला ≈ एक मोमबत्ती द्वारा उत्सर्जित प्रकाश की तीव्रता।
एथिल अल्कोहल के संलयन की विशिष्ट गुप्त ऊष्मा 100 Jg⁻¹ है। 2.25 g एथिल अल्कोहल द्वारा अवशोषित ऊष्मा (J में) ज्ञात कीजिए जब यह -114°C के गलनांक पर पिघलता है।
- 225
- 45
- 100
- 311
Explanation:
- आवश्यक ऊष्मा Q = m × L, जहाँ m = द्रव्यमान, L = गुप्त ऊष्मा
- Q = 2.25 g × 100 J/g = 225 J
Quick Facts:
- गुप्त ऊष्मा (latent heat) तापमान परिवर्तन के बिना अवस्था परिवर्तन के लिए आवश्यक ऊष्मा है।
- एथिल अल्कोहल का गलनांक -114°C, क्वथनांक 78°C है।
निम्नलिखित विकल्पों में से सही युग्मों का चयन करें।
- (a) प्रतिरोध – वोल्ट/एम्पियर (b) प्रतिरोधकता – ओम
- (a) प्रतिरोध – ओम (b) प्रतिरोधकता – ओम मीटर
- (a) प्रतिरोध – एम्पियर मीटर (b) प्रतिरोधकता – वोल्ट/मीटर
- (a) प्रतिरोध – ओम (b) प्रतिरोधकता – वोल्ट/मीटर
Explanation:
- प्रतिरोध (Resistance) का SI मात्रक ओम (Ω) है।
- प्रतिरोधकता (Resistivity) का SI मात्रक ओम-मीटर (Ω·m) है।
- वोल्ट/एम्पियर = ओम (V/A = Ω) है, लेकिन यह प्रतिरोध की व्युत्पन्न इकाई है, मूल इकाई ओम है।
Quick Facts:
- प्रतिरोधकता ρ = R A / L, इसका मात्रक Ω·m है।
- प्रतिरोध R = V/I, इसका मात्रक Ω है।
13 प्रोटॉन और 14 न्यूट्रॉन वाले परमाणु की द्रव्यमान संख्या क्या है?
- 27 u
- 14 u
- 13 u
- 1 u
Explanation:
- द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन (Z) + न्यूट्रॉन (N)
- A = 13 + 14 = 27 u
Quick Facts:
- यह परमाणु एल्युमीनियम (Al) है (Z=13, A=27)
- द्रव्यमान संख्या परमाणु के नाभिक में न्यूक्लियॉनों की कुल संख्या है।
जल के एक अणु में कितने परमाणु होते हैं?
- 3
- 4
- 1
- 2
Explanation:
- जल (H₂O) के एक अणु में 2 हाइड्रोजन (H) और 1 ऑक्सीजन (O) परमाणु होते हैं।
- कुल परमाणु = 2 + 1 = 3
Quick Facts:
- जल अणु में सहसंयोजक बंध होता है (O-H बंध)।
- जल एक ध्रुवीय अणु है।
विद्युत आवेश का SI मात्रक क्या है?
- एम्पियर
- कूलॉम
- हर्ट्ज
- ओम
Explanation:
- विद्युत आवेश (electric charge) का SI मात्रक कूलॉम (C) है।
- 1 कूलॉम = 1 एम्पियर × 1 सेकंड (1 C = 1 A·s)
- एम्पियर (A) धारा की इकाई है, हर्ट्ज (Hz) आवृत्ति, ओम (Ω) प्रतिरोध।
Quick Facts:
- 1 C ≈ 6.242 × 10¹⁸ इलेक्ट्रॉनों का आवेश।
- आवेश सदिश राशि नहीं, अदिश है (हालांकि साइन होता है ±)।
एक निकाय विरामावस्था से शुरू होता है। जब इसका त्वरण स्थिर होता है तो इसका विस्थापन ______ के समानुपाती होता है।
- समय के वर्ग
- वेग
- कार्य
- समय
Explanation:
- स्थिर त्वरण (a) के लिए, विस्थापन s = ut + ½ at², यहाँ u = 0 (विरामावस्था)
- s = ½ at², अतः s ∝ t² (समय के वर्ग के समानुपाती)
- यह एकसमान त्वरित गति का दूसरा समीकरण है।
Quick Facts:
- गति के समीकरण: v = u + at, s = ut + ½ at², v² = u² + 2as
- v-t ग्राफ में, विस्थापन = ग्राफ के नीचे क्षेत्रफल।
(+4 D) और (-6 D) क्षमता के दो लेंस एक दूसरे के संपर्क में रखे जाते हैं। उनकी संयुक्त फोकस दूरी cm में कितनी होगी?
- +0.5 cm
- -50 cm
- -10 cm
- +0.1 cm
Explanation:
- लेंसों की संयुक्त क्षमता (P) = P₁ + P₂ = +4 D + (-6 D) = -2 D
- P = 1/f (f मीटर में) ⇒ f = 1/P = 1/(-2) = -0.5 m = -50 cm
- ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि संयोजन अपसारी (diverging) है।
Quick Facts:
- 1 D (डायोप्टर) = 1 m⁻¹
- संपर्क में रखे लेंसों की क्षमता जुड़ जाती है (P = P₁ + P₂ + …)
संस्पर्श लेंस (कॉन्टेक्ट लेंस) सामान्यतः किससे बनते हैं? A. टेफ्लॉन B. हाइड्रोजेल C. नायलॉन D. अभ्रक
- B
- A
- D
- C
Explanation:
- संस्पर्श लेंस (contact lenses) आमतौर पर हाइड्रोजेल (hydrogel) या सिलिकॉन हाइड्रोजेल से बनते हैं, जो नमी अवशोषित कर सकते हैं और ऑक्सीजन पारगम्य होते हैं।
- टेफ्लॉन (non-stick), नायलॉन (कपड़ा), अभ्रक (विद्युत इन्सुलेटर) का उपयोग नहीं होता।
Quick Facts:
- सॉफ्ट कॉन्टेक्ट लेंस हाइड्रोजेल से, RGP (Rigid Gas Permeable) लेंस सिलिकॉन या फ्लोरोपॉलिमर से बनते हैं।
- हाइड्रोजेल में पानी की मात्रा 38-75% हो सकती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा 1 वोल्ट के मान के बराबर है? (मान लीजिए J- जूल, C- कूलॉम, S- सेकंड)
- 1 C/s
- 1 J/C
- 1 Cs
- 1 Js
Explanation:
- विभवान्तर (Voltage) V = कार्य (W) / आवेश (Q) = J / C
- 1 वोल्ट = 1 जूल प्रति कूलॉम (1 V = 1 J/C)
- 1 C/s = 1 A (धारा), 1 J·s = क्रिया (action) की इकाई, 1 C·s = आवेश × समय।
Quick Facts:
- वोल्टेज को विद्युत विभव (electric potential) भी कहते हैं।
- 1 V = 1 kg·m²·s⁻³·A⁻¹ (मूल इकाइयों में)
सोने का सापेक्ष घनत्व 19.3 है। SI इकाई में इसका घनत्व है:
- 1.93 × 10² kg/m³
- 19.3 kg/m³
- 19.3 × 10³ kg/m³
- 19.3 × 10² kg/m³
Explanation:
- सापेक्ष घनत्व = पदार्थ का घनत्व / जल का घनत्व (1000 kg/m³)
- घनत्व = सापेक्ष घनत्व × 1000 = 19.3 × 1000 = 19300 kg/m³ = 19.3 × 10³ kg/m³
Quick Facts:
- सोने का घनत्व 19.3 g/cm³ भी कहा जाता है (1 g/cm³ = 1000 kg/m³)
- सोना सबसे घनी धातुओं में से एक है।
एका ध्वनी लहरीची वारंवारता 4 kHz आणि तरंगलांबी 15 cm आहे. तर 1.8 km अंतर कापण्यासाठी किती वेळ लागेल?
- 4 सेकंद
- 3 सेकंद
- 0.03 सेकंद
- 0.003 सेकंद
Explanation:
- ध्वनि की चाल v = f × λ = 4 × 10³ Hz × 0.15 m = 600 m/s
- समय t = दूरी / चाल = 1.8 × 10³ m / 600 m/s = 3 s
Quick Facts:
- मराठी प्रश्न है (एका = एक, वारंवारता = आवृत्ति, तरंगलांबी = तरंगदैर्घ्य, कापण्यासाठी = तय करने के लिए)
- v = fλ, यह ध्वनि तरंगों के लिए मूलभूत संबंध है।
विद्युत ऊर्जा की खपत की वाणिज्यिक इकाई क्या है?
- जूल (J)
- वोल्ट (V)
- वाट (W)
- किलोवाट घंटा (kWh)
Explanation:
- विद्युत ऊर्जा की वाणिज्यिक (व्यावहारिक) इकाई किलोवाट-घंटा (kWh) है।
- 1 kWh = 1 kW × 1 h = 1000 W × 3600 s = 3.6 × 10⁶ J
- इसे ‘यूनिट’ (unit) भी कहते हैं (बिजली बिल में)।
Quick Facts:
- जूल (J) ऊर्जा की SI इकाई है, लेकिन बड़ी मात्रा के लिए kWh अधिक व्यावहारिक है।
- 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J = 1 यूनिट
एक ऐसे ग्रह पर गुरुत्वीय त्वरण का मान क्या होगा जिसका द्रव्यमान और त्रिज्या, पृथ्वी के द्रव्यमान और त्रिज्या से दोगुनी है? (पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण g मानिए।)
- 2g
- g/4
- g/2
- g
Explanation:
- गुरुत्वीय त्वरण g = GM/R²
- यदि M’ = 2M, R’ = 2R, तो g’ = G(2M)/(2R)² = 2GM / 4R² = (1/2) GM/R² = g/2
Quick Facts:
- ग्रह का g द्रव्यमान के समानुपाती और त्रिज्या के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
- यदि M और R दोनों दोगुने हो जाएँ, तो g आधा हो जाता है।
540×10¹² Hz आवृत्ति के एकवर्णी विकिरण की प्रकाशिक दक्षता, Kcd, को वाट प्रति ल्यूमेन की इकाई में व्यक्त करने पर ___ होगी।
- 641
- 679
- 655
- 683
Explanation:
- मानक प्रकाशिक दक्षता (luminous efficacy) Kcd का अधिकतम मान 683 lm/W (ल्यूमेन प्रति वाट) होता है, जो 555 nm (हरा) प्रकाश के लिए होता है।
- 540×10¹² Hz ≈ 555 nm (क्योंकि c = fλ, λ ≈ 3×10⁸ / 5.4×10¹⁴ ≈ 5.55×10⁻⁷ m = 555 nm)
- इसलिए Kcd = 683 lm/W
Quick Facts:
- यह मान SI मूल इकाइयों के पुनर्परिभाषण के बाद भी 683 lm/W है।
- प्रकाशिक दक्षता मानव आँख की संवेदनशीलता को दर्शाती है।
55,60,000 किमी के लिए वैज्ञानिक संकेतन क्या है?
- 5.56 × 10⁶ किमी
- 5.56 × 10⁴ किमी
- 55.6 × 10⁴ किमी
- 556 × 10⁶ किमी
Explanation:
- 55,60,000 = 5.56 × 10⁶ (क्योंकि 5.56 × 10⁶ = 5,560,000)
- वैज्ञानिक संकेतन में एक दशमलव स्थान (1-9 के बीच) × 10 की घात।
Quick Facts:
- 55,60,000 = 5.56 × 10⁶ (यदि संख्या 55,60,000 है तो 5.56 × 10⁶ सही है)
- 55,60,000 को 5.56 × 10⁶ लिखा जा सकता है (दशमलव 6 स्थान बाएँ)।
गैल्वनीकरण जंग लगने से रोकने की एक प्रक्रिया है जिसमें स्टील या लोहे को ___ का लेपन किया जाता है। A. निकेल B. मैग्नीशियम C. तांबा D. जस्ता
- A
- B
- C
- D
Explanation:
- गैल्वनीकरण (Galvanization) में स्टील या लोहे पर जस्ता (Zinc) की पतली परत चढ़ाई जाती है।
- जस्ता लोहे की तुलना में अधिक क्रियाशील होता है, जो लोहे को जंग (ऑक्सीकरण) से बचाता है (सक्रिय सुरक्षा)।
- निकेल, तांबा, मैग्नीशियम का उपयोग अन्य कोटिंग्स में होता है।
Quick Facts:
- गैल्वनीकरण छत की टीन, पाइप, बाल्टियाँ आदि में किया जाता है।
- जस्ता ऑक्सीकरण होकर ZnCO₃ की सुरक्षात्मक परत बनाता है।
‘आयतन’ का SI मात्रक क्या है?
- लीटर
- घन सेंटीमीटर
- घन मीटर
- मिलीलीटर
Explanation:
- आयतन (Volume) का SI मात्रक घन मीटर (m³) है।
- लीटर (L) और घन सेंटीमीटर (cm³) व्युत्पन्न इकाइयाँ हैं, SI में नहीं (हालाँकि उपयोग की जाती हैं)।
- 1 L = 10⁻³ m³, 1 cm³ = 10⁻⁶ m³
Quick Facts:
- आयतन की अन्य इकाइयाँ: mL, L, cm³, dm³ आदि।
- 1 m³ = 1000 L
यदि किसी अवतल दर्पण के सामने 20 सेमी की दूरी पर एक वस्तु रखी जाती है और प्रतिबिंब उसी तरफ 40 सेमी की दूरी पर बनता है, तो दर्पण का आवर्धन कितना होगा?
- -0.4
- +0.4
- +2.0
- -2.0
Explanation:
- आवर्धन m = -v/u (चिह्न परिपाटी के अनुसार)
- u = -20 cm, v = -40 cm (वास्तविक, उल्टा, इसलिए v ऋणात्मक)
- m = -(-40)/(-20) = 40/(-20) = -2
Quick Facts:
- ऋणात्मक आवर्धन का अर्थ है उल्टा (inverted) प्रतिबिंब।
- |m| > 1 का अर्थ है आवर्धित (enlarged) प्रतिबिंब।
1 kg L⁻¹ = ___ g cm⁻³
- 1
- 10
- 100
- 1000
Explanation:
- 1 kg/L = 1000 g / 1000 cm³ = 1 g/cm³
- क्योंकि 1 kg = 1000 g, 1 L = 1000 cm³
- अतः 1 kg L⁻¹ = 1 g cm⁻³
Quick Facts:
- जल का घनत्व 1 g/cm³ = 1000 kg/m³ = 1 kg/L
- यह इकाई रूपांतरण घनत्व मापन में महत्वपूर्ण है।
क्लोरोफॉर्म विलयन में नाइट्रोजन के किस ऑक्साइड का प्रयोग किया जाता है? A. नाइट्रिक ऑक्साइड B. नाइट्रोजन डाइऑक्साइड C. नाइटस ऑक्साइड D. नाइट्रोजन पेंटोक्साइड
- A
- B
- C
- D
Explanation:
- क्लोरोफॉर्म (CHCl₃) का उपयोग नाइटस ऑक्साइड (N₂O) के साथ विलयन में किया जाता है, जिसे ‘लाफिंग गैस’ (हँसाने वाली गैस) भी कहते हैं।
- इसका उपयोग एनेस्थीसिया के रूप में होता है।
- NO (नाइट्रिक ऑक्साइड), NO₂ (नाइट्रोजन डाइऑक्साइड), N₂O₅ (नाइट्रोजन पेंटोक्साइड) अन्य ऑक्साइड हैं।
Quick Facts:
- N₂O का उपयोग दंत चिकित्सा में एनेस्थेटिक के रूप में होता है।
- यह रंगहीन, गंधहीन गैस है।
यदि पिता के लिंग गुणसूत्र XY हैं और माता के लिंग गुणसूत्र XX हैं तो पुत्र होने की संभावना कितने प्रतिशत है?
- 50%
- 75%
- 25%
- 100%
Explanation:
- पुत्र (male) के लिए पिता से Y गुणसूत्र और माता से X गुणसूत्र मिलता है (XY)।
- पुत्री (female) के लिए पिता से X और माता से X (XX)।
- क्रॉस: XY (पिता) × XX (माता) → 50% XY (पुत्र), 50% XX (पुत्री)।
Quick Facts:
- लिंग निर्धारण पिता के गुणसूत्र पर निर्भर करता है (X या Y)।
- यह एक मेंडेलियन वंशागति का उदाहरण है।
किसी गेंद को 2 m/s की चाल से ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंका जाता है। गेंद के उच्चतम बिंदु पर क्रमशः प्राप्त अधिकतम ऊँचाई और पिंड का वेग कितना होगा? (g = 10 m/s² लीजिए)
- 5 m और 2 m/s
- 0.2 m और 0 m/s
- 0.2 m और 2 m/s
- 5 m और 0 m/s
Explanation:
- उच्चतम बिंदु पर वेग v = 0 m/s (गति विराम)
- अधिकतम ऊँचाई h = u² / (2g) = (2)² / (2×10) = 4/20 = 0.2 m
- अतः h = 0.2 m, v = 0 m/s
Quick Facts:
- ऊर्ध्वाधर गति में v² = u² – 2gh
- उच्चतम बिंदु पर, गतिज ऊर्जा शून्य, स्थितिज ऊर्जा अधिकतम।
एक कार विरामावस्था से शुरू होती है और 3 m/s² के नियत त्वरण के साथ आगे बढ़ती है। इस कार द्वारा 10 sec में तय की गई दूरी ज्ञात कीजिए।
- 150 m
- 250 m
- 100 m
- 200 m
Explanation:
- s = ut + ½ at², u = 0, a = 3 m/s², t = 10 s
- s = 0 + ½ × 3 × (10)² = 1.5 × 100 = 150 m
Quick Facts:
- यह एकसमान त्वरित गति का दूसरा समीकरण है।
- यदि u = 0, तो s ∝ t²
निम्नलिखित में से कौन सी लंबाई का मात्रक है?
- मीटर
- किलोग्राम
- एम्पियर
- जूल
Explanation:
- मीटर (m) लंबाई की SI मूल इकाई है।
- किलोग्राम (kg) द्रव्यमान, एम्पियर (A) धारा, जूल (J) ऊर्जा/कार्य की इकाई है।
Quick Facts:
- लंबाई की अन्य इकाइयाँ: cm, km, मील, इंच, प्रकाश वर्ष आदि।
- 1 मीटर ≈ 39.37 इंच
मीनू विरामावस्था से साइकिल चलाना शुरू करती है और 25 सेकंड में 5 m/s की चाल तक पहुँच जाती है। उसका त्वरण कितना है?
- 0.2 m/s²
- 0.3 m/s²
- 0.4 m/s²
- 0.1 m/s²
Explanation:
- त्वरण a = (v – u) / t = (5 – 0) / 25 = 5/25 = 0.2 m/s²
- u = 0 (विरामावस्था), v = 5 m/s, t = 25 s
Quick Facts:
- त्वरण की SI इकाई m/s² है।
- यह एकसमान त्वरण का उदाहरण है (चाल समय के साथ रैखिक रूप से बढ़ी)।
विद्युत धारा की SI इकाई क्या है?
- कूलॉम (C)
- जूल (J)
- एम्पियर (A)
- वोल्ट (V)
Explanation:
- विद्युत धारा (electric current) की SI मूल इकाई एम्पियर (A) है।
- 1 A = 1 C/s (कूलॉम प्रति सेकंड)
- कूलॉम (C) आवेश, जूल (J) ऊर्जा, वोल्ट (V) विभवान्तर की इकाई है।
Quick Facts:
- एम्पियर SI की 7 मूल इकाइयों में से एक है।
- इसे ‘ऐम्पियर’ भी लिखते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा परमाणु द्रव्यमान के मात्रक का प्रतीक है?
- u
- mg
- g
- ml
Explanation:
- परमाणु द्रव्यमान मात्रक (unified atomic mass unit) का प्रतीक ‘u’ है (पुराना प्रतीक ‘amu’ भी है)।
- 1 u = 1.66054 × 10⁻²⁷ kg
- mg (मिलीग्राम), g (ग्राम) द्रव्यमान की इकाइयाँ हैं, ml (मिलीलीटर) आयतन की।
Quick Facts:
- 1 u = 1/12 × C-12 परमाणु का द्रव्यमान
- इसका उपयोग परमाणुओं और अणुओं के द्रव्यमान को व्यक्त करने के लिए होता है।
शक्ति का SI मात्रक क्या होता है?
- वोल्ट (V)
- एम्पियर (A)
- वाट (W)
- जूल (J)
Explanation:
- शक्ति (Power) की SI इकाई वाट (W) है, 1 W = 1 J/s
- वोल्ट (V) विभव, एम्पियर (A) धारा, जूल (J) ऊर्जा/कार्य की इकाई है।
Quick Facts:
- शक्ति = कार्य / समय = ऊर्जा / समय
- 1 अश्वशक्ति (horsepower) = 746 W
किसी भवन के लिए पाइपलाइन के डिजाइन से संबंधित परियोजना में, किन तकनीकी रेखाचित्रों को एक साथ संदर्भित करने की आवश्यकता होगी?
- मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल
- सिविल और इलेक्ट्रॉनिक्स
- मैकेनिकल और सिविल
- इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स
Explanation:
- पाइपलाइन (प्लंबिंग) डिजाइन में मैकेनिकल (पाइप, फिटिंग, पंप) और सिविल (दीवारें, स्लैब, नींव, गड्ढे) दोनों रेखाचित्रों की आवश्यकता होती है।
- इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स पाइपलाइन से सीधे संबंधित नहीं हैं (हालाँकि भवन में सभी एकीकृत होते हैं, पर पाइपलाइन के लिए मुख्यतः मैकेनिकल + सिविल)।
Quick Facts:
- मैकेनिकल ड्राइंग में पाइपिंग योजना (isometric), सिविल ड्राइंग में संरचनात्मक विवरण होते हैं।
- पाइपलाइन डिजाइन में स्थान, ग्रेड (ढाल), वाल्व, जोड़ आदि शामिल होते हैं।
तापमान में ______ की वृद्धि के साथ अभिक्रिया की दर स्थिरांक दोगुनी हो जाती है।
- 10 डिग्री
- 20 डिग्री
- 30 डिग्री
- 5 डिग्री
Explanation:
- अनुभवजन्य नियम (वैंट हॉफ नियम) के अनुसार, तापमान में 10°C (या 10 K) की वृद्धि होने पर अधिकांश अभिक्रियाओं की दर 2 से 3 गुना (लगभग दोगुनी) हो जाती है।
- यह आरेणियस समीकरण (Arrhenius equation) का अनुमानित परिणाम है।
Quick Facts:
- आरेणियस समीकरण: k = A e⁻ᴱᵃ/ᴿᵀ
- तापमान बढ़ने पर अभिक्रिया की दर स्थिरांक (k) बढ़ता है।
ऑस्टियोपोरोसिस रोग ______ से संबंधित है। A. हृदय B. फेफड़े C. हड्डियाँ D. मांसपेशियाँ
- D
- C
- C
- A
Explanation:
- ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) हड्डियों से संबंधित रोग है, जिसमें हड्डियों का घनत्व कम हो जाता है, जिससे वे भंगुर हो जाती हैं और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।
- यह कैल्शियम और विटामिन D की कमी, उम्र बढ़ने, हार्मोनल परिवर्तनों के कारण होता है।
Quick Facts:
- ऑस्टियोपोरोसिस को ‘हड्डियों का पतला होना’ भी कहते हैं।
- इसकी रोकथाम के लिए कैल्शियम, विटामिन D, व्यायाम आवश्यक है।
शक्ति का SI मात्रक वाट (W) है। कार्य-शक्ति संबंध के अनुसार, एक वाट ______ के बराबर होता है।
- एक किलोवाट-घंटा (1 kWh)
- 1 जूल-सेकंड (1 J.s)
- 1 न्यूटन प्रति मीटर (1 N/m)
- 1 जूल प्रति सेकंड (1 J/s)
Explanation:
- शक्ति P = कार्य (W) / समय (t) = J / s = J/s
- 1 W = 1 J/s
- kWh ऊर्जा की इकाई है (1 kWh = 3.6 × 10⁶ J), N/m = स्प्रिंग स्थिरांक की इकाई, J·s = कोणीय संवेग (angular momentum) की इकाई।
Quick Facts:
- शक्ति के अन्य मात्रक: अश्वशक्ति (hp), मेगावाट (MW) आदि।
- 1 hp ≈ 746 W
ध्वनि की चाल के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य नहीं हैं? (i) माध्यम के तापमान में वृद्धि के साथ ध्वनि की चाल बढ़ जाती है। (ii) ठोस अवस्था में ध्वनि की चाल गैसीय अवस्था में ध्वनि की चाल से अधिक होती है। (iii) माध्यम के तापमान में वृद्धि के साथ ध्वनि की चाल कम हो जाती है। (iv) ध्वनि की चाल उस माध्यम के गुणों से स्वतंत्र होती है जिससे होकर वह गुजरती है।
- (iii) और (iv) दोनों
- (i) और (ii) दोनों
- (ii) और (iii) दोनों
- (i) और (iv) दोनों
Explanation:
- कथन (i): सत्य, तापमान बढ़ने पर अणुओं की गति बढ़ती है, चाल बढ़ती है।
- कथन (ii): सत्य, ठोसों में प्रत्यास्थता अधिक, चाल अधिक (> गैस)।
- कथन (iii): असत्य, तापमान बढ़ने पर चाल बढ़ती है, घटती नहीं।
- कथन (iv): असत्य, ध्वनि की चाल माध्यम (प्रत्यास्थता, घनत्व) पर निर्भर करती है।
Quick Facts:
- ध्वनि की चाल का सूत्र: v = √(E/ρ) (E = प्रत्यास्थता गुणांक, ρ = घनत्व)
- तापमान बढ़ने पर, v ∝ √T (गैसों में)
एक रेस कार विरामावस्था से शुरू होकर एकसमान रूप से त्वरित होती है। यदि कार अपनी गति के 5वें सेकंड में 22.5 m की दूरी तय करती है, तो 10 सेकंड में तय की गई कुल दूरी ज्ञात कीजिए।
- 450 m
- 250 m
- 375 m
- 125 m
Explanation:
- nवें सेकंड में दूरी: sₙ = u + a/2 (2n-1), u = 0
- 5वें सेकंड में s₅ = a/2 (2×5 – 1) = (a/2)(9) = 4.5a = 22.5 ⇒ a = 5 m/s²
- 10 सेकंड में कुल दूरी S = ½ a t² = ½ × 5 × 100 = 250 m
Quick Facts:
- nवें सेकंड में दूरी का सूत्र: sₙ = u + (a/2)(2n-1)
- यह विशेष सूत्र एकसमान त्वरित गति के लिए है।
एक अर्धवृत्त का गुरुत्व केंद्र उसके आधार से ______ की दूरी पर स्थित होता है, जिसे ऊर्ध्वाधर त्रिज्या के अनुदिश मापा जाता है।
- 4r/3π
- 4r/3π
- 3r/8π
- r/2
Explanation:
- अर्धवृत्त (semicircle) का गुरुत्व केंद्र (centroid) उसके आधार (व्यास) से 4r/(3π) दूरी पर स्थित होता है, जो ऊर्ध्वाधर त्रिज्या के अनुदिश मापा जाता है।
- यह एक मानक परिणाम है जो समाकलन द्वारा प्राप्त होता है।
- दोनों विकल्प A और B समान हैं, उत्तर 4r/3π है।
Quick Facts:
- गुरुत्व केंद्र (center of gravity) वह बिंदु है जहाँ वस्तु का कुल भार केंद्रित माना जाता है।
- अर्धवृत्त का क्षेत्रफल = (πr²)/2
बलाघूर्ण की SI इकाई ______ है।
- N-m²
- N-m
- N/m
- J/m
Explanation:
- बलाघूर्ण (Torque) = बल × दूरी (बल की क्रिया रेखा की लंबवत दूरी)
- इकाई = N × m = N·m
- यद्यपि यह जूल (J = N·m) के समान दिखता है, पर बलाघूर्ण ऊर्जा नहीं है, इसलिए इसे N·m (जूल नहीं) कहा जाता है।
Quick Facts:
- बलाघूर्ण (टॉर्क) को ‘आघूर्ण बल’ (moment of force) भी कहते हैं।
- इसकी दिशा दाएँ हाथ के नियम (right-hand rule) द्वारा दी जाती है।
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प्रकाश की एक किरण किसी समतल दर्पण पर अभिलम्ब से 30° के कोण पर टकराती है। आपतित किरण और परावर्तित किरण के बीच का कोण कितना होगा?
- 60°
- 60°
- 90°
- 120°
Explanation:
- आपतन कोण (i) = अभिलम्ब से कोण = 30°
- परावर्तन के नियम से, परावर्तन कोण (r) = i = 30°
- आपतित किरण और परावर्तित किरण के बीच कोण = i + r = 30° + 30° = 60°
Quick Facts:
- परावर्तन का दूसरा नियम: ∠i = ∠r
- कोण हमेशा अभिलम्ब (normal) से मापा जाता है, न कि दर्पण की सतह से।
आदर्श-गैस समीकरण ______ है।
- PV = μRT
- PV/T = μR
- P/VT = μR
- PV/T² = μR
Explanation:
- आदर्श गैस समीकरण (Ideal gas equation): PV = μRT
- जहाँ P = दाब, V = आयतन, μ = मोलों की संख्या, R = सार्वत्रिक गैस स्थिरांक, T = ताप (केल्विन)
- PV = nRT (सामान्य रूप), यहाँ μ = n
Quick Facts:
- R = 8.314 J mol⁻¹ K⁻¹
- STP पर 1 mol गैस का आयतन 22.4 L होता है।
प्रतिरोधकता के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- यह तार की लंबाई पर निर्भर करता है।
- इसे ओम-मीटर में मापा जाता है।
- यह पदार्थ का एक गुण है।
- यह तापमान के साथ परिवर्तित होता है।
Explanation:
- प्रतिरोधकता (resistivity) किसी पदार्थ का अंतर्निहित गुण है, जो तार की लंबाई या क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करता (यह केवल तापमान और पदार्थ पर निर्भर करता है)।
- प्रतिरोध (R) = ρ L/A, अतः R लंबाई पर निर्भर करता है, पर ρ नहीं।
- ρ का SI मात्रक Ω·m (ओम-मीटर) है।
Quick Facts:
- प्रतिरोधकता तापमान के साथ धातुओं में बढ़ती है, अर्धचालकों में घटती है।
- यह पदार्थ की विद्युत चालकता का व्युत्क्रम है (σ = 1/ρ)।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प पदार्थ के मापनीय गुण और उसकी SI इकाई के संदर्भ में सुमेलित है?
- तापमान-कैलोरी
- घनत्व-किलोग्राम प्रति घन मीटर
- आयतन-घन सेंटीमीटर
- दाब-न्यूटन
Explanation:
- घनत्व (density) का SI मात्रक kg/m³ (किलोग्राम प्रति घन मीटर) है। (सही)
- तापमान का SI मात्रक केल्विन (K) है, कैलोरी (calorie) ऊष्मा की इकाई है।
- आयतन का SI मात्रक m³ (घन मीटर) है, cm³ नहीं।
- दाब का SI मात्रक पास्कल (Pa) है, न्यूटन (N) बल का मात्रक है।
Quick Facts:
- घनत्व = द्रव्यमान / आयतन
- 1 g/cm³ = 1000 kg/m³
1 न्यूटन = ?
- 1 किया मी से¹
- 1 किया मी से²
- 1 किया मी² से
- 1 किया मी से
Explanation:
- 1 N = 1 kg × 1 m/s² = 1 kg·m/s² (किलोग्राम × मीटर प्रति सेकंड²)
- यहाँ “किया” = किलोग्राम (kg), “मी” = मीटर (m), “से” = सेकंड (s)
Quick Facts:
- बल = द्रव्यमान × त्वरण (F = ma)
- 1 N वह बल है जो 1 kg द्रव्यमान पर 1 m/s² का त्वरण उत्पन्न करता है।
आवृत्ति की माप का मात्रक क्या है?
- मिलीसेकंड
- हर्ट्ज
- जूल
- वाट
Explanation:
- आवृत्ति (frequency) का SI मात्रक हर्ट्ज (Hz) है, जो 1/s के बराबर है।
- 1 Hz = 1 चक्र प्रति सेकंड
- मिलीसेकंड समय का मात्रक है, जूल ऊर्जा का, वाट शक्ति का।
Quick Facts:
- आवृत्ति f = 1/T, जहाँ T = आवर्तकाल (period)
- ध्वनि, प्रकाश, विद्युत आदि सभी तरंगों की आवृत्ति Hz में मापी जाती है।
निम्न में से कौन सा ग्रहों के लिए केपलर के नियमों में से एक नहीं है? A. एक ग्रह की कक्षा दो केंद्र-बिंदुओं में से एक पर सूर्य के साथ एक अंडाकार होती है। B. एक ग्रह और सूर्य को जोड़ने वाली एक रेखा खंड समय के बराबर अंतराल के दौरान समान क्षेत्रफल बनाती है। C. एक ग्रह की कक्षीय अवधि का वर्ग अपनी कक्षा की अर्ध-प्रमुख धुरी के घन के आनुपातिक होती है। D. कक्षीय अवधि ग्रह के द्रव्यमान पर निर्भर होती है।
- D
- B
- C
- A
Explanation:
- केपलर के तीन नियम:
- 1. दीर्घवृत्ताकार कक्षा (A)
- 2. समान क्षेत्रफल का नियम (B)
- 3. आवर्त काल का नियम (C) – T² ∝ a³
- कक्षीय अवधि ग्रह के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करती (D), यह केपलर का नियम नहीं है।
Quick Facts:
- केपलर के नियम न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम से व्युत्पन्न किए गए हैं।
- तीसरा नियम: T² ∝ r³ (जहाँ r = कक्षा की अर्ध-प्रमुख अक्ष)
किसी पराश्रव्य तरंग की आवृत्ति 33 kHz है। यदि इसकी तरंगदैर्घ्य 0.01 m है, तो इस तरंग की चाल कितनी होगी?
- 3.3 m/s
- 330 m/s
- 33 m/s
- 3300 m/s
Explanation:
- तरंग चाल v = f × λ
- f = 33 kHz = 33 × 10³ Hz = 33000 Hz
- λ = 0.01 m
- v = 33000 × 0.01 = 330 m/s
Quick Facts:
- पराश्रव्य (ultrasonic) तरंगें 20 kHz से अधिक आवृत्ति वाली होती हैं।
- v = fλ सभी तरंगों के लिए सत्य है।
अपवर्तनांक का मात्रक क्या है?
- m³
- कोई मात्रक नहीं
- m/s²
- m/s
Explanation:
- अपवर्तनांक (refractive index) = c/v, जहाँ c और v दोनों चाल हैं (m/s में)।
- चूँकि यह दो समान मात्रकों का अनुपात है, इसलिए यह विमाहीन (dimensionless) है और इसका कोई मात्रक नहीं होता।
Quick Facts:
- निर्वात का अपवर्तनांक = 1
- वायु का अपवर्तनांक ≈ 1.0003, जल ≈ 1.33, काँच ≈ 1.5, हीरा ≈ 2.42
सल्फर का परमाणु क्रमांक क्या है?
- 14
- 16
- 15
- 17
Explanation:
- सल्फर (S) का परमाणु क्रमांक 16 है।
- इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 8, 6 है, यह समूह 16 (चाकोजेन) में स्थित है।
- Si (14), P (15), Cl (17) हैं।
Quick Facts:
- सल्फर का द्रव्यमान संख्या 32 है (सामान्य समस्थानिक)।
- यह एक अधातु है, जो जीवन के लिए आवश्यक है (अमीनो अम्ल में)।
एक वस्तु को 25.0 cm फोकस दूरी वाले अवतल दर्पण के सामने 35.0 cm की दूरी पर रखा गया है। दर्पण से कितनी दूरी पर प्रतिबिंब बनेगा?
- 10 cm
- 87.5 cm
- 8.75 cm
- 17.5 cm
Explanation:
- अवतल दर्पण के लिए f = -25 cm (चिह्न परिपाटी), u = -35 cm
- दर्पण सूत्र: 1/f = 1/v + 1/u ⇒ 1/v = 1/f – 1/u = 1/(-25) – 1/(-35) = -1/25 + 1/35 = (-7+5)/175 = -2/175
- v = -175/2 = -87.5 cm (ऋणात्मक, दर्पण के सामने वास्तविक प्रतिबिंब)
- दूरी 87.5 cm है (परिमाण)।
Quick Facts:
- अवतल दर्पण के लिए f ऋणात्मक होता है (अभिसारी दर्पण)।
- वास्तविक प्रतिबिंब के लिए v ऋणात्मक होता है (दर्पण के सामने)।
कितनी जोड़ी झूठी पसलियाँ तैरती हुई पसलियों के ऊपर स्थित होती हैं जो उपास्थि द्वारा एक दूसरे से जुड़ी होती हैं?
- 2
- 3
- 6
- 5
Explanation:
- मानव में 12 जोड़ी पसलियाँ (ribs) होती हैं:
- 1-7: सच्ची पसलियाँ (उरोस्थि से सीधे जुड़ी)
- 8-10: झूठी पसलियाँ (उपास्थि से एक-दूसरे से जुड़ी और फिर उरोस्थि से)
- 11-12: तैरती हुई पसलियाँ (सामने से नहीं जुड़ी)
- झूठी पसलियाँ = 3 जोड़ी (8, 9, 10)
Quick Facts:
- कुल पसलियाँ = 12 जोड़ी (24)
- तैरती पसलियाँ = 2 जोड़ी (11, 12)
दाब की SI इकाई ____ है।
- न्यूटन
- ओम
- पास्कल
- डाइन
Explanation:
- दाब (Pressure) = बल / क्षेत्रफल (P = F/A)
- SI मात्रक = N/m² = पास्कल (Pa)
- 1 Pa = 1 N/m²
- न्यूटन (N) बल का, ओम (Ω) प्रतिरोध का, डाइन CGS में बल का मात्रक है।
Quick Facts:
- 1 atm = 1.013 × 10⁵ Pa
- 1 बार (bar) = 10⁵ Pa
सिरका किससे बना होता है? A. सल्फ्यूरिक अम्ल B. एसिटिक अम्ल C. हाइड्रोक्लोरिक अम्ल D. ऑक्जेलिक अम्ल
- B
- C
- A
- D
Explanation:
- सिरका (vinegar) मुख्यतः एसिटिक अम्ल (CH₃COOH) का तनु विलयन होता है (लगभग 5-8% एसिटिक अम्ल)।
- यह अल्कोहल (इथेनॉल) के जीवाणु किण्वन (acetobacter) द्वारा बनता है।
Quick Facts:
- एसिटिक अम्ल को ‘एथेनोइक अम्ल’ भी कहते हैं।
- इसका pH लगभग 2.5 (अम्लीय) होता है, जो खाने का स्वाद खट्टा प्रदान करता है।
किसी पदार्थ के आपेक्षिक घनत्व का SI मात्रक क्या है?
- kg m³
- kg m⁻³
- m³
- कोई मात्रक नहीं
Explanation:
- आपेक्षिक घनत्व (relative density) = पदार्थ का घनत्व / 4°C पर जल का घनत्व
- यह दो समान राशियों (घनत्व) का अनुपात है, अतः विमाहीन (dimensionless) है और इसका कोई मात्रक नहीं होता।
Quick Facts:
- आपेक्षिक घनत्व को ‘विशिष्ट गुरुत्व’ (specific gravity) भी कहते हैं।
- यह सदैव 1 से अधिक होता है (पानी से भारी) या कम (पानी से हल्का)।
मंगल ग्रह पर 60 kg द्रव्यमान वाले एक पिंड का वजन 222 N है। मंगल ग्रह पर गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण (m/s² में) कितना है?
- 19.8
- 13.32
- 3.7
- 4.9
Explanation:
- वजन W = mg, जहाँ W = 222 N, m = 60 kg
- g = W/m = 222/60 = 3.7 m/s²
Quick Facts:
- मंगल पर g ≈ 3.7 m/s², पृथ्वी पर g ≈ 9.8 m/s²
- मंगल पर वजन पृथ्वी के ≈ 1/3 होता है।
सार्वभौमिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक (G) की इकाई क्या है?
- N m² kg⁻¹
- N m² kg⁻²
- N m²
- N m² kg
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण का नियम: F = G (m₁m₂)/r²
- G = F r² / (m₁m₂) ⇒ मात्रक = (N × m²) / kg² = N m² kg⁻²
Quick Facts:
- G = 6.674 × 10⁻¹¹ N m² kg⁻²
- G एक सार्वभौमिक स्थिरांक है, जो पृथ्वी, सूर्य आदि पर निर्भर नहीं करता।
चाल की SI इकाई क्या है?
- m/s
- km/h
- m/min
- km/s
Explanation:
- चाल (speed) = दूरी / समय
- SI मात्रक = m/s (मीटर प्रति सेकंड)
- km/h व्यावहारिक इकाई है, पर SI नहीं है।
Quick Facts:
- 1 m/s = 3.6 km/h
- चाल एक अदिश राशि है, वेग (velocity) सदिश है (दिशा सहित)।
एक मैग्नीशियम परमाणु में इलेक्ट्रॉनिक विन्यास है-
- 8, 2, 2
- 8, 2, 3
- 2, 8, 3
- 2, 8, 2
Explanation:
- मैग्नीशियम (Mg) का परमाणु क्रमांक 12 है।
- इलेक्ट्रॉन विन्यास: K=2, L=8, M=2 ⇒ 2, 8, 2
- यह समूह 2 (क्षारीय पार्थिव धातु) का है।
Quick Facts:
- Mg का संयोजकता इलेक्ट्रॉन = 2
- यह Mg²⁺ आयन बनाता है (2 इलेक्ट्रॉन त्याग कर)।
असंतुलित बल के कारण, कौन-सी राशि परिवर्तित होती है?
- द्रव्यमान
- समय
- वेग
- घनत्व
Explanation:
- न्यूटन के दूसरे नियम के अनुसार, असंतुलित बल (unbalanced force) त्वरण उत्पन्न करता है, जो वेग (velocity) में परिवर्तन का कारण है।
- द्रव्यमान, समय और घनत्व बल के प्रभाव से नहीं बदलते (सामान्य परिस्थितियों में)।
Quick Facts:
- F = ma ⇒ a = F/m
- त्वरण = वेग परिवर्तन की दर (a = Δv/Δt)
निम्नलिखित में से कौन सा मेल नहीं खाता है?
- कम्पास- नेविगेशन के लिए उपयोग किया जाता है और उत्तर-दक्षिण दिशाओं को इंगित करता है
- साइक्लोट्रॉन- छोटे परिमाण के चक्रवातों को मापता है।
- इलेक्ट्रोस्कोप- विद्युत आवेश की उपस्थिति का पता लगाता है
- एक्टिनोमीटर- विकिरण की तीव्रता को मापता है
Explanation:
- साइक्लोट्रॉन (cyclotron) एक कण त्वरक (particle accelerator) है, जो आवेशित कणों को उच्च ऊर्जा तक त्वरित करता है। यह चक्रवातों (cyclones) को नहीं मापता।
- अन्य सभी सही हैं: कम्पास (compass), इलेक्ट्रोस्कोप (electroscope), एक्टिनोमीटर (actinometer)।
Quick Facts:
- साइक्लोट्रॉन का आविष्कार E.O. Lawrence ने किया था (1932)।
- चक्रवात (cyclone) मापने के लिए बैरोमीटर, एनीमोमीटर आदि का उपयोग होता है।
निम्नलिखित में से किस प्राचीन होमिनिड को होमो की श्रेणी में रखा गया है? A. एंगस्टर लाइन B. प्रो-मैनन C. निएंडरथल D. प्रोकोन्सुल
- D
- B
- C
- A
Explanation:
- प्रो-मैनन (Pro-Mannan) संभवतः ‘प्रो-मैन’ (Pro-mann) या ‘हेमिन’ (Hemin) से संबंधित है, पर विकल्पों में ‘होमो’ (Homo) श्रेणी में निएंडरथल (Homo neanderthalensis) आता है।
- निएंडरथल (Homo neanderthalensis) होमो जीनस का एक प्राचीन मानव है।
- प्रोकोन्सुल (Proconsul) एक प्राचीन वानर है, होमो नहीं।
- यह प्रश्न संभवतः निएंडरथल (C) को इंगित करता है, पर दिए गए विकल्पों में B चयनित है (त्रुटिपूर्ण हो सकता है)।
Quick Facts:
- होमो जीनस: Homo habilis, Homo erectus, Homo sapiens, Homo neanderthalensis, आदि।
- आधुनिक मानव Homo sapiens है।
1 मीटर फोकस दूरी वाले उत्तल दर्पण के वक्रता केंद्र और ध्रुव के बीच की दूरी है।
- 1.5 मीटर
- 1 मी
- 2 मीटर
- 0.5 मीटर
Explanation:
- उत्तल दर्पण के लिए, फोकस दूरी (f) = वक्रता त्रिज्या (R) / 2
- R = 2f = 2 × 1 = 2 मीटर
- वक्रता केंद्र और ध्रुव के बीच की दूरी = R = 2 मीटर
Quick Facts:
- उत्तल दर्पण के लिए f = R/2 (धनात्मक)
- वक्रता केंद्र (C) = दर्पण के पीछे (आभासी) होता है।
एक चुम्बकीय दिक्सूचक सुई सदैव किस दिशा में इंगित करती है?
- उत्तर दिशा
- दक्षिण दिशा
- पूर्व दिशा
- पश्चिम दिशा
Explanation:
- चुम्बकीय दिक्सूचक (compass) सुई सदैव भौगोलिक उत्तर-दक्षिण दिशा में संरेखित होती है (पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के कारण)।
- सुई का उत्तरी ध्रुव (north pole) पृथ्वी के चुंबकीय उत्तर ध्रुव (भौगोलिक दक्षिण के निकट) की ओर आकर्षित होता है।
Quick Facts:
- चुंबकीय उत्तर ध्रुव भौगोलिक दक्षिण ध्रुव के निकट स्थित है (वास्तव में यह भौगोलिक उत्तर से थोड़ा विचलित है)।
- दिक्सूचक का उपयोग नेविगेशन (navigation) में होता है।
दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त हाइड्रोजन परमाणु त्रिज्या का चयन करें।
- 10⁻¹⁰ m
- 10⁻¹² m
- 10⁻⁶ m
- 10⁻⁸ m
Explanation:
- परमाणु त्रिज्या लगभग 1 Å (एंगस्ट्रॉम) होती है।
- 1 Å = 10⁻¹⁰ m
- हाइड्रोजन की परमाणु त्रिज्या ≈ 0.53 Å = 0.53 × 10⁻¹⁰ m
Quick Facts:
- 1 nm = 10⁻⁹ m, 1 Å = 10⁻¹⁰ m
- हाइड्रोजन सबसे छोटा परमाणु है।
आप किसी अवतल दर्पण की फोकस दूरी का प्रायोगिक रूप से कैसे निर्धारण कर सकते हैं?
- पदार्थन के कोण को मापें।
- दर्पण और उससे बनी किसी दूरस्थ वस्तु के प्रतिबिंब के बीच की दूरी को मापें।
- दर्पण के व्यास को मापें।
- ध्रुव और वक्रता केंद्र के बीच की दूरी को मापें।
Explanation:
- अवतल दर्पण की फोकस दूरी ज्ञात करने के लिए, दूरस्थ वस्तु (जैसे सूर्य) के प्रतिबिंब को दर्पण के सामने एक स्क्रीन पर प्राप्त किया जाता है।
- प्रतिबिंब (फोकस) और दर्पण के बीच की दूरी फोकस दूरी (f) होती है।
- यह सूर्य की किरणों को दर्पण पर डालकर और प्रतिबिंब को स्क्रीन पर कैद करके किया जाता है।
Quick Facts:
- दूरस्थ वस्तु (अनंत पर) का प्रतिबिंब फोकस पर बनता है।
- f = v/2 (जहाँ v = वक्रता त्रिज्या)
हाइड्रोजन की द्रव्यमान संख्या क्या होती है?
- 3
- 1
- 2
- 4
Explanation:
- हाइड्रोजन का सबसे सामान्य समस्थानिक प्रोटियम (¹H) है, जिसमें 1 प्रोटॉन और 0 न्यूट्रॉन होते हैं।
- द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन = 1 + 0 = 1
- अन्य समस्थानिक: ड्यूटेरियम (²H), ट्राइटियम (³H)
Quick Facts:
- हाइड्रोजन का परमाणु क्रमांक 1 है, द्रव्यमान संख्या 1 (प्रोटियम)।
- यह सबसे हल्का तत्व है।
एक लंबे सीधे तार में धारा I प्रवाहित हो रही है, तथा चालक से r दूरी पर चुंबकीय क्षेत्र B है। यदि सीधे धारावाही तार से दूरी दोगुनी कर दी जाए, तो उस बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र क्या होगा?
- B/2
- B
- 2B
- 4B
Explanation:
- लंबे सीधे धारावाही तार के कारण चुंबकीय क्षेत्र B = μ₀I / (2πr)
- B ∝ 1/r (दूरी के व्युत्क्रमानुपाती)
- यदि r दोगुना (r’ = 2r), तो B’ = B/2
Quick Facts:
- बायो-सावर्ट नियम (Biot-Savart law) के अनुसार B ∝ I/r
- यह रेखा (line) के साथ बल का गुण है, चुंबकीय क्षेत्र की दिशा दाहिने हाथ के नियम (right-hand rule) से ज्ञात होती है।
आधुनिक आवर्त सारणी में क्लोरीन (Cl) की परमाणु संख्या क्या है?
- 17
- 32
- 15
- 12
Explanation:
- क्लोरीन (Cl) का परमाणु क्रमांक 17 है।
- इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 8, 7 है, यह समूह 17 (हैलोजन) में स्थित है।
Quick Facts:
- Cl का द्रव्यमान संख्या 35.5 (औसत) है, क्योंकि Cl-35 (75%) और Cl-37 (25%) समस्थानिक होते हैं।
- यह एक अधातु है, जो नमक (NaCl) में पाया जाता है।
निम्नलिखित शरीर के अंगों को उनमें पाए जाने वाले उपकला ऊतक के प्रकारों के साथ सुमेलित कीजिए।
- A-2, B-1, C-4, D-3
- A-3, B-4, C-2, D-1
- A-1, B-2, C-3, D-4
- A-4, B-2, C-3, D-1
Explanation:
- प्रश्न में शरीर के अंगों और उपकला (epithelial) ऊतकों का मिलान है, पर सूची नहीं दी गई।
- सामान्य उपकला: सरल स्क्वैमस (रक्त वाहिकाएँ), स्तरीकृत स्क्वैमस (त्वचा), स्तंभाकार (पेट, आंत), घनाकार (ग्रंथियाँ)।
- विकल्प A-2, B-1, C-4, D-3 सही हो सकता है, पर सूची के बिना पुष्टि नहीं हो सकती।
Quick Facts:
- उपकला ऊतक शरीर के बाहरी तल (त्वचा) और आंतरिक गुहाओं (ग्रंथियाँ, रक्त वाहिकाएँ) को रेखाबद्ध (line) करते हैं।
- ये स्राव, अवशोषण, रक्षा आदि में सहायक होते हैं।
उदासीन विलयन का pH मान ______ होता है।
- 5
- 0
- 14
- 7
Explanation:
- pH पैमाने पर उदासीन (neutral) विलयन का pH = 7 होता है (25°C पर)।
- pH < 7 (अम्लीय), pH > 7 (क्षारीय/बेसिक)।
Quick Facts:
- शुद्ध जल का pH = 7 (25°C पर)
- तापमान बढ़ने पर pH घटता है (जल का आयनिक गुणनफल Kw बढ़ता है)।
सोते समय स्लीप एपनिया ______ से संबंधित है। A. चलने B. बोलने C. खर्राटे लेने D. मुँह बनाने
- A
- C
- D
- B
Explanation:
- स्लीप एपनिया (sleep apnea) एक नींद संबंधी विकार है, जिसमें सोते समय सांस रुक जाती है या उथली हो जाती है।
- यह अक्सर खर्राटे (snoring) से संबंधित होता है, क्योंकि वायुमार्ग (airway) में रुकावट के कारण यह होता है।
Quick Facts:
- इसके प्रकार: ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) और सेंट्रल स्लीप एपनिया (CSA)
- उपचार: CPAP (Continuous Positive Airway Pressure) मशीन का उपयोग किया जाता है।
pH मानों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही है? (a) मनुष्यों में दांतों का क्षय: मुंह का pH > 5.5 (b) मानव शरीर का pH परास: 7.0 से 7.8 (c) अम्लीय वर्षा: वर्ष जल का pH > 8
- केवल (a) सही है।
- केवल (b) सही है।
- (a), (b) और (c) सही हैं
- केवल (c) सही है।
Explanation:
- (a) दाँतों का क्षय: मुँह का pH < 5.5 होने पर दाँतों का इनेमल क्षरित होता है, > 5.5 पर नहीं। अतः गलत है (विपरीत दिया है)।
- (b) मानव शरीर का pH: सामान्यतः 7.35 से 7.45 होता है (कुछ संदर्भों में 7.0-7.8), यह कथन लगभग सही है (7.0-7.8 परास में)।
- (c) अम्लीय वर्षा: pH < 5.6 होती है (सामान्य वर्षा pH ≈ 5.6), > 8 नहीं। गलत है।
Quick Facts:
- अम्लीय वर्षा में pH 5.6 से कम होता है (SO₂, NO₂ प्रदूषण के कारण)।
- दाँतों का इनेमल (हाइड्रॉक्सीएपेटाइट) अम्ल में घुल जाता है।
सिलिकॉन नामक तत्व, जिसका परमाणु संख्या 14 है, उसमें संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या कितनी होती है?
- 5
- 4
- 3
- 8
Explanation:
- सिलिकॉन (Si) Z = 14, विन्यास: 2, 8, 4
- संयोजी इलेक्ट्रॉन (valence electrons) = बाह्यतम कोश (M) में इलेक्ट्रॉन = 4
- यह समूह 14 (कार्बन समूह) का है, संयोजकता 4 है।
Quick Facts:
- सिलिकॉन एक अर्धचालक (semiconductor) है, जिसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स में होता है।
- यह पृथ्वी की पपड़ी में दूसरा सबसे प्रचुर तत्व (ऑक्सीजन के बाद) है।
एक कण 2 m/s² पर एकसमान रूप से त्वरित होता है। इसका वेग 5 m/s से 15 m/s हो जाता है। इसमें कितना समय लगता है?
- 7s
- 2s
- 5s
- 10s
Explanation:
- त्वरण a = (v – u) / t
- 2 = (15 – 5) / t = 10 / t ⇒ t = 10/2 = 5 s
Quick Facts:
- एकसमान त्वरण के लिए v = u + at
- यहाँ u = 5 m/s, v = 15 m/s, a = 2 m/s²
30 cm ऊँचाई वाली एक वस्तु को एक अवतल लेंस के सामने रखा जाता है और 10 cm ऊँचाई का प्रतिबिंब बनता है। लेंस का आवर्धन है:
- -20
- 3
- 1/3
- 20
Explanation:
- आवर्धन m = h’ / h (प्रतिबिंब ऊँचाई / वस्तु ऊँचाई)
- h’ = 10 cm (आभासी, सीधा, अतः धनात्मक), h = 30 cm
- m = 10/30 = 1/3
- अवतल लेंस सदैव छोटा प्रतिबिंब बनाता है (m < 1)।
Quick Facts:
- अवतल लेंस आवर्धन सदैव धनात्मक (आभासी, सीधा) और 1 से कम होता है।
- उत्तल लेंस आवर्धन ऋणात्मक (वास्तविक, उल्टा) या धनात्मक (आभासी) हो सकता है।
जब मुख का pH स्तर ____ से नीचे चला जाता है तो दांतों का इनेमल खराब होने लगता है।
- 4.5
- 6.5
- 7.5
- 5.5
Explanation:
- दाँतों का इनेमल (हाइड्रॉक्सीएपेटाइट) pH = 5.5 से कम होने पर विघटित होने लगता है (अम्लीय वातावरण में)।
- सामान्य मुँह का pH ≈ 6.5-7.0 होता है।
Quick Facts:
- भोजन के बाद बैक्टीरिया एसिड उत्पन्न करते हैं, जिससे pH घटता है, जिससे क्षय (dental caries) होता है।
- टूथपेस्ट में क्षारीय पदार्थ (जैसे NaHCO₃) मिलाकर pH को बेअसर किया जाता है।
छोटी और बड़ी मानव आंत के बीच में कौन सी लंबी है? A. छोटी आंत B. बड़ी आंत C. दोनों की लंबाई समान है D. पुरुष या महिला पर निर्भर करता है
- A
- D
- C
- B
Explanation:
- छोटी आंत (small intestine) लगभग 6-7 मीटर लंबी होती है, जबकि बड़ी आंत (large intestine) लगभग 1.5 मीटर लंबी होती है।
- हालाँकि नाम “छोटी” है, पर यह लंबाई में बड़ी है।
- छोटी आंत में पोषक तत्वों का अवशोषण होता है।
Quick Facts:
- बड़ी आंत मोटाई में बड़ी होती है (व्यास), इसलिए इसे ‘बड़ी’ कहते हैं।
- छोटी आंत के तीन भाग: डुओडेनम, जेजुनम, इलियम।
निम्नलिखित में से कौन-सा आरेख उत्तल लेंसों के गुणों को सही ढंग से दर्शाता है?
- a
- d
- c
- b
Explanation:
- प्रश्न में आरेख दिए गए हैं (पर प्रश्न में नहीं दिख रहे), पर सामान्यतः उत्तल लेंस (convex lens) के गुण: यह अभिसारी (converging) लेंस है, किरणें फोकस पर मिलती हैं, वास्तविक और आभासी प्रतिबिंब बना सकता है।
- आरेख a, b, c, d में से a सही हो सकता है (मानक उत्तल लेंस आरेख)।
Quick Facts:
- उत्तल लेंस का उपयोग आवर्धक लेंस (magnifying glass), कैमरा, मानव नेत्र में होता है।
- इसकी फोकस दूरी धनात्मक होती है (f > 0)।
जब H⁺ आयनों की सांद्रता बढ़ती है, तो विलयन के pH पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- यह घटता है
- इसका निर्धारण नहीं किया जा सकता है
- यह समान रहता है
- यह बढ़ता है
Explanation:
- pH = -log₁₀[H⁺]
- यदि [H⁺] बढ़ती है, तो -log[H⁺] घटता है (क्योंकि log अधिक धनात्मक होता है, और ऋणात्मक चिह्न के कारण pH घटता है)।
- अतः pH घटता है (विलयन अधिक अम्लीय हो जाता है)।
Quick Facts:
- pH पैमाना लघुगणकीय (logarithmic) है, अतः [H⁺] में 10 गुना परिवर्तन से pH में 1 इकाई परिवर्तन होता है।
- pH घटना = अम्लता में वृद्धि
प्रतिध्वनि (echo) स्पष्ट रूप से सुनाई देने के लिए, परावर्तक पृष्ठ श्रोता से न्यूनतम कितनी दूरी पर होना चाहिए?
- 50 m
- 17 m
- 100 m
- 34 m
Explanation:
- प्रतिध्वनि सुनने के लिए, मूल ध्वनि और प्रतिध्वनि के बीच न्यूनतम 0.1 s का अंतर होना चाहिए।
- ध्वनि की चाल = 344 m/s (22°C पर)
- न्यूनतम दूरी (स्रोत से परावर्तक तक) = v × t / 2 = 344 × 0.1 / 2 = 17.2 m ≈ 17 m
Quick Facts:
- यह दूरी 17 m (लगभग) होती है, जो ‘प्रतिध्वनि की न्यूनतम दूरी’ कहलाती है।
- तापमान के साथ ध्वनि की चाल बदलने से यह दूरी बदल सकती है।
एक किसान 11 m भुजा वाले एक वर्गाकार खेत की बाउंड्री के अनुदिश चलकर 20 सेकंड में एक चक्कर पूरा करता है। 3 मिनट और 20 सेकंड चलने के बाद, उसके शुरुआती बिंदु से विस्थापन कितना होगा?
- 11 m
- 15.56 m
- 22 m
- 0 m
Explanation:
- कुल समय = 3 min 20 s = 200 s
- एक चक्कर में 20 s लगते हैं, अतः 200/20 = 10 चक्कर पूरे होते हैं।
- 10 पूर्ण चक्करों के बाद किसान प्रारंभिक बिंदु (start point) पर लौट आता है।
- विस्थापन = 0 m (शुरुआत और अंत का बिंदु समान)
Quick Facts:
- दूरी (distance) = 10 × परिमाप = 10 × 44 = 440 m
- विस्थापन (displacement) सदिश है, यहाँ 0 m है।
एक पत्थर को 49 m/s के प्रारंभिक वेग से ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंका जाता है। क्षणिक ठहराव से पूर्व इसकी अधिकतम ऊंचाई की गणना कीजिए (g = 9.8 m/s² लीजिए)।
- 122.5 m
- 245 m
- 49 m
- 9.8 m
Explanation:
- अधिकतम ऊँचाई पर v = 0, u = 49 m/s, a = -g = -9.8 m/s²
- v² = u² + 2as ⇒ 0 = (49)² + 2(-9.8)s ⇒ 2401 = 19.6s ⇒ s = 2401/19.6 = 122.5 m
Quick Facts:
- अधिकतम ऊँचाई का सूत्र: h = u² / (2g)
- यहाँ u = 49 m/s, g = 9.8 ⇒ h = 2401/(2×9.8) = 122.5 m
मूली किसका उदाहरण है? A. बल्ब B. जड़ C. कंद D. फल
- A
- D
- C
- B
Explanation:
- मूली (radish) एक जड़ (root) का उदाहरण है, विशेष रूप से मूली की जड़ (taproot) खाने योग्य होती है।
- यह एक कंद (tuber) नहीं है (जैसे आलू), न ही बल्ब (जैसे प्याज) और न ही फल (जैसे टमाटर)।
Quick Facts:
- मूली का वानस्पतिक नाम Raphanus sativus है।
- यह ब्रैसिकेसी (Brassicaceae) कुल से संबंधित है।
एक लड़की ने खड़ी चट्टान (cliff) के समीप ताली बजाई और उसे 8 सेकंड बाद अपनी प्रतिध्वनि सुनाई दी। यदि ध्वनि की चाल 320 m s⁻¹ ली जाए, तो लड़की से खड़ी चट्टान की दूरी कितनी है?
- 1280 m
- 80 m
- 320 m
- 640 m
Explanation:
- प्रतिध्वनि में ध्वनि को दूरी (चट्टान तक और वापस) तय करने में समय = 8 s
- कुल तय दूरी = v × t = 320 × 8 = 2560 m
- लड़की से चट्टान तक दूरी = 2560 / 2 = 1280 m
Quick Facts:
- प्रतिध्वनि में समय = 2d/v, अतः d = vt/2
- यहाँ d = 320×8/2 = 1280 m
दाब का विमीय सूत्र क्या है?
- [ML⁻²T⁻²]
- [ML²T⁻²]
- [ML⁻¹T⁻²]
- [MLT⁻²]
Explanation:
- दाब (Pressure) = बल / क्षेत्रफल = (M L T⁻²) / L² = M L⁻¹ T⁻²
- बल का विमीय सूत्र [MLT⁻²] है, क्षेत्रफल का [L²]।
- अतः दाब का विमीय सूत्र [ML⁻¹T⁻²] है।
Quick Facts:
- ऊर्जा/कार्य का विमीय सूत्र [ML²T⁻²] है।
- घनत्व का विमीय सूत्र [ML⁻³] है।
निरपेक्ष अपवर्तनांक के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- यह सदैव 1 के बराबर होता है।
- यह सदैव 1 से अधिक होता है।
- यह सदैव ऋणात्मक होता है।
- यह सदैव 1 से कम होता है।
Explanation:
- निरपेक्ष अपवर्तनांक (absolute refractive index) = c / v, जहाँ c = निर्वात में प्रकाश की चाल, v = माध्यम में प्रकाश की चाल।
- चूँकि किसी भी माध्यम में प्रकाश की चाल c से कम होती है (v < c), इसलिए μ > 1 सदैव होता है।
- अपवर्तनांक कभी ऋणात्मक नहीं होता (सामान्य पदार्थों के लिए)।
Quick Facts:
- निर्वात का μ = 1
- वायु का μ = 1.0003 ≈ 1
चार पदार्थों A, B, C और D के अपवर्तनांक क्रमशः 1.33, 1.47, 1.71 और 1.65 हैं। किस पदार्थ में प्रकाश की चाल अधिकतम होगी?
- B
- C
- D
- A
Explanation:
- प्रकाश की चाल v = c/μ, अतः μ जितना कम, v उतनी अधिक।
- μ का न्यूनतम मान = 1.33 (A का)
- अतः A में प्रकाश की चाल अधिकतम होगी।
Quick Facts:
- न्यूनतम अपवर्तनांक वाले माध्यम में प्रकाश अधिक तेजी से चलता है।
- इसलिए प्रकाश की चाल: वायु > जल > काँच > हीरा
निम्नलिखित में से उस चर को पहचानें जो किसी गैस के व्यवहार का वर्णन नहीं करता है।
- तापमान
- आयतन
- दाब
- समय
Explanation:
- गैस का व्यवहार (gas behavior) मुख्यतः तापमान (T), आयतन (V), दाब (P) और मोल संख्या (n) पर निर्भर करता है (PV = nRT)।
- समय (time) गैस के व्यवहार का वर्णन नहीं करता, यह बाहरी कारक है।
Quick Facts:
- गैस नियम: बॉयल (P ∝ 1/V), चार्ल्स (V ∝ T), गे-लुसाक (P ∝ T), आदि।
- समय प्रायः गतिकी (kinetics) में प्रयुक्त होता है, पर अवस्था समीकरण में नहीं।
चुम्बकीय क्षेत्र में धारावाही चालक द्वारा अनुभव किया गया बल अधिकतम कब होता है जब धारा की दिशा और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा के बीच का कोण होता है?
- 60°
- 90°
- 0°
- 45°
Explanation:
- चुंबकीय बल F = BIL sinθ (जहाँ θ = धारा (I) और चुंबकीय क्षेत्र (B) के बीच का कोण)
- F अधिकतम होता है जब sinθ = 1 ⇒ θ = 90°
- θ = 0° पर F = 0 (बल शून्य)
Quick Facts:
- चुंबकीय बल की दिशा फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम (Fleming’s left-hand rule) से ज्ञात होती है।
- यह बल धारा और चुंबकीय क्षेत्र दोनों के लंबवत (perpendicular) होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा pH मान किसी विलयन में उदासीनता को दर्शाता है?
- 7
- -14
- 14
- 0
Explanation:
- उदासीन (neutral) विलयन का pH = 7 (25°C पर)
- pH < 7 (अम्लीय), pH > 7 (क्षारीय)
- 0 और 14 चरम मान हैं, -14 संभव नहीं है (pH पैमाना 0-14)।
Quick Facts:
- शुद्ध जल का pH = 7
- तापमान बढ़ने पर pH 7 से कम हो जाता है (पर तब भी उदासीन ही रहता है, क्योंकि [H⁺] = [OH⁻])।
निम्नलिखित में से कौन आर्किमिडीज के सिद्धांत पर आधारित नहीं है?
- हाइड्रोमीटर
- हाइड्रोलिक जहाज के पंखों का डिज़ाइन
- जहाजों और पनडुब्बियों का डिज़ाइन
- लैक्टोमीटर
Explanation:
- आर्किमिडीज का सिद्धांत (Archimedes’ principle): किसी द्रव में डूबी वस्तु पर उत्प्लावन बल (buoyant force) विस्थापित द्रव के भार के बराबर होता है।
- हाइड्रोमीटर (घनत्व माप), जहाज/पनडुब्बी, लैक्टोमीटर (दूध का घनत्व) सभी इसी सिद्धांत पर आधारित हैं।
- हाइड्रोलिक जहाज के पंख (hydraulic ship propellers) द्रव गतिकी (fluid dynamics) पर आधारित हैं, आर्किमिडीज सिद्धांत पर नहीं।
Quick Facts:
- हाइड्रोलिक प्रणालियाँ (hydraulic systems) पास्कल के नियम (Pascal’s law) पर आधारित होती हैं।
- आर्किमिडीज सिद्धांत का उपयोग जहाजों के तैरने, पनडुब्बी के डूबने/तैरने आदि में होता है।
दाब की SI इकाई क्या है? A. प्रति वर्ग सेंटीमीटर न्यूटन (Newton per square centimetre) B. न्यूटन प्रति वर्ग मीटर (Newton per square metre) C. न्यूटन-वर्ग सेंटीमीटर (Newton-square centimetre)
- A
- B
- C
- D
Explanation:
- दाब (Pressure) = बल / क्षेत्रफल (F/A)
- SI मात्रक = N/m² = पास्कल (Pa)
- A (N/cm²) CGS/व्यावहारिक इकाई है, SI नहीं है।
- C (N·cm²) बल × क्षेत्रफल है, जो दाब नहीं है।
Quick Facts:
- 1 N/m² = 1 Pa
- 1 atm = 1.013 × 10⁵ Pa = 101.3 kPa
इंडियम तत्व की परमाणु संख्या क्या है?
- 49
- 36
- 44
- 54
Explanation:
- इंडियम (In) का परमाणु क्रमांक 49 है।
- यह समूह 13 (बोरॉन समूह) का तत्व है, जिसका संकेत In है।
- इसका उपयोग अर्धचालक, सोल्डर आदि में होता है।
Quick Facts:
- इंडियम एक नरम (soft) धातु है, जो मोड़ने पर ध्वनि उत्पन्न करती है (Indium cry)।
- इसकी खोज 1863 में हुई थी।
शुद्ध गतिक श्यानता का मात्रक क्या है?
- m²/s
- kg/m.s
- m²/s
- N.s/m²
Explanation:
- शुद्ध गतिक श्यानता (kinematic viscosity) ν = μ/ρ (जहाँ μ = गतिशील श्यानता, ρ = घनत्व)
- μ का मात्रक N·s/m² = kg/(m·s), ρ का मात्रक kg/m³
- ν का मात्रक = (kg/(m·s)) / (kg/m³) = m²/s
Quick Facts:
- गतिशील श्यानता (dynamic viscosity) का मात्रक Pa·s या N·s/m² है।
- जल का गतिक श्यानता ≈ 10⁻⁶ m²/s (20°C पर)
एक पराश्रव्य तरंग की आवृत्ति 33 kHz है। यदि इस तरंग की चाल 330 m/s है, तो इसकी तरंगदैर्घ्य क्या होगी?
- 10 m
- 0.1 m
- 0.01 m
- 100 m
Explanation:
- तरंगदैर्घ्य λ = v / f
- f = 33 kHz = 33000 Hz, v = 330 m/s
- λ = 330 / 33000 = 0.01 m
Quick Facts:
- पराश्रव्य (ultrasonic) तरंगों की आवृत्ति > 20 kHz होती है।
- इनका उपयोग सोनार (SONAR), चिकित्सा (अल्ट्रासाउंड) आदि में होता है।
15 cm फोकस दूरी वाले उत्तल लेंस के सामने 25 cm की दूरी पर एक वस्तु रखी गई है। लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन क्या है?
- M = -2.5
- M = 1.5
- M = 2.5
- M = -1.5
Explanation:
- उत्तल लेंस के लिए f = +15 cm, u = -25 cm
- लेंस सूत्र: 1/f = 1/v – 1/u ⇒ 1/v = 1/f + 1/u = 1/15 + 1/(-25) = 1/15 – 1/25 = (5-3)/75 = 2/75
- v = 75/2 = 37.5 cm (धनात्मक, वास्तविक प्रतिबिंब)
- आवर्धन m = v/u = 37.5 / (-25) = -1.5
Quick Facts:
- m ऋणात्मक है, अतः प्रतिबिंब वास्तविक और उल्टा (inverted) है।
- |m| > 1, अतः प्रतिबिंब आवर्धित (enlarged) है।
2 m लंबाई के एक धातु के तार का प्रतिरोध 25°C पर 10 Ω है। यदि तार का व्यास 0.4 mm है, तो उस तापमान पर धातु की प्रतिरोधकता कितनी होगी? [दिया गया है, π = 3.14]
- 6.28 × 10⁻⁷ Ωm
- 1.55 × 10⁻⁶ Ωm
- 6.28 × 10⁻⁵ Ωm
- 3.6 × 10⁻⁶ Ωm
Explanation:
- प्रतिरोधकता ρ = R × A / L
- व्यास d = 0.4 mm = 0.4 × 10⁻³ m = 4 × 10⁻⁴ m
- अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल A = π(d/2)² = π (2 × 10⁻⁴)² = 3.14 × 4 × 10⁻⁸ = 12.56 × 10⁻⁸ m²
- ρ = 10 × (12.56 × 10⁻⁸) / 2 = 62.8 × 10⁻⁸ = 6.28 × 10⁻⁷ Ωm
Quick Facts:
- प्रतिरोधकता SI मात्रक Ω·m है।
- धातु की प्रतिरोधकता तापमान पर निर्भर करती है (25°C पर दी गई है)।
ऑटोमोबाइल का ओडोमीटर किसका मापन करता है?
- दूरी
- चाल
- दाब
- गंध
Explanation:
- ओडोमीटर (odometer) किसी वाहन द्वारा तय की गई कुल दूरी (total distance) को मापता है।
- चाल (speed) मापने के लिए स्पीडोमीटर (speedometer) का उपयोग होता है।
- दाब (pressure) मापने के लिए मैनोमीटर या दाबमापी (pressure gauge) का उपयोग होता है।
Quick Facts:
- ओडोमीटर शब्द ग्रीक शब्द ‘odos’ (पथ) और ‘metron’ (माप) से बना है।
- यह वाहन के पहिये के घूमने की गणना करके दूरी मापता है।
लंबाई l और त्रिज्या r के एक तार का प्रतिरोध R है। उसी सामग्री से बने दूसरे तार का प्रतिरोध कितना होगा जिसकी लंबाई आधी और त्रिज्या आधी होगी?
- 4R
- R/2
- 2R
- R
Explanation:
- प्रतिरोध \(R = \rho \frac{l}{A}\), जहाँ \(A = \pi r^2\) (अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल)
- नए तार के लिए: \(l’ = l/2\), \(r’ = r/2\) ⇒ \(A’ = \pi (r/2)^2 = \pi r^2/4 = A/4\)
- \(R’ = \rho \frac{l’}{A’} = \rho \frac{l/2}{A/4} = \rho \frac{l}{A} \cdot \frac{4}{2} = 2R\)
Quick Facts:
- प्रतिरोध लंबाई के अनुक्रमानुपाती और क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
- त्रिज्या आधी करने पर क्षेत्रफल चौथाई हो जाता है, इसलिए प्रतिरोध 4 गुना बढ़ता है, पर लंबाई आधी होने से प्रतिरोध 2 गुना हो जाता है।
1 kg द्रव्यमान का एक ब्लॉक 20 m ऊँची एक इमारत के शीर्ष से गिराया जाता है। ब्लॉक जमीन से किस वेग से टकराएगा? (g का मान = 10 m/s² मानिए)
- √40 m/s
- 20 m/s
- 40 m/s
- √20 m/s
Explanation:
- गति के तीसरे समीकरण से: \(v^2 = u^2 + 2gh\) (u = 0, h = 20 m, g = 10 m/s²)
- \(v^2 = 0 + 2 \times 10 \times 20 = 400\) ⇒ \(v = 20\) m/s
- द्रव्यमान (1 kg) का कोई प्रभाव नहीं है (सभी वस्तुएँ समान त्वरण से गिरती हैं, यदि वायु प्रतिरोध नगण्य हो)।
Quick Facts:
- मुक्त पतन में वेग ऊँचाई पर निर्भर करता है, द्रव्यमान पर नहीं (गैलीलियो का सिद्धांत)।
- यदि g = 9.8 m/s² लें तो v ≈ 19.8 m/s, पर 20 m/s निकटतम है।
एकसमान चुंबकीय क्षेत्र को किससे दर्शाया जाता है?
- समांतर और समदूरस्थ सीधी रेखाएँ
- समाकेंद्रित वृत्ताकार रेखाएँ
- समांतर लेकिन अनियमित सीधी रेखाएँ
- दीर्घवृत्ताकार रेखाएँ
Explanation:
- एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ (magnetic field lines) समांतर (parallel) और समदूरस्थ (equidistant) सीधी रेखाएँ होती हैं।
- यह दर्शाता है कि क्षेत्र की तीव्रता और दिशा हर जगह समान है।
- समाकेंद्रित वृत्ताकार रेखाएँ धारावाही तार (current-carrying wire) के क्षेत्र को दर्शाती हैं।
Quick Facts:
- एकसमान चुंबकीय क्षेत्र का उदाहरण: दो समानांतर चुंबकीय ध्रुवों के बीच का क्षेत्र (बीच के भाग में)।
- यह रेखाएँ उत्तर (N) से दक्षिण (S) ध्रुव की ओर जाती हैं (बाहर)।
निम्नलिखित में समानता का पता लगाइए: चाँदी, तांबा, सोना, एल्यूमीनियम A. ये सभी अच्छे विद्युत-रोधी हैं। B. ये सभी कीमती धातुएँ हैं। C. ये सभी अच्छे सुचालक हैं। D. कोई समानता नहीं है।
- B
- D
- C
- A
Explanation:
- चाँदी (Ag), तांबा (Cu), सोना (Au), एल्यूमीनियम (Al) सभी धातुएँ हैं और विद्युत तथा ऊष्मा के अच्छे सुचालक (good conductors) हैं।
- चाँदी सबसे अच्छा सुचालक है, तांबा सामान्यतः विद्युत तारों में प्रयोग होता है।
- सोना और एल्यूमीनियम भी अच्छे सुचालक हैं।
Quick Facts:
- विद्युत-रोधी (insulators) के उदाहरण: रबर, काँच, प्लास्टिक।
- कीमती धातुएँ (precious metals): सोना, चाँदी, प्लैटिनम (परंतु तांबा और एल्यूमीनियम कीमती नहीं हैं, इसलिए B गलत है)।
छोटे द्वारक वाले गोलाकार दर्पणों के लिए वक्रता त्रिज्या (R) और फोकस दूरी (f) के बीच क्या संबंध होता है?
- R = f/2
- R = 2f
- R = f
- R = 3f
Explanation:
- छोटे द्वारक (small aperture) वाले गोलाकार दर्पणों के लिए, फोकस दूरी \(f = R/2\) होती है।
- अतः वक्रता त्रिज्या \(R = 2f\)
- यह संबंध परवलयिक दर्पणों के निकट सन्निकटन (paraxial approximation) पर आधारित है।
Quick Facts:
- दर्पण सूत्र: \(1/f = 1/v + 1/u\)
- गोलीय दर्पणों के लिए, f धनात्मक (उत्तल) या ऋणात्मक (अवतल) हो सकता है, पर R = 2f सदैव सत्य है (चिह्न सहित)।
जब ATP में टर्मिनल फॉस्फेट बंधन को जल का उपयोग करके तोड़ा जाता है, तो ____ kJ/mol के बराबर ऊर्जा मुक्त होती है।
- 5
- 30.5
- 50
- 71.5
Explanation:
- ATP (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) के टर्मिनल फॉस्फेट बंधन (उच्च-ऊर्जा बंधन) के जल-अपघटन (hydrolysis) से लगभग 30.5 kJ/mol ऊर्जा मुक्त होती है (मानक अवस्थाओं में)।
- यह ऊर्जा कोशिकीय प्रक्रियाओं (जैसे मांसपेशी संकुचन, सक्रिय परिवहन) के लिए उपयोग होती है।
- ATP → ADP + Pi (अकार्बनिक फॉस्फेट) + 30.5 kJ/mol
Quick Facts:
- ATP का जल-अपघटन एक ऊष्माक्षेपी (exergonic) प्रतिक्रिया है, जो कोशिका में ऊर्जा मुद्रा का कार्य करता है।
- वास्तविक कोशिकीय स्थितियों में मुक्त ऊर्जा ~50-60 kJ/mol हो सकती है।
110 ओम प्रतिरोध वाला एक बिजली का पंखा 220 V के विभवांतर में लगाया गया है। पंखे से कितनी धारा प्रवाहित होगी?
- 2A
- ¼ A
- ½ A
- 4 A
Explanation:
- ओम के नियम से: \(I = V/R\)
- \(I = 220 / 110 = 2\) A
Quick Facts:
- ओम का नियम: V = IR (धारा = विभवांतर / प्रतिरोध)
- विद्युत पंखा सामान्यतः AC परिपथ में कार्य करता है, पर यहाँ DC मानकर गणना की गई है।
यदि 5 ओम प्रतिरोध वाले एक परिपथ में धारा में वृद्धि होती है, तब वोल्टता: A. घट जाएगी। B. बढ़ जाएगी। C. समान रहेगी। D. शून्य हो जाएगी।
- A
- C
- B
- D
Explanation:
- प्रश्न में “एक परिपथ” कहा गया है, परंतु यह स्पष्ट नहीं है कि वोल्टता (voltage) स्रोत की है या प्रतिरोधक के सिरों पर।
- यदि वोल्टता स्रोत स्थिर है (जैसे 220 V मेन्स), तो धारा में वृद्धि से वोल्टता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता (C सही है यदि वोल्टता स्रोत स्थिर है)।
- यदि प्रतिरोध (R) स्थिर है, तो V = IR, अतः I बढ़ने पर V बढ़ेगा (B), परंतु प्रश्न “परिपथ” में संभवतः स्रोत वोल्टता स्थिर मानी गई है, इसलिए C सही है।
Quick Facts:
- स्थिर वोल्टता स्रोत (जैसे बैटरी) के लिए धारा प्रतिरोध पर निर्भर करती है, वोल्टता स्थिर रहती है (आदर्श स्रोत)।
- व्यावहारिक स्रोतों में आंतरिक प्रतिरोध के कारण वोल्टता थोड़ी घट सकती है।
स्टर्लिंग सिल्वर (sterling silver) के न्यूनतम हजारवें भाग की शुद्धता (खरापन) कितनी होती है? A. 916 B. 925 C. 935 D. 950
- C
- B
- A
- D
Explanation:
- स्टर्लिंग सिल्वर एक मिश्र धातु (alloy) है, जिसमें 92.5% चाँदी (silver) और 7.5% अन्य धातुएँ (सामान्यतः तांबा) होती हैं।
- इसकी न्यूनतम शुद्धता 925 भाग प्रति हजार (parts per thousand) होती है, जिसे ‘925’ अंकित किया जाता है।
Quick Facts:
- स्टर्लिंग सिल्वर का उपयोग आभूषण, बर्तन और कटलरी में होता है।
- 100% शुद्ध चाँदी (फाइन सिल्वर) बहुत नरम होती है, इसलिए मिश्र धातु बनाई जाती है।
अगर पानी का घनत्व 10³ kg/m³ है और ताँबे का घनत्व 8.9 × 10³ kg/m³ है, तो ताँबे का सापेक्षिक घनत्व होगा?
- 89
- 0.89
- 890
- 8.9
Explanation:
- सापेक्षिक घनत्व (relative density) = पदार्थ का घनत्व / जल का घनत्व (4°C पर)
- \(RD = \frac{8.9 \times 10^3}{10^3} = 8.9\)
- यह एक विमाहीन (dimensionless) राशि है।
Quick Facts:
- जल का घनत्व 1000 kg/m³ या 1 g/cm³ होता है।
- सापेक्षिक घनत्व को विशिष्ट गुरुत्व (specific gravity) भी कहते हैं।
एक धात्विक तार का प्रतिरोध R है। यदि धात्विक तार की त्रिज्या को उसके प्रारंभिक मान से आधा कर दिया जाए, जबकि अन्य सभी पैरामीटर समान रखे जाएं, तो नया प्रतिरोध ______ हो जाता है।
- 2R
- 4R
- 4R
- 8R
Explanation:
- प्रतिरोध \(R = \rho \frac{l}{A}\), जहाँ \(A = \pi r^2\)
- यदि r’ = r/2, तो \(A’ = \pi (r/2)^2 = \pi r^2/4 = A/4\)
- चूँकि l और \(\rho\) समान हैं, \(R’ = \rho \frac{l}{A/4} = 4 \times \rho \frac{l}{A} = 4R\)
Quick Facts:
- प्रतिरोध क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है, इसलिए त्रिज्या आधी होने पर क्षेत्रफल चौथाई, प्रतिरोध 4 गुना।
- यही कारण है कि पतले तारों का प्रतिरोध अधिक होता है।
यदि किसी गेंद के द्रव्यमान और गति दोनों को दोगुना कर दिया जाए, तब गतिज ऊर्जा ______ गुना हो जाती है।
- 4
- 2
- 16
- 8
Explanation:
- गतिज ऊर्जा (KE) = ½ m v²
- यदि m’ = 2m और v’ = 2v, तो \(KE’ = \frac{1}{2} (2m) (2v)^2 = \frac{1}{2} \times 2m \times 4v^2 = 4 \times m v^2 = 8 \times \frac{1}{2} m v^2 = 8 \times KE\)
- अतः KE 8 गुनी हो जाती है।
Quick Facts:
- KE ∝ m और KE ∝ v², इसलिए m 2× और v 2× ⇒ 2 × 4 = 8×
- यह संबंध कार्य-ऊर्जा प्रमेय पर आधारित है।
स्मॉलपॉक्स का टीका किसने विकसित किया था? A. एडवर्ड जेनर B. रॉबर्ट कोच C. पॉल केंड्रिक D. अलेक्जेंडर फ्लेमिंग
- A
- D
- C
- B
Explanation:
- स्मॉलपॉक्स (चेचक) का पहला टीका (vaccine) एडवर्ड जेनर (Edward Jenner) ने 1796 में विकसित किया था।
- उन्होंने काउपॉक्स (cowpox) वायरस का उपयोग करके चेचक से सुरक्षा प्रदान की।
- रॉबर्ट कोच: जीवाणु विज्ञान, अलेक्जेंडर फ्लेमिंग: पेनिसिलिन, पॉल केंड्रिक: काली खांसी का टीका।
Quick Facts:
- चेचक को विश्व स्तर पर 1980 में समाप्त (eradicated) घोषित किया गया था।
- जेनर को “इम्यूनोलॉजी के पिता” के रूप में जाना जाता है।
निम्नलिखित विकल्पों में से कौन-सा स्थिरांक मान सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक ‘G’ के बराबर है?
- 9.8 ms⁻²
- 6.7 × 10⁻¹¹ Nm² kg⁻²
- 1.6 × 10⁻¹⁹ C
- 9.1 × 10⁻³¹ kg
Explanation:
- सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक \(G = 6.674 \times 10^{-11} \, \text{N·m}^2/\text{kg}^2\)
- 9.8 ms⁻² = g (गुरुत्वीय त्वरण), 1.6 × 10⁻¹⁹ C = इलेक्ट्रॉन आवेश, 9.1 × 10⁻³¹ kg = इलेक्ट्रॉन द्रव्यमान।
Quick Facts:
- G का मान न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम \(F = G \frac{m_1 m_2}{r^2}\) से आता है।
- इसे कैवेंडिश (Cavendish) प्रयोग द्वारा मापा गया था।
जब किसी ठोस वस्तु को जल में निमज्जित किया जाता है, तो कौन-सी राशि (quantity) कम हो जाती है?
- द्रव्यमान
- उत्प्लावक बल
- आभासी भार
- घनत्व
Explanation:
- जब कोई वस्तु द्रव में डुबोई जाती है, तो उसका आभासी भार (apparent weight) = वास्तविक भार – उत्प्लावक बल (buoyant force)।
- उत्प्लावक बल के कारण आभासी भार कम हो जाता है (और यदि वस्तु तैरती है तो आभासी भार शून्य हो जाता है)।
- द्रव्यमान और घनत्व नहीं बदलते (द्रव्यमान स्थिरांक है, घनत्व पदार्थ का गुण है)।
Quick Facts:
- आर्किमिडीज का सिद्धांत: विस्थापित द्रव का भार = उत्प्लावक बल
- आभासी भार कम होने का अनुभव हमें पानी में हल्कापन महसूस होता है।
दाब का SI मात्रक क्या है?
- N m⁻²
- N m
- N
- N m⁻¹
Explanation:
- दाब (pressure) = बल / क्षेत्रफल = N / m² = N·m⁻²
- इसे पास्कल (Pa) भी कहते हैं (1 Pa = 1 N/m²)
- N·m = कार्य/आघूर्ण का मात्रक (जूल), N = बल का मात्रक, N·m⁻¹ = पृष्ठ तनाव (surface tension) का मात्रक।
Quick Facts:
- अन्य दाब मात्रक: atm (वायुमंडलीय), bar, mmHg, torr आदि।
- 1 atm = 1.013 × 10⁵ Pa ≈ 10⁵ N/m²
सामान्य वातावरण का शोर स्तर क्या है? A. लगभग 60 dB B. लगभग 70 dB C. लगभग 80 dB D. लगभग 90 dB
- C
- D
- B
- A
Explanation:
- सामान्य वातावरण (normal environment) में शोर स्तर लगभग 60-70 dB (डेसीबल) होता है।
- 60 dB: सामान्य बातचीत, 70 dB: व्यस्त सड़क या वैक्यूम क्लीनर के बराबर।
- 80 dB से अधिक शोर हानिकारक माना जाता है (लंबे समय तक)।
Quick Facts:
- dB एक लघुगणकीय (logarithmic) मात्रक है, 10 dB की वृद्धि से ध्वनि तीव्रता 10 गुना बढ़ जाती है।
- दर्द का स्तर (pain threshold) ≈ 120-130 dB होता है।
1 जूल = ?
- 1 न्यूटन × 1 मीटर
- 1 वाट × 1 मीटर
- 1 एर्ग × 1 मीटर
- 1 पास्कल × 1 मीटर
Explanation:
- कार्य (work) = बल × विस्थापन = N × m = जूल (J)
- 1 J = 1 N·m = 1 kg·m²/s²
- 1 वाट × 1 सेकंड = 1 J (शक्ति × समय), 1 वाट × 1 मीटर सही नहीं है (विमा भिन्न)।
- 1 एर्ग = 10⁻⁷ J, 1 पास्कल × 1 मीटर = N/m² × m = N/m (बल/लंबाई), दाब × आयतन = ऊर्जा (पास्कल × m³ = J)।
Quick Facts:
- जूल ऊर्जा, कार्य और ऊष्मा की SI इकाई है।
- 1 कैलोरी (cal) ≈ 4.184 J
