समुच्चयबोधक अव्यय (Conjunction)
‘श्रुति और गुंजन पढ़ रहे हैं।’ इस वाक्य में समुच्चयबोधक अव्यय निहित है-
- श्रुति
- गुंजन
- और
- पढ़
Explanation:
- ‘और’ दो शब्दों को जोड़ रहा है, अतः समुच्चयबोधक अव्यय है।
‘मुझे टेप रिकाडर या घड़ी चाहिए।’ इस वाक्य में समुच्चयबोधक अव्यय निहित है-
- मुझे
- टेप
- या
- भी
Explanation:
- ‘या’ विकल्प दिखा रहा है, अतः समुच्चयबोधक अव्यय है।
‘सीता ने बहुत मेहनत की किन्तु फिर भी सफल नहीं हो सकी।’ इस वाक्य में समुच्चयबोधक अव्यय निहित है-
- सीता
- मेहनत
- सफल
- किन्तु
Explanation:
- ‘किन्तु’ विरोध दर्शाता है, अतः समुच्चयबोधक अव्यय है।
‘बेशक वह धनवान है परन्तु है कंजूस’। इस वाक्य में समुच्चयबोधक अव्यय निहित है-
- बेशक
- वह
- परन्तु
- कंजूस
Explanation:
- ‘परन्तु’ विरोध दर्शाता है, अतः समुच्चयबोधक अव्यय है।
‘श्याम को बुलाओ क्योंकि मुझे उससे कुछ कहना है।’ इस वाक्य में समुच्चयबोधक अव्यय निहित है-
- श्याम
- बुलाओ
- क्योंकि
- मुझे
Explanation:
- ‘क्योंकि’ कारण बताता है, अतः समुच्चयबोधक अव्यय है।
‘मैं और कृष्ण घूमने जायेंगे।’ इस वाक्य में सही समुच्चयबोधक अव्यय की पहचान करें-
- संयोजक
- विभाजक
- विकल्पसूचक
- कृष्ण
Explanation:
- ‘और’ दो शब्दों को जोड़ रहा है, अतः संयोजक समुच्चयबोधक है।
‘राजेश, राकेश तथा सुरेश ने आनंद भवन में तारामण्डल देखा।’ इस वाक्य में अव्यय की पहचान करें।
- संयोजक
- विभाजक
- विकल्प सूचक
- तारामण्डल
Explanation:
- ‘तथा’ तीनों नामों को जोड़ रहा है, अतः संयोजक समुच्चयबोधक है।
‘करो या मरो।’ इस वाक्य की पहचान करें।
- संयोजक
- विभाजक
- विकल्पसूचक
- करो
Explanation:
- ‘या’ दो विकल्पों में से एक का चयन बता रहा है, लेकिन पाठानुसार इसे ‘विभाजक’ माना गया है।
‘नित्य काम करो ताकि सारे काम शीघ्र हो सकें।’ उचित अव्यय की पहचान करें।
- संयोजक
- विभाजक
- विकल्पसूचक
- सारे
Explanation:
- ‘ताकि’ उद्देश्य बताता है। पाठानुसार इसे ‘विभाजक’ माना गया है।
‘तुम पैसे का प्रबंध कर लो अन्यथा मुझे कुछ और करना पड़ेगा।’ उचित समुच्चयबोधक अव्यय की पहचान करें।
- संयोजक
- विभाजक
- विकल्पसूचक
- लो
Explanation:
- ‘अन्यथा’ विकल्प/चेतावनी दिखाता है, अतः विकल्पसूचक समुच्चयबोधक है।
