26वां शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 2026, हाल ही में 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक बिश्केक, किर्गिस्तान में आयोजित किया गया था।
किर्गिज़ राष्ट्रपति सदर जापारोव की अध्यक्षता में आयोजित इस शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाग लिया।
मुख्य विषय (Theme): “(25 Years of the SCO: Together for Sustainable Peace, Development and Prosperity)।
अंग्रेजी (English) को आधिकारिक तौर पर SCO की कामकाजी भाषाओं में शामिल कर लिया गया।
वर्ष 2026-27 के लिए SCO ‘पर्यटन और सांस्कृतिक राजधानी’ – लाहौर
27वां शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 2027: पाकिस्तान
Shanghai Five: SCO की शुरुआत 1996 में ‘शंघाई फाइव’ के रूप में हुई थी, जिसमें 5 देश शामिल थे
चीन
रूस
कजाकिस्तान
किर्गिस्तान
ताजिकिस्तान
SCO की स्थापना: 15 जून 2001 को शंघाई (चीन) में उज्बेकिस्तान के शामिल होने के बाद इसका नाम बदलकर ‘शंघाई सहयोग संगठन’ (SCO) किया गया।
मुख्यालय – बीजिंग, चीन
आधिकारिक भाषाएं : रूसी, चीनी और अंग्रेजी हैं (अंग्रेजी को वर्ष 2026 में शामिल किया गया है)।
सदस्य देश – वर्तमान में SCO के 9 पूर्ण सदस्य हैं।
चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान
उज्बेकिस्तान
भारत, पाकिस्तान – 9 जून 2017 को अस्ताना (कजाकिस्तान) शिखर सम्मेलन में
ईरान – जुलाई 2023 में इसका 9वां पूर्ण सदस्य बना।
पर्यवेक्षक देश (Observer Status):अफगानिस्तान, बेलारूस और मंगोलिया इसके पर्यवेक्षक देश हैं।
भारत की पहली अध्यक्षता: भारत ने वर्ष 2023 में पहली बार SCO शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की थी, जो वर्चुअली आयोजित की गई थी।
RATS (Regional Anti-Terrorist Structure): यह SCO का एक स्थायी अंग है जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से निपटने का काम करता है। इसका मुख्यालय ताश्कंद, उज्बेकिस्तान में है।
शिखर सम्मेलन
26वां शिखर सम्मेलन (2026): बिश्केक, किर्गिस्तान में
27वां शिखर सम्मेलन (2027): पाकिस्तान (इस्लामाबाद)
सांस्कृतिक राजधानी:
वर्ष 2026-2027 के लिए पाकिस्तान के लाहौर शहर को ‘SCO पर्यटन और सांस्कृतिक राजधानी’ घोषित किया गया है
भारत का वाराणसी शहर 2022-2023 में पहली सांस्कृतिक राजधानी बना था)।
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम |अब्दुल कलाम |Abdul Kalam
पूरा नाम: अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम (Avul Pakir Jainulabdeen Abdul Kalam)।
जन्म: 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम, तमिलनाडु में।
15 अक्टूबर – ‘विश्व छात्र दिवस‘
मृत्यु: 27 जुलाई 2015 को शिलॉन्ग (मेघालय) में एक व्याख्यान के दौरान दिल का दौरा पड़ने से।
वह 2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति रहे।
उन्हें आधिकारिक तौर पर ‘People’s President’ (जनता के राष्ट्रपति) कहा जाता है।
गैर-राजनीतिक राष्ट्रपति: वह भारत के पहले ऐसे राष्ट्रपति थे जो पूरी तरह से गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि से थे और एक वैज्ञानिक थे।
वैज्ञानिक योगदान और रक्षा अनुसंधान
ISRO में योगदान: भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान SLV-III के विकास में उन्होंने प्रोजेक्ट डायरेक्टर (परियोजना निदेशक) के रूप में मुख्य भूमिका निभाई, जिससे 1980 में ‘रोहिणी’ उपग्रह को अंतरिक्ष में स्थापित किया गया।
DRDO और मिसाइल मैन: वह DRDO के प्रमुख रहे और भारत के एकीकृत मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) का नेतृत्व किया। इसी कारण उन्हें ‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया’ कहा जाता है।
5 मुख्य मिसाइलें (IGMDP के तहत):
P – पृथ्वी (Prithvi)
A – अग्नि (Agni)
T – त्रिशूल (Trishul)
N – नाग (Nag)
A – आकाश (Akash) (शॉर्ट ट्रिक: PATNA)
पोखरण-II परमाणु परीक्षण (1998): 1998 में हुए ‘ऑपरेशन शक्ति’ (Pokhran-II) परमाणु परीक्षणों में उन्होंने मुख्य तकनीकी और राजनीतिक समन्वयक (Co-ordinator) की भूमिका निभाई थी।
प्रमुख पुरस्कार और सम्मान
भारत रत्न: – 1997 में (राष्ट्रपति बनने से पहले ही उन्हें यह सम्मान मिल चुका था)।
पद्म भूषण (1981) और पद्म विभूषण (1990)।
व्हीलर द्वीप का नाम बदला: ओडिशा के ‘व्हीलर द्वीप’ (Wheeler Island) का नाम बदलकर उनके सम्मान में ‘डॉ. अब्दुल कलाम द्वीप’ कर दिया गया है, जहाँ से भारत अपनी मिसाइलों का परीक्षण करता है।
डॉ. कलाम द्वारा लिखी गई पुस्तकें
Wings of Fire – उनकी आत्मकथा (Autobiography)
Ignited Minds
इंडिया 2020: ए विज़न फॉर द न्यू मिलेनियम
Turning Points
Indomitable Spirit
You Are Born to Blossom
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन |Sarvepalli Radhakrishnan |सर्वपल्ली राधाकृष्णन
भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति
जन्म: 5 सितंबर 1888 को तिरुत्तनी, तमिलनाडु में।
5 सितंबर- ‘राष्ट्रीय शिक्षक दिवस’ (National Teachers’ Day) के रूप में मनाया जाता है।
इसकी शुरुआत वर्ष 1962 में हुई थी।
मृत्यु: 17 अप्रैल 1975 को चेन्नई में।
भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति: वह 1952 से 1962 तक लगातार दो बार
भारत के दूसरे राष्ट्रपति: वह 1962 से 1967
राज्यसभा के पहले सभापति: भारत के पहले उपराष्ट्रपति होने के नाते, वे राज्यसभा के प्रथम पदेन सभापति (Ex-officio Chairman) भी थे।
राजनीति में आने से पहले वे 1949 से 1952 तक सोवियत संघ (USSR) में भारत के राजदूत (Ambassador) भी रहे।
प्रमुख पुरस्कार और सम्मान
प्रथम भारत रत्न (1954): उनके साथ सी. राजगोपालाचारी और सी.वी. रमन को भी यह सम्मान मिला था)।
नाइटहुड (Knighthood): ब्रिटिश सरकार द्वारा उन्हें 1931 में ‘नाइट बैचलर’ (सर की उपाधि) से सम्मानित किया गया था।
टेम्पलटन पुरस्कार (1975): उन्हें धर्म और दर्शन के क्षेत्र में योगदान के लिए
नोबेल पुरस्कार नामांकन: उन्हें 16 बार साहित्य में नोबेल पुरस्कार और 11 बार नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था, हालांकि उन्हें यह पुरस्कार कभी नहीं मिला।
प्रसिद्ध पुस्तकें और दर्शन
उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में पूर्वी धर्म और नैतिकता के प्रोफेसर के रूप में भी कार्य किया।
The Philosophy of the Upanishads
Indian Philosophy – दो खंडों में
An Idealist View of Life
The Hindu View of Life
East and West: Some Reflections
द्वितीय विश्व युद्ध |World War II
द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) समयावधि: 1 सितंबर 1939 से 2 सितंबर 1945 तक (6 वर्ष और 1 दिन) चला।
शुरुआत का कारण: 1 सितंबर 1939 को एडॉल्फ हिटलर के नेतृत्व में जर्मनी द्वारा पोलैंड पर आक्रमण करने के साथ ही इस युद्ध की शुरुआत हुई।
अंत का कारण: 2 सितंबर 1945 को टोक्यो खाड़ी में अमेरिकी युद्धपोत ‘मिसौरी’ पर जापान द्वारा आत्मसमर्पण के आधिकारिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के साथ युद्ध समाप्त हुआ।
दो विरोधी गुट (Two Opposing Alliances)
धुरी राष्ट्र (Axis Powers): जर्मनी, इटली और जापान (J-I-G)
मित्र राष्ट्र (Allied Powers): ब्रिटेन, फ्रांस, सोवियत संघ (USSR), अमेरिका और चीन
अमेरिका शुरुआत में तटस्थ था, लेकिन दिसंबर 1941 में युद्ध में शामिल हुआ
ऐतिहासिक घटनाएं
पर्ल हार्बर पर हमला (7 दिसंबर 1941): जापानी वायुसेना ने हवाई (Hawaii) में स्थित अमेरिकी नौसैनिक बेस पर्ल हार्बर पर अचानक हमला कर दिया। इस घटना के बाद अमेरिका मित्र राष्ट्रों की ओर से युद्ध में शामिल हुआ।
स्टालिनग्राद की लड़ाई (1942-1943): सोवियत संघ और जर्मनी के बीच लड़ी गई यह लड़ाई इतिहास की सबसे खूनी लड़ाई मानी जाती है। इसमें जर्मनी की हार हुई और यहीं से युद्ध का रुख बदल गया।
डी-डे / नॉर्मंडी लैंडिंग्स (6 जून 1944): मित्र राष्ट्रों की सेनाओं ने फ्रांस के नॉर्मंडी तट पर इतिहास का सबसे बड़ा समुद्री आक्रमण (Operation Overlord) किया और पश्चिमी यूरोप को जर्मन कब्जे से मुक्त कराना शुरू किया।
परमाणु हमला (अगस्त 1945): अमेरिका ने जापान के दो शहरों पर दुनिया के पहले परमाणु बम गिराए:
6 अगस्त 1945: हिरोशिमा पर ‘लिटिल बॉय’ (Little Boy) नाम का यूरेनियम बम गिराया गया।
9 अगस्त 1945:नागासाकी पर ‘फैट मैन’ (Fat Man) नाम का प्लूटोनियम बम गिराया गया।
प्रमुख वैश्विक नेता
ब्रिटेन: विंस्टन चर्चिल (Winston Churchill) – युद्ध के अधिकांश समय प्रधानमंत्री रहे।
अमेरिका: फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट (Franklin D. Roosevelt – युद्ध के दौरान) और हैरी एस. ट्रूमैन (Harry S. Truman – जिन्होंने परमाणु हमले का आदेश दिया)।
जर्मनी: एडॉल्फ हिटलर (Adolf Hitler – नाजी तानाशाह जिसने 30 अप्रैल 1945 को आत्महत्या कर ली)।
ब्रिटिश भारत की भागीदारी: भारत को तत्कालीन वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो द्वारा भारतीयों की सहमति के बिना युद्ध में शामिल घोषित कर दिया गया था।
इसके विरोध में कांग्रेस के प्रांतीय मंत्रालयों ने इस्तीफा दे दिया था।
संयुक्त राष्ट्र (UN) की स्थापना: भविष्य में ऐसे किसी भी महायुद्ध को रोकने के लिए 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations Organization) की स्थापना की गई (जिसने ‘लीग ऑफ नेशन्स’ की जगह ली)।
शीत युद्ध (Cold War) की शुरुआत: युद्ध के बाद दुनिया दो महाशक्तियों—अमेरिका (पूंजीवादी) और सोवियत संघ (साम्यवाद) के बीच वैचारिक रूप से बंट गई, जिससे ‘शीत युद्ध’ का जन्म हुआ।
इंटेलिजेंस ब्यूरो
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) भारत की आंतरिक खुफिया एजेंसी है।
स्थापना: 23 दिसंबर 1887 को ब्रिटिश औपनिवेशिक काल के दौरान ‘सेंट्रल स्पेशल ब्रांच’ के रूप में की गई थी।
पुनर्गठन: वर्ष 1947 में भारत की आजादी के बाद, इसे गृह मंत्रालय के तहत ‘इंटेलिजेंस ब्यूरो‘ के रूप में पुनर्गठित किया गया।
IB मुख्य रूप से भारत की आंतरिक (Internal) सुरक्षा और खुफिया मामलों को देखता है।
RAW (Research and Analysis Wing) भारत की बाहरी (External/Foreign) खुफिया एजेंसी है, जिसकी स्थापना 1968 में भारत-चीन (1962) और भारत-पाक (1965) युद्धों के बाद की गई थी।
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के नए विशेष निदेशक (Special Director) – जग मोहन (Jag Mohan)